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अपडेट No 8
आरव की नींद सुबह खुली जब नर्स ड्रिप चेंज करने आए उस वक़त रूम में पारी और उसके अलावा कोई नहीं था ,पारी सोफे पर बैठे बैठे सू रही थी और आरव उसको देख कर तय नहीं कर प् रहा था की वो क्या करे .
एक तरफ उसी अपने और अपने डैड के लिए बुरा लग रहा था की उसकी माँ ने उसे चीट किया ,
दूसरी तरफ उसे लग रहा था शायद माँ की कोई मज़बूरी हो ,फिर उसने अपने दिमाग को झटका और मन में बोलै (ऐसी भी क्या मज़बूरी की 20 सालो के रिश्ते का भी सामान नहीं रहा ) इस टाइम आरव बिलकुल कंफ्यूज स्टेट में था .
तभी रूम में पीहू की एंट्री हुई और वो आरव के पास आए.
आरव- तुम कहा थी .
पीहू- वाशरूम गेय थी ,तुम अब कैसा फील कर रहे हो ( इतना कह उसने आरव के माथे को चुम लिया)
आरव- ठीक हु अभी और प्यार से उसके गाल को सेल्हा दिया और बोलै अपने गुस्से को कण्ट्रोल रखा करो क्या जरुरत थी गोली चलने की.
पहिहु- बात मेरी है तो ी ऍम कूल पर अगर किसी ने तुम्हारी तरफ आंख भी उठाई तो उसकी जान लेलूँगी ,माँ डैड को खो चुकी हु ,अगर तुम्हे कुछ हुआ तो ज़िंदा नहीं रहूंगी मई .
अभी ये दोनों बात hi कर रहे थे तो पारी बोली गुड मॉर्निंग बचा लोग और आरव के माथे पर किश कर के उसे पूछा कैसा है मेरा शेर .
आरव-( बेमन से ) ठीक हु ज़िंदा हु .
पारी को झटका लगा ,पर उसने कुछ बोलै नहीं और पीहू को आरव को देखने बोल कर रूम से बहार आगे, उसे आरव का ऐसा रिप्लाई एक्सेप्टेड नहीं था उसके सोच के घोड़े दौड़ने लगे .
तभी उसे बहार आरव के डॉक्टर मिले और उन्होंने आरव का हेल्थ स्टेटस दियस और पारी को बोलै सब ठीक है पर आरव का B.p कण्ट्रोल नहीं हो रहा और आरव के B.p के कारन दूसरे इफ़ेक्ट हो सकते है , पारी घबरा गेय और डॉक्टर ने उसे किसी साइकेट्रिस्ट से कंसल्ट करने को बोलै तब पारी को सैम के डैड की याद आए और पारी ने सीधा उन्हें फ़ोन लगाया .
अभिनव – Hi पारी इतनी सुबह फ़ोन किया अन्य प्रॉब्लम आरव तो ठीक है न .
Pari-Abhinav नीड योर हेल्प ,मेरी अभी आरव के डॉक्टर से बात हुई वो बता रहे थे ारौ किसी स्ट्रेस में है और तुम जानते हो अगर उसने सोच लिया है तो वो किसी को कुछ नहीं बटेगा ,ी नीड यू ऑफ़ इतस एग्जाम स्ट्रेस सो ी don’t केयर अबाउट रिजल्ट्स ओने एग्जाम can’t चेंज अन्य थिंग ,ी नीड यू प्लीज हेल्प में यार.
अभिनव- OK कूल डाउन ी ऍम किंग एंड let’s सी व्हाट ी कैन दो .
पारी -थांग्स अभिनव.
अभी पारी ने फ़ोन रख कर वापस मुड़ी hi थी पारी का मोबाइल फिर बजा इस बार जो नाम था उसे देख कर न पारी के फेस पर स्माइल थी न रिएक्शन ,खेर पारी ने फ़ोन उठाया
पारी- Hello रवि (पारी टोन वास् प्लेन ा कोल्ड वौइस्)
रवि- Hi Pari,How अरे यू एंड How’s ारु.
पारी- रवि लिसेन फर्स्ट अपॉन ारु सिर्फ मई बुलाती हु आरव को ,यहाँ तक की तेज भी नहीं बुला सकते उसे अच्छा नहीं लगता ,सेकंड don’t कॉल में टिल माय बॉय गेट्स OK एंड ी विल कॉल यू वन्स ी ऍम असुरेद माय बॉय इस OK एंड हे इस हेअल्थी ,टिल तहत टाइम don’t तरय तो कांटेक्ट में ,मेरे लिए मेरा बीटा इम्पोर्टेन्ट है सिर्फ न उसका बाप न तुम एंड लास्तलय ी ऍम टेकिंग 4 मंथ वर्क फ्रॉम होम वन्स आरव विल शिफ्ट होम ी विल तेल्ल यू व्हेन ी विल स्टार्ट वर्क सो यू अंडरस्टैंड एंड सेंड रोहित तो हॉस्पिटल िफ़ अन्य थिंग नेसेसरी एंड ुरजेण्ट (पारी ने एक बार में रवि को बता दिया की उसके के लिए आरव किस लेवल का इम्पोर्टेन्ट है ,आरव के सामने वो किसी की भी परवाह नहीं करती)
रवि- OK पारी ी विल टेक केयर ऑफ़ ऑफिस यू don’t वोर्री एंड टेक केयर ऑफ़ आरव .
(रवि मन hi मन आरव और तेज को 100 गालिया मर रहा था और बोलै पहले बाप में पारी को मुझसे China,Ab बीटा ,पर इस बार मेरे और पारी के बीच किसी को नहीं ानी दूंगा जल्दी है मेरे पास मेरी पारी और आरव दोनों होंगे और होगा पुरे 200कर का साम्राज्य )
रवि मेहता एक बहुत hi लालची आदमी है उसने महक की माँ से सिर्फ इस लिए शादी करि क्यों की वो एक करोड़ पति की विधवा थी और महक के जनम के बाद उसकी वाइफ को रवि की हरकतों पर डाउट हुआ तो उसने अपनी साडी प्रॉपर्टी महक के नाम कर दी और रवि को सिर्फ उस का केयर टेकर इवन उसने अपनी बेस्ट फ्रेंड को जो की एक अधिवक्ता है उसे हर महीने ऑडिट करने का अधिकार भी दिया , अब कई लोग बोलते है महक की माँ को रवि ने hi मारा और कई बोलते है उसकी तबियत ख़राब थी पर अभी इन सब का समय नहीं था .
आरव की टेस्टिंग चल रही थी तो सब बहार खड़े थे ,तभी हॉस्पिटल में एक लड़की की एंट्री हुई वाइट T-Shirt ब्लू जीन्स ,ब्राउन आंखे बालो खुले हुए और आँखों पर कला चास्म्स दूध से गोरी परफेक्ट फिगर 36-24-36 ,पूरा हॉस्पिटल उसे hi देख रहा था पर उसे तो जैसे किसी की पढ़ी hi नहीं थी ,वो सीधा आरव के वार्ड की तरफ गेय और वह पहुंच कर सब को शांत रहने का इशारा किया ,अर्चना और पारी तो उसे देख कर चूक गेय पर एक था जो उसे देख कर डरगया वो उसे देख कर बेंच से खड्ड hi हुआ था की लड़की ने उसे एक छाता चिपका दिया रिया को तो कुछ समझ नहीं आया (पीहू इस टाइम अंदर डॉक्टर्स के साथ थी वो जब से आए थी वो hi आरव की मेडिसिन और सब देख रही थी एक वाइफ की तरह )
लकी- मुझे क्यों चिपकाया ,मेरी क्या गलती, हीरो पैंटी उसने की और सजा मुझे .(आकृति दावे आरव और लकी की बचपन की ट्यूशन टीचर ,इसके पेरेंट्स नहीं है दादा दादी के साथ रह कर पढ़ी की खुद की और इन दोनों को भी ट्यूशन padhya,Higher स्टडी के लिए हरिलाल ठाकुर ने इसे दिल्ली भेजा ,ये आरव और लकी दोनों को अपना छोटा भाई और बीटा मानती है इसके सामने तो खुद इन दोनों की माँ भी कैच नहीं बोल सकती )
आकृति – तेरी जिम्मेदारी थी न उसका साथ क्यों नहीं था जब ये हुआ ,आशिक़ी का बुखारा क्या चढ़ा भाई को भूल गया क्या सिखाया था “साथ नहीं छोड़ना ,हाथ नहीं छोड़ना” वो तो है पागल पर तू तो मेरा समझदार भाई और बच्चा है उसे क्यों अकेले जाने दिया.
लकी- मैंने कहा जाने diya,Khud बोलै घर जा रहा hi और मंदिर जा कर कांड कर आया मुझे बता तो उसके साथ यहाँ अपना भी इंतजाम न कर लेता .
आकृति जबान न चला मेरे सामने.
लकी- सॉरी न दीदी पर मेरी गलती नहीं है .
पारी- ी लड़की ज्यादा नहीं हाथ चल रहे तेर ,मेरे सामने hi मेरे बेटे को मार रही है रुक तुझे अभी बताते हु.
लकी – नहीं तै जी ये तो दीदी का प्यार जताने का तरीका है ,अप्प गुस्सा न हो .
आकृति- मिस पारी तेज प्रताप सिंह, आप को कितनी बार बोलै मेरे और मेरे भाइयो की बीच मत आया karo,Par नहीं आप को तो मन नहीं है ,( तभी आकृति की चीख निकली ,क्यों की उसके कान को अर्चना ने अपने हाथो में लेकर मरोर्ड दिया था)
अर्चना- कुछ ज्यादा नहीं बोल रही ाकु तू .
आकृति- सॉरी छोटी चची सॉरी बड़ी चची ाएय दर्द हो रहा है ,ी ऍम जस्ट किडिंग प्लीज चूड दो न प्लीज .
अर्चना कान चूड देती है आकृति पारी के पास जा कर चची आप ठीक हो ,अभी इतना आकृति ने बोलै hi था,
पारी की आँखों में अस्सू आने लगे और रट हु आकृति के गले लग कर रोने लगी .
पारी- अगर उसे कुछ हो जाता तो मई भी नहीं जी पति ाकु, उसे समझा न की गुस्सा काम करे यहाँ इतने लोग है उसे क्यों हमेशा हीरो बना होता है ,पीहू के बारे में भी नहीं सोचा पागल लड़के ने ,
आकृति – पीहू, ये पीहू कोण है (फिर लकी ने उसे साडी बात बता दी ,अब आकृति को शरत सूजी और माहौल को हल्का करने के लिए उसने लकी के कान में कुछ बोलै ,पहले तो लकी ने मुड़ी हिलाकर मन किया फिर आकृति ने उसे आंखे दिखाई तो मन गया ,नहीं मंटा था तो उसे पता था की फिर एक पड़ती )
डॉक्टर्स एंड नर्स रूम में बहार निकले और पारी और अर्चना को उसके साथ अपने केबिन में आने को बोलै ,आकृति नई पूछा एव्री थिंग OK डॉक् तो डॉक्टर बोलै यस यस एव्री थिंग इस OK ,ी जस्ट वांट तो ब्रीफ करंट सिचुएशन ऑफ़ पेशेंट तो मम.
इतना बोल डॉक्टर चला गया और पारी उसे ारु से मिलने का बोल डॉक्टर के पीछे पीछे चली गेय .
आकृति ने लकी और राशि को बहार रुकने का बोलै और खुद आगे बढ़ गेय .
लकी रिया से -अब मज़ा आएगा ,जब दी बंद बजेंगी आरव की साला बहुत हीरो बनता है, और पीहू को भी पता चलेगा वो भी काम नहीं है
रिया -ये है कोण पर (लकी ने आकृति के बारे में डिटेल्स देने लगता है )
अंदर जैसे hi दरवाजा खुलता है आरव की सस्से जैसे थम जाती है सामने आकृति को देख कर .
आकृति भी अपने इमोशन को कण्ट्रोल करते हुए, आरव मेरी जान ये क्या हुआ बाबू तुझे. और जा कर सीधा उसके गले को चुम लेती है ( इस टाइम पीहू ने जैसे hi उसने देखा की आरव को कोई किश कर रह है तो वो चूक गेय और आकृति को देखने लगी)
आकृति- बाबू मेने तुम्हे बोलै था मुझसे अलग मत हो देखा मई गेय और तेरा ये हल होगया अब मई अपने शोना को कही छोड़ के नहीं जाउंगी और 2-3 किश आरव के गले पर कर दिए और एक किश धीरे से आरव के होतो पर ( अब यहाँ हुआ पीहू के दिमाग में धमाका ,की कोई लड़की आरव को किश कर रही है और आरव कुछ नहीं बोल रहा ,अब वो एक नज़र गुस्से से भरी आँखों से आरव को देखती पबीर आकृति की taraph,Or मन hi मन कान्हा से बोलती है ये क्या कान्हा अब ये कोण चुड़ैल है और ये क्या बोल रही है )
आरव कुछ बोलने का हुआ तो आकृति बोली don’t से ा सिंगल वर्ड जस्ट कीप किते ी जस्ट वांट तो फेल यू और उसके बीएड पर आकर लेट gey,ab यहाँ जलन से और गुस्से से भरी पीहू बोल पड़ी.
पीहू- ारी आप को थोड़ा भी सेंस नहीं है ,आरव घर पर नहीं हॉस्पिटल में है और वो अभी पेशेंट है आप ऐसे कैसे उसे परेशां कर रही है.
आकृति ने मुंडी घुमा कर आँखों को नाचते हुए बोली , तुम कोण हो और किस हक़ से मेरे ारु के बीच बोल रही हो उसे कोई दिकत नहीं तो तुम क्यों इतना उछाल रही हो ,ओह्ह नर्स हो यहाँ पर, कोई बात नहीं आप बहार जय मई अपने ारु का ख्याल रख सकती हु.
( आरव मन में दी क्यों मरवा रही हो ,अगर उसे गुस्सा आगया तो आप का भी सर फोड़ देगी और मेरा भी ,पर आकृति ने उसे चुप रहने को बोलै था तो वो कुछ बोल नहीं सकता था ,आकृति की वर्ड्स उसके लिए आदेश था जो वो छह कर भी नहीं तोड़ सकता)
पीहू गुस्से में – मई आरव की गफ और होने वाली पत्नी hu(Par बीच में hi उसकी बात कटे हुए आकृति)
आकृति- जब तक मई नहीं आयी थी तब तक ,नाउ ी ऍम बैक और मेरे मन करने के बाद दुनिया में कोई मेरा फैसला नहीं बदल सकता.
पीहू ने आरव की तरफ उम्मीद भरी नज़रो से देखा ,पर आरव पहले कभी आकृति की बात नहीं कटी तो आज कैसे करता .
पीहू की आँखों में आँसू आगे और वो जाने की हुई तभी वह पारी आए और बोली ीे ाकु तेरी हिमत कैसे हुई मेरी बहु को रुलाने की ,तेरा भाई है तो क्या ये तेरी भाभी है संभल कर कल hi एक को टपकाया है इसने कही आज तेरा नंबर न लगा दे और जोर से हसने लगी पारी.
आकृति की भी हसी निकल पड़ी और पीहू के पास जा कर अपने कान पकड़ कर सॉरी भाभी मई तो सिर्फ आपकी और इसकी तंग खींच रही थी ,और आरव के सर पर धीरे से तपाली मरते हुए ज्यादा हीरोपंती सवार है ,अपनी दी के बारे में भी नहीं सोचा .
आरव – सॉरी न दी माफ़ कर दो , आगे से नहीं करूँगा ,प्लीज न ाकु दी प्लीज .
आकृति को आरव का मासूम सा चेहरा देख कर आरव पर प्यार आजाता है और बोलती है ,कीड़े पड़े उनलोगो को जिसने मेरे भाई को ऐसे मारा भगवन करे सब को लकवा पड़े उन्हें और गन्दी गन्दी बडुवा देने लगी ,तभी लकी रूम में आया और बोलै ,मुझे पता था यही होना है मरना तो मुझे hi है इसको कोई कुछ नहीं बोडेगा, ऐसे hi शाम हो जाती है तो आकृति सब को घर भेज देती है और बोलती है आज वो यहाँ है सब घर जाओ और 3 दिन से वैसे भी
पीहू और पारी और बाकि सब हॉस्पिटल में hi थे ,पारी जाना नहीं छाती थी पर उसे पता था जितना ाकु उसके बीटा का ख्याल रख सकती है उतना शायद वो भी नहीं इसलिए मन जाती है फिर वो ाकु को बोलती है अन्य इमरजेंसी यू विल फर्स्ट इन्फॉर्म में और आकृति भी यस मम बोल कर सब को घर भेज देती है .
अब आरव के रूम में सनता होता है वह सिर्फ आकृति और आरव होते है कमरे में पिन ड्राप साइलेंस होता है .
1 घंटे तक दोनों कुछ नहीं बोलते फिर आरव बीएड से खड़ा होता है और खिड़की खोल कर कहड़ा होता है तो पीछे से आकृति बोली.
आकृति- आरव क्या बात है .
आरव बिना मुड़े – कुछ भी तो नहीं दी.
आकृति- अब तू अपनी ाकु से बात छुपेगा , बोलै न आरव क्या प्रॉब्लम है .
आरव कुछ नहीं बोलता ,वो जैसे सब दबा के रखा था उसे लगा अगर उसने कुछ भी बोलै तो वो ाकु के सामने टूट जेगा और वो किसी के भी सामने टूटना नहीं छठा था .
आकृति- तू एग्जाम के बाद मंदिर में क्या करने गया था .
आरव -कुछ नहीं दी ऐसे hi एग्जाम अच्छा नहीं गया था तो थोड़ा गुस्सा था (वो सच नहीं बताना छठा था )
आकृति- बैल सहित तू और एग्जाम का स्ट्रेस ले बेवकूफ और किसी को बनाना ,मैंने तुझे बचपन से पला है और पद्य है ,है अब ये हो सकता है तू मुझे अपना नहीं समझता तो कोई बात नहीं ( यहाँ आकृति ने चला अपना इमोशनल कार्ड)
आरव नहीं दी ऐसा कुछ नहीं सच में
आकृति खा मेरे सर की कसम यही बात है .
आरव हाथ पीछे खींच लेता है और आंखे नच्चे कर लेता है .
आकृति आगे बढ़ आरव को गले लगा लेती है और बोलती है आरव जो भी है मुझे बता मई सच में तेरी हेल्प करने की कोशिश करुँगी और तुझे पता है तेरे और मेरे बीच की बात आज तक कोई नहीं जान पाया है .
अब आरव समझ चूका था की वो आकृति से कुछ नहीं छुपा सकता पर वो अपने माँ के अफेयर को बता अपनी माँ की इमेज और फॅमिली की इज्जत नहीं उछलना छह रहा था पर बोलते है न बड़ी बेहेन माँ की तरह होती है आरव भी अपनी इस माँ की बहो में टूट गया और रोने लगा , आकृति घबरा गेय और जल्दी से आरव को पानी का गिलास देते हुए बोली बाबू प्लीज जो भी है सच सच बता मुझे दर लग रहा है .
आरव ने अपना दिल पका किया और धीरे से बोलै ाकु माँ इस हैविंग एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर.
अब कमरे में पिन ड्राप साइलेंस अब रूम में सिर्फ घडी की टिक टिक टिक की आवाज़ आ रही थी .
आकृति थोड़े समय बाद व्हॉट?
व्हाट दीद यू से जस्ट ?
पारी आंटी इस चीटिंग ों तेज अंकल ?
अरे यू इन सेंस व्हाट अरे यू टॉकिंग ?
आरव ठंडी सास छोड़ते हुए मैंने उन्हें खुद देखा है और आरव उसे 3 दिन पहले जो घटना हुई वो सब बता देता है.
अब आकृति अचानक से सोफे पर बैठ जाती है और खुद सोच ने लगती है आंटी ऐसे कैसे .
फिर आकृति आरव की तरफ अब क्या ? तूने क्या सोचा है ?
तभी वह रूम का दरवाजा खुलता है और अंदर एक साक्ष अत है और उसे देख दोनों शोक हो जाये है ……
आरव की नींद सुबह खुली जब नर्स ड्रिप चेंज करने आए उस वक़त रूम में पारी और उसके अलावा कोई नहीं था ,पारी सोफे पर बैठे बैठे सू रही थी और आरव उसको देख कर तय नहीं कर प् रहा था की वो क्या करे .
एक तरफ उसी अपने और अपने डैड के लिए बुरा लग रहा था की उसकी माँ ने उसे चीट किया ,
दूसरी तरफ उसे लग रहा था शायद माँ की कोई मज़बूरी हो ,फिर उसने अपने दिमाग को झटका और मन में बोलै (ऐसी भी क्या मज़बूरी की 20 सालो के रिश्ते का भी सामान नहीं रहा ) इस टाइम आरव बिलकुल कंफ्यूज स्टेट में था .
तभी रूम में पीहू की एंट्री हुई और वो आरव के पास आए.
आरव- तुम कहा थी .
पीहू- वाशरूम गेय थी ,तुम अब कैसा फील कर रहे हो ( इतना कह उसने आरव के माथे को चुम लिया)
आरव- ठीक हु अभी और प्यार से उसके गाल को सेल्हा दिया और बोलै अपने गुस्से को कण्ट्रोल रखा करो क्या जरुरत थी गोली चलने की.
पहिहु- बात मेरी है तो ी ऍम कूल पर अगर किसी ने तुम्हारी तरफ आंख भी उठाई तो उसकी जान लेलूँगी ,माँ डैड को खो चुकी हु ,अगर तुम्हे कुछ हुआ तो ज़िंदा नहीं रहूंगी मई .
अभी ये दोनों बात hi कर रहे थे तो पारी बोली गुड मॉर्निंग बचा लोग और आरव के माथे पर किश कर के उसे पूछा कैसा है मेरा शेर .
आरव-( बेमन से ) ठीक हु ज़िंदा हु .
पारी को झटका लगा ,पर उसने कुछ बोलै नहीं और पीहू को आरव को देखने बोल कर रूम से बहार आगे, उसे आरव का ऐसा रिप्लाई एक्सेप्टेड नहीं था उसके सोच के घोड़े दौड़ने लगे .
तभी उसे बहार आरव के डॉक्टर मिले और उन्होंने आरव का हेल्थ स्टेटस दियस और पारी को बोलै सब ठीक है पर आरव का B.p कण्ट्रोल नहीं हो रहा और आरव के B.p के कारन दूसरे इफ़ेक्ट हो सकते है , पारी घबरा गेय और डॉक्टर ने उसे किसी साइकेट्रिस्ट से कंसल्ट करने को बोलै तब पारी को सैम के डैड की याद आए और पारी ने सीधा उन्हें फ़ोन लगाया .
अभिनव – Hi पारी इतनी सुबह फ़ोन किया अन्य प्रॉब्लम आरव तो ठीक है न .
Pari-Abhinav नीड योर हेल्प ,मेरी अभी आरव के डॉक्टर से बात हुई वो बता रहे थे ारौ किसी स्ट्रेस में है और तुम जानते हो अगर उसने सोच लिया है तो वो किसी को कुछ नहीं बटेगा ,ी नीड यू ऑफ़ इतस एग्जाम स्ट्रेस सो ी don’t केयर अबाउट रिजल्ट्स ओने एग्जाम can’t चेंज अन्य थिंग ,ी नीड यू प्लीज हेल्प में यार.
अभिनव- OK कूल डाउन ी ऍम किंग एंड let’s सी व्हाट ी कैन दो .
पारी -थांग्स अभिनव.
अभी पारी ने फ़ोन रख कर वापस मुड़ी hi थी पारी का मोबाइल फिर बजा इस बार जो नाम था उसे देख कर न पारी के फेस पर स्माइल थी न रिएक्शन ,खेर पारी ने फ़ोन उठाया
पारी- Hello रवि (पारी टोन वास् प्लेन ा कोल्ड वौइस्)
रवि- Hi Pari,How अरे यू एंड How’s ारु.
पारी- रवि लिसेन फर्स्ट अपॉन ारु सिर्फ मई बुलाती हु आरव को ,यहाँ तक की तेज भी नहीं बुला सकते उसे अच्छा नहीं लगता ,सेकंड don’t कॉल में टिल माय बॉय गेट्स OK एंड ी विल कॉल यू वन्स ी ऍम असुरेद माय बॉय इस OK एंड हे इस हेअल्थी ,टिल तहत टाइम don’t तरय तो कांटेक्ट में ,मेरे लिए मेरा बीटा इम्पोर्टेन्ट है सिर्फ न उसका बाप न तुम एंड लास्तलय ी ऍम टेकिंग 4 मंथ वर्क फ्रॉम होम वन्स आरव विल शिफ्ट होम ी विल तेल्ल यू व्हेन ी विल स्टार्ट वर्क सो यू अंडरस्टैंड एंड सेंड रोहित तो हॉस्पिटल िफ़ अन्य थिंग नेसेसरी एंड ुरजेण्ट (पारी ने एक बार में रवि को बता दिया की उसके के लिए आरव किस लेवल का इम्पोर्टेन्ट है ,आरव के सामने वो किसी की भी परवाह नहीं करती)
रवि- OK पारी ी विल टेक केयर ऑफ़ ऑफिस यू don’t वोर्री एंड टेक केयर ऑफ़ आरव .
(रवि मन hi मन आरव और तेज को 100 गालिया मर रहा था और बोलै पहले बाप में पारी को मुझसे China,Ab बीटा ,पर इस बार मेरे और पारी के बीच किसी को नहीं ानी दूंगा जल्दी है मेरे पास मेरी पारी और आरव दोनों होंगे और होगा पुरे 200कर का साम्राज्य )
रवि मेहता एक बहुत hi लालची आदमी है उसने महक की माँ से सिर्फ इस लिए शादी करि क्यों की वो एक करोड़ पति की विधवा थी और महक के जनम के बाद उसकी वाइफ को रवि की हरकतों पर डाउट हुआ तो उसने अपनी साडी प्रॉपर्टी महक के नाम कर दी और रवि को सिर्फ उस का केयर टेकर इवन उसने अपनी बेस्ट फ्रेंड को जो की एक अधिवक्ता है उसे हर महीने ऑडिट करने का अधिकार भी दिया , अब कई लोग बोलते है महक की माँ को रवि ने hi मारा और कई बोलते है उसकी तबियत ख़राब थी पर अभी इन सब का समय नहीं था .
आरव की टेस्टिंग चल रही थी तो सब बहार खड़े थे ,तभी हॉस्पिटल में एक लड़की की एंट्री हुई वाइट T-Shirt ब्लू जीन्स ,ब्राउन आंखे बालो खुले हुए और आँखों पर कला चास्म्स दूध से गोरी परफेक्ट फिगर 36-24-36 ,पूरा हॉस्पिटल उसे hi देख रहा था पर उसे तो जैसे किसी की पढ़ी hi नहीं थी ,वो सीधा आरव के वार्ड की तरफ गेय और वह पहुंच कर सब को शांत रहने का इशारा किया ,अर्चना और पारी तो उसे देख कर चूक गेय पर एक था जो उसे देख कर डरगया वो उसे देख कर बेंच से खड्ड hi हुआ था की लड़की ने उसे एक छाता चिपका दिया रिया को तो कुछ समझ नहीं आया (पीहू इस टाइम अंदर डॉक्टर्स के साथ थी वो जब से आए थी वो hi आरव की मेडिसिन और सब देख रही थी एक वाइफ की तरह )
लकी- मुझे क्यों चिपकाया ,मेरी क्या गलती, हीरो पैंटी उसने की और सजा मुझे .(आकृति दावे आरव और लकी की बचपन की ट्यूशन टीचर ,इसके पेरेंट्स नहीं है दादा दादी के साथ रह कर पढ़ी की खुद की और इन दोनों को भी ट्यूशन padhya,Higher स्टडी के लिए हरिलाल ठाकुर ने इसे दिल्ली भेजा ,ये आरव और लकी दोनों को अपना छोटा भाई और बीटा मानती है इसके सामने तो खुद इन दोनों की माँ भी कैच नहीं बोल सकती )
आकृति – तेरी जिम्मेदारी थी न उसका साथ क्यों नहीं था जब ये हुआ ,आशिक़ी का बुखारा क्या चढ़ा भाई को भूल गया क्या सिखाया था “साथ नहीं छोड़ना ,हाथ नहीं छोड़ना” वो तो है पागल पर तू तो मेरा समझदार भाई और बच्चा है उसे क्यों अकेले जाने दिया.
लकी- मैंने कहा जाने diya,Khud बोलै घर जा रहा hi और मंदिर जा कर कांड कर आया मुझे बता तो उसके साथ यहाँ अपना भी इंतजाम न कर लेता .
आकृति जबान न चला मेरे सामने.
लकी- सॉरी न दीदी पर मेरी गलती नहीं है .
पारी- ी लड़की ज्यादा नहीं हाथ चल रहे तेर ,मेरे सामने hi मेरे बेटे को मार रही है रुक तुझे अभी बताते हु.
लकी – नहीं तै जी ये तो दीदी का प्यार जताने का तरीका है ,अप्प गुस्सा न हो .
आकृति- मिस पारी तेज प्रताप सिंह, आप को कितनी बार बोलै मेरे और मेरे भाइयो की बीच मत आया karo,Par नहीं आप को तो मन नहीं है ,( तभी आकृति की चीख निकली ,क्यों की उसके कान को अर्चना ने अपने हाथो में लेकर मरोर्ड दिया था)
अर्चना- कुछ ज्यादा नहीं बोल रही ाकु तू .
आकृति- सॉरी छोटी चची सॉरी बड़ी चची ाएय दर्द हो रहा है ,ी ऍम जस्ट किडिंग प्लीज चूड दो न प्लीज .
अर्चना कान चूड देती है आकृति पारी के पास जा कर चची आप ठीक हो ,अभी इतना आकृति ने बोलै hi था,
पारी की आँखों में अस्सू आने लगे और रट हु आकृति के गले लग कर रोने लगी .
पारी- अगर उसे कुछ हो जाता तो मई भी नहीं जी पति ाकु, उसे समझा न की गुस्सा काम करे यहाँ इतने लोग है उसे क्यों हमेशा हीरो बना होता है ,पीहू के बारे में भी नहीं सोचा पागल लड़के ने ,
आकृति – पीहू, ये पीहू कोण है (फिर लकी ने उसे साडी बात बता दी ,अब आकृति को शरत सूजी और माहौल को हल्का करने के लिए उसने लकी के कान में कुछ बोलै ,पहले तो लकी ने मुड़ी हिलाकर मन किया फिर आकृति ने उसे आंखे दिखाई तो मन गया ,नहीं मंटा था तो उसे पता था की फिर एक पड़ती )
डॉक्टर्स एंड नर्स रूम में बहार निकले और पारी और अर्चना को उसके साथ अपने केबिन में आने को बोलै ,आकृति नई पूछा एव्री थिंग OK डॉक् तो डॉक्टर बोलै यस यस एव्री थिंग इस OK ,ी जस्ट वांट तो ब्रीफ करंट सिचुएशन ऑफ़ पेशेंट तो मम.
इतना बोल डॉक्टर चला गया और पारी उसे ारु से मिलने का बोल डॉक्टर के पीछे पीछे चली गेय .
आकृति ने लकी और राशि को बहार रुकने का बोलै और खुद आगे बढ़ गेय .
लकी रिया से -अब मज़ा आएगा ,जब दी बंद बजेंगी आरव की साला बहुत हीरो बनता है, और पीहू को भी पता चलेगा वो भी काम नहीं है
रिया -ये है कोण पर (लकी ने आकृति के बारे में डिटेल्स देने लगता है )
अंदर जैसे hi दरवाजा खुलता है आरव की सस्से जैसे थम जाती है सामने आकृति को देख कर .
आकृति भी अपने इमोशन को कण्ट्रोल करते हुए, आरव मेरी जान ये क्या हुआ बाबू तुझे. और जा कर सीधा उसके गले को चुम लेती है ( इस टाइम पीहू ने जैसे hi उसने देखा की आरव को कोई किश कर रह है तो वो चूक गेय और आकृति को देखने लगी)
आकृति- बाबू मेने तुम्हे बोलै था मुझसे अलग मत हो देखा मई गेय और तेरा ये हल होगया अब मई अपने शोना को कही छोड़ के नहीं जाउंगी और 2-3 किश आरव के गले पर कर दिए और एक किश धीरे से आरव के होतो पर ( अब यहाँ हुआ पीहू के दिमाग में धमाका ,की कोई लड़की आरव को किश कर रही है और आरव कुछ नहीं बोल रहा ,अब वो एक नज़र गुस्से से भरी आँखों से आरव को देखती पबीर आकृति की taraph,Or मन hi मन कान्हा से बोलती है ये क्या कान्हा अब ये कोण चुड़ैल है और ये क्या बोल रही है )
आरव कुछ बोलने का हुआ तो आकृति बोली don’t से ा सिंगल वर्ड जस्ट कीप किते ी जस्ट वांट तो फेल यू और उसके बीएड पर आकर लेट gey,ab यहाँ जलन से और गुस्से से भरी पीहू बोल पड़ी.
पीहू- ारी आप को थोड़ा भी सेंस नहीं है ,आरव घर पर नहीं हॉस्पिटल में है और वो अभी पेशेंट है आप ऐसे कैसे उसे परेशां कर रही है.
आकृति ने मुंडी घुमा कर आँखों को नाचते हुए बोली , तुम कोण हो और किस हक़ से मेरे ारु के बीच बोल रही हो उसे कोई दिकत नहीं तो तुम क्यों इतना उछाल रही हो ,ओह्ह नर्स हो यहाँ पर, कोई बात नहीं आप बहार जय मई अपने ारु का ख्याल रख सकती हु.
( आरव मन में दी क्यों मरवा रही हो ,अगर उसे गुस्सा आगया तो आप का भी सर फोड़ देगी और मेरा भी ,पर आकृति ने उसे चुप रहने को बोलै था तो वो कुछ बोल नहीं सकता था ,आकृति की वर्ड्स उसके लिए आदेश था जो वो छह कर भी नहीं तोड़ सकता)
पीहू गुस्से में – मई आरव की गफ और होने वाली पत्नी hu(Par बीच में hi उसकी बात कटे हुए आकृति)
आकृति- जब तक मई नहीं आयी थी तब तक ,नाउ ी ऍम बैक और मेरे मन करने के बाद दुनिया में कोई मेरा फैसला नहीं बदल सकता.
पीहू ने आरव की तरफ उम्मीद भरी नज़रो से देखा ,पर आरव पहले कभी आकृति की बात नहीं कटी तो आज कैसे करता .
पीहू की आँखों में आँसू आगे और वो जाने की हुई तभी वह पारी आए और बोली ीे ाकु तेरी हिमत कैसे हुई मेरी बहु को रुलाने की ,तेरा भाई है तो क्या ये तेरी भाभी है संभल कर कल hi एक को टपकाया है इसने कही आज तेरा नंबर न लगा दे और जोर से हसने लगी पारी.
आकृति की भी हसी निकल पड़ी और पीहू के पास जा कर अपने कान पकड़ कर सॉरी भाभी मई तो सिर्फ आपकी और इसकी तंग खींच रही थी ,और आरव के सर पर धीरे से तपाली मरते हुए ज्यादा हीरोपंती सवार है ,अपनी दी के बारे में भी नहीं सोचा .
आरव – सॉरी न दी माफ़ कर दो , आगे से नहीं करूँगा ,प्लीज न ाकु दी प्लीज .
आकृति को आरव का मासूम सा चेहरा देख कर आरव पर प्यार आजाता है और बोलती है ,कीड़े पड़े उनलोगो को जिसने मेरे भाई को ऐसे मारा भगवन करे सब को लकवा पड़े उन्हें और गन्दी गन्दी बडुवा देने लगी ,तभी लकी रूम में आया और बोलै ,मुझे पता था यही होना है मरना तो मुझे hi है इसको कोई कुछ नहीं बोडेगा, ऐसे hi शाम हो जाती है तो आकृति सब को घर भेज देती है और बोलती है आज वो यहाँ है सब घर जाओ और 3 दिन से वैसे भी
पीहू और पारी और बाकि सब हॉस्पिटल में hi थे ,पारी जाना नहीं छाती थी पर उसे पता था जितना ाकु उसके बीटा का ख्याल रख सकती है उतना शायद वो भी नहीं इसलिए मन जाती है फिर वो ाकु को बोलती है अन्य इमरजेंसी यू विल फर्स्ट इन्फॉर्म में और आकृति भी यस मम बोल कर सब को घर भेज देती है .
अब आरव के रूम में सनता होता है वह सिर्फ आकृति और आरव होते है कमरे में पिन ड्राप साइलेंस होता है .
1 घंटे तक दोनों कुछ नहीं बोलते फिर आरव बीएड से खड़ा होता है और खिड़की खोल कर कहड़ा होता है तो पीछे से आकृति बोली.
आकृति- आरव क्या बात है .
आरव बिना मुड़े – कुछ भी तो नहीं दी.
आकृति- अब तू अपनी ाकु से बात छुपेगा , बोलै न आरव क्या प्रॉब्लम है .
आरव कुछ नहीं बोलता ,वो जैसे सब दबा के रखा था उसे लगा अगर उसने कुछ भी बोलै तो वो ाकु के सामने टूट जेगा और वो किसी के भी सामने टूटना नहीं छठा था .
आकृति- तू एग्जाम के बाद मंदिर में क्या करने गया था .
आरव -कुछ नहीं दी ऐसे hi एग्जाम अच्छा नहीं गया था तो थोड़ा गुस्सा था (वो सच नहीं बताना छठा था )
आकृति- बैल सहित तू और एग्जाम का स्ट्रेस ले बेवकूफ और किसी को बनाना ,मैंने तुझे बचपन से पला है और पद्य है ,है अब ये हो सकता है तू मुझे अपना नहीं समझता तो कोई बात नहीं ( यहाँ आकृति ने चला अपना इमोशनल कार्ड)
आरव नहीं दी ऐसा कुछ नहीं सच में
आकृति खा मेरे सर की कसम यही बात है .
आरव हाथ पीछे खींच लेता है और आंखे नच्चे कर लेता है .
आकृति आगे बढ़ आरव को गले लगा लेती है और बोलती है आरव जो भी है मुझे बता मई सच में तेरी हेल्प करने की कोशिश करुँगी और तुझे पता है तेरे और मेरे बीच की बात आज तक कोई नहीं जान पाया है .
अब आरव समझ चूका था की वो आकृति से कुछ नहीं छुपा सकता पर वो अपने माँ के अफेयर को बता अपनी माँ की इमेज और फॅमिली की इज्जत नहीं उछलना छह रहा था पर बोलते है न बड़ी बेहेन माँ की तरह होती है आरव भी अपनी इस माँ की बहो में टूट गया और रोने लगा , आकृति घबरा गेय और जल्दी से आरव को पानी का गिलास देते हुए बोली बाबू प्लीज जो भी है सच सच बता मुझे दर लग रहा है .
आरव ने अपना दिल पका किया और धीरे से बोलै ाकु माँ इस हैविंग एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर.
अब कमरे में पिन ड्राप साइलेंस अब रूम में सिर्फ घडी की टिक टिक टिक की आवाज़ आ रही थी .
आकृति थोड़े समय बाद व्हॉट?
व्हाट दीद यू से जस्ट ?
पारी आंटी इस चीटिंग ों तेज अंकल ?
अरे यू इन सेंस व्हाट अरे यू टॉकिंग ?
आरव ठंडी सास छोड़ते हुए मैंने उन्हें खुद देखा है और आरव उसे 3 दिन पहले जो घटना हुई वो सब बता देता है.
अब आकृति अचानक से सोफे पर बैठ जाती है और खुद सोच ने लगती है आंटी ऐसे कैसे .
फिर आकृति आरव की तरफ अब क्या ? तूने क्या सोचा है ?
तभी वह रूम का दरवाजा खुलता है और अंदर एक साक्ष अत है और उसे देख दोनों शोक हो जाये है ……