Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 23 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

हाँ चलो जल्दी बहुत सारा काम करना है.. तुम्हारी महारानी को आज hi बीमार पड़ना था..

हाँ न आज नहीं पड़ना था बीमार

अब सब काम मुझे hi करना पड़ेगा..

आप चाहे तो मई मदद करता हु आपको किचन मई

नहीं बाबा मई कर लुंगी

क्यों मेमसाब मई सच मई आप का काम हल्का कर दूंगा

तब हसते हुई कहते है





हल्का करोगे क्या पता नहीं पर तुम्हारे वजह से डिले जरूर होगा

अब वो बैडरूम मई पहुँच गए

डिले क्यों होगा मेमसाब

जैसे अब हो रहा है

मतलब मई समजा नहीं

तब मिरर के सामने खड़े होक आपने बॉल खोल देती है और उसको फिर से बंदने लगती है





इतने कैसे बुद्धू हो तुम

मतलब

तब जरा ऐडा के साथ उसको देखते हुई कहते है

मेरे बुद्धू नौकर ऐसे hi बाटे करते रहोगे तो मई काम कैसे जल्दी करुँगी

ऐसे बात है क्या

हाँ जी

तो हम बात नहीं करते

अच्छा जी अब हम से बात नहीं करोगे

आप ने तो कहा न

पर हम दोनों अकेले किचन मई होंगे और एकदूसरे से बात नहीं करेंगे ऐसा हो सकता है क्या

मुश्किल तो लग रहा है

तब गर्दन घुमा के कहते है





मुश्किल तो लग रहा है तो कहते क्यों हो

हाँ नहीं कहना चाहिए

ऐसा कहते हुई आरती जो मिरर के सामने कड़ी थी वह नवाज़ जाता है..

अपने पीछे कोई खड़ा है ऐसे उसे लगा इसलिए वो पलट गयी और नवाज़ को देखने लगी..





दोनों की नजरे मिली कुछ सेकंड के लिए.. फिर आरती ने अपनी नज़र निचे करते हुई कहा..

तुम यहाँ क्यों आये.. तुम लेट जाओ .. मई तुम्हारी मालिश कर देती हु..

यहाँ पाई निचे ..

तब हस्ते हुई कहते है यहाँ पाई नीचे नहीं वह बीएड पाई.. इतना मुलायम बीएड होते हुई तुम नीचे क्यों लटोगे भला

मुझे अच्छा नहीं लग रहा है की मैं आपसे अपनी सेवा करवौ.. आपसे अपने पेअर की मालिश करवौ.. पिट की मालिश karwau..naukar होक मालकिन से ये करवाना..

आरती सोचने लगी अब इससे क्या हो गया अचानक.. अब तक तो मेरे पीछे पड़ा था मेरे मालिश करवावो और अब बोल रहा है मुझे अच्छा नहीं लगता.. ये लड़का कभी मुझे समाज मई आएगा या नहीं.. सच मई ये मुझे पागल कर देगा.. कभी कहेगा ऐसा करो और कभी कहेगा वैसा करो.. पूरा कंफ्यूज किया है इसने तो मुझे.. ये चाहता क्या है मुझसे. .

ऐसे सोचते हुई वो कहते है





अब ये क्या है

मेमसाब आप से मालिश करवाना अच्छा नहीं लगता

क्या तुम मेरे मालिश पसंद नहीं आये क्या

नहीं नहीं आप बहुत अच्छी मालिश करते हो..

फिर रुक कर कहता है

आरती तुम्हारा टच बड़ा सुकून देता है.. तुम्हारे हाथ बड़े चिकने है तुम्हारे फर्श की तरह ..

उसने पहली बार आरती कहा था.. मेमसाब नहीं कहा तह.. और उसपर आरती ने उसे कुछ नहीं कहा और न hi गुस्सा किया..

आरती हसी और बोली

हहै तुम कुछ भी बोलते हो

मेरे ऐसे मालिश इससे पहले किसी ने नहीं की

मतलब पहले तुम्हारी मालिश किसी ने की है

 हाँ

किस ने.. आदमी या औरत

बड़ी अदा के साथ वो कहती है





मई भला आदमी से क्यों अपनी मालिश करवावो.. मई क्या चक्का हु के

चीई कुछ भी गंदे बोलते हो तुम

आरती को ये सब बातें कही न कही अच्छी लगने लगी थी.. इन सब बातो से उसको गुस्सा आना चाहिए था उल्टा वो शर्मा रही थी इन सब बातो से और उसे मज़ा भी आ रहा तह

आरती मेमसाब तुम.. आप..

कहो कहो.. तुम्हारा जो दिल चाहे कहो.. तुम कहो.. या आप कहो.. या मेमसाब कहो या आरती कहो.. भला तुम कोण रोकने वाला है और तुम किस से रुकने वाले हो..

आरती तुम बहोत अच्छी हो दिल की भी और शरीर से भी.. इस पुरे गाँव मई.. गाँव मई क्या पुरे डिस्ट्रिक्ट मई मैंने आपसे ज़ादा सुन्दर लड़की कभी नहीं देखि

काफी अच्छा तरय है..

और ाअपना साडी का पल्लू ठीक करती है.. उसने देखा था नवाज़ की नज़र कहा है..





तरय नहीं मार रहा हु सच कह रहा हु

सच और तुम

तब थोड़ा आगे आता है और उसके हाट आपने हातो मई लेता है..

सच मई आरती तुम बहुत खूबसूरत हो

तब आपने हाट उसके हातो से हटा लेते है

आरती नहीं.. आरती मेमसाब कहो

अभी तो कहा न तुम कुछ भी kaho..aarti कहो या आरती मेमसाब

अब कह रही हु न आरती मेमसाब कहो

तुम लेडीज लोंगो को संजना बहुत मुश्किल है

फिर भी लेडीज लोंगो के पीछे पड़े रहते हो

आरती मेमसाब जो आराम मुझे वंदना की मालिश से नहीं मिला या नीता के मालिश से नहीं मिला था. वो आराम आपकी मालिश से मिला मुझे. आप बहुत अचे मालिश करते हो मेमसाब

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती उसकी और गुस्से से देखती है





मतलब उन्दोनो ने तुम्हारी मालिश की थी

हाँ की थी

तुमने नहीं कहा मुझे

क्यों की तुमने पूछा नहीं

उनसे मालिश करवा ली और फिर मुझसे भी मालिश करवा रहे हो

हाँ क्यों तुम कुछ आपत्ति है क्या

तब आरती नाराज़ होक कहती है





आपत्ति होगी भी तो भी अब किस को कहु

मुझे

मुझे कुछ नहीं कहना है तुम

आरती अब गुस्सा हो गयी थी नवाज़ से.. कुछ देर दोनों शांत रहे.. एकदूसरे को चोरी छुपे देखने लगे.. उसकी नज़र नवाज़ के लुंड के उभर पर जा रही थी और नवाज़ की नज़र आरती के बूब्स पर.. दोनों गरम हो रहे थे पर नवाज़ के दिल में डर था और आरती के दिल में शर्म थी.. अब नवाज़ को साबरा नहीं हो रहा तह

मेमसाब

तब आरती गुस्से मई कहती है

तुम चाहते क्या हो मुझसे.. अभी तक कह रहे थे मालिश करो मेरे.. अब मैंने कुछ हद तक तुम्हारे मालिश की और कुछ बाकि है.. और अब कह रहे हो मुझसे मालिश करवाना अच्छा नहीं लगता..

नहीं नहीं वो बात नहीं है..

फिर..

आप एक मालकिन हो और मई एक नौकर हु

अब वो उसको इमोशनल ब्लैकमेल करने लगा

ये क्या इससे पहले तुम पता नहीं था.. मालिश करवाने से पहले

हाँ पता तह..

फिर तब नहीं बोलै अब बोल रहे हो

वो उस टाइम सोचे नहीं थे..

अब सोचे हो

हाँ मालकिन

तो क्या सोचा

यही की आप मालकिन और मई नौकर.. और मालकिन से नौकर की मालिश अच्छा नहीं लगता.. अगर नौकर ने मालकिन की मालिश की होते तो समाज सकते है

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई आरती कहती है





Oooohhooo...Matlab तुम अब मेरे मालिश करना चाहते हो

नहीं.. पर हो जाये तो

मुझे क्या बुद्धू समाज के रखा है क्या

नहीं आप कहा से बुद्धू नहीं लगती आप तो बहुत स्मार्ट हो ब्यूटीफुल हो

तुम फिर से शुरू हो गए

नहीं मेमसाब

नहीं मेमसाब सचमे आप बहोत सुन्दर हो

तब नखरा करते हुई कहती है





तुम न सुन्दर लेडी दिखी की फिसल जाते हो

किसने कहा

कहने की क्या जरुरत है

नहीं मेमसाब आप सच मई बहुत सुन्दर हो

अच्छा मई तुमको अब सुन्दर लग रही हु

अब नहीं पहले से

पहले से कब.. नीता के पहले से या वंदना के पहले से

तब थोड़ा स्माइल करते हुई कहता है

उनके पहले से नहीं बाद मई

आरती स्माइल करते हुई कहते है

लगा hi मुझे

अब उनके बाद मई hi मैंने आप को पहली बार देखा.. और जब से देखा है तब से आप हमें भ गयी

अच्छा जी.. अब तक कह रहे थे आप सुन्दर हो अब कह रहे हो भ गयी हो मुझे .. पल पल तुम्हारे वर्ड्स चेंज हो रहे है..

अब अगर सामने रम्बा और क्या कहते है..

मुझे क्या पता क्या कहते है

वो इंद्रदेव की अप्सरा.. स्वर्ग की अपसरा ..

तब आरती कहती है

इंद्रदेव की अप्सरा तो बहुत थी.. रम्बा, उर्वशी , मेनका

आप उन सब का मिक्सचर हो

तब आरती पहले शर्मा गयी ..





और बाद मई हँसाने लगे

बाते बनाने मई माहिर हो

मई बाते नहीं बना रहा मेरी रम्बा और उर्वशी

तब आरती कहते है

मेनका नहीं क्या

हाँ मेनका भी

तब आरती शर्मा गयी





ारे मेरी मेमसाब तो शरमाते हुवे और भी खूबसूरत लग रही है. नजर न लगे किसी की.

क्या नवाज़ तुम भी न. मैं इतनी भी खूबसूरत नहीं हूँ. जितना तुम तारीफ कर रहे हो.

ये तो मैं डीडे करूँगा न की तुम कितनी खूबसूरत हो. तुम्हे थोड़ी न पता है इसके बारे में.

तब नवाज़ की और देखते है.. और बड़ी अड्डा के साथ कहती है





ये क्या बात हुई भला. ख़ूबसूरती मेरी है और मुझे hi पता नहीं की मैं कितनी खूबसूरत हूँ.

हाँ नहीं पता तुम्हे की तुम कितनी खूबसूरत हो. कभी मेरी नजर से देखो तो पता चले.

आरती शरमाते हुई कहती है





क्या नवाज़.. मुझे तुम्हारे इरादे नेक नहीं लग रहे हैं. अपनी मेमसाब से hi फ्लिर्टिंग कर रहे हो. ये अच्छी बात नहीं है नवाज़ . मैं नीता से और पापा जी से शिकायत कर दूँगी.

नवाज़ मुंह बनाकर कहता है

लो जी अब ख़ूबसूरती की तारीफ करना भी गुनाह हो गया है. सही कहते हैं लोग सच बोलने वालो की कोई कदर hi नहीं हैं हमारे समाज में. और अगर तुम्हारी फ्रेंड यहाँ होती तो मैं उसके साथ भी यही करता . अब जब तक तुम्हारी फ्रेंड नहीं है तब तक तुम hi उनकी जगह ले लो.

अपनी जीभ होंठों पर घूमते हुई आरती कहती है..

ये क्या बोल रहे हो तुम . मैं नीता की जगह कैसे ले सकती हूँ. तुम भी न कुछ भी बोलते रहते हो. मैं मालकिन हूँ तुम्हारी .. तुम्हारे छोटे मालिक की बीवी

नवाज़ हँसते हुई कहता है

तो मैंने कब कहा की तुम मेरी बीवी हो..

धत बेशरम कुछ भी कहते हो

ऐसा कह के वो शर्माकर पलट गयी





ारे मई ऐसा नहीं कह रहा हु

तो

बता रहा हु

क्या बता रहे हो

यही की तुम मेरे बीवी नहीं हो.. तुम तो मेरे मालकिन हो.. मेरे ब्यूटीफुल.. सेक्सी.. हॉट.. मालकिन हो. और मैं भला कैसे इतने सुन्दर मालकिन को किसी और की होने दूंगा.. मई तुम किसी और की नहीं होने दूंगा. तुम सिर्फ मेरी हो. सिर्फ मेरी मालकिन ...

नवाज़ ने इंदिरेक्टली आरती से बहुत कुछ कह दिया. जिसे आरती अच्छी तरह समझ रही थी लेकिन नवाज़ को लग रहा था की आरती को कुछ भी पता नहीं चल रहा है. नवाज़ की इस बात पर आरती ने कोई रिएक्शन नहीं दिया. बल्कि खिलखिलाकर हंसने लगी और नवाज़ से बोली.





तुमसे बहस करने में कोई नहीं जीत सकता .. इसलिए मैं भी मान hi लेती हूँ की मैं तुम्हारे hi हूँ. .. तुम्हारी hi मालकिन.. किसी और की नहीं..

पर अब तुम्हारे इस मालकिन को तुम्हारे सेवा करने का मौका दे दो..

हाँ क्यों नहीं

पर उससे पहले आपने मालकिन की एक सेवा कर दो..

बोलिये क्या सेवा करू

मुझे पानी पीला दीजिए. मुझे बहुत प्यास लगी है.

पहले बार आरती ने नवाज़ को रेस्पेक्ट देके दीजिये कहा था.. दो नहीं कहा tha..hamesha वो आपने पति को दीजिये कहती थी या आपने ससुर को.. इस घर मई वो उन दोनों के अलावा किसी को दीजिये ऐसे रेस्पेक्ट देखे बात नहीं करती थी.. नवाज़ तीसरा आदमी था जिसको आरती रेस्पेक्ट देखे बात ककर रही ी

आरती की बात सुनकर नवाज़ ने मुस्कुराते हुई कहा

ठीक है पिलाता हु

ऐसा कह के आरती के बैडरूम से किचन मई चला गया .. किचन में आकर पानी का गिलास मई पानी लेकर फिर से बैडरूम मई आया..

अब जब नवाज़ पानी लेन किचन मई गया तो आरती मिरर के सामने गयी .. हल्का सा उसने मेक उप किया .. ब्रश से अच्छे से चेहरा क्लीन किया ..उसके मेकअप बॉक्स मई से लक्मे की क्रीम निकली ..जल्दी से चहरे पर लगाए .. .. फिर हलके से लिपस्टिक लगाए.. ेएलइनेर लगाया .. .. आपने बाल ठीक तक किये .. फिर अपनी साड़ी ठीक की .. फिर वह एक अच्छा सा बॉडी स्प्रे उसे किया..

अब हालत ये थी की नवाज़ कह चूका था की आरती से मालिश ठीक नहीं लगती पर इधर आरती खुद अब नवाज़ की मालिश करना चाहा रही थी.. उसके लिए वो ये सब तयारी कर रही थी.. नवाज़ के चुंगुल मई अब वो पूरी तरह से आ गयी थी.. लघबघ उसने उसे बोतल मई उतर दिया था..

उधर जब नवाज़ किचन मई था तब वो यही सोच रहा था अब इस रांड को तो बोल चूका हु मालिश करना ठीक नहीं है पर अगर सच मई इसने मेरे मालिश नहीं की तो इतना अच्छा मौका हाट से चला जायेगा.. अब इस वक़्त वैसे घर मई कोई नहीं है.. नीता नहीं है. बुद्धा कहा बहार गया है और छोटा तो दिल्ली मई है.. इतना अच्छा मौका इसको छोड़ने के लिए नहीं मिलेगा .. अब मई क्या करू.. जोश जोश मई मैंने ये क्या कर दिया..

यही सोचते हुई वो अब बैडरूम मई दाखिल हो चूका था
 
अब जब नवाज़ पानी लेन किचन मई गया तो आरती मिरर के सामने गयी .. हल्का सा उसने मेक उप किया .. ब्रश से अच्छे से चेहरा क्लीन किया ..उसके मेकअप बॉक्स मई से लक्मे की क्रीम निकली ..जल्दी से चहरे पर लगाए .. .. फिर हलके से लिपस्टिक लगाए.. ेएलइनेर लगाया .. .. आपने बाल ठीक तक किये .. फिर अपनी साड़ी ठीक की .. फिर वह एक अच्छा सा बॉडी स्प्रे उसे kiya..uski बिंदी निकल के दूसरी अच्छी वाली बिंदी लगाए..





अब हालत ये थी की नवाज़ कह चूका था की आरती से मालिश ठीक नहीं लगती पर इधर आरती खुद अब नवाज़ की मालिश करना चाहा रही थी.. उसके लिए वो ये सब तयारी कर रही थी.. नवाज़ के चुंगुल मई अब वो पूरी तरह से आ गयी थी.. लघबघ उसने उसे बोतल मई उतर दिया था..

उधर जब नवाज़ किचन मई था तब वो यही सोच रहा था अब इस रांड को तो बोल चूका हु मालिश करना ठीक नहीं है पर अगर सच मई इसने मेरे मालिश नहीं की तो इतना अच्छा मौका हाट से चला जायेगा.. अब इस वक़्त वैसे घर मई कोई नहीं है.. नीता है पर वो ऊपर सो रही है. बुद्धा कहा बहार गया है और छोटा तो दिल्ली मई hai..wo हरिया कब आएगा पता नहीं.. इतना अच्छा मौका इसको छोड़ने के लिए नहीं मिलेगा .. अब मई क्या करू.. जोश जोश मई मैंने ये क्या कर दिया..

यही सोचते हुई वो अब बैडरूम मई दाखिल हो जाता है तब उसे अलग hi महक सुंघाने को मिलती है.. नवाज़ को पता लगाने मई देर नहीं लगती की इस रांड ने परफ्यूम उसे किया है.. वो ये जान कर कुश हो जाता है..

वो अब जान गया था की उसके लिए hi आरती सजी संवरी है.. वो देखता है आरती मिरर के सामने खड़े होक आपने कान की बलि ठीक कर रही है.. ुए देख के वो मैं मई कहता है

आरती के हातो से मालिश करने मई अब कोई नहीं रोक सकता.. खुद आरती भी नहीं ..

जैसे hi नवाज़ हाट मई पानी का गिलास लेके बैडरूम मई आता है तब आरती मिरर के सामने खड़े होक गर्दन घुमा के उसे देखने लगते है





नवाज़ को देखते हुई इसका चेहरा खिल उठता है और उसके मू से आटोमेटिक निकल जाता है

आ गए

और वो पलट कर थोड़े आगे आती है.. और नवाज़ को देखने लगी..





नवाज़ दूर पाई खड़े होक आरती के बदन के हर एक आंग को अपने आँखों से बहुत hi बारीकी से स्कैन कर रहा था .....

उसके बड़े बड़े आम ........ उसकी पतली कमर.. उसकी स्लिम बॉडी..

ये सब देख के नवाज़ मैं मई कहता है..

एक परफेक्ट औरत में जो चीज़ होनी चाहिए वो सब इस कुटिया मई है.. इसकी बॉडी शादी के इतने दिनों के बाद भी परफेक्ट स्लिम है.. आरती रानी अब तो मेरे लौड़े को तेरी छूट में जाना hi hoga....ab मेरा ये चूहा शांत नहीं रहने वाला तेरे बिल में जाकर hi मानेगा ये अब.....

नवाज़ के ऐसे देखने से आरती भी उसे देखे जा रही थी.. आरती अपनी और ऐसा देखते हुई देख के नवाज़ कहता है

मेमसाहेब ... .एक बात बोलू…

तब स्माइल करते हुई कहती है

हाँ बोलो वैसे मुझे पता है तुम क्या कहने वाले हो

आप सच में बहुत खूबसूरत हो ..... मैंने आपके जैसी खूबसूरत औरत इससे पहले कभी नहीं देखि .......

और नवाज़ इतना कहकर धीरे से मुस्कुरा देता हैं वही आरती को पता था नवाज़ हर औरत की ऐसे hi तरफ करता है और उसे बोतल मई उतरने की कोशिश करता है फिर भी उसकी ऐसे तारीफ से वो खुश हो गए और वो ख़ुशी उसके चहरे पर साफ़ देखि जा सकती थी

आरती कुछ देर तक खामोश सी कड़ी रहती हैं फिर वो बिना कुछ बोले ..... बिना नवाज़ की तरफ देखे फ़ौरन वह एक जो वार्डरॉब था वह जाती है और उसका फेवरेट कलर गुलाबी कलर का एक बेडशीट और 2 बड़े टॉवल निकल के बीएड की तरफ ले जाती है और साथ मई गरम तेल की बूटले भी लेती है.. अब उसकी पिट नवाज़ की तरफ थी..

उसने नवाज़ को कुछ नहीं कहा पर नवाज़ के ऐसे देखने से और उसकी तारीफ करने से उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था ....... ज़ोरों से तो धड़क रहा था ..... मगर क्यों.... शयद इसका जवाब आरती के पास नहीं था.. क्यों की नवाज़ ने इससे पहले भी उसकी तरफ की थी पर अब जैसा दिल उसका दिल कभी नहीं धड़का था .....

एक अजीब सी बेचैनी उसके अंदर बार बार उठ रही thi...........ek अजीब सा नशा उसके तन बदन में चढ़ता जा रहा था ...... आँखें किसी नशे की वजह से जैसे बंद सी हो रही thi......wo एक बार ......दो baar........teen baar..........lagataar.......... बंद चालू कर रही थी. .. तभी उसका मोबाइल बज उठा.. मोबाइल के रिंग की वजह से वो आपने विचारो मई से बहार आ गयी..

कॉल उसके नानन्द कंचन का था..

अब इस वक़्त उसके एक हाट मई बेडशीट और 2 टॉवल थे और दूसरे हाट मई मोबाइल और तेल की बोतल थी.. जब मोबाइल की रिंग बजने लगी तब वो ठीक से मोबाइल देख भी नहीं पा रही थी की कॉल किसका hai..jaise hi वो कैसे तो कर के देखती है की कंचन का कॉल है तो वो विचार करती है... अब इसको क्या बोलू.. ये तो सवाल कर कर के मेरा दिमाख खायेगे..

उसे कॉल उतने मई दिक्कत है ये जानकर नवाज़ जल्दी से उसके पास पहुंचा पर तब तक उसने कैसे तो कॉल उठा ली और मोबाइल कण को लगा के गर्दन थोड़ा निचे करके खंड पाई रख दी.. अब कान और शोल्डर के बीच उसका मोबाइल तह

Hello भाभी

तब बड़े स्माइल के साथ आपने नानन्द को कहती है





हाँ बोलिये दीदी

कंचन - bhabhiiii....kuch डीडे हुआ

नहीं अभी तक

तो कब डीडे होगा

होगा होगा जल्द hi होगा

ये आपका जल्द कब आएगा पता hi नहीं चल रहा है

तब स्माइल करते हुई कहते है

मुझे पता चलते hi आप को बता दंगे

मतलब उन दोनों ने अब तक डीडे नहीं किया है क्या

हाँ

अब आरती कन्फूस थी.. पीछे उसका आशिक़ खड़ा था.. एकदम क्लोज और सामने वो बात कर रही थी आपने नानन्द से आपने यार के बारे मई पर वो अभी तक उसके यार को यार नहीं मान रही थी और उधर उसकी नानन्द कंचन जानना चाहती थी आपने भाभी के चाहते नौकर के बारे मई और भाभी सोच मई थी कंचन को बताऊ या न बताऊ.. इसी उलझन मई थी वो.. उसके दिमाग मई अब दोनों का विचार तह..

यही सब सोचती हुई वो लुम्बी लुम्बी सांस लेने लगती है...... अपने धड़कनों को काबू करने का तरय करने लगती हैं ..... मगर न hi उसके धड़कनें अब काबू में थे ..... और न hi उसकी सांसें .....

शयद कंचन जान गयी थी की उसके भाभी का पूरा ध्यान उसके ऊपर नहीं है इसलिए वो कहती है

आप ऐसा क्यों बोल रही हो..

हम्म्म

क्या वो... क्या नाम है उसका

कुछ सोच के कहती है

नवाज़ हां नवाज़ पास मई है क्या

हाँ

ोूह गॉड लगता है मैंने गलत टाइम मई आप को कॉल किया

नहीं नहीं ऐसे कोई बात नहीं है

मई समाज सकती हु.. डीडे होने के बाद बता देना

हाँ जरूर

अगर वो आप के आस पास होगा और आप कॉल नहीं कर पायी तो what's अप्प जरूर कर देना

जी

मई रखते हु भाभी

जी

ok bye भाभी एंड बेस्ट ऑफ़ लक 👍

थैंक यू

अब उन्दोनो की बात ख़तम हो गयी थी..

नवाज़ उसके एक तरफ खड़ा था.. उसके बहुत करीब खड़ा था वो.. आरती को कुछ समझ नहीं आ रहा तह इसलिए वो बीएड पाई का बेडशीट एक हाट से निकल के बाजु मई फेंक देती है और दूसरे हाट से बेडशीट डालने की कोशिश करने lagi..Par एक हाट से उतने बड़े बीएड पाई बेडशीट दाल नहीं प् रही थी बिकॉज़ उसके दूसरे हाट मई मोबाइल टॉवल और तेल की बोतल थी.. नवाज़ के इतने करीब होने की वजह से वो ज्यादा सोच नहीं प् रही थी

उसके हाट मई चार चार चीज़ थे थो नवाज़ को लगा एकदि चीज़ ले लू ताकि मेमसाब उसके लिए अच्छे से बेडशीट बीएड पाई दाल देंगे इसलिए वो थोड़ा आगे आता है और टॉवल और बोतल लेने लगता है तब आरती कहती है

नहीं मई कर लुंगी एडजस्ट

पर नवाज़ नहीं सुनाता और उसके हाट से बेडशीट निकालने लगता है तब आरती पीछे की तरफ मुड़ती है..

नवाज़ उसके एकदम बाजु मई खड़ा था.. वो जैसे hi पलटी वो नवाज़ से टकरा गयी.. टकराने की वजह से नवाज़ के हाथ में जो पानी का गिलास था वो आरती के साडी पाई गिर गया..





उस वजह से वो जोर से चिल्ला उठी..

ाररी नवाज़ ये क्या किया

पूरा गिलास का पानी उसके चूचियों के ऊपर गिर पड़ा था . .नवाज़ को उसने आवाज़ दी पर नवाज़ की नज़र उसके आम पर थी.. उसके आँखे बड़ी हो गयी.. उसके मम्मी पर पानी गिरने की वजह से उसने जो सदी पहनी थी वो उसके मम्मी और पेट से एकदम चिपक गयी.. और आरती की मम्मी और पेट 60% से भी ज्यादा नंगी नजर आने लगे .नवाज़ उसे hi देख रहा था..

पानी गिराने की वजह से और जिस तरह से नवाज़ उसे देख रहा था.. उसके बदन को.. उस वजह से आरती को बहुत गुस्सा आ रहा था .. उसका मैं कर रहा था की नवाज़ को दो लाफे दू और घर से बहार निकल दू.. पर उसने अपने गुस्से को काबू मई रखा और थोड़ी दूर हो गयी और पलट कर कड़ी हो गयी और साडी देखने लगी.. और नवाज़ को कुछ बोले बगैर एक वार्डरॉब मई gayi..wardrobe मई साड़ी निकलते हुई खुद से कहने लगी..

मुझे यकीं नहीं हो रहा है की ये मेरे साथ क्या हो रहा है .. मैंने क्यों उस पाई गुस्सा नहीं किया..

अब वो वार्डरॉब से वो ब्रा, ब्लाउज, पेटीकोट और साड़ी लेकर बहार चली गयी.. बिना नवाज़ को देखे और नवाज़ से कुछ नहीं कहा उसने..
 
राणे की वजह से और जिस तरह से नवाज़ उसे देख रहा था.. उसके बदन को.. उस वजह से आरती को बहुत गुस्सा आ रहा था .. उसका मैं कर रहा था की नवाज़ को दो लाफे दू और घर से बहार निकल दू.. पर उसने अपने गुस्से को काबू मई रखा और थोड़ी दूर हो गयी और पलट कर कड़ी हो गयी





और साडी देखने लगी.. और नवाज़ को कुछ बोले बगैर एक वार्डरॉब के पास गयी .. वार्डरॉब मई साड़ी निकलते हुई खुद से कहने लगी.. मुझे यकीं नहीं हो रहा है की ये मेरे साथ क्या हो रहा है .. मैंने क्यों उस पाई गुस्सा नहीं kiya..usne मेरे उप्पर पानी गिराने के बाद भी.. मई ऐसा क्यों बेहवे कर रही हु.. और वो भी एक नौकर के साथ..

फिर वो कहती है वो सिर्फ नौकर कहा है..

फिर

मेरे फ्रेंड का आशिक़ है.. तो इस वजह से मैंने ज्यादा गुस्सा नहीं किया.. एक बार तो चिलए hi न.. इतना काफी है नवाज़ के लिए.. वैसे भी उसकी कहा ज्यादा गलती थी.. मई पलटी नहीं होती तो पानी मेरे उप्पर नहीं गिरता न..

पानी आरती के पुरे बॉडी पर गिरा था …उस वजह से भीगे साड़ी मई नवाज़ के सामने खड़े होना उसे शर्म आ रही थी.. अब वो वार्डरॉब से वो ब्रा, ब्लाउज, पेटीकोट और साड़ी लेकर बहार चली गयी.. बिना नवाज़ को देखे और नवाज़ से कुछ नहीं कहा उसने..

कुछ देर बाद वो साड़ी पहन कर आ गयी थी और आपने बैडरूम के दूर पाई कड़ी हो गयी..





आरती इस वक़्त ग़जब की लग रही थी.. उसने ब्लैक साड़ी और ब्लैक कलर का ब्लाउज पहना तह.. उनमें कैद आरती के सुडोल आम.. बहुत बढ़िया लग रहे थे. आरती का ब्लाउज की गोलाई बता रही थी की जन्नत के हसीं महलों की नीव इन्ही पर राखी गयी है.. चेहरे पर एक मासूम मगर आकर्षक मुस्कान थी.. …खुले बालो मई वो मस्त लग रही थी..

जैसे hi नवाज़ के सामने आरती आती है वो टकटकी लगाए बस उस के तरफ देखे जा रहा था.. जो देख के आरती शर्मा जाती है….





दूर से रूम तक थोड़ा फैसला tha….aarti दूर से थोड़ा अंदर आती है तभी एक जोरकी बिजली गरजती hai....bijli गरजने की आवाज़ सुनते hi आरती एकदम से दर जाती है ….और उसके डरने की वजह से नवाज़ हँसाने लगता है..

तब आरती कहती है

इस कामिनी को अभी गर्जना था क्या..

वो कहा हमारे हाट मई है मेमसाब

तब नवाज़ की और देखते हुई मिरर के सामने जाती है.. और आपने बाल बंद देती है.. और नवाज़ की और गर्दन घुमा के देखने लगती है..





आरती की ये अदा देख कर फिरसे नवाज़ के बदसूरत चेहरे पर एक घिनौनी हंसी आ जाती है ..पर आरती को कुछ और के उम्मीद थी.. उसे लगा था उसका ये रूप देख कर नवाज़ कुछ कहेगा.. उसके खूबसूरती के बारे मई पर नवाज़ ने ऐसा कुछ नहीं किया बस उसे देखे जा रहा था.. नवाज़ के ऐसे देखने से आरती को शर्म तो आ रही थी .. फिर भी उसने हिम्मत करके कहा..

सिर्फ देखोगे hi क्या कुछ कहोगे नहीं क्या..

ये कहते हुए वो पीछे घूम के नवाज़ के तरफ देखती है





और नवाज़ के रिप्लाई का इंतज़ार करने लगी..

नवाज़ वही उसके सामने खड़े होक बड़ी हे हसरत भरी नज़रों से आरती की तरफ देख रहा tha….uski 38 साइज के मस्त चुच्यां देख कर वो पागल होते जा रहा tha..apne सामने का ये हसीं नज़ारा देख कर नवाज़ जो सुबह से पेरशान tha….uska और बुरा हाल हो gaya…uske ुंदरपनत मैं हलचल होने lage….wo आरती ने चोर नज़रों से देखि..

कहोगे क्या कुछ या नहीं..

अब हम क्या कहे मेमसाब .. जब से आप को देखा है हम आप के खूबसूरती के बारे मई hi कहे जा रहे है..

फिर कुछ पल रुख के कहता है

अरे मैडम जी... सच मई इस दुनिआ मई आपसे जयदा सुन्दर कोई हो हे नहीं सकता.... हमने तो आपसे जयदा खूबसूरत और कोई नहीं देखा......

ये सब सुन के आरती का दिल धड़कने लगता hai…use नवाज़ से यही उम्मीद थी और वो यही सुनना चाहा रही थी.. आरती शर्मा जाती है .... और अपने चेहरे पर एक कातिल मुस्कराहट लाते हुए अपना नीचला हूंठ दातो मई दबा लेती hai...aur अपना हाथ कमर पर रखते हुई कड़ी होकर उसे देखने लग जाती है.....





आपने तो मुझे पागल hi बना दिया है

तब आरती मुस्कुराती हुई कहती है

अच्छा ऐसा क्या है मुझमे जो तुम पागल बना दिया है......

आरती ये सवाल बड़ी अदा के साथ नवाज़ के आखो मई देखती हुई पूछती hai.....wo आरती के थोड़े करीब आ जाता है.....

क्या नहीं है मैडम ये pucho......Apka ये दूध जैसा गोरा बदन छू भी लो तो कला पद जाए..... आपकी ये नशीली आँखे किसी को भी नशा चढ़ जाए inse.....Apka ये हसीं चेहरा.... दिल करता है इससे देखते हे राहु.....

आरती शतमाते हुए कहती है ...

और ....

आपके ये कातिल मुस्कराहट मुझको दीवाना बना लिया है isne......Apke ये लाल रसीले हूंत..... कितना रास भरा होंगे इनमे .... जी करता है इन्हे खा जाऊ........

आरती बीएड पाई बैठ जाती है और शरमाते हुई कहते है.. नीचे देखकर

और ....





आपकी ये पतली नाजुक कमर....

आपका ये मदमस्त फिगर... बिलकुल हिसाब से बना हे आपका बदन.... हर जगह जितना होना चाहिए उतना हे चर्बी hai....uppar से आपके शरीर के उपभार माशा अल्ला क्या कहा जाईए.... किसी को भी अपना आशिक़ बनाने के लिए काफी hai......Badi फुर्सत से बनाया होंगे आपको भगवन ने मैडम जी.....

अपना चेहरा शर्म के मारे अपने दोनों हाथो मई छुपा लेती है.... और कहते है

बास भी करो aab..kitne तारीफ करेंगे मेरी…

नहीं बचा है अभी

नहीं सुनना मुझे

ऐसा कह के आपने चहरे पर का हाथ हटा कर उठ जाती है पर सामने खड़ा था नवाज़.. उसकी नज़र नवाज़ पाई पड़ती और नवाज़ की उसपर..





दोनों एक दूसरे की आखो मई देख रहे the…aarti का दिल जोरोसे धड़कने लगा.. ….

पर मुझे सुनना है

उसके चेहरे पर एक कातिल मुस्कराहट आ जाती है…





पर मुझे नहीं सुनना

नवाज़ को आरती के बदन की खुसबू और उसकी ादन्ये पागल कर रही thi.......wo थोड़ा और आगे आ जाता है... अब दोनों के बीच बिलकुल काम फैसला था .... नवाज़ की हिम्मत थोड़े बाद चुकी थी.. वो उस के थोड़ा और करीब आता है और अपना चेहरा करीब लता है.....

आप सुनो न

आरती शरमाते हुए एक अदा के साथ मुद जाती है.. ...





और थोड़ा बाजु जाके नवाज़ के तरफ अपनी नंगी गोरी पीठ करके कड़ी हो जाती है....
 
नवाज़ आरती के पास जाता hai..aur वो आरती के पीछे जाकर उस के कान मई धीरे से बोलता है....

क्या हुआ मैडम जीई.... .....

आरती की धड़कने बहुत तेज चल रही thi.wo खुदको कण्ट्रोल नहीं कर पा रही thi....aarti कुछ नहीं बोलती बस चुप चाप शरमाते हुई नीचे देखती रहती है.....

अब वो उसके तरफ पिट करके वो कड़ी थी.. फिर वो थोड़े जुख के बेडशीट उठा के उसे बीएड पाई बिछा देती है.. और उसपे दो बड़े टॉवल दाल देती है और नवाज़ की तरफ देख के बड़े स्टाइल से हाट इशारा करती है.. बीएड पाई लेटने का





चहरे पर उसके स्माइल थी.. उसका इशारा नवाज़ समाज जाता है और बीएड पाई लेट जाता है..

लेट कर आरती की और गर्दन घुमा कर देखने लगा.. अगले hi पल आरती उसके करीब आयी और उसके बगल मई बैठ गयी.. और तेल की बोतल खोल के जैसे hi उसने नवाज़ के पिट पर तेल डाला की नवाज़ चिल्ला उठा

अह्ह्ह्हह memsaab…bahut गरम है..

और अपनी आँखे बंद किये.. आरती फिर बोतल को हाट लगा कर देखने लगी तब वो खुद से कहने लगी..

ये तो गरम नहीं लग रही है फिर इससे तेल गरम कैसे लग रहा है.. फिर छोटा सा मू करके कहते है..





बहुत गरम है क्या

हाँ..

अब आरती को क्या करे कुछ सूज नहीं रहा था.. फिर नवाज़ ने अपनी आँख खोल di..nawaz की आँख खुलते hi आरती ने अपनी नजर नवाज़ की नजरो की तरफ कर दी.





दोनों की नजरे मिली कुछ सेकंड के लिया. फिर आरती ने अपनी नज़र निचे करते हुई कहा.

बहुत दर्द कर रहा है क्या

हाँ न मेमसाब

तब वो आपने हाट उसके पिट पर रखते है वैसे hi नवाज़ कराह उठता है.. ऐसे hi 2-3 बार उसका हाट लगते hi नवाज़ कराह उठता है… अब आरती पूरा टेंशन मई आ जाती है.. अब वो सोचने लगते है.. अब मई कैसे मालिश करू इसकी.. तब वो सोचते है मैंने तेल उसके पिट पाई डाला है क्यों न मई इसके पैरो की मालिश करू.. यही सोचकर वो उसके पेअर पाई हाथ रखते hi वैसे नवाज़ जोर से चिल्ला उठा

ाएहा मेमसाब बहुत गरम है ..

तब वो सोचने लगी.. अब इसे क्या हो गया .. अब तो गरम तेल भी नहीं लगाया इसे फिर भी क्यों कह रहा है गरम है.. यही सोच कर वो नवाज़ को देखने लगी..





नवाज़ का मू ऐसा बना हुआ था की जैसे उसे बहुत दर्द हो रहा hai..tab नवाज़ को वो कहते है..

तेरे पेअर को तो मैंने ये गरम तेल भी नहीं लगाया फिर भी तुम गरम तेल कैसे महसूस हो रहा है

इतना हॉट माल अगर मेरे बॉडी को अआपने हातो से टच करेगा तो मुझे गरम hi लगेगा न मेमसाब

ऐसा कह के उसका चेहरा देख के नवाज़ जोर जोर से हँसाने लगा.. तब वो गुस्से से नवाज़ को देखते है..





और उसके कमर मई जोर से चपत मरते है

...

कमीने कही के..

और फिर तेल आपने हाट मई डालकर नवाज़ के पैरो पर लगाने लगे.

धीरे धीरे मालिश करिये मेमसाब . मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

तब उसे गुस्से से कहती है .. जरा नखरा दिखाकर

अब और ज्यादा नौटंकी की न बहुत मरूंगी

अब वो नवाज़ के पैरो की धीरे धीरे मालिश करने lage.nawaz के पैरो की मालिश करने के लिए उसे आगे पीछे होना पड़ता था इस वजह से उसकी बॉडी हिलती उनके हिलने से उसके मम्मी भी हिलने लगते. ये देख के नवाज़ को बहुत मज़ा आ रहा था और शयद ये आरती जान भी गयी थी..

बहुत मस्त लग रहा मेमसाब

तब अड्डा दिखाकर कहती है

मस्त लग रहा है

मतलब आपके चिकने हाट से मेरे पिट की मालिश बहुत मस्त लग रही है

ता नखरे से धीरे से उसके पिट को मरती है

आपने आदत से बज नहीं आओगे न तुम

क्या करे आदमी हु.. और आदमी आपने आदत के आगे मजबूर होता है

हाँ पता है.. किस तरह के आदमी हो तुम

किस तरह का आदमी हु मई

किस तरह

ऐसा सोचने की एक्टिंग करते हुई कहते है

लफड़ेबाज़

और हँसाने लगी

अब आप से क्या छुपा है.. आप को तो सभी पता hi है.. और रही सही बात आप की प्यारे सहेली आप को बता देते hi है

हाँ हमारे फ्रेंडशिप है hi उतने उच्च लेवल की

हाँ मानना पड़ेगा आप के फ्रेंडशिप को मेमसाब

हाँ मानना तो पड़ेगा hi

वववव मेमसाब यू अरे तू good...neeta तेरे एक माइड है फिर भी तूने वो कुछ नहीं देखा और नीता के साथ अपनी अच्छी फ्रेंडशिप निभाए

तब उसकी और देखते हुई कहते है..





इंग्लिश काफी अच्छी बोल लेते हो

इंग्लिश मूवी का असर

और हँसाने लगा तब उसके कंडे को मरकर कहती है

गंदे कही के

उसने उसे गन्दा कहा पर कही न कही उसको नवाज़ के साथ बात करना अच्छा लग रहा था

पर उस बेचारे को तो अपना दीवाना बना दिया तुमने..

अब क्या करे उसको भ गया मई

उसको या तुजे वो

दोनों को कह सकती हो
 
वो जोर से मालिश करती है

धीरे से कुटिया

आपने मालकिन को कुटिया बोलने को शर्म नहीं आती क्या तुम

आपने hi मुझे कुत्ता कहा और खुद को कुटिया

ये दर्द की वजह से कह रहे हो या रेस्पेक्ट है

क्या

मुझे जो आप कहा वो

अगर तू चाहती है मई तुजे तू कह के बुलाऊ तो वैसे hi बुलाऊंगा

उसके पिट मई जोर से दबती है तब उसके हाट की जो एक सोने की बंगले थी वो जोर से नवाज़ को लगती

अह्ह्ह.. धीरे न

मेरे चाहने से hi तोडा क्या होगा .. तुम तो वही करोगे जो तुम चाहते हो मेरे कहने से तुम तोड़े hi बदलने वाले हो अब वही होगा जो मंजूरी नवाज़ होगा.. हैं न नवाज़ मिया

ये तो मंजूरी खुदा वाले डायलाग जैसा हो गया

आह्ह्ह्ह लगता है मूवी का बहुत असर है तुम पर

वैसे कोण है तुम्हारा फेवरेट हीरो

सरक

और तुम्हारा

सरक

पर सरक तो रोमांटिक हीरो है रोमांस का बादशाह है

क्यों मई क्या रोमांस के बादशह को पसंद नहीं कर सकती क्या

कर सकरी हो पर तेरे कॉलेज लाइफ मई कोई रोमांस नहीं था न इसलिए कहा

ऐसा किसने कहा तुम

तुमने

मैंने कब कहा

मैंने पूछा था तब तो तूने कहा न की शादी के पहले मेरा कोई अफेयर्स नहीं था.. छोटे मालिक hi पहला प्यार है

हाँ कहा था

और अब कहा रहे hi रोमांस था तेरे कॉलेज लाइफ मई

रोमांस क्या अफेयर्स करने से hi लाइफ मई आता है क्या

मुझे लग रहा है तू पूरी पागल बना के छोड़ेगे मेरे को ..

ऐसा कहते hi आरती हँसाने लगी

भला मई क्यों तुम पागल बनाउंगी तुमने hi नीता को आपने प्यार मई पागल बना दिया है

हां ये बात है

वैसे कितने को पागल बना चुके हो अब तक

काउंट तो नहीं किया

फिर भी

होगी 15-20

तब उसके पिट को जोर से मरती है

शर्म नहीं आते है ऐसे कहने से

अब क्या और कैसे शर्म

15 लड़कियों से अफेयर्स रख चुके हो और मुझे बेशर्मो की तरह बता भी रहे हो

अब तूने पूछा तो मैंने बताया..

अच्छा जी.. मतलब मई पूछते नहीं तो बताते नहीं

क्यों बताता

अच्छी फलसफा है तेरे

हाँ मेरे फलसफा बहुत अच्छी होती है पर तूने जो कहा उसमे एक करेक्शंन है

वो भला क्या

15 लड़कियों से मेरे अफेयर्स नहीं है

तो

उसमे कुछ तेरे जैसे लेडीज और आंटी भी है

तब शरमाते हुई उसको मरती है

तुम्हारे जैसे का क्या मतलब हाउ तुम्हारा

तू लड़की नहीं है न आंटी है न

आंटी लगती हु क्या तुम

नहीं

फिर क्यों कहा

हाँ लेडीज कहाँ था अब लड़की तो नहीं रही तू

हाँ पर

पर क्या

कुछ नहीं

आरती ये बीएड तेरे को क्या दहेज़ मई मिला है क्या

तुम क्या करना है उससे

जितना पूछा उतना बोल न

तुम क्या मेरे हस्बैंड हो क्या जो ये बोल रहे हो जितना पूछा है उतना बोलो

बोल

तब हसते हुई कहते है

हाँ हां बोल

हस्बैंड तो नहीं हु

फिर

पर

पर क्या

बनाना चाहता हु

तब उसके शोल्डर को मरती है

मेरे हस्बैंड बनाने की खाविश मत रखो ये कभी नहीं होगा

हाँ वो तो है.. हमारा इतना नसीब कहा जो आप जैसे बीवी… क्या बोलते है तुम्हारे मई…

धर्मपत्नी

हाँ हाँ वही धर्मपत्नी .. तुम्हारे जैसे धर्मपत्नी हो

धर्मपत्नी जाने दो पहले लवर तो बनो

वो भी चलेगा

मई मेरे नहीं नीता और वंदना की बात कर रही हु

उन दोनों का तो हु hi आलरेडी

तीसरे का बनाने का खाविश रखते हो क्या फिर

हाँ.. क्यों नहीं

वैसे उन्दोनो मई तुम सबसे ज्यादा पसंद कोण है

दोनों hi

फिर भी

फिर भी क्या मेमसाब दोनों मेरे लिए शामे hi है

और तीसरी आ गयी तो

तीनो शामे

तब उसके पीठ को जोर से मरते है

बदमाश

वैसे मेमसाब तीसरी आ गयी तो तीसरी hi ज्यादा पसंद होगी

वो भला क्यों

उसके वजह बटु

हां

बताओ

तभी नवाज़ के मोबाइल पाई वंदना का कॉल आता है.. मोबाइल बाजु मई बीएड पाई hi था.. स्क्रीन पाई वंदना का नाम और फोटो देखकर आरती चौंक गयी..

जैसे hi कॉल वंदना का है नवाज़ देखता है तब वो गर्दन घुमा के आरती की तरफ देखता है .. आरती भी नवाज़ को देखने लगी..





तब जरा वो नाराज़ थी पर वो अपनी नाराज़गी नवाज़ को दिखाना नहीं चाहती थी..

मुझे क्या देख रहे हो.. उठा लो तुम्हारी माशूका है..

मोबाइल बीएड पाई था तब.. नवाज़ रेसवे का बटन दबा देता है.. और स्पीकर पाई रख देता है .. क्यों की वो लेता हुआ था..

कहा हो

कहा रहूँगा.. हवेली पर..

तेरे रूम मई या अंदर

अंदर..

बड़े शेठ जी है क्या वह पाई

नहीं

भाभी

हाँ है

भाभी के साथ अकेला है क्या

तब नवाज़ आरती की तरफ देखता है..

हाँ

कही भाभी को पता तो नहीं लिया न

तब वो गुस्से से नवाज़ को और मोबाइल मई देखने लगते है..





आरती गुस्से से देख रही है ये देखकर कहता है

पागल हो गयी है क्या.. कुछ भी कह रही है

तब वंदना हँसाने लगते है

मजाक कर रही थी.. एक्चुअली मैंने तुजे गुड न्यूज़ सुनाने के लिए कॉल किया तह

तब आशर्य से आरती नवाज़ को देखने लगी





हुए उसे पूछने लगती है.. धीरे से..

कोनसी गुड न्यूज़

मुझे क्या पता

तब नवाज़ वंदना को कहता है

कोनसे गुड न्यूज़

वो न..

और शर्माने लगती है

.

बोल न

पर वो कुछ नहीं कहती

तब नवाज़ की और देखते हुई चहरे पर स्माइल करते हुई आरती कहते है





इसको भी क्या

नहीं नहीं

कहता है..

तब उधर से वंदना कहती है

मई माँ बनाने वाली हु नवाज़..

नवाज़ का चेहरा गिर जाता है और ये दोनों लेडीज का चेहरा खिल ुआतता है.. वो कुछ कह नहीं पा रहा था.. एकबार वो आरती को देखता और एक बार वो मोबाइल को.. वो क्या बोले उसे समाज नहीं आ रहा था .. तब आरती कहती है..

नहीं नहीं कह रहे थे न.. फिर..

ये कैसे हो गया पता hi नहीं चला

आटोमेटिक होगया क्या.. रात रात भर उसके साथ रहोगे तो यही होगा न..

तभी वंदना कहती है

क्या हुआ मेरे राजा.. खुश नहीं हो क्या..

तब एक्टिंग करते हुई आरती कहती है..

मेरे राजा

तभी वंदना कहती है

बोलो न

हाँ बहुत खुश हु

थैंक यू नवाज़ .. अब हम निकाह कर सकते है.. पापा नहीं रोक सकते अब..

तब नवाज़ आरती को देखता है.. अब आरती के चहरे पर 12 बज गए थे अब उसका पूरा चेहरा उतर चूका था..



 आरती का चेहरा जो अब तक खिला ता वो कब गिर चूका था..

बोलो न राजा.. ाभ हम आराम से निकाह कर सकते है न

निकाह??

ऐसा कह के आरती को देखने लगता है..

हाँ.. अब क्या प्रॉब्लम है..

प्रॉब्लम नहीं है पर गाँव मई लोग क्या कहेंगे

कुछ नहीं कहेंगे..

हम्म्म

तब वंदना कहती है

लगता है मम्मी आ गयी है मई बाद मई करती हु

आरती ने मालिश रोक दी और सर झुककर कुछ सोचने लगी.. फिर 3-4 मिनट दोनों कुछ नहीं बोले.. चुपचाप खड़े रहे.. दोनों की शांति भांग वंदना के कॉल से हुई..

हाँ वंदना

ऐसे कहते hi आरती गर्दन ऊपर करके नवाज़ को देखने लगी..

और क्या कर रहे हो

कुछ नहीं बैठा हु

बैठे हो.. कहा भाभी के बहो मई..

नवाज़ कहता है

नहीं नहीं

वैसे भाभी कड़क माल है.. तुम जैसा चाहिए वैसा.. एक दम परफेक्ट फिगर.. और अगर तूने उसे छोड़ भी दिया तो कोई रिस्क नहीं है और कोई तुम दोनों पाई शक भी नहीं कहेगा.. क्यों की भाभी का रेपुटेशन ऐसा है.. कोई गाँव मई ये कह नहीं सकता की भाभी का अफेयर होगा.. सब उनके भरोसा करते है.. बड़े पापा और भैया भी.. अगर वो प्रेग्नेंट भी हो गयी तुज से तो कोई टेंशन नहीं है.. सब समझेंगे की भैय्या ने प्रेग्नेंट किया है..





वंदना ने इतना कहने के बाद आरती नवाज़ की तरफ गुस्से से देखने लगी.. और अब नवाज़ के पास कहने को कुछ नहीं था..
 
वंदना ने इतना कहने के बाद आरती नवाज़ की तरफ गुस्से से देखने लगी.. और नवाज़ के पास कहने को कुछ नहीं था..

फिर भी माहौल संभालने के लिए वो कहता है

आरती तू न वंदना के बातो पाई ध्यान मत दो. उसे तो ऐसे hi बड़बड़ करने की आदत है.. कुछ भी बोलती है.. बोलते वक़्त कुछ सोचती नहीं है..

नवाज़ के ऐसे कहने के बाद वो कुछ नहीं कहती सिर्फ उसे देखने लगती है..





आरती भी इमोशनल हो गयी .. वो उसकी और देखते हुई बोली





नवाज़ तुम भी बहोत अच्छे हो .. तुम से पहले मैंने इस गाँव मई किसी पराये आदमी से बात तक नहीं की थी.. जब से इस गाँव मई शादी करके आयी हु मई अकेले बोर होती थी.. जबसे तुम काम करने हवेली आने लगे मुझे अब बोरियत फील नहीं होती

इतना कहकर आरती के हाथ नवाज़ की तइस पर चले गए..

मेरे होते हुई तू अब बोर नहीं होंगे आरती

इतना कहलार नवाज़ उसके हाट पाई आपने हाट रख देता है..

तब शर्माकर निचे देखने लगी..





वो आपने हाट नवाज़ हाट के निचे था उसको चुरा कर बाजु कर देती है और उसके झांग पर मालिश करने लगी.. इससबार और ज़ादा मज़े से करने लगी.. नवाज़ का लुंड अब पूरे स्पीड मई आ गया था .. वो बहार आने के रेडी था पर वो उलटा सोया हुआ था इस वजह से वो नीसह की तरफ tha..isliye आरती देख नहीं पायी.. आरती कहा देख रही है ये देखकर नवाज़ आपने लुंड ुंदरपनत मई एडजस्ट करता है .. पेट के नीचे से हाट दाल कर..

आरती बिना कुछ कहे निचे देख कर उसके तइस सहलाती रही .. तब नवाज़ ने फिर से आरती के हाट पर हाथ रखा और धीरे धीरे सहलाने laga.....aarti ने कुछ नहीं कहा..

क्या हुवा आरती . लगता है तू कही खो गए हैं. मुझे दर्द हो रहा है मेरे दर्द को दूर कर न .

तब नवाज़ की और देखते हुई कहते है





कर रही हु न

कहा कर रही हो.. एक जगह पाई थो तुम्हारा हाट है.. चल hi नहीं रहा है

ठीक है चलती हु

नाराज़ होक कहती है

सच मई दर्द हो रहा है दर्द दूर कर न

तब नखरे से कहती है

मई क्या तुम्हारे दर्द की दवा हु क्या

नहीं तो क्या.. आज से तू hi मेरे हर दर्द की दवा

तब उसके थेइ पाई मरती है

धत बेशर्म

मई अगर तुम्हारी जगह होता और तू मेरे जगह पाई तो तेरे अच्छे से मालिश करता

कैसे करते अच्छे से मालिश

अरे आरती मैं सिर्फ तुम्हारे पेअर नहीं तुम्हारा पूरा बदन दबा देता .

नवाज़ की आँखों में देखकर आरती कहती





क्या मतलब है तुम्हारा नवाज़.

अरे आरती मेरा मतलब ये है की अगर तुम्हे कभी भी चोट लगे या कभी भी कही भी दर्द हो तो मुझे बताना मैं उस दर्द को दूर कर doonga…main मालिश बहुत अच्छी करता हूँ . कभी जरूरत हो तो बताना.

नवाज़ की बात सुनकर आरती ये तो समझ गयी की नवाज़ उसपर लाइन मरने की कोशिश कर रहा है . लेकिन वो अनजान बने हुए बोली.

तुम भी न नवाज़.. कैसा मज़ाक करते हो..

मज़ाक नहीं सच बोल रहा हु

भला मई क्यों मालिश करवाउंगी तुमसे . तुम इतना hi मालिश करने का शोक है तो नीता नहीं तो वंदना का करो.. नहीं तो कोई और होगी तो उसका करो.. मेरे मालिश क्यों करना चाहते हो

मैं तो इसलिए बोल रहा था की आपने प्यारी से सुन्दर सी मालकिन की सेवा करू ..थोड़े से.. इस मई आप को कोई दिक्कत है तो रहने दीजिये..

अच्छा जी.. फिर रहने hi दो..

ारे तू तो बुरा मान गयी ,. मैं तो इसलिए बोल रहा था की अगर मान लो तुजे कुछ हुआ या कही दर्द हुवा तो मालिश से तुम रहत मिलेंगे

अच्छा

और मैं तेरी सेवा कोई फ्री में नहीं कर रहा हूँ इसके लिए मुझे कुछ चाहिए.

इतना कहने के बाद नवाज़ ने फिर से आरती की चूचियों पर अपनी नज़र गदा दी. नवाज़ की नज़र को अपनी चूचियों पर महसूस कर आरती ने सोचा.. नीचे गर्दन करके..





कही नवाज़ मेरी चूचियों को hi न मांग ले, फिर अपनी सोच पर मन hi मन मुस्कुराई और अनजान बनते हुवे boli.hansti हुई..

तुम तो बड़े चालक हो नवाज़ . किसी की सेवा विथाउट स्वार्थ भाव से की जाती है.. लेकिन तेरे को तो अपनी मेमसाब की सेवा के बदले में मेवा चाहिए. अच्छा बताओ तेरे को इस सेवा के बदले में क्या चाहिए.

ये मैं वक्त आने पर तुमसे मांग लूंगा. और मुझे उम्मीद है की तुम मुझे निराश नहीं करोगी.

ये कैसी बात कर रहे हो नवाज़ . मैं तेरे को वो सबकुछ दूंगी जो तू मुझसे मांगोगे . इतना भरोषा तो है न तेरे को मुझपर.

भरोसा है आरती. तभी तो एक उम्मीद के साथ तुमसे कह रहा हूँ.. पर आरती मेरे चक्कर में तेरे को बहुत तकलीफ हुई है न

कोनसी तकलीफ

मालिश की वजह से

मुझे भला क्यों तकलीफ होगी. बल्कि मई तो खुश हु मेरे वजह से तुम्हारा दर्द दूर हो रहा है.. मेरे लिए ख़ुशी की बात और क्या हो सकती हैं. मुझे तुम्हारा पेअर दबाकर बहुत अच्छा laga.waisi अब तुम्हारा दर्द कैसा है.

दर्द तो बहुत काम हो गया है ..अब आराम लग रहा hai.par तुम तकलीफ हुई मेरे वजह से

तब उसकी तरफ देखते हुई कहते है





मेरे तकलीफ की तुम टेंशन न लो जो भी तकलीफ मुझे होगी एक दिन सूद समेत तुमसे वसूल कर लुंगी.

कर लेना

ऐसा कह के नवाज़ ने आपने पेअर उठाकर आरती की गोंड मई रखा मतलब उसके जांघो पर रख दीया .. अब भी वो उलटा लेता हुआ था.. पेट के बल.. वैसे hi उसने आपने पेअर आरती के झंगो पर रख दिया.. तब आरती ने कुछ नहीं कहा पर झट से पेअर निचे रख दिया..

फिर थोड़े देर बाद आपने पेअर उठाकर उसके जंगो पर रख दिया
 
मेरे तकलीफ की तुम टेंशन न लो जो भी तकलीफ मुझे होगी एक दिन सूद समेत तुमसे वसूल कर लुंगी.

कर लेना

ऐसा कह के नवाज़ ने आपने पेअर उठाकर आरती की गोंड मई रखा मतलब उसके जांघो पर रख दीया .. अब भी वो उलटा लेता हुआ था.. पेट के बल.. वैसे hi उसने आपने पेअर आरती के झंगो पर रख दिया.. तब आरती ने कुछ नहीं कहा पर झट से पेअर निचे रख दिया..

फिर थोड़े देर बाद आपने पेअर उठाकर उसके जंगो पर रख दिया

तब आरती हस्ते हुई कहती है





क्या चल रहा है तुम्हारा

तब गर्दन घुमा के आरती को देखता है और कहता है

कुछ भी तो नहीं

पर मुझे लग रहा है बहुत कुछ चल रहा है तुम्हारा

ऐसे कहते हुई आरती फिर से पेअर निचे रखती है

बहुत कुछ क्या

सुना है आज कल बड़ी मौज मस्ती चल रही है तुम्हारे जिंदगी मई..

मौज मस्ती!!!! कैसे मौज मस्ती..

मौज मस्ती नहीं तो क्या.. रात मई मज़े के लिए वंदना है और दिन मई नीता है

वो कुछ आगे बोल पति उससे पहले hi नवाज़ बोल पड़ा..

और मालिश के लिए आरती मेमसाब

तब उसका हाट पकड़ के जोर से आरती ने मरोड़ दिया

आह्ह्ह्हह्हह्हआआ… स्स्स्सस्छ्हःहः.. क्या कर रही है तू … .

ऐसा करके वो अपनी नाराजगी दिखा रही थी..

ये जरा ज्यादा नहीं हुआ क्या

क्या ज्यादा

मई क्या उन्दोनो जैसे हु क्या

मतलब

तब उसको देखते हुई कहते है





मतलब ये की बच्चू तुमने उन्दोनो के साथ मज़े किये.. और पहले नीता को प्रेजेंट किया और अब वंदना को प्रेग्नेंट किया.. मुझे क्या उन्दोनो जैसा समाज रखा है क्या

आरती अभी भी उसका हाट पकड़ के मरोड़ रही थी इस वजह से उसको दर्द हो रहा था

आअह्ह्ह्ह आरती मैंने ऐसा कब कहा और ऐसा कुछ किया चामरे साथ. . और मई कहा तुम प्रेग्नेंट कर रहा हु.. तब और जोर से उसका हाट मरोड़ देती है

तुमने मुएज क्या समाज रखा है .. तुम और मुज को प्रेग्नेंट करोगे.. तुम भूल रहे हो मई कोण हु.. आरती अग्रवाल हु.. इस बड़े हवेली मालकिन.. तुम्हारी मालकिन

तब नवाज़ कहता है

सॉरी आरती

ठीक है सॉरी कहा इसलिए चोर रही हु

और वो हँसाने लगी





तब उसे देखकर नवाज़ कहता है

बड़ी हसी आ रही है तुजे

तब आरती हास्के बोलने लगी..

तुम याद है

क्या

ा- नीता के प्रेजेंसी के वजह से हमारा जगदा हुआ था

न - हमारी फरिस्त फाइट

ा- हाँ हमने उसके 3 दिन बाद बात नहीं की

न - हाँ

हमारी बात फिर से सुरु क्यों हुई पता है

क्यों हुई

अरविन्द जी के वजह से

तब नवाज़ कहता है

थैंक यू छोटे मालिक

तब नवाज़ की और देखते हुई कहते है





मेरे हस्बैंड को क्यों थैंक यू कह रहे हो

क्यों की उनोने बातचीत सुरु की नहीं होते तो आज ये फ्री की मालिश थोड़े hi न मिलते.. एक बार फिर से धन्यवाद छोटे मालिक

तब आरती उसको मरती है

बेशरम

तब फिर से उसके झांग पर आपने पेअर रखता है

तब उसके आँख आटोमेटिक बंद होते है





फिर आँख खोल के कहती है

सुदरोगे नहीं नाह

फिर रहने दो

ठीक है बाबा.. जैसे तुम्हारी मर्ज़ी वैसा करो

नवाज़ गर्दन घुमा का कहता है

पक्का

आरती स्माइल करते हुई कहते है





मई पेअर रखने को लेकर कह रही थी.. ज्यादा आगे का मत सोचो

सोचा तो क्या प्रॉब्लम है

बहुत बड़ा प्रॉब्लम होगा

क्या प्रॉब्लम होगा

तुम भी जानते हो और मई भी

मुझे तो कोई प्रॉब्लम नहीं लग रहा है

तुम तो नहीं लगेगा न

वो क्यों

वो तुम पता होगा मुझे नहीं

मुझे तो पता नहीं तुम hi बोलो

तुम किसी की बहु और किसी की बीवी नहीं हो

ये तो बात सही हटाई

आरती तुमसे एक बात पुछु

हाँ पूछो

तुम इतने आसानी से मान कैसे गयी

तब उसके पिट पर 5-6 बार चपत मरने लगी..

हे हे मैं कब मान गयी

ारे मालिश के लिए कह रहा हु

तब शर्मा के कहती है

तू इतना ज़िद कर रहे थे सोचा आपने ससुर के प्यारे नौकर को को क्यों नाराज़ करू

मैंने कहा ज़िद ki..ek बार तो कहा

तब शर्मा के उस को देखते है और फिर चहरे पर नखरा दिखते हुई कहते





तुमने एक बार कहा और मई मान गयी ऐसे hi न

नवाज़ कुछ नहीं कहता सिर्फ उसे देखने लगा

फिर रहने दो.. मई नहीं करती तुम्हारी मालिश

ऐसा कह के वो उतने लगी

तब उसका हाट नवाज़ पकड़ लेता है

करो न.. तुम्हारे मालिश बहुत मस्त है.. चामरे जैसे सेक्सी

नवाज़ ने ये बात हँसते हुवे कही थी. जिसका मतलब आरती अच्छी तरह से समझ रही थी. लेकिन वो कोई बात न करते हुवे सिर्फ मुस्कुरा दी और फिर से निचे बैठ गयी
 
करो न.. तुम्हारे मालिश बहुत मस्त है.. चामरे जैसे सेक्सी

नवाज़ ने ये बात हँसते हुवे कही थी. जिसका मतलब आरती अच्छी तरह से समझ रही थी. लेकिन वो कोई बात न करते हुवे सिर्फ मुस्कुरा दी और फिर से निचे बैठ गयी.. और उसके और देखते हुई कहने लगी..

नवाज़ अब बस मालिश .. तुम्हारी मालिश पूरी हो गयी है और मई थक भी गयी हु.. और मेरे हाट भी दर्द करने लगे है तुम्हारी मालिश करके

थोड़ा सा और करो न ... तुम्हारी मालिश से बहुत मज़ा आता है ..

बहुत मज़ा आता तो क्या मई दिनभर तुम्हारी मालिश करते बैठु क्या





बड़ी ऐडा के साथ उसके और देखते हुई आरती कहते है

मैंने ऐसा तो नहीं कहा

फिर तुम चाहते क्या हो

थोड़े देर और मालिश.. फिर तुम आज़ादी

धन्यवाद गुरूजी..

कहके हँसाने लगी





आज आरती कुछ अलग दिख रही थी.. उसके चेहरे पर अलग सी ख़ुशी थी.. जो इस से पहले कभी नहीं दिखी थी..

फिर उसने हाट मई तेल की बोतल ली और उस मई से बहुत सारा तेल उसके पिट पर दाल दिया

इतना भी तेल मत दाल मेरी कुटिया की पुराने वाले तेरे कुत्ते को जवाब देना मुश्किल हो न जय

तुम उसकी टेंशन न लो..

और जोर जोर से मालिश करने लगती है.. उस वजह से उसके बंगाल की आवाज़ जोर जोर से होने लगी..

तुम शर्म नहीं आती.. पहले तो आपने मालकिन को कुटिया कह रहे थे और अब आपने छोटे मालिक को कुत्ता कह रहे हो

अब मालकिन hi अगर मेरी कुटिया बनाना चाहा रही है तो

मालकिन नहीं बनाना चाहा रही है पर नौकर बनाने पाई तुला हुआ है

तो मालकिन को नौकर की कुटिया बनाने मई क्या दिक्कत है

तब उसकी आँखों मई देखते हुई कहते है





क्यों की उस कुत्ते नौकर की आलरेडी 2 कुटिया है

तो ये बात है

हाँ जी

अगर कुटिया मालकिन के लिए कुत्ते नौकर ने उसके 2 पुराणी कुटिया को चोर दिया तो क्या मालकिन उस नौकर की कुटिया बनेगी

तब उसके पिट पाई जोर से चपत लगाके कहते है..

मालकिन को न आपने कुत्ते नौकर पाई न भरोसा नहीं है

तब नवाज़ अपने गंदे हाथ आरती के गोर पेअर पर रख लिया.. मतलब एंकल पर.. और वह मालिश करने लगा..

तब उसकी और देखने लगी..





हम यहाँ तुम्हारे मालिश के लिए है या मेरे मालिश के लिए

तेरे

तब हँसाने लगी

बदमाश

पर आपने पैरो पर का नवाज़ का हाट नहीं हटाया

तब उसके पैरो पर की उसे साडी थोड़ी उप्पर कर ली.. एंकल से थोड़ी उप्पर.. और उसके कोमल पैरो की मालिश करने लगा..

भरोसा क्यों नहीं है

क्यों की नौकर भरोसे के लायक नहीं है

और उसके पैरो को पकड़कर अपनी गोंड मई रखा.. मतलब अपनी और खिंचा और धीरे धीरे उन दबाने लगी..

लगता है मालकिन साहिबा को कोई गलतफैमे हुई है आपने नौकर को लेके

कोई गलतफैमे नहीं है.. नौकर को सुंघाने की आदत है.. नौकर है न नयी नयी लेडी को सुंघाने की आदत है.. उसके पीछे भागने की आदत है ये मालकिन को अच्छे से पता है..

अगर कुत्ते ने प्रॉमिस किया तो

तब आरती हँसाने लगी
 
लगता है मालकिन साहिबा को कोई गलतफैमे हुई है आपने नौकर को लेके

कोई गलतफैमे नहीं है.. नौकर को सुंघाने की आदत है.. नौकर है न नयी नयी लेडी को सुंघाने की आदत है.. उसके पीछे भागने की आदत है ये मालकिन को अच्छे से पता है..

अगर कुत्ते ने प्रॉमिस किया तो

तब आरती हँसाने लगी..





तब नवाज़ आरती के तरफ देखता है .. उसके होंटो

पर अलग से मुस्कान thi…..usko देखते हुई कहता है..

आप के हाथो में तो सच में जादू है.. खाना तो एक डैम बोहोत भेड़िया बनती हो आप.. .. तबियत हरी हो गयी आप का खाना खा kar..aur अब मालिश भी एक नंबर कर रही हो..

तब आरती कहती है

अच्छा

और जोर जोर से मालिश करने लगती है.. उस वजह से उसके बंगाल की आवाज़ जोर जोर से होने लगी

तब वो आपने मोबाइल लगाके एक हिंदी सांग लगता है

मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां है

थोड़ा ठहरो साजन मजबूरियां है

मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां है

थोड़ा ठहरो साजन मजबूरियां है

मिलान होगा अभी एक रात की दूरियां है

मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां है

थोड़ा ठहरो साजन मजबूरियां है

लम्बी लम्बी ते काली काली रातों में काहे चूड़ियां खनकती है हाथों में लम्बी लम्बी हो लम्बी लम्बी ते

काली काली रातों में काहे चूड़ियां खनकती है हाथों में

न आना तू निगोड़ी चूड़ियों की बातों में लम्बी लम्बी ते काली काली रातों में

ले जा वापस तू अपनी बरात मुंडिया मैं नै जाना नै जाना तेरे साथ मुंडिया ले जा वापस हो ले जा वापस तू अपनी बरात मुंडिया मैं नै जाना नै जाना तेरे साथ मुंडिया सताएगा जगायेगा तू साड़ी रात मुंडिया ले जा वापस तू अपनी बरात मुंडिया

मैं नै जाना नै जाना तेरे साथ मुंडिया आते जाते गली में मेरा दिल धड़के

मेरे पीछे पड़े है आठ दस लड़के आते जाते गली में मेरा दिल धड़के

मेरे पीछे पड़े है आठ दस लड़के

वो ले जाए किसी दिन ये सपेरे नागिन फड़के तेरे पीछे पड़े है आठ दस लड़के है मेरे घुटनो से लम्बी है मेरी छोटी है है मेरी आँख शतरंज की गोटी है

मेरे घुटनो से लम्बी मेरी छोटी है मेरी आँख शतरंज की गोटी है मेरे बाबुल न फिर कहना अभी तू छोटी है तेरे घुटनो से लम्बी तेरी छोटी है तेरी आँख शतरंज की गोटी है मेरे दर्ज़ी से आज मेरी जुंग हो गयी कल चोली सिलाई आज तंग हो गयी ोये शावा शावा शावा मेरे दर्ज़ी से आज मेरी जुंग हो गयी कल चोली सिलाई आज तंग हो गयी

करे वो क्या तू लड़की थी अब पतंग हो गयी तेरे दर्ज़ी से आज तेरी जुंग हो गयी मेरे सैयां किया ये बुरा काम तूने कोरे कागज़ पे लिख दिया नाम तूने कही का भी नहीं छोड़ा मुझे है राम तूने मेरे सैयां किया ये बुरा काम तूने मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां है थोड़ा ठहरो साजन मजबूरियां है

मिलान होगा अभी एक रात की दूरियां है मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां है थोड़ा ठहरो साजन मजबूरियां है

शावा ोये शावा ोये शावा शावा शावा शावा ोये शावा ोये शावा शावा शावा

लग रहा है तुम गाने बहुत पसंद है

हाँ

तेरा कोनसा सांग फवौरीते है

मुझे नए सांग नहीं पुराने सांग पसंद है

पुराण कोनसा

तेरे हर सवाल का जवाब बन जाउंगी

शराबी का फवियर्ते सांग शराबी hi होगा

हां

ऐसा बोल के उसको मोबाइल पाई वीडियो सांग दिखने लगा.. मोबाइल मई देखने के लिए आरती थोड़ा आगे जुख जाती है और वो गण देखते है





आरती आगे जुख के गंगा देखने लगी वैसे hi आरती के मम्मी पर नवाज़ की नज़र गयी.. मालिश के वजह से और आगे झुकने से उसका साडी का पल्लू साइड हो गया tha..jaise hi आरती को लगा नवाज़ उसे hi देख रही थी वैसे hi आरती पीछे हो गयी और नज़रे नीची करके कहते है





अब बस करू?

नवाज़ कुछ बोलता उससे पहले hi आरती का मोबाइल बज uta..call कंचन का था ..

कंचन ने जब कॉल आरती को किआ था तब नवाज़ की टांग ार्थी के थेइ पर थी उसको हटके आरती उठ के रूम के बहार जाती है और कॉल उठा लेती है

hello

Hello मेरे प्यारे भाभी

अच्छा हु दीदी आपने कॉल किया

क्यों .. कुछ किया क्या आपके प्यारे नवाज़ ने

नहीं बाबा

फिर

मई थोड़ा कंफ्यूज हु

अब क्या किया आप के नवाज़ ने

उसने कुछ किया नहीं

फिर

नीता ने

तब कंचन सोचती है .. भाभी को आप का नवाज़ खहने के बाद भी भाभी ने कुछ नहीं कहा.. लगता है इन दोनों का कुछ तो है

क्या किया

वो बीमार पड़ी है.. सो रही है हर मई

फिर तो अच्छा है

क्या अच्छा है

वो नहीं है मतलब आप के रस्ते का कटा आटोमेटिक हैट गया

कोण सा रास्ता और कैसा कटा दीदी

आरती बनाते हुई कहती है

मतलब आप को आप के नवाज़ के साथ बर्थडे सेलिब्रेशन करने जाना था

नहीं नहीं दीदी वो उन दोनों ने फाॅर्स किया था मुझे साथ चलने को क्यों की पापा उन दोनों को अकेले जाने की परमिशन देंगे नहीं न इसलिए उनोने मुझे कहा था

अच्छा ये आप को किस ने कहा

दोनों ने.. मतलब नीता ने और नवाज़ ने भी कहा

मतलब ये प्लान नीता का था और वही अब नहीं है

हाँ

इसलिए आप को लग रहा है नीता को चोर के अकेले नवाज़ के साथ कैसे जाये

हाँ यही कन्फूसिओं है और नवाज़ पीछे पड़ा है

पीछे पड़ा है

मतलब रत लगा रहा है की मेमसाब आप चलो

तो आपने क्या कहा उसे

यही की नीता नहीं है तो मई कैसे औ तुम्हारे साथ

कैसे जाने वाले हो आप लोग

उसके बाइक है न उसपर

फिर तो अच्छा है आप दोनों जाओ

उसके साथ उसके बाइक पाई अकेले जाना वो भी शहर मई और गाँव मई से जाना है किसी ने देखा तो लोग क्या कहेंगे

कुछ नहीं कहेंगे और दोपहर मई निकालो कोई नहीं देखेगा

फिर भी लोग होते है गाँव मई

फिर पिछले वाले रस्ते से जाओ

वो वाला

हाँ भाभी

वो तो बहुत ख़राब है रास्ता

ख़राब है तो नवाज़ के मज़े है

धत बेशर्म

करके आरती शर्मा गयी और कहते है





मई रखती हु

रख लो पर निकलने से पहले मुझे कॉल करो ताकि मई भी निकलू िफ़ यू don't हैवे अन्य इशू

नहीं नहीं मुझे क्या इशू होगा.. आप आओ.. वैसे एक बात पुछु

हाँ दीदी

आप क्या पहन के जाने वाले हो

कुछ सोचा नहीं

उसने कुछ डिमांड राखी है क्या

मतलब

नवाज़ ने कुछ कहा है क्या.. ये पहनो.. वो पहनो बोल के

नहीं अभी तक नहीं

अभी तक नहीं बोलै तो आगे बोलेगा

आप को कैसे पता

गेस

वैसे मई क्या पहनू दीदी

मुझे क्यों पूछ रही हो.. आप के उसको पूछो न

वो तो बिजी होंगे न

बिजी और वो?? किस के बारे मई बोल रही हो आप भाभी..

आप के भैया के बारे मई बोल रही हु

क्या भाभी.. मई आप के सैय्या के बारे मई पूछ रही हु और आप मेरे भैया के बारे मई बता रही हो

उसे भला क्यों मई पूछूँगी

अच्छा जी उसको नहीं तो किसको पूछोगे आप.. भैय्या को

हाँ

नहीं.. अगर भैय्या को पूछोगे तो एक तो भैय्या आप का कॉल नहीं उठा पाएंगे बिकॉज़ ऑफ़ हिज बिजी सचेडूले.. और आप को जिस को पूछना है उसको नहीं पूछ नहीं रही हो

आप को नहीं बोलना है तो मत बोलो पर ऐसे बाते मत करो आप दीदी

मई सच कह रही हु भाभी.. उसको पूछो वो सही से गाइड करेगा आपको और राइड भी

और हँसाने लगी

ठीक है पूछ लुंगी

ऐसा कहती है और कॉल कट करती है
 
नहीं.. अगर बहीय्या को पूछोगे तो एक तो भैय्या आप का कॉल नहीं उठा पाएंगे बिकॉज़ ऑफ़ हिज बिजी सचेडूले.. और आप को जिस को पूछना है उसको नहीं पूछ नहीं रही हो

आप को नहीं बोलना है तो मत बोलो पर ऐसे बाते मत करो आप दीदी

मई सच कह रही हु भाभी.. उसको पूछो वो सही से गाइड करेगा आपको और राइड भी

और हँसाने लगी

ठीक है पूछ लुंगी

ऐसा कहती है और कॉल कट करती है..

फ़ोन कट करने के बाद नवाज़ के पास आरती आके बैठ गयी..





और उसे देखने लगी.. वो जैसे hi बैठ गयी वैसे hi बिना उसके तरफ देख के नवाज़ उसके गोंड मई पेअर रखता है.. आरती कुछ नहीं कहती और न hi उसके गोंड से उसका पाँव उठा के नीचे बीएड पाई रखती न hi उसके पेअर की मालिश करती है.. उसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं है ये देखकर उसकी तरफ देखता है.. आरती भी उसको देखती है..





तब उसको देखते हुई नवाज़ आपने एक पेअर धीरे से आगे पीछे करने लगा.. इस वक़्त नवाज़ का पेअर ठीक उसके झंघ पर था.. इस वजह से पेअर आगे पीछे करने से उसके सॉफ्ट सॉफ्ट झंघ से उसे बहुत मज़ा आ रहा था और इधर नवाज़ के ऐसे करने से आरती को कुछ हो रहा था..

आरती उसके बदन की गरमाहट आपने झंगो पर महसूस कर रही थी.. इस वजह से उसके दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया.. और मदहोशी की हालत मई उसने आपने आँखे बंद कर ली..





वो अब कुछ नहीं कर रही थी.. वो बस उसके पास बैठ कर नवाज़ जो उसके साथ कर रहा था उसका मज़ा ले रही थी..

अब नवाज़ आपने दूसरा पेअर उसके दूसरे झांग पर रख लेता hai..aur उसे भी आगे पीछे करने लगा.. उसके आगे पीछे करने से आरती को बदन की गर्मी बढ़ाने लगी.. तब नवाज़ थोड़ा निचे खिसका. जैसे hi वो थोड़ा निचे खिसका वैसे hi उसके लुंड ने आरती के पैरो को चुवा..

नवाज़ के लुंड का स्पर्श आपने पैरो पर पाकर आरती ने तुरंत आपने पैरो को नवाज़ के लुंड से थोड़ा दूर kiya.matlab वो पीछे हैट gayi.aur चुप चाप रही.. कुछ देर तक नवाज़ की तरफ से कोई हरकत न देखकर आरती ने अपनी आँख हलकी से खोलकर नवाज़ को देखा.. तब नवाज़ उसके चुकी को hi देख रहा था..

नवाज़ अपनी चूचियों को देखता पाकर अपनी आंके फिर से बंद कर ली और आपने पल्लू चुकी पर ठीक कर लिया.. .अब तक नवाज़ ने आपने पेअर उसके झंगो पर हिलना बंद किया हुआ था..
 
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