महीन ........ मोहय रंग दी पिया (कम्प्लेटेड) - Page 10 - SexBaba
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महीन ........ मोहय रंग दी पिया (कम्प्लेटेड)

अपडेट NO: 37

राजीव की जांय की बाद महीन और नीतू बेथ क्र बातें करनी लगीं .......

नीतू ....... महीन अब तुम कैसा फील क्र रही हो .......

महीन ..... बिलकुल okay है ........... बिलकुल भी महसूस नहीं हो रहा है

की कुछ होआ है ........ लकिन .......

महीन थोड़ा साद होती होइ बोली .....

नीतू ...... क्या ..........

महीन न्य अपना सर झुका लय ..... अपनी चाहतों को मसलती होय बोली

......... नीतू पता है मैं न्य आसिफ की साथ कभी भी प्रोटक्शन उसे नहीं

की थी ........ क्यों की मैं प्रेग्नेंट होना चाहती थी ........ मान बन न

चाहती थी ......... बचे की मान ........ लकिन आज तक ऐसा नहीं हो सका

........ पता नहीं क्यों ............... मगर आज जब मैं प्रेग्नेंट होइ हों तो

मुझी खुद जा की इस प्रेगनेंसी को ख़तम करना पारा है ........ मेरी

अपनी बची को ............ विनोद की बचे को .............. महीन की आँखों

सी आंसू टपक पारी .............

नीतू उठ की महीन की पास ाक्य बेथ गए और उसकी कंधी पी हाथ

रख की उसी अपनी साथ लगा लय ........... महीन प्लीज परेशान न हो

........ सुब ठीक हो जाय गए ........... भगवन को यही मंज़ूर था शायद

...........

नीतू की कंधी पी अपना सर रख की महीन सुबकती होय बोली ..........

नीतू ....... विनोद न्य मेरी लय इतना कुछ क्या ............ मेरी इतनी केयर की

.......... और फिर मुझी इतना प्यार दया ........... मेरी ज़िन्दगी की इतनी बरी

ख़ुशी दी .......... मेरी ज़िन्दगी की इतनी बरी कमी पूरी क्र दी ........... इतनी बरी

खवाहिश ............... की मुझी प्रेग्नेंट क्र दया ........ मगर मैं ......

मैं न्य ......... उस बची को जाइए क्र दया ............ मैं न्य विनोद की

बचे को जाइए क्र दया ........... उसी बाप बन न्य की ख़ुशी सी महरूम क्र

दया ............. मैं कितनी बुरी हों नीतू ............ महीन रो रही थी ........

नीतू उसी चुप करवाती होइ बोली ....... महीन परेशान ना हो प्लीज

....... रू मत ............. इस मैं तुम्हारा कोई क़ुसूर नहीं है ........ आज अगर

तुम विनोद को यह ख़ुशी नहीं दी सकीय तो आइंदा कभी दोबारा सी यह

सुब हो जाय गए ........ तुम को भी पता है की अभी यह सुब कुछ अफ़्फोर्ड

करना मुमकिन नहीं था तुम लोगो की लय ........... इस लय अपनी आप को

सम्भालो और खुद को दोष देना बंद करो ........... मैं तुमको यक़ीन

दिलाती हों महीन ....... तुम एक न एक दिन विनोद की बचे की मान

ज़रूर बनो गई ....... पक्का ...

महीन वीर्य सी मुस्करा दी और आहिस्ता सी बोली ........ िन्नशहए.....

इतनी मैं विनोद भी आज्ञा ........ वह महीन को रूट होआ देख की

परेशान हो गया और जल्दी सी आ की महीन की पास बेथ गया ........ और

उसी रूण्य की वजह पूछनी लगा ........... नीतू न्य उसी साड़ी बात बताई

और विनोद न्य महीन को अपनी बहून मैं भर लय ............ महीन

भी बिना नीतू की मौजूदगी की परवाह कए उसकी सीने सी लग की रोने

लगी ............ काफी जज़्बाती माहोल हो रहा था .......... आखिर विनोद और

नीतू न्य उसी चुप करवाया और फिर तीनों न्य मिल की डिनर क्या जो

विनोद अपनी साथ लाया था ..........

डिनर कृत्य होय नीतू बोली ............ विनोद ........ मैं कल महीन को

अपनी साथ लय जाना चाहती हों पारलर पी .......... वहां इसका मस्सगे भी

करवा डॉन गई जिस सी इसकी मसल्स कुछ रिलैक्स हो जाईं गए ..........

विनोद ....... हाँ हाँ बिलकुल लय क्र जाओ इसको .......... जब सी यहाँ आई हैं

महीन यह कभी भी पारलर नहीं गए ........

महीन न्य थोड़ी इन्कारी की मगर फिर मान गए ........... नीतू की जांय

की बाद भी विनोद न्य महीन का बुहत ख्याल रखा ........ उसकी खूब

केयर की .......... उसी दूध गरम क्र की ला की दया ........ और उसकी टांगों का

मस्सगे भी किआ ............ महीन की जिसम को जब सुकून मिला तो उसी

बुहत अछि नींद आगये .............. और वह विनोद की बहून मैं उसकी

सीने पी सर रख की सो गए .................... महीन का दिल था की वह

विनोद को सुब कुछ बता दी की कैसी कैसी वहां हॉस्पिटल मैं होआ,

कैसी राजीव को उसकी जगह पी सिग्न करनी पारी ......... मगर फिर कुछ सोच की

उसनी विनोद सी यह बात छुपा ली ........ की शायद उसी बुरा लगी और वह

हर्ट हो ..............

नेक्स्ट डे ऑफिस मैं जेनी न्य पिछली दिन की बारी मैं पुछा जब

नीतू महीन को लय की प्रेगनेंसी ख़तम करवानी गए थी ............

नीतू न्य जेनी को सुब कुछ बता दया जेनी को .......... और माज़ी लय लय की

जेनी को बताया की कैसी महीन न्य वह हॉस्पिटल मैं राजीव को अपना

बॉयफ्रेंड एक्सेप्ट क्या है ........ इस बात पी जेनी भी हंस हंस की दोहरी

हो गए .......... और महीन का शर्म की मारी बुरा हाल था ...........

ऑफिस सी छुट्टी होनी की बाद नीतू न्य महीन को अपनी साथ चलनी

को बोलै .......... पहली तो महीन न्य थोड़ा रेसिस्ट क्या ....... मगर फिर

नीतू की इंसिस्ट करनी ...... और विनोद की कहनी महीन नीतू की साथ

चल पारी ........ नीतू उसी एक पारलर मैं लय आई ....... महीन उस पारलर को

देख की बुहत हैरान होइ ........... तहत वास् अमेजिंग इंटीरियर ....... और

बुहत कुछ ...... बुहत सी सेक्शंस नज़र आ रही थय वहां पी ...........

नीतू न्य पहली hi मस्सगे की लय अपॉइंटमेंट ली होइ थी .......... वहां

रिसेप्शन पी मौजूद लड़की उनको मस्सगे सेक्शन लय गए .......... वहां

पी भी एक बारे वेटिंग रूम था और फिर अंदर अलग अलग रूम बनी

होय थय ............ दीवारों पी बरी बरी पिक्टुरेस लगी होइ थीं .........

मॉडल्स की मस्सगे करवाती होय .......... ऑलमोस्ट नेकेड हालत मैं .........

महीन उन पिक्टुरेस को देख देख की परेशान हो रही थी ......... उसी

अजीब फील हो रहा था की शायद उसी भी उनकी तरह hi नंगी हो की

मस्सगे करवाना पारी गए ..............

मस्सगे सेक्शन मैं भी बुहत hi यंग बॉयज और गर्ल्स मौजूद थय

........ बुहत hi खूबसूरत .......... अट्रैक्टिव .......... गोरे ........ पारलर की

यूनिफार्म पहनी होय ............. लक्यों की तरह लड़के भी बुहत

खूबसूरत थय ....... उनकी जिसम भी सुफैद ....... और मज़बूत थय .........

बुहत hi अट्रैक्टिव लगती थय ............ एक लम्हे की लय तो महीन भी

उनको देखनी मैं hi खू गए ............ एक लड़की होनी की हैस्यत सी उसी

भी वह बॉयज प्यारी लग रही थय ....... और इस मैं कोई ऐसी बरी बात भी

नहीं थी ............ नार्मल hi तो था लक्यों को भी लड़कों का ाचा लग्न

...........

एक लड़की उनकी तरफ आई ........ उसकी यूनिफार्म पी उसकी नाम का बैज लगा

होआ था ......... जिस पी उसका नाम सिंडी लिखा होआ था .......... सिंडी बुहत

प्यारी लड़की थी .................. बुहत गोरी ....... सुफैद ................. और

खूबसूरत ........ महीन सी उम्र मैं काम थी ....... कोई 22 -23 साल की

लग रही थी . ...... उसनी यूनिफार्म की बुहत hi शार्ट सी स्कर्ट पहनी होइ थी .......

जो उसकी हाफ तइस तक थी ..... ऊपर सी उसकी यूनिफार्म एक लाइट ग्रीन कलर

का टैंक टॉप था ........ वह भी फुल फिटिंग मैं ....... जिस मैं उसकी सादूल

बूब्स बुहत hi सेक्सी लग रही थय ........... उस टैंक गोप का गाला काफी ओपन

और डीप था ....... जिस सी उसकी बूब्स का ऊपरी हिस्सा भी साफ़ दिख रहा

था ....... बल्कि उस टैंक तप सी बहार को निकला पर रहा था ......... उसकी

बाज़ू और तइस और टांगें ........ नंगी थीं .... और बुहत hi चिकनी लग

रही थीं ............. महीन उसी का जायज़ा लय रही थी की उसकी आवाज़ सी

चूँकि ..........

सिंडी ........ गुड इवनिंग मम ........... कैसी हैं आप ......

नीतू ....... वे अरे फाइन .....

कांड मुस्कराई ....... हाउ विल यू लिखे तो हैवे योर मस्सगे ....... बी

फीमेल और ा मेल ........

नीतू न्य मुस्करा की महीन की तरफ देखा और आँखों की ईशारी सी

उसी पुछा की वह क्या चाहती है ............ महीन न्य उसका मतलब

समझती ही घबरा की इंकार मैं सर हिलाया ............

नीतू मुस्कराई और बोली ........ माय फ्रेंड इस तू शाय ........ आईटी इस हेर फर्स्ट

टाइम ..... सो टुडे वे विल प्रेफर तो हैवे फ्रेमलेस फॉर मस्सगे .....

सिंडी ....... यस सूरे ..... व्हाई नॉट ............ यू प्लीज के इन थिस रूम

........ ी होप मम विल बे कम्फर्टेबले विथ बॉयज आल्सो टिल नेक्स्ट टाइम .........

नीतू साथ चलती होइ बोली ........ तहत डिपेंडस ों यू नाउ सिंडी .....

सिंडी नीतू की बात का मतलब समझती होइ हंस पारी ...... ी शॉल दो माय

बेस्ट मम ......... उसनी नीतू को जवाब दया .......... मगर महीन उन दोनों

की बातून को नहीं समझ सकीय .............

सिंडी उन दोनों को लय की एक केबिन रूम मैं आगये ....... जिस मैं एक

काउच लगा होआ था ....... ........ साइड्स पी एक छोटी सी रैक थी थी जिस मई

टॉवेल्स और ऑयल्स की बॉटल्स राखी होइ थीं ............... एक छोटी सी कैबिनेट थी

........ कैबिनेट की पास hi एक स्क्रीन शील्ड राखी होइ थी ......... जो ड्रेस

चेंज करनी की लय थी शायद ..........

सिंडी उस कैबिनेट की पास गए ........ उसी खोला और उस मैं सी कुछ कपड़े

निकाल की उनकी तरफ मुड़ी ...... और बोली ........ आप प्लीज अपनी ऑफिस ड्रेस

चेंज क्र की यह पहन लाइन ......... थिस इस स्पेशलय फॉर बॉडी मस्सगे

विथ आयल ....... इस सी आप की ऑफिस ड्रेस भी महफूज़ रहें गए और मस्सगे

भी ज़्यादा बेहतर अंदाज़ मई हो जाय गए ........... मैं अभी वापिस आ रही

हों ...........

सिंडी उनको यह बोल की उस केबिन सी बहार चली गए .......... महीन

हैरानी सी नीतू को देख रही थी ........... और फिर अपनी सामन्य काउच

पी परे होय उन कपड़ों को देखनी लगी ........... वह सुफैद कलर का सॉफ्ट

सी कॉटन का तुबे ब्रा थे स्ट्रेटचेब्ले स्ट्रैपलेस और उसकी साथ एक छोटा

सा शॉर्ट्स था ........ वह भी कॉटन का स्ट्रेटचेब्ले ........ महीन हैरानी

सी उनको देखनी लगी ........

महीन .......... इनका क्या करना है .........

नीतू ..... अपनी ड्रेस उतारो और इनको पहन लो ........

महीन होरा परेशानी सी ........ लकिन ...........

नीतू ...... लकिन क्या ........ अब तो सिंडी सी hi मस्सगे करवाना है न तो

फिर उस सी कैसी शर्म ...........

महीन का चेहरा लाल हो गया ........ लकिन फिर भी ........ वह लड़की है तो

क्या होआ ........ ऐसी उसकी सामन्य सिर्फ इन दो कपड़ों मैं ....... बुहत अजीब

लग रहा है ..........

नीतू बोली .......... महीन एक तो तुम सोचती बुहत हो ..........

यह बोल की नीतू उस स्क्रीन स्लाइड की पिच्य चली गए और अपनी कपड़े

उतारनी लगी .......... नीतू न्य अपनी ड्रेस उतार की वहां हैंग की और वह

दोनों मस्सगे ड्रेस पहन की बहार आगये ........... महीन न्य जैसी hi

नीतू को देखा तो उसकी आंखें फैल सी गईं ......... उसनी आज पहली बार

नीतू को ........ बल्कि किसी भी लड़की को ........... पहली बार ऐसी हालत मैं

देखा था ............. नीतू उस वाइट स्ट्रैपलेस तुबे ब्रा और वाइट कॉटन

शॉर्ट्स मैं थी ............. उस ब्रा का कपड़ा स्ट्रेच होनी की बाद थोड़ा

ट्रांसपेरेंट हो रहा था ........ जिस सी महीन की निप्पल्स दिख रही थय

....... नीची उसकी पहनी होइ शॉर्ट्स भी पूरी तरह सी स्ट्रेच हो की

नीतू की जिसम सी चिपकी होइ थी ............ ऐसी लग रहा था की जैसी सेकंड

स्किन हो वह नीतू की ........ ाग्य नीतू की छूट की ऊपर उसकी बलून

का हल्का सा पैच भी दिख रहा था ........... नीतू का बाक़ी का जिसम नंगा

था ........... गंदुमी कलर का ............ बुहत सुफैद नहीं था ........... मगर

बुहत hi खूबसूरत लग रहा था उसका जिसम ........ उस तुबे ब्रा मैं उसकी

बूब्स बुहत तनय होय थय ............. ाच्य लग रही थय ........... मगर

महीन की बूब्स सी छोटे थय ........... नीची नीतू की गांड भी उस

शॉर्ट्स मैं टाइट नज़र आ रही थी ........... बुहत उभरी होइ ........ टाइट

.......... नीतू की गांड महीन सी बरी थी ........... आखिर वह उस सी ज़्यादा

ारस्य सी अपनी गांड मरवा रही थी तो फिर वह भारी तो होनी hi थी न

...........

नीतू .......... क्या देख रही हो महीन ........... ??? क्या मैं अछि नहीं

लग रही ........... ???

महीन घबरा की ........ नहीं नहीं ........... बुहत अछि लग रही हो .......

मगर मैं यह ड्रेस कैसी पहनों गई ..............

नीतू मुस्कराई ........... विनोद की लय भी तो पहनती हो गई न .......

महीन शरमाई ....... वह तो घर मैं है न ....... और सिर्फ विनोद की

सामन्य है ....... ऐसी ओपन पब्लिक प्लेस पी तो नहीं न ...........

नीतू .............. यह पब्लिक प्लेस ज़रूर है .... लकिन प्राइवेट है इस वक़त

......... और सिर्फ सिंडी न्य hi तो होना है न ........ फिर उस सी कैसी झिझक

या शर्म ...... जाओ जल्दी सी चेंज क्र आओ ...........

महीन उसी कोई जवाब नहीं दी पाई ........ और खामोशी सी उस स्क्रीन

स्लाइड की पिच्य चली गए ........ और जा की अपनी कपड़े उतारनी लगी ......

उसी काफी झिझक हो रही थी ........ मगर उसनी अपनी कपड़े उतारी और फिर

उसी स्ट्रैपलेस वाइट तुबे ब्रा और टाइटस को पहन लय ........ वहीँ पी लगी

होय आंय मैं खुद को देखा तो खुद सी hi शर्मा गए ........ उसका

पूरा जिसम जैसी बिलकुल hi नंगा हो रहा था .......... महीन को बुहत

अजीब लग रहा था ......... मगर वह अब नीतू को इंकार भी नहीं क्र सकती

थी ............ आखिर वह बहार आगये ...... नीतू उसको देख की मुस्करानी

लगी .......... नीतू भी पहली बार महीन को इतनी ज़्यादा नंगी हालत मैं

देख रही थी .............

नीतू बोली .......... महीन ....... यू अरे लुकिंग सो हॉट .......... बुहत सेक्सी

जिसम है तुम्हारा .....

महीन नीतू की बात पी शर्मा गए .........

नीतू फिर बोली ....... मेरा फिगर तुम्हारी जैसा सेक्सी होता तो मैं आग

लगा देती ...........

महीन मुस्करा की बोली .......... वह तो तुम अभी भी लगा रही हो ...........

दोनों हंसनी लगीं ............ इतनी मैं सिंडी अंदर आगये ....... उसनी

महीन को मुस्करा की देखा ............
 
सिंडी ........ मम यू हैवे ा वैरी वैरी परफेक्ट बॉडी .....

महीन उसकी तारीफ पी शर्मा गए .......... सिंडी महीन को लय क्र

दीवार की साइड वाली क्योकि पी लय आई ........ और उसी उस पी लैतनय को बोलै

........ नीतू और महीन की नज़रें भी मिलीं ....... और नीतू न्य उसी

शांत रहंय का इशारा क्या ........... और बोली .......... महीन तुम रिलैक्स हो

की मस्सगे करवाओ .......... मैं इधर hi हों दूसरी रूम मैं

मस्सगे की लय .............

महीन थोड़ा फ़िक्र मंद थी ........... मगर फिर भी मुस्करा दी ...... और

उस काउच पी पेट की बल लेट गए .........

सिंडी महीन की क़रीब आई और आहिस्ता ाहसिता अपनी हाथ महीन की

नंगे होय रही होय कन्धों पी रख डाई ........... जैसी hi उसकी नरम

नरम हाथ महीन की नंगे जिसम को चूय तो महीन का जिसम एक

बार तो कैंम्प hi गया ............ उसनी आहिस्ता ाहसिता महीन की कन्धों

और ऊपरी कमर को सहलाना शुरू क्र दया ........ जैसी उनको दबा रही

हो ........... उसकी हाथ महीन की कन्धों की साथ साथ अब उसकी

गर्दन को भी दबा रही थय ...... आहिस्ता ाहसिता सहला रही थय ...........

महीन की हस्बैंड आसिफ और बॉयफ्रेंड विनोद की इलावा किसी न्य उसका जिसम

इतनी नंगी हालत मैं नहीं देख था ....... और ना hi आसिफ और विनोद की

इलावा कभी किसी न्य उसकी नंगी जिसम को छूआ था ............ अब तक वह

सिर्फ आसिफ और विनोद की मरदाना हाथों की टच की आदि थी ....... मगर

आज पहली बार उसी एक दूसरी लड़की की नरम नरम हाथ उसकी जिसम को

छु रही थय ....... दबा रही थय ........ हल्का हल्का सा मस्सगे क्र रही

थय ............ और वह लड़की महीन सी उम्र मैं भी छोटी थी ...........

महीन को उसकी नरम नरम हाथों का लम्स बुहत ाचा लग रहा था

.......... अजीब सी कैफियत हो रही थी उसकी जिसम मैं ........... हलचल सी

.......... उसी फील हो रहा था की जैसी उसकी जिसम की रोंगटी खरी हो रही

हों .............

सिंडी की हाथ महीन की कन्धों और गर्दन को आहिस्ता आहिस्ता दबा

रही थय ........... जिस सी उसी अपनी मसल्स रिलैक्स होती होय महसूस हो रही

थय .......... सिंडी न्य अपनी हाथों पी आयल लय और उसी महीन की

कन्धों गर्दन और ऊपरी कमर पी लगानी लगी .......... महीन की

आंखें बंद हो रही थीं ......... वीर्य वीर्य सिंडी की हाथ

महीन की जिसम को सहला रही थय और उस पी आयल का मस्सगे क्र रही

थय ........... महीन को भी उसकी हाथों की मस्सगे सी मज़ा आ रहा

था .......... कमर पी मस्सगे कृत्य होय आहिस्ता आहिस्ता सिंडी अपनी हाथों

का प्रेशर बढ़ा रही थी ........ फिर वह अपना हाथ महीन की पहनी

होइ उस चोरी स्ट्रैपलेस ब्रा की कमर वाली चोरी पट्टी सी नीची लय आई

.......... और उसकी कमर पी आयल लगानी लगी ............. आहिस्ता आहिस्ता दबाती

होय ........ सहलाती होय ............ महीन की जिसम मैं भी जैसी गुदगुदी

सी हो रही थी ............ सिंडी की हाथ अब महीन की कमर की ऊपरी और

निचली हिस्से पी मस्सगे क्र रही थय ....... फिर सिंडी न्य आयल महीन की उस

पहनी होइ ब्रा की चोरी पट्टी की ऊपर भी लगाती होय उसकी पूरी कमर

का मस्सगे करना शुरू क्र दया ............. उसकी हाथ महीन की पूरी

कमर पी फिसल रही थय ........ नीची उसकी सुफैद कटटर शॉर्ट्स मैं

फँसी और उभरी होइ गांड तक ............ और फिर ऊपर को चली जाती

...........

महीन की कमर पी मस्सगे करनी की बाद सिंडी न्य आयल महीन की

तइस पी लगानी शुरू क्र दया ...... और उसकी थिगह मसल्स का मस्सगे

करनी लगी .......... दबाती होइ ...... सहलाती होइ ....... ऊपर सी नीची की

तरफ ............. उसी महीन की तइस की मसल्स काफी टाइट होय महसूस

हो रही थय ...........

सिंडी बोली ....... मम आप की तइस की मसल्स काफी स्ट्रेच हो रही हैं

....... थे नीड ा गुड मस्सगे तो गेट रिलैक्स ..........

महीन को भी फील हो रहा था की वह ठीक कह रही है ........ क्यों की

उसी अपनी तइस मसल्स मैं हल्का हल्का पैन महसूस हो रहा था

सिंडी की शून्य सी ........... वह बोली ............. प्लीज दो व्हाटएवर यू

वांट तो रिलैक्स ठोस ..............

सिंडी .......... सूरे मम ...... आप जस्ट रिलैक्स हो की लाइटें और मुझ पी चोर

डैन बाक़ी सुब ...........

सिंडी न्य आयल महीन की तइस पी और लगाया ........ और अपनी हाथों पी

प्रेशर बढ़ाती होइ ज़ोर ज़ोर सी उसकी तइस की मसल्स को दबानी

लगी .......... और उन पी प्रेशर बढ़ानी लगी .......... उसकी हाथ महीन

की गांड की उभार को भी छु रही थय ....... फिर उस न्य आहिस्ता सी अपनी

हाथ महीन की उभरी होय हिप्स पी रखी और उनको सहलानी लगी

........... महीन की मुंह सी हलकी सी सिसकारी निकल गए .......... सिंडी की

वहां शून्य सी और उसका जिसम भी थोड़ा हिल सा गया ...........

सिंडी महीन की हिप्स को दोनों हाथों मैं लय की दबाती होइ बोली .......

प्लीज रिलैक्स मम ............ जस्ट रिलैक्स ...........

महीन न्य आहिस्ता सी अपनी आंखें बंद क्र लीन ....... सिंडी की हाथ

महीन की तइस और उसकी हिप्स को सहला रही थय ........... सिंडी न्य आयल की

बोतल सी उसकी हिप्स पी ........ उसकी कॉटन शॉर्ट्स की ऊपर सी hi आयल लगा

दया ....... काफी सारा ........... जिस सी वह शॉर्ट्स भी पूरी तरह सी आयल सी

गीले हो गए ........... और गीले होनी की वजह सी वह ट्रांसपेरेंट हो

चुकी थय ......... महीन की गांड भी अब जैसी नंगी नज़र आ रही थी

......... सिंडी की हाथ महीन की हिप्स और उसकी तइस पी फिसल रही थय

............. उसकी छूट की इर्दगिर्द ....... कभी कभी सिंडी की ऊँगली महीन की

छूट की लिप्स को भी छु जाती ........ जो की उन आयल सी शोएक ट्रांसपेरेंट

कॉटन शॉर्ट्स सी साफ़ दिख रही थय ............

महीन की तइस को सहलाती होइ सिंडी अपनी हाथों को महीन की

तइस की साइड सी उसकी शॉर्ट्स की अंदर दाखिल करनी की कोशिश करनी लगी

...... कभी थोड़ा सा हाथ अंदर डालती और फिर सी बहार निकाल लेती ........

ssssssssssssssssssss ..........ा aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh ........ महीन

की होंठों सी सिसकारी निकली ........ जैसी hi सिंडी की हाथों की उंगलयों न्य

एक बार उसकी छूट को छूआ ........... जो पूरी तरह सी अब गरम हो रही

थी ........... और गीली भी ................ फिर सिंडी न्य अपनी हाथ महीन की

लोअर बैक पी रखी और अब अपनी ऑयली हाथों को महीन की शॉर्ट्स की

अंदर डालती होय उसकी हिप्स को अपनी हाथों मैं लय लय ....... और उनको

अपनी मुठयों मैं दबाती होय ...... और सहलाती होय उनका मस्सगे

करनी लगी ....... उसकी हाथों की अंघूटी महीन की दोनों हिप्स की

दरम्यानी लकीर को सहला रही थय........... उनकी अंदर सी फिसल रही

थय ........... उसकी अंघूटी महीन की गांड की सूराख को भी छूती

...... जिस सी उसकी पूरी जिसम मैं हलचल सी होनी लगती ....... उसकी छूट भी

गीली होती जा रही थी ............ सिंडी अपनी हाथ ाग्य को लय की जाती तो

शॉर्ट्स थोड़ी सी नीची को चली जाती जिस सी महीन की हिप्स नंगे हो

जाती ............. महीन उसको रोकना छह रही थी .......... मगर रोक नहीं पा

रही थी .......... सिंडी की नरम नरम हाथ महीन की जिसम पी जादू

चला रही थय ............ एक बार तो सिंडी न्य महीन की शॉर्ट्स को

नीची तक क्र की उसकी गांड को बिलकुल नंगी हो गए ........... महीन थोड़ी

बैचैन हो गए .......... और अपना हाथ पिच्य लय जाय की अपनी शॉर्ट्स को

ठीक करनी की कोशिश करनी लगी ........... सिंडी न्य मुस्करा की फिर सी उसकी

शॉर्ट्स को ठीक क्र दया ............. और बोली ........

सिंडी ........ don't वोर्री मम .......... no ओने इस हेरे एक्सेप्ट में ...........

महीन उसकी बात पी शर्मिंदाह हो गए .......

सिंडी दोबारा सी महीन की तइस की साइड पी आई और उसकी तइस को

सहलाती होय अपना हाथ ऊपर को लय जांय लगी ........ महीन की छूट की

तरफ .......... महीन की छूट की पतली पतली सुफैद लिप्स उस पतले सी

कटटोल शॉर्ट्स पी ढेर सारा आयल लगा होनी की वजह सी बिलकुल साफ़ नज़र आ

रही थय .......... सिंडी की उंगलयां महीन की छूट की लिप्स को छु रही

थीं और वह कसमसा रही थी ............. सिसक रही थी ........

उसी इस सुब सी शर्म भी आ रही थी की एक दूसरी लड़की उसकी जिसम की ऐसी

ऐसी हिस्सों को छु रही है ........... वह सिसकती होइ बोली ........

Cindddddddddyyyyyyyyyyyyyyyy ............... प्लीसीएएएएए don't दो आईटी

......... don't टच आईटी तेरे ...............

सिंडी अपनी एक ऊँगली सी महीन की छूट की लबूं की दरम्यानी लकीर

को सहलाती होइ बोली ............. don't थिंक एनीथिंग ........... जस्ट रिलैक्स एंड

एन्जॉय .............

महीन फिर सी टर्पी ............ noooooooooooooooo .............. it's

wrongggggggggggg ......................... ी can't दो आईटी ...........................

सिंडी न्य अपनी हाथों को की हथाइल्योन को महीन की तइस की

अंदरूनी साइड पी रखा और अपनी अंघूटी को महीन की छूट पी रख

की छूट की दांय को मसलनि लगी ............ सहलानी लगी .......... महीन

तो तरपणय लगी .......... लज़्ज़त सी ....... छूट की अंदर लगनी वाली आग सी

............. महीन अपनी हाथ बढ़ा की सिंडी की हाथों को पकारण्य की

कोशिश करनी लगी ......... उसको रोकनी की लय ........ महीन न्य सिंडी का

हाथ पाकर की उसी अपनी छूट सी हटा दया ........ और जल्दी सी सीढ़ी हो

की लेट गए ............

महीन की सांसें फूल रही थीं ......... उसकी सीने की उभार उसकी

साँसों की साथ तेज़ी की साथ ऊपर नीची को हो रही थय ......... और

उस स्ट्राप लेस्स ब्रा मैं साफ़ साफ़ दिख रही थय ........

सिंडी न्य अब आयल दोबारा सी उठाया और उसी महीन की पेट पी गिरानी लगी

.......... फिर उसी महीन की ब्रा की ऊपर सी hi उसकी बूब्स पी भी दाल दया

...... आयल सी उसकी कॉटन ब्रा बिलकुल ट्रांसपेरेंट हो गए थी ........ महीन की

निप्पल्स भी साफ़ दिख रही थय ............

सिंडी महीन की पेट की ऊपर आयल को लगाती होय और उसकी पेट का

मस्सगे करती होइ बोली ............. मम ........ क्या आप भी इंडिया सी हो ...... ???

महीन न्य सिंडी की तरफ देखा और मुस्करा की फखर सी बोली ....... यस ी

ऍम इंडियन ..........

सिंडी मुस्कराई ........... that's गुड ........ ी लव इंडियन गर्ल्स मम ......

महीन मुस्कराई .......... क्यों ....... अन्य स्पेशल रीज़न .....

सिंडी मुस्कराई और महीन की पेट को सहलाती होइ बोली .......... इंडियन

गर्ल्स अरे ब्यूटीफुल बूत तू मच शाय .......... जस्ट लिखे यू .......

महीन सिंडी की बात पी शर्मा गए ........ no no ऐसी तो कोई बात नहीं

है सिंडी ..........

सिंडी मुस्करा की बोली ........ लुक लुक .......... यू अरे बलुशिंग एंड

सयिंग तहत यू अरे नॉट ा शाय गर्ल ..........

सिंडी की हाथ महीन की बूब्स को भी टच क्र रही थय ........ मगर

अभी तक पाकर नहीं रही थी वह उनको ........ महीन की पेट और उसकी

सीने की उसकी बूब्स की ऊपरी हिस्से को मस्सगे करती होइ सिंडी बोली

.......

सिंडी ....... मम अरे यू लिविंग विथ नीतू मम ........
 
महीन ....... no .......... ी ऍम नॉट लिविंग विथ नीतू ......

सिंडी ....... ओह ........ सो यू अरे लिविंग अलोन .......

महीन ........ no ...... no ....... ी ऍम नॉट लिविंग अलोन .......

सिंडी महीन की बूब्स की ऊपर अपनी हाथ रखती होय बोली ........ विथ

हस्बैंड ........ ???

महीन शर्मा गए .......... और वीर्य सी बोली ............ no .......... विथ

बॉयफ्रेंड ...........

सिंडी न्य महीन की बूब्स को अपनी हाथों मैं लय की दबाया ........

और बोली ........... ववव ........ that's गुड ........ फॉर हाउ लॉन्ग यू अरे इन

रिलेशनशिप विथ योर बॉयफ्रेंड ........

महीन शर्माती होइ .............. फॉर लास्ट तवो मोनथस ...........

सिंडी अपनी हाथों की महीन की पेट सी सहलाती होय नीची को लय

जांय लगी ........ और उसकी छूट की ऊपर लय आई ............ जो आयल सी गीली हो

रही थी .......... और महीन की कॉटन शॉर्ट्स की ऊपर सी उसकी छूट को

सहलानी लगी ..........

सिंडी ....... that's सो रोमांटिक मम .............. अर्ली डेज ऑफ़ रिलेशनशिप

अरे ऑलवेज सो ब्यूटीफुल ............... ठीक कह रही हों न मैं मम .....

महीन शरमाई होइ ........ hmmmmmmmmmm .......... और साथ hi

उसकी होंठों सी सिसकारी निकल गए ............. सिंडी की उसकी छूट को शून्य

सी .........

सिंडी महीन की छूट को उसकी शॉर्ट्स की ऊपर सी सहलाती होइ बोली ........

सो विल यू मर्री योर बॉयफ्रेंड ......... ???

महीन आहिस्ता सी बोली ............ no ............

सिंडी .......... व्हाई ........ isn't हे ा गुड लवर ....... नॉट केयरिंग ....... और नॉट

तू हैंडसम .......

महीन मुस्कराई ........ शरमाई ........... no विनोद इस वैरी गुड एंड वैरी

केयरिंग एंड वैरी चार्मिंग ............. बूत ......... बबुत्ट्ट्ट्ट ..... ी can't मर्री

हिम ..........

सिंडी हैरानी सी ......... बूत व्हाई ..... अन्य स्पेशल रीज़न तो लीव सुच ा

चार्मिंग बॉय ......

महीन शर्मिंदाह होती होइ बोली ........... बकज़ ...... ी ऍम आलरेडी मैरिड

.........

सिंडी न्य अपना हाथ महीन की शॉर्ट्स की अंदर फिसला दया ....... और

सीधा उसकी छूट को टच करती होइ बोली .............. ओह्ह्ह्ह ...... सॉरी सॉरी

.......... नाउ ी गोत योर पॉइंट ...... हे इस योर वर्क कलेग एंड यू अरे इन

ा रिलेशनशिप विथ हिम ......... that's वैरी गुड .......... बूत वेयर इस योर

हस्बैंड ....... िफ़ यू अरे लिविंग विथ हिम ........

महीन मुस्कराई ....... हे इस इन इंडिया .......... एंड ी ऍम हेरे ......

सिंडी अब सुब बात को समझ गए ............. ओह्ह्ह्ह .............. okay okay

............ मैं समझ गए ............... महीन षर्मान्य लगी ....................

सिंडी ..... don't गेट शाय मम ............ it's नॉट ा बिग डील ........... एव्री

ब्यूटीफुल वुमन है थे राइट तो हैवे अन्य चार्मिंग मेल व्होम शी

लिखे .............

सिंडी की हाथ महीन की कॉटन शॉर्ट्स की अंदर उसकी छूट को सहला

रही थय ........ और महीन की छूट गीली होती जा रही थी ........... फिर

सिंडी न्य अपनी हाथ बहार निकाली और उनको महीन की बूब्स पी लय आई

....... और उनको सहलानी लगी ........ उसनी आहिस्ता सी महीन की उस स्ट्रैपलेस

ब्रा को उसकी बूब्स सी नीची सिरका दया ........ और महीन की बूब्स को

नंगा क्र दया .......... कुछ देर तक महीन की आयल सी चमकती होय और

बिलकुल सीधी तनय होय बूब्स को देखती रही .......... और फिर अपनी

हाथों पी और आयल लय क्र महीन की बूब्स की ऊपर लगानी लगी ...........

और ाहसिता आहिस्ता उनका मस्सगे करनी लगी ............ महीन की निप्पल्स को

अपनी उंगलयों मैं लय और उनको मसलनि लगी ............. महीन की मुंह

सी सिसकार्यं निकालनी लगी थीं ........... आज तक वह कभी भी किसी लड़की की

साथ इस हद तक इन्वॉल्व नहीं होइ थी ....... ना hi आज तक वह किसी दूसरी

लड़की की सामन्य इतनी नंगी होइ थी .............. और ना hi किसी लड़की न्य आज तक

उसकी जिसम को ऐसी छूआ था ...........

सिंडी की हाथों की जादू सी महीन की जिसम मैं सनसनाहट सी पैदा

हो रही थी ........ और लज़्ज़त की मारी उसकी आंखें बंद होती जा रही

थीं .............. और होंठों सी सिसकार्यं निकल रही थीं ............ मरदाना

हाथों की बाद आज पहली बार एक लड़की की नरम ो नाज़ुक सी हाथ उसकी

जिसम को छु रही थय .............. सिंडी नीची झुकी और महीन की

कानों मैं व्हिस्पर करती होइ बोली ............. मम यू अरे ब्यूटीफुल

............ योर फिगर इस सो हॉट .............. और यह कहती होय उसनी महीन की

गाल को वीर्य सी चूम लय .............

महीन न्य आंखें खोलीं और सिंडी की तरफ देखनी लगी ........ दोनों की

नज़रें मिली होइ थीं .......... महीन उस मस्सगे रूम मैं तक़रीबन

नंगी लेती होइ ...... अपनी सी काम उम्र की उस गोरी लड़की की आँखों मैं

देख रही थी .............. जिसनी उसी ज़िन्दगी का ............ और सेक्स का एक और hi

रंग दिखाया था ................ जादू चलाया था .............. महीन की

जिसम की प्यास जाग चुकी होइ थी ........... सिंडी की हाथ महीन की

बूब्स पी थय ........ और नज़रें महीन की आँखों मैं ............... बुहत

hi आहिस्ता सी सिंडी न्य क़रीब आती होय अपनी होंठ महीन की नरम

नरम होंठों पी रख डाई ............ और महीन की होंठों को आहिस्ता सी

चूम लय ............. बुहत hi आहिस्ता सी सिंडी न्य महीन की निचली होंठ

को अपनी होंठों मैं लय ....... और उसी चूसनी लगी ...... आहिस्ता सी उसी

अपनी दांतों सी दबाया और काटा तो महीन न्य सिसक क्र आंखें

बंद क्र लीन ............... और उसका पूरा जिसम जैसी तन गया .............. आकर सा

गया ........... उसकी बूब्स सी जैसी आग निकल रही थी .......... जो उसकी पूरी

जिसम को जलाती होइ उसकी छूट तक जा रही थी ............. और छूट सी वही

आग गरम गरम लावै की शकल मैं निकल रही थी ...............

थोड़ी देर तक सिंडी महीन की होंठों को चूसती रही ....... चूमती रही

...... और महीन भी आहिस्ता आहिस्ता सुब कुछ भूल क्र उसका साथ देंय

लगी ........ उसकी पतली पतली होंठों को चूमनी लगी ......... फिर सिंडी उठ

की महीन की निचली तरफ आगये .......... आहिस्ता सी उसनी महीन की शॉर्ट्स

को पकड़ा और उसी उतारनी लगी .......... महीन न्य अपनी आंखें खोलीं

और सिंडी की तरफ देखनी लगी ............ महीन की आंखें सुराख़ हो

रही थीं ............ शहवत की मारी .......... जिसम की गर्मी की मारी

.......... सिंडी न्य महीन की आँखों मैं देखती होय फिर सी उसकी

शॉर्ट्स को हल्का सा खींचा ...........

महीन हलकी सी मज़ाहिमत करती होइ बोली ............ no प्लीज ........... don't

दो आईटी ................... कोई आजाय गए ...........

महीन अपनी होंठों सी निकालनी वाले अलफ़ाज़ पी खुद हैरान रह गए

की सिंडी को रोकनी की बजाय वह उसी सिर्फ यह कह रही थी की कोई आ जाय

गए इस लय ना उतारी उसकी शॉर्ट्स को .............

सिंडी न्य अपना हाथ महीन की शॉर्ट्स की ऊपर सी उसकी छूट पी रखा

........ और उसी थोड़ा प्रेशर की साथ सहलाती होइ बोली ........... don't

वोर्री मम कोई नहीं आय गए .............. लेट में जस्ट कम्पलीट माय जॉब

.............. थिस इस इन नीड ऑफ़ सम स्पेशल केयर ........... लेट में दो आईटी .............

सिंडी की हाथों की छूट पी रगड़ सी महीन फिर सी सिसक उठी .......

और अब की बार महीन न्य सिंडी की आँखों मैं देखती होय आहिस्ता सी

अपनी गांड को ऊपर उठा दया ....... और सिंडी न्य उसकी शॉर्ट्स को नीची

खींच क्र उसकी टांगों सी निकाल दया ............ महीन अब मस्सगे टेबल

पी नंगी लेती होइ थी ......... उसकी बूब्स भी ब्रा सी बहार थय ....... और

निचला जिसम तो बिलकुल hi नंगा था ..........

सिंडी न्य अपना हाथ महीन की छूट पी रखा और आहिस्ता आहिस्ता उसी

सहलानी लगी ....... छूट की ऊपरी हिस्से को ......... फिर सिंडी न्य आयल लय

और उसी महीन की छूट की ऊपर गिरानी लगी ............ आयल दाल की फिर सी

महीन की छूट को अपनी उंगलयों सी सहलाना शुरू क्र दया ....... उनका

मस्सगे करनी लगी ........... महीन की टांगों को फैलाया ..... और अपनी

ऊँगली सी महीन की छूट की लबूं को सहलानी लगी ........... महीन

सिसक रही थी ......... तरप रही थी ............ और सिंडी महीन की छूट को

अपनी उंगलयों सी सहलाती जा रही थी .............. महीन की साइड पी खरी

होइ ............ एक हाथ महीन की छूट पी था तो दूसरा फिर सी महीन

की निप्पल को सहलानी लगा .............. महीन का पूरा जिस्सम कैंम्प

रहा था ............... सिंडी न्य अपनी हाथ को महीन की छूट पर सी

हटाय बिना hi झुक की एक बार महीन की होंठों को चूमा और फिर

अपनी लिप्स को महीन की एकराय होय गुलाबी निप्पल पी रख दया ......... और

जैसी hi उसकी निप्पल को अपनी होंठों मैं लय तो महीन की मुंह सी

सिसकारी निकल गए ..................... ssssssssssssssssssssssssss ...........

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh .................. और

साथ hi महीन न्य अपनी छूट को ऊपर की तरफ उठा दया .............. उसी

समझ नहीं आ रही थी की वह क्यों इस अजनबी लड़की और इतनी आज़ादी दी रही

है ........ क्यों उसी सुब कुछ करनी दी रही है ............ मगर वह अपनी

जिसम की आग की हाथों मजबूर थी ................

सिंडी न्य महीन की टांगों को और भी खोला और उसकी दरम्यान जगा

बना की उसकी पैरों की तरफ आगये ............ और काउच पी झुकती होय

महीन की छूट की दोनों लिप्स को अपनी हाथों की उंगलयों सी खोल दया

......... बहार की लिप्स की खुलती hi महीन की छूट का छोटा सा सूराख

सिंडी की आँखों की सामन्य था ............. वह उस सूराख की हालत को

देख क्र हैरान रह गए ............ की कैसी किसी लड़की की छूट .......... इतनी

ारस्य सी 2-2 मर्दों सी छुड़नी की बाद भी इतनी टाइट हो सकती है ...........

सिंडी न्य आहिस्ता आहिस्ता अपनी ऊँगली महीन की छूट की सूराख पी राखी

....... और उसी सहलानी लगी ............. छूट को सहलाती होय उसकी ऊँगली

ऊपर को गए और छूट की दांय को छु लय ............ साथ hi कमरे

मैं फिर सी महीन की तेज़ सिसकारी गूँज गए .............

सिंडी न्य नीची झुकती होय अपनी होंठों को महीन की छूट पी रखा

और उसी किश क्र लय .......... फिर अपनी जुबां की नौक सी महीन की छूट

की दांय को सहलानी लगी ........... और साथ hi अपनी एक ऊँगली महीन की

छूट की अंदर दाल दी ............. महीन का तो बुरा हाल हो रहा था .......

उसका जिसम कैंम्प रहा था ............... aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh

............ Cindddddddddddyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyy ....................

plllllllllllzzzzzzzzzzzzzzzzzzz don'tttttttttttttttttttttttttttt .......................

सिंडी को लग रहा था की महीन की छूट पानी चोरनी वाली है ........

और वह अपनी ओर्गास्म को पोहनचंय वाली है तो उसकी तरप को देखती होय

सिंडी न्य अपनी ऊँगली उसकी छूट सी निकाल ली ....... और साथ hi उसकी छूट की

दांय सी अपणी जुबां भी ............. महीन तो इस सुब सी जैसी तरप hi

गए ............ वह नहीं चाहती थी की सिंडी इस तरह सी उसकी छूट को

प्यासा चोर दी ................. वह चीखी ................

nnnnnnnnnnnnoooooooooooooooooooooooo ............................

don'tttttttttttttttttttttttt रिमूव ....................... doooooooooooooooo

ddddddddddddddooooooooooooo

iiiiiiittttttttttttttttttttttttttttttttttttttttttttttttttttt.............................

महीन की हालत बुहत hi ख़राब हो रही थी ............. वह उस नाज़ुक सी

गोरी लड़की की हाथों मैं खिलौना बानी होइ थी ....... जो उस सी उम्र मैं

भी चाँद साल काम hi थी ............... सिंडी न्य सीढ़ी हो की मुस्कराती

होय अपना टैंक टॉप एक झटकी मैं उतार फेंका ......... और साथ hi

उसकी बूब्स नंगे हो गए ............ अभी तक उसकी जो बूब्स उसकी टैंक टॉप

मैं सी आद्य आद्य दिख रही थय वह पूरी नंगे हो गए ........

महीन भी उसकी जिसम की खूबसूरती और उसकी बूब्स की उठान को

देखनी लगी ............. यह भी पहला hi मौका था की वह किसी लड़की को

अपनी सामन्य नंगी देख रही थी ........... मूवीज की इलावा ........ हकीकत

मैं ........... और अजीब बात यह थी की वह दिल hi दिल मैं सिंडी की जिसम

की खूबसूरती सी मुतासिर होय बिना नहीं रह सकीय थी ........... दिल hi दिल मैं

उसकी जिसम की तारीफ क्र रही थी ............. और एक मुस्लिम लड़की ........ हिजाबी

लड़की होनी की बावजूद भी उसी एक दूसरी लड़की का नंगा जिसम ाचा लग

रहा था ............ सिंडी की उठी होय सादूल मम्मी उसी बुहत

अट्रैक्टिव लग रही थय ............ उसका खुद का भी दिल चाहंय लगा की वह

उनको एक बार ज़रूर छु की देखी ................... मगर अभी उसकी हिम्मत

नहीं हो रही थी ...................... वह सिंडी को अपनी सी अलग देख की अपनी

हाथ को अपनी छूट पी लय जांय सी भी ना रोक सकीय ........... और सिंडी की

बूब्स पी नज़रें जमाय होय अपनी छूट को खुद सी सहलानी लगी

............ उसका पूरा जिसम मस्सगे टेबल पी जैसी तरप रहा था

...................

सिंडी न्य महीन की तरफ देखती होय अपनी शॉर्ट्स को भी उतार दया ........

और बिलकुल नंगी हो की महीन की सामन्य खरी हो गए ........... सिंडी की

नंगे ऊपरी जिसम सी उसकी नज़र फिसलती होइ खुद सी hi ...... बी शर्मी

सी ............ सिंडी की निचली जिसम की तरफ आगये ............ उसकी छूट की तरफ

............. वह खुद को रोक नहीं सकीय ............... नीची सिंदकी की छूट का

ऊपर का हिस्सा बालों सी बिलकुल साफ़ था .......... बस एक पतली सी वर्टीकल

लकीर थी बलून की ........... जो बुहत hi प्यारी लग रही थी ............

महीन को अपनी नंगे जिसम और अब छूट की तरफ देखती होय पा क्र

सिंडी मुस्कराई और वीर्य सी बोली .............. दो यू लिखे व्हाट यू सी

???

महीन झीणम्प गए ........ और नज़रें चुरानी लगी ..........

सिंडी नीची को झुकी और एक बार फिर सी महीन की कानों की पास

ाप्य होंठ लय जा की बोली ............ दो यू वांनै टच में तेरे ..........

महीन घबरा गए .......... और इधर उधर देखनी लगी ............ सिंडी

न्य महीन की चेहरी को अपनी तरफ क्या और एक बार फिर अपनी होंठ उसकी

होंठों पी रख डाई .......... और अपनी पतली पतली होंठों की साथ उसी किश

करनी लगी ........... महीन का जिसम भी फिर सी गरम होनी लगा था

............ उसी खुद भी पता नहीं चला की कब उसकी हाथ उठी और सिंडी

की नंगी जिसम की गिर्द लिपट गए ............ वह ैहस्टा आहिस्ता सिंडी की नंगी

कमर को सहलानी लगी ............. उसकी चिकनी बदन पी उसकी हाथ फिसल

रही थय ............... बुहत प्यारा जिसम था सिंडी का .............. महीन को

महसूस हो रहा था ......... नीची झुकनी की वजह सी सिंडी की बूब्स

भी महीन की जिसम सी टच हो रही थय ...............

सिंडी की हाथ भी महीन की जिसम पी सिरक रही थय .......... सहला रही

थय ........... और दोबारा सी नीची को जा रही थय ........... सिंडी न्य एक

बार फिर सी महीन की छूट को सहलाया तो महीन उसकी हाथ को

अपनी छूट पी दबानी लगी .......... और उसकी हाथ को खींचती होइ बोली

............ pleaseeeeeeeeeeeee दो itttttttttt ................ फिनिश थे जॉब व्हाट

यू स्टार्टेडडडड ...............

सिंडी मुस्कराई और फिर सी झुक की अपनी लिप्स महीन की छूट पी रख

डाई ........... और उसकी छूट की ठंडी होती होइ आग को दोबारा सी भरकानी

लगी .............. महीन न्य अपना हाथ सिंडी की सर की पेची रखा और उसी

अपनी छूट पी दबानी लगी ............ महीन तरप रही थी ....... सिंडी की

सर को नीची को और अपनी छूट को ऊपर की तरफ उठा रही थी ..........

बस वह जल्द सी जल्द अपनी छूट का पानी निकालना चाहती थी ...........

ताकि उसका जिसम शांत हो सकी ........... सिंडी की हाथों सी अपनी जिसम

मैं लगनी की आग की वजह सी महीन अब सुब कुछ भूलती जा रही थी

...... उसी कुछ अहसास नहीं था की वह कहाँ है और किसकी साथ है .....

कौन उसकी जिसम की साथ खेल रहा है .............. वह बस अब अपनी आग को

ठंडा करना चाहती थी ................

महीन सिसकी ........... Cindddyyyyyyyyyyyyyyyyyy प्लीज गिव में

relieffffffffffffffffffff ............
 
सिंडी मुस्कराई .... और पास hi की कैबिनेट की एक ड्रा को खोला और उस

मैं सी कुछ निकाल की फिर सी महीन की पैरों मैं आगये ........

महीन नहीं देख पाई की वह क्या लाइ है ....... वह तो बस अपनी

आंखें बंद कए होय पारी थी .......... अपनी hi छूट को आहिस्ता आहिस्ता

अपनी हाथ सी सहलाती होइ ........ अचानक उस खामोश मस्सगे रूम

मैं भीननननननन bheeennnnnnnnnn की हलकी हलकी आवाज़ गूंजनी

लगी .............. जैसी कोई छोटी सी मशीन चल रही हो ............ फोरि तोर पी

महीन को समझ नहीं आई की क्या है ............. मगर फिर उसी समझ तब

आई उस चीज़ की जब उसकी जिसम को हल्का सा कुर्रत लगनी सी उसका जिसम

कैंम्प की रह गया ............. और काउच सी उछाल सा गया ........... जिसकी साथ

hi महीन न्य आंखें खोलीं और सिंडी की तरफ देखनी लगी .............

और उसी देख की महीन की आंखें चौड़ी हो गईं ............... सिंडी की

हाथ मैं एक छोटा सा वाइब्रेटर था ........... जो चल रहा था ..........

विबरते क्र रहा था .......... और उसी की वाइब्रेशन क आवाज़ कमरे मैं गूँज

रही थी ............

मगर असल बात यह थी की सिंडी न्य उस विबरते कृत्य होय वाइब्रेटर को

महीन की छूट पी रख दया होआ था ........ और उसकी विब्रेशन्स महीन

की छूट की दांय पी अपना करेंट नुमा असर चोर रही थीं ........... जो

उसकी पूरी जिसम मैं फैल रहा था .......... और उसकी जिसम मैं पहली

सी भरक रही होइ आग पी पैट्रॉल का काम क्र रहा था ........... महीन

अपनी दोनों टांगों को फैलाय होय उस वाइब्रेटर की लज़्ज़त को फील क्र रही थी

.......... जिसे सिंडी कभी उसकी छूट पी लगाती ....... और कभी हटा देती

........... महीन का पूरा जिसम कैंम्प रहा था ........... हिल रहा था

.......... वह अपना सर काउच पी इधर उधर को मार रही थी ............... अभी

महीन सी एहि बर्दाश्त नहीं हो रहा था की सिंडी न्य उस वाइब्रेटर को

थोड़ा सा महीन की छूट की अंदर दाखिल क्र दया ............. उस वाइब्रेटर की

टिप जैसी hi महीन की छूट की सूराख की अंदर दाखिल होइ तो महीन

का पूरा जिसम hi जैसी फटनी को होनी लगा ......... बिखरनी को होनी लगा

............... उसनी अपनी छूट को और ऊपर को उठा दया ........... वह आहिस्ता

सी चीखी ............. pleaseeeeeeeeeeeeeeee

slowwwwwwwwwwwwwwww .......................

aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

उस वाइब्रेटर की विब्रेशन्स महीन की पूरी जिसम की अंदर फैल रही थीं

............ उसकी जिसम की हर हर हिस्से को जैसी वह झुनझुना रही थीं

.......... और महीन की तो जैसी जान निकली जा रही थी ........ उसकी अंग अंग सी

...... उसकी जिसम की हर हर सूराख सी .......... महीन अपनी आंखें

बंद कए होय अपनी ओर्गास्म की तरफ बढ़ रही थी ........... वह चाहती थी

की बस अब उसकी छूट का पानी निकल जाय ......... इस वक़्त वह बुरी तरह सी

बिबस हो चुकी होइ थी ........ उस नाज़ुक सी जिसम वाली सिंडी की हाथों

मैं ........ उसकी मणिपुलेशन्स सी ..............

महीन तृप्ति होइ चीखी ............... aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh

.............. yyyyyyyyyyyyyyyyeessssssssssssssssssssssssss .......................

aaaaaaaaaaaaoooooooooooooooooooooo ................. ी

aaaaaaaaaammmmmmmmmmmmmmmmmmmmm

ccccccccccccommmmmmmiiiiiiiiiiiinnnnnnnnnnnnnnnnngggggggggggg

gggggggggg ........................ pllllllllllllllzzzzzzzzzzzzzzzzzzzz

doooooooonnnnnnnnnnntttttttttttttttttttt

sttttttttttttoooooooooooooopppppppppppppppppppppp

........................aaaaaggggggggggggggggghhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

.............

मगर सिंडी भी तो अपनी फील्ड की खिलाड़ी थी ........... जैसी hi उसनी

महसूस क्या की महीन की छूट पानी चोरनी वाली है तो थोड़ी देर तक

उसकी छूट को वाइब्रेटर की साथ और छोड़नी की बाद उसनी वाइब्रेटर

महीन की छूट सी निकाल लय .............. महीन हैरान रह गए .............

उस वाइब्रेटर की विब्रेशन्स अभी भी उसी अपनी पूरी जिसम मैं फैलती होइ

महसूस हो रही थीं ................. अभी भी उसका पूरा जिसम होले होले

कैंम्प रहा था ................. कुछ उस वाइब्रेटर की वजह सी ........... और

कुछ अपनी ना मुकमल रह जांय वाले ओर्गास्म की वजह सी

...................

महीन तृप्ति होइ ........... बयबूसी सी ............ स्वल्या नज़रों सी सिंडी की

तरफ देख रही थी .............. जैसी उसी पूछ रही हो की वह रुक क्यों गए

हैं .............. क्यों उस सी ओर्गास्म की ख़ुशी चीन ली है उसनी ...................

सिंडी महीन को मुस्करा की देखती होइ उस टेबल की क़रीब सी हटी

.............. जहाँ महीन अभी भी अपनी टांगें फैलाय होय लेती होइ थी

............. पूरा जिसम नंगा था महीन का ................... और नज़रें सिंडी

पर .................

सिंडी उसी कैबिनेट की पास गए और उसी खोल की खरी हो गए ...............

महीन की तरफ उसकी पीठि थी ........... सिंडी की पूरी नंगे गूरी

जिसम की बैक साइड महीन की आँखों की सामन्य थी ............. गोरी बी

दाग़ सुफैद चिकनी पतली सी कमर .............. और नीची उसकी उभरी होइ

सुफैद गांड .............. उस सी नीची सुफैद नंगी टांगें ............... एक

लड़की होनी की बावजूद भी महीन उसकी जिसम की खूबसूरती को इग्नोर

नहीं क्र पा रही थी .............. और उसकी पूरी जिसम को देखती जा रही थी

.............. उसका दिल छह रहा था की वह सिंडी को वापिस अपनी पास बुलाय

और उसी कही की वह फिर सी वही कुछ क्रय जो वह पहली क्र रही थी

..................... मगर सिंडी महीन की तरफ अपनी बैक कए होय कैबिनेट

मैं कुछ धोंड रही थी ............ फिर उसनी कुछ निकला और झुक की उसी

अपनी टांगों मैं पहन न्य लगी ............ कोई अंडरवियर या पंतय थी

शायद .............. क्यों की महीन न्य देखा की उसकी स्ट्रैप्स बिलकुल पंतय की

तरह hi सिंडी की गांड पी दिखनी लगी थीं .......... महीन को हैरानी

भी हो रही थी और सिंडी पी गुस्सा भी आ रहा था की यह क्या मज़ाक़

है उसकी साथ ............. पहली उसकी जिसम को इतना गरम क्र दया है और एक

ग़लत काम की तरफ लय गए है वह ........... और अब खुद अपनी कपड़े

पहन की शायद काम को फिनिश क्र रही है वह ..............

अभी महीन अपनी जिसम की अधूरी प्यास ........... और गर्मी .......... और

सिंडी की अजीब बेहेवियर की वजह सी आ रही गुस्से की साथ सिंडी को

कुछ कहनी hi वाली थी की सिंडी उस कैबिनेट को बंद क्र की महीन की

तरफ मुड़ी और उसकी तरफ अन्य लगी ............... उसकी होंठों पी मुस्कराहट

थी ........ और वह मुस्कराती होय महीन को देख रही थी ............ और

महीन फ़्रस्ट्रेशन सी भरपूर नज़रों सी सिंडी को देख रही थी ..........

उसकी चेहरी सी फिसल क्र महीन की नज़रें सिंडी की सुफैद तनय होय

बूब्स पी ागीण थीं ....... जिनकी खूबसूरत गुलाबी निप्पल बुहत ाच्य

लग रही थय ............... लकिन जिस पोजीशन मैं महीन लेती होइ थी वहां

सी उसकी नज़र सिंडी की जिसम पी नीची तक नहीं जा रही थी ...........

सिंडी महीन की पैरों की तरफ वापिस अपनी जगा पी आती होय आहिस्ता सी

बोली ........... सॉरी मम ...........

यह कहती होय सिंडी न्य महीन की तइस को फैलाया और महीन की

छूट को द्केहनी लगी .......... जो बुरी तरह सी गीली हो रही थी .......... और

उस मैं सी हल्का हल्का पानी रिस्ता होआ बहार आ रहा था ............ सिंडी

न्य अपनी एक ऊँगली ाग्य बढ़ाई और उसी महीन की छूट की दरम्यानी

लकीर पी फैरा ....... नीची सी ऊपर की तरफ .......... सिंडी की ऊँगली की

टच सी महीन का जिसम एक बार फिर सी कैंम्प सा गया .......... उसकी

ऊँगली महीन की छूट की पानी सी गीली हो गए .............. सिंडी न्य

मुस्कराती होय अपनी ऊँगली महीन को दिखाई ........ और महीन की

आँखों मैं देखती होय उस ऊँगली को अपनी मुंह मैं दाल की चूसनी

लगी ............. फिर मुस्कराती होइ बोली ............... मम .......... यू अरे

देलेसियस ................

महीन उसकी बात पी शर्मा गए ............... मम .......... let's स्टार्ट फ्रॉम

वेयर वे स्टोप्पड़ .............. सिंडी न्य महीन को आँख मारती होय

कहा .......... और फिर महीन की तइस की बीच मैं झुक गए ...........

अपनी चेहरी को महीन की छूट की बिलकुल सामन्य लाती होय ........... फिर

अपनी होंठों को महीन की छूट पी रखा ........ और उसी किश क्र लय ........

महीन की गांड एक दम सी कॉन्ट्रैक्ट क्र गए ............. और आंखें बंद

हो गईं ................ सिंडी न्य अब आहिस्ता ाहसिता महीन की छूट की ऊपर

अपनी जुबां पहिरण्य शुर क्र दी ........ महीन की छूट की लकीर पी अपनी

जुबां चलानी लगी .......... ऊपर सी नीची .......... नीची सी ऊपर

....... फिर सी महीन की छूट की दांय को अपनी जुबां की नौक सी

चैदंय लगी .......... तो महीन फिर सी अपनी वही लज़्ज़त मैं खोय लगी

....... सिंडी न्य अपनी ऊँगली महीन की छूट की छोटी सी सूराख की अंदर

डाली और एक बार फिर सी उसी अंदर बहार कृत्य होय महीन की छूट पी

अपनी जुबां का जादू चलानी लगी ............. महीन की आंखें बंद

हो रही थीं ............... उसकी आँखों की सामन्य विनोद का लौड़ा लहरा

रहा था ............. की कैसी भी वह उसकी पास वापिस जा की उस सी चुद

जाय ............. वह एक बार फिर सी अपनी ओर्गास्म की तरफ जा रही थी ..........

उसकी छूट मैं लावा एक बार फिर सी फटनी को तैयार हो रहा था .......

मगर फिर अचानक सी hi ................... किन्दीफिर सी उठ खरी होइ ............

लकिन अपनी जगा नहीं चोरी ........... महीन एक बार फिर फ़्रस्ट्राटे हो की

सिंडी की तरफ देखनी लगी .............. प्यासी नज़रों सी ............... जो उसकी

सामन्य खरी थी ............. मुस्करा रही थी .................... और महीन

सिंडी की चेहरी को देख रही थी ................ जो अब उसकी पैरो की तरफ खरी

थी ........ खुली टांगों की सामन्य ............

महीन को अपनी छूट की साथ फिर सी कुछ टच होता होआ महसूस

होनी लगा ............. जैसी कोई मोटा सा लुंड ............... महीन हैरान होइ

........... उसी लगा की सिंडी न्य फिर सी वाइब्रेटर उसकी छूट पी रख दया है

............ महीन की नज़रें सिंडी की चेहरी सी नीची उसकी बूब्स पी

आईं ............... और वहां सी जैसी hi नीची गईं तो महीन की आँखों

मैं मौजूद फ़्रस्ट्रेशन तो जैसी हैरानी और शॉक मैं बदल गया

................

नीची उसकी बेल्ली की बिलकुल नीची ...... सुफैद कलर का बिलकुल एकरा होआ

लुंड खरा नज़र आ रहा था .......... जो स्ट्रैप्स की साथ सिंडी की जिसम की

निचली हिस्से पी बंधा होआ था ........ बिलकुल उसकी छूट की ऊपर ..........

महीन हैरानी सी उसी देख रही थी ...... कभी सिंडी की चेहरी को

देखती और कभी उस प्लास्टिक की लुंड को ....... उस डिल्डो को जो सिंडी न्य अपनी

जिसम की साथ बाँधा होआ था .......... मगर महीन को कुछ समझ

नहीं आ रही थी की वह करना क्या छह रही है .......... उसी उस डिल्डो की

इस्तमाल का तो अब ाच्य सी पता था मगर इस तरह उसे होनी की बारी मैं

कोई आईडिया नहीं था ................

सिंडी मुस्करा की महीन को देखती होइ उस प्लास्टिक की लुंड को अपनी

हाथ मैं लय की सहलानी लगी .......... जैसी वह असली लुंड हो ........ और

साथ hi आहिस्ता आहिस्ता उसी महीन की छूट पी पहिरण्य लगी ....... आहिस्ता

आहिस्ता उसकी ऊपर उस लुंड को मारण्य लगी .......... जैसी जैसी उस प्लास्टी की

लुंड की ज़राब महीन की छूट की दांय पी लगती तो महीन का जिसम

कैंम्प सा जाता ...............

महीन हैरानी सी फैली होइ अपनी आँखों की साथ सिंडी को देखती

होइ सिसकी ............. ........... yyyyyyyyyyyyyyyyyeeeeeeeeeehhhhhhhhhh

ययय्ययएईए kyaaaaaaaaaaaa haaaaaaaaaiiiiiiiiiiiii ............

सिंडी न्य कोई भी जवाब देंय की बजाय थोड़ा सा ाग्य हो की उस प्लास्टिक की

लुंड की टोपे को आहिस्ता आहिस्ता महीन की छूट की सूराख पी मारती

होइ बोली ............. ..... मम आईटी इस फॉर यू ......... आप की प्यास बुझानी की लय

................

महीन उस प्लास्टिक की लुंड को देख रही थी ........ सुफैद लुंड की जैसा .......

जो डिल्डो वह विनोद की साथ घर पी उसे करती थी यह उस सी छोटा था

............ मगर वैसी hi शेप मैं ..... बिलकुल असली लुंड की जैसी शेप मैं

........

वह प्लास्टिक का लुंड महीन की छूट की होंठों को छु रहा था अब

........ सिंडी उसी महीन की छूट पी फैरी जा रही थी .......... ..... और

अपना प्रेशर बढ़ा रही थी छूट की सूराख पी .......... सिंडी न्य उस

लुंड की टोपे को महीन की छूट की सूराख पी रखा और आहिस्ता आहिस्ता

उसी अंदर को डालनी लगी .............. महीन की छूट की अंदर दाखिल

करनी लगी ................ जैसी hi वह लुंड महीन की छूट की अंदर दाखिल

होआ था महीन की मुंह सी सिसकारी निकल पारी .......... हलकी सी चीख की

सूरत मैं ................ और साथ hi महीन की आंखें बंद हो गए

.................

सिंडी न्य महीन की टांगों को ऊपर को उठा की अपनी दोनों हाथों

मैं लय और आहिस्ता आहिस्ता अपनी स्ट्राप ों लौड़े को महीन की छूट की

अंदर बहार करनी लगी ............. उस प्लास्टिक की लुंड की साथ महीन की

छूट को छोड़नी लगी ............ महीन फिर सी लज़्ज़त की समंदर मैं

डूबती जा रही थी ............... उसकी आंखें बंद थीं और सिंडी उस लुंड

को ढक्की लगाती होइ महीन की छूट मैं अंदर बहार क्र रही थी

............. महीन जो कब सी उसकी हाथों गरम हो रही थी ........... अब

उसकी लय खुद पी कण्ट्रोल मुश्किल हो गया था ............ वह तरप रही थी

............ जल्द सी जल्द अपनी ओर्गास्म को पोहंचना छह रही थी ............. उसकी

मुंह सी चीखें निकल रही थीं .......... लज़्ज़त सी भरी होइ ............. वह

अपनी छूट को थोड़ा ऊपर को उछालती होइ छूट मैं उस लुंड को लय रही

थी ........... अपनी छूट की प्यास बुझानी की लय .............. उसी इस वक़त इस

बात सी कोई ग़र्ज़ नहीं थी की उसकी छूट मैं जांय वाला लुंड ........ उसकी

छूट की चुदाई करनी वाला लुंड ....... असली है की नक़ली ........... वह तो बस

अब कैसी भी क्र की अपनी छूट का पानी निकालना छह रही थी .......... बरी

hi बैशर्मी सी ....... सुब कुछ भूल की ........ बिलकुल नंगी हो की उस काउच

पी पारी होइ सिंडी सी छुड़वा रही थी .............. पूरी कमरे मैं उसकी

सिसकार्यं गूँज रही थीं ................. और उसकी आंखें बंद थीं

...............

इतनी मैं महीन को रूम का दरवाज़ा खुलनी की आवाज़ सुनाई दी ..........

उसनी पैनिक होती होय अपनी आंखें खोलीं और जल्दी सी दरवाज़ी की तरफ

देखा ............ तो शर्म सी उसका चेहरा लाल हो गया ......... और उसकी

नज़रें नीची झुक गईं ............... वह खुद की नंगे जिसम को

छुपानी की कोशिश करनी लगी ..........
 
अपडेट NO: 38

दरवाज़ी मैं नीतू खरी मुस्करा रही थी ........... उसकी जिसम पी एक टॉवल लिप्त होआ था .......... जो उसकी बूब्स को धानमप रहा था ............ और उसकी हाफ तइस तक जा रहा था ............... मगर उस टॉवल सी साफ़ दिख रहा था की नीतू उस टॉवल की नीची बिलकुल नंगी है ............

नीतू को देख क्र महीन न्य उतनी की कोशिश की .......... मगर सिंडी न्य हलकी सी मज़ाहिमत की .......... उसी उतनी सी रोकनी की लय ............... नीतू भी वैसी hi चलती होइ अंदर आगये ............ महीन की पास आ की उसनी महीन का हाथ थम लय ............

महीन शर्मिंदा होती होइ बोली ................ नेइतततततततूउउउउ .......... wwwwwooooooooooo ........... yyyyyyyyyyyyeeeeehhhhhhhhh ........... उसी समझ नहीं आ रही थी की वह नीतू सी क्या कहे .......... अपनी इस हालत का क्या बताय ............. अपनी इस तरह सी नीतू की सामन्य एक्सपोज़ होनी सी कैसी खुद को छुपाय ............ और इस बात का क्या जवाब दी की वह उस रूम मैं बिलकुल नंगी ........... एक लड़की सी चुद रही थी ............

महीन की हालत समझती होय नीतू न्य अपनी हाथ की ऊँगली महीन की होंठों पी राखी .................... sssssssssssssshhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ..................... कुछ भी बोलनी की ज़रूरत नहीं है ................... जस्ट एन्जॉय .............. यू अरे दोंग नथिंग रॉंग ...................... जस्ट relaxxxxxxxxxxx .............. और फिर सिंडी की तरफ देखती होय बोली ................ यू कैर्री ों सिंडी ..............

सिंडी मुस्कराई और महीन की खुली होइ तइस की बीच खरी दोबारा सी अपनी कमर को ाग्य पिच्य कृत्य होय उस लुंड को महीन की छूट मैं अंदर बहार करनी लगी ...............

महें एक सिसकारी लेती होइ बोली ................ ssssssssssssssssss............ aaaaaaahhhhhhhhhh .............. ssssssssssstttttooooooooppppppppppppppppp Cindddddddddyyyyyyyyyyyyyyyyy .............

महीन डिल्डो और ऐसी प्लास्टिक की लुंड का मज़ा लय चुकी होइ थी कई बार पहली hi मगर ........ यह पहला मौक़ा था की एक लड़की ऐसी पहन की उसी छोड़ रहे थी .............. महीन की आंखें बंद थीं ..... और वह सुब कुछ भूलती जा रही थी ........... बस उस प्लास्टिक की लुंड की अपनी छूट मैं अंदर बहार होनी का मज़ा लय रही थी ............ महीन अब खुद को उन दोनों की हवालय क्र की बस एन्जॉय क्र रही थी ............ वह अब अपनी मंज़िल को पोहंच जाना चाहती थी ........ अपनी ओर्गास्म को ............... उसकी आंखें बंद थीं ...... और वह आहिस्ता ाहसिता ऊपर को अपनी छूट को उछाल रही थी ............ उसकी पास hi खरी नीतू न्य अपना हाथ महीन की नंगी छाती पी रख दया ....... महीन की खूबसूरत गुल गुल सुफैद मम्मी को अपनी हाथ मैं लय क्र उसी सहलाना शुरू क्र दया .......... जैसी hi उसी आहिस्ता सी दबाया तो महीन की होंठों सी सिसकारी निकल गए ........ उसनी अपनी आँखिन खोल की नीतू को देख जो उसी को देखती होइ मुस्करा रही थी .......... महीन न्य फिर सी अपनी आंखें बंद क्र लीन ......... नीतू न्य झुक की आहिस्ता सी अपनी होंठ महीन की एक निप्पल पी रखी और उसी उसी अपनी होंठों मैं लय लय ................. महीन की मुंह सी तेज़ सिसकारी निकल गए ............... और उसनी अपना हाथ नीतू की सर पी रख की उसकी सर को अपनी सीने पी दबा लय .............. महीन का जिसम आकर रहा था ........ सिंडी की मूवमेंट तेज़ होती जा रही थी .......... और क्कुह hi देर मैं महीन की छूट न्य पानी चूर्ण शुरू क्र दया ....... झटकी लेती होय .............. नीतू का हाथ दबाती होय ................

नीतू न्य महीन की बूब पी रखी होय अपनी होंठों की साथ महीन की निप्पल को चूसना शुरू क्र दया ............. आहिस्ता आहिस्ता अपनी ओर्गास्म की असर सी बहार आती होय महीन न्य आंखें खोलीं नीतू की सर को सहलानी लगी ........... नीतू न्य महीन की निप्पल्स को चूसती होय महीन की आँखों मैं देखा ........... तो महीन भी शर्मीली सी मुस्कान की साथ मुस्करा दी ............... और फिर उसकी हाथ नीतू की सर को सहलाती होय उसकी कमर पी भी जांय लगी .......... उसकी कमर की ऊपरी नंगे हिस्से को सहलानी की लय ........... पता नहीं उसकी दिल मैं क्या आया की उसनी नीतू की जिससँ पी लिप्त होआ टॉवल खोल दया .......... जो उसकी जिसम सी अलग हो की नीची गिर गया ........... और महीन की तरह नीतू भी नंगी हो गए ............. महीन न्य आंखें खोलीं और नीतू को देख की मुस्करानी लगी ............. शरारत की साथ ........... नीतू भी मुस्कराई ............. फिर सी महीन की निप्पल को चूसनी लगी ........ और उसकी अरेओला पी जुबां पहिरण्य लगी ......... महीन नीतू की बूब्स को देख रही थी .......... जो महीन की ऊपर झुके होनी की वजह सी थोड़ी लटके होय थय ........... मगर ऐसा नहीं था की बुहत ज़्यादा लटके होय ...... या ढीले हों ............ अपनी दोस्त की ......... नीतू की बूब्स को ऐसी क़रीब देख की ....... पहली बार उनको शून्य का ख्याल महीन की दिल मैं आ रहा था ........... उसका दिल छह रहा था की वह नीतू की बूब्स को छु लय ........ उनको फील क्र की देखी ............. महीन का हाथ फिर सी नीतू की जिसम को सहलानी लगा ........... और आहिस्ता आहिस्ता नीतू की बूब्स की तरफ बरहनी लगा ................ जैसी डर्टी डर्टी महीन न्य नीतू की बूब्स को छूआ .......... और उसी अपनी मुठी मैं भर की उसी आहिस्ता आहिस्ता दबानी लगी ....... सिंडी महीन की छूट सी अपना स्ट्राप ों निकाल चुकी होइ थी .......... और महीन आंखें बंद कए होय लम्बे लम्बे सांस लय रही थी ..........

नीतू महीन की निप्पल को सहलाती होइ बोली ............ महीन ........ कैसा लगा ...........

महीन आंखें बंद कए होय लम्बे सांस लेती होइ बोली ............ क्या था यह सुब नीतू ...........

नीतू मुस्कराई और महीन की गाल को चूम की बोली .......... सिंडी का जादू ............

सिंडी भी मुस्करा दी ..............

महीन न्य आंखें खोलीं और नीतू की तरफ देखती होइ बोली ............. नीतू आईटी वास् रियली अमेजिंग ..............

सिंडी मुस्कराई ........... वह महीन की पैरों का मस्सगे क्र रही थी अभी भी ............... फिर वह नीतू सी बोली ............. मम योर माससेउर इस वेटिंग इन इतर रूम .............

नीतू मुस्कराई .......... ओह हाँ ........ okay ........ ी ऍम गोइंग ....... यू प्लीज कम्पलीट हेर मस्सगे .............

सिंडी न्य मुस्कराती होय नीतू को जाती होय देखा और फिर सी आयल महीन की नंगी तइस पी लगानी लगी ............ वह अब महीन की साइड पी खरी थी ........ और उसका स्ट्राप ों लुंड भी उसी तरह उसकी ाग्य कहरा था ........... काउच की ऊपर ....... महीन की हाथ को टच होता होआ ............. ओर्गास्म की बाद महीन का जिसम काफी रिलैक्स हो चूका होआ था ........ और अब फिर सी सिंडी की नरम नरम हाथों का मस्सगे उसी ाचा लग रहा था ............. बार बार उसकी नज़रें सिंडी की स्ट्राप ों की तरफ जाती थीं .......... उस नक़ली लुंड की साथ सिंडी न्य ज़बरदस्त चुदाई की थी महीन की ...........

महीन का दिल छह रहा था की वह उसी छु लय ........... मगर थोड़ा झिझक रही थी ............ सिंडी भी महीन की कैफियत को देख रही थी ....... और दिल hi दिल मैं मुस्करा रही थी .......... उसनी आहिस्ता सी उस स्ट्राप ों लुंड को महीन की हाथ की साथ लगा दया ........ बिना उसी वह सी हटाय ................ महीन न्य भी झिझकती होय अपनी उंगलयों को आहिस्ता आहिस्ता हरकत दी और उस लुंड पी अपनी उंगलयां पहिरण्य लगी .......... नरम नरम प्लास्टिक का सुफैद लुंड था .......... जिस पी अभी भी महीन को अपनी चोट का चिकना पानी लगा होआ महसूस हो रहा था .......... सिंडी न्य हल्का सा धक्का लगाया तो वह लुंड महीन की मुठी मैं चला गया ....... और महीन खुद सी hi आहिस्ता आहिस्ता उसी सहलानी लगी ........... उधर सिंडी महीन की छूट की ऊपर आयल गिरा की एक बार फिर उसकी छूट को सहला रही थी .......... उसका मस्सगे क्र रही थी ......... आयल सी ....... और उसी चिकना करती जा रही थी ............. महीन को भी फिर सी ाचा लगनी लगा था ............. मज़ा अन्य लगा था ........... सिंडी की हाथों सी ............... महीन की नज़रें सिंडी सी मिलीं तो वह शर्मा गए .......... मगर उस लुंड को अपनी हाथ सी नहीं छोरा ..............

सिंडी ......... मम ........ दो यू वांट आईटी वन्स मोरे ........

महीन शर्मा गए ...... no .... no ......... ी can't ...........

दूसरी कमरे सी हलकी हलकी आवाज़ें आ रही थीं ....... लज़्ज़त भरी होइ .......... सिसकार्यं ........ और हलकी चीखें ........... महीन न्य स्वल्य नज़रों सी सिंडी की तरफ देखा ............ जैसी पूछ रही हो की उधर क्या हो रहा है .............

सिंडी मुस्कराई ........ वोउल्ड यू लिखे तो सी मम ........

महीन न्य कोई जवाब नहीं दया .......... मगर सिंडी न्य उसकी जवाब का इन्तिज़ार कए बिना hi महीन का हाथ पाकर की उसी उतनी का इशारा क्या ........... महीन भी खामोशी सी काउच सी उठ गए ......... और सिंडी उसी लय होय दरवाज़ी की तरफ बरही ............ महीन समझ तो चुकी थी की वहां क्या हो रहा हो गए .............. यक़ीनन उसकी तरह नीतू भी किसी लड़की सी मस्सगे करवा रही हो गई ............. और हो सकता है की महीन की तरह hi वह भी उस मस्सगे वाली लड़की सी चुद रही हो ............ इसलय वह उधर नहीं जाना चाहती थी ..........

महीन रेसिस्ट करती होइ बोली .......... no न्यू सिंडी .......... ी don't वांट तो जो तेरे ..............

सिंडी ................. SSSSSSSSSSShhhhhhhhhhhhhhhhhhh ............ के विथ में सिलेंटली मम ................. एंड let's सी what's हप्पेनिंग तेरे ........

सिंडी न्य दरवाज़ी की क़रीब जा की हल्का सा दरवाज़ा खोला और उधर देखा ........... फिर मुस्कराती होय महीन को ाग्य क्या ...... और खुद उसकी पिच्य आगये ............. सी योर फ्रेंड ओवर तेरे मम .............

महीन न्य झिझकती होय थोड़ी सी खुली ही दरवाज़ी सी अंदर झाँका तो उसका दिल उछाल की हलक़ मैं आज्ञा ............ उसकी आंखें फटती रह गईं ............ और मुंह खुले का खुला रह गया ............ उसी की तरह सामन्य मस्सगे टेबल पी नीतू थी ........ मगर उसकी तरह सीढ़ी लेती होइ नहीं थी .............. बल्कि घुटनों की बल झुकी होइ .............. उसी की तरह नीतू भी छुड़वा रही थी ............... उसकी छूट मैं भी लुंड था ............ मगर महीन की तरह नक़ली नहीं ....... बल्के असली लुंड .............. और उसको छोड़नी वाली कोई लड़की नहीं थी .......... बल्के एक खूबसूरत जवान लड़का था .......... महीन हैरानी सी उस सुब को देख रही थी ............

महीन न्य मुद की हैरानी सी सिंडी की तरफ देखा ........ सिंडी न्य मुस्करा की उसकी होंठों को चूम लय ............

सिंडी उसकी पिच्य खरी महीन की जिसम को सहलाती होइ बोली .......... लुक ात योर फ्रेंड मम ............ हाउ मच शी इस एंजोयिंग विथ ा रियल कॉक ............. महीन शर्मा गए .......... महीन न्य पिच्य पिच्य हटनी की कोशिश की ............ मगर सिंडी न्य उसी थोड़ा पुश क्या ........ कीप ों वाचिंग मम .............. यह कहती होय सिंडी न्य अपना हाथ नीची लय जा की महीन की छूट पी रख दया ........... और उसकी छूट को सहलानी लगी .......... जो फिर सी गीली हो रही थी ........ सिंडी महीन की गर्दन को चूम रही थी ............ उसकी छूट को सहलाती होइ ........ और महीन की नज़रें अपनी सामन्य किसी और hi मर्द सी छुड़वा रही होइ उसकी दोस्त नीतू पी थीं ........... उस लड़के का गोरा सुफैद लुंड नीतू की छूट मैं अंदर बहार हो रहा था ........... जो बिलकुल नंगी उसकी ाग्य झुकी होइ उस सी चडवा रही थी ............. सिंडी न्य अपनी एक ऊँगली महीन की छूट मैं डाली और उसकी गर्दन पी अपनी जुबां फैरी तो महीन की हलकी सी सिसकारी निकली ......... मगर वह नीतू तक नहीं जा सकीय ............ महीन की छूट पूरी तरह सी गीली हो रही थी .......... इस तरह सी पहली बार एक रियल की चुदाई देखती होय ...........

मम प्लीज बेंड डाउन ा लिटिल .......... महीन को अपनी कानों मैं सिंडी की आवाज़ सुनाई दी ............ और उसी पिच्य अपनी टांगों की बीच मैं सिंडी का स्ट्राप ों लुंड टच होता होआ महसूस होआ ............... महीन न्य अपनी गर्दन घुमा की एक नज़र सिंडी की तरफ देखा ...... और फिर दरवाज़ी की चौखट पी हाथ रखी होय थोड़ा झुक गए ................ वह खुद भी फिर सी अपनी छूट की अंदर लुंड छह रही थी ........ अपनी सामन्य हो रही उस चुदाई को देखती होय महीन एक बार फ्री सी गरम होनी लगी थी ............. महीन की झुकनी पी सिंडी न्य वह स्ट्राप ों लुंड फिर सी महीन की छूट पी रखा और उसी ाहसिता आहिस्ता महीन की छूट की अंदर दाखिल करनी लगी ............. हलकी सी सिसकारी की साथ महीन न्य अपनी आंखें बंद क्र लीन .......... और सिंडी न्य महीन की कमर को पाकर की हल्के हल्के ढक्की लगानी शुरू क्र डाई ............. अंदर नीतू की एक तेज़ सिसकारी की आवाज़ की साथ hi महीन न्य अपनी आंखें खोल दिन ......... और फिर सी नीतू की चुदाई को देखनी लगी ............ सामन्य नीतू छुड़वा रही थी .......... और इधर वह सिंडी की स्ट्राप ों लुंड सी चुद रही थी ....... बुहत hi गरम मंज़र था वह का .............

सिंडी की धक्कों की रफ़्तार मैं भी तेज़ी आ रही थी .......... जिस सी महीन की छूट भी गरम हो रही थी ............. उसका ओर्गास्म फिर सी बिल्ड उप हो रहा था ........... अचानक सिंडी न्य एक ज़ोर का धक्का मारा और अपना स्ट्राप ों लुंड पूरा महीन की छूट मैं उतार दया ....... महीन की एक तेज़ चीख निकल गए ........ और उसी लगनी वाले झटकी की साथ दरवज़ा पूरा खुल गया ........... उधर नीतू और वह लड़का दोनों hi मुद की इनकी तरफ देखनी लगे ...............

नीतू की नज़र महीन की नज़रों सी मिली तो वह मुस्करानी लगी ....... और उस लड़के न्य भी महीन की नंगी जिसम को ....... और उसी सिंडी सी चुदवाती होय देखा ......... और फिर सी नीतू की चुदाई शुरू क्र दी .......... महीन न्य पिच्य हटना चाहा ........... सिंडी को पिच्य हटाने की कोशिश की ........ मगर सिंडी न्य उसी कामयाब नहीं होनी दया .......... और हल्का सा प्रेशर बढ़ा की महीन को फिर सी छोड़ने लगी ........... नीतू और उस लड़के की नज़रें महीन की नंगे जिसम पी थीं ............. महीन खुद को छुपाना छह रही थी उस लड़के की नज़रों सी मगर कामयाब नहीं हो रही थी .............. पता नहीं क्यों यह सुब उसी और भी एक्ससिटेड क्र रहा था .......... ऐसी एक और ग़ैर मर्द की सामन्य उसका नंगा होना ........... और पहली बार किसी की सामन्य उसका चुदाई करवाना .......... वह लड़का भी महीन की तरफ देखती होय नीतू को छोड़ रहा था ........ उसकी नज़रें महीन की hi नंगे जिसम पी थीं .......... उस की बूब्स पी ......... उसकी नंगे चिकने सुफैद जिसम पी ............. महीन की आँखों मैं देखती होय उस न्य अपना लुंड नीतू की छूट सी निकला और उसी लेहरानी लगा ............. महीन की नज़रें उस लड़के की लुंड की तरफ जाय बिना नहीं रह सकीं ............... महीन उस गोरे जवान लड़के की लुंड को देखनी लगी .......... जो 6 इंच की क़रीब लग रहा था ....... बिलकुल सीधा एकरा होआ .......... महीन की नज़रें वापिस उस लड़के की आँखों सी मिलीं तो उस न्य दोबारा सी अपना लुंड नीतू की छूट मैं दाल दया ............. और फिर सी नीतू को छोड़नी लगा ................ महीन को बुहत अजीब लग रहा था ........ ऐसी किसी ग़ैर मर्द की सामन्य नंगी होना ........... आसिफ और विनोद की बाद यह तीसरा मर्द था जो उसकी जिसम को नंगा देख रहा था ..... इसी सुब की दौरान महीन एक बार फिर सी झाड़नी लगये ........... उन दोनों की आँखों की सामन्य hi ........... कभी उसकी नज़रें नीतू सी मिलतीं और कभी उस लड़के की नज़रों सी ........ आखिर उस न्य अपनी आंखें बंद की लीं ..............

जैसी hi उसकी छूट न्य पानी छोरा तो सिंडी न्य भी अपनी ग्रिफ्ट थोड़ी ढीली क्र दी ............. महीन फौरन hi उसकी हाथों सी निकली और वापिस कमरे मैं आगये ........... और मस्सगे टेबल पी बेथ की लम्बे लम्बे सांस लेनी लगी ........... निढाल हो की ................
 
कुछ देर की बाद सिंडी न्य महीन का हाथ पकड़ा और उसी एक शावर रूम की तरफ लय गए ..............

सिंडी ....... मम प्लीज हैवे ा शावर तो रिमूव आल थे आयल फ्रॉम योर बॉडी ........... थें यू विल बे इन पारलर एरिया फॉर बॉडी लोशन एंड पॉलिशिंग ...........

महीन न्य कमज़ोर सी लहजे मैं ह्म्म्मम्म्म्म बोलै ......... सिंडी की स्ट्राप ों लुंड सी दो बार की चुदाई और दो तीन बार की ओर्गास्म की बाद महीन की जिसम मैं तो जैसी जान hi नहीं रही थी ......... वह आहिस्ता आहिस्ता अंदर जांय लगी ........

सिंडी ....... मम ...... दो यू नीड माय हेल्प ....

महीन न्य उसकी तरफ देखा ...... सिंडी अभी भी बिलकुल नंगी थी ....... फिर महीन की नज़र नीची गए ......... उसका स्ट्राप ों लुंड अभी भी उसकी जिसम पी था ........... वैसी hi लहराता होआ ........ जिसकी साथ सिंडी उसी दो बार छोड़ चुकी थी .......... फिर महीन वीर्य सी मुस्कराई और और उसकी डिल्डो की तरफ इशारा करती होइ बोली ........... no सिंडी ......... ी डोंट वांट तो टेक तहत रिस्क अगेन ............

सिंडी उसकी बात सुन की हंसनी लगी ....... okay okay अस यू विश मम ........... लेट में ब्रिंग क्लोथ्स फॉर यू तो वियर फॉर थे पारलर .......... सिंडी यह बोल की शावर रूम का दरवाज़ा बंद क्र की चली गए .......... महीन न्य शावर ों क्या ...... हल्का हल्का गरम पानी था ..... बुहत hi सूथिंग ....... जिसकी साथ उसके जिसम को सुकून मिलनी लगा ........... महीन न्य ाच्य सी अपनी जिसम को वाश क्या ...... बुहत hi स्पेशल बॉडी वाशिंग लिक्विड सोअप्स रखी होय थय जिनकी साथ उसनी अपनी जिसम को साफ़ क्या ....... और फिर टॉवल सी अपना जिसम साफ़ करनी लगी ....... इतनी मैं नॉक होआ और सिंडी दरवाज़ा खोल की अंदर आई ........ और एक छोटा सा पैकेट वहां साइड रैक पी रख दया .......... महीन न्य जल्दी सी वही टॉवल अपनी जिसम पी लपेट लय .......

सिंडी ..... मम प्लीज वियर आईटी एंड के आउट प्लीज ....... नीतू मम इस वेटिंग फॉर यू ........

महीन न्य okay मैं सर हिलाया ......... और फिर उस पैकेट को ओपन क्या ....... तो हैरत सी उसी हैरत का एक और झटका लगा ......... उस मैं एक बुहत hi छोटा सा कॉटन शॉर्ट्स और एक शार्ट सा स्लीवलेस कॉटन ब्लाउज था .......... ....... महीन हैरानी सी उसी देखनी लगी ....... और फिर सिंडी सी बोली ........

महीन ....... सिंडी ..... व्हाट इस थिस अगेन ..... ???

सिंडी मुस्कराई ..... don't वोर्री मम ....... अब कुछ भी वैसा नहीं हो गए ....... जस्ट रिलैक्स एंड वियर आईटी ......... यह ड्रेस पारलर की काम की लय कस्टमर्स को पहन न परता है ........ ताकि सुब काम आसानी सी हो सकी ........

महीन खामोश हो गए ........ और फिर वह शॉर्ट्स उठा की पहन न्य लगी ........ अपनी नंगी टाँगूं पी उस शॉर्ट्स को चढ़ाती होय उसी टॉवल की नीचे सी अपनी हिप्स तक चढ़ा लय ..... फिर सिंडी को देख की उसकी तरफ अपनी पीठ क्र की टॉवल उतार की हैंग क्र दया .... और फिर उस शार्ट सी स्लीवलेस ब्लाउज को पहन लय ...... और खुद को आईने मैं देखनी लगी ........ वह ब्लाउज उसकी बूब्स सी थोड़ा नीची तक जा रहा था बस ....... शोल्डर्स पी पतली पतले स्ट्रैप्स थय ..... गोरा सुफैद सीना पूरा खुला होआ था ....... ब्लाउज का गाला डीप था ... जो उसकी बूब्स की बीच तक जा रहा था ... और उसकी क्लीवेज का काफी हिस्सा ओपन हो रहा था ...... साफ़ नंगा दिख रहा था ...... पिच्य सी भी जस्ट बेल्ट की तरह hi था ......... महीन को ऐसी लग रहा था की जैसी उसनी कोई ब्रस्सिएर hi पहनी हो .......

सिंडी की तरफ देखती होइ बोली ........ सिंडी आईटी इस तू शार्ट

सिंडी मुस्कराई ..... don't वोर्री मम ...... no मेल विल बे दोंग योर मेक ओवर िफ़ यू don't वांट हिम तो दो ......... ओनली गर्ल्स विल बे तेरे .........

महीन मुस्कराई और उसकी तरफ टेढ़ी नज़रों सी देखती होइ बोली ....... तुम्हारी जैसी गर्ल्स ....... ????

महीन की बात सुन की सिंडी हंसने लगी ......... िफ़ यू वांट तहत अगेन ..... थें यस ......

महीन भी मुस्कराई ..... no थैंक्स ..........

फिर महीन सिंडी की साथ शावर रूम सी निकली .... और दूसरी रूम मैं आई तो वहां पी नीतू भी उसी की जैसा hi ड्रेस पहनी होय बैठी थी ......... उसी लड़के की पास ...... बल्के उसकी गौड़ मैं ......... और वह दोनों किसिंग क्र रही थय .......... महीन वहीँ रुक गए ......... महीन को देख की नीतू उस लड़के की गौड़ सी उठी ....... उस लड़के न्य नीतू की होंठों को एक बार किश क्या ....... और मुस्कराता होआ रूम सी चला गया ........ .......... महीन न्य नीतू को घूरा और हिंदी मैं बोली ........ तेरी आग ख़तम नहीं हो रही क्या अभी तक ............

उसकी बात सुन की नीतू हंसनी लगी ..... और फिर सिंडी उनको लय की पारलर की एरिया की तरफ चल पारी ......... बुहत खूबसूरत पारलर रूम था ...... बारे बारे आईने लगी होय थय ..... जिनकी सामन्य की टेबल्स पी पता नहीं कोण कोण सा मेक उप का सामान रखा होआ था ........ आइनों की सामन्य तीन कम्फर्टेबले रेक्लिनिंग चेयर्स राखी होइ थीं ......... वहाँ दो लड़का बैठी होइ थीं ...... कस्टमर्स का वेट करती होइ ............ उन्हों न्य भी मिनी स्कर्ट और बुहत hi टाइट टी शर्ट्स पहनी होइ थीं ....... यूनिफार्म वाली .............. सिंडी न्य उनको चेयर्स पी बेथनी को बोलै ....... दोनों क़रीब क़रीब वाली चेयर्स पी बेथ गईं ............ सिंडी न्य महीन और नीतू को उन लक्यों की हवालय क्या और उनको कुछ बता की मुस्कराती होइ वापिस अंदर को चली गए ............... एक लड़की महीन की तरफ आई ....... और मुस्करा की महीन को hello बोलै .......... महीन न्य भी मुस्करा की उसको जवाब दया .............. और उसको देखनी लगी ............ खासी खूबसूरत ........ और जवान लड़की थी ............ वह भी महीन सी उम्र मई छोटी थी ............. बुहत गोरी ..... बुहत खूबसूरत ........ और भरपूर जिसम वाली ............ उसकी बूब्स भी उस की टी शर्ट मैं तनय होय थय .......... बुहत दिलकश लग रही थय ........... और सेक्सी ............ महीन न्य उसकी लेफ्ट बूब की ऊपर लगा होआ उसका बैज पढ़ा ..... जिस पी उसका नाम केथी लिखा होआ था ................

केथी महीन की तरफ आगये ........... और एक दूसरी लड़की नीतू की चेयर पी ............ केथी न्य कुछ बटन दबा की महीन की चेयर को पिच्य की तरफ लिटाना शुरू क्र दया ....... अब महीन थोड़ा तिरछी हो की लेती होइ थी उस चेयर पी ............

केथी न्य अब सामन्य सी कोई लोशन उठाया और महीन की टांगों की तरफ आ की उसी महीन की गोरी नंगी टांगों पी लगानी लगी ........... उसकी नरम नरम हाथ एक बार फिर महीन की नंगी चिकनी टांगो पी फिसलनी लगी ........ महीन की दिल मैं फिर सी गुदगुदी सी होने लगी ........... मगर महीन खुद पी कण्ट्रोल करती होइ लेती होइ थी ......... और केथी को देख रही थी ............. केथी आहिस्ता आहिस्ता महीन की पूरी जिसम पी लोशन लगानी लगी .......... उसकी जिसम का मस्सगे करनी लगी ........... महीन की आंखें बंद हो रही थीं ........ मगर वह फिर सी अपनी आंखें खोल लेती ............ दूसरी तरफ दूसरी लड़की भी नीतू की जिसम का मस्सगे क्र रही थी .............

सिंडी और नीतू की बाद तीसरी लड़की थी कथ्य जो महीन की जिसम को ऐसी सहला रही थी ........ मगर वह भी सिंडी की तरह अपनी काम की माहिर थी ........ उसकी हाथ भी उसी की तरह महीन की जिसम पी जादू चला रही थय ........... महीन की तइस पी लोशन लगाती होय उसकी हाथ और भी ऊपर को जा रही थय ........ महीन की शॉर्ट्स की अंदर ....... होलाय सी महीन की छूट को छूती होय .......... महीन का जिसम तरप उठा .......... उसनी फौरन hi हाथ बढ़ा की अपना हाथ कथ्य की हाथ पी रख दया .......... उसी रोकनी की लय ............. कथ्य मुस्कराई ...... और आहिस्ता सी अपनी हाथ को पिच्य खींच की महीन की शॉर्ट्स सी निकाल लय ........... और फिर महीन की पेट की नंगे हिस्से पी भी लोशन लगानी लगी ............. लोशन सी महीन की टांगें .......... तइस ....... और पेट चमकनी लगा था ........ शाइन क्र रहा था ........ महीन को बुहत ाचा लग रहा था .............. फिर कथ्य न्य महीन की बाज़ूओं पी भी लोशन लगा दया ........... महीन का खूबसूरत अध् नंगा जिसम चमक रहा था .......... बुहत hi हॉट और सेक्सी लग रहा था ............... और उस सी महीन रिलैक्स भी हो रही थी .............

अब कथ्य न्य कुछ क्रीम्स और लोशन एक छोटे सी बोवेल मैं मिलानी शुरू कए ............. और महीन की लय फेस मास्क बनाने लगी .......... महीन उसी hi देख रही तह ............. फिर कथ्य महीन की चेहरी की तरफ आई ........ और वह मास्क महीन की चेहरी पी लगाने लगी ............ महीन आंय मैं उसी अपना काम करता होआ देख रही थी ............. महीन को अपनी चेहरी पी कुछ गाढ़ा गाढ़ा सा मटेरियल लगता होआ महसूस हो रहा था ......... जो उसकी चेहरी पी बिलकुल सुफैद मास्क सा बना रहा था ........... कुछ hi देर मैं कथ्य न्य महीन की आँखों की इलावा पूरे चेहरी को उस सुफैद मास्क की साथ कवर क्र दया ........ महीन खुद की चेहरी को आंय मैं देख की मुस्करा दी ........ महीन को अपनी चेहरी पी वह सुफैद मास्क सख्त होता होआ महसूस हो रहा था ...... जैसी वह महीन की चेहरी पी एक लेयर सी बना रहा था ........ हार्ड लेयर ........... जिस सी महीन की चेहरी की स्किन की मूवमेंट भी रुक गए थी ........... कथ्य न्य अब ऑय पैड्स उठाय और उनको महीन की आँखों पी लगा दया ........ और उसी आंखें बंद रखनी को बोल दया ..........

कथ्य ...... मम प्लीज कीप योर आईज शट ....... ोथेरविसे थिस मास्क मई कॉज रिंकल्स ों योर फेस ........... आईटी विल टेक हाफ ऑवर ...... टिल थें ी शॉल अप्लाई लोशन ों योर बॉडी ........

महीन तिरछी लेती होइ ...... उस पोजीशन मैं रिलैक्स होने लगी ............ और कथ्य न्य दोबारा सी महीन की टांगों का मस्सगे करना शुरू क्र दया लोशन की साथ ....... और फिर सी उसकी हाथ महीन की पूरी जिसम पी रींगणी लगी ............ सहलानी लगी ............. आंखें बंद होनी की वजह सी महीन की लय अब अपनी जज़्बात को कण्ट्रोल करना और भी मुश्किल हो रहा था ............ उसकी सांसें भी तेज़ हो रही थीं ........ मगर वह सुब बर्दाश्त क्र रही थी .............. कण्ट्रोल क्र रही थी ............

थोड़ी देर मैं महीन को किसी की रूम मैं अन्य का अहसास होआ ........ फिर उसी सिंडी की आवाज़ सुनाई दी .......... वह नीतू की क़रीब आई ....... और उस सी कुछ बोलै ................ फिर महीन को नीतू की आवाज़ सुनाई दी ........

नीतू .......... यस यस प्लीज ............ ब्रिंग हेरे .......... इतस okay ......

सिंडी ......... okay मम ..........

महीन को कुछ समझ नहीं आई की नीतू न्य सिंडी को क्या लानी को बोलै है ........... मगर महीन खामोशी सी उस रेक्लिनिंग चेयर पी लेती रही ......... आंखें बंद कए होय ............ शायद कुछ पीने को मंगवाया हो गए नीतू न्य ........... महीन न्य आंखें बंद कए होय सोचा ..............

एक दो मिनट की बाद उस रूम का दरवाज़ा दोबारा खुला और फिर सी बंद हो गया ............... फिर अचानक सी महीन को जैसी झटका सा लगा ........ जब महीन न्य एक आवाज़ सुनी ......

Hi नीतू ......... ओह्ह्ह वववव ...... महीन तुम भी यहीं हो ........ मुझी नहीं पता था की तुम भी मुझी यहाँ मिल जाओ गई .................. क्या hi क़िस्मत है मेरी यार ..........

महीन यह आवाज़ सुन की उछाल hi पारी .......... क्यों की यह आवाज़ राजीव की थी ............. महीन को राजीव की आवाज़ सुन की झटका लगा था ...... क्यों की उसी फौरन hi अहसास हो गया था की वह किस हालत मैं वहां पी लेती होइ है .......... कितनी काम कपड़े हैं उसकी जिसम पी .......... महीन न्य जल्दी सी उठना चाहा ........ मगर कथ्य न्य उसकी जिसम पी हाथ रख की उसी लेती रहंय को बोलै ......

कथ्य ....... no no मम ........... प्लीज don't मूव ....... आईटी विल डिस्ट्रॉय एव्री थिंग ............ प्लीज मम ............

महीन बोल पारी ............. न्यूऊऊऊ ........... Neetuuuuuuuuuuuu ............. Rajivvvvvvvvvvvvvvvvv ..................... तुम यहाँ क्या क्र रही हो ................

महीन न्य हिंदी मैं उन दोनों को बोलै ............ नीतू न्य भी हिंदी मैं hi उसी जवाब दया ........... रिलैक्स करो महीन ............ कुछ नहीं हो रहा तुमको ........... कुछ नहीं क्रय गए राजीव तुम्हारी साथ ..............

महीन फिर बोली ........... राजीव प्लीज तुम बहार जाओ ............ नीतू ..... इसी बोलो न pleaseeeeeeeeeee.............. देखो न मेरी हालत ........

राजीव महीन की जिसम का जायज़ा लय रहा था ....... इतना ज़्यादा महीन का एक्सपोज्ड जिसम राजीव न्य कभी नहीं देखा था ........... राजीव महीन की बिलकुल क़रीब सी बोलै ............ महीन ........... रिलैक्स रिलैक्स ............. मैं तुम्हारा बॉय फ्रेंड हों न ............. हहहहए ...... तो फिर मुझ सी कैसी शर्म .........

महीन फिर सी बोली .......... राजीव ....... राजीव ....... प्लीज चले जाओ न ........... मुझी शर्म आ रही है ................ उसी बंद आँखों की साथ यह अहसास हो रहा था की राजीव उसकी नंगे जिसम को देख रहा हो गए ........ उसकी नंगी गोरी टांगें ...... सुफैद चिकनी तइस ........... स्पॉट पेट .......... सुब नंगा था ............ और उसकी शार्ट ब्लाउज मैं सी उसकी सीने की उभारों का ऊपरी हिस्सा भी दिख रहा था .......... महीन बुहत hi हॉट हालत मैं वहां लेती होइ थी ........... राजीव की नज़रों की सामन्य ........... उसी कुछ समझ नहीं आ रही थी की वह क्या क्रय .............. आखिर महीन न्य अपना हाथ ऊपर लय जा की अपनी ऑय पैड्स हटा डाई और राजीव को देखनी लगी ......... जो उसकी और नीतू की चेयर की बीच खरा था ............ मगर उसकी नज़रें महीन की जिसम पी hi थीं .............. महीन उसको ऐसी खुद की जिसम को देखता होआ पा की शर्मा गए ...........

महीन फिर सी बोली ........... राजीव प्लीज बहार जाओ न आप ............

राजीव मुस्कराया .......... क्यों जाऊँ डार्लिंग ........... तुम्हारा बॉयफ्रेंड हों न मैं तो .......... मुझी तो तुम्हारी पास रुकनी का हक़ है न .............

महीन उसकी बात सुन की शर्मा गए .............. फिर नीतू सी बोली .............. नीतू ........... प्लीज रोको न इनको ................ देखो तो कैसी तैसे क्र रहे हैं मुझी ..............

नीतू भी मुस्कराई राजीव का साथ देती होइ बोली ....... भाई मैं तुम दोनों बॉयफ्रेंड और गर्ल फ्रेंड की बीच क्या बोलों .......... यह तो आप दोनों का आपस का मामला है न ............. और हंसनी लगी .............

राजीव न्य क़रीब आ की महीन का हाथ अपनी हाथ मैं लय लय और महीन को तैसे कृत्य होय बोलै ............. महीन मुझी नहीं पता था की तुम किस क़दर खूबसूरत हो यार ............... यू हैवे अमेजिंग बॉडी ................ रियली गॉर्जियस ..............

महीन शरमाई और उसकी हाथ सी अपना हाथ चुरवानी की कोशिश करती होइ बोली ............ प्लीज राजीव .......... मत बोलो ............ कुछ भी ...........

राजीव न्य उसका हाथ नहीं छोरा ....... और उसी आहिस्ता आहिस्ता सहलानी लगा .......... महीन को शर्म आ रही थी .............. उसनी कथ्य की तरफ देखा तो वह भी मुस्करा की महीन को देख रही थी .............. और महीन उसकी नज़रों को देखती होय शर्मा गए ........... महीन को भी राजीव का टच ाचा लग रहा था ........... उसकी सहलानी का अंदाज़ ...... उसकी शून्य का तरीक़ा ......

नीतू ........ महीन वैसी राजीव कह तो ठीक hi रहा है ...... तुम्हारा जिसम सुच मैं hi बुहत हॉट है ....... किसी को भी देवना बना सकता है ..........

महीन शर्मा गए ........ राजीव ऐसी hi उसकी क़रीब बैठा उसी तैसे करता रहा ....... अपनी बातून सी उसी तंग करता रहा .......... महीन की नंगे चमकती होय जिसम को देखता रहा ............... और महीन बस शर्माती hi रही ............ उसी भी राजीव की नज़रों का अहसास हो रहा था ........... उसी महसूस हो रहा था की अब उसी राजीव का वहां बैठना बुरा नहीं लग रहा था ........... बल्के पता नहीं क्यों उसी दिल hi दिल मैं कहीं न कहीं ाचा भी लग रहा था .......... उसी राजीव की तैसिंग भी अछि लग रही थी ..........

राजीव थोड़ा सा झुक की महीन की कान मैं बोलै ........ ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ महीन ...... की नज़ारा है न तुम्हारी क्लीवेज का ............ वंडरफुल .......

महीन शर्मा गए ...... और दूसरी हाथ को घुमा की उसकी बाज़ू पी मारा ........ बद्तमीज़ ........ हटो यहाँ सी ........

मगर उसकी आवाज़ मैं गुस्सा नहीं था ........ शर्मीला पैन था ..... उसी अहसास हो रहा था की राजीव क्या देख रहा हो गए ........ कैसी उसकी बूब्स और क्लीवेज उसी दिख रहा हो गए .......... मगर वह कुछ नहीं क्र पा रही थी ......... बस उसकी सामन्य वैसी hi लेती होइ थी ...........

कुछ देर की बाद नीतू और महीन का काम मुकमल हो गया ....... दोनों न्य दूसरे कमरे मैं जा की अपनी अपनी ड्रेस पहनी और फिर राजीव की साथ hi उस पारलर सी घर की लय निकल आईं ............ महीन को बुहत शर्म आ रही थी राजीव सी ....... मगर गुस्सा नहीं था .......... ना जांय क्यों .............. बस हलकी हलकी सी मुस्कराहट थी उसकी होंठों पी .............
 
अपडेट NO: 39

नीतू और राजीव न्य महीन को उसकी बिल्डिंग की नीची छोरा .......... नीतू उसी सी ऑफ करनी उसकी बिल्डिंग की अंदर तक आई ...... तो महीन उस सी बोली .....

महीन ....... नीतू ...... यह सुब बुहत ग़लत होआ है न .....

नीतू ...... क्या ....

महीन ..... वही जो सिंडी की साथ होआ ......

नीतू मुस्कराई ...... don't वोर्री ....... तुम यह बताओ तुमको मज़ा आया ......

महीन ब्लश करती होइ बोली ....... हाँ .......

नीतू ...... तो फिर कुछ भी मत सोचो ........... जो होआ बस ाचा होआ न ....

महीन .......... लकिन वह विनोद ........

नीतू ....... विनोद का क्या ....... उसी बतानी की क्या ज़रूरत है ........ देखो जो मैं न्य क्या उस लड़के की साथ मैं कोनसा बतानी जा रही हों राजीव को ?? कभी भी नहीं ............ तहत आल इस आवर लिटिल सीक्रेट. ........... सो कीप आईटी उप ...

महीन मुस्करा दी ............ लकिन तुम्हारी राजीव का क्या करों मैं ........ जो हर वक़त मुझी तंग करता रहता है ...........

नीतू मुस्कराई ....... करना क्या है ....... बस एन्जॉय करो उसकी तैसिंग को ....... कोई खा नहीं जाय गए वह तुमको .......... तुम्हारी मर्ज़ी की बग़ैर ........... नीतू न्य महीन को आँख मारी ........

महीन ...... लकिन तुम न्य उसी अंदर क्यों बुलाया था ..... तुमको पता भी था हमारी ड्रेसेस कैसी हैं .........

नीतू ......... हाहाहाहा .... तहत वास् फन .....

महीन ..... तुम्हारी फन की चक्कर मैं वह मेरी पूरी जिसम को देख रहा था नेकेड .........

नीतू ..... हाहाहाहा ........ तो क्या हो गया यार ......... लेट हिम एन्जॉय ...........

महीन शर्मा गए ........ और फिर उसको थैंक्स बोल की अंदर चली गए ........... मस्सगे और उसकी साथ साथ राजीव की फ्लिर्टिंग की बाद नीतू सी होइ बात चीत की की वजह सी महीन बुहत hi रिलैक्स फील क्र रही थी ............ राजीव की सामन्य अपनी जिसम की इस क़दर एक्सपोज़ होनी की बाद उसी खुद सी शर्म भी आ रही थी और वह एक्ससिटेड भी फील क्र रही थी ...... इस बात पर की नीतू की होनी की बावजूद भी राजीव उसका देवना हो रहा है .......... मेरा नहीं मेरी जिसम का .............. हहहहह ........... महीन हंसी ........... कैसी भूकी नज़रों सी देख रहा था न मेरी जिसम को .......... जैसी नीतू तो उसी कुछ करनी देती hi न हो न ................. वैसी नीतू का जिसम कोनसा कोई काम खूबसूरत है मेरी सी ............. आज देख hi लय है न .......... बुहत hi टाइट और सादूल जिसम है उसका भी ........... महीन उसी की बारी मैं सोचती होइ मुस्करा रही थी ...............

महीन बिल्डिंग मैं एंटर होइ और लिफ्ट की तरफ बरही ........... तो उसी मर. मिलर भी अपनी स्टिक की सहारी आहिस्ता आहिस्ता अपना भारी जिसम लिफ्ट की तरफ जाती होय दिखा .. उसकी एक हाथ मैं एक छोटा सा ग्रोसरी बैग था ........... महीन भी जल्दी सी उसकी क़रीब गए .......

महीन ........ गुड इवनिंग मर. मिलर .......

मिलर न्य सर घुमा की महीन की तरफ देखा ....... और मुस्करा की महीन को जवाब दया ........... गुड मॉर्निंग मिस .......... हाउ अरे यू

महीन ........ ी ऍम फाइन ........ आप कैसी हैं ........

मिलर हंसा .......... उसकी हंसी मैं जैसी थोड़ी तकलीफ सी थी ........... हाहाहाहाहा .......... एक बूढ़ी आदमी न्य कैसी होना है ............. बस अपनी ज़िन्दगी का टाइम पूरा क्र रहा हों ............. की कब मौत का फरिश्ता आता है लेने की लय ........... हाहाहाहा ............

महीन न्य जल्दी सी अपना हाथ मिलर की होंठों पी रखा और बोली ...... नहीं नहीं मर. मिलर ऐसी बातें नहीं कृत्य ................ आप को तो अभी लाइफ को एन्जॉय करना चाही न ..........

मिलर को महीन बुहत रेस्पेक्ट देती थी ........... उसी देख क्र महीन को अपनी दादा की याद आती थी .......... जो क़रीब क़रीब ऐसी hi उम्र और ऐसी hi जिस्मानी सेहत की साथ थय ..... और 3 साल पहली hi उनकी डेथ होइ थी ........... दोनों लिफ्ट की दरवाज़ी की सामन्य खरी थय ............. इतनी मैं लिफ्ट नीची आई और खुल गए ........... महीन न्य मिलर की हाथ सी उसका ग्रोसरी बैग लय लय और दूसरी हाथ सी उसका हाथ पाकर की उसी लय क्र लिफ्ट मैं दाखिल हो गए ........... और अपनी फ्लोर का बटन दबा दया ....... लिफ्ट बंद होइ और ऊपर को जांय लगी .......... मिलर महीन की क़रीब hi खरा था .......... महीन न्य अब उसका हाथ चोर दया होआ था .... दोनों खामसहि सी खरे रही ....... थोड़ी देर मैं लिफ्ट उनकी फ्लोर पी रुकी और ओपन हो गए .............

महीन न्य वैसी hi दोबारा उसका हाथ थामा और उसी लय होय लिफ्ट सी बहार आ गए . .............

मिलर मुस्कराया ............ हे मिस .............. ी ऍम नॉट तहत मच ओल्ड ........ ी कैन वाक .........

महीन भी उसकी बात पी मुस्कराई .......... हहहह ........ यस ी क्नोव यू अरे यंग ........ यू कैन इवन टेक part इन ा मैराथन ........... हहहहह

मिलर भी हंसनी लगा ...... और महीन का हाथ थामी होय ..... महीन और अपनी स्टिक की सहारी चलती होय अपनी अपार्टमेंट की तरफ बरहनी लगा .......

महीन मिलर को होय उसकी अपार्टमेंट की सामन्य रुक गए ............ मिलर न्य अपनी पॉकेट मैं सी अपार्टमेंट की कीस निकालीं और उसी खोलनी लगा ............. महीन को ाचा नहीं लगा की वह उसका सामान उसकी हाथ मैं दी की वहां सी चली जाय ......... उसनी मिलर की साथ उसकी घर मैं जांय का इरादा क्या .......... मिलर न्य दरवाज़ा खोला और अंदर दाखिल होआ ............ और महीन सी अपना ग्रोसरी बैग लेनी की लय हाथ बढ़ाया ........

महीन मुस्कराई ..... अंकल .......... क्या मैं आप की घर मैं नहीं आसक्ति ............ जो आप मुझी दरवाज़ी सी hi वापसी भेज रही हैं ......

मिलर हंसा ....... अह्हह्हह ....... नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है ........ यू कैन के अन्य टाइम डिअर ..............

महीन मुस्कराई .......... तो फिर मैं किचन मैं रख देती हों यह बैग ........

मिलर मुस्कराया और उसी रास्ता देती होय बोलै ...... okay okay ...... प्लीज आजाओ अंदर ............ मैं तो बस इस लय कह रह था की ....... ऐसी hi तुमको तकलीफ हो गई ........

महीन मुस्कराती होइ उसकी अपार्टमेंट मैं दाखिल होइ .......... कोई तकलीफ नहीं है अंकल .............. वह बोली और मिलर की किचन की तरफ बरही ............ उनकी जैसा hi अपार्टमेंट था .......... िडेंटिकल hi कंस्ट्रक्शन और सेटिंग थी ............. वह पहली भी वहां आ चुकी होइ थी विनोद की साथ ........... मिलर न्य मैं दूर बंद क्या और आहिस्ता आहिस्ता अंदर आ की सोफे पी बेथ गया और अपना सांस बहाल करनी लगा ........... महीन न्य ग्रोसरी बैग किचन काउंटर पी रखा और मिलर की लय गिलास मैं पानी दाल की बहार आई ...........

महीन उसी पानी देती होइ बोली ....... यह लाइन अंकल पानी पी लाइन ...

मिलर न्य गिलास लय लय .......... थैंक्स डिअर

महीन ....... अंकल आप कहानी मैं कुछ लाइन गए क्या .......... बता डैन मैं बना देती हों जल्दी सी .............

मिलर .......... नहीं प्लीज तुम रहंय दो ....... मैं क्र लोन गए ..... पहली hi बुहत तकलीफ ली है तुम न्य मेरी लय .........

महीन मुस्कराई ........ वैसी मैं इतना बुरा भी खाना नहीं बनाती ...... जो आप दर रही हैं ........ हाहाहा .. ......... आप बता डैन ..... मुझी ख़ुशी हो गई आप की लय कुछ क्र की ......

मिलर मुस्कराया .......... okay अगर तुम ज़िद क्र रही हो तो फिर मुझी एक बोवेल स्पघेटी का बना दो ..........

महीन मुस्कराती होइ ...... सूरे अंकल ......... कहाँ रखा है ......

मिलर ...... इसी बैग मैं है ....... अभी लय की आ रहा हों नीची सी ........ चलो मैं भी किचन मैं चलता हों तुम्हारी साथ ........

मिलर सोफे सी उठा और अपनी स्टिक की सहारी चलता होआ महीन की पिच्य पिच्य किचन मैं आज्ञा

महीन न्य किठें काउंटर पी रखा होआ वह ग्रोसरी बैग खोला और उस मैं सी चीज़ें निकाल की वहीँ स्लैब पी रखनी लगी ........... एक वाइन की बोतल भी थी उस बैग मैं जिसे देख की महीन मुस्करा दी ....... इस उम्र मई भी पीने सी बाज़ नहीं आती यह अंग्रेज़ लोग ................

महीन मिलर सी बोली ............ अंकल ........... व्हाट इस थिस ........... आप अभी भी ड्रिंक कृत्य हो ............

मिलर हंसा .......... ाहाहाःहाहा .......... बस कभी कभी क्र लेता हों ........ कभी अकेले मैं ........ और कभी अगर को मेरी जैसी बूढ़ी दोस्त आ जाईं तो उनकी साथ ..............

महीन मुस्कराई ........... लकिन यह आप की सेहत की लय अछि नहीं है न

मिलर ............. ी क्नोव ....... लकिन बुहत थोड़ी पीटा हों न ........

महीन मुस्करा दी .......... okay .......

फिर महीन न्य बाक़ी सामान भी निकाला और उस मैं सी नूडल्स का पैकेट उठा लय और बाक़ी सामान एक तरफ क्र दया ........ फिर मिलर उसी बर्तनों का बताया ........... महीन न्य एक बर्तन लय की उस मैं पानी डाला और फिर उसी पकणय की लय चूल्ही पी रख दया ........ और खुद भी चूल्ही की पास खरी हो गए ........... मिलर भी उसकी क़रीब hi खरा था ............

महीन ........... अंकल कैसी स्पघेटी लिखे कृत्य हैं आप ....

मिलर ....... थोड़ी सी स्पाइसी हों तो ाचा रही गए ........... फीकी फीकी कहानी भी तो मज़ा नहीं देती न ........

महीन मुस्करा दी .......

मिलर ......... महीन तुम आज ऑफिस सी लेट नहीं हो गए .......

महीन ....... एक्चुअली अंकल आज मैं पारलर गए थी ....... इस लय देर सी आ रही हों ...........

मिलर ......... that's वैरी गुड .......... अपनी बॉडी की केयर ज़रूर करनी चाहिए ......... क्या क्या करवाया वहां पी ...........

महीन थोड़ा शरमाई ............ वह एक्चुअली .......... बॉडी मस्सगे ....... और फिर स्किन पॉलिशिंग वग़ैरा ......

मिलर ............ गुड गुड ............ इसी लय तुम्हारी स्किन काफी ग्लो क्र रही है .......... मिलर महीन की नंगी टांगों की तरफ देखता होआ बोलै ........ जो उसकी लॉन्ग स्कर्ट की नीची नंगी थीं ............

महीन शर्मा गए ............. थैंक्स अंकल ......

मिलर ....... और तुम्हारी बॉडी सी खुसबू भी अछि आ रही है ........ आईटी मीन्स थे हद दोने ा गुड वर्क ों यू ........ महीन यू अरे गॉर्जियस ........... विथ सुच ा फिगर ........

महीन को याद अन्य लगा जो सिंडी न्य उस की साथ क्या था ............. और उसकी साथ hi उसकी जिसम मैं एक लज़्ज़त की लहर दौड़ गए .............

महीन मुस्करा दी .......... अंकल don't दो फ़्लैटर्य विथ में .......... हाहाहा ............... यू अरे नॉट गोइंग तो गेट समथिंग विथ थिस हेरे ...

मिलर ...... ओह ....... आईटी इस बाद तो क्नोव ........ बूत रियली यू अरे लिखे ा ब्रेथ ऑफ़ फ्रेश एयर इन माय अपार्टमेंट. ी don't रेमेम्बेर थे लास्ट टाइम ी हद समवन अस लवली एंड ब्यूटीफुल अस यू अराउंड हेरे ...........

महीन शर्मा गए ............ स्पघेटी रेडी होनी वाली हैं अंकल ....... महीन टॉपिक चेंज करनी की कोशिश करती होइ बोली .....

मिलर ....... गुड .......... ी क्नोव आईटी विल बे देलिघ्टफुल बूत नॉट ा मच अस योर कंपनी .....

स्पघेटी रेडी होनी वाली थीं ........... मिलर न्य दो गिलास निकाली और उन मैं वाइन डालनी लगा .......... महीन न्य स्पघेटी एक बोवेल मैं निकाली और मिलर न्य वह शराब का गिलास महीन की तरफ बढ़ाया ........... और बोलै ....

महीन हैरानी सी मिलर को देखनी लगी ................ अंकल it's नॉट गुड ............

उसनी यह नहीं बोलै की वह नहीं पीती .......... या ठीक नहीं है .......

मिलर बरी hi मासूमीयत सी ...... और दर्द भारी लेहजी मैं बोलै ........... विल यू नॉट लिखे तो गिव ा लिटिल कंपनी तो ान ओल्ड लोनली मन ........

महीन न्य मिलर की चेहरी की तरफ देखा ......... उसी मिलर की उदासी और तन्हाई पी काफी बुरा महसूस होआ .......... उसनी हाथ बढ़ा की मिलर सी गिलास लय लय ........ और फिर मिलर की साथ hi लाउन्ज मैं आगये ...... दोनों सोफे पी बेथ गए एक दूसरी की क़रीब hi .....

मिलर न्य अपना गिलास उठा की महीन की तरफ चियर्स करनी की लय बढ़ाया और बोलै ............ तो यू, माय डिअर ........

महीन न्य मुस्कराती होय अपनी शराब की गिलास को मिलर की गिलास सी क्लीनक क्र दया ..........

मिलर ......... महीन ....... यू क्नोव ...... ी मई बे ओल्ड, बूत ी स्टिल अप्प्रेसियते थे फाइन एंड ब्यूटीफुल थिंग्स इन लाइफ .......... लिखे ा ब्यूटीफुल वुमन हु कनौस हेर वे अराउंड थे किचन .......

महीन का चेहरा लाल होनी लगा ........... अंकल .... यू अरे गोइंग तो मेक में ब्लश ....... महीन हंसी ....... और अपनी गिलास सी एक छोटा सा सिप लय लय वाइन का .......

मिलर महीन की तरफ देखती होय बोलै .......... महीन .... ा लिटिल ब्लश सुइट्स योर ग्लोइंग फेस ........ हाहाहा ....... it's नीस तो सी समवन हु कैन ब्रिंग ा लिटिल जॉय ईंटो माय लोनली लाइफ ...

महीन को उसकी फ़्लर्ट की साथ साथ उसकी लहजे का दुःख महसूस होआ ........... वह बोली .......... अंकल ी ऍम ग्लैड ी कुड ब्रिघटन योर डे ....... यू अरे किते ा चार्मिंग कंपनी ...........

मिलर खुश होआ ........... ओनली व्हेन ी ऍम इन थे प्रजेंस ऑफ़ समवन अस चार्मिंग अस यू डिअर ........ मिलर न्य अपनी गिलास सी सिप लय और बोलै ........... महीन यू शुड के बी मोरे ओफ्तें. आईटी कैन बे ा लिटिल सनशाइन फॉर माय लाइफ .......

महीन मुस्कराई .......... हाहाहाहा .............. Okay ...... ी विल के ....... बूत प्रॉमिस तो कीप थे फ्लिर्टिंग तो ा मिनमम लेवल .............. हहहह

मिलर भी हंसने लगा ............... ी don't थिंक ा लिटिल बिट फ्लिर्टिंग फ्रॉम ान ओल्ड मन लिखे में कैन हर्ट यू ............. हहहह

महीन उसकी तरफ देखती होइ बोली ............ हु कनौस अंकल ........... हेहेहे

इस बात पी दोनों हंसनी लगे .........

मिलर ....... महीन ........ हाउ इस योर बॉयफ्रेंड ....... काफी दिन हो गए उस सी मुलाक़ात नहीं होइ ...........

विनोद की उसका बॉयफ्रेंड मेंशन होनी पी महीन थोड़ा शरमाई .......... ठीक है वह भी ............. मैं ुणस्य कहां गई किसी दिन आप सी मिलनी को ...............

मिलर ....... यस प्लीज ............ सो यू तवो अरे नॉट येत प्लानिंग तो मर्री ??

महीन इस सवाल पी शर्मा गए ............ no अंकल ........ अभी तक तो नहीं सोचा ...........

मिलर ........ आईटी इस आल्सो गुड ........... जस्ट एन्जॉय योर लाइफ .......... एंड कीप सर्चिंग थे बेटर एंड बेस्ट ओने ..............

महीन इस बात पी शर्मा गए ........ और फिर थोड़ी देर बाद महीन अपनी वाइन ख़तम क्र की मिलर सी इजाज़त लय की निकली और अपनी अपार्टमेंट मैं वापिस आगये ............

विनोद अभी तक वापिस नहीं आया होआ था ....... क्यों की आज भी वह ऑफिस टाइम ख़तम होनी सी पहली hi निक की साथ किसी असाइनमेंट पी चला गया होआ था ............. महीन न्य अपनी अपार्टमेंट मैं आ की अपनी कपड़े उतारी और घर की लय एक छोटा सा कॉटन शॉर्ट्स और टॉप पहन लय था ............ टॉप शार्ट स्लीव्स की साथ था ........ जो उसकी जिसम की साथ चिपका होआ था ...... और उसकी बूब्स भी उस मैं काफी प्रॉमिनेंट हो रही थय ........... नीची सी महीन न्य ब्रा और पंतय भी नहीं पहनी थी ............ ब्रा न पहनी होनी की वजह सी महीन की निप्पल भी आराम सी लोकेट हो रही थय .......... उस शार्ट सी ड्रेस मैं महीन की बहाएं और हाफ तइस सी लय क्र नीची तक टांगें बिलकुल नंगी हो रही थीं ............ जिस की वजह सी उसका जिसम ग्लो करता होआ साफ़ दिख रहा था ........... वैसी तो महीन घर पी अब ऐसी hi कपड़े पहनती थी ........ विनोद की सामन्य .......... लकिन आज उस न्य ख़ास तोर पी इसी सोच की साथ पहनी थय की वह मस्सगे की बाद ग्लो करता होआ .... चमकता होआ ...... और शाइन करता होआ जिसम विनोद को दिखाय ........ की कैसी यह और भी चिकना हो गया होआ है ........... .............

महीन वाशरूम सी फ़ारिग़ हो की कपड़े चेंज क्र की किठें मैं आगये .......... डिनर बनानी की लय ............. अभी उसी थोड़ी देर hi होइ थी किचन मैं की बेल्ल हो गए .............. वह समझ गए की विनोद आज्ञा है ........... महीन अपनी बलून को बांधती होइ बहार की दरवाज़ी की तरफ गए ........ और जा की दरवाज़ा खोल दया .......... उसी हैरानी का झटका लगा जब उसनी अपनी सामन्य बूढा मिलर हाथ मैं सफागेत्ती का बोवेल लये होय खरा मुस्करा रहा था ........ मगर महीन को पहली बार ऐसी छोटे सी ड्रेस मैं देख की मिलर का मुंह खुली का खुला रह गया ........... उसकी नज़रें महीन की जिसम पी फिसलनी लगीं .............. महीन भी खुद को अपनी दादा की उम्र की आदमी की सामन्य ऐसी ड्रेस मैं होनी पी षर्मान्य लगी .......... मगर अभी वह कुछ भी नहीं क्र सकती थी ............ क्यों की खुद को छुपाना या मिलर को गए सी hi भेज देना मुनासिब नहीं था ..............

महीन न्य भी अपनी होंठों पी मुस्कराहट सजाती होय मिलर को वेलकम क्या ...........

मिलर भी महीन की जिसम सी अपनी नज़रें हटाती होय महीन की चेहरी की तरफ देखती होय बोलै ............ ओह सॉरी ....... मैं न्य तुमको फिर सी डिस्टर्ब क्या .......... वह मैं यह सफागेत्ती तुम्हारिल्य लाया था ......... बकज़ यह तुम इतना ज़्यादा बना तो आई मगर अपना हिस्सा तो खा की नहीं आई .............

महीन मुस्कराई और कर्टसी मैं मिलर को अंदर अन्य को बोलै ........ मिलर बिना इंकार कए महीन की अपार्टमेंट माय आज्ञा ........ और महीन भी दरवाज़ा बंद क्र की उसी लय होय लाउन्ज मैं आगये ........ मिलर न्य बोवेल सेण्टर टेबल पी रख दया और सोफे पी बेथ गया ............ महीन भी उसकी क़रीब hi सोफे पी बेथ गए ........... मिलर फिर सी महीन सी बातें कृत्य होय महीन की जिसम का जायज़ा लय रहा था ....... उसकी नज़रें महीन की टॉप मैं तनय होय बूब्स और नंगी चिकनी तइस और टाँगूं पी थीं ........ उसकी नज़रों की गर्मी को महसूस कृत्य होय महीन की निप्पल्स ाकर्ण्य लगी थय ........ और पहली सी भी ज़्यादा प्रोमिनेन्ट होनी लगी थय ........... और महीन उनको छुपा भी नहीं पा रही थी ............

मिलर ........ विनोद कहाँ है ........... वह नज़र नहीं आ रहा ..........

महीन ....... वह अभी नहीं आया वापिस जॉब सी .....

मिलर मुस्कराया ........ ओह ...... थैंक्स गॉड ...... वर्ण मैं सोच रहा था की कहीं मैं न्य आप दोनों को इंटरप्ट तो नहीं क्र दया ........ आखिर तुम पारलर सी इतना ाचा मस्सगे और ट्रीटमेंट करवा की आ रही हो न ....... मिलर न्य महीन को आँख मारती होय कहा ............

महीन मिलर की बात पी शर्मा गए ........ ुंक्लीीे ............... प्लीज don't तैसे में ................ ऐसी कोई बात नहीं है ............. ी ऍम जस्ट लुकिंग नार्मल ............ no स्पेशल चेंज इस हेरे ........

मिलर मुस्कराया ......... no no ........... यू अरे लुकिंग जस्ट स्पेशल ........... लुक ात योर लेग्स ........ हाउ मच थी अरे शाइनिंग ............ एंड गलवेइंग ........... यह कहती होय मिलर न्य अपना हाथ महीन की थिगह पी रख दया ........... महीन थोड़ा घबरा गए ........... मिलर की शून्य सी महीन की जिसम मैं जैसी करंट सा लगा ................ और वह अपनी जगा पी सिमट सी गए ........ अपनी तइस को मिलर की हाथों सी पिच्य हटानी की कोशिश करती होइ ..............

मिलर न्य भी हंसती होय अपना हाथ खींच लय ............ महीन उसकी बातून और शून्य सी ब्लश क्र रही थी .......... उसकी निप्पल तनय होय उसकी टॉप सी साफ़ दिख रही थय ................ जो मिलर की नज़रों सी नहीं बच पाय थय ..............

महीन फिर सी बोली .......... अंकल यू अरे तैसिंग में अलॉट .......... विनोद अभी तक नहीं आय होय न ऑफिस ........... ी हैवे आलरेडी टोल्ड यू ....

मिलर हंसा ........... सो समवन इस मिसिंग हेर पार्टनर आफ्टर ा गुड मस्सगे फ्रॉम पारलर ............... एंड वेटिंग तो शो थे गुड वर्क तो हेर पार्टनर ........... हाहाहाहा ................

महीन भी हंसती होइ मिलर की तैसिंग का जवाब देती होइ बोली ............ हाहाहाहाहा .............. बूत हे इस नॉट येत हेरे .............. सो हे इस थे ओने हु इस मिसिंग समथिंग स्पेशल ................. हाहाहाहा

मिलर भी हंसा ............... आईटी मीन्स ी ऍम लकी तो हैवे ा गुड व्यू ऑफ़ हिज गर्लफ्रेंड बिफोर हिम ................... हहहहह ........

महीन शर्म सी लाल होती होइ बोली ............... हाहाहाहा ........... अंकल यू हैवे अगेन स्टार्टेड तो फ़्लर्ट विथ में ................... don't दो आईटी ............

मिलर थोड़ा सीरियस होता होआ बोलै .............. महीन यू क्नोव आईटी इस तू लॉन्ग तहत ी ऍम इन कंपनी ऑफ़ ा ब्यूटीफुल एंड हॉट गर्ल लिखे यू ...........

महीन मिलर की बात पी फिर सी शर्मा गए .......... मगर उसी अपनी तारीफ अछि लगी ............ थैंक्स अंकल ............... फॉर थे फ्लटरिंग ............. हहहहह .................... लकिन इसका मतलब है की पहली आप ब्यूटीफुल लरकयूं की साथ होती थय ......... महीन न्य भी उसी तैसे क्या ........

मिलर हंसती होय ......... हाहाहाःहाहा ...... यस व्हाई नॉट ...... विथ सो मान्य ............ मिलर न्य महीन को आँख मारी ........ बूत no ओने वास् अस ब्यूटीफुल अस यू अरे ...........

महीन शर्मा गए ........

मिलर भी हंसने लगा ............ थोड़ी देर तक ऐसी hi बातें करनी और महीन की नंगे हो रही होय जिसम की मज़े लेनी की बाद मिलर वापिस चला गया ................ महीन को गुड नाईट बोल की ........... महीन उसी दरवाज़ी की बहार तक चोरनी की लय भी आई ............ और जब तक मिलर अपनी अपार्टमेंट मैं दाखिल नहीं होआ तो वह वहीँ खरी रही ............ अपनी दरवाज़ी को चाबी सी खोलती होय मिलर बोलै ......

मिलर ............ महीन ..... यू मई कॉल में िफ़ विनोद डस नॉट के टंगिहत ............

महीन उसका मतलब समझ की हंसी ............ जस्ट शट उप अंकल ............ यू अरे नॉट गोइंग तो गेट अन्य चांस अन्य वेज़ ................. हाहाहाहाहा .............

मिलर भी हँसता होआ अपनी अपार्टमेंट मैं दाखिल हो गया ........ महीन भी मिलर अंकल की फ्लिर्टिंग और डबल मीनिंग बातून को एन्जॉय क्र रही थी ............ मगर वह यही समझ रही थी की यह सुब अंकल की नेचर का हिस्सा है और कोई ग़लत मक़सद नहीं है उनका ......
 
वापिस आ की महीन न्य जल्दी जल्दी सी डिनर तैयार क्या और विनोद का इन्तिज़ार करनी लगी ............... थोड़ी देर मैं बेल्ल होइ ......... महीन न्य जा की दरवाज़ा खोला तो विनोद hi था ....... उसनी अंदर आती hi महीन को किश क्या और फिर बैडरूम की तरफ बरहनी लगा चेंज करनी की लय ........... विनोद न्य महीन को किश तो क्या था मगर उसकी जिसम की तारीफ नहीं की थी जो पारलर सी अन्य की बाद चमक रहा था ............ महीन को थोड़ा ाचा नहीं लगा की विनोद न्य उसकी जिसम को इग्नोर क्या है ........... वह भी विनोद की पिच्य पिच्य बैडरूम मैं आगये ........ अंदर बैडरूम की लाइट मैं अपना ड्रेस चेंज कृत्य होय विनोद की नज़र महीन पी पारी ...... उसकी ग्लो कृत्य होय जिसम पी तो वह मुस्करा की बोलै .....

विनोद ........ वववव ........ महीन आज तो तुम्हारा जिसम बुहत चमक रहा है ........

महीन मुस्करा दी ........ और एक अदा सी बोली ......... नज़र आज्ञा तुमको ??? तुम्हारी खातिर यह सुब करवा की आई हों और साहब को दिख hi नहीं रहा था ........

विनोद सिर्फ अंडरवियर और वेस्ट मैं hi महीन की तरफ बढ़ा और उसी अपनी बहून मैं भर्ती होय बोलै ........... oooooohhhhhhhhhhhh सुरररररररयययययययय मेरी जान .............. यू अरे लोकिन सो lovelyyyyyyyyyyyyyyy एंड ब्यूटीफुल ...........

विनोद न्य महीन को होंठों पी किश क्या .......... महीन न्य उसी थैंक्स बोलै ........... चलो जल्दी सी ाजाओ डिनर तैयार है ........ महीन यह कहती होइ रूम सी चली गए .......... उसकी दिमाग़ मैं चलनी लगा की उसनी क्या क्या किआ वह पारलर मैं ........ कैसी सिंडी न्य उसी छोड़ा ........ और कैसी राजीव न्य उसकी नंगे जिसम को देखा .......... uuuufffffffffff .......... हद है ........... महीन हंसी ....... और उसी पूरी जिसम मैं एक सनसनाहट सी दौड़ गए ............ बुहत hi बद्तमीज़ है यह राजीव न ....... और वह नीतू भी ............ महीन हंसती होइ खाना लगानी लगी ........... थोड़ी देर मैं महीन और विनोद बैठी डिनर क्र रही थय .........

विनोद ........ महीन सुच मैं तुम बुहत hi प्यारी लग रही हो .........

महीन मुस्कराती होइ .......... थैंक्स डिअर ......

विनोद ........... वैसी बुहत परफेक्ट टाइम पी तुम न्य पारलर अटेंड क्या है ......

महीन उसकी तरफ देखती होइ बोली ......... क्या मतलब ....

विनोद मुस्कराया ......... मतलब यह की कल मैं न्य निक को डिनर पी इन्विते क्या है ......... और वह तो तुम्हारा हुसैन और खूबसूरती देख क्र तो बिहोश hi हो जाय गए ........... हाहाहाहा

महीन परेशां होती होइ ........ no वे ......... उनको क्यों बुला लय है तुम न्य डिनर पी ......... निक का नाम सुनती hi महीन का दिल ज़ोर ज़ोर सी धरकनी लगा था ............

विनोद ...... यार कब सी तो हम न्य ुणस्य प्रॉमिस क्या था तो सोचा की अब बुला hi लेता हों ............ सॉरी की तुम सी पहली नहीं पुछा .........

महीन न्य सर झुका लय ......... हम्म्म ....... ाचा ठीक है .......... देखती हैं कल क्या करना है ............ महीन बर्तन उठा की किचन मैं जाती होइ बोली ......

विनोद भी महीन की पिच्य पिच्य आया ...... और महीन को अपनी बहून मई लेती होय बोलै ........ चोरो सुब काम ............. मुझी इस हुसैन की माज़ी लेनी दो ............

महीन मुस्कराई ........ और विनोद न्य महीन को अपनी बहून मैं उठा लय और बैडरूम की तरफ लय जांय लगा ........... महीन हंसती होइ बोली ........ मुझी बर्तन तो धो लेनी दो न ..........

विनोद महीन की अपनी गौड़ मैं उठाय होय hi उसकी गाल को चूम की बोलै ......... no वे .......... सुबह धोऐं गए बस अब ........

विनोद न्य बैडरूम मैं लय जा की महीन को बीएड की क़रीब खरा क्या और उसकी पहनी होइ टॉप को उतार दया ........ नीची महीन का जिसम नंगा था ....... फिर विनोद न्य महीन की शॉर्ट्स को भी उतार दया ......... अब महीन बिलकुल नंगी विनोद की सामन्य खरी थी .......... उसका पूरा जिसम hi जैसी चमक रहा था बैडरूम की लाइट मैं ........... विनोद उसकी पूरी जिसम को ऊपर सी नीची तक देख रहा था ...........

विनोद .......... uuuuuuuuffffffffffff महीन तुम किस क़दर खूबसूरत हो न .......... ऐसा जिसम है जैसी की माखन सी बनाया हो तुमको भगवान न्य ..........

महीन प्यार सी विनोद की सर की बलून मई अपना हाथ फैरती होय बोली .......... तुम्हारी लय hi बनाया है भगवान न्य मुझी ...........

विनोद महीन को लय की बीएड पी आती होय बोलै ........ हाँ और इसी लय तो हमर मिलन करवाया है भगवान् न्य ...........

महीन बीएड पी लेट टी होइ बोली ......... क्या इतनी ज़्यादा अछि लगती हों मैं तुमको ......

विनोद महीन की नंगे सीने को चूमती होय बोलै .......... पूछो मत महीन ........ मेरी जो हालत होती है तुमको देख क्र ...... मैं तो ब्यान hi नहीं क्र सकता ............. मैं तो सोचता हों की मैं तो इतनी बार तुम्हारा जिसम भोग चूका हों तो फिर मेरी ऐसी हालत है तो जो लोग सिर्फ तुमको देखती हैं उनकी क्या हालत होती हो गई .............

महीन मुस्करा दी .............

विनोद महीन की गुलाबी निप्पल्स पी अपनी जुबां फैरती होय बोलै ......... महीन सोचो तो कल निक की क्या हालत हो गई तुम्हारा यह जिसम देख की .........

महीन मुस्कराती होय विनोद की सर पी हल्का सा थप्पड़ मारती होइ बोली ....... मुझी को ऐसी जाना है उसकी सामन्य जो उसकी हालत ख़राब हो गई ............

विनोद हंसा ........... हाहाहाहा ....... बस बच की रहना बॉस सी ......... वर्ण बुरी हालत क्र दी गए वह तुम्हारी ..............

महीन उसी तैसे करती होइ बोली ......... ठीक है तो फिर कल का डिनर कैंसिल क्र दो ...........

विनोद भी हंसनी लगा ....... और फिर महीन की तइस को खोल की उसकी छूट पी अपना मुंह रख दया ......... देखो तो कैसी गीली हो रही है तुम्हारी छूट निक की नाम पी .......

महीन हंसी ........ जी नहीं ..... और बस करो अब बॉस का नाम लेना ...... वर्ण तुमको भी कुछ नहीं मिले गए यहाँ सी ............ हहहह

विनोद न्य हंसती होय अपनी होंठ महीन की छूट पी रख डाई ........ और महीन न्य अपनी आंखें बंद क्र लीन ........ उसी अहसास था की सुच मैं hi उसकी छूट निक की ज़िकर पी hi गीली होइ थी ........ वह आंखें बंद क्र की सोचनी लगी की अगर सुच मैं hi वह कभी निक की सामन्य ऐसी आगये तो क्या हो गए ........... फिर तो बुहत बुरी हालत क्र दी गए वह तुम्हारी ...... और तुम्हारी छूट की ...... और क्या होना है .............. बंद आँखों की साथ hi महीन की होंठों पी मुस्कान फैल गए ........... और उसनी अपना हाथ बढ़ा की विनोद की सर को अपनी छूट पी दबा लय ......... उसका जिसम भी तो जल रहा था न जब सी सिंडी न्य उसको उस नक़ली लुंड सी छोड़ा था ......... और अब वह विनोद की असली लुंड का मज़ा लेना चाहती थी ......... उसनी सुब कुछ भूल की विनोद का साथ देना शुरू क्र दया ....... और दोनों मस्ती मैं डूबती चली गए ..........

सेक्स सी फ़ारिग़ हो की विनोद सो गया ........ उसका चेहरा महीन की तरफ hi था ..... महीन उसीको देख रही थी ......... विनोद को सोते होय देखी जा रही थी ..... महीन की होंठों पी हलकी हलकी मुस्कराहट थी उसी देखती होय ........ विनोद की चेहरी को देखती होय महीन सोचनी लगी ......... उसी ख्याल अन्य लगा ........ की चाँद माह पहली उसनी कभी किसी ग़ैर मर्द की बारी मैं सोचा भी नहीं था ....... और आज ..... आज वह एक ग़ैर मर्द की पहलू मैं ..... उसकी बिस्तर पी ......... उस सी छुडवानी की बाद लेती होइ है .........

लकिन विनोद अब ग़ैर कहाँ रहा है .......... महीन खुद सी hi यह कह क्र मुस्करा दी ...... और फिर झुक की विनोद की माथै पी किश क्र लय ........... इतनी मैं महीन का मोबाइल बीप होआ ...... महीन न्य साइड टेबल सी अपना मोबाइल उठाया ........ और सीढ़ी लेट क्र देखनी लगी ........

देखा तो राजीव का मैसेज था ........ महीन हल्का सा मुस्कराई ........ एक नज़र अपनी साथ सोया होय विनोद पी डाली और फिर मैसेज ओपन क्या तो एक पिक्चर डाउनलोड हो गए ...... जैसी देख की महीन चौंक पारी ......... वह महीन की hi पिक्चर थी वहीँ पी मेक उप की लय लेती होइ की ...... उसका पूरा जिसम जो हाल्फ नंगा हो रहा था उस वक़त की ......... जो राजीव न्य बना ली थी ........ महीन को थोड़ा गुस्सा भी आया और फिर हंसी आ गए .......

महीन न्य रिप्लाई क्या ....... यह क्या राजीव ......... तुम मेरी पिक्स बनाती रही हो वहां पी .........

राजीव ....... अह्हह्ह्ह ........ मैं कैसी इस खूबसूरत मंज़र को मिस क्र सकता था ........ लुक ात यू ......... कितनी प्यारी लग रही हो न तुम .......

महीन मुस्करा दी ........ राजीव न्य एक और पिछ सेंड की ... इस मैं महीन का क्लीवेज दिख रहा था ..... गहरा क्लीवेज और उसकी बूब्स की उभार ...... गूरे सुफैद उभार ........

महीन का मुंह खुली का खुला रह गया ........

महीन न्य गुस्सी वाला इमोजी सेंड क्या ........

राजीव ...... हाहाहाहा ...... जस्ट लुक ात ठोस तवो ग्लोब्स ........... एंड थे वेल्ली बिटवीन थे तवो .......... जस्ट वववव ...........

महीन न्य एक नज़र विनोद पी डाली और मुस्करानी लगी .........

महीन .... बूत आईटी इस रॉंग राजीव ....

राजीव ...... हाःहाहा ........ आईटी वास् सो टेम्पटिंग ...... ी कुड नॉट रेसिस्ट आईटी यार .....

महीन ..... बूत आईटी इस रियली ुनेठिकाल तो क्लिक ा फीमेल इन तहत कम्प्रोमिसेड स्टेट ......

राजीव ...... हाहाहा ..... बूत don't फॉरगेट ऑफिशियली यू अरे माय गर्लफ्रेंड .........

महीन न्य भी हंसती होय उसी इमोजी भेज दी ........ मुझी लगता है की मुझी नीतू को आपकी हरकतों की बारी मैं बताना hi पारी गए .......

राजीव ..... नहीं नहीं ..... प्लीज उसी नहीं बताना .......

महीन ........ हहहहह ...... क्यों दर गए नीतू सी ........

राजीव ....... हहहहहह ....... ऐसा hi समझ लो .........

कुछ देर तक ऐसी hi तैसिंग और गुप् शूप करनी की बाद महीन न्य गुड नाईट बोल की मोबाइल रख दया ...... और फिर विनोद की कमर सी लिपट की सो गए ....... जिसनी दूसरी तरफ करवट ली होइ थी .......
 
नेक्स्ट डे वीकेंड था तो दोनों देर सी hi सो की उठी ........... एक तो ज़बरदस्त बॉडी मस्सगे होनी सी महीन का जिसम बुहत hi रिलैक्स हो गया था ...... और दूसरा महीन की खूबसूरती को चार चाँद लगनी की बाद विनोद न्य भी जम की चुदाई की थी रात को महीन की ........ इसलय भी महीन सुबह टाइम सी ना जाग सकीय ....... उसी विनोद न्य hi चाय बना की जगाया था .......

महीन न्य आंखें खोल की विनोद को देखा ......... और मुस्करा की अपनी दोनों बाज़ू ऊपर उठा की एक लम्बी अंगराई लेनी लगी ........... विनोद महीन की नंगे जिसम ....... उसकी बूब्स ........... उसकी क्लीन शवेद आर्मपिट्स को देख रहा था ............... महीन उठ बैठी .......

विनोद उसी चाय का कप पकराती होय बोलै .......... डार्लिंग आज तो बुहत देर सी जाएगी हो तुम ..........

महीन चाय का सिप लेती होइ मुस्करा की बोली ........ रात भर मैं डार्लिंग की जो हालत की है उसकी बाद उतनी की क़ाबिल भी चोरटी हो क्या जो सुबह सुबह उठ जाऊँ ..............

विनोद हंसा ............ जान इ मन तुम लग hi इतनी प्यारी रही थी की मेरा लुंड कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा था ........... शांत hi नहीं हो रहा था ........

महीन भी मुस्करानी लगी ....... और दोनों एक दूसरी का हाथ पकड़े होय चाय पीने लगी ............

चाय की बाद दोनों न्य मिल की जल्दी जल्दी ब्रेकफास्ट त्यार क्या और फिर मिल की ब्रेकफास्ट करनी लगी ............

विनोद ..... महीन आज बॉस न्य भी आना है ...... याद है न ......

महीन ...... हाँ हाँ याद है ाच्य सी ........

विनोद ...... तो फिर कहानी मैं क्या बनाओ गई .......

महीन ....... जैसी आप कहो ......

फिर दोनों न्य मेनुए डीडे क्या और मिल की खाना तैयार करनी लगी ............ शाम की क़रीब क़रीब दोनों फ़ारिग़ होय तो महीन बोली

महीन ..... ाचा मैं अब नहा लोन ........ रात की बाद सी ऐसी hi गन्दी hi काम मैं लगी होइ हों ..........

विनोद ........ तो फिर क्या होआ सुब काम क्र की hi नहाना था न .......

महीन मुस्कराई ........ जी नहीं .......... पता भी है की हमारी हाँ तो रात को करनी की बाद सुबह नहाय बिना किसी चीज़ को हाथ नहीं लगाती ........ और एक तुम हो की बस पता नहीं क्या क्या तब्दील कृत्य जा रही होय मेरी मैं ...........

विनोद भी हंसनी लगा ....... और महीन नहानी की लय बाथरूम मैं चली गए ............ उसकी पिच्य पिच्य hi विनोद भी आज्ञा .......... जैसी महीन न्य मुस्कराती होय वेलकम क्या ........ दोनों हंसी मज़ाक़ और छेद चाँद कृत्य होय नहानी लगे ...........

विनोद शावर की बाद बाहिर ाग्य अपनी जिसम टॉवल सी ड्राई क्र की ............ और महीन ड्रेसिंग टेबल की सामन्य खरी हो की अपनी जिसम पी लोशन लगानी लगी ............... विनोद बीएड पी बैठा था .........

विनोद .......... महीन वैसी अगर निक तुम्हारी जिसम को ऐसी देख लय तो कैसा लगी गए उसी ............

महीन शर्मा गए ........... मैं क्यों उसकी सामन्य ऐसी अन्य लगी .......... और फिर वह तो यहाँ की मेरी सी भी ज़्यादा गोरी लक्यों को देख चूका हो गए ........... तो मेरी क्या हैस्यत है ............

विनोद ........ तुम्हारा मतलब जेनी सी है .....

महीन ...... हाँ .....

विनोद ....... यू मैं तो से .......... निक और जेनी ......

महीन ..... हाँ ..... मुझी तो ऐसा hi लगता है जेनी की बातून सी ...... ऐसी हो नहीं सकता की जेनी निक सी बची होइ हो ............ जितना ठरकी इंसान है वह ............. महीन हंसी ........

विनोद ...... रियली .......... ??? तो क्या तुम्हारी साथ भी वह कोई चिर चाँद करता है क्या ..........

महीन ........ नहीं ऐसी तो नहीं ........... पर उसकी आँखों सी और बातून सी लगता ज़रूर है ............

विनोद ....... तो तुम न्य उसी लिफ्ट नहीं करवाई क्या कभी ......

महीन विनोद सी छुपाती होय .......... नहीं कभी भी नहीं ........... ना hi मेरा कोई इरादा है .............

विनोद ...... क्यों ....... ऐसी क्यों बोलै .......

महीन हंसी ...... ना तो मुझी कोई इंटरेस्ट निक मैं ........ और ना hi मुझी मारण्य का शौक़ है ........

विनोद उसकी बात समझ की हंसनी लगा ............

महीन ....... ाचा अब बताओ क्या पहनूं मैं डिनर की लय ......

विनोद ........ mmmmmmmmmmm ........ मैं देखता हों ........

विनोद उठ की कप्बोर्ड की तरफ गया ...... और फिर उस मैं सी महीन का हैंग क्या होआ शार्ट सिंगल पीेछे फ्लोरल ड्रेस निकाल लाया .......

विनोद ........ लो यह पहन लो डिनर नाईट की लय ........

महीन हैरानी सी उसकी तरफ देखती होइ बोली ......... और इसकी साथ नीची ............ ???

विनोद ........ यह पंतय ............ विनोद न्य उसी एक रेड कलर की पंतय दिखाई ...........

महीन चौक की उसी देखती होइ बोली ........... विनोद पागल हो गए हो क्या ....... इतनी छोटे ओने पीेछे ड्रेस की साथ मैं नीची कुछ भी ना पहनूं ............ इम्पॉसिबल .....

विनोद ....... आर्य क्या हो गया है तुमको यार ........... क्यों अपनी कन्सेर्वटिवे मंद को ओपन नहीं क्र रही हो ............... क्या बुराई है इस ड्रेस मैं ........

महीन थोड़ा डिफेंसिव होती होइ बोली ........... विनोद ........ पता तो है तुमको .......... अगर नीची कुछ नहीं पहनूं गई तो बिलकुल नंगी hi हो जाऊँ गई न .........

विनोद ..... तो क्या होआ .......... निक न्य कोनसा कभी किसी को ऐसी ड्रेस मैं नहीं देखा जो उसकी लय बुहत ज़्यादा हो जाय गए ........

महीन ..... उसकी लय नहीं मगर मेरी लय तो बुहत ज़्यादा हो जाय गए न ......

विनोद ...... कुछ नहीं होता यार ....... खा नहीं जाय गए तुमको निक ....... और फिर मैं भी तो हों न तुम्हारी पास .......... बस थोड़ा तैसे करना चाहता हों मैं निक को ........ और उसी दिखाना चाहता हों .....

महीन मुस्कराई ...... वह क्या ......

विनोद ...... उसी दिखाना चाहता हों की तुम्हारी जैसी खूबसूरत जिसम वाली सेक्सी लड़की .......... मेरी है ........

महीन हंसी ....... पागल हो तुम भी बिलकुल .......

विनोद ...... ाचा अब पहन रही हो न .........

महीन ........ ाचा बाबा पहन लेती हों ..........

विनोद खुश हो गया ...........

महीन न्य विनोद की निकाली होइ रेड कलर की ब्रा और पंतय पहनी ....... रेड कलर की ब्रस्सिएर न्य महीन की तनय होय बारी बारी बूब्स को और भी ऊपर को उठा दया था ........ और उसकी शोल्डर्स पी रेड स्ट्रैप्स बुहत सेक्सी लग रही थय ............ नीची रेड कलर की hi पंतय थी ........... उनकी ऊपर महीन न्य वह लाइट रेड कलर की शार्ट फ्लोरल ड्रेस पहन ली ........ जो की ऑफ शोल्डर टाइप की थी .......... बुहत शार्ट स्लीव्स थीं ...... मगर उसकी शोल्डर्स तक थीं ....... और उसकी ब्रस्सिएर की स्ट्रैप्स उसकी शोल्डर पर hi नज़र आ रही थय ......... महीन को यह कुछ ज़्यादा hi एक्सपोसिंग लगा ..... उसनी अपनी ड्रेस उतारी ....... और उस रेड कलर की ब्रा को चेंज क्र लय ...... और स्ट्रैपलेस ब्रस्सिएर पहः ली ....... और ऊपर सी दोबारा सी वही ड्रेस पहा की तैयार हो गए .. ड्रेस उसकी जिसम की साथ चिपकी होइ थी ...... गाला भी काफी बारे था .......... गोरा सुफैद सीना और बूब्स का ऊपरी हिस्सा दिख रहा था ............ गूरी गूरी बूब्स की ऊपरी हिस्सों की गुलयाँ ऐसी दिख रही थीं जैसी की चाँद निकल रहा हो ........ और दोनों बूब्स की दरम्यान की लकीर भी बुहत खूबसूरत क्लीवेज बना रही थी ........... मगर बुहत हल्का सा दिख रहा था ............ टाइट शर्ट होनी की वजह सी शर्ट उसकी बूब्स पी भी फँसी होइ थी ....... और फिर नीची आ की उसकी पतली कमर की साथ साथ जा रही थी ........ उसकी कमर की नाप को दिखाती होइ .............. नीची वह फ्रॉक की तरह एन्ड होती थी .......... और जस्ट उसकी हाफ तइस को कवर क्र रही थी ........ उस सी नीची महीन की गोरी गोरी ....... सुफैद ....... चमकती होइ तइस नंगी नज़र आ रही थीं .......... नीची उसकी पैरों तक ................ नीची महीन न्य एक रेड कलर की हाई हील पहन ली ......... जो उसकी गूरी गूरी पैरों मैं बुहत hi ज़बरदस्त और सेक्सी लग रही थी ......... महीन न्य मेक उप क्या ....... डार्क रेड ग्लोइंग लिपस्टिक अपनी होंठों पी लगाई ...... और बलून को हल्का सा पोनी मैं बाँध लय .......... जिस सी उसकी शोल्डर्स और उसकी कमर का ऊपर हिस्सा भी नंगा hi दिखनी लगा ......... सुब तैयारी क्र की महीन न्य अपनी आप को आंय मैं देखा तो वह खुद हैरान रह गए ........... रेड कलर की ड्रेस और रेड कलर की हाई हील्स मैं वह बुहत hi सेक्सी लग रही थी ........ हाई हील्स की वजह सी उसकी गोरी गोरी नंगी टांगें और भी लम्बी लग रही थीं .......... उसकी क़द को बढ़ा रही थी .............. और महीन को और भी सेक्सी बना रही थी ........

महीन रूम सी बहार आई तो उसी देख क्र विनोद का मुंह भी खुले का खुला रह गया ............. और वह भी महीन की तारीफ कए बिना नहीं रह सका ...........

विनोद ....... महीन ...... आज तो निक जेनी को भी भूल जाय गए देखना ..........

महीन शर्माती होइ हंसनी लगी .......... विनोद .... बुहत ओवर लग रहा है ........... देखो तो पूरा जिसम एक्सपोज़ हो रहा है ...........

विनोद ..... कुछ ओवर नहीं है यार .......... बस थोड़ा सेक्सी है ........ वह भी इंडिया की एनवायरनमेंट की हिसाब सी ....... यहाँ की मुताबिक़ तो बिलकुल ठीक ठाक है ............ don't वोर्री ....... जस्ट बे कॉंफिडेंट यार ...... ी होप निक विल लिखे योर ड्रेस ........

महीन हंसी ........ तुम तो बिलकुल पागल hi हो गए होय हो ........

महीन मुस्कराई और फिर किचन मैं चली गए ............ बर्तन अर्रंगे करनी की लय .............. थोड़ी देर मैं बेल्ल होइ तो विनोद न्य महीन को आवाज़ दी ...........

विनोद ..... महीन ाजाओ जल्दी सी ...... बॉस को वेलकम करनी की लय .....

महीन शर्माती होइ ..... झिझकती होइ किचन सी निकली और विनोद की साथ मैं दूर की तरफ बरहनी लगी ........

दूर पी रुक न्य विनोद न्य मुस्कराती होइ एक नज़र महीन पी डाली ....... और उसी आँख मार दी .......... महीन शर्मा गए .......... विनोद न्य दरवाज़ा खोला तो सामन्य फैंट ब्लू कलर्ड जीन्स और येलो कलर की टी शर्ट पहने होय निक खरा था ........ उसकी एक हाथ मैं वाइन की व्राप्पेड बोतल और दूसरी हाथ मैं बुके था ........ उसकी टी शर्ट हाफ स्लीवेद थी ....... बिलकुल जेट ब्लैक कलर की बाज़ू नंगे थय .......... ऐसी लग रहा था की जैसी उसकी टी शर्ट उसकी साइज सी एक नंबर काम हो .......... उसकी स्लीव्स उसकी बाइसेप्स पी फँसी होइ थीं ...... उसकी बाज़ूओं की काले मसल्स ओपन और सख्त होय नज़र आ रही थय ............. . टी शर्ट सीने पी भी बुहत टाइट हो रही थी ........ जिसकी वजह सी उसका पेक्टोरल मसल्स भी साफ़ दिख रही थय शर्ट की ऊपर सी hi .............. येलो कलर की टी शर्ट की ऊपर सी उसकी छोटे छोटे निप्पल्स भी सख्त हो रही होय दिख रही थय ............ उसका पते भी बिलकुल स्पॉट था .......... बिलकुल भी ढीला या बहार को निकला होआ नहीं था .............

महीन की नज़रें निक पी जम्मी होइ थीं .......... और निक .... अपनी सामन्य खरी उस अपसरा को देख की जैसी कहीं खू चूका होआ था ...... गोरी सुफैद महीन .......... मुस्लिम लड़की .......... एक ऑफ शोल्डर टाइप की रेड कलर फ्लोरल शार्ट ड्रेस पहनी होय खरी थी .......... शोल्डर और नैक की पास का हिस्सा साफ़ नंगा दिख रहा था ........ जिस पी ब्रस्सिएर की स्ट्रैप्स भी नहीं दिख रही थय .............. ड्रेस महीन की जिसम सी चिपकी होइ थी .......... उसका गोरा गोरा सीना भी काफी ज़्यादा नंगा हो रहा था ........ नीची वह ड्रेस महीन की हाफ तइस या उस सी भी थोड़ा काम hi हिस्से को कवर क्र रही थी ........ महीन की गोरी गोरी तइस और सुफैद टांगें बिलकुल नंगी हो रही थीं ............ जो की उसकी रेड कलर की हाई हील्स मैं और भी लम्बी लग रही थीं ............... निक न्य महीन की जिसम को ........... उसकी गोरी टांगों को ...... पहली बार इस हद तक एक्सपोज्ड देखा था ............ इसी लय वह तो जैसी उसकी हुसैन मैं hi खू गया था ........

विनोद निक की हालत देख रहा था .......... उसनी मुस्कराते होय निक को गुड इवनिंग बोलै तो वह जैसी होश मैं आया ........ और फिर अपनी चेहरी पी मुस्कराहट सजाती होय उसनी गुड इवनिंग बोलै .......... मुस्करानी सी उसकी काले काले होंठों की बीचय उसकी सुफैद दांत चमकनी लगी ............ विनोद न्य उसी अंदर अन्य का रास्ता दया ........ अंदर आ की निक न्य फ्लावर बुके महीन की तरफ बढ़ाया ...... जैसी महीन न्य शर्माती और मुस्कराती होय लय लय ............ और उसी थैंक्स बोलै ............... वाइन की बोतल निक न्य विनोद को पकड़ा दी ....... और फिर विनोद और महीन निक को लय क्र लाउन्ज मैं ाग्य ...........

विनोद और निक त्रि सीटर पी बैठी थय ....... जबकि महीन उनकी सामन्य सिंगल सोफे पी बेथ गए ........... बेथनी की वजह सी महीन की ड्रेस का निचला फ्रॉक जैसा हिस्सा थोड़ा और ऊपर को चढ़ गया था ....... जिस सी उसकी पूरी तइस hi जैसी नंगी दिख रही थीं ....... महीन उसको कवर करनी की कोशिश क्र रही थी ड्रेस को नीची को खींचती होय ....... मगर ऐसी की किसी को पता ना चले की वह ड्रेस नीची को खींच रही है ......... वर्ण उसी बुहत ावक्वार्ड लगता ........

विनोद बोलै ............ महीन कहानी सी पहली निक की लय कुछ ड्रिंक करनी को लय आओ ...........

महीन मुस्कराती होइ उठी और किचन की तरफ चली गए .......... किचन मैं जा की महीन न्य फ्रिज मैं राखी होइ बियर की 3 बोतल निकालीं और उनको ट्रे पी सजा दया ........... इतना अरसा यहां रहती होय अब महीन को वह की कल्चर का अंदाज़ा हो चूका होआ था ........ यहाँ की अंग्रेज़ लोग कहानी सी पहले भी शराब hi पीना पसंद कृत्य हैं ....... कहानी की दौरान भी ...... और कहानी की बाद भी .............. महीन खुद तो अभी इतना ज़्यादा ड्रिंक करनी की आदि नहीं होइ थी ........... मगर उसी यह बात भी अछि नहीं लगी की वह निक की होती होय उन ोगो को ड्रिंक की दौरान कंपनी ना दी .............

महीन ट्रे लय क्र किचन सी बहार आई ........... और उनकी क़रीब जा की मुस्कराती होय झुक की उनकी सामन्य बियर बॉटल्स सर्वे किन .......... जैसी hi महीन थोड़ा सा झुकी तो निक और विनोद दोनों की नज़रें सीढ़ी महीन की ड्रेस की अंदर को चली गईं ............ जहाँ महीन की दोनों बूब्स की दरम्यान की लकीर वज़ह दिख रही थी ......... बूब्स की ऊपरी हिस्से भी नज़र आ रही थय ........ और महीन की पहनी होइ ब्लू कलर की स्ट्रैपलेस ब्रा भी ............. निक तो चाँद लम्हों की लय महीन की मम्मों की नज़ारी मैं hi खू गया ........... मगर फिर जल्दी सी खुद पी कण्ट्रोल कृत्य होय उसनी वह बियर की बोतल उठा ली ........... महीन न्य विनोद की भी सर्वे की ............. उसनी बोतल उठाई ........ और महीन को आँख भी मार दी ............ महीन शर्माती होइ अपनी बोतल लय की वापिस अपनी सीट पी बेथ गए जा की ............. और छोटे छोटे सिप लेने लगी ........... महीन की अंदर यह अहसास ख़तम हो चूका था की वह एक मुस्लिम लड़की होती होय भी शराब पीनी लगी है ........ वह अब इन मज़हबी बातून की बारी मैं नहीं सोचती थी ............. बस अब तो लाइफ को एन्जॉय करनी का अहसास hi रहता था उसकी दिल मैं ..............

तीनों बैठी बातें क्र रही थय और बियर पी रही थय .............. महीन भी अब काफी रिलैक्स हो की बैठी होइ थी ........ निक की नज़रें महीन की जिसम पी hi थीं .......... कभी वह महीन की चेहरी को देखता तो कभी उसकी बूब्स को ........ और कभी उसकी नंगी तइस और टांगों को .............. निक की नज़रें महीन की टांगों पी hi थीं ......... क्यों की अब कासुअल अंदाज़ मैं बैठी होय महीन की टांगें खुल रही थीं .......... जिस सी महीन की तइस की बीच मैं ........... उसकी तइस की संगम पी निक को महीन की पंतय की झलक दिख जाती थी .......... जब भी महीन अपनी तइस को खोलती थी .......... लकिन इस बात का महीन को अहसास नहीं था .............. मगर निक की लय तो यह एक भरपूर नज़ारा था ............

बातें कृत्य होय कई बार महीन की नज़रें निक सी मिल जाती थीं .......... पहले पहल तो वह शर्मा की अपनी नज़रें झुका रही थी ........ मगर वीर्य वीर्य वह कम्फर्टेबले होती जा रही थी ........ और निक की नज़रों सी नज़र मिला की बात क्र रही थी ........... शायद वह उसकी कंपनी और उसकी नज़रों सी रिलैक्स हो रही थी ....... और या फिर शराब का असर था ............ अब जब भी निक की नज़र महीन की नज़रों सी मिलती तो वह अपनी नज़रों को नहीं हटा टी थी ...... बल्के उसकी आँखों मैं देखती रहती थी ................. एक अदा की साथ ............ पता नहीं क्यों महीन को अभी ाचा लग रहा था निक की नज़रों का अपनी जिसम पी अहसास ........ और खुद का उसकी आँखों मैं झांकना ............. जिन मैं उसी अपनी लय एक तरप सी .............. एक तालाब सी नज़र आ रही थी ................... जो महीन को ाचा लग रहा था ............... महीन की आँखों मई भी जैसी एक दावत सी थी ........... निक की लय ............

थोड़ी देर मैं उठ की जा की महीन न्य खाना दिंनिंग टेबल पी लगा दया ....... और फिर तीनों टेबल पी आगे ............. छोटी सी टेबल थी ........ जिसकी गिर्द 3 चेयर्स लगी होइ थीं .......... क़रीब क़रीब hi ........ तीनों hi सर्किल मैं बैठी होय थय ........... महीन न्य खाना प्लेट्स मैं डालना शुरू क्या ........ वह थोड़ा निक की तरफ मुड़ी होइ थी ....... और उसकी प्लेट मैं खाना निकाल रही थी ........... उसका घुटना निक की घुटने सी टच हो रहा था ......... महीन निक की लेफ्ट साइड पी बैठी होइ थी ........... फिर महीन न्य अपनी लेफ्ट साइड पी बैठी विनोद की प्लेट मैं भी खाना निकाला ............ और तीनों खाना कहानी लगी ........... इधर उधर की बातें कृत्य होय ...........

विनोद ........ आर्य यार महीन वह वाइन की बोतल तो लाओ जो निक लय की आय हैं ..............

महीन मुस्कराती होइ उठी और लुंगी की सेण्टर टेबल पी राखी होइ व्राप्पेड वाइन बोतल लय आई ........... उसी खोला और निक की क़रीब खरी होइ की उसकी गिलास मैं वाइन डालनी लगी ........... रेड कलर की वाइन गिलास मैं भर गए ........... बुहत hi ाचा कलर और स्मेल थी ........ उसी डालती होय भी महीन की नंगी बाज़ू निक की नंगी बाज़ू सी टच हो रही थीं .......... क्यों की वह बेथनी की बजाय उसकी साइड पी खरी थी ............... जैसी hi महीन की नंगी नरम मुलायम बाज़ू निक की काले सख्त बाज़ू सी टच होइ तो महीन को जैसी करंट सा लगा ........... उसनी चौंक की निक की तरफ देखा ........ तो वह भी मुस्करा दया ........ महीन न्य षर्मान्य की बजाय उसकी आँखों मैं थोड़ी देर देखा ....... और फिर हल्का सा मुस्करा दी ........... फिर विनोद को भी वाइन दाल की दी क्र अपनी सीट पी बेथ गए और सुब फिर सी खाना कहानी लगी ............ विनोद अब उनकी तरफ बुहत ज़्यादा तवज्जह नहीं दी रहा था ........ क्यों की उसी यह तो पता था की निक महीन को बार बार देख की मज़े लय रहा है ....... मगर उसी यह भी यक़ीन था की निक इस सी ाग्य कुछ नहीं क्र सकता ...........

खाना खाती होय अचानक hi महीन को अपनी राइट थिगह पी ............ नंगी थिगह पी ........ एक बारे सा ........... खुरहदृ ....... सख्त हाथ महसूस होआ ............... जैसी महसूस कृत्य hi महीन की जिसम को झटका सा लगा और उसी खांसी सी आगये ............ लुक़मा हलक़ मैं hi फँसनी सी ............... महीन न्य फौरन hi निक की तरफ देखा ........... जिसका वह हाथ था .............. जो की महीन की नंगी मुलायम गोरी थिगह पी था ............ निक की होंठों पी हलकी सी मुस्कराहट थी ........... जो सिर्फ महीन hi महसूस क्र पा रही थी ............ निक की तरफ देखनी की बाद महीन न्य विनोद की तरफ देखा .......... जिस न्य पानी का गिलास उठा की महीन की तरफ बढ़ा दया ............ निक न्य अपना हाथ अभी भी महीन की तइस पी सी नहीं हटाया था ............ महीन न्य अपनी लेफ्ट हैंड सी विनोद सी पानी का गिलास पकड़ा .......... और राइट हैंड नीची लय जा की निक की मज़बूत काले हाथ पी रख दया ......... और फौरन उसका हाथ पिच्य को नहीं हटाया ........ बल्के उसकी हाथ पी अपना हाथ रखी होय hi पानी का गिलास अपनी होंठों सी लगा की पानी पीने लगी ............. महीन पानी पीती होय निक की आँखों मई देख रही थी ............. निक की आँखों मैं देखती होय महीन न्य अपनी हाथ की नीची रखा होआ निक का हाथ दबाया ........ और बुहत hi आहिस्ता सी उसी हटाने की कोशिश की ........... मगर निक न्य हाथ नहीं हटाया .......... महीन न्य उसकी आँखों मैं देखती होय अपनी नज़रें विनोद की तरफ फेर दिन ................... जैसी वह निक को विनोद की मौजूदगी का अहसास दिला रही हो ............ निक न्य महीन की नंगी तइस को एक बार सहलाया ........ और उसी अपनी मुठी मैं लय की हल्का सा दबा दया ............ जिस सी महीन की आंखें बंद हो गए ........... और फिर अपना हाथ निक न्य पीछे खींच लय ........... महीन न्य आँखों hi आँखों मैं निक को थैंक्स बोलै ....... और फिर सी तीनों खाना कहानी लगे ............. निक की छूने सी महीन की दिल की धरकन तेज़ हो रही थी ............ और उसका चेहरा भी शर्म सी लाल हो गया होआ था ............

खाना ख़तम करनी की बाद महीन न्य अपनी प्लेट्स उठाएं और किचन मैं लय गए ........... उसकी पीछे पीछे hi विनोद भी प्लेट्स लय क्र आया ............... और प्लेट्स रख की किचन सी चला गया .......... बहार आया तो बाक़ी की बर्तन निक उठा की किचन की तरफ आ रहा था .......... विनोद न्य उस सी बर्तन लेने चाही मगर उसनी कुछ हेल्प करनी का इरादा शो क्या ............ और विनोद जानता था की यह अंग्रेज़ लोग मेहमान भी जाईं कहीं पर तो अपनी हिस्से का काम खुद ज़रूर कृत्य हैं ....... अपनी आदत की मुताबिक़ .............. इसलय विनोद उसकी रास्ती सी हैट गया ....... और लाउन्ज मई जा की बेथ गया............

निक डिशेस उठाय होय किचन मैं दाखिल होआ ............ महीन का चेहरा शेल्फ की तरफ था ........ उसी यह तो पता चल गया था की कोई अंदर आया है किचन मैं ........... और वह यह एक्सपेक्ट नहीं क्र पा रही थी की निक आया हो गए ............. वह पिच्य मुराय बिना hi बोली ..........

महीन ............ खाना कैसा बना था ........... पता नहीं निक को पसंद भी आया की नहीं .............

निक प्लेट्स एक साइड पी रख की महीन की बिलकुल पिच्य पोहंचा ...... और अपनी होंठ महीन की कानों की पास लाती होय वीर्य सी बोलै ........ आईटी वास् मच देलेसियस ............... ी रियली लिकेड आईटी ...........

महीन निक की आवाज़ सुन क्र चौंक पारी और जल्दी सी पिच्य को पलटी .......... और निक को अपनी इतना क़रीब खरा होआ देख की घबरा गए ........ और जल्दी सी बहार की तरफ देखनी लगी की कहीं विनोद तो अंदर नहीं आ रहा ..........

महीन कांपती होय लहजे मैं बोली ......... आआआआप्पपपपपप ........ आआआपपपपपप यहाँ ननननननन ........

निक उस सी थोड़ा सा पिच्य हैट तय होय बोलै ........ यस मैं ....... आप को बतानी आया था की खाना बुहत ाचा बनाया है आप न्य ........... और ..............

महीन निक की गहरी काली आँखों मैं देखती होइ बोली ........... और ........ ???????? और क्या ........... ???????

निक .......... और यह की यू अरे आल्सो लुकिंग गॉर्जियस टुडे .............

महीन निक की बात सुन की शर्मा गए .............

निक थोड़ा उसकी क़रीब आया ............. ी haven't एवर सीन यू लिखे थिस ...........

महीन घबराई ........... त्तठ्ठ्हांकककककककसससससससस ........ sirrrrrrrrrrrrr ................. प्लीज जो आउट ............. विनोद मई के इनसाइड .............

महीन सुच मैं hi निक जैसी पर्सनालिटी की हैंडसम बंदे को अपनी इतना क़रीब देख की घबरा रही थी .......... उसकी दिल की धरकन काफी तेज़ हो रही थी ........ और हाथ कैंम्प रही थय ...........

निक न्य महीन का एक हाथ पकड़ा ............ यू अरे ब्यूटीफुल महीन ............ एंड हैवे सुच ा गुड टास्ते इन योर हैंड्स ............. यह कहती होय उसनी झुक की अपनी होंठ महीन की हाथ की बैक पी रखी और उसी चूम लय ................

महीन घबरा गए ............ उसी लगा जैसी निक न्य उसकी हाथ की बैक पी कोई जलता होआ अंगारा रख दया हो ............ उसकी काले काले होंठ बुहत ज़्यादा गरम थय .............. जल रही थय ........... और महीन को जला रहे थय ...............

महीन न्य अपना हाथ खींच की निक सी छुडवाया ........... निक प्लीसीएएएएए जो आउटसाइड ...........

निक न्य महीन का हाथ चोर दया .......... फिर महीन को एक नज़र ऊपर सी नीचे तक देख की किचन सी बहार चला गया ........... और महीन शेल्फ की साथ खुद को टिका क्र अपनी सांस बहाल करनी लगी ....... अपनी धरकन को कण्ट्रोल करनी की कोशिश करनी लगी .......... जो निक की छूने सी आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो रही थी ...............

थोड़ी देर की बाद महीन डेजर्ट लय की बहार आई ........ और तीनों न्य मिल की उसी एन्जॉय क्या ............ महीन अब निक की सामन्य काफी उनकंफर्टबले हो रही थी ........ उसकी नज़रों सी ....... जो उसकी जिसम पी इधर उधर फिसल रही थीं ............

खाने की बाद निक अपनी घर चला गया ........... तो महीन न्य सुख का सांस लय ............ मगर रात को भी सोने की वक़त निक का चेहरा ...... और उसका मज़बूत हैंडसम जिसम hi महीन की खुली और बंद आँखों की सामन्य घूम रहा था .................

विनोद ...... महीन आज तो तुम बुहत खूबसूरत लग रही थी ...... निक की तो नज़रें hi नहीं हैट रही थीं तुम पी सी ........

महीन ..........हहहहए

विनोद ..... मुझी तो बुहत मज़ा आ रहा था उसकी हालत देख देख की ......... पागल हो रहा था वह बीचारा तुम को देख देख की ......

महें हंसी ....... अब तुम न पागल हो जाना ....... सो जाओ चुप क्र की अब .......

अपनी आदत की मुताबिक़ विनोद न्य महीन को अपनी बहून मैं लय लय ....... महीन न्य बुहत कोशिश की खुद को बचने की ........ मगर फिर भी उसी विनोद की आगे सरेंडर करना hi पारा .............. अपनी और महीन की प्यास बुझाने की बाद विनोद सो गया ............ महीन भी वाशरूम सी फ़ारिग़ हो की आ की विनोद की पहलू मैं लेट गए.
 
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महीन और विनोद अपनी बैडरूम मैं लेते होय थय .......... अपनी आदत की मुताबिक़ विनोद न्य महीन को अपनी बहून मैं लय लय ....... महीन न्य बुहत कोशिश की खुद को बचने की ........ मगर फिर भी उसी विनोद की आगे सरेंडर करना hi पारा .............. अपनी और महीन की प्यास बुझाने की बाद विनोद सो गया ............ महीन भी वाशरूम सी फ़ारिग़ हो की आ की विनोद की पहलू मैं लेट गए ........ महीन की आँखों की सामन्य फिर सी निक की साथ गुज़ारी होअय लम्हात hi घूम रही थय ............. उसकी नज़रें ..... उसका चूना ..... उसकी चाहतों का लमस .......... उसका हैंडसम जिसम ............. यही उसी याद आ रहा था ........... उसी अहसास तो पहले भी था मगर आज निक न्य उसी बुहत ओपनली बता दया था की वह उसका देवना है ........... और उसी हासिल करना चाहता है ........ इसी ख़याल सी महीन की होंठों पी मुस्कान फैल गए ........... महीन न्य अपनी खयालात को निक सी हटाने की लय अपना मोबाइल उठा लय ........... और इधर उधर सोशल मीडिया अप्प्स देखनी लगी ...... इतनी मैं नीतू का मैसेज आया .......

नीतू ........ Hi महीन ....... सोया नहीं अभी तक तुम लोग ....

महीन उसकी बात पी मुस्करा दी ........... वह नीतू का मतलब समझ गए थी ............ महीन न्य उसी रीप्ले क्या ........ मैं अकेली hi जाग रही हों ........ विनोद सो चूका है ......

नीतू ........... तुम्हारी लेने की बाद ........... ????

महीन मुस्कराई ........... एक स्माइली की साथ जवाब दया ...... उसकी बिना उसी नींद कहाँ आती है .............. हाहाहा

नीतू मुस्कराई .......... वैसी महीन तुम न्य सुच मैं विनोद को देवना बना लय है अपना ........... उसी प्रिय की याद बिलकुल भुला दी होइ है तुम न्य ............

महीन मुस्कराई ............ तो मैं भी तो अपना सुब कुछ उसको सोंम्प चुकी होइ हों न ........ आसिफ को भुला क्र ..........

नीतू ........ हाँ यह तो सही बोलै तुम न्य .......... हाँ याद आया ....... तुम न्य विनोद को बताया तो नहीं मस्सगे पारलर की बारे मैं .......

महीन शरमाई .......... बता दया था ............. मगर वह नहीं बताया जो कुछ वहां होआ है ....................

नीतू ........ यह ाचा क्या तुम न्य ......... वर्ण पता नहीं क्या सोचता वह ..........

महीन ............ ह्म्म्मम्म .........

नीतू ........ और राजीव की बारी मैं भी नहीं बताया न ........

महीन ....... नहीं ...... पागल हो क्या ....... वह सुब कुछ तो विनोद को बतानी वाला नहीं है न ..............

नीतू ...... हाँ सही है ..........

महीन ........ मगर उस बिहाराम को भी तो थोड़ी शर्म करनी चाहिए न ....... ऐसी पारलर मैं आती होय ............. पता भी था की मैं किस हालत मैं हों .............

नीतू मुस्कराई .......... वह बिहाराम इसी लये तो आया था .............. हहहह ............ तुम्हें नहीं पता तुम न्य कितना पागल क्या होआ है उसी ............ और कल सी तुम्हारी जिसम को देख की तो वह और भी देवना हो रहा है .................

महीन हंसी ........... कण्ट्रोल करो उसी नीतू ............ वह बॉय फ्रेंड है तुम्हारा .............. ऐसी न हो की तुम्हारी हाथों सी निकल जाय .......... हहहह ............

नीतू .............. नहीं निकालनी देती मैं ............. हाँ अगर वह मेरी हाथों सी निकल की तुम्हारी पास आजाता है तो फिर मुझी कोई ऐतराज़ नहीं है ................... हहहह ............ क्यों संभाल लो गई न उसी .......

महीन ........... जी नहीं .............. मेरी पास विनोद मौजूद है .......

नीतू ........ तो क्या होआ ........... दोनों को संभाल लेना ........ हाहाहा

महीन ........... जी नहीं ........... विनोद भी उसी की जैसा hi है .............. और मैं एक hi वक़त मैं दो दो पागलों को नहीं संभाल सकती .................

नीतू हंसी ............ एक न एक दिन तो दो दो पागलों को संभालना hi पारी गए महीन ........... तब क्या करो गई ...........

महीन ....... क्या मतलब है तुम्हारा .........

नीतू हंसी ...... कुछ नहीं ........... जब मौका आय गए तो खुद hi तुमको पता चल जाय गए ............... चोरो अभी तो तुम ............ और यह बताओ की सिंडी की साथ कैसा रहा था .............

महीन सिंडी की साथ गुज़ारे होय वह पल याद करनी लगी ....... जब सिंडी न्य उसी उस नक़ली लुंड की साथ छोड़ा था ............ किसी मर्द की तरह hi ............

महीन ........ नीतू .......... तहत ........ तहत वास् समथिंग .......... इंकरडिबले ............... मुझे नहीं पता था की लड़का भी लक्यों को ऐसी प्यार क्र सकती हैं ....... उनकी साथ सेक्स क्र सकती हैं .............

नीतू मुस्कराई ........ महीन तुम हो hi इतनी खूबसूरत की मर्द तो मर्द ........ गर्ल्स भी तुम्हारी जिसम की आशिक़ हो जाईं जो भी तुमको एक बार नंगी देख लय ...............

महीन हंसी ............. हहहह .............. तुम तो नहीं होइ न .......

नीतू .......... मेरा तो तुम पूछो मत ........... उस वक़त पता नहीं कैसी कण्ट्रोल क्र रही थी मैं ............

महीन ........ ाचा जी .......... ???

नीतू .......... हाँ बिलकुल ......... यह बताओ की फिर कब चलना है मस्सगे की लय ..........

महीन उसी तैसे करती होइ बोली ........ क्यों ....... क्या फिर सी उस मस्सगे बॉय सी मिलने को दिल क्र रहा है ............

नीतू हंसी ............ हाहाहाहा .......... वह तो एक बोनस है ...... असल मैं तो अब तुमको देखना है दोबारा सी .............. और मुझी यक़ीन है की तुम भी दोबारा सी सिंडी सी मिलना चाहो गई ........

महीन हंसी ......... जी नहीं ...... मुझे कोई शौक़ नहीं है दोबारा सी कुछ करवानी का ............. ाचा याद आया ........ तुम न्य राजीव को तो नहीं बताया सिंडी की बारी मैं ...........

नीतू महीन की बात का मतलब समझ गए थी मगर उसी तैसे करती होइ बोली ........... सिंडी की बारी मैं क्या ???? उसकी सामन्य hi तो थी वह ...

महीन ........ नहीं ....... उसकी और मेरी बारी मैं .......

नीतू ....... तुम्हारी और उसकी बारी मैं क्या ........

महीन ...... ऊऊफफफफफ ........... जो सिंडी न्य मेरी साथ क्या उसकी बारी मैं ............

नीतू हंसी ........ नहीं बताया तो नहीं .......... मगर वह बुहत पूछ रहा था तुम्हारी बारी मैं ...........

महीन ....... क्या .....

नीतू ....... एहि की कैसी मस्सगे करवाया महीन न्य .......... कैसी लग रही थी महीन बिना कपड़ों की ........

महीन शर्म सी लाल हो रही थी .......... कितना बिहाराम है न राजीव ........ तुम्हें रोकना चाहिए था न उसी ........ तुमको बुरा नहीं लगा उसका मेरी बारी मैं ऐसी बातें करना ..........

नीतू हंसी ........ मुझे क्यों बुरा लग्न है ......... वह कोनसा मेरा हस्बैंड है जो मैं बुरा मानों .......... जस्ट बॉयफ्रेंड hi तो है न ........... तो जो दिल आय क्रय वह ............

महीन हंसी ...... हाँ तुम खुद कोनसा काम हो ........ हाहाहा .........

नीतू ........ हाँ तो और क्या ........... छोटी सी तो लाइफ है ........ जस्ट चिल करो और एन्जॉय करो ....

महीन ....... ाचा बस करो फिर सी अपना लेक्चर ना शुरू करो ......... मुझी सोना है अब .......... गुड नाईट ......

नीतू न्य भी हँसते होय महीन को गुड नाईट का मैसेज क्या ......... और फिर दोनों मोबाइल रख की सोने लगीं .........
 
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