Adultery BUDHHA TAILOR - Page 4 - SexBaba
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Adultery BUDHHA TAILOR

सिमरन- बहोत दर्द हो रहा है… पलज़्ज़ज़.. मेरे बालो को छोड़ दो ना…

करीम- तू मुझे बता तू मुझे क्या कहके बुलाएगी…

सिमरन- आप hi बता दो…

करीम थोड़ा सोचता है और फिर बोलता है…

Karim—tu मुझे आगे से करिमजीए… बल्कि बुलाना..

सिमरन- हआ… करंजी कहके hi बुलाऊंगी… अभी तो मेरे बाल को छोड़ दो न..

करीम उसके बाल को छोड़ देता है..

करीम- मेरी बात मानेगी न..

करीम एक हाथ से सिमरन की गर्दन पकड़के दूसरे हाथ से उससे 3-4 झापड़ मरते बोलता है..

करीम- बात मानेगी मेरी..

अब डर के सिमरन ने करीम को देखके हाँ मई सर hilaya.Simran के आम चुस्की अब निप्पल्स से खेलते करीम बोलै…

करीम- चल निचे बैठ सिमरन रांड और मेरा लौड़ा चूस. खोल अपना गर्म मुँह और मेरा मोटा लुंड ले मुँह मई.

सिमरन निचे बैठके करीम का लुंड सहलाने लगती है. उसे अब करीम से दर लगता है की अब अगर उसने करीम की बात नहीं मणि तो करीम कुछ भी कर सकता है. वैसे भी वह तो उससे छुड़वाना चाहती थी इसलिए सिमरन ने करीम की बात मान ली. करीम सिमरन के बाल पकड़के लुंड उसके मुँह मई घुसते कहता है..

करीम- चल मुँह खोल रंडी और मेरा लौड़ा चूस. साली तेरी जैसे गर्म औरत कितने जल्दी हाथ आती हो… दो झापड़ क्या मरे लाइन पे आते हो. अब ठीक से लुंड चूस मेरा नहीं तो जीना हराम कर दूंगा तेरा साली रांड़ी.. सिमरन…

सिमरन मुँह खोलके करीम के मोठे लुंड को आपने गर्म मुँह मई डालते चूसने लगती है.





करीम की गलियों से उससे बहुत बुरा लगता है पैर करीम की लगाई आग को मिटने के लिए वह बेशरम होक उसका लुंड चूसने लगती है. ` सिमरन का मुँह लुंड से halke-halke छोड़ते करीम बोलता है…

करीम- आह्ह्ह्ह अच्छा लग रहा है टारे मुँह मई लुंड डालने se…raand. अब बोल मेरा लुंड चाहिए… छुड़ेगी मेरे लौड़े से या मेरा मार खायेगी..

ऐसा कहके करीम लुंड सिमरन के मुँह से निकलता है. ऐसा करने से सिमरन बेशरम होक करीम की नंगी कमर मई हाथ डालके उसका लुंड फिर चूसने लगती hai.Simran सिर्फ करीम की तरफ देखती है लेकिन कुछ नहीं बोलती.. करीम के लुंड का साइज देखके उससे अब छोड़ने का बहुत मान करता है.

करीम लुंड सिमरन के मुँह से निकल के बोलता है..

करीम- अब क्यों कुछ नहीं बोल रही hai..Aare तब तो मुझे जाने को बोल रही थी अब क्यों मेरा लुंड खुद पकड़के चूस रही हो मेरी रंडी द्क्प Simran…aab क्या छूट गर्म हुई तो करीम का लुंड चाहिए क्या तुझे… सिमरन रांड अब मई गया तो ाचा hi होगा न… तू सटी सावित्री बांके रहेगी रंडी … चल अब चूर मेरा लुंड मुझे अब तुझे नहीं छोड़ना.. चैनल रांड…

सिमरन आगे होक फिर से करीम का लुंड पकड़के चूसते है…

और बोलती है…

सिमरन- नहीं रुक जाओ न करीम..

करीम उसे 2 थप्पड़ मरता है..

करीम- क्या बोली रांड...

सिमरन- सॉरी सॉरी.. Karimjii...please मेरी प्यास को भी शांत करो जैसे आपने लता मैडम की थी. मुझे आपके लुंड की बड़ी ज़रुरत है अभी ..मुझे ऐसे बेहाल करके बिच मई मत जाओ.

इस बात पे करीम सिमरन के बाल पकड़के अपना लुंड उसके मुँह मई घुसके कहता है…

करीम- हरामी साली.. उसके लिए तेरी लता मैडम मेरी चैनल बानी, मेरी रखैल है वह. बोल हरामी सिमरन कौर क्या तू मेरी रंडी बनेगी… भीक मांग मुझसे रंडी नहीं तो तुझे नहीं छोडूंगा. साली तेरी जैसे गर्म औरत की nas-nas जनता हूँ, बहुत नाटक करती हो तुम रंडिया.

पूरी तरह बेशरम होक अब सिमरन बोली …

सिमरन- हाँ … मई कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ. आप इस द्क्प सिमरन कौर को रंडी या रखैल या चैनल कुछ भी बनाओ वह उसके लिए तैयार हु. मई आप को लता मैडम से ज्यादा माज़ा दूंगी.. आपकी यह द्क्प रांड सब कुछ करेगी आपके लिए.

सिमरन इतना बोलके फिरसे करीम का लुंड चूसने लगती है.





करीम खुश होक सिमरन से अपना लुंड चुसवाके लेने लगता है. उसके झुकके हुई आम को रगड़ते वह अब सिमरन का मुँह छोड़ रहा था. सिमरन भी बड़े मस्ती से बेशरम होक करीम का लुंड चूस रही थी.

फिर करीम सोचता है इसको थोड़ा और जलील करते है.. इसको इसकी औकात दिखते hai..aur वो सिमरन के बाल को पकड़ कर उप्पर आपने और खींचता है उसको..

करीम- पहले बोल तू मेरी चैनल रैंड है

सिमरन- मैंने मान तो लिया है.. अब बोलने से क्या होगा..

करीम उसे और जलील करना चाहता था..

करीम एक थपड सीधा सिमरन के गाल पर जड़ डेटा है

करीम- बोल हरामी..

सिमरन तिलमिला जाते है

सिमरन- ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

हाँ हरामी हूँ मई ...आपकी रांड हु ...

करीम- bol..aapse अपने छूट और गांड मरवाने वाली चैनल हु..

सिमरन- आआह्ह्ह.. आपसे अपने छूट और गांड मरवाने वाली चैनल हूँ maiiiiiiiiiiiiiiii बस अब्ब छोड़ दो न अपने रांड kooooooooooooooooo

करीम- बाउट आग लगी है रैंड की छूट में

और किश किश से चुदवाती है तू bolllllllllllll haramzadiiiiiiiiii..

सिमरन कुछ नहीं बोलती और करीम के लुंड को आपने हाथ मई पकड़ लेती है.. और फिर कहती है..

सिमरन- मई छोड़ने को बोल रही थी .. छोड़ने को नाही..

ऐसा कहके वो करीम की तरफ देख कर कातिल स्माइल देते है..





सिमरन ने धीरे से करीम के लुंड को अपने हाथ मैं पकड़ा …. और उसके ऊपर अपने हाथ को ऊपर नीचे करने लगी. सिमरन सोचने लगी की मेरे हस्बैंड के लुंड के मुक़ाबले मैं करीम का लुंड इन्तेहाई बदसूरत , गन्दा और गलीज़ है. मेरे हस्बैंड का लुंड बिलकुल सफेद , मुलायम और साफ़ सुथरा है.. जब की इस करीम का लुंड बदबू दर , गलीज़ और इन्तेहाई काला था. लेकिन मुझे जो मज़ा करीम के लुंड को चुने से आ रहा है वो मज़ा आपने पति के लुंड को चुने से कभी नहीं आया था.. ऐसा क्यों हो रहा है मेरे साथ… इस घटिया आदमी का लुंड कितना भी कला क्यों न हो लेकिन बहोत बड़ा और लम्बा है… इस वजह से ये सब तो नहीं हो रहा है न… ऐसा सिमरन सोचने लगाती है..

अब सिमरन ने करीम के लुंड को हाथ मई पकड़ के उसके सुपडे को किश किया..

करीम ने सिमरन के सर को पकड़ा और अपने लुंड और जांघ कई बीच मई सिमरन का मुंह दबा दिया … और बोलै..

करीम - मेरी रांड.. इधर से चाट ….

सिमरन ने कुछ नहीं बोलै … सिमरन ने अपना मुंह उसकी तइस और लुंड के बीच मैं रख दिया.. सिमरन ने खामोशी साई अपनी जीभ को बहार निकाला और फिर उसके उस लुंड और झांग के हिस्से को चाटने लगी… बाद मई उसके गुलिऊँ को चाटने लगी..

करीम- तेरे मुंह मैं ले इनको …. Mere..chinal रांड..

सिमरन ने अपना मुंह खुला और उसकी दोनों गुलिया को अपने मुंह मैं ले लिया. उसकी गुलिया इतनी बड़ी थी की सिमरन का मुंह पूरा फूल गया और उस ने इस गुलिया को अंदर hi अपनी जीभ से चाटना शुरू कर diya…baad मई आपने मू मई hi सिमरन उसको चूसने लगी.

अब सिमरन करीम की गुलिया बहार निकलते hai..aur उस के लुंड को सिमरन ने चाट कर साफ़ कर दिया … और फिर उस काळा और मोठे लुंड को अपने मुंह मैं ले लिया… मुँह मई लेकर चूसने लगी. … सिमरन करीम के लुंड को अपने मुंह मैं अंदर तक ले जा रही थी और उसके लुंड को चूसने मैं सिमरन को बहोत ाचा लग रहा था. शयद सिमरन जिंदगी मई पहली बार किसी का लुंड चूस रही थी.. इस लिए उसे और ज्यादा मजा आ रहा था..

करीम का मोटा लुंड सिमरन के मुंह मैं अंदर बहार हो रहा था. करीम ने सिमरन के सर पर दोनों हाथ रखे थे और फिर सिमरन के सर को नीचे अपने लुंड पर दबा दिया और नीचे तक ले गया. अब करीम का लुंड सिमरन के हलक़ से टकरा रहा था. सिमरन का दम घुटने लगा मगर करीम ने अपना हाथ नहीं हटाया. सिमरन के सर के ऊपर से सिमरन के सर को अपने लुंड पर दबाये रखा. सिमरन मछली की तरह तड़पने लगी और सिमरन के आंखों से पानी आने लगा. सिमरन ने करीम के हथून को अपने सर से हटाने के लिए ज़ोर लगया मगर उसकी ताक़त के आगे सिमरन की एक न चली और करीम का लुंड सिमरन को अपने हलक़ से भी नीचे अंदर को जाता हुआ महसूस होने लगा. सिमरन अपने हाथ पाऊं चालती हुई तरप रही थी और करीम सिमरन के सर को और भी दबाते हुई बोल रहा था…

करीम – हरामजादी…. मुजसे जबरदस्ती करेगी… मेरा हाथ मरोरोगी…. साली तुजे तो मई अपनी कुटिया बना के रखूँगा…

सिमरन न न मई गार्डन हिला रही थी…

करीम- चूस चूस आज मेरे इस मोठे और काळा लुंड को अछि तरह साई चूस…. मेरी.. सिमरन….. राआआआंदददद….

थोड़े सेकंड के बाद जैसे hi सिमरन की सांस रुकने लगी तो करीम ने सिमरन के सर को ऊपर उठा दिया और करीम का लुंड सिमरन के मुंह से निकल आया और जैसी दोबारा से सिमरन के जिस्म मैं जान आगे हो.

अब सिमरन के मू से थूक निकल रहा था और वो hi थूक करीम के लुंड पर भी लगा हुआ tha.Simran के आंखों से आंसू निकल रहे थे. सिमरन ने अपना सर करीम की गन्दी सी थिगह पर रख कर लम्बे लम्बे सांस लेती हुई अपना सांस बहाल कर रही thi.Karim वही चेयर पर बैठा था और सिमरन निचे बैठ कर करीम के थिगह पर आपने सर राखी हुई थी.. करीम ने सिमरन के सर के बालून को अपनी मुठी मैं पकड़ा और उनको खेंचते हुई उसके चेहर को ऊपर कर लिया और उसको किश करने लगा.. उसके गर्दन को चूमने लगा..





सिमरन भी उसके हूंतो को चूमने लगी..





किश तोड़ते हुई करीम बोलै…

करीम- क्यों फिर मज़ा आया मेरे लुंड को चूसने से.. मेरे द्क्प रांड…

सिमरन हांफ रही थी..

करीम- बोल आज से रोज़ करेगी न अपने इस लुंड महाराज की पूजा. बोलै न चैनल बोल.

सिमरन ने आंसू भरी हुई नज़रूँ से करीम की तरफ देख कर बोली…

सिमरन- मुझे क्या मार डालने का इरादा था क्या करीम..

करीम ने सिमरन के पेट मई जोरदार लाठ मरी और फिर उठ के बाल को एकबार जोरदार खिंचा और सिमरन के चहरे को एक हाथ से पकड़ा…

करीम- साली मुझे फिर नाम से पुकारती है रांड…. दुबारा मुझे नाम से पुकारा तो गांड मरुँगा teri.Harami,mai तेरे उम्र का हूँ kya,zara इज़्ज़त से नाम ले mera.Kya तेरी माँ बाप ने तुझे इतना भी नहीं सिखाया randi..acha लग रहा न मेरा लुंड चूसने mai..Simran मादरचोद अब तुझे मेरी रखेल बनके रखूँगा . रांड तो मेरे बहोत है लेकिन रखेल तू अकेली बनेगी..

फिर करीम सिमरन के निप्पल्स खींचता hai..iss दर्द और गलियों से सिमरन बेहाल हो रही थी पर उससे अब ऐसा लग रहा था जैसे की वो सचमुच मई करीम की रखेल बन गयी hai..use ऐसा लग रहा था की उसके बदन मई लाखो चीटिया हलचल मचा रही थी.

सिमरन- सॉरी… गलती हो गयी..

करीम- अब बता मेरा लुंड कैसा लगा..

सिमरन ने अपना सर है मई हिला दिया. करीम ने सिमरन के सर के बालून को थोड़ा सा खींचते हुई बोलै..

करीम- मू से बोल न…. रांड…

और उसका चेहरा जोरसे दबा दिया.. सिमरन फ़ौरन hi बोली..

सिमरन- ग अच्छा लगा..

करीम- रोज पूजा करेगी इसकी..

सिमरन- ग मेरे मालिक .. मई रोज़ अपने इस लुंड महाराज की पूजा करुँगी. अब मई आपकी दासी हु.. आप जैसा बोलोगे वैसा hi मई करुँगी..

करीम- चल अब जल्दी से अपना थूक मेरे लुंड पर से साफ़ कर दे.

सिमरन ने करीम की तरफ देखा और फिर उसके लुंड को चाट ते हुई उस पर से अपना थूक साफ़ करने लगी. जैसे hi सिमरन ने करीम के लुंड को साफ़ किया तो करीम ने सिमरन के बाज़ू को पाकर कर अपने ऊपर खींचा और अपनी गोदी मई बिठा दिया…

करीम- तू तो सुच मैं मेरी रांड है ..मेरी रखेल है..

और फिर करीम सिमरन के लबूं को चूमने लगा.





करीम- मेरे लुंड की पूजा कर के तू ने तो मेरा दिल hi जीत लिया है सिमरन रांड.

सिमरन ने मुस्कुरा कर करीम के लबूं को चूमा ..

Simran-aaj से आप मेरे मालिक हो.. अपने मालिक को खुश रखना हर एक अछि दासी का फ़र्ज़ है न करीम गई.

करीम सिमरन को चूम कर बोलै..

करीम- इतनी सेवा तो मेरी बेगम भी नहीं करती मुझ से.. जो तेरे पैरूं की जूती के जैसी भी नहीं है. और तू इतनी सुन्दर और खूबसूरत हो कर मेरे बेगम से अच्छी सेवा कर रही है..

यहाँ करीम जानबूझकर आपने काली मोती पत्नी की कपरिसिओं सिमरन से कर रहा था.. उसको जलील करने के liye..Simran ने करीम के मुंह के अंदर अपनी जीभ को डालते हुई कहा..

सिमरन- करीम जी जब आप ने मुझे अपनी रखेल, रांड , दासी बना hi लिया है और जब मैं ने इस लुंड देवता को दिल से अपना मालिक मान कर उसके आगे अपना माथा टैक दिया तो अब तो सुब खुश आप का hi हो गया न. अब बस मैं आपकी रांड और दासी और आप मेरे मालिक और महाराज.

करीम ने खुश हो कर सिमरन की जीभ को चूसना शुरू कर दिया. इन् दोनों का हूंठ चूमना ऐसे hi चलता रहा.. थोड़े देर बाद करीम सिमरन को निचे उतर देता है..

करीम- चलो फिर अपना ये ब्रा झट से उतरो...... मुझे अब तेरा दूध पीना हैं......

और करीम ये कहकर धीरे से मुस्कुरा देता हैं ..... सिमरन कास कर उसके सीने पर मुक्का मरती हैं......

सिमरन - सच में आप बहुत गंदे हो.....

करीम- अब क्या हुआ..

सिमरन- मई कोई दूध देनेवाली भैस नहीं हु…

सिमरन की सांसें फिर से ज़ोरों से चल रही thi......wo फिर से करीम के हरकतों से गरम होने लगी थी....

करीम- भैंस का तो मैंने बहुत दूध पिया hain....aaj से तो मैं रोज़ अपनी द्क्प रांड का दूध पियूँगा..... सॉरी रखेल का..

और ऐसा कहते हुई उसका आम दबाता है… करीम की बाटिओं को सुनकर सिमरन का चेहरा शर्म से लाल पद जाता हैं और वो झट से अपनी नज़रें दूसरी तरफ फेर लेती हैं......

करीम- तू मेरे रांड है… द्क्प है तो मुझे उसे कुछ लेने देना नहीं है.. जो मई बोलू तुजे वो करना पड़ेगा…

सिमरन- लेकिन मई कैसे आपने दूध पीला सकती हु आपको…

करीम- क्यों चैनल.. तुजमे क्या दूध नहीं है क्या…

ऐसा कहके उसका चेहरा आपने हाथ से जोरसे दबाता है.. वो उसको जलील करना चाहता था..

सिमरन- समाज करो आप… जिस औरत के बच्चे छोटे है वही औरत को दूध आता है…

करीम- तेरे बच्चे बड़े हो गए है..

सिमरन है मई गार्डन हिलती है..

करीम तुरंत अपना एक हाथ उसके कंधे पर ले जाता हैं और उसके ब्रा के स्ट्रिप्स को उसके कंधे से सरकने लगता hain......aur थोड़ी डियर बाद उसके ब्रा के स्ट्रिप्स उसके दोनों कंधे से सरक कर नीचे हो जाते हैं ...... सिमरन चाह कर भी कोई विरोध नहीं कर pati.....aur शर्म से अपनी दोनों हाथों को अपने सीने पर रख लेती हैं.... सिमरन के मुँह से फिर से सिसकारी निकल पड़ती हैं..... करीम इस बार अपने दोनों हाथों को धीरे धीरे फेरते हुए उसकी पीठ पर ले जाता हैं और धीरे से सिमरन के ब्रा का स्ट्रिप्स को खोल देता हैं...... थोड़ी डियर में उसका ब्रा झट से खुल जाता हैं और उसके सीने से नीचे की ओरे सरकने लगता hain......magar सिमरन तुरंत अपने दोनों हाथों से अपने गिरते ब्रा को थाम लेती हैं.... ये देख कर करीम मुस्कुरा पड़ता हैं......

फिर करीम अपना हाथ आगे ले जाकर उसकी पंत पर रख देता हैं और धीरे से उसकी पंत का बेल्ट खोल देता है… सिमरन ने आपने दोनों हाथो से ब्रा पकड़ी हुई थी इस वजह से वो कुछ नहीं कर प् रही थी… अब करीम उसके पंत के बटन भी खोल देता hai..aab सिमरन की पंत खुल गयी थी....... पंत जैसे hi खुलती हैं सिमरन अपना एक हाथ नीचे लेजाकर उसे झट से थाम लेती hain.....is वक़्त सिमरन एक हाथ से अपने ब्रा को साम्भै हुई थी और दूसरे हाथ से अपने पंत को पकड़े हुई thi.....tabhi करीम उसे आपने तरफ घुमा लेता है.. सिमरन किसी बूथ की तरह घूम जाती hain.........magar इस वक़्त भी उसके दोनों हाथ अपने ब्रा और पंत पर थे ...... सिमरन श्रम से अपनी आँखे बंद कर लेती है… जैसे hi करीम सिमरन के एक खुले हुई आम पर आपने हूंठ रखता है वैसे hi सिमरन घूम जाती है..

अब सिमरन की पिट करीम के सामने थी.. करीम अब उसकी नंगी पीठ पर अपना होंठ धीरे धीरे फेरने लगता hain.......uski गार्डन से लेकर कमर tak......is बार सिमरन फिर से तड़प उठती हैं...... इस वक़्त सिमरन करीब करीब नंगी हालत में थी बस उसके प्राइवेट पार्ट्स अभी तक छुपे हुए थे.. मगर उसका गोरा जिस्म करीम के आँखों के सामने be-parda था ...... सिमरन का दिल ज़ोरों से धड़क रहा था ..... वो चुप चाप अपनी आंखें बंद की हुई करीम के हरकतों को चुप चाप बर्दास्त कर रही थी.... उसे भी अब इन सब चीज़ों में मज़ा आने लगा था .......

करीम फिर से अपनी जीभ उसकी कानों के पास ले जाता हैं और धीरे धीरे उसके कानों से लेकर उसकी गार्डन से होते हुए उसकी कमर तक चाटने लगता हैं ..... करीम के इस हरकत से सिमरन के जिस्म में मनो एक आग सी लग जाती हैं .... फिर करीम अपना एक हाथ सिमरन के ब्रा की ओरे ले जाता हैं और सिमरन का ब्रा अपने हाथों में थम लेता हैं और उसे झट से खींच कर उसके बदन से जुड़ा कर देता हैं ......... कुछ hi पलों में सिमरन की ब्रा उसके हाथों में थी ..... करीम बड़े गौर से सिमरन के ब्रा को देख रहा tha.....fir वो ब्रा के कप में अपना मुँह रख देता हैं और उसे चूम लेता hain.....Simran ाचे से समझ रही थी की करीम क्या कर रहा हैं मगर शर्म की वजह से वो करीम को उसके किसी भी हरकत को मन नहीं कर प् रही थी......

थोड़ी डियर तक ब्रा को चूमने और चाटने के बाद करीम वो ब्रा को एक तरफ फेक देता हैं ..... इस वक़्त सिमरन अपने एक हाथों से अपने बूब्स पर राखी हुई थी ...... सिमरन को पीट करीम की तरफ थी इस वजह से करीम उसके बूब्स को नहीं देख सकता था ..... मगर अगला hi पल वो अपना हाथ आगे की ओरे सरकता हैं .. कमर की ओरे और उसके जिस्म पर की पंत जो सिमरन ने अपने एक हाथ मई पकड़ी थी उसको सिमरन के हाथों से झटका देखे आपने हाथो में लेकर उसे तुरंत निचे गिरा देता है .. ...... अपना एक हाथ पंत पर और दूसरा हाथ बूब्स पर रख रहने की वजह से सिमरन अपना हाथ नहीं निकल पति और न hi करीम को रोक पति हैं.... कुछ hi डियर में उसकी पंत निचे गिरे हुई थी.. अब सिमरन आपने एक हाथ आम पर और दूसरा हाथ उसके छूट के उप्पर उसके पंतय के उप्पर से रख देती है.. अब करीम आपने दोनों हाथो से सिमरन के कमर को पकड़ के उप्पर उठा लेता है और आपने पावो से उसकी पंत निकल देता है.. सिमरन कुछ भी कर नहीं पति ..सिमरन की पंत उसके बदन से अलग हुई थी.. ...... अब सिमरन की नंगा बदन करीम के आँखों के सामने be-parda था ..... सिर्फ पंतय उसके बदन पर थी… वो बड़े गौर से सिमरन के बदन के हर हिस्से को देख रहा था.....

सिमरन शर्म से पानी पानी हो रही थी...... करीम अब सिमरन को अपनी और घुमा लेता है.. जैसे hi करीम उसको आपने और घुमा लेता है वैसे hi सिमरन झट से आपने दोनों हाथ बूब्स पर रख देती है… करीम आँखे फाडे उसके बदन को देख रहा था.. सिमरन शर्म से आँखे बंद कर लेती है.. सिमरन के गले मई महंगा लॉकेट था वो करीम झट से थोड़ देता है.. सिमरन सिर्फ करीम की तरफ देखती है लेकिन कुछ नहीं बोलती.. लॉकेट क्यों थोड़ा ये पूछने की हिम्मत भी अब सिमरन मई नहीं thi..aab करीम वो लॉकेट आपने लुंड पर राउंड कर के रख देता है.. करीम ने सिमरन का लॉकेट जिस तरह से आपने लुंड पर रखा था वो देख कर सिमरन है पड़ती है…

सिमरन- बहोत बदमाश हो आप..

अब करीम निचे बैठ जाता है और एक हाथ उसके पंतय पर रख देता है.. उसको निकलने के लिए.. वैसे hi सिमरन एक हाथ निचे ले जाती है पंतय के ऊपर उसको रोकने को..

सिमरन- पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़…….. नाहीईई… करीम..

जब सिमरन का एक हाथ निचे आता है तब करीम उसके एक नंगे आम को जोरदार दबाता है…

सिमरन- आआअह्ह्ह्हह्हआआ…

वैसे hi सिमरन पंतय पर का हाथ उप्पर आपने आम को छुपाने को ले जाती है वैसे hi करीम झट से आपने दोनों हाथो से सिमरन की पंतय निकल देता है… वैसे hi सिमरन जोर से चिलाती है…

सिमरन- noooooooooooo…… हे भगवाणणणणणणण……….. करीम.. आपने ये क्या कर दिया….

ऐसा कहके सिमरन एक हाथ उसके छूट पर रख देती है…

सिमरन- तू तो ऐसी चीला रही है जैसे जिंदगी मई पहली बार नंगी हो रही है…

सिमरन करीम की तरफ आँखे फाडे गुस्से से देख रही थी..





करीम- ऐसे क्या देख रही है मुझे… रोज तो आपने पति के सामने नंगी होती होगी…

सिमरन- मई ऐसे आज तक किसी के सामने नंगी हुई नहीं हु..

करीम- kya…tuje क्या वो बिना नंगा करके hi छोड़ता है…

सिमरन- हां… सिर्फ निघ्त्य उप्पर करके…

करीम हँसाने लगता है..

करीम- मतलब.. मेरी द्क्प रांड.. आज पहली बार मेरे सामने नंगी हुई है…

सिमरन आँखे बंद करती है और हां मई गार्डन हिलती है…

करीम- अब तो तुजे छोड़ने और hi मज़ा आएगा…

करीम उसको जिस तरीके से देख रहा था इस वजह से सिमरन घूम जाती है और टेबल के पीछे कड़ी हो जाती hai..iss वक़्त सिमरन के बदन पर कपडे का एक टुकड़ा नहीं tha......wo पूरी नंगी हालत में करीम के सामने कड़ी थी.. करीम उसके बदन को लालची नज़र से घर रहा था इस वजह से सिमरन निचे बैठ जाती है.. अब वो आपने दोनों हाथो से अपनी छूट को छुपाने की कोशिश करती है..

करीम - आला कसम से रांड… तू एक नशा हे ....... क्या कमल की खूबसूरत हे तू ..... जो तुजे इस हाल में देख ले वो सच में पागल हो जायेगा ..... और खड़े खड़े hi तुजे छोड़ डाले...

सिमरन - प्लीज करीम … जीईईई… मुझे बहुत शर्म आ रही हैं.... इस बालकनी मई… मेरे कपडे दे दो .......प्लीज.....

करीम - नहीं मेरी रांड अब तो मैं तेरे इस बदन को ाचे से दीदार kArunga.....bus अब तू आपने हाथ हटा ले और ज़रा मुझे ाचे से देखने दे .......

सिमरन झट से ना में अपनी गार्डन हिलती हैं…

सिमरन - नहीं करीम jiiii..mujhse ये नहीं hoga......please मेरे कपडे मुझे लौटा दो....... मुझे यहाँ बहोत शर्म आ रही है…

करीम- तो क्या अन्दर छुड़ेगी..

सिमरन हां मई गार्डन हिलती है..

करीम- चैनल अब तो मई तुजे यहाँ इस बालकनी मई hi चौडूँगा.. समाजी मेरी सिमरन.. रांदड़…

सिमरन- मई मेरा सबकुछ तो दे रही हु आप को .. फिर भी आप मेरे पर जबरदस्ती कर रहे हो… मई तो सिर्फ इतना कह रही हु की यहाँ ओपन स्पेस मई नहीं करते है.. अन्दर किसी रूम मई करते है.. यहाँ कोई अगर आ गया और हम दोनों को किसीने ऐसा देख लिया तो मेरे सब िज़ात चली जाएगी… मई तो सिर्फ इतना कह रही हु…

करीम- छू कर चैनल… तू मेरे रखेल है.. मई जैसा बोलूंगा वैसे hi होगा… तू ज्यादा शाहनपट्टी मत कर… तू अगर मुजसे छुड़ेगी तो तेरे इज़्ज़त नहीं जाएगी.. लेकिन तुजे ऐसा किसी ने देख लिया तो तेरे इज़्ज़त चली जाएगी… मादरचोद मुझे मत सीखा क्या करना है… मुझे सब पता है…

सिमरन- मई तो सब इतना कह रही….

सिमरन ितं बोलते hi करीम गुस्से से बड़ी आवाज मई बोलता है…

करीम- हरामजादी.. तुजे बोलै न चुप कर… साली रोज कितनो से छुड़ाते होगी… और मेरे साथ यहाँ नौटंकी कर रही है..

सिमरन आपने आँखों मई आंसू आ गए थे…

सिमरन- मई आपने बच्चे की कसम खाके कहती हु.. मेरे पति के अलावा मैंने आपने जिंदगी मई किसी से फिजिकल रिलेशन नहीं थे… मेरे पति के अलावा आप पहले आदमी हो जो मई आप से ये रिलेशन रख रही हु…

करीम झट से गुस्से मई सिमरन के पास जाता है और उसके बालो को पकड़ के पीछे से निचे खींचता है…

करीम- साली कामिनी… मुझे ये बता .. ये जो तेरे बच्चे hai….kitane है…

सिमरन को पूछता है…

सिमरन – ahhhhhhhhhhhaaaaaaaaa….

दो है….. दर्द हो रहा है करंजी…. पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़.. मेरे बालो को छोड़ दो ना..

करीम दूसरे हाथ से उसके छूट को दबोच लेता है…

करीम- इतने जल्दी गयी क्या पुलिस की हेकड़ी…

सिमरन कुछ नहीं बोलती…

करीम- ये जो तेरे बच्चे है.. इसका बाप तेरा पति hi है या कोई दूसरा भादवा है..

सिमरन- मई किसी की भी कसम खाने को रेडी हु.. करंजी..... ये मेरे पति के hi बच्चे है…

करीम उसके बालो को छोड़ता है.. सिमरन अपनी आँखि पंच लेती है..

करीम- मतलब तू सही कह रही है की .. तुजे तेरे पति के अलावा किसी ने अब तक नहीं छोड़ा है..

सिमरन- हां..

करीम की तरफ देख कर कहती hai..Karim उसको पकड़ता है और उसे अपनी भावो मई लेता है ....... सिमरन झट से उसके भावो से निकल कर पीछे हैट जाती है.. करीम सिमरन की तरफ hi देख रहा था.. करीम के इस हरकत से सिमरन झट से अपने दोनों हाथों को अपने चहरे पर रख लेती हैं और अपने मुँह छुपा लेती हैं ..... करीम बड़े गौर से सिमरन के 32 साइज के बूब्स को देख रहा था ....... सिमरन के बूब्स पूरे गोल आकर में बेहद टाइट थे .... और हलके भूरे रंग के निप्पल्स उसकी खूबसूरती को और चार चाँद लगा रहे थे ....... और नीचे उसकी छूट पूरी तरह बिना बालों की एक दम साफ़ चमक रही थी .......

सिमरन के नंगे बदन को देखकर करीम मनो पागल सा हो गया था ...... आज तक न जाने वो कितनी रंडियों के साथ सो चूका था मगर ऐसा बदन उसने कभी नहीं देखा था......

करीम- साली तू बहोत कड़क माल है.. आज तक मैंने कितने सारे रंडिया को छोड़ा है लेकिन तेरे जैसे रंडी मुझे आज तक मिली नहीं… बहनचोद तू सचमुच अगर धंदे पर बैठ जाएगी तो बहोत पैसा कमाएगी…

सिमरन चहरे से हाथ हटा के बोलती है..

सिमरन- मई तो सबकुछ आप को दे रही हु न.. फिर भी आप मुझे जलील क्यों कर रहे हो..

करीम- सचमुच रांड… तू अगर सच की बाज़ारू रंडी बन जाएगी तो बहोत पैसा कमाएगी… तू एक काम कर..

सिमरन करीम की तरफ देख कर कहती है..

सिमरन- क्या..

करीम- तू पुलिस की नौकरी छोड़ दे और बाज़ारू रंडी बन जय… कस्टमर की लाइन लग जाएगी… तुजे देख कर कोई नहीं कहेगा की तू दो बच्चो की माँ है..

करीम के ऐसे कहने पर सिमरन कुछ नहीं बोलती है.. सिमरन को समाज मई नहीं आ रहा था की ये आदमी मुझे जलील कर रहा है या मेरे टैरिफ कर रहा है.. दो बच्चे होने पर भी मई क्या इतने सुन्दर दिखते हु… मेरे हस्बैंड ने तो कभी नहीं कहा.. शादी के बाद बच्चे होने के पहले हस्बैंड मेरे टैरिफ करते थे लेकिन बच्चे होने के बाद मेरे हस्बैंड मेरे टैरिफ कभी नहीं की..… दूसरी और ये आदमी मुझे बाज़ारू रंडी बनाना को कह रहा है… मुझे कुछ समाज मई नहीं आ रहा है की मई कैसे रियेक्ट करू.. सिमरन की आज तक ऐसे गन्दी टैरिफ किसी ने नहीं की थी..

सिमरन सोच रही थी की अभी थोड़ी देर पहले लता को नंगा किया और उसके साथ सेक्स किया करीम जी ने और अब मेरे साथ ये साब कर रहे है. . वह सोचती है की मुझे ये सब पता है फिर भी मई इनको करने दे रही हु... क्या मई सच में एक रंडी hu..aur अगर ऐसी बात है तो वह और अच्छे से रांड़ी बनेगी. . इतना गन्दा आदमी मेरे ब्यूटी की तारीफ कर रहा है.. मई अब सजूंगी.. सवारूंगी... मेरे मालिक के लिए... उस खड़ूस हस्बैंड के लिए nahi..duty और घर के चक्कर में मई यह सब भूल गयी थी मई. .इस में कितना मज़ा है. .करीम जैसे बदसूरत और दरजी से यह सब करना और उसकी दासी जैसा बनना और कुटिया जैसा बनना सिमरन को बहुत अच्छा लगता है .. अब वो हॉर्नी फील करती है..

अब करीम सिमरन के पास आ जाता hai..Karim उसे बाजु में रखे आईने ालमिरह से लगा हुआ था जो उस के सामने ले जाता और उसे उसकी नंगी बॉडी दिखता है और वह शर्मा जाती है. ..और आपने चहरे को दोनों हातो से धक् लेते है..





करीम अपने दोनों हाथों को सिमरन के चहरे की ओरे ले जाता हैं और उसके दोनों हाथों को हटाने लगता हैं .... सिमरन बहुत ज़ोर लगाती हैं मगर करीम के आगे वो टिक नहीं पाती ...... उसे शर्म आ रही थी इस वजह से वो अपनी पूरी ताकत लगा नहीं पति… करीम अपने दोनों हाथों से सिमरन के हाथों को कसकर पकडे हुआ था..... और झट से वो नीचे झुक कर सिमरन के लबों पर अपना होंठ रख देता हैं और बड़े प्यार से उसे चूसने लगता हैं ....





सिमरन की आंखें इस वक़्त बंद थी ....... उसके ज़ोर ज़ोर से सांस लेने की वजह से उसके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे the.......Karim बड़े प्यार से उसके होंठों को चूसै जा रहा था ..... सिमरन अब फिर से बहुत गरम हो चुकी थी ..... करीम उसके गरम साँसों को महसूस कर रहा था ...... कुछ डियर तक सिमरन कुछ नहीं करते हैं … वैसे hi खड़ी रहती है.. अब करीम उसके कमर को पकड़ के उठता है और टेबल पर उसको बिठा देता है.. किश करते करते hi.. कुछ डियर बाद वो अपने दोनों हाथों को करीम के सर पर ले जाती हैं और बड़े प्यार से उसके सर पर फिरने लगती हैं ....
 
करीम भी अपना हाथ उसके बूब्स पर रख देता हैं और उसके निप्पल्स को अपनी उंगली में लेकर मसलने लगता हैं ..... सिमरन अपना मुँह पूरा खोल देती है और करीम के होंठों को चूसने की रफ़्तार और तेज़्ज़ कर देती हैं ........

अब करीम अपनी जीभ उसकी गार्डन से फिरते हुए बहुत धीरे धीरे नीचे की ओरे सरकने लगता हैं ....... सिमरन कसकर अपने दोनों हाथों से करीम के सर को मसलने लगती हैं ...... अब वो अपनी आँखें खोल चुकी थी ..... जिस्म की आग की वजह से अब उसकी शर्म हाय सब फीकी पड़ने लगी थी........ जैसे hi करीम अपना मुँह सिमरन के निप्पल्स पर रखता हैं सिमरन मनो चीख पड़ती हैं ...... उसके मुँह से सिसकारी निकलती है..

सिमरन - aaaaaaaaaaaa ..... हहह... ............. हहहहह .... हा... करीम .. जीईई… ऊँम्हठ्ठ ये क्या कर रहे hoooooooooooo… आआपपपपप…

और करीम के सर को अपने आम पे दबाने लगी और अपनी गांड को उठा के करीम के मू की तरफ उतने लगी थी..

सिमरन के ऐसे करने से करीम भी जोश मैं आ गया और अपनी ज़ुबान को कभी सिमरन के आम पे घूमता और कभी चाटने लगता और साथ hi हलकी सी बाईट भी लेता जिस से सिमरन बौहत ज़ियादा गरम हो गई थी..

अब सिमरन करीम के बालों को मज़बूती से पकड़ के अपने आम पे दबा रही थी और जगह पे hi कमर को उप्पर उठाती थी..

करीम बड़े प्यार से बरी बरी उसके दोनों निप्पल्स को चूसे जा रहा था ......... निप्पल्स तन्न कर पूरे खड़े हो गए थे और पूरी तरह सख्त भी ....... करीम ने सिमरन के एक नीपल को आपने मू मई पकड़ के बहार की तरफ खिंचा… तो सिमरन टेबल पाई hi उछाल पड़ी…

सिमरन- aaahhhhhhhhhhh Karim..jiii… आपने तो कमल कर दिया ताऊउउउउउउउ neeeeeeeeeee unmhhhhhhhhhh haaannnnnnnnnnn Karimmm..jiiii... इसी तरह karoooooooooooo uuuuffffffffffff मैं gaiiiiiiiiiiiiii ooooooohhhhhhhhhhhh

इस के साथ hi सिमरन के छूट से पानी बहने लगा और उसके जिस्म को झटके भी लगने लगे थे..

धीरे धीरे करीम अपनी जीभ नीचे उसकी नैवेल पर ले जाता हैं और वहां भी अपने जीभ का कमल दिखता हैं ........ सिमरन किसी जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी..... करीम ने सिमरन को पिट के बल टेबल पाई गिरा दिया tha…jaise जैसे करीम नीचे उसकी छूट के पास जाता हैं सिमरन की बेचैन और बढ़ाते जाती hain.....aur आखिरकार करीम अपने जीभ सिमरन के छूट पर रख देता हैं और तभी सिमरन ज़ोर से चीख पड़ती हैं.....

सिमरन- aaaaaaaaaaaaaaa.... hhhhhhhhhhhhhh...... kkk.....aa......rr......iiii…..mmm............ जी

मगर करीम अपने जीभ वहीँ पर बड़े आराम से फिरने लगता हैं ….

करीम- चैनल.. अपनी दोनों टंगे उप्पर उठा… मादरचोड़…

सिमरन अपनी शर्म हाय छोड़ कर अपने दोनों जांघों को करीम के सामने पूरा फैला देती हैं...... अपनी दोनों टाँगे उठा कर… अब सिमरन की छूट करीम के आँखों के सामने be-parda थी.... करीम बड़े गौर से उसके छूट को देख रहा था...... करीम अपने दोनों हाथों की उंगली उसपर ले जाता हैं और उसके छूट के फांकों को अलग करता हैं ..... अंदर गुलाभी रंग की चमड़ी साफ़ दिखाई दी रही थी... वो झट से अपने जीभ की पॉइंट उस चिढ़ में दाल देता हैं..... सिमरन की हालत ख़राब होने लगती हैं ...... करीम लगतार अपने जीभ को हरकत कर रहा था ..... सिमरन के मुँह से सिसकारी और तेज़्ज़ होती जा रही थी.... सिमरन ने अब आपने दोनों हाथो से टेबल को पकड़ा हुआ था… करीब 3 मिनट के अंदर hi सिमरन फिर से दुबारा चिलाते हुए झरने लगती हैं......

सिमरन- आआह्ह्ह........ a.aaaaaaaaaaaaaaa..... hhhhhhhhhhhhhh .... ससस............. aaaaaaa....hhh.hhhhh ... kkkk......aaaaaa....rrrr......iii.i.....mmm...... jjjjjjjjjjjjjiiiiiiiiiiiiiiiii…..

और धाम से उस टेबल पर किसी लाश की तरह ठंडी पद जाती हैं.... उसके सांसें बहुत ज़ोरों से चल रही थी और वो अब हाफने लगी थी......

अब करीम भी थक गया था.. उसके कमर मई दर्द हो रहा था.. इस्सलिये वो खड़ा हो जाता है.. और करीम पीछे घूम जाता है... तो बाजु वाले रूम के विंडो मई एक लेडी कड़ी थी....





लता जिस रूम मई सोई थी उस रूम के बगल वाली रूम मई.. वह से बालकनी मई देखा जा सकता था... जैसे करीम की नज़र उसपर पड़ती है वैसे hi वो लेडी वह से पीछे मुद के चली जाती है... गुस्से मई... कमीना कही का.. ऐसे कुछ कह के.. करीम ने ठीक से सुना नहीं लेकिन ऐसा hi कुछ कहा होगा ऐसा करीम सोचता है... गली hi दी होगी इस चैनल ने ऐसे करीम सोचता है... करीम सोच रहा था की ये है कोण.. इस घर मई तो पहले कभी देखा नहीं... ढूढना पड़ेगा.. पहले इस रांड को छोड़ते है.. ऐसा सोच के सिमरन की तरफ घूम जाता है .. सिमरन अभी तक उस टेबल पे आँखे बंद करके पड़ी हुई थी.. किसी लाश की तरह.. करीम सिमरन के पास जाता हैं और उसके छूट से बेहटा रास अपने जीभ से चाटने लगता हैं..... अब करीम सिमरन जो टेबल पे बेसुध होक पड़ी थी उस के पास जाता हैं और उसके लबों को फिर से चूसने लगता हैं...... इस बार करीम के होंठों पर सिमरन के छूट का पानी भी था जो अब उसके मुँह में जा रहा था मगर सिमरन को अब कुछ भी होश नहीं था वो लगातार करीम के होंठों को चूसे जा रही थी.........

सिमरन को अंदर से एक मन कर रहा था की करीम को वापस उसकी औकात दिखा दूँ… मगर जितना अच्छा उसे करीम के साथ लग रहा था और उसे करीम से ज़लील होक मज़ा आ रहा था .. वो अभी तक उसके साथ नहीं हुआ था. वह भी जब की वह ये जानती थी की कारण ने थोड़ी देर पहले लता और कितने औरतों को छोड़ा है ये जानते हुई .. शायद उसने कभी ज़िन्दगी में ज़लील होना अनुभव नहीं किया. ..यह नया एक्सपीरियंस था उसके लिए. .वह कितने रेपिस्ट्स और लड़की छेड़ने वालों को कुत्तो जैसे मरती थी और वीमेन एम्पावरमेंट की बातें करती थी. .और आज एक बेहद गंदे से बद्धार से घिनोने बुड्ढे से मस्ती लूट रही थी . .मगर मदहोश हो चुकी सिमरन अब इस वीमेन एम्पावरमेंट को भूल के करीम की कुट्टी बनने को मर रही थी. ..

करीम अब तक बहुत गरम हो चूका tha....aab उसका भी कण्ट्रोल ख़तम हो चूका था.... वो अब सिमरन को छोड़ना चाहता है.. वो अब घूम के सिमरन के सर के पास खड़ा हो जाता है..

करीम- एक बार इससे चूस रांड … फिर तेरे ताबड़तोड़ चुदाई करता हु…

करीम के और सिमरन देखने लगती हैं ....... सिमरन के सामने उसका लुंड फनफनाता हुआ अपने अकार में आ जाता hain.....waise करीम का लुंड पूरे 9 इंच का tha.....aur 3 इंच मोटा....... सिमरन ने जब पहली बार करीम का लुंड देखा था तभी उसके होश उड़द गए थे.. और अब भी उसके होश उड़द गए the..wo सोच रही थी इतने बड़े लुंड से मेरा क्या हाल होगा.. और ये करीम जी धीरे से करेंगे तो नहीं.. मुझे मार hi डालेंगे.. सिमरन के चहरे को देखकर करीम धीरे से मुस्कुरा देता हैं.....

करीम - क्यों चैनल…. हरामजादी.. तुजे पसंद आया की नहीं मेरा लौड़ा....

ऐसा कहके उसके बाल को पकड़ा के खींचता है..

सिमरन – बहोत बड़ा hai….......ye भला मेरे अंदर कैसे जायेगा .... नहीं nahin......nahin करवाना मुझे आप से… ये सब .... मैं मेरे हस्बैंड के छूटे लुंड से hi ठीक हूँ......

करीम हस्ता है…

करीम- दर मत चैनल.. जो मज़ा मेरे जैसे बड़े लुंड से तुजे मिलेगा वो तेरे हस्बैंड के छोटे लुंड से नहीं मिलेगा..

इस बार करीम ज़रा जोरसे सिमरन के निप्पल को पिस्ता है..

सिमरन- मुझे नहीं चाहिए मजा.. मजा के चक्कर मई आप मुझे मार hi डालेंगे .. वैसे ये मेरे अन्दर आसानी से नहीं जायेगा…

करीम- चला जायेगा चैनल.. बस पहली बार में थोड़ी तकलीफ hogi....uske बाद तुम इसे पूरा मज़ा से लोगी......

करीम - नहीं करीम ji...main नहीं ले पयूंगी aapka......bhala इतना बड़ा मेरे इस छोटे से छेद में कैसे जायेगा....... मुझे डर लग रहा है इसको देख के..

करीम- तू तो ऐसे बोल रही है जैसे तूने इससे पहली बार देखा है..

सिमरन- पहली बार देखा है ऐसे बात नहीं है.. लेकिन मेरे अन्दर लेने के बारे मई पहली बार सोच रही हु…

करीम- दो बच्चे पैदा किये हो और इतने सालो से तुजे तेरा हस्बैंड चूड रहा था तो तेरे छूट बड़ी हो गयी होगी न..

सिमरन- वो मुझे पता नहीं है.. लेकिन मई आपने अन्दर नहीं ले सकती.. मुझे जानने दो..

सिमरन ने ऐसे कहते hi करीम आपने दोनों हातो से उसके दोनों निप्पल जोर से मसलता है…

सिमरन- ahhhhhhhhhhhh ……… uheeeeeeeeee…… माआआ …… चोर doooo.Kitne ज़ोरो से दबा रहे हो… आप.. दर्द होता है न करीम jii.Mujhe नहीं करवाना कुछ भी… देखो करीम जी मुझे चोरो मुझे जाने दो.

सिमरन के मुँह से उससे जाने डेन की बात सुनके करीम गुस्से से उसका एक आम चूसते हुई दूसरा आम बेरहमी से मसलने के बाद छूट मई ऊँगली डालते हुई बोलता है

करीम- साली नाटक मत kar..itna गरम किया मुझे तो क्या अब मुठ मरू रांड… तेरी माँ की छूट एक तो लुंड गर्म करती है और फिर नाटक करती है . मादरचोद एहि तुझे काट डालूंगा समझी… देख चैनल अब कुछ भी हो तुझे बिना चोदे जाने तो नहीं दूंगा चाहे जो हो जाये.

ऐसा कहके करीम सिमरन को 2 झापड़ मरता है… उसके आम बेरहमी से मसलता है… द्क्प सिमरन रोने लगती है. करीम से डरके वह rote-rote कहती है…

करीम- नाहहठी… नाहीई… मुझे मात मारो करीम.. जीई…

करीम एक थप्पड़ और सिमरन को लगता है…

सिमरन- अह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह नाहीइ… पलज़्ज़ज़ मात मारो …

करीम- सल्ली चैनल… नौटंकी करती है हरामी…

सिमरन रट हुई कहती है..

सिमरन- जो भी करना है.. मेरे साथ आपको आप करो मत मुझे मत maro…aur थोड़ा धीरे से करो.. प्ल्ज़्ज़..

करीम - तू चिंता मूत kar......sabse पहले इसे अपने मुँह में लेकर प्यार कर इससे.... देख ये कैसे तेरे लिए तरस रहा हैं ........ देखना तुजे कितना मज़ा आएगा...

सिमरन के अन्दर बहुत झिजक थी मगर करीम के बार बार दबाव देने से वो तैयार हो जाती hain....aur धीरे से अपने जीभ आगे बढाकर उसके लुंड का टोपा को चूम लेती हैं ...... सिमरन के इस हरकत से करीम तड़प उठता हैं... वो बस अपने मुँह में उसका टोपा ले कर उसपर जीभ फिरने लगती हैं.....





और इधर करीम अपने एक हाथ उसके सर पर रखकर उसके बालों से खेल रहा था और दूसरे हाथों से वो उसकी छूट पर अपना हाथ फेर रहा था ...... सिमरन के इस तरह लुंड चूसने से करीम के मुँह से भी सिसकरी निकल रही थी और मज़े से उसकी आँखें भी बंद thi......kareeb 5 मिनट की चूसै के बाद करीम वह से हैट जाता है और सिमरन के पैरो के पास फिरसे खड़ा हो जाता है.. थोड़ा जुख कर फिर से अपना लैब उसके होंठों पर रखकर सिमरन को चूसने लगता hain.......Simran भी करीम के होंठों को चूसे जा रही थी ...... थोड़ी डियर बाद करीम अपना होंठ सिमरन के होंठों से अलग करता हैं.. सिमरन करीम की तरफ देख रही थी.. करीम ने आपने हाथ मई लुंड लिया था और वो सिमरन के दोनों पेअर के बीच आ गया था.. अब वो आपने मोटा लुंड सिमरन के छूट के पास ले गया था.. सिमरन टेबल पे पड़े पड़े hi अपनी गार्डन थोड़ी उतके देख रही थी..

सिमरन- प्ल्ज़.. करीम जी.. थोड़ा धीरे से करो.. बहोत दर्द होगा…

करीम सिमरन के गांड पे जोरदार चपत लगता है…

सिमरन- आअह्ह्हह्हआआ…

करीम- चुप कर चैनल… ऐसे बर्ताव कर रही है जैसे तू कुंवारी है साली… एक नंबर की बाज़ारो रंडी है तू.. रोज कितनो से चुदती होगी पता नहीं.. और मेरे सामने नाटक कर रही है.. कामिनी…

सिमरन- ऐसे बात नहीं है करीम जी.. मैंने कितने बार बता दिया की मई आपने हस्बैंड के अलावा किसी के साथ ऐसा कुछ किया नहीं.. पर आप को मुज पर ट्रस्ट hi नहीं है..

करीम- चुप कर बाजारू रांड…

सिमरन आपने चेहरा छोटा करते हुई कहती है…

सिमरन- ठीक हैं करीम जी.. ी ऍम ready........par प्लीज ज़रा आराम से karna......kahin ऐसा न हो की मेरे फैट जाये........

करीम धीरे से मुस्कुरा देता हैं और अपना लुंड सिमरन की छूट पर रख देता हैं….





जैसे hi करीम का लुंड उससे अपनी छूट पे लगता है उससे बहुत अच्छा लगता hai.Uski छूट मचलने लगती है और वह महसूस करती है की उसके निप्पल कड़क हो गए है.

करीम सिमरन की कमर पकड़के उसे अपनी तरफ बहार खींचता है.. लुंड उसकी छूट पे रगड़ते ज़रा सा दबाता है.





उसके लुंड का सूपड़ा अब सिमरन की छूट को खोल चूका hai.Isse सिमरन को दर्द होता है और वह तड़पती hai.Uski सासे अटक जाती है .उस दर्द से बचने के लिए सिमरन टेबल को कसके पकड़ती है..

वह सिमरन की कमर और कसके पकड़ते लुंड और ज़रा छूट पे दबाके बोलता है..

करीम- हरामी… saali..raand…Sali नाटक किया तो एहि मार डालूंगा tujhe.Maderchod चल टाँगे खोल teri..mere लुंड को तेरी छूट फडनी है rakhail.Kya मस्त माल है तू chinal..chal खोल पेअर तेरे.

करीम की गालिया और धमकी सुनके सिमरन दर के अपने पेअर खोलती hai.Karim की मार और गलियों से उससे बड़ा दार और दर्द होता है और वह इस बात से ज़रा ज्यादा तड़पती hai.Ab वह दार से अपने पेअर खोलती hai.Simran को कसके पकड़के करीम एक धक्का देता है और लुंड की टोपी अंदर घुसती hai.Jaise hi लुंड का बड़ा सूपड़ा सिमरन की गुलाभी छूट मई घुसता है वह दर्द से चिल्ला उठती है….

सिमरन- उउउउउउहेईईई……. Maaaaaaaaaaaaaa…. ओह्ह्ह्हह….. मारररररर …. गाइएएएए…. नाहीइइइइइइ … kkkKarimmmmmmmmm..jiiiiii…. नीककककालल्लूऊओ ….. aapnaaa….llluuuunnndddd मुऊज्जज्झहही डडडडडआएआररररडडडड होओओओओ रररआआआअह्हह्हआ हहाआआअआइईईई.

सिमरन के दर्द की परवाह किये बिना करीम अब सिमरन के मुँह पे एक हाथ और कमर मई दूसरा डालके उससे कसके पकड़ते हुई जोरसे लुंड घुसता है सिमरन को धक्का देके उसके छूट मई घुसता hai.Lund सिमरन की छूट को बेरहमी से फड़के अंदर घुसता है. सिमरन दर्द से बेहाल होक चिल्लाना चाहती है पर करीम उसका मुँह और कसके पादकते बोलता है…

करीम- आह्ह्ह्हह तेरई माआ कीई छ्हूउउत्तत्त क्या टीयइग्घ्हत्तत्त छुट्ट्ट्ट हैईईई टीईर्र्र्ररी raaaaanddddd.teri माँ की छूट आज सही मई मस्त माल मिला है… साली तेरा पति तुजे छोड़ता नहीं है क्या.. इतनी टाइट छूट कैसे है तेरे… ले चैनल अब तुझे देख कैसे मेरी रांड बनता हूँ. करीम फिर से अपना लुंड पीछे करता हैं और एक झटके में तेज़ी से आगे सिमरन की छूट पर रखकर एक ज़ोरदार धक्का मरता हैं....... लुंड phuncchhh.......ki आवाज़ के साथ अंदर समां जाता hain.....aur उधर सिमरन के मुँह से एक ज़ोरदार चीक निकल पड़ती हैं.....

सिमरन -aaaaaaaaaa... ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह.....

मगर करीम नहीं रुकता और अपने लुंड पर उसी तरह दबाव डेल रहता हैं......

करीम का लुंड करीब 3 इंच तक सिमरन की छूट में समां चूका था...... करीम फिर से पीछे की ओरे अपना लुंड ले जाता हैं और एक करकका धक्का मरता हैं और इस बार उसका लुंड तेज़ी से अंदर की ओरे चला जाता हैं ......करीब 5 इंच तक....... सिमरन ज़ोर से चीक पड़ती hain.......aur उसकी आँखों से ाँसों चालक पड़ते हैं........

सिमरन- aaaaaaaaaaaa... hhhhhhhhhhhh .... प्लीज करीम निकालो इसे bahar.....main मुरर jawongi.......mujhse दर्द नहीं बर्दास्त हो raha.......please मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ निकल लो इसे बहार.........

करीम गुस्से से बोलता है..

करीम- साली मुझे नाम से बुलाती है…

ऐसा कहके करीम लुंड पूरा बहार निकालता है और जोरसे सिमरन के छूट मई डालता है… सिमरन को पहले से ज्यादा दर्द हो रहा था…

सिमरन- aaaaaaaaaahhhhhhh……..

sssss…..ooooo..rrr…yyyyyy…. अभी नहीं बोलूंगी… प्ल्ज़ इससे बहार निकालो… मई मर जौंगीय..

करीम अपने लुंड को वहीँ रोक देता हैं और झट से उसके निप्पल्स को अपनी मुँह में लेकर तेज़ी से चूसने लगता हैं..... सिमरन किसी लाश की तरह बेजान करीम के नीचे टेबल पर पड़ी सिसक रही thi......aur तेज़ी से अपने दोनों हाथों को टेबल पे मारती जा रही thi.......kuch डियर तक उसी जगह लुंड रुकने से सिमरन को कुछ रहत महसूस होती हैं मगर करीम फिर से अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार पूरी ताक़त से अपना लुंड एक hi झटके में सिमरन की छूट की गहराई में उतर देता hain......ek बार फिर से सिमरन ज़ोर से चीक पड़ती हैं........ मगर करीम नहीं rukta......wo लगातार अपने लुंड पर प्रेशर बनाये हुए था .....

वह अब और बेरहमी से सिमरन को छोड़ने लगता है. ये बेचारी द्क्प करीम के लुंड के घुसने से बेहाल होक रोने लगती hai.Usse ऐसा लगता है उसकी छूट को करीम ने पहाड़ दिया hai.Woh छिलके अपना दर्द निकलना चाहती है पर करीम उससे वह रिहायत भी नहीं देता.15-20 बार लुंड छूट मई घुसके निकलने के बाद जब सिमरन के मुँह पे रखा हाथ ज़रा हल्का करता है तो सिमरन की सिसकारियों भरी आवाज़ उससे सुनाई देने lagi.Simran बेचारी रट बोल रही थी..

करीम- आआआआआह…. Shhhhhhhhhhh….. ऊऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह… अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह… यही मा… maaarrrrrrrrrr गायियी… ऊऊफफफफफफफ नाहीईई uhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh… उम् करीम जीई… aahhhhhhhhhhhhhh मेरी छूट को मात फरो ahhhhhhhhhh निकालो ना आपने lund.Ahhh मई मार जाउंगी अहह यही माँ ारी यह तो बहुत मोटा है यही मा मुझसे नहीं होगा आह्हः…. आपने एक द्क्प की क्या हालत बना दी है.. करीम जीई… मुझे माफ़ कर दो.. कुछ गलती हो गयी होगयी मुजसे तो..

करीम को सिमरन की इन बातो पे बिलकुल भी तरस नहीं aata.Uska मोटा कला लुंड किसी तीर की तरह अंदर घुसते सिमरन की छूट को चीरते छोड़ रहा था.

सिमरन के मुँह पे रखा हाथ हटके उससे सिमरन के मम्मी मसलते करीम सिमरन को छोड़ रहा था. सिमरन एक बेबस कुत्तिया जैसे टेबल पर टेबल के सहारे उसको पकड़ के अपनी छूट मरवाके ले रही thi.Badi बेदर्दी से उसके आम को मसलते सिमरन की छूट छोड़ते हुई करीम बोलै …

करीम- नहीं मरने दूंगा तुझे रंडी.. अब तो और छुड़वाना है तुझे चैनल… अब तो रोज छुड़ाना है मुजसे .. raand..behanchod क्या गरम छूट है tu.Saali थोड़े देर पहले मेरे साथ मस्ती कर रही थी …यह ले और ले और ले मादरचोद छूट फटने दे तेरी छूट.. तेरे जैसे द्क्प मुजसे छूट फ़तवाने के लिए hi पैदा होती hai.Sab ठीक होगा अभी देख 5 मिनिट मई दर्द ख़तम होगा और तू खुद छुड़वाने लगेगी समझी…

करीम के मुँह दी गए गन्दी गलियों से उससे शर्म आ रही thi.Apni छूट फटने के दर्द से सिमरन सिसकते बोली..

सिमरन- aahhhhhhhhhhhhhhhh… ुहीीी… माआआआआ… Karimmm..jeeee.. उम्मम्मम्म उम्मम्मम चोरो नाआ यही मायआ बहुत दर्द हो रहा है. आअह्हह्ह्ह्हह सच मई पहात जाएगी उम्मम्मम ahhhhhh.Karim जी बहुत दर्द हो रहा है… प्लीज जाने दो मुझे.

सिमरन बस रोये जा रही thi.......aur बार बार करीम को अपने ऊपर से हटाने की नाकाम कोशिश कर रही थी..... करीम को जब एहसास होता हैं की उसका लुंड पूरा सिमरन की छूट में उतर गया हैं तब वो वहीँ रुक जाता हैं ....... और तेज़ी से उसके होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगता हैं और एक हाथों को उसके निप्पल्स पर रखकर मसलने लगता हैं ..... करीब 5 मिनट तक सिमरन ऐसे hi चिक्ति और सिसकती हैं मगर कुछ डियर बाद उसका दर्द कम होने लगता hain.......fir करीम अपने कमर को आगे पीछे करने लगता hain.......Simran बस करीम के नीचे पड़ी अभी भी दर्द से तड़प रही थी......

थोड़ी डियर बाद करीम अपने लुंड की रफ़्तार तेज़्ज़ कर देता हैं और सिमरन का दर्द अब धीरे धीरे मज़े में बदलने लगता हैं .........अब उसे भी थोड़ा थोड़ा ाचा लगने लगा tha......kareeb 5 मिनट बाद करीम झट से अपना लुंड बहार निकलता हैं......

फिर से करीम अपना लुंड सिमरन के छूट पर रख देता है और झट से अंदर दाल देता hain...lund फूऊछ ......की आवाज़ करता हुआ छूट में पूरा उतर जाता hain.....fir से सिमरन ज़ोर से चीक पड़ती हैं ....... मगर करीम उसकी बिना परवाह किये लगातार अपने लुंड उसकी छूट की गहराई में उतरता चला जाता hain....thodi डियर बाद सिमरन के मुँह से भी सिसकारी फुट पड़ती hain.....aur वो भी अपनी कमर हिलने लगती hain.......jab करीम पूरा अपना लुंड उसकी गहराई तक उतरता तो सिमरन का मुँह पूरा खुल जाता और झट से वो अपना होंठों को उसके नीचले होंठों में लेकर चूसने लगती हैं ...... इधर सिमरन की बेकरारी फिर से बढ़ रही थी और उधर करीम भी अपनी मंज़िल के पास पहुँच रहा था.....

सिमरन- फ़क में करीम जीई .............f...uc....k...me....oh गॉड......

इस तरह की आवाज़ें सिमरन के मुँह से लगातार निकल रही थी.......

इस वक़्त सिमरन अपनी जांघें पूरा फैला कर करीम का लुंड अपने अंदर ली हुई thi.....aur अब तो उसे भी ऐसा लग रहा था की वो अब जानत की सैर कर रही hai.....kareeb 15 मिनट की ज़ोरदार चुदाई के दौरान सिमरन फिर से छीकते हुए झरने लगती हैं….

सिमरन- aaaaaaaaaaaa.. हहहहहह........... फ़फ़फ़फ़.. उउउउउउउ..... ccccccc..kkkkk ..... mmmmmm..eee....

और सिमरन टेबल पर बैठ कर करीम के कमर को पकड़ लेती है और अपने नाख़ून को करीम के पीठ पर ज़ोर से गदा देती हैं..... करीम भी अपने चरम पर पहुँच चूका था और वो कसकर सिमरन को अपने बाहों में ले लेता हैं और तेज़ी से चिल्लाते हुए अपना छुम सिमरन के छूट में निकलने लगता हैं........ सिमरन भी अपनी आँखें बंद कर लेती हैं और वो दोनों उस चरम सुख को हासिल कर लेते है.. और सिमरन टेबल पर बैठ कर करीम के कमर को पकड़ लेती है और अपने नाख़ून को करीम के पीठ पर ज़ोर से गदा देती हैं..... करीम भी अपने चरम पर पहुँच चूका था और वो कसकर सिमरन को अपने बाहों में ले लेता हैं और तेज़ी से चिल्लाते हुए अपना छुम सिमरन के छूट में निकलने लगता हैं........





सिमरन भी अपनी आँखें बंद कर लेती हैं और वो दोनों उस चरम सुख को हासिल कर लेते है..

थोड़े देर तक वो दोनों वैसे hi पड़े रहते है.. अब आड़े घंटे बाद करीम उठ जाता है.. और सिमरन के गांड पर हाथ लगाना शुरू कर देता है..

सिमरन- मेरा इतना बुरा हाल किया इससे से आपको तसली नहीं हुई क्या..

करीम- तसली तो तेरे गांड मरने के बाद hi मिलिगे.. रांड…

सिमरन- नहीं बाबा.. मई मर जाउंगी.. तुम्हारे इस मुसल लुंड ने मेरे छूट का क्या हाल किया है ये मुझे hi पता है और उसको अन्दर लेने मई मुझे क्या तकलीफ हुई है ये मई hi जानती हु… मई ले नहीं पाऊँगी..

करीम सिमरन के पास जाता है और उसके बाल को जोरदार पकड़ के खींचता है..

करीम- साली हरामी … ज्यादा नखरा मत कर.. तुजे मेरा लुंड अपनी गांड मई लेना होगा और वो भी अभी.. समाजी..

करीम ने जिस तरह से सिमरन के बाल पकड़े थे उस वजह सिमरन को बहुत तकलीफ हुई थी… वो डरकर बोलती है..

सिमरन- प्ल्ज़… मेरे बाल चूड दो..

करीम- बोल चैनल.. आपने मुसल लुंड आपने गांड मई ले गई न…

सिमरन- प्ल्ज़… मुजसे ये नहीं होगा.. मेरी हालत बहोत बुरी कर दी है आपने… मेरी छूट ने तो कैसे तो आपका लुंड लिया है लेकिन गांड मई नहीं ले सकती… मई मर जाउंगी… मुझे माफ़ कर दो.. मेरी छूट कितने बार मरने है वो मार दो..

करीम- चुप कर चैनल.. तेरे छूट मारने के लिए मई तेरे परमिशन नहीं मांग रहा हु.. जब भी और जहा भी तेरे छूट मारनी है वो तो मई मार्के hi रहूँगा… साली तुजे कोण पूछने वाला है यहाँ…

सिमरन- वो तो मई भी जानती हु.. आप अब मेरे बात कब मानने वाले हो… अब मेरे बॉडी पर आपका पूरा अधिकार जो हो गया है ..

और ऐसा कहके सिमरन करीम को किश करने लगाती है ..





सिमरन ये सोच रही थी की किश करके और बातो मई फसकर करीम को अपनी गांड से डाइवर्ट किया जा सके…

करीम किश तोड़ते हुई कहते है..

करीम- तू जानती तो है फिर ये न क्यों कह रही है..

सिमरन- मई आपका मुसल लुंड आपने इस गांड मई लुंगी.. लेकिन अभी नहीं हो सकता … प्ल्ज़ मेरी बात को समाजो न… मई न नहीं कह रही हु… मई अब ठीक से खड़े भी नहीं हो प् रही हु.. आपने मेरी हालत बहोत बुरी कर दी है.. अगर मैंने अभी आपका लुंड आपने गांड मई लिया तो मई घर भी नहीं जा पाऊँगी.. मई चल भी नहीं पाऊँगी .. मुझे थोड़ा आराम करने दो न… कुछ दिनों के बाद इस के बारे मई हम लोग सोच सकते है..

सिमरन सोच रही थी की करीम को बातो मई ऐसे hi उलझना पड़ेगा नहीं तो ये साला मुझे मार hi डालेगा… मई यहाँ से निचे कैसे जा पाउंगी .. अगर इस ने मेरे गांड अब यहाँ मारी तो.. निचे बहोत सारे लोग बैठे हुई है.. उनके सामने से मई कैसे जा सकती हु… मेरे गांड के अन्दर इसका ये लुंड आसानी से नहीं जा पायेगा.. और ये मुज पर जबरदस्ती कर्जा… कुछ भी करके इस्को आपने गांड से दूर रखना hi पड़ेगा.. नहीं तो मेरे खैर hi नहीं.. मुझे ये जीतेजी hi मार डालेगा..

दूसरी तरफ करीम ये सोच रहा था साली मुज को बातो मई तो उलझा नहीं रही है न.. हरामी को अब दिखाना hi पड़ेगा..

अब सिमरन ने करीम को कमर मई पकड़ कर टेबल पर गिरा दिया और सिमरन करीम की छाती पर धम्म से गिर पड़ी और पागलों की तरह उसके कन्धों को, गलों को अपने दाँतों से काटने लगी. सिमरन ने झुक कर उसकी नाभि को चूमने लगी. करीम के बदन में अब सिमरन के इस हमले से आग लगी हुई थी.. उसका मैं हो रहा था की बिना देर किये अब सिमरन के छूट का मुंह अपने लुंड से भरकर बंद कर दे.

धीरे धीरे करीम अपने हांथो को उसकी चूचियों पर लाया और अँगुलियों से उसके निप्पल्स को छेड़ने लगा. करीम का लुंड उसकी छूट पर दस्तक दे रहा था.

सिमरन जरा पीछे हैट गयी.. सिमरन ने करीम के लुंड के सुपडे पर जीभ लगायी तो उसको करंट सा लगा. धीरे धीरे उसने सुपडे को मुंह में भर लिया और चूसने सी लगी. करीम को बहुत मजा आ रहा था.

करीम - मजा आ रहा है न!

सिमरन – हम्म..

सिमरन ने सूपड़ा मुंह से निकलते हुए कहा…... करीम की तरफ देखते हुई आपने चहरे पर कातिल अड्डा लेट हुई कहते है..

सिमरन- पर इसमें खुजली हो रही है..

अपनी छूट को मसलते हुए उसने कहा.

सिमरन- कुछ करो न....

यह सुनकर करीम ने सिमरन को अपनी बहो मई उठा लिया और निचे बिता दिया .. अब वह बालकनी मई जमीं पर दोनों बैठे थे... करीम ने सिमरन को उठा कर आपने पेट पर सिमरन को बिता दिया था.. अब करीम के पेट पर सिमरन का पेट था.. करीम के टांगों की तरफ सिमरन का मुंह था .. करीम ने उसको आगे अपने लुंड की और झुका दिया जिससे सिमरन की छूट और गांड करीम के मुंह के पास आ गयी. एकदम तन्ना हुआ करीम का कला लुंड सिमरन की आँखों के सामने सलामी दे रहा था. करीम ने जब अपने होंठ सिमरन की छूट की फैंको पर टिकाये तो वह सीत्कार कर उठी. इतना अधिक आनंद उससे सहन नहीं हो रहा था. उसने अपने होंठ लुंड के सुपडे पर जमा दिए. करीम उसकी छूट को नीचे से ऊपर तक चाट रहा था. उसकी एक उंगली सिमरन की गांड के छेड़ को हलके से कुरेद रही थी. इससे सिमरन का मजा दोगुना हो रहा था. अब वह जोर जोर से लुंड पर अपने होंठों और जीभ का जादू दिखने लगी. लेकिन ज्यादा देर तक वह इतना आनंद सहन न कर पायी और उसकी छूट ने पानी छोड़ दिया जो करीम की मांसल छाती पर टपकने लगा. सिमरन ने करीम की टांगो को जकड लिया और हांफने लगी.

करीम का शेर हमले को तैयार था. उसने ज्यादा देर न करते हुए जमीं पर सिमरन को उल्टा लिटा दिया. सिमरन की गांड अब ऊपर की और उठी हुयी थी. और चूचियां जमीं से टकरा रही थी. करीम ने अपना लुंड उसकी छूट के द्वार पर रखा और पेल दिया. चुतरस की वजह से छूट गीली होने से 9 इंची लुंड 'पूछ' की आवाज के साथ पूरा उसमें उतर गया. सिमरन की तो जान hi निकल गयी. इतना मीठा दर्द! उसको लगा लुंड उसकी आँतड़ियों से जा टकराया है.

करीम ने सिमरन की गांड को एक हाथ से पकड़ कर ढक्के लगाने सुरु कर दिए. एक एक धक्के के साथ जैसे सिमरन जन्नत तक जाकर आ रही थी. जब उसको बहुत मजे आने लगे तोह उसने अपनी गांड को थोड़ा और छोड़ा करके पीछे की और कर लिया. करीम के टेस्ट्स उसकी छूट के पास जैसे थप्पड़ से मर रहे थे. करीम की नज़र सिमरन की गांड के छेड़ पर hi थी . कितना सुन्दर छेड़ था. उसने उस छेड़ पर थूक गिराया और उंगली से उसको कुरेदने लगा.

सिमरन- प्ल्ज़... वह नहीं.. करीम जी...

करीम- चुप कर चैनल.. तेरे गांड नहीं मार रहा हु.. रांड...

सिमरन आननद से कराती जा रही थी. करीम धीरे धीरे अपनी उंगली को सिमरन की गांड में घुसाने लगा.

सिमरन- उठ... kk...kya....kkar... रहे हो.. kaa..rrr..ii..mm..J..jj..iiii..

सिमरन कसमसा उठी.

करीम- देखती रह! चिनलल….

और करीम ने पूरी उंगली धक्के लगते लगते उसकी गांड में उतर दी.
 
सिमरन पागल सी हो गयी thhi.Karim ने तुरंत उसको सीधा लिटाया और वापस अपना लुंड छूट में पेल दिया. वह नीचे की और मुंह करके अपनी छूट में जाते लुंड को देखने की कोशिश कर रही थी. पर वो ठीक से देख नहीं प् रही थी. करीम को जब लगा की सिमरन का काम अब होने hi वाला है तो उसने धक्कों की स्पीड बढ़ा di.Seedhe धक्कों को सिमरन सहन न कर सकीय और ढेर हो गयी. सिमरन अब बिलकुल थक चुकी थी और उसका हर अंग दुःख रहा था, पर वो सहन करने की कोशिश करती रही. करीम ने झुक कर उसके होंठों को अपने होंठों से चिपका दिया और अपनी जीभ उसके मुंह में घुसा दी.

धीरे धीरे एक बार फिर सिमरन को मजा आने लगा और वो भी सहयोग करने लगी. अब करीम ने उसकी चूचियों को मसलना सुरु कर दिया था. सिमरन फिर से मंजिल के करीब थी. उसने जब करीम की बाँहों पर अपने दांत गाड़ने शुरू कर दिए तो करीम भी और ज्यादा स्पीड से ढक्के लगाने लगा. सिमरन की छूट के पानी छोड़ते hi उसने अपना लुंड बहार निकल लिया और सिमरन के मुंह में दे दिया. छूट रास होने की वजह से एक बार तो सिमरन ने मन करने की सोची पर कुछ न कहकर उसको बैठकर मुंह में ले hi लिया. करीम ने सिमरन का सर पीछे से पकड़ लिया और मुंह में वीर्य की बौछार सी कर दी. सिमरन goo...gooo करके रह गयी पर क्या कर सकती थी. करीब 8-10 बौछारे वीर्य ने उसके मुंह को पूरा भर दिया. करीम ने उसको तभी छोड़ा जब वो सारा वीर्य जातक गयी.

सिमरन गुस्से और प्यार से पहले तोह उसको देखती रही. जब उसको लगा की वीर्य पीना कुछ खास बुरा नहीं था तो वो करीम से चिपक गयी और उसके ऊपर आकर उसके चेहरे को चूमने लगी...

अब सिमरन निचे निढाल हो चुकी थी उस फर्श पर .. करीम उसके तरफ देखकर लगतार अपने हाथ के उंगलयों को सिमरन के बालों मैं घुमाये जा रहा था. सिमरन ने अपनी ऑंखें खोल कर करीम के तरफ देखा. करीम को देख कर एक बार फिर सिमरन के होंटो पर प्यार भरी मुस्कान फेल गए…… उस्सने बड़े ही प्यार से एक बार करीम के माथे को चूमा और फिर उसके बालों को प्यार से सहालने lagee…..wo मान ही मान सोच रही थी की ये पल कभी ख़तम hi न ho..ye चुदाई का दौर ऐसा hi चलता रहे.

करीम के होंठ सिमरन के निप्पल के बेहद करीब thee……Karim से रहा नहीं गया और उस्सने सिमरन के लेफ्ट निप्पल को मुँह मैं भर कर जोर से चूसना चालू कर daya…..apne कड़क निप्पल पर करीम के हूंठ महसूस करते ही सिमरन के बदन मैं सनसनी दौड़ गए……

सिमरन ने दोनों हाथों से करीम के सर को पकड़ कर पीछे किया जिस से सिमरन का निप्पल पक के आवाज़ से करीम के मुँह से बहार आ gaya……Karim ने सिमरन के फेस के तरफ dekha…….dono के नज़ारे आपस मैं मिली.. सिमरन के आँखों मैं चाहत के साथ साथ कुछ सवाल थी…… ये जो वो आज एक गंदे इंसान के साथ कर रही थी उस इंसान को वो थोड़े देर पहले गालिया दे रहे थी और कहा ाब्ब वो खुद करीम के मुंसल लुंड की गुलाम हो कर रह गए thee….jo इस वक़्त तन कर सिमरन के छूट के पास उसकी झांगों को ठोकर मार रहा था……

करीम ने सिमरन के आँखों मैं देखते हुए उसको पूछा

करीम- क्या हुआ रांड… मुझे क्यों पीछे हटाया…

सिमरन कुछ नहीं बोल पायी .. न भी नहीं कह पायी या हां भी नहीं कह पायी..

करीम ने उसके आँखों मई देखकर अपने होंटो को उसके होंटो के तरफ बढ़ा दिया…. दोनों के गरम सांसे एक दूसरे के होंटो से टकराने lagee……jisse महसूस करके सिमरन के होंठ कंपनी lagee….Karim ने अपने होंटो को सिमरन के रसीले होंटो पर रख दिया …..और उसके होंटो को जोर जोर से चूसने लगा….

अब करीम सिमरन के आम को मसलते हुए उसके होंटो को चूस रहा था… उसके जवाब मई सिमरन ने अपने हाथों को करीम के पीठ पर कसके उससे अपने ऊपर खेंच लिया….

जैसे ही करीम सिमरन के ऊपर आया सिमरन ने अपनी टांगों को पहला लिया ….. करीम ने सिमरन के होंटो से अपने होंटो को हत्या और उसके नैक और आम के ऊपर वाले हिस्से को चूमने लगा …… सिमरन के बदन मैं एक बार फिर से वासना के आग बढ़ने लग्गी…… सिमरन अभी भी उसके पथ पर अपने हाथों को घुमा रही थी….

करीम सिमरन के चुच्यों को अपने हाथों से मसल रहा tha…beech मैं वो उसके निप्पल्स को अपनी उंगलयों के बीच मैं दबा कर खेंच देता tha…jis से सिमरन एक दम से सिस्का उठहति और उसकी कमर अपने आप ही उप्पर के और झटका खा जाती और सिमरन के बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ जाती.

सिमरन- हाँ Karim.jiiiiii…uff और जोर से मसलो… इस बोओब्स्स्स कुओ…. Bahottttttttttt… mujeeeeeeeeee… tadpateeeeeeeeeeee… haiiiiiiiiiiiiiiii….aaj तक इसको ऐसे किसी ने मसाला नाहीईई haiiii…aiseeeeee hi मेरे बूब्स.. को ओह्ह्ह्ह ुंहःहःहः अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह करीम जी……. ……..ओह्ह्ह्हह ुंहःहः हाँ ऐसे और जोर से मसलो ओह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह…

सिमरन अपनी कमर को हिलाते सिसकारी भर रही thee……aur अपने दोनों हाथों को करीम के हाथों पर दबा रही thee……..Karim भी जोश मैं आकर सिमरन के आम को दबा रहा tha..Simran अब्ब एक दम गरम हो चुकी थी उसने करीम के हाथों से अपने हाथ हत्ये और करीम के सर के पीछे हाथ दाल के उसके होंटो को अपने होंटो मैं भर लिया……. जैसे करीम के हाथ आज़ाद हुए उसने अपन हाथों को उसके गांड पर ले gaya………..aur उसके गांड को जोर जोर से मसल कर दोनों तरफ फैलाने लगा…….

सिमरन- हाँ ुंहःहःह और जोर से मसलो मरीईई गांड को ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह … देखहहह्हो मेरे छूट मई फिरर से आग लग गयी है अह्ह्ह्हह mereeee..rajaaaaa मेरीए… dilbarrrrrr…ohhhhhh ओह्ह्ह्हह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह…

सिमरन का बदन एक बार फिर से आकड़ें लगा……. ……….

अब करीम सिमरन के बदन के हर अनाज को चूमता और छठा हुआ नीचे उसके पेट पर आ गया ……..सिमरन अब्ब धीमे आवाज़ मैं सिसकिया भर रही thee……ussne अपने दोनों हाथों को ऊपर लेजाकर सर के पीछे जो टेबल था उसको कास के पकड़ liya……uski कमर लगतार थरथरा रही thee….uske पेट मैं उठ रही लहरों से जाहिर हो रहा था. की सिमरन कितनी गरम हो चुकी hai…..aur अब्ब उसके छूट मैं फिर से नमी ऐनी लगी थी…..

सिमरन- ओह्ह्ह… करीम… जीई… ओह्ह्ह्हह्ह मेरे jaaan…….uffffff और मत तड़पाओ अपनी रांड को… रखेल.. कोऊ.. ुंहःहः ुंहःहःह…

करीम ने एक बार सिमरन के कामुक फेस के और देखा…… उसका पूरा चेहरा लाल पद चुक्का tha..…..aur उसके रसीले होंठ थरथरा रहे thee…….phir उस्सने अपनी जीभ निकल कर सिमरन के नाभि मैं घुसा dee……Simran के बदन मैं करंट सा दौड़ gaya….usne टेबल से एक हाथ को चोर कर करीम के सर को एक हाथ से पकड़ लिया और दूसरे हाथ से टेबल कको पकड़ा था..………..

सिमरन- ohhhhh…ooooo… करिमममम… जीईई… अह्हह्ह्ह्ह siiiiiiiiii नाहीई ओह्ह्ह्हह्हह मत करो मेरे साथ aaaaisaaaaaaaaaa ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बुस्स्सस्स उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या कर रहे haiiiii….aaappp… ओह्ह्ह चोर दूऊऊ नाहा मेरी राजाआं.

करीम उसके नाभि और पेट के नीचले हिस्से को चूमता हुआ और नीचे उसकी छूट के तरफ जाने laga….jab सिमरन को इस बात का अहसास हुआ तो उस्सने अपनी झनगन को भींचना शुरू कर diya…..niche आते हुई करीम सिमरन के छूट तक आ gaya..Karim ने सिमरन के छूट पर आपने हूंठ रखते hi सिमरन बोल पड़ी

सिमरन- ओह्ह्ह करिइइइइइइइम्म्म्म… जीईई.. मत्तत्त करिये naaaaa…….main मेंननननननन मर जाउंगी ओह्ह्ह्हह ुम्हह सीईई ओह्ह्ह्हह करिमजीए नही नहीं ओह्ह्ह्ह ुँघठ ूंघ्हठ्ठ……….

सिमरन की आवाज़ मनो उसके हलक मैं अटक गए ho….kuch पल्लों के लये उसकी सांस रुक gaye…..aur उसके पूरा बदन ऐसे अकड़ गया मनो जैसे उसको डोरा पढ़ गया ho……….usne अपने दोनों हाथों से करीम के सर को पीछे करने के कोशिश की पर उसको लगा जैसे उसके बदन ने उसका साथ चोर दिया ho……kuch पल्लों के ख़ामोशी के बाद मनो जैसे वह तूफ़ान आ gaya…….Simran लगभग छीकते हुए सिसकार्यं भरने लगी…….

Simran-ohhh ुंहःहःहः अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह्ह चोर दीजिये मुजीब ओह्ह्ह्हह मैं पागल हो जाउंगी ओह्ह्ह्हह्हह मेरे छूट के साथ मत करो ओह्ह्ह्ह

सिमरन अपनी गांड को ऊपर उछलते हुए मछली के ताहरां तड़प रही thee.Uske छूट का कॉमर्स इस्कदर उसके छूट को गीला कर रखा था की उसकी छूट से पानी निकल कर गांड के छेद को नाम कर रहा tha……jab मस्ती मैं आकर सिमरन अपनी गांड को ऊपर के और उछलती तो करीम के जीभ सिमरन के गांड के छेद पर रगड़ खा जाती और सिमरन के बदन मैं और मस्ती के लहर दौड़ जाती. सिमरन का पूरा बदन मस्ती मैं कैंप रहा था…….

अब करीम सिमरन के दोनों पेअर को उप्पर उठाकर सिमरन की गांड देख रहा था .. थोड़े देर बाद करीम सिमरन के गांड को सहालने laga…..jisse सिमरन को पता चल गया की करीम क्या कर रहा है.. …..करीम के हाथ को अपनी गांड पर रेंगते हुई जान कर सिमरन ने करीम से कहा.

सिमरन- अहह काया कर रहे हो.. आप

सिमरन ने जब ऐसा कहा तब सिमरन को करीम ने उल्टा लेता दिया और उसके उप्पर करीम आ गया .. जिसके कारन करीम का लुंड सिमरन के गांड के दरार मैं जा धंसा……

करीम के गरम लुंड को अपनी गांड के छेद पर महसूस करके सिमरन मदहोश हो गए ….. मदहोशी मई सिमरन अपनी गांड को धीरे धरी से इधर उधर हिलने lagi…..jis से करीम का लुंड का सूपड़ा ठीक उसकी गांड के छेद पर जा लगा…..

सिमरन- अह्ह्ह्हह सीईईई Karim.jiii..

सिमरन एक दम मस्ती मई आ gayi…..ye देख कर करीम ने झुक कर सिमरन के चहरे को आपने तरफ घुमा कर उसके होंटो को अपने होंटो मैं भर कर चूसना चालू कर diya……Karim का लुंड उसकी गांड के छेद पर तना हुआ दस्तक दी रहा था….

अपने होंटो को करीम के होंटो से अलग करते हुए सिमरन ने बहोत hi मादक अड्डा के साथ कहा..

सिमरन- ुम्ह काया इरडा है आपका… करीम jiii.….kahin अपनी द्क्प रांड के गांड तो नहीं मारनी है न आपको…..

करीम- मैं तो कब से कह रहा हु चैनल.. लेकिन तू मानती hi नहीं है..

…..

सिमरन- नहीं करीम जी मुझे भोत दर लगता hai……mene कभी गांड मैं अभी तक लुंड नहीं लिया…..

करीम- कुछ नहीं होगा रांड.. तेरे गांड आहिस्ता से मरूंगा.. तुजे छूट से गांड मरने मई मज़ा आएगा..

ऐसा कहके करीम ने एक बार फिर से सिमरन को अपनी तरफ खिंच लिया और उसको किश करने laga….par सिमरन ने करीम के फेस को पीछे हटा दिया…..

सिमरन- हटो ना.. कब से मेरे पीछे पड़े हो.. अब तक मेरे छूट दो बार मार चुके ho..aab मेरे गांड के पीछे पड़े हो …अब्ब तो बस करो…..

ये कह कर सिमरन ने घूम कर करीम को पीछे पुश कर diya..Simran ने जैसे hi करीम को पुश किया तो करीम का बैलेंस बिगड़ गया और वो निचे गिर गया… इस का फायदा सिमरन उठाती है और जुट से उठ के कड़ी हो जाती है .. वह पड़े अपनी ब्रा , पंतय , शर्ट और पंत उठा लेती है… वो ये सब इतनी जल्द बाज़ी मई करती है की करीम को कुछ करने का मौका hi नहीं मिल पाया.. आपने कपडे हाथ मई पकड़ के सिमरन बालकनी से भाग जाती है .. वह 3-4 रूम थे उस तरफ… करीम कहता रहता है सिमरन सिमरन लेकिन वो कुछ सुनती नहीं है.. और न पीछे मुद के देखते है..

करीम- अरे सुन सिमरन रांड.. भाग मत.. बहार कोई तुजे ऐसे ननगा देखेगा..

लेकिन सिमरन कुछ सुनते नहीं है.. वैसे तो सिमरन का बदन बहोत दर्द कर रहा था.. उसको खड़ा होने मई भी तकलीफ हो रही थी मगर वो जानती थी की अगर कुछ देर मई यहाँ रुकी तो ये आदमी मेरे जान hi लेगा.. कितने बार मुझे छोड़ेगा इस का कुछ कह नहीं सकते है.. और ये अब मेरे गांड के पीछे पड़ा हुआ है.. अगर मेरे गांड इस के हाट मई आ गयी तो मेरे खैर नहीं… मेरे छूट इतने सालो की चुदाई के बाद मई भी मुझे इतने तकलीफ हो रही है तो मेरी गांड की हालत क्या होगी… मेरे गांड तो अभी तक मैंने आपने हस्बैंड को नहीं दी है.. इस्को कैसे दे सकते हु.. वैसे ये मुझे मांगेगा कब.. ये तो जबरदस्ती करेगा.. मई यहाँ चिल्ला भी नहीं सकती.. चिल्लाऊंगी तो लता मैडम उठ जाएगी और मुझे ऐसा नंगा देखकर वो क्या सोचेगी.. इस से बेहतर है मई यहाँ से भाग जाउंगी… ये सोच कर सिमरन वह से भाग गयी… दूसरे तरफ करीम सोचता है ये पुलिसवाली होकर चोर जैसे यहाँ से भाग गयी.. जाने दो कहा भागेगी… इस्सकी गांड तो एकदिन मारूंगा hi.. अब मेरा भी बदन दर्द कर रहा है.. इन् रण्डियोंको छोड़ के… साला सुबह से पेट मई अब तक शराब का एक कटरा भी नहीं है.. चलो यहाँ से काँटी शेठ के रूम मई देखते है कोई शराब की बोतल मिल जाये.. ये इंग्लिश शराब पिने को अच्छी नहीं लगाती.. साली ये इंग्लिश शराब चढाती hi नहीं है.. हरामजादी.. लोग कैसे पिटे है.. आपने देसी hi अच्छी है… जैसे अपनी मोहाली की डांडिया और ये बड़ी घर की रंडिया.. मोहाली के रंडिये को कितना भी छोड़ो साला ज्यादा आवाज नहीं करती और ये बड़ी घर की रंडिया साली थोड़ा लुंड अन्दर डालते hi ाहहए उउउ करती है.. साले जैसे इनके मर्द लोगो ने इनको कभी छोड़ा hi नहीं… ऐसा सोचके करीम लता के रूम मई आ जाता है… आपने कपडे पहन लेता है.. और वह शराब ढूंढ लेता है.. वह उसको शराब की एक बोतल मिलती है.. वो वह रखे ग्लास मई दाल कर पि लेता है.. लता अभी भी सोई हुई थी.. करीम अब घर जाने को निकालता है..

बालकनी से बहार आकर एक रूम मई आपने कपडे चेंज करके सिमरन निचे आ जाती है…. निचे वह काँटी शेठ, सिमरन का हस्बैंड और एक लेडी बैठी थी.





वही लेडी जो सिमरन और करीम की चुदाई देख चुकी थी…. माहि थी वो.. काँटी शेठ की बहन… शादीशुदा थी.. वो कभी कभी काँटी शेठ के घर आती थी.. ऐसे hi वो आये थी.. घूमते हुई वो बालकनी तक आये थी… जैसे hi सिमरन निचे आते है तो माहि उसको घर के देख रही थी…





सिमरन को पता नहीं था की माहि ने सबकुछ देख लिया है… जैसे सिमरन उनलोगो के नज़दीक आते है सिमरन माहि की तरफ देखकर hi कहते है..

सिमरन- कब आयी माहि

माहि सिर्फ उसके तरफ घुसे से देख रही थी..





माहि को पता नहीं था की सिमरन को छोड़ने वाला बुद्धा कोण है.. उसे लग रहा था की घर का कोई नौकर होगा. माहि ने जवाब नहीं दिया तो सिमरन को लगा उसने नहीं सुना शयद.. इसलिए वो फिर से माहि को कहती है..

सिमरन- कब आयी माहि

माहि मन मई कहते है… जब तू उस हरामखोर भड़वे नौकर से छुड़वा रही थी…

माहि कुछ जवाब नहीं देती है… तब काँटी शेठ कहता है ..

काँटी शेठ- माहि द्क्प मैडम कुछ पूछ रही है

माहि- अभी थोड़े देर पहले… जब आप उप्पेर थे… ( मन मई कहते है.. उस काळा सैंड के )

सिमरन को समाज मई नहीं आता की ये माहि मुझे क्यों ऐसे देख रही है… वो बड़े आश्रय से माहि को देखते है..





और दूसरे तरफ माहि को द्क्प सिमरन का गुस्सा आ रहा था.. आज तक वो सिमरन मैडम का आदर करती थी.. उन रेस्पेक्ट देती थी.. लेकिन अब वो रेस्पेक्ट माहि के दिल मई नहीं रहा था.. वो सोचती है की सिमरन मैडम इतना निचे कैसे गिर सकती है.. इतने घटिया हरकत कैसे कर सकते है.. और वो भी हमारे घर मई… सिमरन मैडम का हस्बैंड इतना अच्छा है.. फिर इनको ये करने की क्या जरूरत थी…

अब सिमरन, काँटी शेठ और सिमरन का हस्बैंड आपस मई बाते कर रहे थे.. और माहि सिमरन के बारे मई ऐसे बाते सोच रही थी… तब तक वह हाल मई करीम आ जाता है… वो घर जाने को निकालता है.. करीम को वह सिमरन दिख जाती है..





उसको देखकर करीम स्माइल करता है.. सिमरन दर कर निचे गार्डन कर लेती है.. वो माहि देखती hai..aabhi भी गुस्सा उसके चहरे पर था..





वो आपने आप से कहती है… करने मई श्रम नहीं आये अब निचे गार्डन कर के श्रम का दिखावा कर रही है.. तब करीम माहि को देखता है..





माहि भी उसे देखते है.. उसके चहरे पर गुस्सा था… करीम सिमरन को आँखों से पूछना चाहता था की ये कोण है.. लेकिन सिमरन की गार्डन निचे थी.. वैसे करीम काँटी शेठ को डरता था.. लेकिन शराब की वजह से उसका दर भाग गया था.. वो उनलोगो के पास जाता है..

करीम- शेठ… लता मैडम का काम कर दिया है…

सिमरन निचे गार्डन कर के है रही thi..wo जानती थी की लता मैडम का काम किस तरह उसने किया है..

शेठ- ठीक.. है …

करीम- शेठ.. मई जाऊ अब..

शेठ- हां.. जाओ..

करीम माहि की तरफ देख कर कहता है..

करीम- शेठ कोई मेहमान आये हुई है क्या..

शेठ- हां .. ये द्क्प मैडम है और ये उनके हस्बैंड है..

माहि मन मई कहती है.. साला हरामी.. अब तक इसको छोड़ रहा था और यहाँ नाटक कर रहा है.. ऐसे दिखा रहा है जैसे द्क्प को जनता hi नहीं है… माहि गुस्से से करीम को देख रही थी…





सिमरन और उसके हस्बैंड की तरफ देख कर करीम कहता है,..

करीम- hello मैडम… hello सर…

सिमरन अब उप्पर अपनी गार्डन उठा लेती है और करीम की तरह देखकर स्माइल करती है…





और वो दोनों करीम को hello करते है..

करीम- द्क्प मैडम .. कैसे लगा………… यहाँ..

सिमरन सिमले करके कहती है..





सिमरन- अच्छा…

माहि को अब और ज्यादा hi गुस्सा आ रहा था.. वो करीम की तरफ गुस्से से देखकर कहती है..





माहि- तेरा काम हो गया न.. चल फुट अब यहाँ से…

करीम माहि की तरफ देखकर कहता है..

करीम- शेठ जी.. इन मैडम को यहाँ देखा नहीं पहले.. ये मैडम कोण है..

सिमरन ाछरया से करीम के तरफ देखते है..





माहि करीम की तरफ देख कर गुस्से से कहती है..

माहि- तुजे क्या करना है.. तू जा न यहाँ से..

शेठ- ये मेरे बहन माहि… है.. आज hi आयी है.. आपने ससुराल से…

करीम- अच्छा .. अच्छा… … मैडम कभी आप को ब्लाउज या कोई ड्रेस सिलना हो तो बता देना..

काँटी शेठ- माहि ये करीम टेलर है.. काफी अच्छा टेलर है.. लता और पूर्वी के ब्लाउज सिलने के लिए बुलाया है इस्को..

माहि करीम के तरफ देखकर कहती है..

मन मई कहती है.. साला ये टेलर है.. मुझे लगा नौकर है.. अच्छी टैलोरकी करता है... भइया ने ऐसे इंसान को बुलाया घर पाई.. क्या जाने इसने लता बहभी और पूर्वी के साथ क्या किया हो.

माहि- मुझे ऐसे बूढ़े टेलर से कुछ सिलना नहीं है…

करीम- नहीं.. नहीं.. मई काफी अच्छा टेलर हु…

सिमरन माहि और उसको देखकर मन hi मन मई कहती है…





माहि से फ्लेर्टिंग सुरु.. माहि बचाना इस से…

माहि- मैंने तेरे अचे टेलरिंग देखे है… मुझे कुछ काम नहीं करवाना तुजसे… तू अब जा यहाँ से..

काँटी- करीम.. तू जा अब घर .. सुबह से आया हुआ है.. जा जेक आराम कर..

करीम- हां शेठ…

करीम काफी थका हुआ था ... इस वजह से और उसके और कुछ काम नहीं था वह.. इस वजह से हां शेठ कहके करीम वह से चला जाता है…... ....
 
उसदिन बहोत मज़ा आया था… फिर करीम कपडे पहन के लता के रूम के तरफ निकल पड़ता है… वो स्टेप्स चडके उप्पर जाता है… तो उसे सामने पूजा मिल जाती hai…Pooja सजधज के कही जा रही थी...





करीम उसको देखता hi रहता है …करीम को देखकर पूजा बोलती है..

पूजा- आ गए

करीम- हां रानी.. तुजे मिलाने के लिए आ गया …

पूजा- इतने दिन मेरे याद नहीं आये..

नखरा दिखते हुई पूजा कहती है…

करीम- हां.. काम मई थोड़ा बिजी हो गया था…

पूजा गुस्सा दिखते हुई नखरे से कहती है…





पूजा- हां.. मुझे पता है तुम कैसा काम होता है..

करीम पूजा के पास चला जाता है और उसको आपने बहू मई लेता है..

करीम- गुस्सा मत करो रानी… आज उस दिन का अधूरा काम करना है.. जो उस द्क्प के वजह से छूट गया था…

पूजा- मुझे कोई काम नहीं करवाना है… मुझे जाना है.. चोर दो मुझे..

करीम- ऐसे जिद मत करो… रानी..

करीम ने उसको अपनी बहो मई लिया था..

पूजा- इतने दिन किसी दूसरे रानी के पास थे क्या..

करीम- किसी के पास नहीं था…

पूजा- मुझे पता है तुम हर बार कोई न कोई चाहिए..

करीम- अब तुम मिल गयी हो.. अब और कोई नहीं चाहिए…

पूजा- मुझे पता है इतने दिन अपनी किसी रानी के साथ थे तुम…

नहीं..

फिर क्या तुम भाभी के साथ थे क्या

करीम- उसको भी नहीं मिला हु… इतने दिनों से… वो तो तेरे भाई के साथ मुंबई गई है..





स्माइल करते हुई कहते है..

पूजा- वो भी पता है तुम क्या..

हाँ

तो जाते न उनके साथ मुंबई.. .. वैसे भी वो कुछ दिनों के लिए मुंबई मई रहने वाली है…

करीम- रहने do…muje कुछ करना नहीं है उस से..

और उसको अपनी बहो मई लेता है..

पलज़्ज़ज़…. करीम मुझे जाना है… प्रिय निचे वेट कर रही है..

करीम- कोण प्रिय…

पूजा- वो आपकी आइटम… काजल पटेल की ननद … प्रिय पटेल…

( वही प्रिय पटेल जो स्टार्ट मई पूजा को करीम के बारे मई सबकुछ बता चुकी थी.. कैसे उसकी भाभी काजल पटेल की जिंदगी करीम ने बर्बाद की थी)

करीम- वो चैनल यहाँ ाही है… उसको मुझे देखना है… उसने मेरे बारे मई तुजे और पूर्वी मैडम को कुछ भी कहा था…

पूजा- उसे जाने दो.. उसके वजह से तो आप को हमारे घर मई आने का मौका मिला…

करीम- इस ड्रेस मई बहोत हॉट लग रही हो…

तब उसकी और देखते है..





पूजा- मस्का मत मारो…

करीम- कहा जा रही हो..

पूजा- फ्रेंड्स की बर्थडे पार्टी है वह जा रही हु…

पूजा इस ड्रेस में बहोत hi मादक लग रही थी… करीम को कण्ट्रोल नहीं हो रहा था… वो एक दम पूजा के रसीले होठों पे हमला कर देता है और उनको चूसने लगता है …





पूजा के होठ बहुत कोमल थे वहीँ करीम के होठ एक दम सख्त थे उसके मुँह से बीड़ी की गंध भी आ रही थी. अब करीम की जीभ पूजा के मुँह में आतंक मचा रही थी.. वो बार बार पूजा की जीभ को अपनी जीभ से लगता.. कभी उसके होठ को अपनी जीभ से गीला करता. पूजा को भी बहुत मज़ा आ रहा था.. इतने साल बाद किसी ने उससे ऐसे किश किया था… उस दिन करीम ने hi उसके साथ किया था ये साब और अब भी करीम hi उसके साथ ये सब कर रहा था..

पूजा ने करीम को धक्का दिया और थोड़ा पीछे हैट गयी…

पूजा- बस हो गया अब … मुझे जाने दो.. कोई आ जायेगा…

पूजा के सांसे तेज चल रही थी. उसकी कासी हुई चुच्यां तेजी से ऊपर नीचे हो रही थी….. जिससे देख करीम के लुंड मैं हरकत होने लगी. पूजा शर्माकर पीछे घूम gayi..aab करीम पूजा के पीछे आ गया. तभी उससे अपने कमर पर किसी के हाथ का अहसास हुआ जिससे पूजा एक दम हड़बड़ा gaye……usne पीछे मुद कर देखा तो करीम उसके पीछे खड़ा मुस्करा रहा था…… उसके पूरे बदन मैं अजीब से झुरझुरी डॉउड रही thee…….Pooja एक दम से शर्मा गए उसने अपने सर को झुका लिया. पूजा के गोर गाल शर्म के मरे लाल होकर दहकने लगी…….. पूजा के सांसे अब्ब तेज चल रही thee.uske हाथ पौन बुरी तर्हां से कनाप रहे thee….Karim को इससे अच्छा मौका नहीं मिलाने वाला था……. और वो इतना कमीना था की इतना अच्छा मौका आपने हाथ से नहीं जाने देना चाहता था…..

पूजा का पूरा बदन अनजान उत्सकता और दर के मरे कनाप रहा था. उसकी पीठ करीम के तरफ थी…. तभी उससे अपनी कमर के दोनों तरफ फिर से करीम के हाथों को अहसास हुआ और उसके दिल के धड़कन थम गए . उसने अपने फेस को पीछे घुमा कर देखा करीम वासना भरी नज़रों से उसके बदन को घर रहा था. इससे पहले के पूजा कुछ बोलती करीम के हाथ पूजा के कमर से उसके पतले पेट के और बढ़ने लगी.

पूजा के पूरे बदन मैं सनसनी दौड़ gaye…..uska पूरा बदन कंपनी laga……Pooja के आवाज़ उसके मुँह मैं ही बंद होकर रह gaye……uske पाऊँ तो मनो वही जैम गए ho…..wo छह कर भी ना तो हिल पा रही थी और ना ही करीम को रोक पा रही थी….. पूजा को आज भी उसी दिन जैसे परस्तिथि का अनुभव हो रहा था.. ….जैसे ही करीम ने अपने हाथों को पूजा के नाभि के पास लेजाकर हल्का सा दबाया…… तो पूजा के पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ गए…

करीम पूजा के हालत समाज चूका था….. उसने फिर से अपने हाथों को पूजा के कमर पर रखा और उससे अपने तरफ घुमा दिया….. पूजा किसी कटपुतली के तर्हां उसकी तरफ घूम gaye……wo अपनी अधखुली आँखों से जमीन के तरफ देखते हुए तेजी से सांसे ली रही thee….uske गाल और कान दोनों लाल होकर देहक रहे thee……Karim ने अपने हाथों को अब्ब उसके कमर से सरकते हुए उसके पीठ के तरफ लेजाना शुरू कर दिया……

हर पल पूजा मदहोश होती जा रही thee…….uske अपने आप पर काबू नहीं raha…..aur करीम के बहन अब पूजा के पीठ पर कस्ती जा रही thee…jisse दोनों के जिस्मो के दुरी काम होने lagee…..aur जैसे ही पूजा को अपने चहरे पर करीम के गरम सांसो का अहसास हुआ पूजा के पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ gaye….Karim ने पूजा को पीछे करते हुए वाल से सत्ता दिया पर अगले ही पल जैसे पूजा को होश आया और उसने अपन आप को करीम के बाँहों मैं क़ैद पाया….

पूजा- यी यी काया कर रहे हो तुम

इससे पहले के पूजा अग्गे कुछ बोल पति करीम ने पूजा को बाँहों मैं कस्ते हुए उसके रसीले होंटो पर अपने होंटो को लगा दिया….. करीम ने पूजा के होंठों को छुआ.. मक्खन जैसे मुलायम थे....

पूजा ने अपने दोनों हाथों को उसके कंधो पर रख कर उससे पीछे देखलने के कोशिश की पर करीम ने उससे मजबुती से अपनी बाँहों मैं जकड़ा हुआ था……

पूजा उसकी बाँहों मैं मछली के तरफ चटपटा रही थी…. पर उससे पीछे नहीं हटा पा रही थी. करीम के ऊपर तो जैसे वासना का भूत सवार हो गया tha….wo पागलो के तर्हां पूजा के होंटो को चूस रहा tha……kabhi वो पूजा के ऊपर वाले होंटो को चुस्त तो कभी नीचे वाले होंटो को … उसके हाथ पूजा के कमर पर थिरक रहे थी….. और अचानक उसने अपने हाथों को नीचे सरका कर पूजा के लेहंगा के ऊपर से उसके चूतड़ों पर रख कर धीरे धीरे सहलाना शुरू कर दिया……. पूजा के गांड को मसलते hi पूजा एक दम से पागल हो उठी.. उसके हाथों ने उसका साथ चोर दिया…. अब्ब पूजा के हाथ भले ही उसके कंधो पर thee…..par वो उससे पीछे नहीं देखल रही थी…

करीम पूजा के होंटो को चूसते हुए धीरे धीरे अपने हथेलिओं को उसके गांड के ऊपर घूमते हुए सहला रहा था….. पूजा अब्ब पूरी तर्हां गरम हो चुकी थी और वो करीम के बाँहों मैं पिघलने लगी thee……moke का फायदा उठाते हुए करीम ने और जोर से पूजा के रसीले होंटो को चूसना शुरू कर दिया….. पूजा के पोरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ जाती और वो करीम के कन्धों को और जोर से दबा देती.

करीम आपने एक हाथ पूजा के कमर पे रख diya..Karim ने आहिस्ता आहिस्ता उसके उसके कमर से आपने हाथ उप्पर उसके ब्लाउज तक ले गया… आज उसने लेहंगा पहना हुआ था.. इस वजह से उसकी कमर नंगी hi थी.. इतना चिकना और सेक्सी पते आज तक करीम ने नहीं छुआ था. करीम ने हाथ थोड़ा और ऊपर किया और उसकी ुनछुयी गोलाईयों की जड़ तक पहुँच गया. उसने उसी पोजीशन में हाथ इधर उधर हिलाया.. पूजा की तरफ से कोई हरकत नहीं हुई.. वो वह आँखे बंद किये हुई कड़ी thi..koi हरकत नहीं हुयी ये देखकर करीम आपने हाथ को उसकी बायीं चूची पर इस तरह से रख दिया जिससे वो पूरी तरह धक् गयी. उसने उन्हें महसूस किया एक बड़े आकर में उनका अहसास असीम सुखदायी था. करीम का जी चाहा उन इनको अभी अपने हाथों से निचोड़ कर उनका सारा रास निकल ले और पीकर अमर हो जाये. उसने अब पूजा के निप्पल को छुआ.

करीम ने मौका देख के एक डैम से अपना हाथ पूजा की गर्दन के पीछे से पूजा के कंधे पर दाल दिया.. और पूजा को और पास खींचा.. पूजा न उससे रोक पायी न मन कर पाई.. वो बहोत शर्मा रही थी और एक्साइट फील कर रही थी.... उससे आज तक किसी ने इतने अपने पैन से पास बिठाया नहीं था.. वैसे ये उसकी हाई सोसाइटी मई नार्मल बात थी.. पर उसका कभी कोई बर्फ या मेल फ्रेंड नहीं था जो उससे ऐसा कुछ कर सके.. ... एक डैम से कुछ करना पूजा के नेचर मई hi नहीं था... शायद इस लिए भी पूजा को ये बात अच्छी लग रही थी क्यों की वो इस तरह के अपनेपन को किसी मर्द से पहली बार महसूस कर रही थी..

करीम के खींचने से पूजा क बूब्स साइड से करीम की छाती से डाब रहे the...Phir करीम ने जब पूजा के और से कोई प्रतिक्रिया न देखि तो.. उसने पूजा को और जोर से अपनी और कीचा.. जिस के लिए पूजा बिलकुल तैयार नहीं थी... वो कुछ लिमिट्स को अभी भी क्रॉस करने से दर रही थी... उसे लग रहा था उसदिन जो हुआ वो आज नहीं होना चाहिए ... उसका दिल उससे इतनी जल्दी ये सब करने की मंजूररी नहीं दे रहा था.. दिल मई ये बात एते hi की ये सब गलत है.. वो अपनी एक्ससिटेमेंट को इग्नोर कर देती है और इसी वजह से वो करीम को अपने हाथो से दूर कर के कड़ी हो जाती है...

करीम- क्या हुवा साली??

पूजा साली शब्द सुन के करीम के मुँह के और देखती है.. करीम के मू से उसने गालिया सुने थी पर वो उसके लिए नहीं सुनी थी.. आज पहली बार पूजा ने उसके लिए पहली बार गालिया सुनी थी.. करीम के मुँह को इतने पास से देख कर पूजा को कुछ होने लगता है.. करीम के मुँह से आती अजीब सी स्मील भी वो सूंघ पा रही थी.. शायद तम्बाकू या बीड़ी की स्मेल थी..

पूजा- नहीं वो कुछ नहीं.. वो तुमने ज्यादा पास कीचा न इस लिए.. मतलब.. हमे इस तरह से ये सब नहीं करना चाहिए..

करीम- अच्छा क्यों…. उसदिन तो सबकुछ करने दे रही थी … अब क्या हुआ ???

करीम ने थोड़ा गुस्सा दिखते हुए कहा..

पूजा- ये सब गलत है.. इस लिए...

करीम- फिर उस दिन सही था क्या..

पूजा- उस दिन मई बहक गयी थी…

करीम- तेरे से तो पूर्वी रांड hi अचे है…

करीम जानबुज कर ये बोलता है.. वो जनता था इस के वजह से पूजा थोड़ी ओपन होगी..

पूजा गुस्से मई कहते है…

पूजा- तो उस रांड के पास hi चले जाते .. मेरे पास क्यों आये हो…

करीम- एक hi छूट कितने बार मारु…

पूजा- मतलब .. मेरा जो शक था वो सच था.. तुम्हारा और पूर्वी भाभी का कुछ न कुछ है न… मैंने उस दिन पूछा तो बताया नहीं तुमने…

करीम- अब ऐसे चीज़ भी कोई बताते है क्या… ये तो समजनेवाली बात है…

पूजा- कितने बार किया आपने बहभी के साथ ?

करीम- तुजे क्या करना है उसे?

पूजा- बताओ न??

करीम- मई क्यों बताओ तुम.. मैंने किस को कहा छोड़ा… कब छोड़ा… कैसे छोड़ा… उसकी गांड मारी या छूट मारी… ये सब मई तुम क्यों बताओ… तुम मेरे कोण हो ये सब पूछनेवाली… और मई तुम क्यों बताओ… मेरा क्या फायदा होगा इससे…

पूजा नखरा दिखते हुई कहते है..

पूजा- उस दिन तो फायदा लिया न…

करीम- उस दिन की बात तब hi ख़तम हो गयी..

पूजा- अब भी फायदा ले रहे हो न…

ऐसा कहके पूजा चहरे पर थोड़े स्माइल लती है..

करीम- कब लिया फायदा..

पूजा- वो मई तुम अभी भी ये सब करने के लिए कब मन कर रही हु…

करीम- फिर पीछे क्यों धकेल दिया..

पूजा- तुमने मुझे अपने पास कीचा वो मेरे लिए अनएक्सपेक्टेड था इस लिए मैंने ओपपोसे किया..

पूजा की आवाज़ मई एक विनती का टोन था...

करीम- साली ये तुम बड़ी घर की लेडीज लोग नखरे बहोत करते हो…

पूजा- अब मैंने क्या किया..

करीम- उस दिन इतने ज्यादा नखरे किये इस लिए लेत हुआ… और बाद मई वो चैनल द्क्प बीच मई आ गयी .. वर्ण उस दिन hi तुजे छोड़ देता… साली…

ऐसा कह के उसके गांड को दबा देता है ……. पूजा के गांड को मसलते hi पूजा एक दम से पागल हो उठी.. उसके हाथों ने उसका साथ चोर दिया…. अब्ब पूजा के हाथ भले ही उसके कंधो पर thee…..par वो उससे पीछे नहीं देखल रही थी…

पूजा- उस मई मेरे क्या गलती है… आंटी बीच मई आ गयी तो… और अब तो सब कुछ करने दे रही हु न… मेरे फ्रेंड नीचे वेट कर रही है तो भी .. करीम..

करीम- अब ज्यादा नखरे मत कर.. और तेरे

नखरे फिर से शुरू मत कर …... और मेरे पास आ जा..

पूजा गुस्से से बोलती है…

पूजा- नहीं करुँगी..

करीम- अब आयी न लाइन पर

पूजा- बताओ न.. तुम्हारे और पूर्वी भाभी के बीच मई कैसे सुरु हुआ ये सब ...

करीम- क्यों बताओ.. वो मेरे और पूर्वी रांड के बीच का मामला है… तुजे क्यों बताओ… तुम मेरे हो कोण जो तुम बताओ..

ये बात पूजा को बहुत लगी.. ये बात की करीम मुझे क्यों नहीं बताएगा ये पूजा के ईगो तक आगयी थी वो अब कुछ भी करना पड़े पीछे नहीं हटना चाहती थी.. वो इस बात को किसी भी हालत मई जानना चाहती थी की इन दोनों के बीच मई क्या हुआ है.. ..

पूजा- तुम बोलो.. मैं क्या करू जिस वजह से तुम मुझे भाभी और तुम्हारे बीच मई जो कुछ हुआ है वो बता डोज… बोलो.. कुछ भी बोलो मई क्या करू ये जानने के लिए…

करीम कुछ सोचता है…

करीम- अच्छा.. चल एक काम कर.. मेरे लुंड को चूस..

पूजा इस से चौंक जाती है… करीम की डिमांड सुन के पूजा एकदम शोक हो जाती है ..

पूजा- ये मैं कैसे कर सकती हु..

करीम- - क्यों नहीं कर सकती..?

करीम ने गुस्से मई पूछा..

पूजा शरमाते हुई कहती है..

पूजा- मैंने आज तक ये सब नहीं किया है..

पूजा की झिजक करीम देख चूका था.. पूजा खुल के मन भी नहीं कर पा रही थी ये करीम समझ चूका था..

करीम- साली बहाने बनाना बांध कर.. कितनो ने तुजे छोड़ा होगा और कितनो का तूने मू मई लिया होगा…

पूजा- करीम मैंने उस दिन hi बता दिया था की मैंने ये सब अभी तक किस के साथ hi नहीं किया था.. मई ये सब मेरे समीर के साथ करना चाहती थी…

करीम- ये साला समीर बीच मई कहा से आ गया … अभी तक तो इस का नाम नहीं सुना था.. कोण है ये हरामजादा ? तूने तो कहा था तेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है..

पूजा करीम के आँखों मई देखते हुई कहते है…

पूजा- मेरा होने वाला हस्बैंड…

करीम- तेरे शहदी फिक्स हो गयी क्या.. तूने अभी तक बतया नहीं..

पूजा- तुम यहाँ आने से पहले hi फिक्स हुई थी..

करीम- कब है शहदी..

पूजा- नेक्स्ट मंथ

करीम- मैंने इस्को कभी देखा नहीं यहाँ.. कहा का है ?? ..

पूजा- माहि बुआ का भतीजा…

करीम- अब ये माहि कोण है???

पूजा- तुम माहि बुआ को नहीं जानते ??

करीम- नाहीइ…… कोण है ये.. ???

पूजा- कुछ दिन पहले आयी है मायके से… उसदिन तुम पापा, द्क्प आंटी और उनके हस्बैंड के साथ बात कर रहे थे तब वह hi बैठे थी न… माहि बुआ..

करीम- वो फटका….

पूजा- मेरे बुआ को फटका मत बोलो..

करीम- फटका नहीं तो क्या तीखी मिर्ची कहो…

पूजा- कुछ भी मत कहो.. वो बहोत प्यार करती है मुजसे और मई भी उनको बहुत प्यार करती हु …

करीम- वो इतने गुस्सैल है के उसे तीखी मिर्ची hi कहूंगा…

पूजा नखरा दिखते हुई कहते है..

पूजा- बात को चेंज मत करो.. तुम्हारे और तुम्हारी पूर्वी रांड के बीच मई जो कुछ हुआ है ये पहले बता दो…

करीम सोचता है.. साली ये चैनल क्यों पूर्वी रांड की स्टोरी सुनने मई इतना इंटरेस्ट ले रही है..

करीम- तुजे बताने मई एक खतरा है..

पूजा- कोनसा…

करीम- तुजे अगर मैंने बताया तो बाद मई पूर्वी मुझे छोड़ने नहीं देगी..

पूजा - क्यों..

करीम- तूने किसीको बताया तो..

पूजा- मई नहीं बताउंगी…

करीम- मुझे भरोसा है तुझपर रांड लेकिन पूर्वी को नहीं है..

पूजा- मुझे रांड मत बोलो आप.. आप मुझे बता दिया है ये भाभी को मत बताओ…

करीम- मई नहीं बताऊंगा… लेकिन अगर तूने किसी को बताया और अगर पूर्वी को पता चला गया तो..

पूजा- मई किसी को नहीं बताउंगी..

थोड़ी देर वो सोचती है..

पूजा- इसका मतलब है आप को मुज पर भरोसा नहीं है..

करीम हसता है..

करीम- इसके लिए तुजे ऐसा कुछ न कुछ करना पड़ेगा जिससे मुझे भरोसा हो जायेगा..

पूजा थोड़े देर सोचती है.. अब क्या करू.. जिस से इसका भरोसा हो जाये और मुझे ये सब सच बता दे .. थोड़े देर सोचने के बाद पूजा कुछ करने की सोचते है..

पूजा करीम के एकदम पास मई अपना चेहरा ले जाती है ......





कुछ देर रुकने के बाद पूजा करीम के और पास गयी.. अब दोनों के होठो के बिच सिर्फ हवा जाने जितना फैसला था.. अब पूजा इतनी एक्ससिटेड फील कर रही थी की वो अपने आप को रोक hi नहीं पायी.. पूजा ने हिम्मत कर के थोड़ा आगे बढ़ के अपने होठ करीम के होठो से लगा दिए....

करीम ने एकदम से पूजा को कमर से पकड़ कर अपनी और khicha....aur उसको चूमने लगा..





बहोत hi इरोटिक सन था ये.. एक गन्दा इंसान और एक हीघक्लास्स घर की पढ़ी लिखी लड़की के बीच मई किसिंग हो रही थी… एक हीघक्लास्स घर की हीघक्लास्स गर्ल अपने कोमल और गुलाब के पंखुड़ियों जैसे होठो से एक गंदे इंसान के rookhe,gande, फटे हुवे होठो को किश कर रही थी..

पूजा जैसी पारी के होठो का स्पर्श hi अच्छे अच्छा क पानी निकलने क लिए काफी था... पर ये तो करीम था.. पहुंचा हुआ खिलाडी.. एक अजीब सी एक्ससिटेमेंट पूजा को फील हो रही थी.. उसके गले से आवाज़ नहीं निकल रही थी.. उसके दिल के धड़कने की आवाज़ उससे खुद सुनाई दे रही थी... उस्सने ये कदम उठा तो लिया.. पर शायद उससे पता नहीं था इस कदम का क्या हशर होगा... आगे जाकर… जब करीम का कला मोटा लुंड उसके ुंचही छूट मई जायेगा तो क्या असर होगा शयद पूजा ये नहीं जानती थी… वैसे पूजा ने ये कर तो दिया था एक्ससिटेमेंट मई.. अपनी भाभी की चुदाई सुनाने के खातिर.. पर अब उसे एक्ससिटेमेंट के साथ साथ उससे शर्म भी बहोत आ रही थी.. अब पूजा किश तोड़ती है .. अब वो करीम से आंख नहीं मिला पा रही थी और वो निचे hi देख रही थी...

करीम - है मेरी रंडी.. हो गया भरोसा... अब तुजे बताऊंगा कैसे मैंने तेरे पूर्वी भाभी को छोड़ा है..

करीम अब धीरे धीरे अपने राइट हाथ को जो की फ्री था उससे पूजा के पेट के ऊपर रखता है और जो हाथ उसकी कमर पे था उससे पूजा के सर के पीछे ले जा के पूजा के सर को अपनी और दबाता है..





पूजा कुछ भी सोचने समझने से बहोत आगे एक्साइट हो चुकी थी.. अब क्रीम्स अपना राइट हैंड पूजा के पेट से धीरे धीरे ऊपर लेजाता है... और उसके सॉफ्ट, मुलायम बूब्स पे रख देता है... और उसस्के राइट बूब को धीरे से दबा देता है.. पूजा के मुँह से सिसकारी निकल जाती है ... पर करीम के होठो के लगे होने की वजह से उसकी अव्वाज़ नहीं निकल पाती.. करीम समझ जाता है के ये एक डैम गरम हो चुकी hai..Karim अपने हाथ से पूजा के बूब्स पे दबाव बढ़ता है.. उसका लुंड पूजा के बूब्स को अपने हाथो मई लेने की वजह से और उसकी सॉफ्टनेस को फील करके फुल साइज मई आ चूका था.. करीम किश को छोड़ता है... और पूजा के होठो को अपने होठो से आज़ाद करता है... पर अपने हाथ को उसके बूब्स से नहीं हटाता.. वो अभी भी उसके बूब्स को गुब्बारे की तरह दबाये जा रहा था..





पूजा की आंखे एक्ससिटेमेंट की वजह से बांध थी... किश टूटने पर वो अपनी आंखे खोल के करीम की और देखती है.. पर कह कुछ नहीं पति…

करीम- तू एकदम मस्त माल है पूजा रनडीई..

पूजा- प्ल्ज़…….. रंडी मत कहो न.. बहोत डर्टी फील होता है…

करीम उसके बूब्स को जोरसे दबाता है…

करीम- क्या होता है randiiiiiiiiiiiiiiii…

पूजा- aaahhhhhhhhhhhhhhhhaaaaaa…

बहोत बुरा लगता हैई…

करीम- तुजे बहोत बुरा लगता है….

पूजा- हआ..

करीम- तेरे पूर्वी रांड को तो बहोत अच्छा लगता है…

करीम ये बोलते हुवे भी उसके बूब्स को दबा रहा था.. वो अपने बूब्स के दबने की एक्ससिटेमेंट मई खोई हुयी थी... पूजा के आंखे फिर से बांध हो जाती है...

पूजा- आप सिर्फ मज़े hi ले रहे हो कुछ बताते hi नहीं हो…

ाआँखे बंद किये हुई hi पूजा बोलती है ..

करीम- मजे तो अब लूंगा… अभी तक तो लिए hi नहीं…

ऐसे कहके करीम पूजा को घूमता है और वाल को सत्ता देता hai..aab करीम पूजा के पीछे आ गया था.. उसका लुंड पूजा की जांघो और गांड की शुरुआत के हिस्से मई छू रहा tha..wo पूजा के शोल्डर के पीछे के हिस्से मई जहा पूजा के बाल थे उससे हटा कर एक किश करता है..

पूजा- aaaaaaaahhhhhhhhhhaaa…





करीम फिर से पूजा के कंधे और नैक के हिस्से को एक किश करता है.. और फिर अपनी जुबान निकल के निचे से ऊपर तक चाट ने लगता है... पूजा के लिए ये नया अनुभव था.. वो अपनी आंखे बांध करके hi अपने सर को पीछे ले जाती है.. इस वजह से उसके बूब्स थोड़े और बहार की तरफ निकल एते hai...Karim उसके बूब्स को ऊपर से देखता है.. और फिर से अपने हाट उसके बूब्स पर रख देता है... और फिर से उसके बूब्स को दबाने लगता है.. पर इस बार वो दोनों हाथो से दोनों बूब्स को दबाने लगता है.. और साथ मई पूजा की गर्दन और गलो पे किश भी कर रहा था...

करीम ने अपने लेफ्ट हैंड को पूजा के टाइट ब्लाउज के अन्दर दाल दिया.. करीम के ऐसे करने से पूजा और एक्साइट हो गयी.. वो और भी एक्साइट होना चाहती थी.. और भी बड़ा एडवेंचर फील करना छह रही थी.. इस के वजह से करीम ने आपने दोनों हातो से पूजा के ब्लाउज को निचे से उप्पर कर diya..aab करीम के सामने पूजा की पिंक ब्रा thi..Karim अब पूजा के बूब्स को उसकी ब्रा के ऊपर से hi दबा रहा था.. साथ मई वो पागलो की तरह पूजा की गर्दन मई किश करता है और दोनों हाथो से उसके दोनों बूब्स को मसलने लगता है.. करीम धीरे धीरे पूजा के गलो पे भी अपने होठ ले जाता है.. और धीरे से पूजा के कानो मई कहता है..

करीम- मेरी रंडी.. जरा मेरी तरफ भी तो देख.

पूजा जैसे hi करीम की तरफ देखती है.. करीम उसके होठो को अपने होठो से चूसने लगता है.. पूजा मजे के भवर मई डूबने लगती है.. करीम भी मौका देख के पूजा की लहंगा मई अपना हाथ दाल देता है.. ये पूजा के लिए बहोत ज्यादा था.. उसकी छूट को आज तक सिर्फ करीम ने hi टच किया था .. आज फिर एक बार वही टच कर रहा था.. वो एक अजीब सी गुदगुदी महसूस करती है जब करीम का हाथ पूजा की लहंगे के अंदर जाता hai...aur पूजा की पेंटी के इलास्टिक को भी उठा के अंदर जाने का रास्ता बनता है... वो अन्दर अपने लेफ्ट हैंड को ले जा कर पूजा की छूट पर रख देता hai..Pooja की छूट पर बहोत छूटे छूटे बाल थे जो करीम अपनी उंगलियों से महसूस कर सकता था.. करीम अपनी दूसरी ऊँगली पूजा की छूट मई दाल देता hai..Pooja एक्ससिटेमेंट के पहाड़ पर पोहोच जाती है और इस एक्ससिटेमेंट मई उसकी छूट भी वो थोड़ी आगे धकेल देती है.. करीम आज भी उस दिन के जैसे hi अपनी ऊँगली से hi पूजा को मजे दे रहा था... करीम तब पूजा के हाथ को अपने हाथो से पकड़ कर अपने लुंड पर रखवा देता है.. पूजा करीम के लुंड की साइज को अपने हाथो से छू कर हैरान हो जाती है... (इतना बड़ा??!! मेरी मुठी मई भी नहीं आ रहा है...)

इसी दौरान पूजा के मोबाइल की रिंग बजती hai..Karim धीरे से पूजा के कान मई बोलता है

करीम- उठा ले.. raand…tere किसी यार का है क्या जो इतना शर्मा रही है..?

पूजा ने फ़ोन रिसीव किया ... फ़ोन प्रिय का था..

पूजा- Hello..

प्रिय- इतने देर अन्दर क्या कर रही है… लेत हो जायेगा.. जल्दी आ जा…

पूजा— ओह्ह……. अच्छा.. उम्म्म ठीक ाः है..

पूजा करीम की हरकतों की वजह से ठीक से बात नहीं कर पा रही थी.. उसके मुँह से सिसकिया निकल रही थी.. करीम को इससे बहोत मजा अत है.. वो अपनी ऊँगली के हरकतों को और बढ़ा देता है...

प्रिय - पूजा क्या हुवा.. कोई प्रॉब्लम है क्या??

पूजा- आह.. नहीं.. वो .. क्या कह रहाहे थे तुम्म प्रिय?

प्रिय का नाम सुनते hi करीम चौंक जाता है..

प्रिय- तू जल्दी आ… नहीं तो मई आ जाउंगी घर के अन्दर..

प्रिय का नाम सुनते hi करीम अपनी उंगली जोरदार पूजा के छूट मई गुस्सा देता ही…. पूजा चिसकाटी है…

पूजा- uuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii………. Mmmmaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa…

Mmmmaaaaaaaaaaaaaaarrrrr…….. gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii….

प्रिय- क्या हुआ पूजा… बता न..

पूजा- तेरे चक्कर मई मुझे दूर लग गया… तू रुख वह hi मई आती हु 5 मिनट मई… तू मत आ अन्दर..

करीम- उस चैनल को अन्दर आने दे… उसके छूट की वाट लगता हु.. एक बार उसे अन्दर आने तो दे…

प्रिय- कोण है वह … तेरा क्या चल रहा है पूजा..

पूजा- कोई नहीं है.. नौकर है.. उसको काम बता रही हु…

करीम- raandddiiiiiiiiiiiiiiiiiii…. हरमजादियी…….. क्या मई तेरा नौकर हूँ..

प्रिय- क्या बोल रहा है वो…

पूजा- कुछ नहीं.. तू फ़ोन रख…

ऐसा कहके पूजा काट देती है…

नौकर बोलने से करीम गुस्से मई आपने हाथ से पूजा की छूट जोरसे खींचता हीी…

पूजा- muuuuuuuuuuuumyyyyyyyy…. माहाअरररररर….. गईइइइइइ…………. Jarrrrrrrrrrrrr.. dhireeeeeeeeeeeeeeee… seeeeeeeeeee…. Kaaaaaaaaaaa… rrriiii…mmmmmmmm…

सेक्सी हरकते करते वक़्त अपनी प्यारी फ्रेंड से फ़ोन पे बात करना एक नया अनुबह्व था पूजा क लिए.. उसके एक्ससिटेमेंट और मजे की इन्तहा थी.. ऊपर से करीम ने मजे लेने के चक्कर मई कुछ ज्यादा hi ऊँगली कर दी थी पूजा की छूट मई.. और करीम के लुंड की गर्माहट जो उसके पंत के ऊपर से hi उसके हाथो को छू रही थी.. ये काफी था पूजा के लिए ...इस वजह से पूजा का ऑर्गैनिस्म हो जाता है..

करीम- पुजा….. साली….. माईई क्या तेरा नौकर हु..

पूजा – करीम सॉरी.. सॉरी.. उसने तुम्हारा आवाज सुना था .. तो जल्दबाज़ी मई मुझे कुछ नहीं सुजा इस वजह से मैंने कहा यहाँ नौकर है… नहीं तो वो उप्पर आ जातीय..

करीम- आने देना था न… तुम दोनों को एक साथ hi छोड़ता न…

पूजा नखरा दिखते हुई कहते है..

पूजा- मई तुम किसी के साथ बात नहीं सकती … जब तुम मेरे साथ रहते हो तो सिर्फ मेरे hi हो… बाकी दूसरे किसी के नाहीइ…

करीम- बस कर चैनल... कितना पानी छोड़ेगी..

पूजा शर्माती है..

पूजा – करीम तुम अब जाओ नहीं तो वो प्रिय आ जाएगी…

करीम- आने देना फिर…

पूजा- वो सब को बता देगी..

करीम- तुजे तेरे भाभी की चुदाई की स्टोरी नहीं सुननी क्या…

पूजा- फिर कभी सुनना.. अभी नहीं.. कोई आ जायेगा…

तभी पूजा को आपने बुआ का आवाज सुनाई देता है.. वो नौकरो के उप्पर चिल्ला रही थी..

पूजा- देखो बुआ आ जाएगी उप्पर… फिर बहोत गड़बड़ हो जाएगी..

करीम- साली रंडी.. इसको अभी आना था .. उस दिन वो चैनल द्क्प आयी अब ये रंडी.. तेरे बुआ…

पूजा हसती है…

करीम- खुद माझे लिए और मेरे मजे की बारी आयी तो मुझे जाने को बोल रही ho..aur मेरे लौड़े को ऐसे hi छोड़ दिया..

पूजा- जरा समझो.. बुआ उप्पर आ जाएगी… प्लीज मेरी बात को समझो..

करीम- तो क्या इस टाइट लुंड क सात hi यहाँ से निकलू.. इससे शांत कर मई चला जाऊंगा..

पूजा - मतलब

पूजा जान कर भी अनजान बन रही थी... ..

करीम- मेरा लुंड चूस..

पूजा- ये मैं कैसे कर सकती हूँ..??

करीम- मैंने तो पहले hi बोलै था तुजे..

पूजा – नहीं होगा मुजसे… तुम जाओ यहाँ से..

करीम- मेरा लुंड को शांत कर दे bas...main चला जाउगा..

पूजा- तुम खुद आपने हातो से कर दो न....

करीम- मेरी प्यारीय.. रनडीई.. तेरे मुलायम होठो से होगा तो और मजा आएगा न..

पूजा- nahi..nahii.. मई तुम्हारा हरगिज मुँह मई नहीं lungi..ek तो मैंने ये अब तक किया नहीं और कितना गन्दा होता है वो..

करीम- लेले... जानेमन.. कोई ज्यादा गन्दा नहीं है...

पूजा- नहीं बहोत गन्दा होगा..

करीम- तुम बड़ी घर की लेडीज बहुत नखरे करते हो.. नखरे मत kar..aab…

पूजा - नहीं करीम अभी नही.. मैं ये मुँह मई नहीं ले सकती..

करीम सोचता है.. अब इसको थोड़ा जलना पड़ेगा…

करीम- चल.. तू नखरा बहुत कर रही है.. तुजे नहीं लेने है तो वैसा hi ठीक.. मेरे पूर्वी रांड लेगी.. मई अब निचे जाता हु..

पूजा करीम की तरफ गुस्से से देखते है..





उसकी आँखों मई जलन थी..

पूजा- क्या भाभी लेते है आपने मू मई..

करीम- है लेती है.. मेरा लुंड लेने के सिवाय उसको क्या काम है.. मेरे लुंड आपने मू मई लेने को तो वो मरती है..

अब पूजा के आँखों से आंसू आना बाकि थे…





करीम उसके तरफ देख कर थोड़ी स्माइल करता है..

पूजा- तुम सिर्फ मुझे जलना चाहते हो.. मई जानती हु भाभी ऐसा कुछ नहीं करती..

करीम- मई निचे जाता हु.. तू फिर आपने आँखों से देख तेरे चैनल भाभी मेरा ये कला मोटा लुंड आपने कोमल हूंतो से कैसे चाटती है…

पूजा कुछ नहीं बोलती..

करीम- ठीक है.. मई जाता हु .. अब..

ये कहके करीम वह से जाने के लिए घूम जाता है..

जैसे hi करीम घूमता है पूजा बोलती है..

पूजा- रुक जाओ..

करीम के चहरे पर उसकी कामिनी हसी आती है.. करीम घूम जाता है..

पूजा – मई मुँह मई नहीं लेना chahti.issko.. .. पर अपने हाथो से झाड़ा देती हु..

करीम सोचता है ठीक है मू से नहीं तो हटो से सही..

करीम- ठीक है..

पूजा- ok

करीम- मेरी रंडी.. पर मेरी एक शर्त है..

पूजा - अब कोनसी शर्त ?? और वो क्या?

करीम- मेरे लुंड का रास मई तेरी मू मई डालूंगा…

पूजा- हरगिज नाहीइ.. मई ये गन्दा रास आपने मू मई नहीं लुंगी..

पूजा करीम की शर्ट सुन कर बहोत ज्यादा एक्ससिटेड हो गयी थी. पर वो आपने शर्म की वजह से मन कर रही थी..

करीम- ठीक है.. मू के अन्दर मत ले फेस पे तो डालने दे..

पूजा- मुझे प्रोग्राम मई जाना है.. उसकी कितनी गन्दी स्मेल आती है..

करीम- मू साफ़ कर के जा न.. रंडी..

पूजा कुछ नहीं बोलती..

करीम- तो रेडी है अब..

पूजा है मई गार्डन हिलती है..

करीम के लिए ये किसी तोहफे से काम नहीं था... वो सोचता है.. बस साली.. आज के लिए तो तेरे मू मई डालूंगा... पर आगे जा के तेरी छूट के अंदर भी डालूंगा... तेरी कोख मई भी डालूंगा अपना बीज…

करीम- चल तो शुरू हो जा ….

करीम पूजा के सामने खड़ा था… .. उसने इकरार मई अपनी गर्दन झुका di..Karim अपनी पेण्ट खोल के निचे मई सरकता है… और अपनी काली अंडरवियर अपने घुटनो तक उतर दी... उसकी अंडरवियर भी उसके बदन जैसे hi काली थी..

करीम के अकड़े हुए लुंड को देख के पूजा का मुँह खुला का खुला रह जाता है.. वो सोचती है क्या लुंड इतना बड़ा हो सकता है?? वैसे तो पूजा ने इतने नज़दीक से जिंदगी मई पहली बार लुंड देखा था.. इससे पहले तो उसने बचपन मई लुंड देखा था… और एक बार मूवी मई.. आपने सहेली के साथ.. वो सोचती है वो तो गोरा था ये तो कला है.. कितना लम्बा और मोटा है.. हर किसी का इतना बड़ा होता तो नहीं है.. मेरे एक तो सहेली ने उनके बॉयफ्रेंड के साथ जो सेक्स किया था उनोने तो इतना बड़ा और मोटा.. होता है ऐसे तो बताया तो नहीं था..

करीम का लुंड 9-10 इंच का होगा.. और मोटाई मई भी करीबन 2.5-3 इंच का था... उसके लुंड की टोपी कुछ अलग थी.. .. बिना चमड़ी वाली... पूजा को पता नहीं क्यों उस लुंड को देखते hi अपने हाथो मई लेने का मन करने लगा...

करीम- इस्को देखते hi रहेगी क्या.. चैनल… इसके साथ खेलेगी कब… तेरे उस बुआ माहि रांड के आने के बाद क्या…

पूजा करीम के तरफ गुस्से से देखते है..

पूजा- गंदे वर्ड्स मत उसे वरो..

करीम- ऐसे क्या देख रही hai..Sali.. ले न आपने हाथ मई लौड़ा…

पूजा- तुम कितना गन्दी बात करते हो करीम…

करीम- चल बाते मत बना .. हो जा शुरू… बैत जा निचे… और ले मेरा लुंड आपने मू मई…

पूजा स्माइल करती है..

पूजा- हां.. बैठती हु न… मू मई नहीं लुंगी… सिर्फ हाथ मई… लुंगी… बात को घुमाओ मत..

करीम- साली रांड.. बहोत चालू है तू…

पूजा स्माइल देते है..

और पूजा करीम की तरफ देखते हुई निचे फर्श पर बेथ जाती hai.usne धीरे धीरे अपने हाथो को बढ़ा के करीम के लुंड को अपने हाथो मई ले लिया.. जो उसके एक अकेले हाथ मई नै आ पा रहा था...

करीम के नंगे लुंड को पकड़ कर पूजा कुछ अजीब सा फील करती है.. जैसा उसने कभी फील नहीं किया था.. एक अजीब सा नशा फील हो रहा था पूजा को ...

करीम- चल.. शुरू कर अपने हाथो को ऊपर निचे ले जा.. क्या तेरे चैनल बुआ के आने के बाद उस के सामने ये साब करना है क्या ?

पूजा गुस्से से करीम की तरफ देखते है..

पूजा- बुआ को गालिया मत दो..

करीम हस्ता है…

करीम- ठीक है .. तेरे चैनल बुआ को गालिया नहीं दूंगा .. तुजे hi दूंगा..

पूजा नखरा दिखते हुई कहते है..

पूजा- बहोत कमीने हो तुम.. करीम..

पूजा ये बोलते हुई एक बार करीम की आँखों मई देखती है और फिर उसके लुंड को ऊपर निचे करने लगती है.. करीम अपने मजे मई खोया था.. वो आंखे बांध करके अपने दोनों हाथ पूजा के सर के उप्पर रख कर दबाता है..

करीम- ओह्ह.. बेंचूड़.. मादरचोद.. तेरी माँ की छूट.. तेरी भें की छूट... हा. बस ऐसी hi.. बस हिलती रहो... हआ.. बास वह.. मेरी रंडी…. मेरी….. chiiinalllllllllllll………….. पूओजिआआआ…………………..

थोड़ी देर बाद वो पूजा के तरफ देखता hai..Pooja बड़ी म्हणत से उसके लुंड को झड़ने की म्हणत कर रही थी... हाथ ऊपर निचे करने की वजह से पूजा की चटिया जो उसके दोनों हाथ के आगे होने की वजह से दोनों हाथ से दबे थे.. ऊपर निचे हो रहे थे.. पूजा के बदन पर पसीना आ चुक्का था... पसीने से भीगी पूजा को देख के करीम का लुंड और भी अकड़ जाता है.. पूजा जल्दी से जल्दी करीम को फारिग करके उससे यहाँ से भेजना चाहती थी... उसे अपनी बुआ उप्पर आने का डर था.. अभी भी वो उप्पर से बुआ का आवाज सुन रही थे..

वो पिछले 5 मं से उसका लुंड हिला रही थी... उसके हाथ अब दर्द करने लगे थे...

करीम- पूजा.. रंडी.. अब बस मेरा निकलने वाला hai..kaha गिराना है अपनी शर्त याद है न..

पूजा बिना कुछ बोले एक हाट से लुंड हिलती रहती है और दूसरे हाथ पर्श पर रख कर आपने को बैलेंस कर रही थी.. ..

पूजा- प्लीज जब भी निकलने वाला हो बता देना...

करीम- बास हो गया... बस्स्स.. हआ रुकना मत..

करीम ने पूजा के हाथो को हटा दिया और खुद hi अपने लुंड को पकड़ा.. और पूजा को कहा…

करीम- बस ऐसे hi बैठ यहाँ ... मेरा गिरने वाला है.. चल तैयार होजा..

करीम खड़ा hi था... पूजा वही बैठी थी… करीम ने एक हाथ से आपने लौड़ा पकड़ा था और दूसरे हाथ से पूजा के बालो को पकड़ के आपने लौड़े के पास उसका मू लता hai…Karim एक हाथ से लुंड हिलाते हिलाते और दूसरे हाथ से पूजा को पास खीचताह hai..Pooja अपने दोनों हाथो से करीम के कमर को राखी हुई थी… करीम अपने लुंड का मुँह पूजा की मू पर लगता है और इसी क साथ उसका लुंड पानी चूड देता है..... जैसे hi पानी निकालता है वैसे hi पूजा न्यूऊओ.. नूवो….. कहके छीलते है… और करीम के कमर को पीछे धकेल देती है.. और बाजु मई होते है…

जैसे hi पानी निकलनेवाला होता है तो करीम की आँखे मस्ती मई बंद हो जाती है… इस वजह से करीम की पूजा के उप्पर की पकड़ लूज़ हो जाती है.. इसी का फायदा पूजा उठा लेती है… और करीम को पीछे धकेल देती है… और जल्दी से वह से उठ के बाजु मई भगति है…

करीम का पानी निकलना जब बांध होता है तब वो कहता है..

करीम- चैनल… तूने ये क्या कर दिया… आपने मू पाई लेनेवाली थी न… मेरे साथ छलखि…

पूजा- तुमने मेरे मू पाई वो क्यों लगाया…

करीम- अब मई क्या करता हु देख चैनल ..

ऐसा कहके पूजा के पीछे बघता है…

पूजा- नूवो… न्यूऊऊ… करीम…

ऐसा लहके पूजा चिलाती है..
 
पूजा को करीम पकड़ता है.. और उस को अपने पास खींच के उसकी मू पर आपने लुंड लगता है… और कहता है..

करीम- खोल.. रांड… आपने मू…

पूजा मू निचे करके कहते है..

पूजा- नाहीइइइइइइइ.. करीम..

करीम फिर एक हाथ से उसके बालो को पकड़ा हुआ था और दूसरे हाथ से लुंड पकड़ के उसके हूंतो पर आपने लुंड घूमता है.. वैसे पूजा चोर से चिलाती है…

पूजा- nooooooooooooooo….

ये जोरदार आवाज निचे माहि को सुना देते है… माहि उप्पर के और देखते हुई कहते है…

माहि- क्या चल रहा है उप्पर… कोण है उप्पर..

पूजा डरकर कहती है…

पूजा- कुछ नहीं बुआ…

माहि स्टेप चलते हुई कहती है…

माहि- अभी तक नहीं गयी तू..

पूजा- बुआ उप्पर आ रही है.. छोड़ de…Karim पूजा को छोड़ देता है.. और आपने कपडे पहन लेता है… पूजा भी आपने बाल और कपडे ठीक थक कर लेते है.. तब तक माहि उप्पर आ जाती hai…room के अन्दर...





वह पड़ा करीम के लुंड का लावा देखकर माहि कहती है…

माहि- क्या है ये…

पूजा हड़बड़ी मई कहती है..

पूजा- शयद घी है बुआ…

माहि- घी… घी तो ऐसा नहीं होता है.. पूजा…

तब तक माहि की नज़र करीम पे पड़ती hai…Karim को देखकर कहती है..

माहि- तू यहाँ क्या कर रहा है..

करीम घूम कर पीछे की तरफ होकर माहि को देखता है.. करीम माहि की तरफ देखते हुई कहता है…

करीम- ऊऊऊऊओ…. होओओओओओओ…. क्या.. मालललललल… हैई…..

जैसे hi माहि सुनती है वो गुस्से से करीम की तरफ देखते है…

माहि- क्या कहा तूने….

माहि गुस्से से लाल हो चुकी थी… करीम माहि की तरफ देखता रहता है… लेकिन कुछ नहीं बोलता… माहि फिरसे कहती है…

माहि- हरामखोर… मेरे तरफ देखकर क्या कहा तूने …

करीम- कुछ तो नहीं कहा…

करीम के ऐसे कहने और देखने से पूजा है पड़ती है… धीरे से…





लेकिन वो धीरे आवाज भी माहि सुन लेते है…

माहि पूजा की तरफ देखकर माहि कहती है..

माहि- तुजे क्या हुआ हँसाने के लिए…

पूजा- बाआ… वो.. वो.. वो..

माहि- बुआ की बच्चे… कहा जानेवाली थी na..ja न.. यहाँ रूखी क्यों ..

पूजा- जाती हु…

कहके पूजा वह से चले जाती है.. पूजा के जाने के बाद माहि करीम को गुस्से से देख रही थी..

माहि- तू यहाँ क्या कर रहा है..

करीम- उप्पर आया था…

माहि- तेरे बाप का घर ही क्या… जो अपनी मर्ज़ी से कहा भी घूम रहा है…

करीम सोचता है साली ये तो बहोत बत्तमीज़ है… मई सोचता था ये तो इस घर के दूसरे औरतो जैसे hi होंगे..

माहि- क्या सोच रहा है हरामखोर.. क्या उप्पर चोरी करने आया था क्या..

करीम हड़बड़ा जाता है माहि के ऐसे कहने से..

करीम- आप कुछ भी बोले जा रही है.. मई कोई चोर नहीं हु.. मुझे उप्पर पूजा मैडम ने बुलाया था..

माहि- पूजा क्यों बुलाएगी तेरे जैसे घटिया आदमी को..

करीम- उनको किसी प्रोग्राम मई जाना था.. तो ब्लाउज देकहन था उनका.. उनमे कुछ प्रॉब्लम था इस लिए उनोने मुझे बुलाया था..

माहि आचर्य से करीम की तरफ देखती है और उसे पूछती है..

माहि- क्या आज पूजा ने जो ब्लाउज पहना था वो तूने सिलए था..

करीम- नहीं..

माहि- मई भी वही सोच रही थी.. पूजा की इतनी घटिया चॉइस कभी नहीं होगी.. तेरे जैसे घटिया टेलर को आपने नज़दीक भी पूजा आने नहीं देंगी.. वो तो किसी वर्ल्डक्लास टेलर का काम होगा .. तेरे जैसे घटिया का नहीं..

घटिया बोलने से करीम को बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाता है..

करीम- मई कोई घटिया टेलर नहीं हु.. आप के इस ब्लाउज से बेहतर ब्लाउज मई सिला सकता हु…

माहि हसती है…

माहि- तुम सिर्फ बाते बना सकते हूँ.. तेरे पास कोई क्लास नहीं है.. जो है वो थर्ड क्लास है…

माहि कई ऐसे बोलने से करीम को बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाता है.. वो सोचता है.. तुजे एक दिन मई मेरा क्लास जरूर बता दूंगा.. तू सिर्फ थोड़ा इंतज़ार कर.. रंडी..

माहि- क्या सोच रहा है…

करीम- कुछ नहीं..

माहि- मुझे अच्छे से पता है तू क्या सोच रहा है..

करीम- क्या..

माहि- तेरे इस घटिया दिमाग मई इस वक़्त क्या चल रहा है वो मई अचे से जानती हु.. लेकिन एक बात समाज मई माहि हु.. द्क्प नहीं.. जो तू मेरे बारे मई ऐसे वैसे सोचना बंद करदे .. वर्ण तेरा हाल बहोत बुरा होगा..

करीम थोड़ा दर जाता है.. उसके चहरे पर थोड़ा दर दिख रहा था.. डरते हुई मई करीम कहता है..

करीम- मैडम जी.. मई कुछ नहीं सोच रहा हु..

माहि- मई जानती हु.. तू क्या सोच रहा है.. तू अपनी कमीनेपन से बाज नहीं आएगा..

करीम हस्ता है.. और माहि के तरफ देखने लगते है..

माहि- ऐसा क्या देख रहा है…

करीम – देखने की चीज़ देख रहा हु..

माहि अपने ईगो पे ये बात सेह न सकीय.. उसके अंदर एक अलग तरह का गुस्सा भर गया करीम के इस तरह के बर्ताव से .. इस वक़्त माहि के बूब्स करीम की आँखों के सामने the....Mahi के साँसे लेने की वजह से वो उप्पर निचे हो रहे थे… करीम उसको hi देख रहा था.. करीम के ऐसे देखने से माहि को और ज्यादा गुस्सा आ रहा था…

माहि- ऐसा घर मत मुझे..

करीम हस्ता है...

माहि- बहोत चर्बी छड़ी है क्या बूढ़े..

करीम- आप हो hi इतनी खूबसूरत की देखने का मैं करता है..

माहि- बदतमीज़.. मुजसे फ्लेर्टिंग करता है…

करीम हस्ता है..

माहि- मई क्या द्क्प हु.. …

करीम- तो बन जाओ..

ऐसा कहके करीम माहि के करीब आ जाता है.. और माहि के कमर पर हाथ रखता hai…jaise hi करीम माहि के कमर पे हाथ रखता है माहि करीम को जोरदार थप्पड़ मरती hai..tab तक मनीष वह आ जाता है.. माहि का हस्बैंड..

करीम माहि की थप्पड़ की वजह से पहले hi गुस्से मई था और अब कोण बीच मई आ गया ये सोच के मनीष की तरफ गुस्से से देखता है.. उसको माहि के थप्पड़ का जवाब देना tha…gusse मई करीम माहि की तरफ देखकर कहता है..

करीम- कोण है ये …

मनीष- आपके माहि भाभी का हस्बैंड.. और इस घर का दामाद..

( माहि को सब लोग उधर मनीष के घर भाभी कहते थे इस वजह से मनीष भी करीम को माहि भाभी कहता है)

करीम- हमारी माहि भाभी….. ( ऐसा कहके वो थोड़ा देर रुकता है.. और माहि की तरफ देखने लगता है.. माहि गुस्से से करीम को देखते है.. जैसे वो अब करीम को खा जायेंगे.. करीम माहि की तरफ अपनी कातिल हसी के साथ देखता है..)… के हस्बैंड…

मनीष- और .. तुम..

करीम- शाहबजी.. पहले कभी देखा नहीं इस लिए पूछा…

माहि- ज्यादा शहाणा मत बन… जो काम यहाँ करने आया था वो काम करके यहाँ से दफा हो जा… इधर उधर झाकने की कोई जरूरत नहीं है..

मनीष आचर्य से करीम और माहि की तरफ देखता है…

मनीष- कोण है ये माहि..

मनीष माहि को पूछता है.. माहि गुस्से से बोलती है…

माहि- ये बत्तमीज़… एक टेलर है.. भैय्या ने बुलाया है.. कुछ छोटा मोटा काम करने के लिए…

मनीष करीम के तरफ देखकर कहता है..

मनीष- उस दिन भैय्या जिस टेलर की टैरिफ खर रहे थे वो …

करीम – हआ… शाहब जी.. वो नाचीज़ .. मई hi हु…

मनीष- टेलर जी.. हमारे वाइफ के लिए कुश अच्छा सा ड्रेस या ब्लाउज सिला दो ..

माहि गुस्से मनीष की तरफ देखती है…

माहि- तुम ये बोलने की क्या जरूरत थी मनीष… मुझे कुछ सिलना नहीं है इस आदमी से…

इस पर करीम हसता है..

मनीष- सॉरी.. डार्लिंग..

करीम- साहबजी.. पाई गुस्सा होक कुछ फायदा नहीं है.. महीईई… भाभी… जीई… हम है hi ऐसे.. हमसे जॉब hi एक बार मिले वो हमेशा हमारी तारीफ hi करता है..

माहि- मई नही… मई तुम्हारे जैसे घटिया और बत्तमीज़ आदमी की टैरिफ कभी नहीं करूंगी… समजे..

करीम- आप भी टैरिफ करोगे.. एक दिन.. भाभीजी..

माहि- ज्यादा कुश होने की जरूरत नहीं है.. भैय्या ने ऐसे hi कहा था…

मनीष- क्या बत्तमीज़ी की मेरे वाइफ के साथ… तुमने..

करीम चोकन्ते है मनीष के ऐसे कहने से.. बड़े चालाकी से वो कहता है…

करीम- साहबजी मई ने कोई बत्तमीज़ी की नहीं भाभी जी के साथ.. बस उनकी खुबसुआरति की थोड़ी टैरिफ की तो वो हम पे गुस्सा हो गयी…

माहि करीम की तरफ गुस्से से देखते है..

मनीष- क्या कहा तुमने..

करीम बड़ी अड्डा के साथ कहता है..

करीम- मैंने kaha..sahab..jiii.. बहोत खुशकिस्मत है.. क्यों की .. उन इतनी खूबसूरत बीवी जो मिली है…

माहि गुस्से से करीम के तरफ देखती है…

मनीष- वो तो है..

माहि मनीष की तरफ देखती है..

माहि- तुम ऐसे घटिया आदमी के मू लगाने की जरूरत नहीं है.. चलो यहाँ से..

मनीष- जी… मेमसाहब..

करीम हसता है…

करीम- साहबजी.. लगता है आप तो भाभी जी की हर बात मानते हो…

मनीष हसते हुई कहता है..

मनीष- मानना पड़ता है भाई …बीवी खूबसूरत है तो हर बात माननेही पड़ेगी...

करीम- वो तो है साहब.. आपकी वाइफ बहोत खूबसूरत है.. आपने पिछले जनम मई कोई अच्छे काम किये होंगे इस्सलिये आपको इतनी खूबसूरत ... फटका बीवी मिली है..

माहि जाते वक़्त पीछे घूम कर करीम को देखते है..

माहि- चुप करो... बत्तमीज़ .. आदमी..

करीम आपने मन मई कहता है.. साहब.. तुम तो इस की बात मानते हो लेकिन अब से ये मेरे बात मानेगी.. माहि और मनीष आपने रूम मई चले गए…
 
अब दूसरे दिन

करीम सुबह hi जल्दी काँटी शेठ के घर पौंछा… सामने hi उसे माहि दिख जाती है..





करीम माहि के सूरत की तरफ hi देखता रहता है.. माहि सोचने लगते है… सुबह सुबह आ गया हरामी साला.. लगता है आज का मेरा पूरा दिन ख़राब hi जायेगा.. इस हरामखोर की नज़ारे मेरे पुरे जिस्म पर है.. मुझे ये गन्दी नज़ारे चुभती हुई महसूस हो रही है.. क्या घटिया आदमी है मेरे से नज़र hi हटा नहीं रहा hai..kabhi मेरे चेहरे को तो कभी मेरी छाती को एक तक घोड़े जा रहा hai..iss गंदे आदमी के यूँ घूरने से और इस की सूरत से hi मुझे अब नफरत सी हो गयी है..

तभी वह मनीष आ जाता hai..Karim माहि को देख कर मनीष से बोलता है..

करीम- साहिब जी.. आप बोहोत किस्मत वाले हो जो आप को भाभी जी जैसी सुन्दर बीवी मिली है..

करीम की निगाहें दोबारा से माहि के शरीर पर थी.. ये निगाये माहि को चुभती हुई महसूस होने लगी थी अब ..

मनीष ने माहि की तरफ मुस्कुराकर देखा.. माहि सोचने लगाती है.. साला बात मनीष से कर रहा है पर देख मेरी तरफ रहा है .. इस के देखने में हवस साफ़ नजर आ रही है .. हरामी मेरी तरफ बराबर घूरे जा रहा है.. साले की मुस्कराहट एक डैम घिनोनी है ..

मनीष- नसीब मई होना चाहिए.. भाई..

माहि को बड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था.. माहि को लग रहा था की मनीष कल से इस गंदे आदमी से क्यों बाते कर रहा है..

करीम- है साहिब जी नसीब मई होना hi चाहिए.. नहीं तो आप की हर रात रंगीन कैसे होते…

माहि गुस्से से बोलती है..

माहि- क्या मतलब है तेरा..

मनीष ने माहि का हाथ को पकड़ के कहा..

मनीष- डार्लिंग तुजे समाज मई नहीं आएगा… यहाँ से चलो…

और करीम की तरफ इशारा करते हुई कहता है..

मनीष- जाते है भाई..

करीम मुस्कुराकर कहता है..

करीम- जाओ साहिब जी.. मज़े करो… अपनी वाइफ के साथ..

ये कहकर करीम हँसाने लगता hai..Mahi और उसका हस्बैंड मनीष वह से बैडरूम मई चले जाते है.. बैडरूम मई जाकर मनीष जब माहि को किश करने लगता है तभी माहि की नज़र दरवाजे पर जाती है तो माहि गुस्से और शर्म से लाल हो गयी.. करीम वही दरवाजे पर खड़े हो कर माहि और मनीष को किश करते हुए देख रहा था.. करीम के चेहरे की हंसी देख कर माहि का खून खोलने जा रहा था.. माहि जल्दी से मनीष से अलग हुई और अपने कपडे सही करने लग गयी.. करीम वह से हैट कर वापिस निचे जाता है…

माहि का पूरा दिमाग ख़राब हो गया था करीम के इस हरकत को देख कर.. माहि के समाज में नहीं आ रहा था की इस बारे में मनीष को कुछ बताऊ या नहीं.. वो सोचने लगाती है.. जब से मई यहाँ पर आयी हु तब से मुझे उसकी नीयत ठीक नहीं लग रही है.. वो जिस तरह से मुझे देखता है मन तो ऐसा करता की अभी इसका खून कर दू .. ये सोचते हुई माहि चुपचाप नहाने के लिए बाथरूम चली जाती है…

नाहा कर माहि चुप चाप अपने बैडरूम में वापस आ जाती है और शीशे के आगे बैठ कर अपने बाल सही करने लग गयी..





शीशे के आगे बैठने के बाद करीम की हैवानियत भरी हसी बार बार माहि के आँखों के आगे दिखाई देने लगी.. वही हसी जब वो माहि और मनीष को देख कर मुस्कुरा रहा tha..Mahi सोचती है.. साला घटिया आदमी मेरे दिमाग से जा hi नहीं रहा है.. कितना गन्दा है.. कितना कला है.. और उसकी सोच भी उसके रंग जैसे hi काली है… साला हर बार मुझे hi घूरता है.. मुझे गन्दी नज़र से देखता है… कुछ तो करना पड़ेगा और भैय्या भाभी को बोल के इस घर से इसको जल्दी से निकलना पड़ेगा…

फिर माहि मनीष , काँटी शेठ और लता भाभी के साथ खाना खाने के लिए ड्राइंग रूम बैठ गयी… तभी वह करीम अपनी उसी गन्दी सी हसी के साथ मुस्कुराता हुआ वह आ गया … लता और माहि एक दूसरे के बाजु मई बैठी थी… करीम वह आके उनके दोनों के सामने खड़ा हो गया… काँटी शेठ और मनीष की पीठ करीम के तरफ थी.. करीम माहि को घूरे जा रहा था .. लेकिन लता को लग रहा था को उसको देख रहा है.. इस लिए वो करीम को देख के मुस्कुराहा रही thi..aur बीच बीच मई शर्माकर निचे देख रही थी.. माहि को करीम लगातार प्यासी नज़रो से देख रहा था.. इस वजह से माहि लगातार गुस्से मई पागल हो रही थी.. उसको करीम पाई गुस्सा तो बहोत आ रहा था.. लेकिन भैय्या के सामने वो ज्यादा गुस्सा भी दिखा नहीं सकती थी…

करीम लगतार माहि को देख कर घूरे जा रहा था. . उसकी नजर कभी माहि के चेहरे पर तो कभी माहि के छाती पर होती थी..

उसकी नजर देख कर माहि को साफ़ पता चल गया था की वो माहि के बारे में कुछ न कुछ गलत सोच रहा था.. उसकी नजरे माहि के पुरे जिस्म पर किसी तलवार की तरह से चल रही थी .. एक तो माहि का मूड पहले से hi खराब था.. करीम के हरकत की वजह से और उस पर उसकी गन्दी सी हसी.. माहि का गुस्सा अब कण्ट्रोल से बहार हो गया था.. वो गुस्से मई बोलते है..

माहि- मनीष.. ये घटिया आदमी यहाँ क्या कर रहा है..

मनीष- कोण…

माहि- तुम्हारे पीछे खड़ा है..

मनीष पीछे देखता है..

मनीष माहि को कहता है..

मनीष- मुझे कैसे पता होगा.. वो यहाँ क्यों आया है..

काँटी शेठ- कोण आया है…

काँटी शेठ पीछे देखता है..

माहि- ये घटिया टेलर… डिसगस्टिंग पर्सन…

काँटी शेठ- क्यों रे… करीम .. क्यों आया है…

करीम भी शातिर आदमी था…

करीम- शेठ.. आपको मिलाने आया था..

काँटी शेठ- हम अब खाना खा रहे है.. बाद मई आ.. अब जा यहाँ से…

करीम- जी शेठ..

काँटी शेठ- करीम जरा सुन… तुजको हमेशा माहि कुछ भला बुरा कहती है.. तूने इसको कुछ गलत बोलै तो नहीं न..

करीम- जी नहीं.. ..

माहि – भैय्या … एक्चुअली….

लता- वो मेरा ब्लाउज का मेज़रमेंट लेने आया है…

माहि कुछ बोलती इससे पहले hi लता बोल पड़ती है… लता के ऐसे कहने से माहि लता की तरफ देखने लगाती है … उसको समाज मई नहीं आ रहा था की मई भैय्या को सब बताने वाली थी तब भाभी ने बीच मई क्यों बोलै..

काँटी शेठ- तो वैसे बोलना था न करीम .. डरते क्यों हो..

करीम- hii..hiii.. होई.. शेठजी.. मई आपको दर गया था..

काँटी शेठ- अभी मैडम खाना खा रही है थोड़े देर बाद आ जाना …

माहि- भैय्या ये आदमी घटिया है …

दर दर के माहि बोल hi पड़ी …

काँटी शेठ करीम की तरफ गुस्से से देखता है…

काँटी शेठ- क्यों रे हरामी… क्या किया मेरे बहन के साथ..

काँटी शेठ के ऐसे कहते hi करीम दर जाता है…

करीम डरते हुई कहता है…

करीम- कुछ नहीं शेतजी… मैंने कुछ नहीं किया..

काँटी शेठ फिर से कहता है..

काँटी शेठ- तो क्या मेरे बहन पागल है क्या ऐसा कहने के लिए ..

अपनी गार्डन घुमा के कान्तिशीथ माहि को पूछता है..

काँटी शेठ- माहि.. बोल.. िस्सने क्या किया तेरे साथ.. कुछ गन्दी हरकत की क्या..

कान्तिशीथ का गुस्सा देखकर माहि का जोश आ गया…

माहि – भैय्या.. ये मेरे तरफ हमेशा देखता रहता है …

काँटी शेठ करीम के तरफ देख कर कहता है…

काँटी शेठ- क्या रे.. हरामी..

करीम- नहीं.. नहीं.. शेठजी… मैडम जी की कुछ गलत फैमि हुई है.. मई ऐसा नहीं हु …

लता को क्या करू ये समाज मई नहीं आ रहा था.. वो काँटी शेठ का गुस्सा अच्छी तरह से जानती थी… वो मैं hi मैं मई कह रही थी.. माहि चुप हो जा… लेकिन माहि कहा चुप होने वाली थी ..

माहि- भैय्या.. ये मेरे तरफ गन्दी नज़र से देखता है…

माहि का ऐसे कहते hi काँटी शेठ चेयर में से गुस्से से उठता है… और करीम के पास चला जाता है…

कान्तिशीथ- मादरचोद.. मेरे बहन की तरफ बुरी नज़र से देखता है..

ऐसे कहते hi काँटी शेठ ने करीम के चहरे पर एक थपाद जड़ दी थी.. फिर उसके पैठ मई एक लाठ मरता है… और करीम को 2-4 थप्पड़ मारता है.. 2-4 लाठ मरता है.. करीम वही पे गिर जाता है.. कान्तिशीथ और 2-4 लाठ मरता है..

अब लता को बर्दास्त नहीं हो रहा था तब वो हड़बड़ी मई लता बोल पड़ती है…

लता- एक्चुअली… माहि की कुछ गलत फैमि हुई है शयद…

काँटी शेठ लता के तरफ देखता है..

काँटी शेठ- तुजे कैसे पता…

लता डरते हुई कहती है..

लता- शयद…

काँटी शेठ अब मरना बंद करता है..

माहि- भाभी मेरे गलत फैमि नहीं हुई है.. आप नहीं जानती ये आदमी कितना घटिया है.. इसकी नज़र कितनी गन्दी है.. ये कैसे कैसे इशारे करता है.. आपको पता नहीं है.. भाभी ..

कान्तिशीथ- साले .. मादरचोद.. मेरे बहन को गंदे इशारे करता है… हरामी तेरे माँ को छोड़ दूंगा साले… रंडी की औलाद…

ऐसा कहते हुई करीम को कान्तिशीथ और ज्यादा लाथो से मरना सुरु करता है..

लता- माहि.. ये गंवार आदमी है.. इनको ज्यादा कुछ नॉलेज नहीं होता है.. इनका रहन सहन भी लौ क्लास होता है… इनका कोई स्टैंडरेड नहीं होता है.. इनका देखने का तरीका भी कुछ अलग होता है… इस वजह से हम स्टैंडरेड लोगो से मेल नहीं खता है.. इस वजह से हम लोगो को लगता है ये हमें गंदे नज़र से देखते है…

लता काँटी शेठ को देखकर कहती है..

लता- आप ये तो जानते hi है न.. स्लम एरिया के लोग कितने उनपद होते है.. इनको कुछ मन्नेर नहीं होते है.. इस वजह से माहि को लगा होगा ये ऐसा आदमी है जो माहि को गन्दी नज़र से देख रहा है.. लेकिन ऐसा कुछ नहीं है.. माहि को कुछ गलत फैमि हुई होगी…

लता के ऐसे बोलने से करीम को थोड़ा अच्छा लगा.. करीम सोचता hai..kuch न कुछ तो किया इस रंडी ने नहीं तो साला ये भादवा मुझे मार hi डालता.. साला मई अकेला इस्को मार सकता था.. लेकिन अगर इसको मई हाथ लगता था तो ये सारे नौकर से मुझे बहोत मार खिलवाता.. बहोत हरामी है साला ये कान्तिशीथ..

कंटिशः सोचता है..

काँटी शेठ – लता तू ठीक बोल रही है.. साला ये लोग थोड़े गंवार होते है..

माहि को अपनी बात बिगड़ते हुई दिख रही थी…

माहि- भाभी.. आप समाज नहीं रहे हो.. आप जैसे सोच रहे हो वो ऐसा आदमी नहीं है..

लता – माहि तेरा कुछ कन्फूसिओं हुआ है शयद… ये टेलर अच्छा आदमी है… चाहे तो तू आपने पद्मा माइड को पूछ ले…

माहि- उसको कैसे पता..

लता- वो उसी बस्ती मई रहती है न..

माहि- तो फिर इस टेलर जैसे hi बोलेगी वो..

काँटी शेठ- माहि ऐसे नहीं होता है… तू ने आपने मैं मई इस आदमी के बारे मई कुछ बुरा सोचा होगा.. कुछ गलतफैमी हुई है तेरे Mahi..tere भाभी बोल रही है न.. फिर गलत कैसे होगा...

काँटी शेठ के ये बात सुनके करीम को बहुत अच्छा लगा..

माहि- नहीं भैय्या.. मई जो बोल रही हु वो सच है..

काँटी शेठ- तुम दोनों मुझे कंफ्यूज मत करो.. एक बोल रही है अच्छा है और दूसरी बोल रही है घटिया है… अब माहि इसके आगे अगर िस्सने कुछ गलत किया तो मुझे बताना… मई इसको फिर दिखता हु… काँटी शेठ क्या चीज़ है…

करीम- शेतजी.. मैंने पहले hi कुछ किया नहीं है…

काँटी शेठ- तू चुप कर हरामी… बहोत ज्यादा बोलता है तू.. मादरचोद..

माहि- भैय्या.. इस को ऐसे hi छोड़ना खतरे से खली नहीं है..

काँटी शेठ- ये क्या करेगा माहि..

करीम- मई कुछ नहीं करूँगा…

काँटी शेठ करीम की तरफ गुस्से से देखता है…

माहि- भैय्या.. ये बहोत शातिर है.. काम से काम इसको इस घर से निकल दो.. वैसे इसका इस घर मई अब क्या काम है…

माहि ने ऐसे बोलते hi करीम के चहरे का रंग उड़द जाता है.. कान्तिशीथ कुछ बोलता उसे से पहले hi लता बोल पड़ती है..

लता- इस का अब बहोत काम बाकी है..

माहि- दूसरा कोई अच्छा सा टेलर ढूंढ लेंगे…

लता- माहि… दूसरा इस जैसा टेलर नहीं मिलेगा..

काँटी शेठ- माहि ये कुछ नहीं करेगा..

और करीम को देखके बोलता है..

काँटी शेठ- तू सिर्फ अपना काम करेगा.. बाकी कुछ नहीं.. समाज..

करीम- हआ.. शेतजी…

माहि- पर.. भैय्या..

काँटी शेठ- माहि ये कुछ नहीं करेगा.. अब मुझे जाना है.. मुझे लेत हो रहा है..

ऐसा कहके काँटी शेठ वह से चला जाता hai..Mahi गुस्से मई आपने बैडरूम मई चली जाती है…

अब वह पे सिर्फ लता और करीम वह थे.. लता करीम के पास चली जाती है.. उसको उठा के खड़ा करती है.. और एक चेयर पे बिता देती पाई..

लता- बहोत मारा क्या..

करीम लता की तरफ गुस्से से देखता है…

करीम- चुप कर चैनल…

लता- मैंने क्या किया..

करीम- मुझे बच्चा नहीं सकती क्या..

लता- मेरे पति के सामने मई क्या कर सकती थी..

करीम- तू बहोत कामिनी है.. कुछ किया नहीं.. और बोल रही है की मई कुछ नहीं कर सकती..

लता- ये सब तुम्हारे वजह से हुआ है..

करीम- मेरे वजह से मतलब..

लता – यहाँ मई थी.. बहार शालिनी भी hai..aab तक.. फिर उस माहि के पीछे पड़ने की क्या जरूरत थी.. वो बहोत खतरनाक है.. तुम्हारा एक से मैं नहीं भरता शयद..

करीम हसता है…

लता गुस्से मई बोलती है ..





लता- ऐसे करोगे तो एक दिन बहोत मार खाओगे…

करीम- मुझे मत सीखा.. तेरे इस ननद.. माहि को भी चौंदूंगा एक दिन.. तू देख..

और ऐसा कहके गुस्से मई वह से चलने लगता है..

लता- कहा जा रहे हो..

करीम- दारू पिने के लिए .. अड्डे पे..

ऐसा कहके करीम वह से आपने बस्ती की और चला जाता है.. काँटी शेठ के मार की वजह से उसका बदन बहोत दर्द रहा था.. इस वजह से वो दारू के अड्डे पे जेक बहोत दारू पिता है.. घर पे आके खाना खता है.. अब श्याम हो चुकी थी.. अब उसके बदन का दर्द काम हो गया था.. अब उसको सिमरन की याद आ जाती है… वो सोचता है.. साला इसको छोड़ा उसदिन से इसको बाद मई मिला hi नहीं.. इस्को फ़ोन भी नहीं किया.. साली ने भी फ़ोन नहीं किया है.. क्या इस को मिलाने के लिए इस के घर जाते है.. साली ने एड्रेस तो बता दिया था.. लेकिन वो अब घर पे है या नहीं.. क्या पता.. तभी उसको याद आता है की साली का नंबर लिया था .. उसको पूछते है.. अब वो कहा है.. इस पुलिस वाले का क्या भरोसा .. कहा भी जक मारते है.. करीम सिमरन को कॉल करता है.. सिमरन फ़ोन नहीं उठाती hai..Karim एक दो बार कॉल करता है.. लेकिन सिमरन कॉल नहीं उठाती है.. फिर करीम उसको मैसेज करता है…

साली.. रांड फ़ोन उठा.. करीम….

थोड़े देर बाद मैसेज आता है..

कुछ गेस्ट आये है.. बाद मई कॉल करती हु…

करीम सोचता है.. साली इसके घर पर भी आज hi गेस्ट आने थे… साला लगता है आज का दिन hi ख़राब है… सुबह उस भड़वे ने मारा और अब ये रांड फ़ोन नहीं उठा रही है.. ऐसे सोचते हुई करीम सो जाता है..

कुछ एक दो घंटे बाद करीम के फ़ोन की रिंग बजती है.. फ़ोन सिमरन का था.. फ़ोन के आवाज से करीम उठ जाता है..

Simran—hello..

करीम- बोल.. रांड.. किस्से छुड़वा रही थी..

सिमरन- मुझे क्या आपने जैसे समाज है क्या.. 24 घंटे सेक्स के अलावा और कुछ काम hi नहीं है ऐसा समाज रखा है क्या

करीम- बहोत बोल रही है रांड… लगता है आज फिर से एक बार तेरे को छोड़ना पड़ेगा..

सिमरन हसती है..

करीम- बोल किस से छुड़वा रही थी..

सिमरन- किश से नहीं… तुम ने कुछ करने के काबिल रखा है क्या… उस दिन से आज तक दर्द से परेशां हु..

करीम- फिर क्या कर रही थी.. फ़ोन नहीं उठा रही थी.. मेरा.. चैनल..

सिमरन- कुछ गेस्ट आये थे इस वजह से नहीं उठाया था.. उनके सामने तुमसे बात नहीं कर सकती थी न..

करीम- फिर गए क्या वो…

सिमरन- हां… इतने दिनों से मेरे याद नहीं आयी क्या..

करीम हसता है..

सिमरन- लगता है कोई दूसरे मिले होगी..

करीम- तेरे जैसे कड़क माल कहा से मिलेगा.. मेरी जान…

सिमरन शर्माती है..





सिमरन- चल.. झूठे कही के..

करीम- सचमुच सिमरन तेरे जैसा बदन किसी का नहीं है… और तेरे छूट जैसे छूट तो लाखो मई hi शयद किसी के पास होगी…

सिमरन शरमाते हुई कहती है..

सिमरन- मेरे झूटी टैरिफ मत करो अब… मेरा सबकुछ तो ले लिया है तुमने..

करीम- एक बार फिर से लेना चाहता हु..

सिमरन कुछ नहीं बोलती है..

करीम- तेरे गेस्ट गए है तो आ जाऊ क्या तेरे घर पे..

सिमरन झट से बोल पड़ती है..

सिमरन- नहीं … मेरे हस्बैंड है… और सुबह भी जाना है..

करीम- कहा..

सिमरन- आज जो गेस्ट आये थे वो इनविटेशन देने आये थे.. उनके bête का कल बर्थडे है.. तो वो बुलाने आये थे.. मई और मेरे हस्बैंड जाने वाले है कल वह..

करीम- मई तो तुजे आज छोड़ना चाहता हु.. तू कल जाना न वह .. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है..

सिमरन- लेकिन मुझे प्रॉब्लम है न.. मई और मेरे हस्बैंड एक hi बैडरूम मई सोये होंगे.. तो कैसे पॉसिबल है..

करीम सोचता है..

करीम- तो कल तुम्हारे साथ चलता हु… वह कर लेंगे कहा..

सिमरन – तुम क्या पागल हो गए हो क्या.. वह कैसे पॉसिबल है… वह मेरे हस्बैंड मेरे साथ होंगे.. और कुछ लोग भी होंगे…

करीम- तू टेंशन मत ले.. सब कुछ मई करवा लूंगा…

सिमरन- तुम सच मई पागल हो.. ऐसा कुछ नहीं होगा.. मई ऐसा कुछ नहीं कर सकती ..

करीम उसको दो तीन बार बोलता है.. सिमरन थोड़ा सोचती है और फिर कहती है…

सिमरन- तुम कार ड्राइव कर सकते हो न..

करीम- मई अगर तेरे जैसे फटका आइटम को ड्राइव कर सकता हु तो कार कोनसे बड़ी बात है..

सिमरन हसती है…
 
सिमरन- ज्यादा स्मार्ट मत बनो.. सिर्फ इतना बता दो कार ड्राइव कर सकते हो या नहीं..

करीम- हां.. रानीय.. कर सकता हु..

सिमरन- तो तुम कल सुबह जल्दी यहाँ आ जाओ.. हमारा ड्राइवर कल नहीं है.. तुम कल के लिए हमारा ड्राइवर बन जाओ..

करीम- मेरी रानी.. कल के लिए क्यों मई तो तेरा जिंदगीभर का ड्राइवर बनाना चाहता हु… तू सिर्फ हां कर..

सिमरन शर्माती है..





सिमरन- करीम.. तुम सच बोल रहे हो…

करीम- हां… मेरी रानी..

सिमरन- कल जल्दी आ जाना…

करीम- आज का क्या करे.. ये मेरा लुंड तुमसे बात करके hi खड़ा हो गया है..

इसको कैसे समजाये..

सिमरन- वो तो हमेशा खड़ा hi रहता है.. उसको शांत करो..

करीम- कैसे..

सिमरन- मुझे नहीं पता.. अब मई फ़ोन रख रही हु.. मेरे बच्चे आ रहे है..

करीम- ाचा ........... अब एक बात बता.. वैसे कल तू क्या पहन कर जाने वाली हो फंक्शन मई. ........मेरा मतलब साडी या फिर कुछ और......

सिमरन सोचने लगाती है..

सिमरन- साडी hi पहनूंगी ....... और क्या ........ मगर ...... तुम ये सब क्यों पूछ रहे हो......

करीम - तुम न सिमरन ....... सवाल बहुत करती हो ........ बस ऐसे hi पूछ रहा था........

सिमरन- क्या पहनू..

करीम- सदी.. एक अच्छी सी सदी … वाइट रंग की साड़ी पहनना ........साड़ी नेट वाली चाहिए ......और काफी महंगी भी होनी चाहिए .......

सिमरन- हां..

करीम- वो टीवी सीरियल मई होती है न वैसे तुम साडी pehanana...........deep लौ कट blouse......jismein तुम्हारी पीठ पूरी नंगी ho........aur तुम्हारे ये बड़े बड़े दूध छुपे कम और क्सपोसे ज़्यादा ho........taki देखने वालों का लुंड मचल jaye.......aur साडी कमर के नीचे बांधना ताकि तुम्हारी कमर सबको साफ़ दिखाई dein.......aur हाँ पंतय ज़रूर पहनना ..... मज़ा aayega......bus हमेशा की तरह आज भी पूरी क़यामत लगनी chaiye........jaisa हमेशा लगती हो ......

सिमरन करीम की बाटिओं को सुनकर हौले से मुस्कुरा पड़ती हैं..





सिमरन- aacha.......kya बात हैं करीम .....आज तो तुम कुछ ज़्यादा hi मूड में दिख रहे ho......kya अब मुझे सबके सामने नंगा करना चाहते हो ........ तुम्हारे इरादे तो कुछ ठीक नहीं लगते .....

करीम- ननगा तो नहीं करूँगा.. लेकिन सबके लुंड तेरा ये रूप देख के खड़ा हो जाएंगे .. पर तेरे छूट और गांड पर सिर्फ मेरा hi हक़ होगा.. उसको बजने का काम सिर्फ मई hi करूँगा.. दूसरे किसी को भी नहीं होगा वो हक़..

सिमरन हसती है…

सिमरन- मेरे हस्बैंड को भी नहीं..

करीम- वो क्या हक़ जतायेगा ... नामर्द... अब सिमरन तो सिर्फ मेरी hi है.. अगर वो हक़ जताने के काबिल होता तो तू मुजसे चुदती hi नहीं..

सिमरन- तुम बहोत बदमाश हो..

करीम- अब मेरा कहना मानेगी न..

सिमरन- है… पहनती हु.. अब फ़ोन रखती हु…

ऐसा कहके सिमरन फ़ोन रखती है.. तभी करीम के खुरापाती दिमाग में सिमरन के लिए.. कल के लिए एक प्लान आ जाता है.. ....... कुछ सोचकर उसके चेहरे पर एक गहरी मुस्कान तैर जाती हैं….

फिर करीम फ़ौरन उठकर बहार जाता हैं और दुकान पे जाकर कुछ चीज़ खरीद लेता है.. वहां से फिर दारू के अड्डे पे जेक दारू पिता है.. अपनी लुंड की प्यास बजाने के लिए एक रंडी के पास जाता है.. उसको 2-3 घंटे खूब छोड़ता hai..aur घर पे आके सो जाता है..

सुबह उठाकर अलमारी में रखा सामान अपने हाथों में उठाकर उसे बड़े गौर से देखने लगता हैं ........ अगले hi पल उसके चेहरे पर मुस्कान और भी गहरी होती चली जाती हैं........

कुछ डियर तक करीम उस सामान को ऐसे hi एक तुक देखता रहता हैं फिर वो नाहा धोकर सिमरन के घर के तरफ चल पड़ता है… ....... सिमरन के घर वॉचमैन से बात करता है.. आपने नाम बताता है तो वॉचमैन उसे अन्दर छोड़ देता है.. शयद सिमरन ने पहले hi वॉचमैन को उसका नाम बता दिया था.. करीम अन्दर जाता है.. घर के अन्दर से वो किचन मई चला जाता hai..Simran अब वहीँ किचन में काम कर रही थी..........





एक नज़र वो उसकी गांड को घूर कर देखता हैं फिर वो सिमरन के ठीक पीछे जाकर उससे सत्कार खड़ा हो जाता हैं........ अब करीम का लुंड सिमरन की गांड पर दस्तक दे रहा था..... करीम पीछे से उसको पकड़ता है...





सिमरन ने तो एहि समझा था की उसका हस्बैंड उसके पास आ गया ......... तभी वो तुरंत अपना चेहरा पीछे की ओरे घूमती हैं और जब उसकी नज़र करीम पर पड़ती हैं उसके चेहरे का रंग कुछ फीका सा पढ़ जाता हैं...... करीम को देखकर वो थोड़ी चौंक सी जाती हैं...... वो थोड़ी डर सी जाती है.. उसको शयद ये नहीं लगा था की करीम उसके किचन में डायरेक्ट आ जायेगा..

सिमरन – करीम .......तुम .... ........ यहाँ ....... कैसे…

करीम सिमरन को देखर हौले से मुस्कुरा पड़ता हैं…

करीम- क्यों नहीं आ सकता क्या मैं तुम्हारे पास ...... मेरीए.. रानीई… तुम ऐसे सवाल क्यों पूछ रही हो......

करीम की बाटिओं से सिमरन थोड़ी हड़बड़ा सी गयी thi.......wo फ़ौरन अपने आपको संभालती हैं और फिर से पूरी तरह नार्मल होने की कोशिश करती हैं.......

सिमरन - wo.....nahin......mera matlab........tum मुझे ...गलत समझ रहे ho.........meri बातून का ये मतलब नहीं था Karim........wo तो बस......

करीम- क्या .. बस…

करीम उस के एक आम को दबाता है..

सिमरन- आआआअह्हह्ह्ह्ह.. तुम डायरेक्ट किचन मई आ गए न… इस लिए दर गयी..

करीम- मेरे सिमरन को मिलाने से कोई मुझे रोक सकता है क्या..

सिमरन- मेरे हस्बैंड अब यहाँ नास्ते के लिए आने वाले है न.. उनोने ऐसे तुम और मुझे देख लिया तो आफत आ जाएगी… न..

करीम बड़े प्यार से सिमरन के लबों को चूम लेता हैं…





करीम- मेरे कल वाली बात याद है न..

सिमरन- हां…

करीम- वैसे hi नेट वाली साडी पहना..

सिमरन नखरा दिखते हुई कहती है..

सिमरन- मुझे क्या सब के सामने नंगा करने का इरादा है क्या..

करीम- nahin........sabke सामने नंगा तो नहीं करूँगा मगर आज कुछ नया ज़रूर करना चाहता हूँ जिससे तुम भी पूरी तरह एन्जॉय karogi..........bolo मानोगी न मेरी बात......

सिमरन - magar.......mujhe करना क्या होगा.......

करीम - फिर से सवाल.... पुलिस वाली हो .. सवाल पूछोगी hi न..

सिमरन- बताओ न.. मुझे करना क्या होगा..

करीम- कहा na.......maza aayega.......bolo मंज़ूर हैं की नहीं......

सिमरन हाँ में धीरे से अपनी गार्डन हिला देती hain........wahin करीम अपने हाथ में थमा वो सामान सिमरन के हाथों में रख देता hain.......wahin सिमरन करीम के चेहरे की तरफ फिर से बड़े गौर से देखने लगती हैं......

करीम - ये लो मेरी jaan..........ismein एक सामान हैं जो मैंने ख़ास तेरे लिए hi ख़रीदा hain.......ye तुजे ज़रूर पसंद aayega......aur अब सही समय आ चूका हैं इसे तुम्हें देने ka........main उम्मीद करता हूँ की तू मुझे अब बिलकुल निराश नहीं karogi.......fir करीम सिमरन को वो पैकेट खोलने का इशारा करता हैं....... सिमरन एक नज़र करीम के चेहरे की ओरे देखती हैं फिर वो उस पैकेट को धीरे से खोलने लगती है......

जैसे जैसे पैकेट खुलता जा रहा था वैसे वैसे सिमरन के मुन्न में बेचैनी भी बढ़ती जा रही thi..........use ये समझ में नहीं आ रहा था की करीम आखिर उसे क्या देना चाहता hain......aakhirkar वो उस पैकेट को धीरे से खोलती हैं और जब उसकी नज़र अंदर पड़े उस चीज़ पर जाती हैं अगले hi पल उसके चेहरे का रंग बिलकुल फीका सा पढ़ जाता hain.....wo सवाल भरे नज़रियों से करीम के चेहरे की ओरे एक तुक देखने लगती हैं........

सिमरन - ये क्या हैं Karim........ye तो ........

करीम - डिलडो hain.........main जनता हूँ की ये सब तुजे बहुत अजीब lagega........magar बस एक बार जैसा मैं कहता हूँ तू वैसा करती ja......dekhna तुजे बहुत मज़ा आएगा........ सिमरन के हाथ में इस वक़्त एक 9 इंच का काळा कलर का डिलडो था... लगभग करीम के लुंड जैसा hi उतना hi कला .. और उतना hi लम्बा और मोटा... जिसकी मोटाई लगभग 2.5 इंच के घेरे में thi.......wo एक तरह का वाइब्रेटर tha.....remote कण्ट्रोल wala........Karim ने उस विबरटोर का रिमोट अपने जेब में रख लिया था ......... ये बात सिमरन नहीं जानती thi.........Simran तो बस उसे एक तरह का डिलडो hi समझ रही थी........

सिमरन - magar......ye सब तुम मुझे क्यों दे रहे ho........main भला क्या करुँगी इसका.......

करीम - इसे बस सही जगह पर रखना hain.......aur तुम इतनी भी na-samajh नहीं हो सिमरन की तुम्हें अब ये बताना पड़े की डिलडो को कहाँ रखा जाता hain..........agar नहीं जानती तो मैं तुम्हें साफ़ साफ़ लफ़्ज़ों में बता देता हूँ.......

करीम इतना कहकर धीरे से मुस्कुरा पड़ता हैं और फिर से आगे बोलने लगता हैं…

करीम- तुजे ये डिलडो अपनी छूट में रखना हैं ........ और इसे तब तक बहार नहीं निकलना हैं जब तक मैं तुम्हें इसकी परमिशन नहीं दू........

सिमरन हौले से करीम की बाटिओं को सुनकर मुस्कुरा पड़ती हैं…

सिमरन- तो करीम तुम चाहते हो की मैं ये डिलडो अपनी छूट में रखकर आज मई तुम्हारे और मेरे हस्बैंड के साथ बहार जावून........ ( सिमरन थोड़ी स्माइल देती है) देख रही हूँ तुम्हारी ये शैतानी अब धीरे धीरे बढ़ती hi जा रही hain.....kya तुम्हे ाचा लगेगा मुझे इस तरह तड़पने में.....

करीम हौले से सिमरन के लबों को चूम लेता हैं…

करीम- जो मज़ा तड़प में हैं मेरी जान वो और किसी चीज़ में kahan..........aur आज मैं पूरी कोशिश करूँगा की आज दिन भर तुजे अचे से तड़पउ.. मेरे.. raand….........taki बाद मैं मैं तुम्हारी ाचे से चुदाई कर sakun..........aaj तो मैंने कुछ नया सोचा हैं मेरी जान .........सच कहता हूँ की तू आज बहुत एन्जॉय करोगी.......

सिमरन जवाब में बस मुस्कुरा पड़ती हैं … तभी बाथरूम का दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आती हैं........ सिमरन का हस्बैंड नहाकर बहतरूम से बहार आ गया था ....... किचन मई कोई आ गया है ये जानकर सिमरन का हस्बैंड किचन की और जाने लगता है.. ये जानकार करीम भी सिमरन से दूरी बना लेता हैं और सिमरन फिर वो डिलडो आपने पीछे छुपा लेती है..

सिमरन का हस्बैंड- ये टेलर यहाँ क्या कर रहा है..

सिमरन- आज हमारा ड्राइवर नहीं है न.. तो लता मैडम ने इस्को भेजा है.. ड्राइवर के तौर पर..

सिमरन का हस्बैंड- इससे ड्राइविंग आती है..

सिमरन- हां..

सिमरन का हस्बैंड- तो ठीक है…

करीम की तरफ देखकर कहता है.. अच्छी से ड्राइविंग करना..

करीम – जी साहब जी..

सिमरन का हस्बैंड- यहाँ किचन मई क्या कर रहे हो.. बहार हाल मई रुको..

सिमरन- वो मैंने इससे किचन मई हेल्प के लिए बुलाया था..

सिमरन का हस्बैंड- ठीक है..

ऐसा कहके वो कपडे चेंज करने बहार चला जाता है .. अब वह सिमरन और करीम दोनों hi थे… करीम सिमरन की तरफ देखने लगता है.. करीम सिमरन को ऊपर से निचे देखते हुए अपना लुंड सहलाने लगता है…

सिमरन- ऐसा क्या देख रहे हो..

करीम- आज तू क़यामत लग रही हो..

सिमरन- रोज की तरह hi तो हु…

करीम- नही.. आज तो स्पेशल लग रही है..

सिमरन शर्मा जाती है..

सिमरन- आज क्या स्पेशल लग रही हु..

करीम- आज तेरे गोरी गोरी बॉडी पे कला लिवाज… उफ्फ्फ.. क्या क़यामत लग रही हूँ… तेरे ये आगे की तरफ निकले हुई आम और पीछे उभरी हुए गाड़ … जैसे की मुझे.. इन्विते कर रही हो .. की करीम.. आजाओ.. और तुमरा कला सा मोटा लुंड जल्दी से आकर मेरी गाड़ में घुस दो…

सिमरन हसती है..

सिमरन- मई कोई ऐसा इनविटेशन नहीं दे रही हो..

करीम- तो क्या दे रही हो..

सिमरन- कुछ नहीं..

करीम- बता न रांड..

सिमरन- मुझे नहीं पता.. तुम दिन बा दिन गंदे होते जा रहे हो.. लगता है मुझे तुम तुम्हारी ये गन्दी भाषा की आदत दाल डोज…

अब करीम सिमरन के करीब आता है.. वैसे करीम ने सोचा था आज सुबह सिमरन के साथ कुछ नहीं करेंगे… लेकिन सिमरन की गांड देखकर आज फिर से करीम का वही पुराण लुंड जाग गया सिमरन की गाड़ देख कर.. अभी तक करीम ने सिमरन की गाड़ नहीं मरी थी शायद आज के लिए बचा के राखहि थी….

करीम सिमरन को आपने पास खींचता है.. करीम सिमरन को बहो मई ले लेता है..

सिमरन- प्ल्ज़… छोड़ दो.. मेरे हस्बैंड आ जायेंगे…

करीम- वो बहार गया है..

सिमरन- फिर से आ जायेंगे..

करीम- उसको कपडे चेंज करने मई कितना टाइम लगता है....

सिमरन- 15-20 मिनट..

करीम- तो उतना टाइम तो है हमारे पास..

सिमरन- करीम.. प्ल्ज़ .. यहाँ नही…

करीम- तो फिर कहा..

सिमरन- कही नहीं… अब नहीं हो सकता..

करीम- रात को भी नहीं बोलै था रांड तूने .. और अभी भी नहीं बोल रही हो…

सिमरन- उफ्फ्फ ज़रा सा भी साबरा नहीं है न तुम करीम …

थोड़ी नाराजगी के साथ सिमरन कहती है.

करीम : जान प्लीज नाराज न हो … जब किसी इंसान का आइटम इतना प्यारा हो की उसे चूर्ण का मैं हे न करे हर वक़्त उसजे साथ रहने का मैं करे तो इसमें मेरे जैसे इंसान का क्या दोष.

करीम ये बोलते हुए उसको अपनी बहो मई भर लेता है.. सिमरन पे करीम ये उतावलापन देख कर अब उसके ऊपर भी सेक्स की एक्ससिटेमेंट बाद जाती है.

सिमरन- मई क्या तुम्हारी आइटम हु क्या..

करीम- है .. तुजे कुछ प्रॉब्लम है क्या मेरे आइटम बनाने मई...

सिमरन कुछ नहीं बोलती... सिर्फ करीम को प्यासी नज़रो से देखती है..

करीम- बता न .. मेरी कातिल आइटम..

सिमरन- मुझे नहीं पता..

करीम: ओह जान अब कोई नहीं है मेरे और तुम्हारे बीच अब लूंगा तेरी कायदे से...

सिमरन- करीम.. प्ल्ज़ मुझे जाने दो…

करीम- तू तो बहोत डर रही है .. द्क्प होकर…

सिमरन- ओह्होऊ ! जब किचन मई मेरे हस्बैंड आये थे तब तो मेरी जान hi निकल गई थी..

अबतक वो करीम के बाँहों में समा चुकी थी.

करीम - मेरी जान आज तो तुमने मेरी जान निकल दी तुम्हारा ये कतिलयाणा अंदाज दिखा कर .. मई तो पागल सा हो गया हु.

सिमरन के कान के पास जाकर बोलता है..

करीम - सिमरन तुम मुझ पैर ट्रस्ट करती हो न ?

सिमरन - ये कैसी बात कर रहे हो तुम करीम.. ट्रस्ट नहीं होता तो अपने किचन मई तुम एंट्री देती क्या.. मेरा सब कुछ तुम मैंने सौंप देती क्या ..

करीम सिमरन की चुके दबाते हुए बोलता है..

करीम- तो फिर आज जो मैं करू मुझे रोकना नहीं.. मैं एक आदमी हूँ जिसके पास लुंड है.. जो इंसान से सबकुछ करवा देता है, सो प्लीज कोआपरेट करना प्लीज.

सिमरन ये बात सुन कर शर्मा जाती है और गर्दन हिला के इज़ाज़त देती है. करीम सिमरन को आपने और घुमा लेता है.. करीम गैस बंद कर देता है और सिमरन के दोनों हाथो को ऊपर करके अपने लेफ्ट हैंड से पकड़ लेता है .. वो एक ताकतवर इंसान होने की वजह से उसकी पकड़ बहुत मजबूत थी और राइट हैंड से सिमरन के आम दबाता है और एक जोर दर किस करता हुए पीछे की और धकेलता हुए किचन की दीवार पे टिका देता है.





सिमरन- आराम से जान मैं भागी नहीं जा रही हूँ तुम्हारे साथ पुरे दिन भर हूँ.

आज करीम को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था आज सिर्फ वो अपने लुंड की बात सुनेगा. और वो सिमरन के कान को पूरी तरह से चाटने लगता … कभी चुस्त और राइट हैंड से चुकी को मसाले जा रहा था.. सिमरन के साथ ये पहला दफा हो रहा था जिसकी वजह से वो कुछ समझ नहीं प् रही थी की वो कैसे इस सिचुएशन को हैंडल करे. एक तरफ उसकी बॉडी को मसलने में दर्द भी बहुत हो रहा था तो एक तरफ एक मीठा दर्द का सुखद एह्शाश भी.
 
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