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दादी सरपंच के लिए मोंटी का नाम लेती हे फॅमिली के samne.Ab आगे.
दादा - ये नहीं हो सकता कमला.
दादी- गुस्से में तो आप फिर से सरपंच बन जाये.
दादा- तू ये क्या बोल रही हो तुम्हे पता हेना अब मेरी उम्र हो गयी हे.
दादी - हां तो में भी तो वही बोल रही हु की आप की उम्र हो गयी हे गेस में.
दादा- तो इसका मतलब तू कुछ भी बोलेगी.
दादी- हां कुछ भी बोलूंगी और कुछ भी करूंगी. पता नहीं दादी को क्या हो गया था.
दादा- तू किस से बात कर रही हे पता हे तुझे.
दादी- है पता हे एक सरपंच से जो कल नहीं रहेगा सरपंच पद पर .
दादा- चुप हो जाते हे.
दादी- बोलो न अब . जब कल सरपंच पद पर नहीं रहेंगे तो तुम्हारी पत्नी और घर की महिलाओ की रक्षः कोण करेगा बोलो.
फिर दादी रोने लगा जाती हे
और पता नहीं हम्हारे जानवर को क्या हो जाता हे वो दादी के पास जा कर दादी को चुप करता हे पास जा के चिप के.
सब हैरान थे अब ये मोंटी क्या कर रहा हे. दादी को कोई चुप नहीं करारा था मोंटी के अलावा अब दादी नार्मल होती हे.
फिर दादी बोलो अब मेरी बात मन रहे हो की नहीं.
दादा- कमला ये ज़िद मत करो तुम्हे पता हेना सरपंच बने के लिए क्या क्या चाइये.
बूत इस पर दादी नहीं मोंटी बोलता हे.
मोंटी - हां दादा जी पता हे मुझे सब.
दादा- कुछ नहीं पता तुम्हे.
दादी- सब पता हे मोंटी हां
मोंटी- हां.
दादा- बचा हे अभी ये .
दादी- बचा नहीं रहा अब ये जवान हो गया हे.
दादा- फिर भी कमला तुम्हे पता हेना सरपंच बनने के लिए इसे क्या करना पड़ेगा
दादी- हां मेने सब बड़ा दिया हे मोंटी को.
दादा- सब.
Dadi-haa
दादा- तो तू पहलवान से लड़ लेग्स टक्कट हे तेरे में.
Monty-haa दादा जी.
दादा- पर तू तो बचा हे.
दादी- ये लड़ लेग्स आप चिंता मत करिये.
सब बोलते हे पर.
इतने में दादी बोलती हे बहुत हो गया अब ये मेरा फाइनल डिसिशन हे की मोंटी सरपंच चुनाव के पद के लिए लडेंग़स इस बात पर किसी को कोई प्रॉब्लम नहीं होना चाइये समझे सब लोग.
सब हां में सर हिलाते हे.
और सब को बोल देती हे सब 2 घंटे बाद पंचायत के पास आ जाना.
और सब अपने काम में लगा जाते हे.
फिर मोंटी बेचें होता हे उसे कुछ समझ में नहीं आता हे. और अपने फॅमिली के बारे में सोचता हे अगर में हर गया तो मेरे घर की महिलाओ का क्या होंगे और इमोशनल हो जाता हे थोड़ा. और पता नहीं अचानक दादी के रूम में चला जाता हे.
और दादी मोंटी तो देखती हे तो मोंटी इमोशनल लगता हे वो ुष के गले लग जाती हे.
मोंटी- दादी में ये कर पाउँगा न.
दादी - हां मोंटी तू ये कर पायेगा.
Monty-mujhe नहीं लगता.
Dadi-mujhe ट्रस्ट हे तुम कर लोंगे.
और दोनों बात क्र रहे थे. इतने में मोंटी गरम हो जाता और ुष से रहा नहीं जाता क्यों की दादी बहुत बार उस से चिपकी थी तो मोंटी ुष को बकद कर किश करने लगता हे
और पता नहीं सायद दादी भी ये hi चाहती हे.
5 मं किश करने बाद
मोंटी- सॉरी दादी
Dadi-koi बात नहीं मेरे सरपंच.
और है देती हे
Monty-abhi कहा सरपंच बना दादी.
मुझे विश्वास हे तुम सरपंच बनोगे.
ऐसे hi बात करते हे फिर. दादी चली जाती हे.
दादा - ये नहीं हो सकता कमला.
दादी- गुस्से में तो आप फिर से सरपंच बन जाये.
दादा- तू ये क्या बोल रही हो तुम्हे पता हेना अब मेरी उम्र हो गयी हे.
दादी - हां तो में भी तो वही बोल रही हु की आप की उम्र हो गयी हे गेस में.
दादा- तो इसका मतलब तू कुछ भी बोलेगी.
दादी- हां कुछ भी बोलूंगी और कुछ भी करूंगी. पता नहीं दादी को क्या हो गया था.
दादा- तू किस से बात कर रही हे पता हे तुझे.
दादी- है पता हे एक सरपंच से जो कल नहीं रहेगा सरपंच पद पर .
दादा- चुप हो जाते हे.
दादी- बोलो न अब . जब कल सरपंच पद पर नहीं रहेंगे तो तुम्हारी पत्नी और घर की महिलाओ की रक्षः कोण करेगा बोलो.
फिर दादी रोने लगा जाती हे
और पता नहीं हम्हारे जानवर को क्या हो जाता हे वो दादी के पास जा कर दादी को चुप करता हे पास जा के चिप के.
सब हैरान थे अब ये मोंटी क्या कर रहा हे. दादी को कोई चुप नहीं करारा था मोंटी के अलावा अब दादी नार्मल होती हे.
फिर दादी बोलो अब मेरी बात मन रहे हो की नहीं.
दादा- कमला ये ज़िद मत करो तुम्हे पता हेना सरपंच बने के लिए क्या क्या चाइये.
बूत इस पर दादी नहीं मोंटी बोलता हे.
मोंटी - हां दादा जी पता हे मुझे सब.
दादा- कुछ नहीं पता तुम्हे.
दादी- सब पता हे मोंटी हां
मोंटी- हां.
दादा- बचा हे अभी ये .
दादी- बचा नहीं रहा अब ये जवान हो गया हे.
दादा- फिर भी कमला तुम्हे पता हेना सरपंच बनने के लिए इसे क्या करना पड़ेगा
दादी- हां मेने सब बड़ा दिया हे मोंटी को.
दादा- सब.
Dadi-haa
दादा- तो तू पहलवान से लड़ लेग्स टक्कट हे तेरे में.
Monty-haa दादा जी.
दादा- पर तू तो बचा हे.
दादी- ये लड़ लेग्स आप चिंता मत करिये.
सब बोलते हे पर.
इतने में दादी बोलती हे बहुत हो गया अब ये मेरा फाइनल डिसिशन हे की मोंटी सरपंच चुनाव के पद के लिए लडेंग़स इस बात पर किसी को कोई प्रॉब्लम नहीं होना चाइये समझे सब लोग.
सब हां में सर हिलाते हे.
और सब को बोल देती हे सब 2 घंटे बाद पंचायत के पास आ जाना.
और सब अपने काम में लगा जाते हे.
फिर मोंटी बेचें होता हे उसे कुछ समझ में नहीं आता हे. और अपने फॅमिली के बारे में सोचता हे अगर में हर गया तो मेरे घर की महिलाओ का क्या होंगे और इमोशनल हो जाता हे थोड़ा. और पता नहीं अचानक दादी के रूम में चला जाता हे.
और दादी मोंटी तो देखती हे तो मोंटी इमोशनल लगता हे वो ुष के गले लग जाती हे.
मोंटी- दादी में ये कर पाउँगा न.
दादी - हां मोंटी तू ये कर पायेगा.
Monty-mujhe नहीं लगता.
Dadi-mujhe ट्रस्ट हे तुम कर लोंगे.
और दोनों बात क्र रहे थे. इतने में मोंटी गरम हो जाता और ुष से रहा नहीं जाता क्यों की दादी बहुत बार उस से चिपकी थी तो मोंटी ुष को बकद कर किश करने लगता हे
और पता नहीं सायद दादी भी ये hi चाहती हे.
5 मं किश करने बाद
मोंटी- सॉरी दादी
Dadi-koi बात नहीं मेरे सरपंच.
और है देती हे
Monty-abhi कहा सरपंच बना दादी.
मुझे विश्वास हे तुम सरपंच बनोगे.
ऐसे hi बात करते हे फिर. दादी चली जाती हे.