Adultery Raj-- hero of the family - Page 89 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 249..

चिंचि पो

सबसे पहले …रिजल्ट की टेंशन ह तोह सॉरी ..और रिव्यु बिलकुल छोटे देना क्योकि अगला अपडेट एक मेघा अपडेट होने वाला ह जिसे लिखने मई बहुत दिमाग लगेगा और मैं चाहता हु की तीन दिन मई अगला अपडेट दे दू …इसलिए बिलकुल शार्ट रिव्यु देना और न भी दो तोह कोई शिकायत nahi…kyoki हम दोस्त भाई ह…

प्रीती “ पत्नी मुझे आप पर पहले हे डाउट था …आपका नाम बहुत सुना था मैंने मम पर आप अपना काम निकलवाने के लिए इतना बड़ा झूट बोलेंगी ये नहीं पता था ..”

सोनाली हैरान होकर “ क्या मतलब”

नेहा “ मतलब ये की इतनी बड़ी पुलिस अफसर की शादी हुवी और किसी भी न्यूज़ पेपर या न्यूज़ चैनल मई कोई न्यूज़ तक नहीं ayi..main आपको बेवक़ूफ़ लगती हु”

सोनाली “मतलब तुम्हे यकीं नहीं हो रहा ह”

प्रीती “ मम देखिये …ऐसा नहीं ह की मैं आप पर ट्रस्ट नहीं करना चाहती हु पर क्या करू सिचुएशन हे ऐसी ह बहार अभी आप देख हे चुकी ह सब ….” फिर एक गहरी सांस छोड़कर “चलिए मैंने आपकी साडी बात मान ली मुझे मैरिज सर्टिफिकेट दिखा दीजिये आप दोनों का ये तोह कर हे सकती ह न आप”

सोनाली अब गुसाई मई आगयी और बोली “मैं आखिरी बार पूछूँगी राज कान्हा ह बता दो वर्ण तुम दोनों को जिंदगी भर अफसोस होगा की क्यों तुमने मुझसे छिपाया”

नेहा “आपकी पावर और आप क्या क्या कर सकती ह मैं अचे से जानती हु बूत आप अगर राज को सच मई जानती ह तोह आपको ये भी पता होना चाहिए की अगर कोई उसके अपनों को हाथ लगाए तोह वो उनका क्या करता ह …और हमें कुछ भी हुवा तोह उसे पता लगेगा की अपने क्या किया ह तोह वो आपको छोड़ेगा नहीं ये मैं आपको लिखित मई दे सकती हु ”

भीमा “ बची तुम हादसे आगे बढ़ रही हो और रही बात उसकी जिसके पीछे तुम इतनी बात कर रही हो उसे तोह मैं”

सोनाली जो अब तक गुसाई मई थी उसके चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और वो भीमा को रोकती हुवी बोली एक मिनट चाचा जी” फिर प्रीती से “वैसे तोह मैं तुम्हे और भी इमेजेज दिखा कर वो और मैं कितने करीब ह ये प्रूफ कर सकती थी पर मुझे तुमदोनो का आईडिया जायदा ाचा लगा …”

प्रीती “ मतलब ok तीख ह चलिए लास्ट चांस देती hu…ek सवाल उसके पापा और मम्मी का नाम और एड्रेस हे बता दो”

सोनाली “ एड्रेस राज का तोह उसके गाँव का नाम मंडावा ह जो राजस्थान मई ह पापा मम्मी का नाम नहीं बता सकती”

प्रीती के चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो बोली “ मतलब मेरा सक सही था आप हमसे झूट बोल रही थी अब तक …अब तोह मार भी डौगी तोह भी नहीं batayengi…kuch भी”

ये सून सोनाली चौंक गयी और हैरानी से प्रीती को देखा तभी उसके दिमाग मई कुछ आया और उसने प्रीती के लैपटॉप मई टीचर्स की डिटेल चेक करि और उसमे फोटो के इलावा राज की साडी डिटेल थी और उसकी डिटेल पढ़कर उसने प्रीती की तरफ देखा जो मुस्कुरा रही थी…

सोनाली “ ok मतलब अब तोह मैं कुछ भी तुम्हे दिखाउंगी या बताउंगी तोह तुम्हे मुझपर ट्रस्ट नहीं होगा सही कहा न”

प्रीती और नेहा दोना ने है मई सर हिला दिया…

सोनाली “डोंट वोर्री तुम्हारे लिए तोह आएगा हे न वो” और फिर भीमा से बोली “ अपने बम तोह सेट कर दिए थे न”

भीमा “ है”

सोनाली “ तोह बात ऐसी ह की तुम दोनों हमारे साथ चल रही हो अगर कुछ भी गड़बड़ करि तोह कॉलेज बिल्डिंग बम से उदा दूंगी समाज गयी …तोह सोच कर डिसिशन लेना कुछ भी करने से पहले”

प्रीती गुसाई से “ तुम एक पोलिकेर अफसर हो की तुम एक घटिया पुलिस अफसर हो”

सोनाली “ क्या करू ..तुम्हे मुझपर तुरस्त हे नहीं h..ab चले डार्लिंग बहुत बकवास कर्ली तुम दोनों ने और तुम क्या नाम ह तुम्हारा हां याद आया नेहा …अपनी जबान को कंट्रोल मई रखना वर्ण तुम जैसी बडबोलियो की जबान काट कर फेंक देती हु और रही बात तुम्हारे राज की तोह उसकी भी इतनी हीमत नहीं की वो हम दोनों के सामने बोल जाये “

भीमा गुसाई से “ उसकी तोह हड़िया तोड़ दूंगा मैं एक बार मिल जाये बड़ा aya…chaddi मई न घुमाया तोह भीमा नाम नहीं मेरा”

सोनाली “तीख ह तीख ह चाचाजी अब चले”

सोनाली दोनों को लेकर बहार आगयी और प्रीती स्टूडेंट्स से बोली की थोड़ा काम ह जल्द हे वापस ए गई जब तक मोबाइल पर टच मई rahengi…sonali ने होटल के मैनेजर को समझा कर ऊपर के फ्लोर के तीन रूम बुक कर लिए …और नेहा और प्रीती को एक रूम दे दिया …

इन रूम

सोनाली “ वैसे प्रिंसिपल साहिबा राज का आपसे ओह्ह सॉरी आपका उस से कुछ खास हे रिश्ता लग रहा ह क्या बात ह हमे नहीं बताएंगी”

प्रीती “ फ्रेंड्स ह”

सोनाली “ ओह्ह खूबसूरत प्रिंसिपल मैडम का एक ऐसा खास फ्रेंड जिसे ए गिने चुने दिन हुवे ह और वो खास हो गया …चलो मान लिया पर शादी शुदा प्रिंसिपल का एक नई टीचर फ्रेंड वो भी ऐसा फ्रेंड जिसके लिए तुम मरने को भी तैयार हो गयी .. वो ” फिर नेहा की तरफ देख कर “ और तुम तीखी मिर्ची तुम्हे बड़ा क्रश ह राज पर …ऐसा क्या कर दिया उसने इतने से दिनों मई मुझे भी तोह बताओ जरा …” सोनाली की बाते सुनकर दोनों मई से कोई कुछ नहीं बोली तोह वो आगे बोली “ तुम्हे पता ह मैं हर उस तितली के पंख काट देती हु जो राज के आसपास मंडराती ह… और तुम दोनों का अगर मुझे पता लगा कंही से भी उसके साथ कैसा भी कुछ ह तोह फिर ट्रस्ट में तुम्हे राज भी बचा नहीं पायेगा मेरे हाथो से …”

इतना कह सोनाली दोनों को रूम मई छोड़ आयी…

उसके जाने के बाद

प्रीती नेहा के कान मई फुसफुसाते हुवे बोली “कुछ भी हो जाये अपना रिस्ता इसे मत बताना …कुछ तोह गड़बड़ ह नेहा …राज जब आएगा तब सच पता लग जायेगा अगर राज का रियल मई इसके साथ रिलेशन हुवा तोह”

नेहा “ है दीदी ये बहुत खतरनाक ह इसके एनकाउंटर के बहुत किसी पढ़े ह मैंने …और अब तोह हमारे मोबाइल भी इसके पास हे ह”

प्रीती “ हमे वेट करना होगा और कुछ भी बोलने से पहले सोचना यंहा उसने हमारी बाटे सुनने के लिए डिवाइस लगा राखी होगी”

नेहा ने है मई सर हिला दिया…


इधर दूसरे रूम मई …

भीमा “एक एक थपड दोनों को मरदेति तोह बहु सब बता देती ”

सोनाली “ नहीं चाचा जी …दोनों कुछ नहीं बोलती …राज के साथ इनका कुछ तोह रिस्ता ह मुझे लगता ह उसने दोनों की मदद करि ह इसलिए दोनों उसे बहुत मानती ह और वो दोनों सही भी ह ..क्योकि हमारे पास मैरिज सर्टिफिकेट नहीं ह और तोह और माँ बाप का नाम नहीं बताया और एड्रेस भी गलत बताया मेरे दिमाग से निकल गया था की डाक्यूमेंट्स मई ाड्र्स जोगिन्दर अंकल के घर का ह ..पर उसने विद्या ग्रुप का नाम लिखवाया ह प्रीवियस जॉब मई …और यंहा से इन्होने वेरिफिकेशन भी करि होगी” तभी उसके दिमाग मई कुछ क्लिक हुवा और बोली ….. “ओह्ह्ह्हह मतलब …मतलब …मैं छोडूंगी नहीं ….”

भीमा “ क्या हुवा बहु”

सोनाली “दिव्या माँ अभी इसी मंथ हे ुअत्तरपर्देश से दिल्ली आयी ह मतलब उन्हें सब पता था सायद और ऋचा वो भी तोह 2 साल मई एक बार भी हम मई से किसी से भी मिलने नहीं ayi….itna बड़ा धोखा ….हमारे साथ …अगर मैं जो सोच रही हु वो सच ह तोह मैं छोडूंगी नहीं…”

भीमा “ क्या बोले रही हो बहु मुझे सम्झओगि”

सोनाली “ चाचाजी आप यही रहोगे …मुझे दिल्ली जानना ह “

भीमा “ नहीं मैं साथ चलूँगा”

सोनाली “ आपको राज की कसम कोई सवाल नहीं करेंगे बस मेरे आने का वेट करे फिर सब बताउंगी”

भीमा “ तीख ह”

सोनाली “ और उस कुत्ते को मरना मत वो हमे बहुत कुछ batayega…aisa कुछ ह जो हमसे छिपा हुवा ह और वडा ह जिसने जिसने ये किया ह उसे सजा मैं खुद अपने हाथो से दूंगी” इतना कह सोनाली ने ..दिल्ली की फ्लाइट बुक करि जो शाम की थी…

इधर 4 ऑवर बाद mandawa..rajeev जो मंडावा पहुंच गया था वो बोलै … “भीमा भाई नहीं दिख रहे ह क्या बात ह…”

दादाजी “ अरे कोई बात नहीं राजीव beta…wo तोह बहार गया ह..”

राजीव “ आपको छोड़कर बहार ओह्ह जयपुर गए ह कोई ारः ह क्या”

दादाजी “ वो जयपुर नहीं गया ह”

तभी मनीषा कॉफ़ी लेकर अति हुवी बोली … “अंकल वो तोह ंप गए ह … और सोनाली दी भी साथ गयी ह इसलिए वो आपको दिखाई नहीं दे रहे ह”

राजीव जो कॉफ़ी उठाकर एक सिप लेने वाला था की उसे खांसी आगयी …और उसकी हालत बिन पानी की तड़फड़ाती मछली की तरह हो गयी…

राजीव “ कब गयी थी बहु”

मनीषा “ 2 दिन हो गए ह उन्हें गए हुवे तोह आपके जाने के अगले दिन हे चली गयी थी कोई बात ह”

राजीव “ अरे नहीं नहीं बहु वो तोह अकेले गयी न इसलिए चिंता हुवी”

दादाजी “ अरे भाई भीमा ह न खीर छोड़ तुम ये बताओ की दिल्ली सब कैसा रहा तुम्हारी मीटिंग कैसी रही”

राजीव “ सब ाचा रहा बाबू जी आपके लिए गिफ्ट लाया हु अभी आया लेकर”

दादाजी “ बाद मई दे देना अभी बाते करते रहो”

राजीव “नहीं बाबूजी स्पेशलय आपके लिए लाया हु गिफ्ट तोह अभी देना होगा बस दस मिनट”

इतना कह वो तुरंत अपने रूम की तरफ भगा और जल्दी से रूम मई घुसते हे बोतल से पानी पिया और सुनील को कॉल मिलाया पर उसका कॉल नहीं लगा तोह परेशां हो गया …फिर माइक को मिलाया तोह उसका भी नहीं मिला तोह वो अब बुरी तरह टिल मिलाने लग गया .

राजीव “ क्या करू क्या karu….ye सुनील का भी नंबर नहीं मिल रहा ह अब क्या करू सब गड़बड़ हो जाएगी वो तोह बवाल खड़ा कर देंगी और गुसाई मई कोई भी कदम उठा लेंगी ओह्ह दिव्या …है दिव्या को कॉल लगता हु” ये सोच उसने तुरंत दिव्या को कॉल लगायी…

राजीव “ पिक करो पिक करो”

सामने रिंग जाती रही पर किसी ने कॉल नहीं उठाया ….

राजीव “ हे भगवन मौत की देवी तांडव कर रही ह और ये सभी पता नहीं कान्हा सो रहे ह कॉल उठाओ वर्ण वो बरसने लगी तोह मांहि के नहीं rahengi.hey भगवान् क्या करू कुछ समाज नहीं ारः ह”

तभी उसका मोबाइल रिंग हुवा और उसने कॉल उठाया …

दिव्या “ क्या बात ह राजीव भइया आज कैसे…”

Rajeev.bich मई हे “ मेरी बास्त सुनो पहले सोनाली और भीमा भाई ंप गए हुवे ह मुझे अभी पता लगा ह …अगर वो वंहा गयी ह तोह खतरे की घंटी ह …पहले आप दोनों दूर हो जाओ मतलब गायब हो जाओ मतलब chip.jao …जब तक मैं देखता हु कोई रास्ता और राज से कांटेक्ट करने की कोसिस करता हु”

दिव्या “ तीख ह मैं भी ऋचा को बोलती हु ”

राजीव ने कॉल कट करते हे राज को नंबर लगाया पर राज का नंबर नहीं लगा और लगता भी कैसे क्योकि वंहा तोह निर्वाण जगा हुवा बैठा था j…aur उसका दिमाग बेहद गरम था…

दिव्या तुरंत अपने ऑफिस से ऋचा को ढूंढने के लिए किसी को भेजा और इम्मेडिएटली आकर मिलने को कहा…

दिव्या ऑफिस मई घूमती हुवी “ सोनाली से छिपाना बहुत मुश्किल ह …और उसे सचाई पता लग गयी तोह वो मुझे तोह कुछ न कहे पर ऋचा को नहीं छोड़ेगी ….” तभी उसे कुछ .याद आया और वो खुद से हे बोली “हमे अभी निकलना होगा जब तक राज यंहा का काम ख़तम कर फ़िनलैंड के लिए नहीं निकल जाता h”ye कह वो रूम मई हे सीरियस होकर चक्कर काटने लगी …तभी ऋचा ऑफिस मई एंटर हुवी

दिव्या “ हमे कुछ दिन छिपना होगा मैं मीटिंग का कह देती हु की सेमीनार के लिए आउट ऑफ़ इंडिया जा रहे ह”

ऋचा “ पर अचानक क्या हुवा माँ”

दिव्या “ सोनाली ंप गयी ह और उसे सक होते दिएर नहीं लगेगी और मुझे डाउट ह हमारे पास कॉल कर मिलने आसक्ति ह या पूछतज कर सकती ह …और उसे सक हो गया गलती से भी हमारी बातो से तोह वो बाल की खाल निकल कर सब सचाई जांलेगी …इसलिए बेहतर यही की हम कुछ दिन दूर रहे समझी चलो”

ऋचा “ पर पैकिंग”

दिव्या “ इतने सरे पैसो को दहेज़ मई लेकर होगी क्या उन्हें खर्च करना और शॉपिंग कर lena..ab चलो जल्दीए”

ऋचा बस डीविया के साथ चलदी”

जंहा दिव्या ने डीन को जानकारी देकर अचे से समझा दिया की क्या बोलना ह …किसी के भी पूछने पर और अपना मोबाइल ऑफ कर लिया…

इधर दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट लेंड होते हे सोनाली बहार आयी

तोह सामने हे श्वेता और कविता कड़ी थी… जिनकी दर के मरे पहले हे हालत kharab..thi…

कविता “ आप अचानक”

सोनाली “ नहीं आसक्ति”

श्वेता “ ऐसी बात नहीं ह वो वो आपका मैसेज आया अचानक से और बाद मई आपका मोबाइल नहीं लग रहा था इसलिए”

सोनाली ने पॉकेट से अपना मोबाइल निकला और उसे ों किया तोह मनीषा की कई मिस कॉल ayii..phir उसने कविता की तरफ देखा और बोली “क्या हुवा ह”

कविता “ वो भाभी बचो की तबियत थोड़ी ख़राब थी तोह डॉ ने दिल्ली दिखने को कहा ह”

सोनाली जल्दी से “ क्या कैसे” और जल्दी कॉल मिलाने लगी तोह श्वेता बोली “ पूरी बात तोह सुनलीजिये”

सोनाली ने उसे घूरा तोह श्वेता आगे बोली “वो उनका रूटीन चेक उप भी होना ह इसलिए भेजा ह यंहा ”

सोनाली ने चैन की सांस ली और बोली “कब आरहे ह”

श्वेता “मनीषा भाभी लेकर आरही हौर सुभे वो जल्दी चलेंगी वंहा से”

सोनाली “ तीख ह घर चलो …बड़े पापा कान्हा ह”

श्वेता “ पापा मीटिंग मई ह बस आने वाले हे होंगे”

सोनाली “ तीख ह”

कुछ दिएर बाद जोगिन्दर सिंह की फोर्टनेर आकर घर मई रुकी …और वो बहार उतरे हे थे की उनका मोबाइल रिंग हुवा… वो मन मई बोले “ राजीव का कॉल इस वक़्त” फिर उठाकर “ क्या बात ह राजीव”

राजीव “ बात नहीं चिंचि पो ह”

जोगिन्दर सिंह घर की तरफ चलते हुवे “अब ये क्या होता ह”

राजीव “ सर चिंचि पो मतलब इमरजेंसी ह सर ”

जोगिन्दर हैरानी से “ क्या हुवा ह”

राजीव “ आपकी बहु अरे रे मैं क्या बोलने लगा हु दिमाग काम करना बंद कर चूका ह”

जोगिन्दर सिंह घर की दूर बॉल बजाते हुवे “ आराम से भाई आराम से बताओ”

राजीव “ मेरा मतलब ह की वो घर से बहार निकल कर मध्य प्रदेश गयी ह”

दूर ओपन..

राजीव “ और वो वंहा राज को dhundhegiii…aur आप अचे से जानते ह वो क्या कर saktii…h इसलिए कहा की चिंचि पो ह पता नहीं अब क्या कहर ध रही होंगी” राजीव की बात सुनकर जोगिन्दर सिंह बोले “ चिंचि पो चिंचि पो”

राजीव “ यही तोह सर …चिंचि पो ंप गयी हुवी ह और सब उलट पुलट देगी वंहा दिल घबरा रहा ह कुछ समाज नहीं ारः ह”

जोगिन्दर सिंह “वो चिंचि पो इस वक़्त मेरे सामने घर पर बैठी h…bye”

और कॉल कट होते हे जोगिन्दर सिंह ने अपने चेहरे पर ए पसीने को पौंछा ..तोह .

सोनाली जिसने सूट पहन लिया था अपने सर पर चुन्नी डालकर आकर आश्रीवाद लिया ..

जोगिन्दर सिंह “ सदा सुहागन रहो bahu”ye कहते हे उनके चेहरे के हाव भाव बदल गए की उन्होंने अनजाने मई हे क्या बोल दिया …और सोनाली ने ऊपर की तरफ देखा तब तक जोगिन्दर सिंह ने अपने चेहरे के हाव भाव डाल liye…aur मुस्करा कर बोले “ अब एक बाप अपनी बहु को यही तोह आश्रीवाद देगा na…aur हमारे पोते दिखाई नहीं दे रहे ह …सो गए क्या हम से मिले बिना हे”

सोनाली बैठने के बाद जोगिन्दर सिंह की तरफ देखते हुवे “ बड़े पापा अकेले मई बात करनी ह”

जोगिन्दर “तीख ह आरी भाग्यवान बहु आयी ह ाजटः स्पेशल बनाओ कुछ”

कविता “ बड़े पापा हम सब ले ए ह आप भाभी से बात करके ाजाईये फिर साथ खाना कहते ह”

सोनाली “ कविता तुम खालो बड़े पापा और हम लेट खाएंगे”

कविता “ पर भाभी”

सोनाली घूरकर “ सुना नहीं क्या कहा मैंने”

श्वेता “ जल्दी से सून लिया” और कविता को किचन की तरफ ले गयी..

कविता “ भाभी को क्या हुवा”

श्वेता “ हुवा क्या ये तोह नहीं पता पर है …आज दिल्ली के दबंग कमिश्नर अपनी हाफ बहु जो अभी पूरी भी नहीं हुवी ह उसकी रिमांड पर ह”

श्वेता माँ “जरूर बहु ने कोई काम बोलै होगा और इन्होने किया नहीं होगा ाचा h…bahu तोह अछि मिली ह मुझे कोई तोह सुधरे इन्हे”

रूम के अंदर …

सोनाली “आपके सब पता था”

जोगिन्दर “ और क्या सब पता था मुझे”

सोनाली “ की राज जिन्दा ह …”

जोगिन्दर सोफे से उठकर “ क्या राज जिन्दा ह कान्हा ह वो मुझे अभी मिलना ह”

सोनाली “ बड़े पापा आप मुझे मजबूर मत करो वर्ण आप जानते ह”

जोगिन्दर “ बहु कैसी बात कर रही हो मुझे पता होता तोह अपनी हे बहु को दुखी देखता …क्या बाबूजी को श्वेता कविता को नहीं batata…tumne सोच भी कैसे लिया ऐसा” और फिर एक्टिंग करने लगे दुखी होने की

सोनाली “मतलब आपको कुछ नहीं पता ह”

जोगिन्दर “ बहु सच मई नहीं पता ह मुझे कुछ भी बताओ न राज कान्हा ह”

सोनाली “ धुंध रही हु …पर जिसने भी मुझसे ये छिपाया ह छोडूंगी नहीं मैं उसे फिर चाहे आप हे क्यों न वो”

ये सून जोगिन्दर ने अपने गले से धीरे से थूक निगला और बोले “तुम यंहा अचानक ”

सोनाली “ बचो को दिखने आयी हु कल आएंगे वो चलिए हमे बहुत दिएर हो गयी ह खाना कहते ह”

जोगिन्दर सिंह ने मन हे मन लम्बी रहत की सांस ली …पर ब्लड प्रेशर उनका भी ऊँचे निचे हो गया था…

इधर सोनाली ने खाना खाया और वो अपने रूम मई agayiii…aur भीमा को कॉल लगाया ..

भीमा है बहु

सोनाली “ लगता ह उठा लाये आप उसे”

भीमा “ बस हाफ ऑवर हुवा ह हरामखोर अपने और हाथमियो का वेट कर रहा था दुबारा अटैक के लिए “

सोनाली “ क्या मतलब”

भीमा “ मतलब इन्हे राज पर सक ह वो इसके मालिक को ख़तम करने आया ह”

सोनाली “ इसका मालिक कौन ह”

भीमा “ वो अभी तक नहीं बताया इसने बहुत मार खली पर मू नहीं खोल रहा ह बस एक हे नाम लेता ह मालिक …कितना पीठ लिया कुत्ते को नाम पुछु तोह बोलता ह मालिक”

सोनाली “ आप कोसिस कीजिये …कुछ बताये तोह मुझे भी बताना …और बचो का दिल्ली डॉ से कल चेकउप ह तोह मुझे वक़्त लगेगा”

भीमा “ तीख ह”

इधर मालिक के पीछे खड़े शख्स को मुन्ना की खबर न मिलने पर वो समाज गया की मुन्ना के साथ जरूर कुछ हुवा ह…

वो मालिक से बोलै … “ मालिक खतरा बेहद करीब ह और वो स्कोर्पियन ट्राइब से आया शख्स भी दिख नहीं रहा ह हमे अब खुद तैयार रहना होगा …”

मालिक “ सही कहते हो इसलिए हवेली के पास के दस कम मई जो भी गाँव ह वंहा सिर्फ अपने आदमी रह रहे ह …चाहकर भी कोई परिंदा पंख नहीं मार सकता ह”

वफादार “ मुझे लगता ह अब आपको मिनिस्टर को भी काम पर लगाना चाहिए आखिर कब से हमरा खा रहा ह”

मालिक “ Nahiiii…wo जो भी ह अकेला ह और ये मेरा साम्राज्य ह …अगर वो मुझे मरना चाहता ह तोह उसे यंहा आना होगा मेरे अभेद किल्ले मई …यंहा की हर गली …हर मोड़ …उसे उसकी मौत हे कड़ी मिलेगीइ…” इतना कह उसने गुसाई से अपने पास पड़ा लैंडलाइन उठाया और सीधा मिनिस्टर को कॉल लगाकर कहा “ सुनो मिनिस्टर …अब कुछ दिन आंख नाक मू कान सब बंद करके बैठे रहना …अब होगा दंगल और किसी ने बिच मई अपनी चोंच घुसाई तोह उसकी मईया छोड़ देंगे हम …समझे …”

मिनिस्टर “ आपको जो करना ह कीजिये …हमने कब रोका ह apko.maalik बस कोसिस कीजिएगा की शोरशराबा काम हो क्योकि हमे खून खराबे की परवाह नहीं ह हमे बस सेण्टर तक धमको की गूंज पहुंच गयी तोह दिकत ह ”

मालिक “ चुप कर भोस्डिके सुना नहीं क्या kaha…phone रख”

वफादार “ हवाओ का रूख बदल रहा ह …आराम से ठन्डे दिमाग से काम लेना होगा हमे”

मालिक “ तुम खुद तैयारो करो ”

वफादार “ बहुत जल्द हमारे और आदमी यंहा पहुंच जायेंगे”

तभी वंहा एक शख्स चलता हुवा आया और एक सोफे पर बैठ गया ..

मालिक “ आपको कुछ मिला …”

शख्स जो डेथ हेलो हे था वो बोलै “नहीं वो सहदेव के परिवार से नहीं ह …”

मालिक “ असंभव ….अब तक की साडी घटनाये उसी और इशारा कर रही ह”

डेथ हेलो “ उम्र के साथ तुम्हारा दिमाग भी ढीला हो गया ह”

ये सुनते हे मालिक के पीछे खड़ा वफादार आगे गुसाई से बढ़ा toh…maalik ने रोक लिया…

और साइड मई बैठे डेथ हेलो की भोंहे सिकुड़ गयी और वो बोलै “लगता ह तुम्हे मदद की जरुरत नहीं ह ..जब इतना हे तुम्हारे कुत्तो मई हीमत ह तोह फ़ोन पर क्यों सहदेव का नाम ले रहा था…” फिर वफादार की तरफ देख कर बोलै “ और तू सून.. आंख निकल lunga…jo अबकी नार घूरा तोह”

मालिक “ वो बस अपने मालिक की वफादारी कर रहा ह”

डेथ हेलो “ ाचा एक बात बता तूने सहदेव को मारा नहीं तोह कोई तेरे पीछे क्यों आएगा”

मालिक “ ये तोह तुम्हे नहीं बता सकता हु पर है वो कुछ धुंध रहे ह”

डेथ हेलो “ बचो को”

मालिक “ बहुत से राज दफ़न ह अगर तुम्हे तुम्हारे लोगो ने हे नहीं बताया तोह मैं कैसे बता सकता हु ”

डेथ हेलो के चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो खड़ा हो गया और वापस चलकर जाने लगा…

मालिक “ जा रहे हो”

डठलों “ ये मामला सहदेव सिंह से जुड़ा ह या नहीं ये जानने मैं आया था पर ये अलग ह जैसे कोई सीक्रेट एजेंसी की नज़र ह तुम पर. पर है बहुत जल्द तुम्हारे लिए ये जो भी ह वो जरूर आएगा” इतना कह वो चला गया

पीछे उसको जाता देख अपने सिंघासन पर बैठा मालिक बोलै “ मेरा बाप कसाई था फिर मैं कुछ आगे बढ़ हत्यारा बना फिर पोलिटिकल मर्डर किये फिर ट्रांसपोर्ट के बिज़नेस मई aya…lasho की सिडिया दर सिडिया बना कर यंहा तक पंहुचा हु सिर्फ अपने बहु बल पर ….” फिर एक सिगार जला कर अपने वफादार से बोलै “ मैं खून करने से पहले सीकर का इंतज़ार करता फिर धीरे धीरे उसे अपने जाल मई फसने देता …जब वो करीब और करीब जाल के पास जाता मैं उसके फसने का इंतज़ार करता ह और जैसे हे वो जाल मई फंस जाता मैं उसके फड़फड़ाने तक इंतज़ार करता उसकी तड़प उसका दर्द मुझे सुकून देती फिर मैं आराम से उसको दर्द देकर तड़पता देखता और सुकून महसूस करता और अंत मई मौत के घात उतर deta…aur आज मुझे ऐसा सीकर मिला ह …जिसका मैं सीकर करूँगा… अब उसके तरीके से हे उसका सीकर करूँगा”

इन सब से अलग

असलम खान “अभी भी फाड् फाड़ा रहा ह ..हिल मत जितना हिलेगा उतना दर्द होगा bus…tum दोनों अकेले हे बचे हो …”

असलम खान ने निचे पड़े खबरि लाल और जब्र को देखा…

फिर आगे बोलै “ हिल मत बस हो गया अब तीख ह ….सॉरी मैं क्या करता जिसके भाई को तुम लोग ने मारा वो बहुत बेहरहम ह उसने हे तू हे जिन्दा रखा था वर्ण मैं तोह कबका मार देता खैर हो गया ..बस जायदा दर्द नहीं होगा ये धीरे धीरे तुम्हे खाएंगे और फिर तुम्हारी मौत हो जाएगी बस 24 घंटे या 48 घंटे या 72 घंटे भी लग सकते ह…”

अपने सामने कीड़े के जार को देख कर खबरि लाल और जब्र दर से थार थाने लगे..

असलम खान ने दोनों को बनायीं हुवी कब्र मई डाला और जार को खोलकर उनके कॉफिन मई दाल दिया …और ऊपर से धक् कर बोलै “ सोचा नहीं था ये सब करूँगा ….पर नेकी की रह पर ये कदम भी उठाना पड़ता हे ह…”

इतना कह वो वापस माकन के अंदर आया और भरी भरकम बैग घसीट ते हुवे बहार लेकर आने लगा “ इतने हथियार आखिर ये क्या करने वाले क्या ह एक वो 7 फुट का सैंड जो बेहद काम बोलता ह और एक ये राज गन उसे करता नहीं ह पर इस बार गन्स लेन को कहा ह”

फिर उसने अपना मिनी ट्रक स्टार्ट किया और निकल गया …

जुनागरघ से 50 कम दूर एक जंगल का इलाका ..झानः पहाड़ और वंहा से गिरता पानी का झरना और उसके पास बना वो विलेज और उसके बिच कड़ी वो सुन्दर हवेली जो किसी को भी अपनी तरफ मंत्र मुग्ध कर सकती ह वो आज भी वैसी हे थी जैसे 20 साल पहले कड़ी थी …और उसके ऊपर खड़ा था वो जल्लाद जिसका राज़ था… वो चिल्लाया… “आगये मेरे bacho”aur उसके ऐसा कहते हे वंहा ऐसा शोर गूंज गया जैसे हज़ारो की भीड़ वंहा जमा ho…tab वो आगे बोलै “एक आवारा कुत्ता हमरे जंगल मई घुस आया h…jo हमे चुनौती दे रहा ह… वो ये सोचता ह की वो अकेला हमे मार देगा ..पर वो ये गलत सोचता ह ये हमारा जंगल ह यंहा हमारा राज चलता ह …. हम यंहा उसका सीकर karenge…kyoki हम भेड़िये ह जो मरते दम तक अपनी शर्तो पर जीता ह अपना झुण्ड के लिए जीता ह अपने नेता के लिए जीता ह” और उसके ये कहते हे चारो तरफ शोर गूंज गया … हर तरफ उसके हे आदमी खड़े थे हथियारों से less…dhardhar हथियार , रोडस ,कन्फेस के साथ … …

ऊपर खड़ा वो जल्लाद पलटा और बोलै “ मालिक”

मालिक “ अब होगा सीकर सुरु”

वफादार जल्लाद ने पहली बार अपनी सकल दिखाई और उसके चेहरे पर सर से लेकर एक चीरे का निशान आँखों से होता हुवा निचे तक ारः रहा था …उसकी पीठ पर बड़ा धार धार हथियार था जो चीक चीक कर कह रहा था की वो कितना भयानक न.. वो निचे उतरा और बहार आया और अपनी ओपन जीप मई बैठकर निकला तोह उसके पीछे ुनगिनांनत गाड़िया निकल गयी वो काफिले के साथ जंगल के बिच एक वेयरहाउस के आगे पहुंचे …

वफादार “ जाओ जो हथियार चाहिए ले लो जो उसका सर काट कर देगा उसे मू माँगा इनाम मिलेगा”

ये सुनते हे सब वेयरहाउस की तरफ भागे और अपने सामने हथियारों का झाकिरा देख सब खुस होगये और अपने अपने पसंद के हाथॉयरो को उठा लिया…

तोह वंही कुछ वक़्त पहले शाम को

निर्वाण “तुम्हारा मतलब ये ह की वो यंहा विपिन की फॅमिली को बचने आया ह और यंहा से मुझे माँ की खबर मिल सकती ह…”

मित्युदूत अपना सर खुजला रहा tha…uski समाज से सब बहार हो रखा tha…aur उसे ऐसा देख निर्वाण बोलै “ये सब तुम्हारे मास्टर का किया धरा ह”

मित्युदूत फिर कन्फूसिओं सा फेस बनाकर देखता रहा

निर्वाण “ पहले वो जो करता था मुझे पता चल जाता था पर अब …जब भी वो गुसाई मई होता ह तब हे मुझे बहार आने का मौका और पता चलता ह की वो क्या कर रहा ह ..”

मित्युदूत “ मास्टर आप क्या कह रहे होकुछ समाज नहीं ारः ह पता चलता ह मौका मिलता ह …आप बीमार ह आपको ऋचा को दिखाना चाहिए ..” वो इतना हे बोलै था की निर्वाण उसे खा जाने वाली निघाओ से घूरने लगा और मित्युदूत की बोलती बंद हो गयी…

निर्वाण “ इतनी सी ह वो पर जबान” फिर होने हाथ के इशारे से “ऐसे गिरगिट की तरह लम्बी ह मन करता ह” पर आगे कुछ नहीं बोलै …फिर वापस मित्युदूत से “ खैर सब छोड़ो तुम नहीं समझोगे उसके साथ रहकर गोबर भर गया ह दिमाग मई तुम्हारे सुभे के लिए एक योग बताऊंगा वो करना उम्र bhadegi…aur पानी पिया करो ..बीमारियों से दूर रहोगे …”

अभी निर्वाण कुछ और कहता उसे ट्रक की आवाज आयी …

मित्युदूत “ मास्टर असलम आगया ह”

निर्वाण “ हम्म ये कमजोर ह पर वक़्त और काम के लिए भरोसेमंद इंसान ह”

तभी वंहा असलम खान ट्रक लेकर ए और उस साई निचे उतरे

निर्वाण “5 मिनट ह सोच लेना …सामने सिर्फ मौत ह …मैं बच जाऊंगा कैसे भी और वो भी फुल्ली त्रिनेड ह तोह बच हे जायेगा पर तुमने ये सब नहीं देखा h…tumhara परिवार ह …वैसे भी मुझे इस दुनिया मई किसी से फर्क नहीं पड़ता ह इसलिए तुम सोचलो”

निर्वाण पलटा हे था की …उसे असलम खननकी आवाज आयी … “पता ह मैं पुलिस मई भर्ती होने के बाद कभी अपनी फॅमिली को टाइम हे नहीं दे पाया …और न कभी उपरवाले की इबादद कर पाया… वजह सिर्फ एक thi…aur वो ये की मैं चाहता था की मेरे रहते किसी की खुसिया को कोई दूसरा उजाड़ नहीं सके फिर चाहे मेरी जान हे क्यों न चली जाये और आज भी जब उस दरिंदे को मरने जा रहे हो तोह मुझे कोई फरक नहीं पड़ता की मैं जिन्दा अउ या न अउ”

निर्वाण ने कुछ नहीं कहा और उसकी बात ख़तम होने के बाद ट्रक मई गया और हथियारों को देखने लगा…

असलम खान “ आपके लिए ये वाली लाया हु …जैसा अपने कहा की कल की रात आखिरी रास्त होगी ….”

निर्वाण मित्युदूत से “ तुम्हे पता ह क्या करना ह”

मित्युदूत तुरंत वंहा से निकल गया …

निर्वाण “ मेरे पीछे औ …”

करीब एक ऑवर बाद पहाड़ी के ऊपर … “ ये दूर तक जो एरिया देख रहे हो”

असलम खान “ है”

निर्वाण “ अब उसे देखो वो हवेली दिख रही ह वो ह हमारी मंजिल”

असलम खान ने निर्वाण के हाथ से दूरबीन ली और देखा तोह उसे दूर दिखाई दी हवेली

निर्वाण “ वो हमारी मंजिल ह और ये जो बिच मई जंगल और इसके आस पास जो गाँव देख रहो इसमे हर तरफ उसके लोग ह सायद 100 या 200 या हज़ार भी हो सकते ह …कुछ कह नहीं सकते ह “ फिर असलम खान की आँखों मई देख कर “ कह सकते ह तोह इतना की उसे पता ह की मुझे उसकी गर्दन तक पहुंचना ह तोह यही से आना होगा …और इसके लिए वो तैयार होगा”

पूरी बात सुनकर तोह असलम खान की रीद की हड्डी मई भी सिरहन दूध गयी ..

आलम खान “ इतने सरो के साथ लड़ना मुश्किल होगा”

ये सून निर्वाण के चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो बोलै “कल की रात उनकी आखिरी रात होगी कल आसमान bharsega….jameen थार tharayegi…aur निर्वाण का कहर उनपर टूटेगा मेरी माँ और मेरे बिच कोई नहीं आसक्त ह फिर चाहे सामने कितने हे क्यों न हो”

तोह अगले दिन सुभे 10 बजे मनीषा बचो को लेकर पहुंच गयी हॉस्पिटल मई मनीषा सोनाली को टेंशन मई देख कर बोली वो दोनों तीख ह आप टेंशन मत लीजिये “मैं हु न”

सोनाली ने मनीषा को गले लगा लिया

मनीषा “ आपको जो करना आप बेफिक्र होकर करिये”

सोनाली “ मुझे आज रात हे वापस जाना होगा”

मनीषा “ ok वैसे डॉ से मेरी बात हो गयी ह समोलेस लेने के बाद रिपोर्ट्स भी इवनिंग तक आजायेगी तोह मैं सुभे वापस चली जाउंगी ”

सोनाली “ ये तीख रहेगा”

तभी डॉ आगया और बचो का चेक उप ेट्स करने लगा …

श्वेता “ भाभी आप नहीं रूकेंगी”

सोनाली श्वेता के गाल पर हाथ फिरते हुवे “nahi…tum दोनों मनीषा और बचो का धयान रखना और दोनों ने हां मई गर्दन हिला दी

सोनाली ने अपने मोबाइल मई ए मैसेज को देखा तोह उसके चेहरे पर अलग हे एक्सप्रेशन आगये और उसने सीधा एक नंबर lagaya..sur स्क्रीन पर नांचल रहा था दिव्या maa…par जब स्विच ऑफ आया तोह …उसने अगला नंबर dial.kiya ऋचा का और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ़ आया तोह उसने घडी मई टाइम देखा और बोली … “मैं खुद आजाऊंगी तुम्हारे पास …तब तोह सच बोलना हे होगा” और वो निकल पड़ी विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल की तरफ …जंहा उसे जो पता लगा …उसे सून वो कंफ्यूज और गुसा दोनों हो gayii…aur उसने एक मैसेज ऋचा को टाइप करके भेजा … “एक दिन तोह जवाब देना हे होगा उसे तोह मैं धुंध हे लुंगी”

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का और बिंदास लाइक्स ठोकने का …
 
रीस्टार्ट...

24 ऑवर इस enough..for थिंकिंग अबाउट फेलियर...

भाइयो की दुवाओ से फाइनल तक पहुंचे यही बहुत h..dubara से ladenge...phir से पहुंचेंगे ...और अबकी बार सिलेक्शन lenge.......dugni तयारी से jayenge...kyoki इस बार बैटल ग्राउंड मई क्या क्या आ सकता ह पता hoga...😄kal से लिखूंगा अपडेट...

और अंत मई इतना kahunga..tahe दिल से धन्यवाद आपकी दुवाओ के लिए...🙏🙏🙏🙏
 
ेलिपेररय bro...story तोह अपने भी फाडू लिखी ह पूरी स्टोरी मई एक्शन हे एक्शन ह🤣 सेक्स लवर्स के लिए तोह धमाकेदार एक्शन h..plus स्टार्टिंग मई शादी का माहौल दिखाके ...चार चाँद लगा diye...main कसम से न के बारे बार स्टोरी रीड करता हु करि ह तोह कुछ part समर भाई के राहुल भाई के और आपकी दोनों स्टोरी के दोनों पार्ट्स ...और कुछ उपदटेस कुंडली भाग्य के ...
 
वेडनेसडे नाईट इस प्रेय नाईट 250तह मेघा अपडेट...



 
अपडेट लेट नाईट पोस्ट हो जायेगा
 
अपडेट 250

प्रेय…

इन न्यूज़ चैनल..

2 ऑवर पहले तूफ़ान से “जैसा की हम लगातार अपडेट देते आरहे h..Chakrawaat की रफ़्तार तेज़ हो गयी ह और वो अगले 2 घंटो मई ंप मई तेज़ बारिश और हवाओ के साथ एंटर करेगा… जनकपुर, junagargh,Raisinagar मई तभई के सबसे जायदा असर देखने को milega…isliye सभी नागरिको से विनती ह की घरो मई रहे सुरक्षित रहे … चीफ मिनिस्टर ने भी नागरिको से निवेदन किया ह की अपनी जरुरत का सामान अपने पास रखे किसी भी इमरजेंसी के लिए हमारी सर्कार ने पूरी तयारी कर राखी h…aur तूफ़ान का सामना मिलकर करने के लिए ंडरफ की टीम के साथ रिज़र्व फाॅर्स भी पूरी तरह तैयार ह” तभी अचानक स्क्रीन कुछ वक़्त के लिए रूक गयी और जो एंकर न्यूज़ सुना रहा था उसकी जगह दूसरा एंकर दिखाई देने लगा जो स्क्रीन पर एते हे बोलै ब्रेकिंग news….ab हम जो आपको दिखाएंगे जो आपको बताएँगे …उसे सुनकर आपके दिलो की धड़कन धड़कना बंद कर सकती h…ye न्यूज़ ऐसी ह जिसे सुनकर हे रोंगटे खड़े हो jayrnge…ye न्यूज़ एक ऐसे शख्स की ह जो जब भी न्यूज़ मई आया ह तब तब पुरे देश मई हाहाकार मच गया h…par दिखने से पहले मैं ये बताता हु की आखिर ऐसा उसने क्या किया ह अब तक ऐसा जिसकी वजह से हाहाकार मच जाता h…suniye सनसनी खेज शख्स की सनसनी खेज वारदाते …उसका पहला वीडियो आया जब उसने मनचलो को लड़की का रपे एटेम्पट करने के गुनाह के लिए तड़पा तड़पा कर बुरी तरह मारा था और उनकी मौत का लाइव वीडियो टेलीकास्ट किया था जी है ये घटना देहरादून की वही सनसनी खेज वारदात ह जिसकी मिस्ट्री पुलिस कभी सोल्वे हे नहीं कर payi…phir उसकी दूसरी वारदात थी जिसमे उसने हथियारों और सरीर के बॉडी पार्ट्स की तस्करी करने वाले पुरे गैंग को मार दिया था… ”और फिर तीसरी और फिर चौथी और फिर पांचवी एंकर सभी घटनाये डिटेल के साथ बताता चला गया…. “आप सोच रहे होंगे की आज लगभग 2.5 साल बाद क्यों निर्वाण का जिक्र कर रहा हु… जैसा आप सब जानते ह की वो देश के कानून की नज़र मई एक खुनी एक मुजरिम ह पर देश की लड़किया उसे अपना हीरो मानती h..aur वही हीरो या ये कान्हे की मुजरिम एक बार फिर से आगया ह सनसनी फ़ैलाने अपनी दहसद मचने अपराधियों का काल एक बार फिर सजा देने निकला h…aur अबकी बार उसकी नज़र मध्य प्रदेश पर h..wo कोई भी हो सकता ह उसकी न सकलपता ह न एड्रेस ”

इधर ये न्यूज़ बताई जा रही थी तोह उधर ….मंडावा मई

नरपत सिंह अपने रूम से बहार भागता हुवा आया और मैं हॉल का टीवी ों कर दिया और चिल्लाया “ बहु …बाबूजी …बचो सब बहार औ जल्दी जल्दी”

तेज़ आवाज सुनकर हे सब बहार आने लगे और वो कुछ बोलते तोह नरपत सबको टीवी की तरफ इशारा करता हुवा बोलै की बस टीवी की तरफ देखते raho…jisne भी दुबारा पूछने की कोसिस करि उसने टीवी की तरफ इशारा किया और जैसे हे ये न्यूज़ सबने सुनी तोह सबसे पहला रिएक्शन ममता का था वो रिफत के गले लग कर रो रोने lagi…janvi भी रो रही थी तोह अजय के खून मई उबाल आगया था भाई के जिन्दा होने की खबर सुनकर…

तोह जगमाल सिंह ने अपनी मूंछो पर तांव देते हुवे कहा की “नरपत …युद्ध की तयारी करले वक़्त करीब आने वाला ह निर्वाण बहुत जल्द वापस आने वाला ह और अगर वो टीवी पर वही ह तोह वंहा जरूर बहुत कुछ बड़ा होने वाला ह… ”

दिल्ली. …

जोगिन्दर जो कमिश्नर ऑफिस मई कॉफ़ी पि रहे थे ये न्यूज़ सुनते हे कॉफ़ी गले मई अटैक गयी और बोले “ इस लड़के की दिकत क्या ह बुढ़ापे मई भी चैन से नहीं जीने देगा क्या और ये क्या निर्वाण का वीडियो दाल रहा ह तोह क्या पता नहीं लगेगा की राज जिन्दा ह बोलै था न आराम से चुप चाप मिशन को पूरा करना पर नहीं …अब सब खा जाएँगी mujhe…aur बहु तोह हे भगवन ये लड़का” तभी उनके दिमाग मई कुछ आया और बोले “ अरे नहीं ऋचा बेटी ने कहा था की निर्वाण को राज की बाते निर्वाण बनने पर उसे पता नहीं होती ह मतलब ये शोर शराबा राज नहीं निर्वाण कर रहा ह अब सब गड़बड़ होने वाला ह और दिएर सावेर पता लग हे जायेगा की कौन कौन था जिसे उसके जिन्दा होने की बात पता चली थी पर अभी तक तोह रंजन ने किस को बताया था वो भी नहीं पता चला ह …दुश्मन अभी भी अँधेरे मई ह”

तोह वंही कविता और श्वेता जो अनु से बात कर रही थी…

अनु बोली टीवी ों कर जल्दी ज़ी न लगा …जल्दी से ..सवाल मत पूछ लगा जल्दी से

श्वेता लगाती हु …और जैसे हे उसने चैनल लगाया तोह उसकी आँखों से आंसू बाह निकल पड़े ..

अनु “ है बहन अगर ये वीडियो सच मई निर्वाण का ह तोह भाई जिन्दा ह हमारा भाई जिन्दा ह…”

यही हाल कविता का tha…jo सोफे पर बैठी फुट फुट कर रो पड़ी थी…

इधर मनीषा …जो सोनाली के साथ थी सुनील के दिल्ली हाउस मई क्योकि वो हॉस्पिटल के बेहद पास tha…uska तोह और बुला हाल था वो सोनाली के गले लग कर फुट फुट कर रो रही thi…toh सोनाली की आँखों से आंसू बाह रहे थे पर होठो पर मुस्कान thi…kyoki आज उसका विस्वास जीत गया था की राज उसका प्यार उसकी जिंदगी जिन्दा ह

मनीषा “ वो जिन्दा ह दी …हमारा राज जिन्दा ह …”

सोनाली “है मनीषा मैं कहती थी न हमेशा की उसे कुछ नहीं हुवा ह”

मनीषा “ उसे ले औ दी ..बब्बचो का मैं ख्याल रखूंगी ..आप बस उसके कान पकड़कर उसे ले औ …बहुत रुलाया ह उसने अब हम उसे कंही नहीं जाने देंगे आप बस ले औ दी”

सोनाली चौड़ी आँखों से टीवी की तरफ घूरकर मनीषा के सर को सहलाती हुवी “ है मनीषा जवाब तोह उसे देना हे होगा हमारे आंसुओ का जवाब उसे देना होगा पर उसे पहले बहुत से सवालो का और भी जवाब लेना ह मुझे तू चिंता मत kar..main सुभे हे निकल जाउंगी”

तोह कंही और हिमाचल मई…

एक लड़की बीएड पर लेती हुवी थी और उसको हाथ मई ड्रिप और मू पर ऑक्सीजन मास्क लगा हुवा था उसकी आंखे खुली हुवी थी और वो इस वक़्त दर्द मई भी सामने टीवी की तरफ हे देख रही थी ..तभी उसकी माँ रूम मई भगति हुवी आयी और उसने टीवी ों करके तुरंत चैनल चेंज करके …न्यूज़ लगा दी ..जिसे सून कर कुछ मिनट बाद हे उस लड़की की आँखों से आंसू बहने लगे तोह …उसकी माँ ने अपने पल्लू से उसके आंसू पौंछते हुवे बोली “मत रो मेरी बाछीइ …अब तुझे अपने मन पर कोई ढक नहीं रखना ह ..राज जिन्दा ह ..तुम्हारे पापा उसे तुम्हारे पास जरूर लाएंगे… मैं उन्हें कॉल करके कहूँगी”

लड़की ने इशारा किया जैसे बोलना छह रही हो तोह उसकी माँ बोली “ तुम नहीं जा सकती हो तुम्हारी तबियत ख़राब ह …” पर लड़की फिर भी बोलने की कोसिस और हाथ का इशारा करने लगी तोह उसकी माँ फिर से बोली

“ वडा ह मेरी बची मैं लाऊंगी उसे तुम्हारे pass…tum बस अपना धयान रखो ….क्योकि उसने तुम्हे ऐसे देखा तोह वो सह नहीं पायेगा”

लड़की ने गर्दन है मई हिला di…jaise कह रही हो की मैं तीख हु माँ मुझे कुछ नहीं हुवा ह उसकी माँ ने उसके सर को सहलाया और समझा बुझाकर बहार agayi…aur अपने पति से कॉल लगाकर बोली “ उसे ले आईये आप कैसे भी …”

सामने से “ सभी फ्लाइट्स अभी बंद ह वंहा तूफ़ान आने वाला ह इंतज़ार करना होगा जैसे हे तूफ़ान रुकेगा मैं खुद जाऊंगा”

औरत “ कैसे भी लाओ क्योकि उसको देखने पर हे वो ट्रीटमेंट लेगी वर्ण याद ह न जबरदस्ती करि तोह खुदको ख़तम कर लेगी …मुझे मेरी बची चाहिए ह …पहले जैसी हंसती हुवी ”

आदमी जो दुखी हो गया था बोलै “ दीपिका की माँ वडा ह तूफ़ान रुकते हे मैं खुद जाऊंगा राज को लेने बस इंतज़ार करो उसे आना हे होगा फिर चाहे मुझे पेअर हे क्यों न पड़ने पड़े उसके गलती मेरी ह तोह सजा भी मुझे हे मिलनी चाहिए ह एक बीटा तोह नाराज ह हे सायद राज के आने से वो भी हमे माफ़ करदे ..मैं लाऊंगा ..उसे हमारा परिवार एक बार फिर एक होगा..”

उत्तरप्रदेश मई अलग हे माहौल था…

सिम्मी डिम्पी नित्ति जो वापस गांव पहुंच गयी thi…wo उमेद सिंह के पास कड़ी थी…

उमेद सिंह “मतलब अब मध्य प्रदेश मई सब बदलने वाला ह …

गजेंद्र “ बदलेगा नहीं तोह बदल देगा वो यंहा देखा था न …शेर की औलाद ह …चीयर फाड़ कर देगा…”

उमेद सिंह “उसका टीवी पर आना से एक बात तोह तय ह गजेंद्र की बात बहुत बढ़ने वाली ह ..और खून की नदिया बहने वाली ह”

उमेद सिंह की बास्त सुनकर सभी धयान से टीवी को देखने lage….aise हे चीफ अज्जू श्रुति सबके एक्सप्रेशन बदले हुवे थे …

तभी टीवी मई एंकर आगे बोलै…

अब आपको दिखते ह निर्वाण का वीडियो…

और वीडियो प्ले हुवा पहले स्क्रीन बिलकुल ब्लेंक दिखाई देने लगीई…2 मिनट बाद आवाज ईई.. “मेरी आवाज …सुनकर उन्हें दर लगेगा जो कीड़े गंदगी फैलते ह aur…unhe डरना भी चाहिए ह …क्योकि उनकी सजा का अंत मौत नहीं होगा उन्हें मैं खोलते हुवे टेल मई pakaunga…aur तब तक पकाऊँगा जब तक मांस भून न जाये फिर कुत्तो के सामने उनके अंग का एक एक टुकड़ा डालूंगा … मौत भी उनके पास आने से डरेगी उनके क्योकि मेरे नाम मई ह निर्वाण जिसका मतलब होता ह मोक्ष जो मैं देता हु नहीं हु मैं तड़पता हु तड़पता हु रूह को आज की रात खून की रात होगी जुनागरघ मई”

और वीडियो ऑफ हुवा तोह ंप की सर्कार मई हड़कंम्प मच गया …चारो तरफ सन्नाटा था ..मुम्बई ..delhi…dehradhun के काण्ड सब सून चुके the…aur इस बार तोह खुले आम निर्वाण ने चेतावनी दी थी करने से पहले हे इसलिए कोई भी हिलने डुलने को तैयार नहीं था…

चीफ मिनिस्टर जो टीवी देख रहे थे उन्होंने ने भी गहरी साँस ली और अपनी सोच से बहार एते हूबे …तुरंत इमरजेंसी मीटिंग बुलाई ….और बाकि जो दूर थे उनको वीडियो कॉल पर आने के आर्डर दिए ..

करीब एक ऑवर बाद हे …पूरा मीटिंग हॉल भरा हुवा tha…aur सभी के चेहरे पर टेंशन के एक्सप्रेशन देखे जा सकते थे…

चेइफ़ मिनिस्टर “पुलिस क्या कर रही ह … जब उसे ये हे नहीं पता ह की इतना बड़ा क्रिमिनल हमारे स्टेट मई घुस कर पूरी तयारी कर चूका हु…”

कमिश्नर “ सर पुलिस अपना काम कर रही ह अभी जो स्टॉर्म ारः ह उसी की तयारी मई सभी लगे हुवे थे …आपके ऑर्डर्स पर”

चीफ मिनिस्टर “ तयारी पुलिस न नहीं वो करके बैठा हुवा ह आज को रात ki..ab कैसे रोकोगे उसे ये भी सोचा ह ”

कमिश्नर “ सर जुनागरघ डिस्ट्रिक्ट मई 90 गाँव और जुनागरघ का आबादी वाला एरिया करीब 40 कम मई फ़ैल हुवा और बाकि आसपास पहाड़ी और जंगल से घिरा हुवा h…abhi की सिचुएशन मई स्टेट की पुलिस को यंहा बुलाने पर वक़्त लगेगा और दूसरी जो सबसे बड़ी प्रॉब्लम ह वो ह चक्रवात जो बस कुछ हे दिएर मई तभई मचने को तैयार ह इसलिए हमने यंहा की पुलिस की हर टुकड़ी और रिज़र्व पुलिस को चप्पे चप्पे पर तैनात करने के आर्डर दे दिए ह और धरा 144 लागु कर दी ह और जुनागरघ मई वो कान्हा किस पल अटैक करेगा ये भी नहीं पता ह क्योकि इमरजेंसी सेवाएं हे सुरु रहेंगी …और दूसरी जगह से हम पुलिस फाॅर्स अभी माँगा भी नहीं सकते ह…..

चीफ मिनिस्टर ये सूने के बाद भी मीटिंग टेबल के ऊपर अपना सर पकड़कर बैठ गया…

होम मिनिस्टर “ क्या हुवा सर”

चिरफ मिनिस्टर “ दिख नहीं रहा ह ..कब्ज हो गयी ह मुझे इसलिए सर ोाकड़कर बैठा हु… are…kaisi बात कर रहे हो …पता नहीं ह क्या तुम्हे …अरे ये जो न्यूज़ मई दिखा रहे और सुना रहे ह ये आधी हे न्यूज़ होती ह ..और रिपोर्ट कैसे बनती ह पुलिस और न्यूज़ की यंहा बैठा हर कोई जनता ह …अरे क्या करू मैं ..दिमाग हे काम नहीं कर रहा ह मेरा एक तोह ये ऊपर का तूफान और दूसरा ये निर्वाण नाम का तूफ़ान….”

कमिश्नर “ सर मैं कुछ और बोलू”

चीफ मिनिस्टर “ बोलो बोलो और बोल लो भाई क्यों कमी छोड़ रहे हो”

कमिश्नर “सर निर्वाण कौन ह कैसा दीखता ह किसी को भी नहीं पता ह ..और वो कान्हा होगा अभी ये भी किसी को नहीं पता ह …और तोह और इस वक़्त यंहा मीटिंग हॉल मई इतने लोग मौजूद ह इनमे से भी कोई हो सकता ह… इसलिए उसे पकड़ना मतलब घोस्ट को पकड़ने जैसा ह” और ये सुनते हे सब के सब हिल गए …मिनिस्टर तोह जल्दी से टेबल से निचे उतर गया….

चिरफ मिनिस्टर “कमिश्नर हो तुम भूत नहीं जो डरा रहे हो पकड़ो भाई उसे नहीं पकड़ सकते toh…shoot ात सिघ्त के आर्डर देता हु दीखते हे गोली मार देना उसे पर करो कुछ”

कमिश्नर “ सर उसे बचने वाले बहुत ह और वो लड़कियों और औरतो का हीरो ह toh..usai हेल्प तोह पूरी मिल रही होगी ..और अगर कोई फीमेल उसकी मदद कर रही ह तोह काम और मुश्किल भरा होने वाला ह क्योकि लेडीज पर जाना मतलब नारी आंदोलन हो जायेगा और आपकी प्रॉब्लम और बढ़ जाएगी”

कमिश्नर की बात सुनकर .. होम मिनिस्टर बोलै “क्यों खिचड़ी बना रहे हो …तुम तुम्हारी पूरी टीम को बस इस निर्वाण नाम की आफत से निपटने मई लगा दो और तूफ़ान के लिए हम पार्टी वर्कर्स की हेल्प लेलेंगे साथ मई और ये भी नहीं कर सकते तोह बता देना …अब जाओ जब से ए हो निर्वाण ये वो मई हे लगे हुवे हो…”

चीफ मिनिस्टर अपने सर पर हाथ रख कर “ पुरे देश मई उसे यही स्टेट मिला था” फिर सबको देख कर “ मेरी तरफ क्या देख रहे हो ”

कमिश्नर “ कुछ नहीं सर …उसके इंटरव्यू के बारे मई सोच कर आपको देखा”

चीफ मिनिस्टर “क्या मतलब ह तुम्हारा”

कमिश्नर “ कुछ नहीं सर … मैं चलता हु आगे की गाइड लाइन भी देनी ह सबको कुछ हे वक़्त ह बहार हवाएं चलने लगी ह आप यही ऑफिस मई हे सेफ रहेंगे बहार खतरा हो सकता ह पर आपको कुछ नहीं होगा आप तोह ईमानदार ह …और उसका टारगेट वो जिसने बुरे कर्मो की दहलीज को हे पार करलिया हो”

और कमिश्नर के ये बोलते हे रूम मई कुछ के चेहरे के रंग उड़ गए…

बहार..

कमिश्नर के साथ चल रहा ैप बहार आकर “ आपके चेहरे पर मुस्कान”

कमिश्नर “ ये लोग बात ऐसे करते ह जैसे बचे को पकड़ने की करते ह …” फिर कार मई बैठते हुवे “तुम्हे क्या लगता ह निर्वाण अकेला काम करता ह…”

ैप “ पता नहीं सर”

कमिश्नर “इतने क़त्ल हो जाते ह पर उसके बारे मई कुछ पता नहीं लगता h…koyi सिंगल क्लू तक नहीं मिलता ह इसका मतलब जानते हो”

ैप “ इसका मतलब तोह यही ह की वो या तोह बहुत चालक ह या पूरी प्लानिंग के साथ अटैक करता ह”

कमिश्नर “हो सकता ह …पर चान्सेस इस बात के जायदा ह की उसकी पावर और पहुंच हमारी सोच से भी जायदा ह …इस तरह टीवी पर आकर धमकी देना …मतलब ह की वो उनलोगो से सख्त नफरत करता ह जो किसी भी ऐसे काम मई इन्वॉल्व ह जो बहुत बुरे ह …उसने अब तक उन्ही को मारा ह जिसने पावर पोस्ट का गलत फायदे के साथ ह्यूमन ट्रैफिकिंग ,रपे किये हो …”

ैप “ मतलब जूनागढ़ मई कोई ऐसा ह जिसने इसे भी बड़े गुनाह किये ह”

कमिश्नर “ सही कहा और वो शख्स कोई भी हो सकता ह वैसे ाचा हे ह हम पुलिस के रूल रेगुलेशन के नाम पर सबूत ढूंढते रहते ह और ये तौरतूरे करके खुद जुर्म काबुल करवाता ह और सजा भी देता ह खैर चलो भाई …हमे तोह डूएटी करनी ह …पूरी सिटी को कवर करलो डायरेक्ट शूट के ऑर्डर्स ह ”

ैप “ यस सर”

कमिश्नर “ टेंशन नहीं लेनी ह कचरा साफ़ हो रहा ह होने दो… थोड़ी सी सुन्नी ह सून लेंगे और क्या होगा इसे जायदा”

ैप के चेहरे पर मुस्कुराकहत आगयी

पर इन सबको क्या पता था की …तूफ़ान तोह सिटी से दूर एक जंगल के बहार खड़ा था जो चेतवानी वाले चक्रवात से भी भयंकर कहर बरसाने वाला था ..

निर्वाण निशा से “ समाज गयी न की तुम्हे क्या करना ह”

निशा ने बस है मैं गर्दन हिला दी…

निर्वाण “ कुछ कहना चाहती हो”

निशा “ है …वंहा कितने लोग होंगे और आप बिना हथियारों के जा रहे हो”

निर्वाण “वो सब मुर्दा ह मेरे सामने सिर्फ कीड़े ह”

निशा के बाकी सवाल मू मई हे रह गए ..

मित्युदूत “ मास्टर असलम खान जंगल के एक तरफ पूरा सेटअप कर चुके ह”

निर्वाण “ निशा के हाथ मई पहनी गाड़ी की तरफ टाइम देख कर “ 12 बजे सुरु होगा और ऑवर तुम निशा मेरे पीछे एंटर करोगी और जो जिन्दा दिखे उसे मरते हुवे अंदर होगी…”

निशा ने है मई गर्दन हिला दी फिर पास पड़े राकेट लॉन्चर को देख कर बोलै “ तीख 12 बजे जगा देना सबको वर्ण सीकर का मज़ा नहीं ayega…aisa सीकर तोह मैं दस साल का था तब जंगल मई किया करता था … तूफ़ान आने वाला ह तैयार हो jao”itna कह वो एक तरफ से आगे चला गया पीछे कड़ी निशा मन मई बोली “ दस साल का था मतलब दस साल से ये मरते फिर रहे ह”

मित्युदूत अपनी हे सोच मई बोलै … “जब से तीख हुवे अनाप स्नेप बोलते रहते ह कीड़े मकोड़े कमजोर बॉडी …”

कुछ दिएर बाद हे अचानक हवाएं कुछ पल रुकी और फिर तेज़ी से चलने लगी ……दूर से हे तेज़ हवाओ के साथ बदल और बिजलिया कड़कती हुवी दिख रही थी…

Mityudoot.nisha से “ जीपीएस ों करलो मैं जगा कर दूसरी तरफ से अत hu”itna कह उसने राकेट लॉन्चर उठाया और थोड़ा और ऊंचाई पर चला gaya…aur वेट करने लगा …

तोह हवेली के अंडर …

मालिक “ तोह मतलब वो शख्स जो मेरे पीछे आया ह वो निर्वाण h…par इसकी मुझसे क्या दुश्मनी ह”

वफादार “ जो भी हो मालिक पर आज की रात इसकी आखिरी रात hogi…kyoki इस जंगल मई …उसकी हड़िया तक नहीं मिलेंगी”

मालिक “शाबाश …ले कर आना सेल को घसीटकर जिन्दा या मुर्दा …मैं खुद अपने हाथो से काटकर चौहराये के बिच मई लटकाऊँगा उसकी गर्दन”

हवेली के बहार खड़े गुंडे जो तूफ़ान मई भी पूरी तरह मुस्तैद और तैयार थे अचानक उन्होंने एक लाइट सी आसमान मई देखि जो धीरे धीरे निचे आकर दूर जंगल मई गिरी और धमाका हुवा 💥 boom….phir एकऔर धमका हुवा बूम…

मालिक “ आगया तुम्हारा सीकर”

वफादार “सुभे की पहली किरण के साथ आपके सामने होगा वो”

ये धमाका विपिन की फॅमिली ने भी सुना …

विपिन की वाइफ “ आजकी रात हमारे दुख की आखिरी रास्त होगी .या फिर मौत की रात होगी.”

लड़का “ कैसे माँ”

विपिन की वाइफ “ क्योकि आज से पहले इतने धमके और इतने आदमी मैंने भी हवेली मई नहीं देखे ह बीटा …ऊपरवाला भी आज अपने क्रोध की बिजली गिरा रहा ह आज या तोह हमारी या उस रक्षास की मौत की रात होगी आज तक मैंने ऐसा तूफ़ान नहीं देखा ”

और सच मई बहार ए चक्रवात के तूफान ने भयंकर गड़गड़ाहट के साथ अपनी बिजलिया जंगल मई गिरायी और उन बिजलिये मई दिखाई दिया …मौत का दूसरा नाम निर्वाण जिसने जंगल के अंदर एंटर किया …तोह उसे एक बड़े से पेड़ के निचे कई जाने खड़े दिखाई दिए जो बात कर रहे थे ..

“ वो इधर से हे ayega…meri किस्मत बहुत तेज़ ह सेल को मारकर बहुत इनाम मिलेगा”

दूसरा आदमी “ अकेला या किसी के साथ भी ए मरेगा हमारे हाथो हे ये देख रहा ह आटोमेटिक गन बस के सीने मई पूरी उतर दूंगा”

पर तभी एक आवाज उन्हें अपने कानो मई साफ़ सुनाई दी… “ और मौका हे नहीं मिला तोह”

ये सून वो जैसे हे पलटा एक डैगर तेज़ी स से आया और उसके भेजे को फाड़ता हुवा पेड़ के अंदर धंस गया…

दूसरे ने गन से फायर किया पर अगले हे पाक उसके ट्रिगर के आगे ऊँगली आगयी जिसने उसे ट्रिगर दबाने हे नहीं दिया “नहीं चली रही क्या हो ऊँगली काट जाये और उसके उस हाथ की पूरी कलाई को हे काट दिया …

उसकी चीक और गोली की आवाज सुनकर दो जाने जो पास हे थे वो भी आगये …और अपने साथियो को देख दोनों ने अपने हथियार एक ने तलवार तोह दूसरे ने बड़ा सा चुरा आगे कर लिया ..

निर्वाण दोनों की तरफ देख मुस्कराया और बोलै “ मेरे पास भी ह ..और अपनी पीठ से एक बड़ा सा हथियार निकला और बोलै “ ये ह कुल्हाड़ा ..कैसा लगा” सामने वाले दोनों की बुरी तरह फैट गयी इतना बड़ा कुल्हाड़ा देख कर और वो वापस भाग गए अपने गैंग को बताने ….

निर्वाण कुल्हाड़े को हाथ मई पकड़कर पेड़ के ऊपर चढ़ गया और आगे बढ़ने laga…kuch मिनट बाद हे वंहा बहुत साडी बोलने की आवाज आने लगी ….जिन्हे सुनकर निर्वाण की आंखे चमक उठी

गैंग का लीडर “ सेल फत्तू अबे ये तोह पैसा बनाने का चांस ह और तू डरकर भाग aya…is जगह को घेर लो यंहा से जिन्दा आगे नहीं बढ़ना चाइये ह वो वन वो कुमार गैंग के पास चला गया रोह अपना चांस पूरी तरह ख़तम ह”

लीडर की बास्त सुनकर सभी एक एक करके अलग अलग होकर ढूंढने लगे इस बात से अनजान की मौत तोह उनके सर पर मंडरा रही h….unsab के तीख ऊपर …..और उस मौत की सबसे पहली नज़र थी… लीडर के ऊपर जो अपना सीना फुलाकर सबके बिच मई घूमता हुवा चिल्ला रहा था “ ढूंढो सेल को यही छिपा hoga…uski लाश को घसीट कर मैं लेकर जाऊंगा मालिक के सामने और साबित करदूंगा की सबसे बड़ा गैंगस्टर मैं हु”

तभी उसे आवाज आयी … “और तुझे कौन लेकर जायेगा गैंगस्टर”

लीडर रियेक्ट तक नहीं कर पाया और अगले हे पल उसका सरीर दो भागो मई बाँट gaya…aur जब उसके साथियो ने ये सन देखा तोह वो सहम से gaye…aur बाकी दर उस आवाज ने पैदा कर दिया “ बहुत आसान मौत मारा ह ये पर तुम्हे नहीं मिलेगी…” और वो कुल्हाड़ा वापस उदा और कुछ दुरी पर खड़े एक के सीने मई जा धंसा पर ये सब यही हे नहीं रुका वो गुंडा भी उस कुल्हाड़े के साथ उड़ता हुवा. पीछे लगे पेड़ मई जा धंसा …और एक तेज़ बिजली की गड़गड़हट हुवी तोह वो सब शॉक से बहार ए और निर्वाण की तरफ देखने के लिए घूमे तोह वो अब बुरी तरह दर गए …क्योकि निर्वाण के हाथ मई दो जानो के धड़ the…jo बिजली की गड़गड़हट के बीच उन्हें दिख रहे थे ………

“मौत क्या ह …मौत मुक्ति ह तुम्हारे गंदगी भरे जीवन की”

और कुछ पल हे बिजली रुकी थी पर उस बिच सिर्फ चीखे गुंजी और गोलियों की आवाज गुंजी …और फिर सब शांत …हो गया पर ऊपर आसमान मई बिजलियों का तांडव जारी था

पीछे से आरही निशा जिसने नाईट विज़न पहना हुवा था वो जब वंहा पहुंची और वंहा की लाशो की हालत देखि तोह उसे उबकाई आगयीईइ और उसे निर्वाण की बात याद आयी “ ड्रिंक करती हो तोह एक स्ट्रांग दोसे ले लेना वर्ण सह नहीं पाओगी जो देखोगी” और उसने तुरंत ये याद एते हे जो व्हिस्की की दोसे अपने पास राखी थी उसे pili..aur बोली … “चल निशा …आज आर या पार ह और जो भी उसे हिलता डुलता दिखा उसे अपनी सीलेंसर लगी गन से मरती गयी”

इधर निर्वाण मित्युदूत से एआरपीएस मई“ अब अगला कदम ड्रोन को उड़ाकर दूसरी साइड मई ब्लास्ट kardo…bahut शोख ह न खेल खेलने का मैं दिखाऊंगा उन्हें की सीकर कैसे करते ह” अब निर्वाण पहले घेरे को तोड़ दूसरे घेरे की तरफ जाने लगा …तोह उसे वंहा कोई नहीं दिखाई diya…..wo बिना कुछ रियेक्ट किये हुवे आगे चलता रहा …और उसे सुनाई दी सरसराहट ..और उसने अपने आसपास dekha..aur मुस्कराया और आगे चल दिया …तभी हवा का एक तेज़ झोंका आया और बिजली कड़की और फिर घूप अँधेरा हुवा … कुछ दिएर कोई आवाज नहीं आयी तोह एक आदमी बहार निकलकर आया और बोलै “ कान्हा गया साला और उसने जल्दी से अपने मोबाइल की लाइट ों करई”

फिर दूसरी और तीसरी लाइट ों हुवी और जंगल के उस हीसाई मई हलकी रौशनी हो gayii…aur आवाजे तेज़ हो गयी कुमार गैंग के लोग सामने आने लगे …

“ अभी तोह यही था”

“ ढूंढो सेल को यही छिपा होगा”

“ सब तैयार रहो”

पर उन्हें जब कुछ दिएर कोई नज़र नहीं आया तोह सब हैरान हो गए …और जब किसी को कुछ नहीं दिखा तोह उनमे से एक बोलै पेड़के ऊपर देखो वंहा छिपा होगा

और सबने ऊपर लाइट करि तोह उन्हें ऊपर काळा कपड़ो मई निर्वाण बैठा दिखाई दिया…

निचे से एक बोलै मार डालो सेल को

तोह ऊपर से आवाज आयी “मौत तोह तुम्हारे पीछे से आरही ह पीछे देखो ”

और वो सब जल्दी से पीछे पालते पर पीछे उन्हें कोई दिखाई नहीं दिया तोह वापस उन्होंने पेड़ के ऊपर देखा जंहा से निर्वाण गया था….

“ एक बोलै चुटिया बना गया”

अबकी बार वापस आवाज आयी पर इस बार आवाज उनके पीछे से आयी थी… “तुम पैदाइशी हो” और कुल्हाड़ा घुमा तोह एक के बाद एक किसी का पेअर हाथ गर्दन तोह किसी को आधा फाड़ gaya….unhe गोलिया चलने का मौका भी नहीं मिल रहा था क्योकि निर्वाण पालक झपकते हे उनके बिच इतनी तेज़ी से घूम रहा था की वो फायर के लिए तीख से देख भी नहीं पा रहे the….unki खुद की लाइट ने उनके लिए मौत का काम किया और निर्वाण रूक कर बोलै

निर्वाण “तुच्छ log…”ye कह उसने पीछे मुड़कर कुछ पल इंतज़ार किया तोह निशा भी agayi…jisai देख निर्वाण बोलै “ ाचा फील कर रही हो”

निशा “ है”

निर्वाण “खिलोने लायी हो”

निशा एक पल तोह चूँकि और फिर पीठ से बैग उतारकर बोली “ इसमे ह”

निर्वाण ने हाथ मई लिया और बोलै कितने सेकंड मई फैट ता ह

निशा “ 5 सेकंड और रेंज 10 फ़ीट मई हैवी डैमेज देगा”

निर्वाण “ गुड अब मुझसे 100 मीटर राइट मई जाओ और मौका मिलते हे फायर कर देना …

निशा “ पर सामने तोह रहने के लिए घर बने हुवे”

निर्वाण “ वो सिर्फ ट्रैप ह फंसा ने के लिए यकीं न हो तोह देखती रहना …फिर मित्युदूत से बोलै “ ब्लास्ट कार्डो”

और वो ड्रोन सीधा जाकर उन झोपड़ियों पर गिरा और ब्लास्ट हुवा पर वंहा से कोई भी और शोर नहीं हुवा ….

निशा “ अब समाज गयी… बस तैयार रहना और मुझे मत गोली मार देना”

इतना कह निर्वाण दूसरी तरफ मूड गया तोह …वंही एक तरफ से असलम खान ने भी लगातार कई राकेट लॉन्चर से फायर किये … और बोले “पता नहीं कान्हा गिर रहा ह कान्हा फटेगा” इतना कह वो फिर दूसरी तरफ चले gaye…kyoki उन्हें पता था की अगर वो एक जगह रहे तोह पकडे जायेंगे ऊपर से उन्हें बहुत मुश्किल हो रही थी तूफ़ान की वजह से ड्राइव करने मई और फायर करने मई ..उनका काम सिर्फ डिस्ट्रक्ट करना tha…taki सबको लगे की अट्रैक उनकी तरफ से हो रहा ह..

हवेली के अंदर मालिक को भी पता चल गया था की लड़ाई भयंकर सुरु हो चुकी h…usne अपने हाथो मई लिया हुवा पेग piya…aur मुस्करा कर बोलै… “ कितने मरेगा …..अंत मई तुझे मेरे कदमो मई घसीट ते हुवे हे आना होगा”

पर उसे नहीं पता था की उसका पला किस शैतान से पड़ा ह …उसके सामने आज खुद काल का रूप खड़ा था जो बेहद खूंखार चालक और निर्दयी tha….jisai न छल से मारा जा सकता ह न ताकत से …..

निर्वाण थोड़ा और आगे पंहुचा और अपने हाथ मई पकडे बैग मई से एक ग्रांडे निकलकर धयान से देखने लगा और फिर उस ग्रेनेड की पिन निकलकर दूर फेंक दिया …और ब्लास्ट हुवा और उसके साथ हे चीक गुंजी …फिर एक ब्लास्ट और फिर एक ब्लास्ट ऐसे दस ब्लास्ट हुवे निर्वाण “ पटाखे अचे h…ek साथ लेकर जाऊंगा”

ग्रेनेड के फटने से जो भी गुंडा बहार निकलता वो निशा के हाथे चढ़ते जा रहा थे…. निर्वाण सबके मरने के बाद फिर आगे बढ़ा तोह दिखाई दिया खुला मैदान जो छोटा था और वंहा पर निचे करीब 20 जाने बैठे हुवे थे ..और उन्हें बैठा देख निर्वाण ने धयान से इधर उधर देखा और 2 ग्रांडे उन सबसे थोड़ी दूर दोनों तरफ जंगल मई फेंके और फटने पर भी कोई नहीं आया तोह उसके चेहरे पर मुस्कुराकहत agayii…kyoki इतनी तेज़ हवाओ और बिजली मई भी वो 20 जाने बेखोफ खुले मई बैठे थे …वो बोलै “मूर्खो की कोई कमी नहीं ह” और उसने अपना डग्गर निकला और उछाल दिया उनकी तरफ जो हवा को चीरता हुवा सीधा उनमे से की झांग मई धंस गया …और वो दर्द मई चीखा पर ये सब तोह सुरुवात थी और तभी एक और डैगर उडाता हुवा आया और दूसरे के सर मई जा धंसा …वी सभी खड़े हो गए और एक चीखा … “ मर्द का बचा ह तोह सामने से आकर लड़”

निर्वाण दूर से हे उन्हें देखता हुवा बोलै “ कीड़ो तुम कीड़े हे रहेंगे और उसकी नज़र आसमान की तरफ गयी …और अगले पल हे गड़गड़ाहट हुवी और एक बिजली जिसे खुले मई पड़े दो डैगर ने अपनी तरफ अत्त्रक्ट कर लिया था वंहा पर गिरी ..और चीखे गूंज गयी

निर्वाण “ कीड़े” और सबको झुलसा हुवा देख वो शैतानी मुस्कराहट मुस्करा उठा और अगले हे पल अपना कुल्हाड़ा वंही रख सीधा पहले आसमान की तरफ देखा और फिर डग्गर को वंहा से एक तरफ पेड़ मई फेंक कर धंसा कर उन सबको तोड़ने लगा …और उसे जायदा वक़्त नहीं लगा सबको तोड़ते हुवे और वो सभी वीर जो बहुदूरि दिखने के लिए वंहा कहके नै बैठे थे वो अब हमेशा केलिए लेत चुके थे…

निशा जो दूर से ये देख रही थी वो मन मई बोली “ कितना चालक खूंखार तेज़ ह ye…sirf 5 मिनट और सबको बिना किसी गोली चलाये मार दिया …. इम्पॉसिबल ह ये …”

पर उसे क्या पता था की अभी तक उसने निर्वाण का क्रोध नहीं देखा ह जो अब तक हुवा उसे भी बहुत भयानक होता ह…

निर्वाण तीन घेरो को पार करके आगे पंहुचा तोह सामने अँधेरे मई लिप्त गाँव दिखाई दिया और गाँव के तीख बहार एक आदमी खड़ा tha…jaise वो किसी का इंतज़ार कर रहा ho…nirwana चलते हुवे …उस से थोड़ी दूर आकर रूका…

उस आदमी ने अपने इशारो से कहा… “ कोई गन नहीं कोई हथियार नहीं सिर्फ हाथ से जुंग होगी मंजूर ह तोह पीछे पीछे अंदर ाजाओ”

निर्वाण “ने कुल्हाड़ा निकला और सीधा फेंका उसकी और जो उसके पास मई जाकर गिरा …

निर्वाण ने इशारो मई कहा “जा रहा ह तोह इसे भी ले चल साथ”

और उस शख्स के चेहरे पर सिकन आगयी जो निर्वाण को नहीं dikhi…nirwana बिजलियों की गड़गड़हट मई उसके पीछे पीछे चलता हुवा अंदर आगया तोह उसे वंहा कोई नहीं दिखाई दिया सिवाए उसी शख्स के…

निर्वाण ने उसकी तरफ देखा तोह उसने फिर सिग्न लैंग्वेज उसे करते हुवे कहा “ जाओ”

निर्वाण इस बार गरजा “ मौत के साथ खेल नहीं खेलते ह” और वो सीधा उस शख्स की तरफ हे मूव हुवा और उस शख्स ने भी देख लिया था की निर्वाण का वार ारः ह तोह उसने अपने दोनों हाथ आगे कर लिए ब्लॉक करने के लिए … पर निर्वाण के पंच लास्ट मोमेंट पर सीने की तरफ से ऊँचा हुवा और सीधा लगा उसके गले पर और वो कुछ कर पता उसे पहले हे वो उड़ता हुवा पीछे बानी झोपडी की दीवार तोड़ता हुवा अंदर जाकर गिरा और ऊपर वाले के पास पहुंच गया …निर्वाण ने अपना कुल्हाड़ा उठाया और बोलै “bekar…kida मेरा वक़्त बर्बाद कर रहा था”

और सामने दिख रही दूसरी झोपडी मई दरवाजे की बजाये दीवार तोड़ ता हुवा अंदर गुसा जंहा 4 जाने छिपे हुवे थे पर दीवार के टूटने से उन सबका धयान दरवाजे से हैट गया और उन्होंने दीवार टूटने की तरफ देखा…

पर जब तक उन सब ने आवाज की तरफ देखा एक और आवाज आयी और एक जाना दीवार तोड़ता हुवा बहार जाकर गिरा ….और बाकि तीन तुरंत एक्शन मई ए और निर्वाण पर हमला किया तोह निर्वाण ने सबसे अगिल वाले को पकड़ा और उसे घुमाकर ऊपर की छठ की तरफ फेंका …और वो छठ को फाड़ता हुवा ऊपर गया ..फिर निर्वाण हल्का सा फुट मोमेंट करते एक तरफ सरका और रिएक की गर्दन पर राइट किक मरी और लास्ट वाले के सर के ऊपर फाॅर्स से पंच मारा और उसकी गर्दन तोड़ दी ….

निर्वाण “ एक घर मतलब 4 जाने लगभग 20 घर होंगे हे मतलब 80 जाने ..यानि 40 मिनट लगेंगे”

और वो फिर एक घर मई घुसा तोह अबकी बार चौंका क्योकि घर खली tha…wo दूसरे मसि गुसा और फिर जैसे हे चौथे घर मसि घुसा …तोह वो भी खली tha…wo अभी कुछ सोचता तभी एक पेट्रोल की बोतल घर पर गिरी और आवाज से निर्वाण मुदा हे था की एक के बाद एक पेट्रोल की बॉटल्स ने घर को अपने अघोसे मई ले लिया और उनके बिच थी आग जाली हुवी पेट्रोल की बोतल और ये सब सिर्फ 3 सेकण्ड्स मई हुवा और घर आग से धधक उठा

अगले हे पल दीवार को तोड़ता हुवा निर्वाण बहार आया जिसके कपड़ो मई आग लगी हुवी थी …उसने सबको घुरा …और तभी आसमान मई एक बार और गड़गड़ाहट हुवी और निर्वाण की क्रोध से जलती हुवी आंखे दिखाई दी… और वो गरजा “ मौत क्या होती ह मैं दिखाऊंगा” और उसका कुल्हाड़ा घुमा तोह एक जाने को फ़ो हिसाई मई बाँट गया …और आस्मां से बारिश सुरु huvi…jaise आज ऊपर वाला भी निर्वाण के साथ उसके तांडव मई अपना साथ दे रहा हो …वो अब बुरी तरह से सबको कास्ट रहा था दूर से निशा ने भी अपनी गोलियों से कईयों को मरना सुरु कर दिया तोह …निर्वाण ने लगभग हे सबको दो भागो मई बाँट दिया और खड़ा हो gaya…nisha उसकी यरफ आने लगी तोह वो एअर पीेछे मई बोलै वंही रूको निशा कंफ्यूज हो गयी और उसने अपनी गन के लेंस से देखना चाहा तोह उसी कुछ दिखाई नहीं …और निर्वाण को देखने लगी जो सिर्फ सामने की तरफ देख रहा tha…wo जोर से बोलै

“ साडी रात नहीं ह मेरे पास”

और उसकी आवाज सुनते हे धीरे आवाज हुवी और फिर तेज़ आवाज होती हुवी एक साथ बहुत से लोग उसके सामने आगये…..

निर्वाण ने अपना हाथ मई पकडे कुल्हाड़े को पीछे टेंगा और उनकी तरफ भगा और वो सरे भी अपने हाथो मई हथियार लेकर निर्वाण की तरफ bhage….nirwana ने करीब एते हे एक जम्प ली सुर सीधा आगे वालो के ऊपर से जम्प करता हु उनके बिच मई कईयों को अपने एक पंच से निचे गिरते हुवे लेंड हुवा…

और उसे ऐसा करते देख निशा की जान हलक मई आगयी….

आज के लिए इतना हे जल्द मिलेंगे …


प्रेय part 2 मई….
 
अपडेट 250 प्रेय 1 पोस्टेड मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का

अपना टारगेट 200 का ह

हम कर सकते ह

भाई भाई भाई 😲लिख रहा हु सांस तोह लेने do...suru कर दिया ह...30 मार्च को मिल जायेगा...

3 साल होने वाले ह स्टोरी को अभी भी हर मंथ 7 अपडेट की एवरेज ह..
 
तोम्मोरोव लेट नाईट ...

प्रेय PART 2

किंग soon..Ultra मेघा अपडेट

"मिस्ट्री बॉक्स उनलॉकेड..."

कल दे दू 5.5 क अपडेट ...आज भाइयो 4 क हे होगा लेट नाईट तक... बहुत कोसिस की पर क्या करू सब कुछ करने के बाद 4 क हे पहुंच पाउँगा ...
 




अभी तोह इतने हे हुवे ह ...बहुत तुफ्फ हो रहा ह 4क हे होंगे आज
 
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