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ी रोट थी तवो उपदटेस इन 50 मिनट्स ओनली फॉर यू डिअर रीडर्स ऑफ़ थिस स्टोरी
अपडेट 87 संजना कॉन्टिनुएस
संजना उनके लिंग को हाथ में लिए सहलाती जा रही थी और उंनसे कहा, “देखो रघु के बारे में बताया तो आप का कितना मोटा हो गया यह शैतान, हम्म्म किआ अब ये तैयार है?”
चावला साहब ने कहा, “थोड़ा और सुनाओ नाह तब तक ज़रूर तैयार हो जाएगा अभी रेडी नहीं हुआ है यह”
तो संजना ने कहा, “okay तो उस दिन के बारे में बताऊँ जिस दिन आप दरवाज़ा खटखटा रहे थे और मैं ने लेट आकर खोला था?”
चावला: “कौन था अंदर? रघु hi?”
संजना ने हां में सर हिलाया तो चावला साहब ने पूछा, “तो वो कैसे निकला था पीछे से? बाहर जाने का तो रास्ता नहीं है उस्सको तो घरके अंदर से होकर जाना था?”
संजना ने कहा, “मैं ने उस्सको बोल दिया था के टॉयलेट में छुपे रहे मगर वो पीछे चला गया था मैं ने उस्सको समझाया था के जब मैं आप को बाहों में भरके किश करूँ तब वो घर के अंदर से hi मैं दूर से आहिस्ते से निकल जाए और उस्सने वही किया था, मैं ने आप को उस तरफ आप के पीठ करके किश कर रही थी और उस्सको निकलने का इशारा किया था, ी ऍम सॉरी!”
चावला साहब ने कहा, “इस मैकन सॉरी क्यों कहना है तुमने अच्छी तरह से अपना बचाव किया था इतस okay माय डिअर. मुझे पता भी नहीं चला था के कोई अंदर से बाहर निकला घर से सो यू वेरे सक्सेसफुल… मतलब तुम डिफिकल्ट सीटुएशन्स को अच्छी तरह से हैंडल कर सकती हो, मुझे तो ख़ुशी है के तुम इतना होशियार हो और संभाल लिया उतना डिफिकल्ट सिचुएशन उस दिन!”
फिर चावला साहब ने कहा, “मुझे अब उन् 7 में से किसी एक दूसरे के बारे में बताओ, वो kau,n है और कैसे स्टार्ट हुआ उसस्के साथ तेरा अफेयर?”
तो संजना ने कहा, “okay सुनती हूँ, हाँ तो वो मुख्या चाचा का भतीजा याद है आप को मोटरसाइकिल वाला जो जानवर पालता है और बहोत ज़मीन है उसस्के पूर्वजों के?”
चावला साहब ने कहा, “हाँ तेरे पापा का साथी शराबी है जो हाँ याद है तो वो तेरा दूसरा एनकाउंटर था? हाहाहा सब शराबी कबाबी hi मिलता है तुझे किआ, ok ok बोल कैसे उस से पहली बार किया सब डिटेल में बता मुझे ी ऍम एक्ससिटेड तो क्नोव स्वीटहार्ट.”
संजना ने उनके लिंग को चूमा और छठा फिर बोलना शुरू किया…..
“जीन डिवॉन मैं कॉलेज जाती थी और वो मोटरसाइकिल पर मुझसे फ़्लर्ट करता रहता था, तो वो अकेला था जो मोटरसाइकिल पर मुझको शाम को स्कूल छूटने के बाद भी कॉलेज के पास शहर में अत था. गाओं से और कोई भी कभी नहीं अत थे मुझसे मिलने कॉलेज के पास सिर्फ वो अत था. हाँ सुबह को बस में मरे साथ कभी कभी कुछ गाओं के लड़के जाते थे मगर शाम के 3 बजे सिर्फ एक वही अत था मुझको देखने और मिलने और फ़्लर्ट करने…. उस्का नाम अजीब है, उस्सको चुंगल बुलाते हैं पता नहीं क्यों, उस्का असली नाम तो पता नहीं मुझे. हाँ तो वो जब मोटरसाइकिल पर अत तो मेरे सहेली लोग मुझको चेररते थे के ‘देख तेरा आशिक आगया, जा उसस्के फटफटिया पर तुझको घुमाएगा और तेरा दबाएगा….’ मगर मैं उस से सिर्फ बात करती थी क्यूंकि गाओं वाला था. बस कोई 15 मिनट के वेट करने के बाद मिलता था हमको तो उन् 15 मिनट तक वो मुझसे चेरर चार किया करता था, और वो साला मेरे एक दोस्त पर भी डोरे डालता था, मगर मुझसे ज़्यादा इंटरेस्टेड था… 1 महीने तक लगातार आया वो मुझसे मिलने शाम को और कहा के किसी को गाओं में पता मत चलने देना, नाह रघु को नाह बाकी के दोस्तों को… मुजेहः लगा था के उस्का शर्त लगा था उन् सब से के वो मुझको सब से पहले पा लेगा, ऐसा मैं सोचती थी.
अब वो हर बार मुझसे कहता के उसस्के साथ उसस्के m.cycle पर वापस चलूँ बुसस में नहीं. मैं इंकार करती हर बार , मेरे सहेलियां भी मुझको उसस्के साथ जाने को कहते मगर मैं नहीं जाती थी.
फिर रघु ने जब मेरे साथ कर लिया तब उसस्के एक महीने बाद चुंगल तो बराबर अत रहा मुझसे मिलने शाम को, मगर उस्सने तब मुझको छूना शुरू कर दिया था मेरे दोस्तों के सामने, हर जगह छूटा था, मेरे जांघ पर हाथ फरता तो कभी मेरे नितम्बों पर. मेरे सहेलियां कहती मुझको उसस्के साथ जाकर मज़ा करना चाहिए… मुझे तो सब पता था के मर्द लोग किआ करते हैं और कैसे करते हैं क्यूंकि मैं तो एक्सपेरिएंस्ड थी पापा से फिर अब रघु से, तो मुझे लगा के कहीं रघु ने उस चुंगल को कुछ बता तो नहीं दिया है?! तो यह जाने के लिए एक शाम को मैं उस के साथ गयी उसस्के फटफटिया पर. पहले मैं ने उस से ेपूछा के किधर चैलेंज, मैं उस पहाड़ी इलाके के तरफ नहीं जाना चाहती थी, और वो तो चारों तरफ मोटरसाइकिल पर घूमता रहता है तो उस्सको पता था किधर जाना है… मेरा यूनिफार्म तो बहोत छोटी थी तो उसस्के m.cycle पर बैठने से मेरे पुरे जांघें दिखने लगे और मेरे सहेलियों ने मुझे चिढ़ाया “hi सेक्सी” कहकर
वो मुझे किसी और रास्ते में लगाया और उस तरफ कोई भी नहीं दिख रहे थे, रास्ता बिल्कुल सुनसान था और दोनों तरफ जंगल ज्सीएस था… जाते वक़्त उस्का हाथ बार बार मेरे जाँघों को फेरर रहे the…ussne मुझको उसस्के पीठ पर चिपक कर बैठने को कहा टेक मेरे बूब्स उसस्के पीठ पर दबे और वो फील कर सके, मगर मैं ने दूरी रखे हुए थे नहीं चिपकी थी मैं उसस्के पीठ पर….
उस्सने एक कच्चे रास्ते में m.cycle घुमाया और थोड़ा अंदर जा कर रुका…. और मुझे उतरने को कहा और मेरा कॉलेज बैग को m.cycle पर तंग दिया और मेरा हाथ पाकर के एक झाडी के पीछे लगाया. मैं ने जाते वक़्त उस से पूछा, ‘किधर लेजा रहे हो मुझे, मुझे तुमसे एक बात पूछनी है इसी लिए तेरे साथ आयी हूँ….’
झाड़ के पास आकर रुका और बोलै, ‘किआ पूछना है तुझे मुझे तो तुझसे बहोत प्यार करनी है?’
मैं ने पूछा, ‘सच बता, रघु ने तुमसे किआ कहा मेरे बारे में?’
उस्सने कहा, ‘रघु ने? कुछ भी तो नहीं बुसस तुम्हारे बारे में बातें करते हैं हम सब और हम सब मिलकर कहते हैं के तुझ जैसे इस गाओं में कोई भी नहीं , हम सोचते हैं तू कैसे इस गाओं में पैदा हो गयी तुमको तो किसी राजा महाराजा कैग हर पैदा होना चाहिए थे, तू तो बिल्कुल मस्त हीरोइन टाइप है, एकदम मस्त मॉडल दिखती है, यह तेरा गोरा रंग, यह तेरा मस्त फिगर, तेरी मुस्कराहट, तेरी आवाज़, यह तेरी नशीले ेंखें तुझ में वो सब है जो किसी को भी दीवाना बना दे और कोई भी तुझको अपनाना चाहे…. क्यों तुम्हें किआ लगा किआ कहा होगा रघु ने मुझे तेरे बारे में?’
जब उस्सने यह सब कहा तो मैं बिल्कुल छुप हो गयीं और समझ गयी के रघु ने उस्सको कुछ भी नहीं बताया…. और वो अचानक से मेरे सामने घुटनों के बल आगया और मेरे कमर के और अपने बाहों फैलाके मुझको जाकर लिया और मेरे जाघों को चूमते हुए कहा, ‘ख़ास कर तेरी यह जांघें जो तुझको बेहद hi सेक्सी दिखाती है सिर्फ तेरे साथ सोने को मैं करता है तुझको साफ़ साफ़ लव्ज़ों में बोलूं तो तुझे छोड़ने को मैं करता हैउ, तू बहोत hi मस्त सेक्सी बेब है रे संजना तेरी यह छोटी सी यूनिफार्म में तू अपने जाँघों को हमको दिखा कर दीवाना बनती है तू; तुझको ख्यालों में लाकर हम सब मुठ मारते हैं हर रोज़, हर दिन , हर shaam…ab तो तू मेरे बाहों में है आज तो लुंड डायरेक्ट तेरे में डालूंगा main…kyun बोल नाह मजा करेगी मेरे साथ तू?’
तो बे कॉन्टिनोएड……………
अपडेट 87 संजना कॉन्टिनुएस
संजना उनके लिंग को हाथ में लिए सहलाती जा रही थी और उंनसे कहा, “देखो रघु के बारे में बताया तो आप का कितना मोटा हो गया यह शैतान, हम्म्म किआ अब ये तैयार है?”
चावला साहब ने कहा, “थोड़ा और सुनाओ नाह तब तक ज़रूर तैयार हो जाएगा अभी रेडी नहीं हुआ है यह”
तो संजना ने कहा, “okay तो उस दिन के बारे में बताऊँ जिस दिन आप दरवाज़ा खटखटा रहे थे और मैं ने लेट आकर खोला था?”
चावला: “कौन था अंदर? रघु hi?”
संजना ने हां में सर हिलाया तो चावला साहब ने पूछा, “तो वो कैसे निकला था पीछे से? बाहर जाने का तो रास्ता नहीं है उस्सको तो घरके अंदर से होकर जाना था?”
संजना ने कहा, “मैं ने उस्सको बोल दिया था के टॉयलेट में छुपे रहे मगर वो पीछे चला गया था मैं ने उस्सको समझाया था के जब मैं आप को बाहों में भरके किश करूँ तब वो घर के अंदर से hi मैं दूर से आहिस्ते से निकल जाए और उस्सने वही किया था, मैं ने आप को उस तरफ आप के पीठ करके किश कर रही थी और उस्सको निकलने का इशारा किया था, ी ऍम सॉरी!”
चावला साहब ने कहा, “इस मैकन सॉरी क्यों कहना है तुमने अच्छी तरह से अपना बचाव किया था इतस okay माय डिअर. मुझे पता भी नहीं चला था के कोई अंदर से बाहर निकला घर से सो यू वेरे सक्सेसफुल… मतलब तुम डिफिकल्ट सीटुएशन्स को अच्छी तरह से हैंडल कर सकती हो, मुझे तो ख़ुशी है के तुम इतना होशियार हो और संभाल लिया उतना डिफिकल्ट सिचुएशन उस दिन!”
फिर चावला साहब ने कहा, “मुझे अब उन् 7 में से किसी एक दूसरे के बारे में बताओ, वो kau,n है और कैसे स्टार्ट हुआ उसस्के साथ तेरा अफेयर?”
तो संजना ने कहा, “okay सुनती हूँ, हाँ तो वो मुख्या चाचा का भतीजा याद है आप को मोटरसाइकिल वाला जो जानवर पालता है और बहोत ज़मीन है उसस्के पूर्वजों के?”
चावला साहब ने कहा, “हाँ तेरे पापा का साथी शराबी है जो हाँ याद है तो वो तेरा दूसरा एनकाउंटर था? हाहाहा सब शराबी कबाबी hi मिलता है तुझे किआ, ok ok बोल कैसे उस से पहली बार किया सब डिटेल में बता मुझे ी ऍम एक्ससिटेड तो क्नोव स्वीटहार्ट.”
संजना ने उनके लिंग को चूमा और छठा फिर बोलना शुरू किया…..
“जीन डिवॉन मैं कॉलेज जाती थी और वो मोटरसाइकिल पर मुझसे फ़्लर्ट करता रहता था, तो वो अकेला था जो मोटरसाइकिल पर मुझको शाम को स्कूल छूटने के बाद भी कॉलेज के पास शहर में अत था. गाओं से और कोई भी कभी नहीं अत थे मुझसे मिलने कॉलेज के पास सिर्फ वो अत था. हाँ सुबह को बस में मरे साथ कभी कभी कुछ गाओं के लड़के जाते थे मगर शाम के 3 बजे सिर्फ एक वही अत था मुझको देखने और मिलने और फ़्लर्ट करने…. उस्का नाम अजीब है, उस्सको चुंगल बुलाते हैं पता नहीं क्यों, उस्का असली नाम तो पता नहीं मुझे. हाँ तो वो जब मोटरसाइकिल पर अत तो मेरे सहेली लोग मुझको चेररते थे के ‘देख तेरा आशिक आगया, जा उसस्के फटफटिया पर तुझको घुमाएगा और तेरा दबाएगा….’ मगर मैं उस से सिर्फ बात करती थी क्यूंकि गाओं वाला था. बस कोई 15 मिनट के वेट करने के बाद मिलता था हमको तो उन् 15 मिनट तक वो मुझसे चेरर चार किया करता था, और वो साला मेरे एक दोस्त पर भी डोरे डालता था, मगर मुझसे ज़्यादा इंटरेस्टेड था… 1 महीने तक लगातार आया वो मुझसे मिलने शाम को और कहा के किसी को गाओं में पता मत चलने देना, नाह रघु को नाह बाकी के दोस्तों को… मुजेहः लगा था के उस्का शर्त लगा था उन् सब से के वो मुझको सब से पहले पा लेगा, ऐसा मैं सोचती थी.
अब वो हर बार मुझसे कहता के उसस्के साथ उसस्के m.cycle पर वापस चलूँ बुसस में नहीं. मैं इंकार करती हर बार , मेरे सहेलियां भी मुझको उसस्के साथ जाने को कहते मगर मैं नहीं जाती थी.
फिर रघु ने जब मेरे साथ कर लिया तब उसस्के एक महीने बाद चुंगल तो बराबर अत रहा मुझसे मिलने शाम को, मगर उस्सने तब मुझको छूना शुरू कर दिया था मेरे दोस्तों के सामने, हर जगह छूटा था, मेरे जांघ पर हाथ फरता तो कभी मेरे नितम्बों पर. मेरे सहेलियां कहती मुझको उसस्के साथ जाकर मज़ा करना चाहिए… मुझे तो सब पता था के मर्द लोग किआ करते हैं और कैसे करते हैं क्यूंकि मैं तो एक्सपेरिएंस्ड थी पापा से फिर अब रघु से, तो मुझे लगा के कहीं रघु ने उस चुंगल को कुछ बता तो नहीं दिया है?! तो यह जाने के लिए एक शाम को मैं उस के साथ गयी उसस्के फटफटिया पर. पहले मैं ने उस से ेपूछा के किधर चैलेंज, मैं उस पहाड़ी इलाके के तरफ नहीं जाना चाहती थी, और वो तो चारों तरफ मोटरसाइकिल पर घूमता रहता है तो उस्सको पता था किधर जाना है… मेरा यूनिफार्म तो बहोत छोटी थी तो उसस्के m.cycle पर बैठने से मेरे पुरे जांघें दिखने लगे और मेरे सहेलियों ने मुझे चिढ़ाया “hi सेक्सी” कहकर
वो मुझे किसी और रास्ते में लगाया और उस तरफ कोई भी नहीं दिख रहे थे, रास्ता बिल्कुल सुनसान था और दोनों तरफ जंगल ज्सीएस था… जाते वक़्त उस्का हाथ बार बार मेरे जाँघों को फेरर रहे the…ussne मुझको उसस्के पीठ पर चिपक कर बैठने को कहा टेक मेरे बूब्स उसस्के पीठ पर दबे और वो फील कर सके, मगर मैं ने दूरी रखे हुए थे नहीं चिपकी थी मैं उसस्के पीठ पर….
उस्सने एक कच्चे रास्ते में m.cycle घुमाया और थोड़ा अंदर जा कर रुका…. और मुझे उतरने को कहा और मेरा कॉलेज बैग को m.cycle पर तंग दिया और मेरा हाथ पाकर के एक झाडी के पीछे लगाया. मैं ने जाते वक़्त उस से पूछा, ‘किधर लेजा रहे हो मुझे, मुझे तुमसे एक बात पूछनी है इसी लिए तेरे साथ आयी हूँ….’
झाड़ के पास आकर रुका और बोलै, ‘किआ पूछना है तुझे मुझे तो तुझसे बहोत प्यार करनी है?’
मैं ने पूछा, ‘सच बता, रघु ने तुमसे किआ कहा मेरे बारे में?’
उस्सने कहा, ‘रघु ने? कुछ भी तो नहीं बुसस तुम्हारे बारे में बातें करते हैं हम सब और हम सब मिलकर कहते हैं के तुझ जैसे इस गाओं में कोई भी नहीं , हम सोचते हैं तू कैसे इस गाओं में पैदा हो गयी तुमको तो किसी राजा महाराजा कैग हर पैदा होना चाहिए थे, तू तो बिल्कुल मस्त हीरोइन टाइप है, एकदम मस्त मॉडल दिखती है, यह तेरा गोरा रंग, यह तेरा मस्त फिगर, तेरी मुस्कराहट, तेरी आवाज़, यह तेरी नशीले ेंखें तुझ में वो सब है जो किसी को भी दीवाना बना दे और कोई भी तुझको अपनाना चाहे…. क्यों तुम्हें किआ लगा किआ कहा होगा रघु ने मुझे तेरे बारे में?’
जब उस्सने यह सब कहा तो मैं बिल्कुल छुप हो गयीं और समझ गयी के रघु ने उस्सको कुछ भी नहीं बताया…. और वो अचानक से मेरे सामने घुटनों के बल आगया और मेरे कमर के और अपने बाहों फैलाके मुझको जाकर लिया और मेरे जाघों को चूमते हुए कहा, ‘ख़ास कर तेरी यह जांघें जो तुझको बेहद hi सेक्सी दिखाती है सिर्फ तेरे साथ सोने को मैं करता है तुझको साफ़ साफ़ लव्ज़ों में बोलूं तो तुझे छोड़ने को मैं करता हैउ, तू बहोत hi मस्त सेक्सी बेब है रे संजना तेरी यह छोटी सी यूनिफार्म में तू अपने जाँघों को हमको दिखा कर दीवाना बनती है तू; तुझको ख्यालों में लाकर हम सब मुठ मारते हैं हर रोज़, हर दिन , हर shaam…ab तो तू मेरे बाहों में है आज तो लुंड डायरेक्ट तेरे में डालूंगा main…kyun बोल नाह मजा करेगी मेरे साथ तू?’
तो बे कॉन्टिनोएड……………