Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 26 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

कुछ रात के 12 - 12:30 बजे दूर पाई बाइक का आवाज़ आता है.. बाइक का आवाज़ सुनते की आरती जान गयी नवाज़ hi होगा .. वो शर्मा के कहती है ..





आ गया कमीना .. कितने देर कर दी ..

फिर वो मोबाइल में टाइम देखने लगी .. रात के 12 - 12:30 बज गए थे ..

ये क्या घर आने का टाइम है क्या इसका .. ऐसे hi इतने लेत रोज घर आएगा तो कैसे चलेगा .. अरविन्द तो ऐसा लेत नहीं आते

ऐसा कह के वो तुरंत दूर खोल के मैं दूर की और देखने लगी ..पर अँधेरे मई कुछ नहीं दिख रहा था .. इसलिए वो बहार की लाइट लगा देती है.. लाइट लगते hi उसे नवाज़ बहार दिखाई दिया .... नवाज़ को देखते hi आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है..





बहार नवाज़ आपने दो दोस्तों के साथ बाइक पाई बैठा था .. बीच मई ..

आरती आज सज धज कर तैयार हुई थी.. जैसे वो उसके पति को मिलाने जाने वाली हो या यु कहिये आज उसके सुहागरात हो.. सुबह की सदी वो चेंज कर चुकी थी ..ये नए साडी थी .. उसने आज वही साड़ी पहनी हुई थी जो नवाज़ और उसने उस दिन परचेस की थी .. या योन कहिये नवाज़ ने सेलेक्ट की थी...

आरती ने अब रेड कलर की सेक्सी से साड़ी पेहेन ली थी.... लौ कट वाला सेक्सी सा ब्लाउज जिसमे उसकी गोरी क्लीवेज बहार आ रही thi.....Blouse पीछे से बैकलेस था..... और साड़ी को थोड़ा नीचे बंधा था जिसमे से उसकी गोरी कमर साफ़ दिखाई दे रही थी.. चेहरे पर हल्का सा make-up और हूंतो पर रेड ग्लॉसी लिपस्टिक लगा लेती है... और एक खुसबूदार परफ्यूम अपनी बॉडी पे लगा लेती hai...bahut जयदा सेक्सी लग रही थी आरती ..किसी भी मर्द का बुरा हाल होने वाला था आरती को देख कर.....

फिर वो अंदर जेक हल्का सा मेक उप करके बहार आ जाती है..

और थोड़े देर आगे आके मैं गेट खोल देते है ..

आरती को देखते hi नवाज़ मैं मई कहता है..

आज पूरी तरह सज सवार कर आई hai....bilkul aise...jaise की कोई नै नवेली दुल्हन सजी ho....kitni खूबसूरत दिख रही है aaj..,man करता है की अभी अपनी बाहों में भर lu....aaj तो ये मेरे दिल को चीयर hi डालेगी .... uff.....aise सज कर आई है जैसे कई दिन बाद अपने पति के सामने एक पत्नी आती है....

वाओ…

ये उसके मू से निकल जाता है तब आरती हँसाने लगी .. और नवाज़ को देखने लगी ..





तब उसका एक फ्रेंड बोलता है..

सम्बल लो भाभी जी ..आप के नवाज़ को

तब दूसरा फ्रेंड कहता है

इसने बहुत पि राखी है ..मैंने इसे कहा था ज्यादा मत पि .. घर पाई भाभी जी वेट कर रही होंगे ..

ये कहते hi स्पेशलय भाभीजी कहते hi वो शर्मा गयी ..





कमीने इसके दोस्त इसके जैसे hi है

मैं मई कहते है तब उसका पीछे बइठवला फ्रेंड उसको नीच उतर देता है और वो दोनों तुरंत वह से भाग जाते है..

अब उस अँधेरे रात मई सिर्फ वो दोनों अकेले खड़े थे .. नवाज़ आरती के बदन को घूरता हुआ बोल पड़ता हैं

अभी तक सोई नहीं क्या

नहीं

क्यों

तब नखरे से कहती है

हो गया क्या पार्टी

हाँ

कैसे रही

बहुत अच्छी

ऐसे कहते हुई चलते हुई उसके पास आ रहा था ..

उसके पास आती है तब उसका हाथ पकड़ लेता है तब आरती झटका देती है और वह से रोड पाई के दूसरे कोने मई चली जाती है और नखरे से कहती है

दोस्त होंगे तो तुम मेरे क्या जरुरत

तब नवाज़ घूम के उसके पास चला जाती है और उसका हाट पकड़ लेता है और अपनी और खिंच लेता है..

ोुछ

ऐसा कैसा सब दोस्त लोग तुम धनवाद दे रहे थे इतनी बड़ी पार्टी देने के लिए

धत उनको तुमने बताया क्या मैंने पार्टी दी है बोल के

हाँ

तो क्या कह रहे थे तुम्हारे दोस्त

धन्यवाद दे रहे थे

और

और कह रहे थे हमारे मेमसाब कितनी अच्छी है

धत मई क्या उन सबकी हु क्या

तो

सिर्फ मेरे..

और रुख गयी ..

ये सुन के उसका लुंड धीरे धीरे हरकत करने लगा .....

तब नवाज़ कहता है

सिर्फ मेरे क्या ..

कुछ नहीं

तुम कुछ कह रही थी

मई क्या कह रही थी.. तुम नहीं जानते क्या

नहीं तो

अच्छा जी

हाँ जी..

वैसे तुमने आपने दोस्तों को ये कहा क्या पार्टी मैंने दे है

हां

क्यों कहा

नहीं कहना चाहिए था क्या ..

हां ..

क्यों

मैंने ये पार्टी सिर्फ तुम्हारे लिए दी है ..उनके लिए नहीं ..

मैंने भी यही कहा

क्या कहा .. मेमसाब ने पार्टी दी है मेरे लिए

हां

मेमसाब कहा या भाभी

ये शरमाते हुई बड़े अड्डा के साथ कहते है





मैंने तो मेमसाब कहा

फिर तुम्हारे उन्दोनो फ्रेंड ने भाभी क्यों कहा मुझे

अब मेरे दोस्त है तो मेरे जैसे hi स्मार्ट है वो तुरंत जान गए

ऐसा कह के उसके एक गाल को हाट लगता है

तब उसे पीछे धकेल के कहती है

ये क्या घर आने का समय है क्या

क्या करू वो लोंगो ने लेत किया
 
इतना बोलकर उसके पास आके धीरे से उसकी गोरी नंगी कमर में अपने काळा बड़े हाथ दाल देता है और उससे एकदम से सात के चिपक जाता है.... आरती की एक ज़ोरो की साँस के साथ सिसकारी निकलती है और उसकी ऑंखें हलकी बंद होजाती हैं...

आरती - आआह्ह्ह्हह....

उसकी शरीर में बिजली के झटके जैसा महसूस होता है नवाज़ की इस हरकत से ... उसकी गोरी कमर जैसे थार थार कम्पनी लगती है और उसके चुके ऊपर निचे

होने लगते हैं हर तेज़ सांसों के साथ..... वो आँख बंद होते हुई hi कहती है ..

उफ़ ..फ़फ़फ़ नवाज़.. ये क्या कर रहे हो





आरती के शरीर मई बिजली सी गुज़रती है उसके चुने से ..उसकी आँखे ऑटोमेटिकली बंद हो जाते hai..uska ये हाल देख के नवाज़ के चेहरे पर एक घिनौनी हंसी आ जाती hai...aur वो आपने मू उसके चहरे के पास ले जाता है ..
 
नवाज़ के मू से आ रही दारू की बदबू से आरती अपनी आंख खोलती है तभी उसकी और नवाज़ की नज़र एकदूसरे से मिलती है.. आरती की नज़र नवाज़ से मिलते hi आरती की आँखों मई नवाज़ देखने लगता है.. आरती भी उसके चहरे को देखने लगती है. उसके सामने नवाज़ का बदसूरत सा चेहरा था .... उसकी ऑंखें में अपने लिए हवस आरती साफ़ देख सकती थी.... आरती इस वक़्त जैसे हिप्नोतिसे हो चुकी थी ... दोनों एक दूसरे को देख रहे थे....

नवाज़ बिना कोई एक्सप्रेशन दिए आरती की आँखों में देखते रहता है फिर अचानक वो अपने काळा गंदे होंठ आरती के गुलाबी होंटो के करीब ले जाने लगता है ..तब आरती स्माइल करते है..





वो जान गयी थी की नवाज़ क्यों आपने चेहरा उसके चहरे के नज़दीक ला रहा है.. उसका चेहरा आपने चहरे के इतने नज़दीक आने से .. उसकी धड़कन तेज़ हो चुखी थी ..फिर भी वो उसे hi देख रही थी.. आरती अब थोड़ा सीरियस लग रही thi...dono एक दूसरे की आँखों में जैसे खो गए थे.. आरती बिना पालक झपकाए अभी भी नवाज़ की आखों में देख रही थी ...तभी नवाज़ थोड़ा आगे आपने मू करता है तब उसे उसके मन से दारू की स्मेल आती है और वो अपना मन फेर लेती है.... लेकिन नवाज़ अब रुकने के मूड मई नहीं था .. वो अब आरती का मन पकड़ के अपनी तरफ घूमता है...

आरटीई...

दोनों फिरसे एक दूसरे की आँखों में देखने लगते hain....ek खूबसूरत शादीशुदा जवान ाव्रत तो दूसरा बदसूरत कला नौकर ...नवाज़ अब अपना चेहरा फिरसे आगे लेने लगता है लेकिन वो इसबार आरती का खूबसूरत चेहरा अपने दोनों काळा हाथों से पकडे हुई था...

शयद आरती को इस वक़्त कुछ ख्याल नहीं था के वो इस वक़्त किसके साथ ये सब कर रही है.... वो बड़े घर की जवान और एकलौती बहु होक वो एक नौकर के साथ ये सब कर रहे थी ....और वो भी कहा .. रात के 12 बजे घर के बहार खुले रोड पर खड़े थे ..

लेकिन हवस उसके सर पर सवार थी इस waqt....nawaz अब बेहद करीब आरती के गुलाबी होंठो के पास अपने काळा बड़े होंठ लेजाता है ..दोनों के बिच ज़्यादा फैसला नहीं था .... और नवाज़ के होंठ अपने होंठों के तरफ अत देख और नवाज़ के आँखों में उसके लिए हवस देख आरती जैसे दर सी गयी ..और झट से आँख बंद करते हुई आपने चहरे पर के उसके दोनों हाट निकल कर आपने चेहरा दूसरी और घुमा लेता है..

शर्म से उसके गाल लाल हो गए थे ..तब नवाज़ को कुछ सुजाता है

ाआरटीईई...

ऐसा कहते हुई कमर के पीछे वाला हाट से उसको अपनी और खिंच लेता है ..

ोुछःह

अब नवाज़ का एक हाथ उसके कमर के पीछे थे और दूसरे हाट से उसका चेहरा आपने और घुमा के उसको वो देखते हुई आपने होंठ उसके होंटो के बहुत करीब लता है ..





ऑलमोस्ट टच होने वाले थे दोनों के होंठ .. दोनों एक दूसरे को करीब 5 सेकेंड तक देकते है .. फिर नवाज़ जैसे hi होंठ आगे बढ़ाता है तब आरती को मस्ती सुजाति है और वो अपनी गर्दन हिलने लगती है ..





नवाज़ ने एक हाट से उसका चेहरा पकड़े हुआ था .. उसकी आँखों मई देखने लगता hai..aur फिर आपने चेहरा आगे लता है .. अब दारू की स्मेल उससे बर्दास्त करना मुश्किल हो रहा था .. उससे आरती को तकलीफ हो रही थी इसलिए उसने अपने हाथ नवाज़ के छाती पर रख कर उन पीछे पुश कर liya..aur उसकी और देखते हुई कहती है..

चोरो मुझे बत्तमीज़ नौकर

अब क्या हुआ

शर्म नहीं आती अपनी मालकिन से ऐसे गंदे हरकत करते हुई

ये गंदे हरकत है

नहीं तो क्या अच्छी हरकत है

ये दुनिया की सबसे स्वेट हरकत है

अच्छा जी

ऐसे hi दूसरे की बीवियों को आपने जाल मई फंसते हो क्या

नहीं जी

फिर कैसे

फिर उसके गर्दन को चूमता है

आहहहा

ऐसे

तो इतने से फंस जाती है

फंस तो गयी है

किसने कहा

और भी तरीके है फंसने के बताऊ क्या

कोई जरुरत नहीं है.. तुम्हारे गंदे तरीके जानने के

बोलै न ये दुनिया का सबसे स्वेट तरीका है

वो हस्बैंड और वाइफ के लिए

और हमारे लिए

गन्दा .. वाहयात ..

तो क्या है अच्छा हमारे लिए

ऐसा कह के उसके होंटो के पास आपने होंठ लता है और उसे चूमने की कोशिश करता है..





तब उसे पीछे धकेल के कहती है

कोई भी नहीं और आपने ये बदबूदार काळा काळा होंठ मेरे प्यारे से नाज़ुक से होंटो के पास मत लाओ

क्यों

क्या पता कहा कहा आपने मू मरते हो

तुजे तो पता है

तुम्हारा क्या उन दोनों के साथ hi है क्या सिर्फ

हाँ

जूथ मत बोलो..
 
तब उसे पीछे धकेल के कहती है

कोई भी नहीं और आपने ये बदबूदार काळा काळा होंठ मेरे प्यारे से नाज़ुक से होंटो के पास मत लाओ

क्यों

क्या पता कहा कहा आपने मू मरते हो

जरा नखरे से कहते है





तुजे तो पता है

तुम्हारा क्या उन दोनों के साथ hi है क्या सिर्फ

हाँ

जूथ मत bolo..Inn दोनों के अलावा और कोई नहीं है क्या तुम्हारे जिंदगी मई

तब नवाज़ स्माइल करता है पर कहता कुछ नहीं है

मतलब है

नहीं

जूथ मत बोलो मुझसे

सच मई नहीं है .. इन् दोनों के साथ hi है मेरा जो भी है

ऐसा कह के एक हाथ उसके कमर पाई रखता है

आह्हः

तुम्हारे स्माइल से पता चल गया की है बोल के

होगा तो भी तुम क्या करना है

तुम क्या लगता है मुझे जानने की जरुरत नहीं है

क्या करोगे जान कर

तुम क्या मुझे नीता समजते हो क्या की जो तुम्हारा वंदना से होगा तो उसे फरक नहीं पड़ता था

नहीं ..तुम नीता नहीं हो मई अच्छे से जनता हु ..तू उससे हॉट मॉल हो

अच्छा तो मेरा हक़ नहीं बनता क्या जानने का

यहाँ हक़ कहा से आ गया बीच मई

तब गुस्सा दिखते हुई कहते है





मेरे से नज़दीक आने की कोशिश कर रहे हो और कह रहे हो तुम जानकर क्या करोगे..

और वह से जाने के लिए घूम जाते है और जाने लगते हैं तब नवाज़ उसका हाथ पकड़ लेता है

नवाज़ हाथ चोरो मेरा

गुस्सा क्यों हो रही हो

गुस्सा नहीं तो क्या कुश हो जाऊ ..

पर ऐसा क्या हुआ

मुझे जो जानना है वो जानना है

ठीक है बाबा बताता हु

हां बताओ कोण है वो

सरपंच की बेटी

एक hi है और कोई नहीं

उसकी बहु

वो चैमिष

हाँ

फिर पलट कर बड़ा मू करके कड़ी हो जाती है





अब क्या हुआ मू फुगने को

तुम्हारे पास 4-4 है तो मेरे क्या जरुरत

आरती का जवान गरम जिस्म को इतने आसानी से छोड़ने का नवाज़ का मैं नहीं कर रहा था .. और इधर आरती नखरा कर रहे थी . आरती का बदन नवाज़ को पागल सा कर रहा था जबसे उसने उसको चुवा था .. इसलिए वो आरती को कसके जकड लेता है....

नहीं ऐसा नहीं है

बोल के उसको पीछे से पकड़ लेता है और उसके गर्दन पर किश करने लगा ..





तुम तो मेरे स्पेशल हो

नवाज़ का यूँ खुद को लिपटते hi आरती का गोरा बदन थार थार कंपनी laga..nawaz का बड़ा कला लौड़ा पंत के अंदर से आरती को अपनी गांड पर महसूस हो रहा था......

कितना नाज़ुक बदन है तुम्हारा आरती

इतना बोलकर वो आरती की गर्दन पर चूमता है…





अह्ह्ह्हह्हह...

थोड़ी देर गर्दन पर चूमने के बाद वो उसकी चहरे को अपनी तरफ घूमने लगता है ....जिसका अहसास होते hi आरती भी उसकी आँखों में देखने लगती hai....dono एक दूसरे के लिए हवस साफ़ देख सकते थे... आरती को थोड़ी देर पहले नवाज़ पाई जो गुस्सा आया था अब वो भूल चुकी थी....

दोनों एकदूसरे को देखे जा रहे the....aarti नवाज़ के तरफ हवस भरी आँखों से देख रही थी . ये जानकर जब नवाज़ उसके होंटो पर आपने होंठ रखने के लिए आपने होंठ आगे बढ़ाता है





तब आरती कहती है

No नवाज़

और झट से अपनी नज़र झुका लेती hai…aur आगे की तरफ कर लेती है पर नवाज़ कहा मानाने वाला था..

नवाज़ आरती को एकदम पीछे से चिपका हुआ था ....वो उसको घुमा लेता है और खुद थोड़ा पीछे हूत जाता hai..aur फिर वो घुटनो पे बैठ के पंत के पीछे के जेब मई एक गुलाब का फूल था वो निकल के आगे किया और कहने लगा ..

मेरे प्यारी मेमसाब .. आरती मेमसाब.. आप मेरी जान हो ..जब भी मई तुम देखता हु तो लगता है भगवन ने अपनी साडी खूबसूरती को एक hi चहरे मई समेत दिया है . तुम्हारी मुस्कान.. जब भी तुम मुस्कुराते हो .. मेरे दिल को छू जाती है . तुम्हारे ये प्यारे और सेक्सी आँखे .. जब भी तुम मुझे देखती हो मेरे रूह तक झांकते है . तुम्हारे बाते हर पल मुझे जेने का अहसास कराती है . अब तुम्हारे बिना ये दुनिया मुझे सुनी सुनी लगती है .. हर सांस अधूरी लगती है .. मैंने सोचा था प्यार एक खवाब है लेकिन तुम देख के पता चला की ये एक हकीकत है . आज से , कल से नहीं बल्कि हमेशा के लिए क्या तुम मेरी जिंदगी भर की साथी बनोगी क्या .. मुझसे निकाह करोगे क्या

आरती ी लव यू

आरती हँसाने लगी ..





कम्पलीट फ़िल्मी हो तुम ..

ऐसा कहते हुई उसने झुख के उसका गुलाब का फूल ले लिया.. मतलब उसकी ऑफर उसने एक्सेप्ट कर ली..

वैसे ये डायलॉग याद करने को कितने दिन लगे ..

तब नवाज़ उठ के उसके पास आके कहता है..

ये मेरे दिल की आवाज़ है रानी .. इसको रटने की क्या जरुरत है

ऐसा कहके उसके कमर के पीछे हाट दाल के उसको अपनी तरफ और कसता है....

अह्ह्ह नवज़ज़्ज़ज़्ज़ ....

उसके बड़े चुके नवाज़ की छाती मई धंस जाते हैं .....उसकी आँखों मई देखते हुई कहते है

और ये दिल की आवाज़ अब तक कितने को सुना चुके हो ..

किसी को नहीं रानी

ऐसा कहते हुई नवाज़ एकदम से अपने काळा होंठ उसके गुलाबी नाज़ुक होंठ के नज़दीक लता है तब आरती जान गयी अब ये क्या करेगा .. वो अब लगभग रेडी hi थी .. वो हर मन लेती है और आँखे बंद कर लेती है .. तब नवाज़ उसके होंटो पर आपने होंठ रख लेता है और पागलों की तरह किश करने लगता है.....





आरती - अम्मम्माह्ह्ह्ह

ममममहहहहह्म्मम्म्म्म...

नवाज़ - मममममममहहहह्म्ममम्मम्म्म्म.....

अब नवाज़ अपनी ज़ुबान आरती के होंठों के बिच डालने की कोशिश कर रहा था .... इसे बिच आरती के बड़े चुके नवाज़ आपने छाती से अचे से मसल रहा था .. नवाज़ को उसका मज़ा अलग मिल रहा था.....

नवाज़ जोश में था लेकिन आरती को नवाज़ के ऐसे करने से तकलीफ हो रही थी ........ इसलिए उसने अपने हाथ नवाज़ के छाती पर रख कर उन पीछे पुश करने लगी .. नवाज़ तो नहीं चाहा रहा था के दूर हो लेकिन वो किश तोड़ देता है... आरती हांपने लगती है ..

तुम्हारे होंठ बहुत मीठे मीठे hain..rani

अच्छा जी ..ऐसे क्या है मेरे होंठ मई .. आप के उस 4 रानी जैसे hi होंगे .. न जी

ऐसे कैसे शामे होंगे .. मेरे बेगम के होंठ तो स्पेशल hi होंगे

नहीं .. शामे hi है .. स्पेशल होते तो अरविन्द अब तक बता देते न

बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद

तब हलके हटो से आरती उसके गाल पाई मरती है
 
तब नवाज़ फिर से आरती के होंटो पर आपने होंठ रख के उसके होंटो को चूमने लगा ..चूमने क्या उसके होंटो को चूसने लगा ..





आरती जो आंख बंद किये हुई थी .. एक पल के लिए आंख खोल कर नवाज़ को देखती है ..जो उसके होंटो को बेरहमी से चूस रहा था .. दूसरे पल वापस अपनी ऑंखें बंद कर देती है....

थोड़े देर चूसने के बाद नवाज़ किश तोड़ता है और आरती को देखते हुई कहता है

आरती मेरे तरफ देखू ....

तब आरती धीरे धीरे अपनी आंख खोलती है .. और नवाज़ को देखने लगी . तभ नवाज़ अपने काळा बड़े होंठ आरती के गुलाबी कोमल होंठो से मिला देता है....

आरती - मममहहहहहहह ममममममम.....

आरती नवाज़ को रोकने की कोशिश करती है लेकिन उसका ज़्यादा फायदा नहीं हुआ ... नवाज़ आरती के रसीले होंठ चूसने में लगा हुआ था....

मममममहहहह्म्मम्म्म्म....

बेहद हॉट सन चल रहा था इस वक़्त ....अग्रवाल हाउस के गेट के बहार .. बड़े से रोड पर विनोद शेठ अग्रवाल की बहु .. आरती अग्रवाल को .. एक कला सा नौकर .. .. जो उसका आशिक़ है वो बेहताशा चुम रहा था .. उसके होंटो का रास पि रहा था और आरती जो उसकी मालकिन है वो आपने काळा नौकर को आपने होंटो का रास पीला रही थी ..

दो jism...ek कला तो दूसरी gori....ek कला नौकर एक बड़े घर की जवान खूबसूरत बहु को बेतहाशा किश कर रहा tha....nawaz आरती के होंठ ऐसे चूस रहा था जैसे उनपर शहद hi लगा हो .... आरती के लिए इतना वाइल्ड किश नया था .. उसके पति अरविन्द तो उसे एकदम धीरे से किश करता था .. जिस से आरती को तकलीफ न हो.... पर नवाज़ कहा ऐसा था .. वो आरती के तकलीफ का कहा कुछ सोचता था और न hi ऐसे सोचने की कभी जरुरत हुई ..

थोड़ी देर और किश करने के बाद आरती को बहुत तकलीफ हुई तो उसने किश तोड़ने का तरय किया पर नवाज़ कहा सुन रहा था.. वो उसके छथि पर हाथ रख के उसको पीछे करने की कोशिश कर रहे थी पर नवाज़ ने उसके सर के पीछे कास के पकड़ा था ..तब गुस्से से आरती उसके छथि मई और उसके चहरे पर मरने लगी .. तब नवाज़ किश तोड़ता है..

किश तोड़ने के बाद नवाज़ आरती के तरफ देखने लगता है.... आरती की साँस फूली हुई थी और वो ज़ोर जोरसे साँस ले रही थी..

पागल आदमी

ऐसा कहा तो नवाज़ उसके तरफ आने लगा तब आरती घूम जाती है तब नवाज़ उसको पीछे से पकड़ लेता है और नवाज़ आरती के गार्डन पर चूमते हुई अपने दोनों हाथ उसके कमर से होते हुई उसके मम्मी की तरफ ले जाने लगता है तब उसके दोनों हाथों को आरती पकड़ती hai..aur कहते है..

देखो नवाज़ .....मुझे तुम्हारा नीता और वंदना से मिलना जुलना अब पसंद नहीं ..... पहले की बात कुछ और thi...magar आगे से ये सब नहीं चलेगा........

और आरती जैसे नवाज़ को हुकुम देती हुई कहते है

वो तो ठीक है रानी पर तुम पता hi होगा न नीता , वंदना और वो दोनों मुझे क्या देते थी .. क्या तुम वो मुझे डोज ..

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती का कलेजा ज़ोरों से धड़कने लगा ......वैसे नवाज़ ने उससे सच hi तो कहा था....... वो भी जानती थी वो चारो नवाज़ को क्या देता है..

देखो नवाज़ ..... वो सब मैं नहीं जानती ....... तुम आज के बाद किसी के पास नहीं जाओगे .... तो नहीं जाओगे .... ये मेरा हुकुम hi समझ लो.........

ये सुन के नवाज़ मैं मई कहता है..

साली रंडी मुझे हुकुम दे रही है.. रुख साली मई तुजे दिखता हु..

और आरती नवाज़ की तरफ बिना देखती हुई मतलब गर्दन न घूमते हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ नवाज़ कहता है ........

ये कोई बात नहीं हुई आरती ...... तू मुझे उन चारो के पास जाने नहीं देंगी..... और न तू खुद कभी मेरे पास आओगे .....

मई तो आउंगी न तुम्हारे पास

सिर्फ आने से काम कैसे चलेगा .. मेरे रात की गर्मी कोण बजायेगा .. मेरा ये लुंड आखिर जायेगा कहा ..... अक्सर ये लुंड वो चारो आपने अंदर लेती थी .. अगर तू मुझे इस बात का यकीन दिलाओ की तू मेरा लुंड उन चारो की तरह आपने अंदर लोगे तो मई किसी के पास नहीं जाऊंगा ..

जैसे hi नवाज़ ने उसे ऐसे कहा वैसे hi आरती झट से उससे दूर हो गयी और पलटकर उसे देखने लगी .. गुस्से से ..और कहने लगी ..





मई क्या बाज़ारू रंडी हु क्या

वो चारो भी नहीं है

वो है या नहीं मुझे नहीं पता

आरती का दिल ज़ोरों से धड़कने लगा था … ये सब कहते हुई .. बाजारू रंडी मई नहीं हु ये नौकर को कहते हुई उसका दिल धड़कने लगता है .. जिस नौकर को ये कह रही थी उस नौकर ने अभी कुछ देर पहले उसे बुरी तरीके से चूमा तह जितना उसके पति ने कभी नहीं चूमा नहीं था .. वो ये सब जानती थी . वो नहीं जानती थी की नवाज़ उन चारो के साथ अब तक जो कुछ करता था वो नवाज़ के साथ कर पाएंगे या भी नहीं .. और मई ये नहीं करुँगी तुम्हारे साथ इतना कहने को भी आरती के अंदर हिम्मत नहीं थी .. पता नहीं वो ये क्यों नहीं कह पा रही थी ..

उसे कहने मई डर लग रहा था की कही नवाज़ ये सुन के उसके पास hi न आये या अपने पति को धोका देने का अहसास उसे ये कहने को मन कर रहा था ..

और हुआ भी वैसे hi .. नवाज़ उसके तरफ आने लगा .. वैसे वैसे वो पीछे जाने लगी ..

नवाज़ इस से पहले कुछ देर तक आरती के बारे मई सोचता है .. वो आरती के साथ खुलकर एन्जॉय करना चाहता था .. उसके लिए उसे आरती की बात मानाने के अलावा कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा था .. आरती की बात मानकर hi वो आरती के साथ वो सब कुछ कर सकता था जो वो आरती के साथ करना चाहता tha.............ye उसके दिमाख मई आते hi उसके चेहरे पर एक कमीनी सी मुस्कान तैर gayi.........aur वो आरती की तरफ देखते हुई उसकी और जाने लगा ..

चलो ठीक है जैसे तुम कहती हो वैसे hi मई करूँगा

क्या करोगे

तेरे अलावा किसी और के पास नहीं जाऊंगा

तब बड़े आशर्य से आरती नवाज़ को देखने लगी .





आरती को ाचे से ये बात मालूम थी की नवाज़ कभी औरत के बगैर रह नहीं सकता और दूसरी तरफ नवाज़ अच्छे से जान चूका था की आरती अब किसी दूसरी औरत को अब उसके साथ बर्दास्त नहीं करेगी .... .

वो सोचने लगी नीता और ये 3 लड़कियोने नवाज़ के साथ जो किया वो मई इसके साथ नहीं कर सकती फिर भी ये रेडी कैसे हुआ ..

वो ये सब उसके साथ नहीं कर सकती ये सब कहने के लिए आरती के पास हिम्मत नहीं थी ...... शर्म और लाज की दीवार उसे ऐसा करने से रोक रही थी .......ये सब सोचते हुई आरती का दिल ज़ोरों से धड़कने लगा ....... फिर भी हिम्मत कर के उसने धीरे से कहा ..

मई जितना तुम जानती हु उसपे से तुम जो अब कह रहे हो उसपर मेरा विश्वास नहीं है ..

तेरे कसम मई सच कह रहा हु ..

मेरे झूठे कसम मत खाओ

जूठी नहीं सच्ची कसम खा रहा हु आरती

नवाज़ पुरे कॉन्फिडेंस से बोल पड़ता है .. वैसे hi आरती के दिल की धड़कने ज़ोरों से फिर से धड़क उठी ........... वो अब बहुत असमंजश में थी .. उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था की वो नवाज़ के बातो का क्या जवाब दे ........... और वैसे भी वो जानती थी की वो कुछ भी कहे नवाज़ उसके पास आएगा और उसको कन्विंस करने का पूरा तरय करेगा और उसे कन्विंस करके hi रहेगा ..

इधर दूसरी तरफ नवाज़ कुछ भी करके आरती के बदन के साथ खेलना चाहता था......... वो अब कुछ ऐसा करना चाहता था जिससे आरती की छूट उसे हासिल हो sake.........magar उसे ये भी ख्याल था की ज़्यादा जल्दीबाज़ी करने से उसका बना बनाया काम भी बिगड़ सकता था.........

ये सब सोचते हुई नवाज़ एक तुक आरती को देखे जा रहा था वहीँ आरती अपना सर नीचे की तरफ झुकाये हुई थी ..

क्या हुआ क्या सोच रही हो

तब आरती गर्दन उप्पर करके नवाज़ की तरफ नज़र करके देखती हैं और धीरे से न में अपनी गुर्दें हिला देती hain........aur कहती है ..

कुछ नहीं

क्या कुछ नहीं कुछ तो सोच रही हो

वहीँ आरती उसकी बाटिओं को सुनकर मुस्कुरा पड़ती हैं......





और कहते है

फिर ठीक हैं ........तुम अगर कहते हो तो मैं तुमपर विश्वास कर लेती हूँ ..... .मगर मुझे कभी भी कुछ पता चला की तुम्हारा चक्कर किसी और औरत के साथ हैं तो मुझसे बुरा कोई नहीं hoga..........samajh गए

ठीक है ..

ऐसा कह के उसके पास आने लगा ..

फिर ठीक हैं ........तुम अगर कहते हो तो मैं तुमपर विश्वास कर लेती हूँ ..... .मगर मुझे कभी भी कुछ पता चला की तुम्हारा चक्कर किसी और औरत के साथ हैं तो मुझसे बुरा कोई नहीं hoga..........samajh गए

..जैसे जैसे नवाज़ आरती की तरफ बढ़ रहा था वैसे वैसे आरती का कलेजा ज़ोरों से धड़क रहा था...... थोड़े देर पहले नवाज़ ने उसके साथ जो हरकत की थी साडी घटनाएं एक एक कर उसके दिमाग में फिर से घूमने लगी ...... उसका गाला सूखने लगता हैं ........ चेहरे पर शर्म की लखीरें झलक रही थी मगर आँखें नवाज़ पाई थी ..

नवाज़ आपने और आ रहा है ये देखकर आरती आहिस्ता से बोल पड़ती है

मेरे तरफ क्यों आ रहे हो

तुजे पता नहीं है क्या

नवाज़ के आंसर से एक बार फिर से उसकी धड़कनें बढ़ने लगी ....... क्यों की वो अच्छे से जानती थी नवाज़ क्यों आ रहा है उसके तरफ ..उसके नज़दीक आने से वो अब डरने लगी .. ये उसके चहरे से पता लगाया जा सकता था ..





नवाज़ अब बहुत नज़दीक आ चूका था ..

आरती तू सच में बहुत ाची है .. जितनी हसीं तू हैं उतना hi खूबसूरत तेरा दिल भी हैं ......... मगर कभी कभी सोचता हूँ की ..

और रुख जाता है ..

ये सुन के आरती की सांसें बढ़ जाती है ........एक तरफ तो नवाज़ उसके नज़दीक आने से उसकी दिल की धड़कने बढ़ती जा रही थी ..........और दूसरी तरफ नवाज़ बोलते बोलते रुख गया इस वजह से उसकी क्यूरोसिटी बाद गयी थी की वो क्यों रुख गया .. आरती जैसी संस्कारी और पति व्रत औरत के लिए अब खुद को संभल पाना बहुत मुश्किल हो रहा था ....... बड़े मुस्खिलों से वो खुद को अपने आपको संभाले हुई थी .......पर अब वो खुद को रोक नहीं पायी ..जरा डरते डरते हुई वो कहती है ..





कभी कभी क्या सोचहहहहाते होओओओओ

ये कहते हुई आरती की जुबान जैसे लड़खड़ा सी जाती हैं..... वो अब लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही thi........uski बेचैनी पल पल बढ़ती जा रही thi........wahin नवाज़ आरती की मनोदशा बहुत ाचे से समझ रहा था............

यही की तुम्हारा दिल खूबसूरत है की तुम्हारा चेहरा तब मई कंफ्यूज हो जाता हु ..

नवाज़ आरती के तरफ देखते हुई धीरे से बोल पड़ता है ..अपनी तारीफ के बाद आरती बड़ी hi मादक अदा के साथ वो नवाज़ को देखने लगी ..





पर नवाज़ के अगले की सेंटेंस से वो फिर से हड़बड़ा गयी

बताओ न तुम्हारा चेहरा खूबसूरत है या दिल..

आरती हड़बड़ा जाती है और लुम्बी लुम्बी सांसें लेते हुई कहती है ..

mmmaaaiiinnnn............naaahiinnnnn जानती........

और आरती पीछे को होते है .. वैसे hi नवाज़ आगे आता है .. और आरती के तरफ बड़े गौर से एक तुक देखने लगता हैं ..... अब वो जान चूका था की आरती पीछे ज्यादा जा नहीं सकती क्यों की पीछे मैं गेट था और पीछे गए तो उसे गेट से सात के खड़ा रहना होगा .. पर दर और हडबडात के वजह से आरती का इसपर ध्यान नहीं था .

नवाज़ ने एक झटके में आरती का हाथ पकड़ा और उसे अपने और खिंच लिया. आरती उसकी छाती से takrayi.aarti उसके लोहे जैसे सीने से टकराई. नवाज़ ने अपने गंदे, काले और दारू की बू से भरे होंठ आरती के नरम, गुलाबी और सुर्ख होंठो पर चिपका दिए. आरती ने अपना चेहरा झटका और अपने होंठ नवाज़ से अलग कर लिया. उसके मम्मी तेज़ सांस लेने की वजह से नवाज़ की छाती से रगड़ खा रहा था.

वो जरा नखरे से कहती है..

हटो जी .. बर्थडे गिफ्ट मिला न .. अब अंदर चलो

इतना से क्या होगा .. मुझे तू पूरी चाहिए..

पूरी ...

हां

वो रहने दो अभी .. पहले केक 🎂 कट रहते है

केक ??

हां ..

वो किसने लाया ..

आपने बेगम को क्या ऐसे वैसे समजते हो क्या .. पूरा प्लान किया है आज का और कल का

क्या प्लान बनाया मेरे बेगम ने

आज केक कट और कल सिटी मई जायेंगे

अच्छा प्लान है ..

हां चलो रानी

ऐसा बोल के उसके कमर के निचे हाट दाल के उसको आपने बहो मई उठा लेता है..





ये मुझे गिराओगे क्या ..तुमने पहले hi पि राखी है..

कुछ नहीं होगा रानी .. भरोसा रखो आपने नवाज़ पाई

भरोसा तो है .. इसलिए तो

ऐसा बोल के उसके बहो मई आपने बहे दाल के उसको पकड़ लेती है

इसलिए तो क्या रानी

तब शर्मा जाती है





कुछ नहीं ..

अच्छा .. इसलिए तो मेरी हो गयी यही न

पता तो है पर पूछना चाहा रहा हो

कहा लेके जाओ अब .. तेरे रूम मई या मेरे रूम

जहा आप की मर्ज़ी ..

तेरा पति तो है नहीं

अच्छा जी अब आप के छोटे मालिक आप के लिए तेरा पति हो गया ..

अब मालकिन hi पैट गयी है तो मालिक का मुझे क्या काम

धत्त बेशरम

कहके आरती शर्मा गयी ..
 
रूम के अंदर जाते hi रूम का नज़ारा देख के नवाज़ देख के कहता है

अरे ये किसने किया

मेरे सिवाय कोण कर सकता है .. नवाब साहब.. यहाँ की हर चीज़ तुम्हारे इस बेगम ने की है

मेरे रानी तूने तो कमल कर दिया बोल के उसको निचे उतर दिया और उसको बहो मई भरने लगा ..

तब आरती पीछे हैट गयी और वह रूम मई जो एक छोटा फ्रीज़ उसने रखा था उसमे का केक निकल के टेबल पाई रख दिया .. फिर बाकि का सामान वह रख लिया .. उस केक पाई लिखा नवाब साहब.. ये देख के नवाज़ बहुत खुश हो गया ..

पर रानी तूने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया ..

तब नवाज़ के ऐसे कहने से वो सोच मई पद गयी





कोनसा सवाल

तुम्हारा चेहरा खूबसूरत है या दिल..

तब आरती स्माइल करते है





तब नवाज़ उसके और आने लगा .. और आरती पीछे को होते है .. वैसे hi नवाज़ आगे आता है .. और आरती के तरफ बड़े गौर से एक तुक देखने लगता हैं ..... अब वो जान चूका था की आरती पीछे ज्यादा जा नहीं सकती क्यों की पीछे बीएड था और पीछे गए तो बीएड पाई गिरेंगे .. वो बीएड पाई गिरेंगे तो मई उसके उप्पर गिर जाऊंगा.. पर दर और हडबडात के वजह से आरती

का इसपर ध्यान नहीं था .

बताओ न

mmmaaaiiinnnn............naaahiinnnnn जानती........

और आरती पीछे को होते है .. वैसे hi नवाज़ आगे आता है .. और आरती के तरफ बड़े गौर से एक तुक देखने लगता हैं .....





नवाज़ ने सोचा वैसा hi हुआ .. जैसे hi नवाज़ आपने थोड़ा फेस आगे करता है वैसे hi आरती पहिचे जुख जाती है .. उसे पता नहीं था उसके पीछे बीएड है .. नवाज़ आपने थोड़ा फेस आगे करता है वैसे hi आरती

अपना कण्ट्रोल खोकर पीछे की तरफ होने लगी तो पेअर के पीछे बीएड आ गया पर बॉडी पीछे जुख गयी और वो बीएड पाई गिर गयी और उसके उप्पर नवाज़ गिर गया ..





सब कुछ इतना जल्दी हुआ था के आरती को सँभालने का मौक़ा hi नहीं मिल पाया .... नवाज़ भी ऐसे दिखता है जैसे आरती का संतुलन जाने के वजह से पीछे गिर गयी वैसे hi वो भी गिर गया ..

अब सिचुएशन ऐसे थी की आरती निचे गिरी हुई थी और नवाज़ उसके उप्पर गिरा हुआ था.. एकदम फिल्मी स्टाइल में दोनों एक दूसरे के उप्पर गिरे हुई थे.....

अचानक गिरने की वजा से आरती के बड़े गोर चुके नवाज़ की छाती के निचे दबे हुई थे ....और गिरने की वजह से आरती का साडी का पल्लू उसके मम्मी से हैट भी गया था.. आरती और नवाज़ की नज़र गिरने के बाद एकदूसरे से मिली हुई थी .. नवाज़ आरती की तरफ देखते हुई बोलता है....

i'mm सो sorrryy…aarti..

तब आरती नवाज़ की आँखों मई देखते है पर कहते कुछ नहीं hai..tab नवाज़ फिर से कहता है

आरती तुम ठीक तो हो न ....

ठीक हु

ी मम रियली रियली सॉरी आरती ...

कोई बात नही नवाज़ ....

आरती थोड़े धीरे से बोलती है....

तेरे को लगी तो नहीं न आरती ..

नहीं

लगता है तुजे लगा है आरती

....

नहीं लगा बोलै न

मुझे लग रहा सच में तुजे लगा है .. मुझे देखने दे तुजे कहा कहा लगा है .. ....

ऐसे बोल के उसके साडी नीचे से पेअर के पास से उप्पर करने लगा ..आरती अब समाज गयी नवाज़ का गेम .. वो समजते hi आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है..





वो आपने साडी पर का उसका हाट पकड़ लेती है..

ज्यादा मस्ती मई मत आओ ..

क्यों रानी

पहले केक कट करते है

नहीं .. पहले प्यार करना चाहा रहा हु .. आपने बेगम से

प्यार के चक्कर मई केक कट रह जायेगा

रात हमारी है

आप के बड़ी मालिक या तुम्हारी माशूका नीता न आ न जाये

नहीं आएंगे

आप को कैसे पता

बड़े मालिक तो सो रहे होंगे .. और नीता तो उसके घर मई है

तुम्हारा बर्थडे सेलिब्रेट करने न आ जाये

नहीं आएंगे

इतना कन्फेन्डन्स ..वो भला कैसे ..

उसे पता है .. नवाज़ उसकी नयी माशूका को पुरे तरीके से पा नहीं लेता तब तक डिस्टर्ब नहीं करना है..

तुमने बोलै है क्या उसे नहीं आने को ..

नहीं ..

मुझे लग रहा है तुम दोनों का ये प्लान है

कोनसा प्लान

मुझे पाने का

ये दोनों एक दूसरे के आँखों मई देख के बाते कर रहे थे पर निचे का हाल तो उससे भी ज़्यादा गरम tha....is तरह बिलकुल आरती के ऊपर नवाज़ होने की वजह से नवाज़ का कला लौड़ा बिलकुल आरती की गुलाबी छूट के उप्पर tha......sari के उप्पर..

जब आरती ने ये कहा तभी नवाज़ आरती की आँखों में देखते हुए उप्पर से धक्का लगता है लेकिन हल्का ताकि आरती ज्यादा ओपपोसे न करे

aarti-ahhh…

धक्के की वजा से आरती की छूट पर थोड़ा दर्द होने का अहसास होता hai....nawaz के वैसा धक्का लगाने से उसकी ऑंखें एक बार के लिए बंद होती हैं लेकिन तुरंत hi आँख खोलते है .. क्यों के उसे पता था आँख बंद की तो वो उसके साथ कुछ भी कर सकता है ..

कोनसा प्लान

मुझे पाने का प्लान

प्लान तो है..

क्या प्लान है

तुजे पाने का .. तुजे किश 👄 👄 करने का

तब आरती को शरारत सुजाति है .. वो उसकी आँखों मई देखते हुई हौले से बोल पड़ती है.............





ऐसा कुछ नहीं होगा अब ..... .मैं तुम्हे अब किश करने नहीं दूंगी ...

अगर फिर भी किश किया तो..

मरूंगी पकड़ के .....

तो फिर मार .......

इतना कहते हुई उसकी गर्दन पर चूमने लगता है....

अह्ह्ह्ह नवाज़ नही

नवाज़ चूमना चोर के गर्दन उप्पर कर के आरती के आँखों मई देखते हुई कहता है

क्या नहीं

जो तुम कर रहे वो

नवाज़ फिर एक बार उसके गर्दन पर अपने होंठ रख देता है और वहां चूमता है.. उसके चूमने की वजह से एक नया अहसास उसके अंदर पैदा हो जाता है जो उसके पति के साथ कभी नहीं हुआ था ..

मई क्या कर रहा हु ...

इतना बोलकर नवाज़ फिरसे उसकी गर्दन पर चूमता है ... इसबार आरती की सिसकारी निकलती है...

आआह्ह...

आरती को मनो अब खुद पर कण्ट्रोल नहीं था जैसे .... उसका हाथ नवाज़ के बालो मई घूमने लगा ..उसका हाथ आपने बालो मई घूम रहा है ये जानते hi नवाज़ को लगा ये अब मुठी मई आयी.. यही सोचकर वो आपने एक हाथ उसके मम्मी पर रखता है..

जैसे hi आपने बूब्स पर नवाज़ का कला हाट है ये महसूस करते है तभी वो हाथ आरती पकड़ लेती है और नवाज़ की आँखों में देखते हुई न मई गर्दन हिलाते हुई





उसका वो हाथ आपने बूब्स पाई से हटा देते है और दूसरे हाथ से उसके एक गाल पाई हलकी से चपत लगाती है..

बदमाश

उसके चहरे पर क्यूट स्माइल थी..
 
उसका वो हाथ आपने बूब्स पाई से हटा देते है और दूसरे हाथ से उसके एक गाल पाई हलकी से चपत लगाती है..

बदमाश

ये कहते हुई उसके चहरे पर क्यूट स्माइल थी..





फिर नवाज़ उसके गले को चूमने लगा .. हर जगा ....अब नवाज़ गले को चूमते हुई आरती की साड़ी प् पल्लू उसकी छाती पाई से निकल देता है .. जो पहले से hi अदा निकल चूका था .. तब आरती उसके सर को हलके से मरते है ..

चालू नौकर

पर आपने साडी का पलु फिर से डालने की कोशिश नहीं karte..sari का पलु हैट जाने से आरती के बड़े चुके उसके ब्लाउज में hi सही पर नवाज़ के आँखों के सामने आ जाते हैं....

उसके दूध जैसे सफ़ेद बदन पर ये गुलाबी ब्लाउज और उसके अन्दर की मैचिंग ब्रा की वजह से उसका शरीर केहर ध रहा tha....nawaz की नज़र उसके मम्मी से हैट नहीं रही थी ..

नवाज़ ये नज़ारा देख कर पागल सा हो गया था ....हो भी क्यों न वो तेहरा गौण का एक किसान .. किसान भी कहा खेत मई काम करनेवाला नौकर .. और कला .. लेकिन इस वक़्त उसके हाथ में इतने बड़े घर की जवान खूबसूरत बहु थी....

आरती इस वक़्त ऊपर से कमर तक बिलकुल सिर्फ ब्लाउज मई उसके सामने लेती हुई थी .. उस

को आपने बूब्स को नवाज़ जो देख रहा था उस वजह से आरती को बहुत शर्म आ रही थी .....नवाज़ के ऐसे देखने से आरती झिझकते हुई अपने ब्लाउज पर आपने दोनों हाथ रख देती hai....nawaz फ़ौरन hi उसके हाथ हटाने लगता है पर आरती हटाने नहीं दे रही थी वो आपने पूरी ताकत लगाके अपनी इज़्ज़त बचने की कोशिश कर रहे थी .. लेकिन कब तक वो अपनी इज़्ज़त बचा सकती thi...iss वक़्त एक भेड़िया उसकी शिकार करने के लिए तैयार था ..

हाट हटा न रानी

नहीं

क्यों

तब शर्मा के कहती है





तुम जैसे गंदे तरीके से इसको देखते हो उस वजह से मुझे शर्म आती है

किस को

तुम नहीं पता तुम किस को देखते हो

मुझे तो नहीं पता बाबा.. बताओ न मई क्या देख रहा था ..

मुझे क्या आपने जैसा बेशरम समाज के रखा हैं क्या

बन जा मेरे लिए एक बार बेशरम रानी

ऐसा बोल के उसके गर्दन को चूमने लगा





वैसे hi आरती की ऑंखें बंद होजाती हैं....

अब नवाज़ आरती के गर्दन में किश करते हुई आरती के गोर पेट पर अपने खुरदुरे हाथ रख देता है और इसबार वो आरती को अपनी तरफ खींचता है ..

Aaahhha..nawazzzz..

नवाज़ इसबार उसका पेट दबाता है…

आआआहहह….

फिर वो उसका वही हाथ उसके पेट पर से ऊपर लेजाने लगता है.... आरती वैसे भी अपनी ऑंखें बंद किये हुई सिसकारियां ले रही thi....dhire धीरे नवाज़ के हाथ आरती के हाथों पर पोहच जाते हैं जो अपने गोर चूचियों को कवर किये हुई the.....nawaz उन्हें हटाने लगता है...

नवाज़ pleaaaseeeee....Aisa न करो

लेकिन इसबार नवाज़ उसकी नहीं सुनता और हलके से हाथ हटा देता है और झट से अपने कठोर काळा हाथ उसके गोर चुचों पर रख देता है...

आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह....

उसके गर्दन को किश करते हुई नवाज़ उसके दोनों मम्मी एक साथ दबाता है ..जरा जोरसे ..उसके मम्मी को जोरसे दबाते hi आरती उठ के बैठ जाती है और नवाज़ के गले लग जाती है .. और कहते है ..

हरामीईईई..

आरती इस वक़्त नवाज़ के गले लगी हुई थी ..उसके साड़ी का पल्लू निचे गिरा हुआ था . मतलब कमर से उप्पर तक अधनंगी थी ..वैसे hi वो आपने नौकर के गले लगी हुई थी ..

अब नवाज़ आरती के नंगे पीठ पर हाथ फेरने लगता hai....kafi हॉट सन था चल रहा था इस वक़्त यहाँ ...एक कला उनपद नौकर की बाँहों में एक गोरी जवान शादीशुदा पढ़ीलिखी ाव्रत थी …वो भी अधनंगी..

अब नवाज़ का हाथ आरती की ब्लाउज पर पीछे से घूम रहा था .. ...तभी नवाज़ को झटका सा लगता है जब आरती उसके चहरे को आपने दोनों हातो मई पकड़ लेते है और उसको किश करने लगाती है ..





ये नवाज़ के लिए बहुत बड़ा झटका था .. उसे नहीं लगा था आरती जैसे पढ़ीलिखी और इतने बड़े घर की शालीन बहु इतने जल्दी पहल करेंगे ..

पर उसने पहल की थी .. इसका मतलब आरती अब नवाज़ को साथ दे रही थी जिसे देख के नवाज़ खुश हो जाता है .... इस वजह से उसको जैसे जोश सा अत है और वो अब जोर जोर से उसके होंठ चूसने लगा .. उसका चेहरा पकड़ के ..इधर आरती इस वक़्त बहुत गरम हो चुकी थी .. उसे कुछ भी ख्याल नहीं था के वो क्या कर रहे hai..wo जिस घर की बहु है उसी घर की नौकर के साथ ये सब वो कर रहे hai..aur खुद पहल कर के ..इसका क्या अंजाम होनेवाला है इस बारे मई वो अब इस वक़्त कुछ सोच नहीं रही थी..
 
पर उसने पहल की थी .. इसका मतलब आरती अब नवाज़ को साथ दे रही थी जिसे देख के नवाज़ खुश हो जाता है .... इस वजह से उसको जैसे जोश सा अत है और वो अब जोर जोर से उसके होंठ चूसने लगा .. उसका चेहरा पकड़ के ..

इधर आरती इस वक़्त बहुत गरम हो चुकी थी .. उसे कुछ भी ख्याल नहीं था के वो क्या कर रहे hai..wo जिस घर की बहु है उसी घर की नौकर के साथ ये सब वो कर रहे hai..aur खुद पहल कर के ..इसका क्या अंजाम होनेवाला है इस बारे मई वो अब इस वक़्त कुछ सोच नहीं रही थी..

अब किश करते हुई नवाज़ आरती को लेके उस बीएड पाई गिर जाता है .. और उसके उप्पर आ जाता है ..





किश करने लगते है ..अब आरती नवाज़ के उप्पेर चढ़ जाती है .. अब नवाज़ निचे और आरती उप्पर थी .और वो नवाज़ को किश कर रहे थी.





किश करते करते hi नवाज़ ने आरती की गांड पकड़ के उसे दबाने लेगा .. उसने सोचा जल्दी गरम हो जायेगी... और छुड़ाने हो तैयार हो जाएगी .. लेकिन हुआ उसके उलटा.. आरती तो गरम तो हुई लेकिन नवाज़ ने थोड़ी गलती कर di..jab आरती उसको किश कर रहे थी तब वो जोश मई आ गयी .. उसी जोश मई उसने नवाज़ के शर्ट के बटन खोल दे .. नवाज़ को लगा अब ये अब मुझसे चुद hi जायेगे .. इससे थोड़ा और गरम करते है .. इसलिए नवाज़ ने उसको कास के पकड़ा .. और आपने हाथ सीधा आरती के कमर से होते हुई उसके गांड पर ले गया .. एक हाथ उसके सर के उप्पर रख के उसका चेहरा आपने चहरे पर दबाने लगा और उसे जोर से किश करने लगा .. और दूसरा हाट आरती के कमर से होते हुई उसके गांड पाई रख दिया और उसकी गांड को जोर से दबाया .. तब आरती मू से न न कह कर अपनी गर्दन हिला रही थी.. पर उसका चेहरा आपने चहरे पर नवाज़ ने दबाया था इस वजह से वो मू उसके होंटो से निकल के उसे बता नहीं प् रही थी और जोश की वजह से नवाज़ उसका इशारा समझ नहीं पा रहा था ..

पर चुटिया नवाज़ को कुछ समझ नहीं आया ..और उसने और एक बड़ी गलती की ..अपनी एक बड़ी उंगली उसके साड़ी के उप्पर से उसके गांड मई गुस्सा दी .. आरती को बहुत गुस्सा आया और उसने जोर लगाके आपने चेहरा हटा दिया ..

आरती को गुस्सा आया और उसने नवाज़ के गलो पर छठा मारा ..पहले एक फिर 2-3 थप्पड़ मरने लगी... तब नवाज़ आरती का हाथ पकड़ कर बोलै...

रानी क्या हाथ चलती हो .. अब मुझे लग रहा है तुजे न किसी रस्सी से बंदके तेरे चुदाई करू..

तब गुस्से से उसको देखते हुई कहते है ..





मई क्या तुम कोई कॉल गर्ल लग रही हु क्या जो तुम ये सब मेरे साथ करोगे

नहीं न रानी ..तू कैसे कॉल गर्ल होगी ..तेरे जैसे इतनी खूबसूरत कोई कॉल गर्ल होगी भी नहीं ..

और उसके सर के पीछे हाट दाल के उसका सर निचे दबाते हुई उसको किश करने लगा

तब किश तोड़ते हुई आरती कहते है

तुम कैसे पता मेरे जैसे खूबसूरत कोई कॉल गर्ल नहीं होगी .. तुम क्या किसी कॉल गर्ल के पास भी जाते हो क्या

नहीं न रानी

बोल के फिर से आरती को किश करने लगा

फिर से किश तोड़ते हुई आरती कहते है

फिर तुमने क्यों कहा

क्यों की तुम हो hi इतनी सुन्दर की तुम्हारे जैसे कोई नहीं होगी इसलिए

और फिर से उसको किश करने लगा





फिर से थोड़ा किश करने के बाद किश तोड़ते हुई आरती कहते है

पक्का न .. यही रीज़न है

हां बाबा

तुम किसी कॉल गर्ल के पास जाते नहीं हो न

नहीं न रानी और जाऊंगा भी नहीं

मत जाना

मई क्यों जाऊ ..तुम hi तो मेरे कॉल गर्ल हो

ऐसा बोल के उसका सर निचे दबाके उसको किश करने लगी ..कुछ 2-3 मिनट्स किश करने के बाद किश आरती ने तोडा और नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है ..

तुम शर्म नहीं आती .. अरविन्द अग्रवाल की बीवी और .. दीपक शेठ अग्रवाल की बहु को तुम कॉल गर्ल कह रहे हो.. जानते हो न पापा जी को आपने hi गाँव मई नहीं पुरे इलाके मई शेठजी कह के बुलाते है .. उनके बहु को तुम कॉल गर्ल कह रहे हो .. शर्म है की नहीं ..

आरती की नवाज़ ने मज़ाक मई कॉल गर्ल कहा था पर उसे इस बात पर बहुत गुस्सा आया था..

इतने बड़े रियासत के मई अकेले मालकिन हु और तुम मुझे कॉल गर्ल बना रहे हो

कह लिया तो क्या हुआ रानी .. मैंने तो ऐसे मज़ाक मई कहा था.. मैंने कहा दिया मतलब तू कॉल गर्ल थोड़ी hi बन जायेगे.. मैंने तो ऐसे मज़ाक मई कहा था ..

मुझे ऐसा मज़ाक पसंद नहीं

उसने गुस्से मई कहा

नवाज़ कुछ देर शांत रहा और उसे देखने लगा .. नवाज़ आरती को देखने लगा .. वो उसके सामने बैठी थी ब्लाउज मई ..उसका साड़ी का पल्लू निचे गिरा हुआ था ..उनके रोमांस मई उसके बाल खुले हुई थी. अब आरती ने खुद बाल खुले किये थे .. मतलब हेयरपिन निकली थी या नवाज़ ने निकली थी ..वो दोनों नहीं जानते थे .. उनका रोमांस ऐसा चल रहा था मनो जैसे नयी शशिशुद्धा कपल का रोमांस.. उसको देख के नवाज़ कहता है मैं में..

बहनचोद इस खुले हुई बालो में और भी सेक्सी रैंड लग रही है .. इसका ये सेक्सी रूप देख के अब मुझसे साबरा नहीं हो रहा है .. अब लग रहा है साली को अभी hi छुड़ाए karu.par ये करने देगी क्या .. यही सोचते हुई वो कहता है..

मई मज़ाक भी नहीं कर सकता क्या तेरे साथ

कर सकते हो जी .. पर ऐसा नहीं

आरती फिर से लाइन पाई आने लगी है ये जान कर नवाज़ कहता है

तुम क्या किसी कॉल गर्ल से काम हो क्या .. किसी कॉल गर्ल के भी इतने रसेले होंठ नहीं होंगे ..( उसको चूमते हुई कहता है ) ..

फिर किश करने के बाद कहता है .

इतने मस्त चुके नहीं होंगे .. ( उसके आम दबाते हुई कहता है ) और फिर गांड पर चपत मारताता है ..तब आरती की सिसक निकलती है दर्द की वजह से ..

आह्ह्ह्ह

इतने मस्त गानन्द नहीं होगी .. किसी कॉल गर्ल की . और सिर्फ इतने मस्त होंठ hi नहीं पर इसको किसी ने चूसा भी नहीं होगा उस लल्लू को चोर कर

तब उसके गाल पाई धीरे से चपत लगाके गुस्से मई कहती है

वो लल्लू है इसलिए तुम मज़े करने को मिल रहे है न मेरे saath..warna कहा मिलते इतने मज़े

वो तो है रानी ..थैंक यू मेरे लल्लू मालिक ..

तब आरती गुस्से मई कहते है ..

चुप हो जाऊ .. मुझे कॉल गर्ल और मेरे पति को लल्लू कह रहे हो ..

और उतने लगी तब नवाज़ उसको पकड़ता है ..

चोरो मुझे ..

गुस्सा क्यों हो रहे हो ..आ जा न थोड़ा और रोमांस करते है ..

मुझे कोई रोमांस नहीं करना है तेरे साथ..

पर नवाज़ उसको नहीं चोरता ..

चोरो केक पिगल जायेगा ..

नहीं पिघलेगा रानी .. नवाज़ का केक है वो

बेशरम कुछ भी बोलते हो ..

अब इसमे क्या बेशर्मी ..

उस केक को क्या पता . वो नवाज़ का है या किसी और की ..

मेरा नाम लिख गया है उसपर मतलब वो मेरा है .. जैसे आज जब मैंने तुज पाई ठप्पा लगाया किश करके मतलब तू आज से मेरे .. किसी और की नहीं ..

फिर उस लल्लू का क्या करे ..

उसकी नहीं आज से तू सिर्फ मेरे ..उस लल्लू की नहीं .. सिर्फ मेरे .. मेरे बेगम..
 
बेशरम कुछ भी बोलते हो ..

अब इसमे क्या बेशर्मी ..

उस केक को क्या पता . वो नवाज़ का है या किसी और की ..

मेरा नाम लिख गया है उसपर मतलब वो मेरा है .. जैसे आज जब मैंने तुज पाई ठप्पा लगाया किश करके मतलब तू आज से मेरे .. किसी और की नहीं ..

फिर उस लल्लू का क्या करे ..

उसने पहली बार आपने पति को लल्लू कहा तह ..

उसकी नहीं आज से तू सिर्फ मेरे ..उस लल्लू की नहीं .. सिर्फ मेरे .. मेरे बेगम.

नहीं ...मई नहीं चोर सकती मेरे हस्बैंड को ..

ठीक है मत चोर .. पर मुझे भी प्यार करने से .. और मुझे प्यार भी कर .. किसी बेगम के जैसे .. मेरे सेवा कर मेरे बेगम बने बिना

ऐसा बोल के उसको किश करने लगा तब आरती मू दूसरे और कर लेती है

आरती को नवाज़ अभी तक समाज नहीं पाया की आखिर वो चाहती क्या है? वो सोचने लगा .. साली ने किश करने दिया ..बल्कि खुद मुझे किश किया . जोश मई आके मेरे शर्ट के बटन खोल दिए … और अब इंकार कर रही? मुज पाई गुस्सा कर रही है .. मैंने गांड पाई हाट क्या लगाया तो नखरा कर रहे है.. या इस कॉल गर्ल कहा इस वजह इसे गुस्सा आ गया .. चैनल को अब सही से उसे करना पड़ेगा.. साली बहुत बड़े घर की है ..

और नवाज़ सोचने लगा ..

लगता है ये संस्कारी रैंड बुरा मन गयी तो.. इस मई की पतिव्रता पत्नी जग गयी ऐसा लग रहा है .. कुछ तो करना पड़ेगा .. यही सोचते हुई उसने अब फिर से आरती को आपने निचे ले आया ... मतलब निचे दबोच कर खुद उसके उप्पर आया ..नवाज़ ने आरती के दोनों हाथ को कस के पकड़ था..

सॉरी न रानी .. गलती हो गए रानी ..माफ़ कर दे न मुझे ..

अभी भी वो गुस्से मई थी ..

मुझे चोर दो .. मुझे कोई बात नहीं करनी है तुमसे ..

तब नवाज़ आपने होंठ आरती के होंठो पर रख के उसके होंटो को मसलने लगता है.... आरती अब छटपटाने लगी ..

अब नवाज़ किश करते हुई अपनी छाती से नवाज़ आरती के बॉल को रगड़ना शुरू करता है... उस कमरे मई फैन नहीं था तो दोनों को थोड़ा थोड़ा पसीना आने लगा था .. आरती को तो ज्यादा पसीना नहीं आया था पर नवाज़ को आया था .. उसके पसीने से आरती का ब्लौसे थोड़ा भीग जाता hai...nawaz अब एक एक ज़ोरदार डीप ,लॉन्ग किश करता है ... नवाज़ के काळा रफ़ होंठ आरती के रसीले और मुलायम होंठो पर टूट पड़ते है ...

नवाज़ आपने जीभ को आरती के मूठ में घुसेड़ता है और आरती की जीभ को चाटने लगता है और उसके मुंह का रास पिने लगता है... आरती ने शायद hi ऐसा किश खबि अपनी पति से किया हो…

उसका हाथ नवाज़ ने पकड़ा था इस वजह से वो ज्यादा हिल धूल नहीं रही थी.. नवाज़ आरती को किश कर Raha...aur किश इतना लम्बा किया की आरती के मूठ का रास पाइक खुद के मूठ का रास आरती के मुह्ह में दाल दिया.. जीभ से जीभ इतनी गुल मिल गयी की 2 से 3 मिनट्स 3 से 5 और 5 से 10 मिनट्स का किश हो गया........

अब वो किश तोड़के निचे आ गया ..तब उसकी नज़र आरती के गले पाई गयी .. उसे मंगलसूत्र के साथ आरती के गले मई का लॉकेट दिख गया .. लॉकेट देख के उसकी आँखे चमक ुति ..4-5 टोले का लॉकेट होगा वो .. कुछ सोच के वो उसके गले को चूमता है ..

आह्ह्ह्हह

उसके चूमते hi आरती आँख बंद कर लेता है और मैं मई कहते है..

कमीना साला जबरदस्ती रोमांस कर रहा है मुझसे ..

फिर नवाज़ उसके गले को चाटने लगा ..और फिर एक हाट मई आरती के दोनों हाथ पकड़ लेता है ..और आपने हाट उसको चूमते हुई उसके गले के पीछे ले जाता है . और धीरे से लॉकेट खोलता है और उसके गले को चाटते हुई गले से धीरे से लॉकेट पीछे गिरता है .. और फिर धीरे से अपनी पंत मई रखता है..

ये सब होते हुई आरती की आँखे बंद थी .. और वो गुस्से मई थी.. तो नवाज़ ने ये जब किया तो इस वजह से आरती का नवाज़ पाई ध्यान hi नहीं गया ..

अब वो आरती के दोनों हाट एक हाट मई पकड़ के गले से लेकर उसके आम के उप्परि हिसे टाक चाटने लगा.. फिर एक बार उसके आम को देखता hai..saans लेने की वजह से उसके आम उप्पर निचे हो रहे थे .. तब एक हाट उसके एक मम्मी पाई रख कर हलके हातो से उसे दबाता है ..तब आरती आँख खोल के नवाज़ के आँखों मई देख के कहती है

मत कर कमीने

तब वो उसके दोनों हाट पकड़ के एक छोटे से वायर से बंदने लगता है.





ये ये क्या कर रहे हो..

पर वो कुछ नहीं कहता सिर्फ उसकी आँखों मई देखता है ..

आरती के साइन पर से साड़ी का पल्लू पहले hi हैट चूका था … फिर वो आरती की पेट को चूमता है.....

उम्मम्मम्म अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह चोर दो प्लीज...

पर नवाज़ कुछ नहीं कहता .. और उसके पेट को चाटने लगता है .. फिर आरती की नाभि के अंदर अपनी जीभ डालके वह चाटने लगता hai...tab आरती सिसकियाँ देने लगाती hai..aur खुदकी टैंगो को मोड़ लेती है…

उम्मम्मम्म अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ...नवाज़ ये सब ठीक नहीं है

तब उप्पर आके उसके आँखों मई देखते हुई उसके होंटो को चूमने लगा..





फिर निचे आके उसके ब्लाउज को देखने लगा .. उसका ऐसा देखने से आरती समाज गयी की नवाज़ क्या करना चाहता hai..tab आरती कहते है

no नवाज़

क्या no

ये ब्लाउज ऐसा था की उसके बटन फ्रंट साइड थे .. अब नवाज़ आरती की ब्लाउज के बटन खोलने के लिए हाट आगे बढ़ाता है ..

नवाज़ नहीं

अब नवाज़ ब्लाउज का पहला बटन खोलता है .. निचे से ..

नहीं न नवाज़ प्ल्ज़

तब नवाज़ आरती के कण पर एक बार हलके से चबता है…

aaaaahhh..kamine..

और फिर दूसरा बटन खोलता है ..और आरती के आँखों मई देखते हुई कहता है..

आरती ….. …

आरती गुस्से से उसको देखते हुई कहते है

अपनी मनमानी तो कर रहे हो .. मन करने के बाद भी मेरा ब्लाउज खोल रहे ho..phir मेरा नाम क्यों ले रहे हो

क्यों की तू मेरे रानी है

तब नखरे से कहते है

नहीं हु तुम्हारे रानी वाणी .. नीता है रानी .. मई नहीं हु ..

तो कोण हो

कोई भी नहीं ..

नहीं .. तुम hi मेरे रानी हो ..

बोलै न .. नहीं हु तुम्हारे रानी .. बार बार कहने से थोड़ी न मई तुम्हारे रानी बनूँगी ..

तो कैसे बनेगे मेरे रानी

कैसे भी नहीं ..

तुम hi हो रानी

बार बार रानी कहने से क्या होगा ..मई आपने पति की रानी हु ..बस ..

उस लल्लू की

हाँ उस लल्लू की .

दुदरे बार उसने आपने पति को लालू कहा था ..

तो किस के लिए मेरे साथ ये सब कर रही हु ..

मई नहीं तुम कर रहे हो और वो भी जबरदस्ती

जबरदस्ती???

हाँ जबरदस्ती.. मेरे मर्ज़ी के बगैर ये सब मेरे साथ कर रहे हो तुम

फिर चीला क्यों नहीं रही हो

मई छीलते न तब तुम्हारे खैर नहीं .. पापाजी तुम्हारे चटनी बना देते ..

मतलब तुम मेरे फ़िक्र है

कोई फ़िक्र नहीं है

फिर चिल्ला क्यों नहीं हो

वो तो आरती को भी पता नहीं था .. इसपर वो कुछ नहीं कहती ..

वैसे मुझे तो लग रहा है तुम्हारे रज़ामंदी है .. वर्ण आरती अग्रवाल के साथ ये सब करने की किस की मज़ाल ..

हाँ ये सच कहा तुमने

रानी मई हमेशा सच hi कहता हु ..

ज्यादा ऊधो मत .. और चुपचाप मेरे हाट खोलो ..

इतना गुस्सा क्यों करती हो रानी

गुस्सा नहीं हु मई .. अगर होती न

अगर होती तो क्या करती

गुस्सा होती तो ये तुम मेरे ब्लाउज खोल रहे हो न उसे खोलने नहीं देते

मतलब अब खोलने दे रही हु ..

मैंने ऐसा नहीं कहा

तो क्या कहा तुमने रानी

मैंने ये कहा मई गुस्सा नहीं हु वर्ण किस की मजाल जो मेरा ब्लाउज खोले .. तुम्हारे छोटे मालिक को भी कभी खोलने नहीं दिया

वो तो बात है न रानी

ऐसा वो बोलता है और आगे कुछ बोलने वाला होता है की आरती कहती है..

मई तुम्हारी रानी होती न तुम ऐसा बेहवे मेरे से नहीं करते .. मेरे हाट नहीं बन्दते ..

तुम कहती हो तो खोलता हु तेरे हाट

खोलो फिर

तब नवाज़ उसका हाट खोल देता है..
 
मई तुम्हारी रानी होती न तुम ऐसा बेहवे मेरे से नहीं करते .. मेरे हाट नहीं बन्दते ..

तुम कहती हो तो खोलता हु तेरे हाट

खोलो फिर

तब नवाज़ उसका हाट खोल देता है.. हाट खोलते hi आरती गुस्से मई बीएड से निचे उतर के केक के पास जेक खड़े हो जाते है .. और केक के पास का बचा हुआ काम करने लगी ..

आरती ने इस वक़्त हाफ स्लीव ब्लाउज पहना हुआ था .. उस वजह से उसके गोर गोर बाज़ू बिलकुल नंगे थे. वो वह काम कर रही थी .. और नवाज़ उसे बार बार देख रहा था .. चोर नज़रो से .. एक दो बार आरती ने भी चोर नज़रो से देखा की नवाज़ उसे देख रहा है .. चुप चुप के ..

तब वो गुस्से से उसे देखने लगी..





तब नवाज़ डर के अपनी नज़र दूसरी और कर लेता है .. ये देख के उसे बहुत ख़ुशी हो रही थी और दिल hi दिल मैं वो मुस्करा रही थी..

तब वो दूसरे साइड को चेहरा करके मुस्कुराने लगी ..





और फिर कुछ सोच कर आरती ने उस को तैसे करने के लिए अपनी साडी का पल्लू ठीक किये बिना काम करने लगी rahi.uske शैम्पू किये हुई रेशमी बाल उसके पिट पर खुले हुई थे .. नवाज़ के साथ किश करते वक़्त वो खुल हुई थे .. उसने उसको अभी तक बन्दे नहीं थे . ... जो कई बार काम करते वक़्त उसके चहरे पर आ जा रहे थे ..उसको कई बार उसे पीछे की तरफ करने पद रहे थे ..

आरती को साफ़ महसूस हो रहा था के उसके साड़ी के पल्लू के वजह से दिख रहे उसके मम्मी की वजह से और उसके खुले बालो की वजह से वो बेचैन हो रहा है.

आरती को उसकी हालत और बेचैनी देख कर भहुत ाचा लग रहा tha.us रूम मई फैन नहीं होने की वजह से उसे अब पसीना आने लगा था..



और आरती नवाज़ को गुस्से से देखने लगी ..





नीचे आने का इरादा है केक कट करने के लिए .. या वही बैठे रहने का इरादा है ..

तब नवाज़ कहता है..

आता हु न रानी .. तू बुलाये और हम न आये ऐसा हो सकता है क्या

ऐसा बोल के आरती के पास चला जाट है



 
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