Adultery Raj-- hero of the family - Page 80 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery Raj-- hero of the family





ये देखो लिखा हुवा ह न एरर और पोस्ट हो चूका ह🤣🤣🤣😭😭
 
"बैटल फॉर रिवेंज" टुमारो नाईट

फाइट दो पार्ट्स मई आएगी एक part मई पॉसिबल नहीं हो प् रहा ह अपडेट फिनिश करना
 
एडिटिंग..... एक्सपेक्टेड टाइम 10.30 पं
 
अपडेट 232…



राज हीरो ऑफ़ थे फॅमिली…

बैटल फॉर रेवेंगे part 1—

मंडावा सुभे के 4 बजे…

मनीषा “क्या बात ह आज बचे रो क्यों रहे ह इतना…. दूध नहीं पिलाया क्या”

सोनाली “ पता नहीं सुभे 3 बजे से दोनों जगे हुवे ह…. पहले नार्मल थे मुझे लगा ऐसे हे जग गए होंगे पर फिर तब से हे रो रहे ह दूध भी नहीं पि रहे ह”

मनीषा “सायद कोई दिकत हो गयी h…apne डॉ को कॉल किया”

सोनाली “छोटी चची को कहा ह उन्होंने भीमा चाचा को भेजा ह डॉ को लेन के liye…Dekho न भाभी अभी भी रो रहे ह कुछ समाज नहीं ारः ह”

मनीषा “आप पैनिक मत होईये लाईये एक नन्हे शैतान को मुझे दीजिये” और गोदी मई लेने के बाद बचे को खिलते हुवे “क्यों रोया …मेरा bachha…tumhare पापा भी सबको ऐसे हे तंग करते थे….”

थे सब्द बोलते हे मनीषा को अहसास हुवा की वो क्या बोल गयी …मन तोह उसका भी नहीं मंटा था की राज अब इस दुनिया मई नहीं ह….

सोनाली “मुझे सँभालने आयी थी और खुद भावुक हो गयी”

मनीषा ने खुदकी भीग चुकी आँखों को साफ़ किया और बोली “ मन ह इसे समझाना बड़ा मुश्किल ह…”

काफी दिएर दोनों बचो को ऐसे हे खिलाती हुवी दोनों को चुप करने की कोसिस करती रही तब तक डॉ भी आ गया और बता गया की सब तीख ह डरने की बात कोई बात नहीं h…halka झखम ह जिसकी वजह से सांस लेने मई दिकत हो रही ह इसलिए सोने मई दिकत आरही ह दोनों को और पेट मई गैस्टिक ह सिरप दे गया जो रेगुलर पिलानी h…aur पेट के लिए एक्सरसाइज ….

सुप्रिया “सोनाली बेटी खुद का भी धयान रखा करो…. बचो के साथ sath….warna तुम भी बीमार हो जाओगी…”

सोनाली “जी चची”

सुप्रिया “अब तुम दोनों भी कुछ दिएर सो जाओ आधी रात से जगी हुवी हो ये शैतान तोह सो गए आराम मिलते हे”

मनीषा “मैं यही कुछ दिएर सो लेती हु चची ”

सुप्रिया “तीख ह”

सोनाली की गोदी मई लेते हुवे बचो को सोनाली के बूब को मू मई लिए सोता देख कर बोली.. “अभी तोह ये दो ह फिर इनका बाप भी आजायेगा तब कैसे एडजस्ट करोगी ap”manisha की बात सुनकर सोनाली हलके से हंसी पर समाज नहीं आया पर जैसे हे उसने मनीषा की नज़र का पीछा किया और समाज आया तोह बोली “भाभीई ”

मनीषा हंसती हुवी “ वैसे बताओ न राज के साथ क्या क्या किया ह अपने ”

सोनाली आंखे बड़ी करके उसे देखने लगी

मनीषा “बताईये न क्या सब कुछ हो गया था आप दोनों के बिच मतलब फर्स्ट नाईट सेक्स ”

सोनाली “रूको रूको अपनी सोच को थोड़ा ब्रेक do…meri छोड़ो पहले आप ये बताओ की सुनील कुछ दिन रहा तब आपका बुखार क्यों नहीं उतर रहा था”

और बस मनीषा की हवईया उड़ गयी

सोनाली “क्या हुवा अब क्यों नज़रे चुरा रही ह आप…”

मनीषा “वो मेरी सच मई तबियत ख़राब थी”

सोनाली “सच मई पर उसका चाल से क्या लेना देना था ”

मनीषा “आप”

सोनाली मुस्कुराकर “भाभी मैं तोह बहुत खुस हु की आप दोनों के बिच सब हुवा…”

मनीषा बुरी तरह शर्माने लगी ..

सोनाली “कुछ दिन मई हे मेरी भाभी का चेहरा प्यार से चमकने लगा ह मैं आपके लिए बहुत खुस हु”

मनीषा शरमाते हुवे “भाभी”

सोनाली को मुस्कराता देख मनीषा को भी हंसी आगयी और बोली “आप भी तोह रात को उसके रूम मई जाती थी तोह क्या आपकी चाल बदली नहीं हुवी थी…”

सोनाली “अरे वो गधा ह गधा कुछ नहीं किया बस आकर मेरे सीने से लग कर बाटे करता रहता और मुझसे अपने बालो मई हाथ फिरवता और सो जाता ….मैंने बहुत कोसिस की आगे बढ़ने की पर वो खुद को रोक लेता …कमीना प्यार करता ह मुझसे दूर भी नहीं जाने देगा पर बोलेगा भी नहीं”

मनीषा “ओह्ह मतलब ये की उसे आपके और फिर बूब्स को देखने लगी…”

सोनाली जो मनीषा से बॉन्डिंग इन सालो मई बहुत अछि कर चुकी थी वो मुस्करा कर बोली “इनसे उसे बहुत प्यार ह कभी कभी तोह बाईट करके निशान छोड़ देता था और कहता नाहते वक़्त मेरी याद ayegi..kyo सुनील ने नहीं किया ऐसा कुछ”

मनीषा “आपके भाई को कुछ नहीं अत ह काऊ ह काऊ इस मामले मई मुझे हे आगे बढ़ना pada…waise एक बात बोलू जिस हिसाब से राज का कण्ट्रोल आप बता रही ह उस हिसाब से आपकी हालत फर्स्ट नाईट को बहुत बुरी होने वाली ह मैंने देखा ह उसे प्रक्टिसे और एक्सरसाइज करते हुवे घंटो नहीं छोड़ने वाला ह आपको ” इतना कह वो हसने लगी तोह सोनाली को भी हंसी गयी और बोली “सब मंजूर ह भाभी पर वो ए तोह सही ….” ये कहने के बाद अचानक उसकी आँखों मई एक गुसा फुट गया..

मनीषा “क्या हुवा…”

सोनाली “कुछ नहीं” पर मन मई बहुत कुछ सोच चुकी थी

मनीषा “अब सो जाईये आप भी”

दोनों थोड़ी दिएर के लिए सो गयी…

इधर ….

दिव्या की कार जैसे हे हॉस्पिटल के मैं दूर से कुछ दूर अपने 4 चार बॉडी गॉर्डस के साथ 2 कार मई आगे निकली ….तोह कमिश्नर ने सिक्योरिटी और जानकारी के लिए जिन पुलिस वालो को लगा रखा tha…usne तुरंत ैप विजय को कॉल किया

सुब इंस्पेक्टर “सर दिव्या मम अपने 4 बॉडी गॉर्डस के साथ बहार निकली ह”

ैप विजय “what…par उनको तोह मैंने खुद कहा था की इनफार्मेशन के बिना प्लीज आप कंही मत जाना आपकी जान को बहुत खतरा ह फिर भी ….तुम उनका पीछा करो और मुझे इनफार्मेशन देते रहना ”

सुब इंस्पेक्टर “जी सर”

कॉल कट हुवा तोह उसने कमिश्नर सर को कॉल लगाया और सिचुएशन बताई …कमिश्नर ने भी तुरंत एक टीम पीछे रवाना kardi….divya की सेफ्टी के लिए…

इधर गाँव मई….

ऋचा धीरे से शेरदिल के कान मई बोली “राज के पास मित्युदूत अंकल ह न”

Sherdil”Dont वोर्री भाभी आप यंहा का सम्भालो वो दोनों बेसमेंट मई ह और कोई टेंशन वाली बात नहीं ह उस तरफ का भूल जाओ”

कुछ दूर खड़ा सुनील “ ये गाँव के जो कार्नर वाले घर ह सामने गाँव की एंट्रेंस की तराव वंहा आटोमेटिक गन्स के साथ टीम होनी चाहिए बैक उप के लिए अगर बुलेट उनकी तरफ से फायर हो तोह हे आपको फायर करना h…aur राजीव सर आप टीम को लीड करेंगे गन्स अटैक एंड बैकअप आप पर देपेंद रहेगा …मैच mike…tum दोनों मैं और शेरदिल अपनी टीम के साथ फ्रंट से लीड karenge…aur आप नानाजी चीफ सर बड़े पापा बारातियो का स्वागत करेंगे ….

गजेंद्र सिंह … “अपने पीछे खड़े गांव वालो को देख कर …बिलकुल लेथ और डाँडो से स्वागत होगा….”

सुनील अपने सर पर इशारा करता हुवा “यंहा यंहा मरना ह या घुटनो पर तभी जीत पाएंगे आज कोई नहीं ेगा न उनकी मदद के लिए और न हमारी मदद के liye…isliye दारू पिणि ह दारू पियो पर दर को दिल मई मत आने देना… ये याद रखना तुम्हारे अपने तुम्हारा इंतज़ार कर रहे ह…”

सब के सब तयारी मई लग गए चारो तरफ पानी को इखट्टा कर रखा था ताकि आग से बचा जा सके ..

इधर गाड़ियों का बहुत बड़ा काफिला गाँव की तरफ ारः था कितनी गाड़िया थी गिनी भी नहीं जा सकती thi…party वर्कर ….गुंडे सब बड़ी छोटी गाड़ियों मई सवार the…media वाले नेवसपपेर वाले सब पैसे खखर चुप थे सर्कार के दबाव मई पुलिस भी शांत thi…aur जो ईमानदार थे उन्हें कंही और बिजी कर दिया गया tha…chahe कितना हे बड़ा काण्ड हो आज किसी को कानो कान खबर भी नहीं वाली थी….

बलराम चाचा प्लास्टर बंधा कर बलराम के साथ बैठा हुवा बोलै“ भतीजे यही… यही रुतबा देखना चाहते थे कुंदन और हम और देख आज तक की सबसे बड़ी और भव्य शादी होगी तुम्हारी दज लड़किया सब ह पीछे पार्टी वाले और हमारे आदमी तुम्हारी शादी को ख़ुशी ख़ुशी सेलिब्रेट करते हुवे आगे पीछे चल रहे ह…

बलराम “है चाचा …और पीछे अब माँ उस विद्या ग्रुप की उस कुटिया को पकड़ लेंगी और उसका क्या हुवा किसी को सपनो मई भी पता नहीं लगेगा और बड़ी प्रॉब्लम का सफाया हो जायेगा”

कुंदन चाचा “है भतीजे तुम्हारी माँ तोह चालाकी मई अचे अचे को मात दे दे क्या प्लानिंग करि h…mujhe तोह बस वो डॉ चाहिए ह साली को पूरी हवेली मई नंगी करके छोडूंगा.. बहुत बेइज़्ज़ती हुवी ह उसकी वजह से”

बलराम “हुवी तोह मेरी भी ह हॉस्पिटल mai….dono चाचा भतीजे रगड़ेंगे उसे …साली को सांस नहीं लेने देंगे”

चाचा “ तू नहीं सुधरेगा चल तीख ह और उस छोकरे को इसके सामने हे मरना साली आधी तोह ऐसे हे टूट जाएगी”

बलराम “है चाचा”

इधर दिव्या मैं सिटी से जैसे हे बहार nikli…toh रोड के किनारे पर खड़ा बाइक वाला मोबाइल लगा कर “वो कार से निकल गयी ह यंहा से”

आदमी बलराम की माँ से “ठकुराइन वो बहार निकल गयी ह क्या करना ह”

बलराम माँ “उनसे बोलो कार के पीछे सिक्योरिटी होगी या कोई रेकी कर रहा ह तोह उन्हें तीखाने लगा दो”

आदमी मोब्लिब पर “कार का कोई पीछा कर रहा ह तोह उसे तीखाने लगा दो और उसे ले औ ”

सामने से “जो हुकुम”

और मोबाइल डिसकनेक्ट होते हे रोड के किनारे बैठे आदमी ने देखा की एक कार और तेज़ी से उस कार के पीछे जा रही ह तोह उसने आगे वाले खबरि को बता दिया की क्या करना ह …और …दिव्या जैसे हे 20 किलोमीटर और मैं सिटी से आगे आयी …तोह रोड के बिच टैंकर खड़ा हुवा mila……aur ड्राइवर ने स्पीड धीमे कर के रोक दी

दिव्या “क्या बात ह”

ड्राइवर “मम आगे टैंकर ख़राब ह रोड ब्लॉक ह मैं देखता हु”

दिव्या “जल्दी करो हम पहले हे लेट ह”

ड्राइवर “जी मैडम”

दिव्या को डाउट हुवा “रूको तुम मत उतरो निचे और कार को लॉक करलो कुछ गड़बड़ ह”

तभी दिव्या के पीछे उसके बॉडी गॉर्डस की कार आकर रुकी और चारो बॉडी गॉर्डस जल्दी से उतरे और एक आकर बोलै “मम बहार खतरा ह आपको सुनील सर ने बोलै था की आप हॉस्पिटल मई हे रहिएगा प्लीज आप वापस चलिए जरूर यंहा कुछ गड़बड़ ह”

दिव्या “गाँव जाना जरुरी h…wanha बहुत बड़ी गड़बड़ हो जाएगी अगर मैं नहीं पहुंची तोह ”

बॉडी गॉर्ड “प्लीज मम समजिये आप”

दिव्या घूरने लगी तोह,” बॉडी गॉर्ड ने टीम को नज़र रखने को कहा और ड्राइवर को समझा दिया की खतरा होने पर क्या करे और खुद आगे चला गया टैंकर के पास पर तभी उसे टयेर्स की तेज़ आवाज दूर से अति हुवी सुनाई दी उसने तुरंत गन बैक से बहार निकल ली और जब उसने नज़र घुमाई तोह चारो तरफ से हे कार और बाइक्स के साथ बहुत सरे लोग आरहे थे ….उसे समाज आगया की ये एक बहुत बड़ा ट्रैप ह जिसमे वो फंस गए h…wo तुरंत दिव्या वाली कार की तरफ भगा ….और ड्राइवर को कार निचे कच्ची रोड से भागने को कहा उसने बाकि बॉडी गॉर्डस को छोड़ दिया …जिस तरफ भी वो कार को मोड़ते उस तरफ से उन्हें व्हीकल सामने से एते हुवे दिखाई देते …

दिव्या ने तुरंत सुनील को कॉल लगाया पर कॉल नहीं लगा .. “ अब सुनील का कॉल क्यों नहीं लग रहा ह वो लगातार कॉल करती रही … इधर बॉडीगॉर्ड्स ने गन्स निकलकर फायरिंग सुरु करदी और कई सरे गुंडे मरे गए पर वो स्ट्रेंग मई सब इतने थे की वो कुछ कर नहीं पर रहे थे …अब सामने से भी भी गोलिया आकर दिव्या और बॉडीगॉर्ड्स के टयेर्स पर आकर लगी …

दिव्या बॉडी गॉर्ड “ मम कसकर पकड़ कर रखे त्येर पंक्चर हो गए ह पर हम रूक नहीं सकते ह”

दिव्या ने है मई सर हिलाया और फिर अपने गले मई राज के दिए हुवे लॉकेट को हाथ से चुवा और फिर कसकर सीट को पकड़ liya….agle हे पल एक टक्कर लगी कार को और कार पलट गयी ….पीछे कुछ मिनट बाद गुंडों ने कार को साइड से अपनी कार से धक्का देकर सीधा किया और एक जाना आकर बहार आने का इशारा करने लगा

बॉडी गॉर्ड “कुछ भी हो जाये दूर मत खोलना मम गिलास बुलेटप्रूफ ह हमे जायदा से जायदा टाइम खुद के लिए बचाना ह ….मदद आजायेगी…

इधर कमिश्नर की पुलिस टीम तेज़ी से बैकअप के लिए जा रही थी की सामने से आरहे एक ट्रक ने जबरदस्त टक्कर मरकर पूरी पुलिस जीब के चीथड़े उदा दिए ….और टैंकर मई से एक ड्राइवर गन के साथ उतरा और आकर जो जिन्दा पुलिस वाला बचा था उसे गोली मार कर फरार हो गया…

इधर दिव्या के पास….

एक गुंडा दिव्या के शीशे के पास आकर “या तोह तू बहार आ या फिर अपने पीछे की तरफ इशारा करके इन्हे तड़पता हुवा मरता देख …

दिव्या ने गुंडे के पीछे देखा जंहा पीछे की कार वाले बॉडीगॉर्ड्स को घसीट कर कार से बहार निकल लिया था और घसीट ते हुवे उसी की कार की तरफ हे ला रहे थे…

गुंडा “मैडम जी आप बहार अति ह या आपके बोडीगॉर्डवा का चीरफाड़ करदु…”

दिव्या ने अभी भी दूर ओपन नहीं किया

गुंडा “गजब मैडम गजब का बात ह अब हमारा तसं भी देखो …” फिर पीछे देख कर “ चीरो बे पर धीरे धीरे साला तड़पना चाहिए ह मैडम को दिखना चाहिए ह की जितनी जल्दी हमारी बात मानेगी उतना ाचा रहेगा इनके लिए…”

अभी वो सुरु करते उसे पहले हे दिव्या ने दूर खोल diya…aur बहार आगयी “ छोड़ दो इन्हे इन्हे जाने दो”

गुंडा मुस्कुराकर “अरे मैडम जी हम कोई सत्यवादी थोड़ी हे ह हम तोह हरामी ह ….”

दिव्या “Tum….Tum सब मरोगे और बहुत बुरी मौत मरोगे”

गुंडा “ सच मई मैं तोह दर gaya….lo भैया मैडम ने डरा दिया ले चलो इन्हे ठकुराइन के पास और बाकि को कार समेत जला दो सालो की बॉडी भी पहचान मई न ए सालो ने हमरे कितने हे भाइयो को मारा ह ”

दिव्या गुसाई से घूरती rahi….usai कार मई जबरदस्ती बिठाया और रवाना हो गए….

इधर कमिश्नर का जब टीम से कांटेक्ट नहीं हुवा तोह वो खुद पुलिस फाॅर्स की बड़ी टीम लेकर उस तरफ निकल गया…..

इधर गाँव की तरफ…

गाड़िया को वो बड़ा काफिला गाँव से कुछ दूर पहले हे रूक गया जंहा दज की गाड़िया पर बड़े बड़े स्पीकर लगे हुवे उनके लिए पहले हे रुकी हुवी थी…

बलराम अपने चाचा के साथ utra….aur अपनी कार के ऊपर चढ़ा और सबकी तरफ हाथ हिलाया तोह बहुत तेज़ शोर के साथ सबने अपनी ख़ुशी दिखाई …

बलराम गोदी पर बैठा और म्यूजिक सुरु हुवा सब नाचने लगे म्यूजिक की बीट्स से उठती वाइब्रेशन से सब पुरे जोश मई नाच रहे थे….

गाँव मई सुनील “आगये कुत्ते”

राजीव “ये देखो ड्रोन मई दिख रहा ह की सेल पूरी फौज लेकर आया ह…”

सुनील “हम्म्म बहुत जायदा ह ये तोह”

राजीव “गन उसे करे”

सुनील “अभी नहीं धयान से देखो गन वाले सब पीछे ह मतलब वो पहले शादी करेंगे और उसके बाद हे कुछ करेंगे .. या फिर उनकी प्लानिंग कुछ और h…main जाता आप सब तैयार रहे…” इतना कह वो जल्दी से घर की तरफ आगया..

इधर ऋचा की नज़र मित्युदूत की तरफ गयी और उसे इधर देख कर हैरान रह gayiii.wo कुछ बोलती उसे पहले हे सुनील बोल उठा “गुड आप भी यंहा ह आप हमारे साथ आगे लीड करेंगे इतने दिएर कान्हा थे खैर कोई बात nahi…aur ऋचा तुम सभी लेडीज के साथ हे घर मई रहना …”

ऋचा बस मित्युदूत की तरफ हे देख रही thi…us साई जवाब न मिलते देख सुनील बोलै “मैंने क्या कहा सुना तुमने”

ऋचा “हहहहह है तीख ह bhai”wo वंहा से निकलना चाहती थी राज को देखने पर कुछ कर नहीं पायी उसने धीरे से शेरदिल को इशारा कर diya….ki मित्युदूत को राज के पास होना चाहिए था वो वंहा क्यों नहीं h…par शेरदिल को सुनील ने बुला liya…par शेरदिल ने कहा बेसमेंट मई कोई नहीं पहुंच सकता ह .

बहार balram….godi पर चढ़ते हुवे गाँव के अंदर की तरफ आगे था जंहा आगे गुंडे गोलिया हवा मई फायर करते हुवे डांस करते जा रहे थे और उनके पीछे करो का वो काफिला गाँव के सामने से कवर करता जा रहा था गाड़िया फ़ैल गयी थी सामने की तरफ बोनटस पर भी चढ़ कर गुंडे और छोटे मोठे सभी नेता डांस कर रहे the….law मिनिस्टर और चीफ मिनिस्टर बलराम के साथ खड़े थे आज गुंडों के लीडर और मिनिस्टर्स साथ साथ नाचकर ये बता रहे थे की ये सर्कार कितनी भरस्ट थी…

वंही कोम्मिस्सिनेर जंहा किडनैप हुवा दिव्या का वंहा पंहुचा और कुछ न मिला तोह गुसाई से जल utha…aur उसने मन मई थान लिया…

Idhar…balram मस्ती मई गाँव के बिच लगे मंडप की तरफ देख रहा tha….aur उसके चेहरे पर ख़ुशी के भाव the..usai बड़े से टेंट के पास उमेद सिंह जोगिन्दर सिंह और चीफ सर गजेंद्र सिंह और गाँव वाले लोग दिखने लगे थे….

बलराम मन मई “सेल चुटिया समझते ह …करो होशियारी …जितनी होशियारी उतनी हे तुम्हरी दुर्गति hogi..ek एक को देखूगा आज के दिन इसलिए हे तोह मुहरत निकला ह ताकि मैं पहले जो मेरे बाप के साथ हुवा उसका बदला ले सकू” ….और फिर सबको इशारा किया तोह सब और जोश मई नाचने झूमने lage….tent से कुछ कदम पहले हे बलराम ने रूकने का इशारा किया और अपने आदमियों को इशारा किया सब टेंट के अंदर घुस गए और बाकियो ने टेंट को चारो तरफ से घेर liya…..balram इशारा मिलने के बाद निचे उतरा और सामने खड़े उमेद सिंह को हाथ जोड़कर बोलै “नमस्कार तयारी अछि नहीं की ह अपने ससुरजी …इसे अछि तोह हमारे नौकरो की शादी मई होती ह पर कोई नहीं हम समझते ह आपकी तकलीफ”

उमेद सिंह झूटी मुस्कान लिए बलराम को देखते रहे …

बलराम “ पास आकर अरे ये तोह कमिश्नर सर ह दिल्ली के आप भी ए ह धन्य हुवे भाग हमारे जो आप padhare….acha ह ाचा ह पापा होते तोह यंहा तोह बहुत खुश होते आपसे मिलकर ….”

जोगिन्दर “तुम्हारे पापा से मिले ह हम बहुत सालो पहले आज की हे तारिक और आज के हे din…tumhe तोह सब पता हे होगा की क्या हुवा था सायद मुझसे मिलकर खुस नहीं होते वो”

बलराम को गुसा तोह आया पर बोलै कुछ नहीं और उसी मुस्कान के साथ बोलै “बिलकुल ैसिलए तोह ये दिन चुना ह पर आज की कहानी कुछ और हे होगी कमिश्नर साहब वो क्या कहते ह न वो वक़्त आपका था और आज का दौर हमारा ह

तभी चीफ मिनिस्टर कमिश्नर को देख कर बोलै “मेहमान हो आप हमारे वही रहो तोह ाचा ह पता लगा मुद्दा बड़ा हो गया तोह जवाब देना मुश्किल हो जायेगा सेंटर को …राजनीती का चक्रव्यू बहुत खतरनाक होता ह”

पुलिस चीफ “मंत्री जी आप भी कान्हा उलझ गए आईये आईये आप मेहमान ह हमरे वैसे सुना था पिछले साल आपके ऊपर अटैक हुवा tha.aur वो अपने खुद हे करवाया था….”

मिनिस्टर हैरानी से देखने लगा…

चीफ “सायद अपने पहचाना नहीं मुझे कोई बात नहीं” फिर धीरे से कान मई “देश के मिनिस्टर्स की सेफ्टी मैं हे देखता हु”

और बस कुछ पल मिनिस्टर का रुतबा रुवाब और उसका घमंड दूर हो गया …

दूर से सुनील एआरपीएस मई “कुछ गड़बड़ ह हथियार दिख नहीं रहे ह इनके पास …और ये बाकि सरे पीछे हे क्यों रूक गए ह कुछ तोह गड़बड़ ह”

राजीव “अपने एक बात नोटिस करि उनके पास एक बड़ा सा टैंकर ह वो समाज नहीं ारः ह की वो क्यों आया ह”

शेरदिल “कुछ तोह गलत ह सबकुछ इतना आसान तोह नहीं जाना चाहिए मतलब शांति से”

मित्युदूत “इनमे से कुछ के पास हे गन h…matlb इनकी प्लानिंग कुछ और ह”

सुनील “यंहा सिग्नल जैम ह मित्युदूत 2 को अब तक अजना चाहिए था वो ए क्यों नहीं न उन्होंने कोई और इनफार्मेशन दी ह“

मित्युदूत “पता नहीं मोबाइल टावर्स की फ्रीक्वेंसी जैम ह हमारी इस फ्रीक्वेंसी पर पास एते हे ज्वाइन हो जाना चाइये था उसे”

सुनील “राजीव सर आप अटैक के लिएर तैयार रहिये कुछ गलत फीलिंग आरही ह मुझे”

राजीव “ok”

सुनील पास खड़े माइक से “माइक मैच और शेरदिल को लेकर टेंट के पास वाले घर मई चले जाओ और टेंट को कवर करलो जैसे हे कुछ दिखे बस टूट पड़ना चीरफाड़ करदेना …”

माइक और माइक भी निकल गए सभी अपनी अपनी पोजीशन पर हो चुके थे…. बारूद का ढेर लग चूका था बस इंतज़ार हो रहा था चिंगारी का …

उमेद सिंह के घर पर…

डिम्पी “तू चिंता मत कर सिम्मी सब तीख होगा”

नित्ति “है अब तोह हमारे इतने सरे भाई आगये h…pahle तोह कोई भी नहीं था”

सिम्मी अभी दुल्हन का जोड़ा पहने हुवे गभरा रही thi…tab ऋचा ने कंधे पर हाथ रखा और बोली “पगली तू तोह उसकी मौत देखने जा रही ह मौत से पहले उसे करारा जवाब देना घबराना बिलकुल नहीं ह …बस तू देखती जा आगे क्या होता ह”

सिम्मी “भाभी वो इतने सरे ह कंही भाई पापा दादाजी या आप सब मई से किसी को कुछ हो गया तोह मैं खुद को माफ़ नहीं कर पाऊँगी”

ऋचा “युद्ध ह पगली …बदले का और ये तोह होना हे था आज नहीं यह कल …बस दुख तुम्हारे भाई दीपू का ह जो अभी साथ नहीं ह अगर उसकी यादास्त आगयी होती तोह वो सबको अपने हाथो से मरते कोई उनकी बहनो पर नज़र उठाये तोह उन्हें बर्दास्त नहीं होता ह”

सिम्मी ने है मई सर हिला दिया……

बलराम चाचा “पंडित जी तैयारियां सुरु कीजिये मुहरत का टाइम हो चूका ह”

पंडित जी ने जल्दी से तैयारियां सुरु कर दी …क्योकि पंडित जी का दिल कुढ़ जोर से धड़क रहा था दर से

बलराम चाचा “ठाकुर साब अब यही रहेंगे या हमारी बहु को लाएंगे भी …”

उमेद सिंह “बिलकुल लाऊंगा इतना कहकर वो गजेंद्र के साथ घर की तरफ चले गए ….पीछे बलराम के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान thi..usne टाइम देखा तोह 11.15 हो चुके थे उसने चाचा से कहा “नाचने मई बहुत समय लग गया चाचा”

चाचा “ है भतीजे ख़ुशी का दिन ह तोह वक़्त लगेगा हे भीड़ को देखो तुम्हारे लिए कितने खुस ह इतना तोह हक़ उनका बनता हे ह”

मिनिस्टर धीरे से “यंहा गड़बड़ ह छोटे ठाकुर …कमिश्नर का होना और इस दूसरे अफसर की पहचान भी कुछ बड़ी हे ह इन सबको तीखाने लगाना होगा”

बलराम “चिंता न करे बहुत लोग ह जो खून का इल्जाम खुद पर ले लेंगे आज सब मरेंगे जो इस खंडन की रंडियो को बचने आएगा और वैसे भी रात की दावत तोह आपकी स्पेशल h”minister के चेरे पर मुस्कान आ गयी

कुछ दिएर बाद हे दूर से बलराम को सब एते हुवे दिखाई दिए ..और जब सिम्मी पास आगयी तब बलराम चाचा अपने आदमियों से “अरे टैंकर वाले को बोलो खुशभु छिड़के पुरे गाँव को सुघन्डित कार्डो आज हमारे भतीजे की शादी ह दुल्हन आयी ह धमाके धमके करो और बस टैंकर ने अपना काम करना सुरु कर दिया उसने गैस को गांव की तरफ घूम घूम कर छोड़ना सुरु किया जिसे एक सुगंड़ित गैस उडी चारो तरफ फ़ैल गयी ….

बलराम “ वाह क्या खुस्भु ह पंडित जी सुरु कीजिये सब तयारी हो चुकी ह ”

उमेद सिंह “है तयारी तोह चुकी ह पर तेरी और इस कुत्ते की मौत की”

बलराम के चेहरे के भाव बदल गए और वो bola“ab ए न सौरजी असली औकात पर लगता ह इन खाखी वालो पर जायदा हे भरोसा ह आपको …पर क्या ह न ये हमरे पापा की सल्तनत ह और हम होने वाले सुलतान ह तोह यंहा हमारी हे चलेगी…”

गजेंद्र “तेरी सल्तनत आज ख़तम हो जाएगी …और तू भी तेरे बाप की तरह हे पड़ा रहेगा”

बलराम ने तुरंत आगे बढ़ उसका गाला पकड़ लिया और बोलै “बेटी के बाप हो ऊँची आवाज मई बोलना शोभा नहीं देता ह”

तभी सुनील की आवाज आयी “जैसा बाप वैसा बीटा कुत्तो की फौज लेकर दूर से भोंकने वाला खुजली वाला कुत्ता”

बलराम ने गाजरंदरा को ढाका दिया और तालिया बजाते हुवे सिम्मी की तरफ देख कर तोह तू भी इनके भरोसे ह …अब तोह तेरी सुहागरात इस मंडप मई होगी इन सबके सामने ….और देखता हु आज कौन बचाएगा और ये जो तेरी बहने ह न इन्हे मेरे आदमी नोच नोच कर खाएंगे दिन और रात ये सब तेरे सामने होगा …”

सिम्मी के चेहरे पर गुसा आगया और बलराम के मू पर हे थूक diya…jis साई बलराम को बहुत तेज़ गुस्स आगया और उसने सिम्मी को थपड मरने के लिए हाथ उठाया तोह सुनील बिच मई गया ..और इधर से बलराम के सरे आदमी एकसाथ आगये…

बलराम जोर जोर से हँसता हुवा … “बहुत अचे ठाकुर बहुत अचे तूने तेरी किस्मत खुद चुनी …ह फिर हाथ मई पहनी गाढ़ी की तरफ देख कर चलो सुरु हो जाओ धुंध धुंध कर सबको मारो एक भी बचना नहीं चाहिए h…maut का नंगा नाच दिखाओ ….देखे जरा कितनी दिएर टिकते ह ये खाखी वाले कुत्ते

इधर बलराम का इशारा हुवा और इधर बलराम की फौज टूट पड़ी …तोह शेरदिल मैच और माइक मित्युदूत भी आगये …

सुनील ने हाथ ऊँचा किया तोह पीछे से उसका हथोड़ा उसकी तरफ माइक ने फेंका जो सीधा उसके हाथ मई आकर rooka…aur सामने से आरहे एक के सर पर पड़ा जिसका सर बिलकुल खरबूजे की तरह फैट गया ….तोह पास मई खड़े माइक ने तोह एक के मू मई हे हाथ डालकर उसके मू को हे फाड़ diya…toh मैच ने हाथ मई पकडे दोनों छोटी कुल्हाड़ी से दो की गर्दन को धड़ से अलग करदिया … बचा शेरदिल उसका हाथ हे हथोड़ा था जो घूमकर एक के पड़ा तोह उसकी गर्दन हे टूट गयी तोह दूसरे के सर पर मरकर गर्दन हे निचे धंसा दी… सब एक साथ जोर से धहड़े तोह पूरी भीड़ एक बार के लिए रूक गयी पर फिर सब एक साथ टूट पड़े इधर दोनों जोगिन्दर और चीफ ने भी गन निकल ली और तैयार हो गए और सिम्मी और उमेद को लेकर वापस जाने लगे और जो उनकी तरफ ारः था उसे शूट करने लगे..

बलराम सिम्मी को देख कर “कान्हा जाएगी आज तेरी सुहागरात ह” ये कहते हुवे मुस्करा कर सामने की लड़ाई देखने लगा..

बलराम चाचा “कितना वक़्त लगेगा”

बलराम “10 से 15 मिनट मई सब बेहोश हो जायेंगे और जो गन वाले छिपे हुवे ह इनके वो मदद के किये आहे नहीं पाएंगे जिनके भरोसे ये बैठे ह तब तक देखते ह ये तमशा मज़ा ारः ह चाचा लाइव मूवी ह…”

बलराम चाचा “भतीजे तेरी माँ कसम से बहुत कामिनी ह उसने प्लानिंग अछि करि वर्ण गेम तोह इन्होने ने भी बड़ा खेला ह”

बलराम “है चाचा बस थोड़ी दिएर और”

सुनील का हथोड़ा किसी के पेअर की हड्डी तोड़ता तोह किसी का जबड़ा पर जंहा से वो गुजर रहा था वंहा चीक हे गूंज रही thi…..sherdil मैच माइक मित्युदूत सुनील की फाइट ऐसी थी जैसे 5 शेरो को जंगली कुत्तो ने घेर लिया हो और वो अपने नाखुनो और जबड़ो से सबको चीरफाड़ रहे ho…dusri तरफ राजीव की टीम गाँव को घेरे हुवे थे सेफ्टी के लिए ताकि वंहा तक कोई नहीं ए ए गाँव वाले भी टेंट के भर खड़े आदमियों से भीड़ चुके थे…

लॉ मिनिस्टर और चीफ अपनी पार्टी वाले कार्यकर्ताओ से “तलवार चाकू निकालो मारडाला सालो को आज पूरी छूट ह तुम्हे…”

चारो तरफ घमासान लड़ाई मची हुवी thi…par बलराम के साथ ए आदमी की भीड़ बहुत जायदा thi..isliye सुनील की टीम और गांववाले दबे हुवे थे अब सुनील की टीम एक हे कंडीशन मई जीत सकती थी की वो गन का उसे करे वर्ण बहुत जायदा नुक्सानहोने वाला था उसकी टैंको…

सुनील एआरपीएस mai“chief सर गन का उसे करना पड़ेगा ”

चीफ सर “सुनील सुनील यंहा गड़बड़ ह हम पर बेहोशी सी आ रररहःही ह”

सुनील “चीफ sir….bade पापा” सुनील टेंशन मई आगया और राजीव से बोलै “राजीव सर अटैक कीजिये” पर राजीव की तरफ से कोई रिप्लाई नहीं मिला तोह उसे समाज आया की वो बेहोशी की दवाई थी जो कुछ दिएर पहले खुसबू का कहकर छिडकी गयी थी… वो गुसाई से जल उठा पर अब वो सिर्फ कुछ हे बचे थे और अचानक उसे भी हल्का सा झटका सर मई महसूस हुवा तोह वो एआरपीएस मई बोलै “बेहोशी की दवाई स्प्रे करि ह इन्होने खुद को जगाये रखे और पीछे हैट कर घर की तरफ चले …”

बलराम कुछ दूर से सबको पीछे हैट ता देख “लो खेल सुरु हो गया ….पहलवान ढेर हो रहे ह खाकी वर्दी वाले कुत्ते पास्ट हो गए ह …जाओ बे सालो को बिल से घसीटकर ले कर औ…”

इधर सुनील और मैच माइक शेरदिल मित्युदूत लड़ते हुवे उमेद सिंह के घर तक पहुंच गए …

शेरदिल “सुनील तुम अंदर जाओ खुद को जगाये रखो इन्हे हम देख लेंगे तुम्हारा सेफ सेफ रहना जरुरी ह ”

सुनील ने अंदर जाकर देखा तोह सब बेहोश पड़े थे उसे याद आया की आटोमेटिक गन भी उसने साडी राजीव की टीम को हे दे राखी थी उसने अपनी गन निकली जो राज ने उसे गिफ्ट की थी और बहार आरही गुंडई की भीड़ पर बरसाने लगा ….

बलराम “,बहुत सख्त जान ह ये लोग चाचा अभी भी लड़ रहे ह”

बलराम चाचा “कितनी दिएर और लड़ेंगे bhatije…bus ये भी ढेर होने वाले हे ह पर इन्हे क्या पता था की इतनी जल्दी भी ढेर नहीं होने वाले ह अब मैच माइक शेरदिल मित्युदूत ने अपनी स्वोर्ड्स निकल thi….aur चिर पहाड़ पूरी राफ्तेर से सुरु स करदी थी एक्वार उन्हें लगता तब तक चार के हाथ पेअर या गर्दन काटकर निचे girti….sunil को गन हाथ मई लिए देख …

बलराम “न गन नहीं वर्ण मैंने कहा तोह पूरा गाँव शमशान बन जायेगा …हाथो से लड़ो और जीते तुम आज़ाद वर्ण मरना तोह ह हे”

सुनील सामने देख कर “तयारी तोह अछि की ह तूने पर तू मुझे जनता नहीं ह ….आज मेरे बेहोश होने से पहले तेरे सरे आदमी मरे जा चुके होंगे और अब वो अपने असली रूप मई चुका था गन दूर फेंक उसके हाथो मई आगये उसके तेज़ धार धार डैगर्स और अकेले बलराम की तरफ भीड़ मई घुस गया …और उसके हाथो के इशारे से उसके तेज़ धारधार डैगर्स किसी के पेट किसी के पेअर गर्दन काट ते हुवा आगे बढ़ता raha….uski आंखे लाल और गुसाई से धधक रही thi…wo अब अपने रौद्र रूप मई था

शेरदिल ने अपनी गर्दन को झटका उस पर पहले असर हुवा दवाई का…. तोह मैच और माइक पर भी असर होने लगा उन्होंने होश मई रहने के लिए खुद के सरृर पर हे काट मर दिया …मित्युदूत ने भी यही किया पर दवाई पॉवरफुल थी और अंदर घुसने के बाद अपना असर दिखा रही थी….

सुनील “शेरदिल जाओ ऋचा और सबको बचाओ उन्हें दूर ले जाओ”

शेरदिल “मैं नहीं जाऊंगा”

सुनील “बेवक़ूफ़ मत बनो जाओ जल्दी”

बलराम दूर कड़ी गन वालो से “अब तुम्हारी बरी ह जसब गन लेकर गाँव को घेरलो देखना कोई भाग नहीं paye….ab सालो को काटने की बरी ह आज मेरे बाप का बदला पूरा होगा ये सब उस दिन तमाशा देख रहे the…aj मैं तमाशा देखूंगा”

चाचा “है भतीजे कुंदन बहुत जला ह बदले की आग मई”

बलराम ने तलवार ली और चल पड़ा उमेद सिंह के घर की तरफ … इधर मैच माइक मित्युदूत भी उमेद सिंह के घर के बिलकुल करीब आगये थे….

मैच “सो मान्य एनएमईएस हमारा बचना मुश्किल ह”

माइक “यस मैच अरे यू सकारेद”

मैच “Nope…but ी म लूसिंग माय कांशसनेस”

मित्युदूत “ हिंदी अति ह न वो बोलो मुझे भी समाज ए” ये कहते वक़्त उसे भी बेहोशी चने लगी और एक लात उसके सीने पर पड़ी तोह मैच और माइक पर भी भीड़ टूट पड़ी और उन्हें पीटने lagi…andar पहुंचते पहुंचते शेरदिल के भी पेअर लड़खड़ाने लगे…

बलराम सुनील को लड़ता हुवा छोड़ साइड से उसकी तरफ मुस्कुराता हुवा उमेद सिंह के घर की तरफ चलने लगा … सुनील की भी कुछ पल बाद बलराम की तरफ नज़र गयी तोह वो गुसाई से फैट पड़ा पर वो चारो तरफ से घिरा हुवा था…

बलराम ने उसकी तरफ इशारे किये और उमेद सिंह के घर के गेट के पास पंहुचा …और एक्लात से दरवाजे को तोड़ अंदर घूस गया … अंदर सभी बेहोश थे सिवाए शेरदिल के जो आधा बेहोश था उसने शेरदिल की तरफ देखा और हॉस्पिटल की बात याद आगयी और तलवार का हाथ तीन बार शेरदिल के मू पर मारा और उसी पूरा बेहोश करदिया phir…usne अपने आदमियों को इशारा किया और उमेद सिंह गजेंद्र चीफ शेरदिल और जोगिन्दर को घसीट कर लेन को कहा ….और मंत्री की तरफ इशारा करके बोलै “जाओ ले लो जो पसंद ह”

फिर खुद ने जाकर सिम्मी को उठा लिया ……और बहार एते वक़्त उसकी नज़र मैच माइक और मित्युदूत पर गयी जो घायल हुवे आधे होश मई लड़ रहे the….unhe वैसे हे छोड़ वो बहार की तरफ आया और बोलै.. “सबको टेंट के पास घसीट कर ले औ इनकी मौत वंही होगी सबके सामने और जरा वो एंटी डॉट देना चाचा दुल्हन को होश मई लाये आखिर सुहागरात सबके सामने मानेगी …फिर सुनील की तरफ चीक कर “सेल साहब तुम्हारी बहन तोह गयी ….अब तुम भी जाओगे …बहुत लड़ liye”itna कह वो सबको टेंट की तरफ ले आया

सुनील दूर से cheekha“Tu इंतज़ार कर इन सबके बाद तेरे पास हे आऊंगा और तेरी अब तक की मेरे हाथो सबसे बुरी मौत होगी”

सुनील ने अपने आस पास लाशो के ढेर लगा दिए थे वो सायद बच भी जाता अगर उसने बेहोशी से बचने का इंतेज़ाम किया होता या उसे इस प्लान की भनक होती …पर अब क्या हो सकता था वो पूरी ताकत के साथलद रहा था अपने से 100 गुना जायदा लोगो के साथ क्योकि उसे पता था की आज वो नहीं उसके यार का परिवार हारेगा अगर वो हार गैस तोह… खास उसे कुछ वक़्त पहले ये सब पता लग जाता तोह वो तयारी के साथ अत …

बलराम ने सबको टेंट के पास पकड़कर बांध दिया और चाचा से बोलै चाचा रिकॉर्डिंग बराबर होनी चाहिए ह और है कमिश्नर साहब और ससुरजी को जरूर होश मई लाना इन्हे लाइव देखना जरुरी ह…

फिर कुढ़ ने सिम्मी को एंटीडोट दिया और होश मई लेन लगा …सिम्मी की कुछ पल बाद आंखे खुली और उसे अपने कानो मई आवाज सुनाई दी तोह वो घबरा गयी..

बलराम “उठो डार्लिंग थूका हुवा अब चेतना भी ह”

सिम्मी ने आसपास का नज़ारा देखा तोह घबरा गयी और पीछे हटने लगी”

बलराम “न न बिलकुल नहीं वो देखो तुम्हारी बहने और पिताजी की जांव दांव पर ह”

सिम्मी ने अपनी दोनों बहनो को दोनों मंत्रियो की गोद मई देखा तोह बुरी तरह दर गयी और बलराम को देखने lagi…tabhi उसने सोचा ऋचा भाभी कान्हा ह वो दिख नहीं रही उसकी नज़र एक कौन की तरफ गयी जंहा ऋचा लेती हुवी थी और उसके बालो को बलराम का चाचा कामिनी मुस्कान लिए सहला रहा था…

बलराम अब शो सुरु होगा …चलो सालो को काटना और मिनिस्टर साब सुरु हो जाईये और तू तेरी सुहागरात आज दिन मई और लाइव होगी सब देखेंगे वो देख ….सिम्मी ने कैमरा देखा तोह आंसू निकल पड़े और उमेद सींग और गजेंद्र जो होश मई आगये थे वो भी गुसाई से जल उठे बलराम की बात सुनकर

वो आगे कुछ और बोलता तभी माइक की तेज़ आवाज हुवी और आवाज आयी …

“बाप लड़ा बाप से बीटा लड़ेगा बेटे se…ye मेरी कहानी ह इस कहानी का हीरो भी मई हु और इसे ख़तम भी मैं हे करूँगा”

बलराम और उसके आदमी आवाज सुनकर चौंक गए और टेंट से सब बहार निकलकर देखने लगे तोह कोई दिखाई नहीं दिया पर गाँव के बहार से उन्हें एक बाइक तेज़ी से अंदर अति हुवी दिखायी दी और उसके पीछे पुलिस की गाड़िया और ट्रको पर सफ़ेद कुर्ते पाजामे मई लोग भरे हुवे आरहे थे जिनके हाथो मई डंडे सरिये लहता रहे the………sare गुंडे भी लड़ना छोड़ कर देखने लगे की क्या हुवा ह और इतनी भीडको देख कर बलराम और गुंडे सब भी लड़ना भूल गए ….कुछ पल बाद हे वो बाइक सीधे अंदर तेज़ी से सुनील से कुछ दूर आकर rooki…aur उसके पीछे रुकी पुलिस की गाड़िया और बहुत सरे trucks…aur पुलिस कमिश्नर की गाड़ी से उत्तरी दिव्या और साथ मई कमिश्नर और मित्युदूत 2…

बाइक पर बैठा शख्स जिसके मू कपडे से ढाका हुवा था… “न ये कहनी तेरी ह न कभी तेरी कभी होगी …एक फौज तेरी ह तोह एक फौज मेरी ह …”

बलराम “तू जो भी ह पर तू भूल गयसारे आदमी मेरे कब्जे मई ह बस तेरा एक कदम और सबको काट दूंगा मैं..”

उस शख्स ने मित्युदूत को इशारा किया तोह उसने दिव्या के कान धक् दिए तब वो बोलै “तू भी तेरे बाप की तरह चुटिया ह वो क्या ह न इस धरती पर सबको डेमो दिखाना पढता ह बात समाज नहीं अति ह लाओ जरा” तभी पीछे से ैप विजय और पुलिस वाले कुंदन को और बलराम की माँ को घसीट ते हुवे लाये …. “ ले देख अब बारे बार सुन मेरी बात… सुना ह तेरी बहन भी ह कहे तोह उसे भी बुलवा दू”

बलराम को लगा शॉक की कैसे एकइसे हो सकता ह…

ये सब सून निचे घुटनो पर बेहोशी मई जा रहा सुनील भी मुस्करा उठा …तभी उसे कदमो की आवाज अपने पास अति सुनाई डीई…. और आवाज आयी … “ चल उठ आज अभी लड़ाई सुरु हुवी ह हो जाये वैलेंटाइन राइडर और निर्वाण एक साथ फिर से ”

सुनील की आँखों मई आंसू के साथ चेहरे पर मुस्कान agayiii…aur बोलै “आगया तू मुझे पता था मेरे यार को दुनिया की कोई ताकत मार नहीं सकती h”aur उसके वो गले लग गया…

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का और बिंदास लाइक्स और रेवेस पेलने ka….aur है पिक्चर अभी बाकि ह….

 
सभी भाइयो के प्यार और दुवाओ के लिए जितना सुक्रिया करू उतना काम ह
 
अपकमिंग.....

NO NO NO....I साइड no

ों वेडनेसडे....
 
एग्जाम मॉडरेट तो डिफिकल्ट था पता नहीं धुंध धुंध कर मार्केटिंग के क़ुएस्तिओन्स लाये the..aur है अपडेट बड़ा होगा इसलिए वेडनेसडे कहा ...अपडेट का टाइटल ऐसा क्यों ह बस वेडनेसडे का वेट कीजिये आज दोपहर से फुल फलेश सुरु हो jayega..is बार कोई स्पोइलर नहीं दूंगा...
 
अपडेट दिएर रात मिल जायेगा प्लीज शांति बनाये रखे टाइम कन्फर्म नहीं कर सकता हु आज
 
Back
Top