ये कह कर में उठा और बहार निकल गया. में सीधा बाथरूम गया और फिर वह से किचन में पानी पिने चला गया. जब में वापस लौट रहा था तो उसे सामने से सरिता दीदी आती दिखाई दी. Ast-wyast कपडे और बल भी थोड़े बिखरे हुए थे. जब उन्होंने मुझे देखा तो वो थोड़ा ठिठक गयी और थोड़ा सा दर भी गयी.
शिव : क्या हुआ दीदी?
सरिता : (अपने आपको सँभालते hue)kkkKuchh नहीं? में तो पानी पिने जा रही थी.
शिव : पर आप ऐसी हालत में?
सरिता

अब वो क्या बोले की वो मैनेजर से छुड़वा कर आ रही है, बात को सँभालते hue)Woooo, अरे कोई इंसान नींद से उठेगा तो ऐसी hi हालत में होगा न. वो छोड़ तू क्या कर रहा है?
शिव : मैं भी पानी पिने hi आया था.
सरिता : ठीक है, में भी पि लेती हु. तुजे नींद नहीं आ रही है क्या?
शिव : नहीं तो, आप क्यों पूछ रही है ऐसा?
सरिता : अरे में तो इस लिए पूछ रही थी की अगर नींद नहीं आ रही तो थोड़ी देर मेरे साथ बात hi कर ले. वैसे भी तुम्हे कभी मेरे लिए टाइम तो मिलता नहीं तो सोचा अभी सही.
शिव : (सरिता दीदी को पानी पिटे हुए देख रहा tha)Aisa क्या कहती हो दीदी, में यही तो होता हु, और आपसे बात भी तो होती hi है.
सरिता : (पानी का गिलास रखते hue)Chal छत पर चलते है, यहाँ गर्मी भी बहोत है, छत पर ठंडक होगी तो अच्छा लगेगा.
शिव : ठीक है दीदी चलिए.
दोनों छत पर आ जाते है. छत काफी बड़ी थी. आसमान टिमटिमाते तारो से भरा हुआ था और चाँद की मद्धम रौशनी में सब दिख रहा था. छत पर चारो और 3 फ़ीट की बाउंडरी बानी हुई थी जिस पर अपनी पीठ टिकते हुए सरिता दीदी कड़ी थी और में उनके बगल में वैसे hi खड़ा हो गया.
सरिता : और ! कैसा चल रहा है सब, तेरा स्कूल और नौकरी?
शिव : सब ठीक hi है दीदी?
सरिता : मेरा मतलब है कोई स्कूल में गर्लफ्रेंड बनायीं की nahi?(Kehte हुए वो मुस्कुराती है)
शिव : (थोड़ा शर्मा जाता hai)Kya दीदी, अभी अभी तो स्कूल चालू हुआ है और में किसी को ठीक से जनता तक नहीं. और गर्ल फ्रेंड की बात कर रही हो, आपको पता तो है की कोई फ्रेंड तक नहीं बनता हम जैसो का.
सरिता : अरे मायूस क्यों होता है, हमे क्यों किसी की जरुरत पड़ने लगी, हम सब एक दूसरे के साथ है na,fir.
शिव : में मायूस नहीं हु दीदी, में तो बस आप को बता रहा था. और मुझे क्यों किसी की जरुरत पड़ने लगी. आप हो दीदी है, रंजन और विणा भी है.
सरिता : है वो तो है hi, पर फिर भी अगर गर्लफ्रेंड की जरुरत पड़े तो मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बना lena.(Kehte हुए वो खिलखिला कर है देती है)
शिव

झेपते hue)Kya दीदी, आप मेरी खिंचयी कर रही है.
सरिता : (उसके सामने कड़ी हो kar)Me कहा खिचाई कर रही हु, में तो सच कह रही हु. तू अब बड़ा हो गया है तो गर्लफ्रेंड तो चाहिए होगी tuje.(Fir वो मुस्कुराने लगती है)
शिव

रूठते hue)Didi आप मेरा मजाक उदा रही है में जाता hu(Keh कर वो जाने लगता है)
सरिता : (उसे रोक ने के लिए उसका हाथ पकड़ लेती है और उसको खींचती है तो में लड़खड़ाते हुए सरितादिदी से टकरा गया, दीदी का बैलेंस भी डगमगाता है और वो पीछे खिसक कर बाउंडरी से सात जाती है और में उनके साथ चिपक gaya)Ouchh!(Didi के मुँह से हलकी आवाज निकली)
शिव : सॉरी दीदी, आप को लगी तो नहीं?
सरिता : नहीं लगी.
शिव : आपने hi खींचा था मुझे, ठीक है में जाता हु दीदी.
सरिता : तू तो नाराज हो गया.
शिव : आप बात hi ऐसी कर रही हो फिर.
सरिता : क्या गलत कहा मैंने? तू अब जवान हो गया है, जवानी में अक्सर कुछ करने की इच्छा होती है, क्या तुजे गर्ल फ्रेंड की जरुरत नहीं?
शिव : नहीं, मुझे कोई जरुरत नहीं.
सरिता : क्यों तू लड़का hi है na?(Muskurati है)
शिव : देखा फिर आप मजाक कर रही है.
सरिता : (मुस्कुराते hue)Maine क्या मज़ाक किआ, में तो बस पूछ रही हु की तू लड़का hi है न? क्यों की लड़के जब बड़े हो जाते है तो उन्हें गर्लफ्रेंड तो चाहिए होती है. और तू कह रहा है की हम जैसो को नहीं मिलती तो न तुजे मिलेगी न मुझे कोई मिलेगा. तो फिर क्यों न में तुम्हारी गिलफ्रेंड बन जाऊ तो हम दोनों का फायदा होगा.
शिव : देखा देखा अभी भी आप मेरी खिचाई कर रही हो.
सरिता : नहीं में कोई खिचाई नहीं कर रही, में बिलकुल सीरियस hu.(Me उनके चेहरे को देखने लगा, जो सीरियस था पर दूसरे hi पल वो खिलखिला कर हसने लगी)
शिव : में जाता हु (कह कर में वह से जाने लगा)
सरिता : अरे रुक तो, में अब मजाक नहीं karungi(Keh कर उसके पीछे पीछे भगति है, और उसे सीढ़ियों पर hi पकड़लेति hai)Rook तो.
शिव : मुझे जाने दीजिये, आप मेरी बहोत खिचाई कर चुकी.
सरिता : (शिव को धकेल कर दिवार से सत्ता देती है, यहाँ थोड़ा अँधेरा था, दरवाजे से छान की रौशनी थोड़ा उजाला किये हुए thi)Me भले पहले मजाक में कह रही थी पर अब में मजाक नहीं कर रही शिव, अब सच सच बता क्या तू मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनाएगा?
शिव : ये क्या कह रही है दीदी?
सरिता : में तेरी दीदी नहीं हु, में एक अनाथ लड़की हु, और हो सकता है तुजे गर्लफ्रेंड की जरूरत न हो पर मुझे बॉयफ्रेंड की जरूरत है शिव. मेरी आँखों में देख, क्या में मज़ाक कर रही हु?
शिव : पर दी...
सरिता : (उसके होठो पे हाथ रख kar)Muje दीदी मत कह, तू नहीं जनता मेरे साथ क्या हुआ है शिव, पर मैं तुजे इतना बता देती हु की मुझे तेरी जरूरत hai.(Ye कह कर वो शिव के होठो को चूमने लगती है, (में बूट बाना उनके नरम गरम होठो का स्पर्श महसूस कर रहा था. वो मेरे होठो को भिगो रही थी, थोड़ी देर मेरे होठो को चूमने के baad)Sorry अगर तुजे बुरा लगा हो तो. मुझे सच में तेरी जरूरत है शिव. पर अगर तू नहीं चाहता तो ठीक है, सोचकर मुझे बताना. और है ये बात हमारे बिच hi रखना, लता को मात बताना.
ये कह कर वो वह से चली गयी. थोड़ी देर सोच में डूबा में वह खड़ा रहा फिर में अपने रूम में आ गया. जैसे hi में लेता लतादिदी मुझसे चिपक गयी, तो में उन्हें अपनी बहो में भरके सो गया.