Episode 30
रॉकी हरिलाल की हवेली में था और प्रिय अपने माँ बाप क घर चली गयी थी.
रॉकी किचन में कामिनी क पास गया और उसको बोलै.
आज हरी अंकल को नींद की गोली दे देना और रात को मेरी कमरे में आ जाना.
कामिनी. में इंतज़ार क्र रही थी क कब तू ये बात करे गए.
रॉकी. में तो इस बार आया हे सिर्फ तुम्हारे लिए हूँ.
कामिनी. बस ठीक है. में आ जाओं गई. मेरा इंतज़ार करना सोना मत.
विशाल शर्मा क किचन में बर्तन धो रहा था.
विशाल माला क साथ किचन क काम भी करवा देता था.
माला और शर्मा अपने कमरे में चले गए थय और बचे अपने कमरे में चले गए थय
विशाल ने किचन का काम किआ और अपने कमरे की तरफ जा रहा है.
माला और शर्मा क कमरे की खिरकी सी विशाल की नज़र अंदर पररि. माला कपड़े बदल रही थी और उस क बैक सामने थी.
शर्मा कमरे में नहीं था.
विशाल न चाहती हुए भी रुक गया और देखने लगा.
माला ने अपनी साड़ी उतरी और पहर ब्लाउज खोल दिए.
माला ने ब्लाउज भी उतर दिए और अब उसकी नंगी कमर पैर सिर्फ ब्रा क स्ट्रैप्स नज़र आ रही थय.
विशाल माला की नंगी कमर देख क्र पागल सा हो रहा था.
माला ने अपना पेटीकोट भी खोल क्र गिरा दिए.
अब विशाल माला को पीछे सी ब्रा और पंतय में देख रहा है.
विशाल का लुंड झटके खाने लगा था.
माला का हाथ पीछे आया और उस ने ब्रा क हुक्स खोल दिए और ब्रा भी उतर दी.
अब माला झुकी और अपनी पंतय भी उतर दी और उस क झुकने की वजह सी विशाल को माला की गांड का दीदार हो गया.
विशाल का लुंड झटका खा क्र खरा हो गया.
अब विशाल माला को पीछे सी पूरा नंगा देख रहा था.
विशाल का जी छह रहा था क अभी जा क्र माला सी लिपट जाए.
विशाल की आंखें फटी थीं और वो माला की बैक को देख रहा था.
माला ने अपने सामने पररि निघ्त्य उठाई और पहन ली. माला पीछे मुर्री तो विशाल को खिड़की में खरी देखा.
विशाल ने जैसी हे माला को देखा तुरंत सर निचे क्र क वहां सी भाग गया
माला को भट गुस्सा आया.
माला. पता नहीं कब सी मुझे देख रहा था ये.
सुबह इसकी अकाल ठिकाने लगाऊं गई.
प्रिय अपने माँ बाप क साथ बैठी थी.
प्रिय. माँ तुम ने मुझे बताया क्यों नहीं क विशाल शहर पढ़ने गया है.
पद्मा. मुखिया ग ने हमें मन किआ था क हमारा और तेरी घर वळून का कोई रिलेशन नहीं हो गए.
प्रिय. हाँ लकिन मुझे बता तो देती में उस सी मिलने की कोशिश करती.
भूषण. विशाल मेरा फोन ले क्र गया था. लकिन अब वो भी बंद आ रहा है.
प्रिय. इसी लिए भट टाइम सी मेरी तुम लोगन सी भी बात नहीं हुई.
भूषण. हरिलाल नहीं चाहता था क विशाल पढ़े इस लिए में न्य हरिलाल की मर्ज़ी क बगैर विशाल को पढ़ने भेजा था.
और उसको बोलै था क जब तक उसकी पढ़ाई मुकमल नहीं हो जाती यहाँ वापस मत आय.
प्रिय. आपको कच भी पता क वो रहता कहाँ ह.
भूषण. पता नहीं बीटा. जब बात हुई थी तो किसी शर्मा क घर पैर रहता था. उस क घर क काम करता था और उस क बचूं को पढ़ाता था.
प्रिय. और ये शर्मा क्या करता है.
भूषण. उसका कोई कार शोरूम है.
प्रिय. बस इतना काफी है. में उसको ढूंढ लून गई.
कामिनी ने हरिलाल को नींद की गोली दे क्र सुला दिए था और अब कामिनी रॉकी क कमरे में थी.
कामिनी ने निघ्त्य पहन राखी थी और हल्का सी मेक उप क्र रखा था.
रॉकी. क्या बात है कामिनी आंटी अपनी अदाओं सी हे मार डालो गई क्या.
कामिनी. तुझे जोश दिलाने क लिए हे तो किआ है ये.
रॉकी. मुझे जोश आ गया तो तुम्हारे होश ुर्रा दूँ गए.
कामिनी. हयययययययय इसी का तो इंतज़ार है.
रॉकी ने कामिनी का गाला पकड़ा और उस को बीएड पैर बैठा क्र बोलै.
आज तेरी चींखें इस हवेली में गूँजें गई.
रॉकी ने कामिनी क होंठ चूम लिए और कामिनी भी रॉकी का साथ देने लगी और दोनो में किसिंग स्टार्ट हो गयी.
1
रॉकी ने कामिनी को बीएड पैर लेता दिए और उस क ऊपर आ क्र उस क होंतुन को चूमने लगा.
रॉकी ने अपना हाथ कामिनी की पंतय में घुसा दिए.
कामिनी की छूट पेहली सी गीली हो राखी थी.
रॉकी. तू तो पहले सी तैयार बैठी है.
रॉकी कामिनी की छूट को रगरते हुए बोलै.
कामिनी. आअह्ह्ह पूरा दिन सी तेरी बारी में हे सोच रही हूँ. मेरे राजा गीली तो हूँ hi हे न.
रॉकी. तेरा इंतज़ार खतम हो गया. आज तेरी सारी अरमान पूरी करूं गए में.
रॉकी उसकी छूट को रगरते हुए बोलै.
कामिनी. तो करना मेरी राजा. में आज रात तेरी हूँ
रॉकी. आज रात क बढ़ तू हमेशा क लिए मेरी हो जाए गई.
रॉकी कामिनी की छूट रैगर रहा था और वो सिसकियाँ ले रही थी.
रॉकी उठा और अपनी शर्ट उतर दी. उस ने कामिनी क मोठे मम्मी उस की निघ्त्य सी बहार निकल दिए और एक बार पहर कामिनी को गले सी पाकर क्र बीएड पैर लेता दिए और उस को किश करने लगा.
किश करते करते रॉकी ने कामिनी क मम्मी पाकर लिए और उनको दबाने लगा.
और उस क मम्मी दबाते हुए उसकी छुछियां मुँह में ले लीन.
कामिनी सिसक गयी. और रॉकी उस क मम्मी चूसने लगा
रॉकी ने कामिनी की टांगें खोल दी. उस की निघ्त्य सिंगल पीेछे थी और निचे सिर्फ पंतय थय.
रॉकी ने पंतय क ऊपर सी कामिनी की छूट को चाट लिए और उसकी पंतय साइड पैर क्र क ज़ुबान उसकी छूट में घुसा दी.
आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कामिनी की एक आह निकली और रॉकी उसकी छूट को चाटने लगा.
अब रॉकी ने कामिनी को उल्टा क्र दिए और उस क मोठे चुतड़ऊँ को चाटने और चूमने लगा और उसकी गांड को चूमने लगा.
कामिनी भी माज़ी में सिसकियाँ लेने लगी.
रॉकी ने कामिनी की पंतय उतर दी और पीछे सी मुँह उसकी छूट में घुसा दिए और एक बार पहर उसकी छूट चाटने लगा.
रॉकी एक बार पहर कामिनी क ऊपर आ गया. और उस को चूमने लगा. इस बार रॉकी का लुंड कामिनी की छूट को टच क्र रहा था.
रॉकी. दाल दूँ अंदर.
कामिनी दाल दो.
रॉकी. बर्दाश्त क्र पाओ गई.
कामिनी. डालो.
रॉकी ने कामिनी क होंतुन को अपने होंतुन में लिए और लुंड को कामिनी की छूट में दबा दिए.
एक हे झटके में रॉकी का पूरा लुंड कामिनी की छूट में उतर गया.
एक पल क लिए कामिनी का सांस बंद हो है. उसको उम्मीद हे नहीं थी क रॉकी का लुंड इतना लम्बा और मोटा हो गए
उसकी चीख रॉकी क होंतुन में बंद हो गयी.
और रॉकी की कमर मूव होने लगी और रॉकी ने फ़ौरन हे ज़ोरदार धक्के मरना स्टार्ट क्र दिए.
आअह्ह्ह आअह्ह्ह्ह कितना.... बारे...... हा आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह ाष्ठ्हहहहह कामिनी की. चींखें निकलने लगीं
रॉकी ने कामिनी को बीएड सी निचे खरा किआ और दूसरी तरफ घुमा क्र नेड पैर झुका दिए.
रॉकी ने पहर सी लुंड पीछे खरे हो क्र कामिनी की छूट में घुसा दिए और एक बार पहर ज़ोरदार चुदाई स्टार्ट क्र दी.
कामिनी अब सिसकियाँ ले रही थी.
कामिनी ने अपना सर ऊपर उठा लिए था. रॉकी क ज़ोरदार धक्कुन से उसको दर्द हो रहा था लेकिब मज़ा भी खूब आ रहा था.
रॉकी पीछे खरा हो क्र ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था. और अब कामिनी भी अपनी कमर हिला हिला क्र लुंड अंदर लेने लगी थी.
इस ज़ोरदार चुदाई सी कच हे दिएर में कामिनी झाड़ गयी थी.
अब रॉकी रुक गया और बीएड क ऊपर आ क्र लेत गया.
रॉकी. चल आ जा. मुँह में ले इसको.
कामिनी ने हैरान हो क्र रॉकी को देखा. ऐसा लगता था जैसी कामिनी ने इस सी पेहली कभी लुंड मुँह में नहीं लिए था.
वो रहती भी गाओं में थी और हरिलाल को तो इस बारी में कच पता नहीं रहा हो गए
रॉकी. देख क्या रही है. आ न मुँह में ले इस लुंड को.
कामिनी रॉकी क लुंड पैर झुक गयी और उसका लुंड पाकर क्र मुँह में लेने लगी.
लकिन रॉकी का लुंड भट मोटा था और कामिनी उसको सही सी मुँह में नहीं ले पा रही थी.
रॉकी. रहने दी. ऊपर आ जा.
रॉकी कामिनी को अपने ऊपर ले आया.
उस ने अपना लुंड कामिनी की छूट पैर सेट किआ और निचे सी एक धक्का मर क्र उसकी छूट में घुसा दिए.
कामिनी रॉकी क ऊपर झुक गयी और उसको चूमने लगी.
अब कामिनी रॉकी क लुंड पैर उछाल रही थी और रॉकी का लुंड उसकी छूट क अंदर बहार हो रहा था.
रॉकी ने कामिनी को अपने सी चिपका लिए और कमर हिला क्र उसकी ज़ोरदार चुदाई करने लगा.
कच हे दिएर में कामिनी एक बार पहर झाड़ गयी.
रॉकी उस को चूमता हुआ उसको पहर सी अपने निचे ले आया.
रॉकी ने कामिनी को उल्टा लेता दिए और उस क ऊपर लेत गया.
रॉकी ने अपना लुंड उसकी छूट में घुसा दिए और उसकी ज़ोरदार चुदाई स्टार्ट क्र दी.
रॉकी कामिनी क ऊपर लेता हुआ था और उसको चुम रहा था. साथ हे उसका लुंड कामिनी की छूट क अंदर बहार हो रहा था.
कामिनी एक बार पहर झाड़ चुकी थी
रॉकी कामिनी क ऊपर आ क्र उसको छोड़ते हुए
कामिनी एक बार पहर झड़ते हुए
रॉकी. चल अब मुँह में लय क्र फरग क्र मुझे.
कामिनी ने एक बार पहर रॉकी का लुंड पकड़ा और मुँह में लेने लगी. लकिन अब भी सही सी नहीं ले पा रही थी.
रॉकी हाथ सी हे क्र.
कामिनी हाथ सी रॉकी का लुंड हिलने लगी और रॉकी झड़ने लगा.
रॉकी का कच माल कामिनी की मुँह पैर पारा तो कच कामिनी क बूब्स पैर पर्रा.
कामिनी. तू ने तो सच में होश ुर्रा दिए
रॉकी. अगली बार आऊं गए तो तुम्हें लुंड चूसना सिखों गए.
कामिनी. में न्य आज तक कभी लुंड मुँह में नहीं लिए.
रॉकी. अब तू मेरा लिए करे गई.
कामिनी उठी और अपने कमरे में चली गयी और रॉकी नंगा हे सो गया.
अगले दिन प्रिय की साडी सहेलियां उस सी मिलने आईं और रॉकी ने दिन हवेली में हे गुज़ारा.
विशाल सुबह नाश्ते क लिए अंदर आया तो वो भट दर्रा हुआ था. उसको लगता था क आज माला उसको नहीं चोररय गई.
विशाल माला सी नज़र नहीं मिला रहा था.
माला. विशाल मुझे तुम सी बात करनी है.
विशाल. इस सी पेहली क आप कच भी बोलो ी. ऍम सॉरी. विशाल नज़र झुका क्र बोलै.
माला. सॉरी किश लिए.
विशाल. उसी बात क लिए जिस क लिए आप गुस्सा हो. में नहीं देखना चाहता था. लकिन रह नहीं पाया गलती हो गयी.
विशाल सर ऊपर नहीं उठा रहा था.
विशाल की इस हालत को देख क्र माला का घुसा कम हो गया.
माला. ाचा ठीक है. में न्य तुम्हें माफ़ किआ अब मेरी तरफ देखो.
विशाल ने नज़र उठा क्र माला की तरफ देखा तो
चात्ताआँक्खह्ह्ह्ह
एक ज़ोरदार थप्पड़ विशाल क मुँह पैर लगा.
विशाल. माफ़ क्र दिए तो मारा क्यों.
माला. ता क तुम दुबारा ऐसी गलती न करो. और अगर कभी सोचो भी तो तुम्हें मेरा ये थप्पड़ यद् आ दिल्ली.
विशाल ने पहर सी सर झुकाया और बहार चला गया.
अगली सुबह रॉकी और प्रिय गाओं सी वापस शहर की तरफ वापस निकल पररय.
आज रॉकी ख़ामोशी सी ड्राइव क्र रहा था.
लकिन एक सुनसान जगह पैर आ क्र रॉकी ने कार रोक दी.
प्रिय. क्या हुआ कार क्यों रोक दी.
रॉकी. मुझे आप सी कच चाहिए
प्रिय. अब क्या चाहिए....
रॉकी. इस बार आपको जो में मांगूं है देना हो गए वर्ण में आपको यहीं उतर क्र चला जाओं गए.