Fantasy इच्छाधारी देव - Page 28 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

एग्री भाई के तिलिस्म का एन्ड होने का टाइम हो गया है सो डोंट वोर्री अब तिलिस्म ज्यादा बच नहीं है. जब आप लोग वापस तिलिस्म में देव एंड पार्टी से मिलेंगे तो हमारी बात का मतलब भी समझ जायेगे. के उनके साथ क्या हुआ और इस तिलिस्म का एन्ड कैसा होना है. रही बात देव के माँ बाबू जी की तो वो तो इस हमले के बाद hi पता चलेगा के किसका क्या हुआ. बूत एनीवे थैंक्स फॉर योर सपोर्टेड रिव्यु
 
नीस. भाई आपने हर बात को पॉइंट आउट किया इससे आप ये तो समझ hi गए के हर कोई अपनी चले चलने के लिए अपनी कमर कास चूका है चाहे वो पक्ष हो या विपक्ष काम तो यहाँ कोई भी नहीं है अपने सामने वाले से. इसीसलिए जो भी होगा धमाकेदार होगा. चाहे वो हमला हो, किसी को हाईड करना हो, किसी को झटका देना हो या फिर किसी की मौत. किसी का किसी को सपोर्ट करना हो या फिर किसी का क्रोध में उबलता हुआ रूप जो भी होगा हिलने वाला hi होगा. वेट एंड वाच
 
अपडेट – 160

अघोरी – लेकिन मेरी एक शर्त है.

ठाकुर - मुझे सब मंजूर है

अघोरी - सुन तो ले पहले. गन्दी मिटटी के ढेर.

ठाकुर – बोलो?



अब आगे…….


अघोरी - मए तुझे जो शक्तिया दुगा. देवा के मरते hi ख़तम हो जाएगी. जिसे मए जल्द hi मर देने वाला हु.

ठाकुर – मए तो मर hi चूका था अघोरी, लेकिन तूने मुझे फिर से जीवन दिया है अब शक्तिया भी दे रहा है. भले hi कुछ समय के लिए लेकिन मए उस कुछ वक़्त में hi अपने पैर इतने फैला दुगा के शक्तिया चली जाने के बाद भी आस पास के 100 गांव मेरी गुलामी करेंगे. तब उन्हें तो पता नहीं चलेगा के मेरी शक्तिया चली गयी बस खौफ hi काफी होगा . यही बहोत है मेरे लिए. उस खौफ के जरिये मए सब पर राज करुगा.

अघोरी - आगे सुन . मेरी दूसरी शर्त है के. तू देव के परिवार वालो का ज्यादा से ज्यादा नुकसान करेगा. अगर किसी को मार सके तो बहोत बढ़िया. तू जीतनेय लोगो को मर देगा उतने सालो के लिए तेरी मजबूत मर्दानगी कायम रहेगी., तीसरी और सबसे खास शर्त. तू मेरा गुलाम रहेगा. अब से. समझा.

ठाकुर – मुझे मंजूर है अघोरी मुझे तुम्हरी हर बात मंजूर है.

अघोरी - ठीक है. ये काढ़ा पि लो और है तू अपनी हवेली में नहीं जायेगा. क्यों की वो चन्नो वहीँ है. वो तुझे खाक में मिला देगी. तू अपने उस फार्म हाउस पे जायेगा जो अब देव ने अपने साथी गुरुम को दिया हुआ है. अगर उस तरफ कोई आएगा तो मेरी शक्तिया संभल लेगी उसे.

ठाकुर - जरा जल्दी भेजना मुझे गाँव अब रहा नहीं जाता मुझसे, बदले की आग में जल रहा हु मए. और ठाकुर वो काढ़ा पि लेता है.

थोड़ी hi देर में ठाकुर जोर जोर से चीखने लगता है उसे लग रहा था के उसे किसी ने खौलता हुआ जहर पीला दिया है जो जितना तेज था उतना hi जलने वाला भी. ठाकुर जमीन पे गिर के तड़पने लगता है उसका पूरा जिस्म लाल हुआ जा रहा था. वो बिन पानी की मछली की तरह तड़प रहा था और अघोरी उसके सामने आंखे बंद किये खड़ा कुछ बड बड़ा रहा था. थोड़ी देर के बाद ठाकुर का तड़पना शांत होता है. तो अघोरी भी अपनी आंखे खोल के ठाकुर को देखता है जो दहशत से और अपनी अभी अभी हुई हालत की वजह से काँप रहा था. उसने जिन्दा नरक देखा था कुछ hi देर में. उसका पूरा बदन पसीने में भीगा हुआ था.

अघोरी - अब तू तैयार है क्यों की इस काढ़े में जड़ीबूटियों के साथ मेरी शक्तिया और कुछ मेरी गुलाम आत्माये भी थी. जिनका असर कुछ समय तक रहेगा. और इसी बीच तुझे जो करना है कर ले.

ठाकुर उठ खड़ा होता है और एक भरपूर अंगड़ाई लेता है. उसे अपनी जवानी के दिन याद आ जाते है. एक डैम चुस्त शरीर और गजब की ताक़त का अहसास हो रहा था उसे. अंगड़ाई लेने से उसके शरीर की तमाम हड्डिया ऐसे tad-tadayi मनो बहोत दिनों बाद उन्हें सीधा किया गया हो.

अघोरी - अब जा और जाकर कर ले अपने सपने पूरे किसी को मत छोड़ना. जा शैतान तेरी रक्षा करेगा.

ठाकुर वह से निकलता है और जंगल में आगे बढ़ता हुआ सीधा पहुँचता है. अपने फार्म हाउस पे . शाम का समय हो चूका था. इस वक़्त इस तरफ से काम hi लोग निकलते थे. फार्म हाउस पे इस समय कोई नहीं था. वो निश्चिन्त हो कर अपने फार्म हाउस के अंदर जाता है. और वह राखी एक अलमारी को सरका देता है पीछे एक दरवाजा था उसे खोल कर वो अंदर जाता है. वह पूरे ऐशो आराम के साधन मौजूद थे एक छोटा सा बार भी बना हुआ था टेबल सोफे. डबल बीएड सब कुछ था वह. वो टेबल पे देखता है तो एक मोबाइल वह रखा हुआ था. वो बिले उठा के देखता है तो वो बंद था ठाकुर उसे चार्जिंग में लगता है. और पेग बना के सामने की स्क्रीन चालू कर देता है. जिसमे फार्म हाउस के बहार का पूरा सन नजर आ रहा था. उसकी आंखे अब शराब के नशे में लाल हो चुकी थी. तभी उसे कोई स्क्रीन पे नजर आता है तो उसकी आँखों में चमक आ जाती है. उसकी आंखे और लाल हो जाती है.

वो तेजी से बहार निकलता है और फार्म हाउस के गेट पे आ कर आवाज़ मरता है.

ठाकुर - ा छिनाल इधर आ…….

वो एक 30-32 साल की औरत थी जो वह से निकल रही थी. ठाकुर के चले जाने के बाद सब लोग वैसे भी निश्चिन्त हो गए थे लेकिन अचानक ठाकुर को सामने देख कर उस औरत के पसीने निकल आते है.

औरत - ठाकुर साब आप और यहाँ? आप तो मर……….. मेरा मतलब आप तो चले गए थे न गाँव से?

ठाकुर - साली रंडी मए तेरी माँ का भोसड़ा छोड़ रहा था. तुझे क्या करना मादरचोद इधर आ वार्ना खाल खिंच लगा तेरी.

औरत डरते डरते ठाकुर के पास आती है. – जी ठाकुर साब ?

ठाकुर - क्या नाम है तेरा?

औरत – मेरा नाम झुमरी है ठाकुर साब मए आप के hi गाँव की हु.

ठाकुर कमल है इतना मस्त मॉल मेरी नजर से कैसे बचा रह गया?

झुमरी - ठाकुर साब मए बहोत गरीब हु मुझे जाने दीजिये मुझ पर दया कीजिये

ठाकुर – साली रंडी मए कोई तेरे से पैसे थोड़े hi चीन रहा हु जो अपने गरीब होने की दुहाई देने लगी मुझे तो तेरी गरम छूट चाहिए. और मुझसे अपनी छूट मरवाने के बाद भी तू रहेगी ऐसी hi इसमें गरीब आमिर वाली बात कहा से आगयी भोसड़ी वाली चल अंदर चल दया कर देता हु.

झुमरी - मुझे जाने दीजिये ठाकुर साब, मुझे ख़राब मत कीजिये.

ठाकुर - साली अपने पति से रोज रत को नंगी हो कर उछाल उछाल के चुदती है न एक बार मेरा लोढ़ा ले लेगी अपनी बुर में तो तेरी घिस जाएगी kya?waese तू शरीफ तो ऐसे बन रही है जैसे पति के आलावा किसी का लुंड अपनी छूट में लिया hi न हो. लेकिन तेरा गदराया बदन चिल्ला चिल्ला के कह रहा है के ये किसी एक की म्हणत नहीं है तुझ पर तो तेरे आशिक़ ने भी म्हणत की हुई होगी तभी तो इतने बड़े बड़े चुके और इतनी बड़ी गांड है तेरी, हाथ पैर भी मस्त गदराये हुए है.

झुमरी - ये आप कैसी बाटे कर रहे है ठाकुर साब मए अपने पति के अल्वा कभी किसी की तरफ देखती भी नहीं.

ठाकुर - साली कुटिया झूठ बल्टी है? और अगर मए ये मन भी लू तो भी तूने अपनी hi बातो से इतना तो मन के रोज अपने पति से तो मरवाती hi है न. चल आज मुझसे भी मरवा ले. तेरे पति से भी ज्यादा तुझे मेरे लुंड से चुद के मजा आएगा.

इतना कह कर तःकुर ने झुमरी की साड़ी का पल्लू पकड़ लिया - साली मादरचोद चलती है या उठा के ले जाऊ? देख अगर मए ले गया तो तेरा बलात्कार करुगा तुझे नोच खाऊंगा तेरी छूट की धज्जिया उदा दुगा और तू खुद चलेगी तो प्यार से चुआड़ूगा मर्जी तेरी. पर तू आज छुड़ेगी जरूर इस ठाकुर के लुंड से.

झुमरी की हालत ख़राब हो गयी उसने गार्डन झुका ली और प्रतिरोध करना बंद कर दिया.

ठाकुर – ये हुई न समझदारी की बात अब बोल ठाकुर साब मुझे अपनी रखेल बना के छोड़ो आज रात

झुमरी ने आंसू बहते हुए ठाकुर की तरफ देखा तो ठाकुर ने उसे एक खिंच के थप्पड़ मारा

ठाकुर - बोल मादरचोद वार्ना तेरे घर की हर औरत छुड़ेगी मुझसे सब को रंडी बना दुगा मए अपनी.

झुमरी - नहीं ठाकुर साब किसी को कुछ मत कहियेगा बस मुझे hi आपकी रंडी बनना है मुझे आज की रत अपनी रखेल बना के छोड़ो. बना लो मुझे आज की रत अपनी रंडी.

तःकुर ने दन्त फाड़ के झुमरी को देखा और उसे अपने कंधे पे ऐसे उठा लिया जैसे कोई छोटे बच्चे को उठता है. और उसे लेकर उसी कमरे में आया और झुमरी को नीचे उतर दिया झुमरी थोड़ा आगे चली गयी तो ठाकुर ने कमरे के दरवाजे को बंद कर दिया.

फिर झुमरी के पास पहुँचते hi ठाकुर ने अपना हाथ उसके दोनों चुचो पे रख दिया और उन्हें ज़ोर से दबा दिया और उसके चुके दबाता रहा.

यह पाप है गलत है ठाकुर साब मुझे जाने दीजिये मए आपके पैर पकड़ती हु.

ठाकुर - ज़ोर से दूध दबाते हुए कोई पाप नहीं है तेरे पास छूट है मेरे पास लुंड है मैं तेरा मालिक हूँ तू मेरी रखेल है इसी लिए मेरा तुझपे पूरा अधिकार है. और तू जाना चाहती है तो जा लेकिन तेरे घर की हर छूट फिर मेरे hi लुंड से छुड़ेगी. तू जा दरवाजा खुला है वह चाहती तोह ठाकुर के हाथ हटा के जा सकती थी लेकिन ठाकुर को पता tha....ki वह ऐसा नहीं करेगी

और दूसरा कारन यह था झुमरी को पेलने का की झुमरी की मदद से ठाकुर उसके पुरे घर की औरतो को छोड़ सकता था उन्हें रखेल बना सकता था. जो के अब उसका उद्देश्य था hi इस सरे झमेले के बाद. क्यों की हवेली में तो उसे कुछ मिलना था नहीं सभी पेट फुला के घूम रही थी. इससे ठाकुर की दहशत और उसकी बादशाहत बननी चालू हो जाएगी. उसका खौफ फिर से फैलने लगेगा. अपनी औरतो की इज्जत आबरू बचने के लिए उनके घर के मर्द भी ठाकुर के गुलाम बनना पसंद करेंगे. इन सब करने की वजह से ठाकुर झुमरी को छोड़ना चाहता था.

जब झुमरी कुछ देर तक नहीं बोली तोह ठाकुर ने उसके दूध को और जोर जोर से दबाने लगा झुमरी को दर्द होने लगा और वह ठाकुर को गुस्से से देखने लगी क्या हुआ झुमरी क्या तुझे अच्छा नहीं लग रहा है की मए तेरे दूध दबा रहा हु

ठाकुर की बात सुनके झुमरी कुछ नहीं बोली.
 
अपडेट - 161

ठाकुर - बोल न मेरी रंडी झुमरी बूर छोड़ी क्या तुझे मज़ा नहीं आरहा है की ठाकुर तुझे नंगी करके तेरे दूध दबा रहा है

इस बार झुमरी चुप नहीं रही

और फिर बोली

हाँ मुझे अच्छा लग रहा है की खुद तःकुर मेरे दूध को बेरहमी से दबा रहा है यह क्या कर दिया आपने मेरी सोई हुई प्यास जगा दी मैं इतनी छुडासी क्यों हो गयी मुझसे आप इस उम्र में पाप करवा रहे है

ठाकुर - तोह क्या तू अपने ठाकुर की रखेल बनेगी क्या तू मेरे को अपनी छूट फाड़ने देगी क्या तू मुझसे रंडी की तरह छुडवायेगी

झुमरी - हाँ जो करना हो कर लेना अब आपने मुझे मजबूर hi कर दिया है तोह मैं क्या करू?

झुमरी की बात सुनके ठाकुर ने अपना मुंह उसके बूब्स पे रख दिया और उन्हें चूसने लगा

झुमरी - और जोर से चूस अपनी झुमरी के दूध को ठाकुर और जोर से चूस अपनी रंडी झुमरी के दूधो को तेरी झुमरी आज से तुझे रोज़ अपना दूध पिलाएगी

ठाकुर - रोज़ पीयूंगा तेरे दूध मेरी रंडी झुमरी रोज़ मैं तेरे दूधो को दबा दबा के उनका दूध निकलूंगा

Jhumri...Aur जोर से चूस अपनी छिनाल झुमरी के दूध को ठाकुर खा जा अपनी रंडी झुमरी के दूध को

करीब आधे घंटे तक ठाकुर झुमरी के दूधो को बेरहमी से दबाता रहा और चुस्त रहा

ठाकुर - चल मेरी रंडी झुमरी अब अपना भोसड़ा दिखा दे देखु तोह तेरा भोसड़ा कैसा है चल जल्दी कर

Jhumri...bada हरामी है तू झुमरी से रंडी झुमरी पे आगया

ठाकुर - चल जल्दी कर दिखा मुझे अपनी बूर मैं भी तोह देखु मेरी रांड झुमरी की बूर कैसी दिखती है

ठाकुर - बात सुनके झुमरी ने अपने पोर्टकट का नाडा खोल दिया नाडा खुलते hi उसका पेटीकोट नीचे गिर गया

और ठाकुर को उसकी झांटो से भरी हुई बूर दिखी बूर के दोनों होंठ एक दम अलग अलग थे होते भी क्यों न 35 साल की खेली खायी चूड़ी हुई औरत थी वो 3 बच्चे इस भोसड़े से निकल चुकी थी ठाकुर ने बिना देरी की झुमरी की झांटो से भरी बूर पे हाथ रख दिया और उसकी बूर को मसलने लगा

करीब 2 सालो बाद झुमरी की बूर को किसी मर्द ने छुआ था

ऐसा आनंद मिले उसे काफी समय हो गया था क्यों की उसका पति हकुर की गुलामी से तंग आ कर 2 दाल पहले hi शहर चला गया था. और फिर लौटा नहीं था बस पैसे भेज देता था जिससे उसका गुजरा होता था. बाकि वो तो गाँव में काम करती hi थी खेतो में. झुमरी अपनी आंखें बंद कर ली

ठाकुर ने अपनी तीन उंगलिया उसके भोसड़े में दाल दी झुमरी की चीख निकल गयी . ठाकुर अपनी ऊँगली से उसके भोसड़े को छोड़ने लगा जब ठाकुर को लगा की वह झड़ने वाली है तोह ठाकुर ने अपनी ऊँगली निकाल लिया

झुमरी छटपटा के रह गयी

झुमरी - ओह्ह्ह्हह ठाकुर साब ऐसे आधे मत छोडो ऊँगली क्यों निकल ली छोड़ो मुझे छोड़ो अपनी इस रखेल इस रंडी को तुम मेरे साथ जो चाहे कर सकते हो लेकिन जल्दी से मुझे छोड़ के मेरी प्यास बुझा दो. तुम गलत थे ठाकुर मए रोज अपने पति का लुंड नहीं लेती क्यों की वो तो तेरे से दर के 2 साल पहले गाँव से भाग के शहर चला गया था. तब से मेरी ये छूट प्यासी है. बस अपनी ऊँगली दाल के अपनी प्यास बुझती हु, तो कभी मूली या गाजर दाल के आज तुम मेरी प्यास बुझा दो ठाकुर जल्दी करो.

“ ये सब अघोरी की शक्तियों का कमल था की झुमरी पागल हुई जा रही थी”

उसकी बात सुनते hi ठाकुर ने उसे पलंग पे धकेल दिया और अपना लुंड उसकी छूट पे सेट किया ………. अगर मेरी वजह से तेरी छूट प्यासी है तो आज मए hi इसकी प्यास बुझा दुगा. तुझे तो तभी मेरे पास आ जाना था मए तेरी प्यास अचे से बुझाता. बेकार में इतना खुद को तरसाया मेरी रंडी अब ले मेरा लौड़ा. इतना कह कर ठाकु ने झुमरी की दोनों टंगे हवा में फैला दी और अपना लुंड उसकी बुर पे रख कर एक धक्का मारा और आधा लुंड झुमरी की बूर में समां गया.

झुमरी को हल्का दर्द हुआ क्यूंकि उसकी बूर नहीं भोसड़ा था पहले वो खूब चूड़ी थी अपने पति से.

फिर ठाकुर ने पूरी ताक़त लगा के धक्का मारझुरी की चीख निकल गयी

ठाकुर का पूरा लुंड उसकी बूर में उतर के उसकी बच्चेदानी से जा टकराया

ठाकुर उसकी दर्द की परवाह किये बिना अपने अजगर से उसकी बूर को डसने लगा झुमरी मुंह दबाके रो रही थी कुछ देर बाद जब झुमरी का दर्द काम हुआ

Jhumri...thakur धीरे से नहीं दाल सकता था आह.. maa.…Meri बूर का भोसड़ा बना दिया चिथड़े उदा दिए मेरी बूर के

ठाकुर - क्यों मेरी रंडी कुटिया झुमरी मज़ा आ रहा है की नहीं इस ठाकुर से चुड़ते हुए

Jhumri....haan मुए बहुत मज़ा आरहा है ज़न्नत की aahhhhhhhhhhh सैर कर रही हूँ ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह्हह्हआआआआ धीरीईए कर नाआआआ

आआअह्ह्ह ठाकुर ऐसे hi छोड़ते रहो अपनी रंडी झुमरी की बूर को

Aaaaaaaaaaah मैं तोह वैसे hi नखरे कर रही थी अगर मुझे पता होता की ठाकुर मेरी ऐसी चुदाई करेगा , वो ऐसे छोड़ता है तोह मैं वैसे hi अपनी बूर खोल के तुझे दे देती और ज़ोर से छोड़ अपना रंडी कुटिया झुमरी को मुए और ज़ोर से छोड़ aahhhhhhhhhsasssssseeeeeeeeeeeeuuuuuuuuummmmmhhhh मजा आ रहा है ठाकुर छोड़ मुझे रगड़ के छोड़………

ठाकुर - .यह ले और ज़ोर से ले मेरी छिनाल झुमरी

और ठाकुर झुमरी के दूध पे थप्पड़ मारने लगा चुदाई के नशे में उसे भी दर्द नहीं हुआ लेकिन ठाकुर जब भी ऐसा करता उसकी हलकी आह निकल जातिअपनी रंडी झुमरी के दूध पे थप्पड़ मार मार्के लाल कर दिए

ठाकुर चाहता तोह उसे और बेरहमी से छोड़ सकता था लेकिन पहली चुदाई के बाद वह दर जाती और ठाकुर से कभी नहीं चुदती उसके सामने भी नहीं पड़ती इसी लिए ठाकुर उसे नोर्मल्ली छोड़ रहा था

Jhumri....Aah मुए इतना तगड़ा लुंड है तेरा मुझ जैसी खेली खायी औरत की फाड़ रहा है किसी कुंवारी की छूट की तोह बूम भोसड़ा aaahhhhhhhhhh बना देगा Aahhhhhhhhhhhhhh सेल ठाकुर छोड़ मुझे और ज़ोर से छोड़ मेरा भोसड़ा बहोत दिनों बाद झड़ने वाला है aahhhhhhhhhhmaaaaaaaaa छोड़ डाला रे ठाकुर ने मेरी छूट को छोड़ dalaaaaaaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiuuuuhh

ठाकुर - यह ले भोसड़ी की झुमरी और ज़ोर से ले झाड़ ले अपना भोसड़ा

और ठाकुर तूफानी धक्का मारने लगा

Jhumri....aaah ाः ाः ssssssssssseeeeeeeeeooooohhhhhhhhhhaaaaaaaa ऐसे hi छोड़ aaaaaaaahhhhhhhhhh मैं तोह गयी ाः मुबाआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

मेरा पति भी ऐसे नहीं छोड़ता था मुझे तूने तोह मुझे सच में अपनी रखेल बना लिया

ठाकुर - चल रंडी जल्दी से कुटिया बन जा अब तेरा ये मालिक तुझे कुटिया बनके छोड़ेगा

झुमरी- ले मुए बन गयी तेरी झुमरी कुटिया ले छोड़ ले अपनी बूर छोड़ी झुमरी का भोसड़ा

जैसे hi झुमरी कुटिया बानी ठाकुर ने उसके पीछे आ के अपना पूरा लुंड एक बार में उसकी गीली बूर में दाल दिया वह अपने मुंह पे हाथ रख ली और फिर ठाकुर तूफानी धक्के मारने लगा

ठाकुर - मेरी रंडी झुमरी मज़ा आ रहा है की नहीं कुटिया बन के छोड़ने में

Jhumri....haaan ठाकुर बहुत मज़ा आरहा है ओह ऐसे hi छोड़ और जोर से आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह छोड़ aahhhhhhhhhhhhhhhhhh छोड़ छोड़ छोड़ मुझे फाड् दे मेरी बुर को

ठाकुर - मेरी बूर छोड़ी झुमरी मुझे तेरी दोनों बहुओ को छोड़ना है

क्या तू मुझे उनकी बूर दिलवाएगी क्या तू अपने ठाकुर को अपने घर की साड़ी रांड बहुए भेट में देगी.

झुमरी - आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हहए बहुत कमीना हो गया है ठाकुर तू मुझसे मेरे hi घर की बहुए मांग रहा है आह आआआह sssssssseeeeeeeeeeeaaaaaaahhhhhhhh और ज़ोर से छोड़

ठाकुर - क्या तूने कभी अपनी बहुओ की बूर देखि है कैसी है उनकी बूर और उनकी चूची

झुमरी – आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह है ठाकुर मैं कोशिश करुँगी तू तोह लाज शर्म ाः सब ाः बेचके खा गया

ठाकुर - तूने बताया नहीं की तूने अपनी बहुओ में किसी की बूर देखि है की नहीं

ठाकुर झुमरी की बूर में तूफानी धक्के मारते हुए बोलै Aaaaaaaaaah मैंने बस बड़ी बहु (जेठानी) और छोटी बहु (देवरानी) की इन्ही दोनों की बूर देखि है बाकि किसी की नहीं देखि घर में

फिर ठाकुर झुमरी को अलग अलग पोजीशन में छोड़ता रह इसी बीच झुमरी दो बार और झाड़ चुकी थी

ठाकुर - ाः मेरी रंडी झुमरी मैं भी झड़ने वाला हूँ तेरी छूट में झड़ने वाला है

और ठाकुर झुमरी को बेरहमी से छोड़ने लगा साथ उसकी गांड पे थप्पड़ मार मार्के उसे लाल कर दिया

और कुछ hi धक्को के बाद ठाकुर झुमरी की बूर में hi झड़ने लगा

और उसके ऊपर hi ढेर हो गया .ऐसा छोड़ा था झुमरी को की वह अब ठीक से चल भी नहीं पाएगी

उसके बाद ठाकुर उसके ऊपर से उठ गया दोनों पसीने से लेथ पथ हो चुके थे

ठाकुर – झुमरी अब अगर तू यहाँ रुकी तो पूरी रत छुड़ेगी तू निकलना चाहे तो दो मिनट में निकल जा यहाँ से बाद में तू भीख भी मांगेगी तो भी नहीं जाने दुगा.

इतना सुनते hi झुमरी ने फटाफट अपने कपडे पहने और निकलने लगी

ठाकुर – मए तेरी बहुओ की बुर छोड़ूगा जरूर तैयार रहना मेरे बुलावे पे आ जाना वार्ना घर में घुस के सब को एक साथ नंगी कर के सब के सामने छोड़ूगा. चल जा अब.

झुमरी किसी तरह लड़खड़ाती हुई निकल गयी काफी रात हो गयी थी. ठाकुर बेचैनी से टहल रहा था फिर अंदर जाकर सो गया करीब आधी रात को उसे किसी ने उठाया. जब उसने आँखे खोली तो सामने किसी को खड़ा पाया.

ठाकुर – ……….तुम यहाँ……………………
 
झुमरी का इतनी जल्दी ठाकुर के नीचे आना सिर्फ झुमरी की हवस नहीं दिखता भाई, बल्कि इससे उस शैतान अघोरी की ताक़तों का भी नजारा मिलता है झुमरी ठाकुर के द्वारा गरम हुई लेकिन उसे ठाकुर के साथ हम बिस्तर होने को मजबूर करने वाली झुमरी की हवस नहीं थी ऐसा होता तो वो 2 साल इंतजार नहीं करती बल्कि किसी और के साथ अपनी तन्हाई दूर कर सकती थी इससे ये जाहिर हुआ के अघोरी की शैतानी शक्तिया कितनी पावरफुल है जो किसी को भी महज कुछ मिंटो में अपना गुलाम बनने को मजबूर कर सकती है और उसे पता भी नहीं चलता. सो इतस आल अबाउट aghori's ब्लैक पावर . और रही बात झुमरी की बहुओ की तो उससे पहले अभी जो बीच में ठाकुर का टकराव होना है देवा की टीम से उसे क्यों भूल रहे हो पहले उसका अंजाम तो सामने आ जाने दो. वेल आपके सपोर्ट के लिए बहोत बहोत धन्यवाद
 
राज़ भाई शायद ये आपकी टैग लाइन है के { अगर अपडेट स्लो पेस पे हैं तो थोड़ा स्टोरी का पेस बढ़ाओ वर्ण वही की वही स्टोरी रहेगी. ोथेरविसे अपडेट जल्दी देना शुरू कर दो.} थैंक्स फॉर यू काइंड सुग्गेस्टिव लेकिन यहाँ हम हर बात नहीं बता सकते के हम किन हालत से गुजर रहे है क्यों के यदि बताने बैठ जाये तो आप hi लोग ये कहेगे के यार इतनी प्रॉब्लम है तो पहले निपटा लो यहाँ बता के क्या फायदा होगा. लेकिन आप के दिए हुए सुग्गेस्टिव पर मए बताना चाहुगा के मए पिछले एक महीने से हॉस्पिटल्स के चक्करो में उलझा हुआ हु और छह कर भी यहाँ टाइम नहीं दे प् रहा हु स्टोरी को आगे बढ़ाना तो अलग बात है आपने लास्ट दो अपडेट से पहले देखा होगा के मए रीडर्स को रपल्य तक नहीं दे पाया था तो भाई आप लोगो को इंतजार करवाया उसके लिए मए अपने सभी रीडर्स को सॉरी कहता हु लेकिन ये मेरी आदत नहीं बल्कि मज़बूरी है ी होप यू आल अंडरस्टैंड माय प्रॉब्लम. पर ये बात भी अपनी जगह पे है के स्टोरी का जब तक थे एन्ड नहीं आएगा हम कही नहीं जायेगे. इतस ा प्रॉमिस. थैंक्स फॉर योर सपोर्ट.
 
आपकी बात सही है भाई लेकिन ठाकुर को आप भूल रहे हो मन की दोनों अपडेट में चुदाई hi थी मोस्टली लेकिन यहाँ ठाकुर को फिर से अपने पुराने रूप में वापस लाना भी दिखाया गया और उसकी हरकतों में कोई सुधर नहीं हुआ इतना सब होने के बाद यही सब दिखने का प्रयास किया है हमने. बाकि आप देव और गुरुम की बात कर रहे है तो देव के साथ आप लोगो ने अभी बहोत समय बिताया है और बाकि टीम का भी no. आने वाला है आगे. थैंक्स फॉर योर कमैंट्स.
 
बिलकुल सही, ठाकुर इस वक़्त खुद सामने हो कर भी खुद कुछ नहीं है वो जस्ट एक मोहरा या पपेट hi बन कर आया है लेकिन उसकी हरकते वही है. बल्कि उसके इरादे तो और भी ज्यादा खतरनाक है. क्यों की उसे अघोरी की मदद की जरुरत है . आगे के सन दिलचस्प होने वाले है जिसमे इनका टकराव भी होना है देव की टीम के साथ. थैंक्स फॉर योर सपोर्ट बीआरओ
 
हम सहमत है आपकी बात से किंग भाई ठाकुर की नियत और फितरत तो सब जानते hi है. लेकिन ये उसका एक तरह से पुनर्जन्म hi था को की देव ने तो उसे ऑलमोस्ट मार hi डाला था. पर चलिए जो अपडेट आने थे आ गए और आगे की कहानी आप सबका इंतजार कर रही है जिसमे सभी मिलेंगे देव एंड टीम जो तिलिस्म में है उन्हें छोड़ कर. और किस के साथ क्या होगा ये मेरे ख्याल से आप स्टोरी में hi जाने तो बेहतर होगा. यहाँ कह देने से आपका hi मजा ख़राब होगा. तो चलिए देखते है क्या होता है किस के साथ
 
मए खुद भी यही चाहता हु के सेक्स सन या तो इस स्टोरी में न हो या बेहद जरुरी होने पर hi हो. क्यों की ये कोई अडल्ट्री नहीं है. लेकिन हमारे कुछ रीडर्स को देव के सेक्स सन में अच्छा लगता है तो उनका ध्यान रखते हुए बीच में सन तो आएगा पर जबरदस्ती नहीं बल्कि स्टोरी की डिमांड पर. रही बात Naina जी की चॉइस वाले एक्शन सन की तो वो तो लगभग तैयार hi है. और आने hi वाला है. हम उस सन के साथ न्याय करने की पूरी कोशिश करेंगे लेकिन वो कितना बेहतर बन पाया इसका फैसला तो आप रीडर्स के हाथ में hi होगा. मए ये नहीं कह सकता के वो बेहतरीन होगा ये आप लोग तय करेंगे. पर Naina जी तो गायब हो गयी है उनका क्या?
 
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