अपडेट – 171
दिया – ठीक है देवा. मए वचन देती हु…………….
मए किसी से कुछ नहीं कहुगी जब तक तुम खुद नहीं बता देते सब को. लेकिन ये क्या मजाक है तू अपना परिचय मुझसे करवाएगा? क्या मए तुझे भी नहीं जानती?
देवा – नहीं, आप मुझे पूरी तरह नहीं जानती अब जानेगी………….
….तो सबसे पहले. हमारी नयी साथी चन्नो, यु तो ये ठाकुर के घर में काम करने वाले एक मजदुर की बीवी थी, लेकिन बाद में मेरी बहन बानी और अब गुरुम की होने वाली जीवन साथी. हमारी टीम की सबसे नयी, छोटी, लेकिन बेहद खतरनाक साथी. कई साडी अलौकिक शक्तियों की मालिक.
ये है गुरुम कभी ये अंडरवर्ल्ड का एक नामचीन अपराधी हुआ करता था, लेकिन जिसके उसूल आम इंसानो से कही अधिक मजबूत है एक भरोसेमंद साथी, दोस्त, भाई, और चन्नो का होनेवाला जीवन साथी. ये हमारी टीम का दूसरा साथी hae.iske पास भी कई साडी दिव्या शक्तिया है कुछ तो ऐसी शक्तिया है जो चन्नो के पास भी अब तक नहीं है.
ये है नागार्जुन यहाँ से हजारो मील दूर अनजान जगह पे बने नाग लोक का रहने वाला मायावी शक्तियों का मालिक एक खतरनाक जहरीला और गजब का फुर्तीला नाग. लेकिन मेरा दोस्त और हमारी इस टीम का साथी. इसकी चुस्ती फुर्ती का नमूना एक बार आप देख भी चुकी है , जब ठाकुर ने हमला करवाया था आप पर और पायल पर.
अब इनसे मिलिए, ये है शलाका नाग लोक से कुछ दूर बसी हुई तिलिस्म नगरी की छोटी राजमकुमारी. कई तिलिस्मी शक्तियों की जानकर बहोत जायदा बहादुर नागार्जुन की प्रेमिका और उसकी होने वाली बीवी. हमारी टीम की साथी. इसकी एक विशेषता और है वो भी बताता हु.
इनसे मिलिए ये है मेरा भाई जैसा जिगरी दोस्त रूद्र नागलोक का hi वासी है. ये एक बेहद खतरनाक महाकाय, बेहद विषैला इच्छाधारी और मणिधारी नाग है साथ hi लड़ाई की हर कला में माहिर, शूरवीर, बहादुर, फौलाद सा जिस्म है इसका. लेकिन दिमाग बच्चो जैसा मासूम, प्यार करता है तो जान लुटा देता है. लेकिन अगर कोई मुझे या इसके प्यार को तकलीफ दे तो उसकी जिंदगी जहन्नुम बनाने से पहले ये मुझसे भी नहीं पूछेगा. मौत की घाटी में भी ये बिना सोचे मेरे लिए कूद सकता है. ताक़तवर इतना की लोहे की सलाख को भी रुमाल की तरह कलाई पे लपेट सकता है. हम दोनों दोस्त एक बार मेरी गलती से बिछड़ गए थे लेकिन सिर्फ दुबारा मुझसे मिलने की खातिर इसने सेकड़ो साल की तपस्या की है. अपनी प्रेमिका और मंगेतर नीलम के साथ होने के बावजूद भी इसने शादी नहीं की क्यों की इसी ने एक बार कहा था हम सबकी शादी एक साथ एक hi मंडप में होगी. इस गधे ने उस बात को पूरा करने के लिए मेरा सेकड़ो सालो तक इंतजार किया और नीलम के साथ शादी नहीं की. ये भी इसकी प्रेम दीवानी इसे छोड़ न पायी और इसने भी उतना hi लम्बा इंतजार किया है अपने प्यार को पाने के लिए. ये मेरा दोस्त , मेरा भाई और हमारी टीम का अहम् हिस्सा है इस के बिना मए भी कुछ नहीं.
दिया तो हैरत के मरे मूर्ति सी बन गयी थी उसे देवा की बाटे किसी किताब की कहानी जैसी hi लग रही थी वो मुँह फाडे बस देव को टकटकी लगाए देखे जा रही थी और उस की बातो पर यकीन करने की कोशिश कर रही थी. जो कही से भी यकीन के लायक नहीं लग रही थी लेकिन देवा बोल रहा था तो यकीन न करने का कोई कारन भी नहीं था उसके पास.
देवा - ये नीलम है ये भी नागलोक की वासी है ये भोली भली खूबसूरत सी दिखने वाली लड़की कई मायावी शक्तियों की मालिक एक इच्छाधारी और बेहद खतरानक mani-dhari नागिन है, रूद्र का प्यार है ये, और रूद्र इसकी जान, जब रूद्र मुझसे बिछड़ गया और ग़मगीन हो गया तो मुझसे मिलने की खातिर तपस्या में लीं होने लगा तब ये भी इसके प्यार की मरी इसके साथ उसी तपस्या में बैठ गयी और सेकड़ो सालो की तपस्या में चली गयी अपनी जिंदगी के सेकड़ो साल इसने अपने प्यार की ख़ुशी के लिए लगा दिए. ऐसी है ये. रूद्र की मंगेतर और जल्दी hi उसकी होने वाली बीवी.
ये है रजनी अगर इसे ध्यान से देखो तो ये बाबू जी के दोस्त सुन्दर लाल जी की पत्नी है लेकिन वो इसका hi छाया रूप है जो कई सालो से इसीलिए उनके साथ थी क्यों की उसके जरिये ये बाबू जी और बाबू जी के जरिये मुझसे संपर्क बना सके क्यों की ये कही दूसरी दुनिया में कैद थी इसीलिए ये मुझसे सीधे टूर पे नहीं मिल सकती थी. और जब ये उस छाया रूप में आयी तब तो मए पैदा भी नहीं हुआ था बाबू जी के घर में. ये भी मायावी शक्तियों की जानकर है. और हमारी टीम की सदस्य भी.
अब मिलिए इनसे ये है तिलिस्म नगरी की बड़ी राजकुमारी पूनम तिलिस्मी नगरी में इनके बराबर तिलिस्म किसी को नहीं आता स्वयं इनके पिताजी को भी नहीं. राजकुमारी पूनम यानि मेरा सदियों का प्यार. जिसने मेरे लिए अपनी जान गवई और फिर से मेरे लिए जनम लिया. मुझे पाने के लिए. अभी मैने शलाका की एक विशेषता की बात कही थी. तो वो विशेषता ये है के शलाका और पूनम तिलिस्म नगरी में सगी बहने है. यानि दोनों hi तिलिस्म नगरी की राजकुमारिया है.
और सबसे आखिर में मए यानि आपका देवा……….
रूद्र – रुक बे कितना बोलेगा थकता नहीं है क्या? तेरा परिचय मए दुगा. है तो भाभी असल में ये है तो देवा सिंह hi आपका देवा, दीनानाथ और सावित्री जी का बीटा ये बात पूरी तरह सच है. लेकिन उतना hi सच ये भी है के ये नागलोक का एक इच्छाधारी, मणि धरी, स्वर्ण मणि धरी, मायावी शक्तियों का जानकर, एक खतरनाक योद्धा, पूनम का सदियों का प्यार, रूद्र का सदियों से बिछड़ा हुआ बचपोगं का दोस्त, महाराज भैरव सिंह और महारानी नीलमणि का एकलौता प्रिय पुत्र युवराज देव सिंह एक महा नाग, इच्छाधारी है ये.
दिया को ये साडी बाते सुन कर चक्कर आने लगे तो उसने वही दीवार का सहारा ले लिया और अपना सर पकड़ लिया.
थोड़ी देर के बाद जब उसने आँखे खोली तो सब अपनी अपनी नगरी की वेश भूषा में उसके सामने खड़े थे. सिर्फ गुरुम और चन्नो hi सामान्य कपड़ो में थे.
ये सब देख कर दिया की आँखों से आंसू निकलने लगे. उसने हाथ जोड़ दिए और देवा के पैरो में बैठ गयी
दिया - मए नहीं जानती आप लोग कौन हो लेकिन प्लीज मेरे देवा को वापस लौटा दो हम लोग उसके बिना मर जायेगे. वो कहा है. कही आपने हमारे देवा को मर तो नहीं दिया मुझे उसे देखना है.
देवा तुरंत अपने सामान्य रूप में आ गया और दिया को कंधो से पकड़ के उठा दिया.
देवा – भाभी ये आप क्या कर रही है मए hi आपका देवा हु.
दिया - नहीं राजकुमार मेरा देवा तो बहोत सीधा सदा है उसका इन सब बातो से कोई मतलब नहीं उसे वापस कर दीजिये प्लीज मए आपके हाथ जोड़ती हु.
देवा - भाभी आप क्या बोल रही है कोई दूसरा देवा है hi नहीं मए hi आपका देवा हु. यद् है जब आप शादी कर के आयी थी तो मए hi आपका हाथ पकड़ के आपको घर के अंदर तक लाया था. और फिर आपने प्यार से मेरा गाल सहलाया था तो मए शर्मा के भाग गया था.
दिया - है मुझे यद् है. लेकिन ये सब तुम कैसे जानते हो?
देवा – अरे यार मए हु तो मुझे hi नहीं पता होगा क्या? मए कह रहा हु न जो रूद्र ने मेरे बारे में बताया वो सब तो सच है hi लेकिन ये भी सच है की मए hi आपका देवा हु. और ये पूनम भले hi तिलिस्म नगरी की राजकुमारी है लेकिन यही असली पूनम भी है. पद्मा काकी की बेटी. असल में हम दोनों का पुनर्जन्म हुआ है. रुको मए आपको सब कुछ शुरू से बताता हु फिर आप सब समझ जाएगी. आपको याद है. मए पहले कैसा था इसी ज्योति ठाकुर ने मुझे चांटा मार दिया था और मए कुछ नहीं कर पाया था. उसी दिन मुझे फ़कीर बाबा मिले वो कौन है आगे पता चल जायेगा आपको. उन्होंने मुझसे बात की फिर मए और माँ मां के घर गए थे. बस जिस दिन हम लौट रहे थे उसी दिन से साडी शुरुआत हुई. मेरे अंदर नयी ताक़त फ़कीर बाबा ने जगाई. मुझे साधना में बैठ कर पूरी शक्तिया जगाने के लिए कहा और फिर…………….
देवा दिया को सब बताता चला गया. और साडी बात सुन कर दिया की आँखों से आंसू निकल पड़े. वो बिना कुछ सोचे देवा के सीने से लग गयी. और आंसू बहाने लगी वह मौजूद सबकी आँखे भर आयी थी.
देवा ने दिया को शांत करवाया. – बस भाभी यही है मेरी कहानी.
दिया - तो इसका मतलब पिछले करीब 7 महीनो से तुम तिलिस्मी चक्र में थे और साथ में ये पूनम, रूद्र, और नीलम, रजनी भी?
रजनी - भाभी मए तो वही कैद थी जब देवा आया तभी तो मुझे वह से मुक्ति मिली है तो मए भी वही से इनके साथ हो गयी.
दिया – मतलब मेरा देव सचमुच का राजकुमार है. मए बहोत खुश हु तेरे लिए देव और भाग्यसहली है तेरे माता पिता जिनके घर में तूने जनम लिया. भाग्यशाली है ये पूनम जिसका तू सुहाग बनने जा रहा है. भाग्यसहली होगा वो बच्चा जिसकी रगो में तेरा खून होगा.
पूनम – फिर तो आपकी कोख में पल रहा बच्चा भी भाग्यवान hi है न भाभी. क्यों की उसमे भी तो वही खून है जो देव की रगो में है.
दिया ने चौंक कर पूनम की तरफ देखा और उसकी नजरे झुक गयी और झुकी नजरो से hi उसने कहा
दिया - क्या मतलब पूनम ............?