Fantasy इच्छाधारी देव - Page 5 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

अपडेट - 34

फिर देवा सब वक़्त पे छोड़ कर नींद के आगोश में चला जाता है………………….

और 4 बजे उठ कर अपनी पावर्स को बढ़ाने में लग जाता है. जिसमे उसे अपने अंदर एक बहोत hi ज्यादा चमकदार चीज़ दिखाई देती है. देवा उसकी चमक को सहन नहीं कर प् रहा था. वो कोई बहोत बड़ी शक्ति थी शायद. उसे पाना तो दूर की बात है. देवा बहोत कोशिशों के बावजूद उस तक नहीं पहुंच प् रहा था.

आखिर उसने अपनी आँखे खोली और फिर तैयार होने चला गया. और 7 बजे तक वो रेडी हो कर टेरेस पे गया तो देखा के वह पे साडी लेडीज पूनम भी गयम में लगी हुई थी.

सभी ने स्पोर्ट्स ब्रा और टाइट शॉर्ट्स पहन रखे थे. जिसमे उनकी गोरी चिकनी जंघे चमक रही थी. और स्पोर्ट्स ब्रा से सभी के आधे से ज्यादा गोर गोर बूब्स बहार गिर रहे थे सभी का बदन hi खतरनाक था जिस में से देवा सावित्री और दिया को तो नंगा देख hi चुक्का था. लेकन उसे पूजनम और पायल भी बेहद खूबसूरत लग रही थी. जिससे उसका लोढ़ा खड़ा होने लगता है.

तभी देवा की नजर पूनम से टकराती है. तो पूनम उसे खा जाने वाली नजरो से देख रही थी. देवा कान छू कर सॉरी बोलता है और दूसरे साइड जा के बहार देखने लगता है.

और फिर जब सब लेडीज फ्री होती है तो देवा भी उन के साथ नीचे आ जाता है और फिर नाश्ता कर के रामु को देने वाला पूरा सामान गाडी में रख कर पूनम के साथ उस के घर जाता है जहा देवकी भी बस तैयार hi थी. जैसे hi देवा वह पहुँचता है सामने पद्मा नजर आती है जो झुक कर आँगन में झाड़ू मार रही थी. उसकी उभरी हुई गांड देख कर सुबह सुबह देवा का लुंड खड़ा होने लगता है और लुंड को जीन्स में एडजस्ट करता है. जो की यहाँ पूनम और अंदर से देवकी देख लेती है और अपनी अपनी जगह दोनों hi मुस्कराने लगती है.

पूनम धीरे से - देव ये हमारी माँ है इन्हे तो बक्श दे.

देवा सकपका कर – क्या पूनम तुम भी न मैने कहा कुछ किया?

पूनम – हो सके तो करना भी नहीं.

देवा –और अगर पद्मा काकी ने खुद hi हाथ बढ़ाया तो?

पूनम - फिर तुम्हे मेरी तरफ से भी छूट है.

देवा – यू अरे ग्रेट पूनम . अब चल अंदर वर्ण यही पकड़ कर तुम्हरे होठ चबा जाउगा.

पूनम तुरंत आगे बाद जाती है. तब तक पद्मा भी सीढ़ी हो जाती है और देवा को देख कर शर्माने लगती है. उसे कल रत वाली देवकी की बाते याद आ रही थी. उस के बाद सब अंदर आते है.

देवकी - आ गए तुम लोग. बैठो देवा चाय पी लो फिर चलते है.

देवा – नहीं काकी अभी घर से नाश्ता कर के hi आये है हम लोग. इसलिए चाय रहने देते है. अगर आप तैयार है तो चले?

देवकी - अरे मुझे क्या तैयार होना है. मए कोई नयी दुल्हन थोड़ी hi हु. बस अपना बैग लेना है और चल पांडा है.

देवा – तो फिर चलिए.

फिर देवकी पहले पूनम से गले मिलती है और फिर पद्मा के गले लग के उस के कान में. मेरी बात यद् रखना आज तो इसे मए अपने ऊपर चडौगी तू भी जल्दी कर ले कही इसे पूनम का चस्का पद गया तो फिर ये हम जैसी बुडियो की तरफ देखेगी भी नहीं.

पद्मा मुस्करा के है में गार्डन हिला देती है. फिर देवकी और देवा निकल पड़ते है रर में देवकी के घर.

गाड़ी में देवा और देवकी दोनों अकेले hi थे तो देवकी कुछ फ्री हो के बैठी थी वैसे भी गाड़ी के शीशे चारो तरफ से ब्लैक hi थे जिससे आजु बाजु तो छोडो फ्रंट गिलास से भी बहार वाले को अंदर का नहीं देख सकता था. लेकिन अंदर से बहार तो देखा जा hi सकता है नॉर्मली. इसी बात का फायदा उठा के थोड़े देर बाद देवकी ने अपनी साड़ी क ापल्लु नीचे कर दिया और देवा के सामने देवकी के बूब्स जो आधे ब्लाउज से बहार थे दिखने लगते है.

देवा – क्या हुआ काकी कल की चुदाई से जी नहीं भरा क्या?

देवकी - अरे तुझसे तो मेरा जी कभी नहीं भर सकता तू है इतना मस्त

देवा – मए या मेरा लोढ़ा?

देवकी - दोनों

देवा – पर अब ये पल्लू हटा के मेरा क्यों खड़ा कर रही हो सुबह सुबह

देवकी ने तुरंत देवा का लुंड जीन्स के ऊपर से पक्स्ड के सहलाना शुरू कर दिया……….

देवकी - तेरा मए क्या खड़ा करुँगी देवा , तेरा लुंड कभी बैठता भी है? कितना बेरहमी से छोड़ा था कल पता नहीं मेरी पूनम का क्या हाल करेगा . जरा ध्यान रखना वो एक नाजुक काली है. मेरी तरह खेली खाई नहीं है वो.

देवा – अरे काकी आप तो उसे तभी से जानती हो जब से वो पैदा हुई पद्मा काकी के यहाँ . लेकिन मए तो उसे सेकड़ो सालो से जनता हु. सदियों पुराण प्यार है हमारा. मुझे उसकी फ़िक्र हमेशा रहेगी. और उसे मए रगडुगा नहीं बल्कि प्यार करुगा.

देवकी – चुप कर मजनू कही का बड़ा आया सदियों पुराने प्यार वाला. और उसे प्यार करेगा तो क्या रगड़ने के लिए हम hi मिले है. अरे देवा चाहे औरत हो या कोई लड़की जब तक उसे रगड़ा न जाये मजा नहीं आता. प्यार अपनी जगह पे पर चुदाई के समय प्यार से नहीं बेरहमी से hi दोनों को सही मजा मिलता है.

देवा – अच्छा काकी आप बोलती है तो उसे रगडुगा भी आप बोलो तो अभी चल कर उसे भी ले आते है. फिर वापसी में जब मए और पूनम अकेले होंगे तो रगड़ दुगा यही गाडी में.

देवकी - चुप कर. मए ऐसा नहीं कह रही मए तो ये कह रही थी के बिन बाआप की बच्ची है. उसे जिंदगी भर प्यार देना. बहोत मासूम है वो. भले hi वो मेरी सगी बेटी नहीं लेकिन सगी बेटी से काम भी नहीं.

देवा ने तुरंत अपनी जीन्स का बटन और चैन खोल दी. जिससे उसका लुंड बहार आ गया एक डैम तना हुआ.

देवा – अब उसे छोडो इसका कुछ करो ये तो खड़ा हो गया न. कही आपके गाँव में पहुंचते hi किसी गे पर न चढ़ जाये ये सैंड.

देवकी मुस्कराते हुए – अरे इसे अगर कोई गे पसंद आ गयी तो उसकी पूँछ मए उठा दूगी जिससे के ये उसकी बुर फाड़ सके. वैसे आजतक मुझे मेरे गाँव में तेरे जैसा सैंड नजर नहीं आया. लेकिन दुधारू गाये बहोत है. तू यही रुक जा रोज नयी गे मिल जाएगी.

देवा – अरे काकी अब तो तुम्हरे घर आते hi रहना है. धीरे धीरे साडी गे चुद जाएगी इस सैंड से पर अभी तुम इसे शांत करो.

देवकी चरण नीचे झुक कर देवा का लुंड मुँह में ले लेती है. और चूसने लगती है. थोड़ी hi देर में देवा के ऊपर भी नशा चढ़ने लगता है. तो वो गाडी स्लो कर देता है. और देवकी का ब्लाउज खोल देता है जिससे उसकी बड़ी बड़ी चूचिया बहार आ जाती है. देवकी भी झट से उठा कर अपना ब्लाउज निकल कर ऊपर से नंगी हो जाती है. देवा देखता है के देवकी के बूब्स अभी तक लाल थे कल की म्हणत का असर अब तक था उसके चुचो पर.

………. देवा जोर जोर से देवकी के बूब्स दबाने लगता है. और फिर गाड़ी एक जगह छाँव में लगा देता है दूर दूर तक कोई नहीं था.

देवा देवकी को सीधा कर के उसके चुके दबा दबा के चूसने लगता है और उसके निप्पल को कभी कभी दातो में दबा के हलके हलके चबा भी रहा था .

फिर उसने हाथ बड़ा के देवकी की साड़ी ऊपर कर के अपनी एक ऊँगली देवकी की रास बहती बुर में घुसेड़ दी तो देवकी अपने दातो से अपने होठ काट के सिसक पड़ी

Uuuuuuuuuuuuuummmmmmmmmmmmhhhhhhh देवा क्या कर रहा है. ये बीच रस्ते में गाडी क्यों रोक दी छोड़ मेरी बुर और गाड़ी चला न.

देवा अपनी ऊँगली तेजी से आगे पीछे करने लगता है. और देवकी की बुर छोड़ने लगता है. एक हाथ से बुर छोड़ रहा था तो दूसरे हाथ से बूब्स दबा रहा था और दूसरा चुका चूस भी रहा था. देवकी की हालत तीन तरफ के हमले से ख़राब होने लगती है वो भी तेजी से देवा का लुंड चूसने लगती है.

तभी देवा बहार देखता है उसे कोई नजर नहीं आता वो वैसे भी ये गाँव की बहरी सड़क थी इस पर जयादा भीड़ रहती नहीं थी. और इस वक़्त तो बिलकुल खली thi.deva झट से गाडी का देवकी की तरफ का दूर खोल देता है.

देवकी - क्या कर रहा है देवा कोई देख लेगा तो बड़ी बदनामी होगी.

देवा – बाते मत करो जल्दी से पीछे वाली सीट पे जाओ काकी आज तो खुली सड़क पे छोड़ूगा तुझे.

देवकी भी झट से उतर के पिछली सीट पे चली जाती है. और साड़ी उठा के लेट जाती है अब उसे भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था. देवा भी बहार आता है और गाड़ी से बहार खड़े हो कर देवकी को सीट पे लिटा देता है देवकी की बुर अपने hi पानी से चमक रही थी. देवा उसके पैरो को चौड़ा कर के उसकी छूट चाटने लगता है . अभी कुछ hi देर हुई थी के देवा की खुरदुरी जबान को देवकी सह नहीं पाती और जहद जाती है……

………oooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhh देवा aaaaaaaaaaaaaaaa kyaaaaaaaaaaaa कर दिया रे मए तो gayiaaaaaaaaaaaaahhhhhhh

छूट रास पिने के बाद देवा ऊपर हो गया और देवकी की छूट पर आपने लुंड रगड़ने लगा.

देवकी लुंड का एहसास अपनी छूट पर पते hi गरम होने लगी और अपनी कमर को झटके देके लुंड अंडर लेने की कोशिश करने लगी. देवकी की हरकत को देख कर देवा ने एक हाथ से लुंड पकड़ा और दूसरे हाथ से देवकी की जांघ को पकड़ लिया और एक जोरदार धक्का छूट में लगा दिया.

लुंड छूट को चीरता हुआ 6" अंदर घुस गया. और देवकी की दर्द से जोरदार चीख निकली देवकी तड़पने लगी और उसका शरीर कपङे लगा. देवा देवकी का दर्द काम करने के लिए किश करते हुए निप्पल्स को मसलने

लगा. क्लाइटोरिस को भी मसलने लगा कुछ hi देर में देवकी का दर्द काम हो गया और वो अपनी कमर को हिला कर झटके मरने लगी. तो देवा ने देवकी के चुके दबाने चालू कर दिए जिससे देवकी की छूट बहुत गीली हो गई तो देवा ने फिरसे एक hi धक्के में आपने पूरा लुंड देवकी की छूट में उतर दिया और देवकी की चुदाई सुरु कर दी.

देवकी तो बस - यह यह यह यह यह यह हा ऐसे hi छोड़ मुझे जोर जोर से देवा बहोत मजा आ रहा है. aaaaaaaaahhhhhhhhhhh uuuuuuiiiiiiiiiiiimmmmmmmmmmaaaaaa एक तो सूखा hi घुसा दिया मेरी बुर में अंदर तक छील गयी कल से hi जख्मी थी और घुसा दिया तूने, आआआआह्ह्ह्ह छोड़ छोड़ छोड़ देवा ओह्ह्ह्हह्ह मेरी माआआ मुझे ऐसा पति क्यों नहीं दिलवाया जो हर वक़्त मेरी छूट ऐसे hi fadeeeeeeeeeee हहहहाआआअह्ह्ह्हह्म्म ममम म्मूउऊउउउउठह्ह्ह्ह छोड़ मेरे राजाआआ फाड् दे अपनी काकी की बुर को

देवकी 5 मं में hi झाड़ गई. देवकी के झाड़ जाने से देवा का लुंड अब आसानी से छूट के अंदर बहार हो रहा था. पूरी कार बहोत तेजी से झूले की तरह हिल रही थी. और नरम सीट पर देवकी गांड उठा उठा के देवा का लुंड अपनी बुर में ले रही थी और बस सिसकिया निकल रही थी. देवकी के 3 बार झाड़ गयी थी लुंड लेने के बाद अब देवा भी अपनी मंजिल पे पहुंचने hi वाला था करीब 40 ममिनट से देवा छोड़ रहा था एक hi स्टाइल में जो की देवा को पसंद नहीं था. अगर कमरा होता तो अब तक पता नहीं देवकी को कितने तरीको से पलटा पलटा के पेल चूका होता, पर कार में मुमकिन नहीं था ज्यादा. देवा ने भी आखरी के धक्के जोरदार मरने शुरू किये और देवकी की छूट में अपना गरम माल छोड़ने लगा.

देवकी ने देवा के लुंड से निकले गर्म वीर्य को अपनी छूट की गहराइयों में महसूस करते hi एक बार और झाड़ गई. और अपनी छूट को पूरा सिकोड़ लिया जिससे देवा का लुंड भी पूरा निचुड़ गया.

कुछ देर के बाद देवा ने अपना लुंड देवकी की बुर से निकला देवकी की बुर तो फूल के डबल रोटी हुई पड़ी थी. कल की चुदाई से ठीक हुई hi थी के सुबह सुबह फिर चुद गयी . देवा का लुंड अभी भी आधा खड़ा था देवकी ने झट से उठ कर देवा का लुंड पकड़ लिया और उसे चाट चाट के साफ़ करने लगी और उस पर लगी मलाई को चाट के खा गयी.

फिर देवकी भी बहार निकल आयी और अपने कपडे सही करने लगी. तो देवा साइड हो गया और झाड़ियों में मूतने लगा. कुछ hi देर में देवकी भी वह पहुंच गयी और देवा जहा खड़ा मूट रहा था. देवकी भी वही बैठ गयी और. मूतने लगी, फिर दोनों ने कार से बोतल निकल के मुँह धोया और वापस उनका सफर शुरू हो गया.

देवकी - क्या देवा तू थकता नहीं क्या. मैने तो सोचा था 10 मिनट के अंदर छोड़ देगा पर तू भी न, चढ़ता है तो निचोड़ के hi रख देता है मुझे तो नींद आने लगी है. मए सो रही हु.

देवा – ठीक ऐ काकी आप सो जाइये मए उठा दुगा.

फिर देवा एक बड़ा देता है और लाइट म्यूजिक चला देता है थोड़ी hi देर में देवकी को वही बैठ बैठ नींद आ जाती है. और देवा गाड़ी चलता रहता आहे. कोई 2- 2.30 घंटो में वो देवकी के गाँव पहुंच जाता है.

देवा – काकी ………… ो काकी उतरो भी कितना सोवोगी?

देवकी - क्या है देवा सोने दे न.

देवा – काकी गाँव आ गया है

देवकी ये सुन कर तुरंत उठ जाती है. – क्या इतनी जल्दी?

देवा – काकी हमें कोई बस की तरह रुकते हुए आराम से नहीं आना था हमें 3 घंटे का सफर किया है ½ घंटा चुदाई के पहले किया था और बाकि का सफर चुदाई के बाद.

देवकी - देवा थोड़ा गाड़ी वह छाँव में रोक दे.

देवा गाड़ी रोकता है तो देवकी उतर के फिर से मूतने चली जाती है और फिर देवकी मुँह धो के पानी पीती है और फ्रेश हो कर गाड़ी में बैठ जाती है. तो देवा घर की तरफ गाडी बड़ा देता है. ये लोग करीब 12 बजे तक देवकी के घर पहुंच जाते है.

देवकी बैग उठाने लगती है तो

देवा – अरे काकी आप रहने दो मए ले चलता हु. अब यहाँ मए आपका बॉयफ्रेंड नहीं पायल का भाई हु और आप पायल की होने वाली सास.

देवकी - अकेले में मिल बताती हु तुझे के तू मेरा क्या लगता है.

इतना कह कर देवकी अंदर आ जाती है. और देवा भी पीछे पीछे आ जाता है.

देवकी का घर भी अच्छा बना हुआ था पक्का और बड़ा माकन था, लेकिन गाँव के हिसाब से था. जिसमे देवकी के परिवार के आलावा उस के देवर का परिवार भी रहता था. यानि उसका देवर घनश्याम जो के एक दुबला पतला सा आम शख्स था, उसकी पत्नी उर्मिला जो की एक भरे पूरे बदन की मालकिन थी कोई 36,34,38 के फिगर वाली गोरी चिट्टी औरत, उनकी कोई औलाद नहीं थी. यानि अब तक इस घर का वारिस सिर्फ रामु hi था. घर में पहले एक हॉल फिर हॉल से लगा हुआ किचन और तीन कमरे जहा एक देवकी का कमरा था , उसके बाद उर्मिला का. फिर रामु का कमरा लेकिन रामु ने कुछ hi दिन पहले दो कमरे ऊपर भी बनवा लिए थे भविष्य का सोच कर इसीलिए वो ऊपर hi सोता है, और नीचे वाला कमरा गेस्ट के लिए खली hi रहता है. बहार आँगन में लेट बाथ एक साथ आत्ताच hi बने हुए है यानि पूरा परिवार आंगन में बने बाथरूम का hi उपयोग करता है जिस पर के एक पर्दा सा टेंगा हुआ है.

देवा हॉल में आ कर बैठा hi था. और देवकी अंदर चली गयी अपने रूम में बैग लेकर, आती हु कह कर..

तभी देवा को भी पेशाब आने लगती है और वो उठकर बहार बने बाथरूम में आता है. जहा पर्दा टेंगा हुआ था. देवा अंदर जाकर अपनी पूरी जीन्स खोल कर अपना प्रेशर से खड़ा लुंड बहार निकलता है. और आराम से मूतने लगता है. तभी उस के कानो में आवाज़ आती है.

……अरे दीदी आप कब आयी. मैने तो देख hi नहीं .

देवकी - बस अभी hi आयी हु उर्मिला तू शायद अंदर थी.
 
अपडेट – 35

देवकी - बस अभी hi आयी हु उर्मिला तू शायद अंदर थी………….

उर्मिला - है दीदी मए अपने कमरे में थी. अच्छा मए आती हु. जरा……..

देवकी - समझ गयी तू हो आ फिर बाटे करते है.

उर्मिला अपनी पायल खनकती हुई सीधे बाथरूम में घुस आती है जहा देवा आंखे बंद किये मूट रहा था. उसकी जीन्स जांघो तक नीचे थी और अपने चौड़े हाथ से अपना खड़ा लुंड पकड़ कर मूट रहा था जिसकी धार भी काफी दूर तक जा रही थी.

उर्मिला की तो आँखे फैट जाती है ये पूरा सन देख कर. वो बिना पलके झपकाए देवा का मोटा और लम्बा लुंड देख रही थी. जो के इस वक़्त प्रेशर की वजह से आधा खड़ा था. इस वक़्त वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में hi थी देवा का लुंड देख कर उसके पसीने छूटने लगते है . तभी देवा आँखे खोल कर देखता है, तो उसे रमिला नजर आती है देवा भी उसे देखता रह जाता है गोर बदन पे सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट. चिकनी कमर और गहरी नाभि देख, साथ hi उर्मिला के ब्लाउज से झांकते गोर गोर बूब्स. ये सब देख कर देवा का लुंड और अकड़ जाता है, देवा बिना जीन्स चढ़ाये थोड़ा आगे आकर उर्मिला को आवाज़ लगता है.

देवा – hello…….. अरे आप कहा खो गयी मेरी बात का जवाब तो दो……. अरे सुनाई नहीं देता क्या………

पर उर्मिला तो देवा के लुंड को hi देखने में खोयी हुई थी. तभी देवा भी उसका बड़ा सा बूब्स अपने हाथ में पकड़ कर जोर से मसल देता है.

उर्मिला .- uiiiiiiiiiiiiimmmaaaaaahhhhhh

देवा - कहा खो गयी आप? अगर देख चुकी हो मेरा लुंड तो जीन्स चढ़ा लू ऊपर?

उर्मिला झेंप जाती है - ये क्या बदतमीजी है कौन है आप और यहाँ क्या कर रहे है.

देवा – पहली बात तो ये बदतमीज़ी नहीं प्राकृतिक जरुरत है. दूसरी बात यानि मए पेशाब कर रहा था. आप hi खो गयी थी आपको आवाज़ भी लगायी आपने सुना hi नहीं तो आपका चुका पकड़ के दबाया और आपको होश में लाया

उर्मिला मुस्कराते हुए – पहले अपनी पेण्ट तो चढ़ा लो कब तक इस अजगर को बहार लटकाये रखोगे.

देवा – ये सिर्फ बिल में जाकर आराम करता है और इतना खूबसूरत बिल सामने है तो ये पेण्ट में कैसे जायेगा?

उर्मिला - बिल में जाने का भी समय होता है के नहीं. वैसे तुम हो कौन ?

देवा – मेरा नाम देवा है मए देवकी काकी को गाँव से लेकर आया हु वह पद्मा काकी हमारी पड़ोसन है. तो देवकी काकी से भी हमारी पहचान है.

उर्मिला - अच्छी बात है आप अंदर चलिए मए नाहा के आती हु.

देवा – वैसे कोई मदद चाहिए नहाने में तो मए रुक सकता हु.

उर्मिला – पहली hi मुलाकात में मुझे नहलाओगे क्या?

देवा – मए देर करने में विश्वास नहीं रखता.

उर्मिला - जाओ अंदर कही दीदी आ गयी तो सब सपने यही टूट जायेगे आपके. मए आती हु थोड़ी देर में.

देवा – ठीक है जैसे आपका होकुम

और देवा बहार निकल आता है. तो देखता है के देवकी अंदर किचन में कड़ी चाय बना रही थी. देवा भी वही चला जाता है.

देवकी – अरे कहा चले गए थे. तुम्हे तो मए हॉल में बिठा कर गयी थी न?

देवा – वो काकी जरा गाडी को लॉक करने चला गया था. फिर बहार hi रुक गया हवा अच्छी चल रही थी न.

देवकी - अच्छा अब तू बहार बैठ मए चाय नाश्ता लती हु.

देवा देवकी के चुके दबाते हुए - चाय छोडो दूध पीला दो.

देवकी धीर से - uiiiiiiiiiimaaaaaaasssssss इतनी जोर से क्यों दबा रहा है. कल से छोड़ रहा है जी नहीं भरा तेरा मुझसे?

देवा – सच कहु तो नहीं, तुम अभी है कहो तो मए साड़ी उठा के पेल दू. ……… इतना कह कर देवा साड़ी के ऊपर से hi देवकी की गांड में अपना लुंड सत्ता कर एक हल्का सा धक्का मर देता है.

देवकी भड़क उठती है. – ऊऊऊह्ह्ह्हह्ह देवा तू तो पागल hi कर के छोड़ेगा मुझे. अभी नहीं रात को जो करना हो कर लेना अभी छोड़ दे बीटा मेरी देवरानी नहाने गयी है, वो देख लेगी न.

देवा – तो क्या हुआ उसे भी तुम्हारे सात hi लिटा के छोड़ दुगा जब उसकी बुर में मेरा लोढ़ा घुसेगा तो उसकी जबान खुद hi बंद हो जाएगी,

देवकी - है छोड़ लेना उसे भी मए नहीं रोकूंगी पर अभी मुझे छोड़ दे मेरे राजा, जा बहार मए आती हु.

देवा भी समझ जाता है के ये सही वक़्त नहीं गरम होने का क्यों की मिलना कुछ नहीं है अभी उल्टा खड़ा लुंड परेशां hi करेगा. वो देवकी के गाल को चुम के बहार आ जाता है.

थोड़ी hi देर में देवकी चाय के सात नाश्ता भी बना के ले आती है. और देवा को दे देती है. और वो दोनों बैठ कर नाश्ता करने लगते है. . तभी उर्मिला भी नाहा के आ जाती है. उसे पता चल चुक्का था के देवा है घर में तो वो पूरे कपड़ो में निकलती है और गीले बालो को झटकते हुए . देवकी के पास आ कर बैठ जाती है.

उर्मिला - दीदी ये कौन है मैने पहचाना नहीं इन्हे.

देवकी - अरे ये पद्मा के पड़ोस में रहते है नाम है देवा वह के बहोत बड़े आदमी है. मेरे तो बेटे जैसा hi है मए इन्ही के साथ आयी हु. और एक मजे की बात सुनो अपने रामु की शादी इनकी बहन पायल से तय कर दी है मैने

उर्मिला - अरे वाह उस हिसाब से तो ये समधी hi हुए न?

देवकी - है जरूर पर उससे पहले ये मेरा चाहता है.

उर्मिला अगर आपका चाहता है तो हमारा भी चाहता hi बनेगा ये. क्यों देवा?

देवा – जी है बिलकुल क्यों नहीं लेकिन मुझे चाहता बनाना आसान नहीं है बहोत म्हणत करनी पड़ती है.

देवा की ये बात सुन कर देवकी अपनी समझ से हसने लगती है और उर्मिला अपनी समझ से .

उर्मिला - चलिए अच्छी बात है मए म्हणत भी कर लगी मुझे मंजूर है. ……….. इतना कह कर वो नशीली आँखों से देवा को देखती है.

देवा देवकी से – काकी अब आप मुझे मत कहना के मैने उर्मिला जी को परेशां किया. हक़ भी बनता है .

देवकी भी डबल मीनिंग में hi जवाब देती है – अरे जब तुम्हे परेशानी नहीं और उर्मिला भी खुद तुझसे परेशां होना चाहती है तो मए कौन होती हु बुरा मैंने वाली . मुझे तो ख़ुशी hi होगी अगर तू इसका भी चाहता बन जाये.

उर्मिला - चलिए आप लोग बाटे कीजिये मए आती हु.

उर्मिला उठकर अपने कमरे में चली जाती है तैयार होने देवकी भी किचन में जाने लगती है.

देवा – काकी मए जरा आपके खेतो से होकर आता हु.

देवकी - तुझे कैसे पता हमारे खेत कहा है?

देवा – अनादर वाले खेत ढूँढ लिए तो क्या बहार वाले नहीं धुंध पाउगा? आप चिंता मत करो मए पहुंच जाउगा. और रामु के साथ hi आउगा.

देवकी हंस कर -ठीक है जा

देवा - बहार आता है और पैदल hi निकल पड़ता है एक दो जगह पूछता है तो उसे मालूम हो जाता है और फिर देवा पहुँचता है सीदा रामु के खेत में जहा थड़ी भीड़ भाड़ थी.

देवा जल्दी से वह पहुँचता है तो कोई उसे बताता है के ये साहूकार है जो अपने पैसे लेने आया है. अपने लठेतो के साथ आज तो रामु गया बेचारा.

देवा का दिमाग ख़राब हो जाता है वो आगे बढ़ता है और देखता है के एक गुंडा टाइप पहलवान रामु का कलर पकड़ के खड़ा था.

गुनद 1 – देख बे सेल हमें कोई मतलब नहीं तेरी फसल से. हमें तो आज hi पैसे चाहिए वो भी पूरे 30 हजार वो देख रहा है मालिक खुद यहाँ आये है वो कभी खली हाथ नहीं जाते.

देवा उस तरफ देखता है तो एक बड़ी बड़ी मूंछो वाला थोड़ा दूर बैठा था छांव में और पान चबा रहा था. उसके पास एक आदमी कुछ किताबे कपिया लेकर खड़ा था और एक नौकर पीकदान लिए खड़ा था. उस के साथ hi 4 लठैत टाइप लोग खड़े थे.

रामु – जब मैने कह दिया था पहले hi के अपनी फसल को बेचने के बाद पैसे दुगा तो आज आने का क्या मतलब?

ग1 -लगता है तुझे ऐसे समझ में नहीं आएगा.

वो एक हाथ घुमा कर रामु को मरने लगता है के देवा उसका हैट पकड़ लेता है

ग 1- कौन हे बे तू और मेरा हाथ पकड़ने का अंजाम जनता है?

देवा – भाई क्यों गर्मी खा रहे हो. जब इसने बोल दिया के फसल बेचकर दे देगा तो दे देगा न ये कही भगा तो नहीं जा रहा तुम्हारे 30 हजार ले कर. चलो जाओ ये खुद आ कर दे जायेगा.

ग1 – सेल इसका हिमायती बनने की गलती कर दी तूने तेरी तो बहस……….

…………. अभी उसने इतना hi कहा था के देवा ने एक उल्टा हाथ घुमा के उसके चेहरे पे मारा वो अपनी बात पूरी करने से पहले hi मुँह के बल जमीन पे गिरा और बेहोश हो गया.

साहूकार झटके में कुर्सी से उठ खड़ा हुआ कौन है बे तू? तेरी हिम्मत कैसे हुई हमारे आदमी पे हाथ उठाने की? तू जनता है हम कौन है?

देवा – अरे भाई साब इतने सवाल एक साथ? आराम से पूछ न .

वैसे मेरा नाम है देवा पास के गाँव से आया हु. रामु का समबन्धी हु. और हिम्मत की बात मुझसे दुबारा नाह करना नमूना वह जमीन पे पड़ा है. और कुछ?

साहूकार - देख लौंडे तू हमें जनता नहीं है. इसलिए ऐसी गलती कर बैठा. हमें रामु से पैसे चाहिए वो तो हम लेकर hi जायेगे.

देवा – मतलब सब पिट के जाओगे. है न?

साहूकार - कुछ ज्यादा hi बोल रहा है लौंडे. मेरा वो आदमी सतर्क अनहि था इसलिए तूने उसे चित कर दिया लेकिन मेरे इन पहलवानो को देख ले. और निकल यहाँ से

रामु देवा से – भाई साब आप बीच में मत आइये वार्ना ये आपको भी मार डालेंगे. आप जाइये मए बात कर लगा

देवा ने रामु के आगे हाथ कर के उसे अपने पीछे किया और

देवा – चलो भाई सतर्क पहलवानो आ जाओ तुम्हे भी मौका दे देता हु लेकिन साहूकार अगर मैने तेरे इन पहलवानो को भी धुल छठा दी तो?

साहूकार – ये संभव hi नहीं. लेकिन अगर तूने ऐसा कर दिखाया तो रामु के 30 हजार माफ़ . पर अगर मेरे आदमियों ने तुझे चित कर दिया तो?

देवा – तो जो तू कहे वो

साहूकार - उस हालत में तू मुझे दुगने पैसे देगा वो भी अभी.

देवा – मंजूर है

साहूकार के साह्रो बचे हुए लठैत आगे बढ़ते है तो रामु भी आगे आता है देवा के पास लेकिन देवा उसकी छाती पे हाथ रख कर उसे पीछे कर देता है. और तीखी नजरो से चारो लठेतो को देखता है.

तभी एक लठैत वॉर करता है तो देवा अपने राइट हैंड से उसकी लाठी को रोकता है बया हाथ तेजी से लाठी पे मार देता है लाठी के दो टुकड़े हो जाते है. देवा उसी हाथ का घुसा बना के उल्टा घुमा देता है जो के सीधे उस लठैत के जबड़े को तोड़ देता है. वो खून फेंकता हुआ औंधे मुँह गिर के शांत हो जाता है.

बाकि तीन लठैत एक साथ देवा पे हमला करते है तो देवा एक छलांग मर के पेड़ की दाल पकड़ लेता है झूलते हुए दो लठेतो के सर पे किक मर देता है और निचे कूद कर तीसरे लठैत को मौका दिए बिना hi नीचे बैठ कर उसकी दोनों टैंगो पे एक साथ दोनों पैर तेजी से मरता है लठैत इस हमले के लिए तैयार नहीं था वो जैसे hi गिरता है देवा अपनी एक तंग घुमा के उसकी गार्डन पे मरता है और वो भी शांत देवा ने निहत्थे hi साहूकार के सरे लठैत चित कर दिए थे देवा हाथ झाड़ता हुआ उठता है. और साहूकार का गिरहबान पकड़ के उसे झूलता हुआ

देवा – है तो साहूकार. अब वादे के मुताबिक तू रामु के पास कभी दिखा या मुझे पता चला की तूने रामु या उसके परिवार के साथ कभी कोई बदतमीजी की है तो यद् रखना देवा गया हुआ वक़्त नहीं जो लौट के नहीं आएगा. और अब की बार अगर हम दोनों का सामना हुआ तो वो दिन तेरा आखरी दिन होगा. चल फुट यहाँ से. देवा साहूकार को धक्का देकर दूर कर देता है.

फिर रामु के गले में हाथ दाल कर

देवा – चलो रामु भाई बड़ी प्यास लगी है यार.

रामु - अरे भाई साब आप आइये न मेरा खेत hi है ये. आइये मए आपको पानी पिलाता हु.

देवा और रामु उसके खेत पे बने कमरे में आ जाते है. तो रामु देवा को बिठा कर उसे कुछ नमकीन बिस्किट देता है और ठंडा पानी भी देता है घड़े से निकल कर.

देवा – यार मजा आ गया सच में रहत आ गयी ये ठंडा पानी पी कर.

रामु - देवा भैया आप कब आये.
 
अपडेट – 36

देवा - बस तोड़ी hi देर पहले आये थे. अब घर पे तो देवकी काकी अपने कामो में व्यस्त हो गयी थी तो मए यहाँ चला आया. पर यार तुमसे एक शिकायत है मुझे

रामु - क्या बात करते हो देवा भैया मुझसे कोई गलती हुई क्या?

देवा – गलती? अरे बहोत बड़ी गलती कर दी तूने. मुझे देवकी काकी ने बताया था गाँव में और उसी सिलसिले में बात करने मए यहाँ आया हु.

रामु घबरा के - क्या हुआ भैया मैने कौन सी गलती कर दी ?

देवा – अरे घबराते क्यों हो यार मए ये कहना चाहता हु की जब तुम्हे पायल पसंद थी तो पिछली बार hi मुझे क्यों नहीं बता दिया? ये तो देवकी काकी ने आकर हमें बताया और हमने पायल और तेरा रिश्ता तय कर दिया वार्ना अगर इस बीच मैने पायल का रिश्ता कही और लगा दिया होता तो?

रामु - भैया मए आपसे क्या कहता ? मैने तो पायल से भी इस बारे में कोई बात नहीं की थी.

देवा – चलो जो हुआ सो हुआ. लेकिन ये यद् रखना किस्मत हर बार साथ नहीं देती. कई बार वक़्त निकल जाने के बाद आदमी पछताता रह जाता है. तो अब जिंदगी में कोई भी बात आये तू बिना वक़्त गवाए उसी समय मुझे बताएगा जैसे मए पायल का बड़ा भाई हु वैसे hi तुम्हरा भी बड़ा भाई hi हु. समझा?

रामु - जरूर भैया क्यों नहीं.

देवा – चलो पहले नहीं बताया था अब hi बोल दो. तुम्हे पायल पसंद है न?

रामु - जी भैया बहोत पसंद है. और आपने मेरे हाथ में पायल का हाथ देकर मुझ पर ुकर किया है. मए सदा आपका आभारी रहुगा.

देवा – ऐसा नहीं है यार कोई आभार नहीं तुम ये बताओ उसे जिंदगी भर खुश रखेगा न?

रामु - है भैया. अपनी आखरी सांस तक उसे मुझसे कोई परेशानी नहीं होगी पलकों पे रखुगा मए पायल को. मए तो किस्मत वाला hi हु जो पायल जैसी लड़की मेरी धर्म पत्नी बन कर मेरे घर आ रही है.

देवा – चलो मए निश्चिन्त हो गया अब जल्दी hi तुम दोनों की सगाई कर देंगे ठीक है न? वैसे ये साहूकार का क्या चक्कर था?

रामु - अरे कुछ नहीं भैया पिछली बार बीज के लिए इससे 25 हजार लिए थे और इसे कहा भी था के फसल के बाद hi पैसे दुगा उससे पहले नहीं. अब उस समय तो ये कमीना मन गया लेकिन आज अचानक आकर कहने लगा के या तो अभी पूरे पैसे दो या खेत का एक टुकड़ा मेरे नाम कर दो और ऊपर से 50 हजार ले लो. अब पहली बात तो ये के भैया मेरा कहा हुआ समय तो अभी हुआ नहीं है पूरा. तो उसे अभी पैसे मांगने का कोई अधिकार hi नहीं और फिर मए पैसे ब्याज समेत दे hi दुगा ये कह चुक्का हु. दूसरी बात के भला मए क्यों बेचू अपने खेत का टुकड़ा? और वो भी सिर्फ 75 हजार में?

देवा – कोई बात नहीं अब वो तुम्हे कभी तंग नहीं करेगा फिर भी अगर कोई बात हो तो मेरे no. पे कॉल कर देना अगर इसने फिर से कोई समस्या कड़ी की तो इसे तो मए देख लगा.

रामु - ठीक ऐ भैया

फिर देवा और रामु वही बैठे रहे काफी देर बाते करते रहे उस के बाद रामु और देवा घर आ गए.

दोपहर का खाना खाने. कहने के टाइम रामु ने घर पे पूरी बात बताई जो खेत में हुआ. सभी ने देवा की तारीफ खुले दिल से की

देवा – अरे काकी चाचा जी ( घनश्याम) नहीं दिख रहे

देवकी - अरे वो होगा कही अपने यार दोस्तों के साथ भूख लगेगी तो आ जायेगा या फिर शाम को hi आएगा जुआ खेल कर. एक दो गिलास पेट में डालेगा और खाना खा कर सो जायेगा

देवा और रामु भी खाना खा चुके थे. तो फिर रामु ……….

……… देवा भैया आप चलेंगे क्या अभी खेत में?

देवा ने देवकी की तरफ देखा तो उसने इंकार में गार्डन हिलायी और अंदर चली गयी

देवा अंगड़ाई लेते हुए – नहीं भाई रामु सुबह से गाड़ी चला के आया हु और अभी भर पेट खाना भी खाया है तो मुझे तो नींद आ रही है. तुम जाओ

रामु ठीक है भैया आप आराम करो मए शाम तक आउगा

देवा – है ठीक है तुम जाओ

ये सरे इशारे उर्मिला जैसी खेली खायी औरत की नजरो से बच नहीं पाए लेकिन उसने कुछ नहीं कहा वो भी अंदर चली गयी देवकी की मदद करने.

थोड़ी देर में रामु खेत चला गया तो उर्मिला और देवकी बहार आयी अपना खाना ले कर.

देवा – काकी मुझे नींद आ रही है.

देवकी – एक काम कर अभी तू ऊपर hi सो जा रामु के कमरे में रत को नीचे सो जाना . और है मए थोड़ी hi देर में आती हु कुछ काम है तुझसे.

देवा – ठीक है काकी

उर्मिला मन में - ये दीदी को क्या काम है देवा से कही वो उस के साथ ……नहीं नहीं ये मेरा वहां hi होगा आखिर ये उनकी होने वाली बहु का भाई है और फिर दीदी इस तरह की नहीं है. होगा कुछ काम जाने दो मुझे क्या.

देवा ऊपर आ गया और सिर्फ अंडरवियर में आ कर लेट गया. लेते लेते hi कब नींद आ गयी उसे पता hi नहीं चला.

इधर नीचे देवकी और उर्मिला खाना खा चुकी थी. और अपने अपने कमरे में जा कर सोने लगी.

उर्मिला अपने बिस्तर पे करवाते बदल रही थी. जैसे hi वो आँख बंद करती उसे देवा का विशाल लुंड नजर आ जाता . वो तो उसकी आँखों से हैट hi नहीं रहा था.

उर्मिला मन में – ओह्ह्ह्हह्ह माँ कितना बड़ा लुंड है देवा का. इतना बड़ा तो मैने आज तक नहीं देखा. ये कहने की बात नहीं सच्चाई है. इतना बड़ा तो बस जानवरो का hi होता है. और उसके गोते कितने बड़े बड़े थे जैसे सैंड के होते है. क्या कॉम्बिनेशन है. लुंड गधे सा और गोते सैंड जैसे. ये तो चूड़ी चुदाई बुर से भी खून निकल दे इतना बड़ा है. पर मेरे पति का ऐसा क्यों नहीं है. यदि होता तो अब तक मए बच्चो की लाइन लगा देती. पर मेरे नसीब में तो एक 14 साल के बच्चे की लुल्ली hi है. बच्चा पैदा करना तो दूर की बात है ठीक से आज तक मेरी छूट नहीं खोल पाया इतने सालो में.

अगर मए गलती से भी देवा के नीचे आ गयी तो मेरी छूट का क्या होगा. और जब मेरे ये मेरी बुर में अपनी लुल्ली डालेंगे तो ऐसा hi लगेगा जैसे कटोरे में चम्मच हिला रहे है. हाय मुझे तो देवा का लुंड लेना hi है कितना बड़ा लुंड मुझे क्या नसीब हो सकता है? और उसके गोते में से तो एक hi बार की चुदाई में इतना पानी निकलता होगा की पूरी बच्चेदानी hi बाहर दे. एक hi बार में गाभिन कर सकता है.

……….पानी से याद आया देवा तो ऊपर सो रहा है और वह पानी hi नहीं होगा. चलो पानी का जग रख देती हु उस के कमरे में. गर्मी का समय है. उसे परेशानी होगी.

इतना सोच कर उर्मिला उठ कर जग में मटके का ठंडा पानी भर्ती है और साथ में एक खली गिलास ले कर ऊपर जाने लगती है तो उसे सीढ़ियों के ऊपर कोई परछाई नजर आती है. वो चौंक जाती है के ये कौन है. इसलिए वो बिना आवाज़ किये ऊपर जाने लगती है जब वो ऊपर पहुंची तो देख के दांग रह गयी क्यों की देवकी देवा के रूम में घुस रही थी. और उर्मिला ने उसे अंदर घुसते देख लिया.

उर्मिला धीरे धीरे कमरे तक जाती है. तभी उसे दरवाजे की सांकल लगने की आवाज़ आती है. फिर खिड़की भी बंद होने की आवाज़ आती है. तो उर्मिला की उत्सुकता बढ़ जाती है. की दीदी को ऐसी क्या बात करनी थी देवा से जो दरवाजे खिड़किया बंद कर रही है. वो दबे पाँव कर्म की खिड़की से अंदर झांकती है जिसमे छोटे छोटे छेड़ बने थे. तो देख के दांग रह जाती है क्यों की देवकी अपनी साड़ी उतर चुकी थी और अपने बॉस के बटन खोल रही थी. जब की देवा गहरी नींद में था सिर्फ अंडर वियर पहने वो चित्त सो रहा था.

तभी देवकी पूरी नंगी हो जाती है और देवा का अंडरवियर खिंच कर नीचे कर देती है. और लुंड के टोपे को चेतना शुरू कर देती है.

उर्मिला की तो ये देख कर hi हालत ख़राब हो जाती है. उसे तो यकीन नहीं आ रहा था के देवकी ऐसा कर सकती है, उधर देवकी रंडियो की तरह देवा का लुंड चूसने लगती है जिससे देवा की नींद खुल जाती है और अपने लुंड के ऊपर देवकी को झुका देख कर देवा देवकी का सर पकड़ लेता है और अपनी कमर हिला हिला के उसका मुँह छोड़ने लगता है

कुछ hi देर की चूसै से देवा का लुंड खड़ा हो के चमकने लगता है

देवकी - अरे देवा जल्दी से छोड़ दे मुझे मैने तेरी सास से वादा किया था के देवा से खुल के छोडूगी अपने घर में वही वादा पूरा कर रही हु. छोड़ मेरी छूट को आज मेरे hi घर में . इसी घर में जहा मए पहली बार दुल्हन बन के आयी और अपने पति से चूड़ी थी. आज तो मुझे छोड़ मेरे hi बेटे के बीएड पर. वो तो तेरी बहन बाद में छोड़ेगा पहले तू उसकी माँ छोड़ दे.

देवा – है रामु की तो मैने माँ छोड़ दी है कब की आज उसी के पलंग पे उसकी माँ छोड़ूगा, लेकिन काकी गांड मारनी है तेरी मुझे बड़ा मन कर रहा है तेरी गांड मरने का तेरी छूट तो इतने दिनों से छोड़ hi रहा हु. अभी सुबह खुली सड़क पे भी गाड़ी में छोड़ा hi है तुम्हे.

देवकी हां देवा मए भी कल से वही सोच रही थी लेकिन अभी नहीं फिर कभी क्यों की अभी तूने गांड मरी तो मए ठीक से चल भी नहीं पाउगी घर पे क्या जवाब दूगी और गांड मरवाने के लिए फुर्सत चाहिए जल्दी की चुदाई तो छूट की hi हो सकती है फ़िलहाल . इसलिए छूट hi मार ले. शायद रात को मए नहीं आ पाउगी इसलिए अभी आ गयी

देवा – रात को क्यों नहीं आ पाओगी?

देवकी रात में तेरे काका को नींद hi नहीं आती है. तो उनकी देखभाल करनी पड़ेगी मुझे. तू तो अभी मेरी खुराक दे दे

देवा भी झट से उठ कर देवकी को पलट देता है और उसके गोर गोर चूतड़ पे चांटा मरते हुए सहलाने लगता है तो देवकी की सिसकारी निकल जाती है

देवकी uhhhhhhhhhh देवा मत कर मेरी गांड से छेड़ छड़

देवा देवकी की गांड को सहला के चुम लेता है

देवकी -तुमने पसंद आई न मेरी गांड

Deva-yahi तो सबसे ज्यादा पसंद आई…

और देवा ने देवकी को थोड़ा झुका कर उसकी गांड की दरार में जीभ फिरने लगा...

देवकी -aahhhhhhhhhhh.....

देवा अपनी जीभ को गांड के छेद से छूट तक फेरता रहा....

देवकी -aahh…aachha लग रहा hai….karte रहो

फिर देवा ने देवकी को बीएड पर थोड़ा और झुका दिया... देवकी के झुकने से उसकी गांड का छेद और छूट saaf-saaf देवा की आँखों के सामने थी

देवा ने देर न करते huye…apni जीभ को देवकी की गांड के छेद पर रख दिया और चाट ने लगा…

देवकी तो पागलो जैसे मज़े में सिसकने लगी…

देवकी -aaahhh…tum मुझे आअह्ह्ह पागल कर doge…uuummm…

देवा ने देवकी की गांड चाट ते हुए अपनी एक ऊँगली उसकी छूट में दाल दी…

देवा के इस दोहरे हमले से देवकी पागलो की तरह बड़बड़ाने लगी

देवकी ---aahhhhh.....mmmmaaannnn gggaaiiii......ttume.....kya... करते ho...aaahhh....itna maza...aahhhh....aaj तक नहीं aaya....aahhhhh

देवा ने गांड को चेतना और छूट में ऊँगली करना जारी रखा और साथ hi एक हाथ देवकी के आगे ले जाकर उसके बूब को मसलने लगा

अब देवकी को बूब, छूट और gand…teeno जगह से मज़ा मिल रहा tha…kareeb 5 मिनट तक देवकी मजा लेती रही और फिर झड़ने लगी

देवकी -aahhhh…main aai….aaahhh devaaaaaaaaaaaaaaaaa

देवा ने देवकी के झड़ते hi अपना मुँह उसकी गांड से हटा कर उसकी छूट में लगा लिया और देवकी मस्ती में सिसकारी लेते हुए देवा के मुँह में झड़ने लगी.....

देवकी -aaahhh….kamaal हो tum….pee jao….aahahhh..aah हह ….. पूरा… आह्ह्ह्ह

जब देवकी झाड़ गई तो देवा ने उसकी छूट को जीभ से अंदर तक चाट कर साफ़ कर diya…fir...

देवा -मज़ा आया काकी ?

देवकी ने पलटकर देवा को किश किया ……………..

देवकी -इतना मज़ा मुझे कभी नहीं aaya…kasam se…aaj तुमने मुझे पागल hi कर दिया ऐसा तो पूरी जिंदगी में मेरे पति ने भी मुझे नहीं छुआ जैसे तूने मुझे छुआ है देवा मेरी उम्मीद से बढ़कर तूने मुझे प्यार दिया है. इस जिस्म का सुख दिया है.

देवा -अरे jaan..abhi kaha…abhi देखती जाओ कितना मज़ा करवाता हूँ

देवकी -मैं तैयार hu…or फिर दोनों किश करने लगे

इधर ये सब देख देख कर उर्मिला की तो हवा टाइट हुई जा रही थी. वो उत्तेजना के मरे काँप रही थी. और अपने hi हाथो से अपनी छूट को मसले जा रही थी.

थोड़ा किश करने के बाद……………

देवा -कैसा लगा

देवकी -इसके liye…saalo के बाद meri….choot पानी छोड़ने लगी थी मजा आ गया देवा तूने तो मुझे फिर से जवान कर दिया है इन कुछ hi दिनों में. और एक किश और किया देवा के लुंड पर…

देवा -accha…to इसे टास्ते करती रहोगी या तैयार भी karogi…jaldi करना है न ....

देवकी ने देवा के लुंड के टोपे को चेतना सुरु kiya….thodi देर देवा के लुंड के टोपे को चाट कर गीला करने के बाद देवकी ने बॉल्स को मुँह में भर लिया और लुंड को हाथ से upper-neeche करते हुए बॉल्स चूसने लगी....

देवा – काकी ...अब तुम्हारी फटने वाली है

देवकी -तो फाड़ो na..fadwane तो आई हु

देवा (हस्ते हुए)- तो फिर आजा मेरी रानी

देवा ने देवकी के 1 पेअर को बीएड से नीचे रखा और एक पेअर से वो घुटने पर बीएड पर thi…isse उसकी छूट थोड़ा खुल गई….

देवा ने लुंड को देवकी की चूर पर सेट किया और हलके से ढका मारा…

देवा का लुंड देवकी की छूट में घुस गया

देवकी –aahhhhhhhhhhhhhh devaaaaaaaaaaa जरा आराम से कल से तीसरी बार चुद रही हु छूट में भी दर्द होने लगा है अब तो पर ये मानती नहीं तेरा लुंड लिए बिना ….

देवा ने 1 और धक्का मारा और आधे से जयदा लुंड छूट के अंदर घुस गया....

देवकी -aaahh…aaram se…devaaaaaaaaaa...

देवा -ha…meri जान अभी तो आराम से hi दाल रहा हु पर तेरी फाड़ने में मज़ा aayega…waise काफी टाइट है तेरी छूट जब भी डालता हु कुवारी सी लगती है

देवकी – हम्म्म्म बाटे न बना haa….pyaar से फाड़ो न

देवा ने फिर से 1 धक्का दिया और लुंड पूरा का पूरा देवकी की छूट में घुस गया,,,

देवकी -aahhh..maaaaaaaaaaaaaaaa....mar gai..ooooooooooo ओह्ह्ह

देवा -अभी तो बड़ा फाड़ने का बोल रही थी अब रोटी है...

देवकी -aaahh..aaram se…bada है….

देवा ने अपना लुंड आधा बाहर निकला और एक साथ पूरा अंदर दाल दिया

देवकी -aahahh…mmaarr dal…..mmmaaa

देवा ने देवकी को कमर से पकड़ा और धक्के मारने स्टार्ट कर दिए…...

रूम में आवाज़े गूजने सुरु हो gai....Thap..thap..thap… थप…. Thap..tahp…thapp….

ये देवकी की मालदार गांड और देवा की जांघो के टकराने की आवाज़े thi…sath में देवकी भी सिसक रही थी

देवकी -aaahhh…..aaaahhh…..mmmmmaaa….ooohhh…aaah hhsssssssssssseeeeeeeeeea अहहहहहहहहहहहह देवा छोड़ता जा रुकना मत मजा आ रहा है छोड़ देवा मस्त लुंड है तेरा

Thap..ttthhhpppp..ttthhhaappp..Tthhhaappp…ttthhhhappp…ttthhhpapp Aaahhh…mmmaa…..tthhh[ppp इस तरह की आवाज़ों से रूम गूँज रहा था 15 मिनटर की दमदार चुदाई के बाद...

देवकी -aahhhh…maaassttt hhaiiiii…..aaahh आईईसी ही

देवा -तो यी le….teri छूट का भोसड़ा बनता हूँ..

देवकी -aahhh…mmmmannnn,,,gaaii..aahhh…..jjjor se…jor सी

देवा ने धक्को की स्पीड तेज करके देवकी की चुदाई करनी जारी राखी

देवा – ऐसे चिल्लाओगी तो उर्मिला सुन लेगी ज्यादा आवाज़े मत निकालो रानी

देवकी - सुनती है तो सुन ले उसे भी पता चल जाने दो असली लुंड की चुदाई क्या होती आहे वो बेचारी भी तो तरस रही है उसके पति के लुंड में भी डैम नहीं है

देवा धक्के मरते हुए – तुझे कैसे पता वो तरस रही है?

देवकी - हम औरतो में ऐसी बाटे होती रहती है उसी ने बताया है.

देवा – तो फिर बोलो तो छोड़ दू उसे भी. वो भी मेरे लोडे का मजा ले लेगी तो उसे ख़ुशी मिलेगी और बच्चा भी.

देवकी – है छोड़ डालो उसे मुझे कोई एतराज नहीं अगर उसे तुमसे छुड़वाना है तो छुड़वाए मए क्यों एतराज करुँगी ओह्ह्ह्ह माआ देवआ आराम से छोड़ न . आआआआअह्ह्ह्ह उर्मिलाआ की भी बुर ऐसे hi छोड़ेगा क्याआ.

देवा – है मए जान उसे तो और ज्यादा रगड़ के छोड़ूगा उसके चुके सुबह देखे थे न ब्लाउज में मैने मुझे बहोत पादन आये उसके चुके भी और उसकी गांड भी अगर वो मुझे छुड़ेगी तो दोनों को मजा आएगा. बहोत जबरदस्त पेलूगा उसकी बुर को पूरा खोल डालूगा अपने इस लुंड से.

देवकी - ऊह्ह्ह्हह्हआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह छोड़ लेना अभी तो मेरी छोड़ देवआ मजा आ रहा आहे छोड़ … छोड़…. छोड़….. देवआ

बहार उर्मिला की छूट में सैलाब आया हुआ था उसकी उंगलिया भी छूट में घुस चुकी थी , देवा और देवकी की बाटे अपने बारे में सुन कर उसने अपनी साड़ी उठा के खुद hi अपनी बुर में उंगलिया दाल लिट् hi और तेजी से चला रही थी अपने होठो को दांतो में दबा के और एक हाथ से अपना बोब्बा दबा रही थी. उसके निप्पल भी तन गए थे जिसे वो मसल रही थी. वो भी अब तक 2 बार झाड़ चुकी थी. और सोच रही थी के देवा भी उसे छोड़ना चाहता है कैसे छोड़ेगा मेरी बुर का क्या होगा वाओ अहा से हैट के अपने कमरे में जाकर नंगी होकर अपनी छूट में ऊँगली करना छह रही थी

लेकिन देवा के लुंड से देवकी की बुर चुड़ते हुए देखने का मोह नहीं छोड़ प् रही थी वैसे भी इस वक़्त घर पे कोई था नहीं जो उसे डिस्टुरेब करे,. इसलिए वो निश्चिन्त हो कर अपनी साड़ी उठाये खिड़की से अंदर झांक रही थी और अपनी बुर में ऊँगली कर रही थी.

इधर अंदर देवकी ……………….

देवकी —aahhhhhh…..oorr teejjj,,,hhh,,,aaiisee,,hhii,,,,uummm

करीब 20 मिनट की चुदाई में देवकी फिर से झड़ने लगी

देवकी -aahh…mmmmmaaii..ggaiia…aahh….oooor..tteeejjj..mmmiiann….aaahhh…ggggaiiiiii

Thap…tthhapppp…cchhhaaapp…cchhhpp…aahhhh…mmmaa…cchchpppp…tthhhapapp…cchhhpp…aaaiii…ahahhh…tthhpp..cchhpp…ooohh…hhhhhaaa….

और देवकी फिर से झाड़ गई......

करीब 40 मिनट हो चुके थे इस गर्मी के मौसम में देवा भी पसीने पसीने हो चूका था और देवकी भी लेकिन देवा का पिस्टन अभी चालू hi था.

उसने देवकी को चित्त लिटाया मिशनरी पोज़ में और फिर से बिना मौका दिया अपना लोढ़ा देवकी की गीली बुर में थुश दिया और उसके बूब्बे दबाते हुए छोड़ने लगा कुछ 10 मिनट बाद जब देवकी का पानी फिर निकलने वाला होता है. तो देवा अपने दोनों हाथ नीचे दाल के देवकी की गांड अपने दोनों पंजो से जकड लेता है और गहरे धक्के मरने लगता है.

देवकी - uuuuuuuhhhhhhhhhhhhhhhh देवा मेरी गांड छोड़ दे बहोत दर्द हो रहा है

पर देवा बिना उस पर रहम किये उसकी गांड दबोच के धक्के पे धक्के मरता रहा

देवकी - ssssssssseeeeeeeeeedevaaaaaaaaa आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह mmmmmmmaaaaaaaaaaaaa कहा फास गयी सैंड के नीचे aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh छोड़ दे देवा बक्श दे मुझे abaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhh बहोत जलन हो रही है मेरी छूट में devaaaaaaaaaa

और फिर दोनों चीखते हुए झाड़ जाते है.

इधर उर्मिला भी साथ hi झाड़ जाती है और निढाल हो कर फर्श पे गिर जाती है उसकी भी टाँगे जवाब दे गयी थी बार बार झड़ने से

तीनो थोड़ी देर सुस्ताने में लगते है. फिर अंदर की कुछ आवाज़े आने पे उर्मिला होश में आती है और अपने कपडे ठीक करते हुए साथ लायी हुई जग ले कर नीचे चली जाती है. कोई 10 मिनट बाद उसे देवकी के कमरे के दरवजी की आवाज़ आती है

फिर पूरा घर शांत हो जाता है. शायद अभी सब सो रहे थे. देवा . की आँखों में नींद नहीं थी इसलिए वो उठकर तर्रेके पे चला जाता है. और ठंडी हवा में टहलने लगता है. गाँव में अच्छी खासी हरियाली थी आजु बाजु भी उसे कई खूबसूरत भाभियाँ नजर आ रही थी. पर देवा अभी उन पर ध्यान नहीं देता.
 
अपडेट – 37

अच्छी खासी हरियाली थी आजु बाजु भी उसे कई खूबसूरत भाभियाँ नजर आ रही थी. पर देवा अभी उन पर ध्यान नहीं देता.

अचानक देवा को रूद्र की याद आ जाती है के कैसा होगा वो. और कहा होगा?

देवा चाहे तो उसे अपनी शक्तियों से ढूंढ सकता था लेकिन फ़कीर बाबा के कहे मुताबिक वो बस सही वक़्त का इंतजार कर रहा था अब वो भी रूद्र से मिलने को बेचैन था.

काफी देर ऊपर टहलने के बाद अचानक उसे रामु आता हुआ नजर आता है तो वो नीचे आ के बैठ जाता है. तभी रामु भी वह पहुँचता है. और दोनों गप्पे मरने लगते है. इतने में उर्मिला अपने रूम से निकलती है.

उर्मिला - कहिये देवा बाबू नींद आई अच्छी के नहीं?

उर्मिला की आँखों में शरारत थी. जिसे देवा भांप गया. और समझ गया के ये उसे छेड़ रही है.

देवा – नींद तो नहीं आयी पर दोपहर अच्छी कटी मेरी आप सुनिये आप की कैसी रही

उर्मिला – हमारे नसीब में कहा ऐसी हसीं दोपहरिया जिसकी हम तारीफ कर सके.

देवा – कोई बात नहीं आप इशारा तो कीजिये आपका हर पल हसीं हो जायेगा.

उर्मिला – देखते है कौन कितना हसीं बना पता है अभी तो आप चाय पी लीजिये?

रामु - चची वो माँ नहीं उठी अब तक?

उर्मिला देवा को देख कर – है शायद थकावट ज्यादा हो गयी होगी न इसलिए आर्म कर रही है. क्यों देवा?

देवा – है वो जरा जल्दी थक जाती है मैने भी ये देखा है

रामु - माँ की तबियत तो ठीक है न पहले तो कभी इतना नहीं थकती थी.

उर्मिला – अरे पहले और अब में फरक है लल्ला. पहल कोई थकन वाला काम भी तो नहीं करती थी तुम्हरी अम्मा. अब तो वो बहोत म्हणत करती है.

रामु - अच्छा फिर ठीक है उन्हें आराम करने दो रत में भी उन्हें म्हणत करनी है.

देवा चौंक कर - क्या ?

उर्मिला को हंसी आ जाती है – अरे देवा आप क्यों चौंक गए इसका मतलब है इसके बापू को रात में नींद नहीं आती न तो वो बार बार कुछ न कुछ मांगते रहते है तो जो उनके साथ सोता है वो थक hi जाता है.

रामु - है भाई बापू का भी कोई दोष नहीं इसमें.

देवा - अच्छा ऐसा अब समझा मए.

उर्मिला - आप चिंता मत करो आप की रात तो हसीं hi होगी. आपको क्या परेशानी है.

देवा – देखते है…………..

फिर ज्यादा कुछ नहीं होता. ये ऐसे hi बाते करते हुए बैठे रहते है. फिर रामु और देवा खेती बड़ी की बातो में लग जाते है. और फिर देवा और रामु गाँव का चक्कर लगाने निकल जाते है. रात को आकर खाना कहते है और फिर सोने की तयारी.

रामु - अरे माँ देवा का बिस्तर भी ऊपर hi लगा दो मेरे कमरे में. दोनों बतियाते हुए सो जायेगे.

देवकी - नहीं नहीं देवा को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. तू तो जब बाटे करने बैठता है तो पूरी रत भी काम पड़ती है तुझे बतियाने में. एक काम कर तू ऊपर सजा अपने कमरे में मए देवा का बिस्तर यही नीचे वाले कमरे में लगा देती हु. और उर्मिला तू पानी और दूध देवा के कमरे में रख देना. मए बिस्तर लगा के आती हु

फिर देवकी देवा का बिस्तर नीचे वाले कमरे में लगा देती है. और रामु ऊपर चला जाता है सोने. उर्मिला भी किचन में जाकर मस्त मलाई वाला गधा दूध गरम कर के उसमे काजू बादाम मिला के देवा के पास लती है.

देवा – अरे इसमें इतना काजू बादाम क्यों दाल दिया?

उर्मिला - अरे जवान आदमी हो म्हणत करते हो. ये सब तो फायदे की चीज़े है तुम्हरी सेहत के लिए पी जाओ चुप चाप. आने वाले वक़्त में तुम्हे अभी बहोत म्हणत करनी है.

देवकी -है देवा आज कल तू म्हणत भी तो कुछ ज्यादा hi करता है.

उर्मिला सब समझ रही थी. लेकिन उसने कुछ नहीं कहा.

देवकी चल उर्मिला हम लोग चलते है देवा को आर्म करने दो अब

उर्मिला और देवकी निकल जाते है. अपने अपने कमरों की तरफ. जहा उर्मिला कपडे बदल कर सिर्फ के झीनी सी निघ्त्य पहन लेती है. उसका पति घनशयं भी वही था जो 2 पेग लगा चूका था और खाना खा के बिस्तर पे लेता हुआ था. उर्मिला को देख कर उसकी लुल्ली कड़ी हो जाती है

घनश्याम - क्या बात है आज तो बड़ी सुन्दर लग रही है?

उर्मिला – मए तो रोज hi सुन्दर लगती हु पर तुम्हे तब लगती हु जब तुम्हरा मूड होता है. और तुम्हारी लुल्ली कड़ी होती है.

घनश्याम - जब इतना समझती है तो ये निघ्त्य क्यों दाल ली नंगी hi आ जाती न मेरे पास/ तो तुझे मए बताता के ये लुल्ली नहीं लुंड है मेरा

उर्मिला - तुम क्या बताओगे पता है मुझे के तुम्हारे पास क्या है. जिस दिन तुम किसी मर्द का लुंड देख लोगे तो खुद hi लहोगे के तुम्हरे पास सच में लुल्ली hi है पर कोई बात नहीं निघ्त्य hi पहनी है कोई टेल थोड़े hi न लगाए है तुम hi उतर दो और कर लो अपने मन की.

घनशयं लड़खड़ाते हुए उठ कर बैठता है और उर्मिला को खिंच लेता है पलंग पर, अपनी लुंगी खोल कर वो जल्दी से उर्मिला की निघ्त्य उठा देता है. उसने निघ्त्य उतरने की भी जरुरत नहीं समझी बस निघ्त्य को कमर तक उठा के उर्मिला की बुर देखि जो एक डैम चिकनी थी.

घनश्याम - अरे वाह आज तो चिकनी कर के राखी है अपनी बुर

उर्मिला - है मैने सोचा शायद इसे देख कर तुम मुझे अच्छे से छोड़ पाओ

घनश्याम – साली अच्छे से छोड़ने का क्या मतलब मए अच्छे से नहीं छोड़ता क्या? रुक यही फाड़ता हु में तेरी इस छूट को.

उर्मिला – तो बाटे मत करो छोड़ो फिर .

घनश्याम को ताव आ जाता है और वो सूखा लुंड hi उर्मिला की बुर में घुसाने लगता है.

उर्मिला भी अपने पैर खोल देती है और घनश्याम की गांड पे अपने दोनों हाथ रख के अपनी बुर की तरफ दबा देती है. घनश्याम का लुंड सरसराता हुआ अंदर जाता है अभी आधा लुंड दाल के घनश्याम गिनती के 5 धक्के मरता है और झाड़ जाता है.

उर्मिला का क्रोध एक डैम से बढ़ जाता है.

उर्मिला - ये है तुम्हरा अच्छे से छोड़ना, ऐसे hi मेरी छूट फाड़ने का डैम भर रहे थे. इसे hi तुम बहोत बड़ा और खतरनाक लुंड कहते हो . ठहणु ये तो लुल्ली से भी गया बीता है. अभी डाला भी नहीं था तुमने और थूक भी दिया मेरी बुर ख़राब करने के लिए hi चढ़ते हो क्या?

घनश्याम ये सब सुनने के लिए होश में था hi नहीं वो तो लुंड सॉरी लुल्ली के झड़ते hi बेहोश हो गया था दारू के नशे में. उर्मिला भनभना जाती है और एक धक्का मर के उसे खुद से नीचे करती है और उठकर बहार आंगन में बाथरूम में घुस जाती है. जहा वो अपनी बुर धो कर एक डैम साफ़ करती है फिर साबुन भी लगाती है और अच्छे से ऊँगली दाल के धोती है फिर साफ़ टॉवल से पोंछने लगती है…….

वो जैसे hi नजर उठती है तो सामने देवा खड़ा था. जो के अभी मूतने hi आया था. और उर्मिला को अपनी चिकनी बुर धोते देख कर वही खड़ा रह गया था उर्मिला इस समय एक डैम नंगी hi थी

उर्मिला - अरे देवा तुम यहाँ ?

देवा – है मए तो मूतने आया था पर इतना हसीं नजारा देख कर देखता hi रह गया

उर्मिला शर्मा जाती है – अच्छा तो जाओ जो करने आये थे कर लो

देवा - सच में कर लू? आप बुरा तो नहीं मानेगी?

ुर्मिळ सकपका कर – क्या????

वही जो काम तुम्हरा अंदर अधूरा रह गया. सॉरी पर मए यहाँ आ रहा था तो देखा था मैने.

अब उर्मिला से भी ये शराफत का नाटक और नहीं हो रहा था

इसके बाद पता नहीं अचानक उस को क्या hua..ki वो झपट कर देवा के सीने से लगा गई और फिर होठो को मुँह में भर कर चूसने लगी….

देवा भी उर्मिला की तरह hi उसके होठो को चूस रहा tha…par उर्मिला तो पूरी गरम हो कर देवा के होठो को चूसे जा रही थी…

थोड़ी देर तक उर्मिला देवा के होठो को चूसती रही और देवा ने जब तक अपने लुंगी और बनियान को निकाल के साइड में टांग दिया…

फिर उर्मिला ने देवा के होठ छोड़े और कहा…

उर्मिला -aaahhh…maza आ gaya…ab जल्दी karo…meri छूट में आग लगी हुई है…

देवा -करते है, आराम se...meri जान अब मेरी लुल्ली तो है नहीं के फाटक से दाल दू मेरे पास तो लुंड है न उसे तो जबरदस्ती घुसेड़ना पड़ेगा. इसीलिए थोड़ा आराम से करने दो.

लेकिन उर्मिला तो कुछ और hi मूड में thi…wo अपनी जीभ से देवा का सीना चाटने लगी……

देवा भी मस्ती में आहे भरने लगा और उर्मिला उस के सीने को चट्टी रही…

थोड़ी देर के बाद उर्मिला नीचे बैठ गई और लुंड उसकी आँखों के सामने आ गया…

उर्मिला थोड़ी देर तक लुंड को डेक्टि रही और हाथ से सहलाती रही …बहोत बड़ा और भयंकर लग रहा था देवा का लुंड उर्मिला को दिन में तो उसने दूर से देखा था लेकिन इस वक़्त उसे अपने इतने करीब से देख कर एक बार तो उर्मिला को भी पसीने आ गए. इतना लम्बा और मोटा लुंड जो उर्मिला की मुठी में भी नहीं आ पारा था मुट्ठी बंद नहीं हो रही थी और लम्बा इतना की उसके हाथ से भी बड़ा.

देवा -क्या देख रही ho…kaisa लगा…

उर्मिला -देख रही hu…ki ये मेरी छूट फाड् कर hi rahega…or कैसा लगा ये चख कर बताऊगी....

देवा -तो देर किस बात की चख लो..

इसके बाद उर्मिला ने dheere-dheere देवा के लुंड की खाल को आगे पीछे करना चालू kiya…fir वो लुंड पर किश करती रही ..

और फिर उर्मिला ने देवा के लुंड के टोपे को मुँह में लेकर चूसा और मुँह से निकाल के टोपे पर जीभ चलने लगी…

कुछ देर तक लुंड के मज़े लेने के बाद उर्मिला ने देवा के लुंड को मुँह में भर कर आगे पीछे करना सुरु kiya….or देवा भी मस्त होने लगा.....

देवा -aahhh….accha कर रही ho….aur अंदर…

थोड़ी देर बाद उर्मिला ने अपनी स्पीड तेज कर दी और लुंड को अपने गले की गहराई में ले जाते हुए चूसने लगी

उर्मिला -uuummm…uuummm…uuummmmmm…uuuuuumm मम… उउउउम्मम्म… बहोत अच्छा और टेस्टी है तुम्हरा लुंड देवा ......

ऐसे hi थोड़ी देर तक उर्मिला देवा के लुंड की चुसाई करती रही और एक हाथ से अपनी छूट मसलती रही.. ..फिर लुंड को मुँह से निकाल कर बोली…

उर्मिला - मजा आ गया क्या लुंड है तुम असली मर्द हो देवा

देवा -hmm..pasand आया तुमको …

उर्मिला -hmm…or पता भी चल गया की दिन में दीदी क्यों इतना खुश हो कर तुम्हारे नीचे उच्छल रही थी और क्यों इतने मज़े से चुद रही थी…

देवा -accha..to तुमने दिन में सब देखा था…???

उर्मिला –है देखा भी था और उसी समय तय कर लिया था के ऐसा लुंड पास में हो तो छूट में hi डेल राहु…

देवा -ओह ho..chalo अभी डालता हु..

और देवा ने उर्मिला को खड़ा किया और किश करने laga..or साथ में अपने हाथो से उर्मिला के बड़े बड़े बूब्स देवता रहा…

फिर देवा ने किश तोडा और वही बने एक शेल्फ पे बैठ दिया और थोड़ा झुक कर उसके एक बूब को मुँह में भर कर चूसने लगा और दूसरे बूब को हाथ से मसलने लगा… उसकी घुंडियो को अपने अंगूठे और ऊँगली में दबा कर मसलने लगा.

उर्मिला -oh…..oh..aahhh…kha jao…uuummm…aaahhhh और जोर से दबाओ इन्हे बड़ा परेशां करते है ये मुझे कोई दबाता hi नहीं कोई चुस्त hi नहीं तुम चुसो देवा aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh sssssssssssseeeeeeeeee ीीीा आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

देवा ने एक बूब को मुँह में भरता और चूस कर बहार कर देता और फिर दूसरे के साथ भी ऐसा hi करता….

उर्मिला को मज़ा आ रहा था और वो मस्ती में बोलने लगी…

उर्मिला -ohh…aahh…mera पति ऐसा karta..kaasshhh …आअह्ह्ह

उर्मिला -aaahh…par use…to चूसने k….time..hi…nahi.. aahhh..choooso…..devaaaaaaaaaaa

देवा थोड़ी देर तक उर्मिला के बूब्स चूसता रहा और मसलता रहा …उर्मिला के बूब्स देवा के थूक से तर हो गए थे …और लाल पद गए थे.

फिर देवा ने उर्मिला के पेअर उठाये और दोनों पैरो को फैला कर उसकी छूट देखने लगा…

देवा -hmmm..choot तो अच्छी hai…mast चिकनी…

उर्मिला -आज hi चिकनी की है तुम्हारे लिए क्यों की अभी अगर तुम यहाँ नहीं आते तो मए तुम्हरे hi पास आने वाली थी अपनी ये चिकनी छूट ले कर. ……………..

देवा -accha..tumhe पता था की आज ये सब होगा…

उर्मिला -nahi..par आज आखिरी रात थी तुम्हारी yaha..socha की मौका मिल गया तो रेडी रहना चाहिए न, वैसे मए कभी अपनी छूट साफ़ नहीं करती मेरे पति का हाल तो तुम देख hi चुके हो मुझे तो याद भी नहीं के उसने आखरी बार कब मेरी बुर को देखा था या हाथ से छुआ था. वो तो बस नशे में मेरी साड़ी उठा के पेल देता है उसे मेरी बुर से कोई मतलब नहीं के चिकनी है या इस पे बाल है. तुम आज मेरी छूट को और मुझे जी भर के प्यार दो देवा मए तरस रही हु प्यासी हु मए काफी समय से. मेरी प्यास बुझा दो मेरी छूट की आग बुझा दो देवा ….

देवा -hmmm…sahi kiya…mujhe चिकनी छूट hi पसंद है और तुम्हारी छूट की आग भी बुझा दुगा और तुझे गाभिन भी कर के जाउगा. आज hi…

Urmila-sach देवा तो क्या तुम्हे मेरी छूट पसंद आई..???

देवा -अभी बताता हु,,,

और देवा ने थोड़ा झुक कर उर्मिला की छूट पर जीभ फिर di…or जीभ फिरते hi उर्मिला ने देवा के सर को हाथ से पकड़ कर अपनी छूट पर दवा दिया . और देवा उसकी छूट चाटने लगा....

उर्मिला -ohh.....maza...aa..gya...aaahhh... छत्ते जाओ देवआ आआआहहहहहहह मैने कभी छूट चटवाने का मजा नहीं लिया देवायआ ये तो अद्भुत hi है आआआहहहहह म्मम्माआआआआ.

ऊह्ह्ह्हह्ह्ह्ह देवा खा जाओ मेरी बुर को ufffffffffffffaaaahhhhhh

उर्मिला -oh..maa...kisi ne...nahi छाती थी आज tak...uuummm.... ाः hhhh...maza ...aa...gay....oohhoohhh

देवा थोड़ी देर तक उर्मिला की छूट चाट ता रहा और फिर छूट को मुँह में भर लिया...

उर्मिला -ohh..maaa….mmaarr..jjaaauuuggii maeeee….pppaggaall…kkarr…ddiiiyyaa….aaahh h…mmaaa

देवा उर्मिला की पूरी छूट को मुँह में भरे हुए अंदर hi अंदर प्यार से चूस रहा था और उर्मिला मस्ती में सिसक रही थी…

urmila—aahhh…ooohhh.. ….cchhhooss…llooo…mmmeerr ी …ररराजजजायआ आआ. ppuurraa…aaahhhhh khhhhhhhhhhaa अअअअअअअ jaoooooooooooo

उर्मिला की मस्ती इतनी बाद गई थी की वो ठीक से बोल भी नहीं प् रही थी और देवा छूट चूसता रहा….

उर्मिला -aaahhh..mmmaiaiinnn…aaiiii…oo hhh…aaiiii …छ्हूस स लू..

उर्मिला खुद hi अपनी बड़ी बड़ी चूचियों को मसलते हुए पूरी मस्ती में झड़ने लगी और देवा उसकी छूट को मुँह में भरे हुए उसके छूट रास को पिने लगा….

जब देवा ने छूट रास पि लिया तो उसकी छूट को मुँह से निकल कर खड़ा हो गया….

उर्मिला -aaahhh….sach me..mar hi dala…kya..karte हो. इतना तो आज दिन में दीदी के साथ भी नहीं किया था तुमने

देवा – वो इसलिए के कल hi उनकी छूट मरी थी और फिर रस्ते में भी खुली सड़क पर छोड़ा था तो दिन में वो ये सब नहीं कर पति उसमे हिम्मत hi कहा बची थी.

उर्मिला – क्या बात करते हो खुली सड़क पर दीदी ने छुड़वाया तुमसे?

देवा - है वो गाड़ी को साइड में लगा कर उन्हें छोड़ा था.

उर्मिला – तुम तो कमल hi हो मुझे भी थका दिया इतनी जल्दी

देवा -अभी तो सुरुवात hai…ab आ जाओ तुम्हे जन्नत दिखता हु…

और देवा ने उर्मिला के पेअर को फैला कर अपना लुंड उसकी छूट में सेट किया और धक्का मारा…

उर्मिला -aahhh…hhhhhhhhhhhhh देवा आराम से मेरी छूट चिर गयी देवा तेरा बहोत मोटा है धीरे दाल naaaaaaaaaaa uiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaa

देवा -अभी तो गया hi nahi..jane तो do..abhi तो बस सूपड़ा hi गया है मेरा

और देवा ने दूसरा धक्का mara..or आधा लुंड छूट के अंदर...

उर्मिला -ohhhh….uumm….aaram से aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh..

देवा – ऐसे चीखोगी तो कही कोई आ न जाये थोड़ा सबर रखो

देवा तुरंत hi फाइनल धक्का मारा और लुंड पूरा उर्मिला की बुर में घुस गया…

उर्मिला -aahhh..ahahhh….oohhhhooo…..mmmaarrr didiiyyyaa….itna tagdaaaaaaaaaaaaaaa लुंड आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह हहह डाआआअआललललल कर कहता है चीखो मत आआआआअह्हह्ह्ह्ह माआ

Deva-dard हुआ…

उर्मिला -aahh..hhaaa..bada..hai….aaaram se…aahhh....

देवा ने फिर उर्मिला को गले से पकड़ कर किश किया और उसके बूब्स पर हाथ फिरते हुए उसे dheere-dheere छोड़ना सुरु कर दिया....

urmila-aahh..oohh…ahhhh…uumm..aaiiise.hi…aahhh..

देवा थोड़ी देर तक उर्मिला को प्यार से छोड़ता रहा और फिर उर्मिला नार्मल हुई और बोली...

उर्मिला –ohhhhhhhhhh देवा तुम कितना प्यार से छोड़ते ho…aahh….ab मए ठीक हु फाड् dalo….teji से…

देवा -अभी लो… रानी ……………

उर्मिला - aahh…maza…aaa…ggg...yyyyaa…aa hhh…..aah हह.. अह्ह्ह...

देवा -ऐसे hi maze…lo…yeehhhh……………….

Urmila-aahh..ahhh..tej..tejjj..tejj…..oohh…….mmaa

उर्मिला -aaahh….jor से और जोर से छोड़ो uumm..aaahh….teji से karo,….ooohh…see.ss…ooohhh

देवा 10 मिनट से उर्मिला को पूरी तेजी से छोड़ रहा tha….urmila फिर से चुदाई की मस्ती में झड़ने लगी…

उर्मिला -aahh...mmaaiinnn...aaii...oohh.....aahhhhhhhh उउउउउ mmmmmmmmmmhhhhhhhhh

और उर्मिला झड़ने लगी और चुदाई की आवाज़े बदलने लगी

Aaahh…ahhh..…..uumm…fffuuuucchhh..ffuucchhh…ffuuccchh……yeeehh..yeeehh..aaahhh..oohh…aahhh..ahhh….ffuucchh..ffuuuccchh..aahhh..ahahh….aaahhh

ऐसी आवाज़ों के साथ उर्मिला झाड़ रही थी और देवा उसको चोदे जा रहा था……..

जब उर्मिला झाड़ चुकी तो थोड़ी थकी हुई लगने लगी और पट्टी पर झुक कर आहे भरने lagi…deva ने भी उर्मिला को छोड़ना बंद किया और उसकी छूट से लुंड निकल कर सेल्फ पर बैठ गया …..

उर्मिला थोड़ी देर बाद देवा के पास आई और झुक कर लुंड को मुँह में भर के चूसने lagi…..deva का लुंड तो खड़ा hi tha…urmila की चुसाई ने पूरा कड़क कर दिया…

फिर उर्मिला ने लुंड को मुँह से निकला और कहा…

उर्मिला -अब रेडी hu…jaldi से छोड़ो वर्ण कोई बाथरूम के लिए न ाज्ये

देवा - okk..aa जा सवारी करवा दू.…

और देवा के कहते hi उर्मिला गॉड में आकर बैठ गई और देवा की कमर के दोनों साइड पेअर रख कर लुंड को छूट में भरते हुए जांघो पर बैठ गई..

देवा ने देर न करते हुए उसकी गांड पकड़ कर नीचे से धक्के मरना चालू किया और उर्मिला देवा के सीने पर झुक कर उप्पेर से गांड uchal-uchal कर लुंड को छूट में लेने लगी….

और देवा ने उर्मिला को तेजी से छोड़ना सुरु कर दिया और चुदाई की आवाज़े उर्मिला की सिसकारियों के साथ निकलने लगी…

उर्मिला -aahh…..ahhh…..aahhh..oohhh..ohh aahh..aahhh.. aahhh…ueeeeeeyyaaaaaaaaaahhh स्स्स्सस्स्स्सीीीीाःह्ह्हह्ह

देवा उर्मिला के बूब्स सहलाते हुए उसे चोदे जा रहा था साथ hi उन्हें चूस भी रहा था और उर्मिला भी अपनी गांड को उचका कर लुंड को अंदर ले रही थी साथ hi देवा के सर को सहलाते हुए इस चुदाई का मजा ले रही थी……

उर्मिला -aahh..ahahhhh..ahahh…. …teeejj….aaahh..teejjj

देवा -य esss…ye....lo…yeeehhh..yeeehhh

उर्मिला -zooorr…sssee…aahahh…aaaiiiseee…hhhii…aahahh ….zzoooorrr…ssee

करीब 15 मिनट देवा तेजी से उर्मिला को छोड़ता रहा फिर देवा ने उर्मिला को शेल्फ से नीचे उतर कर खड़ा कर दिया…

और उर्मिला की एक तंग को हाथ से पकड़ कर उठाया और लुंड को छूट में दाल diya…urmila ने भी एक हाथ से पट्टी का सहारा लिया और देवा ने चुदाई पूरी स्पीड से सुरु कर दी….

उर्मिला -aahh..aahhh. …कबसे तड़प रही thi…aaahh..aisi चुदाई ko…oohhh…chodo मेरे राजा मजा आ गया आज तो

देवा -yehh..baby….teji से uchlo…apni गांड aahhh…aise hi और तेज..

उर्मिला –आह आह आह आह ahaahh….ye ..lo…or…tejjj..hmmm…or तीजज..

और उर्मिला चुदाई में मस्त हो कर जितना तेज हो सके उतना देवा के लुंड पर उछलने लगी और देवा के होठो को मुँह में भर कर चूसने लगी…

उर्मिला -ummm…auumm…..uuumm…

Thaaaapp..tthhaapp..uuumm…yaaaaahhhhhhh…aahh..tthhhapp..tthhaappp..ttthhaapapp..tttahahhppp…uumm….uummm…uuumm..tthhhaapp…ttthhaapap…tthhhaapp..

उर्मिला की गांड देवा की जांघो पर टकरा रही थी और उर्मिला पुरे जोश के साथ अपनी छुड़ाए करवा रही thi…or देवा के होठ को ऐसे चूस रही थी जैसे की , प्यासे को पानी मिल गया हो..

थोड़ी देर बाद उर्मिला ने देवा के होठो को आज़ाद कर दिया और फिर से मस्ती में उछलते हुए चिल्लाने लगी…

उर्मिला -aaahh..aahh…oohh..yess…kya लुंड hai..aahhh….. …chodo…chodo…jor से....

देवा -ये ले मेरी rani…teji se..le..andar तक…

फिर थोड़ी देर बाद उर्मिला की स्पीड काम हो gai..wo थक गई थी...

देवा ने जल्दी hi उसे गॉड से उतरा और फिर से उसे वाही पर झुका दिया और पीछे से लैंड उसकी छूट में दाल दिया…

और उसक गांड को पकड़ कर पीछे से छूट छोड़ने लगा…

उर्मिला -oohh…aaahh…dalo…jor se…aahh….aahhh..

aahhh…jaldi karo…mera pati..aahhh….mujhe देख न ले …aaahh…oohh…jaldi…

देवा -ऐसी बीवी हो jiski…use तो बीबी को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए… वो भी रात को तो बिकुल नहीं. तू छुड़वा मुझे से जी भर के वो नहीं उठेगा सुबह से पहले नशे में है न वो.

उर्मिला -aaahhh..ha वो तो नशे में hi है आआह्ह्ह वो नहीं छोड़ता मुझे अकेले to…aaahhh…tum कैसे छोड़ पते… oohh…aaahh….jor se,…pelo मेरे राजा मेरी बच्चे दानी तक तुम्हारा लुंड ठोकर मार रहा है देवायआ मजा आ रहा है बहोत छोड़ो छोड़ो छोड़ो मुझे जोर जोर साआआह्ह्ह्ह उउउउउउउम्मम्मह्हह्ह्ह्ह

देवा उर्मिला को तेजी से चोदे जा रहा था और उर्मिला ने देवा को पलट कर फिर से किश करना सुरु किया ….

देवा उर्मिला को पीछे से धक्का मरता और उर्मिला अपनी गांड को पीछे dhakelti…or उसकी गांड देवा की जांघो पर टकरा कर thap-thap की गूँज करती…

देवा का तो उर्मिला की मस्त चिकनी गांड पर दिल आ गया था…

देवा उर्मिला को कुछ देर और तेजी से छोड़ता रहा और वो झड़ने के करीब आ gai..or उसने देवा के होंठो को छोड़ दिया..

उर्मिला- hh..mmmaa…mmaiinn…ffiirr..seee..aaaiii..aahhh… त्तीजज …aaa…oor..teejj…oohhhhooo

और ऐसी आवाज़े करती हुई उर्मिला फिर से झड़ने लगी और देवा ने वैसे hi स्पीड से उसे छोड़ना चालू रखा और आवाज़े बाथरूम में गूजने लगी...

उर्मिला -oohh….aaahhh..ahahh..ahh..oohh..oohh….oohh…

aaahhhh……ahhhh..tthhhaappp..ttthhaapp…fffuuccchh....fffuuuccchhh..aaahhh..tthhhhappp….fffuuucchhhh…ooohh..ahhh…yyeeehhhh…..aaahh..oohhh

ऐसी hi आवाज़े होती रही और देवा उर्मिला को छोड़ता raha……jab देवा झड़ने के करीब आ गया तो …

देवा -aaahhh..meri जान …मैं आ रहा hu…kaha दालु…

उर्मिला – छूट में hi डालो न ऐसे लुंड से गाभिन हो गयी तो खुशकिस्मत hi kahlaugi..aahh.. …oohh…aakhri में मेरे मुँह me…ooohh…daaalnaa... वैसे भी मेरे पति से कुछ नहीं होने वाला आज अच्छा मौका मिला है मुझे गाभिन hi कर दो देवाआआआआ और फिर मए इस रास को चखना भी चाहुगी मुझे चखा भी देना उउउउउउउठ्हहहह माआआआ छूट का नागदा बजा दिया तूने तो

देवा ने तुरंत hi उर्मिला की कमर को जोर से पकड़ा और आगे पीछे करने लगा.....

थोड़ी देर बाद देवा का लुंड पिचकारियां छोड़ने लगा जिसकी गर्मी से उर्मिला भी झड़ने लगी उसने हाथ पीछे कर के देवा को गार्डन से पकड़ लिया और देवा ने अपने होठ उर्मिला की गार्डन पे चिपका दिया और दोनों hi इस चुदाई से झड़ने लगे और उर्मिला ने देवा का लुंड रास अपनी बच्च्ड़ी में में भर लिया.

थोड़ी देर के बाद जब देवा ने अपना लुंड उर्मिला की बुर से निकला तो उर्मिला तुरंत पलट गयी और देवा का आधे खड़े लुंड को झट से मुँह में भर के चूसने लगी और देवा के लुंड पे लगा अपना छूट रास और देवा का लुंड रास पहले चूस कर फिर पूरा चाट चाट कर साफ़ किया और अपने होठो पे जीभ फेर के यहाँ वह लगा हुआ रास भी चाट गयी. और वही सुस्त हो कर बैठ गयी.

देवा ने भी अपनी लुंगी पहनी और उर्मिला ने भी जैसे तैसे निघ्त्य पहन ली उसकी टंगे अभी भी काँप रही थी. फिर देवा ने धीरे से बहार देखा सारा घर शांत था. कही कोई आवाज़ नहीं थी.

…..तो देवा ने पलट के उर्मिला को गॉड में उठाया और उस के बैडरूम की तरफ जाने लगा.

उर्मिला - देवा मुझे नीचे उतर दे कोई देख लेगा न.

देवा – नहीं कोई नहीं देखेगा. और तुम्हे अभी तकलीफ भी है तो मए hi पंहुचा देता हु.

उर्मिला ने भी देवा को कास के गले से लगा लिया और उसके गालो को चूम लिया. फिर देवा ने उर्मिला को उसके बैडरूम में ले जा कर. घनश्याम के बाजु में लिटा दिया. और फिर से उर्मिला की निघ्त्य उतर दी. उर्मिला सवालिया नजरो से देवा को देखने लगी.

देवा - उर्मिला अभी तुम अपने पति के साथ नंगी hi सो जाओ सुबह उसे यही लगने देना के उसने तुम्हे जैम के छोड़ा है. तुम उसकी चुदाई की तारीफ भी करना. और उसे कहना के अब एक महीने तक चुदाई बंद क्यों की शायद इस बार प्रेगनेंसी हो जाएगी. ऐसा महसूस हो रहा है. उसे यकीन दिलाना के रात को तुमने खूब मजा किया उसकी चुदाई से.

उर्मिला - प्रेगनेंसी तो हो hi जाएगी ऐसे खतरानक तरीके से छोड़ा है तुमने, मुझे तो लग रहा है के आज मेरी सुहागरात हुई है. देखो न मेरी बुर कैसे सूज के लाल हो गयी है.

देवा – है पर यद् रखना अगली बार गांड hi मरुँगा.

उर्मिला - मए इंतजार करुँगी और मेरी गांड भी.

फिर देवा ने उर्मिला के होठो पे एक गहरा चुम्बन दिया और अपने कमरे में जा कर सो गया.

उधर शहर के जेल में कोई 4 लोग प्लानिंग कर रहे थे.
 
मए अपने सभी एक्टिव और साइलेंट रीडर्स से बताना चाहता हु के इस स्टोरी में कोई बी सेक्स सन सिर्फ मजे के लिए नहीं है हर सन का इफ़ेक्ट आगे मिलेगा. और अगर जरूरी नहीं होगा तो सेक्स सन सिर्फ मजे के लिए नहीं आएगा. फिर भी अगर आप लोगो को लगे ले बेकार में सेक्स सन डाला गया है तो बताइयेगा मए सुधर करुगा.

थैंक यू
 
अपडेट – 38

उधर शहर के जेल में कोई 4 लोग प्लानिंग कर रहे थे......................

आदमी 1 - उस्ताद हमने पूरा इंतजाम कर लिया आज उस मादरचोद विट्ठल को जिन्दा नहीं छोड़ना है.

आदमी 2 – है उस्ताद अभी थोड़ी देर में दरबान को किसी बहाने से बुला के हम लोग सेल से बहार निकलेंगे आज मैने उस विट्ठल के खाने में चुपके से जमाल होता मिला दिया था साला हगने आएगा और उसे हम मिल के ऊपर पंहुचा देंगे.

उस्ताद - याद रखना कोई भी गलती नहीं होनी चाहिए हमने कॉन्ट्रैक्ट लिया है पूरा करना hi है वार्ना जिसने सुपारी दी है वो हमें जिन्दा नहीं छोड़ेगा.

आदमी 3 – बस क्या उस्ताद विश्वास रखो आज विट्ठल की इस जेल में आखरी रात है.

आदमी4 – लेकिन उस्ताद एक बात समझ में नहीं आयी उस सेल विट्ठल की गांड तो अदालत ने मार hi दी है. 10 दिन बाद उसे फांसी होनी है. तो फिर उसकी सुपारी क्यों?

उस्ताद – भोसड़ी के आता हुआ पैसा ख़राब लग रहा है क्या तू अपने दिमाग को लुंड में hi रख अभी मत चला. और सिर्फ विट्ठल को मरने की सोच तुम लोगो को भी तो हिस्सा मिलेगा न मादरचोद.

आदमी4 – सॉरी उस्ताद , अरे उस्ताद वो विट्ठल संडास की तरफ जा रेला है.

सरे फुर्ती से उठ कर बहार देखते है. जहा एक आदमी पेट पकड़ के दौड़ा जा रहा था.

उस्ताद – हरामखोरो जल्दी निकलो बहार जल्दी करो……..

आदमी 1 उठकर तेजी से लॉकअप के गेट पे आता है और बहार से निकलने वाले दरबान को.

ा1 – अरे गार्ड साब ……….

गार्ड - क्या है बे?

ा1 – यह पानी ख़तम हो गया है

गार्ड – मादरचोद ससुराल में आया है क्या? सो जा चुप चाप

ा1 – अरे बस क्या गार्ड साब अपुन सामने के नल से मटकी भर लेगा या आप hi भर के दे दो

गार्ड – सेल मए मूट दुगा न तो तेरी मटकी भर जाएगी. ला दे मए भर दू

ा1 – ऐसा मत बोलो साब अपुन रिक्वेस्ट कर रेला है प्लीज.

गार्ड – मादरचोद अंग्रेजी की माँ मत छोड़ खोल रहा हु जा भर ले.

जैसे hi गार्ड ने गेट खोला वैसे hi अंदर से तीन लोगो ने उसे दबोच लिया और उसके मुँह पे कम्बल दाल के उसकी कनपटी पे वॉर करने लगे. जिससे गार्ड बेहोश हो गया.

तब फुर्ती से चारो लोग निकले और उनका उस्ताद भी और दौड़ते हुए पास के गमलो तक पहुंचे और वह छुपा के राखी हुई खुरपी, कैंची, ारी, छोटा हथोड़ा और छेनी उठा ली अब पांचो के पास हथियार थे. कुछ खास तो नहीं लेकिन एक अकेले को मरने के लिए पर्याप्त और खतरनाक साबित हो ऐसे हथियार कहे जा सकते है.

वो दौड़ते हुए संडास की तरफ भागे. तभी वह से कोई और बहार निकला जिससे उनका उस्ताद टकरा गया

……….. क्यों बे सालो अंधे हो क्या दौड़ क्यों रहे हो

उस्ताद - अबे निकल वार्ना यही काट डालेंगे तुझे भी. और फिर उन लोगो ने अंदर का रूख किया लेकिन उस अननोन ने भी इन के हाथ में हथियार देखे तो वो भी अंदर घुस गया.

इन पांचो ने एक लात मार के संडास का दरवाजा तोडा अंदर विठल भी उठ चूका था और पजामा बांध के निकल hi रहा था. दरवाजे की भरपूर चोट उस के माथे पे लगी और वो चीखता हुआ वही गिर पड़ा,

उस्ताद उस पे हथोड़ा मरने hi वाला था के उस अननोन ने पीछे से बाकि चारो को लात मरी जिससे वो उस्ताद के ऊपर गिरे और सब हड़बड़ा गए इतने में विथल को मौका मिला उसने खड़े होकर उस्ताद के पेट में घुसा मारा और धकेलता हुआ सबको बहार गिराया.

अननोन (ु)- तुम लोगो ने मुझे धमकी दी बहार इसलिए मुझे आना पड़ा चुप चाप सॉरी बोल कर अंदर आजाते तो मए आता hi नहीं इधर.

उस्ताद - ा ……. मारो दोनों मादरचोदो को

विट्ठल और ु की आंख मिली दोनों ने एक दूजे की भाषा समझ ली और छलांग लगा दी उन लोगो के ऊपर तो फिर से वो चारो पंटर जमीन पर गिरे विट्ठल ने अपने हिस्से के दो लोगो को लात घुसो पे रख लिया इधर ु भी काम नहीं था उसने अपना घुटना चलाया सामने वाले के लुंड पर वो वही गिर पड़ा तो पीछे से उसे एक ने पकड़ लिया ु ने घुमा के अपनी कोहनी मरी जिससे उसकी नाक फैट गयी और वो खून बहता हुआ दूर हो गया इधर विथल भी अपने साथ के दो लोगो को जमीन छठा चूका था. अब विथल और ु ने मिल कर बॉस को खदेड़ा तो वो भाग कर बहार आया . तभी ु ने हाई जम्प लेकर एक किक मरी उसके सर में जिससे वो औंधे मुँह गिरा तभी हाई जम्प ले कर उड़ता हुआ विठल भी आया जो सीधा उसकी पीठ पे आकर खड़ा हुआ.

उस्ताद की कमर hi तोड़ दी. फिर ु ने उसे उठाया तो विठल ने घुसे मार मार के उसका थोबड़ा बिगड़ दिया.

तभी वह सीटी बजाते हुए. गार्ड्स आये जिनमे कुछ पुलिस वाले और भी थे. सबने मिल कर इन्हे पकड़ा.

जेलर – क्या हो रहा है सालो रात को भी माँ छुड़वाने आ गए . चैन से सो नहीं सकते

और तू बहनचोद विठल अभी तक तेरी अकड़ नहीं निकली 10 दिन बाद तुझे लटकना है फिर भी मारा मरी कर रहा है.

विथल - साब अपुन का मिस्टेक नहीं है अपुन तो संडास आया हुआ था ये सेल कुत्ते लोग ने अपुन पे हमला किया अपुन तो इनसे खुद को बचा रहा था ये इस भाई ने अपुन को बचा लिया वार्ना ये लोग तो अपुन का गेम आजिच कर डालते.

इंस्पेक्टर - चुप सेल मार देते तो क्या हो जाता तुझे तो मरना hi है. न और तुम लोग सालो सुधरोगे नहीं. चलो मए तोड़ता हु तुम लोगो को . जेल में मर्डर करोगे बहनचोड़ो चलो

फिर कंसट्रबले उस्ताद और उसके पंटरों को लेकर अंदर चले जाते है उन्हें तोड़ने के लिए

विठल - शुक्रिया दोस्त तूने बचा लिया वार्ना ये लोग तो अपना काम आज कर hi डालते.

ु – कोई बात नहीं भाई तुमने दोस्त कहा तो शुक्रिया कहे का

विथल कल मिलते है सुबह

और दूसरा कांस्टेबल विथल और उस अननोन को उनकी सेल में बंद कर देता है

इधर देवा अपने नियम से 4 बजे उठकर वही साधना करीब 7 बजे तक देवा फुल रेडी हो चूका था.

तभी वह देवकी आयी. अरे देवा हो गया तैयार इतनी जल्दी?

देवा – है काकी बस निकलना है अभी.

देवकी - क्यों देवा तुम्हे यहाँ रहना अच्छा नहीं लगा क्या ?

देवा – कैसी बात करती हो काकी ये तो मेरा hi घर है अब. लेकिन गंव जाना भी जरुरी है न.

रामु – देवा भैया आप रुक जाते तो अच्छा रहता.

देवा – अगली बार रहुगा न अब तो यहाँ आना जाना लगा hi रहेगा. इतना प्यार मिला है इस घर से.

ये बात सुन कर एक तरफ जहा देवकी शर्मा रही थी दूसरी तरफ उर्मिला भी धीरे से मुस्करा रही थी.

फिर देवा नाश्ता कर के निकलता है अपने घर की तरफ. और करीब 2. -3 घंटे में hi गाँव में पहुँच जाता है. देवा जैसे hi अपने घर पहुँचता है. तो अपने माँ बाबू जी से मिलता है

सावित्री - आ गए बीटा?

देवा – जी माँ

सावित्री - कैसा लगा पायल का ससुराल?

देवा – बहोत अच्छा है माँ अपनी पायल तो वह राज करेगी.

सावित्री - ये तो अच्छी बात है बीटा. रामु से कोई बात हुई ?

देवा – हां माँ उसे मैने अकेले में बात की थी वो तो इस रिश्ते से बहोत ज्यादा खुश है. और वो एक मेहनती और ईमानदार लड़का है. हम लोगो को पायल की चिंता करने की जरुरत नहीं है. आप सब भी निश्चिन्त रहे.

सावित्री – चलो मेरे दिल से एक बोझ काम हुआ मए तो बहोत परेशां थी .

दन – अरे देवा बीटा सुनो.

देवा – जी बाबू जी कहिये.

दन – बीटा कल तुम्हरे पास टाइम है क्या?

देवा – बाबू जी ये क्या पूछ रहे है आप? आप मेरी छोड़िये अपनी बात कहिये. मए अपने सरे काम छोड़ कर पहले आपका hi काम करुगा. बोलिये क्या बात है.

दन - कुछ खास नहीं बीटा. वो कुछ शहर में मुझे काम था. बैंक में. अगर तुम्हारे पास समय हो तो हम लोग हो आते.

देवा - ठीक है बाबू जी हम कल hi चलेंगे.

दन – ठीक है बीटा तो फिर सुबह थोड़ा जल्दी निकल चलते है.

देवा – जी बाबू जी……………………

दन - ठीक है अब तू आराम कर ले. थक गया होगा.

फिर देवा उठकर अपने कमरे में चला जाता है. और दरवाजा बंद कर के अपने सरे कपडे निकल देता है और सिर्फ अंडरवियर में hi अपने बिस्तर पे लेट जाता है. तभी वह पूनम प्रकट होती है.

देवा – अरे वह क्या टाइम से आयी हो मए बहोत थक गया हु. आ जाओ मेरी बहो में.

पूनम देवा को ऐसा अंडरवियर में देखती है तो शर्मा जाती है. – ये क्या हरकत है? कोई ऐसे सोता है क्या? चलिए कपडे पहन लीजिये मुझे आपसे बात करनी है.

देवा – अरे जानेमन बात करने के लिए कपडे पहनने की क्या जरुरत है ? और हमारे बैडरूम में हम दोनों hi है तो मए चहु तो ये अंडरवियर भी उतर दू तो कोई बड़ी बात नहीं आखिर तुम मेरी बीवी हो.

पूनम - जी नहीं बीवी हु नहीं होने वाली हु.

देवा – ओह्ह्ह्हह्हह कोई बात नहीं आ जाओ फिर अभी बीवी बना लेता हु तुम्हे.

पूनम – ओफ्फो देव क्यों स्टेट हो पहन लो कपडे प्लीज.

देवा – अच्छा राजकुमारी जी , जो आज्ञा. “ देवा एक चुटकी बजता है और देवा फूल ड्रेससुप हो जाता है.

पूनम – that’s ा गुड बॉय.

देवा – अब बोलिये

पूनम – मए क्या बोलू ?

देवा – अरे अभी कहा न कुछ बात करनी है.

पूनम - वो तो ऐसे hi कहा था असल में तो आपसे मिलने आयी थी मए.

और इतना कह कर पूनम देवा के पास बिस्तर पे जा कर बैठ जाती है और उसे गले से लगा लेती है.

देवा भी पूनम को बहो में भर लेता है फिर अलग हो कर

पूनम - कैसा रहा आपका सफर?

देवा – बहोत अच्छा था. यहाँ सब कैसे है?

पूनम - यहाँ भी सब ठीक है. बस मए ठीक नहीं थी

देवा – क्या हुआ मेरी जान को?

पूनम - आपकी याद आ रही थी न.

देवा – ooooooooooo हाउ स्वीट

इधर ये इसी तरह रोमांटिक बात कर रहे थे उधर दूर शहर में कुछ और hi चल रहा था. जेल में.

यहाँ सुबह के वक़्त सब कैदी अपने कामो में लगे हुए थे. एक जगह जहा कुछ लोग टूटी कुर्सियां और टेबल बना रहे थे वही ूंकंऊ भी लगा हुआ था. उसी समय वह विथल आता है.

विथल - कैसे हो दोस्त?

ु – मए ठीक हु भाई तुम कैसे हो?

विथल - अपुन एक डैम बिंदास है वैसे अपुन का नाम विथल भाई है.

ु – ohhhhhhhhhh आप वो मुंबई अंडरवर्ल्ड के विठल भाई तो नहीं ?

विथल मुस्कराते हुए – वहीच है अपुन. तुम्हारा क्या नाम है?

ु – विथल भाई मेरा नाम मन्नू ठाकुर है. पास hi के गाँव से हु. मुझे ख़ुशी हुई के मए इतने बड़े आदमी के काम आ सका.

विठल - भाई मन्नू तूने तो दिल खुश कर दिया. बहोत दिलेर हो तुम. वैसे यहाँ कैसे आना हुआ.

मन्नू – भाई वो गाँव में एक नाबालिग लड़की का रपे किया था. और फिर वो साली ज्यादा hi बाद बाद कर रही थी तो चीप उठा के उसका सर फोड़ दिया था. वही का रहने वाला है एक दीनानाथ कर के उसने मुझे देख लिया और उस मादरचोद ने पुलिस में कंप्लेंट कर दी वो भी काफी वजनदार आदमी था जिस वजह से मुझे यहाँ अंदर आना पड़ा. और 14 साल की लग गयी. अगर मए यहाँ से निकला तो उस दीनानाथ के पूरे खंडन की बहु बेटियों को चौराहे पे छोड़ूगा सब के सामने और सबसे आखरी में दीनानाथ को मौत दुगा वो भी बहोत बुरी मौत. पर आप तो खुद बहोत ताक़तवर है आप यहाँ कैसे?

विठल - अरे भाई मेरे तो सरे hi काम इल्लिगले है लेकिन एक मिन्स्टर की सुपारी ली थी मैने. वो भी एक जवान मिनिस्टर था. किसी तरह उसे अगवा करवा लिया जब वो एक शादी से लौट रहा था. उस के साथ उसकी बीवी भी थी. कस्सम से उसे देख कर नियत फिसल गयी उस सेल मिनिस्टर को बांध के वही उसकी बीवी को छोड़ डाला और फिर दोनों को मार के फेंक दिया लेकिन मेरे गैंग में कोई पुलिस का खबरि था उसने पूरा वदो बना लिया और मए अंदर आ गया फिर मुझे फांसी हो गयी. अब तो सिर्फ 9 दिन बचे है मेरी फांसी में.

मन्नू - क्या विठल भाई अभी तो हम मले hi है और आप जाने की बात करते है.

विथल - यार मन्नू जाने की बात कौन करता है. जो सच है वो बता रहा हु. लेकिन कुछ समझ नहीं आ रहा के यहाँ से निकलू कैसे? मेरे आदमियों को भी मुझसे मिलने नहीं दिया जा रहा है. और बहार जो मेरे दुश्मन गैंग है सुना है उन्होंने मेरे न रहने पे मेरे पूरे धंधे टेकओवर कर लीये है. साथ hi मेरेर आदमियों को भी टपकते जा रहे है.

मन्नू – भाई कुछ सोचो ऐसे तो ये 9 दिन भी निकल जायेगे.

विथल – है यार मुझे भी यही टेंशन है.

कांस्टेबल – अबे ो सालो यहाँ बैठे क्या अपनी माँ छुड़वा रहे हो? चलो दूर रहो और काम करो.

फिर दोनों अलग हो कर काम करने लगते है. लेकिन सोच दोनों के दिमाग में चालू hi थी. वो भी बहोत तेजी से.

इधर आज देवा को कही जाना नहीं था. तो वो अपने गाँव के कपड़ो यानि धोती कुर्ते में आ जाता है. और पहल बाग़ का काम देखने चला जाता है. और फिर दोपहर का खाना खा के खेत चला जाता है जहा रघु की म्हणत देख कर देवा को बहोत ख़ुशी होती है. फिर वो भी वही काम करने लगता है. और शाम को दोनों भाई करीब 7 बजे घर आते है. दोनों बेटो को साथ देख कर. दन बहोत खुश होते है.

दन – आज तुम दोनों को इस तरह पसीने में भीगा हुआ देख कर मुझे बहोत अच्छा लगा बच्चो इसी तरह म्हणत करते रहो कभी इस घर में कोई कमी नहीं होगी. हमेशा खुश रहोगे.

फिर दोनों भाई नाहा के आ जाते है खाना खाने. और सब लोग खाने से फुर्सत हो कर सोने चले जाते है. जहा आज पहली बार दिया को भी रघु से छोड़ने में मजा आ रहा था. हलाकि वो ज्यादा देर नहीं टिक पाया लेकिन आज दिया इतनी खुश थी अपने पति से के वो भी दिल खोल कर उसका साथ देती है और न चाहते हुए भी जल्दी झाड़ जाती है, जिससे रघु को भी ख़ुशी होती है. और वो दिया के झड़ने के बाद भी उसे करीब 5-7 मिनट में hi जड़ने वाला होता है तो दिया झट से उठकर उसका पूरा लुंड मुँह में भर लेती है और उसके चूसते hi रघु अपना पूरा पानी दिया क मुँह में छोड़ देता है. जिसे दिया पूरा पि जाती है बिना एक बून्द गिराए.

रघु – अरे मेरी जान आज तो तुम पहले झाड़ गयी क्या बात है?

दिया रघु से लिपट कर – हर पत्नी यही तो चाहती है के पहले वो अपना पानी निकले उस के बाद उसके पति का लुंड झड़े. आज मए खुश हु. और ऐसा लगता है अब आपके शरीर से शराब का असर ख़तम हो रहा है और आप जो दिन भर खेतो में म्हणत करते है उससे आपकी ताक़त भी बाद रही है. तभी तो आज आपका पानी बाद में निकला.

रघु – तो इसे छूट में क्यों नहीं लिया मेरी जान पि क्यों गयी ये गन्दा होता है.

दिया - नहीं जी ये तो बहोत टेस्टी था. मेरे लिए तो जैसे अमृत सामान मुझे बहोत पसंद आया. और छूट में लेने का क्या फायदा? मए तो पेट से हु hi पहले से. ये पानी तो वैसे भी पेशाब करने से बाह जाता इसलिए मैने पि लिया.

रघु – तू जिसमे खुश है उस में मए भी खुश हु. तूने मुझे बाप बना कर मुझ पर अहसान किया हाडे दिया.

दिया - इसमें मैने कुछ नहीं किया सब आप के भाई देवा ने किया है उसी की वजह से आप बाप बनने वाले है.

रघु - है देवा अगर मुझे सही रास्ता न दिखता तो शायद मुझे ये ख़ुशी कभी महसूस hi नहीं होती मए अब तक दारू के नशे में पड़ा रहता और तुम दुखी रहती.

दिया - चलिए अब कपडे पहन लीजिये और सो जाइये.

रघु – नहीं आज हमदोनो नंगे hi लिपट के soyege.mae तुम्हारे इस मखमली जिसमे की गर्मी पूरी रत महसूस करना चाहता हु.

दिया - और अगर फिर से आपका मूड बन गया तो?

रघु - मूड बन गया तो फिर से छोड़ लगा तुम्हे

दिया - हहहहहहहहह ओह हो इतना परिवर्तन कहा तो रत में एक बार भी नहीं छोड़ते थे और अब एक hi रत में दो बार छोड़गे.

रघु - है मेरी जान तुम मेरी बीवी हो एक रत में दो बार क्या पूरी रत भी तुम्हे छोड़ सकता हु. जितनी हसीं तुम हो उससे कही ज्यादा हसीं तुम्हारी बुर है मेरा तो दिल नहीं भरता तुमसे आजकल

इतना कह कर रघु दिया के होठो को चुम्लेटा है

दिया भी रघु के होठो को चुम लेती है. और दोनों एक दूजे से लिपट के सो जाते है. दोनों hi इस बात से बेखबर थे के देवा वह आया हुआ था अदृश्य हो कर लेकिन दोनों का प्यार देख कर वो भी मुस्कराता हुआ वह से चला जाता है.
 
अपडेट - 39

सुबह देवा अपनी साधना से फ्री हो कर नाहा धो कर आ जाता है. और नाश्ता करने लगता है जहा दन भी बैठे थे.

दन – तो देवा तैयार है तू ? चले शहर?

देवा – जी बाबू जी मए रेडी हु बस आप नाश्ता ख़तम कीजिये तो चलते है.

फिर दोनों नाश्ता कर के रर से शहर की तरफ निकल पड़ते है. 11 बजे तक वो शहर पहुंच जाते है. देवा अपनी गाड़ी सीढ़ी बैंक में लगता है. और दोनों बैंक में आ जाते है. तभी वह दन का दोस्त मिल जाता है.

दन – अरे भाई सुन्दर लाल क्या हाल है?

सल – अरे दन बाबू आप यहाँ ?

दन – है भाई कुछ पैसा जमा करना था और कुछ काम भी था बैंक में. तुम बताओ कैसा चल रहा है.

सल – बस सब ऊपर वाले की कृपा है.

दन – इनसे मिलो ये है मेरा छोटा बीटा देवा

देवा आगे बाद कर उनसे मिलता है

सल – खुश रहो और बीटा कैसे हो आप

देवा – जी ठीक हु चचा जी. आप यही रहते है?

सल – नहीं बीटा मए तो तुम्हरे गाँव के पास hi रहता हु ***** गाँव में लेकिन मेरा यहाँ भी एक माकन है. तो जब बैंक का काम होता है तो आ जाता हु और फिर एक दो दिन ृक्क कर hi गाँव जाता हु.

दन – अरे देवा तुम्हे कोई काम हो तो निपटा लो या घूम के आ जाओ.

देवा - जी बाबू जी आप मुझे कॉल कर दीजियेगा मए आ जाउगा.

फिर देवा बैंक से निकल कर अपनी गाडी के पास जाता है तो उसके पास एक कांस्टेबल आता है.

कांस्टेबल - ा सुनो तुम्हे मेरे साथ चलना होगा . इंस्पेक्टर साब ने बुलाया है.

देवा – इंस्पेक्टर साब ने मुझे ? क्यों?

स – मुझे नहीं पता यार हम लोग यहाँ से निकल रहे थे तो उन्होंने तुम्हे बैंक से निकलते देखा और मुझे उतर दिया गाड़ी से के तुम्हे लेकर ठाणे आ जाऊ. अब चलो

देवा – ने उसे भी गाडी में बिठा लिया और गाड़ी ठाणे की तरफ बड़ा दी. मन में” अब ये क्या नयी मुसीबत आ गयी” चलो ठाणे चल के उसे भी देखते है.

देवा ठाणे पहुंच जाता है तो कांस्टेबल उसे बहार बैठा कर अंदर केबिन में जाता है और कोई 2 मं. में आ कर

कांस्टेबल – जाओ अंदर

देवा उठ कर अंदर जाता है तो सामने देख कर हैरान रह जाता है. सामने वाला उसकी हैरानी को फुल एन्जॉय कर रहा था.

देवा – तुम ? और यहाँ?

………… क्यों मेरे यहाँ होने में क्या हैरानी है? मुझे यहाँ नहीं होना चाहिए क्या?

देवा – अरे मतलब ये तो गजब hi सरप्राइज है कावेरी. ( ये कावेरी आपको यद् तो होगी hi न? अरे वही जिसने ज्योति के फार्म हाउस पे देवा का लुंड चूसा था सब के सामने. आ गया न याद. व्. गुड़)

कावेरी मुस्करा के – ऐसी कोई बात नहीं देवा पर तुम सरप्राइज हुए इसमें मुझे मजा आया.

देवा – तुमने बताया नहीं था के तुम यहाँ पुलिस इंस्पेक्टर हो

कावेरी धीरे से - कैसे बताती तुम तो उस दिन सिर्फ मुझे लुंड चूसा के चले गए तुमने कुछ पुछा hi नहीं.

देवा – है वो उस दिन हालात hi कुछ ऐसे थे की ु क्नोव………

कावेरी – ी क्नोव बूत ु वास् अवेसमे तहत डे.

देवा – ऐसी कोई बात नहीं यार . छोडो ये बताओ मुझे यहाँ कैसे बुलाया ?

कावेरी – अरे कमल करते हो? तुम पर नजर गयी तो तुमसे मिलने का दिल चाहा और बुला लिया.

इतने में कांस्टेबल दो कोल्ड ड्रिंक्स रख जाता है.

कायवृ कोल्ड ड्रिंक लेते हुए– वैसे मैने ज्योति से तुम्हारे बारे में बहोत पुछा पर शायद तुमने उसे भी जायदा कुछ नहीं बताया इसलिए मए भी नहीं जान पायी. तो तुमने ज्योति को थोक hi दिया?

देवा भी कोल्ड ड्रिंक उठा लेता है – मैने नहीं ठोका उसने खुद थुकवाया मए तो मन कर रहा था.

कावेरी – अच्छा? पर तुम क्यों मन कर रहे थे शी इस बेऔतीफुल्ल एंड हॉट यार .

देवा – वो सब तो है hi वो, लेकिन वो साथ में कुवारी भी है और ठाकुर की बेटी भी.

कावेरी – तो तुम ठाकुर से दर रहे थे?

देवा – ठाकुर की माँ का भोसड़ा. डरता तो मए उसके बाप से भी नहीं . मेरे कहने का मतलब है के इतने ऊँचे घराने की बेटी है ज्योति. शादी से पहले चुद जाने पर उसका फ्यूचर स्पोइल हो सकता था. इसलिए मए मन कर रहा था और कोई बात नहीं. पर जब ज्योति ने hi कहा के वो संभल लेगी. तो मए आगे बाद गया.

कावेरी – है और उसकी फाड़ दी.

देवा – तुम्हे कैसे पता उसकी फैट hi गयी होगी? तुमने उसकी देखि क्या ?

कावेरी – मैने उसकी छूट तो नहीं देखि. लेकिन तुम्हरा लुंड देखा है , देखा क्या बल्कि अपने मुँह में hi सही पर लिया है. और मए एक शादी शुदा औरत हु. तो जानती हु ऐसा लुंड लेने में ज्योति की छूट के साथ गांड भी फैट गयी होगी. इतना दर्द हुआ होगा. अगर उसकी जगह मए भी होती तो मेरी फटी हुई छूट भी तुम्हरे लुंड की आगे फैट जाती और चूड़ी हुई छूट से भी तुम खून निकलवा देते.

देवा – तुम्हे भी चाहिए वैसा दर्द?

कावेरी – मैने कहा ने मए शादी शुदा हु, ऊपर से पुलिस अफसर भी. मुझसे फ़्लर्ट कर रहे हो?

देवा – नहीं मए एक पुलिस अफसर के साथ फ़्लर्ट बिलकुल नहीं कर रहा , है लेकिन मए उस औरत से जरूर फ़्लर्ट कर रहा हु जो अपनी साडी सहेलियों के सामने मेरा लुंड चूसने से खुद को रोक नहीं पायी थी , शादीशुदा होने के बाद भी. एक पुलिस अफसर होने के बाद भी.

कावेरी – स्मार्ट आंसर. ी म इम्प्रेस. और जवाब है के है मुझे चाहिए तुम्हारा लुंड अपनी बुर में. अभी चले मेरे घर?

देवा – और तुम्हरा वो सो कॉल्ड पति?

कावेरी - वो अभी अपनी ड्यूटी पे है. वो भी पुलिस में hi है. रात को फ्री होगा.

देवा – एक सवाल और मुझसे क्यों छुड़वाना चाहती हो? कही तुम्हारा पति………………..

कावेरी – ो hello ……… मेरा पति भी काफी स्ट्रांग है. और हमारी सेक्स लाइफ भी बहोत अच्छी है. है पर उसका लुंड तुम्हारे से आधा hi होगा यानि करीब 5.5” . लेकिन छोड़ता बहोत मस्त है मेरा पति. मए सटिस्फी भी हो जाती हु हर बार.

देवा – फिर बच्चा?

कावेरी – क्या किताबी बाते करते हो यार . एडल्ट स्टोरीज ज्यादा पड़ते हो क्या XFOUM.LIVE पर? मेरे पति में कोई खराबी नहीं है, वो छोड़ता भी अच्छा है, बच्चा हम खुद नहीं कर रहे है अभी, और है मुझे अलग अलग लुंड लेने का शौक भी नहीं. ये सब सेक्स स्टोरीज में होता है रियल में नहीं.

देवा – फिर मुझसे क्यों छोड़ना चाहती हो?

कावेरी – बस जिंदगी में पहली बार अपने पति के आलावा कोई अच्छा लगा. तुम दिलेर हो बहादुर हो, ताक़तवर हो, साथ hi तुम्हारा लुंड भी मेरे पति से बड़ा और मोटा है. तो बस दिल आ गया अब दिल तो किसी का भी आ सकता है न. है तुम न चाहो तो कोई जबरदस्ती नहीं करुँगी मए.

देवा – ऐसी बात नहीं कावेरी. और मए तो यु बी किसी का दिल नहीं तोड़ता इस मामले में. खास कर खूबसूरत लड़की का तो बिलकुल नहीं.

दोनों हसने लगते है और फिर कावेरी अपनी सीट से उठ जाती है.

कावेरी लेटस जो देवा मेरे घर चलते है.

देवा बी उसके पीछे केबिन से निकलता है. कावेरी उसे अपनी जिप्सी में बिठाती है. और रर की चाबी अपने ड्राइवर को दे कर गाड़ी को घर लेन के लीये कह देती है.

देवा और कावेरी अभी आधे रस्ते तक hi पहुंचे थे की कावेरी का सेल बज उठता है.

कावेरी गाड़ी साइड में लगा कर बात करती है.

कावेरी – जय हिन्द सर.

…………………..

कावेरी – व्हाट? कब?

……………………..

कावेरी – राइट सर, ी विल बे तेरे.

……………….

कावेरी – ok सर no प्रॉब्लम. मए देख लगी. जय हिन्द सर.

देवा – क्या हुआ तुम इतनी परेशां क्यों हो गयी.

कावेरी – देवा लगता है हमारी किस्मत में प्यार के पल है hi नहीं.

देवा – हुआ क्या यार?

कावेरी - चेक नाके पे पुलिस ने एक गाड़ी में चार आतंकवादियों को ट्रेस कर लिया. लेकिन वो लोग पुलिस को देख कर भागने लगे और बच्चो के एक स्कूल में घुस गए है. और वह की टीचर्स और बच्चो को बंधक बना लिया है. मुझे वह जाना होगा.

देवा – अरे यार तो परेशां क्यों होती हो. उन्हें लॉकअप में छोड़ने के बाद चलेंगे न घर.

कावेरी -देवा बहोत सीरियस मटर है. तुम मजाक में ले रहे हो.

देवा – don’t वोर्री स्वीट हार्ट ी म हेरे. चलो पहले उनकी गांड मरते है. फिर तुम्हरी मरुँगा अकेले में तुम्हारे घर में उसी बीएड पे जिस पर तुम अपने पति से चुदती हो.

कावेरी – ok तो चलो

कोई 10 मं. की ड्राइव के बाद ये लोग उस स्कूल की बिल्डिंग के सामने होते है. जहा कावेरी के मुताबिक आतंकवादी थे.

कावेरी और देवा आगे जाते है. कावेरी लाउड स्पीकर ले कर.

कावेरी – मए यहाँ की इंस्पेक्टर बोल रही हु. तुम लोग अपने आपको कानून के हवाले कर दो. वार्ना सब मरे जाओगे.

कावेरी 2-3 बार शामे बात रिपीट करती है. तभी 1सत फ्लोर पे एक आतंकवादी बहार आता है उस की आगे स्कूल की एक जवान टीचर भी थी.

ा – ो मैडम समझ में नहीं आता क्या? हम यहाँ सरेंडर करने नहीं आये. तुम लोगो ने हमें फसाया है अब तुम लोग hi जाने का रास्ता डोज. वार्ना हम तो मरेंगे hi यहाँ मौजूद 50 बच्चे और 10 टीचर भी मैरंगी. फैसला कर लो. और है फैसला करने में ज्यादा देर मत लगाना, यहाँ की टीचर्स बहोत कड़क माल है , ज्यादा देर की तो हम लोग यही पे इनका रपे करना शुरू कर देंगे और फिर उन्हें मार के फेंकते भी जायेगे तुम्हारे सामने.

इतना कह कर उसने अपने साथ कड़ी उस यंग टीचर का बोब्बा बड़ी बेरहमी से दबा दिया जिससे वो चीख पड़ी.

देवा – कावेरी उनकी बात मन लो.

कावेरी – कैसी बात करते हो देवा हम इन धमकियों से दर के उन्हें जाने नहीं दे सकते.

देवा – अरे जाने कौन दे रहा है उन्हें. तुम बस उन्हें है बोलो

कावेरी – रुको जरा

कावेरी हेड क़तर कॉल लगा कर पूरी बात बताती है. थोड़ी देर में उस के पास कॉल आ जाता है. के उन्हें जाने दो बाद में देख लगे. और अगर मौका मिले तो थोक दो. लेकिन कोई कसुअलटी नहीं चाहिए. अपनी तरफ के लोगो की.

कावेरी – लाउड स्पीकर में. हमें तुम्हारी शर्त मंजूर है. नीचे गाड़ी कड़ी है तुम लोग जा सकते हो कोई नहीं रोकेगा तुम लोगो को.

ा – मादरचोद साली छिनाल हमें लोदु समझती है क्या? गाड़ी से जायेगे हम? हेलीकाप्टर माँगा स्कूल की छत पर और है ये छमकछल्लो मैडम भी हमारे साथ जाएगी. कही तुम लोग हेलीकाप्टर में बम न लगा दो.

कावेरी दांत पीसती है और हेलीकाप्टर के लिए बोल देती है. फिर देवा और कावेरी छत पे जाते है. थोड़ी देर में हेलीकाप्टर भी आ जाता है. तभी छत पे चारो आतंकवादी आते है उनके हाथ में एक47 थी और एक खूबसूरत टीचर भी थी. जिसे वो लोग घसीटते हुए ला रहे थे बन्दूक की नोक पर.

कावेरी – देखो तुम लोग चाहो तो हेलीकाप्टर को चेक कर के फिर उसमे बैठो लेकिन मए तुम्हे इस टीचर को ले जाने नहीं दूगी.

ा – तू भी मस्त माल है इंस्पेक्टर है तो क्या हुआ चल इसे छोड़ देते है तू बैठ जा आ कर मेरी गॉड में. हमारी सेफ्टी भी हो जाएगी और रास्ता भी बहोत अच्छे से कटेगा. वैसे भी आज तक तू कभी हेलीकाप्टर में नहीं चूड़ी होगी. इतना कह कर वो हसने लगते है. तभी

कावेरी - ा… मदर………

Dhay,Dhay, Dhay,Dhay चार गोली , चार स्कन्द, चार लाशे, और खेल ख़तम.

किसी के कुछ समझ में आने से पहले मोजर वापस कावेरी की कमर से बंधी पति में.

देवा – बहोत भोंकते है मादरचोद. चुप चाप निकल जाते तो अब तक आसमान में होते अब देखो आसमान के भी ऊपर चले गए न.

कावेरी मुँह फाडे, आंखे फाडे कभी लाशो को देखती , कभी देवा को, कभी उस लेडी को जो उनकी बंधक थी, उसे कुछ समझ में hi नहीं आ रहा था.

कावेरी – ये कैसे मरे?

देवा – कमल करती हो तुमने hi तो इन्हे गोली मरी.

कावेरी – व्हाट थे फुकक मेरी गन तो मेरी कमर से बंधी हुई है. देखो बटन तक बंद है. होल्स्टर (पति) का.

देवा – अरे तुमने hi मारी है इन्हे गोलिया यकीन न हो तो अपना मोजर चेक कर लो उसमे चार गोलिया काम है ेके नहीं.

कावेरी फुर्ती से अपनी गन निकल कर देखती है तो उसकी आँखों में दुनिया भर की हैरत नाचने लगती है. मोज़र में सचमुच 4 गोलिया काम थी.

देवा - अब चलोगी या इनकी लाशे भी हमें hi उठानी है? चलो न यार मेरे लुंड का बुरा हल हो रहा है तुम्हरी गांड देख देख कर.

कावेरी परेशां सी देवा के सात नीचे आने लगती है. और नीचे आकर पूरी मीडिया और पुलिस वालो को बताती है के ऊपर चारो मरे पड़े है. उन्हें उठा के पोस्टमार्टम के लिए भेज दो.

फिर कावेरी अपने सीनियर्स को भी बता देती है के अब वो चारो जिन्दा नहीं है.

सरे सीनियर्स कावेरी की बहादुरी की तारीफ करते नहीं थकते. पर कावेरी की परेशानी ख़तम नहीं हुई थी. वो तेजी से गाड़ी चलती हुई अपने घर आती है. और घर का टाला खोल कर अंदर घुस जाती है. देवा भी साथ hi अंदर घुस जाता है. तो कावेरी दरवाजा बंद कर के.

कावेरी – देवा ये सब कैसे किया तुमने मुझे सच जानना है.

देवा – रिलैक्स जान हो गया न सब सही अब क्यों घबरा रही हो.

कावेरी - बूत ी वांट तो क्नोव . किया कैसे तुमने ये सब

देवा ने हाथ बढ़ाया तो उसमे कावेरी का मोज़र था उसने कावेरी के माथे पे तान दिया.

देवा – ऐसे.

कावेरी डरके मरे कभी देवा को देख रही थी तो कभी अपने खली होल्स्टर की तरफ. फिर उसने जैसे hi दुबारा देवा के हाथ की तरफ देखा तो वह कुछ नहीं था. उसने झट से अपनी कमर पे हाथ रख तो मोज़र फिर से वह बंधा हुआ था.

देवा – स्पीड मेरी जान स्पीड और कुछ नहीं. सुनो जैसे hi वो बहन के लोडे. तुम्हे गालिया दे कर मजा लेने लगे और हसने लगे उनका ध्यान एक सेकंड के लिए मुझसे hata.maene तुम्हरा मोज़र निकल के स्पीड से चारो को शूट किया उस टीचर को बचते हुए और गन वापस तुम्हरी कमर की बेल्ट में दाल दिया बस.

कावेरी - क्या नाटक है यार? अगर गोली उस टीचर को लग जाती तो? या वो लोग भी फायर कर देते तो?

देवा – उनकी स्पीड इतनी अच्छी नहीं के मुझ पर फायर कर सकते और रही बात टीचर की तो मैने गोली उसे बचते हुए चलायी थी और पहली गोली उसी मादरचोद को मरी थी जिसने टीचर को पकड़ा था. और तुम्हे छोड़ने की बात किट hi. टीचर तो पहली गोली चलते hi सेफ हो गयी थी.

कावेरी देवा तुम कमल हो इतनी गजब की फुर्ती ऐसी स्पीड. जब भी तुम्स मिलती हु. न हर बार कुछ नया जादू चलते हो मुझ पर.
 
अपडेट - 40

अब तुम बैठो मए चेंज कर के आती हु.

देवा – अरे क्या जरुरत है वैसे भी तो सब उतरना hi है न

कावेरी - आती हु न जान थोड़ा सा रुको बस 10 मिनट

फिर कावेरी चली जाती है. वाशरूम फ्रेश होने. और देवा वही बैठ जाता है. सामने कुछ फाइल्स राखी थी. तो वही पलटने लगता है. करीब 10 मिनट बाद कावेरी निकलती है उसका बदन भीगा हुआ था और उसने सिर्फ एक टॉवल लपेटा हुआ था अपने बदन पर. जिस में उस के भरी ब्बॉड्स आधे से ज्यादा बहार निकल रहे थे. और नीचे छूट से कोई 10 इंच के बाद टॉवल ख़तम हो रहा था यानि गीली गोरी चिकनी जंघे भी दिख रह थी. देवा तो हिल जाता है ऐसा रूप देख कर.

कावेरी इठलती हुई आती है और देवा की गॉड में बैठ जाती है और उसके बल सहलाते हुए उसके होठो पे झुक जाती है. दोनों के होठ मिलते hi दोनों बेचैन होने लगते है देवा टॉवल के ऊपर से hi कावेरी की चूचिया मसलने लगता है.

कावेरी थी तो स्लिम और फिट बदन की मालिक पर उसके बूब्स काफी bade-bade थे … उसके बूब्स दावते huye…haatho को मज़ा बहुत आ रहा था....

कावेरी सायद पहले से hi थोड़ी गरम थी और किश करने के बाद तो और भी गरम हो गई और आवाज़े निकलने lagi….jo की किश के साथ मुँह में hi डाब रही थी...

Kaveri-ummmm…uummmm…uuummm…

देवा ने भी टॉवल को खींच कर निकल दिया और उसके bade-bade बूब्स को नागा करके जोरो से मसलने लगा…..

इसी तरह वो दोनों पागलो की तरह 5 मिनट तक किश करते रहे और देवा उसके बूब्स को मसलता रहा….

फिर देवा ने सोचा इस स्पीड से इसे छोड़ता रहा तो शाम हो जाएगी और मुझे बाबू जी के पास भी जाना है. कही बाबू जी का कॉल hi न आ जाये चुदाई ख़तम होने से पहले.

देवा ने किश तोड़ कर कावेरी को पीछे कर के कहा

Deva-kya इतना hi करने आई हो….

Kaveri-aaahhh……kya karu….bahut दिनों बाद तुमसे छोड़ने वाली hu…jyada hi गर्मी चढ़ गई

देवा -ठीक है तो गर्मी मिटने का सामन नीचे है .

Kaveri(muskura kar)-haa…yahi देख कर तो लायी होऊ तुम्हे …

Kaveri-main भी तो देखु की ज्योति की कुवारी छूट फाड़ने वाला लुंड मेरी छूट के आगे कितना टिकता है..

देवा -ये तो अभी पता chalega…jara मेरे लुंड को तैयार तो karo…fir तेरी छूट गई

Kaveri-abhi लो…

और ये कह कर कावेरी नीचे बैठ कर देवा के पेण्ट पर हाथ घूमने lagi…uski पेण्ट की ज़िप खोल कर लुंड nikala..or देखने लगी..

देवा -देखने के लिए नहीं है…

Kaveri-janti hu…par सोचा करीब से देखु की बकै बड़ा है या नहीं...

deva-to क्या देखा

Kaveri-us दिन से भी बड़ा दिखा शायद कुवारी छूट का खून पी कर और बड़ा हो गया है ये.

Deva-to सुरु हो जा

इसके बाद कावेरी ने देवा के लुंड के टोपे की खाल हटाकर बाहर किया और टोपे पर जीभ फिरने लगी

देवा -aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh…

कावेरी ने dheere-dheere लुंड को चेतना सुरु किया फिर लुंड के टोपे को मुँह में भर कर चूसने लगी.....

थोड़ी देर तक लुंड चूसने के बाद कावेरी ने लुंड को पूरा खड़ा कर दिया और देवा ने लुंड को मुँह से निकल कर उसे रोक दिया तो वो बोली..

Kaveri-aaahhh…maza आ रहा tha…..mast लुंड है तुम्हारा….

देवा -वो तो hai..lekin चुदाई करनी है की नहीं या लुंड चूस कर hi शांत होना है...

कावेरी- आज तो सिर्फ लुंड चूस कर जाने नहीं दूंगी उस दिन की तरह उस दिन तुम निकल गए थे मेरे हाथ से वार्ना सब के सामने चुदती तुमसे वही उसी तररके पे. आज चुदाई तो करनी hai….lekin लुंड को क्यों निकल liya...mere मुँह से

देवा -भूल गई अभी किसी ने कॉल कर के बुला लिया तो क्या करेंगे…???

Kaveri-oh haa…tab तो जल्दी करना hoga….par जल्दी में मज़ा खराब न हो जाये

देवा -अरे बिलकुल नहीं, मज़ा aayga…baaki कभी फुर्सत में फुल मज़े करेंगे

Kaveri-pakka

देवा -है मेरी jaan…aisi बॉडी को तो पूरा रगडुगा…

Kaveri-theek hai…aaj छूट की तड़प मिटा दो…

देवा -okk…ab आजा

देवा ने कावेरी को पलंग के साइड पर टिका दिया और नीचे झुक कर उसकी छूट देखने laga...choot पूरी क्लीन thi...deva ने देखा कावेरी की छूट पानी चोदे जा रही थी..

देवा ने ाबपनी जीभ से छूट को चाट लिया...

Kaveri—aahhh...-aaahhh....deva चुसो मेरी छूट

देवा छूट छत्ते हुए – आज चिकनी की है या हमेशा hi चिकनी रखती हो?

कावेरी – अरे 10 दिन से मेरे पति की ड्यूटी नाईट में लगती थी आज hi सुबह अपनी छूट चिकनी किट hi उनसे छोड़ने को लेकिन वो आते hi सो गए बिना मेरी छूट देखे वार्ना कीसीएएएआआआअह्ह्ह्ह किसे दिखने को चिकनी करि ोीीमाआ आआआआहहह चुसो देवा आआआहहहहह क्या मस्त चूसते हो आआआअह्हह्ह्ह्हह मेरी छूट का दानाआह्ठ्ह दाना नाहीईइईआआआआईईईआआएम्माई mmmmaaaiiinn...aaaiaii.. ..देवा

और ये कहते हुए कावेरी झड़ने lagi...sayad बहुत देर से गरम थी..

देवा ने कावेरी की छूट चेतना जारी रखा और उसका पूरा छूट रास चाट liya...jab उसकी छूट साफ़ कर दी...

देवा -अब आजा ..तुझे मस्त सवारी करवाता hu...khade-khade थक गई होगी...

Kaveri-haa…jaldi…ab मत तड़पाओ...

देवा पलंग पर आधा लेट गया और कावेरी को अपने उप्पेर आने को बोलै.....

देवा के कहते hi कावेरी गॉड में आते हुए पेअर दोनों तरफ करके झुक गई और फिर उसने लुंड पकड़ा और अपनी छूट पर सेट करते हुए dheere-dheere लुंड को अंदर ले गई...

देवा कावेरी के बूब्स को चूसना सुरु किया और कावेरी ने अपने आप को देवा के लुंड पर upper-neeche करना सुरु कर दिया… साथ –साथ देवा कावेरी की मोती गांड भी दोनों हाथो से मसलने लगा.....

देवा -aahhh…kya बूब्स hai…mast गांड bhi..wow

Kaveri-aahhh…maza aagya…kya कड़क लुंड hai..tumhara देवा मए कुश हु तुम्हे पा कर उउउउउफफ्फ्फ अगर मए ुनमर्रिएद होती तो तेरी hi बीवी बनती मेरी जाहाँनं आआअह्ह्ह छोड़ दाल देवा मेरी बुर पिछले कई दिनों से प्यासी भी है रोज रत को गरम हो जाती haeeeeeeeeeeaaahhhhhhhuuuuuuuhhhhh लेकिन आआअह्ह्ह्ह कोई होता hi नहीं इसे शांत करने को उउउउउउइइइइइइइम्म्मम्म्म्मा

देवा -तेरी छूट कुश है न मेरा लुंड ले कर

Kaveri-abhi nahi…tum इसे रगड़ कर खुश करो

देवा ने कावेरी के बूब्स चूसना सुरु किया और नीचे से अपनी कमर उछाल कर कावेरी को छोड़ने लगा.....

Kaveri-aaahh…aahhh…hhaa…aise hi karo..aahhhhhhhhhhhhhhhhhh देवा छोड़ो ऐसे hi तुम तो मेरे पति से भी अच्छा रगड़ते हो

iiiiiiiiiaaaaaaaaaaauuuuhhhhhhhhhhhhh फाड् डालो मेरी बुर को छोड़ छोड़ केईएएए आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह dheelllaaaaaaaaaaa कर दू naaaaaaaaaaa

देवा ने अपने मुँह से तेजी से बूब्स चूसना सुरु किया और कावेरी पुरे जोश के साथ लुंड पर उछाल रही थी और सिसक रही थी

Kaveri-aahahh…ahahh..yyeeess..sahhah…jjoorrr..ssee.. aahahh...kato मेरे निप्पल्स को देवा

Fffffaattatt…..pppaattt…aahah..uumm…hhhoooo…aaahh.yyyeeess…aaaiiiseee hhii…yyyeess…jjooorrr…sseee...

थोड़ी देर ऐसे hi आवाज़े करती हुई कावेरी ने उछलना बंद किया और देवा के लुंड पर गोल गोल गांड को घूमने लगी...

देवा -चलो अब पलट jao…mujhe अपनी मस्त गांड दिखाओ...

कावेरी उठ कर पलट गई और अपनी गांड देवा के मुँह की तरफ karke…fir से लुंड को छूट में दाल के बैठ गई...

कावेरी ने अपने हाथ पीछे ले जा कर देवा के सीने पर रखे और गांड utha-utha कर अपनी छूट लुंड पे उप्पेर नीचे करने लगी…

कावेरी थोड़ी देर में मस्ती में सिसकने लगी...... aaahh…aahhh…hhaa…aise hi करो.. आह्हः… ऊऊफफफ…. hhhaaa….chodo मुझे छोड़ो छोड़ो और जोर से छोड़ो मजा आ रहा है देवा मए तो मर gayiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaahhhhhhhh hmmmmmmmmmmmaaaaaaaaaaaa.

देवा -यस beby…jump….yaaaa

Kaveri-aaahh…aahhh…hhaa…aise hi aro..aahhh…..aahahh…ahahh ..yyeeess..sahhah…jjoorrr.. ssee..aahahh....ahah..uumm…hhhoooo…aaahh....aur छोड़ो देवा तुम सच में मर्द हो

कावेरी ने देवा के लुंड पर झड़ना सुरु कर दिया......

कावेरी झाड़ गई पर देवा का लुंड अपनी छूट के अंदर लिए हुए hi बैठी rahi...aur अपनी छूट को सिकोड़ कर देवा का लुंड निचोड़ने की कोशिश करती रही इसमें भी उसे अजीब सुख मिल रहा था.

Kaveri-ohh…aaahh…maza…aa रहा hai…mast.. .लुंड hai...chudaai भी मस्त करते हो...

देवा - कहा था न की खुश हो जाओगी

Kaveri-sach में …मैं खुश हु

देवा -अभी kaha…abhi तो काम बाकि है मेरी जान...

Kaveri-to देर किस बात ki…thok डालो

देवा ने कावेरी को उठने को बोलै और खुद भी खड़ा हो गया उसकी के साथ…

देवा - चल aaja…ab शॉट मैं मरता hu…tu मज़े कर...

ये कह कर देवा ने कावेरी की एक टांग को उठाया और साइड से अपना लुंड उसकी छूट में दाल दिया.....

Kaveri-aahh…aaahhhh क्या क्या करते हो देवा मए तो समझती थी के सिर्फ पलंग पे टंगे फैला के लेटने भर से hi चुदाई होती hae.baki सब सिर्फ ब्लू फिल्मो में hi होता है. मेरे पति ने एक hi चुदाई में इतने स्टाइल aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh कभी उउउउउउउठ्हहहहहह नहीं बदले

कावेरी ने एक हाथ साइड में रखे रैक पर रख liya..or देवा ने कावेरी की छूट को झटके मरना सुरु कर diya….or कावेरी मस्ती में बड़बड़ाने लगी

Kaveri-aaahh…maza आ gya…maar jooorrrssseeee…aaahhhhh….

देवा -है साली तेरी गांड से जब मेरा जिस्म टकराता है तो मस्त मज़ा आता है ये le..or ले

Kaveri-aaahh….dddaaaaaalllllll…dddee…..aaaaahhh…..yes… yes..yes…aaahhh पूरा बच्चेदानी पर ……….आआह्ह्ह्ह ठोकर मर रहे हो देवाआआआ

देवा -मज़ा आया न …और aayga…ye ले

Kaveri-aaahhh…uuummm….jjjooorrr…ssse.e…yesss...yee ssssyyeesss..aaahhh

देवा 15 मिनट से कावेरी को ऐसे hi पकड़ कर चोदे जा रहा tha….fir देवा ने रुक कर कावेरी को पलंग के साइड पर झुका दिया और कावेरी ने झुक कर पलंग की साइड पर हाथ टिका लिए.…

देवा ने फिर से लुंड को कावेरी की छूट पर सेट किया और 1 जोरदार झटके के साथ पूरा लुंड एक hi बार में छूट के अंदर दाल दिया…..

कावेरी की aahaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh फिर से निकल गई...

Kaveri-aaahhhh…uuufffff….aahhh aaahhh….sach me….dumdaarrarrr….lund है…

और फिर देवा ने कावेरी की गांड को पकड़ कर जोर से धक्के देना सुरु कर दिया और कावेरी मस्ती में कराहने लगी….

Kaveri-aaahh….dddaaaaaalllllll…dddee…..aaaaahhh…..yes…ye s..yes…aaahhh…u ऊम्मम…. jjjooorrr…ssse.e…yesss.yeessss yyeesss..aaah hh...aaahh

देवा -यस baby….ye le….yaaa…

देवा की जांघो से कावेरी की मस्त गांड टकरा कर माहौल में मस्ती बड़ा रही थी…

ऐसे hi आव ाज़े चुदाई की मस्ती को बढ़ाने लगी और कावेरी फिर से झड़ने लगी….

Kaveri-aaahh….aaaaiiii…mmmaaaiii…..aaaaahhh…..yes… यस. .yes…aaahhh और इसी के साथ कावेरी झाड़ गई…

कावेरी की छूट रास देवा के लुंड के धक्को के साथ अंदर बाहर होने लगा और माहौल में आवाज़े भी बदल दी

देवा भी अब तेजी से कावेरी की छूट मरते हुए झड़ने के करीब आ गया....

देवा -mai…aaaya…kaha दालु

Kaveri-mujhe ..aahhh…mujhe chakhna…hai…aahhh..mmuuhhh ..aahhh..mmee

देवा ने तुरंत कावेरी को पलटा कर नीचे बैठा diya..or अपने लुंड उसके मुँह में दाल दिया… कावेरी भी बड़े प्यार से मुँह को aage-peeche करते हुए …लुंड को अपने मुँह में झड़वाने लगी…

Kaveri-uuummmm…..uuummm…..

देवा -oohh……yes baby…pee…le…aaahhh

और कावेरी देवा के लुंड रास को गले से gata-gat करती हुई पीने लगी…

जब देवा झाड़ चूका तो कावेरी ने लुंड चूसे कर अच्छे से साफ़ कर दिया और लुंड मुँह से निकाल कर देवा को देखा और बोली

Kaveri-sach में प्यास बुझा दी तेरे लुंड ne….kitne दिनों की प्यासी थी. अब तो लगता है अपने पति का भी नहीं ले पाउगी

देवा -अब क्या ख्याल है

Kaveri-dumdaar लुंड hai….ye तो किसी भी छूट को फाड़ के रख देगा

देवा -accha…lekin गांड का क्या

Kaveri(lund को चूम kar)-gand की तो धज्जिया उदा देगा ये …

देवा -तो फिर तेरी गांड की उदा दू…

Kaveri-main तो रेडी hu…par अभी नहीं

देवा – क्यों…….?

कावेरी - अरे थोड़ा आराम तो करने दो छूट अब तक जल रही है जैसे तुमने लुंड नहीं इसमें गरम लोहे का रोड डाला हो. और झड़ी तो इतना हु के मए अपनी सुहागरात में भी इतना नहीं झड़ी थी.

फिर देवा अपने बाबू जी को कॉल करता है. तो थोड़ी देर की रिंग के बाद वह से कोई लेडी कॉल उठती है.

देवा – hello जी ये तो मेरे बाबू जी का फ़ोन है आप कौन ?

जी है वो मेरे पति के साथ आये है लेकिन अभी खाना खा के आराम कर रहे है. आप कहे तो उठाऊ उन्हें?

देवा – नहीं उन्हें आराम करने दीजिये मए थोड़ी देर में आता हु.

लेडी – जी अच्छा

फिर देवा फ़ोन रख देता है.

कावेरी – किस्से बात कर रहे थे?.......................
 
आपके विचार सही है मए खुद बी स्टोरी लगातार पढ़ना चाहता हु दूसरे वरिटेरस की. लेकिन भाई वरिटेरस की पर्सनल लाइफ बी होती है उसमे हम रोजी रोटी क लिए काम बी करते है. फिर बी मए हर दो दिन में अपडेट देने की कोशिश करता हु. सरे सररेक्टर्स का तालमेल बिठा क लिखना आसान तो नहीं होता न. आप बी कोशिश कीजिये हमें समझने की. और मेरी स्टोरी क साथ बने रहने की. आशा करता हु आप हमारी प्रॉब्लम समझ कर सीओ ऑपरेट करेंगे.
 
आप के व्यूज जान कर अच्छा लगा. और हम आपके आभारी है क्यों के चाहने वाले बड़ी मुश्किल से मिलते है इसीलिए मए अपने किसी रीडर को खोना माहि चाहता. आपसे बात कर के अच्छा लगा. मई आपको बताना चाहुगा के पिछले उपदटेस में देर हुई क्यों क कुछ फॅमिली प्रॉब्लम चल रही थी ऐसे में लिखने का मूड hi नहीं बन रहा था. और कॉपी पेस्ट की मुझे आदत नहीं. बाकि हम आपकी बात का ध्यान रखेंगे . डेट देना पॉसिबल नहीं होता किसी बी राइटर के लिए क्यों के यदि वादे पे अपडेट नहीं दे पाए तो अपनी hi बात से मुकरना कहलायेगा. पर हम 2 से 3 दिन में अपडेट देते रहेंगे. आप साथ मत छोड़िये. स्टोरी में आपको आगे बहोत कुछ मिलेगा. अभी तो एडवेंचर शुरू होना है .
 
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