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- Dec 5, 2013
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अब आगे.
गुंडा- फिर से कॉल आती और में इग्नोर कर देता हु.
गुंडा- और फिर एक जोर से आवाज आती हे. तो में एक डैम से होश में आता हु.
और देखता हु की में खड़ा हु और सामने वो औरत कड़ी हे ब्रा पंतय में.
गुंडा- साला ये कैसे हुआ में तो इसको अभी.
गुंडा- इस की माँ की आँख इस का मतलब वो में सपना देख रहा था हैट साला बनछोड़.
गुंडा- मेरा लैंड पूरा खड़ा था पंत में.
और इतने में भर से आवाज आते हे. अरे बॉस क्या कर रहे वो बड़े बॉस का कॉल आ रहा कॉल उठाओ जल्दी वो बहुत गुस्से में.
गुंडा- हां करता हु बात.
दादी - प्लीज एक बार मिल लेने दो न.
गुंडा- चुप साली बॉस का कॉल हे.
गुंडा- हां बॉस.
बॉस - सेल कहा मर गया था कब से कॉल कर रहा हु .
गुंडा- वो सॉरी बॉस ीदार hi था.
बॉस - काम हो गया हेना पूरा.
दादी- और वो गुंडा पता नहीं किस से बात कर रहा था.
मेरी और देख के
गुंडा- हां बॉस.
बॉस - बढ़िया.
दादी- फिर वो कॉल कट कर देता हे.
गुंडा- हां बोल साली अब तू क्या बोल रही थी.
दादी- एक बार मेरे पति से मिल लेने दो फिर तुम जो चाइये कर लेना.
गुंडा- सोच के चल ठीक हे मिल ले ुष के बाद तो तू मेरी hi हे.
दादी- और में बहार आ जाती हु. सभी गुंडे मुझे देख रहे थे.
गुंडे- बॉस हो गया का इसका काम.
गुंडा- नहीं रे बाकि हे.
दादी- और जहा पर मेरे पति गिरे थे में वह पर जाती हु.
दादी- उठो मोंटी जी उठो देखो ये तुम्हारी पत्नी की इज़्ज़त लूट रहे उठो प्लीज. में मेरे पति को पुरे सरीर पर किश करने लग जाती हु.
गुंडा- क्या प्यार हे तेरा .
दादी- उठो प्लीज.
गुंडा- हां उठा सेल को.
दादी- और में कार की और जाती हु.
गुंडे- बॉस ये कहा जा रही हे.
दादी- और एक गुंडा मुझे पकड़ लेता हे.
गुंडा- अरे अब ये कही नहीं जायेंगे जाने दे इस को क्या कर रही हे करने दे.
गुंडा- ok बॉस
दादी- और में कार में से पानी लती हु. में ब्रा और पंतय में hi थी.
गुंडा- पीला ले पानी पाने पति को फिर में पिलाऊंगा तुझे पानी.
दादी- और में पानी पीला देती हु.
दादी- उठो मोंटी जी उठो प्लीज.
गुंडा- अब ये नहीं उठने वाला चल बहुत हो गया तेरा पति मिलान अब आ जा.
दादी- नहीं प्लीज.
गुंडा- चल तुझे उठाना हेना अपने पति को उठा सेल को.
गुंडा- उठ सेल उठ नहीं तो तेरी पत्नी आज मेरी रखेल बनेगी.
दादी- उठो मोंटी प्लीज.
गुंडा- चल अब ये नहीं उठने वाला.
Dadi-or वो गुंडा मुझे उटाह लेता हे.
दादी- मोंटी उठो.
क्या करू क्या करू.
दादी- मोंटी जी तुम्हे अपने होने वाले बचे की कसम उठो और मर दो इनको.
दादी- और मुझे रूम के पास ले आता हे और दूर क्लोज्ड hi करने वाला था की आवाज आती हे.
रुक सेल चोर कमला को.
गुंडा- शॉकेड और पीछे मुद के देखता हे.
ये साला ज़िंदा कैसे हो गया.
गुंडे- ये साला ज़िंदा कैसे हो गया.
और सब ये देख के शॉकेड हो जाते हे की मोंटी के जो घाव दे वो पुरे ठीक हो गए.
गुंडे- बॉस इस के घाव कैसे ठीक हो गए. इस औरत ने क्या पिलाया इस को.
गुंडा- बोल साली क्या किया तूने इस को ये तो मर गया था बोल.
गुंडा- और में मरने hi वाला था की.
मोंटी- सेल अगर कमला को मारा तो वही जमीं में घड दूंगा.
मोंटी- और में अपने आप को देखता हु.
में- में इतने जोर से चिलता हु की वह पर सब की फैट जाती हे.
दादी- थैंक यू मेरे पति ठीक हो गए अब देखो अब तुम.
गुंडा- बहुत बोल रही हे साली तू.
गुंडा- मारो सेल को सब.
में- और मेरे को एक अलग hi एनर्जी मिल गयी असा लग रहा था. में अब गुंडों को उठा उठा के फेक रहा था और धीरे धीरे सभी गुंडों को में मर देता हु और थोड़े बहुत सेल तो भाग जाते हे.
में- आओ सालो आओ.
गुंडा- अबे सालो कहा जा रहे हो मरे इस को.
गुंडे- नहीं बॉस हमको मरना नहीं ये तो जानवर हे इस ने मेरी हड़िया थोड़ दी हे.
और सभी गुंडे भाग जाते हे.
गुंडे- हमको मरना नहीं ये जानवर हे.
में- चल आ जा अब तू तूने मेरी पत्नी की इज़्ज़त लउठी.
गुंडा- अबे बचे 4-5 गुंडों को मर के अपने आप को तू क्या समझा रहा हे चल आ तुझे बताता हु.
में- आ जा कोण किस को बताता हे.
गुंडा- हां सेल.
में- और फिर वो भाग कर कर मेरे पास आता हे और फिर में भी और हम्हारी फाइट चालू हो जाती हे.
में- में गुंडे को बहुत मरता हु और फिर वो निचे गिर जाता हे और में ुष को निचे भी मरता हु.
दादी- मारो इस को इसने.
में- में गुंडा को इतना मरता हु की अदमरा कर देता हु.
दादी- मोंटी जी इस कमीने को चूर्ण मत इसने.
में- बस तुम कुछ मत बोलो कमला.
में- मुझे बहुत गुस्सा आता हे में पास में रखा लोहे का रोड उठा लेता हु.
में- सेल तूने मेरी पत्नी की इज़्ज़त लउठी.
और में ुष रोड से ुष को मरने लग जाता हु.
में- सेल तेरी हिम्मत कैसे हुयी ुष को चुने की. और में ुष को बस मरे जा रहा था रोड से.
दादी- मोंटी जी सुनो.
में- तुम कुछ मत बोलो कमला ये सब मेरी गलती के कारन हुआ.
में ाचा पति नहीं hi जो अपनी पत्नी की इज़्ज़त नहीं बचा पाया.
और में मरे का रहा था अब ुष का खून बहुत निकल रहा था.
गुंडा- प्लीज भाई मुझे चोर दे में मर जाऊंगा.
में- में अब रोड ुष के सर पर मरने वाला था
गुंडा- भाई सुन मेने तेरी पत्नी की इज़्ज़त नहीं लउठी य्र्र वो बिलकुल पवित्र हे मेने कुछ नहीं किया.
में- ये तो क्या बोल रहा हे.
गुंडा- हां भाई मेने तेरी पत्नी की इज़्ज़त नहीं लउठी.
में- सच्चा में.
गुंडा- हां भाई नहीं तो तेरी पत्नी से पूछ ले.
में- कमला क्या ये सच हे.
दादी- हां जी में अभी भी पवित्र हु.
में- ओह थैंक यू कमला नहीं तो में मुँह दिखने के काबिल नहीं रहता.
दादी- और मेरे पति मेरे गले लग जाते हे और अपना शर्ट निकल के मुझे पहना देते हे.
में- लेकिन तू मरेंगे तो सही तूने मेरी पत्नी को बहुत परेशान किया.
गुंडा- सॉरी भाई मेरे से गलती हो गयी.
में- बोल तूने ऐसा क्यों किया. और में बोलता हे की नहीं सेल और में ुष का गाला दबा देता हु. अब ुष से सास भी नहीं लिए जा रही थी.
गुंडा- भाई चोरो मुझे में मर जाऊंगा.
में- बोल जल्दी.
गुंडा- मेने नहीं किया भाई मेरी गलती नहीं हे.
में- तू ऐसे नहीं मानेगा सेल .और में ुष का मुँह पानी में दाल देता हु.
में- बोल सेल जल्दी नहीं तो मर जायेगा. बोल जल्दी अब ुष को सास लेने में प्रॉब्लम हो रही थी और वो तिलमिला रहा था.
गुंडा- चोरो चोरो बताता हु.
में- हां बोल सेल.
गुंडा- ये मेने किसी के कहने पर किया.
में- तो बोल सेल किस के कहने पर करा तूने.
गुंडा- तुम पहले मुझे चोरो तो सही.
में- ठीक हे बोल अब .
गुंडा- और में सास लेते हुए.
ये मेने
में- ाचा तो ये बात हे चल अब
गुंडा- मुझे चोर दो.
में- अब तू हम्हारे साथ चलेगा और सुन ये करना हे तुझे नहीं तो पता हेना क्या होंगे चल जल्दी सेल.
ीदार गांव में.
पांच- चलो अब 1 घंटा से ज्यादा हो गया हे हो गया. अब ये पंचायत में कोई सरपंच नहीं हे क्यों की जो नियम थे कर नहीं पाए.
गांव वाले- हां अब हम को दूसरा सरपंच होना.
ठकुराइन- क्या कृ अब कैसे सँभालु इनको.
और में मोंटी को कॉल करती हु.
में- ठकुराइन का कॉल.
और में कॉल उठता हु. हां ठकुराइन जी .
ठकुराइन- सरपंच जी यहाँ पर बहुत हंगामा हो रहा हे आप जल्दी आओ.
में- आप टेंशन मत लो में आ रहा हु.
ठकुराइन- ok.
में- हम ऐसे गांव नहीं जा सकते नहीं तो गांव वाले हम पर भरोष नहीं करेंगे
दादी- हां जी. और में रोने लग जाती हु.
में- अरे तू क्यों रो रही हे मेरी जान.
दादी- जी आप ने मुझ पर इतना भरोष करा. में बहुत खुस्बासिब हु जो तुम मेरे पति हो.
में- अरे पहली भरोष क्यों न तू मेरी पत्नी हे और तुझ पर तो मुझे बहुत भरोष हे. अगर तेरे साथ ऐसा कुछ होता तो तू खुद अपने आप को कुछ कर लेती.
दादी- इतना भरोष हे अपनी पत्नी पर
में- हां जान.
में- लव यू.
दादी- लव यू तू जी.
ीदार गांव में
गांव वाले- नारे बजी करते हे.
पांच- हां तो गांव वालो अब सरपंच जी ने इस गांव को वारिस नहीं दे पाए तो अब हम इस गांव के सरपंच बा...
में- रुख जाओ.
और सभी मेरी आवाज सुन के शॉकेड हो जाते और सब मेरे और देखते हे. में पूरा खून में बारे tha.or पांच भी शॉकेड था.
पांच- ये साला कैसे क्या आ गया.
गांव वाले - ये क्या हो गया सरपंच जी को ये इतने खून से क्यों बारे हे और सरपंच जी को चोट भी कितनी लगी हे. और ये हे कोण जो सरपंच जी इसको पकड़ के लाये हे.
में- ये घाव और चोट फिर से मेने कर लिए थे.
माँ- और में मेरे बेटे को इस हालत में देख के दर जाती हु . और कड़ी हो कर मोंटी के पास जाती हु.
माँ- क्या हुआ बीटा तुझे ये इतनी चोट कैसे और ये खून और ये हे कोण.
में- मुझे कुछ नहीं हुआ माँ तुम टेंशन मत लो.
परदादी - और में भी मेरे पति के पास जाती हु.
परदादी - क्या हुआ जी आप को कितनी चोट लगी हे. आप ठीक तो होना.
परदादी - और बेटी कमला तू किसी हे तू तो ठीक हेना.
दादी- माँ में ठीक हु.
पांच- ये साला बच कैसे गया और ये तो वो गुंडे को भी ले कर आ गया. और अगर इस ने सच बता दिया तो. नहीं ऐसा नहीं हो सकता में ऐसा नहीं होने दूंगा
पापा- बीटा ये कैसे हुआ सब.
सभी मुझसे पूछने लग जाते हे.
गांव वाले - हां सरपंच जी आप के साथ क्या हुआ बताओ.
पांच- हां सरपंच जी बताओ ये सब कैसे हुआ और ये आदमी कोण हे जिससे तुम पकड़ के लाये हो.
में- सब को बताउगा और सब सच बताऊंगा.
गुंडा- फिर से कॉल आती और में इग्नोर कर देता हु.
गुंडा- और फिर एक जोर से आवाज आती हे. तो में एक डैम से होश में आता हु.
और देखता हु की में खड़ा हु और सामने वो औरत कड़ी हे ब्रा पंतय में.
गुंडा- साला ये कैसे हुआ में तो इसको अभी.
गुंडा- इस की माँ की आँख इस का मतलब वो में सपना देख रहा था हैट साला बनछोड़.
गुंडा- मेरा लैंड पूरा खड़ा था पंत में.
और इतने में भर से आवाज आते हे. अरे बॉस क्या कर रहे वो बड़े बॉस का कॉल आ रहा कॉल उठाओ जल्दी वो बहुत गुस्से में.
गुंडा- हां करता हु बात.
दादी - प्लीज एक बार मिल लेने दो न.
गुंडा- चुप साली बॉस का कॉल हे.
गुंडा- हां बॉस.
बॉस - सेल कहा मर गया था कब से कॉल कर रहा हु .
गुंडा- वो सॉरी बॉस ीदार hi था.
बॉस - काम हो गया हेना पूरा.
दादी- और वो गुंडा पता नहीं किस से बात कर रहा था.
मेरी और देख के
गुंडा- हां बॉस.
बॉस - बढ़िया.
दादी- फिर वो कॉल कट कर देता हे.
गुंडा- हां बोल साली अब तू क्या बोल रही थी.
दादी- एक बार मेरे पति से मिल लेने दो फिर तुम जो चाइये कर लेना.
गुंडा- सोच के चल ठीक हे मिल ले ुष के बाद तो तू मेरी hi हे.
दादी- और में बहार आ जाती हु. सभी गुंडे मुझे देख रहे थे.
गुंडे- बॉस हो गया का इसका काम.
गुंडा- नहीं रे बाकि हे.
दादी- और जहा पर मेरे पति गिरे थे में वह पर जाती हु.
दादी- उठो मोंटी जी उठो देखो ये तुम्हारी पत्नी की इज़्ज़त लूट रहे उठो प्लीज. में मेरे पति को पुरे सरीर पर किश करने लग जाती हु.
गुंडा- क्या प्यार हे तेरा .
दादी- उठो प्लीज.
गुंडा- हां उठा सेल को.
दादी- और में कार की और जाती हु.
गुंडे- बॉस ये कहा जा रही हे.
दादी- और एक गुंडा मुझे पकड़ लेता हे.
गुंडा- अरे अब ये कही नहीं जायेंगे जाने दे इस को क्या कर रही हे करने दे.
गुंडा- ok बॉस
दादी- और में कार में से पानी लती हु. में ब्रा और पंतय में hi थी.
गुंडा- पीला ले पानी पाने पति को फिर में पिलाऊंगा तुझे पानी.
दादी- और में पानी पीला देती हु.
दादी- उठो मोंटी जी उठो प्लीज.
गुंडा- अब ये नहीं उठने वाला चल बहुत हो गया तेरा पति मिलान अब आ जा.
दादी- नहीं प्लीज.
गुंडा- चल तुझे उठाना हेना अपने पति को उठा सेल को.
गुंडा- उठ सेल उठ नहीं तो तेरी पत्नी आज मेरी रखेल बनेगी.
दादी- उठो मोंटी प्लीज.
गुंडा- चल अब ये नहीं उठने वाला.
Dadi-or वो गुंडा मुझे उटाह लेता हे.
दादी- मोंटी उठो.
क्या करू क्या करू.
दादी- मोंटी जी तुम्हे अपने होने वाले बचे की कसम उठो और मर दो इनको.
दादी- और मुझे रूम के पास ले आता हे और दूर क्लोज्ड hi करने वाला था की आवाज आती हे.
रुक सेल चोर कमला को.
गुंडा- शॉकेड और पीछे मुद के देखता हे.
ये साला ज़िंदा कैसे हो गया.
गुंडे- ये साला ज़िंदा कैसे हो गया.
और सब ये देख के शॉकेड हो जाते हे की मोंटी के जो घाव दे वो पुरे ठीक हो गए.
गुंडे- बॉस इस के घाव कैसे ठीक हो गए. इस औरत ने क्या पिलाया इस को.
गुंडा- बोल साली क्या किया तूने इस को ये तो मर गया था बोल.
गुंडा- और में मरने hi वाला था की.
मोंटी- सेल अगर कमला को मारा तो वही जमीं में घड दूंगा.
मोंटी- और में अपने आप को देखता हु.
में- में इतने जोर से चिलता हु की वह पर सब की फैट जाती हे.
दादी- थैंक यू मेरे पति ठीक हो गए अब देखो अब तुम.
गुंडा- बहुत बोल रही हे साली तू.
गुंडा- मारो सेल को सब.
में- और मेरे को एक अलग hi एनर्जी मिल गयी असा लग रहा था. में अब गुंडों को उठा उठा के फेक रहा था और धीरे धीरे सभी गुंडों को में मर देता हु और थोड़े बहुत सेल तो भाग जाते हे.
में- आओ सालो आओ.
गुंडा- अबे सालो कहा जा रहे हो मरे इस को.
गुंडे- नहीं बॉस हमको मरना नहीं ये तो जानवर हे इस ने मेरी हड़िया थोड़ दी हे.
और सभी गुंडे भाग जाते हे.
गुंडे- हमको मरना नहीं ये जानवर हे.
में- चल आ जा अब तू तूने मेरी पत्नी की इज़्ज़त लउठी.
गुंडा- अबे बचे 4-5 गुंडों को मर के अपने आप को तू क्या समझा रहा हे चल आ तुझे बताता हु.
में- आ जा कोण किस को बताता हे.
गुंडा- हां सेल.
में- और फिर वो भाग कर कर मेरे पास आता हे और फिर में भी और हम्हारी फाइट चालू हो जाती हे.
में- में गुंडे को बहुत मरता हु और फिर वो निचे गिर जाता हे और में ुष को निचे भी मरता हु.
दादी- मारो इस को इसने.
में- में गुंडा को इतना मरता हु की अदमरा कर देता हु.
दादी- मोंटी जी इस कमीने को चूर्ण मत इसने.
में- बस तुम कुछ मत बोलो कमला.
में- मुझे बहुत गुस्सा आता हे में पास में रखा लोहे का रोड उठा लेता हु.
में- सेल तूने मेरी पत्नी की इज़्ज़त लउठी.
और में ुष रोड से ुष को मरने लग जाता हु.
में- सेल तेरी हिम्मत कैसे हुयी ुष को चुने की. और में ुष को बस मरे जा रहा था रोड से.
दादी- मोंटी जी सुनो.
में- तुम कुछ मत बोलो कमला ये सब मेरी गलती के कारन हुआ.
में ाचा पति नहीं hi जो अपनी पत्नी की इज़्ज़त नहीं बचा पाया.
और में मरे का रहा था अब ुष का खून बहुत निकल रहा था.
गुंडा- प्लीज भाई मुझे चोर दे में मर जाऊंगा.
में- में अब रोड ुष के सर पर मरने वाला था
गुंडा- भाई सुन मेने तेरी पत्नी की इज़्ज़त नहीं लउठी य्र्र वो बिलकुल पवित्र हे मेने कुछ नहीं किया.
में- ये तो क्या बोल रहा हे.
गुंडा- हां भाई मेने तेरी पत्नी की इज़्ज़त नहीं लउठी.
में- सच्चा में.
गुंडा- हां भाई नहीं तो तेरी पत्नी से पूछ ले.
में- कमला क्या ये सच हे.
दादी- हां जी में अभी भी पवित्र हु.
में- ओह थैंक यू कमला नहीं तो में मुँह दिखने के काबिल नहीं रहता.
दादी- और मेरे पति मेरे गले लग जाते हे और अपना शर्ट निकल के मुझे पहना देते हे.
में- लेकिन तू मरेंगे तो सही तूने मेरी पत्नी को बहुत परेशान किया.
गुंडा- सॉरी भाई मेरे से गलती हो गयी.
में- बोल तूने ऐसा क्यों किया. और में बोलता हे की नहीं सेल और में ुष का गाला दबा देता हु. अब ुष से सास भी नहीं लिए जा रही थी.
गुंडा- भाई चोरो मुझे में मर जाऊंगा.
में- बोल जल्दी.
गुंडा- मेने नहीं किया भाई मेरी गलती नहीं हे.
में- तू ऐसे नहीं मानेगा सेल .और में ुष का मुँह पानी में दाल देता हु.
में- बोल सेल जल्दी नहीं तो मर जायेगा. बोल जल्दी अब ुष को सास लेने में प्रॉब्लम हो रही थी और वो तिलमिला रहा था.
गुंडा- चोरो चोरो बताता हु.
में- हां बोल सेल.
गुंडा- ये मेने किसी के कहने पर किया.
में- तो बोल सेल किस के कहने पर करा तूने.
गुंडा- तुम पहले मुझे चोरो तो सही.
में- ठीक हे बोल अब .
गुंडा- और में सास लेते हुए.
ये मेने
में- ाचा तो ये बात हे चल अब
गुंडा- मुझे चोर दो.
में- अब तू हम्हारे साथ चलेगा और सुन ये करना हे तुझे नहीं तो पता हेना क्या होंगे चल जल्दी सेल.
ीदार गांव में.
पांच- चलो अब 1 घंटा से ज्यादा हो गया हे हो गया. अब ये पंचायत में कोई सरपंच नहीं हे क्यों की जो नियम थे कर नहीं पाए.
गांव वाले- हां अब हम को दूसरा सरपंच होना.
ठकुराइन- क्या कृ अब कैसे सँभालु इनको.
और में मोंटी को कॉल करती हु.
में- ठकुराइन का कॉल.
और में कॉल उठता हु. हां ठकुराइन जी .
ठकुराइन- सरपंच जी यहाँ पर बहुत हंगामा हो रहा हे आप जल्दी आओ.
में- आप टेंशन मत लो में आ रहा हु.
ठकुराइन- ok.
में- हम ऐसे गांव नहीं जा सकते नहीं तो गांव वाले हम पर भरोष नहीं करेंगे
दादी- हां जी. और में रोने लग जाती हु.
में- अरे तू क्यों रो रही हे मेरी जान.
दादी- जी आप ने मुझ पर इतना भरोष करा. में बहुत खुस्बासिब हु जो तुम मेरे पति हो.
में- अरे पहली भरोष क्यों न तू मेरी पत्नी हे और तुझ पर तो मुझे बहुत भरोष हे. अगर तेरे साथ ऐसा कुछ होता तो तू खुद अपने आप को कुछ कर लेती.
दादी- इतना भरोष हे अपनी पत्नी पर
में- हां जान.
में- लव यू.
दादी- लव यू तू जी.
ीदार गांव में
गांव वाले- नारे बजी करते हे.
पांच- हां तो गांव वालो अब सरपंच जी ने इस गांव को वारिस नहीं दे पाए तो अब हम इस गांव के सरपंच बा...
में- रुख जाओ.
और सभी मेरी आवाज सुन के शॉकेड हो जाते और सब मेरे और देखते हे. में पूरा खून में बारे tha.or पांच भी शॉकेड था.
पांच- ये साला कैसे क्या आ गया.
गांव वाले - ये क्या हो गया सरपंच जी को ये इतने खून से क्यों बारे हे और सरपंच जी को चोट भी कितनी लगी हे. और ये हे कोण जो सरपंच जी इसको पकड़ के लाये हे.
में- ये घाव और चोट फिर से मेने कर लिए थे.
माँ- और में मेरे बेटे को इस हालत में देख के दर जाती हु . और कड़ी हो कर मोंटी के पास जाती हु.
माँ- क्या हुआ बीटा तुझे ये इतनी चोट कैसे और ये खून और ये हे कोण.
में- मुझे कुछ नहीं हुआ माँ तुम टेंशन मत लो.
परदादी - और में भी मेरे पति के पास जाती हु.
परदादी - क्या हुआ जी आप को कितनी चोट लगी हे. आप ठीक तो होना.
परदादी - और बेटी कमला तू किसी हे तू तो ठीक हेना.
दादी- माँ में ठीक हु.
पांच- ये साला बच कैसे गया और ये तो वो गुंडे को भी ले कर आ गया. और अगर इस ने सच बता दिया तो. नहीं ऐसा नहीं हो सकता में ऐसा नहीं होने दूंगा
पापा- बीटा ये कैसे हुआ सब.
सभी मुझसे पूछने लग जाते हे.
गांव वाले - हां सरपंच जी आप के साथ क्या हुआ बताओ.
पांच- हां सरपंच जी बताओ ये सब कैसे हुआ और ये आदमी कोण हे जिससे तुम पकड़ के लाये हो.
में- सब को बताउगा और सब सच बताऊंगा.