- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 94,653
अपडेट 34
PART-2
अब तक .......
आर्यन सीधा बीएड पे उसके पास जाकर उसकी गॉड में सर रखकर लेट गया . सारू मुस्करा कर ," आज तोह विवाह और तेरी सुहागरात है दीप्ति के साथ , वहां जाने के लिए लेट नहीं हो रहा ?"
आर्यन ," वहां जाने में अभी टाइम है और मैंने सोचा अपनी मम्मी सारू डार्लिंग का दूध पी लूँ थोड़ी ताकत मिलेगी ..... hi hi hi hi ".
सारू ने उसका कान उमेठा ," बदमाश यह अपना घर नहीं है , किसी को पता चल गया तोह "...... और सर झुका के अपनी गॉड में लीयते आर्यन का माथा चूमि .
आर्यन ने अपनी दोनों बाजों पीछे करके सारू की कमर पे लपेटी ," कोई कैसे देख सकता है जब अपने शील्ड लगा दी है hi hi hi hi "...... पुछःह पुछठ ..... सारू का गोरा पेट पे चूमने लगा जोह उसके घागरा चोली के बिच के गैप से नेकेड था .
"शह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मत कर ..... अह्ह्ह माहि रुक तोह प्लीसीईए "..... आर्यन ने सर उठा के देखा तोह उसके बालों में ऊँगली फिरा के बोली ," मुझे ड्रेस चेंज करने दे और तू भी कर ले , िंह भारी कपड़ों में दिक्कत होगी ".
आर्यन बीएड पे बैठा तो सारू मुस्करा के अपने सूटकेस से एक मैक्सी लेकर बीएड पे राखी तोह आर्यन ने उसकी ज्वेलरी और ड्रेस उतरने में मदद की , ब्रा पेंटी में देख आर्यन का लुंड तन्ना गया . सारू ने टॉवल लपेट के बोलै ," में बस 5 मं में शावर लेकर आयी ".
अब आगे ........
आर्यन ," मम्मी यू अरे लुकिंग सो हॉट , में भी साथ चलता हूँ ". सारू ने उसको मन किया और ड्रेस चेंज का बोल के आर्यन के बैग से एक शॉर्ट्स और t-shirt निकल के देकर बाथरूम चली गयी. शावर में नंगी नहाती अपने hi गूरे मखमली कामुक बदन पे हाथ फिरा के आईने में देखते हुए मुस्करा रही थी , अभी कुछ डिअर बाद उसका लाडला बीटा पूरा बदन दुःका देगा .
तानी हुयी उत्कृष्ट पूर्ण विकसित दोनों वक्ष , पतली कमर , घेरि नाभि के निचे का सफाचट कटी प्रदेश और जानलेवा मस्त छोटी मटकी का आकर लिए सुडोल नितम्बों के निचे कासी हुयी झांघें किसी शिल्पकार की सजीव मूरत सारू के रूप में बाथरूम में गीले बदन को अपने सजाएं , प्रीतम आर्यन के लिए त्यार कर रही थी ....... सुंदरता जैसे उससे hi शुरू या ुशी पर ख़तम होती होगी . सारू हर हिसाब से बेमिसाल थी पर एक और थी उसके जैसी अपनी सगी बेटी अनीता सिंह (अणि) .
सारू औरत के चूँकि जीवन के सबसे अच्छे पड़ाव पे थी और सयम से भरी हुयी वहीँ अणि तोह नवयौवना के साथ बहोत पावरफुल और ऐटिटूड वाली थी .
अपने बदन को अच्छे से पहुंच के सिर्फ निघ्त्य के निचे पेंटी पहनी और बाल कुछ ड्रायर से सूखा के बाथरूम से बहार निकली तोह आर्यन बस शॉर्ट्स पहने एक टांग पे टांग चढ़ये चेयर पे बैठा फ़ोन पे कुछ देख रहा था की उसको सबकी सिक्योरिटी का स्पेशल ध्यान रखना है .
सारू ने मुस्करा के उसको देखा और मिरर के सामने जा अपने बाल ब्रश करने लगी ...... िश सेक्सी निघ्त्य में उसका बॉडी चउरवे पीछे से सरीर के भूगोल दे रहा था ...... आर्यन की निघन तोह दोनों चूतड़ के कमर से पेंटी के निचे ट्रायंगल वाले जाप का जायजा सही एंगल को देख रही थी. परफेक्ट 45 ° एंगल यानी परफेक्ट नितम्ब के साथ घेरि योनि और उनतोच बैक दूर है मम्मी का यानी डैडी को एंट्री नहीं मिली .
आर्यन को अपना पिछवाड़ा मिरर से घूरता देख सारू इत्र के बोली ," ऐसे क्या देख रहा है ..... जरा यह मेरे कान के टॉप्स निकाल लगता है फस गया है ".
आर्यन भी अपने सेलफोन को साइलेंट कर और कॉल डाइवर्ट का ऑप्शन दबा के सारू की तरफ बढ़ा . मिरर में सिर्फ एक शॉर्ट्स में अपनी तरफ आर्यन को बढ़ता देख जैसे उसकी बलिस्त सीने और हसमुख चेहरे की तरफ सम्मोहित सी होती अपने बेटे की मुरीद सी होकर उसके छुवन का इंतज़ार कर रही थी .
आर्यन ने उसके पीछे से चिपकते हुए लेफ्ट शोल्डर पे किश कर उसके खुले खुसबू दार लम्बे केश को सुंघा और कान को बालों से अनवरत कर प्यार से उसकी टॉप्स निकाल के किश किया . सारू के बदन में उत्तेजना फेल गयी ...... दुसरे कंधे पे भी चुम्बन अंकित करता कान से टॉप्स निकाल के सारू के हाथ में रखकर चूम लिया .
आर्यन ," आप बहोत सूंदर हो , थे मोस्ट ब्यूटीफुल वुमन ों थिस एअर्थ ..... चुम्म्म्म ..... माय मम्मी डार्लिंग ".
सारू अपनी कमर पे उसके मोठे खोंते जैसे लुंड का कड़कपन महसूस की जिसको उसने सारू के पेट पे एक हाथ रख और दुसरे से गर्दन का अगले भाग पे ऊँगली फेर और साइड में चूम लिए . "शह्ह्ह्ह माहि में तेरे लिए तड़प रही हुन्न मुझे बीएड पे ले चल ...... अह्हह्ह्ह्ह .... "
आर्यन ने अपना हाथ की उंगलियन दोनों तरफ से निचे ले जाकर उसकी चूची और छूट को मैक्सी के ऊपर से सेहला दिया गर्दन को चुबलाते हुए ...... सारू पूरी ताकत लगा आर्यन की तरह सिसकती पलट गयी और बिना डिअर किये अपने पैरों के पंजों पे उचकते हुए उसके सर को झुका दोनों के गुलाबी होंठो का संगम करा के चूसने लगी पुछःह पहुछठ चुम्म्म्म चुम्म्म्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह पुछःह ..... आर्यन ने दोनों हाथों को वहीँ पहुंचा दिया जहाँ घूर रहा था ...... सायद उसके हाथो के लिए परफेक्ट दोनों चूतड़ समां गए और उंगलियन दोनों के चीरे में जा घुसी .
फूलों की टूकरि की तरह उठा hi लिया सारू को जिसने किसिंग करते हुए अपनी टांगें उसकी कमर पे कास अपनी चूची उसके मस्कुलर चेस्ट पे दबा दी ...... अब उसका पिछवाड़े और योनि के बिच का भाग आर्यन के लुंड के उभर को महसूस कर स्वतः hi आगे को हो गया .
आर्यन अपनी जीभ उसकी जीभ से भिड़ा ऐसे hi उठाये हुए बीएड के पास ले गया और खुद बीएड पे प्यार निचे लटका के बेथ उसको अपनी गॉड में बिठा उसके अधरों से सेहद चूसने लगा पुछठ मुह्हह्ह्ह्ह हुम्म्म ....... 5 मं एक दुसरे के होंठो को चूसना के बाद जब सारू की सांस उखड़ने लगी तब किसिंग रोक कर उसकी कमर और पीठ सहलाने लगा ........ सारू अपनी उत्तेजित गुलाबी आँखों से उसको देखती उसके बैएँ कंधे पे सर रख के अपनी बाँहों में कसके साँसे दुरुस्त करने लगी .
आर्यन के हाथ उसके पिछवाड़े से निघ्त्य को उठा उसकी छोटी पेंटी के साइड से नंगे चूतड़ पे पकड़ बना के मसलने लगे तोह सारू आर्यन की गर्दन पे सिसकते हुए चूमने लगी . एक हाथ को निघ्त्य के अंदर दाल उसकी चिकनी कमर और पीठ को सहलाता हुआ ऊपर तक फील करने लगा .
सारू गर्दन को चूमते हुए उसके सामने फेस कर उसकी थोड़ी और निचले लिप्स पे किश करती उसको कामुक निगाह से देखती अपनी जीभ निकाल ऊपर के लिप्स पे फेरी फिर नाक के नथुनों पे फिरा के अपने मोह में उसकी नाक की टिप दबा लिया.
आर्यन ने उसकी निघ्त्य से हाथ निकल उसके दोनों कंधो से पतली दूरी कंधे से सरका के निघ्त्य कमर तक की तोह उसकी दोनों ठूस वक्ष अपने चूचक ताने उसके सीने से लग गए . दोनों हाथो में सारू का चेहरा थाम उसके होंठो को चूसते हुए वह बीएड पे पीठ के बल लेट गया तोह सारू भी और आगे खिसक के शॉर्ट्स में लुंड के उभर पे अपनी छूट कपडे के ऊपर से दबती उसके सीने से लगी तलीनता से अपने दोनों होंठो को चुस्वाति एक ले में अपनी कमर को हलकी हलकी जुम्बिश देती लुंड पे छूट रगड़ने लगी .
सारू आज ज्यादा hi जोश में थी आर्यन के मैदान में देखे प्राकर्म के बाद से और आर्यन भी सही समय पे उसके कक्ष में था सबकुछ भुकार दो प्रेमी अपनी कामलीला में मगन थे . किश तोड़कर वह आर्यन की झांघो पे बेथ उसके शॉर्ट्स को निच्चे कर उसके अजगर जैसे पहन उठाये 'तोपची' को आजाद कर दोनों हाथो में थाम के मुस्करा के आर्यन की आँखों में देखती कातिल मुस्कान लिए बायीं आँख मारी और निच्चे झुकार जोरसे से टोपे को दबा के प्रेकम की एक बूँद को देख ज्यादा रास आने पे जीभ निकाल के टिप पे ेख्ता कर के चटकारा मार के चाट ली सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप ...... "यह मेरा है माहि रे बहोत नमकीन सा खट्टा मीठा सा पुछःह पुछठ ....."
आर्यन ने अपने टंगे बीएड से ऊपर कर दोनों हाथों के सहारे पूरा बीएड पे पीछे खिसक गोल मोटा वाला तकिया अपनी गर्दन के निचे लगा के अपने शॉर्ट्स को उतरा फिर अपनी झांघो पे बैठी सारू की निघ्त्य को उतर के साइड में रखा "आपको पास अपना हुनर दिखने का पूरा मौका है , में भी आज अपनी रानी मम्मी के अंदर की चिप्पी कामुक औरत को देखना चाहता हूँ ...... मुहह्ह्ह्ह पुछःह पुछठ "...... सारू के दोनों दूध को बारी बारी चूम के पीछे तकिये पे लेट गया .
सारू अभी भी दोनों हाथ से इतने बड़े लुंड को ऊपर निचे करती अपनी hi कलयाईओं की चूड़ी की खनकती आवाज को सुनती मुस्करा के जीभ अपने होंठो पे फिरा के बोली ," आज में भी अपने तोपची की साड़ी अकड़ निकालके अपना गुलाम बना लुंगी ..... hi hi hi hi hi ...... बहोत बड़ा है तेरा ".......
आर्यन ने उसकी दोनों झांघो पे हाथ फिरते हुए पुछा ," क्या बड़ा है ? सबका ऐसा hi होता है "...... सारू ने दोनों हाथ में लुंड ऊपर से निच्चे तक सेहला के ," किसी का ऐसा नहीं होता , विकराल होने के बाद भी इतना सूंदर और सजीव है ....... तू स्पेशल है तेरा लुंड भी स्पेशल है जिसको रीता ने सही नाम दिया 'तोपची ' ....... तुझे क्या पता जबबपेहली पूरा अंदर गया तोह जैसे पेट के अंदर घुस गया था , में hi जानती हूँ कैसे मैंने झेला था दर्द से hi रूह पहले कांप गयी पर जब इसने अंदर बर्रिश की तोह दर्द को मरहम की तरह ख़तम किया".
आर्यन ," आप जितना ले सको उतना लो , मैंने इशलिये पहली बार पूरा अंदर किया ताकि कभी जोश में पूरा अंदर जाए तोह इश्कि जगह पहले से वहां बन जाये ..... "
सारू ने पीछे खिसक अपने चूतड़ उसके घुटनो पे रखकर जैसे कमान संभल ली और कश्मीरी सेब जितने बड़े टोपे पे अपनी जीभ की कलकारी दिखती चूसने चाटने लगी ...... थूक से लुंड के शाफ़्ट को गीला कर अपनी दोनों ऊँगली लुंड पे लपेट मुठी बना के दोनों मुठी विपरीत दिशा में घूमती ऊपर निचे करती आर्यन का लुंड चूसने लगी .
आर्यन की आँखों में जैसे वासना के दूर तैरने लगये , सारू को तन्मयता से लुंड चूसता देख के सर हिलने से उसके चेहरे पे आते बालों को आर्यन उसके कान के पीछे करता उसके सर को सबसि दे रहा था पर सारू का जान लेवा वार आर्यन के वीर्ये से भरे बड़े साइज के ांडों को भी गरम कर दिया जब सारू ने अपने तने निप्पल से बारी बारी आर्यन के ांडों पे रगड़ा साइड बी साइड .
सारू के दोनों थांन और आर्यन के ांडों की आपस में रगड़ से गर्मी बढ़ने लगी . सारू ने मूतने वाले छेद को अपने जीभ की टिप पेनी करती अंदर 3 मम अंदर करके घुमाई तोह प्रेकम ज्यादा आने लगा .
सारू ," सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप पुछःह पुछठ ..... बहोत बड़ा है माहि मोह में भी नहीं आता सलरपपपपपपप ..... पर आज पूरा लुंगी ..... बता मजा आ रहा है या नहीं "...... फिर से मोह बड़ा कर 6 इंच तक अपने गले तक लुंड ले डीप सकिंग करने लगी ......
आर्यन मस्ती से विहाल पड़ा उसके सर सहलाता उसकी जाँघों को दबा रहा था," हुम्म्म्मम्म ऐसे hi मम्मीयीय बहोत प्यार से चूसती हो अप्प ...... थोड़ा और अंदर लो ऐसे hi मेरी जान 'सारू' ......" अपना नाम आर्यन के मोह से सुनकर सारू और जोश के साथ उसको जन्नत का वह मजा देने लगी जिस काम में औरत जब दिल से लुंड को चूस के अपने मर्द को अपना गुलाम बना लेती है .......
आर्यन की आंखें भोजील हो गयी पर 2 मं बाद सारू ने टोपे की चमड़ी पीछे रखते हुए अपनी जीभ की टिप टोपे की जड़ की क्यारी में घूमा दी चरों तरह ..... "अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बहोत्तत्तत अच्छआ लगगगगग रहा है सारूऊऊ हम्म्म्म्म यह कहाँ से सीखा ....... बस रुक जायो में झाड़ जाऊंगा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह "...... सारू पिछले 10 मं में non-stop आर्यन के लुंड और ांडो पे अपना हुनर दिखा के बेहाल कर दी ...... ऐसा तोह उसकी जुड़वाँ भें मीणा भी नहीं की थी जबकि उसके ब्लोजॉब के सामने आर्यन हार के जल्दी झाड़ जाता है था पर यह कुछ दूसरी दुनिया का सीखा हुआ हुनर उसे कर रही थी सारू ......
( सारू नहीं पिछले जनम वाली पद्मदेवी अपने िश जनम के बेटे आर्यन , महार्यं का पुनर जनम , को वही हुनर दिखा रही थी जिसके लिए पद्मदेवी , महार्यं की लाड़ली रानी बीवी थी )
सारू कामकला की ज्ञानी स्त्री की तरह अपने सामने बीएड पे लीयते नंगे बलिष्ट योद्धा जैसे मर्द को जिसने आज 100 से ज्यादा योद्धा मौत के घात उतर दिए थे स्वयंवर के स्टेडियम में उसको अपने सामने मिम्मया दी ...... सही hi कहा गया है औरत चाहे तोह बड़े से बड़े शर्मा को अपने हुसैन और कामकला से हरा दे बिना वार किये .
आर्यन 12 मं भी िश लगतार हमले को सेह न सका और भलभल के सारू का सर लुंड पे जकड के दबा दिया और झड़ने लगा ......" gurrrrrrrrrrrrrrh ुर्घह्ह्ह्ह सारूऊऊ मेनन गयाआ ....... तू आज मुझे मार डालेगी सारू ुर्घह्ह्ह्ह " .
गूऊऊऊ गूऊऊऊ की आवाज बस नथुनों से आती , अपने हलक में वीर्ये की पिचकारी नहीं जेट शावर की तरह तेज़ एक के बाद 10 पिचकारी की धार डायरेक्ट पेट में उतरती गयी ....... अपने दोनों हाथों के नाख़ून से आर्यन की झांघो को खुरच hi डाला ..... 9 इंची से ज्यादा लम्बाई तक , 5 इंची मोटाई वाला विशाल लौड़ा किसी खुट्टे की तरह मोह फाड़े ऐडा हुआ था...... सारू की आंखें सॉकेट से बहार hi आने वाली थी आसूं बहते हुए ..... जब अपने दोनों हाथों से सारू ने आर्यन के ाँद दबाये तब जाकर पकड़ ढीली हुयी सर से .
आर्यन के हाथ का दबाव काम होने के साथ बांध आंखें भी जैसे सुखद अहसास से खुलने लगी और सारू ने झट से मोह से तोपची को निकाल ख़ूऊओ ख़ूऊ करती खस्ने लगी और उसकी उखड़ी सांसें एक साथ उसकी हालात का ज्ञान जब आर्यन को हुआ तोह झट से सीधा बेथ उसकी कमर और गाल सहलाने लगा ," सॉरी सॉरी मम्मी ..... अप्प ठीक तोह हो "...... चटकककक ..... "चुप्प्प करररर" ..... खोओ खोओ !!!! ....... सारू की हालत देख आर्यन समझ गया की वह काम वासना में आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो गया था मम्मी के साथ .
आर्यन ने सारू को उठा के साइड में बिठाया और उसकी पीठ सहलाता पानी के जग से गिलास में पानी दाल उसको पिलाया तोह सारू भी अपनी सांस दरुस्त होकर पानी पीने लगी आर्यन के हाथ से ..... दुसरे हाथ से उसके आंसूं साफ़ किये और उसकी निघ्त्य से उसका चेहरा साफ़ करने लगा ...... "सॉरी अब आगे कभी ऐसे नहीं करूँगा माफ़ कर दे अपने बेटे को दिल से माफ़ी मांगता हूँ "...... उसकी आवाज में दिल की पुकार थी तोह सारू भी मुश्किल से स्माइल करती उसके गाल पे हलके से चपत लगाती उससे चिपक के उसका पूरा चूमने के बाद चाटने लगी पुछःह पुछठ मुह्हह्ह्ह्ह ......
आर्यन भी अपनी मम्मी का मूड देखकर हस्ते हुए ," पूरा फेस गीला कर दी , अब तोह रुक जा मम्मी क्या तुम ठीक हो ".......
सारू ने उसके लिप्स पे किश किया ," इतनी बातें क्यों करता है , में बस नाराज हुयी की मुझे फिरसे मेरा नाम सारू नहीं पुकारा ...... मेरा नाम में सबके मोह से सुना है पर जब तू प्यार से 'सारू' बोलै तोह लगा में पूरी हो गयी तुझे पाकर ...... पूछह पूछह ी लव यू मेरे माहि ...... मुझे अकेले में सारू बोलकर न जोह तेरे अप्नावट और हमारे नए रिश्ते का पूरा अहसास देता है ".
किश करते हुए आर्यन ने सारू को बीएड पे करवट के बल लिटा के उसके सामने से लिपट के अपने लिप्स से उसका राइट निप्पल पीने लगा ..... सारू अपनी राइट टांग उसके ऊपर रख के अपनी आगे से गीली पेंटी उसके हलके सख्त लौड़े से बिधा के उसके बाल में ऊँगली फेरने लगी . आर्यन का सीधा हाथ दोनों के बिच था जिसको उसने उसकी पेंटी के ऊपर से छूट के चीरे को छेड़ने लगा अपनी ऊँगली फिरा के और दूसरा हाथ उसके बिलकुल नंगे चूतड़ को हलके हलके मसल रहा था क्योंकि पेंटी अब उसके दोनों चूतड़ की दररर में फँसी पड़ी थी जैसे थोंग होती है .
सारू अपनी चूची पिलाते हुए ," ऐसे hi चूस तेरे hi हैं दोनों अह्हह्ह्ह्ह हरामीईईई कुटैय्यिययी काट मत , सीईईई ऐसे hi जीभ फिरा के चाट के चूस ...... छोटी माहि (महिमा) भी तेरे जैसे दूध पीती है सबका" . आर्यन सर उठा के ," अच्छा किस किस का पि ली मेरी स्वीटी पाई गर्ल ".
सारू ने थोड़ा पीछे हो अपनी लेफ्ट निचली चूची ऊपर को तान के आर्यन के सर पे दबाव लगा दिया तोह आर्यन खुद hi चूसने लगा ..... सारू," वह भी तेरी बेटी है किसी को बक्सेगी , गाओं में तेरी दोनों दादी ( वीरा बुआ की दोनों सास ) यहाँ तक की सुखिया काकी का भी दूध पी आयी बहोत तेज़ है मेरी छोटी माहि".
लेकिन अब आर्यन जैसे उसकी कोई बात नहीं सुन्न रहा था बस उसकी चूचियां भाभूदने में लगा था कभी जोरसे से कभी प्यार से कभी दांत भी लगा देता. उसके दोनों हाथ रुक गए थे जिससे सारू को पता चल गया अब बस यह भी चूची hi पीटा रहेगा .
सारू ने अपनी कमर पीछे कर अपनी पेंटी खुद उतर दी और आर्यन से लिपट फिर से अपनी टांग चढ़ा उसके लुंड के टोपे को छूट पे घिसने लगी , वह भी पूरी गीली थी और लुंड भी पूरा तो नहीं पर शाक्त हो गया था .
लुंड को सीधे हाथ से थाम गीले टोपी को छूट के छेद पे लगा अपनी कमर की ताकत लगा दोनों होंठ अपने दांत से बांध कर एक घेरि सांस लेती आगे को धक्का लगी तोह छूट को पूरा 'ो' की शेप में खोलता सूपड़ा छूट के अंदर आ गया और आर्यन तोह मस्ती में अपने दांत जब चूची पे लगया तोह उसके सर के बाल पकड़ के खींची .
दर्द भी हुआ पर अपने बलवान बेटे जोह उसका पुराण पति था उसके आकर्सन के सामने सब दर्द बस आज मिथ्या hi थे..... मुझे राजे( माहि ) पूरा छूट के अंदर चाहिए . अपना जी कड़ा कर आर्यन को पीछे जोर लगा के धकलेटी जैसे उसके ऊपर hi चढ़ गयी थी छूट में लुंड फसाये .
आर्यन भी जब अपना सीधा हाथ उसकी कमर के निचे दाल उसको ऊपर खींच लिया तोह लुंड भी छूट की घेरे तक घुसता चला गया बस 2 इंच hi बहार होगा . आज फिर चीयर दिया आर्यन के तोपची ने सारू को .
बड़ी ावक्वार्ड सी पोस्टिव को आर्यन ने ठीक करते हुए उसकी चूची मोह से अलग कर उसकी दोनों झांघो को एडजस्ट कर उसके दर्द से भरे चेहरे को निचे कर उसके लेफ्ट कान को चीभ से सहलाने लगा और सारू की गांड को दोनों हाथ में दबा के उसकी छूट अपने लुंड पे ऊपर निचे करने में मदद किया तोह सारू का सबर जवाब दे hi गया ......
सारू ," हुण्णनं अह्हह्ह्ह्ह महियी ..... अह्ह्ह्हह्हह सीईइईसीईई ..... घेरि सांस लेकर हवा नथुनों से निकलते हुए ...... उन्हम्मम्म मायआ ...... चीयर के पहाड़ हे देगा टूउऊउउउ मुझे किसी दिन ..... रुकक्क सांस लेने दे ..... अह्हह्ह्ह्ह हरामीईईई यह अब बड़ा होने लगा मेरी छूट के अंदर hi अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह हूंणणन्न ...... "
सारू की बात भी सही थी जोह 8 इंच अंदर तक ली थी उसकी छूट के पानी ने पूरा 12 इंच तक लम्बा और 5 इंची मोटा कर दिया किसी बिजली के खम्बे जैसा सख्त. लुंड को पीछे से दोनों के जोड़ से देखो तोह जितना बहार था नाश पूरी उभरी हुयी और छूट का चाला किसी रबर बंद का काम करता बहोत टाइट कैसा हुआ लग रहा था .......
आर्यन ने हाथ की अपनी एक छोटी ऊँगली अपने थूक से गीली की , सारू दर्द से झुझते आर्यन को देखि पर समझी नहीं पर जब अपनी गांड के छेद को सहलाती हलकी से धंसी तोह आर्यन की मनसा समझ के बोली ," ऊँगली हटा वहां से नहीं तोह ऊँगली काट दूंगी अह्ह्ह्हह ारयणणणणणण आराम से वहां कुछ नहीं गया ....... सीईईई हम्म्म्म यह कैसा मजा है ुहममममममम ...... हाथ हटा ले कुटिया के बीज नहीं तोह जान से मार दूंगी ".......
आर्यन भी हस्ता हुआ सारू की चूम रहा था की मम्मी खुद को गाली दे रही है पर सारू तोह अपने पिछले जनम की सास रानी मिरदुला को रंडी और कुटिया का बीज कह रही थी ...... पर गालियां दोनों को जोश hi चढ़ा रही थी ....... जहाँ सारू को पिछले जनम का याद था वहीँ आर्यन अपनी मम्मी की एक एक अदा पे फ़िदा होता जा रहा था ...... ऐसे hi सारू का जादू चलता रहा था आर्यन किसी की तरफ देखे hi नहीं .
(मीणा को यह बात पिछले 2-3 दिन से महसूस हो रही थी आर्यन तोह बस सारू को दुमछल्ला (गुलाम) hi बन गया है ...... हर जगह हर वक़त बस सारू hi जैसे चाहिए हो ....... मीणा को बाद में देखते हैं यहाँ दोनों माँ बेटे ने कक्ष में तूफ़ान hi ला दिया हो ......)
आर्यन एक इंच लुंड हिलता अंदर करता तो ऊँगली गांड के छेद से 1 कम बहार निकलता और लुंड बहार निकलता तोह ऊँगली गांड में 2 कम अंदर ....... सारू का ुंचय छेद भी आज आर्यन के इशारे पे उत्तेजित होता छूट को पूरे रास से बहार गीला कर दिया ......
सारू कान, छूट और गांड पे हमले को 3 मं भी बर्दास्त न कर पायी और झड़ने लगी ...... इतना पानी छूट टपका रही थी जैसे मूट दी हो पर अपने ओर्गास्म्स को छीकते हुए माहि का नाम लेकर अभी पूरी झड़ने के बाद संभालती की आर्यन सीधा बेथ के उसको गॉड में बीतए छोड़ने लगा और आखिर कार बीएड से उतर अपनी गॉड में उठाये सारू को दबा डाब छोड़ने लगा "अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मररररररर गईइइइइइ हरमीयी...... ऐसे hi छोड़ अपनी लुगाई को माहि अह्ह्ह्हह्हह सीईइईसीईई हम्मम्मम्मम्म पुछःह पेल और जोरसे" .......
जोश ने तोह िंहथा hi कर दी तब आर्यन ने सारू को उससे रूबरू करवाता बोलै ," साइड में ड्रेसिंग मिरर में देख मेरी चिकनी रांड सारू ..... देख तेरी फटी छूट कितनी बड़ी लुंडखोर है मेरे लौड़े को पूरा लिए रू भी रही है पर हार नहीं मान रही ....... आज तेरी िश कातिल गांड को भी फाड़ना है , अच्छा किया मेरे लिए बचा के राखी है , तू मेरी सबसे मस्त चिकनी लुगाई है सारू में तेरे बिना नहीं रह सकता ...... पूछ पूछ ...... तुझे दिन रात छोड़ना है मुझे बस हमेशा तेरी यह छूट और उसमें मेरा लौड़ा होगा समझी छुटमारानी सारू डार्लिंग "....... सारू ने आर्यन को उत्तेजित कर जब गालियां बकवानी शुरू की तोह हर गन्दा स्तब्ध जैसे आग में घी का काम करता गया ........ दोनों चुदाई के जोश में दुनिया जहां भुल्ये एक दुसरे पे हवाई हो रहे थे .
सारू अपनी कमर हिलाती लुंड को छूट पे जोरसे पटकती और आर्यन निच्चे से धक्का मारता ...... जब गर्दन घुमा के साइड में मीरूर को देखना चाहि तब आर्यन उसको चूमने लगा पर आर्यन की कमर पे टांगें लपेट उसके नितम्बों पे अपनी एड़ी क्रॉस कर दबा के लुंड पे छूट पटकती जैसे झूला hi झूल रही थी उसकी गर्दन पे बाहिएँ लपेट अपने लिप्स चुसवाते हुए .
जब आर्यन ने लिप्स हत्ये तोह झट से पलट के मिरर में देखि तोह खुद को किसी बंदिरया के बच्चे से कपड़े की और जब निघा निचे पड़ी तोह जैसे आंखें बड़ी hi हो गयी उसकी छूट भी आज एक छोटा सा झरना बन सीधा चुतरस कालीन पे टपका रही थी जहाँ छूट रास िखिता हो रहा था पर जब आर्यन ने चूम के उसकी पीठ मिरर की तरफ की तोह पूरी गर्दन घुमा के भी अपने मिलान का आईने में बना आकाश उसकी छूती सी छूट में भीषण लौड़ा को अंदर बहार जाते हुए की सजीव टेलीकास्टिंग उसको अपने आप गर्व महसूस करवा hi गयी ......
आर्यन के निछले होंठ को गर्दन घुमा के दांतों से दबा के िजरहर hi कर दी " " बहोत बड़ा है , बहोत मोटा है, हिंसक है, विकराल भी है पर तेरा लौड़ा अब मेरा है "...... होंठ से खून निकाल के आर्यन को धक्के लगता देख फिरसे जीभ निकाल के खून चूसती हुयी बोली ," अह्ह्ह हम्म्म्म्म बीएड पे ले चल ऐसे hi मुझे सवारी करने दे ..... अह्हह्ह्ह्ह जूल्मीीीी ऐसे hi ले चल , तूने निचे खून निकाला मैंने तेरे ऊपर से लिप्स से ".
आर्यन उसके देखता बीएड पे पीठ के बल लेट पूरा लुंड छूट की जड़ तक फसाये उसको मैं मानी करने दिया ...... आज सारू की कामुकता जैसे चरम पे थी दोनों हाथों से उसकी बलिष्ट गर्दन पे जकड अपनी कमर ऊपर निच्चे हिलती , आर्यन उसके चूतड़ पे निचे हाथ लगये उसको ऐसा करने में सहयोग कर रहा था ......
न जाने वह कुछ सोच के निच्चे थोड़ा झुकी और आर्यन के निचले घायल होंठ पे अपने लिप्स गोल कर थूक टपका दी लार सी बनते हुए जिसको आर्यन जीभ निकाल के पीने लगा पर सारू ने निचे झुकार निचला होंठ पे लगये अपने थूक को काटे हिशे पे लग्न शुरू किया अपनी जीभ गोल गोल घुमा के ......
आर्यन के लिप्स पे किश करते जीभ से सहलाती बोली ," तू मेरा खसम है तुझे दर्द के साथ झकम देकर मरहम भी में hi लगूंगी रंडी के पीले , जैसे तू मेरे साथ करता है भदवाये स्टेडियम में तोह उन्ह नपुंसक को बड़ा जोश में आकर काट डाला मुझे ठंडा कर अह्ह्ह्हह्हह ...... पूछह पूछह माहि में सिर्फ तेरी हुन्न और तू मेरा है बाकी दुनिया सब मिथ्या है रे बस हम दोनों hi यथार्थ हैं और हमारा यह प्रेम ..... पेल अपनी रांड लुगाई को पहाड़ के मेरी छूट खून निकाल दे ".......
सारू ने स्पीड तेज़ कर जब जोर जोरसे लुंड पे छूट पटकती तोह आर्यन ने अपने हाथ उसके चूतड़ से हटा के उसके दोनों पुष्ट चूचे दबोच के निप्पल अंगूठे और बड़ी ऊँगली से जोरसे मोराद hi दिए ..... "हआ सीईईई में गयी माहि ..... अह्ह्ह्हह्हह में गयी मुझे मादरचोद संभाल मुझे रुकना मत्तत्तत्त उईईईईई माआआ पहाड़ दी ......"
झट से पलट आर्यन ने उसको निचे लेकर 10 इतने जबरदस्त धक्के मारे की सारू की छूट के साथ साथ उसके भी ाँद उबाल के छूट को विरए से भरने लगये ..... दोनों इतनी जोरसे चीख के झड़े की शैलद न होती तोह पूरा अलवर का राजमहल गूंज जाता उनके चरमोत्कर्ष के आननद की पुकार सुनकर . दोनों झड़ते hi रहे 5 मं तक ...... सारू ने आर्यन की गर्दन दबोच राखी थी और नाख़ून भी गदा दिए और आर्यन उसके दोनों चूतड़ को अपने हाथो में कैसे अभी भी रुक रुक के लुंड बहार खींच के थोकक देता ...... फट्ट्ट्ट फट्ट्ट्ट और सारू चीख पड़ती.
जब दोनों शांत हुए तोह किसी प्रेमी युगल की तरह चूमा छाती करने लगये ," पूछह पूछह पूछह चुम्म्म्म चुम्म्म्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह पुछःह पुछठ ....."
दोनों एक दुसरे को बदस्तूर चूमते जा रहे थे , दोनों के हाथों की उंगलियन एक दुसरे के बालों और सर को सेहला के डील्स दे रही थी ....... एक घंटे से ऊपर का था पहला खूंखार मिलान पर 10 मं भी नहीं गुजरे होंगे दोनों फिर से उत्तेजित हो गए.....
लुंड , छूट से हल्का ढीला होकर बहार नहीं आया था पर फिर से चुदाई का नेक्स्ट दौर शुरू हो गया ...... मगर अब बड़ी सेंसुअल तरीके से एक दुसरे को सेहला के आराम से धक्के मारते चूमते हर 5 मं में पोस्टिव चेंज करते एक दुसरे के ऊपर नाग नागिन की तरह लिपटे अपने प्यार को नयी परिभासा देते मधुर मिलान कर रहे थे ...... कक्ष में ठप्प ठप्प पूछ पूछ और सारू की चूड़ी और पायल के घुंघरू की आवाज आती ...... दोनों के होंठ नहीं बस आंखें hi बात करती , यह भी कुछ सबसे अलग मिलान hi था जिसको सारू पिछले जनम में मरूमस्त आसान बोलती थी यानी दोनों ज्यादा से ज्यादा अपना हर अंग जोड़कर बस छुडाम चुदाई करेंगे बस दोनों गांड हिला के , हर पोजीशन में चूमा छाती नहीं रुकनी चाहिए और मोह से सिर्फ सिसकी और उमाड़ की आवाज आये पर कोई स्तब्ध नहीं .
सारू ने लास्ट में आर्यन के ऊपर लिअत के जब 5 बार चरम पाया तोह उसको भी चरम देकर शाखालित की अपनी छूट में विरए भर के ...... सारू उसके सीने पे अपनी जीभ फिरती आर्यन को शांत कर रही थी बस हो गया .
आर्यन का स्टैमिना इतना था की पूरे राजमहल की औरशन को चैलेंज लेकर छोड़कर रुला दे पर आज सारू ने सभी हदें पार कर आर्यन को चुदाई का असली सुख और तृप्ति दी दो बार . दरसल वह अपने पति रुपी योद्धा को इसकी जीत के बाद स्पेशल इनाम अपने जिस्म से सेवा करके दी .
(पुराने ज़माने में योद्धा जब जीत के आते थे तब उनकी जितनी लुगाई और रखीअल होती बारी बारी उससे छोड़कर उसकी वीरता पे अपनी प्रेम मोहर लगाती और एहि टाइम होता था जब दूसरी नयी औरत भी योद्धा की होना चाहती थी .)
जब दोनों नार्मल हुए तोह दोनों एक मं खूब हास्य ..... आर्यन ने सारू के सर के बालों को ऊँगली से कंघी की तातरः सहलाने लगा तब सारू बोली ," दीप्ति को अब तू खुश कर पायेगा , लड़की अपनी सुहागरात पे दर्द भी चाहती है निचले हिस्से में और दिल में प्यार भी ...... पर जीती हुयी औरत को अपने पौरष बल का लोहा मनवा देना ताकि जिंदगी भर वह अपनी औकात न भूले ..... प्यार करने के लिए पूरी जिंदगी उसकी पड़ी है .....वह अच्छी लड़की है उसके चक्कर में अपनी िश बुद्धि लुगाई को मत भूल जाना ".
औरत अपना वाहवार कैसे बदल सकती है, जिसको भी पता है की आर्यन आज रात दीप्ति से गंदर्व विवाह करके उसके साथ मिलान भी करेगा सुहागरात पे सब को इर्षा hi हुयी दीप्ति के भाग्ये से सिर्फ मीणा और अणि की छोड़कर ......
___________________
जबर सिंह अपने बाप को घूरता हुआ रूम से बहार निकल दूर बांध कर एक थप्पड़ महामंत्री ( राजा त्रिभुवन सिंह का महामंत्री ) को दिया और थोड़ा खीज के बोलै धीरी आवाज में ," कुत्ते जब मेरे बाप से मिल लिया था मुझे क्यों धोका दिया ".
महामंत्री ने पीछे खड़े 4 सैनिक उसके आगे खड़े हुए तोह उसने उनको हटने को कहा और गर्व से बोलै ," राजा जबर सिंह जी , मैंने आपकी नमक हलाई करते हुए साथ दिया फिर भी जिन्दा हूँ क्योंकि बड़े राजा साहब ने ऐसा ऑफर दिया की में मन नहीं कर सका वही बता ने आया हूँ सुनोगे या मार खा के hi सुनाए ".
राजा जबर सिंह ने आसपास देखा तोह उसका कोई आदमी पास नहीं था पर महामंत्री 4 सैनिक गन और तलवार से लेश देखकर डर गया . मगर था तोह धूर्त hi तोह बोलै ," तुम जैसा सोच रहो हो में वैसा नहीं हूँ में भी राजकुमारी दीप्ति के साथ hi हूँ पर मेरे खुद के बाप ने मुझे मजबूर कर दिया है . आज तक मैंने तुम्हे गलत आदेश भी दिए पर राजा त्रिभुवन सिंह को भी पता था और उनको तुम्हने अंजाम दिया की नहीं ?"
आगे बढ़कर महामंत्री के कंधे पे हाथ रख उसके कान में बोलै ," दीवारों के भी कान होते हैं ".
महामंत्री ने अपने साथ सैनिक को बहार भेजा और खुद राजा जबर सिंह के साथ दुसरे कमरे में चला गया तब राजा जबर सिंह बोलै ," यह तू भी जानता की में अपने बाप के समय कुछ भी नहीं ...... यह दिव्या तलवार , खज़ाना क्या तू ने देखा है या मैंने फिर तू बोल मैंने कब आर्यन का विरोध किया सिर्फ िश लिए की वह दूसरी कासते का है बस रघुभार सिंह के जिन्दा रहते यह हो जाये ऐसा कभी हुआ नहीं ..... याद कर मेरे िश बाप ने कितनी औरशन के मर्द मार के अपने बिस्तर पे सुलाई हैं अपने टाइम पे और तू भी तोह चौदर्य है राजस्थान का तू ने भी बड़े भाई देखा hi होगा ..... मुझे देख मैंने बिस्टेर पे ुष औरत को लाया जोह कीमत लेती हो और यह जोह मेरा बाप है अभी ध्यान में गेरुआ विस्तार में बैठा है सबसे पहले आर्यन जोह राजकुमारी दीप्ति का होने वाला घरवाले है उसके घर की औरत को नंगा करेगा फिर तैने उसका साथ दिया तोह राजकुमारी के साथ तेरे घर की औरशन का देख लियो आखिर तू किसके साथ है ?"
महामंत्री गुस्से से तमतमता हुआ राजा रघुभार सिंह के रूम में घुस उसकी तरफ तलवार लेकर आगे बढ़ा तोह जबर सिंह ने अपनी सीधे हाथ में चिप्पी एक मोठे सोये जैसी छोटी सी कुर्ची से उसकी गर्दन पिरो दी और खून रिसने लगा . महामंत्री दर्द से तड़पता दम लेने के लिए जमीन पे पड़ा झटपटा रहा था .
जबर सिंह अपने बाप की आंखें खुली देख के बोलै ," पिताजी यह नमक हराम आप को मारने वाला था ".
राजा रघुभार सिंह ने बगैर कोई बात बोले ज़मीन पे महामंत्री के तड़पते सरीर की तरफ हाथ बढ़ा के कुछ आँख बंद करके बोलै और उसके hi जैसा महामंत्री उसके सरीर से निकल के जीवट बहरूपिया खड़ा हो गया पर जबर सिंह की यह सब देख के पहात गयी थी .
एक महामंत्री जमीन पे खून से लथपथ और दूसरा उसके सामने जीवट पर अगले hi पल ुष बहरूपिया महामंत्री ने अपना मोह खोल आग बरसता हुए ुष असली महामंत्री की बॉडी जला के राख कर डाली कुछ hi सेकंड में .
रघुभार सिंह ," तुझे भी ऐसे hi मरना हो तोह यहीं खड़ा मत रह और मेरे साथ चल नालायक तेरे से कोई काम नहीं हो सकता ".
फिर ुष बहरूपिया महामंत्री को बोलै," आर्यन के परिवार के जाने के बाद राजमहल पे अपना कब्ज़ा रखना बगैर किसी को पता चले , राज परिवार के किसी भी सदाश को नुक्सान मत पहुंचा देना ".
वह भी सर झुका के बोलै ," जैसे मालिक की इच्छा "....... और वहां से गायब हो गया .
जबर सिंह अपने बाप के पीछे चलता हुआ सोच रहा था की में कमीना हूँ या मेरा बाप मुझसे भी ज्यादा ..... पर रघुभार की आवाज मास्टिक में सुनकर "में कमीनेपन तेरा बाप हूँ पर उसूल का पक्का हूँ "..... झटका hi खा गया लेकिन अगले पल अपने बाप के साथ समशान घाट में पाकर घबरा गया.
राजा रघुभार सिंह ने आँख बांध करके जबर सिंह का हाथ पकड़ के उसको वहां से गायब कर यहाँ समशान में ले आया था.
अगले hi पल रघुभार सिंह ने अपने कमंडल से जल निकाल अपने हाथ से सब तरफ फेंका और एक साथ 700 से ज्यादा पुराने सैनिक जोह कितनो सालों से यहाँ दफ़न थे सब जिन्दा होकर कबर पहाड़ के सामने आ गए ...... सबका डरवाना रूप देखकर जबर सिंह डर कर लगभग अपने कच्चे में लगभग मूट hi दिया था ...... उसके सामने सारे नरकंकाल का रूप धारण किये अपने अस्तर लिए खड़े थे .
राजा रघुभार सिंह ," तुमको िश जीवन से मोक्ष दिला दूंगा अगर मेरे कार्य में सफल हो गया ...... सही टाइम पे तुमको याद करके बुला लूंगा अब तुम जा सकते हो "....... सारे गायब हो गए और राजा रघुभार सिंह फिर से राजा जबर सिंह को अपने साथ उसके hi ख़ुफ़िया आड़े पे ले आया .
जबर सिंह अभी भी थार थार कांप रहा था पर रघुभार ने उसको सामने चेयर पे बैठने को कहा .
रघुभार सिंह ने सांत लहजे में कहा ," जबर तू मेरा इकलौता पुत्र है पर तुझमे राजा होने का एक भी गुण नहीं था पर अपनी चालाकी से तूने काफी अच्छे से सब संभाला पर तू और त्रिभुवन ने आर्यन के मिलने के बाद बहोत गलतियां की . यह स्वयंवर नहीं रखना था दीप्ति का आर्यन से रिश्ता कर उसको दिव्या तलवार और खज़ाना ढून्ढ ने में मदद करते तोह आर्यन, दीप्ति को दोनों दे देता और उससे तुम्हे मिल जाते और तुमसे हमारे खानदान को . तुम क्या समझते हो तुम ुष तलवार को धारण कर सकते हो कदापि नहीं मगर हमने अपने को उसको काबिल कितनी घनघोर तपस्या के बाद बनाया है . आर्यन की जिस सगी मम्मी सारू और भें अनीता पे तुम्हारी बुरी नज़र है और ुष त्रिभुवन की भी थी ....... गलती से भी नज़दीक मत चले जाना उसके परिवार की किसी औरत के पास ...... वह आर्यन से भी ज्यादा शक्तिशाली हैं और उनके hi कारन आर्यन बहोत ताकतवर है . वह अणि िश दुनिया की नहीं पुराणी दुनिया की शक्ति रखती है एक सेक् में पूरा धरती लोक उजाड़ देगी ".
आज सायद जबर सिंह का सबसे बुरा दिन था और एक के बाद एक सदमे मिल रहे थे और बेइज्जती अलग हो रही थी , थोड़ी डिअर चुप रहकर जबर सिंह कुछ सोच के बोलै ," आप कह रहो की आर्यन दिव्या तलवार ले आएगा और हम उसको हासिल कैसे करेंगे जब उसकी माँ और भें इतनी शक्तिशाली हैं फिर तोह हमको कुछ नहीं मिलेगा ".
राजा रघुभार सिंह पहली बार अपने बेटे की नादानी पे मुस्करा के बोले ," कुछ पत्ते छिपे hi रहने दो , समय आने पे पता चल जायेगा ...... राजमहल में जैसे रतिदेवी ने त्रिभुवन से कहा उनको कुछ नहीं चाहिए बस दीप्ति को विवाह करके ले जाएंगे . एक बात तोह साफ़ है रति को कोई लालच नहीं और ना hi आर्यन के परिवार में किसी को , वह यहाँ दिव्या तलवार और खज़ाना के लिए नहीं दीप्ति के लिए आएं हैं और वही आर्यन भी कर रहा है दीप्ति की जान बचा रहा है पर तुम दोनों सब गुड़ गोबर कर दिया ".
राजा जबर सिंह ," पिताजी वह दूसरी ब्रिडारी का था और हम भी आपकी तरह ऐसे कैसे मान जाते हम ने सोचा अपने अहसान के निच्चे दबा के उससे दिव्या तलवार और खज़ाना लेकर उसको रस्ते से हटा देते या दीप्ति से शादी करा देते अगर कोई चारा न बचता ".
रघुभार सिंह ," तू नीरा hi बेवकूफ है में बहुडरौं की कदर करता हूँ और आर्यन जैसा शूरवीर योद्धा हो तोह एक क्या अपनी 3-4 बेटी उससे बाह्य दूँ ..... वह ताकतवर है , दिमाग़ का धनि है और पैसा रुतबा तोह यहाँ के किसी भी राजा से काम नहीं है उसके पास ........ आज वहां 25000 की भीड़ में ऐसी कोनसी औरत होगी जवान से लेकर भुद्धि तक जोह ुष्पर फ़िदा न हो गयी होगी बता है कोई जवाब और दूसरा दीप्ति कोई साधारण लड़की नहीं है वह दिव्या कन्या है उसको चुना तोह दूर उसके पास कोई नहीं फाटक सकता और आर्यन उसको अपनी गॉड में बिठा के पूरा स्टेडियम घुमा रहा था स्वयंवर जीत के ....... सच्ची पतिव्रता धरम वाली लड़की को हराना मुश्किल नहीं नामुकिन है फिर उसके पति को दुश्मन नहीं दोस्त बना लेना चाहिए पर तू नहीं समझेगा ...... खैर तू वही कर यानी कुछ मत कर सब धूर्त जोह होगी तेरे नाम पे होगी और गाली भी खाने को मिलेगी खा लेना . आर्यन के परिवार की किसी भी औरत पे निगाह मत डालना जिन्दा रहेगा. दिव्या तलवार और खज़ाना राजपूताना में hi रहेगा बस आर्यन को जीत के आने दो ".
राजा जबर सिंह ," पर पिताजी वह राजपूत नहीं है ....... "
रघुभार सिंह ने उसको बिच में टोक के कहा," मालूम है पर स्वयंवर जीतने के बड़ा अब वह तेरा मालिक भी है यह तू ने hi बांया है , बस में चाहता हूँ तू मेरे खानदान का वंश आगे बढ़ा पर वह भी तुझसे नहीं हुआ ...... जा राजमहल तुझे सब पूछ रहे हैं . में अपने ध्यान ख़तम करके आता हूँ और हाँ आर्यन की फॅमिली रात का भोजन करके वापस जा रही है ".
________________
बिना ने 2 प्लेन रात 10 बजे आर्यन के कहने पे त्यार रखे थे उसकी फॅमिली को वापस दिल्ली ले जाने के लिए जिसको सबको इनफार्मेशन देदी गयी थी ..... राजा त्रिभुवन सिंह के परिवार ने उनको रुकने का बोलै पर डॉ अंजू और ठकुरियन रूपा ( रति की जगह ) ने बड़ी वीरनामाता से कहा की अगली बार अपनी बहु दीप्ति को विवाह करके hi ले जाएंगे पर आप भी हमारी हवेली आएं और दीप्ति को आर्यन से मिलने के लिए न रोके वह वहां जरूर आणि चाहिए . आर्यन और गीता तोह रुक hi रहे हैं .
राजा त्रिभुवन ने कहा ," डॉ मैडम हम सब आपके परिवार का अहसान कभी नहीं भूल सकते पर राजकुमारी दीप्ति हमेशा आर्यन के परिवार की अमानत हमारे साथ है जब पहले भी दिल करे विवाह का बता देना , वैसे अब गीता बेटी मेरी बड़ी बेटी की तरह है ".
राजा त्रिभुवन सिंह ने हाथ जोड़कर कहा ," मेरा सबकुछ अब कुंवरजी ( आर्यन ) और बेटी दीप्ति का hi तोह है क्यों छोटी माँ ?"
रानी मिरदुला ," हम बेटी वाले हैं, आप सब के आगे हम नतमस्तक hi रहेंगे डॉ अंजू मैडम ".
डॉ अंजू ," रानी जी ऐसा मत बोलिये हमने आपसे बड़ा दिल किसी का नहीं देखा फिर आप भूल रहो हो जिसने इतना कोहराम मचा दिया था, गीता को और उसकी छोटी भें hi है दीप्ति तोह अपनी भें का हक़ वह खुद ले लेगी आपसे ..... बस आप मेरी दोनों बेटियों का ध्यान रखना ".
बातों के साथ 9 बजे साही रात्रि भोज शुरू हुआ सब उपस्थित थे सिर्फ आर्यन सारू और रति ( सू रही थी नींद की गोली खाकर ).......
आर्यन और सारू के लिए पुछा गया तोह मीणा ने कहा ," दोनों शिव भकत हैं तोह प्राचीन मंदिर में दर्शन करके आ रहे हैं बस आधे घंटे में ".
_________________
उधर सारू के कक्ष में आर्यन ने सारू की ुनचुइ गांड की सिलाई उदेढ़ hi डाली थी जब आधा टोपा कुटिया पोज़ में सारू की गांड फाड़ने वाला था ..... "मम्मी!!!! डैडी!!!! ........"
अभी आवाज गेट के बहार hi थी पर दोनों झट से अलग हो कपडे ढून्ढ ने लगये .....
आर्यन ने सारू का बाल पे लपेटा हुआ निचे गिरा टॉवल उठा लिया और सारू ने बिस्तर की चादर लपेट ली और महिमा बगैर दूर खोले रूम के अंदर दूर को पार करती एंटर हुयी जबकि सारू की शील्ड तोह दूर से पहले hi पार कर गयी थी .....
चादर अपने बदन पे लपेट सारू उसको देख कालीन पे बेथ दोनों हाथ अपनी छोटी बच्ची माहि के लिए फैला दी पर उसके पास पहोचने से पहले आर्यन ने उसको हवा में उठा लिया तोह जोरसे बोली," डैडी hi hi hi hi ..... डैडी ...... ".
आर्यन ने सारू को इशारा भर सा करा दिया और महिमा अपने डैडी के गाल पे किसी करने लगी और आर्यन भी अपनी बेटी को प्यार करके खेलने लगा ...... जोह शील्ड कोई नहीं तोड़ सका वह महिमा ने भेद भी दी और अंदर आ गयी अपने को रेडी करते हुए सारू ने जब बड़े गुरूजी से पुछा ," गलती तुम्हारी है बड़ा माहि और छोटे माहि को दिल से अलग करके सोचे दोनों एक जैसे हैं तुम्हारे लिए और तुम्हारा अपना तोह अंदर आ सकता है जैसे बेटे जैसा घोडा अर्जुन आया था , तुम्हारी आज बेटी जैसी महिमा फिर एक और आ सकता है जोह तुम्हारे दिल में hi रहा है तब तुमको पता चलेगा ".
सारू डरते हुए ," राज नहीं आना चाहिए कभी ऐसे सामने गुरूजी , में जान दे दूंगी ".
बड़े गुरूजी ," वह नहीं कोई और है जिसको इतना प्यार करती हो ( गीता का नाम सारू के दिमाग़ में कोंढा, तोह बड़े गुरूजी बस मुस्करा दिए ) ...... आर्यन को उसके कर्तव्य पे जाने दो पुत्री वह तुमसे ज्यादा प्यार किसी को नहीं करता पर रिश्ते की वजह से किसी को दिखेगा नहीं पर प्यार तुम्हारा उसके लिए हमेशा पिछले जनम की तरह अमर रहेगा ".
महिमा आर्यन के सीने पे बैठी चिडया ुध खेल रही थी तब सारू ने बाथरूम से कपडे पहनकर आकर उसको अपनी गॉड में लिया और बोली," आजा मम्मी दुधु पिलेंगी ".....
आर्यन बाथरूम में जाकर रेडी हुआ, कहाँ तोह आज सारू की गांड फ़तेह करने वाला था पर बहार आयी मीणा ने सारू का महिमा के लिए प्यार को हथियार की तरह उसे कर उसका शील्ड भेद दिया अणि की सलाह पे .
मीणा हसकर अणि से ," चल अब यहाँ से नहीं तोह मार पड़ेगी और मुझे 2% शेयर चाहिए जीतने के बाद तेरी कंपनी में ".
अणि ने आगे साथ चलते हुए मीणा का गाल चूमा ," मीणा दीदी खुद 5 लाख करोड़ की मालकिन हो पर अपनी गरीब भें को लूटने लगी हो ".
मीणा ," शह्ह्ह्ह ढेरी बोल कोई सुन्न लेगा ...... और मुझे नहीं चाहिए यह पैसा , कंपनी बस मेरा भाई अच्छा रहे खुश रहे ".
अणि कान में ," जिस दिन रति देवी को पता चला की साड़ी दौलत और किंगडम की मालकिन आप हो मार न देगी आपको ".
मीणा हसकर ," हम दोनों भें भाई मर्डर भी जाये या जिन्दा रहे हक़ तोह तेरे पास है पावर ऑफ़ अटॉर्नी का जिस से साड़ी पावर तेरे पास hi आएगी और तू नानी माँ को जलील करने से नहीं चुकेगी ..... याद रखना मेरी बात न मुझे या मेरे भाई को यह सब चाहिए और आर्यन साथ है तोह नानी माँ को भी नहीं कुछ नहीं चाहिए . अणि यहीं तू रति देवी से हारेगी. वह आर्यन के लिए सब कुछ हार सकती है और तू अपने मकसद के लिए आर्यन को भी हार सकती है ". बात मीणा की सच्च hi थी पर कड़वी भी .
दोनों बातें करती निकल गयी गीता से मिलने उसके कक्ष में जहाँ दीप्ति और डॉली , नेहा भी थी .
गीता आज रात 3 बजे अपने खंडन का खज़ाना आर्यन से खुलवाने वाली थी बड़े गुरूजी से सलाह करके ..... इसी खजाने ने गीता की जान को इतने साल खतरे में रखा था पर आज दोनों अपने चाचा मां को भी सज़ा देने का टाइम आ गया था ...... लालच ने 23 साल बाद एक छोटी नवजात बच्ची की जिंदगी आज किस मोड़ पे लाकर कड़ी कर दी थी .
हार्ट हार्ट हार्ट
PART-2
अब तक .......
आर्यन सीधा बीएड पे उसके पास जाकर उसकी गॉड में सर रखकर लेट गया . सारू मुस्करा कर ," आज तोह विवाह और तेरी सुहागरात है दीप्ति के साथ , वहां जाने के लिए लेट नहीं हो रहा ?"
आर्यन ," वहां जाने में अभी टाइम है और मैंने सोचा अपनी मम्मी सारू डार्लिंग का दूध पी लूँ थोड़ी ताकत मिलेगी ..... hi hi hi hi ".
सारू ने उसका कान उमेठा ," बदमाश यह अपना घर नहीं है , किसी को पता चल गया तोह "...... और सर झुका के अपनी गॉड में लीयते आर्यन का माथा चूमि .
आर्यन ने अपनी दोनों बाजों पीछे करके सारू की कमर पे लपेटी ," कोई कैसे देख सकता है जब अपने शील्ड लगा दी है hi hi hi hi "...... पुछःह पुछठ ..... सारू का गोरा पेट पे चूमने लगा जोह उसके घागरा चोली के बिच के गैप से नेकेड था .
"शह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मत कर ..... अह्ह्ह माहि रुक तोह प्लीसीईए "..... आर्यन ने सर उठा के देखा तोह उसके बालों में ऊँगली फिरा के बोली ," मुझे ड्रेस चेंज करने दे और तू भी कर ले , िंह भारी कपड़ों में दिक्कत होगी ".
आर्यन बीएड पे बैठा तो सारू मुस्करा के अपने सूटकेस से एक मैक्सी लेकर बीएड पे राखी तोह आर्यन ने उसकी ज्वेलरी और ड्रेस उतरने में मदद की , ब्रा पेंटी में देख आर्यन का लुंड तन्ना गया . सारू ने टॉवल लपेट के बोलै ," में बस 5 मं में शावर लेकर आयी ".
अब आगे ........
आर्यन ," मम्मी यू अरे लुकिंग सो हॉट , में भी साथ चलता हूँ ". सारू ने उसको मन किया और ड्रेस चेंज का बोल के आर्यन के बैग से एक शॉर्ट्स और t-shirt निकल के देकर बाथरूम चली गयी. शावर में नंगी नहाती अपने hi गूरे मखमली कामुक बदन पे हाथ फिरा के आईने में देखते हुए मुस्करा रही थी , अभी कुछ डिअर बाद उसका लाडला बीटा पूरा बदन दुःका देगा .
तानी हुयी उत्कृष्ट पूर्ण विकसित दोनों वक्ष , पतली कमर , घेरि नाभि के निचे का सफाचट कटी प्रदेश और जानलेवा मस्त छोटी मटकी का आकर लिए सुडोल नितम्बों के निचे कासी हुयी झांघें किसी शिल्पकार की सजीव मूरत सारू के रूप में बाथरूम में गीले बदन को अपने सजाएं , प्रीतम आर्यन के लिए त्यार कर रही थी ....... सुंदरता जैसे उससे hi शुरू या ुशी पर ख़तम होती होगी . सारू हर हिसाब से बेमिसाल थी पर एक और थी उसके जैसी अपनी सगी बेटी अनीता सिंह (अणि) .
सारू औरत के चूँकि जीवन के सबसे अच्छे पड़ाव पे थी और सयम से भरी हुयी वहीँ अणि तोह नवयौवना के साथ बहोत पावरफुल और ऐटिटूड वाली थी .
अपने बदन को अच्छे से पहुंच के सिर्फ निघ्त्य के निचे पेंटी पहनी और बाल कुछ ड्रायर से सूखा के बाथरूम से बहार निकली तोह आर्यन बस शॉर्ट्स पहने एक टांग पे टांग चढ़ये चेयर पे बैठा फ़ोन पे कुछ देख रहा था की उसको सबकी सिक्योरिटी का स्पेशल ध्यान रखना है .
सारू ने मुस्करा के उसको देखा और मिरर के सामने जा अपने बाल ब्रश करने लगी ...... िश सेक्सी निघ्त्य में उसका बॉडी चउरवे पीछे से सरीर के भूगोल दे रहा था ...... आर्यन की निघन तोह दोनों चूतड़ के कमर से पेंटी के निचे ट्रायंगल वाले जाप का जायजा सही एंगल को देख रही थी. परफेक्ट 45 ° एंगल यानी परफेक्ट नितम्ब के साथ घेरि योनि और उनतोच बैक दूर है मम्मी का यानी डैडी को एंट्री नहीं मिली .
आर्यन को अपना पिछवाड़ा मिरर से घूरता देख सारू इत्र के बोली ," ऐसे क्या देख रहा है ..... जरा यह मेरे कान के टॉप्स निकाल लगता है फस गया है ".
आर्यन भी अपने सेलफोन को साइलेंट कर और कॉल डाइवर्ट का ऑप्शन दबा के सारू की तरफ बढ़ा . मिरर में सिर्फ एक शॉर्ट्स में अपनी तरफ आर्यन को बढ़ता देख जैसे उसकी बलिस्त सीने और हसमुख चेहरे की तरफ सम्मोहित सी होती अपने बेटे की मुरीद सी होकर उसके छुवन का इंतज़ार कर रही थी .
आर्यन ने उसके पीछे से चिपकते हुए लेफ्ट शोल्डर पे किश कर उसके खुले खुसबू दार लम्बे केश को सुंघा और कान को बालों से अनवरत कर प्यार से उसकी टॉप्स निकाल के किश किया . सारू के बदन में उत्तेजना फेल गयी ...... दुसरे कंधे पे भी चुम्बन अंकित करता कान से टॉप्स निकाल के सारू के हाथ में रखकर चूम लिया .
आर्यन ," आप बहोत सूंदर हो , थे मोस्ट ब्यूटीफुल वुमन ों थिस एअर्थ ..... चुम्म्म्म ..... माय मम्मी डार्लिंग ".
सारू अपनी कमर पे उसके मोठे खोंते जैसे लुंड का कड़कपन महसूस की जिसको उसने सारू के पेट पे एक हाथ रख और दुसरे से गर्दन का अगले भाग पे ऊँगली फेर और साइड में चूम लिए . "शह्ह्ह्ह माहि में तेरे लिए तड़प रही हुन्न मुझे बीएड पे ले चल ...... अह्हह्ह्ह्ह .... "
आर्यन ने अपना हाथ की उंगलियन दोनों तरफ से निचे ले जाकर उसकी चूची और छूट को मैक्सी के ऊपर से सेहला दिया गर्दन को चुबलाते हुए ...... सारू पूरी ताकत लगा आर्यन की तरह सिसकती पलट गयी और बिना डिअर किये अपने पैरों के पंजों पे उचकते हुए उसके सर को झुका दोनों के गुलाबी होंठो का संगम करा के चूसने लगी पुछःह पहुछठ चुम्म्म्म चुम्म्म्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह पुछःह ..... आर्यन ने दोनों हाथों को वहीँ पहुंचा दिया जहाँ घूर रहा था ...... सायद उसके हाथो के लिए परफेक्ट दोनों चूतड़ समां गए और उंगलियन दोनों के चीरे में जा घुसी .
फूलों की टूकरि की तरह उठा hi लिया सारू को जिसने किसिंग करते हुए अपनी टांगें उसकी कमर पे कास अपनी चूची उसके मस्कुलर चेस्ट पे दबा दी ...... अब उसका पिछवाड़े और योनि के बिच का भाग आर्यन के लुंड के उभर को महसूस कर स्वतः hi आगे को हो गया .
आर्यन अपनी जीभ उसकी जीभ से भिड़ा ऐसे hi उठाये हुए बीएड के पास ले गया और खुद बीएड पे प्यार निचे लटका के बेथ उसको अपनी गॉड में बिठा उसके अधरों से सेहद चूसने लगा पुछठ मुह्हह्ह्ह्ह हुम्म्म ....... 5 मं एक दुसरे के होंठो को चूसना के बाद जब सारू की सांस उखड़ने लगी तब किसिंग रोक कर उसकी कमर और पीठ सहलाने लगा ........ सारू अपनी उत्तेजित गुलाबी आँखों से उसको देखती उसके बैएँ कंधे पे सर रख के अपनी बाँहों में कसके साँसे दुरुस्त करने लगी .
आर्यन के हाथ उसके पिछवाड़े से निघ्त्य को उठा उसकी छोटी पेंटी के साइड से नंगे चूतड़ पे पकड़ बना के मसलने लगे तोह सारू आर्यन की गर्दन पे सिसकते हुए चूमने लगी . एक हाथ को निघ्त्य के अंदर दाल उसकी चिकनी कमर और पीठ को सहलाता हुआ ऊपर तक फील करने लगा .
सारू गर्दन को चूमते हुए उसके सामने फेस कर उसकी थोड़ी और निचले लिप्स पे किश करती उसको कामुक निगाह से देखती अपनी जीभ निकाल ऊपर के लिप्स पे फेरी फिर नाक के नथुनों पे फिरा के अपने मोह में उसकी नाक की टिप दबा लिया.
आर्यन ने उसकी निघ्त्य से हाथ निकल उसके दोनों कंधो से पतली दूरी कंधे से सरका के निघ्त्य कमर तक की तोह उसकी दोनों ठूस वक्ष अपने चूचक ताने उसके सीने से लग गए . दोनों हाथो में सारू का चेहरा थाम उसके होंठो को चूसते हुए वह बीएड पे पीठ के बल लेट गया तोह सारू भी और आगे खिसक के शॉर्ट्स में लुंड के उभर पे अपनी छूट कपडे के ऊपर से दबती उसके सीने से लगी तलीनता से अपने दोनों होंठो को चुस्वाति एक ले में अपनी कमर को हलकी हलकी जुम्बिश देती लुंड पे छूट रगड़ने लगी .
सारू आज ज्यादा hi जोश में थी आर्यन के मैदान में देखे प्राकर्म के बाद से और आर्यन भी सही समय पे उसके कक्ष में था सबकुछ भुकार दो प्रेमी अपनी कामलीला में मगन थे . किश तोड़कर वह आर्यन की झांघो पे बेथ उसके शॉर्ट्स को निच्चे कर उसके अजगर जैसे पहन उठाये 'तोपची' को आजाद कर दोनों हाथो में थाम के मुस्करा के आर्यन की आँखों में देखती कातिल मुस्कान लिए बायीं आँख मारी और निच्चे झुकार जोरसे से टोपे को दबा के प्रेकम की एक बूँद को देख ज्यादा रास आने पे जीभ निकाल के टिप पे ेख्ता कर के चटकारा मार के चाट ली सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप ...... "यह मेरा है माहि रे बहोत नमकीन सा खट्टा मीठा सा पुछःह पुछठ ....."
आर्यन ने अपने टंगे बीएड से ऊपर कर दोनों हाथों के सहारे पूरा बीएड पे पीछे खिसक गोल मोटा वाला तकिया अपनी गर्दन के निचे लगा के अपने शॉर्ट्स को उतरा फिर अपनी झांघो पे बैठी सारू की निघ्त्य को उतर के साइड में रखा "आपको पास अपना हुनर दिखने का पूरा मौका है , में भी आज अपनी रानी मम्मी के अंदर की चिप्पी कामुक औरत को देखना चाहता हूँ ...... मुहह्ह्ह्ह पुछःह पुछठ "...... सारू के दोनों दूध को बारी बारी चूम के पीछे तकिये पे लेट गया .
सारू अभी भी दोनों हाथ से इतने बड़े लुंड को ऊपर निचे करती अपनी hi कलयाईओं की चूड़ी की खनकती आवाज को सुनती मुस्करा के जीभ अपने होंठो पे फिरा के बोली ," आज में भी अपने तोपची की साड़ी अकड़ निकालके अपना गुलाम बना लुंगी ..... hi hi hi hi hi ...... बहोत बड़ा है तेरा ".......
आर्यन ने उसकी दोनों झांघो पे हाथ फिरते हुए पुछा ," क्या बड़ा है ? सबका ऐसा hi होता है "...... सारू ने दोनों हाथ में लुंड ऊपर से निच्चे तक सेहला के ," किसी का ऐसा नहीं होता , विकराल होने के बाद भी इतना सूंदर और सजीव है ....... तू स्पेशल है तेरा लुंड भी स्पेशल है जिसको रीता ने सही नाम दिया 'तोपची ' ....... तुझे क्या पता जबबपेहली पूरा अंदर गया तोह जैसे पेट के अंदर घुस गया था , में hi जानती हूँ कैसे मैंने झेला था दर्द से hi रूह पहले कांप गयी पर जब इसने अंदर बर्रिश की तोह दर्द को मरहम की तरह ख़तम किया".
आर्यन ," आप जितना ले सको उतना लो , मैंने इशलिये पहली बार पूरा अंदर किया ताकि कभी जोश में पूरा अंदर जाए तोह इश्कि जगह पहले से वहां बन जाये ..... "
सारू ने पीछे खिसक अपने चूतड़ उसके घुटनो पे रखकर जैसे कमान संभल ली और कश्मीरी सेब जितने बड़े टोपे पे अपनी जीभ की कलकारी दिखती चूसने चाटने लगी ...... थूक से लुंड के शाफ़्ट को गीला कर अपनी दोनों ऊँगली लुंड पे लपेट मुठी बना के दोनों मुठी विपरीत दिशा में घूमती ऊपर निचे करती आर्यन का लुंड चूसने लगी .
आर्यन की आँखों में जैसे वासना के दूर तैरने लगये , सारू को तन्मयता से लुंड चूसता देख के सर हिलने से उसके चेहरे पे आते बालों को आर्यन उसके कान के पीछे करता उसके सर को सबसि दे रहा था पर सारू का जान लेवा वार आर्यन के वीर्ये से भरे बड़े साइज के ांडों को भी गरम कर दिया जब सारू ने अपने तने निप्पल से बारी बारी आर्यन के ांडों पे रगड़ा साइड बी साइड .
सारू के दोनों थांन और आर्यन के ांडों की आपस में रगड़ से गर्मी बढ़ने लगी . सारू ने मूतने वाले छेद को अपने जीभ की टिप पेनी करती अंदर 3 मम अंदर करके घुमाई तोह प्रेकम ज्यादा आने लगा .
सारू ," सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप पुछःह पुछठ ..... बहोत बड़ा है माहि मोह में भी नहीं आता सलरपपपपपपप ..... पर आज पूरा लुंगी ..... बता मजा आ रहा है या नहीं "...... फिर से मोह बड़ा कर 6 इंच तक अपने गले तक लुंड ले डीप सकिंग करने लगी ......
आर्यन मस्ती से विहाल पड़ा उसके सर सहलाता उसकी जाँघों को दबा रहा था," हुम्म्म्मम्म ऐसे hi मम्मीयीय बहोत प्यार से चूसती हो अप्प ...... थोड़ा और अंदर लो ऐसे hi मेरी जान 'सारू' ......" अपना नाम आर्यन के मोह से सुनकर सारू और जोश के साथ उसको जन्नत का वह मजा देने लगी जिस काम में औरत जब दिल से लुंड को चूस के अपने मर्द को अपना गुलाम बना लेती है .......
आर्यन की आंखें भोजील हो गयी पर 2 मं बाद सारू ने टोपे की चमड़ी पीछे रखते हुए अपनी जीभ की टिप टोपे की जड़ की क्यारी में घूमा दी चरों तरह ..... "अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बहोत्तत्तत अच्छआ लगगगगग रहा है सारूऊऊ हम्म्म्म्म यह कहाँ से सीखा ....... बस रुक जायो में झाड़ जाऊंगा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह "...... सारू पिछले 10 मं में non-stop आर्यन के लुंड और ांडो पे अपना हुनर दिखा के बेहाल कर दी ...... ऐसा तोह उसकी जुड़वाँ भें मीणा भी नहीं की थी जबकि उसके ब्लोजॉब के सामने आर्यन हार के जल्दी झाड़ जाता है था पर यह कुछ दूसरी दुनिया का सीखा हुआ हुनर उसे कर रही थी सारू ......
( सारू नहीं पिछले जनम वाली पद्मदेवी अपने िश जनम के बेटे आर्यन , महार्यं का पुनर जनम , को वही हुनर दिखा रही थी जिसके लिए पद्मदेवी , महार्यं की लाड़ली रानी बीवी थी )
सारू कामकला की ज्ञानी स्त्री की तरह अपने सामने बीएड पे लीयते नंगे बलिष्ट योद्धा जैसे मर्द को जिसने आज 100 से ज्यादा योद्धा मौत के घात उतर दिए थे स्वयंवर के स्टेडियम में उसको अपने सामने मिम्मया दी ...... सही hi कहा गया है औरत चाहे तोह बड़े से बड़े शर्मा को अपने हुसैन और कामकला से हरा दे बिना वार किये .
आर्यन 12 मं भी िश लगतार हमले को सेह न सका और भलभल के सारू का सर लुंड पे जकड के दबा दिया और झड़ने लगा ......" gurrrrrrrrrrrrrrh ुर्घह्ह्ह्ह सारूऊऊ मेनन गयाआ ....... तू आज मुझे मार डालेगी सारू ुर्घह्ह्ह्ह " .
गूऊऊऊ गूऊऊऊ की आवाज बस नथुनों से आती , अपने हलक में वीर्ये की पिचकारी नहीं जेट शावर की तरह तेज़ एक के बाद 10 पिचकारी की धार डायरेक्ट पेट में उतरती गयी ....... अपने दोनों हाथों के नाख़ून से आर्यन की झांघो को खुरच hi डाला ..... 9 इंची से ज्यादा लम्बाई तक , 5 इंची मोटाई वाला विशाल लौड़ा किसी खुट्टे की तरह मोह फाड़े ऐडा हुआ था...... सारू की आंखें सॉकेट से बहार hi आने वाली थी आसूं बहते हुए ..... जब अपने दोनों हाथों से सारू ने आर्यन के ाँद दबाये तब जाकर पकड़ ढीली हुयी सर से .
आर्यन के हाथ का दबाव काम होने के साथ बांध आंखें भी जैसे सुखद अहसास से खुलने लगी और सारू ने झट से मोह से तोपची को निकाल ख़ूऊओ ख़ूऊ करती खस्ने लगी और उसकी उखड़ी सांसें एक साथ उसकी हालात का ज्ञान जब आर्यन को हुआ तोह झट से सीधा बेथ उसकी कमर और गाल सहलाने लगा ," सॉरी सॉरी मम्मी ..... अप्प ठीक तोह हो "...... चटकककक ..... "चुप्प्प करररर" ..... खोओ खोओ !!!! ....... सारू की हालत देख आर्यन समझ गया की वह काम वासना में आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो गया था मम्मी के साथ .
आर्यन ने सारू को उठा के साइड में बिठाया और उसकी पीठ सहलाता पानी के जग से गिलास में पानी दाल उसको पिलाया तोह सारू भी अपनी सांस दरुस्त होकर पानी पीने लगी आर्यन के हाथ से ..... दुसरे हाथ से उसके आंसूं साफ़ किये और उसकी निघ्त्य से उसका चेहरा साफ़ करने लगा ...... "सॉरी अब आगे कभी ऐसे नहीं करूँगा माफ़ कर दे अपने बेटे को दिल से माफ़ी मांगता हूँ "...... उसकी आवाज में दिल की पुकार थी तोह सारू भी मुश्किल से स्माइल करती उसके गाल पे हलके से चपत लगाती उससे चिपक के उसका पूरा चूमने के बाद चाटने लगी पुछःह पुछठ मुह्हह्ह्ह्ह ......
आर्यन भी अपनी मम्मी का मूड देखकर हस्ते हुए ," पूरा फेस गीला कर दी , अब तोह रुक जा मम्मी क्या तुम ठीक हो ".......
सारू ने उसके लिप्स पे किश किया ," इतनी बातें क्यों करता है , में बस नाराज हुयी की मुझे फिरसे मेरा नाम सारू नहीं पुकारा ...... मेरा नाम में सबके मोह से सुना है पर जब तू प्यार से 'सारू' बोलै तोह लगा में पूरी हो गयी तुझे पाकर ...... पूछह पूछह ी लव यू मेरे माहि ...... मुझे अकेले में सारू बोलकर न जोह तेरे अप्नावट और हमारे नए रिश्ते का पूरा अहसास देता है ".
किश करते हुए आर्यन ने सारू को बीएड पे करवट के बल लिटा के उसके सामने से लिपट के अपने लिप्स से उसका राइट निप्पल पीने लगा ..... सारू अपनी राइट टांग उसके ऊपर रख के अपनी आगे से गीली पेंटी उसके हलके सख्त लौड़े से बिधा के उसके बाल में ऊँगली फेरने लगी . आर्यन का सीधा हाथ दोनों के बिच था जिसको उसने उसकी पेंटी के ऊपर से छूट के चीरे को छेड़ने लगा अपनी ऊँगली फिरा के और दूसरा हाथ उसके बिलकुल नंगे चूतड़ को हलके हलके मसल रहा था क्योंकि पेंटी अब उसके दोनों चूतड़ की दररर में फँसी पड़ी थी जैसे थोंग होती है .
सारू अपनी चूची पिलाते हुए ," ऐसे hi चूस तेरे hi हैं दोनों अह्हह्ह्ह्ह हरामीईईई कुटैय्यिययी काट मत , सीईईई ऐसे hi जीभ फिरा के चाट के चूस ...... छोटी माहि (महिमा) भी तेरे जैसे दूध पीती है सबका" . आर्यन सर उठा के ," अच्छा किस किस का पि ली मेरी स्वीटी पाई गर्ल ".
सारू ने थोड़ा पीछे हो अपनी लेफ्ट निचली चूची ऊपर को तान के आर्यन के सर पे दबाव लगा दिया तोह आर्यन खुद hi चूसने लगा ..... सारू," वह भी तेरी बेटी है किसी को बक्सेगी , गाओं में तेरी दोनों दादी ( वीरा बुआ की दोनों सास ) यहाँ तक की सुखिया काकी का भी दूध पी आयी बहोत तेज़ है मेरी छोटी माहि".
लेकिन अब आर्यन जैसे उसकी कोई बात नहीं सुन्न रहा था बस उसकी चूचियां भाभूदने में लगा था कभी जोरसे से कभी प्यार से कभी दांत भी लगा देता. उसके दोनों हाथ रुक गए थे जिससे सारू को पता चल गया अब बस यह भी चूची hi पीटा रहेगा .
सारू ने अपनी कमर पीछे कर अपनी पेंटी खुद उतर दी और आर्यन से लिपट फिर से अपनी टांग चढ़ा उसके लुंड के टोपे को छूट पे घिसने लगी , वह भी पूरी गीली थी और लुंड भी पूरा तो नहीं पर शाक्त हो गया था .
लुंड को सीधे हाथ से थाम गीले टोपी को छूट के छेद पे लगा अपनी कमर की ताकत लगा दोनों होंठ अपने दांत से बांध कर एक घेरि सांस लेती आगे को धक्का लगी तोह छूट को पूरा 'ो' की शेप में खोलता सूपड़ा छूट के अंदर आ गया और आर्यन तोह मस्ती में अपने दांत जब चूची पे लगया तोह उसके सर के बाल पकड़ के खींची .
दर्द भी हुआ पर अपने बलवान बेटे जोह उसका पुराण पति था उसके आकर्सन के सामने सब दर्द बस आज मिथ्या hi थे..... मुझे राजे( माहि ) पूरा छूट के अंदर चाहिए . अपना जी कड़ा कर आर्यन को पीछे जोर लगा के धकलेटी जैसे उसके ऊपर hi चढ़ गयी थी छूट में लुंड फसाये .
आर्यन भी जब अपना सीधा हाथ उसकी कमर के निचे दाल उसको ऊपर खींच लिया तोह लुंड भी छूट की घेरे तक घुसता चला गया बस 2 इंच hi बहार होगा . आज फिर चीयर दिया आर्यन के तोपची ने सारू को .
बड़ी ावक्वार्ड सी पोस्टिव को आर्यन ने ठीक करते हुए उसकी चूची मोह से अलग कर उसकी दोनों झांघो को एडजस्ट कर उसके दर्द से भरे चेहरे को निचे कर उसके लेफ्ट कान को चीभ से सहलाने लगा और सारू की गांड को दोनों हाथ में दबा के उसकी छूट अपने लुंड पे ऊपर निचे करने में मदद किया तोह सारू का सबर जवाब दे hi गया ......
सारू ," हुण्णनं अह्हह्ह्ह्ह महियी ..... अह्ह्ह्हह्हह सीईइईसीईई ..... घेरि सांस लेकर हवा नथुनों से निकलते हुए ...... उन्हम्मम्म मायआ ...... चीयर के पहाड़ हे देगा टूउऊउउउ मुझे किसी दिन ..... रुकक्क सांस लेने दे ..... अह्हह्ह्ह्ह हरामीईईई यह अब बड़ा होने लगा मेरी छूट के अंदर hi अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह हूंणणन्न ...... "
सारू की बात भी सही थी जोह 8 इंच अंदर तक ली थी उसकी छूट के पानी ने पूरा 12 इंच तक लम्बा और 5 इंची मोटा कर दिया किसी बिजली के खम्बे जैसा सख्त. लुंड को पीछे से दोनों के जोड़ से देखो तोह जितना बहार था नाश पूरी उभरी हुयी और छूट का चाला किसी रबर बंद का काम करता बहोत टाइट कैसा हुआ लग रहा था .......
आर्यन ने हाथ की अपनी एक छोटी ऊँगली अपने थूक से गीली की , सारू दर्द से झुझते आर्यन को देखि पर समझी नहीं पर जब अपनी गांड के छेद को सहलाती हलकी से धंसी तोह आर्यन की मनसा समझ के बोली ," ऊँगली हटा वहां से नहीं तोह ऊँगली काट दूंगी अह्ह्ह्हह ारयणणणणणण आराम से वहां कुछ नहीं गया ....... सीईईई हम्म्म्म यह कैसा मजा है ुहममममममम ...... हाथ हटा ले कुटिया के बीज नहीं तोह जान से मार दूंगी ".......
आर्यन भी हस्ता हुआ सारू की चूम रहा था की मम्मी खुद को गाली दे रही है पर सारू तोह अपने पिछले जनम की सास रानी मिरदुला को रंडी और कुटिया का बीज कह रही थी ...... पर गालियां दोनों को जोश hi चढ़ा रही थी ....... जहाँ सारू को पिछले जनम का याद था वहीँ आर्यन अपनी मम्मी की एक एक अदा पे फ़िदा होता जा रहा था ...... ऐसे hi सारू का जादू चलता रहा था आर्यन किसी की तरफ देखे hi नहीं .
(मीणा को यह बात पिछले 2-3 दिन से महसूस हो रही थी आर्यन तोह बस सारू को दुमछल्ला (गुलाम) hi बन गया है ...... हर जगह हर वक़त बस सारू hi जैसे चाहिए हो ....... मीणा को बाद में देखते हैं यहाँ दोनों माँ बेटे ने कक्ष में तूफ़ान hi ला दिया हो ......)
आर्यन एक इंच लुंड हिलता अंदर करता तो ऊँगली गांड के छेद से 1 कम बहार निकलता और लुंड बहार निकलता तोह ऊँगली गांड में 2 कम अंदर ....... सारू का ुंचय छेद भी आज आर्यन के इशारे पे उत्तेजित होता छूट को पूरे रास से बहार गीला कर दिया ......
सारू कान, छूट और गांड पे हमले को 3 मं भी बर्दास्त न कर पायी और झड़ने लगी ...... इतना पानी छूट टपका रही थी जैसे मूट दी हो पर अपने ओर्गास्म्स को छीकते हुए माहि का नाम लेकर अभी पूरी झड़ने के बाद संभालती की आर्यन सीधा बेथ के उसको गॉड में बीतए छोड़ने लगा और आखिर कार बीएड से उतर अपनी गॉड में उठाये सारू को दबा डाब छोड़ने लगा "अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मररररररर गईइइइइइ हरमीयी...... ऐसे hi छोड़ अपनी लुगाई को माहि अह्ह्ह्हह्हह सीईइईसीईई हम्मम्मम्मम्म पुछःह पेल और जोरसे" .......
जोश ने तोह िंहथा hi कर दी तब आर्यन ने सारू को उससे रूबरू करवाता बोलै ," साइड में ड्रेसिंग मिरर में देख मेरी चिकनी रांड सारू ..... देख तेरी फटी छूट कितनी बड़ी लुंडखोर है मेरे लौड़े को पूरा लिए रू भी रही है पर हार नहीं मान रही ....... आज तेरी िश कातिल गांड को भी फाड़ना है , अच्छा किया मेरे लिए बचा के राखी है , तू मेरी सबसे मस्त चिकनी लुगाई है सारू में तेरे बिना नहीं रह सकता ...... पूछ पूछ ...... तुझे दिन रात छोड़ना है मुझे बस हमेशा तेरी यह छूट और उसमें मेरा लौड़ा होगा समझी छुटमारानी सारू डार्लिंग "....... सारू ने आर्यन को उत्तेजित कर जब गालियां बकवानी शुरू की तोह हर गन्दा स्तब्ध जैसे आग में घी का काम करता गया ........ दोनों चुदाई के जोश में दुनिया जहां भुल्ये एक दुसरे पे हवाई हो रहे थे .
सारू अपनी कमर हिलाती लुंड को छूट पे जोरसे पटकती और आर्यन निच्चे से धक्का मारता ...... जब गर्दन घुमा के साइड में मीरूर को देखना चाहि तब आर्यन उसको चूमने लगा पर आर्यन की कमर पे टांगें लपेट उसके नितम्बों पे अपनी एड़ी क्रॉस कर दबा के लुंड पे छूट पटकती जैसे झूला hi झूल रही थी उसकी गर्दन पे बाहिएँ लपेट अपने लिप्स चुसवाते हुए .
जब आर्यन ने लिप्स हत्ये तोह झट से पलट के मिरर में देखि तोह खुद को किसी बंदिरया के बच्चे से कपड़े की और जब निघा निचे पड़ी तोह जैसे आंखें बड़ी hi हो गयी उसकी छूट भी आज एक छोटा सा झरना बन सीधा चुतरस कालीन पे टपका रही थी जहाँ छूट रास िखिता हो रहा था पर जब आर्यन ने चूम के उसकी पीठ मिरर की तरफ की तोह पूरी गर्दन घुमा के भी अपने मिलान का आईने में बना आकाश उसकी छूती सी छूट में भीषण लौड़ा को अंदर बहार जाते हुए की सजीव टेलीकास्टिंग उसको अपने आप गर्व महसूस करवा hi गयी ......
आर्यन के निछले होंठ को गर्दन घुमा के दांतों से दबा के िजरहर hi कर दी " " बहोत बड़ा है , बहोत मोटा है, हिंसक है, विकराल भी है पर तेरा लौड़ा अब मेरा है "...... होंठ से खून निकाल के आर्यन को धक्के लगता देख फिरसे जीभ निकाल के खून चूसती हुयी बोली ," अह्ह्ह हम्म्म्म्म बीएड पे ले चल ऐसे hi मुझे सवारी करने दे ..... अह्हह्ह्ह्ह जूल्मीीीी ऐसे hi ले चल , तूने निचे खून निकाला मैंने तेरे ऊपर से लिप्स से ".
आर्यन उसके देखता बीएड पे पीठ के बल लेट पूरा लुंड छूट की जड़ तक फसाये उसको मैं मानी करने दिया ...... आज सारू की कामुकता जैसे चरम पे थी दोनों हाथों से उसकी बलिष्ट गर्दन पे जकड अपनी कमर ऊपर निच्चे हिलती , आर्यन उसके चूतड़ पे निचे हाथ लगये उसको ऐसा करने में सहयोग कर रहा था ......
न जाने वह कुछ सोच के निच्चे थोड़ा झुकी और आर्यन के निचले घायल होंठ पे अपने लिप्स गोल कर थूक टपका दी लार सी बनते हुए जिसको आर्यन जीभ निकाल के पीने लगा पर सारू ने निचे झुकार निचला होंठ पे लगये अपने थूक को काटे हिशे पे लग्न शुरू किया अपनी जीभ गोल गोल घुमा के ......
आर्यन के लिप्स पे किश करते जीभ से सहलाती बोली ," तू मेरा खसम है तुझे दर्द के साथ झकम देकर मरहम भी में hi लगूंगी रंडी के पीले , जैसे तू मेरे साथ करता है भदवाये स्टेडियम में तोह उन्ह नपुंसक को बड़ा जोश में आकर काट डाला मुझे ठंडा कर अह्ह्ह्हह्हह ...... पूछह पूछह माहि में सिर्फ तेरी हुन्न और तू मेरा है बाकी दुनिया सब मिथ्या है रे बस हम दोनों hi यथार्थ हैं और हमारा यह प्रेम ..... पेल अपनी रांड लुगाई को पहाड़ के मेरी छूट खून निकाल दे ".......
सारू ने स्पीड तेज़ कर जब जोर जोरसे लुंड पे छूट पटकती तोह आर्यन ने अपने हाथ उसके चूतड़ से हटा के उसके दोनों पुष्ट चूचे दबोच के निप्पल अंगूठे और बड़ी ऊँगली से जोरसे मोराद hi दिए ..... "हआ सीईईई में गयी माहि ..... अह्ह्ह्हह्हह में गयी मुझे मादरचोद संभाल मुझे रुकना मत्तत्तत्त उईईईईई माआआ पहाड़ दी ......"
झट से पलट आर्यन ने उसको निचे लेकर 10 इतने जबरदस्त धक्के मारे की सारू की छूट के साथ साथ उसके भी ाँद उबाल के छूट को विरए से भरने लगये ..... दोनों इतनी जोरसे चीख के झड़े की शैलद न होती तोह पूरा अलवर का राजमहल गूंज जाता उनके चरमोत्कर्ष के आननद की पुकार सुनकर . दोनों झड़ते hi रहे 5 मं तक ...... सारू ने आर्यन की गर्दन दबोच राखी थी और नाख़ून भी गदा दिए और आर्यन उसके दोनों चूतड़ को अपने हाथो में कैसे अभी भी रुक रुक के लुंड बहार खींच के थोकक देता ...... फट्ट्ट्ट फट्ट्ट्ट और सारू चीख पड़ती.
जब दोनों शांत हुए तोह किसी प्रेमी युगल की तरह चूमा छाती करने लगये ," पूछह पूछह पूछह चुम्म्म्म चुम्म्म्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह पुछःह पुछठ ....."
दोनों एक दुसरे को बदस्तूर चूमते जा रहे थे , दोनों के हाथों की उंगलियन एक दुसरे के बालों और सर को सेहला के डील्स दे रही थी ....... एक घंटे से ऊपर का था पहला खूंखार मिलान पर 10 मं भी नहीं गुजरे होंगे दोनों फिर से उत्तेजित हो गए.....
लुंड , छूट से हल्का ढीला होकर बहार नहीं आया था पर फिर से चुदाई का नेक्स्ट दौर शुरू हो गया ...... मगर अब बड़ी सेंसुअल तरीके से एक दुसरे को सेहला के आराम से धक्के मारते चूमते हर 5 मं में पोस्टिव चेंज करते एक दुसरे के ऊपर नाग नागिन की तरह लिपटे अपने प्यार को नयी परिभासा देते मधुर मिलान कर रहे थे ...... कक्ष में ठप्प ठप्प पूछ पूछ और सारू की चूड़ी और पायल के घुंघरू की आवाज आती ...... दोनों के होंठ नहीं बस आंखें hi बात करती , यह भी कुछ सबसे अलग मिलान hi था जिसको सारू पिछले जनम में मरूमस्त आसान बोलती थी यानी दोनों ज्यादा से ज्यादा अपना हर अंग जोड़कर बस छुडाम चुदाई करेंगे बस दोनों गांड हिला के , हर पोजीशन में चूमा छाती नहीं रुकनी चाहिए और मोह से सिर्फ सिसकी और उमाड़ की आवाज आये पर कोई स्तब्ध नहीं .
सारू ने लास्ट में आर्यन के ऊपर लिअत के जब 5 बार चरम पाया तोह उसको भी चरम देकर शाखालित की अपनी छूट में विरए भर के ...... सारू उसके सीने पे अपनी जीभ फिरती आर्यन को शांत कर रही थी बस हो गया .
आर्यन का स्टैमिना इतना था की पूरे राजमहल की औरशन को चैलेंज लेकर छोड़कर रुला दे पर आज सारू ने सभी हदें पार कर आर्यन को चुदाई का असली सुख और तृप्ति दी दो बार . दरसल वह अपने पति रुपी योद्धा को इसकी जीत के बाद स्पेशल इनाम अपने जिस्म से सेवा करके दी .
(पुराने ज़माने में योद्धा जब जीत के आते थे तब उनकी जितनी लुगाई और रखीअल होती बारी बारी उससे छोड़कर उसकी वीरता पे अपनी प्रेम मोहर लगाती और एहि टाइम होता था जब दूसरी नयी औरत भी योद्धा की होना चाहती थी .)
जब दोनों नार्मल हुए तोह दोनों एक मं खूब हास्य ..... आर्यन ने सारू के सर के बालों को ऊँगली से कंघी की तातरः सहलाने लगा तब सारू बोली ," दीप्ति को अब तू खुश कर पायेगा , लड़की अपनी सुहागरात पे दर्द भी चाहती है निचले हिस्से में और दिल में प्यार भी ...... पर जीती हुयी औरत को अपने पौरष बल का लोहा मनवा देना ताकि जिंदगी भर वह अपनी औकात न भूले ..... प्यार करने के लिए पूरी जिंदगी उसकी पड़ी है .....वह अच्छी लड़की है उसके चक्कर में अपनी िश बुद्धि लुगाई को मत भूल जाना ".
औरत अपना वाहवार कैसे बदल सकती है, जिसको भी पता है की आर्यन आज रात दीप्ति से गंदर्व विवाह करके उसके साथ मिलान भी करेगा सुहागरात पे सब को इर्षा hi हुयी दीप्ति के भाग्ये से सिर्फ मीणा और अणि की छोड़कर ......
___________________
जबर सिंह अपने बाप को घूरता हुआ रूम से बहार निकल दूर बांध कर एक थप्पड़ महामंत्री ( राजा त्रिभुवन सिंह का महामंत्री ) को दिया और थोड़ा खीज के बोलै धीरी आवाज में ," कुत्ते जब मेरे बाप से मिल लिया था मुझे क्यों धोका दिया ".
महामंत्री ने पीछे खड़े 4 सैनिक उसके आगे खड़े हुए तोह उसने उनको हटने को कहा और गर्व से बोलै ," राजा जबर सिंह जी , मैंने आपकी नमक हलाई करते हुए साथ दिया फिर भी जिन्दा हूँ क्योंकि बड़े राजा साहब ने ऐसा ऑफर दिया की में मन नहीं कर सका वही बता ने आया हूँ सुनोगे या मार खा के hi सुनाए ".
राजा जबर सिंह ने आसपास देखा तोह उसका कोई आदमी पास नहीं था पर महामंत्री 4 सैनिक गन और तलवार से लेश देखकर डर गया . मगर था तोह धूर्त hi तोह बोलै ," तुम जैसा सोच रहो हो में वैसा नहीं हूँ में भी राजकुमारी दीप्ति के साथ hi हूँ पर मेरे खुद के बाप ने मुझे मजबूर कर दिया है . आज तक मैंने तुम्हे गलत आदेश भी दिए पर राजा त्रिभुवन सिंह को भी पता था और उनको तुम्हने अंजाम दिया की नहीं ?"
आगे बढ़कर महामंत्री के कंधे पे हाथ रख उसके कान में बोलै ," दीवारों के भी कान होते हैं ".
महामंत्री ने अपने साथ सैनिक को बहार भेजा और खुद राजा जबर सिंह के साथ दुसरे कमरे में चला गया तब राजा जबर सिंह बोलै ," यह तू भी जानता की में अपने बाप के समय कुछ भी नहीं ...... यह दिव्या तलवार , खज़ाना क्या तू ने देखा है या मैंने फिर तू बोल मैंने कब आर्यन का विरोध किया सिर्फ िश लिए की वह दूसरी कासते का है बस रघुभार सिंह के जिन्दा रहते यह हो जाये ऐसा कभी हुआ नहीं ..... याद कर मेरे िश बाप ने कितनी औरशन के मर्द मार के अपने बिस्तर पे सुलाई हैं अपने टाइम पे और तू भी तोह चौदर्य है राजस्थान का तू ने भी बड़े भाई देखा hi होगा ..... मुझे देख मैंने बिस्टेर पे ुष औरत को लाया जोह कीमत लेती हो और यह जोह मेरा बाप है अभी ध्यान में गेरुआ विस्तार में बैठा है सबसे पहले आर्यन जोह राजकुमारी दीप्ति का होने वाला घरवाले है उसके घर की औरत को नंगा करेगा फिर तैने उसका साथ दिया तोह राजकुमारी के साथ तेरे घर की औरशन का देख लियो आखिर तू किसके साथ है ?"
महामंत्री गुस्से से तमतमता हुआ राजा रघुभार सिंह के रूम में घुस उसकी तरफ तलवार लेकर आगे बढ़ा तोह जबर सिंह ने अपनी सीधे हाथ में चिप्पी एक मोठे सोये जैसी छोटी सी कुर्ची से उसकी गर्दन पिरो दी और खून रिसने लगा . महामंत्री दर्द से तड़पता दम लेने के लिए जमीन पे पड़ा झटपटा रहा था .
जबर सिंह अपने बाप की आंखें खुली देख के बोलै ," पिताजी यह नमक हराम आप को मारने वाला था ".
राजा रघुभार सिंह ने बगैर कोई बात बोले ज़मीन पे महामंत्री के तड़पते सरीर की तरफ हाथ बढ़ा के कुछ आँख बंद करके बोलै और उसके hi जैसा महामंत्री उसके सरीर से निकल के जीवट बहरूपिया खड़ा हो गया पर जबर सिंह की यह सब देख के पहात गयी थी .
एक महामंत्री जमीन पे खून से लथपथ और दूसरा उसके सामने जीवट पर अगले hi पल ुष बहरूपिया महामंत्री ने अपना मोह खोल आग बरसता हुए ुष असली महामंत्री की बॉडी जला के राख कर डाली कुछ hi सेकंड में .
रघुभार सिंह ," तुझे भी ऐसे hi मरना हो तोह यहीं खड़ा मत रह और मेरे साथ चल नालायक तेरे से कोई काम नहीं हो सकता ".
फिर ुष बहरूपिया महामंत्री को बोलै," आर्यन के परिवार के जाने के बाद राजमहल पे अपना कब्ज़ा रखना बगैर किसी को पता चले , राज परिवार के किसी भी सदाश को नुक्सान मत पहुंचा देना ".
वह भी सर झुका के बोलै ," जैसे मालिक की इच्छा "....... और वहां से गायब हो गया .
जबर सिंह अपने बाप के पीछे चलता हुआ सोच रहा था की में कमीना हूँ या मेरा बाप मुझसे भी ज्यादा ..... पर रघुभार की आवाज मास्टिक में सुनकर "में कमीनेपन तेरा बाप हूँ पर उसूल का पक्का हूँ "..... झटका hi खा गया लेकिन अगले पल अपने बाप के साथ समशान घाट में पाकर घबरा गया.
राजा रघुभार सिंह ने आँख बांध करके जबर सिंह का हाथ पकड़ के उसको वहां से गायब कर यहाँ समशान में ले आया था.
अगले hi पल रघुभार सिंह ने अपने कमंडल से जल निकाल अपने हाथ से सब तरफ फेंका और एक साथ 700 से ज्यादा पुराने सैनिक जोह कितनो सालों से यहाँ दफ़न थे सब जिन्दा होकर कबर पहाड़ के सामने आ गए ...... सबका डरवाना रूप देखकर जबर सिंह डर कर लगभग अपने कच्चे में लगभग मूट hi दिया था ...... उसके सामने सारे नरकंकाल का रूप धारण किये अपने अस्तर लिए खड़े थे .
राजा रघुभार सिंह ," तुमको िश जीवन से मोक्ष दिला दूंगा अगर मेरे कार्य में सफल हो गया ...... सही टाइम पे तुमको याद करके बुला लूंगा अब तुम जा सकते हो "....... सारे गायब हो गए और राजा रघुभार सिंह फिर से राजा जबर सिंह को अपने साथ उसके hi ख़ुफ़िया आड़े पे ले आया .
जबर सिंह अभी भी थार थार कांप रहा था पर रघुभार ने उसको सामने चेयर पे बैठने को कहा .
रघुभार सिंह ने सांत लहजे में कहा ," जबर तू मेरा इकलौता पुत्र है पर तुझमे राजा होने का एक भी गुण नहीं था पर अपनी चालाकी से तूने काफी अच्छे से सब संभाला पर तू और त्रिभुवन ने आर्यन के मिलने के बाद बहोत गलतियां की . यह स्वयंवर नहीं रखना था दीप्ति का आर्यन से रिश्ता कर उसको दिव्या तलवार और खज़ाना ढून्ढ ने में मदद करते तोह आर्यन, दीप्ति को दोनों दे देता और उससे तुम्हे मिल जाते और तुमसे हमारे खानदान को . तुम क्या समझते हो तुम ुष तलवार को धारण कर सकते हो कदापि नहीं मगर हमने अपने को उसको काबिल कितनी घनघोर तपस्या के बाद बनाया है . आर्यन की जिस सगी मम्मी सारू और भें अनीता पे तुम्हारी बुरी नज़र है और ुष त्रिभुवन की भी थी ....... गलती से भी नज़दीक मत चले जाना उसके परिवार की किसी औरत के पास ...... वह आर्यन से भी ज्यादा शक्तिशाली हैं और उनके hi कारन आर्यन बहोत ताकतवर है . वह अणि िश दुनिया की नहीं पुराणी दुनिया की शक्ति रखती है एक सेक् में पूरा धरती लोक उजाड़ देगी ".
आज सायद जबर सिंह का सबसे बुरा दिन था और एक के बाद एक सदमे मिल रहे थे और बेइज्जती अलग हो रही थी , थोड़ी डिअर चुप रहकर जबर सिंह कुछ सोच के बोलै ," आप कह रहो की आर्यन दिव्या तलवार ले आएगा और हम उसको हासिल कैसे करेंगे जब उसकी माँ और भें इतनी शक्तिशाली हैं फिर तोह हमको कुछ नहीं मिलेगा ".
राजा रघुभार सिंह पहली बार अपने बेटे की नादानी पे मुस्करा के बोले ," कुछ पत्ते छिपे hi रहने दो , समय आने पे पता चल जायेगा ...... राजमहल में जैसे रतिदेवी ने त्रिभुवन से कहा उनको कुछ नहीं चाहिए बस दीप्ति को विवाह करके ले जाएंगे . एक बात तोह साफ़ है रति को कोई लालच नहीं और ना hi आर्यन के परिवार में किसी को , वह यहाँ दिव्या तलवार और खज़ाना के लिए नहीं दीप्ति के लिए आएं हैं और वही आर्यन भी कर रहा है दीप्ति की जान बचा रहा है पर तुम दोनों सब गुड़ गोबर कर दिया ".
राजा जबर सिंह ," पिताजी वह दूसरी ब्रिडारी का था और हम भी आपकी तरह ऐसे कैसे मान जाते हम ने सोचा अपने अहसान के निच्चे दबा के उससे दिव्या तलवार और खज़ाना लेकर उसको रस्ते से हटा देते या दीप्ति से शादी करा देते अगर कोई चारा न बचता ".
रघुभार सिंह ," तू नीरा hi बेवकूफ है में बहुडरौं की कदर करता हूँ और आर्यन जैसा शूरवीर योद्धा हो तोह एक क्या अपनी 3-4 बेटी उससे बाह्य दूँ ..... वह ताकतवर है , दिमाग़ का धनि है और पैसा रुतबा तोह यहाँ के किसी भी राजा से काम नहीं है उसके पास ........ आज वहां 25000 की भीड़ में ऐसी कोनसी औरत होगी जवान से लेकर भुद्धि तक जोह ुष्पर फ़िदा न हो गयी होगी बता है कोई जवाब और दूसरा दीप्ति कोई साधारण लड़की नहीं है वह दिव्या कन्या है उसको चुना तोह दूर उसके पास कोई नहीं फाटक सकता और आर्यन उसको अपनी गॉड में बिठा के पूरा स्टेडियम घुमा रहा था स्वयंवर जीत के ....... सच्ची पतिव्रता धरम वाली लड़की को हराना मुश्किल नहीं नामुकिन है फिर उसके पति को दुश्मन नहीं दोस्त बना लेना चाहिए पर तू नहीं समझेगा ...... खैर तू वही कर यानी कुछ मत कर सब धूर्त जोह होगी तेरे नाम पे होगी और गाली भी खाने को मिलेगी खा लेना . आर्यन के परिवार की किसी भी औरत पे निगाह मत डालना जिन्दा रहेगा. दिव्या तलवार और खज़ाना राजपूताना में hi रहेगा बस आर्यन को जीत के आने दो ".
राजा जबर सिंह ," पर पिताजी वह राजपूत नहीं है ....... "
रघुभार सिंह ने उसको बिच में टोक के कहा," मालूम है पर स्वयंवर जीतने के बड़ा अब वह तेरा मालिक भी है यह तू ने hi बांया है , बस में चाहता हूँ तू मेरे खानदान का वंश आगे बढ़ा पर वह भी तुझसे नहीं हुआ ...... जा राजमहल तुझे सब पूछ रहे हैं . में अपने ध्यान ख़तम करके आता हूँ और हाँ आर्यन की फॅमिली रात का भोजन करके वापस जा रही है ".
________________
बिना ने 2 प्लेन रात 10 बजे आर्यन के कहने पे त्यार रखे थे उसकी फॅमिली को वापस दिल्ली ले जाने के लिए जिसको सबको इनफार्मेशन देदी गयी थी ..... राजा त्रिभुवन सिंह के परिवार ने उनको रुकने का बोलै पर डॉ अंजू और ठकुरियन रूपा ( रति की जगह ) ने बड़ी वीरनामाता से कहा की अगली बार अपनी बहु दीप्ति को विवाह करके hi ले जाएंगे पर आप भी हमारी हवेली आएं और दीप्ति को आर्यन से मिलने के लिए न रोके वह वहां जरूर आणि चाहिए . आर्यन और गीता तोह रुक hi रहे हैं .
राजा त्रिभुवन ने कहा ," डॉ मैडम हम सब आपके परिवार का अहसान कभी नहीं भूल सकते पर राजकुमारी दीप्ति हमेशा आर्यन के परिवार की अमानत हमारे साथ है जब पहले भी दिल करे विवाह का बता देना , वैसे अब गीता बेटी मेरी बड़ी बेटी की तरह है ".
राजा त्रिभुवन सिंह ने हाथ जोड़कर कहा ," मेरा सबकुछ अब कुंवरजी ( आर्यन ) और बेटी दीप्ति का hi तोह है क्यों छोटी माँ ?"
रानी मिरदुला ," हम बेटी वाले हैं, आप सब के आगे हम नतमस्तक hi रहेंगे डॉ अंजू मैडम ".
डॉ अंजू ," रानी जी ऐसा मत बोलिये हमने आपसे बड़ा दिल किसी का नहीं देखा फिर आप भूल रहो हो जिसने इतना कोहराम मचा दिया था, गीता को और उसकी छोटी भें hi है दीप्ति तोह अपनी भें का हक़ वह खुद ले लेगी आपसे ..... बस आप मेरी दोनों बेटियों का ध्यान रखना ".
बातों के साथ 9 बजे साही रात्रि भोज शुरू हुआ सब उपस्थित थे सिर्फ आर्यन सारू और रति ( सू रही थी नींद की गोली खाकर ).......
आर्यन और सारू के लिए पुछा गया तोह मीणा ने कहा ," दोनों शिव भकत हैं तोह प्राचीन मंदिर में दर्शन करके आ रहे हैं बस आधे घंटे में ".
_________________
उधर सारू के कक्ष में आर्यन ने सारू की ुनचुइ गांड की सिलाई उदेढ़ hi डाली थी जब आधा टोपा कुटिया पोज़ में सारू की गांड फाड़ने वाला था ..... "मम्मी!!!! डैडी!!!! ........"
अभी आवाज गेट के बहार hi थी पर दोनों झट से अलग हो कपडे ढून्ढ ने लगये .....
आर्यन ने सारू का बाल पे लपेटा हुआ निचे गिरा टॉवल उठा लिया और सारू ने बिस्तर की चादर लपेट ली और महिमा बगैर दूर खोले रूम के अंदर दूर को पार करती एंटर हुयी जबकि सारू की शील्ड तोह दूर से पहले hi पार कर गयी थी .....
चादर अपने बदन पे लपेट सारू उसको देख कालीन पे बेथ दोनों हाथ अपनी छोटी बच्ची माहि के लिए फैला दी पर उसके पास पहोचने से पहले आर्यन ने उसको हवा में उठा लिया तोह जोरसे बोली," डैडी hi hi hi hi ..... डैडी ...... ".
आर्यन ने सारू को इशारा भर सा करा दिया और महिमा अपने डैडी के गाल पे किसी करने लगी और आर्यन भी अपनी बेटी को प्यार करके खेलने लगा ...... जोह शील्ड कोई नहीं तोड़ सका वह महिमा ने भेद भी दी और अंदर आ गयी अपने को रेडी करते हुए सारू ने जब बड़े गुरूजी से पुछा ," गलती तुम्हारी है बड़ा माहि और छोटे माहि को दिल से अलग करके सोचे दोनों एक जैसे हैं तुम्हारे लिए और तुम्हारा अपना तोह अंदर आ सकता है जैसे बेटे जैसा घोडा अर्जुन आया था , तुम्हारी आज बेटी जैसी महिमा फिर एक और आ सकता है जोह तुम्हारे दिल में hi रहा है तब तुमको पता चलेगा ".
सारू डरते हुए ," राज नहीं आना चाहिए कभी ऐसे सामने गुरूजी , में जान दे दूंगी ".
बड़े गुरूजी ," वह नहीं कोई और है जिसको इतना प्यार करती हो ( गीता का नाम सारू के दिमाग़ में कोंढा, तोह बड़े गुरूजी बस मुस्करा दिए ) ...... आर्यन को उसके कर्तव्य पे जाने दो पुत्री वह तुमसे ज्यादा प्यार किसी को नहीं करता पर रिश्ते की वजह से किसी को दिखेगा नहीं पर प्यार तुम्हारा उसके लिए हमेशा पिछले जनम की तरह अमर रहेगा ".
महिमा आर्यन के सीने पे बैठी चिडया ुध खेल रही थी तब सारू ने बाथरूम से कपडे पहनकर आकर उसको अपनी गॉड में लिया और बोली," आजा मम्मी दुधु पिलेंगी ".....
आर्यन बाथरूम में जाकर रेडी हुआ, कहाँ तोह आज सारू की गांड फ़तेह करने वाला था पर बहार आयी मीणा ने सारू का महिमा के लिए प्यार को हथियार की तरह उसे कर उसका शील्ड भेद दिया अणि की सलाह पे .
मीणा हसकर अणि से ," चल अब यहाँ से नहीं तोह मार पड़ेगी और मुझे 2% शेयर चाहिए जीतने के बाद तेरी कंपनी में ".
अणि ने आगे साथ चलते हुए मीणा का गाल चूमा ," मीणा दीदी खुद 5 लाख करोड़ की मालकिन हो पर अपनी गरीब भें को लूटने लगी हो ".
मीणा ," शह्ह्ह्ह ढेरी बोल कोई सुन्न लेगा ...... और मुझे नहीं चाहिए यह पैसा , कंपनी बस मेरा भाई अच्छा रहे खुश रहे ".
अणि कान में ," जिस दिन रति देवी को पता चला की साड़ी दौलत और किंगडम की मालकिन आप हो मार न देगी आपको ".
मीणा हसकर ," हम दोनों भें भाई मर्डर भी जाये या जिन्दा रहे हक़ तोह तेरे पास है पावर ऑफ़ अटॉर्नी का जिस से साड़ी पावर तेरे पास hi आएगी और तू नानी माँ को जलील करने से नहीं चुकेगी ..... याद रखना मेरी बात न मुझे या मेरे भाई को यह सब चाहिए और आर्यन साथ है तोह नानी माँ को भी नहीं कुछ नहीं चाहिए . अणि यहीं तू रति देवी से हारेगी. वह आर्यन के लिए सब कुछ हार सकती है और तू अपने मकसद के लिए आर्यन को भी हार सकती है ". बात मीणा की सच्च hi थी पर कड़वी भी .
दोनों बातें करती निकल गयी गीता से मिलने उसके कक्ष में जहाँ दीप्ति और डॉली , नेहा भी थी .
गीता आज रात 3 बजे अपने खंडन का खज़ाना आर्यन से खुलवाने वाली थी बड़े गुरूजी से सलाह करके ..... इसी खजाने ने गीता की जान को इतने साल खतरे में रखा था पर आज दोनों अपने चाचा मां को भी सज़ा देने का टाइम आ गया था ...... लालच ने 23 साल बाद एक छोटी नवजात बच्ची की जिंदगी आज किस मोड़ पे लाकर कड़ी कर दी थी .
हार्ट हार्ट हार्ट