Broken by Her! (Story of a man) - Page 13 - SexBaba
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Broken by Her! (Story of a man)

Episode 48.

वेजटेबल्स ग्रोसरिएस और फिश मीट सारा सामान आना hai...mujhe पीछे से सनी ने आवाज दी....

मई : ठीक है ले आऊंगा....

और मई घर से निकल गया....


ेक्सट कंटिन्यू.....

सामान लेकर सलिल घर aya....aur कण्ट्रोल मैंने उस पर कर liya...maine उसे सुलाना चाहा लेकिन वो सोया nahi...wo जाग रहा tha...mask अपना काम कर रहा था۔۔

सारा सामान सनी को देके मई सोफे पर बैठ gaya..sanjana नाहा कर सनी के साथ लग गयी थी...

अब मुझे ये शहर छोरना था लेकिन उससे पहले महाराज को भी उसके अंजाम तक पहुंचना था और सबसे जरुरी था पापा को अपनी अनु सोना की सच्चाई से दूर रखना... सोंचते हुए मई उठा और अनु के रूम में अंदर घुस गया...

Sona...mirror के सामने बैठी तैयार हो रही थी...

Sona....salil मुस्कुराते हुए उसके पास गया और उसने उसकी आँखों पर हाथ रख लिए.....

ये गहन चक्कर था ..मैंने छुड़ाना चाहा लेकिन वो कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा था...

सोना : छोरो मुझे कमीने इंसान....

सलिल : ऐसे नहीं पहले गेस करो....

सोना : तुम दूर नहीं हटोगे तो मई चीखूंगी पापा घर पर है...

सलिल : हहह नहीं छोड़ूंगा ..पहले गेस करो ..

सोना क्या hua....itne में टॉवल में लिपटी अनु बहार आगयी ..टॉवल में उसकी नंगी टैंगो के साथ ऑलमोस्ट बूब्स साफ़ सो हो रहे they....anu का गीला बदन सलिल मुझे साहिर तीनो को अत्त्रक्ट कर रहा tha...ye सब था उस मास्क की वजह से ..

Didi....sona को छोड़ सलिल भागते हुए अनु के पास आकर खड़ा हो गया...

अनुसुइया : सलिल..

उसने सर हिला दिया...

अनुसुइया : मेरा बचा.... बाहें फैला कर अनु ने सलिल को गले से लगा लिया....

अनु के बूब्स मुझे अपने सीने में मेहेउस हो रहे थे मन हो रहा था उसे और कसकर हुग करने ka...mera हथियार मुझे अपने घुटनो से थोड़ा ऊपर फुल्ली ेररेक्ट महसूस हो रहा tha...mere हाथ गले लगे hi अनु की अस्स पर चले गए....

सलिल : दीदी ...समझ नहीं आ रहा है क्या कहूं....

अनुसुइया : कुछ nahi...aauchhh...

गले लगे मैंने अपने हाथो से अनु की अस्स
मसल di..jis पर वो झटके से पीछे हुई...

सलिल सोंच में डूबा बीएड पर बैठ गया..

मई : तू कपडे पहन कर आ ..

सलिल : पता नहीं ये कैसे हो गया didi...uska फेस रोने वाला हो गया....

अनुसुइया : कोई बात नहीं मई अभी आयी...

कहकर वो कपडे लेकर वाशरूम में चली गयी ..

इसे तो फ़र्क़ hi नहीं पड़ता मई कुछ भी करू इसके sath...maine सोचा....

साहिर : तूने किया ye..uski आवाज में गुस्सा था..

मई : नहीं..

सलिल : ये शायद उस मास्क की वजह से ..

आप सलिल ho...aap जाग gaye...itne में सोना मेरे पास बैठते हुए बोली...

सलिल : हाँ और तुझसे नाराज़ bhi..mere अगेंस्ट जाकर तूने शादी की फिर तुझे बचाया और अब तू मुझसे बात bhi....salil आगे कुछ कहता सोना उसके कंधे पर सर रख कर सिसकने लगी...

सलिल : क्या हुआ pagli....umhhhhh...face आगे करके सलिल ने उसके सर को चुम लिया...

मुझे दर लग रहा था कही ये सलिल को बता न de...jitna मई समझ रहा था साहिर ने सोंच लिया था मुझे लेकर कुछ ये मेरा वहम था या हकीकत ये जवाब समय ने करना है लेकिन अपनी बहन के लिए साहिर खामोश रहने वाला नहीं था ..अब अगर सलिल को भी पता चल जाता सोना के साथ जो हुआ वो चीख चीख कर सबको बता देता और हमारी आपस में लड़ाई हो जाती....

सोना : बस आपको इतने दिनों से देखा नहीं...

सलिल : क्या हुआ था हम होटल में ए थे उसके बाद मुझे कुछ याद nahi...bas कुछ देर पहले पापा को देखा...

सोना : आपको रोलेक्स ने कण्ट्रोल किया था...

सलिल : अब ये नहीं कर payega...jab तक मास्क मेरे फेस पर rahega....tum बताओ क्या हुआ था...

सोना: रोलेक्स की लड़ाइयां हुई कभी आर्मी से कभी दीदी और मुझ se...fir वो बताने लगी सिवाए अपने साथ हुई ज़्यादती के..

सलिल : तुझे कोई हक़ नहीं मेरी बहन से लड़ने का... ोथेरविसे मास्क को हुक्म दूंगा और तू हमेशा के लिए ख़त्म...

उसकी धमकी में गुस्सा और सच्चाई thi..mai खून का घुट पि कर रह गया..

सोना के अहसास से मेरा हथियार फिर झटके खाने laga...salil अलग हैट कर बैठा की सोना फिर पास खिसक कर उसके करीब बैठ गयी..

मेरा हाथ चला और मैंने सोना का हाथ अपने हथियार पर रख दिया इस तरह की उसे अहसास भी न हो की ये मेरा हथियार hai...uska हाथ लगते hi मेरे हथियार ने फिर झटका खाया...

मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मई पीठ से अपना हाथ ले जाकर मैंने उसे सोना के बूब पर रख दिया...

सलिल :मई आगया हों न अब सब ठीक हो जायगा...

सोना : दीदी केरला जाने के लिए कह रही है चलते क्यों नहीं यहाँ हमारे सब दुश्मन बन गए hai...aaahhhh...

वो बात hi कर रही थी की मैंने उसका बूब्स दबा diya...jhatke से सलिल अलग हुआ....

आईने में वो खुद को देखने लगा...

सलिल : मई ऐसा नहीं hon...sona के कुछ बोलने से पहले उसकी भर्राई आवाज़ निकली...

सलिल : aaaaaaahhhhhh....aur उसने मास्क निकल दिया ..मास्क हमें रोक रहा था डरा रहा tha...lekin सलिल नहीं रुका...

सलिल चलते हुए अनु की अलमारी के पास आया .

सलिल : इसका लॉक क्या hai...wo सेफ खोलने की कोशिश कर रहा था...

सोना : दीदी ..इतने में अनु वाशरूम से निकल आयी..

सोना : सेफ का लॉक क्या है दीदी..

अनु ने लॉक बताया और सलिल ने मास्क रख दिया...

मास्क के हट्टे hi वो हॉर्नी फीलिंग्स कही खत्म हो गयी थी....

साहिर : हम इस मास्क के भरोसे नहीं रह sakte..wo मेरी सोंच में बोलै..

अनुसुइया : क्या हुआ था...

किसी तोते की तरह सोना ने सब बता दिया .और फिर इनोसेंट बनने की एक्टिंग करने लगी..

अनुसुइया : ये हमारा सलिल नहीं वो मास्क उससे ये सब करवाता है...

मई : उस दिन भी मई नहीं था इसी ने मजबूर किया था मुझे...

सोना : ये कहकर तुम बच नहीं सकते...

सलिल : किस बारे में बात हो रही है क्या हुआ था उस दिन...

अनुसुइया : कुछ नहीं सलिल ये मुझसे बतमीज़ी करता tha...sona उसी की बात कर रही है...

क्या समझू इसे अनु इतना सब होने के बाद भी मेरी हर गलती छुपा रही थी...

सलिल : अब ऐसा नहीं करेगा...

मैंने बिना समय बर्बाद किये सलिल को सुला दिया..

साहिर ने ऐसी कोई बात नहीं की जो मेरे लिए खतरा बने इसलिए उसे जागने दिया...

मई : मई यहाँ बात करने आया हों...

अनुशिया : बात सिर्फ अपने भाई सलिल से करनी है..

साहिर : इसने सुला दिया उसे....

मुझे हैरत हुई साहिर अनु की साइड ले रहा था...

अनुशिया : उसे jagao...abhi...hamara तुम से नहीं उससे रिश्ता है...

मई : जनता हों लेकिन जो मई कहने जा रहा हों ये सिर्फ हमारे बिच रहना चाहिए...

अनुसुइया : कब जागेगा salil...ab तुम उसे सुला नहीं sakte..papa घर पर है...

मई : जगा दूंगा हमारे डिस्कशन के baad...usne हामी भरी...

अनुसुइया : बताओ क्या बात करने ए हो..

मई : हमारे बिच जो हुआ तेरा पास्ट मेरा पास्ट कुछ भी ऐसा जिससे पापा को तकलीफ हो पता नहीं चलना चाहिए...

सोना : और जो तुमने मेरे साथ किया है वो भूल जॉन..

अनुसुइया : नहीं चलेगा लेकिन जो सोना के साथ तूने किया उसकी माफ़ी नहीं है..

मई : मांग भी कोण रहा है तुझसे माफ़ी...

अनुसुइया : फिर फैसला हो गया पापा को सब बताना होगा...

मई : पागल हो गयी है तू...

अनुशिया : तुझे अगर पापा की इतनी hi केयर है तो मर क्यों नहीं jata...nahi तो पापा तुझे मार hi देंगे जो तूने सोना के साथ किया जानकर...

मई : फिर पापा को ये भी पता चलना चाहिए तू साहिर को मोना की दी हुई सेक्स मेडिसिन खिलाती थी जिससे वो हॉर्नी होकर सलिल की तरह बनने लगा था और घर पर ये छोटी चुड़ैल ब्रा पंतय में उसके सामने घूमती थी उसे सडके करती थी फिर जब वो सौम्य को लाया तब उस पर रपे का इल्जाम लगा ...मई तो बुरा हों लेकिन sahir...uska kya...usne तुम दोनों के साथ क्या गलत किया....

साहिर : चुप हो जा रोलेक्स...

मई : नहीं मुझे बोलने de...ye बहने थी जिन्होंने मुझे और उस मास्क को मजबूर किया सोना के साथ ये सब करने पर और इन्होने विल्लिअन किसे बनाया tujhe....wo तू था जिसने सलिल का एडिक्शन चुराया और उसे इन्हे प्रोटेक्ट किया इसकी मौजूदगी में भी तू इसके दुश्मनो के बिस्तर गर्म करने से भी नहीं hichkichai...jaa ये सब भी बता दे पापा ko....isne तेरी जासूसी कराइ लेकिन तेरे खिलाफ एक्शन नहीं लिया बल्कि तेरे पापो को काम करने के लिए उन लड़कीओ को बचने चला gaya...tune कितनी लड़कीओ का रपे किया है तुझे अंदाज़ा hai...siya madam....apni बहन के साथ होने पर तेरी इंसानियत जाग gayi....whores भी किसी के साथ इतना बुरा नहीं करती जितना तुम दोनों ने साहिर के साथ kiya...salil तो जीने लगा लेकिन ये हसना hi भूल गया खुसी किसे कहते है ये तरस गया hai...sirf तुम दोनों की वजह se...tumhe जो बताना है बता दे लेकिन मई कुछ नहीं कहूंगा तुम दोनों के बारे में ..मई अपने बाप को इसकी तरह नहीं बनने दूंगा...

कहता हुआ मई रूम से निकल गया...

एक भाई को ऐसा नहीं करना चाहिए था कोई भी तर्क सोना के साथ हुई ज्यादती को जस्टिफाई नहीं karta...sahir ने kaha...wo मेरे दिमाग में सोंच रहा था...

मैंने रुमाल से अपनी आंखे पोंछी और अपने रूम में आया....

पापा के बाल etc.cut चुके थे उन्होंने मेरे कपडे पहने थे जो उनके टाइट थे ..आशना उनके बाल संवर रही थी माँ दोनों को मुस्कुराते हुए देख रही थी....

समर : तो तुम डॉक्टर बन रही हो...

आशना : है पापा लेकिन अब तो छूट गयी है...

समर : मई आगया हों न सब ठीक हो जायेगा...

आशना : मेरे बेस्ट पापा...

वो उनकी पीठ में बाहें डेल झूल गयी थी..

खो खो ....खस्ता हुआ मई अंदर आया...

मुझे देख पापा पालते...


खूबसूरती में मेरे पापा मुझसे भी आगे थे मई माँ पर गया tha...meri आईज ब्राउन थी पापा की blue...unka रंग भी दूध जैसा था अनु उन पर hi गयी thi....magar अब उनके चहेरे पर सदमे और बुढ़ापे के आसार नजर आ रहे थे...

समर : साहिर सलिल... मेरे bacho...tum कितने बड़े हो गए हो.

पापा की आवाज़ पर मैंने सलिल को जगा दिया...

साहिर : papa...aur हम तीनो उनके गले लग गए....

बहुत देर तक मई पापा से लिप्त raha...unki सिसकियाँ निकल रही थी...

समर : तुमने अपनी माँ को ढूंढा .

साहिर : सलिल ने पापा ..

समर : मई नहीं था तुम्हे तो इन्हे संभालना था...

माँ क्या कहती उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया ..

आशना : चलो पापा सबसे मिलती हों...

वो पापा का हाथ पकड़ ले जाने lagi...maa पीछे जाने को हुई तो मैंने रोक लिया....

माँ ने देखा मुझे मैंने इशारे से रुकने के लिए कहा...

क्या बात है .माँ ने उनके जाने के बाद पूछा...

मई : माँ पापा को हमारे अनु सोना के पास्ट के बारे में पता नहीं चलना चाहिए अगर ऐसा हुआ तो पापा जी नहीं payenge...aap उनसे वडा lena..ki वो कभी हमारे दिमाग में नहीं झाकेंगे..

साहिर : ये सही कह रहा है maaa..unhe मजबूर करना...

सलिल : मास्क के बारे में बता सकती है..

मई : वो जानते hai...wo मुझसे मास्क लेने ए they....aap मनाएंगी न उन्हें..

माँ ने हामी भरी..

आआह्ह्ह.....

मई : चले निचे चलते hai..kisi औरत की चीख पर मैंने कहा..

आवाज़ सुन माँ निचे के लिए भागी..

ये क्या कर रहे हो aap...maa सीता को संभालती हुई पापा पर चीखी...

पापा ने सीता को दिमागी झटका दिया था...

समर : तेरी वजह से मेरा खंडन तबाह हुआ मेरे बचे अनाथ बन कर जी रहे they...papa गुस्से में गरजे .

Aaaaassaahhh...aaaahhhhhh...aur सीता की फिर दर्दनाक चीखे निकलने लगी....

माहि : बस कर दे समर जी..

प्रकाश : जीजू ये अब पहले जैसी नहीं है ये बदल गयी hai....aap चाहो तो इसका दिमाग पढ़ लो..

समर : लेकिन मई तो अपना सब कुछ खो चूका हों न....

AAaaahhhhhh...aaaahhhhhh...aaaahhhh..

पापा ने कहा और सीता दर्द में चीखने lagi...maa मां संजना तीनो के संभाले से नहीं संभल रही थी...

प्लीज मेरी मां को छोड़ दो... please...rolex आप रोकते क्यों नहीं... प्लीज रोकिये na...sanjana कभी पापा के कभी मेरे आगे हाथ जोड़ रही थी...

माहि : समर जी प्लीज रुक जाइये..

सनी : चाचू आप रुको इसे इस दर्द से मुक्त मई करुँगी...

वो नाइफ लिए किचन से निकली...

संजना : nahiiii...rolex जी..

माहि : सनी मेरी बची ऐसा मत करो...

मां ने सनी के आगे हाथ जोड़ लिए...

प्रकाश : पहले मुझे मार दो...

आआह्ह्ह...

मां ने कहा और मां अगले hi पल सनी के आगे से हैट gaye...ye देख माँ आगे agayi...mama की जगह पर सीता के आगे..

माहि : सिर्फ इसकी गलती नहीं hai...jitni जिम्मेदार ये है उतनी hi मई hon..agar मई न बताती तो ये सब न होता...

वो नाइफ मरने वाली थी माँ के कहने पर वो रुक गयी...

सनी : इसे कहो यहाँ से जाने के लिए नहीं तो मई इसकी जान ले लुंगी...

मां भागते हुए आये और सर हिलने लगे...

उन्होंने सीता को खड़ा किया...

संजना ...उनकी आवाज़ पर संजना मेरे पास से हटी तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया...

मई जाने के लिए ना में गर्दन हिलने लगा...

उसने दूसरे हाथ से अपना हाथ छुड़ाया और आगे बढ़ गयी...

साहिर : इसने तुम्हे बचाया तुम्हारे माँ बाप को तुम इसे छोर कर जा रही हो...

साहिर की आवाज़ पर वो पलटी...

मई : नहीं साहिर जाने दे use..ahsan के बदले प्यार नहीं chahiye..use होगा तो खुद मेरे पास आएगी...

मेरे कहने पर वो आगे बढ़ gayi...fir अपनी माँ को सहारा देते हुए जाने लगी...

देखते देखते वो घर से निकल गयी..

हे तू इक डैम माल है...

तू ऐसे हस्ती है न मन करता तुझ पर सब कुछ लुटा दू ..

तू मेरे टाइप की है...

मुझे कसकर पकड़ ले तू गिर जाएगी..

आप मज़े लेने के लिए कर रहे हो..

आप आग से कैसे bache...tere साथ बहुत सरे बचे करने है..

ाचा जी और अंदर सुप्रिया के साथ जो किया वो..

अबे वो तो मेरी रखैल है तू मेरा प्यार....

उसके अन्ह्को से ओझल हो जाने के बाद मेरी आंखे चालक पड़ी ..मई उस रूम की तरफ चल दिया जो सोना का था मगर उससे सौम्य झांक रही थी....

अंदर पूर्वी बीएड पर लेती thi..mai पास जाकर लेट गया...

पूर्वी : क्या हुआ सीता क्यों चीख रही थी...

साहिर : उसने पापा का raz.....fir सनी ने उसे घर से निकल दिया...

साहिर ने पूर्वी को सब बता दिया .

पूर्वी: सही kiya...usne भी अपना परिवार खोया था...

साहिर : अगर हम तीनो में से कोई रोकता तो सनी कभी बात न करती...

पूर्वी : भूल jao...bas मेरे पास लेते raho..wo कार्बेट लेते हुए मेरे पेअर पर पेअर रखती हुई बोली...

इतने में सौम्य मेरे पास आकर लेट गयी..

उसने भी पेअर पर पेअर रख लिया...

साहिर : तू सो जा...

मई : नहीं मुझे तो आदत है ऐसे जीने में...

मेरी दर्द में डूबी आवाज़ निकली.

साहिर ने मेरी आंखे बंद कर दी ..

कुछ देर बाद मुझे अपने ऊपर किसी लड़की का अहसास हुआ....

मई : क्या कर रही है सौम्य ..

सौम्य : मई नहीं हों...

मेरी कोहनी दायी तरफ लेती सौम्य के पेट से लग रही thi...ye कोई और थी..

पापा बुला रहे है... सभी ko...mujhe सोना की आवाज ayi...wo मेरे ऊपर लेती थी मेरे साइन पर अपना सर रख कर..

मई : क्या कर रही है तू...

Ssssshhh...aise hi लेते rahe..usne धीमे से कहा...

मई : हैट पापा के पास जा रहा हों..

मेरे हलके गुस्से में कहने पर वो उठी..

मई उठा तो मैंने उसे देखा वो अजीब नजरो से मुझे देख रही थी...

मई : तू सलिल से चिपट रही थी न..

उसने ना में सर हिलाया फिर रूम से निकल gayi...mujhe सोंचता छोर..

मई : तुम दोनों भी आओ...

दोनों को लिए मई पापा के पास सोफे पर आकर बैठ गया tha...unke पास सभी बैठे थे...

समर : माहि उदासी छोरो भी..

माहि : बस करे aap...na उनके पास पैसे है सब हमारे दुश्मन बने है जवाब लड़की है उनके साथ ऐसे में कहा jayenge..seeta गद्दार थी लेकिन मेरे भाई का क्या कसूर उन्होंने हमेशा आपको चुना आपसे वफादार रहे .

समर : मई उनकी बातें सुन रहा tha..seeta ने बहुत दौलत जमा कर राखी hai...wo इस समय बैंक में hai..mai उनके दिमाग में hon..koi खतरा दिखेगा मई उन्हें बचाऊंगा..

पापा के जवाब पर माँ शांत हुई ..

समर : तुमने कैसे अपने भाई बहनो को बड़ा किया...

पापा ने अनु से पूछा..

मई : सामंथा माँ की बहन ने खर्चा दिया ..उन्होंने बस शुरू में हमें देखा अनु के भागने पर उनका आना काम हो गया tha..hamari परवरिश अनु ने hi की थी .मई जवाब देकर उसे नहीं हमें बचा रहा था..

समर : तुम मिली अपनी बहन से.

माहि : वो आयी नहीं मिलने आती भी कैसे उसने जहर जो दिया था आपको..

समर : वो मजबूर थी ..

सलिल : नहीं maa..sona की शादी में मई उनसे मिला था तब मैंने जोजो से कहा की जिस औरत को मई माँ कहता था उसी ने मेरे बाप को जहर दिया... शायद जोजो ने उन्हें बता दिया...

समर : सामंथा को कॉल करके यहाँ बुलाओ... कहना तुम्हारी माँ मिलना चाहती है...

दीदी ने मैसेज कर दिया..

मई : आप कहा थे papa...ab तक वापस कैसे नहीं ए .

समर: कई सालो तक महाराज ने मुझे मचिनो में कैद रखा फिर 4 साल पहले उसने मेरे ठीक होने पर मुझे एक रूम में कैद कर diya...wahan एक गंगा सर्वेंट था unka..jo मुझे खाना देता था..

अनुसुइया : और इस वजह से आप उसे कण्ट्रोल नहीं कर पाए...

समर : नहीं मेरी bachi...mai चाहता तो उसे हिप्नोटिस्म के ज़रिये कण्ट्रोल कर लेता लेकिन गुरु चरण दस जो टेलिपाथी जनता है वो मेरे दिमाग में बैठा tha..shayad अब भी hai...mai उसकी सोंचे पकड़ लेता और उसे भी कण्ट्रोल कर लेता अगर वो मेरी सोंच में bolta..ye ऐसा है जैसे एक घर में लाखो घर अँधेरे में ढूंढ़ना..

मई : आप उसकी सोंचे पकड़ नहीं सकते बिना उसके आपको जवाब दिए..

समर : मेरी किताबे कहा है माहि..

माहि : वो घर जल gaya...uske साथ hi आपकी किताबे भी...

समर : खैर छोरो वैसे भी अब मई बूढ़ा हो गया हों..

मई : क्या मतलब पापा..

समर : उन किताबो में कोई नुस्खा मिल जाता तो मई उसकी सोंचे बिना कमांड दिए पकड़ लेता...

मई : ाचा....

समर : तो मेरी सोना की शादी हो गयी मतलब अनु की भी हो गयी hogi..kaha है तुम्हारे हस्बैंड..

अनु मुझे देखने लगी..

मई : अनु का हस्बैंड नामर्द था तो दीदी ने उसे डाइवोर्स दे दिया...

सोना : मेरी लव मैरिज थी वो लड़का दीदी का दुश्मन था वो मुझे मर रहा था तब मैंने सलिल भाई को बुलाया और उसके बाप ने जब भाई को शूट किया तो भाई ने मेरे हस्बैंड को आगे कर diya...aur शायद वो मारा गया...

पापा का चहेरा उतर गया था...

समर : कोई बात नहीं अब मई तुम्हारे लिए अचे लड़के तलाश करूँगा...

माँ कुछ कहने जा रही थी की अनु ने माँ का शोल्डर दबा diya...aur वो चुप हो गयी...

माहि : अनु बीटा देखो खाना बन गया.

सनी : हां माँ बन gaya...jao चाचू हाथ धो आओ मई लगाती हों..

समर : चाचू नहीं पापा kaho...tum तीनो भाई बहन मेरे लिए सलिल मेरी तीनो बचियो से बढ़कर ho...papa के कहने पर वो उनके सीने से लग gayi...papa प्यार से उसकी पीठ सहलाने लगे...

अनुसुइया : तुम बैठी मई निकलती हों..

सनी : गेस who's किंग..

मई : झमेला...

उसने मुस्कुराते हुए सर हिला दिया...

समर : ये कोण है...

सनी : आपका बड़ा बीटा...

समर : बहुत अछि खबर दी है...

मई : कैसे उसकी नाराज़गी ख़त्म हो गयी..

सनी : pa.papa के बारे में bataya...wo हिचकिचाई पापा कहते हुए..

मई : ाचा किया आएगा तो उसके हाथ जोड़ लूंगा...

सनी : चलो आओ मुझे भूक लगी है...

सनी मेरे पास आयी और मुझे उठाने के लिए बाहें उसने मेरे गले में दाल दी .

मई : क्या कर रही पापा के सामने...

अगले hi पल उसने अपनी आस्तीन से एक लेटर निकल कर मेरी जेब में रख दिया..

सनी : चलो आओ खाये...

हम सब दिन्निग पर आकर बैठ गए..

माँ अनु सबको उतर कर देने lagi...jaise hi माँ मुझे देने को हुई अनु ने पहले आकर मुझे दे दिया..

फिर मेरे hi पास आकर बैठ गयी...

समर : तुम क्या करती थी अनु...

अनु ने मेरे लात मरी .

मई : इसका क्लब था जो मैंने बंद करा दिया...

समर : इसका .क्या मतलब तुम दोनों में कुछ हुआ है अभी तुम इसका नाम ले रहे थे..

अनुसुइया : नहीं पापा हम फ्रेंड्स की तरह रहते है न .

समर : फिर भी अपनी बड़ी बहन से इस तरह बात नहीं करोगे..

मैंने गर्दन हिला कर हामी भरी...

समर : और सोना तुम...

सोना : मई ग्रेजुएट हों..

समर : खान खाने के बाद अनुसुइया तुम और साहिर आशना के कॉलेज से उसके सर्टिफिकेट लेने जाना ..

सनी : पास करो... मैंने मटन का डोंगा उसे उठा कर दिया की उसने आँखों से इशारा किया मेरी पॉकेट की तरफ बदले में मैंने भी..

सनी : क्यों न हम सब चले जाये पापा..

समर : ये तो और अछि बात है ..

अब मुझे देखना था ये सनी पापा के साथ मिलकर क्या प्लांनिग कर रही है ..

समर : तुम्हारा भाई सामंथा के घर जा रहा है...

पापा की बात सुनकर माँ एक डैम पुरसुकून हो गयी...

सलिल : दीदी मुझे मीट खाने पर मरती थी आज खुद खा रही hai..hahaha..

अनुसुइया : तुम भी न मई अनजान थी सबसे..

मैंने जल्दी से अपना खाना ख़त्म Kiya...aur अपने रूम में आया...

हां पिता ji...mere एते hi सौम्य कानो पर फ़ोन लगाए एंटर हुई..

मई लत्तेर निकल कर पढ़ने लगा..

साहिर बेटे ये मई हों तुम्हारा papa...mai तुमसे डायरेक्ट ये बात नहीं कर सकता था इसलिए मैंने सनी का सहारा लिया गुरु चरणदास मेरे दिमाग में बैठा है इसलिए इस तरह तुम्हे बता रहा hon...maharaj और उसके लोग किसी भी समय यहाँ आ सकते hai...wo यहाँ ए उससे पहले हमें उनके पास जाना होगा ...और आज hi ये सहर भी छोड़ना hoga...tum अपनी बहनो को मार्किट ले जाओ और खरीदारी करो जो सनी बताये...

लत्तेर पढ़ कर मैंने उसे रख दिया...


सौम्य : कोण आया पिता ji...hmm मई डिपार्टमेंट छोर चुकी hon..maine अपने सेंसर्स एक्टिव करने चाहे लेकिन हुए नहीं...

सौम्य : आपने hi कहा था जो सही हो उसे चुनना मई अपने हस्बैंड के घर हों अब यही मेरा घर hai....haan आप भी...

मई : क्या हुआ सौम्य...

सौम्य : डिपार्टमेंट के लोग घर ए they..papa को डरा रहे थे मुझे लेकर की मई एक दरिंदे का साथ दे रही हों बूत हकीकत तो ये है वो है दरिंदे....

मैंने उसे गले लगाया फिर कहा..

मई : शर्ट पहन लो हम बहार जा रहे है...

मई रूम से निकला अनु के रूम में आया सेफ खोल कर मैंने मास्क निकला और फिर सुनने की कोशिश की....

आशना : ईस्ट और वेस्ट माय पापा इस बेस्ट..

समर : माय स्वीटहार्ट इस बेस्ट....

मुझे यहाँ से उनकी आवाजे सुनाई दे रही thi...aur मुझे समझ आगया ऐसा क्यों....

मई बहार aya...aahana पापा की गोदी में बैठी थी...

माहि : क्या कर रही है उतर अब तू बची नहीं रही....

समर : क्या कर रही हो रहने दो न...

माहि : आप खुद बचे बन रहे हो...

समर : सही कह रही हो अब मेरी उम्र सलिल के बचे खिलने की है....

सनी : दो दो wife's के होते हुए इसके बचे नहीं hue.....mujhe बचे चाहिए अगली बार उनके आने पर आउंगी..

शर्म से मई झेप गया...

अनुसुइया : हम तुम्हे नहीं जाने देंगे...

सनी : जाना तो है किसी से वडा किया है...

मई : नहीं...

सनी : चलो शॉपिंग करने चलते है...

उसने टॉपिक चेंज करते हुए कहा .और सबने हामी भरी...

सनी : तुम nahi...tum यही रुको और माँ पापा का ख्याल रखना...

उसने अपनी फ्रेंड से कहा...

गूंगी पर दिल तो आगया था लेकिन वो मेरी तरह थी उसकी पावर मई जेल में देख चूका tha...sani के कहने पर वो रुक गयी .और हम चल दिए..

घर से निकलकर हम गेराज में ए...

मार्कएडेस तो मेरी पुलिस ने जब्त कर ली thi...didi की पुराणी कार कड़ी थी ..

ये yahan...mai हार्ले अपनी बाइक को देखते हुए बोलै...

..अनुसुइया : तुम इसे पार्क में चोर ए थे मैंने माँगा ली अपने गार्ड्स से..

बिना कुछ कहे मई कार में बैठ गया..

अनुसुइया : सनी तुम ड्राइव करो ..सौम्य तुम आगे बैठो मई पीछे बैठूंगी...

मई बैठा तो दोनों बहने मेरे दये बाये आकर बैठ गयी...

आशना : मई कहा बैठु..

ये पांच सीटर कार thi..aur हम 7 they...purvi और आशना रह गयी थी..

सौम्य : पूर्वी आगे ाजाओ...

सौम्य जगह बनाते हुए बोली..

सोना : तुम यहाँ आकर बैठ jao...sona अपनी सीट की तरफ इशारा करते हुए बोली....

अगले hi पल वो उठकर मेरे घुटनो पर बैठ gayi...space बना कर..

आशना घूम कर मेरे पास बैठ गयी..

अनुसुइया : पूर्वी बैठ गयी..

पूर्वी : हाँ..

अनुसुइया : चलो sani...pehle आशना के कॉलेज चलते hai...fir शॉपिंग के लिए चलेंगे..

सनी : ठीक है रास्ता बताना...

मई सोना की वजह से बहुत उनकंफर्टबले फील कर रहा था मई उसे उठाना चाहता था लेकिन मेरे अंदर का शैतान जाग गया tha...wo भी पैरो पर जगह बनाते हुए बिलकुल मुझसे चिपक गयी थी....

मुझे वो समझ नहीं आ रही थी की अनु ने अपना सर मेरे शोल्डर पर रख दिया....

मई : हे क्या कर रही hai...anu... हटा अपना सर...

अनुसुइया : प्लीज रखने दो न मुझे नींद आ रही है...

मई : ये मई हों रोलेक्स..

अनुसुइया : हाँ to..kehte हुए वो और मुझसे सत्कार बैठ गयी...

फिर एक हमला और मुझ पर सोना ने kiya...usne मेरे दोनों हाथ पकड़ कर अपने पेट पर रख लिए...

मुझे अपने लैंड पर सोना की नरम मोती गांड महसूस हो रही थी जिस वजह से मई बार बार अपने पेअर आपस में मिलकर अपने डिक को सोना से बचा रहा था ..

अनुसुइया : क्या हुआ..

मैंने बेबसी से उसे देखा और मास्क की तरफ इशारा kiya..means अपने फेस पर..

मई : ये मेरे कण्ट्रोल से बहार hai..maine धीमे से kaha..aur मेरी टंगे खुल gayi..ab सोना मेरे लैंड पर बैठी thi...mera हाथ निचे हुआ और सोना के की अस्स पर चलने लगा.

अनुसुइया : सोना मेरी गोदी में आकर बैठ जाओ...

सोना : नहीं मई अपने भाई के पास बैठूंगी...

मई : मई रोलेक्स हों..

सोना : रोलेक्स हो अपने लिए मेरे लिए तो मेरे भाई हो जो मुझसे अपनी जान से ज्यादा प्यार करता hai...usne न मेरा हाथ रोका न मेरे डिक को फील करके वो उठी...

आशना : कितनी कामिनी हो आप दोनों दी मुझे मेरे भाई के अगेंस्ट करके मुझसे छीन रही ho...aur खुद उनके करीब हो रही हो..

सलिल : सोना उठो न...

मेरा हाथ पीछे हुआ फिर सोना की अस्स से रास्ता बनाते हुए पंत तक गया और उसने डिक पकड़ कर सिधार कर दिया...

साहिर : तू क्या नाराज़ थी मुझसे ..

सोना: मेरी वजह से.. मैंने इसके कान भरे बेबी मैंने जो कहा वो सब झूट था...

आशना : यू लिएर्...

और वो सोना के मुक्के मरने लगी...

सोना: आह लग रही है बेबी..

आशना: आईएम सॉरी....

Aaaahhh....sahir सलिल जागे तो उन्होंने मास्क खींच diya..agle hi पल मेरा डिक बैठ गया..

तुम pachtaoge...mask ने kaha...wo मुझे खुनी निगाहो से देख रहा था....

मास्क : मई तुम्हारा वो हाल करूँगा जो तुम सोंच भी नहीं sakte..lagta है तुम पिछले अंजाम से कुछ सीखे नहीं...

साहिर हम अपनी पूरी फॅमिली के साथ है अगर इसे निकला तो कुछ भी हो सकता hai..maine अपने दिमाग में कहा..

साहिर : सोना थोड़ा आगे बरकार बैठ..

वो थोड़ी सी खिसक गयी...

अनुसुइया : क्या हुआ..

मैंने कोई जवाब नहीं दिया..

मास्क : मुझे जिस्म चाहिए औरत का इस कार में बैठी हर औरत ka..agar नहीं तो मई तुम्हे जीने नहीं dunga...agar नहीं तो इस कार का एक्सीडेंट भी हो सकता है...

साहिर: पहन le..usne मेरे दिमाग में कहा...

मैंने पहन liya....ye सोंचते हुए जल्द उतर दूंगा .

अब मास्क मुझे डोमिनाते कर रहा tha...mujhe गुस्सा अपनी बहनो पर आ रही थी ...मई मजबूर था लेकिन वो नहीं सब कुछ जानते हुए भी वो मुझसे चिपक रही थी...

कुछ देर बाद पहले से भी ज्यादा हवस मुझमे भरने lagi....mera डिक फिर मुझे परेशां करने लगा....


जैसे hi डिक सोना को महसूस हुआ वो फिर पीछे आकर बैठ गयी....

मेरा मन हो रहा था सोना के साथ गलत करने ka..mai खुद को बेहद कमज़ोर महसूस कर रहा tha...mere हाथ उसके जिस्म पर चल रहे थे...

पूर्वी सौम्य सनी आपस में बातें कर रही थी लेकिन मेरा दिमाग सिर्फ सोना की अस्स पर था...

आशना : I'm सॉरी मैंने आपको गलत samjha...usne सर उठा कर मेरे गलो को चूमना चाहा की मैंने उसके सर को पकड़ कर उसके होंठ चुम लिए...

अगले hi पल आशना अलग हो गयी...

सोना के आगे होने पर किसी ने देखा nahi..jo मेरे लिए ाचा था नहीं तो मई उन तीनो की नजरो में गिर जाता..

आशना : आप बदमाश हो...

साहिर मेरी सोंचे बदल रहा था सलिल भी साथ दे रहा था लेकिन बार बार मेरा ध्यान सोना और अनु पर जा रहा था...

मेरा दिल कह रहा था अनु की हर बात मनु उसे किसी भी गलत काम से नहीं रोकू उसका स्लेव बन कर राहु.

लेकिन साहिर और सलिल मुझे रोक रहे थे....

मेरे हाथ सोना की तरफ बढे की कार रुकी....

अनु कार से उत्तरी और ेंटरी फइलल करके aayi..Maine अपना मास्क निकल लिया था लोगो की भीड़ देख.

अनुसुइया : अंदर ले chalo...wo आकर बैठते हुए बोली.

कुछ देर बाद कार आशना के डिपार्टमेंट के सामने आकर रुकी...

आशना और दीदी दोनों बहार निकली...

मई : सोना वो दोनों जा चुकी है...

सनी: वेट I'm किंग...

सनी भी बहार निकल गयी...

पूर्वी पीछे से उठकर मेरे पास आकर बैठ गयी आशना की सीट पर ..

पूर्वी: वहां ठीक से बैठ नहीं पा रही thi....wo मेरे पास बैठते हुए बोली.

मई अपने जज़्बातो से लड़ रहा tha...mere दिमाग में जो चल रहा था उसे सोंच कर मेरा मन कर रहा था मई अपने सर को फोड़ lon...ye सही नहीं tha...jo भी मास्क कीमत मांग रहा था...

मई : ये जानते हुए भी मई मास्क पहना हों फिर भी तू मुझसे करीब होने की कोशिश कर रही थी...

सोना : बैठने के लिए...

मई : सस्सहः शट up...tere साथ इतना कुछ हुआ और तू फिर वही सब दोहरा रही hai...ab क्या चल रहा है तेरे दिमाग me...kehte हुए मैंने उसका गाला पकड़ लिया और दबाने लगा...

सोना : आठ क्या कर रहे हो भाई...

मई : फिर सच सच बता...

सोना: आपके जाने के बाद हमें अहसास हुआ हम कितने गलत they...hamne कितना बुरा किया आप सलिल भाई साहिर भाई तीनो ने हमेशा हमें बचाना चाहा और हमने आपको अस ऑलवेज बेटरएड kiya..aapki बातों ने हमारा मन बदल दिया ..आपको पता है आपके जाने के बाद क्या हुआ...

ाःह ..

दीदी क्या हुआ .आपकी बातों से दीदी सदमे से गिर गयी thi...maine आगे बढ़कर उन्हें संभाला..

मई : क्या हुआ दीदी ..

मेरे पूछने पर कुछ कहे बिना वो मेरे गले लग गयी ..बहुत देर तक वो सुबकते रही मेरे गले लगे और मई भी...

मई : दीदी ये सब भाई की वजह से न ..उनकी बातों से अहसास हुआ विल्लिअन तो हम थे ...

अनुसुइया : एक भाई का सिर्फ पेट भरना hi बड़ी बहन का फर्ज नहीं होता उसे डिग्निटी के साथ बड़ा करना भी और मैंने क्या किया उसे मरना चाहा उसे हुमिलियते kiya...uske बाद भी वो बस हमें बचता रहा ..दीदी सदमे से निढाल होकर बैठ गयी...

अचानक से दीदी ने फ्रूट की टोकरी में से नाइफ उठा लिया...

मई : क्या कर रही हो didi..pagal हो गयी हो...


अनुसुइया : मई नहीं जीना चाहती sona..mai उससे नजरे कैसे milaungi....wo मुझे माँ कहता था अब मेरी वजह से मेरा नाम लेता hai...aahh ये मैंने क्या कर diya...didi अपना गाला काटने को हुई तो नाइफ मैंने पकड़ ली...

मई : दीदी पापा अभी तो हमें मिले है हमारी छोटी बहन सानिया अयन हमारी माँ इन्हे छोड़कर जाना चाहती हो...

अनुसुइया : और क्या करू sona...maine उसके अंदर के अचे इंसान को मर दिया.. न सिर्फ uski..apni सोल को भी....

उन्होंने हताश होक नाइफ बराह्या की उन्हें अपने कपड़ो पर ब्लड dikha..aur उनके हाथ से नाइफ गिर गया...

अनुसुइया : तू क्यों मुझे बचाना चाहती hai...tu नहीं जानती मैंने क्या kiya...kal mai...sani को सेक्स ड्रग्स dekar..aur वो रोने लगी..

मई : क्या मतलब दीदी...

फिर उन्होंने मुझे बताया सनी ने विष्णु के साथ उन्हें पकड़ लिया था माँ ने दीदी की शादी घाना से फिक्स की थी मेरी वजह se..maine ये सब किया...

मुझे बताकर वो उठी और अपना फ़ोन उन्होंने उठाया...

अनुसुइया: अगर जान प्यारी है तो आज के बाद मुझे कॉल नहीं करना .

विष्णु: ये कैसी बातें कर रही हो anu..tumhare घर नया आदमी कोण आया है...

अनुसुइया : वो मेरे पापा है और रोलेक्स से भी ज्यादा डेंजर अगर तुमने मेरे करीब आने की कोशिश की तो जान से मार denge..aur दीदी ने फ़ोन रख दिया...

जाने का सुनकर माँ पापा को घाना के बारे में बता रही थी दीदी ने उन्हें roka..bhai हमारे मन बदल गए hai...hamare साथ जो हुआ इसके जिम्मेदार सिर्फ हम hai...hame माफ़ कर दो...

सोना ने भीगती आँखों से मेरे सामने हाथ जोड़ liye...uske हाथ पर पट्टी बंधी थी...

एक मन कह रहा था उस पर ट्रस्ट करू एक उसकी अभी की हरकत को याद करके कह रहा था ये नहीं बदली है...

मई : अभी जो तू मेरे इतने सब करने पर भी खामोश थी वो क्या था..

सोना : दीदी बस kare..maine नाइफ उनसे छेना..

अनुसुइया : तुम्हारा तो खून बह रहा है...

मई : कुछ नहीं दीदी उस जख्म के सामने जो मैंने अपने भाई अपने प्यार को दिए..

अनुसुइया : प्यार क्या मतलब...

मई : दीदी मुझे बर्बाद भाई ने किया है अब मैंने सोंच लिया है वो hi मेरे पति banege...nahi तो मई कुवारी रहूंगी..

चटकककक...

दीदी ने मुझे थप्पड़ मारा .उन्होंने बहुत समझाया उनके सामने तो मैंने हां कर दी की आपको भूल जाउंगी लेकिन अब नहीं...

सोना की बातें मेरे साथ सौम्य और पूर्वी दोनों सुन रही थी ..सौम्य गुस्से में अपनी सीट से uthi...aur सोना का गेट खोलकर उसे देखने लगी...

चटककककक...

सौम्य : तेरी माँ छोड़ दूंगी अगर तूने मेरे पति की तरफ देखा भी छिनाल भाई बहन के प्यारे रिश्ते को कलंकित करना चाहती है ...इसके तो अहसान थे इसलिए इसे एक्सेप्ट कर लिया तू आयी तो तेरी गांड में लैंड दाल दूंगी ..

सोना पीटते हुए सब सुनती रही....

सौम्य : तुम इसे घर से निकलोगे ये चुटिया इन्फ्लुएंसर है न चला लेगी अपना kharcha..mere आदमी को छिनेगी रंडी जिसके लिए मैंने अपना सब कुछ छोरा .

सोना सुबक कर रोने लगी...

मैंने सोना के सर पर हाथ रख दिया...

सौम्य : दूर हटो isse...rone दो बहन की लोदी को...

सोना मेरे साइन से लग कर और रोने लगी...

मई : तुम्हे इस पर भरोसा नहीं है मुझ पर तो hai...wada करता हों अपने रिश्ते को कलंकित नहीं karunga...mere कहने पर उसका गुस्सा ख़त्म हुआ..


मैंने पूर्वी के शोल्डर मारा..

पूर्वी : तुम जाकर baitho...saumya..

पूर्वी के फाॅर्स करने पर वो आकर बैठ गयी ..

मई : सौम्य प्लीज किसी से न kehna..ye जैसी भी है मेरी बहन है...

सौम्य : अगर ये तुम्हारे करीब दिखी तो सीधा अंकल से कहूँगी..

मई : नहीं दिखेगी...

सौम्य : मई भी नहीं चाहती तुम्हारी कजिन के सामने तुम्हारी इंसल्ट हो..

मई : स्सश्ह शांत होजा ...मई हों न तेरे पास ..सोना को सिसकता देख मई पिगल gaya...apni शर्ट से उसके आंसू पोंछने लगा...

उसने अपना सर मेरे साइन पर रख दिया...

पूर्वी: कितनी गन्दी गलियन देती हो .

सौम्य : पुलिस की जॉब में ये सब आम है सौतन...

पूर्वी: सौतन नहीं bahan...ham बहन बनकर भी तो रह सकते है ..

सौम्य : bahan..wo हाथ बढ़ाते हुए बोली...

और पूर्वी ने उससे हाथ मिला liya...wo दोनों एक दूसरे के हाथ को थम कर बैठ gayi..jaise फीलिंग्स ले रही हो..

ये मेरी सीट हे अपनी सीट पर aao...itne में पूर्वी की साइड का दूर खुला और आशना आयी....

पूर्वी उठ कर सौम्य के पास बैठ gayi...sani दूर खोल कर ड्राइविंग सीट पर बैठ गयी...

दीदी अंदर आकर जगह देखने lagi...saumya सोना को hi देख रही थी..

आशना : मई बैठ जाती हों भाई के पास...

अनुसुइया : मई सलिल को अपने ऊपर बिठा लुंगी...

दीदी की बात सुनकर मई उठा वो बैठी तो मई उनके पैरो पर बैठ गया..۔۔

रिश्तो के आगे झुकना तो सबको पड़ता है मई क्या था..

गाड़ी वापस हो गयी...

सनी: सबसे नज़दीक मॉल किधर है ...गाड़ी हाईवे पर दाल उसने पूछा...

अनुसुइया दीदी उसे रास्ता बताने लगी..

15 मिनट बाद हम मॉल में थे...

सनी : जिसे जो लेना है ले ले पाय मई karungi...dusri बात ऐसा सामान लेना जो शिफ्टिंग के लिए काम aaye..aur तीसरी बात एक ड्रेस मई चूसे करुँगी..

मई : ok मैडम अब चले..

हम अंदर aye...aur अलग अलग स्टोर में खरीदारी करने लगे..

सब हमें घुर्र रहे थे...

ये कितने की hai...aashna एक प्लाज़ो ऊँगली से दिखते हुए शॉपकीपर से बोली..

उसने मुझे देखा...

जल्दी से प्लाज़ो निकल कर उसने पैक करके काउंटर पर रख दिया ..

आशना : भैया खरीदेंगे तुम इतना हड़बड़ा क्यों रहे ho...hame और भी कपडे लेने है..

शॉपकीपर: ले jaoo..usne कांपते हुए कहा...

मई : डरो mat...news में जो अत है वो सच नहीं hota..ham खरीदारी करके चले जायेंगे...

एक्सक्यूज़ में sir...mai यहाँ का मैनेजर हों आपकी हेल्प के liye..ek आदमी ने मेरे पास आकर..

मैंने सबको देखा सब घुर्र रहे थे मुझे...

मई : जाओ यहाँ से हमें जो लेना होगा हम ले lenge...daro मत जाओ..

मेरे कहने पर वो चला गया...

मई : ऐसे hi शॉपिंग करनी पड़ेगी..

आशना ने हामी भरी..

शॉपकीपर से कुछ शर्ट्स पैन्ट्स टॉप्स लेकर आशना आगे badhi...aage दीदी और सनी सौम्य थी...

दीदी शिफ्टिंग के अकॉर्डिंग सामान ले रही थी...

मई : ये किस लिए .

सनी : बार्बी क्यू के लिए..

मई : ओह्ह सही kiya..jyada सामान नहीं लेना जहाँ जा रहे है वहां से भी कर लेंगे..

सनी : फिर रहने देती हों इसे ...

मई : अब ले लिया है तो रहने दो..

अनु ने एक टेंट ले लिया था .

आशना : ये किस लिए दीदी..

अनुसुइया : वहां माउंटेन हैं पिकनिक पर चलेंगे उसके लिए..

आशना : एक और ले लो...

सनी आगे निकल गयी थी...

कुछ देर बाद वो वापस आयी..

आकर उसने मेरा हाथ थम लिया और मुझे जबरजस्ती खींचते हुए ले जाने लगी...

चलते हुए हम एक मेल शॉप पर ए..

कई ड्रेसेस काउंटर पर राखी थी...

सनी : ये मैंने चूसे की है पहन कर dikhao...koi ek...size सही हुआ तो साडी पैक करा लुंगी..

मोस्टली ड्रेसेस हड्डी वाली थी...

मई एक जोड़ी लेके चला गया चेंज करने...

सनी : कोई मेल है अंदर..

शॉपकीपर: no...mam..

सनी : वेट...

मई रुका तो वो आयी हाथो में एक और ड्रेस लिए...

मई : तुम कहा आ रही हो..

सनी : इसे भी दिखाना पहन कर .

वो ड्रेस देके गेट पर कड़ी हो गयी मई अंदर घुस गया...

मिर्रोर में खुद को देखते हुए मई कपडे उतरने laga...mask मेरी पंत पर बंधा था...

क्या हो जब तुम गाड़ी से जाओ और एक्सीडेंट हो जाये और तुम अपने किसी या सभी क़रीबीओ को खो baitho..mai उसे रख रहा था की उसने kaha..aur मई रुक गया..

मई : हमारी डील हुई thi...maine तुम्हे रोका नहीं...

मास्क : dhokebaz...uska मुँह डरावना हो गया गुस्से से..

मास्क : मई सब समझता hon..jab मेरी प्यास बुजहने का समय अत है तू मुझे निकल देता है...

मई : वो तो मैंने ऐसे hi...aaahhh...maine मिरर में देखा मेरे शोल्डर पर फोड़ा निकल आया था...

मास्क : मेरे बिना तू कुछ नहीं है ..मेरा गुलाम है तू जो मई कहूंगा वो तू karega...mujhe अब जिस्म के साथ खून की भी प्यास लगी hai...tujhe क्या लगता है इतनी बड़ी बड़ी बिल्डिंग्स तू अपनी पावर से गिरता hai...ye मेरी असीम शक्तियां hai...lekin अब नहीं अब मई तुझे कही का नहीं छोडूंगा..

सनी : sahir...kya कर रहे हो जल्दी करो..

मई : मई यहाँ से निकलने के बाद पहन lunga..aur उसकी बात सुने बिना मैंने उसे रख दिया..

मैंने चेंज किया और मई बहार आया..

सनी : इतनी देर लगा दी ..वैसे अचे लग रहे ho...wo फिटिंग देखते हुए बोली..

सनी : फिटिंग परफेक्ट है ऑब्वियस्ली चूसे भी मैंने किये they..jao अब ये पहन कर दिखाओ...

मई : क्या यार ठीक तो hai..rehne दो न..

सनी : तुम ऐसे hi बातों में समय गवाओगे... चलो...

मेरा हाथ पकड़ कर वो अंदर आगयी...

मेरी शर्ट के बटन खोल कर उसने उसे उतर दिया...

Ye...ye वही मास्क hai...wo शर्ट रखने को हुई उसकी नजर मास्क पर पड़ी....

मैंने सर hilaya...usne मास्क को उठाया और उसे देखने लगी...

मास्क : मुझे पहन लो मई तुम्हे असीम शक्तियां दूंगा..

Khatt...uske हाथो से मास्क गिर गया..

सनी : डरावना है ये..

मई : हाँ गुस्से में ऐसे hi बातें करता है..

सनी : ये क्या hua...wo मेरे फोड़े को देख पूछने लगी.

मैंने सब उसे बता दिया..

सनी : पहन lo...aise ये नासूर बन जायेगा...

मई : तुम नहीं समझती मुझे क्या हो जाता hai...mai खुद पर से कण्ट्रोल खो देता हों..

सनी : घर चल कर निकल देना..

साहिर भी मेरी सोंचो में मुझसे यही कह रहा tha..mujhe मास्क की धमकी भी याद आ रही थी....

मई : इसे ठीक karo...maine मास्क उठा कर उससे kaha...usne ईविल स्माइल दी .और मैंने लगा लिया...

सनी : कैसा लग रहा hai...see ये ठीक हो रहा ...वो मेरे फोड़े को दिखते हुए कहने लगी..

मई : पावरफुल..

इतने में मुझे मेरी कमर पर सनी के हाथ महसूस हुए...

वो मेरी पंत खोल रही थी..

मई : मई कर लूंगा...

जल्दी karo..wo घूम गयी....

मई पंत उतारते हुए उसे देखने लगा .

मई : तुम ये सब क्यों कर रही हो .मेरी पत्निओ को भी मेरी इतनी परवाह नहीं...

मेरी बात सुनकर वो पलटी..

सनी : पता नहीं शायद बहन हों isliye...lekin तुम दोनों मेरे लिए एक सामान हो...

मई : ये कुछ और तो nahi...maine पंत उतारकर रखते हुए कहा..

सनी : शट up..kuch दिनों में चली जाउंगी बस इसलिए जी भर के तुमसे प्यार कर रही हों....

मई : जाने की बात मत karo..maine पास आकर उसका हाथ थम कर कहा...

मई इतना पास आगया था बस हवा हम दोनों के बिच से गुज़र सकती थी...

निचे मेरा लैंड अंडरवियर फाड़ कर निकलने को हो रहा था...

सनी की टैंगो पर वो लगा और उसने निचे देखा...

Ye...usne देखा और वो समझ गयी..

शर्म से उसका फेस लाल पद गया..

मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लैंड पर रख दिया...

चटकककक...

थप्पड़ मरते हुए वो निकल गयी ..

मई : sani...mai इसीलिए नहीं पहन रहा था...

सनी : चेंज करके बहार आओ..

उसकी आवाज पर मैंने मास्क उतर दिया...

और पुराने कपडे पहनने लगा..

सनी : नई पहन कर आना..

मई : मैंने अब पहन liye.mai पुराने कपडे पहन कर निकला..

इतने में वो अंदर आयी उसने हूडि उठाई और मुझे पहना दी...

मई : I'm sorry...aur मैंने उसे अपना हाथ दिखा दिया जहाँ अब पहले से ज्यादा उस मास्क का दर्द था...

सनी : पहन लो उसे मई नहीं चाहती तुम दर्द में रहो...

मई : पहले मुझे माफ़ करो...

सनी : नहीं कर paungi..chalo पहनो अब...

मई : यार ऐसा बोलोगी तो मर जाऊंगा..

सनी : प्लीज....

और वो आगे बढ़ गयी ..

पीछे पीछे मई चल diya...usne सरे कपडे पैक कराये और बिल पाय किया...

मई बहार आया तो बहार सबने अछि खासी शॉपिंग कर राखी थी..

सनी : हो गया तुम सब का..

यस madam..sabne कहा..

सनी : लास्ट ड्रेस मई dilaungi..let's फॉलो में..

सब उसके पीछे पीछे चल di.ek नक़ाब शॉप पर वो रुकी...

सनी : अपने अपने साइज का एक एक नक़ाब खरीद लो..

किस liye...sabne एक साथ पूछा..

सनी : छुपने के लिए ...मई भी कोलकाता से ऐसे hi ayi..kisi को शक भी नहीं हुआ मई ग्रीन मन की बहन हों..

उसकी बात ने लॉजिक था इसलिए सब खरीदने लगी..

सनी : सब पहन कर aao..wo हुक्म देते हुए बोली..

आशना : ओहो कितनी खड़ूस हो तुम दीदी...

हमें पहनना नहीं ata..sab बरी बरी से कहने लगी...

सनी : मई हों na..mai बाटूंगी बूत इस छोटी बची को मई पहनोगी..

उसने आशना का हाथ पकड़ा और चेंजिंग रूम में ले गयी उसके पीछे और सब भी...

सब ब्लैक नक़ाब में वापस आयी .पहचान में नहीं आ रही thi...kon क्या है...

सनी ने एक माँ के लिए पैक कराया और हम वापस चल diye...saman मई धो रहा था..

मई : sani...maine माफ़ी मांगने के लिए पुकारा...

ये मई हों तुम्हारी patni..saumya अंदर से बोली...

उसने शायद सुन लिया था इसलिए वो आगे आगे जाने लगी...

उसके पीछे भागते हुए मई उसके पास पंहुचा...

मई ; माफ़ कर दो न..

सनी : मुझे परेशां मत करो..

मई : तुम नाराज़ रही तो मई खुद से नजरे नहीं मिला paunga...chaho तो सजा दे दो...

सनी : ठीक है घर चल कर दूंगी...

वो मुँह फैट थी जैसा उसने कहा था वो करती zarur...mai सजा के बारे में सोचने लगा...

हम कार के पास aye..mai सामान कुछ ऊपर कुछ डिकी में रखें लगा...

तुम कहा जा रही हो मेरी jaan...saumya सोना को पकड़ते हुए बोली..

सौम्य : तुम मेरे पास baithogi.meri नन्द rand..rani..wtf...I मैं रानी...

किसी ने गौर नहीं kiya...siwaye मेरे और पूर्वी ke..saumya गली देते हुए जबरदस्ती उसे अपने पास बिठा लेती है...

पूर्वी मेरे साथ बैठ जाती hai...aashna मिरर के pass..didi रह गयी thi...jinke लिए पूर्वी उठ कर मेरी गोदी में बैठ जाती है...

सनी : मास्क पहन लो अपना मई नहीं चाहती जो तुमने कहा ऐसा कुछ ho...uski बात सही थी इसलिए मैंने पहन लिया...

और सनी ने गाड़ी आगे बढ़ा दी...

सनी : परसो निकलोगे न तुम लोग मई सोंच रही थी किस्से जाओगे...

आशना : तुम लोग नहीं हम लोग... खड़ूस दीदी मई तुम्हे नहीं छोड़ने wali...na तुम्हारे बिना जाउंगी...

पापा ने कहा था आज रात निकलने के लिए सनी ने परसो kaha...wo चालक थी उसकी यही बातें मेरे अंदर उसके लिए फीलिंग्स पैदा कर रही thi...mujhe अपने तने लीन्ह का अहसास हुआ तो मैंने उसे सीधा पूर्वी की गांड पर सेट कर दिया...

पीछे से मई उसके गर्दन चूमने laga..thik से बैठ कर वो अपनी अस्स में लैंड सामने की कोशिश करने lagi....meri हालत समझ कर धीरे धीरे वो गांड हिलाते हुए लैंड मसल रही थी..

अनुसुइया : हम तुम्हारे बिना नहीं जायेंगे...

सनी : भाई से बात करना..

अनुसुइया : वो आ रहे है..

सनी : haan..fir तुम हमारे साथ जाओगी..

आशना : वो मुझे मन कभी नहीं karenge....mai रोकूंगी..

मैंने दीदी के हाथ पर अपना हाथ रख लिया..

दीदी ने हैरत से मुझे देखा और अपना नक़ाब का मास्क हटा liya..wo हैरत में thi...unki और हैरत बढ़ने के लिए मैंने सर उनके कंधे पर रख लिया...

अनुसुइया : सलिल..

सलिल : ये रोलेक्स है दीदी और साहिर...

दीदी मुझे देखने लगी...


साहिर: तुम हमेशा मेरे लिए मेरी दीदी माँ रहोगी...

अनुसुइया : sahir....aue दीदी ने अपना सर मेरे गलो से लगा diya...fir सर वैसे hi किये सुबकने लगी...

अनुसुइया : बहुत मिस किया तुम्हे..

साहिर : मैंने भी अपनी दीदी को...

अनुसुइया : मेरे rolex...didi मेरे गलो को चूमने lagi...unki हिचकिएन बांध गयी थी...

साहिर : रो क्यों रही हो...

अनुसुइया : ये खुसी के आंसू है...

मई प्यार से उनकी आंखे साफ़ करने लगा..

मेरा दिल कर रहा था दीदी को अपने अंदर सामने ka...mai उनसे इतना प्यार करता tha....aur शायद यही वजह थी मई उन्हें कभी मार नहीं पाया...

सनी : फाइनली तुम्हारा मिलान hua..now I'm रिलैक्स्ड..

अनुसुइया : सब तुम्हारी वजह से...

सनी : वाओ क्रेडिट.

और हम सब हसने लगे..

अनुशिया: ये सामने मार्किट देख रही हो आशिक़ पहले यही सब्जी की शॉप लगता था...

देवर ji...ye कैप्सिकम कैसे दी..

भाभी आप ...जो लेना है ले लो...

जान ये तुम से पैसे नहीं लेगा..

लेकिन मई तो दूंगी मेरे भाई जैसा जो है...

भाई...

ी मैं तुम्हारा भाई जो है...

आरोही चले क्लास का टाइम हो गया है..

वो हुस्न की मलिका... कॉलेज में शूटिंग के वक्त मुझे मिली थी..

तुमने कैसे ढूंढा..

आपकी डेरी से मेरे बुद्धू भाई...

सलिल जी क्या hua...apke चोट लगी है..

खो kho...bas जुकाम है..

आरव प्लीज इन्हे क्या हो गया देखो न फीवर है बूत साँस नहीं ले पा रहे..

मुझे कुछ हो जाये तो तुम दूसरी शादी कर लेना...

शट उप कुछ नहीं होने दूंगी मई....

तुम रात से जाग रही हो मेरी खासी की वजह से मई दूसरे रूम में सोने चला जाता हों...

ये कैसी बातें कर रहे hai...mujhe नींद नहीं इसलिए जाग रही हों...





इश्क़ की साज़िशें इश्क़ की बाज़ियां

हरा मात खेल के दो दिलों का जुआन

क्यों तूने मेरी फुर्सत की

क्यों दिल में इतनी हरकत की

इश्क़ में इतनी बरकत की ये तूने क्या किया

फिरूं अब मारा मारा मैं चाँद से बिछड़ा तारा मैं

दिल से इतना क्यों हारा मैं ये तूने क्या किया

साड़ी दुनिया से जित के मैं आया हूँ इधर

तेरे आगे hi मैं हारा किया तूने क्या असर

मैं दिल का राज़ कहता हूँ

के जब जब सांसें लेता हूँ

तेरा hi नाम लेता हूँ

ये तूने क्या किया

Aarohi.....mere अंदर एक तीस उठी...

इंसान अपनी पहले लव को कभी नहीं भूल pata...jab ये मर्द के साथ हो तो और डीप हो जाता है...

माफ़ी न मेरी बहनो के लिए थी न आरोही के लिए जो दोनों ने किया था uski...lekin हालातो ने ऐसा मोड़ा मुझे माफ़ करना pada...aarohi इतने आगे निकल गयी थी सलिल की पहुंच से दूर बहुत दूर....

क्यों खुद को मैं बर्बाद करूँ

फना होक तुझसे मिलूं

इश्क़ का अजब है कायदा

तेरी राहों से जो गुज़री है मेरी डगर

मैं भी आगे बढ़ गया हूँ होक थोड़ा बेफिक्र

कहो तो किस्से मर्ज़ी लूँ कहो तो किसको अर्ज़ी दूँ

हस्ता अब थोड़ा फ़र्ज़ी हूँ ये तूने क्या किया

मैं दिल का राज़ कहता हूँ

के जब जब सांसें लेता हूँ

तेरा hi नाम लेता हूँ ये तूने क्या

कार रुकी और हम घर ए...

पहचानो और बताओ हम कोण है... अनसुइया दीदी कोण सी है..

समर : अरे बेटी इतना कठिन टेस्ट मई तो फ़ैल हो जाऊंगा..

आशना अपनी आवाज से पहचानी जा रही थी लेकिन वो पापा के साथ मज़ाक कर रही thi...wo पापा की ताकत नहीं जानती थी..


मई अपने रूम में ऊपर बढ़ gaya..room में आकर मैंने अपनी ालमिरह में से अपनी एल्बम निकालो उसमे से अपनी शादी की फोटो....

सलिल : ज़िन्दगी में अब बस काश रह गया है...

मई : तू कहे तो उसे ले aaun...wo तुजसे सच में प्यार करती hai...maine खुद उसकी आँखों में देखा...

सलिल : नहीं वो साहिर की वजह से मुझे चाहने lagi...vaise भी उसे छोरा मैंने है... विथाउट किसी सुपर स्ट्रेंथ ke...ye फैसला मैंने किया है..

मई : तो क्या उसे ऐसे hi याद करता rahega...aur तड़पेगा..

सलिल : हाँ उसके आने से ज्यादा ाचा ये है मई ऐसे hi तड़पता राहु उसकी यादो में..

और उसने आरोही की पिछ चूम li...shadi ki...use लेकर वो बीएड पर लेट गया सीने से लगाए...


मर्द अपनी पसंदीदा औरत से अलग होने के बाद भी कभी उसे भूलता नहीं.

मई : मैंने भी अपनी संजना खोयी है मई तो रंडी रोना नहीं कर रहा हों..

साहिर : चुप जा chutiye...tu उससे सेक्सुअली अत्त्रक्टेड था..

मई : क्या यार उससे सच में प्यार था पता नहीं कैसी होगी wo...uff मेरी जान...

सलिल : चुप करोगे तुम दोनों...

मई : nahi...usne तेरी गांड ली है lodu..aur मैंने वो यादें सलिल के दिमाग में डाली जब आरोही ने मुझे और झमेला को लड़ने से रोका tha...agar उस दिन ऐसा होता तो बड़ी तबाही होती...

सलिल : उसने खुद ली... रोहित को हाथ नहीं लगाने दिया..

मई : सेल चूतिये अब बोलै तो मरूंगा..

सलिल : हाँ मई हों चुटिया क्योकि मई दिल रखता hon...tum दोनों तो बिना दिल के हो...

साहिर : नहीं सलिल जो तू फील करता है वही मई करता हों...

आरोही ने दीदी से कही ज्यादा बुरा तेरे साथ kiya...samjha...ab समय आगया है उसे भूलने का...

साहिर ने ज़ोर लगा कर हमें उठाया एल्बम उसने स्टील के गार्बेज बॉक्स में dali...fir मोमबत्ती के पास राखी माचिस से उसने पन्नी में आग lagayi...aur एल्बम जलने लगी...

और मैंने दोनों को लिटा दिया..

************************""*"******

कुछ दिन pehle..secret लैब ..

मम सीरम तैयार हो गया hai..ek साइंटिस्ट ने कॉल पर कहा.

मई : रात को सबके साथ aaungi...udhar से जवाब आने पर कॉल कट हो गयी..

रात को लैब में मोना महाराज क्यारा मोहिनी गुरु charandas...aur बहुत से लोग they...kuch बड़े ऑफिशल्स भी थे...

मई आपका hi इंतज़ार कर रहा था....

साइंटिस्ट सबको देख पास आकर बोलै..

मोना : कहा है सीरम mr.bedi.

बेदी सबको लेकर एक मशीन के पास aya..fir उसने एक बटन प्रेस kiya...dhuan छोड़ती हुई मशीन ऊपर को आयी और शीशे के हिस्से में सबको झमेला का ब्लड जिसमे फार्मूला ॉक्स और गमा रेडिएशन देखने को mila...gama इतना ज़्यादा था की उसने सीरम का कलर ग्रीन कर दिया था...

महाराज: इसे इंजेक्ट कर सकते हो अभी..

बेदी: यस सर...

मोना : फिर क्या सोंचा आपने...

महाराज : मिलिट्री के एक्सपर्ट hi बता सकते है...


2 बड़े ओफ्फिसिलास पास aye...unhone कान में कुछ kaha..maharaj के इशारे पर उन्होंने अपने एक गार्ड को हुकुम दिया.

ये मुझे करने do...sabse ज्यादा अधिकार इस पर मेरा है उस हरे वाले ने मेरे बाप को mara...unka सर मुझे आज तक नहीं mila...itne में हर्ष आगे आते हुए बोलै..

महाराज : इसमें जान भी जा सकती है..

मोना : इसे नहीं पिता जी...

मोहिनी : हां पिता ji...ye परफेक्ट नहीं है..

महाराज : नहीं लड़कीओ mr.chief परफेक्ट hai...hamare लिए काम करते hai..tum क्या कहते हो गुरु...

गुरु चरण दस महाराज के इशारे पर हर्ष के अंदर घुस gaya..aur वो उसकी सोंचे खंगालने लगा..

फिर उसने okay का इशारा दिया..

महाराज : इसके अंदर इंजेक्ट करो बेदी..

बेदी : स्टेचर पर आकर लेट जाओ...

हर्ष लेट gaya..bedi अपनी टीम के साथ हर्ष की जिस्म में मशीन फिट करने लगा..

उसने एक हार्टबीट वाली मशीन फिट की और दूसरी सीरम इंजेक्ट करने वाली...

बेदी : स्टार्ट karo...bedi के कहते hi दूसरे साइंटिस्ट मशीन चालू कर देते hai...kai सिरिंज मशीन से निकल कर हर्ष के अंदर घुसने लगती है..

हर्ष : आह्हः..

सीरम जैसे जैसे अंदर जा रहा था हर्ष की आंखे ऊपर को काढ़ने लगी ...दर्द उसकी बर्दास्त के बहार हो रहा था....

AAahhhhh...aaahhhhh....uski चीखो से पूरी लैब गूंज रही थी...

धीरे धीरे उसका शरीर बदलने लगा...

देखते hi देखते सबके सामने एक मॉन्स्टर हर्ष था...

उसने साड़ी मशीन निकल feki...wo खड़ा हुआ और उसने साइंटिस्ट की खोपड़ी पकड़ ली..

Chatttt...uske हाथो में hi साइंटिस्ट की खोपड़ी क्रश हो गयी थी....

सब दर से पीछे हो रहे थे...

हर्ष : मेरे जैसा कोई दूसरा नहीं बनना chahiye...uski आवाज़ ऐसी थी जैसे कोई राक्छस बोल रहा हो...

ंशराज : तुम ठीक हो हर्ष...

हर्ष ने उसे देखा और अपने बड़े बड़े दन्त दिखा दिए...

AAhhhhh...ek मशीन के मिर्रोर में हर्ष को अपना आप दिखाई diya.khud को देख के वो दर गया...

चट्ट्ट्ट... dhamm...gusse में वो उस पर मुक्का मरता है जिससे मिरर वाली मशीन में से फ्यूज उड़ जाता है..

गुस्से में वो भागते हुए ऑफिशल्स के पास अत hai...jo महाराज उसकी फॅमिली को कवर किये हुए थे...

मोना: बैठ jao...mona ने कहा और हर्ष बैठ गया..

गुरु चरणदास : ये मई करने वाला था चली...

मोना: तुम्हारी नहीं समर अंकल ki..tum मुझे सदियों में भी नहीं सीखा pate..jo उसने 4 सालो में सिखाया..

हर्ष : मई कितना बदसूरत हो गया hon...uski भरी अबाज निकली जिसके साथ वो बदलने लगा....

******************""*********

आरोही का घर.

क्या हुआ था...

तुम्हारा पति मिला तुम्हे...

आरोही आयी तो उससे सूर्य और मिश्री क्वेश्चन करने लगे...

आरोही थकी सी सोफे पर बैठ गयी...

मिश्री : क्या hua...usne आरोही को उदास देखा तो पास आकर उससे पूछने लगी..

आरोही : उसे पुलिस वालो ने पकड़ लिया था उसने कमिश्नर ऑफिस hi गिरा diya..ek बूढ़ा आदमी उसे मरने वाला था की उसकी माँ आगयी पता चला वो बूढ़ा उसका बाप है..

मिश्री: तुम क्यों उदास हो...

आरोही : सब कुछ खोने के बाद क्या खुश होना chahiye...uske पापा ने पूछा ये कोण है उस आईपीएस सौम्य के लिए तब उसकी माँ ने कहा ये सलिल की वाइफ hai...mere दिल पर जैसे बिजली giri...aisa लग रहा था जैसे सांसे रुक jayengi..uski वाइफ मई थी...

मिश्री : मेरे भाई ने सुसाइड किया बेइज्जती के दर से और मैंने उससे बदला liya...mai भी पचता रही hon...dekho ने उस दरिंदे ने मेरे साथ क्या किया...

सूर्य : उसने कहा नहीं तुम उसकी वाइफ हो.

आरोही ने ना में सर हिला दिया...

सूर्य : लॉयल्टी इस rare..now you're रेअलीसिंग व्हाट यू lost...ab उसे भूल जाओ और आगे बढ़ो...

आरोही : जब तक ये नहीं आ jata..mai होप नहीं छोडूंगी..

सूर्य : सूरे ये उसी का बचा है...

आरोही: हाँ..

सूर्य : तुम्हारी कहानी सुनने के बाद मुझे नहीं लगता ये सलिल का है .वजह तुम जानती ho..isliye मूव ों करो ..आगे का सोंचो...

मिश्री : he's करेक्ट तुम अब क्या करोगी c.b.i ने इस्तीफा ले लिया... पंजा पार्टी ने हमें निकल दिया फॅमिली में उलझने की वजह se..ab न काम है न जिनके का लक्ष्य...

सूर्य : मुमबई में मेरा एक क्लब है जिसमे हाई प्रोफाइल लोग आते hai..aur मई उन्हें सब कुछ प्रोवाइड करता hon...ye कोई आम क्लब नहीं है ..उससे मेरी अच्छी कमाई होती hai...mujhe तुम्हारे जैसी लड़की की तलाश thi...mai चाहता हों तुम दोनों मेरे लिए काम करो...

मिश्री : तुम इसके कहने पर ए कुछ पैसो के लिए अब हमें hi ऑफर दे रहे हो..

सूर्य : galat...arya की बहनो से बदला लेने के बाद लाइफ से थ्रिल ख़त्म हो गया था तब मुझे मेरे बड़े ऑफिशल्स ने बुलाया ग्रीन मन के liye..lekin तुम्हारे भाई की जगह हस्बैंड से मुलाकात हो gayi...to क्या सोंचा तुमने...

मिश्री : चलते hai...kya बोलती है...

आरोही : नहीं...

सूर्य : ठीक है अब मई चलता हों जब मन बदले और मुंबई आना हो तो कॉल करना...

सूर्य ने अपना बैग उठाया जाने के लिए जिसे उनसे पहले hi तैयार कर रखा था..

मिश्री : आप जाओ मई इसे लेकर आउंगी..

सूर्य ने हामी भरी फिर निकल गया.

मिश्री : साथ चलते yaar..kyo इतना सोंच रही है...

मिश्री मानाने लगी लेकिन आरोही उसे मन करने लगी..

मिश्री : तो अब क्या करेगी tu...tere खर्चे इतने ज्यादा है ये दौलत एक साल भी नहीं टिकेगी ..

आरोही : मैंने खुद से प्रॉमिस किया है अब खुद को गन्दा नहीं करुँगी रोलेक्स अपनाये यह नहीं...

मिश्री : कॉमन वो नहीं अपनाने वाला...

आरोही : ये छोड़ बता कॉफ़ी पीयेगी..

मिश्री ने हामी भरी तो आरोही उठ गयी...

आरोही चलते हुए किचन में आयी...

उसके पीछे पीछे गीता आगयी..

गीता : क्या करेगी मई कर दूंगी..

आरोही : नहीं तुम मार्किट से तेजाब ले आओ नहीं तुम मार्किट जाओ मई मैसेज करती हों और भी सामान लाना है.. स्कूटी ले जाना ... जहाँ मिलेगा वह की लोकेशन भी टेक्स्ट कर दूंगी...

गीता हामी भर के निकल गयी..

आरोही कॉफी बनाने lagi...ban जाने पर वो दो कप लेकर मिश्री के पास आयी...

मिश्री : तू यार फिर सोंच ले ..मैंने तो सोंच लिया मई जाउंगी ..

आरोही : पियो...

मिश्री ने कॉफ़ी उठाई और होंठो से लगा li..aarohi भी एक कप लेकर बैठ गयी....

मिश्री ने अगला घुट भरा की एक हाथ से वो अपना सर पकड़ने लगी...

मिश्री : k..kya...

Khannnn..cup छूट कर निचे फर्श पर गिरा और मिश्री बेहोश हो गयी...

Aaahhhhh....karahte हुए मिश्री को होश aaya..uske सर में तेज दर्द उठ रहा tha...usne अपने सर को पकड़ना चाहा तो उसे खननन की आवाज आयी और अपना हाथ उसे किसी चीज़ में बंधा महसूस हुआ...

आंखे खोल कर उसने देखा उसका हाथ एक लोहे की चैन से बंधा है वो बाथ टब में लेती है...

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सामने उसके आरोही कड़ी है एक 50 इंच के डिलडो को थामे...

मिश्री : Aarohi...ye क्या hai...mujhe बंधा kyo...aaaaaaaaaaaahh....

आरोही को हैरानी से देखते हुए मिश्री उसे पुकारने lagi...aarohi जवाब दिए बिना मिश्री को ईविल स्माइल देकर मुस्कुराने lagi...uski स्माइल को देख मिश्री ने हाथ पेअर हिलने चाहे तब उसे अहसास हुआ उसका एक पेअर है hi नहीं...

अआरोहि घुटनो से मिश्री का एक पेअर कट करके दीवार से लगा राखी थी....

अपना पेअर देख मिश्री बुरी तरह से चीखने लगी....

आरोही डिलडो को लेकर पास aayi...fir कैंची से मिश्री के बचे कपडे काटने लगी...

मिश्री : ये ...तुम ये क्या कर रही ho...aarohi..tumne ये क्या कर diya...mujhe हॉस्पिटल ले चलो... please...mai सब भूल jaungi...mera पेअर जुड़ jayega...aarohi...

नंगा करने के बाद आरोही ने मिश्री को देखा जो उससे विनती कर रही थी...

आरोही : तुमने मेरे हस्बैंड के साथ ज़्यादती की..

मिश्री : उसने भी मेरे भाई को mara...aarohi छोड़ दो मुझे...

आरोही : कुछ देर पहले तुमने कहा था गलती तुम्हारे भाई की thi...mere सलिल इनोसेंट थे..

मिश्री : हाँ मुझसे गलती हो gayi..lekin उसे कुछ हुआ नहीं

आरोही : हाँ मिश्री मर्द का रपे भी रपे नहीं मन jata...aisa समाज है hamara..kehte हुए आरोही ने मिश्री की जंज़ीरे टाइट ki..jisse मिश्री के पेअर दये बाये फ़ैल गए और उसकी छूट दिखने लगी...

आरोही ने मोबाइल उठाया और कैमरा सेट करके रख दिया..

मिश्री : तुम ये सब क्यों कर रही ho..tum तो मेरी दोस्त से बढ़कर मेरी बहन जैसी हो...

आरोही : रोलेक्स ने कहा है अगर मई तुम्हारे हाथ पेअर काटू और तुम्हे 50 इंच के डिलडो से छोड़ू तो वो मुझे अपना लेंगे...

मिश्री: वो झूट बोल रहा था ..आरोही मुझे छोड़ do...aarohi को अपने नजदीक बढ़ते देख मिश्री रोने लगी..

आरोही ने पास आकर डिलडो उठाया और मिश्री की छूट पर सेट किया ..

Aaaassaaahhhhh....aarohi ने पुश किया और डिलडो थोड़ा सा अंदर gaya..jis पर मिश्री की कानो को फाड़ने वाली चीख निकलने लगी...

आरोही डिलडो वैसे hi फसा कर फ़ोन के पास आयी..

मिश्री : aaaaahhh....aarohi निकालो ise...aaarohi...mai तुम्हारे हाथ जोड़ती hon..aarohi...

आरोही फ़ोन के पास आकर मुँह से उसने मोबाइल पकड़ा और शूट करते हुए उसने डिलडो और अंदर पुश किया..

मिश्री : aaahhhh....nahiiiiii.... बचाओ mujhe.......geetaaaaaa....aaaaaahhhh...

डिलडो थोड़ा अंदर होने पर आरोही ने फ़ोन एक हाथ से पकड़ liya..aur ज़ोर से अंदर पुश किया... मोबाइल में देखते हुए आरोही लगातार डिलडो पोस्ट करने लगी...

पेट देख कर उसने मोबाइल कपड़ो से टिका कर पेट पर रख diya..aur फिर दोनों हाथो से डिलडो पुश kiya...dildo छूट चीरता हुआ अंदर घुस गया..

Ooohh...mishi के मुँह से खून निकला और उसकी आंखे ऊपर को काढ़ गयी...

आरोही डिलडो देखे बिना अंदर बहार कर रही थी...

जब मिश्री की आवाज नहीं निकली तब उसका ध्यान उस पर गया..

आरोही : तुम ऐसे नहीं मर सकती ..mishi...mishi....

बहुत देर तक आरोही उसे जगती रही फिर थक कर वही बैठ गयी...

कुछ देर बाद उसने बॉडी परता कटे और उन्हें तेज़ाब के डब्बो में डालने लगी...

अगली सुबह वो उठी और उसने तेज़ाब के डब्बो में बॉडी पार्ट्स देखे तो सब गाल चुके they...usne सब उठा कर बरी बरी से अपने गटर में बहा दिए...

फिर नाहा धोकर वो तैयार हुई और अपना फ़ोन लेकर चल di...salil के घर....

***************************

सूर्य c.b.i हेडक्वार्टर में बैठा tha....use एक अफसर ने आकर एक मैसेज दिया और वो उसके साथ चल diya...car में आया तो अफसर ने उसकी आँखों पर पट्टी बांध दी...

सूर्य समझ गया था वो कहा जा रहा है....

कुछ देर बाद वो महाराज के सामने था..

सामने उसके हर्ष और बहुत लोग बैठे थे....

दो गुंडे पकड़ कर d.i.g को मार रहे थे...

D.i.g के हर बॉडी पार्ट्स से खून निकल रहा था...

हर्ष : क्यों मिलना चाहते थे..

सूर्य : मई जा रहा hon...bas आपको इन्फॉर्म करना था..

हर्ष : ाचा...

क्या कर रहे ho...iske sath..itne में वहां क्यारा एंटर हुई...

महाराज : इसकी वजह से वो ज़िंदा बच गया...

क्यारा: इसकी वजह से नहीं मेरी वजह से छोड़ दो इसे...

गार्ड महाराज को देखने लगे...

गार्ड्स के न छोड़ने पर क्यारा ने अपने हाथ को hilaya...aur गॉर्डस दूर जाकर गिरे..

महाराज : छोड़ दो इसे...

क्यारा : इसे हॉस्पिटल ले जाओ..

मिस क्यारा सोंचा नहीं था आपसे दुबारा मीट उप होगा...

क्यारा ने उसे देखा और वो अपनी यादो में चली गयी...

आआह्ह्ह्ह surya..aur tej....aaahhhh छोड़ो मुझे... उफ्फ्फ सूर्य फ़क में hard.....akshi लीक माय pussy...uff ाक्षी....

सूर्य को देख क्यारा ने एक सेक्सी स्माइल di...surya आगे बढ़कर उसके गले लग गया....

क्यारा: कब से यहाँ हो..

सूर्य : ग्रीन मन के लिए हर्ष हे बुलाया था..

क्यारा: मिले उससे..

सूर्य : नहीं रोलेक्स se..aapko आर्य मिला..

क्यारा : नहीं बस खबरे सुनी उसके बारे में एक baar...dhundne गयी तो नहीं mila...uski शक्तियां जाग जाती तो महाराज को इतना सब न करना पड़ता उस सलिल के लिए...

सूर्य : सलिल नहीं रोलेक्स वैसे यहाँ क्या हुआ hai...ye लोग d.i.g को क्यों मार रहे थे..

चरणदास: कुछ देर पहले रोलेक्स की फाइट हुई थी महाराज के लोगो से...

सूर्य : अब क्या करना है..

महाराज : उसे कहत्म वो आपके साथ नहीं होने वाला मिस kyara...aap सैम सर को बुलाये...

क्यारा : अब तुम पावरफुल हो तुम खुद भी उसे ख़त्म कर सकते ho...sam की क्या ज़रुरत...

आप हमारा साथ देंगी ..ईटर क्यारा को घूरते हुए बोलै...

क्यारा : कितनी बार कहु मुझे इस नरभक्षी से घिन अति है...

ईटर नरसिम्हा : मई उसे अकेले नहीं हरा सकता अगर हम दोनों मिल jaye...to उसे मसल कर रख देंगे...

महाराज : तुम चुप raho...aap देंगी हमारा साथ...

क्यारा ने हामी भर दी....

महाराज : ठीक है फिर उसे आज रात मार देंगे उसके परिवार के साथ...

मोना : आज रात क्यों पिता जी ..कुछ दिन उसे अपने बाप के सह रहने दो..

मोहिनी : परिवार kyo...pita ji...hamare दुश्मन तो रोलेक्स और समर hai..aurto से दुश्मनी क्यों..

महाराज : जैसे आज जान हमारी हलक में आगयी ऐसा hi कल भी हो सकता hai..vaise भी अनुसुइया अपने बाप से मिलकर सब जान चुकी hogi...wo अपनी बाप की वजह से उस दिन टेस्ट में पास हुई उसे मैंने तैयार किया hai..wo तुम्हारी सोंच से भी ज्यादा चालक है..

मोना : उसकी सोंचे तो आपके अगेंस्ट नहीं है...

चरणदास : झूट बोल रही हो tum...wo प्लानिंग कर रही है महाराज को मरने की...

मोना : मई पहले का बता रही हों..

मोहिनी : इतनी जल्दी सब करना ठीक नहीं रहेगा पिता ji...hame उन पर अनएक्सपेक्टेड अटैक करना hoga..rolex हमारी सोंच से भी ज्यादा पावरफुल है.

महाराज : सही कह रही हो..

सूर्य : माफ़ करना मई समझता हों अगर उसे ख़त्म करना है तो ये जल्द से जल्द करना होगा कमज़ोर दुश्मन को समय दिया जाता है अगर कोई रोलेक्स जैसा हो तो ऐसे बहस नहीं की जाती..

हर्ष : कमज़ोर वो hai...aur हर्ष बदल गया....

हर्ष को देख एक समय के लिए सूर्य भी दर gaya....usne यहाँ से जाना hi सही समझा...

हर्ष : डरो मत...

और हर्ष पहले जैसा बनने लगा..

सूर्य : मुझे जाना चाहिए..

उसने कदम वापस मोड और जाने के लिए मुद गया...

मुझे उसकी बात सही लग रही hai..surya के जाते hi महाराज ने कहा..

मोहिनी : बेवकूफी हो सकती है ये..


महाराज : फिर भी होसियार rehna....sabhi गार्ड्स को अलर्ट कर do...mai भैरव को देख कर अत hon..ab वो कैसा है...

नरसिम्हा : मई भी चलूँगा...

और दोनों रूम से निकल गए...

हर्ष : मेरे घर पर मेरी छोटी बहन होगी उसे यहाँ ले आओ..

हर्ष ने एक गॉर्ड से kaha..jis पर वो सर हिलता हुआ निकल गया...
 
थँक्स वरो.

वरो सभी कही न कही यही चाहते उनका परिवार जिसने इतना सब कुछ फेस किया वो बिखरे न.

ये बात तो है let's सी.

Let's सी इन अपकमिंग एपिसोड्स

हाहाहा .

Let's सी क्या होता है .

वरो ये अब 2रद part में देखने को मिलेगा.

वरो अभी एक्चुअल कहानी क्या है ये आगे पता चलाएगा क्या करता ये सब जनता है यह नहीं

सूर्य कह रहा hai..vro थिंक अगर बदला लिया है तो क्या वो आर्य के सामने बदला ले पायेगा दूसरी बात क्यारा अड्या ये सूर्य से कही ज्यादा पावरफुल है क्या इन्हे वो हरा देगा.. समथिंग इस फ्रॉम थे ब्लड

नहीं वरो अड्या भागी नहीं है असल में क्या हुआ ये तो आगे पता चलेगा...

वरो वो 6 साल बाद की स्टोरी है..

नहीं वरो कोई कनेक्शन नहीं है..

नहीं वरो यहाँ इत्तेफाक नहीं होगा वजह है सलिल के पेरेंट्स की डेथ नहीं दिखाई और हिंट शुरू से दिए लेकिन यहाँ कोई हिंट नहीं दिया..

हाहाहा वरो अभी उसका प्राइमा वर्शन आएगा..

3रद part बिलकुल अनएक्सपेक्टेड होगा..

सब आएंगे

श्री भी आएगी.

सून vro.bhut बिजी हों कल रिप्लाई करने बैठा था अब दे रहा हों
 
थैंक्स वरो.

वरो ये चाहत नहीं जूनून hai.pagalpan उसे कभी चाहत थी hi नहीं..

असल में वरो मास्क भी कन्फ्यूज्ड है जब तक सलिल ने नहीं रोका था तब तक कण्ट्रोल किया फिर उसने मास्क को हुकुम दे दिया उसके बाद से कण्ट्रोल नहीं कर पाए

Let's सी.

वरो ऐसा नहीं hai..wo क्यों ऐसा कर रही है .ये तो आगे hi पता चलेगा..

और साइंटिस्ट जायेंगे वरो.

Let's सी एक्चुअल रीज़न.

आरोही छोटी बहन नहीं है वरो
 
Episode 49.

हर्ष : मेरे घर पर मेरी छोटी बहन होगी उसे यहाँ ले आओ..

हर्ष ने एक गॉर्ड से kaha..jis पर वो सर हिलता हुआ निकल गया..

नेक्स्ट कंटिन्यू.....

एक दिन मोहब्बत ओढ़ कर एक दिन गली के मोड़ तेरी हथेली पर

तेरी हथेली पर

लिखूं मेरा नाम तेरे नाम पर

फिर तू तक़ल्लुफ़ छोड़ कर

फिर तू झुका कर के नज़र

रखना मेरे काँधे पे सर

Zindagi...kuch तो बता aaaa....zindagi अपना पता आआ... ज़िन्दगी....

मई : बस कर दे यार...

वो आरोही रैंड के ग़म में पागल हो गया था...

साहिर : कितनी देर से मई सोने की कोशिश कर रहा हों सिर्फ तेरी वजह से मेरी आँख लगते लगते bachi...chutiye तुझे प्यार है तो ले आता हों...

सलिल : नहीं बिग वरो ...उससे प्यार नहीं है वो आएगी मुझे खुद बर्दास्त नहीं hogi...janta हों तुम दोनों का क्या मतलब है दोनों बहनो को माफ़ कर दिया तो उसे भी करना chahiye..nahi भइओ माफ़ी के लायक कोई नहीं है .लेकिन मई भी कोई सीधा नहीं हों इस मास्क से पहले मैंने भी बहुत गंदे काम kiye..dusri बात शायद इस बार दोनों सच में बदल गयी है.. मैंने उनकी आँखों में पछतावा देखा hai...papa के आते hi दोनों को सही गलत का अहसास हो गया है...

मई: कुछ भी हो वो माफ़ी डेसेर्वे नहीं करती बस पापा की वजह से۔

Sahir:hmmm..

खुद से बातें हो गयी हो तो मई सजा के बारे में बताऊँ...

साहिर : अब ये क्या सजा देगी..

मई : जो भी हो गलती मेरी है..

मई : खुद से नहीं हम तीनो आपस में बातें कर रहे थे...

सनी को देख मई उठकर बैठ गया..

वो मेरे सामने आकर कड़ी हो गयी थी...

मैंने इशारा किया तो वो बैठ गयी..

मई : हम्म कैसी सजा पसंद की मेरे लिए...

सनी : यकीं नहीं ारः तुमने इतनी घटिआ हरकत की मुझे नहीं लगता ये सब मास्क करवा रहा है तुमसे..

मई : दिला भी नहीं sakta...tum जो भी पनिशमेंट मेरे लिए पसंद करोगी मुझे मंज़ूर है..

सनी : शायद मई गलत भी हो सकती hon...shayad हमें इतना क्लोज नहीं होना चाहिए था...

मई : हम्म मई शर्मिंदा हों...

सनी : ये मास्क सही नहीं है अगर तुमने इसे पहनना बंद नहीं किया तो अपने रिश्तो को कलंकित कर बैठो गए .

सलिल : उसने मुझसे कहा था लेकिन मई लालच में आगया था...

सनी : किसने कहा था..

सलिल : लम्बी कहानी है फिर kabhi...tum बताओ इसके लिए क्या सजा है..

सनी : अंकल माँ और सभी बहने बिलकुल मन बनाये बैठी है की वो मुझे और भाई को अब नहीं जाने dengi...isliye तुम्हारी सजा ये है तुम सबको मनाओगे मुझे भेजने के लिए...

उसकी सजा सच में सजा थी...

सनी : देखो तुमने कहा था जो सजा दूंगी बिना क्वेश्चन किये एक्सेप्ट करोगे.

मेरी ख़ामोशी पर उसने आगे किया..

मई : जाना ज़रूरी है..

उसने सर हिला दिया..

सनी : किसी से वडा किया है..

मई : लेकिन आपस में नहीं...

सनी : हम्म..

मई : तुम समझ नहीं रही हो ..तुम मेरी बहन हो मई तुमसे प्यार करता हों शायद सगी बहनो से भी ज्यादा ..हम कजिन है तो हमारी शादी भी तो हो सकती है..

सनी : मई किसी से प्यार करती हों..

मई : कोण है..

सनी : सब उन्हें कपितं कहते है ..उनकी पहली वाइफ को उनकी फॅमिली ने मार दिया .. अब वो अपनी दूसरी वाइफ के साथ रहते है..

मई : ओने साइडेड.

उसने सर हिला दिया.


सनी : उनकी पर्सनालिटी ऐसी है कभी अपने दिल की बात कहने की हिम्मत न हुई unse....keh भी दिया तो एक्सेप्ट नहीं करेंगे मई सूरे हों वो नहीं karenge...force करुँगी तो शायद जो मई करुँगी nahi...wo अपनी सेकंड वाइफ से बहुत प्यार करते जो खन्सर की प्रिंसेस hai...usne अपना राज छोरा उनके लिए और मिटटी के घर में आकर बस gayi...usne बहुत कुछ सैक्रिफाइस किया और mai...kuch भी nahi...to मुझे कैसे..

वो दीवानी थी उस कैप्टन ki..wo खुशनसीब था जिसे इतनी चाहने वाली लड़की मिली थी....

अपनी लवर के मुँह से अपने रकीब की तारीफ दिल को मसोस रही थी...

मई: अगर उसने एक्सेप्ट नहीं किया तो क्या करोगी .

सनी : पता नहीं लेकिन मई तुम्हे ऑप्शन में काउंट नहीं करुँगी ..क्योकि तुम मेरे भाई हो और मई तुमसे अयन भाई जितना प्यार करती हों...

उसने बहुत गहरी बात कह दी थी जिसने मेरे दिल में उसकी रेस्पेक्ट और बढ़ा दी थी..

मई : और बताओ अपने कैप्टन के बारे me..kya वो सुपर ह्यूमन है..

सनी: नहीं उनके पास कोई सुपर स्ट्रेंथ nahi...yahi सबसे बड़ी खूबी hai..super स्ट्रेंथ वाले भी उनके सामने आवाज़ नहीं निकलते..

मई : तुम्हारी पसंद सच में कमल की होगी वर्ण मेरी मातुरे बहन इतनी किसी के लिए दीवानी नहीं होती...

सनी : hmm..wo मुस्कुरा दी...

मई : आओ निचे चलते है...

उसने हामी भरी और मेरे साथ चल दी...

सनी : तुम्हे पता है मेरी शादी भाई ने अपने चपरि दोस्त चिकना से फिक्स कर दी है...

मई : चिकना खूबसूरत है लड़की की तरह और हम दोनों का कॉमन फ्रेंड है..

सनी : उसकी तारीफ बंद करो भाई ए उनसे कहना उसे मेरे ख्वाब न dikhaye..wo शर्माता है मुझे उससे शर्म आती है..

साहिर : तुम्हारे भाई ने इसका जवाब नहीं दिया..

उसने ना में सर हिला दिया..

साहिर : वो अनाथ है उसकी परवरिश सड़को पर हुई जस्ट लिखे आशिक़ और जो ऐसे बड़े हो वो नहीं जानते लड़कीओ से बात karna..koi करे तो शरमाते hai..jhamela भी ऐसा hi hai..agar कैप्टन न अपनाये तो दोनों में से किसी को चुन लेना..

मई : शट उप yaar..usne कहा न मई ऑप्शन नहीं बनाना chahti..mai भी अब चाहता हों चॉइस banna..maine साहिर के दिमाग में कहा..

सनी ने सर हिला दिया...

10 सीढियाँ हमने 5 मिनट में तये की..

HAhahha...bas करो bacho...dekho तुम्हारा भाई agaya...papa मुझे देख bole...jo घोडा बने थे और उन पर सवार थी आशना...

सोना : नहीं पापा अब मेरी बरी है ..

मई : आशना की बची तू ये क्या कर रही है...

मई लम्बे कदम बढ़ा कर उसकी तरफ bhaga..aur उसका कान मरोड़ कर उसे पापा पर से उठा दिया..

आशना : papa...dekho भाई की मई मुक्का मर दूंगी...

समर : क्या कर रहे हो sahir...chhodo उसे पिट दिया तो मुझसे नहीं कहना..

Aaahh...aashu...khud को छुड़ाने के लिए उसने मेरे मुँह पर एक धार दिया...

मई भगा की वो पापा के पीछे चुप गयी...

आशना : पकड़ लो aao...dar गए क्या ..

मई : दर गया वो भी mai...abhi रुक तू .

सलिल : तुझे खा जाऊंगा mai...salil दन्त निकलते हुए बढ़ा की पापा आगे आगये.

मई : पापा हटो...

समर : मुझसे मत कहो...

सलिल : जब तू सोयेगी तब चुपके से कोई तेरे सिल्की हेयर कट कर जायेगा....

आशना : papaaa....dekh रहे हो aap...mai इनका मुँह तोड़ दूंगी मेरे हेयर को हाथ लगाया तो .

सोना : बेतु सलिल भाई मुझे बचपन से धमकियाँ दे रहे आज तक कट नहीं किये...

समर : नहीं कटेगा मेरी bachi...bas जगती रहना जब ए तब मुझे आवाज़ लगा देना..

आशना : जाओ पापा आप भी इनकी साइड हो gaye...wo गुस्सा होक जाने लगी...

कहा जा रही हो मेरी jaan...itne में सनी ने उसे पकड़ लिया ..

सनी : मई हों न मई जगगी...

आशना : हाउ स्वीट ऑफ़ you...ab आकर दिखाना..


मई : अब तो मई हार गया....

मेरे कहने पर दोनों खिलखिलाने लगी..

सोना : पापा अब मेरी बरी..

समर : बचा मई जा रहा हूँ आकर बनुगा...

सोना : नहीं अभी बनो...

अनुसुइया : सोना मर कहानी है...

समर : अरे दांतो मत मेरी लाड़ली ko...aur पापा घोडा बन गए उन पर सोना सवार हो gayi..wo उनकी पीठ पर बैठी तो मेरी आंखे बड़ी हो गयी..

मई : माँ आप सब देख रही हो.

माहि : बचपन में नहीं खिला पाए अब खिला रहे है अपनी बेटियों को...

सोना : चल मेरे घोड़े टिक टिक tik..chal मेरे ghode...aaaaahhh पापा..

मुझसे बर्दास्त नहीं हुआ तो मैंने उसका कान पकड़ लिया...

मई : मोती तेरी आगे है ऐसे खेलने ki...tujhe खेलना है न मेरे साथ khel..aur मैंने उसे उठा diya..dono हाथो par...wo मेरे सर के ऊपर तंग गयी..

समर : क्या कर रहे हो उतरो साहिर..

मई : नहीं पापा मोती को मज़ा तो लेने दो...

सोना: aaaahhhhhh....papaaaaaaaaaa....

और मैंने उसे ऊपर उठाये hi घुमा दिया..

जब मुझे चक्कर आने लगे तब मैंने उसे छोरा..

मई : मज़ा आया na...wo कड़ी हुई की सर थामे गिरने लगी और मैंने सोफे पर लिटा दिया...

सोना : ma..mai . आपसे बदला lungi..uski धीमी और डोलती आवाज़ आयी...

मई : कीप ड्रीमिंग...

समर : चलो बचे एक राइड पर चले देख कर एते है ये शहर पहले जैसा है...

मई : राइड इस samay..maine कहा और सनी ने अपना सर पकड़ लिया और मेरे दिमाग की बत्ती जल गयी..

समर: हाँ 10 20 मिनट्स के लिए..

मई : हाँ चलो न..

और मई चल दिया ..मेरे पीछे hi पापा भी...

हम गेराज में ए..

मई : बाइक से chale..chala लेते है aap..nahi तो मई..

समर : baitho...maine कहा hi था की पापा बाइक पर बैठ गए...

पीछे मई बैठ gaya...aur पापा ने बाइक घर से निकली...

समर : इसके फंक्शन काफी अजीब hai..ye अछि बात है बटन से स्टार्ट होती है..

मई : ये नई ज़माने की है डैड...

समर : हहह dad...tumhari है..

मई : है पापा दीदी ने दी थी...

पापा ने रोड पर आकर स्पीड बढ़ा दी...

मई: डैड ये शक्तिया कैसे मिली आपको..

समर : लम्बी कहानी है फिर कभी बताऊंगा फुर्सत me...ye सब नई है....

वो शोरूम को देख बोले .

मई : हाँ...

TGw1ZnFvOU5VPQ


समर : अरे ये बन गया ...तुम्हे पता है मैंने यहाँ काम किया था..

मई : क्या काम .

समर : ठेकेदारी .

मई : इतनी खतरनाक पावर होने के बाद इतना छोटा काम..

समर : आनेस्टी की एक रोटी धोके की 10 रोशन से अछि होती है..

उनका जवाब सुन मई शर्मिंदा हो गया....

समर : मेरे तीन गिनते hi कूद जाना...

वो गलियों से होकर बाइक एक पार्किंग में लाये ..जिसके ऊपर बड़ा शोरूम था...

आगे जाना की इजाज़त नहीं है यही पार्क...

GHiiiiisssssssssss.....

गार्ड आगे कुछ कहता मई और पापा कूद गए ... बाइक फिसलती हुई गार्ड पर आकर गिरी...

हाथ ऊपर करो ...हम सम्भले hi थे की इतने में बहुत से गार्ड आगये ..

गार्ड : बंदूके निचे रख दो मई इन्हे जनता हों...

ढाये ढाये .dhaye....jaise hi दूसरे गार्ड ने बंदूके निचे की ..बोलने वाले गॉर्ड ने सबको भून दिया....

Dhaye...agle hi पल गोली उसने खुद को मार ली...

चलते हुए पापा ने दो गार्ड्स की गन उठा ली...

जिधर से गार्ड आये थे पापा उधर hi चल दिए....


अंदर एक कॉरिडोर से गुज़रते हुए पापा एक बड़ी सी लिफ्ट में आये....

मई आया तो वो बटन देखने lage...aur फिर सोंचो में खो gaye..kuch लम्हे सोंचने के बाद उन्होंने बटन प्रेस किया...

एक झटके के साथ लिफ्ट चल दी...

लिफ्ट निचे ऊपर नहीं जा रही thi....wo सीधे जा रही थी...

मई : आप जानते थे महाराज यहाँ milega...lekin कैसे...

समर : मैंने गूंगे नौकर को हिप्नोतिजे किया tha...lekin उसे कोई आदेश नहीं दिया ये सोंचकर की चरण दस मेरे दिमाग में hoga...bas उसके दिमाग को पड़ता रहा...


मई : आप तो जीनियस हो...

AAaaahhhh...ye क्या बन गए हो aap.harshi हर्ष को देख दर से chikhi....use हर्ष के गुंडे उठा लाये थे महाराज के बेस पर ..

हर्ष : देख मेरा land...kitna बड़ा हो गया hai....kehte हुए उसने अपने जिस्म पर कपड़ो को खींच के उतर दिया ..और निचे लटकने लगा उसका 20 इंच 7 इंच मोटा लम्बा land...jise देख हरषि ने मुँह फेर liya...harsh की भरी आवाज हरषि को किसी दरिंदे की आवाज लग रही thi...harsh देखने से भी काम दरिंदा नहीं लग रहा था....

हर्ष : तू अगर आरोही की तरह अपनी मर्जी से छुड़वा लेगी तो तेरे लिए अच्छा होगा नहीं तो मई तेरा रपे करूँगा...

हरषि : मई आपकी बहन हों...

हर्ष : हहह bahan...mere बाप जब मेरी पत्नी का रपे किया था तब मैंने कसम खा ली थी मई उनकी बेटिओ को chodunga...hahahaha....

हरषि : तुम दरिंदे बन गए हो...

हर्ष : मई शुरू से ऐसा hi था मेरी रंडी....

आगे बढ़ कर हर्ष ने हरषि को पकड़ लिया....

हर्ष : तू कितनी सेक्सी hai...ufff कितना कैसा हुआ जिस्म है तेरा ..वो हरषि के जिस्म पर हाथ फेरने लगा ..कभी उसकी गांड को दबाता कभी उसके बूब अपने बड़े से होंठो को उसने हरषि के होंठो पर रख दिया और चूमने की नाकाम कोशिश करने लगा...

हरषि : aaaaahhhh....chhhodo मुझे aaaaahhhh...chodo mujhe....mai तुम्हारी बहन hon....aaaaahhh...

हरषि उसकी गिरफ्त में कैद चीख रही थी लेकिन वो दरिंदा था की उसे मसल रहा था उस पर हरषि की चीखे असर भी नहीं कर रही थी...

Chrrrrr....itne में उसने हरषि का टॉप फाड़ दिया...

हरषि : नाहीईई.....

हरषि के ब्रा में कैद बूब देख उसकी आँखों में चमक आगयी...

अगले hi पल उसने हरषि के बूब्स पर मुँह रख दिया... ब्रा को उसने दांतो से पकड़ा और खींच diya...jisse ब्रा हरषि के जिस्म से अलग हो गयी ..

उसने मुट्ठी में हरषि का दूसरा बूब पकड़ा और दबा दिया...

हरषि : aaaaaaaahhhhhhhhhhh....dard से हरषि की चीखे निकलने लगी ...

हरषि : रुक... रुक jaaooo...mai अपनी मर्ज़ी से करुँगी....

हर्ष : सच कह रही है तू...

हरषि : हाँ..

Chrrrrrr....harsh ने हरषि की जीन्स पकड़ी और नाख़ून से फाड़ di....fir उसकी छूट में पंतय के ऊपर से ऊँगली घुसा दी..

हरषि : aaaaahhhhhh......nikalooooo....mai अपने से करुँगी मई वर्जिन हों आयल लगा लो...

हर्ष की आम लोगो के लैंड जितनी बड़ी ऊँगली अंदर जाने से हरषि चीख पड़ी...

हर्ष : तू सही कह रही hai..oil लगा लेता हों...

हर्ष ने हरषि को छोरा और वो आयल डेस्क से लेने चल दिया...

हरषि अपने कपडे उतरने लगी...

हर्ष ने तेल पहले अपने हाथो पर डाला फिर कुछ सोंच कर उसने अपने लैंड पर शीशी उलट ली...

खट्ट....

दूर की आवाज़ पर वो पलटा तो हरषि पीछे नहीं थी....

Harshi....bhagi तो मार dunga....harsh चीखता हुआ भगा दूर तोड़ता हुआ वो nikla....lekin हरषि सामने भी नहीं थी

...

गार्ड्स के अपने गोली मरता देखा कैमरा से निगरानी रख रहा गार्ड अपनी चेयर से उठ gaya...aur वो भागता हुआ दूसरे गार्ड के पास aya...sab सुनकर

दूसरा गार्ड जो पहरा दे रहा था वो भागता हुआ चरणदास के केबिन में आया....

सब सुनकर चरणदास ने आंखे बंद की और सबको अपने पास आने के लिए कहा...

कुछ देर बाद सभी एक हॉल में बैठे थे....

महाराज : क्यों bulaya....kya हुआ...

चरणदास : वो बाप बेटे सुपर लिफ्ट में है आने वाले 15 मिनट में वो यहाँ होंगे...

महाराज : सूर्य सही tha...aur तुम bhi...maharaj ने ये बाद मोना और मोहिनी को देखते हुए kahi..jinka सर शर्म से झुक गया....

मोना : ये हर्ष कहा है...

चरणदास : उसे कहा मैंने उसने कहा वो अपनी बहन को ढूंढ रहा hai...tab तक नहीं आएगा जब तक उसे मार न दे..

महाराज : तुम जाकर उसे लाओ और उसकी बहन को ढूंढो....

जिस गार्ड ने चरणदास को बताया पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति की बात सुनकर रूम ने निकल गया..

चरणदास : क्या कहते हो रोकू उसे...

महाराज: नहीं उसके साथ उसका बीटा भी hai...roka तब भी वो यहाँ आजायेगा...

चरणदास : वो दोनों बात कर रहे है...

महाराज : मैंने तुमसे कहा था दोनों पर नजर रखना...

मोना : मैंने ये काम गुरु जी को दिया था...

चरणदास : वो अपनी बेटिओ के साथ खेल रहा था तो मई निकल आया..

महाराज : एन्ड टाइम पर तुम दोनों ये कर रहे हो इसकी सजा तुम्हे लड़ाई के बाद milegi...ye तो ाचा है हमारा साथ क्यारा मैडम है...

महाराज की बात सुनकर क्यारा मुस्कुरा दी...

क्यारा : एक्सक्यूज़ में...

क्यारा जाने के लिए उठी..

मोना : कहा जा रही हो...

क्यारा : फ्रेश होने न समझ लड़की...

महाराज ने मोना को आंखे dikhai...mona कुछ कहने वाली थी की चुप हो गयी..

महाराज : उससे ऐसे बात नहीं करना खतरनाक है वो...

क्यारा के जाने के बाद महाराज ने कहा..

चरणदास: मोहिनी पुलिस को कहो इस सरे एरिया में कर्फूय लगा दे..

मोहिनी ने हामी भरी और कॉल करने लगी..

क्यारा उठ कर अपने रूम में आयी....

रूम में आकर उसने कॉल लगा दी...

क्यारा : hello सैम....

******************************

जल्दी पैकिंग karo...ham केरला के लिए आज रात निकल रहे hai.....dono के जाने के बाद 5 मिनट्स बाद सनी चीखी..

Kya....sabne हैरत से उसे देखा..

सनी : I'm नॉट kidding....maa...sona..aashna चलो पैकिंग karo...aur तुम मेरी भाभो इनका साथ दो..

सनी की बात सुनकर सब पैकिंग में लग गयी..

अनुसुइया : कहा गए है पापा और रोलेक्स..

सनी : हमारा बदला lene...mai भी जाती लेकिन यहाँ सबका धयान रखने की जिम्मेदारी पापा मुझे दे गए है...

अनुसुइया सोंच में पद gayi...wo सोंच रही थी सबसे ज्यादा महाराज ने बुरा मेरे साथ किया hai..fir उसे ख्याल आया सनी का...

अनुसुइया : तुम्हे जाना चाहिए tha...tum उसे अपने हाथो से marti..mai समझती मैंने अपना बदला ले लिया..

सनी : मैंने भी यही समझा है दोनों के लिए...

इतने में गूंगी उठी और लाइट के बोर्ड के पास ayi...phone की चार्ज देख उसने वही रख दिया..

फिर उसने सनी को dekha...aur हाथो से इशारा करने लगी..

सनी : kya...khud...sabko हुक्म.. देकर यहाँ.. बातें लड़ा रही ho..sani कोड करते हुए बोली...

सनी : नहीं मई बस सबको काम बता रही हों..

गूंगी ने फिर इशारा किया..

सनी : chal..jhuti...

सनी : तुमने मुझे झूटी कहा... आने दो भाई को शिकायत..

टिंग......

बेल्ल की आवाज़ पर जहाँ सनी चुप हो गयी थी वही सब डरकर दूर देखने लगे....

गूंगी ने हाथो से इशारा किया सबको अंदर जाने ka...khud वो दूर की तरफ चल di...sani सबके साथ अंदर आगयी...

रूम से सनी और अनु वाकई सब जिसे जहाँ जगह मिली वहां से सब झाँकने लगी....

गूंगी ने दूर खोला और सामने खड़े शक़्श को देख उसने बाहें उसके गले में दाल di...andar खींचते हुए उसने उसे अंदर ले लिया अगले hi पल उसने अपने होंठ उसके गलो पर रख दिए..

तू मुझे किसी बिस्सी न किया kar...jhamela हटते हुए अंदर badha...ki इतने में सब अपने रूम से निकल आयी...

Bhai...sani आगे बढ़ी और आकर गले लग gayi...itne में अनु सोना आशना भी आकर लिपट गयी...

अनुसुइया : कोई ऐसे जाता है जैसे तुम गए बिन bataye...kya हमें अपनी बहने नहीं समझते...

आशना : मई आपसे बहुत नाराज़ hon..salil भाई से फाइट हुई तो इसमें हमारी क्या गलती हमारे लिए तो तुम दोनों hi एक सामान हो...

सोना : मुझे साथ ले जाने का वडा किया और अकेला छोड़ gaye..I क्नोव आप हमें सनी की तरह प्यार नहीं करते...

आशना : सही कहा दीदी ये हमें अपना नहीं samajhte..bhai की कितनी लड़ाइयां हुई अगर ये गूंगी न होती हम मर जा...

आगे कुछ आशना कहती झमेला ने उसके होंठो पर ऊँगली रख di...uski आंखे भीग गयी थी..

झमेला : मई भला कुछ होने दूंगा...

आशना: रोने क्यों लगे हम बस थोड़े से नाराज़ है...

झमेला : नहीं पगली ये खुसी के आंसू है... अपनी बहनो का प्यार देख कर...

झमेला का जवाब सुन कर वो सब उसके गले लग gayi...sani दूर कड़ी सब देख रही थी उसकी भी आंखे भर आयी थी...

सब hato...itne में अनु की माँ agayi..jinki आंखे भीगी हुई thi...mahi की आवाज़ पर सब हाथ गयी...

दोनों एक दूसरे को देखने लगे..

झमेला : माँ कैसी हो आप...

माहि : पहले ये बता अपनी माँ को छोड़कर क्यों gaya...usne कहा और तू चला gaya...kya तेरा हमसे रिश्ता नहीं hai...kya मई तेरी माँ नहीं हों..

झमेला का सर शर्म से निचे हो गया.

झमेला : वो maa..bas...

माहि : तू घर में सबसे बड़ा hai...agar उसकी गलती थी तू उसके दो हाथ लगा देता लेकिन अपनी माँ को छोड़ कर क्यों गया..

सनी : माँ की हालत बहुत ख़राब हो गयी थी खाना भी नहीं खा रही थी ये तो मई आगयी तो khilaya...mai न अति तो कहती भी नहीं..

माहि.: जवाब de...kya मई तेरी माँ नहीं hon...tere चाचू तुझे अपने सेज बचो से भी ज्यादा प्यार करते और वैसे hi mai...tune एक बार भी अपनी माँ के बारे में नहीं सोचा..

कुछ कहे बिना झमेला पास aya..fir घुटनो पर बैठ सर उसने माहि के पैरो पर रख दिया...

झमेला : I'm सॉरी maa..ab कभी ऐसे बिन बताये नहीं जाऊंगा...

माहि: चल uth...mahi ने उठा कर झमेला को अपने साइन से लगा लिया...

माहि : तू ऐसे अब कभी मत jana...warna तू भूल जाना तेरी कोई माँ..

झानेला : क्या कह रही हो maa..ab जो कुछ हो तुम्ही सब हो..

माहि : मेरा बचा..

झमेला: चाचू कहा है..

सनी : वो और रोलेक्स दोनों महाराज को मरने गए है...

झमेला : akele...uff...

सनी : वो दोनों काफी है उनके लिए..

झमेला : तुम नहीं जानती क्यारा यहाँ आयी हुई है....

गूंगी इशारे करने लगी..

सनी : .usse..jeet ..नहीं पाएंगे दोनों ..

सनी : आपको कैसे पता..

झमेला : कैप्टन के जसुसु ने उन्हें बताया था उन्होंने मुझे कहा वो बंगलोरे में है जब उन्हें पता चला मई यहाँ आरहा हों..

उसका यहाँ होना क्लियर है वो महाराज के लिए आयी है हमसे लड़ने ..गूंगी सही कह रही hai.wo अकेले जीत नहीं payenge...mujhe उनके पास जाना hoga..anu तुम जानती हो न वो कहा गए होंगे...

अनुसुइया : हाँ...

झमेला : तो फिर मुझे लेकर chalo...tum यहाँ rehna...jhamela ने गूंगी से कहा..

सनी : मई भी चलती hon..mere पास लॉकेट hai...wo अपने गले में लटका लॉकेट दिखते हुए बोली...

झानेला ने हामी भरी और वो दरवाजे की तरफ चल diya...uske साथ hi...anu सनी भी...

वो तीनो घर से निकले की गूंगी भी निकल आयी..

झमेला: तुम यहाँ सबका ख्याल rakhna....jaaooo...gungi के न जाने पर झमेला चीख पड़ा उस पर..

गुस्से में मुँह बनाते हुए गूंगी पास आयी और उसने झमेला का माथा चुम लिया...

झमेला : तुझे दिख नहीं रहा मेरी बहन साथ hai...jab देखो..

गूंगी खिलखिलाते हुए अंदर भाग गयी...

सनी : फ़ोरेहेअद पर hi तो किया है..

झमेला : तू आंखे बंद कर लेगी जब ये मेरे पास ho...wo चलते हुए बोलै..

सनी : आप किस्से ए थे...

झमेला : स्टेशन से यहाँ तक ऑटो में..

अनुसुइया : वो दोनों बाइक से गए hai..aajao कार है...

Anusuiya....anu.....itne में विष्णु गेराज की तरफ भगा अनु को पुकारते हुए....

अनुसुइया : विष्णु....

झमेला गुस्से में उसे देख अनु के आगे आकर खड़ा हो गया...

झमेला: चला जा यहाँ से इससे पहले मई तेरी जान ले लोन...

विष्णु : हैट सेल 2 कोड़ी के सब्जी wale...mai अपनी जान से बात करने आया hon...gusse में उसने झमेला को उठा कर कार की तरफ फेक diya..wo कार से ऊपर होकर अगली साइड में गिरा...

चटककक..

अनुसुइया : तूने मेरे भाई को मारा kutte..anu गुस्से में थप्पड़ मरते हुए बोली .

विष्णु : तुम पागल हो गयी हो मुझ पर हाथ उठाया....

अनुसुइया : तुझे समझ नहीं आया सब ख़त्म...

विष्णु : तुम मेरे साथ bhag...aaaaaaaaahhhhhhh......

उसकी गर्दन हरे झमेला की मुट्ठी में thi....jhamela ने उसे अपनी तरफ करते हुए अपने आगे किया...

झमेला को देख दर से विष्णु की गांड फैट गयी थी...

विष्णु : tu..tum green....aaaaaahhhhhhhhh........

झमेला ने आगे करके विष्णु के लैंड पर लात mari..kick में इतनी फाॅर्स थी vishnu..udte हुए सड़क पार करके सामने की दीवार में लगा और दीवार में उसकी शेप बन गयी...

Dhammmm...agle hi पल वो गिरा उसकी दीवार में बानी शेप में खून सं गया...

सनी : bhai....wo अब नहीं उठेगा..

झमेला : वो ज़िंदा हुआ to..jhamela की भरी से आवाज उसे सुनाई दी..

सनी ; nahi......khud को बदले हमें चाचू के पास जाना है...

उसने सर हिलाया और वो बदलने laga...anu कार में बैठी तो सनी झमेला को लेकर पीछे बैठ gayi...jhamela के कपडे फैट चुके थे..

*****************************

10 मिनट्स से लिफ्ट चल रही थी इतनी लम्बी लिफ्ट मेरा सारा पेशेंट ख़त्म हो रहा था...

समर : लिफ्ट हलकी हो रही hai..wo लोग सामने खड़े होंगे मेरे पीछे रहना..

मैंने अपना मास्क कमर से निकला और लगा लिया...

मई : नहीं आप मेरे पीछे खड़े हो...

मई आगे आया..

Khissss...ki आवाज़ के साथ लिफ्ट रुकने लगी..

मैंने अपना ध्यान लिफ्ट के दरवाज़े पर लगा दिया......

धमममममम की आवाज़ करता दूर टूट कर आगे को गिरा.....

सामने बहुत से गार्ड they...wo फायर करते की मेरे सामने वालो पर दूर गिरा...

मई : यही रुको आप....

ढाये ढाये ढाये ढाये....

पीछे वाले गार्ड्स ने फायरिंग कर di....mujhe तो कुछ नहीं हुआ मेरे कपडे फैट गए थे...

मेरी आँखों के सामने जितने पेड़ थे मैंने उन्हें देखा...

अगले hi पल वो उखड कर गार्ड्स से जा lage....dhaye dhaye...dhaye....itne में पापा पीछे से निकले उन्होंने गार्ड्स पर फायरिंग कर दी...

गार्ड्स थे की ख़त्म hi नहीं हो रहे they....chand hi देर में मई और पापा 100 को मर चुके they...mere मरे हुए मोस्टली घायल they...lekin पापा की गन ने उन्हें मार दिया था...

गार्ड्स और निकल कर आ रहे थे...

मई : पेड़ के पीछे जाओ aap..jaao पापा..

समर : संभल kar...aur वो आगे होकर पेड़ के पीछे चुप गए...

मैंने एक पेअर पीछे लिया....


Shiiinnnnnnnnn....agle hi पल सुपर सोनिक स्पीड से मई आगे बढ़ा....

Dhammmmmmm....aaaaaahhhhhh...aaaaaaahhhhhhhh....aaaaaahhhhhhhh...aaahhhhhhhhhhhh

ढाये ढाये ढाये.....

मेरा मुका जिस गॉर्ड के पड़ता वो 40 40 फ़ीट दूर जाकर गिर रहे थे कोई सामने बने घर me....un लोगो ने फायरिंग की छोटी टोपे चलाई लेकिन सब नाकाम रहा....

चाँद hi पालो में साडी भीड़ तीतर बितर कर दी maine...guards अब अपनी जान बचा कर भाग रहे थे....

रास्ता साफ़ हो चूका tha...lekin कुछ वफादार और तगड़े सोल्डिएर्स' की ड्रेस में सोल्डिएर्स गन फेकते हुए मेरे पास आकर खड़े हो गए...

मई : इतना टाइम नहीं है तुम्हे लड़ने का मौका दू...

Shiiinnnnnnn...ki आवाज़ से मई उनकी तरफ badha...koi पंच बना रहा tha..koi किक मार रहा था किसी के हाथो में जाल था जो मुझ पर फेक रहा था...

Dhammmmmmm...dhammmm...dhammmm..dhammmmm....

Chatttt...chattttt...chattttt

वो हिलते भी की मेरे पुसंहस मेरी किक्स उनके पड़ी...

मई रुका और उन्हें देखने laga...wo सब हवा में उड़ रहे they....bhuto की तो हड्डियां टूटने की आवाज़ मुझे सुनाई दी..

वो गिरे और बुरी तरह से दर्द में डकारने लगे...

मई उन्हें देखते हुए लड़ने के लिए चलेंगे करने laga...kisi में इतनी हिमायत नहीं हुई जो उठ खड़े होते...

उन्हें छोर मई अंदर घर में aaya..ek बहुत बड़ा बंगलो tha...abhi मई उसके 5 अकड़ में बने पार्क में लड़ रहा था...

मई अंदर आया तो मुझे सामने क्यारा महाराज मोना मोहिनी और कुछ लोग बैठे दिखे...

मई : तुम में से महाराज और वो सब सामने आओ जिसने मेरे परिवार को ख़त्म किया tha...mai बस उन्हें मरने आया hon...batao महाराज कोण है तुम में से...

हमारे साथ हो जाओ ऐश hi ऐश होगा तुम्हारे जीवन में...

अगले hi पल मई उसके सामने खड़ा tha..maine उसकी गर्दन पकड़ कर तंग दिया था...

मई : उसे भी मरूंगा जो मुझे rokega....usne आंखे बंद कर राखी थी...

मेरी पकड़ में उसके चहेरे के बहो बदल रहे थे...

क्यारा madam...roko इसे....

छोर दो मुझे...

किसी ने मेरे दिमाग में kaha...aur मेरे हाथो से उसकी गर्दन अपने आप छूट गयी....

हर्ष को बुलाओ मोना...

मोना : जी पिता जी..

इसका मतलब यही था maharaj...wo एक चौड़े जिस्म का मोटा गोरा आदमी था...

उसे देख मेरे तन बदन में आग लगने लगी...

मुझे अपने आप को मरना चाहिए...

Dhammmm...maine सोंचा और फिर मैंने अपने आप को hi घुसा मार diya...aur मई दीवार से जा कर लगा...

मई : aaahhh...mona...mai तुझे तब तक मरूंगा जब तक तेरे जिस्म का हर हिस्सा अलग नहीं हो जाता...

मोना : ये मई नहीं हों रोलेक्स ये चरण दस है..

महाराज : चुप कर लड़की ..

मोना उसे कह रही थी जिसे मैंने अभी पकड़ा था...

साहिर : मई रोकूंगा tujhe...control मुझे दे...

Jijuuuuuu......itne में हरषि पता नहीं कहा से आगयी और मुझसे लिपट गयी.....

उसके कपडे फाटे हुए थे वो अपना जिस्म अपने हाथो से छुपाये मुझसे लिपट रो रही थी...

मई : क्या किया है तुम लोगो ने इसके साथ..

Harshi...harshi...kaha है tu....itne में एक हरा राक्छस हरषि को पुकारता हुआ हॉल में दाखिल hua...wo झमेला नहीं tha....ye बहुत डरावना था...

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अब मुझे अहसास हो गया था लड़ाई डिफिकल्ट होने वाली है...

हरषि : ये हर्ष भैया है ये मेरा रपे करना चाहते है..

मई : हरषि भागो....

Harshiiii......wo चीखता हुआ मेरी तरफ बढ़ने लगा.....

उसने भागते हुए भरी सोफे उठा कर मेरी तरफ फेके....

मई हवा में उछाला और मैंने उन्हें अपनी टैंगो से दये बाये फेका...

महाराज : ख़त्म करो इसे...

अगले hi पल मई भागता हुआ उस हरे दानव के पास aya...aur भागते हुए बैठ कर फिसलने लगा...

Dhammmmmmmm....uski लात मेरे सीने पर पड़ी...

Khichhhhhhhhh....khichadte हुए मई दीवार से लगा.

धम्म्मम्म...

दीवार तोड़ता हुआ मई बहार निकला.....

पापा आगये थे जिन्होंने मुझे रोक लिया....

मई : गुरु चरणदास मेरे दिमाग में है....

समर : वो तुम्हे हुक्म दे रहा है....

मैंने सर हिलाया...

अब मई आगया hon....papa की आवाज मुझे अपने दिमाग में सुनाई दी...

Aaaaahhhhhh......harsh दीवार तोड़ता हुआ निकला और उसने छलांग लगा दी..

Papa.....meri चीख निकल गयी...

पापा....... मुझे दीदी की आवाज़ सुनाई दी...

सो jao.....mai बेहोश हो रहा हों...

मैंने उठना चाहा लेकिन मई उठ नहीं paya...meri आंखे बंद हो गयी थी....

Dhammmmm...mujhe उस दानव के कूदने की आवाज़ आयी...

Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhh....aur फिर एक भरी और गुस्से से भरी हुंकार सुनाई दी....

मुझे लड़ना hoga...agle hi पल पापा की सोंचे मेरे दिमाग में आयी और मेरी आंखे खुल गयी....

हरे दानव हर्ष को कोई पकड़ा हुआ था बेहद गुस्से में वो उसे देख रहा था..

झमेला आगया था जिसे देख कर मेरी जान में जान आयी..

Aaaaahhhhhhhhhhhhh....

झमेला ने उसे उठा कर पीछे के लिए पटखनी दी....

पापा ने हाथ देकर मुझे खड़ा किया...

मुझे सीने में तेज दर्द का अहसास हुआ... ऐसा पहली बार था मास्क के होने के बाद भी मेरे दर्द हुआ...

मई : मुझे हील करो...

आप दोनों ठीक hai...itne में सनी और दीदी आगयी थी...

मई : वो भाग जायेंगे पापा हमें अंदर जाना होगा...

पापा ने आँखों से हामी भरी और मई सबको लेकर आगे बढ़ा...

मई अंदर आया तो वो सब खड़े थे तैयार....

मुझे अपने बाप को मरना चाहिए...

साहिर : रोलेक्स रुक जाओ...

कर दी न galti...papa ने kaha...maine उन्हें dekha...unhone आँखों से इशारा किया..

महाराज : मोना रोलेक्स को कण्ट्रोल करो....

महाराज की बात सुनकर पापा के फेस पर खौफ आगया...

चरणदास : hahahaha..ek समय में तू एक hi को कण्ट्रोल कर सकता hai...mona इसके बेटे को हुक्म दे वो इसे mare...ham क्यों अपने हाथ गंदे करे..

महाराज : किया तुमने...

मोना ने मोहिनी को देखा..

मुझे अभी तक उसका कोई आदेश सुनाई नहीं दिया था अपने दिमाग में...

मोहिनी : मोना चलो यहाँ se...ye हमारी लड़ाई नहीं hai...usne मोना का हाथ पकड़ा और दोनों मेरी तरफ भागी गेट से निकलने के लिए...

महाराज : बदज़ज़त रैंड...

मोना : मुझे दुनिया में सबसे ज्यादा नफरत किसी से है वो तू hai...tune अपनी उन बेटे बेटिओ को अछि से अछि ज़िन्दगी दी और हमें क्या बनाया विष कन्या..

मोहिनी : तूने मुझे अपने बेनिफिट्स के लिए लोगो से nuchwaya..aur अपनी उन बेटी बेटो को प्यार diya...unhe इस गंदगी से दूर rakha..tu मेरा बाप नहीं हो सकता..

मोना : मेरी माँ तेरी रकहिल हो सकती है लेकिन तू मेरा बाप नहीं हो sakta...jis दिन तूने मेरी माँ को मारा मैंने उसी दिन कसम खा ली थी तुझे मरूंगी zarur...mai बस सही समय के इतनेज़र में थी और फिर मेरी ज़िन्दगी में आया rolex...mai चाहती तो उसे मार देती लेकिन मैंने उसे मारा नहीं सिर्फ sulaya..wo भी उसकी बहन के फाॅर्स करने पर अपने लक्ष्य के liye..mai जानती थी वो एक दिन आएगा वापस अपनी नफरत लेकर और वो बदला लेगा अपनी बहन की ज़िन्दगी ख़राब करने वाले से...

महाराज : साली बदचलन kutiya...kyara मैडम इसे मरने के बाद इन दोनों कुटियो का भी सर काटना है जो मई खुद करूँगा इनका रपे करके ...

महाराज ने कहा और अगले hi पल क्यारा गायब हो गयी...

मई चौकन्ना होकर इधर उधर देखने लगा...

महाराज : कहा गयी wo...kyara madam..kyara madam...kyara....harsh....harsh...

समर : तेरी बर्बादी देख सब जा चुके है....

अनुसुइया : अब वक्त आगया है तेरे हिसाब का..

महाराज : साली रंडी....

दीदी को गली देते हुए वो पीछे हुआ उसने दीवार में लगा बटन दबाया मेरे और पापा के के निचे से फर्श हटा और अचानक से हम दोनों एक स्विमिंग पूल में जा gire..jo हमारे निचे hi था..

मई : पापा...

समर : बेटे अपने पीछे dekho...papa की चीख पर मई पलटा मेरे पीछे दो मगरमछ थे मुझसे बड़े बड़े वो मेरी तरफ hi आने लगे मुझे देख कर..


महाराज : मैंने कोई कच्ची गोलियन नहीं खेली hai...sambhalo खुद को charandas.hamse कहते हुए उसने गुरु चरणदास को sambhala..jo शायद अब डैड के बस में से निकल गया था..

पापा ने आंखे बंद कर ली...

पास ए एक क्रोकोडाइल को पकड़ कर मैंने ऊपर फेक दिया...


Aaaaaaahhhh...mujhe सनी की चीख सुनाई दी....

चरणदास : महाराज ये तुम्हे कण्ट्रोल कर रहा hai...maharaj बटन दबा रहा था फिर se...charandas चीखते हुए महाराज की तरफ भगा...

महाराज को धक्का देकर वो अपनी जगह पर खड़ा हो गया..

मुझे ये मगरमछ समर पर फेकने चाहिए...

दूसरा मगरमछ जो मेरे पास ारः tha...uska मुँह पकड़ कर मैंने उसे पापा की तरफ फेका...

ये देख पापा हेट.

मगरमछ भी उनकी तरफ hi भागने लगा..

साहिर: क्या कर रहा है tu...rok उसे...

महाराज : हेलीकाप्टर जल्दी से रेडी karo...hame यहाँ से निकलना होगा charandas..kisi से ब्लूटूथ पर कहकर उसने चरण दस से कहा..

Aaaaaaahhhh..chapppp...itne में मुझे दीदी की आवाज़ सुनाई di...unhone महाराज के डबल किक मरी थी.

अनुसुइया : aaaahhhhhh...itne में गुरु चरण दस ने दीदी के सर पर एक मूर्ति मरी जो टूर कर बिखर गयी... दीदी घूमती हुई सोफे पर गिरी...

सनी : अनुसुइया....

पापा क्रोकोडाइल से बच कर तैर रहे थे की जैसे hi मगर ने उनका पेअर मुँह में लिया मैंने मगर का मुँह बंद होने से रोक liya...papa ने जल्दी से पेअर निकला और ऊपर जाने लगे....


मैंने दूसरे मगर को भी उठा कर ऊपर फेक दिया...

मई और पापा पानी से निकलने की कोशिस करने lage...ham बहुत अंदर थे फर्श बहुत ऊपर tha..kareeb 20 फ़ीट अंदर...

मई : nahi....didi को देख मई chikha...charandas ने दीदी को उठा कर मेरे फेके हुए क्रॉकोडिल्स की तरफ फेक दिया tha...mai ऊपरी सतह से सब देख रहा था...

इतने में पापा आये मैंने उन्हें उठा कर ऊपर फेका...

मगर मच दीदी की तरफ hi बढ़ रहा tha..didi बेहोश thi...sani मगरमछ के चीज़े उठा कर मार रही thi...use भागने की नाकाम कोशिश कर रही thi...magar जैसे hi मुँह घूमता सनी दीदी को खींच लेती...

एक तरफ चरणदास अपना सर दीवारों से मार रहा tha..mohini महाराज से लड़ रही thi..mona चरणदास को कण्ट्रोल कर रही थी मोहिनी चरणदास को भागने से रोक रही थी...

पानी में मई हाथ पेअर मार कर कूदने की कोशिश कर रहा था लेकिन पूरी तरह nakam...mere फेकने से पापा को छोटे आयी जिस वजह से वो उठ नहीं पा रहे they....wo रेंग रेंग कर दीदी की तरफ जा रहे थे....

DHammmmmmmmm....itne में झमेला दीवार तोड़ता hua...magar के ऊपर गिरा...

अगले hi पल मगर ने उसका बाजु मुँह में ले लिया..

गुस्से में हुंकार भरता हुआ वो मगरमछ को लिए उठा उसने मगर मच का मुँह मसोस कर अपना बाजु उसके मुँह से निकला..

मई : दीदी को bacha....meri चीख पर उसने मगर मच को किसी खिलोने की तरह दूर फेक दिया...

सनी और दीदी को देख उसने गुस्से में हुंकार भरी और दीदी के पेअर मुँह में ले रहे मगरमछ के ऊपर अपना पेअर रख diya....jahan उसने पेअर रखा मगरमछ का वो हिस्सा फटा और उसका ब्लड निकलने लगा..

मोहिनी : aaaahhhhhh...maharaj ने मोहिनी को उठा कर जमीन से मार दिया था....

मई : मुझे nikal...meri चीख पर उसने मुझे देखा..

CHapppp...mujhe लगा था वो रस्सी फेकेगा लेकिन वो खुद कूद गया पानी में..

मुझे उठा कर वो पानी में अंदर ले जाने laga....satah पे पेअर मार कर वो उछला...

अगले hi पल हम दोनों बहार थे...

आआह्ह्हह्ह्ह्ह...

मई : झमेला उठा...

मेरी तरफ आ रहे हर्ष को देख मई चीखा झमेला ने मुझे फुर्ती से अपनी गोदी से निकल कर उठाया उठते हुए मई घुमा और मेरा मुक्का हर्ष के मुँह पर पड़ा..

Aaaashhhhhhh.....jis रस्ते से वो आया उधर hi वो खिचड़ता हुआ चला गया...

साली रंडी छोड़ use...dhaye.....

महाराज ने गन निकल कर मोना पर फायरिंग की...

जो गुरु चरणदास को कण्ट्रोल किये हुए थी और गुरु चरणदास अपना सर दीवार में मार रहा था..

मई हवा की स्पीड से मोना के आगे से nikla...goli मेरे lagi...aur मुझे महसूस hui...mai एक साइड में आकर गिरा...

मैंने अपने पेट पर हाथ लगाया तो मुझे ब्लड महसूस हुआ...

भागते महाराज का सर झमेला के हाथो में था...

सनी दीदी को होश में ले आयी thi...wo उन्हें लेकर पापा के पास ayi..sahara देकर सनी ने पापा को खड़ा किया..

समर : इसने मेरी आगे भी नहीं dekhi...kisi गुड्डे की तरह उठा कर फेक दिया...

पापा की बात सुनकर मई शर्मिंदा हो गया...

मई अपने मास्क को उतर कर उससे बातें करने laga...uski डील मान कर मैंने उसे लगा liya...aur मेरा दर्द धीरे धीरे काम होने लगा..

Aaaaaaahhhh...itne में एक हमारी तरफ आ रही कार पर मेरी नजर पड़ी...

पापा पर गिरने से पहले मैंने उसे पकड़ लिया...

सामने हर्ष दूसरी कार हमारी तरफ फेकने वाला था...

उसके फेकने से पहले मैंने थमी कार को अपनी पूरी जान से उसकी तरफ फेका...

Khachhhhhhh...uski पकड़ी कार पर मेरी फेकि कार lagi..wabe से वो दूर होते हुए खिचड़ने लगा...

आआआआह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह aahhhh...kyara मैडम .....

झानेला की उंगलिया महाराज के बाजुओं में घुस रही थी दर्द से वो बुरी तरह से डकार रहा था...

फुर्ती से महाराज का अगला हाथ मैंने पकड़ लिया....

Dhammmmmmm...dhaammmm..

AAaaaaaaaaahhhh....

मेरे दो करारे हाथ उसके बाजु पर pade...uski हड्डी टूट कर गोस्त चीरते हुए बहार निकल आयी...

सर पर हाथ रखे दूसरे से अंदर ऊँगली घुसाए जाहमेला ने दर्दनाक तरीके से महाराज का बाजु खींच लिया...

महाराज : aaaaaahhhhhh...maharaj की चीखे हमारे कान फाड़ रही थी...

मई : तेरी चीखे जल्द hi ख़त्म हो जाएगी..

महाराज : aaaaahh...mai तो मर जाऊंगा लेकिन बचेगा तू भी nahi...mai तो बस उसका एक मोहरा हों मेरे जैसे लाखो है उसके pass....aaahhhhhh...

उसकी बकवास सुन गुस्से में मैंने उसकी हड्डी खींच li...uski नसे उधर कर अलग होने lagi...hath फटने से उसका मॉस निचे गिरने लगा...

झमेला ने उसके साइन पर हाथ रख दिया था.

मैंने महाराज का सर पकड़ लिया...

समर : ये मेरे बेटे hai....maine तुझसे कहा था मई तुझे ऐसी मौत दूंगा तेरी रूह कल्प जाएगी...

महाराज को मरते हुए पापा के आखिरी सब्द सुनाई दिए..

झमेला की उंगलिअ उसके सीने में पेवस्त हो चुकी थी...

महाराज: aaaaahhhhhh....aaaahhhhhh...

मोना: मारो ise...aur बेदर्दी से मारो इसे....

महाराज : आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.....

एक आखिरी चीख मर्ज की nikli...jhamela के हाथो में उसके खून से रंगी उसकी पसलियन थी मेरे हाथो में महाराज का भरकस बना sar...jise मैंने अपने पंचेस से फोड़ा फिर अलग कर दिया..

पापा चलते हुए चरणदास के पास ए जो दीवार में अपना सर मार रहा था..

समर : छोड़ दो ise..papa के कहने पर मोना ने छोड़ दिया..

समर : देख इसे.....

महाराज की बिना सर बिना पसलियों वाली बॉडी देख कर चरण दस अपना बेहटा खून भूल गया उसके चेहरे की हवाइयां उड़ गयी थी..

चरणदास : मुझे माफ़ कर दो...

Dhammm..dhamm...jhamela गुस्से में चरण दस की तरफ बढ़ने लगा...

उसने उसका सर पकड़ा और और उसे उठा दिया..

चरणदास : aaaahhhhh...jhamela अपनी उंगलिओ से उसका सर क्रश करने लगा..

सर फटा और चरणदास का भेजा अलग gira..jhamela की उंगलिओ से निकल कर रिस रहा था....

बॉडी फेक झमेला कभी चरणदास की बॉडी क्रश करता कभी महाराज की बॉडी पर कूद कर उसकी बची कुछ हड्डिया तोड़ता..

Dhammmmmmm....itne में एक हाथ मेरे साइन पर पड़ा..

स्लो मोशन में मई उड़ता हुआ 50 फट दूर सामने जीने के ग्रिल पर लगा ..मरने वाला था हर्ष...

Dhammmm...grill से लगकर मई निचे gira..aur मुझे अपनी हड्डीओं के टूटने की आवाज़ aayi...mask मुझे ठीक करने लगा था..

OHhhhhhhhh...jhamela ने उस पर छलांग मरी...

उसने झमेला को पकड़ कर बहार फेक diya...fir खुद उसकी तरफ जाने लगा..

आआआअह्हह्ह्ह्हह...

झमेला का फेका क्रोकोडाइल मेरे पास पड़ा था मुझे देख उसने मेरा पेअर मुँह में ले liya..jis पर मेरी चीख निकल gayi...uska जबड़ा बंद hi हुआ था की मई फुर्ती से उठा और मैंने उसे डैम लगाने से रोक diya...uska मुँह उठा कर मैंने पेअर निकला और मई बहार के लिए भगा..

मई : पापा आप लोग निकलो यहाँ se..mai झमेला के साथ आ रहा हों..

कहकर मई बहार आया...

हर्ष ने झमेला को उठा रखा था...

मुझे देख उसने उसे मेरी तरफ फेका..

अगले hi पल हम दोनों खिचड़ते हुए दीवार तोड़ते हुए महाराज के दूसरे कमरे में आकर गिरे...

झमेला के फेस पर दर्द साफ़ झलक रहा था..

वो और मई उठा..

भागते हुए हम अपनी तरफ कूद कर आ रहे हर्ष की तरफ बढे...

वो हवा में था.. मैंने अपना घुटना झमेला ने पंच एक्शन बना कर हवा में hi जम्प मरी...

हवा में hi mujhe...door क्यारा कड़ी दिखी...

मेरा घुटना उसके सीने पर पड़ा . झमेला का पंच उसने पकड़ लिया..

हवा में hi उसने झमेला के लात mari..jo दूर गिरा..

मेरे शोल्डर में उसने दन्त गदा दिए .उसका हर एक दन्त 1 इंच का tha..jo मुझे अपने शरीर में घुसते महसूस हो रहे थे...

Dhammmmm...itne में उसके झमेला की लात padi...aur उसके मुँह से मेरा शोल्डर आज़ाद हुआ..

झमेला : तू hat..uski भरी आवाज़ मेरे कानो में padi...mai अपना शोल्डर पकडे पीछे हो liya..aur दूर से क्यारा को देखने laga..wo बस हमें देख रही थी...

मेरी फॅमिली घर से बहार निकल आयी थी जिनके साथ हरषि और मोना मोहिनी भी थी...

झमेला को पित्त देख सनी अँधा ढूंढ हमारी तरफ भाग कर आने लगी..

Aaaahhhhhh...fawware में लगा लोहा तोड़ कर हर्ष ने उसे झमेला के सीने में दाल दिया tha...jhamela की चीख सुन कर मई उसकी तरफ बढ़ा की सनी आगयी .

मैंने उसे जाकर पकड़ा .

मई : तुम्हे पीछे रहना चाहिए..

सनी : वो मार देगा भाई को ..मुझे देखे नेगे तो लड़ेंगे..

मई : हर्ष बहुत पावरफुल है ..और ये करने वाली दीदी hai...mai इन्हे छोडूंगा नहीं...

सनी : छोडो मुझे .

वो मेरी कोई बात नहीं सुन रही थी .

मई : चलो आओ और झमेला को वो याद करना जिससे उसे गुस्सा aye..jhamela की पावर उसके गुस्से में है..

सनी ने भीगती आँखों से हामी भरी और मेरे साथ आयी...

झमेला बेजान पड़ा हर्ष से पिट रहा tha...mai झमेला की स्ट्रेंग देख रहा था...

सनी : bhaiiii...uthoooo...bhai...

सनी की पुकार पर उसने हर्ष का मुक्का पकड़ लिया...

हर्ष ने छुड़ाना चाहा लेकिन झमेला की पकड़ से वो निकल नहीं पा रहा था..

उसे लिए झमेला खड़ा हुआ..

अगले hi पल हर्ष ने उसके लात Mari...aur झमेला की पकड़ से उसका हाथ nikla..wo खिचड़ते हुए कार्स पर आकर गिरा..


मई: यही सही समय है उसे गुस्सा दिलाने का.

सनी : bhai..ye वही है जो अपने बाप के साथ मेरा रपे करना चाहता था और न जाने दीदी का रपे कितनी बार kiya..iske hi बाप ने हमारे परिवार को ख़त्म kiya...bhai....hamare हर एक आंसू का बदला लो isse...bhai...

गाड़िओ को तोड़ता हुआ वो utha..uske गाड़ी के लोहे को हथियार बनाया hi था की हर्ष उस पर कूड़ा...

झमेला को बॉडी हीट मई दूर से देख रहा था...


धम्म्म्म dhammm..car का लोहा उसने हर्ष के दे मारा tha...harsh दूर उड़ता हुआ gira...fir लोहा फेक उसने अपने पेट में घुसी लोहे की मोती पाइप nikali...aur उसे लेकर वो हर्ष की तरफ कूड़ा .

Aaaahhhh...mujhe पीछे से आवाज़ आयी तो देखा सब मगरमछ की वजह से चीखे थे मगरमछ घर से बहार आगया था...

मई : जाओ उस क्रोकोडाइल को अपने पीछे यहाँ लेकर आओ..

सनी कुछ कहे बिना पीछे मुद गयई..

झमेला ने लोहे की रोड हर्ष के हाथ में घुसा थी शोल्डर के पास..

हर्ष उसके पैरो पर मुक्के मर रहा था जबकि झमेला उसका हाथ अलग कर रहा था...

Aaaahhhhhh...aaaaaaaahhh...

आसमान में दो खतरनाक चीखे गूंज गयी .एक झमेला की दूसरी हर्ष की .

झमेला ने उसका हाथ अलग कर दिया tha.jisme से कला खून निकल रहा था .

हर्ष ने झमेला के किक मरी पीछे के liye..jhamela आगे के लिए ladkhaya..jis वजह से हर्ष को टाइम मिल gaya...uthane ka..wo अपना हाथ लिए उठा उसने जैसे hi हाथ उठा कर हाथ पर लगाया वो जुड़ने लगा ...हर्ष की भी हीलिंग पावर झमेला की तरह थी..

हर्ष झाइमला के रोड मरने को hua..ki जमीला ने रोड पकड़ ली और खुनी आँखों से वो हर्ष को देखने लगा...

झमेला ने अपना माथा हर्ष के मारा..

रोड छोड़ता hua..harsh लड़खड़ते हुए 10 कदम पीछे गिरा..

Aaaahhh..aaaa..aaah...

पीछे मुझे सनी और दीदी की आवाज़ ayi..jo मगरमछ ले आयी थी..

अनुसुइया : क्यों मंगवाया इसे..

कुछ कहे बिना मैंने दीदी का गाला पकड़ लिया..

मई : तुम्हारी वजह से झमेला की पावर्स हर्ष के पास पहुंची.

अनुसुइया: तुम नहीं jante...agar मई ऐसा न करती तो महाराज मुझे मार deta...tum भी नाराज़ थे मुझसे.

मई ; मई चूतिए हों तुम पर यक़ीन किया तुम कभी नहीं बदल sakti...tumhe पता भी hai..iske साइड इफेक्ट्स कैसे hai..agar ये पावर किसी बुरे इंसान के हाथ लग गयी तो उसे बुरा बना देती है..

सनी : तुम्हारे मास्क की तरह..

मई : नहीं...

पापा मेरी तरफ आ रहे थे की मैंने दीदी को छोड़ दिया...

मगर को पूछ से पकड़ मई आगे बढ़ गया..

झमेला हर्ष के सीने पर बैठे उसके फेस पर पंचेस मार रहा tha...harsh जमीन में धंस गया था...

इतने में झमेला ने वही लोहे की रोड उठाई और हर्ष के सीने में घुसा दी...

Aaaaaaaaaaaa...harsh बुरी तरह से चिंघाड़ने लगा...

झमेला डैम लगा कर और अंदर रोड घुसाने लगा की इतने में हर्ष ने उसके मुक्का mara..aur झमेला उस पर हट्टे हुए पीछे गिरा..

हर्ष खड़े होकर रोड निकलने लगा की मैंने मगर को फेका और उछाल कर उसके हाथ पर घुटना mara..jisse वो रोड पकडे हुए था..

2 कदम पीछे होते हुए उसने मुझे देखा.

मई फिर उछला और मैंने सुपर सोनिक स्पीड से यदि रोड पर मरी जो उसके अंदर घुस gayi..kick मर के जब मई गिरने लगा हर्ष ने मेरी तंग पकड़ कर मुझे किसी गुड्डे की तरह हाथो को लहरा कर फेक दिया...

मई करीब 200 मत्र दूर आकर एक दीवार से टकरा कर गिरा..

अपने ऊपर से ेंट हटते हुए मई उठा और फिर हर्ष की तरफ चल दिया...

झमेला ने रोड निकल कर हर्ष के बंद हो रहे पेट में अपना हाथ दाल दिया tha..wo हर्ष की गर्दन पकड़ कर हाथ बहार निकल रहा था...

इतने में मैंने उछाल कर झमेला के गर्दन वाले हाथ से रोड निकली और हवा में hi हर्ष की गर्दन में दाल दी...

अगले hi पल मैंने उसकी गर्दन का मास्स नोचा और मगरमछ के पास फेका..

हर्ष : aaaaaaaaaaaahhhhhh....

हर्ष की हीलिंग कमजोर हुई तो झमेला का हाथ निकला और उसके हाथ के साथ हर्ष की पसलियां और बड़ा सा दिल...

ोुह्ह्ह...

हर्ष की हालत देख मेरी उबकाई agayi..mai हर्ष पर से उतरा की..

धम्म्म्म..

से वो गिरा...

मई : उधर फेक...

मेरी आवाज पर झमेला ने हर्ष की पसलियां दिल मगर के पास फेका जो उसे खाने लगा..

हर्ष मर चूका था लेकिन झमेला का गुस्सा शांत नहीं hua..wo उसकी बची कुछ बॉडी को डिस्ट्रॉय कर रहा था..


सनी : रुक jao..bhai..ye ख़त्म हो गया है...

सनी ने पास जाकर उसका हाथ पकड़ लिया...

उसका गुस्सा काम हुआ और वो बदलने लगा...

वो बदला तो सनी उसके गले लग गयी..

अलग होकर वो सबको देखने लगा..

मई : सब ख़त्म हो गए...

मोना: नहीं रोलेक्स अभी वो नरभक्छी भैरव का बाप और भैरव ज़िंदा hai..bhairav का बाप आज कल में खतरनाक साधुओ को लेन वाला है अभी वो हॉस्पिटल में है..

समर : नरसिम्हा ज़िंदा है..

मोना: हाँ..

अगले hi पल पापा ने आंखे बंद कर ली...

पापा मोना के दिमाग में थे मोना नरहिमः ke..mona की सोंचो का पीछा करते हुए पापा नरसिम्हा के दिमाग में आये जो हॉस्पिटल में सुप्रिया के साथ बैठा था..

पापा ने उसे कण्ट्रोल करके उठाया...

वो सुप्रिया को छोड़ भैरव के केबिन में आया..

एक डेस्क से ऑपरेशन वाला टूल जो नाइफ की तरह थी उसने उठाई और भैरव के गले पर रख दी...

भैरव के गले पर चली और उसने आंखे खोल कर अपने बाप को देखा..

और उसकी गर्दन से खून का फव्वारा चल दिया..

गर्दन काट कर नरसिम्हा ने उसे एक पॉलिथीन में डाला और लेकर चल दिया..

समर : चलो यहाँ से..

अनुसुइया : इधर से चलते है..

मई कार लायी हों...

अनु के पीछे पीछे हम सब चल diye..wo दूसरे रस्ते से हमें ले जा रही थी..

10 मिनट चलने के बाद हम कार तक पहुंचे...

मई : तुम सबको लेकर जाओ मई साथ में आ रहा हों..

झमेला : मई भी आ रहा हों..

हम दोनों ने जगह न होने पर कहा..

अनुसुइया: हाँ ये सही रहेगा अभी पार्किंग से गुज़रेंगे तब वहां से कोई कार ले लेना.

वो ड्राइविंग सीट पर बैठी और उसने कार आगे बढ़ा di...mona मोहिनी हरषि तीनो साथ में थी हमारे...

कार आगे बढ़ी तो मैंने अपना हाथ झमेला की तरफ बढ़ाया..

उसने नहीं थमा तब मैंने कहा..

मई : माफ़ कर दे yaar...tu भी तो बिन बताये चला गया tha..mai यहाँ से वहां ढूंढ रहा था माँ अलग परेशां..

झमेला ने मेरे मानाने पर हाथ थम लिया..

उसके थमते hi मैंने दौड़ लगा di..aur कार के पास कुछ hi सेकण्ड्स में आ पंहुचा..

झमेला : धीरे....

उसकी चीख पर मैंने स्पीड काम कर दी...

पार्किंग में हम आये तो मुझे बाइक मिल गयी...

मोना मोहिनी कार से निकली और दूसरी कार में जाने लगी...

मुझे देख वो मेरे पास आयी...

मई : गुस्सा तो तुम पर इतना hi की मन नहीं हो रहा है तुम्हे zinda...mai आगे कुछ कहता वो मेरे गले लग gayi..agle hi पल मोहिनी भी...

ी लव यू rolex...dono ने एक साथ कहा...

मई हैरानी से दोनों को देखने लगा..

मोना : मई तुम्हे सब पहले hi सब बता देती लेकिन चरण दस के होते हुए ये मुमकिन नहीं tha..aur मेरा राज़ पंडित कृष्णा नारायण के सामने खुल जाता..

वो सच कह रही थी मेरे सामने hi उसने अपने बाप को धोका दिया .और दोनों बहनो ने उसे भागने से भी रोका था..

मई : okay लेकिन अभी जो तुमने कहा..

मोना : तुमसे मोहिनी बहुत प्यार करती है ..

मई :कहा तो तुमने भी था...

मोना : वो वैसा प्यार नहीं जो तुम समझ रहे हो...

मेरी समझ में नहीं ारः था मई क्या कहूं...

मोना : मोहिनी तुमसे बहुत प्यार करती है..

मई : पापा यहाँ क्यों रुके..

मोना : नरसिम्हा के liye..wo भैरव का सर ला रहा है .वो तुम्हारे फादर के कण्ट्रोल में है..1 मिनट में पहुंच जायेगा...

क्या हो रहा hai...itne में पापा हरषि दीदी सनी के साथ आगये..

मई : कुछ nahi...bas पहले की बातें.

वो ध्यान लगाए थे इसलिए कुछ नहीं कहा उन्होंने..

मोना ने मेरा हाथ पकड़ा और उसपर मोहिनी का हाथ रख दिया..

मोहिनी : अगर मई तुम्हे पसंद नहीं तो कोई बात नहीं salil..mai तो तुम्हे तब से चाहती हों जब तुम्हारे सामने वो किया था याद है..

सलिल : मेरी वाइफ मेरे घर है mohini..use पता चला तो वो मुझे मार degi...yeh खुद को मार देगी..

मेरी बात सुनकर उसने मेरा हाथ छोड़ दिया.

अब होश में ajao...papa की आवाज़ पर मैंने सामने dekha..samne देख कर मुझे याद आया मई इससे लड़ चूका hon...delhi में..

Nahiiiii....apne हाथ में भैरव का सर देख उसने गुस्से में चीख मरी...

नरसिम्हा तुम सब maroge...bahut बुरी maut....dhamki देकर वो मन hi मन कुछ पढ़ने लगा...

मैंने पापा को देखा इशारा मिलते hi अगले hi पल मई माँ के बाप के सामने खड़ा था...

मुझे देख उसने फूक मरी ...


मेरा मास्क बहार को निकला और फिर अंदर होने लगा...

नरसिम्हा के जादू ने असर किया था लेकिन मेरे मास्क ने उसे ऑब्सेर्वे कर लिया था..

देर किये बिना मैंने उसकी गर्दन पकड़ ली....

वो बार बार मंत्र पढ़ रहा tha..lekin सब मुझ पर बे असर थे...

CHatttt...maine उसकी गर्दन पीछे के लिए घुमा दी .नरसिम्हा का जिस्म सर्किट पढ़ गया tha..uske होंठ हिलने बंद हो गए थे..

रोलेक्स...

झमेला ने मुझे आवाज़ दी...

खंनननननन...

उसने छोटा सा नाइफ मेरी तरफ फेका था..

मैंने नाइफ उठाते हुए उसे dekha..wo इशारा कर रहा था गर्दन काटने का..

मैंने डैम लगा कर उसकी गर्दन भी काट di...aur सर जिस्म को दूर फेक दिया...

समर : चलो अब चलते है..

पापा के कहने पर सब कार्स में बैठने लगी...

मोना मोहिनी अलग कार में जाने लगी..

अनुसुइया : मोना इसे आरोही के घर छोड़ dena...didi ने हरषि के लिए कहा जो दीदी की आवाज़ सुन मोना की तरफ जाने लगी...

पास में मई खड़ा था मुझे देख वो रुक गयी...

सिसकते हुए वो मेरे गले लग गयी...

हरषि : थैंक यू salil...usne पहली बार मेरा नाम लिया...

फिर अलग होकर झमेला को देखने लगी..

हरषि : मुझे माफ़ कर दो.. ज़िन्दगी ने मुझ पर भी सितम kiya..mai एक दरिंदे की बेटी बना कर दूसरे दरिंदे की बहन बना kar...meri माफ़ी से तुम्हारे ज़ख्म तो नहीं भरेंगे लेकिन मरहम का काम करेंगे..

झमेला : मैंने माफ़ किया..

हाथ जोड़ती हुई वो आगे बढ़ गयी...

मैंने बाइक निकली और झमेला को बिठाया..

मेरे इशारे पर दीदी ने कार आगे बढ़ा दी... पीछे पीछे मई चल दिया...

मई : सेल ऐसे नाराज़ होकर जाते है..

झमेला : तुझे भी उसकी औरत और बेटी का रपे नहीं करना चाहिए tha...ham इज़्ज़तों को नहीं लूट ते.

मई : अबे मैंने नहीं किया उस दिन तो ऐसे hi कह दिया tha..mera मास्क मुझे कण्ट्रोल कर रहा tha...maine इतनी हवस ऐसी ेनेग्री कभी फील नहीं की जो उस दिन hui..mask की वजह se..bas मास्क को कण्ट्रोल न करो..

झमेला : इसे उतर दे..

मई : अब यही करना है...

झमेला : चाचू आगये hai..unhe कुछ पता चला अनु के बारे में..

मई : अभी तक नहीं...

झमेला : मई कोंफ्रोंट करूँगा उसे ...अगर वो सुधरती है तो ठीक नहीं तो घर से निकल देंगे..

मई : मैंने माफ़ कर शायद उन्हें अहसास हो गया है..

झमेला : ाचा किया

मई : तू ऐसा कैसे बन गया इतना serious..wo मेरा चुटिया झमेला कहा है...

झमेला: हालातो ने साडी मस्ती ख़त्म कर di..tu बता अब क्या karega..sahir..

झमेला के मुझे पुकारने पर कण्ट्रोल मैंने ले लिया...

मई : सबसे पहले अपने मास्क से deal...tu बता कोलकाता क्यों जाता hai..wahan कोई काम स्टार्ट किया है..

झमेला : मई तो चाहता हों तू मेरे साथ chal..ghar वालो को स्विट्ज़रलैंड शिफ्ट कर देते hai..yahan पल पल खतरा rahega..tu नहीं जनता ये पंडित नारायण बहन का लोढ़ा किसके लिए काम करता था...

मई : अबे मई रहूँगा na...fir कैसा dar....tu बता तू क्या कर रहा है...

झमेला : लो घर आगया ..

कार गेराज में घुसी उसके पीछे hi मई घुस गया...

बाइक कड़ी करके हम दोनों गेट पर ए .जहाँ पापा दीदी सनी कड़ी थी..

दूर माँ ने khola...aur सब अंदर चल दिए...

माहि : क्या हुआ समर जी .महाराज मिला आपको...

माँ के पूछने पर पापा सब एक्सप्लेन कर देते है...

माहि: पैकिंग कर ली है खाना खा लो फिर निकलते है..

पापा ने हामी भरी..

हाथ धोकर सब दिन्निग पर बैठने लगे..

मेरे पास hi सौम्य बैठ गयी एक तरफ झमेला..

मई : तेरे लिए मैंने सोंचा है एक सीरम बनाने का जब भी तू गुस्से में होगा उसकी स्मेल से नार्मल हो जायेगा.

झमेला : सनी है मेरे साथ फिर भी तू बना देना .

मई : हम्म केरला में नई लैब सेट करनी होगी..

झमेला : केरला जा रहे है सब..

मई : हाँ और तू भी...

झमेला : मुझे जाना होगा अभी...

मई : माँ ये कह रहा है अभी जायेगा...

और फिर माँ शुरू हो गयी..

खाना खा कर हम सब उठे ..

मई : वैसे आप अपने भतीजे से मिलने के लिए तड़प रहे थे अब आगया है तो बोले भी नहीं..

समर : कैसे नज़रे मिलों beta...meri वजह से उसका सब कुछ तबाह हो गया..

सनी : नहीं पापा अपने भी बहुत कुछ खोया है हम सब ne...hai न भाई...

झमेला कुछ कहे बिना पापा के गले लग गया..

झमेला : कैसे है आप अंकल ..

समर : तुम बिलकुल अपने पापा की तरह ho...wahi नाक वही आंखे वही rang...bhai साहब aahhh...papa की एक आह निकली..

समर : मई उनका लाडला था और तुम mere....kehte हुए पापा ने झमेला का सर चुम लिया..

झमेला : कैसे बचे आप..

समर : लम्बा सफर hai...chalo रस्ते में सुनाऊंगा..

मई : चल झमेला सामान रख .

झमेला : तेरा बड़ा भाई हों तमीज़ se..wo सामान के पास आकर सामान उठाते हुए बोलै .

मई: बड़ा भाई बाद में पहले मेरा dost...mere जिगर का टुकड़ा...

झमेला: बस कर पगले रुलाएगा क्या .

हमारी बातों पर सब हसने लगी...

हाफ ऑवर में हमने सामान रखा .

मई : किस से जायेंगे papa...train से..

समर : बी रोड सेफ है .हाईवे पर एक टैक्सी कर लेंगे..

मई : तो इस कार में हम सब कैसे आएंगे कई बैग्स तो अभी रखने भी है कार में जगह hi nahi..kya papa..aap भी na...mai टैक्सी लेकर अत हों..

अनुसुइया : ी थिंक हमें अपनी कार ले जनि चाहिए thi...taki किसी को हमारे बारे में पता न चले...

समर : सही कहा बेटी...

मई : फिर तो हमें खरीदनी hogi..koi बड़ी car.....thik है मई जा रहा हों फिर जैसा होगा वैसा करूँगा..

झमेला : तू नहीं मई जाऊंगा...

मैंने हामी भरी और वो जाने लगा..

अनुसुइया : ruko...didi ने रखा बैग उठाया और झमेला की तरफ भागी..

शायद उसमे पैसे रखे थे...

पैसे कहा से ए सोंच कर hi दिमाग ख़राब होने लगा...

एक दिल कह रहा था चुप चाप आंखे बंद कर लोन वही मेरी इनर सोल कह रही थी ये ठीक नहीं है..

पैसो से आराम मिल रहा था लाइफ में प्रॉब्लम सोल्वे तो हो रही थी लेकिन अंदर का इंसान भी मर रहा था..

यहाँ से निकलने के बाद मुझे अपना बिसनेस करना था...

हाफ ऑवर वेट के बाद वो दोनों aaye...jhamela बाइक से आया था दीदी इन्नोवा से..

दीदी ने पहले hi बता दिया खरीदी है उन्होंने...

सामान शिफ्ट किया आठ सीट वाली इन्नोवा में और सब उसमे बैठ gaye...mai डीड और पूर्वी सौम्य दीदी की स्विफ्ट में बैठ gaye...sabne एक बार घर को देखा और फिर आगे बढ़ गए.

उधर ड्राइविंग सनी कर रही थी मेरे साथ दीदी...

मई : दीदी मौसी नहीं आयी .

अनुसुइया : मौसी की कॉल आयी थी जब मई कार लेने गयी थी टोनी बीमार है जिस वजह से वो नहीं आयी.

रात भर का सफर tha...kerla बंगलोरे से 600 k.m दूर था अगर तेज ड्राइविंग की तो सुबह तक पहुंच जायेंगे..

ड्राइविंग करते हुए 2 घंटे हो गए they..mai पूर्वी के कंधे पर सर रखा था सौम्य मेरे...

हम तीनो सोने की कोशिश कर रहे थे लेकिन मुझे नींद नहीं थी...

अनुसुइया : sani...speed badaho...didi पास से गुज़रते हुए boli..aur मई आँखे खोल कर देखने लगा..

सनी के मिरर निचे करने पर दीदी ने फिर kaha..jis पर सनी ने हामी भरी...

दीदी ने स्पीड बधाई और कार हवा से बातें करने लगी..

हम बंगलोरे की सरहद से निकल चुके थे मुझे बार बार अपने घर की याद आ रही थी...

1 घंटा hi हुआ होगा हमें की सामने पुलिस की भरी नफरी चेकिंग करती हुई दिखी...

सनी ने दीदी के पास आकर कार रोक ली..

सनी : चाचू कह रहे है डरो मत बस उससे बात करना...

सनी की बात सुनकर दीदी ने कार आगे बढ़ा दी...

पुलिस वाले ने पहले हमें रोका..

पुलिस वाला : licences..didi ने लाइसेंस निकला hi tha.ki उस पुलिस वाले ने कहा.

जाने दो inhe..didi का लाइसेंस देखे बिना उसने हमें जाने diya...sani वाली कार को रोका भी नहीं...

मैंने फिर आंखे बंद कर ली...

और इस बार मेरी आँख लग गयी...

Piii....ek कार की आवाज़ से मेरी आँख खुली...

मैंने देखा कार रुकी है और मेरे पास न पूर्वी है न सौम्य न दीदी...

मई झटके से कार से निकला...

दोनों कार्स रुकी हुई थी होटल पर ..

सामने hi मेरी फॅमिली बैठी थी...

मई गया तो मैंने कहा.

मुझे भी भूक लगी hai..papa ने अपने आगे का पराठा दे diya..jise मई खाने लगा..

समर : और खाओगे..


मई : नहीं पापा.....

पराठे तो सच में कमल के थे .

मई : मुझे उठाया क्यों नहीं...

सौम्य : तुम सो रहे थे..

मुझे गुस्सा तो बहुत aya..aise पराठे कहा बार बार नसीब होते और कोण अत yahan...bas पापा का hi पराठा बचा था आधा जो मुझे मिल गया...

सबने एक एक छाए मंगाई और पिने लगे..

मई : दीदी कितना सफर बचा है...

अनुसुइया : 4 घंटे का..

सनी : पराठे कितने जबरदस्त थे..

झमेला : हाँ अचे they...acha सुन अब मई ड्राइव करूँगा...

सनी : हाँ मई थक गयी hon..ghar पहुंच कर तुम मेरे पेअर दबाओगी..

आशना: मई नींद में हों मैंने कुछ नहीं सुना...

उसकी बात सुनकर हम सब हसने लगे..

सोना : दीदी आपकी आगे वाली सीट खली है मई आपके साथ चलूंगी मई ड्राइव करुँगी आपको भी रेस्ट मिल जाएगी...

सौम्य : नहीं मई ड्राइव करुँगी..

सोना : भाभी आपका हाथ अभी ठीक नहीं हुआ hai....mai बैठ भी नहीं पा रही हों इनके साथ इन्हे भी थोड़ी स्पेस मिल जाएगी.

समर : अगर अचे से कर लेती हो ड्राइव तभी करना..

सोना : मई रेस लगाती थी papa.dont वोर्री.

छाए ख़त्म हुई और सब अपनी अपनी कार में आकर बैठे...

सोना ड्राइविंग सीट पर आगयी और दीदी आगे बैठ गयी पीछे हम तीनो आगये...

अनुसुइया : आगे hi rakhna...ek घंटे तक कोई मोड़ नहीं hai..ek घंटे बाद मुझे उठा लेना..

सोना: सो जाओ..

सोना ने कार आगे बधाई पीछे hi झमेला ने बढ़ा दी ...

मई : पराठे कितने अचे थे .

सोना : मैंने तीन खाये..

मई : मुझे नहीं uthaya...itne अचे parathe...aur मेरी रुलाई छूट गयी..

सोना : किसी ने कहा आप सो रहे ho..mai तो आ रही थी उठाने...

Ummmmmmm..itne में सौम्य ने मेरे गलो को चुम लिया और आवाज़ पूरी कार में गूंज गयी...

सौम्य : खाने है पराठे..

मई : अब कहा है...

जीभ दिखते हुए उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में दाल दी...

जिसे मई चूसने लगा...

मेरा हाथ अपने आप hi उसके बूब्स पर चला gaya..jise मई मसलने लगा..

सौम्य : aaahhhhhh...aur तेज दबाओ..

मई झटके से अलग हुआ...

मई : पागल हो गयी hai...mai फुसफुसाया...

सौम्य: एक सो रही है दूसरी ड्राइविंग कर रही है...

मई : घर चलकर करेंगे..

मेरे कहने पर सौम्य ने अपनी टी शर्ट ऊपर कर दी..

सौम्य : सच me..wo ब्रा में कैद अपने बूब्स दिखती हुई बोली...

मई : aaaa...a..meri आवाज़ hi नहीं nikli..ye देख खिलखिलाते हुए उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया...

पूर्वी के ऊपर पेअर रख कर वो मेरे निचे agayi...maine भी अपना आधा वजन उस पर और पेअर पूर्वी पर कर लिए...

किश करते हुए मई उसके बूब्स दबाने लगा...

वो पीछे हाथ लेजाकर मेरी अस्स रब करते हुए मेरा साथ दे रही थी...

सौम्य : aaaahhhh...rubb आईटी hard...ohh

.

उसने फिर आवाज निकली जो देख मैंने उसके मुँह पर हाथ रख लिया...

पूर्वी: उठो भी इतने भरी हो दोनों..

पूर्वी की आवाज़ पर मई उठ कर बैठ gaya..mere साथ hi सौम्य bhi..agle hi पल उसने अपना हाथ मेरी पंत पर रख diya...tatolte हुए उसने मेरा हथियार पकड़ा जो आधा ेरेक्ट हो चूका tha..maine उसकी जीन्स का बटन खोल दिया..

हाथ अंदर दाल मई उसकी छूट मसलने laga...der न करते हुए उसने मेरी जीप खोल कर लैंड निकला और हैरत से देखने लगी...

सौम्य : इतना बड़ा कैसे हो gaya..wo फुसफुसाई..

मई ; बस हो गया..

सौम्य : मई अंदर नहीं लुंगी.. बस हाथो से karungi..kehte हुए उसने मेरे लैंड पर हाथ चलने शुरू कर दिए..

उसकी मुट्ठी में भी लैंड नहीं आ रहा था उसे दोनों हाथो का सहारा लेना पढ़ रहा था...

मई उसको छूट में ऊँगली कर रहा tha..jo अब मुझे गीली महसूस हो रही thi...wo शांत हो गयी तो मैंने हाथ निकला और सीट से पॉच दिया..

फिर एक घंटे तक वो मेरा लैंड हिलती rahi...aur जब निकलने को हुआ उसने मुँह में टोपा ले लिया...

सारा छुम पि जाने के बाद वो उठी और मई भी रिलैक्स हो गया..

उसने मिरर निचे किया और सारा छुम थूक दिया....

मैंने कपडे ठीक kiye..aur आंखे बंद कर ली

सौम्य : सोना पानी की बोतल dena..sona ने एक hi बार में पानी की बोतल उठा कर थमा दी...

उसने मिरर से हाथ निकल कर हाथ धोये फिर पानी से कुल्लिअन की..

मैंने सर पूर्वी के कंधो पर रख लिया और आंखे बंद कर li...jald hi मई नींद की वदीओ में चला गया...

Salil..hey रोलेक्स ..uthooo...purvi....saumya....

दीदी की आवाज़ पर मैंने आंखे खोली...

अब वो ड्राइव कर रही थी सोना उनकी जगह पर बैठी थी...

मई : हाँ दीदी क्यों उठाया ..

अनुसुइया : सामने देखो..


दीदी के कहने पर मैंने शीशा निचे किया और हवा का झोका हम तीनो से लगा..

images


हम लोग पहाड़ी के रोड पर चल रहे they....charo तरफ जंगलात थे फोग से bhare...oos की बुँदे हमारे चहेरो पर पद रही थी जिससे वो दोनों भी जग कर बहार देखने लगी...

मैंने सामने देखा झमेला वाली कार रुकी हुई थी...

दीदी पास से गुज़रते हुए पीछे आने का इशारा कर दी...

सामने बड़ी नदी thi....jahan दीदी ने कार रोक ली थी...

Iyer....didi ने शीशे में से एक नाविक को आवाज़ दी जो इसी साइड बैठा था...

Memsab....fir उसने अपनी लैंग्वेज में कुछ कहा और खुस होता हुआ वो दीदी के पास आया...

अनुसुइया : vote...car..us तरफ...

िएर : vote...yes यस....

ऊँगली से 2 मिनट रुकने का कहकर वो चला gaya....usne 2 पतले रखे और कार को आगे ले जाने के लिए कहा...

रुको मई देखता हों...

सौम्य को मैंने इशारा किया वो उत्तरी उसके साथ hi मई...

चलते हुए हम दोनों उस नाविक के पास आये..

और उसकी हेल्प करने लगे पतले लगाने में..

दीदी ने कार आगे बढ़ा दी और वोट पर agayi...ye वोट कार को इस पार से उस उस पार ले जाने के लिए hi बनाया गया था...

मई सौम्य वोट पर िएर के साथ खड़े हो गए पीछे झमेला को मैंने रुकने का इशारा कर दिया...

एक डंडा लेकर मई नाविक की हेल्प करने लगा कश्ती तैरने में...

5 मिनट बाद हम उस किनारे पर थे मैंने पतले रखे दीदी ने कार उस साइड में कर दी...

जब मई नाविक के साथ झमेला वाली कार को ले जाने लगा उसने मुझे रोक दिया..

िएर : साहब no वर्क ी दो ..वो टूटी फूटी इंग्लिश में मुझे वापस उस साइड जाने से रोकते हुए बोलै...

िएर : यू के ...

खो खो खो....

िएर की आँखों का पीछा करते हुए मैंने एक पेड़ के निचे भिक के अंदाज में हाथ फैलाये कंबल में किसी को लिपटे हुए dekha...jo खास रहा tha...jiske हाथो पर भी पट्टी थी..

िएर: come...help...money.. फ़ूड .

िएर की आवाज़ पर पेड़ का सहारा लेते हुए वो खड़ा होने लगा...

खो खो खो....

मई: ी थिंक he's सिक लीव हिम...

िएर : okay okay साहब...

हम दोनों उस तरफ आये झमेला की कार वोट पर आयी फिर हम इस पार चल दिए..

इस पर आये तो दीदी पूर्वी सोना सौम्य के साथ hi केरला की खूबसूरती देख रही थी...

अब वो नहीं था..

झमेला की कार उत्तरी तो दीदी ाएर के पास आगयी...

अनुसुइया : who's तहत गाए...

िएर : मम he's बेगर सुब्रमण्यम क्नोव..

वो इंग्लिश की वजह से बता नहीं पाया...

मई : आगया घर दीदी...

अनुसुइया : नहीं 2 मिनट का रास्ता और hai...chalo सब कार में बैठो...

हम सब कार में आये तो दो डिफरेंट रूट थे इक तरफ आबादी थी दूसरी तरफ सुनसान था सब जंगल से होते हुए पहाड़ी रास्ता था...

दीदी ने जंगल वाले रस्ते पर hi कार दौड़ा दी...

5 मिनट पहाड़ी पर ड्राइव करने के बाद हम एक बड़े से घर के सामने पहुंचे....

जहाँ एक बेंच पर दो लोग बैठे थे कार देख कर गार्ड की वर्दी वाला आदमी उठा और गेट की तरफ भगा...

कार रोककर दीदी सामने देखने लगी...

घर से कुछ दूर बेंच पर वही ब्लैंकेट वाला आदमी भिक के स्टाइल में एक हाथ आगे किये बैठा था सर निचे किये उसके फेस भी ब्लैंकेट में छुपा हुआ था..

हमें देख वो जाने लगा....

अनुसुइया : ये हमसे पहले कैसे पहुंच gaya...didi खुद से बुदबुदाई...

गेट खुला और दीदी कार अंदर ले aayi...hamare पीछे hi दूसरी कार आगयी...

झमेला कार से निकला और बहार के लिए भगा....

मई पीछे गया तो दूर से देखा झमेला उसी ब्लैंकेट वाले आदमी को पैसे दे रहा था...

पैसे देकर झमेला मेरे पास आया..

मई : क्या हुआ...

झमेला : कुछ नहीं उसने गाड़ी के सामने हाथ फैलाया था तो मैंने कहा पार्क करके अत हों...

मई : acha...chal अजा

फिर हम दोनों घर की तरफ चल दिए...


images


घर तो बहुत ाचा था...

कार पार्क करके दीदी वॉचमन से बात कर रही थी....

वॉचमन: ये लाइट हमारी पत्नी ने जलाई है मेमसाब कोहरे की वजह se..wo रात से hi सफाई कर रही है जब अपने फ़ोन किया..

फाइनली कोई हिंदी स्पीकिंग मिला..

मैंने कहा..

अनुसुइया : ये कोण था जिसके साथ तुम बैठे थे... सुब्रमण्यम.

वॉचमन: मम ये भिकारी है नार्थ से आया है ..इसे कोढ़ का मर्ज है नदी के उस पर लोग इसे पत्थर मरते है रहने नहीं देते तो इन जंगलो में कही रहता है कभी कभी िएर की शाहयता कर देता है तो कुछ पैसे मिल जाते use...kabhi मेरे पास खाना मांगने आजाता hai..to मई दे देता हों...

Anusuiya:acha अब मत आने देना कोई स्ट्रेंज पर्सन अस्स पास दिखे तो मुझे बताना..

वॉचमन: ठीक है मेमसाब..

हमारे पास आकर दीदी ने मेरे गले में हाथ दाल दिया झमेला के डालना चाहा वो दूर हैट gaya..aise की लगे बी न है gaya...lekin मई समझ गया था...

वो सही था उसने माफ़ नहीं किया था दीदी को...

अनुसुइया : हे मेरे पास आओ..

वो पास आया तो दीदी ने उसके भी गले में हाथ दाल दिया...

अनुसुइया : तुम मुझसे कितना भी भागो मई नहीं भागने दूंगी...

झमेला : भाग नहीं रहा tha...bas ऐसे hi...ghar ाचा है..

अनुसुइया : निहारिका को भी यही ले आओ na...apne परिवार के पास .

झमेला : देखूंगा...

मई : मई जाऊंगा खाँसार निहारिका को lene....aur तू रहेगा यही...

झमेला: अगर तू अपने से ले आया तो ठीक अगर मुझसे सनी में से किसी से एड्रेस पूछा तो भूल जाना...

मई : चैलेंज एक्सेप्टेड..

वो नहीं जनता था पापा को 1 सेकंड लग्न था इनके दिमाग में घुस कर एड्रेस निकलने में..

क्या कर रहे हो जल्दी आओ सामान utaro..sani की आवाज पर मैंने कानो में उंगलिअ दाल ली...

वो उस सामान के लिए कह रही थी जो हम घर से लाये थे..

झमेला: क्या कहना चाहता है तू सनी इतनी बेसुरी है जो तूने कानो में उंगलिअ दाल ली...

मई : क्या मैंने ऐसा कब kaha..aur मैंने सनी को देखा जो खूंखार नजरो से कमर पर हाथ रखे मुझे देखने लगी...

आशना : भागो भाई...

उसके हाथो में बबक वाली लोहे की सरिया थी और वही लेकर वो मेरे पीछे पढ़ गयी...

मई : papa....maaaaa.....sabko हेल्प के लिए आवाज देता हुआ मई भागने लगा..

सब मेरी बेबसी पर दन्त निकल कर है रहे they...ghar में घुसते hi मई एक रूम में घुस गया और फुर्ती से मैंने लॉक कर दिया...

सनी : रोलेक्स नहीं मरूंगी सच में ...गेट खोलो बस बात करुँगी...

मई : भाग जा ...शादी तो करती नहीं मरने के लिए हर समय तैयार..

मई फुसफुस्य..

सनी : क्या kaha...fir कहना...

मई : जाओ मुझे सोने do...aur मई बीएड पर लेट गया...

रात को मई उठा फ्रेश होक बहार आया तो घर में चहल पहल हो रही थी..

उठ गए तुम कितनी आवाज़े दी thi..chalo आओ डिनर की तैयारी कर रहे hai..purvi मेरा हाथ पकड़ कर मुझे सबके पास ले जाने लगी..

समर : बहुत केयरलेस हो तुम नई घर में आये हो देखा भला कुछ नहीं और सो गए..

मई : आप हो न papa...pass आकर मई उनके सर को चुम कर बोलै..

जिस पर वो मुस्कुरा दिए..

Taran...bhuk लगी hai..itne में सौम्य खाने की डिश दिन्निग पर रखते हुए बोली.

मई : han...ye धुआं कहा से आ रहा है...

मेरे पीछे aao..aashna एक तरफ जाते हुए boli...chalte हुए उसके पीछे मई बैकयार्ड में आया जहाँ 200 गज में पार्क था उन्ही के पास झमेला और सनी आग जला कर बार्बी क्यू तैयार कर रहे थे साथ में सोना भी थी...

Khayega..mujhe झमेला ने लोहे की सीक मेरी तरफ बढ़ा दी...

सोना : इनसे रहा नहीं गया तो ये खाने लगे..

सीक में लगे मास्स को छूटा कर मई भी खाने लगा.

आशना : तैयार हो गए सब वेट कर रहे है...

सनी : हाँ बस लास्ट सीके रह गयी है तुम ये लेकर जाओ मई इन्हे लेकर आती हों...

सनी के कहने पर आशना बार्बी क्यू लेकर चली गयी...

कुछ देर बाद हम सब भी दिन्निग टेबल पर आगये..

दीदी और पूर्वी सबको सर्वे कर रही थी..

आशना : स्टुपिड ने घर नहीं देखा..

Thapp..kaise बात कर रही है बड़े भाई se..maa उसके सर पर टिप मरते हुए बोले..

आशना : मई कुछ भी बुला सकती हों अपने स्टुपिड भाई को..

मई : हाँ ठीक है चूज़ी..

आशना : माँ देखो ये मुझे चूज़ी बुला रहे hai...wo अचानक से भड़क गयी और सब हसने लगे..

सनी : अंकल आपके पास ये टेलिपाथी की पावर कैसे aayi..kya मेरे पापा भी ऐसा कुछ जानते थे..

समर : नहीं मेरी bachi..siwaye मेरे कोई नहीं..

मई : फिर आपको कैसे ये सब..

अनुसुइया : है पापा इतनी खतरनाक पावर आप ने कैसे हासिल की..


नेक्स्ट कंटिन्यू
 
Episode 50.

लास्ट episode ऑफ़ part ओने

हमारी तरफ देखते हुए पापा एक गहरी सोंच में खो gaye...aisa लग रहा था जैसे उनके सामने उनका अतीत आगया हो..

समर : जब मई 12 साल का था मुझे स्कूल से आते समय कुछ साइंटिस्ट ने उठा लिया था... मई बहुत रोया खाना नहीं खता tha...aise hi कई हफ्ते गुज़र गए और तब मुझे अहसास हुआ मई यहाँ से नहीं निकल sakta...maine सोंच लिया था मई अब बचूंगा नहीं की एक साइंटिस्ट जिसका नाम मोसेली था उसने मुझे नयी उम्मीद दी..

मोसेली: समर मेरे बचे तुम खाना नहीं खाओगे तो तुम बीमार पद jaoge..apni हालत देखो कितने कमज़ोर हो गए हो तुम..

मई : मुझे घर जाना hai...mujhe घर जाना है...

मोसेली: तुम अपनी ट्रेनिंग पूरी कर लो फिर मई तुम्हे घर छोड़ कर आऊंगा प्रॉमिस..

मई : आप सच कह रहे हो..


उस दिन से घर जाने की चाहत में मई वो सब करता गया जो वो साइंटिस्ट करने के लिए kehte..wahan 2 ब्लॉक थे ब्लॉक ा1 ब्लॉक ा2 4 सालो तक मई ब्लॉक ा1 में रहा जहाँ मैंने और मेरे साथ वाले बचो ने बहुत हार्ड ट्रेनिंग ki..hame एक शम्मा को जला कर उसकी लौ को देखने के लिए केंट ऐसा करते करते मई 4 4 घंटे उस लौ को ताकता रहता और दूसरे बचे 15 मिनट में थक जाते..

इसलिए मुझे ब्लॉक ा2 में दाल दिया गया जहाँ मई मिला... दरको से..

वो पहले दरको नहीं था वो था दिनेश उपाधयाय...

वो मुझसे 10 साल बड़ा था उसका काम था बचो पर निगरानी rakhna...wo मेरा सबसे ज्यादा ख्याल रखता था ट्रेनिंग में मेरी हेल्प करता और मुझे सबसे ाचा खाना देता..

एक दिन जब वो मेरी ट्रेनिंग करा रहा था हमारे पास में कोई नहीं था तब उसने कहा..

दिनेश : समर तुम्हे अपने घरवालों की याद नहीं आती...

उसकी बात सुनकर मेरी आंखे बहने lagi..mere भाई मेरी बहने मेरे माँ बाप सबसे छोटे होने की वजह से मुझे बहुत प्यार करते थे..

मई : कैसे निकलू दिनेश भाई यहाँ से इतनी टाइट सिक्योरिटी hai..aur कोई रास्ता भी नहीं निकलने का..

दिनेश : मई जनता हों एक रास्ता टनल वाला जो पाइप्स से होकर बहार के लिए जाता है तुम बस मेरा एक काम कर dena..fir मई तुम्हे यहाँ से निकल लूंगा...

बताये हुए समय पर मई टनल में आया जहाँ बहुत सरे पाइप थे ऑक्सीजन wale...wahi मुझे दिनेश मिला..

दिनेश भाई रास्ता कहा है ऊपर जाने का..

दिनेश : इन सीडीओ पर चढ़कर गेट खोलना है बस हमें ..वो हाथ से एक लोहे का लॉक दिखते हुए बोलै..

उसकी बात सुनकर मई स्टैर्स पर चढ़ने लगा..

दिनेश: अभी नहीं samar...yahan aao..wo हमें ट्रैक कर lenge..meri गर्दन से ये चिप निकालो फिर हम निकलेंगे..

मई : मई कैसे...

दिनेश : अपने दिमाग की पावर का इस्तेमाल करो...

उसके बताये इंस्ट्रक्शन सुन मैंने वैसा hi किया....

खनन...

उस दिन मुझे पता चला मई तलयपाठय के साथ चीज़ो को भी कण्ट्रोल कर सकता हों....

वो चिप निकल चुकी thi..jisme इक सिरिंज लगी थी और उसमे दवाई भी थी..

दिनेश : थैंक यू समर तुम जाओ मई तुमसे अब बहार मिलूंगा..

समर : तुम मेरे साथ नहीं आ रहे ..क्या कोई और रास्ता भी है बहार जाने का..

दिनेश : मई दरवाज़े से आऊंगा bahar...jis दिनेश की आँखों में पहले इनोसेंट थी अब हैवानियत दिखाई दे रही थी...

वो आगे बढ़ गया वापसी के लिए मई स्तैर पर चढ़ने लगा....

Dhammmmm....aaaaaahhhhhhh...aaaahhhhhhhh...aaahhhhhhhh....

मई कुछ दूर hi सीडीओ पर चढ़ा था की मुझे दर्द से भरी आवाजे सुनाई दी मेरे साथ वाले बच्चो की....

अपने साथिओ की आवाज सुनकर मैंने जाने का ख्याल छोड़ दिनेश के बिना मई जाना भी नहीं चाहता था...

मई उतर कर वापसी के लिए भगा....

फिर जो मैंने देखा उसे देख कर मेरे पेअर जमीन में गढ़ से गए थे....

मेरे साथी बचो की लाशें सब तरफ पड़ी thi...kisi की आंखे निकली हुई किसी का जिस्म अकड़ा हुआ...

दिनेश एक रूम से निकल कर दूसरे रूम में घुस रहा tha...piche रह जाती बस पथराई ankhe...wo उन सभी को मार चूका था....

गार्ड्स को मरकर वो प्रोफेसर मोसेली को देखने laga....dar से प्रोफेसर दीवार से जा लगे थे...

उसने प्रोफेसर को देखते हुए आँखों से इशारा kiya...aur प्रोफेसर का जिस्म काटने लगा...

मोसेली: aaaahhh...jyada उनका गाल कट्टा ki...ki दिनेश की पावर ने काम करना बंद कर दिया....

उसने चौंक कर पीछे देखा....

दिनेश: samar....mai खुनी आँखों से उसे hi देख रहा था..

समर : तुमने सबको मार दिया...

Aaaaaaaahhhhh.....aur मैंने अपने दिमाग की पावर से दिनेश को उठा कर पहले ऊपर मारा फिर जमीन पर ...

दिनेश: समर तुम मेरे दोस्त थे लेकिन अब दोस्ती टूट चुकी है अब मई वही तुम्हारे साथ करूँगा जो इनके साथ kiya...wo उठकर खौफनाक हसी हस्ते हुए बोलै...

मोसेली : भागो समर.....

दिनेश की पावर से मेरे हाथ मुड़ने लगे...

ये देख मैंने अपनी सोंचे दिनेश के मंद में दाल di....aur उसे कण्ट्रोल करने लगा...

मई : प्रोफेसर कुछ करे ये मुझसे नहीं रुक रहा है ...वो बहुत पावरफुल tha...use कण्ट्रोल करना मुझे भरी पद रहा था...

दिनेश : ओह्ह टेलिपाथी...

मैंने उसे रोक तो दिया था लेकिन अब उसने hi टेलिपाथी के जरिये मुझे कण्ट्रोल कर लिया था....

Dhammmmm..dhammmm..dhammmm..

मई अपना सर दीवार में पटक पटक कर मर रहा था...

मेरे सर से खून बह रहा था ki...mujhe दिनेश की आवाज़ सुनाई दी...

आआह्ह्ह्हह्ह....

उसकी चीख पर मई आपने आप रुक गया था मई उसके कण्ट्रोल से निकल गया था...

उसके हाथो में प्रोफेसर की गर्दन थी प्रोफेसर ने कोई इंजेक्शन छुप कर उसके लगा दिया था..

मोसेली : समर ये परलयज़ेड हो रहा है अब तुम इसे कण्ट्रोल करो...

मई भी बेहोश हो रहा tha...jyada खून बहने की वजह से लेकिन प्रोफेसर की आवाज ने मुझे नयी ऊर्जा di...aur खुद को संभल कर मैंने दिनेश को कण्ट्रोल किया...

वो परलयज़ेड होने के बाद भी मुझसे लड़ रहा था...

प्रोफेसर ने स्टूल उठा कर उसे मरना चाहा की उनका स्टूल मेरे आकर लगा वो इस हालत में भी हम दोनों पर भरी पद रहा था....

काफी देर तक मई कभी उससे खुद को बचता कभी प्रोफेसर को देर तक लड़ने की वजह से वो बेहोश हो गया...

और मुझे मौका मिला भागने का...


प्रोफेसर आप नहीं आएंगे मेरे sath..ye किसी भी समय जाग सकता hai..maine जाते हुए कहा.

मोसेली: नहीं समर जब तक मई इसे कैद न कर दू कही नहीं जाऊंगा अगर ये आज़ाद हो गया तो दुनिया को तबाह कर देगा...

कहते हुए प्रोफेसर ने वही डिवाइस उसकी गर्दन में लगा दी जिसे मैंने निकला था...

प्रोफेसर : samar...khud की पावर्स जाहिर नहीं करना नहीं तो ये तुम तक पहुंच जायेगा....

प्रोफेसर ने मुझे आखिरी चेतावनी दी..

उसके बाद मैंने हमेशा खुद को जाहिर नहीं किया किसी के सामने...

पापा ने अपनी कहानी सुना कर एक गहरी साँस ली...

जश्न
ा : अब वो दिनेश यहाँ आया तो भाई है न उसे रोकने के लिए...

समर : नहीं beti...use रोकना असम्भव है मेरे दोनों बेटो के लिए bhi...vaise भी ज़िंदा होता तो वो अब तक आगया होता...

मई : क्या मतलब जब आपकी मेरी फाइट हुई थी तब अपने मेरे हर वॉर को रोका मेरी hi तरह पावर उसे करके मीन्स मुझे पावर आपसे mili...yani की मई भी..

समर : सिर्फ powers...tum तो गिफ्टेड हो...

डैड की बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया..

खाना ख़त्म हुआ मई झमेला घर से निकलने लगे की दीदी ने हम दोनों को ज्वाइन कर लिया...

घर से निकल कर हम ठहलने लगे ...ठंडी हवाएं हम तीनो के मुँह पर पद रही थी...

अनुसुइया : तो तुम कोलकाता में कहा रहते हो...

आशिक़ : आप जब भी आये बता देना मई लेने आजाऊंगा आपको ..दीदी से कहकर उसने सिगरेट निकल कर होंठो से लगा li...mujhe देखा तो मैंने भी हाँ कर दिया...

अनुसुइया: एक मुझे भी...

मई : तुम नहीं दीदी इसने चरस है नशा तुम से हैंडल नहीं होगा...

अनुसुइया : ाचा बेतु उसे कह रहे हो जिसकी ज़िन्दगी hi नशे में दुब गयी ..कहते हुए उन्होंने मेरे होंठो से सिगरेट निकल ली...

ये देख मैंने झमेला से एक और ले ली...

अनुसुइया : तुम अब भी नाराज़ हो मुझसे...

दीदी ने एक हाथ से बाहें मेरे गले में डाली दूसरे से झमेला ke...jhamela ने हटना चाहा तो दीदी ने उसे और कसकर पकड़ लिया...

अनुसुइया : जानती हों मुझे देख कर शर्मिंदा होते हो तुम की मेरी जैसी रंडी तुम्हारी बहन कैसे निकल aayi...didi की आवाज़ अब सीरियस हो गयी thi...wahi मई चौंक gaya..lekin करता भी क्या अनुसुइया दीदी घाट घाट का पानी पिए हुए थी...

आशिक़ : hmm..rolex शायद माफ़ कर दे लेकिन मई नहीं...

मई : अब तो दीदी ने माफ़ी मांग ली ऐसा कुछ नहीं करेगी ab...maine माफ़ कर दिया तू भी कर दे...

आशिक़ : अगर अनु सच्ची भी हुई तो भी मई डरता हों अनु के पास आने se..uski कनपटी आवाज आयी

अनुसुइया : क्यों...

आशिक़ : मई नहीं जनता...

अनुसुइया : जब तुम्हे पहली बार देखा था ऐसा लगा जैसे तुम कोई मेरे अपने ho..wajah थी तुम्हारा चहेरा जो सलिल से ज्यादा डैड से मिलता है...

मई : और अपने बचपन में इसलिए नहीं अपनाया इसे की म्हणत की वजह से ये धुल मिटटी के सना होता गरीबी की वजह से फाटे कपडे पहनता था...

अनुसुइया : हां शायद...

आशिक़ : मैंने कभी इस बात का बुरा नहीं mana....maine इसे अपनी किस्मत समझा..

मई : चल वापस चलते hai...kafi दूर आगये है...

और हम तीनो वापस मुद लिए...

अनुसुइया : एक सिगरेट और ले इससे ये मुझे नहीं देगा..

दीदी धीमे से मेरे कण में फुसफुसाई..

मई : एक सिगरेट देना..

मेरे कहने पर उसने मुझे जला कर दे दी...

मैंने जैसे hi होंठो पर लगायी दीदी ने छीन ली..

मई : दीदी it's नॉट फारे...

मैंने नाटक करते हुए कहा ..

झमेला इतना ाचा था की उसने मुझे एक और जला कर थमा di..ek अपने होंठो से उसने लगा ली...

अनुसुइया : तुमने बताया नहीं डरते क्यों हो मुझसे...

आशिक़ : बस ऐसे hi ....

मई जनता था झमेला क्या छुपा रहा था दीदी से....

मई : तेरी और दीदी के रिश्ते की बात करू डैड से...

आशिक़ : तुझे मार कहानी है...

मई : तो कोई तो रिश्ता रख दीदी se..rishte के वाबजूद भी तू दीदी को बहन नहीं manta...aur दीदी की तरफ अत्त्रक्ट होता है लेकिन इस रिश्ते को नाम भी नहीं देना चाहता...

मेरी बात सुनकर वो खामोश हो गया वही दीदी ने मेरा शोल्डर दबा दिया..

मई : मुझे साफ़ बात करने की आदत है didi...didi के गुस्सा करने पर मैंने कहा..

आशिक़ : जब भी अनुसुइया को देखता हों मुझे वो लम्हा याद आता है जब तूने मुझे अनु की जासूसी करने भेजा और जो मैंने देखा उसे देख कर मुझे तुझ पर तरस आ रहा था आज खुद पर आ रहा hai...agar बहन समझा तो अपने करैक्टर को मार दूंगा...

अनुसुइया दीदी सुबकते हुए आगे बढ़ गयी...

हम दोनों पीछे रह गए थे ..

मई : क्या ज़रूरत थी गुजरी हुई बातों को करने ki...rula दिया na..jab उसे बहन नहीं समझता तो उसकी तरफ अत्त्रक्ट क्यों होता है..

आशिक़ : चूतिये इस पर मेरा बस नहीं चलता वो है hi itni...wo कहते कहते रुक गया..

मई : क्या..

आशिक़ : pretty...tu समझता क्यों नहीं उससे दूर इसीलिए रहता हों कही कुछ गलत न हो जाये...

मई : तो शादी क्यों नहीं कर leta...fir तो नहीं होगा कुछ गलत..

आशिक़ : मई आग हों रोलेक्स और वो पेट्रोल हम दोनों अगर मिले तो सिर्फ तबाही hogi...tune उसकी हर गलती माफ़ कर di...abhi तो उसने तुझ से वादा किया है वो सुधर गयी क्या हो अगर उसने कल फिर वही गलती dohrai...mai बताऊँ तू माफ़ कर देगा लेकिन मई नहीं कर paunga...mai मार दूंगा उसे....

वो साला इतनी गहरी बात कर गया था की मेरे पास जवाब भी नहीं tha...mai बस खुद को बचा रहा था इन दोनों की सेटिंग करा कर लेकिन नहीं झमेला पता नहीं किस मिटटी का बना था...

मई : हम्म समझ गया चल आ उन्हें मनाये...

लम्बे कदम बढ़ाते हुए हम दोनों दीदी के पास ए...

जैसे hi मई पास आया दीदी मेरे गले लग कर फुट फुट कर रोने लगी...

अनुसुइया : मई इतनी बुरी क्यों हों रोलेक्स....

दीदी मेरे गले लग कर सुबकते हुए पूछ रही थी...

मैंने दीदी को खुद से अलग किया फिर अपने हाथो से उनके गलो को पकड़ लिया...

मई : मुझे dekho...didi मेरी आँखों में तुम बुरी नहीं हो तुम्हे बुरा बनाने वालो को मैंने मार दिया hai....tumne मुझे पला है मेरा पेट भरने के लिए तुमने अपना सौदा kiya...mai बेवक़ूफ़ था जिम्मेदारी नहीं संभाली मर्द hokar...aur तम्हारा ध्यान नहीं rakha...ab बस करो rona...maine कहा न नहीं...

और मई दीदी की आंखे पोछने लगा...

अनुसुइया : सीता ने मेरी बॉडी में सेक्स का इंजेक्शन डाला था उसने मुझे निम्फोमानिअस बना दिया मई सेक्स के बिना नहीं रह सकती तू मेरा इलाज करेगा तू तो साइंटिस्ट है न...

मेरे पास कोई जवाब नहीं था....

मई : मई तुम्हारी शादी किसी अच्छे लड़के से कराऊंगा... प्रॉमिस...

मई दिलसे देने के सिवा क्या कर सकता था...

आशिक़ : चुप हो जाओ अनु अब मई कभी ऐसी कोई बात नहीं करूँगा जिससे तुम्हे तकलीफ ho..wo प्यार से दीदी के सर पर हाथ रख कर बोलै...

ये देख दीदी ने उसे साइन से लगा लिया..

अनुसुइया : तुम मुझे बहन मनो न मनो मेरे लिए तुम मेरे भाई रहोगे...

आशिक़ : दोस्त....

अनुसुइया : इस शर्त पर तुम दोनों को आज मेरे साथ सोना होगा...

आशिक़: ठीक है 3, 4 पिलो रख कर...

वो दीदी को खुद से अलग करता हुआ बोलै...

हम तीनो घर आये तो तीनो अपने अपने रूम में घुस गए...

मेरी दोनों वाइफ मेरा hi वेट कर रही थी....

सौम्य : टहलने में इतनी देर क्यों लगा दी क्या कर रहे थे इतनी देर तक..

मई : पूर्वी ी मैं आरोही से कुछ सीखो की हस्बैंड से कोई सवाल जवाब नहीं करते....

मई बिस्तर पर बैठते हुए बोलै..

सौम्य : acha...aur उसने अपनी टंगे मेरे गले में दाल कर उन्हें निचे झुकाया जिससे मई बीएड पर जा गिरा...

फिर खुद उठ कर मेरे साइन पर आकर बैठ गयी...

सौम्य : अब बताओ क्या कह रहे थे..

मई : हाहाहा मई तो दीदी और झमेला से दोनों के बिच क्या चल रहा है जानना छह रहा tha...aur फिर मैंने उसे साडी बातें बता दी....

सौम्य: गुड boy....wo मेरे गले को सहलाते हुए boli...jo देख मैंने अपने लिप्स उसके लिप्स पर रख लिए....

हाथ लेजाकर मैंने उसकी निघ्त्य में दाल कर उसके बूब्स दबाने laga...dusre हाथ से उसकी गांड...

खो खो...

इतने में आरोही ने अपना अहसास कराया...

जिसे देख सौम्य मेरे ऊपर से उठ गयी...

मई : क्या हुआ क्यों उठ गयी प्यार भी नहीं करने देती...

सौम्य : कार वाले इंसिडेंट के बाद हम दोनों ने कुछ फैसले किये है...

मई : कैसे फैसले..

सौम्य : लुक जानू हम परवर्ट नहीं hai...maine पूर्वी को एक्सेप्ट किया है बिकॉज़ कही न कही ये अल्लोवेद hai...but हम तीनो कभी थ्रीसम नहीं करेंगे न एक दूसरे के सामने..

आरोही : तुम दोनों तो मैरिड हो और मई मैरिड भी नहीं...

मई : कल करेंगे शादी मंदिर में..

खुसी से आरोही शर्माने लगी..

सौम्य : चलो तुम निकलो हम दोनों को प्यार करना है...

मई : नहीं ruko...mai आज दीदी और झमेला के साथ सोऊंगा दीदी ने ज़िद्द की hai...to तुम दोनों यही साथ में सो जाओ..

सौम्य : अनु क्या दूध पीती बची hai...chinal को डिलडो दाल कर नहीं सो मिल रहा 2 2 मर्दो को लेकर सोयेगी...

ये दोनों भाई है उसके समझ में आया teri...mai कुछ कहता की इतने में सोना जो शायद गेट पर थी दूध लिए अंदर दाखिल हुई...

सौम्य: हाँ तू भी मेरे हस्बैंड की बहन है रंडी और अपने hi भाई पर डोरे दाल रही है...

सोना : कैसे बेशर्मी से सुन रहे हो sab...kuch कह नहीं मिल रहा तुम्हे...

मई : हाँ तुम ऐसा कैसे कह सकती हो...

सौम्य; मुँह se...aur ये पास दिखी हाथ पैरो से बात करुँगी...

आरोही : शट उप saumya...laao मुझे do...aarohi उठ कर सोना से दूध लेते हुए बोली...

सोना : इसने मुझे रंडी कहा..

मई : हाँ सौम्य तुम ये कैसे कह सकती हो शेम ों यू बाद गर्ल...

सौम्य ने मुझे मिडिल फिंगर दिखा दी ...

सौम्य: तुम यही सोगे मेरे पास समझ gaye...aur तू हमारी आवाजे चुप कर सुन्ना चाहे तो सुन लेना..

मई : प्लीज सोने दो न...

सौम्य : नू...

मई : प्लीज...

सौम्य : ी साइड no आईटी मीन्स no...

मई : प्लीज परमिशन दे दो न..

सोना : ी can't believe....tum इसके गुलाम बन गए ho....I हेट यू....

सोना गुस्से में तिलमिलाते हुए जाने लगी..

मई : सोना रुक ऐसा नहीं है...

वो नहीं रुकी और गुस्से में चली गयी...

सौम्य : पूर्वी गेट बंद कर दो...

मई : बेब सुनो na...ham तीनो कभी इस तरह साथ नहीं रहे प्लीज आज सोने दो न...

सौम्य : एक शर्त पर कॉल लगा कर जाओगे जो भी बातें होगी वो मई भी sunugi...mujhe तुम्हारी बहनो पर भरोसा नहीं...

मई : ठीक hai...usne मुझे पृवी का फ़ोन दिया कॉल लगा कर जिसे मैंने जेब में रख liya...aur खुद उसने अपने फ़ोन का स्पीकर ों कर लिया...

मई : एक किश दे दो फिर जॉन...

उसने नाराज़गी में पेअर उठा कर मेरे आगे कर दिया..

मैंने भी चुम लिया...

वो पूरी hi हुस्न की देवी thi...kaise जाने देता...

फिर मैंने उठ कर आरोही को पकड़ा और एक लॉन्ग किश उसे दी..

आरोही : दूध तो पिलो...

दूध ठंडा हो गया था हल्का जिसे मैंने आधा पिया...

आधा सौम्य के सामने कर दिया...

मई : वाक़ई तुम दोनों पि लेना...

सौम्य ने दूध लेकर एक घुट पिया वाकई का आरोही को दे दिया...

और मई रूम से निकल गया...

मई जब दीदी के रूम में आया तब दीदी एक निघ्त्य में थी जो उनके घुटनो तक आ रही थी...

इतने में मेरे पीछे सनी के साथ झमेला एंटर हुआ....

सनी : hi भैया...

मई : बस कर मेरी माँ...

खिलखिलाते हुए वो मुझे दन्त दिखने लगी...


फ्रॉक तो अछि hai..wo दीदी के पास आकर बैठते हुए boli...jhamela मेरे पास आकर बैठ गया...

अनुसुइया : तुझे चाहिए मेरी बहना..

सनी : नहीं तुम पर अछि लग रही है..

अनुसुइया : तुम भी यही सो जाओ न..

सनी : गूंगी मेरे बिना नहीं सोती वो रात में दर जाती है...

मई : क्या वो पहलवान डर्टी है...

सनी : हाँ और वो कोई पहलवान नहीं है बस स्पेशल है तुम्हारी tarah..aisa लगता है जैसे वो हजारो ग़म छुपाये हुए है अपने andar...wo बस एक हरे पहलवान को देख कर खुस हो जाती है..

आशिक़ : सनी....

सनी : sorry..bhabhi बना डोज तो क्या हो जायेगा...

झमेला : अभी बताता हु tujhe...jhamela उठा की सनी भाग गयी...

फिर मुस्कुराता हुआ हमारे पास आकर बैठ गया...

मई : वो खूबसूरत है तुझे पसंद hai...vaise मैंने देखा है वो तुझे कैसे प्यार भरी नजरो से देखती है..

आशिक़ : वो बहुत तेज hai...aur मुझे चाहिए सीधी सधी घरेलु ladki...jo मेरी बहनो का उसके बचो का ख्याल rakhe...ghar में hi rahe...aur ये क्लब में डांस करती है...

अनुसुइया : मेरे प्यारे भाई ऐसी लड़की अब मिलना मुश्किल hai...even विलेज में भी नहीं ..

आशिक़ : फिर कुंवारा rahunga...aur वो बीएड पर लेट gaya.kinare पर कार्बेट lekar...itne में दीदी उठी रूम का गेट क्लोज करने चली गयी..

दीदी आयी तो वो बिच में उसके बराबर लेट गयी...

मई सोंच रहा था मई झमेला के पास लेटूँगा लेकिन दीदी लेट गयी थी...

मैंने लेटते हुए हाथ पकड़ कर इशारा किया तो दीदी ने मुझे लिटा लिटा अपने hi पास वो बिच में थी दये बाये हम दोनों...

अनुसुइया : हे मेरी तरफ मुँह करो न...

जमीला सीधा हुआ तो दीदी ने उसका हाथ पकड़ कर सर उसके हाथो पर रख लिया...

मेरा हाथ पकड़ कर दीदी ने अपने पेट पर रख diya..maine अपना सर दीदी के हाथ पर रख दिया...

अनुसुइया : रोलेक्स सलिल को जगाओ न...

मई : क्यों दीदी..

अनुसुइया : मुझे कुछ सुन्ना है..

मैंने सलिल को जगाया दीदी उससे गाने सुनने लगी...

लेट नाईट तक हम बात करते रहे...

अनुसुइया : तुम थक गए हो न हाथ हटा lo...ayan भाई.

मई : ी थिंक सो गया hai...jhamela के जवाब न देने पर मैंने कहा..

अनुसुइया : पिलो हटा दू बिच में से जगह ज्यादा हो जाएगी..

मई : नहीं दीदी मई ठीक हों..

अनुसूया : चलो तुम भी सो जाओ .और दीदी ने कार्बेट झमेला की तरफ कर li...mera हाथ पकड़ कर उन्होंने अपनी कमर पर रख liya...maine दीदी को पीछे से हुग कर लिया था....

मैंने दीदी के रिएक्शन को देखने के लिए अपना हाथ आगे उनके बूब पर kiya...to दीदी ने कोई रिएक्शन नहीं diya...maine हलके से दबाया तब भी nahi....balki दीदी ने अपनी कमर बिलकुल मेरे आगे खिसका di...unki कमर अब मेरे हथियार से टच हो रही thi...jiski गर्मी पकड़ वो खड़ा हो गया था...

साइज की वजह से जिसे मुझे पंत में बर्दास्त करना मुश्किल हो गया था...

मैंने अपनी पंत की जीप खोली और अपना हाथीहर बहार निकल दिया....

बहार आते hi वो अनुसुइया दीदी के चुत्रो में घुसने laga...mai भी बेकाबू हो रहा था...

लैंड महसूस कर दीदी फिर पीछे hui...aur लैंड अंडरवियर में hi उनकी गांड से फिसल कर थिंग्स से बहार निकल गया...

उधर मुझे दीदी का हाथ चलता महसूस हुआ झमेला पर ..उन्होंने जब बिच में से पिलो उठा कर अलग किया ..आगे वो झमेला से चिपक गयी थी...

मई : दीदी सो गयी aap...koi जवाब नहीं दिया दीदी ने...

ये देख मई अपने लैंड को आगे पीछे करने laga..thigs पर hi...

मेरी बेचैनी बहुत बहुत बढ़ रही थी...

मैंने फिर बेचैनी के हाथो मजबूर होकर दीदी के ब्रैस्ट पर हाथ रखा और उन्हें मसलने laga...didi की सांसे बहुत तेज चल रही thi...unhe मर्द की ज़रूरत थी...

मई समझ गया दीदी की मर्द की ज़रूरत thi...maine खुद को उनसे अलग किया और बीएड से उठ गया...

फिर ख़ामोशी से रूम से nikla...aur सीधे अपनी दोनों वाइफ के दूर पर आकर दरवाज़ा पिता...

कुछ देर बाद दूर खुला सामने सौमि थी जिसकी नजर मेरी पंत के उभर पर गयी...

कालर पकड़ कर उसने मुझे अंदर लिया...

अंदर आया तो देखा दोनों लाइट जलाये फ़ोन कानो के पास रखे सुन रही थी..

सौम्य : रंडी ने खड़ा कर दिया na...wo पूर्वी को मेरे लैंड को दबा कर दिखते हुए बोली..

सौम्य : और तुम कह रही थी मैं उन्हें रंडी न bulaun...ashana और सनी को छोड़ कर इसकी दोनों बहने टॉप की रंडिया है...

मई : तुम मुझे उनसे बचना please...aur मई घुटनो पर बैठ कर सौम्य की टैंगो से लिपट गया...

मई सिसक रहा tha...usse लिपटे...

सौम्य : तुम इन दोनों से दूर रहोगे...

मेरे सिसकने से लैंड बैठ गया tha..agar मास्क पहना होता तो दीदी के साथ कुछ गलत कर बैठता...

सौम्य: तुंहारा जब भी मन करे लेने का तो हम दोनों के पास आना...

आरोही : चलो आकर लेटो..

मई दोनों के बिच में आकर लेट गया...

आरोही ने लाइट बंद कर दी...

सौम्य : लैंड फील नहीं होरहा..

मई : बैठ गया...

सौम्य : उस रैंड के लिए ज्यादा अट्रैक्शन फील करते हो ...चुटिया साला..

सौम्य: मार्किट से डिलडो लेकर आउंगी..

मई : तुम मज़ाक कर रही हो न...

उसने कोई जवाब नहीं दिया...

आरोही : है मज़ाक कर रही है..

सौम्य : lol..

मई कुछ बोलता तो वो मेरा और बुरा हाल कर देती सो मैंने आंखे बंद कर li...aur वो मुझसे चिपट गयी..,

अगले दिन मेरी और आरोही की शादी हो गयी...

ाचा ये हुआ की झमेला सनी मेरे साथ थे...

रात को सौम्य आशना के पास सोने चली गयी उसने मुझे और आरोही को भरपूर टाइम diya...puri रात हम दोनों एक दूसरे को प्यार करते रहे...

दिन गुजरने लगे अपने पुरे परिवार के साथ मेरी ज़िन्दगी बहुत अछि गुज़र रही thi...sneha की मुझे बिलकुल भी याद नहीं आयी...

सौम्य के प्यार ने स्नेहा को भुला दिया था...

मई अब अपनी बहनो से जितना ज्यादा हो सकता था दूर रहता tha....jis वजह से मेरी बहनो को लगा सौम्य ने मुझे उनसे चीन लिया है जिस पर वो और सौम्य से लड़ती सौम्य भी वैसे hi उन्हें गन्दी गालिया देती ..पहले ये सिर्फ सोना तक था लेकिन अब दीदी से भी वो लड़ने लगी...

मई डैड ऑनलाइन दीदी के लिए लड़का ढूंढ रहे थे...

मई फिर से दीदी को अभी के पास भेजना चाहता था लेकिन उसके लिए मुझे बंगलोरे जाना था जिसकी मुझे डैड से परमिशन नहीं मिली....

एक दिन मई सुबह ब्रेकफास्ट करने आया तो सबके चहेरे उतरे हुए थे...

मई : क्या हुआ माँ सबके चहेरे क्यों लटके हुए है..

आशना : ये दोनों जा रहे है...

मई : what....nahi जा रहे चलो सब खुसी खुसी ब्रेकफास्ट करो..

सनी : बुद्धू हमें 2 वीक से ज्यादा हो गया है यहाँ...

मई : क्यों ये तुम्हारा घर नहीं hai..chalo अब चुप चाप नाश्ता करो...

मेरे कहने पर वो खामोश हो gayi..lekin मई बेचैन हो गया..

झमेला शांत था मतलब उसका जाना कन्फर्म tha...lekin मुझे रोकना था..

ब्रेकफास्ट के बाद सनी झमेला मुझे लेकर रोड पर घूमने ले गए साथ में मुझे सोना और सौम्य ने ज्वाइन कर लिया....

सौम्य : उधर कहा जा रही हो मेरे पास रहो मेरी नन्द rani..usne जब सोना को मेरे करीब चलते देखा तो उसे साइड करके खुद से चिपका लिया...

झमेला ने 2 सिगरेट जला कर एक मुझे दे दी एक खुद अपने होंठो से लगा ली..

मई : कल शहर चलते है मार्किट से शॉपिंग करने क्या कहता है . इन सब का दिल भी बहल जायेगा...

झमेला : निहारिका ने कॉल की थी मेरे जो मैनेजर है उनकी जान को खतरा hai...aur उनका बॉडीगार्ड मई hon..so मुझे कोलकाता जाना होगा...

मई : मई जनता हों तू कोलकाता नहीं rehta...mujhse झूट बोल जितना तेरा मन करे लेकिन जाने की बात नहीं करना .

मेरी बात सुनकर वो रुक गया उसने सनी को देखा फिर कहा..

आशिक़ : मई खन्सर में रहता हों..1990 में यहाँ के लोग बगावत करके अलग हो गए they...ye इंडिया का hi part है मगर वह के लोग अलग समझते hai..kisi भी मुल्क ने उन्हें मान्यता नहीं दी...

मई : कहा पर है ये..

झमेला: दार्जिलिंग से होकर एक टापू है जिसकी सरहदे डिफरेंट स्टेट से मिलती hai..pehle तुझे इसलिए नहीं बताया मुझे इजाज़त नहीं थी लेकिन अब समय आगया है बताने ka...mai कप्तान से दार्जिलिंग में मिला था मुझे जेल हो गयी thi..tab मुझे कैप्टन ने बचाया और अपने साथ मुझे वो खन्सर ले gaye..ek लम्बी कहानी है जो फिर कभी sunaunga..abhi वो प्रॉब्लम में है उन्हें ज़रूरत है मेरी और सनी की bhi...isliye हमें जाना hoga...subah कैप्टन की कॉल आयी थी...

सनी : साहिर हमें जाने do...mai तुम्हे रोज़ कॉल करुँगी...

बोझल दिल से मैंने आँखों से हामी भरी..

झमेला : मैंने कपितं को तेरे बारे में बताया tha...magar तेरी हरकतों को देख कर उन्होंने इंकार कर diya...tujhe मास्क को छोड़ना होगा वो तुझे परवर्ट बना dega...use न लगाने पर भी उसका असर रहता hai...mujhe मेरा दोस्त रोलेक्स वापस चाहिए जो स्मार्ट था मजबूत दिल ka...mai जनता हों तेरी ये हालत मेरी आरोही ने hi की hai...mai भी क्या करू वो मेरी बहन निकल aayi...maa से रिश्ता नहीं तोड़ sakta...unhone सनी को पला है...

मई : तेरी कोई गलती नहीं है मेरे भाई ...ये बस सिर्फ मेरी गलती थी..

सोना : नहीं भाई आपकी नहीं मेरी ..अगर हम थोड़ी बहुत तफ्तीश करते आरोही की तो आपकी शादी कभी उससे न करते हमने गलती की डेरी पढ़ कर फिर उसे ढूंढ कर...

सलिल: नहीं बेतु तुम बस मेरी खुसी देख रही thi...ye मई था जो उसकी सच्चाई जान कर भी उसके साथ रहा साली ने जाल सा बन दिया था मेरे आगे मुझे बदला लेना है फिर उसका इमोशनल hona...mai समझ hi नहीं पाया मई क्या बनता जा रहा हों..

सनी : गुजरी बातें भूल जाओ अब तुम्हारे साथ में तुम्हारा फ्यूचर hai...wo सौम्य को देखते हुए boli..jis पर मैंने सर हिला दिया...

रोलेक्स 2 : मेरी संजना पता नहीं कहा hogi...kash वो मां के सतह न जाती ...

उसकी बात सुनकर हम सब है दिए..

मई : भूल जा use...vaise थी वो बहुत प्यारी..

सलिल : मेरे पास मेरी सौम्य है बस इतना काफी है...

मई : ये मेरी है ..


सौम्य : मई दोनों की हों सो no fight...hahaha हाउ लकी आईएम ...एक में hi तीन मिल गए...

मई : चौथे का सोंचा न तो...

सौम्य: नेवर और तुम भी तीसरी के पास दिखे तो सोंच लेना मई तुम्हारा और इस छमिया का जो करुँगी वो हिस्ट्री में लिखा जायेगा...

सोना : शट थे फ़क यू बीच ..ाःह... सॉरी सॉरी..

झमेला ने उसे टिप मरी तो उसे याद आया की उसके सामने झमेला hai...aur वो माफिया मांगने लगी..

झमेला : इसे काबू में रखना..

मई : जैसा तुम कहो बड़े bhai...aur हम फिर मुस्कुरा दिए...

हम घर आये तो दोनों को 2 घंटे बाद मई और डैड उन्हें स्टेशन छोड़ने चले गए....

उन्होंने ट्रैन में बैठते हुए कहा था वो हमारे साथ सिफत हो जायेंगे नहीं तो हमें अपने पास बुला लेंगे...

वो चले गए तो हम दोनों भी घर को चल दिए..

घर आये तो हमें वही आदमी घर के सामने वाली बेंच पर बैठा दिखा .

चौकीदार : साहब जी बस अभी आया है ये ..अभी जाने के लिए कहता हों .चौकीदार हमारे पास आकर बोलै..

मई : नहीं बैठा रहने do...dad ये एक गरीब है अस्स पास लोग नहीं तो भूका होने पर यही आ जाता है...

समर : उससे पूछो कुछ खाओगे..

मई : खाना खाना है तुमने...

उसने सर हिला दिया...

समर: क्या नाम है तुम्हारा...

नहीं जनता ..उसकी धीमी कमज़ोर सी आवाज सुनाई di...awaaz से लग रहा था जैसे वो कोई जवान आदमी है....

मैंने डैड को देखा तो उन्हें झटका लगा...

मई : आप ठीक हो dad...wo गिरने को हुए की मैंने संभल लिया...

वो शायद उसके दिमाग में गए थे..

लम्बे लम्बे कदम बढ़ाते हुए डैड अंदर के लिए बढ़ गए पीछे पीछे मई भी चल दिया...

मई : क्या वो खतरा है...

समर : नहीं bache...sona...se कहो उसे ाचा खाना देकर आये...

सोना : किसे पापा...

मई : बहार वही आदमी जो हमें यहाँ एते हुए मिला था...

सोना ने हामी भरी और खाना एक ट्रे में डालकर चौकीदार को दे आयी ..

कुछ देर बाद चौकीदार आया. ..और पूरी ट्रे वैसी hi वापस दे गया..

मई : खाया नहीं उसने...

चौकीदार : बस रोटी लेकर चला गया साहब..

मई ट्रे लेकर गया तो वो नहीं था....

दिन ऐसे hi बीतने lage...har 10 दिन बाद वो हमें अपने घर के बहार बेंच पर बैठा milta..wo अचे खानो में से सिर्फ रोटियां लेता और चला जाता..

कहा से आ रहे हो सुबह के चार बजे वो भी इन कपड़ो में....

उस दिन सौम्य ने मुझे पकड़ लिया था..

मई: कही से नहीं आज मंडे है तो मई जल्दी तैयार हो गया उठ कर..

सौम्य : तुम्हे झूट बोलना भी नहीं अत अब बताओगे कहा से आ रहे हो...

मई : अरे बाबा मई घर में hi था...

सौम्य : और वो भी मास्क में चोरो की tarah...shut उप मुझे सच सुन्ना है नहीं तो अभी सब को उठा दूंगी .

और मैंने हार मान ली...

मई : क्या फायदा इतनी पावर्स का जब मई किसी के काम नहीं आ सकता...

सौम्य : क्या मतब..

मई : मई शहर जाकर लोगो की हेल्प करता हों बचो के समुग्गलेरस को पकड़ कर मरता हों अगर कभी कोई चोर किसी को लुटते हुए दिख जाये तो बचा लेता hon..aur जो बेगुनाह लोग जाइलो में है उन्हें आज़ाद करने की कोशिश bas..aur जिनके पास खाने को नहीं होता उनकी हेल्प करने की कोशिश करता hon...ye लम्बी कहानी है बस तुम्हे शार्ट में समझा दी..

मेरा सच जानने के बाद वो परिणाम के बारे में वोर्री होने लगी लेकिन मैंने उसे समझा दिया कपडे के मास्क की वजह से न तो मुझे किसी ने देखा न मैंने अपने मास्क की पावर अभी तक उसे ki...bas वो मेरी कमर से हमेशा बंधा रहता है...

अगले दिन मैंने डैड से बात की...

मई : डैड मुझे टेलिपाथी सीखनी है...

आशना : मुझे भी...

समर : बहुत अचे मेरे बेटे मई भी तुमसे यही कहने वाला था...

आशना : सिर्फ बीटा...

समर : मेरी डॉल तुम्हारा भाई गिफ्टेड है उसके लिए आसान है मगर तुम्हारे लिए नहीं तुम्हे सालो लग जाएँगी...

आशना : व्हाटएवर मुझे सीखनी है...

समर : फाइन आज से तुम दोनों की ट्रेनिंग शुरू...

अनुसुइया : मुझे भी डैड..

सौम्य: मई भी सीखूंगी..

समर : जिसे सीखनी है वो हॉल वाले रूम में मुझे mile...raat में डिनर के बाद...

दिन गुजरने लगे हम सब को डैड टेलिपाथी सीखने लगे...


व एक शमा को जला कर उस पर निगाहे रखने के लिए कहते मेरी बहनो से लेकर मेरी वाइफ सबके पसीने छूट गए ज़िद्द की वजह से वो भी हार नहीं मान रही थी.....

यूँ hi 6 महीने गुज़र गए they...fir वो दिन भी आया जिसने हमारी खुश को हमसे चीन लिया...

Sahirr....sahirr.......anu....sahirrr...

मई माँ की चीखो पर उठकर भागता हुआ उनके और डैड के रूम में गया...

डैड हवा में थे उनके हाथ पेअर टेड़े हो गए थे....

मई : सौम्य मेरा मास्क लेकर aao...meri चीख पर सौम्य रूम की तरफ भागी...

मैंने हवा से डैड को निचे करना चाहा तो वो नहीं hue...wo कुछ कहना चाहते थे मुझसे...

और उन्होंने कहा...

जब तक सौम्य आयी डैड हमें छोड़ कर जा चुके they...unki नैक अपने आप टूट गयी थी....

एक कोहराम घर में मच गया....

एक हफ्ते तक ज़िन्दगी रुक सी gayi...jab मई सम्भला तो मैंने अपना मास्क पहना और ढूंढ़ने लगा दिनेश थे डेविल को...

बहुत से सवाल थे और जवाब था दिनेश थे डेविल...

उस रात मई एक महंगे होटल के बार में था जहाँ डार्क वेब के लोग जमा थे...

अचानक से मई उन सबके सामने agaya...mujhe देखते hi उन सबने मुझ पर गन तान दी थी...

मई : दिनेश थे डेविल कोण hai....mai यहाँ आ सकता हों तो तुम सब को भी मार सकता hon...mujhe बस दिनेश थे डेविल चाहिए...

वे don't क्नोव बीआरओ who's दिनेश थे devil...uski आवाज़ सुनकर मई उसके दिमाग में घुस गया...

वो सच कह रहा था...

तू ऐसे hi आएगा हमारे बिच और चला jayega...chal मास्क हटा बता कौन है तू...

जब मई जाने लगा तब एक ने कहा...

वो आगे कुछ कहता वो अपना सर दीवार में मरने laga...fir गन चीन कर उसने अपनी हथेली पर शूट कर लिया...

जब वो दर्द से चीखने लगा तब मैंने उसे छोर दिया...

और मई आगे बढ़ गया....

तीन महीने हो गए थे लेकिन अभी तक मुझे दिनेश थे डेविल के बारे में कुछ नहीं पता चला था...

*****************************

9 महीने बाद....

बैंगलोर हाई कोर्ट..

रोहित और करा और बहुत से लोग रोहित की फॅमिली सब कोर्ट में बैठी हुई थी ..

वकील अपना अपना पक्ष रख चुके थे अब इंतज़ार था तो बस जज के फैसले का...

ये कोर्ट गवाहों और होटल के रूम से मिला मिस प्रियंका का सुसाइड नोट साबित करता है mr.rohit ने अपनी बहन का क़त्ल नहीं किया और वो बेगुनाह कोर्ट उन्हें बैज़ाग बरी करने का आदेश देती है ....

जब रोहित आज़ाद हुआ तो उसकी फॅमिली उसके बहन भाई उससे लिपट गए अपनी माँ के सामने रोहित ने हाथ जोड़ दिए और फुट फुट कर वो रोने लगा....

चल अब तू गाओं chal...hamare पास सब कुछ है ये शहर मेरी बेटी को छीन चूका है अब तुझे खोने का ग़म मई बर्दास्त नहीं कर पाऊँगी...

रोहित सर हिला देता है...

करा को देख कर रोहित की फैमिली कार में बैठ जाती hai...dono को टाइम देने के लिए...

रोहित : क्यों बचाया मुझे...

करा : तुम साडी ज़िन्दगी जेल में सड़ना चाहते हो क्या और जिसने तुम्हारी ज़िन्दगी नरक बनायीं उसे ऐसे hi छोड़ना चाहते हो...

रोहित : क्या मतलब...

करा: आरोही ने बेटी को जन्म दिया है...

रोहित : मेरा बेटी...

करा : हाँ रोहित तुम्हारी...

रोहित: मई उसे मरकर अपनी बेटी उससे चिनूगा...

करा : नहीं रोहित उसका भाई ग्रीन मन है कैसा भी सही अगर मार डोज तो वो तुम्हारे पीछे aayega...aur तुम लड़ नहीं पाओगे उससे...

रोहित : नहीं वो नफरत करता है आरोही se..wo नहीं आएगा लेकिन मई भी आरोही को नहीं marunga..wo तड़पेगी मेरी तरह जैसे मई अपनी प्रियंका के लिए तड़प रहा hon...kya तुम पलोगी मेरी बेटी को मेरे साथ करा..

खुश होते हुए करा गले लग गयी...

रात में आरोही बेटी को झूले में सुलाए बेफिक्री की नींद सो रही थी...

उसके रूम के दूर का हैंडल घूम रहा tha...darwaze के उस पर था रोहित जिसने तार लॉक में डाली हुई थी...

दूर खुला और रोहित आहत किये बिना रूम में दाखिल हुआ...

उसने सोते बेबी को उठाया और अपने सीने से लगा liya...ladki बिलकुल आरोही पर गयी लेकिन आंखे न रोहित से मैच हो रही थी न आरोही से ..

बेबी को लेकर रोहित रूम से निकल गया जाते हुए उसने एक चिट्ठी छोड़ दी ..फिर दीवार फंड कर घर से भी निकल gaya...cara कार में उसका वेट कर रही थी...

रोहित: सलिल के घर ले चलो...

करा : वो यहाँ नहीं है वो लोग ये शहर छोड़ कर कही चले गए hai..cara कार भागते हुए बोली..

करा की बात सुनकर रोहित उदास हो गया..

करा : क्या काम था..

रोहित : उससे माफ़ी मांगनी थी...

सुबह उठते hi आरोही ने बेबी के झूले को हिलाया

..

आरोही: क्या बात है मेरी जान ने आज मां को दूदू के लिए जगाया नहीं....

कहते हुए उसने झूला हिलाया की उसे झूले में बेबी का बजन महसूस नहीं हुआ और वो हड़बड़ा कर उठी...

आरोही : geetaaaaa.....baby कहा है...

गीता दौड़ती हुई चीख पर आयी..

गीता : क्या हुआ मैडम..

आरोही : बेबी कहा है...

गीता : रात आपने hi सुलाया था उसे..

आरोही : तुम गेट ओपन किये बिना अंदर कैसे ..भगति हुई आरोही दूर के पास आयी...

दूर खुला हुआ था उसने तार फांसी थी...

पागलो की तरह आरोही इधर से उधर बेबी को ढूंढ़ने लगी...

गीता : मैडम ये आपके रूम से मिला hai..geeta नोट देते हुए boli..jise लेकर आरोही पढ़ने लगी...

मई तुम्हारे शिकार हुए लोगो में से एक hon...tumne जब मुझे बर्बाद किया है फिर तुम कैसे खुस रह सकती ho...apne दिमाग पर ज़ोर डालो याद करो उन लोगो को जिनकी ज़िन्दगी तुमने बर्बाद की जिन्हे गांडू तुमने बनाने की कोशिश की और कईओ को तो बना भी Diya..jinke अपनों को तुमने चीन.. तुम्हारे जितने यार थे उनने से एक हों मई बेबी भी मेरे पास hai...jise मई बड़ा करूँगा और तुम जीओगो बेबी के बिना हर दिन तड़पते हुए ....योर ओने ऑफ़ लवर...

लत्तेर पद कर आरोही बेहोश होकर गिर गयी....

एक महीने तक पागलो की तरह आरोही बेबी को ढूंढ़ती रही उसने अपने सभी आशिक़ो को ढूंढ निकला सिवाए सलिल रोहित के....

थक कर उसने अपनी पोस्टिंग मुंबई c.b.i ब्रांच के करा li..uske आने का मकसद रोहित था उसे कही से खबर मिली थी रोहित मुंबई में देखा गया...

यहाँ आरोही की मुलाकात हुई सूर्य से सूर्य की जिस डील को आरोही ने ठुकराया था उसे उसने एक्सेप्ट कर लिया था....

सामने दीवार पर बहुत साडी स्क्रीन लगी thi...jinme अलग अलग रूम की रिकॉर्डिंग चल रही थी किसी में वाइफ मर्द के सामने चुद रही थी वाइट गाए के साथ किसी में ब्लैक के साथ किसी में औरत मर्द की ले रही थी...

मम इस वीक का hisab..ek आदमी डॉक्यूमेंट की फाइल आरोही को देते हुए बोलै..

आदमी : 3रद क्लास के लोगो की विरुल वीडियोस से इस वीक 200 करोड़ की कमाई हुई hai..club की कमाई भी इसमें ऐड है..

आरोही : vip's की क्यों विरुल नहीं कर रहे हो..

आदमी: सूर्य सर ने मन किया है..

आरोही : ाचा ..तो ऐसा करो 50 यंग गर्ल्स का इंतेज़ाम करो अब मई नई सातगोरी लांच karungi...jo होगा सिर्फ विप्स के लिए जिससे उनकी भी वीडियो विरुल होगी और हमें मुनाफा होगा डबल...

आदमी : okay मम ..

आरोही : ज्यादा से ज्यादा मास्क बड़सम का हर सामान कल तक जो क्लब का एरिया खली पड़ा है वह चाहिए..

आदमी : हो जायेगा..

आरोही : good...acha परसनल सवाल करू तुमसे...

आदमी : यस मम...

आरोही : सूर्य के रूम में जो डॉक्टर के कोर्ट में लड़की की पिछ है ये कोण है ..

आदमी : इजाज़त नहीं फिर भी बता देता hon...uska नाम आकांक्षा hai...surya सर इससे ओने साइडेड प्यार करते है...

आरोही : ओह्ह नाउ यू कैन go...mai भी ऑफिस जा रही हों...

आरोही क्लब से निकल कर c.b.i ऑफिस आती है और अपनी बेटी की न्यूज़ अपने जूनियर डिटेक्टिव से लेती है...

डिटेक्टिव : मम रोहित का तो कुछ पता नहीं चला लेकिन एक ओल्ड फुफगे में आपके हस्बैंड की स्टेशन पर की कक्तव फुटेज मिली है केरला ki....hamne पता कराया तो उनका एड्रेस भी मिल गया.. लेकिन...

आरोही : लेकिन क्या...

डिटेक्टिव: मम ये न्यूज़ सच है हमने कन्फर्म की है..

और डिटेक्टिव उसके सामने एक न्यूज़ पेपर कर देते है...

जिसे पढ़ कर आरोही रट हुए वाशरूम की तरफ भगति है...

वाशरूम में आकर आईने के सामने खड़े होकर फुट फुट कर रोने लगती है..


**********************************

बस करो यूँ रातो जाना तुम्हे कुछ हो गया तो मेरा क्या होगा सोंचा है tumne....maa मेरी आँखों में देखते हुए बोली...

माँ : वडा करो अब तुम नहीं jaaoge..sahirrrr...

मेरे जवाब न देने पर माँ चीख उठी...

आरोही : माँ मई आशना को कॉलेज से लेने जा रही हों...

मई : रुको मई भी चलता हों...

माँ: अपना मास्क उसे दे दो वो अकेले चली जाएगी...

आरोही : है मेरे पास माँ..

माँ : जब तू सही था और पुरे सिस्टम से अकेले भीड़ गया था तब मैंने तेरा साथ दिया tha...ab वो वक़्त नहीं है हमारा दुश्मन छुपा हुआ है वो आएगा बस तुझे इंतज़ार करना है uska..nahi तो तेरी गैर हाजिरी में वो हम में से किसी को नुकसान पंहुचा सकता है और मेरे बचे तू फिर खुद को माफ़ नहीं कर पायेगा...

माँ की बात सही थी जिस पर मैंने हामी भर दी...

माँ : वादा कर तू उसे ढूंढ़ने नहीं जायेगा...

मई : वादा करता हों माँ...

माँ : चल बहु के साथ जा...

मई : ख्याल रखना अपना...

सौम्य: आते हुए ग्रोसरी का सामान ले ana..saman की लिस्ट मैसेज कर दी है..

मई : ठीक है.....

हस्बैंड जी आओ bhi..bahar से मुझे आरोही ने आवाज di...aur मई घर से निकल कर उसके साथ चल दिया....

थे एन्ड.....

पोस्ट क्रेडिट सकने....

Aaaaahhhhhhhh....pahadi पर ड्राइव करते हुए अचानक से हमारी जीप हवा में उड़ कर पलट गयी...

लाइट की रफ़्तार से मैंने आरोही को पकड़ा और हवा में hi जीप से कूद गया...

आरोही : आअह्ह्ह्ह साहिरर...

मई : तुम ठीक हो ..गिरने से उसके घुटने से खून निकल रहा था...

हम दोनों निचे जमीन पर आकर गिरे थे...

सहारा देकर मई उसे खड़ा करने लगा...

आरोही : ये अचानक हुआ कैसे...

हस्बैंड वाइफ साथ में कितने अचे लग रहे है न baby....abhi हम सिचुएशन को समझ hi रहे थे की हमें अपने सामने दो लोग एक मर्द और एक औरत दिखाई दी औरत को मई जनता था मर्द से मई अनजान था...

लेट में इंट्रोडस माय बेबी मुझे तो तुम जानते hi हो योर स्वीट kyara...aur ये है mr.sameer ऑब्रे इन शार्ट sam...is कंट्री के असल करता धर्ता..

मई : to...mai क्या करू...

सैम : कुछ नहीं बस मेरे लिए kaam..jiski मई तुम्हे कीमत दूंगा मुँह maangi...wo क्या है न मेरी फॅमिली फाइट है जिसमे मेरे भाई के पास तुम्हारा वो हरा वाला भाई hai..aur मई भी उसके जैसे hi सुपर हुमंस को अपने साथ शामिल कर रहा hon..mere लिए काम करोगे तो मई तुम्हे वो सब दूंगा जिसकी तुम ख्वाहिश करोगे...

मई : और मई इंकार करू तो...

सैम : तुम अपनी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी गलती करोगे...

उसकी बात सुनकर मैंने आरोही को मास्क देने का इशारा किया...

क्यारा : तुम्हे अंदाज़ा नहीं किसके सामने खड़े हो tum...bewakufii न करो..

मई : तू भी मेरे रस्ते में खड़े होने की भूल न कर...

सैम : कर दी न galti.....aur गुस्से में उसकी आंखे ऊपर को चढ़ गयी...

खछः खछः ख्छः..

मई : aaahhhhhhhhh..aaaaaa...aaaahhhhhhh

आरोही : aaahhhh...sahirrrr....

मई कुछ समझता की मेरी जीप का लोहा जीप से निकलकर पहले वो नुकीला धार धार में बदला फिर पीछे से आकर मेरी पीठ बॉडी में घुस gaya....jis हाथ से मई मास्क पकड़ रहा था मैंने मास्क छोर खुद से आरोही को अलग kiya..jisse मास्क निचे गिर gaya...ye सब इतनी जल्दी में हुआ की मई कुछ समझ hi नहीं paaya...ki क्या फैसला karun..mujhe सबसे ज़रूरी आरोही की जान बचाना लगा..

मेरी बॉडी से खून पानी की तरह बह कर निकल रहा tha...dard से मेरी आंखे ऊपर को हो गयी थी...

मई रेंगते हुए मास्क की तरफ बढ़ रहा था की क्यारा ने मेरे हाथ पर पेअर रख दिया फिर मास्क उठा कर सैम की तरफ बढ़ा दिया....

अगले hi पल वो मास्क उसने लगा लिया....

सैम : it's वैरी energetic...mera हथियार तो खड़ा हो गया बेब...

क्यारा : सामने देख रहे हो न इसकी wife...ye तुम्हारे महँ लोडे की प्यास बुझाएगी...

कहते हुए वो शॉक में बैठी मुझे तड़पता देख रही आरोही के पास आयी...

उसे बालो से पकड़ कर उसने खड़ा किया फिर आरोही को सैम के पास ले जाते हुए वो आरोही की जीन्स अपने नाखुनो से फाड़ने लगी...

क्यारा : आखिरी मौका है तेरे पास बाउ डाउन कर नहीं तो तू मरकर भी तड़पता रहेगा...

मैंने अपन जिसमे में से आधे लोहे के पार्ट्स निकल लिए थे...

क्यारा की बात सुनकर मई लड़खड़ाते हुए खड़ा हुआ...

मई : तुम दोनों की मौत मेरे हाथो होगी....


क्यारा : दो योर जॉब बेब और इसे इसकी औकात dikhao...usne आरोही के कानो में कुछ कहा और आरोही उसके बैश में होकर घुटनो पर बैठ गयी...

मई : आरोही nahi...aur मैंने आंखे बंद कर ली...

मई : मुझे इसे अपने वाश में से आज़ाद कर देना चाहिए...

मैंने क्यारा की सोंच में कहा...

क्यारा : उफ़ तुम सीख गए बूत सॉरी आईटी doesn't वर्क ों में...

मैंने जीप को देखा और उसके पार्ट्स अलग करके सैम के मरने चाहे तो मुझमे itni.power नहीं बची थी ब्लड लोस्स होने की वजह se..ki मई ये कर पता..

मई सीधा सैम के दिमाग के गया...

अपने दिमाग का पूरा जोर लगा कर मई मास्क उतरवाने की कोशिश करने लगा...


धम्म्मम्म्म्म..

जब सैम मास्क उतरने लगा तब क्यारा ने मुझ पर जादू किया और मई उड़ता हुआ जीप से जा टकराया....

मई : aahhhhhhh...maaaa....

क्यारा : इसे ख़त्म कर दो बेब..

सैम : रुक जा....

आरोही ने उसकी पंत की चैन खोल दी thi...jis पर उसने उसे रोका और वो चलते हुए मेरे पास आया...

मुझे बालो से पकड़ कर वो मुझे खचेडे हुए ले जाने लगा...

वो मुझे पहाड़ी के पास लाया...

अब मुझे अपना अंत दिखाई दे रहा था...

सैम : यहाँ से गिरने के बाद तेरी लाश भी नहीं milegi....aur तेरी वाइफ बनेगी मेरी rakhail...tu मरने के बाद भी सिर्फ मुझे याद करेगा...

अपनी बची कुछ पावर से मैंने उसके मुक्का मारा की मेरा मुक्का उसने पकड़ लिया...

Chatttttttttt...agle hi पल उसने घुमा कर मेरा हाथ तोड़ दिया...

दर्द से जहाँ मेरी कानो को फाड़ने वाली चीख निकली वही मेरी आंखे पथराने lagi...mai बेहोश हो रहा था...

सैम: चल चूस.....

उसकी आवाज़ पर आरोही फिर घुटने पर आगयी...

अब मई चाहता था बस किसी भी तरह मेरी जान nikle...meri आंखे बंद हो चुकी थी...


MzAwMA


क्यारा : sam.....ye कैप्टन hai...khatm करो इसे ..जल्दी...

हेलीकाप्टर में से क्यारा ने किसी को कूदते देखा था....

अचानक से सैम ने लात मरकर आरोही को दूर किया फिर मुझे छोड़ कर वो पीछे हुआ उसके हाथो में से हरी पिली रौशनी फूटने lagi...aur एक घुसा मेरे साइन पर लगा और मई अपने सामने की चट्टान को तोड़ता हुआ सीधे निचे गिरने लगा....17 हज़ार फिट निचे....

गिरते हुए साहिर एक पहाड़ी की चट्टान से टकराया और अपना सेंस खो बैठा...

वो हवा की स्पीड से निचे गिर रहा था की एक मोकळे से गुज़रते हुए जब वो गिर रहा था तब एक हाथ उस पहाड़ी में बने मोकळे से निकला और उसने साहिर का हाथ पकड़ liya....aur मोकळे के अंदर खींच लिया.....

तुम्हारी ये हालत कैसे हुई dost....wo आदमी साहिर को अपनी कुटिया में लिटाने के बाद उससे पूछने laga...jo पहाड़ो में बानी थी..

साहिर ने कोई जवाब नहीं दिया न वो होश में था.....

उसने पानी डाला साहिर पर लेकिन साहिर नहीं jaga..zakhmo को देख पहले वो साहिर की बॉडी में लोहे के पार्ट्स निकलने लगा फिर ज़ख्मो को सुई से सिलने laga...silne के बाद उसने ब्लड रोकने के लिए ज़ख्मो पर पत्तिया बांध di...kapde की..

ये सब करते हुए उसे आधी रात हो गयी थी....

वो अपनी कुटिया में से निकला और उसने जम्प मारी और सीधा वो पहाड़ी पर आ गिरा और दर्द से उसकी चीख निकल gayi..uski बॉडी से भी खून बहने लगा...

वो चलता हुआ साहिर के घर पर aya...aaj हर रोज़ की तरह चौकीदार भी नहीं था उसने इधर उधर देखा चौकीदार के न मिलने पर वो घर में कूद गया घर में उसकी लागर कमज़ोर सी आवाज गूंजने लगी...

जब कोई नहीं आया तब उसने रूम dekhe..kisi को न पाकर निराश होकर वो वापस कुटिया में आगया...

मई देख कर आया तमहरे घर में कोई नहीं hai..wo साहिर की बॉडी के सामने कह रहा था उसकी आवाज कमज़ोरी की वजह बहुत काम निकल रही thi..fir भी वो बोल रहा tha...ab सुबह हो रही थी..

इतने में एक आदरेशा एंटिटी पहाड़ी में बानी कुटिया में दाखिल हुई... और वो कुटिया का जायज़ा लेने लगी...


थोड़ी देर जायज़ा लेने के बाद उसी एंटिटी की एक आवाज़ कुटिया me.sunai दी...

हुब्बी जी इसे आपको हॉस्पिटल ले जाना hoga....nahi तो इसका बचना मुश्किल है...

सकने 2....

एक क्लब में रंग बिरंगी लाइट्स जल रही thi...jiske बिच में लोग मदहोश होकर डांस कर रहे थे..

उसी क्लब के एक प्राइवेट part के एक कमरे में बहुत से लोग सेक्स कर रहे थे ओपनली एक दूसरे के सामने वही पर अर्जुन था अंडरवियर में जिसका लिंग अंडरवियर में शो हो रहा tha...uske साथ 5 लोग और थे वो सब भी अंडरवियर में they...unke सामने थी 2 लड़किया..

तो तुम तैयार हो मेरी जान

.एक आदमी ने pucha...dono ने सर हिला दिया...

अर्जुन : कभी सौंह नहीं था रोलेक्स की बहन और वाइफ दोनों एक साथ पेलने को मिलेगी...

पेलने से मतलब रखो समझे मेरे raja...ek लड़की अर्जुन का लैंड दबाते हुए बोली...

अर्जुन : उफ़ सौम्य तुम्हारे हाथो में जडू hai.....kash तुम आज भी पुलिस डिपार्टमेंट में होती लेकिन मई तुम्हे फिर से तुम्हारी पोस्ट दिलाऊंगा

थे एन्ड....
 
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