Angrakshak Parivar Ka .........MAHI - Page 22 - SexBaba
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Angrakshak Parivar Ka .........MAHI

अपडेट- 33 हार्ट हार्ट हार्ट

PART -3 (दीप्ति)

आर्यन को रति ने बहार भेजा तोह आर्यन बोलै," आप थोड़ी बाद नाहा लेना पहले जरूरी बात कर लेते हैं".

दोनों बहार आये तोह गीता और मीणा एक दुसरे को छेद रहे थे.... आर्यन ने जाकर मीणा का गाल चूमा फिर गीता को किसी किया और उसके पास बैठकर बोलै ," मीणा कॉफ़ी आर्डर कर दे सबके लिए ".

रति भी सोफे पे बेथ गयी तब आर्यन बोलै," माँ मीटिंग में सब अपनी बात बोलेंगे तब तुम चुप रहना जब सब फाइनल हो जाये तब लास्ट मोमेंट पे डील कैंसिल कर देना ".

रति ॉश्चारिये से आर्यन को देखकर," अगर डील कैंसिल hi करनी थी तोह में जयपुर क्यों आयी हूँ? "

आर्यन हसकर ," एक्साक्ट्ली , अब मेरी माँ ने सही क्वेश्चन किया , हम सब जयपुर क्यों आये ?..... क्यों गीता रानी हम सब जयपुर क्या करने आये हैं िश से ाचा तोह हम दिल्ली में hi थे? ".

गीता और रति दोनों आर्यन का मोह ताकने लगी ...... मीणा भी इण्टरकॉम से आर्डर कर आर्यन के बगल में बेथ गयी.

मीणा ," नानी माँ तोह बिज़नेस डील के लिए आयी हैं और गीता दीदी अपनी फ्रेंड दीप्ति से मिलने , करेक्ट ".

आर्यन ने मीणा की नाक पकड़ के हिलायी," रॉंग, मेरी प्यारी भेना बात कुछ और है , अब चूँकि बात मुझसे रिलेटेड है तोह बोल दो हम मिलकर कुछ सलूशन निकालेंगे ".

गीता ने आर्यन को देखा ," दीप्ति भी तुझसे प्यार करती है और शादी करना चाहती है , मुझे भी वह ाची लगी फिर ख़ज़ाने को ढूंढ कर hi हम उसके प्राण बचा सकते हैं इशलिये तुझे जल्दी जयपुर बुलाने के लिए में यहाँ आ गयी ताकि दीप्ति को भी ाचे से जान सकूँ और फिर मुझे लेने तू पक्का आएगा यह विश्वास था".

आर्यन सीरियस होकर ," चलो मान लिया दीप्ति की जान खतरे में है और में उसकी जान बचा दूंगा लेकिन उसके लिए शादी करनी जरूरी तोह नहीं ".

गीता ," नहीं ,सच्चे दिल से एक दुसरे को अपना कर hi तुम दोनों ुष ख़ज़ाने और तलवार तक पहुंच सकते हो नक़्शे की मदद से ऐसा बड़े गुरूजी ने मुझे सपने में बताया था ".

मीणा ," लेकिन भाई तुझे दीप्ति को एक्सेप्ट करने में इतनी दिक्कत क्या है ?".

आर्यन ," पहली बात वह हमारे खानदान के बारे में कुछ नहीं जानती , दूसरा वह मुझे भी कहाँ जानती है और तीसरा ुष तलवार से उसके अपनों का खून में भीगूंगा सबसे पहले, उसके बाप की गर्दन उदा दूंगा जिसने मेरी चंदा रानी को मारने की कोशिश की "...... आर्यन थोड़ा गुस्सा में बोलै.

मीणा ," कोशिश तोह कईओं ने की और उसने भी की है लेकिन वह छू भी नहीं पाए फिर भाई हम ने भी तोह उसके आदमी मार काट के ुष को सबक सीखा तोह दिया hi है न और दीप्ति की जान बचा के तुमने उसके घरवालों को बेमोल खरीद लिया है ".

रति भी समझते हुए," देख आर्यन कोई भी लड़की कैसे यह देख पायेगी की उसका होने वाले पति ने उसके बाप को मार दिया, में जानती हूँ ुष राजा ने गलत किया है फिर भी उसको मारने के बात दिल से निकाल दे".

गीता भी थोड़ा सीरियस होकर," देख में जानती हूँ तू उसको माफ़ नहीं करेगा दीप्ति से मिलकर मुझे उससे अपनापन सा लगा, वह अच्छी लड़की है इशलिये में मान गयी देख मीणा और माँ ( रति) से तेरी शादी के लिए मैंने कभी मन नहीं किया यह दोनों भी तुझसे शादी कर रही हैं लेकिन दीप्ति की बात मान नई पड़ेगी मेरे लिए".

आर्यन कुछ सोचकर ," ठीक है फिर तुमको भी किसी और को भी अपनाना पड़ेगा मेरे लिए".

गीता सपाट लहजे में बोली ," सारू दीदी के लिए में कभी सपने में भी ना नहीं बोल सकती फिर उनकी वजह से तू दीप्ति की जान बचा सकता है मगर तू ने मुझे खुद क्यों नहीं बताया ".

सारू का नाम सुनकर आर्यन और रति चौंक गए इसको किसने बताया तब मीणा बोली," सारू मम्मी और मुझे सब सच बताना hi पड़ा गीता दीदी को और अब इनको भी कोई ऐतराज़ नहीं".

रति तोह सबसे ज्यादा सदमे में थी दीप्ति और सारू के लिए गीता इतनी आसानी से कैसे मान गयी ......

मीणा ," आर्यन एक बात हमेशा याद रखना अगर कभी किसी भी लड़की को गीता दीदी ने तुमसे शादी करने से मन किया तोह यह बात तुमको मान नई होगी ".

आर्यन बहोत खुश होकर ," अपनी चंदा रानी के लिए कुछ भी, गीता तुम को मम्मी के लिए कोई दिक्कत नहीं है यह बात जानकार में कितना खुश हूँ बता नहीं सकता. तू कुछ भी कभी भी कुछ भी मांग लेना में मन नहीं करूँगा "...... गीता को बाँहों में खींच लिया और उसका माथा और दोनों गाल को चूमा.

तभी बेल्ल बजी तोह नीला ( डॉ अंजू की पर्सनल बॉडी गार्ड) कॉफ़ी लेकर आयी थी ...... उसकी ड्यूटी थी कोई भी बहार का आदमी hi क्या परिंदा भी पर नहीं मरेगा िश फ्लोर पैर ...... 10 गार्ड्स बस िश फ्लोर को अंदर से और 10 दूसरी आसपास की बिल्डिंग से स्नाइपर गन लिए गार्ड कर रहे थे.

कॉफ़ी पीते हुए आर्यन बोलै," तुम सबकी हाँ के बाद में दीप्ति का हाथ उसके बाप से मांग लूंगा पैर एक शर्त पे की पहले मेरी शादी गीता से होगी उसके बाद hi किसी और से ".

मीणा हसकर," और भी शर्तें बता तू , पहले दीप्ति से खुले दिल से मिल फिर तेरी शर्तें हम भी देखते हैं, वह नाम की hi नहीं दिल की भी राजकुमारी है ".

रति भी हसकर ," मीणा सच्च hi बोल रही बहोत ाची नेचर है उसकी तुझे बहोत पसंद आएगी लेकिन पहले मेरी मीटिंग और डील का तोह कुछ कर मेरा बहोत ज्यादा लोस्स हो जायेगा, बहोत इन्वेस्टमेंट टाक पे लगा हुआ है ".

आर्यन हसकर ," एक काम करो िश डील की एक कॉपी रीता डार्लिंग ( आर्यन की छोटी मामी) को अमेरिका भेजो अभी ,फिर देहको सब तुम्हारे हक़ में होगा और हाँ डील लास्ट मोमेंट पे hi कैंसिल करना".

रति अभी भी थोड़ा हिचकिचा रही थी पर उसको पता था आर्यन एक पैसा भी वास्ते नहीं करता वह पक्का कोई दूसरा प्लान भी बनाया होगा .

कॉफ़ी पीकर गीता और रति रेडी होने चले गए मीटिंग के लिए तब मीणा बोली ,"में दीप्ति को तेरे पास भेजती हूँ, यहाँ से जाने से पहले उसको प्रोपोज़ जरूर कर देना ".

आर्यन ने मीणा का गाल चूमा ," यह कुछ जल्दी नहीं होगा मीणा डार्लिंग ".

मीणा ," देख पर्पस न भी करना लेकिन उसको अहसास जरूर दिला देना की वह साड़ी रात तेरे प्यार और तुझसे मिलने के लिए तड़पे ".

आर्यन ," उससे क्या होगा ?" अपने मैं में ( अब इसको क्यों बताये की में दीप्ति से ज्यादा तड़प रहा हूँ मिलने के लिए लेकिन यह कैसे हो सकता है , आज सिर्फ दूसरी मुलाकात hi हुयी है और अजीब से बेचैनी है )

मीणा ने आर्यन के गाल पे अपनी जीभ से चटकारा मारा सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप ..... " सुहागरात को जल्दी मिलान के लिए रेडी हो जाएगी ".

आर्यन हसकर ," अभी ुष में टाइम है पहले गीता ....."

मीणा ," नहीं तुमको दीप्ति से शादी तोह करनी hi होगी लेकिन सबसे सीक्रेट रखकर फिर गीता से महापंचयत में शादी करने के बाद विधिवत शादी कर सकते हो दीप्ति से , कैसे सब होगा में बाद में बाटूंगी तू बस दीप्ति पे फोकस कर , में सबको शॉपिंग पे ले जाउंगी और जयपुर भी घुमा दूंगी ".

आर्यन कुछ सोचकर ," देख मीणा तुझ में भी तोह कई पावर्स हैं तोह एक काम करना िश अणि की बच्ची की पावर को न्यूट्रल कर देना नहीं तोह दीप्ति मेरी सुहागरात आज hi करवा देगी..... में दीप्ति के सच्चे प्यार का खालिस (पुरे) अहसास महसूस करना चाहता हूँ ताकि उसको दिल से अपना सकूँ".

मीणा हसकर ," नहीं अणि कुछ नहीं करेगी उसको सबक मिल गया है, में दीप्ति को भेजती हूँ ". ( अपने मैं में, िश घड़ी को अभी भी नहीं पता इश्कि खुद hi अपनी माँ छोड़ने पे इसको उसकी पावर मिल गयी है, अब कोई जादू क्या तंत्र मंतर , यग्न या काली सकती िश पे असर नहीं करेगी )

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आर्यन दुसरे वाशरूम में जाकर फ्रेश होकर बहार आया तोह रति उसके लिए 3 पीेछे सूट और तय निकाल के बीएड पे रख के नहाने चली गयी थी ..... आर्यन फ़ोन पे रीता से अमेरिका बात करते हुए अपने कपड़े उतर के अंडरवियर बनियान में इधर से उधर टहल रहा था .....

तभी दूर रिंग हुयी तोह टॉवल लपेट के बैडरूम से बहार आ सुईठे का दूर खोला फ़ोन पे बात करते हुए ..... सामने दीप्ति को देखकर ," एक मं. बाद में कॉल करता हूँ ".

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दीप्ति

दीप्ति भी आर्यन को सिर्फ टॉवल और बनियान में देखकर हड़बड़ा गयी..... अपनी नज़र झुका के शर्मा के बोली," गीता दीदी ने बुलाया था , वह कहाँ हैं?"....... आर्यन समझ गया मीणा ने भेजा होगा उसने बात घुमा दी....

आर्यन हसकर ," तोह बहार क्यों कड़ी हो अंदर आयो "...... दीप्ति थोड़ा झिझक के साथ अंदर आयी तोह आर्यन ने दूर लॉक किया फिर बोलै ," क्या तुम मेरी सूट पहने में हेल्प करोगी , अभी एक बिज़नेस मीटिंग में माँ के साथ जाना है ".

दीप्ति की धड़कन तोह पहले से hi बढ़ी हुयी थी ऊपर से आर्यन ने जब हेल्प करने का ऑफर दिया तोह कैसे मन कर सकती है अपने सपनो के राजकुमार को ...... दीप्ति ने सर झुका के कहा ," जी कहिये में आपकी क्या मदद करूँ ".

आर्यन ," में सूट दाल के आता हूँ फिर आप तय में क्नॉट लगा देना , आप बैठिये कड़ी क्यों हैं "....... दीप्ति सोफे पे बेथ गयी और आर्यन अंदर बैडरूम में जाकर शर्ट और सूट पेण्ट डाला फिर गले में तय बिना बंधे दाल लिए और सोचा चलो आज दीप्ति से hi तय की क्नॉट लगवाता हूँ बहोत मजा आएगा .

दीप्ति सोफे पे बैठी अपने हाथों को आपस में रगड़ रही थी बेचैनी के कारन आगे क्या होगा , क्या में उनको ाची नहीं लगती ..... बात तोह ऐसे करते हैं जैसे मुझे बरसो से जानते हों पर न मुझे गले लगते हैं न प्यार भरी बातें करते हैं ...... वैसे आज मेरी तारीफ भी की , हाथ भी अपने हाथ में लिए , गीता दीदी को कितनी पशनातेली किश किया था काश मुझे भी करते.... ुष दिन भी बोले थे तुम बहोत सूंदर हो ....... भगवन जल्दी hi मेरे प्यार की जोत उनके दिल में जला दे , दोनों हाथ जोड़कर ऊपर वाले से प्राथना की .

आर्यन ," क्या हुआ इतना सीरियसली क्या मांग रही हो भगवन से , मुझे नहीं बाँटोगी ".

दीप्ति ने आँख खोल के आर्यन को देखा और मुस्करा के बोली ," नहीं ऐसी कोई बात नहीं है और यह आपने किस तरह से सूट पहना है "...... और मंद मंद मुस्कारने लगी .....

आर्यन भी हसकर," मैंने सोचा अगर मेरे पहने में कुछ कमी रही तो फिर कपडे खोलने पड़ेंगे िश लिए ऐसे hi आ गया अब आगे आपकी बारी ".

दीप्ति स्माइल के साथ ," ठीक है फिर पहले शर्ट इन कीजिए और सूट की जैकेट के बटन भी लगा लीजिए "...... आर्यन वैसे hi करता है पर उसको लगा दीप्ति पास नहीं आ रही है कुछ करना पड़ेगा ......

लेकिन दीप्ति तोह आर्यन की हॅंडसमेनेस्स में खोयी थी , वह उसके चेहरे के एक एक अंग को अपने मैं मंदिर में बसा रही थी ...... नीली बड़ी बड़ी आंखें , ऊँचा माथा , वेवी ब्लैक हेयर , गूरे गाल , पिंकिश आकर्षक लिप्स , लम्भी नाक , डिम्प्लेड चीन , बलिस्त लम्बी गर्दन , चौड़ा सीना , पुष्ट कंधे , 7फट के करीब हट ....... कितना सूंदर है उसके सपनो का राजकुमार ...... ुष सपने वाली मूरत से भी ज्यादा हैंडसम.....

आर्यन ," अब तय तो आपको hi क्नॉट करनी होगी".

दीप्ति ने आर्यन को देखा तोह उसने जांभोज के आधी शर्ट इन की थी और सूट जैकेट के आधे बटन ऊपर निचे लगा लिए थे ...... दीप्ति हसकर उसके पास पहुंची ," आपको तोह कपडे पहना भी नहीं आता , क्या मुझे इज्जाजत है ".

आर्यन ने सर हिलाकर कहा ," येह व्हाई नॉट ?".

दीप्ति ने अपनी चुनरी एक साइड अपनी कमर पे कासी और आर्यन की शर्ट पेण्ट से भर निकाल उसकी पेण्ट का हुक खोल पहले हाथ से चरों तरफ से अंदर डाली तभी आर्यन ने दोनों हाथ उसके कंधे पे रखे तोह उसने नज़र उठा के आर्यन को घूरा .....

आर्यन ने अपनी नज़र निचे कर ली जैसे सॉरी बोल रहा हो लेकिन हाथ नहीं हटाए ..... दीप्ति ने आर्यन के झुके सर देखते हुए उसकी पेण्ट का हुक बंद किया और बेल्ट भी लगाई निच्चे नज़र करके तब आर्यन अपना सर उठा उसके चेहरे को देख रहा था कितनी सूंदर है , बिलकुल गुलाब की पंखुड़ी जैसे होंठ हैं...... मैं कर रहा चूम लूँ इज्जाजत हो तोह .....

दीप्ति ," हाँ हैंण्ण्ण्न ......."

आर्यन हड़बड़ा के ," तुम ने सुन्न लिया क्या?"...... दीप्ति उसकी आँखों में देखते हुए ," आपने कुछ बोलै था क्या ".

आर्यन ," नहीं नहीं , में क्या बोलूंगा ".

दीप्ति मैं में मुस्कारते हुए ," बोलना तोह आपको hi पड़ेगा वह भी आज hi नहीं तो में आपसे बहोत दुर्र चली जाउंगी ".

आर्यन भी उसकी आँखों में देख रहा था , दोनों जैसे खो से गए थे तभी आर्यन ने दीप्ति को अपने पास करना चाहया अपने दोनों हाथों से जो उसके कंधे पे थे ....... दीप्ति जैसे होश में आयी और अपना हाथ उसके सीने पे रख दिया एक कदम आगे होकर ," अब तय की क्नॉट लगा देती हूँ ".

आर्यन भी खुद को सँभालते हुए अपने दोनों हाथ उसके कंधे से हटा लिया और थोड़ा सीरियस सा हो गया तब दीप्ति ने पहले जैकेट के बटन बंद किये फिर उसकी शर्ट के कालर खड़े करते हुए तय की लेंथ चेक करते हुए बोली," आप जानते हैं आप पहले पुरुष हैं जोह हम को चुने के बाद भी जिन्दा हैं ".

आर्यन ," हाँ बताया तोह था आपने ुष दिन लेकिन अगर आपको बुरा लगा तोह में नहीं चुहुन्गा ".

दीप्ति तय की क्नॉट बनाते हुए बोली," हमने कब कहा हमको बुरा लगा ?" ....... और नज़ारे उठके आर्यन की आँखों में देखि जैसे कह रही हो छू लो मुझे जी भर के कभी मन नहीं करुँगी.

आर्यन भी उसको तैसे करते हुए ," डर लगता है कहीं मेरा हाथ लगने से आपकी सुंदरता मैली न हो जाये? "...... आर्यन भी उसकी झील सी नीली बड़ी बड़ी आँखों में देख रहा था और दीप्ति के दोनों हाथों पे अपने हाथ रख दिया ......

दीप्ति ने क्नॉट लगा दी थी और जोह हाथ तय पे थे उनको आर्यन ने अपनी हाथों की ग्रिफत में ले लिया था....... दोनों फिर से खो गए पर िश बार दीप्ति ने एक कदम और आगे बाध्य और अब आर्यन से सिर्फ 2 इंच की दुरी पर कढ़ी थी ......

आर्यन ने अपना एक हाथ हटा के जैसे hi दीप्ति की कमर पे रखा , वह बस तड़प के उसके गले में बाहें दाल झूल सी गयी , अह्हह्ह्ह्ह Mahiiiiiiiiiiiii , आर्यन का दूसरा हाथ भी उसकी पतली कमर पे कास गया और उसको अपनी आगोश में बांध लिया .......

सायद इसी को कहते हैं दो आत्मा का बर्षों के बाद आलिंगन , ना जाने क्या रिश्ता था दोनों का लेकिन इसका अहसास बहोत घेरा था ...... दीप्ति अपने प्रीतम की बाँहों में जैसे प्रफुलित होकर रू दी, ऐसा लगा रेगिस्तान में सैकड़ों बरसो बाद बारिश हुयी हो..... दीप्ति ुष दिन भी आर्यन के गले लगी थी पर आज अहसास कुछ और था ..... आज आर्यन ने खुद उसको बाँहों में लिया था ......

समय जैसे रुक सा गया था , दोनों एक दुसरे को सेहला रहे थे पर दोनों के आधार ( लिप्स) खामोश थे ...... जुबान की जरुरत इंसानो को होती है दो सच्चे प्रेमियों को नहीं , वह तोह अपनी बातें एक दुसरे के दिल की धड़कन सुनकर hi समझ जातें हैं...... सायद यही है खालिस सोना ( पुरे गोल्ड) जैसा सच्चा प्रेम होता है न कोई चल कपट न कोई दुवेश .... बस प्यार hi प्यार बेसुमार....

दीप्ति को रोटी देख आर्यन ने उसकी पीठ से अपने हाथ हटा के उसके चेहरे को पकड़ के पीछे किया और बड़े प्यार से उसके आंसूं पहुंचा ," रोने से िंह आँखों की शोखियाँ क्यों ख़तम कर रही हो जबकि यह तोह किसी मिरघनैनी की चंचलता जैसी हमेशा सूंदर दिखनी चाइये मेरी बस एहि खाविश है ".

आर्यन ने अपने होंठो से उसके गरम माथे को चूमा तोह दीप्ति का पूरा सरीर कांप गया उसकी आंखें बांध हो गयी िश प्यार की अनुभूति से , आर्यन ने फिर उसकी दोनों पलकों को बारी बारी चूमा ," दीप्ति आप बहोत सूंदर हो, दुनिया की सबसे खूबसूरत परियों की राजकुमारी हो में तुमको ....... "

टिंग टोंग टिंग टोंग ...... दूर बेल्ल बजी तोह दोनों होश में आये और रति जोह छुपकर बैडरूम के दूर के पीछे से दोनों का प्रेम प्रसंग देख रही थी सोची , अब hi गति बजनी थी आर्यन बस अपने प्यार का इजहार करने वाला था ...... आर्यन ने दीप्ति से अलग होकर दूर खोला तोह गीता एक सूंदर ड्रेस में अंदर आयी और दीप्ति को देखकर बोली ," तू यहाँ क्या कर रही है और तेरी आंखें क्यों लाल है , िशने तुझे रुलाया है क्या अब बताती हूँ इश्को "......

दीप्ति झट से ," नहीं दीदी इन्होने कुछ नहीं कहा बस आँख में कुछ कचरा चला गया था "......आर्यन भी हताश होकर िश चंदा रानी को भी अभी आना था .......

आर्यन ने गीता की कमर में हाथ दाल के उसके पीछे से चिपट के कहा ," हमको तोह आपके हुस्न ने hi घायल कर दिया है चंदा रानी "..... पुछःह पहुछठ.....

गीता को ाचा तोह लगा पैर दीप्ति के सामने वह अपना रॉब बना के रखने वाली थी ," अच्छा अच्छा ठीक है जैड़ा मस्का मत मार और सबके सामने जब देखो मुझसे चिपक जाता है अभी शादी नहीं हुयी है "...... वह दीप्ति को दिखा रही थी आर्यन उसकी ऊँगली पे नाचता है .....

आर्यन ने दीप्ति को देखकर कहा," आप hi बतिये दीप्तिजी , क्या अपनी होने वाली घरवाली को प्यार करना अपराध है ".

दीप्ति भी आर्यन की आँखों में देखते हुए," अपराध तोह नहीं है लेकिन िकान्त में अपने प्यार का इजहार करना चाहिए ".

आर्यन भी उसको देखते हुए गीता का गाल चूमकर दीप्ति को देखा जैसे उसको किश किया हो ," वह क्या है न हम आशिक थोड़ा दुसरे किस्म के हैं अकेले में तोह टूट के प्यार करेंगे तब तोह कोई शिकयत नहीं होगी न ".

गीता ने भी आर्यन का गाल चूमा," अब छोड़ मुझे बड़ी मुश्किल से मेकअप किया है ख़राब हो जायेगा ".

आर्यन से अलग हो दीप्ति से बोली ," दीप्ति में तोह आर्यन के साथ मीटिंग में जा रही हूँ , तुम मीणा के साथ शॉपिंग पे चली जायो नहीं तोह बोर हो जायेगी ".

दीप्ति ," नहीं दीदी में वापस जाउंगी , मुझे भी आज किसी से मिलना है"...... यह बात उसने आर्यन को देख के कही .....

आर्यन ," चंदा रानी , तू जा के माँ की रेडी होने में हेल्प कर में दीप्तिजी को मीणा के पास छोड़ देता हूँ मुझे अणि से भी बात करनी है ".

गीता अंदर बैडरूम में गयी तोह आर्यन भी अपना सेलफोन उठा के दीप्ति के साथ सुईठे से बहार आया ," तोह आप हमारा इंतज़ार करेंगी ".

दीप्ति निगाह निचे रखे हुए," आप को किसने कहा , हम क्यों इंतज़ार करेंगे?".

आर्यन ने दीप्ति का हाथ पकड़ के चूमा ," आपकी आंखें तोह एहि कहती हैं, में जरूर आऊँगा बस थोड़ी डिअर होगी सू मत जाना "...... दीप्ति बस शर्मा गयी ..... दिल में कितनी खुसी थी बस वह hi जानती थी .....

दूसरे सुईठे में मीणा के पास दीप्ति को छोड़कर आर्यन, अणि के सुईठे में गया तोह अणि अपनी सेकेटरी और 2 अफसर को इंस्ट्रक्शंस दे रही थी ..... वह भी सूट पेण्ट में सच में बिज़नेस वुमन लग रही थी....

आर्यन बिना डिस्टर्ब किये उसके बैडरूम में चला गया और अपना फ़ोन निकाल बिना को बोलै मुझे दीप्ति के फार्महाउस का पूरा नक्शा, सिक्योरिटी कामर्स और कण्ट्रोल रूम की डिटेल्स भेजो और स्पेशलय दीप्ति , सुचित्रा और ठकुरियन रूपा के रूम्स की एव्री डिटेल्स एंट्री , एग्जिट और विंडोज की सही पोजीशन" .

बिना को भी अंदाज़ा हो गया था आर्यन पक्का वहां कुछ सेटअप करने जायेगा... उसने बस आधा घंटा माँगा ..... फिर आर्यन अपने सिक्योरिटी टीम से ुष होटल की अपडेट ली जहाँ कम से मीटिंग और डिनर था .....

15 मं बाद अणि अपने बैडरूम में आयी और आर्यन के गाल पे किश करके बोली," नॉट बाद , काली की खुसबू ले hi ली "..... है है है है .....

आर्यन ने उसका गोरा गाल अपनी जीभ से छठा उसको चिढ़ाने के लिए तोह अणि मोह फूल के ," अह्ह्ह्हह चींईईई गन्दा भाई , तुझे कितना बार बोलै है गीली किसी मत किया कर ..... ुककककहहहहह..... "

आर्यन ने हसकर दूसरा गाल भी चाट लिया , अणि अपनी नाक पे मक्खी भी न बैठने दे पर आर्यन तो चाट लेता था जब उसको परेशां करना हो ...... अणि, आर्यन को पीछे धकेल वाशरूम भागी ," बहोत गंदे हो आप मुझे फिर फेस वाश करना होगा ".....

आर्यन ," ाचा हम निकल रहे हैं वहीँ मिलते हैं होटल में मीटिंग पे ".

आर्यन बहार आया तोह अणि का लैपटॉप रखा था ड्राइंग हॉल की सोफे टेबल पे ..... कोई नहीं था झट से लैपटॉप खोल पासवर्ड दाल 5 मं. में कई फाइल्स अपने मोबाइल पे ट्रांसफर कर लैपटॉप बंद कर सीधा बहार निकल गया ...... ?????

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उधर राजा रघुभार सिंह* भी हिमालय से आशाराम पहुंच चूका था, उसकी भें रानी मिरदुला के निर्जीव सरीर में अब सांस तेज़ी से दौड़ रही थी और हाथ प्यारों में भी कभी कभी हरकत होती , आँखों की पुतली भी बांध पलकों में घूमती थी .......

अपनी भें को देखकर आँखों में आसूं आ गए फिर खुश डिअर उसके पास बेथ राजगुरुजी के साथ उनकी कुटिया में आ गए ......

जल पान ग्रेह करने के बाद रघुभार सिंह बोले ," गुरूजी मिरदुला को आंशिक चेतना hi महसूस हो रही है जबकि भविष्वाणी के हिसाब से जब दिव्या तलवार की अंग ( कन्या यानी दीप्ति ) को उसका वररिस स्पर्श करेगा तोह मिरदुला से श्राप हैट जायेगा फिर ऐसा क्यों नहीं हुआ ".

राजगुरुजी ," वॉश रघुभार , इश्को दो कारन मुझे लगते हैं ...... पहला दीप्ति और आर्यन अभी एक दुसरे के प्रेमी नहीं बने हैं दूसरा 20 साल निर्जीव सरीर है तोह चेतना लौटने में वक़त लग सकता है ".

रघुभार ," गुरूजी आप ने बताया की यह लड़का आर्यन बड़े गुरूजी का चेला हैं ऐसा आपके गुरूजी ( निशांक गुरूजी) ने बताया है "......

राजगुरुजी ," मेरे गुरूजी तोह अंतर आत्मा में लीं हो गए हैं बस उनका प्रतिबिम्ब hi मुझसे संपर्क करता है , उन्हों ने बताया था यह आर्यन यानि पूरा नाम चौदर्य महार्यं सिंह है अपने पूर्वज महार्यं का पुनर अवतार है बड़ा असाधारण बालक है , दीप्ति को अकेला 150 से ज्यादा गुंडा बदमाश से बचा के ले आया ..... बस देखा मैंने भी नहीं है ".

रघुभार सिंह चौंक के ," वह राजपूत नहीं है फिर कैसे वररिस हो गया तलवार और ख़ज़ाने का ?"

राजगुरुजी मुस्करा के," वॉश पुण्यं आत्मा जाती , वर्ण , लिंग, वेश से ऊपर होती हैं फिर जब बड़े गुरूजी का चेला है तोह हम सब उसके सामने कुछ भी नहीं ..... में आज भी बड़े गुरूजी के दर्शन के लिए प्रतीक्षा कर रहा हूँ और आर्यन सिर्फ 20 साल की उम्र में उनसे सिक्ष्य भी ले लिया ...... तुम hi बताओ क्या मेरा या तुम्हारा उसके सामने अस्तिव्त है , हम दोनों तोह उसके प्यार की धुल भी नहीं ..... अब बोलो क्या वह वररिस है की नहीं ?"

राजा रघुभार सिंह भी राजगुरुजी का तर्क सुनकर चुप हो गया, बात तोह सत्य hi है जोह दिव्या तलवार और ख़ज़ाने का वररिस होगा वह कोई मामूली आदमी तोह नहीं हो सकता और ऊपर से उसने दीप्ति को छूकर समय चाकर शुरू किया है तोह पक्का वही वररिस है ......

थोड़ी डिअर बात करके रघुभार सिंह आश्रम से पास के गाओं जाकर अपने पुत्र राजा जबर सिंह** को कॉल लगा के बता दिए वह वापस लौट आएं हैं और जल्द से जल्द आशाराम आने को कहा और चौदर्य महार्यं सिंह की पूरी जनम कुंडली निकालने को कहा .....

राजा रघुभार सिंह भी वही गलती कर रहा था जोह राजा त्रिभुवन सिंह ने की थी आर्यन को एक दूसरी जाती का कैसे राजपूताना ख़ज़ाने और दिव्या तलवार का वररिस हो सकता है ????

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*राजा रघुभार सिंह , रानी मिरदुला के बड़े भाई, और राजपूताना साही ( रॉयल) कौंसिल के एक्स हेड , अभी सन्यासी हो गए हैं. आगे 70 यरस .

**राजा जबर सिंह , राजा रघुभार सिंह का बीटा ..... प्रेजेंट कौंसिल हेड, आगे 47 यरस , 3 बीवियां हैं पर अभी तक निशांतन है ..... बहोत घंडी और लालची है , ख़ज़ाने के पीछे कुत्ते की तरह पड़ा है पैर किसी को ज्ञात नहीं है जल्दी hi अपना रंग दिखायेगा ......

हार्ट हार्ट हार्ट
 
अपडेट- 33 हार्ट हार्ट हार्ट हार्ट

PART -4 (दीप्ति)

अब तक ......

आर्यन बहार आया तोह अणि का लैपटॉप रखा था ड्राइंग हॉल की सोफे टेबल पे ..... कोई नहीं था झट से लैपटॉप खोल पासवर्ड दाल 5 मं. में कई फाइल्स अपने मोबाइल पे ट्रांसफर कर लैपटॉप बंद कर सीधा बहार निकल गया ...... ?????

अब आगे .......

7 पं.....

जयपुर के फेमस 5 स्टार होटल के मीटिंग हॉल में कम पहुंचे तोह वहां पहले hi 3-4 मिनिस्टर्स और ऑफिसर्स के साथ रति देवी , आर्यन और गीता एक साइड अपनी ऑफिस टीम के साथ और दूसरी तरफ अनीसा कंपनी की ओनर अनीता सिंह (अणि ) अपनी सेकेटरी , मम्मी सारू और ऑफिस टीम के साथ कड़ी उनका वेट कर थे स्वागत के लिए.

कम सबसे पहले अणि , सारू और उसकी टीम से मिले. अणि और सारू ने उनको बुके दिए जिसको उन्होने सहर्ष स्वीकार किया फिर 2 मं. जनरल टॉक्स हुयी.

उसके बाद रति देवी , आर्यन से मिले और गीता ने उनको बुके दिया तोह वो चौंक गए और बोले," मैंने बेटी तुमको कहीं देखा है पर याद नहीं आ रहा ".

रति देवी मुस्करा के बोली ," सर , यह आर्यन की होने वाली वाइफ है गीता नाम है इसका , आप ने जरूर अलवर की राजकुमारी दीप्ति को देखा है जोह इसकी हम साखल दिखती है ".

कम भी मुस्करा के ," सच में विश्वास नहीं होता दोनों शामे तो शामे लगती है बस कलर का फर्क है और कोंग्रटुलतिओन्स आर्यन एंड गीता "...... दोनों ने थैंक्स कहा ....

उसके बाद सब अपनी जगह पे बेथ गए और शुरू हुआ प्रोजेक्ट की डिटेल्स से लेकर इंवेस्टमेंट्स और तीनो पार्टी के शेयर्स का डिस्कशन ...... सबने अपनी बात राखी तोह लास्ट में जब सिग्न होने की बात आयी तोह रति ने बोलै ," कम सर सिग्न करने से पहले में अनीसा कंपनी की ओनर और आपसे प्राइवेट में बात करना चाहती हूँ जस्ट 5 मीन्स. ".

कम ने अणि की तरह देखा तोह उसने हाँ में सर हिला दिया ..... सब बहार जाने लगे तोह कम ने आर्यन को रोक लिया बस एहि उनसे गलती हो गयी जिसका इल्म सिर्फ रति को हुआ .

कम ," हाँ तोह रति मैडम कहिये क्या बात है ?".

रति ने तीनो की तरफ देखा और बोली," में िश टर्म्स और कंडीशन पे यह डील और कॉन्ट्रैक्ट सिग्न नहीं कर सकती "..... और चुप हो गयी .

कम और अणि दोनों रति को मोह फाड़े देख रहे थे बस सिग्न करने से पहले रति पीछे क्यों हैट रही है जबकि उसको सब यहाँ आने से पहले hi पता था ?

कम ने बारी बारी तीनो को देखा फिर हसकर बोले ," तुम तीनो मुझे hi गेम बना रहे हो जबकि फाइनल सिग्नेचर मेरे hi होने है ".

रति सीरियसली बोली ," सर , मुझे क्या मिलेगा बस मेरा मार्जिनल प्रॉफिट होगा जोह सिर्फ 8% बैठेगा. मेरा प्रॉफिट आप दोनों ने काम कर दिया और टाइम लिमिट भी प्रोजेक्ट की घटा दी है जबकि सबकुछ मुझे hi मैनेज करना है , टेक्नोलॉजी और मशीनरी अनीसा कंपनी की , लैंड से लेकर स्ट्रक्चर खड़ा करना फिर प्रोजेक्ट रनिंग के साथ मैनेजमेंट एंड प्रोडक्शन भी हमारी कंपनी को हैंडल करना है, तोह प्रॉफिट का शेयर भी बड़ा होना चाहिए और टाइम लिमिट इनक्रीस होनी चाहिए ".

अणि ," कम सर मेजर इन्वेस्टमेंट एंड एडवांस कैपिटल अनीसा कंपनी लगा रही है फिर प्रेजेंट टर्म्स चेंज क्यों करने , अगर मेरी कंपनी का प्रॉफिट शेयर काम होता है ी म आलरेडी आउट ऑफ़ थिस प्रोजेक्ट एंड मैडम रति देवी जी बेटर यू सर्च सम इतर कंपनी फॉर थिस जॉइंट वेंचर ".

कम के तोह टूटे hi ुध गए सब जगह ढिंढोरा पिट गया था मीडिया से लेकर मार्किट लॉबी तक ..... िश डील की hi चर्चा थी जोह आज फाइनल होने वाली है ...... यहाँ तो यह Naani-Dhevti दोनों मेरा hi नाम ख़राब करने पे तुली हैं .

अपने चेहरे पे आया पसीना पहुंच के उन्होने गिलास से पानी पिया और आर्यन की तरफ देखा जोह चुप था ..... उन्होंने आर्यन को बोलै," आर्यन बीटा यह दोनों तुम्हारी सगी नानी माँ और सगी भें hi हैं न ".

आर्यन मुस्करा के सर हिलाया," मुझे तोह एहि पता है सर दोनों मेरी hi सगी मेरे खून वाली हैं ".

कम ," तोह मेरे भाई तुम कुछ बोल क्यों नहीं रहे हो दोनों तुम्हारी बात तोह मान hi सकती हैं हमारा भी काफी कुछ डाव पे लगा है ".

आर्यन भी हसकर," सर दोनों प्रोफेशनल बिज़नेस वीमेन हैं दोनों अपनी कंपनी अकेले चला रही हैं फिर डील होने न होने से मुझे क्या फायदा नुक्सान होगा , वह आप लोग तय करो ".

कम जब यहाँ मीटिंग में आ रहे थे तब उनका स्टेट सेकेटरी बोलै था सर आर्यन वहां होगा तोह डील पक्का फाइनल होगी वैसे भी दोनों उसकी सगी नानी और भें हैं ...... कम कुछ सोचकर ," तुम्हारा जोह फायदा होना चाहिए वह में देख लूंगा लेकिन िंह दोनों को तोह कुछ समझाओ की यह प्रोजेक्ट कितना इम्पोर्टेन्ट है ".

आर्यन टपक से सीरियस होकर बोलै," मुझे 2 सीट ंप की आपके स्टेट में चाइये जिस पर मेरा उमीदवार इलेक्शन लड़ेगा और बदले में में आप तीनो को अपनी गर्रंटी दूंगा प्रोजेक्ट पूरा करने की ".

अब तोह कम के साथ रति और अणि का भी दिमाग़ घुमा दिया आर्यन ने , वह दोनों सोच रही थी की आर्यन कुछ नहीं कहेगा पर वह अपनी hi सबसे अलग डिमांड रख दिया .

कम अपनी सीट से खड़े होकर ," ओह्ह अब में समझा तुम तीनो मुझे hi बना रहे हो...... अपने आपको समझ क्या रहे हो , में खुद यह डील और प्रोजेक्ट कैंसिल करता हूँ ".

अणि भी झट से ताव में बोली ," ठीक है सर कैंसिल करना है कर दिज्ये अगर कोई और इंडियन कंपनी आपको मिल जाये तोह शामे टर्म्स कंडीशन पे में रेडी हूँ "...... यह बात उसने रति को घूरते हुए कहै और उठकर बहार जाने लगी ......

तब आर्यन बोलै ," अणि एक मं रुको, वैसे सर एक काम क्यों नहीं करते आप सब अपनी अपनी टीम के साथ रति मैडम की नयी टर्म्स एक बार डिसकस कर लो और मेरा ऑफर भी , हो सकता सबको प्रॉफिट हो और पिछले 3 मोनथस से िश प्रोजेक्ट पे आप तीनो की टीम ने म्हणत की है, एक लास्ट चांस तोह ले लो हो सकता बात बन जाये".

आर्यन की बात तीनो को ठीक hi लगी , तीनो फस चुके थे .... अब डीडे हुआ आधे घंटे बाद फिरसे मिलते हैं लास्ट ऑफर के साथ.....

स्टेट वेलफेयर फण्ड में आलरेडी रति और अणि का 50 - 50 करोड़ एडवांस जमा हो गया था , अणि एडवांस में बैंक से सारा इन्वेस्टमेंट लोन उठा ली थी प्रोजेक्ट के लिए और रति िश फील्ड में पहली बार प्रोजेक्ट दाल रही थी ......

आर्यन भी रति की टीम के साथ था होटल के आलीशान सुईठे में बैठा था ..... मोना , रति की सेकेटरी बोली ," मैडम ऐसे hi दो प्रोजेक्ट्स और हमारी कंपनी को दुसरे स्टेट्स से फ्यूचर में मिल सकते हैं फिर हमारा िश फील्ड का यह प्रोजेक्ट कंपनी के एक्सपीरियंस और सक्सेसफुल वेंचर की तरह एडवांटेज पॉइंट होगा . ऑफ कोर्स हमारा प्रॉफिट निल है लेकिन फ्यूचर के लिए ाचा वेंचर है यह तोह फाइनल करने में hi एडवांटेज है "..... मोना ने िश प्रोजेक्ट के लिए बहोत म्हणत की थी तोह डील कैंसिल होने से उसको सबसे ज्यादा दुःख हो रहा था .

बिना ( रति की 2ंद सेकेटरी और पर्सनल गार्ड) बोली ," मैडम हमारे कम सर से ाचे तालुकात हैं यह डील कैंसिल कर अपने hi नुक्सान होगा आगे चल कर , हमारे और भी काफी इंवेस्टमेंट्स यहाँ लगा हुआ है ".

रति अपना स्पेक्स उतर के ," आर्यन तू यहाँ 2 ंप की सीट डिमांड करने आया है , अब क्या पॉलिटिक्स में पूरी तरह घुस जायेगा क्या ? ...... और अब डील नहीं हुयी तोह में तेरे से कभी बात नहीं करुँगी , तुझे पता है न महाराष्ट्र के बाद इसी स्टेट में मेरा सबसे ज्यादा पैसा लगा है और अरबों की प्रॉपर्टी भी है ".

आर्यन अपने सेलफोन को रति का लैपटॉप कनेक्ट करके कुछ चेक कर रहा था ..... उसने जब कोई जवाब नहीं दिया तोह रति ने गुस्से में लैपटॉप बंद कर दिया ," में कुछ बोल रही हूँ तुझे सुनाई भी दे रहा है या बहरा है ".

आर्यन ने रति और बाकियों को देखा फिर बोलै," तुम सब बहार जाओ में माँ से अकेले में बात करना चाहता हूँ , बिना तुम यहीं रहो और एक स्कॉच का डबल पेग बना मेरे लिए ".

मोना और बाकी एक्सेक्यूटिवेस बहार चले गए तब आर्यन ने फिर से लैपटॉप खोला तोह रति जोह अभी भी गुस्से में थी लैपटॉप बांध करने वाली थी तोह आर्यन ने उसका हाथ पकड़ा और उसको उठा के अपनी गॉड में बिठा लिया ," अरे नाराज न हो तेरा hi काम कर रहा हूँ देख अणि ने क्या प्लान किया है और इन्वेस्टमेंट कहाँ से लायी hi सब देख ले बस एक मं."

रति गुस्से से उसकी गॉड से उठने वाली थी आर्यन की बात सुनकर खुश होते हुए सही से अपनी गांड जमा के आर्यन की गॉड में बेथ के उसका गाल चूमि और लैपटॉप में देखने लगी ..... आर्यन ने फाइल्स फ़ोल्डर्स ओपन कर रति को दिखाई तोह उसके चेहरे पे कुटिल स्माइल आने लगी जैसे जैसे रति फाइल्स देखती रही ..... वह समझ गयी यह डिटेल्स आर्यन hi अणि के लैपटॉप से लाया होगा .

आर्यन ने 5 मं में रति को सब समझाया ," देख माँ अब बात यह है अणि पीछे नहीं हटेगी बल्कि अकड़ दिखा रही है , वैसे भी अंग्रेज़ों का तुझे पता है साले ऐटिटूड नहीं बदलेंगे .... हमको वह अभी भी सांप और सपेरे वाला देश hi समझते हैं जबकि उनकी खुद की औकात हमारे सामने कुछ नहीं है ...... अणि यह डील पक्का करेगी क्योंकि वह अपने बांड बैंक में गर्रंटी देकर एडवांस लोन उठा ली है ...... दूसरा गवर्नमेंट वाले इनकी तोह खुद मैया चूड़ी हुयी है 3 साल में 4 बार पहले भी यह प्रोजेक्ट फाइनल नहीं हुआ और गवर्नमेंट पे अब प्रेशर है एक साल बाद इलेक्शन है सो पक्का डेस्पेरेट हैं कम और इंडस्ट्री मिनिस्टर वह मान जायेंगे बस तू अपना ऐटिटूड एहि रखना , देखना 20 % से ज्यादा प्रॉफिट और टाइम लिमिट इनक्रीस वाली डील होगी ".

बिना ," सर आपका पेग "...... रति खुसी से आर्यन का चेहरा चूमा फिर बिना से पेग लेकर ," पहले में सिप लुंगी ".

आर्यन हसकर ," ला में पिलाता हूँ अपने हाथ से अपनी डार्लिंग माँ को "..... पुछःह पहुछठ..... उसके गाल चूमा.

रति ने सिप लिया फिर आर्यन ने एक घूँट में ख़तम कर दिया ...... रति बुरा सा मोह बनाई तब आर्यन बोलै," भूल गयी जहर है तेरे लिए इतना काफी था ".

बिना सामने वाली चेयर पे बैठी अपना पेग पि रही थी और है रही थी , रति थोड़ा खिसयकार ," पूरी दुनिया पि सकती है बस में नहीं और तेरी दादी* ( देवी) वहां अमेरिका में खूब पीती है जाने बता रही थी बहोत पीने लगी है वहां जाकर..... तूने पता नहीं मुझे क्या दवाई पिलाई है छोटा पेग पीते hi उलटी होती है और दिल घबराता है ".

(* दोस्तों आपको याद होगा आर्यन की दादी देवी , मौसी मंजू , छोटी मामी रीता और उसका बीटा वसु चरों अमेरिका गए हैं जाने हॉल ( आर्यन की 3रद लवर) के साथ .)

आर्यन ने बिना को एक पेग और बनने को कहा और रति के लिप्स चूमा और कान में बोलै," तुझे माँ बनाना है न इशलिये अब दारु नहीं पीजी समझी ".

रति बस कैलाश के रह गयी तब आर्यन अपना पेग पीते हुए बोलै," देख मेरी दादी का साइज देख वह औरत जरूर है पैर ताकत और सरीर से 4 -4 मर्दों की ताकत होगी उसमें , फिर अमेरिका ठंडा देश हैं वहां दारू जल्दी हज़म हो जाती है ...... भूल गयी हो तोह बिना से या फिर मीणा से पूछ लियो ुष दिन दारु पीकर बाथरूम में hi मर जाती बेवडी कहीं की , no मीन्स no ".

बिना ," आर्यन सर फिर डील और आपकी कंडीशन का क्या ?".

आर्यन हसकर ," बिना हम कब कच्चा गेम खेलते हैं, सब अपने मुताबिक hi होगा मैंने पहले hi सेट कर दिया है बस िश अणि का इंतज़ाम और कर दूँ".

आर्यन ने अपने सेलफोन से कॉल मिलाया ," hello मेरी प्यारी भेना , देख डील करने में hi तुझे और हमको फायदा है कम सर को में मन लूंगा ....... माँ का प्रॉफिट 25% होगा "...... फिर अणि को कुछ समझाया और कॉल कट कर कम के प् को कॉल किया .....

आर्यन प् से ," गुड इवनिंग सर , क्या कुछ बात बानी की नहीं ".

प् ," आर्यन सर सब रेडी hi समझो बस आप अपना वादा न भूलना ".

आर्यन ," में अपना प्रॉमिस हमेशा पूरा करता हूँ आप किसी से भी पूछ लेना ".

हुआ यह की आर्यन ने अपने स्टेट के दीप्ती कम के थ्रू 2-3 यहाँ के मिनिस्टर्स सेट करवा दिए थे जयपुर लैंड करते hi ..... कम के प् से और इंडस्ट्री मिनिस्टर से पहले hi 2 और 10 करोड़ के गिफ्ट पैक फिक्स हो गए थे ....... बस उसको 2 सीट चाइये थी ंप की , उसने सही टाइम पे डिमांड राखी और उसको पता था बात उसके स्टेट के कम और दीप्ती कम तक भी जाएगी तोह आर्यन की गुड़बेंग वाली ाची रिपोर्ट hi मिलने वाली है यहाँ भी.

आर्यन ने एक तीर से 4 शिकार किये पहले गवर्नमेंट का , दूसरा अणि का और तीसरा रति का ( 4तह शिकार???? का वक़त आने पे पता चलेगा) ...... तीनो समझ रहे थे आर्यन उनकी कितनी केयर और रेस्पेक्ट करता है लेकिन वह बिना कुछ किये hi अपनी पहुंच और ताकत बढ़ा रहा था.

अणि भी समझ गयी यहाँ ताकत नहीं बस सही गेम खेलने में भलाई है फिर आर्यन उसका सागा भाई था वह उसकी बात नहीं काटना चाहती थी..... उसको पता चल गया था उसके भाई ने रति के लिए चोरी की है उसके लैपटॉप से इनफार्मेशन निकाल के.....

अणि भी कुछ सोचकर हसी नानी तेरे लिए भाई ने चोरी की है , मेरे लिए भाई से दक्का दलवंगी वक़्त आने पे ......

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तीनो अपनी टीम से आधे घंटे डिसकस किये ..... लेकिन जब चरों िशबार मीटिंग हॉल में अंदर आये तोह िश बार सबके सेकेटरी और इंडस्ट्रियल मिनिस्टर, बाकी 3 मिनिस्टर्स भी साथ थे .....

कम ने अपनी चेयर संभाली और आर्यन को देखकर मुस्करा दिए ," आर्यन मुझे तुम्हारा ऑफर मंजूर है उसको बाद में डिसकस करेंगे पहले टर्म्स कंडीशन अब तुम hi बताओ ".

आर्यन खड़ा होकर ," सबकुछ सिंपल है , अप्प टाइम लिमिट हटा दो , अनीसा कंपनी 100% एडवांस पेमेंट करे और रति मैडम की कंपनी का शेयर 24% कर दो अनीसा कंपनी का 42 % और गवर्नमेंट का 34% विथ फुल ओनरशिप ट्रांसफर इन 10 यरस राथेर थें 8 यरस लिखे बिफोर ..... सबको प्रॉफिट है और गवर्नमेंट को भी ज्यादा टैक्स और प्रॉफिट मिलेगा " .

फिर तीनो टीम में आपस में डिस्कशन हुआ और डील िंह टर्म्स पे फाइनल हुयी , 60% , 30%, 10% कैपिटल इन्वेस्टमेंट बी अनीसा कंपनी, रति देवी की कंपनी और बी स्टेट गवर्नमेंट .

प्रॉफिट शेयरिंग 45% ,21% , 34% होगा.....

नई डाक्यूमेंट्स रेडी होकर सिग्नेचर्स हुए और प्रोजेक्ट फाइनल हो गया ..... सबने एक दुसरे से शेक हैंड्स कर कोंग्रटुलतिओन्स कहा ...... मीडिया कांफ्रेंस करके प्रोजेक्ट फाइनल होने के रिपोर्ट कर दी गयी ...... रति और अणि के लिए बड़ा दिन था आज .

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रात 9 पं.....

होटल के बड़े दिंनिंग हॉल में विप डिनर पार्टी चल रही थी , आर्यन अब कम के साथ एक टेबल पे बैठा था ...... दोनों में काफी बातें हुयी तब कम बोले," आर्यन ी म रियली इम्प्रेस्सेड फ्रॉम यू लेकिन में तुमसे अकेले में कुछ इम्पोर्टेन्ट डिस्कशन करना चाहता हूँ कल आफ्टरनून लंच पे हमारे घर आ सको तोह ाचा होगा , कुछ बातें यहाँ नहीं हो सकती ".

आर्यन ने भी नर्मता से स्वीकार करते हुए कहा ," ok सर जैसे आप कहें में कल लंच पे हाज़िर हो जाऊंगा "...... उसके बाद कम सबसे विदा लेकर चले गए ..... मिनिस्टरी के ब्यूरोक्रेट्स और दोनों कंपनी के ऑफिशल्स प्रोजेक्ट के सिलसिले में फुरदर डिस्कशन में बिजी थे .....

आर्यन अपनी फॅमिली के साथ एक टेबल पे डिनर कर रहा था ...... सारू और रति उसके आजु बाजू बैठी थी , गीता रति की साइड और अणि सारू की साइड थी सामने बिना और मोना बैठी थी .

रति ," आर्यन कम सर से क्या बात हो रही थी ?"

आर्यन ," कुछ खास नहीं आप दोनों की तारीफ कर रहे थे और पूछ रहे थे इतनी दोनों में दुश्मनी क्यों है".... है है है ......

रति थोड़ा चिढ़कर ," किसने कहा दुश्मनी है , बिज़नेस अपनी जगह और रिलेशन्स अपनी जगह है ".

आर्यन हसकर," हाँ दिख रहा था वहां अगर मौका होता तोह एक दुसरे के बाल नोच डालती आप दोनों , कम ने पुछा तू कैसे मैनेज करता है है तोह मैंने कहा घर पे दोनों के गले में पता बाँध देता हूँ ताकि किसी को काट न लें"..... hi hi hi .....

अणि गुस्से से ," भाई थिस इस नॉट फेयर आप दुसरे के सामने हमको जलील कर रहे थे ".

आर्यन भी सीरियस होकर ," तोह क्या बोलता दोनों में बहोत प्यार है दोनों एक hi रूम में एक hi बीएड पे सोती हैं , बोलो" .... सब चुप , फिर कुछ सोचकर ," ाचा ठीक है आज तुम दोनों को चैलेंज देता हूँ दोनों एक hi बीएड पे एक hi रूम में सोकर दिखाओ में कल लंच कम सर के साथ करूँगा और उनको बता दूंगा की दोनों एक दुसरे को बहोत प्यार करती हैं ".

सारू भी आर्यन की बात सुनकर ," अरे िश में क्या बड़ी बात है अणि जब छोटी थी तोह माँ के साथ hi सोती थी क्यों माँ ? ".

रति ," ठीक है आर्यन आज हम दोनों साथ hi रहेंगे क्यों अणि बेटी ".

अणि भी आर्यन को घूर कर ," ऑफ कोर्स नानी , व्हाई नॉट और भाई मैं मुटाव हो सकता है पैर रिश्ता कभी नहीं बदलता".

आर्यन ने एक टुकड़ा अपने हाथ से गीता को खिलाया ," बेस्ट ऑफ़ लक तो बोथ ऑफ़ यू, क्यों गीता ".

गीता भी चीखते हुए बोली," ाची बात है में भी आज सारू दीदी के साथ सोयेंगी क्यों दीदी ?"..... सारू ने भी मुंडी हिला दी .....

सब डिनर करके निकले तोह आर्यन सबको बोल के निकल गया उसको राजा त्रिभुवन सिंह से मिलना है वह लेट आएगा ..... गीता के कान में कुछ बोलै तोह उसके चेहरे पे चमक आ गयी थी ......?

आर्यन अकेला खुद कार ड्राइव करते हुए दीप्ति की हवेली की तरफ चल दिया , उसके साथ दो सिक्योरिटी की गाड़ियां भी थीं....

फार्महाउस के गेट पे पहुंच के उसने सिक्योरिटी को अपना परिचय दिया तुरंत गेट खुला , शानदार, लाइट से चम् छंटी हवेली नुमा फार्महाउस के पोर्च में आर्यन ने अपनी कार रोकी ....

राजा त्रिभुवन के साथ दोनों रानियां संगीता और जमुना के साथ सुचित्रा सिंह और ठकुरियन रूपा भी आर्यन के वेलकम के लिए खड़े थे ..... उनके साथ उनके 3-4 मंत्री और 10-12 नौकर और माइड भी थे ...... दीप्ति बस एक खिड़की से सब देख रही थी आखिर उसके सइयांजी खुद उसके घर आये थे ..... दिल तो बाघ बाघ हो hi गया था पैर चेहरे पे एक जीत की खुसी थी की आर्यन अपना वादा निभाया ......

आर्यन कार से निचे उतरा तोह सब बिना पालक झपकें देखते रह गए वह फुल्ली सुइटेड बूइटेड सीधा मीटिंग के बाद डिनर करके इधर आया था ...... सच में किसी फिल्म के हीरो से भी ज्यादा स्मार्ट और डैशिंग लग रहा था ..... बिजनेसमैन वाली शख्सियत भी निखार के सामने झलक रही थी.

ठकुरियन रूपा आगे बढ़कर आर्यन के गले लगी और उसका माथा चूमि और एक टिक्का अपनी आँख से काजल निकाल उसके कान के पीछे लगाई , सुचित्रा भी आगे आकर उसके गले लगी ," इतनी डिअर क्यों लगाई आने में हम कितनी डिअर से तेरा वेट कर रहे थे".

आर्यन बस मुस्करा दिया और हाथ जोड़कर सबको नमस्ते किया फिर सुचित्रा को बोलै," मामीजी वह मीटिंग और डिनर में डिअर हो गयी थी लेकिन में सीधा यहीं आया हूँ ".

रानी संगीता जोह एक बड़ी सी थाली ारता के लिए राजशाही पोषक में कड़ी थी मुस्करा के बोली," ननद जी कुंवर जी की आरती तोह करने दो ".

ठकुरियन रूपा ने आर्यन का हाथ पकड़ा और उसको एक पटड़ी पे खड़ा होने को कहा जोह 4 इंच ऊँचा था तोह और लम्बा हो गया तब सब हसने लगे क्योंकि रानी संगीता की हट सिर्फ 5'6" होगी .... बेचारी झेप के बोली ," अब तिलक कैसे करूँ".

आर्यन मुस्करा के बोलै ," एक सेक् "..... और खुद घुटनो पे पटड़ी पे खड़ा हो गया अब भी वह संगीता से 3 इंच लम्भा hi था , सब चुप हो गए और रानी संगीता ने ख़ुशी से उसका ारता किया और तिलक लगा के एक नारियल हाथ में देकर फोड़ने को बोली ..... आर्यन ने नारीयल फोड़ के उनको दिया और उनके प्यार छुए तोह वह पीछे हैट गयी ," ऐसा पाप न करो आप कुंवरजी हो , आप हमारे प्यार नहीं छु सकते ".

आर्यन हसकर ," कोनसी किताब में लिखा है एक बीटा अपनी माँ के प्यार नहीं छु सकता, में कुंवर हूँ पता नहीं पैर आपके बेटे सामान हूँ आप ने अपनी रसम निभाई में अपनी निभा देता हूँ प्यार चुकार"...... आगे बढ़कर पहले संगीता के प्यार चूहा फिर जमुना के प्यार छुए लास्ट में त्रिभुवन के भी छुए तोह वो भी गड गड हो गया सच में असली संस्कार हैं, तीनो ने आशीर्वाद दिया और सब अंदर आ गए...... (लेकिन राजा त्रिभुवन कहाँ जानता था आर्यन पहले अपने शिकार को पुचकारता है फिर तड़पा के मारता है)

किसी राजमहल की तरह था ड्राइंग हॉल वहां जा के सब बेथ गए, ठकुरियन रूपा आर्यन के बगल में बैठी थी उसका हाथ पकड़ के .

राजा त्रिभुवन सिंह ," आर्यन बीटा मीटिंग कैसी रहे कम शभ के साथ अगर कोई मदद चाइये तोह बता देना, हमारे स्टेट में हमारा बहोत राशूक़ है ".

आर्यन स्माइल के साथ बोलै," जी मीटिंग ाची रहे और प्रोजेक्ट फाइनल हो गया है ..... माफ़ करना , हाँ मैंने देखा था आपका राशूक़ जब राजकुमारी दीप्ति किडनैप हुयी थी ".

आर्यन की तंझ सुनकर सब झेंप गए और राजा त्रिभुवन सिंह भी अपना सा मोह लेकर बेथ गया ...... ठकुरियन रूपा ने बात को संभाला और बोली," डिनर यहाँ भी तोह कर सकता था हम सबके साथ".

आर्यन हसकर," माजी वहां माँ और मम्मी ने जिद की तोह करना पड़ा फिर मैंने पहले hi बता दिया था की में डिनर करके आयोग ".

सुचित्रा ," आर्यन तुम अकेले hi आये , सारू को hi साथ ले आते ".

आर्यन ," वह सब थक गए थे तोह मैंने सबको होटल भेज दिया रेस्ट का बोल के , ाचा आप सब से मिल लिया अब चलता हूँ ".

सुचित्रा ने बात सँभालते हुए कहा," अरे इतनी जल्दी क्या है दीप्ति से नहीं मिलोगे ?"

रानी जमुना कड़ी होकर ," में दीप्ति को लेकर आती हूँ आप लोग बातें करो ".

अब आर्यन क्या बोलता जब दीप्ति से मिलने की बारी आयी ......

राजा त्रिभुवन सिंह ," देखो आर्यन बीटा में बात साफ़ साफ़ करता हूँ तोह सीधा पॉइंट पे आता हूँ, दीप्ति के बारे तुम जानते hi होंगे और उसका हल भी तुम से hi जुड़ा है ,इसिलए हम दीप्ति का तुमसे विवाह का प्रस्ताव रखते हैं. हमारी तुम्हारी माँ रति देवी से बात हो गयी है और उनको भी दीप्ति पसंद है तुम क्या कहते हो ".

आर्यन पहले सबको बारी बारी देखा फिर बहोत प्यार से बोलै," आप सायद पूरा सच नहीं जानते लेकिन में अपनी चंदा रानी यानी गीता से बहोत प्यार करता हूँ और उसकी जान का कोई दुश्मन हो उसको में कैसे माफ़ कर सकता हूँ . रही दूसरी बात, दीप्ति ाची लड़की है ऊपर से राजकुमारी भी है में उनका जीवन बचने में पूरी मदद करूँगा लेकिन शादी कैसे कर सकता हूँ ".

आर्यन की पहली बात और धमकी सुनकर राजा त्रिभुवन सिंह की भी गर्दन झुक गयी की उसकी मति मारी गयी थी जोह गीता के चाचा और मां की मदद की , नहीं तोह आज इतनी शर्मिंदगी नहीं उठानी पड़ती और यहाँ आर्यन विवाह की बात एक्सेप्ट नहीं कर रहा है ......

रानी संगीता थोड़ी अधीर होकर बोली ," लेकिन बीटा ऐसी क्या कमी है हमारी बेटी में जोह आप विवाह नहीं करना चाहते , वह तो हमेशा से आपके hi सपने बुनती आयी है उसके जीवन में कोई और पुरुष आना तोह दुर्र उसको छू भी नहीं सका आज तक सिवाए आपके ...... क्या उसके प्यार और त्याग का कोई मोल नहीं आपकी नजरों में "...... जैसे वह खीज hi गयी थी आर्यन की ना सुनकर .

ठकुरियन रूपा ," देखो आर्यन तुम दीप्ति से मिलकर कुछ टाइम उसके साथ बिता के देखो, वह तुमको जरूर पसंद आएगी".

सुचित्रा ," आर्यन इतनी जल्दी कोई फैसला मत करो , दीप्ति मेरी छोटी भें है , वह मुझसे भी ज्यादा गुनी और सूंदर है..... वह कितने वर्षों से सिर्फ तुम्हारा hi इंतज़ार कर रही है ".

तभी रानी जमुना के साथ दीप्ति बिलकुल राजकुमारी की तरह सजी हुयी पूरे शाही पोषक और घेणे पहने वहां आयी और उसके हाथ में एक बड़ी चंडी की ट्रे थी जिसमें गोल्डन बाउल में डिश थी ,साथ में रानी जमुना और पीछे 3 दासियाँ भी ट्रे लिए आयीं और दीप्ति ने ट्रे टेबल पे रखकर आर्यन को हाथ जोड़कर नमस्ते किया जोह खड़ा तोह पहले hi था उसकी सुंदरता में मंतर्मुग्ध होकर अब आगे बढ़कर उसके जुड़े हाथ पकड़ के बोलै," आपको ऐसे हाथ जोड़कर नमस्ते कहने की जरुरत नहीं है बस hello भी चलेगा ".

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दीप्ति ने शर्मा के सर झुका लिया सब उन्ह दोनों को hi देख रहे थे पैर सबको समझ में आ गया दीप्ति के रूप और सुंदरता का जादू चल चूका है आर्यन के ऊपर ...... आर्यन ने उसको अपनी जगह बैठने को कहा तोह ठकुरियन रूपा अपनी जगह से उठकर boli,"tu भी दीप्ति के साथ hi बेथ".

आर्यन भी बैठकर उसको hi देख रहा था जब उससे रहा नहीं गया तोह स्तब्ध निकल hi गए ," धरती पर कहीं स्वर्ग है तोह आपके आस पास hi है जोह आपके रूप और खूबसूरती के कारन विधमान है .... सच में आप सुंदरता की देवी हैं आपकी तारीफ के लिए मेरे पास लावै नहीं हैं ".

दीप्ति तोह बस शर्म से गाड़ी जा रही थी , सब उसके परिवार वाले और नौकर नौकरानी वहीँ थे और उसका प्रीतम बस उसकी तारीफ पे तारीफ कर रहा था .....

उसको जब कुछ समझ नहीं आया तोह आर्यन के मोह पे हाथ रख के बोली," मेरी तारीफ बाद में करियेगा पहले कॉफ़ी पे लीजिए ठंडी हो जाएगी ".

सब दीप्ति की बात सुनकर है दिए और आर्यन भी उसका हाथ जोह होंठों से टच था उसके चूम लिया तोह दीप्ति ने शर्मा के हाथ हटा लिया और गर्दन झुका के बेथ गयी ...... आर्यन भी झेंप के मुस्करा दिया और बोलै," इतनी साड़ी डिशेस और मीठे की क्या जरुरत थी? ".

दीप्ति एक डैम से सर उठा के उसकी तरफ देखि फिर तीनो माइड को बोली ," सब ट्रे यहाँ रख दो ".

फिर खुद कड़ी होकर आर्यन को बेसन का हलवा अपने हाथ से दी ," यह बेसन का हलवा मैंने अपने हाथों से बांया है आपको बहोत पसंद है न ".

( सारू और मीणा से दीप्ति ने आर्यन की पसंद पूछी थी ).

आर्यन मुस्करा के ," हाँ बहोत , आपने बांया है तोह जरूर खाऊंगा "..... बस दोनों बात करते हुए बिना किसी की परवा के लगये थे एक दुसरे के साथ दीप्ति आर्यन को सब डिशेस और मिठाई खिला रही थी और वह खा भी रहा था बिच बिच में उसको भी खिला देता ...... दीप्ति की खुसी देखते hi बनती थी , आज अपने सइयांजी की कितनी खातिरदारी कर रही थी जैसे उसके सच में पति हों और उसको लिवाने उसके मायके आये हो .....

किसी को बोलने की जरुरत hi नहीं थी की रिश्ता मंजूर है की नहीं ...... दोनों का लगाव और हाव भाव रिश्ते नातों से ऊपर थे ..... आज सबको पता चला राजकुमारी दीप्ति इतनी बातें भी करती है ..... सब धीरे धीरे एक दुसरे को इशारा करते हुए खिशक लिए वहां से क्योंकि दोनों आपस में hi लगये थे.

ड्राइंग हॉल के निकल दीप्ति के घरवाले दुसरे रूम में बैठकर दोनों की बातें कर रहे थे. ठकुरियन रूपा बोली," मैंने कहा था न आर्यन मन hi करेगा दीप्ति को वह बस प्यार करना जानता है , दीप्ति ने देखो खुद hi मन लिया ".

सुचित्रा ने बात जोड़ी ," ुष दिन भी दीप्ति खुद 10 मं अकेले गाडी में बैठकर बात की तब भी आर्यन झट से रेडी हो गया और आज तोह दोनों ऐसे खोये एक दुसरे की बातों में जैसे बरसों से जानते हैं एक दुसरे को".

राजा त्रिभुवन सिंह ," आज भगवन ने हमारी सुन्न ली , अपनी बेटी को सर पे हाथ रखकर में भी कितने सालों से आशीर्वाद नहीं दे पाया उसको गले नहीं लगा सका लेकिन आर्यन ने जैसे hi उसका हाथ स्पर्श किया मुझे लगा कहीं वह भी मारा न जाए पर कहते हैं

"जाको रखे सैयां, मार सके न कोई, बाल न बका कर सके जो जग बैरी होव".

दीप्ति का प्यार आज जीत गया और हम सब उसके सामने बहोत छोटे रह गए".

रानी संगीता ," बस प्रभु हमारी बच्ची पे कृपा रखना , क्या ऐसा नहीं हो सकता की अब आर्यन दीप्ति की शादी हो जाये और ुष खजाने और दिव्या तलवार को खोजने की जरुरत न हो ".

राजा त्रिभुवन," नहीं संगीता , अभी तोह बस आर्यन और दीप्ति की बस मुलाकात हुयी है आगे क्या करना है गुरूजी कल हमारे राजमहल अलवर आकर बाटेंगे ".

ठकुरियन रूपा ," िश में दोनों की जान को कोई खतरा हुआ तोह न बाबा न में आर्यन को कहीं नहीं जाने दूंगी ".

रानी जमुना," आप बेकार में डर रही हैं जिनको भगवन ने मिलाया है वही उनकी रक्षा भी करेगा ,चलो में देख के आती हूँ दोनों क्या कर रहे हैं ".

सुचित्रा भी रानी जमुना के साथ जब ड्राइंग हॉल पहुंची तोह दोनों गायब थे ...... तब एक नौकरानी से पुछा तोह पता चला दोनों आर्यन की कार में बैठकर बहार गए हैं ...... दोनों हैरान हुयी इतनी रात को 11 बजे कहाँ गए हैं बिना बताये.....

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जल महल ......

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ek naav pe bethe dono Chandni raat mei jheel mei sair kar rahey they..... Jal Mahal poora roshni mei nahaya tha , Aryan ne CM se special request kar permission li thi ki apni fiancee ko raat mei jal Mahal ghoomne ke liye ...... unhone bhi sab arrangements karwa diye aur Beena ne saari security apne haath mei le li ......

Aryan ko Deepti ne har dish taste karwai aur last mei coffee daal ke di jab coffee peete huye aaspaas dekha sab gayab they ...... Deepti bhi sharma ke reh gayi ki usko kisi ka dhayan hi nahi raha ..... yehi haal Aryan ka bhi tha .....

Aryan ne Deepti ka haath pakda aur pyar se meethi awaaj mei bola," Rajkumari Deepti kya aap abhi mere saath ek special jagah chalengi ?".

Deepti toh bas Aryan ke haath mei haath dekar hi khush ho gayi thi ...... usne sar utha Aryan ki aankhon mei dekhkar kaha ," bas ek shart pe chal sakti hun ki pehle aap mujhe Rajkumari nahi sirf mere naam se mujhe bulen tab ".

Aryan bhi hastey huye ," jaise tum bol Deepti ab khush ".

Deepti ne Aryan ka haath kaskar pakda," had se jaada khush , chaliye".

Dono bahar aaye toh Deepti bas maid ko boli ," hum thodi diar mei aa jayenge, kisi ko abhi mat batana ".

Aryan ne gaadi ka gate khola aur Deepti ander bethi toh Aryan ne uska dress sahi kiya aur door band kar driving seat pe aakar beth gaya aur car dauda di Jal Mahal ki taraf ...... Aryan ne Deepti ki taraf dekha toh woh usko hi dekh rahi thi tab Aryan ne apna khali left hand uski taraf kiya to woh khisk ke uske seene se lag gayi aur apni dono bahien uske gale mei daal di ....... gadi mei music baj raha tha .....

मुझको इरादे दे, कसमें दे, वादे दे

मेरी दुआओं के इशारों को सहारे दे

दिल को ठिकाने दे, नए बहाने दे

ख़्वाबों की बारिशों को

मौसम के पैमाने दे

अपने करम की कर अदाएं

कर दे इधर भी तू निगाहें

सुन रहा है ना तू, रो रहा हूँ मैं

सुन रहा है ना तू, क्यूँ रो रहा हूँ मैं

सुन रहा है ना तू, रो रहा हूँ मैं

सुन रहा है ना तू, क्यूँ रो रहा हूँ मैं

मंजिलें रुसवा हैं, खोया है रास्ता

आये ले जाए, इतनी सी इल्तेजा

ये मेरी ज़मानत है

तू मेरी अमानत है हाँ..

अपने करम की कर अदाएं

कर दे इधर भी तू निगाहें

सुन रहा है ना तू, रो रहा हूँ मैं

सुन रहा है ना तू, क्यूँ रो रहा हूँ मैं

वक़्त भी ठहरा है, कैसे क्यूँ ये हुआ

काश तू ऐसे आये, जैसे कोई दुआ

तू रूह की राहत है

तू मेरी इबादत है..

अपने करम की कर अदाएं

कर दे इधर भी तू निगाहें

सुन रहा है ना तू, रो रहा हूँ मैं

सुन रहा है ना तू, क्यूँ रो रहा हूँ मैं..

dono ke Dil ki dhadkan bas ishi gaane ko lawjon ko samjhte huye ek rhythm mei dhadk rahi thi ..... Aryan ka ek haath Deepti ko pith se pakde apne se lagaye huye tha aur doosra car ke steering wheel pe ......

Deepti uske gale lagi bas apna mouh uske seene mei chupaye chup thi ..... gaana khatam huya toh Aryan ko Deepti ke sabukne ki awaaj aayi toh Aryan ne uska sar chooma," kya huya Deepti why are crying ".

Deepti ne bas sar na mei hilaya par chehra seene se nahi hataya ..... Aryan ne apna left haath uski kamar pe lapet ke pakad bana usko utha ke apni goad mei kheench liya ...... Deepti pal bhar uski goad mei thi aur woh uske gale se aur buri tarah lipat gayi aur sisak rahi thi .

Aryan uski peeth ko sehla aur thap thapa raha tha aur uske sar ko bhi choomta .....

Deepti ko aacha lag raha tha apne mehboob ke pehlu mei bethey huye , Aryan ne bola," bas baby 2 min hum phonch rahey hain , ab rona bandh karo , bas chup my good girl ".

Deepti ne halke se haste huye apna sar picche kiye toh uska chehra aansoon aur kajal se sana tha ..... Aryan ne apni Jeb se hanki nikaal uska chehra saaf kiya aur uske gaal pe chooma ," meri Deepti rotey huye nahi haste huye aachi lagti hai ".

Deepti ko bas 'meri Deepti' hi sunai diya Aryan ke mouh se , kyon priyesi nahi chahati ki uska mehboob usko apni kehye......

Aryan ne car Jal Mahal pe roki , joh Lazer light se raat mei bhi bahot khoobsurat chamak raha tha ......

Aryan ki car ke pass Beena aakar khadi huyi , Aryan ne apni gun nikaal ke pent mei thosi aur Deepti ko goad mei liye utara , woh to bas kisi bacche ki tarah ussey lipti thi ......

Beena ne bas muskara ke Aryan ko ek taraf ishara kiya Jahan ek sunder boat khadi thi ...... Aryan usko goad mei liye boat mei betha aur chapu se boat chalane laga ...... Deepti bas uska collar pakad aankh bandh kiye thi .....

Aryan ne uska sar sehala ke kaha ," Deepti ek haath se boat chalane mei dikkat ho rahi hai ".

Deepti bas kunmun karti apna sar hila di jaise usko koi distrub na karey tab Aryan ko shararat suzi , usne jorse kaha ," Deepti tumhare pitaji aaye hain , namaste Raja shabh ".

Pitaji aur Raja shabh sunkar Deepti bijli ki gati se Aryan se alag hokar khadi huyi aur plati toh uska balance bigda aur boat se niche girne lagi lekin Aryan ne haath badha ke usko kamar aur pet pe lapete vapas khinch liya aur Deepti chillati huyi "baccho" bolte huye Aryan ki goad mei land ki...... ab uski pith Aryan ke seene se lagi thi joh jor jorse has raha tha ," hahaha haha ..... tum toh bahot darpok ho Deepti darling ".

Deepti ki saans pehle pitaji ka sunkar ab girne ke darr se dhokni ki tarah chal rahi thi , chehra laal ho gaya tha aur dhadkan bahot tez chal rahi thi ..... usne Aryan ki jaghon pe marte huye ," chodiye mujhe , aap bahot gande ho , mujhe dara diya abhi doob jaati toh ".

Aryan aur jorse se hastey huye ," ha ha ha ..... mere hotey huye tumko kuch nahi ho sakta aur chorne ke liye nahi hamesha ke liye pakdne ke liye yahan laya hun , samney toh dekho ".

Deepti abhi bhi naraajgi dikhate huye," kya dekhun wahi jal Mahal hai wahi jheel hai wahi hava hai aur wahi boat hai , ishmei naya kya hai ?"

Aryan ne uske chin pe haath rakhkar chehra apni taraf ghuma ke kaha ," sab wahi hai per aaj aapka daas bhi aapke saath hai joh ish Roop ki Rani ka premi bankar hamesha ke liye apne dil ke raani banana chahta hai ...... I love you Deepti , mein tumko pehli nazar mei hi pyar karne laga tha lekin aaj yeh sahi pal hai apne pyar ka ijhaar karne ka ...... mein tumko dil ki gherai se mohabat karta hun".

Deepti bhi Aryan ki aankhon mei dekhkar phir nazar jhuka ke boli,"itni diar kyon lagi bolne mei , aaj aap nahi bolte toh hum jeene ki aash chod dete "...... phir ek gheri saans lekar Aryan ka gaal choomi ," mein bhi apni rouh ki gherai se aapko pyar karti hun na jaane kabse bas apni daasi ko kabhi apne se ab juda na karna"....... aur ghoom ke apni dono taange Aryan ki jaaghon ke right side kar dono haathon ka ghera gardan pe bana ke ," aap hamesha mujhe aise hi pyar karenge na ?"

Aryan ne meethi awaaj mei kaha ," ishi se bhi jaada "..... aur dheere se Deepti ke chehre pe jhukte uske gulab se honthon ko apne hontho se jod behatasa choome laga ....... puchhhhh phuchhhh chummmm chummmm...... Deepti ki unglian uske sar ke baalon se khelne lagi aur jaada josh se ish pehle chumban mei Aryan ka saath dene lagi ...... Deepti ke dono labon ko baari baari choos ke Aryan ne apni jeebh uske mouh mei daali toh Deepti bas uski jeebh chooste huye tharthara ke seene se uthi masti ki tarang uske vakhs , naabhi ki siar kar seedha yoni tak jaa usko dravit kar di ...... Deepti apne pehle chumban mei hi 3 min. ke ander jhad gayi, uske badan ki kampkapi mehsoos kar Aryan usko sehlne laga ........ Deepti ko aseem sukh ki prapti huyi jishka ahsaas usko apne mehboob ki bahion mei kaskar lipat ke mehsoos kiya tha ...... jab kiss toota toh bahot kuch badal gaya tha par kya ish se dono anbhig they.

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उधर आशाराम में इसी पल रानी मिरदुला की आंखें खुली , पलकें झपकी और आसूं की एक धार भय निकली , कुटिया में बैठी दासी ने आसूं साफ़ किये और बोली," महारानी जी महारानी जी "....... उसने आंखें फेर के देखा पर कुछ बोल नहीं पायी ....... दूसरी दासी दौड़कर को बड़े गुरूजी को सुचना दी तोह वो भी आकर उसको देखे , पानी पिलाकर बोले," जल्दी hi तुम ठीक हो जाओगी रानी मिरदुला , वह समय आ गया है जिसके लिए तुम्हने इतना त्याग किया है ".

रानी मिरदुला ने बस अपनी पलकें झपका के सायद हाँ कहा ?????

राजगुरुजी को कल सुबह अलवर जाना था राजा रघुभार सिंह के साथ जहाँ कल राजा त्रिभुवन सिंह से मुलाकात होनी थी .

हार्ट हार्ट हार्ट
 
अपडेट - 33 हार्ट

PART - 5 (दीप्ति)

अब तक......

दीप्ति अपने पहले चुम्बन में hi 3 मं. के अंदर झाड़ गयी, उसके बदन की कंपकपी महसूस कर आर्यन उसको सेहलने लगा ........ दीप्ति को असीम सुख की प्राप्ति हुयी जिश्का अहसास उसको अपने मेहबूब की बहिओं में कसकर लिपट के महसूस किया था ...... जब किश टूटा तोह बहोत कुछ बदल गया था पर क्या िश से दोनों अनभिग थे.

अब आगे.........

दीप्ति बस आर्यन से लिपटी थी उसकी गॉड में अपना चरमोत्कर्ष पाकर , आर्यन उसकी पीठ सेहला के उसको रिलैक्स होने दिया और दोनों हाथों से चापु चला के बोट को आगे झील के काफी अंदर ले गया जहाँ पानी थोड़ा घेरा था और अपने हाथ रोक दोनों हाथों से दीप्ति को पकड़ के खड़ा हुआ.

दीप्ति अब संभल के उसकी बाँहों में लिपटी आर्यन की तरफ देखि तोह मुस्करा के उसका गोरा चिकना गाल चूमा ," दीप्ति तुम्हे मुझे पे थोड़ा बहोत विश्वास है ".

दीप्ति ने क्यूट सी स्माइल देकर आर्यन के गाल को अपने हाथ से सेहला के कहा," पूरा विश्वास है मुझे आप पे ".

आर्यन हसकर तोह ,"अपनी आँख बांध कर लो ". दीप्ति ने अपनी आँख बांध की तोह आर्यन ने अपना अंडरवियर छोड़कर सब कपडे उतार दिए और बोट पे एक साइड रख दिए , बाकी मोबाइल , गन और वाच वगेरा सामान भी ...... फिर दीप्ति के कान में बोलै ," मेरा विश्वास करना में अब तुम्हारे कपड़े उतार रहा हूँ किसी ख़ास वजह से ".

दीप्ति तोह आर्यन की बात सुनकर आँख बांध किये hi शर्म से सर झुका ली , आर्यन ने बिना देरी किये पहले उसकी चुनरी , फिर साड़ी ज्वेलरी उतर ुष चुनरी में बंधी ..... फिर उसकी चोली और लेहेंगा भी उतार दिया ...... दीप्ति बस शर्म से गाड़ी जा रही थी की कितने निर्दायिन हैं मुझे नंगा कर रहे हैं, भगवन मेरा विश्वास मत टूटने देना अपने माहि से ......

दीप्ति जिसकी हट 6 फट होगी , फिगर 34 -26 -34 , अब सिर्फ वाइट ब्रा और पेंटी में दूध की तरह सफ़ेद गोरी चिट्टी , मलाई सी चिकनी त्वचा , दो पहाड़ों की तरह तने उसके गोलाकार वक्ष ...... नंगीं सी बलखाती पतली कमर और सूंदर से नाभि के निचे उसके योनि जैसे 45 डिग्री पे सफ़ेद कच्ची में छुपी थी गीली होकर ...... लेकिन उसके नितम्बों ने तोह जैसे आर्यन को हार्ट अटैक hi दे दिया हो, पूरी गोलाई लिए छोटी छोटी मटकी की तरह शेप और बिच का दोनों के बिच का चीरा आर्यन को आमंत्रित कर रहा था ,साले गांड में दम है तोह हमको अलग कर के हमारी खाई नाप के दिखा......

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दीप्ति

दीप्ति का शरीर अरावली की पहाड़ियों की ठंडी हवा के झोंके से जैसे कांप सा रहा था ....... आर्यन ने अपनी घडी में टाइम देखा तोह 12 बजने में 1मं था .....

दीप्ति की सुंदरता को लास्ट बार देखते हुए उसने उसको अपने दोनों हाथों में उठा लिया ," दीप्ति हम झील के पानी में जा रहे बस मुझे पे विश्वास रखना".

दीप्ति आंखें खोल के कुछ बोलती उतने में तोह आर्यन ने पानी में झलांग लगा दी ...... चापाकककककक ......

पानी ठंडा था , दीप्ति तोह पहले hi शॉक में थी और ठण्ड से पूरी बॉडी कांप गयी , लेकिन झील में उतर करीब 10 मीटर निचे ताल पे जाकर आर्यन ने अपने होंठों से दीप्ति के होंठ जोड़ उसके मोह में हवा भरी जोह उसके लंग्स तक पहुंची तोह उसकी बेचैनी और डर काम हुआ .......

दीप्ति ने आँख खोल के चरों तरफ देखा तोह उसको सब कुछ साफ़ दिख रहा था ..... आर्यन ने उसको उसके प्यारों पे खड़ा करके पलट दिया और पीठ पे बने नक़्शे पे हाथ फेरा तोह वह जगमगा गया ...... आर्यन ने गौर से 20 सेक् देखा और मुस्करा दिया , फिर से दीप्ति को पलट के उसकी आँखों में देख के मुस्करा के कमर में हाथ दाल अपने से चिपटा के ऊपर की तरफ तैरने लगा ......

दीप्ति तोह आर्यन से किसी अजगर की तरह लिपित गयी ....... 10 सेक् में दोनों ऊपर झील के पानी सतह पे पहुंचे तोह दीप्ति खस्ने लगी और घेरि सांस लेती हुयी आर्यन को पीठ पे मारने लगी ......

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आर्यन हस्ता हुआ उसको बोट पे चढ़ा के एक बैग खोल के टॉवल निकल दीप्ति की बॉडी पे लपेटा फिर दुसरे टॉवल से उसका सर के बाल लपेट दिया ...... दीप्ति अब थोड़ी ठीक थी पर बस आर्यन को घर के देखे जा रही थी , पहले पूरा आर्यन का सरीर और चेहरा फिर उसके गीले अंडरवियर में उसके बड़े लिंग की शेप ......

देवता से मजबूत, बलिस्त गूरे सरीर और उसका हस्टपुष्ट लिंग न जाने कैसा आकर्षण दीप्ति की नीली आँखों में बस्ता जा रहा था ....... आर्यन ने उसके बाल पहुंचे तोह वह उसके गीले सरीर से कड़ी होकर लिपट गयी.....

आर्यन ने बाल पहुंचते हुए बोलै," सॉरी दीप्ति लेकिन तुम्हारी पीठ पे बने नक़्शे को पूरा उजगार करने को पानी में जाना जरूरी था , नक़्शे में इसी झील के पानी के अंदर पूरा नक्शा उभर आया था अब हमको अपनी मंजिल मिल गयी ...... मुझे पता है तुमको पानी से डर लगता है लेकिन ऐसा करना जरूरी था ...... अब तुम अपने कपड़े पहन लो और इनर वेअर्स गीले हैं उनको बदल लो िश बैग में रखे हैं , में दूसरी तरफ चेहरा कर लेता हूँ".

दीप्ति ने आर्यन के सीने पे एक किश किया और सर पीछे कर उसकी आँखों में एक बार देखा और मुस्कुरा के पलट गयी ..... आर्यन भी पलट के टॉवल से अपना बॉडी से पानी पहुंच अपने कपड़े पहन लिया अंडरवियर उतार के ......

दीप्ति ने भी जल्दी जल्दी कपड़े पहने अपनी गीली ब्रा पंतय उतर के , आज उसका प्यार जीत गया . दोनों अर्ध नंग्न हुए एक दुसरे से लिपटे भी चूमा छाती भी किये लेकिन वासना की लिए नहीं बल्कि अपने प्रेम को और मजबूत कर एक दुसरे के लिए विश्वास को बढ़ा आगे अपनी मंजिल की तरह एक कदम और बढ़ा दिया.

दीप्ति मंद मंद मुस्कारते कपड़े पहनते हुए आर्यन की कमर , पीठ और बलिष्ट बाजू को देख सोच रही थी हाय कितने सूंदर और बलवान है मेरा माहि दिल करता है बस ऐसे hi लिपटी रहूं ......

(सिर्फ किश करते हुए hi मुझे एक बार में hi स्खलन कर दिया फिर मुझे प्यार से निवस्तर कर पानी में ले गए और कितने प्यार से मुझे चूम के ऑक्सीजन दी और अपने से चिपका के ऊपर ले आये . मेरी बॉडी को टॉवल से ढाका फिर गीले बाल लपेट के पोंछे ....... hi hi hi पर वह तोह बहोत बड़ा लग रहा था अंडरवियर में hi काश एक बार देख पाती छू पाती ..... ची ची ची ..... अपने को कोसती हुयी गन्दी दीप्ति , बेशर्म हो गयी हूँ ...... तोह क्या हुआ वह मेरे होने वाले पति हैं कोई गैर नहीं मैंने तो कभी किसी पुरुष के बारे में आजतक कभी सोचा hi कहाँ है बस अपने सइयांजी के खाब हमेशा देखती थी ...... मेरा सबकुछ उनका है और उनके हर एक चीज़ पे मेरा हक़ है ...... hi hi hi ...... ुष बड़े उभर पे भी , नहीं नहीं ऐसा मुझे नहीं सोचना चाइये ...... दीप्ति तू मुर्ख है, बुद्धू वह तेरे प्रीतम का प्रेम सुख देने वाला अंग है जोह सुहागरात को तुझे उनसे जोड़ देगा तेरी मुनिया में जाकर ....... )

मुनिया सोचकर दीप्ति एक डैम से हैरान हुयी और अपनी सफ़ेद पंतय और ब्रा उठा के एक टॉवल में लपेट के छुपा ली ...... हाय राम दीप्ति तू न बहोत बड़ी घड़ी है , तेरे सइयांजी ने पहले तुझे ब्रा पेंटी में देखा फिर गीली होने के बाद , उनका अंडरवियर तोह काला था तब उभर दिख गया लेकिन मेरे तोह दोनों ट्रांसपेरेंट हो गए थे भीगे हुए ....... लेकिन उन्होंने कुछ कहा नहीं और अँधेरे में क्या दिखा होगा जबकि में तोह अँधेरे में भी देख सकती हूँ ...... मैं hi मैं खुश हुयी .

आर्यन ने उसको आवाज लगा के धान भाग करवाया ," दीप्ति तुम रेडी हो ".....

दीप्ति ," हैं में रेडी हूँ पर ठण्ड लग रही है ".

आर्यन ने पलट के दीप्ति की तरफ देखा और मुस्कुरा के अपना कोट उसको पहना दिया ," अब ठण्ड काम लगेगी और हम जल महल चलते हैं वहां तुमको गरम गरम कॉफ़ी पिलाता हूँ ".

दीप्ति ने भी हाँ कहा और आर्यन ने ुष बैग में सब डाला फिर दीप्ति ने अपना गीला टॉवल दाल दिया ब्रा पेंटी के साथ, आर्यन ने उसकी चुनरी दी जिसमे उसकी ज्वेलरी थी.

दोनों बोट से जल महल की तरफ चल दिए तोह दीप्ति उसको देखते हुए पूछी," आपने नक़्शे में क्या क्या देखा और क्या यह कभी मेरी पीठ से नहीं मिटेगा ?".

आर्यन हसकर ," सब बता दूंगा बस थोड़ा सबर रखो और हाँ वहां जल महल पे तुमको कोई छेड़े तो बस कुछ बोलना मत नहीं तोह सब उगलवा लेंगे हमने क्या क्या किया ".

दीप्ति ," हमने क्या किया है जोह कोई उगलवा लेगा ?"

आर्यन स्माइल देता हुआ बोलै," बस शांत रहना में सब संभल लूंगा ".

जल महल पे बोट रुकी तोह गीता और मीणा उनको वही कड़ी मिली , दीप्ति को अब आर्यन की बात समझ में आयी लेकिन अभी दीप्ति को कहाँ पता था आर्यन की 4 होने वाली बीवियां जल महल पे मजूद हैं.

मीणा मुस्करा के ," आर्यन वह बैग मुझे दे दो और अपनी चंदा रानी को भी एक चक्कर लगवा के लायो ".

गीता बस दीप्ति को घूर रही थी जोह की शर्मिंदा महसूस कर रही थी जैसे कोई लड़की अपनी सहेली के बॉयफ्रेंड के साथ उसके द्वारा डेट पे पकड़ी गयी हो ...... लेकिन बात सच hi थी गीता ने बोलै था आर्यन उसकी मदद करेगा , शादी भी करेगा लेकिन उसको गीता को सच बता देना चाइये था ...... आर्यन ने दीप्ति का हाथ पकड़ के बोट से उतरा और मीणा को बैग दिया.

आर्यन ," में थोड़ी डिअर में आता हूँ तुम दीप्ति का ख्याल रखना "...... और गीता को अपनी गॉड में उठा लिया जोह खिल खिला पड़ी ....... गीता अब अपने स्टाइल ब्लू जीन्स और एक वाइट t-shirt में थी .

आर्यन उसको लेकर बोट में अपनी गॉड में बिठा के दोनों चापु से नाव चलते हुए झील में घुमा रहा था ...... 20 मं. बाद जब दोनों लौट के वापस आये तोह गीता बहोत खुश थी .

वहां जल महल की टेरेस पे लाइट्स के बिच एक बड़ी टेबल पे दीप्ति और मीणा कॉफ़ी पि रही थी ...... जबकि नेहा और डॉली गुस्से से दुर्र कड़ी दीप्ति को घूर रही थी.

डॉली = 4तह राजकुमारी और स्टोरी की हरीओने आर्यन की 4तह बीवी , आर्यन के बड़े मामाजी की इकलौती बेटी , रति देवी की पोती .

नेहा = आर्यन की मौसी मंजू की इकलौती बेटी , आर्यन की 5तह बीवी .

जबसे जल महल आकर दोनों को पता चला की आर्यन अभी दीप्ति को लेकर आ रहा है और वह आर्यन से प्यार करती है और शादी भी करेगी..... बस दोनों को बहोत बुरा लगा आलरेडी इतनी साड़ी हैं उन्ह दोनों का नंबर hi कब आता है अपने भाई के साथ टाइम स्पेंड करने का और अब यह राजकुमारी दीप्ति जोह िंह पांचों में सिर्फ जाने को छोड़कर सबसे सूंदर थी आ गयी कब्ज़ा ज़माने .

दोनों दीप्ति को मीणा के साथ देखकर अलग जा कड़ी हुईं पहले गीता थी तोह चुप थी , मीणा के सामने तोह दोनों कुछ नहीं बोल सकती थी मगर अभी बस चलता तोह यहीं दोनों झील में दीप्ति को धक्का दे देती .

आर्यन जैसे hi 20 मं. बाद टेरेस पे पहुंचा गीता के साथ तोह दोनों दौड़ के आर्यन से जा लिपटी भाई भाई करते हुए लेकिन अब उनको कोई टोक नहीं सकता है वह उनका भाई छुम फादर जैसा था जोह बचपन से उनको प्रोटेक्ट करता था ...... बस अब उनका सैयां भी बन गया , दोनों उससे लिपटी उसको चूमे जा रही थी और बिच बिच दीप्ति को देखकर बता रही थी यह उनका शेर है वह उसकी शेरनिया अगर पास आयी तोह चीयर देंगे .

आर्यन ने दोनों को पुचकारा और किश करके अपनी पीठ पे लाढ़ लिया और टेबल के पास आ दोनों को उतर के चेयर पे बिठा दिया और खुद एक चेयर पे बेथ के बोलै ," नेहा एक कॉफ़ी पीला और डॉली जाने को कॉल कर ".

दोनों अपने काम में लग गयी ...... आर्यन ने मीणा को देखा जोह डॉली और नेहा की तरफ इशारा की फिर दीप्ति की तरफ जोह सर झुका के बैठी थी .

आर्यन समझ गया दोनों को दीप्ति पसंद नहीं आयी लेकिन उसको पता था एक बार यह दिल खोल के दीप्ति से मिल ली तोह ुशी से चिपटी रहेंगी .

डॉली ने कॉल मिला कैमरा जब आर्यन की गॉड में बैठकर हल्का ज़ूम किया तोह आर्यन ने जाने को किसिंग फेस बना के hello कहा और उससे बात करने लगा , नेहा कॉफ़ी लेकर आर्यन की दूसरी जांघ पे बेथ गयी .

आर्यन ने कॉफ़ी पीते हुए ," जाने दो यू टॉक तो दीप्ति एंड दो यू क्नोव हेर प्रेजेंट सिचुएशन ?"

जाने ने हसकर कहा ," ी हैवे no ऑब्जेक्शन विथ दीप्ति बूत यू हैवे तो प्रॉमिस में तहत व्हेन नेहा एंड डॉली एग्री थें ओनली यू विल एक्सेप्ट दीप्ति ".

आर्यन ने नोद किया , कॉल कट कर देखा तोह डॉली और नेहा और चौड़ी हो गयीं क्योंकि जाने उनके साथ थी दोनों की आंखें किसी बिल्ली की तरह चमक रही थी ...... आर्यन ने कॉफ़ी पीते हुए पहले डॉली फिर नेहा के साथ कॉफ़ी शेयर की .

कॉफ़ी ख़तम करके आर्यन ने दोनों को अपने कंधे से लगा के दोनों के बालों में हाथ फिरा के बोलै ," मुझे पता है तुम दोनों को दीप्ति से चीड़ हो रही है लेकिन जब तुम दोनों उसकी कहानी सुनोगी तोह खुद हाँ बोल डौगी ".

नेहा ने आर्यन के कान में कहा ," भाई आप से अकेले में बात करनी है ".

डॉली ," मुझे भी ".

आर्यन हसकर ," ाचा चलो हम वहां जाकर बात करते हैं , मीणा तुम दीप्ति को रेडी कर दो हम थोड़ी डिअर में निकलेंगे पहले में अपनी दोनों स्वीट स्वीट डार्लिंग बहेनो से सीक्रेट बात कर लूँ".

दोनों आर्यन के कंधे पे मारने लगी लेकिन आर्यन हस्ता हुआ उन्हें टेरेस के एक कोने में लेजाकर उनको बिना कुछ बोलने दिए 10 मं. में दीप्ति की पूरी स्टोरी बता दी और यह भी की अगर दीप्ति से शादी नहीं की तोह 3 रात बाद उसकी मौत हो जाएगी जिसका जिम्मेदार वह होगा.

मीणा ने सही चाल चली थी वह जानती थी नेहा और डॉली को आर्यन hi मन और समझा सकता है . दोनों सुनेगी भी नहीं किसी की इसिलए गीता को रोक दिया कुछ भी बताने के लिए .

देखा जाये तोह सबसे मुश्किल था गीता को मन न जोह दीप्ति ने पहले hi कर लिया , जाने बाकी सब के साथ hi फैसला करेगी . मीणा बस अपने भाई आर्यन की खुसी hi देखती थी और उसको अभी भी लड़कियां और औरत काम लग रही थी , उसका बस चले थे रोज 10 नयी औरतें और लड़कियां आर्यन के लिए अर्रंगे करे .

लेकिन दीप्ति का आर्यन की जिंदगी से जुड़ना बहोत कारगर सिद्ध होने वाला था और सारू मम्मी का आर्यन से मिलान तोह मीणा के डबल धमका था , दोनों hi उसके भाई को बहोत सक्तिसाली बना देने वाली थी ...... सारू अपना काम कर चुकी थी , दीप्ति बस हर गुजरते पल के साथ आर्यन के अंदर खुद सामने को त्यार थी ...... मीणा बहोत खुश थी और उसको बस आर्यन को किसी तरह दीप्ति की दोनों मम्मी ( संगीता और जमुना) की तरफ धकेलना था टांगें तोह दोनों आर्यन को देख के खोल देंगी.

आर्यन के द्वारा दीप्ति का सच जान दोनों को लगा बेचारी कितनी दुखी होगी लेकिन फिर डॉली से नहीं रुका गया और आर्यन के लिप्स पे किश करके बोली," भाई वह राजकुमारी है हमको आपसे अलग तोह नहीं करेगी ?

आर्यन हसकर ," एक काम क्यों नहीं करती तुम दोनों आज रात दीप्ति के साथ रहो और देखो वह कैसी है अगर फिर भी तुमको पसंद नहीं तोह मन कर देंगे".

नेहा भी आर्यन से लिपट गयी और बोली," भाई हम आपके लिए थोड़े सेल्फिश हैं लेकिन किसी की जान के दुश्मन नहीं, फिर गीता मौसी मीणा और जाने दीदी मान गयीं हैं कुछ तोह बात होगी लेकिन मेरी एक शरत है ".

आर्यन ने जब उसको पुछा तोह बोली," हम पहले से आपकी 5 बीवियां हैं लेकिन दीप्ति का नंबर हम सबके बाद होगा , यानी वह आपकी 6तह बीवी होगी ".

आर्यन हसकर ," ठीक है और डॉली तुम्हारी कोई शरत नहीं".

डॉली ने न में गर्दन हिलायी फिर उसके कान में बोली ," भाई मुझे आपसे थोड़ा प्यार करना है प्लीज ".

आर्यन ने उसका माथा चूमा और बोलै ," तू मेरे साथ चलना कार में ".

नेहा ," भाई में भी चलूंगी आप दोनों के साथ "...... आर्यन ने डॉली की तरफ देखा उसने उसको आँख मारी की भाई ले चलो नेहा को भी मजा आएगा ...... लेकिन नेहा नहीं देख पायी .

दोनों को अपने साथ लेकर आर्यन जब टेबल पे पहुंचा तोह गीता बोली," दोनों चुहिया अब किसके कपड़े कतरने की सोच रही हैं ".

डॉली थोड़ा चिढ़कर ," क्या बुआ जब देखो आप हम दोनों का नाम निकलती रहती हैं ".

गीता ने उसको अपनी गॉड में खींच लिया और उसके गाल काटने लगी ," है है है है ...... इत्ती सी तोह तू है और अब तेरे दांत निकल आएं हैं, ज्यादा पातर पातर मत कर नहीं तोह बिना नमक मिर्ची के खा जाउंगी ".

नेहा ," मौसी तुम हमेशा हम पे अपनी दादागिरी दिखती हो ".

गीता ," एक ृहपत पड़ेगा तोह अभी अपनी कच्ची में मूट देगी बड़ी आयी बात मिलने वाली चुपचाप बेथ देख आर्यन कुछ बोल रहा है ".

नेहा भी बुरा सा मुँह बनती हुयी आर्यन को देखि तोह आर्यन ने नेहा को अपनी गॉड में बैठा लिया और उसका गाल चूमा ," चंदा डार्लिंग क्यों मेरी छोटी बहेनो को दांत रही है अभी बच्ची हैं दोनों देखो कितनी मासूम हैं "...... पुछःह पहुछठ मेरी क्यूट बेबी .

नेहा हसने लगी गीता को जीभ दिखा के तब गीता और गुस्से बोली," पूरी टांड जितनी लम्बी दोनों घोड़ी हो गयीं है पर पातर पातर करती hi रहेंगी ".

मीणा ने बिच में बोलै," भाई तू कुछ बोल रहा था "...... सब आर्यन की तरफ देख रही थी ..... दीप्ति अपना सर झुकाये बैठी थी और इसी बात पे गीता को डॉली और नेहा पे गुस्सा आ रहा था .

आर्यन ," दीप्ति मेरी बात धयान से सुनो और तुम दोनों भी ".

दीप्ति ने सर उठा के आर्यन की तरफ देखा फिर सर हिला के इशारा की वह सुन्न रही है .....

आर्यन ," मीणा जब मैंने पहली बार दीप्ति की पीठ पे नक्शा देखा था वह बहोत hi विचित्र था , लेकिन उसको देख के मुझे कुछ ख़ास समझ नहीं आया लेकिन आज जब में दीप्ति को झील के निचे पानी में ले गया तोह सब बात साफ़ हो गयी . पानी में नक्शा पूरा चमकने लगा और ुष में जोह जानकारी पता चली वह बहोत hi रहस्मयी है "...... फिर आर्यन ने उनको अगले 10 मं. सब सीक्रेट्स जोह नक़्शे से जुड़े थे वह बताये ..... सब की आंखें कभी बड़ी हो जाती ॉश्चारिये से और कभी मोह खुले रह जाते , दीप्ति ने कितनी बार नक्शा देखा लेकिन उसको तोह वह एक नीले और लाल रंग का बड़ा सा टैटू hi लगता ..... लेकिन आर्यन तोह पूरा नक्शा सिर्फ 30 सेक् भी पानी में भी नहीं देखा था और कार में भी सिर्फ 10 सेक्. पर क्यों दीप्ति को समझाए की आर्यन की मेमोरी फोटोजेनिक hi नहीं बहोत ज्यादा शार्प है

( *दोस्तों यह सीक्रेट्स जैसे जैसे दीप्ति और आर्यन आगे बढ़ते जायेंगे वह में बताता चलूँगा ताकि रोमांच और इंटरेस्ट बना रहे )

गीता ," लेकिन तुझे पानी में लेकर जाने की क्या जरुरत थी तेरी तोह आंखें भी नीली हैं और रात क्या अँधेरे में भी तुझे साफ़ साफ़ दीखता है ".

गीता की अँधेरे में दिखने वाली बात पे दीप्ति एक डैम से हड़बड़ा गयी ," क्या आप रात और अँधेरे में देख सकते हो".

डॉली ," ुष में क्या , जाने दीदी भी देख सकती हैं अब तुम यह मत बोलना तुमको भी रात में दीखता है क्योंकि तुम्हारी आंखें भी नीली हैं".

दीप्ति शॉक से सबको देखकर हाँ में मुंडी हिलाई ," हाँ दीखता है ".

आर्यन भी है दिया सबके साथ तब डॉली बोली," भाई मेरी भी आँखों पे कोई लेंस लगवा दे ताकि दिखाई दे न दे पर मेरी आंखें भी नीली हो तेरी तरह ".

दीप्ति को अब समझ में आ रहा था की उसकी तरह आर्यन की hi नहीं जाने की आंखें भी नीली हैं ...... दीप्ति को अहसास हो गया की आर्यन ने उसके खड़े निप्पल और छूट का चीरा भी देख लिया होगा वाइट गीली ब्रा पेंटी में ...... सोचकर hi शर्मा गयी और अपने दोनों हाथ सीने पे और जांघें एक दुसरे पे चढ़ा ली , उसको ऐसा लगा जैसे सबके सामने नंगी बैठी हो .

मीणा उसकी हालत देख जोर जोर से हसने लगी और आर्यन भी तब गीता भी थोड़ा हसकर बोली ," क्या हुआ मीणा है क्यों रही है? ".

मीणा हस्ती हुए लोटपोट होती हुयी ," गीता दीदी .... है है है है है ..... वह ...."

तभी दीप्ति ने उसके मोह पे हाथ रख दिया ," मीणा दीदी आपको मेरी कसम कुछ मत बोलना ".

गीता सोच में पड़ी गयी और डॉली, नेहा भी सोचने लगी कुछ तोह बहोत बड़ी बात है जोह दीप्ति ने कसम दी ...... आर्यन को हस्ता देख समझ गयी जरूर आर्यन दीप्ति के बिच कुछ हुआ है...... अब तीनो कैसे बर्दास्त करती की उनके पियाजी की बात हो जो उनको हर हाल में पता होना चाइये .

गीता ," दीप्ति सच सच बता क्या बात है जोह मीणा और आर्यन इतना है रहे हैं , जल्दी बोल नहीं मुझसे बुरा कोई नहीं होगा "....... दीप्ति ने मीणा के मोह से हाथ हटा आर्यन को देखा फिर शर्म से बोली ," दीदी में बाद में आपको बता दूंगी , प्लीज अभी मत पूछो ".

डॉली थोड़ा चिढ़कर ," मुझे भी बताओ क्या बात है , में भी भाई की फिएंसी हूँ ".

दीप्ति ," डॉली नेहा में आप दोनों को भी बाद में बता दूंगी प्लीज ".

सब समझ गए कोई लड़की वाली बात है लेकिन आर्यन बोलै," मुझे भी बाद में बता देना दीप्ति "...... अब तोह बेचारी शर्म से गाड़ी जा रही थी , तब गीता बोली," तू चुप कर देख नहीं रहा लड़की को शर्म आ रही है ".

मीणा मुस्करा कर," चलो अब 1 बजने वाला है दीप्ति के मम्मी पापा परेशां होंगे क्यों दीप्ति ?"...... उसने बस हाँ में गर्दन मिलायी.

आर्यन ," परेशां न हो दीप्ति आज रात यह चरों तुम्हारे साथ hi रुकेंगी , अगर कल तक डॉली और नेहा को तुम्हने मन लिया तोह में अपनी माँ और मम्मी के साथ ब्रेकफास्ट पे ायूँगा तुम्हारा हाथ मांग ने ".

दीप्ति एक डैम से खुश हो गयी और ढेरी से बोली ," में पूरी कोशिश करुँगी किसी को शिकयत न हो ".

गीता ने डॉली को अपनी गॉड से उठया और कड़ी होकर दीप्ति का हाथ पकड़ के कड़ी की ," बहोत हुआ मेरी छोटी भें का इंटरव्यू अगर तूने मेरी भें दीप्ति को रिजेक्ट किया तोह िंह दोनों तेरी चमची (डॉली और नेहा ) को में रिजेक्ट कर दूंगी, बड़ी आयी दोनों दीप्ति को रिजेक्ट करने वाली , चल दीप्ति ".

गीता दीप्ति का हाथ पकड़ के चल दी और मीणा को बोली," तुझे इनविटेशन देना पड़ेगा क्या चल तू भी मेरे साथ ".

मीणा हस्ते हुए चल दी उनके पीछे लेकिन गीता की बात से डॉली और नेहा उदास हो गयी थी तब आर्यन ने दोनों को अपने साथ लगा के बोलै," अरे मेरी दोनों रानी भें साद क्यों होती हो , चलो हम आइसक्रीम खाते हैं, उन्ह तीनो को जाने दो ".

दोनों खुश होकर उसके ऊपर लड़ गयी पीठ पे फिर 3 ने कई सेल्फी और पिक्स खींची वहां और दूसरी बोट से किनारे पहुंचे गीता , मीणा और दीप्ति को साथ लेकर साड़ी सिक्योरिटी के साथ निकल गए थे आर्यन के कहने पे ...... आर्यन अपनी गाडी से डॉली और नेहा को लेकर निकल गया आइसक्रीम पारलर की तरफ .

डॉली अब आर्यन की गॉड में बैठी थी और नेहा साइड सीट में उसके कंधे पे सर रखे बैठी थी , पहले तीनो ने आइसक्रीम ली फिर आर्यन उनको रात में जयपुर की रोड पे घुमाया फिर दीप्ति की हवेली से 2 कम दूर एक पार्क की सुनसान पार्किंग में कार लगा दिया यहाँ अँधेरा था , किसी को कार भी नज़र नहीं आती जबतक लाइट न पड़े.

नेहा को तोह कुछ समझ नहीं आया लेकिन डॉली आर्यन की गॉड से उठकर पिछली सीट पे लिअत गयी और बोली ," भाई जल्दी आ जायो मुझसे रुका नहीं जा रहा "....... डॉली आर्यन की गॉड में उसके लुंड पे छूट रगड़ रगड़ के hi बहोत गरम हो गयी थी ...... नेहा ने एक दो बार डॉली को देखा लेकिन नज़र अंदाज़ कर दिया था.

आर्यन ने नेहा की तरफ देखा फिर आगे बढ़कर उसके गाल चूमा और होठों को चूसने लगा लेकिन उसको बहोत शर्म आ रही थी वह 20 सेक् में किश तोड़ दी लेकिन डॉली की आवाज सुन्न वह भोंचक्की रह गयी ,"भाई आ जा जल्दी मैंने जीन्स भी उतर दी ".

डॉली जीन्स और t-shirt उतार बस ब्रा पेंटी में पिछली सीट पे लेती थी जिसको देखकर नेहा को विश्वास hi नहीं हुआ ..... आर्यन ने नेहा की सीट पीछे टिल्ट कर दी और उसका गाल चूम के बोलै ," don't वोर्री बस इसको ओरल देकर कुश करना है मुझे कई बार रिक्वेस्ट कर रही थी , तू चाहिए तोह ईरफ़ोन लगा के सांग सुन्न लो ".

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डॉली गेटिंग नेकेड इन कार

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आर्यन पिछली सीट पे पहुंचा और डॉली उठकर आर्यन पे टूट पड़ी ," पुछःह पहुछठ चुम्म्म्म चुम्म्म्म चुम्म्म्म bhaiiiiiiiiiiii में गरम हो गयी हूँ ".

आर्यन ने उसकी ब्रा उतर उसके 36 के साइज के कड़क जवान बूब्स आजाद किये और उनको चूसने लगा और दोनों हाथ से उसकी मस्त सुडोल चूतड़ कच्ची में हाथ दाल के सहलाने लग्न ....... डॉली को तोह जैसे नशा चढ़ गया था लेकिन नेहा की हालत बहोत ख़राब हो गयी उसको अंदाज़ा hi नहीं था उससे डेढ़ साल सबसे छोटी भें डॉली बिना उसकी परवा किये नंगी हो गयी .

अभी वह कुछ और सोचती तब डॉली बोली," भाई अपना तोपची बहार निकाल आज ुष्पर अपनी छूट रगड़ के गीला करुँगी पूरी मस्ती लेकर प्लीज प्लीज ".

आर्यन की पेंट खोल उसके लुंड हाथ में पकड़ अपनी कच्ची उतर के खड़े लुंड पे छूट सत्ता दी तब आर्यन खुद सीट पे पेअर मोड़ के लिअत गया और डॉली उसके ऊपर दोनों तरफ टांग करके लुंड पे छूट घिसने लगी ," अह्ह्ह्हह सीईई अह्ह्ह्हह ारयणणणणणण मेरे भईईई मस्त लौड़ा है आपका भाई जल्दी से मुझसे शादी कर ले में पूरा अंदर लुंगी ".

वह बस 5 मं. hi अपनी गांड हिला पायी और झाड़ गयी उसने आर्यन का लुंड और ाँद भिगो दिए छूट के पानी से .....

नेहा पीछे मुड़कर डॉली को नंगी भाई के ऊपर लिअटि देखकर आर्यन का हाथ जोह उसकी सीट पे रखकर था ुष पे अपना गाल रगड़ के जीन्स में हाथ दाल के पंतय के ऊपर से अपनी छूट सेहला रही थी .

डॉली 2 में बाद उठी और नेहा को बोली ," टिश्यू पेपर देना दीदी "..... नेहा होश में आयी अपनी नज़रिए चुरा कर टिश्यू बॉक्स डॉली को दी तब डॉली गायन बाँट टी बोली," दीदी ऐसे hi शर्माती रही तोह तुम्हारा नंबर कभी नहीं आएगा ".

डॉली अपनी छूट साफ़ की फिर आर्यन का खड़ा लुंड और ाँद साफ़ करने लगी ," दीदी अपना हक़ लेने के लिए बेशर्म बनाना पड़ता है , आज में अपने प्यार के पास हूँ कल को शादी भी करुँगी लेकिन अपना हक़ अपना प्यार बेशर्म होकर लुंगी ".

लुंड साफ़ कर उसने नेहा का हाथ आर्यन के नंगे लुंड पे रखा तोह वो जैसे उछाल hi पड़ी ," ओह्ह्ह्हह्ह मययययय गॉडडडडड व्हाट थे हेलल इस थिस".

डॉली हस्ते हुए ," hi hi hi ..... "तोपची कहते हैं इसे नाम तोह सुना hi होगा ".... है है है .....

नेहा को अंदाज़ा था आर्यन का पेनिस बड़ा है, उसके उभर से लगता था लेकिन अभी उसके हाथ में कोई गरम खम्बा जैसा डॉली ने पकड़ा दिया हो ...... डॉली हसकर ,"भाई पहले मुझे तोपची को प्यार करने दे तबतक आप मेरी मुनिया को चाटो ".

डॉली सब बहेनो में अपनी छोटी उम्र और मासूमियत का फायदा उठती थी , उसकी सगी माँ, कविता मामी, जहाँ सबसे गरम औरत थी वहीँ डॉली भी काम नहीं थी ...... सब बहेनो में सबसे खूबसूरत और चंचल थी अणि के बाद ...... नेहा और डॉली सुंदरता में एक जैसी होंगी लेकिन डॉली आग थी आग और नेहा थोड़ी शरमली थी .

आर्यन चुप था क्योंकि उसको पता था डॉली ने एक और छूट आर्यन के लिए खोल दी है नेहा की जोह अब जल्दी hi अपनी छूट रास पिलेगी . डॉली ने अपनी छूट आर्यन के मोह पे लगा दोनों हाथ से लुंड पकड़ चूमने और चूसने लगी , सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप पुछःह पहुछठ बहोत टेस्टी है आ जायो नेहा दीदी मोह मीठा कर लो ..... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह सीईइईसीईई हम्मम्मम्मम्म भईईई ऐसे hi चाट ....

नेहा दोनों को 69 पोजीशन में ओरल सेक्स का मजा लेते देख झाड़ गयी उसकी आवाज दोनों ने सुन्नी लेकिन आर्यन और डॉली तोह जैसे एक दुसरे से घी निकलने की कोशिश कर रहे थे जिसमें आर्यन बस 10 min.mei सफल हो गया लेकिन डॉली नहीं .....

आर्यन ने डॉली को साफ़ किया उसके कपड़े पहनाये और अपने कपड़े ठीक कर अगली सीट पे आया तोह नेहा शर्म से कार के बहार देख रही थी ...... आर्यन मुस्करा और पानी की बोतल से पानी पिया और नेहा को दिया तोह उसने भी पि लिया , आर्यन ने डॉली को बोतल दी उसने पानी पीकर कहा ," भाई में तोह यहीं रेस्ट करुँगी जब पहुंच जाएं तोह उठा देना , आज बहोत मजा आया थैंक्स माय सोना भाई ".

आर्यन ने मुस्करा के उसके चेहरे पे हाथ फेरा और पलट के देखा तोह नेहा बड़ी क़तर निघा से उसको देखि फिर शर्म से पलकें झुका ली.

आर्यन ने अपना हाथ उसकी चीन के निचे रख चेहरा ऊपर उठाया तोह नेहा ने उसकी आँखों में देखा जैसे पूछ रही हो मेरे हिस्से का प्यार कब मिलेगा .

आर्यन ने उसकी तरफ झुकार उसका गाल चूमा फिर माथा लेकिन वह जैसे अपनी बड़ी बड़ी आँखों से उसको देखकर अपनी अर्जी सी लगा रही थी ..... नेहा की आंखें मीणा जितनी सबसे बड़ी थी सब बहेनो में , मीणा तो थी मीनालोचनि लेकिन नेहा की पलकें भी बहोत बड़ी और घनी थी जिससे एक कशिश एक नशा सा था उसकी आँखों में .

आर्यन ने डॉली की तरफ देखा जोह उनकी तरफ पीठ के बल आँख बंद कर लेती थी , नेहा ने भी पीछे देखा लेकिन जब दुबारा नज़र टकराई तोह आर्यन ने उसकी कमर में हाथ दाल के उसको उसकी सीट से खिंच के उठा के अपनी गॉड में अपनी तरफ मोह करके बैठा लिया ..... वह भी किसी जोके की तरह चिपक गयी अपने प्रीतम अपने भाई छुम लवर से दोनों बाहिएँ उसकी गर्दन में लपेट के अपने तने हुए दूध उसके सीने में भींच दी ...... नेहा के रेगुलर एक्ससरसीसे करने से बॉडी में कहीं फैट नहीं था बस उसकी सख्त चूची और मसल गदराये चूतड़ों को छोड़कर .... डॉली जहाँ बॉडी से क्यूट मॉडल लगती थी वहीँ नेहा की एथलेटिक मॉडल वाली बॉडी थी 34 के उसकी चूची के निप्पल जोह एक्ससिटेमेंट और अपनी छोटी भें की कामुक क्रीड़ा देखकर खड़े थे अब आर्यन के सख्त सीने पे अपनी उपस्थिति दर्ज़ करा रहे थे.

आर्यन ने नेहा की गर्दन पे किश करते हुए उसकी पीठ गर्दन से नितम्ब तक सेहले ," तुझे भी प्यार चाइये "..... नेहा बोल तोह न सकीय बस गर्दन हिला के अपनी छूट जीन्स के ऊपर से आर्यन के विशाल सख्त लुंड पे रगड़ के सहमति जाता दी.

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नेहा विथ आर्यन

आर्यन ने दोनों हाथ से उसका चेहरा पीछे किया और उसके थार ठरते होंठो को अपने होंठ से कैद कर उसके मीठे शाद वाला स्वाद लेने लगा ...... पहले ऊपर वाले होंठ को फिर निच्चे वाले होंठ को चूसा , नेहा को ऐसी अनुभूति कभी नहीं हुयी थी लेकिन वह भी अपने भाई का पूरा साथ दे रही थी , जब आर्यन ने अपनी दोनों मुठी में उसके पुष्ट चूतड़ दबाये तब उसको मोह खुला तोह अपनी जीभ आर्यन ने उसके मोह में डाली , वह सीत्कार मारते हुए अपनी जीभ भिड़ा के चूसने लगी ..... अब आर्यन का थूक भी उसके मोह में जाता तोह चूस के गले के निचे उतर देती , अपनी जीभ को नेहा की जीभ पे लपेट आर्यन ने सकिंग की तोह नेहा की जीभ उसके मोह में खींचती चली गयी , एक बार नेहा को लगा उसकी जीभ उखड जाएगी लेकिन तभी आर्यन ने अपनी सकिंग पावर काम की और फिर से बढ़ा दी नेहा तोह जैसे काम बेहाल हो गयी लेकिन आर्यन ने अब उसकी दोनों चूची भी हाथों में थाम के भींच दी तोह वह अपनी छूट उसके लुंड पे रगड़ कामुक उन्मांद में झाड़ गयी ...... ऐसा लगा वह आश्मान में ुध रही है किसी ने साड़ी सख्ती उसकी खींच ली हो .....

आर्यन अब बस उसको हलके हलके चूम के पीठ सेहला के सांत्वना दी और प्यार से बोलै," तू बहोत मीठी है मेरी नेहा बेबी , अरे यू ok "...... नेहा ने बस अपना चेहरा उसके सीने में लगाया और बस गर्दन हिला के जवाब दिया की वह ठीक है.

लेकिन अभी भी आर्यन का लुंड सख्त था जिसको आज वह हर हाल में देखना चाहती थी क्योंकि उसकी छोटी भें डॉली तोह उससे बहोत आगे थी और उसकी बात भी सही थी यहाँ पहले से hi उसका नंबर 5तह है अब दीप्ति भी आ गयी है कम्पटीशन में तोह टाइम पे अपना हक़ और प्यार भाई से ले लेना है ...... बड़ी हिमत कर के उसने आर्यन के कान पे चूमा ," भाई मुझे आपका पेनिस फील करना है एक बार प्लीज ".

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आर्यन ने उसका सर चूमा ," सब कुछ तुम्हारा है बेबी , तुम ाचे से फील कर लो बस थोड़ा डर लगेगा ".

अंदाज़ा तोह नेहा को भी था की बहोत बड़ा पेनिस है लेकिन देखना तोह पड़ेगा hi आज नहीं तोह कल ...... उसने आर्यन की जाँघों पे पीछे खिसकक के झिझकते हुए उसकी पेंट की चैन खोली और हाथ दाल के अंदर पकड़ा तोह आंखें उसकी सॉकेट से बहार आने को तैयार थी , डॉक्टर बने वाली थी सब नॉलेज थी पर उसके हाथ में ह्यूमन पेनिस तोह बिलकुल नहीं था या तोह किसी बड़े जानवर या किसी दांव के साइज का था ....... जिस तरह डॉली उसको चूस चाट रही थी पक्का उसने कई बार ऐसा भाई के साथ किया होगा , उसको डर भी नहीं लगा .

अपने आप को मजबूत बना नेहा ने पेण्ट का बटन भी खोला और लुंड बहार निकाल दिया उसको चीखती देखते हुए आर्यन ने पहले hi उसका मोह बंद कर दिया और कान में बोलै ," चिल्ला मत जब बार बार देखेगी तोह अपना सा लगेगा बस अभी महसूस कर ".

नेहा ने हाँ में गर्दन हिलायी और बोली ," भाई यह किसी औरत के अंदर कैसे जायेगा, उसको मार डालेगा ".

आर्यन मुस्करा कर," ाचा , मरी तोह आजतक कोई नहीं लेकिन उनके जेनिटल का साइज इसी के बराबर हो गया , don't वोर्री आईटी टेक सम डेज बूत लेटर ों इतस आल डिपेंडस हाउ मच यू लव एच इतर साइज doesn't मटर ".

नेहा ने अपने डॉक्टरी गायन से तीर निकला आर्यन का लुंड दोनों हाथ से पूरा ऊपर से निचे तक नापते हुए ," साइज मैटर्स बूत लव नुल्फी थे साइज एंड मेज़रमेंट . वुमन ऑलवेज विशेष बेटर एंड बिग साइज बूत योर्स इस गीगान्टिक ेनोरमोसलय हूजे ".

आर्यन ने नेहा को लिप्स पे किश किया पुछःह पहुछठ ..... " सो यू don't लिखे आईटी ".

नेहा ने अपनी बड़ी बड़ी आँखों से आर्यन को टेरा (कामुक स्टाइल में घूरा) ," किसने बोलै ी don't लिखे आईटी , ी म इम्प्रेस्सेड की मेरा भाई जोह मेरा जीवनसाथी बनेगा वह हर बात में विशाल है इवन 'तोपची' भी "...... है है है ......

डॉली ," दीदी तुमको मज़े लेने हैं लो पर मेरी नींद डिस्टर्ब मत करो , तोपची से प्यार करो आपको किसी की जरुरत नहीं पड़ेगी ...... कभी कभी सोचती हूँ अगर तोपची भाई से अलग हो जाता तोह जब भाई दूर होता तोह अपने पास रख खूब प्यार करती ".

नेहा और आर्यन उसकी बात पे हसने लगये लेकिन नेहा ने बोलै," डॉली यू कैन बुय हूजे डिलडो फॉर फन "..... है है है .....

डॉली उठकर बेथ गयी ," डिलडो माय फुट , डिलडो तोह वासना की मारी औरत इस्तेमाल करती हैं . अभी तोह मेरी भाई के साथ शादी भी हुयी , देखना बस शादी के बाद में और मेरा तोपची , हैं न भाई ".

आर्यन मुस्करा डॉली का हाथ पकड़ के चूमा ," यस बेबी , चलो अब चलते हैं और नेहा पहले मुझे िश ख़ज़ाने और तलवार का किस्सा ख़तम करने दे तब तुम दोनों को खूब प्यार करूँगा ok ".

नेहा ने एक बार झुकार लुंड का टोपा चूमा और बोली," भाई अब मुझे डर नहीं लग रहा लेकिन अणि को बाटूंगी की मेरा लवर बेस्ट एंडोवेद इन थे वर्ल्ड "...... hi hi hi.....

आर्यन अपनी पेण्ट ठीक किया और डॉली अगली सीट पे आ गयी और बोली," अणि को बाँटोगी न दीदी देखना वह हम सबको अलग कर खुद कब्ज़ा जमा लेगी , नहीं भाई आप अणि को मत दिखाना वह जोह चाहती है वह हासिल कर लेती है ".

नेहा अब आर्यन की गॉड में बैठकर ," हाँ यह बात तोह तेरी सही है , वैसे अणि को भाई में कोई इंटरेस्ट नहीं है ".

डॉली भी आर्यन से चिपक गयी जोह अब गाडी चला रहा था ," लेकिन दीदी भाई का तोपची इतना सूंदर है जब मेरी मम्मी नहीं बच पायी तोह वह कैसे इसके जादू से बच जाएगी ".

नेहा को भी बीते कुछ दिनों में आर्यन के बारे में मीणा से बहोत कुछ पता चल गया था उसके कई रिलेशनशिप भी हैं लेकिन अभी तक अपनी मम्मी ( मंजू) का नहीं पता था .

नेहा ," ठीक है अणि को नहीं बाटेंगे ".

आर्यन हसकर ," वैसे तुम दोनों अणि से अपने को काम क्यों समझती है जबकि तुम उससे ज्यादा जिद्दी और अड़ियल हो ".

दोनों को आर्यन की बात बुरी लगी तोह आर्यन ने एक कुटिल स्माइल के साथ कहा ," अगर नहीं होती तोह मुझे शादी के लिए इमोशनल ब्लैकमेल करके मन पाती और में तुम दोनों की आँखों में आसूं नहीं देख सकता ".

दोनों को पहली बात भूल बस अपने भाई की यही बात याद रही की में तुम्हारी आँखों में आसूं नहीं देख सकता..... दोनों गदगद हो उसे चिपट के बैठी थी और नेहा तोह अभी भी अपने चूतड़ पे उसके लुंड की मस्त फीलिंग ले रही थी.....

नेहा प्रोपोज़ करने से पहले भी आर्यन की गॉड में बेथ उसका पेनिस फील की थी लेकिन आज वह सख्त और बहोत बड़ा फील हो रहा था ......

आर्यन ने दोनों को दीप्ति की हवेली ड्राप किया जहाँ बिना पहले से उनका वेट कर रही थी ...... उनको वहां ड्राप कर आर्यन होटल जाकर सीधा अपने मम्मी सारू के सुईठे में चला गया क्योंकि आज रात अणि और रति एक सुईठे में थी. देखते हैं दोनों क्या धमाल करती हैं ???

सारू ने आर्यन का लगेज अपने सुईठे में मंगवा लिया था . सारू आर्यन का इंतज़ार करते करते सो गयी की अब वह नहीं आएगा ???

स्पेशल नोट -----

(आर्यन ने नक़्शे में 5 part देखे जोह एक के बाद एक स्टेप था ..... पहला स्टेप में दिव्या तलवार का सिंबल झील थी जिसके बीचों बिच महल बना था .....

पानी में जाकर तलवार नेक्स्ट डेस्टिनेशन को दिखने लगी जोह आग से देखता जवालामुखी था ...... ऐसे hi नक़्शे के टोटल 5 पार्ट्स और स्टेप्स थे )

* दोस्तों समय समय पे में आपको बताता चलूँगा ......

हार्ट हार्ट हार्ट
 
अपडेट -33 हार्ट हार्ट हार्ट

PART - 6 (दीप्ति)

होटल में पहुंचकर अपने सुईठे में अणि ने अपनी ड्रेस चेंज की और रति के सुईठे में पहुंची जोह ड्राइंग हॉल में स्पेक्स लगा के अपने लैपटॉप पे अपना ऑफिस की रिपोर्ट्स और मेल्स चेक कर रही थी ...... दोनों ने फोर्मल्ली एक दुसरे को देख झूटी स्माइल पास की.

अणि िश समय नाईट ड्रेस में थी वह बिना कुछ बोले सीधा रति के बैडरूम में जा के बीएड पे लिअत गयी और आँख बांध करके एक अदृश्य शील्ड से होटल के चरों तरफ से कवर कर दी अब कोई भी बुरी या काली सकती बिना उसकी नज़र से बचे अंदर नहीं आ सकता है ..... अपने सेलफोन से लंदन अपने डैडी से, अमेरिका मंजू माँ से कुछ डिअर बात की और फिर अपनी सेकेटरी को कॉल लगा कल के लिए इंस्ट्रक्शंस देने लगी.

लंदन में अपने हेड ऑफिस कॉल लगा के इंस्ट्रक्शंस देकर फाइल्स और डाक्यूमेंट्स उसको मेल करने का आर्डर दिया फिर फ्री होकर गेम खेलने लगी .....

रात के 12 बजे ुषको नींद आ गयी और रति भी बहार ड्राइंग हॉल में अपना काम निपटा वहीँ सोफे पे लिअत गयी ..... दोनों आज फुल ऐटिटूड में थी डिनर करने और आर्यन के जाने के बाद दोनों ने एक स्तब्ध भी नहीं कहा एक दुसरे से.

रति को पूरा विश्वास था सारू को आर्यन की बाँहों में िश अणि की बच्ची ने hi दाखिला है वार्ना सारू ऐसी नहीं है लेकिन राज सिंह से सारू ने कैसे मोह मोड़ लिया वह तोह सारू की जान था दोनों के प्यार और अंडरस्टैंडिंग की मिशाल दी जाती हैं .

यह अणि ने अच्छा नहीं किया मेरी बेटी सारू को फसा कर..... कल बात करती हूँ सारू से ऐसी क्या मजबूरी थी की आर्यन से समभंद बना ली .

कहते हैं 'क्यूरोसिटी किल था कैट' वही रति के साथ हो रहा था पहले मंजू, फिर गीता और अब सारू उसकी तीनो बेटियों ने एक hi मर्द का हाथ थाम लिया जिसका हाथ खुद रति ने सबसे पहले थमा था ..... 'माहि' , जी हाँ रति का माहि .

रति की यही सबसे बड़ी दुविधा थी की आर्यन को जबसे ने उसने तन्न मैं से पाया है, उसके बाद तोह औरशन और लड़कियों की बढ़ सी आ गयी आर्यन की ज़िन्दगी में जोह थमने का नाम hi नहीं ले रही थी और सबसे बड़ी बात किसी को भी फरक नहीं पड़ता था आर्यन के साथ कितनी है सिर्फ रति के शिव .

सारू के आर्यन से प्यार करने के बाद रति को सबसे ज्यादा खतरा अब अणि से लग रहा था की वह भी आर्यन को hi न चुन ले और ऐसा होता उसको सच लग रहा था.... अणि भी गीता की तरह किसी को कुछ नहीं समझती सिर्फ आर्यन hi अणि की नज़र में कुछ अहमियत रखता है . जितनी अणि सूंदर थी सिर्फ आर्यन hi उसकी सुंदरता के आगे टिकता था पर्सनालिटी में और दिल तो जैसे दरिया hi था आर्यन का इशलिये तोह सब डुबकी लगा लेती थी उसके दिल से जुड़कर .

नहीं में अणि को आर्यन के नज़दीक नहीं होने दूंगी अगर ऐसा हुआ तोह सबसे पहले मुझसे hi आर्यन को दुर्र करेगी यह घमंडी लड़की ......

रति का सामना अब अपनी hi प्रतिबिम्ब जैसी अनीता सिंह ( अणि) से था जोह नवयौवना लड़की ( दमसेल ) थी ...... मुझे राजवीर ( Aryan's) से बात कर िश अणि की शादी किसी और से जल्दी तय करनी होगी नहीं तोह बहोत डिअर हो जाएगी और वह दिन दूर नहीं होगा जब मेरा सबकुछ चीन लेगी यह कामिनी लड़की ...... राजवीर की बात अणि कभी नहीं टालेगी ..... ??? (बेचारी रति भी कहाँ जानती थी अणि की बात खुद राजवीर सिंह भी नहीं टालता उसकी जान बस्ती थी अणि में इशलिये सबसे लाड़ली थी उसकी......)

एहि सब सोचते हुए बैडरूम में न जा वहीँ सोफे पे सू गयी उसको आज आर्यन की कमी बहोत खाल रही थी .... जैसे तैसे करके उसको नींद आयी .

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आर्यन की दोनों छोटी भें नेहा और डॉली ने उसके जिस्म की आग और लुंड की छूट के लिए प्यास दोनों भड़का दिए थे, खुद शांत हो गयी लेकिन आर्यन हार्ड hi था ...... वह सीधा सारू के पास पहुंचा वैसे भी अभी तक सबसे ज्यादा तृप्त उसको सारू ने hi किया था .

रात के 2 बजे से ऊपर का टाइम था आर्यन फ्रेश होकर सिर्फ लोअर और बनियान पहनकर बहार आ सारू के बगल में लिअत गया जोह उसका इंतज़ार करते हुए सू गयी थी , आर्यन रात में आएगा िश लिए किसी को भी अपने साथ नहीं सोने दी.....

आर्यन ने देखा उसकी मम्मी का चेहरा कितना मासूम और सूंदर लगता है लेकिन कल से सोते समय भी एक मुस्कान सी रहती थी जोह सिर्फ आर्यन के डैडी राज जोह यहाँ होते तोह नोट कर पाते ...... यह वही मुस्कान है जोह राज से अपनी सुहागरात से लेकर अणि के जनम होने के बाद तक सारू के फेस पे देखि होगी अब वह कल रात से फिर से लौट आयी थी ...... जिसको आर्यन भी नोटिस किया की मम्मी इतनी खुश हैं अब डैडी के पास नहीं जाने दूंगा ...... लेकिन डैडी भी भड़क जायेंगे की पहले उनकी आइटम मंजू माँ को पता लिया अब तोह सीधा बीवी पे दक्का दाल दिया, कुछ भी हो आखिर आदमी अपनी बीवी के लिए तोह किसी से भी लड़ जायेगा ...... कुछ सोचना होगा सायद सलोनी मम्मी (डॉ सलोनी) डैडी के पास चली जाएँ ,वह मानेगी या नहीं, एक वहीँ हैं जिसके लिए डैडी एक बार को तोह मान भी सकते हैं ...... वह अपनी इन्ही विचारों में खोया फिर दीप्ति के बारे में सोच रहा था.

सारू को महसूस हुआ कोई बीएड पे है पैर जब आर्यन को अपने पास कुछ घेरा सोचता देखि तोह मुस्करा के कड़ी हुयी और टॉयलेट चली गयी फ्रेश होकर फेस धोकर वापस आयी और उसके बगल में लिअत सीने पे सर रख के बोली," क्या सोच रहा है मेरे राजे ?"

आर्यन चौंक के सारू को देखा और बोलै ," आप उठ गयीं ,कुछ नहीं बस ऐसे hi फालतू में सोच रहा था आप की नींद कैसे खुल गयी ".

सारू ने आर्यन के गाल पे हाथ फेरते हुए कहा ," तेरा वेट कर रही थी तू आया नहीं तोह नींद लग गयी , दीप्ति को प्रोपोज़ किया ".

आर्यन ने सारू का हाथ चूमा ," हाँ कर दिया लेकिन अब कोई बात नहीं बस मुझे आपको खूब प्यार करना है ".

सारू अभी भी वही साड़ी पहनी थी जोह डिनर पार्टी में पहनी थी , सब की निगाह तीनो माँ बेटी पे थी रति - सारू - अणि , इवन गीता को भी कुछ प्रशंसक उसकी फिगर की वजह से मिल गए लेकिन जिसको पता चला की आर्यन की मंगेतर गीता है सबको लगा क्या बेमेल जोड़ी है कहाँ इतना हैंडसम डैशिंग आर्यन और कहाँ सावली सी गीता ...... लेकिन जिसने गीता और दीप्ति को देखा था वह यही सोचता की गीता की जगह दीप्ति के साथ परफेक्ट जोड़ी होती ...... परन्तु अगर जाने को देख लेते तोह बोलते की आर्यन को सिर्फ जाने से hi शादी करनी चाइये क्योंकि दोनों परफेक्ट कपल लगते .

आर्यन तोह अब जैसे अपनी मम्मी सारू के पीछे बावला सा हो गया था , दीप्ति ाची थी वह उसकी तरफ पूरा आकर्षित था लेकिन यहाँ तोह सारू के सरीर में hi उसको अलग सा अलोलिक सुख मिलता ..... वह जानता था सारू की लिए अपना प्यार वह किसी को दिखा नहीं सकता लेकिन हमेशा अपने साथ hi रखेगा अपनी बीवी बनाकर जोह सायद उसके पतन का भी कारन बन सकता था जिसकी उसको अब कोई परवाह न थी ? ...... उसको एक का डर था वह थी गीता लेकिन वह भी झट से मान गयी, सायद सारू ने उसको अच्छे से समझा दिया था .

आर्यन जिसके पीछे पड़ता उसको हासिल कर hi लेता है लेकिन यहाँ सारू ने खुद आर्यन को हासिल किया लेकिन थोड़ी शर्म बाकी थी और वह भी िश वजह से की वह उसकी सगी माँ जोह थी ...... सारू बहोत खुश थी आर्यन को पाकर, जिस बेटे को वह अपनी माँ रति को सौंप दी राज से शादी करने के लिए ुशी को कल एक लवर के रूप में अपना पिछले जनम का प्रीतम पाकर ऐसा लगा की ुष ने राज सिंह और अपनी माँ रति के मोह पे तमाचा मारा हो की सच्चे प्यार में सौदा और धोका नहीं होता .

मीणा से आर्यन के बारे में सब जानती थी उसके कितनी औरत और लड़कियों से समभंद रहे हैं ...... सच तो यह था आर्यन बस प्यार देना जानता था पूरे सम्मान के साथ लेकिन हर कोई उसके प्यार और लुंड की गुलाम हो जाती .

सारू को आर्यन का सच पता था जब उसने मिलान के लिए कहा तोह आर्यन ने सारू की पूरी इजात राखी और मिलान के बाद भी , कल सुबह भी प्यार किया लेकिन कभी भी उसको अहसास नहीं होने दिया की सारू गलत है ...... अगर सारू दिन को रात कहेगी तोह उसका बीटा उसके लिए दिन को रात कर देगा. सारू बोलेगी मुझे हाथ मत लगाना नहीं लगेगा कभी क्योंकि वह दिल से प्यार और मैं से उसका पूरा सम्मान करता है ...... कल रात बोलै भी अब तोह दुगना प्यार करूँगा आपसे.

सारू को अहसास हो गया था राज सिर्फ देखने में हैंडसम है लेकिन उसका दिल आर्यन जितना विशाल नहीं है , इसिलए मंजू के अल्वा कोई परै औरत राज के साथ नहीं तिकी बस कुछ दिन शारीरिक भोग कर दुर्र हो गयी . मंजू तोह मोती भेस है मंद बुद्धि उसको कोई और भी पुचकार दे उससे छुड़वा लेती ...... लेकिन मंजू की किस्मत बहोत अच्छी निकली उसको सही टाइम पे सही मर्द मिला आर्यन, मीणा की वजह से आजकल सबसे ज्यादा उसके भाव hi बढे हुए हैं...... मीणा बता रही थी प्रेग्नेंट हो गयी है , पक्का आर्यन को बदनाम कार्वागी ऊपर से बीटा होगा ..... जान दे देगी एबॉर्शन किसी हाल में नहीं कार्वागी उधर मेरी अपनी माँ रति पगला गयी है उसको िश उम्र बच्चा चाइये वह भी आर्यन का ......दोनों जिद्दी हैं मानेगी नहीं .

आर्यन ने सारू को बाँहों में भर लिया तो वह भी उसके सीने को चूमने लगी. आर्यन ने अपना लेफ्ट हैंड उसकी पतली कमर पे रखा और राइट हैंड से उसको ऊपर की तरफ सरका के उसका चेहरा अपने फेस के लेवल पे लाया ..... सारू भी खिसक के अपनी लेफ्ट जांघ को आर्यन की राइट तइस पे राखी और लेफ्ट हाथ से उसके कान को सहलाने लगी .... आर्यन की नीली आँखों में देखते हुए सारू की कजरारी आंखें जैसे जुगनू की तरह टीम टीम रही थी , प्यार से उसके कान फिर गाल पे अपनी पतली उंगलिओं से स्पर्श करते हुए आर्यन के निचले गुलाबी होंठ पे फिरती हुयी बड़ी कामुक मुस्कान के साथ देखते हुए सोची , इसके तोह होंठ भी किसी लड़की से भी ज्यादा रास भरे हैं .... हाय बस देखकर चूसने को मैं करता है.

आर्यन बस घेरि निगाह से सारू के रॉय लिप्स, डिंपल चीक्स और मदमस्त आंखें को एक प्यासे भवरे के तरह देख रहा था ..... सारू के लिप्स उसको आमंत्रित कर रहे थे आ हमारा सारा शाद चूस ले .

सारू अपने को रोक नहीं पायी अपनी लेफ्ट जांघ को उसकी टांग पे ऊपर को लाते हुए आर्यन के लोअर में बने लुंड के उभर पे रख अपने घुटने से दबा के उसके लिप्स को चूसने लगी...... दोनों के लिप्स जैसे एक दुसरे से लॉक्ड हो गए......... चुम्म्म्म्म चुम्म्म्म्म चुम्म्म्म्म चुम्म्म्म्म......

आर्यन का हाथ फिसल कर नंगी चिकनी कमर से होता हुआ उसके लेफ्ट पुष्ट चूतड़ को अपने पंजे से दबोच लिया साड़ी के ऊपर से ...... दोनों के सरीर में एक कामुक लहर दौड़ गयी , सारू का घुटना आर्यन के लुंड को दबा रहा था और आर्यन उसके चूतड़ को मसल रहा था , दोनों के होंठ गुथम गुथा होकर एक दुसरे का रास चूस रहे थे ...... पुछःह पुछठ ुहममममम ...... चुम्म्म्म्म चुम्म्म्म्म..... ुहममममम......

सारू ने अपना घुटना निचे करते हुए उसके अंडकोष पे रखा और अपना सीधा पंजा उसके लोअर में अंदर घुसा के सीधा मोठे लुंड को जड़ से पकड़ लिया ...... उसकी कठोरता और अकड़ देख सारू जैसे गंगना गयी अभी कुछ डिअर बाद यह उसके अंदर जा खलबली मचा देगा ...... काश हमेशा वह आर्यन के लुंड को अपनी छूट में लिए रहती तोह कितना मज़ा आएगा ..... आर्यन की एक हफ्ते पुराणी झांट के बाल से उसके हथेली पे रगड़ महसूस कर बस अपनी चिकनी चमेली को याद करि की कल hi उसने झांट साफ़ की थी , छूट जैसे पसीज सी गयी थी और चुतरस बून्द बून्द कर उसकी योनि को भरने लगा था .....

आर्यन का एक हाथ उसके दोनों मादक चूतड़ को बारी बारी मसल रहा था और दूसरा उसकी जीभ चूसते हुए गाल और सर सेहला रहा था ...... लुंड पे सारू की पतली लम्बी ऊँगली के पकड़ उसको और सख्त करती , उसकी नशे में बढ़ता खून लुंड को पुलसीटीले बना रहा था .....

सारू लुंड पे निचे को हाथ फिर के उसकी लम्बाई नाप रही अपनी बेटे की जीभ चूसते हुए ...... सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप पुछःह पहुछठ..... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह सीईइईसीईई ारयणणणणण कितना बड़ा हो गया है तेरा ये लुंड पूरा फूल के ...... सीईईई अह्ह्ह्हह आजजज मुझे चीयर hi न दे ......

आर्यन ने फिर से सारू के लबों पे हमला बोल बेहताशा चूमने लगा "पुछःह पहुछठ , मम्मी अप्प बहोत मीठी हो ..... पुछःह पहुछठ ी लव यू माय डार्लिंग मम्मी" .....

सारू भी चूमते हुए " ी लव यू माय बेबी माय स्वीट डार्लिंग "...... रूम में बस चूमा छाती और दोनों की उत्तेजक सिसकारी की आवाजें आ रही थी .....''उम्म्म्महहहहह.......... उम्मम्मम्हह्हह्हं ..........पुछहःछःह .... चहहहहहहहह''..................... 5 मं. चली स्मूथली रफ़ तरीके की िश चूमा छाती से दोनों के होंठ hi नहीं चेहरे पे थूक से सन्न गए थे .....

सारू ने आर्यन की जीभ चूसते हुए उसके लुंड से हाथ हटा बनियान ऊपर को खिंचा तोह आर्यन ने दुसरे हाथ उसके कंधे से लगा उसको पीठ के बल किया और उसके ऊपर चढ़ गया बगैर किश टूडे .

सारू अभी भी उसका बनियान खींच रही थी , आर्यन उसकी मनसा समझ किश तोडा और घुटनो पे बेथ सीधा होकर अपनी बनियान निकाल दिया ..... सारू उसकी गोरी चिकनी छाती और विशाल चौड़ा सीना देख जैसे आकर्षित होती जा रही थी , उसने अपने हाथ से आर्यन का 8 एबीएस वाला पथ छुए अपनी एक टांग उठाई तोह आर्यन ने साइड हो उसकी मदद की ..... उसकी साड़ी पेटीकोट सहित घुटनो तक सर्कि लेकिन उसने अपना राइट प्यार का तलवा ( सोले) सीधा उसके सीने पे रख के फिरने लगी ...... आर्यन ने उसका दूसरा प्यार भी अपने सीने पे रखा तोह गोरी गोरी चिकनी मलाई जैसी पिंडली और दूधिया नंगी केले के तने सी मसल चिकनी जांघें जैसे उसको पागल कर दी ..... सारू की साड़ी और पेटीकोट अब जाँघों के जोड़ तक आ गयी थी और उसकी गुलाबी पेंटी की झलक दिखने लगी .

आर्यन के दोनों निप्पल को अपने दोनों पैरों के अगूंठा से रब किया तोह आर्यन के हाथ उसकी जाँघों को थाम के भींचने और रब करने लगे वह झुका तोह सारू ने अपनी राइट एड़ी उसकी गर्दन पे लगा पीछे को सीधा कर बोली," अभी नहीं पहले मुझे तेरा सीना की ताकत और सकती फील करने दे ".

आर्यन ने उसके प्यार की ऊँगली को चूमते हुए कहा ," वह आप अपने हाथ से भी चेक कर सकती हो "..... पुछःह पहुछठ .....

सारू ने अपने प्यार के अगूंठे और बड़ी ऊँगली के बिच उसका राइट निप्पल दबाया तोह आर्यन के मोह से अह्ह्ह्हह निकली तोह सारू मुस्करा बोली ," अपना हाथ पीछे रख , तुझे पता है न प्यारों में हाथों से 4 गुनी ज्यादा ताकत होती है बस आँख बांध करके फील कर ".

आर्यन को भी िश खेल में मज़ा आ रहा था वह भी इंतज़ार में था कब उसकी बारी आएगी और यह बात सारू को भी पता थी आर्यन िश खेल का बहोत माहिर खिलाडी है बस औरत को छु के है झाड़ देता है लेकिन आज थोड़ी मस्ती में पहले करुँगी ....... सायद िश नए बने रिश्ते में वह बड़ी थी उम्र से , रिलेशन से और प्यार करने में ...... आर्यन को कैसे भी प्यार कर सकती थी जोह अपने पति के साथ तोह बस पत्नी धरम hi निभाना होता था ..... यहाँ वह कितनी भी कामुक और बेशर्म होकर अपने जलवे और मस्ती दिखा सकती है उसका बीटा उसका साथ hi देगा .

सारू की जाँघों से हाथ हटा आर्यन बस प्यासी नज़रों से अपनी माँ को देख रहा था जो कुटिल मुस्कान लिए अपने दोनों प्यार उसकी गर्दन से सीने तक फिर नाभि तक फिरती और अपनी एड़ी उसके फुलहड़ी मसल्स पे मारती हुयी उसकी मजबूती को जैसे चेक कर रही हो ...... उसने अपना लेफ्ट प्यार का तलवा आर्यन के लोअर के तम्बू पे रख के दबाया और रगड़ के सेहला ...... आर्यन की आंखें मस्ती में बांध थी मोह से अह्हह्ह्ह्ह सीईइईसीईई की फुंकार निकल रही थी ......

सारू आर्यन को मस्ती में देख धीरे धीरे अपने ब्लाउज के सारे हुक खोली फिर पिंक ब्रा जोह फ्रंट ओपन थी उसको खोली और दोनों तलवों से आर्यन के लुंड को बिच में दबा आगे पीछे करने लगी तोह उसकी पायल के हलके हलके घुंघरू की आवाज आने लगी चन्नण चन्नण चन्नण ...... आर्यन के चेहरे पे एक स्माइल थी सारू भी मुस्करा के सोची बड़ा मज़ा ले रहा है न अभी मजा चखती हूँ .

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मम्मी धेरेईईई..... आर्यन के मुँह से आवाज निकली थोड़ी दर्द भरी , हुआ यह सारू ने एक पेअर निचे कर आर्यन के ांडों पे एक हलकी किक सी मारी जिससे आर्यन उछाल पड़ा पर अब उसकी आंखें खुली तोह सारू भी मुस्करा के डर से गयी की अब मुझे ने छोड़ेगा ..... आँखों में छुडास के दूर लिए वह उसको घूरा .

आर्यन गुर्राता हुआ सीधा सारू के ऊपर झुका और दोनों बड़ी बड़ी चूचियां को अपने मुठी में भींच उसके होंठ चूसने लगा ...... सारू की आशा के विपरीत वह बस कसके चूची पकड़ा था पर दबा बड़े प्यार से रहा था ...... सारू उसका प्यार देखकर और जोश से किश करने लगी अपनी दोनों बाहिएँ उसकी पीठ पे लपेट के ,'' उम्मंहहहहह....... ुम्मःहहहहह..... ममममम ...... मममहहहहह पुचछहहह पूउउउउक्कछहः " ...... उसकी आँखों में अब काम पिपासा बढ़ गयी थी जोह अपने प्रेमी को टूट के प्यार करना चाहती थी ..... दोनों झांघो और हाथ में आर्यन को कास ली थी .....

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सारू

आर्यन दोनों हाथो से उसकी गोल मटोल चूची को खूब प्यार से सेहला और दबाया , अपनी ऊँगली के बीच मटर के दाने के साइज के निप्पल को दबाया तोह सारू की सीत्कारी उसके मोह में hi डाब गयी ,'' ममहहहहहहहह....... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह..... मममममहहहहह....... मह्हह्हंहहहह......... aaaaaahhhhhhhhhhhhh....... "

आर्यन ," पुछःह पहुछठ..... चुम्म्म्म चुम्म्म्म...... मममहहहहह मममहहहहहह........ मममहहहहहहह .... पुछःह पहुछठ...."

आर्यन ने उसके लिप्स छोड़कर अब गर्दन और शोल्डर चूमता हुआ निच्चे लेफ्ट चूची पे आकर रुका , निप्पल को देखकर उसके चेहरे पे स्माइल आ गयी और एक बार सारू की आँखों में देख चूसने लगा सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप..... 'आधा क्या चाहिए दो आँख' ...... यह चूचियां उसकी सबसे बड़ी कमजोरी थी , लगा उनको अपने स्टाइल में चूसने कभी बच्चे के तरह कभी मर्द की तरह हार्ड सकिंग कर देता , सारू के हाथ से कण्ट्रोल निकल चूका था ..... 10 मं. चूची चूसते हुए उसने सारू को नंगा भी कर दिया और खुद भी नंगा होकर अपना लुंड उसकी छूट की फांकों में रगड़ रहा था , सारू तोह िश मस्ती में एक बार झाड़ भी गयी थी ..... चूची चूसते हुए आर्यन ने अपने हाथों से सारू की झांगों से लेकर सर तक हर अंग सेहला दिया था अपने स्टाइल से ...... कभी लगता मस्सगे दे रहा है कभी लगता दबा दबा के मीठा दर्द देकर थकान उतार रहा है ....

सारू उसके बालों में अपनी ऊँगली फेरती हुयी खुद अपनी छाती आर्यन की तरफ धकेल रही थी पिजा , ाचे से निचोड़ दाल मेरी चूची को ...... उसका सर जब दबती तोह आर्यन हलके से दांत लगा बाईट देता ...... उसकी मस्ती से सिसकारी निकल जाती ..... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह कात्तट्ट्ट्ट matttttttttt ......... siiiiiiiiiiiiii ........ uiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaa ........

आर्यन अब निचे होकर उसका पिअत चूमते और जीभ फिरता घेरि नैवेल पे धावा बोल दिया , उसकी जीभ नाभि के अंदर किसी चमचे की तरह अंदर से कुछ निकाल ने की कोशिश करती जिससे सारू की छूट और नाभि में कनेक्शन जुड़ गया हो जितनी जोरसे जीभ घरसँ करती उतना ज्यादा छूट रास टपका रही थी ......

सारू अपने हाथ प्यार पटकने लगी तोह आर्यन ने उसकी अमृत गुफा पे अपने होंठ लगा एक घेरा सुदपा लगया ( हार्ड सकिंग) और छूट रास चाट डाला ...... सारू की दोनों झांघें उसकी गर्दन पे लिपट गयी तोह आर्यन ने दोनों हाथो से उसके चूतड़ थाम के मसल के छूट के अंदर पूरी जीभ उतार दी ...... सारू तोह काम और वासना में पगला गयी ऐसा लग रहा था छूट में जीभ नहीं कोई बड़ी मछली घुस गयी हो जोह बहोत तेज़ी इस इधर से उधर कूद कर छूट की दीवार को रगड़ के पानी की तलाश में झटपटा रही हो , ऐसा लगा यह जीभ आज उसको उत्तेजित कर करके मार डालेगी ..... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह सीईइईसीईई ारयणणणणण मेइइइइइइइइइ मरररररर गैय्यियीईईई अह्हह्ह्ह्ह क्याआआ घुसेड़ दिया तूने aaahhhhhhhhhhhhhh हॉँण्णन मजाआ....... aaaaaaaaaaahhhhhhh...... ऐसे hi कर....... तेज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ जोरसे छत्तत्ततत्तत........

आर्यन दोनों हाथों से अब उसकी चूचियां को मसलते हुए छूट से डायरेक्ट पानी चाट रहा था , कभी छूट के दाने को छेद देता कभी उसके गांड के छोटे से छेद पे अपनी जीभ की टिप फिरा के सारू के सरीर में झुरझुरी से दौड़ा देता ....... 10 मं. की चूसै में सारू थक कर निर्जीव सी पड़ी थी और आर्यन अब अपनी जीभ से उसकी जांघो और छूट के लिप्स से लगा चुतरस चाट रहा था ......

आर्यन बेडसाइड टेबल से पानी की बोतल उठा एक गिलास में पानी दाल बेडरेस्ट से कमर लगा सारू के बगल में हाथ दाल उसको अपने ऊपर बिठा लिया और फिर प्यार से उसके सर पे हाथ फेर के बोलै," थोड़ा पानी पि लो आपको ाचा लगेगा ".

सारू बस हलके से हसी आँख बंद किये hi ," तू न बहोत बड़ा चटोरा है मुझमें से साड़ी ताकत hi खींच लिया चूस चूस के , अब पानी पिलाकर फिर से मेरा रास चूसना चाहता है ...... में सब समझती हूँ तेरी चाल ".

आर्यन बस मुस्करा भर दिया, फिर गिलास उठा सारू के लबों से लगया तोह वो आँख खोल के पानी पीने लगी ...... फिर थोड़ा ऊपर हो आर्यन के दोनों जांघो के साइड अपने घुटने रख उसके लुंड पे अपने चूतड़ रख के उसकी गर्दन को चूमि ," अब रुक क्यों गया मुझे खूब प्यार कर दर्द भी हो तोह रुकना मत बस मेरी साड़ी प्यास भुजा दे ".

आर्यन ने खली गिलास टेबल पे रखा और सारू को बीएड पे लिटा उसकी दोनों टांगो के बिच पोजीशन बना के अपने थूक से लुंड को चिकना किया फिर थोड़ा थूक उसकी छूट पे लगा अपना लुंड का टोपा ऊपर से निचे छूट के गुलाबी चीरे पे फेरा ," थोड़ा दर्द होगा आप सेह लेना बाद में पूरा मजा आएगा ".

सारू ने आर्यन के हाथ पे एक चपत लगाई जोह बीएड पे उसके पिअत पे पास था ," बेशर्म है पूरा , जब यह घोड़े जैसा है तोह दर्द तोह ज्यादा hi होगा लेकिन मुझे यह दर्द महसूस करना है ".

आर्यन लुंड को छूट के छेद से भिड़ते हुए ," वैसे आपकी छूट अभी भी बहोत टाइट है, थोड़े दिन में पूरी खोल दूंगा "...... और आँख मार के है दिया ......

सारू खीजकर ," मेरी छूट सबकी तरह है बस तू यह हाथी का लुंड लगा के घूम रहा है जबकि तेरा बापपपपप ....... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मररररररर गईइइइइइ ...... "

आर्यन ने सारू की बात पूरी करने से पहले एक जबरदस्त धक्का मारा तोह छूट का फाड़ता उसका लुंड 7 इंच अंदर चला गया था , सारू तड़प के रह गयी आर्यन उसके लिप्स चूसते हुए एक और शॉट मारा और 12 इंच लुंड अब उसकी बच्चेदानी में 3 इंच अंदर था ....... आंखें फटी रह गयी और आंसूं निकल पड़े , अपने दोनों हाथों से आर्यन की पीठ नाख़ून से खुरच डाली ...... लुंड की जड़ से छूट के लिप्स फेल के किसी मोती रुबेरबंद का छल्ला जैसा आकर में खिंच गए थे ....... छूट ऐसी लग रही थी जैसे किसने ने मोटा बांस घुसा दिया हो ......

आर्यन ने बिना डिअर किये लुंड कोई 6 इंच भार खिंचा फिर जड़ तक छूट में थोक दिया , ुहममममममम ुहममममम..... बस सारू की मोह से आवाज आती जोह आर्यन ने अपने होंठों से बांध कर रखा था ......

आर्यन ने 2 मं. में 20-22 बहोत जोरदार धक्के मारे फिर अपना होंठ हटा अपने हथेली सारू के मोह में घुसेड़ दी ..... उसके आंसूं चाट के अपनी कमर हिलाते हुए बोलै ," मक्खन है आपकी छूट , काट लो मेरी हथेली पे ".

सारू ने उसको घूरते हुए अपनी जीभ उसकी हथेली पे फिराई और आँखों से स्माइल सी पास की तोह आर्यन ने अपनी हथेली निकाली ," अह्हह्ह्ह्ह हरामीईईई कुटैय्यिययी जोरसे फड़ड़ड़ड़ड़ मेरी छूट देखूं कितना डैम है तुझमे ".

आर्यन ने भी उसकी एक हाथ से गर्दन और दुसरे से गांड दबोच के लिप्स को चूमा और लुंड अब टोपी तक खींच के जड़ तक पेल देता , थप्प्प्प थप्प्प्प पहछहः पहछहः की आवाजें और दोनों की घुराहट गूंज रही थी ..... पायल के घुंघरू और चूड़ियां की आवाजें माहौल और कामुक सा रंगीन सा बना रही थी.....

सारू ने अपनी दोनों टांगें उसकी गांड पे लपेटी और कन्धों के निच्चे से हाथ दाल उसके सर को पकड़ ली , आर्यन के भीषण धक्के और जानलेवा स्ट्रोक को बड़ी बहादुरी से झेलते हुए अपनी गांड उठा उठा के छुड़वा रही थी ..... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह सीईइईसीईई और से जोरसे ...... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह हम्मम्मम्मम्म siiiiiiiiiiiiii...... 10 मं की भीषण धक्के वाली चुदाई ने सारू की छूट की साड़ी मासपेशी से लेकर अंदर तक लुंड के साइज की पूरी गुफा बना दी जिससे उसका पूरा लुंड पिस्टन की तरह छूट की दीवारों से रगड़ता बच्चेदानी के अंदर घुसता तोह सारू को अंदर दर्द और मजे का अहसास होता ...... लुंड ने छूट के पानी को थोक थोक के झाग बना दिए जोह उसकी छूट के लिप्स से बहार को निकल उसकी गांड के छेद से होते हुए बेडशीट पे इखट्टे हो रहे थे..... चरमोत्कर्ष पे पहुंच के गांड का छोटा सा छेद एक्ससिटेमेंट में खुलता फिर बंद हो जाता जिससे छूट का गरम पानी वहां सिकाई कर रहा हो.... 20 मींचे आर्यन ने सारू को पूरी स्पीड से छोड़ा तोह उसके सारे नुत बोल्ट ढ़िलये कर दिए ..... सारू को भी ऐसा चुदाई की जरुरत थी जिसके लिए कभी कभी गाली देकर उसको उकसाती लेकिन आर्यन आज कोई गाली नहीं दे रहा था ......

आर्यन ने सारू के कान में अपनी जीभ घुसा के उसके दोनों चूतड़ थाम के 5 बहोत घेरे स्ट्रोक मारे थापपपपपप थप्प्प्प थप्प्प्प थप्प्प्प थप्प्प्प..... छूट से बस पहछहः पहछहः पहछहः पहछहः पहछहः ..... की तेज़ आवाज के साथ दोनों चूतड़ पे आर्यन की जाँघों से टकराते धप्प्प धपपपपप ......

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हाथ की चूड़ियां और कंगन के साथ पायल के घुंघरू भी चन्नण चन्नण चन्नण के साथ खनककक खनककक की आवाज करते रूम में चुदाई को बहोत ऊर्जावान और हिंसक सा बना दिए .....

सारू और उत्तेजित होती हुयी आर्यन के कंधे पे दांत गदा दी और भलभला के umhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhh करती झड़ने लगी ..... आर्यन भी रुक के हलके हलके लुंड को आगे पीछे कर रहा था सारू के कान को चूसते हुए ......

अद्भुत मिलान था आज का दोनों को बहोत मज़ा आया ऐसा लगा की स्वर्ग है तोह दोनों के छूट लुंड के मिलान में है लेकिन लुंड तोह छूट का रास पीकर जैसे और मोटा और फूल रहा था की वार्मअप हो गया अब चुदाई शुरू करते हैं.....

सारू ने अपने दांत कंधे से हटा के चेहरा पीछे किया तोह आर्यन का घाव भरने लगा , आर्यन ने भी सारू के लिप्स पे अपना खून देखा तोह मुस्करा के बोलै," खुनी डाइयाँ लग रही है किसी प्रेतनी की तरह खून पीकर ".....

सारू ने अपनी जीभ फिराई लिप्स पे और खून चाट के बोली ," तू hi तोह बोलै था खून पि ले मेरी हथेली से बस मुझे अब चाइये था तोह पी लिया , इतना दूध पिलाया है मैंने तुझे कुछ तो वसलून ..... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह सीईइईसीईई ारयणणणणण हम्मम्मम्मम्म रुक्खक्क्क्क जाआ ओह्ह्ह्ह मत्तत्त करररररररर ".

आर्यन ने 3-4 घेरे धक्के मारे और सारू के लिप्स चूसने लगा ...... सारू भी अपनी बाहिएँ कास hi उसकी गर्दन पे ..... आर्यन ने अपनी कमर उठा के लुंड बहार खींच लिया ....... सारू की छूट का छेद बहोत बड़ा और घेरा लग रहा था जिसके किनारे से छूट का पानी और झाग बहार आ उसके छेद ने ढेरी ढेरी सिकुड़ना शुरू किया ...... दर्द क्या होता है पता hi नहीं चला उसे ..... आर्यन उसके साइड में लिअत गया और प्यार से उसको सहलाना लगा , 5 मं. लगे सारू को नार्मल हनी में फिर आर्यन के बनियान से अपनी छूट पहुंची ...... अब बैठकर आर्यन की दोनों टांगों के बिच आ गयी जोह पीठ के बल लेता था.

सारू ने आर्यन को देखकर कहा," तेरा यह कभी जल्दी शांत नहीं होता न , अब देखना में इश्को आज अपना गुलाम बना लुंगी , मुझे देखते hi यह तुझे मेरे पास आने पे मजबूर कर देगा ".

(फिर मैं में बोली जैसे पिछले जनम तू मेरी छूट का गुलाम था 'राजे' िश जनम में भी तुझे अपने से बाँध के रखूंगी )

सारू ने आर्यन का लुंड उसके बनियान से साफ़ कर पहले एक घेरि सांस लेकर सुंघा फिर अपनी जीभ निकाल आर्यन को दिखा के दोनों हाथ से लुंड को सीधा थाम के गोल गोल पंजे घूमने लगी किसी पेंचकस के तरह और लाल कश्मीरी सेब जैसे टोपी को जीभ की नौक से कुरेदी फिर गोल गोल घेरे में अपनी जीभ फिरा के चाटने लगी सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप..... आर्यन बस एक हाथ से उसका सर सेहला रहा था ..... गुलपपपपप गुलपपपपप गुलपपपपप गुलपपपपप.... सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप.... पुछःह पुछःह......

सारू को मस्ती छड़ी तोह हलके हलके दांत गदा देती टोपी पे जिससे वह और लाल और सख्त हो रहा था ..... आर्यन जैसे बस हुंकार भरता रह जाता ौररररह्ह्ह्हह्ह ...... लुंड भी ज्यादा तन के झटके मारता जिससे सारू को मजा आ रहा था , िश का रिमोट अब मेरे हाथ में है बच्चू तूने तोह दो धक्कों में मेरे अंदर पूरा गाड़ दिया था अब मेरी बारी...

चुदाई का पूरा मजा खुलकर अपने पार्टनर को डोमिनाते करने और करने में आता है जब खुलकर एक दुसरे से पूरा सुख मिलता है ...... सारू ने आर्यन को अपनी टाइट छूट का पूरा मजा दिया अब वह लुंड से खेल के अपना मजा दूंगा कर रही थी .......

सारू ने पूरा मोह पहाड़ के टोपा मोह में पूरा निगल लिया और एक हाथ से आर्यन के बड़े अमरूद के साइज के अण्डों को पकड़ के धूने लगी ...... गूऊऊऊ गूऊऊऊ अह्हह्ह्ह्ह ख़ूऊओ ख़ूऊऊ ...... 7 इंच तक लुंड अपने हलक में डालने के बाद उसका गाला दर्द करने लगा तोह बहार निकाल खांसने लगी......

आर्यन बीएड पे बैठकर सारू की गर्दन पकड़ के अपने हाथ की 3 मोती मोती ऊँगली उसके मोह में दाल के अंदर को दबा आगे पीछे करने लगा ..... "बस नाक से सांस लो मेरी ऊँगली अंदर जाने दो तब ज्यादा अंदर तक लुंड ले पाओगी ...... "

सारू ने लुंड को मुथिएटए हुए हाँ में गर्दन हिला और ज्यादा मोह खोल दी तोह आर्यन की ऊँगली उसके घियत (थ्रोट) में पहुंच गयी ..... सारू बस गऊओऊ गऊओऊ करती रही और सांस नाक से लेने लगी ...... आर्यन ने फिर अपनी उंगलियन 3-4 बार आगे पीछे की और मोह से बहार निकाल उसका गाड़ा थूक अपने लुंड पे चिपड़ के उसके लिप्स चूमा ," अब अंदर लो नाक से घेरि सांस लेकर देखना आपको बहोत मज़ा आएगा ".

फिर बीएड पे लिअत गया और सारू के हाथ में कमान दे दी , सारू भी कातिल मुस्कान लेकर एक घेरि सांस लेकर लुंड को ढेरी ढेरी अपने मोह ऊपर निचे करते हुए उसकी आँखों में देखते हुए पहले 8 इंच तक फिर ढेरी ढेरी सर और निच्चे दबा के 11 इंच तक अपने गले के निचे तक निगल गयी और उसका गाला किसी चले की तरह लुंड के टोपी पे कास गया ...... गूऊऊह्ननंत्र गूऊऊह्ननंत्र .......

परम आननद सा लगा आर्यन को खुद hi मज़े से आंखें बांध हो गयी ...... अपने एक्सपीरियंस से समझ गया था की उसकी सगी मम्मी कैसे पूरा लुंड अपनी छूट में ले ली थी ...... बहोत काम औरतें उसको पूरा लुंड मोह में ले पाती थी..... जिसका मोह जितना घेरा होगा छूट भी उतनी घेरि होगी और ज्यादा स्टैमिना झेलने वाली होगी .....

सारू घेरि सांस लेते हुए आँखों में आंसूं लिए और अंदर को लुंड लेने के लिए अपना सर दबा रही थी तब आर्यन ने उसको रोका और सर ऊपर करने लगा..... सारू के मोह से थूक और लार निकल लुंड पे गिरने लगी जब पूरा लुंड मोह से बहार निकला..... दोनों हाथों से लुंड पे थूक मलते हुए, घेरि घेरि सांस लेकर एक विजयी मुस्कान लिए टोपी पे थूकि और अपनी दोनों टांगें आगे आकर आर्यन की कमर के साइड करके लुंड को अपनी छूट पे रगड़ के बोली ," अब में तुझे पेलुँगी hi hi hi ..... " वह जैसा किसी घोड़े की सवारी वाली बैठने की पोस्टिव में आर्यन के ऊपर थी .....

आर्यन भी हसकर ," देखते हैं कितना डैम है आप में "..... है है है .....

लुंड को एक हाथ से मरोड़ के छूट पे सेट कर दोनों होंठ दांतों से दबा गाल पहला पहला के बैठती चली गयी , जैसे hi टोपा छूट में घुसा तोह दर्द हुआ पैर हिमत कर के दबाव बना पहले hi धक्के में 8 इंच तक निगल गयी ..... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मररररररर गईइइइइइ ....... uiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaa फट्ट्ट्ट्ट gayiiiiiiiiii .......

आर्यन ने उसके दिनों निप्पल पकड़ के जोरसे से दबाये तोह अह्ह्ह्हह ारयणणणणणण सीईईई अह्ह्ह्हह ारयणणणणणण आराम से दबा..... और ऊपर उठकर एक जोर का दबाव बना जोरसे अपने गांड निच्चे धकेली और पूरा लुंड लील के अपने चूतड़ पे उसके ाँद महसूस कर किसी वेट लिफ्टर वाली जीत की खुसी उसके चेहरे पे उभर आयी दर्द और आंसूं के बावजूद भी ....

आर्यन भी हैरान था अपनी मम्मी का कामुक रूप देखकर लेकिन तभी उसको ऐसा लगा कोई उसके टोपी को जकड रहा है यह थी सारू की छूट की बच्चेदानी जोह अपना संकुचन कर उसके टोपी पे जिल्द सी चढ़ा रही थी ..... भेनचोद छूट के अंदर भी मम्मी ने मोह लगा रखा है या कोई औरत मम्मी की छूट के अंदर मेरा लुंड चूस रही है .....

"!!!!!!! अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मम्मी ओह्ह्ह्हह्ह मययययय गॉडडडडड व्हाट ा फीलिंग ...... यह क्या अह्ह्ह्हह बहोत्तत्तत ाछः लग रहा है .....". लेकिन सारू ने अपनी आंखें बांध कर अपने दोनों हाथ अपने बालों में घुसा के अपनी छूट को 2 इंच तक आगे पीछे करते हुए चेहरे पे मुस्कान लिए आर्यन को बड़े प्यार से छोड़ने लगी ...... छूट के लिप्स का छल्ला लुंड की जड़ पे और खूख का चला लुंड के टोपी पे अपनी पकड़ बना आगे पीछे हो लुंड को बहोत टाइट गर्शन दे रहा था ...... आर्यन की आंखें किसी नशेड़ी की तरह बांध खुल रही थी और मोह से सीत्कार और घुराहट निकल रूम में गूंज रही थी .......

" क्यों राजे मजा आ रहा है न अभी और जैड़ा आएगा "........ ऐसा बोल के अब 4 इंच तक कमर आगे पीछे ऊपर निच्चे करती बारी बारी और आर्यन के हाथ में अपनी 36 साइज की चूची पकड़ा के बोली ," दबा बांहपु की तरह जोर जोरसे बहोत सहुक है न तुझे रंडियां छोड़ने का आज में तुझे छोड़के निहाल न कर दी तेरी लुगाई पद्मा नहीं मेरे राजे तेरी पद्मा नहीं यह ले ".

आर्यन की आंखें मजे से भरी हो गयीं और उसको सारू अब सच में कोई पद्मा देवी नज़र आ रही थी जोह गुलाब सी खिली उसको छोड़ रही है ...... लुंड के डबल घरसना और मजे से आर्यन की चीख निकली ," औररह्ह्ह्हह्ह हाँ और तेज़ में झड़ने वाला हूँ ...... और जल्दी तेज़ी से कर पद्मा रानी ..... "

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ऐसा अद्भुत सुख के लिए तोह कोई जान भी दे दे , सारू ने अपने दोनों हाथों को निचे कर एक चुटकी से अपना लेफ्ट निप्पल पकड़ा और दूसरी चुटकी से आर्यन का छूटा सा निप्पल और जोरसे भींच भींच के दोनों को दर्द देकर मस्त ले में कमर हिला अपने चूतड़ को आगे पीछे ऊपर निचे करती लुंड पे अपनी छूट कूट रही थी ...... दर्द और मजे की लहर ने दोनों को परम सुख तक पहुंचा दिया सिर्फ 10 hi मं. में ......

आर्यन के ाँद से जवालामुखी सा उठने लगा और इधर आर्यन सारू को पकड़ बीएड पे खड़ा हो गया लुंड पे बिठाये और जोर जोरसे धक्के मार के उसकी छूट भरने लगा अपने विरए से...... सारू भी गरम गरम पिचकारी अपनी छूट में महसूस कर के अपनी बच्चेदानी को भरने लगी , ahhhhhhhhhhh hooooooooooo haaaaaaaaaaa gurrrrrrrrrrrrrr urghhhhhhhhhhhh शोर करते दोनों झाड़ रहे थे .... दोनों को असीम सुख मिल रहा था , आर्यन को इतना मज़ा इतना प्यार भरा अहसास कभी नहीं मिला , आज चुदाई नहीं उसको छोड़ा गया था सच में सारू जैसा कोई नहीं ......

धड़ाम से दोनों बिस्तर पे गिर गए और हाफने लगे , लुंड छूट से बहार निकल आया और दोनों एक दुसरे से चिपटे जैसे नींद में चले गए ....... सारू आर्यन के ऊपर लिअटि थी और दोनों घेरि नींद में थे ...... दोनों को देखकर लगा रहा था दोनों से ज्यादा संतुस्ट और खुश कोई नहीं है .

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जल महल से तीनो कार में बैठी और बिना कार ड्राइव कर रही थी , मीणा , गीता और दीप्ति पिछली सीट पे बैठे थे .....

गीता ," तुम कुछ बताने वाली थी दीप्ति ?"

दीप्ति ने बिना की तरफ देख के इशारा किया की बाद में बता दूंगी ......

तब मीणा बोली ," दीप्ति यह जोह मैडम आगे बैठी है न यह आर्यन की राइट हैंड है , हम में से किसी को जोह बात न पता हो वह बिना को पता होती है तोह बेफिक्र रहो वैसे भी गिरली टॉक यह आर्यन से कभी नहीं लीक करती क्यों बिना ?"

बिना स्माइल से ," यस दीप्ति मैडम यू कैन ट्रस्ट में ".

गीता थोड़ा चिढ़कर ," हाँ दीप्ति एक बात और याद रखना यह भी डॉली नेहा की तरह आर्यन की सबसे बड़ी चमची है".

मीणा हसने लगी ," गीता दीदी आप इतना चिढ़ती क्यों हो िश बिना से ".

गीता ," बहोत बड़ी चिपकू है यह जब देखो आर्यन के आगे पीछे रहती है, कल को शादी के बाद सुहागरात पे भी यह उससे चिपकी रहेगी क्या ?"

मीणा और जोरसे हसी , दीप्ति भी मुस्करा दी तब गीता बोली," तू ( दीप्ति से) है मत बोल क्या बात थी और तू (बिना से) आर्यन को चुगली मत करियो ".

दीप्ति सर झुका के ," वह क्या सच में उनको रात और अँधेरे में दीखता है सब कुछ साफ़ साफ़ ".

गीता बुरा सा मोह बनाई और मीणा ने स्माइल से कहा ," इतना साफ़ की तुम्हारे कपड़े के ऊपर से तुम्हारे अंडर गारमेंट्स का कलर बता दे ".

दीप्ति एक घेरि सांस छोड़कर सर निचे करके बोली ," उन्होंने मुझे उन्देर्गर्मेन्ट्स में देख लिया जब वह गीले थे यानि ऑलमोस्ट नुदे और में बस बिना झिझक कपड़े चेंज कर ली की उनको कुछ दिख नहीं रहा है पर में गलत थी ".

गीता ने दीप्ति का शरमाया चेहरा उठाया और प्यार से एक गाल पे चपत लगायी और बोली," खोदा पहाड़ निकली चुहिया , मुझे लगा यह आर्यन को नंगा देख के दर गयी होगी ".

मीणा हसकर ," शर्मा मत हम तीनो को वह बहोत बार नंगा देखा है और नंगा साथ सोया भी है लेकिन सेक्स नहीं किया है हम सब वर्जिन हैं और यह बिना उसके साथ सेक्स भी करती है तोह कोई बड़ी बात नहीं , तू रिलैक्स रह ".

दीप्ति तो बस शॉक से तीनो की बारी बारी देखती है , बिना बस बैकविएव मिरर में देख मुस्करा रही थी.

गीता ने दीप्ति को अपने गले लगा के बोलै," हैरान मत हो बस इतना समझ ले जैसे तेरे पापा राजा हैं और 2 मम्मी रानी है बाकी सब दासियाँ..... ुशी तरह आर्यन एक राजा hi है और तुम सब उसकी दासियाँ बस रानी में हूँ "..... है है है.....

मीणा भी हसकर ," रानी नहीं महारानी हो आप तोह और दीप्ति आर्यन का यही सच है वह सबका है और सबके लिए है दूसरी बात उसको एक औरत खुश नहीं रख सकती हे इस वेल एंडोवेद एंड विथ वैरी हाई विजौर".

गीता ने बात जोड़ी ,"उसके ऊपर सबकी जिम्मेदारी है फिर तुझे भी तोह ऐसे इंसान से प्यार हुआ जिसकी आलरेडी 5 बीवियां होंगी और तू 6 तह ".

दीप्ति कुछ सोचकर ," बात वह नहीं दीदी मुझे कोई ऐतराज़ नहीं लेकिन आप सब इतनी आसानी से बात कर लेटो हो और बिना मैडम भी बिलकुल नहीं शर्मायी".

गीता हसकर ," बस तू हमारे साथ रह तुझे नहीं पता हमने तोह जाने को अपने जैसा बना लिया , पता है उसकी बहोत याद आती है जल्दी hi उसको लेकर आयेंगी ".

मीणा भी उसको छेड़ते हुए ," वैसे आर्यन की 2 साल याद तोह नहीं आयी आपको".

गीता ने मीणा के धप जमाया ," अच्छा तुझे बहोत पता है , 2 साल मैंने बस अकेले घुट घुट के गुज़ारे तू hi सोच आज कोई तुझे प्रोपोज़ करे और तू एक्सेप्ट करे और वह 2 साल तुझसे दूर हो जाये क्या बीतेगी तेरे दिल पे ".

दीप्ति ने गीता का हाथ पकड़ा ," में आपका दुःख समझ सकती हूँ दीदी मैंने भी कई साल माहि का वेट किया लेकिन सब मुझे पागल समझते थे , बस पापा मम्मी को कभी बुरा नहीं लगा उनको भी मेरी तरह आर्यन का इंतज़ार था ".

मीणा ने कटाछ सा किया ," पूरा सच कभी अपने डैडी से पूछना तुम्हे अभी पूरी बात नहीं पता लेकिन देखना तुम्हारी जिंदगी में जल्दी hi खलबली मचने वाली है ".

दीप्ति कुछ बोलती उशसे पहले बिना बोली," मैडम हम पहुंच गए ".

सब उतर के अंदर चले गए , दीप्ति ने अपने hi रूम में एक और बड़ा बीएड लगवा दिया ताकि कोई अलग न सोये ...... वह जानती थी सब उससे ज्यादा आर्यन को प्यारी है उन्ही नहीं उनकी प्रेमिका बानी है....

अगर मुझे बराबर का हक़ चाहिए तोह बराबर का रेस्पेक्ट सबको देना होगा..... मीणा को दीप्ति पल प्रति पल ाची लगने लगी थी ट्रू मैच अस ा आर्यन वाइफ. लेकिन एक डर भी लग रहा था वह थी दीप्ति और गीता का हंसकाल होना.

दीप्ति ने दोनों को अपनी नाईट ड्रेस दी जोह दोनों को फिट hi आयी , अपनी दासियों को बता दिया था अभी थोड़ी दिएर बाद 2 लड़कियां आएँगी वह मेरी छोटी भें जैसी हैं उनको आदर सहित सीधा यहीं लाना...... दीप्ति ने अपनी मम्मी जमुना को बता दिया था की आर्यन की भेने और गीता उसके साथ hi रुकेंगी आज रात.

मीणा ने कल सुबह दोनों रानियों से मिलाने को दीप्ति से कहा तोह ुष ने हामी भरी ......

गीता बीएड पे लिअत्कार बोली ," इधर आ जा हम साथ में सोयेंगे , मीणा तू भी यहीं आजा वैसे भी राजकुमारी के बिस्तर पे सोने को रोज कहाँ मिलता है "..... और जोरसे उसको आँख मार के हसने लगी.

मीणा भी बीएड पे बेथ गयी और दीप्ति से बोली," दीप्ति वहॉ राजमहल में तोह तुम्हारा कक्ष इसे भी आलीशान होगा क्यों ?".

दीप्ति बस स्माइल देकर बोली," हाँ वह बहोत बड़ा और भवः है लेकिन मुझे अकेला hi रहना पड़ता है वहां भी , कहने को नौकर और दासियाँ होती है लेकिन आज अपनी बहेनो के साथ लग रहा है की सच में कक्ष की शोभा उसमें रहने वालों से होती है आज में बहोत खुश हूँ की आप चरों मेरे साथ हैं काश जाने दीदी भी यहाँ होती तोह ज्यादा ाचा लगता ".

गीता ने दीप्ति के सर पे हाथ फेरा ," तू जितनी सुन्दर है उससे जैड़ा तेरा दिल सूंदर और साफ़ है क्यों मीणा क्या कहती है ".

मीणा भी उसकी हाँ में हाँ मिलायी ," हाँ आप ठीक बोली दीदी ऐसा लगता है इश्से बात करके सरीर आपका और विचार सारू मम्मी का हो ".

गीता कुछ सोचकर ," हुन्न तभी यह मुझे इतनी ाची लगती है अब तोह आर्यन को भी लगती होगी अपनी जवानी के जलवे जोह दिखा आयी झील पे बिचारा ललचा रहा होगा इश्कि कातिल जवानी देखर "..... है है है है .....

मीणा भी हसने लगी और दीप्ति शर्म से बोली ," में अभी आती हूँ "...... और बहार जा कर अपनी दासी से सबके लिए चॉकलेट ड्रिंक्स लाने को बोली जब दोनों लड़कियां भी आ जाएँ ...... तीनो जाने की बातें करने लगी .....

कोई एक घंटे बाद बिना नेहा और डॉली को उनके पास छोड़ गयी तोह दीप्ति ने उनका वेलकम किया और फ्रेश होकर दोनों को नाईट ड्रेस दी .

दोनों बस दीप्ति के ठाट भात देखि लेकिन उसका अपनापन देख के काफी इम्प्रेस्सेड हुयी की राजकुमारी वाली कोई अकड़ या गरूर नहीं था ुश्मे .

दीप्ति ने सबको चॉकलेट ड्रिंक्स दिया और सबको यहीं सोने को बोली . मीणा के साथ डॉली ने बीएड कब्ज़ा लिया और गीता के साथ नेहा लिअत गयी तब दीप्ति एक मैट्रेस्स उठा जमीन पे बिछाने लगी तोह गीता बोली ," और क्यों आ रहा है जिसके लिए मैट्रेस्स बिछा रही है ".

दीप्ति ," वह आप सब बीएड पे कम्फर्टेबले होकर सो जायो में निचे सो जायेंगी ".

मीणा को छोड़कर सबको दीप्ति की बात पे शॉक लगा तब गीता कड़ी हुयी और दीप्ति का हाथ पकड़ के बोली," एक थप्पड़ मरूंगी तोह अकाल ठिकाने आ जाएगी चल चुपचाप ऊपर मेरे साथ सो ".

दीप्ति न नकुर की लेकिन गीता ने एक नहीं सुनी तब मीणा बोली ," दीप्ति अगर हमको भें मानती हो तो साथ सो जायो नहीं तोह हम अभी निकल जायेंगे होटल ".

तब नेहा ुष बीएड से कड़ी होकर मीणा डॉली के साथ लेत गयी और बोली," गीता मौसी अब आप अपनी भें के साथ सो जायो और हम तीन भेने एक साथ सोयेंगे क्यों डॉली".

डॉली तोह अभी भी आर्यन की खुमारी में hi थी तोह बोली," मुझे तोह भाई की याद आ रही है उनके साथ सोने में मजा आता".

नेहा ," हाँ हाँ तुझे तोह बस मौका चाहिए वहां कार में कितनी बेशर्म होकर सब कर रही थी "...... बोल तो गयी पैर अब दोनों फस चुकी थी और रही सही कसार डॉली ने पूरी कर दी ......

डॉली भी ताव में बोली ," हाँ तोह क्या आप बस तोपची की पूजा कर रही थी चूमि लेकर ".

गीता और मीणा दोनों समझ गयीं दोनों आर्यन के साथ मस्ती मार के आ रही हैं ...... मीणा ने डॉली को छेड़ा," वैसे डॉली सच में तुझे नींद नहीं आती क्या तोपची के बिना ".

डॉली ने अपनी छूट कपड़े से ऊपर से सेहले ," दीदी बस जल्दी से शादी कर लूँ ऐसा मैं करता है फिर तोपची को अपने अंदर hi रखूं लेकिन भाई बोलता है पहले में अपनी कंपनी में ट्रेनिंग और स्टडी कम्पलीट करूँ फिर शादी करेंगे ".

नेहा ," मीणा दीदी , इश्कि शादी सबसे पहले करवा दो यह बहोत भरी बैठी है".

मीणा थोड़ा सीरियस होकर ," सबसे पहले दीप्ति की शादी होगी आर्यन से फिर गीता दीदी का नंबर आएगा ".

सब मीणा की बात सुनकर चौंक गए तब मीणा ने आगे कहा ," दीप्ति hi सबके लिए शादी का राष्ट खोलेगी यह तुमको जल्दी hi पता चल जायेगा ".

दीप्ति ," नहीं मीणा दीदी आप सबकी पहले शादी होगी तब मेरा नंबर आएगा क्यों गीता दीदी ?".

गीता हसकर ," शादी का तोह पता नहीं तेरी सुहागरात का नंबर सबसे पहले आएगा "..... है है है है ...... दीप्ति शर्म से अपना चेहरा तकिये में छुपा ली तोह मीणा , डॉली और नेहा उसके पास उसको गुल गुली करने लगी ......

मीणा ने पुछा ," नेहा डॉली तुमको दीप्ति पसंद है न ".

डॉली टपक से ," मुझे तोह भाई से जल्दी से शादी करनी है वैसे भी भाई ने बता दिया था हमको तोह मुझे तोह दीप्ति ाची लगी लेकिन में दीदी नहीं कहूँगी क्योंकि सब मेरी दीदी हैं में तोह फ्रेंड बानगी दीप्ति को , क्यों दीप्ति?"

नेहा भी बोली ," हाँ डॉली आलरेडी सब दीदी हैं में भी दीप्ति को फ्रेंड बनूँगी ".

मीणा ," दीप्ति हम चरों भाई भें की तरह तुम्हारा बर्थडे भी शामे डेट और ईयर है तोह मेरी भें भी होगी और फ्रेंड भी ".

गीता ने दीप्ति को अपने गले लगया और उसका गाल चूमा ," दीप्ति की में अकेली दीदी काफी हूँ और वैसे भी यह मेरी छोटी भें रहेगी हमेशा "...... दीप्ति को चरों का प्यार पाकर बहोत खुसी हुयी और रोटी हुए सबके गले लगी .....

दीप्ति सच में दिल की भी बहोत साफ़ और ाची थी इसिलए सारू की तरह सबका दिल जीत ली , नेहा और डॉली ने दीप्ति को अपना फ्रेंड बांया ...... सब सोने लगये तोह मीणा ने मंतर पढ़कर िश कक्ष पे एक शील्ड चढ़ा दी..... अब कोई परिंदा भी उनकी तरफ पर नहीं मार सकता है बिना मीणा को पता लगये , अंदर आना तोह दुर्र की बात...... उसने ऐसा क्यों किया यह वह hi जानती थी ????

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राजा त्रिभुवन सिंह की हवेली पे कड़ी नज़र राखी जा रही थी कल सुबह से hi कोण आ रहा है क्यों जा रहा है ...... चूँकि अभी तक कोई अप्रिय घटना या गलत कदम नहीं उठाया गया तोह बिना ने भी अपने आदमीओ को बस सतर्क रहकर उन्ह पर निघा रखने को कहा...... यह राजा जबर सिंह के hi आदमी थे.

जब से राजा जबर सिंह को खबर मिली की पहले दीप्ति का किडनैप हुआ फिर उसको किसी आर्यन नाम के साक्ष ने बचाया है तब से उसने अपने गुप्तचर से त्रिभुवन सिंह और उसके परिवार पे कड़ी निगाह रखने को कहा ..... एक तोह हवेली के अंदर भी था जिसका किसी को भेद न था .

राजा त्रिभुवन सिंह का रति देवी जैसी बड़ी बिज़नेस वुमन से दिल्ली जाकर परिवार सहित मिलना फिर दीप्ति जैसी हंसकाल रति देवी की बेटी गीता का दीप्ति के साथ जयपुर आना ...... लेकिन सबसे चौंका देने वाली बात तोह उसको अपने पिताजी रघुभार सिंह से पता चली की दीप्ति ने अपना वर चुन लिया है महार्यं सिंह नाम है उसको सब आर्यन या माहि बुलाते हैं .

दीप्ति को रेस्क्यू करने वाला , रति देवी का बीटा , वररिस और दीप्ति का चुना हुआ वर तीनो एक hi सख्स है और वह है चौदर्य महार्यं सिंह उर्फ़ आर्यन..... उसकी पर्सनालिटी देखर तो जबर सिंह भी ॉश्चारिये चकित हो गया यह कैसे हो सकता है हमारी मिरदुला बुआ की बेटी दीप्ति तोह इसी की तस्वीर इतने साल से बनती थी .....

हे भगवन यह सच में ख़ज़ाने और दिव्या तलवार का वररिस होगा परन्तु यह बात त्रिभुवन सिंह हमसे भी छुपाना चाहता है ताकि सारा खज़ाना और दिव्या तलवार उसका हो जाए.

राजा जबर सिंह ने कल राजपूताना की बैठक बुलाने का एलान किया और कल सुबह राजा त्रिभुवन सिंह से भी मिलने का सन्देश दिया की हम कल जयपुर आकर अपनी भें दीप्ति और सुचित्रा से भी मिल लेंगे ......

राजा जबर सिंह के आदमी जयपुर और अलवर में दोनों जगह निगाह रखे थे और हर पल की सुचना उसको पहुंचा रहे थे ....... बिना और आर्यन की सिक्योरिटी टीम को यह पता लग गया था लेकिन वह भी सही मौके की तलाश में थे कब वह हमला करते हैं या बस निगहरानी hi रेख रहे हैं ..... इतना पता चल गया था राजा त्रिभुवन सिंह से भी और राजपूताना कौंसिल से इनका सम्भन्ध हैं...... आर्यन ने अपने लोगों की सिक्योरिटी डबल कर दी ताकि दुश्मन भी एक बार को दरेय हमला करने से .

आज रात वह दीप्ति को अकेला नहीं छोड़ना चाहता था इशलिये मीणा को उसके साथ रखना था पूरी सिक्योरिटी के साथ , मीणा पावरफुल है वह सब संभाल लेगी ...... अणि भी यह काम आसानी से कर देती लेकिन अणि और बहोत कुछ कर देगी उसका आर्यन को पूरा भरोसा था .

आर्यन ने सोच लिया था कल सुबह वह अपनी साड़ी फॅमिली को दीप्ति की फॅमिली से मिलवा के दीप्ति का हाथ मांग लेगा..... उसके बाद सबको वापस दिल्ली भेज देगा आफ्टरनून की फ्लाइट से ....... उसको भी अंदाज़ा हो गया था इतने सालों से छुपा खज़ाना और दिव्या तलवार सबको अपनी तरफ आकर्षित करेंगे खासकर जितनी भी रॉयल फॅमिली और रजवाड़े हैं...... और िश सब में वह अपनी फॅमिली इन्वॉल्व नहीं करना चाहता था.

लेकिन आर्यन को बस दीप्ति की जान बचने में इंटरेस्ट था उसने सोच लिया था की वह तलवार और खज़ाना दोनों को hi राजा त्रिभुवन सिंह को सौंप देगा और दीप्ति को अपने साथ ले जायेगा शादी करके..... लेकिन किसी को भी अंदाज़ा नहीं था अगर वह आर्यन से उलझे तोह मौत को गले लगाना होगा.

उधर राजा रघुभार सिंह जोह पिछले 15 साल की गहन घूर तपस्या कर कुछ काली शक्तियां पा लिया था पिछले 2 दिन से आशाराम में hi अपनी साधना में लीन अपना तप बढ़ा रहा था उसके अंदर काली शक्तियों का अहसास राजगुरुजी को भी हुआ लेकिन वह भी शांत थे जब बड़े गुरूजी ( विशाल पेड़) का शिष्य आर्यन आ रहा है तोह मुझे बस रानी मिरदुला की रक्षा करनी है वह खुद सबका सामना करने में सक्षम है .

रात के 3 बजे जब होटल के अंदर दो भयानक प्रेतों ने घुसने की कोशिश की तोह एक अदृश्य शील्ड से उनका झटका लगा और अणि की नींद खुल गयी उसने मुस्करा के अपने सुनहरी योद्धा का स्मरण किया और प्रेतों को ख़तम करने का आदेश दिया तोह सुनहरी योद्धा ने दोनों के सामने प्रकट हो एक hi ाग्नि से ढकती तलवार के वार से दोनों को जला के रख कर दिया...... राजा रघुभार सिंह जोह धयान में यह सब देखा तोह उसको अहसास हो गया यह तो किसी बहोत पुराने काल के योद्धा का सैनिक था बिलकुल गोल्डेन कलर का यानी 4-5 हज़ार साल पुराण.

उधर जब दो प्रेत ने दीप्ति के कक्ष में जाने की हिमाकत की तोह एक बिजली के तेज़ झटके से दोनों दूर जा गिरे और एक बिजली की दूरी सी उनसे लिपट के झटके देते हुए दोनों को भसम कर दी ...... मीणा ने नींद में एक स्माइल ली और डॉली के गाल को किश कर उससे चिपट के सू गयी .

जबकि िश सबसे बेखबर दीप्ति तोह आर्यन के सपनों में खोयी थी और आर्यन सपनो में कभी शेरोन को कभी गैंडों को देख रहा था ...... यह सपने अब उसको डेली hi दीखते लेकिन अभी तक उसको समझ नहीं आया ऐसा क्यों हो रहा है ....... सारू की बाँहों में उसकी चूची चूसते किसी अबोध बलाक की मासूमियत उसके चेहरे पे जहलक रही थी लेकिन कोई नहीं जानता था कल से यह मासून सा दीखता सख्स राजस्थान की जमीन को खून से रंगने वाला है जिसकी सुहुर्वात अलवर की धरती से होगी.....??????

रघुभार सिंह को समझ में आ गया आर्यन दीप्ति की रक्षा की जा रही है , पहली परीक्षा में दोनों पास हुए लेकिन अगला वार उसने दोनों से पर्सनली मिल कर करने का सोचा तब पता लगेगा कितना दम ख़म है दोनों में ????

शायद दोनों बाप बेटे ने अपनी मौत को दावत देने का ठेका ले hi लिया था , क्यों जीवित रहेगा क्यों मरेगा यह तोह आने वाला वक़त hi बटेगा ..... ????

हार्ट हार्ट हार्ट
 
अपडेट - 33 हार्ट हार्ट हार्ट

PART - 7 ( दीप्ति )

सुबह 6 बजे आर्यन की आँख खुली तोह उसकी मम्मी सारू उसके ऊपर नंगी सोई थी ...... आर्यन की दोनों बाजों उसकी नंगी कमर और चूतड़ पे थी और सारू के दोनों हाथ उसके बगल से पकडे थे.

पूरा चेहरा उसकी घनी काली जुल्फों से ढाका था , आर्यन ने एक हाथ से उसके चेहरे पे आये बाल हटाए और सारू के दमकते सूंदर मासूम से चेहरे पे ऊँगली फेर के अपनी मम्मी की सुंदरता को निहारने लगा.

िश से ाची सुबह नहीं हो सकती की इतनी हसीं औरत उसके पेह्लूं में है और रात के प्यार के मिलान की खुसी उसके चेहरे को और लालिमान कर रही है.... रात को प्यार करते हुए 3 से ऊपर का टाइम हो गया था लेकिन आज भी परसों की रात की तरह आर्यन को बस मिलान के आनंद का याद था उसके बाद का नहीं .

अनजाने में hi सारू ने 2 रात आर्यन से मिलान कर उसको अपनी कमल ( लोटस ) की पूरी पावर दे दी थी जोह आर्यन को कई काली शक्तियों से बचने वाली थी.

आर्यन ने जब प्यार से आहिस्ता से सारू को साइड में लिटाने की कोशिश की तोह वो और जोरसे से उससे चिपक गयी और कुनमानै ," उफ्फ्फ !!!! नहीं अभी मत हिल राजे मुझे सोने दे ".

आर्यन को उसकी बात पे बड़ा प्यार आया और उसको वैसे hi रहने दिया और उसकी पीठ थपथपा के बच्चे की तरह सुलाने लगा , उसका लुंड खड़ा हो गया था जिसको सारू ने अपनी जाँघों को खोल में भींच लिया और दोनों फिरसे सो गए .

अणि सभा 5 बजे उठकर सुईठे में जाने लगी तोह रति को बहार सोफे पे सोता देखा तोह मैं में हसी अभी तोह सोफे पे सोई है अगर आर्यन मेरे साथ सूता तब तू गेट के बहार सू रही होती जल्दी hi वह वक़त भी आएगा जब तुझे अहसास होगा की जब किसी का बच्चा चीन लो तोह कैसा लगता है. ( सारू ने रात में शील्ड नहीं लगाई थी )

अणि ने आर्यन को सारू के साथ नंगा सोते देखा तोह कातिल मुस्कान लिए फ्रेश होकर अपने ट्रैकसूट और शूज फेन निकल गयी मॉर्निंग वाक पे उसकी सिक्योरिटी वाले उससे 50 मीटर की दुरी बना उसके पीछे थे. लंदन में भी ऐसा उनका डेली का रूटीन था .

एक पार्क में जा पहले रनिंग फिर योग की और 6 बजे होटल वापस आ गयम में गयी तोह डिंपल पायल के साथ बबिता भी थी वहां. अणि सबको गुड मॉर्निंग विश कर आधा घंटा एक्ससरसीसे की .

बबिता को यह देखकर ॉश्चारिये हुआ की अणि देखने में कितनी सॉफ्ट सी लगती है लेकिन वेट कितने हैवी उसे करती है एक्ससरसीसे के लिए . Dimple-Payal को पता था अणि क्या चीज़ है यह आर्यन से एक कदम आगे hi है .

डिंपल- पायल के साथ 10 मं. मार्टिकल आर्ट्स प्रैक्टिस के बाद बबिता के साथ उसके सुईठे में पहुंची तोह कविता मामी राहुल और महिमा के साथ सोई थी.

अणि ने महिमा को उठा लिया और बोली ," चल तुझे डैडी से मिलती हूँ".

बबिता मुस्करा के फ्रेश होने चली गयी और अणि ने महिमा का गाल चूमा और उसको रति के सुईठे में लेजाकर रति को मीठी आवाज में बोली," गुड मॉर्निंग नानी में फ्रेश होने जा रही हूँ आप महिमा को मम्मी के पास दे आयो यह वहीँ जाने की जिद कर रही है ".

रति भी उसको गुड मॉर्निंग बोली और महिमा को लेकर सारू के सुईठे की तरफ चल दी .( अणि अपनी शैतानी पे खुद हस्ती हुयी नहाने चली गयी )

रति ने सारू का सुईठे का दूर खोला तोह वो बस क्लोज था लॉक नहीं था .वह जब बैडरूम में घुसी तोह उसको सारू को पूरी नंगी आर्यन के लुंड पे अपनी गांड को ऊपर निचे करते देखा तोह शॉक रह गयी और हड़बड़ा के पीछे हुयी और महिमा की तरफ देखि जोह फिरसे सो गयी थी .

रति की सांसें तेज़ चलने लगी माथे पे पसीना आ गया, उसने महिमा को वही ड्राइंग हॉल में सोफे पे लिटा के फिर दबे पाओ से बैडरूम में झांकी तोह सारू बड़े प्यार से आर्यन के ऊपर लिअटि उसको चूमते हुयी हलके से अपनी गांड ऊपर उठती फिर हलकी सी जुम्बिश देकर लुंड को पूरा अंदर करती . लुंड भी उसके छूट रास सना था, तभी उसकी नज़र ड्रेसिंग टेबल के मिरर पे गयी तोह दोनों साइड से आंखें बांध किये चूमने में लगे प्यार से बिना किसी जल्दी के अपनी प्रेम लीला का पूरा लुफ्त उठा रहे थे.

सारू को उसने आज शादी के बाद दूसरी बार नंगा देखा पहले राज के साथ एक बार चुदाई करते जब सारू मायके आयी थी करीब 21 साल पहले और आज आर्यन के साथ. सारू आज तोह ुष टाइम से भी ज्यादा सेक्सी और बम हो गयी थी , तब लड़की थी अब पूरी गदराई औरत जिसने अपना जिस्म शपिल्य मेन्टेन किया हुआ है .

अपने दिल पे हाथ रख वह और न देख सकीय और वापस महिमा को उठा के सुईठे के बहार निकली और नीला ( डॉ अंजू की बॉडी गार्ड ) को बोली जा सारू के सुईठे के अंदर किसी को जाने मत देना जबतक सारू अंदर से न कही.

रति ने बबिता के पास जा महिमा को उसको दिया और बोली," इश्को दूध पीला दे ".

रति अब अपनी गभरहट छुपा के सीधा डॉ अंजू के सुईठे में पहुंची तोह डॉ अंजू , डॉ सलोनी और गरिमा तीनो कॉफ़ी पि रहे थे ..... रति को सबने गुड मॉर्निंग विश किया तब रति ने डॉ अंजू को अकेले में बात करने को कहा.

डॉ अंजू समझ गयी उसकी दीदी रति परेशां है तोह कॉफ़ी छोड़कर उसको अपने बैडरूम में ले गयी तब रति बोली," अंजू मुझे घबराहट हो रही है ".

डॉ अंजू ने रति को चेक किया उसकी पल्स तेज़ थी बप भी खुश बढ़ा था तोह उसको एक टेबलेट दी पानी के साथ और अपने बीएड पे लिएतने को कहा और उसका सर दबाने लगी. डॉ अंजू जानती थी उसकी बड़ी भें बहोत मजबूत दिल की औरत है ऐसी क्या बात हुयी जोह वो इतना घबरा गयी.

रति चुप थी बस उसको आर्यन सारू एक दुसरे से लिपटे काम क्रीड़ा में लिपट दिख रहे थे.

सारू ने रात में शील्ड न लगा के आर्यन को प्यार किया जिसका फायदा अणि को हुआ उसने अपनी मम्मी और आर्यन को चुदाई करते देखा तोह रति को शॉक देने का ाचा मौका मिल गया . उसने महिमा के बहाने रति को वहां भेजा ताकि रति की झांट hi नहीं आत्मा भी सुलगाह जाये. दोनों रति को जान से प्यारे थे , दोनों को प्यार करना सुन्ना और लाइव देखने में अंतर है.

अणि को लगा सारू के बारे में जान के रति आर्यन से जरूर लड़ेगी केदारनाथ से वापस आने के बाद लेकिन ज्यादा रिएक्शन न देख उसने आज अपना वार कर hi दिया बिना कुछ किये.

रति ने देवी के साथ आर्यन से छुड़वा था , जवान लड़कियां इवन अपनी पोती डॉली के साथ आर्यन का लुंड पे चूसा था . मंजू को बेशर्मो की तरह अपने hi बीएड पे चुड़ते हुए देखा बिलकुल नजदीक से . आर्यन का बस चलता तोह मंजू के ऊपर लिटा के रति को छोड़ता लेकिन रति को गुस्सा hi आया मंजू पे पर दुःख नहीं हुआ तीस नहीं उभरी जोह आज हुयी.

रति यह सब सोचते हुए अपनी आँखों से आसूं की बून्द टपका दी..... डॉ अंजू ने रति के आंसूं पहुंचे और उसका सर अपनी गॉड में राखी ," क्या हुआ दीदी मुझे भी नहीं बाँटोगी ?"

रति जोरसे रोटी हुए ," अंजू पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लग रहा है मेरा सबकुछ चीन गया में बर्दास्त नहीं कर पा रही हूँ ".

डॉ अंजू ने रति को दिलासा देते हुए कहा," अगर आर्यन का सोच रही हो तो कोई उसको आपसे अलग नहीं कर सकता वह आपसे बहोत प्यार करता है "...... डॉ अंजू से ज्यादा क्यों रति को जानता था , रति की साड़ी धन दौलत आर्यन hi था और उसके लिए रति का प्यार पागलपन की हद पार तक था.

रति ने सुबकते हुए कहा ," मेरी hi बेटी ने आर्यन को मुझसे चीन लिया , umhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhh आज उसने मुझसे बदला ले लिया आर्यन को वापस पाकर umhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhh ".

रति की रोने की आवाज बहार तक गयी तोह डॉ सलोनी और गरिमा भी अंदर आ गयी तोह डॉ अंजू ने गरिमा को बहार जाने को कहा ......

गरिमा ने आजतक अपनी बड़ी नानी रति को ऐसे रोटी नहीं देखा वह बहोत दिलेर और रोबदार औरत थी जिससे हर कोई डरता था , उसको लगा बड़ी बात है तोह थोड़ी डिअर सोचते हुए बहार जाकर अपने बड़े भाई आर्यन को कॉल लगा दी ..... दो मिस्ड कॉल के बाद आर्यन ने कॉल उठाया तोह बता दी बड़ी नानी रो रहीं हैं बुरी तरह. आर्यन बोलै बस 2 मं. में आया .

उधर डॉ सलोनी ने दूर लॉक किया और अपनी माँ डॉ अंजू को पूछी क्या बात हुयी . तब डॉ अंजू ने कहा ," जरूर आर्यन और सारू से रिलेटेड बात है और दीदी रो रहीं हैं ".

डॉ सलोनी ," बड़ी माँ क्या बात है मुझे नहीं तोह माँ को बता दो आपको बेटर फील होगा , मुझे पहले hi लगा जब यह आयी थी तोह टेंशन में लग रही थी".

डॉ अंजू ने सलोनी को बहार जाने को कहा तब रति ने बतया की वह महिमा को जब सारू के पास देने गयी तोह आर्यन और सारू दोनों नंगे चुदाई कर रहे थे.

डॉ अंजू भी एक बार हेम्प रह गयी आर्यन ने सारू को भी चूड दिया ," नहीं नहीं दीदी आपने किसी और को देखा होगा आर्यन और सारू ऐसा कभी नहीं कर सकते , आर्यन के घर की औरशन से समभंद हैं लेकिन अपनी सगी मम्मी को तोह कभी ुष नज़र से नहीं देखता और ऐसा हो hi नहीं सकता फिर सारू जैसी समझदार और सुलझी लड़की कभी अपने बेटे को ुष नज़र से नहीं देखेगी आपको गलतफेम्ही हुयी है कहीं आपने गन्दा सपना तोह नहीं देख लिया , हो सकता जैसा आपका रिलेशनशिप है आर्यन से तोह इंसान को सब वैसे hi लगने लगते हैं ".

डॉ अंजू को 1% भी रति की बात पे विश्वास नहीं हुआ उल्टा अपनी दीदी को बाहमी बोल दिया. रति को अब गुस्सा आया की उसकी छोटी भें उसकी बात पे विश्वास नहीं.

रति बैठकर ," ाचा तुझे मुझ पर विश्वास नहीं , मैंने अपनी आँखों से दोनों को आधे घंटे पहले देखा और कल जब आर्यन गाओं से दिल्ली आया तोह उसने बता दिया था की वह और सारू के जिस्मानी समभंद बन गए हैं और अब आगे भी रहेंगे पर सबसे बड़ी बात वह सारू से भी शादी करेगा सबसे चिप्पा कर और तुझे मेरी बात का विश्वास नहीं ".

डॉ अंजू तोह मोह फाड़े ऐसे रति को देख रही थी किसी ने उसके ऊपर सांप छोड़ दिया हो , लेकिन विश्वास अभी भी नहीं हो रहा था.

तभी दूर पे नॉक हुआ तोह रति ने दूर खोला आर्यन अंदर आया पहले दोनों को देखा फिर दूर बंद करके बोलै," क्या बात है माँ तू रू क्यों रही थी ?"

रति के चेहरे से लग रहा था वह रोई है लेकिन वो चुप्प hi रही तोह आर्यन ने अंजू की तरफ देखा तोह वो भी कुछ नहीं बोली. आर्यन ने आगे बढ़कर रति को अपने से लगया तोह वो उसको पिछले दाखिल रही थी तब आर्यन ने उसको गॉड में उठा लिया और दूर खोल के बहार निकल गया .

डॉ सलोनी और गरिमा हसने लगये लेकिन रति बिलकुल चुप्प थी. आर्यन भी स्माइल देते हुए बोलै," आप सब भी रेडी हो जायो फिर हमको राजा त्रिभुवन सिंह के यहाँ ब्रेकफास्ट पे जाना है 9 बजे निकलेंगे ".

डॉ अंजू पीछे से बोली ," तू अपनी माँ का धयान रख उनको घबराहट हो रही थी मैंने मेडिसिन दे दी में भी थोड़ी डिअर में आती हूँ ".

आर्यन रति को ऐसे hi गॉड में लिए उसके सुईठे में ले गया और दूर बंद कर उसको सोफे पे बिठया और पानी लेकर उसको दिया तो उसने मोह दूसरी तरफ कर लिया. मेडिसिन का असर था जोह डॉ अंजू ने दी थी टेबलेट ाँटिएन्सीएटी वाली तो रति अब नार्मल हो रही थी पैनिक नहीं थी .

आर्यन ने निचे बैठते हुए कहा ," पहले पानी पि फिर गुस्सा कर लियो ".... और उसका चेहरा अपनी तरफ कर उसको पानी पीला दिया.

आर्यन ने उसके दोनों हाथ अपने हाथ में लेकर सेहलता हुआ बोलै ," तुझे क्या जरुरत थी वहां मम्मी के पास आने की फिर वह सब देख के इतनी घबरा गयी जैसे तूने पहली बार मुझे किसी के साथ देखा हो ".

रति भी उसकी बात सुन उसको घूरने लगी तुझे कैसे पता लगा मनो पूछ रही हो. आर्यन ने जवाब दिया," मैंने मिरर से तुझे जाते हुए देखा था , तुझे कल बतया तोह था अब मम्मी से मेरा रिश्ता जुड़ गया है , पहले वह सिर्फ मेरी मम्मी थी अब मेरी लवर भी है और कल को बीवी भी बनेगी . यह बात तुझे पसंद हो या न हो पर होगा जरूर और इश्क कारन में तुझे सही समय पे बता दूंगा ".

रति ने अपना हाथ अलग किया और चेहरा घुमा के बोली," तोह जा न अपनी मम्मी के पास यहाँ क्या कर रहा है , तुझे क्या फरक पड़ता है में जियों या मरुँ".

आर्यन ने भी छेड़ते हुए कहा ," ठीक है मरना है तोह मर जाना पहले मेरे 12 बच्चे पैदा कर फिर मर लियो ".....

रति गुस्से से उसको देखि तोह हसने लगा बेचारी और कैलाश के रह गयी और आर्यन के सीने पे मारने लगी तब आर्यन उसके दोनों चूतड़ के निचे हाथ रख उसको उठा लिया और बैडरूम में लेजाकर के नंगा कर आधे घंटे उसको छोड़ के अपना विरए उसकी छूट में भर दिया ....

रति बहोत गाली दी मन भी की लेकिन आर्यन ने खुद ठंडा होक hi रुका...... रति तोह 5 बार झाड़ गयी थी.

रति अभी भी नंगी लेती थी आर्यन अपने कपडे डाला और बहार आया तोह डॉ अंजू सोफे पे बैठी थी जोह उसको देखकर मुस्काई," कर दिया दीदी को रिलैक्स ".

आर्यन हसकर उसके पास जा उसको दो मं. चूमा फिर उसको सब बता दिया की गोअन से केदारनाथ तक का फिर दिल्ली आने तक का . यहाँ दीप्ति के लिए सबको राजी करने की जिम्मेदारी डॉ अंजू को दिया . जंगल वाली बात उसने डॉ अंजू को नहीं बताई. लास्ट में बोलै ," में जब दिल्ली आऊँगा तोह आप रेडी रहना अब आपकी बॉडी बिलकुल ठीक हो गयी है बस वह काढ़ा और जूस जरूर पीते रहना ".

डॉ अंजू ने आर्यन का कान ऐंठा ," तुझे जब सब जवान लड़कियां और औरतें मिल रहीं है फिर भी हम भुधि बहेनो के पीछे क्यों पड़ा है ".

आर्यन ने उसके लिप्स पे चूम के कहा," भूल गयीं शिमला में क्या मन लिया था मुझे आपने....... अपना दूसरा सोहर फिर बीवी भुधि हो या जवान बस पति के लुंड के लिए हमेशा त्यार रेहनी चाइये ".

डॉ अंजू भी उसके गले लगकर ," जा तू भी रेडी हो जा में दीदी को समझा लुंगी वह बस तुझे किसी के साथ बर्दास्त नहीं कर पाती "...... आर्यन फिर भी उसकी 5 मं चूची पीया फिर गया.

आर्यन के जाने के बाद डॉ अंजू ने देखा रति बीएड पे बिलकुल नंगी सोई है , आर्यन ने ाचे से रगड़ा था छूट से विरए भी बहकर बहार आ रहा था .....

डॉ अंजू मुस्कारि ," सारू से जलन हुयी और खुद को कोई देख लेगा तोह जलने के साथ बोलेगा नहीं की खुद बेशर्म होकर अपने hi बेटे से चुदवाती है िश उम्र में भी और अब बच्चा भी चाहिए . आर्यन को यहाँ तक लाने में इनका hi तोह हाथ है, खुद छुड़वाई , मुझको भी छुड़वाया अपनी बड़ी बहु कविता छुड़वा दी पोते के लिए और आर्यन खुद किसी को छोड़ने जाये तोह इनकी झांट सुलह जाती है . झांट है hi कहाँ देखो छूट साफा चाट रखती हैं ताकि मौका मिलते hi आर्यन इनके ऊपर चढ़ जाए . कल भी छुड़वाई और अभी आज सुबह सुबह ".

डॉ अंजू बाथरूम से एक टॉवल गीला करके लायी और रति की छूट साफ़ की फिर दुसरे टॉवल से फेस और बॉडी भी , रति बस शर्मा के एक बार उसको देखके आँख बांध किये लेती रही . डॉ अंजू ने उसको पलट के उसकी बैक भी साफ़ की .

फिर एक गाउन लिया और रति को पहना दिया फिर इण्टरकॉम से जूस और सैंडविच आर्डर की .

रति के पास बैठकर ," अब तोह आप खुस हो न दीदी "...... रति बस सर झुका के स्माइल करती रही .

डॉ अंजू ," वैसे इतना गुस्सा और जलन इतनी घबराहट आपको सारू से नहीं हुयी , वह सिर्फ इशलिये हुयी सारू की जगह आप आर्यन की बाँहों में क्यों नहीं हो . देखो दीदी मुझे गरिमा ने बताया की उसने आपको रोटी देख आर्यन को कॉल किया और देखो वह भगा भगा आया सिर्फ 2 मं में चाहिए वह किसी के भी साथ था . खुद सोचो जैसा आपको फील हुआ वैसा गीता और मीणा को फील होने लगा तोह आर्यन किसी के पास नहीं जा पायेगा . वह दोनों उसकी जान है लेकिन दोनों बहोत बड़े दिल वाली हैं उनको पता है आर्यन स्पेशल है फिर हम सबका एकलौता बीटा अलग से , दोनों आर्यन को नहीं रोकती उनको पता है सबकी जिम्मेदारी ुष पर है . सारू का सच्च भी बहोत कड़वा hi है , हम दोनों समझते की उससे ज्यादा कोई खुश नहीं है , उसको सबसे अच्छा पति मिला लेकिन वह भी वहीँ कड़ी मिली जहाँ मंजू थी . मंजू थोड़ी बेवकूफ है लेकिन किस्मत की धनि है , पहले जलाद जैसा पति मिला तोह राज सिंह ने उसके दुःख दर्द दूर किये और नेहा पैदा हुयी. अब राज सिंह से अलग हुयी तोह आर्यन ने उसका हाथ थाम लिया और हाँ एक खुशखबरी है मंजू प्रेग्नेंट है उसका प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव है ".

( आर्यन ने िश राज को खोलने के लिए डॉ अंजू , अपनी मम्मीजी को आगे कर दिया)

रति की तोह आंखें फटी रह गयी तब डॉ अंजू बोली," अपनी बेटी के प्रेग्नेंट होने पे शॉक लगा मगर यह सोचो जब आपकी न्यूज़ मिलेगी की आप प्रेग्नेंट हो तब सबको शॉक लगने वाला है और सबसे पहले सवाल राजवीर जीजाजी और आपके बच्चे करेंगे ".

डॉ अंजू ने जहाँ बम फोड़ा वहीँ बर्फ का ठंडा पानी भी उढेल दिया रति पे. उसके पास कोई जवाब न था सब लॉजिक और रीजनिंग ख़तम हो गयी इतनी बड़ी बिज़नेस वुमन की.

डॉ अंजू ने रति को परेशां देख के कहा ," एक सलूशन है आप की इच्छा भी पूरी हो जाएगी और कोई ऊँगली भी नहीं उठेगा ".

रति ने अब मोह खोला," और वह क्या है".

डॉ अंजू हसकर ," वैसे आर्यन ने आपको फूल की तरह खिला सा दिया है , मुझे आपकी हरकेटिन बिलकुल अब 18 साल की लौंडिया की तरह लगती है जोह अपने नए शादी शुदा बॉयफ्रेंड की बीवी की तक में रहती है कब बीवी कहीं जाए में अपने बॉयफ्रेंड से मजे लूँ . सुधर जायो आर्यन की पहले से 5 होने वाली बीवियां हैं 6तह दीप्ति रेडी बैठी है और सबसे ज्यादा गुलछर्रे आप उदा रही हो आर्यन के साथ . अब जायो नाहा कर आयो फिर आपसे जरूरी बात करनी है ".

रति बड़ी मुश्किल से कड़ी होकर बाथरूम गयी , आर्यन ने बड़ी बेहरमी से पेला था ताकि जब दर्द हो दुसरे से जलन भूल जाये बस एहि याद रहे मेरी सुबह सुबह hi छूट फाड़ गया.

दोनों बहेनो ने थोड़ी डिअर बाद जूस और टोस्ट खाते हुए डिस्कशन किया फिर डॉ अंजू ने रति के दिमाग़ में बात डाली ," आप यह मत सोचो आर्यन के साथ कोण क्या करती है बस अपना प्यार जब मौका मिले ले लो वैसे भी वह कहीं भी हो लौट के आपके पास hi आएगा. उसको सब खुश कर सकती हैं लेकिन माँ का प्यार आप hi उसको देती हो उसकी एहि फीलिंग आपकी एडवांटेज है. कभी भी आजमाना लेना सैकड़ों लड़कियों औरशन में भी वह सबसे पहले आपको hi ढूंढेगा ".

डॉ अंजू बहोत बड़ी डॉक्टर थी और साथ में बहोत सुलझी हुयी औरत भी , आज रति को इतना कायमब बनाने में उसकी hi म्हणत थी . डॉ अंजू ने रति को अपने तरीके से समझाया और रति को भी सबसे तगड़े सहारे की जरुरत थी जोह उसकी छोटी बेहेन से ाचा कहाँ होता . देवी , आर्यन की दादी भी रति को सपोर्ट करती थी लेकिन सायद बच्चे वाली बात पे न करे.

(सारू सही बोलती थी गीता न होती तोह डॉ अंजू , रति को न बचा पति ुष पोस्टपार्टम िस्टरीकल स्टेज से ..... न डॉ अंजू उसके बाद रति की मोह बोली छोटी भें बनती और न रति अपना घरभर छोड़कर चौदर्य माधव सिंह के बिज़नेस को संभालती . गीता की वजह से आज हमारा खानदान िश मौकाम पे है , और सच्च भी एहि था )

लास्ट में डॉ अंजू बोली," यह जोह आर्यन की 6 बीवियां हैं यह आपकी हर इच्छा की चाबी हैं , आप इनको हाथ में रखो मतलब िंहपर अपना स्नेह बांये रखो हर ताला ( लॉक) खुल जायेगा आपके लिए. 6 की 6 को एक साथ बांध के रखो आर्यन खुद आपसे बंधा रहेगा".

डॉ अंजू ने रति देवी को उसकी सफलता का मूल मंतर दे दिया था ..... रति उसको कैसे उसे करेगी यह तोह आने वाला वक़त hi बटेगा...... ??????

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सुबह 9 ऍम

हवेली में खूब चहल पहल थी आर्यन के सब घरवाले दीप्ति को पसंद करने उसके यहाँ पहुंचे हुए थे..... सबको पहले hi बता दिया गया था की दीप्ति को आर्यन के लिए पसंद किया गया है लेकिन क्यों उसकी वजह डॉ अंजू ने सबको सुबह चाय के टाइम बता दी थी और गीता और जाने भी रेडी है तोह किसको ऐतराज होता .

घर की लगभग सब लेडीज को आर्यन की 5 लड़कियों से शादी का पता है लेकिन 6तह अब दीप्ति होगी यह सबके लिए शॉकिंग न्यूज़ थी लेकिन डॉ अंजू ने बताया की आर्यन hi उसका सच्चा प्यार है और डॉक्टर्स ने भी बोलै है की उसकी जान को खतरा होगा अगर आर्यन से शादी नहीं हुयी तो.

किसी को भी यह बात हज़म नहीं हुयी लेकिन डॉ अंजू से कोण आगे करता और सब जानती थी की डॉ अंजू को यह सब रति देवी ने hi बोलने को कहा होगा फिर वीडियो कॉल से आर्यन की दादी ने भी डॉ अंजू के प्रस्ताव पे अपनी मोहर लगा दी ......

( लेकिन सच यह था डॉ अंजू के पास जाकर आर्यन ने उसकी चूची पि के पता लिया था की उसको दीप्ति के लिए सबको राजी करना है और दादी भी मदद करेगी )

रति अभी कोई भी पन्गा नहीं चाहती थी जिससे अणि को मौका मिले फिर आर्यन ने पहले hi बता दिया था वह दीप्ति की जान बचने के लिए उससे शादी भी करेगा.

सब लेडीज जानती थी की अगर कोई सच्च बता सकता है तो वह है आर्यन या फिर मीणा. सबको रेडी हनी को कहा गया और आर्यन ने दीप्ति के यहाँ ब्रेकफास्ट के बाद जयपुर घूमने और शॉपिंग का प्रॉमिस किया.

दोपहर 2 बजे सब चार्टेड एयरोप्लेन से वापस जा रहे थे सिर्फ सारू , मीणा , अणि और गीता को छोड़कर ...... बिना भी आर्यन के साथ रुकने वाली थी और रति सबको लेकर वापस जाएगी .

आर्यन ने रति से वादा लिया वह सबको प्रोटेक्ट करेगी जबतक वह वापस नहीं आता. वैसे वह चाहता था अणि उसके साथ रहे तब अणि ने साफ़ इंकार कर दिया की यह आपकी लड़ाई है में कोई मदद नहीं कर सकती लेकिन आपके साथ हूँ आगे आपको hi दीप्ति के साथ जाना होगा .

सच्च तोह यह था गुरूजी ने hi अणि को दूर रहने को कहा था , वैसे भी उसकी सख्ती ुष दिव्या तलवार को आर्यन के सामने प्रकट नहीं होने देगी , दिव्या तलवार को उसका वररिस hi खोज सकता है जिसको उसने चुना हो और कोई भी सख्ती ुष्पर असर नहीं करेगी ...... ऐसा दीप्ति के कारन था .

(*दीप्ति िश अपडेट 33 में सबसे लास्ट part में अपनी और तलवार की कहानी आर्यन और सबको सुनाएगी तब पूरा सच हम सबको पता चल जायेगा बस इतना हिंट देता हूँ ुष दिव्या तलवार का अंश दीप्ति में भी है )

राजा त्रिभुवन सिंह ने दोनों रानियों के कहने पे सुबह 6 बजे hi रति देवी को कॉल कर मेहमान नवाजी का अवसर देना की प्राथना की और परिवार सहित नाश्ते पे आमंत्रित किया ......नाश्ता क्या ऐसे लग रहा था 56 डिशेस रेडी की गयीं हो . सबने लजीज नाश्ते का लुफ्त उठाया और खूब प्रशंसा भी की.

राजा त्रिभुवन सिंह ने बतया की दीप्ति का भाई राजा जबर सिंह भी अपनी फॅमिली के साथ आ रहें है.

10 बजे राजा जबर सिंह भी अपनी 3 रानियों के साथ वहां आये फिर सबसे परिचय हुआ ...... लेकिन आर्यन की और रति देवी की फॅमिली देखकर वह और उसकी रानियां भी इम्प्रेस्सेड हुयी ..... इतनी एक से एक सूंदर औरतें और लड़कियां जिनको देखकर दोनों राजा के लुंड भी खड़े हो गए खासकर सारू और अणि तोह अप्सरा hi लग रही थीं.

चूँकि सारू लड़के की मम्मी थी तोह रिश्ते के बाद उनकी संधान hi लगती क्योंकि त्रिभुवन दीप्ति का मोह बोलै बाप लगता था. सारू ने भी दोनों से शिस्टाचार से बात की , अणि और मीणा दोनों की मनसा समझ की है रही थी .

मीणा ने अणि की कान में कहा ," यह सारू मम्मी को देखकर लार टपका रहीं हैं यहाँ इनकी बीवियां डिअर न लगेंगी अपनी टांग खोल के गीली छूट में आर्यन का लुंड लेने के लिए ".

अणि हसकर ," हैजिंदों की मौत आ जानी है अगर मम्मी के नजदीक भी नज़र आये और आप भाई के पास जायो वह अभी भी बस मम्मी को hi नज़र बचा के देख रहा है , वैसे भी औरशन की नज़र तेज़ होती है किसी को साख नहीं होना चाइये ".

मीणा हसकर आर्यन के पास जाकर बेथ गयीं और उसको अणि की वार्निंग सुनाई तोह झेप गया ..... सारू 2 दिन से आर्यन से छुड़वा रही थी आज तोह त्यार भी इतनी साझ धज के हुयी वह खुद दीप्ति की उम्र की लग रही थी . अणि जवान लड़की थी लेकिन सारू पूरी औरत थी जिसकी खूबसूरती और तान सबसे ज्यादा खिला था .

दीप्ति के आने के बाद विवाह का प्रस्ताव डॉ अंजू ने रखा तब राजा त्रिभुवन सिंह ने हाँ कहा तोह राजा जबर सिंह बोले ," वैसे तोह आर्यन हर तरह से दीप्ति के योग वर है लेकिन हमारे यहाँ एक परंपरा रही है की जब बेटी की शादी किसी गैर राजपूत से हो तोह ुष वर को एक स्वयंवर आयोजन में पहले प्रतियोगिता में सबको हराना होगा तब लड़की वर माला उसके गले में डालेगी".

राजा जबर सिंह की बात ख़तम होते hi सब उसको hi देखने लगे . तब उसने राजा त्रिभुवन सिंह से कहा की ,"यह हमारी रीती है हमको भी पालन करना चाहिए".

डॉ अंजू ने कहा ," राजा शभ आपकी बात उचित है लेकिन हमारा बीटा आर्यन तोह कोई राजकुमार नहीं है फिर यह सब दीप्ति से जुड़े उसके जीवन और ख़ज़ाने के लिए हो रहा है . वैसे भी आर्यन को चुकार तोह दीप्ति ने hi अपना वर उसको चुना है".

राजा जबर सिंह ," डॉक्टर मैडम में आपकी दुविधा समझता हूँ , दीप्ति भी मेरी रिश्ते की छोटी भें और बेटी लगती है . हमारा भी एक गौरवशाली समाज है हमको भी सर उठा के जीना है . फिर दीप्ति राजा त्रिभुवन सिंह की गद्दी की उत्तराधिकारी है और हमारे बाद मेरी जगह कौंसिल चेयरमैन की कुर्सी भी ुशी की होगी यानी आर्यन के साथ बैठेगी विवाह की बाद . अब आप बतिये यह कोई छोटी मोती बात नहीं है इशलिये दीप्ति के लिए आर्यन हर तरह से योग है पूरे राजपूताना को गवाह होना चाहिए तभी तोह दोनों के आगे सब मस्तक सम्मान से झुकयेंगे , क्यों राजा त्रिभुवन क्या मेरी बात असत्य है ".

राजा त्रिभुवन सिंह को भी उसकी बात पे हाँ में हाँ मिलनी पड़ी .....

तब ठकुरियन रूपा खड़े होकर बोली," आप ऐसी शरत रख के क्या साबित करना चाहते हैं . आर्यन और चौदरीअन रति देवी के पिता चौदर्य माधव सिंह का खंडन भी रजवाड़े रहे हैं. एक टाइम पे पूरे प्रदेश में दुर्र दुर्र तक उनका hi राज था . देश आजाद हो गया और एक पूर्ण भारत का निर्माण हुआ अब कोई राजा का सहसं नहीं है , लेकिन अगर हैसियत की बात है तोह याद दिला दूँ हमारे यहाँ चौदरीअन रति देवी अपने आसपास के 40 से ज्यादा गाओं और पूरे प्रदेश में सबसे सम्मानिये है . 50000 करोड़ के बिज़नेस एम्पायर की मालकिन और आर्यन उनका अकेला वारिस है. अरबों की प्रॉपर्टी पूरे इंडिया में और विदेशों में है. वह जोह आर्यन की छोटी भें बैठी है अनीता सिंह , अकेली ' अनीसा कंपनी ' की मालकिन है जोह यहाँ प्रोजेक्ट लगा रही है आपके hi स्टेट में क्यों राजा शभ आपको तोह सब पता है कल hi डील फाइनल हुयी . रही रजवाड़ों की बात आपकी पावर यहाँ सिर्फ अपने स्टेट में हैं और िंह तीनो को इंडिया hi नहीं बल्कि फॉरेन कंट्री के मिनिस्टर्स भी अपॉइंटमेंट लेकर मिलते हैं तोह यह है हैसियत की बात . दूसरी बात यह जब आपने लायक का प्रसन उठाया तोह बता दूँ वह जोह लड़की बैठी है उसका नाम गीता देवी है वह ठाकुर है और उसके माँ बाप की मौत के बाद हमारी चौदरीअन रति देवी ने अपना दूध पिलाकर बेटी की तरह बड़ा किया बिना जाती देखे और अब वह आर्यन की बीवी बनेगी यानि पूरी धन दौलत बिज़नेस एम्पायर की अकेली मालकिन अपनी माँ के बाद. दूसरी है जाने हॉल यानी अमेरिका की सीनेटर मारिए हॉल की इकलौती बेटी अभी अमेरिका गयी हुयी है वह आर्यन की दूसरी बीवी बनेगी और बाकी 3 और भी हैं फिर भी आपको आर्यन की जरुरत है की दीप्ति से शादी करे और उसकी जान बचाये और खज़ाना भी खोजे . अब जोह बोलना हो सोच समझ के बोलना आप लड़की वाले हो ".

ठकुरियन रूपा की बात सुनकर वहां सन्नाटा हो गया लेकिन तभी गीता और मीणा ने ताली बजानी शुरू की तोह सब लड़कियां और आर्यन की फॅमिली ताली बजने लगे ...... आर्यन उठकर ठकुरियन रूपा को अपनी गॉड में उठा लिया और उसको घूमकर सबके सामने बोलै ," माफ़ करना आप सब लोग , यह मेरी माजी मुझे बहोत प्यार करती है ...... िह्नोने जोह बोलै सुनकर ाचा लगा पर मुझे भी इतना नहीं पता था हमारे बारे में. आप बोलिये राजा साहब में राजकुमारी दीप्ति के लिए कुछ भी करूँगा लेकिन अगर फिर आप पीछे हटे तो हटने भी नहीं दूंगा ".

ठकुरियन रूपा को अपने पास बिठा के आर्यन उसका गाल चूम लिया और वह भी हाथ से उसका सर सहाई ......

लेकिन सारे मर्दों की और जोह औरतें आर्यन को नहीं जानती थी आंखें चौड़ी थी जिस तरह से 1 क्विंटल की ठकुरियन रूपा को उठा लिया और बड़े प्यार से अपनी बात कर उसको लेजाकर अपनी सीट पे बिठा लिया .

* पिछले 8-10 दिन में ठकुरियन रूपा का वट 120 कग से 105 कग हो गया था आर्यन की दवाई ,मालिश के तेल और एक्ससरसीज़े करने से. पर अभी दीखता नहीं था .....

राजा त्रिभुवन सिंह बोले ," ठकुरियन बात आपकी सही है हमे कोई संदेह नहीं है लेकिन हम भी राजा जबर सिंह की बात नहीं काट सकते और यह दीप्ति के सेज मामाजी के बेटे भी हैं ".

राजा जबर सिंह ," हाँ एक बात बता दूँ मेरे पिताजी महाराज रघुभार सिंह भी हिमालय से लौट आएं हैं तोह वह भी अलवर आएंगे राजगुरुजी के साथ आज ".

फिर डॉ अंजू और ठकुरियन ने कुछ बात राखी और उधर से दोनों राजाओं ने..... आखिर कार रति को बोलना hi पड़ा .

रति देवी ," राजा शभ अगर आपको लगता है मेरे बेटे आर्यन को स्वयंवर में राजकुमारी दीप्ति का हाथ आप देंगे तोह में याद दिला दूँ अपनी झूटी शान में आप कितना खून अपने निर्दोष लोगों का भा डोज मुझे नहीं पता लेकिन इतना जानती हूँ आर्यन और उसकी भेने अपने पे आ गए तोह आपका पूरा प्रदेश पुरुष विहीन न हो जाये ".

रति देवी ने तोह जैसे संख नाद hi कर दिया और जोरसे बोली," जबतक हम दीप्ति को लेकर अपने साथ नहीं जायेंगे यहाँ से कोई वापस दिल्ली नहीं जायेगा . हमको सूचित कर देना कहाँ आना है वहीँ आकर हम दीप्ति को जीत के ले जायेंगे लेकिन अगर कोई अपनी बात से पीछे हटा तोह आर्यन ुष आदमी के धड़ पे सर नहीं होना चाहिए चाहिए राजा हो या रंक ".

रति देवी इसी के साथ सबको लेकर वापस होटल लौट गयी , हवेली में सब औरतें मायूस थीं बस दीप्ति को छोड़कर उसको पता था आर्यन उसको लेने जरूर आएगा .

मीणा ने जाते हुए दीप्ति के सर पे हाथ रखकर मंतर पढ़ा और एक अदृश्य शील्ड बन गयी .

फाइनली यह तय हुआ पहले सब जयपुर की फेमस जगह जायेंगे फिर पूरे बज़्ज़ार से शॉपिंग और फिर लंच. सबने बहोत मस्ती की . रति ने सबको बोल दिया था सब एन्जॉय करो दीप्ति का कोई जीकर नहीं करेगा अब वह लड़की होने से पहले हमारे खानदान की ट्रॉफी बनेगी ऑफ़ भी जीती हुयी.

सारू के साथ अणि और मीणा मुस्करा रहे थे ...... पिछले जनम में पद्मा देवी ( सारू) को महार्यं सबको हरा के जीत के लाया था . ुष समय जीती हुयी स्त्री बस गुलाम या रांड hi बनती थी लेकिन महार्यं ने उससे शादी कर ली सबसे खूबसूरत और लाड़ली रानी बानी पद्मा देवी.

िश जनम में आर्यन को दीप्ति के लिए स्वयंवर में आये वीरों से लड़ना था लेकिन रति उनकी मक्कारी समझ गयी उनको आर्यन भी चाहिए , दीप्ति उससे शादी न करे और ख़ज़ाने के साथ दिव्या तलवार भी चाहिए .....

वहां ललकार के रति ने अपनी मनसा तोह जाहिर कर दी की अब दीप्ति भी हमारी होगी , शादी भी होगी , खज़ाना के साथ तलवार भी ..... लेकिन दोनों सीट अब रति को चाहिए थी अलवर की राजगद्दी और राजपूताना कौंसिल की चैरमानशिप वह भी आर्यन और दीप्ति के नाम . साला हर ठाकुर का सर मेरे बेटे आर्यन के सामने झुकेगा .

आर्यन दोपहर के 2 बजे कम शभ के यहाँ लंच पे चला गया .

हार्ट हार्ट हार्ट
 
अपडेट 33 हार्ट हार्ट हार्ट

Part -8 (ा) (दीप्ति)

कम के यहाँ लंच पे आर्यन उनके परिवार से भी मिला और लंच के बाद कम ने पुछा ," आर्यन बीटा जब तुम पॉलिटिक्स में इतना इंटरेस्ट रखते हो तोह हमारी पार्टी ज्वाइन क्यों नहीं करते ".

आर्यन बस मुस्करा भर दिया फिर बड़े धैर्य से बोलै ," सर में बिजनेसमैन हूँ और अपनी महापंचयत का सेवक hi रहना चाहता हूँ . पॉलिटिक्स ज्वाइन कर में बहोत नीच आदमी बन जाऊंगा जोह मेरे बापू यानी चौदर्य माधव सिंह की आत्मा को गवारा नहीं होगा ".

कम को आर्यन की नीच वाली बात पसंद नहीं आयी लेकिन फिर भी बोले ," आर्यन तुम नहीं जानते लेकिन में खुद चौदर्य माधव सिंह से 2 बार मिल चूका हूँ . बहोत hi नेक और दयालु इंसान थे , तब मैंने पॉलिटिक्स ज्वाइन hi की थी और मला का इलेक्शन लड़ने वाला था वह दिल्ली आये हुए थे ........ उन्हों ने एक बात कही थी 'इंसान गिर सकता है , उठ सकता है पर खो नहीं सकता ' ..... नहीं समझे ".

आर्यन बस उनको देखता रहा तब वह बोले," इंसान अपने अच्छे कर्मो से सबका भला कर उनकी नज़रों में उठ सकता है , बुरे कर्मो से पापी बनाकर घिरना के काबिल हो जायेगा यानी सबकी नज़रों में गिर सकता है परन्तु वह िश नियति से भाग नहीं सकता यानि कहीं खो नहीं सकता . पॉलिटिक्स में भी लोग गिर उठ सकते हैं लेकिन गायब नहीं हो सकते आप रिटायरमेंट भी लोगो तोह तुम्हारे करम तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ते . रही बात नीच की तोह तुम इतने कमजोर नहीं बल्कि काफी बुद्धिमान लगते हो ".

आर्यन भी सीरियस होकर बोलै ," जी सर , में अलर्ट रहता हूँ लेकिन पॉलिटिक्स में मुझे कई ऐसे काम करने होंगे जोह कभी सही नहीं कह लाये जा सकते और मुझे बस जीतना hi आता है यह मेरा कभी कभी नेगेटिव पॉइंट हो जाता है . में पॉलिटिक्स ज्वाइन कर जीतने लगा तोह सही गलत नहीं तोलूँगा बस मकसद जीतना होगा . एहि वजह है बापू ने मुझे और मेरी छोटी भें अनीता सिंह ( अणि) को कभी पॉलिटिक्स ज्वाइन नहीं करने का वादा लिया . मैंने उनके फैसले को पूरे परिवार पे लागु कर दिया . मेरे खानदान से कोई पॉलिटिक्स ज्वाइन नहीं करेगा".

कम शभ भी उसकी बात पे मुस्करा के बड़े प्यार से बोले ," यानी चौदर्य माधव सिंह के खंडन की होने वाली बहु राजकुमारी दीप्ति भी पॉलिटिक्स ज्वाइन नहीं करेगी ?"

दीप्ति का नाम सुनकर आर्यन भी स्माइल के साथ बोलै," आपको जब पता है तोह मेरी बीवी बनकर दीप्ति कभी पॉलिटिक्स ज्वाइन नहीं करेगी ".

कम शब् के चेहरे पे पहली बार आर्यन के आने के बाद सच्ची स्माइल आयी तोह खुश होकर बोले ," मालिक ने तुम्हारे बारे में ठीक कहा था लेकिन मेरे hi आदमी और मंत्रिओं को क्यों रिश्वत खिला रहे हो भाई जब हम एक दुसरे पे विश्वास करके बात कर सकते हैं. तुम मुझपर विश्वास करो में तुम पर तोह दोनों का फायदा hi होगा और पुराने रिश्ते जोह चौदर्य माधव सिंह के टाइम से हैं टूटेंगे नहीं ज्यादा मजबूत होंगे ".

कम और आर्यन िश समय उनके स्टडी रूम में थे फिर वह आर्यन को लेकर अपने प्राइवेट मीटिंग हॉल में गए जहाँ उनके 2 बेटे और इंडस्ट्रियल मिनिस्टर भी बैठे थे . वहां पहुंचकर आपस में फॉर्मल टॉक्स के बाद ड्रिंक्स सर्वे हुए तब कम शभ बोले," देखो आर्यन बीटा में तुमको 2 ंप की सीट देता हूँ लेकिन अगले साल हम स्टेट इलेक्शन हार भी सकते हैं ".

आर्यन भी बड़े प्यार से जवाब दिया ," सर आप प्रॉफिट की कुछ बात कर रहे थे "...... तभी वहां स्टेट होम मिनिस्टर आये .

उसने कम सर को विश किया और आर्यन से हाथ मिलाया . तब कम ने कहा ," देखो आर्यन यह जो मेरा छोटा बीटा है यह 2 फैक्ट्री डालना चाहता है तुम्हारे स्टेट में . बड़े बीटा की तुम्हारी hi कंपनी में पार्टनरशिप पहले से है भले स्माल शेयर सही . तुम क्या छोटे बेटे की मदद करोगे और पार्टनरशिप भी ".

आर्यन ने छोटे बेटे को देखा फिर बड़े बेटे को तब उसने कहा ," कम सर माफ़ करना पर आपके दोनों बेटे मेरे किसी काम के नहीं , रही इन्वेस्टमेंट की बात फैक्ट्री में इनके साथ पार्टनरशिप कर के में पैसा बोरे में भर के पेट्रोल चिढ़कर आग लगा दूँ "...... कम को भी अपने नायलक बेटों का पता था कितने कानिल हैं.

जोह बात कोई कहने की सोच भी नहीं सकता वह आर्यन ने बिलकुल 2 तुक जवाब में कह दी . आर्यन की बात सुनकर सबको गुस्सा hi आया लेकिन बड़ा बीटा जब ऊँगली दिखा के कुछ बोलना चाहा तोह कम ने उसको हाथ दिखा शांत रहने को कहा .

कम के बड़े बेटे की आगे 42 यरस और छोटे की 37 यरस होगी लेकिन आर्यन जोह दिखने में तोह लम्भा चौड़ा लग hi रहा था पर उम्र में इतना छोटा था उनको 2 कोड़ी का बोल दिया जबकि उनका बाप मुख्यमंत्री है स्टेट का वह दोनों भी छोटे मोटे आदमी नहीं .

इंडस्ट्रियल मिनिस्टर ," मर आर्यन आप भूल रहे हैं यह दोनों हमारे कम शभ के सगे बेटे हैं , आपको माफ़ी मागणी चाइये ".

आर्यन ने अपना पेग फिनिश किया और कुटिल स्माइल से बोलै ," ी ऍम सॉरी , ी don't वांट तो हुमिलाते यू बूत ी can't दो बिज़नेस विथ बोथ ऑफ़ यू सॉरी. बिज़नेस में प्रॉफिट गेन hi देखा जाता है मेरी आपके बड़े बेटे के साथ फैक्ट्री लोस्स में चल रही है क्यों यह आप सब जानते है . हो सकता है एक साल बाद ताला लग जाए ".

फिर खड़ा होकर बोतल उठा के एक पेग बनाया और दोनों मिनिस्टर की तरफ देख के कम को बोलै ," सर आप एक काम क्यों नहीं करते आपके दोनों मिनिस्टर पैसे वाले हैं , यह एक एक फैक्ट्री में पार्टनरशिप करेंगे तोह आपका काम भी हो जायेगा और में पूरा पेपरवर्क अपनी स्टेट गवर्नमेंट से फ्री में क्लियर करवा दूंगा ".

दोनों मिनिस्टर बगले झाकने लगे और कम का छोटा बीटा भी उत्साहित लगा . आर्यन ने बात जोड़ी ," मिनिस्टर्स की फैक्ट्री हैं तोह लोकल प्रेशर भी काम रहेगा ".

कम शभ समझ गए यह लड़का बहोत बड़े शातिर दिमाग़ वाला है तोह बोले ," तुम्हारा सुग्गेस्टिव ाचा है तोह बाद में बात करेंगे . होम मिनिस्टर (ह म ) से बोले ," क्या रिपोर्ट ले आये वर्माजी ?"

उनके हाँ कहने पे कम ने उसको छोड़कर सबको जाने को कहा . उनके जाते hi कम शभ बोले ," आर्यन हमे पता है की तुमने hi हमारी गवर्नमेंट के लघु उधोग मिनिस्टर और उसके बेटे को मारा था दीप्ति के किडनेपिंग केस में हमे कानूनी कारवाही भी करनी पद सकती है . दूसरा सिक्योरिटी अफसर ने आज तुम्हारी hi फैक्ट्री में ड्रग्स और हथियार भी बरामद किये हैं . वर्मा जी सबूत दिखा दिज्ये आर्यन बीटा को ".

हम ने एक फाइल आर्यन को दी जिसको वह बड़े सकूं से देखने लगा . "िश सबके आधार पे हमको तुम्हारी स्टेट की साड़ी प्रॉपर्टीज और फैक्ट्रीज सील भी करनी पड़ेगी और अरेस्ट भी करना पड़ेगा . लेकिन हम यह सब नहीं करना चाहते पर तुम्हारे चाहने वाले बहोत हैं जिनको कुछ ज्यादा hi बैर होगा तुमसे "..... कम ने आगे बात जोड़ी .

आर्यन ने 5 मं. फाइल देखि और हम को वापस दी और बोलै," िश में से एक सबूत ऐसा नहीं जिसके डैम पे आप मुझे 2 मं. भी सिक्योरिटी अफसर स्टेशन में रख पाए , दूसरा आपके पास सॅटॅलाइट इमेजेज और वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं है में देता हूँ आपको हम शभ अपना नंबर बतिये में दोनों को एक साथ सब सबूत भेजता हूँ ".

हम ने अपना नंबर दिया तोह आर्यन ने 1 मं के अंदर अपने सेलफोन से उनको फोटोज और वीडियोस के साथ कुछ डाक्यूमेंट्स भेजा जिन्हे देखकर दोनों की हवा खुसक हो गयी . जिसको वह 21 साल का नया लौंडा समझ रहे थे वह उनका बाप नज़र आ रहा था .

कम अपने सीट से खड़े होकर बोले ," क्या है यह आर्यन तुम हमे hi धमकी दे रहे हो िंह फोटोज और वीडियोस का क्या मतलब है ???? ....... हम अभी तुम्हे अरेस्ट कर सकते हैं ".

आर्यन ने अपना पेग पीते हुए कहा ," में भी आपकी तरह यह नहीं चाहता, दोस्ती का हाथ बढ़ने आया था लेकिन भरोसा दोनों तरफ से हो . आपको क्या लगता दीप्ति को यहाँ से शादी करके लेजाने से मुझे कोई रोक सकता है सायद नहीं ...... जोह भी आपकी गोवत के ऊपर प्रेशर दाल रहे हैं उनको आप ाचे से समझा दो की मुझसे न उलझें नहीं तोह उनका हज़ार के जिम्मेदार में नहीं हूँ. दीप्ति ने मुझसे शादी करने की मनसा सच्चे दिल से जाहिर की........ में करूँगा उशसे शादी क्योंकि अब में वादा कर चूका हूँ. आप ाचे इंसान हो फिर आपके मेरे बापू से ाचे रिश्ते थे तोह आपसे यही उम्मीद करूँगा आप न्यूट्रल hi रहें तो ाचा है ".

हम कुछ सोचकर बोलै ," आर्यन हमको पता है तुम वैल्युएबल एसेट हो हमारी कंट्री के , लेकिन हमको स्टेट भी चलना है फिर जिनसे तुम भिड़ने की सोच रहे हो वह इंदिरेक्ट्ली स्टेट hi चलते हैं हम सिर्फ गवर्नमेंट . वह लोग बहोत पावरफुल हैं और वह hi तुमको दीप्ति से शादी करने में रोड़ा अटका रहे हैं तुमको फसा कर . िंह सबूत से हमको तोह रोक लोगो उनका क्या करोगे".

हम की बात सुनकर आर्यन ने अपनी कुटिल मुस्कान देते हुए कहा ,"जोह आपके मोबाइल में है वह सब मेरे पास है कैसे आया आप सोच भी नहीं पयोगे दूसरा उनको समझा देना दीप्ति को में चाहता तब hi अपने साथ ले जाता जब किडनैपर्स से बचाया था किसी को भनक तक नहीं लगती उसको धरती खा गयी या आश्मान निगल गया ".

थोड़ी डिअर चुप्पी छायी रही तो आर्यन hi बोलै ," एक हफ्ते पहले, में दीप्ति नाम का कोई सख्स भी दुनिया में है नहीं जानता था मगर अब मेरी माँ रति देवी की भी जिद है तोह मेरी भी जिद है की राजकुमारी दीप्ति सिंह मेरी हवेली की शान बनेगी और कोई बिच में आया तोह गवर्नमेंट हो या नॉन गवर्नमेंट दोनों को धा के hi जाऊंगा ".

आर्यन की सार्ड आवाज में धमकी नहीं चेतावनी थी की बिल खोदो और छिप जायो नहीं तोह बे मौत मारे जाओगे .

कम और हम आज दोनों अपने को निसहाय समझ रहे थे . आर्यन उनको नमस्ते करके लंच और ड्रिंक्स के लिए थैंक्स कहके चला गया और पीछे छोड़ गया सवाल अब क्या होगा ????

आर्यन के जाते hi कम ने गुस्से से हम को देखा तोह वो भी डरके बोलै," सर मालिक सही बोलै था यह लड़का आग है हम इसे पन्गा नहीं ले सकते सेंट्रल होम मिनिस्टरी से लेकर सब इंटेलिजेंस एजेंसीज और अमेरिकन गोवत से इसको प्रोटेक्शन है ".

कम भी हताश होकर ," फिर दुआ करो की लड़ाई में यह hi जीते तोह ाचा है नहीं तोह गवर्नमेंट गिरी hi समझो "...... और यह सबूत भी हटवाओ किसी तरह से .

आर्यन ने जोह सॅटॅलाइट इमेजेज भेजी थी ुश्मे आर्यन के सिक्योरिटी टीम ने दीप्ति रेस्क्यू मिशन में स्टेट कमांडोज़ की यूनिफार्म और बतचेस पहने थे जोह ज़ूम होकर साफ़ दिख रहे थे . मतलब दीप्ति को स्टेट क्राइम ब्रांच के कमांडोज़ ने बचाया था आर्यन की टीम ने नहीं . यानी गवर्नमेंट ने अपना hi मिनिस्टर मार दिया . एक वीडियो में वही मारा हुआ मिनिस्टर कम और अपनी पार्टी के नाम से 2 बिजनेसमैन से 2 करोड़ चंदा एक ब्लैक बैग में ले रहा था . दुसरे वीडियो में वही पैसा कम को ुशी बैग में पार्टी फण्ड के लिए उनके ऑफिस में दिया 4 मिनिस्टर्स के सामने जिसमे हम भी एक था . 3रद वीडियो में एक लोकल एक्ट्रेस के साथ उसका सेक्स करते वीडियोस था . 4तह में इललीगल हथियार और दुर्गस्य उसके गोडावण में उतारे गए . 5तह वीडियो रिकॉर्डिंग में लोकल सिक्योरिटी अफसर कुछ आदमीओ के साथ दुर्गस्य और हथियार आर्यन की फैक्ट्री में उतार रहे थे और एन्ड में बिना की टीम ने उनको बंदी बांया हुआ था .

फोटोज में ुशी एक्ट्रेस के कम और हम से हाथ मिलाने के किसी पार्टी के फोटोज थे और मिनिस्टर ( किल्ड) खुद इंट्रोडस करवा रहा था . एक्ट्रेस के साथ एक hi टेबल पे खाना खाने के फोटोज भी थे . सबसे बड़ी बात फेस मॉर्फ़ कर कम के साथ नंगे सूने के भी पिक्स थे .

लास्ट वाला वीडियो में आर्यन खुद बोल रहा था आवाज उसकी चेहरा किसी और का था," अगर अब कोई चालाकी दिखाई तोह मीडिया के पास कुछ सेकण्ड्स में सब सबूत को सेंड कर दिया जायेगा . यह बात आप दोनों तक रहे आपके दोस्तों तक न पहुंचे. नमस्कार ."

कहाँ तोह कम के घर से आर्यन को अरेस्ट कर झूठे सबूत के साथ जेल में डालने का प्लान था . कहाँ आर्यन इनको इनकी hi सीट पे बांध गया हिलना मत नहीं तोह बम पहात जायेगा . आधे घंटे बाद जब इंटेलिजेंस वालों की आईटी की टीम ने दोनों के मोबाइल खंगाले तोह उनकी बात सुनकर दोनों को लखवा मार गया .

आईटी एक्सपर्ट ," सर िश्मे जोह वीडियोस , फोटोज और डाक्यूमेंट्स है सेल्फ हिडन हो गएँ हैं . अब इनको हमने ओपन करने की कोशिश किये तोह सेल्फ डिलीट हो जायेंगे और ट्रेस नहीं होगा की आया कहाँ से . अगर ट्रेस करें तोह भी ऑटो डिलीट हो जायेगा . दूसरी बात आप इश्को दोबारा देख सकते हो जब सेन्डर एक सॉफ्टवेयर एक्टिवटे करेगा . ऐसी तेचिके इंडिया में तोह कोई उसे नहीं करता लेकिन कुछ दिन पहले पता चला इजराइल सीक्रेट एजेंसी इसका इस्तेमाल करती है ".

दोनों ने hi उसको छेद चाँद करने से मन किया . तब वह बोलै ," सर इससे तोह उसको आपके फ़ोन की हर एक्टिविटी का पता चलता रहेगा और यह सिक्योरिटी ब्रीच होगा ".

कम ने उसको बहार वेट करने को कहा और इंटेलिजेंस हेड अफसर से पुछा की आर्यन के बारे में क्या जानकारी है कहाँ है िश वक़्त .

वह बोलै ," सर आर्यन अभी फॅमिली के साथ इनॉक्स में मूवी देख रहा है जोह रद मॉल में है . यह मूवी कल रिलीज़ होगी इंडिया में , स्पेशल स्क्रीनिंग है . सर यह मॉल रति देवी का hi है ".

कम गुस्से में बोलै ," वह हम सबकी बंद बजा के मूवी देख रहा है और हम कुछ नहीं कर पा रहे ".

इंटेलिजेंस अफसर ," सर , आर्यन से न hi उलझा जाए तोह अच्छा है . वह अकेला एक हफ्ते पहले मुंबई ुंडेरवोर्ड का पूरा खात्मा करके जयपुर आया था और सर वह आयल शिप हाईजैक केस भी ुशी ने रेस्क्यू मिशन सक्सेस्स्फुल्ली लीड कर कम्पलीट किया था ".

कम के साथ हम भी चौंक गए यह लड़का क्या बाला है ..... तब अफसर बोलै," सर यह इनफार्मेशन मालिक सर ने आपको देने को कहा था बस आप दोनों से येत बात बहार नहीं जनि चाहिए . आर्यन को मत टच कीजिए इसी में आपकी और आपकी गवर्नमेंट की भलाई है ".

हम थोड़ा ताव में बोलै ," अफसर तुम हमको आर्यन के नाम से डरा रहे हो".

अफसर ," सर में डरा नहीं रहा आपको एक सच्चे देशभक्त से न उलझने की बात समझा रहा हूँ . आर्यन की हमारे देश को जरुरत है , ऐसा एसेट मिलना इम्पॉसिबल है कितने मिशन अपने डैम पे करें हैं . अमेरिकन गवर्नमेंट उसके पीछे पड़ी है की वह उनके लिए काम करे लेकिन फिर भी अपने देश में है . आप गद्दार तोह लाखों खड़े कर लोगे लेकिन देश पे मरने वाला ऐसा शर्मा कहाँ से लोगए . 5 दिन पहले आर्यन ने ऐसा केस हमारे लिए भी सोल्वे किया मर खान के कहने पे ......... दो जासूस का मोह हम नहीं खुलवा पाए पर आर्यन के सुझाव ने हमको केस की तेह तक पहुंचा दिया . वह तो सिर्फ मुंबई से दिल्ली जाते हुए जयपुर हमारे लिए hi आया था . राजकुमारी दीप्ति की जान उसने सिर्फ उसकी बड़ी भें सुचित्रा से जान पहचान की वजह से बचाई . फिर आपका मिनिस्टर कोनसा संत आदमी था...... कर्रप्टेड, देश्ध्रोही और नीच किस्म का इंसान था उसको मार के तोह आर्यन ने आपका काम hi आसान किया ".

कम ने उसकी बात समझते हुए मर मालिक को फ़ोन मिलाया ," मालिक यह तुम्हारे आर्यन ने तोह हम सबकी नींद उदा दी है लगता हमारी गोवत गिरा के मानेगा "..... उन्होंने ने स्पीकर ों कर दिया .

मर मालिक ," कम शभ , आर्यन को कभी किसी गवर्नमेंट में इंटरेस्ट नहीं रहा , न उसको किसी की जरुरत है . बस हमको और आपको उसकी जरुरत रहती है . आपने उसको रोका होगा तब पक्का वह वार्निंग दिया होगा , उसका कोई इंटरेस्ट नहीं होगा गवर्नमेंट गिराने में ".

कम ने भी ठंडी सास ली और बोले ," मालिक आर्यन ने गलत लोगों से पन्गा लिया है सब रजवाड़े हैं और उनकी कौंसिल बहोत पावरफुल है . स्टेट में बहोत बड़ा वोटबैंक और काफी मला से लेकर ंप भी इनके होते हैं , में चाहकर भी उनके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता ".

मर मालिक हँसा ," है है है कम सर आप 2-3 दिन बस सो जाएँ आर्यन आपका स्टेट सुधर देगा देखना पापी और पाप बिलकुल साफ़ हो जायेंगे , मेरी बात का भरोसा रखिये . आप उसको काम समझ रहें है वह बाकी सबसे 5 चाल आगे सोचता है . उसके लिए यह खेल है , गॉड गिफ्टेड बच्चा है उसको मिलकर कोई बिना इम्प्रेस हुए नहीं रहता . आप तोह लकी hi हुए राजकुमारी दीप्ति ने आर्यन को वर चुना . राजकुमारी जितनी दिल की ाची है आर्यन उतना hi ज्यादा केयर करता है अपनों की . खुश किस्मत हो जोह ऐसा दामाद घर बैठे मिल रहा है आपकी एक कॉल पे सर झुके आपके सामने खड़ा रहेगा ".

कम भी समझ गए आर्यन की तरफ रहने और उसके जीतने में hi लाभ है . दीप्ति शादी करती है तोह दोनों शिंगशान की उत्तराधिकारी होंगे और आर्यन, इंदिरेक्ट्ली .

यह था आर्यन का 4तह शिकार गवर्नमेंट को परलयज़ेड कर देना . गवर्नमेंट मशीनरी थप कर दी थी यानी लड़ाई आमने सामने की थी .

*(आर्यन ने एक तीर से 4 शिकार किये पहले गवर्नमेंट का , दूसरा अणि का और तीसरा रति का ( 4तह शिकार???? का वक़त आने पे पता चलेगा) ...... तीनो समझ रहे थे आर्यन उनकी कितनी केयर और रेस्पेक्ट करता है लेकिन वह बिना कुछ किये hi अपनी पहुंच और ताकत बढ़ा रहा था...... रीड अपडेट 33 part -5 )

आर्यन के 2 ंप सीट मांग ने पर कम सर उसको जरूर अकेले में मीटिंग करेंगे यह आर्यन को पता था . दुश्मन डायरेक्टली गोवत पे उसको रोकने की लिए प्रेशर बनेगा . कम और हम को सुबह hi आर्यन के खिलाफ झूठे सबूत देकर अरेस्ट किया जाए मीडिया के सामने ऐसा कहा गया नहीं तोह गवर्नमेंट गयी समझो.

आर्यन को तोह उनकी चाल का अंदाज़ा था लेकिन उसकी लोकल कमांडोज़ वाली यूनिफार्म और बैच वाली युक्ति उसने अपने को क्लियर रखने के लिए उसे की थी . रेस्क्यू मिशन के बाद भी आर्यन जल्द से जल्द स्टेट इशलिये छोड़ा था की उसका कोई लेना देना नहीं ...... वीडियोस और फोटोज उसकी टीम को हवेली उड़ने से पहले लूट के माल में मिले थे ..... मिनिस्टर बहोत की घाघ था साला सारे सबूत अपने बचाव और ब्लैकमेलिंग के लिए रखता था जोह आर्यन के काम आये .

रति की फैक्ट्री में हथियार और ड्रग्स आज 12 बजे hi प्लांट हुए जोह आर्यन ने होने दिए लेकिन सब विडिओ रिकॉर्डिंग बिना की टीम ने की और उनके आदमी अपने कब्जे में रखे . सिक्योरिटी अफसर की स्पेशल टीम भी इंदिरेक्ट्ली फस चुकी थी और आर्यन के आदमीओ के कब्जे में थी .

दुश्मन अपनी सब चाल चल रहा था पर आर्यन के इंस्टेंट एक्शन की उनको भनक नहीं थी . आर्यन ने बस "हिडन ड्रैगन" की पालिसी अपनायी यानि हमले होने के बाद दुश्मन को साबुत निगल जाना बिना को शोर किये .

उनको तोह यहाँ तक भनक नहीं थी की कम सर अपनी एंजियोग्राफी के लिए बॉम्बे चले गए 4 बजे की फ्लाइट से . हम मीटिंग के लिए आज 7 पं दिल्ली जा रहा थे .

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आश्रम

सुबह राजगुरुजी ने एक बार रानी मिरदुला को देखा और अपना एक मंतर पढ़कर उसको सुरक्षित किये . रानी मिरदुला को उनके जाने के बाद छोटे गुरूजी से गुप्त रूप से पास के गांव में शिफ्ट करने का निर्देश दिए ताकि कोई उन्होनी न हो . गुरूजी को किसी आहिस्त की आकांशा लग रही थी .

राजा रघुभार सिंह और गुरूजी को लेने एक कार और 2 सिक्योरिटी गार्ड्स की सुव राजा त्रिभुवन सिंह ने भेजी थी अलवर लाने के लिए .

रघुभार सिंह भी अपनी छोटी भें रानी मिरदुला को देखकर दुखी hi हुए और बोले ," हम दीप्ति और उसके वर को लेकर जल्दी hi लौटेंगे मेरी भें तेरी चेतना जल्दी hi लौटेगी ".

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अलवर

शाम के 4 बजे वह अलवर के राजमहल पहुंचे और राजदरबार में राजा त्रिभुवन सिंह , राजा जबर सिंह के साथ उनकी रानियों और राजकुमारी दीप्ति , राजकुमारी सुचित्रा ने उनका स्वागत किया और आशीर्वाद लिया .

राजा रघुभार सिंह अपने परिवार को देखकर इमोशनल हो गए ...... आज कई सालों बाद सबने उनको देखा था . मिलना मिलाना, एक दुसरे का हालचाल पूछ के राजगुरुजी और रघुभार सिंह को आसान ग्रहण करने को कहा गया .

सब 2 घंटे पहले hi हेलिकोप्तेर्स से यहाँ पहुंचे थे . लेकिन राजगुरुजी और राजा रघुभार सिंह बस एक सख्स को तलाश रहे थे जोह उनको नहीं दिखा .

सब विराजमान हुए तब राजगुरुजी ने पुछा ," आर्यन कहाँ है हम दोनों उससे मिलने इतनी दूर से आएं हैं उसको तोह बुलवाया ".

आर्यन का नाम सुनकर सब चुप हो गए तब त्रिभुवन ने कहा ," आर्यन अभी अलवर नहीं पहुंचा ".

राजगुरुजी ," परन्तु वॉश तुम ने तोह कहा था की वह कल जयपुर आ चूका है अपने परिवार सहित और आज यहाँ आएगा ".

तब राजा जबर सिंह ने कहा ," गुरूजी वह रात्रि तक आ जायेगा लेकिन वह स्वयंवर में राजकुमारी का हाथ विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ योद्धा की भांति जीत कर थमेगा परंपरा के अनुसार ".

राजगुरुजी अपने आसान से खड़े होकर बोले ," त्रिभुवन तुम गलती कर रहे हो उसको खुद राजकुमारी ने चुना है फिर स्वयंवर का क्या प्रयोजन ".

राजा त्रिभुवन ," गुरूजी यह फैसला सारे राजपूताना कौंसिल और सब रजवाड़ों के कारन हुआ है . आर्यन क्योंकि गैर राजपूत है उसको अपनी श्रेष्ठा साबित करनी होगी तभी वह दीप्ति से विवाह कर सकता है ".

राजा रघुभार सिंह खड़े हुए तोह सब खड़े हो गए , वह सबको गुस्से से देखे ," तुम सबकी मति मारी गयी है, कोई और राजकुमारी को छू भी नहीं सकता और यह दोनों एक दूजे से जुड़े हैं इनको कोई अलग नहीं कर सकता. मुझे लगा में कभी जीते जी दीप्ति की मुक्ति और दिव्या तलवार देख नहीं सकूंगा लेकिन आर्यन को चुनकर एक उम्मीद बन गयी है ...... तुमको क्या लगता है राजकुमारी कोई षडरां लड़की है फिर आर्यन तोह पक्का असाधारण hi होगा . त्रिभुवन पूरा दरबार खाली करवायो मुझे गुरूजी , तुमसे और जबर से अकेले में बात करनी है ".

सब चले गए तब रघुभार सिंह ने आगे बढ़कर अपने बेटे जबर को एक थप्पड़ खींच के मारा तोह बाकी दोनों स्तभ्द रह गए .

रघुभार ने 2 थप्पड़ और दिए , गुस्से में फुँकारते हुए बोले ," नालायक और निक्कमे हो तुम दोनों , तुम दोनों कभी राज सिंघासन के योग hi नहीं थे ..... और तू नालायक अब समझ में आया मैंने क्यों तुझे थप्पड़ मारे तूने एक नहीं 3 -3 गलती की ...... पहली यह स्वयंवर की शर्त तूने राखी होगी त्रिभुवन में इतनी अकाल नहीं है . दूसरी आर्यन दीप्ति के मिलान की वजह से तुम दोनों पे निसंतान का साह्रै ख़तम हो जायेगा . तीसरा अगर आर्यन वही है तोह महाकाल का आशीर्वाद उसके सर पे होगा सवम भगवन भोलेनाथ का . वह दिव्या तलवार हमारे पूर्वजों को सुरक्षित रखने को मिली थी जबकि उसका गलत प्रयोग हुआ . तेरी वजह से पूरा राजपूताना वीरान हो जायेगा . गुरूजी खुद उसके दर्शन को तराश रहे हैं पूछ उनसे क्यों ?"

राजगुरुजी ," स्वयंवर कब का रखा है और कोण कोण आ रहा है ".

राजा त्रिभुवन ," माफ़ करना गुरूजी हमसे गलती हो गयी कल सुबह स्वयंवर की पर्किर्या शुरू होगी. 40 राजपूताना के राजा , 30 दुसरे इंडियन स्टेट्स के और 35 विदेशी राजा भी आ रहे हैं अपने योद्धा लेकर".

रघुभार सिंह ," त्रिभुवन तू ने तोह बेटी मन दीप्ति को फिर जब आर्यन को उसने चुन लिया क्या जरुरत थी यह सब करने की . गधों यह तोह सोचों सीताजी का स्वयंवर हुआ और फिर द्रौपदी का और न जाने कितने . लेकिन स्वयंवर की वजह से कितने वीर और शर्मा मारे गए , लाखों करोड़ों . तुम तोह पहले hi सबको मरवा के तब दीप्ति का हाथ आर्यन को सोपूँगे . तुम को नहीं पता दीप्ति और आर्यन को कोई बहोत बड़ी दो शक्तियां प्रोटेक्ट कर रही हैं यह मुझे कल पता चला . त्रिभुवन मेरी मनो तोह कैंसिल कर दो चाहिए तुम्हे सर झुक के माफ़ी मांगनी पड़े ".

राजगुरुजी ," नहीं रघुभार अब बात राजपूताना शान की है स्वयंवर होने दो अब बात विश्वास की है की दीप्ति ने सही चुनाव किया है ".

रघुभार सिंह ," जैसा आप कही गुरुदेव , अलवर को छावनी बना दो , यह बात यहाँ से बहार नहीं जाएगी की स्वयंवर हुआ था और आर्यन को जल्द से जल्द बुलवाया . हमारे एकांत में रहने का प्रबंध करो ".

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गुरूजी और रघुभार सिंह के जाने के बाद जबर सिंह कुटिल मुस्कान लिए बोलै," पिताजी का हाथ अभी भी उतना hi करारा है ..... है है है ".त्रिभुवन सिंह भी चकित था यह जबर किस मिटटी का बना है .

जबर सिंह ने कहा ," तुम स्वयंवर की तयारी करो और आर्यन को कॉल कर राजकुमारी दीप्ति से पहले बात करवा के खुद आमंत्रित करो . में बाकी सब देखता हूँ , आज रात को 11 बजे दुसरे महल पे गुप्त राजपूताना कौंसिल की मीटिंग होगी वहां हम साथ hi चलेंगे ".

त्रिभुवन अपने प्रधान मंत्री को आदेश दिया और राजमहल से 2 कम बहार तक साड़ी किलाबंदी करने का आदेश दिया , कोई परिंदा भी मेरी इजाजत के बगैर बहार या अंदर न जा पाए ".

उधर कक्ष में दीप्ति बस आर्यन के सपनो में खोयी थी , वह मीठा स्पर्श , वह चूमना, वह मेरी केयर करना , अपनी गॉड में बिठा लेना , उनका सूंदर बदन कितना बलिष्ट और मैं मोहक है. जल्दी से मुझे अपना लो मेरे प्राणनाथ में आपके बिना अधूरी सी हूँ .

दोनों रानियों संगीता और जमुना के साथ सुचित्रा बैठी थी उनके कक्ष में दरवाजा बंद कर तीनो मंत्रणा कर रही थी ........

संगीता ," यह अचानक राणा सा को राजकुमारी के स्वयंवर की क्या पद गयी जब हम ने आर्यन को चुन लिया और रिश्ता भी तय हो गया ".

जमुना ," दीदी , यह राजा जबर सिंह ने प्रस्ताव रखा होगा वह कौंसिल के चेयरमैन है ".

सुचित्रा ," भाभी , जिस तरह रति माजी ने चैलेंज दिया उसके बाद तोह बहोत खून खराबा होने वाला है . आर्यन को यह लोग जानते नहीं है मैंने खुद अपनी आँखों से दीप्ति को किडनैपर्स से छुड़ाने के लिए अकेले उसको गाजर मूली की तरह सब गुंडों को मारते हुए सुना ी मैं देखा कैमरा पे . आप नहीं जानती लेकिन मेरे नन्दोई ठाकुर बलदेव सिंह बता रहे थे आर्यन ने 2 साल पहले अपनी जुड़वाँ भें मीणा के लिए निहट्ठये hi एक पूरा गाओं ख़तम कर दिया था ".

रानी संगीता थोड़ा जोश से बोली," फिर तोह सब ठाकुरों ने अपनी मौत को ललकारा है . दीप्ति पे आर्यन का हक़ ुशी दिन हो गया था जब बिना जाने पहचाने उसने हमारी बेटी को किडनैपर्स से मुख्त करवाया . दीप्ति का इतने साल पुराण प्यार है वह फिर ये दोनों करना क्या चाहते हैं ".

रानी जमुना थोड़ा सीरियस होकर बोली," दीदी , मुझे एक hi बात समझ में आ रही है इनको खज़ाना और दिव्या तलवार चाहिए अपने लिए मगर जैसा गुरूजी ने कहा है तोह खोजने वाला और दीप्ति की जान बचने वाला तोह सिर्फ आर्यन hi होगा यह कैसे हक़ जाता पाएंगे ".

सुचित्रा ," बुरा न मान न मगर कोई भी आर्यन को ताकत और पुरुष में तोह नहीं हरा पायेगा इतना विश्वास है ".

जमुना ," हम को राणा सा से बात करनी चाहिए ".

तभी कक्ष में त्रिभुवन आया तीनो ने खड़े होकर अभिवादन किया . सुचित्रा परमिशन लेकर जाने लगी तोह त्रिभुवन ने उसको रोक लिया .

त्रिभुवन ," मेरी भें तुम भी यही बैठो हमने राजकुमारी को बुलावा भेजा है "...... सुब ने उसकी तरफ देखा तोह मुस्करा के बोलै ," राजकुमारी के विवाह के लिए आर्यन की फॅमिली को इनविटेशन भी तो देना होगा , क्या आप सबको आर्यन पसंद नहीं "...... hi hi hi hi hi .....

संगीता थोड़ा चिंतित होकर ," राणा सा माफ़ करना , क्या हमने सुबह उनकी फॅमिली को बुला के अपमान नहीं किया . अब आप खुद उनको आमंत्रित कर रहे हैं".

त्रिभुवन ," सुबह भी हमने लड़की के पिता की हैसियत से आर्यन की फॅमिली को बुलाया था और एक राजा की तरह अपनी शरत राखी थी स्वयंवर वाली . अभी भी हम एक राजा और पिता की तरह उनकी फॅमिली को स्वयंवर में भाग लेने और दीप्ति से विवाह वाली बात पे कायम हैं ".

जमुना ," राणा सा हमको यह नहीं भूलना चाहिए की कुंवर आर्यन ने hi दीप्ति की जान बचाई थी और समय चक्र शुरू हो गया था . आगे भी कुंवर hi हमारी बेटी को िश संकट से बचा सकते हैं फिर हम क्यों देरी कर रहे हैं ?"

त्रिभुवन थोड़ा सीरियस होकर ," रानी सा बात इतनी आसान नहीं है , राजपूताना कौंसिल और हमारा समाज के भी कुछ उसूल और नियम है . कल राजकुमारी दीप्ति हमारे सिंघाशन और जैसा राजा जबर सिंह ने भी कहा उनकी जगह राजपूताना कौंसिल चेयरमैन की सीट पे विराजमान होगी तोह कोण उनको सम्मान देगा . यह तोह हम सब hi जानते हैं आर्यन hi वह पुरुष है जोह राजकुमारी का वर होगा लेकिन कौंसिल और रजवाड़े यह मान जाएँ क्या यह संभव है . फिर आर्यन खुद इतना बहादुर और ताकतवर है तोह आजमाने दो औरों को भी अपना जोश जब हारेंगे उससे तोह खुद सर नहीं उठा पाएंगे बल्कि आर्यन और दीप्ति के पैरों के हमेशा निच्चे hi रहेंगे".

जमुना ने अपनी बात राखी ," राणा सा कहीं आप और राजा जबर सिंह ुष ख़ज़ाने और दिव्या तलवार को पाने की वजह से तोह यह सब नहीं कर रहे? ".

त्रिभुवन खूब हँसा ," है है है है है ..... ठीक कहा रानी सा कोण ुष ख़ज़ाने और दिव्या तलवार को पाना नहीं चाहता परन्तु क्या हमारे कहने भर से वह हमको मिल जायेगा , कदापि नहीं ...... हर राजवाड़ा ुष्पर हक़ तो लेना चाहेगा परन्तु आर्यन और दीप्ति hi फैसला लेंगे ..... फिर सब कुछ राजकुमारी का hi तोह है भले hi कल हमारी संतान जनम ले लेकिन राजगद्दी की महारानी दीप्ति hi होगी ".

तभी बहार से दवारपाल ने अन्नौंस किया की राजकुमारी दीप्ति पधार रही हैं .

राजा त्रिभुवन हसकर बोले ," देखा नयी महारानी का नाम लिया और वह हाज़िर हो रही हैं ..... है है है है है "......

बाकी तीनो भी हसने लगी , दीप्ति ने शाही कक्ष में प्रवेश कर सबको प्रणाम किया तोह उसको बैठने को कहा गया ......

राजा त्रिभुवन ," पुत्री दीप्ति हमने आपके स्वयंवर की घोसना की है और कल एक से एक शूरवीर , धनि , शक्तिशाली और सुन्दर आप के योग वर बनने के लिए आएंगे ..... आप का फैसला आखिरी होगा की प्रतियोगिता के बाद किसका वरन करें ".

राजकुमारी दीप्ति ने हाथ जोड़कर कहा ," पिताजी महाराज हम अपना वर जिनको चुन लिए हैं उनको आप भली भाँती जानते हैं ".

राजा त्रिभुवन सिंह मुस्करा के दोनों रानियों को देखकर बोले ," फिर आपको हमारा एक निमत्रण भेजना होगा की आर्यन जल्द से जल्द यहाँ आएं और विवाह की िश प्रकिर्या के भागी बने ".

राजकुमारी दीप्ति," जोह आज्ञा पिताजी महाराज , हमे आज्ञा दें ".

त्रिभुवन ने बाकी सब को जाने का आदेश दिया ," हमको अपनी बेटी से अकेले में बात करनी है ".

सुचित्रा और दीप्ति की 2 ख़ास दासियाँ बहार चली गयी ...... तब संगीता ने उठकर दीप्ति का माथा चूमा ," तुम्हारे सपनो का राजकुमार आर्यन जरूर जीतेगा और तुम्हे अपनी अर्धांगी बनेगा "...... जमुना ने भी ऐसा hi कहा .

राजा त्रिभुवन ," दीप्ति बेटी में जानता हूँ आर्यन और उसका परिवार हमसे नाराज़ है मगर हमारी भी मजबूरी है . ी होप यू विल अंडरस्टैंड माय सिचुएशन "...... अब शाही अदब से नहीं माँ बाप बेटी बात कर रहे थे .

दीप्ति ने अपने सेलफोन से आर्यन को कॉल मिलाया तोह रानी जमुना ने स्पीकर ों कर दिया ताकि सब सुन सके क्या बात हुयी ...... कॉल अटेंड होते hi ......

"हमारी डार्लिंग दीप्ति को हमारी याद तोह आयी ी लव यू जान एंड मिस यू लिपस्टिक स्ट्रॉबेरी टास्ते ...... "

दीप्ति ने झट से फ़ोन काट दिया और शर्मा ने लगी और तीनो हसने लगे .... दीप्ति अपने मैं में कितने बेशर्म हैं कहीं भी शुरू हो जाते हैं.

जमुना हसकर ," वाह कुंवर जी बहोत रोमांटिक हैं और काफी कुछ टास्ते भी कर चुके हैं ...... hi हीहीहीही ...... "

दीप्ति ने फिर से फ़ोन मिलाया ," आपसे डैडी बात करेंगे "...... और फ़ोन त्रिभुवन को दे दिया .

त्रिभुवन ," आर्यन बीटा में तुमको अलवर अपने राजमहल परिवार सहित आमंत्रित करता हूँ हो सके तोह शाम तक आ जायो तोह कुछ बातें हो जाएगी और दीप्ति के मामाजी और हमारे राजगुरुजी तुमसे स्पेशलय मिलने आये हुए हैं "....... फिर स्पीकर ों कर दिया .

आर्यन ने उधर से जवाब दिया ," चरण स्पर्श राजा शभ , हम 2 घंटे में अलवर के लिए निकल रहे हैं प्लेन से बस आपकी एयरस्ट्रिप क्लियर होनी चाहिए ...... राजकुमारी दीप्ति को मेरा पूरे खंडन ने भी पसंद किया है तोह अपनी अमानत तो हम लेकर हे जायेंगे ...... ाचा वहीँ आकर बातें होंगी ".

राजा त्रिभुवन बड़ी खुसी से ," लो भाई तुम दोनों तोह कह रही थी उनका हमने अपमान किया जबकि वह खुद सबके साथ आ रहे हैं , क्यों बेटी अब तोह खुश हो "........

दीप्ति भी स्माइल करती वहां से अपने कक्ष में चली गयी और आर्यन को कॉल मिला उसको शिकयत की कैसे सबने सुन्न लिया था स्पीकर ों था .

8 बजे इवनिंग में आर्यन का पूरा परिवार अलवर के एयरस्ट्रिप से उतर सीधा राजमहल पहुंचा जहाँ उनका स्वागत हुआ ...... राजमहल पूरी रौशनी और सजावट से जगमगा रहा था ...... सच्च में सबको राजमहल और उसकी भवता देखकर आनंद हो रहा था ......

दरबार में सब पहुंचे तोह सबकुछ जैसे सपने जैसा था , सबने राजा त्रिभुवन सिंह को प्रणाम किया तोह उन्हों ने हस्ते हुए उनका अभिवादन स्वीकार किया .

राजगुरुजी और रघुभार सिंह जब सुचना मिलने पे पहुंचे तोह राजगुरुजी आर्यन को देखकर अपनी खुसी छिपा न सके और आर्यन के आगे हाथ जोड़कर सर झुकाये तोह वह समझ गया बहोत सिद्ध पुरुष हैं .

आर्यन ने आगे बढ़कर उनके पाऊँ चुहये तोह उन्हों ने उसको गले लगा लिया . गले लगते hi बड़े गुरूजी ( विशाल पेड़ ) ने उनको मैं में दर्शन दिए तोह बिचारे खुसी से रू पड़े ....... जिसको तुम ढून्ढ रहे हो वह आपको अचानक मिल जाये तोह इंसान क्या साधु की भी तपस्या पूरी हो जाती है.

आर्यन तोह पिछले जनम में निशांक गुरूजी का गुरु भाई था जोह राजगुरुजी और रति के परिवार के गुरु थे ......

सब बस राजगुरुजी को देखकर ॉश्चारिये चकित थे की वह आर्यन को इतना सम्मान दे रहे थे जबकि बाकी सब तोह आर्यन की पर्सनालिटी देखकर hi इम्प्रेस्सेड थे की यही योग वर है .

आर्यन के पूरे परिवार को राजमहल में दीप्ति के आग्रह पे रुकैया गया लेकिन आर्यन को राजमहल से 2 कम दूर अलग महल में रुक्या गया था जहाँ दुसरे प्रतिदवंदी भी रुकने वाले थे .

हार्ट हार्ट हार्ट
 
अपडेट 33 हार्ट हार्ट हार्ट

PART 8 (बी) ( दीप्ति)

राजा जबर सिंह........

प्रतापगढ़ रियासत का राजा था, बहोत hi ल घाघ किसम का आदमी था , यह बात सिर्फ राजा रघुभार सिंह उसके पिता hi जानते थे. काम hi उम्र में सारे बुरे शौक पाल लिए थे .

माँ जब 18 साल का था तभी स्वर्गवासी हो गयी . जबर सिंह और ज्यादा बिगड़ गया था अपने पिता का अकेला पुत्र था और 2 छोटी भेने थी .

राजा रघुभार सिंह ने कई बार सजा दी , हाथ भी उठा दिया था पर पट्ठा था एक नंबर का धूर्त , बेशर्म होकर मार खा लेता पर कभी पलट के जवाब नहीं दिया .

जबर सिंह यह बात काम उम्र में समझ गया था की उसका बाप कभी भी किसी की नहीं सुनता और अगर वह कुछ भी प्रतिरोध किया उल्टा उसका त्रिस्कार hi होगा, राजगद्दी भी हाथ से जाएगी . फिर पिताजी मारते भी उसकी गलती पर hi हैं तोह चुप रहने में hi भलाई है.

उसकी एकलौती बुआ मिरदुला अलवर की रानी थी और राजा रघुभार सिंह की चाहती भें . राजा रघुभार सिंह के बाद वही राजपूताना कौंसिल की चेयरमैन बनती .

परन्तु ुष समय 26 साल के जबर सिंह की किस्मत ऐसी पलटी बुआ मिरदुला मिरत सय्या पे पहुंच गयी बेटी दीप्ति को जनम देते hi और राजा रघुभार सिंह ने कुछ साल बाद संन्यास ले लिया जबर सिंह को राजा बना के ...... कोई और ऑप्शन नहीं था फिर सब मंत्री और प्रजा भी जबेर सिंह के पक्ष में थी . संतान के लिए 3 -3 शादी की पर औलाद नहीं हुयी खूब उपचार के बाद भी .

उसके पिताजी रघुभार सिंह ने पहले hi समझा दिया था दीप्ति hi जबर सिंह की उत्तराधिकारी होगी अगर संतान नहीं हुयी तोह . वह किसी ओरे को गॉड नहीं लेगा .

जबर सिंह तीन शादी किया जिनमे दो तोह दूसरी कासते की थी ताकि उसका नाम हो . जबेर सिंह सबके लिए अच्छा राजा , माहिर कौंसिल का चेयरमैन और स्टेट गवर्नमेंट के लिए पालनहार का रोले बखूबी निभा रहा था .

उसकी दोनों छोटी भें पहले hi अलग अलग राजघराने में ब्याह दी गयीं . पिछले 16 साल से ( दीप्ति के राजकुमारी घोसित होते hi ) राजा और चेयरमैन दोनों जबर सिंह अच्छे से संभल रहा था . अपनी धूर्त और मीठी वाणी से किसी को भी अपनी ओरे मिला लेता .

दीप्ति और ख़ज़ाने से जुडी कहानी जैसे जैसे दीप्ति बड़ी हुयी वैसे वैसे hi यह विश्वास पक्का होता गया की राजकुमारी दीप्ति hi ुष ख़ज़ाने और दिव्या तलवार का लॉक है लेकिन चाबी दीप्ति के ~~~~~ बर्थडे के बाद उभरनी शुरू हुयी जब उसका पहले मक ( माहवारी) शुरू हुआ . एक हफ्ता हॉस्पिटल भी रिहाई . उसके बाद दौरे ( फिट्स) पड़ते .....

जोह पीठ पे छोटा बिठमरक हुआ करता था अब उम्र के साथ बड़ा होतो हुआ नक़्शे की तस्वीर ले लिया लेकिन किसी पुरुष को छू दे तोह उसकी तुरंत मौत हो जाती किसी अनजाने करंट लगने से . जब 3-4 मौत ऐसे hi हो गयी तोह हमेशा ग्लव्स पहने रहती और कोशिश होती पूरा बदन ढके . अपने प्रेमी का चित्र बनती पर हर साल उसकी सकल क्लियर होती गयी पर उसकी नीली आंखें और लम्बे बाल वैसे hi रहे.

दीप्ति की हालत और उसके किसी अनजाने सख्स की लिए अंधी मोहबत देखकर उसके maa-baap त्रिभुवन और दोनों रानियां परेशां होते ...... वहीँ राजा जबर सिंह को 99% दीप्ती का पागलपन hi लगता . बाकी सबके लिए भी दीप्ति एक तरह से मानसिक रोगी बनकर रह गयी .

लेकिन पिछले एक हफ्ते से भी काम समय में पूरे राजपूताना रियासतों के साथ hi साथ अपने स्टेट के भविष्य की चाबी दीप्ति ने खोज दी एक पुरुष के रूप में जोह इंडिया में hi पैदा हुआ .

दूसरी कासते का एक बड़ी बिज़नेस वुमन मरस रति देवी के बिज़नेस एम्पायर का अकेला वररिस उनका नाती जिसको बेटे की तरह पला था मर महार्यं सिंह को दीप्ति ने तस्वीर से निकाल के जीवित खड़ा कर दिया . आर्यन दीप्ति की ज़िंदगी में प्यार लेकर आया पर बाकी सबके लिए आंधी आ चुकी थी जोह तूफान का रूप लेती जा रही थी .

हूँ बा हूँ सबकुछ दीप्ति की तस्वीर जैसा आर्यन दीखता था बस बाल लम्बे और योद्धा के गेटउप न था. स्वयंवर की घोसना वह भी जल्दी पूरा करने वाली प्रतीत होती थी . यह साड़ी तस्वीर सब आर्यन के होने वाली बीवियों ने देखि तोह कोई संसय न था की दीप्ति भी आर्यन को दिल की घेरे से प्यार करती है .

दीप्ति ने आर्यन को छूकर समय चाकर शुरू कर दिया , नक्शा जोह उसकी पीठ पे था पूरा उभर आया . आर्यन के नक़्शे को छूने भर से दिव्या तलवार ने अपनी पोजीशन की दिशा के पड़ाव भी दिखा दिया .

(*किसी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था दिव्या तलवार का वररिस आर्यन होगा लेकिन वह यह नहीं जानते थे की वह दिव्या तलवार खुद आर्यन की hi है . जी हाँ दोस्तों आर्यन के सरीर में रहने वाली 6 आत्मा में से एक की ...... जिसको यह सब सिर्फ वररिस यानि हकदार समझ रहे थे ...... लेकिन क्या तलवार आर्यन को एक्सेप्ट करेगी जब उसमें 5 अलग अलग आत्मा और होंगी . तलवार हर हालत में किसी दुसरे के हाथ में तोह कभी नहीं जाना चाहेगी या फिर जाएगी .????)

राजकुमारी दीप्ति की बड़ी भें सुचित्रा सिंह सबसे पहले आर्यन को ठाकुर बलदेव सिंह की हवेली पे उसकी बड़ी बुआ चंदा के साथ देखकर hi पहचान गयी थी की कहीं यह वही तोह नहीं पर डाउट था .

आर्यन की हवेली जाकर जब यह बात कन्फर्म हो गयी की उसकी 5 लड़कियों से शादी होगी . तब कन्फर्म हुयी दूसरी बात की दीप्ति hi 6तह बीवी बनेगी आर्यन की .

( सुचित्रा ने अपने सौतेले भाई राजा त्रिभुवन को आर्यन की जानकारी दी . वहीँ से त्रिभुवन भी गीता के दुश्मनों के साथ आर्यन को मारने में लग गया था )

दीप्ति को किडनैपर्स से बचाकर समय चक्र शुरू हो गया जिससे दिव्या तलवार और ख़ज़ाने को खोजने था आर्यन को छूकर , 3रद बात भी कन्फर्म हो गयी और 4तह बात सिर्फ 6 सख्स जानते थे की रानी मिरदुला जीवित हो जाएगी दिव्या तलवार के वररिस के आने पर .

( दीप्ति की जान बचा कर राजा त्रिभुवन भी आर्यन को दीप्ति के लिए वर के रूप में एक्सेप्ट कर लिया राजगुरुजी के कहने पर )

राजगुरुजी , रघुभार सिंह , त्रिभुवन उसकी दोनों पत्नियां संगीता और जमुना के साथ जबेर सिंह टोटल 6 लोग hi जानते थे की रानी मिरदुला सिंह मिरत सय्या पे अचेत है और दिव्या तलवार का वररिस hi उसको जीवनदान देगा .

( बाकी दुनिया के लिए मिरदुला की मिर्त्यु हो गयी दीप्ति के प्रसव के समय. यह बात दोनों भेने भी नहीं जानती थी की उनकी माँ मिरदुला अर्ध जीवित है )

रानी मिरदुला के सरीर में हलचल भी शुरू हुयी , आंखें खुल गयी थी , हाथ पेअर में हलकी मूवमेंट भी होती लेकिन पूर्ण सचेत नहीं हुयी थी जिसको कोई समझ hi नहीं पा रहा था . मिरदुला को तोह ठीक हो जाना चाहिए पर अभी ुष में वक़त था .

(# यह सच्च कोई नहीं जानता सिर्फ कुछ लोगों को छोड़कर की रानी मिरदुला hi महार्यं की पिछले जनम की माँ थी . बड़े गुरूजी , निशांक गुरूजी , अणि , मीणा पहले से जानते थे और अब सारू भी यह बात जानती थी .)

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नाउ प्रेजेंट ......

आर्यन राजदरबार से निकल बिना के साथ जाने लगा तोह रघुभार सिंह ने उसको रोक के िकान्त में बात करने की इच्छा जताई . आर्यन के हाँ कहने पे वह उसको महल के उद्यान में ले गए और एक विरक्ष के पास बैठकर 15-20 मं उसको कुछ बताते रहे, राजगुरुजी भी वहां पहुंचे और आर्यन को आगे क्या करना है उसकी चर्चा भी की ...... आंत में आर्यन ने उनको अपनी सहमति दी और वापस बिना के पास जाकर उसको कार का पुछा तोह उसने बतया सब अर्रंगे हो चूका है हमको चलना है .

आर्यन और बिना , जयपुर से आयी अपनी स्पेशल सुव में बैठकर अपनी सिक्योरिटी के साथ राजमहल से 15 कम दुर्र एक बड़े से फार्महाउस पे पहुंचे . आर्यन ने बिना को एक घंटे के अंदर सब अर्रंगेमेन्ट्स करने को कहा की उनको अभी जरूरी काम से जाना है . पूरी डिटेल्स दे बिना अपने काम में लग गयी .

यहाँ उसकी टीम पिछले एक दिन से रुकी अपना काम कर रही थी . आर्यन कार से उतर सीधा एक स्पेशल हॉल पे पहुंचा तोह अर्जुन जोरसे हिन् हिनय ....... जी हाँ आर्यन का घोडा उसका जिगरी यार .

आर्यन भी हस्ता हुआ जाकर उसके चेहरे और गर्दन पे हाथ फेरा . अर्जुन की जॉकी स्पेनिश लड़की भी बस दोनों को देख के है रही थी .

जॉकी स्पेनिश में बोली ," आर्यन सर , आप दोनों को साथ देख अच्छा लगा . अर्जुन रियली मिस यू ".

आर्यन भी हसकर ," हाँ हम दोनों भाई hi हैं तोह दोनों को साथ रहकर हमेशा अच्छा लगता . तुम कैसी हो पहले से ज्यादा ब्यूटीफुल लग रही हो तुम्हारा बॉयफ्रेंड कैसा है ".

जॉकी ," ी डंप तहत बास्टर्ड 6 मोनथस बिफोर एंड नाउ ी हैवे नई बॉयफ्रेंड ..... hi hi hi ..... हे इस नॉट अस हैंडसम अस यू बूत वैरी केयरिंग , ी लव हिम ".

5 मं उससे बात कर उसके जाने के बाद आर्यन ने अर्जुन से गुप्त वाली भाषा में बात की और उसको ाची खुराक, नींद लेने को बोलै की कल हमको कई काम है. हो सकता उसको 1000 कम भी दौड़ना पड़े वह भी डबल सवारी.

( आर्यन जानता था की अर्जुन स्पेशल है लेकिन यह नहीं जानता था की अर्जुन भी उसकी तरह पुराण जनम लिया है. अर्जुन पिछले जनम में भी रति और रानी पद्मा देवी (( सारू)) का पिरये घोडा था. आप सब रीडर्स को याद होगा पीली कोठी पे सारू की लोटस शील्ड भी अर्जुन को अंदर आने से नहीं रोक सकीय जबकि मीणा और अणि भी ुष शील्ड को नहीं तोड़ सकती थी इतनी सक्तिसाली होकर . सारू को जंगल में अपने पिछले जनम की यादिअण क्लियर हुयी तब समझी अर्जुन क्यों अंदर आ पाया था . आखिर रति और सारू पिछले जनम में भी उसको बीटा मानती थी , महार्यं उसकी hi सवारी करके योध जीत जाता था .)

अर्जुन भी खुश होकर अपना स्पेशल चारा खाने लगा फिर आर्यन अपनी टीम से मिला तोह उसको कई इंफॉर्मेशंस और कुछ ऐसी बातें पता चली जिससे वह बस मुस्कारया दिया .......

अपनी टीम को समझा कर वह एक हेलीकाप्टर में 10 बजे रात के बिना के साथ बैठकर अपना स्पेशल बैग और किट लिए चल दिया अनजान मंजिल की तरफ .

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कौंसिल मीटिंग.....

रात के 11 बजे जबर सिंह और त्रिभुवन दोनों एक साथ कौंसिल मीटिंग में पहुंचे ...... हर बार की तरह िश बार भी शराब तोह थी शबाब नहीं था ...... यानी सीरियस बात थी .

आज स्पेशल मीटिंग थी 40 स्टेट की रियासत के साथ दुसरे स्टेट की भी कई राजा और रियासत के राजा या राजकुमार शामिल हुए . जोह जयपुर में मीटिंग होनी थी वह अलवर में शिफ्ट हुयी क्योंकि आर्यन को वह जयपुर में नहीं रोक पाए थे .

अपनी सीट पे बैठकर राजा जबर बोलै ," आप सबका स्वागत है . आज राजा त्रिभुवन सिंह अपनी बेटी के विवाह के लिए स्वयंवर की घुसना किये हैं , चूँकि बहोत काम समय है कल सुबह से hi वीरों की प्रतियोगिता शुरू होगी . राजकुमारी दीप्ति के स्वयंवर में कोई गैर राजपूत भी परन्तु रॉयल ब्लड होना चाहिए हईशा ले सकेगा . इसिलए विदेश से भी कई रॉयल फॅमिली आने वाली हैं या आ चुकी हैं ".

राजा त्रिभुवन ने कहा ," मेरी बेटी राजकुमारी दीप्ति ुशी के गले में माला डालेगी जोह विजेता होगा और में चाहूंगा की राजपूताना कौंसिल की चेयरमैन सीट भी दीप्ति और उसके होने वाले पति को मिले यह राजा जबर सिंह घोसित करें क्योंकि स्वयंवर की बात इन्होने ने दिल्ली की मीटिंग में भी राखी थी ".

जबेर सिंह को भी पता था की कौंसिल सीट का लालच hi त्रिभुवन को स्वयंवर की बात पे राजी करेगा लेकिन अपनी धूर्त को छिपाते हुए बोलै," हम कल स्वयंवर स्टार्ट होने से पहले यह घोसित कर देंगे ".

राजा त्रिभुवन ," नहीं राजा जबर सिंह आप ने पक्के पेपर्स और कौंसिल के मेंबर्स के सिग्नेचर्स भी ुष्पर करवाने का वडा किया था . पेपर्स रेडी हुए की नहीं . फिर कल स्वयंवर में कौंसिल से कोई राजवाड़ा hi जीता तोह यह शरत अभी पूरी होनी चाहिए क्यों मित्रों क्या आप सब मुझसे सहमत हैं?"

सब ने एक सुर पकड़ लिया की वह सहमत हैं तोह राजा जबर सिंह को भी डाक्यूमेंट्स जोह रेडी थे ुनःपर सबको सिग्नेचर्स करने को कहा ...... राजा जबर सिंह को यह बात त्रिभुवन की पसंद नहीं आयी की उसको उसकी बात पे विश्वास नहीं ....... लेकिन कौंसिल में पहली बार फूट नज़र आयी .

12 बजे मीटिंग ख़तम हुयी तोह राजा जबर सिंह ने राजा त्रिभुवन सिंह से कहा ," त्रिभुवन तुमको हमारी बात पे विश्वास नहीं था क्या जोह अभी सब फॉर्मलिटीज करवाई . आखिर राजकुमारी दीप्ति हमारी भी छोटी भें है हम भी उसको अपनी बेटी की तरह मानते हैं".

राजा त्रिभुवन सिंह ने दलील दी ," राजा शभ आप हम से उम्र और ौधेय में बड़े हैं फिर जब हम कल सुबह स्वयंवर में अलवर की राजगद्दी , राजपूताना कौंसिल की चैरमानशिप और राजकुमारी दीप्ति से विवाह , तीनो विजेता को पुरस्कार के रूप में मिलेगा तोह प्रतियोगिता ज्यादा जबरदस्त तरीके से होगी . फिर आपका आर्यन को अपनी तरफ मिलाने वाला जयपुर का प्लान तोह उसने फ़ैल कर दिया ".

राजा जबर सिंह ने एक घेरि सांस ली ," तुम समझ नहीं रहे हो त्रिभुवन , गवर्नमेंट से आर्यन बच गया तोह हमसे भी बच जायेगा . कौंसिल किसी भी हाल में नहीं चाहती कोई गैर राजपूत से दीप्ति का विवाह हो जबकि हम तोह खुद आर्यन को सिक्योरिटी अफसर से रीयः करके अपना प्रतिभागी hi बनाने वाले थे ताकि वह हमारा थोड़ा ऋणी रहे . सोचो वह खज़ाना और दिव्या तलवार ऐसे hi हम दोनों के हाथ से निकल गयी तोह हमारी क्या इज़्ज़त रह जाएगी ".

राजा त्रिभुवन सिंह ," राजा शभ आप मुझे तोह माफ़ hi कीजिए , मेरी बीवियों और मैंने दीप्ति को अपनी सगी बेटी hi माना है . हमे कुछ नहीं चाहिए बस हमारी बेटी की ख़ुशी में hi हमारी ख़ुशी है और देखा जाये तोह दीप्ति की खुसी आर्यन hi है ".

राजा जबर भी थोड़ा खीज के बोलै," और हम दीप्ति के दुश्मन हैं अरे हमने भी तोह अपना उत्तराधिकारी उसको hi मन है जबतक हमारी औलाद नहीं होती ....... हमारी दो छोटी बहेनो के भी बच्चे हैं हम उनको गॉड ले सकते थे लेकिन हमने ऐसा नहीं किया . दीप्ति मेरी बुआ मिरदुला जी की बेटी है मेरी छोटी भें है हम उसका बुरा क्यों करेंगे ".

राजा त्रिभुवन सिंह ," आर्यन hi दीप्ति का सच और कल है यह बात हमने तोह एक्सेप्ट कर ली आप भी मान ले तो अच्छा है "....... इतना बोलकर वह अपने महामंत्री को लेकर चला गया .

पीछे छोड़ गया कुछ सवाल राजा जबर सिंह के लिए ....... जोह अपनी नयी प्लानिंग के बारे में सोचने लगा .

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राजपरिवार की औरतें के बड़े से मीटिंग हॉल नुमा कक्ष में औरशन की माफ़िल लगी थी डिनर के बाद .......

दीप्ति को जहाँ एक स्टूल पे बिठा हल्दी और जड़ीबूटी का लेप लगया जा रहा था और बालों को गुलाब जल से नौरीश कर ुष्पर भी कई सुगन्धित तेल लगये जा रहे थे .......

100 से ज्यादा लेडीज होंगी और 30-35 दासियाँ ...... आर्यन की फॅमिली की लेडीज के लिए सबकुछ नया था . आज पता चला की राजकुमारी कितनी बड़ी हस्ती होती है उसके लिए सबकुछ सबसे ख़ास अर्रंगेमेन्ट्स होता है .

वहां कई रानियां और राजकुमारी भी थी लेकिन कोई भी सिंघासन की उत्तराधिकारी नहीं थी . दीप्ति hi अपनी माँ मृदुला के बाद पहली राजपूताना बाला थी जोह सिंघासन के साथ कौंसिल की चेयरमैन भी बनेगी ..... यानी बहोत बड़ी पावरफुल सख्सियत .

लेकिन बहोत से लोग नहीं जानते थे उसके पास सिर्फ 2 दिन ओरे हैं ज़िंदगी के अगर आर्यन बिफल हो गया तोह ......

दीप्ति की दोनों माँ संगीता और जमुना के साथ जबर सिंह की तीनो रानियां ( नाम बाद में आएंगे अभी ज्यादा रोले नहीं है ) सिर्फ दोनों बच्चों को देख रही थी महिमा और राहुल , जबसे दोनों अपनी माँ बबिता और कविता के साथ राजदरबार में आये थे.

दोनों सुन्दर बच्चों को देख 5 की 5 में निस्तान होने की तीस जाग गयी थी ...... बबिता और कविता को सुबह रति साथ नहीं ले गयी थी दीप्ति के रिश्ते की बात करने ,बच्चों की वजह से . अभी वह यह बात गुप्त hi रखने वाली थी की आर्यन के बच्चे भी हैं ...... लेकिन जब अलवर में स्वयंवर की बात आयी तोह रति देवी को मीणा ने समझाया की दोनों बच्चे को ले जाना दोनों राजा की खिल्ली hi उड़ाएगा की वह निस्तान है .

रति तोह मीणा की बातों में आ गयी वैसे भी मीणा को बहोत मानती थी की वह कभी भी गलत नहीं कहेगी लेकिन मीणा ने तोह एक साथ 5 छूटों पे आर्यन की मोहर लगाने का प्लान बना दिया था .

थोड़ा पीछे चलते हैं नहीं तोह मजा नहीं आएगा ........

दीप्ति ने जब कल रात चरों लड़कियों को अपने कक्ष में hi सुलाया तब मीणा ने उसकी दोनों मम्मी से सुबह मिलवाने की बात कही . दीप्ति को भला क्या आपत्ति होती .

सुबह 6 बजे hi मीणा कक्ष से निकल सीधा छोटी रानी जमुना की कक्ष तक पहुंची तोह दासी ने बतया की वह गार्डन में टहल रही होंगी . बड़ी रानी संगीता राजा शभ के कक्ष में हैं वह भी आती होंगी .

मीणा सीधा गार्डन में जा बड़े प्यार से अपना परिचय देते हुए रानी जमुना से बात करने लगी . संगीता भी आयी तोह दोनों को अपनी मीठी बातों से इम्प्रेस्सेड कर दिया ...... दोनों ने मीणा का फोटो देखा था और जानती थी आर्यन की जुड़वाँ और सबसे लाड़ली भें है ...... इसकी कोई बात आर्यन नहीं टालता .

मीणा दोनों को देखने में साधरण सी लड़की लगी लेकिन उसकी कजरारी बड़ी बड़ी आँखों बहोत आकर्षित थी ....... बातों में पता चला की दीप्ति की वजह से उन्होंने कोई औलाद नहीं की लेकिन सच्च तोह मीणा भी जानती थी .

मीणा ने कहा आपको में 3 बच्चे दिखा दूंगी तब भी आप का यही उत्तर नहीं रहेगा आपको लगेगा की आपकी कोख से भी बच्चा पैदा होना चाइये..... फिर दोनों का हाथ देखकर बोली संगीता आंटी आपको बीटा होगा और फिर जमुना का हाथ देख के बोली आपको जुड़वाँ बेटी का योग है .

बस आप किसी निस्तान औरत की सबसे दुखती राग पे हाथ रख दो यानी आपको संतान होगी वह आपकी सबसे सगी हो जाएगी ....... मीणा की पावर और ज्ञान का कहाँ उनको अंदाज़ा था लेकिन जब मीणा ने कहा की दीप्ति के 21सत जन्मदिन से पहले आप दोनों माँ बनेगी .

(दोनों को भी वह भविष्वाणी की बात याद आयी की दीप्ति से शादी करने के बाद निस्तान का श्राप हैट जायेगा )..... मीणा ने आगे बात जोड़कर कहा आपकी सासु माँ खुद आपको सुभागवती का आशीर्वाद देंगी ......

दोनों को इतनी खुसी हुयी लेकिन मीणा से यह बात छिपा के जमुना बोली ," लगता है मीणा तुम पल्मिस्ट्री में काफी निपुण हो ऐसा हमको हमारे राजगुरुजी ने भी कहा है ".

(मीणा मैं में मगर यह नहीं बतया होगा की मेरा भाई hi तुम्हारी कोख हरी करेगा ...... hi hi hi hi )

लेकिन आर्यन को फिर से मिलकर और देखकर आज दोनों की छूट एक बार और रू दी लेकिन आज तीन रानियां जबर सिंह की भी थी जोह चड्डी में hi पिसाब कर दी थी. इतना सूंदर इतना हैंडसम लम्बा चौड़ा आर्यन सच में दीप्ति के योग वर है .

मीणा जब राजदरबार में पहुंची तोह महिमा और राहुल की तरह दोनों रानियों को इशारा की थी ....... बच्चे इतने सूंदर और क्यूट थे जैसे परियों के बच्चे हों ....... लेकिन महिमा की नीली आंखें और चीखती सी आवाज दोनों नहीं बल्कि 5 रानियों को आकर्षित कर रही थी .

दोनों बच्चों की सकल आर्यन से मिलती थी एक बार को छोटी रानी जमुना सोच में पद गयी की उसका वहां है .

सब विश्राम करने और फ्रेश होने गए तब मीणा महिमा, राहुल को अपने साथ दोनों रानियों से मिलाने ले गयी ...... दोनों को सच्च में ऐसे hi बच्चे चाइये थे लेकिन महिमा ने तोह जमुना का दिल hi जीत लिया , उसको ऐसी hi बेटी चाइये थी .

महिमा को अपनी गॉड में ली तो वह अपने बाप से भी दो कदम आगे थी , उसको भी हर किसी की चूची पीने का सौक चढ़ा था आर्यन के गाओं में तोह सबकी चूची पि आयी थी ....... आज तोह 2 नए शिकार थे राहुल जाने की जिद करने लगा तो मीणा महिमा को वहीँ छोड़ दी .

मीणा को पता था आर्यन की यह बेटी महिमा बहोत पावरफुल है ुष्पर कोई मंतर कोई हथियार असर नहीं करता .......

महिमा तोह जमुना की गॉड में बैठी पत्तर पत्तर बात बना रही थी 5 मं. बाद बोली दुद्दू पीना है और जमुना की चूची पे हाथ लगा मोह लगाने लगी शाही चोली के ऊपर से ...... पता नहीं काया जादू था जमुना ने खुद अपनी चोली खोल के अपना लेफ्ट निप्पल ब्रा निचे कर उसके मोह में लगा दिया ......

रानी संगीता ने उसको आवाज देकर बुलाया तोह होश में आयी ," दीदी बस कुछ मत बोलो मुझे बस िश अहसास से रुबा रु होने दो "....... संगीता को भी अहसास हुआ उसको भी राहुल को एक बार स्तनपान करना चाहिए था ......

10 मं दोनों चूची निचोड़ के जब दूध नहीं आया तोह उसकी गॉड से उतर के संगीता की गॉड में चढ़ गयी और उसने भी अपनी चोली और ब्रा खोल निप्पल मोह में लगा दिया .......

जमुना थोड़ा इमोशनल होते हुए ," दीदी मुझे ऐसी hi बेटी चाहिए , भगवन अभी भी टाइम है हमको उम्र बीतने से पहले माँ बना दे ".......

संगीता भी आँख में आंसूं लिए ," सच्च में भगवन मुझे भी महिमा जैसा बीटा hi देना "....... निस्तान होने का अहसास आजतक इतना नहीं हुआ लेकिन ुष अहसास पे महिमा ने मरहम भी लगा दिया . दीप्ति उनके लिए सगी बेटी जैसी थी पर स्तन पान तोह उसने भी नहीं किया था जबकि पला दोनों ने hi था .

कुछ डिअर बाद मीणा बबिता के साथ कक्ष में आयी तोह संगीता की चूची पीटा देख बबिता परेशां हो गयी . मीणा हसने लगी ," आंटी िश बदमाश से बचकर रहना यह किसी को नहीं बक्सी बस पी जाती है बिलकुल अपने बाप की तरह".

बबिता ने आगे बढ़कर महिमा को लेना चाहा तोह संगीता बोली," कोई बात नहीं इतनी प्यारी बच्ची को कोण औरत मन कर सकती है , मैंने तोह अपनी बेटी मान लिया महिमा को ".

जमुना ने भी कुछ सोचते हुए बात जोड़ी ," महिमा मेरी भी बेटी जैसी hi है आजसे लेकिन मीणा यह बाप वाली बात समझ में नहीं आयी ".

मीणा एक प्यारी स्माइल से ," और कोण वही आपका होने वाला दामाद आर्यन भी इश्कि तरह गाओं में या कहीं भी और कोई औरत नहीं छोड़ी जिसका दूध नहीं पि लिया हो . एक बार तोह वह एक औरत के पीछे 5 कम दूर चला गया उसके घर तक दुसरे गाओं और दूध पीकर hi आया जब सिर्फ 5 साल का था . उसको भी कोई मन नहीं करता था और यह माहि भी ऐसी hi है ".

मीणा की बात सुनकर जहाँ दोनों के मोह खुले रह गए वहीँ बबिता शर्मा से महिमा को गॉड ले ली जोह सू गयी थी ...... बबिता के जाने के बाद भी दोनों किसी शॉक में hi थी की महिमा आर्यन की बेटी है .

संगीता सीरियस होकर ," मीणा क्या यह सच्च है की महिमा आर्यन की सगी बेटी है ?".

मीणा ने भी सीरियसली कहा ," हाँ राहुल और वसु भी आर्यन के बेटे hi हैं, अब क्या करता तीनो औरतें के बच्चे नहीं थे ऊपर से आर्यन इतना हैंडसम है की कोई भी उससे प्यार करने लगे , बड़ी मामी कविता को बीटा चाइये था तोह राहुल पैदा हुआ . छोटी मामी को अमेरिका में hi वसु बीटा पैदा हुआ उन्होंने आर्यन को इमोशनल ब्लैकमेल करके बीटा ले लिया . बबिता बस आर्यन को शादी सुदा होने के बाद भी प्यार करने लगी . प्यार प्यार में कब प्रेग्नेंट हो गयी पता hi नहीं चला और महिमा का जनम हुआ . आप दोनों अगर आर्यन के बचपन के फोटो या वीडियो देखोगी तो महिमा डिक्टो शामे तो शामे ट्रू कॉपी है ".

रानी जमुना ," मुझे महिमा को देखकर लगा और अब राहुल को भी गौर से देखो तोह ुशी पे गएँ है . लेकिन फिर दीप्ति की शादी कैसे होगी जब उसको पता चलेगा की आर्यन 3 बच्चों का बाप भी है ?"

मीणा ने अपनी मोहक स्माइल के साथ अपनी एएब्रोस ऊपर निचे करते हुए कहा ," दीप्ति जानती है वह दोनों को देख के hi समझ गयी उसको कोई ऐतराज नहीं फिर आप लोग तोह रजवाड़े हो एक राजा की अनेक रानियां और औलाद होती हैं कोई मुश्किल बात तोह नहीं . फिर आर्यन भी 3 खंडन का अकेला वररिस है उसने दोनों मामियों को श्राप से मुक्ति hi दिलवाई है की िश जनरेशन में आर्यन के अल्वा कोई लड़का नहीं होगा . आर्यन से दोनों बीटा उन्हों ने अपनी मांग में सिन्दूर भरवाने के बाद पाए हैं यानि वह इंदिरेक्ट्ली उसकी बीवियां बानी तोह माँ बन पायी जैसे आपके खंडन में है की दीप्ति के शादी के बाद आप दो खानदान की 5 रानियों को संतान का सुख मिलेगा परन्तु "....... और बात बिच में छोड़कर चुप्प हो गयी .

दोनों अभी शॉक में hi थी फिर भी संगीता बोली ," तुमको किसने हमारे खानदान के बारे में बतया ".

मीणा हसकर ," दीप्ति ने , उसने हम पांचो को भें बना लिया है और अपना सब सच्च सच्च बता दिया और फिर हम ने भी ".

जमुना ," मीणा तुमने परन्तु कहा ".

मीणा कड़ी होकर बोली ," रानी शैब्या मेरे कहने का तात्पर्य मेरे पूरी बात में है और आप बहोत समझदार हैं , में चलती हूँ मेरा फ़ोन विबरते कर रहा बहोत डिअर से ".

मीणा ने अपना काम कर दिया था , रानी संगीता तोह नहीं समझ पायी पर जमुना जोह दिमाग़ की तेज़ थी समझ गयी की मीणा ने क्या कहा वही सोच के इसकी छूट फिर पसीज गयी .

रानी संगीता ," जमुना यह हम अपनी बेटी की शादी किस लड़के से कर रहे हैं जोह अभी से 3 बच्चों का बाप है उसके नाज़ायज़ रिश्ते भी हैं और दीप्ति को परेज भी नहीं में अभी उसको पूछती हूँ ".

रानी जमुना ," दीदी बैठो आप में समझती हूँ , मीणा ने वह हमको समझा दिया जिसको हम शादी के इतने साल बाद भी नहीं समझे . यह लड़की हमको सच्च और वास्तिवकता का आइना दिखा के चली गयी ".

संगीता अभी भी कन्फ्यूज्ड hi थी तब जमुना ने ताली बजायी तभी एक दासी आयी जिसको किसी को भी कक्ष में आने की अनुमति नहीं है .....

जमुना उसका हाथ पकड़ के बाथरूम में ले गयी जोह बहोत आलीशान और बड़ा था उसमें पानी चला के संगीता के कान में बोलना शुरू की ......

" दीदी मीणा ने हमको बतया की उसके खानदान में और हमारे परिवार को संतान देने वाला सिर्फ आर्यन hi है ...... आप शुरू से सोचो हमको संतान कब होगी जब दीप्ति की शादी दिव्या तलवार के वररिस से होगी ....... अब 45 की उम्र में राणा सा हमको माँ बना पाएंगे जोह ढंग से अब सम्भोग भी नहीं कर पाते ....... राजगुरुजी ने क्या कहा आर्यन से hi हमारे खानदान की सब खुशियां जुडी हैं और हमको माँ भी ....."...... चुप्प हो गयी .....

संगीता को विश्वास hi नहीं हो रहा था की उनको किसी और पुरुष से नहीं बल्कि अपने दामाद से संतान सुख के लिए नाज़ायज़ रिश्ते बनाने होंगे ....... वह गुस्सा होकर बोली ," उसका दिमाग़ ख़राब है क्या वह हमको समझ क्या रही है , ऐसा कभी नहीं होगा ".

जमुना अब चुप hi थी उसको पता था संगीता अब गोल गोल वही सोचेगी पर मान न उसको भी पड़ेगा सच्च एहि है .

दीप्ति की हल्दी की रसम में बस महिमा और राहुल पे दोनों की निगाहें और महिमा तोह दोनों के पास जा गॉड में चढ़कर उनसे बात करती और फिर खेलने लगती .......

जब राजा जबर सिंह की तीनो पत्नियों ने भी कहा उनको भी ऐसे hi बच्चे चाइये तब जमुना हसने लगी तोह संगीता भी शर्मा के है दी की हम सब एक hi कश्ती के सवार हैं और माहजी का पता बता दिया गया है ....... लेकिन माहजी यानी आर्यन है कहाँ.

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आर्यन और बिना एक घर में प्रवेश किये तो छोटे गुरूजी को देख दोनों ने हाथ जोड़े .

आर्यन बिना के साथ बिना डिअर किये सीधा रानी मिरदुला से मिलने पहुंचा जब रघुभार सिंह और राजगुरुजी ने बताया की दीप्ति और सुचित्रा की सगी माँ जिन्दा है . वह 21 साल से दिव्या तलवार के वररिस का वेट कर रही है .

आर्यन जहाँ यह बात सुनकर हैरान रह गया की दीप्ति की माँ इतने साल से बीमार अर्धजीवित सिर्फ मेरा वेट कर रही है . आर्यन को विश्वास hi नहीं हुआ ऐसा कैसे हो सकता है .

आर्यन को दीप्ति ने बताया की वह दिव्या तलवार का वररिस है और सब बातें आर्यन को भी सच्च hi लगीं लेकिन तलवार से मेरा क्या रिश्ता . जंगल में बड़े गुरूजी और अणि की बात का विश्वास कर लिया फिर भी एक शंका थी की तलवार का वररिस में कैसे हुआ .

रानी मिरदुला की कहानी आर्यन का हिरदय पिघला दी . क्या त्याग है किसी स्त्री का जिसने अपनी बेटी के लिए अपनी जिंदगी डाव पे लगा दी . ऐसी वीर माता से वह जल्द से जल्द मिल उसको ठीक करना चाहता था अगर वह उसकी hi प्रतीक्षा कर रही है.

दोनों ने आर्यन को कहा पहले स्वयंवर अटेंड कर ले फिर तलवार खोजने के बाद या पहले मिरदुला को मिल लेना .

आर्यन का जवाब hi दोनों को चुप्प करवा दिया ," आप दोनों बड़े हो और ज्ञानी भी , जिस माता ने अपने प्राण तक बलिदान कर दिए की उसकी बेटी दीप्ति जीवट रहए उसका जीना ज्यादा जरूरी है ुष दिव्या तलवार और दीप्ति से पहले . सायद वह ुष टाइम दीप्ति को मर जाने देती तोह आज कई जिंदगी सुखी होती . मुझे अभी निकलना होगा अगर भगवन ने चाहा तोह रानी मिरदुला अपनी बेटी का स्वयंवर अपनी आँखों से देखेंगी ".

राजगुरुजी भी आर्यन के जाने के बाद बोले," रघुभार तुमको कोई अभी भी शक है की आर्यन वह लड़का नहीं है , देखा उसकी बात सच्च hi है दीप्ति आज जीवित न होती तोह कई ज़िंदगी बच गयी होती ".

घर में छोटे गुरूजी बोले ," आयो आर्यन गुरूजी का फ़ोन आया था िश लिए मैंने अपना hi आदमी तुम्हे लेने भेजा था मैदान में , कोई दिक्कत तोह नहीं हुयी इतनी रात गए ".

आर्यन बड़ी अधीरता सा ," माफ़ कीजिए गए गुरूजी क्या में रानी मिरदुला को अभी मिल सकता हूँ , में सिर्फ उनके लिए िश वक़त यहाँ आया हूँ ".

छोटे गुरूजी आर्यन को एक कमरे में ले गए जहाँ एक औरत निचे बिस्तर पे लिअटि थी बिलकुल हड्डी का ढांचा hi थी . उसके पास दो सन्यासी विस्तार पहने अधेड़ उम्र की औरत बैठी सो रही थी .

आर्यन और छोटे गुरूजी को देख दोनों की आँख खुली और कड़ी हो गयीं तब आर्यन बोलै ," मुझे कुछ टाइम अकेले छोड़ दो" और बिना को आवाज दिया .

आर्यन की आवाज सुनकर मिरदुला की आंखें खुल गयीं और सरीर कम्पनी लगा जैसे दौरा पड़ा हो .

आर्यन ने सबको रोका ," आप सब हैट जायो और भगवन से प्राथना करो, माजी जल्दी hi ठीक हो जाएगी ".

वैदजी भी आये तोह आर्यन ने बिना से अपना छोटा बैग लेकर दरवाजा अंदर से बंद कर दिया .

पहले उसने बैग खोल के कुछ छोटी डिब्बी और बोतल निकाली और लास्ट में एक गोल्ड के चमकते छोटे बॉक्स को निकल एक वेवलेट के कपडे पे रखा .

वह आगे बढ़कर बीएड के पास घुटनो के बल बेथ मिरदुला के दौरे पड़ते हाथ की नवाज चेक किया फिर गले की .

बहार सबको बिना ने कहा ," आप परेशां न आर्यन सर कोई छोटा मोटा आदमी नहीं है , उसको जड़ी बूटी से लेकर हर तरह की दवाई की नॉलेज है . वह तंत्र मंतर भी जानता है और भूत प्रेत भी पकड़ के गुलाम बना लेता है . देखना आपकी रानी मिरदुला जल्दी hi ठीक हो जाएँगी ".

आर्यन ने गेट खोल के कहा मुझे एक बाल्टी पानी चाइये और बिना मेरे बैग से 2 टॉवल निकाल दो उसके बाद आप सब िश घर से बहार निकल जायो कोई भी अंदर नहीं रहए में बहार आऊंगा तब बता दूंगा , जल्दी hi दो बुरी आत्मा बहार आने वाली हैं .

पानी की बाल्टी लेकर आर्यन दो टॉवल भी अंदर लेजाकर रख दिया . दूर लॉक कर उसने बैग से एक रउदारक्ष की माला निकल सीधा मिरदुला के सर से टच की और आँख बंद कर मंतर पढ़ने लगा . मंतर ख़तम होते hi उसकी नीली आंखें बिलकुल लाल हो गयी .

रउदारक्ष की माला अब हवा में उठकर बड़ी होने लगी ..... बड़ी होते हुए उसने आर्यन और मिरदुला के चरों और घेरा बना लिया 4 मीटर के डीएमटीर का ..... हर एक रउदारक्ष एक बड़े संख के साइज का हो गया था और दूरी एक चमकती गेरुआ कलर की मोती रस्सी में बदल गयी .

आर्यन ने मंतर पढ़कर मिरदुला के दौरे ( फिट्स) पड़ते सरीर के माथा के हाथ से स्पर्श किया . दो चिलाती हुयी काली कलर की आकर्ति मिरदुला के सरीर से कान पहाड़ ध्वनि से बहार आ गयी ......

दोनों की सिर्फ पीली पीली जलती आंखें काला चेहरा के साथ बाकी निचे दुआ की अकीर्ति लिए था धड़ की जगह ...... आर्यन जिनको प्रेत समझ रहा था वह दूसरी दुनिया की *** धूत की आत्मा थी ...... आर्यन ने बिना मौका दिए ऐसा मंतर पढ़ा जोह आज तक पृथ्वी पर कभी इस्तेमाल hi नहीं हुआ होगा .

दोनों हवा में किसी पत्ते के तरह तैर रहे थे..... मंतर की सख्ती इतनी ज्यादा थी की पूरा एरिया की जमीन से लेकर जीव जंतु तक और बड़े पेड़ से लेकर छोटी सी घास से भी जीवन जैसे खींचने लगा ....... आर्यन की आंखें और ज्यादा डार्क ब्लड रेड हो गयी उसका सरीर हवा में उठने लगा ......

तभी बड़े गुरूजी की आवाज उसके मस्तिष्क में गुंजी ," महार्यं वॉश अपना मंतर वापस ले लो नहीं तोह पूरी पृथ्वी का नाश हो जायेगा , साथ में तुम्हारी अपनी माता मिरदुला का भी . दोनों धूत को बांड के कैद कर लो ".

आर्यन ने प्रणाम करके आँख बंद की और दूसरा मंतर पढ़ा तोह सब कुछ पहला जैसे होने लगा लेकिन धरती का हर जीव को कुछ न कुछ महसूस जरूर हुआ की उसके अंदर से कोई जीवन खींच रहा है .

रउदारक्ष की माला उन्ह दोनों को हवा में तैरते हुयी आत्मा के चरों ों लिपट एक जंजीर की तरह हो गयी जिसको मंतर पढ़ के आर्यन ने बंद दिया था ..... फिर एक बैग से नीले कलर का बॉक्स निकला और दोनों को पकड़ के जोह अब बिलकुल कुछ कम के साइज के थे ुष बॉक्स में बंद कर दिया .

गुरूजी ने पुनर कहा ," अब तुम अपनी माता को ठीक कर सकते हो यह पिछले जनम में तुम्हारी माँ 'लक्ष्मी' थी महार्यं और िश जनम में दीप्ति और सुचित्रा की माँ है ..... परन्तु तुम्हारे मैं में उठे सवाल का जवाब में दिव्या तलवार के मिलने के बाद hi दूंगा ".

आर्यन ने हाथ जोड़कर गुरूजी को धयानवाद में आंखें बांध की और जब खोली तोह नार्मल नीली हो गयी थीं .

लेकिन इन सब में आर्यन के कपडे जगह जगह से जल गए थे ....... रानी मिरदुला का सरीर मूर्छित अवस्था में था .

आर्यन को पहले hi मिरदुला अपनी जान पहचान वाली लग रही थी दूसरा अभी गुरूजी से पता चला की वह उसकी पिछले जनम की माँ है तोह और प्यार आया . उसने सबसे पहले एक बाल्टी के पानी में दो पाउडर जैसी जड़ी बूटी मिलायी फिर एक शीशी से 4 बूँद ुष पीले से तेल जैसी मिलायी तोह पूरा घोल एक ढेरी ढेरी टाइट जेल सा बनने लगा ......

रानी मिरदुला के माथा को चूम के उनको उठा के कच्चे फर्श पे लिटा दिया और बाल्टी को हिला के दो स्ट्रॉ दोनों नाक के सुराख़ में दाल टेप से नाक बंद कर दिया . आँखों और कान पे भी टेप चिपका दिया .

गोल्डन बॉक्स खोल के फोरसेप ( चिमटी ) से 10-12 में से एक मूर्ति जैसा सुनहरी बीज सा उठा के बॉक्स बंद कर ुष वेवलेट कपडे पे रखा ...... मिरदुला का मोह अपने हाथ से दबा के खोला और बीज को अंदर दाल के मोह बंद कर दिया .

खड़ा होकर बाल्टी को हिलाया और फिर सर से लेकर पेअर तक थिक जेल मिरदुला की पूरी बॉडी पे दाल दिया ...... 2 मं में वह जेल मिरदुला की पूरी बॉडी पे प्लास्टर की तरह जैम गया ...... सांस के लिए बस दो स्ट्रॉ बहार थे नहीं तोह पूरा बॉडी अब हलके येल्लोइश कलर के कास्ट से ढाका था .

आर्यन ने फिर अपने सब बॉक्स , डिब्बे और बॉटल्स अंदर बैग में सही जगह पे राखी ...... फिर उन दो दूत के बारे में सोचने लगा .

*** दूत दूसरी दुनिया के योद्धा को कहते हैं . पर आर्यन ने जिनको पकड़ा था वह उनकी आत्मा थी . इन आत्मा को कोई मनुष्य देख hi नहीं सकता न फील कर सकता है . आर्यन क्यों इनको देखकर गुस्सा हुआ और सर्वनाश मंतर कैसे पढ़ दिया यह आपको बड़े गुरूजी hi बता सकते हैं ...... में अभी इतना hi बता सकता हूँ की 6तह दिव्या आत्मा का जीकर महारानी विजयलक्ष्मी ने किया था गुरूजी से यह ुशी से रिलेटेड है .

आर्यन दरवाजा खोल के बहार आया अपने कपडे चेंज किया और घर के बहार पहुंचा तोह वैदजी और 2 सन्यासी महिला hi थी वह सब काफी डरे हुए थे .

आर्यन का एक सिक्योरिटी मन ने बताया की आशाराम पे हमला हुआ है एक आदमी भागकर यहाँ आया था जो यह सूचना दिया ....... बिना मैडम बाकी 3 सिक्योरिटी मन और छोटे गुरूजी को लेकर वहां गयी हैं आश्रम की कार से .

आर्यन को गुस्सा आया की यह लोग अब निर्दोष लोगों के पीछे पद गए . उसने दोनों महिला को मिरदुला के बारे में समझा दिया की उनको बस कमरे के बहार रहना है और सिक्योरिटी वाले से बोलै तुम यहीं रहना कोई भी हमारे शिव आये तोह गोली मार देना इधर भी हमला हो सकता है .

वैदजी से आश्रम की डायरेक्शन और एक्सएक्ट लोकेशन पूछकर अंदर आकर अपना बड़ा बैग खोल 2 मौसर गन पे सीलेंसर लगा दिया , एक तलवार एक खंजर लिया फिर एक्स्ट्रा अम्मॉ लेकर अँधेरे में hi जंगल की तरफ दौड़ लगा दी .

5 कम की दूरी कुछ 3 मं में hi तय कर दी , जंगल के अंदर जा उसको फायरिंग की आवाज सुनाई दी . तेजी से बढ़ता हुआ वह जंगल में घूम के आश्रम के पिछले हिस्से से एंटर किया ......

सामने से बिना की टीम फायरिंग कर रही थी और अंदर से दुश्मनों की टीम जवाबी फायरिंग कर रही थी ....... रात के 12 बजे जंगल गोली की आवाजों से गूँज गया था .....

आर्यन ने रंगते हुए आश्रम के अंदर चिपटा जब बिच की तरफ पहुंचा तोह 24-25 हथियार बंद लोग 70-80 सन्यासी और साधु वाले कपडे में जमीन पे बैठे लोगों को घेरे खड़े थे .

आर्यन को समझ में आ गया की यह मिरदुला माजी के लिए hi आये हैं ....... मगर बिना ने हमला कर दिया तोह िंह बेकसूर लोगों का सहारा ले रहे हैं.

आर्यन ने देखा पास में कीचड़ है तोह सबसे पहले फ़ोन निकला जोह साइलेंट कर रखा था और बिना को कॉल मिलाया जोह उसने 3 रिंग पे उठा लिया .

आर्यन ," फायरिंग बंद कर दो मैंने पीछे से पोस्टिव ले लिया है तुम बस थोड़ा पीछे हटकर जोह आये उसको शूट कर देना मैंने िंह हरमिओ को तुम्हारी तरफ खडता हूँ ".

बिना ने हस्ते हुए कहा ," यस बॉस वे अरे वेटिंग "....... कॉल कट करके बोली ," रंडियों की पदिशों तुम्हारा माँ का यार आ गया है तुम्हारी माँ छोड़ने , let's मूव बैक "....... छोटे गुरूजी पे निगाह पड़ी तोह सॉरी बोलकर बताया आर्यन आ गया है वह सबको बचा लेगा आप परेशां न हो .

छोटे गुरूजी को आज आर्यन कोई दिव्या पुरुष hi लग रहा था जोह हर विद्या में निपुण हो .

फिर तोह बस 15 मं. लोगों की चीख पुकार की सुनाई दी ....... आर्यन पूरी कीचड में सना एक हाथ में तलवार लिए और दुसरे में खंज़र लिया स्पीड के साथ पहले उन्ही पे हमला बोल दिया जोह बंदी बने घेरे में खड़े थे ...... गोली भी चलाई लेकिन आर्यन की स्पीड देख के अँधेरे में अंदाज़ा hi नहीं लग रहा था .

किसी का हाथ , किसी का सर तोह किसी का पेअर . चीख पुकार गोली की आवाज सुनकर उनके साथी अंदर को आने लगे तबतक आर्यन सबको मार चूका था और आश्रम वालों को पीछे की तरफ जंगल की तरफ भागने को बोलै , सब वहीँ रुकना में बाकियों को मार के आता हूँ आप सबको लेने ...... सब पीछे दौड़ गए और आर्यन अँधेरा का फायदा उठता गन से hi शूट करता आगे आशाराम के गेट की तरफ बढ़ने लगा .....

जब साइड से भी दुश्मन आने लगा तोह पेड़ और आशाराम में बानी कुटिया की आड़ ले 4-5 फायर कर दुश्मन के आदमी मार देता , गोली बस दिल या खोपड़ी पे hi सुराख़ करती , ऊपर से आर्यन सीलेंसर लगया हिय था ...... फिर दूसरी जगह चिपटा ...... कुछ वहां पहुंचे जहाँ उनके 25 आदमीओ की लाश कटी हुयी गिरी पड़ी थी खून और कटे हुए अंग hi बिखरे पड़े थे , आश्रम वाले गायब थे ...... डरके कुटिया या पिछले हिस्से की तरफ भागते तोह आर्यन शूट कर दे रहा था ....

डर के ा की पहात गयी , 60 आदमी में से 15 hi बच्चे थे और एक hi रास्ता था आश्रम के गेट का उधर तक 8-10 पहुंचे तोह बिना की टीम ने मार गिराए ...... आर्यन ने तेज़ी से आशाराम में घुमते हुए पूरा चक्कर लगाया एक एक कुटिया खोजते हुए दो चिप्पे हुए आदमी मिले वह भी मार दिए .

फिर एक जोरके सीटी बजे जोह बहोत तेज़ इंटेंसिटी की थी फिर ढेरी 3 हलकी सीटी जोह बिना और उसकी टीम को सुनाई दी की मिशन कम्पलीट ...... सब छुपे आश्रम वालों के पास जाकर उनको अपने साथ लेकर मैं गेट पे पहुंचा तोह सबको सही सलामत देख छोटे गुरूजी बहोत खुश हुए और आर्यन उसकी टीम को धयानवाद , सुभाशीष दिए .

आर्यन ," गुरूजी , आप सब भी अभी गाओं चलिए मेरे आदमी अभी एक चक्कर और लगा के चेक करेंगे अभी यहाँ रुकना सेफ नहीं है , हमला फिरसे हो सकता है".

2 सिक्योरिटी मन को सबको लेकर गाओं आने को कहा और सिक्योरिटी लीडर को पूरा आश्रम सर्च कर एक घंटे में वापस ुशी घर में आने को कहा ..... फिर जिस आश्रम की कार में बिना छोटे गुरूजी के साथ आयी थी ुष में बेथ तीनो गाओं पहुंचे ....... गाओं वाले भी िखथे हो गए छोटे गुरूजी ने सबको बता दिया कुछ दसियस ने हमला किया था और इनकी टीम ने सबकी जान बचाई ..... यह आर्यन ने उनको समझा दिया था .

अंदर गए तोह वैदजी और दोनों महिला डरे हुए अंदर कमरे में देख रहे थे तब आर्यन ने वाच देखि और बोलै ," कुछ डिअर में वह प्लास्टर जैसा कास्ट गर्मी और गैस की वजह से पहात जायेगा आप चिंता मत करो माजी बिलकुल ठीक हो जाएँगी ".

न वैद ऐसा उपचार जानता था न गुरूजी लेकिन िश सूंदर से लम्बे चौड़े लड़के ने दिल जीत लिया सबका ...... रानी मिरदुला को बचाया hi पूरा आश्रम को भी मौत के मोह से बचा लिया .

बिना रस्ते में hi लोकल सिक्योरिटी अफसर को कॉल कर दी थी और साथ में बड़े अफसर को तुरंत एक्शन लेने का बोली ......

10 मं में आर्यन नहाकर कपडे चेंज करके आया तोह कास्ट फट्ट्ट्ट की आवाज से पहात गया ...... आर्यन ने रूम में जाकर हार्ड कास्ट मिरदुला की बॉडी से हटा दिया और बिना को एमिनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट्स , फैट और मिनरल्स का एक बड़ा वाइट ड्रिप निकलने को बोलै ..... फिर एक गीले कपडे से पूरी बॉडी साफ़ किया और एक पूरी बॉडी पे एक स्प्रे कर दिया .

दोनों महिला से मिरदुला के लिए कपड़े लाने को बोलै ...... एक गाउन पहना दिया पूरा कास्ट हटा के गॉड में उठा लिया ," में मिरदुला माजी को अपने साथ अलवर ले जा रहा हूँ आप चिंता मत करिये एक महीने बाद यह जब आपसे मिलने आएँगी तोह आप पहचान नहीं पयोगे मेरी माजी को ".

कार में अपनी गॉड में लिए बेथ बिना से वाइट ड्रिप ले सीधा नैक के वीएस से जोड़ दिया ...... मिरदुला की आंखें खुलती आर्यन को देखती एक फीकी से मुस्कान आ जाती फिर बंद कर लेती .

हेलीकाप्टर में शिफ्ट कर आर्यन मिरदुला को लेकर सीधा अलवर वाले फार्महाउस पे उतरा रात के 2 बजे ...... उसकी टीम का डॉक्टर उनका hi वेट कर रहा था , एक स्पेशल रूम सिर्फ मिरदुला के लिए इमरजेंसी रूम में कन्वर्ट कर दिया गया था .

टीम के डॉक्टर ने 15 मं चेक किया फिर आर्यन से बोलै ," यह मिरेकल hi सर 21 साल से यह डीप कोमा से बहार आयी है , विटाल्स ढेरी ढेरी पिक कर रहे हैं कुछ 4-6 वीक्स तोह लगेंगे hi नार्मल स्ट्रेंथ आने में ".

आर्यन हसकर ," डॉक्टर शभ आपके पास बस सुबह तक का टाइम है उसके बाद यह मेरे जिम्मेदारी हैं बस आज हर घंटे बस विटाल्स और एक्टिवनेस चेक करना तुम हिल जाओगे "...... फिर आँख मार के मैंने संजीवनी बूटी दी है अपनी माजी को और मिरदुला के झूरी पड़े गाल चूम लिया .

फिर मिरदुला का हाथ पकड़ के बोलै," सुबह आपकी दोनों बेटी से मिलवा दूंगा आप रेस्ट करो आपको जल्दी ठीक होना है".

मिरदुला प्यार से उसको देखती आंसूं बहा दी और लिप्स हिला के बोली ," मेरा माहि "...... आर्यन के भी आँख में भी आंसूं आ गए अपनी माँ का कास्ट देखकर ......

अपने और उसके आंसूं पहुंच कर उसका माथा चूम के बहार आया तोह बिना को बोलै में सुबह 4 बजे अर्जुन को लेकर निकल जाऊंगा तू भी आराम कर काफी एक्शन हो गया .

बिना ," आर्यन वह जबर सिंह के आदमी थे मुझे ऐसा लगा लेकिन मिरदुला जी से किसी की क्या दुश्मनी होगी जबकि सिर्फ 6 लोग hi जानते हैं वह जिन्दा है ".

आर्यन हसकर ," अभी तोह में बस अपनी माँ से मिलकर खुश हूँ उन्ह सालों को तोह सब हिसाब देना होगा ".

बिना आँख मार के ," में भी साथ hi चलती हूँ तेरे साथ , वैसे एक बात है वह दोनों दीप्ति से शादी के बाद तेरे साले hi लगेंगे उनकी रानियां क्या लगेगी सलझ या रांड वह तो तोपची hi डीडे करेगा "...... है है है .

आर्यन भी हसकर ," सुधर जा बिना मैडम , किसी को तोह बक्श दे वह सब दीप्ति की भाभी और माँ लगती है ".

आर्यन उसको लेकर एक रूम में जाकर आलराम लगा के लिअत गया लेकिन बिना क्या मानती वह खुद आर्यन के लुंड 'तोपची' पे बेथ घुड़सवारी करके आधे घंटे बाद सोई ......

हार्ट हार्ट हार्ट
 
अपडेट 33

Part - 8 © (दीप्ति)

राजमहल रात 12:10 ऍम ........

आर्यन ने जब जीवन नाशी मंतर पढ़ा तोह मीणा और अणि दोनों अपने अपने कक्ष में चौंक के नीड से उठ गयी ...... दोनों को लगा कोई उनके सरीर से प्राण खींच रहा हो दोनों अपने कक्ष में धयान की मुद्रा में बैठी और अपना कवच और मंतर की शक्ति से ुष अनजानी शक्ति का प्रहार के सोर्स तक जाने की चेस्टा करने लगी पर कोई सफलता नहीं मिली क्योंकि उनकी सख्ती भी काम नहीं कर रही थी न पता लग पाया की हो क्या रहा है ..... 30-40 सेक् से भी काम समय में सब फिर से नार्मल हो गया.

बड़े गुरूजी से संपर्क करके दोनों का धयान जब आर्यन पे गया तोह दोनों को hi समझ न आया आर्यन को हुआ क्या था ????

बगैर समय गवाए अणि मीणा को साथ लेकर पुराने जंगल के सामने प्रकट हुयी ..... अंदर जाते hi दोनों ने बड़े गुरूजी ( विशाल पेड़ ) को नमन किया और निशांक गुरूजी ने दोनों को .

चरों विशाल पेड़ के निचे बैठे तब अणि जोह जंगल में एंटर करते hi महारानी विजयलमक्शी के रूप में आ गयी थी बोली ," गुरूजी , यह क्या शक्ति थी जिसको हम दोनों महसूस तोह कर पाए पर तोड़ नहीं सके ...... िश शक्ति से आर्यन का लेना देना क्या है ? ...... ये सब उसने कैसे किआ था ऐसा लगा पूरी पृथ्वी hi नष्ट हो जाएगी कोई सबकी ऊर्जा सूख रहा था ".

बड़े गुरूजी ," पुत्री आज जोह हुआ वह में कभी सोच भी नहीं सकता था की ुष जीवन नाशी मंतर को कोई दोबारा पढ़ पायेगा ..... वह भी आर्यन जोह अभी त्यार नहीं है लेकिन हम सबकी सोच को मिथ्या साबित कर दिया उसने ...... उसकी शक्तियां जरूर सुप्त अवस्था में हैं लेकिन उनका प्रयोग वह अपने सुप्त जेहन से भी ( सबकसकीयस मंद) कर सकता यह बहोत बड़ी बात है..... हम सब सोचते थे उसकी शक्तियां बंधी हुयी हैं परन्तु हम गलत थे वह सुप्त जरूर हैं लेकिन उसके आधीन hi हैं ...... जब भी उसको लगेगा वह जरूर प्रयोग करेगा यह बात अलग है उसको यह गायत नहीं उसने क्यों प्रयोग किया ...... आज जोह मंतर उसने प्रयोग किया ुशी की वजह से उसने एक पूरी दुनिया ख़तम कर दी थी वहां सब एक निर्जीव मिरत आत्मा की तरह है पिछले 40 हज़ार साल से और एक वह hi है जोह ुष दुनिया को जीवट कर सकता है ".

बड़े गुरूजी के चुप होते hi उनकी आवाज में एक गहरा दुःख वपत था जिसको तीनो ने महसूस भी किया और सबको ॉश्चारिये भी हुआ आर्यन के बारे में जानकार की थोड़ी डिअर पहले उसके एक ऐसा मंतर पढ़ने मात्र से सबकुछ नस्ट हो जाता और सबसे बड़ी बात वह 40 हज़ार साल पहले इस्तेमाल कर चूका है . क्यों ? कैसे ? कहाँ ? ...... बस सवाल hi थे जिसका जवाब सिर्फ बड़े गुरूजी hi दे सकते हैं .

मीणा हाथ जोड़कर ," गुरूजी आपने यह नहीं बतया की आर्यन ने ुशी सकती का प्रयोग क्यों किया ?"

बड़े गुरूजी ने तीनो को बारी बारी देखा और बोले," उसे आज उनको देखा जोह िश धरती पे नहीं दिखने चाहिए थे , उन्ह की उपस्थिति जैसे उसके क्रोध को भड़का दी उसको लगा वह ुशी दुनिया में वापस पहुंच गया है िश लिए फिरसे सर्वनाश करना चाहता था , पिछले बार वह मंतर वापस नहीं लिया था , िशबार सायद उसके अंदर की 5 और आत्मा की वजह से वह अपनी शक्ति वापस ले लिया ...... वह हम सबके सोच से परे एक जटिल वक्तित्व में बदल गया है , इशलिये वह जीवित है . ऐसा लगता है 6 आत्मा ने आपस में समन्वय कर लिया हो ...... आर्यन अब हर आत्मा की शक्ति प्रयोग करना जान गया होगा लेकिन सबकसकीयस मंद में सिर्फ परस्तिथि वस् उनका उपयोग भी करता होगा ....... में इशलिये कभी उसके मस्तिष्क के अंदर नहीं जाता नहीं तोह मुझे भी अपने अंदर खींच लेगा जोह मेरे लिखे एक कैद साबित होगी जहाँ से कोई बहार नहीं आ सकता .... में बस संपर्क कर उसको आदेश hi देता हूँ....... तुम सभी सायद उसके मस्तिष्क में आजतक नहीं जा पाए बस संपर्क hi कर पाए होंगे, यह एक तरह से हम सबके लिए अच्छा hi हुआ है अब तक ".

निशांक गुरूजी ," गुरूजी आपने उसके जनम पे कहा था वह एक असाधारण बालक है वह 6 आत्माओं को सेह गया तोह 21सत जन्मदिन पे सबकी पावर झेल गया तोह सबके कल्याण को पूरा करेगा ...... फिर क्या अभी भी उसकी मौत हो सकती है जोह राजकुमारी मीनालोचनि (मीणा) ने इतनी साड़ी स्त्री को जोड़ा है उसके मैं से वह संभाल नहीं पाएंगी क्या ?"

गुरूजी थोड़ा मुस्करा के ," निशांक तुम अभी भी अपने मित्र महार्यं का उपहास करने से नहीं चूकते ...... हाँ वह सब उसकी शक्ति को झेलने में मदद करेंगी लेकिन आर्यन क्या करेगा और कितना संभाल सकेगा 6 आत्मा की पावर को वह वक़्त hi बटेगा ...... लेकिन आज की शक्ति ने यह तोह साबित कर दिया वह बहोत सक्तिसाली होता जा रहा है या हो चूका है मगर जोह बात मुझे ाची लगी वह यह उसको अपनी शक्ति कण्ट्रोल करना आता है ".

महारानी विजयलक्ष्मी ," गुरूजी कोई तोह काट होगी उसकी िश पावर की में भी उसकी शक्ति के सामने विवस हो गयी थी ".

बड़े गुरूजी ," तुम्हारा अहंकार आज टूटा होगा क्यों पुत्री ? ...... ाचा नहीं लगा होगा कोई तुमसे भी शक्तिशाली है ...... वह आज तक कभी कोई गलती नहीं किया जिसके लिए जन्मा है वही कर रहा है . हाँ वह बात अलग है उसकी नज़र में उचित होना चाहिए ...... जल्दी hi तुम सबकी आशंकाओं का निवारण होगा बस एक बात ध्यान रखना उसके दिमाग़ में मत झाकना नहीं तोह कैद कर लिया तोह कभी बहार नहीं आ पयोगे ....... वह अभी हम सबके लिए सुप्त है उसको सुप्त hi रहने दो. निशांक तुम अपने सीसीए राजगुरु को कहो की वहां स्वयंवर में अपनी सकती का प्रयोग न करे वैसे भी कई मूरख अपनी छोटी मोती काली शक्तियां इस्तेमाल करेंगे पर वह नहीं जानते खुद मौत को जोह कैद कर ले उसको मारने आएं हैं ...... तुम दोनों भी यह गलती मत करना अब आगे उसको अपने हिसाब और बल से बढ़ने दो...... जहाँ अधिक शक्ति नहीं होगी वह भी अपना ज्यादा बल उसे नहीं करेगा पर जितना पावरफुल दुश्मन होगा उतना hi पावरफुल आर्यन का वार भी होगा ".

काफी डिअर तक वाद विवाद चलता रहा फिर बड़े गुरूजी से विदा लेकर दोनों अणि के कक्ष में पहुंची जहाँ सारू उठ गयी थी , तब मीणा ने साड़ी बात बाटइ तोह वह चिंतित हो गयी ......

उसने आर्यन के बारे में पुछा तोह मीणा मुस्करा के बोली," अभी तोह बिना को सवारी करवा रहा है अपने तोपची पे ...... है है है है ". ( ुष समय फार्महाउस पे बिना आर्यन से छुड़वा रही थी )

तीनो हसने लगये तब सारू बोली," आज क्या करने वाला है वह स्वयंवर में ?"

अणि हसकर ," जब िंह सब ने अपनी मौत को दीप्ति के हाथ में फूल माला देकर बुला hi लिया है तोह मौत का नंगा नाच hi होगा ...... अभी 60 आदमी जबर सिंह के मार के आया है ...... लेकिन यह *संजीवनी का बीज इश्को कहाँ मिला जोह िश धरती पे तोह 10 हज़ार साल पहले hi विलुप्त हो गया".

( *संजीवनी बूटी रामायण की बात नहीं हो रही यह एक ऐसा पेड़ का बीज है जोह जल में उगता था जिसको आर्यन पुराने जंगल की नदी की तेह से निकाल कर लाया था , गोल्ड के बॉक्स बिना जमीन छुए यह सुरक्षित रहता है . यह सिर्फ मिरत होते सरीर को वापस रेजुवेनेट कर देता है . यह संजीवनी बीज िश दर्हति का नहीं दूसरी दुनिया का है . जबकि अणि उसको संजीवनी बूटी का बीज समझ रही थी . )

मीणा हसकर ," मुझे लगता है यह इसको पुराने जंगल में hi मिला होगा , वह ुष जंगल की ऐसी ऐसी जगह जानता है जहाँ कोई नहीं जा सकता ".

अणि ," वैरी फनी , दीदी मत भूलो वह जंगल मेरे आधीन है वहां मेरे बगैर पत्ता भी न हिले ".

मीणा ," हाँ मगर आर्यन तोह कितने सालों से वहां जाता है उसको तुम ने रोका नहीं न फिर तुम भी चाहती थी की वह बार बार वहां जाए ".

सारू ," क्या दीप्ति की माँ अब ठीक तो हो जाएँगी न , मेरा उनसे मिलने का मैं है वह मेरी सास ( मिल ) थी पिछले जनम में ".

मीणा टांग खींचते हुए ," वैसे मम्मी वह आपकी इंदिरेक्ट्ली सौतन भी थी भूल गयी पर िश बार संधान होंगी तोह खूब सेवा करवाना .... hi hi hi hi ".

(**महार्यं पिछले जनम में भी मादरचोद था )

सारू भी है दी ," तेरा अगला टारगेट वही तोह नहीं है राजे ( आर्यन ) की लक्ष्मी (मिरदुला) मैया ..... hi hi hi hi ".

लक्ष्मी नाम था रानी मिरदुला का पिछले जनम में.

मीणा हसकर ," मुझे तोह लगता है कल दीप्ति से पहले रानी मिरदुला का स्वयंवर न हो जाये क्योंकि आर्यन के हिसाब से वह चम्तकारी बीज है , उनको फिर से जवान कर देगा ऐसा मुझे आर्यन ने ुष बीज के बारे में बतया था ".

अणि ," ुष बीज को भाई ने अंजू नानी को भी नहीं दिया न सलोनी मौसी को फिर ऐसा करके सबके सवाल का जवाब कोण देगा जब रानी मिरदुला को जवान देखेंगे..... एक सेक् मीणा दीदी आपको कब दिखया था वह बीज भाई ने ".

मीणा हस्ते हुए ," उसका वह बैग है न छोटा सा उसको किसी को छूने नहीं देता , पता नहीं कहाँ कहाँ से जड़ी बूटी से लेकर विरली विरली चिजियन रखता है ुष में . मुझे गुरूजी की बात से अंदाज़ा हो गया है जोह वह 6तह दिव्या आत्मा की बात करते हैं वह hi आर्यन के सबकसकीयस मंद से इतनी साड़ी नॉलेज उसके अंदर लाती होंगी . ुष बॉक्स में कई औषदि ऐसी हैं आप अपनी पावर उसे करके भी नहीं जान पयोगे की वह कहाँ से आयीं हैं क्योंकि वह आपके मस्तिक को आर्यन की तरफ डाइवर्ट कर देती हैं और यह hi िश संजीवनी बीज की बात है ". दोनों को चुप देख मीणा ने आगे कहा .....

मीणा ," रानी मिरदुला की जवानी के लिए तुम उनका तेज़ काम कर देना यदि आर्यन की बात ुष बीज के लिए सत्य है तो जिससे वह 40 साल से ऊपर की लगें , लेकिन आर्यन को पता होगा उसका असर क्या होता है वह इतनी किताबें और इतनी कोंलेज ऐसे नहीं पा लिया होगा ".

अणि ," हम तीनो भाई के साथ नार्मल hi बेहवे करेंगे नहीं तोह कल की जीवननाशी मंतर वाली घटना के बारे में हमसे जरूर पोचेगा ".

तीनो बात करते करते हुए सू गयी ....

_____________________

आर्यन सुबह 4 बजे दीप्ति को अणि की मदद से राजमहल से उसके शाही कक्ष से नींद में hi उठा लाया सब सिक्योरिटी की नज़र में बिना आये हुए .....

जब दीप्ति को बाँहों में लिए राजमहल से कुछ दुर्र अर्जुन के पास पहुंचा तोह वह हिन् हिना दिया ...... दीप्ति की आँख खुली तोह अपने को किसी की गॉड में एक सुनसान सी जगह पायी तोह डर गयी .....

आर्यन की आवाज आयी ," डरो मत राजकुमारी जी में आपका दास आर्यन हूँ "..... hi hi hi hi ......

दीप्ति खुद को आर्यन की बाँहों में देखकर चौंक गयी पर हिम्मत जूता के बोली," आप िश तरह हमको कहाँ ले जा रहे हैं ?"

आर्यन ने उसके माथे पे चूमा ," मैंने बताया था जल महल पर की हमको दिव्या तलवार के नेक्स्ट पड़ाव पे जाना है , अभी हम वही जा रहे हैं ".

दीप्ति को निचे खड़ा किया तोह बोली ," हम को बता देते तोह हम त्यार होकर आते , आप ऐसे hi हमको नाईट ड्रेस में ले आये" ...... और शर्मा गयी .

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आर्यन अपनी मीठी आवाज में बोलै," अगर में जगा देता तोह अपनी प्रेमिका के सूंदर मुख पे चाहिए सकूं और मुस्कुरहट कैसे देख पाटा , यू अरे सो ब्यूटीफुल माय प्रिंसेस ी लव यू "...... अपनी दोनों बाहिएँ दीप्ति की तरफ किया तोह वह शर्मा के उसके आलिंगन में आ गयी ......

अपनी दोनों बाहें उसकी पीठ पे कास अपना सूंदर किसी ताज़े फूल से खिले चेहरे को उसके विशाल सीने में छुपा ली ," मेरा प्रीतम मेरे माहि मुझे अपनी आगोश में छिपा के बहोत दुर्र ले चलो जहाँ हमको कोई ढूंढ न सके ".

आर्यन प्यार से दीप्ति की पीठ पे हाथ फेरता उसके सर पे चूमा उसके बालों से बहोत सुगन्धित खुसबू उसके नाथों में प्रवेश की तोह उसकी बहन दीप्ति पे कास गयी ," दीप्ति तुम मेरे रूह में उतरती जा रही हो मुझे तुमको बहोत प्यार करने का मैं करता है , तुमको अपनी आगोश में लिए हुए बस प्यार करता रहूं. हम बहोत hi दूर जा रहे हैं ".

तभी अर्जुन जोरसे हिन् हिनय तोह दोनों होश में आये . आर्यन ने दीप्ति का हाथ पकड़ा और बोलै ," चलो अपने भाई से मिलवाता हूँ "......

दीप्ति भी भाई का सुनकर चूँकि की यह आर्यन का भाई कहाँ से आया यह तोह 3 खंडन का अकेला चिराग है .....

आर्यन ," दीप्ति यह है अर्जुन मेरा भाई मेरा दोश्त हम इसके साथ hi धोसी पहाड़ी तक जायेंगे "......

अर्जुन के माथे पे हाथ फेर के बोलै ," यह है तेरी होने वाली भाभी , धयान रखना यह राजकुमारी है कोई शरारत नहीं ".

दीप्ति ने भी अर्जुन जैसा खूबसूरत और तंदुरुस्त घोडा नहीं देखा था , घोड़े उसके लिए आम बात थी क्योंकि राजकुमारी थी ...... खुद उसके यहाँ 200 से ज्यादा घोड़े होंगे ....... पर अर्जुन की बात hi अलग थी .

दीप्ति ने भी अर्जुन के माथे और गर्दन को चूहा ," बहोत बेमिसाल और खूबसूरत है अर्जुन , तुम से मिलकर अच्छा लगा "..... अर्जुन भी हिन् हिना दिया तोह आर्यन हँसा ......

दीप्ति ने आर्यन को देखा तोह बोलै," अर्जुन बोल रहा है तुम किसी पारी की तरह लगती हो "......

दीप्ति भी स्माइल से," आप को बस मेरी तारीफ करने के लिए मौका चाहिए" ..... आर्यन ने हसकर उसको अर्जुन के ऊपर बिठा दिया और खुद फीचे बैठकर अर्जुन को आगे बढ़ा दिया ......

मैं रोड से फिर कच्चे रिश्ते होते हुए आर्यन ने दीप्ति को कसकर उसको पकड़ने को कहा और अर्जुन के सर पे हाथ रख के मंतर पढ़ा ताकि 100 घोड़े सी शक्ति से अर्जुन को गति मिले ......

अर्जुन में जैसे कोई शक्ति घुस गयी हो वह अब 200 की गति से दौड़ रहा था एक एक डेग 5-6 मीटर का होता ...... रात के सनते में उसके खुरों की आवाज तक नहीं आ रही थी , ऐसा वह पुराने जंगल या पीली कोठी पे आर्यन के साथ दौड़ता था लेकिन आज उसको 5:30 बजे से पहले 200कम से ज्यादा दुरी तय करनी थी ......

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अर्जुन की स्पीड ने दीप्ति को डरा दिया था लेकिन आर्यन के एक और मंतर पढ़ते hi अर्जुन बिच में आने वाली बढ़ा को पार 15-20 मीटर की जम्प भी मार के पार कर देता ..... 220 कम की दुरी तय कर सीधा धोसी हिल पे जाकर रुका .

धोसी हिल , अरावली की पहाड़ियों में एक मिर्त्य जवालामुखी ( एक्सटिंक्ट वलकानो ) के लावा से बानी पहाड़ी थी जिसकी उम्र 700 मिलियन यरस से ज्यादा होगी ..... धोसी हिल हरयाणा राजस्थान के बॉर्डर पर है , आज के समय यह पवित्र और पूजा स्थल था जहाँ कई मंदिर थे ...... सबके लिए पवित्र भूमि थी ......

आर्यन दीप्ति , अर्जुन पे बेथ धोसी हिल की छाड़ै कर एक बड़े से पत्थर के सामने पहुंचे अभी 5:30 बजने में 1 मं था , तभी आर्यन ने उतर के ुष 20 टन से भी ज्यादा वजनी विशाल पत्थर को हिला के खिसका दिया तोह एक गुफा सी दिखी .....

( 5:30 ऍम सूर्य उदय का ुष दिन की सुबह का टाइम था और नक्से में आर्यन को दिखा था की गुफा का दवार सूर्य उदय को hi खुल सकता था )

आर्यन ने अर्जुन की लगाम पकड़ी और ुष पर बैठी दीप्ति को अंदर ले गया ..... फिर से ुष विशाल पत्थर से गुफा का मोह पहले की तरह बंद कर दिया ....... गुफा के अँधेरे में तीनो साफ़ साफ़ देख सकते थे ......

आर्यन ने कहा ," हम ठीक समय पे प्रवेश किये 1 मं ऊपर या निचे होता तोह यह राष्ट नहीं खुलता ...... अब हमको आगे बढ़ना है "......

गुफा में दवार बंद करते hi समय चक्र रुक गया था ......

अर्जुन की पीठ पे बैठकर तीनो आगे दिख रहे रास्ते की तरफ बढ़ गए ...... अंदर करीब 25 कम आगे और 4 कम निचे वह गुफा की एंट्री से आ गए थे और गर्मी बढ़ती जा रही थी ......

वहां दो रस्ते थे एक आगे सीधा जा रहा था और एक निचे के तरफ घुमावदार पंगडंडी सा घूम के निचे जाता था ...... आर्यन ने बताया उनको निचे जाना है और अर्जुन यही रुकेगा ......

दीप्ति का हाथ पकड़ एक पतली सी पगडण्डी पे गोल गोल घुमाव दार 2 मीटर चौड़े रस्ते से निचे उतरने लगे ...... जब एक जगह जाकर उनको एक बड़ा सा 2 कम डीएमटीर का अँधा कुआँ ( वेल) या क्रेटर जैसा कह लो दिखा जोह न जाने कितने निचे तक जाता है ......

आर्यन ," दीप्ति हमको अपने कपडे यहीं उतार के नंग अवस्था में निचे िश मिर्त्य जवालामुखी के लावा तक 400 कम निचे जाना होगा , तुम मुझे पीठ से पकड़ लेना . अपनी बॉडी पे कोई ज्वेलरी तक मत रखना, नंग मतलब पूर्ण नंग "......

दीप्ति शर्म से ," आप हमको ऐसे देखेंगे हम शर्म से मर जायेंगे ".

आर्यन ने हसकर कहा ," ाचा में आँख बांध कर लेता हूँ तुम मेरी पीठ पे बेथ जाना "......

आर्यन ने कमर घुमा के उसकी ओरे पीठ कर सारे कपडे उतार दिए और बाकी सामान भी वहीँ रख निचे अपने पंजों के बल बेथ गया दोनों हाथ जमीन पे तक के की जैसे रेस लगाने वाला हो रेसिंग स्टान्स लेकर ......

दीप्ति ने शर्मता और सकुचाते हुए अपना नाईट गाउन और उन्देर्गर्मेन्ट्स उतार के अपनी नाक कान हाथ गले प्यार की सब ज्वेलरी भी आर्यन के कपड़े के पास राखी और झुकार आर्यन की गर्दन को पीछे से अपनी बाँहों का हार दाल अपनी अनछुई चूचियां आर्यन के पीठ से लगा दी जैसे कह रही हो में तैयार हों ......

दीप्ति को अपने से चिपका पाकर आर्यन ने एक हाथ दीप्ति के नंग चूतड़ पे रख सीधा दौड़ लगा के ुष अंधे विशाल कुआँ में छलांग लगा दी ......

दीप्ति की चीख भी गूंजी पर निचे गिरते हुए आर्यन ने दोनों हाथ से उसकी पैरों को अपने पिअत पे लपेट दिया और जोरसे बोलै ," हम 2000 km/hr की स्पीड तक पकड़ लेंगे और जब में रुकूंगा तोह बहोत बड़ा जर्क लगेगा मुझसे ऐसे hi चिपकी रहो , लावा से तुमको कुछ नहीं होगा तुम्हारी पीठ पे तलवार की शक्ति है बस थोड़ी गर्मी लगेगी और सांस लेने में तकलीफ होंगी चिंता मत करो में संभाल लूंगा ".

आर्यन की पीठ पे नंगी लिपटी दीप्ति के लिए उसके प्रीतम के साथ सबसे सुखद और रोमांचकारी पल थे अब मौत भी आये तोह अपने मेहबूब के पहलु में hi आये ....

जैसे जैसे दोनों फ्री फॉलिंग में आगे बढ़ रहे थे वैसे वैसे गर्मी भी बढ़ रही थी पर कमाल था दोनों को पसीना hi नहीं आ रहा था ...... दोनों के सरीर से इतनी स्पीड में भी न आग लग रही थी न कोई चोट बस बॉडी हल्का लाल जरूर हो रहा था ......

12 मं में िश डरवाने सफर पे जब लाल पीला ढकता लावा दिखा जोह एक नदी की तरह बह रहा था ..... आर्यन ने दोनों हाथों और पैरों को जोड़ के अपनी दिशा ुष कुआँ नुमा रस्ते की दिवार की तरफ किया ...... वह जब दीवार ले पास से गुजरा तोह दोनों हाथ दीवार पे गदा के खुद को रोकने की कोशिश करने लगा फिर प्यारों से भी पर स्पीड काम hi नहीं हो रही थी ......

आर्यन ने निचे देखा और आँख बंद कर दोनों हाथों की और पैरों की सहक्ति लगा के दीवार में करीब 2 फट घुसा दिए ...... दीवार में 2 गहरी लकीर 4 कम निचे तक बन गयी लेकिन अब स्पीड आधी हो गयी थी ......

तभी दीवार के एक साइड छोड़ वह दूसरी साइड निचे को 2कम फ्री फॉलिंग में अपोजिट जाकर दीवार से रुकने की कोशिश किया ताकि स्पीड 100 से काम हो जाये ...... अब आर्यन एक साइड से दूसरी साइड बन्दर की छलांग सी लगा स्पीड भी काम करता निचे आ रहा था , 20 कम की दूरी तक स्पीड अब 500 कम के करीब थी लेकिन आर्यन अब अपने पेअर जमा के दीवार पे गोल गोल घूम 90 डिग्री में दौड़ और छलांग लगा के निचे जाना शुरू किया ......

वह अब ऐसे दौड़ रहा था जैसे मौत के कुआँ में कोई मोटरसाइकिल चलता है , वह बात अलग थी की मौत का कवून 400 कम घेरा था ...... टेम्प 2500 °स था पर यह दोनों इन्शान तोह नहीं हो सकते जोह अपने सरीर के साथ वहां तक पहुंच गए थे ......

दोनों की बॉडी लाल होकर चमक रही थी , आर्यन का प्यार जहाँ दीवार पर पड़ता वह भी लाल होकर बड़े बड़े पत्थर उल्का पिंड में बदल निचे गिरने लगे जलते हुए जैसे बड़े बड़े उल्का पिंड की बारिश हो रही हो ......

दीप्ति का सरीर ऐसे आर्यन से चिपका था जैसे दो अलग नहीं एक hi हों बस सर अलग थे ..... निचे जब 1 कम की दूरी रह गयी और स्पीड बस 100 km/hr से भी काम तब आर्यन ने निचे एक बड़ी से शिला देख के छलांग लगायी जोह कौन की देवार ख़तम होते hi एक छत से बानी पैसेज नज़र आ रही थी ......

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लावा की नदी के साइड बानी सिला पे जाकर लैंड किया जोह हार्ड रॉक की थी तो वह भी उसकी स्पीड की ताकत के प्रहार से लैंड करने से टूट के दो हिस्से हो गयी ...... इतनी तेज़ आवाज और कम्पन हुयी की ऐसा लगा पूरा एरिया कांप गया ...... धरती पे ऊपर ऐसा महसूस हुआ की भूकंप आया हो काम इंटेंसिटी का .....

यहाँ टेम्प 4000 °स से ज्यादा hi होगा ....

दीप्ति को उतर उसने उसको पेट के बल लिटा दिया और लावा के पास जाकर एक बांड उठा के वापस आ दीप्ति की पीठ पे बने नखसे के दिव्या तलवार के सिग्न पे गिरा डाली ......

नक्षा दीप्ति की पीठ से ऊपर उठ के हवा में घूमा 3 डायरेक्शन में ताकि आर्यन देख सके अगला पड़ाव कहाँ है और फिर से दीप्ति की पीठ से चिपक गया और नीले कलर का होकर तलवार ने जोह सिग्न और प्लेस दिखाई वह देखकर आर्यन की स्माइल बढ़ गयी ...... दूसरा पड़ाव पूरा हो चूका था .....

दीप्ति को खड़ा किया जोह बस अब मूर्छित हो गयी थी ........ उसके होंठो से होंठ जोड़कर अपने लंग्स से कुछ हवा भरा और फिर से उसको अपनी पीठ पे लाधा तब दीप्ति फिरसे होश में आयी .......

"काश के पकड़ो हम ऊपर जा रहे हैं"...... दीप्ति बस हुन्न hi कहकर फिर से चिपक गयी ......

आर्यन ने निचे झुकार एक मंतर पढ़ा और पूरी ताकत से ऊपर की तरफ छलांग लगा दी ...... पहली hi छलांग में 10 कम से ज्यादा ऊपर दीवार पे प्यार जमा के दूसरी छलांग लगता ऊपर की तरह किसी बड़े बन्दर की तरह ऊपर की तरफ बहोत तेज़ स्पीड से बढ़ रहा था ......

20 मींचे में दोनों ुष जगह थे जहाँ से वह निचे कूड़े थे , बॉडी अभी भी हलकी लाल थी जोह नार्मल अपने कलर और रूप में आ रही थी ......

ऊपर पहुंच दोनों जमीन पे लिअत गए और 10 मं बाद खड़े हुए तोह एक दुसरे की आँखों में देख गरम जोशी से लिपट के चूमने लगे , ऐसा आनंद ऐसा स्वछंद निर्मल प्रेम सायद hi किसी का हो , किश करते हुए दोनों एक दुसरे को दिलासा दे रहे थे की हम दोनों कभी जुड़ा नहीं होंगे .......

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किश टूटे पे दीप्ति ने अपना चेहरा उसके सीने में छुपा लिया तोह आर्यन हस्ते हुए बोलै," तुम मुझे कल परसों रात की बात नहीं बताई जोह गीता और बाकी लड़की लोगों को बता दी "......

दीप्ति उसकी बात सुनकर पीछे हैट उसको मारने लगी हाथ पे बेशर्म , गंदे, निर्लज हो आप ......

आर्यन हसकर ," हाँ हम तोह हैं hi गंदे और साथ में हमारे दिल की धकड़न को भी बना दिए हैं ..... है है है है ".....

दीप्ति उसकी बात सुनकर अपनी चूची और छूट चिपटी सीधा कपडे उठा उसकी तरफ पीठ करके पहने लगी तोह आर्यन ने उसको रोक के घुमा दिया ," दीप्ति में तुमसे दिल से प्यार करता हूँ , तुम्हारा बदन भी एक हुस्न की जीती जगती मिशाल है पर में तुमको तभी तन से अपनाउंगा जब तुम हाँ कहोगी , यह प्यार नहीं आसान इतना समझ लीजिए एक आग का दरिया है दुब के जाना है ...... वैसे जवालामुखी के लावा वाला दरिया भी ठीक hi था "...... hi hi hi hi ..... दोनों हसने लगे ......

दीप्ति के माथे पे किश किया और खुद अपने हाथ से उसको कपडे ज्वेलरी पहनकर खुद पहना फिर उसको अपनी पीठ पे बिठा के गाना गन गुणता हुआ अर्जुन की तरफ बढ़ गया .......

हर पल हर गुजरते वक़्त के साथ दीप्ति का दिल बस आर्यन के प्यार से सरोबार होता जा रहा था , प्यार अपनी नयी परिभासा और ुंचियाँ लिख रहा था ...... आर्यन के लिए दीप्ति का प्यार प्रेमसागर की घेरे से अमृत पाने तक पहुंच गया था बस मिलान होकर ुष प्रेम को अमर करना था और सायद वह पल नजदीक आ रहा था ...

अर्जुन ने दोनों को देखा तोह जोरसे हिन् हिना के उनके पास पहुंचा , दीप्ति भी उतर के आर्यन की तरह अर्जुन के गले लगी और बोली," आज से अर्जुन hi मेरा देवर होगा क्यों अर्जुन ?" ....... वह जोरसे गर्दन और मोह हिला के सहमति जाता दिया .....

आर्यन हसकर दीप्ति को ुष पे बिठा के बोलै ," यह बहोत चालू है इश्को अपनी शाही घोड़ियों से दुर्र रखना नहीं तोह सबको प्रेग्नेंट कर देगा ...... hi hi hi hi ".....

अर्जुन ने हिन् हिन्ना के अपनी नाराजगी जाता दी तोह दीप्ति ने उसकी गर्दन सेहला के कहा "अर्जुन को तुमने hi बिगाड़ा होगा खुद तोह कृष्ण कन्हैया बनाकर सबको फसा लेते हो ".

आर्यन ने अर्जुन पे बैठकर कहा ," पर एक अभी बाकी है "..... और दीप्ति का गाल चूम लिया , वह भी ुष से लिपट गयी ..... फिर हुयी जमीन की अंदर नेचुरल बानी लम्बी सुरंग के सफर की शुरुत ..... तब आर्यन ने बताया यह सीधा अलवर से 30 कम दूर एक प्राचीन शिव मंदिर पे निकलेगी .....

अर्जुन ने ुष अँधेरी गुफा के दुसरे रास्ते पे स्पीड पकड़ ली जमीन से 4 कम निचे की यह सुरंग की वजह वह दिव्या तलवार hi थी जोह अपने तय किये मार्ग को नक़्शे पे उभार कर हर पड़ाव के साथ आर्यन दीप्ति को अपनी तरफ बुला रही थी ......

वापस लौटने में उनको 3 घंटे लगे , जब शिव मंदिर के पास एक जंगल में विशाल बरगद के पेड़ से बहार आये ..... जंगल काफी घाना था एक कम चलकर तीनो शिव मंदिर में पहुंच के भगवन शिव का आशीर्वाद लिए .....

अणि ने आकर दीप्ति को अपने साथ लिया और गायब होकर राजमहल पहुंची ..... दीप्ति को आर्यन और उसके परिवार वाले सब पावर्स वाले लगते , अब उसको भी ॉश्चारिये नहीं था जब से जवालामुखी के लावा तक इतना लम्बा सफर जोह कर लिया था .

समय फिरसे शुरू हो गया जब गुफा से निकल बहार आये थे तीनो यानि 5:30 ऍम. ऐसा ुष दिव्या तलवार की वजह से हुआ था .

आर्यन भी अर्जुन पे बैठकर फार्महाउस की तरफ चल दिया अपनी माता रानी मिरदुला उर्फ़ लक्ष्मी को मिलने जहाँ उसको सरप्राइज और शॉक मिलने वाला था .......

हार्ट हार्ट हार्ट
 
सॉरी दोस्तों आप सबको बहोत इंतज़ार करना पड़ा पर में बीमार पद गया पहले लोस्से मोशन फिर फीवर रहा 3 दिन कल से अच्छा लग रहा है तो आज लॉगिन करके अकाउंट खोला तो आप सभी के मैसेज भी रीड किये .

आज रात तक अपडेट पूरा करके पोस्ट करने की कोशिश करूँगा .

धयानवाद
 
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