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- Dec 5, 2013
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अपडेट - 88
अब तक आपने देखा अटल लोक असुरो से मुक्त हो गया है........
अभी को अपनी अगली शक्ति दक्ष क रूप में मिल गयी है.....
अब आगे ...........
अटल लोक में पराजय की बात से कस तिमिला गया....
कस - कैसे ....आखिर कैसे रक्षक बच gaya.........humne तोह उसकी ऐसी हालत कर दी थी ki....uska मरना तय tha.......lagta है हमारे बिच hi कोई हमारे शत्रु का सहायक है...........
जो भी है वह इतना जान लो ......की वह अपनी hi जाती का द्रोही है........
जिस रकहाक ने हमेशा से hi हर युग में ासुरो का नाश hi किया hai......uske इस युग क जनम का भी यही कारण है........
जियका संकल्प hi हम सब का नाश है ....क्या उआकी सहयता करने हम असुरो क साथ किया गया द्रोह नहीं है......
याद रहे हमारे पूर्वज राक्षस राज रावण सर्व समर्थ थे ....लेकिन अपने hi भाई बिभीषन क चल क कारण मारे गए.........
वैसे hi कोई बिभीषन हमारे बिच hai.........woh शायद यह भूल गया क असुरराज कालासुर की उसपर दृष्टि नहीं पड़ेगी......
हम उससे एक और अवसर देते hai.....vichar करने का ......
क जिसकी वह सहयता कर रहा है वह ....हमारे बेटे का ...और न जाने कितने और वीरो का हत्यारा है.......
अटल लोक की पराजय से, हमारी पराजय नहीं हुई है........
आनेवाले महा युद्ध में अभी 8 महीने और बाकी है........
आप सब अपनी शक्तियों का और badao.....kyu क युद्ध निर्णायक होगा .....सभा स्थगित......
और सभी असुर वह से चले जाते hai.....kewal भयाक्ष रह जाता है.......
असुर राज जब अपनी सभा को सम्बोध्ति कर रहे the.....tab सभा क बहार कोई उनकी बातें सुनरहा था .......सभा समाप्त होने क बाद उसकी आँखों में आंसू थे......
भयाक्षा - क्षमा करे पिताश्री ....यदि आज्ञा हो तोह कुछ कहु.....
कस - कहो .....
भयाक्षा - पिताश्री यदि आप जानते है की हमारे बिच वह द्रोही कौन है जिसने रक्षक की सहयता की थी तोह आपने उससे दंड देने की बजाये ..एक और अवसर दे दिया......
कस - (कुटिल मुस्कराहट आँखों में चमक लिए) पुत्र में कोई भी कार्य ऐसे hi नहीं karta......KS की हर बात क पीछे एक कारण होता है ......और तुम अभी वह समज़ने में असमर्ता हो........
यहाँ अभी अटल लोक को अपने सुरक्षा घेरे में बांध कर वह से विदा होकर घर आगया
था......
सुबह की अपनी डेली रूटीन पूरी करके ,अभी ऋतू क रूम को और गया ....
क्यों की अपने रूप से उससे कुछ ऐसी बातें को जिसके लिए अभी ने ऋतू दी से मिलना जरुरी समज़ह .....
रूम का दूर अंदर से बंद tha......Abhi दूर नॉक करने hi वाला होता है .....तोह अंदर से ऋतू की आवाज आरही थी जैसे किसी से बात कर रही हो......
अभी ने सोचा क जरा देखे तोह दी इतने सवेरे किस क साथ बात कर रही hai......isiliye कोह अपने रूम में आगया ....और दक्ष क मिलान से मिली शक्ति दूर श्रवण से वह की बातें सुन रहा था .....अब अभी को साफ साफ दोनों और की साड़ी बातें सुनाई दे रही थी.....
जैसे जैसे बातें आगे बढ़ रही thi.....Abhi क चहरे पर चिंता क लकीरे नज़र आने लगी.......
ऋतू ने कॉल कट करने से पहले कुछ ऐसी बात कह दी क अभी की आंखें भर आयी.......
उसी समय दूर पर नॉक हुई ....लेकिन अभी अपने hi खयालो में गम था.......
तभी बहार से आवाज आयी ...भाई दरवाजा खोलो न क्या कर रहे ho.....aAbhi ने जब बहार ाद्दु की आवाज सुनी तोह जाकर दूर खोल दिया
ाद्दु - क्या भाई आप भी कितने देर से में आपको बुला रही हु .........
अभी - अरे गुड़िया में गैलरी में था ....इसीलिए सुनाई नहीं दिया.......
ाद्दु - गुड़ मॉर्निंग bhai.....aur अपनर दोनों हाथ आगे कर देती है.......
अभी ाद्दु को गले लगा लेता hai......aur उसके मत्थे पर किश कर देता है ......और ाद्दु को लेकर अंदर आजाता है.......
ाद्दु - बही आप परेशां लग रहे ho........kya बात है....
अभी - कुछ भी तोह नहीं गुड़िया .....और तुज़हे ऐसा क्यों लगा....
ाद्दु - भाई मैं जब अपने रूम में थी तोह मुज़हे ऐसा लगा को आप साद ho......isilye में यहाँ आगयी....
अभी - ाद्दु को अपनीगॉड में बिठाकर गले लगा लेता है .....ओह्ह मेरी प्यारी गुड़िया ....कितना सोचती है अपने भाई क बारे में ......
ाद्दु को गले लगा कर हमेशा अभी की साड़ी टेंशन ख़तम हो जाती थी.......
अभी - अच्छा बेतु वेकेशन कैसी काट रही है.....
ाद्दु - क्या भाई .....में तोह बोर हो रही हु ......आप भी बिजी रहते hai.....bas सारा दिन घर पर .
कही बहार घूमने का प्लान बनाओ न भाई .......
अभी - अच्छा मेरी गुड़िया बोर हो रही hai.......toh बताओ कहा जाना चाहती हो........
ाद्दु - बही कल मुम्मा बात कर रही थी क चाची का कॉल आया था .....
सोनू बहुत जिद्द कर रही है आपसे मिलने की .....परसो उसका बर्थडे है .....
अभी - ठीक है गुड़िया मैंने उससे आने का वडा भी किया था ....अपने काम में इतना बिजी हो गया क मुज़हे याद hi नहीं raha.......ab वेकेशन क बाकी दिन हम उसे में सोनू क साथ बिताएंगे .....
ाद्दु - वाओ bhai....I लव ु और अभी क गाल पर किश कर देती है......
अभी - लव ु तू ..गुड़िया ....और अभी भी किश कर देता है है......
तब तक ब्रेकफास्ट का टाइम हो जाता hai......Toh अभी और ाद्दु निचे आजाते है .....माँ और डैड डाइनिंग टेबल पर hi थे ......लेकिन ऋतू नहीं थी.....
अभी - माँ डैड क पेअर छूटा है और अपने चेयर पर बैठ जाता है.....
अभी - माँ दी नहीं आयी ब्रेक फ़ास्ट करने........
माँ - मैंने बुलाया ...लेकिन कह रही है अभी भूक नहीं है ऑफिस में hi खा लुंगी .....यह लड़की भी न आजकल इस्सके कुछ समाज में hi नहीं आरहा है.......
अभी - आप रुकिए में बुला कर लाता हु .....
और अभी ऋतू क रूम की और चल देता है .......नॉक कर देता है.......
लेकिन दरवाजा नहीं खुलता .....अंदर ाव आवाज आती है.....
ऋतू - क्या है .....
अभी - दी मैं हु .....आज आप ब्रेकफास्ट करने नहीं आयी ....चलो न दी.....
ऋतू - तू जा मुज़हे अभी भूक नहीं है ....में ऑफिस में hi खा लुंगी.....
अभी - चलो न दी प्लस .....
तभी दूर खुल जाता है और अभी अंदर आजाता है....
ऋतू - क्या है ...तुज़हे समाज नहीं आरहा जब बोलै भूक नहीं hai.....toh क्यों परेशां कर रहा hai.....ab जा मुज़हे ऑफिस क लिए तैयार होना है...
ऋतू ने कभी अभी से ऐसे बात नहीं की .थी ...आज अपनी दी का ऐसे बात करना उसस्के दिल को दुःख पहुँच रहा था .....और उसके आँखों में आंसू उसकी हालत बयां कर रहे थे .....
अभी की आँखों में आंसू देखकर ऋतू नार्मल हो गयी.....
ऋतू - क्या बेतु तू अब बड़ा हो गया है ...और इतनी सी बात पर क्या बच्चो जैसे आंसू बहाने लग जाता है ......ठीक है चल ...चलते है....
अभी - रहने दो दी आप क्यों परेशां होती हो ......में hi पागल हु .....जो आपको परेशां करने आगया ...सॉरी....
ऋतू - चुप अब जयादा बोलेगा ..तोह खायेगा एक .....और अभी को गले लगा लेती है.......
सॉरी बेतु बस कुछ प्रोब्लेम्स क वजह से थोड़ी टेंस थी और सारा फ़्रस्ट्रेशन तुहह पैट निकल दिया ...
अभी - तोह मुज़हे बताओ न दी क्या प्रॉब्लम है.....
ऋतू - कुछ खास नहीं वह बिज़नेस से रिलेटेड है......
कहल अब बहुत भूक लगी है .......
और अभी क साथ निचे आजाती है ....ब्रेकफास्ट होने क बाद दी और डैड ऑफिस क लिए जाने लगे तोह मैंने डैड को रोक लिया क मुज़हे उनसे कुछ जरुरी बात करनी है...
डैड रुक जाते है ...मैं डैड क साथ उनके रूम में चला जाता हु ....
डैड - हां तोह बोलो बेया ऐसी क्या जरुरी बात है.....
में - डैड क्या आपने कुछ दिनों से ऋतू दी में चेंज नोटिस किया .....
डैड - बीटा बुसिनेस्ड क कामो में इतना ुलाज़ गया हु क जयादा थो नहीं लेकिन कुछ दिन से वह कुछ टेंस लग रही hai...aur कुछ चुप चुप रहने लगी है.......
मैंने सोचा शायद यह काम क प्रेशर क वजह से है.....
डैड परसो सोना का बिरथादी है ...में सोच रहा हु क कुछ दिनों क लिए वह हो औ और दी को भी ले जाओ होसकता है दी का मैं कुछ फ्रेश हो jaaye......Addu भी जाना चाहती है......
डैड - बीटा मैं तोह नहीं आ पाऊंगा ....तुम अपनी माँ को भी ले जाना साथ ......
फिर मैंने माँ से कहा तोह वह राज़ी हो गयी.......
उसके बाद मैंने सोचा क्यों न रिम्पी को भी ले जाय जाए.........
तोह मैं टेलिपोर्ट होकर सीधा रिम्पी क टेरेस पर पहुँच गया ...और उतारकर रूम की गैलरी में आगया ..और कर्टेन क पीछे से अंदर झाँका ......सोचा क रिम्पी को सरप्राइज करूँगा ....तोह में खुद यहाँ सरप्राइज हो गया
अंदर रिम्पी चेंज कर रही थी .....ब्लैक लेग्गिंस ...और उप्पेर सिर्फ ब्लैक ब्रा .......बीएड पर कुछ टी शर्ट्स पड़ी हुई थी और वह डीडे नहीं कर पा रही थी क कौनसी पह्नु.......
तभी मेरे मुँह से निकल पड़ा .....
जान यह रेड टॉप अच्छा रहेगा .....अचानक मेरी आवाज सुनकर वह चौंक गयी और आवाज की दिशा में देखने लगी .....तब तक में चुप चूका था .....
रिम्पी - में भी न ....यह अभी ने तोह मुज़हे पागल कर दिया है जगह जगह वह hi दिखाई देता है और अब तोह आवाज भी सुनाई देने लगी है .....
और उसने वाइट टॉप उठा liye.....toh में फिर बोलने क लिए कर्टेन पकड़कर खड़े hi होने वाला tha....k कर्टेन निचे गिर गया ...और में सामने आगे .....
पर्दा गिरने और मेरे दिखने की वजह से रिम्पी फिर चौंकी .....और मुज़हे अपने सामने देखकर .....
रिम्पी - यह क्या है जान ...ऐसे भी कोई आता है ....तुम दरवाजे से भी तोह आसक्ति थे ...ऐसे hi मुज़हे डरा दिया ........अब खड़े क्यों हो अंदर आजाओ.......
लेकिन अभी रिम्पी क खूबसूरती में ऐसा खो गया क उससे जैसे कुछ होश hi नहीं रहा, बस आंखें फाडे फाडे देख रहा था ......
जब रिम्पी को अपनी हालत का अहसास हुआ ....तोह उसने दोनों हाथ अपने सीने पर रख लिए ......और शर्माने लगी.....
रिम्पी - ऐसे क्या देख रहे हो उधर मुँह करो मुज़हे चेंज करना है .....
लेकिन अभी अंदर आकर उसके पास खड़ा हो जाता है....
अभी - अभी तोह कह रही थी अंदर आजाओ ...और कह रही हो मुँह उधर karo.....aur अभी अपने हाथो से उसके हाथ हटने लगता है तोह रिम्पी अहराम क मारे उसके सीने में चुप जाती है.....
अभी - उफ़ यह ऐडा ....जान ...हमसे hi पर्दा ...और फिर बाँहों में सामना ....गज़ब है यर्ह ऐडा .....अभी भी कास कर उससे गले लगा लेता है......
दोनों एक दूसरे को महसूस कर रहे थे ....अभी ने रिम्पी का चेहरा ऊपर किया ..और उस्सकी आँखों में देखने लगा ....दोनों क होंठ एक दूसरे क करीब aagaye....ek दूसरे क सांसो की खुशबू और बेकरारी बड़ा रही थी ....दोनों क होंठ एक दूसरे से मिल गए ....और किश चालू hi हुआ था k.....Door कनक की आवाज aayi.......aur आवाज आयी रिम्पी क डैड खेमराज जी की
जो शायद कर्टेन गिरने की आवाज सुकर आगये थे ....
कज - बीटा रिम्पी क्या हुआ यह आवाज कैसी थी ....
रिम्पी सांस भरी होने क वजह से बड़ी मुश्किल से
रिम्पी - kkkuuuch....nahhhhi ...डैड....
कज - फिर यह आवाज कैसी ....
रिम्पी - वह डैड कर्टेन की पाइप कुछ कमजोर हो गयी थी ...में उससे बंद कर रही थी क वह उखाड़कर पूरी गिर गयी .....और उसके वजह से विंडो पर रखा गमला भी गिरकर टूट गया........
कज - कही तुज़हे चोट तोह नहीं आयी और यह तेरी सांस क्यों फूल रही है.....
रिम्पी - खा फूल रही है डैड ...में चेंज कर रही हु आप चलिए में अभी आयी......
कज - जल्दी आजा बीटा में तुज़हे ब्रेकफास्ट क लिए hi बुलाने आरहा था क आवाज आयी .....
और वह निचे कहले गए .....
रिम्पी - अब अच्छे बच्चे की तरह बहार जाओ और फ्रंट दूर से अंदर आओ में भी रेडी होकर आती हु ........
अभी - क्या जान ....जाम होंठो तक आकर चला गया ....उफ़ ....और अभी वह से टेलिपोर्ट होकर ....रिम्पी क घर क दूर पर पहुंचा और बेल्ल बजायी
अभी क लिए इतना hi .....
अगला अपडेट रात को ......
अब तक आपने देखा अटल लोक असुरो से मुक्त हो गया है........
अभी को अपनी अगली शक्ति दक्ष क रूप में मिल गयी है.....
अब आगे ...........
अटल लोक में पराजय की बात से कस तिमिला गया....
कस - कैसे ....आखिर कैसे रक्षक बच gaya.........humne तोह उसकी ऐसी हालत कर दी थी ki....uska मरना तय tha.......lagta है हमारे बिच hi कोई हमारे शत्रु का सहायक है...........
जो भी है वह इतना जान लो ......की वह अपनी hi जाती का द्रोही है........
जिस रकहाक ने हमेशा से hi हर युग में ासुरो का नाश hi किया hai......uske इस युग क जनम का भी यही कारण है........
जियका संकल्प hi हम सब का नाश है ....क्या उआकी सहयता करने हम असुरो क साथ किया गया द्रोह नहीं है......
याद रहे हमारे पूर्वज राक्षस राज रावण सर्व समर्थ थे ....लेकिन अपने hi भाई बिभीषन क चल क कारण मारे गए.........
वैसे hi कोई बिभीषन हमारे बिच hai.........woh शायद यह भूल गया क असुरराज कालासुर की उसपर दृष्टि नहीं पड़ेगी......
हम उससे एक और अवसर देते hai.....vichar करने का ......
क जिसकी वह सहयता कर रहा है वह ....हमारे बेटे का ...और न जाने कितने और वीरो का हत्यारा है.......
अटल लोक की पराजय से, हमारी पराजय नहीं हुई है........
आनेवाले महा युद्ध में अभी 8 महीने और बाकी है........
आप सब अपनी शक्तियों का और badao.....kyu क युद्ध निर्णायक होगा .....सभा स्थगित......
और सभी असुर वह से चले जाते hai.....kewal भयाक्ष रह जाता है.......
असुर राज जब अपनी सभा को सम्बोध्ति कर रहे the.....tab सभा क बहार कोई उनकी बातें सुनरहा था .......सभा समाप्त होने क बाद उसकी आँखों में आंसू थे......
भयाक्षा - क्षमा करे पिताश्री ....यदि आज्ञा हो तोह कुछ कहु.....
कस - कहो .....
भयाक्षा - पिताश्री यदि आप जानते है की हमारे बिच वह द्रोही कौन है जिसने रक्षक की सहयता की थी तोह आपने उससे दंड देने की बजाये ..एक और अवसर दे दिया......
कस - (कुटिल मुस्कराहट आँखों में चमक लिए) पुत्र में कोई भी कार्य ऐसे hi नहीं karta......KS की हर बात क पीछे एक कारण होता है ......और तुम अभी वह समज़ने में असमर्ता हो........
यहाँ अभी अटल लोक को अपने सुरक्षा घेरे में बांध कर वह से विदा होकर घर आगया
था......
सुबह की अपनी डेली रूटीन पूरी करके ,अभी ऋतू क रूम को और गया ....
क्यों की अपने रूप से उससे कुछ ऐसी बातें को जिसके लिए अभी ने ऋतू दी से मिलना जरुरी समज़ह .....
रूम का दूर अंदर से बंद tha......Abhi दूर नॉक करने hi वाला होता है .....तोह अंदर से ऋतू की आवाज आरही थी जैसे किसी से बात कर रही हो......
अभी ने सोचा क जरा देखे तोह दी इतने सवेरे किस क साथ बात कर रही hai......isiliye कोह अपने रूम में आगया ....और दक्ष क मिलान से मिली शक्ति दूर श्रवण से वह की बातें सुन रहा था .....अब अभी को साफ साफ दोनों और की साड़ी बातें सुनाई दे रही थी.....
जैसे जैसे बातें आगे बढ़ रही thi.....Abhi क चहरे पर चिंता क लकीरे नज़र आने लगी.......
ऋतू ने कॉल कट करने से पहले कुछ ऐसी बात कह दी क अभी की आंखें भर आयी.......
उसी समय दूर पर नॉक हुई ....लेकिन अभी अपने hi खयालो में गम था.......
तभी बहार से आवाज आयी ...भाई दरवाजा खोलो न क्या कर रहे ho.....aAbhi ने जब बहार ाद्दु की आवाज सुनी तोह जाकर दूर खोल दिया
ाद्दु - क्या भाई आप भी कितने देर से में आपको बुला रही हु .........
अभी - अरे गुड़िया में गैलरी में था ....इसीलिए सुनाई नहीं दिया.......
ाद्दु - गुड़ मॉर्निंग bhai.....aur अपनर दोनों हाथ आगे कर देती है.......
अभी ाद्दु को गले लगा लेता hai......aur उसके मत्थे पर किश कर देता है ......और ाद्दु को लेकर अंदर आजाता है.......
ाद्दु - बही आप परेशां लग रहे ho........kya बात है....
अभी - कुछ भी तोह नहीं गुड़िया .....और तुज़हे ऐसा क्यों लगा....
ाद्दु - भाई मैं जब अपने रूम में थी तोह मुज़हे ऐसा लगा को आप साद ho......isilye में यहाँ आगयी....
अभी - ाद्दु को अपनीगॉड में बिठाकर गले लगा लेता है .....ओह्ह मेरी प्यारी गुड़िया ....कितना सोचती है अपने भाई क बारे में ......
ाद्दु को गले लगा कर हमेशा अभी की साड़ी टेंशन ख़तम हो जाती थी.......
अभी - अच्छा बेतु वेकेशन कैसी काट रही है.....
ाद्दु - क्या भाई .....में तोह बोर हो रही हु ......आप भी बिजी रहते hai.....bas सारा दिन घर पर .
कही बहार घूमने का प्लान बनाओ न भाई .......
अभी - अच्छा मेरी गुड़िया बोर हो रही hai.......toh बताओ कहा जाना चाहती हो........
ाद्दु - बही कल मुम्मा बात कर रही थी क चाची का कॉल आया था .....
सोनू बहुत जिद्द कर रही है आपसे मिलने की .....परसो उसका बर्थडे है .....
अभी - ठीक है गुड़िया मैंने उससे आने का वडा भी किया था ....अपने काम में इतना बिजी हो गया क मुज़हे याद hi नहीं raha.......ab वेकेशन क बाकी दिन हम उसे में सोनू क साथ बिताएंगे .....
ाद्दु - वाओ bhai....I लव ु और अभी क गाल पर किश कर देती है......
अभी - लव ु तू ..गुड़िया ....और अभी भी किश कर देता है है......
तब तक ब्रेकफास्ट का टाइम हो जाता hai......Toh अभी और ाद्दु निचे आजाते है .....माँ और डैड डाइनिंग टेबल पर hi थे ......लेकिन ऋतू नहीं थी.....
अभी - माँ डैड क पेअर छूटा है और अपने चेयर पर बैठ जाता है.....
अभी - माँ दी नहीं आयी ब्रेक फ़ास्ट करने........
माँ - मैंने बुलाया ...लेकिन कह रही है अभी भूक नहीं है ऑफिस में hi खा लुंगी .....यह लड़की भी न आजकल इस्सके कुछ समाज में hi नहीं आरहा है.......
अभी - आप रुकिए में बुला कर लाता हु .....
और अभी ऋतू क रूम की और चल देता है .......नॉक कर देता है.......
लेकिन दरवाजा नहीं खुलता .....अंदर ाव आवाज आती है.....
ऋतू - क्या है .....
अभी - दी मैं हु .....आज आप ब्रेकफास्ट करने नहीं आयी ....चलो न दी.....
ऋतू - तू जा मुज़हे अभी भूक नहीं है ....में ऑफिस में hi खा लुंगी.....
अभी - चलो न दी प्लस .....
तभी दूर खुल जाता है और अभी अंदर आजाता है....
ऋतू - क्या है ...तुज़हे समाज नहीं आरहा जब बोलै भूक नहीं hai.....toh क्यों परेशां कर रहा hai.....ab जा मुज़हे ऑफिस क लिए तैयार होना है...
ऋतू ने कभी अभी से ऐसे बात नहीं की .थी ...आज अपनी दी का ऐसे बात करना उसस्के दिल को दुःख पहुँच रहा था .....और उसके आँखों में आंसू उसकी हालत बयां कर रहे थे .....
अभी की आँखों में आंसू देखकर ऋतू नार्मल हो गयी.....
ऋतू - क्या बेतु तू अब बड़ा हो गया है ...और इतनी सी बात पर क्या बच्चो जैसे आंसू बहाने लग जाता है ......ठीक है चल ...चलते है....
अभी - रहने दो दी आप क्यों परेशां होती हो ......में hi पागल हु .....जो आपको परेशां करने आगया ...सॉरी....
ऋतू - चुप अब जयादा बोलेगा ..तोह खायेगा एक .....और अभी को गले लगा लेती है.......
सॉरी बेतु बस कुछ प्रोब्लेम्स क वजह से थोड़ी टेंस थी और सारा फ़्रस्ट्रेशन तुहह पैट निकल दिया ...
अभी - तोह मुज़हे बताओ न दी क्या प्रॉब्लम है.....
ऋतू - कुछ खास नहीं वह बिज़नेस से रिलेटेड है......
कहल अब बहुत भूक लगी है .......
और अभी क साथ निचे आजाती है ....ब्रेकफास्ट होने क बाद दी और डैड ऑफिस क लिए जाने लगे तोह मैंने डैड को रोक लिया क मुज़हे उनसे कुछ जरुरी बात करनी है...
डैड रुक जाते है ...मैं डैड क साथ उनके रूम में चला जाता हु ....
डैड - हां तोह बोलो बेया ऐसी क्या जरुरी बात है.....
में - डैड क्या आपने कुछ दिनों से ऋतू दी में चेंज नोटिस किया .....
डैड - बीटा बुसिनेस्ड क कामो में इतना ुलाज़ गया हु क जयादा थो नहीं लेकिन कुछ दिन से वह कुछ टेंस लग रही hai...aur कुछ चुप चुप रहने लगी है.......
मैंने सोचा शायद यह काम क प्रेशर क वजह से है.....
डैड परसो सोना का बिरथादी है ...में सोच रहा हु क कुछ दिनों क लिए वह हो औ और दी को भी ले जाओ होसकता है दी का मैं कुछ फ्रेश हो jaaye......Addu भी जाना चाहती है......
डैड - बीटा मैं तोह नहीं आ पाऊंगा ....तुम अपनी माँ को भी ले जाना साथ ......
फिर मैंने माँ से कहा तोह वह राज़ी हो गयी.......
उसके बाद मैंने सोचा क्यों न रिम्पी को भी ले जाय जाए.........
तोह मैं टेलिपोर्ट होकर सीधा रिम्पी क टेरेस पर पहुँच गया ...और उतारकर रूम की गैलरी में आगया ..और कर्टेन क पीछे से अंदर झाँका ......सोचा क रिम्पी को सरप्राइज करूँगा ....तोह में खुद यहाँ सरप्राइज हो गया
अंदर रिम्पी चेंज कर रही थी .....ब्लैक लेग्गिंस ...और उप्पेर सिर्फ ब्लैक ब्रा .......बीएड पर कुछ टी शर्ट्स पड़ी हुई थी और वह डीडे नहीं कर पा रही थी क कौनसी पह्नु.......
तभी मेरे मुँह से निकल पड़ा .....
जान यह रेड टॉप अच्छा रहेगा .....अचानक मेरी आवाज सुनकर वह चौंक गयी और आवाज की दिशा में देखने लगी .....तब तक में चुप चूका था .....
रिम्पी - में भी न ....यह अभी ने तोह मुज़हे पागल कर दिया है जगह जगह वह hi दिखाई देता है और अब तोह आवाज भी सुनाई देने लगी है .....
और उसने वाइट टॉप उठा liye.....toh में फिर बोलने क लिए कर्टेन पकड़कर खड़े hi होने वाला tha....k कर्टेन निचे गिर गया ...और में सामने आगे .....
पर्दा गिरने और मेरे दिखने की वजह से रिम्पी फिर चौंकी .....और मुज़हे अपने सामने देखकर .....
रिम्पी - यह क्या है जान ...ऐसे भी कोई आता है ....तुम दरवाजे से भी तोह आसक्ति थे ...ऐसे hi मुज़हे डरा दिया ........अब खड़े क्यों हो अंदर आजाओ.......
लेकिन अभी रिम्पी क खूबसूरती में ऐसा खो गया क उससे जैसे कुछ होश hi नहीं रहा, बस आंखें फाडे फाडे देख रहा था ......
जब रिम्पी को अपनी हालत का अहसास हुआ ....तोह उसने दोनों हाथ अपने सीने पर रख लिए ......और शर्माने लगी.....
रिम्पी - ऐसे क्या देख रहे हो उधर मुँह करो मुज़हे चेंज करना है .....
लेकिन अभी अंदर आकर उसके पास खड़ा हो जाता है....
अभी - अभी तोह कह रही थी अंदर आजाओ ...और कह रही हो मुँह उधर karo.....aur अभी अपने हाथो से उसके हाथ हटने लगता है तोह रिम्पी अहराम क मारे उसके सीने में चुप जाती है.....
अभी - उफ़ यह ऐडा ....जान ...हमसे hi पर्दा ...और फिर बाँहों में सामना ....गज़ब है यर्ह ऐडा .....अभी भी कास कर उससे गले लगा लेता है......
दोनों एक दूसरे को महसूस कर रहे थे ....अभी ने रिम्पी का चेहरा ऊपर किया ..और उस्सकी आँखों में देखने लगा ....दोनों क होंठ एक दूसरे क करीब aagaye....ek दूसरे क सांसो की खुशबू और बेकरारी बड़ा रही थी ....दोनों क होंठ एक दूसरे से मिल गए ....और किश चालू hi हुआ था k.....Door कनक की आवाज aayi.......aur आवाज आयी रिम्पी क डैड खेमराज जी की
जो शायद कर्टेन गिरने की आवाज सुकर आगये थे ....
कज - बीटा रिम्पी क्या हुआ यह आवाज कैसी थी ....
रिम्पी सांस भरी होने क वजह से बड़ी मुश्किल से
रिम्पी - kkkuuuch....nahhhhi ...डैड....
कज - फिर यह आवाज कैसी ....
रिम्पी - वह डैड कर्टेन की पाइप कुछ कमजोर हो गयी थी ...में उससे बंद कर रही थी क वह उखाड़कर पूरी गिर गयी .....और उसके वजह से विंडो पर रखा गमला भी गिरकर टूट गया........
कज - कही तुज़हे चोट तोह नहीं आयी और यह तेरी सांस क्यों फूल रही है.....
रिम्पी - खा फूल रही है डैड ...में चेंज कर रही हु आप चलिए में अभी आयी......
कज - जल्दी आजा बीटा में तुज़हे ब्रेकफास्ट क लिए hi बुलाने आरहा था क आवाज आयी .....
और वह निचे कहले गए .....
रिम्पी - अब अच्छे बच्चे की तरह बहार जाओ और फ्रंट दूर से अंदर आओ में भी रेडी होकर आती हु ........
अभी - क्या जान ....जाम होंठो तक आकर चला गया ....उफ़ ....और अभी वह से टेलिपोर्ट होकर ....रिम्पी क घर क दूर पर पहुंचा और बेल्ल बजायी
अभी क लिए इतना hi .....
अगला अपडेट रात को ......