अपडेट 138 फाइनली!!!
आरव ने सान्वी को बीएड पर पलटा और उसस्के ऊपर चढ़ गया और उसस्के पल्लू को खिंच कर उसस्के बूब मसलते हुए उसस्के छाती को चाटने लगा और अपने कमर दबा कर उसस्के पथ के निचे वाले हिस्से पर रगड़ने लगा ज़ोर से……
अब आगे……
सान्वी उसस्के निचे से निकलने के लिए मचल रही थी मगर आरव ने उस्सको ज़ोर से दबाया हुआ था, और आरव ने अपने होंठों को सान्वी के होंठ से लगाया, पर सान्वी ने मुंह बांध किया हुआ था तो आरव ने अपने जीब को फेर्रा सान्वी के होंठों पर, होंठ को चूसा, सान्वी ने एक बार ेंखें खोल कर उसस्के चेहरे में देखा फिर मुंह एक तरफ करके कहा, “शराब की बह आ रही है तुम्हारे मुंह से चोर्रो मुझे!”
आरव उस्सको किश करते गया और कहा, “अब तो मैं नहीं चौररने वाला तुम्हें आज, बिल्कुल नहीं चोरडूंगा जब तक तुम सरेंडर नाह करो आज…. आज और अभी तो मुझे वो चाहिए hi चाहिए, तुमको फिर से नंगा करूँगा, इस खूबसूरत जिस्म को निहारूँगा, चूमूंगा, चाटूँगा, और एन्जॉय करूँगा जी भरके… और तुम मुझको रोकेगी भी नहीं क्यों ठीक कहा नाह मैंने मेरी प्यारी भाबी?!”
सान्वी उसस्के चेहरे में ग़ौर से देख रही थी जब आरव वो सब कुछ कह रहा था, और उस्सको सुनने के बाद अब सान्वी ने एक बची की तरह आवाज़ करके कहा, “हम्म्म नहीं आरव चोर्रो नाह, मुझे तुमसे बहोत शर्म आती है जब तुम मुझे ुंदरेस करके मेरे जिस्म को देखते हो तो, इसी लिए मैं ने मन किया, मुझे तुमसे अजीब फील होता है, प्यार करती हूँ तुमसे okay सच है मगर वो सब करने के लिए नहीं, प्यार दिल से करती हूँ, प्यार करना जिस्म का मिलना थोड़ा hi होता है आरव? क्यों सेक्स करना चाहिए अगर प्यार करती हूँ तो? ऐसे हमारा प्यार ठीक नहीं है किआ बिना सेक्स के?!”
आरव सान्वी के ऊपर बैठ गया अपने दोनों टांगों को दोनों तरफ उस्सकी कमर पर करके, और उस्सको देखते हुए कहा,
“वह भाबी वह, किआ बहाना ढूंढा है तुमने मुझे रोकने के लिए मगर फिर भी मुझे आज सब करना hi है, चलो तुम्हारे लिए प्यार और सेक्स का मिलाप नहीं मगर मेरे लिए यह प्यार तब परवान चढ़ेगा जब तुमसे पैशनेट, हार्ड सेक्स करूँगा तब मेरा प्यार मुकम्मल होगा…… 3 साल से ज़्यादा , अरे तीन साल किआ 5 सालों से मैं ने प्यार को प्यार रखा, दिल के अंदर दबा कर रखा, मगर अब इस प्यार को जिस्मों के मिलाप से होकर hi गुज़ारना है, मेरे लिए यह बहोत ज़रूरी है, तुम मानों या नाह मानों मुझे तो करना hi करना है….. तुम चाहो या नहीं, इस्को रपे नाम दो या कुछ भी कहो मैं आज करके रहूँगा, इस से पहले के संजना वापस अजय काम तमाम करना है मुझे मुझको अब रोकना मत!”
यह सब कहते हुए आरव अपने कपडे निकाल रहे थे और जब तक बात ख़तम किया पूरा नंगा हो गया था, और नंगा बैठा था सान्वी के ऊपर, सान्वी ने उस्सको नंगा होते देखा, उसस्के सेक्स को भी देखा, आरव का लुंड उसस्के पथ पर दबा हुआ tha…Saanvi ने सब सुना और देखा और उस्सको उस तरह बैठने दिया अपने ऊपर…. उस वक़्त सान्वी ने कोई रेजिस्टेंस नहीं दिखाई…… लगता था वो चाहती थी के आरव आगे बढे मगर ऐसे hi मन करने की नाटक कर रही थी, उस्सकी पल्लू तो सरका दिया था आरव ने मगर उस्सने पल्लू को वापस नहीं किया सीने पर, उस्सकी ब्लाउज के अंदर उस्सकी ब्रा के स्ट्रैप्स और ब्रा की कप साफ़ नज़र आरहे थे उसस्के सांस लेने से उस्सकी चूचियां ऊपर निचे हो रहे थे जिस्सको आरव घुर्र रहा था. संवी उसस्के चेहरे में देखते हुए पूछा,
“तू मेरा रपे करेगा आरव? अगर मैं ने नहीं चाहा और तुमने ज़बरदस्ती मुझको लिया तो वो तो रपे hi होगा!”
आरव उसस्के ऊपर बैठे हुए hi झुक कर उसस्के गालों को छाता और सान्वी के होंटो को चूस कर कहा,
“रपे कैसे होगा, तुम खुद सब करने डौगी और खुद पार्टिसिपेट करोगी और चाहोगी के मैं आगे बढूं ी कैन बेट ों तहत दो यू एग्री?!”
सान्वी थोड़ा सा मुस्काई और कहा, “बहोत पहचान है तुमको मेरा? कैसे कह सकते हो के मैं चाहूंगी और पार्टिसिपेट करुँगी आरव?!”
आरव: “बातों में वक़्त क्यों जाया करना भाबी शुरू करते हैं नाह यह देखो कैसे खड़ा हुआ है तुम इस्को खुश तो करो, मुंह में नहीं लेती हो किआ बोलो? इस्को किश करो, लीक करो, और एक मज़ेदार सूचक करो नाह भाबी!!”
सान्वी ने हँस्ते हुए कहा, “क्यों तुम्हारी संजना तुमको, किश लीक और सूचक नहीं करती किआ?! हम्म बोलो!”
आरव~ “ोफो भाबी फिर संजना, अभी तुम पर कंसन्ट्रेट कर रहा हूँ नाह क्यों संजना को मेंशन कर रही हो बार बार तुम?!”
सान्वी ने उसस्के लुंड को हाथ से सहलाया और पूछा, “फिर भी मैं जानना चाहती हूँ किआ वो यह सब करती है के नहीं तेरे साथ?!”
आरव: “हाँ करती है मगर मैं चाहता हूँ वही सब तुम करो, मैं चाहता था हमेशा से के तुम वो पहली औरत हो जो मेरे लुंड को चूमे चूसे, मैं चाहता था मेरी विर्जिनिटी तुम्हारे अंदर जाकर ख़तम हो मगर तुमने वो मौका संजना को दे दिया, तुमको वर्जिन लुंड नहीं पसंद था किआ भाबी? जैसे मर्द वर्जिन गर्ल्स को पसंद करते हैं तुमको भी तो मेरा वर्जिन डिक को लव करना चाहिए था, क्यों तुमने मेरे वर्जिन लुंड को संजना के हवाले कर दिया?!”
सान्वी उसस्के के तन्ने हुए लुंड को अपनी मुठी में भरके सेहला रही थी और आराम से उस्सको सुन भी रही थी, और आरव खुश हो रहा था यह सोचते हुए के भाबी अब रास्ते पे आरही है लगता है…. सही में सान्वी जैसे उसस्के बातों में बहके उसस्के तरफ सरेंडर हो रही थी और सान्वी ने यह कहा उसस्के लुंड को सहलाते हुए,
“तुम तो वर्जिन थे संजना के साथ, किआ वो वर्जिन थी?!”
जब सान्वी के मुंह से यह बात निकल गयी तब उस्सने सोचा के उस्सने ग़लती कर दिए और अपने होंठों को दांतों में दबा कर अपनी बात को सुधारने की कोशिश में कहा, “मेरा मतलब है तुमको कैसा लगा एक वर्जिन के साथ अपने वर्जिन सेक्स को डूबोते हुए?!”
तब आरव संवी की साडी निकालते हुए कहा, “भाबी मुझे एक डाउट जैसे था और है के संजना वर्जिन नहीं थी, क्यों के बड़े आसानी से मैं ने उस्सको पेनेत्रते कर दिया था, मगर शी ब्लीडड, खून लगा हुआ था मेरे सेक्स पर और बेडशीट पर bhi…to मैं ने सोचा उस्सकी फिजिकल आस्पेक्ट वैसा होगा, या वो ज़्यादा गीली हो गयी थी इस लिए आसानी से पेनेत्रते हो गया… मुझे तो कोई एक्सपीरियंस नहीं था तो हाउ वोउल्ड ी हैवे known…ab कभी एक और वर्जिन को पेनेत्रते करूँगा तब ट्रुथ का पता चलेगा नाह?!”
बात कह दिया तब तक सान्वी की साड़ी निकल चुकी थी और आरव उस्सकी ब्लाउज निकलने लगा जो सान्वी ने निकालने दिया और ब्रा को भी उन्हुक कर दिया आरव ने सान्वी की हर उस हिस्से को निहारते हुए जो उसस्के ेंखों के सामने नंगे हो रहे थे…. सान्वी की स्किन बहोत मुलायम, सेक्सी, पॉलिशड, सफ़ेद और गुलाबी रंग की मिलावट की थी जिस्सको आरव सालों से पसंद करता आया था और उन् हिस्सों को छुहने, चूमने और चाटने के लिए आरव मरता था…. और अब सब उसस्के सामने वैसे हाज़िर थे तो आरव पागल के तरह टूट पड़ा था उस पर और जहाँ मिलता वहीँ चाटने चुस्सने लगता था…. सान्वी उस्सको चारों तरफ खुद को किश करने दे रही थी, चुस्सने दे रही थी बुसस जब उसस्के गले के हिस्से को चुस्सना शुरू किया तो सान्वी ने रोकते हुए कहा, “नहीं गले पर मत चुसो, रेड मार्क रह जाएगा और दिखेगा, तेरा पापा और भाई को भी दिखेगा तब किआ जवाब दूंगी मैं?!”
आरव ने सोचा, “अब तो मान रही है, कुछ इंकार नहीं कर रही है उम्मीद है के ऐसे hi रहेगी एन्ड तक, मुझे डर है के लास्ट मोमेंट में मुझको रोक नाह दें इस्सकी कोई भरोसा नहीं!!”
ब्रा भी निकला फेंका आरव ने और सान्वी के बूब्स उसस्के सामने थे, आरव टूट पड़ा उस पर, हाथों से मसलते हुए, चूमते हुए, किश करते हुए फिर एक एक निप्पल को मुंह में भरके चुस्सने लगा आरव और सान्वी की जिस्म में आग भड़की तो वो आरव के सर के बाल को मुठी में भरके खींचने लगी, फिर आरव के गाल को चुम्मा, फिर उसस्के चेहरे को सहलाया सान्वी ने…. और कुछ देर उस्सकी दोनों चूचियों को चुस्सने के बाद आरव अपने घुटनों प् होकर अपने लुंड को सान्वी के मुंह के पास किया… सान्वी उस वक़्त सिर्फ अपने पेट्टी कोट में थी लेती हुई बीएड पर…..
और आरव की ख़ुशी का इन्तहा नाह था जब सान्वी ने उसस्के लुंड को हाथ में लेकर अपने मुंह के तरफ किया, उस्सको चूमा, उस्सकी हेड पर जीब फेर्रा और अपने मुंह में ले लिया उसस्के लुंड को…. आरव ने एक लम्बी सांस चोररटे हुए ऊपर छत देखते हुए कहा, “उफ्फ्फ भाआआब्बबीइइइइइइ कितने सालों तक मैं तड़पा हूँ इस छुवन के लिए…. कितने बार सपनों में आप को यह करते हुए देखा है मैं ने आज भी कहीं यह सपना तो nahin….aaaaaaaahhhhhh आईटी फील सो गुड भाबीइइइइइइइ आआह्ह्ह्गगगगगठ्ह!!!”
आरव अपने लुंड पर सान्वी की गरम जीब फील कर रहा था, सान्वी चूस रही थी और अपने जीब को चला रही थी उसस्के लुंड के टिप पर और हाथ भी चला रही थी उसस्के लुंड की लम्बाई पर जिस से आरव पागल होता जा रहा था, उसस्के जिस्म में एक थरथराहट पैदा हुई और आरव ने सान्वी का सर अपने दोनों हाथों में पाकर के अपने लुंड को जितना हो सके उतना सान्वी के मुंह के अंदर ठुस्सा जिस से सान्वी खाणस्ने लगी और उसस्के जांघ पर छोटे छोटे थपड मारते हुए उस्सको लुंड को बाहर निकालने का इशारा किया…. जब आरव ने लुंड बाहर किया तो सान्वी ने कहा, “उफ़ इतना लम्बा है और मेरे थ्रोट के अंदर तुस्ता चला जा रहा है मुझे मार डालना है किआ मेरी सांसें फुल गए इतना मत पुश करो नाह आरव!!”
तब आरव ने कहा,
“भाबी एक 69 पोज़ करते है मैं आप के तरफ निचे जाता हूँ आप ऐसे hi मुंह में लेती रहना मैं आप को निचे लेता हूँ okay!!”
सान्वी ने कुछ नहीं कहा और आरव ने आराम से सान्वी की पेट्टी कोट और पंतय एक साथ निचे किया जैसे पहले किया था, इस बार सान्वी ने हाथ से नहीं ढंका अपने प्राइवेट part को, वो आरव के चेहरे में देख रही थी के कितना ख़ुशी दिख रहा था उसस्के चेहरे में, आरव की ेंखों में एक ख़ुशी की चमक देखा सान्वी ने और मुस्कुराते हुए, हलके से अपने टांगों को फैला दिया इस बार जिस्सको देख कर आरव मुस्कुराया और अपने सर को सान्वी के जाँघों के बीच करके अपने जीब को लगाया सान्वी की योनि पर… आरव का जीब जब सान्वी की योनि को छवि तो आरव ने सान्वी की मुठी में अपने लुंड को ज़्यादा ज़ोर से जकरते हुए फील किया मतलब आरव का जीब जिस वक़्त सान्वी की सेक्स पर लीक हुआ तो सान्वी ने ज़्यादा ज़ोर से उसस्के लुंड को अपने मुठी में जकरा और एक आह निकली सान्वी की गले से…. आरव का जीब सान्वी की पंखुरिओं को ओपन किया और जीब को अंदर डाला……. एकदम गीली हो चुकी थी, पानी बह रहे थे तो आरव ने चाटते हुए कहा,
“भाबी, इतनी गीली हो चुकी हो मतलब आप को भी बड़ा मैं कर रहा था मेरे साथ यह सब करने को तो क्यों अपने मैं को मार रही थी आप हैं?!”
सान्वी ने कहा, “ससष्ठ अब चुप चाप एन्जॉय करो आरव, फील करो, मज़े लूटो संजना के आने से पहले ख़तम करो, अब मुझे भी ज़रुरत है तेरा, बे फ़ास्ट प्लीज….. आज तो बहोत खुश होंगे तुम आरव….. एन्जॉय करो जिस चीज़ के लिए बरसों से तुम तरसते रहे आज तुझको मिल hi गयी आखिर….!”
कोई 15 मिनट्स तक दोनों एक दूसरे को लीक और सूचक करते रहे…. जैसे जैसे आरव सान्वी की गहराई में अपना जीब दाल रहा था वैसे वैसे सान्वी की टांगें और फैलते गए यहाँ तक के सान्वी के दोनों टांगें फुल ओपन थे जिस्सके बीच आरव का सर दिख रहा था…. अपने उँगलियों से आरव उस्सकी छूट एक्स्प्लोर करते हुए अपने जीब से चाट रहा था, चूस रहा था, जाँघों को सेहला रहा था, इतना चूसा आरव ने के सारे पानी सुख गए…
उधर सान्वी आरव के लुंड को चूसे जा रही थी और आरव की प्रेकम को चाटते जा रही थी शुरू से hi, वो नमकीन टास्ते सान्वी के जीब पर कई बार आये और उस्सको छाता सान्वी ने…
और उन् 15 मिनट्स के बाद सान्वी ने कहा, “आरव मेरा मुंह दुःख गया रे!”
तो आरव ने सान्वी को अब, छूट से लीक करते हुए धीरे धीरे उस्सकी पथ से होकर, नबी को छत्ते हुए ऊपर उस्सकी बूब्स के तरफ बढ़ते हुए धीरे धीरे सान्वी के गर्दन तक रीच हुआ, और आखिर में सान्वी के जीब को अपने मुंह में ले लिया और एक डीप पैशनेट किश में डूब गए दोनों एक दूसरे के जिस्म पर अपने अपने हाथों को फरते हुए, करेस करते हुए….
दोनों के टांगें एक दूसरे के टांगों में फंसे हुए थे और आरव का लुंड जो शुरू से जमके खड़ा था वैसे के वैसे hi खड़ा था और सान्वी के छूट पर रागढ खा रहे थे किश के दौरान… और तब तक सान्वी की छूट से फिर पानी निकलने लगा था….
किश बरकरार रखते हुए hi संवी ने खुद आरव के लुंड को अपने हाथ से खुद अपने छूट के अंदर इंट्रोडस किया….. आरव को बुसस अपने कमर को हलके से दबाना पड़ा और घुस गया सान्वी की छूट के अंदर फिसलते हुए और आरव की आवाज़ निकली, “स्स्स्सस्स्स्शशशशशशह्ह्ह्ह आआआअह्ह्ह्ह भाबीइइइइइइइ वूऊऊवववववव कितना ाचा लग रहा है आप के भीतरर्र्र ओह माय गऊओऊआआआअद्ड़ड़द्द!”
और सान्वी ने अपने जिस्म को पूरा स्ट्रेच करते हुए गर्दन को बिल्कुल पीछे करके ऊपर देखते हुए, अपने बाहों को आरव के पथ पर करने अपने नाख़ून को उसस्के काँधे पर गड़ाते हुए उस्सकी आवाज़ कुछ ऐसे आयी, “ुउउइइइइइइइइ स्स्स्सस्स्स्शह्ह्हह्ह आआआआअह्हह्ह्ह्हह अअअअअरररररआआआआअवव्वव्वव्वव्व एइस्स्स्सस्स्स्स babyyyyyyyy….ab ढाका दो धीरे धीरे sweetheart….koyi जल्दी नहीं बिल्कुल आराम से ढाका दो मेरे अंदर मेरे aarav…love यू माय baby…..ab अपने इस भाबी के अंदर समां जाओ aarav…I ोवे थिस तो यू baby….enjoy योरसेल्फ तो थे फुल्लेस्ट माय डार्लिंग मुउउउउआअआआह्ह्ह्ह!!!”
आरव ने ढाका देना शुरू किया, और जैसे सान्वी ने कहा उस्सने बड़े आराम से सब कुछ गहराई से फील करते हुए ढाका दिया, अपने लुंड को एक एक इनके सान्वी के अंदर घूसस्ते हुए फील किया, सान्वी के अंदर की गर्मी को अपने लुंड पर फील किया आरव ने, अपने लुंड की पूरा लम्बाई पर सान्वी की अंदर की गर्मी और नरमी को फील करते हुए आरव अपने लुंड को अंदर बाहर करता था और धीरे धीरे ढकों की रफ़्तार को बढ़ाया आरव ने… कुछ ऐसा कर रहा था जैसे एक एक बूंद पानी के एक प्यासा एन्जॉय कर रहा था, जैसे एक बंजर ज़मीन पर एक एक पानी का कटरा टपक रहा था, वो फीलिंग होने लगे थे दोनों सान्वी और आरव को… किसी को कोई भी जड़ी नहीं थी, सब कुछ बिल्कुल आराम से फील करते हुए किया जा रहा था, बुसस कुछ ऐसा समझ लिया जाए के स्लो मोशन में सेक्स कर रहे थे दोनों बड़े आराम से सब कुछ महसूस करते हुए…
कहाँ कहाँ किश का हाथ टच हो रहे थे, किश जिस्म के किश कोने को कौन छह रहा था सब फील करते जा रहे थे दोनों, आरव का हाथ कभी सान्वी के कमर पर तो कभी बूब्स पर, सान्वी का हाथ कभी आरव के पोईत पर तो कभी छाती सहलाते हुए, आरव का मुंह कभी उस्सकी बूब्स चाटता , चुस्ता हुआ तो कभी सान्वी के जीब को अपने मुंह में लेकर चूस्ते हुए, इस तरह से ढकों का सिलसिला जारी रहा… दोनों के जिस्म कुछ इस तरह से स्ट्रेच हो रहे थे जैसे दो सांप सेक्स कर रहे थे, एक दूसरे के निचे ऐंठते हुए, कभी आरव सान्वी के ऊपर तो कभी आरव सान्वी के निचे, फिर कभी दोनों एक करवट पर, मगर लुंड छूट के अंदर hi रहे किसी भी मूवमेंट पर…..
बिस्तर बिल्कुल रौंदे हुए थे चादर आधा बीएड पर तो आधा ज़मीन पर हो गए थे, तकिये एक बीएड पर तो एक फर्श पर पाए गए…. कभी दोनों बैठे पोजीशन पे दिखे, तो कभी लेते हुए….. दोनों एक दूसरे को जैसे एक लजतदार पकवान खा रहे थे उस तरह से एन्जॉय करते जा रहे थे.. आरव झड़ने को आया मगर रोका खुद को…. सान्वी भी झड़ने को आयी, अपने ओर्गास्म की पीक रीच हुई मगर उस्सने भी रोका, कण्ट्रोल किया जान बुझ कर अवॉयड किया ओर्गास्म को, और एक दूसरे को फील करते रहे, एक दूसरे के जिस्म के अंदर और भी गहराई से उतरना चाहते थे दोनों, जैसे एक इंटरकोर्स काफी नहीं होता इस लिए डबल, ट्रिपल को सब एक में hi फील करना चाहते थे, ऊपर निचे, निचे ऊपर, बैठ कर, सो कर, झुक कर, हर पोजीशन में भी करते रहे… मगर कब तक एक एन्ड तो होना था आखिर, क्लाइमेक्स तो रीच होना था, कितना कण्ट्रोल भी कर सकते थे…… क्लाइमेक्स रीच हुआ भी तो किश पोजीशन में…..
सान्वी का आधा जिस्म बीएड के बाहर लटका हुआ था, आरव का जिस्म उसस्के ऊपर, सान्वी का सर ज़मीन छह चुकी थी, आरव का एक हाथ ज़मीन पर खुद को संभालने के लिए, दोनों के कमर बीएड पर hi थे और आरव के ढके बड़े रफ़्तार से सान्वी की छूट के अंदर आ रहे थे, सान्वी की तड़पती हुई आवाज़ से कमरा गूंझ रहा था और आरव की कहांरने की और हैंफने की आवाज़ भी भरे हुए थे रूम में जब दोनों ने एक साथ ेकस्तस्य में डूबे ओर्गास्म रीच किया कुछ ऐसे आवाज़ में जैसे कोरस सांग था कोई… “आआआअह्हह्ह्ह्हह ऊऊह्ह्ह ह्ह्ह्हुउउउउ स्स्स्सस्स्स्शह्ह्शशशशशश घघघघघघघघहहहहहह स्स्स्सस्स्स्शह्ह्ह्हह्ह aaaaaaahhhhaaaaahhhhhhhhhhh!!!”
और कुछ देर दोनों वैसे hi आधा जिस्म ज़मीन पर और आधा बीएड पर पड़े रहे ज़ोरों से हांफते हुए… आरव सान्वी के अंदर hi झाड़ गया, उस्सको बाहर निकालने का मौका hi नहीं मिला….. दोनों का हांफना बांध हुआ तो सान्वी ने कहा, “मुझको ऊपर उठाओ नाह!!”
आरव ने उस्सको ऊपर खिंचा, तब अपने लुंड को बाहर निकला सान्वी के मुंह के पास किया और बिना कुछ कहे सान्वी ने उसस्के बाकी के वीर्य को चूसा... और उस्सको चुस्सने के बाद सान्वी ने उस्सको एक हल्का सा थपड मारते हुए कहा, “क्यों मेरे अंदर झड़े तुम? किआ मुझको प्रेग्नेंट करना है?”
और आरव ने सान्वी को ज़ोर से बाहों में भरकर कहा, “ऐसा तो मैं ने बिल्कुल सोचा hi नहीं मगर आईडिया बुरा नहीं है भाबी, हाँ हो जाओ प्रेग्नेंट मेरे लिए किसी को पता नहीं चलेगा, भाई से कहना के उस्का है, सिर्फ हम दोनों को पता होगा के अपना hai…kyun?!”
सान्वी ने कहा, “no नेवर, आईटी इस वैरी रिस्की, कभी भी कुछ भी हो सकता है…. मुझे कुछ उपाए करना होगा…..
और दोनों ने एक दूसरे को बाहों में भरके किश करते रहे काफी देर तक और आखिर में दीप्ति की आवाज़ सुनाई दिए ऊपर, वो चिल्लाते हुए कह रही थी, “चाचू कार्टून एन्ड हो गए हैं आओ कद निकालो, और दूसरी लगाओ नाह!!”
तो बे कॉन्टिनोएड………… (3200 वर्ड्स)