Broken by Her! (Story of a man) - Page 9 - SexBaba
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Broken by Her! (Story of a man)

थँक्स वरो

एन्ड में वरो सभी हीरोज मिल जायेंगे.

साफ है पहले अनु भी इस प्रोसेस से गुजरी है फर्क सिर्फ इतना है अनु ब्रैनवाशेद है और जबकि आरोही नहीं

दो hi है वरो वो टेम्पररी नाम है

राइट

वरो जो ऐसे काम करते है वो सब बातों पर ध्यान देते है

और विष कन्या बनाने से पहले प्स्य्चोलोजिकली तोड़ते है

राइट

करेक्ट

सही कहा जहाँ तक पूर्वी की बात है उसने जो भी बातें बताई उनसे यही साबित होता है वो सच्ची है

वरो रोलेक्स कंफ्यूज था तभी तो उसने सलिल को आवाज दी और इसी कन्फूसिओं का फायदा नरसिम्हा ने उठाया

सही बात है

बहुत जल्द और छोटी छोटी ेंटरी मरने के पीछे भी रीज़न है

एक्साक्ट्ली

अपकमिंग episode में पता चलेगा

राइट

Don't क्नोव वरो

हार्ट टचिंग लाइन्स

अपकमिंग episode में ये राज़ भी खुल जायेगा

वरो बीहूत अचे से रिव्यु दिया hai..vro सच कहु तो वरो की hi वजह से स्टोरी आगे बढ़ रही hai.warna और रीडर्स का मन होता तभी एते है .. मोस्टली आंसर दे hi दिए मई क्या hi बोलूं सबसे बड़ी बात डीप में जाकर स्टोरी पड़ी है....


हाहाहा सही है...
 
episode 26

आशना : haa...dhundo उसे और ढूंढ़कर मुझे कॉल Karo....kehkar आशना ने कॉल कट कर दी...

आशना : जब आप जानते हो अपने दोस्त की बहन के बारे में तो अपने क्यों नहीं बताया...

मई : उसे पता चला तो वो मेरे ससुर को मार dega...unhe बचने के लिए...

आशना : क्यों मार देगा...

मैंने जवाब देने की जगह ना में गर्दन हिला दी..

नेक्स्ट कंटिन्यू.....

अपनी सीट से उठकर मई गेट पर आकर खड़ा हो गया....

विंडो से बहार देखते हुए मई अपनी ज़िन्दगी के बारे में सोचने लगा....

कैसे खड़े हो ...आशना पास आकर मेरे हाथ को थमते हुए बोली..

मई : बस ऐसे hi....

आशना : आपके चोट लगी है आपको सीट पर लेटना चाहिए ..

मई : हम्म..

आशना : तो फिर चलो .

मई : नहीं यहाँ ाचा लग रहा है .

आशना : मैंने जब भी आपको गलत समझा खुद hi परेशानिओ में पद गयी ...पहले वो सिद्धार्थ अब ये..

मई : शायद तुम सही हो बस सिचुएशन ठीक न हो..

आशना : शट up..Maine बस राजू के जाने के बाद तक पूर्वी की स्टोरी suni...uske बाद क्या hua...aur अभी जो कॉल अपने दोस्त को कराइ उसके बारे में भी बताये..


मई : क्या bataun..mai थके से लहजे में बोलै..

आशना : प्लीज..

मई : उसके बाद सभी को पकड़ लिया था दीदी ने .......और मैंने सब उसे बता दिया.

आशना : आपको कैसे पता वो हैदराबाद वाले बचे एक आपका दोस्त दूसरी गोवा में है...

मई : झमेला ने बताया था अपने बारे में उसी से गेस Kiya...aur शायद आरोही भी जानती है झमेला उसका भाई hai...Maine कई बार उसमे झमेला के लिए प्यार देखा था..

भाई आलू क्या रेट hai..us दिन हम दोनों मार्किट गए थे सब्जियां लेने..

झमेला : ओह्ह भाभी aap...devar जी hi ठीक हों...

सामान लेने के बाद आरोही ने उसे 2 हजार एक्स्ट्रा दे दिए थे...

झमेला : भाभी ये ज्यादा है...

वो हमें रोकते हुए बोलै...

आरोही : कोई बात नहीं फिर कर लुंगी...

और जब हम अगली बार सौदा लेने गए तब भी आरोही ने यही कहा ...मई उससे उधर लोन तो आरोही फ़ौरन उसे पाय कर देती है...

इस सब से जाना वो दोनों भाई बहन है..

आशना : और उसकी सगी बहन के बारे में..

मई : जब हनीमून मानाने के लिए मई और आरोही गोवा गए थे तब हमने एक लड़की को देखा था आंटी की चेयर पर बैठे हुए वही सबको इंस्ट्रक्शंस दे रही thi...ek बार एक टूरिस्ट जब उस लड़की को घुर्र रहा था तब आंटी आरोही दोनों उस टूरिस्ट पर भड़क गयी ..उसी समय आंटी ने उसे निकल दिया था अपने रिसोर्ट se...mere पूछने पर बताया वो अपने वर्कर की केयर करती hai...subah आरोही पहले hi उठकर बीच पर चली जाती थी जब मई अत बीच पर तो उसे उस लड़की से हस्ते खेलते बातें करता देखता tha..isse जाना वो झमेला की बहन है...

आशना : अपने गलती कर दी bhai...use उसकी बहन के बारे में बताकर वो अब सबसे पहले आपके ससुर यानि आरोही के बाप को मरेगा या खुद मर जायेगा..

मई : जनता हों लेकिन मई कैसे उसे उसकी बहन से दूर कर सकता tha...Meri इनर सोल मुझे कचोटे मार रही thi...tum नहीं जानती झमेला मेरे लिए और मई उसके लिए क्या hain..usne बहुत से सैक्रिफाइस दिए है मेरे लिए...

आशना : मुझे दर लग रहा है...

मई : कैसा दर.

आशना : आपके और आपके दोस्त के लिए..

मई : समझ गया लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा मेरे ससुर के लिए मेरे मन में जो सम्मान था वो अब ख़त्म हो चूका है...

आओ न bhai...Tony की आवाज पर हम दोनों उसके पास जाकर बैठ गए .

टोनी : अकेले ाचा नहीं लग रहा था...

आशना : आप दिल्ली में क्या करते they..Ghar से तो आप बहुत रिच लगते हो.

टोनी : कुछ नहीं वो घर मेरा नहीं दोस्त का है मई तो मुंबई से हों..

आशना : मई भी मुंबई से हों..

टोनी : सच में फिर हम बंगलोरे क्यों जा रहे मुंबई चलते है न...

मई : ये मेरी मुँह बोली बहन है..

टोनी : acha..mai तो सागा हों न..

मई : है तुम्हारी माँ मेरी माँ की बहन है...

टोनी : ऐसा क्या...

आशना : आप मुंबई में क्या करते और वो लड़की कोण थी जिसने हमें बचाया..

टोनी : ये एक लम्बी कहानी hai...mai मुंबई में चोर था.. जिसका वो घर था वो भी एक दिन हमने एक अफसर के घर में चोरी की...

टोनी अपनी कहानी सुनाता रहा मई सीट पर लेट गया कुछ देर बाद hi मेरी आँख लग गयी....

यात्री ग्रह किर्प्या ध्यान दे गाड़ी नंबर 3472 दिल्ली से बैंगलोर जाने वाली नासिक जंक्शन पर पहुंच गयी है..

कंप्यूटर की आवाज से मई jaga...Tony और आशना सो रहे थे...

घडी में मैंने टाइम देखा तो 12 ऑवर से ज्यादा समय हो गया था हमें चलते हुए..

ट्रैन रुकी देख मई बहार Aya...tanki पर मुँह धोकर मैंने पानी की बोतल li...soncha दोनों के लिए कुछ खाने का ले लोन लेकिन नार्थ इंडियंस की गंदगी देख मैंने कुछ नहीं liya..chips के पैकेट लेकर मई ट्रैन की तरफ चल दिया...

जाते हुए मेरे कदम ठिठक गए....

वो मुझे और मई उसे पहचानने की कोशिश करने लगा....

सेक्स किंग सलिल.....

मिया गुप्ता....

हम दोनों एक साथ बोले....

मन से आवाज आयी: कहे का सेक्स किंग अपनी वाइफ को तो खुश कर नहीं पता .

कुछ मिनट्स हम ऐसे hi खड़े rahe...aur मई उसे निहारने लगा.

images


मिश्री पहले से और खिल गयी thi...uska फिगर पहले से ज्यादा सेक्सी हो गया tha.shirt में से उसके क्लावेंगे साफ़ दिखाई दे रहे they...uski अस्स भी बहार को कुछ जयदा hi निकल आयी थी..

मई : मैंने तुम...

मिया गुप्ता : तुम यहाँ कैसे ...

मई : दिल्ली काम से आया था अब बैंगलोर जा रहा हों .

मेरे जवाब देने पर वो खामोश हो गयी...

मेरी भी समझ में कुछ नहीं आ रहा था उसे क्या बोलूं...

मई : I'm सॉरी जो भी hua...Maine तुम्हारे भाई को नहीं mara...maine अपनी भी लाइफ ख़राब कर ली पोर्न की वजह se....bolte हुए मेरी आवाज बोझल हो गयी...

मिया गुप्ता : hmm...Maine अपने भाई की डेरी पड़ी थी जिसमे उसने लिखा था ...वो तुमसे भी बड़ा सेक्स किंग बनेगा तुमसे सीख ke....darasal सलिल दोष तुम्हारा भी नहीं है दोष है तो अमेरिकन्स का जिन्होंने पोर्न इंडस्ट्री खोली फिर धीरे धीरे ऐसी इंडस्ट्रीज दुनिया भर में ओपन हो gayi...wo थके से लहजे में बोली..

मई : काम से काम तुम्हे अकाल तो आयी...

मिया गुप्ता : hahaha...huhh और तुम पहले से और सेक्सी टॉम बॉय बन गए ho...wo हस्ते हुए बोली...

मई : टॉम बॉय क्या होता है...

मिया गुप्ता: समझा दूंगी..

मई : तुमने मुझे अपना असली नाम भी नहीं बताया....

मिया गुप्ता : क्या है ..

मई : मिश्री गुप्ता..

मिश्री : माँ डैड ने मेरा नाम माहेश्वरी रखा मैंने hi शार्ट में मिश्री कर लिया...

मई : एटलीस्ट सच्चा नाम hi बता देती..

मिश्री गुप्ता : मई मिशन पर आयी थी तुम्हे वायरल करने रियल नाम कैसे batati...wo तो तुम्हारी बहन ने मुझसे रिक्वेस्ट की और भी कुछ किया जो मई नहीं बताउंगी उस कारन मैंने तुम्हे ज्यादा वायरल नहीं kiya...warna तुम्हे कही का नहीं छोड़ती .

पीईई....


मई : ठीक है चलता hon...train हॉर्न दे रही है..

मिश्री गुप्ता : वेट मेरी भी यही ट्रैन hai...water की बोतल ले लोन मई भी चलती हों...

मई : तुम सामने वाली बॉगी में जाओ मई लेकर आया...

मिश्री : थैंक यू....

कहती हुई वो ट्रैन की तरफ बढ़ gayi...mai पानी लेने लगा...

पानी लेकर मैंने भागते हुए ट्रैन pakdi...aur अपने कम्पार्टमेंट में aya..mishi दूर पर hi कड़ी थी...

मेरे हाथो से पानी लेकर वो पिने लगी ..

मिश्री : थैंक यू..

मैंने सर हिलाया.

मई : तुम दिल्ली में क्या करने आयी.

मिश्री : शादी के बाद यही शिफ्ट हो गयी थी mai..fir 8 महीने पहले हस्बैंड चल बेस इसलिए अब हमेशा के लिए बंगलोरे जा रही हों.

मई : सॉरी तो हेअर तहत .

मिश्री : it's okay.

मई : तुमने मेरी लाइफ की ऐसी की तैसी कर di..mujhe मुँह छुपाने के लायक भी नहीं छोड़ा और मई तुमसे कितना फ्रेंडली बेहवे कर रहा hon..jo बात बार बार मेरे अंदर से आने के लिए मचल रही थी वो फाइनली मैंने उसे बोल दी....

मेरी बात सुनकर वो खिल खिला कर हसने लगी...

मिश्री : क्या हुआ तुम्हारे साथ वैसे मई भी क्यूरियस हों जानने के लिए.

उसकी बात सुनकर मई उसका चहेरा देखने लगा..

मई : ाचा मई चलता hon...mere भाई बहन मेरा वेट कर रहे है ..

मिश्री : नाराज़ क्यों होते हो मेरे सेक्स किंग.

वो मेरे गले में बाहें डालते हुए बोली..

मई : फिर क्या होना चाहिए मुझे.. एटलीस्ट तुम सॉरी hi कह देती तो सुकून मिल जाता...


मिश्री : तुमने मेरा पूरा फायदा उठाया है ...यद् है लैंड चूस मेरा ....स्टेप माँ....

उसकी बातें सुन कर मन हो रहा था ट्रैन से कूद जॉन लेकिन अभी मुझे जीना था और दर्द सहने के लिए और इंसल्ट के लिए..

मई : हां ...इतना कहकर मई उसके हाथो के घेरे से निकल गया ..

मिश्री : मई भी अपने कम्पार्टमेंट में जा रही हों मन न लगे तो अजना और सुनो बंगलोरे में मिलने आना मई तुम्हारे उसी फ्लैट के बहार वेट करुँगी.

मिश्री के पास से उठकर मई आशना टोनी के पास आकर बैठ गया दोनों को उठाकर मैंने खाना खिलाया फिर मई लेट gaya....Safar अभी और 8 घंटे का रहता था...

लेटते hi मुझे नींद आगयी....

किसी के जगाने से मई jaga....uthane वाली मिश्री थी...

आंखे माल्टा हुआ मई उसे देखने लगा..

मिश्री : उठो जणू बंगलोरे आगया....

मई : तुम यहाँ..

मिश्री : रत में आगयी thi..akele बोआर हो रही थी..

सर हिलता हुआ मई उठा फिर मैंने उन दोनों को उठाया फिर हम चारो ट्रैन से उतरे....

जब हम स्टेशन से बहार ए तब मिश्री की कार पहले से बहार कड़ी थी जो उसका ड्राइवर लेकर आया था..

वो जाकर उसमे बैठ गयी...

आशना : कौन थी ये..

मई : फिर bataunga..kehte हुए मई दोनों को लेकर चल दिया.

pii..pii...itne में मिश्री की कार हमारे बराबर में आकर कड़ी हो गयी....

मिश्री : लिफ्ट चाहिए..

मई : नहीं मुझे दूर जाना है..

मिश्री : कोई बात नहीं छोड़ दूंगी टॉमी..

मई : चलो आओ baitho..Maine दोनों से कहा.

वैसे तो मई नहीं जाता लेकिन उसके टॉमी कहने पर मैंने उसे तंग करने का प्लान बना लिया...

कार में आगे ड्राइवर के साथ टोनी बैठ गया पीछे मई आशना मिश्री के साथ...

मई : मेरे साथ घर चलोगी या फिर हॉस्टल..

आशना : सोंच रही हों घर चलूँ एटलीस्ट आपका बचाव hi कर लुंगी..

मई : don't वोर्री मई देख lunga...tum हॉस्टल जाओ.

मेरे कहने पर उसने सर हिला diya.fir मैंने ड्राइवर को अड्रेस बताया..

कुछ देर बाद हम उसके कॉलेज ए.

मई : वेट करना मई इसे छोड़ कर Aya..Tony यही बैठे रहो..

मेरे कहने पर दोनों ने हामी भरी और मई आशना को लिए कॉलेज में बढ़ गया..

आशना : इलाज करा लेना अपना..

मई : है करा लूंगा.

आशना : मई अंदर की बात कर रही हों...

उसका मतलब कॉलेज के हॉस्पिटल में ट्रीटमेंट से था..

बातें करते हुए हम दोनों हॉस्टल के बहार ए...

हॉस्टल का गेट खुला था जिस कारन हमें हरषि अंदर दिख gayi...ek लड़की के आशना की तरफ ऊँगली उठाने से हरषि ने हमें देखा...

हमें देखते hi वो हमारी तरफ आने लगी...

उसे अत देख आशना मेरे पास hi रुक गयी...

हरषि : कैसी हो आशना.

आशना: फाइन..

कुछ देर हम दोनों ऐसे hi खड़े रहे जब हरषि कुछ न बोली तो मैंने कहा.

मई : ठीक है तुम जाओ कोई भी प्रॉब्लम हो तो कॉल करना..

सर हिलाते हुए आशना चली गयी उसके साथ hi हरषि bhi...mai वापस कार में आकर बैठ गया...

मिश्री : कितना टाइम लगा दिया यार.


मई : बड़ा कॉलेज hai...driver कार को ग्रीन स्ट्रीट ले chalo..mishi के पूछने से पहले मैंने अड्रेस बता दिया.

मिश्री : व्हाट इतनी door...wahan किस liye..wo हैरान होते हुए बोली..

मई : मौसी के घर जा रहा हों apni...don't फॉरगेट तुमने hi लिफ्ट के लिए बुलाया था..

मिश्री : हहह no प्रॉब्लम चलो ड्राइवर..

वो खिसियानी हसी हस्ते हुए बोली...

उसके कहते hi हमारी गाड़ी चल दी...

1 घंटा मुझे मौसी के घर आने में लगा..

मई : बस यही रोक लो..

मेरे कहने पर ड्राइवर ने कार रोक दी..

मई : तुम जाना चाहो तो चली जाओ..

मिश्री : तुम रुकोगे.

मई : नहीं 10 ,15 मिनट में आजाऊंगा.

मिश्री : okay तो मई वेट कर लेती हों.

मई : ठीक है...

और मई टोनी को लिए कार से निकला..

बहार आकर टोनी सोसाइटी के बड़े बड़े घर देखने लगा..

टोनी : कितने अचे अचे घर है.

मई : जिस घर से तुम आ रहे हो उससे ाचा तो नहीं.

टोनी : भाई अपना नहीं था na..uski बात मई समझ गया था..

मई : यही hai...aur मेरे पीछे ाजाओ...

मैंने वेल प्रेस करते हुए कहा..

दो बार बेल्ल बजने पर मां ने दूर खोला..

मुझे देखते hi उनके फेस पर स्माइल आगयी...

मुस्कुराते हुए उन्होंने मुझे अपने साइन से लगा लिया...

सामंथा : मेरा bacha...chalo आओ andar..wo अलग होते हुए बोली..

मेरे पीछे टोनी को देख वो तिक्तकी..

आँखों hi आँखों में उन्होंने उसके बारे में पूछा जिस पर मैंने रुकने का इशारा किया...

मई : Jay...Tina कहा हो दोनों.

सामंथा : टीना देखो सलिल आया hai..Jay ..

इतने में दोनों रूम से निकल कर आगये.

टीना : bhai...aap यहाँ व्हाट ा सरप्राइज.

मई : जय तू कहता था न तेरे बड़े भाई को लेन के लिए ताकि तू उसकी शादी करा सके देख मई ले आया..

जय : सच में भाई ये टोनी भाई है..

मैंने सर हिला दिया...

मां घूमी और खुद को न सँभालते हुए गिरने लगी...

टीना अपनी सांसे सँभालने लगी.

मैंने मां को संभाला जय भागकर टोनी से लिपट गया..

टोनी : तुम मेरे छोटे भाई हो...

जय : है..

और वो दोनों एक दूसरे को गले लगाए रोने लगे.

सामंथा : kaise..wo भर्राई आवाज में boli.fir घुटनो के बल hi टोनी से लिपट गयी..

मई : सब बंद में bataunga..pehle मिल लो आप...

मां के पास से हटकर मैंने टीना को संभाला और उसे लेकर टोनी के पास आया.

10 मिनट्स तक रट हुए चारो एक दूसरे से मिलते rahe...rote हुए hi टोनी ने साडी कहानी बता दी कैसे टोनी मुझे mila.mamma को उसने अपना लॉकेट भी दिखा Diya..jis कारन शक की गुंजाईश hi ख़त्म हो गयी.

मेरी आवाज पर सब अलग हुए.

मई : मां मई जा रहा हों..

सामंथा : नहीं...

मई : मां मेरी फ्रेंड बहार कार में कड़ी hai...aarohi भी घर पर अकेली hai..free होकर आऊंगा.

सामंथा : उसे भी ले आओ..


मई : वो दिल्ली से आ रही hai...acha ठीक है चलता hon...Tony जय टीना मेरे जाने के लिए खड़े होने पर तीनो मुझसे आकर चिपट गए .

तीनो को चूमता हुआ मई आगे बढ़ गया...

ruko...awaj देकर मां मेरे पास आयी.

पर्स से पैसे निकल कर उन्होंने मेरी तरफ बढ़ाये.

मई : नहीं मां..

मेरे इंकार पर उन्होंने आंखे दिखाई जिस पर मैंने पैसे रख लिए...

फिर bye बोलकर घर से निकल गया...

मेरे कार में एते hi कार चल दी.

मिश्री : कितना टाइम लगा दिया यार तुमने.

उसके सवाल पर मई उसे बताने लगा असल में टोनी के साथ मई यहाँ क्यों आया.

मिश्री : वाओ ग्रेट .. बैठे वे तुम कैसे मिले टोनी se..aur दिल्ली क्या करने गए थे.


मई : ghumne...hmm तो तुम्हारी शादी कब हुई.

मिश्री: 1 साल पहले.

मई : डेथ कैसे हुई तुम्हारे हस्बैंड की .

मिश्री: accident.wo ड्रग एडिक्ट थे.

मई : तुम्हे अफ़सोस नहीं हुआ.

मिश्री: मूव ों कर ली yaad.tum बताओ तुमने शादी की या नहीं..

मई: हो गयी.

मिश्री: मज़ाक न...

मई : सच में साल हो गया है...

मिश्री: अपनी शादी की फोटो दिखाना.

मैंने फ़ोन में अपनी आरोही की फोटो लगा di..aur फ़ोन उसे दे दिया..

मिश्री : बहुत खूबसूरत hai...usne एक नज़र आरोही को देखा फिर मुझसे अलग होकर बैठ गयी..

मई : क्या हुआ मुँह क्यों लटक गया तुम्हारा.

मिश्री : नथिंग.

मई : मई खुश नहीं हों.

मिश्री : शादी से .

मैंने सर हिला दिया..

मिश्री : क्यों चीट करती है.

मैंने कोई जवाब नहीं दिया..

मई : लड़कियां क्यों चीट करती है... don't लिए होनेस्त्ली रिप्लाई देना.

मिश्री : ये बहुत पर्सनल क्वेश्चन है... अकॉर्डिंग तो माय एक्सपीरियंस उनसेंटिसफी वीफेस चीट करती है और अगर कोई शादी से पहले सेक्स कर चुकी हो बर्फ से वो या फिर लालच में एंड लास्ट हवस में.

यही कारन होते है.

मई : मेरे साथ करने से पहले कितने बॉयज तुम्हारे बर्फ थे.

मिश्री : तुम bas..tumhare बाद बहुत से हुए.

मई : इंटिमेट भी हुई उनके साथ.

मिश्री : ऑब्वियस्ली.

मई : तुम्हारे हस्बैंड को पता चल गया tha...jiski वजह से वो ड्रग एडिक्ट बन गया.

मिश्री : है ऐसा hi hai..wo अजीब तरह से मुझे देखते हुए बोली.

मिश्री : हम दोनों की सेक्स लाइफ में मई अपने हस्बैंड को डोमिनाते करती थी मई डिलडो से उसे chodti..wo हर तरह से मेरे साथ खुश था लेकिन जब उसे मेरे पास्ट क बारे में पता चला वो ड्रग एडिक्ट बन gaya...past कैसा भी था लेकिन शादी के बाद मैंने लॉयल रहने का फैसला किया और मई कायम भी रही.

मई : औरतज़ात मर्द को तरह तरह से खा जाती है..

मिश्री : मैंने ऐसा देखा है सो अभी के लिए एग्री करती हों तुम्हारी बात से पब्लिक में पूछोगे तो ऐसे आंसर की उम्मीद नहीं करना.

मई : एटलीस्ट तुम सच्ची तो ho...nahi तो औरत सच बहुत काम hi बोलती है.

मिश्री : 5 महीने रिलेशनशिप में रहे ham...tumhare साथ ऑनेस्ट रहना बनता है.

मई : थैंक यू..

मिश्री : औरतो से इतनी नफरत क्यों हो gayi..cheat करती है तुम्हारी वाइफ.

मैंने सर हिला दिया..

मिश्री: इसमें तुम्हारी गलती है जब खुश hi नहीं कर पते तो जाहिर है वो चीट karegi...ab तो छोड़ दो पोर्न

मई : मई ठीक हो गया हों 2 ,2 घंटे करता हों.

मिश्री : क्या मतलब तुम्हारा खड़ा होने लगा.

मई : हां.

मेरी बात सुनकर वो खिल खिला कर हसने लगी...

मई : छोड़ो भी अब..

मिश्री : तो क्या करोगे डाइवोर्स लोगे.


मई : नहीं जनता...

मिश्री : तुम मुझे शुरू से एन्ड तक अपने बारे में बताओ तो मई कोई सुग्गेस्टिव दे सकती हों..

मई : फिर kabhi....bas ड्राइवर यही रोल लो..

मेरा घर आगया था..

मिश्री : यहाँ रहते हो..

मई : हां मेरी वाइफ का hi घर है...

मिश्री : नंबर दे jao.aesa करो मुझे बैक कॉल करो.

फिर मिश्री नंबर बताने लगी और मई टाइप करने लगा.

कॉल लगा के मैंने स्पीकर ों कर दिया..

स्पीकर : किर्पया नंबर झाँच लें.

मई : फिर से batao..bhut शर्म आ रही थी..

अगली बार उसने बताया तो मिस कॉल चली गयी..

मई : देखो इतना स्मार्ट हों मई...

मिश्री : इस बारे में कुछ नहीं कहूँगी..

हस्ते हुए हाथ हिलाकर मई आगे बढ़ गया....

बेल्ल बजने पर गेट गीता ने खोला..

मई : रुक रंडी ...

गीता : मंद योर लैंग्वेज.

चटकककककक....

मई : फिर से बोल रंडी...

गीता : मई आरोही से कहूँगी..

चटकककक...

मई : साली रंडी अपनी मेमसाब के कहने पर तूने मुझे गन्दा किया अब मगरमछ के आंसू बहा रही है...

मेरा गुस्सा देख वो सर निचे किये सुबकने लगी..

मई : बता कहा है वो...

गीता : अभी आयी नहीं...

उसकी बात सुनकर मई आगे बढ़ गया..

अपने रूम में आकर मैंने नाहा कर कपडे बदले फिर फ्रिज से पानी लेकर पिया...

पानी लेते समय मेरी नजर ठन्डे सैंडविचस पर पड़ी जिन्हे लेकर मई रूम में आगया...

फिर अपने सेफ से मैंने सिगरेट और गोला निकले सिगरेट जला कर मई साथ में सैंडविच खाने लगा...

सब करके मैंने गोला मुँह में डेल और निगल कर पानी पि liya..fir बाद पर गिर गया...

थकन से मेरा बुरा हाल था...

लेटते hi मुझे नींद आगयी...

रात में आवाजों से मई उठा टाइम देखा तो 8 बज रहे थे रत के.

उठते hi रूम से एक साये को निकलते मैंने dekha...shayad वो आरोही या गीता थी..

उठकर आंखे माल्टा हुआ मई बहार आया तो लौंगे में मुझे आरोही रोहित के साथ बैठी दिखी.

मई : कहा थी तू...

मेरे बोलने पर आरोही मुझे घूरने लगी..

मई : तू दिल्ली से मुझसे पहले चली थी लेकिन आयी अब hai...kaha थी तू..

रोहित : एक ज़रूरी काम आगया था हमें दिल्ली में जिस वजह से लेट हो गए 2 घंटे पहले hi हमारा प्लेन लैंड हुआ यहाँ..

मई : मैंने अपनी वाइफ से पूछा hai...ab बोलेगी भी तू..

मेरा रवैया देख वो कुछ कहे बिना उठकर चली गयी...

पीछे पीछे मई भी चल दिया...

वो रूम में आकर लेट गयी थी...

सिगरेट जला कर मई भी उसके बराबर में आकर लेट गया...

मुझे लेटता देख वो उठने लगी..

मई : चल पेअर दबा बहुत दर्द हो रहा hai.....tune सुना नहीं....

मेरे तेज से बोलने पर वो मुझे गुस्से में घूरने लगी...

मई : घुर्र क्या रही hai...kya करेगी तू बोल.. डाइवोर्स देगी साली या मेरी बहन का बदला मुझसे legi..bol ..

कुछ कहे बिना वो रूम से जाने लगी..

मई : ज़िन्दगी में ग़म मिले हज़ार लेकिन औरत न मिले चिनार..

सुनने पर उसने मुझे पलट कर देखा फिर पेअर पटकते हुए वो चली गयी...

1 घंटे सिगरेट फूक कर मई मुँह धो के बहार Aya...wo दोनों बैठे डिनर कर रहे थे ये देख मैंने फिर फ्रिज से सैंडविच निकले और उन्हें अप्पी के साथ खाने laga..khate हुए hi मैंने फिर सिगरेट जला ली..

वो दोनों खाना खा कर गर्दन की तरफ चल दिए...

कहते हुए hi मई भी उनके पास आकर बैठ गया..

मई : रोहित ये मेरी पत्नी है आज के बाद इसके अस्स पास नहीं dikhna...chal उठ ab...shabash...

मेरे कहने पर आरोही गुस्से में मुझे घूरने lagi..Rohit आरोही को देखते हुए खड़ा होने लगा...

मई : उसे क्या देख रहा है जा रोहित और अपने लिए कल घर तलाश करना.

आरोही : फ्री खाना और छत तुमसे हजम नहीं हो रही...

मई : चलो तुम बोली तो sahi...by थे वे क्या कहा फ्री ka...tu 5 महीने मेरे साथ रही क्या तू तब अपना कहती थी या मई लेकर तुझे खिलता tha....kaisi नीच औरत है ऋ तू खाने पिने के भी तने मार रही hai...kehte हुए मैंने सैंडविच आरोही के मुँह पर फेक कर मारा...

मई : तेरा फर्ज था अपने पति के साथ उसके घर में रहने का लेकिन तू अपनी चुदाई से लिए घर में अपने पति को ले aayi...aur अब तने मार रही है...

मेरी बात सुनकर वो मेरा मुँह देखने लगी..

आरोही : मुझसे तमीज से बात karo..patni हों तुम्हारी रंडी नहीं.

मई : मेरी न सही किसी और की तो है randi...kehte हुए मैंने कॉल लगा दी...

2 रिंग के बाद फ़ोन रइवे हुआ.

मई: सासु माँ सब कुछ जानते हुए भी तुमने अपनी बेटी मेरे पल्ले बांध दी...

सुहासिनी: hello सलिल बीटा क्या हुआ..

मई : सबके साथ भलाई की लेकिन मेरे गले एक चैनल को बंद दिया..

सुहासिमि : हुआ क्या hai...bataoge ..अगर आरोही से कोई गलती हुई है तो उसकी तरफ से मई माफ़ी मांगती हों..

आरोही : फ़ोन रखो..

मई : लो इससे बात करो..

कहते हुए मैंने स्पीकर ों कर दिया..

आरोही : मम्मी सब ठीक है मई आपसे बाद में बात करुँगी..

मई : कुछ भी ठीक नहीं है सासु maa...aap सब जानती थी आरोही रोहित से प्यार करती है फिर भी अपने उसे मेरे गले बांध दिया...

सुहासिनी: तुम्हे गलत फेहमी हुई है beta...tumhari शादी मिश्रा ने आरोही से कराइ मैंने nahi...mai तो थी भी नहीं तुम्हारी शादी में..

मई : hmmm...meri हलकी सी आवाज आयी.

आरोही : ठीक है मम्मी बाद में बात करुँगी मई..

सुहासिनी : नहीं मेरी बात सलिल से कराओ..

मई : हांजी...

सुहासिनी : आरोही क्या सलिल करैक्टर लेस्स hai..sirf हां या ना में जवाब देना.

आंटी की बात सुनकर आरोही मेरा चेहरा देखने लगी.

आरोही : नहीं..

सुहासिनी: सलिल तुम्हे मरता है..

आरोही : नहीं..

सुहासिनी : मई टिपिकल औरतो की तरह नहीं हों आरोही जो अपनी बेटिओ के घर उजाड़ देती hai..I'm ा वुमन ऑफ़ प्रिंसिपल्स स
ो ये मुझसे उम्मीद मत रखना मई तुम्हारा साथ dungi...ab जो कुछ है वो बस तुम्हारा पति hai..ab मुझे शिकायत सुनने को मिली तो भूल जाना कोई तुम्हारी माँ hai..mai भी समझूंगी मेरे सिर्फ दो hi बचे है.

आरोही : गुडबाय mummy..kehkar उसने कॉल कट कर दी...

फिर गुस्से में मुझे घूरने लगी..

आरोही : रोहित यही रहेगा.. समझ गए..

कहते हुए उसने रोहित का हाथ पकड़ा और उसे लेकर चल दी..

मई : कैसी रंडी औरत है ऋ तू....

आरोही : इसने हमेशा मेरा साथ दिया hai....mujhe मजबूर मत करो तुमसे नफरत करने पर.

वो चीखी फिर लम्बे लम्बे कदम बढाती हुई चली गयी...

कई सिगरेट फूक कर मई रूम में aya...wo कार्बेट लिए लेती थी...

मई : मुझको पीना है पिने दो ...मुझको जीना है jine...tum अमीर हो खुश नसीब हो ...मई गरीब हों बदनसीब hon...pi पि के ज़ख्म अपने साइन do..mujhko पीना है पिने do.room में एते hi सिगरेट पिटे हुए मई गाने लगा..

मई : टूटे ज़ख्म देख न सके दिल को टूटता क्या देखते ...

शट upppp...wo चिल्लाई...

उसकी चीख पुरे रूम में गूंज गयी..

फिर उसने टेबल पर रखे आधे सैंडविच को उठाया और अपने पेअर पर रख लिया..

शायद ये वही था जो मैंने उसके फक कर मारा था.

आरोही: बात थिस...

मई : तेरी इतनी himmat..tu मुझे..

chup...ek डैम ज्यादा बोलै तो तेरी गांड में डिलडो दाल dungi...Rohit से भी छुडवाउंगी tujhe...uske सामने तेरी बकवास पत्नी धर्म की वजह से सुनती रही लेकिन अब तू मुझे पति नहीं अनुसुइया का भाई लग रहा hai..wo गुस्से में दन्त भीचते हुए बोली...

आरोही : क्या करेगा अब तू ...तू बेरोज़गार है और सर पर तेरे एक मुँह बोली बहन की ज़िम्मेदारी hai...chhodega मुझे ...या अपनी उस बहन के पास जायेगा जो तुझे अपनी छूट की कमाई खिलाएगी..

मई : मेरे अंदर का इंसान उसी दिन मर गया था जिस दिन मैंने तुम्हारे उस घटिया लत्तेर पर सिग्न किये... ऑप्शन कोई नहीं था इसलिए मई झुक gaya...aur मैंने सैंडविच उठा के मुँह में रख लिया...

आरोही : गुड बॉय..

सैंडविच ख़त्म होने पर उसने पानी का गिलास मेरी तरफ बढ़ा दिया..

पानी को जब मैंने पिया तो उसमे अजीब सी स्माल आ रही थी...

मई : क्या मिलाया इसमें..

आरोही : सेक्स drug...kuch देर में तुम्हे इसके साइड इफेक्ट्स दिख jayenge...khte हुए वो कड़ी हुई ...और ड्रावर से 9 इंच लम्बा बेल्ट वाला डिलडो निकल कर अपनी कमर में बांधने लगी...

डिलडो लगाए वो मेरे पास ayi..aur जबरदस्ती मेरे कपडे उतरने लगी..


मई : ये गलत hai...ye अन्याय hai...chhod दो मुझे...

मेरे विरोध करने पर उसने मेरे कपडे hi फाड़ दिए..

मई : तुम मेरा रपे कर रही ho..ye मार्टिकल रपे है..

आरोही : hahahah...aurat की मुट्ठी में है कानून...

नंगा करके उसने मुझे बाद पर धक्का देते हुए झुका दिया...

चट्ट्ट्ट...

आअह्ह्ह्हह

.उसने एक थप्पड़ मेरी बैक पर mara...aur मेरी चीख निकल गयी..

आरोही : तुम्हारी गांड का हाल ऐसा कैसे हुआ.

मई : मेरी लड़ाई हो गयी थी दिल्ली में वो मेरा रपे करना चाहा रहा था..

आरोही : ohh...kyo हुई लड़ाई...

उसके कुछ न करने पर मैंने उसे घूम के देखा तो वो अपना डिलडो उतर रही थी..

मई : उसने आशना को किडनैप कर लिया था..

आरोही : ाचा ऐसे hi रहना मई अभी आयी..

कहकर वो चली gayi...kuch देर बाद फर्स्ट अिध किट लेकर आयी और मेरे ज़ख्मो पर क्रीम लगाने लगी...

सिर्फ अंडरवियर पहन lo..usne क्रीम लगाने के बाद कहा...

मैंने अंडरवियर उठा के पहन लिया..


आरोही : इतने गुस्से में क्यों बात कर रहे थे.

मई : उस रात जो हुआ उसके बाद तुम मुझसे कैसे बेहेवियर की उम्मीद कर रही थी और दिल्ली से आयी तो बोली भी नहीं.

आरोही : क्या बात करूँ tumse...ab कहने के लिए कुछ बचा भी hai..kehte हुए उसने पर्स से गन निकल कर मेरे सामने रख दी.

आरोही : किल में ोथेरविसे ी विल किल योर sister...don't थिंक सो मच.. ऐसा मौका बर्फ बार नहीं मिलेगा.

उसकी बात सुनकर मेरे हाथ पेअर फूल gaye..kanpte हाथो से मैंने गन उठाई..


मई : मई बहुत दर्द में हों आरोही मुझे तुम्हारी बेवफाई अंदर से खा रही hai...bar बार उन दोनों नीग्रो के चहेरे मेरी आँखों के सामने एते है जो मुझ पर हस्ते hai...aur मेरा दिल फिर भी तुम्हारे लिए पागल hai...aarohi काश मई उस लत्तेर पर सिग्न नहीं करता काश मई जेल में होता काश मेरी बहन भी तुम्हारी तरह न hoti...meri बहन को कोई चीज़ तोड़ सकती है तो वो है बस मेरी मौत ...उसे माफ़ कर Dena...use कहना मेरी आखिरी खवाहिश यही थी वो और तुम दोनों गलत काम छोड़ दो... कहकर एक नज़र मैंने उसे प्यार से देखा और फिर ट्रिगर दबा दिया...

टककक....

गोली नहीं निकली इसलिए मई आरोही का चहेरा देकहने लगा...

उसके कुछ न कहने पर मैंने मागज़ीने खोलकर देखि तो वो खली निकली...

आरोही : मई तुम्हारी बहन को माफ़ नहीं कर sakti....even िफ़ यू दिए...

मई : तो तुम मुझे मार क्यों नहीं देती..

आरोही : मेरे साथ गलत अनुसुइया ने किया है तुमने nahi...aur एक उसका भाई ी मैं तुम्हारा जुड़वाँ भाई भी था जिसने हमारी हेल्प की थी एक बार अनुसुइया से बचने में..

उसकी बात सुनकर मई फुट फूर कर रोने लगा...

आरोही : वेट कही तुम hi तो nahi...koi चांस hi नहीं तुम बेवक़ूफ़ हो वो बहुत स्मार्ट पावरफुल tha..wo सोंचते हुए बोली..

मई : नहीं उसे दीदी ने मार दिया...

आरोही : what...wo हैरानी से बोली ...हैरत से उसकी आंखे बहार निकल आयी..

आरोही : फिर तुम क्यों बचाना चाहते हो उसे...

मई : नहीं बचाऊंगा लेकिन सोना के साथ कुछ मत करना...

आरोही : चलो आंसू पोचो...

मैंने फटी पंत से आंखे साफ़ की फिर आरोही ने मुझे पानी दिया....

आरोही : भूक लगी है .

मैंने ना में सर हिलाया...

मई : पैरो में बहुत दर्द हो रहा है बस.

आरोही : wait...kehkar उसने दूर के पास से गीता को आवाज दी..


कुछ देर बाद वो आयी..

आरोही : जाओ सलिल के पेअर दबा दो..


मई : नहीं दाबने isse...tum दबाओ..

गीता : इसने मुझे मारा..

मई : रंडी साली अपने साहब से कैसे बोल रही है तू...

आरोही : क्यों मारा इसे.

मई : इसने मुझे अशुध्द कर दिया tha...sara षड़यंत्र तुम्हारा रचाया हुआ था.

आरोही : लॉयल्टी भी कोई चीज़ होती है.

मई : I'm sorry...mai बहक गया था...

आरोही : गीता जाओ tum..aarohi के कहने पर वो चली gayi....aarohi मेरे पास में आकर लेट गयी...

ऐठन की वजह से मई अपने पेअर खुद hi मसलने लगा....

आरोही : लीक माय foot..i वांट प्लेअसुरे...

मई : मेरे पैरो में दर्द हो रहा है...

आरोही : ठीक है मई रोहित को बुला लेती हों...

मई : randi....uthkar मई उसक पेअर चाटने लगा....

आरोही : आआअह्ह्ह्ह सोऊ गुड ..ummmm...aese hi...aaaaaaaahhhhh...

वो करबाते बदलते हुए मचलने लगी...

आरोही : ओह्ह मेरे गांडू pati...aaahhhh...chod तो ठीक से नहीं पते तुम लेकिन ये अचे से कर रहे हो ..

मुझे गुस्सा आया लेकिन मई अपने दिल के हाथो मजबूर होकर रह गया.

कुछ देर करने के बाद आरोही का ओर्गास्म agaya...jise वो ऊँगली से मेरे मुँह में डालने लगी...

आरोही : लीक आईटी माय डोगग्य.. सो स्वीट..


चाटने के बाद मई वाशरूम में मुँह साफ़ करके उसके बराबर में आकर लेट गया...

आरोही : क्या हुआ क्यों सिस्का रहे हो .

मई : तुमने मुझे गांडू कहा.

आरोही : सेक्स के दौरान डर्टी वर्ड्स उसे करना कॉमन है स्वीटी..

ouchhhhh...kehte हुए उसने मेरी बैक में ऊँगली दाल दी...


मई : मई सुबह तुम्हारा घर hi छोड़ जाऊंगा...

आरोही : नाराज़ क्यों होते हो मेरे पति देव ...फन तुमसे नहीं तो क्या रोहित से करूँ..

मेरे जवाब न देने पर वो उठ gayi..aur मेरे पेअर दबाने लगी...


आरोही : मज़ा आ रहा hai....batao नहीं तो फिर से ऊँगली करुँगी.

मई : आ रहा है...

आरोही : गुड बॉय...

मई : रुलताई भी हो फिर खुद hi चुप भी कराती हो..

आरोही : शास्त्रों में इसी को प्यार कहते है..


मई : तुम मुझ पर गुस्सा मत किया करो..

आरोही : नहीं karungi..acha सुनो अगर मई कुछ कहूं तुम्हारी बहन के अगेंस्ट करने के लिए तो करोगे...

मई : क्या करना है..

आरोही : समय पर बताउंगी..

एक और पेअर दबाई से आराम मिलने पर मेरी आँख लग गयी...

सुबह उठा तो आरोही बराबर में नहीं थी नाहा कर मई बहार आया तो बहार भी नहीं थी...

मई : रंडी सुन तेरी मेमसाब कहा gayi.mai गीता को आवाज लगते हुए बोलै..

ग्रेटा : तमीज़ से बोलै करो मुझसे.

मई : चल ऋ ghasti..batayegi या तेरी गांड मरुँ..

गीता : मुझे नहीं पता वो सुबह रोहित के साथ कार में कही चली gayi..tumhare लिए नोट छोड़ gayi..wo ऊँगली से टेबल की तरफ इशारा करते हुए बोली..

नोट लेकर मई उसे पढ़ने लगा.

आरोही : खाना खा लेना मई कही काम से जा रही हों रात में आउंगी.

नोट पढ़कर मैंने फाड़ दिया...

इतने में गीता खाना सर्वे करने लगी.

मई : रंडी तेरे हाथ का मेरा लैंड khaye...mere जवाब से वो मन में गली देती हुई चली गई.

बहार से खाऊंगा सोंच कर मैंने पॉकेट टटोली उसमे कुछ न पाकर मई बैडरूम में आकर आरोही के सेफ को ओपन करने लगा..

2 बार तरय करने पर भी सेफ नहीं खुला उसने पासवर्ड बदल दिया सोंचकर मई उठ गया..

ालमिरह में कपड़ो के निचे पैसे ढूंढ़ने पर मुझे 200 रुपए मिल gaye...jinhe मैंने अपनी जेब में दाल liya...apni हालत देख मुझे खुद पर hi हसी आने लगी..

माल पिने के लिए चेक किया तो वो भी ख़त्म हो गया था बस एक सिगरेट बची thi..jise मैंने जला लिया..

टिंग... टिंग....

फ़ोन देखा तो कॉल आशना की थी...

मई : है आशना.

आशना : आपकी फ़िक्र हो रही थी..

मई : मई ठीक हों

आशना: क्या हुआ कुछ उसने आपसे....

मई : है सब ठीक है वो मुझे नहीं छोड़ रही बस ये चाहती है मई दीदी का साथ न डॉन जो मई कभी नहीं दूंगा.

आशना: that's गुड अचे से ट्रीट किया उसने apko..aur चीटिंग को लेकर भी कोई बात हुई.

मई : क्या बताऊँ कुत्ते जैसी हालत कर दी है उसने meri..samajh में hi नहीं अत वो प्यार करती है या दुश्मनी.

आशना : मई क्लियर करती hon...wo आपको रेस्पेक्ट देती है..

मई : पता नहीं..

आशना : कंफ्यूज हो.

मई : हां..

आशना : चीट तो वो कर रही है फिर छोर क्यों नहीं देते .. don't थिंक मई अपने लिए ऐसा बोल रही hon..you अरे जस्ट माय बरोथेर.

मई : नहीं छोड़ सकता आशना..

आशना : क्यों ये सिमप होना है.

मई : वो कभी अछि थी साफ़ दिल की लोगो की हेल्प करने wali...wo शुरू से ऐसी नहीं थी उसे बुरा मेरी बहन ने बनाया है ...वो बहुत ज़ुल्म करती जो मुझसे बर्दास्त नहीं hote..lekin मई उसे पहले जैसा बनाऊगा उसे प्यार दूंगा ...उसके हर सितम को हसकर सहलूंगा...

आशना : ये बेवकूफी है

मई : जनता hon...ashna अगर कोई ाचा इंसान बुरा बने तो उसे सुधारा जा सकता है वो शुरू से बुरी नहीं है..

आशना : आगे क्या सोंचा है.

मई : उसे ठीक करके हमेशा के लिए उसकी लाइफ से चला jaunga...acha सुनो पूर्वी की कॉल आ रही hai...tumhe बाद में कॉल करता हों..

कहकर मैंने पूर्वी की कॉल एक्सेप्ट कर ली...

मई : है कहा हो तुम...

पूर्वी :रात को बंगलोरे के लिए बैठूंगी... सुनो मैंने तुम्हे ये बताने के लिए कॉल की hai...aarohi तुम्हारी बहन से मिलने गयी hai...mujhe दर है कही कुछ बुरा न हो जाये...

मई: कहा गयी है...

पूर्वी : फ्लावर garden...pata है तुम्हे.

मई : जनता हों एक बार वो मुझे वहां ले गयी thi...acha ठीक है मई जा रहा हों..

पूर्वी : listen...Delhi से एक प्राइवेट एजेंट तुम्हारे पीछे आयी है बैंगलोर अपना ध्यान रखना...

मई : कोण और क्यों..

पूर्वी : सब बंद में bataungi...mai जहाँ हों वहां मैंने तुम्हारी पिक्टुरेस देखि थी....

मई : ये बात आरोही को मत बताना..

कहकर मैंने कॉल कट कर दी ...

चलता हुआ मई गेराज में aya...Jahan मुझे मेरी बाइक और स्कूटी दिखी...

स्कूटी पर बैठ कर मैंने जैसे hi स्टार्ट की तो देखा उसमे आयल नहीं hai..majboori में मुझे दीदी की गिफ्ट की हुई बाइक पर आना पड़ा ..

ये तेरी दीदी की चुदाई से ख़रीदे हुए पैसो की बाइक है...

dhammmm...apni सोंच पर मैंने एक घुसा अपने सर पर दे मारा ..फिर अपनी सोंचे दबाता हुआ मई घर से निकल गया...


घर से सीधा मई उस जगह आया जहँ एक बार आरोही मुझे लेकर आयी thi...aur उसने पहली बार मुझे चुदाई dikhai....kash उस दिन मई आरोही को समझ जाता तो मेरी ये हालत न होती...

पार्क में आकर मई इधर उधर देखने लगा...

आज और दिनों से ज्यादा भीड़ थी लोग इधर उधर टहल रहे थे....

एक चहेरा देख मई भीड़ का कारन समझ gaya...ye सब दीदी के लोग थे...

उन्हें इग्नोर करता हुआ मई आगे आया...

अब भीड़ काम हुई लवर्स बैठे दिखे मुझे जाते हुए उन्होंने मुझे घुरा जिस पर मई समझ ये लोग भी दोनों में से किसी एक के है..

आगे जंगल शुरू हो गया तो मई आगे चल diya...jungle.me कुछ दुरी पर मुझे रोहित दिखा आरोही के sath...wo दोनों इधर उधर देख रहे थे शायद दीदी का वेट कर रहे थे..

उन्हें देख मई छुप gaya...aur छुपते हुए पेड़ो की आड़ लेता हुआ मई उनके पीछे एक पेड़ के पास आकर खड़ा हो गया...


वो दोनों आपस में बात कर रहे थे जिनकी आवाजे मुझे नहीं आ रही थी...

आरोही और रोहित बार बार सामने को देख रहे थे ...जहाँ से दीदी को आना था ...

ब्लूटूथ पर बात करके रोहित ने कुछ आरोही से कहा और आरोही आगे चल दी और रोहित पीछे की दिशा में ..

पेड़ो की आड़ में छुपाते हुए मई भी आरोही के पीछे चल दिया....

कुछ कदम चलने के बाद हमें जंगल में बना एक शानदार बांग्ला दिखा...

आरोही को उसमे घुसता देख मई बंगले के पीछे आ धमका...

दिवार फलांग कर मई बंगले के अंदर aya....fir छुपते हुए बरामदे में ..

बरामदे से होते हुए बड़े से लौंगे रूम में जहाँ सोफे पर मुझे आरोही बैठी दिखी उसके साथ hi एक नौकरानी थी...

मई अंदर जाने के लिए जगह ढूंढ़ने laga...aarohi सामने बैठी थी दूर से जाता तो उसे मई दिख जाता...

कुछ सोंचकर मई बहार aaya...aur बहार से लौंजी रूम में जाने के लिए जगह ढूंढ़ने लगा...

मुझे एक खिड़की दिखी जिससे चढ़कर मई अंदर जाता तो आरोही के सोफे से पीछे utarta...chadna मुश्किल था लेकिन यही एक रास्ता tha...bas वो नौकरानी हैट जाये तो मई जा सकता था...

बहुत मुश्किलों से मई खिड़की पकड़ कर लटक gaya...naukrani को देख मई वैसे hi लटका रहा....

नौकरानी कोई लड़की थी जिसने जीन्स टॉप डाला हुआ था दिखने में भी यंग और खूबसूरत...

लटके लटके मेरे हाथ दुखने lage....mai गिरने वाला था की..

टिंग.... दूर बजा और नौकरानी आरोही के पास से हटी....

उसके हट्टे hi मई खिड़की पर बैठा और बिना आवाज किये अंदर को कूड़ा....

आरोही के पीछे आते हुए मई छुपने की जगह देखने laga...launge रूम में फ्रिज रखा tha...mai उसके hi पीछे आकर छुप gaya.....fridge पर मुझे अपनी दीदी की फोटो भी दिखी ऐसा लग रहा था मई यहाँ पहले भी आ चूका hon..kahi ये Raju...apne भाई को सोंचते हुए मैंने फोटो उठकर अपनी शर्ट के अंदर दाल ली...

कुछ देर बाद दीदी रोहित और मोहिनी के साथ लौंजी में दाखिल हुई...

दीदी को देखते hi आरोही कड़ी हो गयी...

पास आकर दीदी कड़ी होकर आरोही के चहेरे को पढ़ने लगी... रोहित आरोही के पास आकर खड़ा हो गया...

आरोही : जानती हो ये कौन hai...Mera लवर और इसका लैंड तुम्हारे भाई से बड़ा hai...aarohi रोहित के लैंड पर हाथ रखते हुए बोली...

उसकी बात सुनकर दीदी के फेस पर गुस्से के भाव आगये लेकिन उन्होंने कुछ कहा नहीं..

अनुसुइया : जानती हों तुम गुस्सा हो ...होना भी chahiye...shayad मेरी गलती माफ़ करने लायक nahi...samay के खेल देखो मेरे बुरे कर्म मेरे सामने hi आकर खड़े हो gaye....tum मेरे भाई को पसंद आयी और मैंने तुम्हे ढूंढा और तुम्हारा उससे विवाह karaya...agar मैंने गलती न की होती तो मई अभी तुम्हे अपने भाई से अलग कर deti..lekin मई अपने किये की वजह से ऐसा नहीं कर रही hon....tum जैसी हो तुम्हे एक्सेप्ट कर रही hon...isliye जो हुआ उसे भूल jao...ek अछि पत्नी बनकर मेरे भाई के साथ raho....badle में मई तुम्हे इतनी दौलत दूंगी तुमने सोंची भी नहीं होगी....

आरोही : तुम्हारे चुंगल से निकलने के बाद दिन रात सोते जागते मई बस तुम्हारे बारे में सोंचती thi....tumhe कैसे धुंडु फिर तुम्हे उतना दर्द डॉन जितना तुमने न जाने कितनी hi लड़कीओ को दिया है ....सबसे बढ़कर तुमने मुझे एक हैरतलेस बीच बना दिया hai...aur अब तुम कह रही हो सब भूल जाऊ ..आरोही गुस्से में दांतो को पीसकर भर्राई आवाज में बोली...

अनुसुइया : जज़्बाती क्यों हो रही हो अपने फ्यूचर के बारे में soncho...salil तुमसे कितना प्यार करता है...

आरोही : क्या मई कर पाऊँगी ये जानकर वो तुम्हारा भाई है...

अनुसुइया : तुम मुझे दोष दे रही हो लेकिन अगर मेरी आँखों से देखो तो मैंने कुछ गलत नहीं किया hai....ladkiyan आज अपने गरीब बाप से स्टडी के नाम पर पैसे लेती है और रात में क्लब्स में ड्रिंक करते हुए उदा देती है फिर उन्ही पैसो को इकठ्ठा करने के लिए लोगो के बिस्तर गर्म करती hai..now डेज गर्ल्स लक्ज़री लाइफ जीने के लिए अपने जिस्म को बेचती है शुगर डैडी पर कितनी hi गर्ल्स बुद्धो को डेट कर रही hai...most ऑफ़ गर्ल्स दोंग प्रोस्टीटूशन फॉर थेइर बेनिफिट्स अगर मैंने अपने मकसद के लिए ऐसा कर लिया तो क्या गलत kiya...even जॉब करने वाली गर्ल्स प्रमोशन के लिए अपने बॉस का बिस्तर गरम कर रही hai..sab तरफ सिर्फ जिस्म का बिसनेस है मैंने किया तो इसमें क्या galat..you क्नोव व्हाट सभी कल्चर के लोगो की अपनी कन्ट्रीज है लेकिन हमारे पास क्या है कोई एक कंट्री नहीं ...मई चाहती हों देश से डेमोक्रेसी ख़त्म करके ये हमारा राष्ट्र बने ..यही उद्देस्य है मेरा और मेरी पार्टी का ...अगर कुछ लोगो को सैक्रिफाइस कर दिया तो इसमें कोई बुराई nhi...apne आप को hi देख लो मेरे पास से जाने के बाद क्या तुमने प्रोस्टीटूशन छोड़ा ...तुमने अपने पति को धोका diya...ham दोनों एक जैसे hi है स्नेहा ..सो भूल जाओ जो हुआ ..

चटककक....

आरोही : यू अरे माध ...बीच भूल जॉन सब तूने मेरी आँखों के सामने न जाने कितनी hi लड़कीओ को बेदर्दी से mara..aarohi दीदी को थप्पड़ मरकर उनका गिरेवान पकड़ते हुए बोली..

एक तरफ मोहिनी ने आरोही पर गन तन दी दूसरी तरफ रोहित ने दीदी पर गन तन दी...

अनुसुइया : हाथ को काबू में रखो apne...didi अपना कालर चुदती हुई दांतो को पीसकर बोली...

अनुसुइया : अपनी मैरिड लाइफ को ख़राब मत karo...vaise भी मुझसे दुश्मनी रखकर तुम जयदा दिन तक ज़िंदा नहीं रह पाओगी... मई रिक्वेस्ट सिर्फ अपने भाई की वजह से कर रही हों..

आरोही : स्टोन हेअरटेड तूने अपने भाई राजू को mara...aarohi चीख पड़ी..

अनुसुइया : वो ज़िंदा hai...mai तुम्हे सब बताउंगी उसके बारे में लेकिन वडा करो जो हुआ उसे भूल जाओगी..

आरोही : अब ये सब तेरी मौत पर hi ख़त्म hoga....gandi नाली की कीड़ी... आरोही दीदी पर गन तानते हुए बोली....

मोहिनी : गन निचे वर्ण तेरा भेजा उड़ जायेगा ....sssssssssssssh...

उसके सिटी बजाते hi जहाँ मई छुपा था उससे सटे रूम से कई गार्ड गन लिए लौंजी में दौड़ते हुए ए....

आरोही : जानती हों तू सांप है व्होरे इसलिए मई तेरा इंतेज़ाम करके आयी हों...

चत्तत्त... chatt....aarohi के ताली बजाते hi उसके गार्ड्स दीवारों को फलांग कर अंदर agaye....unke एते hi उसने गन फिर से तान दी...

दीदी ने गन नहीं निकली लेकिन वो आरोही को देख रही thi...behad गुस्से में..


अनुसुइया : अपने मकसद को पूरा करे बिना मरने का मेरा कोई प्लान नहीं है... अपने भाई को समझा dungi...aur तेरी चिटा वाले दिन ....कहते हुए दीदी ने गन थमी आरोही के हाथ पर किक mari...jisse गन उछलती हुई ऊपर को gayi...uska दूसरा विवाह करा dungi....kehte हुए दीदी आरोही पर कूद गयी....

ढाये dhaye...dhaye....dono तरफ के गुरदस ने फायरिंग शुरू कर दी... मोहिनी रोहित एक दूसरे से लड़ने लगे....

दीदी के कूदने से आरोही सोफे के साथ लुडक्ति हुई दीदी को लिए जमीन से जा लगी....

dhammm...dono के गिरते hi गन
गिरी जिसे अगले hi पल आरोही की गन दीदी ने पकड़ के उसी पे तान दी...

रुक jaaaoooo....didi को ट्रिगर दबाते देख मई चीखता हुआ फ्रिज के पीछे से निकला...

पास आकर मैंने गन पकड़ ली...

अनुसुइया : स्टॉपपपपपप.....

मई: इसे मरने से पहले तुम्हे मुझे मरना hoga...mai गन अपने साइन पर रखता हुआ बोलै...

आरोही : रुक जाओ सब....

दोनों की आवाज पर सभी गार्ड्स रुक गए....

गन पीछे करते हुए मेरा हाथ पकड़ दीदी आरोही के पेट पर से उठी...

अनुसुइया : तुम देख नहीं रहे ये हमारी दुश्मन hai...mujhe मरने के बाद ये तुम्हे और सोना को भी नहीं छोड़ोगी...

मई : हमारी नहीं सिर्फ तुम्हारी dushman....iski क्या गारंटी है सोना तुम्हारे पास सेफ rahegi...maine देखा है हवस में तुम्हे अँधा होते hue...ye चीट करती है इसे सेहन कर गया लेकिन तुम तुम तो मेरी माँ ...कहते हुए मेरी आंख से आंसू निकल कर गिर गए..

मई : तुमने न जाने कितनो को मारा hai...aesi दर्दनाक मौत की हैवान भी कैंप जाये..

अनुसुइया : तू समझता क्यों nahi...ye मेरा कुछ नहीं कर पायेगी लेकिन तुझे नहीं chodegi..betu...tu मुझे प्यार में दीदी माँ बुलाता है न... अपनी दीदी माँ की बात नहीं manega...ye गन्दी है न जाने कितनो के hi बिस्तर गर्म कर चुकी hai....mai इसे यहाँ से ज़िंदा जाने देने की गलती नहीं कर सकती..

आरोही : तू नहीं चुदवाती दो दो 4 4 लोगो से एक बार में चुदवाती hai...gangbang करती hai...mujhe ऐसा तूने बनाया hai..aur मुझे गन्दा बोल रही hai...ye मेरे पति hai.....ye मुझे नहीं छोड़ sakte..jaan..

अनुसुइया : सलिल ये नागिन है इसकी बातों में मत aao...mai बहुत गलत हों बहुत गलतियां की है maine..maine जो भी किया तुम्हारे और सोना के लिए किया hai...us आगे में मुझे सही गलत नहीं पता था बस इतना पता तुम्हारा पेट भरना है .

मोहिनी : सलिल सिया ठीक कह रही है सिया ने जो भी किया सिर्फ तुम्हारे liye...us औरत को मत बचाओ.. मोहिनी रोहित के गले को पकडे उस पर गन तने हुए बोली..

मैंने भीगती आँखों से ना में सर हिला दिया...

आरोही : he's माय बॉय लिखे माय लॉयल dog...aarohi टॉन्ट करते हुए boli.fir मेरे सर पर हाथ फेरने लगी...

अनुसुइया : सलिल ..दीदी हाथ जोड़कर मुझे देखने लगी..

अनुसुइया : तुम जो सजा डोज मई आंखे बंद करके भुगतने के लिए तैयार हों लेकिन ये तुम्हे मार degi....iski बातों में न आओ.

मई : तुम बुरी हो बहुत बुरी ...मुझे घिन आती है तुम्हे अपनी बहन कहते hue...tumne मुझे न जीने लायक छोड़ा न मरने लायक...

अनुसुइया : तुम ऐसे नहीं मानोगे..

कहते हुए दीदी ने मुझे कंधो से पकड़ कर अपनी तरफ khincha....fir उन्होंने मोहिनी को देखा..

मुझे लगा वो मुझे मरने वाली है इसलिए मैंने बचने की कोई कोशिश नहीं की...

अनुसुइया : samundar....jahaj....relgadi...Agni...

बंद करूऊऊओ......

मई धक्का देकर चीखा मेरी चीख से पूरा लौंगे गूंज utha...aur धक्के से दीदी पीछे होकर गिरी....

मोहिनी : रुको Mona...siya...


मई : चालूओ यहाँ se..aarohi का हाथ पकडे मई घर से बहार को चल दिया..

अनुसुइया : मई ठीक हों ....जाने दो इन्हे...

दीदी के कहने पर मोहिनी ने रोहित को छोड़ दिया ....और वो हमारे पास आकर ruka....hamare गार्ड्स भी हमें कवर देते हुए आने लगे.....

अनुसुइया : sunnn...kutte...jab तूने इसे चुन लिया है तो जान ले आज से तू मेरे लिए मर गया hai....piche से दीदी की आवाज पर मई पलटा...

अनुसुइया : तू मेरे लिए मेरे लक्ष्य से बढ़कर नहीं है मेरे रस्ते में मत आना वर्ण तेरी मुँह बोली बहन हर रात सैंड जैसे मर्दो के निचे दबेगी....

आरोही : चलो यहाँ से.....

कुछ कहे बिना मई सबके साथ घर से निकल गया..

चारो तरफ देखते हुए हम गर्दन से बहार aaye...fir पार्किंग में...

आरोही : वो क्या कह रही थी....

मई : उसके सब्द सुनकर मुझे कुछ होने लगा था....

आरोही : क्या थे वो शब्द ...आरोही कार में बैठते हुए बोली...

मई : मुझे याद nhi...tum जाओ मई बाइक से आया हों..

आरोही : नहीं तुम भी मेरे साथ chalo...bike की के इन गार्ड्स को दे दो...

के देकर मई आरोही के बराबर में आकर बैठ gaya....dusri साइड से पीछे रोहित आकर बैठ गया एक गार्ड ड्राइविंग सीट par...aur हमारी कार चल दी...

आरोही : होटल ले चलो...

उम्म्म्मममहहहह....

रोहित : आज तुमने सही समय पर आकर हमारी जान बचा ली थैंक you...wo मुझे आगे बढ़कर चूमते हुए bola...fir उसने अपना हाथ आरोही की थिंग्स पर रख दिया.

मई : क्या तू मुझसे वफ़ा करेगी....

आरोही : ओफ़्कौर्से जान...

मई : फिर इसका हाथ तेरी जांघ पर क्या कर रहा hai...bahanchod रंडी....

आरोही : मुझसे तमीज़ से बात करो...

मई : तेरी बहन chodu.....chatakkkk..chatakkkk..chatakkkk....

आगे क्या करना hai...Rohit की आवाज पर मई होश में aya...mai अपने ख्यालो में hi आरोही को मार रहा था....

आरोही : तुम ठीक ho...Rohit को जवाब दिए बिना वो मेरा सर सहलाते हुए बोली...

मई : ड्राइवर गाड़ी roko....Maine कहा रोक bhadwe...mere चीखने पर उसने गाड़ी रोक दी...

आरोही : क्या हुआ...

मई : अभी आया.....

सलिल के कार से निकलते hi दोनों उसे देखने लगे...

सलिल सामने की शॉप से सिगरेट लेने गया था...

आरोही : नशा ख़त्म हो गया वही लेने गए है....

रोहित : मई आगे का सोंच के परेशां hon...wo हमसे कही ज्यादा पावरफुल होने के साथ स्मार्ट भी hai...aur एजेंसी हमारी हेल्प इस मामले में नहीं करने वाली लेकिन उसकी पार्टी उसके साथ hai...shuru में तुमने उसकी ताकत का गलत अंदाज़ा लगाया जबकि तुम उससे वाकिफ थी...

आरोही : हां ...मैंने नहीं सोंचा था ...मई समझी थी वो बस बात करने के लिए बुला रही hai....asal में उसका इरादा था अगर मई उसकी बात मानती हों तो ठीक नहीं तो मरने ka...jisme वो ऑलमोस्ट सफल भी हो गयी थी अगर सलिल न एते...

रोहित : सवाल ये है अब उसे रोकेंगे कैसे...

आरोही : एक तरीका hai...aarohi सिगरेट की दुकान के बराबर वाली समोसो की दुकान पर सलिल को देखते हुए बोली....

रोहित : कैसे मई समझा नहीं..

आरोही : तुम भूल रहे हो मई भी एक साइकियाट्रिक hon..uske ज़रिये मई पहले अनुसुइया को डिप्रेस्सेड करुँगी उसके कमज़ोर होने पर उसे मार दूंगी....

रोहित : सुपर्ब प्लान jaan...mere साथ रहकर तुम भी स्मार्ट बन गयी हो...

आरोही : मैंने देखा था उसकी आँखों में सलिल के लिए pyar...yahi प्यार उसे घुटनो पर लाएगा..

रोहित : फिर हमारे बारे में भी बता दो सलिल को...

आरोही मुस्कुरा के स्माइल देती है...

कार में आकर मैंने दो समोसे रोहित की तरफ बढ़ाये दो आरोही की..

मई : भूक लगी थी तो ले aya..akele कहते ाचा नहीं लगता तो तुम दोनों के लिए भी...

आरोही : शकल देख रहे हो उसकी कितना गन्दा है wo....aarohi समोसे वाले को देखते हुए बोली..

मई : ये साऊथ इंडियन है नोरती नहीं गंदे तो वो होते है..


आरोही : क्या नार्थ इंडियन साऊथ में नहीं आ sakta...kehte हुए उसने अपने समोसे रोहित को diye...uski बात सुनकर मेरा मुँह खुल गया...

मेरे हाथ से समोसे लेकर उसने वो भी रोहित को दिए जिसे उसने फेक दिया...

आरोही : चलो ड्राइवर...

और गाड़ी चल दी...

गाड़ी चलने पर मैंने सिगरेट nikal.ke जला li..dhuye के लिए मिरर निचे कर लिया..

आरोही : स्टुपिड...

मई : तालाब लग रही है क्या करूँ...

आरोही : ब्रेकफास्ट नहीं किया था...

मई : मुझे उस रंडी के हाथ का नहीं khana...bhadwe रोहित तूने बहुत अछि एक्टिंग की उस दिन....

रोहित : सॉरी यार...

मई : भाड़ में जा...

आरोही : गुस्सा न करो मई आपके लिए बना दिया karungi...abhi hotel.me चलकर खा लेना..

उसकी बात सुनकर मैंने अपना सर उसके शोल्डर पर रख लिया...

मई : तुमने पासवर्ड भी चेंज कर दिया सेफ का ...

आरोही : हां वो कुछ डाक्यूमेंट्स रखे थे उस दिन so...paise चाहिए...

मई : 200 रुपए मिले अलमारी me...mere समोसे भी फिकवा diye...bahanchod ..

आरोही: ठीक है मई दे dungi...wo मेरा सर सहलाते हुए बोली....

मई : कुछ मांगू तो मन तो नहीं करोगी...

आरोही : आज अपने मेरी जान बचाई है इसलिए बोलो जो मांगोगे दूंगी..

मई : क्या ऐसा नहीं हो सकता तुम दीदी को माफ़ कर do...badle में हमेशा तुम्हारा लॉयल पेट बनकर rahunga..iske साथ भी सोने के लिए तैयार हों प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़....

chatakkkkk....agle hi पल आरोही का हाथ चला और मेरे गाल पर उसकी उंगलिया चाप गयी...

मई : वो दीदी है मेरी ...मई भर्राई आवाज में बोलै...

आरोही : न जाने कितनी लड़कीओ की ज़िन्दगी बर्बाद की उसने न जाने कितनो को मारा तुम्हारी अपनी पत्नी को सेक्स तोय बना दिया और तुम उसे माफ़ करने के लिए कह रहे हो...

मई : तुमने भी तो मुझे धोका diya...tumhare बाप ने भी तो न जाने कितने मसोमो को मारा hai...kya दीदी के चंगुल से निकलने के बाद तुमने रंडी पैन छोड़ा अपना....

चटककककक....

आरोही : मैंने अपने बाप को आज भी माफ़ नहीं किया है... understand...Now गेट उप फ्रॉम योर सीट, योर प्लेस इस below....suna नहीं tumne...uske चीखने पर मई निचे बैठ गया...

आरोही: उसमे और मुझमे फर्क है तुम क्या जानो औरत उससे कितनी घृणा करती है जो उसकी इज़्ज़त लूटा hai...aurat सब भूल जाती hai...lekin अपनी इज़्ज़त के क़ातिल को nahi...tumhari बहन मर्डर है वो भी इनोसेंट लोगो ki....tumne वडा किया था तुम मेरा साथ डोज उसके खिलाफ एक दिन भी अपने वेड को नहीं निभा पाए...

आईएम sorry...mai उसके घुटनो पर सर रखे bola....jise प्यार से वो सहलाने लगी...

आरोही : कब ए थे वहां..

मई : जब तुम नौकरानी से बात कर रही थी...

आरोही : वो विष कन्या thi...vaise मई वहां हों किसने बताया तुम्हे...

मई : मैंने सोना से दीदी के बारे में पूछा...

आरोही : ाचा...

मई : अब मई ऊपर बैठ जॉन..

आरोही : नहीं...

उसकी बात सुनकर मैंने सिगरेट जला li...aur धुआँ उन दोनों के ऊपर छोड़ने लगा...

आरोही : कमीने कही ke...hath पकड़ कर उसने मुझे ऊपर बिठा दिया..

कुछ देर बाद गाड़ी हमारी होटल में रुकी...

आरोही के साथ मई भी कार से utra..aur हम तीनो अंदर चल diye...Jahan हमें देख गार्ड्स सलूट करने लगे..

आरोही : पहले खाना खा लो आप..

मई : तुम भी आओ मेरे साथ....

बोरिंग सा मुँह बना कर वो मेरे साथ चल दी...

टेबल पर बैठकर मई मेनू देखने laga..itne सरे आइटम्स को देख मेरी आँखों में चमक aagayi....acha खाना मई घर भी खता हों लेकिन मुझे होटल में खाये हुए काफी समय हो गया था...

वेटर को बुला कर बहुत सी चीज़े मैंने आर्डर कर दी...

मई : आरोही तुम्हारे लिए क्या आर्डर करू...

आरोही : कॉफ़ी...

रोहित : मेरे लिए भी..

मई मन में : चल रे लौड़े...

कुछ देर में आर्डर हमारी टेबल पर आगया...

आरोही : इतना खा लोगे....

मई : तुम भी खाओगी न..

आरोही : वेटर बिल लेकर आओ...

आरोही के कहने पर वेटर चला गया..

मई : क्या ये हमारा होटल नहीं है...

आरोही ने जवाब दिए बिना ऊँगली से रुकने का इशारा किया...

मई सोंच के पद गया कही बिल भरना न पद जाये....

मई : तुम्हारे पास पैसे तो है न...

आरोही : रुको मत कहते रहो...

उसकी बात सुनकर मई खाने पर टूट पड़ा....

कुछ देर बाद वेटर बिल लेकर aya....jise उसने आरोही के पास रख दिया....

बिल खोलकर आरोही देखने लगी...

आरोही : बिल पता है कितना बना है tumhara...khate हुए hi मैंने ना में गर्दन हिलाई...

आरोही : 26क सिर्फ कॉफ़ी 2क की है यहाँ...

मई : kya...sale कितने हरामी है ये लोग...

आरोही: शट up...dikh नहीं रहा है ये फाइव स्टार होटल है..

मई : है सही bola....five स्टार होटल में सेल बहुत ज्यादा बिल बनाते है...

आरोही : बकवास बंद कर लो अपनी नहीं बिल भरवाउंगी...

मई : अपने hi होटल में क्यों बिल भरूंगा....

thappp...gusse आकर उसने बिल की किताब मेरे सर पर दे मरी....

खली खली आँखों से मैंने उसे dekha...fir खाना खा रहे लोगो को जो मुझे hi देख रहे थे...

मई : रंडी तूने मुझसे कहा था खाना खाने ko...mai तो अपने समोसे लाया था...

मई अपनी सीट से खड़े होकर चिल्लाता हुआ बोलै...

आरोही : यहाँ मेरी बहुत इज़्ज़त है आवाज नीची करके बात करो मुझसे...

मई : माँ की छूट तेरी इज़्ज़त ki....aaaaa....

dhammmm....gusse में मैंने एक लात टेबल पर मरी और टेबल खाना समिट निचे गिरी...

मई : कैसी औरत है ऋ तू जो अपने hi पति को खाने के तने मार रही hai....Goa में तुझ पर 7 लाख खर्च किये...16 हजार का खाना एक बार में बंगलोरे में खिलाया tha..kabhi मैंने तुझे तना मारा....

मम एवरीथिंग इस okay...

मैनेजर हमारे पास एते हुए बोलै...

आरोही : मई खाने को नहीं तुम्हारी बातों पर गुस्सा hon..itni टेंशन होने के बाद भी तुम कितने चिल होकर बात कर रहे ho...wo गुस्से में दांतो की पीसकर बोली...

आरोही : घर चलो तुम्हारी हड्डी पसली एक कर dungi...wo धीमे से फुसफुसाई..

मैनेजर : मम कहो तो इसे निकल डॉन...

मई : तेरी माँ का भोसड़ा तुझे पता नहीं ये मेरी पत्नी है...

आरोही : एवरीथिंग इस okay गीज़ यू कैन फ्रीली eat...Aaj सबसे हाफ विल लेना manager...wo उठ रहे लोगो को देख बोली..

आरोही : रोहित इसे रूम में ले जाओ मई वही आ रही hon...wo दांतो को पीसकर फुसफुसाई.

उसकी बात सुनकर रोहित मेरा हाथ पकडे मुझे खींच कर ले जाने लगा...

what....dhammm...

हम कुछ आगे hi बड़े थे की हमें पीछे से आरोही की आवाज आयी मुड़कर देखने पर शॉक फेस लिए उसके हाथ से फ़ोन छुट्टे दिखा...

भागकर हम दोनों उसके पास ए जो होटल से बहार की तरफ भाग रही थी...

पंजी गोवा...

माँ मई आपका ये अहसान कभी नहीं भूल sakta....aashiq सुहासिनी के हाथो को चुम कर bola...jis पर उसकी बहन उसे खुस होकर देखने लगी....

सुहासिनी : माये अपने बचो पर अहसान नहीं करती ...तुम मिल गए मेरे लिए यही बहुत है ...

आशिक़ : और कोण कोण था माँ मेरे खंडन को तबाह करने वाला...

सुहासिनी : ये तुम्हे मिश्रा hi बताएगा...

आशिक़ : ठीक है माँ मई जा रहा हों सना का ख्याल rakhna....jhamela उठते हुए बोलै...

सना: मई भी chalungi...mujhe मार्शल आर्ट्स अति है...

आशिक़ : मई वहां लड़ने जा रहा हों पिकनिक पर नहीं माँ तुम्हारा ख्याल rakhegi...aashiq शांत स्वर में बोलै..

सना : मुझसे ऐसे बात मत करो गुस्से में मई चल रही हों तो बस चल रही हों...

आशिक़ : भूल जाओ मई तुमसे मिला था....

सना : मई चलूंगी bas...kaha न मुझे मार्शल आर्ट्स अति है....

सुहासिनी : ले जाओ बीटा ये बहुत ज़िद्दी है इसे अपनी आरोही के पास छोड़ देना....

आँखों से आशिक़ ने हामी भरी फिर सना को लिए चल दिया...

रिसोर्ट से बहार आकर उसने कॉल लगा दी...

आशिक़ : पता चला वो किसका नंबर है..

नहीं ये फेक सिम है ....किसी राहुल के नाम par...jo मर गया hai...lekin इस सिम की लोकेशन मुझे दिख रही है..

आशिक़ : कहा की है लोकेशन...

बंगलोरे...

उसकी आवाज सुनकर आशिक़ ने कॉल कट कर दी.....
 
वरो कहानी खींच नहीं रही है इतने सरे लूप होल है उन्हें भी ठीक करना है शयद इस वजह से ऐसा लग रहा है कहानी अपने एन्ड की तरफ hi जा रही है फिर भी एन्ड में अभी 10 से ज्यादा episode लग जायेंगे.

वरो हर बार नई चीज़ देखने को मिल रही है तो मुझ3 नहीं लगता स्टोरी खींच रही फिर भी ऐसा है तो कोई सुग्गेस्टिव दो वरो आगे क्या होना चाहिए..

वेल थँक्स
 
थँक्स वरो.

धोकेबाज़ कभी किसी के सेज नहीं होते..

शायद सलिल सही hi है...

ये तो है .

वरो सास बोल रही उसे सलिल और आरोही की शादी के बारे में कुछ पता नहीं tha...jo की सच hi है..

राइट

आगे ऐसा देखने को मिलेगा.

आरोही का गुस्सा गीता पर hi उतर रहा है..

वरो कुछ लोग होते है ऐसे सच में जो किसी कारन बुरे बन जाये तो उन्हें अच्छी से फिर से सुधारा जा सकता है यही अपना सलिल कर रहा है

अपकमिंग episode में चेंज देखने को मिलेगा

नहीं वरो सलिल हैट गया था...



नहीं वरो...

सबको होगा vro...let's सी...

वरो ये अपकमिंग एपिसोड्स में क्लियर हो जायेगा पूरी तरह से की asal.me अनुसुइया का लक्ष्य क्या है...

अगर सलिल की नजरो से देखो तो बड़ी पापन उसकी बहन है भले वो उसे प्यार करती हो लेकिन उसने को किया वो इससे बदलेगा नहीं.

अब वरो पास्ट आएगा रोलेक्स का...

जाहिर है सलिल का पास्ट कुछ ज्यादा hi डार्क है..

बहुत से हिंट

एक दो episode के बाद.

सौम्य आगे आएगी.

ऐसा hi हुआ hai....fir भी कुछ रहता होगा तो सलिल के रवैये ने ख़त्म कर दिया होगा..

नहीं वरो मेरे हाथो में नहीं है स्टोरी किरदारों के अनुसार hi चलेगी

ये तो है.

Don't वोर्री vro...dal दूंगा
 
शायद इससे भी बढ़कर

वरो छोड़ने का तो सवाल hi नहीं है उसे पता है सलिल चला गया तो उसकी आधी से ज्यादा ताकत ख़त्म हो जाएगी

मिलेगा जल्द वरो

उसने बताया था राजू से उसे प्यार हो गया था

आरोही घमंड में है जबकि पूरबी घमंडी नहीं जिस कारन उसकी राजू की खोज जारी है

है वरो ये कोडवर्ड है..

जाहिर है वो सबसे ज्यादा अपने उद्देस्य से प्यार करती है.

ऐसा hi होगा वरो

थँक्स वरो
 
Episode 28

हम कुछ आगे hi बड़े थे की हमें पीछे से आरोही की आवाज आयी मुड़कर देखने पर शॉक फेस लिए उसके हाथ से फ़ोन छुट्टे दिखा...

भागकर हम दोनों उसके पास ए जो होटल से बहार की तरफ भाग रही थी...

नेक्स्ट कंटिन्यू....

आआआह्ह्ह्ह संभल kar...ek भरी आवाज नर्स के कानो में गुंजी जिसे सुन उसके दर से रोंगटे खड़े हो गए...

नरसिम्हा अपनी पालक का इलाज करा रहा था सलिल से लड़ाई में उसकी एक पालक ख़राब हो गयी थी...

नर्स : ये नहीं hoga....nurse कनपटी आवाज में बोली..

नरसिम्हा : मई 2 रातो से सोया नहीं और तू कह रही ये ठीक नहीं hogi...gusse में आकर ईटर नर्स के गाल को दांतो से दबाने लगता है...

नर्स : रुको... ruko....ek रास्ता hai....nurse हड़बड़ाते हुए बोली...

नर्स की बात सुन ईटर उसे छोड़ देता है....

कुछ देर बाद नर्स ने ईटर की आँख पर कपडा बांध दिया था...

ईटर : ऐसा लग रहा है जैसे मई कोई समुंद्री लुटेरा hon...eater खुद को मिरर में घूरते हुए बोलै..

अपनी हालत देख गुस्से में आकर ईटर नर्स के गले में दन्त गदा दिए..

नर्स को खा कर वो हॉस्पिटल से भाग जाता है...

ईटर : तू कही भी चुप जा मई तुझे ढूंढ लूंगा.

ईटर अपने ज़ख्म को याद कर दहाड़ा..

होटल से बहार आकर उसे कार में बैठता देख हम दोनों भी भागकर कार में एके बैठ gaye....Rohit आगे बैठा था मई पीछे..

हमारे बैठते hi उसने कार स्टार्ट कर दी..

वो सिसकते हुए बहुत तेज गाड़ी चला रही थी....

रोहित : क्या हुआ है आरोही...

आरोही : पिता जी को हार्ट अटैक आया है..

उसकी बात सुनकर मुझे कोई अफ़सोस नहीं हुआ...

कुछ देर बाद हम हॉस्पिटल में ए जहाँ हमें हर्षा मिला....


हर्षा कैसे है पिता ji...wo हर्षा से लिपटे हुए बोली..

हर्ष : रात में अटैक आया था उसी समय मई उन्हें यहाँ लेकर agaya..ab फिलहाल खतरे से बहार है...

आरोही रोहित को रुकने का कहकर मेरा हाथ थामे अंदर वार्ड में बढ़ गयी...

अंदर आकर वो अपने पिता को देखने lagi..mujhe मिश्रा की शकल से नफरत हो गयी थी ..

आरोही : कैसे है आप..

मिश्रा : अब ठीक hon...wo आरोही का हाथ थामे बोलै...

फिर प्यार से उसे सहलाने लगा....

मिश्रा : जब मुझे अटैक आया तो मई ये सोंचकर नहीं डरा की मई मर jaunga...mujhe दर था तुमसे माफ़ी मांगे बिना hi मर jaunga...wo नाम आँखों से बोलै..

मिश्रा : प्लीज बेटी मुझे माफ़ कर do...wo आरोही के आगे हाथ जोड़ते हुए bola.....mujhe आर्डर दिए गए थे उन्हें मरने के मई नहीं जनता था वो लोग इनोसेंट है..

आरोही : हाथ जोड़कर मुझे शर्मिंदा न करे पिता ji....Maine आपको माफ़ किया....

आरोही का जवाब सुन मई रूम से निकल गया.....

बहार hi मुझे हरषि मिल गयी...

उसे कुछ कहे बिना मई बेंच पर आकर बैठ gaya.....Jahan हर्ष की वाइफ निहारिका अपने बचो के साथ बैठी थी...

निहारिका : अंकल को परेशां मत करो beta..uska बीटा जब मेरी गोदी में आकर बैठने लगा तब उसने दांते हुए कहा..

मई : कोई बात नहीं ...कहते हुए जब मैंने उसे देखा तो मुझे उसके चहेरे पर निशान dikhe...wo पल्लू लिए बैठी थी...

मई : क्या हुआ भाभी....

निहारिका : कुछ नहीं बस थोड़ी सी चोट लग गयी थी.....

मैंने हर्ष को रोहित के साथ बिजी देखा तो मैंने निहारिका का पल्लू थोड़ा सा खिसका Diya....fir जो मुझे दिखा वो बेहद डरावना था....

मई : हर्षा ने किया ye....daro मत....

उसने रट हुए सर हिला दिया.....

मई उठकर चलता हुआ हर्षा के पास आया...

मई : ये क्या किया है तूने अपनी पत्नी के साथ....

हर्ष : ये कैसे बोल रहे हो तुम...

मई : सेल जानवरो की तरह मारा है तूने निहारिका को...

हर्षा : उस रंडी ने फिर मुँह खोल diya...meri पत्नी है मई चहुँ जो करू उसके साथ तू कोण होता है हम दोनों के बिच में आने वाला.....

धम्म्मम्म....

गुस्से में मैंने उसके एक पंच मार दिया....

खुद को संभल कर वो मुझसे लिपट गया....

हम दोनों hi एक दूसरे को पेट में घुसे मरने लगे....

रोहित : रुको yaar....kya कर रहे हो तुम dono...aarohi....aarohi...bahar आओ....

हर्ष : बहन के लोडे सेल मादरचोद.

मई : तूने मुझे माँ की गली di....bhadwe....aaaaaa....

और मैंने गुस्से में उसके बाजु पर दन्त गदा diye....aur दोनों हाथो से मैंने उसका गाला पकड़ लिया....

aaaa..aaaa...uski घुटी घुटी चीखे मेरे गाला दबाने से बहार नहीं निकल पा रही थी....

क्या कर रहे हो छोडो use....salil...Maine कहा chhodo....aarohi हमें अलग करते हुए बोली....

रोहित आरोही ने जबरजस्ती मुझे उससे खींच के दूर किया....

chatakkk...chatakkk...

मई : तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे रोकने ki...mai आरोही को मरते हुए बोलै...

हर्ष : तूने मेरी बहन को मारा..

मई : ये मेरी औरत है मई कुछ भी करूँ इसके साथ तू कोण होता है बिच में बोलने wala....kehte हुए मैंने गुस्से में आरोही के बाल पकड़ लिए..

पिता जी अंदर पूछ रहे यहाँ क्या हो रहा hai...harshi वार्ड के दूर से बोली.

आरोही ने अपने बाल छुड़ाए फिर उसे जवाब दिया..

आरोही: कुछ नहीं हरषि तुम जाकर पिता जी का ख्याल रखो....

आरोही : मुझे पता है तुम जानवर ho....yahan अपनी औक़ात न दिखाओ...

मई : तुझे पता भी है कुछ जानवर ये तेरा भाई hai....aur मैंने फिर उसे सब बता दिया....

वो चलती हुई निहारिका के पास ayi...uske ज़ख्म देख वो गुस्से में हर्ष को देखने लगी...

चटककककक chatakkkkkk....pass आकर उसने दो करारे थप्पड़ हर्ष को जड़ दिए.....


आरोही : भाई के नाम पर कलंक हो tum.....mai आज के बाद न देखूं तुमने निहारिका पर हाथ उठाया है...

आरोही से पीटकर वो गुस्से में जाने लगा..

आरोही : कहा जा रहे हो माफ़ी मानगो निहारिका से...

खून का घुट पीकर उसने निहारिका से माफ़ी मांगी ...फिर अपने बचो के पास hi बैठ गया....

मई भी दिवार से तक लगाए खड़ा हो gaya....aarohi हर्षा के पास जाकर बैठ गयी thi....Rohit मेरे पास hi खड़ा था....

रोहित : सही किया तुमने ....पक्के dost...wo हाथ बढ़ाते हुए बोलै..

मैंने कोई जवाब नहीं दिया..

रोहित : अगर मई तेरा दुश्मन होता तो वो तेरी शादी वाली बात आरोही को बता चूका hota....wo मेरे हाथ न मिलाने पर आगे बोलै...

मई : बता दे...

मेरी बात सुनकर उसने अपना हाथ पीछे कर लिया....

रोहित : इतनी नफरत क्यों है मुझसे.

मई : सेल खुद मेरे खिलाफ षड़यंत्र रचता है फिर दिखावा करता है और मेरी औरत के साथ में सोता है...


रोहित: हम दोनों एक hi कश्ती के सवार hai....tujhse मिलने से पहले वो मेरी गफ थी....

मई : धोका तो तुम दोनों ने मुझे दिया न....

टिंग.....

मस्सगे: रूम पर हों अजा..

मस्सगे पद कुछ कहे बिना मई रोहित के पास से हटकर हॉस्पिटल से बहार के लिए निकल गया.....

रोड पर आकर मैंने ऑटो लिया और चल दिया.....

कुछ देर बाद मई झमेला के रूम पर था....

मैंने बहार से hi उसे आवाज लगाई और वो बहार आया.....

मई : किराया दे इसे...

उसने आकर किराया ऑटो वाले को दिया फिर मुझे लेकर रूम में आया जहाँ एक बेहद खूबसूरत लड़की बैठी खाना बना रही थी....

लड़की : कैसे है जीजू...

झमेला : तुम्हारा भाई है ye...ek मिनट तुम दोनों जानते हो एक दूसरे को..

लड़की : हां ये आरोही के साथ माँ के रिसोर्ट ए थे...

झमेला : तू जनता था ये मेरी बहन है...

मई : नहीं यार मुझे भी उसी दिन पता चला जिस दिन मैंने तुझे कॉल की....

झमेला : वो लड़की की आवाज में तूने बात की....

मई : नहीं मुँह बोली बहन से बात करने को कहा उसी ने बोलै..

झमेला : तुझे कैसे पता chala....ye मेरी बहन है...

मई : असली आरोही ने मुझे bataya....aur फिर मैंने उसे सब बता diya....siwaye मेरे और आरोही के विवाहित जीवन ke..na मैंने दीदी के बारे में उसे कुछ बताया.

मेरी बात सुनकर वो भी हैरान रह गया...

झमेला : तूने डायरेक्ट मुझे कॉल क्यों नहीं की....

मई : मई नहीं चाहता था आरोही को कुछ पता चले...

झमेला : तुम दोनों में सब ठीक है...

मई : कुछ भी नहीं....

लड़की : क्या हुआ bhai...mujhe बताओ मई उनसे बात करुँगी....

मई : तुम उससे दूर rahogi...samajh गया झमेला ये आरोही के अस्स पास न दिखे मुझे....

झमेला : है ...चल आ खाना कहते है....

फिर मई वही चटाई पर बैठ गया और झमेला की बहन हमें उतर के देने लगी....

झमेला : तुझे पता है मई यहाँ क्यों आया हों....

मई: जनता हों मेरे ससुर का किर्या क्रम karne...mar दे सेल बुड्ढे को मुझे भी उसके बेटे उसकी बेटी से नफरत है....

रुक saleee....kon है तू.....

बहार की आवाज पर मई झमेला खाना छोड़ बहार की तरफ भागे.....

दूर पर आकर हमने देखा चीखना ... दीपक ये एक गाड़ी का पीछा कर रहे they...unhe देख हमने भी दौड़ लगा दी....

गाड़ी पल भर में हवा हो गयी जिसे देख हम दोनों रुक gaye...lekin मई गाड़ी को पहचान गया था...

झमेला : कोण था चिकना ये....

चिकना : कोई अंदर की बातें सुन रहा tha...jab हम खाने के लिए aye..hamare पुकारने पर भाग खड़ा हुआ.

झमेला : कोण हो सकता है...

मई : क्या पता.....

सबके साथ हम रूम में ए और खाना खाने लगे.....

मई : बहन को लेकर तू यहाँ नहीं रहेगा...

झमेला : हां देख रहा हों घर..

मई : देखना क्या मेरा घर खली पड़ा है वह rahega...aur खाना खाने के बाद हम चल रहे है...

झमेला मन करता रहा लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी....

खा कर सबको साथ लिए हम सामान के साथ सोसाइटी में ए....

के निकल कर मैंने घर खोला और फिर हम सब साफ़ सफाई में लग गए....

सफाई के दौरान hi मुझे कॉल आगयी....

फ़ोन आरोही का tha...jise मैंने रइवे कर लिया.

मई: हां बोलो..

आरोही : अभी हॉस्पिटल में आओ...

मई : तेरे बाप का नौकर हों मई जो तू बुलाएगी मई आजाऊंगा... रिक्वेस्ट कर..

आरोही : इतना गुस्सा क्यों हो aap....apne मुझे मारा मैंने कुछ कहा आपसे..


मई : चल अत hon....aur मैंने कॉल कट कर दी....

मई : ठीक है झमेला मई चलता हों...

झमेला : रात का खाना यही खाना...

मैंने सर हिला diya...aur घर से बहार निकल गया....

बहार आकर मैंने ऑटो लिया और हॉस्पिटल आया....

हॉस्पिटल आकर मैंने आरोही को कॉल लगा दी...

मई : मेरे पास ऑटो वाले को देने के लिए पैसे नहीं है....

आरोही : ठीक है मई भेजती हों....

कुछ देर बाद रोहित aya....paise देकर वो मेरे साथ hi अंदर चल दिया..

मई : मादरचोद तू मेरा पीछा कर रहा tha....aur तूने मेरी बातें सुनी...

रोहित : आरोही ने कहा था....

मई : और तूने सब बता दिया उसे...

बदले में उसने सर हिला दिया...

मई : कितना बड़ा दल्ला है tu...kuch देर पहले दोस्ती कर रहा था अब मेरी जासूसी...

रोहित : सॉरी यार...

उसे गली देता हुआ मई आगे बढ़ गया...

अंदर आरोही आकर मुझसे लिपट गयी...

मई : ये प्यार क्यों दिखा रही है मुझे..

आरोही मेरे सवाल से कुछ कहे बिना अलग हो गयी..

फिर कुछ देर बाद मिश्रा डिस्चार्ज हुआ जिसे लेकर हर्ष हरषि घर को निकल gaye...aarohi मुझे रोहित को साथ लिए अपने घर आगयी...

आरोही : गीता तीन कॉफी..

मई : मई उसके हाथो का कुछ नहीं khaunga....mujhe प्यास लगी है तू पानी लेकर आ...

कुछ कहे बिना आरोही पानी लेने चली गयी.....

कुछ देर बाद उसने पानी मेरे हाथो लेकर रख दिया....

पानी पीकर मई अपने रूम में आकर बैठ के सिगरेट पिने लगा....

कुछ देर बाद आरोही आयी....

आरोही : क्यों इतने गुस्सा हो....

मई : सब कुछ जानने के बाद भी ये पूछ रही है....

आरोही : सुबह तुमने कितना तमाशा Kiya...Maine तुमसे कुछ नहीं कहा..

मई : जिसे तू चिल होना बोल रही थी असल में वो मेरी फ़्रस्ट्रेशन hai....sab कुछ छोड़ा यहाँ तक की अपनी बहन को भी तेरे लिए और तू है की मुझे hi धोका दे रही है...

आरोही : ऐसी बात नहीं hai....wo पास आकर मेरे घुटनो पर सर रख कर बैठ गयी....

आरोही : जानती हों ये गुस्सा फ़्रस्ट्रेशन इस सब की वजह मई hon...sach कहु तो यही हाल मेरा भी hai...aur क्यों है ये आप जानते ho...mai अब आपको बिलकुल भी हर्ट नहीं karungi...mai खाना बनाउंगी मेरे हाथो का खाना खाना आप... आपके एग्जाम स्टार्ट होने में दो दिन बचे है ...आप अपने एग्जाम पर ध्यान do...uske बाद hi मई अनुसुइया से बदला लुंगी ...

आरोही : माफ़ कर दो न अब...

मई : सुबह तूने कितनी बेइज्जती की मेरी खाने को लेकर....

आरोही : मिसुन्दरस्टण्डींग हो गयी thi...ab कभी ऐसा नहीं करुँगी...

मेरे कहने पर वो मेरे पास hi आकर बैठ गयी और उसने अपना सर मेरे कंधे पर रख लिया...

आरोही : गुस्सा छोड़ do....Maine वडा किया था न apse...ham बहुत जल्द नयी शुरुआत करेंगे आप अपने एग्जाम दो पास हो jao...fir हम यहाँ से हमेशा के लिए चले जायेंगे...

कहकर प्यार से वो मेरा कान चाटने लगी...

मई : मुझे स्नेहा चाहिए जो साफ़ दिल की थी सबकी हेल्प करने wali...jo न किसी को धोका देती थी न किसी को हर्ट करती थी..

मेरी बात सुनकर वो फुट फुट कर रोने लगी....

प्यार से मैंने उसे manaya...aur फिर मैंने उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए.....

वो मेरी आँखों में देख बड़े प्यार से मुझे किश करने लगी....

देर न करते हुए मैंने अपने सरे कपडे उतर दिए और उसके भी...

उसका चमचमाता बदन देख मुझे नशा सा चढ़ने लगा..

उस रात हम दोनों में बहुत इमोशनल और प्यार भरा सेक्स हुआ....

थक कर मई उसके बराबर में लेट गया...


आरोही: ी लव यू...

मई कुछ कहे बिना उससे चिपट गया....

उसने मेरा हाथ पकड़ अपने बूब पर रख दिया जिसे मई प्यार से दबाने लगा.

कुछ देर ऐसे hi लेते रहने के बाद वो उठी और वो मेरी टैंगो के बिच में आकर वो मेरा लिंग मुँह में लेकर चूसने लगी....

मई : मई ये गन्दा है सिर्फ हाथ से खड़ा करो....

मेरी बात मानते हुए उसने वैसा hi किया...

खड़ा होने पर वो मेरे लिंग पर बैठ gayi...aur उस पर उछलने लगी....

काफी देर उछलने के बाद वो झड़ी उसके साथ hi मई bhi....Mere छुम से उसकी छूट भर गयी....

थकी हरी वो मेरे बराबर में आकर लेट गयी....

आरोही : यह खुश हो आप...

मैंने सर हिला दिया....

आरोही : भूक लगी है...

मई : नहीं...

आरोही - मई हमारे लिए पिज़्ज़ा मंगवा लेती हों....

मेरे हामी भरने पर उसने आर्डर कर दिया..

कुछ देर बाद खाना आया जिसे खा कर हम दोनों लेट गए....

उसकी बाँहों में न जाने कब मुझे नींद आगयी.....

anusuiya's होम....

करंट नाईट......

तो अब क्या करेंगी aap...Sona बाद से तक लगते हुए boli...Sona को अनुसुइया ने सब बता दिया था सलिल और आरोही के बारे में..

अनुसुइया : तुमसे कह तो रही हों उसे मन के यहाँ बुला lo...anusuiya नींद की टेबलेट लेते हुए बोली.

सोना : दीदी मुझे फर्क नहीं पड़ता वो अब क्या करते hai...us दिन के बाद से मेरा उनका रिश्ता ख़त्म हो गया है..

अनुसुइया : ठीक है मेरे रस्ते में आया तो मर दूंगी....

टिंग.... दोनों बहने बात hi कर रही होती की अनुसुइया को व्हाट्सप्प नोटिफिकेशन अत है...

अनुसुइया उसे ों करके देखती है तो उसके तन बदन में आग लग जाती है...

सोना: क्या है दीदी....

जब अनुसुइया कुछ नहीं कहती तो सोना उठकर फ़ोन हाथो से छीन लेती है...

माय pet...niche वीडियो होती है सलिल की जिसमे वो आरोही का पेअर लीक कर रहा होता है...

आरोही : it's जस्ट बिगनिंग मई तेरे भाई का हल वैसा hi करुँगी जैसा तूने अपने हस्बैंड का किया था....

सोना : दीदी ये बहन की ताकि तो बहुत ईविल हो गयी hai...Sona मस्सगे पढ़ने क बाद बोली....

अनुसुइया : कही न कही ये मेरे hi पापो की सजा है जो उसे मिल रही hai...anusuiya इमोशनल होते हुए बोली...

सोना : तो मार क्यों नहीं देती उसे आप..

अनुसुइया : तुम्हारा भाई जी लेगा उसके बिना...

सोना : वो मेरा कोई भाई बाई नहीं है....

अनुसुइया : फिर उसकी इतनी फ़िक्र क्यों है...

कुछ कहे बिना सोना लेटने का बहाना करने लगती है....

अगले दिन मई उठा तो आरोही नहीं थी बराबर में तैयार होकर मई बहार आया तो आरोही किचन में थी...

आरोही : आगये aap...jaldi से बैठ जाइये मई गरम गरम पराठे लेकर अति हों..

कुछ देर बाद वो आलू गोब्बी के पराठे और चाहिए लेकर दिंनिंग टेबल पर रख देती है...

आरोही : कोकोनट की चटनी पसंद है न आपको मई अभी लेकर आयी....

मई : 1 साल हो गया है हमें साथ रहते हुए और तुम्हे ये भी नहीं पता मुझे क्या पसंद है...

मेरी बात सुनकर उसका चहेरा उतर गया...

कुछ देर बाद वो चटनी लेकर आयी..

आरोही : इन्ही गलतिओ को तो सुधारना है apni...wo चटनी रखते हुए बोली..

आरोही होटल नहीं jaogi...Rohit हमारे पास आकर बोलै..

आरोही : नहीं...

कुछ कहे बिना वो वहां से चला गया...

खा कर मई अपने रूम में आकर बैठ gaya....itne में मेरे पीछे पीछे आरोही आगयी...

no स्मोकिंग एग्जाम तक आप पड़े करोगे bas....wo मेरी किताबे मजे पर रखते हुए बोली...

उसकी बात मानते हुए मई भी स्टडी करने लगा...

मुझे पड़ता देख वो नहाने चली गयी...

एक घंटे बाद बाद वो आयी...

आरोही : आपको डिस्टर्ब न हो तो मेरी मांग भर डोज aap...wo धीमे से बोली...

कुछ कहे बिना मैंने उसकी मांग भर दी....

और फिर मई अपनी स्टडी करने लगा....

कुछ देर बाद आरोही एप्पल अनार बनाना कई तरह के फ्रूट्स की चाट बना कर मेरी स्टडी टेबल पर रख कर चली गयी....

पड़ते हुए मई उसे खाने लगा...


2 दिन ऐसे hi गुज़र gaye....mai स्टडी करता आरोही घर रहकर मेरा ख्याल रखती..

आरोही : पास हो jaoge...wo मुझे कॉलेज के बहार ड्राप करते हुए बोली.

मई : पता nahi...jyada ध्यान नहीं दे पाया...

आरोही : I'm सॉरी शायद कही न कही इस सब का कारन भी मई hi हों...

मई : खुद को दोष न do...jo हुआ सो hua...ab हम ऐसे hi rahenge...aur मैंने प्यार से उसका सर चुम liya...fir bye बोलकर मई आगे बढ़ गया....

मेरा एक hi एग्जाम tha....jise मुझे क्लियर करना था...

एग्जाम रूम में आकर मई बैठ गया कुछ देर बाद शीट्स और पेपर बाटे...


मुझे जो क़ुएस्तिओन्स नहीं एते मैंने वो भी चिपका diye....teen ऑवर लगातार एग्जाम लिखने के बाद मई एग्जाम रूम से बहार आया....

फिर कॉलेज से .... कॉलेज के बहार hi मुझे आरोही कार से लगी दिख गयी....

मई : तुम गयी नहीं थी तब se..Maine पास जाकर पूछा....

आरोही; नहीं अभी आयी हों ...लेटस के..

मेरे कार में बैठते hi उसने कार चालू कर दी....

आरोही : कैसा गया एग्जाम..

मई: ठीक था....

काफी देर हम दोनों में और कोई बात न हुई...

आरोही : क्या सोंच रहे hai..usne मुझे खामोस देख पूछा...

मई : क्या तुम सच में बदल गयी हो...

आरोही : नहीं जानती लेकिन मई ऐसे hi रहने की कोशिश करुँगी...

मई : ाचा chodo...purvi आने वाली थी क्या हुआ uska...abhi तक आयी नहीं....

आरोही: वो होटल में अपने हस्बैंड के साथ रुकी है...

मई : रोहित के..

उसने सर हिला दिया....

घर आकर थका हरा मई बाद पर लेट गया...

शाम 5 बजे फ़ोन की आवाज से मई jaga...new नंबर देख मैंने कॉल रइवे की और नींद में बोलै..

मई : कौन...

मई हों टॉमी मिलने नहीं ए और भूल भी Gaye..udhar से आवाज आयी..

मई : मिश्री तुम...

मिश्री : हां कहा हो तुम ...5 मिनट में बहार ाजाओ नहीं तो मई तुम्हारे घर में आजाऊंगी....

मई : तुम यहाँ मत आना मई बिजी हों अभी...

मिश्री : नहीं आओगे रुको मई hi अति हों....

मई : रुको अत हों.

कॉल कट करके मैंने मुँह हाथ dhoya..aur रूम से बहार aya...aarohi किचन में खाना बना रही थी...

आरोही: कहा जा रहे हो आप..

मई : मई बस यही तक कुछ देर में आजाऊंगा....

कहकर मई आगे बढ़ गया....

घर से बहार hi मुझे मिश्री की कार दिख गयी जिसमे जाकर मई बैठ गया...

मई : हां तो क्यों मिलना चाहती थी मुझसे...

मिश्री: यार हम एक्स लवर है क्या इतना हक़ नहीं मेरा तुम पर.

मई : अब मई मैरिड हों mishi...kuch ज़रूरी बात करनी है तो बताओ वर्ण मई जा रहा हों.

मिश्री : no....aur उसने कार आगे बढ़ा दी...

मिश्री : चलो थोड़ा घूमते है और पुराने दिनों को याद करते है....

उसे स्पीड में गाड़ी चलते देख मैंने हथियार दाल दिए....

मिश्री : तो कहा चलोगे...

मई : वापस अपने घर...

मिश्री : क्लब चलते है....

मई : नहीं यार ..

मिश्री : ये आम क्लब नहीं hai..it's स्वींग्गेर्स क्लब डार्लिंग..

मैंने मिश्री को रोकने की कोशिश की लेकिन वो नहीं mani....kuch देर बाद हम एक लिघ्तों से जगमगाते क्लब में एके रुके...

मिश्री मुझे लेकर क्लब के अंदर बढ़ गयी....

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अंदर आया तो देखा क्लब लाइट्स और लड़कीओ से जगमगा रहा है...

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लड़कियां नशे में मदमस्त घोड़ी बानी नाच रही थी...

मिश्री मुझे लेकर आगे बढ़ने लगी....

मई : तुम्हारे पास यहाँ के पास कैसे ए...

मिश्री : तुम्हारे लिए ख़रीदे थे..

बातें करते हुए हम दोनों सीडीओ से बेसमेंट में जाने लगे....

बेसमेंट पर आकर हम एक दरवाजे पर रुक गए....

मई : इधर किधर जा रही हो..

मिश्री : रुको तो सही...

उसके दूर बजने से दूर के ऊपर का थोड़ा हिस्सा khula...jisme से एक औरत ने झांक कर हमें dekha...mishi ने उसे पास दिखाए तो उसने दूर खोल दिया...

मिश्री : स्वर्ग तो यहाँ hai...wo मेरा हाथ पकडे अंदर लिए बोली...

अंदर लाल रौशनी से पूरा रूम जगमगा रहा था...

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अंदर एते hi बहुत साडी सिसकीओ से मेरे कान गूंजने lage...jahir था ये सिसकियाँ काम के समय निकलने वाली थी...

अंदर बढ़ते हुए हमें कई जोड़े ओपनली सेक्स करते दिखे....


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एक जगह पर हमें दिवार के पास खड़े गर्ल्स और बॉयज दिखे...

दिवार में होल्स थे उन्ही होल्स के थ्रो लड़कीओ के आधे बॉडी पार्ट्स हमारी तरफ थे आधे दिवार के पार...

मिश्री : फ़क karoge....wo मुझे एक लड़की जिसका आधा जिस्म बहार निकला था उसके पास लेकर बोली....

फिर मेरा हाथ पकड़ कर वो उसकी छूट पर रख देती है.....

उसके जिस्म पर हाथ रखते hi मुझे करंट लगा और मैंने अपना हाथ पीछे कर लिया....

गुस्से में मैंने मिश्री को दिवार से लगा दिया....

मई : यहाँ क्यों लेकर आयी हो मुझे तुम...

मिश्री : यहाँ हमें कोई नहीं rokega....aur उसने मुझे धक्का देकर अपने होंठ मेरे होंठो पर रख दिए.....

वो वाइल्ड होकर मुझे किश करने लगी....

मिश्री : जो साइज तुम्हे पसंद है वो हर साइज यहाँ है...

मई : वो पहले की बाते थी मिश्री अब मई मैरिड हों....

मिश्री : कुछ नहीं होता baby...aur वो मेरा हाथ पकडे मुझे अंदर ले जाने लगी....

जितना अंदर वो मुझे ले जा रही थी उतनी hi ज्यादा गंदगी मुझे देखने को मिल रही thi...ek एक लड़की को कई कई मर्द मिलकर छोड़ रहे थे तो कही पर लड़के को लड़कियां डिलडो से छोड़ रही थी....

एक लड़कीओ के ग्रुप के पास लेकर वो रुक gayi...Aur उसने इशारे से वेटर को बुलाया...

वो लड़कीओ का ग्रुप लड़के को टार्चर करते हुए बुरी तरह से फ़क कर रही थी..


मेरी हालत ये सब देख कर ख़राब हो गयी मन में जहाँ हवस ने घर बना लिया वही कही न कही ये सब मुझे बुरा भी लग रहा tha....mai समझ गया था कुछ देर यहाँ और रुका तो मई जरूर किसी न किसी मुसीबत में पद जाऊंगा या फिर मेरा शरीर गन्दा हो jayega....mishi को टॉम बॉय के टार्चर में मगन देख मई धीरे धीरे उधर से खिसकने लगा...

कुछ दूर आकर मैंने पीछे के लिए लम्बे लम्बे कदम बढ़ा दिए....

aaaaaaaaaa.....baby यू अरे सो hott...ohhhhhh....yeaahhhhhh.....

चलते हुए मई उसी जगह से गुजरा जहाँ होल्स के थ्रो औरते चुद रही थी...

मई : karan.....karan की आहों पर मेरा ध्यान उस पर गया और मैंने उसे dekha...wo लड़की को बुरी तरह से छोड़ रहा था...

मैंने धक्का देकर उस लड़की के पेट पर सर रखा और अंदर से उसे देखने लगा..

सोना को न पाकर मेरी जान में जान आयी...

salil....karan संभल कर मेरे पास आया...

देखने से लग रहा था उसने बहुत नशा किया है....

मई : सेल तू यहाँ..

कारन : साला तो तू बनने वाला है mera..wo नशे में अपनी पंत ऊपर करते हुए बोलै...

मई : मई भी देखता हों मेरी बहन की शादी तुझसे कैसे होती hai...mai खुद में बुड़बुड़या..

कारन : सेल साहब मजे करने hai...tum निचे से मई ऊपर से...

मई : चुप बहन के लोडे...

कारन : तो यहाँ क्या गांड देने आया है...

मेरा मन हुआ उसे मरने का लेकिन सिक्योरिटी देख मई पीछे हो गया...

इतने में मिश्री जैम लिए मुझसे आकर चिपट गयी....

मिश्री : कहा चले गए थे darling...aur ये कोण है ...वो कारन को देख बोली..

मई : यहाँ से चलो...

मिश्री : लो पानी piyo...wo मेरे होंठो से जैम लगते हुए बोली...

मई : आआह्ह chhiii....ye क्या है..

मिश्री : juice...wo फिर मेरे होंठो से गिलास लगते हुए बोली..

उसे पीकर न जाने मुझे क्या हुआ मई किसी और दुनिया में खुद को फील करने लगा....

मिश्री : आओ मेरे sath....diwar से मुझे सटाकर उसने अपने होंठ मेरे होंठो पर रख दिए......

अगले दिन मुझे आफ्टरनून में होश aaya...Maine खुद को देखा मई नंगा बीएड पर लेता था ये घर भी अजान था...

होश एते hi मुझे अपना शरीर दर्द से टूटता महसूस हुआ....

उठ गए tum...awaj पर मैंने देखा..

मिश्री टॉवल में लिपटी वाशरूम से निकल कर मेरी तरफ hi आ रही थी...

मुझे देखते हुए उसने अपना टॉवल निकल दिया.....

मई : क्या किया तुमने मेरे साथ...

जवाब दिए बिना वो चलती हुई मेरे पास आयी... ब्लैंकेट हटा कर उसने मेरा खड़ा लिंग पकड़ लिया...

मिश्री : जणू कल पूरी रात तुमने मुझे इसकी सैर karai...wo मेरा लैंड दबाते हुए बोली...

मई : मुझे ऐसा क्यों लग रहा है जैसे तुमने मेरा बलात्कार किया ho...mujhe पैन हो रहा hai....meri रुआंसी सी आवाज निकली....

मिश्री : तुमने मुझे कैसे कैसे फ़क किया मई hi जानती हों जब साडी रात बिना रुके छोड़ोगे तो दर्द तो होगा hi...wo फिर मेरे लैंड पर जगह बना कर बैठते हुए बोली....

मिश्री : aaaaaahhh...salil.....fuck योर स्टेप mom.....ohhhh yess.....ohhhhh....

वो खुद मेरे लैंड पर उछलने लगी....

गुस्से में मैंने खुद पर से उसे धक्का दिया.....

और नंगा hi मई भी बीएड से उठ गया...

मई : मैंने तुम्हे अपना दोस्त समझा... तुम्हारा भाई खुद मेरे साथ प्रो देखने aya...tumne मुझसे उसकी मौत का बदला लिया जिसमे मेरा कोई हाथ नहीं tha....uske बाद भी तुमने मुझे धोका दिया...


मिश्री : ऐसी कोई बात नहीं hai...bas हमारे बिच इंटिमेसी हुई है.

मई : मुझे मेरे कपडे do..mai फिर भर्राई आवाज में चीखा..

मिश्री: शांत हो जाओ मई लेकर देती हों...

कुछ देर बाद वो मेरे कपडे लेकर ayi...kapde लेकर मई उन्हें पहनने लगा....

मई : क्या किया तुमने मेरे sath...kapde पहन लेने के बाद मैंने फिर अपना सवाल दोहराया.

मिश्री : बताया न....

उसका जवाब सुन मैंने उसकी गर्दन पकड़ ली....

मई : मुँह खोलोगी या तुम्हे मार डॉन...

मिश्री : aaaa....sach में सिर्फ हमने सेक्स kiya...tumne मेरी ली मैंने tumhari...aaaaa.

चटककककककक ....chatakkkkk....chatakkkkk....

उसकी बात सुन मैंने उसके गाल लाल कर दिए ....फिर बिना कुछ कहे मई उसके रूम से निकल गया...

बहार आकर मैंने ऑटो लिया और चल दिया.....

घर आकर मैंने जेबे टटोली आरोही के दिए कुछ पैसे थे जो मैंने ऑटो वाले को दे दिए.....

वेल प्रेस करने पर दूर गीता ने खोला....

कहा थे आप मेमसाब 4 दिनों से आपको ढूंढ रही है...

चार din.....uski बात सुन मुझे झटका लगा......

गीता : हां...

जल्दी से मैंने अपना फ़ोन ों किया जो ऑफ पड़ा था.....

फ़ोन ों होते hi मुझे डेट दिखी.....

11 को मेरा एग्जाम था आज 15 नवंबर है..

मई : ओह्ह shit....ye क्या हो रहा है ...मिश्री.....

कुछ कहे बिना मई अपने रूम में आकर लेट gaya...ek तरफ थकन थी दूसरा सोंच सोंचा के मेरा दिमाग ख़राब हो रहा था...

कुछ सोंचकर मैंने मिश्री को कॉल लगा दी....

स्पीकर : आप जिस नंबर से संपर्क कर रहे है वो अभी व्यस्त hai...Maine कई बार कॉल की और जवाब यही आया...

geeta.......geeta.....kaha मर गयी बहन की लोदी.....

क्या बात hai...mere कई आवाज देने पर वो रूम में आयी....

मई : तेरी मेमसाब कहा है....

गीता : वो कल की कही गयी हुई है....

उसका जवाब सुन मैंने उसे जाने का इशारा कर दिया....

फिर फ़ोन चार्जिंग पर लगा कर लेट गया....

रात सात बजे कदमो की आहत पर मैंने आंखे kholi.....mai सोया नहीं था बस थकन की वजह से लेता हुआ tha..sone की कोशिश की लेकिन नींद नहीं आयी...

उठकर मई रूम से बहार aya...bahar मुझे रोहित मिल गया...

मई : पूर्वी कहा है.....

रोहित : वो वापस दिल्ली गयी है कुछ दिनों में आजायेगी....

katttt.....itne में मेरे बेडरूम के वाशरूम का दूर खुला नहाकर साड़ी पहने आरोही बहार निकली...

उसे देख मई वापस रूम में आकर बीएड पर बैठ गया..

आरोही : आपको पता है आपके दोस्त ने मेरे पिता जी पर अटैक किया... ओफ़्कौर्से आपको पता hoga....wo आगे बोलते हुए बोली.

मई : what......kab....meri शॉक में डूबी आवाज निकली...

आरोही : parso....pita जी ज़िन्दगी और मौत की जुंग लड़ रहे hai...uska लहजा बिलकुल शांत था...

मई : आशिक़ तुम्हारा भाई है न..

आरोही : था कभी.....

चलते हुए वो मेरे पास आयी और घुटनो पर बैठ के उसने अपनी हथेली मेरे आगे कर di...jisme सिन्दूर था...

आरोही : मांग तभी भरना अगर मुझसे वडा करोगे अपने दोस्त को मरने ka....uski बात सुन मेरे हाथ से सिन्दूर की डिब्बी छूट गयी...

और हैरानी से मई उसे देखने लगा...

पल भर में मेरी आंखे भर आयी....

आरोही : उसे मार दो जान मेरे liye....badle में आपकी बहन ने जो मेरे साथ किया उसे मई भूल जाउंगी...

मेरे जवाब न देने पर उसने गन लेकर मेरे हाथ में रख दी...

गन के अहसास से मई होश में आया...

मई : aarohi...usne अपना सब कुछ खोया hai...uska परिवार तबाह हुआ है सिर्फ तुम्हारे बाप की वजह se...jo हुआ सो हुआ लेकिन अब मई उसे रोक लूंगा बदला लेने से..

आरोही : उसे नहीं मार सकते तो मुझे मार do....aur हाँ ये खली नहीं है....

मई : वो मेरा दोस्त hai..mai चीखा..

आरोही : और मई कोण हों apki....kya कभी आपको मुझसे प्यार नहीं hua...agar हुआ है तो jao...nahi तो इसकी साडी गोलियन मेरे अंदर उतर do...wo गन अपने माथे पर रखते हुए बोली...

उसे आगे बढ़ते देख मई खड़ा हो गया....

मई : आरोही तुम्हारी माँ भी यही चाहती है...

आरोही : जब किसी को अपने किये पर पस्चताप हो तो उसे माफ़ कर देना चाहिए पिता को सच में अपने किये पर पछतावा hai...Rahi बात माँ की तो वो अपनी सौतन की वजह से गुस्सा है पिता जी पर..

मई : और तुम चाहती हो मई अपने बचपन के दोस्त को मर डॉन..

आरोही : पत्नी से बढ़कर दोस्त है...

कहकर वो मेरा चहेरा देखने लगी...

आरोही : जैसे hi आप उसे मार के आओगे हम स्विट्ज़रलैंड के लिए निकल चलेंगे हमेशा के लिए....

मई : फिर मई क्या जी लूंगा...

आरोही : आप नहीं करोगे तो मई ये किसी और से भी करा सकती हों और बदले में उसे आशिक़ की बहन गिफ्ट में दे dungi..jise वो अपनी स्लेव बना कर रखेगा...

मई : कितनी ईविल हो तुम..

आरोही : कितना आसान है न ये kehna...mere ऐसा बनने के पीछे कारन नहीं dekha...ap नहीं जाते तो ठीक है मई भेजती हों किसी को ...अभी आशिक़ की बहन घर में अकेली है..

मई : आशिक़ न सही वो तो तुम्हारी बहन है..

आरोही : सगी नहीं hai....aur शायद वो भी स्लेव जैसी लाइफ डेसेर्वे करती hai...maine उससे बात की लेकिन वो भी अपने भाई की तरह बदले पर उतारू है..

मई : ठीक है मई जा रहा हों...

आरोही : मई आपका इंतज़ार करुँगी...

कुछ कहे बिना मई आगे बढ़ गया....

बहार आकर मैंने ऑटो liya...aur सीधा सोसाइटी में आया...

ऑटो से उतारकर चलता हुआ मई अपने घर में आया...

कांपते हाथो से मैंने वेल प्रेस ki....kuch देर बाद दूर झमेला की बहन ने खोला...

भाई आगये aap....andar ayiye...wo मुझे रास्ता देते हुए बोली...

अंदर आकर मई खली खली आँखों से घर देखने लगा....

लड़की : आशिक़ भाई ने कहा था आप aaoge...wo मेरे पास आकर boli...fir उसने मुट्ठी में से एक पर्ची मेरे हाथो पर रख दी...

पर्ची को खोल कर मैंने देखा और मई समझ गया झमेला कहा है....

कुछ लोगो भाई आप...

मैंने ना में सर हिलाया और खड़ा हो गया...

लड़की : क्या है इसमें...

मई : कुछ नहीं तुम घर में hi rehna...koi भी ए दूर नहीं खोलना..

कहता हुआ मई घर से निकल गया...

कुछ दिन पहले.....


Purvi's पर्सपेक्टिव...

आशना के गायब होने पर मैंने अपनी डिटेक्टिव एजेंसी की हेल्प ली..

एजेंसी की तरफ से मिश्री आयी ...जिसे लेकर मई यहाँ वहां आशना को ढूंढ़ने लगी....

मई : तुम लोकेशन पता कर सकती हो..


मिश्री : हां नंबर do...Maine नंबर दिया कुछ देर बाद उसने मुझे सलिल की लोकेशन दी.... लोकेशन मिलते hi मैंने दौड़ लगा di.....mishi पहले से परेशां थी किसी केस को लेकर इसलिए ये वो पीछे hi छूट गयी....

मिश्री उर्फ़ सलिल की मिया गुप्ता आरोही की स्कूल से फ्रेंड hai...mishi रॉ में चली गयी थी जहाँ उसने हम दोनों को भी part टाइम जासूस की जॉब dilai...hamara काम शामे hi होता था होनेट्राप में फसा कर इनफार्मेशन निकलना...


भागते हुए मई एक फील्ड में आयी जहाँ मुझे सलिल किसी से लड़ता दिखाई दिया..

सलिल जिससे लड़ रहा था वो देखने से hi कोई राक्छस मालूम पद रहा था...

करीब जाकर मई छुप कर एक पेड़ की आड़ में होकर दोनों को देखने लगी....

सलिल.....

सलिल कंफ्यूज सा खुद को पुकार रहा था...

जिसे देख कर दर से मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे मुझमे हिम्मत नहीं हो रही थी उसके पास जाने की सलिल उस दैत्य से अकेले लड़ रहा था....

क्या ये सलिल hi hai...mere मन से आवाज आयी....

तुम दो ho...us राक्छस की भरी आवाज मेरे कानो में गुंजी...

ओह्ह तुम यहाँ ho...mishi ढूंढ़ते हुए मेरे पास hi आगयी थी...

मिश्री : तुम इसी को ढूंढ रही थी..

मैंने सर हिला दिया..

मिश्री : मई use....wo सलिल को मार रहे राक्छस को देख बोली...

मिश्री : इसका नाम ईटर hai...fir वो मुझे उसके बारे में बताने lagi...uske बारे में जानकर एक पल को मेरा दिल भी धक् से होकर रह gaya...koi इतना क्रुएल कैसे हो सकता है...

मई : वो सलिल को मर रहा hai...mujhe जाना hoga...Maine हिम्मत करके कहा..

मिश्री : पागल हो जाओगी तो वो उसके साथ हमें भी मार dega...Maine टीम बुला ली hai...bas कुछ देर वेट करो...

टीम के आने से पहले hi एक लड़की आगयी जिसके पास दैविये शक्तियां थी जिसने सलिल की जान बचाई.....

सलिल के जाने के बाद मिश्री की टीम ayi...aur उसी समय ईटर को ढूंढ़ने का सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया...

मिश्री: जानती हो सलिल कभी मेरा बॉयफ्रेंड tha...aur मैंने इसकी गांड में 12 इंच का डिलडो दाल दिया था ..

मई जानती थी स्नेहा ने मुझे बताया था सलिल की वीडियो के बारे में जिसे मिश्री ने वायरल किया था..

मई : nahi...ye स्नेहा का पति है...

मिश्री: है स्नेहा ने कुछ दिनों पहले कॉल करके इसके बारे में पूछा था..

सर्च के दौरान हमें फायरिंग की आवाज ayi....ham दोनों भागते हुए उस तरफ गए...

उसने हमारी टीम के बहुत से लोगो को मार दिया था....

अब हम 7 लोग hi बचे थे....

तुम मेरे साथ aao...aur वाकई के नार्थ में जाओ..

मिश्री : okay सर ..एक अफसर की आवाज पर मिश्री ने हामी bhari....aur कुछ टीम मेंबर्स नार्थ की तरफ चल दिए... जिनके साथ मई भी थी....

कुछ दूर आकर एक डेड बॉडी को देख मई ठिठक gayi.....ye वही था जो चाँद लम्हो पहले मिश्री को अपने साथ ले गया था......

mishi......bhagte हुए मैंने पीछे के लिए दौड़ लगा दी.....

dhaye....dhaye.....use देखते hi मैंने शूट कर diya....mishi को छोड़ वो आगे के लिए भगा...

दरी सेहमी mishi...mujhe लेकर वहां से निकल गयी....

बहुत देर तक मिश्री शॉक में रही...

मई : कुछ किया उसने तुम्हारे साथ...

कुक कहे बिना उसने अपना बूब दिखा दिया जहाँ खून जैम गया था....


अगले दिन हम लेट uthe...Maine सलिल की लोकेशन देखि तो जाना वो ट्रैन में बैठ गया है....

उसी दिन मई स्नेहा दे mili...salil चला गया था लेकिन स्नेहा रोहित नहीं गए थे...

स्नेहा मिश्री रोहित और मुझे ईटर की असाइनमेंट मिली थी...

स्नेहा ने ये कहते हुए हाथ खड़े कर दिए की उसकी फॅमिली में अभी प्रोब्लेम्स चल रही hai...jo असल में अनुसुइया से अपना बदला लेने के लिए ूतबली हो रही थी...


स्नेहा : तुम नहीं लोगी अपना बदला..

मैंने ना में सर हिला दिया...


मई : स्नेहा बदला इंसान को खोकला कर देता hai....aur हम बदला लेंगे भी तो kisse....salil se....anusuiya को तो टच भी नहीं कर sakte....itne वक्त हम साथ रहे हमने उसे देखा भी नहीं था...

स्नेहा : अब हमने देख लिया है na....uski कमज़ोरी से भी परिचित है हम...

मई : कौनसी कमज़ोरी....

मेरा सवाल सुन स्नेहा रोहित एक दूसरे का चहेरा देखने lage....unke पास कोई जवाब नहीं था..

मई : सिर्फ सलिल....

स्नेहा : कोई न कोई कमज़ोरी उसकी होगी hi...mujhe उसके घर कुछ notes.mile.hai याद है मैंने तुम्हे बताया tha...usme शायद उसकी कोई वीकनेस हो...

मई : मुझे नहीं पता तुम क्या karogi..lekin एक बात जान lo...maine सलिल को सब बता दिया hai....hamare बारे में ...यहाँ तक की हमारा नाम भी....

स्नेहा : dhokebaaz...gusse में उसका हाथ उठा मुझे मरने के liye....lekin वो मार नहीं पायी..

मई : राजू ने हमारी निस्वार्थ हेल्प की वो भी तो अनुसुइया का भाई था....

कल रत सलिल को लड़ता देख मुझे कही न कही ये अहसास हो गया था की सलिल hi राजू hai...lekin मैंने अपने इस शक का इज़हार स्नेहा से नहीं किया था...

स्नेहा : हमारी दोस्ती यही खत्म होती hai...wo पत्थर बानी boli...Aaj के बाद मुझे तुम सलिल के अस्स पास दिखाई न dena..tumhara फ़ोन तप रहेगा मुझे पता चला तुमने सलिल से बात की तो मई तुम्हे अनुसुइया की hi तरह अपना दुश्मन समझूंगी...

मई उसका चहेरा देखती रही..


फिर वो रोहित मिश्री को लिए चली गयी....

कुछ देर बाद मिश्री मेरे पास आयी...

मिश्री : ये असाइनमेंट अब तुम्हे कम्पलीट करनी hogi...wo मुझे ईटर की फाइल देते हुए बोली..

मई : लेकिन तुम...

मिश्री : मुझे बंगलोरे जाना होगा....

उसी समय वो अपना सामान लेकर निकल गयी स्नेहा के साथ....

3 दिन मई यहाँ टीम के साथ ईटर को ढूंढ़ती rahi....is बिच मैंने सलिल को एक बार कॉल भी की.

जिसके तुरंत बाद मुझे स्नेहा की कॉल आयी... उसने मुझे लास्ट वार्निंग दी थी..

स्नेहा : अब तुमने कॉल की तो मई गुस्से में कुछ उल्टा सीधा कर dungi..kisi का वेंटीलेटर भी हाथ सकती हों..

मेरी छोटी बहन हॉस्पिटल में वेंटीलेटर पर थी स्नेहा उसी के बारे में बात कर रही थी..

मई : नहीं करुँगी...

स्नेहा : यही तुम्हारे लिए सही रहेगा..

एक दिन एक कम्प्लेन आयी नर्स की मौत ki...jab जाकर हमने जाँच की तब जाना इसे अपना शिकार ईटर ने बनाया है..

नर्स के बारे में छानबीन करने पर एक और बात पता चली की नर्स ने बंगलोरे के लिए ट्रैन टिकट लिए थे...

मई नहीं जानती थी उसने ऐसा क्यों kiya...lekin मैंने इसी को बहाना बनाया और ईटर बंगलोरे में है ये एक्सक्यूज़ देकर मई बंगलोरे आगयी...

यहाँ आकर मई सलिल और स्नेहा पर नज़र रखने लगी.

दोनों के बिच सब कुछ सही देख मुझे किसी अंशोनी का अंदेशा होने लगा था...

एक दिन पता चला सलिल के दोस्त ने स्नेहा के पिता पर जानलेवा हमला kiya..sab कुछ छोड़ स्नेहा घर से निकल गयी..

उसी रात मई स्नेहा के घर में घुस गयी.....

कहा थी अब तक आप ...

मई : बिजी थी geeta...mere लिए कुछ खाने का बना dogi...bhut तेज भूक लगी है...

गीता : ठीक है कुछ देर रुके..

मुझे दर था गीता का कही आरोही ने उसे मेरी एंट्रेंस पर मन न कर दिया हो लेकिन उसके सवाल से मई समझ गयी इसे कुछ नहीं पता...

आरोही के बैडरूम में आकर मैंने उसकी सेफ ओपन की जिसमे मुझे वो नोट्स मिले जिसके बारे में आरोही बात कर रही थी...

उन नोट्स को गिनकर मैंने शामे वैसे hi नोट्स तैयार किये और उन्हें सेफ में रखकर ओरिजिनल नोट्स मैंने अपने बैग में रख लिए...

सेफ लॉक कर मई बहार आयी...

मई :गीता मुझे काम आगया है इसलिए मई जा रही हों...

गीता : खाना बन गया है आप बैठो मई लती हों...

मई : नहीं गीता मई लेट हो जाउंगी...

और मई घर से निकल गयी....

वहां से सीधा मई स्नेहा के होटल आयी जहाँ मई ठहरी हुई थी ...यहाँ ठहरने के लिए मुझे रोहित ने hi फाॅर्स किया tha...lekin इसके पीछे की वजह मई जान गयी थी असल में मुझे यहाँ रख कर आरोही मुझ पर नज़र रखना चाहती थी....

रूम लॉक करके मई नोट्स को देखने लगी...

कल दीदी मुझसे मेरे जिस्म का एक हिस्सा हमेशा के लिए अलग करने वाली है...

salil...hame जाना होगा....

दीदी की आवाज पर मैंने नोट बुक बंद कर दी.....


पड़ते हुए मुझे निचे अलग हैंडराइटिंग शो हुई जो पहले वाली से अलग थी...

मेरा bhai...salil...jiske जन्म के 7 साल बाद मुझे पता चला वो असल में एक नहीं दो hai...salil और रोलेक्स....

सलिल जहाँ कमज़ोर और सीधा था वही रोलेक्स उससे एक डैम viprit...gussail violent...abhi अभी मई रोलेक्स को हमेशा के लिए ख़त्म कर आयी hon..wo ज़िंदा रहता तो वो मुझे मेरे उद्देस्य को नस्ट कर देता...

रोलेक्स और सलिल की आखिरी ख्वाहिश थी वो दोनों एक दूसरे की यादो में रहे इसलिए ये डेरी अब मई पूरी करुँगी...

मम्मी डैडी के जाने के बाद दोनों भइओ की और सोना की जिम्मेदारी मुझ पर आगयी थी...

उस समय मेरी भी आगे कोई ज्यादा नहीं थी....

मम्मी डैडी के जाने के बाद एक समय पर मौसी प्रेग्नेंट हो गयी थी जिस कारन उन्होंने आना छोड़ दिया हमारे हालत बहुत ख़राब हो गए थे ...तब मेरे मां ए...

भैरव: अब तुम्हे किसी बात की चिंता करने की ज़रूरत नहीं मई आगया हों....

मां के साथ मई एक बहुत बड़े घर में आयी ...जहाँ मुझे मां एक अँधेरे कमरे में ले गए...

कमरे में एक हिल रहे झूले पर कोई बैठा था...

भैरव : महाराज देखिये ise...kya इतनी सुन्दर लड़की है आपके पास...

मां की बात सुन महाराज मुझे देखने laga...dekhte हुए उसने मां को इशारा किया....

और मां ने मुझे घुमा दिया अब मेरी पीठ थी महाराज की तरफ..

महाराज : adbhut....ati sundar....kaun है ये....

भैरव : सीमा और समीर की beti....praksh की bhanji...hahahahahah...

hahahahaha....mama की बात सुनकर दोनों कहकहे लगाने लगे..

मई इतनी छोटी थी की मुझे दोनों की बातें भी समझ नहीं आ रही थी...

महाराज : मेरे सपनो को तुम साकार karogi....tum बनोगी विष कन्या.........
 
गीज़ episode इस पोस्टेड

पता नहीं पसंद आएगा या नहीं लेकिन थोड़ा पतिकेंट तो रखना पड़ेगा.

अगला episode कैसा हो सुग्गेस्टिव देते रहना वरो..

अब फ्लैशबैक शुरू हो गया है तो फ्लैशबैक छोटा रखूं या bada..shot में.

यार बहुत से रीडर लिखे कमेंट नहीं करते उनसे भी कहूंगा लिखे कमेंट करने को...

मेरी दूसरी स्टोरी हंटिंग ऑफ़ लोने साइको पर भी आना गीज़
 
पहली बात मेरी स्टोरी सेक्स पर बेस्ड नहीं होती

कहानी पर होती है जैसा की मुझे रीडर्स के रिव्यु पसंद है इसलिए सेक्स दाल देता हों

और जब डालता हों तो पुरे मन से मतलब जितनी जरुरत होती है

दूसरी बात रीडर्स चले गए बहुत से इसलिए मन हैट गया था स्टोरी से दूसरी बात रीडर हीरो का हुमिलिएशन देख के बोआर हो गए हालाँकि उन्हें पसंद वही आ रहा था परन्तु अब मेरा मन हो गया है और पहले वाली फीलिंग आएगी अपकमिंग episode में
 
थँक्स वरो

वरो ध्यान से नहीं पड़ा अपने मिश्री को लगाने वाली असल में आरोही है.

क्या हुआ इन 5 दिनों में ये बाद में पता चलेगा.

वरो आरोही मनोवैजानिक है वो जानती है गुस्से से सलिल से कुछ नहीं करा सकती

आगे समझ जाओ

पूर्वी ने आशना को ढूंढ़ने में मिश्री की हेल्प ली ...उसके बाद मिश्री और आरोही के बिच बात हुई जिसके बाद मिश्री ने ईटर वाली असाइनमेंट पूर्वी को दे दी..

और मिश्री सलिल की लोकेशन देख उसके पास पहुंच गयी.

है ऐसा हो..

ये बात सच है आरोही उसी को लेकर फ़्रस्ट्रेटेड है

मुट्ठी पार्टी नहीं पंजा पार्टी.

वरो ये लोग स्पाई एजेंट है इसकी डटिल नहीं दी वजह थी रीडर बोआर हो जायेंगे बूत मैंने गलती कर दी ऐसा सोंच कर. छोटे छोटे सकने देने चाहिए थे
 
Episode 29

hahahahaha....mama की बात सुनकर दोनों कहकहे लगाने लगे..

मई इतनी छोटी थी की मुझे दोनों की बातें भी समझ नहीं आ रही थी...

महाराज : मेरे सपनो को तुम साकार karogi....tum बनोगी विष कन्या.........

नेक्स्ट कंटिन्यू...

4 दिन पहले...

सलिल का घर.

भाई आप तो सच में कमल के हो खुद से खाना बना रहे ho.sana आशिक़ को खाना बनाते देख बोली.

आशिक़ : मई हमेशा से अकेले hi रहा हों तो खुद hi खाना बनता था..

सना : हटो मई बना देती hon..Maan भी jao..aashiq के न हटने पर सना उसे जबरदस्ती हटा देती है .

सना : जाओ नहीं यही मुझसे बातें करो ..

सना की बात सुनकर आशिक़ किचन के पास hi चेयर लेकर बैठ जाता है..

सना : तो कब आप अपने मिशन पर जाओगे.

आशिक़ : kal...uske बाद मई तुम्हारी शादी मई चिकना से करा दूंगा तुमने देखा है न उसे कितना खूबसूरत है वो..

सना : शट up..mai एडुकेटेड हों और वो कहा गवर..

आशिक़ : दिल का तो ाचा है न..

सना : दिल के सभी अचे होते मुझे वो पसंद नहीं .

आशिक़ : मुझे है बात khatam..use हम घर जमाई बना लेंगे .

सना : मुझे माँ ने किसी चीज़ के लिए कभी फाॅर्स नहीं किया आरोही दीदी से ज्यादा प्यार से पला है उन्होंने मुझे...

आशिक़ : है ठीक है ..

चप्प्प छप्प..

तभी आशिक़ को पीछे कदमो की आहत सुनाई देती है और वो पीछे पलटता hai..piche आरोही कड़ी होती है ..

आशिक़ : आप .

सना : कोण है ...किचन से निकलकर सना आरोही को देखते hi ठिठक जाती है...

आरोही : अपनी बहन से गले नहीं milogi..aarohi हाथ फैलते हुए बोली..

भागकर सना उसके गले लग जाती है..

दोनों बहने बड़े प्यार से एक दूसरे से मिलने लगती है..

आरोही : यहाँ आगयी और मुझे बताया भी नहीं..

सना : आरोही वो बात hi कुछ..

आरोही : जानती hon...aarohi बात काटते हुए बोली...

अलग होकर सना आरोही को बैठने का इशारा करती है..

आशिक़ : आप अंदर कैसे..

आरोही : मेरे पास एक्स्ट्रा के है....

सना : माँ ने कहा आपको इससे कोई प्रॉब्लम नहीं आप भी उतनी hi नफरत करती है...

सना की बात का आरोही कोई जवाब नहीं देती और घर को देखने लगती है..

आरोही : पहले मई यहाँ रहती thi...salil के साथ..

सना : है भाई ने बताया था...

आरोही : आशिक़ तुमने मेरी माँ का दूध पिया है कुछ समय hi sahi..is हिसाब से तुम मेरे भाई hue..tumhe माँ को छोड़कर नहीं जाना चाहिए था..

आशिक़ : मुझे बेच दिया था अनाथाश्रम वालो ne..jab मई वापस गया तो वहां न माँ थी न सना...

आरोही : मेरी वजह से उस समय माँ ने मुझे जन्म दिया था...

आशिक़ : हम्म्म ..सलिल नहीं आया..

आरोही : वो कल रत के गए हुए है अभी तक नहीं ए..

आशिक़ : जैसा की अपने कहा आप मेरी बहन ho..to उसी रिश्ते की वजह से कह रहा हों उसे हर्ट न karna..aap नहीं जानती हो लेकिन उसे हर्ट करना आपको मुश्किल में दाल dega...usse मिला मई तो वो मुझे खुश नजर नहीं aya...aur मई उससे प्यार भी करता हों वो तकलीफ में हुआ तो आपका भाई भी होगा..

सना : आपकी बहन भी...

आरोही : वडा करती हों अपनी जान से ज्यादा ख्याल rakhungi...lekin तुम्हे भी मुझसे वडा करना होगा...

आशिक़ : कैसा वडा..

आरोही : जानती हों पिता जी ने तुम्हारे साथ बहुत गलत किया hai...tumhari जगह मई होती तो मई भी यही karti...lekin पिता जी को अपनी गलती का अहसास है... तुम्हारे लिए मैंने उनसे सालो बात नहीं की ...अब वो एक बड़ी बीमारी से जूझ रहे है ...उनका पश्चाताप देख मैंने उन्हें माफ़ कर दिया ..तुम भी कर दो प्लीज..

आरोही की बात सुनकर दोनों बही बहनो की आँखों से शोले निकलने लगे..

सना : बकवास बंद करो aarohi....janti भी हो मैंने अपना सब कुछ खोया है..


आरोही : जानती हों लेकिन वो मरने वाले है...

आशिक़ : माँ ने ये मुझे दी है और कहा है आपके बाप को मरे बिना अपना मुँह न दिखाऊं unhe..aashiq गन निकलकर टेबल पर रखते हुए बोलै..

आशिक़ : अब आपको फैसला करना है माँ या आपका वो हैवान baap...maa के अगेंस्ट जाओगी तो हमारा रिश्ता भी ख़त्म हो जायेगा..

आरोही : सिर्फ मेरे पिता जी इन्वॉल्व नहीं थे तुम्हारे परिवार को मरने me...aur भी बहुत से अफसर hai...mai तुम्हे उनकी लिस्ट ला दूंगी बदले में तुम पिता जी को माफ़ कर दो...

आशिक़ : ठीक है...

सना : पागल हो ये क्या कह रहे हो...

आशिक़ : अपनी बहन के लिए मई उन्हें माफ़ कर दूंगा..

आशिक़ की बात सुनकर आरोही उसे गले लगा लेती है...

आरोही : थैंक यू....

आशिक़ : कब देंगी आप लिस्ट...

आरोही : kal....thik है अब मई चलती हों..

दोनों से मिलकर आरोही बहार अति है फिर अपनी कार में जहाँ रोहित ड्राइविंग सीट पर बैठा होता है..

रोहित : क्या बात हुई...

रोहित के पूछने पर आरोही सब बता देती है...

रोहित : तो तुम सच में लिस्ट डौगी क्या तुम्हारे पिता बता देंगे अपने साथ जो के naam...Maan लो वो लिस्ट लेने के लिए माफ़ करने का नाटक कर रहा हो तो..

आरोही : I'm सूरे वो नाटक कर रहा hai...wo नहीं जनता मई स्पाई हों जो चहेरे से मन को पद लेती है...

रोहित : फिर क्या करोगी....

आरोही : लिस्ट dungi...lekin फूल पार्टी के मिनिस्टर्स ki...uske बाद अनुसुइया hi आशिक़ को मार degi...aur जब ये सलिल को पता चलेगा तो वो अनुसुइया को मार देगा...

रोहित : मेरी जान क्या प्लान बनाया है tumne...sar आगे करके रोहित आरोही को चूम लेता है..

टिंग टिंग....

आरोही : छोड़ो कॉल है..

आरोही : है मिश्री bolo..aarohi फ़ोन रइवे कर बोली.

मिश्री : पार्टी इस रेडी...

आरोही : I'm किंग..

ये क्या बकवास कर रहे थे tum...usne हमारे परिवार को ख़त्म किया बचो को भी नहीं छोड़ा ...आरोही के जाते hi सना गरजते हुए बोली..

आशिक़ : लिस्ट लेने के लिए नाटक किया pagal...sabse पहले उस मिश्रा का hi नंबर लगेगा..

आशिक़ की बात सुन उसकी बहन की जान में जान अति है...


शुरू में मुझे चालाकी , धोकेबाज़ी , छल ,कपट ,सब सिखाया gaya...sath में ये भी की मेरे जीवन का अब सिर्फ एक hi उद्देस्य है और वो है कंस्टीटूशन भारतीय सम्भिधान को बदलना..

महाराज कहते थे हमारे देश में भुकमरी इनजस्टिस कर्रप्शन रपे मर्डर ये सब कंस्टीटूशन की दें है ...शायद कही न कही ये सब सच भी था.

वक्त के साथ मुझे मार्शल आर्ट्स और हथियार चलने की ट्रेनिंग दी जाने लगी ...

उस समय में सिक्सटीन ईयर की थी जब पहली बार मेरा मुक़ाबला हुआ था..

एक खुनी लड़ाई में मैंने अपने अप्पोइंट आयी 6 लड़कीओ को बड़ी बेदर्दी से मार दिया tha...khun में नहायी हफ्ते हुए मई मिरर में खुद को देखने lagi.us दिन महाराज मुझसे खुश हुए..

वो उस दिन भी अँधेरे में hi थे.

महाराज : हम तुमसे खुश हुए सिया...

मई : धन्यवाद् महाराज..

महाराज : हम तुम्हे उपाधि देते है मैडम सिया ki...ab से तुम मेरी मैडम हो...

और दरवाजा खुला और एक औरत अंदर ayi...ye सुंदरी थी जिसने मुझे लोमड़ी की तरह चालक और एक हाई प्रोफाइल वैश्य बनाया था मई सिर्फ अकेली नहीं मेरे जैसी और भी बहुत सी लड़कियां थी..

सुंदरी : ये तुम्हारे liye...ek नोटों से भरा सूटकेस उसने मेरे पैरो के पास लेकर रख दिया..

महाराज : अब तुम अपने भाई का इलाज करा सकती हो...

मई : धन्यवाद् महाराज....

महाराज : तुम्हे तुम्हारा पहला काम दिया जाता है...

मई : जान भी हाजिर है महाराज...

महाराज : कल तुम पंडित कृष्णा मूर्ति नारायण के पास jaogi...aur उसके साथ तुम्हे रत गुज़ारनी hogi..yaad है न मैंने तुमसे क्या कहा था....

मई : ये जिस्म एक सुन्दर झूट है जिसे मिटटी होना है अपने धर्म के प्रति तन मन धन का वलिदान देना hi मुक्ति है..

महाराज : अब तुम वन गयी हो विष कन्या....

मई : महाराज मन में एक प्रश्न है पंडित कृष्ण मूर्ति नारयण तो बहुत अचे इंसान है उनके हजारो चाहने वाले है और वो पॉलिटिक्स में भी नहीं है फिर हमारा क्या लाभ हो सकता है unse...mai जाउंगी उनके पास परन्तु मई ये नहीं जानती मुझे उनसे प्राप्त क्या करना है.


महाराज : जितना कहा जाये उतना karo..beti ये टेस्ट है तुम्हारा.

मई : महाराज का आदेश hi मेरा धर्म है.

पैसे लेकर मई घर को चल दी..

आज मैंने 6 लोगो की जान ली thi...khud से घिन भी आ रही थी और एक खुसी भी thi..jitne की..

मन में दो सोंचे लिए मई घर में दाखिल Hui...Sona के रूम को देखा तो वो सो गयी थी...

कॉफी बना कर पिटे हुए मई सलिल को देखने आयी तो वो पतले ब्लैंकेट में लेते फ़ोन चला रहा tha...uska एक हाथ निचे था जो बहुत स्पीड से चल रहा था दूसरे हाथ से वो फ़ोन पकडे था..

ये सलिल का रोज का tha...Rolex को मैंने कभी ऐसा करते नहीं देखा था ये सलिल hi था लेकिन इसकी लत लगाने वाला सलिल को रोलेक्स hi था...

इस सब की शुरुआत सलिल के सिक्स स्टैण्डर्ड से हुई ...

तुमने आज फिर लड़ाई की ...मई तुम्हे देखूं या घर चलने के लिए काम Karu....mai सलिल पर गुस्सा करते हुए बोली..

आज वो अपनी क्लास के एक लड़के का सर फोड़कर आया था..

मुझे गुस्से में देख वो रोने लगा...

सलिल: दीदी सब इसने किया hai...yahi सबसे लड़ाई करता है और स्कूल में भी मुझे दन्त पड़ती है और आप भी दंति हो..

मई : मैंने कहा बहार aao...tumhe समझ में नहीं अत...


कैको टेंशन लेती है didi..wo सोना को गली दिया तो मैंने उसका सर फोड़ diya...wo बहार आकर बोलै..

मई : हर रोज हर रोज तुम लड़ाई करते हो और मार सलिल को पड़ती है...

रोलेक्स : तो इसमें मेरी गलती है मई ऐसा पैदा हुआ मई क्या करू.

बोलते हुए उसकी आंखे नाम हो gayi...wo बचपन से hi बहुत शातिर था स्टोन हेअरटेड बहुत काम hi वो रोटा था..

उसे रोटा देख मैंने पास आकर उसे खुद से चिपका लिया...

मई : शांत हो जाओ मेरी jaan..didi माँ अब आपको बिलकुल नहीं डाँटेगी...

रोलेक्स : तू कितनी प्यारी है दीदी गुलाब की tarah..wo मेरे गलो को दोनों हाथो से दबाते हुए बोलै..

मई : हैट बदमाश...

दीदी इसे मरोगी nahi...salil भर्राई आवाज में बोलै..

मई : तुम्हे hi चोट lagegi...rolex एक बात जान लो आज के बाद मई तुम्हे लड़ता हुआ न dekhun....mai काम करुँगी तुन सोना और सलिल का ख्याल रखोगे..

सलिल : मुझे इसकी जरुरत नहीं है.

रोलेक्स: मैंने कब कहा मुझे तेरी ज़रूरत है.

सलिल : निकलता क्यों नहीं मेरी बॉडी से.

चटकककक....

मई : चुप एक dam..salil...ek बात जान लो जितना हक़ तुम्हारा है इस शरीर पर उतना hi रोलेक्स kq..tum दोनों एक दूसरे की ताकत हो हमेशा साथ रहोगे..

नाराज़ होकर वो अपने रूम की तरफ भाग गया.

जब सलिल फोर्थ स्टैण्डर्ड में था तब पहली बार मई रोलेक्स से मिली थी...

aaaaaahh...didi मुझे आवाजे सुनाई दे रही hai...raat में मेरे पास आकर वो अपना सर पकड़ कर रोने लगा.

आप मेरी दीदी ho...mujhe एक अलग सा लहजा सुनाई Diya...mujhe लगा ये सलिल hi है जो आवाज बदल कर बात कर रहा है..

माँ ...माँ कहा है didi...wo घर में इधर उधर झांकते हुए बोलै..

मई : सलिल ये मज़ाक का टाइम नहीं है जाओ मुझे काम करना है..

सलिल : ये मई नहीं हों दीदी...

खंनननननन.....

मैंने कहा माँ कहा hai.....gusse में आकर वो चीज़ो को फेकने लगा..


salil...bhagti हुई मई उसके पास आयी..

chatakkkk...agle पल मैंने गुस्से में उसे हिट कर दिया..

मई : हालत वैसे भी ठीक नहीं है हमारे और तुम चीज़ो को फेक रहे ho...chup चाप जाकर सो जाओ सलिल..

मई सलिल नहीं हों..

सलिल : दीदी ये मई नहीं हों..

मई : सलिल मजाक की भी हद होती hai..mujhe लगा वो अब भी मजाक कर रहा है..

मैंने कहा माँ कहा है...

सलिल : दीदी ये माँ के बारे में पूछ रहा है...

मई : aaaahhhh...salil छोडो mujhe..maine कहा ..मेरे जवाब न देने पर उसने मेरे बाल पकड़ लिए..

सलिल : छोड़ दीदी ko...aaaahh..didi.

मेरा हाथ छोड़ bhoot...salil अपने हाथ से दूसरे हाथ को रोक रहा था.

बाल छूटे तो मई डरकर सलिल को देखने लगी...

मई : कोण हो तुम...

मेरा नाम ...मा मेरा नाम क्या hai..maaaa...

मई : माँ नहीं रही...

maaaaaaaaaa......chikh मर के सदमे से वो बेहोश हो गया..

अगले दिन मई उसे पंडित के पास मंदिर ले gayi..mujhe सलिल के साथ पेरानॉर्मल कुछ लग रहा था...

इस पर बहुत बड़े प्रेत का साया है...2 हजार रूपए बेटी दान पति में डालो मई इस पापी को अभी भगा देता hon..sadhu महाराज सलिल पर झाड़ू मरते हुए बोले..

उस समय मैंने बहुत मुश्किल से वो पैसे जमा किये थे उनके कहने पर पैसे मैंने उनकी पति में दाल दिए..


पैसे डालते hi वो मन्त्र पड़ने लगे..

hahahahaha....pandit को मंत्र पड़ते देख सलिल हसने लगा..

पंडित : डस्ट निकल जा इस बालक के शरीर से नहीं तो मई तुझे भस्म कर दूंगा...

पंडित मई कोई भूत नहीं hon...makkari बंद कर..

पंडित: ये तुम्हे बहकायेगा तुम इसकी बातों में मत आना..

मई : पंडित जी जल्दी करो घर पर मेरी बहन अकेली है.

सलिल : दीदी मुझे बदबू आ रही है इस पंडित के पास से..

मई : चुप चाप बैठे raho..wo सही था बदबू मुझे भी आ रही थी..

पंडित : ये अग्नि देव की रख है जिससे इस प्रेत आत्मा को कास्ट पहुंच रहा hai...ye इसे नहीं छू sakti..pandit अपना बचाव करते हुए बोले.

अगले hi पल सलिल ने रख उठा के पंडित के ऊपर फेक दी...

पंडित : तूने अग्नि देव की रख को छू लिया लड़की तेरे भाई में बहुत शक्ति सहली प्रेत आत्मा है...

मई कोई भूत नहीं hon..mai सलिल के साथ hi बड़ा हुआ hon..mai खुद को महसूस कर पा रहा hon...wo मेरा हाथ पकड़ते बोलै..

पंडित मेरी बहन के पैसे de...dubara तूने झाड़ू मरी तो मई ये जलती लकड़ी तेरे ऊपर दाल dunga..wo जल रहे हवन को देख बोलै..

पंडित : डस्ट ..निकल जा ...मैंने कहा निकल जा इसके शरीर se...ladki ये बहुत शक्तिशाली प्रेत hai...tumhe इसे लेकर मेरे गुरु के पास चलना होगा परन्तु थोड़ा खर्चा ayega...pure 10 हजार... aaaaaaaaa...pandit आगे कुछ कहता जैसा सलिल ने कहा उसने वैसा hi किया जलती लकड़ी उनसे पंडित के ऊपर दाल di...jisne पंडित के जिस्म से लगते hi आग पकड़ ली बालो की वजह से..

मई : कोई बचाओ पंडित जी ko...aur मैंने सलिल का हाथ पकड़ा भागने के लिए दौड़ लगा दी....

घर लेकर मैंने सलिल को मरने के लिए डंडा उठा लिया...

मई : ये क्या किया तुमने...

वो तुम्हे बेवक़ूफ़ बना के पैसे ऐंठ रहा tha..uska लालच बढ़ते देख मैंने उसे आग लगा दी..

chatakkkk...chatakkkkk...chatakkkk..

गुस्से में आकर मई बुरी तरह उसे मरने लगी...

मई : चुप एक डैम अब तूने मुझसे जवान लड़ाई तो मई तेरी खाल खींच lungi...us दिन मुझे माँ की बहुत याद आ रही थी काश वो होती तो इन दोनों को संभल leti...us समय मेरी भी कोई ज्यादा आगे नहीं थी लेकिन मई दिमागी रूप से जवान हो गयी थी..

सलिल : दीदी सब इसने Kiya...tumne मुझे mara..rote हुए सलिल भाग गया...

मई : salil...mai जा रही हों पैसे लेने सोना स्कूल ऐ ए तो उसे खाना खिला देना..

कहकर मई मां के पास ayi..mujhe दर था कही वो पंडित मर न गया हो..

मां जी का घर किसी महल की तरह था मई जब भी इसे देखती तो सोंचती ऐसा घर मई भी लुंगी अपने भाई बहनो के liye..unhe ऐसी hi ज़िन्दगी dungi..aur मेरा सपना मेरे मां जी hi सच कर सकते थे...

कैसे आयी हो anusuiya..mujhe घर देखता देख मां जी ने आवाज दी..

भैरव : पसंद आया अगर ऐसा घर चाहती हो तो तुम्हे बहुत म्हणत करनी पड़ेगी...

मई : मई सब कुछ करुँगी मां जी..

भैरव : आज अपनी ट्रेनिंग के लिए नहीं गयी...


मई: मां जी मैंने मिस सुंदरी को बता दिया था घर में थोड़ी प्रॉब्लम है.

भैरव : चलो बताओ कैसे आना हुआ.

मई : मां जी सलिल पर भूत का साया hai...mai उसे पंडित के पास ले gayi..fir मैंने उन्हें सब बता दिया..

मेरी बात सुनकर मां जी खिलखिला कर हसने लगे....

मई : मां जी मुझे थोड़े पैसे भी chahiye..uske इलाज के लिए.

भैरव : सुमित्रा 5 हजार लेकर अनुसुइया को दो...

कुछ देर बाद ममी पैसे लेकर आयी जिनके साथ उनकी बेटी और उनका बीटा था..

अनुसुइया दीदी ..मुझे देखते hi सुप्रिया भगति हुई मेरे पास आगयी..

मई : कैसी हो सुप्रिया.

सुप्रिया : मेरे साथ खेलो दीदी..

ये lo..paise लेकर ममी ने मुझे पकड़ा दिए..

मई : सुप्रिया कल आउंगी फिर हम दोनों खेलेंगे अभी मुझे जाना है..

भैरव : बची का मन है अभी anusuiya..ek बात जान लो जितना तुम महाराज के हुक्म मैंने की पवंद हो उतना hi मेरा...

मई : जी मां ji..chalo आओ सुप्रिया खेले...

अगले दिन मई सलिल को हॉस्पिटल लेकर गयी..

मैंने डॉक्टर्स को सलिल की कंडीशन के बारे में बताया तो उन्होंने मुझे दूसरे डॉक्टर के पास भेज दिया...

दूसरे डॉक्टर के पास आकर मई उन्हें सलिल के बारे में बताने लगी...

डॉक्टर : देखना पड़ेगा ये स्प्लिट पर्सनालिटी का केस है या कुछ और...

सलिल को बिठा के वो उससे नार्मल सवाल करने लगे..

डॉक्टर : अभी कहा है वो क्या अभी आ सकता है वो..

सलिल : जी ...भूत बहार आओ डॉक्टर साहब से बात करो..

कितनी बार कहु गधे मई भूत नहीं hon..ye लहजा सलिल का नहीं था.

सलिल : तूने मुझे गधा बोलै तू भूत है..

डॉक्टर : शांत हो jao..na तुम गधे हो न तुम भूत हो.. इसलिए अब बताओ तुम कोण हो..

क्यों जानना है मेरे बारे में...

डॉक्टर : मई तुम्हारी हेल्प कर सकता हों..

मई सलिल नहीं हों लेकिन मई सलिल को बचपन से देखता आ रहा hon..maine सलिल को माँ का दूध पिटे देखा माँ द्वारा सलिल को खिलते देखा ..माँ मुझे लोरी गए कर सुलाती थी ...जो इसके लिए थी ...और जब मई बहार आया तो माँ चल बसी..

डॉक्टर : तो तुम पहले क्यों नहीं ए..

पहले मई छोटा था मई इसके दिमाग पर कण्ट्रोल नहीं कर पता tha...nahi इसका दिमाग nahi...ye बॉडी मेरी है दिमाग इसका अलग hai...ha ये दूसरा hai...agar ऐसा है तो mujhe...nahiiiiii

डॉक्टर : शांत हो जाओ...

डॉक्टर के कहने पर जब वो नहीं ृक्तता तो मई जाती हों...

माआआआ....

मई : शांत हो जाओ मई पास में hi hon...ssssshhh....gale से लगा कर मई उसे चुप करने लगी...

दीदी maaa...ye शरीर मेरा नहीं hai...wo पहली बार था जब उसने मुझे दीदी माँ बुलाया tha...uske वो शब्द मेरे दिल पर ऐसे असर किये मन में आया उससे वो बार बार सुनती रहो और अपना सब कुछ उस पर न्योछाबर कर don...mai नहीं जानती थी वो साया था या सलिल की hi स्प्लिट पर्सनालिटी लेकिन जो भी था मेरे दिल में वो घर कर गया था..

मई : sasshhh..Mera शरीर hi तुम्हारा शरीर hai...tum मेरे शरीर में ाजाओ...

सलिल का शरीर नहीं दे सकती मुझे aap..wo चीखा....

डॉक्टर : शांत हो जाओ तुम्हे सलिल का hi शरीर मिल जायेगा ...लेकिन मुझे देखना होगा तुम दोनों में कोण असली है...

डॉक्टर की बात सुनकर उसने सर हिलाया...

डॉक्टर : मुझे इसे हिप्नोतिजे करना hoga..tumhe इससे कोई प्रॉब्लम तो नहीं..

मई: जो आपको सही लगे करो लेकिन मेरे भाई को कोई तकलीफ न हो..

डॉक्टर ने सर हिलाया और सलिल को एक स्लीपिंग चेयर पर लिटा दिया..

डॉक्टर : अब अपनी आंखे बंद कर lo...ab तुम्हारे कानो में एक धुनि गूंजेगी बस उसे ध्यान से सुन्ना...

khannn...khannn...aur डॉक्टर ने हथोड़े से किसी ताम्बे की धातु को pita...jiski आवाज सुनने में मनो ऐसी थी जैसे और कुछ सुनाई न दिया हो..

डॉक्टर : सलिल अब तुम कैसा महसूस कर रहे हो...

मुझसे 7 कदम की दूरी पर आप बैठे हो और 10 कदम की दूरी पर दीदी कड़ी hai...apke सामने दिवार पर आपकी डिग्रीस की फोटो लगी hai...apki डेस्क पर छोटी सी मिर्रोर बॉल राखी hai..sath में कुछ फाइल्स जिन्हे आप खोलकर नहीं देखते जो सिर्फ लोगो को इम्प्रेस करने के लिए है...

डॉक्टर : मुझे सलिल से बात करनी hai...tum उसकी स्प्लिट पर्सनालिटी ho...tumhara कोई वजूद नहीं...

सच में doctor..aur वो आंखे खोलकर खड़ा हो गया....

गुस्से में डॉक्टर को घूरते हुए वो रूम में राखी चीज़ो को देखने लगा...

फिर जो मैंने देखा वो नामुमकिन था...

रूम की सभी चीज़े हिलने लगी थी...

khnnnnnn...khaarrrree.... चट्ट्ट्ट...

सामान के साथ दिवार से डॉक्टर की पेंटिंग हिलते हुए टूट कर गिरने लगी....

डॉक्टर : सलिल वापस ajao...salil...maine कहा वापस ajao..jago...salil...ye असली नहीं तुम असली हो...

मई असली hon.....uske गुस्से में देखने से दिवार से कील निकल कर डॉक्टर की तरफ बढ़ने लगी...

nahiiiiiii...bhagkar मई डॉक्टर के सामने आकर कड़ी हो गयी....

जब चीज़े हिलना बंद हुई तो मैंने आंखे खोली..

khannnnn....meri आँखों के सामने से कील निचे जाकर गिर गयी....

उस समय मेरी धड़कने रुकने को हो रही थी..

मई : डॉक्टर ये सच में भूत है...

डॉक्टर: इसे शांत करो...

मई: शांत हो जाओ... प्लीज..

दीदी इस डॉक्टर ने कहा ये मेरा शरीर नहीं है....

मई : अब नहीं कहेंगे तुम शांत हो jao...mujhe उसके पास जाने से भी अब दर लग रहा था..

डॉक्टर : अनु तुम इसके दिमाग का क्ष रे कराओ abhi...mai डॉक्टर को स्पेशल कॉल कर देता hon..jald से जल्द रिपोर्ट लेकर आओ.

मई : ठीक है डॉक्टर..

उसे लिए मई क्ष रे रूम में aayi...fir क्ष रे की रिपोर्ट लेकर वापस से डॉक्टर के पास आयी...

रिपोर्ट लेकर डॉक्टर देखने लगे...

रिपोर्ट देखते हुए डॉक्टर के चहेरे के रंग उड़ गए थे...

मई : क्या बात है doctor...kya है रिपोर्ट me..mere सवाल से वो सलिल को देखने लगे...

फिर पानी निकल कर पिने लगे..

डॉक्टर : बीटा तुम बहार jao...mai आपकी दीदी से कुछ प्राइवेट बात करूँगा..

मई : जाओ ..

मेरे गुस्सा करने पर वो उठकर चला गया.

मई : क्या बात है डॉक्टर क्या सच में ये साया hai...chizo को हिलता देख मुझे पूरा यकीं हो गया था ये भूत का चक्कर है...

डॉक्टर: लाखो लोगो में कोई एक hi ऐसा रेयर केस देखने को मिलता hai...tumhara भाई में डबल पर्सनालिटी नहीं है बल्कि डबल दिमाग hai..ek सलिल का और दूसरा है उसका जो हिप्नोतिजे नहीं हुआ...

मई : मतलब डॉक्टर..

डॉक्टर: मतलब एक बॉडी दो dimag...tumhare भाई जुड़वाँ है उसके सर में दो मंद है एक उसका अपना दूसरा ये जिससे हम अभी मिले...

मई : तो हमें पहले क्यों पता नहीं चला और ये चीज़े बिना छुए कैसे हिल रही थी...

डॉक्टर : वो अपने आप को ग्रो कर रहा था वो सीख रहा tha..grow होते hi उसने सलिल के शरीर पर कब्ज़ा करना शुरू कर diya...lekin मई अभी का नहीं आगे का सोंचकर परेशां hon...jise तुम साया कह रही हो असल में ये साइंस hai...duniya का सबसे तेज दिमाग एव सीना , नेव्तोन ,गैलेलिओ ये दुनिया के सबसे तेज दिमाग hai...aur जानती हो इन्होने अपने दिमाग का पुरे 14% hi उसे किया hai...aur एक आवारगी आम इंसान 4 से 5% hi अपना दिमाग उसे कर पता hai...aur जानती तुम्हारा भाई 25% उसे कर रहा है abhi....isne ये चीज़े अपने दिमाग से hi तो हिलाई hai...ye कोई साया nahi...ab सोंचो जैसे जैसे ये बड़ा होगा वैसे वैसे ये कितना खतरनाक होगा दुनिया के लिए भी और सबसे बढ़कर सलिल के liye...aesa भी हो सकता है ये सलिल की बॉडी पर पूरी तरह कब्ज़ा कर le....agar ऐसा हुआ तो सलिल मर जायेगा...

मई : डॉक्टर ये ठीक नहीं हो sakta..maine डरते हुए पूछा.

डॉक्टर: डरो मत ...इसकी गुड साइड भी hai...iska इलाज अगर कोई वाकई में है तो वो हो tum..wo सिर्फ तुम्हारी सुनता hai...tumhara प्यार hi इसे ाचा बुरा बना सकता hai..jisse ये दुनिया फायदा भी उठा सकती है तुम चाहो तो इसे साइंटिस्ट बना do..to दुनिया को बहुत फायदा hoga..aur अगर चाहती हो इसे ख़त्म करना तो दो रस्ते hai..ek रास्ता है जड़ से ख़तम करना ..जो है सलिल के दिमाग का ऑपरेशन कर उसके एक्स्ट्रा दिमाग को निकल कर कुचल dena...isme खतरा है सलिल की जान भी जा सकती hai...dusra है इसे काबू में रखना इसे सुला सकते है लेकिन ऐसे डॉक्टर इंडिया में शायद hi मिले उसके लिए तुम्हे फॉरेन जाना hoga...agar खर्चा कर सकती हो तो बताओ..

डॉक्टर की बात सुनकर मई उन्हें अपने हालत बताने लगी..

डॉक्टर : चिंता मत karo....tum जितना हो सके इससे प्यार से पेश ana...tum इसे शांत रख लोगी..

डॉक्टर की बात सुनकर मई सलिल को लेकर घर चली आयी...

मैंने मन में फैसला कर लिया था मई अपने दोनों भइओ को पलुनगी....

ये बात भी साफ़ हो गयी थी सलिल के साथ मेरा एक और भाई पैदा हुआ है जिसका सिर्फ दिमाग hi ग्रो हुआ सलिल दो दिमागों के साथ पैदा हुआ था एक वो था एक मेरा दूसरा भाई...

कुदरत ने उसे शरीर नहीं दिया था लेकिन उसे किसी चीज़ से बंचित भी नहीं रखा था...

एक दिन एक शॉप पर जब मई उसे सामान दिलाने लायी तब एक वाच पर उसे रोलेक्स नाम दिखा..

मुझे ये वाली घडी चाहिए..

मई : कितने की है..

शॉपकीपर : तीन लाख की..

मई : कोई दूसरी पसंद कर लो...

घडी तो मैंने उसे नहीं दिलाई लेकिन उसने अपना नाम रख liya...Rolex..

रोलेक्स : दीदी माँ अपने मेरा नाम नहीं रखा इसलिए मैंने खुद रख लिया अपना naam...ab से आप मुझे बुलाओगी रोलेक्स..

मई : सॉरी मई तुम्हारा नाम नहीं रख पायी..

रोलेक्स : अपने मुझे कभी अपना समझा hi नहीं...

मई : ऐसी बात नहीं है मई तुम्हे बहुत चाहती हों...

रोलेक्स : jhut...aur वो शॉप से निकलकर भाग गया...

डॉक्टर से मिले 2 साले हो गयी थी जब सलिल को गन्दी फिल्मो की लत lagi....aur इसका कारन था रोलेक्स...

दोनों में इतनी लड़ाई होती जिसकी कोई सिमा nahi...dono एक दूसरे के कट्टर दुश्मन बन गए थे दोनों hi एक दूसरे को चोट पहुंचने की फ़िराक में रहते थे...

उस दिन वो स्कूल में स्तैर पर बैठा लोल्लिपोप चूस रहा tha...ab सलिल सिक्स स्टैण्डर्ड में आगया था..

कैसा है salil..uska दोस्त संभु जिसका असली नाम श्याम था आकर bola..salil उसे संभु बुलाता था..

सलिल : हैट.. लॉलीपॉप चूसते हुए सलिल ने उसे दुत्कार दिया...

श्याम : लॉलीपॉप देगा तो मई तुझे फिल्म dikhaunga...wo मोबाइल दिखते हुए बोलै..

सलिल : तेरे पास कहा से आया.

रोलेक्स : चोरी करके लाया होगा ..

सलिल : तू मुँह बंद रख कुत्ते..

श्याम : किस्से बात कर रहा है..

रोलेक्स : कुत्ता तू है कुत्ते की hi तरह लॉलीपॉप चूस रहा है..

सलिल : तू hai..didi तो तुझे प्यार भी नहीं karti...aaaaaa...chhod हरामी....

रोलेक्स जब गुस्सा होता तो वो सलिल के कौन्सियस मंद को कण्ट्रोल कर उसे दिमागी झटके देता... जिससे सलिल की हालत पतली हो jati...aur उसका कण्ट्रोल बॉडी पर से हैट jata..ye ऐसा था जैसे हैक karna..fir दूसरे की बॉडी को अपने हिसाब से रन करना..

रोलेक्स : कोनसी पिक्चर है .

बदले में श्याम हाथ से गन्दा िश्रा कर देता है....

रोलेक्स : ये कैसी होती है..

श्याम : स्कूल से बहार चल दिखता हों...

श्याम ने अपने एक और दोस्त को लिया और तीनो स्कूल से बहार ए....

बहार आकर तीनो एक खली जगह पर बैठकर प्रो देखने लगे..

वो पहली बार था जब सलिल रोलेक्स ने गन्दी फिल्मो को देखा था...

रोलेक्स : तू dekhega..aur उसने सलिल पर से अपना कण्ट्रोल छोड़ दिया...

प्रो देखते हुए श्याम ने अपना लैंड बहार निकल लिया और दोनों दोस्तों के सामने वो उसे हिलने लगा...

इसका सलिल पर बहुत गहरा असर पड़ा था..

तीसरा दोस्त : संभु अब चले रेससेस

ख़तम होने वाला है.

श्याम : aaaahh...bas हो गया...

वो पहली बार था जब सलिल ने स्पर्म निकलते देखा था..

सलिल : तुझे ये मोबाइल कैसे मिला..

श्याम : वो मेरी बहन के लवर se...wo मेरी बहन मोनी को छोड़ता है बदले में उसने मुझे फ़ोन दिया चलने के लिए...

उस दिन से सलिल पर भूत सवार हो गया था....

स्कूल से आकर वो खाना कर करवाते बदलने लगा..

जब उससे नहीं रहा गया तो वो वाशरूम में आया और श्याम की तरह हंदपराफतिके करने लगा...

जब पहली बार सलिल का निकला तो उसे बहुत आनंद आया साथ में गिल्ट भी हुआ उसे..

रोलेक्स : ये तूने क्या किया..

सलिल : जा ना काम कर अपना..

रोलेक्स : आज के बाद तू गन्दी फिल्मे नहीं देखेगा..

सलिल : हां ठीक है ..तूने देखा उसका कितना बड़ा था कला sa..aur वो कितनी खूबसूरत औरत थी दीदी की तरह...

रोलेक्स : harami....tu दीदी को उस रंडी से कपड़े कर रहा hai..aane दे दीदी को ..


उसी दिन स्कूल में जो हुआ सब रोलेक्स ने सलिल की डेरी पर लिख diya....dono के बिच आपसी बात को जानने के लिए मैंने hi दोनों को डेरी पर अपने रोज़ की बातें लिखने के लिए प्रेरित किया था...

अगले दिन..

मुझे मोबाइल chahiye...salil ब्रेकफास्ट करते हुए बोलै..

मई : अभी हमारे हालत ठीक नहीं है थोड़े दिन रुक जाओ..

रोलेक्स : मुझे किताबे चाहिए और कुछ मार्शल आर्ट्स का सामान जैसे पंचिंग बैग ..किक stick..judo प्रैक्टिस वुड्स etc..usne मुझे बहुत सा सामान गिनाया.

दोनों का लहजा अलग था मई आसानी से पहचान लेती थी कोण सलिल है कोण रोलेक्स .

सोना : मुझे साइकिल चाहिए..

रोलेक्स : हाय मेरी jaan...aur उसने सोना को अपनी गोदी में बिठा liya...Sona को वो दोनों hi बहुत चाहते थे..

सलिल : मुझे मोबाइल नहीं दिया तो मई स्कूल नहीं जाऊंगा..

मई : चुप चाप खाना Khao...maa पापा मुझे दौलत छोड़ कर नहीं दे गए..

सलिल : मां को तुमने भगाया वो मुझे सब कुछ देती thi...wo चीखा..

मेरे नाना फूल पार्टी के एक अहम् सदस्य they...maharaj ने बताया था महाराज उस समय जवान थे जब उन्हें महाराज की उपाधि मिली thi...mere नाना प्राइम मिनिस्टर बनने वाले थे लेकिन उनसे अपनों ने गद्दारी की वो थी मेरी मसि लक्समी जो सामंथा बन गयी थी..

जब बात मुझे पता चली तो मुझे नफरत हो गयी अपनी मासी से....

मां जी ने भी बताया था मसि ने एक क्रिस्चियन के साथ मिलकर गद्दारी की थी जिस कारन नाना जी मुँह दिखने के लायक नहीं rahe...us समय ये केस बहुत मीडिया में उछला tha...masa की फॅमिली पंजा पार्टी को सपोर्ट करती थी उनके घर के कई लोग पंजा पार्टी में they...fir भी मासी ने सब जानते हुए अपना धर्म परिवर्तन किया और नाना जी की रेपुटेशन को मिटटी में मिला दिया..

मई : आप यहाँ मत आया करो मई अपने भाई बहनो का ख्याल खुद रख लुंगी..

सामंथा : मई बस तुम्हे देखने आयी थी बेटी तुम भी तो मेरे लिए मेरे बचो की hi तरह हो मेरी बहन का हिस्सा...

मई : ये प्यार का दिखावा मत karo..gaddar aurat...meri माँ के साथ तुम्हारा मेरा रिश्ता भी ख़त्म हुआ जो अपने बाप की न हुई वो मेरी क्या होगी...

सामंथा : ये साडी बातें तुमसे किसने कही...

मई : किसी ने भी कही हो..

सामंथा : bhairav...wo हरामी तुम्हारे दिमाग में गंदगी भर रहा hai...janti हो वो तुम्हारा सागा मां नहीं है ..प्रकाश है तुम्हारे सेज मां जिन्हे गायब कर दिया गया...

प्रकाश मेरे mama...mai सोंच में पद गयी....

मई : तुम मुझे मत बात बताओ क्या सही क्या galat..niklo मेरे घर se....gaddar के लिए मेरे घर में कोई जगह nahi...maine हाथ पकड़ कर मासी को घर से निकल दिया...

सामंथा : मेरी बात तो सुनो...

maasi....itne में सोना और सलिल स्कूल से agaye...akar दोनों मासी से लिपट गए..

मैंने आँखों से उन्हें निकलने का इशारा किया...

बैठकर वो दोनों को प्यार करने लगी..

मासी की शकल माँ से मिलती थी जिस कारन रोलेक्स उन्हें मां बुलाता था उसे देख सलिल ने भी मां कहना शुरू कर दिया...

मई : जाओ यहाँ से मेरे भाई बहनो को छोडो..

सामंथा : ठीक है बचो मई जा रही hon...ye तुम दोनों के liye...unhone दोनों को पैसे दिए और फिर सिसकते हुए आगे बढ़ गयी....

मई : ठीक है आज रात ले आउंगी अब मुँह बंद कर lo...wo कोई अछि औरत नहीं है...

मैंने तीनो भाई बहनो के दिमाग में ये बात दाल दी थी की मासी अछि औरत नहीं है लेकिन मासी का प्यार मेरी डाली नफरत पर हावी hi रहा..

मसि के अगले दिन मैंने मां जी से अपने सेज मां के बारे में पूछा तब उन्होंने बताया वो भी गद्दार hi था...

उन्होंने नाना जी के विरोध जाकर मासी की हेल्प की thi....jis कारन नाना जी नाराज़ हुए और वो डरकर घर छोड़ कर चले गए...

मैंने किसी तरह पुराण एंड्राइड चिनेसे मोबाइल सलिल को लेकर दिया....

दो हफ्ते बाद मुझे डेरी पढ़ने को mili...fir मुझे अपनी गलती का अहसास hua...dairy के पेज फाड़ दिए मैंने कही सोना न पढ़ ले..

मैंने बहुत कोशिश की फ़ोन लेने की लेकिन फ़ोन छीनने पर सलिल नाराज़ हो गया खाना छोड़ deta...do दो दिन भूका रहता....

मई भी पोर्न एडिक्ट थी मई जानती थी इसकी लात छूटने वाली नहीं hai...harkar मैंने फ़ोन उसे दे दिया....

मई उसे गाइड करने लगी और सेक्स एजुकेशन देने lagi...Bina गंदे वर्ड उसे kiye....maine अपनी दोस्तों की हेल्प ली isme...wo सलिल को फ़ोन के साइड इफेक्ट्स बताती लेकिन सलिल पर कोई फायदा नहीं हुआ...

वही रोलेक्स सलिल से बिलकुल उलट था जिस तरह सलिल अपनी एनर्जी हाथो से जाया करता रोलेक्स गयम और स्टडी से उसे भर deta...lekin इतनी नहीं....

वो अँधेरे उठते hi पार्क में चला jata..wahi उसने अपनी मार्शल आर्ट्स का सामान भी सेट कर लिया था जहाँ वो फ़ोन में देख प्रैक्टिस करता ...उसे इस तरह करते देख मैंने एक टीचर लगा दिया जो उसे और ट्रेनिंग में हेल्प karta..ittefak से टीचर हमारी hi सोसाइटी के थे..

सलिल : नाली के कीड़े तूने मेरे जिस्म की वाट लगा di...pura जिस्म दुःख रहा है..

रोलेक्स की प्रैक्टिस सलिल पर भरी पड़ती thi...dard से उसका हल बेहाल हो जाता था.

रोलेक्स : तू भी तो सेल रोज़ अपना हिलता है वो भी वाशरूम में अब बता गन्दी नाली का कीड़ा कोण हुआ...

सलिल : तू hua..ye जिस्म मेरा है हरामी तू भूत बनकर मेरे ऊपर सवार हो गया.

रोलेक्स : गन्दी नाली के कीड़े..

सलिल : aaaaahhhh...harami तू है....

गुस्से में रोलेक्स उसे दिमागी झटके देने लगा....

मई : salil....tumhe गली किसने सिखाई...

सलिल : दीदी इसने ...ये मुझे झटके दे रहा है...

रोलेक्स : ये हरामी झूट बोल रहा hai...aaaaa..

सलिल : आआआ .... didi....aaaaaaa....

गुस्से में चीखते हुए रोलेक्स सलिल को झटके देने laga...aur सलिल दर्द में बुरी तरह तड़पने लाना..

मई : रोलेक्स रुक जाओ वर्ण मुझसे बुरा कोई नहीं होगा...

रोलेक्स : गन्दी फिल्मे देखकर गली ये सीखा है और इल्जाम मुझ पर लगा रहा है .

सलिल : बहनचोद jhute....aaaaa......gusse में सलिल अपने दायी तरफ का हिस्सा दिवार से मरने लगा...

रोलेक्स : aaaahhh...ruk जा इससे तेरा सर फैट jayega...salil के इस तरह करने से रोलेक्स के भी चोट लगती थी...

सलिल : aaaaaaaa...didi....bachaoo....aaaaa..salil को दर्द देने से रोकने के लिए रोलेक्स ने उसके मंद को hi कण्ट्रोल कर liya..aur उसे दिवार से दूर फेक diya...fir वो दिवार में सलिल के हाथ पेअर मार उसे जख्मी करने लगा..

इतनी देर में मई डंडा ले आयी...

मई : रुक jao...dono जानवर बन गए ho....aur मैंने डंडा सलिल के चुत्रो पर दे मारा...

रोलेक्स : आआआहहह...

सलिल : आअह्ह्ह्ह didi....ye मुझे लग रही है....

मई खुद अपना सर पकड़ कर बैठ गयी और सोंचने लगी किसे मरू...

सलिल : दीदी इसने बहुत मारा मुझे...

मई : Rolex....mai सोना को लेकर चली जाउंगी....

दोनों को देख मई फुट फुट कर रोने लगी...

मई : तुम दोनों ऐसे लाडे तो मई अपनी जान दे दूंगी किसी din....mai क्या क्या करू तुम्हे सम्हालू अपनी स्टडी करू काम करू सोना को sambhalu..kya करू मई..

रोलेक्स : दीदी maa....aesa मत kaho...usne इतने प्यार से बुलाया की रट हुए मेरे चहेरे पर मुस्कान फ़ैल गयी .

सलिल : दीदी साडी इसकी गलती है ...तुम मुझे छोड़कर मत जाना ..

मई : स्सश्ह चुप हो जाओ दोनों ...तुम दोनों एक दूसरे के भाई ho...ek दूसरे की ताकत तुम दोनों अलग ho...bhai क्या आपस में इसी तरह लड़ते है...

रोलेक्स : दीदी माँ ये मुझे भूत कहता hai...kehta है ये शरीर मेरा नहीं...

सलिल : दीदी माँ ये मुझे झटके देता और मुझे मरता hai...Rolex को दीदी माँ कहता देख सलिल भी उसकी नक़ल करने laga...wo समझ गया था रोलेक्स के ऐसा कहने से मई पिघल जाती हों..

मई : छुपा दोनों ...वडा करो आज के बाद तुम आपस में नहीं ladoge..pyar से rahoge...Rolex सलिल तुम्हारा बड़ा भाई hai...bade भाई को कोई मरता है ..आज तुम सलिल को मार रहे हो कल मुझे मरोगे...

रोलेक्स : कभी नहीं दीदी maa....mai मर जाऊंगा लेकिन आपको कभी नहीं मरूंगा...

मई : वडा करो आज के बाद कभी सलिल को हर्ट नहीं karoge...aur सलिल तुम अपने छोटे भाई से माफ़ी मानगो अभी...

दोनों को खामोश देख मैंने फिर कहा..

मई : अगर ऐसा नहीं करोगे तो मई अपनी जान दे दूंगी....

रोलेक्स : वडा दीदी अब कभी हर्ट नहीं करूँगा...

सलिल : मुझे माफ़ कर दो...

रोलेक्स : किया माफ़ ....

मई : मेरे प्यारे Bhai...aur मैंने उसे साइन से लगा लिया...

मई : रोलेक्स सलिल कमज़ोर है अब से तुम सलिल के प्रोटेक्टर हो..

रोलेक्स : ठीक है दीदी....

उन दोनों की आपस की लड़ाई ख़त्म हुई तो उन्होंने बहार लड़ना शुरू कर दिया....


मई : ये तुम्हारी 39 वी लड़ाई है...

रोलेक्स : दीदी मई नहीं रहा तो ये मर जायेगा....

उसकी बात सही thi....salil डरपोक था प्रो ने उसे दिमागी तौर पर ख़त्म कर दिया था न तो वो पड़े में ाचा था न किसी और बात में वही रोलेक्स जीनियस बनकर उभरा....

उस दिन मुझे शॉक लगा..

मई : तुमने ये 360 पेजेज की किताब 6 दिनों में याद कर ली..

रोलेक्स : है दीदी माँ मई एक बार जो पढ़ लोन मई नहीं भूलता..

मई : तब से सलिल बहार नहीं आया...

रोलेक्स : नहीं दीदी माँ....

मई : कण्ट्रोल छोड़ो उस पर से...

रोलेक्स : कण्ट्रोल छोड़ो उस पर से...

एते hi सलिल चीज़ो को देखने लगा...

और मुझे डॉक्टर की बातें याद आने लगी...

डॉक्टर : अगर इसने अपने दिमाग को इससे ज्यादा उसे किया तो सलिल मर जायेगा..

सलिल : आह दीदी दर्द हो रहा hai....pass आकर मई उसका सर सहलाने लगी...

मई : तुम्हारी प्रैक्टिस बंद कल मई ये साडी किताबे बेच dungi...sun रहे हो तुम..

रोलेक्स : क्यों दीदी...


मई : कोई सवाल नहीं....

रोलेक्स : ये तो गधा है पड़ता भी नहीं ठीक से...

सलिल : दीदी मुझे कुछ याद नहीं आ रहा...

मई : तुमने क्या किया है इसके साथ...

रोलेक्स : इसकी यादें कौन्सियस मंद से निकलकर सुब कौन्सियस में पहुंच गयी hai...mai अभी ठीक करता हों...

सलिल : दीदी मई आपको भूलना नहीं चाहता...

वो रट हुए मेरे गले लग गया...

मुझे रोलेक्स पसंद था लेकिन सलिल से ज्यादा नहीं...

मई : याद आया sab....salil ने सर हिला दिया....

मई : तुम चाहते क्या हो akhir...tumne मुझसे वडा किया था...

रोलेक्स : सॉरी दीदी माँ आज के बाद ऐसा नहीं करूँगा....

मई : मैंने तुम्हे सलिल को प्रोटेक्ट करने के लिए कहा और तुम मर रहे हो use...wo मर गया तो तुम भी मर जाओगे समझ रहे हो तुम....

उदास होकर उसने सर निचे कर लिया...

मई : भूल गए मैंने क्या कहा था.. तुमने अपनी दीदी माँ से किया वडा तोड़ दिया....

रोलेक्स : दीदी मई भाई से प्यार करता हों भाई को कुछ नहीं होने दूंगा...

सलिल मन में: हरामी साला नाली का qida...meri ज़िन्दगी बर्बाद करके रख दी है सेल ने..

रोलेक्स : भाई ने मुझे हरामी कहा और नाली का कीड़ा भी...

मई : झूट मत बोलो सलिल बोलै भी नहीं अभी...

अचानक से सलिल की आंखे ऊपर को चढ़ gayi...aur वो शॉक में मुझे देखने लगा...

सलिल : तुम मेरा मंद पद रहे थे...

रोलेक्स : ये मुझसे नफरत करता है दीदी...

मई : चुप जाओ Rolex...salil क्या ये सच है...

सलिल : I'm सॉरी Bhai....dil se...gussa हों लेकिन नफरत नहीं ..

मई : तुम दोनों एक दूसरे का ख्याल rakhoge...agli साल मई तुम्हारा इलाज karaungi...tum टेंथ में भी ाजाओगे..

रोलेक्स : मुझे मर डौगी .

मई : कभी नहीं....

खाना बन गया hai...Sona अंदर एते हुए boli...fir आकर सलिल के कंधो पर आकर बैठ गयी...

रोलेक्स : तुम्हे कोण पसंद .

सोना : रोलेक्स भाई....

मई: जय सोना खाना निकालो हम आ रहे hai...salil को बुरा न लगे इसलिए मैंने उसे भेज दिया...

मई :चलो आओ खाना खा लो अब...

दोनों को लेकर मई दिंनिंग पर बैठ गयी..

मई : मई खा कर चली जाउंगी तुम दोनों अब सोना के आर्डर मानोगे..

सोना : मुझे अपने हाथो से खिलाओ it's माय आर्डर...

मई : भुक्कड़ मई कितनी सीरियस हों और तुम्हे प्यार सूझ रहा है...

रोलेक्स : मेरी गोदी में आकर बैठ जाओ..

सोना : छी भाई मुझे छूटा hai...aese hi खिलाओ...

मई : रोलेक्स...

सलिल : झूटी तेरा मुँह तोड़ दूंगा मई...

मैंने उस समय तो कुछ नहीं कहा लेकिन मई नज़र रखने लगी...

एक दिन मई नाहा रही थी तब मैंने किसी को झांकते हुए देखा..

मई : कोण hai...Sona तुम ho...salil....rolex..

रोलेक्स : है दीदी ये आपको नहाते हुए देख रहा था...

सलिल : कुत्ते झूट बोल रहा है तू...

मेरा भाई था मई क्या कहती usse...maine होल बंद करा लिया वाशरूम का और रोलेक्स को गाइड किया..

मई : रोलेक्स सलिल को कण्ट्रोल कर लो...

रोलेक्स : लेकिन दीदी अपने तो..

मई : थोड़ी देर के लिए...

रोलेक्स : है दीदी...

मई : तुम सलिल को ाचा इंसान banao...wo प्रो देख के परवर्ट बन गया hai...jante हो गन्दी फिल्मे गन्दी स्टोरीज ने उसकी एचइओ को खा लिया है ..तुम उसके जमीर को ज़िंदा रख रखो... please...hamare पापा बहुत अचे इंसान थे मई सलिल में उन्ही को देखना चाहती hon...tum अछि सोंचे उसके दिमाग में डालो...

रोलेक्स : मेरा दोस्त करता है...

मई : कोण..

रोलेक्स : दीदी याद है एक बार मई पुरे दिन के लिए गायब हो गया tha...asal में मई घर छोड़ कर चला गया tha...tab मुझे ट्रैन में वो Mila...jhamela...uske परिवार को किसी ने मार Diya...mai उसे यहाँ ले aya...ab वो होटल में काम करता है...

मई : वो जनता है तुम दो हो...

रोलेक्स : है दीदी...

उसकी बात सुनकर मई सोंच में पद गयी...

मई दूर से hi आशिक़ पर नजर रखने lagi...waki का काम सलिल की डेरी ने कर दिया..

बहन भाई की अमानत है बहन पर गन्दी नजर नहीं dalna...ab मई झमेला को कैसे bataun...mai अपनी हवस के हाथो मजबूर हो जाता हों..

सलिल की डेरी पद मुझे अहसास हो गया झमेला ाचा इंसान hai...baz टाइम सलिल उसके लिए खाना छुपकर ले जाता था ये देख मई भी कभी कभी टिफ़िन उसे दे दिया करती thi...uske अंदर अपनी फॅमिली के लिए प्यार देख मैंने उसे अपना भाई बना लिया और उसे सीखा भी दिया की सलिल के सामने ये जाहिर करे की मई उसे पसंद नहीं करती ....

कॉफी पिटे हुए जब तक सलिल का हाथ रुक नहीं गया मई उसे देखती रही...

सलिल : क्या किया तूने ye...chii..tu नहीं sudhrega...rolex ने तुझे कितना समझाया झमेला कितनी तेरी फ़िक्र करता hai..wo खुद से बातें कर रहा था अब उसे गिल्ट हो रहा था अपने किये पर..


ये देख कर मुझे ाचा लगा की बुराई के लिए उसके दिल में गिल्ट तो है..

खो kho...khasti हुई मई उसके रूम में घुस गयी...

मई : सो Gaye....usne कोई जवाब नहीं दिया बल्कि सोने की एक्टिंग करने laga...ye देख मई पास जाकर लेट गयी....

मैंने पीछे से उसे बाँहों में भर लिया..


कुछ देर बाद जब मई हलकी नींद में गयी तो मुझे पेट पर कुछ चुभने लगा सलिल का हाथ मेरी अस्स पर था जिसे वो दबा रहा था...

और फिर मुझे पता चल गया वो क्या चुभ रहा है...

मन में आया उसे maru...lekin क्या मई सही thi....sawal ये था...

aaahhhh....maine एक गहरी साँस li..wo डरकर पीछे हो गया...

फिर मई उठी मैंने पानी पिया और फिर बिच में पिलो रख ली...

कुछ देर बाद सलिल उठा और वाशरूम में घुस गया...

कुछ देर बाद वो नाहा कर आया...

वो खली अंडरवियर में था...

सलिल : कितनी सुन्दर हो दीदी aap...wo मेरे गलो पर उंगलिया फेरते हुए बोलै..

सलिल : दीदी ी लव यू...

मई : आह salil....aur मैंने उसका हाथ पकड़ उसे निचे गिरा liya...uske हाथ पैरो को अपने हाथ पैरो से लॉक कर सुलाने लगी...

अगले दिन.

आज रत मई नहीं आउंगी कुछ काम hai...Sona इन दोनों की जिम्मेदारी तुम्हारी hai...tum दोनों सोना के आर्डर फॉलो karoge..mai जाते हुए बोली.

सोना : दीदी ये मुझि को आर्डर देते hai....aur वो ...कहकर वो मेरे पास आयी..

सोना : सलिल भाई मुझे प्यार करते hai...wo धीमे से फुसफुसाई..

मई : उसके पास सोना कुछ करे तो मुझे बताना..

उसने हामी भरी ...और मई घर से निकल गयी....

घर से सीधा मई पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति के पास ayi....use मई पहली बार देख रही थी उसकी कद गति बिलकुल महाराज की तरह थी..

मुझे खड़ा कर वो मुझे निहारने laga....mai आज एक अपने से डबल आगे में व्यक्ति के सामने निर्वस्त्र होने आयी थी...

निहारते हुए उसने मेरी ड्रेस खोल di...fir ब्रा आखिर में पंतय...

फिर उसने मुझे अल्कोहल की तरफ िश्रा kiya...jo मई पलट कर उसे देने लगी...

उसके बाद ड्रिंक करते हुए उसने म्यूजिक लगा दिया और मुझे नाचने का इशारा kiya...mai सब में ट्रैन थी...

उसका इशारा पते hi मई नंगी नाचने लगी....


एक बात मुझे खाये जा रही थी जब से मई आयी उसने एक बार भी मुझसे बात नहीं की....

मेरा डांस देख उत्तेजित होकर उसने कपडे निकल दिए...

और पास आने का इशारा kiya...mujhe झुका कर उसने अपना मोटा लैंड मेरे मुँह में दाल दिया....

उसके लैंड की दुर्गन्ध से मुझे वोमिट आगयी उस पर भी वो नहीं रुका .

साडी वोमिट मुँह से निकल कर मेरे ऊपर hi गिर गयी ..फिर उसने मुझे बाद पर पटका और मेरी टैंगो के बिच में जगह बना कर वो आगया...

अगले hi पल उसने अपना मुँह मेरी छूट पर रख दिया..

मई : aaaahhhhhhh...aaaaaaahhhh...us समय जो आनंद मुझे मिल रहा था वो शब्दों से बहार था लेकिन एक तरह मेरे मुँह से उसके लिंग की गंध आ रही थी जिसने इस आनंद को फीका कर दिया...

कुछ देर चाटने के बाद वो मेरी छूट में दन्त गाड़ने लगा..

मई : आआह्ह्ह्ह दन्त मत gadao...aaaahhhh प्लीज noooo...mujhe पैन हो रहा है ..nooooo....nooooo....aaahhhh maaaaaa...nooo...meri चीखे उसे उत्तेजित कर रही thi....mere रोकने पर जब वो नहीं रुका तो मैंने हाथ रख लिए...

ये देख उसने सारा बजन अपना मेरे ऊपर दाल diya....mere लिप्स को चूसते हुए वो मेरे बूब जानवरो की तरह मसलने लगा..

मई : आआआआहहहहह न्यूऊओ.... प्लीज dhire....aaaaaahhhhhhh....noooooo.....dhire...

किश करने के बाद उसने अपना मुँह मेरे बूब में लगा दिया...

मई : आआह्ह्ह्हह नूवो प्लीज काटो नहीं...

जानवरो की तरह उसने अपने दन्त मेरे बूब्स में गदा दिए जिनसे खून निकलने laga...gusse में मैंने भी अपने Neil's उसकी पीठ में घुसा दिए..

chatakkk...chatakkkk ..चटककककक...

randi...usne एक शब्द कहा...

मेरे नाख़ून गाड़ने से उसे गुस्सा आगया था...

उसने बोउब मसल मसल के लाल कर दिए वही काटने से खून निकल आया...

जिस पर मई फूक मरने लगी...

इतने में उसने मेरी टंगे अपने कंधे पर राखी और लैंड सेट करके धक्का मारा..

मई : aaaaaaaaaaahhhhhhhhh..... पहली बार लैंड लेने से मेरी चीख निकल गयी...

मैंने सर उठा के देखा तो मेरी छूट से खून निकल रहा था...

मई : aaaaahhhhh...aaaaaaahh...ruk jaooo...noooo... प्लीज..... I'm bagging...it's हर्टिंग सो lot....nooo...mere भिक मांगने पर भी वो नहीं रुका बल्कि और ताबड़तोड़ तरह से छोड़ने लगा...

कुछ देर छोड़ने के बाद उसने मुझे डोगग्य banaya...aur मेरी गांड के छेद पर लैंड रखा...

मई : आअह्ह्ह वह nahi.....nooooooo...

2 घंटे बार बार झड़ने पर भी वो मुझे छोड़ता रहा....

थकन और दर्द से मेरी हालत बहुत बुरी हो गयी थी....

उसने मुझे उठाया और वाशरूम में लेकर बिठा diya....fir उसने अपने शावर की धार मेरे मुँह पर मरी...

आठ मन हुआ उसका खून कर doon...lekin मई कुछ न कर सकीय...

उसने मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी थी मेरे लिए ये मेरा सैक्रिफाइस था मेरे उद्देस्य के liye...ab से पहले मई उसके प्रवाहन सुनती थी लेकिन अब मुझे उससे घिन आ रही थी....

वो हटा और मैंने किसी तरह शावर ों किया.... शावर ों होते hi मई नहाने लगी....

अगली सुबह मई लूटी पीती लंगड़ाते हुए घर आयी...

दीदी माँ क्या हुआ ऐसे क्यों चल रही ho...ye रोलेक्स tha...kuch कहे बिना रट हुए मई उसके साइन से लग गयी...
 
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