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अपडेट No 33
आरव पीहू की बहो में सू गया ,उसे तो जैसे कोई बोध hi नहीं था ,
पीहू पूरी रात आरव के सर को अपनी गोद में रखे उसके बालो को सहलाती rahi,Wahi ाकु पूरी रात अपने भाई के पैरो को दबती रही ,रूम में लकी और हिमानी भी थी पर कोई किसी से कुछ नहीं बोल रहा था कमरे में बास घड़ी की टिक टिक की आवाज आरही थी ऐसे hi सब सो गेय ,पर यहाँ आरव के दिल और दिमाग में एक तूफान उठा हुआ था ,अचानक से सुबह 4 बजे आरव की आंख खुली उसने रूम में देखा पीहू बैठे बैठे सू रही है ,उसने उसे बिस्तर पर लिटाया और रूम से बहार निकल घर की चाट पर गया वह उसने सिगरेट निकली और जला कर अपने मन में (भाई कल क्या हुआ )
डेविल- कुछ काश नहीं तूने अपना अप्पा खो कर माँ पर 5 राउंड फायर कर दिए ,पर तेरे अंदर के इमोशन के कारन सरे निशाने खली गेय और उसने 8 दिन बाद अपनी शाद्दी का एलन कर दिया है .
आरव- ट्रांसफर आल मेमोरी ऑफ़ लास्ट 2 मंथ .
डेविल- तू रहने दे मई देख लूंगा .
आरव – नहीं इस बार अकेले कुछ नहीं ,हम दोनों .
डेविल ने ठंडी साँस ली और फिर वो जो भी प्लान कर रहा है और जो भी टायरिन्कार के राखी है सब आरव को बता चला गया ,
थोड़ी देर बाद .
आरव- ठीक है .
रवि मेहता को अब उसकी लाइफ का सबसे बड़ा तोहफा और झटका देने का समय आगया है .
ऐसे hi आरव वही जमीन पर बैठ मैडिटेशन करने लगा और अपने डिस्टर्बेद इमोशनल मंद को शांत करने लगा .
थोड़ी देर बाद आरव डेविल से मरस. डिसूजा से कल मिलना था मीटिंग रअर्रंगे करो और खबरि को बोलो ड्रग्स जहा आना है वह की साडी डिटेल्स निकलने को बोलो एंट्री एंड एग्जिट , दुबई कॉल करो और रूट प्लान पता करो ड्रग्स का बी रोड तो नहीं आने वाला इतना ड्रग्स .
डेविल- आराम से आश्रम से एक साथ इतना .
आरव- अगर तू मुझे पहले बता देता तो अब तक बहुत कुछ कर चूका होता.
डेविल- प्लान क्या है तेरा करना क्या छठा है .
आरव- देखता जा और वो दुबई फ़ोन कर देता है .
िल्ल्यासी के सटेलिते फ़ोन पर कॉल गया इतनी सुबह तो वो दांग रह गया उसने जल्दी से मोबाइल उठाया और बोलै डेविल सब ठीक इतनी सुबह .
आरव – चाचा जान डेविल नहीं आप का आरव हु.
िल्ल्यासी – बीटा तू ठीक तो है .
आरव – चाचा मुझे आप की मदद चाइये ,इटालिन फ़ूड का से रूट पता करे ,जहा तक मुझे पता है अभी शिप ने तुर्किश वाटर क्रॉस नहीं किया होगा ,इतालियन फ़ूड को हम रस्ते में डूबा कर नकली सामान इंडिया वालो को भेज देंगे .
िल्ल्यासी- रुक रुक बीटा ,ये इतना आसान नहीं है , इसमें बहुत पैसा इन्वॉल्व होगा .
आरव – चाचा 200कर इस ok पाइरेट्स से बात करो वैसे भी बहुत से पाइरेट्स इन इतालियन फ़ूड के अगेंस्ट है अपने रुसी बहियो को कॉल करो मुझे नहीं पता पर मुझे जो चाइये वो चाइये .
िल्लाये अपने बाल नोचते हुए तुम कहते क्या हो क्लियर बताओ एक काम करो अब्बास मेरे आदमी तुमसे मिलेगा तुम्हारे घर में 3 घंटे बाद उसे क्लियर समझाओ तब तक मई पता करता हु और कॉल कट होता है .
डेविल – तू छठा क्या है और ये 200 कर कहा से ैंगे .
आरव – सबर कर और देख, इतालियन फ़ूड को इंडियन मार्किट में तो नहीं आने दूंगा मई .
आरव नीचे जाकर आकृति को उठता है और उसे रेडी होने को बोल वाशरूम चला जाता है .
थोड़ी देर बाद पीहू को उठा उसे घर भेज खुद बिना किसी को कुछ बोले आकृति को लेकर घर चला जाता है .
आकृति – आरव क्या हुआ है
आरव – दी इस बार जून मैंने में दिवाली होने वाली है ,क्या आप मेरे साथ हो और वो सारा प्लान ाकु को समझा देता है .
अक्कू – ारु इसमें बहुत खतरा है ,तू इन्फो नारकोटिक्स को क्यों नहीं पास कर देता, तू चुप चाप जर्मनी जा अपनी आगे की लाइफ देख .
आरव – डैड ने एक बार इन इतालियन माफिया को खदेड़ दिया था और आप को क्या लगता है ,नारकोटिक्स को इन्फो नहीं होगी साला पूरा सिस्टम बिका हुआ है ,दी मुझ पर विस्वास रखो न मुझे कुछ होगा न ये जेहेर की मंडी मुंबई में लगने दूंगा मई .
तभी वह पर िल्ल्यासी का आदमी आजाता है और उसे और ाकु को सारा प्लान बता ,आरव वह से निकल जाता है अपनी अगली मीटिंग की तरफ.
मरस. डिसूज़ा चर्च में आरव का वेट कर रही होती है .
आरव उनके पास पहुँच उनके पेअर छूटा है और अपना परिचय देता है .
Mrs.Disuza – तुम सच में तेज भाईसहाब के बेटे हो ,तुम्हारे संस्कार बहुत अच्छे है बीटा और तुम्हारा मसकसद में मई तुम्हारे साथ हु बताओ क्या करना है मुझे .
आरव उन्हें डिटेल में अपना प्लान बताता ता है और ये बता देता है की वेन्यू और डेट 48 हॉर्स पहले वो बटेगा .पर उसे मिनीमू 10 स्नाइपर और 20 असूल रिफिल के साथ 30 लोग चाइये .
डिसूज़ा- पूरी मुंबई को उड़ाना है क्या.
आरव- नहीं पुरे इंडिया के ड्रग कार्टेल को एक बार में ख़तम करना है .
आरव वह से निकल सीधा अपने खबरि से मिलने चला जाता है और दूसरी तरफ पारी अपने ऑफिस में अपने केबिन में कल की हुई घटना के बारे में सोच सोच कर पागल हो रही थी ,उसे विश्वास hi नहीं हो रहा था की उसका खुद का बीटा ऐसा कुछ कर सकता है ,और सोच सोच कर उअका दिमाग फटा जा रहा था तभी अर्चना चची उसके ऑफिस में एंटर करती है .
अर्चना – पारी ये तूने क्या कर दिया ,मैंने तुम्हे मन किया था , देख तेरे कारन आरव आज घर से निकल गया बिना किसी से बात किये और मुझे लग रहा है वो इन सब में मुझे भी गलत समझ रहा है .
पारी- तूने नहीं देखा अर्चना जिस बेटे को 9 महीने गर्भ में रखा जिसे अपना दूध पीला कर इतना सक्षम बनाया उसने एक पल नहीं लगाया मुझ पर गोली चलने से , उसके हाथ नहीं कप .
अर्चना – पारी दुश्मन होते नहीं है हम खुद बनाते है और तूने तो अपने बेटे को hi अपना दुश्मन बना लिया है , अब पता नहीं वो कितनी तबाही मचाएगा ,मेरी बात मान अपना फैसला वापस लेले ,वर्ण अपनी बर्बादी की ज़िम्मेदार तू खिड़ होगी बाकि तेरी मर्जी .
इतना बोल अर्चना जिस स्पीड से आए थी उतनी hi स्पीड से वह से वापस चली गई .
यहाँ पारी अभी तक अर्चना की बातो में उलझी थी वह रवि मेहता अपने जीजा और बेहेन के साथ बैठा था .
सोमेश- सेल साहब एक बार फिर सोच लो ,ये लड़का कोई आम लड़का नहीं है ,उसका गुस्सा बहुत खतरनाक है .
रवि -जीजा जी आप कब से डरने लगे .
सोमेश – दर होना अच्छी चीज़ है जो आदमी डरता नहीं है वो कब मर जाता है पता hi नहीं चलता और ये लड़का अलग है जैसे इसने अपनी माँ पर गोली चली उसे ये तो समझ आगया है इसके पास अब खोने के लिए कुछ नहीं है ,और जिसके पास खोने को कुछ नहीं होता वो सब से खतरनाक होता है .
रवि – जीजा जी 7 दिन बास मेरी और पारी की शाद्दी होते hi वो मजबूर हो जायगा ,वैसे आप को hi अब ड्रग्स डीलिंग कम्पलीट करना है आज रात को हीरे आप के आदमी को मिल जायगे .
सोमेश न कहते हुए भी अपने सेल की बात मन लेता है पर उसे पता hi नहीं था की ,वो अपने लाइफ की सबसे बड़ी गलती करने वला है .
आज शदी को सिर्फ 6 दिन बचे थे िल्ल्यासी का कॉल आया आरव को भतीजे तूने जो बोलै था वो में कर दिया है पर 200कर लगे है अब वह ड्रग्स नहीं पर उसे मिलजुलता आइटम आएगा पर मई इतने ड्रग्स का करुंग क्या और सब से जरुरी रखूँगा कहा .
आरव – चाचा आप के रुसी फ्रेंड्स से बात करो और उसकी फार्मास्यूटिकल कंपनी को सारा ड्रग्स बेच दो आधे रेट पर .
िल्ल्यासी – बीटा ये इतना आसान नहीं होगा जैसे hi इतालियन को पता चलेगा वो पागल कुत्ते की तरह मेरे पीछे पद जायगे .
आरव – अब आप पेरशान no हो 4 दिन बाद इंडिया आने की तैयारी करे बाकि सब मुझ पर चूड दे .
डेविल- तू करने क्या छठा है ,इधर तूने इटालियंस का सारा मॉल चाचा के पास पंहुचा दिया है ,आखिर तेरा प्लान क्या है .
आरव – प्लान सिंपल है ,ओरिजिनल मॉल रुस्सियन माफिया के पास जायगा और इतालियन माफिया और रुस्सियन माफिया आपस में लड़ भिड़ेंगे और इस लड़ाई में काम से काम 4 साल के लिए इंडिया में शांति रहेगी और यहाँ रवि मेहता का मॉल लेने जब पूरा इंडियन कार्टेल जमा होगा उन्हें बिना वक़त दिए सब को मार ,रवि मेहता को सब से बड़ा गिफ्ट दूंगा मई ,और वैसे भी ड्रग डॉलिंग में मुझे मिलेगा 500कर के डायमंड्स.
डेविल – तू जितनी आसानी से प्लान बता रहा है ,अगर सब फाइनल होगया तो गंगा नाहा लूंगा मई .
आरव – टेंशन मत लो अब समय है बर्बादी का .
खबरि लाल का फ़ोन अत है और आरव को साडी इन्फो देता है और डेविल और आरव mrs,Disuza के साथ मिल एक ऐसी स्ट्राइक का प्लान करते है जिसे की साप भी मर जय और लाठी भी न टूटे, पर इन सब में कोई था जिसका दिमाग थोड़ा चल रहा था जिसके अंदर का गुस्सा शायद आरव का प्लान ख़राब कर सकता था ,पर अभी के लिए आरव निश्चित था उसे पता था वो क्या कर रहा है .
आज सुबह पारी पुरे 7दिन बाद अपने घर वापस आए उसने जिसे मैं रूम का दरवाजा खोला उसे आरव दिखा ज़मीन पर लेता हुआ उसके अगल बगल बुझे हुए सिगरेट बड्स और बेयर के खली चैने घर ऐसा लग रहा था जैसे बहुत दिनों से किसी ने झाड़ू भी नहीं मरी हो ,पारी ने जब थोड करीब जा के देखा तो आरव अपने साइन से पारी की और तेज की उसके साथ जुहू बीच पर ली हुई फोटो को सेने से लगा कर रखा हुआ था और आरव की आँखों के नीचे रोने के निशान थे ,पारी के दिल भरी होगया वो अपने बेटे के नजदीक गेय और बेटे को हिलाते हुए , ारु ारु बीटा क्या हल बना रखा है तूने अपना .
आरव ने आंखे खोली एक पल उसे लगा जैसे वो कोई सपना देख रहा हो पर जब उसने अपनी माँ के हाथो में हरी चुडिया और गलो पर हलकी हल्दी लगी देखि तो उसे सब समझ आगया वो एक डैम से नशे में उठा और अपनी माँ का हाथ जातक .
आरव- मिस पारी आप यहाँ क्या कर रही है ,क्या लेने आए है .
पारी- आरव तुम नशे में हो अभी ,उठो और नाहा कर फ्रेश हो कर आओ ,फिर बात करते है .
आरव – बात बात क्या करनी है आप को ,आप आज़ाद है मैडम यहाँ किसे मिलने ै है इस घर में अब कोई नहीं रहता यहाँ सिर्फ एक हस्ते खेलते परिवार की यदि है और एक लाश है मेरी ,और लाश बात नहीं करती .
पारी के दिल में एक गहरा ढाका लगा अपने बेटे के मुँह से उसके लिए लाश सुन कर ,पर उसने आखरी बार अपने बेटे से बात करने की कोशी करनी चाय उसे समझाना चाहा पर आरव तो जैसे कुछ समझना hi नहीं छह रहा था उसने उसे झटक कर अपने घर से बहार कर दिया और बोलै निकल जाओ घर से यहाँ आप का कोई काम नहीं है ,पारी और आरव खुद नहीं समझ रहे थे दोनों ऐसा क्यों कर रहे थे पर दोनों hi एक दुरसरे को कष्ट देरहे the(Iska जवाब स्टोरी एन्ड होने से पहले दूंगा मई )
पारी को समझ नहीं ारः था कैसे वो अपने बेटे को समझे अपनी परिस्थिति और बेटे को नहीं समझ आरहा था वो कैसे अपना पक्ष रखे पर बोलते है है होनी को कोई नहीं रोक सकता .
आज पारी की शाद्दी का दिन था शाम को 6 बजे का मुहर्त निकला था पारी का शाद्दी का रवि ने पुरे शर को इन्विते किया था अपने फार्महाउस पर इस शाद्दी के लिए .
सुबह के 6 बजे थे आरव कल रात से ओल्ड मोंक जो की उसके डैड की फवौरीते रम थी उसकी पूरी बोतल खली कर चूका था तभी घर का दरवाजा खुला और कुछ लोग अंदर आए .
आकृति- भाई क्या हल बना रखा अपना .
आरव ने एक नज़र उठा के देखा और फिर अपनी गार्डन जुखा कर ाकु दी आज आपका भाई अनाथ होगया है ,अपने साइन पर हाथ रख आरव बोलै दी यहाँ आज बहुत दर्द हो रहा है ,जैसे कुछ छूट गया है बहुत इम्पोर्टेन्ट .
आकृति ने अपने भाई के मुँह से जब सुना तो वो भी अपनी आंसू नहीं रोक पाई और गुस्से में बोली सब को मार दूंगी रवि मेहता पारी चची पुरे मेहता परिवार को ख़तम कर दूंगी बेतु ,तू रुक और गुस्से में आकृति घर से बहार निकलने लगी .
No दी
इस एक आवाज ने उसे रूक दिया ये शब्द आरव के थे ,वो सोफे का सहारा लेकर खड़ा हुआ और बोलै दी आप ऐसा कुछ नहीं करोगी .
आरव ने बाकि सब को भी अपने पास बुलाया और सब को बोलै जो हो रहा है होने दो ककी कुछ नहीं करेगा .
आरव – दी सब को लेकर वह जाओ आज उनकी शाद्दी है ,आप सब को वह जाना चाइये ,और आप मेरे कॉल का वेट करना .
आकृति – कोई कही नहीं जायगा ,करने दो उनको अपने मन की .
आरव- दी वो थी तो मई था अगर वो न होती तो मई नहीं होता आप सब को लेजाओ .
बहुत मनाए के बाद आकृति और बाकि के लोग निकल गेय पारी की शादी के फंक्शन के लिए .
उन सब के जाने के बाद अब वह कोई एक ऐसा आया जिसे देखते hi आरव के चेरे पर मुस्कान अपने आप आगे और वो ककी नहीं थी पीहू ,आरव की जान और डेविल की बेहेन थी .
पिहज- मुझे कहा ले जराहारे हो .
आरव- एक शैतान का अंत आज होना है और उसका अंत तेरे हाथो होगा .
पीहू- कोण शैतान और किसका अंत .
आरव- तुम्हे पता है तुम्हारे माँ बाप का एक्सीडेंट नहीं हुआ था ,उन्हें प्लान कर के मारा गया था ,आज उस सैतान का अंत मई टेरर हाथो करवाऊंगा ( आरव केखबरी ने ये खबर आरव को दी थी की पीहू के माँ डैड की डेथ में सोमेश का हाथ है और इसलिए ,आरव ने उसको पीहू के सामने मरने का प्लान बना लिया था )
दोपहर के 12 बज रहे थे मुंबई में बारिश का अनुसार था एक वह टाइप की जगह थी सिटी से बहार वह पर करीब 200 से ज्यादा लोग थे पर वो सब किसी का इंतज़ार कर रहे थे ,अचानक से एक ट्रक उन सब मि तरफ आया और उसके आगे पीछे करीब 2-3 गाड़िया और थी और उन सब में करीब 25-30 आदमी उतरे और ट्रक से ड्राइवर साइड एक आदमी उतरा और ये आदमी और कोई नहीं सोमेश था वो अपनक अकड़ में उतर सब से देरी के लिए माफ़ी मांगी और सब को एक लाइन में लगने को बोलै .
कही दूर से ये सब आरव अपने मोबाइल में ये सब देख रह था उसने अपने एअर पैसा से बोलै ये जो आदमी लुंगी और कुर्ते में है इसे चूड सब को उदा दो ात थे काउंट ऑफ़ 3
1
2
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और फिर एक साथ जगह से स्निपर्स ने एआईएम लिया हुआ था उन सब ने अचानक से गोली चलना शुरू कर दिया वह वह में किसी को कुछ समझ अत थोड़ी देर में असूल रिफ्फ्ले से भी गोलिया चलने लगी किसी को सँभालने का मौका hi नहीं मिला और मात्र 15 मं पूरा का पूरा ड्रग कार्टेल तबाह हो चूका था और सोमेश दर के मरे अपने hi ट्रक के नीचे छुपा हुआ था, उसे समझ आगया था आज उसका अंतिम दिन है .
पर उसे ये नहीं पता था की आच्चंक से हुआ क्या ,वो अपने सेल को कॉल करने का सोचता है पर तभी उसे एक बुलेट की आवाज अति है वो धरिसे ट्रक के नीचे से झुक कर देखता है तो आरव और पीहू को देखता है और उसे सब समझ आजाता है .
सोमेश अपने आप से साला ये बाला क्या है इतने सरे लोगो को कैसे उसे तो विश्वास hi नहीं हो रहा था .
MR.Disuza- आरव तुम यहाँ क्यों आए .
आरव- चिल अंकल टेंशन नॉट और वो उन्हें साडी कड़ी गाड़ियों से पैसे निकलने का बोल देता है ,क्यों की यहाँ कॅश ों डिलीवरी होनी थी तो जैसा आरव ने प्लान किया था काम से काम 700कर कॅश यहाँ होना चाइये था .
उसने सोमेश को ट्रक से निकलने का आर्डर किया और खुद पीहू के लेकर वही एक गाड़ी के बनते पर बैठ गया .
सोमेश को 4 लोग पकड़ कर खड़े थे और उसकी , अछि कशी खातिर दरी हो चुकी थी.
आरव- देख लिया शेर का कलिज़ा सोमेश बाबू .
सोमेश- ी लड़के मुझे जाने दे वर्ण अच्छा नहीं होगा तेरे लिए .
आरव- अरे रे तुझव तो गुसा आगया, इसे पहचानता है ये कोण है (यहाँ आरव ने पीहू को ागव कर दिया)
सोमेश -ये तो तेरी मंगेतर है न .
आरव- इस लड़की का पूरा नाम पीहू शर्मा है कुछ याद आया ,(अब सोमेश अपने दिमाग पर जोर डालता है तो उसे याद अत है की कैसे उसने पीहू के बाप का और माँ का कार एक्सीडेंट करवाया था और ,यही से उसको समझ आजाता है आज उसकी लाइफ का एन्ड है )
आरव- पीहू इस कमीने के साथ क्या करना है इसका फैसला मई तुम पर छोड़ता हु ,बास इतना बता देता हु की ये सिर्फ तुम्हारे माँ डैड नहीं बहुत से ीमेंदर गोवत अफसर का खुनी है .
पीहू- जान इसे जान से मार दो .
पीहू के शब्दों ने सोमेश की बची कृषि हिम्मत को भी तोड़ दिया .
आरव सोमेश के पास गया और अपना डैगर निकल पहले उसने सोमेश के हाथ की उंगलियों को कटा फिर पेअर की उंगलियों को और जब आरव ये कर रहा था उसके चेरे पर कोई एक्सप्रेशन नहज था पर ,सोमेश की हालत ख़राब हो रही थी वो चीखते छीकते बेहोश हो जाता ,तो आरव उअके जख्मो पर नमक दाल कर उसे होश में लता अब सोमेश बास मौत की बीख मव रहा था अंत में आरव ने सोमेश की बॉडी में अनगिनत कट्स मरे पर उसे मारा नहीं उसे वही पर तड़पने के लिए चूड दिया .
अभी आरव और पीहू वह से निकलने hi वाले थे वह पर 8 ब्लैक स्कार्पियो आकर रुकी ये देख कर Mr.Disuza आरव के सामने अपने आदमियों के साथ अपने गार्ड ऊपर कर के खड़े होगी पर आरव ने उन्हें रोका और खुद आगे जाते हुए खड़ा हुआ और गेट ओपन हुए और पहली स्कार्पियो से जो बहार निकला उसे देख वह खड़े हर साक्ष के चेरे पर चिंता की लकीरे आगे पर आरव मुसकजरा रहा था क्यों की सामने और कोई नहीं ुंडेरवोल्ड दुनिया का बेताज बादशा िल्ल्यासी खड़ा था .
िल्ल्यासी – आरव मेरे बेटे कैसा है तू.
आरव- चाचा कह कर िल्ल्यासी के गले लगा गया ,आरव को आज ये लगा की जैसे वो अपने डैड के गले लगा है .
िल्ल्यासी- बीटा बहु साथ में कड़ी है ऐसे रोएगा तो क्या सोचे गई ,शांत हो जा मेरे बच्चे शांत होजा .
आरव – चाचा ी ऍम सॉरी वो डायमंड्स वाली डील पहले होगी इस लिए मेरी वजह से आप को लोस्स हुआ .
िल्ल्यासी – कोई बात नहीं पर तूने मुझे यहाँ क्यों बुलाया है .
आरव- चाचा यहाँ पर डील होनी थी तो सब को मार कर साडी रकम जमा होगी है ,टोटल 700कर प्लस है 200सरस mr.disuza एंड टीम के बाकि आप अपने साथ लेजय एंड ी विल लेट यू क्नोव की क्या करना हज और अभी के लिए मुझे आप की एक हेल्प चाइये .
िल्ल्यासी – देख तेरे को आज रात की फ्लाइट से जाना है तेरे साथ बहु भी जायगे मेरे साथ मई तेरा इंतज़ार करूँगा और ये सरे लोग और गाड़ी मई तेरे लिए लाया हु .
आरव- आप की सिक्योरिटी का क्या इंडियन एजेंसी एक्टिव होगी आप बिना सिक्योरिटी के कैसे .
िल्ल्यासी – ये मुंबई मेरी माशूका है और मुझे यहाँ मेरी मर्जी के बिना कोई छू भी नहीं सकता तू जा अपना काम ख़तम कर कर जल्दी मिलना .
आरव Mr.Disuza की तरफ मुदा और उनके पेअर छू अंकल अगर ज़िंदा रहा तो लाइफ में आप का ये एहसान जरूर चूका दूंगा .
डिसूज़ा – बीटा ये तो मेरा कुश किस्मत है की मुझे तेरी मदद करने का मौका मिला पर अभी इन सब का वक़त नहीं है तू जा जल्दी .
आरव वह से पीहू को लेकर सीधा निकल जाता है रवि मेहता के फार्महाउस की तरफ .
यहाँ रवि मेहता अपने सभज आदमियों को और अपने जीजा को कॉल कर रहा होता है पर कोई उसका कॉल का रेस्पोंद hi नहीं कर रह था ,और किसी गलत के अंदेशे से रवि की हार्ट बीट बढ़ी हुई होती है ,पर आज उसकी शाद्दी थी तो वो किसी को कुछ भी एहसास नहीं होने देता है .
थोड़ी देर में पारी को लेकर रवि की बेहेन और अर्चना मंडप में लेकर आजाती है .
पारी को देख वह सब के दिल में जलन होने लगती है आज सच में पारी बहुत खूबसूरत लग रही होती है .
पारी- अर्चना वो अभी तक नहीं आया .
अर्चना – पारी मेने बोलै था पर तूने सुना नहीं खेर विनाश काळा विपरीत बुद्धि .
पारी कक अर्चना के शब्दों से बुरा लगा पर उसके कानो में कल के आरव के वर्ड्स गूंज रहे थे .
पारी और रवि मेहता दोनों मंडप में बैठे hi थे वह पर 8-9 ब्लैक स्कार्पियो का काफिला आया जो गेट तोड़ कर सिदा मेहमानो के बेच से होते हुए सीधा मंडप के पास आकर रुका पहले पीछे की गाड़ियों से 50 आदमी बन्दूक लिए उतरे और फिर उनमे से एक आदमी ने पह्की स्कॉर्पिओ का गेट खोला तो पहले निकली पीहू और दूसरी तरफ से निकला अपन हीरो आरव तेज प्रताप .
आरव की एंट्री देख वह सब हैरान थे पर कुछ लड़किया तो आरव की एंट्री पर फ्लैट होगी थी ,पर सभी अपनी इमेजिनेशन में खोए हुए थे आरव ने 2 राउंड अपनी रिवाल्वर से हवा में फायर किये और गन को रवि मेहता कज तरफ तान दिया .
अब सन बदल चूका था रवि मेहता को तो लोग आज वो गया पर आरव ने एक मुस्कान अपनी माँ को दी और फिर एक चुटकी बजे तो स्कॉर्पियो का फ़्रंट गेट खुला और बहार निकले अधिवक्ता mr.patil.
पाटिल- मिस पारी आप ये शादी नहीं कर सकती .
वह पर बैठे हर साक्ष ये सुन ाकहाँक से अपनी जगह से खड़ा होगया ,और शामे हल पारी और रवि का भी होगया .
पारी- क्यों mr.patil मई बालिग हु और मुझे अपने अधिकार पता है .
Mr.patil- अच्छा है आप को अपने अधिकार पता है ,पर मेरे क्लाइंट को ऑब्जेक्शन है और उनके अनुआर आप को अगर ये शाद्दी शांति ऐ करनी है तो आपको उनकी फॅमिली से मिली साडी प्रोपेर्ट और पैसा जो Mr.Tej प्रताप सींग की मौत के बाद जो पैसा डिपार्टमेंट से मिला है वो आप मेरे क्लाइंट को वापस कर दे और आप अपनज लाइफ स्टार्ट कर सकती है .
अब यहाँ ये बाटे सुन सब शांत हो जाते है पारी को एक और झटका लगता है पर उसे विश्वास नहीं होता आरव कुछ ऐसा करेगा ,वैसे भी पारी सब कुछ आरव को देनी hi वाली थी ,पर इस तरह से सब के सामने आरव ऐसा कैसे कर सकता है .
पारी- आप के क्लाइंट कोण है .
पति- मेरे क्लाइंट मर. डेविल का कहना है की ये साडी प्रॉपर्टी और पैसा आप Mr.aarav के नाम ट्रांसफर कर दे और फिर आप कुछ भी कर ( डेविल यहाँ आरव को सामने नहीं लाना छठा था )
डेविल स्कार्पियो के बॉंटे पर बैठ पारी कक घूरता है क्र बोलता हज तुझे तो मार देना छठा हु पर मार दिया तो ये तेरे लिए आसान मौत होगी और ये मई नहीं छठा जल्दी से सरे डॉक्यूमेंट सिग्न करो और अपनी लाइफ एन्जॉय करो अपने बेटे क्व बिना.
पारी गुस्से में डेविल के पास अति है और गुस्से में पाटिल से सरे डॉक्मेंट्स लेती है और सिग्न करने लगती है.
तभी इन सब के बीच आरव बोलता है तू सच में माँ कहलाने के लायक नहीं रही ,और फिर पाटिल से एक और डॉक्युमेंट आगे करने का बोलता है और बोलता है मुझे नहीं लगा था अपनी हवस में यत्नज अंधी हो जाओगी की अपने बेटे को भी चूड दो गई मिस पारी .
अब पारी के हाथ रुक जाते है और वो आरव को देखती है और उसे समझ आजाता है की आरव को सब पता है .
आरव उसके सामने दीसों वाले डॉक्मेंट आगे करते हुए बोलता है ,अपनी हवस में तूने बेटे को नींद की दवा देकर जो उस रात किया था मुझे सब पता है ,पर तू इतना गिर जयगी ये नहीं पता था ,इस डौकंनेट पर सिग्न करो और आज से तेरा मेरा खोज रिश्ता नहीं तुझे सही रस्ते पर लाना छठा था पर अब जो राष्ट तूने चुना है उसमे तू अकेली चलेगी और भुगते गई ,तेरी ज़िन्दगी कक नरक नहीं बना दिया तो तेज प्रताप सिंह का बीटा नहीं .
पारी को अब सब समझ आरहा था उसे सब क्लियर दिख रहा था और अब वो कुछ नहीं कर सकती थी उसे पता था की आरव कितना ज़िद्दी है .
आरव वह सीधा बढ़ा और रवि मेहता के पास आकर उसके कान के पास जा कर बोलै “तुझे लग रहा होगा तू जीत गया ,पर तुझे एक बात बता दू तेरा एक्सीडेंट मेने करवाया था पर तुझे मरने के लिए nahi,tune अपने लैंड के भोर्शे मेरी माँ चीनी है मुझसे और मेने तेरी मर्दानगी ,खेर चूड वैसे तेरा जीजा नहीं दिख रहा ,शाद्दी जल्दी कर ले क्यों कज कल तुझे बहुत कुछ झेलना है ,तेरी बर्बादी की शुरवात हो चुकी है रवि मेहता ”
इतना कह कर आरव आकृति की तरफ देखता है और आकृति सब को वह से चलने का बोलदेति हज और गाड़ी दौड़ पड़ती है एयरपोर्ट की तरफ, के पीछे चूड जाती है बहुत से सवाल रवि और पारी के लिए .
एयरपोर्ट पर पहले से िलक्यासी के आदमी आरव का और पीहू का सामान लेकर खड़े होते हक़ क्यों की आज जो कांड हुआ है उसके बाद आरव का इंडिया में रहना अभी के लिए सही नहीं था और आरव वह से सब से विदा लेता है और वापसी का वडा कर निकक जाता है अपने अगले मुकाम की तरफ .
( आज से फ़्लैश बैक का अंत होता है)
आरव पीहू की बहो में सू गया ,उसे तो जैसे कोई बोध hi नहीं था ,
पीहू पूरी रात आरव के सर को अपनी गोद में रखे उसके बालो को सहलाती rahi,Wahi ाकु पूरी रात अपने भाई के पैरो को दबती रही ,रूम में लकी और हिमानी भी थी पर कोई किसी से कुछ नहीं बोल रहा था कमरे में बास घड़ी की टिक टिक की आवाज आरही थी ऐसे hi सब सो गेय ,पर यहाँ आरव के दिल और दिमाग में एक तूफान उठा हुआ था ,अचानक से सुबह 4 बजे आरव की आंख खुली उसने रूम में देखा पीहू बैठे बैठे सू रही है ,उसने उसे बिस्तर पर लिटाया और रूम से बहार निकल घर की चाट पर गया वह उसने सिगरेट निकली और जला कर अपने मन में (भाई कल क्या हुआ )
डेविल- कुछ काश नहीं तूने अपना अप्पा खो कर माँ पर 5 राउंड फायर कर दिए ,पर तेरे अंदर के इमोशन के कारन सरे निशाने खली गेय और उसने 8 दिन बाद अपनी शाद्दी का एलन कर दिया है .
आरव- ट्रांसफर आल मेमोरी ऑफ़ लास्ट 2 मंथ .
डेविल- तू रहने दे मई देख लूंगा .
आरव – नहीं इस बार अकेले कुछ नहीं ,हम दोनों .
डेविल ने ठंडी साँस ली और फिर वो जो भी प्लान कर रहा है और जो भी टायरिन्कार के राखी है सब आरव को बता चला गया ,
थोड़ी देर बाद .
आरव- ठीक है .
रवि मेहता को अब उसकी लाइफ का सबसे बड़ा तोहफा और झटका देने का समय आगया है .
ऐसे hi आरव वही जमीन पर बैठ मैडिटेशन करने लगा और अपने डिस्टर्बेद इमोशनल मंद को शांत करने लगा .
थोड़ी देर बाद आरव डेविल से मरस. डिसूजा से कल मिलना था मीटिंग रअर्रंगे करो और खबरि को बोलो ड्रग्स जहा आना है वह की साडी डिटेल्स निकलने को बोलो एंट्री एंड एग्जिट , दुबई कॉल करो और रूट प्लान पता करो ड्रग्स का बी रोड तो नहीं आने वाला इतना ड्रग्स .
डेविल- आराम से आश्रम से एक साथ इतना .
आरव- अगर तू मुझे पहले बता देता तो अब तक बहुत कुछ कर चूका होता.
डेविल- प्लान क्या है तेरा करना क्या छठा है .
आरव- देखता जा और वो दुबई फ़ोन कर देता है .
िल्ल्यासी के सटेलिते फ़ोन पर कॉल गया इतनी सुबह तो वो दांग रह गया उसने जल्दी से मोबाइल उठाया और बोलै डेविल सब ठीक इतनी सुबह .
आरव – चाचा जान डेविल नहीं आप का आरव हु.
िल्ल्यासी – बीटा तू ठीक तो है .
आरव – चाचा मुझे आप की मदद चाइये ,इटालिन फ़ूड का से रूट पता करे ,जहा तक मुझे पता है अभी शिप ने तुर्किश वाटर क्रॉस नहीं किया होगा ,इतालियन फ़ूड को हम रस्ते में डूबा कर नकली सामान इंडिया वालो को भेज देंगे .
िल्ल्यासी- रुक रुक बीटा ,ये इतना आसान नहीं है , इसमें बहुत पैसा इन्वॉल्व होगा .
आरव – चाचा 200कर इस ok पाइरेट्स से बात करो वैसे भी बहुत से पाइरेट्स इन इतालियन फ़ूड के अगेंस्ट है अपने रुसी बहियो को कॉल करो मुझे नहीं पता पर मुझे जो चाइये वो चाइये .
िल्लाये अपने बाल नोचते हुए तुम कहते क्या हो क्लियर बताओ एक काम करो अब्बास मेरे आदमी तुमसे मिलेगा तुम्हारे घर में 3 घंटे बाद उसे क्लियर समझाओ तब तक मई पता करता हु और कॉल कट होता है .
डेविल – तू छठा क्या है और ये 200 कर कहा से ैंगे .
आरव – सबर कर और देख, इतालियन फ़ूड को इंडियन मार्किट में तो नहीं आने दूंगा मई .
आरव नीचे जाकर आकृति को उठता है और उसे रेडी होने को बोल वाशरूम चला जाता है .
थोड़ी देर बाद पीहू को उठा उसे घर भेज खुद बिना किसी को कुछ बोले आकृति को लेकर घर चला जाता है .
आकृति – आरव क्या हुआ है
आरव – दी इस बार जून मैंने में दिवाली होने वाली है ,क्या आप मेरे साथ हो और वो सारा प्लान ाकु को समझा देता है .
अक्कू – ारु इसमें बहुत खतरा है ,तू इन्फो नारकोटिक्स को क्यों नहीं पास कर देता, तू चुप चाप जर्मनी जा अपनी आगे की लाइफ देख .
आरव – डैड ने एक बार इन इतालियन माफिया को खदेड़ दिया था और आप को क्या लगता है ,नारकोटिक्स को इन्फो नहीं होगी साला पूरा सिस्टम बिका हुआ है ,दी मुझ पर विस्वास रखो न मुझे कुछ होगा न ये जेहेर की मंडी मुंबई में लगने दूंगा मई .
तभी वह पर िल्ल्यासी का आदमी आजाता है और उसे और ाकु को सारा प्लान बता ,आरव वह से निकल जाता है अपनी अगली मीटिंग की तरफ.
मरस. डिसूज़ा चर्च में आरव का वेट कर रही होती है .
आरव उनके पास पहुँच उनके पेअर छूटा है और अपना परिचय देता है .
Mrs.Disuza – तुम सच में तेज भाईसहाब के बेटे हो ,तुम्हारे संस्कार बहुत अच्छे है बीटा और तुम्हारा मसकसद में मई तुम्हारे साथ हु बताओ क्या करना है मुझे .
आरव उन्हें डिटेल में अपना प्लान बताता ता है और ये बता देता है की वेन्यू और डेट 48 हॉर्स पहले वो बटेगा .पर उसे मिनीमू 10 स्नाइपर और 20 असूल रिफिल के साथ 30 लोग चाइये .
डिसूज़ा- पूरी मुंबई को उड़ाना है क्या.
आरव- नहीं पुरे इंडिया के ड्रग कार्टेल को एक बार में ख़तम करना है .
आरव वह से निकल सीधा अपने खबरि से मिलने चला जाता है और दूसरी तरफ पारी अपने ऑफिस में अपने केबिन में कल की हुई घटना के बारे में सोच सोच कर पागल हो रही थी ,उसे विश्वास hi नहीं हो रहा था की उसका खुद का बीटा ऐसा कुछ कर सकता है ,और सोच सोच कर उअका दिमाग फटा जा रहा था तभी अर्चना चची उसके ऑफिस में एंटर करती है .
अर्चना – पारी ये तूने क्या कर दिया ,मैंने तुम्हे मन किया था , देख तेरे कारन आरव आज घर से निकल गया बिना किसी से बात किये और मुझे लग रहा है वो इन सब में मुझे भी गलत समझ रहा है .
पारी- तूने नहीं देखा अर्चना जिस बेटे को 9 महीने गर्भ में रखा जिसे अपना दूध पीला कर इतना सक्षम बनाया उसने एक पल नहीं लगाया मुझ पर गोली चलने से , उसके हाथ नहीं कप .
अर्चना – पारी दुश्मन होते नहीं है हम खुद बनाते है और तूने तो अपने बेटे को hi अपना दुश्मन बना लिया है , अब पता नहीं वो कितनी तबाही मचाएगा ,मेरी बात मान अपना फैसला वापस लेले ,वर्ण अपनी बर्बादी की ज़िम्मेदार तू खिड़ होगी बाकि तेरी मर्जी .
इतना बोल अर्चना जिस स्पीड से आए थी उतनी hi स्पीड से वह से वापस चली गई .
यहाँ पारी अभी तक अर्चना की बातो में उलझी थी वह रवि मेहता अपने जीजा और बेहेन के साथ बैठा था .
सोमेश- सेल साहब एक बार फिर सोच लो ,ये लड़का कोई आम लड़का नहीं है ,उसका गुस्सा बहुत खतरनाक है .
रवि -जीजा जी आप कब से डरने लगे .
सोमेश – दर होना अच्छी चीज़ है जो आदमी डरता नहीं है वो कब मर जाता है पता hi नहीं चलता और ये लड़का अलग है जैसे इसने अपनी माँ पर गोली चली उसे ये तो समझ आगया है इसके पास अब खोने के लिए कुछ नहीं है ,और जिसके पास खोने को कुछ नहीं होता वो सब से खतरनाक होता है .
रवि – जीजा जी 7 दिन बास मेरी और पारी की शाद्दी होते hi वो मजबूर हो जायगा ,वैसे आप को hi अब ड्रग्स डीलिंग कम्पलीट करना है आज रात को हीरे आप के आदमी को मिल जायगे .
सोमेश न कहते हुए भी अपने सेल की बात मन लेता है पर उसे पता hi नहीं था की ,वो अपने लाइफ की सबसे बड़ी गलती करने वला है .
आज शदी को सिर्फ 6 दिन बचे थे िल्ल्यासी का कॉल आया आरव को भतीजे तूने जो बोलै था वो में कर दिया है पर 200कर लगे है अब वह ड्रग्स नहीं पर उसे मिलजुलता आइटम आएगा पर मई इतने ड्रग्स का करुंग क्या और सब से जरुरी रखूँगा कहा .
आरव – चाचा आप के रुसी फ्रेंड्स से बात करो और उसकी फार्मास्यूटिकल कंपनी को सारा ड्रग्स बेच दो आधे रेट पर .
िल्ल्यासी – बीटा ये इतना आसान नहीं होगा जैसे hi इतालियन को पता चलेगा वो पागल कुत्ते की तरह मेरे पीछे पद जायगे .
आरव – अब आप पेरशान no हो 4 दिन बाद इंडिया आने की तैयारी करे बाकि सब मुझ पर चूड दे .
डेविल- तू करने क्या छठा है ,इधर तूने इटालियंस का सारा मॉल चाचा के पास पंहुचा दिया है ,आखिर तेरा प्लान क्या है .
आरव – प्लान सिंपल है ,ओरिजिनल मॉल रुस्सियन माफिया के पास जायगा और इतालियन माफिया और रुस्सियन माफिया आपस में लड़ भिड़ेंगे और इस लड़ाई में काम से काम 4 साल के लिए इंडिया में शांति रहेगी और यहाँ रवि मेहता का मॉल लेने जब पूरा इंडियन कार्टेल जमा होगा उन्हें बिना वक़त दिए सब को मार ,रवि मेहता को सब से बड़ा गिफ्ट दूंगा मई ,और वैसे भी ड्रग डॉलिंग में मुझे मिलेगा 500कर के डायमंड्स.
डेविल – तू जितनी आसानी से प्लान बता रहा है ,अगर सब फाइनल होगया तो गंगा नाहा लूंगा मई .
आरव – टेंशन मत लो अब समय है बर्बादी का .
खबरि लाल का फ़ोन अत है और आरव को साडी इन्फो देता है और डेविल और आरव mrs,Disuza के साथ मिल एक ऐसी स्ट्राइक का प्लान करते है जिसे की साप भी मर जय और लाठी भी न टूटे, पर इन सब में कोई था जिसका दिमाग थोड़ा चल रहा था जिसके अंदर का गुस्सा शायद आरव का प्लान ख़राब कर सकता था ,पर अभी के लिए आरव निश्चित था उसे पता था वो क्या कर रहा है .
आज सुबह पारी पुरे 7दिन बाद अपने घर वापस आए उसने जिसे मैं रूम का दरवाजा खोला उसे आरव दिखा ज़मीन पर लेता हुआ उसके अगल बगल बुझे हुए सिगरेट बड्स और बेयर के खली चैने घर ऐसा लग रहा था जैसे बहुत दिनों से किसी ने झाड़ू भी नहीं मरी हो ,पारी ने जब थोड करीब जा के देखा तो आरव अपने साइन से पारी की और तेज की उसके साथ जुहू बीच पर ली हुई फोटो को सेने से लगा कर रखा हुआ था और आरव की आँखों के नीचे रोने के निशान थे ,पारी के दिल भरी होगया वो अपने बेटे के नजदीक गेय और बेटे को हिलाते हुए , ारु ारु बीटा क्या हल बना रखा है तूने अपना .
आरव ने आंखे खोली एक पल उसे लगा जैसे वो कोई सपना देख रहा हो पर जब उसने अपनी माँ के हाथो में हरी चुडिया और गलो पर हलकी हल्दी लगी देखि तो उसे सब समझ आगया वो एक डैम से नशे में उठा और अपनी माँ का हाथ जातक .
आरव- मिस पारी आप यहाँ क्या कर रही है ,क्या लेने आए है .
पारी- आरव तुम नशे में हो अभी ,उठो और नाहा कर फ्रेश हो कर आओ ,फिर बात करते है .
आरव – बात बात क्या करनी है आप को ,आप आज़ाद है मैडम यहाँ किसे मिलने ै है इस घर में अब कोई नहीं रहता यहाँ सिर्फ एक हस्ते खेलते परिवार की यदि है और एक लाश है मेरी ,और लाश बात नहीं करती .
पारी के दिल में एक गहरा ढाका लगा अपने बेटे के मुँह से उसके लिए लाश सुन कर ,पर उसने आखरी बार अपने बेटे से बात करने की कोशी करनी चाय उसे समझाना चाहा पर आरव तो जैसे कुछ समझना hi नहीं छह रहा था उसने उसे झटक कर अपने घर से बहार कर दिया और बोलै निकल जाओ घर से यहाँ आप का कोई काम नहीं है ,पारी और आरव खुद नहीं समझ रहे थे दोनों ऐसा क्यों कर रहे थे पर दोनों hi एक दुरसरे को कष्ट देरहे the(Iska जवाब स्टोरी एन्ड होने से पहले दूंगा मई )
पारी को समझ नहीं ारः था कैसे वो अपने बेटे को समझे अपनी परिस्थिति और बेटे को नहीं समझ आरहा था वो कैसे अपना पक्ष रखे पर बोलते है है होनी को कोई नहीं रोक सकता .
आज पारी की शाद्दी का दिन था शाम को 6 बजे का मुहर्त निकला था पारी का शाद्दी का रवि ने पुरे शर को इन्विते किया था अपने फार्महाउस पर इस शाद्दी के लिए .
सुबह के 6 बजे थे आरव कल रात से ओल्ड मोंक जो की उसके डैड की फवौरीते रम थी उसकी पूरी बोतल खली कर चूका था तभी घर का दरवाजा खुला और कुछ लोग अंदर आए .
आकृति- भाई क्या हल बना रखा अपना .
आरव ने एक नज़र उठा के देखा और फिर अपनी गार्डन जुखा कर ाकु दी आज आपका भाई अनाथ होगया है ,अपने साइन पर हाथ रख आरव बोलै दी यहाँ आज बहुत दर्द हो रहा है ,जैसे कुछ छूट गया है बहुत इम्पोर्टेन्ट .
आकृति ने अपने भाई के मुँह से जब सुना तो वो भी अपनी आंसू नहीं रोक पाई और गुस्से में बोली सब को मार दूंगी रवि मेहता पारी चची पुरे मेहता परिवार को ख़तम कर दूंगी बेतु ,तू रुक और गुस्से में आकृति घर से बहार निकलने लगी .
No दी
इस एक आवाज ने उसे रूक दिया ये शब्द आरव के थे ,वो सोफे का सहारा लेकर खड़ा हुआ और बोलै दी आप ऐसा कुछ नहीं करोगी .
आरव ने बाकि सब को भी अपने पास बुलाया और सब को बोलै जो हो रहा है होने दो ककी कुछ नहीं करेगा .
आरव – दी सब को लेकर वह जाओ आज उनकी शाद्दी है ,आप सब को वह जाना चाइये ,और आप मेरे कॉल का वेट करना .
आकृति – कोई कही नहीं जायगा ,करने दो उनको अपने मन की .
आरव- दी वो थी तो मई था अगर वो न होती तो मई नहीं होता आप सब को लेजाओ .
बहुत मनाए के बाद आकृति और बाकि के लोग निकल गेय पारी की शादी के फंक्शन के लिए .
उन सब के जाने के बाद अब वह कोई एक ऐसा आया जिसे देखते hi आरव के चेरे पर मुस्कान अपने आप आगे और वो ककी नहीं थी पीहू ,आरव की जान और डेविल की बेहेन थी .
पिहज- मुझे कहा ले जराहारे हो .
आरव- एक शैतान का अंत आज होना है और उसका अंत तेरे हाथो होगा .
पीहू- कोण शैतान और किसका अंत .
आरव- तुम्हे पता है तुम्हारे माँ बाप का एक्सीडेंट नहीं हुआ था ,उन्हें प्लान कर के मारा गया था ,आज उस सैतान का अंत मई टेरर हाथो करवाऊंगा ( आरव केखबरी ने ये खबर आरव को दी थी की पीहू के माँ डैड की डेथ में सोमेश का हाथ है और इसलिए ,आरव ने उसको पीहू के सामने मरने का प्लान बना लिया था )
दोपहर के 12 बज रहे थे मुंबई में बारिश का अनुसार था एक वह टाइप की जगह थी सिटी से बहार वह पर करीब 200 से ज्यादा लोग थे पर वो सब किसी का इंतज़ार कर रहे थे ,अचानक से एक ट्रक उन सब मि तरफ आया और उसके आगे पीछे करीब 2-3 गाड़िया और थी और उन सब में करीब 25-30 आदमी उतरे और ट्रक से ड्राइवर साइड एक आदमी उतरा और ये आदमी और कोई नहीं सोमेश था वो अपनक अकड़ में उतर सब से देरी के लिए माफ़ी मांगी और सब को एक लाइन में लगने को बोलै .
कही दूर से ये सब आरव अपने मोबाइल में ये सब देख रह था उसने अपने एअर पैसा से बोलै ये जो आदमी लुंगी और कुर्ते में है इसे चूड सब को उदा दो ात थे काउंट ऑफ़ 3
1
2
3
और फिर एक साथ जगह से स्निपर्स ने एआईएम लिया हुआ था उन सब ने अचानक से गोली चलना शुरू कर दिया वह वह में किसी को कुछ समझ अत थोड़ी देर में असूल रिफ्फ्ले से भी गोलिया चलने लगी किसी को सँभालने का मौका hi नहीं मिला और मात्र 15 मं पूरा का पूरा ड्रग कार्टेल तबाह हो चूका था और सोमेश दर के मरे अपने hi ट्रक के नीचे छुपा हुआ था, उसे समझ आगया था आज उसका अंतिम दिन है .
पर उसे ये नहीं पता था की आच्चंक से हुआ क्या ,वो अपने सेल को कॉल करने का सोचता है पर तभी उसे एक बुलेट की आवाज अति है वो धरिसे ट्रक के नीचे से झुक कर देखता है तो आरव और पीहू को देखता है और उसे सब समझ आजाता है .
सोमेश अपने आप से साला ये बाला क्या है इतने सरे लोगो को कैसे उसे तो विश्वास hi नहीं हो रहा था .
MR.Disuza- आरव तुम यहाँ क्यों आए .
आरव- चिल अंकल टेंशन नॉट और वो उन्हें साडी कड़ी गाड़ियों से पैसे निकलने का बोल देता है ,क्यों की यहाँ कॅश ों डिलीवरी होनी थी तो जैसा आरव ने प्लान किया था काम से काम 700कर कॅश यहाँ होना चाइये था .
उसने सोमेश को ट्रक से निकलने का आर्डर किया और खुद पीहू के लेकर वही एक गाड़ी के बनते पर बैठ गया .
सोमेश को 4 लोग पकड़ कर खड़े थे और उसकी , अछि कशी खातिर दरी हो चुकी थी.
आरव- देख लिया शेर का कलिज़ा सोमेश बाबू .
सोमेश- ी लड़के मुझे जाने दे वर्ण अच्छा नहीं होगा तेरे लिए .
आरव- अरे रे तुझव तो गुसा आगया, इसे पहचानता है ये कोण है (यहाँ आरव ने पीहू को ागव कर दिया)
सोमेश -ये तो तेरी मंगेतर है न .
आरव- इस लड़की का पूरा नाम पीहू शर्मा है कुछ याद आया ,(अब सोमेश अपने दिमाग पर जोर डालता है तो उसे याद अत है की कैसे उसने पीहू के बाप का और माँ का कार एक्सीडेंट करवाया था और ,यही से उसको समझ आजाता है आज उसकी लाइफ का एन्ड है )
आरव- पीहू इस कमीने के साथ क्या करना है इसका फैसला मई तुम पर छोड़ता हु ,बास इतना बता देता हु की ये सिर्फ तुम्हारे माँ डैड नहीं बहुत से ीमेंदर गोवत अफसर का खुनी है .
पीहू- जान इसे जान से मार दो .
पीहू के शब्दों ने सोमेश की बची कृषि हिम्मत को भी तोड़ दिया .
आरव सोमेश के पास गया और अपना डैगर निकल पहले उसने सोमेश के हाथ की उंगलियों को कटा फिर पेअर की उंगलियों को और जब आरव ये कर रहा था उसके चेरे पर कोई एक्सप्रेशन नहज था पर ,सोमेश की हालत ख़राब हो रही थी वो चीखते छीकते बेहोश हो जाता ,तो आरव उअके जख्मो पर नमक दाल कर उसे होश में लता अब सोमेश बास मौत की बीख मव रहा था अंत में आरव ने सोमेश की बॉडी में अनगिनत कट्स मरे पर उसे मारा नहीं उसे वही पर तड़पने के लिए चूड दिया .
अभी आरव और पीहू वह से निकलने hi वाले थे वह पर 8 ब्लैक स्कार्पियो आकर रुकी ये देख कर Mr.Disuza आरव के सामने अपने आदमियों के साथ अपने गार्ड ऊपर कर के खड़े होगी पर आरव ने उन्हें रोका और खुद आगे जाते हुए खड़ा हुआ और गेट ओपन हुए और पहली स्कार्पियो से जो बहार निकला उसे देख वह खड़े हर साक्ष के चेरे पर चिंता की लकीरे आगे पर आरव मुसकजरा रहा था क्यों की सामने और कोई नहीं ुंडेरवोल्ड दुनिया का बेताज बादशा िल्ल्यासी खड़ा था .
िल्ल्यासी – आरव मेरे बेटे कैसा है तू.
आरव- चाचा कह कर िल्ल्यासी के गले लगा गया ,आरव को आज ये लगा की जैसे वो अपने डैड के गले लगा है .
िल्ल्यासी- बीटा बहु साथ में कड़ी है ऐसे रोएगा तो क्या सोचे गई ,शांत हो जा मेरे बच्चे शांत होजा .
आरव – चाचा ी ऍम सॉरी वो डायमंड्स वाली डील पहले होगी इस लिए मेरी वजह से आप को लोस्स हुआ .
िल्ल्यासी – कोई बात नहीं पर तूने मुझे यहाँ क्यों बुलाया है .
आरव- चाचा यहाँ पर डील होनी थी तो सब को मार कर साडी रकम जमा होगी है ,टोटल 700कर प्लस है 200सरस mr.disuza एंड टीम के बाकि आप अपने साथ लेजय एंड ी विल लेट यू क्नोव की क्या करना हज और अभी के लिए मुझे आप की एक हेल्प चाइये .
िल्ल्यासी – देख तेरे को आज रात की फ्लाइट से जाना है तेरे साथ बहु भी जायगे मेरे साथ मई तेरा इंतज़ार करूँगा और ये सरे लोग और गाड़ी मई तेरे लिए लाया हु .
आरव- आप की सिक्योरिटी का क्या इंडियन एजेंसी एक्टिव होगी आप बिना सिक्योरिटी के कैसे .
िल्ल्यासी – ये मुंबई मेरी माशूका है और मुझे यहाँ मेरी मर्जी के बिना कोई छू भी नहीं सकता तू जा अपना काम ख़तम कर कर जल्दी मिलना .
आरव Mr.Disuza की तरफ मुदा और उनके पेअर छू अंकल अगर ज़िंदा रहा तो लाइफ में आप का ये एहसान जरूर चूका दूंगा .
डिसूज़ा – बीटा ये तो मेरा कुश किस्मत है की मुझे तेरी मदद करने का मौका मिला पर अभी इन सब का वक़त नहीं है तू जा जल्दी .
आरव वह से पीहू को लेकर सीधा निकल जाता है रवि मेहता के फार्महाउस की तरफ .
यहाँ रवि मेहता अपने सभज आदमियों को और अपने जीजा को कॉल कर रहा होता है पर कोई उसका कॉल का रेस्पोंद hi नहीं कर रह था ,और किसी गलत के अंदेशे से रवि की हार्ट बीट बढ़ी हुई होती है ,पर आज उसकी शाद्दी थी तो वो किसी को कुछ भी एहसास नहीं होने देता है .
थोड़ी देर में पारी को लेकर रवि की बेहेन और अर्चना मंडप में लेकर आजाती है .
पारी को देख वह सब के दिल में जलन होने लगती है आज सच में पारी बहुत खूबसूरत लग रही होती है .
पारी- अर्चना वो अभी तक नहीं आया .
अर्चना – पारी मेने बोलै था पर तूने सुना नहीं खेर विनाश काळा विपरीत बुद्धि .
पारी कक अर्चना के शब्दों से बुरा लगा पर उसके कानो में कल के आरव के वर्ड्स गूंज रहे थे .
पारी और रवि मेहता दोनों मंडप में बैठे hi थे वह पर 8-9 ब्लैक स्कार्पियो का काफिला आया जो गेट तोड़ कर सिदा मेहमानो के बेच से होते हुए सीधा मंडप के पास आकर रुका पहले पीछे की गाड़ियों से 50 आदमी बन्दूक लिए उतरे और फिर उनमे से एक आदमी ने पह्की स्कॉर्पिओ का गेट खोला तो पहले निकली पीहू और दूसरी तरफ से निकला अपन हीरो आरव तेज प्रताप .
आरव की एंट्री देख वह सब हैरान थे पर कुछ लड़किया तो आरव की एंट्री पर फ्लैट होगी थी ,पर सभी अपनी इमेजिनेशन में खोए हुए थे आरव ने 2 राउंड अपनी रिवाल्वर से हवा में फायर किये और गन को रवि मेहता कज तरफ तान दिया .
अब सन बदल चूका था रवि मेहता को तो लोग आज वो गया पर आरव ने एक मुस्कान अपनी माँ को दी और फिर एक चुटकी बजे तो स्कॉर्पियो का फ़्रंट गेट खुला और बहार निकले अधिवक्ता mr.patil.
पाटिल- मिस पारी आप ये शादी नहीं कर सकती .
वह पर बैठे हर साक्ष ये सुन ाकहाँक से अपनी जगह से खड़ा होगया ,और शामे हल पारी और रवि का भी होगया .
पारी- क्यों mr.patil मई बालिग हु और मुझे अपने अधिकार पता है .
Mr.patil- अच्छा है आप को अपने अधिकार पता है ,पर मेरे क्लाइंट को ऑब्जेक्शन है और उनके अनुआर आप को अगर ये शाद्दी शांति ऐ करनी है तो आपको उनकी फॅमिली से मिली साडी प्रोपेर्ट और पैसा जो Mr.Tej प्रताप सींग की मौत के बाद जो पैसा डिपार्टमेंट से मिला है वो आप मेरे क्लाइंट को वापस कर दे और आप अपनज लाइफ स्टार्ट कर सकती है .
अब यहाँ ये बाटे सुन सब शांत हो जाते है पारी को एक और झटका लगता है पर उसे विश्वास नहीं होता आरव कुछ ऐसा करेगा ,वैसे भी पारी सब कुछ आरव को देनी hi वाली थी ,पर इस तरह से सब के सामने आरव ऐसा कैसे कर सकता है .
पारी- आप के क्लाइंट कोण है .
पति- मेरे क्लाइंट मर. डेविल का कहना है की ये साडी प्रॉपर्टी और पैसा आप Mr.aarav के नाम ट्रांसफर कर दे और फिर आप कुछ भी कर ( डेविल यहाँ आरव को सामने नहीं लाना छठा था )
डेविल स्कार्पियो के बॉंटे पर बैठ पारी कक घूरता है क्र बोलता हज तुझे तो मार देना छठा हु पर मार दिया तो ये तेरे लिए आसान मौत होगी और ये मई नहीं छठा जल्दी से सरे डॉक्यूमेंट सिग्न करो और अपनी लाइफ एन्जॉय करो अपने बेटे क्व बिना.
पारी गुस्से में डेविल के पास अति है और गुस्से में पाटिल से सरे डॉक्मेंट्स लेती है और सिग्न करने लगती है.
तभी इन सब के बीच आरव बोलता है तू सच में माँ कहलाने के लायक नहीं रही ,और फिर पाटिल से एक और डॉक्युमेंट आगे करने का बोलता है और बोलता है मुझे नहीं लगा था अपनी हवस में यत्नज अंधी हो जाओगी की अपने बेटे को भी चूड दो गई मिस पारी .
अब पारी के हाथ रुक जाते है और वो आरव को देखती है और उसे समझ आजाता है की आरव को सब पता है .
आरव उसके सामने दीसों वाले डॉक्मेंट आगे करते हुए बोलता है ,अपनी हवस में तूने बेटे को नींद की दवा देकर जो उस रात किया था मुझे सब पता है ,पर तू इतना गिर जयगी ये नहीं पता था ,इस डौकंनेट पर सिग्न करो और आज से तेरा मेरा खोज रिश्ता नहीं तुझे सही रस्ते पर लाना छठा था पर अब जो राष्ट तूने चुना है उसमे तू अकेली चलेगी और भुगते गई ,तेरी ज़िन्दगी कक नरक नहीं बना दिया तो तेज प्रताप सिंह का बीटा नहीं .
पारी को अब सब समझ आरहा था उसे सब क्लियर दिख रहा था और अब वो कुछ नहीं कर सकती थी उसे पता था की आरव कितना ज़िद्दी है .
आरव वह सीधा बढ़ा और रवि मेहता के पास आकर उसके कान के पास जा कर बोलै “तुझे लग रहा होगा तू जीत गया ,पर तुझे एक बात बता दू तेरा एक्सीडेंट मेने करवाया था पर तुझे मरने के लिए nahi,tune अपने लैंड के भोर्शे मेरी माँ चीनी है मुझसे और मेने तेरी मर्दानगी ,खेर चूड वैसे तेरा जीजा नहीं दिख रहा ,शाद्दी जल्दी कर ले क्यों कज कल तुझे बहुत कुछ झेलना है ,तेरी बर्बादी की शुरवात हो चुकी है रवि मेहता ”
इतना कह कर आरव आकृति की तरफ देखता है और आकृति सब को वह से चलने का बोलदेति हज और गाड़ी दौड़ पड़ती है एयरपोर्ट की तरफ, के पीछे चूड जाती है बहुत से सवाल रवि और पारी के लिए .
एयरपोर्ट पर पहले से िलक्यासी के आदमी आरव का और पीहू का सामान लेकर खड़े होते हक़ क्यों की आज जो कांड हुआ है उसके बाद आरव का इंडिया में रहना अभी के लिए सही नहीं था और आरव वह से सब से विदा लेता है और वापसी का वडा कर निकक जाता है अपने अगले मुकाम की तरफ .
( आज से फ़्लैश बैक का अंत होता है)