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और दरवाज़ा बंद क्र की जा की ड्रेसिंग टेबल की सामन्य खरी हो गए ..... अपनी दोनों हाथों को ड्रेसिंग टेबल पी रख की झुक गए ..... खुद की अक्स को आंय मैं देखनी लगी ....... उसकी सांसें लम्बी लम्बी चल रही थीं ....... गहरी ....... जिस सी उसका सीना ऊपर को उठ रहा था ............ महीन की आँखों की सामन्य निक का चेहरा घूम रहा था ...... जो बहार लाउन्ज मैं बैठा उसका इन्तिज़ार क्र रहा था ........ महीन की नज़र अपनी फटती होइ शर्ट पी पारी ....... शर्ट ाग्य सी खुली होइ थी .......... उसकी डॉटेड ब्रा और उसमें क़ैद उसकी गूरी गूरी मम्मी नज़र आ रही थय ........ जो उसकी साँसों की साथ साथ ऊपर नीची हो रही थय .........
क्या निक न्य भी इनको ऐसी hi देखा है .......... महीन को ख्याल आया ........ और फिर वह खुद सी hi शर्मा गए ....... उसका दिल अभी भी ज़ोर ज़ोर सी धारक रहा था ... महीन न्य खुद को संभालती होय अपनी फटती होइ शर्ट उतारी ..... और कप्बोर्ड सी एक नए शर्ट लय की पहन ली ...... और खुद पी एक नज़र दोबारा डाली आंय मैं ........ उसका निचला होंठ थोड़ा सा सूज गया हो था ..... मगर अब उस सी ब्लड नहीं निकल रहा था ..... ब्लड तो निक न्य चूस लय था ..... यह ख़याल आती hi महीन की होंठों पी हलकी सी मुस्कराहट फैल गए ........... फिर महीन अपनी बैडरूम सी निकल की लाउन्ज मैं आगये ......
निक अभी भी वहीँ बैठा होआ था ........ महीन लाउन्ज मैं आ की निक की सामन्य बेथ गए .... अपनी नज़रें झुका की ......... फिर वीर्य सी बोली ...
महीन ...... तहँक यू सर ......
निक भी सिर्फ मुस्करा दया ........ महीन की तरफ गहरी नज़रों सी देखती होय ........ महीन की नज़रें निक सी मिलीं और फिर उसनी अपनी नज़रें झुका लीन ........ उसका दिल फिर सी ज़ोर ज़ोर सी धरकनी लगा था .......... जिसम मैं कुछ होनी लगा था .... चेहरी पी लाली फैलनी लगी थी ........ महीन घबरा की उठी और बोली ......
महीन ....... आप बैठो . मैं कॉफ़ी लाती हों .....
यह कह की महें किचन मैं चली गए .... किचन की शेल्फ पी अपनी हाथ रख की झुक की लम्बी लम्बी सांस लेंय लगी ......... फिर सी खुद को संभालनी की लय ........ फिर महीन न्य कॉफ़ी मेकर ों क्र दया ........ इतनी मैं उसी अपनी पिच्य किसी की पैरों की आवाज़ सुनाई दी ......... महीन का दिल की धरकन तेज़ हो गए ....... वह समझ सकती थी की यह निक hi है ........... वह अपनी सूखती होय गले की साथ दरवाज़ी की तरफ पीठ क्र की खरी रही ........ कॉफ़ी मेकर पी अपनी नज़रें जमाय होय .......
निक ाहसिता ाहसिता महीन की पिच्य आया ..... और आहिस्ता सी अपना हाथ बढ़ा की महीन की बेल्ली पी रख दया ......... sssssssssssssssssssssssssssss ............ महीन की होंठों सी एक सिसकारी सी निकल गए ......... उसकी आंखें बंद होनी लगीं ......... निक न्य आहिस्ता सी झुक की अपनी होंठ महीन की कान सी लगाय और वीर्य सी बोलै .........
महीन ....... यू अरे सो ब्यूटीफुल ............
यह कहती होय उसनी अपनी होंठ महीन की गर्दन पी रखी और उसी चूम लय ........... aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh ...... की आवाज़ की साथ hi महीन की आंखें बंद हो गईं और उसकी गर्दन एक तरफ को टिल्ट हो गए .......... जैसी निक की होंठों को पूरी एक्सेस दी रही हो ...........
निक आहिस्ता ाहसिता महीन की गर्दन को किश करनी लगा .... उसकी बेल्ली पी अपनी हाथ फैरती होय ......... उसकी बेल्ली को अपनी बरी सी मुठी मैं दबाती होय ....... अपनी उंगलयूं सी उसी चुटकी काट तय होय ........ महीन की होंठों सी सिसकार्यं निकल रही थीं ............ निक की हाथ महीन की बेल्ली पी ऊपर को सिरकनी लगी ........ महीन की सीने की उभारों की तरफ ........ उसकी बूब्स की तरफ ......... जैसी जैसी निक की हाथ ऊपर को सिरक रही थय ... वैसी वैसी hi महीन की सांसें भी ऊपर नीची हो रही थीं ...... और फिर ....... आखिर कार ........ पहली बार ........ निक की भारी भरकम हाथों न्य महीन की शर्ट की ऊपर सी ..... उसकी बूब्स को थाम लय ....... महीन की बूब्स ....... उसकी भारी भरकम हाथों मैं छोटे छोटे hi लग रही थय ......... अपनी हाथों की ग्रिफ्ट मैं लय की निक न्य उनको आहिस्ता सी दबाया ...... और महीन की मुंह सी aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh sssssssssssssssssssssssss ......... की आवाज़ निकल गए ........... निक न्य खुद को महीन की पिच्य चिपका दया ...... खुद को उसकी बैक की साथ प्रेस करनी लगा ......... महीन को निक की पंत का उभार फील होनी लगा .......... काफी बारे .......... और ख़ौफ़ज़दा क्र देंय वाला ...... सख्त .......... हार्ड ........ महीन का जिसम हिली बिना नहीं रह सका ........ खुद को आहिस्ता सी उसकी साथ प्रेस कए बिना ..........
कुछ देर तक निक महीन की बूब्स को सहलाता रहा ........ आहिस्ता आहिस्ता दबाता रहा ........ उसकी शर्ट और ब्रा की ऊपर सी hi ............... और फिर अपनी हाथ हटा की महीन की कमर पी रखी और आहिस्ता सी उसी घुमा दया ........ महीन का चेहरा अब निक की सामन्य था ......... महीन की आंखें खुल गईं .......... उसकी नज़रें निक की नज़रों सी मिल गईं .......... निक भी महीन की आँखों मैं देख रहा था ......... जहाँ उसी प्यास hi प्यास नज़र आ रही थी .......... और महीन थी भी प्यासी ........ पिछली काफी दिन सी ...... जब सी विनोद इंडिया गया था ............. इसी लय तो वह निक की ऐसी शून्य सी पिघलती जा रही थी ........... खुद को उसकी सुपुर्द करती जा रही थी ............
निक न्य महीनकी कमर पी हाथ रखी और उसकी आँखों मैं देखती होय आहिस्ता आहिस्ता ाग्य को झुक की एक बार फिर सी अपनी काली होंठ महीन की गुलाबी होंठों पी रख डाई ........... महीन न्य कोई मज़ाहिमत नहीं की ........ अपनी होंठ निक की होंठों की सुप्रुद क्र डाई ......... जिस न्य अपनी मोटे मोटे होंठों की साथ महीन की होंठों को चूसना शुरू क्र दया ...... निक की हाइट महीन सी ज़्यादा थी ....... निक किश करनी की लय नीची को झुका होआ था ........ और महीन उसको किश का जवाब देंय और उसका साथ देंय की लय अपनी सर को ऊपर को उठाय होय थी ....... निक की दोनों हाथ महीन की कमर पी थय ........ जैसी वह सहलाती होय महीन की होंठों को चूस रहा था ........ निक न्य एक बार फिर सी अपनी जुबां को महीन की होंठों मैं दाल दया ....... और महीन अब की बार बिना कुछ सोची ...... बिना कोई रेसिसित कए उसकी जुबां को चूसनी लगी ...... अपनी होंठों मैं लय की ........ अपनी मुंह की अंदर तक खींचती होय ....... महीन की कमर पी फिसलती होय निक की हाथ नीची को आती और कभी ऊपर को चले जाती ........ नीची आती होय उसकी हाथ महीन की हिप्स को दबानी लगती ..... सहलानी लगती .......... और ऊपर आ की उसकी पूरी कमर को सहलाती और उसकी ब्रा की स्ट्रैप्स को ाच्य सी फील कृत्य उसकी शर्ट की ऊपर सी hi ............ निक की हाथों की जादू सी महीन का जिसम गरम होनी लगा था ........... और इतनी दिंनोन सी जिस प्यास को ........ अपनी जिसम की जिस आग को वह दबा रही थी ...... उसी निक न्य जगा दया था .......... निक की होंटो को चूमती और उनको चूसती होय महीन को अहसास हो रहा था की निक की होंठ आसिफ और विनोद सी कितनी डिफरेंट हैं ........ यह मोटे मोटे और सख्त थय ....... और उन दोनों की पतली और नरम ............. इतनी भी नरम नहीं मगर निक की मुक़ाबली मैं नरम थय ........ आसिफ और विनोद की होंठों की तरह सुराख़ नहीं बल्कि काले सेयह ... ..... मगर महीन इस कंट्रास्ट को इग्नोर कृत्य होय बस निक की होंठों को चूस रही थी ............ उनका स्वाद लय रही थी ........... उनकी मज़े मैं डूबती जा रही थी ........
महीन की होंठों को किश कृत्य होय निक न्य अपना हाथ महीन की शर्ट की अंदर दाल दया ............ और उसकी नंगी कमर को सहलानी लगा .......... निक की खुर्दरी सख्त हाथ पहली बार महीन की नंगे जिसम को चूय तो महीन का जिसम कैंम्प सा गया ....... उसकी भारी भरकम हाथों की गर्मी सी ......... उसकी सख्ती सी .............. उस अजनबी टच सी ........ महीन की जिसम की तरप मैं इज़ाफ़ा होनी लगा ............ .......... आहिस्ता आहिस्ता ......... ऐसी hi किसिंग कृत्य होय .......... महीन को बी काबू कृत्य होय ....... मदहोश कृत्य होय निक न्य महीन की शर्ट को पकड़ा और उसी ऊपर को उठानी लगा ......... महीन न्य अपनी आंखें खोल की निक की आँखों मैं देखा ........ और वीर्य सी बोली .......... nnnnnoooooooooooooooo ...........
निक न्य हल्का सा उसकी शर्ट को ऊपर को खींचती होय आहिस्ता सी कहा ............. pleaseeeeeeeeeeeeee महीन .........
निक की रिक्वेस्ट सुनती होय महीन की हाथ खुद सी hi ऊपर को उठ गए .......... अपनी शर्ट उतरवानी की लय ....... और निक न्य भी आहिस्ता आहिस्ता उसकी शर्ट को ऊपर को उठाना शुरू क्र दया ........ उसकी बाज़ूओं मैं लय जाती होय उसी महीन की खूबसूरत सुफैद जिसम सी अलग क्र की वहीँ काउंटर पी रख दया .......... महीन शर्मा की रह गए ......... उसका ऊपरी जिसम निक की सामन्य नंगा था ...... उसकी बॉस की सामन्य .......... जो कब सी उसकी पिच्य पारा होआ था .......... महीन शर्मा गए ....... सिमट की रह गए .......... शर्मा की महीन न्य अपनी साइड चेंज क्र ली ....... और एक बार फिर किचन काउंटर की तरफ मुंह क्र लय .... और अपनी पीठि निक की तरफ ........ अपनी दोनों हाथ काउंटर पी रख की लम्बी लम्बे सांस लेनी लगी ........... निक की तरफ महीन की बैक थी ........ उसकी गोरी चिकनी सुफैद कमर ............ जिस पी सिर्फ और सिर्फ ब्रा की हुक्स और स्ट्रैप्स थय ....... वही ब्रा जो महीन की खूबसूरत बूब्स को छुपाय होय थी ........ उनको जकराय होय थी ............. जो उसकी साँसों की साथ आहिस्ता ाहसिता ऊपर नीची हो रही थय .............
महीन की गोरी कमर को देखती होय निक नीची झुका और एक बार अपनी होंठ महीन की कमर पी रख की उसी चूम लय ........... महीन की पूरी जिसम मैं करंट सा दौड़ गया ............ निक की गरम गरम काली होंठ उसकी नंगे जिसम को शून्य की साथ hi ........... अपनी हाथों सी महीन की कमर को सहलाती होय निक अपनी हाथ ाग्य को लय जांय लगा .......... और हाथ ाग्य ला की अपनी दोनों हाथ महीन की ब्रा की ऊपर सी hi उसकी बूब्स पी रख डाई ............ महीन का जिसम एक बार फिर सी हिल की रह गया ................. और उसकी मुंह सी फिर सी सिसकारी निकल गए .................
निक की महीन की बूब्स को अपनी हाथों मैं लय और एक बार फिर सी उनको आहिस्ता आहिस्ता दबानी लगा .......... महीन की नैक को आहिस्ता ाहसिता चूमती होय ........... एक बार फिर सी उसनी महीन को अपनी तरफ तरुण क्र दया .............
महीन जल्दी सी खुद की नंगे हो रही होय बूब्स को अपनी बाज़ोँ सी छुपानी लगी जो अभी भी उसकी ब्रा मैं hi थय ..... ........... मगर निक न्य उसकी हाथों को पाकर लय और उसकी हाथों को उसकी सर की ऊपर लय जा की अपनी एक मज़बूत हाथ मैं पाकर लय ........... महीन न्य कोई मज़ाहिमत नहीं की ................ अब महीन का खूबसूरत जिसम और उसकी खूबसूरत बूब्स एक ब्रा मैं निक की आँखों की सामन्य थय .......... पिंक डॉटेड ब्रा की इलावा महीन की ऊपरी गूरे नंगे जिसम पी एक भी कपड़ा नहीं था ...........उसकी सीने की उभार सर ताने होय खरी थय ............. जैसी निक सी पूछ रही हों की उसी वह कैसी लग रही हैं ............
निक महीन की हाथों को ऊपर उठाय होय उसकी बूब्स को देख रहा था ....... महीन की ुंडेरर्मः भी नंगी थीं .......... निक की सामन्य ....... बिलकुल चिकनी ..... बलून सी पाक ...... एक भी बाल नहीं था उन मैं ......... निक उनको देखता रहा ......... फिर वीर्य सी अपना मुंह महीन की ुंडेरर्मः की पास लाया ......... और अपना नाक वहां रख की उसी ज़ोर सी स्मेल करनी लगा ......... महीन को अजीब सा लगा ....... गुदगुदी सी होइ ........ मगर उस सी ज़्यादा अजीब तब लगा जब निक न्य ......... उसकी बॉस न्य महीन की आर्मपिट को अपनी जुबां सी चाटना शुरू क्र दया .......... अपनी जुबां महीन की चिकनी बग़ल मैं पहिरण्य लगा ........... आहिस्ता आहिस्ता ऊपर नीची ...... नीची ऊपर .......... और महीन की लज़्ज़त की मारी आंखें बंद होनी लगीं ..............
कुछ देर तक अपनी जुबां को वहीँ पहिरण्य की बाद ............... निक न्य नीची झुक की महीन की दोनों बूब्स की दरम्यान बन रही होइ उसकी लकीर पी अपनी काली होंठ रख डाई ........... और उस को चूमा ........... फिर महीन की ब्रा की ऊपरी हिस्से सी निकल रही होय उसकी बूब्स की ऊपरी हिस्सों को चूमनी लगा .................. और फिर अपनी जुबां महीन की क्लीवेज मैं पहिरण्य लगा .......... उसी चैतन्य लगा ............ अपनी लम्बी सुराख़ जुबां सी ....... अपनी जुबां को महीन की ब्रा मैं क़ैद बूब्स की दरम्यान बानी होइ टाइट और तंग लकीर मैं ग़ुस्सानी लगा ............ उसी चैतन्य की लय . .......... महीन की होंठों सी सिसकार्यं निकालनी लगीं .............. उसकी हाथ खुद सी hi निक की शोल्डर पी आ गए ......... और उनको पाकर लय अपनी सहारी की लय ..........
फिर निक न्य आहिस्ता सी उसी उठा की किचन काउंटर पी बिहटा दया ........ महीन उसी की तरफ देख रही थी ......... निक न्य नीची झुक की अपनी काले काले होंठ महीन की ब्रा की ऊपर सी hi उसकी बूब्स पी रखी और उसकी निप्पल्स को अपनी दांतों मैं लेंय की कोशिश करनी लगा ....... चूसनी की लय ...... काटनी की लय ..............
क्या निक न्य भी इनको ऐसी hi देखा है .......... महीन को ख्याल आया ........ और फिर वह खुद सी hi शर्मा गए ....... उसका दिल अभी भी ज़ोर ज़ोर सी धारक रहा था ... महीन न्य खुद को संभालती होय अपनी फटती होइ शर्ट उतारी ..... और कप्बोर्ड सी एक नए शर्ट लय की पहन ली ...... और खुद पी एक नज़र दोबारा डाली आंय मैं ........ उसका निचला होंठ थोड़ा सा सूज गया हो था ..... मगर अब उस सी ब्लड नहीं निकल रहा था ..... ब्लड तो निक न्य चूस लय था ..... यह ख़याल आती hi महीन की होंठों पी हलकी सी मुस्कराहट फैल गए ........... फिर महीन अपनी बैडरूम सी निकल की लाउन्ज मैं आगये ......
निक अभी भी वहीँ बैठा होआ था ........ महीन लाउन्ज मैं आ की निक की सामन्य बेथ गए .... अपनी नज़रें झुका की ......... फिर वीर्य सी बोली ...
महीन ...... तहँक यू सर ......
निक भी सिर्फ मुस्करा दया ........ महीन की तरफ गहरी नज़रों सी देखती होय ........ महीन की नज़रें निक सी मिलीं और फिर उसनी अपनी नज़रें झुका लीन ........ उसका दिल फिर सी ज़ोर ज़ोर सी धरकनी लगा था .......... जिसम मैं कुछ होनी लगा था .... चेहरी पी लाली फैलनी लगी थी ........ महीन घबरा की उठी और बोली ......
महीन ....... आप बैठो . मैं कॉफ़ी लाती हों .....
यह कह की महें किचन मैं चली गए .... किचन की शेल्फ पी अपनी हाथ रख की झुक की लम्बी लम्बी सांस लेंय लगी ......... फिर सी खुद को संभालनी की लय ........ फिर महीन न्य कॉफ़ी मेकर ों क्र दया ........ इतनी मैं उसी अपनी पिच्य किसी की पैरों की आवाज़ सुनाई दी ......... महीन का दिल की धरकन तेज़ हो गए ....... वह समझ सकती थी की यह निक hi है ........... वह अपनी सूखती होय गले की साथ दरवाज़ी की तरफ पीठ क्र की खरी रही ........ कॉफ़ी मेकर पी अपनी नज़रें जमाय होय .......
निक ाहसिता ाहसिता महीन की पिच्य आया ..... और आहिस्ता सी अपना हाथ बढ़ा की महीन की बेल्ली पी रख दया ......... sssssssssssssssssssssssssssss ............ महीन की होंठों सी एक सिसकारी सी निकल गए ......... उसकी आंखें बंद होनी लगीं ......... निक न्य आहिस्ता सी झुक की अपनी होंठ महीन की कान सी लगाय और वीर्य सी बोलै .........
महीन ....... यू अरे सो ब्यूटीफुल ............
यह कहती होय उसनी अपनी होंठ महीन की गर्दन पी रखी और उसी चूम लय ........... aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh ...... की आवाज़ की साथ hi महीन की आंखें बंद हो गईं और उसकी गर्दन एक तरफ को टिल्ट हो गए .......... जैसी निक की होंठों को पूरी एक्सेस दी रही हो ...........
निक आहिस्ता ाहसिता महीन की गर्दन को किश करनी लगा .... उसकी बेल्ली पी अपनी हाथ फैरती होय ......... उसकी बेल्ली को अपनी बरी सी मुठी मैं दबाती होय ....... अपनी उंगलयूं सी उसी चुटकी काट तय होय ........ महीन की होंठों सी सिसकार्यं निकल रही थीं ............ निक की हाथ महीन की बेल्ली पी ऊपर को सिरकनी लगी ........ महीन की सीने की उभारों की तरफ ........ उसकी बूब्स की तरफ ......... जैसी जैसी निक की हाथ ऊपर को सिरक रही थय ... वैसी वैसी hi महीन की सांसें भी ऊपर नीची हो रही थीं ...... और फिर ....... आखिर कार ........ पहली बार ........ निक की भारी भरकम हाथों न्य महीन की शर्ट की ऊपर सी ..... उसकी बूब्स को थाम लय ....... महीन की बूब्स ....... उसकी भारी भरकम हाथों मैं छोटे छोटे hi लग रही थय ......... अपनी हाथों की ग्रिफ्ट मैं लय की निक न्य उनको आहिस्ता सी दबाया ...... और महीन की मुंह सी aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh sssssssssssssssssssssssss ......... की आवाज़ निकल गए ........... निक न्य खुद को महीन की पिच्य चिपका दया ...... खुद को उसकी बैक की साथ प्रेस करनी लगा ......... महीन को निक की पंत का उभार फील होनी लगा .......... काफी बारे .......... और ख़ौफ़ज़दा क्र देंय वाला ...... सख्त .......... हार्ड ........ महीन का जिसम हिली बिना नहीं रह सका ........ खुद को आहिस्ता सी उसकी साथ प्रेस कए बिना ..........
कुछ देर तक निक महीन की बूब्स को सहलाता रहा ........ आहिस्ता आहिस्ता दबाता रहा ........ उसकी शर्ट और ब्रा की ऊपर सी hi ............... और फिर अपनी हाथ हटा की महीन की कमर पी रखी और आहिस्ता सी उसी घुमा दया ........ महीन का चेहरा अब निक की सामन्य था ......... महीन की आंखें खुल गईं .......... उसकी नज़रें निक की नज़रों सी मिल गईं .......... निक भी महीन की आँखों मैं देख रहा था ......... जहाँ उसी प्यास hi प्यास नज़र आ रही थी .......... और महीन थी भी प्यासी ........ पिछली काफी दिन सी ...... जब सी विनोद इंडिया गया था ............. इसी लय तो वह निक की ऐसी शून्य सी पिघलती जा रही थी ........... खुद को उसकी सुपुर्द करती जा रही थी ............
निक न्य महीनकी कमर पी हाथ रखी और उसकी आँखों मैं देखती होय आहिस्ता आहिस्ता ाग्य को झुक की एक बार फिर सी अपनी काली होंठ महीन की गुलाबी होंठों पी रख डाई ........... महीन न्य कोई मज़ाहिमत नहीं की ........ अपनी होंठ निक की होंठों की सुप्रुद क्र डाई ......... जिस न्य अपनी मोटे मोटे होंठों की साथ महीन की होंठों को चूसना शुरू क्र दया ...... निक की हाइट महीन सी ज़्यादा थी ....... निक किश करनी की लय नीची को झुका होआ था ........ और महीन उसको किश का जवाब देंय और उसका साथ देंय की लय अपनी सर को ऊपर को उठाय होय थी ....... निक की दोनों हाथ महीन की कमर पी थय ........ जैसी वह सहलाती होय महीन की होंठों को चूस रहा था ........ निक न्य एक बार फिर सी अपनी जुबां को महीन की होंठों मैं दाल दया ....... और महीन अब की बार बिना कुछ सोची ...... बिना कोई रेसिसित कए उसकी जुबां को चूसनी लगी ...... अपनी होंठों मैं लय की ........ अपनी मुंह की अंदर तक खींचती होय ....... महीन की कमर पी फिसलती होय निक की हाथ नीची को आती और कभी ऊपर को चले जाती ........ नीची आती होय उसकी हाथ महीन की हिप्स को दबानी लगती ..... सहलानी लगती .......... और ऊपर आ की उसकी पूरी कमर को सहलाती और उसकी ब्रा की स्ट्रैप्स को ाच्य सी फील कृत्य उसकी शर्ट की ऊपर सी hi ............ निक की हाथों की जादू सी महीन का जिसम गरम होनी लगा था ........... और इतनी दिंनोन सी जिस प्यास को ........ अपनी जिसम की जिस आग को वह दबा रही थी ...... उसी निक न्य जगा दया था .......... निक की होंटो को चूमती और उनको चूसती होय महीन को अहसास हो रहा था की निक की होंठ आसिफ और विनोद सी कितनी डिफरेंट हैं ........ यह मोटे मोटे और सख्त थय ....... और उन दोनों की पतली और नरम ............. इतनी भी नरम नहीं मगर निक की मुक़ाबली मैं नरम थय ........ आसिफ और विनोद की होंठों की तरह सुराख़ नहीं बल्कि काले सेयह ... ..... मगर महीन इस कंट्रास्ट को इग्नोर कृत्य होय बस निक की होंठों को चूस रही थी ............ उनका स्वाद लय रही थी ........... उनकी मज़े मैं डूबती जा रही थी ........
महीन की होंठों को किश कृत्य होय निक न्य अपना हाथ महीन की शर्ट की अंदर दाल दया ............ और उसकी नंगी कमर को सहलानी लगा .......... निक की खुर्दरी सख्त हाथ पहली बार महीन की नंगे जिसम को चूय तो महीन का जिसम कैंम्प सा गया ....... उसकी भारी भरकम हाथों की गर्मी सी ......... उसकी सख्ती सी .............. उस अजनबी टच सी ........ महीन की जिसम की तरप मैं इज़ाफ़ा होनी लगा ............ .......... आहिस्ता आहिस्ता ......... ऐसी hi किसिंग कृत्य होय .......... महीन को बी काबू कृत्य होय ....... मदहोश कृत्य होय निक न्य महीन की शर्ट को पकड़ा और उसी ऊपर को उठानी लगा ......... महीन न्य अपनी आंखें खोल की निक की आँखों मैं देखा ........ और वीर्य सी बोली .......... nnnnnoooooooooooooooo ...........
निक न्य हल्का सा उसकी शर्ट को ऊपर को खींचती होय आहिस्ता सी कहा ............. pleaseeeeeeeeeeeeee महीन .........
निक की रिक्वेस्ट सुनती होय महीन की हाथ खुद सी hi ऊपर को उठ गए .......... अपनी शर्ट उतरवानी की लय ....... और निक न्य भी आहिस्ता आहिस्ता उसकी शर्ट को ऊपर को उठाना शुरू क्र दया ........ उसकी बाज़ूओं मैं लय जाती होय उसी महीन की खूबसूरत सुफैद जिसम सी अलग क्र की वहीँ काउंटर पी रख दया .......... महीन शर्मा की रह गए ......... उसका ऊपरी जिसम निक की सामन्य नंगा था ...... उसकी बॉस की सामन्य .......... जो कब सी उसकी पिच्य पारा होआ था .......... महीन शर्मा गए ....... सिमट की रह गए .......... शर्मा की महीन न्य अपनी साइड चेंज क्र ली ....... और एक बार फिर किचन काउंटर की तरफ मुंह क्र लय .... और अपनी पीठि निक की तरफ ........ अपनी दोनों हाथ काउंटर पी रख की लम्बी लम्बे सांस लेनी लगी ........... निक की तरफ महीन की बैक थी ........ उसकी गोरी चिकनी सुफैद कमर ............ जिस पी सिर्फ और सिर्फ ब्रा की हुक्स और स्ट्रैप्स थय ....... वही ब्रा जो महीन की खूबसूरत बूब्स को छुपाय होय थी ........ उनको जकराय होय थी ............. जो उसकी साँसों की साथ आहिस्ता ाहसिता ऊपर नीची हो रही थय .............
महीन की गोरी कमर को देखती होय निक नीची झुका और एक बार अपनी होंठ महीन की कमर पी रख की उसी चूम लय ........... महीन की पूरी जिसम मैं करंट सा दौड़ गया ............ निक की गरम गरम काली होंठ उसकी नंगे जिसम को शून्य की साथ hi ........... अपनी हाथों सी महीन की कमर को सहलाती होय निक अपनी हाथ ाग्य को लय जांय लगा .......... और हाथ ाग्य ला की अपनी दोनों हाथ महीन की ब्रा की ऊपर सी hi उसकी बूब्स पी रख डाई ............ महीन का जिसम एक बार फिर सी हिल की रह गया ................. और उसकी मुंह सी फिर सी सिसकारी निकल गए .................
निक की महीन की बूब्स को अपनी हाथों मैं लय और एक बार फिर सी उनको आहिस्ता आहिस्ता दबानी लगा .......... महीन की नैक को आहिस्ता ाहसिता चूमती होय ........... एक बार फिर सी उसनी महीन को अपनी तरफ तरुण क्र दया .............
महीन जल्दी सी खुद की नंगे हो रही होय बूब्स को अपनी बाज़ोँ सी छुपानी लगी जो अभी भी उसकी ब्रा मैं hi थय ..... ........... मगर निक न्य उसकी हाथों को पाकर लय और उसकी हाथों को उसकी सर की ऊपर लय जा की अपनी एक मज़बूत हाथ मैं पाकर लय ........... महीन न्य कोई मज़ाहिमत नहीं की ................ अब महीन का खूबसूरत जिसम और उसकी खूबसूरत बूब्स एक ब्रा मैं निक की आँखों की सामन्य थय .......... पिंक डॉटेड ब्रा की इलावा महीन की ऊपरी गूरे नंगे जिसम पी एक भी कपड़ा नहीं था ...........उसकी सीने की उभार सर ताने होय खरी थय ............. जैसी निक सी पूछ रही हों की उसी वह कैसी लग रही हैं ............
निक महीन की हाथों को ऊपर उठाय होय उसकी बूब्स को देख रहा था ....... महीन की ुंडेरर्मः भी नंगी थीं .......... निक की सामन्य ....... बिलकुल चिकनी ..... बलून सी पाक ...... एक भी बाल नहीं था उन मैं ......... निक उनको देखता रहा ......... फिर वीर्य सी अपना मुंह महीन की ुंडेरर्मः की पास लाया ......... और अपना नाक वहां रख की उसी ज़ोर सी स्मेल करनी लगा ......... महीन को अजीब सा लगा ....... गुदगुदी सी होइ ........ मगर उस सी ज़्यादा अजीब तब लगा जब निक न्य ......... उसकी बॉस न्य महीन की आर्मपिट को अपनी जुबां सी चाटना शुरू क्र दया .......... अपनी जुबां महीन की चिकनी बग़ल मैं पहिरण्य लगा ........... आहिस्ता आहिस्ता ऊपर नीची ...... नीची ऊपर .......... और महीन की लज़्ज़त की मारी आंखें बंद होनी लगीं ..............
कुछ देर तक अपनी जुबां को वहीँ पहिरण्य की बाद ............... निक न्य नीची झुक की महीन की दोनों बूब्स की दरम्यान बन रही होइ उसकी लकीर पी अपनी काली होंठ रख डाई ........... और उस को चूमा ........... फिर महीन की ब्रा की ऊपरी हिस्से सी निकल रही होय उसकी बूब्स की ऊपरी हिस्सों को चूमनी लगा .................. और फिर अपनी जुबां महीन की क्लीवेज मैं पहिरण्य लगा .......... उसी चैतन्य लगा ............ अपनी लम्बी सुराख़ जुबां सी ....... अपनी जुबां को महीन की ब्रा मैं क़ैद बूब्स की दरम्यान बानी होइ टाइट और तंग लकीर मैं ग़ुस्सानी लगा ............ उसी चैतन्य की लय . .......... महीन की होंठों सी सिसकार्यं निकालनी लगीं .............. उसकी हाथ खुद सी hi निक की शोल्डर पी आ गए ......... और उनको पाकर लय अपनी सहारी की लय ..........
फिर निक न्य आहिस्ता सी उसी उठा की किचन काउंटर पी बिहटा दया ........ महीन उसी की तरफ देख रही थी ......... निक न्य नीची झुक की अपनी काले काले होंठ महीन की ब्रा की ऊपर सी hi उसकी बूब्स पी रखी और उसकी निप्पल्स को अपनी दांतों मैं लेंय की कोशिश करनी लगा ....... चूसनी की लय ...... काटनी की लय ..............