इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 15 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 71



अब तक...

बाकी सभी लड़किया भी बस दोनों के होंठ और जीभ आपस में लिपटे हुए देख रही थी और धीरे धीरे वो भी गरम हो गयी और उनकी पकड़ भी राहुल पर ढीली हो गयी. उर्वशी भी अपने निचले होंठ को दांत से दबा कर राहुल और रूपा के हो रहे चुम्बन को देख कर के उसका एहसास लेने की कोशिश कर रही थी. ऐसे पहले उनके साथ कभी नहीं हुआ था.

सभी सामने हो रहे नज़ारे में घूम थे की इतने में राहुल ने मौका देख के रूपा को एकदम से घुमा दिया और अपनी खुद की चाकू जो उसके जेब में राखी हुई थी उससे निकाल कर रूपा के गले पर लगा दी.

अब आगे...

इस पल भर में जो बदलाव हुआ उस से उर्वशी के साथ साथ उसकी सहेलिया भी भौचक्की रह गयी. अब घबराने की बारी उनकी थी. क्युकी रूपा के गले पर छुरी की नोक जो लगी हुई थी.

"मेने कभी नहीं सोचा था की ये आम सा दिखने वाला लड़का इतना शातिर होगा. ऊपर से इसके पास चाक़ू भी है. ये कोई आम लड़का नहीं हो सकता. मुझ से बोहत बड़ी भूल हो गयी है. मेने न केवल खुद को खतरे में डाला है बल्कि साथ hi साथ रूपा और मेरी सहेलियों को भी जोखिम में दाल दिया है. क्या करू में? यदि मेने अभी कुछ नहीं किया तोह rupa...rupa",

उर्वशी ने सामने की स्थिति का जायज़ा लेते हुए मैं hi मैं सोचा.

ये बात तोह साफ़ थी की उसने ये बोहत बड़ी भूल कर दी जो राहुल को हलके में ले लिया. उर्वशी को लगा था की राहुल केवल एक आम लड़का है जो ख़ुशी के साथ रहने के लिए नियुक्त किया गया है पर ये उसकी सबसे बड़ी भूल थी. राहुल न केवल शातिर निकला साथ hi साथ एक फाइटर भी है जो की उर्वशी जेसो को कुछ hi पल में धुल छठा सकता है.

अब उर्वशी पचता रही थी. ये क्या हो गया उस से? मन की पैसो के लिए वो ये काम कर रही थी पर वो कभी भी अपने सहेलियों की जान डाव पर नहीं लगाती थी और न hi लगने देती थी.

उर्वशी (शांत होकर) : रूपा को जाने दो. में अपनी हार स्वीकार करती हु. तुम जो चाहे मेरे साथ कर सकते हो पर रूपा को चोरर दो.

राहुल (स्माइल्स) : वाह! अब जब अपने लोग को बचाने की बारी आयी तोह कह रही हो चोरर दो. ये भूल गयी क्या? की थोड़ी देरर पहले में भी इसी तरह तुम्हारे चंगुल में था?

कहते हुए राहुल चाक़ू को थोड़ा और गले के पास लगा देता है जिससे देख के उर्वशी की सिटी पित्ती गुल हो जाती है और बाकी कड़ी सभी सहेलिया भी दर्रे हुए राहुल को देखती रहती है. यदि उन्होंने एक कदम बढ़ाया तोह रूपा की जान जा सकती है.

उर्वशी की आँखों में ासु आ hi गए. उसने खुद को फिरसे कण्ट्रोल करते हुए कहा, "प्लीज!!! में तुम्हारे परर पड़ती हु. उससे जाने दो. चोरर दो उससे"

कहते हुए उर्वशी राहुल के पेर्रो पर गिर पड़ी और उसके परर पकड़ कर अपना सर झुका लिया.

रूपा (रट हुए) : दीदी! ये तुम क्या कर रही हो?? उठो... दुश्मन के पेर्रो पर क्यों गिर रही हो? आगे बढ़ो और सामना करो.

उर्वशी (गुस्से में) : शट ऊऊप्प्प!!! में जो कर रही हु अच्छे से जानती हु.

रूपा (मैं में) : बॉस मुझे बचाने के लिए... ये सब...

सभी लड़कियों की आँखों में ासु थे. इस से पहले कभी भी वो ऐसी सिचुएशन में नहीं फास्सी थी.

राहुल : तोह ठीक है! मेरी दो शर्त है.

उर्वशी : कहो!

राहुल : पहली ये... की तुम मुझ पर या मेरे साथ वालो पर कभी भी हमला नहीं करोगी. ख़ुशी भी मेरी साथ वाली hi है...

उर्वशी : मुझे मंज़ूर है.

रूपा : पर बॉस...

उर्वशी (चिल्ला कर) : शट ुप्प्प!!

रूपा बेचारी दांत सुन्न कर शांत हो जाती है.

राहुल : गुड!!

उर्वशी : दूसरी शर्त??

राहुल : वो में समय आने पर बताऊंगा. ये लो सम्भालो अपनी रूपा को...

कहते हुए राहुल रूपा को चोरर देता है तोह वो रट हुए दौड़ के उर्वशी और बाकी सभी सहेलियों के जाकर गले लग जाती है. कितना सुन्दर दृश्य था. सभी सुबक सुबक कर एक दूसरे को गले लगा रही थी.

राहुल (मैं में) : इतनी कोमल है ये सभी. और ये हरकते करने चली थी? मेरी समझ में नहीं आ रहा की इनकी मजबूरी क्या है?

राहुल : क्या कुछ सवाल पूछ सकता हु?

उर्वशी : हम्म!

राहुल : तुम सभी को देख के में दावे के साथ ये कह सकता हु की तुम लोगो ने आजतक किसी को नहीं मारा. तुम सब नाटक कर रही थी. और रही बात मुझे ठिकाने लगाने की तोह वो भी एक झूट था मुझे दर्राने के liye...hai न?

उर्वशी (शॉकेड) : tumhe?...kese??...

राहुल : कोई भी देख के बता सकता है.

राहुल : तोह ये सब करने की पीछे क्या मजबूरी है?

उर्वशी : .......

उर्वशी बिना कुछ कहे सर झुका लेती है,

रूपा : हम अनाथ है.

उर्वशी : rupa...tum...

रूपा : मुझे कहने दीजिये बॉस! वैसे भी अब हमारा मिशन फ़ैल हो चूका है और आप ने वादा भी किया है की आप इसके साथ वालो को और इससे चोट नहीं पहुचाएंगी तोह ये बताने में अब कोई हर्ज़ नहीं.

राहुल : अनाथ??

रूपा : हां!! हम सब अनाथ है. उर्वशी दीदी ने हम सबको रोड से तोह किसी मोहल्ले से िखहात्ता किया. हमको जीना सिखाया, हमको लड़ना सिखाया, हमको ज़िन्दगी का सच समझाया की ये दुनिया कितनी क्रूर है और यदि हमे ज़िंदा रहना है तोह कैसे... ये सब हमे हमारी दीदी ने hi सिखाया. हमारे पास रहने की कोई जगह नहीं थी, पहन ने के लिए कोई कपडे नहीं थे, खाने के लिए कोई खाना नहीं था, प्यार देने के लिए कोई माँ बाप नहीं थे, सहारा देने के लिए कोई भाई बहिन नहीं था, शिक्षा देने के लिए कोई गुरु नहीं, हमे अपनाने वाला hi कोई नहीं था. हम रस्ते पर भटकते भीक मांगते, और जो मिल जाता तोह उसमे अपने दिन काट रहे थे.

रूपा के कहते hi जैसे सभी लड़कियों को अपना अतीत याद आ गया और वो फुट फुट कर रोने लगी.

रूपा : हमारी उर्वशी दीदी hi हमारी सब कुछ है. हमने चोरी करना शुरू किया, जानकारी ढूंढ़ना, निगरानी करना, हम सब वो काम करते थे जिसमे जान लेने का विषय न हो. उर्वशी दीदी की नज़रो में ये काम बोहत गलत है, उन्हें पता था की वो जो हमे सीखा रही है वो एक गलत रास्ता था. पर उनके पास हमे देने के लिए उस वक़्त और कुछ भी नहीं था. वो नहीं चाहती थी की हम भूखे मरे. वो ज़रूर इस बात पे रातो रात शर्मिंदा होती रहती होंगी. रोटी भी होंगी... पर दीदी! हमे इस बात से कोई भी आपत्ति नहीं है, बल्कि हम सब आपके शुक्र गुज़ार है.

रूपा की बात सुन्न उर्वशी बोहत भावुक हो गयी और उस से गले लग के रोने लगी.

राहुल (मैं में) : जैसा की मेने सोचा था. ये वाक़ई बोहत कोमल है. अनाथ होने के कारण इन्होने ये सब किया. मजबूरी इंसान से क्या क्या नहीं करवाती...

राहुल : तोह अब क्या? फिरसे वही काम करोगे?

रूपा : में तोह वही करुँगी जो दीदी कहेंगी करने को चाहे वो गलत hi क्यों न हो. मुझे पता है दीदी कभी गलत काम नहीं करती. मतलब हम ने कभी भी किसी की हत्या नहीं करि. हां चोरी डकैती ये सब काम बुरे है पर यदि एक अमीर के घर कोई धन चुरा के गरीबो में बाँट रहा है तोह मेरी नज़रो में वह चोरी नहीं है.

राहुल : तोह उर्वशी जी! बताइये! अब आगे क्या?

उर्वशी : mein...mein और अपनी बहनो की जान जोखिम में नहीं दाल सकती. ये काम अब यही रोक दूंगी. पर इनके लिए मुझे कुछ न कुछ तोह करना hi होगा. वर्ण ये सब कहा जाएंगी?

राहुल : तोह क्या करोगी इनके लिए?

उर्वशी : मुझे नहीं पता...

राहुल आगे बढ़कर उर्वशी की चीन अपने हाथो में लेता है ठीक वैसे hi जैसे उर्वशी ने थोड़ी देरर पहले राहुल के साथ किया था.

राहुल : मेरे साथ काम करोगी??

राहुल को अपने इतना करीब पा कर बेचारी उर्वशी के गाल लाल पद जाते है, थोड़ी देरर पहले उसने भी यही किया था पर अब जब राहुल ने किया तोह ये एक अलग hi अनुभव था उसके लिए

उर्वशी और उसकी सहेलिया, हमेशा अपने आप में hi बड़ी हुई, लड़को से न ज़्यादा बात चीत, न ज़्यादा मिलाव हुआ उनका. ये सब उनके लिए नया था. और फिर राहुल जैसा भला चंगा स्मार्ट लड़का तोह उन्हें पहली बार मिला था, इतने करीब पाकर न जाने उर्वशी को क्या हुआ की वो ठीक से नज़रे hi नहीं मिला पायी. पर इस से भी खराब स्तिथि रूपा की थी, बेचारी की पहली किश भी हो गयी उससे समझ नहीं आ रहा था की वो केसा फील करे बस दिल में हल चल हो रही थी अजीब सी जिससे वो समझ नहीं पा रही थी.

उर्वशी (ब्लश) : ke..kesa काम?

राहुल : मेरा साथ देना है बस तुम्हे. में वादा करता हु जब में सक्सेसफुल हो जाऊंगा तोह तुम सभी को अपनी खुद की कंपनी में रख लूंगा. फिर तुम्हे ये सब करने की कोई ज़रुरत नहीं है.

उर्वशी (स्माइल्स) : और कब सक्सेसफुल होइगे तुम?

राहुल : बोहत जल्द. तोह बोलो...?

उर्वशी : ठीक है. मुझे मंज़ूर है.

राहुल : अच्छा पहले सभी से इंट्रोडस तोह करवाओ...

उर्वशी : में उर्वशी, ये रूपा, ये तारा है, सलोनी, मीनल, दीपाली, हिना, ज्योति, ऋतू, और ये पालक.

राहुल : मिलकर ख़ुशी हुई. में राहुल. उम्मीद करता हु अब से हमारे बीच कोई मैं मुटाव नहीं रहेगा और हम साथ में मिलकर अच्छे से काम कर पाएंगे.

उर्वशी : तोह? क्या करना है हमे?

राहुल : क्या आप लोगो के पास अभी रहने के लिए जगह, पैसे वगैरह है?

उर्वशी : हां! अभी तोह हमारे पास इतना है की हम करीब एक साल तक बिना कुछ किये आराम से बिता सकते है.

राहुल : बोहत बढ़िया. में चाहता हु अभी आप कुछ दिनों तक अंदर hi रहे. मतलब ज़्यादा बाहर न निकले.

उर्वशी : पर वो क्यों?

इस से पहले की राहुल जवाब देता उसका फ़ोन बजने लगता है. कॉलर थी प्रीती,

राहुल : hello?

जैसे hi राहुल hello कहता है वह दूसरी और से रोने की आवाज़ आती है,

राहुल : hello? प्रीती??

प्रीती (रट हुए) : राहुल्ल्ल... किधर हो तुम??

राहुल : hello? क्या हुआ प्रीती? में कॉलेज में hi हु, तुम रो क्यों रही हो?

प्रीती : ख़ुशी... ख़ुशी कही नहीं मिल रही है राहुल...

प्रीती की बात सुन्न के राहुल को एक तेज़्ज़ झटका लगता है. उसकी शरीर काँप उठता है. वो भी एक लड़का था, आज से पहले उसने कभी भी एक बॉडीगार्ड की नौकरी नहीं की थी. उसका मिशन था 3 महीने तक अपने गुरु की बेटी को प्रोटेक्ट करना जो की उसने गुरु दक्षिणा में करने का वादा किया था. पर अब क्या? बोल तोह दिया... असली खेल तोह अब शुरू हो रहा था. राहुल को पता था की इन् 3 महीनो में ऐसा कुछ न कुछ होक hi रहेगा पर ये सब इतनी जल्दी होएगा ये उसने नहीं सोचा था.

राहुल : क्या मतलब? तुमने सब जगह चेक किया?

प्रीती (रट हुए) : लंच चल रहा है राहुल. कहा जाएगी ख़ुशी? मेने हर्र वाशरूम चेक कर लिए, सब जगह ढूंढा कही नहीं मिली, फ़ोन भी नहीं उठा रही है. वो मुझसे कह के गयी थी की वाशरूम जा रही है पर वह नहीं है वह.

राहुल के शरीर के इस वक़्त रोंगटे खड़े हो चुके थे. यदि ख़ुशी को कुछ हो गया तोह क्या जवाब देगा वो मास्टर को?

राहुल : तुम कहा पर हो?

प्रीती : क्लास रूम में.

राहुल : में आता हु...

*चालक एंड्स*

इधर राहुल फ़ोन काटते hi गुस्से से उर्वशी को देखता है,

उर्वशी : k..kya हुआ?

राहुल (गुस्से में) : ख़ुशी कही नहीं मिल रही है.

उर्वशी : नहीं... इसमें... इसमें हमारा कोई हाथ नहीं है, यकीन मानो.

रूपा : दीदी सही कह रही है. इसमें हमारा कोई दोष नहीं है

राहुल (शांत होकर) : हम्म! ी बिलीव यू! मेरी हेल्प करो... और यहाँ फ्लोर पर सब जगह छान मारो. यदि वो मिले तोह मुझे बताना. में नीचे वाली फ्लोर पर हु.

उर्वशी हां में सर हिला देती है, और राहुल दौड़ते हुए भाग कर नीचे फुल स्पीड में जाता है, क्लास रूम में एंटर करते hi उससे प्रीती नज़र आ जाती है, राहुल को देख वो दौड़ कर उसके पास आ जाती है और अपने आसुओ को कण्ट्रोल करने की पूरी कोशिश कर रही थी.

राहुल : किसी को बताया?

प्रीती : अभी सिर्फ तुम्हे...

राहुल : हम पहले अच्छे से ढूंढ लेते है, हो सकता है वो कॉलेज में hi हो

प्रीती : हम्म!!

जब थोड़ी देरर ढूंढ़ने पर भी ख़ुशी का कोई अत पता नहीं लगा, तोह राहुल को यकीन हो गया की उसके साथ कुछ हुआ है, किसी ने उससे किडनैप कर लिया है और ये जो कोई भी है, ख़ुशी और मास्टर का शुभचिंतक तोह बिलकुल भी नहीं है.

ऊपर का फ्लोर पूरा देख लेने के बाद जब उर्वशी और बाकी सब राहुल के पास आयी तोह प्रीती थोड़ा चौंक गयी, अब एक साथ 10 लड़की को ऐसे यु आते देख तोह कोई भी चौक जाएगा.

प्रीती : ये सब k..kaun है?

राहुल : लम्बी कहानी है प्रीती... पर ये हमारे साथ वाली hi है.

उर्वशी : ऊपर तोह ख़ुशी नहीं है...

प्रीती : क्या???

एक बार फिरसे उसकी आँखों में ासु आ जाते है, ऐसा क्यों था? ऐसा इसलिए था क्युकी ख़ुशी केवल उसकी दोस्त नहीं थी. ख़ुशी उसकी सब कुछ थी. एक दोस्त, एक बहिन, एक साथी, सब कुछ.

प्रीती के माँ बाप का देहांत उसकी बचपन की उम्र में hi हो गया था. तब से मास्टर hi प्रीती का सब खर्चा उठाते है और प्रीती ख़ुशी के प्रति बोहत hi पोस्सेस्सिवे रहती है.

राहुल : उर्वशी! क्या एक बार प्लीज कैंपस में चेक कर सकती हो?

उर्वशी : ठीक है.

कहते हुए वो और बाकी सब चली जाती है, और इधर प्रीती की रुलाई फुट पड़ती है. वो सिसक सिसक का रोने लगती है.

राहुल : प्रीती देखो... रो मत!

प्रीती रट हुए राहुल की बाहो में चली जाती है और उससे कस के भींच लेती है. पता नहीं क्यों पर उससे अभी राहुल पर अटल विश्वाश था.

प्रीती (रट हुए) : ra..rahul... देखो! प्लीज!!! Mein...mein जानती हु की मेरा और ख़ुशी का रवैया तुम्हारे प्रति कोई ख़ास नहीं था... पर प्लीज! उससे बचा लो. में तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हु. प्लीज! उससे बचा लो... यदि उससे कुछ हो गया तोह में नहीं जी पाऊँगी...

प्रीती पैनिक कर रही थी. उसका शरीर काँप रहा था. पेर्रो से ताकत जा रही थी, और वो अपने होश खो रही थी...

राहुल : प्रीती लिसेन तो में.. प्रीती ...

राहुल ने प्रीती को झंझोरते हुए कहा पर इसका तोह जैसे कोई फायदा hi नहीं हुआ, वो अभी भी पैनिक कर रही थी. जब कोई और विकल्प नहीं मिला राहुल को तोह उसने प्रीती को जोरर से पकड़ा और अपने होंठ उसके होंठो से भिड़ा दिया.





अचानक हुए हमले से प्रीती की आँखें फटी की फटी रह गया, उससे प्रोसेस करने में hi समय लग गया की अभी अभी हुआ क्या, जब उससे समझ आया तोह उसकी आँखों से ासु फिरसे बहने लगे पर इस बार उसकी आँखें बंद हो गयी और उसका शरीर ढीला पद गया और साथ hi उसके हाथ जाकर राहुल की गर्दन के इर्द गिर्द लेपित गए.

उससे अंदर hi अंदर विश्वाश था की अब राहुल hi है जो कुछ कर सकता है और वो इस पल भर के लिए अपने आप को राहुल पर समर्पित कर देना चाहती थी.

करीब आधे मिनट की चुम्बन के बाद जैसे प्रीती शांत हुई और उसने अपनी आँखें खोली तोह सामने राहुल का चेहरा था.

राहुल : don't वोर्री! ी विल सेव हेर.

प्रीती हां में सर हिला कर राहुल के गले लग जाती है, और ऊपर वाले से दुआ करती है की जल्द से जल्द ख़ुशी उससे सही सलामत मिल जाए.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

धन्यवाद्!
 
अपडेट - 72

अब तक...


करीब आधे मिनट की चुम्बन के बाद जैसे प्रीती शांत हुई और उसने अपनी आँखें खोली तोह सामने राहुल का चेहरा था.

राहुल : don't वोर्री! ी विल सेव हेर.

प्रीती हां में सर हिला कर राहुल के गले लग जाती है, और ऊपर वाले से दुआ करती है की जल्द से जल्द ख़ुशी उससे सही सलामत मिल जाए.

अब आगे...

राहुल : let's जो

प्रीती : कहा?

राहुल : सिक्योरिटी कैमरा के चेकिंग रूम में

प्रीती : ओह्ह हां... गुड आईडिया.

दोनों वह से निकल के सिक्योरिटी कैमरा वाले रूम में जाते है जहा पर सारे सिक्योरिटी कामर्स को मॉनिटर से चेक कर सकते है. अंदर पॅहुचते hi उन्हें एक ऑपरेटर मिलता है जो एक्टिविटीज पर नज़र रखने के लिए था.

ऑपरेटर : कुछ काम है क्या?

राहुल : हां सर! क्या आप 2ंद फ्लोर के वाशरूम्स के बाहर वाले कामर्स चेक कर सकते है? 20-25 मिनट पहले की रिकॉर्डिंग.

ऑपरेटर : हम्म! Okay ठीक है.

ऑपरेटर राहुल की बात सुनकर वाशरूम के बाहर कॉरिडोर पर लगे कैमरा की रिकॉर्डिंग देखने लगता है तोह 1-2 मिनट तक तोह नार्मल सी प्रतिक्रिया hi दिखाई देती है, पर तभी कैमरा में ख़ुशी वाशरूम के अंदर जाती हुई दिखती है...

प्रीती : ख़ुशी...

उसके अंदर जाते hi एक लड़की सफाई कर्मचारी की ड्रेस में अंदर जाती है, उसका चेहरा मास्क से ढाका हुआ था और एक बड़ा सा कार्टून बॉक्स था जो वो एक ट्राली में रख कर अंदर hi ले गयी. उसके कुछ शान बाद hi वो वापस से उसी ट्राली को लेकर निकली और चली गयी.

ऑपरेटर : हम्म! क्या हो गया? क्या दिक्कत है?

राहुल : एक लड़की आपके सामने किडनैप हो गयी और आप पूछ रहे है की क्या दिक्कत है?

ऑपरेटर : क्या कहा?

राहुल : आपने देखा नहीं? वो सफाई करने वाली लड़की कोण थी? मेने तोह आज तक नहीं देखा किसी ऐसी लड़की सफाई कर्मचारी को. ट्राली में कार्टून बॉक्स लेकर अंदर क्यों गयी? ज़ाहिर सी बात है इसी में वो ख़ुशी को लेकर बाहर ले गयी.

ऑपरेटर फिरसे चेक करता है तोह वाक़ई वाशरूम से ख़ुशी बाहर hi नहीं निकली और वो घबरा जाता है.

ऑपरेटर : ye...ye तोह फौरन प्रिंसिपल सर को इन्फॉर्म करना पड़ेगा.

राहुल : उसकी टेंशन आप मत लो, वो हम देख लेंगे.

प्रीती : rahul...kya करे हम? ख़ुशी को कुछ हो गया तोह?... हम क्या करे??

राहुल : प्रीती! कलम डाउन... Don't पैनिक.

राहुल (मैं में) : यदि यही मास्टर का दुश्मन है, तोह अच्छी बात है. क्युकी में इससे एक बार में hi ख़तम करूँगा और फिर में ये बॉडीगार्ड वाली जॉब से फुर्सत. मास्टर से परमिशन लेके में सौरभ के साथ अपने करियर पे ध्यान दूंगा. पर फिर मेरे ऐसा करने से मुझे मेरी पूरी पेमेंट भी नहीं मिलेगी. पेमेंट तोह ज़रूरी है मुझे. अभी जितना मिल सकता है उतना अच्छा है. और साथ hi मेने गुरु दक्षिणा में 3 महीने प्रोटेक्ट करने का बोलै है तोह अब में पीछे नहीं हैट सकता. ख़ुशी... Don't वोर्री! I'll सेव यू!!

समय का ध्यान रखते हुए राहुल ने फौरन उन् 2 बोडीगार्ड्स को भी सब कुछ बता दिया की ख़ुशी गायब हो गयी है और उन्हें जल्द hi कुछ न कुछ करना होगा.

राहुल और प्रीती निकल कर बाहर आए hi थे ऑपरेटर रूम से की उर्वशी और बाकी सब भी वह आ गयी,

राहुल : कुछ पता चला?

उर्वशी : वो हमे कही भी नहीं मिली

राहुल : अस एक्सपेक्टेड.

तभी उर्वशी का फ़ोन बजता है और वो राहुल को देख के फ़ोन स्पीकर पर दाल देती है,

उर्वशी : hello?

आदमी : hello उर्वशी... Hello...hahahaha... तुमको थैंक यू कहने के लिए फ़ोन किया है. बॉस ने कहा था की में तुम्हारा उनकी तरफ से शुक्रिया ऐडा करू.

उर्वशी : ke..kesa थैंक यू?

आदमी : तुमने वह जाके उस लड़के को बिजी किया और यहाँ हमने अपना काम कर दिया. हाहाहा...

उर्वशी (गुस्से में) : कुत्ते कही के...

आदमी : न न न... अब तुम सोच रही होगी की प्लान में एकदम से चेंज कैसे आ गया?

उर्वशी : जो बोलना है जल्दी बोलो.

आदमी : बॉस ने तुम्हारा बैकग्राउंड पहले hi सर्च कर लिया था, उन्हें पता था तुम से कुछ नहीं हो पाएगा. आज तक तुमने एक आदमी नहीं मारा तोह किडनैप क्या करती तुम... तोह बॉस ने तुम्हे एक डिस्ट्रक्शन की तरह इस्तेमाल किया हाहाहा... वह तुमने प्लान के अकॉर्डिंग उस लड़के को बिजी किया पर वह से प्लान बदल गया ः.. हमने यहाँ ख़ुशी को किडनैप कर लिया. तोह उसके लिए थैंक यू.

उर्वशी (गुस्से में) : हराम खोर... तुमलोग... क्या करने की सोच रहे हो ख़ुशी के साथ?

आदमी : मुझे उस लड़के से बात कराओ, यदि प्लान के अकॉर्डिंग तुम लोग सफल हुई होगी तोह वह लड़का अभी तुम्हारी कस्टडी में hi होगा. मुझे उस से बात कराओ...

उर्वशी फ़ोन को राहुल की तरफ कर देती है,

राहुल कुछ सोच कर फ़ोन पर बात करने से पहले अपने एअरफोन्स जेब से निकालता है और फ़ोन में लगा के फिर बात करता है,

राहुल : hello?

आदमी : सुन्न!! मास्टर की बेटी ख़ुशी हमारे क़ब्ज़े में है, बदले में हमे सिर्फ एक hi चीज़ चाहिए है. चीन में स्थित वो मॉल हमे ज़मीन सहित हमारे बॉस को देदो और अपनी ख़ुशी वापस ले जाओ.

राहुल : ओह्ह??? पर मॉल क्यों चाहिए?

आदमी : जितना कहा है उतना कर. फ़ालतू के सवाल जवाब मत कर. तेरे पास सिर्फ शाम तक का hi वक़्त है, अपने मास्टर से बोल की मॉल और ज़मीन के पेपर्स लेके फौरन फ्लाइट से यहाँ आए और हमे देदे, और बदले में अपनी बेटी को ले जाए.

राहुल : पर मास्टर को पता कैसे चलेगा की पेपर्स लेके कहा आना है?

आदमी : पहले उससे मुंबई बुला. यदि वो नहीं आया तोह हम समझ लेंगे की उससे अपनी बेटी प्यारी नहीं है. शाम 7 बजे में एक बार फिरसे उर्वशी को कॉल करूँगा यदि वो मास्टर नहीं आया 7 के पहले तोह ये ख़ुशी गयी काम से.

राहुल : हम्म!! ठीक है ठीक है. में बात करता हु उनसे.

आदमी : हलके में मत लेना हमे छोकरे. यदि में चाहु तोह यहाँ इस ख़ुशी के साथ बोहत कुछ कर सकता हु. ः! अपना निर्णय सोच समझ कर लेना.

राहुल : बिलकुल.

*कॉल एंड्स*

प्रीती (रट हुए) : क्या हुआ? क्या हुआ राहुल? कहा है ख़ुशी??

राहुल : उनके क़ब्ज़े में है ख़ुशी, बदले में उन्हें चीन में मास्टर का मॉल वो भी ज़मीन सहित चाहिए.

प्रीती : तोह... तोह प्लीज! अंकल को बता दो न सब, उनसे कहो की वो मॉल वगैरह सब देदे और ख़ुशी को चुर्रा ले...

राहुल (स्माइल्स) : इस धंधे में ऐसे काम नहीं चलता प्रीती... हम यदि उन्हें सब कुछ दे भी देंगे तोह भी वो ख़ुशी के साथ कुछ न कुछ करेंगे hi. हो सकता है की वो ख़ुशी के साथ ज़बरदस्ती करने की सोचे.

प्रीती : नाहीईई... में क्या करू? क्या होगा अब?

उर्वशी सामने प्रीती को पागलो की तरह परवाह करते देख और भी मायूस हो जाती है और उससे अपने hi ऊपर और भी गुस्सा और घिन आने लगती है,

उर्वशी : सब मेरी गलती है... सब मेरा दोष है. यदि मुझे पहले पता होता की वो हमारे साथ गेम खेल रहा है तोह...

Rahul(urvashi के कंधो पर हाथ रखते हुए) : don't वोर्री!!! अब जो हो गया सो हो गया. प्रेजेंट की सोचो और फ्यूचर की. ी क्नोव हाउ तो सेव हेर. तुम सब साथ डौगी न मेरा?

उर्वशी (ब्लश) : mein...mein... haa...hum... हम तुम्हारे साथ है.

राहुल (स्माइल्स) : गुड! मुझे सिर्फ 5 मिनट देना.

राहुल 5 मिनट जाके अपने सर पर हाथ रख कर, आँखें बंद कर के कुछ सोचने लगता है

रूपा : क्या हुआ उससे?

उर्वशी : कुछ सोच रहा है. उससे डिस्टर्ब मत करना.

प्रीती : क्या होगा अब?

उर्वशी : तुम ज़रा भी फिक्र मत करो. में अपनी पूरी जान लगा दूंगी तुम्हारी दोस्त को सही सलामत लाने में

प्रीती : थैंक यू.

प्रीती के मुँह से खुद के लिए थैंक यू सुनकर उर्वशी और भी गिलटी फील करने लगती है. वो सारा का सारा दोष खुद को hi दे रही थी. न वो ये काम लेती और ना hi ऐसा कुछ होता. पर अब क्या फायदा? ख़ुशी तोह क़ब्ज़े में जा hi चुकी थी. अब जो भी करना था वो राहुल को hi करना था.

करीब 5 मिनट हो जाने पर प्रीती ने गौर किया की राहुल 5 मिनट तक कुछ सोचता रहा और फिर अपना फ़ोन निकाला, उससे चलाया और फिर अंदर रख दिया.

5 मिनट बाद राहुल उठ के आया, उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी.

प्रीती : राहुल!! हमे फौरन पुलिस को कॉल करना चाहिए. वो उस मोबाइल नंबर को ट्रेस कर लेंगे.

राहुल : और यदि उन् गुंडों को इस बात का पता चल गया और उन्होंने ख़ुशी को कुछ कर दिया तोह??

प्रीती (घबराते हुए) : तोह फिर हम क्या करे राहुल? मुझे बोहत डर लग रहा है.

तभी अचानक से राहुल की टोन एकदम से बदल जाती है और वो कहता है,

राहुल : रजनीश अंकल से कहो की ख़ुशी किडनैप हो गयी है, और वो जितने आदमी भेज सकते है मुझे क्सक्सक्सक्सक्सक्स चौराहे पर भेज दे.

उसकी एकदम से बदली हुई टोन से सभी चकित थे. नम्र भाव से बोलने वाला राहुल अभी इतना सीरियस था, ऐसा रूप उसका आज तक प्रीती ने नहीं देखा था.

प्रीती : o..ok!

प्रीती के मुँह से सिर्फ यही निकला. इस वक़्त राहुल उस राजा के भाति था जिसका निर्देश सुनते hi लोगो के परर काँप जाते. उसमे एक अलग hi प्रकार का कॉन्फिडेंस और और था. ऐसा लग रहा था इस वक़्त राहुल किसी का भी सामना अकेला कर लेगा.

प्रीती के कॉल करने के बाद hi वो राहुल को कह देती है की रजनीश अंकल 15 आदमी भेज रहे है राहुल की बताई हुई लोकेशन पर. और वो उनको लेने खुद hi आ रहे है.

राहुल (प्रीती के गालो पर हाथ रखते हुए) : प्रीती! यू विल स्टे हेरे. Okay???

Preeti(naa में सर हिलाते हुए) : नहीं!! नहीं राहुल... प्लीज! मुझे भी ले चलो. प्लीज! ी बेग यू!!

राहुल : दो यू ट्रस्ट में?

प्रीती एक नज़र राहुल की आँखों में देखती है जिसमे उसको एक अलग hi तेज नज़र आ रहा था और फिर हां में सर हिलाते हुए कहती है,

"यस!! ी दो!!"

राहुल : तोह ट्रस्ट में. में तुमसे वादा करता हु की शाम तक ख़ुशी सही सलामत तुम्हारे सामने होगी.

प्रीती : सच?

प्रीती की आँखों में बने ासु राहुल करीब से भली भाति देख पा रहा था, देख पा रहा था की कितनी चिंता में है वो.

राहुल (मैं में) : ये बिलकुल मेरी अंशु की तरह है. और वो ख़ुशी बिलकुल तानिया की तरह...

राहुल प्रीती को अपनी बाहो में ले लेता है. प्रीती के उभरे हुए स्तनों का आभास उससे भली भाति हो रहा था. ख़ुशी के स्तनों से बड़े प्रीती के स्तन थे, ये तोह राहुल को पहले दिन hi दिख गया था. पर अभी राहुल वो सब ख़याल साइड में रखता है और प्रीती को सांत्वना देता है की वो ख़ुशी को सही सलामत लेके hi आएगा.

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एक अजीब सा विश्वाश था प्रीती में राहुल के लिए. उसने भी राहुल को कस के भींच लिया.

थोड़ी hi देरर में रजनीश गाडी को लेकर कॉलेज में एंटर हुआ और बोहत hi टेंशन में था. उसने फौरन राहुल से पूरी जानकारी विस्तार में ली और राहुल ने फिर कार में अपने साथ रजनीश, उर्वशी, रूपा और तारा को अपने कार में बैठाया और रजनीश से उस चौराहे पर चलने कहा जहा पर बाकी 15 आदमी आने वाले थे.

राहुल ने पहले के 2 बोडीगार्ड्स को भी उस चौराहे पर आने के लिए कह दिया और प्रीती और बाकी लड़कियों को वही कॉलेज में hi रहने दिया. ऑपरेटर ने ये बात प्रिंसिपल को भी बता दी तोह प्रिंसिपल ने सिक्योरिटी दुगनी कर दी और रजनीश से पुलिस के लिए कॉल करने को कहा. पर रजनीश ने पुलिस के लिए फिलहाल मन कर दिया.

इधर कार में आगे वाली सीट पर बैठे हुए राहुल आगे के बारे में सोच रहा था और बीच बीच में उर्वशी तोह कही रजनीश राहुल को hi देख रहे थे की राहुल ने आखिर क्या प्लान किया है? ये चौराहे पर सबको क्यों इखट्ठा करवा रहा है.

तभी राहुल का फ़ोन बजने लगता है और कॉलर थी मोनिका...

राहुल : hello??

मोनिका : hello के बच्चे... ये में क्या सुन्न रही हु? ख़ुशी किडनैप हो गयी? तुम कहा थे उस वक़्त? कहा पर हो अभी?

राहुल : और आपको कैसे पता चला?

मोनिका : अंकल रजनीश ने बताया...

राहुल : हम ख़ुशी को hi चुर्राने जा रहे है

मोनिका : ओह्ह अच्छा?? कैसे? जाके मिन्नत करोगे वह? की ख़ुशी को चोरर दो और वो चोरर देंगे?

राहुल : don't वोर्री!! भले hi मेरी जान को खतरा क्यों न हो जाए पर ख़ुशी को में बचा के रहूँगा.

करीब 10 सेकण्ड्स तक दूसरी साइड से कोई आवाज़ hi नहीं आयी.

राहुल : hello?

मोनिका (धीमी सी आवाज़ में) : इडियट... बे सेफ! यदि तुम्हे कुछ हो गया न तोह...

राहुल : तोह??

मोनिका : तोह में तुम्हे कभी माफ़ नहीं करुँगी

राहुल (स्माइल्स) : हम्म!!

मोनिका (टेंशन में) : बे सेफ!! मुझे खबर देते रहना बीच बीच में.

राहुल : हम्म! मास्टर को पता है?

मोनिका : हम्म!!

राहुल : क्या रिएक्शन था उनका?

मोनिका : उन्होंने बस सर हिलाया और फिर मेडिटेट करने लगे अपने रूम में.

राहुल : हम्म! में आपसे बाद में बात करता हु.

मोनिका : बे सेफ राहुल!! प्लीज!!

राहुल : बिलकुल!!

*कॉल एंड्स*

जब चौराहे पर कार रुकी तोह अगले hi पल कुछ और स्कार्पियो आके कड़ी हुई और उसमे से टोटल 15 आदमी हट्टे काटते निकले.

रजनीश : ये लो. मिस्टर राहुल आपके अकॉर्डिंग सब कुछ इंतज़ाम हो गया है. प्लीज! अब आगे बताइये की क्या करना है? मुझे बोहत hi टेंशन हो रही है.

राहुल : अंकल रजनीश यदि आप ये सोच रहे है की में मात्र एक 21 साल का लड़का, क्या ख़ुशी को गुंडों से बचा पाएगा? क्या ये कुछ कर भी पाएगा? कही मिस ख़ुशी को कुछ हो न जाए, क्या ये लड़का इसकी ज़िम्मेदारी ले पाएगा? यदि आप ये सब सोच रहे है तोह आप गलत है.

रजनीश (सकपका के) : mein...wo...

क्या कहता रजनीश? इस वक़्त वाक़ई वो यही सोच रहा था. उससे जैसे गिलटी फील हुआ और उसने फौरन माफ़ी मांगी. बदले में राहुल ने सांत्वना दी की ख़ुशी को वो बचा के hi रहेगा.

राहुल : आप सभी से मिलकर ख़ुशी हुई. अब अभी इंट्रोडक्शन का टाइम तोह नहीं है पर मेरा नाम राहुल है. में यही कहना चाहता हु की हम सभी को जल्द से जल्द क्सक्सक्सक्सक्सक्स पार्क चलना है.

रजनीश : क्सक्सक्सक्सक्सक्स पार्क? पर वह क्यों?

राहुल : कार में बैठिये रजनीश अंकल और ध्यान रहे. हमे कार को पार्क पहुचने से लगभग 300 मीटर पहले रोक देनी है. जल्दी कीजिये!!

सभी जल्दबाज़ी में कार में बैठते है और किसी की कुछ समझ में नहीं आता. आखिर चल क्या रहा था? ये अचानक पार्क जाने का क्यों कह दिया राहुल ने? और कार को पार्क से 300 मीटर पहले रोकने का क्या चक्कर है?

रजनीश कार को ों करके स्टीयरिंग व्हील को थामे हुए एक नज़र राहुल पे मारता है, तोह बदले में राहुल सर हिला के उसका हुअसला बांधता है की टेंशन न लो वो सब कुछ सही कर देगा.

और रजनीश अपने माथे पर आए पसीने को पॉच के कार आगे बढ़ा देता है, साथ hi साथ बाकी कार्स भी राहुल की कार के पीछे चलने लगती है.

राहुल (मैं में) : ी होप जैसा मेने सोचा है सब कुछ वैसा hi निकले वर्ण में पूरी तरह से हार जाऊंगा...

कुछ hi शान बाद सभी की सभी कार्स पार्क से 300 मीटर पहले hi रोक दी गयी थी. सभी लोग कार से बाहर निकले, लगभग शाम हो चुकी थी और सूरज ढलने को आ गया था.

उर्वशी : क्यों न हम उसी नंबर पर दुबारा कॉल करे?

राहुल : नहीं! वो इतने बेवक़ूफ़ नहीं है. उसने वो सिम हमे कॉल करने के बाद hi निकाल में फेक दी होगी.

रजनीश : तोह अब हमे क्या करना है?

राहुल : पार्क की एंट्रेंस पे चलना है पहले, पर ध्यान रहे की आप किसी की नज़र में ना आओ. मेरे पीछे चलना बस.

वह पर कार्स पार्क करके राहुल और बाकी सभी पार्क की एंट्रेंस की और चल देते है, पर चौकाने वाली बात ये थी की पार्किंग बिलकुल भी भीड़ नहीं थी, बस 8 से 10 आदमी थे पूरे पार्क में और 2 आदमी एंट्रेंस पे खड़े हुए थे.

रजनीश और बाकी सभी ये सन देखते hi चौक गए.

रजनीश : ये तोह मुझे गुंडे लग रहे है

उर्वशी (चौकते हुए) : ये toh...ye तोह...

राहुल : हम्म???

उर्वशी : वो झूले पर... जो बैठा है... वो तोह वो तोह वही इमरान है... जिसका कॉल आया था हमे.

राहुल (स्माइल्स) : जैकपोट!!!

उर्वशी : हँ??

राहुल : सभी अपने फ़ोन्स साइलेंट पर कर लो. हमे उनसे एकसाथ फाइट नहीं लेनी है. पहले एंट्रेंस क्लियर करनी होगी.

राहुल अपने साथ 1 बॉडीगार्ड को लेकर एंट्रेंस की तरफ घूम के जाता है और दोनों चूतिये जो नकली गार्ड्स बन कर खड़े हुए थे उन्हें पीछे से गर्दन पर एक एक वार कर के वही बेहोश कर देता है. ये तकनीक उससे मास्टर ने hi सिखाई थी. ों थे स्पॉट बेहोश करने के लिए किस पॉइंट पर वार करना होता है ये उससे भली भाति ज्ञात था.

राहुल इशारे से बाकी सभी को एंट्रेंस के पास छुपने के लिए इशारा कर देता है.

राहुल (मैं में) : अब मैं काम बचा है. अंदर करीब 8 से 10 लोग है और हम टोटल है 21 लोग. पर अंदर एक कार भी है जिसमे पक्के से ख़ुशी hi होगी. कमाल है!! साला क्या दिमाग लगाया है इनलोगो ने. पार्क में अपने hi गार्ड्स लगा दिए नकली सिक्योरिटी यूनिफार्म दाल के और किसी और को पार्क में घुसने hi नहीं दे रहे. पेड़ पौधे इतने है की किसी को कुछ पता hi नहीं चल रहा क्या चल रहा है अंदर. यदि हम एक साथ अंदर गए तोह कोई मतलब hi नहीं है. मतलब मुझे बैत बांके जाना होगा. हो सकता है की मेरी जान भी खतरे में आ जाए... पर जाना तोह पड़ेगा hi...

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

धन्यवाद्!

अब हे मत कहना की ये छोटा अपडेट था.

15 हज़ार कीवर्ड्स के ऊपर का था ये अपडेट. ಥ‿ಥ
 
में गिफ्स डालने की कई अपडेट से कोशिश कर रहा हु पर पता नहीं क्यों वो पिक्स के फॉर्म में hi अपलोड हो रहे है. ये िंगबब का चक्कर तोह मेरी समझ से बाहर है इसलिए जब तक पिष्बब नहीं आ जाता तब तक आप सभी पिक्स से hi काम चलाइये.

अपडेट है बीन पोस्टेड!!

दो लीव योर रेविएवस!! (◍•ᴗ•◍)
 
अपडेट 73



अब तक...

राहुल इशारे से बाकी सभी को एंट्रेंस के पास छुपने के लिए इशारा कर देता है.

राहुल (मैं में) : अब मैं काम बचा है. अंदर करीब 8 से 10 लोग है और हम टोटल है 21 लोग. पर अंदर एक कार भी है जिसमे पक्के से ख़ुशी hi होगी. कमाल है!! साला क्या दिमाग लगाया है इनलोगो ने. पार्क में अपने hi गार्ड्स लगा दिए नकली सिक्योरिटी यूनिफार्म दाल के और किसी और को पार्क में घुसने hi नहीं दे रहे. पेड़ पौधे इतने है की किसी को कुछ पता hi नहीं चल रहा क्या चल रहा है अंदर. यदि हम एक साथ अंदर गए तोह कोई मतलब hi नहीं है. मतलब मुझे बैत बांके जाना होगा. हो सकता है की मेरी जान भी खतरे में आ जाए... पर जाना तोह पड़ेगा hi...

अब आगे...

राहुल : हम आगे ऐसे नहीं बढ़ सकते. एक प्लान चाहिए.

रजनीश : सही कहा. पर प्लान केसा?

राहुल : उनके कुछ लोगो के पास गन्स है. हमारे पास सिर्फ दो hi फोकस है

रजनीश : क्या?

राहुल : पहला ये की हम किसी तरह उनके लीडर को अपने क़ब्ज़े में लेले तोह वो हम पर फायर नहीं करेंगे. दूसरा ये की किसी भी तरह ख़ुशी को चुर्राना होगा.

उर्वशी : सही कहा.

राहुल : मेरे पास एक आईडिया है.

उर्वशी : केसा आईडिया?

राहुल : आईडिया बताने से पहले मुझे ये बताओ की हमारे में से किसके पास गन है?

तोह राहुल के बुलाए हुए आदमियों से 2 लोग हाथ उठा देते है.

राहुल : मुझे एक गन की आवश्यकता पड़ेगी. घबराइए नहीं! में इससे चलाऊंगा नहीं. इसके ज़रिये hi हमारा काम हो पायेगा.

राहुल की बात सुनकर वो आदमी राहुल को अपनी गन दे देता है पर एक बार फिर से राहुल को गन न चलाने के लिए कह देता है.

राहुल फिर अपना प्लान सभी को विस्तार से समझाता है और कैसे आगे बढ़ना है, और आगे किसी परिस्थितिया बन्न सकती है और उनका सामना कैसे करना है ये सब राहुल समझा देता है.

उसके बाद राहुल आगे बढ़ के पार्क के अंदर जाने लगता है. अंदर पॅहुचते hi सभी गुंडे उससे घर के देखने लगते है और कुछ लोग उसपे अपना रिवाल्वर तान देते है. इमरान राहुल को देख के मुस्कुराता है और हस्सन लगता है राहुल को यु अकेला देख कर.

कार के अंदर बैठी ख़ुशी जो की कुछ देरर पहले होश में आ चुकी थी वो बाहर का नज़ारा भली भाति देख पा रही थी. कार में ब्लैक फिल्म लगे होने के कारण कार के अंदर का दृश्य नहीं दिख रहा था परन्तु कार के अंदर से बाहर का दृश्य पूरा साफ़ साफ़ नज़र आ रहा था.

ख़ुशी का मुँह इस वक़्त रुमाल से बंधा हुआ था और हाथ और परर रस्सियों से बंधे हुए थे. जब उसने देखा की राहुल अकेला यु अंदर आया है उससे बचाने तोह न जाने उसकी आँखों में अचानक hi ासु आ गए. उसके दिल में जैसे कुछ हो रहा था. अजीब सी फीलिंग थी, वो इस वक़्त यही सोच रही थी की उसने राहुल के साथ कितनी ज़्यादती की पर फिर भी राहुल उससे बचाने यहाँ तक आया. उससे ज़रा भी यकीन नहीं था की राहुल उससे बचाने आएगा.

अब जब वो राहुल को अपनी आँखों के सामने लोगो की रिवाल्वर के सामने खड़े देख रही थी तोह उससे बेहद घबराहट हो रही थी. मैं hi मैं वो दुआ कर रही थी की राहुल को कुछ न हो.

इमरान : तोह तू अकेला आया है? वो मास्टर कहा है?

राहुल : तुम्हे मास्टर से मतलब है या चीन के मॉल और ज़मीन के पेपर्स से?

इमरान : हाहाहा!! मुझे तोह पेपर्स से hi मतलब है.

राहुल : तोह बस फिर! पेपर्स मेरे पास है.

इमरान : हम्म! अच्छा है!! तोह पेपर्स मुझे दे.

राहुल : पहले ख़ुशी...

इमरान : खुद को शाना समझ रहा है क्या? पहले पेपर्स. उसके बाद लड़की...

अब भला क्या करता राहुल? इमरान की बात मान ने के अलावा उसके पास कोई ऑप्शन hi नहीं था. अपनी बॉहे सिकोड़ते हुए राहुल परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ा.

इमरान ने इशारे से अपने एक आदमी को राहुल की चेकिंग करने कहा तोह आदमी आगे आकर राहुल की बाज़ू और हाथ परर पर हाथ टटोल कर चेक किया और फिर राहुल को आगे जाने के लिए कहा.

किसी ने गौर किया हो या न किया हो, पर राहुल के चेहरे पर एक मुस्कान थी जो केवल एक शान के लिए hi थी. आगे आगे hi उसने अपनी शर्ट के अंदर से कुछ पेपर्स निकाले और इमरान को देखने लगा.

इमरान : अब दे bhi...khade खड़े घूर क्या रहा है?

राहुल : यहाँ पे एक दिक्कत है...

कहते हुए राहुल ने पेपर्स खोले और कुछ दिखाने लगा

इमरान : क्या दिक्कत?

इस से पहले की इमरान आगे बढ़ के राहुल के पास आया, राहुल ने अपनी पीठ को एडजस्ट किया और एक रिवाल्वर सीधे उसकी पीठ से सरक के उसकी शर्ट के अंदर से पीछे से गिरा और उसने अपना एक हाथ पीछे ले जाकर उससे पकड़ लिया.

उस आदमी ने राहुल की बाज़ू, पेर्रो और हाथो और पेट को चेक किया पर बेचारा राहुल की बैक चेक नहीं किया, मोस्टली सभी लोग यही गलती करते है.

जब तक इमरान चल के आगे बढ़ के राहुल के पास आया की वो क्या दिखाना चाह रहा है पेपर्स में तब तक राहुल के हाथ में आलरेडी गन आ चुकी थी पीछे, अगले hi पल राहुल ने वो पेपर्स सीधे इमरान के मुँह पे चिपका दिए और उसके पीछे आके उससे दबोच के गन उसकी कनपट्टी पर तान दी.

ये सब कुछ इतनी तेज़्ज़ी में हुआ की वह खड़े लोगो को कुछ समझ में hi नहीं आया बस सामने दिख रहा था तोह केवल राहुल उनके बॉस की कनपट्टी पर गन लेकर खड़े हुए.

और उस से भी बड़ा झटका सबको तब लगा जब पीछे की झाड़ियों से राहुल के साथ वाले निकल कर एक एक आदमियों को घेर लिए और उन्हें दबोच लिया. सब कुछ इतनी जल्दी हुआ की कुछ पता hi नहीं चला. एकदम से पूरी पारी hi पलट दी जैसे राहुल ने.

अंदर बैठी ख़ुशी इतना खुश हो रही थी की उसकी आँखों से आसुओ की धराये बहने लगी.

इमरान : साले... मुझे पहले hi समझ जाना चाहिए था की तू कुछ न कुछ ज़रूर हरकत करेगा... पर मुझे नहीं पता था की तू ऐसा कुछ करेगा.

राहुल : कभी भी किसी को हलके में नहीं लेना चाहिए. सुनो तुम सब, अपने हथियार फेक दो, वर्ण तुम्हारा बॉस गया.

अपने लीडर को चंगुल में देख सभी गुंडे अपनी गन्स नीचे फेक देते है. राहुल इमरान के जेब से के निकाल कर उर्वशी की और फेक देता है तोह उर्वशी कार को अनलॉक करके ख़ुशी को बाहर निकलती है और उसकी रस्सियों से उससे आज़ाद करती है.

उतारते hi ख़ुशी की नज़र राहुल पे जाती है और राहुल की ख़ुशी पर. बदले में राहुल केवल स्माइल कर देता है और ख़ुशी भी रट हुए स्माइल कर देती है. पर इन् दोनों के हसीं लम्हे का गलत फायदा इमरान उठा लेता है, जहा राहुल का ध्यान ख़ुशी पर था, इमरान ने फौरन अपनी एक कोहनी से राहुल के पेट पर वार किया और फिर पलट कर उसके गाल पर एक पंच दिया जिस से राहुल के हाथ से गन छूट कर पीछे दूर जा गिरी.

Khushi(chillate हुए) : रहललललल....

इमरान की पलटी हुई बाज़ी देख उसके गुंडे भी मचलने लगते है पर इमरान को तोह जैसे कोई फ़र्क़ hi नहीं पद रहा था.

इमरान : ये बात तोह मान नई पड़ेगी की तुझमे दम तोह है. वह नीचे क्या पड़ा है? न तेरे पास गन है, न मेरे पास. दम है तोह मर्द की तरह लड़. खड़े हो...

इमरान एक फाइट फ्रिक था. मतलब एक ऐसा बाँदा जिससे लड़ाइयों से अलग hi तरह का लगाव था. वो लड़ता और उससे आनंद मिलता. यही कारण था की वो ऐसे काम करता था. लड़ाई जैसे उसका जीवन था. आज राहुल ने उससे फसा के कुछ ज़्यादा hi उकसा दिया था और अब तोह जैसे इमरान लड़ाई के बिना मान ने वाला hi नहीं था. उससे कोई मतलब नहीं था की ख़ुशी को चंगुल से चुर्रा लिया गया है, और उसके खुद के गुंडे भी घिरे हुए है. उसकी आँखों के सामने तोह बस जैसे राहुल hi था.

इमरान लड़ाई की तालाब में अपनी शर्ट उतार दिया. उसकी शकल और बॉडी कुछ नील नितिन मुकेश की तरह थी. वही दूसरी तरफ राहुल बस उससे देख रहा था और उसने उठते हुए अपने होंठ से निकला खून साफ़ किया. इमरान का पंच वाक़ई बोहत तेज़्ज़ था.





राहुल ने उठते हुए उससे आने का इशारे किया जैसे उससे बुला रहा हो, ये इमरान को और उकसा दिया और वो चिल्लाते हुए राहुल की तरफ आगे बढ़ा और एक पंच ज़ोरदार उसकी मुँह की और फेका, जो राहुल ने डॉज कर लिया.

पर राहुल के डॉज करते hi इमरान ने फौरन अपनी लात उठा के सीधे राहुल के पेट पर फोकस कर दी. राहुल भी इस हमले से सुरप्रीसेड था, उसने फौरन अपने हाथ बीच में लाके उसकी लात को ब्लॉक किया और पीछे हट गया.

चारो तरफ ऐसा माहौल था जैसे मानो किसी मूवी की शूटिंग चल रही हो. बाकी सभी सिर्फ बिना कुछ बोले सामने हो रही लड़ाई को देख रहे थे. सभी इतने तेनसेद थे और सभी के मैं में चिंता थी की आखिर इस फाइट का परिणाम क्या होएगा?

राहुल (मैं में) : ये तेज़्ज़ है. काफी तेज़्ज़. मुझे सीरियसली लेना पड़ेगा इससे. चलो फिर...

एकदम से पता नहीं राहुल को क्या हुआ उसने अपनी आखें बंद करि, एक गहरी सास ली, उसके बाद उसने फिर अपनी शर्ट उतार दी. अब भला राहुल की बॉडी देख के कोई उसकी प्रशंसा न करे, ऐसा कही हो सकता है?





उर्वशी, रूपा, तारा और ख़ुशी की आँखें hi फटी की फटी रह गयी राहुल की बॉडी देख के.

राहुल न ज़्यादा फुला हुआ था न ज़्यादा पतला. उसका शरीर एकदम श्रेडेड था, हर्र जगह परफेक्ट मॉस और परफेक्ट कट्स. ये सालो की म्हणत का नतीजा था आखिर. यही थोड़ी न बन्न जाती है बॉडी. म्हणत लगती है.

ख़ुशी के मैं में न जाने क्या चल रहा था जो वो सामने के नज़ारे देख के लाल टमाटर हुए जा रही थी. उर्वशी और रूपा का भी कुछ ऐसा hi हाल था.

इस बार राहुल ने अटैक किया पहले और वो जैसे बिलकुल hi अलग मोड में था. ऐसा लग रहा था की उससे फाइटिंग मोड पे दाल कर उसकी पावर 50% कर दी हो. जी हां! राहुल इस से भी आक्रामक है. ऐसा इसलिए क्युकी जब वो पूरी 100% पावर पे होता है तोह वो सिर्फ जानलेवा और चोट पहुचाने वाले हमले hi करता है. पर फिलहाल राहुल के जीवन में ऐसी स्थिति अभी तक नहीं आयी थी जहा उससे पूरा 100% देना पड़ा हो

इमरान भी अपने हाथ परर पूरी ताक़त से चलाने लगा पर कोई असर नहीं, उसके सारे मूव्स या तोह ब्लॉक हो जाते या तोह डॉज कर लिए जाते. राहुल के हर्र वार को वो अपने हाथो से रोक रहा था पर अब उसका हाथ जैसे दुखने लगा था, और बोहत दर्द कर रहा था. अंत में बोहत से हमले इमरान ब्लॉक नहीं कर पाया और नतीजा उसका सूजा हुआ मुँह और गाल सब बया कर रहे थे. काफी देरर पीटने के बाद जब इमरान पूरी तरीके से एग्जॉस्ट हो गया तोह वो थक के गिर पड़ा और बेहोश हो गया.

उसके बेहोश होते hi राहुल ने अपनी शर्ट उठायी पर इस से पहले की वो पहन पाटा ख़ुशी दौड़ के आयी और उसकी बाहो में घुस गयी. ख़ुशी को इस वक़्त इस से कोई मतलब नहीं था की राहुल पसीने में भीगा हुआ है, वो तोह बस राहुल को जितना कस के हो सकता था उतना कस के जकड़ी हुई थी और रोये जा रही थी.

राहुल (स्माइल्स) : मिशन ैकप्लिशद! अब हम चले?

ख़ुशी (रट हुए) : हम्म्म... थैंक यू एंड सॉरी...

रजनीश (मैं में) : मास्टर वाक़ई सही थे.

राहुल अपनी शर्ट पहन बाकियो से बात करने के लिए आगे बढ़ता है.

राहुल : अंकल रजनीश! हमे इन् सभी को कस्टडी में रखना पड़ेगा. इमरान hi हमे मास्टर के असली दुश्मन के बारे में बता सकता है.

रजनीश : आप टेंशन मत लो मिस्टर राहुल. यहाँ से पूरा काम में देख लूंगा. अब आप और मिस रेस्ट करिये... में फ़ोन करके मास्टर को भी सब कुछ बता देता हु.

राहुल ने एक गाडी में उर्वशी रूपा तारा और ख़ुशी को बैठाया और वापस से कॉलेज की और चल दिया. क्युकी कॉलेज में अभी भी प्रीती, और बाकी सभी उसका वही वेट कर रही थी.

कॉलेज की एंट्रेंस पर hi प्रीती और बाकी सभी कड़ी हुई थी, कार देख के वो सभी दौड़ के उसके पास आयी और जैसे hi प्रीती ने ख़ुशी को कार से निकलते देखा बेचारी रो पड़ी.

ख़ुशी भी रोटी हुई अपने हाथ फैलाये जैसे प्रीती को आमंत्रण दे रही थी, प्रीती दौड़ के ख़ुशी के गले लग गयी.

प्रीती (रट हुए) : यदि तुझे कुछ हो जाता न तोह में तुझे कभी भी माफ़ नहीं करती.

ख़ुशी रट रट प्रीती की बात पर हस्ती है और उससे और कस के बाहो में ले लेती है.

राहुल (स्माइल्स) : कहा था न? शाम तक ख़ुशी सही सलामत तुम्हारे सामने होगी...

राहुल की बात सुनकर प्रीती पलट के उससे देखती है, और फिर अचानक दौड़ के उसकी बाहो में चली जाती है.

प्रीती (रट हुए) : थैंक यू... थैंक यू सो मच राहुल. में तुम्हारा ये एहसान ज़िन्दगी भर नहीं bhulungi...thank यू फॉर सेविंग हेर.

राहुल (स्माइल्स) : इसमें एहसान की कोई बात hi नहीं. ये तोह छोटा सा काम था...

प्रीती अपना सर उठा के राहुल के चेहरे को निहारती है, तोह नोटिस करती है की उसके होंठ के साइड से खून का दाग लगा हुआ है. ये देखते hi उसकी आँखों में फिरसे ासु आ जाते है की राहुल कितनी hi आसानी से सब कुछ छिपा रहा था, और कह रहा था की ये छोटा सा काम था. न जाने किसी सिचुएशन रही होगी वह पर. पर राहुल जैसे प्रीती को टेंशन में नहीं डालना चाह रहा था. ये बात प्रीती भली भाति भांप गयी.

उसने जाने अजनाने में hi राहुल के गाल को वह खड़े सभी के सामने चूम लिया. ये देख के उर्वशी समेत ख़ुशी सभी दांग रह गयी. ख़ुशी के मैं में कुछ कुछ चल रहा था जब उसने प्रीती को राहुल को किश करते हुए देखा.





उर्वशी : में कुछ पूछना चाहती हु.

राहुल : हम्म???

उर्वशी : तुम्हे पता कैसे चला की ख़ुशी पार्क में है?

राहुल : ओह्ह्ह!!!

प्रीती : हां राहुल ! तुम्हे कैसे पता चला.

राहुल : वेल!! थैंक्स तो माय एअरफोन्स.

उर्वशी : मतलब?

राहुल : मेने एअरफोन्स पर बात की थी, बात करते टाइम कुछ आवाज़ें आयी थी वह से जिसने पूरी लोकेशन को मेरे सामने कर दिया.

उर्वशी : किसी आवाज़ें...!?

राहुल : वो कुछ ऐसी थी... "यात्री गैन कृपया ध्यान दे. मुंबई सेंट्रल स्टेशन से चलने वाली क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स ट्रैन कुछ hi देरर में रवाना होने वाली है"

उर्वशी (शॉकेड) : ये toh...ye तोह... स्टेशन की आवाज़ थी.

राहुल (स्माइल्स) : हम्म!! और दूसरी आवाज़ थी उस झूले की...

उर्वशी : झूले की??

राहुल : हां! झूला झूलते टाइम जो आवाज़ आती है... मुंबई आते टाइम में उस पार्क में घूमने गया था. अंकल रजनीश को पता है ये बात. मुझे इतना तोह पता था की वो इमरान सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास है. और उस झूले की आवाज़ ने सब कुछ क्लियर कर दिया. पर हां... वो मेरी गेस्सिंग थी. यदि गलत निकलती तोह बोहत बुरा हो सकता था...

कहते हुए राहुल ख़ुशी और प्रीती को लेके कॉलेज से लेके चला जाता है और इधर उर्वशी आँखें फाड़े उसको जाते हुए उसकी पीठ को देखती रहती है...

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

अगले अपडेट से अलग अर्च शुरू होगा और यहाँ पे थोड़ा टाइम स्किप दिखाया जाएगा. उसके बाद वाले अर्च में तानिया से मिलान होगा.

धन्यवाद्!!
 
अपडेट 74



अब तक...

राहुल : हां! झूला झूलते टाइम जो आवाज़ आती है... मुंबई आते टाइम में उस पार्क में घूमने गया था. अंकल रजनीश को पता है ये बात. मुझे इतना तोह पता था की वो इमरान सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास है. और उस झूले की आवाज़ ने सब कुछ क्लियर कर दिया. पर हां... वो मेरी गेस्सिंग थी. यदि गलत निकलती तोह बोहत बुरा हो सकता था...

कहते हुए राहुल ख़ुशी और प्रीती को लेके कॉलेज से लेके चला जाता है और इधर उर्वशी आँखें फाड़े उसको जाते हुए उसकी पीठ को देखती रहती है...

अब आगे...

अगली सुबह राहुल थोड़ा देरर से उठा, अभी सुबह के 8 बज रहे थे, उसने सबसे पहले फ्रेश उप होने के बाद एक्सरसाइज की और फिर ब्रेकफास्ट के लिए चल दिया पर यहाँ तोह किचन में आके उससे ब्रेकफास्ट तोह दिखा hi नहीं. जब राहुल ने रजनीश अंकल के रूम में जाके देखा तोह पता चला उनका रूम अंदर से लॉक है और वो शायद अभी भी सो रहे है.

राहुल (मैं में) : आज रजनीश अंकल उठे hi नहीं? कमाल है!! माना की आज संडे है पर इसमें इतनी देरर तक सोना?? अरे... कही ऐसा तोह नहीं की कल रजनीश अंकल सारा काम निपटा का लेट आए हो और अभी उनकी नींद पूरी नहीं हुई होगी... हां! ये दोनों ख़ुशी और प्रीती भी सो रही है! चलो फिर! आज ब्रेकफास्ट सबके लिए में hi बना देता हु. माँ ने मुझे कुछ अच्छी डिशेस बनाना सिखाया hi है... आज उनमे से hi कुछ बना देता हु.

राहुल इधर ब्रेकफास्ट बनाने की तैयारी में लग गया, उधर ऊपर ख़ुशी और प्रीती एक दूसरे के अगल बगल लेती हुई सो रही थी. ख़ुशी की नींद पहले खुली और उसने देखा की प्रीती उसके बगल से लेती हुई है, राहुल ने कल प्रीती के सो जाने के बाद ख़ुशी को बताया था की प्रीती उसके लिए कितनी परेशान थी. यही सब सोच ख़ुशी प्रीती को टेंशन फ्री सोता देख मुस्कुरा देती है और उठ के अंगड़ाई लेते हुए बैठ जाती है, तभी उससे कल प्रीती की राहुल को गाल पर किश करने वाली बात याद आ जाती है और फिरसे उसके मैं में कुछ कुछ चलने लगता है.

वो प्रीती को हिला के उठाती है और फ्रेश उप होक नीचे जाने लगती है तोह उससे खाना पकने की बहुत hi अद्भुत सी सुगंध आती है और वो दौड़ते हुए किचन में जाती है तोह पाती है की राहुल कुछ बना रहा है...

ख़ुशी (सुरप्रीसेड) : तुम?? रजनीश अंकल कहा है?

राहुल : वो शायद कल के काम से थके हुए है, इसलिए अभी तक सो रहे है.

ख़ुशी : ओह्ह्ह्ह!

रजनीश का नाम लिया और रजनीश भी हाज़िर हो गया,

रजनीश : माफ़ करना मिस्टर राहुल... कल में रात में लेट आया इसलिए लेट उठा, आपको ये सब करने की कोई ज़रुरत नहीं है. लाइए में कर देता हु.

राहुल : अरे नहीं नहीं! रजनीश अंकल! आज आप बैठिये, आज में खाना परोसूँगा आपको.

रजनीश : अरे नहीं! पर...

राहुल : क्या हुआ? अब ये मत कहना की ख़ुशी ने आपको पहले कभी पारस के नहीं खिलाया...

*साइलेंस*

ख़ुशी उदास सा मुँह बना के सर झुका लेती है, बात सही थी राहुल की. आज तक रजनीश hi सब कुछ बना के खिलाता था और ख़ुशी ने आज तक रजनीश के लिए कुछ नहीं किया था.

ख़ुशी धीरे धीरे चल के रजनीश के सामने आती है और उसके लिए एक प्लेट रख देती है,

ख़ुशी (धीमी सी आवाज़ में) : आप बैठिये अंकल, में आप को सर्वे कर दूंगी.

रजनीश : पर मिस...

ख़ुशी : प्लीज!!!

रजनीश (मैं में) : मिस के बेहेवियर में कितना चेंज आ गया है. ये सब मिस्टर राहुल की वजह से... यदि इन् दोनों की शादी हुई तोह वाक़ई दोनों बोहत अच्छे कपल बनेंगे. मिस्टर राहुल मिस को बोहत अच्छे से संभाल सकते है...

रजनीश भी बिना बोले बैठ जाता है तभी ऊपर से प्रीती कूदती फांदती आती है और ख़ुशी के गले लग जाती है उसके बाद राहुल को भी पीछे से जकड लेती है. ये देख के तोह ख़ुशी की आँखें hi चौड़ी हो जाती है.

जब प्रीती को ध्यान आता है की उसने क्या किया तोह वो बिना कुछ बोले सर झुका के डाइनिंग टेबल पर बैठ जाती है. इधर बेचारी ख़ुशी अपने आप को दोष दे रही थी की उसने hi शुरू में राहुल से अच्छे से बात नहीं की और अब प्रीती और राहुल का रिश्ता कितना स्मूथली जा रहा था दोनों आपस में हुग कर लिए बिना कोई रोक टोक के. पर क्या वो ऐसा कर सकती है? उसके पिछले बर्ताव को ध्यान में रखते हुए तोह बिलकुल भी नहीं और इसी बात को लेकर अब वो रिग्रेट कर रही थी.

ब्रेकफास्ट खा के तोह जैसे सबका मैं hi प्रफ्फुल्लित हो गया. निशा की डिशेस ने जैसे जादू hi कर दिया. आज राहुल को अपनी माँ पे बड़ा गर्व हो रहा था. प्रीती खाने के बाद वापस से अपने रूम में चली गयी. रजनीश उठ कर जब प्लेट्स धोने लगा तोह राहुल ने उससे भी भेज दिया और वो साड़ी प्लेट्स धोने लगा. ख़ुशी भी उठ के आयी और उसकी मदद करने लगी.

तिरछी नज़रो से वो राहुल को देखती, और फिर शर्मा के सर झुका लेती. उससे समझ नहीं आ रहा था की वो कैसे एप्रोच करे राहुल को. कैसे बात करे उस से? कल जब वो साड़ी उम्मीद चोरर चुकी थी तब अकेला एक राहुल hi आया था उसके लिए वह पर और उसकी ये एंट्री जैसे हमेशा के लिए ख़ुशी के दिल के अंदर के छाप चोरर गयी.

राहुल : तोह? आज केसा लगा?

राहुल के कहने पर जैसे ख़ुशी होश में आयी और एकदम से पूछे गए सवाल से हड़बड़ा गयी,

ख़ुशी : हां? Wo...wo में...

राहुल : रिलैक्स!! मेने पूछा की आज केसा लगा सबको अपने हाथो से सर्वे करके?

ख़ुशी (धीमी सी आवाज़ में) : अच्छा लगा...

राहुल उसकी ये हरकत देख मैं hi मैं मुस्कुराता है और फिर अनजाने में hi उसके सर के ऊपर हाथ रखकर कहता है,

"कभी कभी दुसरो के साथ भी घुला मिला करो. आज की तरह उन्हें भी कभी कभी सर्वे किया करो. उन्हें भी अच्छा लगेगा और तुम्हे भी. वो उम्र में हमसे बोहत बड़े है, तोह हमारा भी फ़र्ज़ बनता है की हम उनकी हर्र रोज़ की म्हणत के बदले कुछ करे उनके लिए."

उसकी ये बात सुनते hi जैसे ख़ुशी खो सी गयी राहुल के चेहरे में. बेचारी को न माँ का प्यार मिला, और बाप का प्यार भी नहीं मिल पाया सही से क्युकी मास्टर तोह ग्वालियर में hi स्थित हो गए पर बेचारी ख़ुशी अकेले hi सब कुछ करती आ रही थी. कोई भाई बहिन नहीं, केवल प्रीती hi थी उसके साथ जो उसके साथ हर दम रहती. आज उससे लगा जैसे उसके पास बोहत कुछ नहीं था. पर जब राहुल उसके लिए उससे बचाने आया तोह उसके दिल ने जैसे कहा की कोई तोह है जो उसके लिए खड़ा हुआ उससे बचाने.

सब्र का बाँध टूटा और ख़ुशी रो पड़ी. अपने सर पर राहुल का हाथ महसूस करके अभी उससे इतना आनंद आ रहा था की वो ये पल थमने नहीं देना चाहती थी. अब उस से जैसे रहा hi नहीं गया और उसने अपने दोनों हाथ फैलाये और ज़ोर से राहुल की छाती में घुस गयी.

उसकी पकड़ देख के तोह राहुल भी एक पल के लिए हैरान हो गया, इतनी तिघ्टलय ख़ुशी ने उसकी शर्ट जकड़ी हुई थी. न जाने कब से वेट कर रही थी इस पल का.

ख़ुशी (रट हुए) : I'm सुर्रिययययय.... I'm सोर्रीयययययय.... ी.. am...soryyyyy...

राहुल : और वो किस लिए?

ख़ुशी : तुम्हे बुरा भला कहने के लिए... स्टार्टिंग में मेने tumhe...kitna...kitna बुरा कहा, उसके लिए... सररररययययय...

राहुल ने बड़े hi प्यार से उसके सर पर हाथ फेरा और उससे चुप कराया और अपने सीने से लगाए रखा.

कुछ देरर बाद hi ख़ुशी खिलखिला के हस्सन लगी, तोह राहुल ने उसका कारण पूछा,

ख़ुशी : में आज बोहत खुश हु... बोहत खुश..

क्या हम शाम को शॉपिंग पर चले? प्लीहाससीई!???

राहुल : ुहममम... ठीक है.

ख़ुशी : थैंक यू!!!

वो कहते हुए ऊपर चली गयी. सुबह गयी, दिन हुआ और दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दे दी...

राहुल उठ के दूर खोलने के लिए गया तोह दूर खोलते hi उसपे कोई झपट पड़ा. लम्बे काले बाल, जानी पहचानी सी खुशबू, ये एहसास, नरम स्तनों का अनुभव.

"तुम ठीक हो?? इडियट कही ke...mujhe लगा तुम्हे ज़्यादा चोट आती है? कोई काम ढंग से नहीं होता तुमसे, मुझे यहाँ तक आना पड़ा..."

राहुल ने देखा तोह पाया ये कोई और नहीं मोनिका hi थी.

राहुल (सुरप्रीसेड) : आप यहाँ?

मोनिका : हां! में यहाँ! कल रजनीश अंकल ने सब बताया. बताया की तुम्हे भी चोट आयी है थोड़ी और मुझे तोह कुछ दिन बाद आना था पर ये जान ने के बाद में खुद को रोक नहीं पायी. और फ्लाइट लेके यहाँ आ गयी.

राहुल : ओह्ह! अंदर आइये पहले.

*कुछ देरर बाद*

मोनिका : मास्टर को तुमपर बड़ा गर्व है. वो बेहद खुश है और रजनीश अंकल ने उस इमरान से सब कुछ उगलवा लिया है. मास्टर के दुश्मन का पता लग गया है. अब तुम्हे और कुछ करने की ज़रुरत नहीं है, तुम चाहे तोह ये सब यही चोरर कर अपने करियर पर ध्यान दे सकते हो. आगे का मास्टर सब संभाल लेंगे.

राहुल : व्हाट??? मतलब? में फ्री हु??

मोनिका (स्माइल्स) : हां!!

इस से पहले की राहुल कुछ जवाब दे पाटा, पीछे से आयी ख़ुशी ने सब सुन्न लिया था.

ख़ुशी : मोनिका दीदी आप??

मोनिका : hello ख़ुशी!! किसी हो?

ख़ुशी : में अच्छी हु दीदी. पर ये में क्या सुन्न रही हु... Rahul...rahul जा रहा है?

मोनिका : हां! उसका काम अब यहाँ ख़तम है. बाकी का तुम्हारे पापा डील कर लेंगे. तोह अब राहुल का कोई काम नहीं है.

ये सुनते hi ख़ुशी दौड़ के राहुल का हाथ जोरर से अपने हाथ में ले लेती है,

ख़ुशी : नाहीईई... डैड ने 3 महीने का कहा था न? तोह फिर अभी 3 हफ्ते में hi राहुल कैसे जा सकता है? में... में कही नहीं जाने दूंगी.

मोनिका थोड़ी सुरप्रीसेड थी. ख़ुशी कितनी एंटिमटेली राहुल के हाथ को पकडे हुए थी. राहुल का हाथ ख़ुशी के बूब्स में धस्स रहा था.

ये बात मोनिका नोटिस कर रही थी की कैसे ख़ुशी राहुल के हाथ को पकडे हुए है, न जाने क्यों पर ख़ुशी को राहुल के इतना क्लोज देख उससे कुछ अच्छा सा नहीं लगा. आगे बढ़ कर उसने राहुल का दूसरा हाथ पकड़ा और कहा,

"हां! यदि राहुल ने चाहा तोह वो जा सकता है आखिर उसका भी तोह करियर है न? वो सिर्फ तुम्हारे लिए hi तोह नहीं रह सकता यहाँ ज़िन्दगी भर. है न?"

दोनों की बहस सुन्न राहुल समझ गया था की उससे क्या करना है,

राहुल : okay okay! फाइन!! मेने मास्टर को 3 मोनथस का कहा था, अब में पीछे नहीं हट सकता. सो ी विल बे विथ ख़ुशी फॉर 3 मोनथस.

ख़ुशी : एससससससससस...

मोनिका : अस यू विश!!

*कॉल इनकमिंग*

राहुल (मैं में) : तानिया का कॉल? मेरी छिपकली से बोहत दिनों से बात भी नहीं हुई है

बात कर लेता हु...

राहुल : hello?

तानिया : he....hello?

राहुल : और छिपकली! किसी हो?

तानिया (ब्लश) : me..mein ठीक हु. तुम?

राहुल : में भी भला चंगा हु. पर तुम्हे क्या हुआ? इतने धीरे धीरे क्यों बोल रही हो?

तानिया : nahi...wo... धत्त्त!! चपडगंजु कही का...

राहुल : हाहाहाहाहा!! ये हुई न बात. अब बोलो!

तानिया (स्माइल्स) : हम्म! वो... रूचि दीदी की शादी की डेट फिक्स हो गयी है.

राहुल : व्हाटट? वूवव!! ये तोह बड़ी hi ख़ुशी की बात है!

तानिया : हां! डेट 5 महीने बाद की है. मतलब विंटर की स्टार्टिंग में.

राहुल : okay!! हम ज़रूर आएँगे!

तानिया : हम्म्म! माँ ने बुआ को बता दिया है, मेने सोचा तुम्हे में खुद hi बता दू.

राहुल : थैंक्स! तोह अब हम तभी मिलेंगे.

तानिया (ब्लश) : हम्म्म! में तुम्हारा वेट करुँगी.

राहुल : ओह्ह होओओओ... छिपकली तू कबसे इतने मीठे बोल बोलने लगी? हहै..!

तानिया (ब्लश) : उस दिन पार्क के बाद से hi!!

राहुल : ???

तानिया : तुम्हे पता है न? राहुल?? तुम्हे याद है न? मेने क्या कहा था तुमसे? भूले तोह नहीं हो न?

राहुल : मुझे याद है!

तानिया (स्माइल्स) : I'll वेट फॉर यू!! Bye!!

राहुल : bye!!

*कॉल एंड्स*

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आज के लिए इतना hi गाइस!

ी क्नोव ये अपडेट थोड़ा छोटा है बूत इसका एक रीज़न है. ये नए अर्च के लिए एक सपोर्टिंग अपडेट की तरह है. मतलब की नेक्स्ट अपडेट से असली अर्च शुरू है जिसमे मसाला और रोमांस है और कहानी अब असली सत्य के बोहत hi करीब है. इसलिए इसमें आपको ज़्यादा कुछ देखने को नहीं मिला. और ये शार्ट इसलिए रखा है क्युकी परसो यानी वेडनेसडे को hi नेक्स्ट अपडेट आ जाएगा.

तोह बार बार कहना मत की भाई छोटा अपडेट चिपका दिए ಡ ͜ ʖ ಡ
 
अपडेट - 75



अब तक...

तानिया : तुम्हे पता है न? राहुल?? तुम्हे याद है न? मेने क्या कहा था तुमसे? भूले तोह नहीं हो न?

राहुल : मुझे याद है!

तानिया (स्माइल्स) : I'll वेट फॉर यू!! Bye!!

राहुल : bye!!

*कॉल एंड्स*

अब आगे...

शाम हुई और वाडे के अनुसार राहुल को ख़ुशी को शॉपिंग पे लेकर जाना था. तोह ये डीडे हुआ की साथ hi साथ प्रीती और मोनिका भी जाएंगी, राहुल ने कार निकाली बगल में मोनिका बैठी और ख़ुशी और प्रीती पीछे की सीट पर विराजमान हो गयी.

कुछ hi देरर में ये सभी मॉल के सामने थे, ख़ुशी बेहद hi खुश थी, आज बड़े दिनों बाद वो किसी अपने के साथ यु शॉपिंग करने आ रही थी और ये सब कुछ पॉसिबल हुआ राहुल की वजह से.

आगे आगे उछलते हुए वो साड़ी चीज़ो का जायज़ा ले रही थी, उसका साथ निभाने के लिए प्रीती भी उसके साथ hi थी. राहुल और मोनिका धीरे धीरे पीछे hi चल रहे थे.

ख़ुशी : हम अपने लिए कुछ ड्रेसेस देखने जा रहे है, मोनिका दीदी चलिए न आप भी

मोनिका : नहीं ख़ुशी! मुझे फिलहाल कोई ड्रेस नहीं लेनी...

ख़ुशी : वेल okay!!

कहते हुए ख़ुशी और प्रीती चली गयी, लेडीज वियर सेक्शन में और यहाँ बाहर एक बेंच पर राहुल और मोनिका अगल बगल बैठ जाते है.

राहुल : तोह? उस इमरान का क्या हुआ?

मोनिका : होना क्या था? उसने साड़ी डिटेल्स दे दी बाद में. पता चला तोह पाया की मास्टर का पुराना दुश्मन जो चीन की मॉल की प्रॉपर्टी पे पहले से hi हाथ धो के पीछे पड़ा था, उसी ने ये सब करवाया है.

राहुल : ओह्ह? तोह अब उसका क्या?

मोनिका : don't वोर्री! फिलहाल अभी वो कुछ नहीं करेगा. मास्टर ने उस से डील करने के लिए प्लान सोच लिया है. वो देख लेंगे सब.

राहुल : हम्म!!

मोनिका : वैसे...

राहुल : ????

मोनिका : में देख रही हु तुम्हारी और ख़ुशी की काफी बन्न रही है एक दूसरे के साथ

राहुल (स्माइल्स) : हां! जबसे मेने उससे बचाया है तबसे उसका रवैया मेरे प्रति बदल गया है.

मोनिका : मुझे तोह कुछ और hi लग रहा है...

मोनिका ने थोड़ा राहुल की तरफ झुकते हुए कहा

राहुल : क्या मतलब?

मोनिका (स्माइल्स) : कुछ नहीं...

राहुल : बताइये तोह सही...

मोनिका राहुल की हथेली के ऊपर अपना हाथ रखती है,

मोनिका : देखो राहुल! ख़ुशी वाक़ई एक बोहत hi प्यारी लड़की है. उससे बचपन से hi माँ बाप का प्यार नहीं मिला और ना hi किसी भाई बहिन का. मुझे तोह फिर भी माँ बाप का थोड़ा बोहत प्यार मिला जब तक मेरे माँ बाप की मृत्यु नहीं हो गयी. पर ख़ुशी की माँ तोह उससे जन्म देने के बाद hi चल बसी. और मास्टर ने भी शुरू से hi ख़ुशी को साथ नहीं रखा. ऐसे में यदि उससे कोई ऐसा मिलता है जो उससे प्यार दे सके तोह ये बोहत hi अच्छी बात है.

राहुल : तोह?

मोनिका : par...par... पता नहीं क्यों... मुझे लगता है की... डर सा लगता है...

राहुल : केसा डर??

मोनिका : ki...kahi...mein तुम्हे खो न दू

राहुल : ः! में थोड़ी न कही जा रहा हु, में तोह यही हु

मोनिका (तेनसेद) : वैसे नहीं...

राहुल : तोह??

मोनिका : मुझे एक बात बताओ... ख़ुशी तुम्हे किसी लगती है?

राहुल : किसी लगती है मतलब? अच्छी लड़की है! प्यारी है... और क्या?

मोनिका : अरे... मतलब... तुम्हे अस ा गफ किसी लगती है?

राहुल : व्हाटट??? देखिये मोनिका दीदी... ख़ुशी यदि में उसको अस ा लड़की डिफाइन करू तोह इतना कहूंगा की वो एक बोहत hi प्यारी लड़की है.

मोनिका : और यदि अस ा लव इंटरेस्ट डिफाइन करना चाहो तोह?

राहुल : मेने उससे कभी अस ा लव इंटरेस्ट नहीं देखा. मेरा काम है उससे प्रोटेक्ट करना, जो में कर रहा हु.

मोनिका : हम्म!

मोनिका (मैं में) : असली इंटेंशन्स मास्टर के में अब समझ पायी हु. वो चाहते है की तुम्हारी और ख़ुशी की शादी हो जाए. पर... न जाने क्यों... मेरा मैं घबराता है इस विचार पर hi...

राहुल बैठा हुआ बगल में मोनिका को देख रहा था की वो कैसे सोच विचार में पड़ी हुई है, उसने देखा की मोनिका अस उसुअल शर्ट और जीन्स में hi थी और हर्र बार की तरह कमाल लग रही थी. ये बात तोह सच थी की मोनिका की सुंदरता का कोई कपरिसों hi नहीं था. अंशु hi उससे टक्कर दे पाती बस. पर मोनिका की आगे भी राहुल से ज़्यादा थी इसलिए वो अभी अपने खूबसूरती के दौर में थी.

राहुल उठ के आगे बढ़ा जहा लेडीज वियर के लिए ढेर्रो ड्रेसेस लगी हुई थी. उसने एक ओने पीेछे ब्लैक ड्रेस उठायी और फिर एक शामे ओने पीेछे वाइट ड्रेस उठायी और उनको लेके मोनिका को आवाज़ लगायी, आवाज़ सुनके मोनिका उसके पास आयी...

मोनिका : क्या हुआ?

राहुल : ये तरय करिये न आप?

मोनिका (सुरप्रीसेड) : में??

राहुल : हां! करिये न! ये दोनों...

मोनिका : पर...

राहुल : आप मेरे लिए नहीं पहनोगी?

मोनिका (स्माइल्स) : तुम्हारे लिए तोह कुछ भी...

राहुल : अरे वाह!! में क्या इतना महत्व रखता हु आपके लिए? ः!!

उसके इतना कहते hi मोनिका उसका हाथ कस के पकड़ लेती है और आँखों में आँखें दाल सीरियस टोन में कहती है,

मोनिका : ऐसा भद्दा सवाल दुबारा मत पूछना राहुल कभी...

राहुल : हँ??

मोनिका : तुम मेरे लिए क्या महत्व रखते हो... ये सिर्फ में hi जानती हु. तुम मेरे लिए मेरा..

राहुल : ???

मोनिका : तुम मेरे लिए बोहत महत्वपूर्ण हो. अब चलो...

मोनिका दोनों ड्रेसेस लेकर पास में hi बने चेंजिंग रूम में चली गयी, कुछ hi देरर बाद अंदर से उसकी आवाज़ आयी जो राहुल को पुकार रही थी.

राहुल जब चेंजिंग रूम के पास पहुचा तोह मोनिका ने उससे अंदर आने के लिए कहा. पहले तोह राहुल झिजका पर मोनिका के फाॅर्स करने पर उससे अंदर जाना hi पड़ा. इस वक़्त दोनों एक hi चेंजिंग रूम के अंदर थे. मोनिका के कंधे पूरे नग्न थे और उसने अपने हाथो से अपने स्तनों के ऊपर ब्लैक ड्रेस को पकड़ के रखा हुआ था. ये नज़ारा देख मानो राहुल के होश hi उड़द गए.

राहुल : k..kya हुआ?

मोनिका (ब्लश) : peeche...peeche एक हुक है. उससे लगा दो... तभी में इससे पहन पाऊँगी.

राहुल (ब्लश) : o...ok!

राहुल ने धीरे धीरे हुक को पकड़ा, इस वक़्त उससे भी बोहत शर्म आ रही थी. मोनिका के इतना करीब वो पहली बार आ रहा था. इस से पहले मोनिका ने राहुल को गालो पर कई बार किश दिया था पर यु इतना करीब राहुल उसके कभी नहीं आया था. मोनिका की गोरी मखमली पीठ का एहसास hi पागल कर रहा था राहुल को.

उसकी सुंदरता का असली एहसास तोह राहुल को अभी हुआ hi नहीं था. और वो एहसास तोह उसी लकी इंसान को मिलने वाला था जो मोनिका का प्रेमी बनेगा. ये सोचके न जाने क्यों राहुल को भी कुछ अच्छा नहीं लगा.

उसने धीरे से हुक को लगाया, हुक लगाते वक़्त उसकी उंगलिया मोनिका की मखमली पीठ से कई बार टकराई, कई बार रगड़ खायी, और हर्र एक संपर्क होते hi मोनिका की आँखें बंद हो जाती, उसकी सासें तेज़्ज़ चल रही थी. दोनों के hi गाल शर्म से गुलाबी हो चले थे.

हुक के लगते hi, राहुल ने मोनिका को जताया की हुक लग चूका है, बदले में मोनिका ने दोनों क्लासेस को उसके कंधो के ऊपर चढाने को कहा तोह अंदर hi अंदर राहुल खुश हो गया. राहुल ने साइड में देखा तोह मोनिका की ब्रा पड़ी हुई थी जिससे देख राहुल के लुंड महाराज जाग उठे. मतलब अभी मोनिका ब्रा नहीं पहनी हुई थी. वाक़ई! ड्रेस भी कुछ ऐसी hi थी, की उसमे ब्रा पहन ने पर उसका स्ट्राप कंधो से झलकता. क्युकी ड्रेस में जो कंधो के लास थे वो काफी पतले थे. तोह ब्रा पहन ने का तोह सवाल hi नहीं उठता. राहुल ने धीरे धीरे लास को ऊपर खींचा तोह उसने पीछे से देखा की हर्र बार लास को एडजस्ट करते hi मोनिका के दूध भी हिलते.

जितना जोरर से राहुल लास को खींचता उतनी जोरर से मोनिका के स्तन ऊपर को उठ जाते. राहुल ने फुर्ती में दोनों क्लासेस मोनिका के नग्न कंधो पर जैसे तैसे सेट किये. पर बेचारा राहुल ये भूल गया की सामने मिरर लगा हुआ है. उसकी नज़रे पूरे वक़्त कहा थी ये मोनिका भली भाति देख पा रही थी. पर इस वक़्त मोनिका ना hi गुस्सा थी, न hi उससे राहुल की हरकत से कोई घिन आयी वो इस वक़्त खुश हो रही थी. वो ये जान गयी थी की राहुल उससे अस ा गर्ल भी देखता है

जब मोनिका ने पलट के ड्रेस दिखाई तोह राहुल की आँखें hi चौड़ी हो गयी.





राहुल : ब्यूटीफुल...

मोनिका (ब्लश) : थैंक्स!! अब वाइट वाली तरय कर लू?

राहुल : हां! में.. में बाहर वेट करता हु.

राहुल बाहर निकल के आ जाता है, इधर मोनिका जल्दी से ब्लैक ड्रेस को हटा के वाइट वाली फिरसे उसी पोजीशन तक पहनती है और फिरसे राहुल को आवाज़ देकर अंदर बुला लेती है.

राहुल फिरसे अपने आप को कण्ट्रोल करते हुए मोनिका को ड्रेस अच्छे से पहनाता है.

राहुल : ये तोह और भी ख़ूबसूरत लग रही है. आप पे वाइट जचता है.

मोनिका (ब्लश) : यू थिंक सो?

राहुल से और कण्ट्रोल नहीं हुआ और उसके मुँह से निकल hi गया,

राहुल : कसम से... आप जिस को भी एक्सेप्ट करोगी अपने लवर के रूप में वो बोहत hi लकी होगा.

उसकी ये बात सुनते hi मोनिका एक तक राहुल को देखने लगती है. राहुल को लगता है जैसे वो कुछ ज़्यादा hi बोल गया तोह वो चेंजिंग रूम से सॉरी बोल के बाहर आ जाता है. पीछे पीछे मोनिका भी आ जाती है और उससे धीरे से पुकारती है.

राहुल : I'm सॉरी अगेन मोनिका दीदी. में कुछ ज़्यादा hi बोल गया. मुझे ऐसा...

इस से पहले की राहुल आगे बोल पाटा, मोनिका अपनी हथेली उसके होंठो पर रख देती है.

मोनिका : it's okay!





मोनिका राहुल को झुका के उसके दोनों गालो पर एक लम्बी किश करती है और उसके गले लग जाती है.





पर इन्हे एक दूसरे की बाहो में लिपटे पीछे से कोई देख रहा था.





salvage history car

कुछ देरर बाद राहुल को अपनी पीठ पर ऐसा महसूस हुआ जैसे उसकी कोई शर्ट का भाग पकड़ा हुआ है.

पलट के देखा तोह ख़ुशी थी... अपना सर झुकाए एक हाथ से राहुल की शर्ट का छोटा सा भाग पकड़ी हुई थी. ऐसा लग रहा था जैसे एक क्यूट सी बच्ची टॉफ़ी की ज़िद्द करते हुए सर झुकाए कड़ी है.

राहुल : ख़ुशी??

ख़ुशी ने दुसरे हाथ से अपनी पसंद की हुई ड्रेस उठायी और अपने ऊपर लगा के दिखाई, उसकी नज़रे अभी भी नीचे थी. जिस प्रकार से वो ये सब कर रही थी उस से यही प्रतीत हो रहा था की वो राहुल और मोनिका के बीच के पल में आना नहीं चाहती थी पर उसको आना पड़ा क्युकी उस से ज़्यादा देरर देखा नहीं गया.

राहुल को भी थोड़ा अटपटा सा लगा और उसने ख़ुशी पर ध्यान दिया. यहाँ इनकी शॉपिंग तोह चल hi रही थी तब तक आइये हम अपने हीरो के शहर हो आते है वह का हाल भी देख लेते है.

एक घर में एक लड़की किचन में शाम का नाश्ता बनाने की तैयारी कर रही थी. तभी उसके घर पर खत खटाने की आवाज़ आयी...

दरवाज़ा खोलते hi उसने देखा की एक जवान लड़की खड़े हुए है...

"नेहा तुम??" ये हमारी रौशनी ma'am hi थी राहुल की पूर्व अध्यापिका और नेहा की वर्तमान अध्यापिका.

नेहा : h...hello ma'am!

रौशनी : नेहा?? तुम यहाँ?

नेहा : हां ma'am!! रियली सॉरी... यहाँ यु ऐसे में आपके यहाँ...

रौशनी : pehle..andar आओ नेहा.

*कुछ देरर बाद*

रौशनी : तोह यहाँ कैसे आना हुआ नेहा? कोई डाउट था क्या पिछले लेक्चर में? और तुम्हे मेरा घर का एड्रेस कैसे पता चला?

नेहा : ma'am I'm रियली सॉरी. मेरे कोई वैसे इंटेंशन्स नहीं है. दरअसल मुझे आपका एड्रेस कॉलेज से hi पता चला.

रौशनी : okay! बूत कोई इम्पोर्टेन्ट रीज़न?

नेहा : एक्चुअली ma'am! कॉलेज में कभी टाइम hi नहीं मिलता बात के लिए और फ़ोन पे ऐसी बातें करना सही नहीं लगता. में एक्चुअली आपसे मेरे बड़े भाई के बारे में जान न चाहती हु.

रौशनी (सुरप्रीसेड) : राहुल के बारे में? ः! पर मुझसे ज़्यादा अच्छे से तोह तुम जानती होगी उससे नेहा. ये क्या रीज़न हुआ मुझ से बात करने का...

नेहा : No ma'am. एक्चुअली मुझे उसकी कॉलेज लाइफ के बारे में कुछ नहीं पता, इसलिए आप से जान न चाहती हु.

रौशनी : ओह्ह! इतना प्यार है अपने भैया से? ः!!

नेहा : *ावक्वार्ड स्माइल*

रौशनी : वेल!! उसके बारे में बातें करने लायक तोह ढेर्रो किस्से है. सुबह हो जाएगी यदि मेने बोलना स्टार्ट किया तोह ः...

बी थे वे! ी रियली मिस हिम... कहा है आज कल वह?

नेहा : वो... वो मुंबई में है.

रौशनी : ओह्ह हां! उसने कहा था मुझसे की वो खुद से hi कुछ करेगा. जब से संजय सर ने उसकी जॉब हटवाई है तब से hi उसने ये डिसिशन ले लिया था.

नेहा (सुरप्रीसेड) : संजय सर ने जॉब हटवाई मतलब?

रौशनी : अरे तुम्हे नहीं पता? तुम तोह उसकी बहिन हो न?

नेहा : नहीं मुझे कुछ नहीं पता...

रौशनी : हम्म! एक्चुअली अभी कैंपस के टाइम संजय सर ने राहुल की जॉब हटवाई थी, उस लकी के कहने पर. बोहत बहस हो गयी थी, उसके बाद राहुल ने विथ प्रूफ संजय सर का सच सबके सामने लाया और उनको अंदर करवाया.

नेहा (शॉकेड) : लकी???

रौशनी : हां! राहुल की लाइफ के बारे में तोह इतने किस्से है, हर्र एक दिन कुछ न कुछ होता था. अब क्या hi बताऊ तुम्हे... ः! एक दिन तोह में उसके साथ डेट पे भी गयी थी.

नेहा (शॉकेड) : व्हाट??

रौशनी : हां! ये उसी दिन की बात है जब राहुल का मूड ऑफ था, जॉब न लगने की वजह से... तोह मेने hi उसका मूड फ्रेश करने के लिए कैफ़े में चलने को कहा था. वो कैफ़े कपल वाला था और एन्ड में हम दोनों की वो एक डेट टाइप की हो गयी ... इतना शर्मा रहा था तुम्हारा भाई

कहते हुए रौशनी पुरानी बातें याद करते हुए हस्सन लगती है.

इधर नेहा अपनी पुरानी बातें याद करने लगी. जब वो राहुल को बेरोज़गार कहके मज़ाक उड़ाती थी, उसको हर्र पल बेइज़्ज़त करती थी की उसकी नौकरी नहीं लगी. पर असली कारण तोह ये था की उसकी नौकरी उस लकी के कहने पर उस संजय ने लगने hi नहीं दी और यहाँ नेहा खुश होक उसका उपहास उड़ाती थी की उस से कोई काम नहीं होता. अभी नेहा को लकी पे इतना गुस्सा आ रहा था. उस लकी के चक्कर में नेहा ने अपनी बेस्ट फ्रेंड निकिता की भी बात नहीं मानी थी. एयर फिर एन्ड में नेहा को भी भोगना पड़ा.

रौशनी : बी थे वे! मेने नूडल्स बनाए है, तुम खा के hi जाना.

नेहा : अरे नहीं ma'am! इसकी कोई ज़रुरत नहीं है.

रौशनी : अरे ऐसे कैसे? राहुल आता था तोह बिना खाए जाता नहीं था मेरे घर से. और तुम तोह उसकी बहिन हो... यहाँ आती रहा करो. मुझे भी अच्छा लगेगा.

नेहा : ुहम्म... जी! आप यहाँ अकेली रहती हो?

रौशनी : हां! में पहले होस्टलर थी, मेने तुम्हारे hi कॉलेज से ग्रेजुएशन की उसके बाद मुझे वही पे hi अस ा प्रोफेसर की जॉब मिल गयी तोह मेने ज्वाइन कर लिया. उसके एक साल बाद hi मुझे तुम्हारे भाई की क्लास संभालने को मिली और फिर toh...rest इस हिस्ट्री. ः!!

रौशनी नेहा के लिए नूडल्स लेने किचन में जाती है तोह इतने में hi नेहा को फ़ोन आ जाता है.

नेहा : hello?

निकिता : hello... नेहा!!

नेहा : हां बोल निक्की!

निकिता : रात को दी जाने वाली है.

नेहा : क्या? आज? सहित! में अभी आती हु तेरे यहाँ. उनसे मिलने के लिए.

निकिता : हां यार! आ जाना! दी की जोइनिंग है 4 दिन बाद से तोह डैड उनको लेकर बैंगलोर जा रहे है. उनको सेटल करवाने.

नेहा : हां! में आती हु बस अभी.

निकिता : okay!

*कॉल एंड्स*

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

नया अर्च शुरू हो गया है. ये अर्च तानिया की बड़ी बहिन रूचि की शादी पर फोकस्ड रहेगा साथ hi साथ राहुल अपना बिज़नेस भी स्टार्ट कर देगा. इसमें राहुल सभी से दुबारा रूचि की शादी में मिलेगा. क्या रिएक्शन होगा सबका राहुल से मिलने के बाद? क्या होगा शादी के दौरान? ये सब इस अर्च में देखने को मिलेगा.

धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 76



अब तक...

निकिता : रात को दी जाने वाली है.

नेहा : क्या? आज? सहित! में अभी आती हु तेरे यहाँ. उनसे मिलने के लिए.

निकिता : हां यार! आ जाना! दी की जोइनिंग है 4 दिन बाद से तोह डैड उनको लेकर बैंगलोर जा रहे है. उनको सेटल करवाने.

नेहा : हां! में आती हु बस अभी.

निकिता : okay!

*कॉल एंड्स*

अब आगे...

नेहा रौशनी ma'am के घर से जल्दी जल्दी उनके हाथ की बनायीं नूडल्स खा के सीधे निकिता के घर की और प्रस्थान करती है. वह पॅहुचते hi वो देखती है की ऋचा अपने बैग में सामान सेट कर रही है.

नेहा : ऋचा दीदी?

ऋचा : नेहा?? आ गयी तुम?





नेहा आगे बढ़ के ऋचा के गले लगती है और वही सोफे पर बैठ जाती है, निकिता और उसके माँ डैड से बात चीत शुरू हो जाती है,

आरती (ऋचा और निकिता की माँ) : और बीटा? निशा किसी है? ठीक है न?

नेहा : हां आंटी सब बढ़िया...

आरती : चलो अच्छा है. और राहुल किधर है?

निकिता (जोरर से) : माँ...

निकिता के जोरर से कहते hi आरती को ध्यान आता है की नेहा और राहुल की आपस में नहीं बनती और उससे ये सवाल नहीं पूछना चाहिए था नेहा से पर अब क्या? अब तोह मुँह से निकल गया. अब उससे वापस थोड़ी लाया जा सकता है. पर आश्चर्य की बात ये थी की नेहा ने बिना कोई गुस्सा दिखाए नोर्मल्ली hi जवाब दे दिया.

नेहा : वो मुंबई में है आंटी.

नेहा के इस जवाब से सभी हैरान थे, खासकर निकिता. वो तोह आश्चर्य जानिक भाव से नेहा को घूर रही थी. नेहा ने राहुल के बारे में नोर्मल्ली आंसर दिया? ऐसा कैसे?

खर्र! निकलने का समय हुआ, अपनों से गले मिलते हुए ऋचा कैब में विनोद (निकिता और ऋचा के डैड) के साथ बैठ गयी और आरती ने रट रट उससे विदा किया. नेहा भी थोड़ी देरर बैठने के बाद निकिता को उसके रूम में ले गयी.

निकिता : हां बोल अब. क्या बात है? अब तोह कमरे में भी आ गए.

नेहा : में रौशनी ma'am के घर गयी थी.

निकिता : रौशनी ma'am के? वो क्यों?

नेहा : उनसे राहुल की कॉलेज लाइफ के बारे में पूछने...

निकिता (शॉकेड) : वेट!!! दीद यू?? दीद यू जस्ट कॉल्ड हिम 'राहुल'??

नेहा : .....

निकिता : ी can't बिलीव थिस! तुम तोह हमेशा उनको बास्टर्ड कहकर बुलाती थी न? ये... ये सुद्दीन चेंज कैसे? क्या हुआ? तुम्हारी और उनकी सलाह हो गयी क्या? या फिर तेरी तबियत कबराब है?

नेहा : नूवो वैयय्य निक्की! शट उप! Don't टॉक नॉनसेंस! में बस पूछने गयी थी और मुझे कुछ पता चला है...

निकिता : क्या??

नेहा : यही की उसकी जॉब वो संजय सर ने हटवाई थी और फिर उसने संजय सर का राज़ खोला और संजय सर के खिलाफ फिर भी हुई... यही सब...

निकिता : ओह्ह वो बात! वो तोह मुझे पता है.

नेहा (शॉकेड) : क्या मतलब तुम्हे पता है? तुम्हे पता था तोह मुझे बताया क्यों नहीं निक्की?

निकिता : यार! तू hi तोह कहती है की मेरे से कभी भी उसके बारे में बात मत किया करो तोह में फिर क्या करू? मेने राहुल भैया के बारे में बात करना इसलिए चोरर दिया है तेरे से...

नेहा : बूत... ठीक है फाइन! I'm गोइंग नाउ.

नेहा वह से मुँह लटका के फिर वापस अपने घर लौट जाती है

इधर ट्रैन में बैठने के बाद जब विनोद टॉयलेट गए तोह ऋचा ने राहुल को फ़ोन किया,

राहुल : हां रीचु!!

ऋचा : कैसे हो हनी?

राहुल : में ठीक हु रीचु पर तुम्हारी याद लगी रहती है...

ऋचा (स्माइल्स) : मुझे भूल गए हो क्या?

राहुल : ये किसी बात हुई?

ऋचा : तुम मुझे याद कर रहे हो न? मतलब तुम मुझे भूल गए, तभी तोह याद कर रहे हो

राहुल (स्माइल्स) : पगली... ऐसा कभी हो सकता है? तुम तोह मेरी हो. तुम्हे कैसे भूल सकता हु में?

राहुल के ये कहने से की ऋचा सिर्फ उसकी है पता नहीं क्यों पर ऋचा के दिल की धड़कन तेज़्ज़ हो गयी, मैं प्रफ्फुल्लित हो उठा.

ऋचा (ब्लश) : ऑफ़ कोर्स में तुम्हारी हु. अच्छा सुनो! I'm लीविंग!! में अभी ट्रैन में हु डैड के साथ.

राहुल : ओह्ह!! थें हैवे ा सेफ जर्नी. वह पहुँच के कॉल करना मुझे. और सेफ रहना okay? कोई भी प्रॉब्लम हो मुझे बिना झिजक के कॉल कर देना okay?

ऋचा : अच्छा बाबा ठीक है. अब रखती हु, डैड आ रहे है. Bye bye, टेक केयर... मऊआअह्ह्ह्हह

राहुल (स्माइल्स) : hmmm...bye!!

*कॉल एंड्स*

ऐसे hi समय का पहिया आगे बढ़ा और इन् बीते हुए दिनों में बोहत सी बातें हुई, बोहत से चंगेस आए सभी की लाइफ में.

राहुल ने अपना बिज़नेस सौरभ के साथ मिलकर स्टार्ट कर दिया था. उसके 4 साल के बनाये हुए सॉफ्टवेयर में थोड़े बोहत चंगेस सौरभ ने अपनी तरफ से किये और एक सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर बनाया. सौरभ की मदद से वो सॉफ्टवेयर खुद की ऑफिसियल साइट पे डाला अस ा ट्रायल वर्शन. न केवल इतना hi पर राहुल ने ख़ुशी के कॉलेज को अपना सॉफ्टवेयर लेने के लिए इंसिस्ट किया और कॉलेज मान भी गया. अब सन कुछ ऐसा था की राहुल स्कूल्ज, कॉलेजेस, हॉस्पिटल्स हर्र एक जगह जहा पर डाटा को सिक्योर रखना पड़ता है सिस्टम में उनको अपना सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर बेचने लगा. धीरे धीरे उसकी साइट पर ट्रैफिक बढ़ने लगा और बोहत से पर्सनल उसेर्स, अथवा छोटी कम्पनीज भी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने लगी. राहुल ने एक अमाउंट रख दिया पेड वर्शन के लिए. और इस से दोनों को काफी पैसा मिलने लगा. आगे के प्लान के लिए दोनों hi तैयार थे पर उसके लिए उनको रेवेनुए गेनेराते करना था जो की अच्छा ख़ासा हो रहा था बस अब वेट करना था थोड़े दिन.

इधर 3 मोनथस हो चुके थे तोह राहुल ख़ुशी के घर से वापस से सौरभ के पास आ गया. ख़ुशी काफी रोई बूत राहुल ने उससे प्रॉमिस किया हुआ था की जब चाहे वो राहुल के पास आ सकती है और जब भी उससे राहुल की ज़रुरत हो तोह राहुल उसके लिए आ जाएगा. बेचारी इन् बीते हुए महीनो में राहुल के बोहत क्लोज हो गयी थी और अब तोह राहुल उससे एक परिवार के हिस्से की तरह लगने लगा था. राहुल उसके लिए हर्र एक टाइप का रोले प्ले कर रहा था. राहुल उससे किचन में एक माँ की तरह डिश बनाना, सब्ज़िया काटना, सर्वे करना सब कुछ सिखाता, एक बाप की तरह उससे सीख देता, कब और कोण सी चीज़ कैसे करनी चाहिए, बुद्धिमत्ता से कैसे चलना चाहिए, प्यार से जब भी राहुल उसके सर पर हाथ फेरता तोह ख़ुशी को एक अलग hi फीलिंग मिलती. एक भाई की तरह वो ख़ुशी को प्रोटेक्ट करता, कोई भी आंच नहीं आने देता उसपे, और एक लवर की तरह उसका ख़याल रखता उसकी बातें मानता, और उससे प्यार भी देता.

राहुल ये सब अपने नार्मल करैक्टर की वजह से hi करता था, उसका कोई मक़सद नहीं था की ख़ुशी को पटना है. पर ख़ुशी के पॉइंट ऑफ़ व्यू से राहुल उसके लिए एक कम्पलीट पैकेज था वो बोहत प्रोटेक्टिव फील करती जब जब वो राहुल के साथ रहती. कब 3 महीने कम्पलीट हो गए और राहुल जब उसके सामने जा रहा था तोह वो सबके सामने hi रो पड़ी. बोहत समझाने बुझाने पर वो मानी. ख़ुशी एक जंगली बिल्ली की तरह थी जिससे राहुल ने पूरी तरह कण्ट्रोल कर लिया था और अब तोह जैसे ख़ुशी राहुल के बिना रह hi नहीं सकती थी ये हाल हो गया था.

प्रीती भी काफी क्लोज हो गयी थी राहुल के पर वो हमेशा थोड़ा डिस्टेंस बना के रखती थी. उससे पता था ख़ुशी के अंदर राहुल के प्रति कोई फीलिंग्स है और वो राहुल के करीब जाकर ख़ुशी को दुखी नहीं करना चाहती थी.

मोनिका ने राहुल को उसकी पेमेंट 3 मोनथस के हिसाब से आलरेडी दे दी थी और वो वापस से ग्वालियर चली गयी थी. दोनों टच में बने हुए थे.

नेहा की लाइफ भी कुछ नार्मल नहीं थी. वो रौशनी ma'am से समय मिलने पर राहुल के बारे में पूछती और फिर उसके बारे में सोच विचार करती बूत फिर वापस से राहुल के गंदे बोल और व्यवहार को याद करके फिरसे गुस्से से आग बबूला हो जाती.

वादे के अनुसार राहुल को 3 महीने के बाद अब घर लौट आ जाना चाहिए था निशा से मिलने पर 2 महीने बाद रूचि दीदी की शादी थी इसलिए ये डीडे हुआ की राहुल सभी से रूचि दीदी के घर पर hi मिलेगा. निशा काफी नाराज़ हुई राहुल के इस डिसिशन से बूत फिर बाद में मान गयी.

ऋचा बैंगलोर सेटल हो चुकी थी और उसका वह सब बढ़िया चल रहा था. टाइम तो टाइम वो राहुल को कॉल कर उस से बातें करती और राहुल के मन करने के बाद भी जान बुझ के अपनी पेमेंट में से कुछ हिस्सा राहुल के अकाउंट में ट्रांसफर कर देती.

तनीषा भी राहुल को काफी मिस कर रही थी. अपने दिनचर्या से वो काफी बोर होने लगी थी. निशा से मिलने वो ज़रूर जाती रहती और दोनों निशा और तनीषा में शादी के पहले से hi काफी तगड़ी बॉन्डिंग बन्न चुकी थी.

अंशु और वंशु भी अपनी डेली लाइफ में बिजी रहने लगी पर वो दोनों भी राहुल को काफी मिस कर रही थी. केवल कॉल पे hi बात होती. पर तानिया ने अंशु और वंशु को भी विथ फॅमिली इन्विते किया हुआ था इसलिए दोनों 2 महीने के बाद का वेट कर रही थी की कब वो राहुल से वह पर मिलेंगी.

ये तोह था पूरा वर्णन की 3 महीने बाद सभी की लाइफ में क्या क्या चंगेस आए. अब इस से पहले की हम अगले दो महीने के टाइम स्किप पे चले, आइये तब तक देखते है की ख़ुशी और प्रीती के बीच क्या वार्तालाप हुआ 3 महीने बाद.

ख़ुशी : प्रीती...

प्रीती : क्या हुआ ख़ुशी? तू हर्र बार मुझे बुलाती है और जब में पूछती हु क्या हुआ तोह मुँह लटका के बैठ जाती है और कुछ बोलती hi नहीं है...

ख़ुशी : I'm sad...very साद...

प्रीती : राहुल चला गया इसलिए?

ख़ुशी : ी थिंक सो...

प्रीती : ी थिंक सो की बच्ची... सीधे सीधे बोल न की तुझे उसके जाने से अच्छा नहीं लग रहा और इसलिए तू साद है. बातें क्यों घुमा रही है?

ख़ुशी : okay okay...! ी एडमिट! प्रीती...

प्रीती : हम्म्म!?

ख़ुशी (ब्लश) : ी थिंक... ी थिंक ी लव हिम

प्रीती (स्माइल्स) : ी क्नोव!!

ख़ुशी (सुरप्रीसेड) : तुझे कैसे पता?

प्रीती : यार! सब को पता है. आलरेडी दीखता है. तेरी हरकते, तेरी नज़रे उसकी तरफ देखते वक़्त, तेरा रवैया उसके प्रति, तेरे बोल चाल सब कुछ दीखता है, और कोई भी बता देगा की तुझे उस से प्यार है.

ख़ुशी (ब्लश) : ......

ख़ुशी एकदम से प्रीती के गले लग जाती है और अपने चेहरा शर्म के मारे उसके कंधो में छुपा लेती है.

ख़ुशी : प्रीती....

प्रीती : हम्म!?

ख़ुशी : यू लव हिम तू राइट?

प्रीती (हकलाते हुए) : wh..wha..whaatt?? N..noo वयय!! Mein...mein क्यों प्यार करने लगी u..usse.??

ख़ुशी : प्रीती! Don't फूल में! ी क्नोव! यू लव हिम! जैसे तू मुझे पढ़ सकती है वैसे hi में भी तुझे पढ़ सकती हु. एंड ी क्नोव... की तुम मेरे खातिर उसके ज़्यादा पास नहीं जाती. है न? बोलो... तुम्हे मेरी कसम!

प्रीती (कुछ देरर बाद) : हम्म!!

ख़ुशी (स्माइल्स) : ी कनेव आईटी. पर में सिर्फ तेरे साथ शेयर कर सकती हु. सिर्फ तेरे साथ okay?

प्रीती : ख़ुशी? तू पागल है क्या? वो कोई टॉफ़ी नहीं है...

ख़ुशी : वो टॉफ़ी hi है हहै!! एक तरफ से में खाउंगी और एक तरफ से तुम

प्रीती (ब्लश) : पागल है क्या? क्या बोले जा रही हो ये तुम?

ख़ुशी (ब्लश) : wtf प्रीती?? मेरा मतलब वो नहीं था. मेरा मतलब छोटी वाली टॉफ़ी से hi था.

प्रीती : हां! वह तोह देख hi लिया था हमने उस दिन कॉलेज के बॉयज टॉयलेट में की कितने साइज की है वो टॉफ़ी?

ख़ुशी (ब्लश) : प्रीत्तटीईई.... धत्त्त!!! बेशरम कही की...

प्रीती : वाह! अब में बेशरम हो गयी?

Khushi(gale लगते हुए) : ी लव हिम. यू लव हिम तू! में सिर्फ तेरी खातिर उससे शेयर कर सकती हु तेरे साथ, बिकॉज़ ी लव यू तू. में नहीं चाहती की तू साद होये.

प्रीती (इमोशनल होते hi) : तुझे मेरे लिए इतना करने की कोई ज़रुरत नहीं पगली. में तोह यही चाहती हु की तू खुश रहे बस और कुछ नहीं.

ख़ुशी : न्यू! वे विल बे हैप्पी टुगेदर.

प्रीती : हम्म!!!

ऐसे hi 2 महीने बीत गए, राहुल और सौरभ की एअर्निंग चालु हो चुकी थी और अब वो आत्मनिर्भर बन्न ने लगे थे पर अभी भी मंज़िल बोहत दूर थी, राहुल ने थोड़ी बड़ी कम्पनीज से कांटेक्ट करने का सोच लिया था, उसके लिए उससे अपना सॉफ्टवेयर उस लेवल का करना पड़ेगा और साथ hi साथ और भी चीज़े लानी पड़ेंगी पर उन् सब के लिए पैसा लगेगा और वो hi रेवेनुए अभी उससे गेनेराते करना है.

खर्र! वो समय आ hi गया, रूचि दीदी की शादी का समय. राहुल ने थोड़े दिन के लिए गैप लेने के लिए सौरभ को भी अपने साथ रख लिया थोड़ा रिफ्रेशमेंट हो जाएगा दोनों का. पिछले कुछ महीनो में बोहत भाग दौड़ जो हो गयी थी.

इधर निशा निकलने की तैयारी में लगी हुई थी.

निशा : नेहा!?? अरे वो स्नैक्स वाला बैग किचन में hi रह गया, बहार ले आ.

नेहा : लायी माँ...

राजेश : सब कुछ रेडी है न? कैब आने hi वाली है...

निशा : आप टेंशन मत लो, सब कुछ रेडी है.

थोड़ी hi देरर में कैब आ जाती है और सभी लोग बैठ के घर लॉक कर के स्टेशन की तरफ निकल पड़ते है.

स्टेशन पर पॅहुचते hi अंदर hi उन्हें अंशु, वंशु, और विनीता, रुपेश और वेदांत (अंशु और वंशु के माँ डैड और छोटा भाई) मिल गए. सभी इन्वितेद थे तोह सभी ने साथ में जाने का प्लान कर लिया था.

रुपेश : छोटे... सब सामान रख लिया न? कोई चीज़ भूले तोह नहीं हो न?

राजेश : हां भैया! सब रेडी hi है.

विनीता : आ गयी मेरी गुड़िया... आजा आजा अपनी तै जी के पास.

नेहा जाके अपनी तै जी के गले मिलती है, उनके चरण स्पर्श करती है वही निशा भी दोनों अंशु वंशु और विशाल को गले से लगाती है.

कुछ hi देरर बाद गपशप में टाइम बीत जाता है और ट्रैन आ जाती है, सभी सामान ांदसर रखवाते है और बिरथ ढूंढ़ने के बाद सामान रख कर सेटल हो जाते है.

लखनऊ तक का सफर तब करना है, उस हिसाब से दोनों hi घर के लोगो ने खाना पीना रेडी कर रखा था, निशा ने कचोरिया और पुलाओ बनाया था तोह वही विनीता ने ट्रैन के सफर के हिसाब से पूरी और आलू की सब्ज़िया ताकि बच्चे भर पेट खा सके.

बड़े लोग अपने में लगे हुए थे तोह वही नेहा, अंशु और वंशु अपने में लगी हुई थी, विशाल तोह मोबाइल में hi गेम खेल रहा था और यहाँ इनकी लड़कियों वाली गॉसिप शुरू हो चुकी थी.

अंशु : कॉलेज केसा चल रहा है नेहु?

नेहा : बढ़िया दीदी! सब कुछ अच्छा है.

अंशु : चलो अच्छा है!!

वंशु : छोटी कुटी आ रहा है न?

अंशु : हां दी! फ़ोन पर तोह बताया था भाई ने की वह आएँगे पर उन्होंने डेट नहीं बताई.

वंशु : ओह्ह्ह!! खर्र वह पहुँच के तोह पता लग hi जाएगा.

इधर ये दोनों अपने में लगी हुई थी और काफी एक्ससिटेड थी वह पहुचने के लिए पर यहाँ हमारी नेहा खिड़की के साइड से बैठे हुए चलती ट्रैन से बाहर के रात के अँधेरे और चाँद की रौशनी से उजागर हो रहे नज़ारे को देख खोयी हुई किसी सोच में पड़ी थी, क्या उसका बड़ा भाई आएगा? यदि आएगा तोह वो कैसे फेस करे उससे? क्या कैच बदला होगा उसके बारे में इतने महीनो में? क्या वो अब भी वैसा hi है? यदि हां तोह सबके मुँह से उसकी तारीफ क्यों सुन्न ने को मिलती है? राहुल की असली पहचान क्या है?

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आज के लिए इतना hi गाइस!

नेक्स्ट अपडेट से बोहत सारा ड्रामा, रोमांस, इमोशनल सीन्स, सेक्स सीन्स देखने को मिलेंगे आपको. एक्शन पहले hi दिखा दिया है मेने तोह आने वाले इस अर्च में एक्शन काम रहेगा, बोहत काम बूत रोमांस, हॉट सीन्स बोहत मिलेंगे, इमोशनल सीन्स भी देखने को मिलेंगे.

तब तक के लिए... धन्यवाद्!
 
अपडेट - 77

मेगा अपडेट

अब तक...


इधर ये दोनों अपने में लगी हुई थी और काफी एक्ससिटेड थी वह पहुचने के लिए पर यहाँ हमारी नेहा खिड़की के साइड से बैठे हुए चलती ट्रैन से बाहर के रात के अँधेरे और चाँद की रौशनी से उजागर हो रहे नज़ारे को देख खोयी हुई किसी सोच में पड़ी थी, क्या उसका बड़ा भाई आएगा? यदि आएगा तोह वो कैसे फेस करे उससे? क्या कैच बदला होगा उसके बारे में इतने महीनो में? क्या वो अब भी वैसा hi है? यदि हां तोह सबके मुँह से उसकी तारीफ क्यों सुन्न ने को मिलती है? राहुल की असली पहचान क्या है?

अब आगे...

कुछ मीलो की दुरी तब करने के बाद आखिर कार ट्रैन लखनऊ पहुची, नेहा समेत बाकी सभी ने अपना अपना सामान कैर्री करके स्टेशन से बहार निकल टैक्सी ढूंढ़ना शुरू किया, और 2 टैक्सी मिलते hi सभी उसमे बैठ के तानिया के घर की और प्रश्तों कर दिए.

अब इस से पहले की ये सभी तानिया के घर पहुचे, आप लोगो को तानिया के घर के मेंबर्स से इंट्रोडस करवाना ज़रूरी है.

इंट्रोडक्शन

डॉ. मुकेश मिश्रा (आगे - 57) : जी हां! सही पढ़ा आपने. ये पेशे से डॉक्टर है, एक बोहत hi जाने माने डॉक्टर अपने शहर के. शहर के मशहूर हॉस्पिटल में काम करते है, पैसे से काफी संपन्न है. ये निशा के बड़े भाई है यानी की राहुल और नेहा के मां जी. इन्होने hi राहुल को तनीषा की डॉक्टरी की पढाई के लिए पैसे दिए थे और तनीषा की पढ़ाई पूरी करवाई थी. सज्जन पुरुष है, कोई पैसो का घमंड नहीं, और अपने बच्चो से बोहत प्रेम करते है.

ललिता मिश्रा (आगे - 53) : मुकेश जी की पत्नी. सुन्दर तोह है hi ये, क्युकी पहले से hi ब्यूटी पार्लर के काम में माहिर है. खुद का पार्लर भी खोला हुआ है, पर नौकर hi चलाते है पार्लर, खुद थोड़ा काम जाती है. पर make-up से लेकर हर्र एक चीज़ आती है इनसे. बच्चो से अत्यधिक प्रेम करती है. सभी के साथ नम्र व्यवहार रखती है.

रूचि मिश्रा (आगे - 27) : मुकेश और ललिता की बड़ी बेटी. पास के hi कॉलेज में प्रोफेसर है. दिखने में बेहद ख़ूबसूरत, नार्मल फिगर, गोरा रंग, लम्बे बाल, माँ और बाप दोनों पे गयी है ये. इनका व्यवहार कभी सख्त तोह कभी नरम रहता है. दिल की बोहत अच्छी है और अपने लोगो से बेहद प्यार करती है. इनकी hi शादी की तैयारी हो रही है घर में.

तानिया मिश्रा (आगे - 22) : मुकेश और ललिता की छोटी बेटी. बेहद ख़ूबसूरत, स्लिम फिगर, उभरे हुए बड़े बूब्स, कातिलाना आँखें, गुलाबी होंठ. कुल मिलाके ये पूरी बोम्ब्शेल है. इसको देखने के बाद एक अजीब सा नशा आता है, जैसे बिलकुल अपने पास बुला रही है. थोड़ी ज़िद्दी है, दोस्तों के लिए दोस्त और दुश्मनो के लिए कट्टर दुश्मन है. मनचाही हरकते करती है. बातो में भी बोहत आगे है, एकदम muh-fatt है. पर अंदर से बोहत hi सेंसिटिव और उतनी hi नरम है. बुरा जल्दी मानती है, हर्ट जल्दी होती है. पर दिल की बोहत अच्छी है. इसको तोह आप सभी जानते hi है अच्छे से अब और क्या बताना.

घर में एक और मेंबर है और वो है इनका एक छोटा भाई जो अभी दसवीं क्लास में है, उसका कहानी में कोई रोले नहीं है इसलिए उसको इन्क्लुडे नहीं किया गया है. तोह अब चलते है वापस से कहानी की तरफ...

टैक्सी अपनी नार्मल रफ़्तार से गुज़र रही थी और नेहा समेत बाकी सभी लखनऊ शहर की बिल्डिंग्स, मार्किट आदि में सभी की नज़रे व्यस्त हो गयी. कही कोई बड़ा सा मॉल दीखता तोह कही पार्क तोह कही fly-overs, तोह कही जाना माना हमारे भारत का ट्रैफिक. टैक्सी कब बताये हुए एड्रेस पर पहुँच गयी, किसी को समय का पता hi नहीं चला, सब नए शहर के नज़ारे में इतना खोए हुए जो थे सिवाए नेहा के.





नेहा और उसका परिवार तोह पहले आ hi चूका था इस शहर कई बार पर अब वो भी कई सालो बाद यहाँ आए है इसलिए बोहत कुछ बदल चूका था. पर अंशु वंशु और उनके परिवार के लिए ये सब कुछ नया था. पहली बार लखनऊ शहर में जो कदम रखा था. दोनों hi बड़ी उत्सुकता से बाहर के नज़ारे को देख रही थी.

टैक्सी रुकी और सभी को उतरना पड़ा, पैसे देने के बाद टैक्सी चली गयी और सभी सामान उठाते हुए आगे बढे, अभी इस वक़्त वो किसी सोसाइटी में थे और राजेश, निशा, नेहा आगे बढ़ते हुए एक घर की और प्रश्तों किये तोह उन्हें देख बाकी सब भी पीछे पीछे चल दिए.





एक घर था, घर नहीं बंगला कहना सही रहेगा क्युकी घर के हिसाब से वो काफी बड़ा था, एक ग्राउंड फ्लोर, एक फर्स्ट फ्लोर, एक सेकंड फ्लोर और फिर टेरेस. घर सजा हुआ था पर बाहर का गेट खुला हुआ था और कुछ लोग दिखाई दे रहे थे, राजेश आगे बढे और तभी सभी के कानो में एक आवाज़ पड़ी...

"अरे!! आइये आइये... किसी हो निशा!??? कैसे हो आप??"

कहते हुए मुकेश आगे आए और निशा को गले से लगा के निशा और राजेश से सवाल किया.

निशा : बस ठीक है भैया! तैयारी तोह बोहत ज़ोर शोर से चल रही है हां?

मुकेश : अब बिटिया की शादी है, कोई कमी कैसे होने दे सकते है? आइये आप सभी... पहले अच्छे से फ्रेश हो लीजिये, सामान में रखवाए देता हु.

राजेश : ठीक...

राजेश ने फिर मुकेश को अपने भैया से और उनकी फॅमिली से भी इंट्रोडस कराया, सारा इंट्रोडक्शन के बाद सभी फर्स्ट फ्लोर पर चले गए, और वह पे hi अपने बैग्स सभी ने रख दिए. घर में पहले से आलरेडी कई और लोग भी रुके हुए थे जो मुकेश के और भी रिलेटिव्स रहे होंगे. तोह कुल मिलाके नेहा और बाकी सभी के लिए बोहत से अननोन लोग भी थे जो घर में रुके हुए थे और बोहत से नोन लोग भी थे, जिनसे निशा और बाकी सभी ने बात चीत की शुरुआत करि.

गड्डो का इंतज़ाम किया गया था सोने के लिए, क्युकी घर में कई लोग थे, और सभी को सिंगल बीएड पे सुलाना तोह हो नहीं पाटा. इसलिए गड्डो का इंतज़ाम किया गया था. फ्रेश हो जाने के बाद निशा और राजेश सहित विनीता और रुपेश बात चीत में लग गए. अब रह गए तोह केवल नेहा और अंशु वंशु.

वंशु : छोटी, राहुल दिखाई नहीं दे रहा!?

अंशु : ी don't क्नोव दी! मय्बे वो शादी वाले दिन hi आए!?

वंशु : कॉल करके पूछ न कहा है

अंशु : मेने किया था अभी थोड़ी देरर पहले hi दी, बूत उन्होंने कॉल पिक नहीं किया, हो सकता है कही बिजी हो?

वंशु : ये कुटी भी न, बताना चाहिए न इसको की कब आ रहा है, आ भी रहा है या नहीं?

अंशु : it's okay दी! आ जाएंगे वो.

कुछ hi देरर बाद तानिया घर में आती है और नेहा और बाकी सभी को देख ख़ुशी से झूम उठती है और दौड़ते हुए उनसे गले मिलती है,

तानिया : कैसे हो आप सब?

अंशु : हम सब बढ़िया है दी, आप बताओ किसी हो? घर तोह आपका बोहत बड़ा है और काफी सुन्दर भी.

तानिया : थैंक्स! में भी अच्छी हु.

वंशु : वैसे तुम थी कहा? हमे यहाँ आए हुए 1 घंटा हो चूका है

तानिया : बस थोड़ा ज़रूरी सामान लेने गयी थी काम तोह करवाना hi पड़ेगा, शादी वाले घर में यही लगा रहता है...

सभी से मिल जल लेने के बाद जहा सभी बातो में अभी भी बिजी रहते है वही नेहा बालकनी में जाकर कड़ी हो जाती है और नीचे देखते हुए किसी खयालो में खो जाती है, होश तोह उससे जब आता है जब उससे पीछे से एकदम से तानिया की आवाज़ पड़ती है,

तानिया : नेहा?? क्या हुआ? यहाँ क्या कर रही हो?

नेहा : हँ??! नहीं... वो... वो में ऐसे hi बस देख रही थी बालकनी...

तानिया : कुछ तोह बात ज़रूर है. सभी लोग अंदर मौज मस्ती कर रहे है और तुम यहाँ पर कड़ी हो अकेले?

नेहा : नहीं दी... में तोह बस ऐसे hi...

तानिया : राहुल से रिलेटेड कुछ बात है क्या?

नेहा : *साइलेंट*

तानिया : ी कनेव आईटी!! देखो नेहा! बे हैप्पी okay? यहाँ आयी हो, तोह काम से काम अपने लिए मोमेंट्स क्रिएट करो, सभी से मिलो जुलो, बातें करो, नए दोस्त बनाओ, तुम्हे अच्छा लगेगा. ऐसे रहोगी तोह तुम्हारे आस पास के लोग भी एफेक्ट होएंगे और उन्हें भी अच्छा नहीं लगेगा.

नेहा : हम्म्म! दी!! थैंक्स! आगे से ऐसा नहीं होगा.

तानिया (स्माइल्स) : मेरी हेल्प की ज़रुरत हो तोह बिना झिजक के आ जाना मेरे पास.

कहते हुए वो चली जाती है और नेहा भी अंदर आकर सभी के साथ घुलने मिलने की कोशिश करने लगती है.

इंगेजमेंट पहले hi हो चुकी थी तोह अब बस बाकी रस्मे बाकी थी. आज की रस्म मेहँदी की रस्म थी, शाम होने का सभी इंतज़ार कर रहे थे. शाम होते hi मेहँदी की रस्म शुरू हुई,

लड़किया एक दूसरे को सुन्दर सुन्दर मेहँदी लगाने में बिजी हो गयी.

अंशु, वंशु और नेहा को भी वह पे आयी हु दूर की रिलेटिव्स में से कोई उन्हें मेहँदी लगाने लगी. रूचि दीदी के हाथो अथवा पेर्रो में भी मेहँदी लगाना शुरू कर दिया.





शाम के माहौल में नाचना गाना भी हुआ, जहा ट्रेडिशनल सांग्स से लेकर कुछ बॉलीवुड सांग्स भी गाये गए और महिलाये एवम लड़किया भी थिरकती हुई मौज मस्ती का आनंद उठाने लगी.

हमारी सभी लड़कियों ने भी मेहँदी लगवाई और खूब एन्जॉय किया और ऐसे hi ये दिन समाप्त हो गया.

अगले दिन संगीत कार्यक्रम रखा गया, ये तोह बना hi महिलाओ के लिए है तोह भला हमारी महिलाए और लड़किया कहा पीछे रहने वाली थी? सब ने अपनी अपनी कोरियोग्राफी स्टेज पर थिरकते हुए दिखाई, एन्जॉयमेंट हुआ सभी ने खूब एन्जॉय किया. नेहा भी अब थोड़ा थोड़ा खुलने लगी थी और अब सभी चीज़ो को एन्जॉय कर रही थी.





निशा इस बात से काफी खुश थी की आखिर नेहा एन्जॉय कर रही है. पर उससे अभी एक चिंता थी और वो थी की राहुल कहा है? अभी तक जो नहीं आया था... फौरन कॉल लगाना hi बेहतर समझा निशा ने.

निशा : hello?

राहुल : हां माँ!

निशा : हां माँ के बच्चे!? किधर है तू? सबको टेंशन में डालके कहा घूम रहा है?

राहुल (मैं में) : अरे बाप रे!! माँ काफी गुस्से में लग रही है...

राहुल : प्यारी माँ! में शादी वाले दिन hi आऊंगा! आपको आपकी नज़रो के सामने दिख जाऊंगा okay!?

निशा (मुँह बनाते हुए) : हम्फ!! घर की शादी में भी दो दिन पहले नहीं आ सकता!?

राहुल : बिजी था माँ! बूत don't वोर्री! में शादी वाले दिन सुबह hi पहुँच जाऊंगा.

निशा : अच्छा ठीक है! अपना ख़याला रखना बेतु! ध्यान से सफर करना.

राहुल : जी माँ! और वह क्या चल रहा है?

निशा : बस अभी संगीत का कार्यक्रम ख़तम हुआ है, सभी थके हारे बैठे है. सोने hi जाने वाले है सब.

राहुल : ओह्ह! चलो बढ़िया है. आप सब सही से हो न?

निशा : हां बेतु! हम सब बढ़िया है. तेरे ताऊ जी और बाकी सब भी हमारे साथ आये हुए है.

राहुल : ओह्ह्ह! ठीक है माँ! अब में रखता हु, आप भी आराम कीजिये. शादी वाले दिन सुबह मिलता हु.

निशा : हम्म! Bye बेतु! ख़याल रखना!!

*कॉल एंड्स*

अगले दिन तिलक रस्म थी जिसमे घर के पुरुष एवम लड़के लोग लड़के वालो के घर गए और उनका तिलक किया और ये दिन भी ऐसे hi गुज़र गया. अगले दिन शादी थी, और सुबह हल्दी की रस्म होने वाली थी.

सुबह होते hi घर में चेहेल पहल की आवाज़ और लोगो की बातो की आवाज़ों से नेहा और अंशु वंशु की नींद खुल गयी. अभी सुबह के 7:30 हुए थे पर अभी से hi घर में चेहेल पहल बानी हुई थी. शादी का घर ऐसा hi होता है भाई साहब.

आँखें मीस्ते हुए अंशु वंशु फ्रेश होने गयी और बहार आके नाश्ता करने बैठी hi थी की बाहर कुछ शोर सा हुआ तोह दोनों उठ के बाहर गयी और दोनों की ख़ुशी का कोई ठिकाना hi नहीं था जब उन्होंने देखा की सामने राहुल है.

सौरभ के साथ राहुल टैक्सी से बाहर आया और टैक्सी वाले को पैसे दिया, आगे बढ़ते hi उससे दरवाज़े के सामने अंशु वंशु दिखाई दे गयी, जो एकदम से दौड़ते हुए उसके पास आयी और उस से जोरर से कूदते हुए लिपट गयी.





वंशु (प्यार से सीने में मुक्का मारते हुए) : किधर था तू कुटी? कब से तेरा इंतज़ार कर रही थी में...

अंशु : केवल आप नहीं दी! हम सब भाई का इंतज़ार कर रहे थे.

राहुल (स्माइल्स) : किसी हो आप सब?

अंशु : बस आपके इंतज़ार में पागल हो रहे थे भाई! अब चलिए अंदर, सब बोहत खुश हो जाएंगे आपको देखने के बाद.

सौरभ : उम्!! ये सब कोण??

राहुल : ओह्ह हां! ये मेरी बहने है. वंशु दी और ये अंशु. और ये सौरभ है वंशु दी मेरा अच्छा फ्रेंड.

अंशु : hello!

वंशु : ही!!

सौरभ : hello...hello!!

जैसे hi राहुल अंदर आता है तोह जो जो लोग सो के उठ चुके थे उनकी नज़रे सीधे राहुल पर जाती है. अभी केवल कुछ लोग hi उठे थे, बाकी बोहत से लोग सो रहे थे अभी भी. कल के संगीत कार्यक्रम की थकान जो बची हुई थी.

नेहा वाशरूम में थी तोह उससे अभी बहार क्या हो रहा है कुछ नहीं पता था.

अंदर से मुकेश जैसे hi निकलते है राहुल को देख सरप्राइज होते है और फिर एकदम खुश होते हुए अपने गले से लगा लेते है...

मुकेश : आ गए तुम!!? कहा रह गए थे भाई इतने दिनों तक? बहिन की शादी में इतना लेट आओगे?

मुकेश का रवैया राहुल के प्रति शुरू से hi ऐसा रहा है, वो राहुल को अपने दोस्त जैसा मानते है. यही वजह थी की इनकी इतनी अच्छी बॉन्डिंग के कारण hi मुकेश ने राहुल को तनीषा के लिए पैसे दिए अथवा उससे पढ़ाया भी.

राहुल : मां जी! में चाह रहा था जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी औ पर आ hi नहीं सका. काम में लगा हुआ था, और फ्री होते hi यहाँ आया हु. आप कैसे है?

मुकेश : सब बढ़िया है बीटा! तुम सबसे पहले फटाफट से नाहा धो लो फ्रेश हो लो, और नाश्ता कर लो. ये सामान में रखवाए देता हु.

मुकेश नौकरो को बोलके राहुल और सौरभ का सामान ऊपर रखवाते है, अंशु वंशु नाश्ता लेकर एक जगह बैठ जाती है. सौरभ को लेकर राहुल ऊपर जैसे hi पोहचता है तोह एक कमरे का दरवाज़ा खुलता है और अंदर से निशा आ रही होती है, जैसे hi वो राहुल को देखती है तोह उसके परर वही जम्म जाते है कुछ सेकण्ड्स के लिए तोह. आँखों में हलके हलके आसुओ को लेकर वो फौरन दौड़ते हुए राहुल को अपने गले से लगा लेती है.





राहुल : माँ!!!

निशा : बेतु... केसा है तू? किधर था? खाना पीना सही से खा रहा है या नहीं? देखो तोह कितना दुबला हो गया है!?

कहते हुए निशा राहुल के पूरे मुँह पर चुम्बनों की बरसात कर देती है, 5 महीने बाद जो देख रही थी अपने बेटे को. हर्र माँ का दिल एक जैसा hi होता है. राहुल कितना भी मोटा क्यों न हो जाए पर क्युकी वो अपनी माँ की नज़रो से दूर था तोह माँ को लगा की दुबला हो गया है. यही तोह है प्यार.

सौरभ भी माँ बेटे के मिलान को देख कर उससे अपनी माँ की याद आ गयी और उसने समझदारी दिखाते हुए दोनों को कुछ कह के डिस्टर्ब नहीं किया. जब दोनों माँ बेटे का मिलाप हो गया तोह सौरभ ने भी आगे बढ़कर निशा के परर छुए और फिर निशा ने दोनों को फ्रेश होने के बाद नीचे आ जाने को कहा.

सौरभ : भाई पहले तू होल फ्रेश! में जबतक बैठ के फ़ोन चला रहा थोड़ी देरर! वाशरूम्स तोह बोहत दिख रहे है मुझे बूत इस फ्लोर पे दो hi वाशरूम है और दोनों में कोई आलरेडी पहले से घुसा हुआ है. तोह में तोह थोड़ी देरर से hi होऊंगा फ्रेश.

राहुल : वेल! जैसा तुझे सही लगे. पर ध्यान रहे ज़्यादा लेट नहीं करना.

सौरभ : ोकायययय! बॉस!!!

अभी राहुल वाशरूम की तरफ जाने hi वाला होता है की उससे पीछे से ललिता की आवाज़ पड़ती है...

ललिता : आ गया मेरा बच्चा!? कहा था तू इतने दिन?

कहते हुए वो राहुल को अपने सीने से लगा लेती है,

राहुल : ममी जी! किसी हो आप?

ललिता : चल चल! अब बात मत घुमा! किधर था तू? अपनी रूचि दीदी से बस इतना hi प्यार है? दो दिन पहले भी नहीं आ सका तू उसकी शादी में हां? बोल!?

राहुल : अब आपसे तोह में जीत नहीं सकता. इसलिए कान पकड़ के माफ़ी मांगता हु आपसे! माफ़ कर दीजिये ममी जी!

इधर ये दोनों बात कर रहे थे और अचानक hi वही पर वाशरूम का दूर खुला और नेहा बाहर से निकली, उसका चेहरा गीला था, हल्का हल्का पानी बालो पर भी लगा हुआ था, उसने जैसे hi वाशरूम का गेट बंद कर के पलट कर देखा तोह उसकी आँखें hi चौड़ी हो गयी.

सामने राहुल ममी से बात करते हुए खड़ा था. राहुल ने अभी नेहा को नहीं देखा था पर नेहा तोह आँखें फाड़े अपने सामने उससे देख रही थी. न जाने कितने विचार उसके मैं में तुरंत उमड़ने लगे. बिना कुछ कहे, बिना कुछ हरकत किये वो बस मूर्ति की तरह खड़े होकर राहुल को देखे जा रही थी. आँखें एकदम फैली हुई थी

अब जब वो ध्यान से देख रही थी तोह उसने गौर किया की राहुल पहले से भी काफी हैंडसम हो गया था, ये कोई और नहीं उसका सागा भाई था. उससे समझ नहीं आ रहा था की वो कैसे रियेक्ट करे. नेहा खुद को इतने दिनों से प्रेपर कर रही थी की वो खुद कैसे रियेक्ट करेगी ये सब सामने आने पर. पर शायद वो प्रेपरेड़ नहीं थी. राहुल के चेहरे पर एक स्माइल थी, वो स्माइल जो घर में बिलकुल भी देखने को नहीं मिलती थी नेहा को.

वो देख रही थी की कैसे उसका भाई और भी चार्मिंग, और स्मार्ट दिखने लगा है. जैसे hi ललिता वापस गयी और राहुल ने पलट कर देखा तोह वो भी चौंक गया सामने नेहा को देख कर.

उसके सामने वही बहिन कड़ी हुई थी जो संसार में उससे सबसे ज़्यादा नफरत करती है, उसकी सगी बहिन नेहा. पहले से काफी ख़ूबसूरत हो चुकी थी, लम्बे बाल, अभी भी पहले की तरह गुलाबी गाल और होंठ, चंचल आँखें, चेहरा और थोड़े बाल अभी गीले होने के कारण और भी ख़ूबसूरत लग रही थी.

दोनों राहुल और नेहा एक दूसरे को आँखें फाड़े घूरे जा रहे थे, दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई थी इन् 5 महीनो में. नेहा को बार बार वो दृश्य याद आने लगा जब मोनिका ने उसकी कल्लोर पकड़ के बताया था की राहुल ने hi उससे बचाया है. और आज वही राहुल उसकी नज़रो के सामने था. वही राहुल जिसके बारे में अभी कुछ दिन पहले hi रौशनी ma'am ने बताया था की संजय सर के कारण उसकी जॉब हटी थी और नेहा ने मज़ाक उड़ाया था. आज वही राहुल उसके सामने था.

पर ये बात भी नहीं झुटलाई जा सकती की ये वही राहुल है जो अपनी बहिन से नफरत करता है, उससे मारना चाहता है और न जाने क्या क्या कर चूका है नेहा के साथ. नेहा के मैं में ये दोनों तरफ के पहलु ध्यान में थे. और शायद इसलिए वो समझ नहीं पा रही थी की कैसे रियेक्ट करे.

आगे कदम बढ़ाते हुए राहुल नेहा की तरफ आगे बढ़ता है, तोह नेहा की धड़कन तेज़्ज़ हो जाती है, उसके सास लेने से उसके ूरोज़ ऊपर नीचे होने लगते है.





जब ेदकुम बगल में राहुल आके खड़ा हो जाता है तोह नेहा की तोह जैसे हालत hi खराब हो जाती है, ऐसा नहीं था की वो बोहत डर गयी थी, ये कुछ अलग hi फीलिंग थी. उसके उभार ऊपर नीचे बड़ी hi तेज़ी से हो रहे थे, सासें एकदम तेज़्ज़. राहुल ने आगे बढ़ते हुए उसके कान में कहा...

"कैसी हो??"

आवाज़ में ना ज़्यादा एक्ससिटेमेंट था, न hi कोई गुस्सा, न hi कोई ख़ुशी, न hi कोई गम पर उस एक सवाल से नेहा की रूह कांप गयी, राहुल के शरीर की महक, और उसकी गरम सास और वही पुरानी आवाज़ जब नेहा के कान में पड़ी तोह उसके रोंगटे खड़े हो गए, बदन पूरा सिहर उठा. सारे चेहरे का पानी उड़द चूका था. गहरी सास लेते हुए उसने खुद को कण्ट्रोल किया और दौड़ते हुए वह से एकदम से भाग के चली गयी.

राहुल ने भी गहरी सास लेते हुए खुद के चेहरे पे अपना हाथ दे मारा...

राहुल (मैं में) : क्यों किया मेने ये? ी shouldn't हैवे दोने तहत... रेस्त्रां राहुल! रेस्त्रां योरसेल्फ!

सोचते हुए वो वाशरूम में चला गया...

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आज के लिए इतना hi गाइस!

धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 78



अब तक...

गहरी सास लेते हुए उसने खुद को कण्ट्रोल किया और दौड़ते हुए वह से एकदम से भाग के चली गयी.

राहुल ने भी गहरी सास लेते हुए खुद के चेहरे पे अपना हाथ दे मारा...

राहुल (मैं में) : क्यों किया मेने ये? ी shouldn't हैवे दोने तहत... रेस्त्रां राहुल! रेस्त्रां योरसेल्फ!

सोचते हुए वो वाशरूम में चला गया...

अब आगे...

शावर ों होते hi राहुल के सर पर पानी की बौछार पड़ती है और वो खुद को दोष दे रहा होता है की आखिर उसने ये सब क्यों किया? क्या ज़रुरत थी उससे आगे बढ़कर कुछ कहने की? नेहा आज सलवार सूट में थी, न जाने उससे देख कर राहुल को क्या हुआ की उसके मुँह से अपने आप hi निकल गया. शामे हाल कुछ नेहा का था.

दौड़ते हुए सीधे नेहा ऊपर टेरेस पर गयी, लम्बी लम्बी उखड़ी हुई सासें ले रही थी, उसका सीना ऊपर नीचे हो रहा था. अपने जज़्बातो को कण्ट्रोल करने की कोशिश कर रही थी. खुद को कलम करने की कोशिश कर रही थी.

नेहा : (क्या सोच के आया था मेरे पास? अब क्या चाहिए उससे मुझसे? अभी भी पीछा नहीं चोर्रा क्या उसने मेरा? फिर क्या सोच के मुझसे पूछा उसने की किसी हो? मेरा मज़ाक उड़ाने के लिए? सोच रहा होगा की में पिघल जाउंगी? पुरानी बातें सब भूल जाउंगी? हां! उसने मज़ाक hi तोह किया मेरे साथ? वर्ण वो क्यों ऐसा पूछने लगा मेरे से? दमन आईटी!!! में भी बताउंगी इससे...)

जब नहाने धोने के बाद राहुल वाशरूम से बाहर निकला तोह निकलते साथ hi उससे सामने रूम से बाहर आती तानिया दिखाई दी. तानिया ने भी जैसे hi राहुल को देखा तोह उसके परर वही थम गए, आखें फेल गयी और एक तक राहुल को देखने लगी वो. बदले में राहुल ने स्माइल किया और कुछ कहना चाहा पर उस से पहले hi तानिया रूम के अंदर वापस गयी और जोरर से गेट बंद कर दिया.

राहुल : (ये... अब इससे क्या हो गया? मुझे देखते hi चली गयी, नाराज़ है क्या मुझ से?)

अंदर दरवाज़े को बंद करते hi तानिया दरवाज़े से hi सात कर कड़ी थी और उसकी सासें बोहत तेज़्ज़ चल रही थी.

तानिया : (राहुल?? कब आया? Omg!!! मुझे बोहत शर्म आ रही है, मेरी हिम्मत hi नहीं हो रही उससे फेस करने की... अब कैसे जाऊ? पर जाना तोह पड़ेगा)

इनका मिलान हो उस से पहले hi निशा ऊपर आयी और सभी को हल्दी की रस्म के लिए नीचे चलने का कह की चली गयी. राहुल भी रेडी हुआ, कपडे पहन के उसके फौरन बाद hi सौरभ भी रेडी होक नीचे पहुँच गया.

तानिया अभी भी राहुल से मिलने से कटरा रही थी, उससे काफी शर्म आ रही थी. जब सभी लोग नीचे इखट्टे हो गए तोह महुअल थोड़ा अलग था.

इसलिए क्युकी बोहत सी लड़किया जो वह आयी हुई थी वो राहुल और सौरभ को पहली बार देख रही थी, और खुशूर पुसुर होना शुरू हो गया.

"यार ये कोण है?"

"ये बाँदा तोह नहीं था कल तक?"

"काफी हॉट है यार! रूचि दीदी का भाई है क्या?"

कुछ ऐसी hi बातें लड़कियों में होने लगी, राहुल और सौरभ इन् सब से अनजान फोटोज क्लिक करने में और सभी से बातो में लगे हुए थे. राहुल के पास भी कई लड़किया आयी और उसके गालो पर हल्दी जान बूझकर लगा के चली गयी.

ये देखते hi जैसे वंशु को रहा नहीं गया और वो आके सीधे राहुल के बगल से कड़ी हो के चिपक गयी. साथ hi साथ अंशु भी आ गयी.

नेहा निशा के साथ hi थी, रूचि दीदी को हल्दी लगायी जा रही थी क्युकी आज रात में शादी थी और ये रस्म शादी के जोड़ो की खूबसूरती बढ़ाने के लिए hi तोह बनायी गयी है.

हल्दी के लेप के बाद जो निखार आता है चेहरे पे उसकी कुछ बात hi अलग है. मस्ती करते हुए सभी एक दूसरे को हल्दी लगा रहे थे. तानिया के गालो पर भी हल्दी लगी हुई थी और वो रूचि दीदी के साथ hi उनके बगल में बैठी हुई थी.

शायद अभी भी शर्मा रही थी राहुल के करीब जाने में. बीच बीच में वो अपनी नज़रे चुरा के राहुल को देखती और फिर शर्मा के नज़रे नीचे कर लेती. यही हाल कुछ नेहा का भी था जो नज़रे चुरा चुरा के राहुल को देख रही थी पर उससे शर्म नहीं बल्कि कन्फूसिओं था.

जैसे hi हल्दी की रस्म ख़तम हुई, वैसे hi तानिया एकदम से राहुल के पास आयी, उसका हाथ पकड़ी और उससे ऊपर अपने कमरे में ले गयी, रूम को अंदर से लॉक किया और फिर पीठ दिखा के कड़ी हो गयी...

राहुल : ोये! छिपकली? तुझे हो क्या गया है? सुबह मुझे देखते hi तू एकदम भाग गयी और बात भी नहीं करि?

राहुल के इतना कहते hi तानिया पलटी और दौड़ के उसकी बाहो में आ के सिमट गयी.

*कुछ देरर बाद*

तानिया (ब्लश) : मुझे शर्म आ रही थी

राहुल : हाय्यएईए!!!

तानिया (ब्लश) : मत कर न प्लीज...

राहुल : चल अच्छा अब चोरर भी! नीचे सब इंतज़ार कर रहे होंगे...

तानिया (ब्लश) : चपडगंजु! तू भूला तोह नहीं न? तुझे याद है न?

राहुल : क्या? कोनसी बात?

तानिया : मुझसे बार बार मत बुलवा चपडगंजु! एक फटका मार दूंगी नहीं तोह...

राहुल : पर कोनसी बात?

तानिया : वही पार्क वाली...

तानिया को डर था की कही उसके प्रपोजल वाली बात राहुल भूल न जाए और उससे लिघ्टलय न लेले, इसलिए वो इस बात पर बोहत जोरर दे रही थी.

राहुल : ओह्ह्ह! एक बार याद तोह दिलाना ज़रा...

राहुल भी जान बुझ के उससे सताने के लिए भूलने का नाटक कर रहा था,

तानिया (ब्लश) : यही ki...I ...ी लव यू!!

राहुल (स्माइल्स) : ी लव यू तू! ये तोह तू भी जानती है. पर यार मेरी छिपकली कितनी बदल गयी है बताओ. जो मुझसे लड़ती थी, आज वो मेरे से ऐसे चिपकी हुई है बताओ

तानिया (ब्लश) : सब तुम्हारी वजह से... तूने hi मुझे ऐसा बनाया... हम्फ!!

धीरे धीरे तानिया अपने पंजो पर उठती है और अपनी नज़रे ऊपर कर राहुल के होंठो को देखने लगती है. राहुल कोई हरकत नहीं कर रहा था, वो बस स्थिर खड़ा हुआ था. और थोड़ी hi देरर बाद तानिया के होंठ राहुल के होंठो से मिल गए.

इतने महीनो बाद तानिया को वापस से वो एहसास मिला जिसके लिए वो कितने समय से बेचैन थी. राहुल के घर से जाने से पहले उसने राहुल के साथ किस्सेस की थी पर सिर्फ थोड़ी सी hi. अब चुकी राहुल यहाँ आ गया था तोह तानिया तोह पूरा हिसाब चुकता करने वाली थी.

एक अलग hi ख़ुशी हो रही थी उससे, अलग hi आनंद आ रहा था उससे, वो हलके हलके वाली किश कब पैशनेट हो गयी दोनों को hi पता नहीं चला. थोड़ी देरर के बाद दोनों अलग हुए, तानिया के चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान थी. एक संतुष्टि वाली मुस्कान.

खर्र! उसके बाद तोह समय यही व्यस्तता में गुज़र गया. राहुल ने बाद में रूचि दीदी से भी मुलाक़ात की और थोड़ी बोहत बातें भी की अकेले में. सौरभ अलग hi सातवे आस्मां में था क्युकी उससे एक लड़की लाइन जो दे रही थी, इसलिए वो यहाँ आके काफी खुश था और श्रुति नाम की लड़की के साथ अपनी सेटिंग जमाने में लगा हुआ था.

सारा दिन और शाम का समय तैयार होने में और बातो में hi निकल गया, अब सभी को वह जाना था जहा शादी होने वाली थी. उसके लिए कार्स तोह थी hi. सभी सजने सवारने में लगे हुए थे.

राहुल ने सूट डाला हुआ था और ये कहने की तोह बात hi नहीं की वो कितना जांच रहा था उसमे. सौरभ ने भी सूट hi डाला हुआ था.

लड़कियों की साइड किसी ने लेहंगा सलवार तोह किसी ने साड़ी पहनी हुई थी. कुल मिलाके सभी बोहत hi आकर्षक लग रहे थे.

समय बीता और शाम ढली, अँधेरा हुआ और सभी कार में बैठ के शादी वाली जगह पर पहुचे.

काफी पैसा खर्च किया था दोनों hi तरफ से, राहुल ने जो पेमेंट मिली थी उससे ख़ुशी को प्रोटेक्ट करने के लिए, उसमे से एक बोहत hi अच्छी सी रिंग रूचि दीदी को पहले hi गिफ्ट करदी थी.

शादी का कार्यक्रम आगे बढ़ा, जैसा की हर्र एक टिपिकल भारतीय हिन्दुओ की शादी में होता है, बिलकुल शामे वैसा hi माहौल था. जब राहुल सारे काम से फ्री हुआ तोह रिफ्रेशमेंट के लिए उसने एक कोल्ड ड्रिंक ली और साइड में खड़ा हो गया.

वो सभी पे नज़रे दाल रहा था पर उसका ध्यान कही और hi था.

दूर से नेहा देख रही थी की राहुल खड़ा हुआ कुछ सोच रहा है, और उससे पता नहीं क्या हुआ की वो आगे बढ़ते हुए राहुल के बगल से जाके कड़ी हो गयी. राहुल ने अभी तक नोटिस नहीं किया था की उसके बगल में नेहा आके कड़ी हुई है. उससे कोल्ड ड्रिंक में कुछ मज़ा नहीं आया इसलिए उसने गिलास वापस से साइड की टेबल में रख दिया. तभी उसकी इस हरकत का नेहा ने जवाब दिया,

नेहा : यहाँ शराब नहीं मिलेगी...

नेहा की आवाज़ सुनते hi राहुल ने उससे मुद में देखा. थोड़ा तोह वो भी सुरप्रीसेड था क्युकी नेहा ने आगे बढ़के कन्वर्सेशन चालू किया. कुछ चेंज था ये पुरानी नेहा से यदि कपड़े किया जाए तोह.

राहुल : शराब में पीटा भी नहीं...

नेहा : हर्र शराबी यही बोलता है...

राहुल (स्माइल्स) : हर्र शराब नहीं पीने वाला भी यही बोलता है

नेहा : पर दुनिया यकीन नहीं मानेगी... दुनिया की नज़रो में जो शराब नहीं पीटा वो भी शराबी है.

राहुल : (ये इससे क्या हो गया एकदम से? कही इसने तोह शराब नहीं पी राखी जो मुझसे आके बातें करने लगी?)

राहुल : दुनिया वालो से मुझे कोई लेना देना नहीं है.

सच बात तोह ये थी की नेहा ने कोई शराब नहीं पी राखी थी बल्कि वो पूरे होश में थी. वो यहाँ इसलिए आयी थी क्युकी वो सुबह का बदला लेना चाहती थी. वो भी बदले में राहुल से कुछ तीखी बातें करना चाहती थी, जैसे सुबह राहुल ने उसका मज़ाक बनाने के लिए कहा था. नेहा की नज़रो में वो मज़ाक hi था. और वो बड़ी हिम्मत करके अभी आयी हुई थी,

नेहा : दुनिया में परिवार नाम की चीज़ भी होती है...

राहुल : परिवार वालो के लिए मेरे दिल में स्पेशल जगह है.

नेहा : और कोण कोण है परिवार में? वो स्पेशल जगह पाने के लिए?

राहुल : माँ एंड डैड

नेहा को पता था उसका नाम नहीं लेगा राहुल, क्युकी वो उस से नफरत जो करता है, पर फिर भी कही न कही डायरेक्ट राहुल के मुँह से ये सुनके उसके दिल में थोड़ी चोट पहुची.

नेहा : और??

राहुल : और बाकी सब... वंशु दी, अंशु, ताऊ जी, तै जी, मां जी... सभी लोग

नेहा : और???

राहुल : और बस. और हां!! तनीषा दी, ऋचा, निकिता.

नेहा : ऋचा दी और निकिता तोह परिवार में आते hi नहीं.

राहुल (स्माइल्स) : जल्द hi आ जाएंगे

नेहा अपनी बॉहे सिकोड़ के राहुल को देखती है, वो राहुल का मतलब भली भाति समझ रही थी पर सबके नाम लेने के बाद भी राहुल ने नेहा का नाम नहीं लिया और ये बात अंदर hi अंदर नेहा को खाए जा रही थी भले hi वो इस फीलिंग से वंचित थी पर उसके दिल में यही बात थी.

नेहा : मेरा भी शामे है.

राहुल : ओह्ह्ह!!! गुड!!

दोनों तरफ से तीखे शब्द फेके जा रहे थे पर हार मान ने को कोई तैयार hi नहीं था.

नेहा : पर एक शक्श और था...

राहुल : ???

नेहा : पर अब उस शक्श का कोई महत्व नहीं है मेरे जीवन में

राहुल : ये तोह अच्छी बात है न

नेहा : हां! बेहद अच्छी बात!

तभी राहुल को सौरभ आवाज़ देता है तोह राहुल उसकी तरफ चला जाता है, और यहाँ नेहा की आँखों हलकी सी नाम हो जाती है और वो जान बुझ के मुस्कुराते हुए शादी के जोड़ो के पास चली जाती है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!

ी क्नोव अपडेट छोटा है पर इसको यहाँ पे hi ख़तम करना ज़रूरी था क्युकी इसके आगे का part लम्बा है और में उससे इन्क्लुडे करता तोह अपडेट हद्द से ज़्यादा लम्बा हो जाता.

इसलिए नेक्स्ट अपडेट में वो पूरा सन दिखा दूंगा.

धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 79



अब तक...

नेहा : पर एक शक्श और था...

राहुल : ???

नेहा : पर अब उस शक्श का कोई महत्व नहीं है मेरे जीवन में

राहुल : ये तोह अच्छी बात है न

नेहा : हां! बेहद अच्छी बात!

तभी राहुल को सौरभ आवाज़ देता है तोह राहुल उसकी तरफ चला जाता है, और यहाँ नेहा की आँखों हलकी सी नाम हो जाती है और वो जान बुझ के मुस्कुराते हुए शादी के जोड़ो के पास चली जाती है.

अब आगे...

शादी का कार्यक्रम आगे बढ़ा और धीरे धीरे मौज मस्ती के साथ, साड़ी रस्मो के साथ संपन्न हुआ और अब सुबह होने को आ गयी थी. विदाई की तैयारी हो रही थी. राहुल और बाकी सबको न सोने के कारण थकान महसूस हो रही थी. नेहा भी साड़ी नाईट जाएगी हुई थी तोह उसकी भी आँखों में नींद चढ़ी हुई थी और काफी सुस्ती थी.

जब विदाई का समय हुआ तोह हर्र लड़की की तरह रूचि भी रो पड़ी और अपने माँ बाप से लिपट कर सिसकने लगी. रूचि के हस्बैंड का नाम विजय था और राहुल ने शादी के फोटोशूट के दौरान विजय से अच्छी खासी बात कर ली थी जिस से राहुल को पता चल गया था की विजय एक अच्छा व्यक्ति है और रूचि दीदी का ख़याल बखूबी रखेगा. सभी से गले मिलने के बाद जब रूचि राहुल के पास आयी तोह उससे एक बार देखि, उसके गालो पर अपना मेहँदी से रचा हुआ हाथ सहलाया और फिर रट हुए उस से कास कर लिपट गयी.

राहुल भी रूचि दीदी को कास के हुग करते हुए, उन्हें रोने दिया.

राहुल : दीदी! भूल तोह नहीं जाओगी न?

रूचि (रट हुए) : पागल है क्या रे? फिरसे ऐसा कहा न तोह दो चमाट लगाउंगी...

रूचि की इस बात पे राहुल भी धीरे से मुस्कुराता है और एक बार फिरसे गले से लगा लेता है. बदले में रूचि भी उसके गालो और माथे को अपने होंठो से गीला करके जाने लगती है

तानिया भी काफी रोई, जिस बड़ी बहिन के साथ वो पाली बढ़ी, वो अब से उसके साथ नहीं रहेगी. उसका अपना जीवन है अब, अपना संसार और एक दिन तानिया को भी यही करना होगा. मैं में यही सोचते हुए तानिया की नज़रे राहुल पर टिक गयी.

सब कुछ समाप्त हो जाने के बाद, रूचि की विदाई हो जाने के बाद जब सभी घर को लौटे तोह सभी बोहत थके हारे थे. बड़े तोह फिर भी थोड़ी देरर और जागते रहे पर बच्चो और बाकियो को सोने को कह दिया गया ताकि आराम कर सके.

राहुल भी सौरभ के साथ अपने रूम में आ गया, बोहत से लोग जो घर में रुके हुए थे वो विदाई के बाद hi अपना बोरा बिस्तर समेत अपने अपने घर की और निकल चले. पर कई लोग अभी भी घर में ठहरे हुए थे और कुछ दिन और रुकने वाले थे.

जब आराम कर के सभी लोग दुबारा से तंदरुस्त फील करने लगे तोह सभी ने गैप शाप करते हुए समय बिताया, राहुल निशा के साथ काफी टाइम स्पेंड किया, वही अंशु वंशु भी साथ hi साथ राहुल के आगे पीछे घूमती रही. सौरभ श्रुति के साथ अपनी सेटिंग आगे बढ़ाने में लगा रहा. नेहा राहुल को चोरर सबसे बात करती. ऐसे hi रात का समय हुआ और अब बारी थी सोने की...

अंशु : भाई!! तुम आज हमारे साथ सो जाओ न!?

वंशु (ब्लश) : हां! कुटी! प्लीज!?

राहुल : उम्म्म...

तानिया : सॉरी! बूत राहुल आज मेरे साथ सोएगा. मुझे कुछ बातें करनी है उस से, आप लोग उसके साथ कल सो जाना. वैसे भी राहुल अभी 2 दिन रुकेगा यहाँ.

अंशु : पर??

तानिया : बोलते क्यों नहीं चपडगंजु!?

राहुल : उम्म्म!! O...okay!!

अंशु (मुँह फुलाते हुए) : गलत बात भाई!

वंशु : छोटी कोई बात नहीं! कुटी हमारे साथ कल ृक्क जाएगा. क्यों न हम कुटी को और कुछ दिन रोक ले.

अंशु : हां! दी! अब कही आपने सही बात! अस ा कंपनसेशन... भाई!! अब आपको यहाँ कुछ दिन और रुकना पड़ेगा और हमारे साथ सोना पड़ेगा.

राहुल : अच्छा!? और आपके माँ डैड घर नहीं जा रहे?

अंशु : मो डैड कल लौट जाएंगे घर पर हम चाचा चची और नेहा के साथ यही रुकेंगे और उनके साथ hi लौटेंगे हीहीही

राहुल : ओह्ह्ह्ह!!

जब डिनर के बाद जब सभी अपने अपने रूम्स और बिस्तर में जाने लगे तोह तानिया आयी और राहुल का हाथ पकड़ के उससे अपने रूम में ले गयी, और अंदर से रूम लॉक कर दिया.

राहुल : हां! तोह बोलो! कुछ इम्पोर्टेन्ट बात?

तानिया : कुछ नहीं!! ऐसे hi... पहले तुम ये पियो!

साइड में रखे स्टूल पर एक दूध का गिलास था जो तानिया ने उठा कर राहुल को दिया

राहुल : दूध??

तानिया (ब्लश) : हम्म!!

राहुल चुटिया नहीं था, रात को एक लड़की दूध का गिलास दे रही है पीने को और तोह और वो भी अकेले रूम में, इसका मतलब क्या हुआ?

पर राहुल ने बिना कोई सवाल किये दूध का गिलास ले लिया और धीरे धीरे तानिया को देखते देखते उसने दूध ख़तम किया.

वो जैसे आगे होने वाले सन का इंतज़ार कर रहा था. देखना चाह रहा था की तानिया क्या करती है!?

थोड़ी hi देरर बाद तानिया ने उससे बीएड पर लिटाया और तानिया उसके ऊपर लेत गयी और उसकी आँखों में देखने लगी. तानिया की आँखों में अभी बेशुमार प्यार था जो राहुल भी देख पा रहा था.

तानिया (ब्लश) : चपडगंजु!! ी लव यू! ी लव यू सो मच.

राहुल (ब्लश) : लव यू तू!

तानिया : अब मुझसे और इंतज़ार नहीं होता चपडगंजु!!

राहुल : ????

तानिया आगे बढ़ के राहुल के होंठ अपने मुँह में भर लेती है और पूरे आनंद के साथ उन् होंठो को मुँह में भरके चूसने लगती है. इस मीठी किश में राहुल भी अपने होश खो बैठा. तानिया जैसी लड़की आपको किश करे तोह भला कोण मर्द पीछे हट सकता है? राहुल का लुंड फौरन hi अपने रौद्र रूप में आ गया था और झटके मारने लगा था.

तानिया के गुलाबी और रसीले होंठ इतने मनमोहक थे की बस उन्हें चूसने का hi मैं कर रहा था. दोनों की किश धीरे धीरे इतनी पैशनेट हो गयी की उन्हें सास लेने में प्रॉब्लम होने लगी पर इसके बावजूद दोनों में से कोई नहीं रुका और जोरर जोरर से एक दूसरे की जीभ का मेल मिलाप करते हुए थूक को एक्सचेंज कर जम्म के चुम रहे थे. तानिया तोह एकदम मदहोश हो चुकी थी. उसने ये फैसला तभी कर लिया था जब उससे रूचि दीदी की शादी की डेट का पता चला था.

उसने उसी वक़्त ये फैसला कर लिया था की वो शादी के अगले दिन hi राहुल के साथ अपनी सुहाग रात मनाएगी ताकि वो उनके रिलेशनशिप को एक नए अंजाम पे पहुचा सके जहा से पीछे हटना नामुमकिन हो जाए, यही चाहती थी तानिया.

उधर उसकी बड़ी बहिन रूचि दीदी की सुहाग रात मैं रही होगी और इधर वो अपने चाहने वाले के साथ सुहाग रात मनाएगी. तानिया ये बात सोचते hi इतनी एक्ससिटेड थी की घर की दोनों बेतिया एक hi रात में सुहाग रात मनाएंगी और उस से भी ज़्यादा उससे ये बात एक्साइट कर रही थी की राहुल उसका भाई है.

दोनों एक दूसरे को ऐसे चूम रहे थे जैसे बरसो से बिछड़े हुए है. तानिया से अब ज़्यादा रहा नहीं गया और उसने फौरन राहुल की शर्ट उससे किश करते हुए उतार दी और फिर किश तोड़ के उसने अपना टॉप निकाल के फेक दिया. अब वो केवल एक वाइट ब्रा में थी.

तानिया के दूध अपनी निगाहो के जस्ट सामने देखते hi राहुल का लुंड एक और झटका मार दिया. ये वही तानिया थी जो उस से हमेशा लड़ती झगड़ती रहती थी. राहुल ये बात जानता था की तानिया का फिगर सभी में सबसे उत्तम का था. और जब उसके उरोज सामने देखे तोह राहुल तोह जैसे हिल hi गया. थूक गटकते हुए उसने एक बार तानिया के उरोजों को देखा उसके बाद तानिया के चेहरे को.

तानिया की आखो में उसके लिए असीम प्यार दिखाई दे रहा था. एक नशा था उन् आँखों में. समुन्दर के भाति प्यार और एक अजीब सी तालाब थी जो राहुल को बोहत आकर्षित कर रही थी.

तानिया को भी राहुल का चेहरा देख असीम आनंद की अनुभूति हो रही थी, फाइनली वो पल आ hi गया जिसका उससे सबसे ज़्यादा इंतज़ार था. वो अपने चाहने वाले के साथ पल गुज़ार रही थी. अभी उससे राहुल पे इतना प्यार आ रहा था की उसने फौरन राहुल का सर पकड़ा और सीधे अपने उरोजों में घुसेड़ दिया. इतनी कस के उसने राहुल के चेहरे को अपने स्तनों में भीचा की राहुल को सास लेना मुश्किल हो रहा था.

राहुल का चेहरा उस सुन्दर से क्लीवेज में धस्स चूका था और उसके सर के इर्द गिर्द तानिया के हाथ जोरर से बंधे हुए थे जैसे मानो तानिया किसी कीमती चीज़ को खोने से बचा रही हो.

तानिया अपना प्यार जताते हुए उसके बालो एवम माथे पर अनगिनत चुम्मियो की बरसात करने लगी और पुचकारते हुए राहुल का सर अपने क्लीवेज में घुसाने लगी.

इस प्रहार से तोह जैसे राहुल का लुंड विकराल रूप में आ गया और टेंट फाड़ने को तैयार था, उसके ऊपर बैठी तानिया को आलरेडी महसूस हो गया था राहुल का लुंड और वो शर्मा के अपनी कमर मटकाते हुए उससे और जोश दिलाने लगी.

राहुल से स्किन तो स्किन बदन मिलाने पर तानिया को एक अलग hi एहसास हो रहा था, उत्तेजना और आनंद में उसकी आँखें बंद होने लगी थी. राहुल की बॉडी और ठोस शरीर उससे इतना जोश दिला रहा था की वो हर्र जगह अपने हाथ से उससे सेहला रही थी और हर्र जगह उससे चूमती, चाटती. शामे हाल राहुल का था, तानिया का जिस्म उससे पागल कर रहा था, उसकी पतली कमर, खरबूज जैसे बड़े सुडोल ब्रा में क़ैद गोर गोर दूध और तानिया का कातिलाना चेहरा और नशीली आँखें सब कुछ उससे मदहोश करने पर मजबूर कर दिया.

होंठ चूमते चूसते राहुल ने दूध को फाइनली अपने गिरफ्त में लिया और अपने हाथो से उन्हें दबोचा और उसके बाद जो उससे जोश चढ़ा है तोह तब तोह मानो जैसे राहुल किसी जन्नत में आ गया हो ऐसा फील होने लगा उससे. धीरे धीरे राहुल की पकड़ ताकतवर हो गयी और वो जोरर जोरर से उन्हें भींचने लगा बिलकुल वैसे जैसे आता गूंधते वक़्त किया जाता है.

सिकियो की आवाज़ शुरू हो गयी और तानिया हर्र के प्रहार पर बहकने लगी.

तानिया : aaahhhh...aahhhhhh....sssss...aaahhh

Aaaaaaaaaahhhhmmmmmm....yessssss....

बॉब्बीययययय.....

राहुल : चपडगंजु से सीधा बेबी!?

तानिया : जब सिर्फ में और तुम रहेंगे अकेले तोह बेबी...

मुस्कुराते हुए राहुल ने ब्रा भी हटा दी और अब सामने थे नंगे खुले हुए गोर गोर दूध, पिंक निप्पल्स के साथ. राहुल से रहा नहीं गया और उसने सीधा अपना मुँह खोला और निप्पल पे दे मारा और मुँह में भर कर उससे पागलो की तरह चूसने लगा जैसे उसमे से दूध निकाल कर hi रहेगा.

तानिया : aaahhmmmmmmmmmm...ssssssss... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ rahulllll.....babyyyyyyyy....tumm....tum soch...bhi nahi...sakte....ki...ki... मेने इस pal...ka....aaaahhhmmmm...kitna इंतज़ार किया hai....rahullll.....ohhhhh my...g*d.... Yessss..aaaaaaaahhhhhhhh....ummmmmmmmmm

सिसकी लेते लेते उसके गाल लाल हो चुके थे और राहुल के भी क्युकी उसकसला चेहरा उन् स्तनों में जो घुसा हुआ था. राहुल ने तानिया को अपने नीचे लिटाया और जमके उसके ऊपर चढ़ के दूध की चुसाई शुरू कर दिया.

निप्पल पे अपनी जीभ फिराता, उससे छेड़ता, काटता, चुम्मी देता, मुँह में भरता, और सब कुछ करता जिस से बेचारी तानिया पागल सी होने लगी. ऐसा एहसास उसने पहले कभी महसूस नहीं किया था. राहुल बीच बीच में उसके ऊपर चढ़ के उसकी गर्दन तोह कभी होंठ, कभी गाल, कभी गाला, कभी दूध, सबका स्वाद चख रहा था.

तभी उसने एक बार फिरसे पूछ लिया, क्युकी अभी वो इस पॉइंट पर थे जहा से वापस जाय जा सकता था पर यदि इस से आगे बढे तोह वापस नहीं जाय सकता था.

राहुल : तानिया! अरे यू सूरे!?

राहुल के इस सवाल से तानिया बिना कुछ कहे ृक्क कर उससे देखने लगी और फिर बोली,

तानिया : दो यू लव में लिखे ी दो?

राहुल : ी लव यू!

तानिया : बिलकुल वैसे hi जैसे में प्यार करती हु? एक लवर की तरह?

राहुल : यस! ी दो!

तानिया (स्माइल्स) : तोह बस फिर अब देररि मत करो राहुल! मुझे अपना बना लो बस. में और कुछ नहीं चाहती... में नहीं चाहती मेरी शादी किसी और से होये. ी लव यू और मुझे सिर्फ इतना पता है की प्यार में सब जायज़ है.

राहुल : तानिया...

तानिया : तोह क्या हुआ यदि हम भाई बहिन है! यदि हम सेज भाई बहिन भी होते राहुल, तोह भी में पीछे नहीं हटती और मेरी फीलिंग्स तुम्हारे लिए हरगिज़ नहीं बदलती.

राहुल (भावुक होते हुए) : तानिया...

तानिया (नम्म आँखों से) : नाउ मेक में योर्स राहुल. आओ और मुझे भोगो और हमेशा हमेशा के लिए अपना बना लो. ी don't केयर अबाउट अन्य समाज एंड आल. में सिर्फ तुम्हारे साथ रहना चाहती हु और आज में ये खुल के बोल रही हु. में सिर्फ तुम्हारी हु और किसी और के साथ कभी शादी नहीं करुँगी, ी लव यू, ओनली यू!! प्लीज! मेक में योर्स!!

भावुकता में राहुल आगे बढ़ के जोरर से तानिया को पकड़ के उसके होंठ चूमने लगता है और बदले में तानिया भी जोरर से किश देते हुए रिस्पांस करती है.

अगले hi पल राहुल तानिया का पयजामा उतार देता है और साथ hi साथ पंतय भी उतार देता है. अपनी बहिन तानिया को नंगा बीएड पर लेता देख कर राहुल के मैं में अंदर hi अंदर लड्डू फुट रहे थे.

तानिया शर्माते हुए अपने हाथो से अपना चेहरा धक् लेती है पर छूट को उसने नहीं ढाका. कोमल, मखमल सी गोरी चिट्टी और क्लीन शवेद छूट देख के राहुल का जोश अलग hi लेवल पे था. आगे बढ़ के उसने पहले तानिया के पेट पर किश किया जिस से तानिया की आह निकल गयी. उसके बाद उसकी नाभि में जीभ दाल कर तानिया को फिरसे मदहोश किया और फिर अगले हमले से तोह तानिया की जोरर से एक ाःह निकल गयी.

राहुल ने अपना मुँह सीधा तानिया की छूट पर दे मारा और उससे जंगली जानवर की तरह चूसने चाटने लगा. जीभ को छूट के थोड़ा अंदर भी करता जितना जाती और फिर छूट के दाने को मुँह में भर के उससे चबाता, चूसता और काटता.

तानिया पागलो की तरह सिसकिया ले रही थी और मदहोशी में खो चुकी थी पूरी तरह. राहुल ने छूट पर जैसे धावा बोल दिया था, हर्र हमला तानिया को अलग चरण पर ले जा रहा था.

कुछ देरर की चुसाई के बाद hi तानिया आलरेडी 2 बार बुरी तरह जहर गयी थी. उसने फौरन राहुल का लोअर उतारा और साथ hi साथ अंडरवियर. जैसे hi अंडरवियर को तानिया ने हटाया, एक मुस्सल सी गरम रोड उसके चेहरे पर आ कर जोरर से लगी.

तानिया आखें फाड़े बस राहुल के लुंड को hi देख रही थी. देख रही थी की लुंड कितना बड़ा था. एक मोटा, लम्बा और चमड़े से भरपूर लुंड जिसपर ऊपर से नस भी दिखाई दे रही थी और उसके ऊपर की टोपी इतनी गुलाबी थी की तानिया ये सब देखते hi सेहम गयी.

तानिया ने राहुल को देखा और फिर लुंड को, राहुल समझ गया था की तानिया डर गयी है इसलिए उसने तानिया को कंधे से पकड़ते हुए उससे आस्वाशन दिया. ये पहली बार था जब तानिया किसी का लुंड लाइव देख रही थी अपनी आँखों के सामने.

तानिया ने पोर्न देखि हुई थी और उससे पता था की छूट में डालने से पहले लड़किया लुंड को अपने मुँह में लेकर उससे गीला करती है, उससे चूसती है, चाटती है और वो उसी स्टेप के लिए खुद को तैयार कर रही थी.

तानिया ने बिना कोई झिजक के आगे बढ़ते हुए अपना मुँह खोला और गुलाबी टोपे को पहले प्यार से चूमा, उसकी इस हरकत से राहुल की सिसकी निकला गयी.

फिर तानिया ने अपना मुँह और खोला और सीधा जितना हो सकता था उतना लुंड अपने मुँह के अंदर भर लिया. तानिया को लुंड का स्वाद कुछ समझ नहीं आया पर वो बिलकुल भी पीछे नहीं हटना चाहती थी, आखिर राहुल ने भी तोह उसकी छूट को चूसा था तोह भला वो कैसे पीछे हट सकती है? राहुल ने बिना कोई भाव दिखाए पूरे मैं के साथ उसकी पेशाब वाली जगह पर मुँह लगाया तोह भला तानिया उसके लिए बदले में शामे चीज़ नहीं कर सकती?

वो भी दिखाएगी की वो कितना प्यार करती है राहुल से, यही सोचते हुए तानिया जोरर जोरर से राहुल के लुंड को अंदर बहार मुँह में करते हुए थूक लगाते हुए चूसने लगी. लुंड थूक से गीला हो चूका था पूरा, तानिया पूरा लुंड मुँह में ले भी नहीं पा रही थी पर जितना हो पा रहा था अपनी पूरी कोशिश कर रही थी.

राहुल से अब और रहा नहीं गया और उसने सीधे तानिया को बिस्तर पर लिटाया और उसकी टांगें फैलाते हुए छूट के दर्शन किया पहले उसके बाद अपना लुंड छूट पर रगड़ने लगा. तानिया को पता था अब दर्द होएगा.

राहुल : don't वोर्री! शुरू में बस दर्द होएगा तानिया बाद में अच्छा लगेगा

तानिया : बेबी! ी क्नोव! यू जस्ट दो आईटी! दर्द तोह होना hi है. दर्द में भी अलग hi मज़ा है. तुम बेरहमी से करो मेरे साथ. मुझे भुलाए न भूले ये रात.

उसकी इस बात से राहुल का लुंड झटका मार दिया और राहुल ने सीधे लुंड छूट पर टिकाया, एडजस्ट किया और लगा कर एक करारा शॉट दिया.

राहुल को पता था आवाज़ आएगी इसलिए उसने तानिया मुँह के अंदर कपडा रखने को कह दिया था और तानिया ने वैसा hi किया.

एक शॉट में hi अआधा लुंड छूट की दिवार को चीरता हुआ अंदर घुस गया और इसके साथ hi तानिया की आँखें फटी की फटी रह गयी, उसकी कमर अकड़ गयी, और आँखों से ासु निकल पड़े. कपडा फसा होने के कारण उसकी आवाज़ एक हम्म्म्म में डाब के रह गयी...

तानिया की हालत hi खराब हो गयी. वो रट हुए राहुल को देखे जा रही थी. राहुल को पता था उसका दर्द इसलिए उसने तानिया को हुग किया और थोड़ी देरर वही ृक्क गया.

मुँह से कपडा निकाल कर उसने तानिया को बेतहाशा चूमा और उसका दर्द काम होने दिया फिर जब तानिया को लगा की उसका दर्द काम हो गया है तभी राहुल ने एक ज़ोरदार हमला और किया और सारा का सारा लुंड तानिया की छूट के अंदर पेल दिया. इस हमले से तानिया की पीठ फिरसे अकड़ गयी पर बेचारी चींख नहीं पायी क्युकी उसका मुँह तोह राहुल के मुँह में क़ैद था.

करीब 15 मिनट बाद ऐसे hi लुंड को छूट में दाल कर राहुल ने जब कोई हरकत नहीं की और सिर्फ किस्सेस करि तोह तानिया बोहत हद्द तक कलम हुई और धीरे धीरे अपनी कमर हिलाना स्टार्ट कर दी, इशारा मिलते hi राहुल ने फिर धीरे धीरे आगे पीछे होने स्टार्ट कर दिया और धीरे धीरे गति भद्दा दी...

अब कमरे में केवल फस्छ फस्छ और दोनों की सिसकियों की आवाज़ें आ रही थी...

तानिया : ाः ओह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्हह्ह आआह्ह्ह्ह एससससस babbbyyy...aise hiiii...aaaahhhh ज़ोरररर seee...uhhhhmmmmmm.... में गईइइइइइइइ

तानिया तीसरी बार जहर चुकी थी, ऐसे ओर्गास्म से उसकी आँखें hi पलट गयी. पर राहुल अभी अपनी मंज़िल पर नहीं आया था. जोरर जोरर से धक्के पेलता हुआ राहुल धुआँधार पारी खेल रहा था. बीएड चररर चररर की आवाज़ करते हुए हिल रहा था और लुंड के अंतुले छूट के मुँह से टकराते हुए फैट फैट की आवाज़ कर रहे थे, छूट अंदर गीले होने के कारण फच्च फच्च की आवाज़ कर रही थी.

जब राहुल झरने के करीब आया तोह उसने इशारे में तानिया से पूछा की पानी कहा गिराना है और उसके जवाब में तानिया ने दोनों टांगें राहुल की कमर पर कास दी...

कुछ hi देरर बाद राहुल इतनी जोरर से झरा और इतनी देरर तक झाड़ा की एक बार फिर तानिया की आँखें पलट गयी और राहुल वही उसके ऊपर hi हफ्ते हुए लेत गया और दोनों कुछ hi देरर में नींद की वादियों में चले गए.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
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