ABHI -- THE WARRIOR (Completed) - Page 11 - SexBaba
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ABHI -- THE WARRIOR (Completed)

अपडेट - 88



अब तक आपने देखा अटल लोक असुरो से मुक्त हो गया है........

अभी को अपनी अगली शक्ति दक्ष क रूप में मिल गयी है.....



अब आगे ...........

अटल लोक में पराजय की बात से कस तिमिला गया....

कस - कैसे ....आखिर कैसे रक्षक बच gaya.........humne तोह उसकी ऐसी हालत कर दी थी ki....uska मरना तय tha.......lagta है हमारे बिच hi कोई हमारे शत्रु का सहायक है...........

जो भी है वह इतना जान लो ......की वह अपनी hi जाती का द्रोही है........

जिस रकहाक ने हमेशा से hi हर युग में ासुरो का नाश hi किया hai......uske इस युग क जनम का भी यही कारण है........

जियका संकल्प hi हम सब का नाश है ....क्या उआकी सहयता करने हम असुरो क साथ किया गया द्रोह नहीं है......

याद रहे हमारे पूर्वज राक्षस राज रावण सर्व समर्थ थे ....लेकिन अपने hi भाई बिभीषन क चल क कारण मारे गए.........

वैसे hi कोई बिभीषन हमारे बिच hai.........woh शायद यह भूल गया क असुरराज कालासुर की उसपर दृष्टि नहीं पड़ेगी......

हम उससे एक और अवसर देते hai.....vichar करने का ......

क जिसकी वह सहयता कर रहा है वह ....हमारे बेटे का ...और न जाने कितने और वीरो का हत्यारा है.......

अटल लोक की पराजय से, हमारी पराजय नहीं हुई है........

आनेवाले महा युद्ध में अभी 8 महीने और बाकी है........

आप सब अपनी शक्तियों का और badao.....kyu क युद्ध निर्णायक होगा .....सभा स्थगित......

और सभी असुर वह से चले जाते hai.....kewal भयाक्ष रह जाता है.......

असुर राज जब अपनी सभा को सम्बोध्ति कर रहे the.....tab सभा क बहार कोई उनकी बातें सुनरहा था .......सभा समाप्त होने क बाद उसकी आँखों में आंसू थे......

भयाक्षा - क्षमा करे पिताश्री ....यदि आज्ञा हो तोह कुछ कहु.....

कस - कहो .....

भयाक्षा - पिताश्री यदि आप जानते है की हमारे बिच वह द्रोही कौन है जिसने रक्षक की सहयता की थी तोह आपने उससे दंड देने की बजाये ..एक और अवसर दे दिया......

कस - (कुटिल मुस्कराहट आँखों में चमक लिए) पुत्र में कोई भी कार्य ऐसे hi नहीं karta......KS की हर बात क पीछे एक कारण होता है ......और तुम अभी वह समज़ने में असमर्ता हो........

यहाँ अभी अटल लोक को अपने सुरक्षा घेरे में बांध कर वह से विदा होकर घर आगया

था......

सुबह की अपनी डेली रूटीन पूरी करके ,अभी ऋतू क रूम को और गया ....

क्यों की अपने रूप से उससे कुछ ऐसी बातें को जिसके लिए अभी ने ऋतू दी से मिलना जरुरी समज़ह .....

रूम का दूर अंदर से बंद tha......Abhi दूर नॉक करने hi वाला होता है .....तोह अंदर से ऋतू की आवाज आरही थी जैसे किसी से बात कर रही हो......

अभी ने सोचा क जरा देखे तोह दी इतने सवेरे किस क साथ बात कर रही hai......isiliye कोह अपने रूम में आगया ....और दक्ष क मिलान से मिली शक्ति दूर श्रवण से वह की बातें सुन रहा था .....अब अभी को साफ साफ दोनों और की साड़ी बातें सुनाई दे रही थी.....

जैसे जैसे बातें आगे बढ़ रही thi.....Abhi क चहरे पर चिंता क लकीरे नज़र आने लगी.......

ऋतू ने कॉल कट करने से पहले कुछ ऐसी बात कह दी क अभी की आंखें भर आयी.......

उसी समय दूर पर नॉक हुई ....लेकिन अभी अपने hi खयालो में गम था.......

तभी बहार से आवाज आयी ...भाई दरवाजा खोलो न क्या कर रहे ho.....aAbhi ने जब बहार ाद्दु की आवाज सुनी तोह जाकर दूर खोल दिया

ाद्दु - क्या भाई आप भी कितने देर से में आपको बुला रही हु .........

अभी - अरे गुड़िया में गैलरी में था ....इसीलिए सुनाई नहीं दिया.......

ाद्दु - गुड़ मॉर्निंग bhai.....aur अपनर दोनों हाथ आगे कर देती है.......

अभी ाद्दु को गले लगा लेता hai......aur उसके मत्थे पर किश कर देता है ......और ाद्दु को लेकर अंदर आजाता है.......

ाद्दु - बही आप परेशां लग रहे ho........kya बात है....

अभी - कुछ भी तोह नहीं गुड़िया .....और तुज़हे ऐसा क्यों लगा....

ाद्दु - भाई मैं जब अपने रूम में थी तोह मुज़हे ऐसा लगा को आप साद ho......isilye में यहाँ आगयी....

अभी - ाद्दु को अपनीगॉड में बिठाकर गले लगा लेता है .....ओह्ह मेरी प्यारी गुड़िया ....कितना सोचती है अपने भाई क बारे में ......

ाद्दु को गले लगा कर हमेशा अभी की साड़ी टेंशन ख़तम हो जाती थी.......

अभी - अच्छा बेतु वेकेशन कैसी काट रही है.....

ाद्दु - क्या भाई .....में तोह बोर हो रही हु ......आप भी बिजी रहते hai.....bas सारा दिन घर पर .

कही बहार घूमने का प्लान बनाओ न भाई .......

अभी - अच्छा मेरी गुड़िया बोर हो रही hai.......toh बताओ कहा जाना चाहती हो........

ाद्दु - बही कल मुम्मा बात कर रही थी क चाची का कॉल आया था .....

सोनू बहुत जिद्द कर रही है आपसे मिलने की .....परसो उसका बर्थडे है .....

अभी - ठीक है गुड़िया मैंने उससे आने का वडा भी किया था ....अपने काम में इतना बिजी हो गया क मुज़हे याद hi नहीं raha.......ab वेकेशन क बाकी दिन हम उसे में सोनू क साथ बिताएंगे .....

ाद्दु - वाओ bhai....I लव ु और अभी क गाल पर किश कर देती है......

अभी - लव ु तू ..गुड़िया ....और अभी भी किश कर देता है है......

तब तक ब्रेकफास्ट का टाइम हो जाता hai......Toh अभी और ाद्दु निचे आजाते है .....माँ और डैड डाइनिंग टेबल पर hi थे ......लेकिन ऋतू नहीं थी.....

अभी - माँ डैड क पेअर छूटा है और अपने चेयर पर बैठ जाता है.....

अभी - माँ दी नहीं आयी ब्रेक फ़ास्ट करने........

माँ - मैंने बुलाया ...लेकिन कह रही है अभी भूक नहीं है ऑफिस में hi खा लुंगी .....यह लड़की भी न आजकल इस्सके कुछ समाज में hi नहीं आरहा है.......

अभी - आप रुकिए में बुला कर लाता हु .....

और अभी ऋतू क रूम की और चल देता है .......नॉक कर देता है.......

लेकिन दरवाजा नहीं खुलता .....अंदर ाव आवाज आती है.....

ऋतू - क्या है .....

अभी - दी मैं हु .....आज आप ब्रेकफास्ट करने नहीं आयी ....चलो न दी.....

ऋतू - तू जा मुज़हे अभी भूक नहीं है ....में ऑफिस में hi खा लुंगी.....

अभी - चलो न दी प्लस .....

तभी दूर खुल जाता है और अभी अंदर आजाता है....

ऋतू - क्या है ...तुज़हे समाज नहीं आरहा जब बोलै भूक नहीं hai.....toh क्यों परेशां कर रहा hai.....ab जा मुज़हे ऑफिस क लिए तैयार होना है...

ऋतू ने कभी अभी से ऐसे बात नहीं की .थी ...आज अपनी दी का ऐसे बात करना उसस्के दिल को दुःख पहुँच रहा था .....और उसके आँखों में आंसू उसकी हालत बयां कर रहे थे .....

अभी की आँखों में आंसू देखकर ऋतू नार्मल हो गयी.....

ऋतू - क्या बेतु तू अब बड़ा हो गया है ...और इतनी सी बात पर क्या बच्चो जैसे आंसू बहाने लग जाता है ......ठीक है चल ...चलते है....

अभी - रहने दो दी आप क्यों परेशां होती हो ......में hi पागल हु .....जो आपको परेशां करने आगया ...सॉरी....

ऋतू - चुप अब जयादा बोलेगा ..तोह खायेगा एक .....और अभी को गले लगा लेती है.......

सॉरी बेतु बस कुछ प्रोब्लेम्स क वजह से थोड़ी टेंस थी और सारा फ़्रस्ट्रेशन तुहह पैट निकल दिया ...

अभी - तोह मुज़हे बताओ न दी क्या प्रॉब्लम है.....

ऋतू - कुछ खास नहीं वह बिज़नेस से रिलेटेड है......

कहल अब बहुत भूक लगी है .......

और अभी क साथ निचे आजाती है ....ब्रेकफास्ट होने क बाद दी और डैड ऑफिस क लिए जाने लगे तोह मैंने डैड को रोक लिया क मुज़हे उनसे कुछ जरुरी बात करनी है...

डैड रुक जाते है ...मैं डैड क साथ उनके रूम में चला जाता हु ....

डैड - हां तोह बोलो बेया ऐसी क्या जरुरी बात है.....

में - डैड क्या आपने कुछ दिनों से ऋतू दी में चेंज नोटिस किया .....

डैड - बीटा बुसिनेस्ड क कामो में इतना ुलाज़ गया हु क जयादा थो नहीं लेकिन कुछ दिन से वह कुछ टेंस लग रही hai...aur कुछ चुप चुप रहने लगी है.......

मैंने सोचा शायद यह काम क प्रेशर क वजह से है.....

डैड परसो सोना का बिरथादी है ...में सोच रहा हु क कुछ दिनों क लिए वह हो औ और दी को भी ले जाओ होसकता है दी का मैं कुछ फ्रेश हो jaaye......Addu भी जाना चाहती है......

डैड - बीटा मैं तोह नहीं आ पाऊंगा ....तुम अपनी माँ को भी ले जाना साथ ......

फिर मैंने माँ से कहा तोह वह राज़ी हो गयी.......

उसके बाद मैंने सोचा क्यों न रिम्पी को भी ले जाय जाए.........

तोह मैं टेलिपोर्ट होकर सीधा रिम्पी क टेरेस पर पहुँच गया ...और उतारकर रूम की गैलरी में आगया ..और कर्टेन क पीछे से अंदर झाँका ......सोचा क रिम्पी को सरप्राइज करूँगा ....तोह में खुद यहाँ सरप्राइज हो गया

अंदर रिम्पी चेंज कर रही थी .....ब्लैक लेग्गिंस ...और उप्पेर सिर्फ ब्लैक ब्रा .......बीएड पर कुछ टी शर्ट्स पड़ी हुई थी और वह डीडे नहीं कर पा रही थी क कौनसी पह्नु.......

तभी मेरे मुँह से निकल पड़ा .....

जान यह रेड टॉप अच्छा रहेगा .....अचानक मेरी आवाज सुनकर वह चौंक गयी और आवाज की दिशा में देखने लगी .....तब तक में चुप चूका था .....

रिम्पी - में भी न ....यह अभी ने तोह मुज़हे पागल कर दिया है जगह जगह वह hi दिखाई देता है और अब तोह आवाज भी सुनाई देने लगी है .....

और उसने वाइट टॉप उठा liye.....toh में फिर बोलने क लिए कर्टेन पकड़कर खड़े hi होने वाला tha....k कर्टेन निचे गिर गया ...और में सामने आगे .....

पर्दा गिरने और मेरे दिखने की वजह से रिम्पी फिर चौंकी .....और मुज़हे अपने सामने देखकर .....

रिम्पी - यह क्या है जान ...ऐसे भी कोई आता है ....तुम दरवाजे से भी तोह आसक्ति थे ...ऐसे hi मुज़हे डरा दिया ........अब खड़े क्यों हो अंदर आजाओ.......

लेकिन अभी रिम्पी क खूबसूरती में ऐसा खो गया क उससे जैसे कुछ होश hi नहीं रहा, बस आंखें फाडे फाडे देख रहा था ......

जब रिम्पी को अपनी हालत का अहसास हुआ ....तोह उसने दोनों हाथ अपने सीने पर रख लिए ......और शर्माने लगी.....

रिम्पी - ऐसे क्या देख रहे हो उधर मुँह करो मुज़हे चेंज करना है .....

लेकिन अभी अंदर आकर उसके पास खड़ा हो जाता है....

अभी - अभी तोह कह रही थी अंदर आजाओ ...और कह रही हो मुँह उधर karo.....aur अभी अपने हाथो से उसके हाथ हटने लगता है तोह रिम्पी अहराम क मारे उसके सीने में चुप जाती है.....

अभी - उफ़ यह ऐडा ....जान ...हमसे hi पर्दा ...और फिर बाँहों में सामना ....गज़ब है यर्ह ऐडा .....अभी भी कास कर उससे गले लगा लेता है......

दोनों एक दूसरे को महसूस कर रहे थे ....अभी ने रिम्पी का चेहरा ऊपर किया ..और उस्सकी आँखों में देखने लगा ....दोनों क होंठ एक दूसरे क करीब aagaye....ek दूसरे क सांसो की खुशबू और बेकरारी बड़ा रही थी ....दोनों क होंठ एक दूसरे से मिल गए ....और किश चालू hi हुआ था k.....Door कनक की आवाज aayi.......aur आवाज आयी रिम्पी क डैड खेमराज जी की

जो शायद कर्टेन गिरने की आवाज सुकर आगये थे ....

कज - बीटा रिम्पी क्या हुआ यह आवाज कैसी थी ....

रिम्पी सांस भरी होने क वजह से बड़ी मुश्किल से

रिम्पी - kkkuuuch....nahhhhi ...डैड....

कज - फिर यह आवाज कैसी ....

रिम्पी - वह डैड कर्टेन की पाइप कुछ कमजोर हो गयी थी ...में उससे बंद कर रही थी क वह उखाड़कर पूरी गिर गयी .....और उसके वजह से विंडो पर रखा गमला भी गिरकर टूट गया........

कज - कही तुज़हे चोट तोह नहीं आयी और यह तेरी सांस क्यों फूल रही है.....

रिम्पी - खा फूल रही है डैड ...में चेंज कर रही हु आप चलिए में अभी आयी......

कज - जल्दी आजा बीटा में तुज़हे ब्रेकफास्ट क लिए hi बुलाने आरहा था क आवाज आयी .....

और वह निचे कहले गए .....

रिम्पी - अब अच्छे बच्चे की तरह बहार जाओ और फ्रंट दूर से अंदर आओ में भी रेडी होकर आती हु ........

अभी - क्या जान ....जाम होंठो तक आकर चला गया ....उफ़ ....और अभी वह से टेलिपोर्ट होकर ....रिम्पी क घर क दूर पर पहुंचा और बेल्ल बजायी

अभी क लिए इतना hi .....

अगला अपडेट रात को ......
 
अपडेट - 89



अब तक आपने देखा ...ऋतू किसी बात से अपसेट है

अभी का अपने चाचा क यहाँ उसे जाने का प्रोग्राम बनता है

रिम्पी क साथ कुछ शरारते



अब आगे........

अभी रिम्पी क घर अंदर आजाता है .....और रिम्पी क दादा क चरण स्पर्श करता है.....

कज - कैसे हो बीटा .....बड़े दिन बाद आये हो ...

अभी - वह अंकल कुछ बिजी था इसलिए ......

कज - कोई बात नहीं बीटा ....ाआजाओ बड़े अच्छे समय पर आये हो .....आज साथ में ब्रेकफास्ट करेंगे ....रिम्पी भी आती hi होगी .....

अभी - नहीं अंकल ...आप kare.....main कर क आया हु .....

कज - अरे बीटा रोज तोह घर में hi करते हो आज मेरे हाट का भी कर लो .....

कज क इतना कहने पर अभी बैठ गया , तभी रिम्पी भी आगयी ...और अभी की तरफ देख मुस्कुराने लगी .......ब्लैक टॉप और जीन्स में बहुत की खूबसूरत लग रही थी.....

कुछ देर घर परवर क बारे में बातें होती rahi...phir मैंने अंकल को उसे की ट्रिप क बारे में बताया और रिम्पी को भी लेजाने की बात की.......

पहले तोह वह नहीं माने लेकिन फिर मैंने माँ से बात कराई तोह बड़ी मुश्किल से माने.......

रिम्पी उसे जाने क बात से बहुत एक्ससिटेड थी ......फिर मैंने कल सुबह करेक्ट टाइम पर आने का कहके वह से निकल गया......

मैंने दी को ऑफिस में कॉल लगाया ...और उन्हें उसे जाने क बारे में bataya....pahele तोह वह चुप रही ......फिर घर आकर बताने का कहकर कॉल कट कर दी....

घर आकर ाद्दु क साथ मॉल गया ...और वह सब क लिए शॉपिंग की ....

सारा दिन कल की पैकिंग और शॉपिंग में hi चला गया.....

रात और डैड और दी ऑफिस से aaye.....toh हम अब ने साथ डिनर किया ......और हॉल में बैठकर कल क बारे में बातें करने लगे .....दी चुप चाप बैठी थी ....में उनके मैं को पढ़ने की कोशिश करने लगा ........लेकिन पढ़ नहीं पाया.....

में - दी क्या सोच रही हो ........आपने जब कहा था घर आकर बताउंगी......

ऋतू - अरे इस्स्में बताना क्या है .......तेरी बात मैं कभी ताल सकती हु........

जहा तक मुज़हे महसूस हो रहा था क बात कुछ और है .......लेकिन अच्छा है दी ताज़ी तोह हो गयी....

फिर में अपने रूम में आगया ...और शिवली से टेलिपाथी क जरिये बात की .....

बात करते करते शिवली वही आगयी .....

शिवली - हम्म तोह कल आप घूमने जा रहे हो ........काश हम भी आपके साथ घूम सकते ....लेकिन क्या करे ........

मैंने उसका हाथ पड़कर अपनी गोवध में बिठाया .....और bahon...mein कस्ते हुए bola....toh साथ चलो न ...जान ....

शिवली - अभी क गले में बाहें डालते हुए....

हमारे ऐसी भाग्य कहा .....क हम सब साथ घूम सके ......

में - बस जान वह दिन भी जल्द hi आएगा जब हम सब साथ honge........aur मैंने उसके होंठो पर अपने होंठ रहक diye....aur चूमने लगा ......वह भी साथ दे रही थी ......शिवली मेरी गॉड में बैठी थी ......

किश तोड़ते हुए ..शिवली बोली .......जान अब आराम करो क्यों क कल से कुछ दिनों क लिए तुम्हे आराम करने नहीं मिलेगा ......अब तुम दोनों सू जाओ....

में - क्यों नहीं मिलेगा ...क्या होने वाला है कल से ...........

शिवली - वह तोह युम्हे पता चल hi जाएगा .....अभी तुम दोनों सो जाओ....

में - क्या यर जान ....तुम कभी पूरी बात बताती नहीं .....और यह किन दोनों क बात कर रही हो ........

शिवली - एक तोह आप ....एक एक यह जो निचे मुज़हे चूब रहा है .........

में उससे लेकर बीएड पर लेट जाता हु ......जान जब तक यह जगा है तब तक नींद कैसे आएगी ......और फिर उसे किश करने लगा ......ऐसे hi थोड़ी मस्ती थोड़ा मज़ा करते हुए दोनों एक दूसरे की बाहों में सो गए........

यहाँ दूर अमेरिका क होंडुरस क घने जंगल में कुछ गतिविद्या तेज़ हो गयी थी ........जहा किसी ज़माने में मंकी गॉड का शहर था .....वह क खंडहर में अद्भुत कलाकृत्य थी जो भारतीय शिल्प कला से मेल खाती थी .........

वह क कुछ लोगो का यह मन्ना था क यहाँ कोई बहुत बड़ा खजाना दफ़न है ......इसी लिए कई लोग वह खोज करने gaye......kuch वापस नहीं आये और कुछ वापस आने क बाद रहस्य्मयी धन से मर गए .....

उस साइट से दूर एक और खाण्डेर था जहा तक अभी कोई इंसान पहुंचा नहीं था .......वह जगह चारो तरफ से भयंकर बरसाती वन से घिरा हुआ था ........

इस वन में और उस खाण्डेर में बहुत से लोग नज़र आरहे the.......sabhi काले चोंगे में थे...

वही खाण्डेर क अंदर बने तह खाने में एक पूजा स्थली थी लेकिन वह मूर्ति की जगह एक गहरा होल tha.......uske सामने कोई दो लोग बात कर रहे थे....

2 - हम जिससे यहाँ लाना चाहते थे ...अब वह खुद यहाँ आरही hai.......lekin उसके साथ वह भी आरहा है जो हमारा सबसे बड़ा शत्रु है.....

1 - लेकिन हमे यह खतरा उठाना क होगा .......4 दिन बाद देवी निकुंबला की जयंती hai.....hame उसी दिन अपना कार्य पूरा करना होगा .....

यदि यह काम सही से हो गया ....तोह में हो जाऊँगा इस संसार में सर्व शक्तिशाली......

पिताश्री इतनी तपस्या से भी जो शक्तियां प्राप्त नहीं कर सके .....में बन जाऊँगा उन शक्तियों का स्वामी ......और लोगो का नया bhagwan....ha...ha...ha...

यह था मारकेश और उसका विस्वस्नीय चेला कारकातासुर....

यहाँ सुबह जब अभी 4 बजे उठा तोह देखा शिवली जा चुकी थी.......

अपनी डेली रूटीन पूरी काके ध्यान में बैठा ........

आज ध्यान में उससे अपने अंदर की उर्जाओ क रंग क साथ साथ कुछ दृश्य भी दिखाई देने लगे the.......jo किसी खाण्डेर क थे .....लेकिन दृश्य स्पष्ट नहीं थे......

खैर सुबह क बर्फ क बाद सभी तैयार हो गए ......रिम्पी भी टाइम पर आगयी थी......

हम सब बहुत एक्ससिटेड थे ...लेकिन दी कुछ सोच में गम थी .....

हम सब अपने प्रिवेट जेट से जाने वाले थे ....चाचा न्यूयोर्क सिटी में रहते the.......jo भारत से लगभग ैवैस से 11,356 कम दूर है जहा हवाई मार्ग से पहुँचने में 14.5 हर लगते है ....हमने नॉर्वे में मिड हालत क्या ...फिर वह से उड़न भरी ......

नॉर्वे में फ्यूल भरने में और मिड हालत में कोई 2 हर लगे इसिलए हम कोई 16.5 हर क लम्बे सफर क बाद पहुंचे न्यूयोर्क city........Bharat क टाइम और वह क टाइम में 8.5 हर का फरक है इसीलिए हम वह lagbhag.....sham 5.5 बजे पहुंचे......

जेट से निकलकर हम बहार आगये ....वह हमे रेसवे करने चाचा जी आये थे .......चाचा जी क मैंने चरण स्पर्श किया ....तोह उन्होंने मुज़हे गले से लगा लिया ........

चाचा - वह मेरा गबरू जवान अब तोह बिकुल शादी लायक हो गया ....लगता है कोई ढूढ़नी होगी ......

अब में क्या बताता क पहले hi बहुत बहुत साड़ी ढूंढ ली और कुछ ढूंढ नई है .....

चाचा जी ने माँ क पेअर छुए ......और सबसे मिले .....रिम्पी मेरे साथ hi कड़ी थी .......तभी उसने मुज़हे कोहनी मारी ......मैंने उसकी तरफ देखा तोह उसने मुज़हे पीछे देखने का इशारा किया .........

मैंने देखा एक लड़का....6 खूबसूरत लड़कियों क साथ आरहा था ........

जब मैंने उनको धयान से देखा तोह मेरा मत्था thanka......aur मुँह खुला खुला रह गया......

चलते चलते वह हमारी बगल में hi आकर रुके और मेरी और देखकर मुस्कुराने लगे.......

वह और कोई नहीं रिंकू था और उसके साथ थी Lima.....aur उन्हें पीछे 5 लड़किया जो वेस्टर्न ड्रेस में बहुत खूबसूरत लग रही थी वह और कोई नहीं मेरी 5 पत्निया थी

Shivali...Shalu...Sulekha.....Bhadra...aur दक्ष......

पांचो मेरी तरफ देख मुस्कुरा रहे , जैसी रहे रहे हो बीटा तेरी तोह वाट लगने वाली है

माँ ने जैसा रिंकू को देखा ....अरे बीटा तुम ......

और जब शिवली और शालू को देखा माँ उन्हें पहचानती थी ...तोह वह सब समाज गयी....

रिंकू - अरे आंटी आप .....और पेअर छूटा है .....और मेरी और रिम्पी की तरफ देखकर ...ओह्ह्ह तोह आप भी हो .....कभी ......अब तोह मज़ा आएगा ........

लिमा की और इशारा ...करते हुए .....आंटी यह है मेरी फ्रंड ....लिमा ....और यह 5 मेरी बहाने है cousins........hume

माँ - तोह बीटा यहाँ कहा रुकने का प्रोग्राम है.....

रिंकू - आंटी hotel....mein 4 दिन क टूर क लिए आये है.....

चाचा जी - अरे ऐसे कैसे तुम अभी क दोस्त हो होटल में क्यों हमारे साथ hi रहोगे .....

रिंकू - अब आप इतना कह रहे है तोह ठीक है ...वैसे अंकल यू र थे बेस्ट और उनके पेअर छू लेता है........

में मैं में बीटा चल अब तेरी तोह वाटत लगने वाली है....

फिर हम सब वह से निकल कर चाचा जी क घर आये .......

उनका घर सिटी क आउटर एरिया में था और बंगलो क पास छोटे छोटे कत्तागेस बने हुए थे ........

अभी उनके घर में किसी और को पता नहीं था हमारे आने क बारे में ........

जब हम घर पहुंचे और अंदर आये उसी समय चची उपसाइरस से उतर कर लॉबी में आरही thi......Aur अचानक हम सब को वह देख कर चणक गयी ........

फिर चची माँ और सबसे mili........phir मेरे पास आकर मुज़हे गले लगा लिया ........वह मुज़हे अपना बीटा hi मानती थी.....

चची - तोह आगयी याद अपने चची की .....में तोह सोच रही थी तू भूल hi गया होगा ........

मैं - अरे नहीं चची .....आपको कैसे भूल सकता हु ....वह तोह कॉलेज और पड़े क चलते टाइम hi नहीं मिला ......

अच्छा चची ...पायल ...श्रेया ....और मेरी प्यारी एंजेल सोना कहा हिअ .....

चची - बीटा ....पायल और श्रेया बहार गयी है फ्रेंड्स क साथ पार्टी है .....और सोना मुँह फुलाए रूम में hai.......kah रही थी मुज़हे नहीं मन है बर्थडे ..भाई .क बिना.....

तोह मैं बाककियो को वही छोड़कर सोना क लिए लिया हुआ बड़ा सा टेडी लेकर पहुँच गया सोना क रूम में ...

और दूर खोलकर टेडी क पीछे चिप गया......

सोना बीएड पर उदास सी बैठी थी .....

अपने दूर क सामने बड़ा टेडी देखकर

सोना - माँ मुज़हे नहीं चाइये कोई टेडी.......

में - लेकिन में तोह तुमसे hi मिलने आया हु

सोना - अरे यह टेडी तोह बोलता भी है .......

हम्म्म ....मुज़हे पता है पीछे कोई छुपा है.....

में - कहा छिपा है ....में तोह टेडी hi हु.......

सोना - दूर की तरफ आते हुए ......अच्छा अभी पता चल जाएगा.........

और जब टेडी क पीछे मुज़हे देखती है .....अरे यह तोह मेरा प्यारा टेडी है और अपने दोनों हाथ आगे करती hai......aur में उसको गॉड में उठा लेता हु.....

में - कैसा है मेरा प्यारा बच्चा .....और उसके गाल पर एक किश कर देता हु.....

सोना - अब तोह में बहुत खुश हु .....मुज़हे लगा आप नहीं आएंगे .....

ी लव यू भाई मेरा प्यारा भाई और मेरे गाल पर किश कर देती है........

थोड़ी देर हम ऐसी hi बात करते रहे .....फिर चची वह आयी ......

चची - बीटा ...भाई को अभी फ्रेश करने दो .......इतने दूर से आये है बाद में बातें कर लेना .....

फिर में निचे चला आया ....और अपने रूम में चला गया

रिंकू & ग्रुप की व्यवस्था कॉटेजेस में की गयी थी ......

फ्रेश होकर में चल पड़ा कत्तागेस की और .........जिसमें रिंकू था .....

जब में अंदर पहुंचा तोह उस समय वह बाथरूम में था .....

जैसे hi वह निकल मुज़हे देखकर फिर बाथरूम में घुस gaya......toh मैंने उससे पकड़ लिया ...

कहा भाग रहा हसिरुक तू अब मुजह्से hi छिपकर प्लान banata..hai तेरी तोह ......मैंने उससे पकड़ hi रखा था ....क तभी शिवली अंदर आगयी.......

रिंकू - देख भाई मैंने कुछ नहीं किया ...यह सब भाभी का hi प्लान hai.......tu उनसे hi पूछ ले .......

शिवली को देखकर मैंने उससे छोड़ दिया......

और शिवली की और बढ़ा .....क्या यार जान ...अब हमसे hi chalaki......kal hi बता देती जब तुम मेरे साथ थी......

अभी क लिए इतना hi .....

अगला अपडेट जल्द hi .....

 
सुपर्ब शानदार रिव्यु रितिका जी

:अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:

थैंक यू सो मच फॉर योर वंडरफुल कमेंट :थैंक्स:

आपने ठीक कहा रितिका जी .....लेकिन 2 दिन से तबियत ठीक न होने की व वजह से कोई मूड नहीं बन रहा tha.....isiliye इरोटिक ससाने काट दिया.....

हीरो अभी थोड़ा इमोशनल है सिख जाएगा धीरे धीरे...

आपकी एडवाइस क लिए बहुत बहुत shukriya.....:thankyou:
 
अपडेट - 90

अब तक आपने देखा अभी फॅमिली क साथ उसे पहुँच गया

रिंकू लिमा और अभी की 5 वाइफ भी अभी को सरप्राइज देते हुए यहा पहुँच गयी थी


अब आगे .......

जैसे hi अभी ने रिंकू को छोड़ा ....वह फटाफट वह से bhaga......aur अभी शिवली की तरफ बढ़ गया ........शिवली पीछे जाने लगी और दीवार तक पहुँच गयी .....अभी ने दोनों हाथ उसके दोनों साइड दीवार पर रखकर जैसे उससे कैद कर लिया

अभी - अच्छा बड़ी शरारत सूझ रही है na......ab कहा जाओगी .......

शिवली हाथ क निचे से निकलने hi वाली थी क अभी ने उससे पीछे से पकड़ लिया ......

अभी - अब कहा जाओगी बचकर......

और उसके गार्डन पर किश करणे लगा ......अभी क हाथ शिवली क पेट पर थे ......अभी अपनी एक ऊँगली को उसके नाभि में कुरेदने लगा ....और उसकी गार्डन से लेकर कान तक चूमने लगा.....

शिवली कसमसाने लगी ......अभी गई साँसे उसके गर्दन पर पद रही थी वह ऊँगली नाभि में ......इससे शिवली क अंदर एक मदहोशी सी छाने लगी .....

शिवली - क्या कर रहे हो जान छोड़ो न ......दरवाजा भी खुला hai...koi आजायेगा ........

अभी - तोह क्या हुआ में अपनी पत्नी क साथ hi तोह कर रहा हु ......अभी और पीछे से चिपक gaya....Shivali की साँसे अब भरी होने लगी थी ...अभी अब गार्डन से होते हुए खंधे को किश करने लगा ...और शिवली को पलटकर उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए .....दोनों क होंठ एक दूसरे का रसपान कर रहे थे.....

दोनों अपनी hi धुन में लगे हुए थे ......अभी का एक हाथ शिवली क स्तनों तक पहुँच gaya......jisse शिवली क जिस्म में एक करंट सा चले लगा .....और उसने अभी को और कास कर पकड़ लिया ......

अभी धीरे 2 उसके स्तनों को दबाने लगा ....और होंटो को चूसते हुए अपनी जीभ उसके मुँह में दाल दी ....अब दोनों की जीभ एक दूसरे को सहलाने लगी ........

अभी का छोटा उस्ताद अब बड़ा हो गया था और शिवली की जंघा को चुभ रहा था शिवली की योनि कॉमर्स बहाने लगी थी....

अभी ने शिवली को उतःया कर बीएड पर लिटा दिया .....और उसके ऊपर आगया ....अब अभी ने शिवली का टॉप ऊपर किया और उसके पेट पर चूमने लगा ...और टॉप उप्पेर उठाने लगा अब टॉप उसके ब्रा क उप्पेर आगया था ....ब्लैक ब्रा में कैद गोर स्तन ....ाज़दा होने क लिए तड़प रहे थे.....

अभी ब्रा क उप्पेर से hi किश करने लगा ....कैद स्तन शिवली की तेज़ चल रही साँसों क साथ ऊपर निचे होने लगे .......मानो कह रहे हो हमे आज़ाद करो ....और अभी ने उन्हें आज़ाद किया .....

अब अभी क हाथ शिवली क नंगे स्तनों को दबा रहे थे ....अभी ने एक निप्पल को मुँह में भर लिया और चूसने लगा ....

शिवली - ससस अह्ह्ह्ह जान ...आह्ह्ह्ह ...थोड़ा धीरे अह्ह्ह

.शिवली का हाथ अभी क लिंग तक पहुंचा .....जो पूरी तरह अकड़ गया था .......

शिवली अपने hi धुन में उससे पकड़कर सहलाने lagi....usse अब होश नहीं था वह क्या कर रही है ......

....दोनों अपने काम में लगे थे .....क शालू और सुलेखा ...शिवली को ढूंढे हुए aayi......aur जब दोनों को आपस में लगे हुए देखे तोह....

शालू - अच्छा तोह यहाँ यह सब चल रहा है ...हम दी को ढूंढ रहे थे और दी तोह यहाँ माज़र कर रही है .......

सुलेखा - हैए र हमारे बैरी सैयां ...टोहड़ा प्यार हम पर भी बरसते तोह ....

दोनों क आवाज सुनकर ...शिवली और अभी ने एक बार उन्हें देखा ....फिर लग गए अपने काम में

शालू और सुलेखा से उनकी रासलीला देखकर रहा नहीं जारहा था .....दोनों भी वह पहुँच गयी ........

शिवली अब उठकर बैठ गयी और अभी क कपडे निकलने लगी .......

शालू और सुलेखा भी लग गयी ...अभी अब पूरी तरह निर्वस्त्र tha.......Sulekha ने अभी को बीएड पर धक्का दिया ......शिवली अभी को किश करते हुए उसके चेस्ट पर आगयी ....और एक निप्पल को पिंच कर के दूसरे को किश करने लगी .....

यहाँ शालू और सुलेखा दोनों बरी बरी अभी को किश कर ने लगी ..और अभी एक एक हाथ से दोनों क स्तनों का मर्दन करने लगा

सिवली क हाथ अभी क लिंग क ऊपर चल रहे थे ......अब सुलेखा भी निचे आगयी .....शालू भी अभी क लिंग तक पहुँच गई ......

अब शिवली और सुलेखा अभी क लिंग को बरी बरी चूसने lagi.....Aur शालू और अभी होनोटः को चूस रहे थे ...........

उन से अब रहा नहीं जारहा था...... तीनो अलग हो गयी और निर्बस्त्र होने लगी.......

इतने देर में अभी ने दूर बंद कर दिया अब ...

शिवली और शालू अभी 69 पोजीशन में आ गए बिच में अभी और दोनों तरफ शालू और शिवली ......अभी दोनों की योनि से छेद चढ़ करने लगा ....और बिच बिच में किश भी करने laga......aur दोनों अभी क लिंग को चाटने लगी ..

शिवली बड़ी देर से अभी क साथ लगी थी इसीलिए वह और जयादा देर नहीं ठहर सकीय और बड़ी जोर से स्खलित हो gayi......aaj बड़े दिन बाद स्खलित होने की वजह से वह एक दम शांत हो gayi......Ab सुलेखा अभी क उप्पेर चढ़ गयी और अपनी योनि उसके लिंग पर रगड़ने लगी .....दोनों क रगड़ ने जैसे उनके बदन में आग सी लगा दी थी .......यहाँ अभी शालू की योनि को जोर जोर से चूस रहा था

पूरा कमरा उनकी सिसकारियों से गूंज उठा था ......तीनो होश खोकर ...अपने काम में लगे हुए थे........

यहाँ शिवली अब संभल चुकी thi.......shant होने क बाद ...वह विचार करने लगी क आज से पहले कभी न तोह अभी ने और ना hi उसने कभी इतनी उत्तेजना का अनुभव किया tha.....phir आज ....

शिवली ने बीएड की तरफ देखा .जहा तीनो लगे हुए थे .......वह उनसे कोई हलकी सी गुलाबी रंग की ऊर्जा को देखा .....तोह उससे साड़ी बात समाज में आगयी......

शिवली - ( मैं में) ओह्ह यह कैसी माया है जो मैं भी समाज नहीं पायी ...कही यह संपूर्ण मिलान न कर ले.......

शिवली ने बीएड की तरफ देखा तोह तीनो जैसे कामाग्नि में पागल हो गए the......Sulekha और शालू अभी का लिंग अंदर लेने क तड़पने लगी ....अभी वो आगे कुछ करते क तीनो जोरो से स्खलित हो गए ......शिवली ने यह देखकर चैन की सांस ली .......

तभी बहार से नॉक की आवाज आने लगी .......

तोह शिवली ने अपने मैं की शक्ति से देखा तोह बहार भद्रा और दक्ष और रिम्पी कड़ी थी ......

तोह पहले शिवली ने खुद को ठीक किया और बीएड पर तीनो को एक बीएड शीट से धक् दिया ....

उसके बाद दूर खोला .....और तीनो अंदर aayi....jab तीनो की बीएड पर नज़र पड़ी तोह ......उन्हें सब बात समाज आयी क यहाँ क्या हो रहा है.....

भद्रा - दी आप लोग यहाँ प्रेम लीला में मगन हो और हमे छोड़ दिया .......यह ठीक नहीं है.....

रिम्पी - अगर मुज़हे ऐसे hi अपने से दूर रखना था तोह मुज़हे यहाँ लाये hi क्यों

दक्ष - अभी बताती हु इनको .....

शिवली ने मेहसूद किया क इन् तीनो क अंदर भी कामाग्नि प्रवेश कर चुकी है ....उसी समय अभी ...शालू और सुलेखा को भी होश आगया.......

अभी ने जब भद्रा ...दक्ष और रिम्पी क तरफ देखा तोह उसके अंदर फिर से वासना का संचार होने लगा .......

यहाँ दूर होंडुरस क खंडहर में मारक अपने साथी क साथ बैठा हुआ हास रहा था......

मारक - ha...ha..ha....jaha शक्ति काम न आये वह युक्ति काम आती hai.........Rakshak क अंदर प्रवेश की हुई कामाग्नि hi उसके विनाश का कारण बनेगी.... ..फिर हमारा काम और आसान हो जाएगा .......और हमे प्राप्त हो जायेगी ....माँ नीकुबाला की वह शक्ति जो हमारे पूर्वज अहिरावण

और माहि रावण नहीं प्राप्त कर सके थे .....ha...ha...ha...

यहाँ भद्रा ...दक्ष ...aur...Rimpy ...तीनो अभी की तरफ बड़ी ...शिवली ने देखा क तीनो की आँखों में से गुलाबी सी तरंगे निकल रही है.......

कुछ अनिष्ट होने से पहले ......शिवली ध्यान योग में पारंगत थी और वह सभी प्रकार की माया को नष्ट करने में शक्षम थी...

शिवली ने अपनी ऊर्जा इतनी फैलाई क उस कक्ष में एक दिव्या प्रकाश सा फैलने लगा ..और ...ख़तम ...हुई माया जो किसी ने यहाँ पर प्रयोग की थी.....

जब कामाग्नि की माया कमरे से ख़तम हुई ....तोह सभी को होश आया ......

अभी ने जब सुलेखा और शालू को देखा तोह जगह जगह अभी क द्दन्तो क निशान उनके शरीर पर the.....lekin कमरे में शिवली की ऊर्जा क कारण वह निशान मिट गए......

तीनो ने अपने वस्त्र pahne......Abhi भी समाज रहा था क कुछ गलत होते होते रह गया है.....

तब शिवली ने बताया क किसी ने कामाग्नि की माया का प्रयोग इस रूम में किया था.......

यदि आज अभी इस क प्रभाव से जिसके क साथ भी सम्भोग करता वह मृत्यु को प्राप्त हो जाती ...और इस दोष क कारण ...अभी की साड़ी शक्तिया नष्ट हो जाती.....

अभी साड़ी बात समाज गया ...और यह सब किसने किया था यह भी वह जानता था.......

इस सब में रात क 9 बज चुके थे.....

अभी - जान अब हमे घर क अंदर चलना चाहिए .......बहुत देर हो गयी है......

शिवली क तरफ देखकर ...जान आज अगर तुम न होती तोह न जाने क्या हो जाता.......

शिवली - हम एक युद्ध पर है जान ...हमे हमेशा सतर्क रहना होगा ......

अभी ने कुछ सोच कर अपना शक्ति तरिआहूल निकला और उसी माया का प्रयोग किया जिस्का उस्सने सबसे पहल ताल्लुक क युद्ध में मयासुर क साथ किया था.......

अब मारकेश को वही दृश्य दिखाई देगा ...जो अभी दिखाना चाहता था.........

फिर अभी ने सबको अपने सुरकह क घेरे में कर लिया ......

तभी रिंकू ाद्दु क साथ अंदर आता है

रिंकू - यह रहे तुम्हारे भाई ....

ाद्दु - भाई कहा थे इतने देर से आप .....पायल दी और श्रेया दी भी आपको hi पूछ रही hai.....aur सोना बार बार आपके hi बारे में पूछ रही है.....

अभी - सॉरी गुड़िया वह मुज़हे नींद लग गयी थी अभी उठा हु .....चलो चलते है .....

फॉर हिम सब अंदर चले गए वही पायल और श्रेया पार्टी से आ चुकी thi......dono भी मुज़हे देखकर बहुत खुश हुई .......

फिर मैंने जो सबके लिए गिफ्ट्स लाये थे वह दिए .......

चहु क लिए ट्रेडिशनल एक जोधपुरी सूट और पगड़ी .....पायल ..श्रेया क लिए ड्रेसेस और गोल्ड ब्रेसलेट .....

सोना क लिए स्पशल बर्थडे में पहने क लिए प्रिंसेस ड्रेस और डैमोंड नेकलेस.....

चची क लिए कांजीवरम और बनारसी सिल्क साड़ियां

फिर हम सबने साथ में डिनर किया ......ऋतू दी बहुत खुश लग रही थी ...जैसे उन्हें वह सब मिल गया हो ...जो वह चाहती थी......

उनकी हास्य का कारण मुज़हे पता था क्यों की मैंने उनकी पह कॉल्स सुन ली थी....

यहाँ मारक एक क्रिस्टल बॉल में देख रहा था ...क अभी ने

शालू क साथ सम्भोग किया ....और इससे वह मर गयी और अभी की साड़ी शक्तिया समापत हो gayi......isse अभी बेहोश हो गया.......

इस दृश्य को देखकर मारकेश बहुत खुश हुआ ......की जो काम उसके पिता न कर सके उसने वह कर दिखाया......

उसने कही कॉल लगाया लेकिन बार बार तरय करने पर भी कॉल नहीं लगी....

फिर तरय करने पर कॉल उठा ली गयी........

मारकेश - कैसे हो जान ....अच्छा क्या हुआ उससे....

क्या ....मैंने पहले hi कहा था क तुम जैसे अपने भाई को समाज रही हो वह वैसा नहीं hai.......bechari एक मासूम लड़की की जान लेके क्या मिला उससे ....

अब और जयादा इंतजार नहीं करना होगा .......कल को हम शादी कर लेंगे .....मेरा आदमी कल रात 10 बजे लेने आ जाएगा ....जब सब पार्टी में मस्त होंगे ...तब तुम चुपके से aajana....accha bye जान ...अपना ख्याल रखना......

मारकेश - सब कुछ वैसा hi हो रहा है जैसा हमने सोचा था ......ha...ha...ha....

जब मारकेश पृथ्वी पर आया था ...तभी से वह अपनी शक्ति बढ़ाने क बारे में सोचने लगा .....यहाँ लोगो से छिपने क लिए उसने एक आयर्वेदिक फार्मा शुरू की ........

जब उसने अपने पूर्वज असुरो की शक्तियों और सदनाओ क बारे में खोजना शुरू किया तोह

......तोह वह त्रेतायुग क समय क अहिरावण ...और Mahiravan....jo रावण से बहुत ज्यादा शक्तिशाली था उनके बारे में पता चल .....

उनके पास माँ निकुम्बाला क द्वारा दी हुई उनकी मूर्ति थी

......जिससे अनेको बलियो द्वारा उन्होंने चेतन किया था ......बस अब आखरी किसी दिव्या मनुष्य क बलि बाकी थी जिसके बाद वह अनत शक्तियों क स्वामी बनने वाले थे ......

राम रावण क युद्ध क समय जब रावण कमजोर पड़ने लगा तोह उसने उंनसे सहायता मांगी .....तोह उन्होंने राम और लक्ष्मण को पृथ्वी क भीतर क मार्ग से अपने यहाँ ले आये .....और जब वह राम जी की बलि देने hi वाला थे क उसी समय ...हनुमान जी वह गए और देवी निकुम्बाला की मूर्ति को जमीं क भीतर भेजकर दोनों असुरो का वध किया ....

हनुमान जी ने वह से जाने से पहले अपने पसीने से प्रगट हुए अपने पुत्र मकरध्वज को वह का राजा बना दिया ........

एहि अहिरावण और माहि रावण की राजधानी का द्वार साउथ अमेरिका क होंडुरस क घने जंगल में लॉस्ट सिटी ऑफ़ मंकी गॉड क नाम से जाना जाता है .

....जहा की खोज में बहुत से साइंटिस्ट मारे गए ........वह हनुमान जी और मकरध्वज जी की भी मुर्तिया है......

मारकेश को जब यह पता चला तोह उसने इस जगह की खोज की ......वह उससे माँ निकुंबला की मूर्ति क बारे में पता चल जो आज भी अपने अंतिम बलि की प्रतीक्षा कर रही है....

अब मारकेश को एक दिव्या मनुष्य की बलि चाहिए थी उस मूर्ति को जगाने क लिए.......

मांड गाओं का विशु जिससे अभी ने पहले यक्षों से मुक्त किया था इस समय वह मारकेश क पास hi काम करता था......

उसने मारकेश की बात सुन ली थी क उससे किसी दिव्या मनुष्य की तलाश है.....

तोह जब उस्सने पूछा ...तोह माकेश ने उससे धन का लोभ दिया और कहा क यदि को ऐसे हो तोह वह यह कंपनी उसके नज़्म कर देगा.....

पैसो क लालच में उसने मारकेश को अभी क बारे में बता दिया........

लेकिन मारकेश जानता था क अभी से वह सीधी टक्कर नहीं ले सकता था ....तोह उस्सने पहले पोइरी जानकारी ..हासिल ki....jisse उससे पता चला क अभी क बहनो में भी कुछ शक्तिया है.....

तोह उस्सने ऋतू को अपना मोहरा banaya......jab ऋतू अनाथालय में जाती या नारी निकेतन में जाती तोह वह भी वह पहुँच जाता .....और अपनी ैव्हाई दिखता ......धीरे धीरे उसने ऋतुपर सम्मोहन विद्या का भी प्रयोग करना शुरू किया .....

अब ऋतू और उसकी बातें होने लगी थी ......उस्सने अपनी बातो में ऋतू को ऐसा फसाया क ऋतू अब अपने घरवालों की बजायी उसकी बातो पर विश्वास करने लगी थी...........

जब ऋतू ने उसे क बारे में बताया तोह वह खुश हो गया और उसके ऋतू को वही आने क लिए और शादी करने क लिए कहा......

और अभी को रोकने क लिए उसने कामाग्नि विद्या का प्रयोग करने क बारे में सोचा.....

ऋतू से उससे यहाँ की एक एक खबर मिलती थी .......

यह साड़ी बातें अभी ऋतू की पह कॉल सुनाने से hi पता चल गयी थी और तभी से उसने अपनी योजना बना ली थी......

आज क लिए इतना hi......


अगला अपडेट कल.......
 
बहुत hi शानदार जबरदस्त .....फैंटास्टिक रिव्यु रितिका जी :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:

ठंकु सो मच रितिका जी फॉर योर फैंटास्टिक सपोर्ट & ब्यूटीफुल कमैंट्स

:थैंक्स: :thanks::thanks:

अमेरिका क हॉन्डुरास क लॉस्ट सिटी ऑफ़ मंकी गॉड क बारे बारे में बहुत रहस्य पड़ा है ...और वह सोना से मिले का भी वडा अभी ने पहले hi अपने बर्थडे में किया था......

थैंक्स फॉर योर एडवाइस.....

बस ऐसे hi साथ बनाये रखे

लेटेस्ट अपडेट 90 पोस्टेड......
 
मेगा अपडेट - 91



अब तक आपने देखा क मारकेश ने अपनी चल चली ...जिससे शिवली ने असफल कर दिया .......लेकिन मारकेश इस बात से अनजान था ...अभी मारकेश को वह hi दिखता है जो वह देखना चाहता था.....



अब आगे .......

मारकेश अपनी तरफ से तोह चल चल चूका था ........

लेकिन उससे अभी की चल का पता नहीं chala.......Markesh ने जब कन्फर्म करने क लिए क उसकी चल कामयाब रही क नहीं .....उसने ऋतू को कॉल lagaya.....lekin ऋतू की आवाज में रिंकू ने उससे बात की .

पह पर बात होने क कारण अब वह निश्चिंत tha....lekin नहीं जानता hai.....k....Abhi ....अपनी चल चल चूका है.......

रात को डिनर क बाद थोड़ी देर रिम्पी और अपनी पत्नियों क साथ बैठकर तोड़ी मस्ती टोहड़ी यहाँ की बातें चल रही थी ......मैंने देखा Rimpy...Bhadra .....और दक्ष ...कुछ गुमसुम सी थी.....

शिवली इसका कारण जानती थी .....इसलिए वह सुलेखा और शालू को लेकर कुछ काम का बहाना बनाकर चली गयी.......

भद्रा भी जाने लगी तोह मैंने उसका हाथ पकड़कर रोक लिया और अपने पास बिठा लिया.....

मैं - क्या बात है तुम तीनो गुमसुम सी हो ........

तीनो फिर भी चुप थे ......

मैं जानता था क भले की कामाग्नि क माया से वह मुक्त हो गए थे ...लेकिन जो उन्होंने रूम में देखा तोह ...उसका कुछ असर तोह होना hi था .....

में - देखो मैं जानता हु क तुमने जो रूम में देखा ....उसकी वजह से तुम्हारे मैं में बहुत कुछ चल रहा है ........

क्या तुम्हे अपने प्यार पर विश्वास नहीं........

भद्रा - ऐसी बात नहीं है बस हम भी कुछ समय आपके साथ बिताना चाहते है.......

हमे पता है रूम में जो कुछ हुआ वह किसी शक्ति क प्रभाव से हुआ था ....लेकिन यह दिल क्या करे......

रिम्पी - हां जान यह दूरिया अब बर्दाश्त नहीं हो रही है......

में - ऐसी बात है तोह आज रात में तिम्हरे साथ hi सोऊंगा ......लेकिन कोई शरत नहीं .....

दक्ष - यह भी कोई बात hui.....thodi सी तोह चलेगी ......

में - ok दोने थोड़ी सी ......अब जाओ मैं कुछ काम निपटाकर आता हु...

वह से में ऋतू क रूम में पहुंचा ...वह ऋतू से कुछ बात करना चाहता tha......lekin माँ भी उसी रूम में थी .......और शुशीला चची भी वही बैठी थी.......

माँ - अरे बेतु आओ ..............मिल आया रिंकू और उसकी कौसिन्स se.......unhe कोई परेशानी तोह नहीं .

मैं समाज रहा था माँ का इशारा किस तरफ है.......

में - क्या माँ आप भी ....aur....mom की गोदी में सर रखकर लेट जाता hu........aur माँ मेरे सर को सहलाने लगती है.....

माँ - कहल में सब जानती हु तू मुज़से नहीं छिपा सकता .....

चची - क्या छुपा रहा है betu.......jara हमे भी पता चले .....

ऋतू - यही क आपका बेतु ....अब शादी करने की जल्दी में है

चची - अच्छा कौन है वह

ऋतू - वही जो हमारे साथ आयी है रिम्पी.......

चची - अच्छा ji....hume तोह पता hi nahi.....sach में अब हामटा अभी बड़ा हो गया है.....

कुछ देर ऐसी hi बातें चलती रही ....मैं ऋतू दी ऐ बात करना चाहता था लेकिन मौका hi नहीं मिला.......

फिर अमिन वापस कॉटेज चला गया ...jaha...Bhadra ....Daksha.aur Rimpy...mera इंतज़ार कर रही थी.......

थोड़ी देर उनके साथ प्यार भरी मस्ती की .....फिर हम साथ में hi सोगये........

सुबह अपने समय पर नींद खुली तोह मैं कॉटेज से निकल कर घर क अंदर अपने रूम में फ्रेश होने चला gaya......apne डेली रूटीन करके ध्यान में बैठा......

आज भी ध्यान में मुज़हे कुछ दृश्य दिखाई दिए .......इससबार वह दृश्य स्पष्ट the.......Jaha मुज़हे एक खंडहर में मारकेश दिखाई दिया .......दृश्य मरीन मुज़हे वह क एक एक चीज़ दिखाई दी..........

जब ध्यान ख़तम हुआ और मैंने आंखें खोली तोह देखा ...मेरे सामने ाद्दु और सोना भी ध्यान में बैठी थी ..और एक आँख खोल कर बिच बिच में मुज़हे देख रही थी........

मैं - क्या कर रही हो हो सोना ........

सोना - अरे भाई तोह उठ गए ......गम भाई....

में उससे अपनी गॉड में लेकर .....

में- गम & हैप्पी बर्थडे तो माय स्वीट एंजेल.....

ाद्दु - गम ..भाई....

में - गम गुड़िया .......

थोड़ी देर उनके साथ मस्ती की फिर दोनों चली गयी में उठकर निचे aagaya.....aur कॉटेज की तरफ ....तभी वह लॉन में ऋतू दी गुमसुम सी बैठी थी........

मैं भी दी क पास गया .......और बैठ गया......

मैं - गम दी .....

मेरी आवाज सुनकर दी चौक gayi.....Gm bhai.....kaisa है....

में - लगता है दी आप यहाँ खुश नहीं हो ......

दी - नहीं तोह खुश hu.....main....muzhe क्या परेशानी हो सकती है .......

मैं - मैं में ( कोई बात नहीं दी आपकी साड़ी परेशानी आज ख़तम हो जायेगी )

दी - क्या सोच रहा है.....

मैं - यही दी क मेरी प्यारी दी की साड़ी परशानी दूर हो जाए ...और पहले जैसी होजाये

फिर में वह से चला आया .....

मैं समाज गया था क दी क्यों उदास है ....रात से जो बात नहीं हुई थी मारकेश से .......मैंने अपनी माया से मारकेश को जो दृश्य दिखाया tha....uske बाद मुज़हे पता था क वह दी को जरूर कॉल करेगा ...तोह मैंने दी क सारे कॉल्स अपने मोबाइल पे डाइवर्ट कर दिए थे .......और रिंकू जो मिमिक करने में एक्सपर्ट था उससे दी की आवाज में मारकेश की बात कराई थी.......

अब प्रोब यह थी क दी को नहीं पता था क मारकेश का कोई आदमी उससे लेने आनेवाला hai..........lekin वह दी का जाना जरुरी था ......

यह काम मैंने रिंकू को सौंपा.....

अब में कॉटेज में शिवली क साथ बैठा था ....

शिवली - जान क्या दी का वह जाना ठीक है.....

मैं - जान ...माकेश एक मायावी और तंत्र विद्या जानेवाला असुर है ....इसीलिए हम कोई माया की दी तोह वह नहीं भेज सकते ....

और दी का वह जाना भी जरुरी है ताकि वह खुद अपनी आँखों से उसकी सचाई देखे......

उन्हें समज़ना होगा ....क ...अपने परिवार से बातें छुपाना कितना अनिष्टकारी हो सकता है........

शिवली - लेकिन दी तोह उसके मोहनी विद्या क कारण वश में थी....

मैं - मैं मंटा हु क मोहिनी विद्या क कारण दी उससे प्रेम करने को बाध्य हो गयी ...लेकिन कोई मोहिनी विद्या ......घर में अपने दिल की बात बताने से तोह नहीं रोकती.... ...

दी को समज़ना होगा क अपने परिवार की अहमियत.....

रिंकू अपना काम कर चूका था .......

अब तोह इंतज़ार था ...बस रात का .......

सोना की बर्थडे पार्टी न्यूयोर्क सिटी क सीज़ होटल में राखी thi.....Sabhi तैयार होकर पार्टी वेणुन पर पहुंचे ......

पार्टी हॉल बहुत बड़ा था ....

पूरा होटल बूकेड था ....चाचा जी ने इस पार्टी में सिर्फ अपने सारे स्टाफ को बुलाया था ....जो ज्यादातर भारतीय थे.....

पार्टी की थीम भी ट्रडिशनल thi......aur खाने की अर्रेंजमेंट्स भी उसी हिसाब से की गयी थी.......

सोना तोह मुज़हे एक पल क लिए छोड़ hi नहीं रही थी .......केक कटा .....और पार्टी शुरू hui.......Di बार बार टाइम देख रही थी .........

गिफ्ट्स का सिसिला शुरू हो गया था ......सभी सोना को स्टेज पर जाकर विश करने लगे

सोना और ाद्दु तोह गिफ्ट्स और पिछ में बिजी हो गयी थी........

में वाशरूम जाने का बहाना कर क निकल gaya......aur वह जाकर अपने एक रूप पार्टी में भेज दिया .....

और होटल क बहार आकर छुपकर वेट करने लगा.....

तभी मैंने देखा क दी जल्दी जल्दी बहार निकली तभी एक गाडी उनके सामने रुकी ........मैंने भी देर न करते हुए ....लघिमा शक्ति जो दक्ष से मिलान पर प्ऱप्त हुई थी उसकी मदत से एकदम सुक्ष्म रूप बनाकर गाड़ी में प्रवेश कर गया .......

दी क बैठते hi गाड़ी फुल स्पीड में निकली ......और वह से टेलिपोर्ट होकर सीधा पहुंची उसी जगह जो मुज़हे ध्यान में दिखाई दी थी .......होंडुरस क खंडहर में .....

अचानक इस तरह से गाड़ी क किसी जंगल क बिच खाण्डेर पर आने से दी घबरा गयी .........

दी ने दूर खोला और बहार आगयी .......वह मारकेश बेसब्री से इंतजार कर रहा था......

मारकेश - आओ जान ....वेलकम ......तो माय वर्ल्ड

दी - यह सब क्या है और यह गाड़ी वह से अचानक यहाँ कैसे आगयी.......

मारकेश तुम सवाल बहुत करती हो ......जल्दी अंदर चलो समय बहुत काम है.......

दी - नहीं पहले मुज़हे सब सच बताओ........

मारकेश - उफ़ ....तुम भी ....क्या तुम्हे मुज़पर विश्वास नहीं रहा ........

दी क उप्पेर जो मारकेश ने मोहिनी विद्या का प्रयोग किया था ....वह बस उनके अंदर प्रेम को hi जगा पाया ....दी पूरी तरह से उसके वश में नहीं हो पायी thi......Sahyad यह दी क अंदर स्पेशल पावर होने से हो.....

दी - विश्वास है तभी अपने परिवार को छोड़ कर यहाँ आयी हु ......लेकिन मैं भी सच जाना चाहती hu.....yeh मेरे जीवन का बहुत बड़ा फैसला है ......

मारकेश अपने असुर रूप में आजाता hai.........lo देख लो सच .....

वैसे भी कहते है मरने वाले की आखिरी इच्छा पूरी की जाती है.........

तोह सुनो मैं कोई तुमसे प्यार व्यार नहीं करता तुम तोह केवल मेरे लक्ष्य तक पहुँचने का एक साधन हो ..........

मुज़हे बलि क लिए एक ऐसा मनुस्य चाहिए था जिसके अंदर दिव्या शक्ति हो ....और मेरी खोज तुमपर आकर रुकी ......

मैंने देखा तुम अकेलेपन से दुखी हो ...तुम्हे कोई साथी चाहिए था जो तुम्हे प्यार करे संजू.........

तोह मैंने इस मौके का फायदा उठाया ....लेकिन मेरी विद्या तुम्हे पूरी तरह वश नहीं कर सकीय .....

ऋतू - रट हुए ......इतना बड़ा धोका ......में तुम्हारी बाताओ में आकर अपने परिवार को hi गलत समज़ती रही .....उनसे दूर हो गयी......

हे भगवन ....यह मने क्या कर दिया ........बेतु ने कितने बार मुज़हे पूछा ...लेकिन मैं hi नहीं समज़ही .......

शायद मैं इसके लायक हु

लेकिन तुम क्या समज़ते हो तुम बच jaaoge......agar मुज़हे कुछ भी हुआ तोह तुम भी नहीं बच पाओगे.....

मारकेश - कौन मारेगा मुज़हे तेरा भाई .....उसकी शक्तियां तोह कल रात को hi खतम हो gayi.......Uss लकड़ी क मारे की वजह se......aur अब तुम्हारी बलि क बाद तोह वह वाइज भी एक कमजोर इंसान बन जाएगा .......

चलो अब बहुत होगया तेरा नाटक और आगे बढ़कर ऋतू का हाथ पकड़ लेता है ........ऋतू गुस्से में एक एक जोरदार पंच उसके पेट में मर देती है.......

जिससे वह थोड़ा पीछे हैट जाता है........

ऋतू - इतनी बड़ी चाल चली तूने ...मेरे बेतु को नुकसान पहुँचाया ......तुम्हे तोह में जिन्दा नहीं छोडूंगी .....और उसस्के तरफ बड़ी......

मारकेश - साली तू मारेगी मुज़हे अभी बताता हु ......और ऋतू को पकड़ने क लिए आगे hi बड़ा था ....क साइड की पसलियों में जोरदार लात पड़ी ........और वह चीखते हुए दूर जाकर गिरा .......

ऋतू ने देखा तोह वह अभी खड़ा था..........

अभी - na...munna naa.....agar अभी तूने दी को हाथ लगाने की कोषसिंह भी की तोह ऐसी हालत करूँगा क मौत की भिक मांगेगा

मारकेश - तुम यहाँ kaise......nahi यह नहीं हो सकता .....कल रात क मेरे वार ने तोह तुम्हारी साड़ी शक्ति ख़तम हो गयी thi......Aur इस ऋतू ने भी पह पर मुज़हे सब बताया था......

तभी वह रिंकू दी की आवाज निकलते हुए प्रगट हुआ .........है जणू कैसे हो......

रिंकू - तोह आशिक जनाब वह हम थे जिनको ऋतू दी समज़कर तू गुटर गु कर रहे थे.....

में - रिंकू तुम दी को यहाँ से ले जाओ....

ऋतू - नाहीइ मैं इसकी मौत देखे बिना यहाँ से नहीं जाउंगी......

में - रिंकू ..सुना नहीं तुमने ..ले जाओ दी को ....

रिंकू - अरे हुज़ूर दोनों क बिच हमे क्यों फसा रहे हो .....

मारकेश - तुम क्या सोचते हो तुम यहाँ से निकल जाओगे .......ha..ha...ha....

करकट .....तभी वह उसका साथी असुर प्रगट हो जाता है........

जो किसी अजीब से जीव को तरह था और उसकी आअंखें एकदम सफ़ेद.......

वह असुर तुरंत ऋतू की तरफ लपका .....क उसके मुँह पर एक जोर दर पंच पड़ा अभी का .....और उसके मुँह से अजीब सी आवाजे निकलने लगी ......

जिससे घने जंगल में असंख्य जीव जिनकी गिनती भी नहीं कर सकते खंडहर की तरफ बढ़ने lage........aur चारो तरफ से घेर लिया .....

अभी - रिंकू तू इससे देख तब तक में इन्हे देखता हु .........

अभी ने अपना दिव्या धनुष निकला और उससे अनेको तीर उन जीवो पर छोड़ने लगा ........तीर लगते hi वह जीव एक गाड़े से लिक्विड में बदलकर जमीं पर गिर जाते -- और फिर वापस अपने रूप में आजाते .......

अभी ने एक शेड का निर्माण किया जिससे वह जीव खँडहर में न प्रवेश कर पाए......

और पांच तत्त्व की ऊर्जा से उनपर वार करने लगा ....लेकिन उनकी संख्या इतनी ज्यादा थी ....पांच तत्त्व की ऊर्जा भी उनका कुछ नहीं बिगड़ पारहि थी .......

तभी शिवली ...Bhadra...Sulekha ....शालू ...और दक्ष भी आगयी .....

और उन जीवो का मुकाबला करने लगी........

जब भी उन जीवो को कोई वॉर लगता वह लिक्विड में बदल जाते .....और फिर अपने रूप में आजाते......

यहाँ रिंकू ने मारकेश को परेशां कर क रख दिया था .....

रिंकू का लड़ने का तरीका hi कुछ अलग था मारकेश जब भी लड़ने क लिए बढ़ता रिंकू पीछे से एक जोर से तपली उसके सर पर मारता .....और अपनी उटपटांग बातो से उससे और उल्ज़हा देता.....

रिंकू - क्या बात है यर मारु .....हां यही नाम ठीक hai......Saale बाप ने मारी मेंढकी और बीटा बनगया शिकारी ....बड़ा आया ...मारकेश .....

मारकेश खीज गया था .....अब उसने अपनी संपूर्ण ऊर्जा को एकत्रित किया .....और रिंकू पर वार किया ....रिंकू ने बचने की कोशिश की तोह वह वार जाकर लगा ऋतू को जिससे ...ऋतू को जोर का जहतका लगा ....और .....और वह जमीं पर गिर गयी .......

यहाँ अभी ने जीवो क खात्मे का रास्ता ढूंढ लिया ........और उसके इशारे पर शिवली और बाकी उन् जीवो पर वार करने लगी .....और जैसे hi जीव लिक्विड में बदलते अभी शहित लहर का प्रयोग करके उन्हें बर्फ में जमा देता ........

ऐसे करके उन् जीवो का खत्म होने लगा ......

यहाँ रिंकू कुछ करता उसके पहले hi मारकेश ऋतू तक पहुंचा और ऋतू को पकड़ने क लिए हाथ बढ़ाया hi था ......क अचानक एक भयंकर ऊर्जा प्रगट हुई और ऋतू कड़ी हो गयी ......उसकी आखों से और पुरे शरीर से प्रकाश निकलने लगा था....

मारकेश क प्रहार क कारण ऋतू की समृद्धि शक्ति जागृत हो गयी थी.....

समृद्धि शक्ति व्यक्ति को संपूर्ण ऐश्वर्या जैसे ...धन ...Bal....Saundrya....Aur divyata...pardan करता hai....aur यदि कुपित हो जाए तोह सब कुछ चीन लेता है.....

तब तक अभी और बाकी सब भी जीवो को ख़तम करके वह पहुंचे........

सब ऋतू क इस रूप को देखकर हैरान रह गए थे ...

अभी और शिवली को छोड़कर.....

तभी एक तेज़ किरण ऋतू की आँखों से निकलकर मारकेश पर पड़ी और वह तड़पने laga......chikhne laga.....aur उसका सारा बल साड़ी शक्ति समाप्त हो गयी.......

उस्सकी हालत 100 साल से ऊपर बूढ़े से भी बदतर होगयी .......सारे बदन पर केवल पतली सी चमड़ी की परत और हड्डियों का ढांचा सा रह गया......

और ऋतू शांत होकर बेहोश हो गयी ....उसके जमीं पर गिरने से पहले hi अभी ने उससे थम लिया .....

मारकेश तपड़पते हुए - मार दो मुज़हे .....मार दो ....

अभी - इतनी आसानी से नहीं अब तू ऐसे hi तड़पता हुआ पल पल अपनी मौत का इंतजार करता रहेगा और मौत है क इतनी जल्दी नहीं आएगी......

आज क लिए इतना hi ......

अगला अपडेट कल .......

 
जबरदस्त ...सुपर ..shandar...awesome रिव्यु भाई :applause::applause:

बहुत बहुत धन्यवाद भाई आपके साथ और कमेंट क लिए :थैंक्स: :थैंक्स:

भाई ऋतू को तोह अपने परिवार पर पूरा भरोसा था ....लेकिन कुछ मककेश की मोहिनी विद्या ने और कुछ उसके अकेलेपन की सोच ने ऐसा करने पर मजबूर किया

बस ऐसे hi साथ बनाये रखे .....

एंड सॉरी भाई लेट अपडेट क लिए

आज ग्रहणकाल में कुछ विशेष काम था.....

लेटेस्ट अपडेट 91पोस्टेड.....
 
बहुत बहुत शुक्रिया भाई आपके साथ और कमेंट और शानदार रिव्यु क लिए :थैंक्स: :थैंक्स:

बस ऐसे hi साथ बनाये रखे .....

नहीं भाई अभी की 14 hi पत्निया होगी.....

और रही बात ाद्दु ..ऋतू ....और नैना की ..तोह वह शक्तिया भी हीरो को मिलजाएगी ...लेकिन कैसे यह आगे पता चलेगा

एंड सॉरी भाई लेट अपडेट क लिए

आज ग्रहणकाल में कुछ विशेष काम था.....

लेटेस्ट अपडेट 91पोस्टेड.....
 
सुपर्ब शानदार & एक्सीलेंट रिव्यु रितिका जी :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:

ठंकु सो मच आपके साथ और कमेंट क लिए :थैंक्स: :थैंक्स:

मंत्र शक्ति तोह भगवन को भी विवश कर देती है ृतिमा ji....lekin यदि प्रयोग करने वाला गलत हो तोह यह शक्ति उसी का नाश कर देती है

आप बिलकुल सही थी ....ऋतू क बारे में

बस ऐसे hi साथ बनाये रखे .....

लेटेस्ट अपडेट 91पोस्टेड.....
 
अपडेट - 92



अब तक आपने देखा मारकेश को उसके किये की सज़ा ऋतू क द्वारा hi मिली



अब आगे......

मकेश पड़ा तड़प रहा था कमजोरी क कारण उससे हिला भी नहीं जा रहा tha........woh मौत की भीक मांग रहा ...........

पहली बार शक्ति का प्रयोग करने क कारण ऋतू बेहोश हो गयी थी........

अभी ऋतू का सी गोदी में लिए बैठा हुआ tha.........abhi यहाँ का कुछ काम बाकि था ........तोह उसने शिवली की तरफ देखा .......तोह वह आगे आयी और और ऋतू को संभाला ......

अभी वह से उठकर खाण्डेर क अंदर गया .....और अपने शक्ति त्रिशूल को प्रगट किया ..........फिर कोई असुर इस जगह तक न पहुँच पाए इसीलिए उसने ......वह क पूजा स्थल क पास जो जहा एक गहरा गद्दा सा था ...jaha.....Asuri माता देवी निकुम्बाला की मूर्ति थी उस्सको पूरी तरह बंद कर दिया ......और बहार आकर उस जगह को नस्ट का दिया ..........

मारकेश की खबर किसी को न पता लगे और कोई असुर वह न पहुँच सके ोसिलिये उठने वह एक सात्विक ऊर्जा से एक कवच बनाया ........

और सबको लेकर टेलिपोर्ट हो gaya........Chacha जी क घर क कोट्टेगे में .......

लिमा और रिम्पी बहार हमारा इंतजार कर रही थी ..........कॉटेज से बहार निकलकर रिंकू दोनों से मिला और लिमा को लेकर अपने कॉटेज में चल pada........Rimpy भी अंदर आगयी thi.....Uske मैं में बड़ी जिज्ञासा थी क वह क्या हुआ .......तोह अभी ने उससे बाद में सब बताने का इशारा किया ......

यहाँ अभी ने अपने प्रति रूप को याद किया ....और उससे अपने भीतर समां लिया ........

पार्टी ख़तम हो गयी थी ...और सभी घर आगये थे .....अभी का प्रतिरूप उनके साथ था इसीलिए उहने कुछ भी पता न चला .......

ऋतू को अब होश आगया tha......Woh अभी से बहुत कुछ कहना चाहती thi......hosh में आने क बाद ......उसके आंसू थम नहीं रहे थे .......

शिवली और रिम्पी ने उससे संभाला .....अभी क कहने पर दोनों ऋतू को उअके कांटे में छोड़ने गयी.........

नैना अभी रूम में नहीं आयी thi....woh शुआहिला चची क रूम में बातो में मगन थी .......इसीलिए कोई प्रॉब्लम नहीं थी........

शिवली और रिम्पी रीती क साथ रूम में पहुंची .....

रिम्पी - दी जो कुछ हुआ उससे अब भूल जाओ......

ऋतू - कहना बहुत आसान है रिम्पी ....लेकिन भूलना बहुत मुश्किल........

शिवली - कोई मुश्किल नहीं है ....हमेशा बस इतना याद रखो क आपके साथ आपकी फॅमिली हमेशा कड़ी है ......आप क्या समज़ते हो ...यदि आप उन्हें अपना दुःख नहीं बताओगे तोह क्या वह महसूस नहीं करेंगे ........

इतने दिन से आपके परेशानी की वजह से मैंने अभी की तड़प महसूस की hai........Bahar से सबके साथ हस्ता था ....लेकिन अंदर hi अंदर उससे आपकी पटेशनी खाये जा रही थी.....

और आपके माँ डैड ...आपने सोचा क आपके बदले हुए वय्हार क कारण .....उन्हें कैसा लगा होगा.........

यदि आपको कोई परेशानी है तोह उससे अपने फॅमिली क साथ शेयर करे .....आपकी फॅमिली क सिवा आपका भला चाहने वाला और कोई नहीं .........

ऋतू - शायद तुम ठीक कहती ho.........apne धुन में में इतनी आदि हो गयी थी क अपने फॅमिली का अपने लिए प्यार न देख सकीय ..........और रोने लगी........

शिवली - इस्स्में आपसे बस एक hi चूक हो गयी क आप अपनी बातें अपनों से छुपाने लगी बस इसी का फायदा उसने उतःया और आपपर मोहिनी विद्या का प्रयोग kiya.......aur आप अपनी फॅमिली से और दूर हो gayi........hume अपनी गलतियों से सबक लेना चाहिए.....

इसीलिए कह रही हु वह सब छोड़िये ......और नए सिरे से जीवन शुरू करिये......

ऋतू अब नार्मल हो गयी thi.......Tabhi नैना भी रूम में आगयी थी......

नैना - बीटा अब कैसी तबियत है......

( ऋतू जब वह से निकली तब नैना उससे वह न पाकर परेशां हो गयी थी ....तब अभी क प्रति रूप ने बताया क दी क सर में थोड़ा दर्द हो रहा था तोह वह रिंकू & ग्रुप क साथ घर चली गयी है)

शिवली - दी अब ठीक है maa......bas थोड़ा सिरदर्द था.......

नैना - माँ क बच्ची ईं दो दिन से साथ है और मुजह्से मिली भी नहीं ........और वह ..Sulekha...Shalu ...वह भी .......तुम तीनो की तोह में खबर लेती हु ......

शिवली - वह maa.....yaha....itne log.....aur आगे बड़के नैना क पेअर चुने लगती है...

निआना - उससे उठाकर गले लगा लेती है.......

ऋतू - माँ आप शिवली को कैसे जानती है.....

माँ - बीटा तू इस बारे में अभी से hi पूछ लेना वह hi बताएगा .....

.....शिवली की तरफ देखकर .....क्यों बीटा ठीक कहा न मैंने.......

शिवली गार्डन ज़्हुककर निचे देखने लगती है.......

थोड़ी देर ऐसे hi बातें चलती रहती है एयर फिर शिवली और रिम्पी ....वापस कॉटेज आजाती है.......

अभी वह से सोना क रूम में गया तोह वह सोना ाद्दु और दीपू तीनो बैठे हुए कुछ सोच रहे थे........

अभी - लगता है बच्चा पर्त्य कुछ गहरी सोच में है........

तीनो अभी की आवाज सुनकर चणक गए......

दीपू - बही यह सोना इतने सारे गिफ्ट्स से कंफ्यूज हो गयी है........

अभी - क्यों बहला ....सोना ...गिफ्ट्स से भी कोई कंफ्यूज होता है....

सोना - वह भाई इतने सारे गिफ्ट्स का क्या करुँगी.......

ाद्दु - भाई मैंने इससे कहा क ओर्फनेज में दे देते है .....तोह वही सोच रहे थे

अभी - अरे वह यह तोह बहुत अच्छी बात है.......

फिर सोना मेरी गॉड में आकर बैठ gayi.......Addu और दीपू मेरे बगल में .......

कुछ देर मस्ती और बातें चली और फिर सोना क ज़िद्द पर हम वही सो गए....

सुबह अपने टाइम पर उठा तीनो अभी गहरी नींद में औए the......Sona मेरा बाजू कसकर पकड़ कर सोई thi......jaise वह मुज़हे अपने से दूर जाने hi नहीं देना चाहती थी.....

मैं धीरे से उठा और फ्रेश होकर निचे लवण में चला गया ........और घास पर बैठकर ध्यान करने लगा........

आज भी ध्यान में मुज़हे कीच दृश्य दिखाई देने लगे थे .........मैंने देखा क एक बहुत hi सूंदर बिलकुल देवलोक की अप्सरा की तरह .....एक लड़की किसी सरोवर क किनारे बैठकर कोई गीत गए रही hai......Aur जल में न जाने किसकी छवि देखा रही hai......Tabhi किसीकी आवाज से मेरा ध्यान टुटा.....

तोह देखा पायल और श्रेया थी वह par...........jo मुज़हे ब्रेकफास्ट क लिए बुलाने आयी थी........

तब मेरा ध्यान गया क 9 बज रहे है ...कोई 4 हरष हो गए थे ध्यान करते करते.....

फिर मैं वह से दोनों क साथ दिंनिंग हॉल gaya.........breakfast क दौरान अब वापस लौटने की बात होने लगी .......जो सोना को बिलकुल अच्छी नहीं लगी ....

सोना मुँह फुलाकर अपने रूम में चली गयी ........

और मैं भी चला उससे मानाने .......मैंने उससे बहुत manaya.....lekin वह माने को तैयार hi नहीं थी .........मैंने उससे बिच बिच में मिलने आने का वडा कोय तब जाकर बड़ी मुश्किल से मानी ......

लंच क बाद हम सब निकल पड़े वापस अपने देश........

यहाँ पहुंचकर मैंने रिम्पी को ड्राप किया उसके घर और वापस घर आकर अपने रूम में गया.......

वह ऋतू दी .....बैठी हुई थी......

में - दी aap.....soyi नहीं abhi...itne लम्बे सफर से थक गयी होगी .......

ऋतू - क्यों के अब में तुजशे बात नहीं कर सकती........

अभी - मैंने ऐसा तोह नहीं कहा .......

ऋतू - मैंने कल से देख रही हु तू मुजह्से बात hi नहीं कर रहा hai..............betu अब तू भी अपनी दी को नहीं संजू गए तोह में कहा jaau........maaf करदे न गलती हो गयी मुजह्से ........

और रोने लगी , दी का रोना मुजह्से देखा नहीं gaya.....aur मैं उनके पास जाकर उनके आंसू पोछे और गले लगा लिया .......

में - बस करो दी ....bas....karo ....मैं आपसे कैसे नाराज़ हो सकता हु ......आप तोह मेरी प्यारी दी हो ......लेकिन दी आपको यह भी संजना चाहिए क इतना बड़ा डिसिशन ले ने से पहले माँ डैड क बारे में तोह सोचना tha.....yadi आपको कुछ हो जाता तोह हम क्या करते....

दी - तोह में क्या करती बेतु ....डैड अपने बिज़नेस में बिजी ...और माँ सोशल वर्क में और तू भी अपने कामो में ........

तुज़हे और रिम्पी को जब भी साथ देखती थी ......तोह मुज़हे लगता क काश मेरे भी कोई होता जो मेरी फीलिंग्स को समज़ता ......अब ..अकेलेपन और काम क बोझ से मैं उक्त गयी थी .........और यह गलती कर बैठी.........

लेकिन जाती थी क मेरा बेतु मुज़हे कुछ नहीं होने देगा......

मैं समाज गया दी की असली प्रोब ......

मैं - अच्छा तोह दी को मुज़हे जीजा जी से मिलवाने की जल्दी hai..........koi नहीं मैं अभी डैड को बता देतु हु ........

ऋतू - बेतु जीजा जी से मिलना है रुक तू अभी तुज़हे बताती हु ......और अभी को थपड मरने आगे बढ़ती है तोह अभी दौड़ लगा देता है ......दूर की तरफ और दरवाजे पर जाकर ...ऋतू को अंगूठा दिखाकर भाग जाता है ......और ऋतू क चेहरे पर स्माइल आजाती है.......

दूसरे दिन अभी ने इस बारे में डैड से बात की ......तोह डैड ने दी और माँ से इस बारे में पूरी सलाह कर की बात कही .......

कुछ दिन अभी की वही डेली रूटीन चलने लगी ......योग ..excersie....dhyan......

रिंकू और बाकी फ्रेंड्स से मिलना ......और अपनी टीम क साथ संघारक क रूप में अंडर वर्ल्ड पैट रोक लगाए रखना.......

कभी कभी टेलिपोर्ट होकर अपनी पत्नियों से भी मिलने चला जाता था......

यहाँ पटल लोक में कस और भयाक्षा को मारकेश की कोई जानकारी नहीं मिल रही thi........achanak से उसके ऐसे गायब होने कस बड़ा परेशां हो गया था .......

वह अपने काली शक्तियों की ताकत को मारकेश क बारे मैं पता करने लगा hi रहा था क ...ेबिल्स ने उससे ऐसा करने से मन कर दिया ........

कस को अंदाजा होने लगा क कही देवताओ ने तोह उससे बंदी नहीं बना लिया .......इसके लिए अपने खूंखार और मायावी असुर आंतक क साथ आसुरी सेना को देवलोक भेजने क बारे में सोचा.....

यहाँ अभी को रोज़ ध्यान में वह कन्या दिखाई देने लगी ........अभी को इतना तोह अंदाजा हो गया tha......yeh hi उसकी अगली शक्ति hai.......par यह कहा है उसका अभी को पता नहीं चल पातः था.......

अभी का कॉलेज भी अब शुरू हो गया tha......Iski वजह से अभी और बिजी हो गया था....

ऐसे hi एक रात शिवली मेरे साथ थी तब मैंने उससे अपने दयँ में दिख रही लड़की क बारे में बताया ..........

शिवली - तोह अब आपकी अगली शक्ति प्राप्त करने की यात्रा शुरू होने वाली है......

अभी - हां लग तोह मुज़हे भी ऐसे hi रहा hai......lekin किस लोक में ....

शिवली - ध्यान में दिखी हुई जिस जगह का जीकर आपने किया है ...वह जगह स्वर्ग में है ........

अभी - तोह क्या वह कोई देवकन्या है ...

शिवली - नहीं माँ पारवती जी क श्राप क कारण देवताओ की संतान नहीं hoti.....jaha तक मुज़हे लगता है यह कोई गन्धर्व कन्या है.........

हमारे भुवा लोक से ऊपर स्वः लोक है ....जिसके तीन भाग है एक भाग में स्वर्ग लोक .....दूसरे में गन्धर्व लोक और तीसरे में किन्नर लोक ........

इनमें देवताओ और किन्नरों की संताने नहीं होती तोह यह कन्या कोई गंधर्व लोक की hi है.......

और जान अब तुम्हे जॉफ hi अपने लक्ष्य को प्राप्त करना hai.....kyuki अब हमारे पास केवल 8 महीने रह गए hai.........inn 8 महीनो में तुम्हे अपनी साड़ी शक्तिया प्राप्त करनी ...जिनमें से अभी 9 बक्की है........

अभी - जान सचमुच तुम्हे जाना बड़ा hi कठिन hai.........tumhe कैसे पहले से hi पता है जैसे तुम पहले hi सब देख चुकी हो .........

और अभी उससे अपनी बाहों में ले लेता hai....Aur उसके होंठो को चूमने लगता है ....आज दोनों की किश में कोई वासना नहीं thi.....bas था तोह एक दूसरे क लिए पवित्र प्रेम .......बड़ी देर तक दोनों चूमते rahe......phir अलग हो गए.......

अभी - तोह जान मुज़हे कल hi अपनी यात्रा क लिए निकलना होगा.......

शिवली - नहीं ...क्युकी स्वर्ग में बिना देवराज इंद्रा क बुलावे क कोई भी मनुस्य प्रवेश नहीं पा सकता ........

अभी - तोह क्या किया जाए......

शिवली - कुछ नहीं ..बस प्रतीक्षा .....बस एक दो दिन में देवराज इंद्रा का बुलावा आपको aajayega..........Thik है अब मैं चलती hu....aur वह वह से गायब हो जाती है.....

मैं मैं में - उफ़ यह शिवली भी एक बहुत बड़ा राशस्य है.....

अभी क लिए इतना hi ......


अगला अपडेट रात को.......
 
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