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Episode 48.
वेजटेबल्स ग्रोसरिएस और फिश मीट सारा सामान आना hai...mujhe पीछे से सनी ने आवाज दी....
मई : ठीक है ले आऊंगा....
और मई घर से निकल गया....
नेक्सट कंटिन्यू.....
सामान लेकर सलिल घर aya....aur कण्ट्रोल मैंने उस पर कर liya...maine उसे सुलाना चाहा लेकिन वो सोया nahi...wo जाग रहा tha...mask अपना काम कर रहा था۔۔
सारा सामान सनी को देके मई सोफे पर बैठ gaya..sanjana नाहा कर सनी के साथ लग गयी थी...
अब मुझे ये शहर छोरना था लेकिन उससे पहले महाराज को भी उसके अंजाम तक पहुंचना था और सबसे जरुरी था पापा को अपनी अनु सोना की सच्चाई से दूर रखना... सोंचते हुए मई उठा और अनु के रूम में अंदर घुस गया...
Sona...mirror के सामने बैठी तैयार हो रही थी...
Sona....salil मुस्कुराते हुए उसके पास गया और उसने उसकी आँखों पर हाथ रख लिए.....
ये गहन चक्कर था ..मैंने छुड़ाना चाहा लेकिन वो कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा था...
सोना : छोरो मुझे कमीने इंसान....
सलिल : ऐसे नहीं पहले गेस करो....
सोना : तुम दूर नहीं हटोगे तो मई चीखूंगी पापा घर पर है...
सलिल : हहह नहीं छोड़ूंगा ..पहले गेस करो ..
सोना क्या hua....itne में टॉवल में लिपटी अनु बहार आगयी ..टॉवल में उसकी नंगी टैंगो के साथ ऑलमोस्ट बूब्स साफ़ सो हो रहे they....anu का गीला बदन सलिल मुझे साहिर तीनो को अत्त्रक्ट कर रहा tha...ye सब था उस मास्क की वजह से ..
Didi....sona को छोड़ सलिल भागते हुए अनु के पास आकर खड़ा हो गया...
अनुसुइया : सलिल..
उसने सर हिला दिया...
अनुसुइया : मेरा बचा.... बाहें फैला कर अनु ने सलिल को गले से लगा लिया....
अनु के बूब्स मुझे अपने सीने में मेहेउस हो रहे थे मन हो रहा था उसे और कसकर हुग करने ka...mera हथियार मुझे अपने घुटनो से थोड़ा ऊपर फुल्ली ेररेक्ट महसूस हो रहा tha...mere हाथ गले लगे hi अनु की अस्स पर चले गए....
सलिल : दीदी ...समझ नहीं आ रहा है क्या कहूं....
अनुसुइया : कुछ nahi...aauchhh...
गले लगे मैंने अपने हाथो से अनु की अस्स मसल di..jis पर वो झटके से पीछे हुई...
सलिल सोंच में डूबा बीएड पर बैठ गया..
मई : तू कपडे पहन कर आ ..
सलिल : पता नहीं ये कैसे हो गया didi...uska फेस रोने वाला हो गया....
अनुसुइया : कोई बात नहीं मई अभी आयी...
कहकर वो कपडे लेकर वाशरूम में चली गयी ..
इसे तो फ़र्क़ hi नहीं पड़ता मई कुछ भी करू इसके sath...maine सोचा....
साहिर : तूने किया ye..uski आवाज में गुस्सा था..
मई : नहीं..
सलिल : ये शायद उस मास्क की वजह से ..
आप सलिल ho...aap जाग gaye...itne में सोना मेरे पास बैठते हुए बोली...
सलिल : हाँ और तुझसे नाराज़ bhi..mere अगेंस्ट जाकर तूने शादी की फिर तुझे बचाया और अब तू मुझसे बात bhi....salil आगे कुछ कहता सोना उसके कंधे पर सर रख कर सिसकने लगी...
सलिल : क्या हुआ pagli....umhhhhh...face आगे करके सलिल ने उसके सर को चुम लिया...
मुझे दर लग रहा था कही ये सलिल को बता न de...jitna मई समझ रहा था साहिर ने सोंच लिया था मुझे लेकर कुछ ये मेरा वहम था या हकीकत ये जवाब समय ने करना है लेकिन अपनी बहन के लिए साहिर खामोश रहने वाला नहीं था ..अब अगर सलिल को भी पता चल जाता सोना के साथ जो हुआ वो चीख चीख कर सबको बता देता और हमारी आपस में लड़ाई हो जाती....
सोना : बस आपको इतने दिनों से देखा नहीं...
सलिल : क्या हुआ था हम होटल में ए थे उसके बाद मुझे कुछ याद nahi...bas कुछ देर पहले पापा को देखा...
सोना : आपको रोलेक्स ने कण्ट्रोल किया था...
सलिल : अब ये नहीं कर payega...jab तक मास्क मेरे फेस पर rahega....tum बताओ क्या हुआ था...
सोना: रोलेक्स की लड़ाइयां हुई कभी आर्मी से कभी दीदी और मुझ se...fir वो बताने लगी सिवाए अपने साथ हुई ज़्यादती के..
सलिल : तुझे कोई हक़ नहीं मेरी बहन से लड़ने का... ोथेरविसे मास्क को हुक्म दूंगा और तू हमेशा के लिए ख़त्म...
उसकी धमकी में गुस्सा और सच्चाई thi..mai खून का घुट पि कर रह गया..
सोना के अहसास से मेरा हथियार फिर झटके खाने laga...salil अलग हैट कर बैठा की सोना फिर पास खिसक कर उसके करीब बैठ गयी..
मेरा हाथ चला और मैंने सोना का हाथ अपने हथियार पर रख दिया इस तरह की उसे अहसास भी न हो की ये मेरा हथियार hai...uska हाथ लगते hi मेरे हथियार ने फिर झटका खाया...
मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मई पीठ से अपना हाथ ले जाकर मैंने उसे सोना के बूब पर रख दिया...
सलिल :मई आगया हों न अब सब ठीक हो जायगा...
सोना : दीदी केरला जाने के लिए कह रही है चलते क्यों नहीं यहाँ हमारे सब दुश्मन बन गए hai...aaahhhh...
वो बात hi कर रही थी की मैंने उसका बूब्स दबा diya...jhatke से सलिल अलग हुआ....
आईने में वो खुद को देखने लगा...
सलिल : मई ऐसा नहीं hon...sona के कुछ बोलने से पहले उसकी भर्राई आवाज़ निकली...
सलिल : aaaaaaahhhhhh....aur उसने मास्क निकल दिया ..मास्क हमें रोक रहा था डरा रहा tha...lekin सलिल नहीं रुका...
सलिल चलते हुए अनु की अलमारी के पास आया .
सलिल : इसका लॉक क्या hai...wo सेफ खोलने की कोशिश कर रहा था...
सोना : दीदी ..इतने में अनु वाशरूम से निकल आयी..
सोना : सेफ का लॉक क्या है दीदी..
अनु ने लॉक बताया और सलिल ने मास्क रख दिया...
मास्क के हट्टे hi वो हॉर्नी फीलिंग्स कही खत्म हो गयी थी....
साहिर : हम इस मास्क के भरोसे नहीं रह sakte..wo मेरी सोंच में बोलै..
अनुसुइया : क्या हुआ था...
किसी तोते की तरह सोना ने सब बता दिया .और फिर इनोसेंट बनने की एक्टिंग करने लगी..
अनुसुइया : ये हमारा सलिल नहीं वो मास्क उससे ये सब करवाता है...
मई : उस दिन भी मई नहीं था इसी ने मजबूर किया था मुझे...
सोना : ये कहकर तुम बच नहीं सकते...
सलिल : किस बारे में बात हो रही है क्या हुआ था उस दिन...
अनुसुइया : कुछ नहीं सलिल ये मुझसे बतमीज़ी करता tha...sona उसी की बात कर रही है...
क्या समझू इसे अनु इतना सब होने के बाद भी मेरी हर गलती छुपा रही थी...
सलिल : अब ऐसा नहीं करेगा...
मैंने बिना समय बर्बाद किये सलिल को सुला दिया..
साहिर ने ऐसी कोई बात नहीं की जो मेरे लिए खतरा बने इसलिए उसे जागने दिया...
मई : मई यहाँ बात करने आया हों...
अनुशिया : बात सिर्फ अपने भाई सलिल से करनी है..
साहिर : इसने सुला दिया उसे....
मुझे हैरत हुई साहिर अनु की साइड ले रहा था...
अनुशिया : उसे jagao...abhi...hamara तुम से नहीं उससे रिश्ता है...
मई : जनता हों लेकिन जो मई कहने जा रहा हों ये सिर्फ हमारे बिच रहना चाहिए...
अनुसुइया : कब जागेगा salil...ab तुम उसे सुला नहीं sakte..papa घर पर है...
मई : जगा दूंगा हमारे डिस्कशन के baad...usne हामी भरी...
अनुसुइया : बताओ क्या बात करने ए हो..
मई : हमारे बिच जो हुआ तेरा पास्ट मेरा पास्ट कुछ भी ऐसा जिससे पापा को तकलीफ हो पता नहीं चलना चाहिए...
सोना : और जो तुमने मेरे साथ किया है वो भूल जॉन..
अनुसुइया : नहीं चलेगा लेकिन जो सोना के साथ तूने किया उसकी माफ़ी नहीं है..
मई : मांग भी कोण रहा है तुझसे माफ़ी...
अनुसुइया : फिर फैसला हो गया पापा को सब बताना होगा...
मई : पागल हो गयी है तू...
अनुशिया : तुझे अगर पापा की इतनी hi केयर है तो मर क्यों नहीं jata...nahi तो पापा तुझे मार hi देंगे जो तूने सोना के साथ किया जानकर...
मई : फिर पापा को ये भी पता चलना चाहिए तू साहिर को मोना की दी हुई सेक्स मेडिसिन खिलाती थी जिससे वो हॉर्नी होकर सलिल की तरह बनने लगा था और घर पर ये छोटी चुड़ैल ब्रा पंतय में उसके सामने घूमती थी उसे सडके करती थी फिर जब वो सौम्य को लाया तब उस पर रपे का इल्जाम लगा ...मई तो बुरा हों लेकिन sahir...uska kya...usne तुम दोनों के साथ क्या गलत किया....
साहिर : चुप हो जा रोलेक्स...
मई : नहीं मुझे बोलने de...ye बहने थी जिन्होंने मुझे और उस मास्क को मजबूर किया सोना के साथ ये सब करने पर और इन्होने विल्लिअन किसे बनाया tujhe....wo तू था जिसने सलिल का एडिक्शन चुराया और उसे इन्हे प्रोटेक्ट किया इसकी मौजूदगी में भी तू इसके दुश्मनो के बिस्तर गर्म करने से भी नहीं hichkichai...jaa ये सब भी बता दे पापा ko....isne तेरी जासूसी कराइ लेकिन तेरे खिलाफ एक्शन नहीं लिया बल्कि तेरे पापो को काम करने के लिए उन लड़कीओ को बचने चला gaya...tune कितनी लड़कीओ का रपे किया है तुझे अंदाज़ा hai...siya madam....apni बहन के साथ होने पर तेरी इंसानियत जाग gayi....whores भी किसी के साथ इतना बुरा नहीं करती जितना तुम दोनों ने साहिर के साथ kiya...salil तो जीने लगा लेकिन ये हसना hi भूल गया खुसी किसे कहते है ये तरस गया hai...sirf तुम दोनों की वजह se...tumhe जो बताना है बता दे लेकिन मई कुछ नहीं कहूंगा तुम दोनों के बारे में ..मई अपने बाप को इसकी तरह नहीं बनने दूंगा...
कहता हुआ मई रूम से निकल गया...
एक भाई को ऐसा नहीं करना चाहिए था कोई भी तर्क सोना के साथ हुई ज्यादती को जस्टिफाई नहीं karta...sahir ने kaha...wo मेरे दिमाग में सोंच रहा था...
मैंने रुमाल से अपनी आंखे पोंछी और अपने रूम में आया....
पापा के बाल etc.cut चुके थे उन्होंने मेरे कपडे पहने थे जो उनके टाइट थे ..आशना उनके बाल संवर रही थी माँ दोनों को मुस्कुराते हुए देख रही थी....
समर : तो तुम डॉक्टर बन रही हो...
आशना : है पापा लेकिन अब तो छूट गयी है...
समर : मई आगया हों न सब ठीक हो जायेगा...
आशना : मेरे बेस्ट पापा...
वो उनकी पीठ में बाहें डेल झूल गयी थी..
खो खो ....खस्ता हुआ मई अंदर आया...
मुझे देख पापा पालते...
खूबसूरती में मेरे पापा मुझसे भी आगे थे मई माँ पर गया tha...meri आईज ब्राउन थी पापा की blue...unka रंग भी दूध जैसा था अनु उन पर hi गयी thi....magar अब उनके चहेरे पर सदमे और बुढ़ापे के आसार नजर आ रहे थे...
समर : साहिर सलिल... मेरे bacho...tum कितने बड़े हो गए हो.
पापा की आवाज़ पर मैंने सलिल को जगा दिया...
साहिर : papa...aur हम तीनो उनके गले लग गए....
बहुत देर तक मई पापा से लिप्त raha...unki सिसकियाँ निकल रही थी...
समर : तुमने अपनी माँ को ढूंढा .
साहिर : सलिल ने पापा ..
समर : मई नहीं था तुम्हे तो इन्हे संभालना था...
माँ क्या कहती उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया ..
आशना : चलो पापा सबसे मिलती हों...
वो पापा का हाथ पकड़ ले जाने lagi...maa पीछे जाने को हुई तो मैंने रोक लिया....
माँ ने देखा मुझे मैंने इशारे से रुकने के लिए कहा...
क्या बात है .माँ ने उनके जाने के बाद पूछा...
मई : माँ पापा को हमारे अनु सोना के पास्ट के बारे में पता नहीं चलना चाहिए अगर ऐसा हुआ तो पापा जी नहीं payenge...aap उनसे वडा lena..ki वो कभी हमारे दिमाग में नहीं झाकेंगे..
साहिर : ये सही कह रहा है maaa..unhe मजबूर करना...
सलिल : मास्क के बारे में बता सकती है..
मई : वो जानते hai...wo मुझसे मास्क लेने ए they....aap मनाएंगी न उन्हें..
माँ ने हामी भरी..
आआह्ह्ह.....
मई : चले निचे चलते hai..kisi औरत की चीख पर मैंने कहा..
आवाज़ सुन माँ निचे के लिए भागी..
ये क्या कर रहे हो aap...maa सीता को संभालती हुई पापा पर चीखी...
पापा ने सीता को दिमागी झटका दिया था...
समर : तेरी वजह से मेरा खंडन तबाह हुआ मेरे बचे अनाथ बन कर जी रहे they...papa गुस्से में गरजे .
Aaaaassaahhh...aaaahhhhhh...aur सीता की फिर दर्दनाक चीखे निकलने लगी....
माहि : बस कर दे समर जी..
प्रकाश : जीजू ये अब पहले जैसी नहीं है ये बदल गयी hai....aap चाहो तो इसका दिमाग पढ़ लो..
समर : लेकिन मई तो अपना सब कुछ खो चूका हों न....
AAaaahhhhhh...aaaahhhhhh...aaaahhhh..
पापा ने कहा और सीता दर्द में चीखने lagi...maa मां संजना तीनो के संभाले से नहीं संभल रही थी...
प्लीज मेरी मां को छोड़ दो... please...rolex आप रोकते क्यों नहीं... प्लीज रोकिये na...sanjana कभी पापा के कभी मेरे आगे हाथ जोड़ रही थी...
माहि : समर जी प्लीज रुक जाइये..
सनी : चाचू आप रुको इसे इस दर्द से मुक्त मई करुँगी...
वो नाइफ लिए किचन से निकली...
संजना : nahiiii...rolex जी..
माहि : सनी मेरी बची ऐसा मत करो...
मां ने सनी के आगे हाथ जोड़ लिए...
प्रकाश : पहले मुझे मार दो...
आआह्ह्ह...
मां ने कहा और मां अगले hi पल सनी के आगे से हैट gaye...ye देख माँ आगे agayi...mama की जगह पर सीता के आगे..
माहि : सिर्फ इसकी गलती नहीं hai...jitni जिम्मेदार ये है उतनी hi मई hon..agar मई न बताती तो ये सब न होता...
वो नाइफ मरने वाली थी माँ के कहने पर वो रुक गयी...
सनी : इसे कहो यहाँ से जाने के लिए नहीं तो मई इसकी जान ले लुंगी...
मां भागते हुए आये और सर हिलने लगे...
उन्होंने सीता को खड़ा किया...
संजना ...उनकी आवाज़ पर संजना मेरे पास से हटी तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया...
मई जाने के लिए ना में गर्दन हिलने लगा...
उसने दूसरे हाथ से अपना हाथ छुड़ाया और आगे बढ़ गयी...
साहिर : इसने तुम्हे बचाया तुम्हारे माँ बाप को तुम इसे छोर कर जा रही हो...
साहिर की आवाज़ पर वो पलटी...
मई : नहीं साहिर जाने दे use..ahsan के बदले प्यार नहीं chahiye..use होगा तो खुद मेरे पास आएगी...
मेरे कहने पर वो आगे बढ़ gayi...fir अपनी माँ को सहारा देते हुए जाने लगी...
देखते देखते वो घर से निकल गयी..
हे तू इक डैम माल है...
तू ऐसे हस्ती है न मन करता तुझ पर सब कुछ लुटा दू ..
तू मेरे टाइप की है...
मुझे कसकर पकड़ ले तू गिर जाएगी..
आप मज़े लेने के लिए कर रहे हो..
आप आग से कैसे bache...tere साथ बहुत सरे बचे करने है..
ाचा जी और अंदर सुप्रिया के साथ जो किया वो..
अबे वो तो मेरी रखैल है तू मेरा प्यार....
उसके अन्ह्को से ओझल हो जाने के बाद मेरी आंखे चालक पड़ी ..मई उस रूम की तरफ चल दिया जो सोना का था मगर उससे सौम्य झांक रही थी....
अंदर पूर्वी बीएड पर लेती thi..mai पास जाकर लेट गया...
पूर्वी : क्या हुआ सीता क्यों चीख रही थी...
साहिर : उसने पापा का raz.....fir सनी ने उसे घर से निकल दिया...
साहिर ने पूर्वी को सब बता दिया .
पूर्वी: सही kiya...usne भी अपना परिवार खोया था...
साहिर : अगर हम तीनो में से कोई रोकता तो सनी कभी बात न करती...
पूर्वी : भूल jao...bas मेरे पास लेते raho..wo कार्बेट लेते हुए मेरे पेअर पर पेअर रखती हुई बोली...
इतने में सौम्य मेरे पास आकर लेट गयी..
उसने भी पेअर पर पेअर रख लिया...
साहिर : तू सो जा...
मई : नहीं मुझे तो आदत है ऐसे जीने में...
मेरी दर्द में डूबी आवाज़ निकली.
साहिर ने मेरी आंखे बंद कर दी ..
कुछ देर बाद मुझे अपने ऊपर किसी लड़की का अहसास हुआ....
मई : क्या कर रही है सौम्य ..
सौम्य : मई नहीं हों...
मेरी कोहनी दायी तरफ लेती सौम्य के पेट से लग रही thi...ye कोई और थी..
पापा बुला रहे है... सभी ko...mujhe सोना की आवाज ayi...wo मेरे ऊपर लेती थी मेरे साइन पर अपना सर रख कर..
मई : क्या कर रही है तू...
Ssssshhh...aise hi लेते rahe..usne धीमे से कहा...
मई : हैट पापा के पास जा रहा हों..
मेरे हलके गुस्से में कहने पर वो उठी..
मई उठा तो मैंने उसे देखा वो अजीब नजरो से मुझे देख रही थी...
मई : तू सलिल से चिपट रही थी न..
उसने ना में सर हिलाया फिर रूम से निकल gayi...mujhe सोंचता छोर..
मई : तुम दोनों भी आओ...
दोनों को लिए मई पापा के पास सोफे पर आकर बैठ गया tha...unke पास सभी बैठे थे...
समर : माहि उदासी छोरो भी..
माहि : बस करे aap...na उनके पास पैसे है सब हमारे दुश्मन बने है जवाब लड़की है उनके साथ ऐसे में कहा jayenge..seeta गद्दार थी लेकिन मेरे भाई का क्या कसूर उन्होंने हमेशा आपको चुना आपसे वफादार रहे .
समर : मई उनकी बातें सुन रहा tha..seeta ने बहुत दौलत जमा कर राखी hai...wo इस समय बैंक में hai..mai उनके दिमाग में hon..koi खतरा दिखेगा मई उन्हें बचाऊंगा..
पापा के जवाब पर माँ शांत हुई ..
समर : तुमने कैसे अपने भाई बहनो को बड़ा किया...
पापा ने अनु से पूछा..
मई : सामंथा माँ की बहन ने खर्चा दिया ..उन्होंने बस शुरू में हमें देखा अनु के भागने पर उनका आना काम हो गया tha..hamari परवरिश अनु ने hi की थी .मई जवाब देकर उसे नहीं हमें बचा रहा था..
समर : तुम मिली अपनी बहन से.
माहि : वो आयी नहीं मिलने आती भी कैसे उसने जहर जो दिया था आपको..
समर : वो मजबूर थी ..
सलिल : नहीं maa..sona की शादी में मई उनसे मिला था तब मैंने जोजो से कहा की जिस औरत को मई माँ कहता था उसी ने मेरे बाप को जहर दिया... शायद जोजो ने उन्हें बता दिया...
समर : सामंथा को कॉल करके यहाँ बुलाओ... कहना तुम्हारी माँ मिलना चाहती है...
दीदी ने मैसेज कर दिया..
मई : आप कहा थे papa...ab तक वापस कैसे नहीं ए .
समर: कई सालो तक महाराज ने मुझे मचिनो में कैद रखा फिर 4 साल पहले उसने मेरे ठीक होने पर मुझे एक रूम में कैद कर diya...wahan एक गंगा सर्वेंट था unka..jo मुझे खाना देता था..
अनुसुइया : और इस वजह से आप उसे कण्ट्रोल नहीं कर पाए...
समर : नहीं मेरी bachi...mai चाहता तो उसे हिप्नोटिस्म के ज़रिये कण्ट्रोल कर लेता लेकिन गुरु चरण दस जो टेलिपाथी जनता है वो मेरे दिमाग में बैठा tha..shayad अब भी hai...mai उसकी सोंचे पकड़ लेता और उसे भी कण्ट्रोल कर लेता अगर वो मेरी सोंच में bolta..ye ऐसा है जैसे एक घर में लाखो घर अँधेरे में ढूंढ़ना..
मई : आप उसकी सोंचे पकड़ नहीं सकते बिना उसके आपको जवाब दिए..
समर : मेरी किताबे कहा है माहि..
माहि : वो घर जल gaya...uske साथ hi आपकी किताबे भी...
समर : खैर छोरो वैसे भी अब मई बूढ़ा हो गया हों..
मई : क्या मतलब पापा..
समर : उन किताबो में कोई नुस्खा मिल जाता तो मई उसकी सोंचे बिना कमांड दिए पकड़ लेता...
मई : ाचा....
समर : तो मेरी सोना की शादी हो गयी मतलब अनु की भी हो गयी hogi..kaha है तुम्हारे हस्बैंड..
अनु मुझे देखने लगी..
मई : अनु का हस्बैंड नामर्द था तो दीदी ने उसे डाइवोर्स दे दिया...
सोना : मेरी लव मैरिज थी वो लड़का दीदी का दुश्मन था वो मुझे मर रहा था तब मैंने सलिल भाई को बुलाया और उसके बाप ने जब भाई को शूट किया तो भाई ने मेरे हस्बैंड को आगे कर diya...aur शायद वो मारा गया...
पापा का चहेरा उतर गया था...
समर : कोई बात नहीं अब मई तुम्हारे लिए अचे लड़के तलाश करूँगा...
माँ कुछ कहने जा रही थी की अनु ने माँ का शोल्डर दबा diya...aur वो चुप हो गयी...
माहि : अनु बीटा देखो खाना बन गया.
सनी : हां माँ बन gaya...jao चाचू हाथ धो आओ मई लगाती हों..
समर : चाचू नहीं पापा kaho...tum तीनो भाई बहन मेरे लिए सलिल मेरी तीनो बचियो से बढ़कर ho...papa के कहने पर वो उनके सीने से लग gayi...papa प्यार से उसकी पीठ सहलाने लगे...
अनुसुइया : तुम बैठी मई निकलती हों..
सनी : गेस who's किंग..
मई : झमेला...
उसने मुस्कुराते हुए सर हिला दिया...
समर : ये कोण है...
सनी : आपका बड़ा बीटा...
समर : बहुत अछि खबर दी है...
मई : कैसे उसकी नाराज़गी ख़त्म हो गयी..
सनी : pa.papa के बारे में bataya...wo हिचकिचाई पापा कहते हुए..
मई : ाचा किया आएगा तो उसके हाथ जोड़ लूंगा...
सनी : चलो आओ मुझे भूक लगी है...
सनी मेरे पास आयी और मुझे उठाने के लिए बाहें उसने मेरे गले में दाल दी .
मई : क्या कर रही पापा के सामने...
अगले hi पल उसने अपनी आस्तीन से एक लेटर निकल कर मेरी जेब में रख दिया..
सनी : चलो आओ खाये...
हम सब दिन्निग पर आकर बैठ गए..
माँ अनु सबको उतर कर देने lagi...jaise hi माँ मुझे देने को हुई अनु ने पहले आकर मुझे दे दिया..
फिर मेरे hi पास आकर बैठ गयी...
समर : तुम क्या करती थी अनु...
अनु ने मेरे लात मरी .
मई : इसका क्लब था जो मैंने बंद करा दिया...
समर : इसका .क्या मतलब तुम दोनों में कुछ हुआ है अभी तुम इसका नाम ले रहे थे..
अनुसुइया : नहीं पापा हम फ्रेंड्स की तरह रहते है न .
समर : फिर भी अपनी बड़ी बहन से इस तरह बात नहीं करोगे..
मैंने गर्दन हिला कर हामी भरी...
समर : और सोना तुम...
सोना : मई ग्रेजुएट हों..
समर : खान खाने के बाद अनुसुइया तुम और साहिर आशना के कॉलेज से उसके सर्टिफिकेट लेने जाना ..
सनी : पास करो... मैंने मटन का डोंगा उसे उठा कर दिया की उसने आँखों से इशारा किया मेरी पॉकेट की तरफ बदले में मैंने भी..
सनी : क्यों न हम सब चले जाये पापा..
समर : ये तो और अछि बात है ..
अब मुझे देखना था ये सनी पापा के साथ मिलकर क्या प्लांनिग कर रही है ..
समर : तुम्हारा भाई सामंथा के घर जा रहा है...
पापा की बात सुनकर माँ एक डैम पुरसुकून हो गयी...
सलिल : दीदी मुझे मीट खाने पर मरती थी आज खुद खा रही hai..hahaha..
अनुसुइया : तुम भी न मई अनजान थी सबसे..
मैंने जल्दी से अपना खाना ख़त्म Kiya...aur अपने रूम में आया...
हां पिता ji...mere एते hi सौम्य कानो पर फ़ोन लगाए एंटर हुई..
मई लत्तेर निकल कर पढ़ने लगा..
साहिर बेटे ये मई हों तुम्हारा papa...mai तुमसे डायरेक्ट ये बात नहीं कर सकता था इसलिए मैंने सनी का सहारा लिया गुरु चरणदास मेरे दिमाग में बैठा है इसलिए इस तरह तुम्हे बता रहा hon...maharaj और उसके लोग किसी भी समय यहाँ आ सकते hai...wo यहाँ ए उससे पहले हमें उनके पास जाना होगा ...और आज hi ये सहर भी छोड़ना hoga...tum अपनी बहनो को मार्किट ले जाओ और खरीदारी करो जो सनी बताये...
लत्तेर पढ़ कर मैंने उसे रख दिया...
सौम्य : कोण आया पिता ji...hmm मई डिपार्टमेंट छोर चुकी hon..maine अपने सेंसर्स एक्टिव करने चाहे लेकिन हुए नहीं...
सौम्य : आपने hi कहा था जो सही हो उसे चुनना मई अपने हस्बैंड के घर हों अब यही मेरा घर hai....haan आप भी...
मई : क्या हुआ सौम्य...
सौम्य : डिपार्टमेंट के लोग घर ए they..papa को डरा रहे थे मुझे लेकर की मई एक दरिंदे का साथ दे रही हों बूत हकीकत तो ये है वो है दरिंदे....
मैंने उसे गले लगाया फिर कहा..
मई : शर्ट पहन लो हम बहार जा रहे है...
मई रूम से निकला अनु के रूम में आया सेफ खोल कर मैंने मास्क निकला और फिर सुनने की कोशिश की....
आशना : ईस्ट और वेस्ट माय पापा इस बेस्ट..
समर : माय स्वीटहार्ट इस बेस्ट....
मुझे यहाँ से उनकी आवाजे सुनाई दे रही thi...aur मुझे समझ आगया ऐसा क्यों....
मई बहार aya...aahana पापा की गोदी में बैठी थी...
माहि : क्या कर रही है उतर अब तू बची नहीं रही....
समर : क्या कर रही हो रहने दो न...
माहि : आप खुद बचे बन रहे हो...
समर : सही कह रही हो अब मेरी उम्र सलिल के बचे खिलने की है....
सनी : दो दो wife's के होते हुए इसके बचे नहीं hue.....mujhe बचे चाहिए अगली बार उनके आने पर आउंगी..
शर्म से मई झेप गया...
अनुसुइया : हम तुम्हे नहीं जाने देंगे...
सनी : जाना तो है किसी से वडा किया है...
मई : नहीं...
सनी : चलो शॉपिंग करने चलते है...
उसने टॉपिक चेंज करते हुए कहा .और सबने हामी भरी...
सनी : तुम nahi...tum यही रुको और माँ पापा का ख्याल रखना...
उसने अपनी फ्रेंड से कहा...
गूंगी पर दिल तो आगया था लेकिन वो मेरी तरह थी उसकी पावर मई जेल में देख चूका tha...sani के कहने पर वो रुक गयी .और हम चल दिए..
घर से निकलकर हम गेराज में ए...
मार्कएडेस तो मेरी पुलिस ने जब्त कर ली thi...didi की पुराणी कार कड़ी थी ..
ये yahan...mai हार्ले अपनी बाइक को देखते हुए बोलै...
..अनुसुइया : तुम इसे पार्क में चोर ए थे मैंने माँगा ली अपने गार्ड्स से..
बिना कुछ कहे मई कार में बैठ गया..
अनुसुइया : सनी तुम ड्राइव करो ..सौम्य तुम आगे बैठो मई पीछे बैठूंगी...
मई बैठा तो दोनों बहने मेरे दये बाये आकर बैठ गयी...
आशना : मई कहा बैठु..
ये पांच सीटर कार thi..aur हम 7 they...purvi और आशना रह गयी थी..
सौम्य : पूर्वी आगे ाजाओ...
सौम्य जगह बनाते हुए बोली..
सोना : तुम यहाँ आकर बैठ jao...sona अपनी सीट की तरफ इशारा करते हुए बोली....
अगले hi पल वो उठकर मेरे घुटनो पर बैठ gayi...space बना कर..
आशना घूम कर मेरे पास बैठ गयी..
अनुसुइया : पूर्वी बैठ गयी..
पूर्वी : हाँ..
अनुसुइया : चलो sani...pehle आशना के कॉलेज चलते hai...fir शॉपिंग के लिए चलेंगे..
सनी : ठीक है रास्ता बताना...
मई सोना की वजह से बहुत उनकंफर्टबले फील कर रहा था मई उसे उठाना चाहता था लेकिन मेरे अंदर का शैतान जाग गया tha...wo भी पैरो पर जगह बनाते हुए बिलकुल मुझसे चिपक गयी थी....
मुझे वो समझ नहीं आ रही थी की अनु ने अपना सर मेरे शोल्डर पर रख दिया....
मई : हे क्या कर रही hai...anu... हटा अपना सर...
अनुसुइया : प्लीज रखने दो न मुझे नींद आ रही है...
मई : ये मई हों रोलेक्स..
अनुसुइया : हाँ to..kehte हुए वो और मुझसे सत्कार बैठ गयी...
फिर एक हमला और मुझ पर सोना ने kiya...usne मेरे दोनों हाथ पकड़ कर अपने पेट पर रख लिए...
मुझे अपने लैंड पर सोना की नरम मोती गांड महसूस हो रही थी जिस वजह से मई बार बार अपने पेअर आपस में मिलकर अपने डिक को सोना से बचा रहा था ..
अनुसुइया : क्या हुआ..
मैंने बेबसी से उसे देखा और मास्क की तरफ इशारा kiya..means अपने फेस पर..
मई : ये मेरे कण्ट्रोल से बहार hai..maine धीमे से kaha..aur मेरी टंगे खुल gayi..ab सोना मेरे लैंड पर बैठी thi...mera हाथ निचे हुआ और सोना के की अस्स पर चलने लगा.
अनुसुइया : सोना मेरी गोदी में आकर बैठ जाओ...
सोना : नहीं मई अपने भाई के पास बैठूंगी...
मई : मई रोलेक्स हों..
सोना : रोलेक्स हो अपने लिए मेरे लिए तो मेरे भाई हो जो मुझसे अपनी जान से ज्यादा प्यार करता hai...usne न मेरा हाथ रोका न मेरे डिक को फील करके वो उठी...
आशना : कितनी कामिनी हो आप दोनों दी मुझे मेरे भाई के अगेंस्ट करके मुझसे छीन रही ho...aur खुद उनके करीब हो रही हो..
सलिल : सोना उठो न...
मेरा हाथ पीछे हुआ फिर सोना की अस्स से रास्ता बनाते हुए पंत तक गया और उसने डिक पकड़ कर सिधार कर दिया...
साहिर : तू क्या नाराज़ थी मुझसे ..
सोना: मेरी वजह से.. मैंने इसके कान भरे बेबी मैंने जो कहा वो सब झूट था...
आशना : यू लिएर्...
और वो सोना के मुक्के मरने लगी...
सोना: आह लग रही है बेबी..
आशना: आईएम सॉरी....
Aaaahhh....sahir सलिल जागे तो उन्होंने मास्क खींच diya..agle hi पल मेरा डिक बैठ गया..
तुम pachtaoge...mask ने kaha...wo मुझे खुनी निगाहो से देख रहा था....
मास्क : मई तुम्हारा वो हाल करूँगा जो तुम सोंच भी नहीं sakte..lagta है तुम पिछले अंजाम से कुछ सीखे नहीं...
साहिर हम अपनी पूरी फॅमिली के साथ है अगर इसे निकला तो कुछ भी हो सकता hai..maine अपने दिमाग में कहा..
साहिर : सोना थोड़ा आगे बरकार बैठ..
वो थोड़ी सी खिसक गयी...
अनुसुइया : क्या हुआ..
मैंने कोई जवाब नहीं दिया..
मास्क : मुझे जिस्म चाहिए औरत का इस कार में बैठी हर औरत ka..agar नहीं तो मई तुम्हे जीने नहीं dunga...agar नहीं तो इस कार का एक्सीडेंट भी हो सकता है...
साहिर: पहन le..usne मेरे दिमाग में कहा...
मैंने पहन liya....ye सोंचते हुए जल्द उतर दूंगा .
अब मास्क मुझे डोमिनाते कर रहा tha...mujhe गुस्सा अपनी बहनो पर आ रही थी ...मई मजबूर था लेकिन वो नहीं सब कुछ जानते हुए भी वो मुझसे चिपक रही थी...
कुछ देर बाद पहले से भी ज्यादा हवस मुझमे भरने lagi....mera डिक फिर मुझे परेशां करने लगा....
जैसे hi डिक सोना को महसूस हुआ वो फिर पीछे आकर बैठ गयी....
मेरा मन हो रहा था सोना के साथ गलत करने ka..mai खुद को बेहद कमज़ोर महसूस कर रहा tha...mere हाथ उसके जिस्म पर चल रहे थे...
पूर्वी सौम्य सनी आपस में बातें कर रही थी लेकिन मेरा दिमाग सिर्फ सोना की अस्स पर था...
आशना : I'm सॉरी मैंने आपको गलत samjha...usne सर उठा कर मेरे गलो को चूमना चाहा की मैंने उसके सर को पकड़ कर उसके होंठ चुम लिए...
अगले hi पल आशना अलग हो गयी...
सोना के आगे होने पर किसी ने देखा nahi..jo मेरे लिए ाचा था नहीं तो मई उन तीनो की नजरो में गिर जाता..
आशना : आप बदमाश हो...
साहिर मेरी सोंचे बदल रहा था सलिल भी साथ दे रहा था लेकिन बार बार मेरा ध्यान सोना और अनु पर जा रहा था...
मेरा दिल कह रहा था अनु की हर बात मनु उसे किसी भी गलत काम से नहीं रोकू उसका स्लेव बन कर राहु.
लेकिन साहिर और सलिल मुझे रोक रहे थे....
मेरे हाथ सोना की तरफ बढे की कार रुकी....
अनु कार से उत्तरी और ेंटरी फइलल करके aayi..Maine अपना मास्क निकल लिया था लोगो की भीड़ देख.
अनुसुइया : अंदर ले chalo...wo आकर बैठते हुए बोली.
कुछ देर बाद कार आशना के डिपार्टमेंट के सामने आकर रुकी...
आशना और दीदी दोनों बहार निकली...
मई : सोना वो दोनों जा चुकी है...
सनी: वेट I'm किंग...
सनी भी बहार निकल गयी...
पूर्वी पीछे से उठकर मेरे पास आकर बैठ गयी आशना की सीट पर ..
पूर्वी: वहां ठीक से बैठ नहीं पा रही thi....wo मेरे पास बैठते हुए बोली.
मई अपने जज़्बातो से लड़ रहा tha...mere दिमाग में जो चल रहा था उसे सोंच कर मेरा मन कर रहा था मई अपने सर को फोड़ lon...ye सही नहीं tha...jo भी मास्क कीमत मांग रहा था...
मई : ये जानते हुए भी मई मास्क पहना हों फिर भी तू मुझसे करीब होने की कोशिश कर रही थी...
सोना : बैठने के लिए...
मई : सस्सहः शट up...tere साथ इतना कुछ हुआ और तू फिर वही सब दोहरा रही hai...ab क्या चल रहा है तेरे दिमाग me...kehte हुए मैंने उसका गाला पकड़ लिया और दबाने लगा...
सोना : आठ क्या कर रहे हो भाई...
मई : फिर सच सच बता...
सोना: आपके जाने के बाद हमें अहसास हुआ हम कितने गलत they...hamne कितना बुरा किया आप सलिल भाई साहिर भाई तीनो ने हमेशा हमें बचाना चाहा और हमने आपको अस ऑलवेज बेटरएड kiya..aapki बातों ने हमारा मन बदल दिया ..आपको पता है आपके जाने के बाद क्या हुआ...
ाःह ..
दीदी क्या हुआ .आपकी बातों से दीदी सदमे से गिर गयी thi...maine आगे बढ़कर उन्हें संभाला..
मई : क्या हुआ दीदी ..
मेरे पूछने पर कुछ कहे बिना वो मेरे गले लग गयी ..बहुत देर तक वो सुबकते रही मेरे गले लगे और मई भी...
मई : दीदी ये सब भाई की वजह से न ..उनकी बातों से अहसास हुआ विल्लिअन तो हम थे ...
अनुसुइया : एक भाई का सिर्फ पेट भरना hi बड़ी बहन का फर्ज नहीं होता उसे डिग्निटी के साथ बड़ा करना भी और मैंने क्या किया उसे मरना चाहा उसे हुमिलियते kiya...uske बाद भी वो बस हमें बचता रहा ..दीदी सदमे से निढाल होकर बैठ गयी...
अचानक से दीदी ने फ्रूट की टोकरी में से नाइफ उठा लिया...
मई : क्या कर रही हो didi..pagal हो गयी हो...
अनुसुइया : मई नहीं जीना चाहती sona..mai उससे नजरे कैसे milaungi....wo मुझे माँ कहता था अब मेरी वजह से मेरा नाम लेता hai...aahh ये मैंने क्या कर diya...didi अपना गाला काटने को हुई तो नाइफ मैंने पकड़ ली...
मई : दीदी पापा अभी तो हमें मिले है हमारी छोटी बहन सानिया अयन हमारी माँ इन्हे छोड़कर जाना चाहती हो...
अनुसुइया : और क्या करू sona...maine उसके अंदर के अचे इंसान को मर दिया.. न सिर्फ uski..apni सोल को भी....
उन्होंने हताश होक नाइफ बराह्या की उन्हें अपने कपड़ो पर ब्लड dikha..aur उनके हाथ से नाइफ गिर गया...
अनुसुइया : तू क्यों मुझे बचाना चाहती hai...tu नहीं जानती मैंने क्या kiya...kal mai...sani को सेक्स ड्रग्स dekar..aur वो रोने लगी..
मई : क्या मतलब दीदी...
फिर उन्होंने मुझे बताया सनी ने विष्णु के साथ उन्हें पकड़ लिया था माँ ने दीदी की शादी घाना से फिक्स की थी मेरी वजह se..maine ये सब किया...
मुझे बताकर वो उठी और अपना फ़ोन उन्होंने उठाया...
अनुसुइया: अगर जान प्यारी है तो आज के बाद मुझे कॉल नहीं करना .
विष्णु: ये कैसी बातें कर रही हो anu..tumhare घर नया आदमी कोण आया है...
अनुसुइया : वो मेरे पापा है और रोलेक्स से भी ज्यादा डेंजर अगर तुमने मेरे करीब आने की कोशिश की तो जान से मार denge..aur दीदी ने फ़ोन रख दिया...
जाने का सुनकर माँ पापा को घाना के बारे में बता रही थी दीदी ने उन्हें roka..bhai हमारे मन बदल गए hai...hamare साथ जो हुआ इसके जिम्मेदार सिर्फ हम hai...hame माफ़ कर दो...
सोना ने भीगती आँखों से मेरे सामने हाथ जोड़ liye...uske हाथ पर पट्टी बंधी थी...
एक मन कह रहा था उस पर ट्रस्ट करू एक उसकी अभी की हरकत को याद करके कह रहा था ये नहीं बदली है...
मई : अभी जो तू मेरे इतने सब करने पर भी खामोश थी वो क्या था..
सोना : दीदी बस kare..maine नाइफ उनसे छेना..
अनुसुइया : तुम्हारा तो खून बह रहा है...
मई : कुछ नहीं दीदी उस जख्म के सामने जो मैंने अपने भाई अपने प्यार को दिए..
अनुसुइया : प्यार क्या मतलब...
मई : दीदी मुझे बर्बाद भाई ने किया है अब मैंने सोंच लिया है वो hi मेरे पति banege...nahi तो मई कुवारी रहूंगी..
चटकककक...
दीदी ने मुझे थप्पड़ मारा .उन्होंने बहुत समझाया उनके सामने तो मैंने हां कर दी की आपको भूल जाउंगी लेकिन अब नहीं...
सोना की बातें मेरे साथ सौम्य और पूर्वी दोनों सुन रही थी ..सौम्य गुस्से में अपनी सीट से uthi...aur सोना का गेट खोलकर उसे देखने लगी...
चटककककक...
सौम्य : तेरी माँ छोड़ दूंगी अगर तूने मेरे पति की तरफ देखा भी छिनाल भाई बहन के प्यारे रिश्ते को कलंकित करना चाहती है ...इसके तो अहसान थे इसलिए इसे एक्सेप्ट कर लिया तू आयी तो तेरी गांड में लैंड दाल दूंगी ..
सोना पीटते हुए सब सुनती रही....
सौम्य : तुम इसे घर से निकलोगे ये चुटिया इन्फ्लुएंसर है न चला लेगी अपना kharcha..mere आदमी को छिनेगी रंडी जिसके लिए मैंने अपना सब कुछ छोरा .
सोना सुबक कर रोने लगी...
मैंने सोना के सर पर हाथ रख दिया...
सौम्य : दूर हटो isse...rone दो बहन की लोदी को...
सोना मेरे साइन से लग कर और रोने लगी...
मई : तुम्हे इस पर भरोसा नहीं है मुझ पर तो hai...wada करता हों अपने रिश्ते को कलंकित नहीं karunga...mere कहने पर उसका गुस्सा ख़त्म हुआ..
मैंने पूर्वी के शोल्डर मारा..
पूर्वी : तुम जाकर baitho...saumya..
पूर्वी के फाॅर्स करने पर वो आकर बैठ गयी ..
मई : सौम्य प्लीज किसी से न kehna..ye जैसी भी है मेरी बहन है...
सौम्य : अगर ये तुम्हारे करीब दिखी तो सीधा अंकल से कहूँगी..
मई : नहीं दिखेगी...
सौम्य : मई भी नहीं चाहती तुम्हारी कजिन के सामने तुम्हारी इंसल्ट हो..
मई : स्सश्ह शांत होजा ...मई हों न तेरे पास ..सोना को सिसकता देख मई पिगल gaya...apni शर्ट से उसके आंसू पोंछने लगा...
उसने अपना सर मेरे साइन पर रख दिया...
पूर्वी: कितनी गन्दी गलियन देती हो .
सौम्य : पुलिस की जॉब में ये सब आम है सौतन...
पूर्वी: सौतन नहीं bahan...ham बहन बनकर भी तो रह सकते है ..
सौम्य : bahan..wo हाथ बढ़ाते हुए बोली...
और पूर्वी ने उससे हाथ मिला liya...wo दोनों एक दूसरे के हाथ को थम कर बैठ gayi..jaise फीलिंग्स ले रही हो..
ये मेरी सीट हे अपनी सीट पर aao...itne में पूर्वी की साइड का दूर खुला और आशना आयी....
पूर्वी उठ कर सौम्य के पास बैठ gayi...sani दूर खोल कर ड्राइविंग सीट पर बैठ गयी...
दीदी अंदर आकर जगह देखने lagi...saumya सोना को hi देख रही थी..
आशना : मई बैठ जाती हों भाई के पास...
अनुसुइया : मई सलिल को अपने ऊपर बिठा लुंगी...
दीदी की बात सुनकर मई उठा वो बैठी तो मई उनके पैरो पर बैठ गया..۔۔
रिश्तो के आगे झुकना तो सबको पड़ता है मई क्या था..
गाड़ी वापस हो गयी...
सनी: सबसे नज़दीक मॉल किधर है ...गाड़ी हाईवे पर दाल उसने पूछा...
अनुसुइया दीदी उसे रास्ता बताने लगी..
15 मिनट बाद हम मॉल में थे...
सनी : जिसे जो लेना है ले ले पाय मई karungi...dusri बात ऐसा सामान लेना जो शिफ्टिंग के लिए काम aaye..aur तीसरी बात एक ड्रेस मई चूसे करुँगी..
मई : ok मैडम अब चले..
हम अंदर aye...aur अलग अलग स्टोर में खरीदारी करने लगे..
सब हमें घुर्र रहे थे...
ये कितने की hai...aashna एक प्लाज़ो ऊँगली से दिखते हुए शॉपकीपर से बोली..
उसने मुझे देखा...
जल्दी से प्लाज़ो निकल कर उसने पैक करके काउंटर पर रख दिया ..
आशना : भैया खरीदेंगे तुम इतना हड़बड़ा क्यों रहे ho...hame और भी कपडे लेने है..
शॉपकीपर: ले jaoo..usne कांपते हुए कहा...
मई : डरो mat...news में जो अत है वो सच नहीं hota..ham खरीदारी करके चले जायेंगे...
एक्सक्यूज़ में sir...mai यहाँ का मैनेजर हों आपकी हेल्प के liye..ek आदमी ने मेरे पास आकर..
मैंने सबको देखा सब घुर्र रहे थे मुझे...
मई : जाओ यहाँ से हमें जो लेना होगा हम ले lenge...daro मत जाओ..
मेरे कहने पर वो चला गया...
मई : ऐसे hi शॉपिंग करनी पड़ेगी..
आशना ने हामी भरी..
शॉपकीपर से कुछ शर्ट्स पैन्ट्स टॉप्स लेकर आशना आगे badhi...aage दीदी और सनी सौम्य थी...
दीदी शिफ्टिंग के अकॉर्डिंग सामान ले रही थी...
मई : ये किस लिए .
सनी : बार्बी क्यू के लिए..
मई : ओह्ह सही kiya..jyada सामान नहीं लेना जहाँ जा रहे है वहां से भी कर लेंगे..
सनी : फिर रहने देती हों इसे ...
मई : अब ले लिया है तो रहने दो..
अनु ने एक टेंट ले लिया था .
आशना : ये किस लिए दीदी..
अनुसुइया : वहां माउंटेन हैं पिकनिक पर चलेंगे उसके लिए..
आशना : एक और ले लो...
सनी आगे निकल गयी थी...
कुछ देर बाद वो वापस आयी..
आकर उसने मेरा हाथ थम लिया और मुझे जबरजस्ती खींचते हुए ले जाने लगी...
चलते हुए हम एक मेल शॉप पर ए..
कई ड्रेसेस काउंटर पर राखी थी...
सनी : ये मैंने चूसे की है पहन कर dikhao...koi ek...size सही हुआ तो साडी पैक करा लुंगी..
मोस्टली ड्रेसेस हड्डी वाली थी...
मई एक जोड़ी लेके चला गया चेंज करने...
सनी : कोई मेल है अंदर..
शॉपकीपर: no...mam..
सनी : वेट...
मई रुका तो वो आयी हाथो में एक और ड्रेस लिए...
मई : तुम कहा आ रही हो..
सनी : इसे भी दिखाना पहन कर .
वो ड्रेस देके गेट पर कड़ी हो गयी मई अंदर घुस गया...
मिर्रोर में खुद को देखते हुए मई कपडे उतरने laga...mask मेरी पंत पर बंधा था...
क्या हो जब तुम गाड़ी से जाओ और एक्सीडेंट हो जाये और तुम अपने किसी या सभी क़रीबीओ को खो baitho..mai उसे रख रहा था की उसने kaha..aur मई रुक गया..
मई : हमारी डील हुई thi...maine तुम्हे रोका नहीं...
मास्क : dhokebaz...uska मुँह डरावना हो गया गुस्से से..
मास्क : मई सब समझता hon..jab मेरी प्यास बुजहने का समय अत है तू मुझे निकल देता है...
मई : वो तो मैंने ऐसे hi...aaahhh...maine मिरर में देखा मेरे शोल्डर पर फोड़ा निकल आया था...
मास्क : मेरे बिना तू कुछ नहीं है ..मेरा गुलाम है तू जो मई कहूंगा वो तू karega...mujhe अब जिस्म के साथ खून की भी प्यास लगी hai...tujhe क्या लगता है इतनी बड़ी बड़ी बिल्डिंग्स तू अपनी पावर से गिरता hai...ye मेरी असीम शक्तियां hai...lekin अब नहीं अब मई तुझे कही का नहीं छोडूंगा..
सनी : sahir...kya कर रहे हो जल्दी करो..
मई : मई यहाँ से निकलने के बाद पहन lunga..aur उसकी बात सुने बिना मैंने उसे रख दिया..
मैंने चेंज किया और मई बहार आया..
सनी : इतनी देर लगा दी ..वैसे अचे लग रहे ho...wo फिटिंग देखते हुए बोली..
सनी : फिटिंग परफेक्ट है ऑब्वियस्ली चूसे भी मैंने किये they..jao अब ये पहन कर दिखाओ...
मई : क्या यार ठीक तो hai..rehne दो न..
सनी : तुम ऐसे hi बातों में समय गवाओगे... चलो...
मेरा हाथ पकड़ कर वो अंदर आगयी...
मेरी शर्ट के बटन खोल कर उसने उसे उतर दिया...
Ye...ye वही मास्क hai...wo शर्ट रखने को हुई उसकी नजर मास्क पर पड़ी....
मैंने सर hilaya...usne मास्क को उठाया और उसे देखने लगी...
मास्क : मुझे पहन लो मई तुम्हे असीम शक्तियां दूंगा..
Khatt...uske हाथो से मास्क गिर गया..
सनी : डरावना है ये..
मई : हाँ गुस्से में ऐसे hi बातें करता है..
सनी : ये क्या hua...wo मेरे फोड़े को देख पूछने लगी.
मैंने सब उसे बता दिया..
सनी : पहन lo...aise ये नासूर बन जायेगा...
मई : तुम नहीं समझती मुझे क्या हो जाता hai...mai खुद पर से कण्ट्रोल खो देता हों..
सनी : घर चल कर निकल देना..
साहिर भी मेरी सोंचो में मुझसे यही कह रहा tha..mujhe मास्क की धमकी भी याद आ रही थी....
मई : इसे ठीक karo...maine मास्क उठा कर उससे kaha...usne ईविल स्माइल दी .और मैंने लगा लिया...
सनी : कैसा लग रहा hai...see ये ठीक हो रहा ...वो मेरे फोड़े को दिखते हुए कहने लगी..
मई : पावरफुल..
इतने में मुझे मेरी कमर पर सनी के हाथ महसूस हुए...
वो मेरी पंत खोल रही थी..
मई : मई कर लूंगा...
जल्दी karo..wo घूम गयी....
मई पंत उतारते हुए उसे देखने लगा .
मई : तुम ये सब क्यों कर रही हो .मेरी पत्निओ को भी मेरी इतनी परवाह नहीं...
मेरी बात सुनकर वो पलटी..
सनी : पता नहीं शायद बहन हों isliye...lekin तुम दोनों मेरे लिए एक सामान हो...
मई : ये कुछ और तो nahi...maine पंत उतारकर रखते हुए कहा..
सनी : शट up..kuch दिनों में चली जाउंगी बस इसलिए जी भर के तुमसे प्यार कर रही हों....
मई : जाने की बात मत karo..maine पास आकर उसका हाथ थम कर कहा...
मई इतना पास आगया था बस हवा हम दोनों के बिच से गुज़र सकती थी...
निचे मेरा लैंड अंडरवियर फाड़ कर निकलने को हो रहा था...
सनी की टैंगो पर वो लगा और उसने निचे देखा...
Ye...usne देखा और वो समझ गयी..
शर्म से उसका फेस लाल पद गया..
मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लैंड पर रख दिया...
चटकककक...
थप्पड़ मरते हुए वो निकल गयी ..
मई : sani...mai इसीलिए नहीं पहन रहा था...
सनी : चेंज करके बहार आओ..
उसकी आवाज पर मैंने मास्क उतर दिया...
और पुराने कपडे पहनने लगा..
सनी : नई पहन कर आना..
मई : मैंने अब पहन liye.mai पुराने कपडे पहन कर निकला..
इतने में वो अंदर आयी उसने हूडि उठाई और मुझे पहना दी...
मई : I'm sorry...aur मैंने उसे अपना हाथ दिखा दिया जहाँ अब पहले से ज्यादा उस मास्क का दर्द था...
सनी : पहन लो उसे मई नहीं चाहती तुम दर्द में रहो...
मई : पहले मुझे माफ़ करो...
सनी : नहीं कर paungi..chalo पहनो अब...
मई : यार ऐसा बोलोगी तो मर जाऊंगा..
सनी : प्लीज....
और वो आगे बढ़ गयी ..
पीछे पीछे मई चल diya...usne सरे कपडे पैक कराये और बिल पाय किया...
मई बहार आया तो बहार सबने अछि खासी शॉपिंग कर राखी थी..
सनी : हो गया तुम सब का..
यस madam..sabne कहा..
सनी : लास्ट ड्रेस मई dilaungi..let's फॉलो में..
सब उसके पीछे पीछे चल di.ek नक़ाब शॉप पर वो रुकी...
सनी : अपने अपने साइज का एक एक नक़ाब खरीद लो..
किस liye...sabne एक साथ पूछा..
सनी : छुपने के लिए ...मई भी कोलकाता से ऐसे hi ayi..kisi को शक भी नहीं हुआ मई ग्रीन मन की बहन हों..
उसकी बात ने लॉजिक था इसलिए सब खरीदने लगी..
सनी : सब पहन कर aao..wo हुक्म देते हुए बोली..
आशना : ओहो कितनी खड़ूस हो तुम दीदी...
हमें पहनना नहीं ata..sab बरी बरी से कहने लगी...
सनी : मई हों na..mai बाटूंगी बूत इस छोटी बची को मई पहनोगी..
उसने आशना का हाथ पकड़ा और चेंजिंग रूम में ले गयी उसके पीछे और सब भी...
सब ब्लैक नक़ाब में वापस आयी .पहचान में नहीं आ रही thi...kon क्या है...
सनी ने एक माँ के लिए पैक कराया और हम वापस चल diye...saman मई धो रहा था..
मई : sani...maine माफ़ी मांगने के लिए पुकारा...
ये मई हों तुम्हारी patni..saumya अंदर से बोली...
उसने शायद सुन लिया था इसलिए वो आगे आगे जाने लगी...
उसके पीछे भागते हुए मई उसके पास पंहुचा...
मई ; माफ़ कर दो न..
सनी : मुझे परेशां मत करो..
मई : तुम नाराज़ रही तो मई खुद से नजरे नहीं मिला paunga...chaho तो सजा दे दो...
सनी : ठीक है घर चल कर दूंगी...
वो मुँह फैट थी जैसा उसने कहा था वो करती zarur...mai सजा के बारे में सोचने लगा...
हम कार के पास aye..mai सामान कुछ ऊपर कुछ डिकी में रखें लगा...
तुम कहा जा रही हो मेरी jaan...saumya सोना को पकड़ते हुए बोली..
सौम्य : तुम मेरे पास baithogi.meri नन्द rand..rani..wtf...I मैं रानी...
किसी ने गौर नहीं kiya...siwaye मेरे और पूर्वी ke..saumya गली देते हुए जबरदस्ती उसे अपने पास बिठा लेती है...
पूर्वी मेरे साथ बैठ जाती hai...aashna मिरर के pass..didi रह गयी thi...jinke लिए पूर्वी उठ कर मेरी गोदी में बैठ जाती है...
सनी : मास्क पहन लो अपना मई नहीं चाहती जो तुमने कहा ऐसा कुछ ho...uski बात सही थी इसलिए मैंने पहन लिया...
और सनी ने गाड़ी आगे बढ़ा दी...
सनी : परसो निकलोगे न तुम लोग मई सोंच रही थी किस्से जाओगे...
आशना : तुम लोग नहीं हम लोग... खड़ूस दीदी मई तुम्हे नहीं छोड़ने wali...na तुम्हारे बिना जाउंगी...
पापा ने कहा था आज रात निकलने के लिए सनी ने परसो kaha...wo चालक थी उसकी यही बातें मेरे अंदर उसके लिए फीलिंग्स पैदा कर रही thi...mujhe अपने तने लीन्ह का अहसास हुआ तो मैंने उसे सीधा पूर्वी की गांड पर सेट कर दिया...
पीछे से मई उसके गर्दन चूमने laga..thik से बैठ कर वो अपनी अस्स में लैंड सामने की कोशिश करने lagi....meri हालत समझ कर धीरे धीरे वो गांड हिलाते हुए लैंड मसल रही थी..
अनुसुइया : हम तुम्हारे बिना नहीं जायेंगे...
सनी : भाई से बात करना..
अनुसुइया : वो आ रहे है..
सनी : haan..fir तुम हमारे साथ जाओगी..
आशना : वो मुझे मन कभी नहीं karenge....mai रोकूंगी..
मैंने दीदी के हाथ पर अपना हाथ रख लिया..
दीदी ने हैरत से मुझे देखा और अपना नक़ाब का मास्क हटा liya..wo हैरत में thi...unki और हैरत बढ़ने के लिए मैंने सर उनके कंधे पर रख लिया...
अनुसुइया : सलिल..
सलिल : ये रोलेक्स है दीदी और साहिर...
दीदी मुझे देखने लगी...
साहिर: तुम हमेशा मेरे लिए मेरी दीदी माँ रहोगी...
अनुसुइया : sahir....aue दीदी ने अपना सर मेरे गलो से लगा diya...fir सर वैसे hi किये सुबकने लगी...
अनुसुइया : बहुत मिस किया तुम्हे..
साहिर : मैंने भी अपनी दीदी को...
अनुसुइया : मेरे rolex...didi मेरे गलो को चूमने lagi...unki हिचकिएन बांध गयी थी...
साहिर : रो क्यों रही हो...
अनुसुइया : ये खुसी के आंसू है...
मई प्यार से उनकी आंखे साफ़ करने लगा..
मेरा दिल कर रहा था दीदी को अपने अंदर सामने ka...mai उनसे इतना प्यार करता tha....aur शायद यही वजह थी मई उन्हें कभी मार नहीं पाया...
सनी : फाइनली तुम्हारा मिलान hua..now I'm रिलैक्स्ड..
अनुसुइया : सब तुम्हारी वजह से...
सनी : वाओ क्रेडिट.
और हम सब हसने लगे..
अनुशिया: ये सामने मार्किट देख रही हो आशिक़ पहले यही सब्जी की शॉप लगता था...
देवर ji...ye कैप्सिकम कैसे दी..
भाभी आप ...जो लेना है ले लो...
जान ये तुम से पैसे नहीं लेगा..
लेकिन मई तो दूंगी मेरे भाई जैसा जो है...
भाई...
ी मैं तुम्हारा भाई जो है...
आरोही चले क्लास का टाइम हो गया है..
वो हुस्न की मलिका... कॉलेज में शूटिंग के वक्त मुझे मिली थी..
तुमने कैसे ढूंढा..
आपकी डेरी से मेरे बुद्धू भाई...
सलिल जी क्या hua...apke चोट लगी है..
खो kho...bas जुकाम है..
आरव प्लीज इन्हे क्या हो गया देखो न फीवर है बूत साँस नहीं ले पा रहे..
मुझे कुछ हो जाये तो तुम दूसरी शादी कर लेना...
शट उप कुछ नहीं होने दूंगी मई....
तुम रात से जाग रही हो मेरी खासी की वजह से मई दूसरे रूम में सोने चला जाता हों...
ये कैसी बातें कर रहे hai...mujhe नींद नहीं इसलिए जाग रही हों...
इश्क़ की साज़िशें इश्क़ की बाज़ियां
हरा मात खेल के दो दिलों का जुआन
क्यों तूने मेरी फुर्सत की
क्यों दिल में इतनी हरकत की
इश्क़ में इतनी बरकत की ये तूने क्या किया
फिरूं अब मारा मारा मैं चाँद से बिछड़ा तारा मैं
दिल से इतना क्यों हारा मैं ये तूने क्या किया
साड़ी दुनिया से जित के मैं आया हूँ इधर
तेरे आगे hi मैं हारा किया तूने क्या असर
मैं दिल का राज़ कहता हूँ
के जब जब सांसें लेता हूँ
तेरा hi नाम लेता हूँ
ये तूने क्या किया
Aarohi.....mere अंदर एक तीस उठी...
इंसान अपनी पहले लव को कभी नहीं भूल pata...jab ये मर्द के साथ हो तो और डीप हो जाता है...
माफ़ी न मेरी बहनो के लिए थी न आरोही के लिए जो दोनों ने किया था uski...lekin हालातो ने ऐसा मोड़ा मुझे माफ़ करना pada...aarohi इतने आगे निकल गयी थी सलिल की पहुंच से दूर बहुत दूर....
क्यों खुद को मैं बर्बाद करूँ
फना होक तुझसे मिलूं
इश्क़ का अजब है कायदा
तेरी राहों से जो गुज़री है मेरी डगर
मैं भी आगे बढ़ गया हूँ होक थोड़ा बेफिक्र
कहो तो किस्से मर्ज़ी लूँ कहो तो किसको अर्ज़ी दूँ
हस्ता अब थोड़ा फ़र्ज़ी हूँ ये तूने क्या किया
मैं दिल का राज़ कहता हूँ
के जब जब सांसें लेता हूँ
तेरा hi नाम लेता हूँ ये तूने क्या
कार रुकी और हम घर ए...
पहचानो और बताओ हम कोण है... अनसुइया दीदी कोण सी है..
समर : अरे बेटी इतना कठिन टेस्ट मई तो फ़ैल हो जाऊंगा..
आशना अपनी आवाज से पहचानी जा रही थी लेकिन वो पापा के साथ मज़ाक कर रही thi...wo पापा की ताकत नहीं जानती थी..
मई अपने रूम में ऊपर बढ़ gaya..room में आकर मैंने अपनी ालमिरह में से अपनी एल्बम निकालो उसमे से अपनी शादी की फोटो....
सलिल : ज़िन्दगी में अब बस काश रह गया है...
मई : तू कहे तो उसे ले aaun...wo तुजसे सच में प्यार करती hai...maine खुद उसकी आँखों में देखा...
सलिल : नहीं वो साहिर की वजह से मुझे चाहने lagi...vaise भी उसे छोरा मैंने है... विथाउट किसी सुपर स्ट्रेंथ ke...ye फैसला मैंने किया है..
मई : तो क्या उसे ऐसे hi याद करता rahega...aur तड़पेगा..
सलिल : हाँ उसके आने से ज्यादा ाचा ये है मई ऐसे hi तड़पता राहु उसकी यादो में..
और उसने आरोही की पिछ चूम li...shadi ki...use लेकर वो बीएड पर लेट गया सीने से लगाए...
मर्द अपनी पसंदीदा औरत से अलग होने के बाद भी कभी उसे भूलता नहीं.
मई : मैंने भी अपनी संजना खोयी है मई तो रंडी रोना नहीं कर रहा हों..
साहिर : चुप जा chutiye...tu उससे सेक्सुअली अत्त्रक्टेड था..
मई : क्या यार उससे सच में प्यार था पता नहीं कैसी होगी wo...uff मेरी जान...
सलिल : चुप करोगे तुम दोनों...
मई : nahi...usne तेरी गांड ली है lodu..aur मैंने वो यादें सलिल के दिमाग में डाली जब आरोही ने मुझे और झमेला को लड़ने से रोका tha...agar उस दिन ऐसा होता तो बड़ी तबाही होती...
सलिल : उसने खुद ली... रोहित को हाथ नहीं लगाने दिया..
मई : सेल चूतिये अब बोलै तो मरूंगा..
सलिल : हाँ मई हों चुटिया क्योकि मई दिल रखता hon...tum दोनों तो बिना दिल के हो...
साहिर : नहीं सलिल जो तू फील करता है वही मई करता हों...
आरोही ने दीदी से कही ज्यादा बुरा तेरे साथ kiya...samjha...ab समय आगया है उसे भूलने का...
साहिर ने ज़ोर लगा कर हमें उठाया एल्बम उसने स्टील के गार्बेज बॉक्स में dali...fir मोमबत्ती के पास राखी माचिस से उसने पन्नी में आग lagayi...aur एल्बम जलने लगी...
और मैंने दोनों को लिटा दिया..
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कुछ दिन pehle..secret लैब ..
मम सीरम तैयार हो गया hai..ek साइंटिस्ट ने कॉल पर कहा.
मई : रात को सबके साथ aaungi...udhar से जवाब आने पर कॉल कट हो गयी..
रात को लैब में मोना महाराज क्यारा मोहिनी गुरु charandas...aur बहुत से लोग they...kuch बड़े ऑफिशल्स भी थे...
मई आपका hi इंतज़ार कर रहा था....
साइंटिस्ट सबको देख पास आकर बोलै..
मोना : कहा है सीरम mr.bedi.
बेदी सबको लेकर एक मशीन के पास aya..fir उसने एक बटन प्रेस kiya...dhuan छोड़ती हुई मशीन ऊपर को आयी और शीशे के हिस्से में सबको झमेला का ब्लड जिसमे फार्मूला ॉक्स और गमा रेडिएशन देखने को mila...gama इतना ज़्यादा था की उसने सीरम का कलर ग्रीन कर दिया था...
महाराज: इसे इंजेक्ट कर सकते हो अभी..
बेदी: यस सर...
मोना : फिर क्या सोंचा आपने...
महाराज : मिलिट्री के एक्सपर्ट hi बता सकते है...
2 बड़े ओफ्फिसिलास पास aye...unhone कान में कुछ kaha..maharaj के इशारे पर उन्होंने अपने एक गार्ड को हुकुम दिया.
ये मुझे करने do...sabse ज्यादा अधिकार इस पर मेरा है उस हरे वाले ने मेरे बाप को mara...unka सर मुझे आज तक नहीं mila...itne में हर्ष आगे आते हुए बोलै..
महाराज : इसमें जान भी जा सकती है..
मोना : इसे नहीं पिता जी...
मोहिनी : हां पिता ji...ye परफेक्ट नहीं है..
महाराज : नहीं लड़कीओ mr.chief परफेक्ट hai...hamare लिए काम करते hai..tum क्या कहते हो गुरु...
गुरु चरण दस महाराज के इशारे पर हर्ष के अंदर घुस gaya..aur वो उसकी सोंचे खंगालने लगा..
फिर उसने okay का इशारा दिया..
महाराज : इसके अंदर इंजेक्ट करो बेदी..
बेदी : स्टेचर पर आकर लेट जाओ...
हर्ष लेट gaya..bedi अपनी टीम के साथ हर्ष की जिस्म में मशीन फिट करने लगा..
उसने एक हार्टबीट वाली मशीन फिट की और दूसरी सीरम इंजेक्ट करने वाली...
बेदी : स्टार्ट karo...bedi के कहते hi दूसरे साइंटिस्ट मशीन चालू कर देते hai...kai सिरिंज मशीन से निकल कर हर्ष के अंदर घुसने लगती है..
हर्ष : आह्हः..
सीरम जैसे जैसे अंदर जा रहा था हर्ष की आंखे ऊपर को काढ़ने लगी ...दर्द उसकी बर्दास्त के बहार हो रहा था....
AAahhhhh...aaahhhhh....uski चीखो से पूरी लैब गूंज रही थी...
धीरे धीरे उसका शरीर बदलने लगा...
देखते hi देखते सबके सामने एक मॉन्स्टर हर्ष था...
उसने साड़ी मशीन निकल feki...wo खड़ा हुआ और उसने साइंटिस्ट की खोपड़ी पकड़ ली..
Chatttt...uske हाथो में hi साइंटिस्ट की खोपड़ी क्रश हो गयी थी....
सब दर से पीछे हो रहे थे...
हर्ष : मेरे जैसा कोई दूसरा नहीं बनना chahiye...uski आवाज़ ऐसी थी जैसे कोई राक्छस बोल रहा हो...
ंशराज : तुम ठीक हो हर्ष...
हर्ष ने उसे देखा और अपने बड़े बड़े दन्त दिखा दिए...
AAhhhhh...ek मशीन के मिर्रोर में हर्ष को अपना आप दिखाई diya.khud को देख के वो दर गया...
चट्ट्ट्ट... dhamm...gusse में वो उस पर मुक्का मरता है जिससे मिरर वाली मशीन में से फ्यूज उड़ जाता है..
गुस्से में वो भागते हुए ऑफिशल्स के पास अत hai...jo महाराज उसकी फॅमिली को कवर किये हुए थे...
मोना: बैठ jao...mona ने कहा और हर्ष बैठ गया..
गुरु चरणदास : ये मई करने वाला था चली...
मोना: तुम्हारी नहीं समर अंकल ki..tum मुझे सदियों में भी नहीं सीखा pate..jo उसने 4 सालो में सिखाया..
हर्ष : मई कितना बदसूरत हो गया hon...uski भरी अबाज निकली जिसके साथ वो बदलने लगा....
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आरोही का घर.
क्या हुआ था...
तुम्हारा पति मिला तुम्हे...
आरोही आयी तो उससे सूर्य और मिश्री क्वेश्चन करने लगे...
आरोही थकी सी सोफे पर बैठ गयी...
मिश्री : क्या hua...usne आरोही को उदास देखा तो पास आकर उससे पूछने लगी..
आरोही : उसे पुलिस वालो ने पकड़ लिया था उसने कमिश्नर ऑफिस hi गिरा diya..ek बूढ़ा आदमी उसे मरने वाला था की उसकी माँ आगयी पता चला वो बूढ़ा उसका बाप है..
मिश्री: तुम क्यों उदास हो...
आरोही : सब कुछ खोने के बाद क्या खुश होना chahiye...uske पापा ने पूछा ये कोण है उस आईपीएस सौम्य के लिए तब उसकी माँ ने कहा ये सलिल की वाइफ hai...mere दिल पर जैसे बिजली giri...aisa लग रहा था जैसे सांसे रुक jayengi..uski वाइफ मई थी...
मिश्री : मेरे भाई ने सुसाइड किया बेइज्जती के दर से और मैंने उससे बदला liya...mai भी पचता रही hon...dekho ने उस दरिंदे ने मेरे साथ क्या किया...
सूर्य : उसने कहा नहीं तुम उसकी वाइफ हो.
आरोही ने ना में सर हिला दिया...
सूर्य : लॉयल्टी इस rare..now you're रेअलीसिंग व्हाट यू lost...ab उसे भूल जाओ और आगे बढ़ो...
आरोही : जब तक ये नहीं आ jata..mai होप नहीं छोडूंगी..
सूर्य : सूरे ये उसी का बचा है...
आरोही: हाँ..
सूर्य : तुम्हारी कहानी सुनने के बाद मुझे नहीं लगता ये सलिल का है .वजह तुम जानती ho..isliye मूव ों करो ..आगे का सोंचो...
मिश्री : he's करेक्ट तुम अब क्या करोगी c.b.i ने इस्तीफा ले लिया... पंजा पार्टी ने हमें निकल दिया फॅमिली में उलझने की वजह se..ab न काम है न जिनके का लक्ष्य...
सूर्य : मुमबई में मेरा एक क्लब है जिसमे हाई प्रोफाइल लोग आते hai..aur मई उन्हें सब कुछ प्रोवाइड करता hon...ye कोई आम क्लब नहीं है ..उससे मेरी अच्छी कमाई होती hai...mujhe तुम्हारे जैसी लड़की की तलाश thi...mai चाहता हों तुम दोनों मेरे लिए काम करो...
मिश्री : तुम इसके कहने पर ए कुछ पैसो के लिए अब हमें hi ऑफर दे रहे हो..
सूर्य : galat...arya की बहनो से बदला लेने के बाद लाइफ से थ्रिल ख़त्म हो गया था तब मुझे मेरे बड़े ऑफिशल्स ने बुलाया ग्रीन मन के liye..lekin तुम्हारे भाई की जगह हस्बैंड से मुलाकात हो gayi...to क्या सोंचा तुमने...
मिश्री : चलते hai...kya बोलती है...
आरोही : नहीं...
सूर्य : ठीक है अब मई चलता हों जब मन बदले और मुंबई आना हो तो कॉल करना...
सूर्य ने अपना बैग उठाया जाने के लिए जिसे उनसे पहले hi तैयार कर रखा था..
मिश्री : आप जाओ मई इसे लेकर आउंगी..
सूर्य ने हामी भरी फिर निकल गया.
मिश्री : साथ चलते yaar..kyo इतना सोंच रही है...
मिश्री मानाने लगी लेकिन आरोही उसे मन करने लगी..
मिश्री : तो अब क्या करेगी tu...tere खर्चे इतने ज्यादा है ये दौलत एक साल भी नहीं टिकेगी ..
आरोही : मैंने खुद से प्रॉमिस किया है अब खुद को गन्दा नहीं करुँगी रोलेक्स अपनाये यह नहीं...
मिश्री : कॉमन वो नहीं अपनाने वाला...
आरोही : ये छोड़ बता कॉफ़ी पीयेगी..
मिश्री ने हामी भरी तो आरोही उठ गयी...
आरोही चलते हुए किचन में आयी...
उसके पीछे पीछे गीता आगयी..
गीता : क्या करेगी मई कर दूंगी..
आरोही : नहीं तुम मार्किट से तेजाब ले आओ नहीं तुम मार्किट जाओ मई मैसेज करती हों और भी सामान लाना है.. स्कूटी ले जाना ... जहाँ मिलेगा वह की लोकेशन भी टेक्स्ट कर दूंगी...
गीता हामी भर के निकल गयी..
आरोही कॉफी बनाने lagi...ban जाने पर वो दो कप लेकर मिश्री के पास आयी...
मिश्री : तू यार फिर सोंच ले ..मैंने तो सोंच लिया मई जाउंगी ..
आरोही : पियो...
मिश्री ने कॉफ़ी उठाई और होंठो से लगा li..aarohi भी एक कप लेकर बैठ गयी....
मिश्री ने अगला घुट भरा की एक हाथ से वो अपना सर पकड़ने लगी...
मिश्री : k..kya...
Khannnn..cup छूट कर निचे फर्श पर गिरा और मिश्री बेहोश हो गयी...
Aaahhhhh....karahte हुए मिश्री को होश aaya..uske सर में तेज दर्द उठ रहा tha...usne अपने सर को पकड़ना चाहा तो उसे खननन की आवाज आयी और अपना हाथ उसे किसी चीज़ में बंधा महसूस हुआ...
आंखे खोल कर उसने देखा उसका हाथ एक लोहे की चैन से बंधा है वो बाथ टब में लेती है...
सामने उसके आरोही कड़ी है एक 50 इंच के डिलडो को थामे...
मिश्री : Aarohi...ye क्या hai...mujhe बंधा kyo...aaaaaaaaaaaahh....
आरोही को हैरानी से देखते हुए मिश्री उसे पुकारने lagi...aarohi जवाब दिए बिना मिश्री को ईविल स्माइल देकर मुस्कुराने lagi...uski स्माइल को देख मिश्री ने हाथ पेअर हिलने चाहे तब उसे अहसास हुआ उसका एक पेअर है hi नहीं...
अआरोहि घुटनो से मिश्री का एक पेअर कट करके दीवार से लगा राखी थी....
अपना पेअर देख मिश्री बुरी तरह से चीखने लगी....
आरोही डिलडो को लेकर पास aayi...fir कैंची से मिश्री के बचे कपडे काटने लगी...
मिश्री : ये ...तुम ये क्या कर रही ho...aarohi..tumne ये क्या कर diya...mujhe हॉस्पिटल ले चलो... please...mai सब भूल jaungi...mera पेअर जुड़ jayega...aarohi...
नंगा करने के बाद आरोही ने मिश्री को देखा जो उससे विनती कर रही थी...
आरोही : तुमने मेरे हस्बैंड के साथ ज़्यादती की..
मिश्री : उसने भी मेरे भाई को mara...aarohi छोड़ दो मुझे...
आरोही : कुछ देर पहले तुमने कहा था गलती तुम्हारे भाई की thi...mere सलिल इनोसेंट थे..
मिश्री : हाँ मुझसे गलती हो gayi..lekin उसे कुछ हुआ नहीं
आरोही : हाँ मिश्री मर्द का रपे भी रपे नहीं मन jata...aisa समाज है hamara..kehte हुए आरोही ने मिश्री की जंज़ीरे टाइट ki..jisse मिश्री के पेअर दये बाये फ़ैल गए और उसकी छूट दिखने लगी...
आरोही ने मोबाइल उठाया और कैमरा सेट करके रख दिया..
मिश्री : तुम ये सब क्यों कर रही ho..tum तो मेरी दोस्त से बढ़कर मेरी बहन जैसी हो...
आरोही : रोलेक्स ने कहा है अगर मई तुम्हारे हाथ पेअर काटू और तुम्हे 50 इंच के डिलडो से छोड़ू तो वो मुझे अपना लेंगे...
मिश्री: वो झूट बोल रहा था ..आरोही मुझे छोड़ do...aarohi को अपने नजदीक बढ़ते देख मिश्री रोने लगी..
आरोही ने पास आकर डिलडो उठाया और मिश्री की छूट पर सेट किया ..
Aaaassaaahhhhh....aarohi ने पुश किया और डिलडो थोड़ा सा अंदर gaya..jis पर मिश्री की कानो को फाड़ने वाली चीख निकलने लगी...
आरोही डिलडो वैसे hi फसा कर फ़ोन के पास आयी..
मिश्री : aaaaahhh....aarohi निकालो ise...aaarohi...mai तुम्हारे हाथ जोड़ती hon..aarohi...
आरोही फ़ोन के पास आकर मुँह से उसने मोबाइल पकड़ा और शूट करते हुए उसने डिलडो और अंदर पुश किया..
मिश्री : aaahhhh....nahiiiiii.... बचाओ mujhe.......geetaaaaaa....aaaaaahhhh...
डिलडो थोड़ा अंदर होने पर आरोही ने फ़ोन एक हाथ से पकड़ liya..aur ज़ोर से अंदर पुश किया... मोबाइल में देखते हुए आरोही लगातार डिलडो पोस्ट करने लगी...
पेट देख कर उसने मोबाइल कपड़ो से टिका कर पेट पर रख diya..aur फिर दोनों हाथो से डिलडो पुश kiya...dildo छूट चीरता हुआ अंदर घुस गया..
Ooohh...mishi के मुँह से खून निकला और उसकी आंखे ऊपर को काढ़ गयी...
आरोही डिलडो देखे बिना अंदर बहार कर रही थी...
जब मिश्री की आवाज नहीं निकली तब उसका ध्यान उस पर गया..
आरोही : तुम ऐसे नहीं मर सकती ..mishi...mishi....
बहुत देर तक आरोही उसे जगती रही फिर थक कर वही बैठ गयी...
कुछ देर बाद उसने बॉडी परता कटे और उन्हें तेज़ाब के डब्बो में डालने लगी...
अगली सुबह वो उठी और उसने तेज़ाब के डब्बो में बॉडी पार्ट्स देखे तो सब गाल चुके they...usne सब उठा कर बरी बरी से अपने गटर में बहा दिए...
फिर नाहा धोकर वो तैयार हुई और अपना फ़ोन लेकर चल di...salil के घर....
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सूर्य c.b.i हेडक्वार्टर में बैठा tha....use एक अफसर ने आकर एक मैसेज दिया और वो उसके साथ चल diya...car में आया तो अफसर ने उसकी आँखों पर पट्टी बांध दी...
सूर्य समझ गया था वो कहा जा रहा है....
कुछ देर बाद वो महाराज के सामने था..
सामने उसके हर्ष और बहुत लोग बैठे थे....
दो गुंडे पकड़ कर d.i.g को मार रहे थे...
D.i.g के हर बॉडी पार्ट्स से खून निकल रहा था...
हर्ष : क्यों मिलना चाहते थे..
सूर्य : मई जा रहा hon...bas आपको इन्फॉर्म करना था..
हर्ष : ाचा...
क्या कर रहे ho...iske sath..itne में वहां क्यारा एंटर हुई...
महाराज : इसकी वजह से वो ज़िंदा बच गया...
क्यारा: इसकी वजह से नहीं मेरी वजह से छोड़ दो इसे...
गार्ड महाराज को देखने लगे...
गार्ड्स के न छोड़ने पर क्यारा ने अपने हाथ को hilaya...aur गॉर्डस दूर जाकर गिरे..
महाराज : छोड़ दो इसे...
क्यारा : इसे हॉस्पिटल ले जाओ..
मिस क्यारा सोंचा नहीं था आपसे दुबारा मीट उप होगा...
क्यारा ने उसे देखा और वो अपनी यादो में चली गयी...
आआह्ह्ह्ह surya..aur tej....aaahhhh छोड़ो मुझे... उफ्फ्फ सूर्य फ़क में hard.....akshi लीक माय pussy...uff ाक्षी....
सूर्य को देख क्यारा ने एक सेक्सी स्माइल di...surya आगे बढ़कर उसके गले लग गया....
क्यारा: कब से यहाँ हो..
सूर्य : ग्रीन मन के लिए हर्ष हे बुलाया था..
क्यारा: मिले उससे..
सूर्य : नहीं रोलेक्स se..aapko आर्य मिला..
क्यारा : नहीं बस खबरे सुनी उसके बारे में एक baar...dhundne गयी तो नहीं mila...uski शक्तियां जाग जाती तो महाराज को इतना सब न करना पड़ता उस सलिल के लिए...
सूर्य : सलिल नहीं रोलेक्स वैसे यहाँ क्या हुआ hai...ye लोग d.i.g को क्यों मार रहे थे..
चरणदास: कुछ देर पहले रोलेक्स की फाइट हुई थी महाराज के लोगो से...
सूर्य : अब क्या करना है..
महाराज : उसे कहत्म वो आपके साथ नहीं होने वाला मिस kyara...aap सैम सर को बुलाये...
क्यारा : अब तुम पावरफुल हो तुम खुद भी उसे ख़त्म कर सकते ho...sam की क्या ज़रुरत...
आप हमारा साथ देंगी ..ईटर क्यारा को घूरते हुए बोलै...
क्यारा : कितनी बार कहु मुझे इस नरभक्षी से घिन अति है...
ईटर नरसिम्हा : मई उसे अकेले नहीं हरा सकता अगर हम दोनों मिल jaye...to उसे मसल कर रख देंगे...
महाराज : तुम चुप raho...aap देंगी हमारा साथ...
क्यारा ने हामी भर दी....
महाराज : ठीक है फिर उसे आज रात मार देंगे उसके परिवार के साथ...
मोना : आज रात क्यों पिता जी ..कुछ दिन उसे अपने बाप के सह रहने दो..
मोहिनी : परिवार kyo...pita ji...hamare दुश्मन तो रोलेक्स और समर hai..aurto से दुश्मनी क्यों..
महाराज : जैसे आज जान हमारी हलक में आगयी ऐसा hi कल भी हो सकता hai..vaise भी अनुसुइया अपने बाप से मिलकर सब जान चुकी hogi...wo अपनी बाप की वजह से उस दिन टेस्ट में पास हुई उसे मैंने तैयार किया hai..wo तुम्हारी सोंच से भी ज्यादा चालक है..
मोना : उसकी सोंचे तो आपके अगेंस्ट नहीं है...
चरणदास : झूट बोल रही हो tum...wo प्लानिंग कर रही है महाराज को मरने की...
मोना : मई पहले का बता रही हों..
मोहिनी : इतनी जल्दी सब करना ठीक नहीं रहेगा पिता ji...hame उन पर अनएक्सपेक्टेड अटैक करना hoga..rolex हमारी सोंच से भी ज्यादा पावरफुल है.
महाराज : सही कह रही हो..
सूर्य : माफ़ करना मई समझता हों अगर उसे ख़त्म करना है तो ये जल्द से जल्द करना होगा कमज़ोर दुश्मन को समय दिया जाता है अगर कोई रोलेक्स जैसा हो तो ऐसे बहस नहीं की जाती..
हर्ष : कमज़ोर वो hai...aur हर्ष बदल गया....
हर्ष को देख एक समय के लिए सूर्य भी दर gaya....usne यहाँ से जाना hi सही समझा...
हर्ष : डरो मत...
और हर्ष पहले जैसा बनने लगा..
सूर्य : मुझे जाना चाहिए..
उसने कदम वापस मोड और जाने के लिए मुद गया...
मुझे उसकी बात सही लग रही hai..surya के जाते hi महाराज ने कहा..
मोहिनी : बेवकूफी हो सकती है ये..
महाराज : फिर भी होसियार rehna....sabhi गार्ड्स को अलर्ट कर do...mai भैरव को देख कर अत hon..ab वो कैसा है...
नरसिम्हा : मई भी चलूँगा...
और दोनों रूम से निकल गए...
हर्ष : मेरे घर पर मेरी छोटी बहन होगी उसे यहाँ ले आओ..
हर्ष ने एक गॉर्ड से kaha..jis पर वो सर हिलता हुआ निकल गया...
वेजटेबल्स ग्रोसरिएस और फिश मीट सारा सामान आना hai...mujhe पीछे से सनी ने आवाज दी....
मई : ठीक है ले आऊंगा....
और मई घर से निकल गया....
नेक्सट कंटिन्यू.....
सामान लेकर सलिल घर aya....aur कण्ट्रोल मैंने उस पर कर liya...maine उसे सुलाना चाहा लेकिन वो सोया nahi...wo जाग रहा tha...mask अपना काम कर रहा था۔۔
सारा सामान सनी को देके मई सोफे पर बैठ gaya..sanjana नाहा कर सनी के साथ लग गयी थी...
अब मुझे ये शहर छोरना था लेकिन उससे पहले महाराज को भी उसके अंजाम तक पहुंचना था और सबसे जरुरी था पापा को अपनी अनु सोना की सच्चाई से दूर रखना... सोंचते हुए मई उठा और अनु के रूम में अंदर घुस गया...
Sona...mirror के सामने बैठी तैयार हो रही थी...
Sona....salil मुस्कुराते हुए उसके पास गया और उसने उसकी आँखों पर हाथ रख लिए.....
ये गहन चक्कर था ..मैंने छुड़ाना चाहा लेकिन वो कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा था...
सोना : छोरो मुझे कमीने इंसान....
सलिल : ऐसे नहीं पहले गेस करो....
सोना : तुम दूर नहीं हटोगे तो मई चीखूंगी पापा घर पर है...
सलिल : हहह नहीं छोड़ूंगा ..पहले गेस करो ..
सोना क्या hua....itne में टॉवल में लिपटी अनु बहार आगयी ..टॉवल में उसकी नंगी टैंगो के साथ ऑलमोस्ट बूब्स साफ़ सो हो रहे they....anu का गीला बदन सलिल मुझे साहिर तीनो को अत्त्रक्ट कर रहा tha...ye सब था उस मास्क की वजह से ..
Didi....sona को छोड़ सलिल भागते हुए अनु के पास आकर खड़ा हो गया...
अनुसुइया : सलिल..
उसने सर हिला दिया...
अनुसुइया : मेरा बचा.... बाहें फैला कर अनु ने सलिल को गले से लगा लिया....
अनु के बूब्स मुझे अपने सीने में मेहेउस हो रहे थे मन हो रहा था उसे और कसकर हुग करने ka...mera हथियार मुझे अपने घुटनो से थोड़ा ऊपर फुल्ली ेररेक्ट महसूस हो रहा tha...mere हाथ गले लगे hi अनु की अस्स पर चले गए....
सलिल : दीदी ...समझ नहीं आ रहा है क्या कहूं....
अनुसुइया : कुछ nahi...aauchhh...
गले लगे मैंने अपने हाथो से अनु की अस्स मसल di..jis पर वो झटके से पीछे हुई...
सलिल सोंच में डूबा बीएड पर बैठ गया..
मई : तू कपडे पहन कर आ ..
सलिल : पता नहीं ये कैसे हो गया didi...uska फेस रोने वाला हो गया....
अनुसुइया : कोई बात नहीं मई अभी आयी...
कहकर वो कपडे लेकर वाशरूम में चली गयी ..
इसे तो फ़र्क़ hi नहीं पड़ता मई कुछ भी करू इसके sath...maine सोचा....
साहिर : तूने किया ye..uski आवाज में गुस्सा था..
मई : नहीं..
सलिल : ये शायद उस मास्क की वजह से ..
आप सलिल ho...aap जाग gaye...itne में सोना मेरे पास बैठते हुए बोली...
सलिल : हाँ और तुझसे नाराज़ bhi..mere अगेंस्ट जाकर तूने शादी की फिर तुझे बचाया और अब तू मुझसे बात bhi....salil आगे कुछ कहता सोना उसके कंधे पर सर रख कर सिसकने लगी...
सलिल : क्या हुआ pagli....umhhhhh...face आगे करके सलिल ने उसके सर को चुम लिया...
मुझे दर लग रहा था कही ये सलिल को बता न de...jitna मई समझ रहा था साहिर ने सोंच लिया था मुझे लेकर कुछ ये मेरा वहम था या हकीकत ये जवाब समय ने करना है लेकिन अपनी बहन के लिए साहिर खामोश रहने वाला नहीं था ..अब अगर सलिल को भी पता चल जाता सोना के साथ जो हुआ वो चीख चीख कर सबको बता देता और हमारी आपस में लड़ाई हो जाती....
सोना : बस आपको इतने दिनों से देखा नहीं...
सलिल : क्या हुआ था हम होटल में ए थे उसके बाद मुझे कुछ याद nahi...bas कुछ देर पहले पापा को देखा...
सोना : आपको रोलेक्स ने कण्ट्रोल किया था...
सलिल : अब ये नहीं कर payega...jab तक मास्क मेरे फेस पर rahega....tum बताओ क्या हुआ था...
सोना: रोलेक्स की लड़ाइयां हुई कभी आर्मी से कभी दीदी और मुझ se...fir वो बताने लगी सिवाए अपने साथ हुई ज़्यादती के..
सलिल : तुझे कोई हक़ नहीं मेरी बहन से लड़ने का... ोथेरविसे मास्क को हुक्म दूंगा और तू हमेशा के लिए ख़त्म...
उसकी धमकी में गुस्सा और सच्चाई thi..mai खून का घुट पि कर रह गया..
सोना के अहसास से मेरा हथियार फिर झटके खाने laga...salil अलग हैट कर बैठा की सोना फिर पास खिसक कर उसके करीब बैठ गयी..
मेरा हाथ चला और मैंने सोना का हाथ अपने हथियार पर रख दिया इस तरह की उसे अहसास भी न हो की ये मेरा हथियार hai...uska हाथ लगते hi मेरे हथियार ने फिर झटका खाया...
मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मई पीठ से अपना हाथ ले जाकर मैंने उसे सोना के बूब पर रख दिया...
सलिल :मई आगया हों न अब सब ठीक हो जायगा...
सोना : दीदी केरला जाने के लिए कह रही है चलते क्यों नहीं यहाँ हमारे सब दुश्मन बन गए hai...aaahhhh...
वो बात hi कर रही थी की मैंने उसका बूब्स दबा diya...jhatke से सलिल अलग हुआ....
आईने में वो खुद को देखने लगा...
सलिल : मई ऐसा नहीं hon...sona के कुछ बोलने से पहले उसकी भर्राई आवाज़ निकली...
सलिल : aaaaaaahhhhhh....aur उसने मास्क निकल दिया ..मास्क हमें रोक रहा था डरा रहा tha...lekin सलिल नहीं रुका...
सलिल चलते हुए अनु की अलमारी के पास आया .
सलिल : इसका लॉक क्या hai...wo सेफ खोलने की कोशिश कर रहा था...
सोना : दीदी ..इतने में अनु वाशरूम से निकल आयी..
सोना : सेफ का लॉक क्या है दीदी..
अनु ने लॉक बताया और सलिल ने मास्क रख दिया...
मास्क के हट्टे hi वो हॉर्नी फीलिंग्स कही खत्म हो गयी थी....
साहिर : हम इस मास्क के भरोसे नहीं रह sakte..wo मेरी सोंच में बोलै..
अनुसुइया : क्या हुआ था...
किसी तोते की तरह सोना ने सब बता दिया .और फिर इनोसेंट बनने की एक्टिंग करने लगी..
अनुसुइया : ये हमारा सलिल नहीं वो मास्क उससे ये सब करवाता है...
मई : उस दिन भी मई नहीं था इसी ने मजबूर किया था मुझे...
सोना : ये कहकर तुम बच नहीं सकते...
सलिल : किस बारे में बात हो रही है क्या हुआ था उस दिन...
अनुसुइया : कुछ नहीं सलिल ये मुझसे बतमीज़ी करता tha...sona उसी की बात कर रही है...
क्या समझू इसे अनु इतना सब होने के बाद भी मेरी हर गलती छुपा रही थी...
सलिल : अब ऐसा नहीं करेगा...
मैंने बिना समय बर्बाद किये सलिल को सुला दिया..
साहिर ने ऐसी कोई बात नहीं की जो मेरे लिए खतरा बने इसलिए उसे जागने दिया...
मई : मई यहाँ बात करने आया हों...
अनुशिया : बात सिर्फ अपने भाई सलिल से करनी है..
साहिर : इसने सुला दिया उसे....
मुझे हैरत हुई साहिर अनु की साइड ले रहा था...
अनुशिया : उसे jagao...abhi...hamara तुम से नहीं उससे रिश्ता है...
मई : जनता हों लेकिन जो मई कहने जा रहा हों ये सिर्फ हमारे बिच रहना चाहिए...
अनुसुइया : कब जागेगा salil...ab तुम उसे सुला नहीं sakte..papa घर पर है...
मई : जगा दूंगा हमारे डिस्कशन के baad...usne हामी भरी...
अनुसुइया : बताओ क्या बात करने ए हो..
मई : हमारे बिच जो हुआ तेरा पास्ट मेरा पास्ट कुछ भी ऐसा जिससे पापा को तकलीफ हो पता नहीं चलना चाहिए...
सोना : और जो तुमने मेरे साथ किया है वो भूल जॉन..
अनुसुइया : नहीं चलेगा लेकिन जो सोना के साथ तूने किया उसकी माफ़ी नहीं है..
मई : मांग भी कोण रहा है तुझसे माफ़ी...
अनुसुइया : फिर फैसला हो गया पापा को सब बताना होगा...
मई : पागल हो गयी है तू...
अनुशिया : तुझे अगर पापा की इतनी hi केयर है तो मर क्यों नहीं jata...nahi तो पापा तुझे मार hi देंगे जो तूने सोना के साथ किया जानकर...
मई : फिर पापा को ये भी पता चलना चाहिए तू साहिर को मोना की दी हुई सेक्स मेडिसिन खिलाती थी जिससे वो हॉर्नी होकर सलिल की तरह बनने लगा था और घर पर ये छोटी चुड़ैल ब्रा पंतय में उसके सामने घूमती थी उसे सडके करती थी फिर जब वो सौम्य को लाया तब उस पर रपे का इल्जाम लगा ...मई तो बुरा हों लेकिन sahir...uska kya...usne तुम दोनों के साथ क्या गलत किया....
साहिर : चुप हो जा रोलेक्स...
मई : नहीं मुझे बोलने de...ye बहने थी जिन्होंने मुझे और उस मास्क को मजबूर किया सोना के साथ ये सब करने पर और इन्होने विल्लिअन किसे बनाया tujhe....wo तू था जिसने सलिल का एडिक्शन चुराया और उसे इन्हे प्रोटेक्ट किया इसकी मौजूदगी में भी तू इसके दुश्मनो के बिस्तर गर्म करने से भी नहीं hichkichai...jaa ये सब भी बता दे पापा ko....isne तेरी जासूसी कराइ लेकिन तेरे खिलाफ एक्शन नहीं लिया बल्कि तेरे पापो को काम करने के लिए उन लड़कीओ को बचने चला gaya...tune कितनी लड़कीओ का रपे किया है तुझे अंदाज़ा hai...siya madam....apni बहन के साथ होने पर तेरी इंसानियत जाग gayi....whores भी किसी के साथ इतना बुरा नहीं करती जितना तुम दोनों ने साहिर के साथ kiya...salil तो जीने लगा लेकिन ये हसना hi भूल गया खुसी किसे कहते है ये तरस गया hai...sirf तुम दोनों की वजह se...tumhe जो बताना है बता दे लेकिन मई कुछ नहीं कहूंगा तुम दोनों के बारे में ..मई अपने बाप को इसकी तरह नहीं बनने दूंगा...
कहता हुआ मई रूम से निकल गया...
एक भाई को ऐसा नहीं करना चाहिए था कोई भी तर्क सोना के साथ हुई ज्यादती को जस्टिफाई नहीं karta...sahir ने kaha...wo मेरे दिमाग में सोंच रहा था...
मैंने रुमाल से अपनी आंखे पोंछी और अपने रूम में आया....
पापा के बाल etc.cut चुके थे उन्होंने मेरे कपडे पहने थे जो उनके टाइट थे ..आशना उनके बाल संवर रही थी माँ दोनों को मुस्कुराते हुए देख रही थी....
समर : तो तुम डॉक्टर बन रही हो...
आशना : है पापा लेकिन अब तो छूट गयी है...
समर : मई आगया हों न सब ठीक हो जायेगा...
आशना : मेरे बेस्ट पापा...
वो उनकी पीठ में बाहें डेल झूल गयी थी..
खो खो ....खस्ता हुआ मई अंदर आया...
मुझे देख पापा पालते...
खूबसूरती में मेरे पापा मुझसे भी आगे थे मई माँ पर गया tha...meri आईज ब्राउन थी पापा की blue...unka रंग भी दूध जैसा था अनु उन पर hi गयी thi....magar अब उनके चहेरे पर सदमे और बुढ़ापे के आसार नजर आ रहे थे...
समर : साहिर सलिल... मेरे bacho...tum कितने बड़े हो गए हो.
पापा की आवाज़ पर मैंने सलिल को जगा दिया...
साहिर : papa...aur हम तीनो उनके गले लग गए....
बहुत देर तक मई पापा से लिप्त raha...unki सिसकियाँ निकल रही थी...
समर : तुमने अपनी माँ को ढूंढा .
साहिर : सलिल ने पापा ..
समर : मई नहीं था तुम्हे तो इन्हे संभालना था...
माँ क्या कहती उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया ..
आशना : चलो पापा सबसे मिलती हों...
वो पापा का हाथ पकड़ ले जाने lagi...maa पीछे जाने को हुई तो मैंने रोक लिया....
माँ ने देखा मुझे मैंने इशारे से रुकने के लिए कहा...
क्या बात है .माँ ने उनके जाने के बाद पूछा...
मई : माँ पापा को हमारे अनु सोना के पास्ट के बारे में पता नहीं चलना चाहिए अगर ऐसा हुआ तो पापा जी नहीं payenge...aap उनसे वडा lena..ki वो कभी हमारे दिमाग में नहीं झाकेंगे..
साहिर : ये सही कह रहा है maaa..unhe मजबूर करना...
सलिल : मास्क के बारे में बता सकती है..
मई : वो जानते hai...wo मुझसे मास्क लेने ए they....aap मनाएंगी न उन्हें..
माँ ने हामी भरी..
आआह्ह्ह.....
मई : चले निचे चलते hai..kisi औरत की चीख पर मैंने कहा..
आवाज़ सुन माँ निचे के लिए भागी..
ये क्या कर रहे हो aap...maa सीता को संभालती हुई पापा पर चीखी...
पापा ने सीता को दिमागी झटका दिया था...
समर : तेरी वजह से मेरा खंडन तबाह हुआ मेरे बचे अनाथ बन कर जी रहे they...papa गुस्से में गरजे .
Aaaaassaahhh...aaaahhhhhh...aur सीता की फिर दर्दनाक चीखे निकलने लगी....
माहि : बस कर दे समर जी..
प्रकाश : जीजू ये अब पहले जैसी नहीं है ये बदल गयी hai....aap चाहो तो इसका दिमाग पढ़ लो..
समर : लेकिन मई तो अपना सब कुछ खो चूका हों न....
AAaaahhhhhh...aaaahhhhhh...aaaahhhh..
पापा ने कहा और सीता दर्द में चीखने lagi...maa मां संजना तीनो के संभाले से नहीं संभल रही थी...
प्लीज मेरी मां को छोड़ दो... please...rolex आप रोकते क्यों नहीं... प्लीज रोकिये na...sanjana कभी पापा के कभी मेरे आगे हाथ जोड़ रही थी...
माहि : समर जी प्लीज रुक जाइये..
सनी : चाचू आप रुको इसे इस दर्द से मुक्त मई करुँगी...
वो नाइफ लिए किचन से निकली...
संजना : nahiiii...rolex जी..
माहि : सनी मेरी बची ऐसा मत करो...
मां ने सनी के आगे हाथ जोड़ लिए...
प्रकाश : पहले मुझे मार दो...
आआह्ह्ह...
मां ने कहा और मां अगले hi पल सनी के आगे से हैट gaye...ye देख माँ आगे agayi...mama की जगह पर सीता के आगे..
माहि : सिर्फ इसकी गलती नहीं hai...jitni जिम्मेदार ये है उतनी hi मई hon..agar मई न बताती तो ये सब न होता...
वो नाइफ मरने वाली थी माँ के कहने पर वो रुक गयी...
सनी : इसे कहो यहाँ से जाने के लिए नहीं तो मई इसकी जान ले लुंगी...
मां भागते हुए आये और सर हिलने लगे...
उन्होंने सीता को खड़ा किया...
संजना ...उनकी आवाज़ पर संजना मेरे पास से हटी तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया...
मई जाने के लिए ना में गर्दन हिलने लगा...
उसने दूसरे हाथ से अपना हाथ छुड़ाया और आगे बढ़ गयी...
साहिर : इसने तुम्हे बचाया तुम्हारे माँ बाप को तुम इसे छोर कर जा रही हो...
साहिर की आवाज़ पर वो पलटी...
मई : नहीं साहिर जाने दे use..ahsan के बदले प्यार नहीं chahiye..use होगा तो खुद मेरे पास आएगी...
मेरे कहने पर वो आगे बढ़ gayi...fir अपनी माँ को सहारा देते हुए जाने लगी...
देखते देखते वो घर से निकल गयी..
हे तू इक डैम माल है...
तू ऐसे हस्ती है न मन करता तुझ पर सब कुछ लुटा दू ..
तू मेरे टाइप की है...
मुझे कसकर पकड़ ले तू गिर जाएगी..
आप मज़े लेने के लिए कर रहे हो..
आप आग से कैसे bache...tere साथ बहुत सरे बचे करने है..
ाचा जी और अंदर सुप्रिया के साथ जो किया वो..
अबे वो तो मेरी रखैल है तू मेरा प्यार....
उसके अन्ह्को से ओझल हो जाने के बाद मेरी आंखे चालक पड़ी ..मई उस रूम की तरफ चल दिया जो सोना का था मगर उससे सौम्य झांक रही थी....
अंदर पूर्वी बीएड पर लेती thi..mai पास जाकर लेट गया...
पूर्वी : क्या हुआ सीता क्यों चीख रही थी...
साहिर : उसने पापा का raz.....fir सनी ने उसे घर से निकल दिया...
साहिर ने पूर्वी को सब बता दिया .
पूर्वी: सही kiya...usne भी अपना परिवार खोया था...
साहिर : अगर हम तीनो में से कोई रोकता तो सनी कभी बात न करती...
पूर्वी : भूल jao...bas मेरे पास लेते raho..wo कार्बेट लेते हुए मेरे पेअर पर पेअर रखती हुई बोली...
इतने में सौम्य मेरे पास आकर लेट गयी..
उसने भी पेअर पर पेअर रख लिया...
साहिर : तू सो जा...
मई : नहीं मुझे तो आदत है ऐसे जीने में...
मेरी दर्द में डूबी आवाज़ निकली.
साहिर ने मेरी आंखे बंद कर दी ..
कुछ देर बाद मुझे अपने ऊपर किसी लड़की का अहसास हुआ....
मई : क्या कर रही है सौम्य ..
सौम्य : मई नहीं हों...
मेरी कोहनी दायी तरफ लेती सौम्य के पेट से लग रही thi...ye कोई और थी..
पापा बुला रहे है... सभी ko...mujhe सोना की आवाज ayi...wo मेरे ऊपर लेती थी मेरे साइन पर अपना सर रख कर..
मई : क्या कर रही है तू...
Ssssshhh...aise hi लेते rahe..usne धीमे से कहा...
मई : हैट पापा के पास जा रहा हों..
मेरे हलके गुस्से में कहने पर वो उठी..
मई उठा तो मैंने उसे देखा वो अजीब नजरो से मुझे देख रही थी...
मई : तू सलिल से चिपट रही थी न..
उसने ना में सर हिलाया फिर रूम से निकल gayi...mujhe सोंचता छोर..
मई : तुम दोनों भी आओ...
दोनों को लिए मई पापा के पास सोफे पर आकर बैठ गया tha...unke पास सभी बैठे थे...
समर : माहि उदासी छोरो भी..
माहि : बस करे aap...na उनके पास पैसे है सब हमारे दुश्मन बने है जवाब लड़की है उनके साथ ऐसे में कहा jayenge..seeta गद्दार थी लेकिन मेरे भाई का क्या कसूर उन्होंने हमेशा आपको चुना आपसे वफादार रहे .
समर : मई उनकी बातें सुन रहा tha..seeta ने बहुत दौलत जमा कर राखी hai...wo इस समय बैंक में hai..mai उनके दिमाग में hon..koi खतरा दिखेगा मई उन्हें बचाऊंगा..
पापा के जवाब पर माँ शांत हुई ..
समर : तुमने कैसे अपने भाई बहनो को बड़ा किया...
पापा ने अनु से पूछा..
मई : सामंथा माँ की बहन ने खर्चा दिया ..उन्होंने बस शुरू में हमें देखा अनु के भागने पर उनका आना काम हो गया tha..hamari परवरिश अनु ने hi की थी .मई जवाब देकर उसे नहीं हमें बचा रहा था..
समर : तुम मिली अपनी बहन से.
माहि : वो आयी नहीं मिलने आती भी कैसे उसने जहर जो दिया था आपको..
समर : वो मजबूर थी ..
सलिल : नहीं maa..sona की शादी में मई उनसे मिला था तब मैंने जोजो से कहा की जिस औरत को मई माँ कहता था उसी ने मेरे बाप को जहर दिया... शायद जोजो ने उन्हें बता दिया...
समर : सामंथा को कॉल करके यहाँ बुलाओ... कहना तुम्हारी माँ मिलना चाहती है...
दीदी ने मैसेज कर दिया..
मई : आप कहा थे papa...ab तक वापस कैसे नहीं ए .
समर: कई सालो तक महाराज ने मुझे मचिनो में कैद रखा फिर 4 साल पहले उसने मेरे ठीक होने पर मुझे एक रूम में कैद कर diya...wahan एक गंगा सर्वेंट था unka..jo मुझे खाना देता था..
अनुसुइया : और इस वजह से आप उसे कण्ट्रोल नहीं कर पाए...
समर : नहीं मेरी bachi...mai चाहता तो उसे हिप्नोटिस्म के ज़रिये कण्ट्रोल कर लेता लेकिन गुरु चरण दस जो टेलिपाथी जनता है वो मेरे दिमाग में बैठा tha..shayad अब भी hai...mai उसकी सोंचे पकड़ लेता और उसे भी कण्ट्रोल कर लेता अगर वो मेरी सोंच में bolta..ye ऐसा है जैसे एक घर में लाखो घर अँधेरे में ढूंढ़ना..
मई : आप उसकी सोंचे पकड़ नहीं सकते बिना उसके आपको जवाब दिए..
समर : मेरी किताबे कहा है माहि..
माहि : वो घर जल gaya...uske साथ hi आपकी किताबे भी...
समर : खैर छोरो वैसे भी अब मई बूढ़ा हो गया हों..
मई : क्या मतलब पापा..
समर : उन किताबो में कोई नुस्खा मिल जाता तो मई उसकी सोंचे बिना कमांड दिए पकड़ लेता...
मई : ाचा....
समर : तो मेरी सोना की शादी हो गयी मतलब अनु की भी हो गयी hogi..kaha है तुम्हारे हस्बैंड..
अनु मुझे देखने लगी..
मई : अनु का हस्बैंड नामर्द था तो दीदी ने उसे डाइवोर्स दे दिया...
सोना : मेरी लव मैरिज थी वो लड़का दीदी का दुश्मन था वो मुझे मर रहा था तब मैंने सलिल भाई को बुलाया और उसके बाप ने जब भाई को शूट किया तो भाई ने मेरे हस्बैंड को आगे कर diya...aur शायद वो मारा गया...
पापा का चहेरा उतर गया था...
समर : कोई बात नहीं अब मई तुम्हारे लिए अचे लड़के तलाश करूँगा...
माँ कुछ कहने जा रही थी की अनु ने माँ का शोल्डर दबा diya...aur वो चुप हो गयी...
माहि : अनु बीटा देखो खाना बन गया.
सनी : हां माँ बन gaya...jao चाचू हाथ धो आओ मई लगाती हों..
समर : चाचू नहीं पापा kaho...tum तीनो भाई बहन मेरे लिए सलिल मेरी तीनो बचियो से बढ़कर ho...papa के कहने पर वो उनके सीने से लग gayi...papa प्यार से उसकी पीठ सहलाने लगे...
अनुसुइया : तुम बैठी मई निकलती हों..
सनी : गेस who's किंग..
मई : झमेला...
उसने मुस्कुराते हुए सर हिला दिया...
समर : ये कोण है...
सनी : आपका बड़ा बीटा...
समर : बहुत अछि खबर दी है...
मई : कैसे उसकी नाराज़गी ख़त्म हो गयी..
सनी : pa.papa के बारे में bataya...wo हिचकिचाई पापा कहते हुए..
मई : ाचा किया आएगा तो उसके हाथ जोड़ लूंगा...
सनी : चलो आओ मुझे भूक लगी है...
सनी मेरे पास आयी और मुझे उठाने के लिए बाहें उसने मेरे गले में दाल दी .
मई : क्या कर रही पापा के सामने...
अगले hi पल उसने अपनी आस्तीन से एक लेटर निकल कर मेरी जेब में रख दिया..
सनी : चलो आओ खाये...
हम सब दिन्निग पर आकर बैठ गए..
माँ अनु सबको उतर कर देने lagi...jaise hi माँ मुझे देने को हुई अनु ने पहले आकर मुझे दे दिया..
फिर मेरे hi पास आकर बैठ गयी...
समर : तुम क्या करती थी अनु...
अनु ने मेरे लात मरी .
मई : इसका क्लब था जो मैंने बंद करा दिया...
समर : इसका .क्या मतलब तुम दोनों में कुछ हुआ है अभी तुम इसका नाम ले रहे थे..
अनुसुइया : नहीं पापा हम फ्रेंड्स की तरह रहते है न .
समर : फिर भी अपनी बड़ी बहन से इस तरह बात नहीं करोगे..
मैंने गर्दन हिला कर हामी भरी...
समर : और सोना तुम...
सोना : मई ग्रेजुएट हों..
समर : खान खाने के बाद अनुसुइया तुम और साहिर आशना के कॉलेज से उसके सर्टिफिकेट लेने जाना ..
सनी : पास करो... मैंने मटन का डोंगा उसे उठा कर दिया की उसने आँखों से इशारा किया मेरी पॉकेट की तरफ बदले में मैंने भी..
सनी : क्यों न हम सब चले जाये पापा..
समर : ये तो और अछि बात है ..
अब मुझे देखना था ये सनी पापा के साथ मिलकर क्या प्लांनिग कर रही है ..
समर : तुम्हारा भाई सामंथा के घर जा रहा है...
पापा की बात सुनकर माँ एक डैम पुरसुकून हो गयी...
सलिल : दीदी मुझे मीट खाने पर मरती थी आज खुद खा रही hai..hahaha..
अनुसुइया : तुम भी न मई अनजान थी सबसे..
मैंने जल्दी से अपना खाना ख़त्म Kiya...aur अपने रूम में आया...
हां पिता ji...mere एते hi सौम्य कानो पर फ़ोन लगाए एंटर हुई..
मई लत्तेर निकल कर पढ़ने लगा..
साहिर बेटे ये मई हों तुम्हारा papa...mai तुमसे डायरेक्ट ये बात नहीं कर सकता था इसलिए मैंने सनी का सहारा लिया गुरु चरणदास मेरे दिमाग में बैठा है इसलिए इस तरह तुम्हे बता रहा hon...maharaj और उसके लोग किसी भी समय यहाँ आ सकते hai...wo यहाँ ए उससे पहले हमें उनके पास जाना होगा ...और आज hi ये सहर भी छोड़ना hoga...tum अपनी बहनो को मार्किट ले जाओ और खरीदारी करो जो सनी बताये...
लत्तेर पढ़ कर मैंने उसे रख दिया...
सौम्य : कोण आया पिता ji...hmm मई डिपार्टमेंट छोर चुकी hon..maine अपने सेंसर्स एक्टिव करने चाहे लेकिन हुए नहीं...
सौम्य : आपने hi कहा था जो सही हो उसे चुनना मई अपने हस्बैंड के घर हों अब यही मेरा घर hai....haan आप भी...
मई : क्या हुआ सौम्य...
सौम्य : डिपार्टमेंट के लोग घर ए they..papa को डरा रहे थे मुझे लेकर की मई एक दरिंदे का साथ दे रही हों बूत हकीकत तो ये है वो है दरिंदे....
मैंने उसे गले लगाया फिर कहा..
मई : शर्ट पहन लो हम बहार जा रहे है...
मई रूम से निकला अनु के रूम में आया सेफ खोल कर मैंने मास्क निकला और फिर सुनने की कोशिश की....
आशना : ईस्ट और वेस्ट माय पापा इस बेस्ट..
समर : माय स्वीटहार्ट इस बेस्ट....
मुझे यहाँ से उनकी आवाजे सुनाई दे रही thi...aur मुझे समझ आगया ऐसा क्यों....
मई बहार aya...aahana पापा की गोदी में बैठी थी...
माहि : क्या कर रही है उतर अब तू बची नहीं रही....
समर : क्या कर रही हो रहने दो न...
माहि : आप खुद बचे बन रहे हो...
समर : सही कह रही हो अब मेरी उम्र सलिल के बचे खिलने की है....
सनी : दो दो wife's के होते हुए इसके बचे नहीं hue.....mujhe बचे चाहिए अगली बार उनके आने पर आउंगी..
शर्म से मई झेप गया...
अनुसुइया : हम तुम्हे नहीं जाने देंगे...
सनी : जाना तो है किसी से वडा किया है...
मई : नहीं...
सनी : चलो शॉपिंग करने चलते है...
उसने टॉपिक चेंज करते हुए कहा .और सबने हामी भरी...
सनी : तुम nahi...tum यही रुको और माँ पापा का ख्याल रखना...
उसने अपनी फ्रेंड से कहा...
गूंगी पर दिल तो आगया था लेकिन वो मेरी तरह थी उसकी पावर मई जेल में देख चूका tha...sani के कहने पर वो रुक गयी .और हम चल दिए..
घर से निकलकर हम गेराज में ए...
मार्कएडेस तो मेरी पुलिस ने जब्त कर ली thi...didi की पुराणी कार कड़ी थी ..
ये yahan...mai हार्ले अपनी बाइक को देखते हुए बोलै...
..अनुसुइया : तुम इसे पार्क में चोर ए थे मैंने माँगा ली अपने गार्ड्स से..
बिना कुछ कहे मई कार में बैठ गया..
अनुसुइया : सनी तुम ड्राइव करो ..सौम्य तुम आगे बैठो मई पीछे बैठूंगी...
मई बैठा तो दोनों बहने मेरे दये बाये आकर बैठ गयी...
आशना : मई कहा बैठु..
ये पांच सीटर कार thi..aur हम 7 they...purvi और आशना रह गयी थी..
सौम्य : पूर्वी आगे ाजाओ...
सौम्य जगह बनाते हुए बोली..
सोना : तुम यहाँ आकर बैठ jao...sona अपनी सीट की तरफ इशारा करते हुए बोली....
अगले hi पल वो उठकर मेरे घुटनो पर बैठ gayi...space बना कर..
आशना घूम कर मेरे पास बैठ गयी..
अनुसुइया : पूर्वी बैठ गयी..
पूर्वी : हाँ..
अनुसुइया : चलो sani...pehle आशना के कॉलेज चलते hai...fir शॉपिंग के लिए चलेंगे..
सनी : ठीक है रास्ता बताना...
मई सोना की वजह से बहुत उनकंफर्टबले फील कर रहा था मई उसे उठाना चाहता था लेकिन मेरे अंदर का शैतान जाग गया tha...wo भी पैरो पर जगह बनाते हुए बिलकुल मुझसे चिपक गयी थी....
मुझे वो समझ नहीं आ रही थी की अनु ने अपना सर मेरे शोल्डर पर रख दिया....
मई : हे क्या कर रही hai...anu... हटा अपना सर...
अनुसुइया : प्लीज रखने दो न मुझे नींद आ रही है...
मई : ये मई हों रोलेक्स..
अनुसुइया : हाँ to..kehte हुए वो और मुझसे सत्कार बैठ गयी...
फिर एक हमला और मुझ पर सोना ने kiya...usne मेरे दोनों हाथ पकड़ कर अपने पेट पर रख लिए...
मुझे अपने लैंड पर सोना की नरम मोती गांड महसूस हो रही थी जिस वजह से मई बार बार अपने पेअर आपस में मिलकर अपने डिक को सोना से बचा रहा था ..
अनुसुइया : क्या हुआ..
मैंने बेबसी से उसे देखा और मास्क की तरफ इशारा kiya..means अपने फेस पर..
मई : ये मेरे कण्ट्रोल से बहार hai..maine धीमे से kaha..aur मेरी टंगे खुल gayi..ab सोना मेरे लैंड पर बैठी thi...mera हाथ निचे हुआ और सोना के की अस्स पर चलने लगा.
अनुसुइया : सोना मेरी गोदी में आकर बैठ जाओ...
सोना : नहीं मई अपने भाई के पास बैठूंगी...
मई : मई रोलेक्स हों..
सोना : रोलेक्स हो अपने लिए मेरे लिए तो मेरे भाई हो जो मुझसे अपनी जान से ज्यादा प्यार करता hai...usne न मेरा हाथ रोका न मेरे डिक को फील करके वो उठी...
आशना : कितनी कामिनी हो आप दोनों दी मुझे मेरे भाई के अगेंस्ट करके मुझसे छीन रही ho...aur खुद उनके करीब हो रही हो..
सलिल : सोना उठो न...
मेरा हाथ पीछे हुआ फिर सोना की अस्स से रास्ता बनाते हुए पंत तक गया और उसने डिक पकड़ कर सिधार कर दिया...
साहिर : तू क्या नाराज़ थी मुझसे ..
सोना: मेरी वजह से.. मैंने इसके कान भरे बेबी मैंने जो कहा वो सब झूट था...
आशना : यू लिएर्...
और वो सोना के मुक्के मरने लगी...
सोना: आह लग रही है बेबी..
आशना: आईएम सॉरी....
Aaaahhh....sahir सलिल जागे तो उन्होंने मास्क खींच diya..agle hi पल मेरा डिक बैठ गया..
तुम pachtaoge...mask ने kaha...wo मुझे खुनी निगाहो से देख रहा था....
मास्क : मई तुम्हारा वो हाल करूँगा जो तुम सोंच भी नहीं sakte..lagta है तुम पिछले अंजाम से कुछ सीखे नहीं...
साहिर हम अपनी पूरी फॅमिली के साथ है अगर इसे निकला तो कुछ भी हो सकता hai..maine अपने दिमाग में कहा..
साहिर : सोना थोड़ा आगे बरकार बैठ..
वो थोड़ी सी खिसक गयी...
अनुसुइया : क्या हुआ..
मैंने कोई जवाब नहीं दिया..
मास्क : मुझे जिस्म चाहिए औरत का इस कार में बैठी हर औरत ka..agar नहीं तो मई तुम्हे जीने नहीं dunga...agar नहीं तो इस कार का एक्सीडेंट भी हो सकता है...
साहिर: पहन le..usne मेरे दिमाग में कहा...
मैंने पहन liya....ye सोंचते हुए जल्द उतर दूंगा .
अब मास्क मुझे डोमिनाते कर रहा tha...mujhe गुस्सा अपनी बहनो पर आ रही थी ...मई मजबूर था लेकिन वो नहीं सब कुछ जानते हुए भी वो मुझसे चिपक रही थी...
कुछ देर बाद पहले से भी ज्यादा हवस मुझमे भरने lagi....mera डिक फिर मुझे परेशां करने लगा....
जैसे hi डिक सोना को महसूस हुआ वो फिर पीछे आकर बैठ गयी....
मेरा मन हो रहा था सोना के साथ गलत करने ka..mai खुद को बेहद कमज़ोर महसूस कर रहा tha...mere हाथ उसके जिस्म पर चल रहे थे...
पूर्वी सौम्य सनी आपस में बातें कर रही थी लेकिन मेरा दिमाग सिर्फ सोना की अस्स पर था...
आशना : I'm सॉरी मैंने आपको गलत samjha...usne सर उठा कर मेरे गलो को चूमना चाहा की मैंने उसके सर को पकड़ कर उसके होंठ चुम लिए...
अगले hi पल आशना अलग हो गयी...
सोना के आगे होने पर किसी ने देखा nahi..jo मेरे लिए ाचा था नहीं तो मई उन तीनो की नजरो में गिर जाता..
आशना : आप बदमाश हो...
साहिर मेरी सोंचे बदल रहा था सलिल भी साथ दे रहा था लेकिन बार बार मेरा ध्यान सोना और अनु पर जा रहा था...
मेरा दिल कह रहा था अनु की हर बात मनु उसे किसी भी गलत काम से नहीं रोकू उसका स्लेव बन कर राहु.
लेकिन साहिर और सलिल मुझे रोक रहे थे....
मेरे हाथ सोना की तरफ बढे की कार रुकी....
अनु कार से उत्तरी और ेंटरी फइलल करके aayi..Maine अपना मास्क निकल लिया था लोगो की भीड़ देख.
अनुसुइया : अंदर ले chalo...wo आकर बैठते हुए बोली.
कुछ देर बाद कार आशना के डिपार्टमेंट के सामने आकर रुकी...
आशना और दीदी दोनों बहार निकली...
मई : सोना वो दोनों जा चुकी है...
सनी: वेट I'm किंग...
सनी भी बहार निकल गयी...
पूर्वी पीछे से उठकर मेरे पास आकर बैठ गयी आशना की सीट पर ..
पूर्वी: वहां ठीक से बैठ नहीं पा रही thi....wo मेरे पास बैठते हुए बोली.
मई अपने जज़्बातो से लड़ रहा tha...mere दिमाग में जो चल रहा था उसे सोंच कर मेरा मन कर रहा था मई अपने सर को फोड़ lon...ye सही नहीं tha...jo भी मास्क कीमत मांग रहा था...
मई : ये जानते हुए भी मई मास्क पहना हों फिर भी तू मुझसे करीब होने की कोशिश कर रही थी...
सोना : बैठने के लिए...
मई : सस्सहः शट up...tere साथ इतना कुछ हुआ और तू फिर वही सब दोहरा रही hai...ab क्या चल रहा है तेरे दिमाग me...kehte हुए मैंने उसका गाला पकड़ लिया और दबाने लगा...
सोना : आठ क्या कर रहे हो भाई...
मई : फिर सच सच बता...
सोना: आपके जाने के बाद हमें अहसास हुआ हम कितने गलत they...hamne कितना बुरा किया आप सलिल भाई साहिर भाई तीनो ने हमेशा हमें बचाना चाहा और हमने आपको अस ऑलवेज बेटरएड kiya..aapki बातों ने हमारा मन बदल दिया ..आपको पता है आपके जाने के बाद क्या हुआ...
ाःह ..
दीदी क्या हुआ .आपकी बातों से दीदी सदमे से गिर गयी thi...maine आगे बढ़कर उन्हें संभाला..
मई : क्या हुआ दीदी ..
मेरे पूछने पर कुछ कहे बिना वो मेरे गले लग गयी ..बहुत देर तक वो सुबकते रही मेरे गले लगे और मई भी...
मई : दीदी ये सब भाई की वजह से न ..उनकी बातों से अहसास हुआ विल्लिअन तो हम थे ...
अनुसुइया : एक भाई का सिर्फ पेट भरना hi बड़ी बहन का फर्ज नहीं होता उसे डिग्निटी के साथ बड़ा करना भी और मैंने क्या किया उसे मरना चाहा उसे हुमिलियते kiya...uske बाद भी वो बस हमें बचता रहा ..दीदी सदमे से निढाल होकर बैठ गयी...
अचानक से दीदी ने फ्रूट की टोकरी में से नाइफ उठा लिया...
मई : क्या कर रही हो didi..pagal हो गयी हो...
अनुसुइया : मई नहीं जीना चाहती sona..mai उससे नजरे कैसे milaungi....wo मुझे माँ कहता था अब मेरी वजह से मेरा नाम लेता hai...aahh ये मैंने क्या कर diya...didi अपना गाला काटने को हुई तो नाइफ मैंने पकड़ ली...
मई : दीदी पापा अभी तो हमें मिले है हमारी छोटी बहन सानिया अयन हमारी माँ इन्हे छोड़कर जाना चाहती हो...
अनुसुइया : और क्या करू sona...maine उसके अंदर के अचे इंसान को मर दिया.. न सिर्फ uski..apni सोल को भी....
उन्होंने हताश होक नाइफ बराह्या की उन्हें अपने कपड़ो पर ब्लड dikha..aur उनके हाथ से नाइफ गिर गया...
अनुसुइया : तू क्यों मुझे बचाना चाहती hai...tu नहीं जानती मैंने क्या kiya...kal mai...sani को सेक्स ड्रग्स dekar..aur वो रोने लगी..
मई : क्या मतलब दीदी...
फिर उन्होंने मुझे बताया सनी ने विष्णु के साथ उन्हें पकड़ लिया था माँ ने दीदी की शादी घाना से फिक्स की थी मेरी वजह se..maine ये सब किया...
मुझे बताकर वो उठी और अपना फ़ोन उन्होंने उठाया...
अनुसुइया: अगर जान प्यारी है तो आज के बाद मुझे कॉल नहीं करना .
विष्णु: ये कैसी बातें कर रही हो anu..tumhare घर नया आदमी कोण आया है...
अनुसुइया : वो मेरे पापा है और रोलेक्स से भी ज्यादा डेंजर अगर तुमने मेरे करीब आने की कोशिश की तो जान से मार denge..aur दीदी ने फ़ोन रख दिया...
जाने का सुनकर माँ पापा को घाना के बारे में बता रही थी दीदी ने उन्हें roka..bhai हमारे मन बदल गए hai...hamare साथ जो हुआ इसके जिम्मेदार सिर्फ हम hai...hame माफ़ कर दो...
सोना ने भीगती आँखों से मेरे सामने हाथ जोड़ liye...uske हाथ पर पट्टी बंधी थी...
एक मन कह रहा था उस पर ट्रस्ट करू एक उसकी अभी की हरकत को याद करके कह रहा था ये नहीं बदली है...
मई : अभी जो तू मेरे इतने सब करने पर भी खामोश थी वो क्या था..
सोना : दीदी बस kare..maine नाइफ उनसे छेना..
अनुसुइया : तुम्हारा तो खून बह रहा है...
मई : कुछ नहीं दीदी उस जख्म के सामने जो मैंने अपने भाई अपने प्यार को दिए..
अनुसुइया : प्यार क्या मतलब...
मई : दीदी मुझे बर्बाद भाई ने किया है अब मैंने सोंच लिया है वो hi मेरे पति banege...nahi तो मई कुवारी रहूंगी..
चटकककक...
दीदी ने मुझे थप्पड़ मारा .उन्होंने बहुत समझाया उनके सामने तो मैंने हां कर दी की आपको भूल जाउंगी लेकिन अब नहीं...
सोना की बातें मेरे साथ सौम्य और पूर्वी दोनों सुन रही थी ..सौम्य गुस्से में अपनी सीट से uthi...aur सोना का गेट खोलकर उसे देखने लगी...
चटककककक...
सौम्य : तेरी माँ छोड़ दूंगी अगर तूने मेरे पति की तरफ देखा भी छिनाल भाई बहन के प्यारे रिश्ते को कलंकित करना चाहती है ...इसके तो अहसान थे इसलिए इसे एक्सेप्ट कर लिया तू आयी तो तेरी गांड में लैंड दाल दूंगी ..
सोना पीटते हुए सब सुनती रही....
सौम्य : तुम इसे घर से निकलोगे ये चुटिया इन्फ्लुएंसर है न चला लेगी अपना kharcha..mere आदमी को छिनेगी रंडी जिसके लिए मैंने अपना सब कुछ छोरा .
सोना सुबक कर रोने लगी...
मैंने सोना के सर पर हाथ रख दिया...
सौम्य : दूर हटो isse...rone दो बहन की लोदी को...
सोना मेरे साइन से लग कर और रोने लगी...
मई : तुम्हे इस पर भरोसा नहीं है मुझ पर तो hai...wada करता हों अपने रिश्ते को कलंकित नहीं karunga...mere कहने पर उसका गुस्सा ख़त्म हुआ..
मैंने पूर्वी के शोल्डर मारा..
पूर्वी : तुम जाकर baitho...saumya..
पूर्वी के फाॅर्स करने पर वो आकर बैठ गयी ..
मई : सौम्य प्लीज किसी से न kehna..ye जैसी भी है मेरी बहन है...
सौम्य : अगर ये तुम्हारे करीब दिखी तो सीधा अंकल से कहूँगी..
मई : नहीं दिखेगी...
सौम्य : मई भी नहीं चाहती तुम्हारी कजिन के सामने तुम्हारी इंसल्ट हो..
मई : स्सश्ह शांत होजा ...मई हों न तेरे पास ..सोना को सिसकता देख मई पिगल gaya...apni शर्ट से उसके आंसू पोंछने लगा...
उसने अपना सर मेरे साइन पर रख दिया...
पूर्वी: कितनी गन्दी गलियन देती हो .
सौम्य : पुलिस की जॉब में ये सब आम है सौतन...
पूर्वी: सौतन नहीं bahan...ham बहन बनकर भी तो रह सकते है ..
सौम्य : bahan..wo हाथ बढ़ाते हुए बोली...
और पूर्वी ने उससे हाथ मिला liya...wo दोनों एक दूसरे के हाथ को थम कर बैठ gayi..jaise फीलिंग्स ले रही हो..
ये मेरी सीट हे अपनी सीट पर aao...itne में पूर्वी की साइड का दूर खुला और आशना आयी....
पूर्वी उठ कर सौम्य के पास बैठ gayi...sani दूर खोल कर ड्राइविंग सीट पर बैठ गयी...
दीदी अंदर आकर जगह देखने lagi...saumya सोना को hi देख रही थी..
आशना : मई बैठ जाती हों भाई के पास...
अनुसुइया : मई सलिल को अपने ऊपर बिठा लुंगी...
दीदी की बात सुनकर मई उठा वो बैठी तो मई उनके पैरो पर बैठ गया..۔۔
रिश्तो के आगे झुकना तो सबको पड़ता है मई क्या था..
गाड़ी वापस हो गयी...
सनी: सबसे नज़दीक मॉल किधर है ...गाड़ी हाईवे पर दाल उसने पूछा...
अनुसुइया दीदी उसे रास्ता बताने लगी..
15 मिनट बाद हम मॉल में थे...
सनी : जिसे जो लेना है ले ले पाय मई karungi...dusri बात ऐसा सामान लेना जो शिफ्टिंग के लिए काम aaye..aur तीसरी बात एक ड्रेस मई चूसे करुँगी..
मई : ok मैडम अब चले..
हम अंदर aye...aur अलग अलग स्टोर में खरीदारी करने लगे..
सब हमें घुर्र रहे थे...
ये कितने की hai...aashna एक प्लाज़ो ऊँगली से दिखते हुए शॉपकीपर से बोली..
उसने मुझे देखा...
जल्दी से प्लाज़ो निकल कर उसने पैक करके काउंटर पर रख दिया ..
आशना : भैया खरीदेंगे तुम इतना हड़बड़ा क्यों रहे ho...hame और भी कपडे लेने है..
शॉपकीपर: ले jaoo..usne कांपते हुए कहा...
मई : डरो mat...news में जो अत है वो सच नहीं hota..ham खरीदारी करके चले जायेंगे...
एक्सक्यूज़ में sir...mai यहाँ का मैनेजर हों आपकी हेल्प के liye..ek आदमी ने मेरे पास आकर..
मैंने सबको देखा सब घुर्र रहे थे मुझे...
मई : जाओ यहाँ से हमें जो लेना होगा हम ले lenge...daro मत जाओ..
मेरे कहने पर वो चला गया...
मई : ऐसे hi शॉपिंग करनी पड़ेगी..
आशना ने हामी भरी..
शॉपकीपर से कुछ शर्ट्स पैन्ट्स टॉप्स लेकर आशना आगे badhi...aage दीदी और सनी सौम्य थी...
दीदी शिफ्टिंग के अकॉर्डिंग सामान ले रही थी...
मई : ये किस लिए .
सनी : बार्बी क्यू के लिए..
मई : ओह्ह सही kiya..jyada सामान नहीं लेना जहाँ जा रहे है वहां से भी कर लेंगे..
सनी : फिर रहने देती हों इसे ...
मई : अब ले लिया है तो रहने दो..
अनु ने एक टेंट ले लिया था .
आशना : ये किस लिए दीदी..
अनुसुइया : वहां माउंटेन हैं पिकनिक पर चलेंगे उसके लिए..
आशना : एक और ले लो...
सनी आगे निकल गयी थी...
कुछ देर बाद वो वापस आयी..
आकर उसने मेरा हाथ थम लिया और मुझे जबरजस्ती खींचते हुए ले जाने लगी...
चलते हुए हम एक मेल शॉप पर ए..
कई ड्रेसेस काउंटर पर राखी थी...
सनी : ये मैंने चूसे की है पहन कर dikhao...koi ek...size सही हुआ तो साडी पैक करा लुंगी..
मोस्टली ड्रेसेस हड्डी वाली थी...
मई एक जोड़ी लेके चला गया चेंज करने...
सनी : कोई मेल है अंदर..
शॉपकीपर: no...mam..
सनी : वेट...
मई रुका तो वो आयी हाथो में एक और ड्रेस लिए...
मई : तुम कहा आ रही हो..
सनी : इसे भी दिखाना पहन कर .
वो ड्रेस देके गेट पर कड़ी हो गयी मई अंदर घुस गया...
मिर्रोर में खुद को देखते हुए मई कपडे उतरने laga...mask मेरी पंत पर बंधा था...
क्या हो जब तुम गाड़ी से जाओ और एक्सीडेंट हो जाये और तुम अपने किसी या सभी क़रीबीओ को खो baitho..mai उसे रख रहा था की उसने kaha..aur मई रुक गया..
मई : हमारी डील हुई thi...maine तुम्हे रोका नहीं...
मास्क : dhokebaz...uska मुँह डरावना हो गया गुस्से से..
मास्क : मई सब समझता hon..jab मेरी प्यास बुजहने का समय अत है तू मुझे निकल देता है...
मई : वो तो मैंने ऐसे hi...aaahhh...maine मिरर में देखा मेरे शोल्डर पर फोड़ा निकल आया था...
मास्क : मेरे बिना तू कुछ नहीं है ..मेरा गुलाम है तू जो मई कहूंगा वो तू karega...mujhe अब जिस्म के साथ खून की भी प्यास लगी hai...tujhe क्या लगता है इतनी बड़ी बड़ी बिल्डिंग्स तू अपनी पावर से गिरता hai...ye मेरी असीम शक्तियां hai...lekin अब नहीं अब मई तुझे कही का नहीं छोडूंगा..
सनी : sahir...kya कर रहे हो जल्दी करो..
मई : मई यहाँ से निकलने के बाद पहन lunga..aur उसकी बात सुने बिना मैंने उसे रख दिया..
मैंने चेंज किया और मई बहार आया..
सनी : इतनी देर लगा दी ..वैसे अचे लग रहे ho...wo फिटिंग देखते हुए बोली..
सनी : फिटिंग परफेक्ट है ऑब्वियस्ली चूसे भी मैंने किये they..jao अब ये पहन कर दिखाओ...
मई : क्या यार ठीक तो hai..rehne दो न..
सनी : तुम ऐसे hi बातों में समय गवाओगे... चलो...
मेरा हाथ पकड़ कर वो अंदर आगयी...
मेरी शर्ट के बटन खोल कर उसने उसे उतर दिया...
Ye...ye वही मास्क hai...wo शर्ट रखने को हुई उसकी नजर मास्क पर पड़ी....
मैंने सर hilaya...usne मास्क को उठाया और उसे देखने लगी...
मास्क : मुझे पहन लो मई तुम्हे असीम शक्तियां दूंगा..
Khatt...uske हाथो से मास्क गिर गया..
सनी : डरावना है ये..
मई : हाँ गुस्से में ऐसे hi बातें करता है..
सनी : ये क्या hua...wo मेरे फोड़े को देख पूछने लगी.
मैंने सब उसे बता दिया..
सनी : पहन lo...aise ये नासूर बन जायेगा...
मई : तुम नहीं समझती मुझे क्या हो जाता hai...mai खुद पर से कण्ट्रोल खो देता हों..
सनी : घर चल कर निकल देना..
साहिर भी मेरी सोंचो में मुझसे यही कह रहा tha..mujhe मास्क की धमकी भी याद आ रही थी....
मई : इसे ठीक karo...maine मास्क उठा कर उससे kaha...usne ईविल स्माइल दी .और मैंने लगा लिया...
सनी : कैसा लग रहा hai...see ये ठीक हो रहा ...वो मेरे फोड़े को दिखते हुए कहने लगी..
मई : पावरफुल..
इतने में मुझे मेरी कमर पर सनी के हाथ महसूस हुए...
वो मेरी पंत खोल रही थी..
मई : मई कर लूंगा...
जल्दी karo..wo घूम गयी....
मई पंत उतारते हुए उसे देखने लगा .
मई : तुम ये सब क्यों कर रही हो .मेरी पत्निओ को भी मेरी इतनी परवाह नहीं...
मेरी बात सुनकर वो पलटी..
सनी : पता नहीं शायद बहन हों isliye...lekin तुम दोनों मेरे लिए एक सामान हो...
मई : ये कुछ और तो nahi...maine पंत उतारकर रखते हुए कहा..
सनी : शट up..kuch दिनों में चली जाउंगी बस इसलिए जी भर के तुमसे प्यार कर रही हों....
मई : जाने की बात मत karo..maine पास आकर उसका हाथ थम कर कहा...
मई इतना पास आगया था बस हवा हम दोनों के बिच से गुज़र सकती थी...
निचे मेरा लैंड अंडरवियर फाड़ कर निकलने को हो रहा था...
सनी की टैंगो पर वो लगा और उसने निचे देखा...
Ye...usne देखा और वो समझ गयी..
शर्म से उसका फेस लाल पद गया..
मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लैंड पर रख दिया...
चटकककक...
थप्पड़ मरते हुए वो निकल गयी ..
मई : sani...mai इसीलिए नहीं पहन रहा था...
सनी : चेंज करके बहार आओ..
उसकी आवाज पर मैंने मास्क उतर दिया...
और पुराने कपडे पहनने लगा..
सनी : नई पहन कर आना..
मई : मैंने अब पहन liye.mai पुराने कपडे पहन कर निकला..
इतने में वो अंदर आयी उसने हूडि उठाई और मुझे पहना दी...
मई : I'm sorry...aur मैंने उसे अपना हाथ दिखा दिया जहाँ अब पहले से ज्यादा उस मास्क का दर्द था...
सनी : पहन लो उसे मई नहीं चाहती तुम दर्द में रहो...
मई : पहले मुझे माफ़ करो...
सनी : नहीं कर paungi..chalo पहनो अब...
मई : यार ऐसा बोलोगी तो मर जाऊंगा..
सनी : प्लीज....
और वो आगे बढ़ गयी ..
पीछे पीछे मई चल diya...usne सरे कपडे पैक कराये और बिल पाय किया...
मई बहार आया तो बहार सबने अछि खासी शॉपिंग कर राखी थी..
सनी : हो गया तुम सब का..
यस madam..sabne कहा..
सनी : लास्ट ड्रेस मई dilaungi..let's फॉलो में..
सब उसके पीछे पीछे चल di.ek नक़ाब शॉप पर वो रुकी...
सनी : अपने अपने साइज का एक एक नक़ाब खरीद लो..
किस liye...sabne एक साथ पूछा..
सनी : छुपने के लिए ...मई भी कोलकाता से ऐसे hi ayi..kisi को शक भी नहीं हुआ मई ग्रीन मन की बहन हों..
उसकी बात ने लॉजिक था इसलिए सब खरीदने लगी..
सनी : सब पहन कर aao..wo हुक्म देते हुए बोली..
आशना : ओहो कितनी खड़ूस हो तुम दीदी...
हमें पहनना नहीं ata..sab बरी बरी से कहने लगी...
सनी : मई हों na..mai बाटूंगी बूत इस छोटी बची को मई पहनोगी..
उसने आशना का हाथ पकड़ा और चेंजिंग रूम में ले गयी उसके पीछे और सब भी...
सब ब्लैक नक़ाब में वापस आयी .पहचान में नहीं आ रही thi...kon क्या है...
सनी ने एक माँ के लिए पैक कराया और हम वापस चल diye...saman मई धो रहा था..
मई : sani...maine माफ़ी मांगने के लिए पुकारा...
ये मई हों तुम्हारी patni..saumya अंदर से बोली...
उसने शायद सुन लिया था इसलिए वो आगे आगे जाने लगी...
उसके पीछे भागते हुए मई उसके पास पंहुचा...
मई ; माफ़ कर दो न..
सनी : मुझे परेशां मत करो..
मई : तुम नाराज़ रही तो मई खुद से नजरे नहीं मिला paunga...chaho तो सजा दे दो...
सनी : ठीक है घर चल कर दूंगी...
वो मुँह फैट थी जैसा उसने कहा था वो करती zarur...mai सजा के बारे में सोचने लगा...
हम कार के पास aye..mai सामान कुछ ऊपर कुछ डिकी में रखें लगा...
तुम कहा जा रही हो मेरी jaan...saumya सोना को पकड़ते हुए बोली..
सौम्य : तुम मेरे पास baithogi.meri नन्द rand..rani..wtf...I मैं रानी...
किसी ने गौर नहीं kiya...siwaye मेरे और पूर्वी ke..saumya गली देते हुए जबरदस्ती उसे अपने पास बिठा लेती है...
पूर्वी मेरे साथ बैठ जाती hai...aashna मिरर के pass..didi रह गयी thi...jinke लिए पूर्वी उठ कर मेरी गोदी में बैठ जाती है...
सनी : मास्क पहन लो अपना मई नहीं चाहती जो तुमने कहा ऐसा कुछ ho...uski बात सही थी इसलिए मैंने पहन लिया...
और सनी ने गाड़ी आगे बढ़ा दी...
सनी : परसो निकलोगे न तुम लोग मई सोंच रही थी किस्से जाओगे...
आशना : तुम लोग नहीं हम लोग... खड़ूस दीदी मई तुम्हे नहीं छोड़ने wali...na तुम्हारे बिना जाउंगी...
पापा ने कहा था आज रात निकलने के लिए सनी ने परसो kaha...wo चालक थी उसकी यही बातें मेरे अंदर उसके लिए फीलिंग्स पैदा कर रही thi...mujhe अपने तने लीन्ह का अहसास हुआ तो मैंने उसे सीधा पूर्वी की गांड पर सेट कर दिया...
पीछे से मई उसके गर्दन चूमने laga..thik से बैठ कर वो अपनी अस्स में लैंड सामने की कोशिश करने lagi....meri हालत समझ कर धीरे धीरे वो गांड हिलाते हुए लैंड मसल रही थी..
अनुसुइया : हम तुम्हारे बिना नहीं जायेंगे...
सनी : भाई से बात करना..
अनुसुइया : वो आ रहे है..
सनी : haan..fir तुम हमारे साथ जाओगी..
आशना : वो मुझे मन कभी नहीं karenge....mai रोकूंगी..
मैंने दीदी के हाथ पर अपना हाथ रख लिया..
दीदी ने हैरत से मुझे देखा और अपना नक़ाब का मास्क हटा liya..wo हैरत में thi...unki और हैरत बढ़ने के लिए मैंने सर उनके कंधे पर रख लिया...
अनुसुइया : सलिल..
सलिल : ये रोलेक्स है दीदी और साहिर...
दीदी मुझे देखने लगी...
साहिर: तुम हमेशा मेरे लिए मेरी दीदी माँ रहोगी...
अनुसुइया : sahir....aue दीदी ने अपना सर मेरे गलो से लगा diya...fir सर वैसे hi किये सुबकने लगी...
अनुसुइया : बहुत मिस किया तुम्हे..
साहिर : मैंने भी अपनी दीदी को...
अनुसुइया : मेरे rolex...didi मेरे गलो को चूमने lagi...unki हिचकिएन बांध गयी थी...
साहिर : रो क्यों रही हो...
अनुसुइया : ये खुसी के आंसू है...
मई प्यार से उनकी आंखे साफ़ करने लगा..
मेरा दिल कर रहा था दीदी को अपने अंदर सामने ka...mai उनसे इतना प्यार करता tha....aur शायद यही वजह थी मई उन्हें कभी मार नहीं पाया...
सनी : फाइनली तुम्हारा मिलान hua..now I'm रिलैक्स्ड..
अनुसुइया : सब तुम्हारी वजह से...
सनी : वाओ क्रेडिट.
और हम सब हसने लगे..
अनुशिया: ये सामने मार्किट देख रही हो आशिक़ पहले यही सब्जी की शॉप लगता था...
देवर ji...ye कैप्सिकम कैसे दी..
भाभी आप ...जो लेना है ले लो...
जान ये तुम से पैसे नहीं लेगा..
लेकिन मई तो दूंगी मेरे भाई जैसा जो है...
भाई...
ी मैं तुम्हारा भाई जो है...
आरोही चले क्लास का टाइम हो गया है..
वो हुस्न की मलिका... कॉलेज में शूटिंग के वक्त मुझे मिली थी..
तुमने कैसे ढूंढा..
आपकी डेरी से मेरे बुद्धू भाई...
सलिल जी क्या hua...apke चोट लगी है..
खो kho...bas जुकाम है..
आरव प्लीज इन्हे क्या हो गया देखो न फीवर है बूत साँस नहीं ले पा रहे..
मुझे कुछ हो जाये तो तुम दूसरी शादी कर लेना...
शट उप कुछ नहीं होने दूंगी मई....
तुम रात से जाग रही हो मेरी खासी की वजह से मई दूसरे रूम में सोने चला जाता हों...
ये कैसी बातें कर रहे hai...mujhe नींद नहीं इसलिए जाग रही हों...
इश्क़ की साज़िशें इश्क़ की बाज़ियां
हरा मात खेल के दो दिलों का जुआन
क्यों तूने मेरी फुर्सत की
क्यों दिल में इतनी हरकत की
इश्क़ में इतनी बरकत की ये तूने क्या किया
फिरूं अब मारा मारा मैं चाँद से बिछड़ा तारा मैं
दिल से इतना क्यों हारा मैं ये तूने क्या किया
साड़ी दुनिया से जित के मैं आया हूँ इधर
तेरे आगे hi मैं हारा किया तूने क्या असर
मैं दिल का राज़ कहता हूँ
के जब जब सांसें लेता हूँ
तेरा hi नाम लेता हूँ
ये तूने क्या किया
Aarohi.....mere अंदर एक तीस उठी...
इंसान अपनी पहले लव को कभी नहीं भूल pata...jab ये मर्द के साथ हो तो और डीप हो जाता है...
माफ़ी न मेरी बहनो के लिए थी न आरोही के लिए जो दोनों ने किया था uski...lekin हालातो ने ऐसा मोड़ा मुझे माफ़ करना pada...aarohi इतने आगे निकल गयी थी सलिल की पहुंच से दूर बहुत दूर....
क्यों खुद को मैं बर्बाद करूँ
फना होक तुझसे मिलूं
इश्क़ का अजब है कायदा
तेरी राहों से जो गुज़री है मेरी डगर
मैं भी आगे बढ़ गया हूँ होक थोड़ा बेफिक्र
कहो तो किस्से मर्ज़ी लूँ कहो तो किसको अर्ज़ी दूँ
हस्ता अब थोड़ा फ़र्ज़ी हूँ ये तूने क्या किया
मैं दिल का राज़ कहता हूँ
के जब जब सांसें लेता हूँ
तेरा hi नाम लेता हूँ ये तूने क्या
कार रुकी और हम घर ए...
पहचानो और बताओ हम कोण है... अनसुइया दीदी कोण सी है..
समर : अरे बेटी इतना कठिन टेस्ट मई तो फ़ैल हो जाऊंगा..
आशना अपनी आवाज से पहचानी जा रही थी लेकिन वो पापा के साथ मज़ाक कर रही thi...wo पापा की ताकत नहीं जानती थी..
मई अपने रूम में ऊपर बढ़ gaya..room में आकर मैंने अपनी ालमिरह में से अपनी एल्बम निकालो उसमे से अपनी शादी की फोटो....
सलिल : ज़िन्दगी में अब बस काश रह गया है...
मई : तू कहे तो उसे ले aaun...wo तुजसे सच में प्यार करती hai...maine खुद उसकी आँखों में देखा...
सलिल : नहीं वो साहिर की वजह से मुझे चाहने lagi...vaise भी उसे छोरा मैंने है... विथाउट किसी सुपर स्ट्रेंथ ke...ye फैसला मैंने किया है..
मई : तो क्या उसे ऐसे hi याद करता rahega...aur तड़पेगा..
सलिल : हाँ उसके आने से ज्यादा ाचा ये है मई ऐसे hi तड़पता राहु उसकी यादो में..
और उसने आरोही की पिछ चूम li...shadi ki...use लेकर वो बीएड पर लेट गया सीने से लगाए...
मर्द अपनी पसंदीदा औरत से अलग होने के बाद भी कभी उसे भूलता नहीं.
मई : मैंने भी अपनी संजना खोयी है मई तो रंडी रोना नहीं कर रहा हों..
साहिर : चुप जा chutiye...tu उससे सेक्सुअली अत्त्रक्टेड था..
मई : क्या यार उससे सच में प्यार था पता नहीं कैसी होगी wo...uff मेरी जान...
सलिल : चुप करोगे तुम दोनों...
मई : nahi...usne तेरी गांड ली है lodu..aur मैंने वो यादें सलिल के दिमाग में डाली जब आरोही ने मुझे और झमेला को लड़ने से रोका tha...agar उस दिन ऐसा होता तो बड़ी तबाही होती...
सलिल : उसने खुद ली... रोहित को हाथ नहीं लगाने दिया..
मई : सेल चूतिये अब बोलै तो मरूंगा..
सलिल : हाँ मई हों चुटिया क्योकि मई दिल रखता hon...tum दोनों तो बिना दिल के हो...
साहिर : नहीं सलिल जो तू फील करता है वही मई करता हों...
आरोही ने दीदी से कही ज्यादा बुरा तेरे साथ kiya...samjha...ab समय आगया है उसे भूलने का...
साहिर ने ज़ोर लगा कर हमें उठाया एल्बम उसने स्टील के गार्बेज बॉक्स में dali...fir मोमबत्ती के पास राखी माचिस से उसने पन्नी में आग lagayi...aur एल्बम जलने लगी...
और मैंने दोनों को लिटा दिया..
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कुछ दिन pehle..secret लैब ..
मम सीरम तैयार हो गया hai..ek साइंटिस्ट ने कॉल पर कहा.
मई : रात को सबके साथ aaungi...udhar से जवाब आने पर कॉल कट हो गयी..
रात को लैब में मोना महाराज क्यारा मोहिनी गुरु charandas...aur बहुत से लोग they...kuch बड़े ऑफिशल्स भी थे...
मई आपका hi इंतज़ार कर रहा था....
साइंटिस्ट सबको देख पास आकर बोलै..
मोना : कहा है सीरम mr.bedi.
बेदी सबको लेकर एक मशीन के पास aya..fir उसने एक बटन प्रेस kiya...dhuan छोड़ती हुई मशीन ऊपर को आयी और शीशे के हिस्से में सबको झमेला का ब्लड जिसमे फार्मूला ॉक्स और गमा रेडिएशन देखने को mila...gama इतना ज़्यादा था की उसने सीरम का कलर ग्रीन कर दिया था...
महाराज: इसे इंजेक्ट कर सकते हो अभी..
बेदी: यस सर...
मोना : फिर क्या सोंचा आपने...
महाराज : मिलिट्री के एक्सपर्ट hi बता सकते है...
2 बड़े ओफ्फिसिलास पास aye...unhone कान में कुछ kaha..maharaj के इशारे पर उन्होंने अपने एक गार्ड को हुकुम दिया.
ये मुझे करने do...sabse ज्यादा अधिकार इस पर मेरा है उस हरे वाले ने मेरे बाप को mara...unka सर मुझे आज तक नहीं mila...itne में हर्ष आगे आते हुए बोलै..
महाराज : इसमें जान भी जा सकती है..
मोना : इसे नहीं पिता जी...
मोहिनी : हां पिता ji...ye परफेक्ट नहीं है..
महाराज : नहीं लड़कीओ mr.chief परफेक्ट hai...hamare लिए काम करते hai..tum क्या कहते हो गुरु...
गुरु चरण दस महाराज के इशारे पर हर्ष के अंदर घुस gaya..aur वो उसकी सोंचे खंगालने लगा..
फिर उसने okay का इशारा दिया..
महाराज : इसके अंदर इंजेक्ट करो बेदी..
बेदी : स्टेचर पर आकर लेट जाओ...
हर्ष लेट gaya..bedi अपनी टीम के साथ हर्ष की जिस्म में मशीन फिट करने लगा..
उसने एक हार्टबीट वाली मशीन फिट की और दूसरी सीरम इंजेक्ट करने वाली...
बेदी : स्टार्ट karo...bedi के कहते hi दूसरे साइंटिस्ट मशीन चालू कर देते hai...kai सिरिंज मशीन से निकल कर हर्ष के अंदर घुसने लगती है..
हर्ष : आह्हः..
सीरम जैसे जैसे अंदर जा रहा था हर्ष की आंखे ऊपर को काढ़ने लगी ...दर्द उसकी बर्दास्त के बहार हो रहा था....
AAahhhhh...aaahhhhh....uski चीखो से पूरी लैब गूंज रही थी...
धीरे धीरे उसका शरीर बदलने लगा...
देखते hi देखते सबके सामने एक मॉन्स्टर हर्ष था...
उसने साड़ी मशीन निकल feki...wo खड़ा हुआ और उसने साइंटिस्ट की खोपड़ी पकड़ ली..
Chatttt...uske हाथो में hi साइंटिस्ट की खोपड़ी क्रश हो गयी थी....
सब दर से पीछे हो रहे थे...
हर्ष : मेरे जैसा कोई दूसरा नहीं बनना chahiye...uski आवाज़ ऐसी थी जैसे कोई राक्छस बोल रहा हो...
ंशराज : तुम ठीक हो हर्ष...
हर्ष ने उसे देखा और अपने बड़े बड़े दन्त दिखा दिए...
AAhhhhh...ek मशीन के मिर्रोर में हर्ष को अपना आप दिखाई diya.khud को देख के वो दर गया...
चट्ट्ट्ट... dhamm...gusse में वो उस पर मुक्का मरता है जिससे मिरर वाली मशीन में से फ्यूज उड़ जाता है..
गुस्से में वो भागते हुए ऑफिशल्स के पास अत hai...jo महाराज उसकी फॅमिली को कवर किये हुए थे...
मोना: बैठ jao...mona ने कहा और हर्ष बैठ गया..
गुरु चरणदास : ये मई करने वाला था चली...
मोना: तुम्हारी नहीं समर अंकल ki..tum मुझे सदियों में भी नहीं सीखा pate..jo उसने 4 सालो में सिखाया..
हर्ष : मई कितना बदसूरत हो गया hon...uski भरी अबाज निकली जिसके साथ वो बदलने लगा....
******************""*********
आरोही का घर.
क्या हुआ था...
तुम्हारा पति मिला तुम्हे...
आरोही आयी तो उससे सूर्य और मिश्री क्वेश्चन करने लगे...
आरोही थकी सी सोफे पर बैठ गयी...
मिश्री : क्या hua...usne आरोही को उदास देखा तो पास आकर उससे पूछने लगी..
आरोही : उसे पुलिस वालो ने पकड़ लिया था उसने कमिश्नर ऑफिस hi गिरा diya..ek बूढ़ा आदमी उसे मरने वाला था की उसकी माँ आगयी पता चला वो बूढ़ा उसका बाप है..
मिश्री: तुम क्यों उदास हो...
आरोही : सब कुछ खोने के बाद क्या खुश होना chahiye...uske पापा ने पूछा ये कोण है उस आईपीएस सौम्य के लिए तब उसकी माँ ने कहा ये सलिल की वाइफ hai...mere दिल पर जैसे बिजली giri...aisa लग रहा था जैसे सांसे रुक jayengi..uski वाइफ मई थी...
मिश्री : मेरे भाई ने सुसाइड किया बेइज्जती के दर से और मैंने उससे बदला liya...mai भी पचता रही hon...dekho ने उस दरिंदे ने मेरे साथ क्या किया...
सूर्य : उसने कहा नहीं तुम उसकी वाइफ हो.
आरोही ने ना में सर हिला दिया...
सूर्य : लॉयल्टी इस rare..now you're रेअलीसिंग व्हाट यू lost...ab उसे भूल जाओ और आगे बढ़ो...
आरोही : जब तक ये नहीं आ jata..mai होप नहीं छोडूंगी..
सूर्य : सूरे ये उसी का बचा है...
आरोही: हाँ..
सूर्य : तुम्हारी कहानी सुनने के बाद मुझे नहीं लगता ये सलिल का है .वजह तुम जानती ho..isliye मूव ों करो ..आगे का सोंचो...
मिश्री : he's करेक्ट तुम अब क्या करोगी c.b.i ने इस्तीफा ले लिया... पंजा पार्टी ने हमें निकल दिया फॅमिली में उलझने की वजह se..ab न काम है न जिनके का लक्ष्य...
सूर्य : मुमबई में मेरा एक क्लब है जिसमे हाई प्रोफाइल लोग आते hai..aur मई उन्हें सब कुछ प्रोवाइड करता hon...ye कोई आम क्लब नहीं है ..उससे मेरी अच्छी कमाई होती hai...mujhe तुम्हारे जैसी लड़की की तलाश thi...mai चाहता हों तुम दोनों मेरे लिए काम करो...
मिश्री : तुम इसके कहने पर ए कुछ पैसो के लिए अब हमें hi ऑफर दे रहे हो..
सूर्य : galat...arya की बहनो से बदला लेने के बाद लाइफ से थ्रिल ख़त्म हो गया था तब मुझे मेरे बड़े ऑफिशल्स ने बुलाया ग्रीन मन के liye..lekin तुम्हारे भाई की जगह हस्बैंड से मुलाकात हो gayi...to क्या सोंचा तुमने...
मिश्री : चलते hai...kya बोलती है...
आरोही : नहीं...
सूर्य : ठीक है अब मई चलता हों जब मन बदले और मुंबई आना हो तो कॉल करना...
सूर्य ने अपना बैग उठाया जाने के लिए जिसे उनसे पहले hi तैयार कर रखा था..
मिश्री : आप जाओ मई इसे लेकर आउंगी..
सूर्य ने हामी भरी फिर निकल गया.
मिश्री : साथ चलते yaar..kyo इतना सोंच रही है...
मिश्री मानाने लगी लेकिन आरोही उसे मन करने लगी..
मिश्री : तो अब क्या करेगी tu...tere खर्चे इतने ज्यादा है ये दौलत एक साल भी नहीं टिकेगी ..
आरोही : मैंने खुद से प्रॉमिस किया है अब खुद को गन्दा नहीं करुँगी रोलेक्स अपनाये यह नहीं...
मिश्री : कॉमन वो नहीं अपनाने वाला...
आरोही : ये छोड़ बता कॉफ़ी पीयेगी..
मिश्री ने हामी भरी तो आरोही उठ गयी...
आरोही चलते हुए किचन में आयी...
उसके पीछे पीछे गीता आगयी..
गीता : क्या करेगी मई कर दूंगी..
आरोही : नहीं तुम मार्किट से तेजाब ले आओ नहीं तुम मार्किट जाओ मई मैसेज करती हों और भी सामान लाना है.. स्कूटी ले जाना ... जहाँ मिलेगा वह की लोकेशन भी टेक्स्ट कर दूंगी...
गीता हामी भर के निकल गयी..
आरोही कॉफी बनाने lagi...ban जाने पर वो दो कप लेकर मिश्री के पास आयी...
मिश्री : तू यार फिर सोंच ले ..मैंने तो सोंच लिया मई जाउंगी ..
आरोही : पियो...
मिश्री ने कॉफ़ी उठाई और होंठो से लगा li..aarohi भी एक कप लेकर बैठ गयी....
मिश्री ने अगला घुट भरा की एक हाथ से वो अपना सर पकड़ने लगी...
मिश्री : k..kya...
Khannnn..cup छूट कर निचे फर्श पर गिरा और मिश्री बेहोश हो गयी...
Aaahhhhh....karahte हुए मिश्री को होश aaya..uske सर में तेज दर्द उठ रहा tha...usne अपने सर को पकड़ना चाहा तो उसे खननन की आवाज आयी और अपना हाथ उसे किसी चीज़ में बंधा महसूस हुआ...
आंखे खोल कर उसने देखा उसका हाथ एक लोहे की चैन से बंधा है वो बाथ टब में लेती है...
सामने उसके आरोही कड़ी है एक 50 इंच के डिलडो को थामे...
मिश्री : Aarohi...ye क्या hai...mujhe बंधा kyo...aaaaaaaaaaaahh....
आरोही को हैरानी से देखते हुए मिश्री उसे पुकारने lagi...aarohi जवाब दिए बिना मिश्री को ईविल स्माइल देकर मुस्कुराने lagi...uski स्माइल को देख मिश्री ने हाथ पेअर हिलने चाहे तब उसे अहसास हुआ उसका एक पेअर है hi नहीं...
अआरोहि घुटनो से मिश्री का एक पेअर कट करके दीवार से लगा राखी थी....
अपना पेअर देख मिश्री बुरी तरह से चीखने लगी....
आरोही डिलडो को लेकर पास aayi...fir कैंची से मिश्री के बचे कपडे काटने लगी...
मिश्री : ये ...तुम ये क्या कर रही ho...aarohi..tumne ये क्या कर diya...mujhe हॉस्पिटल ले चलो... please...mai सब भूल jaungi...mera पेअर जुड़ jayega...aarohi...
नंगा करने के बाद आरोही ने मिश्री को देखा जो उससे विनती कर रही थी...
आरोही : तुमने मेरे हस्बैंड के साथ ज़्यादती की..
मिश्री : उसने भी मेरे भाई को mara...aarohi छोड़ दो मुझे...
आरोही : कुछ देर पहले तुमने कहा था गलती तुम्हारे भाई की thi...mere सलिल इनोसेंट थे..
मिश्री : हाँ मुझसे गलती हो gayi..lekin उसे कुछ हुआ नहीं
आरोही : हाँ मिश्री मर्द का रपे भी रपे नहीं मन jata...aisa समाज है hamara..kehte हुए आरोही ने मिश्री की जंज़ीरे टाइट ki..jisse मिश्री के पेअर दये बाये फ़ैल गए और उसकी छूट दिखने लगी...
आरोही ने मोबाइल उठाया और कैमरा सेट करके रख दिया..
मिश्री : तुम ये सब क्यों कर रही ho..tum तो मेरी दोस्त से बढ़कर मेरी बहन जैसी हो...
आरोही : रोलेक्स ने कहा है अगर मई तुम्हारे हाथ पेअर काटू और तुम्हे 50 इंच के डिलडो से छोड़ू तो वो मुझे अपना लेंगे...
मिश्री: वो झूट बोल रहा था ..आरोही मुझे छोड़ do...aarohi को अपने नजदीक बढ़ते देख मिश्री रोने लगी..
आरोही ने पास आकर डिलडो उठाया और मिश्री की छूट पर सेट किया ..
Aaaassaaahhhhh....aarohi ने पुश किया और डिलडो थोड़ा सा अंदर gaya..jis पर मिश्री की कानो को फाड़ने वाली चीख निकलने लगी...
आरोही डिलडो वैसे hi फसा कर फ़ोन के पास आयी..
मिश्री : aaaaahhh....aarohi निकालो ise...aaarohi...mai तुम्हारे हाथ जोड़ती hon..aarohi...
आरोही फ़ोन के पास आकर मुँह से उसने मोबाइल पकड़ा और शूट करते हुए उसने डिलडो और अंदर पुश किया..
मिश्री : aaahhhh....nahiiiiii.... बचाओ mujhe.......geetaaaaaa....aaaaaahhhh...
डिलडो थोड़ा अंदर होने पर आरोही ने फ़ोन एक हाथ से पकड़ liya..aur ज़ोर से अंदर पुश किया... मोबाइल में देखते हुए आरोही लगातार डिलडो पोस्ट करने लगी...
पेट देख कर उसने मोबाइल कपड़ो से टिका कर पेट पर रख diya..aur फिर दोनों हाथो से डिलडो पुश kiya...dildo छूट चीरता हुआ अंदर घुस गया..
Ooohh...mishi के मुँह से खून निकला और उसकी आंखे ऊपर को काढ़ गयी...
आरोही डिलडो देखे बिना अंदर बहार कर रही थी...
जब मिश्री की आवाज नहीं निकली तब उसका ध्यान उस पर गया..
आरोही : तुम ऐसे नहीं मर सकती ..mishi...mishi....
बहुत देर तक आरोही उसे जगती रही फिर थक कर वही बैठ गयी...
कुछ देर बाद उसने बॉडी परता कटे और उन्हें तेज़ाब के डब्बो में डालने लगी...
अगली सुबह वो उठी और उसने तेज़ाब के डब्बो में बॉडी पार्ट्स देखे तो सब गाल चुके they...usne सब उठा कर बरी बरी से अपने गटर में बहा दिए...
फिर नाहा धोकर वो तैयार हुई और अपना फ़ोन लेकर चल di...salil के घर....
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सूर्य c.b.i हेडक्वार्टर में बैठा tha....use एक अफसर ने आकर एक मैसेज दिया और वो उसके साथ चल diya...car में आया तो अफसर ने उसकी आँखों पर पट्टी बांध दी...
सूर्य समझ गया था वो कहा जा रहा है....
कुछ देर बाद वो महाराज के सामने था..
सामने उसके हर्ष और बहुत लोग बैठे थे....
दो गुंडे पकड़ कर d.i.g को मार रहे थे...
D.i.g के हर बॉडी पार्ट्स से खून निकल रहा था...
हर्ष : क्यों मिलना चाहते थे..
सूर्य : मई जा रहा hon...bas आपको इन्फॉर्म करना था..
हर्ष : ाचा...
क्या कर रहे ho...iske sath..itne में वहां क्यारा एंटर हुई...
महाराज : इसकी वजह से वो ज़िंदा बच गया...
क्यारा: इसकी वजह से नहीं मेरी वजह से छोड़ दो इसे...
गार्ड महाराज को देखने लगे...
गार्ड्स के न छोड़ने पर क्यारा ने अपने हाथ को hilaya...aur गॉर्डस दूर जाकर गिरे..
महाराज : छोड़ दो इसे...
क्यारा : इसे हॉस्पिटल ले जाओ..
मिस क्यारा सोंचा नहीं था आपसे दुबारा मीट उप होगा...
क्यारा ने उसे देखा और वो अपनी यादो में चली गयी...
आआह्ह्ह्ह surya..aur tej....aaahhhh छोड़ो मुझे... उफ्फ्फ सूर्य फ़क में hard.....akshi लीक माय pussy...uff ाक्षी....
सूर्य को देख क्यारा ने एक सेक्सी स्माइल di...surya आगे बढ़कर उसके गले लग गया....
क्यारा: कब से यहाँ हो..
सूर्य : ग्रीन मन के लिए हर्ष हे बुलाया था..
क्यारा: मिले उससे..
सूर्य : नहीं रोलेक्स se..aapko आर्य मिला..
क्यारा : नहीं बस खबरे सुनी उसके बारे में एक baar...dhundne गयी तो नहीं mila...uski शक्तियां जाग जाती तो महाराज को इतना सब न करना पड़ता उस सलिल के लिए...
सूर्य : सलिल नहीं रोलेक्स वैसे यहाँ क्या हुआ hai...ye लोग d.i.g को क्यों मार रहे थे..
चरणदास: कुछ देर पहले रोलेक्स की फाइट हुई थी महाराज के लोगो से...
सूर्य : अब क्या करना है..
महाराज : उसे कहत्म वो आपके साथ नहीं होने वाला मिस kyara...aap सैम सर को बुलाये...
क्यारा : अब तुम पावरफुल हो तुम खुद भी उसे ख़त्म कर सकते ho...sam की क्या ज़रुरत...
आप हमारा साथ देंगी ..ईटर क्यारा को घूरते हुए बोलै...
क्यारा : कितनी बार कहु मुझे इस नरभक्षी से घिन अति है...
ईटर नरसिम्हा : मई उसे अकेले नहीं हरा सकता अगर हम दोनों मिल jaye...to उसे मसल कर रख देंगे...
महाराज : तुम चुप raho...aap देंगी हमारा साथ...
क्यारा ने हामी भर दी....
महाराज : ठीक है फिर उसे आज रात मार देंगे उसके परिवार के साथ...
मोना : आज रात क्यों पिता जी ..कुछ दिन उसे अपने बाप के सह रहने दो..
मोहिनी : परिवार kyo...pita ji...hamare दुश्मन तो रोलेक्स और समर hai..aurto से दुश्मनी क्यों..
महाराज : जैसे आज जान हमारी हलक में आगयी ऐसा hi कल भी हो सकता hai..vaise भी अनुसुइया अपने बाप से मिलकर सब जान चुकी hogi...wo अपनी बाप की वजह से उस दिन टेस्ट में पास हुई उसे मैंने तैयार किया hai..wo तुम्हारी सोंच से भी ज्यादा चालक है..
मोना : उसकी सोंचे तो आपके अगेंस्ट नहीं है...
चरणदास : झूट बोल रही हो tum...wo प्लानिंग कर रही है महाराज को मरने की...
मोना : मई पहले का बता रही हों..
मोहिनी : इतनी जल्दी सब करना ठीक नहीं रहेगा पिता ji...hame उन पर अनएक्सपेक्टेड अटैक करना hoga..rolex हमारी सोंच से भी ज्यादा पावरफुल है.
महाराज : सही कह रही हो..
सूर्य : माफ़ करना मई समझता हों अगर उसे ख़त्म करना है तो ये जल्द से जल्द करना होगा कमज़ोर दुश्मन को समय दिया जाता है अगर कोई रोलेक्स जैसा हो तो ऐसे बहस नहीं की जाती..
हर्ष : कमज़ोर वो hai...aur हर्ष बदल गया....
हर्ष को देख एक समय के लिए सूर्य भी दर gaya....usne यहाँ से जाना hi सही समझा...
हर्ष : डरो मत...
और हर्ष पहले जैसा बनने लगा..
सूर्य : मुझे जाना चाहिए..
उसने कदम वापस मोड और जाने के लिए मुद गया...
मुझे उसकी बात सही लग रही hai..surya के जाते hi महाराज ने कहा..
मोहिनी : बेवकूफी हो सकती है ये..
महाराज : फिर भी होसियार rehna....sabhi गार्ड्स को अलर्ट कर do...mai भैरव को देख कर अत hon..ab वो कैसा है...
नरसिम्हा : मई भी चलूँगा...
और दोनों रूम से निकल गए...
हर्ष : मेरे घर पर मेरी छोटी बहन होगी उसे यहाँ ले आओ..
हर्ष ने एक गॉर्ड से kaha..jis पर वो सर हिलता हुआ निकल गया...