Antarvasna kahani ड्रेगन हार्ट (लव, सेक्स एण्ड क्राईम) - Page 3 - SexBaba
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Antarvasna kahani ड्रेगन हार्ट (लव, सेक्स एण्ड क्राईम)

Update 013 -

उन दोनों लडकों के अलग होते ही, इस बार तीन लडके एक साथ आ गए। फिर एक लड़का बेड पर पीठ के बल लेट गया और मुझे अपने ऊपर बैठाकर मेरी चूत में अपना लण्ड घुसा दिया और दूसरे लडके ने पीछे से मेरी गाँड में अपना लण्ड घुसा दिया और तीसरे ने मेरे मूँह में। इस तरह अब एक साथ मेरे तीनों छेदों की चुदाई हो रही थी। इस तरह दो-दो तीन-तीन कर के सभी लडके मेरी चुदाई करने लगे। कोई मेरी चूत मारता तो कोई मेरी गाँड और कोई मेरे मूँह में घुसा देता।

उस पूरी रात मेरी चुदाई चलती रही। कुछ लडकों ने तो दो-दो बार मेरी ली थी। सारी रात चुदने के कारण मेरी हालत कुछ ज्यादा ही खराब हो गई थी और थकान के कारण मेरी आँखें भी भारी हो रहीं थी। आखिर कार सुबह के करीब 4 बजे उन लोगों ने छोडा। मुझसे तो अब बेड से उठा भी नहीं जा रहा था। इसलिए एक लडके ने मेरी मदद की और मुझे बाथरूम में ले जाकर छोड दिया। जिसके बाद मैं सबसे पहले फ्रेस हुई और फिर गर्म गर्म पानी से अपने पूरे बदन को रगड रगड कर साफ किया। जिससे मुझे थोडी राहत महसूस हुई।

फिर बाहर आकर मैंने अपने कपडे पहने और टेबिल पर रखे पैसों को देखा जो कुछ ज्यादा ही दिखाई दे रहे थे। ये वही पैसे थे जो रात में उन लडकों ने शर्त में हारे थे और पूरी इमानदारी से उन पैसों को मेरे लिए यूँ ही छोड दिया था। मैंने बिना गिने ही उन पैसों को अपने बैग में रख लिया। जिसके बाद जो लडके मुझे लाए थे वो मुझे बापिस अपनी गाडी में बैठाकर वहाँ से ले गए। मैने उन्हें रेलवे स्टेशन पर छोडने के लिए बोल दिया था। रास्ते मैं उन्होंने मुझे पेनकिलर टेवलेट भी दे दी थी। जिसे मैंने बिना देर किए तुरंत खा ली।

फिर एक जगह रुखकर हम लोगों ने कॉफी पी। क्योंकि सुबह होने बाली थी और सारी रात जागने के कारण थकान हम पर हावी हो रही थी। जल्द ही पेनकिलर ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। जिस कारण कॉफी पीने का बाद मैं काफी अच्छा महसूस करने लगी थी। रास्ते में उन लोगों ने मेरा नम्बर भी ले लिया था। ताकि अगली बार वो मुझे फिर बुला सकें। कुछ देर बाद वो लोग मुझे रेलवे स्टेशन के पास छोडकर बापिस चले गये।

सुबह के करीब 5 बज रहे थे और मैं धीरे धीरे चलते हुए अपने होटल रूम में जा पहूँची। जहाँ मैंने सबसे पहले अपने कपडे चेंज किए और फिर कंबल ओड कर सो गई। दोपहर करीब 12 बजे मेरी आँख खुली। अब तक मेरा दर्द लगभग खत्म हो गया था और मैं काफी ज्यादा हल्का महसूस कर रही थी। इसलिए सबसे पहले मैंने अपना मोबाईल चैक किया, तो उसमें रवि और गगन के मिस कॉल डले हुए थे। साथ में गगन के कुछ मैसेज भी थे। मैंने मैसेज खोल कर चैक किए तो देखा रात में गगन ने मुझे कई सारे मैसेज किये थे। जिनमें फनी जोक्स भी सामिल थे और उसने अपने बारे में भी बताया था।

गगन ने मुझे सुबह भी कुछ मैसेज किए थे, जिसमें उसने एक रेस्टोरेंट का नाम और एड्रेस के साथ साथ समय भी लिखा था। उसके अलाब कुछ मैसेज में उसने मेरी तारीफ भी की थी। जिन्हें पडकर मैं समझ गई की मछली ने दाना चुग लिया है। उसके बाद मैंने एक दलाल को कॉल किया, जिसका नम्बर रवि ने मुझे दिया था। वो आदमी मुझे ठीक लगा तो मीटिंग फिक्स करके मैने फोन कट कर दिया और रवि को कॉल कर दिया। पहली ही रिंग में रवि मेरा कॉल रिसीव कर लिया

रवि- जाग गई मैंडम

निशा- हाँ वस अभी अभी जागी हूँ

रवि- तो फिर आज का क्या प्लान है

निशा- बोटिंग करने जाना है। कल तो डिसाईड हो ही गया था ना

रवि- ठीक है और गगन का कोई मैसेज

निशा- हाँ रात में और सुबह ढेर सारे मैसेज किये हैं उसने। यहाँ आकर खुद ही पढ लेना, मुझे लगता है कि अब उसने मुझे लाईन मारना शुरू कर दिया है। एक दो दिन में पक्का गगन और रश्मि का ब्रेकअप हो जाऐगा।

रवि- मिलने के बारे में कुछ लिखा था क्या

निशा- हाँ उसने किसी रेस्टोरेंट का नाम और एड्रेश भेजा है। तुम ही देख लेना कौन सा है और कहाँ है। बैसे उसके कुछ मिस कॉल भी डले हैं, पर मैं फिलहाल उसे कॉल नहीं करना चाहती। अगर इतनी जल्दी उसे रिस्पॉंस दिया तो उसे शक भी हो सकता है। इसलिए तुम ही उसे कॉल करके पूछ लेना कि मुझे कॉल क्यों किया था।

रवि- हाँ ठीक है

निशा- यहाँ कब तक आओगे

रवि- रास्ते में हूँ बस 10 मिनट में आ जाऊँगा

निशा- ठीक है। मेरे रूम का लॉक अंदर से खुला रहेगा तो तो चुपचाप अंदर आ जाना। तब तक में फ्रेस होकर नहा लेती हूँ और रूम सर्विस को कॉल करके कॉफी और कुछ नाश्ते के लिए भी आर्डर कर देना

रवि- ठीक है मैम सहाब कर दूँगा, और कोई आदेश

निशा- वस इतना ही... और हाँ जल्दी से आ जाओ बस तुम्हें देखने का मन कर रहा है।

इतना बोलकर मैंने फोन कट कर दिया और बाथरूम में घुस गई। जब में बाथरूम से बाहर आई तो रवि रूम के अंदर आ चुका था और गगन से बात करने में बिजी था। इसलिए मैंने उसे टोकना ठीक नहीं समझा और मिरर के सामने खडी होकर अपने बाल सुखाने लगी। मुझे पता ही नहीं चला कि कब उसने अपना फोन कट कर दिया और मुझे देखे जा रहा है। कल की तरह ही आज भी मैंने केवल महरून कलर की कैमिसोल और पेंटी पहनी हुई थी। अपने बाल सुखाने के बाद मैं हल्का फुल्का मैकअप कर रही थी। तभी अचानक से रवि ने एकदम मेरे पीछे आकर मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बोला

रवि- तुम बाकई में बहुत ज्यादा खूबसूरत हो। तुम्हें जब भी इस रूप में देखता हूँ, तो मुझ पर कंट्रोल नहीं होता

रवि की बात सुनकर मैं बोली

निशा- हाँ हाँ ठीक है…. अब छोडो….. मुझे तैयार होना है

रवि- नहीं मेरा मन नहीं हो रहा तुम्हें छोडने का। तुम मुझसे शादी कर लो ना

रवि की बात सुनकर मैं हैरान रह गई। मुझे रवि से इसकी उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी। इसलिए मैंने मिरर में से ही रवि की आँखों में झाँका और बोली

निशा- देखो रवि तुम मेरे अच्छे दोस्त हो। मुझे तुम्हारे साथ घुमना फिरना और समय बिताना पसंद है। पर हमारा एक साथ कोई फ्यूचर नहीं है। मैं तुम्हे इस बारे में पहले भी बता चुकी हूँ।

रवि- हाँ हाँ मुझे याद है… पर मैं क्या करूँ, मेरी तुम्हारे लिए दीवानगी बडती ही जा रही है।

निशा- ये दीवानगी नहीं केवल अट्रेक्शन है।

रवि- नहीं ये प्यार है

निशा- देखो रवि प्यार ब्यार जैसा कुछ भी नहीं होता। अक्सर इस उम्र में अपोजिट जेंडर के लिए ऐसा महसूस होता ही है। पर धीरे धीरे समझ में आता है कि यह प्यार नहीं वस सामने बाले के जिस्म को देखकर मन में अट्रेक्शन पैदा हुआ है। जिस दिन तुम मेरे साथ फिजीकल हो जाओगे, तुम्हारा यह अट्रेक्शन भी कम होने लगेगा

रवि- ऐसा नहीं कभी नहीं होगा, और तुम मेरे बारे में कोई गलत राय ना बना लो, उसके लिए ही तो मैं तुम्हें शादी के लिए प्रपोज कर रहा हूँ।

आज सारी रात मैंने अपने से कहीं छोटे लडकों के साथ चुदाई की थी। इसलिए कम उम्र के लडके के साथ रिलेशन बनाने की मेरी झिझक अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी थी। बैसे भी रवि एक अच्छा लड़का था और मैं हमेशा यह कॉलगर्ल बाला काम करके अपने डार्क डिजायर तो पूरी नहीं कर सकती थी और ना ही अमन का कुछ हो सकता था। जिसकारण मुझे अपनी डिजायर को पूरा करने के लिए किसी ना किसी गैर मर्द की जरूरत तो थी ही। इसलिए मैंने रवि के साथ सीक्रेट अफेयर रखने का डिसाईड कर लिया था। ताकि जब मेरी वासना चरम पर हो, तो वो मेरी वासना शांत कर सके। बैसे भी लॉंग डिस्टेंस रिलेशनशिप में पकडे जाने का डर भी नहीं था। इसीलिए मैंने रवि से कहा

निशा- रवि तुम मुझे पसंद हो। तुम्हारा मुझे छूना भी मुझे अच्छा लगता है। मुझे तुम्हारे साथ फिजीकल रिलेशन बनाने में भी कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर शादी.... यह शायद पॉसीबल नहीं है। इसलिए शादी का ख्याल फिलहार मन से निकाल दो और अपने आज को इंजॉय करो। बैसे भी अभी उम्र ही क्या है। कुछ समय एक दूसरे को डेट करते हैं। उसके बाद देखेंगे ना। अभी से क्यों इन सब चक्करों में पढ रहे हो।

रवि- डेट मतलब कि आज से हम कपल्स हैं

निशा- हाँ पर अन ऑफीशियल

रवि- मतलब

निशा- सारी दुनिया के सामने हम केबल अच्छे दोस्त रहेंगे और जब हम अकेले होंगे तो तुम एक बॉयफ्रेंड के रूप में मुझपर अपना हक जमा सकते हो।

रवि- मतलब मैं तुम्हें कभी भी ऐसे हग करूं या किस करूं तो तुम बुरा नहीं मानोगी

निशा- हाँ नहीं मानूंगी

मेरी बात सुनकर रवि ने अपना हाथ मेरे पेट से थोडा ऊपर खिसकाकर मेरे बूब्स पर रख दिए और फिर उन्हें बडे प्यार से सहलाते हुए बोला

रवि- और अगर मैं ऐसा कुछ करूँ तो क्या तब भी तुम बुरा नहीं मानोगी

रवि की इस हरकत से मेरे पूरे बदन में एक सनसनाहट दौड गई थी। इसलिए मैं थोडा हडबडाते हुए बोली

निशा- हाँ... नहीं नहीं... ओफ् मेरा मतलब है पता नहीं पर रवि वहाँ से हाथ हटाओ अभी प्लीज मुझे कुछ कुछ हो रहा है।

जब मेरी बात मानकर रवि ने अपने हाथ मेरे बूब्स से हटा लिए, तो मैं एक गहरी सांस लेते हुए बोली

निशा- थैंक्स... हाँ तुम मुझे वहाँ छू सकते हो पर कभी कभी, वो भी मुझसे पूछकर समझे

मेरी बात सुनकर रवि खुश होते हुए बोला

रवि- समझ गया मैम सहाब... अच्छा एक बात और

मैं झुंझला कर बोली

निशा- अब क्या है

रवि- क्या हम दोनों….. यू नो मेरा मतलब है कि जब मैं तुम्हें ऐसे छू सकता हूँ। तुम्हें किस भी कर सकता हूँ। तो क्या हम दोनों एक साथ….

मैंने रवि की बात पूरी होने से पहले ही उसे टोकते हुए कहा

निशा- हम दोनों एक साथ क्या………..

रवि- वो हम दोनों एक साथ विस्तर पर

रवि की बात सुनकर मैंने गुस्से में उसकी आँखों में घूरा और बोली

निशा- सेक्स करना है मेरे साथ

मेरी डायरेक्ट बात सुनकर और मेरे गुस्से को देखकर रवि थोडा झेंप गया और मुझसे नजरें चुराते हुए बोला

रवि- नहीं... हाँ मेंरा मतलब वो

उसके यूँ नरवस होने से मुझे हंसी आ गई और फिर मैं हंसते हुए बोली

निशा- हाँ ठीक है... हम करेंगे पर अभी नहीं... जब में कम्फर्टेवल हो जाऊँगी तब। तुम समझ रहे हो ना, हमारे बीच यह सब बहुत जल्दी जल्दी हो रहा है। तो मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा।

मेरी बात सुनकर रवि तुरंत बोला

रवि- हाँ हाँ कोई बात नहीं, जब तुम चाहोगी तब ही करेंगे। पर किस तो अभी कर ही सकता हूँ ना

निशा- हाँ ठीक है कर लेना किश। पर अब मुझे छोडो प्लीज

रवि- मुझे ऐसे अच्छा लग रहा है

निशा- तुम्हारे अरमान खडे हो गए हैं रवि, जो मुझे अपने पीछे महसूस हो रहे हैं। इसलिए इससे पहले हम दोनों बहकें प्लीज मुझे छोडो

रवि को शायद मेरी बात समझ आ गई थी। क्योंकि रवि का लण्ड एकदम कडक होकर मेरी गाँड में चुभ रहा था। इसलिए वो झेंपते हुए मुझसे अलग हो गया। उसके अलग होते ही मैंने एक राहत की सांस ली और फिर से तैयार होते हुए बोली

निशा- तुमने कॉफी और नास्ता ऑर्डर कर दिया था ना

मेरी बात सुनकर रवि को जैसे होश आया और उसने तुरंत ही रूम में लगे इंटरकॉम पर कॉल करके 2 कॉफी और नाश्ता आर्डर कर दिया। जिसके बाद मैंने अपने मोबाईल का लॉक खोलकर गगन के मैसेज ओपन करके रवि को अपना फोन पकडा दिया। जिसके बाद रवि गगन के मैसेज पडने लगा। जबकि मैं जल्दी जल्दी तैयार होने लगी। मेरे तैयार होने के तरंत बाद ही हमारा आर्डर भी आ गया था। इसलिए हमने अपनी कॉफी और नास्ता खत्म किया और फिर बाहर निकल गए।

सबसे पहले हम लोग भोपाल के बड़ा तलाब पर गए और वहाँ पर बोटिंग की। बोटिंग के दौरान हम दोनों ने खूब मस्ती की थी। उसके बाद हम सीधा गगन के बताए रेस्टोरेंट जा पहूँचे। वहाँ पर गगन और रश्मि पहले ही आ चुके थे। हम जब वहाँ पहूँचे तो उस समय दोनों में किसी बात को लेकर बहस हो रही थी। पर हमने उनके झगडे पर कोई ध्यान नहीं दिया। हमारे पहूँचते ही गगन ने चारों के लिए कॉफी और स्नैक्स आर्डर कर दिया और फिर हम लोग आपस में बातें करने लगे। मुझे आज रश्मि कुछ उदास दिखाई दे रही थी। इसलिए मैंने उससे पूछा

निशा- क्या हुआ रश्मि तुम थोडा सेड दिखाई दे रही हो

मेरी बात सुनकर बो थोडा चौकती हुई बोली

रश्मि- न नहीं तो, वो तो बस ऐसे ही। थोडी तबीयत ठीक नहीं है, शायद इसलिए तुम्हें ऐसा लगा होगा

निशा- ओह अच्छा, मुझे लगा की बॉयफ्रेंड से झगडा हो गया शायद। बैसे तुम्हारा बॉयफ्रेंड कौन है। उसे भी साथ ले आती।

रश्मि- वो वो वो तो..

अभी रश्मि की बात भी पूरी नहीं हो पाई थी कि तभी गगन बोला

गगन- ब्रेकअप हो गया है रश्मि का। फिलहाल सिंगल है

गगन की बात सुनकर रश्मि ने गगन को गुस्से से घूरा पर खामोश रही

निशा- अरे पर क्यों....

रश्मि- व वो उसे कोई दूसरी लड़की मिल गई है, इसलिए छोड दिया उसने

रश्मि ने सोचा कि मेरे साथ होने के कारण रवि कुछ बोलेगा नहीं, इसलिए उसने सारा इल्जाम अपने एक्स बॉयफ्रेंड यानि रवि पर लगा दिया था। लेकिन रवि यह सब कैसे बर्दास्त कर सकता था। वो रश्मि की बात सुनकर भडकते हुए बोला

रवि- शटऑप रश्मि…. झूठ बोलते शर्म नहीं आती तुम्हें। मैं कुछ कह नहीं रहा हूँ तो इसका मतलब यह तो नहीं है कि तुम कुछ भी बोलोगी

रश्मि- वो वो रवि वो मैं कह रही थी कि मुझसे गलती हो गई

रवि- कोई गलती नहीं हुई है तुमसे। जो तुमने किया वो बहुत सोच समझकर किया था और अब जब डिसीजन ले ही लिया है, तो कम से कम उसपर कायम तो रहो। सबकी नजरों में और कितना नीचे गिरोगी

निशा- अरे रवि यह सब क्या है। क्यों भडक रहे हो बेचारी पर। बेचारी परेशान है ब्रेकअप के कारण और तुम गुस्सा कर रहे हो। दोस्त है तुम्हारी. तुम्हें तो उसका साथ देना चाहिए

रवि- दोस्त... अरे कोई दोस्त वोस्त नहीं है मेरी, तुम्हे पता है....

रवि की बात पूरी होने से पहली ही रश्मि बोली

रश्मि- प्लीज रवि जो हो गया उसको छोडो ना। दूसरों के सामने क्यों हमारी बातें डिसकस कर रहे हो।

रश्मि की बात सुनकर रवि गुस्से से बिफरते हुए बोला

रवि- दूसरा…. अरे यहाँ दूसरा कौन है। गगन या मैं और सपना। गगन तो तुम्हारा सो कॉल्ड बेस्ट फ्रेंड है, तो बचे मैं और सपना। हाँ अगर हमें दूसरा समझती हो तो ठीक है।

रश्मि- वो वो सपना को कुछ नहीं पता तो

रवि- देखो रश्मि सपना मेरी गर्लफ्रेंड है और फ्यूचर बाईफ, तो मैं उससे कुछ भी नहीं छिपा सकता, और बैसे भी आज नहीं तो कल उसे सब पता चलना ही है ना।

मुझे उन लोगों की सारी बातें समझ में आ रहीं थीं, पर मैं जान बूझकर अनजान बनने का नाटक करते हुए बोली

निशा- अरे यार तुम लोग ऐ सब क्या बातें कर रहे हो। मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है।

रवि- मैं बाद में सब बता दूँगा तुम्हें

रश्मि- रवि प्लीज

रवि- क्यों... और मुझे अब तक यह समझ में नहीं आ रहा है कि कल तक तुम अपने नये बॉयफ्रेंड के साथ इतना खुश थी और वो सारी दुनिया को चटकारे ले लेकर बता रहा था कि तुम कैसे किसी को डम्प करके उसकी गर्लफ्रेंड बन गई, लेकिन वो अब तुम्हें अपनी गर्लफ्रेंड भी एक्सेप्ट नहीं कर रहा है और तुम उससे कुछ कह भी नहीं रही हो।

निशा- डम्प… मतलब कि रश्मि ने अपने पुराने बॉयफ्रेंड को डम्प किया था। पर क्यों

इससे पहले रवि कुछ कहता रश्मि बोली

रश्मि- वो वो मुझसे गलती हो गई थी और अब मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया है।

रवि- बहुत देर हो गई है। मिस रश्मि

निशा- यार यह सब क्या बकबास है। तुम दोनों आपस में ऐसे क्यों झगड रहे हो। एक तो मुझे कुछ पता भी नहीं है और तुम लोगों की बातें भी समझ में नहीं आ रहीं है। एक काम करो तुम दोनों आपस में झगडा करो मैं चली यहाँ से।

इतना बोलकर मैं अपनी चेयर से उठ खडी हुई और वहाँ से जाने लगी तो रवि बोला

रवि- अरे सॉरी सपना…… रुको तो सही मैं बता रहा हूँ ना तुम्हें

निशा- कोई जरूरत नहीं है। अब मेरा मूढ खराब हो गया है। तुम यहीं बैठकर अपना झगडा खत्म करो, मैं गगन के साथ चली जाऊंगी

इतना बोलकर मैंने जैसे ही गगन को देखा, तो वो तुरंत खुश होकर मेरे साथ जाने के लिए तैयार हो गया। बैसे वो चाहता भी यही था, इसलिए गगन ने तुरंत काऊंटर पर जाकर पेमेंट किया और अपनी कार से मुझे वहाँ से ले गया।

हानी जारी है.......
 
भाई मैं 4-5 दिनों में ही उसके अपडेट पोस्ट करूंगा
 
Update 014 -

थोडी दूर जाने का बाद बो बोला

गगन- ये दोनों भी ना, पूरा मूड खराब कर दिया

निशा- लेकिन मुझे उन दोनों के झगडे की बजह समझ में नहीं आई

गगन- असल में रश्मि ही रवि की एक्स गर्लफ्रेंड है

निशा- मतलब यह वही लडकी है, जिसने किसी दूसरे लडके के लिए रवि को डम्प किया था

गगन- हाँ

निशा- ओह माय गॉड….. तभी जब कल मैं रवि की एक्स को गाली दे रही थी, तो रश्मि को बुरा लग रहा था। सॉरी यार मुझे इस बारे में कुछ भी पता ही नहीं था। अगली बार जब मैं उससे मिलूँगी, तो उससे माफी माँग लूँगी

गगन- अरे कोई जरूरत नहीं है माफी माँगने की। बैसे भी गलती तो उसकी है ना

निशा- पर वो लड़का कौन है जिसके लिए उसने रवि जैसे अच्छे लडके को डम्प किया था

गगन- वो वो....

मेरी बात सुनकर गगन थोडा हकलाने लगा, इसलिए मैं उसके मजे लेते हुए बोली

निशा- अरे… तुम तो ऐसे हकलाने लगे जैसे मैंने कोई गलत सबाल पूछ लिया, कहीं वो लडका तुम ही तो नहीं हो

मेरी बात सुनकर गगन थोडा निराश होते हुए बोला

गगन- अरे यार सपना इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। सारी गलती उस रश्मि की है। मैं तो बस उसे अपना अच्छा दोस्त मानता हूँ। पर उसने मेरी दोस्ती को गलत समझ लिया और रवि से ब्रेकअप कर लिया

निशा- पर क्यों... उसने आखिर ऐसा किया क्यों

गगन- चीप मैंटेलिटी की है ना। कभी देखा ही नहीं है लोगों को अपने दोस्तों पर पैसे खर्च करते हुए। बेचारी गरीब है तो मैं कभी कभार उसकी मदद कर दिया करता था। मेरी फैमिली रवि से ज्यादा पैसे बाली है। अब उसने कभी इतना पैसा देखा नहीं तो उसे लगा कि अगर मुझसे शादी हो जाऐगी तो वो और ज्यादा अमीर हो जाऐगी। पर मैंने उसे साफ साफ समझा दिया है कि हम सिर्फ दोस्त हैं, इससे आगे सोचना भी मत। तुम्हें पता है वो दोनों तो फिजीकल रिलेशन भी बना चुके हैं। बैसे रवि की भी गलती है, वो रश्मि के कभी शौक पूरे नहीं करता था। बडी बडी गाडियों में घुमाना, मंहगे मंहगे कपडे और ज्वैलरी दिलाना, फाईव स्टार होटल और रेस्टोरेंट में ले जाना। शायद इसलिए रश्मि उससे दूर होने लगी।

निशा- इसमें रवि की क्या गलती है। वो जो भी करता था अपने मन से करता था। उसे जो भी घर से पॉकेट मनी मिलती थी, वो सारी की सारी अपनी एक्स पर ही तो खर्च करता था। हाँ कभी उसने अपने घऱ से पैसे नहीं माँगे, पर केवल इसलिए कि अभी वो पढाई कर रहा है। जब वो अपने पिता के बिजनेश में हाथ बंटाने लगेगा या अपना खुद का रास्ता चुन लेगा, तो उसे घऱ से कुछ लेने की जरूरत भी नहीं होगी। वो अच्छा और खुद्दार लड़का है।

गगन- हाँ यह बात भी सही है। पर मेरा मानना है जब माता-पिता के पास इतना पैसा हो कि सारी जिंदगी खर्च करने पर भी खत्म ना हो, तो उसे घर में ऱखने के स्थान पर दिल खोलकर खर्च करना चाहिए। आखिर माता पिता अपने बच्चों के लिए ही तो पैसे कमाते हैं।

निशा- हाँ यह बात भी सही है, पर अपनी अपनी सोच है क्या कर सकते हैं। बैसे मुझे तुमसे एक फेवर चाहिए था।

गगन- हाँ कहो

गगन के हाँ कहने पर मैं कुछ देर खामोश रही और फिर थोडा उदास होते हुए बोली

निशा- देखो मुझे नहीं पता था कि रश्मि ही रवि की एक्स है। अब जब मुझे सब पता चल ही गया है, तो मैं नहीं चाहती कि मेरी बजह से वो दुखी रहे। तुम रश्मि से बात करके देखो। अगर वो रवि से पैचअप करना चाहती हो और वादा करे कि अब वो फिर कभी ऐसा नहीं करेगी, तो मैं उन दोनों के प्यार की खातिर पीछे हटने के लिए तैयार हूँ। इसमें मेरा दिल तो टूटेगा पर शायद यही सबके लिए अच्छा होगा।

मेरी बात सुनकर गगन को तो जैसे मूँह माँगी मुराद मिल गई थी। इसलिए वो खुश होते हुए बोला

गगन- हाँ हाँ मैं पक्का उससे बात करूँगा।

निशा- और हाँ यह बात हम दोनों के बीच सीक्रेट रहनी चाहिए। अगर रवि को पता चला तो वो नहीं मानेगा।

गगन- मैं समझ गया क्या करना है। बैसे यह बताओ तुमने मेरी ना तो कॉल रिसीव और ना ही मेरे किसी मैसेज का रिप्लाई दिया और रवि को क्यों बताया मेरे कॉल के बारे में

निशा- अरे बाबा वो मेरा बॉयफ्रेंड है, तो मैं उससे कोई बात कैसे छिपाती, रही बात कॉल रिशीव ना करने और मैसेज का रिप्लाई ना करने की तो उसके लिए सॉरी। असल में मैं थोडा बिजी थी। अगली बार से ध्यान रखूँगी, अगर कॉल रिशीव नहीं कर पाई या टाईम पर रिप्लाई नहीं कर पाई तो फ्री होकर कर दिया करूँगी।

मेरी बात सुनकर गगन खुश होते हुए बोला

गगन- चलो ठीक है। बताओ तुम्हें कहाँ ड्राप करूं

गगन की बात सुनकर मैंने उसे एक रेस्टोरेंट का नाम बताया, जिसमें मैं असलम नाम के दलाल से मिलने बाली थी। जिसके बाद गगन ने बिना किसी सबाल जबाब के मुझे वहाँ ड्राप कर दिया। हाँलाकि वो भी मेरे साथ अंदर आना चाहता था, पर मैंने उसे बिजनेश मीटिंग की बात कहकर बापिस भेज दिया। थोडी ही देर में उस दलाल का फोन मेरे पास आ गया। वो भी रेस्टोरेंट में पहूँच चुका था। इसलिए मैंने उसे टेविल नम्बर और अपना हुलिया बता दिया। अंदर आकर वो सीधा मेरे पास आया और मुझे आँखें फाड फाड कर देखने लगा। मैं समझ गई कि मेरा काम हो गया है। मुझे अच्छी तरह से देखने के बाद वो बोला

असलम- क्या हुश्न है सपना जी। तुम तो किसी फिल्म एक्ट्रेश से कम नहीं हो

निशा- तो फिर क्या ख्याल है

असलम- अरे आपके तो लाखों मिलेंगे एक रात के

निशा- देखो असलम… मैं दिल्ली की रहने बाली हूँ। यहाँ बस 4-5 दिन के लिए ही आई हूँ। इसलिए अगर कोई अच्छी पार्टी हो तो मुझे बता देना। तुम्हारा कमीशन तुम्हें मिल जाऐगा

असलम- 25 परसेंट

निशा- हाँ ठीक है

असलम- तुम तो शरीफ लड़की लगती हो, तो फिर यह सब क्यों करना चाहती हो

निशा- दो बातें हैं... एक तो मुझे पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत है और दूसरी बात मजे के लिए। मतलब पैसे भी और मजा भी साथ साथ

मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला

असलम- समझ गया सपना जी

निशा- बैसे कितना मिलेगा मुझे

असलम- 2 लाख एक रात के रेट फिक्स करूँगा, तो 50 हजार मेरा कमीशन काटकर पूरे 1 लाख 50 हजार मिल जाऐंगे। बैसे दिल्ली मैं भी मेरे पार्टनर्स हैं। अगर वहाँ काम करना चाहो तो मैं तुम्हारी सेटिंग करवा सकता हूँ। वो लोग वहाँ पर सेक्स केज भी चलाते हैं।

निशा- सेक्स केज… यह क्या होता है

असलम- बड़े बडे हॉल में लकडी के बाक्स बाले बेड होते हैं, जिसमें लड़की के निचे का हिस्सा बाहर और ऊपर का हिस्सा बाक्स के अंदर होता है। बस उसे ही सेक्स केज कहते हैं। इसमें लडकों को पता नहीं होता की वो किस लड़की की ले रहे हैं। उसमें काम करने पर पैसे भी अच्छे मिलते हैं।

निशा- तो फिर ठीक है… तुम अपने पाटनर्स के नम्बर मुझे दे दो, मैं दिल्ली जाकर उनसे मिल लूँगी। पर मैं रैगूलर यह काम नहीं कर सकती।

असलम- कोई दिक्कत नहीं है।

निशा- और प्रायवेसी का क्या.. मतलब किसी ने ब्लू फिल्म बनाकर ब्लैक मेल किया तो

असलम- इसकी गारंटी मेरी है। हमारे सारे कस्टमर प्रीमिय क्लास होते हैं। बडे बडे बिजनेश मैन, नेता, मंत्री बडे बडे ऑफीसर, इसलिए हम इन सब बातों का खास ध्यान रखते हैं और हाँ तुम्हें भी ध्यान रखना होगा की जिस कस्टमर के पास जाओ उसके बारे में किसी को पता ना चले।

निशा- मेरी तरफ से आप निश्चिंत रहिए

असलम- बैसे तुम मुझसे मिलने में थोडी लेट हो गई। दो दिन पहले एक बडे सेंट्रल मिनिस्टर का ऑफर आया था। पर वो हाथ से निकल गया। हमारी लड़की वहाँ पहूँचने में थोडा लेट हो गई थी, तो उन्होंने कोई दूसरी लडकी बुक कर ली थी।

असलम की बात सुनकर मैं समझ गई कि वो सेन्ट्रल मिनिस्टर संजय जी की बात कर रहा है। पर मैं फिलहाल उसे नहीं बाताना चाहती थी कि मैं ही वही लड़की हूँ। क्योंकि अब वो मेरे डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में थे। पर यह बात पक्की थी कि असलम से मुझे बडे बडे क्लाईंट मिल सकते हैं। मैं उससे कुछ कहने ही बाली थी की तभी वो बोला

असलम- और हाँ एक बात और है

निशा- क्या

असलम- तुम्हें कोई क्लाईंट देने से पहले में एक बार टेस्ट करूँगा

मैं समझ गई कि वो भी मुझे चोदना चाहता है। बैसे भी इतने सारे लोगों से चुदवाने के बाद अब मुझे किसी से भी चुदवाने में कोई प्रॉब्लम नहीं थी। इसलिए मैं बोली

निशा- ठीक है.. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर फीस तो तुम्हें भी देनी ही पडेगी। जरूरी नहीं है कि जो तय हुआ है वहीं दो। जो भी तुम्हारा मन करे वो दे देना मैं चुपचाप रख लूँगी।

असलम- लगता है कुछ जल्दी ही काम सीख गई हो। पहले कभी यह काम किया है क्या

निशा- नहीं किया… पर मेरा सिद्धांत है कि फ्री में किसी के लिए कुछ करना नहीं चाहिए वर्ना सामने बाला अपना अधिकार जमाने लगता है।

असलम- चलो कोई नहीं मैं तुम्हें पे कर दूँगा

निशा- तो फिर ठीक है… तो चलो कहाँ चलना है। मैं पूरी तरह से तैयार हूँ

मेरी बात सुनकर वो चौंकते हुए बोला

असलम- अभी...

निशा- हाँ.. क्यों कोई प्रॉब्लम है क्या

असलम- हाँ थोडा काम है। रात में मिलते हैं ना

निशा- रात का कोई भरोसा नहीं मेरा

असलम- क्या मतलब……….

निशा- अब जब तक तुम मुझे कोई क्लाईंट नहीं देते, तब तक खुद से ही कुछ करना पडेगा ना। तो वस रेलवे स्टेशन या बड़ा तालाब के पास कोई क्लाईंट सर्च करूँगी मिला तो ठीक वर्ना अपने रूम में जाकर सो जाऊँगी

मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला

असलम- कोई बात नहीं जब रात में फ्री हो जाओ तो मुझे कॉल कर लेना मैं वही आ जाऊँगा

निशा- ठीक है

उसके बाद असलम ने मुझे अपने दिल्ली बाले पाटनर्स के नम्बर दे दिए और उनको भी मेरा नम्बर भेज दिया। उसके बाद असलम वहाँ से चला गया। असलम के जाते ही मैंने रवि को कॉल कर दिया। रवि काफी देर से मेरी ही कॉल का वेट कर रहा था। मेरे कॉल करने के कुछ देर बाद ही वो वहाँ आ गया। जिसके बाद हम दोनों वहाँ से निकल गए।

रास्ते मैं मैंने रवि को गगन से हुई सारी बात बता दी और रवि ने भी मुझे रश्मि से हुई सारी बातें बता दी। उसके अनुसार रश्मि फिलहाल कन्फ्यूज है कि वो रवि के पास बापिस आना चाहती है या गगन के साथ ही रहना चाहती है। क्योंकि गगन के वर्ताव से बो काफी दुखी थी। पर रवि ने उसे फिर से अपनी गर्लफ्रेंड बनाने से मना कर दिया था। हाँ दोस्त बने रहने का ऑफर जरूर वो देकर आ गया था। रवि की बात सुनकर मैं बोली

निशा- रवि मुझे लगता है कि गगन कुछ गडबड है। क्या उसकी फैमिली बाकई में बहुत ज्यादा रिच है

रवि- पता नहीं

निशा- मतलब तुम उसकी फैमिली बालों को नहीं जानते

रवि- नहीं… वो शायद भोपाल का नहीं है। क्योंकि भोपाल के सभी जाने माने लोगों से मेरा परिचय है।

निशा- तो क्या तुम कभी भी उसके घर नहीं गए

रवि- नहीं

निशा- देखो रवि बैसे तो मुझे इन सब कामों से कोई मतलब होना नहीं चाहिए, पर अब जब तुम मेरे अच्छे दोस्त बन ही गए हो, इसलिए मैं बस तुम्हारे लिए यह सब कर रही हूँ। मुझे लगता है कि रश्मि को सजा जरूर मिलनी चाहिए और हम उसे सजा जरूर देगें, पर पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लग रहा है कि अगर रश्मि को गगन के भरोसे छोड दिया, तो उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। हालाँकि रश्मि कोई दूध की धुली नहीं है। पर वो तुम्हारी एक्स थी। आज जरूर तुम्हारा उससे ब्रेकअप हो गया है और तुम उससे नाराज भी हो, पर कुछ समय पहले तुम उसे पसंद करने के साथ साथ उसकी केयर भी करते थे। तो मैं चाहती हूँ कि तुम उसी समय को याद रखकर रश्मि के भले के लिए मेरी बातों के बारे में एक बार सोचना।

रवि- मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है तुम क्या कह रही हो

निशा- कुछ भी समझने की जरूरत नहीं है बस कैसे भी करके गगन का बैकग्रऊंड पता करके मुझे बताओ

रवि- पर क्यों

निशा- मैं बाद सब बता दूँगी तुम्हें, और हाँ मुझे होटल छोड दो

रवि- अभी… अरे यार अभी तो बस 5 ही बजे हैं

निशा- मुझे कुछ जरूरी काम करना है

रवि- पर अभी तक हमारी किस भी नहीं हुई

निशा- ठीक है बाबा…. होटल में चलकर कर लेना अब खुश

मेरी बात सुनकर रवि ने कुछ नहीं कहा और गाडी होटल की तरफ मोड दी। होटल पहुंचकर वो मेरे साथ मेरे रूम में आया और जैसे मैंने रूम क्लोज किया तो उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं उसे मना नहीं कर पाई और उसका साथ देने लगी। किस करते करते उसने अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और सहलाने लगा और दूसरे हाथ को मेरी गाँड पर रख कर सहलाने लगा। रवि की इस हरकत से मेरे शरीर में गर्मी बडने लगी।

रवि भी काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। इसलिए उसने किस करते करते ही मेरी जैकेट निकाल कर फेंक दी। जैकेट के अंदर मैंने मात्र कैमिसोल ही पहना हुआ था। इसलिए मेरे शरीर की गर्मी उसे महसूस हो रही थी। फिर उसने मेरे जींस के बटन खोल कर मेरे जींस को नीचे खिसका दिया, जिसे मैंने अपने पैरों की सहायता से अलग कर दिया। अब मैं मात्र कैमिलोस और पैंटी में थी। जिस कारण रवि काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। आखिरकार मैंने भी सोच लिया कि देखते हैं यह और क्या करता है।

इसलिए मैंने अपने आप को फ्री छोड दिया और उसका साथ देने लगी। कुछ देर बाद रवि मुझसे अलग हुआ और मुझे अपने गोद में उठाकर विस्तर पर लेटा दिया और मेरे ऊपर चड गया। अब मुझे पक्का यकीन हो गया था कि वो आज मुझे चोदकर ही रहेगा। मैंने भी अपने आप को इसके लिए मन ही मन तैयार कर लिया था। रवि काफी देर तक मेरे होंठों को चूमता और चूसता रहा और मेरे बूब्स को सहलाता रहा। फिर वो थोडा नीचे आया और मेरा कैमिसोल उपर खिसकाकर मेरे बूब्स को चूमने और सहलाने लगा साथ साथ मेरे निप्पल्स को भी चूसने लगा।

अब तक मैं भी पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी और मेरी चूत भी गीली हो चुकी थी। फिर वो और नीचे आया और मेरे पेट को चूमने के बाद मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को चूमने लगा। फिर अचानक से उसने मेरी पैंटी नीचे खिसका दी और मेरी चूत को चाटने लगा। मैं तो जैसे सातवे आसमान में पहूँच गई थी। इसलिए कुछ देर में ही मैं झर गई और वो मेरी चूत का सारा पानी चाट गया।

कहानी जारी है .....
 
Update 015 -

मेरी चूत का सारा पानी चाटने के बाद रवि मुझसे अलग हो गया और मेरे कपडे ठीक करके जैसे ही वो जाने लगा तो मैं बोली

निशा- क्या हुआ रवि.... तुम जो चाहो वो कर सकते हो, मैं तुम्हें नहीं रोकूँगी

मेरी बात सुनकर रवि मुस्कुराते हुए बोला

रवि- नहीं…. जब तुम खुद कहोगी तब मैं करूँगा

निशा- तोफिर यह सब क्यों किया

रवि- वो तो बस मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, इसलिए हमारी किस कुछ ज्यादा ही लम्बी हो गई। फिर मुझे एहसास हुआ की तुम पूरी तरह से हीट पर हो, तो मुझे लगा कि तुम्हें शांत करना चाहिए, वर्ना तुम्हारा किसी काम में मन नहीं लगेगा। इसलिए तुम्हें ब्लोजॉब दे दिया।

निशा- और तुम्हारा क्या… तुम भी तो ओबर एक्साईटेड हो

रवि- वो वो मैं कर लूँगा एडजस्ट

निशा- चलो चुप चाप बैठ जाओ मैं भी तुम्हे ब्लोजॉब दे देती हूँ

मेरी बात सुनकर रवि एक्साईटेड हो गया और उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ गई, पर अगले ही पल वो फिर से नॉर्मल होते हुए बोला

रवि- अरे नहीं उसकी जरूरत नहीं है

निशा- सोच लो आज ऑफर है मुझसे ब्लोजॉब लेने का, फिर शायद कभी मिले ना मिले

मेरी बात सुनकर रवि कुछ देर सोचने लगा और फिर बोला

रवि- तुम्हें आता तो हैं ना व्लोजॉब देना

निशा- आखिर तुम्हारा यह सब कहने का मतलब क्या है। क्या मैं सबको यूँ ही ब्लोजॉब देती फिरती हूँ

रवि- अरे बाबा तभी तो पूछ रहा हूँ, अगर कहीं गलती से तुमने दाँत बगैरह लगा दिए तो मेरा तो काम तमाम हो जाऐगा ना

निशा- कुछ नहीं होगा…. मैंने ढेर सारी पोर्न मूवी देख रखीं हैं। मुझे पता है कैसे करना है

रवि- आर यू श्योर

निशा- अब जल्दी से आ जाओ… बर्ना अगर मेरा मूड चेंज हो गया तो अपने हाथ से काम चलाना पडेगा

मेरी बात सुनकर रवि खुश होते हुए पास में रखे सोफे पर जाकर बैठ गया। जिसके बाद मैं उसके पास गई और उसका पैंट खोलकर पैंट और अंडरबियर नीचे खिसका दिया। अब रवि का लम्बा और मोटा लण्ड जो एक दम कडक था मेरे सामने था। मैने हैरानी से उसके लण्ड को देखते हुए बोली

निशा- यह क्या है

रवि- मतलब

निशा- अरे इतना बड़ा... सच में असली है या नकली लगा रखा है

रवि- अरे बाबा एकदम असली है और मेरा खुद का है। किसी का चोरी करके नहीं लगाया है

निशा- थैंक्स गॉड जो तुमने कुछ नहीं किया, बर्ना मैं तो आज पक्का मर ही जाती

रवि- कुछ नहीं होता। रश्मि तो आराम से करवा लेती थी।

निशा- पता नहीं कैसे लेती होगी। शायद इसी बजह से तो ब्रेकअप नहीं कर लिया

रवि- ऐसा कुछ नहीं है।

निशा- इसे देखकर तो लग रहा है कि तुम्हारे साथ कुछ भी करने से पहले मुझे 10 बार सोचना पडेगा

रवि- अरे बाबा जब हीटस् ऑफ मूब्मैंट में कुछ होगा, तो पता भी नहीं चलेगा। बल्कि मजा आयेगा।

रवि का इतना ज्यादा बड़ा और मोटा लण्ड देखकर मेरी चूत एक बार फिर से पानी छोडने लगी थी और मन कर रहा था कि आज इससे अपनी चुदाई करवा ही लेती हूँ। पर फिर सोचा की इतनी भी क्या जल्दी है। थोडा और मस्ती करती हूँ, अभी तो अफेयर की शुरूआत ही हुई है। इसलिए मैंने उसके लण्ड को अपने हाथ में लिया, तो वो मुझे काफी गर्म महसूस हुआ। मैंने कुछ देर अपने हाथों से उसे सहलाया तो मजे के कारण रवि ने अपनी आंखें बद कर लीं और सोफे से अपना सिर टिकाकर आहें भरने लगा।

कुछ देर अपने हाथों से सहलाने के बाद मैंने उसके लण्ड की टॉप स्किन पीछे की और उसके लण्ड पर किस करने लगी। जिससे रवि और भी ज्यादा उत्तेजित हो गया और उसका लण्ड झटके मारने लगा। मुझे उसके लण्ड से खेलने में बड़ा मजा आ रहा था। इसलिए मैं उसके पूरे लण्ड पर किस करने लगी और साथ साथ अपनी जीभ से चाटने भी लगी। रवि आराम से सोफे पर बैठ मजे ले रहा था। शायद वो पहली बार ब्लोजॉब का मजा ले रहा था। इसीलिए वो शुरूआत में डर भी रहा था।

कुछ देर उसके लण्ड को चूमने और चाटने के बाद मैंने उसके लण्ड अपने मूँह में लिया और चूसने लगी। रवि तो अब मजे के सातवें आसमान पर पहूँच चुका था। मैं काफी देर तक उसको ब्लोजॉव देती रही पर वो तो झरने का नाम ही नहीं ले रहा था। अब तो मेरा मूँह भी दर्द करने लगा था, इसलिये मैंने उसका लण्ड चूसने के साथ साथ उसकी बॉल्स को भी सहलाना शुरू कर दिया। मेरी यह ट्रिक काम कर गई और उसका प्रीकम निकलने लगा। तो मैं समझ गई कि वो अब जल्द ही झर जाऐगा।

इसलिए मैंने बिना रुके अपना काम जारी रखा। करीब 5 मिनट बाद वो मेरे मूँह के अंदर ही ठण्डा हो गया। रवि से अब तक मेरी काफी अच्छी बाऊंडिंग हो गई थी इसलिए मुझे उसके बीर्य को निगलने में कोई झिझक नहीं हुई, बैसे भी मैं पहले भी यह सब कर चुकी थी। फिर मैंने उसका लण्ड चाट कर साफ कर दिया और उससे अलग हो गई और उसके बगल में बैठ कर लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी। जब हम दोनों रिलेक्स हुए तो हमने एक दूसरे को देखा और मुस्कुराऐ। फिर रवि ने मुझे एक किस दिया और थैंक्स कहकर वहाँ से चला गया।

रवि के जाने के बाद मैं विस्तर पर लेट गई और जब से मैं भोपाल आई थी तब से लेकर अब तक मैंने जो जो गुल खिलाऐ थे। उसके बारे में सोच सोच कर मुस्कुराने लगी। कुछ देर वाद मेरे मोबाईल पर गगन का एक मैसेज आया। मैंने जब उसे खोलकर देखा तो उसमें लिखा था।

“मेरी रश्मि से बात हुई थी। वो और रवि दोनों ही पैचअप करना चाहते हैं। पर तुम्हारे कारण रवि कमिटमेंट करने से डर रहा है।”

मैसेज पढकर मैंने मोबाईल एक तरफ रख दिया और अपने दिमाग में एक प्लान बनाया जिसके बाद मैं बाथरूम में फ्रैस होने चली गई। करीब आधे घंटे बाद मैं भोपाल के एक फेमस वियरवार में बैठी ड्रिंक कर रही थी। जिसमें मेरे अलावा कुछ दूसरी लडकियाँ भी थीं। उस वियरवार के बारे में रवि ने ही मुझे बताया था। मुझे अभी वहाँ आये 10-15 मिनट ही हुए थे कि तभी गगन का एक मैसेज आया जिसपर लिखा था

“अब हमे आगे क्या करना चाहिए“

इस बार भी मैने उसके मैसेज का कोई रिप्लाई नहीं किया। मैं जानती थी कि वो जरूर अब मुझे कॉल करेगा। जिसके लिए मैं पहले से ही तैयार बैठी थी। यहाँ वियरबार में आकर ड्रिंक करना भी मेरे प्लान में सामिल था। जैसा कि मुझे उम्मीद थी करीब 5 मिनट बाद ही मेरे पास गगन का कॉल आ गया। 3-4 रिंग के बाद मैंने कॉल रिसीब कर लिया और रोने जैसी आवाज में बोली

निशा- गगन प्लीज आज मेरा बात करने का बिल्कुल भी मन नहीं है। हम बाद में बात करेंगे

मेरी आवाज सुनकर गगन को यकीन हो गया कि मैं पक्का रो रही हूँ, साथ ही साथ वियरबार में हो रहे शोर सरावे की आवाज भी उसे सुनाई दे गई थी। जिस कारण वो वोला

गगन- आखिर तुम हो कहाँ

अब मैंने रोने के साथ साथ नशे में होने की भी एक्टिंग शुरू कर दी और बोली

निशा- मैं वो वो रैड रोज बियरबार में हूँ।

गगन- पर क्यों

निशा- क्यों….. तुम मुझसे पूछ रहे हो क्यों... अरे मुझे बुरा लग रहा है इसलिए

गगन- तुम रुको वहाँ मैं बस 10 मिनट में आता हूँ।

इतना बोलकर उसने फोन कट कर दिया। उसका फोन कट होते ही मेरे चेहरे पर एक स्माईल आ गई। मेरा पैग खत्म हो गया था। इसलिए मैंने एक बेटर को बुलाकर उसे कुछ समझाया तो वो मेरे सामने एक नया पैग और कुछ स्नैक्स के साथ साथ शराब की एक खाली बोतल भी रख गया। थोडी ही देर में गगन भी वहां आ गया था। इसलिए गगन ने भी अपने लिए एक पैग का आर्डर कर दिया था। फिर वो भी मेरे साथ साथ शराब पीते हुए बोला

गगन- ये सब क्या है सपना

निशा- तो क्या अब मैं अपना गम भुलाने के लिए पी भी नहीं सकती

गगन- अरे बाबा आखिर हुआ क्या है

निशा- ये तुम पूछ रहे हो…. तुम्हें क्या पता नहीं है... मेरे 2 दिन की लव लाईफ अब खत्म होने बाली है। तो मुझे बुरा तो लगेगा ना।

इतना बोलकर मैं उसके सामने ही रोने का नाटक करने लगी। मेरे यूँ रोने से गगन उठकर मेरे पास आया और मुझे समझाने के बहाने उसने मेरे गिलास में दो गोलियाँ डाल दीं। जो तुरंत ही मेरी शराब में घुल गईं। मैंने गगन की ये हरकत देख ली थी। मैं समझ गई कि पक्का वो मेरे नशे में होने का फायदा उठाना चाहता है। कुछ देर बाद मैं शांत हो गई और बोली

निशा- गगन तुम बहुत अच्छे हो। तुम मेरे दुख में मेरे साथ हो और वो रवि उसको तो मेरी कोई फिक्र ही नहीं है।

गगन- अरे अब इसमें उसकी क्या गलती। उसे तो कुछ पता ही नहीं है।

निशा- हाँ यार ये भी सही है। पर वो रश्मि के पास बापिस जाना तो चाहता है ना

गगन- अरे यार सपना तुम तो जानती हो ना, रश्मि उसका पहला प्यार हैं

निशा- हाँ ये भी सही है। मैं ही उन दोनों के बीच में आ गई थी, बिल्कुल कबाब में हड्डी की तरह

मेरी बात सुनकर अचानक से ही गगन के मूँह से निकल गया

गगन- तुम हड्डी नहीं पूरी की पूरी कबाब हो

मैं गगन का इशारा अच्छी तरह समझ गई थी, लेकिन फिर भी नाटक करते हुए बोली

निशा- मतलब

गगन- अरे कुछ नहीं…. वो तो बस ऐसे ही

निशा- ओह अच्छा मजाक कर रहे हो... तुम कितने गंदे हो... मैं यहाँ अपना गम भुलाने के लिए पी रहीं हूँ और तुम मेरा मजाक उडा रहे हो

गगन- अरे नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है... अच्छा छोडो यह सब, अब यह बताओ आगे क्या करना है

निशा- पहले मुझे टायलेट जाना है

इतना बोलकर मैंने अपना गिलास उठाया और उसे पीने का नाटक करते हुए टायलेट की तरफ चली गई। टॉयलेट में जाकर मैंने गिलास की सारी शराब फ्लस कर दी और यूं ही झूमते हुए वापिस आकर बैठ गई। बैसे तो मैंने अब तक केवल एक ही पैग पिया था। पर मैं गगन के सामने नाटक ऐसे कर रही थी कि मैं काफी ज्यादा पी चुकी हूँ। फिर अपने लिए एक और पैग का आर्डर कर दिया और साथ में कुछ स्नैक्स भी मंगा लिए। जिसके बाद गगन बोला

गगन- अब तो बताओ आगे का क्या प्लान है

निशा- किसका

गगन- तुमने ही तो कहा था कि अगर रवि और रश्मि पैचअप करना चाहें तो तुम्हें बता दूँ। तुम उन्हें मिलवाने में मेरी हेल्प भी माँग रही थी

मैंने सोचने का नाटक करते हुए कहा

निशा- ओह अच्छा वो... हाँ वो कुछ नहीं मैं सोच रही थी कि हम दोनों कहीं अकेले में मिलेंगे गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की तरह। तुम अपने किसी दोस्त से कहकर रवि और रश्मि को किसी बहाने से वहाँ बुलवा लेना। जब रवि मुझे तुम्हारे साथ देखेगा तो उसका दिल टूट जाऐगा और वो रश्मि के पास बापिस चला जाऐगा

मेरा प्लान सुनकर तो गगन को मूँह माँगी मुराद ही मिल गई थी। वो तुरंत इसके लिए तैयार हो गया। जिसके बाद हम दोनों ने अपनी ड्रिंक खत्म की और फिर रवि मुझे जबरदस्ती वहाँ से बाहर ले गया। अब मैं बिल्कुल नशे में होने की एक्टिंग कर रही थी। उसकी कार में बैठते वक्त मैंने उसकी आँखों में अपने लिए हवस देख ली थी। मुझे पूरा यकीन था कि वो मुझे या तो अपने घर या किसी होटल रूम में ले जाकर मेरे साथ सेक्स करेगा।

बैसे तो मैं उसको कभी भी ऐसा करने नहीं देती, पर शाम को रवि ने मेरे अंदर की आग भडका दी थी। इसलिए मेरा मन भी चुदने का कर रहा था, ऊपर से मुझे अपना प्लान भी पूरा करना था। बैसे भी जब मैं अब तक इतने लोगों से चुद चुकी थी कि मुझे किसी का भी लण्ड लेने में कोई दिक्कत नहीं थी। जैसा मैंने सोचा था वो मुझे पास के ही एक चीप क्वालिटी के होटल में ले गया।

यहाँ तक तो मुझे उससे कोई दिक्कत नहीं थी। पर होटल रूम में जाने के बाद उसने जो किया उससे मेरा खून गुस्से से खौलने लगा और उसके लिए मेरे मन में नफरत जाग गई। पर फिर भी मैंने अपनी ऐक्टिंग जारी रखी और नशे में होने का नाटक करती रही। असल में गगन ने मुझे विस्तर पर लिटाने के बाद अपने मोबाईल में बीडियो रिकार्डिंग ऑन करके उसे कमरे में सेट कर दिया था। ताकि वो मेरी सेक्स बीडियो बना सके। जो कि मैं बिल्कुल भी नहीं चाहती थी और ना ही मेरी प्लानिंग में यह सब सामिल था।

मोबाईल को अच्छी तरह से सेट करने बाद गगन ने अपने सारे कपडे उतार दिए। फिर उसने एक एक करके मेरे भी सारे कपडे उतार दिये और मेरे शरीर को किसी भूखे भेडिये की तरह चूमने और चाटने लगा। उसकी इन हरकतों से मेरे अंदर भी चुदाई की आग भडक चुकी थी। पर मुझे अपनी एक्टिंग जारी रखनी थी। इसलिए मैं नशे में बडबडाने की एक्टिंग करने लगी

निशा- आह रवि ये क्या कर रहे हो तुम... रवि प्लीज रुक जाओ मुझे कुछ कुछ हो रहा है.... तुमने वादा किया था कि शादी से पहले कुछ नहीं करोगे.. ओह रवि आई लव यू

मैं जनबूझकर गगन की जगह रवि का नाम ले रही थी। ताकि गगन को यकीन हो जाये की मैं अपने होश में नहीं हूँ और नशे की हालत में उसे रवि समझ रही हूँ। मेरे होठों को किस करते हुए मेरे बूब्स तक जा पहुँचा था। कुछ देर मेरे बूब्स को अच्छी तरह चूमने और सहलाने के बाद वो धीरे धीरे मेरे पेट से होते हुए वो मेरी चूत तक पहुंच गया और मेरी चूत को चाटने लगा।

पता नहीं उसे मेरी चूत चाटने में क्या मजा आ रहा था। क्योंकि मेरे झरने के बाद भी उसने मेरी चूत नहीं छोडी थी। मैं पूरी तरह से पागल हो रही थी और बस किसी भी तरह चुदना चाहती थी। पर गगन को कोई जल्दी नहीं थी। मेरी चूत का भऱपूर मजा लेने के बाद वो मेरी कमर के पास आकर बैठ गया और एक ही झटके में अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया जिस कारण मैं हलके से चीखी

निशा- आआआआहहहहह रवि दर्द हो रहा है.... प्लीज निकाल लो

पर अब गगन को मेरी कोई फिक्र नहीं थी। उसने बिना रुके मेरी चुदाई शुरू कर दी। कुछ देर बाद मुझे भी मजा आने लगा तो में उसकी जगह रवि का नाम लेकर आहें भऱने लगी। करीब 25-30 मिनट धुँआधार तरीके से मेरी चुदाई करने के बाद गगन ने अचानक से अपनी स्पीड बड़ा दी। इससे पहले उसका पानी मेरी चूत के अंदर जाता उसने अपना लण्ड बाहर निकाला और मेरे मूँह में घुसा दिया।

अगले ही पल उसका सारा पानी मेरे मूँह में समा गया। जिसके बाद उसने मेरी नाक बंद कर दी। जिस कारण ना चाहते हुए भी मैं उसका सारा पानी निगल गई और जोर जोर सें खाँसने लगी। कुछ देर खांसने के बाद मैं शांत हो गई और आँख बंद कर सोने की एक्टिंग करने लगी। गगन ने मुझे हिला डुला कर देखा तो मैंने कोई हरकत नहीं की। जिसके बाद उसने अपना मोबाईल उठाया और रिकार्डिंग ऑफ करके अपना मोबाईल मेरे पास ही छोडकर बाथरूम में घुस गया।

कहानी जारी है.....
 
Update 016 -

मैं इसी पल के इंतजार में थी। जैसे ही मैंने बथरूम का गेट बंद होने की आबाज सुनी तो तुरंत अपनी आँखे खोल लीं और गगन का मोबाईल उठा लिया। वो अब भी अनलॉक था। मेरे पास समय बहुत कम था। इसलिए उसके मोबाईल को अच्छी तरह चेक करने की जगह मैंने उसमें एक स्पाईवेयर एप इंसटॉल कर दिया। इस एप की सबसे बडी खासियत थी कि यह इंस्टाल होने के बाद हाईड हो जाता है। जिस कारण कोई भी एक्सपर्ट यह नहीं बता सकता कि उस मोबाईल में कोई स्पाईवेयर इंस्टाल है।

जैसे ही एप इंस्टाल हो गया तो मैंने बापिस मोबाईल उसी जगह पर रख दिया और आँख बंद कर के लेट गई। कुछ ही देर में गगन भी बापिस आ गया था। उसने मेरे मूँह को और चूत को एक टॉबल से अच्छी तरह से साफ किया। क्योंकि मेरे मूँह पर अब भी उसका थोडा सा बीर्य लगा हुआ था और मेरी चूत कई बार पानी छोडने के कारण कुछ ज्यादा ही गीली हो गई थी। मुझे अच्छे से साफ करने के बाद उसने मुझे कपडे पहनाऐ और एक कंबल ओडा दिया। फिर वो धीरे से बोला

गगन- सपना मेरी जान... तुम पर मेरी नजर तो उसी दिन से खराब थी, जिस दिन पहली बार तुम्हें देखा था। पर तुम उस रवि की बाहों में थी। इसलिए मैंने उसी दिन तय कर लिया था कि मैं तुम्हें उससे छीन के रहूँगा। अब तुम भी मेरी और तेरे बाप की अरबों की प्रापर्टी भी मेरी। बैसे तो मैं तुम दोनों का ब्रेकअप करवाकर सीधे सीधे तरीके से तुम्हें पाना चाहता था। पर तुमने खुद ही ड्रिंक करके मेरा काम आसान कर दिया। अब ब्रेकअप तो तुम्हारा होगा ही, चाहे तुम्हारे तरीके से या मेरे तरीके से। खुद ब्रेकअप करके मेरे पास आ जाओगी तो कोई बात नहीं, बर्ना मैंने बीडियो तो बना ही लिया है। उसकी हेल्प से मैं तुम्हें अपना बना ही लूँगा। अब तुम आराम करो कल मिलता हूँ।

इतना बोलकर वो वहाँ से बाहर चला गया। उसके जाते ही मैंने अपनी आँखें खोली। मेरा चेहरा गुस्से से लाल था। इसलिए मैं तुरंत विस्तर से उठी और फटाफट उस रूम से बाहर निकल गई। मैं जब तक बाहर आई गगन वहाँ से जा चुका था। गगन के जाते ही मैंने भी ऑटो लिया और अपने होटल में जा पहूँची। रूम में जाकर मैने जल्दी से अपना लैपटॉप ऑन किया और गगन के मोबईल में इंस्लॉल स्पाई वेयर एप की हेल्प से उसका मोबाईल हैक कर लिया।

चूँकि मैं एक आई.टी. कम्पनी में साफ्टवेयर टेस्टिंग और बैक-एण्ड सपोर्ट का काम कती हूँ। इसलिए यह काम मेरे लिए चुटकी बजाने जितना आसान है। जब मैंने उसका मोबाईल चैक किया तो मैंने देखा कि उसके मोबाईल में मेरे बीडियो के अलावा भी कई दूसरी लडकियों के सेक्स बीडियो के साथ साथ उनके फोटो और कॉल रिकार्डिंग सेव हैं। मैंने सबसे पहले लेटेस्ट बीडियो को प्ले किया तो वो मेरा ही बीडियो था, जिसे मैंने अपने मोबाईल में तुरंत ट्रांशफऱ करके गगन के मोबाईस से परमानेंट डिलीट कर दिया ताकि वो दोवारा उसे रिकवर ना हो सके।

उसके बाद मैंने गगन के मोबाईल का बाकी डाटा भी अपने लैपटॉप में ट्रॉंशफर करने की कामांड दे दी। गगन के मोबाईल में काफी ज्यादा डाटा था। जिसे ट्रांशफर होने में 4-5 घंटे का समय लगने बाला था। मैंने घडी में समय देखा तो रात के 11 बज रहे थे। तो मैंने सोचा कि अभी तो काफी रात बाकी है और डाटा ट्रांशफर होने में भी समय लगने बाला है। तो क्यों ना थोडी सी मस्ती और कर ली जाऐ। इसलिए मैंने अपना लैपटॉप चार्जिंग पर लगा दिया और अपने रूम से बाहर निकल गई।

होटल से बाहर आने के बाद मैंने असलम को कॉल किया तो वो मेरे ही कॉल के इंतजार में बैठा हुआ था। मैंने उसे उसी होटल में बुला लिया जिसमें गगन मुझे ले गया था। क्योंकि होटल से आते समय मैंने चैकआउट नहीं किया था। इसलिए उस रूम की चाबियाँ अब भी मेरे पास ही थीं। बैसे भी गगन पहले ही सारी रात का पेमेंट कर चुका था और वो मेरे होटल से ज्यादा दूर भी नहीं था। मैं जब तक उस होटल के रूम में पहूँची तब तक असलम भी वहाँ आ चूका था।

मैंने असलम को रूम नम्बर बता दिया तो। वो सीधा मेरे रूम में आ गया और आते ही मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो इस काम का माहिर खिलाडी था। जिस कारण उसने जल्द ही मेरी बॉडी के बीक पाईंट ढूँड लिए और मुझे सिड्यूज करने लगा। अब तक मैं भी इस काम को अच्छी तरह से समझ चुकी थी। इसलिए मैंने भी अपनी तरफ से उसका पूरा साथ देना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में हम दोनों बिना कपडों के बिस्तर पर एक दूसरे को चूमने और सहलाने में बिजी थी।

काफी देर तक एक दूसरे को चूमने और सहलाने के बाद मैंने खुद से ही उसे ब्लोजॉब देना शुरू कर दिया। वो मेरे ब्लोजॉब देने की कला से काफी खुश हुआ और इंज्यॉय करने लगा। कुछ देर ब्लोजॉब लेने के बाद उसने मुझे अलग अलग पोजीशन में चोदना शुरू कर दिया, मैं हर एक पोजीशन में उसका भरपूर साथ दे रही थी। साथ ही साथ खुद भी मजे ले रही थी। मुझे असलम के साथ सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा था। करीब 40-45 मिनट तक अलग अलग पोजीशन में मुझे चोदने के बाद उसने मेरी चूत से अपना लण्ड निकाल लिया और मेरी गाँड मारने लगा।

मैं समझ गई कि वो मुझे पूरी तरह से परखना चाहता है। पर अब तक मैं गाँड मरवाने में भी अच्छी खासी एक्सपर्ट हो गई थी और अब मुझे गाँड मरवाने में भी मजा आने लगा था, इसलिए मैंने उसे नहीं रोका। असलम की टाईमिंग काफी ज्यादा थी। मुझे पूरा यकीन था कि उसने जरूर स्टेमिना बडाने के लिए वियाग्रा या फिर कोई दूसरी टेवलेट ली होगी। कुछ देर मेरी गाँड मारने के बाद उसने अपना सारा पानी मेरी गाँड में ही छोड दिया और मेरे बगल में लेट कर लम्बी लम्बी साँस लेते हुए बोला

असलम- तुम बाकई में शानदार हो। खूबसूरत होने के साथ साथ मर्दों को खुश करने की कला में भी माहिर हो। अगर तुम मुझसे शादी करने के लिए मान जाओ तो मैं सारे गलत काम बंद करके यहाँ से कहीं दूर जाकर तुम्हारे साथ एक शराफत की जिंदगी जीने के लिए तैयार हूँ। पैसों की कोई चिंता नहीं है, क्योंकि अब तक मैंने इतना तो कमा ही लिया है कि हम सारी जिंदगी आराम से जी सकते हैँ और अपना एक शराफत का बिजनेश भी शुरू कर सकते हैं।

असलम की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली

निशा- बहुत देर हो गई है असलम। अब मैं शरीफ लड़की नहीं रही

असलम- मुझे इससे कोई फर्क नहीं पढता

निशा- पर फिलहाल ये संभव नहीं है।

असलम- कोई बात नहीं पर जब भी तुम्हारा मन इन सब कामों को छोडकर सैटल होने का हो, तो एक बार मुझसे जरूर बात कर लेना। मैं हमेशा तुम्हें अपनाने के लिए तैयार रहूँगा।

निशा- तब की तब से देखेंगे। पर अगर जिंदगी में कभी ऐसा मोढ आया, तो में पक्का एक बार तुम्हें कॉल जरूर करूँगी। बैसे तुम भी बिस्तर पर पक्के उस्ताद हो। तुम्हारे साथ तो हर लड़की खुश रहेगी।

अब तक हम काफी हद तक नॉर्मल हो गए थे। तभी मुझे अचानक गगन की याद आई। पता नहीं क्यों पर मुझे ऐसा लग रहा था कि मुझे असलम से गगन के बारे में जरूर कोई जानकारी मिल सकती है। इसलिए मैंने अपने मोबाईल में गगन की एक फोटो ओपन की जो गगन ने खुद ही मुझे सेंड किया था और उसे असलम को दिखाते हुए बोली

निशा- अच्छा असलम क्या तुम इस लडके को जानते हो

असलम ने उस फोटो को बडे गौर से देखा और अपनी आँखे छोटी करते हुए बोला

असलम- गगन राणा उर्फ गोगी....... क्यों क्या हुआ? तुम्हें इस लडके से क्या काम है?

निशा- कुछ खास नहीं... बस इसकी पूरी जन्म कुंडली पता करनी है

असलम- पर क्यों

निशा- अरे वो मेरी एक फ्रेंड है यहाँ पर, यह लडका उसका दोस्त है। मैं मिली हूँ इससे 1-2 बार पर यह लड़का मुझे कुछ ठीक नहीं लगा। मुझसे मिलने के बाद इसने मेरी दोस्त से बात करना कम कर दिया है और आज कल मुझे मैसेज पर मैसेज भेज रहा है। बस इसीलिए पता करना चाहती हूँ।

मेरी बात सुनकर असलम कुछ देर सोचता रहा और फिर बोला

असलम- देखो सपना बैसे तो कोई और होता तो मैं उसे नहीं बताता। क्योंकि धंधे बाली बात है और मैं धंधे में दोस्ती यारी को नहीं लाता। पर तुम अलग हो। मैं पहले भी कह चुका हूँ कि मैं तुम्हें पसंद करता हूँ, बस इसीलिए तुम्हें बता रहा हूँ। असल में गोगी यहाँ के एक जाने माने गुण्डे मोहित राणा का बेटा है। इसका बाप उम्र कैद की सजा काट रहा है। उसपर कई सारे स्मगलिंग, मर्डर और बलात्कार के केस चल रहे हैं। उसके ही नक्शे कदम पर उसका बेटा चल रहा है। अभी ये उतना बड़ा गुंडा नहीं बना है। पर मुझे पूरा यकीन है कि कुछ ही सालों में यह अपने बाप से भी आगे निकल जाऐगा।

इतना बोलकर असलम कुछ देर रुका और सोचते हुए बोला

असलम- गोगी एक नम्बर का कमीना है। अभी किसी कॉलेज में पढाई कर रहा है और नई नई लडकियों को फंसाकर उनके सेक्स बीडियो और नंगे फोटो निकाल लेता है। फिर जब उन लडकियों से उसका मन भर जाता है तो वो उन लडकियों को ब्लैकमेल करके पैसे माँगता है और जो लड़की पैसे नहीं दे पाती है, उसे वो कार्लगर्ल बनाकर पैसे कमा लेता है। उसने मेरे पास भी कई लडकियों को भेजा है। मेरे ज्यादातर कस्टमर प्रीमियम क्लॉस होते हैं यानि ऐसे आदमी जो दुनिया के सामने तो एकदम शरीफ होते हैं पर वो अपने घर बालों और दुनिया से छिपकर लडकियों के साथ अपनी डार्क फैंटसी पूरी करते हैं। ऐसे कस्टमर शरीफ लडकियों को ज्यादा पसंद करते हैं और पैसे भी अच्छे देते हैं।

असलम की बात सुनकर मैंने कहा

निशा- इसका मतलब यह भी तुम्हारी तरह कॉलगर्ल सप्लाई करता है।

असलम- अरे नहीं.. यह तो बस लडकियों को फंसाकर मेरे जैसे लोगों के हबाले कर देता है और उन लडकियों की कमाई पर ऐस करता है। इसके अलाबा यह स्मगलिंग का काम भी करने लगा है। भोपाल के कॉलेजों में ज्यादातर ड्रग यही सप्लाई करवाता है। एक तो इसकी उम्र कम है और ऊपर से ये अपने साथ हमेशा कोई ना कोई लड़की रखता है। इस बजह से पुलिस को भी इसपर शक नहीं होता है। बैसे भी इसने सारी दुनिया से छिपा रखा है कि यह मोहित राणा का बेटा है।

असलम के मूँह से गगन के बारे में ये सब कुछ जानकर मैं बुरी तरह से हैरान रह गई। मैं सम़झ गई कि मजे लेने और दोस्ती निभाने के चक्कर में मैं गलत आदमियों से उलझ बैठी हूँ। पहले तो मेरे मन में ख्याल आया कि यह सब काम यहीं बंद करके सीधा दिल्ली निकल जाऊँ, पर अगले ही पल मुझे रवि की चिंता होने लगी। हालाँकि उसके लिए मेरे मन में प्यार जैसी कोई फीलिंग नहीं थी। पर वो एक अच्छा लड़का था और मैं उसे अपना अच्छा दोस्त मानने लगी थी।

इसलिए मैंने मन ही मन तय किया कि कम से कम रवि के लिए तो मुझे गगन का कुछ इलाज करना ही पडेगा। बैसे भी मुझे कौन सा यहाँ रहना है। 3-4 दिन में यहां से चली जाऊँगी। इसलिए अगर कुछ गडबड भी हुई, तो गगन मुझे कभी ढूँड ही नहीं पाऐगा। बैसे भी मुझे गगन के बारे में जो कुछ जानना था वो मैं असलम से पूछ चुकी थी। इसलिए अब उसे टालने के लिए मैं बोली।

निशा- थैंक्स असलम... अब मैं अपनी दोस्त को उससे दूर रहने के लिए बोल दूँगी। कम से कम वो तो उसके चक्कर में ना फंसे। बाकी लोगों से मुझे कोई मतलब नहीं है। बैसे भी मैं कौन सा शराफत का काम कर रहीं हूँ।

मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला

असलम- वो तो ठीक है पर तुम भी उससे दूर ही रहना

निशा- क्यों मेरा क्या कर लेगा वो। बैसे भी मैं यहाँ बस 3-4 दिन ही हूँ। उसके बाद अपना ठीकाना दिल्ली, इसलिए मैं खुद भी इन फालतू के चक्कर में नहीं पडना चाहती हूँ।

असलम- ये भी ठीक है। बैसे तुम्हारे लिए कल एक ऑफर है

निशा- क्या

असलम- यहाँ के डी.जी.पी. यानि डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के यहाँ एक लड़की भेजनी है।

असलम की बात सुनकर मैं बुरी तरह से चौंकते हुए बोली

निशा- पागल हो क्या... डी.जी.पी. का मतलब भी पता है तुम्हें। वो पूरे एम.पी. के पुलिस हेड हैं। क्या पहले ही दिन मुझे जेल भेजने का इरादा है।

मेरी बात सुनकर असलम हंसते हुए बोला

असलम- अरे ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं पहले भी 2-3 बार उनके पास लडकियाँ भेज चुका हूँ। मेरा यकीन करो कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। पैसा भी अच्छा मिलता है और मजे भी पूरा देता है। बस एक प्रॉब्लम है।

निशा- क्या

असलम- थोडा सनकी टाईप है, इसलिए किसी भी लडकी को ऐसे नहीं बुलाता है। हर बार अलग अलग रोल करने का बोलता है। कभी उसे शादीशुदा चाहिए, तो कभी कॉलेज गर्ल चाहिए और कभी डॉक्टर। लेकिन इस बार पुलिस बाली की डिमांड कर रहा है।

असलम की बात सुनकर मैं थोडा झुंझलाते हुए बोली

निशा- तो मैं कौन सा पुलिस बाली हूँ।

असलम- अरे मेरी जान असली पुलिस बाली थोडी माँग रहा है। बस तुम्हें पुलिस बाली की यूनिफार्म पहलकर जाना है।

निशा- अब मैं पुलिस की यूनिफार्म कहां से लाऊँगी

असलम- उसकी चिंता तुम मत करो। कल पुलिस हैडक्वाटर के पास ही अली नाम का ट्रेलर है, वहाँ चली जाना, वो कर देगा इंतजाम। कल के कल ही तुम्हें नई यूनिफार्म सिलकर दे देगा।

निशा- पर मैं ही क्यों किसी और को भेज दो

असलम- मैं तो तुम्हें वहाँ जाने के लिए केबल इसलिए बोल रहा हूँ, क्योंकि तुम मेरी वाकी लडकियों से ज्यादा सुन्दर और सेक्सी हो और पुलिस यूनिफार्म में तो तुम एकदम बॉम्ब दिखोगी। बैसे भी तुम्हारे अंदर मर्दों को खुश करने की कला है। इसलिए डी.जी.पी. सहाब खुश होकर तुम्हें अच्छा खासा इनाम भी दे सकते हैं। बैसे भी तुम केवल 3-4 दिन के लिए ही यहाँ पर हो, तो मैं सोच रहा था कि अपने सबसे ज्यादा प्रीमियम क्लाईंट ही तुम्हें दूँ।

निशा- पर वो डी.जी.पी. हैं असलम। मेरी तो उनका नाम सुनते ही फटने लगी है

असलम- अरे फिक्र मत करो, कोई प्राव्लम नहीं होगी। यह मेरी गारंटी है।

मैंने असलम की बातों के बारे में कुछ देर सोचा और फिर बोली

निशा- चलो ठीक है। पर कितने बाजे जाना है और कहाँ जाना है।

असलम- वो सब मैं फोन करके बता दूँगा। तो फिर ठीक है… अब चलता हूँ।

इतना बोलकर असलम ने अपने कपडे पहने और मुझे पैसे देकर वहाँ से चला गया। असलम के जाने के बाद मैंने बाथरूम में जाकर अपने आप को अच्छी तरह से साफ किया और फिर अपने कपडे पहनने के बाद मैं भी उस होटल से चैकआउट करके निकल गई। होटल से बाहर आकर मैंने मोबाईल में समय देखा तो रात 1 बज रहे थे। अब अपने होटल जाने का तो कोई मतलब नहीं था। इसलिए मैंने रेलवे स्टेशन के लिए ऑटो लिया और वहाँ से निकल गई।

कहानी जारी है....
 
Update 017 -

कुछ ही देर बाद में रेलवे स्टेशन के एक सुनसान इलाके पर खडी थी। मुझसे थोडी थोडी दूरी पर कुछ और लडकियाँ भी खडी हुईँ थी। मैं जानती थी कि वो सब कॉलगर्ल हैं। चूँकि मैं पहले भी वहाँ आ चुकी थी। इसलिए मुझे अच्छी तरह से पता था कि मुझे कस्टमर को लेकर कहाँ जाना है। कुछ ही देर में मेरे पास दो लडके आ गए। रेट तय करने के बाद हम लोग रेलवे यार्ड की तरफ चले।

मैं उनको उसी ट्रेन के डिब्बे में ले गई, जिसमें पहले भी चुदवा चुकी थी। अंदर जाते ही वो दोनों लडके एक साथ मुझपर टूठ पडे और जल्द ही मेरी चुदाई शुरू हो गई। मैं कुतिया बनी हुई थी और एक लड़का पीछे से मेरी चूदाई कर रहा था। जबकि मैं दूसरे लडके का लण्ड चूसकर उसे मजे दे रही थी। करीब 20 मिनट बाद ही दोनों लडके झर गए और मुझे पैसे देकर वहाँ से चले गए। उन दोनों लडकों को सेटिस्फाई करने बाद मैं फिर से अपनी जगह पर आकर खडी हो गई।

इस बार भी मुझे ज्यादा इंतजार नहीं करना पडा और मुझे फिर से नया ग्राहक मिल गया। इस तरह करते करते मैं सुबह के 4 बजे तक करीब 7-8 लोगों से चुदवा चुकी थी। जिस कारण अब मैं काफी थक गई थी और अपने होटल रूम में बापिस जाकर रेस्ट करने का डिसाईड कर चुकी थी। जैसे भी मेरा आखिरी कस्टमर मुझे चोदकर गया तो मैंने जल्दी से अपने कपडे पहने और जैसे ही उस डिब्बे से बाहर निकली तो 4 भिखारी जिन्होंने फटे पुराने कपडे पहने हुए थे और देखने में काफी गंदे दिखाई दे रहे थे। वो बाहर मिल गये।

शायद वो रेलवे स्टेशन के बाहर भीख माँगते थे और काफी देर से मुझे अलग अलग लोगों के साथ वहाँ आते जाते देख रहे थे। उन चारों की उम्र करीब 50-60 के आस पास होगी। मुझे उन्हें देखकर काफी ज्यादा घिन आ रही थी। इसलिए मैं चुपचाप वहाँ से जाने लगी। लेकिन तभी उन्होंने मुझे पकड लिया और मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करने लगे। मैं उन चारों से चुदवाना नहीं चाहती थी। इसलिए मैं काफी देर तक उनसे छूटने की कोशिश करती रही।

पर वो चार थे और मैं अकेली, इसलिए मैं उनका कुछ नहीं कर पाई। लेकिन जब बो चारों मुझे जबरदस्ती उसी डिब्बे में ले गए और मेरे कपडे उतारने की कोशिश करने लगे, तो मैंने सोचा कि अगर ज्यादा विरोध किया तो ये चारों मेरे कपडे फाड देंगे। जिसके बाद मैं होटल बापिस नहीं जा पाऊंगी। इसलिए मैंने खुद ही चुपचाप अपने कपडे उतार दिए। जिसके बाद तो वो चारों भूखे भेडियों की तरह एक साथ मुझ पर टूट पडे। मैंने उनका काफी विरोध किया पर वो नहीं माने। तभी उनमें से एक भिखारी ने मुझे कुतिया बनाकर मेरी चूत में अपना लण्ड घुसा दिया और मेरी चुदाई करने लगा।

अब मैं कुछ नहीं कर सकती थी। एक दो बार मैंने उससे अलग होने की कोशिश की तो उसने मेरी गाँड पर थप्पड लगाने शुरू कर दिए, जिस कारण मैंने उससे अलग होने की कोशिश बंद कर दी। तभी अचानक एक भिखारी ने अपना लण्ड मेरे मुँह की तरफ कर दिया। उसके लण्ड से बहुत गंदी स्मैल आ रही थी। इसलिए मैंने अपना मूँह दूसरी तरफ कर दिया, तो वो गुस्से में मेरे गालों पर थप्पड मारने लगा और उसके साथ साथ मेरी चुदाई करने बाला भिखारी भी मेरी गांड पर थप्पड मारने लगा। जिस कारण मुझे काफी दर्द हो रहा था।

इसलिए मजबूरी में मैने उस भिखारी का लण्ड अपने मूँह में लिया और चूसने लगी। मुझे ऐसा लग रहा था कि वे चारों मिलकर मेरा गैंग रेप कर रहे हैं। लेकिन मैं शोर मचाकर किसी को अपनी मदद के लिए ना तो बुला सकती थी और ना ही बाद में किसी को इस बारे में कुछ बता सकती थी। क्योंकि स्टेशन के आस पास के लोग मुझे एक रण्डी के रूप में अच्छी तरह से पहचानने लगे थे, और अगर कोई रण्डी कहे कि उसके साथ रेप हुआ है तो कोई भी उसकी बात पर यकीन नहीं करेगा।

उल्टा शोर मचाने से और भी ज्यादा लोगों के वहाँ आने का डर था, जो शायद मुझे बचाने की जगह मेरे साथ मजे करना चाहें। अब मुझे अपनी इस स्थिती पर बहुत गंदा फील हो रहा था और रोना भी आ रहा था। वो भिखारी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाऐ और 10-15 मिनट में ही उन्होंने अपना पानी छोड दिया। उनके अलग होते ही बाकी के दोनों भिखारी भी मेरे ऊपर सबार हो गए और मेरी चुदाई करने लगे। ये दोनों भी ज्यादा देर तक नहीं टिके और जल्द ही ठण्डे होकर वहाँ से चले गए।

मैं कुछ देर तक वहीँ बैठी अपनी स्थिती के बारे में सोचती रही। मुझे अपनी हालत पर बहुत रोना आ रहा था। तभी अचानक मेरी नजर वहाँ पास में पडे एक थैले पर गई। जो मैंने उन भिखारियों में से एक के पास देखा था। पता नहीं उस वक्त मुझे क्या सूझा जो मैंने उस थैले को उठाया और खोलकर देखा तो उसमें 5 लडकों बाले बॉलेट और 2 लेडिज पर्स रखे हुए थे। मैंने एक एक करके सभी को चैक किया, तो उनके अंदर काफी ज्यादा पैसा रखा हुआ था। साथ ही साथ लेडीज पर्श में कुछ सोने के गहने भी रखे हुए थे। उन्हें देखकर मैंने मन ही मन सोचा

“अरे पागल क्यों रो रही है। जब तू इतने लोगों से चुदवा चुकी है तो इन भिखारियों से चुदने में क्या बुराई है। इसे तू रेप की तरह मत देख, बस यह सोच की वो तेरे कस्टमर थे और तुझे रेप करने की एक्टिंग करनी थी। अब तू जिस धंधे में मजे ले रही है, उसमें कई अलग अलग प्रकार के लोग मिलेंगे। तो तू बुरा मानने की जगह बस मजे कर। बैसे भी गलती से ही सही वो भिखारी तुझे पैसे तो देकर ही गए है और उन लोगों से कई गुना ज्यादा देकर गए हैं, जिनसे तूने अपनी मर्जी से चुदाई करवाई है।”

यह सब सोचते ही मेरे अंदर आ रही गंदी सी फीलिंग खत्म हो गई और मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आ गई। मैंने जल्दी से वो सारे पैसे और गहने अपने पर्श में रखे और फिर अपने कपडे पहनकर वहाँ से निकल गई। इस बार मेरी किस्मत अच्छी थी कि मुझे कोई और नहीं मिला और ना ही वो भिखारी अपना थैला ढूँडते हुए वहाँ आये। मैं उस रेलवे यार्ड से निकलकर सीधे अपने होटल की तरफ बड गई। अपने रूम में जाकर मैं सबसे बाथरूम में जाकर फ्रैस हुई, और गर्म-गर्म पानी से नहाया।

गर्म गर्म पानी से अपने बदन को अच्छी तरह साफ करने के बाद मैं कपडे पहनकर बाथरूम से बाहर आ गई और फिर अपना लैपटॉप चैक करने लगी। गगन के मोबाईल का डाटा अभी भी पूरा ट्रांशफर नहीं हुआ था। इसलिए मैंने एक नजर घडी पर डाली सुबह के 5 बज चुके थे। इसलिए मैंने अपना लैपटॉप बापिस रखा और कंबल ओड कर सो गई। दोपहर करीब 11 बजे जब मेरी आँख खुली तो मैंने सबसे पहले रूम सर्विस पर कॉल किया। पिछले चार दिनों में मेरे काफी कपडे गंदे हो गए थे। जिन्हें लाऊंड्री में भिजवाना था। मेरे कॉल करने कुछ ही देर बाद रूम सर्विस बाला आ गया।

उसने सबसे पहले कमरे की और बाथरूम की अच्छे से सफाई। इस दौरान वो नजरें बाचाकर बार बार मुझे ही देखे जा रहा था। मैं पिछले चार दिन से उस आदमी को नोटिस कर रही थी। वो 23-24 साल का एक लडका था। जो देखने में तो काफी हैंडसम था, साथ ही साथ उसका शरीर भी अच्छा खासा गठीला था। मुझे तो वो कहीं से भी कोई रूम सर्विस बाला नहीं लग रहा था। पर फिर भी रूम सर्विस के लिए मेरे पास हर बार यही लडका आता था।

जबकि होटल में कई सारे स्टाफ मेम्बर थे। लेकिन पहले दिन जबसे इसने मुझे मात्र कैमिसोल और पैंटी में देखा था। तब से मेरे रूम में हर काम के लिए केवल यही आता था और नजरें बचाकर मेरे शरीर को निहारता रहता था। आज भी मैंने बाकी दिनों की तरह मात्र एक कैमिसोल और पेंटी पहनी हुई थी। तो मैंने मन ही मन सोचा क्यों ना थोडा इसके साथ मस्ती करूँ। इसलिए मैं उससे बोली

निशा- ये मिस्टर क्या नाम है तुम्हारा

वो लडका थोडा हडबडाकर बोला

“ज जी रघु“

उस लडके की बात सुनकर मैंने अपनी एक आईब्रो ऊपर करते हुए उसका नाम दोहराया

निशा- रघु हुम्म…

मेरे यूँ उसे देखने से रघू को लगा कि मुझे उसकी बात पर यकीन नहीं हो रहा है। इसलिे वो एक बार फिर हकलता हुए बोला

रघु- म मतलब राघवेन्द्र शर्मा… असल में रघु मेरा निकनेम है।

निशा- तो मिस्टर राघवेन्द्र उर्फ रघु मैं इतने दिनों से देख रहीं हूँ कि तुम जब भी यहाँ आते हो तो बस मुझे ही देखते रहते हो और हर बार तुम्हीं क्यों आते हो। बाकी का स्टॉफ भी तो है ना यहाँ

रघु- व वो असल में आपके रूम की सारी जिम्मेदारी मेरी है

निशा- और मुझे चुपके चुपके देखने का क्या मतलब है

मेरी बात सुनकर उसके चेहरे पर ऐसे भाव थे, जैसे मैंने उसकी कोई चोरी पकड ली हो। इसलिए वो हडबडाते हुए बोला

रघु- न नहीं तो… व वो आपको कोई गलत फहमी हो गई होगी

रघु की बात सुनकर मुझे हंसी आ रही थी। इसलिए मैं विस्तर से उठकर एक दम उसके पास चली गई और बोली

निशा- अच्छा तो यह बात है। मुझे तो लगा था शायद मैं तुम्हें पसंद हूँ। इसलिए तुम मुझे ऐसे चुपके चुपके देखते रहते हो। बैसे अगर ऐसा कुछ है तो बता सकते हो। मैं बुरा नहीं मानूंगी और ना ही किसी से कहूँगी

मेरी बात सुनकर शायद रघु को थोडी हिम्मत मिली। इसलिए वो बोला

रघु- अ आप सच में बहुत खूबसूरत हो... बिल्कुल किसी हीरोइन जैसी। तो पसंद तो सबको ही आओगी ना

निशा- और तुम्हें

रघु- मुझे भी मैम साहब

निशा- मैम साहब नहीं… मेरा नाम सपना नाम है

रघु- ज जी सपना मैम

निशा- अरे इतना डर क्यों रहे हो। मैं कोई खा थोडी ही जाऊँगी। बैसे एक बात बताओ मुझे देखकर तुम्हारे मन में क्या ख्याल आता है।

मेरी बात सुनकर रघु एकबार फिर हडबडाते हुए बोला

रघु- वो वो कुछ नहीं… कुछ भी तो नहीं….

रघु की बात सुनकर मैं उसके एकदम पास पहुँच गई और उसके एक हाथ को अपनी कमर पर ऱखते हुए बोली

निशा- सच मैं.... क्या मुझे छूने का मन नहीं करता तुम्हारा

मैं इस वक्त अपनी कमर पर रघु का हाथ कांपता हुआ महसूस कर रही थी। मुझे लगा कि उसे और हिम्मत की आवश्यक्ता है इसलिए मैंने उसका दूसरा हाथ भी अपनी कमर पर रख दिया। जिसके बाद बो कांपती आवाज में बोला

रघु- ज जी हाँ सपना जी… मुझे आपको छूने का बहुत मन करता है

निशा- और

रघु- और आपको किस करने का भी मन करता है

रघु की बाद सुनकर मैंने अपने होंठ एकदम उसके होंठों के पास कर दिये और फिर बोली

निशा- और

रघु- और आपको बहुत सारा प्यार करने का मन भी करता है

निशा- कैसे प्यार करने का मन करता है

मेरे उसके इतने करीब जाने से वो पूरी तरह से मदहोश हो चुका था और उसके अंदर का डर पूरी तरह से दूर हो चुका है। एक तरह से वो पूरी तरह से भूल चुका था कि वो कहाँ है और क्या करने आया है। इसलिए वो बिना किसी डर के वोला

रघु- आपको अपनी बाहों में भरकर चूमने का मन करता है। आपके पूरे बदन को चूमने और सहलाने का मन करता है

निशा- और

रघु- और आपके साथ सब कुछ करने का मन करता है

निशा- सब कुछ क्या

रघु- वो वो स सेक्स करने का मन करता है

निशा- मेरी अब तक शादी नहीं हुई है और ना ही कोई बॉयफ्रेंड है। तुम मुझे पहली नजर में ही पसंद पसंद आ गए थे। तभी तो मैं हर रोज केबल तुम्हारे लिए ऐसे कपडे पहनती हूँ। ताकि तुम मुझसे अपने प्यार का इजहार करो और मुझे ढेर सारा प्यार करो

मेरी बात सुनकर रघु तो जैसे खुशी से पागल ही हो गया। उसे तो उम्मीद ही नहीं थी कि मैं उसे ऐसा ऑफर भी दे सकती हूँ। हालाँकि मेरा ऐसा कुछ भी करने का कोई इरादा नहीं था। मैं तो बस उसके मजे ले रही थी और उसे थोडा खुश करना चाहती थी। ताकि अगर मुझे किसी काम की जरूरत पडे, तो वो मेरी हेल्प कर सके। बैसे तो मेरी मदद करने के लिए रवि और असलम थे, पर पता नहीं क्यों मुझे लग रहा था कि रघु भी बहुत काम का आदमी हो सकता है। मेरी बात सुनकर रघु खुश होते हुए बोला

रघु- तो क्या आप सच में मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी

निशा- अगर तुम मुझे प्रपोज करो तो मैं इस बारे में सोच सकती हूँ

मेरी बात सुनकर रघु ने तुरंत मेरे होंठो पर एक लाईट किस किया और बोला

रघु- अ आई लव यू सपना जी

रघु की इस हरकत पर मैं हंसते हुए बोली

निशा- धत् ऐसे भला कौन प्रपोज करता है।

मेरी बात सुनकर रघु थोडा उदास होते हुए बोला

रघु- तो फिर कैसे करते हैं

निशा- ओफ्हो तुम्हें तो कुछ भी नहीं पता, चलो मैं ही बताती हूँ। सबसे पहले अपने घुटनों के बल बैठो और कोई गिफ्ट मुझे देकर आई लव यू बोलो

मेरी बात सुनकर रघु कुछ देर सोचता रहा और फिर मुझे छोडकर बाहर जाने लगा तो मैंने उसे टोका

निशा- अरे कहाँ जा रहे हो। मुझे कोई गिफ्ट नहीं चाहिए तुम तो बस ऐसे ही मुझे प्रपोज कर दो

पर उसने मेरी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और बोला

रघु- एक मिनट सपना जी…. मैं बस अभी आया

इतना बोलकर वो कमरे से बाहर चला गया और सच में वो कुछ ही देर में बापिस भी आ गया। पर काफी लम्बी लम्बी सांसे ले रहा था। जिसे देखकर मैं समझ गई कि वो पक्का वो भागता हुआ गया था और भागता हुआ ही बापिस आया है। कुछ देर लम्बी लम्बी सांसे लेने के बाद जब वो थोडा रिलेक्स हुआ तो वो मेरे पास आया और अपने घुटनों के बल बैठकर एक गोल्ड की चेन, जिसमें एक डायमण्ड पेंडेंट भी लगा हुआ था, वो मुझे देते हुए बोला

रघु- आई लव यू सपना जी

मैंने वो चेन अपने हाथों में लेकर चैक की, तो वो मुझे असली गोल्ड की लग रही थी। उसे देखकर मैं हैरानी से बोली

निशा- ये कहाँ से लाए तुम

रघु- वो वो कुछ दिन पहले एक कस्टमर अपने रूम में छोड गई थी। इसलिए मैंने अपने पास संभालकर रखी हुई थी।

रघू की बात सुनकर मैं गुस्से में उसे घूरते हुए बोली

निशा- सच सच बताओ कहीं तुमने चोरी बगैरह तो नहीं की है ना

मेरे सबाल पर रघु तुरंत अपने एक हाथ से अपने गले को पिंच करते हुए बोला

रघु- अपनी अम्मा की कसम खाता हूँ सपना जी… मैंने कोई चोरी नहीं की है

रघू की बात सुनकर मुझे उसपर पूरा यकीन हो गया था। पर मैं उससे वो चेन नहीं ले सकती थी। क्योंकि वो काफी कीमती लग रही थी और जैसी हालत रघु की थी, उस हिसाब से मुझे पूरा यकीन था कि उसे इस वक्त पैसों की काफी जरूरत होगी। इसलिए मैं वो चेन उसे बापिस करते हुए बोली

निशा- नहीं रघू… मैं ये नहीं ले सकती हूँ। यह बहुत मंहगी लगती है। इसलिए यह तुम्हारे बहुत काम आयेगी

मेरी बात सुनकर रघु बोला

रघु- मैंम सहाब इस दुनिया में मेरा अब कोई नहीं है। गरीब आदमी हूँ, खाने पीने का सारा जुगाड होटल से हो जाता है। तो मैं भला इसका क्या करूँगा। बैसे भी अगर मैं इसे कहीं बेचने गया तो पक्का लोग मुझे चोर समझेंगे। इससे अच्छा है कि यह मैं आपको ही दे दूँ। अब आप सच में मुझे पसंद करती हैं या मेरे साथ केबल मजाक कर रहीं हैं। मैं नहीं जानता, पर मैं आपको पक्का बहुत ज्यादा प्यार करने लगा हूँ। प्लीज मना मत करना।

रघु की बात सुनकर मुझे उस पर दया आ गई, इसलिए मैंने उससे वो चेन ले ली। फिर उसके कंधे पकडकर उसे खड़ा होने का इशारा किया। उसके खड़ा होते ही मैंने उससे आई लव यू टू कहकर किस कर लिया।

कहानी जारी है.....
 
Update 018 -

जैसे ही मैंने रघु को किस किया तो उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मुझे चुमने लगा और मेरे पूरे शरीर को अपने हाथों से सहलाने लगा। मुझे इसमें काफी मजा आ रहा था। इसलिए मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी। उसने मेरे कैमिसोल को ऊपर करके मेरे बूब्स को चुमना और मेरे निप्पलस को चूसना शुरू कर दिया था। जिस कारण मेरे अंदर वासना बडने लगी। पर मैं अभी चुदवाने के बिल्कुल मूड में नहीं थी। इसलिए बोली

निशा- नहीं रघु अभी नहीं…. यह सब हम बाद में करेंगे

रघु- बस कुछ देर सपना जी… पक्का मैं आपको बस चूमूँगा और सहलाऊँगा, बाकि कुछ भी नहीं करूँगा। तब तक तो बिल्कुल भी नहीं, जब तक आप खुद नहीं कहेंगी।

रघु की बात सुनकर मैंने उसे नहीं रोका। जिसके बाद रघु ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी पेंटी नीचे खिसकाकर मेरी चूत चाटने लगा। मेरी चूत तो पहले से ही पानी छोड रही थी। कुछ देर उसके चाटने के बाद ही मैं झर गई। जिसके बाद रघु मुझसे अलग हो गया और जाने लगा तो मैंने उसका हाथ पकडकर रोक दिया। मुझसे प्यार करने के चक्कर में रघु भी कुछ ज्यादा ही एक्साईटेड हो गया था। जिस कारण उसका लण्ड पेंट के बाहर से भी साफ साफ दिखाई दे रहा था। मैंने अपने एक हाथ से उसके लण्ड को पकडा और बोली

निशा- ऐसे बाहर जाओगे तो सब को पता चल जाऐगा कि कमरे में कुछ गडबड हुई है। और तुम्हारा भी मन काम में नहीं लगेगा। रुको मैं इसे शांत करने में तुम्हारी हेल्प करती हूँ।

इतना बोलकर मैंने उसे दीवार से सटाकर खड़ा किया और उसके पेंट खोलकर उसका तना हुआ लण्ड बाहर निकला लिया। जो काफी बड़ा और मोटा था। इसके बाद मैं घुटनों के बल नीचे बैठ गई और उसे ब्लोजॉब देने लगी। रघु तो जैसे मजे के सातवें आसमान में पहूँच गया था। काफी देर तक उसको ब्लोजॉब देन का बाद अखिरकार वो भी झर गया। मैं उसका सारा पानी निगल गई और उसका लण्ड चाट चाट कर साफ कर दिया। अब तक मैं कई बार और कई लोगों को ब्लोजॉब दे चुकी थी। जिस कारण मुझे भी यह काम अच्छा लगने लगा था और बीर्य का टेस्ट भी मुझे अब अच्छा लगने लगा था। जब मैंने अपना काम कर दिया तो खडी हो गई। जिसके बाद ऱघु बोला

रघु- थैंक्स सपना जी... आज तक मुझे इतना मजा किसी ने नहीं दिया है और अभी तक तो हमने ज्यादा कुछ किया ही नहीं है।

रघू की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली

निशा- कोई बात नहीं… हम जल्द ही वो सब भी करेंगे। तुम अपना नम्बर दे दो मुझे।

मेरी बात सुनकर रघु ने अपना मोबाईल नम्बर मुझे दे दिया और मेरा नम्बर भी अपने मोबाईल में सेब कर लिया। उसके बाद मैंने उसे अपने कपडे धुलबाने के लिए लाऊंड्री बाले को देने के लिए कहा। तो वो खुशी खुशी मेरे कपडे लेकर चला गया। रघु के जाने के बाद मैंने भी अपने कपडे चेंज किए और ऑटो पकडकर पुलिस हेटक्वाटर पहूँच गई। वहाँ जाकर मुझे अली ट्रेलर की दुकान ढूँडने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। क्योंकि उसका काम केवल पुलिस यूनिफार्म सिलने का ही था। उसके पास जाकर मैंने उससे कहा

निशा- मुझे असलम ने आपके पास भेजा है

असलम का नाम सुनकर उसने मुझे एक गहरी नजर से देखा और फिर बोला

अली- अंदर बाले केविन में चलो मैं आता हूँ

असलम की बात सुनकर मैं चुपचाप उसकी दुकान के अंदर बाले केविन में चली गई। थोडी ही देर बाद अली भी अंदर आ गया और बोला

अली- अपने कपडे निकालो

अली की बात सुनकर मैं हैरानी से उसे देखने लगी और फिर बोली

निशा- क्या.... पर क्यों

अली- चिंता मत करो मैं कुछ नहीं करूँगा। मुझे बस तुम्हारा नाप लेना है। परफेक्ट फिटिंग के लिए

बैसे तो इतने सारे लोगों के सामने नंगे होने के बाद अब मुझे किसी के भी सामने कपडे उतारने में कोई शर्म नहीं रह गई थी। पर पुलिस हैडक्वाटर के पास एक 50-60 साल के आदमी के सामने कपडे उतारने में मुझे कुछ अजीब लग रहा था। पर फिर भी मैंने बिना किसी झिझक के आपने कपडे उतार दिए। मैं जैसे ही अपनी ब्रा और पेंटी उतारने लगी तो उसने मुझे रोकते हुए कहा

अली- इन्हें उतारने की जरूरत नहीं है

अली की बात सुनकर मैं रुक गई और चुपचाप खडी हो गई। जिसके बाद अली मेरा नाप लेने लगा। नाप लेने के बहाने बो मेरे पूरे शरीर को अच्छी तरह छूकर महसूस भी कर रहा था। मुझे अब इसमें मजा अने लगा था। जब अली ने अच्छी तरह से मेरा नाप ले लिया तो वो मुझे कपडे पहने की बोलकर बाहर आ गया। जिसके बाद मैंने जल्दी से अपने कपडे पहने और बाहर आ गई। मेरे बाहर आते ही उसने मेरा नाम पूछा तो मैंने उसे अपना नाम उसे बता दिया फिर उसने मेरा नाम बिल बुक में लिखा और बोला

अली- कम्प्लीट ड्रेस चाहिए या केबल यूनिफार्म

अली की बात सुनकर मैं थोडा कन्फ्यूज होते हुए बोली

निशा- मैं कुछ समझी नहीं

अली- मेरा मतलब है कि यूनिफार्म के साथ स्टार, नेमप्लेट बगैरह भी लगेगें, इसके अलावा पुलिस कैप, बैल्ट और शू भी साथ होंगे। तो अपको सब कम्पलीट करवाना है या केबल यूनिफार्म ही सिलवाना है।

अली की बात सुनकर मैंने सोचा कि बाकी का सामान कहां से खरीदती फिरूँगी, इसलिए मैंने कहा

निशा- कम्पलीट चाहिए

मेरी बात सुनकर अली बोला

अली- तो फिर अपने शू का नम्बर बता दो

जिसके बाद मैंने उसे अपने शू का नम्बर भी उसे बता दिया, जो उसने एक डायरी में नोट कर लिया और एक बिल मुझे देते हुए बोला

अली- शाम को 5 बजे के बाद ले जाना

मैं हैरानी से उसकी तरफ देखते हुए बोली

निशा- इतनी जल्दी

अली- अगर तुम एक लड़का होती तो मैं 1 घंटे में दे सकता था। लेकिन तुम्हारी यूनिफार्म में मुझे थोडी ज्यादा मेहनत करनी पडेगी।

अली की बात सुनकर मैंने एक नजर बिल पर डाली तो उसमें पेंमेंट के साथ नीचे लिखा हुआ था पेड बाय असलम भाई। मैं समझ गई कि इस बिल का पेमेंट असलम ही करेगा। तो मुझे कोई चिंता नहीं थी। इसलिए मैं वहाँ से सीधे अपने होटल रूम में आ गई। जिसके बाद मैंने अपना लैपटॉप चैक किया तो उसमें सारा डाटा ट्रांशफर हो चुका था। अभी मैं उसे देखने ही बाली थी कि तभी मेरा पर्सनल मोबाईल फोन रिंग होने लगा। जब मैं अपना पर्सनल मोबाईल चेक किया, तो उसमें मेरे बॉस का फोन आ रहा था। मैंने जैसे ही उनका फोन रिशीव किया तो दूसरी तरफ से आबाज आई

बॉस- कहाँ बिजी हो गई थी मिस निशा, आपने अब तक वहाँ की कोई रिपोर्ट भी नहीं भेजी है

निशा- सॉरी सर मैं बस आपको कॉल करने ही बाली थी।

बॉस- क्या रहा। प्राब्लम सॉल्ब हुई या नहीं

निशा- हाँ सर हो गई है। साथ साथ मैंने यहाँ के सर्वर और बाकि सिस्टम के हार्डवेयर भी अपग्रेड करवा दिए हैं। ताकि आगे चलकर कोई प्राब्लम ना आऐ

बॉस- गुड तो फिर कब बापिस आ रही हो

निशा- सर मैं सोच रही थी की एक दो दिन यहाँ अच्छी तरह से आब्जर्व कर लूँ तो ठीक रहेगा। क्योंकि अगर मेरे बापिस आने के बाद फिर से कोई प्राब्लम आई, तो फिर किसी ना किसी यहाँ आना पडेगा। बैसे भी मेरे टूर के हिसाब से 3 दिन अभी बाकी हैं।

मेरी बात सुनकर बॉस खुश होते हुए बोले

बॉस- गुड डिसीजन, लेकिन अब तुम 3 दिन बाद बापिस नहीं आ सकती हो

बॉस की बात सुनकर मैं थोडा हैरान होते हुए बोली

निशा- मतलब

बॉस- मतलब अभी तुम्हें 1-2 हफ्ता और वहाँ रूकना पडेगा

निशा- लेकिन क्यों सर

बॉस- एम.पी. में ही 2-3 लोकेशन और हैं, जहाँ पर कुछ प्राब्लम्स आ रहीं हैं। इसलिए मैं चाहता हूँ कि जब तुम वहाँ हो, तो उन्हें भी तुम हैण्डल कर लो, और हाँ तुम्हें 2-3 दिन के लिए इंदौर भी जाना पडेगा। वहाँ हमारी नई ब्रांच का काम चल रहा है। मैं चाहता हूँ कि तुम वहाँ जाकर एक बार बिजिट कर लो और अचछी तरह से ऑडिट करके वहाँ की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी हमें भेज देना।

निशा- लेकिन सर

बॉस- क्यों क्या हुआ.. कोई प्रॉब्लम है क्या

निशा- नहीं नहीं प्राब्लम तो कुछ नहीं है… मैं तो बस सोच रही थी कि अपना यह टूर पूरा करके मैं कुछ दिनों की छुट्टियाँ ले लूँ। आप तो जानते ही हैं कि मैंने इस साल एक भी छुट्टी नहीं ली है।

मेरी बात सुनकर बॉस मुझे समझाते हुए बोले

बॉस- ओफ्हो निशा… तुम ऐ कैसी बच्चों जैसी बातें कर रही हो। यहाँ मैं तुम्हें प्रमोट करने के बारे में सोच रहा हूँ और तुम छुट्टियों की चिंता कर रही हो। बैसे भी तुम्हारे हसबैंड तो आउट ऑफ इण्डिया है। फिर छुट्टियाँ किसके साथ सैलीब्रेट करोगी। हसबैंड के आने के बाद ले लेना छुट्टियाँ, मैं मना नहीं करूँगा। बैसे भी मैंने इस बार तुम्हारा नाम इम्प्लॉई ऑफ द ईयर के लिए पैनल के पास भेजा है।

बॉस की बात सुनकर मैंने कहा

निशा- थैंक्यू सो मच सर… लेकिन मुझे बाकई में कुछ दिनों के रेस्ट की आवश्यक्ता है।

बॉस- निशा तुम मेरी बात समझ क्यों नहीं रही हो। अच्छा कितने दिनों का रेस्ट चाहिए

निशा- सर वो वो मैं 1 महिने का प्लान कर रही थी। पर अगर आप 2 हफ्ता भी दे दें तो मैं मैनेज कर लूँगी

बॉस- लेकिन इतने दिनों के लिए छुट्टी लेने की क्या जरूरत है, वो तो मैं ऐसे ही मैनेज करवा दूँगा

निशा- मतलब

बॉस- देखो तुम अभी 2-3 दिन लगभग फ्री हो और मैं तुम्हारे नये टास्ट के हिसाब से 2 हफ्ते का टूर बडाने के बारे में सोच ही रहा था। बैसे तो मैं जानता हूँ कि इन सभी कामों को करने के लिए तुम्हारे लिए 1 हफ्ता ही काफी है। क्योंकि तुम कुछ ज्यादा ही वर्कोहॉलिक हो। पर अब मैं तुम्हारा टूर इस पूरे महिने के लिए फिक्स कर देता हूँ। आज 2 नबंबर है, तुम्हारे पास पूरे 28 दिन हैं, सारे टास्क कम्पलीट करने के लिए। इससे तुम्हारे वर्क रिपोर्ट में कोई लीव भी एड नहीं होगी। जिस कारण इम्पलॉई ऑफ द इयर की लिस्ट में इस साल पहली बार कोई लड़की टॉप पर होगी और तुम अपने सारे काम जल्दी से फिनिस करके छुटियों के मजे भी ले लेना। बैसे एम.पी. में बहुत सारी जगह हैं घूमने फिरने के लिए। तो बोलो मंजूर है

मुझे अपने बॉस का यह आईडिया पसंद आ गया था। बैसे भी मैं छुटियाँ लेकर बापिस भोपल आकर इजॉय करने का प्लान कर रही थी। जिसका मौका बॉस ने पहले से ही मुझे दे दिया था। बैसे भी मैं यहाँ 28 अक्टूबर को आई थी और आज 2 नबंबर है। 4 को मैं बापिस जाने बाली थी। उसकी जगह अब मुझे 30 को बापिस जाना है। यानि अब भी पूरे 28 दिन हैं मेरे पास मजे करने के लिए और फिर मुझे तो मजे बस रात में करने करने हैं। इसलिए दिन में मैं अपने बाकी काम आसानी निपटा लूँगी। बैसे भी टूर पर होने के कारण रेगुलर ऑफिश की तरह वर्क प्लेस पर जाने के लिए कोई टाईम बाऊंडेसन भी नहीं होता है। इसलिए मैंने तुरंत बॉस से कहा

निशा- जी सर… जैसा आपको ठीक लगे। मैं रेडी हूँ

मेरी बात सुनकर बॉस खुश होते हुए बोले

बॉस- तो फिर ठीक है… मैं तुम्हारे होटल की बुकिंग इस पूरे महिने के लिए बड़ा रहा हूँ। बाकी आने जाने का तुम अपने हिसाब से मैनेज कर लेना और बिल अकाउन्टेंड के पास जमा कर देना। तुम्हें टी.ए. एण्ड डी.ए. सैलरी के साथ रिफंड हो जाऐगा।

बॉस की बात सुनकर मैं खुश होते हुए बोली

निशा- जी सर

बास- तो फिर ठीक है… तुम्हें वहां पर कौन कौन से काम करने हैं, मैं उनकी डिटेल तुम्हें मेल कर देता हूँ। तुम अपने हिसाब से मैनेज करके मुझे रिपोर्ट भेज देना।

निशा- जी सर

इसके बाद बॉस ने फोन कट कर दिया। जिसके बाद मैं अपनी आँखें बंद करके आगे का प्लान बनाने लगी। आज सुबह मेरे साथ उन भिखारियों ने जो कुछ किया था, उससे मैं थोडा डर गई थी। इसलिए मैंने दोबारा रेलवे स्टेशन पर जाने क प्लान पूरी तरह से कैंसिल कर दिया था। बैसे भी असलम तो मुझे क्लाईंट देने ही बाला था और मेरे कुछ दूसरे क्लाईंटस ने भी मेरा नम्बर ले लिया था। जो मुझे कम से कम 1-2 बार कॉल जरूर करेंगे। इसके अलाबा रवि और रघु भी लाईन में लगे हुए थे। जिनके साथ तो मैं अब कभी भी मजे ले सकती थी।

मैं अभी यह सब सोच ही रही थी कि तभी मुझे गगन के मोबाईल के डाटा के बारे में याद आया, तो मैं उसे चैक करने लगी। गगन के मोबाईल में कई सारी लडकियों के पोर्न बीडियो थे, जो उसने उन्हें ड्रग देकर बनाए थे। वो सारी लडकियों मुझे कॉलेज स्टूडेंट लग रहीं थी। उन्हीं बीडियो में से एक बीडियो रश्मि का भी था। इसके अलाबा उसमें कई लडकियों के न्यूड फोटो भी थे। इन सबको अच्छी तरह से चैक करने के बाद मैने सोचा कि क्यों ना रवि से इस सब लडकियों के बारे में जानकारी ली जाऐ। इसलिए मैंने बिना देर किए रवि को कॉल कर के होटल में बुला लिया। उसे आने में अभी समय लगने बाला था। इसलिए मैंने अपना बीडियों दूसरे फोल्डर में ट्रांशफर करके प्ले कर दिया।

मैं असल में सेक्स के दौरान अपने फेश रियेक्सन देखना चाहती थी। पर कुछ देर ही बीडियो देखने के बाद मैं उत्तेजित हो गई और मेरा मन चुदने का करने लगा। तो मैंने डिसाईड किया कि आज तो रवि से अपना उद्घाटन करवा ही लेती हूँ। बाकी जो होगा देखा जाऐगा। पर अगले ही पल मुझे याद आया कि आज तो मुझे यहाँ के डी.जी.पी. के यहाँ जाना है। इसलिए अगर अभी रवि से चुदवा लिया तो रात तक मेरी चूत फिर से पूरी तरह से टाईट नहीं हो पायेगी।

जिस कारण मैंने आज रवि से चुदने का प्लान कैंसिल कर दिया और बस थोडी बहुत मस्ती करके, घूमने फिरने का प्रोग्राम मन ही मन सेट कर लिया।

कहानी जारी है....
 
Update 019 -

कुछ ही देर वाद रवि भी आ गया था। इसलिए मैंने हम दोनों के लिए कॉफी और कुछ स्नैक्स आर्डर कर दिऐ। उसके बाद मैं उसे गगन के मोबाईल का डाटा दिखाने लगी। जिसे देखकर वो काफी हैरान था। उन सब को देखने के दौरान हमारी कॉफी और खाने पीने का सामान भी आ गया था। जब रवि ने उन सभी को चैक कर लिया तो वो हैरानी से बोला

रवि- ऐ गगन तो बड़ा कमीना निकला

निशा- वो तो है

रवि- पर तुम्हें यह सब मिला कहाँ से

रवि की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली

निशा- तुम सपना द ग्रेट के साथ बैठे हो। ऐसे छोटे मोटे काम तो मेरे लिए चुटकी बजाने जैसे हैं।

रवि- मतलब

निशा- मतलब बस इतना है कि मैंने उसका मोबाईल हैक कर लिया है

मेरी बात सुनकर रवि बुरी तरह से हैरान होते हुए बोला

रवि- क् क्या… तुमने गगन का मोबाईल हैक कर लिया, पर कैसे और यह सब तो इल्लीगल है ना।

निशा- ओफ्हो डफर… हैकिंग मेरा पैशन है, तुम छोडो यह सब कि क्या किया कैसे किया लीगल इल्लीगल, और यह बताओ कि मैंने तुमसे गगन का पूरा बैकग्राऊंड पता करने के लिए कहा था। कुछ पता चला या नहीं

रवि- न नहीं

रवि की बात सुनकर मैं थोडा चिढते हुए बोली

निशा- हे भगवान…. तुम किसी काम के नहीं हो। एक काम बोला था वो भी नहीं हुआ तुमसे। खैर छोडो… मैंने पता किया है कुछ उसके बारे में

इतना बोलकर मैंने असलम की बताई सारी डिटेल उसे बता दी। जिसे सुनकर वो हैरान रह गया और बोला

रवि- पर तुम्हे यह सब कैसे पता चला

निशा- तुम्हारी तो सुई एक ही जगह पर अटक गई है। मैंने कहा ना कि यह सब छोडो, बैसे भी समय आने पर मैं तुम्हें सब बता दूँगी। बस एक बात मिस हो गई है मुझसे

रवि- वो क्या

निशा- गगन का एड्रेस नहीं ले पाई

मेरी बात सुनकर रवि तुरंत बोला

रवि- वो मुझे पता है

रवि की बात सुनकर मैं खुश होते हुए बोली

निशा- व्हॉट... थैंक्स गॉड कम से कम एक काम तो किया तुमने

मेरी बात सुनकर रवि थोडा चिढते हुए बोला

रवि- मैं उतना भी नाकारा नहीं हूँ। जितना तुम मुझे समझ रही हो। कल रात को वो आचानक मुझे मार्केट में मिल गया था। तो मैने उसका पीछा करके उसका एड्रेश पता कर लिया था।

रवि कि बात सुनकर मैंने शरारत से उसके लण्ड पर अपना हाथ फेरते हुए कहा

निशा- हाँ हाँ मुझे पता है कि तुम बहुत ज्यादा काबिल हो

रवि- बैसे अब तुम इन सब फोटो और बीडियो का करने क्या बाली हो

निशा- पता नहीं… मैंने अभी इस बारे में कुछ सोचा नहीं है। बैसे इन सभी बीडियो में जो लडकियाँ हैं, क्या तुम उनको जानते हो।

रवि- हाँ हाँ मैं उन सभी लडकियों को जानता हूँ। उनमें से एक लड़की तो एम.पी. के मिनस्टर की बेटी है और एक डी.जी.पी. यानि डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस की लड़की भी है, और पता है तुम्हें कि इन बीडियों में जो लडकियाँ हैं, उनमें से 3 लडकियों ने तो सुसाईड भी कर लिया है। अब तक तो मैं यही सोचता था कि शायद फैमिली प्राब्लम या पढाई में कम नम्बर आने के कारण उन्होंने ऐसा किया होगा। पर अब मुझे पक्का यकीन है कि गगन की ब्लैकमेलिंग से बचने के लिए उन तीनों ने ऐसा किया है।

रवि की बात सुनकर मैं बुही तरह से हैरान रह गई थी। मैंने तो बस यूँ ही गगन की डिटेल निकाली थी, ताकि मुझे पता हो कि मेरे जाने का बाद वो आगे चलकर मेरे लिए कोई प्राब्लम बन सकता है या नहीं। पर उसके साथ कुछ गलत करने का मेरा कोई इरादा नहीं था। पर अब जब मुझे पता चला कि इस पूरे काँड में मिनिस्टर और डी.जी.पी. की बेटियाँ भी सामिल हैं और 3 लडकियाँ सुसाईड भी कर चुकीं हैं, तो मैंने मन ही मन तय किया कि अब तो गगन को इसकी सजा मिलनी ही चाहिए।

बैसे भी उसने कल रात मुझे धोखे से ड्रग देकर और मेरा बीडियो बनाकर कर सीधे मुझसे पंगा ले लिया था। इसलिए अब मेरा दिमाग बहुत तेजी से काम करने लगा था। मैंने मन ही मन गगन के लिए एक प्लान बना रही थी पर उसके लिए मुझे कुछ और जानकारी चाहिए थी। साथ ही साथ मुझे अपने प्लान को पूरा करने के लिए रवि के अलावा कुछ और लोगों की हेल्प की भी जरूरत थी। इसलिए मैंने रवि से पूछा

निशा- क्या तुम मुझे इन सभी लडकियों से मिलवा सकते हो

मेरी बात सुनकर रवि तुरंत बोला

रवि- हाँ हाँ क्यों नहीं… पर तुम क्या करने बाली हो... क्या तुम भी गगन की तरह उन सभी को ब्लैकमेल करने बाली हो

रवि की बात सुनकर मैं उसे गुस्से में घूरते हुए बोली

निशा- तुम्हारा दिमाग खराब है क्या.... तुमने मेरे बारे में ऐसा सोचा भी कैसे

मेरी बात सुनकर रवि झेंपते हुए बोला

रवि- सॉरी….. वो मेरा दिमाग कुछ ठीक से काम नहीं कर रहा है। बेचारी उन सुसाईड करने बाली लडकियों के बारे में सोच सोच कर मेरा दिमाग खराब हो रहा है।

निशा- कोई बात नहीं मेरा भी यही हाल है। मैं तो बस गगन को सबक सिखाना चाहती हूँ और उन सभी लडकियों को इंसाफ दिलाना चाहती हूँ।

रवि- पर कैसे... गगन के पास तो सारी लडकियों के बीडियो और फोटो हैं। इसलिए कोई भी लड़की उसके खिलाफ नहीं जाऐगी। और अगर हम पुलिस के पास गए तो सभी लडकियों की बदनामी भी होगी। तुम खुद ही सोचो कि अगर पुलिस से इस मामले का हल निकलता, तो खुद डी.जी.पी. की लड़की अब तक गगन को सबक सिखा चुकी होती। सबको अपनी इज्जत प्यारी होती है।

निशा- वो सब तुम मुझ पर छोड दो। बस इतना बताओ कि सुसाईड करने बाली लडकियाँ कौन हैं और तुम बाकि लडकियों से मुझे कब मिलबा सकते हो।

रवि- जब तुम कहो मैं तुम्हें उनसे मिलवा दूँगा

इतना बोलकर उसने उन तीन लडकियों कि डिटेल मुझे दे दी और उनके फोटो भी दिखा दिए। बो तीनों लडकियाँ काफी खूबसूरत और 20-21 साल की थीं। जो एक मिडिल क्लास फैमिली को ब्लॉग करतीं थीं। उनके माता पिता ने दूसरों के कर्जा लेकर अपनी लडकियों को पढाया लिखाया था, ताकि वो आगे जाकर कुछ बन सकें। सारी जानकारी लेने के बाद मैंने अपना पूरा प्लान तैयार कर लिया था। जिसके बाद मैंने रवि से कहा

निशा- तो फिर ठीक है…. तुम्हारे पास कोई ऐसी जगह है जहाँ कोई आता जाता ना हो और उन लडकियों से एक साथ मिलने पर किसी को कुछ पता ना चले

रवि- हाँ मेरा एक फार्म हाऊस है। हम वहाँ मिल सकते हैं

रवि की बात सुनकर मैंने घडी में समय देखा तो दोपहर के 2 बज रहे थे। जिसके बाद मैं बोली

निशा- ठीक है तो फिर आज शाम 5-6 बजे के आस पास, तुम सभी लडकियों को वहाँ बुलबा लो और हाँ उनसे बोलना कि किसी को भी अपने साथ लाने की जरूरत नहीं है। बैसे भी हमें वहाँ ज्यादा समय नहीं लगेगा।

रवि- ठीक है मैं अरेंज्ड कर दूँगा

निशा- और हाँ मुझे सुसाईट करने बाली उन तीनों लडकियों के घर बालों से भी मिलना है।

रवि- मेरे फार्म हाऊस के रास्ते मैं ही उनका मकान है। हम यहाँ से थोडा पहले निकल जाऐंगे और रास्ते में उनसे मिल भी लेंगे

निशा- चलो ठीक है.. तो तुम जाकर मीटिंग अरेन्ज करो, तब तक मैं कुछ देर सो लेती हूँ

इतना बोलकर मैं सोफे से उठ खडी हुई और बिस्तर की तरफ जाने लगी, तो रवि भी खड़ा होकर मेरे पास आकर बोला

रवि- क्या कहा सोना है... अरे पर इस समय कौन सोता है

निशा- मैं और कौन…. अब जाओ

रवि- हाँ जा रहा हूँ…. पर एक बार किस तो करने दो

निशा- रवि प्लीज जाओ ना

रवि- प्लीज बस एक किस

निशा- मुझे पता है कि तुम एक किस में नहीं मानने बाले

पर रवि ने मेरी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और मुझे अपनी बाहों में भरकर किस करने लगा और अपने दोनों हाथ मेरी गाँड पर रख कर उन्हें मसलने लगा। मुझे अब इस सबकी आदत हो गई थी। इसलिए मैं भी अपनी किस इंजाय करने लगी। कुछ ही देर में मुझे उसका लण्ड अपनी चूत से थोडी ऊपर महसूस होने लगा। जिस कारण मैं समझ गई कि अब वो ऐसे नहीं मानने बाला और अगर यह मेरी चुदाई में लग गया तो टाईम खराब होने के साथ साथ मेरी डी.जी.पी. के साथ बाली मीटिंग भी बेकार हो सकती है।

इसलिए मैंने उसे धक्का देकर दीवाल से टिका दिया और फिर उसका पेंट खोलकर उसे ब्लोजॉब देने लगी। मेरा ऐसा करते ही रवि चुपचाप अपनी आँखें बंद करके मजा लेने लगा। मैं अब तक इस काम में अच्छी खासी माहिर हो गई थी, इसलिए मैंने उसके लण्ड को चूसने के साथ साथ उसकी बॉल्स को भी सहलाना सुरू कर दिया था। जिस कारण वो अपने ऊपर कंट्रोल नहीं रख पाया और जल्द ही झर गया। इतनी जल्दी झऱने से बो बुरी तरह से हैरान था और बोला

रवि- ऐ क्या हूआ…. मैं आज इतनी जल्दी कैसे…

उसकी बात पूरी होने से पहले ही मैंने उससे कहा

निशा- टेंशन मत तो... मुझे बस तुम्हारे कुछ बीक पाईंट पता चल गए हैं।

मेरी बात सुनकर रवि हैरान होते हुए बोला

रवि- क्या... पर कैसे… हमने तो अब तक कुछ किया भी नहीं है

रवि की बात सुनकर मैं उसे टालते हुए बोली

निशा- अब छोडो यह सब और जाकर मीटिंग का इंतजाम करो

अब बेचारा रवि क्या करता मैं तो उसे पहले ही ठण्डा कर चुकी थी। इसलिए वो चुप चाप वहाँ से चला गया। रवि के जाते ही मैंने अपना लैपटॉप उठाया और अपने बीडियो की एक कॉपी बनाकर उसे एडिट करने लगी। मैंने उसमें से अपना चेहरा हटाकर उन मरी हुई लडकियों में से एक लडकी का चेहरा सेट कर दिया। बैसे तो यह काम काफी ज्यादा टाईम कन्यूमिंग है, लेकिन मेरे पास कुछ स्पेशल बीडियो एडिटिंग साफ्टवेयर थे, जिनकी हेल्प से यह काम कुछ ही मिनटों में हो गया था। इसके साथ साथ मैंने बाकी की दो लडकियों को भी अपने बीडियो में बिस्तर के दोनों तरफ खड़ा कर दिया था।

जिससे वो बीडियो देखने में ऐसा लग रहा था जैसे गगन उन मरी हुई लडकियो में से किसी एक के साथ चुदाई कर रहा है और बाकी दोनों लडकियाँ बिस्तर के दोनों तरफ खडी होकर यह सब देख रहीं हैं। इसके अलाबा मैंने उस बीडियो की ऑरीजनल वॉईस म्यूट करके एक हॉरर म्यूजिक उसमें एड कर दिया था। जिस कारण वह बीडियो और भी ज्यादा डरावना लगने लगा था। फिर मैंने एक सॉफ्टवेयर की हेल्प से टाईप करके लडकी की डरावनी आवाज में एक मैसेज रिकार्ड किया

“हम बापिस आ गये हैं गोगी... तूने हमारे साथ जो किया था उसका बदला लेने। तेरा बाप भी कमीना था जो जेल में सड रहा है। अब या तो तू अपने सारे गुनाह कबूल करके जेल में अपने बाप से साथ जाकर सड या फिर हम तुम्हें कुत्ते की मौत मार देंगे.... हा हा हा हा”

इस मैसेज को ऑडियो में रिकार्ड करने के बाद मैंने उस ऑडियो को भी बीडियो में एड कर दिया। बैसे तो उस बीडियो की लेंथ करीब 1 घंटे से ज्यादा की थी। लेकिन मैंने उसे एडिट करके करीब 15-20 मिनट का कर दिया था। सारा काम खत्म करने के बाद मैंने फिर से गगन का मोबाईल हैक किया और यह बीडियो उसके मोबाईल में स्टोर कर दिया। क्योंकि मैं जानती थी कि घर पर जाकर उसने जरूर अपना मोबाईल चैक किया होगा पर उसे कल रात का रिकार्ड किया गया बीडियो नहीं मिला होगा।

इसलिए वो जरूर परेशान हो रहा होगा और बो जरूर बार बार अपने मोबाईल की गैलरी चैक कर रहा होगा। जैसे ही वो बीडियो गगन के मोबाईल में स्टोर हुआ, तो मैं उसकी डिबाईस डिसकनेक्ट करने बाली थी। पर तभी उसके मोबाईल पर किसी जफर भाई का मैसेज आया। जिसमें कल रात यानि 3 नबम्बर को इंदौर हाईवे के एक ढावे पर किसी ट्रक में पार्सल आने की बात लिखी थी, जो रात 1 बजे आने वाला था। उस ट्रक और ढावे की डिटले भी उस मैसेज में थी। साथ ही साथ एक पार्सल कोड भी लिखा हुआ था।

शायद उस कोड को बताने पर ही वो ट्रक बाला गगन को पार्सल देगा। इसके अलावा वो पार्सल लेकर गगन को जिस जगह डिलेवर करना था, वह एड्रेस भी उस मैसेज में था। उस मैसेज को पढकर मैंने तुरंत उसे कॉपी कर लिया। मैंने मन ही मन सोचा कि जरूर उस पार्सल में कोई गैर कानूनी समान होगा। अगर मैं उस पार्सल को गायब कर दूँ तो पक्का यह जफर भाई और वो आदमी जिसके पास यह पार्सल पहूँचाना है, वो गगन के पीछे पड जाऐंगे। जिस कारण मजबूरी में गगन को यह शहर छोडकर भागना होगा।

इसलिए मैंने उस मैसेज को तुरंत गगन के मोबाईल से डिलीट कर दिया। ताकि गगन को उस पार्सल के बारे में कुछ पता ही ना चले और मैं जाकर वो पार्सल ले लूं। जैसे ही मैं यह सब काम खत्म करके फ्री हुई, ठीक तभी मेरे पास रवि का कॉल आया। उसने बाताया की मीटिंग का इंतजाम हो गया है और शाम को 5 बजे का टाईम फिक्स किया है। इसलिए वो मुझे लेने आ रहा है। बैसे भी हमें उन मरी हुईं लडकियों के घर बालों से भी मिलना था। इसलिए हमें जल्दी निकलना होगा।

फोन कट होते ही मैं तुरंत बाथरूम में घुस गई। करीब 15 मिनट बाद हम लोग रवि के फार्म हाऊस की तरफ जा रहे थे। रास्ते में मैंने रवि से गगन के घर के बारे में पूछा तो उसने मुझे गगन का घऱ भी मुझे दिखा दिया था और उस इलाके के बारे में भी अच्छी तरह से समझा दिया था। गगन का घर एक न्यू डेबलप कॉलोनी में था। जहाँ आस पास ज्यादा घर नहीं थे। मेरी नजर में बो इलाका गलत कामों के लिए एक दम परफेक्ट था। गगन के घऱ को देखने और वहाँ आने का रास्ता अच्छी तरह समझने के बाद हम लोग उन तीनों लडकियों के घऱ पर भी गए।

वहाँ मैंने अपने आपको उन तीनों लडकियों की फ्रेंड के रूप में इन्ट्रोड्यूज किया और उन लडकियों के बारे में उनके माता पिता से पूरी जानकारी ली। उन तीनों के घऱ बालों को उनके सुसाईड के बारे में कुछ भी नहीं पता था और सबसे बडी बात तो यह थी कि वो तीनों लडकियाँ बाकई में काफी गरीब घर से थीं। मुझे उनके घरबालों पर काफी दया आ रही थी। एक पल के लिए तो मेरे मन में ख्याल आया कि इतने दिनों में मैंने जो भी कमाया है वो सारा ही उन तीनों की फैमिली को दे दूँ।

पर अलगे ही पल मैंने सोचा की बाकि की लडकियों का क्या। जब मैं उनकी इतनी मदद कर रही हूँ तो उनका भी फर्ज बनता है कि वो अपनी मरी हुई दोस्तों की फैमिली की कुछ हेल्प करें। बैसे भी अगर आसानी से उन्हें अपनी मुसीवत से छुटकारा मिल गाऐगा तो वो लोग फिर से गलत रास्ते पर चल देंगी। इसलिए मैं उन तीनों लडकियों की फैमिली की हेल्प बाकी की लडकियों से करवाने का पूरा मन बना चुकी थी।

कहानी जारी है ......
 
Update 020 -

उन तीनों के घर से निकलने के बाद हम सीधे रवि के फार्म हाऊस पर पहुँचे। वहाँ पहूँचकर मैंने समय देखा तो शाम क 5 बजने में अभी 30 मिनट का समय बाकी था। इसलिए मैं वहाँ पर रवि के साथ कुछ देर मस्ती करने के बारे में सोच ही रही थी कि तभी एक ऑटो की आवाज सुनाई दी। जब हमने बाहर जाकर देखा तो रश्मि उस फार्म हाउस में आ रही थी। रश्मि को वहाँ इतनी जल्दी आते देख मैंने रवि को एक नजर देखा तो वो हडबडाते हुए तुरंत बोला

रवि- मैंने ही उसे यहाँ जल्दी आने के लिए कहा था। वो अभी भी गगन की गर्लफ्रेंड है। इसलिए मुझे उसपर पूरा यकीन नहीं है। क्या पता कि वो यहाँ की सारी बातें गगन को बता दे। इसलिए मैं चाहता हूँ कि बाकि लडकियों के आने से पहले उससे इस बारे में बात की जाऐ।

मुझे रवि की बात ठीक लगी। इसलिए मैंने रवि से कहा

निशा- ठीक है…. लेकिन रश्मि से मैं अकेले में बात करूँगी

मेरी बात सुनकर रवि ने कुछ भी नहीं कहा और चुपचाप फार्महाऊस के अंदर चला गया। तब तक रश्मि फार्महाऊस के अंदर गार्डन में आ चुकी थी। इसलिए मैंने मुस्कुराते हुए कर रश्मि की तरफ अपना हाथ बड़ा दिया। रश्मि अब भी मुझसे नाराज थी, इसलिए उसने थोडा झिझकते हुए मुझसे हाथ मिलाया। फिर मैंने उसे वहीं गार्डन में रखी चेयर पर बैठने के लिए कहा। तो मेरी बात सुनकर चुपचाप मेरे साथ वहीं गार्डन में बैठ गई। कुछ देर की खामोशी के बाद मैंने बात की शुरूआत करते हुए उससे कहा

निशा- देखो रश्मि मैं जानती हूँ कि तुम मुझसे नाराज हो, क्यों हो मुझे पता नहीं। क्योंकि जितना मैं जानती हूँ कि मैंने तुम्हारे साथ कुछ भी गलत नहीं किया है। अब रही बात तुम्हारे और रवि के रिलेशन की, तो इसके बारे में मैं सब जानती हूँ, और मैं यह भी जानती हूँ कि तुम अभी गगन के साथ हो। यानि अभी तक उसकी गर्लफ्रेंड हो।

मेरी बात सुनकर रश्मि गुस्से में बोली

रश्मि- हूँ नहीं थी... पहले तुमने मुझसे रवि छीना और अब गगन भी छीन लिया

निशा- देखो रश्मि मैंने रवि को तुमसे नहीं छीना है। बल्कि तुमने ही रवि को छोडा था। रही बात गगन की तो मैं बस गगन से 1-2 बार ही मिली हूँ, वो भी तुम लोगों के सामने और तुमने खुद अपनी आखों से देखा है कि मैंन उससे सही से बात भी नहीं की थी। तो फिर उसे छीनने का सबाल ही नहीं उठता है। बैसे भी तुम शायद गगन की सच्चाई नहीं जानती हो। अगर जानती होती तो गगन के तुमसे दूर होने पर खुश होती ना कि दुखी।

मेरी बात सुनकर रश्मि गुस्से से चिढते हुए बोली

रश्मि- मुझे तुमसे ज्यादा ज्ञान लेने की कोई जरूरत नहीं हैं। मैं यहाँ बस रवि के कहने पर आई हूँ। अगर मुझे पहले पता होता कि तुम भी यहाँ हो, तो मैं यहीँ बिल्कुल भी नहीं आती।

रश्मि की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली

निशा- देखो रश्मि मेरी बात ध्यान से सुनो, उसके बाद ही अपना फैसला लेना। तुम मेरे और गगन के बारे में जो कुछ भी सोच रही हो वो सब गलत है। अगर कुछ है भी तो शायद गगन की तरफ से ही है। मैं इसमें बिल्कुल भी इन्बाल्व नहीं हूँ।

रश्मि- तो फिर वो मुझसे दूर क्यों हो रहा है।

निशा- गगन की बात हम कुछ देर बाद करेंगे, पहले हम तीनों यानि मेरे तुम्हारे और रवि के बारे में बात करते हैं।

रश्मि अब भी मुझसे नराज थी, इसलिए वो गुस्से में ही मुझसे बोली

रश्मि- क्या बात करनी है

निशा- तुम मेरे और रवि के बारे में जैसा सोचती हो, बो सब सच नहीं है। हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं

मेरी बात सुनकर रश्मि मेरा मजाक बनाते हुए बोली

रश्मि- बस दोस्त.... वाह क्या बात है। तुम्हें याद है जब हम लोग बडा तालाब पर मिले थे और रवि तुम्हारे पिछबाडे पर अपने हाथों से जो कलाकारी कर रहा था, वो मैंने अपनी आँखों से देखा था। भला कौन दोस्त ऐसा करता है।

रश्मि की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली

निशा- वो तो बस तुम्हें जलाने के लिए था, तुम चाहो तो हमारे रिलेशन को दोस्ती से ऊपर यानि तुम मुझे रवि की हॉफ गर्लफ्रेंड भी मान सकती हो। पर मैं जानती हूँ कि हमारा रिलेशन ज्यादा नहीं चलने बाला या चलेगा भी तो हम इससे आगे नहीं बड सकते हैं, और यह बात मैं रवि को पहले भी बता चुकी हूँ। अब करते हैं तुम्हारी बात तो तुम चाहो तो रवि के पास बापिस जा सकती हो। पर तभी जब रवि तुम्हें दिल से एक्सेप्ट कर ले। मैं तुम दोनों के बीच में नहीं आऊँगी। लेकिन जोर जबरदस्ती से पाया गया प्यार कभी सफल नहीं होता।

मेरी बात सुनकर रश्मि उम्मीद भरी नजरों से मुझे देखने लगी लेकिन इससे पहले वो कुछ कहती मैंने दोबारा बोलना शुरू कर दिया

निशा- अगर मेरी सलाह मानो तो तुम इन सब बातों को छोडकर अपनी पढाई पर ध्यान दो और उसके बाद अपने कैरियर पर। रही बात प्यार और शादी की, तो अभी तुम्हारी उम्र ही क्या है। तुम खूबसुरत हो और समझदार भी, अगर तुमने अपना खुद का मुकाम हासिल कर लिया, तो रवि और गगन जैसे कई लडके तुम्हें मिलेंगे। जिनमें से बेस्ट लडके को सिलेक्ट करने की च्वाईस हमेशा तुम्हारे पास रहेगी।

शायद मेरी बातें अब रश्मि को समझ में आने लगीं थी और वो मुझसे इम्प्रेश भी होने लगी थी। इसलिए वो बोली

रश्मि- लेकिन तुम यह सब बातें मुझे क्यों बता रही हो

निशा- क्योंकि कुछ समय पहले तक तुम रवि की सबसे अच्छी दोस्त थी, इसलिए मैं नहीं चाहती कि मेरे दोस्त की दोस्त किसी गलत रास्ते पर जाऐ या किसी मुसीबत में पडे

मेरी बात सुनकर रश्मि थोडा कन्फ्यूज होते हुए बोली

रश्मि- मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है कि तुम क्या कह रही हो

निशा- तुम्हें अच्छी तरह से समझ में आ रहा है कि मैं क्या कह रही हूँ।

रश्मि- क्या तुम गगन के बारे में बात कर रही हो

निशा- हाँ... मैं जानती हूँ कि तुम गगन के साथ फिजीकल रिलेशन बना चुकी हो

रश्मि- नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।

निशा- ऐसा ही है, पर शायद अभी तुम्हें इस बारे में कुछ भी याद नहीं है। अच्छा चलो मैं याद दिला देती हूँ। एक शाम तुमने और गगन ने साथ में ड्रिंक की थी। मेरे ख्याल से शायद तुम्हारे वर्थडे बाले दिन की बात है। डेट क्या थी हाँ याद आया 21 अक्तूबर को। यह तो याद है ना

मेरी बात सुनकर रश्मि बुरी तरह से हैरान होते हुए बोली

रश्मि- हाँ… लेकिन तुम्हें इस बारे में कैसे पता चला

निशा- क्योंकि मैं भूत हूँ

इतना बोलकर मैं हंसने लगी और फिर दोबारा सीरियस होते हुए बोली

निशा- टेंशन मत लो, मैं बस मजाक कर रही हूँ। मुझे इस बारे में कैसे पता चला, यह बात फिलहाल मायने नहीं रखती है। मायने यह रखता है कि ड्रिंक करने के बाद तुम्हारे साथ क्या हुआ… क्या तुम्हें इस बारे में कुछ भी याद है….

मेरी बात सुनकर रश्मि ना में अपना सिर हिलाते हुए बोली

रश्मि- नहीं… ज्यादा कुछ नहीं बस इतना ही याद है कि ड्रिंक करने के बाद मैं और गगन उसकी कार से घूमने गए थे। पर कहाँ गए थे और कब तक घूमते रहे, इस बारे में मुझे कुछ भी याद नहीं है, और हाँ सुबह जब मेरी आँख खुली तो मैं अपने घर पर थी।

निशा- असल में ड्रिंक करते समय गगन ने तुम्हारी ड्रिंक में ड्रग मिला दी थी। जिसके बाद तुम गहरे नशे में चली गई थी। फिर वो तुम्हें किसी होटल में या फिर अपने घर ले गया था। जहाँ उसने तुम्हारे नशे में होने का फायदा उठाकर तुम्हारे साथ सेक्स किया और तुम्हारा पोर्न बीडियो भी रिकार्ड कर लिया था।

मेरी बात सुनकर रश्मि बुरी तरह से चौंकते हुए बोली

रश्मि- नहीं…. ये गलत है। गगन ऐसा नहीं कर सकता। वो इतना गिरा हुआ इंसान बिल्कुल भी नहीं है।

निशा- रश्मि अभी तुम जानती ही क्या हो उसके बारे में, कुछ भी तो नहीं। उसने बस कुछ पैसे तुमपर उडा दिए, तो वो तुम्हारी नजरों में एक अच्छा लड़का हो गया। तुमसे पहले भी उसकी कई गर्लफ्रेंड रह चुकी हैं और उनके साथ भी वो यही सब कर चुका है। बैसे क्या तुम जानती हो कि वो ऐसे बीडियो रिकार्ड करने के बाद क्या करता है।

मेरी बात सुनकर रश्मि ने इसबार फिर ना में अपना सिर हिला दिया तो मैंने कहा

निशा- नहीं पता ना, तो सुनो मैं बताती हूँ वो पहले जी भऱकर लडकियों के साथ खेलता है और जब उसे कोई दूसरी लड़की मिल जाती है, तो पहली बाली लडकी को छोडकर उसे बीडियों लीक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता है और उससे पैसे लेता है। वही पैसे वो दूसरी लडकियों को फंसाने में यूज करता है, और जो लड़की उसे पैसे नहीं दे पाती है उसे गगन कार्लगर्ल बनाकर दूसरों के साथ सोने पर मजबूर करता है। तुम्हारी तीन क्लासमेट्स जिन्होंने सुसाईड किया था, वो भी पहले गगन की गर्लफ्रेंड थी। बेचारी गरीब थी, जिस कारण वो गगन को पैसे नहीं दे सकती थीं। इसलिए बेचारियों को कॉलगर्ल बनकर गलत काम करना पडा। वो तीनों यह जिल्लत ज्यादा समय तक बरदास्त नहीं कर पाईं और सुसाईड कर लिया।

मेरी बात सुनकर रश्मि बुरी तरह डर गई थी। क्योंकि वो गगन को पैसे देने की स्थिती में बिल्कुल भी नहीं थी। अगर मेरी बात सही निकली तो उसे भी कॉलगर्ल बनना पडेगा। बस यही सोचकर उसकी हालत खराब हो रही थी। पर अब भी वो दिल से गगन की सच्चाई एक्सेप्ट नहीं कर पा रही थी। इसलिए बोली

रश्मि- नहीं यह सब झूठ है। तुम मेरा और गगन का ब्रेकअप करवाना चाहती हो। इसलिए यह सब बोल रही हो ना। मैं सब जानती हूँ…. बैसे भी तुम्हारे पास इन सब बातों का कोई प्रूफ नहीं है।

पर मैने रश्मि की आखरी उम्मीद भी तोड दी और बोली

निशा- यही सच है रश्मि। रही बात सबूत की तो मेरे पास गगन के बानाए सारे बीडियों हैं, जिनमें उन तीन लडकियों और तुम्हारा भी बीडियो सामिल है। तुम चाहो तो मैं तुम्हें अभी दिखा सकती हूँ।

इतना बोलकर मैंने अपने मोबाईल फोन में एक एक करके उन तीनों लडकियों और रश्मि का खुद का बीडियो उसे दिखाया। जो मैं पहले ही अपने मोबाईल में ट्रांशफर कर चुकी थी। क्योंकि मैं जानती थी। कि कुछ लडकियों को कन्बिंस करने के लिए मुझे उनके बीडियो दिखाने पड सकते हैं। उन बीडियों को देखकर रश्मि की आँखें फटी रह गई थी। उसके पशीने छुटने लगे थे और आँखों में आँशू थे। मैं समझ गई की यही समय है जब मैं उसे सही फैसला लेने के लिए तैयार कर सकती हूँ। इसलिए मैं बोली

निशा- अब तो यकीन हो गया ना तुम्हें कि मैं सच बोल रही हूँ या झूठ

मेरी बात सुनकर रश्मि रोते हुए बोली

रश्मि- मुझे नहीं पता था कि गगन इतना कमीना निकलेगा। लेकिन तुम्हारे पास ऐ सारे बीडियो कहाँ से आये

निशा- मैंने कहा ना कि यह मायने नहीं रखता कि मुझे क्या और कैसे पता है। मायने यह रखता है कि सारा सच जानने के बाद अब तुम क्या चाहती हो।

मेरी बात सुनकर जब रश्मि सोचने लगी तो मैं बोली

निशा- फैसला तुम्हें ही करना है रश्मि। गगन को सबक सिखाने में हमारा साथ देना है या गगन की कठपुतली बनकर रहना है। बैसे अगर अब भी तुम्हें यकीन ना हो तो तुम खुशी खुशी यहाँ से जा सकती हो और गगन को इस बारे में सब कुछ बता भी सकती हो। इससे मुझपर कोई फर्क नहीं पडेगा। हाँ बाकि लडकियाँ जो गगन के चुंगुल में अब भी फंसी हैं, वो भी शायद एक एक कर के तुम्हारी तीनों दोस्तों की तरह सुसाईड कर लें। जो तीन लडकियाँ मर चुकी हैं, उनकी मौत का जिम्मेदार भले ही केवल गगन है, पर अब अगर किसी और ने यह कदम उठाया, तो उसकी मौत की जिम्मेदार तुम भी होगी। लेकिन हमारा साथ देने के बाद तुम्हें अपनी गलती सुधारने का एक मौका मिल सकता है और अपनी जिंदगी नये सिरे से शुरू करने का मौका भी तुम्हें मिल सकता है। इसके अलावा हो सकता है कि हमारा साथ देने पर रवि तुम्हारे पास फिर से बापिस आ जाए।

मेरी बात सुनकर रश्मि निराश होते हुए बोली

रश्मि- नहीं… रवि अब कभी भी मेरे पास बापिस नहीं आयेगा। मैं जानती हूँ और मैं खुद भी अब उसके साथ नहीं रहना चाहती। क्योंकि अब मैं उसके लायक नहीं रही हूँ। हमारे रिश्ते का अंत जिस तरह से हुआ है, उसके बाद हम एक हो भी जाऐं तो भी कभी ना कभी यह बात फिर सामने आ सकती है। जिससे हम दोनों की ही जिंदगी खराब हो जाऐगी।

निशा- तो फिर अब तुम क्या चाहती हो

मेरे सबाल पर रश्मि अपने आँशुओं को पोंछते हुए बोली

रश्मि- मैं गगन को बर्बाद करके अपनी सहेलियों को इंसाफ दिलाना चाहती हूँ और अपना बदला लेना चाहती हूँ। क्योंकि मेरे और रवि के रिश्ते को बर्बाद करने में गगन का ही हाथ है। अपना बदला लेने के बाद मैं नये शिरे से अपनी जिंदगी की शुरूआत करूँगी।

निशा- एक बार फिर सोच लो। एक बार मेरे साथ आने के बाद बापिस जाने का कोई रास्ता नहीं है और अगर तुमने हमें धोखा दिया तो उसकी सजा भी तुम्हें मिलेगी।

रश्मि- मैं अपनी मरी हुई सहेलियों और अपने माता पिता की कसम खाकर कहती हूँ कि मैं ना तो पीछे हटूँगी और ना ही तुम लोगों को कभी धोखा दूँगी।

मैने रश्मि की आँखों में झाँका तो उनमें मुझे सच्चाई नजर आ रही थी। इसलिए मैंने उसका हाथ पकडा और उसे अपने साथ फार्म हाऊस के अंदर ले गई।

कहानी जारी है.....
 
Update 021 -

अंदर जाकर मैंने रवि को भी सब बता दिया। कुछ ही देर बाद बाकि लडकियाँ भी वहाँ आ गई थी। अब उस फार्म हाऊस में मेरे रवि और रश्मि के अलावा 8 लडकियाँ और भी थीं। जिनको रवि ने मेरा परिचय अपनी बेस्ट फ्रेंड के रूप में करवाया। अब चूँकि मेरे और रश्मि के बीच सब ठीक हो गया था और वाकि लोगों के आने से पहले हमने फार्म हाऊस के अंदर नॉर्मल तरीके से बातें भीं की थी और थोडा हंसी मजाक भी किया था। तो रश्मि भी अब तक हमारे साथ कम्फर्टेबल हो गई थी। जिस कारण जैसे ही रवि नें मुझे अपनी बेस्ट फ्रेंड कहा तो रश्मि बोली

रश्मि- तुम सब लोग समझ रही हो ना रवि का मतलब। उसका कहने का मतलब है कि सपना उसकी हॉफ गर्लफ्रेंड है।

इतना बोलकर रश्मि ने मुझे देखकर आँख मार दी। रश्मि की बात सुनकर मैं मुस्कुरा दी लेकिन रवि थोडा झेंप गया। इससे पहले वो कुछ कहता मैंने खुद ही उन लोगों से बात करना ठीक समझा और बोली

निशा- हाय फ्रेंडस मैं आप सबको पहले से जानती हूँ। अफकोर्स रवि और रश्मि तुम लोगों के बारे में मुझे पहले ही बता चुके हैं और मेरे बारे में तो यह लोग आपको बता ही चुके हैं। पर आप लोग एक दूसरे के बारे में बो नहीं जानते जो मैं जानती हूँ। हम यहाँ एक बहुत जरूरी बात डिसकस करने के लिए इकट्ठा हुए हैं। पर बो बात मैं शूरू करूँ उससे पहले मैं कुछ और भी कहना चाहती हूँ।

मेरी बात सुनकर रवि और रश्मि को छोडकर बाकी सभी मेरी तरफ हैरानी से देखने लगीं। मैंने उन पर ध्यान नहीं दिया और आगे बोलना जारी रखा

निशा- मैं जानती हूँ कि तुम सभी लोग किसी ना किसी तरह से एक दूसरे से कनेक्टेड हो। यानि तुम सभी का एक्स बॉयफ्रेंड एक ही था, और मैं यह भी जानती हूँ कि उसने तुम लोगों के बीडियो बनाकर तुम लोगों को ब्लैकमेल भी किया है, या शायद कर रहा है। किसी से पैसों की डिमांड कर रहा है तो किसी से गलत काम भी करवा रहा है।

मेरी बात सुनकर एक लड़की गुस्से में बोली

लडकी- यह सब तुम क्या बकबास कर रही हो। ऐसा कुछ भी नहीं है

मैने उस लड़की को ध्यान से देखा… वो श्रेया थी। डी.जी.पी. की बेटी। मैं तुरंत उसके पास गई और बोली

निशा- मैं जानती हूँ श्रेया कि अपनी गलती हर कोई एक्सेप्ट नहीं कर पाता है। जितनी गलती उस लडके की है, उतनी तुम लोगों की भी है। पर मैं हवा में ऐसे ही कोई बात नहीं कर रही हीँ। मेरे पास तुम सभी के बो बीडियो हैं। चाहो तो मैं तुम सबको दिखा सकती हूँ।

इतना बोलकर मैंने अपने मोबाईल में श्रेया का बीडियो प्ले करके उसके हाथ में अपना मोबाईल पकडा दिया। जिसे देखकर उसकी आँखों में आँशू आ गए। पर जल्द ही उसने अपने आपको कंट्रोल कर लिया और मुझे शक भरी नजरों से देखते हुए बोली

श्रेया- ये ये बीडियो तुम्हारे पास कैसे आया और अखिर तुम हमसे चाहती क्या हो

निशा- कैसे आया क्यों आया यह सब हम बाद में डिस्कस करेंगे। सबसे पहले इस बात पर डिस्कस करते हैं कि मैंने जो कहा वो सही है भी या नहीं

मेरी बात सुनकर बाकि लडकियों के सिर शर्म से नीचे झुक गए थे। जिसे देखकर मैं समझ गई कि वो इस बात को एक्सेप्ट कर रही थीं कि मैंने जो कुछ भी कहा था वो सब सच है। इसलिए मैंने कहा

निशा- हम यहाँ पर उस लडके को सबक सिखाने और तुम सबको उसके चुंगुल से आजाद करने के लिए इकट्ठा हुए है। अब जो भी इस काम में हमारे साथ है वो यहाँ रुककर हमारे साथ आगे डिस्कस कर सकता है और जो हमारे साथ नहीं है वो अभी यहाँ से जा सकता है। बस हम उससे यही उम्मीद करेंगे कि वो उस लडके यानि गगन को यहाँ अब तक जो भी बातें हुई हैं। उसके बारे में कुछ ना बताए। अगर बता भी देगी तो कोई खास अंतर नहीं पडेगा। बस हमारा काम थोडा कठिन हो जाऐगा। पर गगन को सजा जरूर मिलेगी। क्योंकि उसके कारण ही तीन तीन लडकियों ने सुसाईड किया है। जो तुम सभी की क्लासमेट्स या कहें कि तुम्हारी फ्रेंडस थीं।

मेरी बात सुनकर काफी देर तक वहाँ खामोशी छाई रही पर फिर अचनानक से 2 लडकियाँ उठकर वहाँ से जाने लगीं। सभी ने हैरानी से उन्हें देखा पर उन्हें रोकने की ना तो किसी में हिम्मत थी और ना ही किसी ने कोई कोशिश की। पर मैं यह रिश्क नहीं लेना चाहती थी। इसलिए मैं भी उनके पीछे पीछे बाहर निकल गई और उनको रोकते हुए बोली

निशा- रिया... पूजा... सुनो तो सही आखिर बात क्या है। तुम दोनों हमारा साथ क्यों नहीं देना चाहती

मेरी आबाज सुनकर वो दोनों रुक गईं और पीछे पलट कर देखा तो बाहर गार्डन में मेरे अलावा और कोई नहीं था। शायद वो दोनों सबके सामने अपनी बात कहने में कम्फर्टेवल नहीं थीं। इसलिए वो वहाँ से बिना कुछ कहे ही बाहर निकल आईं थीं। तब तक मैं भी उनके एकदम पास पहूँच गई थी। वो दोनों अब भी खामोश थीं, इसिलिए मैं फिर से बोली

निशा- देखो मैं तुम दोनों को नहीं रोकूँगी, तुम दोनों अगर यहाँ से जाना चाहो तो कोई बात नहीं है। हमारा जो भी प्लान है उसे तो हम पूरा करेंगे ही और यह मत समझना कि तुम लोगो के जाने के बाद हम तुम दोनों को अपना दुश्मन मानेंगे या तुम्हें उससे छुटकारा नहीं दिलवाऐंगे।

रिया- यही तो हम नहीं चाहते हैं। हम उससे छुटकारा नहीं चाहते हैं। लेकिन तुम फिक्र मत करो हम दोनों तुम लोगों के बारे में गगन से कुछ भी नहीं कहेंगे।

रिया की बात सुनकर मैं हैरान रह गई और बोली

निशा- पर क्यों... तुम उससे आजाद क्यों नहीं होना चाहती

रिया- क्योंकि हम दोनों की फैमिली बाकी लडकियों की तरह पैसे बाली नहीं है। हमारे माता पिता ने कर्जा लेकर हमें पढाया है। इसलिए गगन हमसे जो भी काम करवाता है उससे मिलने बाले चंद पैसों से हमारे घर खर्चा चलता है। अगर यह सब बंद हो गया तो हमारे परिवार की हालात और भी ज्यादा खराब हो जाऐगी।

मुझे अब उन दोनों की असल प्राब्लम समझ में आ गई थी। हालाँकि मुझे उनकी ऐसी हालत पर दया आ रही थी। पर क्या कर सकते हैं, दुनिया ऐसे ही चलती है। मैं चाहती तो सीधे सीधे भी उनकी मदद कर सकती थी। पर ऐसी मदद शायद उनके लिए भीख की तरह होती। इसलिए मैंने दूसरी तरह से उनकी मदद करने का फैसला किया और बोली

निशा- बस इतनी सी बात है। मैं चाहूँ तो अभी के अभी तुम दोनों को इतना पैसा दे सकती हूँ कि तुम दोनों को फिर कभी यह सब काम करने की जरूरत ना पडे, लेकिन अगर मैं तुम्हारी जगह होती तो कभी ऐसी मदद एक्सेप्ट नहीं करती। लेकिन तुम दोनों जो कर रही हो बो भी मैं कभी नहीं करती

मेरी बात सुनकर वो दोनों सोच में पड गईं और फिर पूजा ने कहा

पूजा- तो आखिर हम क्या करें। हमें कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है।

निशा- सबसे पहले मुझ पर यकीन करो। रही बात तुम दोनों के फैमिली प्राब्लम की तो मेरे पास उसका हल है। अगर तुम चाहो तो

पूजा- क्या करना होगा

निशा- देखो मेरे पास तुम्हारी समस्या के दो हल हैं। पहला उपाय तो ये है कि अगर तुम दोनों चाहो तो मैं तुम दोनों को जॉब दिलाने में हेल्प कर सकती हूँ। पर अभी तुम्हारी पढाई पूरी नहीं हुई है, जिस कारण तुम लोगों को उतनी सैलरी नहीं मिलेगी जितनी मिलनी चाहिए और जब तुम जॉब करना शुरू कर दोगी, तो तुम अपनी पढाई भी शायद पूरी ना कर पाओ। जिस कारण तुम लोगों को आगे चलकर प्रमोशन में भी प्रॉब्लम होगी। लेकिन तुम उस इंशान से आजाद रहोगी।

पूजा- और दूसरा

निशा- जब तक तुम्हारी पढाई पूरी नहीं हो जाती और तुम लोगों को अच्छी जॉब नहीं मिल जाती तब तक तुम यह काम जारी रख सकती हो। पर अपनी मर्जी से और अपनी शर्तों पर।

मेरी बात सुनकर रिया हैरान होते हुए बोली

रिया- मतलब

निशा- देखो गगन का एक बडे ब्रोकर से कांटेक्ट है, जो बडे बडे पैसों बाले आदमियों के शौक पूरा करने के लिए लडकियाँ सप्लाई करता है। बदले में बो अमिर लोग अच्छा खासा पैसा देते हैं। जिसमें से वो ब्रोकर अपना 25 परशेंट का शेयर काटकर बाकी पैसा गगन को देता है और गगन उसमें से 5 या 10 परशेंट तुम दोनों को दे देता है। बाकी के सारे पैसे वो हजम कर जाता है। बैसे वो तुम्हें कितना पैसा देता है

रिया- महिने के 10 हजार

निशा- तुम्हें पता है कि यह जो पैसे बाले रंगीन मिजाज आदमी होते हैं, वो एक रात के लडकियों पर कम से कम 20 हजार से लेकर 2 लाख रूपये तक खर्च करते हैं। अब अगर तुम्हें सबसे कम पैसे यानि केबल 20 हजार रुपये मिले तो 25 परशेंट ब्रोकर का खर्चा काटकर तुम्हारे पास पूरे 15 हजार बचेंगे। और वो गगन तुम लोगों को महीने के केबल 10 हजार देता है। जो तुम्हारी एक रात की कमाई से भी कम है। तुम दोनों तो इतनी ज्यादा खूबसूरत हो कि तुम्हारी एक रात के वो सभी अमीरजादे कम से कम 50 हजार से 1 लाख रूपये तक देते होंगे।

मेरी बात सुनकर पूजा हैरान होते हुए बोली

पूजा- यह तुम क्या कह रही हो। क्या यह सच है

निशा- हाँ यही सच है। अगर तुम दोनों हमारा साथ दो, तो उस गगन के चुंगुल से छुडाने के बाद मैं तुम दोनों का सीधा कांटेक्ट उस दलाल से करवा दूँगी। फिर तुम जो भी करोगी अपनी मर्जी से आजाद होकर करोगी, और सारी कमाई भी तुम्हारी खुद की होगी। जिससे तुम अपनी अपनी फैमिली की स्थिती भी सुधार सकती हो। बाद में नौकरी मिलने के बाद तुम दोनों यह काम बंद कर देना। चाहो तो केबल महिने में 1-2 बार ही काम करना। यह सब तुम्हारे ऊपर है। मैं इसमें तुम्हें अपनी तरफ से कोई सलाह नहीं देना चाहती।

मेरी बात सुनकर दोनों लडकियाँ फिर से सोच में पड गईं, जिसे देखर मैने उनसे कहा

निशा- अब बोलो क्या अब भी तुम दोनों यहाँ से जाना चाहती हो, या फिर हमारा साथ देना चाहती हो

मेरी बात सुनकर पूजा तुरंत बोली

पूजा- हम तुम्हारे साथ हैं। लेकिन मुझे यह जानना है कि तुम्हें यह सब कैसे पता है और तुम उस दलाल को कैसे जानती हो।

पूजा की बात सुनकर मैं मुस्कुराकर बोली

निशा- कुछ खास नहीं बस इतनी सी बात है कि मैं साईक्लॉजी की स्टूडेंट हूँ और मैं अपने प्रोजेक्ट के लिए कॉलगर्ल की साईक्लॉजी समझना चाहती थी। इसलिए एक दोस्त के माध्यम से मेरी उससे मुलाकात हो गई थी। उसने मुझे इस काम के बारे में बहुत कुछ बताया था और कुछ कॉलगर्ल से मुलाकात भी करवाई थी। उसके बाद से हम लोग बस एक दोस्त हैं।

मेरी बातों पर शायद उन दोनों विश्वास हो गया था। जिस कारण दोनों ही मेरे साथ वापिस फार्म हाउस के अंदर आ गई। अंदर आते ही मैंने सबको बता दिया कि यह दोनों भी हमारे साथ हैं। उन दोनों के बापिस आने पर बाकि लोग खुश हो गए थे। पर फिर भी मैंने एक बार और सभी से पूछा

निशा- देखो अभी भी अगर किसी के मन में कोई डाउट हो या कोई अकेले में कुछ डिस्कस करना चाहे तो बता दो ताकि सारी बातें क्लीयर हो जाऐं।

मेरी बात सुनकर श्रेया बोली

श्रेया- किसी को कोई भी डाऊट नहीं है और हम सब लोग इस काम में तुम्हारे साथ हैं। लेकिन तुम्हें भी अपने बारे में हमें सब कुछ क्लीयर बताना होगा। क्योंकि तुम हम सबके बारे में सब कुछ जानती हो। पर हम केबल इतना जानते हैं कि तुम रवि की दोस्त यानि हॉफ गर्लफ्रेंड हो। हम लोग भी तुम पर तभी भरोसा कर सकते हैं जब हमें भी तुम्हारे बारे में सब पता हो।

श्रेया की बात सुनकर मैंने कहा

निशा- ओके तो सुनो... मेरा नाम सपना गुप्ता है और में दिल्ली की रहने बाली हूँ। मैं एक साईक्लॉजी की स्टूडेंट हूँ। इसके अलावा कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग और हैकिंग मेरा शौक है। लेकिन मेरे पास कम्प्यूटर साईंस की ना तो कोई डिग्री है और ही मैं उसकी कोई स्टडी कर रही हूँ। बस जो कुछ भी सीखा है वो ऑनलाईन सीखा है। पढाई के साथ साथ मैं पार्टटाईम जॉव भी करती हूँ। इसलिए ऑफिस के किसी काम से मैं यहाँ भोपाल आई थी, और यहाँ के डी.बी. मॉल में मेरी मुलाकात रवि से हुई थी। जिसके बाद हम दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई।

इतना बोलने के बाद मैंने एक नजर रवि और रश्मि पर डाली और फिर से बोलना शुरू किया

निशा- एक दिन मैं और रवि भोपाल के बड़ा तालाब पर घूम रहे थे, तभी हमारी मुलाकात रश्मि और गगन से हुई थी। जब रवि ने रश्मि और गगन के बारे में मुझे बाताया तो हम दोनों रश्मि और गगन को जलाने के लिये उसके पास गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड होने की एक्टिंग करते हुए पहूँच गए। उस मुलाकात के दौरान ही गगन मुझे कुछ गडबड लगा, इसलिए मैंने उसकी जानकारी निकलवाई, तो मुझे यह सब पता चला। जिसके बाद हम लोग यहाँ है।

श्रेया- तो फिर अब तुम हम लोगों की मदद क्यों करना चाहती हो। प्लीज यह मत कहना कि तुम रवि को लाईक करती हो और रवि की एक्स गर्लफ्रेंड रश्मि को बचाने के लिए यह सब कर रही हो।

निशा- बात असल में यही है जो तुमने कहा है। हाँ मैं रवि को लाईक करती हूँ और वह भी मुझे लाईक करता है। पर शायद हम दोनों का एक साथ कोई फ्यूचर नहीं है। इसलिए मैं उसपर अपना कोई हक भी नहीं जमाती हूँ। वो फ्री है किसी के साथ भी कमिटमेंट करने के लिए और रिलेशन बढाने के लिए। देखो यार मेरा मानना है कि गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड का रिलेशन बस हमारी लाईफ की यादों का हिस्सा होता है। बैसे मैं प्यार को गलत नहीं मानती हूँ, पर मैं इन सबसे ऊपर दोस्ती को मानती हूँ। लवर्स के बीच में हो सकता है किसी कारण से दूरियाँ आ जाऐं पर दोस्तों के बीच ऐसा कभी नहीं होता है। और दूरियाँ आने के बाद भी वो फिर से एक हो जाते है। पर लवर्स फिर से पहले जैसे कभी नहीं हो पाते। इसलिए मैं अपने रिलेशन को दोस्ती का ही नाम देना पसंद करती हूँ।

श्रेया- पर मिस साईक्लॉजिस्ट अभी भी तुमने यह नहीं बताया कि तुम यह सब क्यों कर रही हो

श्रेया की बात सुनकर मैंने एक नजर वहाँ मौजू सभी लोगों पर डाली जो मेरे जबाब का बेसब्री से इंताजर कर रहे थे। जिसे देखकर मैं मन ही मन अपने आप से सबाल करने लगी कि आखिर मैं यह सब क्यों कर रही हूँ। मैं तो यहाँ अपने ऑफीसियल काम से आई थी और काम खत्म होने के बाद बस कुछ दिनों तक अलग अलग मर्दों से चुदकर मजे करना चाहती थी। तो फिर मैं इस सब मामले में आखिर क्यों पड रही हूँ।

कहानी जारी है......
 
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