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नवाज़ ने ऐसे करने से आरती के तन बदन में एक अजीब सा सेंसेशन होना शुरू हो गया ......... आज पहली बार नवाज़ ने आरती का हाथ आपने हाथ मई लिया था.. वो अपनी आँखें बंद करती हुई एक लुम्बी सी सांस लेती हैं और नवाज़ ने अब कुछ वक़्त पहले उसके साथ जो किया था उस के बारे मई सोचने लगी..
उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान तो थी मगर अंदर hi अंदर उसे शर्म भी बहुत आ रही थी .........
नवाज़ के इस हरकत से आरती के दिल और दिमाग में तो जैसे एक तूफ़ान सा उठा हुआ था.. काफी देर तक आरती नवाज़ ने उसके साथ किये हुई एक एक हरकत के बारे मई सोचने लगती है.. नवाज़ उसके घर काम करने जब से आया है तब से उसकी लाइफ में उसका क्या असर पड़ा है उसके बारे मई आरती सोचने लगी.. तब उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती हैं .....

और वो उस मुस्कान के साथ नीचे चली जाती है मेडिकल शॉप पर.. दवाई लेन..
और इधर नवाज़ डॉक्टर सरिता के पास पहुँच जाता है .. सरिता अपने ख्यालों में कहीं खोयी हुई सी थी ..... उसे पता hi नहीं था की नवाज़ उसके करीब आके खड़ा हुआ है और उसे घूरे जा रहा है ...... वो टकटकी लगाए सामने के तरफ बस देखे जा रही थी ...... या शायद कुछ और hi सोच रही थी............
डॉक्टर मैडम .......क्या हुआ आपको...... क्या सोच रहे हो आप
नवाज़ इस बार थोड़ा जोर से बोलता हैं तब सरिता नवाज़ की तरफ एक देखती हैं ..

और बहुत धीरे से कहती है ..
कुछ नहीं
डॉक्टर मैडम मुझे आपसे कुछ बात करनी थी..
तब सरिता उसके और देखते हुई कहते है..
हां करलो पर सर जी के दवाई कहा है
वो आरती मेमसाब लेन गए है..
तुम कुछ काम करते हो या आरती मेमसाब से सब काम करते हो
तब हस्ते हुई नवाज़ कहता है
नहीं मई hi करता हु ऐसे काम पर आपने कहा था न ये काम मेमसाब करे
अच्छा.. वैसे बात क्या करना चाहते हो मुझसे
ऐसे कोई दवा है क्या जिससे लड़की जल्दी पैट जाये
सरिता को इसकी उम्मीद नहीं थी की नवाज़ इतने जल्दी ऐसा कुछ बोलेगा ...
तेरा दिमाग ख़राब है kya..tujhe पता है न अगर मेने शेठ जी को ये सब बता दिया तो वो तुझे क्या कहेंगे ..
सरिता ने गुस्से से बोलते हुए kaha..jab नवाज़ ने देखा की सरिता गुस्सा हो गयी है तब उसने हाट मई मोबाइल लेके मोबाइल का एक वीडियो दिखते हुई बात बदलते हुए कहा ...
मई इस वीडियो के बारे मई बात कर रहा था मैडम.. इस मई जो बाते कहे गयी है वो सच है क्या?? सच होती है क्या ऐसे बाते??
तब सरिता ने वीडियो एक बार देखा और फिर नवाज़ की तरफ देखते हुई कहा..
कुछ सच नहीं होता..
ऐसा कह के वो वह से चली गयी.. गुस्से मई.. और इधर वह उस रूम मई एक छोटी सी चेयर थी वह नवाज़ बैठ जाता है.. कुछ दिएर बाद आरती वह आ जाती है.. नवाज़ का चहरे का मूड देख के वो भी उसके बगल मई बैठ गई....
कहा है तुम्हारे सरिता
मुझे क्या पता??
लगता है बात नहीं बानी
नवाज़ कुछ नहीं कहता तब आरती कहती है..
चलो सरिता को ढूंढते है..
कहा और क्यों??
पापाजी के दवा के बारे मई पूछना है न
ठीक है चलिए..
और वो दोनों इधर उधर उसको ढूंढते है और आख़िरकार वो एक केबिन मई बैठी उन दोनों को मिलते है..

जब वो नवाज़ को देखते है तब गुस्से से उसे देखते है ..तब आरती हसती है..

और फिर आरती को देखते हुई सरिता कहती है..
अच्छा हुआ मैडम आप आ गयी.. मुझे भी अब एक सर्जरी को निकलना था.. अब दवाई दिखा दो मई बता देती हु.. कोनसी दवा कब लेने है..
ठीक है डॉक्टर
ऐसा कह के आरती उसको दवा दिखा देती है .. तब सरिता आरती को दवा के बारे मई सब बता देती है और कहते है..
सर को होश मई आने मई और 2-3 घंटे लगेंगे.. मई अब निकलते हु..
ऐसा कह के नवाज़ को गुस्से से देखते हुई वह से चली जाती है..
उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान तो थी मगर अंदर hi अंदर उसे शर्म भी बहुत आ रही थी .........
नवाज़ के इस हरकत से आरती के दिल और दिमाग में तो जैसे एक तूफ़ान सा उठा हुआ था.. काफी देर तक आरती नवाज़ ने उसके साथ किये हुई एक एक हरकत के बारे मई सोचने लगती है.. नवाज़ उसके घर काम करने जब से आया है तब से उसकी लाइफ में उसका क्या असर पड़ा है उसके बारे मई आरती सोचने लगी.. तब उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती हैं .....

और वो उस मुस्कान के साथ नीचे चली जाती है मेडिकल शॉप पर.. दवाई लेन..
और इधर नवाज़ डॉक्टर सरिता के पास पहुँच जाता है .. सरिता अपने ख्यालों में कहीं खोयी हुई सी थी ..... उसे पता hi नहीं था की नवाज़ उसके करीब आके खड़ा हुआ है और उसे घूरे जा रहा है ...... वो टकटकी लगाए सामने के तरफ बस देखे जा रही थी ...... या शायद कुछ और hi सोच रही थी............
डॉक्टर मैडम .......क्या हुआ आपको...... क्या सोच रहे हो आप
नवाज़ इस बार थोड़ा जोर से बोलता हैं तब सरिता नवाज़ की तरफ एक देखती हैं ..

और बहुत धीरे से कहती है ..
कुछ नहीं
डॉक्टर मैडम मुझे आपसे कुछ बात करनी थी..
तब सरिता उसके और देखते हुई कहते है..
हां करलो पर सर जी के दवाई कहा है
वो आरती मेमसाब लेन गए है..
तुम कुछ काम करते हो या आरती मेमसाब से सब काम करते हो
तब हस्ते हुई नवाज़ कहता है
नहीं मई hi करता हु ऐसे काम पर आपने कहा था न ये काम मेमसाब करे
अच्छा.. वैसे बात क्या करना चाहते हो मुझसे
ऐसे कोई दवा है क्या जिससे लड़की जल्दी पैट जाये
सरिता को इसकी उम्मीद नहीं थी की नवाज़ इतने जल्दी ऐसा कुछ बोलेगा ...
तेरा दिमाग ख़राब है kya..tujhe पता है न अगर मेने शेठ जी को ये सब बता दिया तो वो तुझे क्या कहेंगे ..
सरिता ने गुस्से से बोलते हुए kaha..jab नवाज़ ने देखा की सरिता गुस्सा हो गयी है तब उसने हाट मई मोबाइल लेके मोबाइल का एक वीडियो दिखते हुई बात बदलते हुए कहा ...
मई इस वीडियो के बारे मई बात कर रहा था मैडम.. इस मई जो बाते कहे गयी है वो सच है क्या?? सच होती है क्या ऐसे बाते??
तब सरिता ने वीडियो एक बार देखा और फिर नवाज़ की तरफ देखते हुई कहा..
कुछ सच नहीं होता..
ऐसा कह के वो वह से चली गयी.. गुस्से मई.. और इधर वह उस रूम मई एक छोटी सी चेयर थी वह नवाज़ बैठ जाता है.. कुछ दिएर बाद आरती वह आ जाती है.. नवाज़ का चहरे का मूड देख के वो भी उसके बगल मई बैठ गई....
कहा है तुम्हारे सरिता
मुझे क्या पता??
लगता है बात नहीं बानी
नवाज़ कुछ नहीं कहता तब आरती कहती है..
चलो सरिता को ढूंढते है..
कहा और क्यों??
पापाजी के दवा के बारे मई पूछना है न
ठीक है चलिए..
और वो दोनों इधर उधर उसको ढूंढते है और आख़िरकार वो एक केबिन मई बैठी उन दोनों को मिलते है..

जब वो नवाज़ को देखते है तब गुस्से से उसे देखते है ..तब आरती हसती है..

और फिर आरती को देखते हुई सरिता कहती है..
अच्छा हुआ मैडम आप आ गयी.. मुझे भी अब एक सर्जरी को निकलना था.. अब दवाई दिखा दो मई बता देती हु.. कोनसी दवा कब लेने है..
ठीक है डॉक्टर
ऐसा कह के आरती उसको दवा दिखा देती है .. तब सरिता आरती को दवा के बारे मई सब बता देती है और कहते है..
सर को होश मई आने मई और 2-3 घंटे लगेंगे.. मई अब निकलते हु..
ऐसा कह के नवाज़ को गुस्से से देखते हुई वह से चली जाती है..




















































