ABHI -- THE WARRIOR (Completed) - Page 14 - SexBaba
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ABHI -- THE WARRIOR (Completed)

ठंकु सू मच भाई फॉर योर अप्प्रेसिअशन & वैल्युएबल कमैंट्स :थैंक्स: :thanks::thanks:

भाई आपके सारे सवालो क जवाब आपको इस अगले अपडेट में मिल जाएंगे.....

कृष्णा तोह स्वयं नारायण थे इसीलिए नारायण अस्त्र को पहचानते थे ..बाकी तोह आपको अपडेट में पता hi चल जाएगा ....

और बहुत बहुत धन्यवाद् .....आपके इस कमेंट से पता चलता है क आप स्टोरी पूरे ध्यान से पढ़ते हो .......

बस ऐसे hi अपनी राइ रखते रहिये ......

:थैंक्स: :thanks::thanks:

ऐसे hi साथ बनाये रखे...

लेटेस्ट अपडेट 104 पोस्टेड....
 
थैंक्स भाई वह मैं थ्रेड पद रहा था और आज बिजी भी बहुत था तोह सोचा सेक्स स्कैन यहाँ से ले लू .....लेकिन फिर सोचा यह ठीक नहीं रहेगा ...तोह ...सारा अपडेट हटा कर दुबारा लिखा ....लेकिन कुछ part जल्द बाजी में रह गया .....

जो अब एडिट कर दिया .....थैंक्स अगेन फॉर शेविंग माय मिस्टेक .....

कहते है जल्दबाजी में काम ख़राब हो जाता है ....वही हुआ .....

आगे से ध्यान रखूँगा ... :थैंक्स:
 
थैंक्स भाई वह मैं थ्रेड पद रहा था और आज बिजी भी बहुत था तोह सोचा सेक्स स्कैन यहाँ से ले लू .....लेकिन फिर सोचा यह ठीक नहीं रहेगा ...toh...saara अपडेट हटा कर दुबारा लिखा ....लेकिन कुछ part जल्द बाजी में रह गया .....

जो अब एडिट कर दिया .....थैंक्स अगेन फॉर शेविंग माय मिस्टेक .....

कहते है जल्दबाजी में काम ख़राब हो जाता है ....वही हुआ .....

आगे से ध्यान रखूँगा ...
:थैंक्स:
 
भाई पुराणों क अनसॉर टाइम पीरियड को कल्प ..aur....manvanter में बता गया है ...गर कल्प में 14 मन्वन्तर होते है और हर मन्वन्तर का देवराज इंद्रा अलग होता है

M..Bali को उनके दिए गए दान क पुण्यो और 100 अश्वमेध यज्ञ क कारण ...अगले मन्वन्तर में देवराज इंद्रा का पद मिलेगा तब तक ....वह सुतल लोक में रहेंगे....

और बिभीषन जी 8 चिरंजीवियों में से है .....राम जी क वरदान असुर अब तक जीवित है ...और महा प्रलय तक rahenge.......lekin गुप्त रहते है....

और इस समय क कलियुग में दोनों अपने अपने जगह वस् कर रहे है.....

थैंक्स फॉर योर क्वेश्चन ..भाई...


:थैंक्स:
 
अपडेट - 105



अब तक आपने देखा सुतल लोक में प्रलम्ब को अपनी गलती का आभास हो गया और वह वह से चला gaya....Sutal लोक में शांति स्थापित होगयी

अभी और चैताली क मिलान से अभी को महिमा सिद्धि प्राप्त हुई...

अब आगे -




यहाँ पटल लोक में कस ..अपनी बार बार हो रही विफलताओं क कारण थोड़ा अशांत था ......

कस - कब तक बचते रहोगे रक्षक .....अभी तुम कस क असली उद्देश्य तक पहुँच hi नहीं पाए .......ुलाज़ का रह गए ...मेरी चल से .......अपनी जीत .....की ...ख़ुशी में कुछ दिन और निकल लो ...कुछ दिन में यह सारा ब्रह्माण्ड होगा कस की मुट्ठी में ......ha...ha...ha...

भयाक्षा तुम सब असुरो को अपनी साड़ी गतिविधिया बंद करने का आदेश दो....

भयाक्षा - परन्तु पिताश्री .....इस्सर तोह रक्षक यही सोचेगा क हम उससे दर गए है ...और वह कामियाब हो गया है....

कस - भयाक्षा अभी तुम्हारी सोच बहुत सिमित hai.....wahi करो जो मेरा आदेश है ........संजू

भयाक्ष - जी पिता श्री जैसी आपकी आज्ञा .....

और सभी असुर वापस पटल लोक में आगये .......

अभी क रूप जो नागलोक ...Atal.lok...vital लोक ....Tallok...mein थे उनसे उससे पता चला क सारे असुर अचानक चले गए है ....और हर जगह शांति है......

अभी इस समय ताल्लुक में अपने रक्षक सेना क सेनापतियों क साथ था .......

कंटक - अब हर जगह शांति स्थापित हो गयी hai.....lagta है लगातार होने वाली हार क कारण कस दर गया है .....

वज्रा बहु - जहा तक मेरा विचार है क कस डरने वालो में नहीं है ....

अभी - तुम सत्य कहते हो मित्र कस चुप बैठने वालो में से नहीं hai.....hume हर समय सतर्क रहना होगा ......कही इस शांति क पीछे कोई बड़ा षड़यंत्र हो सकता है......

कार्तिक और कट पृत्वी लोक से ऊपर क लोको की स्थिति कैसे है

कार्तिक - मित्र मुज़हे भुआ लोक की शुरुवात में यक्ष भूमि में कुछ देर क लिए तामसिक तरंगो का आभास हुआ ......लेकिन ...फिर वह तरंगे लुप्त हो गयी ..........

कट - हो सकता है वह किसी शक्तिशाली यक्ष की hi तरंगे हो .......और यक्षों में तोह तामसिक और राजसिक गन दोनों होते है....

अभी - हां ..कट ....यह भी हो सकता है ...परन्तु तुम्हे अब और सतर्क रहना होगा ........

कुछ देर और चरचा चली ......और सभी अपने अपने स्थान पर लौट गए.......

यहाँ अभी अपनी पत्नियों क साथ 2 दिन और तलातल लोक में रहा .......इन दो दिनों में अभी ने सब क साथ प्रेम क पल बिताये .......और वापस पृथ्वी लोक आगया ....

वह से टेलिपोर्ट होकर अभी घर की चाट पर पहुंचा ......और अपने प्रतिरूप को बुलाकर अपने में समां लिया ........

वह से अभी निचे aagaya......socha बहुत दिन हो गए ाद्दु से मिले हुए ......तोह उसके रूम की और चला गया ....जहा ....ाद्दु ...क आगे बुक्स खली हुई थी और वह ..baithi.....kuch सोच रही थी .......

अभी - अच्छा ..तोह आज कुछ ज्यादा पढाई हो रही है ......

ाद्दु - अरे भाई आप .....मेरा तोह ध्यान hi नहीं था ........

अभी - ऐसे क्या सोच रही थी गुड़िया .....और आज तू अकेले पढ़ रही हो ....दीपू कहा है .......

ाद्दु - भाई आप उसकी बात मत करो .......

अभी गुड़िया क पास जाकर उसके सर पर प्यार से हाथ फेरते हुए ......

अभी - क्यों बीटा क्या हुआ ...तुम्हारा कोई ज़्हगडा हुआ kya.......dekho बच्चा .....दीपू ....का हमरे सेवा और कोई नहीं नहीं ....अब हम hi उसकी फॅमिली है ......और यह लड़ाई ज़्हगडा तोह होते रहता है उसके लिए उससे ऐसे अकेले छोड़ना ठीक नहीं है.....

ाद्दु - भाई कुछ दिनों से दीपू ने सब से बात करना बंद कर दिया है ......अब तोह वह माँ डैड और दी से भी बहुत काम बाते करता है ....आउट स्कूल से आकर अपने कमरे में बंद हो काटा है.....

मैंने स्कूल में उससे बहुत बार बात काने की कोशिह की लेकिन उसने मुजह्से कोई बात नहीं की .....और आज स्कूल से आने क बाद जब में उससे बात करने गयी तोह .....वह मुज़ह पर जोर से चिल्लाया ....और बोलै....

इतना कहकर ाद्दु चुप होगयी...

अभी - और क्या बोलै गुड़िया ....

ाद्दु - लेकिन भाई माँ डैड को मत बताना उन्हें बुरा लगेगा ......

वह बोल रहा था ....क ...तुम सब बुर्रे हो ....तुम्हारे डैड और भाई की वजह से hi मेरे दादर gaye.......i हेट यू all....ab दुबारा कभी मुजह्से बात मत करना .....मुज़हे नहीं रहना है यहाँ...

इतना बताकर ाद्दु चुप हो गयी ....अभी समाज रहा था क ाद्दु बहुत इमोशनल है ....दीपू क ऐसे व्यव्हार दे उससे बहुत ठेस पहुंची ....

अभी ने ाद्दु को अपनी गॉड में लिए और उसके गाल पर किश किया और सर पर हाथ फेरये हुए बोलै ....

अभी - गुड़िया ....हो दकता है वह किसी बात को लेकर परेशां हो ....इसीलिए ऐसा बोलै होगा ....बेतु ..तू ...उसकी बातो का ...बुरा मत मानना ......में उससे बात करूँगा ......होसकता है उससे अपने माँ डैड की बहुत याद आरही होगी ......

कर यह क्या मेरी ाद्दु उदास बिकुल अच्छी नहीं लगती .....(और ाद्दु को हँसाने क लिए उसके पेट में गुड़गुली करने लगा ) जिससे ाद्दु की हसी निकल गयी ...

ाद्दु - hehhe.hi.hi..hi ...भाई बस करो न ...hihi..hi..hi...hi..hi...mere पेट mein...hi..hi.hhi.

दर्द हो रहा है.....

अभी - अब तोह नहीं होगी न उदास ....

ाद्दु - नहीं भाई बिकुल नहीं .....( और अभी क गाल पर किश करके उसके गले लग जाती है )

थोड़ी देर अभी ाद्दु क साथ ेल भाई की तरह मस्ती करता है ....और फिर उससे पड़ने का बोलकर ....वह से निकलकर ...दीपू क रूम में जाता है.....

दीपू अपने रूम में सर निचे करके बैठा था....

अभी को रूम में देखकर दीपू खड़ा हो गया .....

अभी - क्या कर रहे हो दीपू .....आज ाद्दु क साथ पड़े करने नहीं गए ....

दीपू - ( रूखे स्वर में ) नेह ...मैंने अपना होमवर्क कर लिया है ....

अभी - दीपू क पास जाते हुए ...क्या बात है दीपू नाराज़ हो मुजह्से .......क्या हुआ बताओगे नहीं अपनी भैया को ...

दीपू - आप मेरे भाई नहीं हो .......मुज़हे अकेला छोड़ दो ...

अभी - ( दीपू की आँखोनों जहाँकते हुए ) किसी ने कुछ कहा क्या ....क्यों ऐसे बेहवे कर रहे हो

दीपू - ओह्ह सॉरी में तोह भूल hi गया था .....अभी मैं आपके घर में रह रहा हु ....लेकिन बहुत जल्दी ..में यहाँ से चला जाऊंगा .....

अभी ने दीपू की आँखों में देखकर बातें जानने की कोशिश की लेकिन ......लेकिन बस कोई साया उससे बात करते हुए दिखा ...लेकिन उसकी दीपू से क्या बात हुई और वह कौन था यह पता न चल पाया ...जो अभी क लिए हैरानी की बात थी......

अभी - ऐसे क्यों कह रहा है दीपू ...और कहा जाएगा ....हम सब तेरे अपने है......

दीपू - नहीं मेरे अपने तोह मेरे डैड थे ....जो आपकी वजह से मारे गए ......और अब मुज़हे मेरे नानाजी मिल गए है जो बहुत जल्दी मुज़हे यहाँ से ले जाएंगे .....यह कहते हुए दीपू की आंखें लाल हो गयी ......

जीससे अभी यह जान गया क कोई तोह है जो इससे बहका रहा है और साथ hi ब्लैक मैजिक का प्रयोग भी कर रहा है ताकि मैं उस तक न पहुँच सकू ....

अभी ने कुछ देर दीपू क आँखों में ज़हानकर उसके दिमाग को पढ़ने की कोशिश की ...कुछ बातें पता चली .......अभी ने बड़ी मुश्किल से हिप्नोटिस्म द्वारा उससे सुला दिया ....aur..uske सर पर हाथ रखकर ......ब्लैक मैजिक को ख़तम करने लिए वेद मंत्रो और योग शक्ति का प्रयोग किया .जिससे उसपर किया हुआ ब्लैक मैजिक तोह ख़तम हो गया ....लेकिन इस मासूम मैं में जो भावनाये भरी हुई थी ....वह तोह प्यार से दूर हो सकती थी ....

अब अभी वह से निकलकर ...अपने रूम में आगया ........और बीएड पर लेट गया .......

थोड़ी hi देर हुई थी बीएड पर लेते हुए की अभी क रूम का डॉयर खुला तोह देखा ...क ऋतू आयी हुई है .....

अभी - अरे दी आप ....

ऋतू - क्या बात है आज बड़ी जल्दी सो रहा है अभी तोह डिनर भी नहीं हुआ ....तबियत तोह ठीक है न...

अभी - हां दी बस थोड़ा सर दर्द और थकन हो रही है.......

ऋतू - अरे तोह मुज़हे बताना था न ....( अभी क सर क पास बैठते हुए ) ला इधर टोहड़ा सर दबा देती हु ठीक हो जाएगा ......

अभी - आप रहने दो दी वस् थोड़ा आराम करूँगा तोह ठीक लगेगा....

ऋतू - छुपकर तू चुप चाप लेट jaa....ruk में आयल लेकर आती हु ......

और ऋतू आयल लेका आगयी ....और अभी का सर अपने गोदी में रखकर हलके हाथ से आयल लगाकर मालिश करने लगी ....

अभी को बहुत अच्छा फील हो रहा tha...bade दिनों से ठीक से सोया नहीं था ...

ऋतू की गॉड में उसको ऐसा सुकून मिल रहा था क उसकी साड़ी थकन ख़तम होने लगी थी ....और .....ऋतू की उंगलिया मालिश करते हुए अभी क बालू में फिर रही थी उससे अभी की आँख कब लगी उससे पता hi नहीं चला.......

अभी को अपने फेस पर किसी की साँसे और होंठो पर कुछ गीला सा फील हुआ .......तोह उसकी नीड खुल गयी ....उससे पता चल गया था क ऋतू उससे किश कर रही थी .....

अभी ने टाइम देखा तोह रात क 12.30 बज रहे थे अभी को बड़ा सोते हुए उससे 3 घंटे हो गए थे .....अभी भी उसका सर ऋतू की गोदी में था ..और वह अभी क सर पर हाथ फिरा रही थी ......

अभी - अरे दी अस्प्ने मुज़हे उठाया क्यों नहीं .....कब से आप ऐसे hi बैठी हो ...

मेरे चक्कर में आप भी भूखी रह गयी........

ऋतू - तोह क्या हुआ तूने भी तोह खाना नहीं खाया .......

अभी - मुज़हे तोह नींद आगयी थी ....आप उठाया भी नहीं ......

ऋतू - कोई बात नहीं ...चल अब साथ में कहते है में यही लेकर आती हु .......और ऋतू अभी क मत्थे पर किश करके चली गयी .....

और थोड़ी देर में एक प्लेट में खन्ना डालकर ले आयी .....जो दोनों ने एक दूसरे को खिलते हुए ख़तम किया .......

दोनों एक दूसरे क प्यार को महसूस कर रहे थे ...लेकिन अभी ...अभी भी कंफ्यूज था ......अपनी फीलिंग को लेकर ......

यहाँ ....सहर क किसी कोने में ....शमसान में दो साये बात कर रहे थे .........उनके पास हो एक लाश पड़ी थी .......

1 - अब हमारे खेल का पहला चरण शुरू हो गया ......

2 - लेकिन अगर वह उस बच्चे क जरिये हम तक पहुँच गया तोह .....

1- कैसे पहुंचेगा जिसकी उस बच्चे से बात ही थी वह तोह यहाँ मारा पड़ा है ......

अब आएगा मज़ा ....देखते है कैसे बचा पायेगा अपने परिवार को मेटे हाथो से .....ha...ha...ha...

यहाँ सुबह अपने समय अभी की नींद खुली ....तोह देखा ऋतू उसकी ब्याह कसकर पढ़कर सो रही थी ......अभी ने धीरे से अपनी बाह चुदाई ....और ऋतू क माथे पर किश किया .....जिससे नींद में भी ऋतू क होंटो पर मुस्कराहट आगयी....

अभी अपने डेली रूटीन क बाद ध्यान में बैठा ....आज उससे ध्यान में ..गहरा उतारते हुए ....एक एक चक्र को जगाया ....और ...मूलाधार में सुप्त पड़ी कुंडली शक्ति जो जागकर ...चक्रो का भेदन करते हुए आज्ञा चक्र तक लाया ......जिससे उससे प्रकाश दिखा .......और उस प्रकाश में उससे अज्ज इतने दिनों बाद महागुरु की छवि दिखाई देने लगी ......जो अभी को कुछ कहना कहते थे ........कुछ संकेत करना चाहते थे.....

अब अभी ने अपने संपूर्ण ध्यान महागुरु की छवि पर लगाया ......तोह उससे सुनाई ...देने लगा

महागुरु - पुत्र अपनी भावनाओ क वेग को सम्भालो .......क्यों की तुम कितनी भी शातिया प्राप्त कर लो ...जब तक तुम्हारी भावनाये तुम्हारे वश में न हो वह शक्तिया किसी काम की नहीं रह जायेगी.....

आगे आनेवाली परिस्थिति क लिए अपने मैं की शक्ति बढ़ाओ putra......aur वह वापस उस प्रकाश में अदृश्य हो गए......

अभी ध्यान में और गहरा उतरा तोह उससे अपने भीतर अनेक रंगो की साथ साथ गहरा नीले रंग की ऊर्जा भी अपने ांडेट दिखाई देने लगी...

अपने भीतर कई प्रकार की ऊर्जा ...और कुछ दृश्य देखने क बाद अब्जी का ध्यान टुटा....

आज इतने दिनों बाद महागुरु को धायण में देखकर और उनकी आवाज सुनकर अभी बहुत खुश हुआ ...

parantu...yeh महागुरु किस बात की और इशारा कर रहे थे ....यह अभी समाज नहीं पाया ......बड़ी देर तक ....ध्यान में बैठने क बाद जब उसका ध्यान टुटा तोह देखा दिन चढ़ चूका था ......

और उसका पह लगातार बज रहा था ...ध्यान में बैठे होने क kaaran....usse रिंग की आवाज सुनाई नहीं दे रही थी .....

अभी कॉल रिसीव करने hi वाला था क कॉल कट जाती hai...toh अभी देखता अबतक कोई...10 मिस्ड कॉल्स आयी hi थी रिम्पी की ...अभी ने तुरंत कॉल लगाया तोह उधर से रिम्पी की घबराई हुई आवाज आने लगी ....

अभी क लिए इतना hi ....


अगला अपडेट कल .....
 
अपडेट - 106



अब तक आपने देखा क दीपू क जरिये कोई अभी क साथ किसी षड़यंत्र की रवहना कर रहा है..

अभी ध्यान से उठा तोह देखा की रिम्पी की 10 मिस्ड कॉल थी ...रेडाइल करने पर रिम्पी की घबरागत भरी आवाज आई .......



अब आगे......

रिम्पी - hello ....कहा थे इतने देर से कब से कॉल लगा रही हु ........उठा नहीं रहे हो ........

अभी - क्या बात है जान ....तुम्हारी आवाज कीच घबराई हुई सी क्यों लग रही है ........और बात करते करते पहुँच गया ....अपनी फव ..jagah...Rimpy....k रूम ...की ..गैलरी में ...तोह ...देखा ...गैलरी का ..दूर ओपन था ......तोह देखा रिम्पी क डैड रिम्पी क बीएड पर बेहोश पड़े है ....और रिम्पी रूम में चक्कर लगते हुए अभी से पह पर बात कर रही है.......

रिम्पी - पता नहीं डैड को क्या हुआ .......( उसी समय अचानक अभी को अपने सामने देखकर) हड़बड़ा जाती है ...गिरने hi वाली होती है क अभी उससे थम लेता है.....

रिम्पी - you....aise एकदम से ाकहाँक सामने आजाते हो ...बताना तोह चाहिए था .....किसी दिन हार्ट अटैक हो जायेगा .....यहाँ में पहले hi परेशां हु .....डैड को देखो न क्या हो गया ......

अभी ने कज की पल्स चेक की तोह वह नार्मल चल रही थी.....

अभी - पल्स तोह ठीक चल रही hai....aur कोई चोट क निशान भी तोह नहीं hai.......kya हुआ पूरी बात बताओ.

रिम्पी - सुबह की डेली रूटीन क बाद में यहाँ ध्यान करने बैठी थी......

आज ध्यान में बहुत अधिक ऊर्जा फील होरही thi.....aur जब ध्यान टुटा तोह देखा डैड दरवाजे क पास जमीं पर पड़े थे ......

मैंने उन्हें आवाजे दी ......लेकिन वह उठे hi नहीं .....तोह मैंने उन्हें यहाँ बीएड पर लिटा दिया........

अभी न्र कज क सर पर साड़ी बात जाने क लिए हाथ रखा ....और उन्हकी आँखों की पलकों को थोड़ा से उप्पेर उठाकर उनके मंद में ज़हानका ......

तोह बाटें अभी को समाज आगयी ...थी .....और इस समय बेहोशी काम नींद में जो सपना वह देख रहे थे .....उससे देखकर अभी क हस्सी निकल गयी .....

वह बदीउश्किल से अपनी हस्सी रोक रहा था ........

रिम्पी - यहाँ डैड की ऐसी हालत होगी है और आप है रहे है........

हुआ यह था रोम्पय क डैड कप सुबह सुबह गैस प्रॉब्लम हो ताहि थी .....गैस का होला उनके पेट में घूम रहा था लेकिन निकल नहीं रहा था ....और उनका चूरन भी नहीं मिल रहा था .....तोह चूरन क बारे में पूछने hi रिम्पी क रूम में आये .........

खेमराज जी को यह पता नहीं था क रिम्पी में कोई स्पेशल पावर्स hai.......jab उन्होंने रिम्पी क रूम का दरवाजा खोला ....उस समय रिम्पी ध्यान कर रही और उसके शरीर से बहुत अधिक मात्रा में ग्रीन ऊर्जा निकल रही thi..........Urja की अधिकता क कारण ध्यान में वह जमीं से ऊपर उठ गयी थी..........

जब कज ने दूर खोला ...तोह वह इतने ग्रीन लाइट में रिम्पी को नहीं पहचान पाए उन्हें बस कोई आकिर्टी हवा में लटकी हुई दिखी ....जिससे शरीर से ग्रीन लाइट निकलकर कमरे में फ़ैल रही थी.....

दर ...शॉक ....और ..पेट ...में गैस क मिले जुले असर से वह बेहोश हो गए......

इंसान जिस स्थिति में होता है उससे उसीके सपने आते है ....और उनके साथ भी कुछ ऐसे hi हो रहा था .....

सपने में उन्हें दिखा क वह टॉयलेट गए है ....लेकिन एक हरी चुड़ैल वह पहले से hi था .....और वह उसको देखकर भागे और .. और वह हरी चुड़ैल उनके पीछे .......

रिम्पी अभी की हिस्से को समाज नहीं पायी .....तब अभी ने कज क पेट पर हाथ रखा .....और डैफराम क निचे की जगह एक पॉइंट पर दबाया .......तोह ...

Pahrrrrrr...brrrr....prrr.....ki ..जोरदार .....आवाज क साथ उनकी गैस निकल गयी ....और वह जोर से चिल्लाते हुए उठे .....बचाओ .....bachao......iss हरी ..चुड़ैल ...से ...मुज़हे बचो .......

लेकिन जब सामने अभी और रिम्पी को नाक पर हाथ रखकर खड़े हुए देखा तोह वह शांत हुए .......

कज - अरे बीटा अभी ...कैसे हो ......

अभी - अंकल में तोह ठीक हु आपको क्या होगया था.....

अभी क ऐसे पूछते hi उन्हें फिर याद आगया जो उन्होंने रूम में देखा था .....और डरते हुए इधर उधर देखने लगे ....

अभी - ुनवले आप जॉस हरी चुड़ैल को ढूंढ रहे है वह और कोई नहीं आपकी बेटी ...रिम्पी hi है ......

रिम्पी ने जैसे hi अपने लिए हरी चुड़ैल सुना ...वह अभी को ऐसे देखने लगी जैसे खा hi जायेगी ..

कज - यह कैसे हो सकता है बेटे .....वह हरी लाइट .....रिम्पी ....चुड़ैल ....नहीं ...नहीं...

रिम्पी - क्या डैड आप भी में क्या चुड़ैल लगती हु .......

कज - अरे नहीं बीटा ...लेकिन यह अभी क्या कह रहा है.....

फिर अभी ने कज को सब कुछ बता दिया ...अपने पावर्स क बारे में ...रिम्पी की पावर्स क बारे में ....और इन् पावर्स क उद्देश्य क बार्रे में .....

कज - लेकिन आज क ज़माने में यह पावर्स ...असुर ...danav....muzhe तोह अब भी विश्वास नहीं hi रहा है......

तब अभी ने अपने शरीर से अपने अलग अलग रूप प्रगट करके दिखाए .......और फिर अपने भीतर समां लिए ....

अपने सामने यह सब देखकर कज तोह शॉक हो गए .....लेकिन अब उन्हें अभी की बातों पर यकीं हो गया .....

कज - में क्या करू कैसे रियेक्ट करू कुछ समाज नहीं आरहा .....इस ब्रह्माण्ड को रक्षक मेरे सामने ...और मेरी बेटी ...उस्सकी shakti.......aur कज क हाथ अपने आप अभी क सामने जुड़ जाते है..

अभी ..कज क छरण छूटे हुए ....अंकल आप हमसे बड़े है ...आपका हाथ हमारे सर पर hi अच्छा लगता है.....

फिर कुछ देर और उनमें बातें चलती रही .......

कज - तोह अब जल्दी hi तुम्हरे शादी क बारे में तुम्हारे डैड से बात करनी होगी .....क्यों रिम्पी बीटा ...

रिम्पी शर्माकर अपने डैड क गले लग जाती है ......

थोड़ी देर में अभी वह से निकलकर घर आजाता है तबतक ब्रेकफास्ट का टाइम हो चूका था था .....तोह अभी दिंनिंग टेबल पर पहुँच जाता है ......

अभी वह जाकर सबको गम बोलता है और बैठ जाता है .......सभी बर्फ क लिए रवस का इंतजार कर रहे होते है....

माँ - अब कैसे है बेतु .....कल ..में तेरे रूम में आयी थी तोह तू सराहा था ....ऋतू ने तोह मुज़हे कुछ बोलने hi नहीं दिया ....बस इशारे से बताया क तेरे सर में दर्द है .......तोह मैंने भी तुज़हे रेस्ट करने दिया ........

अभी - माँ यह दी भी न ....कुछ ज्यादा hi टेंशन लेती है .......बस कल कुछ थकन सी लग रही थी इसीलिए जल्दी नींद आगयी थी

ाद्दु - दी आपने मुज़हे बताय भी नहीं क भाई क तबियत ठीक नहीं थी ....लेकिन जब आप मुज़से बात कर रहे थे तब तोह ठीक थे ....

अभी - अरे गुड़िया कुछ नहीं हुआ मुज़हे बस जल्दी सो गया था ........

अभी ने देखा आज दीपू नार्मल है .......लेकिन फिर भी चुप चुप है .....

अभी - और दीपू ...पड़े कैसी चल रही है .....

दीपू - ठीक चल रही है भाई ...

तभी रवस पह पर बात करते हुए आये .....

रवस - haa....haa...ji ...bikul....aap hi...aajaiye ....शाम को .....बात भी हो ...जायेगी ....और साथ में डिनर भी कर लेंगे.....

माँ - कौन आरहा है शाम को ....किसी डिनर पार्टी दी जा रही है .......

रवस - रिम्पी क डैड का पह था ......शाम को आरहे hai.......riste की बात करने......

माँ - यह तोह बहुत ख़ुशी की बात है ......में तोह कबसे इसी बात का इंतज़ार कर रही thi..........iss बात पर तोह मुँह मीठा करना बनता है .....क्यों बेतु.......

अब अभी क्या बोलता ........

ाद्दु - अरे वह ....अब ..तोह रिम्पी ...मेरी भाबी बननेवाली hai......aur भाई की ...shadi.....khub मज़ा ..आएगा ......क्यों दी .....

ऋतू क फेस से पता नहीं चल रहा था क वह क्या सोच रही है....

फिर अभी की तरफ देखते हुए बोली....

ऋतू - h....haaaa.....Betu की शादी है ...तोह मज़ा तोह आएगा hi ......अब तोह इससे रिम्पी को बार बार घर ड्राप करने भी नहीं जाना पड़ेगा ....क्यों बेतु ....

दीपू लेकिन चुप चाप बर्फ कर रहा था .....जो नैना ने नोटिस किया ...

माँ - दीपू क्या बात है कुछ दिनों से तू चुप चाप है ....कुछ परेशानी है क्या बीटा ....

दीपू - नहीं आंटी ....इससबार मुज़हे सबसे अच्छे नंबर लेना है ..इसीलिए थोड़ा पड़े का टेंशन है

माँ - देख बीटा ...इतने छोटे दिमाग में इतनी टेंसन ठीक नहीं .....

बर्फ क बाद दी और डैड शाम को जल्दी आने का कहकर ऑफिस चले गए ......दीपू और ाद्दु दोनों स्कूल चले गए .......अभी भी दीपू की बात क जड़ तक पहुँचने क लिए ....अदृश्य होकर दोनों क साथ स्कूल चला गया .....और दीपू पर नज़र रखने लगा .....

स्कूल शुरू होगयी थी ....अभी को कुछ कहस एक्टिविटी नज़र नहीं आरही थी .....दीपू भी नार्मल hi बेहवे कर रहा tha.....Abhi क लिए समय काटना मुश्किल होरहा था ........

उसने सोचा क हाफ टाइम तक तोह दीपू क्लास्सें hi बिजी रहेगा ...तब तक ...जिस व्यक्ति की छवि को उसने दीपू क मंद में देखा था उसका पता लगाया जाए ........

तोह वह वह से घर क निचे बने हुए कण्ट्रोल रूम में आया ..........

एक बार अभी ने सभी मॉनिटर पर नज़र डाली .....फिर वह क ऑपरेटर से कहकर स्कूल क कक्तव को हैक करके कल की वीडियोस को निकलने क लिए कहा ....

उसने स्कूल टाइम ...हाफ टाइम ...aur...chutti ....क ...वीडियोस चेक किये .....लेकिन कुछ कहस नहीं दिखा सब कुछ नार्मल था .....ऐसे hi अभी ने एक एक करके तीन दिन की वीडियोस चेक की तोह एक वीडियो में दीपू हाफ टाइम में बैग लेकर बहार निकलते हुए दिखा ...लेकिन आगे वीडियो प्ले नहीं .....हुआ ....

ऑपरेटर ने बताया .....क ..इस्सके आगे का कोई 30 मं का वीडियो डिलीट hai.....usse आगे क वीडियो में दीपू वापस क्लास में नज़र आया .......

अभी को अंदाजा हो गया था क कोई बहुत बड़ी साजिश है......

तभी ऑपरेटर ने स्कूल को लाइव फुटेज को प्ले कर दिया .....स्कूल का हाफ टाइम हो चूका था ....और दीपू फिर स्कूल क बहार निकल रहा था.......

अभी तुरंत वह से टेलिपोर्ट होकर इनविजिबल रूप में वह पहुँच gaya.......toh देखा क दीपू गेट की तरफ जा रहा है ....वह गेट पर करीब 60 साल का बहुधा खड़ा है जो कपड़ो से धनवान लग रहा था ....

स्कूल क दो गॉर्डस मूर्ति जैसे वही खड़े है ...जैसे उन्हें किसी ने हिप्नोतिसे कर दिया है .........

दीपू उस आदमी क पास पहुंचा ....कुछ बातें हुई ....अभी दूर से hi उनकी साड़ी बातें सुन सकता था .......

बातों से वह अपने आपको दीपू का नाना जाता रहा था ......और बहुत जल्दी hi उससे अपने घर ले जाने की बात कर रहा था ...

उस आदमी क हाथ में दीपू क लिए कोई गिफ्ट था ......जिससे लेकर दीपू बहुत खुश होगया .....फिर दीपू बहार उस आदमी क साथ उसकी गाड़ी में बैठकर निकल गया

अभी सुक्ष्म रूप से उस गाड़ी की डिक्की में चुप गया .....वह उस षड़यंत्र की जड़ तक पहुंचना चाहता था ....

गाड़ी में वह आदमी लगातार अभी और उसके परिवार क बारे में उस मासूम मैं में जहर भर रहा था .........

अभी ने दीपू को अपने रक्षा कवच से सुरक्षित कर दिया दिया था ...इसीलिए वह निश्चिंत था ...की ....वह आदमी दीपू को कोई नुकसान पहुंचा सके....

गाड़ी एक रेस्टॉरेंट में रुकी .....दीपू और उस आदमी ने वह लंच किया .....कुछ बातें की ...फिर उस्सने हाफ टाइम पूरा होने से पहले .....दीपू को स्कूल छोड़ ..दिया ......और अपनी गाड़ी में निकल गया .......

अभी उस्का पीछा करता रहा ..

उस्सने शर से बहार बंद पड़े एक पुराने ...कब्रिस्तान ...क सामने गाड़ी रोकी

...और अंदर चला गया .....और खुली हुई कबर क सामने आकर रुक गया .......अभी अभी कुछ भी समज़ता क वह आदमी निचे गिर गया .....अभी ने उसके पास पहुंचकर चेक किया तोह अब वह एक लाश थी.......

अभी ने उसस्के गिरने से पहले उसके शरीर से किसी ऊर्जा को निकलते हुए महसूस किया था ......

लाश को छोड़कर अभी ने उस ऊर्जा का पीछा करना चाहा ...लेकिन अब वह ऊर्जा वह कही नहीं थी तोह अभी वापस लाश की जगह पर आया तोह अब वह पर लाश भी नहीं थी......

अभी क लिए इतना hi.....

अगला अपडेट रात को .....

किसी थी वह ऊर्जा ......

कौन है जो इस षड़यंत्र क पीछे है..

और क्या है उनका मकसद......

 
अपडेट - 107

अब तक आपने देखा क अभी क दीपू को बहकाने वाले का पीछा करते हुए एक कब्रिस्तान पहुँच जाता है ....लेकिन वह उस व्यक्ति की लाश मिलती है ......किसी ऊर्जा का आभास होने पर जब अभी उस्का पीछा करता है तब तक यहाँ लाश भी गायब हो चुकी थी.....

अब आगे......


अभी ने जब देखा क अब वह लाश भी नहीं hai.......Toh विचार करने लगा क यह सब क्या चक्कर hai.....pahele वह आदमी .....फिर उसकी लाश ऐसे हालत में जैसे पता नहीं कब से मारा पड़ा ho......aur फिर लाश का भी गायब हो जाना .....कौन हो सकता है.....

कही कस की hi कोई चाल तोह नहीं .....लेकिन वह ऊर्जा जिससे उसने महसूस किया वह तोह किसी असुर की नहीं thi........Nahi यह असुर नहीं कुछ और है .........मुज़हे जल्दी इस तक पहुंचना होगा ..........

फिर वह वह से वापस अदृस्य रूप में पहुंचा तोह वह अब सब ठीक था .....वह अभी सीधा घर आगया .....सोचा क इस बारे में वह दीपू से फिर बात करेगा .......

अपने रूम में पहुँच कर अभी अपने अब तक क जीवन क बारे में सोचने लगा ......कस से सीधे संघर्ष शुरू हुए कोई 11 महीने बिट चुके थे .....इन् 11 महीनो में अभी की 8 विवाह हो चुके थे ....और कितने hi युद्ध ...फिर चाहे वह असुरो क साथ ....ya...sangharak बनकर ....अंडर वर्ल्ड ...क साथ ....

इन 11 महीनो में उसने अपने दो मित्र भी खोये गक ...और राकेश .....न जाने भविस्य में और कितने चुनौतियों का सामना करना होगा .....

किसी की आवाज से अभी अपने खयालो से बहार आया ......तोह देखा सामने शिवली और विभक्त कड़ी थी .......

दोनों अभी क पास आकर बैठ गयी .....

अभी - वह क्या बात है ...आज ....तोह शिवू क साथ विभु भी आयी है.......( अभी दोनों क गले में हाथ डालकर उनके बिच बैठ जाता है.) लगता है ाक मेरिन खैर नहीं....

शिवली - अच्छा जी ...अब बड़े रोमांटिक हो रहे ho....hum आये तोह पता ..नहीं किन खयालो में खोये थे........

अभी - तुमसे क्या छिपा है शिवू ....बस इन 11 महीनो में मेरी लाइफ में कितना कुछ बदल गया यही सोच रहा था .....और यह लगातार हो रही साज़िशे जाने कब रुकेगा यह सब.....

कभी कभी अपने परिवार क लिए बड़ी चिंता होती है...

विभक्त - इस समय आपको और अधिक मनोबल की आवश्यकता hai.......Vidhi ने जो लिखा है वह कोई बदल नहीं सकता बस ....हिमे अपने कर्त्तव्य पथ पर आगे बढ़ते रहना चाहिए.....

अभी - विभु अब तुम भी ....अब तक तोह शिवू hi थी जो मेरी समाज से परे थी अब तुम भी .....

शिवली - विभु ठीक कह रही है जान ......अभी हमारे पास बस 3 महीने बाकी है ......अभी आपको अपनी 5 शक्तिया और प्राप्त करनी है ...... समय बहुत काम है और चुनौतियां जायदा .....

अभी - तोह तुम सब कुछ बता क्यों नहीं देती साफ साफ ....

शिवली - क्यों क में वचन में बंधी हु ......और वैसे भी में सिर्फ प्रारब्ध क बारे में जानती हु भविष्य क बारे में नहीं ....

(हमारे पूर्व कर्मो क अनुसार धन वैभव रिश्ते नाते यह सब प्रारब्ध क अंसार प्राप्त होते है या हम उससे खो देते hai.....lekin भविष्य हमारा हमारे आज क कर्मो पर निर्धारित होता है )

विभक्त - हम बस इतना hi कह सकते है क आगे आनेवाली परिस्थियों में आपको संभालना होगा ....

कुछ देर बातें हुए फिर दोनों कहली गयी ......

अभी सोचने लगा क ऐसा क्या होने वाला है ......ध्यान में महागुरु ने भी कहा था ...और अब यह दोनों .....छोड़ो ...देखते है आगे क्या होता है .......

उसी समय अभी का सेल बजा .....देखा तोह रिम्पी की कॉल थी ...

रिम्पी - क्या कर रहे हो जान ........

अभी - बस तुम्हे hi याद कर रहा था ......अब बहुत जल्द हमारी यह दुरी मिटने वाली है ....

रिम्पी - में तोह कबसे इसी घडी का इंतजार कर रही थी ......

अभी - ओह्हो तोह मेरी स्वीटू को सबर नहीं हो रहा .....कहो तोह अभी चलकर मंदिर में शादी करते है.......

रिम्पी - जान ......में बचपन से अकेले hi रही हु ......डैड hi थे ...जो ...मेरी ...माँ भी थे ...भें ..भी ....वही मेरे सब कुछ ....जब में तुमसे मिली तोह मुज़हे सब कुछ मिल गया ......नैना माँ क रूप में माँ का प्यार .....दादा दादी ...nana..nani ....ाद्दु जैसी छोटी बहिन सब कुछ ....

में भी छाती थी क मेरा भरा पूरा परिवार हो ...आज मेरा वह सपना पूरा होने जा रहा hai...aur वह भी तुम्हारी वजह से .....लव यू जान .....

अभी - लव यू तू माय स्वीटू ......

थोड़ी देर कुछ प्यार बहरी बाते हुए फिर कॉल कट हो गया .....

रात को खेमराज जी करीब 8 बजे रिम्पी क साथ आये .....

सब हॉल में बैठे थे ....कज और रवस चाहते थे क जल्द से जल्द शादी हो ......तोह रवस ने अपने पुरोहित जी से बात की ...तोह 4 दिन बाद का शिभ मुहूर्त निकला ....

कज - बाईसाहब 6 दिन बाद इतने काम समय में ......इतनी साड़ी तैयारियां कैसे होगी और हमारी तरफ से तोह सिर्फ में hi हु .....अभी तोह सगाई भी नहीं हुई ....

रवस - भाई साहब आप इतनी टेंशन क्यों लेते है ....सारा बंदोबस्त हमारे hotel...mein ..हो जाएगा ........और इवेंट ...मॅनॅग्मेंट टीम सब फंशन्स अर्रंगे कर देगी ......आपको कुछ करने की जरुरत नहीं ....

माँ - सगाई एक दिन पहले रख देंगे .....

कज - लेकिन बहिन जी आप इतने काम समय में इनविटेशन कैसे भेजोगे ...

रवस - भाई साहब आजकल चिट्ठी का जमाना तोह रहा नहीं ....इ मेल्स और कॉल कर क इन्विते कर दुगा ......और कार्ड्स भी चाप गए है .....उसका सैंपल आप तक पहुँच जाएगा ....सुबह आपसे बात करने क बाद hi मैंने पुरोहित जी से बात कर ली थी ....और साड़ी तैयारी शुरू कर दी .....

कज - वह भाई साहब आप तोह पूरी तैयारी कर के बैठे है ......

सगाई और शादी की डेट फिक्स हो गयी .....फिर सबने डिनर किया ...और कज और रिम्पी घर क लिए निकल गए ......

शादी की शॉपिंग जोरो पर थी .....अभी की साड़ी पत्निया रिम्पी क घर की साड़ी रस्मे ....जैसे मेहँदी ....हल्दी ....संगीत ....सब ... सँभालने लगी .......

और अभी क सारे कॉलेज क फ्रेंड्स भी अभी क घर में hi डेरा डेल हुए थे .......

अभी इस मौके पर गक को बहुत मिस कर रहा था क्यों की उसकी पहली शादी में वह उसके साथ hi था .....एक मित्र की तरह .....

तभी कोई जाना पहचाना चेरा उसके आगे आया .......अभी ने उससे पहचाना .....

अभी - अरे गोलार्क तुम आओ आओ बहुत अच्छे समय पर आये हो .....अभी को गोलार्क में गक की छवि नज़र आती थी .......

गोलार्क - आप थो हमे भूल hi गए लेकिन मैं आपको कैसे भूल सकता हु ......शिवली दी से पता चला आप क विवाह क बारे में तोह चला आया .....शुबकामनाएं देने ......

अभी - बहुत अच्छा किया यहाँ आकर .....मैंने अभी तुम्हारे पिता क बारे में hi सोच रहा tha....ab तुम आगये हो ....मुज़हे बड़ी खुसी हुई

और आगे बढ़कर गोलार्क को गले लगा लिया....

गोलार्क भी अभी क परिवार क साथ मिलकर विवाह की तयारिओ में जुट गया ....बहुत जल्द वह रवस ...नैना ...और ..ाद्दु ..से घुल मिल गया.....

इन् दिनों अभी ने दीपू को नोटिस किया तोह वह भी नार्मल लग रहा था .....अब वह सबके साथ बात भी कर रहा था ........इसीलिए अभी ने इतना ध्यान नहीं दिया ......

ऋतू भी खुश लग रही थी उस्सने अभी विवाह क लिए खुद कपडे सेलेक्ट किये ....

इंगगमेंट वाले दिन तक अभी क सारे रिश्तेदार ....पहुँच गए ...the.....pari और सोना तोह इतने दिन बाद अपने भाई को मिलकर बहुत खुश हो गए थे ....

नाना ..नानी ...राजू मां और सतीश मां और ममिया ...Dada...dadi....Bua ....मासिया ...पोइरी फिमील्य से अभी का घर भर गया था .....

सभी रस्में समय समय पर होती रही .....और शादी से एक दिन पहले सगाई भी हुई ....जिसमें बस फॅमिली वाले और कुछ खास फ्रेंड्स hi बुलाये गए थे .....

दूसरे दिन विवाह की तैयारियां बड़ी जोर शोर से चालू hui.....RVS और नैना बहुत खुश थे अभी की इतनी शादिया हुई लेकिन यह पहला मौका था क वह अपने बेटे क विवाह की साड़ी रस्में निभा रहे थे ......हर माता पिता का सपना होता है क अपने बाचो की शादी उनके द्वारा hi सम्पन हो ........

मर्रिज डेस्टिनेशन पर ......KJ...Rimpy और अभी की साड़ी पत्निया पहले पहुँच चुकी थी .....शिवली ...सुलेखा शालू सब रिम्पी क तरफ की सर्जरी तैयारियां संभल रही थी .....

अभी की बारात शाही तरीके से निकली थी ....अब तक 8 विवाह क बाद पहला मौका था क अभी बारात लेकर दुल्हन लेने जारहा था ....उससे तोह ऐसा लग रहा था जैसे यह उसकी पहली शादी हो ......

बारात सही समय पर पहुंच गयी ......और शुरू हुई विवाह की रस्में .....अभी का मुँह सेहरे से ढाका हुआ था ...और रिम्पी लाल जोड़े में घूँघट में थी .....दोनों एक दूसरे को देख नहीं पारहे थे लेकिन एक दूसरे क दिल में उठ रही भावनाओ को महसूस कर रहे थे ......

7 कास्मो क साथ 7 फेरे पूरे हुए ...और मंगलसूत्र क द्वारा दोनों एक दूसरे से बंद गए .......

दुल्हन की मैं सखी क रूप में शिवली और शालू थी तोह दूल्हे क सका क रूप में गोलार्क और रिंकू .....

विवाह सम्पन्न हुआ .....और विदाई हुई ......

विवाह क में देश भर क बड़े बड़े लोग आये हुए थे ....रवस की कंपनी का सारा स्टाफ ......

हज़ारो लोगो की भीड़ क बिच में कोई ऐसा भी आया था ........जिससे न तोह विवाह क फंशन से कुछ लेना देना था .....और न hi दूल्हा दुल्हन से .....एक बार भी वह स्टेज पर दूल्हा दुल्हन से मिलने गया .....

विदाई होते होते रात क 12 बज गए थे ....अभी रिम्पी को लेकर अपने घर आगया .......

आज उसका रूम पूरी तरह फूलो से सजा हुआ था ........

रिम्पी को सुहाग रूम तक शिवली आदि अभी की साड़ी पत्निया छोड़ने आयी .......

अभी अपने फ्रेंड्स और गोलरक क साथ था .....जहा खूब हसी मज़ाक चल रहा था ....

गोलार्क - भाई अब भाबी को और ज्यादा इंतजार मत कराओ .....नहीं तोह आपकी सहमत आजायेगी .....

रिंकू - हां भाई ..यह गोलू ठीक कह रहा है .....

फिर गोलार्क और रिंकू अभी को रूम तक छोड़ने आये .....

अभी रूम में पहुंचा तोह रिम्पी घूँघट ओढ़े बीएड पर बैठी थी .....

अभी भी रिम्पी क पास जाकर बैठ गया ....

अभी - हाय ...यु तोह न सितम करो अपने दीवाने पर जान .....अब तोह यह घूँघट हटा दो ....ताकि हमे अपने चाँद क दीदार हो सके .....

रिम्पी ने सर हिलाकर मन कर दिया ....

अभी अरे यह क्या बात हुई ...घूँघट नहीं हटाओगी .......

रिम्पी -( धीरे से ) सुहागरात में दूल्हा hi घूंघट हटा ता है ....

अभी - अच्छा जी ...और यह किसने बताया .....

रिम्पी - शिवली दी ने ......

अभी आगे बढ़कर रिम्पी का घूँघट उठता है ...और उसकी आँखों में देखते हुए अपनी जेब से एक डैमोंड नेकलेस निकला ता ...hai......aur रिम्पी क गले में बाहें डालकर कर ...नेकलेस पहना देता है ......

रिम्पी बहुत खुश हो जाती है ...शादी की फली रात अपने पति से प्यार का तोहफा पाकर......

अभी रिम्पी का हाथ पकड़कर खड़ा करता है ....और उससे गॉड में उठा लेता है...

रिम्पी - यह कुआ है जान ....

अभी - सससस आज का यह मिलान होगा हमारे सपनो क उसी महल में .....जो गक क हमारे लिए बनाया था .....जिससे देखकर तुमने भी यही िस्व्हा जताई थी ......

और अभी रिम्पी को लेकर सहर से बहार फूलो की घाटी में उसी माया महल में पहुँच गया ...जो गक ने बनाया था ......जिससे सिर्फ अभी या उसकी पत्निया hi देख सकते थे .....

यहाँ घर में कुछ लोग दिन भर की थकन क कारण सोगये थे ......कुछ अभी सोने की तैयारी में थे ......

दीपू छुपते हुए चाट पर पहुंचा ...और उसने निचे ज़हानकर चारो तरफ का जायजा लिया ..

शिवली शालू वैगेरे सब चले गए थे .......

फिर दीपू निचे ाद्दु क रूम में गया .......

ाद्दु अभी सोने की तैयारी कर रही थी .....उसस्के रूम में पारी और सोना सगाई थी..

ाद्दु - अरे दीपू तुम यहाँ इतनी रत में

दीपू - वह भाई हम दोनों से बात करना चाहते है ....चाट पर बुलाया है .....

ाद्दु - इतनी रात को चाट पर .....

दीपू - हां क्यों क रूम में तोह रिम्पी भाबी है न ....और यहाँ ...पारी और सोना सोई है....

तुम्हे नहीं आना तोह रहने दो ...में भाई को बोल दूंगा ....

ाद्दु - ठीक है चलो .....और दीपू क साथ चाट पर आजाती है ......चाट पर पहुँचते hi ाद्दु को कुछ अजीब सी स्मेल आती है ...और वह बेहोश होजाती है ...जिससे देखकर ...दीपू मुस्कुराने लगता है .......और उसकी आंखें लाल हो जाती है .....और उसका शरीर निर्जीव होकर गिर जाता है ...

और प्रगट होता है एक साया जो ाद्दु को लेकर वह से टेलिपोर्ट हो जाता है .......

अज्ज क लिए इतना hi ....

अगला अपडेट कल ....
 
फ्रेंड्स अब पता चला क एक पॉइंट पर आकर .....adhikter......fantasy ...stories....kyu बंद ..hojati...hai.....

रीडर्स क कमैंट्स राइटर क लिए प्रेरणादायक होते है ....जब ....कमैंट्स बहुत काम होजाते है ....तोह कहानी ..लिखने का उत्साह काम हो जाता है......

खैर मैं पूरी कोशिश करूँगा स्टोरी कम्पलीट करने की ....

सभी रीडर्स ko....GM.....Hve ा गुड ...& ...हैप्पी ..डे....

:थैंक्यू: :थैंक्यू: :थैंक्यू: :थैंक्यू:
 
अपडेट - 108



अब तक आपने देखा ..अभी क विवाह ..रिम्पी से होगया ....

कस्सी साये द्वारा ाद्दु का किडनैप हो गया ......



अब आगी ....

अभी रिम्पी को लेकर ....फूलों क घाटी में गक द्वारा अभी क लिए बनाये गए माया महल पहुँच जाता है .....रात की चांदनी में ...इस श्वेत महल की सुंदरता और बढ़ रही थी ......

महल में लगी हुई मानिओ क प्रकाश क कारण एक दूधिया सी रौशनी उस पूरे महल में फैली हुई थी .........जिससे ...स्वर्ग क किसी महल जैसा आभास हो रहा था .....

इस महल की एक खासियत थी क जब तक महलक अंदर क लोग न चाहे बहार का कोई भी उनसे संपर्क नहीं कर सकता था .....

दूधिया बीएड क पास अभी ने रिम्पी को गॉड से उतरा .....और अपने बाहों में भर लिया ......रिम्पी की आँखों में देखते हुए .......

अभी - जान आज तुम्हारा यह सपनो का महल हमारे प्रेम मिलान का साक्षी बनेगा ......

रिम्पी - हां मेरे शोना आज आपने मेरी सारे सपनो को पूरा कर दिया ......लव शोना .....

अभी - स्वीटू ....तुम्हारे सपने नहीं हमारे सपने .....जब मैंने तुम्हे पहली बार देखा था ....उसी ...समय से मेरी जिंदगी बन गयी थी ......तुम्हारी हस्सी ....तुम्हारी shararate.....tumahara दुःख .....तुम्हारी हर भावनाये ....सब मैं जिया हु .....अपनी जिंदगी से भी ज्यादा .....लव माय स्वीटू.......

और अभी उसके माथे पर किश कर देता hai......Rimpy भी अभी को कसकर बाहों में भर लेती hai.....uska एक हाथ अभी क पीठ पर तोह दूसरा अभी क बालों में उंगलिया फिरा रहा था ......और उसकी आंखें अभी क आँखों में अपने लिए बेशुमार प्यार देख रही थी .....

दोनों अब चुप थे .....अब मनो उनके दिल आपस में बात कर रहे थे .......

दोनों क होंठ पास आये और एक दूसरे से जुड़ गए .......

अभी ने हलके उसके उप्पेर लिप को चूसना शुरू किया .......रिम्पी भी उस्का साथ दे रही थी .......किश करते हुए दोनों एक दूसरे क होंठो क जाम को पि रहे थे ....और प्यार की और गहराई में उतारते जा रहे थे .........

एक दूसरे की साँसों की महक दोनों को और मदहोश जार रही थी ......दोनों क बिच हवा जाने की भी जगह नहीं थी ....और एक दूसरे क होंठो को बेतहाशा चूसे जा रहे थे....

सांस लेने क लिए दोनों अलग हुए ....और फिर शुरू होगये ....अभी की जुबान ...रिम्पी क मुँह में प्रवेश कर गयी थी ....और उसकी जुबान से जा मिली ......

दोनों ने किश तोह पहले भी बहुत बार किया था ....लेकिन आज उन्हें एक नया अहसास हो रहा था ...जैसे पहली बार एक दूसरे क आलिंगन में हो ....

दोनों की जीभ ने जब एक दूसरे को चुवा तोह दोनों क जिस्म में एक आनद की लहर दौड़ने लगी .....मिलान की उत्कंठा और तीव्र होने लगी ...

रिम्पी भी अभी की जुबान को चूस रही थी ...मनो सारा रास चूस जाना चाहती हो .....अब अभी का एक हाथ धीरे 2 रिम्पी क स्तनों तक पहुँच गया था ......उसने धिरे से रिम्पी क कठोर स्तनों को दबाना शुरू किया ....और एक हाथ रिम्पी क सर क पीछे था ..

अपने स्तनों पर अभी क हाथ महसूस करते hi ...

रिम्पी - सस्शह्ह्ह्ह ...ahhhh....jaaannnn....uffff...dhire से ....ahhh...yeh क्या हो रहा है मुज़हे उफ्फ्फ्फ़ हां ऐसी hi......

अब अभी रिम्पी की जुबान अपने मुँह में लेकर चूसने लगा ....दोनों क बदन एक दूसरे से रगड़ रहे the........Rimpy का पल्लू ब्लाउज क कंधे पर लगे हुए क्लिप्स क सहारा लटका हुआ था ....

अभी ने वह क्लिप खोल दिया ....और पल्लू निचे आगया .....

रिम्पी इस समय पारम्परिक गहनों में थी .....उसका मांग टिका अपनी जगह से हैट गया था ....नाक की नथनी बार बार व्यवधान दाल रही थी .....अभी ने नाथ हटा दी और किश करने लगा .....

रिम्पी क गले क हार और स्तनों की मिली ज़हली चुंबन का अहसा ...अभी को और बेक़रार कर रहा था .....

अभी ने अब रिम्पी को बीएड पर लिटा दिया ......

इस समय रिम्पी का पल्लू हैट चूका था .......लाल ब्लाउज में कैसे हुए उसके गोर और तने हुए स्तन , और उनपर मंगलसूत्र ...खानदानी ...nav..lakha haar....aur कभी का पहनाया हुआ डैमोंड necklace......sab ..रिम्पी की डांसो की ताल पर नाच रहे थे... ....

गोरा चिकना सपाट पेट और गहरी नाभि ......आँखों में मिलान का नशा ...और किश क कारण लाल थरथराते हुए होंठो पर बिखरा हुआ lpistick....Sba उसके रूप को और कामुक बना रहे थे .........

हाथो में गहरी मेहंदी पर लिखा अभी का इनिशियल लेटर ा .... और..

कंगन जुड़ा .....लाल ..Sadi....pairo में पायल....

अभी बस एक तक रिम्पी क सुंदरता को अपनी आँखों से पि रहा था ........जब रिम्पी ने अभी को इस तरह से घूरते हुए देखा ....तोह सर हिलाकर इशारे से पूछा... क्या ..

अभी - बस देख रहा हु इस सुंदरता को ....सच में सेवतु तुम बहुत खूबसूरत हो ....जी चाहता है बस दुब जाओ ....इस्स्में ...

और अभी उसके बगल में लेट जाता है ....

अभी उसका मांग टिका निकलता है और उसके मत्थे को चूमता है ...फिर दोनों आँखों को ...फिर ...गलो को चूमते हुए उसके कान लेफ्ट कान तक जाता है और ज़हंका निकल देता है और कानो को चुम ने लगता है .....

अभी क इस तरह करने से रिम्पी की बेकरारी और बढ़ जाती hai.......waise hi अभी राइट कान तक भी आकर चूमने लगता है ....

फिर अभी रिम्पी क होंठो को चूमते हुए उसके गले क हार को निकल देता है .....रिम्पी क हाथ अभी क पीठ को सहलरहे थे ......और अभी का हाथ रिम्पी क दोनों स्तनों को बरी2 धीरे 2 दबा रहा था .....

रिम्पी की सिसकारी और गरम साँसे उससे और उकसा रही thi.....Abhi ने अब अपना कुरता और बनियान खोल दिया ....अभी क गठीले मजबूत बदन को देखकर ...रिम्पी में मिलान की आग और भड़कने लगी और उसने अभी को अपने ऊपर खींच लिया ...और उससे चूमने लगी .....

अभी अब रिम्पी क गार्डन पर किश कर्म लगा ......हुए निचे आने लगा .....लाल ब्लाउज में

इन कैद रिम्पी क सख्त stan......Ek गहरा क्लीवेज बना रहे थे ....अभी चूमते हुए ....क्लीवेज तक आया और ......दोनों स्तनों क बिच की घाटी में जुबान डालकर चाटने लगा .....अभी क ऐसे करने पर रिम्पी क हाथ ..अभी क हाथी पर कास गए जो रिम्पी क स्तनों को दबा रहे थे....

अभी ने अब रिम्पी को थोड़ा उठाया और उसका ब्लाउज निकल दिया ......अब ब्रा में कैसे हुए रिम्पी क स्तन आधे से ज्यादा अभी क सामने थे ......

जिससे देखकर अभी पूरे स्तन जल्दी देखने का मोह नहीं छोड़ सका और उसने ब्रा भी निकल दी

रिम्पी ने अपने दोनों हाथ से अपने शैतान chupa....liye .....इस समय उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया था .......शर्म क गहने को पहने उसकी सुंदरता और बढ़ गयी थी......

अभी ने उसकी आँखों में देखते हुए स्तनों पर से हाथ हटाए और एक स्तन को थम लिया ....और दूरसे स्तन पर ज़्हुकता चला गया और एक मिप्प्ले को मुँह में लेकर चूसने लगा ....और दूसरे क निप्पलिवको अंगूठे से मसलने लगा ......

जिससे रिम्पी तड़प उठी उसके मुँह से सिसकारियां तेज़ होने लगी .......और पंतय में कासी हुई उसकी योनि कॉमर्स से उससे भिगोने लगी .......

अब रिमी क हाथ अभी क सीने पर चल रहे थे और वह भी अभी क निप्पल को खिंच रही थी ....जिससे अभी की उत्तेजना भी बढ़ती जारही थी .....

उसकी लिंग पूरा तन कर अकड़ रहा था ......अभी एक ..एक करके रिम्पी क स्तनों को मसलते हुए चूस रहा था ......अब निचे आते हुए रिम्पी क पेट को चाटने लगा ....और अपनी जुबान उसकी नाभि में डालकर कुरेदने लगा .......

रिम्पी अभी के इस हमले को सह नहीं पायी .....और अभी को धक्का मार कर बीएड पर गिरा दिया ...और ऊपर आकर उसके पूरे सीने को चूमने लगी ....चाटने लगी ....और अपने हाथ सर अभी का पेट सहलाते हुए .....पायजामे क उप्पेर से अभी का लिंग पकड़ लिया ......और सहलाने लगी ....

अभी - उफ्फ्फ आह्ह्ह्ह जान ...ahhh....Haaa....kya नरम ...हाथ है उफ़ ..आज़ाद कर दो जान इससे ..अब यह कपड़ो की कैद में और नहीं रहना चाहता ....

लेकिन अब भी रिम्पी में कुछ शर्म बक्की थी जिसके कारण वह चाहकर भी अभी का पायजामा नहीं खोल सकीय .....तोह अभी ने hi अपने पयजामे का नाडा खोल दिया .......और अंडर वियर से से अपना विशाल और मुसला जैसे लिंग बहार निकल दिया .....

जिससे देखकर तोह एक बार रिम्पी दर hi गयी .....और अपने सामने अभी क हिलते लम्बे मोठे मुसल जैसे लिंग को आंखें फाडे देख रही थी ........

अभी - ऐसे क्या देख रही hi जान ...यह अब तुम्हारा hi है ....इससे प्यार करो ....बड़ा तरसा है यह तुम्हारे प्यार क लिए ........

रिम्पी - लेकिन ....yehhh....itna ...bada.......uff ...में ...तोह मर ...hi जाउंगी ....

अभी - कुछ नाहीवहुगा जान ....तुम्हे मुज़ह पर भरोसा है न ......यही ....तोह ...मिलान क आनद ..को देने वाली जादू की छड़ी है ......ऐसे दरोगी ..तोह कैसे हमारा मिलान होगा .....

रिम्पी ने डरते हुए धीरे2 हाथ बढ़ाते हुए ....उसको हलके से चुवा ....तोह जैसे दोनों को करंट

लगा .....और ..रिम्पी ने हाथ ..वापस हटा लिया ....

अभी - अब क्या हुआ जान पकड़ो न ....

रिम्पी - यह कितना गरम है ...

अभी - इसीलिए तोह कह रहा हु जान कुछ करो ....नहीं तोह इसकी गर्मी मुज़हे जला देगी ....

अब ..रिम्पी ने ..अभी क लिंग को धीरे से पकड़ लिया ...और सहलाने लगी .....और अभी क पेट पर चूमने लगा ....उसकी कमर अभी की तरफ ....अभी भी कपड़ो क ऊपर से उसके हिप को सहला रहा था दबा रहा था ......

रिम्पी की पकड़ अभी क लिंग पर और कास गयी और वह उससे हिलने लगी ......रिम्पी क नरम मुलायम हाथ अपने लिंग पर अभी क अंदर जैसे वासना की आग लगा रहे the......Abhi का हाथ अब सदी क अंदर रिम्पी की चिकनी जांघो को सहलाने लगा था ..

और रिम्पी जो अभी क पेट और नाभि को चुम रही थी ....अभी क तने लिंग की खुशबू और बेक़रार करने लगी थी .....Ab...woh चूमते हुए अभी क लिंग तक आगयी ....अभी क टोपे पर दो बून्द प्रेकम की देखकर निचे ज़्हुकर सूंघने लगी .....और और ज्यादा उत्तेजित होगी .....उसके ...अभी क लिंग क टोपे पर किश कर दिया .....जिससे अभी क जिस्म में सिरहन सी दौड़ गयी और उसका लिंग जहटके मारने लगा ......मैंने रिम्पी को सलाम कर रहा हो ...

अब रिम्पी अभी क लिंग को चुम रही थी चाट रही थी ...

लिंग की मोटायी क कारण वह उससे पूरी तरह मुँह में नहीं ले पा रही thi.....Abhi से अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था.....

तोह उसने अब रिम्पी को अपने ऊपर से हटाकर बीएड पर लिटाया .......और पूरी तरह नंगा हो गया ......अब उस्सने रिम्पी की भी साडी और पेटीकोट हटा दिया .......अब रिम्पी केवल पंतय में बीएड पर लेती कामाग्नि में मचल रही थी .....

अभी निचे आकर ...रिम्पी क पेअर क अंघूठे को चूमने लगता है चूसने लगता है ....और हाथ से उसकी चिकनी पिंडिलियो को और जंघा को सहलाने लगता है ......

रिम्पी की आंखें मदहोशी में बंद हो जाती है .....अभी अब चूमता हुआ उप्पेर की और बढ़ने लगा ....पिंडलियों को चूमते हुए जैंगो की तरफ बढ़ने लगा ....अब उसके हाथ रिम्पी की पाटिल जालीदार पंतय में कासी हुई योनि को मसलने लग गए था ...और वह उसकी चिकनी जंघा को कहते जा रहा था ....

रिम्पी - अह्ह्ह्हह ....shhhhhh......ufff.....jaaaan......ahhj कुछ करूओ ...इस की उफ्फफ्फ्फ़ यह आग ......aahhh...aur नहीं बर्दास्त ...कर सकती.....

अभी अब जांघो को चूमते हुए उसकी योनि तक पहुँच गया .....अब ....अभी ने उसकी पंतय को एक साइड कर क उससे गुलाबी कमसिन कुईरी योनि को देखा ....जिसके लिप्स वासना की अधिकता क कारण फड़फड़ा रहे the...aur उस्में से कॉमर्स बहरहा था ....जिसकी भीनी भीनी खुशबु ....अभी क अंदर वासना को और बड़ा रही थी ....

अभी अब उसकी योनि पर टूट पड़ा .....और चूसने ...चाटने लगा .....रिम्पी ...भी कमर उठाकर एक हाथ से अभी का सर अपनी योनि पर दबा रही थी .......

अभी .ने अब अपनी जेरबह उसके कुवारी योनि क छेद को और क्लीट को कुरेदने लगा .....जिससे रिम्पी और अधिक तड़पने लगी ....और ुड़की योणो और अधिक मात्रा में कॉमर्स छोड़ने लगी ......

अभी सही समय जाकर उसकी पंतय को खींच कर फाड् दिया ....और उसकी दोनों टैंगो क बिच आकर ..अपने तने लिंग को उसकी गरम योनि पर रगड़ने लगा .....

अभी - जान ...तुम्हे अपने आपको संभल न होगा .....तुम्हे बहुत दर्द होगा .....लेकिन हमारे मिलान क लिए यह दर्द सहना hi होगा .....घबराना नहीं मैं हु .....

रिम्पी - अप्प नहीं जानते ....ahhhhj...shhh....iss ..दर्द की कब से प्रतीक्षा कर रही थी .....अब बस अब और देर न करिये .......मुज़हे आप पर पूरा विस्वास है आप मुज़हे कुवह नहीं होने देंगे...

अभी ने निचे ज़्हुक कर पहले रिम्पी क होंठ अपने होंठो में भर लिए ....

और एक जहतका मारा ....जिससे ...उसका टोपा योनि में घुस गया ...और रिम्पी की आँखों क साइड से आसूं बहने लगे ....उसकी चीख ...मुँह में hi डाब कर रह गयी .....

लेकिन इस समय अभी नहीं रुक सकता ..था ..और उससे एक और जहतका मारा ..

तोह उसका लिंग रिम्पी क कुंवारे पैन को चीरता हुआ अद्धा घुस गया था .....रिम्पी क मुँह से उसका मुँह हाथ जाने क कारण रिम्पी की जोर दर चीख गूंज उठी .....

अभी ने लिंग पर गीला गीला गर्म कुछ महसूस किया तोह जान गया क यह रीमप्यवक खून है ...जिसका अहसास होते hi ...उसके आखों से भी आंसू की कुछ बुँदे ज़हालक गयी ......

रिम्पी ने जब देखा तोह अभी क चेहरे को निचे करने लगी ....अभी समाज गया ...और रिम्पी क होंठो पर किश करने लग गया ....दोनों किश करते हुए एक दूसरे क आंसू पि रहे थे .....

रिम्पी अब थोड़ी नार्मल हुई ...तोह उसने अभी को इशारा किया ....रिम्पी का इशारा पाते hi ......उसने एक जोरदार शॉट लगा दिया अब लिंग पूरी तरह अंदर जा चूका था ....और फिर रिम्पी की चीख गूंज उठी

अभी अब रिम्पी क स्तनों को दबाकर और होंठो को चुसका उससे नार्मल करने लगा ....

थोड़ी देर बाद अभी ने कमर हिलना शुरू कर दिया ..

अब दोनों क शरीर से ग्रीन कलर की लाइट निकलकर वह एक हरे प्रकाश पुंज में बदलने लगी ...

अब रिम्पी भी अभी का साथ देते हुए ....कमर ऊपर उठाते हुए अभी का साथ देने लगी......

धीरे 2 दोनों की स्पीड बढ़ने लगी .....रिम्पी क हाथ क कंगन ....और पैरो की पायल ...और दोनों की सिसकारियों की आवाज एक मधुर संगीत पैदा कर रही थी.....

और हर धक्के से होने वाली आवाजे टेबल की थप की तरह आवाज कर रही थी .....

और की गति तेज़ होने lagi....dono को ऐसा लग रहा था क दोनों की ऊर्जा एक दूसरे में सामने क लिए आतुर हो .....

ऐसे hi दोनों अपने चरम पर पहुंचे ...और जोरो से आवाज करते हुए स्खलित हो गए ....और वो प्रकाश पुंज दोनों क शरीर में समां गया ...और अभी को मिली

.

प्रकृति की ऊर्जा की शक्ति ....जिससे वह किसी भी शरीर से प्रकृति की ऊर्जा खिंच कर उससे निर्जीव बना सकता था .......और ...इसी ऊर्जा से किसी भी उजाड़ और बंजर जगह को एक सूंदर उपवन में एक पल में बदल सकता था....

दोनों प्रेमलीला क बाद एक दूसरे की बाहों में ठक्कर सो गए....

यहाँ वह साया ाद्दु को एक सुंदान खंडहर में ले गया था .....

वह ...10 और साये थे ......

जब ाद्दु हो होश आया ...तोह ...उस्सने चारो तरफ देखा ....10 अनजान साये ...अपने सामने देखकर दर gayi....lekin फिर दीपू को आवाज लगाने लगी .......

लेकिन उससे कही भी दीपू नहीं दिखाई दे रहा था ......

1- वह अब कभी तुम्हारी आवाज नहीं सुन सकता ......

ाद्दु - क्यों ...कहा ...है ...दीपू ...क्या हुआ उससे...

1- वह अपनी मौत मर चूका है ....लेकिन प्यारी गुड़िया तुम चिंता मत करो हम तुम्हें भी वही भेजने वाले है .....

और वह साया रिम्पी की और बढ़ने लगा .....

अभी क लिए इतना hi ....


अगला अपडेट रात को ...
 
बहुत बहुत शुक्रिया अब्दुल भाई आपके षडंर सपोर्ट & वैल्युएबल कमेंट क लिए

:थैंक्स: :thanks::thanks:

आप ठीक कहते हो भाई ...जीवन में उतर चढ़ाव तोह लगा hi रहता है ...यही तोह जीवन है.....

आपका कमेंट पढ़कर प्रस्सनता हुई ....और हौसला भी मिला

बस ऐसे hi साथ बनाये रखे..???

प्लस स्टे कनेक्टेड...??


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