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- Dec 5, 2013
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Update 013 -
उन दोनों लडकों के अलग होते ही, इस बार तीन लडके एक साथ आ गए। फिर एक लड़का बेड पर पीठ के बल लेट गया और मुझे अपने ऊपर बैठाकर मेरी चूत में अपना लण्ड घुसा दिया और दूसरे लडके ने पीछे से मेरी गाँड में अपना लण्ड घुसा दिया और तीसरे ने मेरे मूँह में। इस तरह अब एक साथ मेरे तीनों छेदों की चुदाई हो रही थी। इस तरह दो-दो तीन-तीन कर के सभी लडके मेरी चुदाई करने लगे। कोई मेरी चूत मारता तो कोई मेरी गाँड और कोई मेरे मूँह में घुसा देता।
उस पूरी रात मेरी चुदाई चलती रही। कुछ लडकों ने तो दो-दो बार मेरी ली थी। सारी रात चुदने के कारण मेरी हालत कुछ ज्यादा ही खराब हो गई थी और थकान के कारण मेरी आँखें भी भारी हो रहीं थी। आखिर कार सुबह के करीब 4 बजे उन लोगों ने छोडा। मुझसे तो अब बेड से उठा भी नहीं जा रहा था। इसलिए एक लडके ने मेरी मदद की और मुझे बाथरूम में ले जाकर छोड दिया। जिसके बाद मैं सबसे पहले फ्रेस हुई और फिर गर्म गर्म पानी से अपने पूरे बदन को रगड रगड कर साफ किया। जिससे मुझे थोडी राहत महसूस हुई।
फिर बाहर आकर मैंने अपने कपडे पहने और टेबिल पर रखे पैसों को देखा जो कुछ ज्यादा ही दिखाई दे रहे थे। ये वही पैसे थे जो रात में उन लडकों ने शर्त में हारे थे और पूरी इमानदारी से उन पैसों को मेरे लिए यूँ ही छोड दिया था। मैंने बिना गिने ही उन पैसों को अपने बैग में रख लिया। जिसके बाद जो लडके मुझे लाए थे वो मुझे बापिस अपनी गाडी में बैठाकर वहाँ से ले गए। मैने उन्हें रेलवे स्टेशन पर छोडने के लिए बोल दिया था। रास्ते मैं उन्होंने मुझे पेनकिलर टेवलेट भी दे दी थी। जिसे मैंने बिना देर किए तुरंत खा ली।
फिर एक जगह रुखकर हम लोगों ने कॉफी पी। क्योंकि सुबह होने बाली थी और सारी रात जागने के कारण थकान हम पर हावी हो रही थी। जल्द ही पेनकिलर ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। जिस कारण कॉफी पीने का बाद मैं काफी अच्छा महसूस करने लगी थी। रास्ते में उन लोगों ने मेरा नम्बर भी ले लिया था। ताकि अगली बार वो मुझे फिर बुला सकें। कुछ देर बाद वो लोग मुझे रेलवे स्टेशन के पास छोडकर बापिस चले गये।
सुबह के करीब 5 बज रहे थे और मैं धीरे धीरे चलते हुए अपने होटल रूम में जा पहूँची। जहाँ मैंने सबसे पहले अपने कपडे चेंज किए और फिर कंबल ओड कर सो गई। दोपहर करीब 12 बजे मेरी आँख खुली। अब तक मेरा दर्द लगभग खत्म हो गया था और मैं काफी ज्यादा हल्का महसूस कर रही थी। इसलिए सबसे पहले मैंने अपना मोबाईल चैक किया, तो उसमें रवि और गगन के मिस कॉल डले हुए थे। साथ में गगन के कुछ मैसेज भी थे। मैंने मैसेज खोल कर चैक किए तो देखा रात में गगन ने मुझे कई सारे मैसेज किये थे। जिनमें फनी जोक्स भी सामिल थे और उसने अपने बारे में भी बताया था।
गगन ने मुझे सुबह भी कुछ मैसेज किए थे, जिसमें उसने एक रेस्टोरेंट का नाम और एड्रेस के साथ साथ समय भी लिखा था। उसके अलाब कुछ मैसेज में उसने मेरी तारीफ भी की थी। जिन्हें पडकर मैं समझ गई की मछली ने दाना चुग लिया है। उसके बाद मैंने एक दलाल को कॉल किया, जिसका नम्बर रवि ने मुझे दिया था। वो आदमी मुझे ठीक लगा तो मीटिंग फिक्स करके मैने फोन कट कर दिया और रवि को कॉल कर दिया। पहली ही रिंग में रवि मेरा कॉल रिसीव कर लिया
रवि- जाग गई मैंडम
निशा- हाँ वस अभी अभी जागी हूँ
रवि- तो फिर आज का क्या प्लान है
निशा- बोटिंग करने जाना है। कल तो डिसाईड हो ही गया था ना
रवि- ठीक है और गगन का कोई मैसेज
निशा- हाँ रात में और सुबह ढेर सारे मैसेज किये हैं उसने। यहाँ आकर खुद ही पढ लेना, मुझे लगता है कि अब उसने मुझे लाईन मारना शुरू कर दिया है। एक दो दिन में पक्का गगन और रश्मि का ब्रेकअप हो जाऐगा।
रवि- मिलने के बारे में कुछ लिखा था क्या
निशा- हाँ उसने किसी रेस्टोरेंट का नाम और एड्रेश भेजा है। तुम ही देख लेना कौन सा है और कहाँ है। बैसे उसके कुछ मिस कॉल भी डले हैं, पर मैं फिलहाल उसे कॉल नहीं करना चाहती। अगर इतनी जल्दी उसे रिस्पॉंस दिया तो उसे शक भी हो सकता है। इसलिए तुम ही उसे कॉल करके पूछ लेना कि मुझे कॉल क्यों किया था।
रवि- हाँ ठीक है
निशा- यहाँ कब तक आओगे
रवि- रास्ते में हूँ बस 10 मिनट में आ जाऊँगा
निशा- ठीक है। मेरे रूम का लॉक अंदर से खुला रहेगा तो तो चुपचाप अंदर आ जाना। तब तक में फ्रेस होकर नहा लेती हूँ और रूम सर्विस को कॉल करके कॉफी और कुछ नाश्ते के लिए भी आर्डर कर देना
रवि- ठीक है मैम सहाब कर दूँगा, और कोई आदेश
निशा- वस इतना ही... और हाँ जल्दी से आ जाओ बस तुम्हें देखने का मन कर रहा है।
इतना बोलकर मैंने फोन कट कर दिया और बाथरूम में घुस गई। जब में बाथरूम से बाहर आई तो रवि रूम के अंदर आ चुका था और गगन से बात करने में बिजी था। इसलिए मैंने उसे टोकना ठीक नहीं समझा और मिरर के सामने खडी होकर अपने बाल सुखाने लगी। मुझे पता ही नहीं चला कि कब उसने अपना फोन कट कर दिया और मुझे देखे जा रहा है। कल की तरह ही आज भी मैंने केवल महरून कलर की कैमिसोल और पेंटी पहनी हुई थी। अपने बाल सुखाने के बाद मैं हल्का फुल्का मैकअप कर रही थी। तभी अचानक से रवि ने एकदम मेरे पीछे आकर मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बोला
रवि- तुम बाकई में बहुत ज्यादा खूबसूरत हो। तुम्हें जब भी इस रूप में देखता हूँ, तो मुझ पर कंट्रोल नहीं होता
रवि की बात सुनकर मैं बोली
निशा- हाँ हाँ ठीक है…. अब छोडो….. मुझे तैयार होना है
रवि- नहीं मेरा मन नहीं हो रहा तुम्हें छोडने का। तुम मुझसे शादी कर लो ना
रवि की बात सुनकर मैं हैरान रह गई। मुझे रवि से इसकी उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी। इसलिए मैंने मिरर में से ही रवि की आँखों में झाँका और बोली
निशा- देखो रवि तुम मेरे अच्छे दोस्त हो। मुझे तुम्हारे साथ घुमना फिरना और समय बिताना पसंद है। पर हमारा एक साथ कोई फ्यूचर नहीं है। मैं तुम्हे इस बारे में पहले भी बता चुकी हूँ।
रवि- हाँ हाँ मुझे याद है… पर मैं क्या करूँ, मेरी तुम्हारे लिए दीवानगी बडती ही जा रही है।
निशा- ये दीवानगी नहीं केवल अट्रेक्शन है।
रवि- नहीं ये प्यार है
निशा- देखो रवि प्यार ब्यार जैसा कुछ भी नहीं होता। अक्सर इस उम्र में अपोजिट जेंडर के लिए ऐसा महसूस होता ही है। पर धीरे धीरे समझ में आता है कि यह प्यार नहीं वस सामने बाले के जिस्म को देखकर मन में अट्रेक्शन पैदा हुआ है। जिस दिन तुम मेरे साथ फिजीकल हो जाओगे, तुम्हारा यह अट्रेक्शन भी कम होने लगेगा
रवि- ऐसा नहीं कभी नहीं होगा, और तुम मेरे बारे में कोई गलत राय ना बना लो, उसके लिए ही तो मैं तुम्हें शादी के लिए प्रपोज कर रहा हूँ।
आज सारी रात मैंने अपने से कहीं छोटे लडकों के साथ चुदाई की थी। इसलिए कम उम्र के लडके के साथ रिलेशन बनाने की मेरी झिझक अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी थी। बैसे भी रवि एक अच्छा लड़का था और मैं हमेशा यह कॉलगर्ल बाला काम करके अपने डार्क डिजायर तो पूरी नहीं कर सकती थी और ना ही अमन का कुछ हो सकता था। जिसकारण मुझे अपनी डिजायर को पूरा करने के लिए किसी ना किसी गैर मर्द की जरूरत तो थी ही। इसलिए मैंने रवि के साथ सीक्रेट अफेयर रखने का डिसाईड कर लिया था। ताकि जब मेरी वासना चरम पर हो, तो वो मेरी वासना शांत कर सके। बैसे भी लॉंग डिस्टेंस रिलेशनशिप में पकडे जाने का डर भी नहीं था। इसीलिए मैंने रवि से कहा
निशा- रवि तुम मुझे पसंद हो। तुम्हारा मुझे छूना भी मुझे अच्छा लगता है। मुझे तुम्हारे साथ फिजीकल रिलेशन बनाने में भी कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर शादी.... यह शायद पॉसीबल नहीं है। इसलिए शादी का ख्याल फिलहार मन से निकाल दो और अपने आज को इंजॉय करो। बैसे भी अभी उम्र ही क्या है। कुछ समय एक दूसरे को डेट करते हैं। उसके बाद देखेंगे ना। अभी से क्यों इन सब चक्करों में पढ रहे हो।
रवि- डेट मतलब कि आज से हम कपल्स हैं
निशा- हाँ पर अन ऑफीशियल
रवि- मतलब
निशा- सारी दुनिया के सामने हम केबल अच्छे दोस्त रहेंगे और जब हम अकेले होंगे तो तुम एक बॉयफ्रेंड के रूप में मुझपर अपना हक जमा सकते हो।
रवि- मतलब मैं तुम्हें कभी भी ऐसे हग करूं या किस करूं तो तुम बुरा नहीं मानोगी
निशा- हाँ नहीं मानूंगी
मेरी बात सुनकर रवि ने अपना हाथ मेरे पेट से थोडा ऊपर खिसकाकर मेरे बूब्स पर रख दिए और फिर उन्हें बडे प्यार से सहलाते हुए बोला
रवि- और अगर मैं ऐसा कुछ करूँ तो क्या तब भी तुम बुरा नहीं मानोगी
रवि की इस हरकत से मेरे पूरे बदन में एक सनसनाहट दौड गई थी। इसलिए मैं थोडा हडबडाते हुए बोली
निशा- हाँ... नहीं नहीं... ओफ् मेरा मतलब है पता नहीं पर रवि वहाँ से हाथ हटाओ अभी प्लीज मुझे कुछ कुछ हो रहा है।
जब मेरी बात मानकर रवि ने अपने हाथ मेरे बूब्स से हटा लिए, तो मैं एक गहरी सांस लेते हुए बोली
निशा- थैंक्स... हाँ तुम मुझे वहाँ छू सकते हो पर कभी कभी, वो भी मुझसे पूछकर समझे
मेरी बात सुनकर रवि खुश होते हुए बोला
रवि- समझ गया मैम सहाब... अच्छा एक बात और
मैं झुंझला कर बोली
निशा- अब क्या है
रवि- क्या हम दोनों….. यू नो मेरा मतलब है कि जब मैं तुम्हें ऐसे छू सकता हूँ। तुम्हें किस भी कर सकता हूँ। तो क्या हम दोनों एक साथ….
मैंने रवि की बात पूरी होने से पहले ही उसे टोकते हुए कहा
निशा- हम दोनों एक साथ क्या………..
रवि- वो हम दोनों एक साथ विस्तर पर
रवि की बात सुनकर मैंने गुस्से में उसकी आँखों में घूरा और बोली
निशा- सेक्स करना है मेरे साथ
मेरी डायरेक्ट बात सुनकर और मेरे गुस्से को देखकर रवि थोडा झेंप गया और मुझसे नजरें चुराते हुए बोला
रवि- नहीं... हाँ मेंरा मतलब वो
उसके यूँ नरवस होने से मुझे हंसी आ गई और फिर मैं हंसते हुए बोली
निशा- हाँ ठीक है... हम करेंगे पर अभी नहीं... जब में कम्फर्टेवल हो जाऊँगी तब। तुम समझ रहे हो ना, हमारे बीच यह सब बहुत जल्दी जल्दी हो रहा है। तो मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा।
मेरी बात सुनकर रवि तुरंत बोला
रवि- हाँ हाँ कोई बात नहीं, जब तुम चाहोगी तब ही करेंगे। पर किस तो अभी कर ही सकता हूँ ना
निशा- हाँ ठीक है कर लेना किश। पर अब मुझे छोडो प्लीज
रवि- मुझे ऐसे अच्छा लग रहा है
निशा- तुम्हारे अरमान खडे हो गए हैं रवि, जो मुझे अपने पीछे महसूस हो रहे हैं। इसलिए इससे पहले हम दोनों बहकें प्लीज मुझे छोडो
रवि को शायद मेरी बात समझ आ गई थी। क्योंकि रवि का लण्ड एकदम कडक होकर मेरी गाँड में चुभ रहा था। इसलिए वो झेंपते हुए मुझसे अलग हो गया। उसके अलग होते ही मैंने एक राहत की सांस ली और फिर से तैयार होते हुए बोली
निशा- तुमने कॉफी और नास्ता ऑर्डर कर दिया था ना
मेरी बात सुनकर रवि को जैसे होश आया और उसने तुरंत ही रूम में लगे इंटरकॉम पर कॉल करके 2 कॉफी और नाश्ता आर्डर कर दिया। जिसके बाद मैंने अपने मोबाईल का लॉक खोलकर गगन के मैसेज ओपन करके रवि को अपना फोन पकडा दिया। जिसके बाद रवि गगन के मैसेज पडने लगा। जबकि मैं जल्दी जल्दी तैयार होने लगी। मेरे तैयार होने के तरंत बाद ही हमारा आर्डर भी आ गया था। इसलिए हमने अपनी कॉफी और नास्ता खत्म किया और फिर बाहर निकल गए।
सबसे पहले हम लोग भोपाल के बड़ा तलाब पर गए और वहाँ पर बोटिंग की। बोटिंग के दौरान हम दोनों ने खूब मस्ती की थी। उसके बाद हम सीधा गगन के बताए रेस्टोरेंट जा पहूँचे। वहाँ पर गगन और रश्मि पहले ही आ चुके थे। हम जब वहाँ पहूँचे तो उस समय दोनों में किसी बात को लेकर बहस हो रही थी। पर हमने उनके झगडे पर कोई ध्यान नहीं दिया। हमारे पहूँचते ही गगन ने चारों के लिए कॉफी और स्नैक्स आर्डर कर दिया और फिर हम लोग आपस में बातें करने लगे। मुझे आज रश्मि कुछ उदास दिखाई दे रही थी। इसलिए मैंने उससे पूछा
निशा- क्या हुआ रश्मि तुम थोडा सेड दिखाई दे रही हो
मेरी बात सुनकर बो थोडा चौकती हुई बोली
रश्मि- न नहीं तो, वो तो बस ऐसे ही। थोडी तबीयत ठीक नहीं है, शायद इसलिए तुम्हें ऐसा लगा होगा
निशा- ओह अच्छा, मुझे लगा की बॉयफ्रेंड से झगडा हो गया शायद। बैसे तुम्हारा बॉयफ्रेंड कौन है। उसे भी साथ ले आती।
रश्मि- वो वो वो तो..
अभी रश्मि की बात भी पूरी नहीं हो पाई थी कि तभी गगन बोला
गगन- ब्रेकअप हो गया है रश्मि का। फिलहाल सिंगल है
गगन की बात सुनकर रश्मि ने गगन को गुस्से से घूरा पर खामोश रही
निशा- अरे पर क्यों....
रश्मि- व वो उसे कोई दूसरी लड़की मिल गई है, इसलिए छोड दिया उसने
रश्मि ने सोचा कि मेरे साथ होने के कारण रवि कुछ बोलेगा नहीं, इसलिए उसने सारा इल्जाम अपने एक्स बॉयफ्रेंड यानि रवि पर लगा दिया था। लेकिन रवि यह सब कैसे बर्दास्त कर सकता था। वो रश्मि की बात सुनकर भडकते हुए बोला
रवि- शटऑप रश्मि…. झूठ बोलते शर्म नहीं आती तुम्हें। मैं कुछ कह नहीं रहा हूँ तो इसका मतलब यह तो नहीं है कि तुम कुछ भी बोलोगी
रश्मि- वो वो रवि वो मैं कह रही थी कि मुझसे गलती हो गई
रवि- कोई गलती नहीं हुई है तुमसे। जो तुमने किया वो बहुत सोच समझकर किया था और अब जब डिसीजन ले ही लिया है, तो कम से कम उसपर कायम तो रहो। सबकी नजरों में और कितना नीचे गिरोगी
निशा- अरे रवि यह सब क्या है। क्यों भडक रहे हो बेचारी पर। बेचारी परेशान है ब्रेकअप के कारण और तुम गुस्सा कर रहे हो। दोस्त है तुम्हारी. तुम्हें तो उसका साथ देना चाहिए
रवि- दोस्त... अरे कोई दोस्त वोस्त नहीं है मेरी, तुम्हे पता है....
रवि की बात पूरी होने से पहली ही रश्मि बोली
रश्मि- प्लीज रवि जो हो गया उसको छोडो ना। दूसरों के सामने क्यों हमारी बातें डिसकस कर रहे हो।
रश्मि की बात सुनकर रवि गुस्से से बिफरते हुए बोला
रवि- दूसरा…. अरे यहाँ दूसरा कौन है। गगन या मैं और सपना। गगन तो तुम्हारा सो कॉल्ड बेस्ट फ्रेंड है, तो बचे मैं और सपना। हाँ अगर हमें दूसरा समझती हो तो ठीक है।
रश्मि- वो वो सपना को कुछ नहीं पता तो
रवि- देखो रश्मि सपना मेरी गर्लफ्रेंड है और फ्यूचर बाईफ, तो मैं उससे कुछ भी नहीं छिपा सकता, और बैसे भी आज नहीं तो कल उसे सब पता चलना ही है ना।
मुझे उन लोगों की सारी बातें समझ में आ रहीं थीं, पर मैं जान बूझकर अनजान बनने का नाटक करते हुए बोली
निशा- अरे यार तुम लोग ऐ सब क्या बातें कर रहे हो। मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है।
रवि- मैं बाद में सब बता दूँगा तुम्हें
रश्मि- रवि प्लीज
रवि- क्यों... और मुझे अब तक यह समझ में नहीं आ रहा है कि कल तक तुम अपने नये बॉयफ्रेंड के साथ इतना खुश थी और वो सारी दुनिया को चटकारे ले लेकर बता रहा था कि तुम कैसे किसी को डम्प करके उसकी गर्लफ्रेंड बन गई, लेकिन वो अब तुम्हें अपनी गर्लफ्रेंड भी एक्सेप्ट नहीं कर रहा है और तुम उससे कुछ कह भी नहीं रही हो।
निशा- डम्प… मतलब कि रश्मि ने अपने पुराने बॉयफ्रेंड को डम्प किया था। पर क्यों
इससे पहले रवि कुछ कहता रश्मि बोली
रश्मि- वो वो मुझसे गलती हो गई थी और अब मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया है।
रवि- बहुत देर हो गई है। मिस रश्मि
निशा- यार यह सब क्या बकबास है। तुम दोनों आपस में ऐसे क्यों झगड रहे हो। एक तो मुझे कुछ पता भी नहीं है और तुम लोगों की बातें भी समझ में नहीं आ रहीं है। एक काम करो तुम दोनों आपस में झगडा करो मैं चली यहाँ से।
इतना बोलकर मैं अपनी चेयर से उठ खडी हुई और वहाँ से जाने लगी तो रवि बोला
रवि- अरे सॉरी सपना…… रुको तो सही मैं बता रहा हूँ ना तुम्हें
निशा- कोई जरूरत नहीं है। अब मेरा मूढ खराब हो गया है। तुम यहीं बैठकर अपना झगडा खत्म करो, मैं गगन के साथ चली जाऊंगी
इतना बोलकर मैंने जैसे ही गगन को देखा, तो वो तुरंत खुश होकर मेरे साथ जाने के लिए तैयार हो गया। बैसे वो चाहता भी यही था, इसलिए गगन ने तुरंत काऊंटर पर जाकर पेमेंट किया और अपनी कार से मुझे वहाँ से ले गया।
हानी जारी है.......
उन दोनों लडकों के अलग होते ही, इस बार तीन लडके एक साथ आ गए। फिर एक लड़का बेड पर पीठ के बल लेट गया और मुझे अपने ऊपर बैठाकर मेरी चूत में अपना लण्ड घुसा दिया और दूसरे लडके ने पीछे से मेरी गाँड में अपना लण्ड घुसा दिया और तीसरे ने मेरे मूँह में। इस तरह अब एक साथ मेरे तीनों छेदों की चुदाई हो रही थी। इस तरह दो-दो तीन-तीन कर के सभी लडके मेरी चुदाई करने लगे। कोई मेरी चूत मारता तो कोई मेरी गाँड और कोई मेरे मूँह में घुसा देता।
उस पूरी रात मेरी चुदाई चलती रही। कुछ लडकों ने तो दो-दो बार मेरी ली थी। सारी रात चुदने के कारण मेरी हालत कुछ ज्यादा ही खराब हो गई थी और थकान के कारण मेरी आँखें भी भारी हो रहीं थी। आखिर कार सुबह के करीब 4 बजे उन लोगों ने छोडा। मुझसे तो अब बेड से उठा भी नहीं जा रहा था। इसलिए एक लडके ने मेरी मदद की और मुझे बाथरूम में ले जाकर छोड दिया। जिसके बाद मैं सबसे पहले फ्रेस हुई और फिर गर्म गर्म पानी से अपने पूरे बदन को रगड रगड कर साफ किया। जिससे मुझे थोडी राहत महसूस हुई।
फिर बाहर आकर मैंने अपने कपडे पहने और टेबिल पर रखे पैसों को देखा जो कुछ ज्यादा ही दिखाई दे रहे थे। ये वही पैसे थे जो रात में उन लडकों ने शर्त में हारे थे और पूरी इमानदारी से उन पैसों को मेरे लिए यूँ ही छोड दिया था। मैंने बिना गिने ही उन पैसों को अपने बैग में रख लिया। जिसके बाद जो लडके मुझे लाए थे वो मुझे बापिस अपनी गाडी में बैठाकर वहाँ से ले गए। मैने उन्हें रेलवे स्टेशन पर छोडने के लिए बोल दिया था। रास्ते मैं उन्होंने मुझे पेनकिलर टेवलेट भी दे दी थी। जिसे मैंने बिना देर किए तुरंत खा ली।
फिर एक जगह रुखकर हम लोगों ने कॉफी पी। क्योंकि सुबह होने बाली थी और सारी रात जागने के कारण थकान हम पर हावी हो रही थी। जल्द ही पेनकिलर ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। जिस कारण कॉफी पीने का बाद मैं काफी अच्छा महसूस करने लगी थी। रास्ते में उन लोगों ने मेरा नम्बर भी ले लिया था। ताकि अगली बार वो मुझे फिर बुला सकें। कुछ देर बाद वो लोग मुझे रेलवे स्टेशन के पास छोडकर बापिस चले गये।
सुबह के करीब 5 बज रहे थे और मैं धीरे धीरे चलते हुए अपने होटल रूम में जा पहूँची। जहाँ मैंने सबसे पहले अपने कपडे चेंज किए और फिर कंबल ओड कर सो गई। दोपहर करीब 12 बजे मेरी आँख खुली। अब तक मेरा दर्द लगभग खत्म हो गया था और मैं काफी ज्यादा हल्का महसूस कर रही थी। इसलिए सबसे पहले मैंने अपना मोबाईल चैक किया, तो उसमें रवि और गगन के मिस कॉल डले हुए थे। साथ में गगन के कुछ मैसेज भी थे। मैंने मैसेज खोल कर चैक किए तो देखा रात में गगन ने मुझे कई सारे मैसेज किये थे। जिनमें फनी जोक्स भी सामिल थे और उसने अपने बारे में भी बताया था।
गगन ने मुझे सुबह भी कुछ मैसेज किए थे, जिसमें उसने एक रेस्टोरेंट का नाम और एड्रेस के साथ साथ समय भी लिखा था। उसके अलाब कुछ मैसेज में उसने मेरी तारीफ भी की थी। जिन्हें पडकर मैं समझ गई की मछली ने दाना चुग लिया है। उसके बाद मैंने एक दलाल को कॉल किया, जिसका नम्बर रवि ने मुझे दिया था। वो आदमी मुझे ठीक लगा तो मीटिंग फिक्स करके मैने फोन कट कर दिया और रवि को कॉल कर दिया। पहली ही रिंग में रवि मेरा कॉल रिसीव कर लिया
रवि- जाग गई मैंडम
निशा- हाँ वस अभी अभी जागी हूँ
रवि- तो फिर आज का क्या प्लान है
निशा- बोटिंग करने जाना है। कल तो डिसाईड हो ही गया था ना
रवि- ठीक है और गगन का कोई मैसेज
निशा- हाँ रात में और सुबह ढेर सारे मैसेज किये हैं उसने। यहाँ आकर खुद ही पढ लेना, मुझे लगता है कि अब उसने मुझे लाईन मारना शुरू कर दिया है। एक दो दिन में पक्का गगन और रश्मि का ब्रेकअप हो जाऐगा।
रवि- मिलने के बारे में कुछ लिखा था क्या
निशा- हाँ उसने किसी रेस्टोरेंट का नाम और एड्रेश भेजा है। तुम ही देख लेना कौन सा है और कहाँ है। बैसे उसके कुछ मिस कॉल भी डले हैं, पर मैं फिलहाल उसे कॉल नहीं करना चाहती। अगर इतनी जल्दी उसे रिस्पॉंस दिया तो उसे शक भी हो सकता है। इसलिए तुम ही उसे कॉल करके पूछ लेना कि मुझे कॉल क्यों किया था।
रवि- हाँ ठीक है
निशा- यहाँ कब तक आओगे
रवि- रास्ते में हूँ बस 10 मिनट में आ जाऊँगा
निशा- ठीक है। मेरे रूम का लॉक अंदर से खुला रहेगा तो तो चुपचाप अंदर आ जाना। तब तक में फ्रेस होकर नहा लेती हूँ और रूम सर्विस को कॉल करके कॉफी और कुछ नाश्ते के लिए भी आर्डर कर देना
रवि- ठीक है मैम सहाब कर दूँगा, और कोई आदेश
निशा- वस इतना ही... और हाँ जल्दी से आ जाओ बस तुम्हें देखने का मन कर रहा है।
इतना बोलकर मैंने फोन कट कर दिया और बाथरूम में घुस गई। जब में बाथरूम से बाहर आई तो रवि रूम के अंदर आ चुका था और गगन से बात करने में बिजी था। इसलिए मैंने उसे टोकना ठीक नहीं समझा और मिरर के सामने खडी होकर अपने बाल सुखाने लगी। मुझे पता ही नहीं चला कि कब उसने अपना फोन कट कर दिया और मुझे देखे जा रहा है। कल की तरह ही आज भी मैंने केवल महरून कलर की कैमिसोल और पेंटी पहनी हुई थी। अपने बाल सुखाने के बाद मैं हल्का फुल्का मैकअप कर रही थी। तभी अचानक से रवि ने एकदम मेरे पीछे आकर मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बोला
रवि- तुम बाकई में बहुत ज्यादा खूबसूरत हो। तुम्हें जब भी इस रूप में देखता हूँ, तो मुझ पर कंट्रोल नहीं होता
रवि की बात सुनकर मैं बोली
निशा- हाँ हाँ ठीक है…. अब छोडो….. मुझे तैयार होना है
रवि- नहीं मेरा मन नहीं हो रहा तुम्हें छोडने का। तुम मुझसे शादी कर लो ना
रवि की बात सुनकर मैं हैरान रह गई। मुझे रवि से इसकी उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी। इसलिए मैंने मिरर में से ही रवि की आँखों में झाँका और बोली
निशा- देखो रवि तुम मेरे अच्छे दोस्त हो। मुझे तुम्हारे साथ घुमना फिरना और समय बिताना पसंद है। पर हमारा एक साथ कोई फ्यूचर नहीं है। मैं तुम्हे इस बारे में पहले भी बता चुकी हूँ।
रवि- हाँ हाँ मुझे याद है… पर मैं क्या करूँ, मेरी तुम्हारे लिए दीवानगी बडती ही जा रही है।
निशा- ये दीवानगी नहीं केवल अट्रेक्शन है।
रवि- नहीं ये प्यार है
निशा- देखो रवि प्यार ब्यार जैसा कुछ भी नहीं होता। अक्सर इस उम्र में अपोजिट जेंडर के लिए ऐसा महसूस होता ही है। पर धीरे धीरे समझ में आता है कि यह प्यार नहीं वस सामने बाले के जिस्म को देखकर मन में अट्रेक्शन पैदा हुआ है। जिस दिन तुम मेरे साथ फिजीकल हो जाओगे, तुम्हारा यह अट्रेक्शन भी कम होने लगेगा
रवि- ऐसा नहीं कभी नहीं होगा, और तुम मेरे बारे में कोई गलत राय ना बना लो, उसके लिए ही तो मैं तुम्हें शादी के लिए प्रपोज कर रहा हूँ।
आज सारी रात मैंने अपने से कहीं छोटे लडकों के साथ चुदाई की थी। इसलिए कम उम्र के लडके के साथ रिलेशन बनाने की मेरी झिझक अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी थी। बैसे भी रवि एक अच्छा लड़का था और मैं हमेशा यह कॉलगर्ल बाला काम करके अपने डार्क डिजायर तो पूरी नहीं कर सकती थी और ना ही अमन का कुछ हो सकता था। जिसकारण मुझे अपनी डिजायर को पूरा करने के लिए किसी ना किसी गैर मर्द की जरूरत तो थी ही। इसलिए मैंने रवि के साथ सीक्रेट अफेयर रखने का डिसाईड कर लिया था। ताकि जब मेरी वासना चरम पर हो, तो वो मेरी वासना शांत कर सके। बैसे भी लॉंग डिस्टेंस रिलेशनशिप में पकडे जाने का डर भी नहीं था। इसीलिए मैंने रवि से कहा
निशा- रवि तुम मुझे पसंद हो। तुम्हारा मुझे छूना भी मुझे अच्छा लगता है। मुझे तुम्हारे साथ फिजीकल रिलेशन बनाने में भी कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर शादी.... यह शायद पॉसीबल नहीं है। इसलिए शादी का ख्याल फिलहार मन से निकाल दो और अपने आज को इंजॉय करो। बैसे भी अभी उम्र ही क्या है। कुछ समय एक दूसरे को डेट करते हैं। उसके बाद देखेंगे ना। अभी से क्यों इन सब चक्करों में पढ रहे हो।
रवि- डेट मतलब कि आज से हम कपल्स हैं
निशा- हाँ पर अन ऑफीशियल
रवि- मतलब
निशा- सारी दुनिया के सामने हम केबल अच्छे दोस्त रहेंगे और जब हम अकेले होंगे तो तुम एक बॉयफ्रेंड के रूप में मुझपर अपना हक जमा सकते हो।
रवि- मतलब मैं तुम्हें कभी भी ऐसे हग करूं या किस करूं तो तुम बुरा नहीं मानोगी
निशा- हाँ नहीं मानूंगी
मेरी बात सुनकर रवि ने अपना हाथ मेरे पेट से थोडा ऊपर खिसकाकर मेरे बूब्स पर रख दिए और फिर उन्हें बडे प्यार से सहलाते हुए बोला
रवि- और अगर मैं ऐसा कुछ करूँ तो क्या तब भी तुम बुरा नहीं मानोगी
रवि की इस हरकत से मेरे पूरे बदन में एक सनसनाहट दौड गई थी। इसलिए मैं थोडा हडबडाते हुए बोली
निशा- हाँ... नहीं नहीं... ओफ् मेरा मतलब है पता नहीं पर रवि वहाँ से हाथ हटाओ अभी प्लीज मुझे कुछ कुछ हो रहा है।
जब मेरी बात मानकर रवि ने अपने हाथ मेरे बूब्स से हटा लिए, तो मैं एक गहरी सांस लेते हुए बोली
निशा- थैंक्स... हाँ तुम मुझे वहाँ छू सकते हो पर कभी कभी, वो भी मुझसे पूछकर समझे
मेरी बात सुनकर रवि खुश होते हुए बोला
रवि- समझ गया मैम सहाब... अच्छा एक बात और
मैं झुंझला कर बोली
निशा- अब क्या है
रवि- क्या हम दोनों….. यू नो मेरा मतलब है कि जब मैं तुम्हें ऐसे छू सकता हूँ। तुम्हें किस भी कर सकता हूँ। तो क्या हम दोनों एक साथ….
मैंने रवि की बात पूरी होने से पहले ही उसे टोकते हुए कहा
निशा- हम दोनों एक साथ क्या………..
रवि- वो हम दोनों एक साथ विस्तर पर
रवि की बात सुनकर मैंने गुस्से में उसकी आँखों में घूरा और बोली
निशा- सेक्स करना है मेरे साथ
मेरी डायरेक्ट बात सुनकर और मेरे गुस्से को देखकर रवि थोडा झेंप गया और मुझसे नजरें चुराते हुए बोला
रवि- नहीं... हाँ मेंरा मतलब वो
उसके यूँ नरवस होने से मुझे हंसी आ गई और फिर मैं हंसते हुए बोली
निशा- हाँ ठीक है... हम करेंगे पर अभी नहीं... जब में कम्फर्टेवल हो जाऊँगी तब। तुम समझ रहे हो ना, हमारे बीच यह सब बहुत जल्दी जल्दी हो रहा है। तो मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा।
मेरी बात सुनकर रवि तुरंत बोला
रवि- हाँ हाँ कोई बात नहीं, जब तुम चाहोगी तब ही करेंगे। पर किस तो अभी कर ही सकता हूँ ना
निशा- हाँ ठीक है कर लेना किश। पर अब मुझे छोडो प्लीज
रवि- मुझे ऐसे अच्छा लग रहा है
निशा- तुम्हारे अरमान खडे हो गए हैं रवि, जो मुझे अपने पीछे महसूस हो रहे हैं। इसलिए इससे पहले हम दोनों बहकें प्लीज मुझे छोडो
रवि को शायद मेरी बात समझ आ गई थी। क्योंकि रवि का लण्ड एकदम कडक होकर मेरी गाँड में चुभ रहा था। इसलिए वो झेंपते हुए मुझसे अलग हो गया। उसके अलग होते ही मैंने एक राहत की सांस ली और फिर से तैयार होते हुए बोली
निशा- तुमने कॉफी और नास्ता ऑर्डर कर दिया था ना
मेरी बात सुनकर रवि को जैसे होश आया और उसने तुरंत ही रूम में लगे इंटरकॉम पर कॉल करके 2 कॉफी और नाश्ता आर्डर कर दिया। जिसके बाद मैंने अपने मोबाईल का लॉक खोलकर गगन के मैसेज ओपन करके रवि को अपना फोन पकडा दिया। जिसके बाद रवि गगन के मैसेज पडने लगा। जबकि मैं जल्दी जल्दी तैयार होने लगी। मेरे तैयार होने के तरंत बाद ही हमारा आर्डर भी आ गया था। इसलिए हमने अपनी कॉफी और नास्ता खत्म किया और फिर बाहर निकल गए।
सबसे पहले हम लोग भोपाल के बड़ा तलाब पर गए और वहाँ पर बोटिंग की। बोटिंग के दौरान हम दोनों ने खूब मस्ती की थी। उसके बाद हम सीधा गगन के बताए रेस्टोरेंट जा पहूँचे। वहाँ पर गगन और रश्मि पहले ही आ चुके थे। हम जब वहाँ पहूँचे तो उस समय दोनों में किसी बात को लेकर बहस हो रही थी। पर हमने उनके झगडे पर कोई ध्यान नहीं दिया। हमारे पहूँचते ही गगन ने चारों के लिए कॉफी और स्नैक्स आर्डर कर दिया और फिर हम लोग आपस में बातें करने लगे। मुझे आज रश्मि कुछ उदास दिखाई दे रही थी। इसलिए मैंने उससे पूछा
निशा- क्या हुआ रश्मि तुम थोडा सेड दिखाई दे रही हो
मेरी बात सुनकर बो थोडा चौकती हुई बोली
रश्मि- न नहीं तो, वो तो बस ऐसे ही। थोडी तबीयत ठीक नहीं है, शायद इसलिए तुम्हें ऐसा लगा होगा
निशा- ओह अच्छा, मुझे लगा की बॉयफ्रेंड से झगडा हो गया शायद। बैसे तुम्हारा बॉयफ्रेंड कौन है। उसे भी साथ ले आती।
रश्मि- वो वो वो तो..
अभी रश्मि की बात भी पूरी नहीं हो पाई थी कि तभी गगन बोला
गगन- ब्रेकअप हो गया है रश्मि का। फिलहाल सिंगल है
गगन की बात सुनकर रश्मि ने गगन को गुस्से से घूरा पर खामोश रही
निशा- अरे पर क्यों....
रश्मि- व वो उसे कोई दूसरी लड़की मिल गई है, इसलिए छोड दिया उसने
रश्मि ने सोचा कि मेरे साथ होने के कारण रवि कुछ बोलेगा नहीं, इसलिए उसने सारा इल्जाम अपने एक्स बॉयफ्रेंड यानि रवि पर लगा दिया था। लेकिन रवि यह सब कैसे बर्दास्त कर सकता था। वो रश्मि की बात सुनकर भडकते हुए बोला
रवि- शटऑप रश्मि…. झूठ बोलते शर्म नहीं आती तुम्हें। मैं कुछ कह नहीं रहा हूँ तो इसका मतलब यह तो नहीं है कि तुम कुछ भी बोलोगी
रश्मि- वो वो रवि वो मैं कह रही थी कि मुझसे गलती हो गई
रवि- कोई गलती नहीं हुई है तुमसे। जो तुमने किया वो बहुत सोच समझकर किया था और अब जब डिसीजन ले ही लिया है, तो कम से कम उसपर कायम तो रहो। सबकी नजरों में और कितना नीचे गिरोगी
निशा- अरे रवि यह सब क्या है। क्यों भडक रहे हो बेचारी पर। बेचारी परेशान है ब्रेकअप के कारण और तुम गुस्सा कर रहे हो। दोस्त है तुम्हारी. तुम्हें तो उसका साथ देना चाहिए
रवि- दोस्त... अरे कोई दोस्त वोस्त नहीं है मेरी, तुम्हे पता है....
रवि की बात पूरी होने से पहली ही रश्मि बोली
रश्मि- प्लीज रवि जो हो गया उसको छोडो ना। दूसरों के सामने क्यों हमारी बातें डिसकस कर रहे हो।
रश्मि की बात सुनकर रवि गुस्से से बिफरते हुए बोला
रवि- दूसरा…. अरे यहाँ दूसरा कौन है। गगन या मैं और सपना। गगन तो तुम्हारा सो कॉल्ड बेस्ट फ्रेंड है, तो बचे मैं और सपना। हाँ अगर हमें दूसरा समझती हो तो ठीक है।
रश्मि- वो वो सपना को कुछ नहीं पता तो
रवि- देखो रश्मि सपना मेरी गर्लफ्रेंड है और फ्यूचर बाईफ, तो मैं उससे कुछ भी नहीं छिपा सकता, और बैसे भी आज नहीं तो कल उसे सब पता चलना ही है ना।
मुझे उन लोगों की सारी बातें समझ में आ रहीं थीं, पर मैं जान बूझकर अनजान बनने का नाटक करते हुए बोली
निशा- अरे यार तुम लोग ऐ सब क्या बातें कर रहे हो। मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है।
रवि- मैं बाद में सब बता दूँगा तुम्हें
रश्मि- रवि प्लीज
रवि- क्यों... और मुझे अब तक यह समझ में नहीं आ रहा है कि कल तक तुम अपने नये बॉयफ्रेंड के साथ इतना खुश थी और वो सारी दुनिया को चटकारे ले लेकर बता रहा था कि तुम कैसे किसी को डम्प करके उसकी गर्लफ्रेंड बन गई, लेकिन वो अब तुम्हें अपनी गर्लफ्रेंड भी एक्सेप्ट नहीं कर रहा है और तुम उससे कुछ कह भी नहीं रही हो।
निशा- डम्प… मतलब कि रश्मि ने अपने पुराने बॉयफ्रेंड को डम्प किया था। पर क्यों
इससे पहले रवि कुछ कहता रश्मि बोली
रश्मि- वो वो मुझसे गलती हो गई थी और अब मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया है।
रवि- बहुत देर हो गई है। मिस रश्मि
निशा- यार यह सब क्या बकबास है। तुम दोनों आपस में ऐसे क्यों झगड रहे हो। एक तो मुझे कुछ पता भी नहीं है और तुम लोगों की बातें भी समझ में नहीं आ रहीं है। एक काम करो तुम दोनों आपस में झगडा करो मैं चली यहाँ से।
इतना बोलकर मैं अपनी चेयर से उठ खडी हुई और वहाँ से जाने लगी तो रवि बोला
रवि- अरे सॉरी सपना…… रुको तो सही मैं बता रहा हूँ ना तुम्हें
निशा- कोई जरूरत नहीं है। अब मेरा मूढ खराब हो गया है। तुम यहीं बैठकर अपना झगडा खत्म करो, मैं गगन के साथ चली जाऊंगी
इतना बोलकर मैंने जैसे ही गगन को देखा, तो वो तुरंत खुश होकर मेरे साथ जाने के लिए तैयार हो गया। बैसे वो चाहता भी यही था, इसलिए गगन ने तुरंत काऊंटर पर जाकर पेमेंट किया और अपनी कार से मुझे वहाँ से ले गया।
हानी जारी है.......