- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 146,061
अपडेट - 128
अब तक आपने देखा ......रक्षक का Janalok.....Aur उसकी तीन मुख्या शक्तिया जो त्रिदेवियों क अंश से प्रगट hui.......Ritu क जन्म का रहस्य ......
और अभी का वापस पृथ्वी पर आना .......
अभी जब वापस अपने शरीर में आया ...तोह उससे यहाँ क सभी घटना क्रम क बारे में अपनी दिव्या दृष्टि से पता चला .......
अभी को पता था क कस उससे मारा हुआ समज़कर निश्चिंत हो गया ...और इसी अवसर का वह लाभ उठाना चाहता था .....इसीलिए वह प्रत्यक्ष रूप में सब क सामने प्रगट नहीं होना चाहता था.......
उससे त्रिदेवो क वरदान क अनुसार रवस ...नैना ...और ..ाद्दु ...को ..भी ...जीवन देना था ....लेकिन उसके लिए उससे उसकी समृद्धि शक्ति का होना भी जरुरी था ......
अब अभी क पास केवल 15 दिन थे अपनी पूर्णता को प्राप्त करने में......
अभी सबसे पहले वह से अदृश्य रूप में अपने घर क स्थान पर गया था ....जहा सिर्फ घर क कुछ टूटे फूटे अवशेष ...और एक गहरा गद्दा था ......वह जगह पुलिस क द्वारा सील कर दी गयी थी .
उसके बाद अभी तलातल लोक में भी अदृस्य रूप में गया ..और वह रिम्पी ....शालू ...और शामली से मिला .......
सभी अभी क परिवार को लेकर परेशां थी ...रिम्पी पर इसका जयादा असर था .....क्यों की नैना से उसने बचपन से hi एक माँ का प्यार पाया था ....और जब उनपर हुम्ला हुआ था वह कीच नहीं कर पायी थी ...इस बात की ग्लानि उसको चैन से नहीं जीने दे रही थी ...और इसी क कारण उसके स्वस्थ पर भी असर पद रहा था .......
अभी को पता था क यदि वह अपने आपको प्रगट करता है ...तोह किसी न किसी तरह कस सतर्क हो जाएगा ......
अभी कस का मैं गेम प्लान जान चूका था ...वह काले ड्रैगन को अपने मंत्र शक्ति और अनुष्ठान क द्वारा वश में कर रहा था ......जिस्सके hi कारण पृथ्वी से लेकर पटल तक बुराइया फैलने लगी थी ....
इस बात को अभी अपने दिव्या दृष्टि से देख चूका था .......यदि कस को अभी क जीवित होने का पता चल जाएगा तोह उससे यह भी पता चल जाएगा क अभी का नेक्स्ट टारगेट जनलोक hi है ....और अगर अभी वह तक पहुँच गया ..तोह उसका काले ड्रैगन को पूरी तरह अपने वश में करके ....14 मानियो को प्राप्त करके ब्रह्माण्ड पर राज करने का सपना अधूरा रह जाए गए....
और हड़बड़ी में वह कुछ ऐसा करेगा क काले ड्रैगन की ऊर्जा से पृथ्वी से लेकर पटल लोक तक भयंकर विनाश फैल जाए गए .....
इसीलिए अभी गुप्त hi रहना चाहता था .....लेकिन रिम्पी अभी गर्भवती थी और उसकी ऐसी अवस्था उसके गर्भ पर भी असर कर सकती थी ...इसीलिए अभी ने रिम्पी से मानसिक संपर्क किया ....और उससे साड़ी बात बताई ....
विभक्त और रेनू भी रिम्पी क पास पहुँच गयी तोह उन्होंने भी रिम्पी को सब कुछ बता दिया ....रिम्पी अब बहुत खुश हो गयी क उसका परिवार अब उससे वापस मिल जाएगा .....फिर से माँ क आँचल की चाय ...और ाद्दु जैसी छोटी बहन का साथ ......
अभी ने रिम्पी को अपना ध्यान रखने क लिए kaha......Shivali और अपनी बाकी पत्नियों से भी मानसिक संपर्क किया ....और उन्हें अभी शांत रहने क लिए कहा .......
वह से अभी अपने गाओं राणा महल पहुंचा ......यहाँ ...RVS..Naina...Abhi...Ritu...Addu...aur Rimpy..ki आत्मा की शांति क लिए मासिक हवन और पूजन और श्राद्ध का अनुष्ठान चल रहा था ...जो अभी क चाचा कर तहे थे ......वह अभी की bua.....massiya ....Mama....poori फॅमिली आई थी ......
अभी ने वह दादा ..दादी को नहीं देखा .......
तोह वह उनके रूम में चला गया ...जहा उसने देखा ..क उसकी दादी सदमें क कॉटन कोमा में चली गयी थी ....
और दादा जी ..जैसे किसी प्राणहीन मूर्ति की तरह चेयर पर बैठे थे ......
अभी ने सबसे पहले दादी क सर पर हाथ रखा और दादी क अंतरण क साथ कनेक्ट हुआ ....वह अभी ने यह बात बिठा दी ...क उनके परिवार को कुछ नहीं हुआ है ....और अपनी हीलिंग पावर और प्राणशक्ति की ऊर्जा से ...उनके मन मस्तिष्क को ठीक करके कोमा से बहार ले आया.....
दादी ने आंखें खोली और इधर उधर देखने लगी ...उन्हें वह अभी क होने का अहसास हो रहा था ....इसीलिए वह बार बार अभी को पुकार रही थी .....
दादा जी को तोह कोई होश hi नहीं था ....इसीलिए वह दादी की पुकार भी नहीं सुन पारहे थे .........
अभी ने सबसे पहले कमरे को शैलद से कवर कर दिया ....फिर दादी क सामने अपने आपको प्रगट कर दिया ....
दादी अभी को अपने सामने देखकर उठ गयी और अभी को कसकर गले लगा ली उनकी आँखों से लगातार आंसू बाह रहे थे ......
दादी - मैं जानती थी बीटा क तू जरूर आएगा ....मेरा भगवन इतना निष्ठुर नहीं हो सकता क वह हम से पहले हमारे बच्चो को अपने पास बुला ले .....
और अभी क पूरे चेहरे को चूमने लगती है ....
अभी - दादी मुज़हे कुछ नहीं हुआ देखो में बिलकुल ठीक हु .....आपका आशर्वाद हो तोह मुज़हे क्या हो सकता है .....
दादी - लेकिन बीटा यह सब क्या कह रहे है ......विक्रम ..नैना ...ऋतू ..ाद्दु ....और मेरी बहु ...सब कहा है .......
अभी - दादी सब ठीक है और सुरक्षित है ....बहुत जल्द आपसे मिलने आएंगे .......
अभी की आवाज आरएसएस क कानो में पहुंची तोह वह सदमे से बहार आगये ....और जब उन्होंने अभी को अपनी दादी से बात करते हुए देखा तोह ......उन्होंने अभी को जोर से आवाज लगायी .....अभी ने जब देक्ग क दादा जी सदमें से बहार आगये है .......तोह उनके पास आया ...और उनके चरण छू लिए .....
दादा जी ने उसस्के कंधे पकड़कर उससे उठाया और कसकर ...गले लगा लिए ......उनकीकाँखों से भी अश्रुधारा बाह रही थी .....
दादा - में जानता था क मेरा शेर जरूर आएगा दुनिया की कोई ताकत उसका कुछ नहीं बिगड़ सकती ....
अभी - जब आप जानते थे तोह आपने अपनी ऐसी हालत क्यों बना राखी थी ....राणा संग्राम ....सिंह को यह शोभा देता है कुआ batao.....aapko तोह दादी को संभालना चाहिए था .....
दादा - बीटा मुज़हे विश्वास तोह था ...लेकिन यह मीडिया ..और सब लोगो की बातों ने मुज़पर असर किया ....फिर हम सब ने वह जाकर भी देखा ......
और पिछले 1 महीने से तुम लोगो का भी कुछ पता नहीं चला ......
इसीलिए लोगो की बातों में बाह गया...
अच्छा विक्रम और नैना कहा है ....ऋतू ..ाद्दु और हमारी बहु का भी कुछ पता नहीं है ...कहा ..है सब ठीक तोह है.....
अभी - दादू आप बिलकुल चिंता न करे सब ठीक है और बहुत जल्द सब आपके सामने होंगे .....
अभी मुज़हे जाना होगा ...
दादा - रुको बीटा यह बहार जो हो रहा है हमे उससे रोकना होगा ..मुज़हे पता था मेरे बच्चो को कुछ नहीं हो सकता था इसीलिए में उनके साथ नहीं शामिल हुए .
अभी - नहीं दादू अभी आप किसी को कुछ नहीं बताएँगे .....क्यों क असुर इस गाओं तक आ चुके है ....उन्हें अभी हमारे बारे में पता नहीं चलना चाहिए .....
आपको और दादी दोनों को कुछ दिन वायदे hi रहना है जैसे पहले रहते थे ....
आरएसएस - कैसे बीटा ....यह तोह बहुत मुश्किल है ...लेकिन तुम्हरे अब यह नौटंकी भी कर hi लेंगे ..
दादी - लेकिन अब मुजह्से और सोया नहीं जाएगा ......
अभी - दादी आपको बस उनके सामने होश में आने का नाटक karna...isase आपकी भी परेशानी का हाल हो जाएगा ....
अच्छा अब में चलता हु और दोनों का आश्रीवाद लेकर .....
अभी वह से महल क गुप्त शिवालय में जाता है ....वह उससे बड़ी शांति मिलती है ..एक नयी ऊर्जा का उससे आभास होता है .......
बहगवां भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर के वह वह से नीलाल कर सीधा .....नदी क किनारे वाले ड्रैगन मंदिर की और अदृश्य रूप में जाता है ........
उसने दूर से hi उस जगह को देखा तोह उससे वह बहुत अधिक मात्रा में तामसिक शक्ति का आभास हुआ ....अभी ने अपने दिव्या दृष्टि से देखा तोह वह उससे एक काले रंग क प्रोटाल जैसे चक्र दिखा ....मंदिर का ताला टुटा हुआ है ....और उसके द्वार खुले हुए है ......वह पोर्टल ठीक उस द्वार क मध्य में बना हुआ था ....
तभी उसने देखा क दो असुर सैनिको ने 5 लोगो को बंदी बनाया हुआ है ....और उन्हें जबरदस्ती ...उस पोर्टल की तरफ खींच कर ले जा रहे है .....
एक असुर जो उन् दोनों का मुखिया लग रहा tha......woh उन्हें आर्डर कर रहा था...
म - जल्दी करो उनके भोजन का समय हो गया है ...यदि उन्हें समय पर भोजन नहीं मिला तोह वह हम सब को खा जाएंगे ....
अभी समाज गया क इन् असुरो को किस काम क लिए चुना है.......
बिना उनके सामने प्रगट हुए उन् 5 को मुक्त करना था ....
पहले अभी ने वह हलकी सी धुल भरी आंधी को उस तरफ छोड़ा ...जससे वह मौजूद असुरो और उन् 5 की आँखों में धूल जाने से उन्हें वह दिखाई नहीं दे रहा था ....अभी ने इसका फायदा उठाकर उन पांचो को उन असुरो से मुक्त किया और और वह से हटा दिया ....और अपनी माया का प्रयोग करके बिलकुल वैसे hi 5 लोग वह पर प्रगट कर दिए ....
यह सब अभी ने इतने तेज़ी से किया क ..उन् असुरो को इस बारे में पता hi नहीं चला ....
असुर जब खींचकर ...उन 5 मायावी मनुष्यो को उस पोर्टल क निकट ले गए तब उस पोर्टल में उन् मनुष्यो की जगह वह दो औसर की साड़ी ऊर्जा चली गयी और वह प्राणहीन होका जमीन पर गिर गए .....
उन् दो असुरो का जो मुखिया था ..उसने जब वह देखा ....तोह वह अपने प्राण बचने क लिए वह से भाग गया......
थोड़ी देर वह पोर्टक खुला रहा फिर वह बंद होने लगा .....उसके बंद होने से पहले अभी सुक्ष्म रूप से उसमें प्रवेश कर गया.....
यह पोर्टल खुलता था जनलोक क उस स्थान क पास जहा 14 मनिया रहकहि थी ......और वही निकट था काला ड्रैगन ...जिसने अभी अभी दो असुरो की साड़ी ऊर्जा का नास्ता किया था .......
वह इतना विशाल कए था .....क .उसके सामने अभी एक खरगोश से भी छोटा लग रहा था.......
अभी इस समय भी अदृश्य रूप में था परन्तु वह ड्रैगन अभी की ऊर्जा को महसूस कर सकता था ......हज़ारो वर्षो क बाद जानी पहचानी ऊर्जा का आभास होते hi उस ड्रैगन ने एक जजोर दर आवाज निकली ....
अभी ने इस समय यहाँ से निकल जाना hi उचित समज़ह ......अभी वह से टेलिपोर्ट होकर तुरंत ...जनलोक में स्थित ...अपने महल क द्वार पर पहुंचा ......
वह पर कदम रखते hi अभी क वस्त्र बदल गए अब वह पूरी तरह .....महा रक्षक अभिनव क रूप में था .....सर पर बहुमूल्य रत्नो का मुकुट ...और ....आभूषण ...राजसी वेश .....और हाथ में दिव्या तलवार .....
जैसे hi महल क द्वार तक पहुंचा .....उसका स्वागत करने ....जो पहुंची थी उसकी आँखों की चमक और मुस्कराहट वह बखूबी जानता था...
आज वह भी राजसी वस्त्रो में पहले से ज्यादा और भी सूंदर लग रही थी ...अभी की नज़रे तोह बस ताहेर सी गयी थी ....
अभी क लिए इतना hi ....
अगला अपडेट रात को .......
अब तक आपने देखा ......रक्षक का Janalok.....Aur उसकी तीन मुख्या शक्तिया जो त्रिदेवियों क अंश से प्रगट hui.......Ritu क जन्म का रहस्य ......
और अभी का वापस पृथ्वी पर आना .......
अभी जब वापस अपने शरीर में आया ...तोह उससे यहाँ क सभी घटना क्रम क बारे में अपनी दिव्या दृष्टि से पता चला .......
अभी को पता था क कस उससे मारा हुआ समज़कर निश्चिंत हो गया ...और इसी अवसर का वह लाभ उठाना चाहता था .....इसीलिए वह प्रत्यक्ष रूप में सब क सामने प्रगट नहीं होना चाहता था.......
उससे त्रिदेवो क वरदान क अनुसार रवस ...नैना ...और ..ाद्दु ...को ..भी ...जीवन देना था ....लेकिन उसके लिए उससे उसकी समृद्धि शक्ति का होना भी जरुरी था ......
अब अभी क पास केवल 15 दिन थे अपनी पूर्णता को प्राप्त करने में......
अभी सबसे पहले वह से अदृश्य रूप में अपने घर क स्थान पर गया था ....जहा सिर्फ घर क कुछ टूटे फूटे अवशेष ...और एक गहरा गद्दा था ......वह जगह पुलिस क द्वारा सील कर दी गयी थी .
उसके बाद अभी तलातल लोक में भी अदृस्य रूप में गया ..और वह रिम्पी ....शालू ...और शामली से मिला .......
सभी अभी क परिवार को लेकर परेशां थी ...रिम्पी पर इसका जयादा असर था .....क्यों की नैना से उसने बचपन से hi एक माँ का प्यार पाया था ....और जब उनपर हुम्ला हुआ था वह कीच नहीं कर पायी थी ...इस बात की ग्लानि उसको चैन से नहीं जीने दे रही थी ...और इसी क कारण उसके स्वस्थ पर भी असर पद रहा था .......
अभी को पता था क यदि वह अपने आपको प्रगट करता है ...तोह किसी न किसी तरह कस सतर्क हो जाएगा ......
अभी कस का मैं गेम प्लान जान चूका था ...वह काले ड्रैगन को अपने मंत्र शक्ति और अनुष्ठान क द्वारा वश में कर रहा था ......जिस्सके hi कारण पृथ्वी से लेकर पटल तक बुराइया फैलने लगी थी ....
इस बात को अभी अपने दिव्या दृष्टि से देख चूका था .......यदि कस को अभी क जीवित होने का पता चल जाएगा तोह उससे यह भी पता चल जाएगा क अभी का नेक्स्ट टारगेट जनलोक hi है ....और अगर अभी वह तक पहुँच गया ..तोह उसका काले ड्रैगन को पूरी तरह अपने वश में करके ....14 मानियो को प्राप्त करके ब्रह्माण्ड पर राज करने का सपना अधूरा रह जाए गए....
और हड़बड़ी में वह कुछ ऐसा करेगा क काले ड्रैगन की ऊर्जा से पृथ्वी से लेकर पटल लोक तक भयंकर विनाश फैल जाए गए .....
इसीलिए अभी गुप्त hi रहना चाहता था .....लेकिन रिम्पी अभी गर्भवती थी और उसकी ऐसी अवस्था उसके गर्भ पर भी असर कर सकती थी ...इसीलिए अभी ने रिम्पी से मानसिक संपर्क किया ....और उससे साड़ी बात बताई ....
विभक्त और रेनू भी रिम्पी क पास पहुँच गयी तोह उन्होंने भी रिम्पी को सब कुछ बता दिया ....रिम्पी अब बहुत खुश हो गयी क उसका परिवार अब उससे वापस मिल जाएगा .....फिर से माँ क आँचल की चाय ...और ाद्दु जैसी छोटी बहन का साथ ......
अभी ने रिम्पी को अपना ध्यान रखने क लिए kaha......Shivali और अपनी बाकी पत्नियों से भी मानसिक संपर्क किया ....और उन्हें अभी शांत रहने क लिए कहा .......
वह से अभी अपने गाओं राणा महल पहुंचा ......यहाँ ...RVS..Naina...Abhi...Ritu...Addu...aur Rimpy..ki आत्मा की शांति क लिए मासिक हवन और पूजन और श्राद्ध का अनुष्ठान चल रहा था ...जो अभी क चाचा कर तहे थे ......वह अभी की bua.....massiya ....Mama....poori फॅमिली आई थी ......
अभी ने वह दादा ..दादी को नहीं देखा .......
तोह वह उनके रूम में चला गया ...जहा उसने देखा ..क उसकी दादी सदमें क कॉटन कोमा में चली गयी थी ....
और दादा जी ..जैसे किसी प्राणहीन मूर्ति की तरह चेयर पर बैठे थे ......
अभी ने सबसे पहले दादी क सर पर हाथ रखा और दादी क अंतरण क साथ कनेक्ट हुआ ....वह अभी ने यह बात बिठा दी ...क उनके परिवार को कुछ नहीं हुआ है ....और अपनी हीलिंग पावर और प्राणशक्ति की ऊर्जा से ...उनके मन मस्तिष्क को ठीक करके कोमा से बहार ले आया.....
दादी ने आंखें खोली और इधर उधर देखने लगी ...उन्हें वह अभी क होने का अहसास हो रहा था ....इसीलिए वह बार बार अभी को पुकार रही थी .....
दादा जी को तोह कोई होश hi नहीं था ....इसीलिए वह दादी की पुकार भी नहीं सुन पारहे थे .........
अभी ने सबसे पहले कमरे को शैलद से कवर कर दिया ....फिर दादी क सामने अपने आपको प्रगट कर दिया ....
दादी अभी को अपने सामने देखकर उठ गयी और अभी को कसकर गले लगा ली उनकी आँखों से लगातार आंसू बाह रहे थे ......
दादी - मैं जानती थी बीटा क तू जरूर आएगा ....मेरा भगवन इतना निष्ठुर नहीं हो सकता क वह हम से पहले हमारे बच्चो को अपने पास बुला ले .....
और अभी क पूरे चेहरे को चूमने लगती है ....
अभी - दादी मुज़हे कुछ नहीं हुआ देखो में बिलकुल ठीक हु .....आपका आशर्वाद हो तोह मुज़हे क्या हो सकता है .....
दादी - लेकिन बीटा यह सब क्या कह रहे है ......विक्रम ..नैना ...ऋतू ..ाद्दु ....और मेरी बहु ...सब कहा है .......
अभी - दादी सब ठीक है और सुरक्षित है ....बहुत जल्द आपसे मिलने आएंगे .......
अभी की आवाज आरएसएस क कानो में पहुंची तोह वह सदमे से बहार आगये ....और जब उन्होंने अभी को अपनी दादी से बात करते हुए देखा तोह ......उन्होंने अभी को जोर से आवाज लगायी .....अभी ने जब देक्ग क दादा जी सदमें से बहार आगये है .......तोह उनके पास आया ...और उनके चरण छू लिए .....
दादा जी ने उसस्के कंधे पकड़कर उससे उठाया और कसकर ...गले लगा लिए ......उनकीकाँखों से भी अश्रुधारा बाह रही थी .....
दादा - में जानता था क मेरा शेर जरूर आएगा दुनिया की कोई ताकत उसका कुछ नहीं बिगड़ सकती ....
अभी - जब आप जानते थे तोह आपने अपनी ऐसी हालत क्यों बना राखी थी ....राणा संग्राम ....सिंह को यह शोभा देता है कुआ batao.....aapko तोह दादी को संभालना चाहिए था .....
दादा - बीटा मुज़हे विश्वास तोह था ...लेकिन यह मीडिया ..और सब लोगो की बातों ने मुज़पर असर किया ....फिर हम सब ने वह जाकर भी देखा ......
और पिछले 1 महीने से तुम लोगो का भी कुछ पता नहीं चला ......
इसीलिए लोगो की बातों में बाह गया...
अच्छा विक्रम और नैना कहा है ....ऋतू ..ाद्दु और हमारी बहु का भी कुछ पता नहीं है ...कहा ..है सब ठीक तोह है.....
अभी - दादू आप बिलकुल चिंता न करे सब ठीक है और बहुत जल्द सब आपके सामने होंगे .....
अभी मुज़हे जाना होगा ...
दादा - रुको बीटा यह बहार जो हो रहा है हमे उससे रोकना होगा ..मुज़हे पता था मेरे बच्चो को कुछ नहीं हो सकता था इसीलिए में उनके साथ नहीं शामिल हुए .
अभी - नहीं दादू अभी आप किसी को कुछ नहीं बताएँगे .....क्यों क असुर इस गाओं तक आ चुके है ....उन्हें अभी हमारे बारे में पता नहीं चलना चाहिए .....
आपको और दादी दोनों को कुछ दिन वायदे hi रहना है जैसे पहले रहते थे ....
आरएसएस - कैसे बीटा ....यह तोह बहुत मुश्किल है ...लेकिन तुम्हरे अब यह नौटंकी भी कर hi लेंगे ..
दादी - लेकिन अब मुजह्से और सोया नहीं जाएगा ......
अभी - दादी आपको बस उनके सामने होश में आने का नाटक karna...isase आपकी भी परेशानी का हाल हो जाएगा ....
अच्छा अब में चलता हु और दोनों का आश्रीवाद लेकर .....
अभी वह से महल क गुप्त शिवालय में जाता है ....वह उससे बड़ी शांति मिलती है ..एक नयी ऊर्जा का उससे आभास होता है .......
बहगवां भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर के वह वह से नीलाल कर सीधा .....नदी क किनारे वाले ड्रैगन मंदिर की और अदृश्य रूप में जाता है ........
उसने दूर से hi उस जगह को देखा तोह उससे वह बहुत अधिक मात्रा में तामसिक शक्ति का आभास हुआ ....अभी ने अपने दिव्या दृष्टि से देखा तोह वह उससे एक काले रंग क प्रोटाल जैसे चक्र दिखा ....मंदिर का ताला टुटा हुआ है ....और उसके द्वार खुले हुए है ......वह पोर्टल ठीक उस द्वार क मध्य में बना हुआ था ....
तभी उसने देखा क दो असुर सैनिको ने 5 लोगो को बंदी बनाया हुआ है ....और उन्हें जबरदस्ती ...उस पोर्टल की तरफ खींच कर ले जा रहे है .....
एक असुर जो उन् दोनों का मुखिया लग रहा tha......woh उन्हें आर्डर कर रहा था...
म - जल्दी करो उनके भोजन का समय हो गया है ...यदि उन्हें समय पर भोजन नहीं मिला तोह वह हम सब को खा जाएंगे ....
अभी समाज गया क इन् असुरो को किस काम क लिए चुना है.......
बिना उनके सामने प्रगट हुए उन् 5 को मुक्त करना था ....
पहले अभी ने वह हलकी सी धुल भरी आंधी को उस तरफ छोड़ा ...जससे वह मौजूद असुरो और उन् 5 की आँखों में धूल जाने से उन्हें वह दिखाई नहीं दे रहा था ....अभी ने इसका फायदा उठाकर उन पांचो को उन असुरो से मुक्त किया और और वह से हटा दिया ....और अपनी माया का प्रयोग करके बिलकुल वैसे hi 5 लोग वह पर प्रगट कर दिए ....
यह सब अभी ने इतने तेज़ी से किया क ..उन् असुरो को इस बारे में पता hi नहीं चला ....
असुर जब खींचकर ...उन 5 मायावी मनुष्यो को उस पोर्टल क निकट ले गए तब उस पोर्टल में उन् मनुष्यो की जगह वह दो औसर की साड़ी ऊर्जा चली गयी और वह प्राणहीन होका जमीन पर गिर गए .....
उन् दो असुरो का जो मुखिया था ..उसने जब वह देखा ....तोह वह अपने प्राण बचने क लिए वह से भाग गया......
थोड़ी देर वह पोर्टक खुला रहा फिर वह बंद होने लगा .....उसके बंद होने से पहले अभी सुक्ष्म रूप से उसमें प्रवेश कर गया.....
यह पोर्टल खुलता था जनलोक क उस स्थान क पास जहा 14 मनिया रहकहि थी ......और वही निकट था काला ड्रैगन ...जिसने अभी अभी दो असुरो की साड़ी ऊर्जा का नास्ता किया था .......
वह इतना विशाल कए था .....क .उसके सामने अभी एक खरगोश से भी छोटा लग रहा था.......
अभी इस समय भी अदृश्य रूप में था परन्तु वह ड्रैगन अभी की ऊर्जा को महसूस कर सकता था ......हज़ारो वर्षो क बाद जानी पहचानी ऊर्जा का आभास होते hi उस ड्रैगन ने एक जजोर दर आवाज निकली ....
अभी ने इस समय यहाँ से निकल जाना hi उचित समज़ह ......अभी वह से टेलिपोर्ट होकर तुरंत ...जनलोक में स्थित ...अपने महल क द्वार पर पहुंचा ......
वह पर कदम रखते hi अभी क वस्त्र बदल गए अब वह पूरी तरह .....महा रक्षक अभिनव क रूप में था .....सर पर बहुमूल्य रत्नो का मुकुट ...और ....आभूषण ...राजसी वेश .....और हाथ में दिव्या तलवार .....
जैसे hi महल क द्वार तक पहुंचा .....उसका स्वागत करने ....जो पहुंची थी उसकी आँखों की चमक और मुस्कराहट वह बखूबी जानता था...
आज वह भी राजसी वस्त्रो में पहले से ज्यादा और भी सूंदर लग रही थी ...अभी की नज़रे तोह बस ताहेर सी गयी थी ....
अभी क लिए इतना hi ....
अगला अपडेट रात को .......