Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 2 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

अपडेट 10

थर्सडे का दिन tha.Anita को फिर बाजार जाना tha.Woh जब ऑटो स्टैंड पहुंची तो उसे दो hi ऑटो दिखी. टीपू स्टैंड पर बैठा हुआ था और अनीता को देखकर मुस्कुराया. अनीता भी उसको देखकर मुस्कुराई की तभी अनीता की कान में आवाज़ आयी, "इस ऑटो में बैठिये मेमसाहब"

अनीता आवाज़ के तरफ देखि तो आवाज़ उसी ऑटो वाले का था जो कुछ दिन पहले उसे बाजार ले जाते वक़्त बार बार आईने में देख रहा था. अनीता समझ गयी की उसके ऑटो की जाने की बारी थी.

वह ऑटो वाला उसे देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी हलकी मुस्कुरा दी और गांड मटकती हुयी उसके ऑटो के तरफ चल दी.

अनीता ऑटो में बैठने वाली hi थी की वह ऑटो ड्राइवर उसे रोककर सीट को अच्छे से साफ़ कर दिया. अनीता यह देखकर मुस्कुराने लगी. वह ड्राइवर सीट साफ़ करके bola,"Pichhli बार सीट गन्दा था. आज हम आपको शिकायत का मौक़ा नहीं देंगे".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती huyi,"Thank यू" बोलकर सीट पर बैठने लगी की उस ऑटो वाला का नज़र उसकी गांड पर चली गयी जो अनीता के झुक काट बैठने से बाहर की तरह थोड़ा उभर गयी थी. टीपू उस ड्राइवर को अनीता की गांड देखते हुए देखा और फिर न चाहते हुए भी खुद भी उधर नज़र ले गया मगर तब तक अनीता ऑटो में बैठ गयी.

वह ऑटो ड्राइवर अनीता के बैठने पर poochha,''memsaahab आप कैसी हैं?''.

अनीता यह सुनकर एक पल उसे देखि. अनीता को ऐसे देखते हुए उसका दिल धड़क गया और सोचने लगा की शायद वह कुछ ग़लत बोल दिया मगर अनीता उसे इसलिए देख रही थी क्यूंकि वह यह सवाल सुनकर थोड़ी सोच में पद गयी थी क्यूंकि ऐसा सवाल कोई किसी से मिलते hi पूछता है लेकिन यह ड्राइवर उसे आराम से ऑटो में बैठने के बाद पूछ रहा था. इस तरह का सवालों का वह उम्मीद नहीं कर रही थी.

मगर एक पल उसे देखने के बाद वह हमेशा की तरह मुस्कुराती हुई boli,''achhi हूँ. तुम कैसे हो? ''.

वह ड्राइवर ख़ुशी से bola,"Haan मेमसाहब हम भी अच्छे हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरायी और फिर बाहर देखने लगी. ड्राइवर एक पल के लिए अनीता की जिस्म को ऊपर से नीचे तक देखा और थूक घोंटने लगा की तभी कुछ पैसेंजर्स आ गए.

टीपू यह सब बैठा हुआ देख रहा था और पैसेंजर्स के आने के बाद वह उठा और तीन पैसेंजर्स को वह दूसरा ऑटो के तरफ बैठने का इशारा करने के बाद बाकियों को अपने ऑटो में बैठने के लिए बोल दिया.

अनीता वाले ऑटो में सबके बैठने के बाद वह ऑटो चल पड़ा.

पिछले बार के तरह इस बार भी ऑटो ड्राइवर अनीता को बार बार आईने से देख रहा था और अनीता भी उसे कई बार खुद को देखती हुई देख चुकी थी मगर या तो वह ड्राइवर के मुस्कुराने पर खुद भी मुस्कुरा देती या बिना कोई एक्सप्रेशन दिए चुप चाप वापस बाहर देखने लगती.

थोड़ा देर बाद ऑटो बाजार पहुँच गया. अनीता बाजार थोड़ा लेट hi पहुंची थी इसलिए भीड़ थोड़ा काम था. वह आदमी भी नहीं आया अनीता की गांड मसलकर मज़ा lene.Anita दो तीन बार इधर उधर देखि मगर वो आदमी कहीं नहीं था. काम भीड़ के बवजूद भी अनीता की गांड मेहफ़ूज़ नहीं रह सकीय और एक बार उसे कोई दबा कर आगे बढ़ गया. अनीता गांड दबाये जाने पर उधर देखि तो एक आदमी को तेज़ी से जाते हुए देखि.

अनीता को उधर देखते हुए पाकर सब्जीवाला puchha"Kuchho हुआ का मेमसाहब?"

अनीता सब्जीवाले के तरफ देखि और "न" में सर हिलायी तो सब्जीवाला वापस सभी तौलने पर ध्यान लगाने लगा. अनीता एक नज़र आस पास देखने के बाद अपनी हाथ पीछे अपनी गांड पर लेजाकर साड़ी ठीक करने hi वाली थी की उसे एक मर्द आता दिखाई दिया.

उस मर्द का नज़र नीचे मोबाइल पर था और अनीता को देखा नहीं था. उसके सर पर गमछा रखा हुआ था धुप से बचने के लिए तो अनीता उसका चेहरा नहीं देख पायी. वह आदमी का ध्यान मोबाइल पर hi था की अनीता अपनी साड़ी ठीक किये बिना अपनी हाथ अपनी गांड से हटा दी.

कुछ देर के बाद अनीता वापस उधर देखि तो वह आदमी चुप चाप मोबाइल में देखता हुआ बाजार में घुसने के बजाय दूसरे तरफ चला गया. उसको जाट देख अनीता एक बार आस पास देखकर चुप चाप अपनी गांड पर की साड़ी ठीक कर ली.

ऐसा नहीं था की वह चाहती थी की वह आदमी आकर उसकी गांड छुए या दबाए मगर वह जानती थी की शायद वह आदमी उसे देखकर गांड दबाकर निकल जाये तो फिर से साड़ी ठीक करने के बजाय एक hi बार ठीक कर लेगी जब वह भी उसकी गांड दबाकर चला जायेगा.

अनीता चुप चाप अपनी गांड पर का साड़ी ठीक करने के बाद सब्जी ले ली और पैसे देकर बाजार से निकल कर ऑटो स्टैंड के तरफ चल दी.

अनीता से पहले पीछे एक कॉलेज का तीनगर बैठा था जिसके कारण अनीता बीच में बैठ गयी और कुछ देर बाद उसकी बायीं तरफ में एक बूढ़ा बैठा गया और उसे देखते hi थोड़ा अजीब तरीके से मुस्कुरा दिया.

अनीता भी हलके से मुस्कुराकर सामने देखने lagi.Ab अनीता की दायीं तरफ वो तीनगर था और बायीं तरफ वो बूढ़ा. अनीता सामने देख रही थी की तभी उसको अपनी बायीं हाथ पर उस बूढ़े की कोहनी महसूस हुयी. अनीता यह महसूस करके घूमकर उसके तरफ देखि मगर वह दूसरे तरफ देख रहा था जहाँ से एक और पैसेंजर आ रहा था. अगले पल वह पैसेंजर सामने बैठा तो अनीता को ध्यान सामने के तरफ चला गया.

अनीता सामने देखने लगी तो उसी वक़्त वह बूढ़ा भी एक बार उसकी क्लीवेज के तरफ देखा और उसके बदन में बिजली दौड़ गयी. अगले पल ऑटो चलने लगी तो वह बुद्धा बायीं तरफ सर करके बाहर देखते हुए अनीता को बाई हाथ के नीचे से कोहनी घुसकर उसकी चूंकि महसूस करने का कोशिश करने लगा.

अनीता अपनी हाथ के पास प्रेशर महसूस करके एक पल के लिए फिर से उस बूढ़े के तरफ देखि मगर उसको बाहर देखते हुए देख चुप चाप सामने देखने लगी.

कुछ सेकण्ड्स तक वैसे hi होता रहा की तभी गाडी ट्रैफिक जैम में अटक गयी. अनीता थोड़ी बोर होने लगी तो वह अपनी दायी तरफ बैठे स्टूडेंट से boli,''hello! What's योर नाम?''.

वह स्टूडेंट अनीता को देखकर मुस्कुराते हुए bola,''aunty माय नाम इस....."

अनीता मुस्कुराती हुई boli,''Nice name,but don't कॉल में आंटी ok''.

वह स्टूडेंट ''हाँ'' में सर हिलाया की तभी ऑटो फिर चलने लगी.

वहीँ वह बूढ़ा अभी भी अनीता की हाथ में प्रेशर बना रहा था और वह उसकी चूंकि से कोहनी सताने का कोशिश कर hi रहा था की एक गड्ढे से होते हुए ऑटो आगे बढ़ा और ऐसे में झटके की वजह से अनीता सीट पर थोड़ा आगे सदाकने से बचने के लिए अपनी बाई हाथ सामने वाले रोड पर रख दी.

वह बूढ़े के लिए इतना मौका काफी था अपना कोहनी अनीता की हाथ से नीचे से घुसकर उसकी चूंकि पर सताने के लिए. वह भी चोट लगने से बचने के लिए अपना बाय हाथ आगे वाले रोड पर रख लिया था और दाया हाथ अनीता की चूंकि पर सत्ता दिया.

अनीता सामने देखती हुयी ड्राइवर से boli,''Bhaiyaa थोड़ा आराम से चलाइये auto''...........auto वाले ne,'jee मेमसाहब गड्ढा दिखा नहीं इसलिए हो गयी'' बोलकर सफाई दिया.

बुद्धा यह सुनकर अनीता की चूंकि में कोहनी रगड़ते हुए bola,"Kahin कहीं गड्ढा होता है तो कहीं कहीं पहाड़ जैसा उठा रहता है".

अनीता यह सुनकर उस बूढ़े के तरफ देखि तो वह थोड़ा घबराकर अपना कोहनी अनीता की चूंकि से हटा लिया और नज़र दूसरे तरफ कर लिया. अनीता उसे नार्मल भाव से hi देखि थी. उसकी चेहरे पर गुस्सा या परेशानी का भाई नहीं था मगर फिर भी बुद्धा उसके देखने पर घबराकर दूसरे तरफ देखने लगा.

अनीता उस बूढ़े को देख hi रही थी की तभी ड्राइवर bola,"Haan उठा हुआ ब्रेकर रहता है तो वह दिख जाता है, यह गड्ढा hi कभी कभी समझ नहीं आता है".

यह बात का जवाब कोई नहीं दिया तो ड्राइवर चुप चाप ऑटो चलते रहा. वहीँ अनीता वापस उस स्टूडेंट के तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी puchhi,"which क्लास दो यू रीड इन?''

वह स्टूडेंट बोल दिया किस क्लास में पढता था. अनीता मुस्कुराकर उसका बात सुनी और फिर सामने देखने लगी. वह अपनी नयी हाथ अभी भी सामने रोड पर hi राखी हुयी थी. कुछ देर बाद उसे अपनी चूंकि के साइड पर कोहनी फिर महसूस हुयी और वह चुप चाप बैठी रही.

अगला 5 मिनट ऐसे hi होता रहा. वह कोहनी अब ज़्यादा अंदर घुसने का कोशिश नहीं कर रहा था बस उसकी चूंकि के साइड से hi सत्ता हुआ था और ऑटो के चलने से अपने आप थोड़ा इधर उधर हिल रहा था. अनीता इस पांच मिनट के दौरान एक बार उस बूढ़े के तरफ देखि तो वह बाहर देख रहा था और धीरे से धोती के ऊपर से अपना लुंड मसल रहा था.

अनीता उसे ऐसा करता देख चुपके से सामने देखि और फिर अपनी दायी तरफ बैठे स्टूडेंट के तरफ देखकर दुबारा वापस बूढ़े के तरफ देखि तो वह लुंड से हाथ हटा चूका था. अनीता यह देखने के बाद चुप चाप सामने देखने लगी.

पांच मिनट बाद वह बूढ़ा ऑटो वाले को रोकने के लिए बोलै और भाड़ा देकर अपना धोती के सामने हाथ रखे उतर गया. अनीता उसको उतारते देखि तो उसका हाथ धोती के सामने था. अनीता वापस सामने देखने लगी तो ऑटो वाला bola,"Kisi के पास 10 रुपया है तो दे दीजिये. मेरे पास छुट्टा नहीं है".

यह सुनकर सामने बैठा आदमी अपना पॉकेट से पैसा निकल hi रहा था की तब तक अनीता अपनी क्लच से 10 का नोट निकल कर ड्राइवर के तरफ बढाती हुयी boli,"Yeh लीजिये" तो ड्राइवर bola,"Chacha को दे दीजिये".

अनीता यह सुनकर पीछे वाली सीट पर बीच से थोड़ा नयी तरफ सड़क कर उस बूढ़े के तरफ पैसा बढाती हुयी देखि तो बूढ़े को अपने धोती के ऊपर से अपना लुंड मसलकर एडजस्ट करते हुए पायी.

अनीता यह देखते hi जल्दी से तिरछी आँख से सामने वाले पैसेंजर को देखि तो वह अपना पैसा निकलकर ड्राइवर को दे रहा था. अनीता को ध्यान वपए बूढ़े के तरफ तब गया जब वह उसकी हाथ से 10 का नोट लेने लगा.

अनीता उधर वापस देखि तो वह बूढ़ा अपने धोती से हाथ हटा चूका था और अनीता को सामने थोड़ा उभार दिखाई दिया और एक औरत होने के नाते वह समझ चुकी थी की वह क्या था.

अनीता उसके उभर को देखने के बाद अपनी नज़ारे उसके चेहरे पर ले गयी तो दोनों की नज़रे मिली की तभी वह बूढ़ा अपना हाथ लुंड पर एक बार और जल्दी से रखकर धोती ठीक करते हुए नज़र अनीता के चेहरे से हटाकर मुंह घुमा लिया की तभी ऑटो भी चल पड़ी. अनीता भी बिना कुछ बोले या चेहरे पर कोई भाव के वापस सामने देखने लगी. कुछ देर में अनीता भी घर पहुँच गयी.
 
अपडेट 11

रात का 10 बज रहा था. दोनों पति पत्नी डिनर कर चुके थे और राज लिविंग रूम में सोफे के कोने पर बैठा क्रिकेट मैच देख रहा था वहीँ उसकी जवान खूबसूरत बीवी अनीता सोफे पर पेट के बल लेती हुयी उसका लुंड चूस रही थी.

अनीता को राज ने पिछली दो रातों से छोड़ा नहीं था. वह थकावट की बात करके सो जाता था और अनीता भी बुरा नहीं मानती थी मगर आज अनीता को छुड़वाने का मैं कर रहा tha.Anita छह रही थी की राज उसे बिस्तर पर ले चले और अच्छे से उसे चोदे मगर राज क्रिकेट मैच देखने में बिजी था.

जब अनीता अपनी अदाओ से राज को रिझाने की कोशिश की तो राज उसकी चूंकि मसलते हुए bola,''Bas जान थोड़ी देर मैच देख लेने do,phir जी भर कर तुम्हे प्यार करूँगा आज''.

अनीता नोर्मल्ली मान jaati,magar आज वो थोड़ी नाराज़गी जताती हुई boli,''Abhi चलो न जान. मेरा बहोत मैं कर रहा है aaj,peechhli दो रात से कुछ किये नहीं हो. चलो न बैडरूम mein,baad में हाइलाइट्स देख लेना''.

राज यह बात सुनकर थोड़ी हैरानगी से bola,''Jaan क्या हो गया है आज तुम्हे?''.

अनीता अभी भी नाराज़गी जताती हुई राज से boli,''Kya हो गया मतलब? मेरा मैं नहीं कर सकता क्या?''.

राज को अपने ग़लती का एहसास हुआ और उसे ठीक करते हुए bola,''Haan जान क्यों नहीं कर सकता. बस पहले कभी ऐसे तुम्हे नहीं देखा इसलिए...''

अनीता राज को पूरा बोलने भी नहीं दी और बीच में बोल padi,''To चलो न बैडरूम में''.

राज फिर अनीता को मानाने की कोशिश करते hue,''Bas जान थोड़ी देर रुक jao,match देख लेने दो'' बोलकर वापस मैच देखने लगा.

अनीता इस बार कुछ नहीं बोली. बस गुस्से से उसके तरफ देखने लगी तो राज उसके तरफ देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Gussa मत हो जान. बस थोड़ी देर और प्लीज" और फिर टीवी देखने लगा.

राज का नज़र वापस टीवी पर चला गया और अनीता उसे वैसे hi गुस्से और नाराज़गी से देखने लगी. वह कुछ पल ऐसे hi राज को देखती रही और फिर उठकर राज के सामने hi कड़ी होकर अपनी छोटी कमीज खोलकर राज के सर पर फ़ेंक दी.

राज अपने चेहरे पर अपनी खूबसूरत सेक्सी बीवी की कमीज पड़ते hi हसने laga,"Hehehe लगता है आज मेरी खैर नहीं".

अनीता अब केवल bra,panty और सलवार पहनी हुयी थी. वह राज जा बात सुनकर ऐडा से boli,"Haan बिलकुल खैर नहीं तुम्हारी आज. मैं नाराज़ हूँ"

और यह बोलकर वह फिर सोफे पर पेट के बल लेट गयी और पंत के ऊपर से hi राज के लुंड से खेलने लगी. राज अपने चेहरे से अपनी बीवी का कमीज हटाकर सोफे के एक कोने में रख दिया और अपने बीवी को अपने लुंड से खेलता देख बिना कुछ बोले वापस मैच देखने लगा.

अनीता कुछ सेकण्ड्स अपने पति का लुंड पंत के ऊपर सहलाने के बाद उसके पंत का ज़िप खोलकर लुंड को बाहर निकल ली और फिर उसे सूंघने के बाद अपनी ज़बान बाहर निकल के उसके लुंड के टोपे को चाटने लगी.

अपनी बीवी की ज़बान का स्पर्श मिलते hi राज का लुंड में जान आने लगा और वह उसके तरफ देखकर वापस मैच देखने लगा. कुछ पल ऐसे hi अनीता लुंड को चाट टी रही और फिर मुंह में लेकर चूसने लगी.

राज एक नज़र अपनी बीवी को लुंड चूसते हुए देखा और फिर वापस मैच देखने laga.Raj मैं hi मैं बहोत खुश हो गया की मैच देखने के साथ साथ लुंड चूसै का मज़ा भी उसे मिल रहा tha.Anita लुंड बहोत अच्छा चुस्ती thi,yahaan तक की वो कभी कभी राज को ऐसे hi,sirf लुंड चूस कर hi झाड़ देती थी इसलिए राज को उसका लुंड चूसै बहोत पसंद tha,bhale hi उसकी लुंड चूसै से कभी कभी वो जल्दी झाड़ जाता था.

अनीता भी जानती थी की ज़्यादा देर लुंड चूसने पर राज झाड़ सकता है तो वो 5 मिनट लुंड चूसने के बाद उसके लुंड को छोड़कर उठी और उसके सामने कड़ी होकर अपनी गांड उसके तरफ करके सलवार और पंतय खोलने लगी. दोनों खोलने के बाद वह अब नीचे से पूरी नंगी थी और ऊपर केवल ब्रा hi उसकी चूंकि को कैद किये हुए थी.

राज थोड़ा एक साइड झुककर कभी टीवी पर मैच देखता तो कभी अपनी जवाब बीवी को कपडे उतारते हुए देखता. जब अनीता सलवार और पंतय खोल दी तो उसका नज़र उसकी बड़ी गांड के तरफ पड़ा और वह देखते hi उसका लुंड में थोड़ा सरसराहट हुआ.

राज एक नज़र फिर टीवी पर लेजजर मैच देखा और जैसे hi अनीता नंगी होकर उसके तरफ घूमी वह तुरंत उसके तरफ देखकर मुस्कुरा दिया.

अनीता भी उसको देखकर मुस्कुराई और फिर उसके सामने बैठकर फिर से एक बार और राज का लुंड मुंह में लेकर एक मिनट चूसती है.

लुंड चूसै के वक़्त अनीता का पूरा ध्यान अपने पति के लुंड पर था वहीँ राज कभी मैच देखता तो कभी अपनी बीवी को लुंड चूसते हुए देखता और आराम से सोफे पर बैठकर दोनों चीज़ का मज़ा लेने लगा.

एक मिनट लुंड चूसै के बाद राज का लुंड जब खड़ा हो गया तो अनीता उठी और फिर उसकी तरफ पीठ करके उसके लुंड पर बैठने का पोजीशन बनाने lagi.Ab अनीता सीधा राज के सामने थी तो राज मैच नहीं देख पा रहा था तो वो भी अपनी बीवी को देखने लगा.

अनीता उसके लुंड को पाकर कर उसपर बैठ गयी और राज का लुंड अपनी बीवी की गरम छूट में चला गया.

एक कड़क लुंड अपनी प्यासी छूट में घुसते hi अनीता की मुंह se,''aaahhhh उम्मम्मम्मम्म'' निकल गयी. राज का लुंड अपनी जवान, खूबसूरत और सेक्सी बीवी की गरम और प्यासी छूट में जब घुसा तो वह भी खुद को रोक नहीं पाया और उसके मुंह से bhi,''aaaahhhhh'' निकल गया.

अनीता को अपने पति के मुंह से आह सुनकर अच्छा लगा की उसका पति भी अब उसके साथ एन्जॉय कर रहा है.

अनीता को बिना किसी सहारे के अपनी गांड ऊपर नीचे करके छुड़वाने में मुश्किल हो रही थी तो वो थोड़ा आगे झुक कर अपनी हाथों को सोफे के सामने रखे टेबल पर रख दी और गांड को ऊपर नीचे करके छोड़ने लगी.

अपनी गांड ऊपर नीचे करके छोड़ने से अनीता को अब थोड़ा राहत और मज़ा मिलने लगा और वह सिसकारने lagi,''aaaaahhhhh सीईईई उम्म्म्म''.

अनीता के झुकने के कारण राज को टीवी वापस दिखने लगा और वह कभी मैच देखता तो कभी अपनी बीवी की ऊपर नीचे होती बड़ी gaand.Raj को अपनी बीवी की ये कामुक रूप देखकर हैरत नहीं हो रहा था क्यूंकि वह चुदाई में खुलकर साथ देती थी मगर आज उसका उतावलापन देखकर ज़रूर थोड़ा हैरत हो रहा था.

जो भी था मगर अपनी बीवी की कामुक रूप के कारण उसे मज़ा भी आ रहा था और वह खुद को दुनिया का सबसे लकी आदमी मान रहा था जिसको अनीता जैसी बीवी मिली थी. अनीता न hi सिर्फ बहोत समझदार थी, बल्कि बेहद खूबसूरत और सेक्सी भी थी और खूबसूरती और सेक्सी होने में किसी मॉडल या एक्ट्रेस से काम नहीं थी.

राज आराम से सोफे पर बैठा मैच भी देख रहा था और साथ में चुदाई का मज़ा भी ले रहा था. लेकिन इतनी खूबसूरत और सेक्सी बीवी की छूट में लुंड होने पर भी आख़िरकार कब तक वह मैच dekhta,aakhirkar वो मैच भूल कर अपनी बीवी की गांड देखने लगा और अपना हाथ उसकी कमर पर ले जाकर उसे अपने लुंड पर ऊपर नीचे होने में मदद करने लगा.

पति के इस तरह चुदाई में शामिल होने से अनीता मुस्कुरा दी और टेबल पकड़ी हुयी और ज़ोरो जोश में और ज़ोर से उसके लुंड पर उछलने lagi,''haan जान फ़क me,fuck me,help में जम्प ों योर कॉक''.

राज चुदाई के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं था और साथ देना शुरू hi किया था की अनीता इतनी कामुकता से बड़बड़ाती हुयी और जोश में उछलने लगी. अपनी कामुक बीवी का जोश देखकर वो अगले एक मिनट में hi झाड़ gaya,''aaaaaaahhhhhhhh आआह्ह्ह्हह्ह आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह''.

अनीता उसके लुंड का फूलना और सिकुड़ना महसूस करके थोड़ी मायूस हो गयी और जब कुछ सेकण्ड्स में उसके वीर्य की बौछार अपनी छूट में महसूस की तो और ज़्यादा मायूस हो गयी मगर फिर भी उसके लुंड पर उछाल कर ऐसे चीज़ की उम्मीद कर रही थी जो की मुमकिन नहीं था. झड़ने के बाद लुंड इतनी जल्दी दुबारा खड़ा हो hi नहीं सकता था. आखिरकार अनीता उसके लुंड को मुरझाता महसूस कर उठ गयी और गुस्से से राज को देखकर बिना कुछ बोले ऐसे hi केवल ब्रा में hi अपने बैडरूम में चली गयी.

कपडे पहनना तो door,Anita अपनी सलवार कमीज और पंतय भी नहीं उठाई और ऐसे hi गुस्से में केवल ब्रा पहने hi बैडरूम में चली गयी. राज हांफता हुआ बस अपनी बीवी को जाते हुए देख hi सकता था.

वह कभी कभी जल्दी झाड़ जाता tha,magar आज तक अनीता ऐसे गुस्सा नहीं की थी. वह जानती थी की थकान के कारण राज कभी कभी जल्दी झाड़ जाता था इसलिए कुछ बोलती नहीं thi,magar आज वो साफ़ साफ़ गुस्सा थी. राज जानता था की जब औरत गुस्से में हो तो मानना मुश्किल होता है इसलिए वो चुपचाप वापस मैच देखने लगा.

मैच ख़तम होने पर राज अपनी बीवी की सलवार कमीज और पंतय उठाये बैडरूम में गया तो अनीता को गाउन पहने सोते हुए देख कर मुस्कुरा दिया. उसका नज़र फर्श पर पड़ा तो वहां अनीता की ब्रा को पाया जिससे वो समझ गया की अनीता गुस्से में अपनी ब्रा को ऐसे फर्श पर फेंकी thi,warna वो हमेशा बदले हुए कपडे बास्केट में धोने के लिए रखती थी.

राज वो ब्रा उठाया और अनीता की बाकी कपड़ो के साथ उसको भी उतरे हुए कपड़ो की बास्केट में रख दिया और बीएड पर चढ़ कर अपनी बीवी के चेहरे पर से बाल हटाकर उसे देखने laga,''sach में कितनी खूबसूरत है मेरी Anita,pata नहीं इसे क्या हो गया था आज जो इतनी उतावली लग रही थी. शायद नया जगह में दिन भर अकेली रहती है इसलिए मुझ पर प्यार आ रहा था आज''.

यह कहते हुए राज उसकी चूंकि को गाउन के ऊपर से hi हल्का सा दबाया तो समझ गया की वह गाउन के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी. राज फिर उसकी कमर पर हाथ फिरते हुए हुए उसकी गांड पर हाथ ले गया और महसूस किया की वह पंतय भी नहीं पहनी थी. वह फिर उसकी पेअर के पास रखे हुए पतले शीट को ऊपर उठाकर उसकी बदन पर रख दिया और मुस्कुराते हुए उसकी गालों पर चुम कर लाइट बांध करके सो गया.
 
अपडेट 12

अगला दिन अनीता का मूड ठीक था. वह हमेशा की तरह हसमुख मिज़ाज़ में थी जो देखकर राज को खुसी हुआ लेकिन अच्छा पति होने के नाते वह ऑफिस जाने से पहले अनीता से bola,"Jaan कल रात के लिए सॉरी. वह थोड़ा थकावट था तो...."

इससे पहले वह पूरा बात बोलता अनीता उसके पास कड़ी होकर अपनी पतली ऊँगली को उसके होंठ पर रखकर एक ऐडा से "स्स्स्सह्ह्हह्ह" की और फिर boli,"It's okay जान. कुछ सफाई देने की ज़रूरत नहीं है. मगर तुम्हे भी तो थोड़ा ध्यान देना चाहिए. दिन भर अकेली रहती हूँ और जब तुम वापस आये तो मैच देखने में लग गए. काम रहता है तो मैं कभी कुछ बोलती हूँ? नहीं न. काम से काम मैच को तो मुझसे ज़्यादा इम्पोर्टेंस मत दो".

राज यह सुनकर अपना ग़लती मानते हुए bola,"Haan जान. ी ऍम सॉरी. बस बहोत दिन मैच देखे हो गया था. अबसे ध्यान रखूँगा."

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है".

राज यह सुनकर अपनी बीवी की कमर को पकड़ कर आगे bola,"Aese जान अकेला फील करती हो तो थोड़ा बाहर घूम फिर लिया करो. दिल्ली जैसा घूमने का जगह तो यहाँ नहीं मिलेगा मगर फिर भी जो भी थोड़े बहोत जगह हैं वहां घुमा फिरा करो. तुम्हे तो पूरी आज़ादी है."

अनीता यह सुनकर अपने पति के सीने पर शर्ट के ऊपर से सहलाती हुयी boli,"Hmm".

राज अनीता का रिएक्शन देखकर मुस्कुराते हुए आगे bola,"Aur हम इस संडे डिनर करने बाहर जायेंगे. ठीक है?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है"

राज यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Achha जान चलता हूँ."

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है जाओ. नहीं तो लेट हो जायेगा तो मुझे hi बोलोगे. हेहेहे".

राज यह सुनकर हस्ते हुए bola,"Haha तुम भी न".

राज यह बोलकर चला गया वहीँ अनीता मुस्कुराती हुयी अपने पति को जाते देखने लगी.

संडे के दिन डिनर का प्लान था. उस छोटे से शहर में एक दो अच्छे रेस्टोरेंट थे जहां वहाँ के गिने चुने आमिर लोग खाने जाते थे शाम को 6 बज रहा था. गर्मी का टाइम था इसलिए अभी भी बाहर हलकी रौशनी थी.

अनीता तैयार हो गयी और कमरे से लिविंग रूम में गयी तो अपने पति को देखकर थोड़ी नाराज़गी से boli,''Yeh kya?Main तैयार हो गयी और तुम अभी भी इस लैपटॉप पर लगे हुए हो. अगर नहीं जाना था तो पहले बोल देते''.

राज अपनी खूबसूरत बीवी को सर से पाँव तक देखा और फिर मुस्कुराते हुए bola,''Are नाराज़ क्यों हो रही हो जान. थोड़ा काम था कर रहा था. मुझे कौन सा तैयार होने में टाइम lagega.Tum पिछले एक घंटे से ड्रेसिंग टेबल के पास बैठी थी''.

अनीता राज को थोड़ा गुस्से से देखती हुई boli,''Badha चढ़ा कर मत बोलो,50 मिनट लगा mujhe,ek घंटा नहीं''.

राज अनीता को देखकर हस्ते हुए bola,''Haha अच्छा ठीक है जान सिर्फ 50 मिनट hi लगे''.

राज फिर उसे देखकर bola,''Aese जान लग रहा है आज रेस्टोरेंट में सब मर्द सिर्फ तुम्हे hi देखेंगे. मुझे तो यह भी लग रहा है की वो खाना भी भूल जायेंगे''.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी थोड़ी ऐडा के साथ राज को जवाब देती हुई boli,''Tab तो तुम्हे खुश होना चाहिए की तुम्हारी बीवी ऐसी hai,saare मर्द तुमसे जलेंगे''.

राज यह सुनकर हसने लगा "हाहाहा" तो अनीता भी खिलखिलाने lagi,"hehehe". राज एक नज़र फिर अपनी खूबसूरत बीवी को देखा. उस के कहने पर वो यहां साड़ी को थोड़ा ऊपर बाँध रही थी मगर आज वो साड़ी को नाभि के लगभग 4 इंच बंधी थी जिससे उसकी गोरी पेट पूरा दिख रही थो.

इतना hi nahin,Raj अनीता की पेट पर कुछ और भी देखा जो यहां आने के बाद वो पहली बार पहनी थी और वो थी एक ''डांगले बेल्ली ring''.Anita की नाभि से वो बेल्ली रिंग लटकी हुयी थी और उसके अंत में एक छोटा सा दिल का अकार बना हुआ tha.Uski गोरी चिकनी और सपाट पेट पर वो रिंग लटके होने से वो बहोत hi कामुक लग रही थी.

राज को ऐसे देखते हुए अनीता puchhi,''Kya हुआ जान? देख तो ऐसे रहे हो जैसे की मुझे पहले कभी देखे hi नहीं हो. तुम मुझे ऐसे देख रहे हो तो सोचो वहां के मर्द तुमसे कितना jalenge,jab मैं तुम्हारा हाथ पाकर कर रेस्टोरेंट में एंटर करुँगी.''

यह बोलकर अनीता खिलखिलाने lagi,"Hehehe" तो राज भी अपनी खूबसूरत और सेक्सी बीवी को खिलखिलाते देख हस्ते हुए bola,''Jaan,mard मुझसे जले या न jale,aurtein तुमसे ज़रूर जलेंगी की तुम्हारे आने से सब मर्दों का ध्यान तुम पर hi चला गया है''.

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe, तुम भी न जान" और फिर बनावटी गुस्से से देखकर boli,''Tum भी न, बस बातें बनाने में लग गए. लेट हो जाएगी. अब बातें बनाना बांध करो और जाकर तैयार हो''.

राज यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Ohh हाँ. अभी तैयार होता हूँ" और यह बोलकर नहाने चला गया.

अनीता चुप चाप लिविंग रूम के सोफे पर बैठ गयी और अपने बैग से आइना निकल कर खुद को एक बार और देखने lagi.Wo खुद को देख hi रही थी की उसे एक आवाज़ सुनाई diya,''Paani puri,paani puri,paani पूरी.''.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी और आइना बैग में रखकर लिविंग रूम के गेट की तरफ देखने लगी. वह सोची की जब तक उसका पति नाहा रहा है तब तक वो पानी पूरी खा कर टाइम बीता ले.

वह यह सोचकर उठी और जाकर गेट खोलकर फ्रंट यार्ड से होते हुए मैं गेट के पास चली गयी. वह मैं गेट खोलकर देखि तो सामने एक पानी पूरी वाला जा रहा tha.Uska पीठ अनीता की तरफ hi थी. वह पानी पूरी वाला अनीता से लगभग 20 फ़ीट आगे था और मैं रोड की तरफ hi जा रहा था. अनीता उसे जाते देख आवाज़ deti,''Hello. पानी पूरी वाले इधर आओ''.

वो पानी पूरी वाला आवाज़ सुनकर पीछे घूमकर देखा तो देखते hi रह गया. उससे लगभग 20 फ़ीट की दूरी पर एक अप्सरा जैसी औरत कड़ी थी. वो बस अनीता की ख़ूबसूरती देखते रह जाता hai.Woh ऊपर से नीचे तक अनीता को देखने लगा और उसे इतना नीचे साड़ी बंधे हुए देख उसका लुंड फड़क्ने लगा.

अनीता की गोरी सपाट पेट को पूरा नंगा देखकर तो किसी भी मर्द का लुंड में हलचल हो सकता था, यह तो खैर एक ग़रीब पानी पूरी वाला था. वह और बात थी की यह वही पानी पूरी वाला था जिसका पानी पूरी कुछ दिन पहले अनीता खायी थी और वह अनीता को एक बार पहले भी देख चूका था.

मगर इसके बावजूद भी वह फिर से अनीता को ऐसे देख रहा था जैसे उसे पहली बार देख रहा हो और एक तरह से ऐसा hi था. पिछली बार वह अनीता को सलवार कमीज में देखा था और भले hi अनीता एक गहरे गले का कमीज पहनी थी मगर उसके सिर्फ उसकी अधनंगी गोरी पीठ और क्लीवेज hi दिख रही थी. साड़ी में तो उसकी क्लीवेज के साथ साथ लगभग पूरी पेट दिख रही थी और उसकी गोरी, चिकनी और सपाट पेट में लटकी हुयी बेल्ली रिंग जो थोड़ी चमक रही थी उसके कारण अनीता और ज़्यादा सेक्सी, और ज़्यादा कामुक लग रही थी और उसे देखकर किसी भी मर्द का लुंड में हलचल हो सकता था और पानी पूरी वाले के साथ ऐसा hi hi हो रहा था.

पानी पूरी वाले को इस तरह अपने आप को देखते हुए देखकर अनीता मुस्कुराती हुयी boli,''Are आप?"

यह सुनते hi वो पानी पूरी वाला खुश हो गया. उसे ख़ुशी हुआ की अनीता उसे पहचान गयी. वह मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Idhar aaiye.Mujhe पानी पूरी खानी है".

यह सुनकर वह अपना पानी पूरी का ठेला घुमाया और अनीता की तरफ जाने लगा. अनीता जो अपने घर के मैं गेट के पास कड़ी थी उसे अपने तरफ आता देख मुस्कुराने लगी और उसकी मुंह में पानी आ गया.
 
अपडेट 13

जब वो पानी पूरी वाला उसके पास आया तो bola,''namaste मेमसाहब".

अनीता मुस्कुराती हुई boli,''Namaste" और फिर अपनी काम के पास के बाल को कान के पीछे करती हुयी वैसे hi मुस्कुराकर boli,"Mujhe साफ़ suthra,ek डैम टेस्टी मसाला बनाकर पानी पूरी khilaiye.Theek पिछली बार की तरह''.

पानी पूरी वाला खुश होकर bola,''jee मेमसाहब" और फिर हाथ धोकर आलू छिलने लगा और आलू छीलते हुए एक नज़र अनीता को देखकर puchha,"Memsaahab आपको हमरा पानी पूरी पसंद आया हुंका बहोत खुसी है. आप हुंका देखकर पहचान गयी और हमरे पानी पूरी का स्वाद अभी तक याद है ी हमरा लिए बहोत बड़ा बात है".

अनीता यह सुनकर थोड़ा सोच में पद गयी की वह ऐसा क्यों बोल रहा था तो वह जवाब में boli,"Are आप अच्छा पानी पूरी बनाये थे तो वह तो बोलूंगी hi. सच में बहोत अच्छा पानी पूरी बनाते हैं आप".

पानी पूरी वाला यह सुनकर थोड़ा झेंप गया और मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब अच्छा पानी पूरी बनाएंगे तब hi तो आप जैसे अच्छे कस्टमर खाएंगे" और यह बोलकर वह एक नज़र अनीता की नंगी पेट के तरफ देखकर वापस आलू को देखने लगा. अनीता की नंगी पेट देखते hi उसका लुंड फड़फड़ा गया. इतनी चिकनी, गोरी और सपाट पेट वह बस सोशल मीडिया या टीवी पर hi देखा था और अपनी आँख के सामने देखते hi उसका लुंड फड़फड़ाने लगा और दिल धड़क गया जिसके कारण वह तुरंत सामने आलू के तरफ देखने लगा.

अनीता उसका बात सुनकर मुस्कुरा दी और क्यूंकि वह जानती थी की उसे बाहर जाना है और ऐसे में वो ज़्यादा तीखा खाकर अपनी आँखों का काजल बिगड़ना नहीं चाहती thi,isliye वो boli,''aur हाँ आज कच्ची मिर्च मत daaliyega,bas थोड़ा मिर्च पाउडर डालियेगा. थोड़ा सा hi''.

यह सुनकर वो पानी पूरी वाला bola,''jee मेमसाहब'' और एक नज़र अनीता की चेहरे पर डाला और फिर उसकी मांग में एक छोटी सिन्दूर की लकीर देखते हुए मसाला बनाने लगा.

वह पिछली बार अंदाज़ लगा लिया था की अनीता ज़रूर कोई शादी शुदा औरत होगी क्यूंकि अनीता जिस घर में रहती थी वह उसके बारे में जानता था की किसी कंपनी का प्रॉपर्टी है और उसमे उस कंपनी के एम्प्लोयी hi रहते थे तो ऐसे में वह अंदाजा लगाया था की अनीता उस कंपनी के एम्प्लोयी की बीवी होगी. अब अनीता की मांग में सिंदूर देखकर उसे यक़ीन हो गया की वो शादी शुदा है.

वह मसाला बनाते बनाते एक नज़र अनीता पर फिर डाला तो अनीता उसे देखती हुई मुस्कुरा दी जिससे वो झेंपकर नीचे देखककर मसाला बनाने लगा है, मगर अनीता जैसी खूबसूरत औरत को देखने का मैं उसे फिर से कैसे न होता, खासकर तब जब वह इतनी बदन दिखाऊ कपडे पहनी थी.

वह फिर अनीता को देखने लगा मगर इस बार उसकी चेहरे को नहीं बल्कि उसकी chikni,nangi,gori और सपाट पेट को और जो देखा उससे उसके लुंड में हलचल हो गया. उसका नज़र अनीता की सपाट पेट के बीच उसकी नाभि से लटकी बेल्ली रिंग पर था. वह तो उसकी बेल्ली रिंग पहले hi देख चूका था मगर इतना नज़दीक से और इतने ध्यान से पहली बार देख रहा था और नज़दीक से ध्यान से देखने से उसे बेल्ली रिंग की डिज़ाइन अच्छे से समझ आ रहा था. वह पहली बार ध्यान दिया की बेल्ली रिंग के आखिर में एक हार्ट बना हुआ था.

वह अनीता की मांग में सिन्दूर पहले hi देख चूका था और अब उसकी नाभि से लटकी रिंग को देखकर उसका दिल धड्ड़कने लगा यह सोचकर की कैसे एक जवान औरत जो इतनी खूबसूरत थी, शादी शुदा होने के बावजूद अपनी साड़ी नाभि के इतना नीचे बांधकर बेशर्मो की तरह न सिर्फ अपनी पूरी पेट दिखा रही थी बल्कि अपनी नाभि में रिंग भी पहनी हुयी thi.Use तो पता hi नहीं था की यह सब अनीता के लिए नार्मल बात थी.

अनीता भी उसे खुद की नाभि देखते हुए देख रही थी और वो जानती थी की वो पानी पूरी वाला उसकी नाभि से लटकी बेल्ली रिंग के बारे में hi सोच रहा hoga,magar अनीता को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा और वो चुप चाप वैसे hi कड़ी रही. वह अपनी पेट ढंकने की कोशिश भी नहीं की और न hi पानी पूरी वाले को टोकने का सोची.

पानी पूरी वाला मसाला बनाकर अनीता को पत्ते का कटोरी दिया तो अनीता मुस्कुराती हुयी उसे पकड़ ली फिर वह पानी पूरी में भरकर अनीता को खिलने लगा. अनीता खाकर मुस्कुराने लगी तो पानी पूरी वाला poochha,''memsahab स्वाद अच्छा है तो?''.

अनीता मुस्कुराते हुई अपनी हाथ की अंगूठे और इंडेक्स फिंगर को जोड़कर boli,''haan अच्छा है. एक दम परफेक्ट". यह सुनकर पानी पूरी वाला खुश हो गया और मुस्कुराते हुए अनीता को दूसरा पानी पूरी दिया जिसे अनीता भी मुस्कुराती हुयी लेकर खाने लगी.

पानी पूरी वाला अगला पूरी हाथ में रखकर अनीता की नाभि से लटके बेल्ली रिंग को देखने लगा. वह उसकी नाभि देखने में खो गया और अनीता को अगला पानी पूरी खिलाना भूल गया. उसका लुंड भी थोड़ा खड़ा होने लगा अनीता की पेट और नाभि देखते हुए.

अनीता पिछले पानी पूरी खाकर कुछ सेकण्ड्स ऐसे hi उसको अपनी नाभि देखते हुए देखि फिर boli,''Aur पानी पूरी नहीं खिलाइयेगा क्या मुझे?''.

अनीता की आवाज़ सुनकर वो पानी पुरो घबरा गया और जल्दी से पूरी में पानी भरकर अनीता को दे दिया. उसे डर था की अनीता उसे उसकी पेट पर देखते हुए देख न ली हो और कहीं गुस्सा न हो इसलिए कोई सफाई दिए बिना चुप चाप उसे पानी पूरी दे दिया और एक नज़र उसके चेहरे पर डाला तो अनीता मुस्कुराती हुयी उसे उठाकर खाने लगी. अनीता को मुस्कुराता देख उसे थोड़ा राहत मिला की वह उसे नाभि देखते हुए नहीं देखि थी.

पानी पूरी वाला न चाहते हुए भी उसकी पेट फिर देखने लगा और मैं hi मैं bola,''kitni चिकनी और गोरी पेट है मेमसाहब की'' और फिर उसकी नाभि से लटकी रिंग को देखने लगा.

वह फिर अनीता की चेहरे पर देखा तो वह मज़े से पानी पूरी खा रही थी. यह देख कर उसे राहत महसूस हुआ की अनीता को उसकी पेट और नाभि देखने से कोई फ़र्क़ नहीं पर रहा था या फिर वो सिर्फ पानी पूरी खाने पर ध्यान दे रही थी.

अनीता उसे खुद के तरफ देखते हुए देख मुस्कुराती हुई अपनी कटोरी आगे कर दी तो वो पानी पूरी वाला उसकी चेहरे पर देखते हुए hi पूरी में मसाला भरकर कटोरी में रख diya.Anita भी मुस्कुराती हुई उसे देखि और फिर पानी पूरी के तरफ देखकर उसको मुंह में रखकर खाने लगी मगर अगले hi पल उसकी चेहरे की भाव बदल गया.

वह पानी पूरी वाले को देखि और कटोरी को वहीँ ठेले के साइड में लटके एक प्लास्टिक बैग में फ़ेंक कर अपनी हाथ को हिलाकर दौड़ती हुई गेट की तरफ जाने lagi.Anita को यूँ दौड़ते हुए जाने से पानी पूरी वाला घबरा गया मगर उस घबराहट में भी उसका लुंड अकड़ने लगा जब उसकी नज़र अनीता की लगभग पूरी नंगी पीठ पर पड़ा.

अनीता का पीठ अब तक वो देखा नहीं था और अब उसे ऐसे बैकलेस ब्लाउज में देखकर उसका लुंड में हलचल होने laga.Uska नज़र अगले पल अनीता की गांड पर पड़ी जो उसके दौड़ने से साड़ी के अंदर थिरक रही थी और उसकी थिरकन साड़ी के ऊपर से साफ़ साफ़ पता चल रही थी. इतनी जवान और खूबसूरत शादी शुदा औरत को इतना भड़काऊ तरीके से साड़ी पहने देख और दौड़ते हुए उसकी बड़ी गांड को हिलता देख उसका लुंड भी बौखला गया और अपने लुंड को धोती के ऊपर से मसल दिया और साथ hi उसके मुंह se,''memsaahab तो एकदम माल है'' निकल पड़ा मगर फिर वो होश में आया और उसे चिंता होने लगा की कहीं अनीता उसे ऐसे अपनी पेट पर देखने से गुस्सा तो नहीं हो गयी थी और कहीं वो अपने पति को बोलने तो नहीं गयी.

वह वहाँ से जाने का सोच hi रहा था की तभी उसका नज़र अनीता पर पड़ा जो अपनी क्लच एक हाथ में पकड़ी हुयी और दूसरी हाथ में टिश्यू पेपर पकड़ी हुयी उसके तरफ आ रही थी. वह उसके पास आ रही थी तो पानी पूरी जल्दी से नज़र दौड़ाया की कहीं उसका पति भी तो साथ नहीं आ रहा है मगर किसी मर्द को न देख उसे थोड़ा राहत महसूस हुआ.

उसे किसी मर्द को न देख राहत तो महसूस हुआ मगर उसे डर था की कहीं वह पीछे से तो नहीं आ रहा. उसे यह सब डर इसलिए था क्यूंकि मैं गेट खुला होने के कारण वह अंदर पार्क किया हुआ कार देख चूका था. यह सोचकर वह वहां से निकलने का सोचकर ठेला आगे बढ़ाया hi की पीछे से आवाज़ aayi,"Are आप कहाँ जा रहे हैं?"

यह सुनकर वह रुक गया और घूमकर अनीता के तरफ देखा तो वह टिश्यू पेपर से अपनी आँख का कोने पोंछ कर boli,"Aap इस तरह बिना पैसे लिए क्यों जा रहे थे?"

वह पानी पूरी वाला अपना हाथ हल्का जोड़ कर bola,"Are कहीं नहीं मेमसाहब. वह आप daudkar...".Paani पूरी वाला इतना बोलकर आगे बोले या नहीं यह सोचकर रुक गया की तभी अनीता boli,"To आपको लगा की मैं पैसे देने की वजह से भाग गयी?"

यह सुन्नते hi पानी पूरी वाला अपना सर जल्दी जल्दी "न" में हिलाकर bola,"Are नहीं मेमसाहब आप कैसी बात कर रही हैं. आप इतनी अमीर हैं. आप पैसा क्यों नहीं देंगी".

यह सुनकर अनीता एक ऐडा से boli,"To फिर आप इस तरह जा क्यों रहे थे?"

वह पानी पूरी वाला थोड़ा घबराये हुए bola,"Woh वह मेमसाहब आप सज धज कर तैयार हैं तो हुंका लगा की आपको कहीं जाना है और पानी पूरी खाते हुए लेट हो गया इसलिए आप दौड़कर चली गयी. पैसा का का है. फिर कभी ले लेते आपसे. इसलिए हम जा रहे थे ".

अनीता यह सुनकर थोड़ा नाराज़गी से boli,"Haan बाहर hi जाना है इसलिए मैं बोली थी मिर्च नहीं डालने के लिए, मगर आपने मुझे मिर्च खिला दिया''. अनीता अपनी आँखों के कोने को एक बार फिर टिश्यू पेपर से हल्का पोंछती हुयी बोली," तीखा खाने से मेरी काजल ख़राब हो गयी"

पानी पूरी वाले को अब समझ आया की बात क्या है. वह उसकी नाभि देखते हुए एक हरी मिर्च काटकर मसाला में मिला दिया था. उसे ध्यान hi नहीं था की अनीता उसे मिर्च रखने के लिए मन की थी और ऐसे hi जब वो आखिरी पानी पूरी में मसाला भर रहा था तो वो अनीता को hi देख रहा था और ऐसे में पानी पूरी में मिर्च की तीन चार कटी हुयी भाग चला गया.

वह ध्यान से देखा की अनीता की गोरी गोरी नाक लाल हो गयी थी और आँख से हलके आंसू बह रहे थे जिसे देखकर पानी पूरी वाला bola,''memsahab माफ़ कर दीजिये. ग़लती हो गयी. मुझे ध्यान नहीं था की आप तीखा डालने के लिए मन की थी. वह ज़्यादातर औरतें तीखा खाती है और आप भी पिछली बार तीखा खायी थी तो इसलिए आपके बोलने पर भी ध्यान से उतर गया. माफ़ कर दीजिये मेमसाहब''.

अनीता यह सुनती हुयी बैग से पैसे निकलती हुई boli,''Theek है कोई बात नहीं. अब माफ़ी मांगकर क्या hoga,mera मेक उप तो ख़राब हो गया न. हाँ मैं तीखा खाती hoon,magar मैं अभी बाहर जा रही थी इसलिए तीखा खाकर मेकअप ख़राब नहीं करना छह रही थी तो मैंने मन किया था. अब छोड़िये. यह लीजिये आपके पैसे''.

पानी पूरी वाला पैसे न लेकर अनीता को एक सुखी पूरी में पानी डालकर देते हुए bola,''Maaf कर दीजिये memsaahab,yeh लीजिये खा लीजिये''.

अनीता वह देखकर boli,"Pehle पैसे तो लीजिये"

वह पानी पूरी वाला अनीता से bola,"Nahin मेमसाहब आपका बोलने पर भी हम मिर्चा डालकर आपका मेक उप ख़राब कर दिए. ऐसे में हम पैसा कैसे ले सकत हूँ. ग़रीब hoon,magar कस्टमर का ख्याल राखत हूँ हम. हम ग़लती करके आपसे पैसा नहीं ले सकत".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Yeh क्या बात हुयी? अब छोड़िये जो हो गया सो हो गया, बस आज के बाद ध्यान रखियेगा की मैं जैसा बोलूंगी वह ध्यान से सुनकर वैसा पानी पूरी खिलाइयेगा. अब पैसे लीजिये नहीं तो मैं यह पानी पूरी भी नहीं खाउंगी".

पानी पूरी वाला यह सुनकर खुश हो गया. वह मुस्कुराते हुए चुप चाप पैसे ले लिया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी वो पूरी लेकर खाने लगी.

पानी पूरी वाला फिर अनीता की नंगी पेट और नाभि से लटके उसकी बेल्ली रिंग देखने लगा, मगर फिर उसकी चेहरे पर देखते हुए puchha,''memsaahab तीखा छोड़कर बाकी सब ठीक था तो?''.

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,''Haan बाकी सब ठीक था. साफ़ सुथरा और टेस्टी था. और मिर्ची वाली बात को अब भूल जाइये. कोई बात नहीं ग़लती हो गयी तो. बस आज के बाद ध्यान रखियेगा''.

तभी अनीता राज को गार्डन में आते देखि. वह मुस्कुराती हुई पानी पुरो वाले से boli,''theek है अब मैं जा रही हूँ''.

पानी पूरी वाला उसकी चेहरे पर देख रहा था और यह जानते हुए की शायद वो अनीता को ऐसी लिबास में दुबारा न देख paaye,wo उसकी नंगी पेट और नाभि देखने लगा. अनीता उसको अपनी नाभि देखते हुए देखि मगर बिना कुछ बोले गांड मटकती हुयी राज के पास जाने लगी. पानी पूरी वाला जाते हुए अनीता की लागबजांग पूरी नंगी पीठ और मटकती गांड देखकर धोती के ऊपर से अपना लुंड एडजस्ट करने लगा और फिर वहाँ से चला गया.

अनीता राज के पास गयी तो राज उसको देखते हुए bola,''Jaan तुम भी न. क्या क्या खाती रहती हो''.

अनीता राज की बात सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,''Main जब से यहां आयी हूँ सिर्फ एक बार hi पानी पूरी खाई हूँ. यह साफ़ सुथरा और टेस्टी पानी पूरी बना रहा था तो मैंने खा लिया. तुमको नहीं पसंद तो तुमको खाने के लिए कौन बोल रहा hai,mujhe पसंद है तो मैं खाती हूँ''.

राज अनीता की बात सुनकर बस मुस्कुराते हुए मज़ाक में bola,"Achha ठीक है. इतना गुस्सा क्यों कर रही हो की नाक टमाटर जैसा लाल हो जाये" और यह बोलते हुए उसके लिए गाडी का दरवाज़ा खोल दिया.

अनीता दरवाज़े के तरफ जाती हुयी बनावटी गुस्से से boli,"Shut उप. मेरी नाक इसलिए लाल हो गयी क्यूंकि मेरी मुंह में मिर्ची चली गई थी."

अनीता इतना बोलकर गाडी में बैठ गयी और राज उसके तरफ का दरवाज़ा बांध करके खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गया. वह ड्राइविंग सीट पर बैठकर सीट बेल्ट लगा रहा था तो देखा की उसकी बीवी आईने में खुद को देखकर बैग से ेएलइनेर निकलती हुयी boli,"Meri मेक उप भी ख़राब हो गयी इसके कारण".

राज एक नज़र अपनी बीवी को देखा मगर उसे मेक उप में कुछ खराबी नहीं दिखा. बस उसकी नाक थोड़ी लाल हो गयी थी जो की तीखा खाने पर स्वाभाविक था क्यूंकि वह बेहद hi गोरी थी. मगर राज कुछ नहीं बोलै और ड्राइव करने लगा.

दोनों पति पत्नी जब रेस्टोरेंट में घुसे तब गेटकीपर उन्हें सलूट किया और उसका भी दिल अनीता की ख़ूबसूरती और इस तरह से साड़ी पहने देखकर धड़क गया. भले hi उस रेस्टोरेंट में सिर्फ अमीर लोग hi खाने आते थे मगर वो सब औरतें अनीता जितनी खूबसूरत नहीं होती थी और खूबसूरत होती भी थी तो इतनी बदन दिखाऊ कपडे नहीं पहनती थी. कभी कभी hi बदन दिखाऊ कपडे पहने औरतें वहां आती थी मगर वह भी अनीता के सामने फींकी पड़ती थी.

क्यूंकि वो हाई लेवल रेस्टोरेंट का गेटकीपर था इस लिए वह अनीता को ज़्यादा घूरकर नहीं dekha.Anita को रेस्टुअरंत के अंदर खाते कुछ मर्दों ने देखा मगर वो लोग भी ज़्यादा देर तक अनीता को देखना उचित नहीं समझे और चुप चाप खाने लगे, मगर राज के कहे मुताबिक एक दो औरतें अनीता की ख़ूबसूरती और इतना सेक्सी अंदाज़ में साड़ी पहने देख जल gayee.Iske अलावा वहां कुछ नहीं हुआ और दोनों पति पत्नी डिनर करके वापस घर आ गए.

राज दिन भर घर पर रहने से थोड़ा फ्रेश फील कर रहा था और ऐसे में रात को उसने अनीता को अच्छे से छोड़ा. दोनों पति पत्नी पुरे नंगे थे और राज अनीता किसी टांगों के बीच लेता अपना कमर हिला रहा था वहीँ अनीता अपनी टांगों को मोड़कर अपने पति के कमर में लॉक करके उसके पीठ पर हाथ रखे चुदाई का मज़ा ले रही thi,"Aaahhhhhh आआह्ह्ह्हह्ह उम्म्म्म उम्मम्मम सीईईई उम्मम्मम्म आआह्ह्ह्ह".

अनीता को यूँ राज का देर तक छोड़ना अच्छा लग रह था और उसे मज़ा भी मिल रहा tha.Raj उसे छोड़ कर सो गया वहीँ अनीता भी चुदाई के कुछ देर बाद सो गयी.
 
अपडेट 14

दो दिन बाद अनीता को फिर मार्किट जाना था. उस दिन भी वह एक छोटा ब्लाउज और पारदर्शी साड़ी पहनी thi.Blouse के पीछे हमेशा की तरह केवल दो इंच की कपडे की पट्टी थी जो उसकी ब्लाउज को उसकी गोरी बदन पर बंधे राखी thi.Woh साड़ी को नाभि के 3 इंच नीचे बंधी थी और साथ hi नाभि के बगल से होते हुए उसकी कंधे पर जा रही थी जिसके कारण उसकी नाभि और पेट का आधा हिस्सा पूरी नंगी थी.

अनीता साड़ी में कैद अपनी बड़ी गद्देदार गांड को मटकती हुई ऑटो स्टैंड पहुंची तो उसे देखकर हमेशा की तरह कुछ जवान ऑटोवाले खुश हो gaye.Sab उसे देखकर मुस्कुराने लगे तो अनीता भी उन्हें देखकर मुस्कुरा di.Anita को साड़ी में देखकर सभी ड्राइवर्स के लुंड में हलचल होने लगी मगर वह ऑटो ड्राइवर्स के लुंड में और ज़्यादा हलचल तब हुयी जब उन लोगो को अनीता की नाभि से लटकी उसकी बेल्ली रिंग को दिखा.

अनीता इस शहर में आने के बाद पहली बार बेल्ली रिंग संडे को राज के साथ रेस्टोरेंट में जाने के वक़्त पहनी थी और आज पहली बार वो इस तरह बाजार जाते वक़्त पहनी थी तो ड्राइवर्स पहली बार अनीता का यह रूप देख रहे थे जो उसे और कामुक बना रही thi.Sabhi ड्राइवर्स का दिल ज़ोरो से धड़कने लगा और उनके लुंड बेताब होने लगे आज अनीता का यह नया रूप देखकर.

वह बेल्ली रिंग लगभग 2 इंच लम्बा था और अनीता की नाभि से लेकर उसकी साड़ी से एक इंच ऊपर तक लटकी हुयी थी और वो बेल्ली रिंग चमक रही थी धुप mein.Sabhi की नज़रे अनीता की नाभि पर टिक gayee.Anita उन्हें इस तरह खुद की नाभि को घूरते देखकर समझ गयी की सब उसकी नाभि से लटकी हुयी बेल्ली बटन रिंग को hi देख रहे थे मगर इसके बावजूद भी वो अपनी नाभि साड़ी से ढकने की कोशिश नहीं की और चुप चाप कड़ी रही वैसे hi.

एक बुज़ुर्ग ऑटो ड्राइवर यह सब कुछ देख कर खुद से hi धीरे से bola,"Aa गयी बेशरम औरत अपनी जिस्म की नुमाइश करने. इसके अंदर तो शर्म नाम की चीज़ hi नहीं है. कैसे कपडे पहनती hai,koi इतना छोटा ब्लाउज पहनता है kya?Woh भी पारदर्शी साड़ी में. हे भगवान् यह औरत तो यह सब जवान मर्दों को बिगाड़ कर रहेगी. आज तो इसने बेशर्मी की हद्द पार कर दी. कैसे नाभि में वो गहना पहनी है. अमीर घर की औरत है तो जो मैं में आये थोड़े hi पेहेन कर घूम सकती है. यह नाभि में लटके जेवर से यह अमीर घर की औरत काम और कोई रंडी ज़्यादा लग रही है. भगवन बचाये इस छोटे शहर के मर्दों को इस बेशरम औरत से. रंडी कहीं की".

अनीता उन जवान ड्राइवर्स को कुछ पल यूँ hi अपनी नाभि को घूरते देखि और फिर नार्मल एक्सप्रेशन से poochhi,"Bhaiya आज कौन सी ऑटो जाएगी?".

अनीता की पतली मीठी आवाज़ सुनकर सभी ड्राइवर्स होश में आये मगर इससे पहले की कोई कुछ कह पता एक लगभग 35 साल का ऑटो ड्राइवर अनीता को पीछे से bola,"Memsaahab मेरी ऑटो जाएगी".

अनीता उसे देखकर मुस्कुराई और अपनी गांड मटकती हुयी उसके ऑटो की तरफ चल दी. उसके चलने से सभी ड्राइवर्स अनीता की मटकती गांड को देखने लगे और उसके ऑटो में बैठने तक देखते rahe.Sab ऑटो ड्राइवर्स उस 35 साल के ड्राइवर पर मैं hi मैं गुस्सा हो रहे थे और उसे मैं में गालियां दे रहे the.Auto में बाकी पैसेंजर्स भी बैठ गए और ऑटो चलने लगी.

थोड़ी दूर चलने पर अनीता को छोड़कर बाकि सभी पैसेंजर्स उतर गए. कुछ दूर चलने पर अनीता आईने में देखि तो पायी की वो 35 साल का ड्राइवर उसकी नाभि को hi देख रहा tha.Wo कभी सड़क पर तो कभी अनीता की कामुक नाभि को dekhta.Anita कुछ पल के लिए उसे अपनी नाभि को देखते हुए देखि फिर बिना कुछ बोले वापस बाहर देखने lagi.Aese hi अनीता उसे कभी कभी अपनी नाभि पर देखते हुए पाती मगर कुछ बोलती नहीं और आखिरकार वो मार्किट पहुँच गयी.

अनीता मार्किट में घुसने से पहले थोड़ा रुक कर इधर उधर देखि और फिर आगे बढ़ गयी. वह देखि की उस दिन काम सब्जी वाले आये थे बाजार में और कुछ गिने चुने सब्जी की दुकानों पर काफी भीड़ था. यहां तक की अनीता जिस सब्जी वाले से सब्जी लेती थी वो भी नहीं आया tha.Anita सब्जी मंडी के ठीक बाहर कड़ी उस सब्जी वाले के दूकान के तरफ देखने के बाद परेशानी से इधर उधर देखने लगी.

अनीता मैं hi मैं सोचने lagi,"Hey भगवन आज एक तो इतनी भीड़ है और यह सब्जी वाले भैया भी नहीं आये. जबसे मैं यहां आयी हूँ केवल उनसे hi सब्जी लेती हूँ. बाकी सब्जी वाले तो मुझे जानते भी नहीं हैं और इतनी भीड़ में मुझे ख़राब सब्जी न दे दे दूसरा सब्जी वाला"

अनीता इतना सोचने के बाद चेहरे पर परेशानी का भाव लाकर अपनी दायी हाथ की नाख़ून को दन्त में एक पल के लिए दबा कर आगे sochi,"Kya karun?kis सब्जी वाले के पास जाऊं? सभी जगह तो बहोत भीड़ है".

अनीता परेशां दीखते हुए सोच hi रही थी की तभी उसे अपनी गांड पर एक हाथ महसूस हुआ और अगले पल hi एक जाना पहचाना आवाज़ सुनाई diya,"kaisi हैं आप मेमसाहेब?".

अनीता घूम कर देखि तो वही गुटखा वाले को खड़े पायी जो गुटखा चबाते हुए मुस्कुरा रहा था और अनीता को अपने तरफ देखते hi उसकी गांड को धीरे से दबा diya.Anita भी उसे देखकर मुस्कुरा दी और जब वह उसे देखकर मुस्कुरा रही थी तो वह आदमी उसकी गांड दबा दिया.

उसके द्वारा गांड दबाये जाने पर अनीता कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और मुस्कुराती हुई उससे boli,"are आप?".

वह गुटखा खता आदमी अनीता की आँखों में देखते हुए hi उसकी गांड दुबारा दबा दिया और पास में hi गुटखा थूक कर अपना दूसरा हाथ से मुंह पोंछते हुए bola,"Jee मेमसाहेब हम. का बात है आप थोड़ा परेशान लग रही हैं?".

अनीता जो हमेशा साफ़ सुथरी रहती थी वो उस आदमी को इतने गंदे तरीके से अपने हाथों से अपने होंठों पर लगे गुटखा को साफ़ करते देखने पर भी घिन्न महसूस नहीं की और चुप चाप वैसे hi कड़ी rahi,uske हाथ को अपनी गांड पर महसूस करते हुए.

अनीता उसका बात सुनते हुए मुस्कुरा कर boli,"Nahin बस ऐसे hi बहोत भीड़ है न और मैं जिस सब्जी वाले से सब्जियां लेती हूँ वह भी नहीं आये हैं तो बस समझ नहीं आ रहा था की कहाँ से सब्जी लूँ".

वह गुटखा वाला आदमी अनीता की गांड से ऊपर हाथ ले जाकर अनीता की नंगी कमर पर रखकर उसकी कमर को महसूस करते हुए bola,"To इतनी सी बात से हमारी मेमसाहेब घबरा गयी और वो भी हमारे रहते हुए. मेमसाहब हमारे रहते हुए अगर आपको किसी चीज़ की परेशानी हुयी तो हम आपको अपना शकल नहीं dikhayenge,maa कसम".

यह कहते हुए उसने अनीता की कमर पर अच्छे से हाथ को रगड़ कर उसकी कमर को पकड़ लिया. अनीता को उसकी हाथ अपनी कमर पर फिरने से कोई परेशानी नहीं हो रही थी बल्कि वो उसकी सड़क चाप वाली डायलाग पर मुस्कुरा दी और हलके से खिलखिलाते हुए boli,"hehehe यह क्या बात huyee?Aap मेरे लिए इतना क्यों करेंगे. आपको भी तो काम वगैरा है. आप थोड़ी बहोत मदद कर देते हैं वही बहोत है".

वो आदमी अनीता की कमर से हाथ नीचे सड़क कर उसकी गांड की बाई भाग को अच्छे से हाथ में जितना आ सकता था उतना पकड़ कर दबाते हुए bola,"Are क्यों नहीं करेंगे मेमसाहेब? आप इस शहर में नयी हैं और इस शहर का एक अच्छा नागरिक होने के कारण हमारा फ़र्ज़ बनता है आपकी मदद करना" और यह कहते हुए वह अनीता की बड़ी गांड की दूसरी भाग को भी अच्छे से दबोच दिया मगर अनीता बुरा मानने के बजाये मुस्कुराती हुए boli,"Theek है ठीक है. जब मदद करने का आपने मैं बना hi लिया है तो अब आप मेरी मदद भी करेंगे या सिर्फ खड़े होकर बस बातें hi बनाएंगे".

यह सुनकर वो आदमी bola,"Are हाँ मेमसाहेब बोलिये न क्या मदद करून आपकी?".

अनीता को उसका बेबाक और बातें बनाने वाला अंदाज़ एंटरटेनिंग लगने लगा था. और जिस तरह से वह अच्छा नागरिक होने का बात किया था अनीता को वह समझदार लग रहा था. अनीता के लिए यह मायने नहीं रख रहा था की वह उसकी गांड दबा रहा था और कमर सेहला रहा था. वह तो और भी मर्द चुपके से कर देते थे मगर जिस तरीके से वह सही वक़्त पर आ गया था और उसकी मदद करने का बात कर रहा था एक अच्छे नागरिक होने के कारण अनीता को यह बात अच्छी और समझदारी वाली बात लगी.

अनीता उसका बात सुनकर हल्का मुस्कुराती हुयी आसपास के तरफ नज़र घुमाकर बोली," अब आप तो देख hi रहे हैं मैं जिससे सब्जी लेती हूँ वो सब्जी वाले भैया नहीं आएं हैं. बाकी दुकानों पर इतनी भीड़ है की मुझे समझ नहीं आ रहा की किस्से सब्जी लूँ. तो मुझे बताइये की मैं कहाँ से सब्जी लूँ.".

वो आदमी अब अनीता की कमर पर हाथ लाते हुए bola,"Bas इतनी सी बात? चलिए मेमसाहब हम आपको एक अच्छे दूकान पर ले चलता हूँ. वह दुकान एक कोने में है जहां थोड़ा रौशनी काम रहती है इसलिए वहां भीड़ काम रहती है"

अनीता यह सुनकर थोड़ी सोचती हुयी boli,"To काम रौशनी में तो वह सदी हुयी सब्जियां न तौल दे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब हमरे रहते हुए आपको वो ख़राब सब्जी दे नहीं सकता. हम देखते रहूँगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुई boli,"Thank यू सो मच. सच में आप मेरी मदद करने के लिए तय्यात रहते हैं मगर अभी मुझे रास्ता बता दीजिये मैं खुद चली जाउंगी. मैं नहीं चाहती की मेरी मदद करने के चक्कर में आप काम के लिए लेट हो जाये और आपको मालिक से दांत परे".

वो आदमी यह सुनकर गुटखा थूक कर फिर से अपना मुंह गंदे तरीक़ा से पोंछ कर bola,"Are मेमसाहब आप उसकी चिंता मत कीजिये. ज़्यादा से ज़्यादा हमें नौकरी से निकाल देगा साला और क्या. हम ग़रीब लोगो के लिए नौकरी पैसे से ज़्यादा मायने इंसानो की मदद करना रखता है और हम जब बोल दिया हूँ तो अपना जबान से मुकर नहीं सकता. आप हमरे साथ सब्जी दुकान पर चलिए और आपको अच्छा सब्जी मिले ी का ख्याल हम रखूँगा".

अनीता उसका बात सुनकर मुस्कुरा दी और थोड़ी आश्चर्यता से अपनी सर हिलती हुयी बोली," आप भी न. ठीक है रास्ता आपको पता है तो आप चलिए आगे आगे".

वो आदमी यह सुनकर अनीता की कमर को हलके से दबोचते हुए bola,"are मेमसाहब आप चलिए न आगे आगे. हम आपको रास्ता दिखाते हुए ले chalunga".Yeh सुनकर अनीता मुस्कुराती हुई सर हिलाई और "ठीक है चलिए" बोलकर आगे चलने लगी और बाजार में घुस गयी.

अनीता आगे आगे चल रही थी उस भीड़ में और वो आदमी उसकी कमर पर हाथ रखे पीछे पीछे चल रहा tha.Thoda आगे चलने पर अचानक से अनीता को अपनी गांड पर कुछ महसूस हुआ जो की वो आदमी का हाथ तो बिलकुल भी नहीं था.

अनीता समझ गयी की वो क्या hai.Jaise hi अनीता को वह चीज़ अपनी गांड पर महसूस हुयी वो उस आदमी की आवाज़ suni,"Abe कौन धक्का दे रहा है be,araam से नहीं चल सकता?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी है और अपना सर हलके से हिला दी उसकी बात पर की कैसे वह बेबाक तरीके से धक्का देने पर बोल रहा tha.Woh आदमी का वो चीज़ अब अनीता की गांड से सटी हुयी hi थी पीछे नहीं हो रही थी.

थोड़ा आगे चलकर अनीता को पीछे से धक्का लगा उस आदमी के बदन से और उसकी गांड पर वो चीज़ और साफ़ साफ़ महसूस हुयी. एहि नहीं धक्के के कारण उस आदमी का हाथ अनीता की कमर से सड़क कर उसकी पेट पर चली gayee.Woh आदमी फिर गुस्से से bola,"Abe दिखाई नहीं देता इतनी भीड़ में धक्का दे रहा है. आराम से चल".

अगले पल अनीता को वो आदमी का आवाज़ फिर सुनाई दिया मगर इस बार थोड़ा धीरे tha,"Memsaahab आप ठीक हैं तो? सब आराम से नहीं चल सकते. धक्का धुक्की करना ज़रूरी है इनको".

यह सुनकर अनीता जवाब में boli,"Haan मैं ठीक हूँ. क्या कर सकते हैं भीड़ hi इतनी है की धक्का धुक्की हो hi जाती है. ऐसे दूकान और कितनी दूर है?".

वह आदमी अपना हाथ सड़क कर अनीता की नाभि के तरफ ले गया और bola,"Bas मेमसाहब थोड़ी दूर और" और यह बोलकर वह उसकी नाभि के पास ऊँगली ले गया और ऊँगली वहां पहुँचने पर थोड़ा अचंभित हो गया. इसके साथ hi उसका लुंड खड़ा होने लगा.

अनीता को अपनी गांड पर और कुछ नहीं इतनी देर से वह आदमी का लुंड hi महसूस हो रहा था और अब जब उस आदमी का लुंड को खड़ा होने लगा तो इसे महसूस कर अनीता की सांस भी थोड़ी तेज़ होने लगी.

जैसे hi वो आदमी अपनी ऊँगली अनीता की नाभि के तरफ ले गया उसका ऊँगली अनीता की बेल्ली बटन रिंग से टकराया और वो समझ गया की अनितअपनी नाभि में क्या पहना hai.Zahir सी बात है की कोई भी औरत जब अपनी नाभि में वो रिंग पहनती है तो और कामुक लगती है और एहि कारण था की यह समझते hi उस आदमी का लुंड खड़ा होने लगा.

वह आदमी अपने ऊँगली को अनीता की नाभि से लटकी हुयी बेल्ली बटन रिंग के नीचे से ले जाते हुए उसकी नाभि में घुसा दिया और उसमे ऊँगली फिरने के बाद उस लटके हुए जेवर को अपनी ऊँगली पर लेते हुए अनीता के कान में धीरे से bola,"Memsaahab यह क्या है?".

अनीता अपनी सांस को दुरुस्त करती हुए बेझिझक boli,"Woh बेल्ली बटन रिंग hai,aurton की नैवेल में पहनने वाली जेवर".

अनीता अब उस आदमी का खड़ा होता लुंड अपनी गांड पर महसूस करती हुयी आगे चलती rahi.Woh आदमी फिर poochha,"Memsaahab यह जेवर तो हम किसी औरत को आज तक पेहेनते नहीं देखा hoon,sirf टीवी पर hi देखा हूँ".

अनीता यह सुनकर चलती हुयी boli,"Woh एक्चुअली सभी औरतें नहीं पहनती यह इसलिए आपने कभी नहीं देखा होगा. मैं भी कभी कभी hi पहनती हूँ".

वो आदमी अब अनीता की बेल्ली बटन रिंग से खेलने लगा और bola,"Memsaahab हम यह अभी देखा तो नहीं हूँ मगर हम आपको बोल सकता हूँ यह पेहेन कर आप और खूबसूरत लग रही होगी सामने से देखने पर".

अनीता यह सुनकर बस मुस्कुरा दी और इसी तरह वो आदमी उसकी रिंग से खेलते हुए और पीछे से अपना खड़ा लुंड उसकी गांड पर चुभते हुए अनीता को वो सब्जी दूकान पर ले गया.
 
अपडेट 15

उस दुकान पर पहुँच कर वह आदमी साइड में पान थूका और अपना मुंह पोंछ कर सब्जी वाले से bola,"Chalo भाई हमारी मेमसाहब को ताज़ा ताज़ा सब्जी दो और अच्छे भाव लगाना".

यह बोलकर वह आदमी अनीता को एक नज़र देखा. अनीता उस आदमी के तरफ hi देख रही थी और उसे गुटखा थूक कर मुंह पोंछ कर सब्जी वाले को सब्जी देने के लिए बोलते हुए देख और सुन्न रही थी.

वह आदमी अनीता को देखकर उसकी गांड दबाया और फिर सब्जी वाला से bola,"Aur सुन्न. सदा सब्जी ग़लती से भी न देना".

अनीता उस आदमी के तरफ hi देख रही थी और उसे ऐसा बोलते सुन्न उसे अच्छा लगा की कैसे वह सब्जी वाले को पहले hi वारं कर रहा था सदा सब्जी नहीं देने के लिए. अनीता यह सब सुनती हुयी चुप चाप कड़ी थी.

उस दूकान पर बस एक बूढी औरत थी जिसे सब्जी वाला सब्जी दे रहा tha.Woh अनीता को आज पहली बार देख रहा था और उसे देखते hi उसका दिल धड़क gaya.Itni खूबसूरत औरत उसके सब्जी के दूकान में कभी नहीं आयी थी.

वो एक पल अनीता को देखा और फिर उसका नज़र वो गुटखा वाला आदमी पर पड़ा जो किसी दबंग की तरह उसे देख रहा था मानो कह रहा हो की अनीता को ऐसे न देखे.

वह अपना नज़र घूमा कर bola,"Ek मिनट भाई चची को सब्जी दे दूँ फिर मेमसाहेब को दूंगा".

वो गुटखा वाला आदमी यह सुनकर थोड़ा गुस्से में bola,"Abe मेमसाहेब को सिर्फ हम दूंगा. तू सिर्फ सब्जी तौल" और यह बोलकर वह अनीता की गांड दबा दिया. अनीता उसका बात सुनकर उसके तरफ देखि तो वह आदमी उसे देखकर मुस्कुरा दिया. अनीता एक पल के लिए सोच में पद गयी की वह ऐसा क्यों बोलै मगर फिर उसका बात बनाने का आदत को जानती हुयी वह भी मुस्कुरा दी की ज़रूर वह बात बना रहा होगा.

सब्जी वाला भी एक पल उस आदमी को देखा और कुछ बोलने का सोच hi रहा था की वह आदमी उसको देखकर bola,"Ab मुंह क्या देख रहा है? जल्दी कर, मेमसाहेब के पास पूरा दिन यहाँ खड़ा रहने का टाइम नहीं है. और बूढी अम्मा भी इंतज़ार कर रही है. जल्दी सब्जी तौल"

वह सब्जी वाला उस आदमी का यह बेबाक अंदाज़ और बात सुनकर घबराकर bola,"Haan भाई जल्दी कर रहा हूँ" और यह बोलकर अपने काम में लग गया.

अनीता यह सुनकर उस आदमी के तरफ देखि तो वह मुस्कुरा दिया तो अनीता भी उसके अंदाज़ को देखकर मुस्कुरा कर आश्चर्यता से सर हिला दी. वह आदमी यह देखकर अनीता के पुरे साइड में उसके हुए नज़दीक खड़ा हो गया और हलके स्व उसकी गांड दबा दिया. अनीता गांड दबाये जाने पर बिना शर्म के एक पल उसे देखि और फिर सामने सब्जी वाले को देखने लगी.

वो सब्जी वाले के सामने अनीता के पीछे सात कर खड़ा होना नहीं चाहता था क्यूंकि वहाँ भीड़ काम थी और अनीता के दूसरे साइड बगल में वह बूढी औरत कड़ी थी. अनीता और उस आदमी के एक फ़ीट पीछे दीवार थी जिसके कारण अनीता की गांड किसी को दिख नहीं सकती थी ऊपर से वहाँ रौशनी भी काम थी. इसके कारण वह बूढी औरत भी उस आदमी का हाथ अनीता की गांड पर देख नहीं सकती थी.

अनीता को कुछ महसूस हुआ तो वह दायी तरफ घूमकर उस बूढी औरत के तरफ देखि जो उसे hi घर रही थी. अनीता उसे ऐसे घूरते देख जब दोनों की नज़रे मिली तो अनीता मुस्कुरा दी. वह बूढी औरत अनीता को अजीब नज़र से देखि और बिना मुस्कुराये वैसे hi अजीब नज़र से उसकी क्लीवेज और फिर नीचे नंगी पेट पर देखकर धीरे से boli,"Hey भगवान् क्या ज़माना आ गया है".

अनीता उस बूढी औरत को देख hi रही थी सब्जी वाला bola,"Kaa हुआ चची कउनो बात है का?"

वह बूढी औरत सब्जीवाले को देखकर boli,"Nahin कुछ नहीं. जल्दी सब्जी दो. मैं यहाँ से जॉन".

सब्जीवाला यह सुनकर सब्जी उठाये हुए bola,"Jee चची. जल्दी hi कर रहा हूँ".

अनीता सब्जीवाला का बात सुनकर उसके तरफ देखने लगी की तभी वह गुटखा खता आदमी अनीता की गांड की बाई फांक पर पंजा रखा और उसे ऊपर नीचे करके हिलने लगा. अनीता की गांड की वो नरम मुलायम हिस्सा ऊपर नीचे हिलने लगी साड़ी के अंदर hi.

अपनी गांड की हिलता महसूस कर अनीता की सांस फिर तेज़ हो गयी और वह एक नज़र चुपके से उस औरत के तरफ देखि जो सब्जीवाले के तरफ देख रही थी तो वह भी उस गुटखे वाले आदमी के तरफ देखे और कुछ बोले बिना बस चुप चाप सब्जी वाले को सब्जी तौलता देखने लगी.

वह आदमी अनीता की गांड हिलाते हुए एक नज़र उसकी गांड पर डालकर वापस अनीता को देखते हुए poochha,"Memsahab आपको यह शहर कैसा लग रहा है?".

अनीता यह सुन्न उसकी तरफ देखि तो वह आदमी उसकी गांड हिलाते हुए मुस्कुरा दिया तो अनीता भी मुस्कुराती हुई boli,"Haan अच्छा hi है. यहां थोड़ी शान्ति hai,bazaar को छोड़कर हेहेहे. बाजार में बहोत भीड़ और शोर शराबा रहती है".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराता है और अनीता की गांड को फिर से ऊपर नीचे करके उसे हिलाते हुए bola,"Ka करियेगा मेमसाहब इस शहर के आस पास के गाओं के लोग भी यहीं बाजार करने आते हैं इसलिए भीड़ रहती है".

अनीता उसका बात पर मुस्कुरा दी और तिरछी नज़र से उसके हाथ को अपनी गांड से खेलते देखकर फिर दूसरी तरफ तिरछी नज़र से उस बूढी औरत को देखि जो चुपचाप सब्जी को तौलता देख रही थी.

अनीता तिरछी नज़र से उस बूढी औरत को देख hi रही थी की तभी वो आदमी आगे bola,"Lekin भीड़ होने के बावजूद जबसे आप आयीं है आपको सब्जी लेने में कभी परेशानी नहीं हुआ होगा? ी हम बोल सकत है".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर मुस्कुरा दी तो वह आदमी भी मुस्कुराते हुए उसकी गांड दबा दिया. अनीता यह महसूस कर वापस उस बूढी औरत के तरफ देखि तो वह उसे फिर से अजीब नज़र से देखने लगी. अनीता को यह थोड़ा अजीब लग रहा था और समझ नहीं आ रहा था की वह ऐसा क्यों कर रही थी. वह चुपके से एक नज़र अपनी गांड के तरफ देखि जो थोड़ा अँधेरे में था और उसे यक़ीन था की उसकी गांड पर उस आदमी का हाथ उस औरत को नहीं दिखेगा.

अनीता उस औरत को देख hi रही थी की तभी दोनों की नज़र फिर मिली तो वह औरत मुंह पहले हुयी वापस सब्जी वाले को देखने लगी.

ठीक उसी वक़्त वह आदमी अनीता की गांड पर टाइट से लिपटी साड़ी को थोड़ा अंदर करके उस की गांड की दरार में ऊँगली घुसाने की कोशिश करने लगा मगर साड़ी टाइट होने के कारण ज़्यादा घुसा नहीं पाया.

अनीता यह महसूस करते hi घूम कर उसे देखि तो वो थोड़ा घबरा gaya.Use लगा की उसने गांड की दरार में ऊँगली घुसना कुछ ज़्यादा hi कर दिया, खासकर तब जब बगल में एक औरत कड़ी थी.

वो थोड़ा घबराते हुए bola,"Koi परेशानी है क्या मेमसाहब. हम राहु या जाऊं? ठीक है मेमसाहब हम चलता हूँ".

वो आदमी अनीता की गांड से हाथ हटा कर जाने hi वाला था की अनीता boli,"Aapko लेट हो रही है kya?Agar लेट हो रही है तो चले जाइये".

वो आदमी यह सुनकर रुक गया और पास में गुटखा थूक कर वैसे hi गंदे अंदाज़ में मुंह पोंछकर दुबारा अनीता की गांड पर हाथ रखकर बोलै," अरे नहीं मेमसाहब हुंका लेट नहीं हो रहा है. हुंका लगा की हम तो आपको दूकान दिखा दिया हूँ और अब शायद आपको हमरा रहने से परेशानी हो रही है".

यह बात सुनकर इससे पहले की अनीता कुछ bolti,wo सब्जी वाला बोल परता hai,"Are भाई इतना बकबक करोगे तो मेमसाहब को परेशानी तो होगी hi".

वो गुटखा वाला आदमी अनीता की गांड पर हाथ रखे हुए उसे दबाकर bola,"Abe तुझे बीच में बोलने के लिए किसने कहा है. मेमसाहब को परेशानी होगी तो खुद बोलेगी और भूल मत मेमसाहब को यहां तेरे दुकान पर हम लाया हूँ वर्ण इतना कोना में तेरा दूकान है की मक्खी भी नहीं आता जल्दी".

यह सुनकर अनीता बोल पार्टी hai,"are अरे आप लोग लड़ क्यों रहे हो?" और फिर वो सब्जी वाले को देखकर boli,"Bhaiya आप अपना काम कीजिये. मैं इनको जानती हूँ मुझे इनसे कोई परेशानी नहीं. आप प्लीज चुप चाप जल्दी जल्दी सब्जी तौलिये मुझे लेट हो रहा है".

यह सुनकर वह बूढी औरत मैं hi मैं boli,"Hun बेशर्म औरत कहीं की. न जाने कितने मर्दों को जानती होगी".

वह बूढी औरत यह सोच hi रही थी की तभी अनीता गुटखे वाले आदमी को देखकर बोली," मुझे कोई परेशानी नहीं हैं आपसे. मैं तो बस आप से यह पूछना छह रही थी की आज इतने काम सब्जी वाले क्यों आये हैं?".

वह आदमी यह सुनकर अनीता के थोड़े और करीब हो गया और अनीता के हाथ से अपना पंत के अंदर कैद लुंड को सत्ता दिया और फिर उसकी गांड के बीच दरार में ऊँगली घुसाने की कोशिश करते हुए bola,"are मेमसाहब यह सब्जी वाले गाओं की तरफ से ट्रैन से आते हैं मगर आज वो सुबह वाली ट्रैन कैंसिल हो गयी कुछ कारण से इसलिए".

अनीता यह सुन्नति हुयी एक नज़र उस औरत के तरफ देखि और फिर वापस उस आदमी के तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी "ओह्ह" बोलकर वापस सब्जी वाले को देखने लगी

वह आदमी अनीता की हाथ से अपना लुंड सत्ता कर थोड़ा कमर हिलाया और अनीता की साड़ी को थोड़ा ऊपर करके उसकी गांड के पास वाले साड़ी के पोरशन को थोड़ा ढीला करने लगा. अनीता यह महसूस करते hi तिरछी नज़र से उस बूढी औरत को देखि और फिर वैसे hi तिरछी नज़र से अपनी गांड में तरफ देखि जहाँ उस आदमी का हाथ साफ़ साफ़ नहीं दिख रहा था तो वह चुप चाप कड़ी हुयी सब्जीवाले को देखने लगी.

वह आदमी थोड़ा सा साड़ी को ऊपर करके अनीता की जांघ के पास गांड की दरार में ऊँगली घुसाने में थोड़ा सफल हो गया है और फिर वो चारो ऊँगली को उसकी गांड की दरार में उसकी जाँघों की शुरुआत से लेकर ऊपर की तरफ फेरने लगा और साथ hi लुंड को पंत के अंदर से hi अनीता की हाथ पर घसीटने लगता है.

अनीता की सांस इससे तेज़ होने लगी thi.Woh तिरछी नज़र से सब्जी वाले को और फिर उस बूढी औरत को देखि जो अब पैसे दे रही थी. वह औरत पैसे देकर अनीता को एक नज़र देखि और वहां से चली गयी.

अनीता उस औरत को जाते हुए देख रही थी की तभी सब्जी वाला अनीता से bola,"memsaheb आप थोड़ा दो मिनट के लिए रुकिएगा हाँ बाथरूम से आता hoon".Anita सर हिलाकर सहमति दी और वो सब्जीवाला उस कंक्रीट से बने ऊँची प्लेटफार्म से उतर कर चला गया.

वह आदमी अनीता की गांड दबाते हुए सब्जीवाले को जाता देख धीरे से bola,"Sasure इतना देर से इंतज़ार कराया अब हम लोग का बारी आया तो मूतने चला गया".

उस आदमी के मुंह से "मूतने" शब्द सुनकर अनीता का दिल धड़क गया और वह बिना शर्म के उस आदमी के तरफ देखकर थोड़ी नाराज़गी से boli,"Aap भी न? ऐसे कोई बोलता है क्या?"
 
अपडेट 16

वह आदमी अनीता की नाराज़गी देखकर bola,"Are माफ़ कर दीजिये मेमसाहेब. ु ससुरा मुंह से निकल गवा. का करे मेमसाहेब आदत है. हम आपके जैसा पढ़ा लिखा हूँ नहीं की कहाँ कैसे बात किया जाता है समझ पाएं".

अनीता उसे देखती हुयी उसका बात सुन्न रही थी और उसके बात से मैं hi मैं सहमत हुयी की वह अनपढ़ या काम पढ़ा लिखा ग़रीब आदमी है और जैसा माहौल में पला बढ़ा है वहां तो शायद लोग ऐसे hi बात करते होंगे तो इसमें उसका क्या ग़लती. काम से काम उसमे इतना हिम्मत और ईमानदारी तो है की अपना ग़लती मान रहा है वर्ण लोग तो बस खुद को सही साबित करने पर लगे रहते हैं.

अनीता उसका बात सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है कोई बात नहीं. लेकिन प्लीज ऐसे वर्ड्स, मेरा मतलब है ऐसे शब्द मत बोलै कीजिये. अच्छा नहीं लगता है न".

वह आदमी अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप तो पढ़ी लिखी हैं शायद इसलिए अच्छा नहीं लग रहा है, मगर ससुरा जो बात है ु तो बोलना होगा न. अब ु का करने गया है? हम जो बोलै हूँ वही तो करने गया है न".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo तो उसे कुछ और भी तो बोल सकते हैं न".

वह आदमी अनीता की गांड दबाते हुए puchha,"Aur का बोलूं मेमसाहब? ु ससुरा बाथरूम बोलके गया है मगर हमको इतना अंग्रेजी आता है की हम समझ सकूँ की बाथरूम नहाने के लिए जाता है लोग. आप बताओ मेमसाहब ु ससुरा का नहाने गया है ".

अनीता उसका बात सुनकर मुस्कुराती हुयी आश्चर्यता से सर हिलाकर boli,"Offo आप तो बात बनाने में एक्सपर्ट हैं. क्या hi बोलूं मैं अब. जो समझना है समझिये आप मगर शुरू में आप जो बोले वैसे मत बोलियेगा प्लीज".

वह आदमी अनीता की गांड दबाते हुए puchha,"Are मेमसाहब आप कहे नाराज़ हो रही है. आप बताइये की हम का ग़लत बोलै हूँ की बाथरूम में लोग नहाने जाते हैं. और अगर हम सही बोलै हूँ तो बताइये उसको का बोलना होगा जो ु करने गया है".

अनीता उसके बात पर न चाहते हुए भी मुस्कुरा रही थी. उसका बात करने का अंदाज़ और जिस तरह से वह बात को बनाये जा रहा था वह अनीता को एंटरटेनिंग लग रहा था. वह मुस्कुराती हुयी boli,"Achha उसे टॉयलेट भी कह सकते हैं की वह टॉयलेट गया है".

हरिया अनीता की गांड को दबाते हुए bola,"Achha टॉयलेट".

यह सुनते hi अनीता मुस्कुरा दी. अनीता को मुस्कुराता देख वह आदमी उसकी गांड को दबाते हुव bola,"Are मेमसाहब हम आपके तरह पढ़ा लिखा तो हूँ नहीं की अच्छे से बोलूं. हुंका जितना आया हम बोल दिए".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं. ऐसे मुझे तू लेट से याद आया की आप लेट तो नहीं हो रहे हैं? आपको काम पर भी जाना है. मैं नहीं चाहती की आप लेट हो जाये और आपके मालिक को आपको डांटने का मौक़ा मिले".

वह गुटखा वाला आदमी यह सुनकर अपना गुटखा साइड में ठीक कर फिर से गंदे तरीके से मुंह पोंछकर अनीता को देखते हुए bola,"Are मेमसाहब कुछो नहीं होगा. हम जब बोल दिया हूँ की हम आपका मदद करके जाऊंगा तो अपना जबान पर कायम रहूँगा".

यह बोलकर वह अनीता की गांड की दरार में ऊँगली रखे उसकी गांड के भाग पर अपना पंजा रखकर उसकी गांड को मसल दिया जिससे अनीता को थोड़ा दर्द हुआ और वो एक नज़र जिधर सब्जीवाला गया था उधर देखकर वापस उस गुटखे वाले आदमी को देखती हुयी boli,"Aese आप सभी औरतों की मदद करते रहते हैं क्या?".

वह आदमी यह सुनकर अनीता की दूसरी गांड की भाग को भी जोर से मसल दिया और उसकी मांसल गांड की हाथ में दबोचे हुए bola,"nahin मेमसाहब सिर्फ आपकी hi मदद करता हूँ क्यूंकि आप बहोत अच्छी है दिल की इसलिए"

अनीता उसे देखती हुई boli,"Achha आपको क्यों लगता है की मैं दिल की अच्छी हूँ?"

वह आदमी अब अनीता की कमर पर वापस हाथ लाकर उसे सहलाते हुए bola,"wo मेमसाहब आप इतनी पढ़ी लिखी, अमीर और खूबसूरत होकर भी घमंड नहीं करती और हम जैसे ग़रीब से भी अच्छे से बात करती हैं इससे साफ़ पता चलता है की आपका दिल बहोत बड़ा है" और यह कहते हुए वो अनीता की ब्लाउज में कैद चूंकि को देखने लगा और उसकी चूंकि देखते हुए bola,"Sach में कितना बड़ा है आपका दिल मेमसाहब".

अनीता बस उसे अपनी चूंकि पर घूरते देखती रही और जब वो आदमी उसे वापस देखा तो मुस्कुराते हुए उसकी ब्लाउज के पीछे की दो इंच की पट्टी को छूटे हुए bola,"Aese मेमसाहब आप कपडे बहोत मेहेंगे पहनती hai,inn कपड़ो में आप बहोत खूबसूरत लगती है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुई boli,"Thank यू".

वह आदमी फिर अनीता की हाथ पकड़कर उसको अपने लुंड के ठीक पास जांघ पर रख कर सहलाते हुए bola,"Dekhiye मेमसाहब हमारा पंत का कपडा कितना मोटा और घटिया क्वालिटी का hai,hum ग़रीब लोग ऐसा hi कपडा पेहेन पाते हैं".

अनीता अपना हाथ पीछे खींचते हुए एक नज़र जिधर सब्जी वाला गया था उधर दौड़कर उस आदमी को देखकर boli,"Are कोई बात नहीं आप ग़रीब हैं तो क्या hua,insaan तो ठीक hi हैं".

वो आदमी अनीता की हाथ को अपने पंत पर वापस रखते हुए दूसरा हाथ से उसकी ब्लाउज की पट्टी में ऊँगली घुसाकर पकड़ते हुए bola,"dekhiye मेमसाहब आपकी ब्लाउज के कड़पे छूकर hi पता चलता है की एक डैम कीमती और अच्छे क्वालिटी के हैं और साथ में आरामदायक भी हैं. वहीँ हमारा कपडा देखिये एक डैम लौ क्वालिटी का".

अनीता यह सुन्नति हुयी उसे देखकर boli,"Are कोई बात नहीं".

यह सुनकर वो आदमी तुरंत bola,"Are मेमसाहब एक बार हमरा पंत अच्छे से छू कर तो देखिये. अनीता यह सुनकर चुप चाप उसके पंत को हलके से अपनी उँगलियों में लेकर कपडे को थोड़ा मसल कर देखि जिसके कारण उसकी हाथ से उसका लुंड भी सात गया और फिर वो boli,"Lijiye देख लिया मैंने. कोई बात नहीं आपका कपडा जैसा भी है लेकिन आप आदमी तो ठीक हैं. वही मय्बे रखता है".

यह सुनकर वह आदमी थोड़ा आगे बढ़कर अनीता से चिपक गया जिसके कारण अनीता की हाथ उसके और उस आदमी के दरमियान चाप गयी और उसके पास उस आदमी के लुंड को छूटे हुए खड़े रहने के सिवाय कोई उपाय नहीं था.

वह आदमी फिर अनीता किसी ब्लाउज की पीछे के छोटे कपडा को सहलाते हुए poochha,"Aese मेमसाहब आप अपना ब्लाउज किस दर्ज़ी से बनती है?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुई boli,"Nahin मैं रेडीमेड hi लेती हूँ साड़ी के saath,main किसी टेलर के पास नहीं जाती".

यह बात सुनकर वो आदमी अनीता की पूरी ऊपर नंगी पीठ पर हाथ फिरने के बाद bola,"Kamaal है मेमसाहब. इतना फिटिंग कपडा आपको रेडीमेड मिल जाता है?"

अनीता उसके कपड़ो के मामले में काम जानकारी पर मुस्कुराती हुयी boli,"Jee ब्रांडेड कपडे फिटिंग मिलते hi हैं".

वह आदमी अनीता की ब्लाउज के पट्टी के नीचे पतली सी ब्रा की स्ट्राप को पकड़ते हुए puchha,"memsaahab क्या यह भी ब्रांडेड है".

अनीता इस बार कुछः नहीं बोलती बल्कि उल्टा उससे poochhi,"Aese अपने अपना नाम आज तक कभी नहीं बताया?".

यह बात सुनकर वो आदमी पास में फिर गुटखा थूका और गंदे तरीके से मुंह पोंछते हुए अनीता को चूंकि को देखने के बाद उसे देखते हुए मुस्कुरा कर bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहब, हमरा नाम हरिया है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराते हुई boli,"Hariya. अच्छा".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"U मेमसाहब उतना अच्छा नाम नहीं है. गाओं देहात का नाम है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are नहीं, जैसा भी है अच्छा है"

वह आदमी मुस्कुराते हुए puchha,"Aese मेमसाहब आप अपना नाम नहीं बताएंगी का?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ohh ी ऍम सो सॉरी. मेरा नाम अनीता hai,Anita सिंह".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Waah memsaahab.Bahut hi प्यारा और मीठा नाम है आपका. बिलकुल आपकी तरह".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर बस उसे देखती हुयी अपना सर हिलने लगी तो हरिया उसकी चूंकि को देखते हुए उसकी गांड को मसल दिया. जैसे hi वह अनीता की गांड मसला की तभी वो सब्जी वाला वहाँ आ गया और दोनों का ध्यान उधर चला गया.

अनीता को जो जो सब्जी चाहिए थी वह बोल दी और वो सब्जी वाला तौलने लगा. वहीँ हरिया बेझिझक अनीता की गांड से हाथ ऊपर लेजाकर पूरी पीठ पर हाथ फेरने लगा और अनीता बिना किसी virodh,bina किसी प्रतिक्रिया के वहाँ चुप चाप कड़ी सब्जियां देख रही थी.

हरिया फिर अपने पंत का ज़िप खोलने लगा और उसे खोलकर अपना लुंड निकाल कर खुला छोर दिया अनीता की हाथ के बगल mein.Anita को जब यह एहसास हुआ तो उसकी साँसे फिर से तेज़ होने लगी और दिल थोड़ा धड़क गया. वह एक नज़र सब्ज़ी वाले के तरफ देखि और उसको सब्जियां चुनते हुए देख चुप चाप कड़ी रही.

अगले कुछ पल के बाद हरिया का लुंड अनीता के हाथ से टकरा गया और अनीता के बदन में झुरझुरी होने लगी और उसे अपनी बदन में मज़े की एक अजीब लहर महसूस हुयी. वह चुप चाप वैसे hi कड़ी रही और अगले कुछ मिनट तक उसकी हाथ से हरिया का लुंड टकराते रहा और हरिया उसकी नंदी पीठ से लेकर गांड तक हाथ फिरते रहा. इस सबके बीच वो दोनों चुप चाप वहीँ लगभग चिपके हुए खड़े रहे.

हरिया का हाथ अनीता की पीठ पर रेंग रहे थे और उसका लुंड उसकी हाथ से टकराकर खड़ा होने लगा tha.Anita की भी सांस तेज़ होने lagi.Sabji वाले ने अनीता को सब्जी देकर हिसाब बता दिया.

अनीता जब पैसे निकल रही थी तो हरिया अपना लुंड पंत में वापस दाल कर ज़िप बांध करके सब्जी वाले के हाथ से थैला लेते हुए bola,"Ee हुंका दो. हम मेमसाहब का मदद करने के लिए hi खड़ा हूँ".

अनीता यह सुनकर सब्जी वाले को पैसा देती हुई हरिया को देखकर boli,"Are नहीं आप रहने दीजिये अब आप काम पर jaiye,main मैनेज कर लुंगी".

हरिया अनीता की गांड को दबोचते हुए bola,"Are मेमसाहब दीजिये न. हमारे होते हुए आपको इतना भारी चीज़ उठाने का ज़रुरत नहीं"..

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी और उसे सब्जी का थैला पकड़ने दी और खुद सब्जी वाले से छुट्टा लेकर बैग में दाल ली.

हरिया फिर वैसे hi अनीता की गांड पर हाथ डाले और दूसरे हाथ से सब्जी का थैला पकडे उसको एक अँधेरा गली से होते हुए ऑटो स्टैंड ले गया और उसे बैठा कर bola,"theek है memsaahab,hum चलता हूँ".

अनीता मुस्कुराकर उसे "थैंक यू" बोली तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब हुंका कहे सर्मिन्दा कर रही हैं. आपका मदद करना तो हमरा फ़राज़ है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी तो हरिया कुछ सोचने लगा और कुछ सेकण्ड्स सोचने के बाद puchha"memsaahab आप फिर कब आएंगी?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुई boli,"pata nahin,ho सकता है दो तीन दिन बाद आऊं".

यह सुनकर हरिया पास में hi गुटखा थूकते हुए फिर से अपने हाथ से मुंह पोछते हुए bola,"theek है memsaheb.Aap आराम से जाइये. हम चलते हूँ." और यह बोलकर वो वहाँ से चला गया. अनीता उसे जाते हुए देखने लगी.
 
अपडेट 17

फ्राइडे के दिन अनीता को बाजार जाना था. वह सब्जियां लेकर आ गयी मगर हरिया कहीं नहीं दिखा. अनीता बाजार घुसने से पहले एक नज़र आस पास देखि मगर फिर अंदर चली गयी. अंदर जाकर वह सब्जी वाले को देखकर मुस्कुराई और सब्जी लेकर चली आयी. सब्जी लेते वक़्त भी अनीता एक दो बार आस पास देखि. उसकी गांड को लोग एक दो बार छूकर चले गए मगर वह चुप चाप कड़ी hi रही और सब्जी लेकर वापस घर चली गयी.

उसके बाद संडे को दोनों पति पत्नी घूमने गए तो उधर से hi थोड़ी बहोत सब्जियां खरीदकर आ गए. संडे के दिन राज अनीता को दो बार छोड़ा जिससे वह खुश थी.

थर्सडे को अनीता फिर बाजार जाने का प्लान ki.Raj उसे बोलै था की वो ऑफिस जाते वक़्त hi अनीता को बाजार में छोर dega.Anita हमेशा की तरह साड़ी पेहेन कर बाजार गयी. पिले रंग की साड़ी उसकी गोरी बदन पर बहोत hi अच्छा लग रहा tha.Saree भी वो हमेशा की तरह नाभि से 3 इनचेस नीचे बंधी थी और ब्लाउज भी हमेशा की तरह छोटा था. शुरू में वह साड़ी नाभि के 2 इनचेस नीचे hi बाँध रही थी मगर धीरे धीरे जैसा वह दिल्ली में पहनती थी वैसा hi पेहेन्ने लगी. राज को भी कुछ ऐतराज़ नहीं था अगर अनीता वैसा कम्फर्टेबले फील करती थी.

अनीता बाजार में घुसते hi इधर उधर एक नज़र दौड़ाई. वह लेट से बाजार आयी थी तो बाजार लगभग खली था. ऊपर से गर्मी भी बहोत था जिसके कारण ज़्यादातर लोग बाजार सुबह hi करके चले गए थे. अनीता इधर उधर एक नज़र दौड़ने के बाद चुप चाप सब्जी वाले के पास चली गयी.

सब्जी वाला उसे देखकर मुस्कुराते हुए नमस्ते किया तो अनीता भी जवाब देती हुई मुस्कुरा दी. सब्जी वाला poochha,"Memsaahab आज आपको बहोत लेट हो गवा".

अनीता मुस्कुराती हुई boli,"jee बस ऐसे hi" और फिर अनीता सब्जी वाले को सब्जी के नाम और मात्रा बता कर चुप चाप कड़ी हो गयी. कुछ मिनट बाद वो इधर उधर फिर देखि और फिर वापस सब्जी वाले को सब्जी तौलता देखने लगी.

अनीता सब्जी वाले को पैसा देकर सब्जी लेते हुए धीरे धीरे थोड़ा आगे hi बढ़ी थी की तभी उसे अपनी गांड पर हाथ महसूस हुआ और इससे पहले की वो रियेक्ट करती उसे आवाज़ सुनाई diya,"Kaisi हैं आप मेमसाहब?".

अनीता आवाज़ सुनकर मुस्कुराती हुई घूमकर देखि तो उसके उम्मीद के मुताबिक़ वह हरिया hi था. अनीता घूमकर हरिया को देखि और मुस्कुराती हुयी boli,"Are हरिया जी आप?" मगर हरिया वैसे hi उसकी गांड पर हाथ रखे रहा और बगल में पान थूक कर अपने हाथ से मुंह गंदे तरीके से पोछते हुए अनीता को देखा.

अनीता उसे ऐसे गंदे तरीके से मुंह पोछते देखती रही तो हरिया अपना लाल दांत दिखते हुए bola,"jee मेमसाहब हम"

यह कहते हुए हरिया अनीता की मांसल गांड दबोच दिया और फिर दूसरे हाथ से पंत के ऊपर से अपना लुंड सहलाते हुए bola,"Aapki सेवा में हाज़िर है".

अनीता आँखों के कोने से उसे अपना लुंड सहलाते हुए देख ली. इसके बाद वह अनीता की हाथ से सब्जी का थैला लेते हुए bola,"Chaliye मेमसाहब हम आपको ऑटो िस्तानद पहुंचा देता हूँ".

अनीता उसे मन करती हुई boli,"Are नहीं कोई बात नहीं मैं चली जाउंगी".

हरिया अनीता को पहले ऊपर से नीचे ghura.Anita को न जाने क्यों हरिया द्वारा खुद को इस तरह गन्दी नज़र से घूरकर देखने में अच्छा लग रहा था.

हरिया अनीता को एक नज़र घूरने के बाद bola,"Kaa बात है मेमसाहेब. हमसे आप नाराज़ हो गयी का? माफ़ कीजियेगा हम लेट करके आया हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are वैसी कोई बात नहीं है".

हरिया फिर अनीता से bola,"To दीजिये न मेमसाहब हुंका थैला. ऐसे हम एक बार आये थे बाजार में मगर आप थी नहीं तो चले गए".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achha तो आप एक बार आकर मुझे खोज कर जा भी चुके हैं? आप भी न. मेरी मदद करने के चक्कर में सही से काम भी नहीं कर पा रहे हैं. मालिक कुछ बोल तो नहीं रहा है आपको?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब मालिक लोग का काम hi होता है बोलना. इसके वजह से हम आपका मदद करना थोड़े hi छोर सकता हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलाकर boli,"Aap भी न".

हरिया यह सुनकर अनीता की बदन को एक बार फिर गन्दी नज़र से देखने लगा. अनीता कड़ी हुयी उसके नज़र को अपनी बदन पर महसूस कर रही थी. अगले पल हरिया अनीता की कमर पर हाथ ले जाकर उसकी नंगी कमर पर से एक बंध पसीना को अपने ऊँगली पर लेकर अनीता को दिखते हुए bola,"Dekhiye मेमसाहब इतनी गर्मी है की आप पसीना से भीग चुकी है और ऊपर से इतना भरी थैला उठाएंगी तो आप थक जाएँगी. थैला दीजिये, हम मदद कर देता हूँ".

अनीता उसका बात सुनकर मुस्कुराती हुई थैला देती हुयी boli,"Theek है लीजिये. आप भी न. ऐसा लग रहा है की आप जब तक मेरी मदद नहीं करेंगे, आप मुझे यहाँ से जाने नहीं देंगे".

हरिया अनीता की हाथ से अपने बायीं हाथ में सब्जी का थैला लेकर उसकी बात सुनकर अपना दांत दिखने लगा और फिर दये हाथ को अनीता की गांड पर रखकर bola,"Chaliye मेमसाहब".

अनीता हरिया द्वारा खुद की गांड पर हाथ रखने पर जल्दी से आस पास देखि मगर आस पास सन्नाटा था. गर्मी की दोपहर होने के कारण लोग थे नहीं. अनीता फिर मुस्कुराकर हरिया के तरफ देखकर boli,"Chaliye हरिया जी" और उसके साथ उसके बगल में अपनी गांड हिलती हुयी चलने लगी.

हरिया आराम से अनीता की गांड सेहला रहा था और उसके साथ उसका थैला पकडे चला जा रहा था. अनीता के चलने से उसकी गांड हिल रही थी जिसका थिरकन हरिया अपने हाथ में महसूस कर सकता था और इतनी मुलायम, गद्देदार और बड़ी गांड की थिरकन हाथ में महसूस होने से उसका लुंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा.

हरिया के साथ चलती हुयी अनीता की नाक में हरिया के बदन की बदबू जा रही थी ab.Pata नहीं क्यों मगर उसे यह बदबू अच्छी लग रही thi.Bahot तेज़ बदबू भी नहीं थी की अनीता अपनी नाक सिकुड़ le.Bas इतनी थी की अनीता को अच्छा लग रहा था.

अनीता की नाक में जब हरिया के बदन से बदबू जाने लगी तो वह उसे देखि. हरिया का बदन पसीने से भीगा हुआ था. अनीता उसके साथ चलती हुई boli,"Hariya जी आपने थैला ले तो लिया मगर आप भी तो पसीना पसीना हो चुके हैं".

हरिया अनीता की बात सुनते हुए उसकी गांड दबाकर bola,"Are मेमसाहब हमें तो गर्मी की आदत है. मगर आप तो दिन भर एक में रहती है आप को तो इतनी गर्मी की आदत नहीं hogi,dekhiye न आपका गोरा बदन कैसे गर्मी से लाल हो गया है".

हरिया यह बोलकर अनीता की बदन को फिर से ऊपर से नीचे तक एक बार देखने लगा. अनीता उसे खुद के बदन को देखती हुयी देखि और फिर अपनी बैग से एक छटा निकल कर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी गर्मी तो लगती है बाहर. इसलिए मैं छटा रखती हूँ गर्मी में".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता को देखते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are वाह मेमसाहब ी ठीक करती हैं आप. हम भी सोच रहे थे की आप भी बाकी शहरी मेमसाहब लोग के तरह छटा क्यों नहीं इस्तेमाल करती धुप में".

अनीता चलती हुयी मुस्कुराकर boli,"Hariya जी इस्तेमाल करती हूँ. मगर यहाँ जबसे आयी हूँ बाजार में आने के वक़्त मैं बैग में रखना हमेशा भूल जाती थी. लेकिन अब गर्मी धीरे धीरे बढ़ रही है तो ध्यान आया की छटा बैग में रखकर hi निकलूं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Haan मेमसाहब ठीक किये आप. नहीं तो ससुरा जितना तेज़ धुप और गर्मी है, आपका यह खूबसूरत गोरा बदन लाल कर देता ससुरा धुप".

हरिया यह बोलकर अनीता की बदन को फिर देखने लगा और मुस्कुराते हुए bola,"Waah मेमसाहब का खूबसूरत और गोरा बदन है आपका. पूरा दूध जैसा".

अनीता हरिया को खुद की बदन को देखते हुए तारीफ करता सुन्न बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी बोली, "हरिया जी आप बातें बनाने में बहोत माहिर हैं. हेहेहे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"hehehehe मेमसाहब हम बहोत चीज़ में माहिर हूँ. आप अभी हमरा पूरा टेलेंट नहीं देखि हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab पता नहीं किस टैलेंट की बात कर रहे हैं आप, मगर मेरी मदद करने का टैलेंट तो ज़रूर है आप में. कोई भी मौक़ा नहीं छोड़ते हैं मेरी मदद करने का. हेहेहे"

हरिया अनीता की बात सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Aap देख लीजियेगा हमरा टेलेंट कभी. हम ज़रूर दिखाऊंगा आपको"

यह कहते हुए हरिया एक बार अनीता की ब्लाउज में कैद चूँचियों को देखने laga.Anita भी उसके तरफ देखती हुयी boli,"Theek है हरिया जी दिखा दीजियेगा अपना टैलेंट".

हरिया यह सुनकर बगल में पान थूकते हुए उसकी आँखों में देखकर फिर से उसकी चूंकि की घाटी में देखने laga.Anita हरिया के आँखों में उसकी जिस्म के प्रति हवस के साथ साथ उसके प्रति आकर्षण भी देखती hai.Anita जानती थी की वो खूबसूरत है तो मर्द उसकी जिस्म के प्रति थोड़ा बहोत हवस रखेंगे hi,usse छेड़ छड़ करना चाहेंगे hi.

आखिर कौन मर्द है जो उसकी जैसी खूबसूरत, जवान और मादक जिस्म वाली औरत को छूना नहीं चाहेगा. आखिर एक मर्द उससे छेड़ छड़ नहीं करेगा तो कौन karega,isliye अनीता थोड़ी बहोत छेड़छाड़ और मर्दों की गन्दी नज़रों का बुरा नहीं मानती thi,balki वो तो इसे खुद की खूबसूरती का एक तरह से तारीफ hi समझती थी की वो इतनी खूबसूरत है की मर्द उसे घूरते हैं और उसे छूने और छेड़ने का सोचते हैं.

हालाँकि इसका मतलब यह नहीं था की अनीता चाहती थी की सब मर्द उसे घूरे और छेड़े. अनीता कोई रंडी या बदचलन औरत नहीं थी जो ऐसा chahti.Anita आम तौर पर छेड़ छड़ का सोचती नहीं thi,wo नार्मल hi रहती थी. यहां तक की कभी कभी कोई उसकी जिस्म को छूटा तो वो शुरू में दूरी बना लेती थी मगर जब कोई मर्द हिम्मत करके उसे छेड़ना जारी रखता था तो अनीता भी उसकी हिम्मत और मर्दानगी की दाद देते हुए उसे अपने जिस्म को महसूस करने देती thi,magar बात को बस छूने और छेड़खानी तक hi सिमित रहने देना चाहती थी.

एहि कारण था की जब हरिया उसे पहली बार उसकी गांड और कमर को छूकर महसूस किया था तो वो शुरू में दूरी बनायीं मगर फिर जब हरिया हिम्मत करके उसे छेरते रहा तो अनीता उसकी हिम्मत और दबंग रवैये को देखकर उसे खुद के साथ छेड़छाड़ करने दी. उसे लगता था की थोड़ी बहोत छेड़छाड़ से कुछ बिगड़ने वाला नहीं है और इतनी सी बात का बुरा नहीं मानना चाहिए.

ऊपर से अनीता जानती थी की हरिया जैसे ग़रीब लौ क्लास आदमी के लिए उसके जिस्म को छूना बहोत बड़ी बात थी इसलिए वो उसे कुछ नहीं कहती थी मगर हरिया वक़्त के साथ उसकी उम्मीद से ज़्यादा बढ़कर उसे छेड़ छड़ करने laga.Anita को भी एक लौ क्लास गंवार इंसान की हिम्मत देखकर अच्छा लगने लगा और उसे भी हरिया की हरकत से थोड़ा बहोत मज़ा मिलने laga,khaaskar उसका बात करने का अंदाज़ अनीता को एंटरटेनिंग लगने लगा था.

अनीता के लिए यह सब बिलकुल नया अनुभव tha.Chedchhad तो उसके साथ दिल्ली में भी होती थी मगर वो जब दूरी बना लेती तो मर्दों को हिम्मत नहीं होती थी दुबारा कोशिश करने ki.Yeh अनीता के साथ पहली बार हुवा था की कोई मर्द उसे यूँ खुलेआम छेड़ रहा tha,aur वो भी एक ग़रीब गंवार इंसान जिसकी हैसियत अनीता की नौकर के बराबर की होगी और यह नया अनुभव अनीता के लिए रोमांच से भरा था.

हरिया को यूँ खुल्लम खुल्ला खुद की चूंकि की घाटी देखते हुए अनीता इधर उधर देखि मगर आस पास कोई नहीं था की तभी अनीता एक आइस क्रीम वाले को देखि. अनीता आइस क्रीम वाले को देखने के बाद हरिया को देखती हुयी boli,"Hariya जी आप आइस क्रीम खाते hain?Chaliye आइस क्रीम खाते हैं"
 
अपडेट 18

हरिया जवाब देते हुए bola,"jee मेमसाहब चलिए आप खा लीजिये. हम तो पान खा रहे हैं".

अनीता मुस्कुराती हुई boli,"Are हरिया जी पान तो आप रोज़ खाते हैं. आज आइस क्रीम खा लीजिये. देखिये कितनी गर्मी है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और फिर अनीता की नंगी कमर पर देखते हुए bola,"Haan मेमसाहब गर्मी बहोत है. आप का गोरा गोरा बदन पसीने से भीग गया है"..

अनीता यह सुनकर हरिया के साथ साथ खुद भी अपनी कमर पर देखि जहाँ उसकी गोरी चिकनी कमर पर पसीने की बंधे फिसल रही thi.Anita अपनी कमर देख रही थी की तभी हरिया bola,"Dekhiye मेमसाहब ऊपर वाले ने आपको कितना खूबसूरत और चिकना जिस्म दिया है, ससुरा पसीना भी आराम से फिसल रहा है".

अनीता को हरिया का मुंह से बार बार "ससुरा" शब्द सुनकर अजीब लग रहा था मगर वह जानती थी की वह पढ़ा लिखा नहीं है और जिस बैकग्राउंड का है वैसा hi बात करने का आदत है. अनीता उसका बात सुनकर उसके तरफ देखि और फिर एक नज़र उसके बदन पर दाल कर boli,"Aese हरिया जी पसीना से तो आप भी भीग गए हैं. इसलिए बोल रही हूँ की आइस क्रीम खा लीजिये. अच्छा लगेगा आपको. पान तो हमेशा hi कहते हैं".

हरिया खुद को देखे बिना bola,"Are मेमसाहब हम ठीक हूँ, लेकिन जब बोल रही हैं आप तो खा लेता हूँ".

फिर वह अनीता की गांड से हाथ उसकी कमर पर ले गया और ऊँगली से वहां का पसीना का बंध साफ़ करके bola,"Sasura आपका चिकना बदन से जान बुझ कर चिपका था. का करेगा आप हो hi इतना खबसूरत".

अनीता को यूँ हरिया का खुल्लम खुल्ला छेड़छाड़ का बुरा नहीं लग रहा था बल्कि यह सब उसे खुद की जिस्म की तारीफ hi लग रही थी इसलिए वो बुरा मानने के बजाये बिना शर्म के मुस्कुराती हुई boli,"Hariya जी अब आप बहाना बना कर सिर्फ मेरी तारीफ करने लगे हैं. अब यह सब छोड़िये और चलिए ice-cream खाते है. मुझे लेट भी हो रही है तो थोड़ा जल्दी चलिए".

हरिया अनीता की गांड दबाते हुए bola,"chaliye मेमसाहब".

आइस क्रीम वाले के पास जैसे hi अनीता पहुँचने वाली थी तो वह सोची की थोड़ा तेज़ चलकर हरिया से थोड़ा आगे हो जाये ताकि उसकी गांड हरिया के हाथ से आज़ाद हो जाये और आइस क्रीम वाला उसका हाथ उसकी गांड पर न देखे मगर वह ऐसा करती उससे पहले hi हरिया अपना हाथ अनीता की गांड से हटा लिया.

अपनी गांड से हरिया का हाथ हटने से अनीता एक नज़र उसे देखि. हरिया चुप चाप सीधा देखे चले जा रहा था. अनीता को हरिया का समझदारी अच्छा लगा और कहीं न कहीं वह इससे प्रभावित हुयी. हरिया को एक नज़र देखने के बाद अनीता चुप चाप अपनी मुक्त हो चुकी गांड को मटकती हुई चलने लगी..

अनीता आइस क्रीम वाले के पास पहुँच कर दो कप आइस क्रीम ली और फिर अनीता कप खोलने hi वाली थी की देखि हरिया के एक हाथ में थैला होने के कारण उसे खोलने में दिक्कत हो रही थी तो अनीता उसे बोली hai,"Aap यह बैग नीचे रख कर पहले खा लीजिये फिर चलेंगे".

हरिया अनीता को देखते हुए bola,"Memsaahab छटा पकड़ कर आइस क्रीम खाने में तो आपको भी दिक्कत होगा और यहां तो धुप भी है".

अनीता छटा लेने के बावजूद धुप से परेशां थी और छटा पकडे खड़ा होकर आइस क्रीम खाना उसे भी मुश्किल लग रहा था.

हरिया उसे bola,"Memsaahab चलिए हम एक जगह आराम से बैठ कर कहते हैं".

अनीता उससे puchhi,"Kahan?"

हरिया उसे bola,"Yahin पास में hi. आप आइये तो".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है चलिए".

आइस क्रीम वाला अनीता जैसी खूबसूरत औरत के साथ हरिया जैसा आदमी को देखकर थोड़ा हैरान था. लेकिन फिर उसे लगा की नौकर होगा और अनीता दिल की अच्छी होगी इसलिए उसे भी आइस क्रीम खिला रही है और अच्छे से बात कर रही है. उसका लुंड अनीता की ख़ूबसूरती और खास्का उसकी गोरी, चिकनी, नंगी पेट और उसकी क्लीवेज देखकर थोड़ा हरकत करने लगा था मगर कस्टमर होने के कारण वह खुद को संभल कर रखा और उसे ज़्यादा घर कर नहीं देखा.

हरिया और अनीता जब जाने लगे तो वह दोनों को जाते हुए देखने लगा और पीछे से अनीता की लगभग पूरी नंगी गोरी पीठ को देखकर उसका दिल धड़क गया और लुंड में थोड़ा हरकत हुआ की तभी एक और कस्टमर आ गया और उसका ध्यान उधर चला गया.

हरिया अनीता के साथ थोड़ा आगे जाकर एक गली की तरफ दिखते हुए bola,"uhan चलिए मेमसाहब ,यहां छोटा पेड़ की चाओं है".

अनीता उस गली की तरफ देखके सहमति जताती हुयी अपना सर हिलती हुयी boli,"Theek है चलिए" और फिर दोनों उधर चले गए.

वहां पहुँच कर हरिया सब्जी का थैला नीचे रख दिया और फिर दोनों आइस क्रीम को खोलकर खाने लगे.

अनीता आस पास सन्नाटा देखती हुई poochhi,"Hariya जी बाजार में ऐसे तो बहोत भीड़ रहती है लेकिन आज कुछ ज़्यादा hi सन्नाटा है".

हरिया आइस क्रीम खाते हुए bola,"Jee मेमसाहब दोपहर में गर्मी होने के कारण सभी 11 बजे से पहले बाजार कर लेते हैं इसलिए सुबह में इतनी भीड़ होती है और अभी दोपहर में सन्नाटा और यह गली तो ऐसे भी सन्नाटा रहता hai.Bazaar में भीड़ रहने पर भी इधर कोई नहीं आता"..

अनीता आइस क्रीम खाती हुई हरिया से poochhi,"Hariya जी ऐसे आप इस वक़्त बाजार में आये. काम नहीं है क्या? मेरा मतलब है की आप तो पहले hi एक बार आकर जा चुके थे, तो फिर दुबारा आने का मौक़ा कैसे मिला?".

हरिया एक चम्मच आइस क्रीम खाने के बाद bola,"jee मेमसाहब काम पर hi थे. हुंका लगा की आप नहीं आएंगी. लेकिन मालिक हुंका एक माल की डिलीवरी देने के लिए बोले तो हम गोडाउन जा hi रहे थे की आप को देख लिया और हम आ गए आप की मदद करने".

अनीता एक चम्मच आइस क्रीम खाकर मुस्कुराती हुई boli,"Achha तो आप मुझे देखकर काम छोड़कर मेरे पास आ गए?".

हरिया अनीता की चूंकि की घाटी को एक नज़र देखा और फिर वापस अनीता की चेहरे पर देखते हुए bola,"Are मेमसाहब गोडाउन तो जाना hi था तो आप दिखी तो सोचा पहले आपकी मदद कर दूँ"

यह बोलते हुए हरिया बाये हाथ में आइस क्रीम कप लिए हुए उसमे चम्मच रखकर अनीता की आँखों में देखते हुए दये हाथ से उसकी गांड दबा दिया.

फिर हरिया अनीता से बात जारी रखते हुए उसकी गांड पर हाथ फिरते हुए bola,"Aur भगवान् भी चाहता है की हम आपकी मदद करूँ तभी तो हुंका गोडाउन जाने का मौक़ा तभी मिला जब आप बाजार से जा रही थी"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न, बात बनाने में एक्सपर्ट हैं हेहेहे"

हरिया यह सुनकर मुस्कुरा दिया तो अनीता boli,"Ice क्रीम खाइये न हरिया जी. नहीं तो पिघल जायेगा".

अनीता यह बोलकर एक चम्मच आइस क्रीम खाने लगी तो हरिया भी एक चम्मच आइस क्रीम खाकर puchha,"Aese मेमसाहब आपको हमारा छोटा शहर कैसा लग रहा है?".

अनीता आस पास देखते हुई अपनी एक हाथ से बाल को कान के पीछे करती हुयी boli,"Haan अच्छा है. शान्ति भी है. थोड़ी बहोत दिक्कत थी शुरू में मगर अब सब ठीक हो गया. सब कुछ सेटल हो गया है तो मुझे ठीक hi लग रहा है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Aur ी सबके अलावा आपका मदद करने के लिए हम हूँ जो हमेशा आपका मदद करेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी और अपना सर आश्चर्य से हिलती हुयी आइस क्रीम को खाने के लिए चम्मच से उठाई तो थोड़ा सा आइस क्रीम उसकी चूंकि की घाटी के पास उसकी दाई चूंकि का ऊपरी भाग जो की ब्लाउज के बाहर झाँक रही thi,wahan गिर गया.

अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"oops" और बैग से टिश्यू पेपर निकल hi रही थी की तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी उससे उम्मीद नहीं thi.Use अपनी चूंकि के उस भाग पर एक ऊँगली महसूस हुआ और अनीता उधर देखि तो हरिया का ऊँगली था वहां. अनीता उधर देख hi रही थी की अगले hi पल अनीता की आँखों के सामने हरिया वहां से आइस क्रीम पोंछते हुए उस ऊँगली को अपने मुंह में डालकर आइस क्रीम चाट गया.

इससे पहले की अनीता कुछ बोलती हरिया उसकी चूंकि की घाटी के पास ऊँगली रख दिया. अनीता उधर देखि की वहाँ थोड़ा आइस क्रीम पिघल कर लगा हुआ था. वह उधर देख hi रही थी की हरिया उसे भी वहां से पोंछ कर अपनी ऊँगली चाट गया.

अनीता यह देखकर boli,"Hariya जी यह आप क्या कर रहे हैं?".

यह बात सुनकर हरिया थोड़ा घबरा गया की शायद वह ज़्यादा कर गया मगर अगले hi पल उसे राहत मिला जब अनीता अपनी बात जारी रखती हुई boli,"Main तो टिश्यू पेपर निकाल hi रही थी. आपने साफ़ कर दिया ठीक है मगर ऐसे उसे खाना नहीं चाहिए था. उस में पसीना लग गया था".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब आपका पसीना लग गया तो का हुआ. आप जैसी खूबसूरत और साफ़ सुथरी औरत का पसीना कोई गन्दा थोड़े hi होता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी और आइस क्रीम कहती हुई boli,"Aap तो बस आज कल मेरी तारीफ hi करते रहते hain,lekin पसीना पसीना होता hai,aur पसीना गन्दा hi होता है चाहे जिसके बदन से आये".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब जो भी हो हुंका तो आपका पसीना मिला आइस क्रीम ख़राब नहीं लगा. उल्टा ससुरा ु आइस क्रीम और मीठा और स्वादिष्ट हो गया आपका यहां गिरने से"

अनीता यह सुनकर एक चम्मच आइस क्रीम खाकर अपनी बाल कान के पीछे करती हुयी मुस्कुरा कर boli,"Hariya जी आप सच में बात बनाने में एक्सपर्ट हैं. आइस क्रीम खाइये. मुझे लेट हो रही है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की कमर पर देखा और फिर अपना ऊँगली उसकी कमर पर टिका दिया. अनीता फिर हरिया की हरकत देखने लगी. वह अपनी कमर पर सटे हरिया की ऊँगली देखने लगी की तभी उसकी कमर से पसीने की एक बंध फिसल कर हरिया की ऊँगली पर चली गयी.

हरिया अपना ऊँगली पर अनीता की पसीने की बंध को अनीता को दिखते हुए bola,"Memsaahab आप खुद देखिये आपका पसीना कितना साफ़ सुथरा है"

अनीता हरिया की ऊँगली पर शबनम की तरह खुद की पसीने को चमकते हुए देखि. अगले पल वह देखि की हरिया उसे अपने नाक के पास ले जाकर सूंघते हुए बोलै hai,"Aapke पसीने का खुशबु भी बहोत अच्छी है मेमसाहब" और इससे पहले की अनीता कुछ बोल पाती अगले पल ऐसा कुछ हुआ जिसे देखकर वो सच में हैरान हो gayee.Hariya उसकी पसीने की बंध को मुंह में लेकर चाट गया.

पता नहीं क्यों मगर यह देखकर हैरानी के साथ साथ अनीता को अपनी बदन में रोमांच का भी एहसास hua.Woh यह देखकर boli,"chhi हरिया जी यह आपने क्या किया. कोई पसीना चाट ता है क्या? ".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब क्या ग़लत कर diya,aapka पसीना hi तो छठा है. आपका पसीना तो साफ़ सुथरा और खुशबु वाला है, गुलाब पानी की तरह".

अनीता की बदन में एक अलग hi रोमांच भर गया था वह देखकर. वह हैरानी से सर हिलाकर आइस क्रीम खाने लगी और boli,"Hariya जी अब आप आइस क्रीम भी खाइये. वह पिघल रहा है और मुझे लेट भी हो रही है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए आइस क्रीम खाने लगा. कुछ पल बाद अनीता हरिया की ऊँगली अपनी नाभि में महसूस करके उधर देखि तो हरिया उसकी नाभि में ऊँगली डाले bola,"Yehi हम सोच रहा था की मेमसाहब की पेट थोड़ी अलग अलग क्यों लग रही है आज".

अनीता यह सुनकर अपनी आधी नंगी सपाट पेट को और उसके बीच अपनी नाभि में हरिया का मोटा खुरदुरा ऊँगली को घुसे dekhi,magar हरिया को वहाँ से ऊँगली हटाने के लिए बोलने या सारी से अपनी पेट ढकने के बजाये अनीता उससे poochhi,"kya हुआ मेरी पेट को हरिया जी? कुछ लगा है क्या?"..

हरिया अपनी ऊँगली अनीता की नाभि में थोड़ा घुमाया और फिर ऊँगली वहां से हटते हुए bola,"Are मेमसाहब आप यहाँ वो बुली रिंग नहीं पहनी है?".

यह बोलते hi हरिया अपना ऊँगली उसकी नाभि में वापस दाल दिया.

यह सुनकर अनीता हसने lagi,"hehehehe ".

हरिया यह सुनकर एक पल के लिए सोच में पद गया मगर अनीता है रही थी तो घबराने के बजाय वह मुस्कुराता हुआ पूछा," का हुआ मेमसाहब? हम कुछ ग़लत बोल दिए का?"

अनीता हरिया को अपना ऊँगली हटाने के लिए भी नहीं बोली बल्कि हस्ते हुए boli,"hehehehe हरिया जी वो बुली रिंग नहीं बेल्ली रिंग होती है हहहहए".

हरिया यह सुनकर झेंप गया और अपना ऊँगली अनीता की नाभि से हटाकर हस्ते हुए bola,"hahaha मेमसाहब वही बेल्ली रिंग. वह हम आप जैसे पढ़े लिखे तो है नहीं हहहहए ".

अनीता हसी रोकती हुई boli,"are कोई बात नहीं हरिया जी. मैं तो बस आपके बोलने के अंदाज़ पर है रही थी. और रही बात बेल्ली रिंग की तो एक्चुअली में बेल्ली रिंग जब मैं होता है तो पहनती हूँ".

फिर अनीता आइस क्रीम की आखिरी चम्मच खाती हुई puchhi,"Aapko बेल्ली रिंग अच्छी लगती है?".

हरिया भी आइस क्रीम ख़तम करते हुए bola,"Haan मेमसाहब. आपका यह खूबसूरत गोरा पेट बिलकुल हीरोइन के जैसा लगती है जब आप वो पहनती हो तो".

यह सुन्न कर अनीता थोड़ी नाराज़गी जताते हुए puchhi,"Achha और ऐसे मैं अच्छी नहीं लगती?".

हरिया यह सुनकर तुरंत bola,"Are नहीं मेमसाहब आप तो बहोत खूबसूरत हैं. बल्कि हम दावा से कह सकता हूँ की इस छोटे शहर में आप जितनी ख्हूब्सूरत औरत और कोई नहीं होगी. यह शहर छोड़िये मेमसाहब आपके सामने तो बहोत हीरोइन भी फ़ैल है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती रही वहीँ हरिया बात जारी रखते हुए bola,"Aur आप सिर्फ खूबसूरत hi नहीं हैं, आप दिल की भी बहोत अच्छी है. बस वो बेल्ली रिंग में आप और भी खूबसूरत लगती है. वह मेमसाहब हमारे भाषा में कहते हैं na,maal,aap एकदम माल लगती हैं".

हरिया अनीता को माल बोलने से पहले थोड़ा घबराया था मगर अनीता यह सुन्न कर जवाब में मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. क्या क्या बोलते हैं आप".

हरिया अनीता के थोड़ा करीब जाकर उसकी गांड दबाते हुए और फिर एक नज़र उसकी चूंकि को देखने के बाद अनीता की आँख में देखते हुए bola,"Are मेमसाहब सच बोलै हूँ हम. आओ ु पहनकर मस्त माल लगती हो"

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Achaa?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड कक हिलाकर bola,"haan मेमसाहब".

यह सुनकर अनीता मुस्कुराती हुयी जवाब di,"Bas बस हरिया जी. क्या एक hi दिन में साडी तारीफ कर दीजियेगा aap,chaliye मुझे लेट हो रही है"..

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ ऊपर उसकी नंगी कमर और फिर उसकी दो इंच की ब्लाउज के स्ट्राप के ऊपर उसकी नंगी पीठ पर हाथ सहलाते हुए वापस नीचे उसकी गांड पर ले जाकर जोर से दबोचते हुए bola,"chaliye मेमसाहब".

अनीता की मुंह se,"ouch" निकल गयी गांड दबोचे जाने से जिसे सुनकर हरिया मुस्कुरा दिया.

अनीता और कुछ नहीं boli.Woh आइस क्रीम कप फेंकने के लिए डस्टबिन खोज रही थी की तभी हरिया उसकी हाथ से कप लेकर दोनों कप नीचे फ़ेंक दिया जिसे देखकर अनीता boli,"Aee हरिया जी यह आप क्या कर रहे hain?Aese कप फ़ेंक कर गन्दा मत कीजिये".

हरिया अपना दांत दिखते हुए कप उठाया और थोड़ी दूरी पर रखे डस्टबिन में फेंककर bola,"Jaisa आप कहे मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Yeh हुयी न बात हरिया जी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता के पास आकर अपना हाथ उसकी गांड पर रख कर उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Chaliye मेमसाहब"

अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी छाता को खोलकर boli,"Chaliye" और फिर वह अपनी गांड मटकती हुयी हरिया के साथ ऑटो स्टैंड की तरफ जाने लगी.
 
अपडेट 19

हरिया ऐसे hi अनीता की गांड पर हाथ रखे मज़े से उसके साथ ऑटो स्टैंड चले जा रहा था वहीँ अनीता भी हरिया के इस तरह से खुल्लम खुल्ला छेड़ छड़ से प्रभावित थी और वह भी हरिया को बिना कुछ बोले उसे आराम से अपनी गांड से खेलने दे रही थी.

उसे पहली बार कोई इस प्रकार इतना बढ़ kar,itna हिम्मत दिखा कर छेड़ रहा था वो भी कई दिनों se.Itna hi nahin,balki जो छेड़ रहा था वह एक लौ क्लास आदमी था जो हैसियत में उससे कहीं ज़्यादा काम था, इतना काम की अनीता उसे अपने घर की नौकर बना सकती थी.

एक तरह से यह पहली बार था की अनीता को कोई लौ क्लास आदमी छेड़ रहा था और इतना हिम्मत से छेड़खानी कर रहा था की वह बेझिझक उसकी मांसल गांड को सेहला और मसल रहा था.

अनीता के लिए यह बिलकुल नया अनुभव था और वो भी इससे मिलने वाली रोमांच का मज़ा ले रही थी और अपनी गांड पर हरिया का हाथ महसूस करती हुयी गांड मटकती हुयी चल रही थी.

हरिया ऑटो स्टैंड से थोड़ी दूरी पर अनीता की गांड से हाथ हटा लिया जो अनीता को अच्छा लगा. ऑटो स्टैंड पर पहुँच कर अनीता एक ऑटो में बैठ gayee.Uss ऑटो के आस पास कोई नहीं था, ज़्यादा तर ऑटो ड्राइवर खाना खाने गए थे और जिस ऑटो में अनीता बैठी थी उसका ड्राइवर थोड़ी दूरी पर चाय पी रहा था.

अनीता जब ऑटो में बैठने लगी तो हरिया बाए हाथ में सब्जी का थैला पकडे दाए हाथ से उसकी गांड पर हाथ rakhkar,"araam से बैठिये मेमसाहब" बोलते हुए उसको ऑटो में चढ़ने में मदद किया.

हरिया का हाथ वापस अपनी गांड पर पड़ने से, वह भी ऑटो स्टैंड पर, अनीता न hi घबराई और न hi इधर उधर देखि क्यूंकि जिस तरह हरिया अपना हाथ यहाँ आने से पहले उसकी गांड से हटा लिया था अनीता को यक़ीन था की हरिया आस पास किसी के न होने पर hi उसकी गांड पर हाथ रख रहा था.

अनीता बेझिजक ऑटो में बैठकर मुस्कुराकर हरिया को देखि तो हरिया मुस्कुराते हुए सब्जी का थैला अनीता के पेअर के पास रख दिया जिसे देखकर अनीता मुस्कुराती हुई boli,"Thank यू वैरी मच हरिया जी. अब आप काम पर चले jaiye,meri वजह से आपको लेट हो गयी".

हरिया भी मुस्कुराते हुए अपने पंत के अंदर खड़े हो चुके लुंड को एडजस्ट करते हुए bola,"are कोई बात नहीं मेमसाहब, आपकी मदद करना हमारा फ़र्ज़ है और ऐसे भी हमें आपकी मदद करना अच्छा लगता है".

अनीता भी हरिया को लुंड एडजस्ट करते हुए देख ली थी मगर वो नार्मल रहकर हरिया की बात सुनी और फिर उसके आँखों में देखती हुई poochhi,"Aesa क्यों हरिया jee?aur भी तो औरतें आती है बाजार में. आप सिर्फ मेरी मदद क्यों करते हैं?"

हरिया यह बात सुनकर मुस्कुराया और फिर अनीता की चूंकि की घाटी में देखकर वापस अनीता को देखते हुए bola,"Woh इसलिए मेमसाहब क्यूंकि एक तो आप इस शहर में नयी हैं तो हमारा फ़र्ज़ बनता है की एक नए नागरिक की मदद करे और दूसरी क्यूंकि आप दिल की बहोत अच्छी है इसलिए".

यह बोलते हुए हरिया एक बार फिर अनीता की चूंकि की घाटी को हवस की नज़र से देखने लगा.

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराती हुई boli,"Hariya जी आप भी न, आज बस मेरी तारीफ कर रहे हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"are मेमसाहब तारीफ नहीं कर रहा हूँ हम. हम सच बोल रहा हूँ."

और फिर वह अनीता की चूंकि को देखते हुए bola,"Aap दिल की बहोत अच्छी है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी और हरिया को खुद की चूंकि को हवस की नज़र से देखते हुए देखने lagi.Anita के बदन में मज़े की लहर दौड़ने लगती है यूँ हरिया द्वारा खुल्लम खुल्ला छेड़छाड़ से और उसकी गन्दी हवस भरी नज़र अपनी बदन पर पड़ने से.

अनीता कोई बदचलन औरत नहीं थी. वह तो शादी से पहले छुड़वाई भी नहीं थी. लेकिन अनीता बेशरम ज़रूर थी. उसे बदन की नुमाइश करना और मर्दों की गन्दी नज़र से देखना बुरा नहीं लगता था और उसे शर्म भी नहीं आती थी.

उसका मानना था की जो कपडे में उसे आराम मिले उसे वही पहनना चाहिए और अगर मर्द उसे गन्दी नज़र से देखते हैं तो यह इसलिए की वो खूबसूरत है और मर्द होने के कारण वो औरत को नहीं देखेंगे तो किसको देखेंगे. वह यह नेचुरल मानती थी.

शादी से पहले तो उसके साथ उतनी छेड़छाड़ होती नहीं थी मगर शादी के बाद उसके साथ भीड़ भाड़ में लोग छेड़छाड़ करते थे तो वह ज़्यादा सोचती नहीं थी और कभी कभी हलके फुल्के तरीके से मर्दों की हरकतों पर बस मुस्कुरा देती थी की कैसे मर्द उसे भ्हीद का फायदा उठा कर छूने की कोशिश करते हैं.

लेकिन न जाने क्यों अनीता को हरिया की छेड़छाड़ में एक अलग hi मज़ा मिलने लगा tha.Uski बदन में मस्ती की लहर दौड़ने लगती थी हरिया की छेड़छाड़ se.Shayad यह हरिया का साहस के कारण क्यूंकि वो ग़रीब और मज़दूर होने के बावजूद भी अनीता जो न सिर्फ छेड़ता था बल्कि उसकी जानकारी में बेधड़क उसे छेड़ता था.

अनीता हरिया के तरफ देख hi रही थी की हरिया अपना नज़र अनीता की चूंकि की घाटी से हटाया और उसे खुद को देखते हुए पाकर अपना दोनों हाथ को एक दूसरे से थोड़ा दूर रखा जिसके कारन दोनों हथेली के बीच का भाग खरबूजे जितना बड़ा हो गया और वैसे hi हाथ रखे bola,"Aur मेमसाहब आपका दिल भी बहोत बड़ा है" और यह बोलकर वापस वह उसकी चूंकि देखने लगा.

हरिया का यह बात सुनते hi अनीता की बदन में एक बिजली सो मस्ती की लहर दौड़ गयी और उसकी दिल धड़कने के साथ साथ सांस थोड़ी तेज़ हो गयी. इसके बावजूद अनीता बिना शर्म के हरिया के तरफ hi देख रही थी मगर कुछ बोली नहीं.

हरिया के यह कहने के बाद अनीता कुछ सेकण्ड्स के लिए hi हरिया को देखि थी की एक पैसेंजर आने के कारण हरिया को वहाँ से हटना पड़ा और अनीता भी खिसक कर ऑटो के दूसरी तरफ बैठ gayi.Hariya भी दूसरी तरफ जाकर अनीता के बगल में खड़ा हो गया.

दूसरी तरफ खड़ा होने के बाद हरिया अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी उसे देखकर मुस्कुराकर boli,"Aap लेट हो जाइएगा चले जाइये".

हरिया यह सुनकर अनीता की आँखों में dekha.Anita भी हरिया के आँखों में देखि और दोनों कुछ सेकण्ड्स ऐसे hi एक दूसरे के आँखों में देखते रहे फिर हरिया मुस्कुराकर bola,"Chale जायेंगे मेमसाहब. पहले आपको हम छोर देता हूँ".

हरिया यह बोलकर अपनी आँखें अनीता की चूंकि पर टिका diya.Anita जानती थी की हरिया उसकी चूँचियों को किस नज़र से देख रहा tha.Anita की सांस तेज़ होने लगी और उसकी बदन में लज्जत का एहसास हुआ.

न जाने क्यों मगर अनीता जोर से सांस लेकर अपनी चूँचियों को और ऊँचा कर di.Hariya उसकी ऊँची होती चूँचियों को देखा और फिर जब उसकी चूंकि वापस नीचे होने लगी तो हरिया अनीता की आँखों में dekha.Anita भी हरिया की आँखों में देखि तो हरिया उसकी आँखों में देखते हुए अपने पंत के ऊपर से एक बार लुंड को सेहला दिया.

अनीता यह देखि तो हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए एक बार और लुंड को सेहला दिया. अनीता भी बिना शर्म के उसको लुंड सहलाते देखि और उसके बाद हरिया के चेहरे पर नज़र लेजाकर उसके आँखों में देखने लगी.

अनीता की दाई हाथ ऑटो के साइड के रोड पर thi.Hariya अनीता की आँखों में देखते हुए थोड़ा आगे बढ़कर अपने लुंड के उभर को अनीता की हाथ से सत्ता diya.Aesa होने पर अनीता आँखों के कोने से हरिया के लुंड के उभर को खुद की हाथ से सत्ता देखि और फिर अनीता दूसरी तरफ देखने के बहाने बगल वाले पैसेंजर को देखि जो की मोबाइल में बिजी था.

हरिया के लुंड का पंत के ऊपर से थोड़ा स्पर्श से अनीता की धड़कन और सांस दोनों तेज़ हो चुकी थी जिसके कारण उसकी चूँचियाँ और ऊपर नीचे होने लगी. इसके साथ hi उसे एक अलग मज़ा भी मिल रहा था.

वह बगल वाले पैसेंजर को देखने के बाद वापस हरिया के तरफ नज़र करके अपनी बाल को कान के पीछे करती हुयी हरिया के चेहरे पर देखि तो वह भी उसके आँखों में देखकर मुस्कुराया और फिर अनीता की चूंकि की घाटी में देखने लगा.

अनीता के लिए यह एक एडवेंचर tha.Bagal में पैसेंजर बैठा था और यहां भी हरिया उसे छेड़ रहा tha.Yeh जानते हुए की बगल में पैसेंजर बैठा है और हरिया की साहस देखते हुए अनीता हरिया से प्रभावित हो gayee.Hariya उसे छेड़ने के लिए इतना बड़ा रिस्क ले रहा था. बाजार में तो भीड़ रहती थी तो वहां की अलग बात थी मगर यहां तो भीड़ नहीं thi.Anita चुप चाप हरिया को खुद की चूंकि देखते हुए देखने के बाद अपनी हाथ से सटे उसके लुंड को देखने लगी.

एक तो गर्मी ऊपर से हरिया की गन्दी नज़र से उसके बदन में भी गर्मी आने लगी thi.Use अपनी चूंकि पर हल्का हल्का पसीना महसूस होने लगी और पसीने की एक बंध उसे अपनी चूंकि की घाटी की तरफ जाते हुए महसूस हुयी.

उसकी नज़र हरिया के लुंड पर थी इसलिए वो हरिया की ऊँगली को खुद की चूंकि पर जाते हुए नहीं देख saki.Use तब मालूम चला जब उसे अपनी चूंकि की घाटी की शुरुआत में हरिया की ऊँगली महसूस हुयी और इससे पहले वो कुछ कर पति या देख पाती हरिया उस पसीने की बंध को उसकी चूंकि की घाटी में ऊँगली डालकर उठा कर मुस्कुराते हुए चाट gaya.Anita यह देख कर हैरत से हरिया को देखने लगी तो हरिया मुस्कुरा दिया. हरिया को मुस्कुराते देख अनीता एक नज़र आँखों के कोने से बगल में बैठे पैसेंजर को देखि और फिर अपनी कान के पास के बाल को कान के पीछे करती हुयी हरिया को देखकर मुस्कुराते हुए अपना सर आश्चर्यता से हिलाकर सामने देखने लगी.

अनीता सामने देखने लगी तो हरिया अपने लुंड को थोड़ा सा आगे करके अनीता की हाथ पर घिसते हुए bola,"Bahot गर्मी है मेमसाहब".

अनीता बस मुस्कुराती huyi,"haan" बोली और फिर दूसरी तरफ देखने लगी जिधर से ड्राइवर और दो पैसेंजर्स आ रहे थे और हरिया भी उधर hi देखने लगा..

हरिया यह देखकर bola,"Achha मेमसाहब चलता हूँ हम, आप आराम से जाइएगा".

अनीता मुस्कुराकर boli,"Haan हरिया jee,meri मदद करने के लिए फिर से शुक्रिया".

हरिया फिर से अपना लुंड अनीता के हाथ पर सताते हुए उसको देखकर bola,"Are कउनो बात नहीं मेमसाहब"

यह सुनकर अनीता मुस्कुराकर ड्राइवर में तरफ देखि जो अब ऑटो के पास पहुँचने hi वाला था की तभी हरिया puchha,"Ab कब आइयेगा?".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि और एक नज़र उसके लुंड को अपनी हाथ से सत्ता हुआ देखकर वापस उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Pata nahin,shaayad तीन चार दिन बाद".

हरिया एक आखिरी बार अनीता की नंगी कमर को देखा मगर अनीता बिना कुछ बोले सामने देखने लगी जहाँ पैसेंजर बैठ रहा था. उसके बैठने के बाद हरिया थोड़ा पीछे हो गया और फिर ऑटो चलने लगी.

ऑटो को जाते हुए देख हरिया bola,"Kasam से मेमसाहब जितनी खूबसूरत औरत सारे शहर में nahin,ek डैम माल है माल".

यह बोलकर हरिया गुटखा मुंह में डालकर दूकान की तरफ चल पड़ा.

अनीता घर जाते वक़्त गर्मी से परेशां थी और कभी कभी हरिया के हरकतों को याद कर रही थी की कैसे वह उसकी चूंकि की घाटी में भी ऊँगली लगा दी और तो और उसका पसीना भी चाट गया. यह सोचते hi अनीता मैं में boli,"Yuck,koi ऐसा करता है क्या? सच में यह हरिया जी भी न एक अलग hi केटेगरी के इंसान है".

अनीता यह सोचती हुयी एक नज़र ऑटो के आईने में खुद की खूबसूरत चेहरे को देखकर हरिया के हरकत और अपनी ख़ूबसूरती पर मुस्कुरा दी और फिर अपनी क्लीवेज को देखकर sochi,"Chalo काम से काम हरिया जी ने मेरा पसीना तो पोंछ दिया हेहेहे".

यह सोचती हुयी अनीता मुस्कुराकर बाहर देखने lagi.Hariya के साथ छेड़छाड़ से उसे मज़ा मिला था और वो गरम हो चुकी thi,magar अब जैसे तैसे खुद को शांत करने की कोशिश कर रही thi,lekin हरिया का हरकत उसे याद आ जा रहा था. कभी कभी हरिया का लुंड का स्पर्श भी याद आ रहा था उसे मगर वो चुप चाप ऑटो में बैठी बाहर देखते चली जा रही थी.

अनीता एक दो बार आईने में ऑटो वाले को अपनी क्लीवेज देखते पकड़ ली मगर बिना कुछ बोले वो चुप चाप बहार देखती rahi.Anita को भी अब धीरे धीरे यहां के मर्दों की गन्दी नज़र की आदत लग रही थी और बेशरम औरत होने के वजह से उसे कुछ फ़र्क़ नहीं पद रहा था की कौन उसे कैसे देख रहा था. लेकिन इसका मतलब नहीं था की वह चाहती थी की मर्द उसे गन्दी नज़र से देखे. उसे बस मर्दों की गन्दी हवस भरी नज़र से फ़र्क़ नहीं पड़ता था.

अनीता जब ऑटो स्टैंड में उतर रही थी उस वक़्त एक दो मावली टाइप ड्राइवर उसे देखकर खुश हो गए और मुस्कुराने लगे. अनीता की नज़र उधर पड़ी तो वह भी उनके मुस्कराहट का जवाब मुस्कुराते हुए देकर अपने घर की तरफ चलने लगी.

कुछ ड्राइवर्स उसकी मटकती गांड को देखकर मज़ा ले रहे थे और उन् में से एक दो उसकी मटकती गांड और लगभग पूरी नंगी गोरी और चिकनी पीठ को देखकर अपना लुंड मसलने lage.Anita ड्राइवर्स के इन् हरकतों से बेखबर चुप चाप एक हाथ में छटा और दूसरे हाथ में सब्जी की थैली लिए घर की तरफ जा रही थी.

घर जाकर अनीता बाथ टब में पूरी नंगी होकर बैठ कर रिलैक्स करती हुयी फिर से हरिया के हरकतों को याद करके मुस्कुराने लगी और मैं में sochi,"hehehehe कितना मज़े से मेरे अस्स को छूटा है. डर तो है hi नहीं उसमे. एक डैम बिंदास होकर मेरे बूम को छूटा hai,chhuta क्या वो तो मसल भी देता है हहहहए. पागल कहीं का बाते बनाने में भी एक्सपर्ट है. आज तो पूरा खुल्लम खुल्ला क्लीवेज में भी ऊँगली रख दिया और तो और मेरा पसीना भी चाट गया"

इतना सोचते hi अनीता की मुंह से आवाज़ nikli,"Yuck" और फिर वह आगे खुद से बोलने lagi,"Koi ऐसा करता है kya?Sach में पागल है मगर है एंटरटेनिंग हेहेहे".

फिर वह अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लाकर boli,"Sach में इतने मर्द छेड़ते रहते हैं मुझे मगर इस का एक अलग hi अंदाज़ है. मुझे भी थोड़ा मज़ा आने लगता hai,khaaskar जब बाते बनाते हुए मुझे छेड़ता है हहहहए पागल कहीं का".

रात को राज खाना खाकर अनीता को बिना चोदे सो gaya.Anita छेड़छाड़ से गरम थी और उसका मैं था छुड़वाने का, मगर राज थका हुआ था और ऊपर से उसे सुबह ऑफिस थोड़ा जल्दी जाना था तो अनीता पहल नहीं की, वर्ण अनीता का दिल होने पर वो बिना शर्म के राज को अपना जिस्म से लुभा कर छुड़वा लेती थी. लेकिन वह समझदार बीवी भी थी जो अपने पति का सिचुएशन भी समझती थी तो वह चुप चाप सो गयी.
 
Back
Top