Adultery BHABHI MAA - Page 4 - SexBaba
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Adultery BHABHI MAA

अपडेट 30
मैं उसके पास पंहुचा तो उसने अपना सिगरेट निचे फेक दिया और मेरी तरह अपना हाथ बढ़ाया ..

“ही अंकित ी ऍम काजल … क्या मैं तुम्हारा थोड़ा वक़्त ले सकती हुई “

“जी बिलकुल कहिये “

“बहुत गर्मी है अंदर कार में बैठ कर बात करे , तुम्हे तुम्हारे घर भी छोड़ देती हु “

मैंने एक बार फिर से ऊपर देखा पूर्वी अब भी हमें देख रही थी

“अरे उन लोगो की चिंता मत करो आओ “

उसने दरवाजा खोला और मैं उसमे बैठ गया, वो ड्राइवर सीट पर जा बैठी , मुझे समझ नहीं आ रहा था की आखिर ये है कौन और अचानक से सबको मेरे ऊपर इतना इंट्रेस्ट क्यों आ गया है

“पूर्वी ने तो तुमने बहुत कुछ बता दिया होगा “

“जी ..”

“तो उन बातो को करके कोई फायदा नहीं है , खैर मैं तुम्हे अपना इंट्रो दे देती हु , जैसा मैंने तुम्हे अपना नाम बताया मैं काजल हु और मैं एक पर्सनल इन्वेस्टिगेटर हु .. अभी हल में hi हमारे सिटी में जो लाटर मर्डर हो रहे है मैं उसके बारे में तुमसे कुछ बात करना छाती हु ..”

“जी बोलिये “

मैंने विनम्रता से कहा

“देखो मुझे भी पता है की पाण्ड्य को तुमने मारा है , और अच्छा किया जो सेल को मार दिया ,लेकिन बाकि के दो मर्डर..?? मुझे पता है की उसके बारे में तुम्हे भी कुछ नहीं पता है लेकिन इन लोगो का शक तुम्हारी भाभी पर है , क्योकि वो सकती गैंग की लीडर कोमल की बेटी है … पूर्वी ने तो तुम्हे इसके बारे में बताया होगा “

मैंने बस शांति से हां में सर हिलाया

“ोकक तो बात ये है की मुझे तिवारी ने कातिल को ढूंढने का काम दिया है “

“क्या ??” इस बार मैं थोड़ा चौक गया था

लेकिन काजल बस मुस्कुराती रही

“है अंकित मैं एक पर्सनल इन्वेस्टिगेटर हु तो मुझे कोई भी काम दे सकता है , तिवारी ने पाण्ड्य और फिर अपने खास भवानी की मौत के बाद से hi मुझे हिरे कर लिया था तब से मैं इन्वेस्टीगेशन शुरू कर दिया .. लेकिन तुम्हारे बारे में जानने के बाद मुझे समझ आ गया था की तुमने जो किया था वो महज एक हदशा था न की कोई प्रे प्लनेड मर्डर , और ये तुमसे कराया गया था न की तुमने खुद ये सब किया था ..”

काजल की बात से मैंने एक गहरी साँस ली

“आप पूर्वी जी को कैसे जानती हो , आप दोनों hi एक जैसी बाटे कर रही हो “

मेरी बात सुनकर काजल जोरो से हंस पड़ी ..

“असल में हम सब कभी साथ काम किया करते थे, मैं भी पहले सीक्रेट सर्विसेज का हिस्सा हुआ करती थी , तब पूर्वी विकाश की गर्लफ्रेंड हुआ करती थी , लेकिन बाद में उनका ब्रेकअप हो गया और विकाश और मैंने शादी कर ली अब मैं उसकी पत्नी हु …इसलिए एक जलन और कम्पटीशन की भावना तो हमारे बिच पहले से आ गयी थी … मैंने कुछ करने से जॉब छोड़ दी और अब मैं प्रिवेट इन्वेस्टिगेटर बन गयी हु …”

काजल ने मुस्कुराते हुए मुझे कहा

“ओह तो ये बात है , इसलिए पूर्वी आपसे इतनी नफरत करती है , लेकिन मुझे एक बात अभी भी समझ नहीं आयी की आप मुझे क्यों बचा रही है … पूर्वी और उनकी टीम के पास तो एक कारण है लेकिन आप ??”

काजल फिर से मुस्कुरा उठी

“अंकित जैसा मैंने पहले hi कहा की तुम कोई कातिल नहीं हो , और दूसरा मैं ये भी जानती हु की तिवारी कोई दूध का धुला हुआ इंसान नहीं है , मैंने प्रिवेट इन्वेस्टीगेशन का काम सिर्फ पैसे कमाने के लिए नहीं शुरू किया था , मैं सच में लोगो की मदद करना चाहती हु, और तिवारी जैसे लोग मुझे पैसे तो दे सकते है लेकिन मेरे लिए पैसा मेरी जमीर से जयदा मायने नहीं रखता है , मैं इस शहर से क्राइम को ख़त्म करना चाहती हु , इसलिए जरुरी है की तिवारी के राज भी खुले और जीवा गैंग के भी …”

“तो आप चाहती है की मैं जीवा गैंग और तिवारी पर नजर राखु “

“जैसा सबको लग रहा है की इन क़त्ल में तुम्हारी भाभी या फिर जीवा के किसी आदमी का हाथ है लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता ..”

काजल ने ऐसे कॉन्फिडेंस के साथ कहा की एक बार मैं उसे देखता hi रह गया

“मुझे लगता है की इसमें किसी दूसरे का हाथ है ..”

“किसका ..??”

“अभी तो मैं कन्फर्म नहीं हु लेकिन क्या ये अजीब बात नहीं है की कल रत जिसका खून हुआ विजय मल्होत्रा वो 3 बजे तक तिवारी की बेटी के साथ था …”

मैं फिर से चौक गया

“आपको कैसे पता चला “

काजल जोरो से हँसाने लगी

“अरे छोटी सी बात है , तिवारी की बेटी क्या कहते हो तुम लोग उसे है सस .. कल रत सस ने तुम्हारे मोबाइल पर कॉल किया था वो भी 3 बजे , तो मैंने उसके मोबाइल का लोकेशन ट्रैक किया और जिस बिल्डिंग में वो रत में थी वंहा की कक टीवी फुटेज से साफ हो गया की विजय रत में अपार्टमेंट से निकला 3 बजे के आस पास hi , मतलब की तुमसे बात हुई उसके साथ hi .. मजेदार बात ये है की विजय की पोस्टपार्टम से पता चलता है की उसकी मौत कुछ 3.30 से 4 बजे के बिच hi हुई है मतलब की उसके बहार निकलने के थोड़ी hi देर बाद … अब सोचने वाली बात ये भी है की विजय का घर उस अपार्टमेंट से लगभग 45 मं के रस्ते पर है , दूसरा की विजय अपनी कार में था , तो किसी ने उसे रुकवाया होगा और फिर झाड़ियों में ले जाकर हाथापाई किया होगा फिर पास बने एक खाण्डेर तक लेकर उसे मारा होगा … राइट …”

मैं कंफ्यूज था ..

“है शायद ऐसा hi हुआ होगा “

काजल मुस्कुराई

“अब सोचो की रत के समय वो भी इतनी महँगी गाड़ी में चलने वाले विजय के गाड़ी की स्पीड क्या रही होगी जब उसने रत में अच्छी खासी सरब पि थी , और वो एक रहिस बाप का एक बिगाड़ा हुआ लड़का है … “

मैं सोच में पद गया था की आखिर काजल कहना क्या चाहती है

“मेरे ख्याल से बहुत स्पीड में रहा होगा ..??”

“राइट .. बहुत स्पीड में रहा होगा “

“बिलकुल और वो भी रत के 3 बजे , तो सोचो की ऐसा इंसान अपनी गाड़ी किसी के लिए क्यों रोकेगा .वो भी इतनी सुनसान जगह पर जंहा आसपास जंगल की तरह हो .”

अचानक से मेरे दिमाग में एक बात कौंड़ी

“जरूर गाड़ी रुकवाने वाली एक लड़की रही होगी ..”

काजल के होठो पर एक मुस्कान आ गई

“बिलकुल सही , लेकिन जंहा हमें विजय की गाड़ी मिली थी वो गाड़ी रोड में लिफ्ट देने के लिए कड़ी नहीं की गयी थी बल्कि उसे रोड से निचे उतर कर लगाया गया था जैसे उसे वही उतरना था …”

मैं फिर से सोच में पद गया

“हो सकता है की लड़की ने विजय को रुकवाया होगा फिर शायद उनके बिच कुछ ऐसी बात हुई होगी की .. मतलब .. आप समझ रही हो न और फिर विजय ने गाड़ी रोड से उतार कर थोड़ा अंदर पार्क किया हो और लड़की के साथ चला गया हो ..”

काजल मेरी बात सुनकर मुस्कुरा उठी

“बिलकुल सही …रोड पर गाड़ी रोकी गयी फिर झाड़ियों से वो अंदर गए , वंहा कोई भी ऐसा निशान नहीं दिख रहा है जिससे ये लगे की किसी भी तरह का कोई झगड़ा हुआ होगा , फॉरेंसिक से साफ है की हत्या किसी ायरत ने hi की है , चाकू मरने में लगने वाले बल से ये बात समझ में आ जाती है और ये भी की विजय अपनी मर्जी से उस खाण्डेर में गया होगा… “

“मतलब कोई लड़की उसे बहलाकर उस खाण्डेर में ले गयी और वह पर उसने उसकी हत्या कर दिया …”

“लगता तो यही है “

“हम्म लेकिन इन सबसे आप साबित क्या करना चाहती है “

काजल की मुस्कान और भी तेज हो गयी

“तुम्हारी भाभी साडी रत तुम्हारे पास थी राइट , जब सस का कॉल आया था तब तो तुमने उन्हें देखा होगा “

“है वो वही थी “

“तो क़त्ल भाभी तो कर नहीं सकती न ??”

“जी है..”

“अब एक मजेदार बात और सुन लो, जब पुलिस ने विजय की कॉल हिस्ट्री निकली तो उसमे लास्ट कॉल आया था 3.10 को और जानते हो कॉल किसका था …”

मेरे दिल की धड़कने अचानक से तेज हो गयी थी आखिर किसका था ??

“सस का और इससे hi पुलिस को सस और विजय के रिश्ते के बारे में भी पता चला “

“ओह्ह्ह” मैंने एक गहरी साँस छोड़ी जैसे किसी अनहोनी से मुक्त हो गया हु

“ये तो स्वाभाविक सी बात है , उन दोनों का सम्बन्ध था , विजय सस के पास से hi तो आ रहा था तो उसका कॉल आने में क्या गलत है “

“गलत है टाइमिंग … विजय जाने के तुरंत बाद hi सस ने तुम्हे कॉल किया और फिर तुरंत बाद विजय को .. कुछ अजीब नहीं है “

“इसमें अजीब क्या है ??”

“कोण ऐसा करता है , और जबकि उसे ये पता था की विजय को घर पहुंचने के लिए लगभग 45 मं लग जायेगा लेकिन ऐसी क्या इमरजेंसी आ गयी थी की सस ने तुरंत hi उसे कॉल किया और अगर दोनों लवर होते तो बात अलग थी वो दोनों बस फ़क बुडडीएस थे .. सिर्फ जिस्म का सम्बन्ध था, तो सस विजय की इतनी तो केयर नहीं करती होगी की फ़ोन करके पूछे की जणू पंहुचा की नहीं “

ये बोलते हुआ वो थोड़ा हंस पड़ी , लेकिन मुझे अभी भी उसकी बात कुछ समझ नहीं आ रही थी की आखिर वो बोलना क्या चाहती है

“आखिर आप कहना क्या चाहती हो “

“यही की ये मर्डर प्लान करके किया गया है , सस ने पहले तो विजय को जाने दिया ताकि कक टीवी में साफ साफ लगे की विजय वंहा से चला गया है , और फिर तुमसे बात करते हुए वो कक टीवी से बचते हुए निचे आयी , तब तक विजय अपार्टमेंट से निकला hi रहा होगा और कक टीवी कैमरा से थोड़ा दूर हुआ होगा की सस ने उसे कॉल किया और रुकवा लिया होगा वो उसके साथ गयी , निर्धारित जगह पर और वंहा उसका खून कर दिया होगा “

काजल की बात सुनकर मुझे जोरो का गुस्सा आया

“आप पागल हो गयी हो ये क्या बक रही हो .. आखिर सस विजय का खून क्यों करेगी …”

काजल ने एक गहरी साँस छोड़ी

“वही तो समझना है की आखिर क्यों …. चलो तुम्हारा घर भी आ गया , मैं बस तुमसे ये कहना चाहती हु की सस पर नजर रखना , और कुछ अजीब दिखे तो मुझे बताना, इससे तुम्हारी और तुम्हारे भाभी दोनों की जिंदगी खतरे से बची रहेगी “



उसने अपन कार्ड मुझे थमा दिया और मैं गाड़ी से निचे उतर गया , साला मेरा तो दिमाग hi घूम गया था , कोई कहता है तिवारी पर नजर रखो तो कोई कहता है की भाभी और जीवा गैंग पर .. अब ये महारानी सस पर नजर रखने का बोलकर चली गयी थी …………..
 
अपडेट 31
वापस आया तो सम्पत और भाभी के साथ साथ कलवा को भी हवेली में hi पाया

सभी मुझे देखकर मुस्कुरा रहे थे ..

“क्या कहा इंस्पेक्टर पूर्वी ने”

आते hi कलवा ने पूछ लिया

“कहा नहीं बताया .. बहुत कुछ बताया .. आपके बारे में और आपसे भाभी के सम्बन्धो के बारे में “

सभी चुप hi थे और मैं सीधे अपने कमरे में चला गया था

थोड़ी देर बाद भाभी वंहा आयी

“क्या आपको मुझपर थोड़ा भी भरोषा नहीं है जो अपने मुझसे इतनी बड़ी बात छुपाई “

भाभी मेरी नाराजगी समझ सकती थी

“ऐसा नहीं है सोनू , मैं तो बस तुझे मुसीबत से दूर रखना चाहती थी “

“मेरे नाम का इस्तमाल करके ??”

“तुझे भी लगता है की भवानी का क़त्ल मैंने किया है , उधर सम्पत और जीवा मां को भी ऐसा hi लगता है “

मैंने एक गहरी साँस छोड़ी

“तो किसने किया है ..??”

“मुझे सच में नहीं पता …”

मैं शांति से आंखे बंद किये लेट गया था , भाभी ने भी आगे मुझसे कुछ नहीं कहा ……

*************

हमारे कोचिंग का पहला दिन था , नेहा और अक्की मुझे सुबह से कॉल कर रहे थे , संडे का दिन तय किया गया था पहली क्लास के लिए , दोपहर के कोई 12 बजे थे जब मैं स्नेहा मेडम के घर गया , मुझे बहार hi अक्की मुँह लटकाये हुए दिख गया ..

“क्या हुआ अंदर क्यों नहीं जा रहा है और तेरा मुँह क्यों लटका हुआ है “

अक्की ने मेरी बात का कोई भी जवाब नहीं दिया तो मैंने नेहा की और रुख दिया

“वो हमने पवन सर को अंदर जाते देखा तब से इसका चेहरा उतरा हुआ है “

मैंने अक्की को ध्यान से देखा वो किसी बच्चे की तरह hi रियेक्ट कर रहा था , मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा

“भाई हम इसीलिए तो यंहा पर आये है ताकि हम सच्चाई का पता लगा सके , अब अंदर चले”

अंदर जाते hi जो नजारा आँखों के सामने था वो और भी चौकाने वाला था, सोफे पर पवन सर एक छोटी सी बच्ची को गॉड में लिए हुए बैठे थे, जैसे hi उनकी नजर हमपर पड़ी उनके चेहरे में एक अजीब सी मुस्कान आ गयी ..

“अल्ले अल्ले द्केहो बीटा कौन आये है , तुम्हारे मां और मौसी जी आये है “

उसकी बात सुनकर अक्की के चेहरे का भाव तो देखने के लायक था

“मां और मौसी ??? ये सब क्या हो रहा है “

नेहा ने मेरे कानो में कहा , मैंने उसे बस चुप रहने का इशारा कर दिया

“अरे आ गए तुम लोग इतना देर कैसे कर दिए “स्नेहा मेडम किचन से बहार आते हुए बोली

“बस मेम ये लोग मेरा इंतजार कर रहे थे बहार hi खड़े थे , मुझे hi लेट हो गया “

मेरी सफाई सुनकर वो बस मुस्कुराई

“अरे तो अंदर आ जाते न बहार क्यों खड़े थे , तुम्हारी एक फ्रेंड तो पहले से hi आ गयी है “

हमारी फ्रेंड???

हम तीनो ने एक दूसरे को देखा , तभी किचन से सस हाथो में चाय का प्याला पकडे निकलते हुए दिखी , हमारी नजर उसपर hi जैम गयी थी , आखिर ये यंहा क्या करने आ गई है ???

“मैंने सोचा मैं भी थोड़ा पद लू , जब पता चला की तुम लोग भी आ रहे हो तो …”

वो आकर पवन के बाजु में बैठ गयी, उसने एक मिनी स्कर्ट दाल राखी थी जिसमे उसके सफ़ेद जांघ केले के तने की तरह चमक रहे थे , मेरी नजर अचानक से पवन सर के ऊपर गयी जो की सस की जांघो को देख रहे थे , वही उसकी नजर को अपनी जांघो में पाकर सस के होठो में एक मुस्कान खिल गयी ..

मुझे समझ आ गया था की पवन सर एक no. के ठरकी आदमी है लेकिन ये यंहा क्या कर रहे है और ये बच्चा कौन है ??

शायद स्नेहा मेडम को हमारे चेहरे में खिला हुआ ये भाव समझ आ गया था ..

“ये स्वीटी है मेरी बेटी , बीटा ही बोलो सभी अंकल आंटी को “

बहुत hi प्यारी सी गुड़िया थी अभी अभी शायद स्कूल जाना शुरू किया होगा , उसे देखकर नेहा के चढ़े में मुस्कान आ गयी और वो आगे जाकर उसे अपने गॉड में उठा लिया

“ोकक तो पढाई स्टार्ट करे या फिर कुछ चाय नास्ता लोगे”

मैडम की बात से सभी ने ना में सर हिला दिया

“ोकक पवन फिर कल कॉलेज में मिलते है . शोभा स्वीटी को ले जाओ मुझे बच्चो को पढ़ना है “

स्नेहा मैडम ने मुस्कुरा कर पवन को देखा , जिससे उसका चेहरा थोड़ा उतर गया था ..

“ोकक शाम को मिले कोई मूवी चलते है “

पवन ने थोड़ा जोर लगाकर कहा

“थैंक्स बूत सप्ताह में एक hi तो दिन मिलता है स्वीटी के साथ बिताने के लिए, होप यू अंडरस्टैंड “

“ोकक” पवन बुझे मन से वंहा से निकल गया

तभी ऊपर के कमरे से एक ायरत आयी और स्वीटी को नेहा की गॉड से उठा लिया , उस ायरत और मेरी नज़ारे जब मिली तो हम दोनों hi चौक गए

“अरे…”

वो कुछ बोल पति उससे पहले hi मैंने आँखों के इशारे से उसे चुप करवा दिया और खुद बोल पड़ा

“शोभा ममी आप यंहा काम करते हो , मुझे पहचाना मैं अंकित आरती का देवर “

असल में सोभा कलवा की बीवी थी जो कलवा के साथ झोपडी में रहती थी , अब जबकि मुझे पता था की कलवा hi जीवा है तो मेरे मुँह से भाभी की जगह पर ममी निकल गया … इससे पहले की वो मुझे सोनू बोल कर बुलाये मैंने hi अपना नाम बुला लिया

“है है पहचान गयी आरती कैसी है “

“बढ़िया है आओ कभी उनसे मिलने और आप यंहा ??”

“है वो स्वीटी बेबी को खिलने और घर का काम करने आती हु , वो क्या कहते है माइड और बेबी शुल्टेर हु मैं “

“अरे शोभा बेबी शुल्टेर नै बेबी सीटर होता है “

मैडम ने थोड़ा हसते हुए कहा

“है वहीच “

सभी के चेहरे में मुस्कान खिल गयी वही सबसे खुस तो अक्की लग रहा था क्योकि उसे इतना तो पता चल गया था की पवन सर का मैडम से कोई ताका नहीं है .. शायद वो भी मैडम को लाइन मरने वालो में से एक होगा ..

“तुम शोभा को कैसे जानते हो “

मैडम ने सवाल देगा

“मैं पहले इन्ही की बस्ती में रहता था इन्होने और इनके पति ने हमारी बहुत मदद की है , मुझे घर और काम दिलवाया था “

“ओह्ह तो तुम कहा काम करते थे “

मैंने वही पुराणी स्टोरी सुना दी जो मैंने सभी के सामने सुनाया था , मैडम बड़ी hi इम्प्रेस दिखाई दे रही थी ..

आखिर पढाई शुरू हुई और मुझे तो बहुत hi आलास लगने लगा था अक्की बस मैडम को hi देखे जा रहा था , सस जम्हाई ले रही थी पता नहीं वो क्यों आ गयी थी बस नेहा hi थी जिसका ध्यान सच में पढाई पर था..

“अक्की बुक इधर है इधर नहीं “

मैडम ने अक्की को अपनी और देखता पाकर बोलै

“किताबो में क्या रखा है जब हुस्न की मलिका का चेहरा सामने खुला हो ,”

अक्की की नजर अभी भी मैडम के चेहरे पर थी, अक्की की बात सुनकर उनकी आंखे थोड़ी चौड़ी हो गयी ..वही हम सभी मुस्कुरा उठे

“अक्की … “

उन्होंने थोड़ा जोर से कहा

“जी जी मैडम “अक्की बुरी तरह से झेंपा था

“क्या कहा तुमने अभी ??”

“क्या कहा मैंने अभी ??”

“अक्की बदमाशी नहीं चलेगी यंहा “उन्होंने थोड़े सख्त लहजे में कहा

“जी जी मैडम “

“तो बताओ ..”

“क्या???”

“अरे वही की क्या कहा “

“क्या कहा..??”

अक्की हम लोगो को देखने लगा और मैं और नेहा जोरो से हंस पड़े , मैडम के चेहरे में भी एक मुस्कान आ गयी

“कुछ नहीं चलो अब ध्यान बुक पर लगाओ ोकक “

“जी मैडम “

अक्की ने अपना सर झुका लिया था ……

सभी के बिच कभी कभी मेरी और सस की नज़ारे मिल जाया करती थी तो कभी नेहा के चेहरे में सस को देखकर एक नफरत के भाव जाग जाया करते थे …

क्लास के बाद भी किसी ने किसी से कोई बात नहीं की …..

************

“तो कैसा रहा टूशन “

“बढ़िया था भाभी ..”

“अरे तेरा चेहरा कल से मुरझाया हुआ क्यों है “

अब मैं भाभी के सवालों का आखिर जवाब क्या देता , दिमाग के कई चीजे चल रही थी

“आपने मुझे अपना नहीं समझा तो आखिर मैं कैसे मुस्कुरा सकता हु “

“तू पागल हो गया है क्या ..सच जानने से तेरे ऊपर खतरा बाद सकता था , इसलिए मां ने hi मुझे मन किया था “

भाभी मेरे मेरे गॉड में अपना सर लगाकर सो गयी थी

“क्या सस ने क़त्ल किया होगा ??”

मेरे दिमाग में अभी भी काजल की बात hi चल रही थी

“मुझे तो लगता है की …”

भाभी इतना बोलकर hi चुप हो गयी

“क्या भाभी??”

“मेरी बात का बुरा मत मन्ना लेकिन मुझे लगता है की ये क़त्ल नेहा कर रही है “

“व्हाट ??”

मैं जोरो से उछाल पड़ा था

“ये क्या बकवास है भाभी नेहा इतनी सरीफ लड़की है , उसे पढ़ने के सिवा और कुछ आता hi नहीं “

भाभी मेरे गलो को सहलाने लगी

“तिवारी ने उसके पिता का खून किया था “

“जीवा भी उसमे शामिल था ..??”

“नहीं वो शामिल नहीं थे ये बात खुद जीवा ने बताई है …तिवारी hi था जिसने उसके पिता का खून किया था, और सभी से जयदा मजबूत वजह उसके पास है तिवारी को बर्बाद करने की “

“लेकिन वो बदले पर भरोसा नहीं करती , उसे बस पढ़ना है और आगे बढ़ना है अपनी माँ को एक अच्छी जिंदगी देना है “

“है ये तो है लेकिन ये महज एक दिखावा भी तो हो सकता है लोगो को भहकवे में रखने के लिए ताकि किसी का शक उसपर न जाये ..”

“लेकिन उसके पास इतनी काबिलियत नहीं है की ..”

भाभी जोरो से हंस पड़ी

“तूने मुझे कातिल सोच लिया सस को कातिल सोच लिया फिर नेहा क्यों नहीं , हो सकता है की वो भी ट्रैन हो ..”

भाभी की निगाहो में एक शरारत थी

“आप मुझे छेड़ रही हो , और मैंने कभी नहीं कहा की आप या सस कातिल हो “

“हम्म लेकिन जनाः तक मैंने पता लगाया है नेहा मार्सल आर्ट में ब्लैक बेल्ट है वो भी 4तह डिग्री की “

“आपको कहा से पता लगा ..???”

इस बार जंहा मैं चौक गया था वही भाभी जोरो से हंस पड़ी

“मेरे सोनू…. अब मैं वो गांव वही भोली भली भाभी नहीं रह गयी , मैं एक कुख्यात गैंग लीडर सकती की बेटी हु और दूसरे लीडर जीवा की भांजी , अपने सोनू की गफ पर नजर तो रखनी पड़ती है न “

उनकी बात सुनकर मुझे पहली बार लगा की भाभी बहुत बदल चुकी है , उनके आवाज में एक कॉन्फिडेंस था

“वो मेरी गफ नहीं है भाभी और … और इससे ये साबित नहीं होता की नेहा खुनी होगी .. है इससे ये जरूर साबित होता है की आप अब मेरी वो भाभी नहीं रह गई “

मेरी आँखों में आंसू आ गए थे, भाभी ने हमेशा की तरह मेरे आँखों के आंसू को पोछा नहीं न hi मुझे दिलाशा दिया

“सोनू अब तू बड़ा हो चूका है ये बात बात पर रोना बंद कर “



वो उठ कर बहार चली गई , मैं उनके इस बदले हुए व्यवहार से हस्तप्रद बस बैठा रह गया था ….
 
अपडेट 32
उनकी बात सुनकर मुझे पहली बार लगा की भाभी बहुत बदल चुकी है , उनके आवाज में एक कॉन्फिडेंस था

“वो मेरी गफ नहीं है भाभी और … और इससे ये साबित नहीं होता की नेहा खुनी होगी .. है इससे ये जरूर साबित होता है की आप अब मेरी वो भाभी नहीं रह गई “

मेरी आँखों में आंसू आ गए थे, भाभी ने हमेशा की तरह मेरे आँखों के आंसू को पोछा नहीं न hi मुझे दिलाशा दिया

“सोनू अब तू बड़ा हो चूका है ये बात बात पर रोना बंद कर “

वो उठ कर बहार चली गई , मैं उनके इस बदले हुए व्यवहार से हस्तप्रद बस बैठा रह गया था ….

अब आगे ….

एक एक पल बिताना मेरे लिए मुश्किल होता जा रहा था , भाभी पर भी शक करने का अब मेरे पास पर्याप्त कारण था और साथ hi नेहा और सस पर लेकिन क्या सच में …??

कोई शिवा का नाम लेकर लोगो को मार रहा था और लोगो को क्या दो hi मर्डर हुए थे अब तक …

सबसे ज्यादा दुःख इस बात का था की भाभी इतना कुछ मुझसे छिपा के राखी और अब सच सामने आने के बाद भी उन्होंने मुझे थोड़ा भी दिलाशा नहीं दिया बल्कि ऐसे एक्ट कर रही है की मैं hi नादान हु ..

मेरी भाभी ऐसी तो नहीं थी ????

मुझे यंहा बैठे बैठे थोड़ी बेचैनी होने लगी थी मैं उठा और सीधे हवेली से भहर निकल गया और ऑटो से सस के अपार्टमेंट में चला गया ……..

“ओह्ह माय गॉड.. मुझे यकीं नहीं हो रहा तुम इस समय मेरे अपार्टमेंट में “

सस मुझे देखकर ऐसे खुस हो रही थी जैसे उसने कोई बहुत बड़ी चीज देख ली हो ,उसने एक t-shirt दाल रखा था जो की उसके कमर से थोड़े निचे तक बस थी , निचे उसने बस एक पंतय पहनी थी और वो पंतय साफ साफ दिखाई भी दे रही थी , उसके t-shirt से झांकते हुए बूब्स से ये भी साफ पता चल रहा था की उसने अंदर कोई भी ब्रा जैसी चीज नहीं पहनी है ..

अंदर आते hi मैं सोफे में धड़ाम से गिर गया और सस भी खुद कर मेरे बाजु में आकर बैठ गयी

“तो जनाब को मेरी यद् कैसे आयी “

सस की ऐसी उत्सुकता देख कर एक बार मेरे दिल को थोड़ी तो ठंडक मिली , चलो कोई तो है जिसे मेरी अभी भी थोड़ी परवाह तो है ..

“अरे क्या हुआ कुछ बोलो तो सही “

सस ने मुझे अपनी और देखता हुआ पाकर कहा

“क्यों तुमने hi तो कहा था न की ये अपार्टमेंट मेरे लिए है “

सस ने मुझे ऐसे देखा जैसे कोई बड़ा आश्चर्य देख लिया हो ..

“तुम सच में यंहा रहने आ गए हो “

“क्यों नहीं आ सकता “

“नहीं यार ये फ्लैट तुम्हारे लिए hi है , एक्चुअली मैं बहुत hi सरप्राइज हो गयी हु “

“don’t बे सरप्राइज ऐसे मैं यंहा रहने नहीं आया हु बस थोड़ा रिलैक्स करने आ गया “

“वाओ चलो तो मैं तुम्हे अच्छे से रिलैक्स कर देती हु “

उसने एक मादक स्वर में कहा मैं कुछ समझ पता उससे पहले hi वो कड़ी हुई और कमरे में hi बने एक छोटे से बार से एक बोतल उठा कर ले आयी उसने दो गिलास में व्हिस्की डाली…..

“इतस ओने ऑफ़ था फिनस्ट व्हिस्की इन था वर्ल्ड “

मैंने भी जाम थाम लिया और एक चुस्की ली , अब मुझे कौन सा पता था की साला कोण सी दारू कैसी होती है…

लेकिन ये जीवन में पहली बार था जब मैं शराब पि रहा था , पहले hi पेग से थोड़ा थोड़ा शुरुर सा छाने लगा था ..

तुरंत hi दूसरा भी बना दिया गया , सस मुझसे सात कर बैठ गयी थी उसके एक तरफ के बड़े बड़े बूब्स मेरे साइन में डांस जा रहे थे, यौवन जैसे उसके जिस्म से भर भर कर छलक रहा था ..

“यू अरे सो हॉट बेबी “

उसने मेरे कानो में कहा और मेरे कानो को हलके से काट लिया

“आह ..”

मेरे मुँह से बस एक सिसकी सी निकल कर रह गयी , मैंने अपनी आंखे बंद कर ली थी और सोफे में टिक्कर आराम से बैठ गया था , मैं कुछ नहीं करना चाहता था क्योकि क्या करू ये मेरे समझ से बहार था , मैं बस उस आनंद को लेना चाहता था जो सस मुझे दे रही थी , अगर मैं कुछ करता तो मेरे दिमाग में सही और गलत के लाखो द्वन्द शुरू हो जाते उससे अच्छा था मैंने खुद को hi छोड़ दिया..

सही गलत के द्वन्द में hi मैंने साडी जिंदगी बिता दी और मुझे क्या मिला भाभी का धिक्कार ..

भाभी से अलग होने के आभास से hi मेरे आँखों में आंसू की बुँदे फिर से छलक आयी थी और साथ hi भाभी की कही बात की अब तू बड़ा हो गया है ……

पहले जब मेरे आँखों से एक बून्द भी गिरते थे तो वो उसे अपने होठो में भर लेती थी , और आज उन्होंने मुझे धुत्कार दिया था, मुझे मेरे हाल में छोड़ दिया था ..

हो सकता है की वो मुझे ये यद् दिलाना चाहती हो की मैं अब बड़ा हो गया हु . लेकिन क्या उनके लिए भी ..??

मैं तो जीवन भर उनके लिए एक बच्चे की तरह hi रहना चाहता था , उन्होंने ऐसे मुझे अपने से दूर क्यों कर दिया …

आंखे दबदबा गयी थी, सस अभी भी मेरे साइन से लगी हुई थी और जैसे मैंने एक फैसला कर लिया मैंने एक hi घुट में पूरा पेग अंदर किया और एक दूसरा बना लिया ..

मैंने फैसला कर लिया था .. बड़ा होने का फैसला ..

उन्होंने कहा था की अब मैं बच्चा नै रहा तो ठीक है मैं अब से वो काम करने शुरू कर दूंगा जो बड़े लोग करते है ..

मैंने ये पेग भी एक hi साँस में अंदर कर गया और सस के बालो को पकड़कर उसके सर को थोड़ा खींचा ..

उसकी आंखे मेरी आँखों से मिल गयी जो की विस्मय से बड़ी हो चुकी थी …

“अंकित यू अरे राइट बेबी ..”

“है “

मैंने मुस्कुराते हुए सस की आँखों में देखा और उसके होठो को अपने होठो में भर दिया ,सस हलके से मछली और अपना गिलास रखकर मेरे ऊपर टूट पड़ी वो मेरी गॉड में आकर बैठ गयी और मेरे चेहरे को अपने हाथो में भर कर मुझे चूमने लगी ..

“इतने दिन वेट करवाया तुमने मुझे “

हमारे होठ मिल चुके थे , वाह क्या अहसास था उसके कोमल होठो की पंखुड़ियों को चूसने में अलग hi मजा आ रहा था ..

मैंने उसके कोमल और गद्देदार पिछवाड़े को अपने हाथो में भर लिया , और उसे हलके हलके से मसलने लगा था … दोनों की hi सांसे तेज होने लगी थी और दोनों hi एक दूसरे में सामने के लिए बेकरार हो गए थे ..

सस ने अपने पंतय और t-shirt को भी जल्दी hi निकाल फेका और अब वो मेरे कपड़ो पर झपट पड़ी थी , कुछ hi देर में दो नंगे जिस्म एक दूसरे में लिपटे हुए जवानी का मजा ले रहे थे .

जीवन में पहली बार मेरा लिंग किसी योनि को भेद रहा था , गीले पैन से सनी हुई वो योनि का नरम और गर्म सा अहसास … वाह ..

मैं जैसे किसी स्वर्ग की शेर कर रहा था ..

हमारे होठ बार बार एक दूसरे से मिल जाते आज ऐसा लग रहा था जैसे सच में सस मेरे hi लिए बानी हो, उसपर मुझे बेहिसाब प्यार आ रहा था ,, थूक से मैंने उसके पुरे चेहरे को भीगा दिया था वही वो भी मुझे बेहिसाब चूमे जा रही थी ..

जिस्म भी मिल रहे थे और हम एक दूजे को प्यार भी दिखा रहे थे , वो मेरे गॉड में बैठी हुई उछाल रही थी ..

हर रगड़ से मेरे मुँह से आह निकल जाती थी , जब उत्तेजना अपने चरम में पहुंचने लगी तो मैं उसे दांतो से कटाने लगा था और वो भी मेरे कंधे पर अपने दन्त गाड़ने लगी उसने मेरी पीठ पर अपने नाख़ून तक गदा दिए थे ..

लेकिन इस उत्तेजना के सामने कोई भी दर्द फीका hi था ..

मैं उसके योनि में hi फुट पड़ा था .. ऐसा लगा जैसे मेरा अस्तित्व hi उसके अंदर समां गया हो … हम दोनों के नंगे बदन पसीने से तरबतर एक दूसरे से लिपटे हुए सोफे में hi पांडे रहे ………..

जब तक की फिर से उत्तेजना ने हमें जकड़ नहीं लिया , ये सिलसिला तब तक चला जब तक मुझे ऐसा नहीं लगा की मेरी आत्मा भी अब मेरा शरीर छोड़ कर चली जाएगी …….

दोनों निर्जीव से जमीं में hi पड़े हुए थे ……..



लेकिन मेरे आँखों के सामने अभी भी बस एक hi चेहरा घूम रहा था .. मेरी भाभी माँ का
 
अपडेट 33
“रत भर से कहा था तू “

भाभी बहुत hi गुस्से में दिख रही थी

“आपसे क्या मतलब “

“सोनू “ वो जोरो से चीखी

“सही तो कह रहा हु भाभी , आप तो अब मेरे आंसू पोछने भी पसंद नहीं करती तो फिर आप मेरी क्यों चिंता कर रही हो की मैं कहा था ……”

वो चुप थी बिलकुल hi चुप उन्हें ऐसा देखकर मेरे होठो में एक व्यंगात्मक सी मुस्कान खिल गयी

“क्या हुआ भाभी चुप क्यों हो गयी , सच कड़वा होता है … है न ??? और आपने hi तो कहा था की अब आप वो पुराणी ायरत नहीं रह गयी अब आप सकती की बेटी हो … अब आप मेरी वो भोली भली भाभी नहीं रह गयी जो मेरे लिए कुछ भी करने को तैयार रहती थी .. और आप ये क्या पूछ रही हो की मैं कहा था आप तो सकती गैंग की हो , जीवा की भांजी आपको नहीं पता की मैं रत भर कहा था “

अब ये सस के पास से आने से पहले पिए गए दारू का असर था या सच में मैं ये बोलना चाहता था लेकिन मैं जी खोलकर बोल रहा था ..

“सस के पास था न , काम से काम बता के तो जाता “

उनकी बात सुनकर मुझे और भी जोरो से गुस्सा आया

“जब आपको मेरे बारे में पता hi था तो पूछ क्यों रही हो , यु केयर करने का दिखावा क्यों कर रही हो भाभी “

मेरी बात सुनकर भाभी मुझे अजीब तरह से घूरने लगी

“तुझे हो क्या गया है सोनू , मुझे कहता है की मैं तेरी पुराणी भाभी नहीं रह गयी लेकिन क्या तू मेरा पुराण सोनू है … मेरा पुराण सोनू क्या दारू पीकर अपनी भाभी के सामने ऐसी बाटे करता .. मेरा सोनू क्या कभी अपनी भाभी के प्यार पर शक करता , क्या कभी अपनी भाभी की ममता पर कोई सवाल उठा सकता था ..”

भाभी की बाटे तीर की तरह मेरे साइन में लग रही थी , मैं उनके चेहरे पर अपनी नजारे गड़ाए हुए था उनके आँखों में हलके हलके पानी आ रहे थे लेकिन फिर भी वो अपने चेहरे की सकती को काम नहीं कर रही थी , वो अपनी आँखों में आने वाले पानी को रोकने की कोशिस कर रही थी लेकिन दिल में छिपा हुआ दर्द तो आँखों में मोती बनाकर तपने को बेताब हो रहा था..

शायद वो नहीं चाहती थी की मैं उनके इस आंसू को देखु वो जाने के लिए पलटी लेकिन मैं उसे देख चूका था मैंने तुरंत hi उनका हाथ थाम लिया ..

“भाभी आप ऐसे नहीं जा सकती ..मेरी तरफ देखिये ..”

वो मुझसे नजर hi नहीं मिला रही थी, उन्होंने सर पीछे कर लिया था

“भाभी क्या आप मेरी वही भाभी बनकर नहीं रह सकती ..”

मेरा गाला भी भरने लगा था

“अब मेरी जिंदगी अलग है सोनू “

उन्होंने भी भरे हुए गले से बड़ी hi मुश्किल से ये कहा

“लेकिन आप तो वही हो न, मैं भी वही हु , हमारे लिए साडी दुनिया बदल सकती है लेकिन हम ….. हम तो एक दूसरे के लिए आज भी वही है … मेरे लिए आज भी आपकी गॉड में hi जन्नत है , आपकी आँखों में आज भी मेरे लिए वही ममता और प्रेम है जो हमेशा रहता था .. तो बदल क्या गया है भाभी “

“जीने का उद्देश्य बदल गया है “

“तो क्या हम जीना hi छोड़ दे “

भाभी कुछ देर तक बस चुप hi थी , वो पलटी और मुझे बड़े hi प्रेम से देखने लगी ..

“जनता है , जब तुझे कल यंहा नहीं देखा तो मेरी जान hi निकल गयी थी .. वो तो किसी ने तुझे सस के अपार्टमेंट में जाते देख लिए था तब जाकर चैन आया ..”

इस बार वो मेरी आँखों में देख रही थी , मैं सीधे जाकर उनको अपने बांहो में भर लिया …. वो भी अपने जिस्म को मेरी बांहो में घेरे में समेटते चली गयी ..

“मैं आज भी आपका वही सोनू हु भाभी मुझसे कभी ये अपेक्षा मत करना की मैं रोना छोड़ दूंगा , और मेरे आंसुओ को आपको hi पोछना पड़ेगा “

मैं सच में फुट गया था , मैं रो रहा था वही भाभी मुझसे हटकर मेरे चेहरे को देखने लगी , आँखों में आंसू और होठो में मुस्कान … है यही वो चेहरा था जिस पर मैं अपना सब कुछ लुटा सकता था ..

उन्होंने बड़े hi प्यार से मेरे आँखों का पानी अपने होठो में ले लिया …

थोड़ी देर तक हम दोनों hi एक दूसरे के साइन से लगे रहे ..

“तो क्या किया रत भर सस के घर “

भाभी ने हलके से मेरे कानो में कहा

“वही जो आपके साथ करना चाहता था “

“व्हाट ..??”

भाभी के साथ साथ मैं भी चौक गया था क्योकि ये बात अनजाने में hi मेरे मुँह से निकल गयी थी

मेरी नज़ारे निचे हो गयी थी वही भाभी के होठो में एक शरारत सी झूम गयी थी ..

“यानि मेरा कच्चा नीबू अब पाक गया “

मैं और भी शर्मा गया

“क्या भाभी आप भी “

मैं वंहा से जाने लगा तो भाभी ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे रोक लिया और अपने आँखों से काजल निकाल कर मेरे माथे पर लगा दिया ..

“मेरे बेटे को किसी की नजर न लगे ..”

उन्हें ऐसा करते देख मुझे अंदर से इतनी खुसी हुई की मेरे आँखों ने फिर से प्रेम के मोतियों से उन्हें गिला कर दिया था ..

“और तू वो सब मेरे साथ करना चाहता था “:बात:

भाभी की आवाज में गुस्सा तो नहीं था लेकिन एक अलग hi अपनत्व था , अब मैं क्या बोलता मुझे समझ भी तो नहीं आ रहा था..

“आप तो जानती हो न की मैं आपसे प्यार करता हु “

वो मुस्कुराई

“अच्छा तो सस के साथ वो सब क्या था “

“भाभी मैं सस को पसंद करता हु प्यार नहीं “

“चल अब फिर से शुरू मत हो जा , जाकर तैयार हो जा कॉलेज भी तो जाना है “

उन्होंने पता नहीं क्यों लेकिन अपना सर निचे कर लिया था , लेकिन मैं उनसे और भी सात गया था और उनके चेहरे को पकड़कर ऊपर कर लिया उनकी आंखे बंद थी , न जाने क्यों लेकिन माहौल में एक अजीब सा नशा घुलने लगा था

हमारी सांसे भी एक दूसरे से टकराने लगी थी

“भाभी ी लव यू “

“हम्म” उन्होंने इसके अलावा कुछ भी नहीं कहा , शायद उनका कुछ न कहना hi मुझे उनकी अवस्था का बोध करा रहा था मैंने होठो को और भी पास लाया और उनके गुलाबी होठो में मेरे होठो ने हलके से स्पर्श किया ..

ऐसा लगा जैसे बिजली का कोई तेज झटका दोनों को लगा हो , उन्होंने मुझे कसकर जकड लिया था , वही मैं अब पीछे हटने के मूड में नहीं था आज मैं अपनी भाभी को अच्छे से प्यार करना चाहता था ,

मैंने उनके कंधे पर अपने होठो को रख दिया , मेरे जीभ से निकलने वाले लार से उनका कन्धा हलके से गिला हो चूका था ..

वो मेरे बांहो में hi कसमसाई ..

“सोनू नहीं न ..”

लेकिन उनकी इस ना में hi इतनी मदहोशी थी की मुझे वो ना और भी उत्तेजित कर गयी ..

“ी लव यू भाभी “

वो मेरे साइन में छुप गयी थी और उनका चेहरा मैं देख नहीं प् रहा था , मैंने फिर से उनके चेहरे को अपने सामने किया

“मैं आपसे बहुत प्यार करता हु , मुझसे अलग मत होना भाभी “

मैंने उनके बंद आँखों को देखते हुए कहा था, उन्होंने हलके से आंखे खोली लेकिन मेरी आँखों से आंखे मिलते hi झट से उन्होंने आंखे बंद भी कर ली और मैंने उनके फड़फड़ाते हुए कोमल नरम गुलाबी होठो में अपने तपते हुए होठो को मिला दिया ..

दोनों होठ आपस में ऐसे घुलने लगे थे दूध में मिश्री घुल रही हो , वो मेरे साइन में पिघल रही थी और मेरे जिस्म की गर्मी उनके जिस्म की गर्मी से एक हो रही थी , मेरे नाक में उनके तजा धुले हुए बालो की खुसबू छाने लगी थी , और मेरे हाथ उनके कोमल घूमओदार कमर पर जकड़ते जा रहे थे ..

हम दोनों के होठ आपस में ऐसे मिल गए जैसे सदियों तक एक दूसरे से अलग नहीं होने वाले , भाभी का जिस्म मेरे बांहो में झूल रहा था और हम दोनों hi बिस्तर में गिर गए थे ,

प्रेम वासना का रूप लेने लगी थी, मेरा लिंग जो रत भर सस की योनि में रगड़ खाकर आया था और पहली बार ये सब करने के कारण छील गया था वो फिर से अपनी सबब पर तन्ने लगा था , भाभी के साड़ी के ऊपर से hi मेरा लिंग उनके जांघो के बिच रगड़ खा गया ..

“aahhhh..sonu बीटा नाहीईई”

वो तड़फते हुए बोली लेकिन उनके जिस्म की गर्मी और उत्तेजना को मैं आसानी से समझ सकता था मैंने और भी जोरो से अपने लिंग को गदया , कपड़ो के बहार से hi ऐसा करने के बावजूद वो उछाल पड़ी थी ..

“नहीं बीटा ..” वो छटपटाई लेकिन मैंने उन्हें अपने बहो में कसकर काबू में कर लिया था और उनके होठो में फिर से अपने होठो को मिला दिया ..

वो थोड़ी hi देर में फिर से शांत हो गयी और मदहोशी के समुन्दर में गोते खाने लगी थी

“अरे बाबा रे यंहा तो काम सूत्र चल रहा है “

किसी की आवाज से हम दोनों को मनो होश आया मैंने पीछे पलट कर देखा तो वो रानी थी , हम दोनों को इस हालत में देखकर उसका मुँह भी खुला का खुला रह गया था ..

जीतनी तेजी से मैं उठा उससे भी तेजी से भाभी उठाकर अपने कपड़ो को सम्हालता हुई भागी और तेजी से कमरे से निकल गयी …

भाभी के जाने के बाद रानी ने अपने कमीने अंदाज में मुझे देखा

“अरे साला जिसे हम सतिसवित्री समझते थे वो बकचोदी तो सनी लीओन निकल गयी रे..”

वो जोरो से हंसी

“ममी ये आप क्या बोल रही हो , भाभी ऐसी नहीं है वो तो हम बस बहक गए थे “

उनके होठो में फिर से एक कामिनी मुस्कान खिल गयी

“कभी हमारे साथ भी बहक जाओ बबुआ .. जवानी जिला गाजियाबाद हुई जा रही है हमें भी जौनपुर पंहुचा दो मेरे फैंटमवा “

उन्होंने अपने निचले होठो को बड़े hi सेक्सी अंदाज में अपने दांतो में फसाया ..

“ममी आप न “ मैं अपनी उत्तेजना को बड़ी मुश्किल से रोक प् रहा था

“अरे तेरी ममी की माँ की चुद , कितनी बार बोलै तुझे मैं तेरी ममी नहीं हु”

अब तो बात मेरे भी कण्ट्रोल से बहार हो रही थी, मैं उनके पास आकर उनके लहंगे के ऊपर से hi उनकी योनि को अपने हाथो में भर लिया ..

“बहुत गीली हो रही हो ममी आज तुम्हारी बुर फाड़ hi देता हु “

मेरी बात सुनकर रानी के चेहरे में चमक आ गयी , और मैंने उन्हें उठाकर सीधे बिस्तर में दाल दिया

“भंजहा छोडेल हमारी फरइ फुड़िया ..” वो गण गाने लगी

“इसका मतलब क्या हुआ “

मुझे कुछ समझ नहीं आया और वो जोरो से हँसाने लगी

“इसका शब्दार्थ है की मेरा भांजा आज मेरी फ्राई पूड़ी अर्थात फटी हुई योनि को छोड़ेगा “

उनकी बात सुनकर मुझे जोरो से हंसी आ गयी

“ममी आप इतने सरे बोलियों में क्यों बात करती हो सीधे सीधे हिंदी कहे नहीं बोलती “

वो मेरे आँखों में देखने लगी

“कहे न छोरे हमारी चुद में लगी है आग से , तो हमसे न होवत है सीधी बात से .. समझा सी..”

और उन्होंने अपन घाघरा निकाल कर फेक दिया …



और फिर :सेक्स: :सेक्स:
 
अपडेट 34
रत भर सस और फिर सुबह सुबह रानी के मजे लेने के बाद ऐसा लगा जैसे पूरा जिस्म hi खुल गया हो ..लग रहा था जैसे अपुन hi भगवन है :lol:

सेक्स में इतना आनद आता है इसका तो मुझे कोई इल्म hi नहीं था , लेकिन जैसे कहते है न की हर चीज का दो पहलु होता है ..

वही हल यंहा भी था एक तरफ सेक्स का मजा होता है तो दूसरी तरफ सेक्स की लत ..

सेक्स के मजे की लत भी कितनी परेशां करने वाली हो सकती है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है की पूरी दुनिया hi सेक्स के पीछे दीवानी है :डेड:

और मेरा भी यही हाल हो रहा था जवानी का जोश तो था hi साथ hi मादक हसीनाओ का संग भी तो साला ये बुखार जल्दी तो उतरने वाला नहीं था ..

कॉलेज जाते hi पहली नजर hi सस पर पद गयी , मैंने कोशिस की की मैं थोड़ा शर्मो लेकिन यकीं मानिये शर्म का नामोनिशान मेरे जेहन में कही नहीं था , वही उसे देखते hi मेरा लिंग अगड़ाई लेने लगा , वो भी कामिनी मेरे पास इठलाते हुए आयी ..

“बेबी सुबह जल्दी चले गए बिना बताये “

असल में वो इतनी थक गयी थी की मैंने उसे उठाया भी नहीं था

“अब यंहा तो बेबी मत बोलो “ शर्म तो नहीं थी लेकिन हलके से मैं झेप जरूर रहा था

“ओह मेरे बेबी को दर लग रहा है ”वो हलके से खिलखिलाई

“तेरा बेबी किसी से नहीं डरता समझ गयी , और क्या बेबी बेबी लगा रखा है , देखा रत में मैं बेबी का बाप हु ”

मैंने तो ऐसे hi बोल दिया था लेकिन सस जोरो से हंस पड़ी

“यू और तू फनी ”

“सो वहॉ योर दादी ??”

“ओफ़्कौर्से यू और बाहाबीयीय “

उसने बड़े hi मादक आवाज में कहा

“हम्म लेकिन जो लड़की मुझे फटीचर कहा करती थी वो अचानक बेबी बोलने लगे तो दुनिया वाले क्या समझेंगे ”

मेरी बात सुनकर सस हंस पड़ी

“व्हाट था फ़क .. दुनिया वाले ..?? सीरियसली ..?? तुम ये सब मानते हो ”

उसकी बात से मुझे भी अपने कहे का आभास हुआ मैं थोड़ा जयदा फिल्मी हो रहा था

“अरे माँ छुड़ाए दुनिया वाले लेकिन काम से काम मेरे दोस्तों की तो फिक्र है मुझे ”

“ोकक ोकक सबके सामने नहीं कहूँगी , ऐसे भी इससे तुम्हारी नेहा जो तुमसे नाराज हो जाएगी … क्यों ??”

सस ने मुझे थोड़े अजीब निगाहो से देखा

“come-on यार .. नेहा इस माय गुड फ्रेंड “

“अब मुझे चुटिया न बनाओ उसकी आँखों में दीखता है की वो तुमसे प्यार करती है ”

अब सस की इस बात का मेरे पास कोई जवाब अभी तो नहीं था

“ोकक ok और है मैं नहीं चाहता की हमारे बिच जो भी हुआ वो अभी किसी और को पता चले होप यू अंडरस्टैंड “

सस ने हां में सर हिलाया , लेकिन वो सस थी….. वो मेरे पास आयी और मेरे जांघो के बिच अपना हाथ घुसा कर मेरे लिंग को थाम लिया

“ऐसे कॉलेज बाथरूम में सेक्स करने का मजा hi कुछ अलग है “

उसके इस हरकत से मैं बुरी तरह से दर गया , हम कॉरिडोर में hi खड़े थे और अभी कई लोग वंहा से आ जा रहे थे ..

मैंने इधर उधर नजर घुमाई ऐसे कोई हमारे पहचान का तो नहीं था

“पागल हो गयी हो क्या ..”

मैं सस का हाथ वंहा से हटाया

“है मेरी जान जब से तुम्हारा लिया है तब से खुजली और भी बढ़ गयी है “

उसके होठो में एक मादक सी मुस्कान आ गयी , तभी मैंने अक्की और नेहा को आते हुए देखा

“ोकक शाम में आता हु ..”

सस का चेहरा खिल गया था

“ोकक बेबी “

उसने जाते जाते मेरे गाल में एक किश भी दे hi दिया , अक्की ने शायद इस पर कोई ध्यान नहीं दिया लेकिन नेहा दूर से इसे देख रही थी उसकी चल से पता चल रहा था की उसे इस बात पर कितना धक्का लगा है ..

उसकी स्पीड भी काम होने लगी , उसके आँखों में गुस्सा साफ साफ दिख रहा था जब वो थोड़ी और पास आयी तो समझ आया की उसके आँखों में आंसू के कुछ बून्द साफ साफ झलक रहे थे , लेकिन मेरे पास आने से पहले hi उसने उसे पांच लिया ..

नेहा की ये हालत देखकर मेरे दिल में एक दर्द सा उठा ..

आँखों में लगाए चश्मे में उसका मासूम चेहरा और भी मासूम लग रहा था , वो एक सामान्य सी फ्रॉक में थी जिसपर फूल hi फूल बने हुए थे , नाजुक गुलाबी होठ थोड़े फड़फड़ाने लगे थे और चश्मे के बाजु से आँखों में आने वाली आंसू की बून्द धूल कर गलो तक आ गयी थी , उसने हलके से सिसकते हुए उसे पोंछ लिया..

“हे बीआरओ “

अक्की मेरे गले से लग गया ..

फिर अचानक उसका ध्यान नेहा के ऊपर गया

“हे तुझे क्या हुआ रो क्यों रही है “

अक्की ने थोड़े आश्चर्य से कहा

“मैं कहा रो रही हु “

नेहा छह कर भी उस दर्द को नहीं सम्हाल प् रही थी , उसका भरा हुआ गाला hi ये बता रहा था की वो रो रही थी

“अरे यार तुम तो साफ साफ झूठ बोलने लगी हो ,तुम्हारा गाला भरा हुआ है ,आँखों का काजल ुझड़ा हुआ है साफ़ दिख रहा है की तुम रो रही हो”

अक्की ने किसी जासूस की तरह चीजों की एक्सप्लेन किया था ,

नेहा ने एक बार मेरी और देखा और फिर अक्की की और देखा

“मैं नहीं रो रही हु समझे “

और वो सीधे निकल गयी

“अब इसे क्या हो गया बीआरओ “

अब मैं अक्की से क्या कहता की इसे क्या हुआ है ????

सभी लोग क्लास में थे लेकिन नेहा अभी तक क्लास में नहीं आयी थी

“अबे नेहा कहा है आज ?“

अज्जू ने अक्की से पूछा

“पता नहीं यार मेरे साथ hi तो आयी थी फिर कही चली गयी मुझे लगा की क्लास में आयी होगी या फिर टॉयलेट गयी होगी , थोड़ी परेशां दिख रही थी क्यों अंकित ??”

अब तो मुझे नेहा की और भी चिंता होने लगी थी क्लास शुरू होने में थोड़ा hi समय बचा था और नेहा अभी तक क्लास में नहीं पहुंची थी

“रुको मैं देखता हु “

ये कहते हुए मैं अपना बैग वही छोड़कर क्लास से निकल गया और सीधे गार्डन में चला गया , मैंने नेहा को दुखी होने पर एक कोने में आके बैठते हुए देखा था , और मेरे सोचे हुए अनुसार सच में नेहा एक कोने में बैठी हुई थी ….

वो रो नहीं रही थी बल्कि हलके हलके hi सुबक रही थी , मैं थोड़ी देर तक झाड़ियों से छिपकर hi उसे देखता रहा और फिर उसके बाजु में जाकर बैठ गया …

“जब प्यार करती hi हो तो कह क्यों नहीं देती “

मेरे होने के आभास से वो चौक गयी …

“तुम??? मुझे अकेला छोड़ दो मेरा मूड ठीक नहीं है “

उसने थोड़ा चिढ़ाते हुए कहा

लेकिन मैं बस मुस्कुराते हुए उसे देख रहा था

“दोस्त दुःख में छोड़ कर नहीं जाते बल्कि साथ रहकर साथ देते है “

उसने अजीब निगाहो से मुझे देखा

“लेकिन दर्द तो उसे hi मिलता है न जो उसे झेल रहा हो , पास बैठने वाले को दिल का हल कैसे पता होगा “

“अगर बताओगी तो क्यों नहीं पता चलेगा “

“शब्द कभी फिल्लिंग्स को बता सकते है क्या “

वो उठ कर जाने को हुई लेकिन मैंने उसका हाथ थम कर उसे निचे बैठा दिया

“क्या कर रहे हो “

वो चीड़ कर गुस्से से बोली , लेकिन मैं अब भी मुस्कुरा hi रहा था

“नेहा … मुझे पता है की तुम्हारे दिल में ये दर्द क्यों उठ रहा है.. लेकिन मैं तुम्हे एक चीज बता दू की सस सिर्फ मेरी अच्छी दोस्त है , मेरा प्यार नहीं “

मेरी बात सुनकर नेहा के चेहरे के भाव अचानक से बदल गए थे , जैसे अचानक से कोई बड़ा बोझ उसके ऊपर से हैट गया हो , थोड़ी देर तक वो कुछ समझ hi नहीं पायी और बस मुझे देखते रह गयी जैसे जैसे उसे मेरे बोलने का मतलब समझ आते गया उसके चेहरे पर एक हलकी सी मुस्कान खिलने लगी … वो मुस्कान इतनी हलकी थी की बहुत hi गौर से देखने पर hi पता चलता था की वो मुस्कुरा रही है , असल में ये इसलिए था क्योकि वो अपने चेहरे से खुसी के भाव को छुपाने की कोसिस कर रही थी , लेकिन मन की खुसी तो बहार आने को बेताब थी….

उसने अपने एक्ससिटेमेंट को बड़े hi मुश्किल से छिपाते हुए कहा

“तो मैं क्या करू , मुझे ये क्यों बता रहे हो “

“अरे क्या तुम्हे फर्क नहीं पड़ता की सस मेरी क्या है “

मैंने उसकी आँखों में देखते हुए कहा , अब तक उसके चेहरे की मुस्कान स्पस्ट हो चुकी थी .

“मुझे भला क्यों फर्क पड़ने लगा , तुम कुछ भी करो और वो कुटिया कुछ भी करे “

जिस तरह से उसने सस के लिए कुटिया शब्द का प्रयोग किया था मैं जोरो से हांसे बिना नहीं रह सका

“तुम भी न पूरी आइटम हो “

मैं हँसाने लगा

“ये मैं कोई आइटम आइटम नहीं हु समझे , चलो क्लास के लिए लेट हो रहा है , तू यंहा क्यों आ गया मैं तो आ hi रही थी क्लास में “

ये तो सफ़ेद जूथ बोलने पर तुली हुई थी , लेकिन मैं उसके झूठ को सुनकर मुस्कुराने लगा , वो फिर से कड़ी होने को हुई और मैंने उसके हाथो को पकड़ कर फिर से उसे निचे बिठा दिया …

“क्या कर रहे हो चलो न क्लास का टाइम हो रहा है “

वो हड़बड़ाई हुई सी बोली

“आज नहीं ”

“मतलब.???”

“ मतलब ये मेडम की आज हम क्लास नहीं जायेगे “

वो मुझे थोड़े अजीब निगाहो से देखने लगी

“तो क्या करेंगे “

“बस यही बैठेंगे , बाटे करेंगे “

उसका चेहरा मुझे साफ बता रहा था की वो भी दिल से यही चाहती है लेकिन फिर भी बहार से उसने थोड़ा न नुकुर किया

“अरे क्लास ….”

“क्लास की माँ का …”

“अंकित … क्या गन्दी गन्दी बात करते हो , चलो ठीक है हम यही बैठते है तो अक्की और बाकि लोगो को भी बुला हु “

मैंने उसका हाथ थाम लिया , वो बड़े hi आश्चर्य से मुझे देख रही थी लेकिन उसके मासूम से चेहरे में एक दर भी फैला हुआ था , शायद उसकी धड़कने तेज थी , वो हलके हलके कैंप रही थी …

“किसी को मत बुलाओ बस हम दोनों ,,, अकेले बाटे करते है “

वो थोड़ी देर तक मेरी आँखों को देखती रही जैसे कुछ पढ़ने की कोशिस कर रही हो , और फिर उसके चेहरे में थोड़े शर्म के भाव आये और उसका चेहरा भी झुक गया

हम दोनों hi बिना कुछ बोले hi वंहा बैठे रहे , क्या बोलै जाए ये मुझे भी समझ नहीं आ रहा था, बस उसका हाथ मेरे हाथो में था और हम दोनों hi किसी के पहले बोलने के इन्तजार में थे , जब दोनों में से कोई नहीं बोलै तो मैं उसकी गॉड में अपना सर रखने लगा

“ये क्या कर रहे हो “

वो थोड़ी सी हड़बड़ाई

“क्यों गॉड में सोने नहीं देगी क्या “

वो मुस्कुराई और उसने खुद को पेड़ से टिका लिया और अपने बास्ते को अपने गॉड में रख दिया ताकि मैं उसपर अपना सर रख सकू , मैं उसकी गॉड में लेता हुआ उसके चेहरे को देख रहा था ,

“नेहा सुनो न “

“हम्म “

वो मुझसे बात करने के लिए थोड़ी सी झुकी , मेरे सामने वो सूंदर सा चेहरा था जो भोलेपन से भरा हुआ था, आँखों में चश्मा अभी बी लगा हुआ था , बाल खुले हुए थे , फरक पहनी हुई थी लेकिन फिर भी आँखों में छोटी सी बिंदी लगाने से उसकी खूबसूरती और भी ज्यादा निखार कर बहार आ रही थी ..

मैं इसी सोच में था की मेरे ऐसे करने से नेहा के दिल में क्या हो रहा होगा , क्या उसे ये लगेगा की मैं भी उसे प्यार करता हु , और क्या मैं सच में उससे प्यार करता हु , वो मेरी बहुत अच्छी दोस्त थी उसे धोखा देना ,,

नहीं नहीं मैं उसे धोखा तो नहीं दे सकता , मैं खुद को hi कभी माफ़ नहीं कर पाउँगा , क्या मुझे सस के बारे में इसे बता देना चाहिए …..सस के बारे में सुनकर इसके दिल पर क्या बीतेगी ….

मेरे चेहरे में चिंता के भाव आ गए थे वही नेहा मेरे दिल के हालत से अनजान सी मेरे ऊपर थोड़ी झुक गयी , उसके बाल मेरे चेहरे पर पड़ने लगे थे वही उसकी आंखे मेरे चेहरे पर जमी हुई थी जिससे उसका चेहरा मुझे साफ साफ दिख रहा था , वो खुश थी बहुत खुश थी …

“क्या बोलना चाहते थे “

उसकी बात से मैं अपने खयालो से निकल गया , मुझे क्या करना चाहिए???

मेरे सामने अब भी ये बड़ा सवाल था

“नेहा ,, मुझसे कुछ मत छिपाने सीधे सीधे एक सवाल का जवाब डौगी “

वो मुझे घूरने लगी

“क्या ?”

“क्या तुम मुझसे प्यार करती हो “

वो कुछ भी नहीं बोल पायी

“और है प्यार मतलब दोस्त वाला नहीं , तुम समझ गयी न मैं कोण से वाले प्यार के बारे में बात कर रहा हु “

वो स्तब्ध थी , अवाक थी , उसने कभी मुझसे ऐसे प्रश्न की अपेक्छा भी तो नहीं की थी …

“नेहा तुम्हारी आंखे बताती है की तुम मुझसे प्यार करती हो, और मुझे hi क्या सभी को ये पता है ,सस को भी “

उसने आश्चर्य से मुझे देखा , साथ hi उसके आँखों में थोड़ा गीलापन उतरने लगा,

“मुझे माफ़ कर दो “

नेहा के ऐसा कहने से मैं बड़े hi आश्चर्य में पद गया , ये मुझसे माफ़ी क्यों मांग रही है ???

“तुम मुझसे माफ़ी क्यों मांग रही हो “

“क्योकि मैंने ये भी नहीं सोचा की तुम मेरे बारे में क्या सोचते हो और मैं प्यार कर बैठी ,इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है, तुम ये सब इसलिए कर रहे थे न की मुझे दुःख न पहुंचे , मैं अब समझ गई , नहीं अंकित मुझे दुख नहीं होगा अगर तुम मुझसे प्यार नहीं करते तो कोई बात नहीं अगर तुम्हे सस hi पसंद है तो ठीक है कोई बात नहीं “

वो फफक उठी थी , ये लड़किया सच में समझ के बहार होती है , साला मैंने सोचा था की इसे आराम से समझा लूंगा और मैं hi फंस गया था, इसे अभी ये लगने लगा था की मैं जो यंहा आकर इससे प्यार भरी बाटे किया वो सब बस इसलिए क्योकि मैं इसे ना बोलने वाला हु ….

हद है mader***d

“नेहा तुम गलत समझ रही हो , मैं सच में सस से प्यार नहीं करता मैं तो …”

मैं कुछ बोल पता उससे पहले hi नेहा का रोना और जोरो का हो गया

“है अंकित ी लव यू … ी लव यू अंकित “

और उसने मेरा सर पकड़कर मेरे होठो को अपने होठो में दाल दिया , अब ऐसे सिचुएशन में मैं क्या कर सकता था ….:डेड:

मैंने होठ खोल दिए :विंक:

नारी को समझना मुश्किल hi नहीं नामुमकिन होता है अचानक अचानक से मूड में तबदीली हो जाती है ,,

हमारे होठ मिल चुके थे वो बहुत hi सिद्दत से मेरे होठो को लगभग खा hi रही थी , मैं भी बस उसका मजा ले रहा था

नाहा ने मन भरने तक मेरे होठो को चूमा और फिर

“ी ऍम सॉरी अंकित … मैं बहक गयी थी .”

उसकी इस हालत को देखकर मुझे बड़ा मजा ा रहा था

“अच्छा पहले मेरा रपे कर दो और फिर माफ़ी मांग लो “

मेरे आँखों और बातो में शरारत थी लेकिन नेहा की मनोदशा कुछ ऐसी थी की उसे ये बात समझ नहीं आयी , वो और भी घबरा गयी

“ी ऍम रियली सॉरी अंकित… मैं hi पागल हु, मैं पागल हुए जा रही हु”

उसकी ये हालत और मेरे लिए इतना प्यार देखकर मेरे दिल में भी उसके लिए एक फीलिंग सी उमड़ने लगी थी

मैंने उसके बालो में अपने हाथ को फंसाया और उसके चेहरे को अपनी और खिंच लिया वो कुछ बोल पाती उससे पहले hi हमारे होठ फिर से मिल चुके थे ………….

जब हमारी सांसे टूटने लगी तब हम अलग हुए

“ये क्या था अंकित “

मैं अब भी नेहा की गॉड में सोया हुआ था और हमारी नजरे एक दूसरे पर hi तिकी हुई थी

“तुम्हे क्या लगता है की क्या था “

नेहा मुझे ध्यान से देखने लगी

“अंकित मैं एक सीधी सधी सी लड़की हुई , मैं उन लड़कियों की तरह नहीं हु जो रोज hi बर्फ बदलते रहते है , मेरे लिए प्यार के बहुत मायने है , और मैं तुमसे बेपनाह प्यार करती हु , क्या इस किश को मैं तुम्हारे प्यार की हामी मन लू ….”

मेरे लिए ये बड़ी hi समस्या की घडी थी , मैं नेहा से झूठ नहीं बोल सकता था लेकिन सच बोलने से उसका जो दिल टूटता वो भी मुझे मंजूर नहीं था

“नेहा मैं तुम्हे बहुत hi पसंद करता हु, लेकिन मेरे लिए प्यार को समझ पाना अभी तो कठिन है, बस इतना समझ लो की तुम्हारे सूंदर चेहरे को देखकर मेरे दिल की धड़कने भी तेज हो जाती है, बस इतना समझ लो की तुम्हे रोटा हुआ देखकर मेरा भी दिल बैठ जाता है, बस इतना जान लो मैं तुम्हे हमेशा अपने पास चाहता हु , अगर ये प्यार है तो है मैं तुमसे प्यार करता hu,aur अगर ये प्यार नहीं है तो … तो शायद मुझे प्यार को समझने के लिए और भी समय चाहिए “

बात सीधे से कही जा सकती थी लेकिन जब सामने लड़की हो तो बात को घुमाकर hi बोलना चाहिए , क्योकि सीधी बात उनके समझ में जल्दी नहीं आती , और घूमओदार बातो को वो जल्दी समझ लेती है …. या शायद बिना समझे hi खुस हो जाती है :ः:

नेहा भी मेरी बात सुनकर खुश हो गयी

“ठीक है तुम्हे अगर टाइम चाहिए तो तुम टाइम लो , लेकिन अंकित मैं तुमसे बहुत प्यार करती हु ,,,”

उसने मेरे आँखों में देखते हुए कहा

“मैं जनता हु , तुम्हारी आँखों में दीखता है “



मेरी बात सुनकर उसने फिर से अपने होठो को मेरे होठो में मिला दिया ………..
 
अपडेट 35
अपने कमरे में लेता हुआ मैं छत को hi देख रहा था ,

मुझे पता hi नहीं चला की भाभी कब कमरे में आ चुकी थी , वो आकर मेरे बाजु में बैठ गयी और मेरे बालो में अपने हाथो को फेरने लगी …

“क्या हुआ बीटा , क्या सोच रहा है “

भाभी की बातो से मैं जैसे अपनी यादो से बहार आया

“कुछ नहीं भाभी बस मैं नेहा और सस के बारे में सोचा रहा था , आज नेहा ने मुझे प्रोपोज़ कर दिया “

“अच्छा और तूने क्या कहा “

मैंने भाभी को सब कुछ बता दिया था , उनके चेहरे में कई भाव आ जा रहे थे

“भाभी मुझे क्या करना चाहिए “

भाभी ने एक गहरी साँस ली

“मेरे ख्याल से तुझे नेहा को सब बता देना चाहिए”

“लेकिन इससे तो वो टूट जाएगी “

“है लेकिन फिर भी सम्हाल जाएगी, अगर उसे बाद में पता चला तो … ?”

“हम्म लेकिन भाभी मैं सस से भी दूर नहीं जाना चाहता और नेहा से भी नहीं ,,,”

मेरी बात सुनकर भाभी जोरो से हंस पड़ी

“वंहा बीटा , दोनों तरफ खेलना चाहता है “

मैं भाभी की बात को समझ गया था

“भाभी मेरी बात को समझो , मैं सिर्फ खेलना नहीं चाहता बल्कि सच में मैं दोनों को पसंद करता हु , और है दोनों को बस पसंद hi करता हु प्यार का पता नहीं, लेकिन इतना जरूर है की मैं आपसे प्यार करता हु “

भाभी ने मेरे सर पर एक चपत मार दी

“अब मेरी क्या जरुरत है तुझे, जिस्म की प्यास बुझाने के लिए सस और रानी है और प्यार देने के लिए नेहा , अब ये भाभी तेरे किस काम की “

भाभी की ये बात मुझे थोड़ी बुरी लग गई थी , मैंने उन्हें पकड़कर बिस्तर में लिटा दिया और खुद उनके ऊपर आ गया, वो इस अचानक हुए हमले से थोड़ी घबरा गयी थी

“सोनू ये क्या कर रहा है “

“ी लव यू भाभी “

मेरे होठ सीधे उनकी गर्दन पर पहुंच गए और भीगे होठो ने उनके गले को भी भीगा दिया ..

“सोनू ये गलत हो रहा है , नहीं “

वो छटपटाई जरूर लेकिन उनके ना में भी कोई डैम नहीं दिख रहा था

“भाभी ी लव यू भाभी “

मैं उनके कंधे को चूसने लगा था ,

“नहीं सोनू प्लीज “

इस बार भाभी की आवाज में एक मदहोशी सी आ चुकी थी , मैं अपने हवस की आग को थोड़ा सा सम्हाला और उनके चेहरे को देखने लगा , आँखों में आंसू की दो बुँदे और होठो का फड़फड़ाना उन्हें और भी हसीं बना रहा था ..

उन्होंने आंख खोलकर मुझे देखा , वो मेरे निचे बड़ी हुई थी , उनकी साड़ी का पल्लू मैंने दूसरे तरफ फेक hi दिया था जिससे उनके उन्नत दोनों स्तन साफ साफ तने हुए खड़े दिखाई दे रहे थे और ब्लाउज में सामने की कोशिस कर रहे थे लेकिन समां नहीं प् रहे थे , वही बाल अब तक की हमारी चुम्मा छाती में बिखर चुके थे ..

हम दोनों की hi सांसे तेज हो चुकी थी ..

मैंने बड़े hi प्यार से उनके मासूम से चेहरे को देखा , कितनी निर्दोष थी भाभी..

लेकिन कितनी कठोर भी , शायद वक़्त ने इनके जिस्म की कोमलता को और भी सवार दिया लेकिन मन की कोमलता को कठोर बना दिया था ..

जीवन भर इनहोने बस गरीबी और मेहनत hi देखि थी, और जब जवान हुई hi थी की एक हवसी कमीने के प्यार के जाल में फंस कर अपने जीवन को और भी बर्बाद कर लिया, और फिर मेरे कारन फिर से दुःख देखने पड़े , और अब जबकि कुछ ठीक होता मालूम हुआ तो पता चला की इन्हे उस बदले की आग में झोक दिया गया है जिसका इन्हे कोई इल्म hi नहीं था, जीवन के थपेड़ो ने इनके मन को कठोर कर दिया है लेकिन फिर भी मेरे लिए ममता का भाव आज भी इनकी आँखों में चमक रहा है … और मैं………??

अचानक hi मेरे मन में एक ग्लानि का भाव आ गया मैं प्यार को हवस की और ले जाने पर तुला हुआ था , लेकिन इस लिंग का क्या करू जो अभी भी ये सब सोचते हुए भी भाभी के मासूम से चेहरे और उरोजों (बूब्स) की कोमलता का अहसास करते हुए भाभी के जांघो के बिच साड़ी के ऊपर से hi सही लेकिन रगड़ खा रहा था और जितना वो रगड़ खता उतना hi और भी उत्तेजित होता जाता था ..

मैंने सर को थोड़ा सा झटका

“क्या हुआ सोनू तू आह “

भाभी कुछ बोलती उससे पहले hi मेरा लिंग फिर से रगड़ खा गया

“भाभी आप भी तो जवान हो , और क्या सच में आपको मन नहीं करता की .. “

मैं इतना बोलकर चुप हो गया , वो कुछ नहीं बोल प् रही थी उनका चेहरा ऐसा हो गया था जैसे वो अब तब रोने वाली हो लेकिन रो नहीं प् रही हो , जैसे वो मुझे अपने ऊपर से हटाना तो चाहती हो लेकिन हटा नहीं पा रही हो ..

“सोनू …”

उनके ऐसे चेहरे को देखकर तो मुझे उनपर और भी जयदा प्यार आ गया और जब उन्होंने मेरा नाम लिया , है.. क्या मदहोशी और कोमलता थी उनके आवाज में ..

मैंने झुककर सीधे उनके होठो को अपने होठो में लिया ,,,

उनके निचले होठ जो अभी फड़फड़ा रहे थे मैंने उन्हें अपने होठो में ले लिया था और बड़े hi आराम से चूस रहा था, भाभी कसमसाई और मेरे बालो को अपने हाथो में भर कर खींच लिया ..

इससे मुझे दर्द तो हुआ लेकिन इससे मैंने उनके होठो को छोड़ा नहीं बल्कि काट दिया ..

“ूऊमम्मठ”

भाभी की हलकी दर्द भरी सिसकी मेरे होठो में hi डाब कर रह गयी थी और उन्होंने और भी जोरो से मेरे बालो को अपने और खींच लिया …

मैंने सुना था की दर्द मजा देती है लेकिन दर्द उत्तेजना कोई बड़ा देती है ये अभी अभी जाना था , क्योकि भाभी मेरे होठो पर टूट hi पड़ी थी वो भी बड़ी hi उत्तेजना के साथ पूरी ताकत लगा कर मेरे होठो को चूसे जा रही थी ..

दोनों hi फिर से मग्न हो गए थे दुनिया दारी और चिंताओं से परे हटकर खो गए थे , एक अजीब सी दुनिअय में जिसे लोग हवस की दुनिया कहते है तो कोई प्यार की ..

मुझे नहीं पता था की ये क्या है लेकिन मैं ये करना चाहता था भाभी ये करना चाहती थी और इसके अलावा मुझे और किसी चीज की परवाह नहीं थी ..

होठो को चूसते हुए मेरे हाथ भाभी के उन उरोजों (बूब्स0 पर चले गए जो मेरे लिए ममता के प्रतिक हुआ करते थे , आज मैं उसे hi बड़े hi आराम और प्यार से मसल रहा था , ब्लाउज के ऊपर से hi मेरे हाथ उन बड़े बड़े ामो को मसल रहे थे , और धीरे से मेरे हाथो ने वो हुक खोल hi दिया जिससे वो ब्लाउज उन स्तनों को सम्हाल कर रहे हुए था , ब्लाउज तो खुल गया और दोनों तरफ फ़ैल गया लेकिन अभी एक और वस्त्र मेरे और मेरे भाभी की ममतामयी उरोजों के बिच था जिसे लोग ब्रा कहा करते है , लेकिन फिर भी मैं उनकी कोमलता का अहसास तो कर hi पा रहा था और साथ hi साथ मेरी उत्तेजना का भी ..

जिस्म एक दूसरे में घुलने को हुए जा रहे थे आज तो हर दिवार का गिरना तय था ,

आज मैं भाभी को अपना बने में कोई भी कसार नहीं छोड़ना चाहता था मैं चाहता था की आज तक जीतनी ममता उन्होंने मुझे दी है मैं उससे कही जायदा उनको प्यार दे दू , आज उनके जिस्म के हर हिस्से को मैं अपने होठो से भिगो दू ..

लेकिन ………..

मेरा मोबाइल जोरो से बजने लगा ..

पहले रिंग में मैंने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी , लेकिन वो फिर से बजने लगा

“सोनू सोनू किसी का कॉल आ रहा है “

भाभी ने मुझे अपने से हटाया ,

ये मादरचोद कॉल अभी आना था ..

मेरा दिमाग hi ख़राब हो गया .. बड़े hi मुश्किल से अपना हाथ मोबाइल तक लाया लेकिन no. नोन था

“छोडो न भाभी होगा किसी का मैंने उनके वक्षो पर अपने होठो को रख दिया लेकिन मोबाइल फिर से बजने लगा , इस बार मैंने फ़ोन उठा लिया और स्पीकर में दाल दिया ..

“hello कोण है “

मेरी सांसे बहुत hi तेज चल रही थी तो मैंने अपने साँस को थोड़ा सम्हालता हुए कहा

“तेरा काल शिवा “

“क्या ??”

मैं और भाभी दोनों hi बुरी तरह से चौक गए थे ..

“तू जिस आग से खेल रहा है उससे खेलना छोड़ दे , वर्ण तेरा भी वही हश्र होगा जो उन दोनों का हुआ है “

उधर से एक मर्द की आवाज आयी , आवाज बहुत hi भरी थी

“तुम.. तुम ये क्या कह रहे हो मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है “

मेरे मैथ में पसीना आ चूका था मैं अभी भी भाभी के ऊपर hi पड़ा हुआ था लेकिन लिंग पूरी तरह से मुरझा गया था .

“जिस लड़की के तू बहुत नजदीक जा रहा है , वो तुझे काल तक ले जाएगी , उसके पास जाने की कोशिस मत करना वर्ण तेरा भी वही हाल होगा जो दोनों का किया है , देखा तो होगा न तूने … वो मेरी है सिर्फ मेरी “

उसके इतना बोलने पर मैं और भाभी दोनों hi एक दूसरे को देखने लगे

“कोण..?? कोण लड़की ..”

लेकिन इतने के बाद उधर से कॉल काट चूका था …

मेरे माथे में तो पसीना था hi लेकिन भाभी का भी वही हाल था ..

“ये किस लड़की की बात कर रहा है भाभी ??“

“अरे मुझे क्या पता .. तू किसके किसके साथ है ..शायद नेहा ??”

मैंने एक गहरी साँस ली और थोड़ा शांत हुआ ..

“नहीं भाभी नेहा नहीं , नेहा ऐसे मामलो से कोशो दूर है , ये शायद सस के बारे में बोल रहा होगा क्योकि पहला खून जिसका हुआ वो भी सस के पिता का खास था , हो सकता है की सस से उसका कोई सम्बन्ध रहा हो और दूसरा तो सस का बर्फ था hi ..”

भाभी ने भी हां में सर हिलाया ..

“लेकिन सोनू ये भी मत भूल की तूने आज hi नेहा को किश किया और आज hi ये कॉल आया “

“ये इत्तफाक भी तो हो सकता है न , ऐसे भी दोनों मर्डर से नेहा का दूर दूर तक कोई कनेक्शन hi नहीं है “

भाभी ने थोड़ा गुस्से से मुझे देखा

“नेहा उतनी भी सरीफ नहीं है जीतनी तू उसे समझता है , मैंने उसके बारे में पता किया है और वो अपने पिता के खूनियों का बदला लेने के लिए उबाल रही है … हो सकता है की तिवारी तक पहुंचने के लिए उसने भवानी या उस लड़के विजय मल्होत्रा का इस्तमाल करने की सोची हो और खुनी जैसा की इसने कहा की इसका नाम शिव है ने उन दोनों को नेहा के पास जाने के कारण hi मार दिया हो “

मैंने अपना सर पकड़ लिया अब तक हम दोनों hi बैठ चुके थे , मूड की माँ बहन तो हो hi चुकी थी ..

“लेकिन जंहा तक मुझे पता है खून तो किसी लड़की ने किया है “

मैं धीरे से बोलै

“आज कल की टेक्नोलॉजी का क्या पता बीटा, मर्द भी तो हो सकता है और किसी तरह ऐसा दिखा दिया गया हो की किसी ायरत ने खून किया है “

भाभी की बात भी सही थी आज कल की टेक्नोलॉजी का कोई भरोषा नहीं है ..

“काम से काम ये no, ट्रेस करवाते है की कहा से कॉल आया होगा “

मैंने अपने मोबाइल में मश्ग टाइप करना शुरू किया

“किसे मश्ग कर रहा है “

“उन्हें जो no. को ट्रेस कर सकते है , सेक्रेटे सर्विस वाले “

मैंने पूर्वी और काजल दोनों को वो no. भेज दिया था …….

भाभी मेरे पास से उठ चुकी थी और मेरे लिए भी एक गिलास में पानी ले आयी ..

तभी मेरा मोबाइल फिर से बजा ..

इस बार सस थी ..

“अब इसे क्या हो गया “

भाभी ने जब मोबाइल में no. देखा तो उनके होठो में मुस्कान आ गयी …

“उठा भी ले “

मैंने पानी पिटे हुए मोबाइल को स्पीकर में दाल कर कॉल उठा लिया

“बेबी आज क्यों नहीं आये “

उसकी आवाज की मदहोशी सुनकर मुझे अपनी गलती का अहसास हुआ मैंने खामखा hi कॉल स्पीकर में दाल दिया था

“बस आज नहीं आऊंगा “

भाभी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी

“सुनो न मेरे पापा ने तुम्हे घर बुलाया है , कल ..”

“व्हाट …व्हाई ???:?:”

“बोल रहे थे कोई इमरजेंसी काम है तुमसे , अर्जेन्ट में बुलाया है …कल सुबह आ जाना साथ hi चले जायेंगे “

“हम्म ोकक …. अभी मैं रखता हु “

और मैंने कॉल रख दिया , अब साला ये तिवारी को क्या हो गया जिसने मुझे एमेर्जेंस में बुलाया है ???

मैंने भाभी को देखा उनके चेहरे में भी वही चिंता के भाव थे , तभी मेरे मोबाइल पर पूर्वी और काजल के थे ..

“क्या पढ़ रहा है “

“no. जो ट्रेस करने के लिए दिया था वो एक इंटरनेट से किया गया कॉल था और उसका लोकेशन अभी सऊदी अरब का दिखा रहा है … वो लोग बोल रहे है की लोकेशन और no. दोनों hi फर्जी है तो इसे ऐसे ट्रेस नहीं किया जा सकता , वो आस पास hi कही होगा, उसे ट्रेस तभी किया जा सकेगा जब हम बात कर रहे हो , अगली बार जब कॉल करे तो इन्फॉर्म करने के लिए बोलै है “

भाभी के चढ़े में बेचैनी दिखाई दे रही थी

“वो लड़की कौन हो सकती है सोनू ..?”

भाभी ने फिक्र करते हुए कहा

“शायद सस hi हो , या जैसा आप बोल रही हो नेहा भी हो सकती है … कही रानी तो नहीं , रानी के साथ भी आज hi तो ..”

मैं इतना बोलकर चुप हो गया था

“नहीं रानी नहीं हो सकती उसका आखिर उन लोगो से क्या सम्बन्ध “

“सम्बन्ध तो कैसे भी हो सकता है , हो ये भी सकता है की हम जैसा इसे सोच रहे हो वैसा हो hi नहीं , हो सकता है की ये तिवारी के करीबियों का मामला hi न हो बल्कि और कुछ hi मामला हो …”

“है ये भी हो सकता है , ऐसे भी उसने तेरा नाम क्यों चुराया “

“हो सकता है की उसका नाम भी शिवा hi हो ..”

“हो सकता है लेकिन मर्डर का स्टाइल सकती गैंग वाला क्यों ..??”

मैं सोच में पद गया था ..

“छोडो न भाभी , कोई भी हो साला और कोई भी हो वो लड़की “

मैंने बेफिकरी से कहा

“नहीं सोनू अब अलर्ट रहना होगा…”

मैंने हां में सर हिलाया ……

“चल अब सो जा “



भाभी ने मेरे बालो में हाथ फेरना शुरू कर दिया था और मैं उनके गॉड में सर रखे आंखे बंद कर सोने लगा था , साला आज क्या सोचा था और क्या हो गया, पूरी उत्तेजना hi शांत हो चुकी थी ………
 
अपडेट 36
“आखिर तुम्हे कोई तो आईडिया होगा की तुम्हारे पापा ने हमें क्यों बुलाया है “

मैं सस के साथ उसकी गाड़ी में बैठा हुआ था, सुबह जल्दी आने को बोलकर हम 10 बजे उसके घर जा रहे थे, मैं 7 बजे से उसके पास पंहुचा था और 2 घंटे ताबड़ तोड़ सेक्स करने के बाद सस को चैन मिला था ..

“अरे चलोगे तो खुद hi पता चल जायेगा न “

“हम्म “

“क्या हुआ खोये खोये लग रहे हो “

सस को मेरे मन की दशा का भान तो हो hi गया था

“बस यार थोड़ा परेशां हु , हमारे बिच ये जो हो रहा है क्या ये सही है ??”

सस मेरी बात सुनकर जोरो से हंसी

“क्यों नेहा ने कुछ कहा क्या ??”

सस के ऐसा बोलने पर मैं उसे ध्यान से देखने लगा ,

“अरे यार मैं अब तुम्हे समझने लगी हु , सो don’t वोर्री … मैं जानती हु की नेहा तुम्हे प्यार करती है और तुम भी उसे पसंद करते हो “

“ओह्ह है मैं नेहा को पसंद करता हु लेकिन प्यार ??? ी don’t क्नोव”

सस के चेहरे में मुस्कान और भी गहरी हो गयी

“तो प्यार किस्से करते हो … मुझसे ?”

“ी don’t क्नोव “

सस शांत हो चुकी थी , मुझे लगा की शायद मैंने कोई गलत बात कह दी

“सॉरी यार”

मैंने उसे मानाने के लिए कहा, और उसने एक गहरी साँस छोड़ी

“कोई बात नहीं , ी लव यू .. और मैं तुम्हे नेहा के साथ शियर कर सकती हु “

“क्या ?? “

सस जोरो से हंसी ..

“है बिलकुल और मुझे कोई कुछ बोलेगा भी नहीं “

“मतलब ??”

“मतलब की अगर कोई लड़का अपनी गफ को किसी दूसरे लड़के के साथ शियर करे तो लोग उसे चुटिया या ककोल्ड वगैरह कहते है , लेकिन मजेदार बात ये है की लड़किया अगर अपने बर्फ को किसी दूसरे लड़की के साथ शियर करे तो लोग लड़के को खुशनशीब कहते है , और लड़की को भी कोई गली नहीं पड़ती …:ः: “

(समझ तो गए होंगे की मैं क्या कह रहा हु :डी)

“है समाज हमेशा से दोहरी मानसिकता का रहा है , वो हमेशा hi लड़कियों और लड़को को अलग अलग मापदंडो में मापता आया है , शायद समाज को यही लगता है की लैंड कभी नहीं घिसता लेकिन चुद घिस जाती है ….“

मैंने भी सस की बात का समर्थन किया , और दोनों hi जोरो से हंस पड़े …

“तो मैं कह रही थी की मैं तैयार तू , तुम अगर चाहो तो नेहा के साथ रहो या किसी और लड़की के साथ लेकिन मेरा साथ मत छोड़ना “

सस ने अपना हाथ मेरे हाथो में रख दिया था , ऐसी बिगड़ैल लड़की को इस तरह की बात करते देखना भी अपने आप में एक सुखद अहसास था ..

“मैं तुम्हारा साथ नहीं छोडूंगा सस , लेकिन मुझे ये समझ नहीं आता की नेहा तुम्हारे बारे में जानकर कैसा रियेक्ट करेगी “

मेरी बात सुनकर सस ने एक गहरी साँस ली

“तो उसे बताना hi मत ..”

“ नहीं यार वो अच्छी लड़की है और मैं उसे अँधेरे में नहीं रख सकता , वो मुझसे बहुत प्यार करती है सस , मैं उसका दिल भी नहीं तोड़ना चाहता और उसे सब सच भी बताना चाहता हु ..”

सस भी थोड़ी गंभीर हो गयी थी

“मेरे ख्याल से तुम्हे हम दोनों में से एक को hi चुनना पड़ेगा क्योकि नेहा मुझसे बेहद नफरत करती है ..”

सस बस इतना बोलकर hi शांत हो गयी थी ,और मेरे पास उसकी इस बात का कोई भी जवाब भी तो नहीं था ………

सस का घर आ चूका था वंहा हमें एक कमरे में ले जाया गया जंहा जाकर मेरे एक और सरप्राइज मिला …

वंहा तिवारी के साथ उसके कुछ खास व्यक्ति बैठे हुए थे हमें भी पास hi बिठाया गया था , मेरे सामने जो बैठी थी उसे देख देख कर मैं असहज हो रहा था लेकिन उसके चेहरे में बस मुस्कान थी ..

“काजल जी ये सस का बॉडीगार्ड है अंकित..”

तिवारी ने काजल से मेरा इंट्रोडक्शन करवाया

“हम्म मैं इसे जानती हु तिवारी जी , आप से जुड़े हुए हर शख्श की जानकारी मैंने निकाल ली है “

काजल की बात सुनकर तिवारी के चेहरे में आया चिंता का भाव थोड़ा काम हो गया और एक मुस्कान उसके होठो में आ गयी

“इसीलिए तो ये काम आपको दिया हु , आपको अपने काम में महारथ हासिल है .. फिर भी अफ़सोस की कातिल अभी भी पकड़ा नहीं गया ..”

तिवारी के चेहरे पर फिर से चिंता के भाव आये

“कातिल इतना शातिर है की शायद हमारे बिच रहकर भी हमारी नजरो में नहीं आ रहा है “

काजल की इस बात से मेरे माथे पर पसीने आ गए , उसने ये बोकर मुझे और सस को hi घुरा था ..

“मतलब ??”

“मतलब की कातिल का मकशद जब तक ना पता चल जाए तब तक कातिल को पकड़ना भी मुश्किल होगा ….”

काजल की बात सुनकर तिवारी ने बस हां में सर हिलाया और मेरी तरफ देखने लगा

“3 दिन बाद सस की बिरथ डे पार्टी है, हर साल की तरह इस साल भी हम इसे धूम धाम से मानना चाहते है , हमने तुम्हे यही कहने के लिए बुलाया है की तुम सिक्योरिटी टीम और काजल जी के साथ मिलकर वयवस्था देख लो , मुझे कोई भी गड़बड़ नहीं चाहिए.. सस के साथ तुम्हे hi रहना है तो सब समझ लो …”

मैंने हां में सर हिला दिया और तिवारी वंहा से निकल लिया …..

“तो आपको क्या लगता है की मुझे कॉल करने वाला कौन होगा ??”

मैंने काजल से तब पूछा जब हम दोनों को थोड़ा एकांत मिला, रत में hi मैंने उनके कहने पर वौइस् रिकॉर्डिंग भी भेज दी थी ..

“वाला या वाली ये तो कहना मुश्किल है ..”

“क्या??”

काजल ने एक और बम फोड़ दिया था

“मतलब ये की जो लड़के की वौइस् लग रही थी वो कंप्यूटर से गेनेराते की गयी है, बहुत हद तक थोड़ा रोबोटिक टोन भी मौजूद है , तो ये तो कोई भी कर सकता है वो लड़का भी हो सकता है और लड़की भी “

“लेकिन उसने मुझे एक लड़की से दूर रहने के लिए क्यों कहा ??”

“है ये पॉइंट की बात है की वो कौन सी लड़की है जिसका सम्बन्ध भवानी और विजय मल्होत्रा के मर्डर से है …?”

“मुझे तो सस hi लग रही है “

मैंने सस की और देखा जो की किसी के साथ डेकोरेशन की बात करने में बिजी थी

“सबसे पहली सस्पेक्ट हो सस hi वो लड़की हो सकती है लेकिन तुम्हारे जीवन में आने वाली दूसरी लड़कियों को भी तो हम नहीं छोड़ सकते , कौन कौन ऐसी लड़किया है तुम जिनके करीब हो..”

ये बोलते हुए काजल के होठो पर मुस्कान खिल गयी थी

“हम्म सस , नेहा .. और कौन..”

काजल ने मुझे ऐसे घुरा जैसे मेरे मन की गहराई तक झांक रही हो

“और कोई तो और है जिसे तुम मुझसे छिपा रहे हो , देखो अंकित छुपाना सही नहीं है बता दो तो शायद हमारी कोई मदद हो जाए “

“रानी …”

“रानी कौन ??”

“सम्पत की गफ ..”

“ओह्ह और “

“बस और कौन “

काजल के होठो में के मुस्कान गहरा गयी थी

“कोई तो और है .. तुम्हरी आंखे बता रही है “

उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा झेप सा गया था

“नहीं तो ..”

“हुम्म्म बता दो अंकित “

मैंने आस पास देखा और धीरे से कहा

“मेरी भाभी “

काजल का तो मुँह hi खुल गया था , लेकिन अचानक वो सम्हाल गयी

“चलो कोई नहीं , तब तो ये फ़ोन कॉल सच में बहुत hi इंटरेस्टिंग है … हमें इन चारो लड़कियों पर नजर रखनी पड़ेगी , और पता करना होगा की आखिर इन खून से इनका सम्बन्ध क्या है “

मैंने उसकी बात सुनकर एक गहरी साँस ली

“कितनी मजेदार बात है न ..”

काजल मुझे देखने लगी

“क्या ..??”

“यही की ये चारो hi इन मर्डर्स की सस्पेक्ट्स है “

“तुम्हे किसने कहा.. पूर्वी कहती है की भाभी मैं सस्पेक्ट है , तुमने सस को कहा , भाभी ने नेहा पर िजाम लगा दिया क्योकि वो मुझसे बहुत कुछ छुपा रही है और उसके पास सबसे बड़ी वजह है ..”

“और रानी ..”

मेरे चेहरे में मुस्कान आ गयी

“रानी बस ऐसे hi ,मेरा जिनसे सम्बन्ध है वो सभी जब इसमें शामिल हो रहे है तो फिर रानी को क्यों छोड़ा जाए “

मेरे साथ साथ काजल भी हंस पड़ी थी …..

सिक्योरिटी के इंजाम को मैं अच्छे से समझ चूका था, और काजल मुझे और भी नए नए चीजों की जानकारी दे रही थी ..

“तो क्या लगता है अंकित ये पार्टी कुछ खास होगी या फिर नार्मल रहेगी “

आखिर कार जाते जाते काजल ने पूछ hi लिया

“मैं आपका मतलब नहीं समझा “

उसने एक गहरी साँस ली

“मतलब की जो शिवा तिवारी के नाक में डैम किये हुए है वो पार्टी में आएगा , आएगी या नहीं ….”

काजल ये कहकर थोड़ा मुस्कुराने लगी साथ hi मैं भी

“मेरे लिए तो ये पार्टी खास है क्योकि पहली बार मैं सही टूर में इसमें बॉडीगार्ड का काम hi करूँगा .. और आएगा या आएगी की नहीं ये तो आप मुझसे जयदा अच्छे से बता सकती हो , आखिर मशहूर इन्वेस्टिगेटर तो आप हो ..”

हम दोनों hi हंस पड़े ..

“मुझे लगता है की शिवा का कहर पार्टी में भी भरसेगा … ये खास मौका होगा उसके लिए भी और हमारे लिए भी ..”

मैं बस काजल को देखता hi रह गया ..

“सो बे केयर फुल “

मैंने बस हां में सर हिलाया ………
 
अपडेट 37
“अंकित हो सके तो तुम 2 दिन यही रुक जाओ और इस पार्टी की बात अपने तरफ से किसी को मत बताना , क्योकि जिसे हम धुंध रहे है वो हो न हो तुमसे hi जुड़ा हुआ है “

काजल ने जाते जाते कहा , मैंने है में सर हिलाया

“बेबी आज रत मेरे साथ hi रुक जाओ न “

सभी के जाने के बाद सस ने मुझसे कहा था …

अब मेरे पास एक नयी समस्या आकर कड़ी हो गयी थी एक तरफ भाभी थी तो दूसरी तरफ सस …

रत दोनों के साथ मस्ती में बिट सकती थी , मुझे भाभी को hi चुनना था लेकिन फिर काजल की भी बात दिमाग में आ रही थी …

क्या किया जाए ???????????

आखिर मैंने सस से कहा की मई रत में उसके पास आ जोगना ..

और मैं सीधे hi घर के लिए निकल गया ..

“मां भाभी कहा है ??”

पुरे हवेली को छान मार लिया लेकिन भाभी का कही अत पता नहीं था ..

“अरे सभी महिलाये कुछ शॉपिंग करने गयी हुई है , shobha(jiva/kalwa की बीवी) और रानी भी साथ गयी है “

“ओह्ह तो कब तक लौट कर आएँगी ..”

मां ने मुझे थोड़ा घर कर देखा

“देखो बीटा महिलाओ का काम है कुछ कहा नहीं जा सकता न “

मेरे चेहरे में एक परेशानी वाला भाव आ गया था

“क्या हुआ ??”

मां ने मुझे देखकर पूछा

“कुछ नहीं मां वो मैं आज रत अपनी एक दोस्त के पास रुकना चाहता था तो भाभी को बता देता “

सम्पत के चेहरे में मुस्कान आ गयी

“अच्छा वो तिवारी की लौंडिया “

जिस तरह से मां ने ये कहा था मुझे वो अच्छा तो नहीं लगा लेकिन क्या करे लोगो की सोच को तो नहीं बदला जा सकता था..

मैंने हां में सर हिलाया और उन्होंने अपना मोबाइल निकला

“रानी के मोबाइल में कॉल लगा देता हु बात कर लो “

थोड़ी देर बात करने के बाद फ़ोन मुझे दिया गया

“hello भाभी , आप लोगो को आने में कितना समय लगेगा “

“क्या हुआ सोनू .. कोई काम था क्या “

“है मैं सोच रहा था की आज रात … असल में वो .. सस ने बुलाया था “

मुझे समझ hi नहीं आ रहा था की मैं भाभी से क्या बोलू, ये बोलू की आज रत मैं आपके साथ वो सब करना चाहता हु और इसलिए मैं सस के पास ना जाकर आपके पास रुकना चाहता हु ???

“है अच्छा है चले जाओ ऐसे भी मुझे आज लेट हो जायेगा , थोड़ा काम है हम लोगो का तो 2 दिन बिजी रहेंगे थोड़ा “

भाभी ने तो मेरे सरे अरमानो पर hi पानी फेर दिया था ..

“आप लोगो का क्या काम है भाभी ??”

“बीटा वो शोभा ममी का कुछ काम है , तू आराम से सस के पास चले जा..”

अब भाभी जो तो किसी काम में बिजी हो गयी थी तो मैं भी देर न करते हुए सस के पास चला गया, शाम को सस ने मेरे लिए, मेरे मन करने के बाद भी अच्छी खासी शॉपिंग करवा दी..

सुबह फिर से तिवारी के घर जाना हुआ और फिर सस के साथ hi रत बीती ..

बर्थडे पार्टी की सुबह से हम तैयार होकर तिवारी के बगले में चले गए थे , जैसा की स्टेट मिनिस्टर और पूर्व गैंगस्टर बाहुबली दयानन्द तिवारी के बेटी का बर्थडे था , सिक्योरिटी अच्छी खासी थी , काजल भी दोपहर में आ चुकी थी ..

जबकि सस आज दिन भर तैयार होने में लगाने वाली थी मैं काजल के साथ hi था ..

“ये पार्टी बस एक दिखावा है , असल में यंहा एक तरह से एक शक्ति प्रदर्शन होने वाला है “

मैं और काजल बंगले गार्डन में बैठे कॉफ़ी पि रहे थे ,,

“आपको ऐसा क्यों लगता है ..”

मैंने किसी ट्रेनी के जैसे उनसे प्रश्न किया

“यार कोई बर्थडे की पार्टी के लिए ऐसा खर्च करता है क्या …”

काजल ने आस पास देखते हुए कहा , सच में बर्थडे पार्टी के हिसाब से बहुत hi खर्च कर दिया गया था ..

“अब तिवारी जी के पास तो इफरात कला पैसा है उसे क्या फर्क पड़ता है “

मैंने भी आस पास देखते हुए कहा

“है वो तो सही है लेकिन फिर भी , गुस्त लिस्ट देखि है ,, 500 लोग इन्वितेद है ..अधिकतर विप और व्विप लोग है , जिसका बर्थडे है उसके दोस्तों का तो नाम भी नहीं है .. मतलब ये पार्टी सस के लिए बल्कि तिवारी ने अपने लिए दी है … ताकि वो अपने लोगो को ये समझा सके की उसके वफादार लोगो का लगातार क़त्ल होने के बाद भी वो पावरफुल है “

“उह लेकिन इससे ये कैसे पता लगेगा की वो पावरफुल है “

“अभी इलेक्शन आने वाले है, तो सभी पार्टीज में इलेक्शन फण्ड की मारा मरी रहती है , यहाँ भी बड़े बड़े इंडस्ट्रीज के मालिक आएंगे … अभी तिवारी की वजह से पार्टी की बदनामी हो रही है की जो अपने hi आदमियों को प्रोटेक्शन नहीं दे सकता वो दुसरो को क्या देगा , और इसीलिए तिवारी इस पार्टी के माध्यम से ये शाबित करने की कोशिस करेगा की अभी भी उसका वो रुतबा कायम है और साथ hi अभी भी तो पावरफुल है … अगर इस पार्टी में कुछ हो गया न बीटा जैसे की मुझे अंदाजा है तब तो तिवारी की पूरी शाख hi धरी की धरी रह जाएगी ……”

अब मुझे पूरा गेम समझ आने लगा था

“ओह्ह तो ये बात है , इसलिए तिवारी ऐसे फड़फड़ा रहा है ..”

“हम्म और तुमने इस पार्टी के बारे में किसी को बताया तो नहीं था न ,,”

“नहीं अभी तक तो नहीं “

“ोकक तब तो अच्छी बात है “

“क्या??”

“यही की तुमसे रिलेटेड जो भी इस पार्टी में आएगा समझ जाना की उसमे कोई तो प्रॉब्लम है …”

काजल की बात सुनकर मैं हंस पड़ा था …

********

शाम हो चूका था और पार्टी अब थोड़े hi देर में शुरू होने वाली थी मैं बतइहे बैठे बोर हो रहा था क्योकि सस अपने कमरे में बैठी मेकअप करवा रही थी , ऐसे मैं भी वंहा रह सकता था लेकिन लड़कियों की chak-chak के बिच कौन जाए ..

मैं बहार hi बैठा हुआ था तभी मुझे सागेर दिखाई दिया ..

सागेर सस का भाई था तिवारी जी का बड़ा बीटा , वो हमसे कुछ 3-4 साल का बड़ा रहा होगा , देखने में किसी दानव से काम नहीं लगता था और साथ hi साथ बहुत गुस्सैल भी था, सस ने मुझे बताया था की उसकी सागेर से नहीं जमती ..

सागेर सस के कमरे की और hi जा रहा था , मुझसे आँखे मिलते hi उसने बहुत hi अजीब सा मुँह बनाया जैसे कोई गन्दी चीज देख ली हो ..

‘साला हराम का पिल्ला ‘ मैंने मन में hi कहा ..

वो जाकर सस का दरवाजा खटखटाने लगा …

दरवाजा तो नहीं खुला लेकिन मेरे मोबाइल में सस का कॉल जरूर आ गया

“hello ..”

“ये हरामी यंहा क्या कर रहा है..”

सस बहुत hi गुस्से में लग रही थी

“अरे तेरा भाई है तू जान ..”

“वो साला मेरा कोई भाई वे नहीं है , तुम उसे मेरे दरवाजे से हटाओ “

सस की बात मुझे थोड़ी अजीब लगी , कौन भाई बहन एक दूसरे के लिए ऐसी बाटे करते है .. लगता था की सस उसे बिलकुल भी पसंद नहीं करती थी ..

“तो मैं क्या करू “

“उसे वंहा से हटा और तू अंदर आ जा “

मैंने गहरी साँस ली अब साली जबरदस्ती वाली नौकरी भी तो कर रहा था …

“सागेर भैया ,क्या हुआ यु दरवाजा क्यों पिट रहे हो “

सागेर ने मुझे घुरा ..

“सेल नौकर है नौकर की तरह hi रह, भाग यंहा से “

उसकी बात मेरे दिल में लग गयी लेकिन फिर भी मैंने गुस्से का घुट पि hi लिया

“मैं सस का बर्फ हु सेल साहब, और बॉडीगार्ड भी “

इस बार मैं गुर्राया था , लेकिन सागेर ने जैसे hi मेरी बात सुनी उसने मेरा गाला जोरो से पकड़ लिया था ..

अब मुझे उसके ताकत का अहसास हो रहा था उसकी पकड़ बहुत hi मजबूत थी और साथ hi साथ वो इतना ताकतवर था की उसने मुझे जमीं से ऊपर उठा दिया था ..

“मन की वो रंडी है लेकिन मैं ये बर्दास्त नहीं कर सकता की तेरे जैसा कोई भी कुत्ता उसपर छाडे ..”

सागेर की आवाज तेज थी वो ऐसे गुर्राया था जैसे कोई भूखा शेर हो ..

तभी तेजी से दरवाजा खुला ..

“सागेर निचे रख इसे ..”

सस ने भी चिल्ला कर कहा

“साली रंडी , तेरा स्टैण्डर्ड इतना गिर जायेगा मैंने सोचा भी नहीं था .. ऐसे भिखारी कुत्ते से अपनी चुद मरवा रही है .. मुझमे क्या कटा लगा है …”

सागेर की बात सुनकर जंहा मेरे होश hi उड़ गए थे वही सस की आँखों में आंसू आ गए थे लेकिन उसके चेहरे में आया गुस्सा बिलकुल भी काम नहीं हुआ ..

“क्योकि मैं इससे प्यार करती हु और ये तेरे जैसा शैतान नहीं है जो अपनी hi बहन का बलात्कार करे ..”

सस की बात सुनकर मुझे लगभग सारा माजरा समझ आ गया था , और मुझे सस के चेहरे को देखकर एक दर्द की भी फेल्लिंग सी हुई ..

और मैंने अपना पेअर जोरो से चला दिया जो की सीधे जाकर सागेर के पेट में लगा ….

इससे सागेर की पकड़ थोड़ी कमजोर हुई और मुझे मौका मिल गया, सस के आंसू और सागेर के बोले गए शब्द hi काफी थे इस कुत्ते को मरने के लिए, सस जैसी भी थी लेकिन एक लड़की थी और मेरी अच्छी दोस्त भी , और इस बत्तमीजी की सागेर को सजा तो मिलनी hi चाहिए थी ..

मैं उसके कंधे को पकड़कर उछाल गया और अपने घुटने को सीधे सागेर के जबड़े में दे मरा …

ये वार बहुत hi सही था , वो दर्द से तिलमिला गया था , उसने मुझे छोड़ दिया , अब मैं मूवमेंट करने के लिए फ्री था , मेरे वार से उसके मुँह से खून आने लगा था वो हल्का सा झुक कर अपने मुँह कोई सम्हाल रहा था तभी मैं फिर एक बार घुमा और अपने लात सीधे उसके चेहरे में दे मारा , मैंने एक भरी जूता पहन रखा था जिसके सोले बहुत hi मजबूत और कठोर था ..

जुटे से सागेर के चेहरे में निशान hi पद गया था , उसके गाल और माथे में हलकी सी खरोंचे भी आ गयी थी ..

“मादरचोद ..”

वो जैसे hi थोड़ा सम्हाला वो मुझपर झपटने को हुआ ..

लेकिन मैं पहले से hi सतर्क था मैं झुका और पैरो से उसके पैरो पर वार कर दिया जिससे वो लड़खड़ाता हुआ गिरने लगा लेकिन तभी ……..

तभी उसे किसी ने सम्हाल लिया था ..

“अंकित पागल हो गए हो क्या ये क्या कर रहे हो “

ये काजल थी जिसने सागेर को सम्हाला था

“आप बिच में मत आओ इस सेल को तो आज मैं बताता हु की मर्द होना क्या होता है , बहुत मर्दानगी चढ़ी है न इसपर जो अपनी hi बहन के साथ …”

मैंने इतना hi बोलै था लेकिन फिर काजल ने सागेर को अपने पीछे छिपा लिया और एक बार सस की और देखा जो की मुँह छिपाये रो रही थी ..

“ठीक है ठीक है , अभी ये माहौल नहीं है जो ये सब बात किया जाये … अंकित तुम शांत हो जाओ और सागेर तुम जाओ यंहा से “

काजल की बात सुनकर मैं थोड़ा शांत हो चूका था

“तू इस रैंड और इस कुत्ते की तरफदारी कर रही है साली ..”

सागेर और कुछ बोल पाए उससे पहले hi काजल ने उसके गलो में एक जोरदार झापड़ झाड़ दिया ….

“चुप चाप निकलेगा या नंगा करके तेरे बाप के पास ले जाऊ तुझे … क्या उसे पता है की तूने अपनी बहन के साथ क्या किया है ..”

अपने बाप का नाम सुनकर अचानक से hi सागेर ठंडा पद गया था .. उसने एक बार गुस्से से हम सभी को घुरा और वंहा से तेजी से निकल गया ..

सस के कमरे के अंदर भी सभी लोग खड़े हुए ये तमाशा देख रहे थे जो की सस का मेकअप करने वंहा आये थे , उन्हें जैसे इस बात से कोई फर्क नहीं पद रहा था शायद वो ये सब पहले भी देख चुके थे ..

काजल और मैं भी कमरे में सस के साथ आ गए ..

“हमें थोड़े देर के लिए अकेला छोड़ दो “

सस के कहने पर सभी लोग वंहा से चले गए , अब कमरे में सिर्फ मैं सस और काजल hi बचे थे …..

काजल ने सस के कंधे पर अपना हाथ रखा , वो रट हुए काजल से लिपट गयी ..

“मैं सागेर भैया से बहुत प्यार करती थी , वो भी मुझे बहुत प्यार किया करते थे लेकिन जैसे जैसे मैं बड़ी होती गयी और उनको ड्रग्स की लत लगने लगी उनका मुझे देखने का नजरिया hi बदलने लगा ..वो मुझे बार बार ी लव यू बोलै करते थे लेकिन उनकी आवाज में वो प्यार नहीं होता था जो पहले हुआ करता था , और वो मुझे गले लगाकर अपने हाथो से मेरे शरीर को मसाला करते थे … मुझे पहले तो समझ नहीं आया की ये मुझसे ऐसी बाटे क्यों करते है और ऐसी हरकते क्यों करते है , लेकिन जैसे जैसे मुझे दुनिया की समझ आने लगी मुझे भी समझ आ गया की भाई मुझे बहन की तरह नहीं किसी और तरह से छू रहा है ..

मैंने प्यार से मन करना भी शुरू कर दिया , लेकिन एक दिन उसने मुझे प्रोपोज़ कर दिया ..

उसने मुझे हमेशा की तरह hi ी लव यू कहा .. मैंने भी बदले में उसे ी लव यू कहा , लेकिन फिर उसने कहा की भाई बहन वाला नहीं मैं तुझे अपनी गफ के रूप में देखता हु..

मैंने पहले तो उन्हें समझाया लेकिन वो नहीं मन .. फिर भी उसने मेरे साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया था .. लेकिन फिर मेरा एक बर्फ बना ……. और जब सागेर को ये पता चला वो तो जैसे पागल hi हो गया ..

मैंने उसे बहुत समझाया की हम दोनों भाई बहन है और हमारे बिच ऐसा कुछ नहीं हो सकता लेकिन वो नहीं मन और उस दिन उसने वो किया जिससे हमारा रिश्ता हमेशा के लिए ख़त्म हो गया …

उसने मुझे बिस्टेर में hi बांध दिया और लगातार 2 दिनों तक मेरा बलात्कार किया ..

जब मेरी माँ मेरे कमरे में आयी तब जाकर मुझे उसने छोड़ा था , लेकिन माँ ने भी बेटे के प्यार में आकर उसे बस थोड़ा मार कर और गली देकर छोड़ दिया, वो जानती थी की अगर ये बात पापा को पता चल गयी तो वो सागेर को जान से मार देंगे , इसलिए माँ ने बात वही दबा दी और मुझे भी ये बात किसी से न कहने के लिए मन लिया …

लेकिन उस समय से मैं वो लड़की नहीं रह गयी जो हुआ करती थी , उसके बाद से hi मैंने इस दर्द को भुलाने के लिए शराब ,ड्रग्स और सेक्स का शहर लेना शुरू कर दिया ..

अब मैं खुले आम अपने सेक्स बॉडीज के साथ सेक्स करती थी और मेरी माँ और मेरा भाई मुझे कुछ नहीं बोल पाते असल में मैं उन्हें जलने के लिए लड़को को घर में लाया करती थी ..

सागेर की कभी कभी इस बात को लेकर मुझसे बहस भी हुई , लेकिन अब तो मैं उसके सामने hi नंगी होकर लेट जाती थी .. तो छिड़ कर चला जाता तो कभी गुस्से में मेरे साथ सेक्स करता .. मुझे इससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता था बस उसे जलने में एक खुसी मिलती है …..



सस इतना बोलकर चुप हो गयी वही मैं और काजल दोनों hi स्तब्ध से कुछ न कह पाने वाली कंडीशन में पहुंच गए थे ……..

मेरे दिल में सस के लिए एक दर्द सा उठा , जंहा तक मैं उसे जनता था वो बहुत hi प्यारी सी लड़की थी , है वो कामिनी भी थी लेकिन बहार बहार से hi , अंदर से वो बहुत hi नरम और प्यारी थी …..सस ने थोड़ी गहरी सांसे ली और फिर बोलना शुरू कर दिया ..

“लेकिन तुम्हरे आने के बाद मुझे लगा की मुझे सच में प्यार हो गया है ..”

सस मुझे hi देख रही थी , आज उसकी आँखों में जैसे सच में प्यार उतर आया था , इतना प्यार उसकी आँखों में मैंने कभी नहीं देखा था … मैं आगे बढ़ा और उसके होठो को अपने होठो में भर लिया ..

“तुम्हे अब डरने की जरुरत नहीं है जान मैं तुम्हारे साथ हु “

मैंने पहली बार सस को दिल से जान कहा था , तभी कमरे के दरवाजे में किसी की दस्तक हुई ..

“अरे बीटा तुम यंहा बैठी हो , पार्टी सुरु हो ने वाली है जल्दी से तैयार हो जाओ , और ये मेकअप वालो को बहार क्यों बिठा दिया है “

ये सस की माँ थी ..

उनके चेहरे से पता चल रहा था जैसे उन्हें यंहा अभी जो भी हुआ उसकी जानकारी हो चुकी थी , सस ने आँखों hi आँखों से मुझे इशारा किया की सब ठीक है ..

मैं और काजल वंहा से बहार आ चुके थे ..

“साला सच में कमीनो का परिवार है “

मेरा गुस्सा अभी भी पूरा शांत नहीं हुआ था

“हम्म वो तो है ..लेकिन इस हादसे से एक अच्छी चीज हो गयी “

मैंने काजल की और देखा .. अब इसे क्या अच्छा दिख गया था ??

“वो क्या ..??”

“हमें तुम्हे फ़ोन करने वाला मिल गया ..”

काजल के चेहरे में मुस्कान आ गयी थी ..

“कौन??”

“सागेर … तुमने देखा न की वो सस के लिए कितना पोस्सेस्सिवे है ..”

“हम्म्म्म”



इस बार मैं और काजल दोनों गहरे सोच में जा चुके थे ………..
 
अपडेट 38
सस अभी भी तैयार हो रही थी और मेहमान आने शुरू हो चुके थे …

तभी मेरी नजर पड़ी नेहा के ऊपर :ो

“तुम यंहा क्या कर रही हो ..”

मेरी बात सुनकर उसने बस मुझे गुस्से से देखा ..

“हूउउउउ”

इतना बोलकर वो सस के कर्मरे में चली गयी ..

मैं अवाक खड़ा रह गया था , मैंने तो किसी को इस पार्टी के बारे में नहीं बताया था :?:

तभी मुझे अक्की , अज्जू और मोनिका दिख गए … वो मेरी hi तरफ आ रहे थे

इससे पहले मैं कुछ बोल पता अक्की ने अपना सर ना में हिलाया

“बहुत बदल गया रे तू , मैंने तो बस सुना था की लड़की मिलने से लोग बदल जाते है आज देख भी लिया … “

अक्की ने दुःख के साथ सर हिजलाया ..

अब इन सालो को किसने यंहा बुलाया था .. शायद सस ने लेकिन वो मुझे बता सकती थी उल्टा उसके इस कदम से मैं फंस गया था ..

“वह अंकित वह दिखा दी दोस्ती तूने , सेल बहुत बड़ी बड़ी बात करता था …” इस बात बोलने वाला अज्जू था ..

उसने मेरे कंधे में हाथ रखा और मेरी कोई बात सुने बिना hi अक्की और अज्जू सीधे सस के कमरे की और चले गए

“अरे मेरी बात तो सुनो ..”

मैं उनको समझने के लिए पलटा hi था की मोनिका मेरे सामने आ गयी ..

“सेल लड़की क्या मिल गयी दोस्त hi पराये हो गए तेरे लिए “

इतना बोलकर वो भी सस के कमरे में चली गयी , मैं बस ठगा सा वही खड़ा रह गया था ..

जरूर इस सस ने hi कोई बात बताई होगी इन लोगो को ..

मेरा दिमाग सस के लिए ख़राब हो रहा था वही मेरे दोस्त मुझे गलत समझ रहे थे इस बात का भी मुझे दुःख हो रहा था ..

मैं भी सस के कमरे की और जाने लगा ..

जब मैं अंदर आया तो सस को देखकर मेरी सांसे hi रुक सी गयी ..

“वाओ..”

मेरे मुँह से अनायास hi निकल गया था , वो एक सफ़ेद रंग के घाघरे चोली में थी जिसपर बहुत से चमकीले सितारे लगे थे, ये वही कपडा था जिसे सस ने उस समय पहना था जब मेरी और सागेर की लड़ाई हुई थी लेकिन लड़ाई के कारण और सस के रोने के कारन मैं उस समय उसकी इस खूबसूरती को देख नहीं पाया था ..

अभी फिर से तैयार होने के बाद वो किसी पारी की तरह खिल रही थी ,

आश्चर्य की बात ये थी की नेहा और मोनिका जो की सस की सबसे बड़ी दुश्मन हुआ करती थी वो दोनों मिलकर उसके इस कपडे को सम्हाल और सवार रहे थे ..

“अबे क्या मुँह फाडे खड़ा हुआ है सामने से हैट “

अज्जू की बात सुनकर मुझे थोड़ा होश आया और मैं सामने से हैट गया , सस , नेहा और मोनिका के साथ बहार चली गयी थी ..

“ये सब हो क्या रहा है , ये बिल्लिया दोस्त कैसे बन गयी ..”

मेरे मुँह से अचानक से निकल गया ..

“तू तो बात hi मत कर “

अक्की मुँह बिगाड़ते हुए वंहा से निकल गया ..

“अबे … अरे सुन न यार बताओ तो सही की हुआ क्या है “

ये मेरे लिए इन्तजार का इन्तहां हो रहा था ..

“सेल नेहा ने तुझे प्रोपोज़ कर दिया लेकिन तूने हमें बताया भी नहीं , और ना hi इस पार्टी के बारे में बताया … सेल बड़ा आया बॉडीगार्ड कही का ..”

मैं थोड़ा चौक गया था

“तो क्या सस ने ये बताया ..”

“है वो कल हमारे पास आयी और नेहा के दिमाग से तेरे और उसके रिलेशन के बारे में सभी ग़लतफ़हमी को दूर कर दिया, और साथ hi मोनिका और नेहा से माफ़ी भी मांग ली और हमें पार्टी में इन्विते किया …”

“इसकी माँ की और कामिनी ने मुझे कुछ बताया भी नहीं “

सस दिन भर तो मेरे hi साथ थी पता नहीं वो कब इन लोगो से मिलने चली गयी थी , शायद उस समय जब मैं यंहा काजल के साथ कुछ घंटो के लिए सिक्योरिटी के निरक्छन में बिजी था ..

“कमीने सेल मुझे तो यकीं hi नहीं हो रहा है की तेरे जैसे चूतिये को नेहा जैसी लड़की मिल गयी “

अक्की ने मुझे छेड़ते हुए कहा और फिर मेरे गले से लग गया

साथ hi अज्जू भी मेरे गले से लग गया था ..

“वो बहुत अच्छी लड़की है सेल उसका दिल मत दुखाना “

ये कहते हुए अक्की की आँखों में अनुस आ गए थे , अक्की दिल का बहुत hi मासूम लड़का था और नेहा उसकी सबसे अच्छी दोस्त थी , मैंने उसे दिलाशा तो दिया लेकिन मन के भीतर की गहराई में मैं भी जनता था की मैं कितना सही हु और कितना गलत …

पार्टी अपने शबाब पर थी , सस ने केक कटा और पार्टी शुरू हो गयी , काजल और तिवारी के बाकि के लोग भी अपने अपने कामो में लगे हुए थे, मोनिका ने भी मुझे पहले प्यार के लिए बधाई दी ..

मैं नेहा से कुछ बात नहीं कर प् रहा था क्यों की वो मुझसे थोड़ा शर्मा रही थी, वही सस को उसके पिता मेहमानो से मिलवा रहे थे थोड़ी देर बाद मेरे सभी दोस्त दज फ्लोर में जाकर नाचने लगे थे ..

सभी अपने अपने दोस्तों के ग्रुप के साथ मस्त थे पार्टी का शबाब पुरे जोरो पर चल रहा था सस भी हमारे ग्रुप को ज्वाइन कर चुकी थी और सभी दो दो पग लगा कर दज की धून पर थिरक रहे थे , ऐसे मैं भी सबके साथ नांच रहा था लेकिन फिर भी मेरा ध्यान कई जगह बनता हुआ था , मैं कभी कभी काजल को देख लिया करता कभी कभी उससे आँखों hi आँखों में बाटे भी हो जाया करती थी की सब सही है या नहीं …

क्योकि मेरा ध्यान बता हुआ था इसलिए मैं ठीक से एन्जॉय भी नहीं कर प् रहा था आखिर में मुझसे रहा नहीं गया और मैं काजल के पास चला गया ..

“सब ठीक तो है न “

“अभी तक तो ठीक hi लग रहा है , सभी जगह पर सिक्योरिटी लगे हुए है और कण्ट्रोल रूम से सब चेक किया जा रहा है ..”

“जीवा का कोई आदमी दिखा क्या ??”

“फ़िलहाल तो नहीं “

“आज निशाने पर कौन हो सकता है “

काजल ने मुझे घुरा

“तुम इतना दिमाग मत लगाओ यार .. जाओ आपने दोस्तों के साथ एन्जॉय करो “

और वो फिर से वाकई टोकि में किसी के साथ बात करने लगी ..

मुझे पता था की इस समय काजल बहुत hi चिंता में है और बिजी है , लेकिन फिर भी उसका मुझसे इस तरह से बात करना मुझे बिलकुल पसंद नहीं आया ..

तभी मैंने देखा की एक कपल ध्यान से सागेर की तरफ देख रहा है, वो मुस्लिम कपल था , महिला ने बुरका पहन रखा था वही पुरुष ने सफ़ेद रंग का पठानी शूट डाला हुआ था , और सर पर एक पठानी टोपी भी थी , उसकी लम्बी लम्बी दाढ़ी थी .. दाढ़ी को लाल रंग से रंगा गया था.. सब कुछ hi सामान्य सा लग रहा था लेकिन मर्द बार बार सागेर लो और इशारा कर रहा था ..

ये मुझे थोड़ा खटक गया .. मैं पास hi बने बार में चला गया जंहा पर सागेर भी आपने कुछ दोस्तों के साथ खड़ा हुआ था, मैंने एक पेग व्हिस्की आर्डर की और हलके हलके चुस्किया लेकर पिने लगा ..

मेरा ध्यान अब भी उस खातून (महिला) और सागेर पर hi ठिका हुआ था …

थोड़ी hi देर हुए थे की परदेश के मुखयमंती जी के आने के कारण माहौल थोड़ा गर्म हो गया था, सभी उनसे मिलने को बेताब हो रहे थे और तभी तिवारी ने सागेर को अपने पास आने का इशारा किया , सागेर ने हां में सर हिजलाया और अपने मोबाइल में कुछ देखा , उस समय तक तिवारी कम को सस से मिलवा रहा था साथ hi तिवारी की पूरी फॅमिली भी थी सागेर भी मोबाइल में कुछ देखता हुआ उनके और जाने लगा , तभी मेरा ध्यान उन महिला पर पड़ा जो की बुर्के में थी वो भी हलचल में आ गयी और सागेर के पास जाने लगी , मैं तुरंत hi हरकत में आया और अपना पेग पढ़कर जानबूझकर थोड़ा लड़खड़ाते हुए उस महिला और सागेर के बिच जा पंहुचा , महिला और मेरी आंखे मिल गयी ..

जैसे उसने बुरका पहन रखा था सिर्फ उसकी आंखे hi मुझे दिखाई दे रही थी ..

एक पल के लिए ऐसा लगा की साडी दुनिया hi रुक सी गयी हो…

क्योकि मैं उन आँखों को पहचानता था , अच्छे से जनता था , बचपन से इन्ही आँखों ने तो मुझे ममता का घुट पिलाया था ..

“भाभी ..??”

मेरे मुँह अनायास hi निकला , वही वो मुझे देखकर हड़बड़ाई और जल्दी से पलट कर दूसरी और जाने लगी .. मैं भी उनके पीछे हो लिया .. लेकिन तभी मेरी नजर उस शख्स पर पड़ी जो भाभी के साथ आया था उसने गन निकाल लिया था और ..

धाय धाय धाय…

तीन गोली कम और तिवारी के ऊपर चलाई गयी लेकिन तीनो निशाने पर नहीं लगी , उससे पहले की सभी का ध्यान उस तक जाता वो अपने पीछे उगे हुए पेड़ो की और छलांग लगा देता है … वही भाभी बंगले के मुख्य मकान की और भाग रही थी ..

कम और तिवारी के सिक्योरिटी वाले पागलो की तरह उस आदमी के पीछे दौड़े और गोलिया चलने hi वाले थे की दूसरी और से

धाय धाय .. कुछ और गोलिया चली , सभी झुक गए थे यंहा तक की सिक्योरिटी वालो को भी अब समझ नहीं आ रहा था की इधर जाए दो तरफ से गोली चल रही थी .. वो लोग बात गए थे कुछ एक तरफ तो कुछ दूसरी तरफ भागे ..

लेकिन तब तक वो चालाक व्यक्ति न जाने कहा गायब हो गया था वही दूसरी और से गोली चलने वाला अब भी किसी की नजर में नहीं आया था , सभी सिक्योरिटी वाले कम और तिवारी के परिवार को घेर कर मुख्य भवन की और चल पड़े थे , मुझे भी जब इन सबसे होश आया तब तक भाभी मुख्य भवन में जा चुकी थी , मैं उन्हें पकड़ने के लिए भाग hi रहा था की काजल भी वंहा आ गयी ..

“तुम उसे पकड़ने की बजाय इधर कहा भाग रहे हो “

“भाभी …भाभी इधर भागी है , वो उसके hi साथ hi जिसने गोलिया चलाई है “

“क्या “ काजल भी चौकी ,

सभी तरफ अफरा तफरी का माहौल था ,

जनाः तिवारी का परिवार सिक्योरिटी के घेरे में था वही तिवारी इस हमले से मनो बौखला गया हो …

वो सिक्योरिटी घेरे को तोड़ कर बहार आ गया था ..

“कौन है मादरचोद जो मुझे और मेरे परिवार को मरना चाहता है “

वो अपनी बंदूख निकाल कर गरजा …

मैं और काजल जब मुख्य माकन में पहुंचे तो वंहा भाभी हमें कही नहीं दिखी , बस एक वाशरूम से एक बुरका जरूर मिला ..

“लगता है वो भाग गयी है ..”

बुर्के को देखकर मैंने कहा था

“यंहा से भागना इम्पॉसिबल है … उनोहोने भेष बदला था और अटैक के बाद तुरंत hi अपने कपडे उतार कर फेक दिए , अब वो सामान्य कपड़ो में मेहमानो के साथ घुल मिल गए होंगे …लेकिन कक्तव फुटेज से कैसे बचेंगे , जाने के सभी रस्ते तो बंद है ..”

अब तक सभी गाठ बंद कर दिए गए थे , उस व्यक्ति का भी कपडा और बंदूख मिल चूका था जिसने गोली चलाई थी , मजेदार बात ये थी की जो गोली दूसरी तरफ से चलाई गयी थी वंहा कोई था hi नहीं बल्कि बस एक आटोमेटिक बंदूख को सेट किया गया था जो बिना किसी टारगेट के हवा में गोलिया चला रहा था …

सभी को पता था की जिसने भी ये सब किया है वो अभी यही मौजूद है , सिक्योरिटी के साथ साथ पुलिस वाले भी गुस्त लिस्ट से सभी का नाम और पहचान मिलान कर रहे थे ताकि जिस पर भी शक हो उसे अलग कर पूछतज किया जाए ..

वही कक्तव फुटेज से उस पठान शूट वाले आदमी और उस बुरका वाली महिला की भी पहचान चल रही थी ..

माहौल गमगीन हो गया था ..

कही किसी को कोई भी नहीं मिल रहा था ..

“तिवारी ये सब क्या है , तमाशा बना कर रखा है तुमने अभी इलेक्शन सर पर है और ये सब ..”

कम तिवारी पर चिल्ला रहा था

“अरे भैया जी , आप ये क्या कह रहे हो , मैं इतना तो नहीं गिर सकता की मैं खुद के परिवार पर hi हमला करवा दू ..”

“तुम चुनाव जितने के लिए कितने गिर सकते हो तिवारी ये तो हमें अच्छे से पता है लेकिन अगर ये तुम्हारा प्लान है भी तो काम से काम हमें तो बता देते .. इससे जो सिम्पथी मिलेगी उससे हमारी पार्टी का hi तो फायदा है “

कम की बात सुनकर तिवारी बुरी तरह से झुंझला गया था ..

“अरे भैया जी आप समझते क्यों नहीं ये सब मैंने नहीं करवाया है “

तिवारी बुरी तरह से झुंझला गया था ..

“अरे तुमने नहीं करवा है तो किसकी इतनी हिम्मत हो गयी जो भरी पार्टी में इतनी सिक्योरिटी में आकर खुले आम गोलिया चला दे और पकड़ाए भी नहीं … साफ़ दिख रहा है की इसमें किसी अंदर के आदमी का हाथ है “

कम की बात सुनकर तिवारी को जैसे सांप hi सूंघ गया था ..

“सर फिक्र मत कीजिये कक्तव की फुटेज चेक होइ रही है वो मिल hi जायेगा “ काजल ने कहा था

“अरे क्या घंटा मिलेगा सब सेल मिले हुए है , कही मुझे hi मारकर कम की ख़ुर्शी हथियाने का प्लान तो नहीं था तेरे तिवारी ..”

कम की इस बात से तिवारी का भेजा hi गर्म हो गया था ..

“सेल अब चुप कर , अगर तुझे मरना होता न तेरे घर में घुसकर मरता और तू मेरा झांट भी नहीं उखड पता … जनता है न मैं कौन हु … जिसके नाम से तेरे जैसे लोग कभी पेण्ट में मूत दिया करते थे वो दया संकर तिवारी हु मैं ..”

तिवारी के इस रूप को देखकर कम सकते में आ गया था वो कुछ बोलने वाला था लेकिन फिर कुछ सोचकर चुप हो गया .. भाई जान का दर सभी को होता है , भले hi वो कम था लेकिन वो अभी तिवारी के घर में था … और तिवारी ठहरा पुराण गैंगस्टर..

तभी एक सिक्योरिटी का आदमी दौड़ता हुआ आया ..

“सर दो महिलाये पकड़ी गयी है … उनका नाम गुस्त लिस्ट में नहीं है और किसके साथ आयी है वो भी नहीं बता रही ..”

हम सभी तेजी से वंहा से बहार की और भागे ..

जब हम वंहा पहुंचे तो उन दोनों को देखकर हम सभी का मुँह खुला का खुला रह गया था …

पहली महिला नेहा की आँखों में देख रही थी ..

“माँ…???”

नेहा की आंखे गीली थी और मेरे बाकि के दोस्त अपना मुँह फाड़े उसे hi देख रहे थे ..

“ये .. इन्हे मैंने बुलाया है …”

सस ने नेहा के कंधे पर हाथ रखकर कहा और सिक्योरिटी ने उन्हें सम्मान के साथ छोड़ दिया , अब बरी थी दूसरी महिला की जिसकी नजर तिवारी के ऊपर थी ..

और मेरी नजर उस महिला के ऊपर ..

वही तिवारी का मुँह खुला का खुला था , सफ़ेद सलवार में लिपटी हुई यौवन की उस देवी की तो मैं पूजा किया करता था, लेकिन उन्होंने मेरी और देखा तक नहीं ..

“कोमल ..????”

तिवारी के मुँह से अनायास hi निकल गया ..

“आप किसके साथ बताइये ..”

सिक्योरिटी की एक महिला ने भाभी से कहा , उन्होंने कुछ भी नहीं कहा , मैं आगे बढाकर कुछ hi वाला था की ..

“इन्हे छोड़ दो इन्हे मैंने इन्विते किया था …”



तिवारी ने कहा था .. उसका मुँह अब भी खुला का खुला hi था ….
 
अपडेट 39
“सिक्योरिटी कैमरा से साफ़ साफ़ पता चल रहा है की बुर्के वाली तुम्हारी भाभी hi है , लेकिन मैंने सब फुटेज मिटा दिए है “

काजल ने मेरे कानो में कहा ,

“लेकिन वो लोग है कहा “

न hi भाभी और न hi नेहा की माँ दिखाई दे रही थी ,तिवारी भी पहले इधर उधर की चीजों में लगा फिर उन दोनों को ढूंढने लगा ..

“नेता जी वो दोनों तो चले गए ..”

सिक्योरिटी के एक आदमी ने कहा और तिवारी ने बस एक गहरी साँस छोड़ी ..

पूरा माहौल hi बदल चूका था , नेहा बहुत hi ुप्सताते दिखाई दे रही थी , वही बाकि लोग भी ख़ामोशी hi थे, उनमे से अभी तक किसी को ये नहीं पता था की दो महिलाओ में एक मेरी भाभी है लेकिन वो इसलिए दुखी और परेशां थे क्योकि दूसरी महिला नेहा की माँ थी …

“तुम दोनों मेरे साथ चलो मैं तुम्हे छोड़ देती हु”

काजल ने मुझे और नेहा से कहा , उसने मेरी आँखों में देखते हुए ये कहा था , मुझे समझ आ चूका था की इसके पास कोई अलग hi प्लान होगा ..

मैंने नेहा के कंधे पर हाथ रखा

“चलो चलते है, अक्की तुम अज्जू के साथ आ जाना “

अक्की ने भी हामी भर दी थी

“मुझे अभी भी यकीं नहीं हो प् रहा है अंकित की मेरी माँ.. वो तो एक सीधी सधी सी इंसान है वो इन सब में .. नहीं इन गोलियों के चलने इस उनका कोई भी कनेक्शन नहीं हो सकता , लेकिन वो यंहा आयी क्यों थी “

नेहा मेरे सेल से लग कर रोने लगी थी , मैंने उसकी पीठ को सहलाया

“अभी घर चलो नेहा , इन सब के बारे में बाद में सोचेंगे “

उसने है में सर हिलाया और आँखों से आंसू को पोछते हुए मेरे और काजल के साथ बहार आयी ..

काजल ने एक गाड़ी की तरफ इशारा किया, वो काळा कांच वाली एक सुव थी ..

दरवाजा खुलते hi नेहा थोड़ी हड़बड़ाई .

“कुछ मत बोलो चुप चाप बैठ जाओ “ मैंने उसके कानो में कहा था ..

“लेकिन ये लोग “

नेहा ने अंदर देखते हुए कहा , मैंने उसके कंधे को पकड़कर हलके से दबा दिया

“बस बैठ जाओ “

काजल और मैं भी उसमे बैठ गए और कार चल पड़ी..

“आपने ये क्यों किया माँ और ये कोण है “

कार के चलने पर नेहा ने कार में बैठी हुई अपनी माँ से कहा ..

उसने भाभी की तरफ इशारा किया ..

“अभी इन सब सवालो का समय नहीं है नेहा .. पहले हम किसी सुरक्षित जगह पर पहुंच जाए “

काजल ने गाड़ी चलते हुए नेहा को जवाब दिया ..

सभी चुप थे , कोई भी किसी से कुछ नहीं बोल रहा था ,,

काजल ने hi नेहा की माँ और मेरी भाभी को वंहा से सबकी नजरो से बचाकर निकाला था ..

*******

“ये आखिर हो क्या रहा है आप वंहा क्या कर रही थी और आपके साथ वो आदमी कौन था “

हम अभी शहर से दूर एक घर के एक कमरे में थे , मैं अभी भाभी के सामने खड़ा हुआ था , उनके चेहरे में चिंता के भाव घूम रहे थे..

“मैं सम्पत मां के साथ hi सोनू …”

अभी तक नेहा को समझ आ गया था की ये ायरत मेरी भाभी है , वो जैसे अब चुप hi हो गयी थी ..

“लेकिन आप उनके साथ वंहा .. क्या आप तिवारी को मरने गयी थी ??”

“नहीं .. मुझे तो कहा गया था की सागेर को बेहोश करना है , इसके लिए उसके मोबाइल में एक मश्ग डालकर उसका ध्यान मेरी तरफ आकर्षित कराया जाता फिर मुझे बस उसे ये कहना था की वो बंगले के मुख्या माकन से लगे स्टोरी रूम की तरफ मुझे मिले … वंहा मुझे एक सुई चुभनी थी ताकि वो बेहोश हो जाए और हम उसे उठा कर ले जाए …”

“लेकिन वो मश्ग देखर क्यों..??”

काजल भाभी की बातो को बड़े hi ध्यान से सुन रही थी

“क्योकि तिवारी के हेड ऑफ़ सिक्योरिटी सम्पत मां से मिला हुआ था , उसने सागेर को पार्टी में लड़की सप्लाई करने के लिए कहा था ..”

“और आप वो लड़की थी “उनका बात सुनकर मेरा मनो खून खोल गया ये सम्पत भाभी से ये सब करवा रहा था..

“है .. मैं बस एक चारा थी , हेड ऑफ़ सिक्योरिटी hi हमारा आदमी था इसलिए प्रॉब्लम नहीं होती लेकिन फिर पता चला की और भी कई लोग को सिक्योरिटी की जिम्मेदारी मिली है और सब साथ मिलकर काम करेंगे , फिर भी हमारा प्लान तो एकदम बढ़िया था, इसी तरह की कोई प्रॉब्लम नहीं थी ,, फिर पता नहीं मां ने गोलिया क्यों चलाई ये तो प्लान में था hi नहीं … “

सभी सोच में पद गए थे ..काजल अचानक से hi बोल पड़ी

“कुछ तो गड़बड़ जरूर है .. जीवा कहा था ..”

“मुझे नहीं पता शायद कालिया बनकर अपनी बस्ती में ..”

काजल बहुत देर तक सोचती रही फिर बोल उठी

“जिस तरह से गोलिया चलाई गयी थी और जैसे गोली चलने वाला गायब हो गया था इससे दो चीजे तो साफ़ है ..पहली ये गोलिया किसी को मरने के लिए नहीं बल्कि बस डरने के लिए चलाई गयी थी , वर्ण ऐसी जगह से गोली चलने पर तिवारी और उसके साथ के सभी लोग आराम से मारे जा सकते थे , और दूसरा जैसा तुमने बताया कोई अंदर का आदमी उनसे मिला हुआ था इसलिए गोली चलने वाला आराम से निकल गया , तुम सागेर की और जा रही थी फिर अंकित को देखकर तुमने अपनी दिशा बदल ली थी , क्या उससे प्लान चेंज हुआ होगा ..”

“मुश्किल है क्योकि बात तो बस सागेर को उस कमरे तक लेन की थी , मश्ग मिलने के बाद तो वो वंहा आता hi आता ऐसे भी उसने मुझे देख लिया था, भले hi मैं दिशा बदल दी हो लेकिन इससे प्लान तो चेंज नहीं हो जाता “

“मतलब सम्पत पहले से hi गोली चलने के लिए वंहा आया था “

“है शायद इसलिए मैं और भी घबरा गयी , मुझे तो सब पर से भरोषा hi उठ सा गया है , क्या सही है क्या गलत कुछ समझ hi नहीं आ रहा .. सम्पत और जीवा मां ने मुझसे कहा था की तिवारी ने मेरी माँ की जिंदगी बर्बाद कर दी , और जीवा गैंग को भी धोखा दे कर बर्बाद कर दिया..

उन्होंने मुझे तिवारी के बारे ऐसे ऐसे चीजे बताई की मुझे लगा की तिवारी एक दरिंदा है , मुझे लड़ना सिखाया गया , और गैंग को फिर से चालू करने की बात कही गयी लेकिन …….

लेकिन जो हुआ उससे वो मैं भी हस्तप्रद हु, और तिवारी की वो आंखे …….. वो किसी दरिंदे की आंखे तो नहीं लगी मुझे , जैसे उसने माँ का नाम लिया और जैसे वो मेरे चेहरे कोई देख रहा था ………और जैसा उसने मेरे साथ वयवहार किया ..”

भाभी की ये बात तो सही थी , तिवारी की आँखों में नफरत तो नहीं थी , ना hi दर था जब उसने भाभी को देखा तो उसके चेहरे के भाव कुछ अलग hi थे , बात सोचने वाली थी की उसके घर में हमला हुआ था और जो मेजर सस्पेक्ट थी उसे तिवारी ने बचा लिया ..

लेकिन तिवारी भाभी से कुछ बोल पाए उससे पहले hi काजल ने उन्हें और नेहा की माँ को वंहा से बहार निकाल दिया ..

“शायद जीवा गैंग को तुम्हारी नहीं तुम्हारे चेहरे की जरुरत थी जो तुम्हारे माँ से मिलती है “

काजल ने एक सिगरेट सुलगा ली थी , और वो नेहा की माँ की और मुड़ी

“और महिमा जी आप वंहा क्यों गयी थी “

महिमा ने एक गहरी साँस छोड़ी

“मेरी कहानी तो सभी जानते है , जब नेहा छोटी hi थी तो तिवारी और जीवा ने मिलकर मेरे पति इंस्पेक्टर सत्यप्रकास की हत्या कर दी थी , उस समय मेरी बच्ची छोटी थी इसलिए मैंने जहर का घुट पि लिया और शहर आकर इसकी परवरिश करने लगी , नेहा को हमेशा इस बदले की आग से दूर रखा ताकि वो सलामत रह सके , लेकिन मैं उसे कैसे भूल सकती थी , इसलिए मैंने अपने तरीके से काम करना शुरू किया .. दिन भर जॉब करती अपनी बेटी को पलटी लेकिन जीवा और तिवारी के बारे में जानकारी इकठ्ठा करते रहती थी , इसी उम्मीद में की एक दिन कुदरत मुझे भी मौका देगी और सही मौका आने पर मैं अपने पति की मौत का बदला ले सकुंगी …. मैं वंहा भी जानकारी जुटाने hi गयी थी लेकिन मुझे नहीं पता था की वंहा ये सब हो जायेगा , और मेरी बेटी भी वंहा मौजूद होगी ..”

नेहा ने अपनी माँ को कास कर जकड लिया

“नहीं माँ अब तो हर लड़ाई हम साथ मिलकर hi लड़ेंगे ..”

“नहीं बेटी इन सबसे दूर रहना hi सही है..”

“नहीं माँ .. पापा के कातिलों को तो सजा मिलेगी .. जरूर मिलेगी “

मैं कमरे से बहार आ चूका था काजल मेरे बाजु में कड़ी हुई थी , हम दोनों hi सिगरेट की गहरी गहरी कास लगा रहे थे ..

“तुम्हे क्या लगता है तुम्हारी भाभी सही बोल रही है ??”

काजल की बात सुनकर मेरे माथे में बल आ गयी

“क्या पता ?? अब तो किसी की बात पर भरोषा hi नहीं होता “

मैंने एक गहरा कास लगाया ..

“तो अब .. अगर भाभी सही कह रही होगी तो समझ लो की वापस जीवा के पास जाना भी खतरे से खली नहीं है , पता नहीं की उनका प्लान क्या था जिसमे इसे घुसा दिया गया था , और अगर वो झूठ बोल रही है अगर वो सम्पत के साथ इस प्लान में शामिल थी तो भी उनको जीवा के पास ले जाना सही नहीं होगा, पता नहीं वो फिर इससे क्या करवाए ..”

“तो… कहा ले जाओ भाभी को , कितने दिन लोगो की नजरो से छुपा कर रख पाउँगा ..”

काजल सोच में पढ़ गयी

“आखिर ये सब चल क्या रहा है वो तब hi पता चल पायेगा जब हमें ये पता चलेगा की आखिर पास्ट में हुआ क्या था , क्यों की सबकी अपनी अपनी कहानी मिलेगी .. लेकिन एक शख्स है जो तुम्हे सही कहानी बता सकती है ..”

काजल की बात सुनकर मेरी आंखे सिकुड़ गयी

“कौन..??”

“कोमल .. आरती की माँ.. आखिर सब कुछ उससे hi तो जुड़ा हुआ है “



मैंने भी हां में सर हिलाया …
 
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