Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

hotaks

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Hello एवरीवन. आफ्टर ा लॉन्ग गैप एंड कंटीन्यूअस रिक्वेस्ट फ्रॉम सम रीडर्स, ी ऍम रेस्टॉर्टिंग थिस स्टोरी. प्लीज नोट तहत अस हॉन्टेड एअरलिएर, ी हैवे मेड सम चंगेस तो थे स्टोरी, इन्क्लूडिंग रेम्योविंग ओने करैक्टर व्हिच मई नॉट बे लिकेड बी सम रीडर्स, बूत ी वोउल्ड सुग्गेस्ट थम तो प्लीज लुक ात थे ओवरआल क्वालिटी ऑफ़ थे स्टोरी एंड नॉट बे बोथेरेद अबाउट ओने करैक्टर व्हिच आफ्टर थिंकिंग थ्रू वेयर ी वांटेड तो टेक थे स्टोरी, वास् नॉट फिटिंग ईंटो थे स्टोरी.

अपार्ट फ्रॉम रेम्योविंग ओने करैक्टर, ी हैवे आल्सो रिफाइंड थे स्टोरी इन टर्म्स ऑफ़ लैंग्वेज एंड पुनस्चेशंस. ी फुल्ली बिलीव तहत थी माइनर चंगेस वोउल्ड मेक थे स्टोरी बेटर थान थे इनिशियल वर्शन एंड होप तहत रीडर्स वोउल्ड लव थे स्टोरी लिखे ऑलवेज. अस तेरे अरे माइनर चंगेस तो थे स्टोरी एंड आल्सो थे इतर थ्रेड वास् स्टार्टेड बी समवन ेल्स, ी हैवे क्रिएटेड थिस थ्रेड सेपरटेली फॉर ा फ्रेश स्टार्ट.

रीडर्स ोपीनियंस एंड फ़ीडबैक्स अरे लिखे फ्यूल व्हिच वर्क अस मोटिवेशन फॉर ामतीउर वरिटेरस लिखे में तो हेल्प उस कीप गोइंग. सो ी होप तहत रीडर्स दो थेइर part अस वेल. अस प्रॉमिस्ड, ी वोउल्ड डेफिनिटेली कम्पलीट थिस स्टोरी, बूत व्हेदर आईटी विल बे ों थिस साइट डिपेंडस ों थे काइंड ऑफ़ रिस्पांस थे स्टोरी गेट्स.

थैंक्स ा लोट तो थे लॉयल रीडर्स हु हैवे शौन ा लोट ऑफ़ पेशेंस एंड केपट थेइर लव फॉर थे स्टोरी एंड थे सेंट्रल करैक्टर अलाइव. अपार्ट फ्रॉम शेविंग लव, आल्सो शेयर व्हाटएवर केस तो योर मंद अबाउट थे सेंट्रल करैक्टर, व्हाटएवर यू फॅन्टसीज़े अबाउट हेर एंड हाउ यू वोउल्ड रियेक्ट तो हेर िफ़ यू कनेव हेर. That's थे व्होले पर्पस ऑफ़ थे स्टोरी, तो हेल्प थे रीडर्स एन्जॉय एंड आईटी वोउल्ड बे ग्रेट िफ़ रीडर्स शेयर थेइर थॉट्स तो हेल्प में क्नोव व्हेदर और नॉट ी हैवे सक्सीडेड इन दोंग आईटी. थैंक्स!!
 
अपडेट 1

"राज यह ब्लाउज का हुक लगा do'',Anita अपनी गोरी पीठ अपने पति राज के तरफ करते हुए बोली.

राज यह सुनकर अपनी खूबसूरत और जवान बीवी के gore,mulayam और चीकने पीठ की तरफ देखा. उसकी पीठ अभी लगभग पूरी नंगी थी. बस एक ब्रा की पारदर्शी स्ट्राप लगी हुई थी. राज अपने हाथों से उसके ब्लाउज का छोटा सा स्ट्राप पाकर कर उसका हुक लगा दिया.

अनीता की पीठ लगभग पूरी नंगी थी उस ब्लाउज में. ब्लाउज की स्ट्राप केवल दो इंच चौड़ी थी जिसका काम ब्लाउज को अनीता के जवान शरीर पर बंधे रखना tha,na की उसके चीकने गोर पीठ को ढँक कर रखना.

राज अपनी प्यारी पत्नी को साड़ी लपेट ते हुए देखकर उसकी चिकने पीठ पर हाथ फेरते हुए bola,''Jaan हम एक छोटे शहर में हैं अभी. मेरे हिसाब से तुम्हे थोड़े कन्सेर्वटिवे ड्रेस पहनने चाहिए. नार्मल ब्लौसेस सही होगा सरीयों पर''.

अनीता अपनी साड़ी की एक छोर को अपने पेटीकोट में डालकर अपने पति की तरफ देखि और मुस्कुराती हुयी boli,''What दो यू मैं बी कन्सेर्वटिवे ब्लौसेस? इसमें क्या बुराई है? तुम्हे पता है न मुझे साड़ी पेहेनना कितना पसंद है और मॉडर्न ब्लौसेस के बिना साड़ी पेहेन्ने में मुझे बेकार लगता है. ी फील वैरी कम्फर्टेबले वेअरिंग थी टाइप ऑफ़ ब्लौसेस. पता नहीं तुम ऐसी बातें क्यों कर रहे हो".

अनीता अपनी बात बोलकर आईने में देखकर अपनी आँचल को अर्रंगे करके साड़ी को ब्लाउज के कंधे पर पिन करने लगी.

रह जो खुद मॉडर्न ख्याल का था और अपनी पत्नी के पहनावे या किसी भी चीज़ के लिए कभी टोकता नहीं था उसे खुद यक़ीन नहीं हो रहा था की वह यह बात क्यों उठाया.

वह बात को सँभालते bola,"kuchh बुराई नहीं है जान. तुम बहोत अच्छी लगती हो साड़ी में और खासकर ऐसे ब्लौसेस में. मैंने शादी के बाद कभी भी तुम्हे इस बारे में कुछ नहीं कहा, मगर हम अभी कोई बड़े शहर में नहीं है, यह एक छोटा शहर है और यहाँ के लोग...''

अनीता साड़ी को पिन करके दाए बाए कड़ी होकर आईने में खुद को देखकर boli,"Kaisi लग रही हूँ?"

राज मुस्कुराते हुए bola,"Waisi जैसी हो, बहोत खूबसूरत".

अनीता उसको देखकर नाराज़गी से boli,"Bas खूबसूरत?".

राज मुस्कुराते हुए bola,"Aur सेक्सी".

यह सुनकर अनीता नाराज़गी से boli,"Ab बोलकर कोई फायदा नहीं. चांस मिस कर गए तुम" और यह बोलकर वह खिलखिलाने lagi,"hehehe".

राज भी यह सुनकर मुस्कुराने लगा. अपनी पत्नी को हँसते हुए देख उसे अच्छा लग रहा था. वह जितनी खूबसूरत और पढ़ी लिखी थी, उतनी hi समझदार और प्यारी थी. लोगो के सोच या उनकी बातों से उसे फ़र्क़ नहीं पड़ता था. बस उसे ज़िन्दगी अपनी मर्ज़ी से ख़ुशी से जीना अच्छा लगता था.

अनीता मॉडर्न ख्याल की थी और ऐसे में उसका पहनावा भी वैसा hi था. उसको न सिर्फ छोटे ब्लाउज पेहेनना पसंद था, बल्कि वो साड़ी भी अपने नाभि के नीचे बांधती थी, घर पर तो नाभि के थोड़ा नीचे बांधती थी मगर जब दिल्ली में अपने पति राज के साथ कभी घूमने जाती थी तो साड़ी को और नीचे बांधती थी. वह भले hi हर तरह से मॉडर्न थी मगर अपनी संस्कार नहीं भूली थी और सबसे बहोत अच्छे se,pyaar एयर इज़्ज़त से बात करती थी और उसे अमीरी ग़रीबी से फ़र्क़ नहीं पड़ता था.

राज यह सब गुणों के कारण अपनी पत्नी से बहोत प्यार करता था और खुद को बहोत लकी मानता था की उसे ऐसी बीवी मिली थी जो न की बहोत खूबसूरत और मॉडर्न ख्याल की थी मगर साथ hi अच्छे संस्कार भी थे उसमे. एहि सब के कारण वह उसे कभी किसी चीज़ के लिए रोक टोक नहीं करता था, खासकर पहनावे को लेकर.

अनीता अपने पति को देखकर मुस्कुराती हुई boli,''Kuchh नहीं होगा जान. चिंता मत karo,logo से क्या लेना देना हमें. हम उनके कारण अपना लाइफस्टाइल क्यों बदले?''

राज को यह सुनकर लगा की वह शायद बेवजह hi वह बात बोल दिया. हालाँकि उसे चिंता था की कहीं यह छोटे शहर के लोग उसे छेड़े नहीं. यहाँ पर उसके बीवी जैसी मॉडल की तरह औरत देखना शायद hi यहाँ के मर्दों को नसीब होता होगा ऐसे में उसे देखकर खासकर ऐसे मॉडर्न बदन दिखाऊ कपडे में शायद बदतमीज़ी करे और अनीता को शायद परेशानी हो.

मगर उसे अपनी बीवी का बात सुनकर फिर से ध्यान आया की वह तो पढ़ी लिखी मॉडर्न औरत है हुए उसे अपना ख्याल रखना आता है. वह बेवजह का hi पुराने ख्याल वाला आदमी के तरह बात कर रहा है. उसकी बीवी को जो अच्छा लगे, जिसमे वह कम्फर्टेबले फील करे उसे वह पेहेन्ने का हक़ है.

राज अपनी बीवी का बात सुनकर मुस्कुराते हुए जवाब diya,''theek है जान जैसे रहना है raho.Bas कुछ महीने या एक साल की बात hai,uske बाद कंपनी मुझे वापस किसी शहर में ट्रांसफर कर देगा. तुम्हे अपना लाइफस्टाइल चेंज करने की ज़रुरत नहीं''.

राज यह बोलकर अनीता की बड़ी गांड की तरफ dekha,jo की टाइट साड़ी में कैद होने के बावजूद भी अपना जलवा दिखा रहा था. राज को अनीता का कर्तव्य फिगर बेहद पसंद था. वह 5'6'' की थी और उस हाइट में बड़ा गांड होने पर औरत का फिगर और भी मादक हो जाता है और अनीता वैसी hi लगती थी.

अनीता की बदन कर्तव्य थी, न की मोटा. उसकी गांड और चुकी बड़े थे और कमर पतला और पेट सपाट.

राज यह देखने के बाद ड्रेसिंग टेबल पर जाकर अपने बाल को सवार और फिर अपनी बीवी की तरफ देखते हुए kaha,''achha जान चलता hoon,tum मैनेज कर लोगी to?tumhe मार्किट जाने में कोई परेशानी नहीं होगी na?naya जगह है....''

इससे पहले राज अपना बात पूरा करता उसकी बीवी अनीता बीच में टोकती हुई boli,''Haan मैनेज कर लुंगी. नया जगह है तो क्या हुआ? मैं पढ़ी लिखी हूँ और कहाँ क्या करना है मुझे पता है. तुम बेवजह का चिंता कर रहे हो"

राज यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपनी बीवी को देखा जो की अब साड़ी पेहेन चुकी थी और फिर अपना ऑफिस बैग उठाकर bola,"Jaan क्या करू. तुम कभी ऐसे छोटे शहर में रही नहीं हो. और सब कुछ अकेला करना पड़ेगा तुमको. इसलिए थोड़ा चिंता था. मैं नहीं चाहता की तुम्हे किसी चीज़ की परेशानी हो. मगर तुम कम्फर्टेबले हो तो I'm फाइन".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"I ऍम वैरी मच कम्फर्टेबले. अरे यू? ".

राज यह सुनकर मुस्कुराते हुए बोलै," ओफ़्कौर्से डार्लिंग" और यह बोलकर वह बैडरूम से बाहर आने लगा तो अनीता उसके साथ बाहर लिविंग रूम में आयी और फिर गेट तक जाकर अपने पति को एक चुम्बन देकर उसे ऑफिस के लिए रवाना करके गेट बांध कर दी.

राज सिंह 30 साल का था और एक बड़े कंपनी में सिविल इंजीनियर के तौर पर काम करता tha.Uski कंपनी ने उसे फ्लाईओवर के प्रोजेक्ट के लिए इस उत्तर प्रदेश के छोटे शहर में बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर भेजा था. उसके कंपनी ने उसे यहाँ रहने के लिए एक मकान दिया था जिसमे दो bedroom,store room,guest रूम और छत पर एक और छोटा सा कमरा था.

वो मकान चारो तरफ से दीवार से घिरा हुआ था. मकान के फ्रोंटयार्ड के बीच में एक पतला रोड था कार पार्किंग के लिए जो की फ्रोंटयार्ड के गेट से होते हुए बाहरी रोड से मिल जाता था.

उस पतले रोड के दोनों तरफ फ्रोंटयार्ड में घास और और दीवार से सटे हुए कुछ फूल के पौधे थे.

माकन के सामने बायीं तरफ उसी से अटैच्ड एक कमरा था जो की गेस्ट रूम के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता था. बाकी जगह एक वरण्डः के तरह बना हुआ था. उसी वरण्डः के बीच माकन का गेट था जो की लिविंग रूम में ले जाता था.

लिविंग रूम के दायी तरफ किचन था और किचन के खिड़की के सामने वाली बाहरी बाउंड्री के दीवार से सत्ता हुआ एक आम का पेड़ था. मकान के बायीं तरफ सीढिया थी जो छत पर ले जाती थी. लिविंग रूम के पीछे दो बैडरूम थे और दोनों में अटैच्ड बाथरूम थे.

सीढ़ियों के बगल में एक स्टोर रूम thi.store रूम और एक बैडरूम के बीच में एक पतला सा गैलरी थी जो की बैकयार्ड में ले जाती थी. उस बैकयार्ड में एक बाथरूम थी जो की मेहमानो के लिए बनाया गया था और बाकी जगह phool,ghaas और दो छोटे छोटे पेड़ थे. कुल मिलकर देखा जाए तो एक कपल के लिए काफी आराम दायक जगह थी. आराम के साथ साथ बहोत hi शांत जगह था क्यूंकि आस पास कोई और मकान नहीं था, बस पेड़ पौधे hi थे.

अनीता सिंह एक 27 साल की 5'6'' की बहोत hi खूबसूरत औरत थी और उसकी राज से शादी दो साल पहले हुयी thi.Usne एक प्राइवेट कॉलेज से ब किया tha.Anita एक उप्पेर मिडिल क्लास की फॅमिली से थी और अपने माँ बाप की एकलौती औलाद थी. एकलौती औलाद होने के कारण उसे बहोत लाड प्यार से पाला गया था और कभी भी किसी चीज़ के लिए रोक टोक नहीं किया गया और उसके खुले विचारो के पीछे एहि कारण था.

कॉलेज में भी वो किसी कार्यक्रम के मौके पर ऐसे hi छोटे ब्लाउज और साड़ी नहीं तो डीप बैक कमीज पेहेन कर जाती थी मगर उसके पहनावे को लेकर उसके माँ बाप ने कभी कुछ नहीं कहा.

भले hi पहनावे और घूमने फिरने में वो बोल्ड थी मगर वह कभी बॉयफ्रेंड नहीं बनायीं और माँ बाप की पसंद पर अरेंज्ड मैरिज की.

राज और उसके पापा का कपड़ो का बिज़नेस था और इसी जरिये उनकी जान पहचान थी और यह जान पहचान रिश्ते में बदल गयी.
 
अपडेट 2

अपने पति राज के जाने के बाद अनीता अपने बैडरूम में जाकर हल्का मेक उप की और फिर अपना बैग lekar,ghar के गेट और फ्रोंटयार्ड के मैं गेट को लॉक करके राज के बताये हुए रास्ते पर चल पड़ी.

राज और उसे इस शहर में आये 4 दिन हुए the,aur क्यूंकि कंपनी ने उन्हें सब कुछ सेटल करके दिया था इसलिए उन्हें अपने कपड़ो और कुछ ज़रुरत के सामान के अलावा और कुछ लाने की ज़रुरत नहीं पड़ी थी. पहला दिन आते वक़्त उन दोनों ने 3-4 दिन की सब्जी वगैरह ले लिया था मगर अब वो ख़तम हो गयी थी तो अनीता को मार्किट जाने की ज़रुरत पर गयी.

राज सुबह 10 बजे जाता था तो रात को 8 बजे hi आता था और इसलिए उन्होंने तय किया था की राज सिर्फ अपने काम पर ध्यान देगा और घर की साड़ी ज़िम्मेदारी अनीता sambhaalegi,jaisa वो दिल्ली में करती थी.

उनका मकान थोड़ा हैट कर था इसलिए आस पास लोग नहीं the.Raj ने अनीता को कहा था की उसे 5 मिनट पैदल चलकर ऑटो स्टैंड जाना होगा जहां से उसे मार्किट के लिए ऑटो milegi.Anita कंधे पर बैग लटकाये हुए गांड मटकती हुयी चली जा रही थी और 5 मिनट में ऑटो स्टैंड पहुँच गयी

अनीता ने वहाँ कुछ ऑटो देखे और फिर एक ड्राइवर से poochha,''bhaiya मार्किट कौन सी ऑटो जाएगी?''

उस ऑटो ड्राइवर ने अनीता को सर से पांव तक देखा और उसके आँख उसके पेट पर कुछ देर के लिए रुक gaye.Anita उसे ऐसे घूरते हुए देखकर भी नार्मल थी और उसके जवाब का इंतज़ार कर रही थी.

वह जानती थी की उसकी साड़ी नाभि के दो इंच नीचे बंधी है और उसका पेट उसके ब्लाउज से साड़ी तक नंगे the,jo की कुल मिलकर 9-10 इंच नंगे थे और वो ड्राइवर वही देख रहा है मगर फिर भी वह उनकंफर्टबले फील नहीं की और चुप चाप उस ड्राइवर के जवाब का इंतज़ार कर रही थी.

अनीता के सामने ऐसे हालत दिल्ली में भी कभी कभी आ जाती थी मगर वो नार्मल रहती thi,use इसमें कोई बुराई नहीं लगती थी. यहां तक की वो उस बारे में ज़्यादातर वक़्त सोचती भी नहीं थी क्यूंकि उसे पता था की वह खूबसूरत है और ऐसे में मर्द उसे देखेंगे hi, यह तो नेचुरल बात है. इसलिए वो यहां भी नार्मल थी और साड़ी से अपना पेट और नाभि ढंकने की कोशिश नहीं की.

अनीता ने जब देखा की ड्राइवर का ध्यान उसकी बात पर नहीं बल्कि उसकी gori,nangi और चमकती हुयी पेट और कमर पर है तो उसने उससे दुबारा पूछने का सोचा.

ड्राइवर का यूं उसे देखने पर भी अनीता को ज़रा भी शर्म नहीं आ रही thi,balki अनीता ने उसके तरफ देखते हुए फिर से poochha,''Bhaiya मैंने पूछा की मार्किट कौन सी ऑटो जाएगी''.

वह ड्राइवर तुरंत होश में आया और अनीता की तरफ देखा जो की खुद ड्राइवर की आँखों में देख रही thi.Anita अपनी बालो के एक हिस्से को कानो को पीछे करते हुए उसके जवाब का इंतज़ार कर रही थी मगर इससे पहले वो कुछ bolta,Anita को अपने पीछे से एक आवाज़ सुनाई diya,''memsahab मेरी ऑटो jayegi,meri बारी है अभी''.

अनीता ने पीछे घूम कर देखा तो एक 22-23 साल का लड़का उसे दिखाई दिया. वह थोड़ा काला और आम हिंदुस्तानी जैसा बदन का था. हाइट लगभग 5'5'' इंच और न hi हत्ता कत्था था और न hi patla,bas किसी आम हिंदुस्तानी की तरह था. अनीता उससे एक इंच लम्बी थी और साथ hi 2 इंच की हील पेहेन राखी थी तो वह उससे 3 इंच लम्बी लग रही थी.

अनीता ने उसे देखा तो उस लड़के का थोड़ा दिल धड़क गया और वह अपना थूक घोंट गया. उसने ज़िन्दगी में इतनी खूबसूरत औरत सामने से कभी नहीं देखा था. उसे ऐसा लग रहा था जैसे वह कोई मॉडल या एक्ट्रेस को देख रहा है.

उसे अनीता की ख़ूबसूरती का अंदाजा पीछे से hi हो गया था जब वह उसकी गोरी चिकनी अधनंगी पीठ को धुप में चमकते हुए पीछे स्व देखा था मगर जब वह घूमी तो उसका चेहरा देखकर उसका दिल धड़क गया. अनीता का सिर्फ बदन hi नहीं बल्कि उसका चेहरा भी बहोत खूबसूरत था और इसलिए उस लड़के का दिल उसका चेहरा देख कर धड़क गया.

पहला ड्राइवर भी अनीता को देखे hi जा रहा था. अनीता उस लड़के का बात सुनकर बिना कुछ बोले उसके ऑटो के तरफ चल di.Auto में बैठने से पहले उसे कुछ ख्याल आया और वह घूम कर उस पहले वाले ऑटो ड्राइवर जिससे उसने ऑटो के बारे में पूछा था, की तरफ देखा और उसे अपने तरफ देखते हुए पाया.

अनीता जानती थी की वो क्या देख रहा था मगर बिना शर्मिंदा हुए वो उसकी तरफ देखकर वापस ऑटो में बैठ gayee.Kuchh देर बाद उस ऑटो में अनीता के बगल में दो औरत और बैठ गयी जिसके साथ बातें करते हुए अनीता मार्किट पहुँच गयी.

अनीता से पैसा लेते वक़्त उस ड्राइवर ने kaha,''memsaahab आप यहाँ नयी लगती है. यहां कुछ ऑटो ड्राइवर हैं जो नए लोगो को लूटते हैं और बाकियों को बदनाम करते हैं. आप जहाँ से बैठी है वहां से यहां मार्किट तक 10 रुपये भाड़ा hai,isse ज़्यादा कभी किसी को मत दीजियेगा और हाँ यह मार्किट का ऑटो स्टैंड है यहीं से आपको वापस जाने का ऑटो मिल जायेगा''.

अनीता को यह सुन्न कर बहोत ख़ुशी हुयी और वह मुस्कुराती हुयी उससे boli,''So स्वीट ऑफ़ you,Thank यू''.

ऑटो ड्राइवर मुस्कुराकर अपना पैसा लिया और स्टैंड पर लाइन में ऑटो लगा दिया. ऑटो लगाकर जब उसने अनीता के गए हुए रास्ते के तरफ देखा तो उसका गाला सुख गया और दिल धड़कने लगा. उसकी मटकती हुयी गांड और तीन चौथाई नंगी गोरी पीठ देखकर किसी भी आदमी का हालत खराब होना hi था.

उस ड्राइवर ने उसकी जिस्म को तो स्टैंड पर hi देख लिया था मगर उस वक़्त वो उसे एक पैसेंजर की निगाह से देख रहा था और ज़्यादा नहीं सोचा उसके बारे mein.,magar अभी अनीता के चलते वक़्त उसकी मटकती हुयी बड़ी गांड को देखकर वो उसे देखने पर मजबूर हो गया. देखते देखते अनीता मार्किट के अंदर चली गयी तो उस ड्राइवर ने अपना सर हिला कर अपने आप को सँभालने की कोशिश में लग गया. उसे साथ hi थोड़ा शर्मिंदगी महसूस हुआ.
 
अपडेट 3

अनीता मार्किट में घुसते hi भीड़ को देखकर थोड़ा घबरा गयी. सुबह 10-11 बजे का वक़्त था तो मार्किट में भीड़ होना hi tha,magar अनीता ने इतनी भीड़ की उम्मीद नहीं की thi.Bheed थी भी तो दुकानों पर मगर चलने के रास्ते पर इतना जगह थी की लोग आराम से चल फिर सके.

अनीता ने ध्यान दिया की कुछ मर्द उसको घूर रहे है. अनीता यह सब की परवाह किये बिना बाजार में नज़र दौड़ा रही थी की ऐसा करते हुए अनीता की निगाह एक तरफ गयी जहाँ खड़ा एक आदमी बाकियों की तरह उसे देख रहा था.

वह आदमी पान खा रहा था और उसने अनीता को अपने तरफ देखते hi पान को बगल की नाली में थूका और हाथ से अपने होठों को पोछते हुए अनीता की तरफ दुबारा देखा तो पाया की अनीता अभी भी उसके तरफ देख रही थी और यह देखते hi उसके लुंड में एक हलचल हुयी.

उसने बेशर्मो की तरह अनीता की कमर और नाभि को देखते हुए अपना लुंड पंत के ऊपर से hi मसल दिया और साथ hi मुस्कुरा diya.Anita उसे अपना लुंड मसलते हुए देखि और फिर चुप चाप आगे बढ़ gayee,magar इस बार चलते हुए उसकी कमर की लचक बढ़ गयी thi,uske चेहरे पर गुस्से का भाव भी नहीं था

भीड़ और गर्मी के कारण उसके शरीर पर थोड़े थोड़े पसीने भी आ गए थे और उसके गोर शरीर को और भी चमकीला और मादक बना रही थी. ऐसा नहीं था की बहोत hi ज़्यादा गर्मी था मगर अनीता को एक में रहने की आदत थी तो बाहर निकलने से उसे थोड़ा गर्मी लगती थी.

अनीता सब्जी बाजार के अंदर घुसकर इधर उधर देख रही थी की तभी उसकी नज़र एक बूढी औरत पर पड़ा जो उसके तरफ अजीब तरीके से देख रही थी और अनीता से नज़र मिलते hi वह बाजु में थूक दी और कुछ बड़बड़ाने लगी. वह दूर कड़ी थी तो अनीता को समझ नहीं आया की क्या बोल रही है मगर जिस तरीके से वह देख रही थी अनीता को यह अजीब लगा और वह चुप चाप अपनी नज़र दूसरे तरफ करके सब्जी बाजार का फिर से मुआयना करने लगी.

अनीता अपने ससुराल दिल्ली में भी घर में नौकर होने के बावजूद कभी कभी खुद बाजार चली जाती थी क्यूंकि उसे घूमना फिरना, अलग अलग तरह के लोगो को देखना, उनसे मिलना अच्छा लगता था. वह चाहती तो घर में महारानी की तरह रह सकती थी मगर उसे घर में पड़े रहना अच्छा नहीं लगता था.

साथ hi इतनी खूबसूरत और अमीर होने के बावजूद भी उसे ज़रा भी घमंड नहीं था और वह सबसे घुल मिल जाती थी अगर मौक़ा मिले तो. इसलिए उसे उस बूढी औरत को ऐसे उसे देख कर थूकना और घृणा से देखकर बड़बड़ाना थोड़ा अजीब लगा. मगर क्यूंकि उसे लोगो की सोच से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता था तो वह बिना कोई चिंता के बाजार में कोई खाली सब्जी का दूकान खोजने लगी. वह इधर उधर नज़र दौड़ने के बाद एक सब्जी के दुकान पर जा कर अपने बारी का इंतज़ार करने लगी.

वहीँ वह बूढी औरत जो देखने से कोई ग़रीब घर की और पुराने ख्यालात की लग रही थी वह जब अनीता को पहली बार देखि तो अनीता उस वक़्त इधर उधर देख कर खाली सब्जी का दूकान खोज रही थी. उस बाजार में अनीता सबसे अलग दिख रही थी. एक तो वह आम औरतों से लम्बी thi,upar से हील पेहेन कर और लम्बी हो गयी थी. साथ hi जहाँ बाकी औरतें साधारण ग़रीब या लोअर मिडिल क्लास की थी वहीँ अनीता कोई मॉडल या एक्ट्रेस लग रही थी. ऐसे में वह वहां सबसे हट कर और अलग लग रही थी.

वह औरत अनीता को इधर उधर देखते हुए और फिर उसकी ख़ूबसूरती और पहनावे को देखकर खुद से बड़बड़ाने lagi,"Hey भगवान् क्या ज़माना आ गया है. कैसे कपडे पहने है इसने. कपडे बदन ढंकने के लिए होती है और यह तो नाम मात्रा कपडे पहनी है. कितना छोटा ब्लाउज पहनी हुयी है यह, पूरा का पूरा पीठ नंगा है और दोनों छाती के बीच का भी हिस्सा दिख रहा है. कितनी बेशर्म औरत है यह"

वह औरत इतना hi बड़बड़ायी थी की तभी अनीता की नज़र उसके तरफ गयी तो वह औरत उसे देखकर घृणा से थूक दी और आगे बड़बड़ाने lagi,"Besharam रंडी कहीं की. थोड़ा भी शर्म नहीं है इन रंडियों को. अब दिन दहाड़े hi मर्दों को फंसने निकल पड़ी हैं रंडियां. इधर उधर नज़रे घुमा कर कोई मर्द को hi खोज रही है और चेहरे पर तो शराफत ऐसा दिखा रही है जैसे कितनी शरीफ औरत है. अच्छा तरीक़ा है मर्दों को फंसने का, चेहरे पर शराफत दिखाओ. मुझे देखकर तो मुंह घुमा ली रंडी, अगर कोई मर्द होता तो अभी नैन मटक्का करती और चेहरे पर शराफत के जगह बेशर्मी आ जाता. छिनाल कहीं की. भगवन बचाये मर्दों को ऐसी रंडियों से जो अब दिन दहाड़े hi मर्दों को फंसने निकल पड़ी है, वह भी बीच बाजार में. शर्म का तो ज़माना hi नहीं है. ठु".

वह औरत यह बड़बड़ा रही थी तब तक अनीता उसके नज़र से हट गयी थी और वह बड़बड़ाने के बाद थूक कर वहां से चली गयी. अनीता यह सबसे अनजान चुप चाप उस सब्जी वाले के पास कड़ी हो गयी थी.

उस दूकान पर दो लोगो को सब्जी देने के बाद अनीता की बारी आयी और वो सब्जी का भाव मोल करने लगी की तभी उसने अपने पीछे किसी को महसूस की. इससे पहले की वो पीछे देखती उसने अपने चेहरे के बायीं तरफ उस इंसान का चेहरा को पायी.
 
अपडेट 4

वह और कोई नहीं वही आदमी था जो पान खाते हुए अनीता को घूर रहा tha.Anita बाएं तरफ गर्दन घूमा कर उसी को देख रही थी.

उस आदमी ने बिना अनीता के तरफ dekhe,seedha सब्जीवाले को देखकर kaha,''theek ठीक दाम लगाना सब्जी का. मेमसाहब यहाँ नयी लगती है''

वह यह कहने के बाद दये तरफ घूमकर अनीता को देखा. अनीता को अपने आँखों में देखते हुए उसका लुंड में फिर हलचल हो गया. दोनों के चेहरे के बीच में केवल एक फुट का फासला था और अब अनीता उसके मुंह से आ रही गंध से समझ सकती थी की वो पान नहीं बल्कि गुटखा खा रहा था.

सब्जी वाले की आवाज़ सुनकर अनीता घूमकर उसके तरफ dekhi,''Memsaahab आप चिंता न करे मैं सबसे एक hi भाव लेता हूँ''.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर कौन से सब्जियों और कितने चाहिए सब्जीवाले को बोल दी उस दुकान के पास वाले दुकान में तीन महिलाएं थी और वो महिलाएं सब्जियां खुद चुनकर टोकरी में रख रही thi.Anita को खुद सब्जियां चुनना पसंद नहीं था तो उसने सब्जीवाले के ऊपर hi सब छोर दिया.

जब वो सब्जियों के नाम बता रही थी तब वह अपनी कमर पर किसी का हाथ महसूस ki,magar वो बिना घबराये चुप चाप सब्जियों के नाम बताती rahi.Woh अब तक समझ चुकी थी की वो हाथ किसका है. सब्जियों के नाम और मात्रा बताकर वह बाएं घूमकर उस आदमी को देखि जो सब्जी वाले को hi देख रहा था मगर अनीता को अपने तरफ देखते हुए पाकर वो उसकी तरफ घूमकर उसकी आँखों में देखने लगा और मुस्कुरा दिया.

अनीता बिना कोई चेहरे पर भाव लाये वापस सब्जी वाले को सब्जी चुनते और तौलते हुए देखने लगी. वह हाथ को थोड़ा नीचे सरक कर अपने गांड के बाए फांक पर महसूस किया.

वह आदमी फिर bola,"Aur सुन्न, ताज़ा सब्जी उठाना. बासी सूखा मत देना".

अनीता यह सुनकर उसे आदमी के तरफ देखि तो वह भी उसके तरफ देखने लगा की तभी सब्जी वाला bola,"Are चिंता मत करो भाई, इहाँ ताज़ा सब्जी hi मिलता है. रोज़ पूरा सब्जी बिक जाता है हमरा तो बसी सब्जी रहने का तो कोई हिसाब hi नहीं है".

अनीता यह सुनकर सब्जी वाले के तरफ देखती हुयी बात सुनने लगी और सब्जी वाला उस आदमी से बोलने के बाद अनीता की तरफ देखकर bola,"Aap बेफिकर रहिये मेमसाहब. हमरे ऊपर भरोसा किये हैं तो हम अच्छा सब्जी hi चुनकर देंगे आपको".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी की तभी वह आदमी उसकी गांड पर हाथ रखे हुए bola,"Abe तुम्हारा सब्जी बिक जाता है तो यह ज़रूरी थोड़ी है की सब्जी ताज़ा hi हो?"

यह सुनकर वह सब्जी वाला उसके तरफ देखने लगा. अनीता भी उसका हाथ अपनी गांड पर महसूस करके थोड़ा आगे हो गयी और उसका बात सुनकर सोचने लगी की तभी सब्जी वाला एक पल सोचकर bola,"Are कहे को हमरा कस्टमर ख़राब करने पर लगे हो भाई? जब रोज़ सब्जी बिक जाएगी तो बासी सब्जी कहाँ से आएगा?"

अनीता भी एहि सोच रही थी की तभी वह आदमी bola,"Kyun नहीं हो सकता".

अनीता यह सुनकर उस आदमी के तरफ देखि तो वह भी अनीता किसी तरफ देखकर bola,"Aap hi बताओ मेमसाहब. यह भी तो हो सकता है की जहाँ से यह सब्जी लेता है पैसे बचाने के लिए यह वहां से बासी और ताज़ा दोनों सब्जी लेकर मिलकर यहाँ बैठकर बेचता हो. का हम ग़लत बोल रहा हूँ?".

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराती हुयी boli,"Haan ऐसा हो सकता है".

वह आदमी यह सुनकर सब्जी वाले को देखकर bola,"Dekha मेमसाहब भी बोल रही है की हो सकता है. इसलिए कह रहा हूँ की ताज़ा hi देना".

वह आदमी सब्जी वाले को देख कर यह बोल रहा था की तभी अनीता उस आदमी को एक नज़र ऊपर से नीचे देखि और सोचने lagi,"Yeh आदमी देखने से hi मज़दूर लग रहा है मगर बातें समझ कर और लॉजिकल कर रहा है. सच में किसी को देखकर जज नहीं करना चाहिए. पता नहीं कौन कैसा हो और उसके अंदर क्या गुण हो".

अनीता यह सोचकर फिर चुप चाप वापस सब्जी वाले के तरफ देखने लगी तो सब्जी वाला थोड़ा परेशां होकर bola,"Are जो भी हो भाई लेकिन हम ताज़ा सब्जी hi बेचता हूँ".

वह आदमी यह सुनकर सब्जी वाले से bola,"theek है सब्जी चुनन कर तौलो" और यह बोलकर वह आदमी वापस अनीता की गांड पर हाथ रख दिया.

अनीता कुछ सेकण्ड्स वैसे hi कड़ी रही और उसका हाथ अपनी गांड पर महसूस करती रही और चुप के से इधर उधर देखने के बाद घूमकर उस आदमी के तरफ दुबारा देखकर poochi,''aap कुछ काम वगैरह नहीं करते हैं?''

उस आदमी ने अपने गुटखे को पास hi कूड़ेदान में thuka.Anita उस आदमी को गुटखे को थूकते हुए देख रही थी और साथ hi साथ अपनी गांड पर उसका हाथ महसूस कर रही थी. जब वह आदमी थूकते हुए दूसरे तरफ मुंह किया था तो अनीता अपने आँखों के कोने से उसके हाथों को अपनी गांड को महसूस करते हुए देखि और फिर जल्दी से आस पास का जायजा लेकर देखि की सब लोग अपने काम में बिजी थे.

अगले पल वह सब्जी वाला हस्ते हुए bola,"Are मेमसाहब काम रहता तो यहां ऐसे घूम फिरकर समय थोड़े बीतता"

वह आदमी गुटखा थूकने के बाद सब्जी वाले के तरफ देखकर bola,"Haan सिर्फ तुम hi काम करते हो".

वह यह बोलकर फिर से अनीता के तरफ देखते हुए उसी गंदे अंदाज़ में अपने होठो को अपने हाथ से साफ़ करते हुए मुस्कुराकर जवाब diya,''Karte हैं न काम मेमसाहब. हम क्या आपको निठल्ले लगते hain?wo तो हम काम पर जा hi रहे थे की आपको देखकर सोचा की मेमसाहब नयी लगती hain,unka मदद करते हुए चलूँ''.

वह यह कहकर अनीता की आँखों में देखते हुए उसके गांड को धीरे से दबा दिया. अब तक अनीता उसके हाथों को अपनी बड़ी गद्देदार गांड पर एक जगह स्थिर महसूस कर रही thi,magar अब उसने उसकी आँखों में देखते हुए उसको गांड को दबा दिया.

इससे पहले की और कुछ होता या अनीता के चेहरे की भाव वो आदमी देख paata,sabjiwala अनीता से poochha,''memsaahab अपने भिंडी कितना बोलै?''.

अनीता सब्जीवाले को देखते हुए बोली, ''एक किलो'' और वह थोड़ा आगे को सरक गयी जिसके कारण उस आदमी के हाथों से उसकी गांड आज़ाद हो गयी.

उस आदमी को लगा की वो थोड़ा ज़्यादा कर गया और अनीता की गांड को chhukar,khaaskar उससे बात करते hue,uski जानकारी mein,jo मज़ा उसे मिल रहा था वो ख़तम हो jayega,magar उसे थोड़ी राहत और हिम्मत मिली जब अनीता उसके तरफ देखकर poochhi,''Aese आपको कैसे मालूम की मैं यहां नयी हूँ?''.

वह आदमी यह सुनकर थोड़ा आगे बढ़कर दुबारा से अनीता की गांड पर हाथ रख diya.Anita अपनी आँखों के कोने से अपनी गांड पर देखि और फिर उसकी आँखों में देखने लगी.

उस आदमी ने जवाब diya,''memsaahab इस शहर में रहने वाले लोग जब बाजार में आते है तो सीधा दुकानों पर जाते हैं और सामान लेकर चले जाते hain,magar आप यहाँ वहाँ देखकर बाजार का जायजा ले रही thi,jo की साफ़ साफ़ दर्शाता है की आप यहां नयी हैं''.

अनीता न चाहते हुए भी उसकी बात पर मुस्कुरा दी और उसकी प्रशंसा करते हुए boli,''Aapki नज़रे काफी पारखी hai,aap बस इतनी सी बात से जान गए की मैं यहां नयी हूँ?''.

वह आदमी मुस्कुराते हुए bola,''ji मेमसाहब हम परखने में माहिर hain''.Yeh कहते हुए वह एक बार फिर से अनीता की गांड को दबा दिया.

अनीता अपनी गांड दबाये जाने पर भी नार्मल तरीके से उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,''ab आप मेरी मदद कर चुके hai,uske लिए dhanyawaad,ab आप काम पर चले जाइये''.

वह आदमी फिर से अनीता की गांड को दबा कर bola,''memsaahab यह भी तो काम hi कर रहा hoon,mera मतलब है किसी की मदद करना भी तो काम hi है ''.

अनीता उसकी आँखों में देखि और हलके से मुस्कुराकर boli,''Haan ठीक है मदद तो करनी chahiye,apne सब्जीवाले को कह दिया की मुझे सही दाम में ताज़ी सब्जी दे. अपने मेरी मदद कर diya,ab ऐसा न हो की मेरी और मदद करने के चक्कर में आप काम के लिए लेट हो जाये''.

अनीता के यह बोलते वक़्त वो आदमी अनीता की गांड पर हाथ रखे हुए था और बीच में एक बार फिर उसकी गांड को हलके से दबा दिया मगर अनीता वैसे hi अपनी बात को जारी राखी.

वह आदमी भी मुस्कुराते हुए जवाब diya,''Are कोई बात नहीं मेमसाहब थोड़ा लेट हो जायेगा तो क्या फ़र्क़ परता hai.Kaun सा हमको रोज़ रोज़ आपका ऐसे मदद करने का मौक़ा मिलेगा''.

अनीता मुस्कुराकर उसे देखती हुयी बात सुनी फिर बिना कुछ बोले सब्जी वाले को सब्जी तौलते देखने lagi.Agle एक मिनट तक अनीता चुपचाप सब्जी वाले को सब्जी तौलते हुए देखती रही और अपनी गांड पर उस आदमी का हाथ महसूस करती रही और वो आदमी अनीता की गांड पर हाथ रखे कभी सब्जीवाले को तो कभी अनीता को देखता.

अनीता चुपचाप कड़ी थी की तभी वह उस आदमी का आवाज़ सुन उसके तरफ dekhi,''us बैगन को चेंज करो''.

अनीता वापस सब्जी वाले को देखकर फिर अपनी नज़रो को उस आदमी की तरफ ले गयी तो उसे खुद की तरफ मुस्कुराता देख वो भी हलके से मुस्कुरा दी की तभी वह आदमी bola,''dekha memsaahab,aap ध्यान नहीं दे रही थी. सदा बैगन वजन कर रहा tha,mere रहने से फायदा हुआ न आपको''

अनीता की गांड पर उस आदमी का हाथ अभी भी था की तभी सब्जीवाला अनीता से माफ़ी मांगने laga,''memsaahab ग़लती से रखा गया''.

अनीता उसकी बात sunkar,''koi बात नहीं'' बोल hi रही थी की उस आदमी ने उसकी गांड को फिर हलके से दबा दिया और अनीता यह बोलकर बिना चेहरे पर किसी भाव के अपने बैग से पानी का बोतल निकलकर पानी पीने लगी.

ठीक उसी वक़्त उस आदमी का मोबाइल बज उठा और वह फ़ोन रिसीव kiya,''Woh फ़ोन पर बात कर रहा था और अनीता की गांड सहला रहा था और अनीता चुपचाप पानी पी रही thi.Anita बातों से समझ गयी की उस आदमी का मालिक फ़ोन करके गुस्से में काम पर आने के लिए बोल रहा है.

वह आदमी इस बार अनीता की गांड पर अपना हाथ फैला कर जितना उसकी गांड को कैद कर सकता था किया और भींच diya.Anita को पहली बार थोड़ी दिक्कत हुयी और वह थोड़ा गुस्से से उसकी तरफ dekhi,magar वह आदमी फ़ोन par,''jee मालिक आता हूँ बस पान खाने के लिए आया था'' यह कहते हुए जल्दी से वहाँ से चला गया.

अनीता उसे जाते हुए देखि और उसे लग रहा था की जिस तरीके से वो उसे छेड़ रहा tha,uski गांड के मज़े ले रहा tha,wo उसे मुद कर वापस ज़रूर देखेगा मगर वैसा हुआ नहीं और वो सीधा चलते बना.

अनीता के साथ ऐसा छेड़ छड़ पहली बार नहीं हुआ tha,Delhi में भी कई बार उसके साथ ऐसा छेड़ छड़ हो चूका था मगर वहां सभी बार छेड़ने वाले उसकी नंगी कमर और पीठ का मज़े लिया करते थे.

आज पहली बार उसकी गांड में किसी ने दिलचस्पी दिखाई थी और वो भी इतना खुल्लम khulla,usse बातें करते hue.Delhi में भी वो थोड़ा देर के बाद थोड़ा दुरी बना लेती थी और छेड़ने वाला दुबारा उसे छेड़ने की कोशिश नहीं करता tha,magar यहाँ इस आदमी ने हिम्मत करके उसे छेड़ना जारी रखा था और जी भर कर उसके जिस्म का मज़ा ले रहा था.

अनीता के चेहरे पर अभी भी नार्मल भाव hi the,jaise की कुछ हुआ नहीं हो. वह उस आदमी को जाते देख hi रही थी की सब्जी वाला bola,"Dekhiye मेमसाहब कैसे बहाना बना कर यहाँ समय बर्बाद कर रहा था और मालिक का फ़ोन आते hi तेज़ी से निकल लिया ".

अनीता सब्जी वाला का बात सुनकर उसके तरफ देखने लगी और उसका बात ख़तम होने पर boli,''thoda हरी मिर्च भी दे दीजियेगा''.

सब्जी वाला उसे देखते हुए bola,''memsaahab यहाँ निठल्ले बहोत मिलेंगे जो पान सिगरेट के बहाने दुकानों से निकल कर बाजार में घुमते फिरते रहते है. आपको उसने बेवजह में तंग तो नहीं किया?''.

अनीता सब्जी वाले को देखकर "न" में सर हिला कर मुस्कुराती हुई boli,''Ulta उसने आपको सदा बैगन तौलते हुए पाकर लिया''.

सब्जीवाला यह सुनकर थोड़ा शर्मिंदा होते हुए नज़र अनीता से हटा कर सब्जी पैक करने लगा तो अनीता चुप चाप आस पास देखकर अपनी गांड पर की साड़ी थोड़ी ठीक कर ली.

सब्जीवाला सब्जी पैक करते हुए bola,''are मेमसाहब ग़लती से रखा gaya,abse नहीं होगा''.

अनीता मुस्कुराकर उसे जवाब देती हुई boli,''are कोई बात nahin''.Sabjiwala सभी सब्जी पैक कर अनीता को हिसाब बता दिया.

अनीता अपनी बैग से पैसे निकल कर सब्जी वाले को दे रही थी की तभी कोई उसकी नंगे कमर को छूटे हुए आगे बढ़ gaya.Anita उधर देखि तो एक तीनगर था जो सीधा चला जा रहा था.

अनीता वापस सब्जी वाले के तरफ देखि और जो उसे छुट्टे पैसे दे रहा था. अनीता वह लेकर गईं hi रही थी की उसकी गांड को छूटे हुए फिर कोई वहां से चला गया, मगर अनीता उस तरफ ध्यान नहीं दी और चुप चाप पैसे गईं कर बैग में रख ली.

अनीता सब्जी लेकर चुप चाप आगे बढ़ रही थी की तभी उसे दो औरतों की फुसफुसाने की आवाज़ aayee,''dekho महारानी ने कैसे ब्लाउज पेहेन रखे हैं. बड़े शहर से यहाँ आयी हुयी लगती hai,kam से काम यहां जिस्म की नुमाइश नहीं करनी चाहिए''.

अनीता उस बात पर मैं hi मैं मुस्कुरा दी यह सोचकर की वह औरतें उसकी ख़ूबसूरती से जलकर ऐसा कह रही हैं. वह आस पास देखि तो पायी की कोई कोई मर्द उसे घूर रहे थे. वह चुप चाप सब्जी लेकर बाजार से निकल गयी.

Chawal,daal,aata यह सब तो पूरे महीने के लिए उसके पति राज ने खरीद कर घर पर रख दिया tha,bas अनीता को सब्जी और फल हर तीन चार दिन पर लाने थे. अनीता सब्जी लेकर बाजार से बाहर आ गयी.
 
अपडेट 5

अनीता ऑटो स्टैंड गयी तो देखि जो ड्राइवर उसे लेकर आया था वो वहां नहीं था. वह देखि की एक ऑटो में दो कॉलेज के बच्चे बैठे थे तो वो उसी में जाकर बैठ गयी. फिर एक शख्स सामने बैठ गया और ऑटो चल पड़ी. वह आदमी कुछ दूरी पर उतर गया.

आगे चलकर ट्रैफिक जैम था. अनीता बोर हो रही थी तो वह उन स्टूडेंट्स से बात करने की सोची और वो इंग्लिश में उनसे उनका naam,class,college का नाम वगैरह पूछने लगी. स्टूडेंट्स ने सब बता दिया. फिर उनमे से एक अनीता से bola,''aunty you've ा वैरी गुड सेंस ऑफ़ फैशन''.

अनीता यह सुन्न कर चौंक गयी मगर फिर मुस्कुरा कर boli,''Thank you,but don't कॉल में आंटी''.

वह स्टूडेंट यह सुनकर bola,''ok आंटी'' तो अनीता थोड़ा बनावटी गुस्सा दिखाई मगर फिर सब हसने लगे.

ऑटो ड्राइवर तब तक ऑटो से उतारकर थोड़ा आगे जाकर ट्रैफिक का जायज़ा ले रहा था. फिर दूसरा स्टूडेंट अनीता से bola,''main कुछ बोलूं आप बुरा तो नहीं मानोगी?''.

अनीता सोचती हुयी उससे poochhi,''Gaali तो नहीं डोज?''.

वह स्टूडेंट "न" में सर हिलाया तो अनीता उसे जवाब देती हुयी boli,''theek है बोलो, मैं बुरा नहीं मानूंगी''.

वह स्टूडेंट प्रॉमिस करवाते हुए अनीता से आस्वाशन maanga,''promise?''.

अनीता मुस्कुराती हुई प्रॉमिस कर di,"Promise".

वह स्टूडेंट आस्वाशन पाते hi bola,''Aap साड़ी में बहोत सेक्सी लग रही हो''.

अनीता यह सुनकर थोड़ा अचंभित huyee,magar कहीं न कहीं उसके मैं में यह विचार था की वो ऐसा hi कुछ बोलेगा इसलिए उसने दांत न खाने का आस्वाशन माँगा था.

अनीता यह सुनकर थोड़ा बनावटी गुस्सा दिखती हुई boli,''badmaash कहींके'' और सब हसने lage.Tabhi ड्राइवर वापस आ गया और अनीता को हस्ते हुए देखकर अपने सीट पर बैठ gaya.Anita भी ड्राइवर को देखि और फिर ऑटो आगे बढ़ने लगी.

ट्रैफिक जैम ख़तम हो चुकी थी और थोड़ा आगे चलकर दोनों कॉलेज के बच्चे उतर गए. कुछ दूरी पर ऑटो स्टैंड भी आ गया और अनीता ऑटो से उतर गयी. वह ऑटो वाले को 10 रुपये पकड़ाई और सब्जी का थैला लेकर अपने घर की तरफ चल दी.

ऑटो स्टैंड जो की मैं रोड पर थी वहां से उसके घर की तरफ एक पतले सड़क से होते हुए 5 मिनट पैदल चलकर जाना परता tha.Woh पतला सड़क सुनसान रहता tha.Anita अपनी हाथ में सब्जी का थैला लटकाये हुए अपनी बड़ी गांड मटकती हुई चली जा रही थी की तभी राज का फ़ोन आया.

अनीता जब फ़ोन रिसीव करके hello बोली तो राज bola,''Kya बात है जान कहाँ ho?phone क्यों नहीं रिसीव कर रही thi?theek तो हो?.

अनीता अपने पति की चिंता दूर करती हुई boli,''Haan मैं ठीक hoon,bas घर पहुँचने वाली hi हूँ. वह बाहर इतना शोर शराबा था इसलिए मुझे फ़ोन का रिंगटोन सुनाई नहीं दिया''.

राज फिर poochha,''Bazaar आने जाने में कोई परेशानी तो नहीं हुयी?''.

अनीता मुस्कुराती हुई जवाब di,''Nahin जान कोई परेशानी नहीं हुयी. यहाँ भी पास में hi ऑटो स्टैंड है और बाजार के भी पास hi ऑटो स्टैंड है तो कोई परेशानी की बात hi नहीं है. और ऑटो की लाइन लगी थी तो मुझे खड़ा भी नहीं होना पड़ा''.

राज यह सुनकर bola,''Chalo ठीक है tab,phone रखता हूँ. टेक केयर. Bye''.

अनीता जवाब में boli,"You तू टेक केयर. Bye" और इतना सुनने के बाद राज फ़ोन रख diya.Anita फिर कॉल लोग में देखि तो पायी की उसके पति का 4 मिस्ड कॉल थे.

वह टाइम देखि तो समझ गयी की 3 बार कॉल तब आया था जब वो बाजार में थी मगर बाजार का शोर शराब में उसे फ़ोन का रिंगटोन सुनाई नहीं दिया था. ऊपर से बाजार में एक अनजान आदमी उसकी गांड को मसलने में लगा हुआ था और खुले आम उसे छेड़ रहा था, तो उसको कॉल आने का ध्यान नहीं था.

अनीता अंदाजा लगायी की चौथा कॉल ज़रूर जब ट्रैफिक जैम में गाड़ियां हॉर्न बजा रही थी तब का होगा.

अनीता जब तक घर पहुंची तो उसकी बदन थोड़ा पसीने से भीग गयी थी जिसके कारण उसकी गोरी चिकनी बदन पसीने से चमक रही थी. वह घर पहुँच कर एक ों करके लिविंग रूम में सोफे पर बैठ गयी. थोड़ी देर आराम करने के बाद वह लंच banayi,phir नाहा कर लंच करके सो गयी.

शाम को 5 बजे उठकर वह गार्डन में फूलो को पानी दी. वह उस वक़्त एक सलवार कमीज पेहेन कर थी. सोते वक़्त वो गाउन नहीं तो सलवार कमीज hi पहना करती थी. अनीता सलवार कमीज पर दुपट्टा इस्तेमाल नहीं करती थी और ज़्यादातर सलवार कमीज घर पर पेहेन्ने के लिए hi सिलवाई थी इसलिए आराम का ख्याल रखती हुयी वह अपनी सभी कमीज के आगे और पीछे का गाला काफी गहरा सिलवाई थी ताकि उसे आराम मिल सके. कमीज में आगे उसकी क्लीवेज दिखती थी और पीछे से उसकी गोरी पीठ का ऊपरी भाग. कमीज लम्बाई में भी छोटी hi रखती थी वह जिसके कारण कमीज उसकी गांड से केवल 3-4 इंच नीचे तक hi लटकी रहती थी.

अनीता पूरे बगीचे में पानी डालकर नहाने चली gayee.Nahakar तैयार होने के बाद वह छत पर कुछ कपडे सूखने के लिए दाल रही थी की तभी उसकी नज़र घर के सामने बायीं तरफ के सड़क के तरफ से आते हुए एक पानी पूरी वाले पर पड़ी.

अनीता वह देखते hi बोल padi,"Wow पानी पूरी. जब से यहाँ आयी हूँ एक बार भी नहीं खायी हूँ. लेट में जो एंड टास्ते आईटी".

अनीता जानती थी की वह पानी पूरी वाला ऑटो स्टैंड के तरफ जा रहा है जहाँ वह शाम को बेचता होगा इसलिए वह जल्दी से कपडे रस्सी पर डालकर नीचे चली गयी ताकि अपनी घर के सामने hi पानी पूरी खा सके.

अनीता मैं गेट खोली की तभी वह पानी पूरी वाला उसके गेट के ठीक सामने वाले सड़क पर आ चूका था. अनीता उसको देखती हुयी गेट के पास से boli,"Suniye". आवाज़ सुनकर वह पानी पूरी वाला अनीता के तरफ देखा.
 
अपडेट 6

पानी पूरी वाला जब अनीता को देखा तो देखते रह गया. वह अनीता को देख hi रहा था तो वह boli,"Hello. आप पानी पूरी साफ़ सुथरा बनाते हैं तो?"

पानी पूरी वाला जो अनीता को देखे जा रहा था उसकी बात सुनकर थोड़ा होश में आया और तुरंत bola,"Ji, जी मेमसाहब. साफ़ सुथरा hi बनावट है हम".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है. आप साफ़ सुथरा पानी पूरी बनाइये, मैं पैसे लेकर आती हूँ".

पानी पूरी वाला यह सुनकर अपना सर "हाँ" में हिलाया तो अनीता boli,"Aur तीखा और खट्टा होना चाहिए".

पानी पूरी वाला यह सुनकर सर "हाँ" में हिलाते हुए bola,"Theek है मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर मुड़कर घर के तरफ जाने लगी तो पानी पूरी वाला का नज़र उसकी अध् नंगी पीठ पर पड़ा जिसे देखते hi उसका दिल धड़क गया. एक तो उसने ज़िन्दगी में इतनी खूबसूरत औरत सामने से कभी नहीं देखा था, बस फिल्मों या टीवी में देखा था ऊपर से इस तरह का कमीज भी किसी को पेहेनते हुए नहीं देखा था.

वह पानी पूरी वाला टीवी पर या सोशल मीडिया पर खूबसूरत अमीर घर की औरतों या एक्ट्रेस और मॉडल्स को बैकलेस ब्लाउज पहने हुए देखा था मगर बैकलेस ब्लाउज की तरह कमीज कभी नहीं देखा था जिसमे आधी पीठ नंगी हो.

अनीता जैसी बेहद खूबसूरत औरत का चिकना जिस्म इस तरह से देखकर उसका दिल धड़क गया और फिर उसका नज़र उसकी गोरी पीठ के नीचे उसकी मटकती बड़ी गांड पर चला गया. चलते वक़्त अनीता की बड़ी गांड की थिरकन और मटक उसकी छोटी कमीज में साफ़ साफ़ पता चल रहा था.

वह पानी पूरी वाला लगभग 55 साल का था और हल्का काले रंग का था और धुप में काम करने से थोड़ा और काला लग रहा था. शरीर से थोड़ा ठीक ठाक था, न hi मोटा और न hi पतला. हाइट अनीता के जैसा hi था. वह एक धोती कुरता पहने था और अनीता की अध् नंगी पीठ और उसके नीचे मटकती गांड को देखकर उसके बदन में एक बिजली सा रोमांच दौड़ गया और दिल धड़कने लगा. साथ hi उसके लुंड में भी थोड़ा हलचल हुआ. वह पानी पूरी वाला आस पास देखा और फिर थोड़ा थिंक घोंटते हुए अपना लुंड धोती के अंदर एडजस्ट कर लिया.

वह फिर अपना हाथ धोकर पानी पूरी का मसाला बनाने लगा. अनीता लगभग दो मिनट बाद वापस आयी तो पानी पूरी वाला आलू को गूंथते हुए मसाला बना रहा था. वह मसाला बनाते हुए अनीता को देखने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी अपने गेट के सामने सड़क के किनारे लगे पानी पूरी के ठेले के पास आकर कड़ी हो गयी.

अनीता के इतना पास आने पर उसकी बदन की खुशबु उस पानी पूरी वाले की नाक में जाने लगा. इतनी अच्छी खुशबु शायद hi उसकी नाक में कभी गयी थी और अनीता की जिस्म से आने वाली खुशबु से उसके दिल का धड़कन बढ़ गया और साथ hi लुंड में हलचल होने लगा.

ग़रीब आदमी होने के नाते वह अनीता जैसी खूबसूरत और अमीर औरत के तरफ देखकर कोई खतरा मिल नहीं लेना चाहता था तो वह अपना ध्यान मसाला बनाने में लगाने लगा की तभी अनीता ख़ुशी से boli,"Aap अच्छे से मसाला बने रहे हैं na?Achhe से बनाइयेगा, तीखा और खट्टा. ऐसा की खाकर मज़ा आ जाये".

अनीता की बात सुनकर न चाहते हुए भी पानी पूरी वाला उसके तरफ देखा तो अनीता को मुस्कुराते हुए देखा. अनीता को मुस्कुराते हुए देख उसे थोड़ा कॉन्फिडेंस मिला तो वह bola,"Haan मेमसाहब अच्छे से बनावट हूँ हम. आपको खाकर अच्छा लगेगा".

अनीता मुस्कुराकर puchhi,"Aapne हाथ धोया या नहीं?"

पानी पूरी वाला मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहब आप को हम साफ़ सुथरा hi खिलाऊंगा. हाथ धोके hi हम बनावट है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है अच्छे से बनाइये".

पानी पूरी वाला bola,"theek है और आँखों के कोने से एक बार अनीता की क्लीवेज देख लिया जिसे देखते hi उसके बदन में फिर से बिजली दौड़ गयी और लुंड में हलचल हो गया. अनीता उसे अपनी क्लीवेज देखते हुए देख ली मगर चुप चाप नार्मल तरीके ऐ कड़ी रही.

पानी पूरी वाले को लगा की अनीता उसे उसकी क्लीवेज देखते हुए नहीं देखि है तो वह तुरंत अपना चेहरा सामने के तरफ करके वापस मसाला को देखने लगा ताकि उसकी चोरी पकड़ी न जाये.

वह अपने फीमेल कस्टमर्स को कभी ऐसे नहीं देखता था मगर अनीता थी hi इतनी खूबसूरत की न चाहते हुए भी उसे देखने का मैं कर रहा था और खासकर जब वह इतनी बदन दिखाई कपडे में उसके सामने कड़ी हुयी थी.

उस कमीज में अनीता की क्लीवेज अच्छी खासी दिख रही थी और इतना क्लीवेज भी वह पानी पूरी वाला सामने से कभी नहीं देखा था, बस सोशल मीडिया और टीवी पर hi देखा था. ऐसे में इतना ज़्यादा क्लीवेज, ठीक आँखों के सामने देखने को मिले खासकर एक मॉडल या एक्ट्रेस जैसी खूबसूरत औरत को तो उसके जैसे मर्द को तो देखने का मैं करना hi था.

इसके बावजूद वह खुद को कण्ट्रोल करने का कोशिश कर रहा था यह सोचते हुए की अनीता अमीर घर की औरत है और अगर वह उसे ऐसे गन्दी नज़र से देखते हुए पकड़ ली तो वह मुश्किल में पद सकता था.

पानी पूरी वाला मसाला बनाने के बाद अनीता को पत्ते का एक छोटा कटोरी दे दिया जिसे अनीता पकड़ ली और फिर पानी पूरी वाला उसे पानी पूरी दिया. अनीता उसे उठाकर खाने के लिए थोड़ा सामने के तरफ झुकी जिससे की उसका पानी उसकी कपडे पर न गिरे.

अनीता पानी पूरी मुंह में डालकर एक पल के लिए उसका टास्ते महसूस की तो पानी पूरी वाला puchha,"memsaahab ठीक बना है तो? आपको कउनो शिकायत तो नहीं है".

अनीता पानी पूरी कहती हुयी मुस्कुराकर अपनी दायी हाथ के अंगूठे और इंडेक्स फिंगर को जोड़ कर boli,"Pura परफेक्ट है. युम्मी" और फिर पत्ते का कटोरी आगे करके boli,"Aur दीजिये".

पानी पूरी वाला अनीता की मुंह से तारीफ और उसके चेहरे पर मुस्कराहट देखकर खुश हो गया था तो जब अनीता उससे और पानी पूरी मांगी तो वह हड़बड़ा कर दूसरा पानी पूरी में मसाला और पानी भरकर पत्ते के कटोरी में रख दिया और अनीता के तरफ hi देखने लगा.

वहीँ अनीता का ध्यान अब कटोरी में राखी हुयी पानी पूरी पर था और वह उसे उठाकर खाने के लिए फिर सामने झुकी तो इस बार पानी पूरी वाला का ध्यान उसकी क्लीवेज पर चला गया. एक तो अनीता की क्लीवेज गहरे गले वाली कमीज में पहले से hi अच्छी खासी दिख रही थी ऊपर से थोड़ा सामने झुकने पर और ज़्यादा दिखने लगी.

अनीता की क्लीवेज देखकर पानी पूरी वाला का धड़कन फिर तेज़ हो गया और बदन में बिजली जैसा मस्ती का लहर फिर दौड़ गया. साथ hi उसके लुंड में हलचल भी हुआ. वह अपना थिंक फिर से घोंट कर तुरंत नज़र अनीता की क्लीवेज से हटा कर उसके चेहरे को देखा तो अनीता मुस्कुराती हुयी पानी पूरी खा रही थी.

वह खाने के बाद अपनी कटोरी फिर आगे करके boli,"Sach में आपकी पानी पूरी बहोत टेस्टी है".

पानी पूरी वाला ख़ुशी से मुस्कुराते हुए bola,"Humka बहोत ख़ुशी होवत है मेमसाहब की आपको हमरा पानी पूरी पसंद आवत है" और यह बोलते हुए वह एक और पानी पूरी रख दिया और नज़र अनीता की क्लीवेज पर ले गया.

अनीता फिर से झुक कर पानी पूरी खायी तो पानी पूरी वाला फिर से उसकी क्लीवेज देखने लगा. अनीता चुप चाप पानी पूरी मज़े से खा रही थी. पानी पूरी वाला अनीता का ध्यान उसके तरफ जाने से पहले hi अपना नज़र हटा दिया और अनीता की चेहरे पर देखा तो वह मुंह में पानी पूरी रखकर सीढ़ी होकर मुंह चलकर मुस्कुराती हुयी खाने लगी. पानी पूरी वाला उसे देखकर मुस्कुरा दिया.

अनीता पानी पूरी खा गयी तो पानी पूरी वाला अगला पानी पूरी उसे देने hi वाला था की अनीता boli,"Thodi और कच्ची मिर्च डालिये".

पानी पूरी वाला "हाँ" में सर हिलाते हुए bola,"Jee मेमसाहब" और एक हरा मिर्च आलू के मसाले में काट कर मिला दिया और फिर उसे भरकर अनीता को पानी पूरी दिया.

अनीता फिर से झुक कर पानी पूरी खायी. वह पानी पूरी वाला फिर से अनीता की क्लीवेज देख रहा था और जब वह वापस अनीता के तरफ देखा तो वह सीधा होकर मुंह चलकर खा रही थी. फिर कुछ सेकंड बाद वह अपनी बायीं हाथ को हिलती हुयी इज़हार की की उसे तीखा लग रहा है मगर उसकी चेहरे पर मुस्कराहट दी.

अनीता को ऐसा करते देख पानी पूरी वाला मुस्कुराकर देखा. अनीता भी मुस्कुराती हुयी पानी पूरी खा रही थी और कहती हुयी अपनी नज़रो से पानी पूरी वाले को पानी पूरी के तरफ इशारा की. पानी पूरी वाला समझ गया की अनीता और पानी पूरी मांग रही है तो वह अगले पानी पूरी बनाने लगा.

वह फिर से पानी पूरी दिया तो अनीता उसे उठाकर खा गयी और फिर से तीखा लगने पर अपनी पतली सी बायीं हाथ को हिलने लगी और मुस्कुराती हुयी मुंह चलकर पानी पूरी खाने का मज़ा ले रही थी. पानी पूरी वाला देखा की उसकी नाक अब थोड़ी लाल होने लगी थी. अनीता बहोत गोरी थी ऐसे में तीखा खाने पर जब उसकी नाक लाल होने लगी तो वह बहोत प्यारी लग रही थी.

अनीता वह पानी पूरी खाने के बाद boli,"Bas एक और" तो पानी पूरी वाला एक और पानी पूरी दे दिया. अनीता फिर से खाने के लिए झुकी और वह पानी पूरी वाला उसकी क्लीवेज देखने लगा. अनीता की आँख से भी अब थोड़ा आसूं टपक गया और वह मुस्कुराती हुयी पानी पूरी वाले के तरफ देखकर boli,"Ek सूखा बिना मिर्ची का दीजियेगा".

अनीता फिर अपनी बायीं हाथ की एक ऊँगली से अपनी आँख के नीचे गिरी हुयी थोड़ी सी आंसूं को पोंछने लगी की तब तक उसे सूखा पानी पूरी मिल गया और वह उसे खा गयी.

उसे खाने के बाद अनीता पानी पूरी वाले से boli,"tissue पेपर, ओह्ह सॉरी, थोड़ा सा पानी दीजियेगा. हाथ धो लूँ".

पानी पूरी वाला उसके तरफ एक बड़ा बोतल बढ़ा तो अनीता boli"Itna बड़ा बोतल मैं एक हाथ से कैसे पकड़ूँगी. एक काम कीजिये थोड़ा पानी मेरी हाथ पर दाल दीजिये. यह बोलकर अनीता अपनी दायी हाथ थोड़ा आगे करके झुक गयी ताकि पानी का छींटा उस पर न पड़े. उसके झुकने से उसकी क्लीवेज थोड़ी और दिखने लगी.

पानी पूरी वाले की नज़र जब उसकी क्लीवेज पर पड़ी तो उसके लुंड में फिर हलचल हो गया. वह अपना थूक फिर घोंटते हुए अनीता की हाथ पर पानी डालने लगा. थोड़ा पानी डालने पर अनीता boli,"Bas हो गया".

अनीता बस तीन उँगलियों का इस्तेमाल की थी पानी पूरी खाने के लिए और उसकी हाथ में ज़्यादा कुछ लगा नहीं था इसलिए बस थोड़ी सी पानी से अपनी उँगलियों का ऊपरी भाग धो ली. पानी पूरी वाला पानी डालते वक़्त भी उसकी क्लीवेज hi देख रहा था और अनीता द्वारा पानी डालने के लिए मन करने पर वहां से नज़र हटाया.

अनीता फिर अपनी बायीं हाथ में पकड़ी हुयी एक 50 का नोट निकल कर उसे दे दी. पानी पूरी वाला उसे 30 रुपया वापस कर दिया और वापस करते हुए bola,"Yeh लीजिये मेमसाहब. उम्मीद है की आपको हमरा पानी पूरी पसंद आया होगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan अच्छा था. सच में मैंने उम्मीद नहीं किया था की इतना टेस्टी होगा, मगर आप ने अच्छे से बनाया?"

वह पानी पूरी वाला खुश होकर bola,"Are मेमसाहब बस म्हणत और ईमानदारी से बनावट हूँ. आप कस्टमर लोगन को हमरा पानी पूरी खाकर खुस देखकर हुंका भी खुसी मिलता है और साथ में दो वक़त का रोटी मिल जाता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achha आप इधर से रोज़ इसी टाइम ऑटो स्टैंड के तरफ जाते हैं?".

वह पानी पूरी वाला bola,"Time तो एक नहीं रहत है मेमसाहब. कभी कभी दूसरा जगह ज़्यादा बिक्री होवत है तो लेट भी हो जाट है. लेकिन आपको हमरा पानी पूरी पसंद आ गवा तो रोज़ इसी टाइम में हम आ जाऊंगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Nahin इसकी ज़रूरत नहीं है. मैं रोज़ नहीं कहती. बस कभी कभी मैं होता है तो खा लेती हूँ. आज की तरह कभी आप जाते हुए दिखेंगे तो आकर खा लुंगी. अच्छा मैं चलती हूँ. थैंक यू इतना टेस्टी पानी पूरी खिलने के लिए".

पानी पूरी वाला खुश होकर bola,"Are मेमसाहब हुंका सर्मिन्दा कर रही हैं आप. ी तोह हमरा रोजी रोटी है. अच्छा खिलाएंगे तभी तो हमरा बिक्री होगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा और फिर वहां से मुड़कर जाने लगी. पानी पूरी वाले का नज़र फिर से उसकी अधनंगी गोरी पीठ और उसके नीचे थिरकती हुयी बड़ी गांड पर चला गया. वह अनीता को जाते हुए देखने लगा.

जब अनीता गेट के पास जाकर गेट बांध कर दी तो वह अपने लुंड को धोती के ऊपर से मसल कर bola,"Yaqeen नहीं होवत है की इतना खबसूरत औरत इहाँ रहत है. ज़रूर ू बड़ा कंपनी में काम करने वाला कउनो साहब का बीवी होगी तभी तो ी कंपनी का घर में रहत है. कितना खबसूरत है मगर घमंड नहीं है. कितना अच्छा से मुस्कुरा कर अच्छे से बात करात है".

पानी पूरी वाला यह सोचकर वहां से चला गया वहीँ अनीता घर जाकर अपनी हाथ अच्छे से धोयी और फिर टीवी देखने लगी.

शाम को वह डिनर बनाना शुरू की और रात को 8 बजे तक वह खाना बना ली और उसके थोड़े देर बाद राज भी आ gaya.Dono पति पत्नी साथ खाना खाने के बाद अपने बैडरूम में जाकर रूटीन सेक्स के बाद सो गए.
 
अपडेट 7

दो दिन के बाद राज नाश्ता करने के बाद ऑफिस जाने के लिए तैयार हो रहा था की अभी अनीता बैडरूम में चाय लेकर आयी. वह चाय बीएड के बाजु वाले टेबल पर रखकर बीएड पर बैठकर अपने पति को तैयार होता हुआ देखने लगी.

एक पल के लिए देखने के बाद वह राज से poochhi,''Raj वो घर की साफ़ सफाई झाड़ू पोंछा के लिए तुम नौकर रखने वाले थे उसका क्या hua?Mujhse यह सब नहीं होगा. एक दो दिन की अलग बात है मगर मैं हमेशा यह सब नहीं कर सकती''.

राज चाय का कप उठाया और मुस्कुराते हुए bola,''Haan जान देख रहा हूँ. कोई मिले तब to,yahaan घर पर काम करने के लिए कोई मिलना थोड़ा मुश्किल है. ज़्यादातर ग़रीब लोग बड़े शहर में काम के चक्कर में चले जाते हैं. ऐसे में इस तरह के छोटे शहर में नौकर मिलना थोड़ा मुश्किल है. फिर भी थोड़ा साबरा रखो मैं जल्द hi इंतज़ाम कर लूंगा. अगर तुम्हे कोई मिले तो रख लेना.''.

राज जानता था की अगर नौकर नहीं मिला जल्दी तो अनीता बहोत नाराज़ हो जाएगी. ऐसा नहीं था की उसे काम करना उतना पसंद नहीं था. काम करने में अनीता कभी पीछे नहीं रहती थी इसलिए खुद बाजार भी जाती थी और खाना खुद बनती थी. मगर साफ़ सफाई करने की बात अलग थी. ज़रुरत पर्ने पर वो थोड़ा बहोत करती thi,magar इतने बड़े घर की रेगुलरली साफ़ सफाई करना उसके बस की बायत नहीं thi,khaskar जब वह खुद पैसे वाले घर की एकलौती बेटी थी और बड़े लार प्यार से पाली गयी थी.

अनीता जल्दी कोई बात का बुरा नहीं मानती थी और अपनी बीवी की यह बात राज को अच्छा लगता tha,magar कभी कभी बात बिगड़ने पर वो गुस्सा भी करती थी इसलिए राज भी जल्द से जल्द एक नौकर का इंतज़ाम करना चाहता था. अनीता उसका बात सुनकर उसे देखि और चुप चाप चाय पीने लगी.

2 दिन बाद अनीता को फिर बाजार जाना था. आज वो अपने पति के जाने के बाद नाहा कर तैयार हुयी. हमेशा की तरह वह एक लौ बैक ब्लाउज पहनी जिसमे उसकी गोरी चिकनी पीठ तीन लगभग पूरी नंगी थी. साड़ी को नाभि के दो इंच नीचे बांधकर हल्का मेक उप करके वो तैयार हो गयी. दिल्ली में वो और नीचे साड़ी बांधती थी मगर पिछले दिन बाजार जाने से पहले अपने पति के बोलने पर वह यहाँ साड़ी नाभि के सिर्फ दो इंच नीचे hi बांधने का सोची.

ऐसा नहीं था की उसे और नीचे बांधने में कोई परेशानी या शर्म आने लगी थी. अनीता कपडे के मामले में वही करती थी जो उसे अच्छा लगता था मगर फिर भी वह सोची की थोड़ा ऊपर hi बांध ले. अनीता खुद को आईने में देखि और फिर कुछ सोचकर साड़ी को आधा इंच और नीचे सड़क दी और boli,"Now इतस समूहत बेटर".

अनीता पिछली बार की तरह ऑटो स्टैंड पर पैदल पहुंची और उसे देखकर एक दो ऑटो ड्राइवर खुश हो गए और मुस्कुराने लगे. जवाब में अनीता भी उनको देखकर हलके से मुस्कुरा दी. वो फिर जो ड्राइवर उसे पहले दिन मार्किट ले गया था उस ऑटो ड्राइवर को खोजने लगी.

अनीता अभी इधर उधर देख hi रही थी की तभी उसके पास एक ड्राइवर आकर bola,''memsaahab उस ऑटो में बैठिये. अभी वही ऑटो जायेगा''.

अनीता उसे देखि तो पायी की वो वही ड्राइवर है जो उसे देखकर खुश हो गया tha.Anita उसे देखकर "हाँ" में सर हिलायी और उसके ऑटो के तरफ बढ़ गयी.

वह जैसे hi ऑटो वाले के सामने से गुज़री उसकी बदन की मादक खुशबू उस ड्राइवर की सांसो में समां गयी. अब अनीता की पीठ उस ड्राइवर के सामने थी जिसकी ऊपरी भाग सिर्फ उसके बालो और ब्लाउज के दो इंच की पट्टी से hi ढंकी हुयी thi,baal भी उसके ब्लाउज के पट्टी के ऊपरी भाग को पूरी तरह से नहीं ढँक पा रही थी और कुछ हिस्सा नंगे hi the,peeth पर बाल लटके होने के बावजूद भी कोई भी आदमी देखकर यह समझ जाता की अनीता एक लौ कट ब्लाउज पहनी थी और बाल हटाने पर उसकी पूरी पीठ लगभग नंगी दिखेगी.

साड़ी नाभि के ढाई इनचेस नीचे बंधे होने के kaaran,blouse के पट्टी के नीचे का हिस्सा (उसकी पतली कमर) पूरी तरह से नंगी थी. अनीता की साड़ी और ब्लाउज के पट्टी के बीच का पूरा हिस्सा नंगी होने के कारण अनीता की अच्छी खासी जिस्म नंगी थी और धुप में चमक रही थी. उसकी खूबसूरत जवान बदन इतनी नंगी होने के कारण मर्दों का नज़र उसकी जिस्म पर hi चला जा रहा था और ऐसे में उनके लुंड में हलचल होना hi था और वही हो रहा था.

वह ऑटो ड्राइवर अनीता की नंगी कमर को देखने के बाद अपना नज़र नीचे करके अनीता की बड़ी गांड पर ले गया और उसकी गांड की मटक और थिरकन को देखने laga.Anita अपनी गांड पर साड़ी को टाइट से बांधती थी जिसके कारण उसकी गांड की थिरकन साड़ी के ऊपर से भी दिखती थी.

अभी वह ड्राइवर अनीता की गांड को देख hi रहा था की उसे अनीता की गांड घुमते हुए दिखाई दिया और फिर उसकी आवाज़ सुनाई di,''bhaiyya सीट गन्दा hai,ise साफ़ कीजिये''.

अनीता घुमते hi समझ गयी की वो ड्राइवर की नज़र कहाँ thi,magar वो नार्मल रह कर उसे जो बोलना था वह बोल di.Driver उसकी आवाज़ सुनकर हड़बड़ा कर अपने ऑटो के पास गया और एक कपडा से पीछे की पूरी सीट को साफ़ कर दिया.

अनीता बगल में कड़ी इंतज़ार कर रही thi.Uski जिस्म पर पसीने के कुछ बूँद आ गए थे. ड्राइवर सीट पोंछ कर अनीता की आँखों में देखकर bola,''baithiye मेमसाहब, सीट साफ़ हो गयी है. अच्छा हुआ आप बैठने से पहले सीट को देख li,warna मेरी लापरवाही के कारण आपकी कीमती साड़ी गन्दी हो jati.Maaf कीजियेगा''.

अनीता अपनी बाल के एक हिस्से को कान के पीछे करती हुई उसे देखकर हलके से मुस्कुरा कर boli,"Koi बात नहीं. मगर आगे से ध्यान रखियेगा. पैसेंजर के लिए सीट साफ़ होनी चाहिए "

इतना बोलकर वह ऑटो में बैठ गयी और इसी बीच वह ड्राइवर bola,"Jee मेमसाहब ". इतनी देर से धुप में कड़ी थी तो उसे ऑटो में बैठकर थोड़ी राहत महसूस huyee,aur wo''uff बहोत गर्मी है'' बोलती हुई अपनी बैग से रुमाल निकलने लगी.

ऑटो ड्राइवर उसे देखते हुए bola,''jee मेमसाहब बहोत गर्मी है'' और इतना बोलकर वह अपना नज़र अनीता की gori,chikni और सपाट पेट पर टिका दिया और उसके पेट पर पसीने की कुछ बूंदों को नीचे की तरफ फिसलते हुए देखने लगा.

अनीता अपनी बैग से रुमाल निकलने के baad,uski बातों को सुनकर उसकी तरफ देखि और उस ड्राइवर को अपने पेट पर घूरते हुए पायी. वो साड़ी को अपनी नाभि के दाई तरफ से अपने कंधे पर ले जाकर पिन की थी जिसके कारण उसकी नाभि साफ़ साफ़ दिख रही थी. उसकी नाभि और उसके बायीं तरफ के पेट का हिस्सा पूरी नंगी थी और चलते और बैठते हुए उसकी साड़ी उसकी दाई कमर की और थोड़ा और सड़क गयी थी जिसके कारण उसकी नाभि की दाई तरफ का पेट का हिस्सा भी थोड़ा दिखने लगी थी.

कुल मिलकर साड़ी में अनीता की गोरी चिकनी पीठ की तरह उसकी गोरी चिकनी और सपाट पेट भी हमेशा लगभग तीन चौथाई नंगी hi रहती thi.Kabhi कभी हवा बहने पर उसकी साड़ी उसकी दाई कमर की तरफ पूरी सरक जाती और उसकी पूरी की पूरी पेट नंगी हो जाती थी.

अनीता उसे अपनी पेट पर घूरते हुए देखकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप चाप अपनी माथे पर आये कुछ बूंद पसीनो को पोंछने lagi.Use अपनी पेट ढंकने की भी ज़रुरत महसूस नहीं हुयी और वो वैसे hi बैठी हुयी अपना पसीना पोंछ कर अपना रुमाल हाथ में hi राखी हुई वापस उस ड्राइवर की तरफ देखने लगी.

वह ड्राइवर को महसूस हुआ की अनीता उसे hi देख रही है तो वह अपना नज़र ऊपर करके अनीता को देखा और मुस्कुराते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola,''Memsaahab आपको एक में रहने की आदत है जिसके कारण आपको और भी गर्मी लग रही है''.

अनीता उसे देखती हुयी उसकी बातों पर हलके से मुस्कुरा दी की तभी तीन लोग आकर उस ऑटो में बैठ गए और ऑटो चलने लगी.

अनीता बाहर देखते हुए चली जा रही थी की तभी वह सामने वाले आईने में ड्राइवर की नज़रो को देखि जो की आईने के ज़रिये अनीता की पेट को hi देख रहा tha.Driver अपना नज़र ऊपर किया तो अनीता को आईने में देखते हुए पाया. अनीता से नज़र मिलते hi वह तुरंत सामने नज़र कर दिया.

अनीता भी वापस बाहर देखने लगी. सड़क थोड़ा खाली था तो ऑटो तेज़ चल रही थी जिसके कारण तेज़ हवा ऑटो में आ रही thi.Anita को इससे राहत महसूस हो रही थी.

अनीता थोड़ी देर बाद आईने में वापस देखि तो ड्राइवर को अपनी तरफ देखते हुए paayi,magar इस बार ड्राइवर अपना नज़र तुरंत वापस सड़क पर नहीं किया और एक पल के लिए अनीता की आँखों में देखा. दोनों कुछ सेकण्ड्स एक दूसरे की आँखों में hi देख रहे थे की तभी ड्राइवर वापस अपना नज़र सड़क पर कर दिया. ड्राइवर होने की वजह से वो अपना नज़र सड़क से ज़्यादा देर के लिए हटा नहीं सकता था. अनीता भी वापस बाहर देखने लगी.

कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता दुबारा आईने में देखि तो ड्राइवर को फिर अपनी तरफ आईने के ज़रिये देखते paayi.Anita समझ गयी की वो अब क्या देख रहा था. वह अनीता की ब्लाउज में कैद दायीं चूंकि देख रहा था जो की साड़ी के अंचल से बाहर थी और उसकी टाइट ब्लाउज में पहाड़ जैसी तन्न कर कड़ी थी.

अनीता उसे देख hi रही थी की तभी ड्राइवर फिर सड़क पर देखने लगा और अनीता भी वापस बाहर देखने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद ऑटो रुकी और बाकी पैसेंजर्स उतर गए.

अनीता उन पैसेंजर्स को उतारते हुए देखि और वापस दूसरी तरफ देखने लगी. पैसेंजर्स के उतरने के बाद ऑटो ड्राइवर भाड़ा लेकर फिर से ऑटो चलने laga.Anita दुबारा आईने में देखि तो उस ड्राइवर को अपनी चूंकि देखते हुए पायी. ड्राइवर फिर नज़र नीचे करके उसकी गोरी नंगी पेट को देखा और जैसे hi ऊपर नज़र किया तो अनीता को आईने में देखते हुए पाकर थोड़ा घबरा गया मगर अपने आपको संभल कर अनीता को देखते हुए मुस्कुरा दिया.

अनीता भी हल्का मुस्कुरा दी और boli,''Aaj सड़क पर जैम नहीं hai,sadak बहोत खाली खाली hai''.Driver सड़क पर देख कर सुनिश्चित किया की ऑटो का एक्सीडेंट न हो और फिर आईने में dekha.Anita अभी भी आईने में hi देख रही thi.Driver उसकी आँखों में देखा और फिर चूंकि और पेट को देखने क्र बाद उसकी आँखों में देखते हुए bola,''Ji मेमसाहब सड़क कभी कभी खाली रहती है और कभी कभी जैम''.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achha है की अभी जैम नहीं है वर्ण गर्मी से हालत ख़राब हो जाती मेरी. खाली सड़क होने से ठीक है"

ड्राइवर एक नज़र सड़क पर डाला और फिर आईने में अनीता को देखते हुए बोलै,''. हाँ मेमसाहब. सड़क खली रहने पर ऑटो तेज़ चलती है जिसके कारण हवा अच्छा बेहटा है और पैसेंजर को राहत महसूस होती है. देखिये न तेज़ हवा के कारण आपको भी कितनी राहत महसूस huyee,aapka पसीना भी सुख गया'' और यह कहते हुए ड्राइवर दुबारा अनीता की चिकनी गोरी पेट को देखा और फिर अनीता को देखते हुए मुस्कुरा दिया.

अनीता उसे अपनी पेट को आँखों से छेड़ते हुए देखि और फिर जब वह अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराकर जवाब di,''Haan बहोत गर्मी hai,auto में बैठकर थोड़ी राहत महसूस हुयी''. तभी ड्राइवर मुस्कुराते हुए bola,''Yeh लीजिये मेमसाहब हम मार्किट पहुँच गए. अब आपको फिर गर्मी लगेगी''.

अनीता इस बार कुछ नहीं बोली, बस मुस्कुराती हुई ऑटो से उतर गयी और उसे पैसा देकर मार्किट की तरफ चल पड़ी. अनीता गांड मटकती हुयी चली जा रही थी. वह ड्राइवर उसकी मटकती गांड और उसके ऊपर उसकी गोरी चमकती हुयी कमर को देखते हुए अपने लुंड को पंत में एडजस्ट किया और फिर ऑटो को लाइन में लगा दिया. इतनी खूबसूरत औरत को वह भी सामने से कभी देखा नहीं था ऐसे में अनीता की अधनंगी जिस्म और मटकती गांड को वह तब तक देखता रहा जब तक वह बाजार में घुसी नहीं.

अनीता अपनी गांड मटकती हुयी बाजार में घूस गयी. जिस जगह पर अनीता को पिछली बार वो गुटखा खता हुआ आदमी दिखा tha,jisne बाद में उससे बात करते हुए उसकी गांड को अच्छा से नाप और मसल कर मज़ा लिया tha,uss जगह से आगे बढ़ने के बाद अनीता अचानक रुक गयी और मुद कर वह उस जगह को देखने लगी. फिर वह अपनी नज़रे इधर उधर करके देखि और कुछ सेकण्ड्स ऐसे देखने के बाद घूम कर आगे बढ़ गयी.

वह वही सब्जी वाले के पास गयी जिससे वह पिछली बार सब्जी ली थी. सब्जीवाला अनीता को देखकर मुस्कुरा diya.Anita भी उसे देखकर मुस्कुरा di.Bazaar में भीड़ थी मगर उस सब्जी वाले की दुकान पर सिर्फ एक hi ग्राहक था जिसे वो सब्जी वाला छुट्टा पकड़ा रहा था और वो ग्राहक छुट्टा लेकर चला गया.

सब्जी वाला अनीता को देखकर bola,''Aiye मेमसाहेब. कैसी हैं aap,kya क्या सब्जी दूँ?''.

अनीता मुस्कुराती हुई जवाब di,''haan अच्छी हूँ'' और फिर वह सब्जियों के नाम और मात्रा उसे बता diya.Sabji वाला सब्जी को चुनकर तौलने लगा की तभी कोई अनीता की कमर को छूटे हुए आगे बढ़ gaya.Anita गर्दन घुमाकर चेहरे पर बिना कोई भाव के उधर देखि मगर भीड़ की वजह से उसे समझ नहीं आया की किसने उसकी गोरी चिकनी कमर को chhua.Anita वापस सब्जी वाले को सब्जी तौलता हुआ देखने लगी.

2 मिनट बाद अनीता को अपनी गांड पर एक हाथ महसूस हुआ तो अनीता फिर घूमकर देखि मगर उसे फिर समझ नहीं आया की उसकी गांड को कौन छूकर वहां से ग़ायब हो gaya.Kuchh सेकण्ड्स बाद फिर कोई उसकी गांड छूटे हुए बढ़ गया मगर अनीता चुप चाप सब्जीवाले को सब्जी तौलते हुए देखती रही. वह पीछे घूमकर देखना ज़रूरी नहीं समझी. वह हाथ भी उसकी गांड पर केवल 2-3 सेकंड के लिए hi थी जिससे अनीता को बिना घूमे अंदाज़ा लग गया की कोई चलते हुए उसकी गांड को महसूस करके आगे बढ़ गया और वह इस बारे में सोचना ज़रूरी नहीं समझी.

जब तक वो सब्जी दूकान पर कड़ी थी उसे अपनी कमर पर एक बार और गांड पर दो बार और हाथ महसूस huyee,sabhi बार 2-3 सेकण्ड्स के लिए मगर वह तीनो बार पीछे घूम कर देखना ज़रूरी नहीं samajhi.Aakhir में वो सब्जी लेकर बाजार से निकल गयी.

वह ऑटो स्टैंड जाकर एक ऑटो में बैठ gayee.Baithkar वह देखि की पास hi खड़ा ऑटो ड्राइवर उसे देख रहा था और अनीता के देखते hi वह अपना नज़र फेर लिया. अनीता चुप चाप अपना बैग से रुमाल निकलकर अपना सर पोंछने लगी.

उससे पहले पीछे की सीट पर दो औरते बैठी हुयी थी और एक मर्द के आते hi ऑटो चल padi.Anita बाजु वाली औरत को देखि तो उसे अजीब तरीके से खुद को घूरते हुए पायी. वह एक बूढी औरत thi.Anita को उसने अपने तरफ देखते पाकर उसकी चेहरे पर देखने लगी.

अनीता उस बूढी औरत को देखकर मुस्कुरा di,magar वह बूढी औरत बिना मुस्कुराये एक बार उसे ऊपर से नीचे देखकर उससे सवाल ki,''Yahaan नयी हो?''.

अनीता हलकी मुस्कान के साथ जवाब di,''jee''.

वह औरत फिर सवाल ki,''Yahan की तो लग नहीं रही हो. कहाँ से आयी हो?''.

अनीता जवाब में boli,''jee मैं दिल्ली से आयी हूँ. आप एहि की हो?''.

वह औरत बिना कुछ बोले एक नज़र उसके बदन पर डाली और वापस सामने की तरफ देखने लगी.

अनीता उस औरत को एक पल के लिए देखने के बाद घूमकर बहार देखने लगी और कुछ देर में ऑटो स्टैंड पहुँच गयी.

अनीता ऑटो ड्राइवर को पैसे देकर गांड मटकते हुए अपने घर की तरफ चल दी. ऑटो स्टैंड पर तीन चार ड्राइवर बैठे थे और सबका नज़र अनीता की अधनंगी पीठ और मटकती गांड पर hi था.

अनीता घर पहुंचकर अपने रूटीन मुताबिक लंच बनाकर नहाने चली गयी और नहाकर लंच करके सो गयी. शाम में उठकर वह बगीचे में पानी डाली और फिर नहाकर टीवी देखने लगी. रात में अपने पति राज के आने से पहले वह डिनर भी बना li.Raj के आने के बाद दोनों डिनर करके रूटीन सेक्स के बाद सो गए.2 दिन बाद संडे था और राज घर पर hi था. दोनों पति पत्नी घर पर hi प्यार से एक दूसरे के साथ दिन बीता दिए.
 
अपडेट 8

अगले दिन अनीता को फिर बाजार जाना tha.Anita राज के जाने के बाद साड़ी पेहेन कर तैयार हो गयी और अपने आप को आईने में देखकर मुस्कुरा di.Phir घूमकर आईने में अपने पीछे का जायज़ा ली और जब उसे यकीन हो गया की वो अच्छे तरीके से तैयार हो गयी है तो वो बाहर चली गयी.

ऑटो स्टैंड पर पहुँचने पर फिर दो ऑटो ड्राइवर अनीता को देखकर मुस्कुराने लगे और अनीता की नंगी पेट को देखने लगे. जब वह लोग अपना नज़र वापस उठाये तो अनीता भी हलकी मुस्कान दे दी.

अनीता को मुस्कुराता देख उसमे से एक अनीता को देखकर bola,''Memsaheb आप उस ऑटो में बैठ जाइये''.

अनीता मुस्कुराकर उसे देखि और "हाँ" में सर हिला कर अपनी गांड मटकती हुई आगे वाले ऑटो की तरफ बढ़ गयी. दोनों ऑटो ड्राइवर का लुंड अनीता की मटकती गांड और गोर चिकने कमर और अधनंगी पीठ को देखकर फड़फड़ा गया.

अनीता जिस ऑटो में बैठी उसका ड्राइवर एक बूढ़ा था. उस ड्राइवर ने अनीता से बात करने की कोशिश नहीं किया और अनीता भी चुप चाप रही और चुप चाप बैठी हुयी मार्किट पहुँच गयी.

मार्किट पहुँच कर अनीता फिर उस जगह एक नज़र दौड़ाई जहाँ पहली बार जब वह आयी थी तो वह गुटखा खता आदमी खड़े होकर उसे देख रहा था मगर वो आदमी आज भी नहीं था वहां.

अनीता चुप चाप सब्जी वाले के पास चली गयी. बाजार में भीड़ काम थी मगर फिर भी अनीता की गांड को दो बार छूटे हुए लोग निकल gaye.Anita एक बार भी घूम कर नहीं देखि की उसकी गांड के मज़े लेते हुए कौन जा रहा था. वह चुप चाप सब्जीवाले को सब्जी तौलते हुए देख रही थी और सब्जी लेकर वापस घर आ गयी. जाते वक़्त की तरह आते वक़्त भी ऑटो में कुछ ख़ास नहीं हुआ.

3 दिन बाद अनीता फिर बाजार गयी. रोज़ की तरह साड़ी को वह नाभि के ढाई इंच नीचे बाँधी थी. ऑटो स्टैंड पर वह गयी तो तीन hi ऑटो लगा था. एक ड्राइवर अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया तो अनीता भी मुस्कुरा दी. वह ड्राइवर उसको एक ऑटो के तरफ इशारा किया और अनीता उस में बैठने चली गयी.

हमेशा की तरह आज भी ऑटो स्टैंड पर बैठे ऑटो ड्राइवर्स उसके शरीर को आँखों से छेड़ा मगर वो बिना बुरा माने मुस्कुरा दी जैसे की उनलोगो ने कुछ बुरा नहीं किया.

अनीता ऑटो में बैठने गयी तो देखि की एक लगभग 45 साल का एक आदमी सीट के बीच में धोती और पतला कुरता पहने बैठा हुआ पान खा रहा था. उसके कपडे थोड़े गंदे थे और उसके दायीं तरफ के सीट पर एक मोटा बूढ़ा बैठा tha.Anita आम तौर पर पीछे काम जगह रहने पर दूसरा ऑटो में बैठ जाती या रिज़र्व कर लेती मगर पता नहीं क्यों वह उसी ऑटो में बैठ गयी.

वह ऑटो में उस आदमी के बायीं तरफ बैठ गयी मगर मोटा आदमी के बैठने के कारण जगह थोड़ी काम थी. वह उसी जगह में उस आदमी से चिपक कर बैठ gayee..Anita की बाजू और उस आदमी का बाजू सटे हुए थे

अनीता को अपनी बाजु पर उस आदमी के बाजू का चिप चिपपण महसूस हो रही थी तो वह उसे देखि तो वह आदमी भी घूमकर पान चबाते हुए उसे देखा. दोनों की नज़रे मिली और वो आदमी उसके बदन को एक बार देखकर फिर सामने देखने लगा.

अनीता एक नज़र उसे dekhi,phir अपनी बाजु को देखि जिससे उस आदमी का काला बाजु सत्ता हुआ था फिर वो बाहर देखने लगी. वह दो ड्राइवर का मैं ऐसे hi ख़राब हो गया था यह देखकर की अनीता उन लोगो के ऑटो के लाइन के टाइम नहीं आयी और अब एक आदमी को ऐसे उससे चिपक काट बैठे देख अपने किस्मत पर गुस्सा आ रहा था.

वह आदमी के बदन से हलकी हलकी पसीने और शरण की बदबू आ रही थी और अनीता बैठने के कुछ देर बाद एक बार जैसे hi गहरी सांस ली तो उसकी नाक में उसके बदन की दुर्गन्ध समां गयी और वह एक पल के लिए अपनी नाक के नीचे अपनी बायीं हाथ की इंडेक्स फिंगर रख दी ताकि बदबू उसकी नाक में न जाए.

फिर वह वैसे hi नाके के नीचे ऊँगली राखी हुयी गर्दन घूमकर एक नज़र उस आदमी पर डाली और फिर उसके कपडे को ध्यान से देखने लगी. जो धोती पहना था वह पुराण हो चूका था और कुरता भी पुराण होने के साथ साथ गन्दा भी था. उसके दाए कंधे पर एक गमछा लटका हुआ था जो अनीता बैठते वक़्त नहीं देख पायी थी.

अनीता उसके चेहरे को देखि और न जाने क्यों अपनी नाक के नीचे से ऊँगली हटा कर एक गहरी सांस ली की तभी सामने वाले सीट पर एक आदमी आकर बैठ गया और अनीता का ध्यान उधर चला गया.

अनीता सामने वाले सीट पर बैठते हुए आदमी को देखि और फिर बहार देखने लगी. गहरी सांस लेने की वजह से उसके नाक में उस आदमी के बदन का दुर्गन्ध फिर समां गयी.

ऑटो चलने लगी. थोड़े देर बाद मोबाइल बजने की आवाज़ सुनकर अनीता उस आदमी के तरफ देखि जो की अपने कुर्ते के साइड पॉकेट से मोबाइल निकल रहा था. ऐसा करने से उसक बाय हाथ अनीता की कमर पर रगड़ रहा था.

मोबाइल निकलकर वह आदमी अपना सर अनीता के सामने से ले जाकर बहार की तरफ किया और पान को थूक दिया. यह देखते hi अनीता की चेहरे पर परेशानी का भाई आ गया थोड़ा.

ऑटो चलने से हवा की रुख पीछे की तरफ थी और इसी हवा की वजह से उसके पान का छींटा अनीता की कमर पर पद गयी. उस पोजीशन में होने से उस आदमी का बाय बाजु अनीता को अपनी दाई चूंकि पर महसूस हुयी जो की साड़ी के आँचल के बाहर थी, मगर यह सब कुछ सेकण्ड्स के लिए hi हुआ और अनीता रियेक्ट नहीं की.

पान थूकने के बाद वह आदमी अनीता को देखा जो की खुद भी उसको देखने लगी और फिर वह आदमी एक नज़र अनीता की चूंकि पर नज़र डालकर फ़ोन पर बात करने लगा. अनीता उसे खुद की चूंकि को ऐसे देखते हुए देख ली थी मगर कुछ रियेक्ट नहीं की और फिर उसके होठों पर पान से हुए गीलेपन को देखने लगी.

वह आदमी अगले पल अपने गमछे से पान को पोंछ लिया तो अनीता बाहर देखने lagi.Agle पल अनीता के कान में उसका बात पर्ने लगी.

''हाँ मालिक हम आ रहा हूँ. रास्ता में hi हूँ हम''..

अनीता बाहर देखती हुयी उसका बात सुन्नति रही. वह आदमी अपना बात जारी रखते हुए bola,''Are मालिक आ तो रहा हूँ हम. वह सुबह में जरुरी काम था तो का करते. आकर जल्दी से पहुंचा दूंगा हम, आप चिंता मत कीजिये"

वह आदमी के बोलने पर दूसरी तरफ से कुछ बोलने के बाद उधर से फ़ोन काट दिया गया.

वह आदमी थोड़ा गुस्सा से अपने काम दाम के स्क्रीनटॉच मोबाइल को देखा और बड़बड़ाने laga,"Ee ससुरा कस्टमर लोग भी बहोत बड़ा हरामी हॉट है. थोड़ा देरी हो जाये बस मालिक के पास फ़ोन करने लगेगा ससुरा लोग".

यह बादबांए के बाद वह फिर अनीता के सामने से सर बाहर की तरफ करके पान थूक दिया.

अनीता उसे hi देख रही थी और जब वो सर को उसके सामने से बाहर की तरफ ले जाकर पान थूक रहा था तो अनीता को उसका बाय बाजू फिर अपनी दाई चुकी पर महसूस हुआ और उसके बदन की दुर्गन्ध उसके नाक में फिर समां गयी. अनीता को अपनी बाई कमर पर फिर पान के कुछ छींटे महसूस हुयी.

वह आदमी जैसे hi सीधा हुआ तो वह आदमी अनीता को खुद की तरफ देखता हुआ पाया. वह आदमी अनीता की आँखों में देखते हुए अपने होठों को अपने गमछे से पोछा और फिर उसकी चूंकि को देखकर puchha,"Humra पान थूकने से आपको कउनो परेशानी तो नहीं हुआ. ू बात करना था तो इसलिए फेंका पड़ा".

अनीता यह सुनकर "न" में सर हिलायी और फिर बाहर देखने लगी.

वह आदमी एक नज़र अनीता की क्लीवेज, चूंकि की उभर और नंगी कमर को देखा और फिर सामने देखने लगा.

अनीता घूमकर अपनी बाई कमर पर देखि तो पान के कुछ छोटे छोटे टुकड़े और थोड़ा लाल रास चिपके हुए paayi.Woh अपनी कमर को देख hi रही थी की तभी ऑटो रुक गयी और सामने वाला पैसेंजर उतर gaya.Anita का ध्यान अपनी गोरी कमर से हटकर सामने की तरफ चला गया.

कुछ देर में वो मार्किट पहुँच गयी और पैसे देने के बाद वह उस आदमी को एक तरफ जाता हुआ देखने लगी और जब वो भीड़ में समां गया तो अनीता मार्किट की तरफ बढ़ गयी.

वो मार्किट में घुसने hi वाली थी की उसे पहले दिन वाला ऑटो ड्राइवर दूसरी तरफ से आता दिखाई दिया. वह ऑटो ड्राइवर भी अनीता को देख लिया और उसके सामने आ gaya,''are मेमसाहब आप?''.

अनीता मुस्कुराकर boli,''haan मैं. तुम तो पहले दिन के बाद ग़ायब hi हो gaye,dikhai hi नहीं देते हो''.

जवाब में ड्राइवर मुस्कुराकर bola,''Wo मेमसाहब लाइन से ऑटो चलना परता है तो जब आप आती जाती हैं तो मैं रस्ते में नहीं तो दूसरी स्टैंड पर रहता हूँ इसलिए नहीं दीखता''

अनीता मुस्कुराकर boli,''Haan सही कहा तुमने'' और जब अनीता यह कह रही थी तो वह देखि की ड्राइवर की नज़र नीचे उसकी नंगी कमर पर चली gayee.Anita ऑटो ड्राइवर को खुद की कमर को देखते हुए देख रही थी की तभी वह अनीता को देखते हुए धीरे से bola,''Memsaahab वह आपकी कमर पर कुछ लगा हुआ है''.

शोर की वजह से अनीता को ड्राइवर की बात सही से समझ नहीं आयी तो वह ,''क्या?'' बोलकर उससे दुबारा poochhi.Auto ड्राइवर थोड़ा आवाज़ को और तेज़ kiya,itna की अनीता सुन्न सके और फिर उसकी कमर की तरफ ऊँगली दिखते हुए bola,''Aapki कमर पर कुछ लगा हुआ है''.

अनीता उसके बोलने पर अपनी कमर को देखि और तब उसे ध्यान आया की वो ऑटो में अपनी कमर से पान का छींटा साफ़ करना hi भूल गयी थी. वह अपनी कमर देखने के बाद ड्राइवर की तरफ देखती हुई boli,''ohh'' और अपने बैग से टिश्यू पेपर निकलने लगी.

जब अनीता ड्राइवर की तरफ देखती hui,''ohh'' बोली तो उसको खुद की कमर को अभी भी देखते हुए पायी मगर अनीता चुप चाप अपने बैग से टिश्यू पेपर निकलने लगी और फिर अपनी कमर को साफ़ करने लगी.

ड्राइवर अनीता को अपनी कमर साफ़ करते हुए देख नज़र उसकी कमर से हटा लिया. उसे डर था की कहीं वह बुरा न मान जाये.

मगर कुछ सेकंड बाद उसका नज़र अनीता की पेट की तरफ चला गया और फिर उसकी नाभि पर. इतनी गोरी, चिकनी और सपाट पेट इस तरह से प्रदर्शित देखकर उसके लुंड में हलचल होने लगा. वह आज तक सिर्फ टीवी पर hi औरत को ऐसे तरीके से साड़ी पेहेनते हुए देखा था जिसमे ज़्यादातर ऊपरी जिस्म नंगी hi रहती हो, मगर आज वो अपने सामने देख रहा था.

पिछली बार वह अनीता को सही से नहीं देखा था क्यूंकि उसे बुरा लग रहा था मगर आज वो खुद को रोक नहीं पा रहा था. उसकी गोरी और सपाट पेट पर हल्का हल्का पसीना आ गया था जो की उसकी चमक बढ़ा रहा था और उसके जिस्म को और भी मादक बना रहा था.

ऑटो ड्राइवर उसकी कमर को देखते हुए अपना थूक निगला और फिर होठों पर ज़बान फेर कर उसको गिला किया मगर अनीता को अपने तरफ देखते hi वो थोड़ा घबरा कर उसे देखने laga.Anita उसे खुद की कमर को देखते हुए अपने होंठ पर ज़बान फिरते हुए देख ली थी और फिर मुस्कुराती हुयी ड्राइवर से poochhi,''ab ठीक है कहीं और तो नहीं लगी है?''.

ड्राइवर उसकी गोरी कमर को देखा और फिर मुस्कुराते हुए bola,''Haan मेमसाहब अब साफ़ हो गया''.

अनीता उसे टिश्यू दिखते हुए poochhi,''ise कहाँ फेंकू?''.

ड्राइवर उसकी हाथ से वो टिश्यू पेपर लेकर साइड में एक कचरे का डब्बा में फ़ेंक दिया. अनीता उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,''Achha हुआ तुमने बता दिया नहीं तो मैं ऐसे hi घूमती रहती. कितना ख़राब लगता न मेरी कमर पर इस्सस तरह से गंदगी चिपकी हुयी.''.

यह कहते हुए अनीता फिर से अपनी कमर को हाथों से थोड़ा साफ़ करने lagi,halanki उसकी कमर अब साफ़ हो गयी थी मगर फिर भी वह संतुष्टि के लिए वैसा की.

ड्राइवर अनीता को कमर साफ़ करते हुए देखकर bola,''koi बात नहीं मेमसाहब, यह पान का छींटा था. ज़रूर ऑटो में सामने बैठा कोई आदमी थूका होगा जो पीछे आपके ऊपर पद गया. यहाँ सब ऐसे hi करते हैं. जहाँ यहाँ बिना देखे समझे थूक देते हैं''.

अनीता कमर साफ़ करके उसके तरफ दुबारा देखि तो उसे अपनी कमर को देखते हुए पायी और मुस्कुराते हुई boli,"Haan ऐसा hi हुआ होगा

क्या कर सकते हैं. सबको समझ नहीं होती है. हर इंसान अलग तरह का होता है"

वह ड्राइवर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर poochhi,''Achha तुमने अपना नाम नहीं बताया''.

अनीता की बात सुनकर ऑटो वाले ने उसकी कमर पर से ध्यान हटाकर उसकी तरफ देखा और उसे मुस्कुराते हुए paaya.Uske दिल की धड़कन थोड़ी बढ़ गयी इस तरह से अनीता द्वारा अपना नाम पूछे जाने पर. एक इतनी खूबसूरत, जवान और पढ़ी लिखी औरत जो बड़े शहर की अमीर घर की थी उससे उसका नाम पूछ रही थी.

उसने अपने आपको थोड़ा संभाला और फिर जवाब diya,''jee मेमसाहब मेरा नाम टीपू है''.

अनीता मुस्कुराती हुई boli,''Tipu''. तभी अनीता की गांड को कोई छूटे हुए निकल गया. आज पहली बार उसकी गांड को बाजार के बाहर किसी ने छुआ था वर्ण उसकी गांड और कमर को बाजार के अंदर hi लोग छूटे थे. जब अनीता यह महसूस की की उसकी गांड को छूटे हुए कोई आगे बढ़ गया तब उसे ध्यान आया की उसे बाजार जाना है.

वह यह भी देखने की कोशिश नहीं की की उसकी गांड को कौन छूकर निकल गया और मुस्कुराती हुई टीपू से boli,''Are तुमसे बात करने के चक्कर में मैं यह भूल hi गयी की मुझे सब्जियां लेनी hai,theek है मैं चलती हूँ".

टीपू भी मुस्कुराकर अनीता को dekha,phir उसकी नंगी पेट और नाभि को देखकर वापस उसकी और देखते हुए bola,''jee मेमसाहब''.

अनीता भी मुस्कुराती हुई उसका आखरी बात सुनी और बाजार में कमर लचकती और गांड मटकती हुई घूस गयी.

अनीता सब्जीवाले के तरफ जा hi रही थी की अचानक रूककर वह पीछे घूमकर एक कोने में देखि. वहां वही आदमी खड़ा था जो पहले दिन उसकी गांड को मसल कर मज़े ले रहा था.

अनीता देखि की वो दूसरी तरफ देखकर फ़ोन पर किसी से बात कर रहा था और अनीता को अभी तक नहीं देखा tha.Anita वहां लगभग 10 सेकण्ड्स कड़ी होकर उसे देखि मगर फिर घूमकर सब्जीवाले के पास चली गयी.

वह सब्जीवाले को सब्जी के नाम और मात्रा बता कर कड़ी hi थी की उसे अपनी गांड पर एक हाथ महसूस हुयी और फिर एक आवाज़ सुनायी di,''kaisi हैं आप मेमसाहब?''.

अनीता बायीं तरफ गर्दन घूमकर देखि तो वही आदमी था और वो उसे देखकर मुस्कुरा रहा था.
 
अपडेट 9

अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराती हुई boli,''Are आप?''.

वह आदमी अपने हाथ को अनीता की गांड पर फिरते हुए bola,''jee मेमसाहेब हम. आप किसी और का इंतज़ार कर रही थी क्या?''.

अनीता उसके हाथ को अपनी गांड पर रेंगते हुए महसूस कर रही थी और साथ साथ अपनी चेहरे पर बिना किसी परेशानी के भाव ke,halki मुस्कान के साथ उसका बात सुन्न रही thi.Pichhli बार वह आदमी अपना हाथ अनीता की गांड पर एक जगह रखा हुआ था और कभी कभी बस हलके से उसकी गांड को दबा रहा tha,magar आज वो अपने हाथ को धीरे धीरे उसकी गांड पर फिरा भी रहा था.

अनीता अपनी गांड पर उसके हाथ को रेंगते हुए महसूस करती हुई उसके बातों को सुनी और फिर अपना सर ''न'' में हिलाकर boli,"Nahin मैं किसका इंतज़ार करुँगी".

अनीता यह बोलकर एक नज़र जल्दी से आस पास दौड़कर वापस सब्जी तौलता हुआ देखने लगी. वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए उसके खूबसूरत चेहरे को देखा और पाया की उसकी चेहरे पर नार्मल भाव था.

वह फिर अनीता की कान में लटकी हुई लम्बे झुमके को देखा जो उसकी खूबसूरती को और बढ़ा रही थी. फिर उसकी गोर कंधे को देखा जो उसकी बाजु तक नंगी hi thi,bas बाजु के पास से उसकी ब्लाउज के कपडे नीचे की तरफ जा रहे थे जो उसकी पीठ की दोनों साइड की किनारो को hi ढकी हुयी थी और उसके बीच का पूरा पीठ नंगी hi थी. वह नंगापन उसकी खुली हुयी बाल थोड़े बहोत धक् रहे थे मगर फिर भी उसकी नंगी गोरी पीठ अच्छा ख़ासा दिख रही थी.

वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए उसकी पीठ को देख hi रहा था की अनीता बाएं घूमकर उसे देखि. वह आदमी यह महसूस किया की अनीता उसे देख रही है तो वो तुरंत अपनी नज़रे उसकी पीठ से उसकी चेहरे के तरफ कर दिया और उसकी गांड को हलके से दबा कर मुस्कुरा दिया.

अनीता भी उसकी मुस्कराहट का जवाब मुस्कुराकर देती हुई उसके आँखों में देखकर boli,''Aaj फिर आप लेट कर रहे हैं काम पर जाने में. आज फिर आपके मालिक फ़ोन कर के आपको डांटेंगे''.

वह आदमी अपने हाथ को अनीता की गांड की दायीं फांक से सड़क कर उसकी बायीं फांक पर रखकर हलके से दबाया और बाएं गर्दन घुमाकर पास कूड़ेदान में गुटखा को थूक दिया.

अनीता चुप चाप अपनी गांड पर उसके हाथों को महसूस करती हुई उसके तरफ देख रहा थी जैसे उसके जवाब का इंतज़ार कर रही हो.

वह आदमी गुटखा थूक कर गंदे अंदाज़ में अपने बाएं हाथ से अपने होंठ को साफ़ किया और इस दौरान अपने दाए हाथ को अनीता की गांड के बायीं फांक पर फिरते रहा.

अपना होंठ साफ़ करने के बाद वह आदमी अपना हाथ अनीता की गांड की बायीं फांक से हटाकर उसकी दायीं फांक पर लेजाकर उसको सहलाते हुए मुस्कुराकर bola,''Are मेम साहब मालिक लोगो का क्या hai,unka काम hi है डांटना और चिल्लाना. उसका फ़िक़र हम नहीं करते''.

अनीता वह आदमी का हाथ अपनी पूरी गांड पर रेंगते हुए महसूस करती हुयी चुपचाप उसके तरफ देखती हुयी उसके बातों को सुनती रही और जब उसका बात पूरा हुआ तो वो मुस्कुराकर boli,"Haan तब तक जब तक फ़ोन न आ जाये. हैं न?".

वह आदमी यह सुनकर अपना लाल दांत दिखते हुए मुस्कुराने लगा तो अनीता भी एक ऐडा से मुस्कुराती हुयी अपना सर हिलाकर आस पास एक नज़र दौड़कर वापस सब्जी वाले को सब्जी तौलते देखने लगी.

वह आदमी अनीता को इस ऐडा से मुस्कुराते हुए देख धीरे से उसकी गांड के दाएं फांक को दबा दिया मगर अनीता चुप चाप सब्जी तौलते हुए देखती रही.

वो आदमी भी कुछ सेकण्ड्स तक सब्जियों को देखते रहा और फिर bola,''Aaj फिर से सदा सब्जी मत तौल देना''.

अनीता इस बात पर मुस्कुरा दी और सब्जी वाले को देखने लगी की तभी सब्जीवाला उस आदमी से बोलै ,''अरे भाई ग़लती हो गयी एक baar,ab नहीं होगी कितनी बार कहूँ''

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा रही थी. वह सब्जी वाला अनीता को मुस्कुराता देख bola,"Memsaahab आज हम आपको अच्छा और ताज़ा सब्जी हूँ दूंगा, एक बार का ग़लती दुबारा नहीं होगा".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है" और यह बोलकर वह उस आदमी के तरफ देखि जो अभी भी उसकी गांड सेहला रहा था और अनीता को अपने तरफ देखते हुए फिर से लाल दांत दिखते हुए मुस्कुरा दिया. अनीता भी मुस्कुराती हुयी उसे देखकर वापस सब्जी को तौलता हुआ देखने लगी.

वह आदमी अपना हाथ अनीता की गांड की दायीं फाक से ऊपर ले जाकर उसकी नंगी दाई कमर पर रख diya.Anita की मुलायम त्वचा छूटे hi उसका लुंड फड़फड़ा गया. अनीता की कमर पर हल्का हल्का पसीना था जो उसकी गोरी चिकनी कमर को और चमक और चिकनापन प्रदान कर रहा था. इतनी gori,mulayam और चिकनी कमर को छूकर उसका क्या किसी भी मर्द का लुंड फड़फड़ाना hi था. अनीता अपनी नंगी कमर पर उस आदमी का खुरदुरा और कठोर हाथ को महसूस करके चुपचाप सब्जी तौलता देख रही थी.

वह आदमी अपने लुंड को अपने पंत में एडजस्ट किया और bola,''memsahab''.

अनीता उसका आवाज़ सुनकर उसके तरफ देखती हुई boli,''hmm''.

वह आदमी अपने हाथ को अनीता की कमर पर हलके से फिरते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola,''Isne फिर दुबारा आपको सदा सब्जी तो नहीं diya?Hum थोड़ा बीजी थे तो आ नहीं पाते थे आपकी मदद karne''.aur यह बोलते हुए वह मुस्कुराकर अपने हाथ को अनीता की कमर पर नीचे के तरफ फिरते हुए जहाँ अनीता की चउरवे शुरू होती थी वहां टिका दिया.

अनीता उसका बात सुनकर मुस्कुराकर जवाब di,''Nahin उस दिन आपके बोलने के बाद से सही सब्जी मिल रही है. एक भी ख़राब सब्जी नहीं दिया इन्होने''.

इससे पहले की वह आदमी कुछ बोलता सब्जीवाला बोल pada,"Are भाई हम बोले हैं न की एक दिन ग़लती हो गया, दुबारा हम थोड़े hi वैसा करूँगा".

वह आदमी यह सुनकर कुछ बोलने के लिए मुंह खोला मगर उसका मुंह गुटखा से भर चूका था तो वह फिर से बाते तरफ मुंह करके गुटखा को थूक कर वैसे hi गंदे अंदाज़ में मुंह पोंछने लगा तो अनीता उसके तरफ देखि.

वह आदमी मुंह पोंछकर सब्जीवाले से bola,"Abe हम तुमसे पूछा हूँ? तुम तो बोलोगे hi की अच्छा सब्जी दे रहे हो".

सब्जीवाला यह सुनकर चुप हो गया तो वह आदमी मुस्कुराते हुए अनीता को देखा तो अनीता भी उसके तरफ देखि तो वह उसकी आँखों में देख उसकी कमर पर हाथ फिरते हुए उसने bola,''Lekin जब मेमसाहब बोल रही है की उनको सदा सब्जी नहीं दिए हो तो ठीक है. हम एहि चाहता हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी तो वह आदम bola,"Theek है मेमसाहब. हम चलता हूँ अब. आपको अच्छा सब्जी मिल रहा है ी जान कर हुंका खुसी हुआ. काम का भी समय हो गया है. आप तो हम का निठल्ला समझ रही होंगी की काम का समय में हम इहाँ हूँ''.

यह बोलते हुए वह वापस अपने हाथ को अनीता की गांड पर लाकर फिरा दिया.

अनीता उसके बात को सुनकर मुस्कुराती हुई boli,''Are नहीं ऐसी कोई बात नहीं. आप तो काम पर जाते hi है तो आप निठल्ले कैसे हुए. वह तो मैं बस ऐसे hi बोल रही थी ताकि मेरी मदद करने के चक्कर में आप काम के लिए लेट न हो जाये''.

वह आदमी हलके से अनीता की गांड को दबाते हुए जवाब diya,''Chaliye अच्छा है मेमसाहब की अब आप हुंका निठल्ला नहीं समझती. हम सच में बड़े काम के आदमी है. म्हणत करने से पीछे नहीं हट्टे''.

अनीता मुस्कुराकर उसे देखती हुयी boli,"Yeh तो अच्छी बात है. इंसान को म्हणत करना hi चाहिए." और यह बोलकर वापस सब्जी तौलता हुआ देखने लगी.

वह आदमी फिर bola,''Theek है मेमसाहब. हम चलता हूँ. फिर कभी दुबारा मुलाक़ात होगी तो हम आपका फिर मदद करूँगा'' और यह बोलते हुए वह अनीता की गांड को दबा दिया.

अनीता घूमकर उसे देखि और मुस्कुराती हुई ''हाँ'' में सर हिलाकर boli,"Theek है".

वह उसे देख hi रही thi,ki सब्जी वाला puchha''memsaahab हरी मिर्च दूँ?''.

अनीता वापस सब्जी वाले की तरफ देखती hui,''haan'' बोल hi रही थी की वह अपनी गांड पर उस आदमी का हाथ फैलते हुए महसूस की और अगले hi पल वह आदमी अनीता की गांड को थोड़ा ज़ोर से भींच diya.Anita की बड़ी गांड पूरी तो नहीं समां सकीय उसके हाथ mein,bas उसकी गांड की थोड़ी सी मांस उसके हाथों में कैद होकर भींचा गयी.

अनीता जब घूमकर उसके तरफ देखि तो वो आदमी अपना हाथ हटाकर घूमकर भीड़ के बीच चला जा रहा tha.Usko जाता देख अनीता एक नज़र आस पास दौड़ाई तो देखि सब अपने अपने काम में लगे हुए थे. अनीता वापस उस आदमी के तरफ कुछ सेकण्ड्स देखती रही. उसके चेहरे पर गुस्सा का भाव ज़रा सा भी नहीं tha,wo एकदम नार्मल थी.

वो आदमी जब बाजार से बिना वापस घूमे निकल गया तो अनीता वापस सब्जी वाले को हिसाब करते देखने लगी. सब्जी वाले को हिसाब करता देख अनीता फिर से आस पास देखकर अपनी गांड पर साड़ी को ठीक कर ली और सब्जी वाले के तरफ देखने लगी.

सब्जी वाला जब हिसाब दिया तो अनीता मुस्कुराकर उसे पैसे दे दी और सब्जी उसके हाथों से ले hi रही थी की तभी कोई उसकी कमर पर ऊँगली फिरते हुए चला गया. अनीता बिना पीछे घूमे चुप चाप सब्जीवाले से सब्जी ले ली और मुस्कुराती हुई use,''Thank यू'' बोलकर बज़ाएर से निकल गयी

घर वापस जाते वक़्त कुछ ख़ास नहीं हुआ उसके saath,ek बुजुर्ग के ऑटो में बैठ कर गयी वो और वह अनीता से बात नहीं किया.

संडे का दिन था. राज और अनीता नाश्ता करने के बाद अपने कमरे में एक की ठंडी हवाओं के बीच बिस्तर पर आराम कर रहे the.Anita राज की बाहों में थी. वह सलवार कमीज पहनी हुई thi.Dono करवट लेकर लेते हुए the.Anita की बाई पेअर राज के पेअर पर था और उसकी बाई हाथ राज के बालो पर वहीँ राज के बाये हाथ पर अनीता का सर था और उसकी दया हाथ अपनी जवान खूबसूरत बीवी की बायीं चुकी पर जो उसकी कमीज में कैद थी.

दोनों मीठी मीठी बातें कर रहे थे और बात करते हुए राज अपनी पत्नी की चूंकि को कभी कभी हल्का दबा रहा था.

थोड़ी देर बाद राज अनीता की narm,surkh होठों पर एक चुम्बन जड़ diya.Chumban देकर राज अपना चेहरा जैसे hi थोड़ा पीछे khincha,Anita उससे सवाल कर di,''achha सुनो वो नौकर का क्या हुआ?''.

राज यह सुनकर थोड़ा चिंतित होकर bola,''Jaan मैं कोशिश में लगा हुआ hoon,milte hi ले आऊंगा''.

अनीता मुस्कुराकर राज को boli,''Are तो इसमें परेशां होने की क्या बात है. मैं तो बस पूछ रही थी की कोई इंतज़ार हुआ या नहीं".

राज यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Haan जान लेकिन चिंता कैसे नहीं करू. मेरी इतनी प्यारी फूल जैसी बीवी को सब काम खुद करना पद रहा है तो चिंता कैसे नहीं करू?"

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe अब मक्खन मत लगाओ हहै".

राज भी यह अपनी पारी जैसी खूबसूरत और मॉडल जैसी सेक्सी बीवी को हस्ता देखा मुस्कुरा दिया और उसकी चूंकि दबाकर poochha,''to जान बाजार आने जाने में कोई दिक्कत तो नहीं हो रही?''.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुई जवाब di,''Nahin जान कोई दिक्कत नहीं हो रही. मैं पढ़ी लिखी हूँ और इससे बड़े शहर में पाली बढ़ी हूँ. तो यहां कैसी दिक्कत''.

राज फिर poochha,''Mera मतलब है यहां के लोग कैसे है और माहौल ठीक है to?''.Anita मुस्कुराती हुई एक कामुक ऐडा में अपने पति को जवाब देती हुई boli,''Haan बाबा सब ठीक है. बाजार आने जाने के लिए ऑटो hai,haan टैक्सी रहती तो अच्छा होता मगर ऑटो में भी कोई परेशानी नहीं होती. ऑटो स्टैंड नज़दीक है और ऑटो ड्राइवर सब भी अच्छे hi हैं. ऑटो में नए नए लोग मिलते हैं उनसे भी बात हो जाती है और बाजार में भी सब्जीवाला अच्छा है. बाजार में भी कोई दिक्कत नहीं होती, बस थोड़ी भीड़ ज़्यादा रहती है. सीधा बोलूं तो यहां सब कुछ अच्छा hi है. इतना भी बुरा नहीं है जितना मैं सोची थी की छोटा शहर में एडजस्ट करना थोड़ा मुश्किल होगा. सो फार थे एक्सपीरियंस है बीन गुड एंड ी ऍम वैरी कम्फर्टेबले हेरे''.

राज यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी चूंकि दबाकर bola,''Chalo अच्छा है तुमको यहां अच्छा लग रहा है. मैं सोच रहा था की तुम्हे यहां अच्छा लगेगा या nahin,lekin अब जब तुम यहां खुश हो तो मैं निश्चिन्त होकर काम कर सकता हूँ''.

अनीता भी मुस्कुराकर boli,''haan यहां शांति है. बाज़ार में थोड़ी भीड़ रहती है और कभी कभी ट्रैफिक जैम के कारण सड़को पर हल्ला चिल्ला होने लगता है मगर बाकी समय शांति hi रहती है और यह घर तो थोड़ा हैट कर है तो यहां तो और शान्ति है. अच्छा है. मैं दिल्ली की शोर शराबे से परेशां हो गयी थी. यहाँ आने से थोड़ा अलग एनवायरनमेंट एक्सपीरियंस कर सकती हूँ''.

दोनों पति पत्नी इसी तरह बात करते हुए हलकी फुल्की छेड़ छड़ करते हुए दिन बीता दिए.
 
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