Anjaan Rishte-A Tale of hate and lust. - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Anjaan Rishte-A Tale of hate and lust.

hotaks

Administrator
Staff member
Joined
Dec 5, 2013
Messages
142,963
डिस्क्लेमर

थिस इस ा वर्क ऑफ़ फिक्शन. नेम्स, चरक्टेर्स, बिज़नेस, इवेंट्स एंड इन्सिडेंट्स अरे थे प्रोडक्ट्स ऑफ़ थे author’s इमेजिनेशन. अन्य रेसेम्ब्लेंस तो एक्चुअल पर्सन्स, लिविंग और डेड, और एक्चुअल इवेंट्स इस पुरेली कोइन्सिडेंटल.

ये स्टोरी काल्पनिक है. किसी भी ज़िंदा या मुर्दा चरक्टेर्स इवेंट या बिज़नेस सी समानता इत्तेफ़ाक़ (कोइन्सिडेंटल) है
 
स्टार्ट किये गए पोल्ल क अनुसार स्टोरी स्टार्ट करने जा रहा हूँ.

आप क वोट्स क हिसाब सी स्टोरी लिखता जाओं गए.

इस स्टोरी में इंट्रोडक्शन episode नहीं दूँ गए.

जो चरक्टेर्स ऐड हों गए उनका साथ हे इंट्रोडक्शन भी दिया जाए गए.

आप अपनी वोटिंग जारी रखें. वोट्स क हिसाब सी उपदटेस लिखे जाएं गए.

ी होप मेरी बाकि स्टोरीज की तरह आपको ये स्टोरी भी पसंद आय गई.
 
Episode 1

अनजान रिश्ते - ा टेल ऑफ़ हेट एंड लस्ट (हवस और नफरत की कहानी)

ये कहानी 2 ऐसी लोगन की है जो एक दूसरे सी नफरत करते थय.

और दोनो में हवस की आग भरक रही थी.

लकिन ये हवस की आग किसी लगी.

और इस नफरत और हवस की आग ने उनको किस अंजाम पैर पोहंचाया ये सब इस कहानी में बताया गया है.

कहानी शरू करते हैं.

मेरा नाम प्रिय है और में एक छोटे सी गाँव में रहती हूँ.

में न्य अपनी साडी स्टडीज गाँव में हे की और ग्रेजुएशन भी मेरी गाँव क करीब हे एक छोटी सी शहर सी की.

प्रिय.

स्टोरी की लीड करैक्टर. गाँव की एक सीधी सधी लड़की है. पढ़ी लिखी है लकिन दुन्या क बारे में भट ज़्यादा नहीं जानती. प्रिय की आगे 26 साल है.

मेरा छोटा भाई विशाल भी मेरी साथ हे आता जाता था.

विशाल.

प्रिय का छोटा भाई. 22 साल का है. स्टडी करता है और साथ हे बाप की मदद भी करता है.

में ग्रेजुएशन सी आगे पढ़ नहीं स्की क्यों क उस सी आगे पढ़ने क लिए बारे शहर जाना परता. मेरी पापा क पास इतनी पेसय नहीं थय क हम दोनो को पढ़ा स्कैन इस लिए ुनहु ने विशाल को प्रेफर किआ और उसको बारे शहर पढ़ने क लिए भेज दिए.

और में ग्रेजुएशन क्र क घर बेथ गयी.

में भट खूबसूरत थी. मेरा बदन गोरा था. बाल मेरी कमर तक लम्बे थय और कमर बिलकुल पतली थी.

मेरी बूब्स मोठे और गोल थय और मेरा ब्रा का साइज 36 था.

जब भी में गाँव में निकलती तो सब मार्डन ने नज़रें मुझ पैर होती थीं और मुझे ये बिलकुल भी पसंद नहीं था.

कॉलेज में भी लड़के मेरी पिच्य पर्रे रेहटी थय. लकिन में न्य कभी किसी को भाव नहीं दिए.

मुझे मेरी घर और मेरी काम क इलावा कच भी पता नहीं था. में बिलकुल सीधा सदी लड़की थी.

एक दिन गाँव क मुखिया ग ने पापा को अपने घर बुलाया.

मेरी पापा का नाम भूषण है और वो 60 साल हैं. मेरी पापा गाँव में खेती करतर हैं और उसी सी हमारा घर चलता है.

भूषण

प्रिय का बाप. गाँव का एक किसान है. खेती क्र क अपना घर चलता है. और अपने बचूं को पढ़ाता भी है.

उस ने प्रिय को ग्रेजुएशन करवा दी है और अब अपने छोटे बेटी विशाल को आगे पहरने क लिए बारे शहर भेज दिए है.

भूषण. आप ने बुलाया मुखिया ग.

गाँव का मुखिया हरिलाल 55 साल का है.

हरिलाल.

गाओं का मुखिया है. गाओं में हरिलाल का हुकम चलता है. हरिलाल जो चाहता है वो करता है. जो हरिलाल की बात नहीं मंटा हरिलाल उसको गाओं सी निकल देता है और उसकी ज़मीन चीन लेता है.

उस की 2 बेटियां और एक बीटा है. (इंट्रोडक्शन आगे आय गए)

हरिलाल. तेरी बेटी प्रिय क लिए शहर सी रिश्ता आया है.

भूषण. प्रिय क लिए.... लकिन ऐसी किसी.

हरिलाल. मेरी दोस्त क बेटी को कोई सीधी सदी लड़की चाहिए अपने बेटी क लिए.

और तेरी लड़की सीधी सदी भी है और सुन्दर भी है.

भूषण. लकिन मुखिया ग प्रिय सी भी तो पूछना पररय गए न.

हरिलाल. भूषण तू उसका बाप है तेरी बात सी इंकार तो नहीं करे गई वो. और में बलराम ग को ज़ुबान दे चूका हूँ. शादी तो तुझे करनी हे हो गई अपनी बेटी की.

भूषण. ठीक है मुखिया ग. आप क दोस्तुं क साथ रिश्ता मेरी लिए सोभाग की बात है. मेरी तरफ सी हाँ है. आप उनको बुला लाइन.

हरिलाल. एक बात यद् रखना भूषण. उन लोगन सी तुम्हारा कोई तालुक नहीं हो गए. वो सिर्फ तेरी बेटी को बियाह क्र लय जाएं गए.

इस क बढ़ समझना क तेरी बेटी तुझ सी कभी नहीं मिले गई.

भूषण. लकिन मुखिया ग.

हरिलाल. लकिन वाकिन कच नहीं. तू गाओं में रहना चाहता है या नहीं.

और मेरी पापा ने हाँ क्र दी.

मुझे कच भी पता नहीं था क मेरी शादी किस सी हो रही है.

में न्य अपने होने वाली पट्टी की तस्वीर तक नहीं देखि थी.

बस मेरी पापा ने जहाँ हाँ क्र दी में न्य वहां शादी करना थी.

जब में न्य पता किआ तो मुझे पता चला क उन लोगन को मेरी बारे में हमारे गाँव क मुखिया ग ने बताया था और वो मुखिया ग क दोस्त थय.

और कच दिनु बढ़ मेरी बारात आ गयी और में बियाह क्र शहर आ गयी.

मेरी शादी बिलकुल ख़ामोशी सी हुई. हमारे घर सी कोई मेहमान नहीं थय. मेरी सुसराल वाली बरात लय क्र आय थय. और मुझे ले क्र चली गए थय.

मेरी फॅमिली में सी कोई भी साथ नहीं आया था.

में न्य बारे शहर और बारे घर पहली बार देखा था.

हमारे घर में भट सरे कमरे थे. घर 3 फ्लोर पैर था. में जब वहां पोहंची तो में घर को देख क्र हैरान रह गयी.

ये घर भट बारे था. हमारा कॉलेज भी इस घर सी छोटा था.

जब में घर आई तो मेरा भट ाचा स्वागत किआ गया. मालूम हुआ क में घर की बरी बहु थी.

मेरी सुसार बलराम.

बलराम.

शहर का एक बारे बिजनेसमैन है.

53 साल क हैं. अपने आप को आज भी फिट रखा हुआ है. और भट सी जावनु सी ज़्यादा ताक़तवर हैं.

मेरी सास रेह्का...

रेखा.

49 साल की हैं और वो भट सुन्दर हैं. अपने आप को ऐसा मेन्टेन रखा है क आज भी 35 की लगती है.

मॉडर्न और बोल्ड.

भट बोल्ड ड्रेसिंग करती है. अक्सर उसका क्लीवेज नज़र आ रहा होता है. और ड्रेस टाइट होती है.

में न्य अपनी ज़िन्दगी में इतनी बोल्ड औरत कभी नहीं देखि थी. क्यों क में न्य सिर्फ गाँव की ओर्टन को हे देखा था.

मेरी सास मेरी पास आई और बोली

तुम बिलकुल वैसी हे हो जैसी लड़की हमें चाहिए थी

बिलकुल सीधी सदी और मासूम. इस घर में सब का ख्याल रखना अब तुम्हारी ज़िमेदारी है.

में. ग सासु माँ.

सास. सासु माँ नहीं तुम मुझे माँ बोलो गई. और अपने सुसार को डैड.

समझ गयीं.

में. ग माँ.

मेरी सुसार (डैड) मेरी पास आय और बोले.

डैड. देखो बेटी अब हमारा बीटा तुम्हारी ज़िमेदारी है. उसका अचे सी ख्याल रखना.

में. ग..

कच दिएर क बढ़ लड़कियां मुझे मेरी कमरे में लय गयीं.

रात को मेरी पति पहली बार मेरी कमरे में आय.

अरविन्द. मेरी पति.

अरविन्द

आगे 38. दिखने में ठीक थक. भट गुड लुकिंग नहीं हैं लकिन बुरे भी नहीं हैं. एक नार्मल शकल क इंसान हैं.

घर क बारे बेटी हैं. और जॉब करते हैं.

आज मेरी सुहागरात थी. और मुझे मेरी गाँव की लर्कियूं ने बताया था क सुहागरात लड़की की ज़िन्दगी की सब सी हसीं रात होती है.

में ने इस सी पेहली अरविन्द को नहीं मिली थी. हमारी पहली मुलाक़ात आज सुबह हे हुई थी जब अरविन्द बारात लय मेरी घर गए.

आज मेरी सुहागरात थी लकिन मुझे सेक्स क बारे में कच पता नहीं था.

में क्यों क छोटी सी गाँव सी थी और कभी घर सी बहार नहीं गयी थी.

हमारे घर में सिर्फ एक मोबाइल फोन था जो पापा उसे करते थय.

गाँव में मेरी सहेलियां भी मेरी जैसी हे थीं और जहाँ सी में न्य ग्रेजुएशन की थी वहां भी में ने किसी सी कोई बात नहीं की थी. इस लिए मुझे सेक्स की अबकड तक पता नहीं थी.

मुझे सिर्फ इतना पता था क मेरी निचे वाली छेद को योनि केहत्य हैं और मर्द की निचे वाली जगह को लुंड केहत्य हैं.

और वो भी में न्य अपनी एक सहेली सी सुना था.

कहने को तो में पढ़ी लिखी थी.

में इंग्लिश भी बोलती थी लकिन इस मामले में में जीरो थी.

अरविन्द कमरे में आय तो मेरी दिल की धड़कन बढ़ गयी.

ुनहु ने कमरे क दरवाज़ी को लॉक क्र दिए.

हमारे गाँव में तो कुण्डी थी.

लकिन यहाँ दरवाज़ुन पैर लॉक लगी हुए थय.

दरवाज़ा लॉक क्र क अरविन्द मेरी पास आय और मेरी पास बैठी.

अरविन्द ने मेरा घुंगट उठाया और अपनी जेब सी एक अंगूठी निकल क्र मुझे पहनाई.

और बोले ये तुम्हारी मुँह दिखाई.

मेरा गाला सूखा हुआ था और में कच बोल नहीं पा रही थी.

अरविन्द. जितना सुना था तुम उस सी ज़्यादा सुन्दर हो.

शुकरिअ...... मेरी गली में रुकी हुई आवाज़ ज़रा सा बहार निकली.

अरविन्द. तुम कम्फर्टेबले हो क्र बेथ जाओ अब ये तुम्हारा घर है.

प्रिय. में ठीक हूँ.

अरविन्द. में मेरी चादर उतर क्र साइड पैर रख दी.

में न्य शर्ट और लेहंगा पहना हुआ था.

में न्य लेहंगा समेत लिए ता क अरविन्द भी आराम सी बेथ स्कैन.

अरविन्द. देखो प्रिय एक बात में तुम्हें सच सच बता देता हूँ. ये शादी मेरी मर्ज़ी सी नहीं हुई....

मुझ पैर बिजली गिर गयी.... सुहागरात पैर हे एक लड़की को उसका पति ये कह दी क ये शादी उस की मर्ज़ी सी नहीं हुई रौ उस पैर क्या गुज़रे गई.

मेरी पेरुं टेल सी ज़मीन निकल गयी.

प्रिय. ये आप क्या कह रही हैं.

अरविन्द. में नहीं चाहता क में तुम्हें किसी भी गलत फेहमी में रखूं.

में ये शादी नहीं करना चाहता था.

लकिन माँ डैड क कहने पैर में न्य ये शादी की है.

मेरी आवाज़ एक बार पहर बंद हो गयी.

अरविन्द को मेरी चिंता का एहसास हो गया.

अरविन्द. लकिन तुम परेशान मत हो. तुम्हें इस घर में कोई तकलीफ नहीं हो गई.

में कच बोल नहीं पा रही थी.

अरविन्द पहर सी बोले.

मेरी शादी तुम सी इस लिए करवाई गयी है ता क तुम इस घर में रह क्र माँ डैड की खिदमत करो.

तुम जैसी सीधी सदी गाँव की लड़की सी शादी करवाने का मकसद यही था क तुम चुप चाप हर बात मनो और क्वेश्चन न करो.

समझ गयी.

प्रिय. ग समझ गयी. मुझे पता है क पति की आज्ञा का पालन पत्नी का धर्म होता है.

आप को चिंता की कोई ज़रूरत नहीं में आपकी और माँ डैड की हर बात मानूं गई.

प्रिय. एक बात पूछूं.

अरविन्द. हाँ पूछो...

प्रिय. आप ये शादी क्यों नहीं करना चाहते थय.

अरविन्द. इसका जवाब में तुम्हें नहीं दे सकता.

वक़त आने पैर में तुम्हें इसका जवाब भी मिल जाए गए.

अभी बस जितना कहता हूँ उतना हे करो.

और माँ डैड को ज़रा सा भी शक नहीं होना चाहिए क में तुम्हें सब कच बता चूका हूँ

प्रिय. ठीक है जैसा आप कहैं.

अरविन्द उठी और बाथरूम में चली गए.

और कच दिएर बढ़ बाथरूम सी बहार आय और बोले.

में सो रहा हूँ. तुम चेंज क्र क सो जाओ और लाइट ऑफ क्र देना.

में अरविन्द का मुँह देखती रह गयी और वि बीएड पैर चढ़े और कच हे दिएर में सो गए.

में हैरान थी क क्या ये होती है सुहागरात. मेरी साथ ये क्यों हुआ.

में बाथरूम गयी और चेंज किआ और आ क्र लेत गयी लकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी.

में ने अपनी सहेलियन सी सुहागरात क बारे में जो कच सुन रखा रहा वो तो कच भी नहीं हुआ.

यही सब सौचते सोचते में नींद की आग़ोश में चली गयी.
 
अपडेट 2

अगली सुबह एक आवाज़ सी मेरी आँख खुली.

बीबी ग उठ जाए सब आपका इंतज़ार क्र रही हैं..

में न्य आंखें खोलीं और उठ क्र बेथ गयी.

तुम कोण हो.. में न्य उसको देख क्र पूछा.

बीबी ग में कमला हूँ. में यहाँ की नौकरानी हूँ.

आप जल्दी सी तैयार हो क्र आ जाए. सब आपका इंतज़ार क्र रही हैं.

अरविन्द कहाँ हैं.. में न्य कमला सी पूछा.

वो तो सुबह हे उठ क्र चले गए थय.

में. कहाँ गए थय.

कमला. पता नहीं बीबी ग.

में. ाचा आप जाओ में में आती हूँ.

में जल्दी सी उठी और तैयार हो क्र निचे चली गयी.

मेरा बैडरूम 1सत फ्लोर पैर था.

में निचे पोहंची तो सब लोग मुझे देख क्र मुस्कुरा रही थय.

मेरी सास मेरी पास आएं और मुझे सोफे पैर बैठाया.

कमला ने मेरी लिए नाश्ता लगाया और में नाश्ता करने लगी.

मेरी लिए ये सब कच भट न्य था. इतना बारे घर नौकर. ये सब की मुझे आदत नहीं थी.

रेखा. किसी रही सुहागरात.

प्रिय. अछि रही माँ.

रेखा. सब कच ठीक सी हो गया न.

प्रिय. ग माँ

माँ ने मुझे मथ्य पैर किश किआ और चली गयीं और में नाश्ता करने लगी.

कच दिएर क बढ़ डैड मेरी पास आय.

डैड. बीटा आज तुम्हारा रिसेप्शन है.

तुम नाश्ता क्र लो गोविन्द तुम्हें पारलर चोर दी गए और वहां सी तैयार हो क्र तुम वेन्यू पैर आ जाना.

प्रिय. गोविन्द कोण

डैड. गोविन्द ड्राइवर है. वो तुम्हें चोर दे गए.

प्रिय. यस डैड.

में न्य नाश्ता किआ और तैयार हो गयी.

डैड. गोविन्द बीबी ग को पारलर लय जाओ.

गोविन्द. ग मालिक....

चलिए बीबी ग. गोविन्द मुझे देख क्र बोलै.

गोविन्द ने प्रिय क लिए गारी का दरवाज़ा खोला. और प्रिय क अंदर बाथ तय गोविन्द की नज़रुन ने प्रिय को सर सी पाऊँ तक स्कैन किआ.

ऐसी खूबसूरत लड़की गोविन्द ने भी नहीं देखि थी.

गोविन्द......

ड्राइवर.... आगे 32 साल का है. थोड़ा भट पढ़ा लिखा भी है.

8 साल सी बलराम क साथ ड्राइवर है..... देखने में हैंडसम है. अगर अछि ड्रेसिंग क्र ले तो भट हॉट लगता है.

गोविन्द ने रियर व्यू मिरर प्रिय की आंखूं पैर सेट किआ और प्रिय को देखने लगा.

प्रिय को भी समझ आ रही थी क गोविन्द उसको हे देख रहा है. और प्रिय को ये बिलकुल भी ाचा नहीं लग रहा था.

गोविन्द. बीबी ग बुरा न मानें तो एक बात पोचून.

प्रिय. पूछो.

गोविन्द. आप क घर सी कोई साथ क्यों नहीं आया.

प्रिय. पता नहीं.

गोविन्द. बीबी ग आप मेरी तरह छोटे गाओं सी हो और ये बारी लोग हम जैसी छोटे लोगन को पसंद नहीं करते.

मुझे लगा क ये मुझ सी फ्री होने की कोशिश क्र रहा है. इस लिए में न्य कोई जवाब नहीं दिए.

गोविन्द. में ने सही कहा न बीबी ग

प्रिय. तुम अपने काम सी काम रखो.

गोविन्द मुस्कुरा क्र खामोश हो गया.

पारलर आ गया और में पारलर पैर चली गयी.

में पहली बार पारलर गयी थी. और वहां मुझे तैयार किआ गया. मुझे कपड़े भी पारलर क स्टाफ ने पहनाए और जब में तैयार हुई तो अरविन्द मुझे लेनी आ गए.

अरविन्द कार ड्राइव करने लगी. और में पैसेंजर सीट पैर बेथ गयी.

अरविन्द. अछि लग रही हो.

प्रिय. थैंक यू.

अरविन्द. आज हमारा रिसेप्शन है. एक बात का दहन रखना किसी को ये पता नहीं चलना चाहिए क तुम एक किसान की बेटी हो.

प्रिय. तो इस में कोई बुरी बात तो नहीं.

अरविन्द. बुरी बात नहीं लकिन हमारी फॅमिली की एक रेपुटेशन है.

और में नहीं चाहता क किसी को पता चले क अरविन्द बलराम ने एक किसान की बेटी सी शादी की है.

प्रिय. समझ गयी.

अरविन्द की बातून सी में ये समझ गयी थी क मेरी फॅमिली में सी कोई भी मेरी रिसेप्शन में नहीं आय गए. मुझे ड्राइवर गोविन्द की बात यद् आई.

उस ने कहा था क ये बारे लोग हम छोटे लोगन को कच नहीं समझते.

हम वेन्यू पैर पोहंच गए. सब गेस्ट्स हमारे साथ पिक्टुरेस बनाने लगी.

रिसेप्शन में अगर किसी ने भी माँ डैड या अरविन्द सी मेरी फॅमिली क बारे में पूछा तो ुनहु ने ये बताया क मेरी फॅमिली अमेरिका में है.

और मुझे ये बिलकुल भी ाचा नहीं लग रहा था.

रिसेप्शन खत्म हो गया और हम सब घर आ गए.

में ये समझ चुकी थी क ये लोग मेरी घर वळून सी कोई रिलेशन नहीं रखना चाहती लकिन अब में शादी क्र क यहाँ आ चुकी थी और में कच क्र भी नहीं सकती थी.

रात को में अपने कमरे में आ गयी और कच दिएर क बढ़ अरविन्द भी कमरे में आ गए.

में चेंज क्र चुकी थी. अरविन्द ने भी चेंज किआ और बीएड पैर आ गए.

अरविन्द. तुम ने आज रिसेप्शन पैर सब कच भट अचे सी हैंडल किआ.

प्रिय. अरविन्द या अब में कभी अपने घर वळून सी नहीं मिल पाऊँ गई.

अरविन्द. ऐसा कच नहीं है. तुम गाओं जा क्र उन सी मिल सकती हो. लकिन उन में सी कोई भी यहाँ नहीं आ सकता.

मुझे ये सुकून मिला क में कम से कम अपने घर वळून सी मिल सकती हूँ.

अरविन्द. लकिन इस घर में तुम क्यों हो और तुम्हारे साथ क्या हो रहा है.

कभी भी अपने घर वळून को कच बताने की गलती मत करना.

प्रिय. जैसा आप चाहें गए वैसा हे हो गए.

अरविन्द. कल में ने तुम्हें बताया था क तुम सी मेरी शादी का एक मकसद माँ डैड की खिदमत करना है.

प्रिय. ग में जानती हूँ.

अरविन्द. अब में तुम्हें दूसरा मकसद बताता हूँ.

प्रिय. दूसरा मकसद

अरविन्द. हाँ. दूसरा मकसद ये है क तुम में बचा पैदा क्र क इस घर को वारिस देना है.

मेरी मैं में ख़ुशी की एक लहर डोर गयी. मुझे लगा क अरविन्द और मेरी दरम्यान पति पत्नी वाला सम्बन्ध बन जाए गए.

में खुश हो गयी.

अरविन्द. तुम समझ रही हो न में क्या कह रहा हूँ.

में न्य शरमाते हुए हाँ में सर हिलाया.

अरविन्द. तुम्हारी इस घर में आने क 2 हे मकसद हैं.

एक तो माँ डैड की खिदमत करना और दूसरा इस खंडन का वारिस पैदा करना.

प्रिय. अरविन्द एक बात पूछूं.

अरविन्द. हाँ पूछो.

प्रिय. आप ने कहा क ये शादी आपकी मर्ज़ी सी नहीं हुई और आप ये शादी नहीं करना चाहते थय.

और अब आप कह रही हैं क आपको मुझ सी बचा चाहिए.

में कच समझी नहीं.

अरविन्द. इस में न समझ आने वाला क्या है.

में न्य तुम सी शादी सिर्फ माँ डैड क कहने पैर की है.

ता क उनको इस घर का वारिस मिल जाए और साथ हे खिदमत करने वाली एक लड़की.

प्रिय. समझ गयी.

अरविन्द. कपड़े उतरो....

में न्य हैरान हो क्र अरविन्द को देखा...

अरविन्द. हैरान हो क्र क्या देख रही हो कपड़े उतरो. पति हूँ तुम्हारा....

में डरते डरते अपने कपड़े उतरने लगी.

में न्य पेहली अपनी शर्ट उतरी पहर शलवार उतरी.

अब सिर्फ ब्रा और पंतय बाकि थी.

ये भी उतरो जल्दी करो. में तुम्हारा पति हूँ मुझ सी शर्माने की कोई ज़रूरत नहीं.

में न्य ब्रा और पंतय भी उतर दी.

वैसी तो मेरा जिस्म बम था लकिन ऐसा लग रहा था क अरविन्द को मेरी जिस्म में कोई इंटरेस्ट नहीं था.

अरविन्द खरे हुए और अपने कपड़े उतरने लगी. और पूरी नंगे हो गए.

अरविन्द का लुंड पेहली सी खरा था. में न्य लुंड पहली बार देखा था.

मेरा दिल धक् धक् क्र रहा था. में डर रही थी

अरविन्द का लुंड 5 इंच लम्बा था और नार्मल साइज था जैसा क एक रेगुलर मर्द का होता है.

अरविन्द ने मुझे अपनी तरफ खेंचा और बीएड पैर लेता दिए.

ुनहु ने मेरी टांगें खोलीं और अपने लुंड को मेरी योनि पैर लगाया.

अरविन्द का लुंड मेरी योनि पैर लगते हे मेरी जिस्म में बिजली डोर गयी.

मेरी दिल की धड़कन तेज़ हो गयी और मेरा जिस्म कम्पनी लगा.

अरविन्द ने ड्रावर सी एक आयल की बोतल निकली और उस में सी आयल निकल क्र अपने लुंड पैर लगाया और मेरी योनि पैर भी लगाया.

अरविन्द ने लुंड को छेद पैर रखा और एक ज़ोरदार धक्के सी अपना लुंड मेरी योनि क अंदर घुसा दिए.

Aaaahahahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

मेरी चींख निकल गयी और में तड़पने लगी

Arvindpriya1stpen.gif


मुझे ऐसा लगा जैसी किसी ने मेरी योनि में गरम सरिया घुसा दिए हो और उस सी कोई हड्डी टूट गयी हो.

में दर्द सी तड़पने लगी. लकिन अरविन्द को ऐसा लगता था जैसी मेरी दर्द का कोई एहसास नहीं है

ुनहु ने लुंड बहार खेंच लिए उन क लुंड पैर खून लगा था.

ुनहु ने एक कपड़ा ले क्र अपना लुंड साफ़ किआ और एक बार पहर मेरी योनि पैर लुंड रखा.

अरविन्द..... भट दर्द हो रहा है... मेरी हलकी सी आवाज़ निकली.

अरविन्द ने अपने हाथ सी मेरा मुँह बंद क्र दिए और एक बार पहर लुंड मेरी योनि में पूरी ताक़त सी पेल दिए.

इस बार दर्द कम हुआ और मेरी आवाज़ अरविन्द क हाथ क नीची डब्ब गयी.

अरविन्द ने अपनी कमर हिला क्र धक्के लगाना स्टार्ट क्र दिए.

Arvindpriya1stfuck.gif


अब मेरा दर्द भी माँ होने लगा था. अरविन्द मेरी ऊपर लेत चुके थय और में न्य अरविन्द को हुग क्र रखा था.

मेरी मुँह सी सिर्फ आह आह अरविन्द अरविन्द ाः ाः आआह की आवाज़ें निकल रही थीं.

अब दर्द कम हो रहा था और हल्का हल्का मज़ा आने लगा था. अब मुझे एहसास होने लगा था क इस काम मैं एक सुरूर है. और मेरा जिस्म खुद सी अरविन्द का साथ देने लगा था.

Arvindpriya1stfuck2.gif


मेरी कमर खुद हिल रही थी और अरविन्द क लुंड को अपनी योनि क अंदर ले रही थी.

और कच हे दिएर में मुझे अपने अंदर गरम पानी गिरता महसूस हुआ. अरविन्द ने कच ज़ोर क धक्के लगाए और उस क बढ़ वो रुक गए.

Arvindpriya1stfuck3.gif


अरविन्द उठी और मेरी ऊपर सी हट गए और जैसी हे अरविन्द का लुंड मेरी छूट सी बहार निकला दर्द की एक और लहर मेरी जिस्म में डोर गयी.

अरविन्द बाथरूम में चले गए और में दर्द में अपनी जगह पररि रही.

कच दिएर क बढ़ अरविन्द बहार निकले. में अब भी उसी जगह दी. दर्द की वजह सी मुझ मेरी लिए हिलना मुश्किल हो रहा था.

अरविन्द बीएड पैर चढ़ क्र लेत गए.

अरविन्द. सोते हुए लाइट ऑफ क्र देना.

में हैरान थी क अरविन्द को मेरी दर्द का थोड़ा सा भी एहसास नहीं था.

में सोच रही थी क अरविन्द कितनी पत्थर दिल हैं.

कच दिएर क बढ़ में कोशिश क्र क उठी और भट मुश्किल सी बाथरूम पोहंची.

मुझ सी सही सी चला भी नहीं जा रहा था.

में ने बाथरूम जा क्र अपने आप को साफ़ किआ. और वापस आ क्र लेत गयी. लकिन दर्द की वजह सी मुझे नींद नहीं आ रही थी. और मेरी साथ अरविन्द मस्त सो रही थय.

2 घंटे क बढ़ मेरा दर्द कच कम हुआ तो मुझे भी नींद आ गयी और में भी सो गयी.
 
अपडेट 3

सुबह में उठी तो मुझे दर्द हो रहा था और बुखार भी हो गया था.

कमला मुझे जगाने आई थी.

में कमला की आवाज़ पैर उठी थी.

में उठी तो बेडशीट पैर खून का दाग था.

कमला बेडशीट देख क्र मुस्कुराई और बोली.

लगता है अरविन्द भैया ने अपना काम पूरा क्र दिए रात को.

प्रिय शर्मा गयी.

आप तैयार हो जाओ में बेडशीट उठा देती हूँ.

कमला बेडशीट उठाने लगी और में बाथरूम में चली गयी.

में न्य शावर लिए तो मेरा जिस्म थोड़ा सा हल्का हुआ. लकिन टेम्प्रेचर तो अभी भी था.

में तैयार हो क्र निचे चली गयी.

में नाश्ता क्र रही थी तो मेरी सास मेरी पास आएं.

ुनहु ने मेरा चेहरा देखा तो समझ गयीं क कोई प्रॉब्लम है.

ुनहु ने मेरी सर पैर हाथ रखा.

माँ. तुम्हें तो बुखार है....

वो बुखार की वजह भी समझ गयीं और मेरी करीब हो क्र पूछा

सब कच ठीक सी हो गया न.

में न्य हाँ में सर हिलाया.

ुनहु ने मेरी मथ्य को चूमा और कमला से बोलीं.

कमला बीबी ग को मेडिसिन दे देना नाश्ते क बढ़.

कमला. ग बेगम साहिबा.

में नाश्ता क्र रही थी क मेरी कानू में एक आवाज़ पररि.....

दाड़ड़ड़ड़ड़ड़, मम्मूवूमममममममम, बररररओओओओओओओ

कहाँ हैं सब क सब......

ये आवाज़ किसी लड़के की थी.

कच दिएर क बढ़ दरवाज़े सी एक लड़का अंदर आया.

ये एक जवान लड़का था. आगे में 24 साल का हो है. भट हे हैंडसम और डैशिंग....

माँ. आ गए तुम आवारा गर्दी क्र क....

लड़का. It's गुड तो सी यू तू माँ...

माँ ने मुँह बना लिए.

डैड. काम से काम भाई की शादी में तो आ जाता...

लड़का. सॉरी डैड. ी couldn't मेक आईटी. ी ट्राइड बूत यू क्नोव....

डैड. येह येह ी क्नोव. किसी लड़की क साथ गुल चार्र्य ुर्रा रहा हो है.

वुवुववववव व्हाट ा ब्यूटी.....

उस लड़के ने मुझे देख क्र बोलै.

डैड. वो अरविन्द की वाइफ है तेरी भाबी......

लड़का. भाबी...... लड़का मेरी तरफ आया और मेरी पाऊँ में बेथ गया...

पाए लागूं भाबी ग.....

प्रिय. ये आप क्या क्र रही हैं.

लड़का. अपनी भाबी क पाऊँ छू रहा हूँ.

बी थे वे ी ऍम रॉकी. इस खंडन का निकम्मा और नालायक बीटा. और आपका इकलौता देवर..

रॉकी.

नाम राकेश अक रॉकी.

आगे 25 साल. बलराम का छोटा बीटा.

देखने में भट हॉट और हैंडसम है. बॉडी भट फिट है.

जिस यूनिवर्सिटी में पढ़ता है उस की लड़कियां रॉकी क पीछे पागल हैं.

और रॉकी लर्कियूं क साथ टाइम गुजरने का कोई भी मौका हाथ सी नहीं जाने देता.

बाप की दौलत का पूरा फ़ायदा उठता है. और खूब अयाशी करता है.

आ गया तू..... अरविन्द की आवाज़.....

ब्रऊऊऊ कोंग्रटुलतिओन्स....

ी ऍम सॉरी बीआरओ में तुम्हारी शादी में नहीं आ स्का. ी वास् बिजी...

रॉकी अरविन्द क गले मिला.

अरविन्द. जनता हूँ तेरी पास भाई की शादी क इलावा भट से इम्पोर्टेन्ट काम हैं.

रॉकी. बीआरओ बीआरओ बीआरओ. चिल मन.

तेरी तो शादी हो गयी है. तू मज़ा ले. पन्गा क्यों ले रहा है.

अरविन्द. पन्गा तो तेरी पैदा होते हे हो गया था.

रॉकी. उस में डैड की गलती है मेरी तो नहीं राइट डैड.

डैड. तुम दोनो पहर शरू हो गए.

रॉकी. सॉरी डैड. में अपने कमरे में जा रहा हूँ.

कमला मेरी लिए नाश्ता मेरी कमरे में लय आना.

माँ मेरी पास आईं और बोलीं.

राकेश की बातून का बुरा मत मान न. वो ऐसा हे है.

प्रिय. It's ok माँ.

लकिन में ये नहीं जानती थी क ये ok नहीं था.

ये लड़का मेरी ज़िन्दगी का एक बुरा सपना साबित होने वाला था.

अरविन्द प्रिय क पास आया और बोलै.

रॉकी सी बात करने की कोई ज़रूरत नहीं.

प्रिय. लकिन क्यों. वो तो आपका भाई है न.

अरविन्द. वो मेरा भाई ने मेरी डैड की गलती की सजा है जो हम सब बुघाट रही हैं.

प्रिय. किसी सजा...

अरविन्द. कमरे में आओ बताता हूँ.

में अरविन्द क साथ कमरे में चली गयी.

प्रिय. अब बताये. ऐसा क्या है क आप मुझे अपने हे भाई सी बात करने सी मन क्र रही हैं.

अरविन्द. रॉकी मेरा भाई नहीं मेरी डैड की गलती है.

आज सी 25 साल पेहली की बात है.

डैड का एक हे बीटा था और वो में था. उस क इलावा डैड की 3 बेटियां थीं.

इसका मतलब आपकी 3 बेहनायें भी हैं.

अरविन्द. हाँ लकिन उन में सी किसी को मेरी शादी क बारे में पता नहीं है.

क्यों क तुम जानती हो हम ने ये शादी बिलकुल ख़ामोशी सी की है.

वो सब हाई क्लास फॅमिलेस में हैं और हम उनको ये नहीं बता सकते थय क में एक किसान की बेटी सी शादी क्र रहा हूँ

प्रिय. वो तो में समझ हे गयी हूँ. खर आगे बताये.

अरविन्द. डैड का अपनी एक सेक्रेटरी क साथ अफेयर था और उस अफेयर क नतीजे में वो लड़की प्रेग्नेंट हो गयी.

और डैड को मजबूरन उस सी शादी करनी पररि.

और कच महीनो क बढ़ रॉकी का जनम हुआ.

वो लड़की बचे की ज़िमेदारी नहीं उठाना चाहती थी इस लिए एक साल बढ़ हे उस ने डैड सी डाइवोर्स लय लिए और रॉकी को यहाँ चोर दिए.

और डैड की उस गलती की सजा हम सब भुगत रही हैं.

प्रिय. लकिन है तो वो आपका भाई हे.

अरविन्द. न वो मुझे अपना भाई समझता है और न में उससे.

वो जस्ट मेरी बाप का बीटा है. और उस सी ज़्यादा कच नहीं.

वो घर नहीं रहता. उस ने अपना एक फ्लैट ले रखा है. वहां हे रहता है.

कभी कभी घर आता है और जब भी आता है हमारा जीना हराम क्र देता है.

में ने इसी लिए कहा है क उस सी बात करने की कोई ज़रूरत नहीं है.

प्रिय. ठीक है. जैसा आप चाहती हैं वैसा हे हो गए.

में हैरान थी क सब लोग रॉकी को ऐसा क्यों ट्रीट क्र रही हैं. लकिन मेरी लिए अरविन्द की बात इम्पोर्टेन्ट थी. इस लिए में ने भी यही देक्सीओं लिए क में भी रॉकी सी बात नहीं करूं गई.

उसी दिन में किचन में चली गयी और किचन का काम संभल लिए.

यहाँ का रिवाज था क लड़की सब सी पेहली मीठा बनती है तो में न्य सब क लिए खीर बनाई.

में किचन में थी तो रॉकी किचन में आ गया.

कमला भी किचन में थी.

हाउ अरे यू माय ब्यूटीफुल भाबी ग.

रॉकी मेरी पास आ क्र खरा हो गया.

में न्य कोई जवाब नहीं दिए.

रॉकी. में जनता हूँ बीआरओ ने आपको मुझ सी बात न करने का कहा है.

इस घर में सब ऐसी हे हैं एक डैड को चोर क्र.

प्रिय. ऐसा कच नहीं है.

रॉकी. तो पहर आप मेरी बात का जवाब क्यों नहीं दी रही.

प्रिय. मेरा दिल नहीं छह रहा.

रॉकी. में सब समझता हूँ भाबी ग.

कोई बात नहीं. अगर आप भी बाकि लोगन की तरह ऐटिटूड रखना चाहती हैं तो कोई बात नहीं.

में आपकी ज़िन्दगी भी मुश्किल बना दूँ गए जैसी में न्य बाकि लोगन की ज़िन्दगी मुश्किल बना क्र राखी है.

इतस ा चलेंगे.

प्रिय. में न्य आप सी कहा न ऐसा कच नहीं है.

रॉकी. ये तो पता चल हे रहा है. I'll सी यू सून भाबी ग. एंड यू विल नेवर फॉरगेट में.

रॉकी किचन सी बहार चला गया.

सब लोग डाइनिंग टेबल पैर बैठी थय.

प्रिय ने खीर बनाई थी और सब लोग प्रिय की तरफ क्र रही थय.

रॉकी. एक गाँव से आई हुई गवर लड़की खाना हे बनाए गई और क्र भी क्या सकती है.

रेखा. शट उप राकेश.

रॉकी. सच हे कह रहा हूँ न माँ

मुझे समझ नहीं आती एक किसान की बेटी को किसी आप ने बलराम हाउस की बहु बना लिए.

अरविन्द. रॉकी चुप हो जा वर्ण मुझ सी बुरा कोई नहीं हो गए.

रॉकी. ो के ों बीआरओ. तुम सी बुरा कोई हो भी नहीं सकता.

बलराम. रॉकी.... एनफ.

रॉकी खामोश हो गया. रॉकी सिर्फ बलराम की बात मंटा था क्यों क रॉकी ने बलराम सी अपनी अयाशी क लिए पैसा लेना होता था.

बलराम. भाबी को सॉरी बोलो.

रॉकी. सॉरी भाबी. लकिन सच तो सच हे है न

बलराम. रॉकयययययय......

रॉकी. Ok सॉरी. में चुप रहूं गए.

बलराम हाउस में मेरी दिन गुजरने लगी.

रॉकी ने सच कहा था. वो घर भट कम आता था. लकिन जब भी आता मेरी ज़िन्दगी नरक बना क्र रखता.

वो हर बात पैर मुझे तना देता था और मुझे मेरी छोटे बैकग्राउंड का बोल क्र तंग करता.

लकिन अछि बात ये थी क रॉकी अपने फ्लैट में रहता था और घर कम हे आता था.

इस घर में मेरी ज़िन्दगी सिर्फ इतनी थी क में किचन क काम करती. घर क काम करती और कमरे में आ जाती.

अरविन्द कमरे में आती और मेरी कापरी उतर क्र मेरी अंदर डालते और थोड़ी सी झटके मर क्र मेरी अंदर अपना माल गिरा देती और सो जाते.

मेरी और अरविन्द क रिलेशनशिप में कोई इंटिमेसी या रोमांस नहीं था.

उनको बस बचा चाहिए था और कच नहीं.

और में न्य भी इस ज़िन्दगी को एक्सेप्ट क्र लिए था.

मेरी अपनी कोई ज़िन्दगी नहीं थी. में बस अरविन्द और माँ डैड की मर्ज़ी की ज़िन्दगी गुज़र रही थी
 
Episode 4

बलराम हाउस में मेरी दिन भट तेज़ी सी गुज़रते जा रही थय.

में इस घर की नौकरानी थी. में दिन में माँ डैड की खिदमत करती और रात को अरविन्द क निचे होती.

मेरी शादी को एक साल गुज़र चूका था.

इस एक साल में 2 बार अरविन्द क बहनें घर आएं और ुनहु ने भी मुझे नौकरानी की तरह ट्रीट किआ.

(अरविन्द की बेहणु का इंट्रोडक्शन आगे दिए जाए गए)

उन क लिए भी में गाँव की एक गवर लड़की थी जो इस घर में काम करने और अरविन्द क बचे को जनम देंय आई थी.

घर में तो मेरी ज़िन्दगी अज़ाब थी हे और उस क साथ एक अज़ाब और था जिस का नाम रॉकी था.

मेरी खुश किस्मती ये थी क रॉकी घर में नहीं रहता था.

अगर वो उसी घर में रहता तो मेरा उस घर में रहना मुश्किल हो जाता.

रॉकी की यूनिवर्सिटी का आखरी ईयर था इस लिए वो यूनिवर्सिटी में भी ज़्यादा बिजी रहता था और इस वजह सी भी रॉकी घर काम हे आता था.

लकिन रॉकी ये बात बोल चूका था क यूनिवर्सिटी खत्म होते हे वो घर आ अजेय गए और घर हे रही गए.

और में ये बात सोच क्र भी कांप जाती थी.

अरविन्द पूरी कोशिश क्र रही थय क में प्रेग्नेंट हो जाओं लकिन में प्रेग्नेंट नहीं हो रही थी और एक साल गुज़र चूका था.

हम ने देश क सब बारी डॉक्टर्स को चेक करवाया लकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

एक दिन में अपने कमरे में बैठी थी माँ मेरी पास आएं.

माँ. बीटा तुम्हरी और अरविन्द क दरम्यान सब ठीक है न.

प्रिय. ग माँ सब ठीक है.

माँ. तो पहर तुम्हारा बचा क्यों नहीं हो रहा.

प्रिय. पता नहीं माँ. हम ने चेक भी करवाया है. लकिन कच समझ नहीं आ रहा.

माँ. में और तुम्हरी डैड चाहती हैं क तुम अपने इलाज क लिए अमेरिका चले जाओ.

प्रिय. माँ मुझे कोई भी इलाज करवाने में कोई प्रॉब्लम नहीं है.

लकिन अरविन्द जैसा बोलें गए में वैसा हे करूं गई.

माँ. में अरविन्द सी बात करती हूँ. तुम लोग इसी वीक अमेरिका जा रही हो.

अरविन्द घर आय तो माँ ने उन्हें बुलाया.

माँ. अरविन्द में और तुम्हारी डैड चाहती हैं क तुम प्रिय को अमेरिका लय क्र जाओ और उसका इलाज करवाओ.

अरविन्द. ठीक है माँ.

जैसा आप बोलें.

में भी यही चाहता हूँ क जल्दी सी जल्दी बचा पैदा हो और में इस गवर को इस क गाओं वापस चोर क्र आऊं.

बलराम. माँ आज हे तुम लोगन की डाक्यूमेंट्स कम्पलीट करवाता हूँ और इसी वीक में तुम्हरी फ्लाइट अर्रंगे करवाता हूँ.

पिछले एक साल सी मेरी घर वळून को ये पता नहीं था क उन की बेटी ज़िंदा है या मर्डर गयी.

और मुझे भी उन क बारे में कच पता नहीं था.

अब उनको ये भी पता नहीं था क उन की बेटी अमेरिका जा रही है.

3 दिन में हमारे डाक्यूमेंट्स रेडी हो गए और 1 वीक में हम अमेरिका क लिए निकल गए.

हमारी टिकट्स बिज़नेस क्लास की थीं. में जहाज़ ने पहली बार ट्रेवल क्र रही थी.

हम अमेरिका पोहंची तो ड्राइवर सिग्न बोर्ड लय क्र हमारा इंतज़ार क्र रहा था.

हम ने डैड क दोस्त महिंदर अंकल क घर जाना था.

ड्राइवर ने हम सी सामान लिए और कार में रखा और हम कार में बेथ गए.

कच दिएर क बढ़ हम महिंदर अंकल क घर पोहंच गए

महिंदर अंकल हमारा वेट क्र रही थय.

महिंदर. वेलकम बीटा.

अरविन्द. थैंक यू अंकल.

महिंदर.

बलराम का दोस्त है. अमेरिका में रहता है. आगे 55. छोटे कद का है. लकिन फिट है.

रजनी आंटी. आने में कोई दिक्कत तो नहीं हुई न..

रजनी

महिंदर की वाइफ. आगे 50. देखने में 40. भट फिट और हॉट बॉडी की मालकिन है.

हुसैन ऐसा क 50 की आगे में 25 क लड़के को पागल बना दे.

अरविन्द. नहीं आंटी कोई भी प्रॉब्लम नहीं हुई. सब ाचा रहा.

रजनी. एंड यू अरे प्रिय.

प्रिय. ग...

रजनी. भट पायरी हो तुम. अंदर आओ इसको अपना हे घर समझो.

हम सब अंदर आ गए.

रजनी आंटी मेरी पास आ क्र बेथ गयीं

रजनी. मुझे रेखा ने सब बताया है.

सब कच ठीक हो गए.

मेरी बहु खुद तुम्हारा इलाज करवाए गई.

प्रिय. ग आंटी

कच दिएर क बढ़ 2 लोग घर में आय.

आदमी. अरविन्द it's गुड तो सी यू मन. वो. आदमी आ क्र अरविन्द सी मिला.

अरविन्द. गुड तो सी यू तू.

वो आदमी मेरी तरफ मुरा

Hi भाबी ग किसी हैं. आप.

प्रिय. में अछि हूँ.

उस क साथ एक औरत आ क्र मेरी गली मिली.

Hi ी ऍम अनिल.

प्रिय.... में ने उसको जवाब दिए.

रजनी. प्रिय बीटा ये आदित्य है मेरा बारे बीटा. और ये अनिल है मेरी बहु.

आदित्य.

महिंदर का बारे बीटा आगे 32.

अमेरिका में हे जॉब करता है. देखने में भट हैंडसम है.

और अछि बॉडी का मालिक है.

अनिल.

आदित्य की वाइफ.

आगे 30. अनिल और आदित्य की लव मैरिज है.

अनिल भट हॉट है. वो कोई काम नहीं करती. हाउसवाइफ है.

अनिल. चलो में तुम्हें तुम्हारा कमरा दिखती हूँ.

में अनिल क साथ चली गयी. और 1सत फ्लोर में अनिल मुझे एक कमरे में लय गयी.

ये तुम दोनो का कमरा है. इसको अपना हे घर समझना.

प्रिय. थैंक यू.

में न्य चेंज किआ और कच दिएर में अरविन्द भी कमरे में आ गए.

अरविन्द ने भी चेंज किआ और हम आराम करने लगी.

डिनर सी कच दिएर पेहली हम निचे चली गए.

सब लोग हॉल में बैठी बातें करने लगे.

हम सब बातें क्र रही थय क एक आवाज़ आई.

माँ डैड गेस्ट आ गए क्या....

रजनी. हाँ आ गए..

एक लड़का ऊपर सी निचे उतरा.

में ने पलट क्र देखा तो उसका चेहरा देखते हे मुझे अजीब सा फील हुआ.

Hello. ी ऍम अभय.....

अभय....

महिंदर का छोटा बीटा. आगे 27....

भट हैंडसम और डैशिंग पर्सनालिटी.

लम्बी हाइट और उस क बराबर की बॉडी.

शकल किसी मॉडल सी काम नहीं थी.

अभय. आप अरविन्द भाई हो न बलराम अंकल क बेटी.

जब आप सी मिला था तो छोटा सा था.

अरविन्द. देखो अब तुम कितने बारे हो गए हो.

अभय. एंड भाबी ग यू अरे सो ब्यूटीफुल.

प्रिय. थैंक यू. प्रिय ने आंखें उठा क्र अभय को देखा तो प्रिय को उस की आंखूं में अजीब सी कशिश नज़र आई.

मुझे ऐसा लगा जैसी में पहली नज़र में हे अभय की तरफ अत्त्रक्ट हो गयी थी.

में बार बार नज़र उठा क्र अभय को देख रही थी और अभय भी बार बार प्रिय को देख रहा था.

हम ने डिनर किआ और आदित्य अभय और अरविन्द बहार चले गए.

अनिल मुझे अपने साथ अपने कमरे में लय गयी.

अनिल. मुझे माँ ने तुम्हारी बारी में बताया है.

लकिन तुम मुझे बताओ क क्या प्रॉब्लम है.

प्रिय. हम 1 साल सी बची क लिए तरय क्र रही हैं लकिन बचा नहीं हो रहा.

अनिल. तुम ने वहां इलाज करवाया

प्रिय. इलाज करवाया है. लकिन कच नतीजा नहीं निकला.

अनिल. ठीक है. में सिटी क बेस्ट डॉक्टर्स सी तुम्हारी लिए अपॉइंटमेंट लेती हूँ.

प्रिय. थैंक यू अनिल.

अनिल. थैंक यू की कोई ज़रूरत नहीं. तुम वहां सी यहाँ आई हो तो मेरा फ़र्ज़ है क में तुम्हारा पूरा साथ दूँ.

कच दिएर में अरविन्द आ गए और हम अपने कमरे में जा क्र सो गए.

अगले दिन में अनिल आदित्य अभय और अरविन्द घूमने चली गए.

हम पूरा शहर घूमे.

पूरा टाइम में और अभय एक दूसरी को देखते रही लकिन हमें एक दूसरी सी बात करने की हिमत नहीं हुई.

ऐसा लग रहा था क हम दोनो ाँखुंण हे अनखुन में बातें करते जा रही थय.

शाम को हम सब थके हरी घर वापस आ गए.

और घर आ क्र आखिर अभय ने हिमत जूता क्र प्रिय सी बात की.

प्रिय किचन में अनिल क साथ खरी थी.

अभय प्रिय क पास आया और बोलै.

भाबी ग केसा लगा आपको हमारा शहर

प्रिय. भट खूबसूरत...

अभय. लकिन आप सी ज़्यादा खूबसूरत नहीं है.

अनिल. फ़्लर्ट क्र रही हो प्रिय क साथ

अभय. नहीं सच बोल रहा हूँ.

अनिल. अरविन्द क सामने मत बोलना उसको बुरा लगी गए.

अभय. भाबी को बुरा न लगे. अरविन्द का कोई मसला नहीं.

प्रिय. It's ok.

अनिल. चलो जाओ. यहाँ से...

अभय मुस्कुराता हुआ चला गया.

और प्रिय भी उसको देख क्र मुस्कुराती रही.
 
अपडेट 5

में अमेरिका में थी. महिंदर अंकल की फॅमिली क साथ मेरा ाचा टाइम स्पेंड हो रहा था.

महिंदर अंकल की बहु अनिल सी मेरी अछि दोस्ती हो गयी थी.

रात को डिनर पैर सब लोग बैठी थय.

मुझे पता नहीं था क मेरी साथ ऐसा क्यों हो रहा था लकिन न चाहती हुए भी मेरी नज़र अभय पैर चली जाती.

और में जब भी अभय को देखती वो मुझे देख रहा होता था.

में नहीं जानती थी क अभय क मैं में क्या चल रहा है. लकिन में जब भी उसकी आंखूं में देखती मुझे अट्रैक्शन महसूस होती.

डिनर क बढ़ हम अपने कमरे में चले गए.

कच दिएर क बढ़ अनिल हमारे कमरे में आई.

अनिल. सॉरी तो डिस्टर्ब यू गाइस. लकिन में ये बताने आई थी क में न्य प्रिय क लिए सिटी क बेस्ट डॉक्टर सी अपॉइंटमेंट ली है. और कल. प्रिय का चेक उप है.

अरविन्द. थैंक यू प्रिय. कल तुम अनिल को अपने साथ ले जाना और इसका चेक उप करवा लेना.

अनिल. आप साथ नहीं चलें गए क्या.

अरविन्द. नहीं तुम प्रिय को साथ ले जाना में आदित्य क साथ जाओं गए. डैड ने कच काम बताए थय वो करने हैं.

अनिल. ठीक है. आप बेफिक्र रहें में प्रिय को ले जाओं गई.

तुम्हें इंग्लिश बोलनी आती है न. प्रिय ने मुझ सी पूछा.

प्रिय. हाँ आती है.

अनिल. गुड.. क्यों क डॉक्टर क सवालुं का जवाब तुम्हें देना हो गए.

प्रिय. कोई बात नहीं में क्र लून गई.

हम दोनो सो गए और अगले दिन अरविन्द आदित्य क साथ चले गए. और में न्य अनिल क साथ डॉक्टर क क्लिनिक जाना था.

हमें ड्राप करने वाला अभी था. और जब मुझे पता चला क हम अभय क साथ जाने वाली हैं मुझे ख़ुशी महसूस हुई.

में तैयार हो क्र निचे आई तो अनिल और अभय वेट क्र रही थय

अभय. लुकिंग हॉट भाबी ग.

प्रिय. थैंक यू अभय...

परिया बे पहली बार अभय का नाम लिए था.

अभय. प्लीज कॉल में अभी....

अनिल. हाँ प्रिय सब इसको अभी बोलते हैं तुम भी अभी बोल लिए करो.

प्रिय. Ok....

हम निकले और कच हे दिएर में डॉक्टर क क्लिनिक पैर पोहंच गए.

अभी. भाबी जब आप लोग फ्री हो जाओ तो मुझे बुला लेना.

अनिल. ठीक है.

हम अंदर चले गए.

अनिल. एक्सक्यूज़ में. वे हैवे ान अपॉइंटमेंट विथ डॉ एलन.

(हमारी डॉ एलन क साथ अपॉइंटमेंट है)

असिस्टेंट. प्लीज सीट इन थे वेटिंग एरिया. हे विल बे राइट विथ यू इन ा मोमेंट.

(आप बैठिये वो आप क साथ हों गए कच टाइम में)

प्रिय परेशान हो गयी.

प्रिय. अनिल ये मेल डॉक्टर की अपॉइंटमेंट क्यों ली तुम ने.

अनिल. रिलैक्स प्रिय. ये सिटी क बेस्ट डॉक्टर हैं. और यहाँ मेल फीमेल नहीं देखा जाता. कोण ाचा डॉ है वो देखा जाता है. एंड ट्रस्ट में हे इस थे बेस्ट

प्रिय. ठीक है. लकिन मुझे डर लग रहा है.

अनिल. डरने की कोई बात नहीं. डॉ एलन मेरी डॉक्टर भी हैं वो भट अचे हैं.

कच दिएर क बढ़ असिस्टेंट हमारे पास आई.

असिस्टेंट. प्लीज वियर थिस गाउन एंड स्टेप ईंटो डॉक्टर्स रूम.

(ये गाउन पहनो और डॉ क कमरे में जाओ)

ये एक सिंगल पीेछे गाउन था. जो मेरी घुट्नु तक आता था.

अनिल. अपने सरे कपड़े उतरो. ये गाउन पहनो.

में परेशान हो गयी.

अनिल. परेशान मत हो. ये प्रोटोकॉल है. डॉ ने तुम्हारा फुल एग्जामिनेशन करना है.

में ने चेंजिंग रूम में जा क्र अपने कपड़े उतरे और गाउन पहन लिए.

अनिल मेरी साथ डॉ क कमरे में चली गयी.

में दर्री हुई थी. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.

मुझे अंदाज़ा भी नहीं था क में क्या करूं गई.

डॉ एलन. Hi अनिल हाउ अरे यू.

(hi अनिल तुम किसी हो)

अनिल. ी ऍम गुड डॉक्टर.

(में अछि हूँ डॉक्टर)

एलन. एंड यू अरे प्रिय. राइट..

(और तुम प्रिय हो)

प्रिय. यस.

एलन. अनिल यू कैन वेट आउटसाइड व्हिले ी एक्सामिने योर फ्रेंड.

(अनिल तुम बहार वेट करो. जब तक क में तुम्हारी दोस्त का मुआइना करूं)

अनिल. Ok. डॉक्टर.

में बहार वेट क्र रही हूँ. अनिल ने मुझे कहा.

अनिल बहार चली गयी और में डॉ एलन क सामने कुर्सी पैर बेथ गयी.

एलन. सो व्हाई अरे यू हेरे प्रिय.

(तो प्रिय तुम यहां क्यों आई हो)

प्रिय. ी can't गेट प्रेग्नेंट.

(में प्रेग्नेंट नहीं हो सकती)

एलन. Ok. एंड हाउ लॉन्ग हैवे यू बीन इन रिलेशनशिप.

(तुम कितने टाइम सी रिलेशनशिप में हो)

प्रिय. ी ऍम मैरिड फॉर ओने ईयर.

(मेरी शादी को एक साल हो चूका है)

एलन. नाउ ी विल आस्क यू सम पर्सनल क़ुएस्तिओन्स. बूत ी असुरे यू थी अरे नेसेसरी फॉर योर ट्रीटमेंट.

(अब में तुम सी कच पर्सनल सवाल पूछूं गए. लकिन में यकीन दिलाता हूँ क तुम्हारे इलाज क लिए ये ज़रूरी हैं)

प्रिय. Ok

एलन. हाउ ओफ्तें दो यू हैवे सेक्स इन ा वीक.

(आप हफ्ते में कितनी बार सेक्स करते हो)

प्रिय. 2 तो 3 टाइम्स.

एलन. गुड. एंड हाउ ओफ्तें योर हस्बैंड कंस इन यू.

(और कितनी बार तुम्हरा पति तुम्हरे अंदर झाड़ता है)

प्रिय. एव्री टाइम.

एलन. एंड हाउ ओफ्तें दो यू ओर्गास्म.

(और तुम्हें कितनी बार ओर्गास्म होता है)

प्रिय. खामोश हो गयी.

एलन. फ्रॉम योर साइलेंस ी कैन ासुमे नेवर.

(तुम्हारी चुप सी लगता है क कभी नहीं)

प्रिय. ी don't हैवे अन्य आईडिया.

एलन. आईटी मीन्स यू नेवर हद ान ओर्गास्म बिफोर

(इसका मतलब क तुम्हें कभी ओर्गास्म नहीं हुआ.)

डॉ एलन ने हैरान हो क्र पूछा.

में अब भी कंफ्यूज थी क्यों क में नहीं जानती थी क डॉ एलन क्या बात क्र रही हैं.

एलन. Ok लेट में आस्क यू ा फ्यू मोरे क़ुएस्तिओन्स.

हैवे यू एवर फेल्ट योर बॉडी शाकिंग दूरिंग सेक्स.

(क्या तुम ने कभी महसूस किआ क सेक्स क दौरान तुम्हारा जिस्म काम्पा हो)

प्रिय. No.

एलन. Ok. हैवे यू एवर फेल्ट योर बॉडी ट्रेम्ब्लिंग दूरिंग सेक्स.

(क्या कभी ऐसा महसूस किआ क तुम्हरे जिस्म को सेक्स क दौरान झटके लगे हों)

प्रिय. No.

एलन. दीद यू एवर फील ा सूरज ऑफ़ प्लेअसुरे रनिंग थ्रू योर बॉडी.

ा प्लेअसुरे तहत यू नेवर फेल्ट बिफोर.

(क्या तुम ने कभी ऐसा महसूस किआ क तुम्हरे जी में माज़ी की एक लहर डोर गयी हो. ऐसा मज़ा जो तुम ने पेहली कभी महसूस नहीं किआ.)

प्रिय. नेवर.

प्रिय. आईटी मीन्स यू नेवर हद ान ओर्गास्म एंड that's बाद.

(इसका मतलब क तुम्हें कभी ओर्गास्म नहीं हुआ और ये गलत है.)

एलन. Ok नाउ I'll एक्सामिने योर बॉडी. प्लीज ले डाउन ों थे टेबल.

(अब में तुम्हारा मुआइना करूं गए. टेबल पैर लेत जाओ.

में टेबल पैर चढ़ी और लेत गयी. और अपने पाऊँ टेबल क बने स्टैंड्स पैर रख दिए.

एलन. दो ी हैवे योर परमिशन तो टच यू.

(क्या मुझे तुम्हें चुने की इजाज़त है.)

प्रिय. यस.

डॉ एलन ने मेरी टांगून पैर हाथ रखा और मेरा गाउन मेरी घुट्नु सी ऊपर उठा दिए और मेरी छूट नंगी क्र दी.

एलन. थिस इस आल प्रोफेशनल. अरे यू ok विथ आईटी.

(ये सब प्रोफेशनल है. क्या ये आपको ठीक लग रहा है)

प्रिय. It's OK.

Priya-Dralan1-Conv-Gif.gif


एलन. नाउ ी ऍम गोइंग तो टच योर पुसी.

(अब में तुम्हारी छूट को टच करूं गए)

डॉ एलन ने मेरी टांगून क निचे हाथ डाला और मुझे टेबल क किनारे की तरफ खेंचा और मेरी टांगें खोल दिन.

मेरी दिल की धड़कन बढ़ चुकी थी.

में एक अनजान आदमी क आगे अपनी टांगें खोल क्र लेती थी और वो मेरी छूट को छू रहा था

Priya-Dralan2-Conv-Gif.gif


उस ने मेरी छूट को अपनी उंगलियुं सी खोला.

और पहर मेरी छूट की साइड्स को अपनी उंगलियुं सी दबाने लगा.

मेरी सांस अटक चुकी थी. एक अनजान आदमी मेरी छूट को टच क्र रहा था और में उसको ऐसा करने दी रही थी.

Priya-Dralan3-Conv-Gif.gif


डॉ. एलन दुबारा अपनी कुर्सी पैर बेथ गए.

एलन. यू कैन गेट डाउन.

ी टोल्ड यू ी ऍम प्रोफेशनल.

यू don't हैवे तो वोर्री.

(आप तुम निचे उतर सकती हो. में न्य कहा था न में प्रोफेशनल हूँ परेशान होने की ज़रूरत नहीं है.)

प्रिय. व्हाट सिम्स तो बे थे प्रॉब्लम डॉक्टर.

(डॉ क्या प्रॉब्लम हो सकती है)

एलन. We'll दो सम स्कैन्स एंड टेस्ट्स एंड we'll क्नोव थे प्रॉब्लम.

We'll डीडे थे ट्रीटमेंट आफ्टर तहत.

(हम कच स्कैन्स और टेस्ट्स करिअन गए. और उस क बढ़ प्रॉब्लम का पता चले गए. और पहर हम इलाज का फैसला करिअन गए)

डॉ एलन ने अपनी असिस्टेंट को बुलाया और मुझे उस क साथ भेजा.

में न्य स्कैन और टेस्ट्स करवाए और वापस आ गयी.

असिस्टेंट. We'll इन्फॉर्म यू वन्स थे रिपोर्ट्स अरे इन.

अनिल ने अभी को फोन किआ और अभी ने हम लोगन को पिक किआ और हम घर वापस आ गए.

अनिल ने अभी क सामने कोई बात नहीं की.

हम घर पोहंचे तो अनिल मेरी साथ कमरे में आ गयी.

और उस ने मुझ सी पूछा.

अनिल. केसा रहा.

प्रिय. ाचा रहा.

अनिल. में ने कहा था न डॉ एलन भट अचे डॉ हैं.

बस अब रिपोर्ट्स आ जाएं तो सब कच क्लियर हो जाए गए.
 
अपडेट 6

अनिल ने अभी को फोन किआ और अभी ने हम लोगन को पिक किआ और हम घर वापस आ गए.

अनिल ने अभी क सामने कोई बात नहीं की. हम घर पोहंचे तो अनिल मेरी साथ कमरे में आ गयी. और उस ने मुझ सी पूछा.

अनिल. केसा रहा.

प्रिय. ाचा रहा.

अनिल. में ने कहा था न डॉ एलन भट अचे डॉ हैं. बस अब रिपोर्ट्स आ जाएं तो सब कच क्लियर हो जाए गए.

प्रिय. हाँ बस रिपोर्ट्स का इंतज़ार करना है.

अनिल. चलो अब बताओ डॉ एलन ने किसी चेक उप किआ तुम्हारा.

प्रिय. कैसे बताओं....

अनिल. प्रिय में जानती हूँ डॉ एलन किसी चेक उप करते हैं. तुम बताओ तुम्हारा चेक उप किसी किआ.

प्रिय. ाचा बताती हूँ.

प्रिय ने अनिल को सब कुछ बताया.

अनिल. ये तो क़ुएस्तिओन्स थय.

एग्जामिनेशन टेबल पैर जाने क बढ़ किआ हुआ ये बताओ.

प्रिय. एग्जामिनेशन टेबल पैर लेता क्र ुनहु ने मेरी पाऊँ स्टैंड्स पैर रख दिए और मेरी टांगें खोल दिन.

फ्लैशबैक.

एलन. दो ी हैवे योर परमिशन तो टच यू.

(क्या मुझे तुम्हें चुने की इजाज़त है.)

प्रिय. यस.

डॉ एलन ने मेरी टांगून पैर हाथ रखा और मेरा गाउन मेरी घुट्नु सी ऊपर उठा दिए और मेरी छूट नंगी क्र दी.

एलन. थिस इस आल प्रोफेशनल. अरे यू ok विथ आईटी.

(ये सब प्रोफेशनल है. क्या ये आपको ठीक लग रहा है)

प्रिय. It's OK.

Priya-Dralan1-Conv-Gif.gif


एलन. नाउ ी ऍम गोइंग तो टच योर पुसी.

(अब में तुम्हारी छूट को टच करूं गए)

डॉ एलन ने मेरी टांगून क निचे हाथ डाला और मुझे टेबल क किनारे की तरफ खेंचा और मेरी टांगें खोल दिन.

मेरी दिल की धड़कन बढ़ चुकी थी. में एक अनजान आदमी क आगे अपनी टांगें खोल क्र लेती थी और वो मेरी छूट को छू रहा था

Priya-Dralan2-Conv-Gif.gif


उस ने मेरी छूट को अपनी उंगलियुं सी खोला. और पहर मेरी छूट की साइड्स को अपनी उंगलियुं सी दबाने लगा.

मेरी सांस अटक चुकी थी. एक अनजान आदमी मेरी छूट को टच क्र रहा था और में उसको ऐसा करने दी रही थी.

Priya-Dralan3-Conv-Gif.gif


उस ने मेरी छूट क ऊपर छोटे सी उभार पैर हाथ टच किआ तो ऐसा लगा जैसी मुझे बिजली का झटका लगा हो.

वो उस उभर को अपने अंगूठी सी सहलाने लगा और में तड़पने लगी.

एलन. हाउ अरे यू फीलिंग.

(केसा लग रहा है)

प्रिय. प्लीज स्टॉप. ी can't टेक आईटी.

(रुक जाओ मुझ से ये बरदसश्त नहीं हो रहा)

एलन. थिस इस क्लाइटोरिस. थिस इस मोस्ट सेंसिटिव part ऑफ़ योर वागिना.

(ये क्लाइटोरिस है और ये तुम्हारी छूट का सब सी सेंसिटिव हिस्सा है)

Priya-Dralan4-Conv-Gif.gif


डॉ एलन ने मेरी टांगें खोलीं और टेबल क सामने बेथ गए.

एलन. लेट में टेक ा क्लोज़र लुक.

(मुझे करीब सी देखने दो)

डॉ एलन मेरी सामने बैठा मेरी छूट को देख रहा था.

एलन. यू नेवर हद ान ओर्गास्म.

(तुम्हें कभी ओर्गास्म नहीं है)

प्रिय. That's राइट.

डॉ एलन ने अपनी ज़ुबान निकली और मेरी क्लाइटोरिस पैर लगा दी

मेरी जिस्म में बिजली दौर गयी. और में ने डॉ एलन को रोक दिए.

व्हाट अरे दोंग...... में न्य उनको रोकते हुए कहा.

Priya-Dralan5-Conv-Gif.gif


एलन. It's इम्पोर्टेन्ट फॉर यू तो फील ान ओर्गास्म. एंड ी विल तरय तो गिव यू ओने. बूत ट्रस्ट में थिस इस टोटली प्रोफेशनल.

(तुम्हारे लिए ओर्गास्म महसूस करना भट ज़रूरी है. और में तुम्हें वो देने की कोशिश करूं गए. लकिन भरोसा रखो. ये बिलकुल प्रोफेशनल है.

में पहर सी पीछे लेत गयी.

डॉ एलन ने अपनी ज़ुबान निकली और मेरु छूट पैर लगा दी और अपने ज़ुबान सी मेरी क्लीट को सहलाने लगी.

मेरी जिस्म में अजीब सा एहसास आने लगा.

वो मेरी क्लीट को और मेरी छूट को अपनी ज़ुबान सी चेर रही थय.

Priya-Dralan6-Conv-Gif.gif


ज़िन्दगी में पहली बार मुझे अपनी छूट गीली महसूस हुई थी.

जब अरविन्द मेरी अंदर डालते थय तो कच टाइम क बढ़ मेरी छूट गीली हो जाती थी. लकिन यहाँ ऐसी हे मेरी छूट गीली हो रही थी.

एलन. हाउ अरे यू फीलिंग.

(केसा महसूस क्र रही हो)

प्रिय. It's ा स्ट्रेंज फीलिंग एंड ा लिटिल टिकल.

(अजीब एहसास है और कच गुदगुदी हो रही है.)

एलन. नाउ ी विल पूत ा फिंगर इनसाइड यू. अरे यू रेडी.

(अब में तुम्हारे अंदर एक ऊँगली डालूं गए. क्या तुम तैयार हो)

प्रिय. यस.

डॉ एलन ने एक ऊँगली मेरी गीली छूट में दाल दी.

आअह्ह्ह मेरी मुँह सी सिसकी निकल गयी

और डॉ एलन अपनी ऊँगली मूव करने लगा.

एलन. हाउ अरे यू फीलिंग.

(केसा महसूस क्र रही हो)

प्रिय. आअह्ह्ह अहह आईटी फीलस गूदड़.

(सिसकते हुए..... ाचा लग रहा है.)

Priya-Dralan7-Conv-Gif.gif


Ok नाउ ी ऍम गोंना पूत 2 फिंगर्स इन

(ठीक है अब में 2 उँगलियाँ अंदर डालूं गए)

डॉ एलन ने 2 उँगलियाँ गीली किन और मेरी छूट में दाल दिन.

और अंदर बहार करने लगा.

ाःह आह्हः आह्ह्ह्ह मेरी सिसकियाँ स्टार्ट हो गयीं. मुझे मज़ा आ रहा था.

एक अनजान आदमी मेरी छूट में उँगलियाँ दाल क्र हिला रहा था और में मज़ा ले रही थी.

एलन. हाउ अरे यू फीलिंग.

प्रिय. आह ाः आठ आईटी फील सो गुड.

(आह आह आह मज़ा आ रहा है)

Priya-Dralan8-Conv-Gif.gif


एलन. लेट में मेक यू फील मोरे गुड.

(में तुम्हें और ाचा फील करवाता हूँ)

डॉ एलन ने मेरी छूट में अपनी उंगलियुं की मूवमेंट जारी राखी और साथ हे मेरी छूट पर ज़ुबान लगा दी और मेरी छूट चाटने लगा

में न्य आज तक ऐस मज़ा कभी महसूस नहीं किआ था. ये भट अलग फीलिंग थी

प्रिय. ओह्ह्ह्ह डॉ आईटी फीलस सो. गुड.

(ओह्ह्ह डॉ भट मज़ा आ रहा है)

डॉ एलन ने एक हे स्पीड सी मेरी छूट में ऊँगली चालक जारी राखी और मेरा जिस्म कांपने लगा. मेरी सिसकियाँ मेरी कण्ट्रोल में नहीं थीं. मेरा जिस्म कांप रहा था.

और मेरा जिस्म झटके खाने लगा.

Priya-Dralan9-Conv-Gif.gif


डॉ एलन ने उँगलियाँ बहार निकल दिन.

और मुझे रिलैक्स होने क लिए चोर दिए.

प्रिय. व्हाट जस्ट हप्पेनेड. तहत वास् अमेजिंग.

(अभी क्या हुआ. ये भट ाचा था)

एलन. यू हद ान ओर्गास्म.

(तुम्हें ओर्गास्म हुआ है)

प्रिय. ी नेवर फेल्ट थिस गुड बिफोर

(में ने आज तक इतना ाचा कभी महसूस नहीं किआ)

एलन. वांनै तरय अगेन.

(दुबारा तरय करना है)

प्रिय. यस.

एलन. थिस टाइम ी वांट यू तो रब योर क्लीट अस फ़ास्ट अस यू कैन.

(इस बार में चाहता हूँ क तुम अपने क्लीट को जितना तेज़ हो सकता है रागरो)

डॉ एलन ने एक बार पहर उँगलियाँ मेरी छूट में दाल दिन और मेरा हाथ पाकर क्र मैरी क्लीट पैर रखा.

में अपना क्लीट रगड़ने लगी और डॉ एलन उंगलियां चलने लगा.

इस बार मज़ा पिछली बार सी ज़्यादा था. और थोड़ी हे दिएर में एक बार पहर मेरा जिस्म कांप उठा.

Priya-Dralan10-Conv-Gif.gif


में एक बार पहर रिलैक्स हुई तो डॉ एलन ने कहा.

एलन. ी वांट यू तो दो ओने मोरे थिंग.

(में चाहता हूँ क तुम एक काम और करो)

प्रिय. Ok.

डॉ एलन ने मेरा गाउन मेरी शोल्डर्स सी निचे क्र दिए और मेरी बूब्स भी उस क सामने आ गए

डॉ एलन ने अपनी पंत निचे क्र दी. और अपना लुंड बहार निकल लिए.

में डॉ एलन का लुंड देख क्र हैरान रह गयी. डॉ एलन का लुंड अरविन्द सी बारे और मोटा था.

एलन. ी वांट यू तो गेट डाउन ों योर नीज एंड पूत आईटी इन योर माउथ.

(में चाहता हूँ क तुम अपने घुट्नु पैर बैठो और इसको अपने मुँह में लो)

में निचे बेथ गयी. में न्य डरते डरते डॉ एलन का लुंड पकड़ा और उस की टिप को मुँह में ले लिए.

में डॉ एलन क लुंड की टिप को मुँह में लेने लगी.

एलन. तहत राइट. गुड गर्ल....

डॉ एलन ने मेरी सर क पीछे हाथ रखा और लुंड को मेरी मुँह में दबा दिए और उसका आधा लुंड मेरी मुँह में चला गया.

Priya-Dralan11-Conv-Gif.gif


में पहर सी डॉ एलन क लुंड की टोपी मुँह में लेने लगी.

मुझे अजीब लग रहा था. मेरी लिए लुंड एक गन्दी चीज़ थी. और में यहाँ एक अनजान आदमी क लुंड को अपने मुँह में लय रही थी.

डॉ एलन ने मेरी सर क पीछे हाथ रखा और मेरी सर को दबाया और उसका लुंड मेरी गले तक उतर गया और वो कमर हीला क्र लुंड को मेरी मुँह में घुसाने लगा.

Priya-Dralan12-Conv-Gif.gif


कच दिएर क बढ़ डॉ एलन ने हाथ मेरी सर सी हटा दिए. और बोलै.

एलन. उसे योर हैंड तू.

में न्य डॉ एलन का लुंड पकड़ा और उसको हिलने लगी और साथ हे उसको अपने मुँह में घुसाने लगी.

पता नहीं क्यों मुझे ये करने में मज़ा आ रहा था.

Priya-Dralan13-Conv-Gif.gif


डॉ एलन. व्हाट दो यू से िफ़ ी मेक यू छुम वन्स मोरे.

(तुम क्या कहती हो एक बार पहर तुम्हें झड़दा दूँ)

प्रिय. छुम मीन्स ओर्गास्म राइट.

(छुम का मतलब ओर्गास्म है न)

एलन. यस. दो यू वांट आईटी.

(हाँ क्या तुम्हें ये करना है)

प्रिय. यस.

डॉ एलन ने मुझे उठाया और टेबल पैर लेता दिए.

में सोच रही थी क एक बार पहर डॉ एलन मेरी छूट में ऊँगली डालें गए लकिन हो हुआ उस ने मेरी साँस बंद क्र दी.

डॉ एलन ने अपना लुंड मेरी छूट पैर रखा अंदर दबा दिए.

एक गरम रोड मेरी छूट में सरक गया.

Aaahhhhhhhhhh मेरी सिसकी निकल गयी.

डॉ एलन में अपनी कमर हिलना शरू क्र दी.

Priya-Dralan14-Conv-Gif.gif


मेरी सिसकियाँ निकल रही थीं.

आह आह आह आह आह्हः अह्ह्ह्ह

हाउ अरे यू फीलिंग.. डॉ एलन ने धक्के मरते हुए पूछा..

प्रिय. आअह्ह्ह्ह it's सो गुड आअह्ह्ह्ह

डॉ एलन धक्के मरता रहा और मेरा जिस्म झटके खाने लगा. में एक बार पहर झाड़ चुकी थी

Priya-Dralan15-Conv-Gif.gif


अब डॉ एलन ने मुझे टेबल क ऊपर लेता दिए और मेरी ऊपर आ आ गया.

उस ने लुंड मेरी छूट में घुसाया और अपनी शर्ट भी उतर दी

अब हम दोनो नंगे थय.

डॉ एलन मेरी ऊपर था. और उस का पूरा लुंड मेरी छूट में उतर चूका था.

डॉ एलन ने धक्के लगाना शरू क्र दिए और मेरी जिस्म में मस्ती चना शरू हो गयी.

Priya-Dralan16-Conv-Gif.gif


में न्य ऐसा मज़ा कभी महसूस नहीं किआ था.

मेरी मुँह सी सिसकियाँ निकल रही थीं मेरी चेहरी पैर स्माइल थी और मेरा जिस्म खुद डॉ एलन का साथ दे रहा था.

मेरी हाथ डॉ एलन की कमर पैर चले गए थय.

एक अनजान आदमी का लुंड मेरी छूट में था और में मज़ा ले रही थी.

आह आठ आह्हः आईटी फील सो गुड आअह्ह्ह आह्हः don't स्टॉप आअह्ह्ह don't स्टॉप... मेरी मुँह सी खुद हे ये आवाज़ें निकल रही थीं.

में एक बार पहर झाड़ चुकी थी

Priya-Dralan17-Conv-Gif.gif


अब डॉ एलन गेहरी और ज़ोरदार धक्के मर रहा था और हर धक्का मुझे माज़ी की नई ऊँचाई पैर ले क्र जा रहा था.

में अपनी ज़िन्दगी का सब सी खूबसूरत लम्हा गुज़र रही थी.

कच हे दिएर में मुझे मेरी छूट में गरम लावा उबलता महसूस हुआ. और डॉ एलन ने कच ज़ोरदार धक्के मरे और मेरी छूट को अपने पानी सी भर दिए.

डॉ एलन का गरम लावा मेरी छूट में पार्टी हे में एक बार पहर झाड़ गयी.

Priya-Dralan18-Conv-Gif.gif


डॉ एलन मेरी ऊपर सी उठा और दुबारा अपनी कुर्सी पैर बेथ गया.

एलन. यू नीडेड तहत.

(तुम्हें इस की ज़रूरत थी)

प्रिय. यस डॉक्टर. यू अरे राइट. ी नेवर हद थिस मच प्लेअसुरे इन माय लाइफ. थैंक यू.

(हाँ डॉक्टर आप ने ठीक कहा. में न्य अपनी ज़िन्दगी में इतना मज़ा कभी महसूस नहीं किआ)

एलन. यू कैन गेट डाउन.

ी टोल्ड यू ी ऍम प्रोफेशनल. यू don't हैवे तो वोर्री.

(आप तुम निचे उतर सकती हो. में न्य कहा था न में प्रोफेशनल हूँ परेशान होने की ज़रूरत नहीं है.)

प्रिय. व्हाट सिम्स तो बे थे प्रॉब्लम डॉक्टर.

(डॉ क्या प्रॉब्लम हो सकती है)

एलन. ी थिंक तेरे इस no प्रॉब्लम. We'll दो सम स्कैन्स एंड टेस्ट्स एंड we'll क्नोव थे प्रॉब्लम.

We'll डीडे थे ट्रीटमेंट आफ्टर तहत.

(हम कच स्कैन्स और टेस्ट्स करिअन गए. और उस क बढ़ प्रॉब्लम का पता चले गए. और पहर हम इलाज का फैसला करिअन गए)

एंड यू can't तेल्ल योर हस्बैंड एनीथिंग अबाउट व्हाट हप्पेनेड हेरे टुडे.

(और तुम अपने हस्बैंड को कच नहीं बता सकती जो यहाँ हुआ)

प्रिय. ी क्नोव.

एलन. I'll सी यू आफ्टर थे टेस्ट्स. टेक केयर.

और उस क बढ़ में बहार आ गयी और पहर तुम सब जानती हो.

डॉ सी वापस आने क बढ़ प्रिय की ज़िन्दगी बदल चुकी थी. उसको असल सेक्स का मतलब और उसका मज़ा अब पता चला था

प्रिय का सेक्स को लय क्र मंद बदल चूका था और शायद अपने पति अरविन्द को ले क्र भी.
 
Episode 7

प्रिय जब डॉ एलन क क्लिनिक सी वापस आई तो उस ने सब कच अनिल को बताया.

अनिल प्रिय की बातें सुन क्र मुस्कुरा रही थी.

प्रिय. तुम मुस्कुरा क्यों रही हो.

अनिल. क्यों क डॉ एलन ने मेरा पहला चेक उप ऐसी हे किआ था.

प्रिय. में ने आज तक इतना मज़ा कभी महसूस नहीं किआ.

अनिल. ी क्नोव डिअर. डॉ एलन भट अचे हैं.

प्रिय. मुझे तो पता हे नहीं था क सेक्स में कभी इतना मज़ा भी आ सकता है.

अनिल. अब पता चल गया न. अब खुल क्र एन्जॉय करो अरविन्द क साथ.

प्रिय सोचते हुए "में तुम्हें किसी बताओं अनिल क अरविन्द मुझ सी प्यार हे नहीं करते."

प्रिय. रिपोर्ट्स कब तक आएं गई.

अनिल. 2 दिन में रिपोर्ट्स आ जाएं गई.

प्रिय. ठीक है....

अनिल. अब तुम अपने कमरे में जाओ. आज रात को तुम्हें भट अछि नींद आने वाली है.

प्रिय अपने कमरे में चली गयी और कच दिएर क बढ़ अरविन्द भी कमरे में आ गया.

अरविन्द. हो गया तुम्हारा चेक उप.

प्रिय. ग हो गया

अरविन्द. क्या बताया डॉक्टर ने.

प्रिय. कच स्कैन्स और टेस्ट्स करवाए हैं. रिपोर्ट्स मिलाएँ गई तो उस क बढ़ इलाज का पता चले गए.

अरविन्द. रिपोर्ट्स कब मिलाएँ गई.

प्रिय. 2 दिन में मिल जाएं गई.

अरविन्द. ठीक है सो जाओ. रात काफी हो गयी है.

आदित्य और अनिल अपने कमरे में थय.

अनिल. आप कहाँ थे पूरा दिन.

आदित्य. अरविन्द क साथ था.

अनिल. अरविन्द सी बात हुई आपकी प्रिय को ले क्र

आदित्य. हाँ वो चाहता है क जल्दी सी जल्दी बचा हो जाए और उस क बढ़ वो प्रिय को चोर दे गए

अनिल. क्या... लकिन ऐसा क्यों...

आदित्य. प्रिय एक छोटे घर की लड़की है. अरविन्द ने उस सी शादी सिर्फ बचा लेने क लिए की है. उस क बढ़ वो प्रिय को चोर दे गए.

अनिल. बेचारी प्रिय

ये तो उस क साथ भट गलत हो रहा है.

आदित्य. गलत तो है. लकिन ये उनका पर्सनल मटर है. तुम प्रिय को कच मत बताना

अनिल. ठीक है. लकिन मुझे प्रिय क लिए गलत लग रहा है.

सुबह नाश्ते पैर सब लोग एक साथ बैठी थय.

अभी बार बार प्रिय को देख रहा था और प्रिय भी अभी को नोटिस क्र रही थी. 2 बार दोनो की नज़रें भी मिलीं और स्माइल्स भी एक्सचेंज हुई.

अभी प्रिय सी बात करना चाहता था लकिन उसको प्रिय सी बात करने का मौका नहीं मिल रहा था.

नाश्ते क बढ़ अरविन्द और महिंदर चले गए.

और अभी अपने कमरे में चला गया.

प्रिय हॉल में बैठी थी.

कच डिअर क बढ़ अरविन्द और रजनी प्रिय क पास आय.

अरविन्द... चलो.

प्रिय. कहाँ जा रही हैं.

अरविन्द. रजनी आंटी तुम्हें शॉपिंग करवाना चाहती हैं.

प्रिय. ठीक है चलिए.

रजनी अरविन्द और प्रिय शॉपिंग क लिए चले गए

प्रिय. अनिल तुम भी चलो न हमारे साथ.

अनिल. नहीं. आप लोग जाओ में न्य घर क कच काम करने हैं.

में अरविन्द और अंजलि आंटी शॉपिंग क लिए चले गए.

कच दिएर क बढ़ अनिल अभी क कमरे में चली गयी.

अभी अपने बीएड पैर बैठा मोबाइल उसे क्र रहा था.

अनिल आ क्र दरवाज़ी पैर खरी हुई.

अभी. भाबी आप यहाँ क्या क्र रही हो.

अनिल. तुम से मिलने आई हूँ.

अभी. माँ कहाँ हैं.

अनिल. माँ अरविन्द और प्रिय क साथ शॉपिंग क लिए गयी हैं.

अभी. घर पैर कोई भी नहीं इसका मतलब.

अनिल. सिर्फ तुम और में.

अभी. तो फिर इंतज़ार किस का क्र रही हो.

अनिल ने दरवाज़ा बंद किआ और अभी की तरफ आई.

अभी बीएड सी उठा और अनिल को गले लगा लिए और दोनो क होंठ मिल गए और रोमांटिक किसिंग स्टार्ट हो गयी.

अभी ने अनिल को किश करते हुए उसकी शर्ट भी उतर दी. और अपनी शर्ट भी उतर दी और दोनो की ज़ोरदार किसिंग स्टार्ट हो गयी.

Anila-Abhi1.gif




आज कितने दिन बढ़ टाइम मिला है. आज खुद प्यार करें गए.

अनिल. में भी तो इंतज़ार में होती हूँ क कब तुम सी मिलने का मौका मिले.

अभी अनिल क जिस्म को चूमने लगा और उसकी गर्दन पैर उस क चेस्ट पैर और उस क पेट पैर किश करने लगा.

Anila-Abhi2.gif


अभी ने अनिल की पंत का बटन खोला और उस की पंत उतर क्र उस क जिस्म सी अलग क्र दी.

अब अभी अनिल की टांगून को चूमने लगा.

अभी अनिल की एक तंग को चूमता और पहर दूसरी तंग को चूमने लगता.

भाबी यू अरे सो हॉट. अभी अनिल की टांगून को चूमते हुए बोलै.

Anila-Abhi3.gif


अभी अनिल की पंत उतारते हुए

Anila-Abhi4.gif


अभी अनिल की टांगें चूमते हुए.

इस हॉटनेस की वजह भी तो तुम हे हो न. अनिल ने अभी को अपनी तरफ खेंच लिए और उस क होंतुन को चूमने लगी.

दोनो किश करने लगी और अभी ने अनिल क बूब्स को उस क ब्रा सी बहार निकल दिए.

Anila-Abhi5.gif


अभी अनिल को किश करते और उस क मम्मी दबाते हुए

अभी ने अनिल की कमर क पीछे हाथ डाला और उस की ब्रा खोल क्र उस क जिस्म सी अलग क्र दी.

अब अभी ने अनिल क बूब्स पैर मुँह लगा दिए और उस क निप्पल्स को चूसने लगा.

Anila-Abhi6.gif


अभी अनिल क मम्मी चूसते हुए

अभी ने दोनो हथुन सी अनिल क बूब्स पाकर रखे थय और उस क निप्पल्स को चूस रहा था.

अभी. ओह I've मिस्ड थी.

अनिल. आअह्हह्ह्ह्ह सूचक थम अभी.... सूचक थम हार्ड.....

(इन्हें चुसो अभी....... ज़ोर सी चुसो)

Anila-Abhi7.gif


अब्भी अनिल को चूमता हुआ उस की पंतय तक पोहंच गया और उस की पंतय में हाथ दाल क्र पंतय उतर दी.

अभी ने अनिल की छूट पैर मुँह लगा दिए. और उस क छूट को चाटने लगा.

आअह्हह्ह्ह्ह I've मिस्ड योर टोँगे ों माय पुसी..... अनिल सिसक क्र बोली और सिसकियाँ लेने लगी.

Anila-Abhi8.gif


अभी अनिल की छूट चाट ते हुए.

अभी अनिल की छूट चाट रहा था और अनिल सिसकियाँ ले रही थी.

अनिल. अभी फ़क में..... पूत योर बिग फैट डिक इनसाइड में.... फ़क में अभी......

(अभी छोड़ो मुझे..... अपना लम्बा और मोटा लुंड मेरी अंदर डालो..... छोड़ो मुझे अभी)

अभी ने अनिल को ज़्यादा इंतज़ार नहीं करवाया. उस ने अपना लम्बा और मोटा लुंड अनिल की छूट पैर रखा और अंदर दबा दिए.

अनिल की सिसकी निकली और अभी ने अपना हाथ उस क मुँह पैर रख लिए. और धक्के मरने लगा.

Anila-Abhi9.gif


अभी अब कांस्टेंट स्पीड सी धक्के मर रहा था और अनिल झड़ने क भट करीब थी.

उस की सिसकियाँ बढ़ने लगीं तो अभी ने एक बार पहर अपना हाथ उस क मुँह पैर रख दिए.

अनिल झाड़ गयी और उसका जिस्म कम्पनी लगा.

अभी नहीं चाहता था क अगर कोई घर वापस आय तो उसको अनिल की आवाज़ आय.

Anila-Abhi10.gif


अभी ने अनिल को छोड़ते हुए उस क मुँह पैर हाथ रख लिए.

अभी ने अनिल को घोड़ी बनाया और पीछे से लुंड उसकी छूट में घुसा दिए.

अभी अनिल को दोगगस्तिले में छोड़ने लगा और अनिल अपनी कमर हिला हिला क्र लुंड को अपनी छूट में लेने लगी.

अनिल. हर्डर अभी आअह्ह्ह्ह हर्डर.....

Anila-Abhi11.gif


अभी ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था और अनिल दूसरी बार भी झड़ने क करीब थी.

अनिल ने अपनी आवाज़ पैर कण्ट्रोल रखने क लिए खुद हे अपना हाथ अपने मुँह पैर रख लिए और डब्बी सिसकियाँ लेट हुए एक बार पहर झाड़ गयी.

Anila-Abhi12.gif


अभी लेत गया और अनिल अभी क ऊपर आ गयी.

अनिल ने अभी का लुंड पाकर क्र अपनी छूट में लिया और अंदर ले क्र ऊपर निचे होने लगी.

अनिल अब अभी क लुंड पैर उछाल रही थी.

ाःह यस आअह्ह्ह it's सो बिग आआह्ह्ह्ह ी मिस्ड थिस आअह्हह्ह्ह्हह

Anila-Abhi13.gif


कच दिएर ऐसी हे चुदाई क बढ़ अभी अनिल को दुबारा निचे लय आया और उस की टांगें उठा क्र लुंड उसकी छूट में दाल दिए.

अभी ज़ोरदार चुदाई करने लगा अब वो झड़ने क करीब था.

उस ने कच ज़ोरदार धक्के मरे और पहर लुंड को बहार खेंच लिए और अनिल क पेट पैर झाड़ गया.

अभी अनिल क साथ बीएड पैर लेत गया.

अनिल. तहत वास् अमेजिंग...

अभी. यू अरे अमेजिंग भाबी.....

अनिल. के ों कपड़े पहनो इस सी पेहली क माँ वापस आ जाएं.

दोनो उठ क्र कपड़े पहन ने लगे और अनिल निचे चली गयी. कच दिएर क बढ़ अभी भी निचे आ गया.

बैक होम.

(मेरी बाकि स्टोरीज की तरह इस स्टोरी में भी हम होम सिटी को ंकितय लेखिअन गए)

ंकितय की एक यूनिवर्सिटी क कैफेटेरिया में 3 लड़के बैठी थय.

लड़का.1.. भाई तू इतना बिजी रहता था. दोस्तुं क लिए तेरी पास टाइम हे नहीं.

लड़का 2. हाँ अर्णव तू सच कह रहा है. ये तो अपने कमु में हे लगा रहता है

लड़का 3 यार कबीर तुम लोग तो जानते हो मेरी पापा मेरी फीस अफ़्फोर्ड नहीं क्र सकते. ुनहु में भट मुश्किल सी मुझे यहाँ पढ़ने भेजा है.

अर्णव. सब शरू मत हो जाना. हम सब जानते हैं. लकिन तू हमारा दोस्त है. हम तुझे भी उतना हे एन्जॉय करवाना चाहते हैं जितना हम करते हैं.

कबीर. बिलकुल ठीक कहा. और हमें कोई प्रॉब्लम नहीं है अगर तेरी पापा किसान हैं. तू हमारा दोस्त है.

ये लड़का प्रिय का छोटा भाई विशाल है. जिसको भूषण ने पढ़ाई करने क लिए शहर भेजा है. लकिन भूषण विशाल का खर्चा नहीं उठा सकता इस लिए विशाल सुबह यूनिवर्सिटी जाता है और उस क बढ़ काम करता है और कच बचूं को होम तुशंस देता है.
 
Episode 8

ये लड़का विशाल था जो गाओं सी पढ़ने आया था. और मैं लगा क्र पढ़ रहा था.

विशाल सुबह यूनिवर्सिटी जाता और यूनिवर्सिटी सी वापस आ क्र काम करता और कच होम तुशंस देता.

और शाम को दोस्तुं क साथ टाइम स्पेंड करता.

विशाल को शहर की ज़िन्दगी में कोई इंटरेस्ट नहीं था.

वो सिर्फ स्टडी क्र क कोई अछि सी जॉब करना चाहता था और घर वळून को सपोर्ट करना चाहता था.

लकिन विशाल क दोस्त अछि फैमिलीज़ सी थय जो ज़िन्दगी का मज़ा लेती.

क्लब्स पार्टीज विशाल क दोस्त सब करते थय लकिन विशाल क पास इन सब क लिए टाइम हे नहीं था.

विशाल सुबह उठ क्र गयम जाता. गयम की मेम्बरशिप उसको कबीर ने लय क्र दी थी क्यों क गयम कबीर क भाई का था.

उस क बढ़ यूनिवर्सिटी चला जाता.

यूनिवर्सिटी सी फ्री हो क्र विशाल एक सुपर स्टोर पी केशियर की part टाइम जॉब करता और शाम को शर्मा साहब क बचूं को टूशन पढ़ाता था

शर्मा साहब विशाल क लैंडलॉर्ड थय और विशाल उन क घर क बहार एक छोटे सी कमरे में रहता था

रेंट क बदले विशाल शर्मा साहब क बचूं को टूशन पढ़ा देता था और घर क छोटे मोठे काम भी क्र लेता था.

विशाल रोज़ाना घर फोन पैर बात करता और अपनी माँ और बाप को सब कच बताता.

विशाल की शादी क बाद आज तक कभी प्रिय सी बात नहीं हुई थी.

विशाल क बाप को गाओं क मुखिया ने मन किआ था क वो प्रिय क घर वळून सी कोई राब्ता नहीं रखें गए.

जब सी विशाल शहर आया था उस में चेंजिंग आ रही थी.

विशाल कॉंफिडेंट होता जा रहा था. उस को लोगन में उठने बैठने का तरीका आ गया था.

हैंडसम तो वो था हे और अब उसका ाचा ड्रेस सेंस भी डेवेलोप हो गया था.

लकिन उस को अपनी स्टडी और अपनी लाइफ सी ज़्यादा किसी चीज़ में इंटरेस्ट नहीं था.

अमेरिका.

अनिल किचन में काम क्र रही थी.

कच दिएर क बढ़ अभी भी किचन में आ गया.

अनिल. क्या हुआ देवर ग. मेरी बगैर दिल नहीं लग रहा क्या.

अभी. क्या करूं भाबी आपकी आदत हो गयी है.

अनिल. अभी जी नहीं भरा क्या तुम्हारा.

अभी. में तो छठा हूँ क आप हेर वक़्त मेरी साथ बिस्टेर पैर रहो और में आपको प्यार करता रहूं.

अनिल. और अगर तुम्हारे भैया को पता चला तो जानते हो न क्या हो गए

अभी. हाँ जनता हूँ. ये बताओ माँ वापस नहीं आएं क्या.

अनिल. नहीं अभी तक नहीं.

अभी. भाबी आप सी एक बात करनी है.

अनिल. हाँ बोलो.

अभी. भाबी मुझे प्रिय अछि लगती है

अनिल. वो तो मुझे पेहली दिन हे अंदाज़ा हो गया था.

अभी. भाबी सेटिंग करवा दो न प्रिय क साथ.

अनिल. वो तुम्हारा नहीं ले पाए गई. भट बारे है तुम्हारा.

अभी. भाबी मज़ाक मत करो यार. में सीरियस हूँ.

अनिल. प्रिय मैरिड है. जनता है न.

अभी. मैरिड है तो क्या हुआ. मुझे अछि लगती है.

और मुझे लगता है क प्रिय भी मुझ में इंटरेस्टेड है. लकिन बोल नहीं पा रही.

अनिल. तुझे किसी लगता है ऐसा.

अभी. में न्य जब भी प्रिय देखा वो मुझे देख रही होती है.

अनिल. तू है हे इतना हैंडसम

कोई भी लड़की तुझे देखना चाहे गई.

अभी. लकिन भाबी प्रिय मुझ सी बात नहीं क्र रही नान

अनिल. देख अभी प्रिय गाओं की एक छोटी फॅमिली सी आई है.

उस की फॅमिली में ऐसी लरकून सी बात करना ाचा नहीं समझा जाता.

अभी. यार अब हम उस क गाओं में तो नहीं हैं न.

अनिल. चल ठीक है में तेरी प्रिय सी बात करवाती हूँ.

थैंक यू भाबी. अभी में अनिल को पीछे सी हुग क्र लिए

अनिल. चोर माँ आ रही हों गई.

अभी ने अनिल को चोर दिए और बहार चला गया.

कच दिएर क बढ़ रजनी, अरविन्द और प्रिय भी वापस आ गए.

अनिल. आ गए शॉपिंग क्र क.

रजनी. हाँ.

अनिल. डॉ क क्लिनिक सी कॉल आई थी. तुम्हारी रिपोर्ट्स आ गयी हैं

प्रिय. ये तो भट अछि बात है. कब जाना है

अनिल. आज शाम को हे जाना है.

अरविन्द. हमारी इतनी सपोर्ट करने क लिए थैंक यू अनिल.

अनिल. थैंक यू की कोई ज़रूरत नहीं अरविन्द भाई. में ने कच नहीं किआ.

अरविन्द. बस आज शाम डॉ सी बात क्र लो ता क हम जल्दी सी जल्दी वापस चले जाएं.

ंकितय

बलराम हाउस.

रॉकी. डैड आप ने बीआरओ को अमेरिका भेज दिए लकिन मुज्जे नहीं भेजा.

बलराम. अरविन्द प्रिय की ट्रीटमेंट क लिए गया है. घूमने नहीं.

रॉकी. व्हाटएवर डैड. मुझे भी अमेरिका जाना है.

बलराम. बीटा तुम यूनिवर्सिटी सी फ्री हो जाओ पहर चले जाना.

रॉकी. डैड कच दिन क लिए यूनिवर्सिटी ऑफ है.

बलराम. पहर ऐसा करो. गाओं चली जाओ. हरिलाल अंकल क पास.

रॉकी. Ok डैड. वैसी भी हरिलाल अंकल सी मिले भी भट टाइम हो गया.

यूनिवर्सिटी में विशाल और उस क दोस्त बैठी थय.

कबीर. तू आज हमारे साथ क्लब जा रहा है.

विशाल. नहीं यार मुझे जॉब पैर जाना है.

कबीर. जॉब सी फ्री हो क्र चलें गए.

विशाल. उस क बढ़ शर्मा अंकल क बचूं को पढ़ाना होता है.

कबीर. शर्मा अंकल को बोलना क तू लेट स्टडी क लिए रुक रहा है.

वैसी भी तू उन क घर हे रहता है बचूं को रात में पढ़ा देना.

विशाल. ठीक है.

यूनिवर्सिटी सी फ्री हो क्र विशाल सुपर स्टोर पैर अपनी जॉब क लिए चला गया.

अमेरिका.

अनिल प्रिय और अभी डॉ क क्लिनिक क लिए निकले.

आज अनिल पीछे बैठी और प्रिय को आगे बैठा दिए.

अभी कार ड्राइव करने लगा.

अनिल. प्रिय तुम्हें अभी केसा लगा.

प्रिय का दिल एक डैम ज़ोर आय धरकना स्टार्ट हो गया.

प्रिय. अभी अचे हैं.

अनिल. सिर्फ अचे.

प्रिय. नहीं भट ाच्य हैं....

अनिल. और अभी तुम्हें प्रिय किसी लगी.

अभी. भाबी सच पूछो तो प्रिय दुन्या की सब सी सुन्दर लड़की है.

प्रिय शर्मा गयी.

अनिल. तुम प्रिय पैर लाइन मर रही हो.

अभी. भाबी कोशिश क्र क्र रहा हूँ लकिन प्रिय ग मुझे भाव हे नहीं देतीं.

प्रिय. ऐसी कोई बात नहीं है.

अभी. तो पहर आप मुझ सी बात किया करो न.

प्रिय. में भी आप सी बात करना चाहती हूँ लकिन बात करने का मौका हे नहीं मिलता.

अनिल का काम हो गया. अनिल पीछे हो क्र बेथ गयी और अभी और प्रिय की बातें सुन ने लगी.

अभी. जब भी मौका मिले बात क्र लिए करो

प्रिय. में आप सी क्या बात करूं.

अभी. कच भी बोल दिए करो. और अगर न भी बोलो तो बस मेरी सामने बेथ जाया करो. मेरी लिए इतना हे काफी है.

हम्म्म ह्म्मम्म्म्म

में भी यहाँ बैठी हूँ. अनिल बोली.

अभी. अरे भाबी आप सी तो बात होती हे रहती है. पहली बार प्रिय ग की आवाज़ सुन ने को मिली है.

अनिल. हाँ हाँ दिल खोल क्र आवाज़ सुन लो....

प्रिय और अभी पहर सी बातें करने लगे.

प्रिय को अभी सी बात करना ाचा लग रहा था.

कच हे दिएर में हम क्लिनिक पोहंच गए

प्रिय ने चेंज किआ और डॉ एलन क रूम में चली गयी.

डॉ एलन. के प्रिय हैवे ा सीट.

(आओ प्रिय बैठो.)

योर रिपोर्ट्स अरे इन. एवरीथिंग इस नार्मल.

ी ऍम गिविंग यू सम मेडिसिन.

टेक थम ों टाइम. एंड एवरीथिंग विल बे गुड.

(तुम्हारी रिपोर्ट्स आ गयी हैं..... सब कच नार्मल है. में कच मेडिसिन लिख रहा हूँ. इन्हें टाइम पैर लेती रहना. सब कच ठीक हो जाए गए)

प्रिय. थैंक यू डॉ.

प्रिय वापस आ गयी.

अनिल. क्या हुआ.

प्रिय. सब कच नार्मल है. कच मेडिसिन लेनी हैं.

हम ने मेडिसिन ली और घर वापस चले गए.

घर पोहंच क्र में न्य अरविन्द को सब कच बताया.

अरविन्द. ठीक है. में वापसी की टिकट करवाता हूँ

डिनर क बढ़ सब लोग बैठी बातें करने लगे.

महिंदर. बीटा भट ाचा लगा तुम लोग आय.

अरविन्द. थैंक यू अंकल. अब ये बताएं आप ंकितय कब आ रही हैं...

महिंदर. भट जल्दी आएं गए बीटा.

अभी. और कोई न भी आय में तो ज़रूर आऊं गए. अभी ने प्रिय को देख क्र बोलै. प्रिय ने स्माइल क्र क सर झुका लिए.

अरविन्द. हमारी कल की फ्लाइट है.

रजनी. ठीक है बीटा अब तुम लोग आराम करो. कल सफर करना है.

ंकितय.

विशाल अर्णव और कबीर शाम को एक क्लब में चले गए.

विशाल क लिए ये पहला एक्सपीरियंस था. सब लोग डांस क्र रही थय. म्यूजिक चल रहा था. लोग ड्रिंक क्र रही थय.

यहाँ 18 सी लय क्र 60 साल तक क लोग थय. कच कपल्स थय तो कच सिंगल थय.

विशाल एक कार्नर में खरा सब देख रहा था और अर्णव और कबीर डांस क्र रही थय.

विशाल ने ऐसा पहली बार देखा था क लड़के और लड़कियां एक साथ डांस क्र रही थय.

कच ने हुग क्र रखा था और कच एक दूसरी सी चिपक क्र डांस क्र रही थय.

विशाल ये सब देख क्र हैरान था.

अमेरिका.

रात को पैकिंग कम्पलीट करने क बढ़ में और अरविन्द सोने लगी तो दरवाज़ा नॉक हुआ.

अनिल. क्या में प्रिय सी कच बात क्र सकती हूँ

अरविन्द. हाँ हाँ ज़रूर.

अनिल मुझे अपने साथ ले क्र एक खली कमरे में चली गयी.

अनिल. मुझे तुम सी भट ज़रूरी बात करनी है.
 
Back
Top