Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure - Page 32 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure

दीदी भी मम्मी की तरह डांस करते करते समीर भैया के बदन मसलने से झाड़ गयी थी और थोड़ा सा रेस्ट चाहिए था तो समीर भैया ने दीदी को गॉड में खींच लिया और उन्हें एक पेग पिलाया तो दीदी बोली.

दीदी पेग पीकर, -- समीर मुझे टॉयलेट जाकर आना ह .

समीर भैया,-- ठीक ह जाओ .

में.,-- सोना आज समीर के सामने नहीं मुताई पहले की तरह.

दीदी,-- क्यों तुम्हे देखना ह .

में.,-- नहीं, में तो ये जान न चाहता था की अब तुम्हारी छूट छोड़ी हो गयी तो मूतने में तुम्हे टाइम काम लगता होगा.

मम्मी,-- रोहित ,ये भी कोई कहने की बात ह क्या .

मेने मम्मी को बुलाया और अपने पास बैठकर एक सिगरेट जलाई और उनके मुंह से लगाकर बोलै.

में.,-- बेबी तुम तो बहुत जल्दी झाड़ गयी.

मम्मी मुस्करा कर,-- सोना ने पाउडर देने से पहले बोल दिया था की छूट झरना बन जाएगी और जल्दी जल्दी झाड़ कर गरम होती रहेंगे तो हमारे यारों को मज़ा आएगा .

में.,-- ओह्ह , तो फिर से गर्म हुयी की नहीं .

मम्मी,-- वो तो तुरंत hi हो गयी थी. छूट फॉर गीली हो चुकी ह .

तभी समीर भैया बोले,-- अब क्या प्रोग्राम ह सोभा .

मम्मी,-- वो तो सोना hi बताएगी समीर.

समीर भैया,-- यार हम कब तक खड़े लुंड तड़पते रहेंगे .

मम्मी मुस्करा कर,-- ये बात तुम अपनी सेटिंग सोना से hi पूछ लेना .

में.,-- वावो यार सोभा, तुम भी मानती हो की सोनाक्षी इसकी सेटिंग ह

मम्मी,-- हाँ , इसने नाजनीन की मदद से सेटिंग की थी.

तभी दीदी बाहर आयी और बोली ,-- रेडी हो सब .

समीर भैया,-- भोसड़ी वाली ,लुंड दर्द करने लगा ह खड़े खड़े , जल्दी बोल अब क्या करना ह .

सोनाक्षी दीदी,-- अब होगा डर्टी इंट्रोडक्शन.

समीर भैया,-- ये क्या प्रोग्राम हुआ .

में.,-- हाँ यार इसमें क्या मज़ा आएगा .

सोनाक्षी दीदी,-- इसमें हम सब एक दूसरे को वो राज बताएँगे जो अभी तक नहीं जानते ह.

में.,-- पर सब के सामने .

सोनाक्षी didi,,--bahan छोड़ गांडू, अब हम सब में कोई भी ऐसा नहीं ह जो एक दूसरे को नहीं जनता .

में.,-- पर इसमें मज़ा क्या आएगा.

सोनाक्षी दीदी,-- वो तुम्हे बाद में पता चलेगा जब इंट्रोडक्शन हो जायेगा

में ,-- पर सब झूठ मुठ की कहानी सुनाएंगे.

सोनाक्षी दीदी,-- अब हम में से कोई किसी को क्या झूठ बोलेगा.

में.,-- चलो देखते ह .

सोनाक्षी दीदी,-- इसमें सब अपने आप को जितना गंदे तरीके से इंट्रोडक्शन देना ह जिसमे पिछले सेक्स इतहास बताना ह और आगे का सेक्स जितना डर्टी सोच ह वो सबको बताना ह .

में.,-- रियल या फंतासी भी चलेगा .

सोनाक्षी दीदी,-- सबकुछ चलेगा पर सबको मज़ा आना चाहिए ऐसा इंट्रोडक्शन होना चाहिए और सबके लिए अलग अलग डर्टी लाइन भी बोलनी ह एक बार .

में.,-- सबसे पहले कोण इंट्रोडक्शन देगा .

दीदी,-- लेडीज फर्स्ट .

समीर भैया,-- तो शुरू करो .

दीदी मुस्करा कर,-- सेनियर्टी के हिसाब से पहले सोभा का नंबर ह .सोभा शुरू हो जा बेबी.

मम्मी सिगरेट पीकर,-- मेरा सेक्स हिस्ट्री ज्यादा नहीं ह बस इतना hi ह की मेरी शादी 16 साल की उम्र में हुयी थी और सूर्य ने hi मेरी छूट की झिल्ली तोड़ी थी और उसने मुझे लड़की से औरत बनाया था. सोना का बीज उसने मेरी छूट में डालकर उसने मुझे छोड़ना छोड़ दिया तो मेने असलम से छुड़वाना शुरू किया और फिर असलम ने मुझे रोहित की मम्मी बनाया. असलम मुझे कई साल छोड़ा और फिर मुझे एक बार समीर और अनवर से छुड़वाया लेकिन मेरी असली सेक्स लाइफ दिल्ली आने के बाद शुरू हुयी और असलम ने गुप्त विवाह के नाम पर बेशरम बनाया और फिर रोहित ने मुझे एक संस्कारी नारी से मुझे और मेरे जमीर को मारकर एक बाज़ारू कुटिया को मेरे अंदर बिठा दिया तो में खुद को एक संस्कारी औरत से चुदाई की प्यासी औरत बन गयी और फिर कानपूर में मेने असलम के कहने पर रफीक और प्रॉपर्टी डीलर सुरेश से उसके घर जाकर छुड़वाया और अब रोहित के बच्चे की मम्मी बनने को छुड़वा रही हूँ.

आगे में किसी बंधन में नहीं बांधकर एक खुली रांड की तरह जीना चाहती हूँ .

दीदी,-- समीर के बारे में एक लाइन .

मम्मी,-- समीर ने मेरी बेटी को छोड़ छोड़ कर खोल दिया और फिर एक बार मुझे भी रंडी समझकर छोड़ दिया .

दीदी मुस्करा कर,-- मेरे लिए एक लाइन

मम्मी,-- तू चुदाई में बहुत बड़ी रांड बनेगी

दीदी मुस्करा कर,-- रोहित

मम्मी,-- ये साला अपनी माँ बहन को रंडी बना दिया ह .

दीदी वावो सोभा तुम्हारा इंट्रोडक्शन मस्त था पर ऐसा कोई सीक्रेट नहीं बताया जो हमें मालूम नहीं हो .

मम्मी मुस्करा कर,-- में सुनीता ममी के साथ लेस्बो कर चुकी हूँ कई बार .

दीदी मुस्करा कर,-- अब समीर तुम्हारी बरी .

समीर भैया,-- जैसा की तुम्हे मालूम ह. में नाजनीन का कजिन भाई hun.naajneen मेरे मां की सौतेली बेटी ह. और मेरी अम्मी गरम औरत ह जो शादी से पहले से hi अपने दोनों भाइयों से छोड़कर जवान हो गयी थी इसलिए निकाह के कुछ दिन बाद hi मेरा जन्म हो गया तो मेरी अम्मी निखार गयी थी और असलम जी मेरे दूर के रिस्तेदार ह जिन्हे मालूम था की मेरी अम्मी अपने भाइयों से चुद चुकी थी क्योंकि असलम जी मेरे मां के बहुत करीबी रिस्तेदार थे और मेरे मां और असलम जी में बहुत करीबी थी .

में जब जवान हुआ तो मेने मेरी अम्मी और मां के शारीरिक सम्बन्ध का पता चल गया और एक बार मेने अम्मी को मां से छुड़वाते भी देखा था इसलिए मुझे हर औरत में रंडी नजर आने लगी थी .

में कॉलेज के फाइनल ईयर में जब नाजनीन से मिला जब वो कॉलेज में पढ़ती थी तो मेने उसे पहली बार उसके घर जाकर छोड़ा था .नाजनीन को मेने बहुत छोड़ा और उसकी मदद से में दो लड़कियों को छोड़ा था उसी ने मुझे एक दिन सोनाक्षी से मिलाया और कहा की वो बहुत जल्द सोनाक्षी को छुडवायेगी .मुझे सोनाक्षी बहुत पसंद आयी थी और में इसकी मादक जवानी का रास पिने की बेचैन था क्योंकि नाजनीन ने मुझे बताया था की सोनाक्षी अभी कोरी ह.

फिर एक दिन वो सोनाक्षी को लेकर मेरे घर आयी उस दिन मेरे घर कोई नहीं था तो मेने सोनाक्षी को जैम कर छोड़ा तो मुझे पता चला की ये अपनी सील तुड़वा चुकी थी .

नाजनीन के घर में मुझे कोई रोकटोक नहीं थी और आबिदा ममी मुझे नाजनीन के साथ रूम दे देती थी जहाँ में इसे छोड़ता था और नाजनीन की अम्मी को भी मेने छोड़ा था . सोनाक्षी को मेने उसके साथ तीन बार छोड़ा और फिर मेरी नौकरी लग गयी तो में दिल्ली आ गया और नाजनीन ने मुझे सोनाक्षी को दिल्ली में पूरी तरह से मज़े करने का आईडिया दिया तो मेने सोहैल भाई की मदद से वो फलते दिलवाया और फिर सोनाक्षी को रोहित के सामने खूब छोड़ा तो मेरी ड्यूटी चेन्नई लग गयी और में रोहित की मदद से इसको अपने कई दोस्तों से छुड़वाया .

में चेन्नई में भी एक औरत को फांस कर उसकी मदद से एक औरत को रखेल बना रखा हूँ .

नाजनीन मेरे लिए सेक्स तोय ह जिसे असलम के कहने पर मेने निकाह जरूर किया ह पर वो मेरे लिए एक रंडी से ज्यादा कुछ नहीं ह .उसकी बेटी भी मेरी नहीं ह क्योंकि वो मुझसे बिना प्रोटेक्शन कभी नहीं छुड़वाई .

में आगे भी खुल कर असलम की तरह रहना चाहता हूँ क्योंकि मुझे अम्मी की चुदाई देखने के बाद लगता ह की दुनिया की हर औरत रंडी होती ह जो एक लुंड से संतुस्ट नहीं हो सकती ,

सोभा बहुत सेक्सी औरत ह जो दिन बी दिन सेक्सी होती जा रही ह .

सोना ने जो किया ह वो बिलकुल फॉरेन की लड़की की तरह से किया ह और उसके लिए गांड में डैम होना चाहिए ,

रोहित बहुत ओपन माइंडेड लड़का ह जो कुक टाइप ह और ऐसे लोग अपनी लाइफ का भरपूर मज़ा लेते ह.

सोनाक्षी दीदी,-- तुम्हारा सीक्रेट जो हमें नहीं पता .

समीर भैया,-- में अपनी अम्मी को भी छोड़ चूका हूँ.

समीर भैया,-- सोना अब तुम्हारी बरी..

उसके बाद दीदी बोली ,-- मेरे बारे में वैसे तो तुम लोग सब कुछ जानते हो .जो चीज नहीं जानते वो ये ह की में नाजनीन से दोस्ती के बाद फाइनल ईयर में बहुत करीबी हो गयी थी और वो मुझे अपने बॉयफ्रेंड नरेश से चुदाई के किस्से सुना टी थी और अपने घर में मुझे पोर्न वीडियो दिखती थी उसके बाद वो समीर से छोड़ने लगी तो इसकी चुदाई के किस्से सुना सुना कर मेरी छूट की आग को इतना बढ़ा दी की में अपनी सील एक कॉलेज फ्रेंड से तुड़वा ली और उसके तीन दोस्तों से भी छुड़वा ली फिर नाजनीन ने मुझे समीर से छुड़वाया और इसी से छोड़ने लगी तो उसी ने मुझे दिल्ली का आईडिया दिया. में दिल्ली आकर समीर से उसके फलते पर छोड़ने गयी तो पहली बार में hi मुझे सीधी से निचे ुरारते देख लिया और रोहित ने मेरी मदद की तो समीर मुझे रोहित से भी छुड़वाना चाहता था लेकिन रोहित ने मुझे बिना चोदे hi मेरे एडवेंचर पुरे होने तक नहीं छोड़ने का प्रॉमिस करके मुझे पूरा साथ दिया .

में भविस्य में असलम जैसे खुले सांड की रखेल बनकर रोहित का एक बच्चा पैदा करुँगी और फिर खुल कर नाजनीन की तरह रहना चाहती हूँ .

सोभा ने मुझे छुड़वाने का पूरा मौका दिया और में सोभा के लिए यही कहूँगी की ये मस्त औरत पहले ह . और मेरी मम्मी बाद में .

समीर मुझे सिर्फ भोग कर छोड़ने वाला ह ये मुझे पता ह और में भी इसे अच्छा आदमी मानती हूँ जो खुलकर बोल दिया था की ये मुझे सिर्फ छोड़ने की आइटम समझता ह .

रोहित बहुत बड़ा छोड़ू ह जो अपने माँ बहन को रंडी समझकर एन्जॉय करता ह .

उसके बाद मेरी बरी आयी तो मेने अपनी कहानी सुनाई जो आप सबको मालूम ह और भविस्य का में इतना जनता हूँ की जिसने मेरी माँ बहन को एक से ज्यादा बार छोड़ा ह में उसकी गांड मरना चाहता हु और में असलम और अनवर की गांड मर चूका हूँ .

सोनाक्षी दीदी,-- तो तुम समीर की भी गांड मरोगे क्योंकि ये भी मुझे कई बार छोड़ चूका .

में.,-- अगर समीर राजी हो तो में आज के सेक्स पार्टी में समीर की गांड मारकर शुरुवात करना चाहता हूँ .

दीदी ने समीर को आंख मरी तो समीर बोलै,-- मार ले यार , मेने तेरी माँ बहन दोनों को हमेशा रंडी की तरह छोड़ा ह .

में.,-- तो आज में तुम्हे अपनी माँ बहन के सामने hi छोडूंगा.

सोभा,-- छोड़ दे रोहित इसकी गांड तभी हम सब पुरे खुल कर इस सेक्स पार्टी को एन्जॉय कर पाएंगे.

में समीर भैया की तरफ मुदा तो समीर भैया मेरे होंठो से होंठ मिला दिए और हम एक दूसरे की जीभ से जीभ मिला कर थोड़ी देर तक एक दूसरे को चूमे तो दीदी बोली.

दीदी मुस्करा कर,-- चलो फिर आगे का प्रोग्राम बाद में पहले गांड चुदाई देखते ह इन दोनों की, क्यों सोभा .

मम्मी अपनी छूट मसल करके, -- हम्म चलो कहा करनी ह इन दोनों को गांड की चुदाई.

में.,-- यहीं कालीन पर तुम दोनों के सामने .

तो बे कॉन्टिनोएड....
 
समीर उठकर खड़ा हुआ और बोलै ,-- मुझे एक बार पेशाब करके आना ह .

मम्मी मुस्करा कर,-- चलो मुझे भी करना ह में तुम्हे बताती हूँ .

मम्मी उठकर उसे अपने रूम में ले गयी तो मेने दीदी की तरफ देखा तो दीदी बोली.

दीदी,-- ऐसे क्या देख रहा ह . अंदर दोनों कुछ नहीं करने वाले. वो मम्मी को पहले भी नंगी देख चूका और अभी भी डांस करते समय देखा ह और छोड़ तो वो पहले hi मम्मी को लिया.

में दीदी का हाथ पकड़ कर उन्हें पास खिंचा और bola,--mujhe पता ह वो सिर्फ मम्मी का hi नहीं तुम्हारा भी वो सब कुछ देखा हुआ ह और याद ह तुमको वो मेरे सामने मूतने को बोलता था .

दीदी अस्चर्य से ,-- तेरे सामने कब बोलै.

में.,-- मेने तुमको समीर भैया के सामने तीन चार बार मूत ते देखा ह .

दीदी,-- कब कब

में ,-- पहली बार तो तुम समीर से चुद कर गेट पर hi मूतने बेथ गयी थी तब मेने खिड़की से देखा था.

दीदी मुस्करा कर,-- फिर .

में.,-- याद नहीं जब तुम स्टोर में चुद कर आती थी तो गेट पर hi मूतने बेथ जाती थी .

दीदी,-- पर तुम तो सो जाते थे .

में.,-- में जितनी देर तुम समीर से गांड मरवाती थी तुम्हारी हर हरकत देखता था और मेने शायद hi तुम्हे चुड़ते देखकर नींद ली होगी .

दीदी,-- मुझे भी यही लगता था लेकिन में ये नहीं जानती थी की तुम इतने छुपे रुस्तम हो.

में.,-- में तुम्हे जिस रात तुम्हारा बर्थडे था और तुम्हे पहली बार समीर से अपने घर में छुड़वाया था .याद ह ना .

दीदी,-- वो भूलने वाली रात थी क्या . समीर ने छह कंडोम उसे किया था उस रात .

में.,-- मुझे पता ह .सरे कंडोम मेने hi तो सुबह फ्लश किये थे.

दीदी,-- पर तुमने तो बाहर से गेट बंद कर दिया था.

में.,-- उस रात में खिड़की से तुम्हारी पूरी चुदाई देखि थी .

दीदी,-- सच में .

में.,-- हम्म और में उस रात चार बार दिवार पर मुठ मारा था तुम्हे छुड़वाते देखकर .

दीदी,-- मुझे समीर ने बताया था की तुम हमें देखते हो तो में सोचती थी की गेट से देखते होंगे पर मुझे तुम गेट पर कभी नहीं दिखे .

में.,-- गेट दूर था और खिड़की नजदीक इसलिए मेने खिड़की के परदे को इस तरह सेट किया हुआ था की आराम से तुम्हे देख सकूँ और मेने तुम्हारे कमरे में एक कैमरा भी लगवाया हुआ था.

दीदी,-- बहुत नॉटी हो तुम .

में दीदी के क्लीवेज को चूमकर,-- और तुम बहुत बड़ी रंडी हो जो मेरे पास एक hi बिस्टेर पर सोकर अपने यार से चूड़ी थी .

दीदी मुस्करा kar,--Randi तो में तुम्हारे साथ देने से hi बानी हूँ और रही बात छोड़ने की तो में भी चाहती थी की तू मेरी चुदाई देखने का आदि बन जाये.

Me.,,--saali तेरे से काम सोभा भी नहीं .अब ये दोनों मूतने गए ह की चुदाई करने लग गए .

दीदी,-- तुझे जलन हो रही ह क्या करने दे आज मम्मी का बर्थडे ह .

में.,-- अरे तो यही कर लेते .में कोनसा रोक रहा हूँ.

दीदी मुस्करा कर,-- वो रात की प्लानिंग कर रहे होंगे .

में.,-- रात की अब क्या प्लानिंग करेंगे .

दीदी,-- आज पूरी रात सेक्स पार्टी होगी इसलिए कर रहे होंगे कुछ प्लान .

में.,-- अब क्या प्लान बाकि ह .

दीदी,-- अभी हुआ hi क्या ह . अभी तो एक भी चुदाई नहीं हुयी .सिर्फ डांस हुआ ह .

में.,-- आज तेरे बॉयफ्रेंड की चीखें पुरे घर में गूंजेगी .

दीदी मेरा लुंड पकड़कर,-- उसे क्या मालूम तेरा लोढ़ा कुंवारी कन्याओ की छूट का रास पीकर कितना मोटा हो चूका .

में.,-- तभी मेने उसे अपना लुंड नहीं दिखाया अभी तक . जब गांड में डालूंगा तब उसे समझ में आएगा.

दीदी,-- आज उस से अपनी माँ बहन की चुदाई की कीमत वसूल लेना .

तभी मम्मी और समीर मुस्कराते हुए रूम से बाहर आये दोनों एक दूसरे से चिपके हुए थे जैसे प्रेमी प्रेमिका हो.

दीदी,-- देख साली कैसे नौजवान लड़के को देखकर उसके साथ आ रही ह माशूका की तरह.

मम्मी मुस्करा कर समीर से बोली ,- चल यही तेरे को मेरे बेटे के सामने चूमती हूँ.

मम्मी ने समीर भैया को घोड़ी बन ने को कहा और उनका टोलिया खोल दिया तो समीर घोड़ी बन गया तो मम्मी उनके सामने बैठकर उनके गर्दन ऊपर करके उनके मुंह से मुंह मिला दी.

मम्मी,-- देख अब मेरा बीटा भी देख रहा ह .आराम से पि ले मेरे होंठ राजा.

समीर भैया,-- हाँ मेरी सेटिंग की मम्मी.

दीदी,-- सोभा , मेरे यार को अच्छे से होंठ चूसने दे और अपनी जीभ इसके मुंह में दाल कर मज़ा करवा. समीर, सेल चूस ले अपनी सेटिंग की मम्मी के होंठ.

समीर भैया का लुंड झूलता हुआ तीते हो गया तो दीदी ने मुझे खड़ा किया और समीर भैया के पीछे लेकर खड़ा कर दी और खुद उनकी गांड के पास बैठकर उनके लुंड को पदाद ली.

मेने भी समीर की गांड के छेड़ को देखकर अपना टोलिया खोला और अपना साढ़े आठ इंच का लुंड हाथ में पकड़ कर घुटनो के बल बेथ गया तो दीदी मेरे लुंड को देखकर मुस्करा पड़ी.

में समीर भैया की गुदा को अंगुली से छेड़ने लगा और एक अंगुली उनकी गांड में डाली तो समीर भैया ने गांड ढीली छोड़ दी जिससे मेरी अंगुली आराम से उनकी गांड में घुस गयी.

मुझे समीर भैया की गांड ज्यादा तीते नहीं लगी. फिर मेने उनकी गांड में दो अंगुली घुसाकर चेक किया तो दीदी बोली.

दीदी,-- रोहित अब क्यों देर कर रहा ह दाल दे लुंड अब इसकी गांड में और छोड़ .

में.,-- यार गांड मरने से पहले गांड को ढीला करना पड़ता ह .

दीदी,-- ये पहले भी गांड मरवा चूका ह इसलिए ढीली hi ह .

में.,-- मरवाई होगी पर गांड लगातार नहीं छोड़ने से फिर बंद हो जाती ह.

मेने अपना लुंड समीर भैया की गुदा पर लगाया और सुपडे को छेड़ में घुसाया तो समीर भैया जोर से सिसके और बोले

समीर भैया,-- दाल दे बहनचोद एक बार me.ye मर्द की गांड ह इसे क्या अपनी बहन को दिखा रहा ह .

में समीर भैया के मुंह से गली सुनकर जोश में आ गया और पूरा डैम लगाकर जोरदार शॉट उनकी गांड में लगाया तो मेरा सूखा लुंड उनकी गांड को चीरते हुए भीतर घुस गया और समीरभैया की चीख निकली जो सर्वेंट क्वार्टर तक जरूर पहुंची होगी .

समीर भैया,-- रोहित सेल तूने मेरी गांड में लुंड hi डाला ह या कुछ और दाल दिया .

समीर की बात सुनकर मम्मी और दीदी दोनों मुस्कराई तो

में रुक कर,-- सोभा इस बहनचोद का मुंह बंद कर नहीं तो संतरा अभी आ जाएगी.

मम्मी मुस्करा कर समीर भैया के मुंह में अपना मुंह लगाकर चूमने लगी तो दीदी उनके लुंड को दुहने लगी .

में.,-- सेल तू मेरी बहन की गांड मारकर ऐसे hi चीखें निकलवाता था ना.

सोनाक्षी दीदी,-- हाँ रोहित , ये मेरी भी बहुत बेरहमी से गांड मारा था पहली बार .

में दीदी की बात सुनकर उनके होठों को चूमा और अपना लुंड निकलकर फिर जोर से डाला तो समीर भैया फिर चीखे तो मम्मी ने उनका मुंह पकड़ कर घुटनो के बल बैठी और अपना स्कर्ट ऊपर करके छूट को मुंह से लगा कर बोली.

मम्मी,-- समीर ले मेरी छूट चाट ले शायद तुझे कुछ दर्द झेलने में रहत मिले .

समीर मम्मी की भोसड़ी को चाटने लगा तो मेने उनकी गांड को फाड़ना शुरू किया और उन्हें चीखे निकलने को मजबूर कर दिया तो मम्मी बोली.

मम्मी,-- रोहित आराम से छोड़ न इसकी गांड .

में.,-- चुप साली रंडी , में इसे अपने हिसाब से छोडूंगा .

दीदी,-- सोभा तू क्यों परेशां हो रही ह छोड़ने दे ना इसे अपने हिसाब से .ताकि इसे अगले प्रोग्राम में ज्यादा जिल्लत नहीं उठानी पड़े .

में दीदी की बात सुनकर सोचने लगा की मेरे लिए इस से ज्यादा जिल्लत क्या होगी जब मेरी दीदी और मम्मी को लोग मेरे सामने रंडी की तरह छोड़ चुके.

मम्मी,-- इसे कुछ नहीं होने वाला देखना ये एन्जॉय करेगा .

दीदी,-- वो तो ये नहीं तो इसका लोढ़ा बता dega.rohit इसकी गांड को जितना जोर से छोड़ना ह छोड़ ले अभी तो मौका ह .

में समीर भैया की गांड को छोड़ने लगा और में बहुत देर तक छोड़ता रहा तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- रोहित अब झाड़ जा यार गांड में जलन होने लगी ह .

में.,-- बस होने वाला ह यार .

समीर भैया,-- सोना तुम कुछ करो ना ये ऐसे नहीं झाड़ेगा .

दीदी,-- रोहित पता ह अगला प्रोग्राम क्या ह .

में.,-- आ... नहीं सोना .

दीदी,-- मम्मी को तीन आदमी हमारे सामने रंडी की तरह छोड़ेंगे .

में.,-- aa...h... सच में .

दीदी,-- हम्म और उन्हें ये भी पता ह की ये हमारी मम्मी ह .

में.,-- wa....wo.... कोण ह वो .

दीदी,-- वो दोनों बारह बजे आएंगे सोभा को बर्थडे पर अपना लुंड गिफ्ट करने.

में.,-- वावो .

दीदी,-- वो हमारे सामने hi सोभा को गिफ्ट के बदले चुदाई करेंगे.

में.,-- aa....sali रंडी तूने ऐसी बात बोलकर मुझे झड़ने को मजबूर कर दिया . ले में आ रहा हूँ समीर .

मेने आठ दस करारे प्रहार समीर की गांड में लुंड से किये और झड़ने लगा और मेने काफी देर से गोटियों में जमा पानी उनके गांड में भर दिया तो दीदी बोली.

दीदी,-- रोहित तू इतना भुलाकड़ कैसे हो गया .

में.,-- क्या भूल गया दीदी

दीदी,-- तुम्हे याद नहीं अपना माल सोभा की छूट में डालना था.

में.,-- ओह्ह ... सॉरी सोभा अगली बार ध्यान रखूँगा .

मम्मी,-- कोई बात नहीं , वैसे भी तेरे जैसे जवान लोंदे के लुंड में पानी की कमी थोड़े hi ह .

में अपना पानी खली करके लुंड को बाहर खिंचा तो समीर भैया की गांड से पक्क को आवाज आयी तो दीदी मुस्करा कर कड़ी हुयी और मम्मी का हाथ पकड़ कर रूम में ले गयी तो समीर भैया पानी की पूरी बोतल पि गए .

जब मेने मेट्रेस पर देखा तो उनका वीर्य ढेर होकर मैट्रेस्स में घुस रहा था .

समीर भैया ने पानी पीकर मेरे लुंड को देखा और बोले,-- यार तेरा लुंड तो असलम से भी बड़ा लग रहा ह .

में.,-- असलम ने hi इसे जड़ी बूटी देकर मोटा किया ह .

समीर भैया,-- तेरा स्टैमिना भी बहुत ह एक घंटे तक तूने मेरी गांड को छोड़ा ह .

में.,-- मज़ा आया .

समीर भैया,-- तेरी मम्मी और बहन पास में नहीं होती तो शायद नहीं आता.

में मुस्करा कर पेग पिने लगा तो समीर भैया सिगरेट पिने लगे .

तो बे कॉन्टिनोएड
 
में अपना वीर्य समीर भैया की गांड में डालकर खड़ा हुआ और सोफे पर बेथ गया तो दीदी भी मेरे पास आयी और मेरे को एक पेग बनाकर दी जिसे में पिने लगा तो मम्मी ने समीर भैया को अपने हाथ से पेग पिलाया .

सोनाक्षी दीदी,-- मज़ा आया मेरे बॉयफ्रेंड की गांड मारकर.

में दीदी के गुलाबी होंठ चूमा और बोलै,-- सेल की गांड किसी कुंवारी लड़की की तरह ह .मज़ा आ गया छोड़कर .

समीर मेरी बात सुनकर मुस्कराया तो मम्मी बोली,-- इसके लुंड ने रुखसार और मुस्कान की कुंवारी छूट का पानी पिया ह और साला पता नहीं किस किस की भोसड़ी का पानी पिया ह जो सांड की तरह हो गया ह .

दीदी मुस्करा कर,-- तभी तो तेरे को घोड़ी बनाकर घंटे भर छोड़ता ह .

मेने घडी की तरफ देखा तो बारह बजने वाले थे और दीदी भी बार बार टाइम देख रही थी तो समीर बोलै,-- अभी बीस मिनट बाकि ह .

तभी मम्मी और दीदी उठकर मम्मी के रूम में चली गयी और में सिगरेट पिटे हुए समीर भैया से बातें करने लगा.

हम दोनों दस मिनट तक बातें करते रहे तो समीर भैया भी सिगरेट सुलगा लिए और तभी बेल्ल बजी तो समीर भैया बोले,-- जा गेट खोल तेरी मम्मी का बर्थडे गिफ्ट देने कोई आ गया लगता ह .

मेने गेट खोला तो एक तीस साल का लड़का अंदर आया और मुझे सलाम किया तो मेने नमस्ते कहा और वो बोलै,-- समीर भाईजान नहीं ह .

में.,-- आओ अंदर , वो बैठे ह .

लड़का अंदर आया और समीर भैया के गले लग गया तो समीर भैया बोले,-- बैठो अब्दुल ये लो दारू पियो.

समीर भैया ने अपना पेग उसे पकड़ा दिया तो अब्दुल बोलै,-- यार माल किधर ह .

समीर भैया,-- अंदर तैयार हो रही ह तेरे लिए .

अब्दुल,-- बहुत सेक्सी माल ह यार , साली की छूट झरने की तरह बाह रही थी कल जब में उसे मेहँदी लगाया था तब .

समीर भैया,-- हम्म , बहुत चुदकड़ रैंड ह और ये उसका बीटा रोहित .

अब्दुल,-- ओह्ह ये पिल्ला ह उसका , वैसे तो जवान हो चूका .

समीर भैया,-- हाँ ये भी उसको छोड़ता ह .

अब्दुल,-- वो साली ह hi पूरी बिगड़ैल .

समीर भैया,-- ऐसी माँ की औलाद कैसी होगी.

समीर भैया,-- रोहित देख तेरी मम्मी तैयार हुयी की नहीं .उसको बोल की तेरा यार आया ह तुझे छोड़ने.

में उठकर मम्मी के रूम में गया तो देखा दीदी मम्मी को तैयार कर रही ह तो बाथरूम में जाकर पेशाब किया और रूम में आकर बोलै,-- सोभा तेरा यार आया ह तुझे छोड़ने .

मम्मी,-- दोनों आ गए क्या .

में.,-- नहीं एक लड़का hi आया ह अब्दुल .

मम्मी,-- ओह्ह ,अभी सुलेमान चाचा नहीं आये .

में.,-- कोण सुलेमान चाचा.

मम्मी,-- ह कोई समीर के दोस्त के चाचा जो आज मुझे बर्थडे गिफ्ट देने आने वाले ह.

तभी दुर्बल बजी तो दीदी बोली, -- लगता ह सुलेमान चाचा भी आ गए .

मम्मी,-- जल्दी कर सोना .

दीदी,-- बस हो गया बेबी .मुझे पता ह तेरी छूट खुजली मचा रही ह .

मम्मी,-- रोहित , तू बाहर जाकर उनके साथ पार्टी कर .उन्हें कुछ खिला पीला दे .

दीदी,-- रोहित , दोनों की अच्छी खातिरदारी कर्मा दोनों अपनी मम्मी को छोड़ेंगे .

मम्मी,-- चुप शैतान .तूने hi उन्हें निमंत्रण दिया था .

दीदी,-- तभी तो तुम्हे रंडी वाली फेल्लिंग आएगी बेबी.

में मुस्करा कर बाहर आया तो मुझे सोफे पर एक बुजुर्ग आदमी बैठे मिले जो अब्दुल के साथ दारू पि रहे थे .मेने नजदीक जाकर देखा तो उनके चेहरे पर सफ़ेद दाढ़ी थी पर बदन तंदुरुस्त लग रहा था मुझे देखकर समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- चाचा जान ये सोभा का पिल्ला ह जो अपने असलम भाई का पैदा किया हुआ ह . रोहित चाचा को प्रणाम करो ये तुम्हारी मम्मी को छोड़ने आये ह .

मेने झुक कर चाहा को प्रणाम किया तो चाचा बोले,-- लवंडा तो सायना हो गया ह बीटा .

समीर भैया,-- चाचा जान ये भी अपनी मम्मी पर चढ़ता ह .

सुलेमान चाचा मुस्करा कर,-- बीटा औरतों का बदन तो होता hi ह हम मर्दों के खेलने के लिए और काम उम्र में लड़की को छोड़ दो तो फिर उसके बदन में गर्मी बढ़ जाती ह जो कई मर्दों के खेलने के काम आती ह .

समीर भैया,-- ये ह ह चचाजान ,-- लड़की को कमसिन उम्र में छोड़कर किसी और से छुड़वा दो तो फिर उसे शर्म हाय नहीं रहती ह .

सुलेमान चाचा अपनी ढाढी पर हाथ फिरकर बोले ,-- अब देर किस बात की समीर , किधर ह वो छमिया.

समीर भैया,-- आती hi होगी चाचा मुझे लगता ह उसे सोनाक्षी तैयार कर रही होगी.

सुलेमान चाचा, -- उसको तैयार करने के लिए और भी रंडी को बुलाया ह क्या .

समीर भैया,-- नहीं छाछ सोनाक्षी उसकी की जवान लोंड़िया ह जो 25 साल की ह .

सुलेमान चाचा, -- तो उसे मालूम ह क्या की उसे में छोड़ने आया हूँ .

समीर भैया मुस्करा कर, -- चाचा उसे मेने सोभा से भी ज्यादा बड़ी रांड बना दिया ह छोड़ छोड़ कर .

सुलेमान चाचा,-- ये तुमने बहुत नेक काम किया ह .इस से हम मर्दों को अलग अलग जिस्म भोगने का मौका मिलता ह .

समीर भैया,-- जी .

सुलेमान चाचा,-- देखो वो तैयार हो गयी होगी .मेरा लुंड संस्कारी औरत को छोड़ने के नाम पर सुबह से बेथ hi नहीं रहा ह .

समीर भैया,-- चाचा वो यही आएगी .

सुलेमान चाचा,-- यहाँ सबके बिच??

समीर भैया,-- हाँ चचाजान उसे आप हम सबके सामने छोड़ना तभी तो वो और उसकी बेटी पूरी बेशरम बनकर नए मर्दों का मनोरंजन करेगी .

सुलेमान चाचा अपने लुंड को लुंगी से मसलकर,-- ये भी ठीक ह . उसकी बेटी के सामने छोडूंगा तो वो भी अब्दुल जैसे बच्चो के लिए मनोरंजन का पत्र बनेगी.

समीर भैया,-- आप तैयार करके तो आये ह ना पूरी .

सुलेमान चाचा,-- हाँ मेने देसी डोज ली हुयी ह काम से काम एक घंटा तो छोडूंगा hi उसे .

समीर भैया,-- जा तो रोहित देख तेरी मम्मी को और उसको बोल की सुलेमान चाचा उसे छोड़ने आ चुके ह . और सोना को बोल की अभी तक चुदाई के लिए गद्दा भी नहीं लगा ह .

में रूम में गया तो दीदी मम्मी को लिपस्टिक लगा रही थी और मम्मी को लाल साड़ी में खुले हुए ब्लाउज के साथ पुरे गहने पहना चुकी थी .

में.,-- सोभा वो सुलेमान चाचा आ गए ह तुम्हे छोड़ने को .

मम्मी साड़ी पर से छूट को खुजाकर ,-- ये सोना hi देर कर रही ह रोहित .इसी को बोल.

में.,-- दीदी जल्दी करो ना .

दीदी,-- कर रही हूँ बस हो गया नहीं तो समीर को बुरा लगेगा .

में.,-- समीर को क्यों बुरा लगेगा

दीदी मुस्करा कर,-- समीर ने कहा था की मम्मी को पूरी संस्कारी औरत बनाना ह क्योंकि सुलेमान चाचा इनकी मांग भरकर मज़े से छोड़ेंगे . तू एक काम कर बाहर गए पर एक डबल बाद का गद्दा रखा ह उसे उठाकर हॉल में लगा दे . मम्मी हॉल में सबके सामने सुलेमान चाचा से छुडवायेगी.

में बाहर आया और अब्दुल को लेकर गद्दा उठाकर अंदर लाया और उस पर लगी प्लास्टिक को फाड् कर अलग करने लगा तो समीर भैया बोले .

समीर भैया,-- चाचा आपके लिया नया बीएड मंगवाया ह सोभा ने .

सुलेमान चाचा,-- नए बिस्टेर पर संस्कारी औरत को छोड़ने में मज़ा आएगा. इस पर सफ़ेद बेडशीट लगवा देना.

समीर भैया,-- चाचा , अब कोनसी उस रांड को सील टूटने वाली ह जो सफ़ेद बेडसीट लगवानी ह .

समीर भैया की बात सुनकर सब हंसने लगे तभी दीदी और मम्मी बाहर आती दिखी तो दोनों के देखकर सबके मुंह खुले रह गए और लोडे खड़े हो गए .

मम्मी लाल साड़ी में पूरी संस्कारी औरत दिख रही थी उनके चेहरे पर मांग टिका , नाक में नाथ, गले में मंगल सूत्र, कान में झुमके और साड़ी ब्लाउज के ऊपर पिन की हुयी थी जिनसे उनकी क्लीवेज के साथ चूचियों का पूरा उठाव चमक रहा था वही छोटा सा ब्लाउज होने से पूरा पेट भी दिख रहा था जिसमे उनकी नवल पर रिंग उन्हें मादक बना रही थी.

दीदी सिर्फ पेटीकोट ब्लाउज में थी और उनका ब्लाउज मम्मी से भी छोटा था जो उनके बूब्स को आकर्षक बना रहा था और दीदी ने पेटीकोट भी काफी निचे बंधा हुआ था और साइड में जहाँ नाडा बांधने से थोड़ा सा खुला रहता ह वहां पर से लग रहा था की दीदी पेंटी लेस्स होगी .

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
मम्मी और दीदी सोफे के पास आकर कड़ी हो गयी तो सुलेमान चाचा खड़े हुए और बोले,-- subhaan.....kya हुस्न ह. खुदा ने बहुत फुर्सत से बनाया ह तुम्हे सोभा .

मम्मी सुलेमान चाचा के कदमो में झुक गयी और प्रणाम किया तो चाचा ने मम्मी के बूब्स के निचे से हाथ लगाकर उनको पकड़कर ऊपर उठाया तो मम्मी सिसक पड़ी .

Chacha,--wah समीर ये तो संस्कारी से साथ पूरी समझदार भी ह . तेरा हुस्न ऐसे hi बना रहे सोभा रानी.

मम्मी मुस्करा कर,-- सुक्रिया जी .

फिर सुलेमान चाचा दीदी को देखकर बोले,-- सोभा ये तेरी बेटी भी असलम से hi ह ना .

मम्मी,-- नहीं सुलेमान जी, असलम जी से तो सिर्फ रोहित ह ये तो मेरे स्वर्गीय पति की निशानी ह .

चाचा,-- बिलकुल तुम पर गयी ह तेरी बेटी .

मम्मी,-- जी , सोना बेटी चाचा को प्रणाम कर .

दीदी चाचा के कदमो में झुक गयी तो चाचा उनकी छोड़ी नंगी पीठ को देखने लगे क्योंकि दीदी की पीठ पर सिर्फ दो रस्सिया थी ब्लाउज की एक गले में और एक पीठ पर .

चाचा दीदी की सेक्सी पीठ को तब तक देखते रहे जब तक दीदी खुद कड़ी नहीं हुयी और उनके खड़े होते hi बोले.

चाचा,-- बेटी तेरा हुस्न सोभा से भी ज्यादा निखरे और तू हर मर्द की चाहत बने .

दीदी,-- सुक्रिया चाचा जी .

तभी समीर भैया बोले,-- सोना डिब्बी कहा ह .

दीदी ने मुठी खोलकर एक डिब्बी समीर भैया को दी तो समीर भैया बोले.,-- चचाजान अभी सोभा पूरी संस्कारी नहीं लग रही ह सिंदूर के बिना .ये लीजिये सोभा की मांग भरिये

चाचा डिब्बी लेकर मम्मी को देखने लगे तो समीर भैया बोले,-- सोना तूने बताया नहीं सोभा को .

ये सुनकर मम्मी ने अपनी मांग का टिका साइड में किया और बोली,-- सुलेमान जी इस अभागिन विधवा औरत की मांग में सिंदूर भरकर इसे पूरी संस्कारी बना दीजिये .

सुलेमान चाचा,-- जरूर . लाओ डिब्बी

चाचा ने मम्मी की मांग में सिंदूर भर दिया तो मम्मी फिर से उनको प्रणाम की तो समीर भैया फिर से बोले,- चचाजान अभी भी सोभा के संस्कारी होने में एक कमी ह .

चाचा मम्मी की सुंदरता को निहारते हुए बोले ,-- अब क्या कमी ह .

समीर भैया,-- सोना बिंदी कहाँ ह .

सोनाक्षी दीदी,-- जी ये रही पर मम्मी बोली की ये अब्दुल लगाएगा .

समीर भैया,-- सही सोचा ह तुमने सोना . अब्दुल को भी मौका मिलना चाहिए इसके साथ एन्जॉय करने के लिए.

सुलेमान चाचा,-- अब्दुल जल्दी से सोभा को बिंदी लगा दे अब मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा ह. मुझे इसका हुस्न पीना ह

अब्दुल,-- जी चाचा.

अब्दुल उठकर मम्मी के पास गया और उन्हें आदाब कहा तो मम्मी भी उसके कदमो में झुक गयी .

अब्दुल,-- ये क्या कर रही हो सोभा जी .

चाचा,-- बीटा वो सही कर रही ह . संस्कारी औरतें जिनसे छोड़ने जाती ह या चुद जाती ह उनकी नजर में कोई छोटा नहीं होता बल्कि वो इनके लिए पूजनीय होता ह . चल इसे आशीर्वाद दे .

अब्दुल ने मम्मी को उठकर गले लगा लिया और फिर उनके माथे पर बिंदी लगा दी तो चाचा बोले .

चाचा,-- बेटे गले लगाने से इसे आशीर्वाद थोड़े hi मिल गया.

अब्दुल,-- तो क्या करूँ चाचा जान.

चाचा,-- ऐसी संस्कारी औरतें सिर्फ चुदाई की hi बुखी नहीं होती बीटा .इनको मर्दो से अपने गदराये जिस्म को मसलवाने में ज्यादा मज़ा आता ह .

अब्दुल,-- जी चढ़ा जान , मेने आज तक ऐसी संस्कारी औरत नहीं छोड़ी इसलिए आप hi बताएं क्या करूँ.

चाचा,-- इसके बदन को अच्छे से मसल कर फील कर .

अब्दुल ने मम्मी को पकड़ा और उसके बूब्स को मसला तो मम्मी की कामुक सिसकी निकली और वो मुझे देखकर मुस्कराई .

दीदी मुझे पकड़कर सोफे पर ले आयी जो थोड़ा दूर रखा हुआ था उस पर बैठकर बोली

दीदी मुस्करा कर,-- मज़ा आया तुझे .

में.,-- साली तुझे क्या क्या सूझता ह पूरा लोढ़ा खड़ा कर दिया .

तभी समीर भैया बोले ,-- सोभा चचाजान को कुछ पिलाओगी नहीं .

मम्मी,-- जी.

मम्मी ने एक पेग बनाया और चाचा के मुंह की तरफ किया तो चाचा ने आधा पीकर बाकि मम्मी को पीला दिया और बोले,-- समीर ऐसी संस्कारी और बोल्ड हसीना मेने जिंदगी में नहीं देखि यार .

समीर भैया,-- चचाजान अभी आप इसका असली बोल्डनेस तो बीएड पर दिखना.

सुलेमान चुका ने मम्मी का हाथ पकड़ा फिर जमीं पर लगे गद्दे पर ले गए और उन्होंने मम्मी को गद्दे पर बिठाया फिर खुद भी मम्मी के सामने बेथ गए .

में दीदी के साथ सब देख रहा था और मम्मी की हरकते देखकर एन्जॉय कर रहा .उधर समीर भैया और अब्दुल भी सोफे पर अपने लुंड पकडे हुए सिगरेट पि कर लाइव शो देख रहे थे तभी दीदी ने मुझे एक और बात लुंड को झटखा देने वाली कही.

सोनाक्षी दीदी,-- रोहित तुझे पता ह मेने सिर्फ दो hi कपडे पहने ह .

में.,-- हम्म आपके साइड से पेंटी की लाइन नहीं दिख रही ह .

सोनाक्षी दीदी,-- तो अब्दुल को अपनी बहन की जवानी के जलवे दिखा ना.

में.,-- कैसे

सोनाक्षी दीदी,-- मेरा पेटीकोट ऊपर करके उसे अपनी दीदी की जन्नत दिखा ना .

में.,-- क्यों बिचारे को सत्ता रही हो . तुम्हारी सेक्सी छूट देखकर वो तुम्हे छोड़ने को बोलेगा और तुम उसे मेरी तरह उसे छोड़ने डौगी नहीं.

सोनाक्षी दीदी,-- मेने ये कब कहा की में उसे को छोड़ने नहीं दूंगी .

में.,-- पर मेरे को तो मन किया था ना.

सोनाक्षी दीदी,-- तुझे तो इसलिए रोका ह ताकि तुझे मुझ में आकर्षण बना रहे. तूने मुझे एक बार छोड़ लिया तो फिर में तेरे लिए बसी हो जाउंगी.

में.,-- तो फिर तुम अब्दुल से छुडवायेगी.

सोनाक्षी दीदी मुस्करा कर,-- में पिछले दो दिन में पता ह ना कितने लोडे ले चुकी .

में.,-- मुझे कैसे पता होगा.

सोनाक्षी दीदी,-- में सोभा की अश्लील और सेक्सी हरकते देखकर कितनी देर तक बर्दास्त करुँगी.

में.,-- ओह्ह तो आप को भी छोड़ना ह .

दीदी,-- वैसे तो अभी देरी ह और वो प्रोग्राम अलग ह जिसका टाइम रात में चार बजे बाद ह लेकिन अब्दुल को तरसने में मज़ा आएगा .

में.,-- अभी और भी प्रोग्राम बाकि ह .

दीदी मेरे लुंड को चेक करके ,-- मज़ा नहीं आ रहा क्या.

में.,-- मज़े की तो पूछो hi मत और तुमने पकड़कर देख भी लिया पर अब भी कुछ बाकि ह

दीदी,-- उसी प्रोग्राम में तो तुझे और मुझे मज़ा आएगा क्योंकि अभी ये तो सिर्फ सोभा के लिए ह .

में.,-- मतलब .

दीदी मुस्करा कर,-- अभी तो सोभा इन तीनो से hi छुड़ेगी इसलिए इन दोनों को इतना गरम कर देते ह की दोनों मम्मी को मसल कर रख दें .

में.,-- साली तू पूरी शैतान ह . छूट देखेंगे तेरी और भोसड़ा मम्मी का चुडेगा.

दीदी,-- तभी तो हमारी मम्मी को मज़ा आएगा जब तीन तीन लोडे उसको जन्नत दिखाएंगे क्योंकि तुमने उसे जो टेबलेट दिलवाई ह उसके बाद उसकी छूट की आग बुझते hi फिर लग जाती ह .

में.,-- तुम्हे मम्मी ने बताया .

दीदी,-- हाँ यार , दो दिन से दिन रात डिलडो साथ लेकर घूम रही ह .

मेने निर्मला को मन hi मन धन्यवाद किया और दीदी से बोलै,-- तो तुम चाहती हो की में तुम्हारी छूट उन दोनों दिखाऊं .

दीदी,-- हम्म .

में.,-- उसके लिए थोड़ी छेड़छाड़ जरुरी ह बेबी .

दीदी,-- मेने तुझे उसके लिए मन थोड़े hi किया ह .

में.,-- हम्म , पर अभी के माहौल के हिसाब से हमें थोड़ा अलग करना पड़ेगा.

दीदी मुस्करा कर,-- क्या .

में.,-- हमें दारू पीकर ज्यादा होने की एक्टिंग करनी पड़ेगी ताकि उन्हें ये लगे की हम बहक गए ह.

दीदी,-- दिमाग तो ह तुझमे , चल ले आ .

में उठकर एक लार्ज पेग बनाया और सिगरेट सुलगाकर दीदी के पास पहुंचा और एक सिप लेकर दीदी को पेग पकड़ा कर कहा ,-- ले रानी अब शुरू हो जा .

दीदी पेग पिने लगी तो मेने सिगरेट सुलगा ली और दोनों बदल बदल कर पिने लगे तो दीदी मधहोश होने का नाटक करने लगी फिर पेग मुझे पकड़ा कर मेरे कंधे से लग गयी तो मेने भी दारू ख़त्म की और सिगरेट फेंक कर दीदी के बूब्स को सहलाने लगा और उनका पेटीकोट ऊपर करने लगा तो दोनों हमें देखने लगे.

मेने दीदी का पेटीकोट घुटनो तक उठा दिया और दीदी के होंठ चूमने लगा तो दीदी मधहोश होने का नाटक करती रही तो मुझे समीर भैया ने पेटीकोट ऊपर करने का इशारा किया .

में जान बूझकर नासमझ बनकर हाथ से नहीं समझने का इशारा किया तो समीर भैया ने अपने एक हाथ को गोल करके उसमे दूसरे हाथ की अंगुली डालकर समझाया तो में समझ गया की वो दीदी की छूट देखना चाहते ह इसलिए मेने दीदी को अपने पास खींचकर उनके कान में कहा .

में.,-- समीर इशारे से बोल रहा ह की तुम्हारी छूट उन दोनों को दिखाऊं .

दीदी,-- तो दिखा दे न. मेरी छूट पूरा भीगी हुयी ह. अब्दुल भी देख लेगा बिचारे को कल देखने को नहीं मिली .

मेने फिर दीदी के पेटीकोट को घुटनो तक किया और उसे ऊपर करके दीदी की छूट को एक बार दोनों दिखाकर वापस पेटीकोट से धक् दिया तो समीर भैया ने पेटीकोट ऊपर रखने का इशारा किया .

में दीदी के कान में,-- समीर भैया छूट को नंगी रखने को बोल रहे ह .

दीदी,-- तो रख दे ना. कर दे पेटीकोट ऊपर .में मधहोश होने का नाटक करती रहूंगी मेरी भी छूट पूरी छुडासी ह .

मेने फिर दीदी को गले से लगाया और उनके पेटीकोट को गांड के निचे से पूरा ऊपर कर दिया और पेटीकोट को दीदी के बूब्स पर टांग दिया तो दोनों को दीदी की गांड भी एक झलक दिखी और सेक्सी छूट दिखी और समीर भैया ने भी टोलिया ऊपर करके लुंड दिखाया जो पूरा खड़ा था .

समीर भैया ने अब्दुल के कान में कुछ कहा तो अब्दुल भी अपनी लुंगी को ऊपर कर दिया जिस से उसका कला लुंड खड़ा हुआ दिखा जो समीर भैया की तरह साढ़े छह इंच का था .

में.,-- दीदी वो दोनों भी अपने लुंड दिखा रहे ह .

दीदी मेरे कान में,-- मुझे अब सीधा कर के सोफे पर पीठ लगा दे

मेने दीदी को सोफे पर पीठ लगा कर टिका दिया तो दीदी ने आँखे खोल ली और नशे का ढोंग करते हुए दोनों के लुंड देखने लगी

तो बे कॉन्टिनोएड..
 
रात के दो बजने वाले थे और हम सब की आँखों से नींद गायब थी क्योंकि दीदी की सेक्स पार्टी अभी चालू थी .मम्मी टोलिया लपेटकर अपने रूम में नहाने चली गयी थी .

दीदी मम्मी के रूम से बाहर आयी तो वो अपना पेटीकोट ब्लाउज वापस पहन ली और समीर भैया के पास आकर उनको चुम कर उनके पास बेथ गयी और बोली.

दीदी,-- थैंक्स समीर , तुम नहीं आते तो मज़ा नहीं आता.

समीर भैया ने दीदी को अपनी गॉड में बिठा लिया और उनके बोबो को ब्लाउज से पकड़कर दबाते हुए कहा,-- आता कैसे नहीं रानी, तेरी मम्मी को तेरे सामने छोड़ने में बहुत मज़ा आया .

दीदी,-- u...i....e... माँ. सेल धीरे दबा बोबे को .

समीर भैया,-- रोहित, देख साली को अब दर्द होने लगा और स्टोर में बोलती थी की जोर से दबाओ.

में.,-- यार अब इनके बोबे विकसित हो गए इसलिए दर्द होता होगा .पहले छोटे छोटे थे .

समीर भैया,-- उस समय में तुम्हारी वजह से धीरे दबाता था की कहीं तुम को बुरा ना लग जाये .

में.,-- मेरे को तब सच में बुरा लगता था की आप धीरे क्यों दबाते थे.

समीर भैया,-- सच में .

में.,-- हम्म. मुझे दीदी की सिसकियाँ सुनकर मज़ा आता था.

सोनाक्षी दीदी,-- लो, में समझती थी की मेरी सिसकियाँ रोहित ना सुन ले.

समीर भैया,-- रोहित ने अपनी हर चुदाई देखि थी बेबी .

तभी मम्मी नहाकर वापस टोलिया लपेट कर आ गयी और सब दारू पिने लग गए और दीदी के अगले सुस्पेंस का इन्तजार कर रहे थे .

इस समय दीद समीर भैया की गॉड में बैठी थी और में मम्मी के पास उनके सामने बैठा था तो दीदी दारू पिटे हुए बोली

दीदी,-- मज़ा आया सोभा छुड़वाकर .

मम्मी,-- हम्म , सुलेमान जी बहुत अच्छे से रगड़े .

दीदी,-- खुजली मिटी की नहीं छूट की .

मम्मी मुस्करा कर,-- रोहित ने दवा hi ऐसी दिलवाई ह की फिर मचलने लगी ह साली .

दीदी,-- रोहित , तूने तो सोभा को पूरी गस्ती बना देना ह . ऐसे तो ये रोड पर किसी को भी पकड़ कर छुड़वा लेगी .

में.,-- में हूँ ना सोना , इसको जितना छुड़वाना ह में इसकी पूरी प्यास बुझा दूंगा और ये ज्यादा से ज्यादा छुड़ेगी तभी तो प्रेग्नेंट होगी .

दीदी,-- ये भी सही ह . सोभा तुम्हे प्रेग्नेंट होना ह ना.

में.,-- सोभा , तुम को जब खुजली हो तो मेरे पास नंगी होकर आ जाना .

दीदी मुस्करा कर,-- सोभा तू साली बहुत मतलबी ह .

मम्मी,-- कैसे सोना .

दीदी,-- तुमने खुद तो छुड़वा लिया और मेरी छूट का कुछ भी ख्याल नहीं ह साली भोसड़ी वाली .

मम्मी,-- तो पार्टी तुमने अर्रेंगे की ह ये तुम्हे सोचना था ना .

दीदी,-- में क्या करती समीर को तो तुमने अपने ऊपर चढ़ा लिया और रोहित से में छुड़वा नहीं सकती .

मम्मी मुस्करा कर,-- समीर , इसे छोड़ दे यार .

समीर भैया,-- सोभा उसको छोड़ना होता तो ये मुझे तुम्हे थोड़ी hi ना छोड़ने देती .

मम्मी,-- फिर सोना तू मुझे क्यों दोष दे रही ह .

सोनाक्षी दीदी,-- तो अब में भी थोड़ा एन्जॉय कर लूँ तो तुम्हे दिक्कत तो नहीं होगी .

मम्मी,-- मुझे क्यों दिक्कत होगी . खुल कर एन्जॉय कर ना .

सोनाक्षी दीदी,-- रोहित तू कितनी देर सोभा की छूट में लुंड दाल कर इसको छोड़ सकता ह

में.,-- वियाग्रा खाने के बाद मेरा लुंड डाउन नहीं होता बस पानी छोड़ते रहता ह लेकिन सख्त वैसे hi रहता ह .

सोनाक्षी दीदी,-- तो फिर तू वियाग्रा खा ले क्योंकि अगले दो घंटे अब मेरा चुदाई का प्रोग्राम चलेगा और तुझे दो घंटे तक इसकी छूट को छोड़ना ह .

में.,-- तुम दो घंटे तक ऐसा प्रोग्राम करोगी .

सोनाक्षी दीदी मुस्करा कर,-- समीर के तीन दोस्त ह उनको खुश करना ह मुझे .

में.,-- सिर्फ खुश करना ह या तुम्हे उनके साथ मस्ती करनी ह .

में समीर की तरफ देखा तो वो मुस्करा कर बोलै ,-- यार मेरे दोस्त ह जो कानपूर में मेरे साथ पढ़ते थे और ग्रुप में भी मेंबर ह वो बहुत बार मेरे को बोल चुके की ठाकुर की बेटी सोनाक्षी को छुड़वा दे तो मेने उनको बोलै था की छुड़वा दूंगा तो सोना से बात की तो ये बोली की सोभा के बिरथ डे पर छुड़वा देना .

में.,-- तब तो एक घंटे से ज्यादा चुदाई चल hi जाएगी.

मम्मी,-- वो कानपूर के रहने वाले ह .

समीर भैया,-- हम्म .तीनो तुम्हे भी अच्छे से जानते ह सोभा.

में.,-- क्या फर्क पड़ता ह सोभा . वैसे भी वो सोना की ग्रुप में नंगी देखते hi ह और छुड़वाते भी देख चुके ह .

सोनाक्षी दीदी,-- हाँ सोभा , उन्हें में भी जानती हूँ , समीर ने वीडियो कॉल पर बात करवाई थी उनसे .

मम्मी,-- पर ये ठीक रहेगा क्या.

समीर भैया,-- कुछ नहीं होगा , ठाकुर उनकी माँ बहन छोड़ा हुआ ह .

सोनाक्षी दीदी,-- सोभा वो तीनो से मेने बात की ह .तीनो अच्छे लड़के ह.

समीर भैया,-- सोभा वो सोना जैसी मस्त चीज को छोड़ने का सोच भी नहीं सकते .

मम्मी,-- क्यों .

समीर भैया,-- वो गेराज में काम करते ह और साती रंडिया छोड़ते ह . सोना जैसी मस्तानी लोंड़िया छोड़ना उनके बस की बात नहीं .

मम्मी,-- जैसे तुम ठीक समझो , मुझे सोना की ख़ुशी चाहिए.

में.,-- पर वो अभी आएंगे कैसे .

समीर भैया,-- वो बाहर hi ह ,आस पास कही.

दीदी,-- तो बुलाते क्यों नहीं फिर .

में.,-- साली रंडी को कितनी जल्दी ह छोड़ने की.

समीर भैया,-- सोना बाकि सब तैयारी तो करो सोना.

सोनाक्षी दीदी,-- रोहित तू वियाग्रा खाकर सोभा को छोड़ने के लिए तैयार हो जा क्योंकि वो आते hi शुरू हो जायेंगे .

मेने वियाग्रा खायी और मम्मी को पकड़कर नंगी कर दिया तो समीर भैया ने दीदी का टोलिया खोलकर उन्हें नंगी किया और उन्हें गेट खोलकर बाहर ले गए तो में मम्मी की छूट में लुंड डालकर उन्हें सोफे पर hi छोड़ना शुरू कर दिया .

मम्मी,-- aah.....unhe आने तो देते पहले.

में.,-- chup.....sali... रंडी ..वो हमें उनसे क्या फायदा. छोड़ने दे साली को.

कुछ देर में सोना के साथ चार लड़के जो समीर के हम उम्र थे वो आये जो चरों नंगे थे उन्होंने दीदी को गद्दे पर खड़े खड़े hi चेतना शुरू कर दिया .

दीदी की मादक सिसकिया हॉल में गूंजने लगी और चारो दीदी के गोर बदन को ऊपर से निचे तक थूक से चमका दिए तो गद्दे पर पटक कर बरी बरी से चूमने लगे .

चरों में से कोई कुछ नहीं बोल रहे थे और ना hi उन्हें हमें देखा वो बस दीदी के जिस्म को कुत्ते की तरह चाटकर एक एक करके कंडोम लगा कर दीदी को छोड़ना शुरू कर दिया. दीदी भी रंडी की तरह उन्हें अपना बदन सौंप कर मज़े ले रही थी .

चरों दीदी को बरी बरी से कंडोम बदल बदल कर छोड़ रहे थे और चरों ने दो दो बार दीदी को छोड़ा तो में मम्मी के कान में बोलै

में.,-- सोभा , तेरी बेटी तुझे चुदाई में बहुत पीछे छोड़ देगी .

मम्मी,-- वो अब सिर्फ मेरी नहीं तुम्हारी भी बहन ह .

में.,-- देख साली रंडी कैसे चारो को अकेली hi झेल रही ह .

मम्मी,-- उसके लिए समीर स्पेशल ड्रग लाया ह जिसका नशा ह उस पर .

में.,-- तभी साली छोड़ने के लिए तड़प रही थी .

मम्मी,-- छोड़ने दे, देख कितना एन्जॉय कर रही ह .

में मम्मी की छूट में दूसरी बार पानी छोड़ दिया था और लुंड वैसे hi सख्त होकर उनकी भोसड़ी में घुसा हुआ था . चरों लगभग दो घंटे तक दीदी को रंडी की तरह छोड़ चुके तो बीएड के पास कंडोम का ढेर लगा था जिनमे वीर्य भरा हुआ था .

सुबह के चार बजने वाले थे और फिर वो चरों थक गए तो समीर भैया ने कपडे पहने और दीदी तीनो को नंगे hi गेट तक लेकर गयी और गेट के बाहर करके गेट बंद करके आयी तो समीर भैया मेरे पास आये और हमारी चुदाई देखते हुए सिगरेट पिने लगे.

दीदी आकर नंगी hi समीर भैया की गॉड में बेथ कर दोनों एक hi सिगरेट को पिने लगे.

समीर भैया,-- थैंक्स सोना, तूने आज मेरे दोस्तों को बहुत एन्जॉय करवाया .

दीदी,-- एन्जॉय उन्होंने नहीं मेने किया .वो भी सोभा और रोहित के सामने . तुम चरों ने मेरे बदन को पूरा मसलकर मज़ा करवाया .देखो पुरे बदन पर तुम सबने कैसे प्यार भरे निशान बना दिए .

समीर भैया,-- वो चरों तुम्हे छोड़ने को कब से तड़प रहे थे और मुझे कितनी बार पार्टी भी दिए. आज तुमने उन सब से छुड़वाकर उनकी नजर में मेरी इमेज बढ़ा दी.

दीदी,-- तुमने भी तो मेरी इतनी हेल्प की थी तो मुझे भी तो करना था.

समीर भैया,-- चलो में अभी निकलता हूँ तुम गेट बंद कर लो.

दीदी समीर भैया को गेट तक छोड़ने गयी और फिर ब्लू लाइट बंद करके हॉल में पूरी लाइट जला कर मेरे पास आयी और हम दोनों को किश किया तो मेने भी मम्मी की भोसड़ी में एक बार फिर से पानी छोड़ा और बेथ गया तो मम्मी बैठकर बोली.

मम्मी,-- सोना तूने वो कंडोम कहा रखे थे .

दीदी मुस्करा कर,-- अलमारी में पिन लगा कर टांग दिए .

मम्मी,-- जा ये कंडोम भी उनके साथ hi पिन कर दे .

दीदी सरे कंडोम को पकड़कर वीर्य सहित उठायी और मम्मी के रूम में ले गयी तो मेने कहा.

में.,-- इन्हे अलमारी में क्यों रखवा रही हो.

मम्मी,-- में जब अलमारी खोलूंगी तो मुझे ये दिखेंगे और छोड़ने की इच्छा होगी.

मम्मी कड़ी होकर अपनी छूट को साफ़ करने लगी तो दीदी ने किचन से खाने के लिए हल्का फुल्का दिया तो में दोनों को किश करके अपने रूम में आकर सो गया.

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
में सुबह सोया तो रात में hi उठा और देखा दीदी सो रही ह तो में किचन में गया तो खाना पड़ा था जिसे में खाकर वापस सो गया क्योंकि दीदी शायद दिन में जगी होगी .

सुबह पांच बजे दीदी ने मुझे उठाया और बोली ,-- चलो एक्सरसाइज करनी ह .

में टोलिया लपेट कर ऊपर पहुंचा तो वहां पर मम्मी और दीदी दोनों बेथ कर दारू पि रही थी और दोनों हाफ पेण्ट टाइप की फुल चड्डी और स्पोर्ट ब्रा पहनी थी .

दोनों की चड्डी से उनकी छूट का पूरा सापे दिख रहा था .में जाकर कुर्सी पर बैठा तो दीदी ने मुझे ड्रिंक पकड़े तो मेने कहा

में.,-- दीदी ,सुबह सुबह दारू चालू कर दी दोनों ने.

दीदी,-- तो क्या पीना चाहिए .

में.,-- मुझे तो चाय पिने की आदत ह .

दीदी,-- अब आदत बदल ले जैसे घर बदला ह क्यों मम्मी .

में.,-- घर कैसे बदला ह .

दीदी,-- पहले घर में तीन लोग रहते थे माँ , बेटी और बीटा .

में.,-- वो तो अब भी रहते ह .

दीदी मुस्करा कर,-- बोलो मम्मी .

मम्मी,-- अब घर में एक जवान छोड़ू मर्द और दो औरतें रहती ह और दोनों औरतें रंडिया बन चुकी ह घर के मर्द की वजह से .

में.,-- तो तुम्हे रंडियां बनाने के लिए तुम्हे मेने मजबूर किया था क्या .

मम्मी,-- नहीं , तुममे सिर्फ सहयोग किया ह बाकि रंडियां तो हम अपनी मर्जी से बानी ह क्यों सोना.

दीदी,-- हाँ रोहित , हमें रंडी बनकर बहुत मज़ा आ रहा ह रंडी बनाने के लिए हम खुद तैयार थी और तुम भी शायद एन्जॉय कर रहे हो .ह ना.

में अपना लुंड मसलकर,-- सच तो ये ह की तुम दोनों ने मेरी सोच से भी आगे का काम किया ह .

मम्मी,-- तुमने क्या सोचा था.

में.,-- मेने सोचा था की अपनी माँ बहन को छोड़ना ह .

मम्मी,-- ओह्ह , और हम उस से भी आगे निकल गयी .ह ना.

में.,-- हम्म , और ना सिर्फ आगे निकल गयी बल्कि तुम दोनों तो मुझसे कही आगे की सोच रखती हो .

मम्मी,-- वो कैसे .

में.,-- परसो सोनाक्षी की सेक्स पार्टी देखकर मुझे समझ में आया .

दीदी,-- तुम्हे मज़ा आया की नहीं .

में कुर्सी से उठकर दोनों के होंठ बरी बरी से चूमे और बोलै,-- मिल गया जवाब .

दीदी ,-- थैंक्स रोहित , तुम सच में बहुत ब्रॉड माइंडेड हो और इसलिए मेने और सोभा ने सोचा ह की हमें अब घर को सेक्स हाउस बनाना ह .

में.,-- अच्छा , वो कैसे .

दीदी,-- हम सब एक दूसरे की पसंद और ना पसंद समझते ह इसलिए एक दूसरे की इच्छा का ध्यान रखना होगा और घर में पूरा चुदाई का माहौल क्रिएट करके रखना होगा .

में.,-- पर तुम तो असलम से शादी करके उसके साथ चली जाओगी .

दीदी,-- मेरी उनसे रात में बात हुयी थी और मेने उन्हें बोल दिया की में उनकी बीबी जरूर बन जाउंगी पर रहूंगी यही hi .

में.,-- जीजू मान गए .

दीदी मुस्करा कर,-- मान hi नहीं गए बल्कि तेरे लिए भी एक सील पांच छूट का जुगाड़ वो कर चुके जो हमारे साथ इसी घर में हमारी तरह रहेगी और तुम्हारी रखेल बनकर रहेगी और तुम चाहोगे तो उसे मेरी भाभी या सोभा की बहु भी बनाकर रख सकते हो.

में.,-- में अभी किसी के साथ बांधकर नहीं रहना चाहता .

दीदी,-- तो उसे भी हम दोनों की तरह रंडी समझकर रख लेना और जब मूड हो छोड़ लेना .

में.,-- हम्म.

दीदी,-- रोहित , तुम्हे मम्मी एक बात बताना चाहती ह जो तुम्हे शायद कोई और बताएगा तो तुम्हे बुरा लगेगा .

में ,-- बता सोभा .

मम्मी,-- रोहित बात ये ह की समीर को मेने वादा किया था की वो सोना को पार्टी से पहले एक प्रॉमिस किया था .

में.,-- क्या .

मम्मी,-- समीर हम दोनों को अपने बॉस की पार्टी में नुदे डांस के लिए बोलै ह .

में.,-- कितने लोग होंगे पार्टी में .

मम्मी ,-- दस बारह लोग तो होंगे hi .

में.,-- तो इसमें बुरा लगने की क्या बात ह .

मम्मी,-- हम दोनों को चौबीस घंटे के लिया जाना hoga.uska बॉस हम दोनों को अपने फार्म पर अपने दोस्तों के साथ बर्थडे पर हमें गिफ्ट karega.jiska पता तुम्हे बाद में लगे तो तुम्हे बुरा लग सकता था ना .

में.,-- सोभा मुझे तुम दोनों की किसी बात का बुरा नहीं लगता और मेरी कोई हेल्प चाहिए तो बता देना. में हेल्प भी कर दूंगा .

मम्मी,-- थैंक्स रोहित , मेने सोना को बोलै था की रोहित को बता कर चलना चाहिए तो ये बोली की रोहित शायद बुरा मान जायेगा नहीं बता कर जाने से .

में.,-- एन्जॉय सोना , में तुम्हे खुश देखना चाहता हूँ .

दीदी,-- आज से हम तीनो के रूम में किसी बाहर वाले को सोच समझ कर ले जाना भाई.

में.,-- अच्छा क्यों .

Didi,--jaise तेरे रूम में पोर्न मैगजीन्स और पोर्न कद का स्टॉक ह वैसे hi मेरे रूम में मेरी नुदे फोटो लगी ह और मम्मी अपने रूम में ुसेड कंडोम और बहुत कुछ रखेगी इसलिए देख लेना.

में.,-- बेबी तुम दोनों इस सेक्स हाउस की पोर्न एक्ट्रेस हो और इस घर में कोई मर्द आएगा तो वो तुम दोनों में से किसी की छूट hi लेना आएगा.

दीदी मुस्करा कर,-- थैंक्स रोहित , चल हम दोनों को थोड़ी एक्सरसाइज करवा दे फिर .

दोनों उठकर कर मैट्रेस्स पर घोड़ी बन गयी और गांड को आगे पीछे करने लगी तो में उठकर उनके पीछे गया और टोलिया खोलकर उसे तीते बंधा और दोनों की गांड को देखकर लुंड मसलने लगा क्योंकि दोनों का पेण्ट टाइप का फुल चड्डी पूरी गांड से चिपकी हुयी थी और छूट का पूरा सापे क्लियर दिख रहा था तो दीदी बोली,-- रोहित सही कर रही ह ना दोनों .

में दीदी के पास जाकर उनकी गांड को पकड़ा और बोलै,-- सोना गांड को थोड़ा और पीछे तक लेकर जाओ .

दीदी अपनी गांड को पूरी पीछे कर दी तो मेने कहा,-- सोना ऐसे कुछ सेकंड गांड को पूरी निकलने के बाद रोकना ह .

मेने दीदी की गांड को पकड़ा और उनकी उभरी हुयी छूट पर हाथ फिराया तो दीदी हलके से सिसकी तो में दीदी की पीठ के पास आकर दीदी के बोबो को निचे हाथ लगाया और बोलै ,-- सोना अपनी छाती को ऊपर उठाकर रखो .

दीदी ने अपनी छाती को सीधा किया तो में उनके बूब्स को अच्छे से फील करके बोलै,-- हाँ ऐसे hi रहनी चाहिए छाती और ये एक्सरसाइज करते समय ब्रा पूरी लूसे पहननी चाहिए ऊपर साइज क्योंकि बूब्स को फ्रीडम चाहिए.

में फिर दीदी की गांड के पास गया और उनकी गांड को पकड़कर लुंड उनकी छूट से लगाकर मसल कर बोलै,-- ऐसे hi करना ह .

फिर में मम्मी के पास गया तो मम्मी भी वैसे hi गांड आगे पीछे कर रही थी तो मेने उनकी गांड को पकड़ कर पूरा पीछे खिंचा और बोलै ,-- सोभा ऐसे पूरी पीछे तक आणि चाहिए तेरी ये मोती गांड .

मम्मी ,-- हम्म,

मम्मी ने फिर गांड हिलायी तो मेने कहा ,-- सोभा जब गांड पूरी पीछे करो तो कुछ सेकंड रुकना ह बेबी .तभी तो गांड और पीछे की तरफ निकल कर सेक्सी लगेगी .

मम्मी ने अगली बार गांड पीछे की तो में उनकी मोती गांड पर हाथ फिराया और उनकी उभरी हुयी भोसड़ी को हाथ फिरकर देखा तो मुझे उनकी चड्डी में गीलापन महसूस हुआ और में समझ गया की साली हीट में ह तो मेने अपना लुंड टोलिया से उनकी छूट पर घिसा और फिर साइड में आकर उनकी मोती चुकी को निचे से हाथ लगाकर छाती को ऊपर उठाया और बोलै,-- सोभा जब गांड पूरी पीछे निकले तब छाती तानी हुयी होनी चाहिए ऐसे .

मेरा लुंड बेकाबू हो रहा था पर में मम्मी की एक्सरसाइज को डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था इसलिए मेने उनकी स्पोर्ट्स ब्रा को बूब्स से ऊपर खिंच कर बोबे नंगे कर दिए और निप्पल मसलकर बोलै .

में.,-- सोभा तुम्हे तो काम से काम एक्सरसाइज के समय ब्रा बिलकुल नहीं पहन नई चाहिए .

मम्मी,-- क्यों , रोहित .

में.,-- तेरे बोबे ढीले ह सोना से और खुले बोबे रख कर एक्सरसाइज करोगी तो इनमे खिंचाव आएगा जो ब्रा की वजह से नहीं आ पता क्योंकि बोबों की नशे ब्रा की वजह से एक्टिव नहीं हो पति .

मम्मी हलके से सिसक कर,-- कल से नहीं पहनूंगी .

में.,-- अब घर में हम तीनों के आलावा ह hi कोण जिस से तुमको शर्म आएगी बेबी .

में मम्मी की निपल को कुछ देर छेड़ कर वापस दीदी के पीछे आया तो दीदी की चड्डी पर छूट का पानी लग कर गीली हो चुकी थी तो में समझ गया की दोनों पूरी हीट में ह इसलिए दोनों के मुंह के सामने कुर्सी रखा और सिगरेट सुलगाकर लुंड को टोलिया से बाहर करके बोलै.

में.,-- सोभा , सोना तुम दोनों मेरे लुंड को देखो और गांड को आगे पीछे करते हुए महसूस करो की तुम्हारी छूट में किसी का लुंड घुसा हुआ ह और तुम दोनों चुद रही हो .

मेरे बात सुनकर दोनों के चेहरे लाल हो गए और आँखों में छुडासी दिखने लगी और दोनों अपनी गांड को भींचने लगी तो मेने कहा.

में.,-- तुम दोनों को बड़ी चुड़काड रांड बन ने के लिए ये एक्सरसाइज बहुत जरुरी ह तभी तुमने कितने भी आदमी तुम्हे घोड़ी बनाकर पेलेंगे तो तुम्हे थकान नहीं होगी .अपनी आँखे बंद करके अपने यार को याद करो जिस से छोड़ने पर तुम दोनों को सबसे ज्यादा मज़ा आता ह.

दोनों ने मेरी बात सुनी तो दोनों ने आँखे बंद कर ली और कुछ देर में दोनों के बदन कम्पनी लगे और एक्सरसाइज छोड़ दी तो में समझ गया की दोनों झाड़ चुकी ह और फिर मेने लुंड को टोलिया में दाल लिया और स्विमिंग पूल में खड़ा होकर लुंड को अच्छे से साफ़ करने लगा.

मम्मी और दीदी कड़ी हुयी और दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कराई तो मुझे दोनों की चड्डी पूरी छूट रास से भीगी हुयी दिखी तो दोनों नंगी होकर नहाने आ गयी .

दीदी और मम्मी ने मेरे दोनों गाल चूमे और दीदी बोली,-- मज़ा आ गया रोहित सुबह सुबह hi . थैंक्स रोहित

में.,-- यार थैंक्स मत बोलो, मुझे तुम दोनों को खुश देखकर अच्छा लगता ह .

दीदी मेरे होंठ चूमकर, -- मेरा सोना भाई .

मम्मी मुस्करा कर रही थी तो मेने कहा ,-- सोना आज सोभा को इंजेक्शन लगाना पड़ेगा .

दीदी,-- क्यों .

में.,-- डॉक्टर ने कहा था टेबलेट का असर ज्यादा देर नहीं रहता और इंजेक्शन का असर दो दिन तक रहता ह.

दीदी,-- तो इसको लेकर जाओगे .

में.,-- नहीं डॉक्टर यही आ जाएगी.

दीदी मुस्करा कर,-- मुझे भी लगवाना ह वो इंजेक्शन.

में.,-- ठीक में में डॉक्टर को बोल दूंगा

दीदी,-- में तुम्हारे लिए हेल्दी खाने का इंतजाम करती हूँ तुम उसे नास्ते के बाद बुला लेना .

फिर मम्मी और दीदी टोलिया लपेट कर चली गयी.

तो बे कॉन्टिनोएड
 
मेने नहाकर निर्मला को फ़ोन किया और उसे पूरी बात बताई तो निर्मला बोली.

निर्मला,-- सोनाक्षी की भी बच्चेदानी का मुंह खोलने का इंजेक्शन लगाना ह क्या .

में.,-- नहीं , उसको सिर्फ छूट और चुकी में जबरदस्त खुजली वाला इंजेक्शन देना ह .

निर्मला,-- और सोभा को .

में.,-- उसे सब तर्ज के इंजेक्शन लगाने ह जिस से वो लुंड के लिए पागल रहे और दिन रात मेरा लुंड लिए पड़ी रहे .

निर्मला मुस्करा कर,-- दस बजे आउंगी .

में.,-- ठीक ह .

मेने फ़ोन कटा और निचे आकर बरमूडा पहन कर दीदी के रूम में आया तो दीदी किसी से फ़ोन पर बात कर रही थी .उन्होंने एक गेट्स बनियान टाइप पहनी हुयी थी और निचे स्कर्ट पहन रखा था .

दीदी फ़ोन पर बात करते हुए अपनी बनियान से निप्पल मसल रही थी और मुझे देखकर वो मुस्करा कर फ़ोन पर बोली,-- में बाद में बात करती हूँ , रोहित आ गया.

दीदी ने फ़ोन कटा तो में बोलै, -- कोण था दीदी.

दीदी,-- फ़ोन काटने से तुझे समझ में नहीं आया की जो भी ह उस से में तेरे सामने बात नहीं की .

में.,-- असलम जीजू थे क्या .

दीदी,-- नहीं , उनके सामने मुझे तेरे से बात करने में क्या शर्म .

में.,-- फिर .

दीदी,-- तुम अभी कुछ दिन मम्मी के साथ एन्जॉय करो और फालतू का दिमाग लगाना छोड़ दो . में तुमसे बड़ी हु समझे .

में.,-- ok डार्लिंग , मुझे जल्दी से नास्ता दो क्योंकि तुम दोनों की एक्सरसाइज देखकर मेरा लोढ़ा पूरा आउट ऑफ़ कण्ट्रोल ह .

दीदी,-- चल तेरा नास्ता रेडी हो चूका होगा.

में दीदी की बात सुनकर सोचा की मम्मी नास्ता बना रही होगी पर निचे किचन में पहुंचा तो कोई नहीं था तो दीदी ने मुझे मम्मी के पास वाले रूम में जाने को कहा तो उसमे मम्मी पलंग पर टांग पसरे सो रही थी . मम्मी भी दीदी की तरह बनियान पहने थी और निचे गाउन पहने थी .

मुझे रूम में आते देखकर मम्मी बोली,-- रोहित वहीँ रुक , सोना आती होगी तेरे लिए नास्ता लेकर .

में कुर्सी पर बैठकर दीदी का इन्तजार करने लगा तो कुछ देर में दीदी हाथ में एक बड़ा सा गिलास दूध का लेकर आयी और दूध का गिलास रखकर बोली,-- रोहित पहले केला खा ले फिर दूध पि लेना.

में ,-- पर केला कहाँ ह .

मेरी बात सुनकर मम्मी और दीदी जोर से हंसी और फिर दीदी बोली,-- केले के साथ क्रीम लगाई हुयी ह ये देख .

दीदी ने अपना स्कर्ट ऊपर किया तो मुझे उनकी छूट में केला घुसा हुआ दिखा तो में दीदी को पकड़ लिया तो दीदी बोली.

दीदी,-- रुक क्या कर रहा ह .

में,-- आप hi ने बोलै केला खा ले तो आपको पकड़ कर hi खाऊंगा ना.

दीदी,-- पहले केले पर क्रीम तो लगने दे .

में.,-- वो कैसे लगेगी .

दीदी अपनी बनिया को साइड में करके अपना एक बाबा मुझे दिखते हुए, -- इसे पिने से क्रीम केले पर लग जाएगी .

में मुस्करा कर दीदी के पूर्ण विकसित बोबे को हाथ से पकड़ा और उनकी निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगा तो दीदी सिसकने लगी और एक मिनट भी नहीं हुआ की दीदी बोली,-- रुक जा लग रही ह क्रीम .

दीदी आंखे बंद करके कम्पनी लगी और कुछ देर में बोली,-- निचे पढ़कर मुंह से सीधे खा ली अब .

में दीदी के पैरों में बैठा और उनकी स्कर्ट उठकर उनकी छूट से मुंह लगाया तो केला धीरे धीरे बाहर आने लगा और उसे खाने लगा तो कुछ देर में केला ख़त्म हो गया और फिर दीदी को छूट का पानी मेने चाट लिया तो दीदी मेरे सर पर हाथ फिरकर बोली

दीदी, -- कैसा लगा केला .

में.,-- वावो यार बहुत स्वादिस्ट था .

दीदी,-- ले अब दूध पि ले सुबह सुबह दूध केला और जवान लड़की की क्रीम से तुझे बहुत ताकत आएगी .

में खड़ा होकर दूध पिया और दीदी को किश किया तो दीदी बोली

दीदी ,--- चल अब थोड़े से अंगूर खा ले .

में.,-- चलो

में बाहर आने लगा तो दीदी ने कहा ,-- अरे बाहर कहाँ अंगूर उधर सोभा की भोसड़ी में टेस्ट चेंज करने के लिए डेल हुए ह .

दीदी के बोलते hi मम्मी मुस्करा कर अपना स्कर्ट ऊपर की और मुझे अपनी भोसड़ी को दिखाया जिसका मुंह खुला हुआ था और उसमे अंगूर दिख रहे थे.

दीदी,-- तूने अंगूर से बानी हुयी दारू पीई ह आज अंगूर को सोभा की छूट से खा जो दारू से भी ज्यादा नशीले हो गए होंगे सोभा की छूट में फ्राई होकर.

में तुरंत मम्मी के पैरों के बिच घुसा तो मम्मी बोली , -- खा ले रोहित , मेने तेरे लिए इन्हे एक घंटे से अपनी छूट में रखा हुआ ह .

दीदी,-- सोभा अब तक ये पुरे नशीले हो चुके होंगे और रोहित के बदन में ताजगी भर देंगे .

मम्मी,-- हम्म, ये ताकतवर रहेगा तभी तो हम दोनों को खूब मस्ती करवाएगा.

में.,-- थैंक्स मम्मी , मेने एक सेक्स स्टोरी में पढ़ा था ये .

दीदी,-- थैंक्स मुझे नहीं सोना को बोल .उसी का आईडिया था ये .

में.,-- थैंक्स सोना .

में मम्मी की छूट पर झुका और जीभ से मम्मी की छूट के होंठ में फसा हुआ अंगूर निकल कर खा गया तो मम्मी की छूट से अपने आप अंगूर निकलने लगे जिन्हे में खता गया और मम्मी सिसकते हुए अपनी आँखे बंद कर ली .

मम्मी ने अपनी भोसड़ी में पंद्रह से ज्यादा अंगूर घुसा रखे थे जिन्हे में पूरा खा गया तो मुझे फिर मम्मी की छूट से अंगूर का रास पिने को मिला जो शायद अंगूर अंदर फूटने से रहा होगा और फिर अंगूरों के छिलके निकले तो में खाकर बोलै.

में.,-- वह , सोभा आज तो नास्ता करके मज़ा आ गया .

मम्मी,-- थैंक्स रोहित , तुम हम दोनों का इतना ख्याल रखता ह तो हमें भी रखना पड़ेगा .

दीदी,-- रोहित अब पहला राउंड शुरू कर , तेरे लुंड में दो रात से पानी जमा हो गया होगा वो दाल दे सोभा की छूट में छोड़कर.

मेने अपना बरमूडा खोलकर फेंक दिया तो दीदी मेरे पास आकर मेरे लुंड को पकड़ ली और बोली,-- आज तेरा लुंड कुछ ज्यादा hi बड़ा लग रहा ह .

में.,-- डॉक्टर बोलै था ये कुछ दिन में एक इंच तक बढ़ जायेगा .

दीदी मुस्करा कर,-- तभी आज कुछ बड़ा लग रहा ह .

में.,-- अब छोड़ लुंड सुबह से पूरा गरम ह .

दीदी,-- ला में इसे सोभा की छूट पर सेट कर देती हूँ.

में थोड़ा आगे खिसक गया तो दीदी ने मेरे लुंड का टोपा मम्मी की छूट के होंठ पर रखा तो मम्मी हम दोनों के सर पर एक एक हाथ फेरकर बोली,-- जग जग जिए मेरे बच्चे , मेरा कितना ख्याल रखते ह .

दीदी,-- अब तुम भी अपने बच्चो को खुश कर दो और जल्दी से खुशखबरी सुना दो .

में.,-- सोना तूने सोभा का यूरिन टेस्ट किया था की नहीं .

दीदी,-- हम्म तीन बार कर चुकी अभी तक नेगेटिव hi रिपोर्ट आयी ह .

में.,-- आज देखना मेरा माल गधा हो गया होगा दो दिन में .

मम्मी,-- अब दाल दे न अपना लोढ़ा मेरी छूट में .

में.,-- ये ले रानी .

मेने मम्मी की छूट में लुंड का प्रहार किया तो मम्मी हलके से चीखी तो मम्मी बोली

मम्मी,-- आह... तेरा लुंड बहुत सॉलिड ह जो मेरे जैसी खेली खाई औरत की भी चीख निकलवा देता ह . नयी लड़की तो बेहोश हो जाएगी पहली बार में .

में.,-- लुंड से कोई नहीं मरती बेबी, रुखसार और मुस्कान आराम से इसे ले ली थी .

Mummy,--aa..... बहुत जल्द तेरे लिए एक नयी सील पैक छूट आने वाली ह .

में.,-- मुझे तो उस दिन का इन्तजार ह जब तेरी बेटी सोना को तेरे सामने छोडूंगा और ये तुझे बोलेगी की मम्मी आपके बेटे ने मेरी कोख भर दी .

दीदी मुस्करा कर अपना बाबा जो बनियान से बाहर था उसे पकड़कर मेरे मुंह में देते हुए बोली,-- ले मेरा बाबा पि और छोड़ अपनी मम्मी को .

में दीदी को चुकी को पिटे हुए मम्मी को छोड़ने लगा तो मम्मी सिसक कर बोली.

मम्मी,-- आह.... सोना रंडी इस सांड को तू ज्यादा मत उकसा ये मेरी छूट फाड़ देगा.

मम्मी ये बोल कर मेरे लुंड को चिकना कर दी अपनी छूट के पानी से तो में हुमच हुमच कर मम्मी की भोसड़ी छोड़ने लगा तो मम्मी की भोसड़ी से फच फच की आवाज आने लगी और मेने दस मिनट तक मम्मी को जैम कर छोड़ कर मम्मी के ऊपर गिलर गया तो दीदी बोली.

दीदी,-- सोभा , तेरी छूट में रोहित अपना बीज भर रहा ह इसलिए दस मिनट तक उठना नहीं फिर बाहर आ जाना में नास्ता लगाती हूँ .

दीदी चली गयी तो में सर को ऊपर करके मम्मी की आँखों में देखा और उनके गुलाबी होंठ चूमकर बोलै,-- लव ु मम्मी.

मम्मी,-- रोहित अब तो मुझे मम्मी मत बोल .

में.,-- बेबी , मम्मी तो तुम hi रहेगी क्योंकि तूने मुझे पैदा किया ह .

मम्मी मेरे होंठ चूमकर,-- हाँ , लेकिन आज तू उसी छूट को छोड़ रहा ह जिस से मेने तुझे पैदा किया ह .

में.,-- सोभा ,साली तू कितनी चुदकड़ ह जो अपने पति को मरे अभी एक महीना भी नहीं हुआ और तू अपने यार का बच्चा पैदा करवाने में लगी ह.

मम्मी,-- कोनसा पति , जिसने मुझे भरी जवानी में तड़पने को छोड़ दिया .

में.,-- तू कोनसा रुक गयी थी साली , तूने बॉयफ्रेंड बनाकर उसका बच्चा पैदा कर लिया.

मम्मी,-- उसी ने मुझे थोड़ा सा सुख दिया और तेरे जैसे छोड़ू बेटे का बीज डाला जो आज मेरा कसम बनकर मेरा बाबा पि रहा ह .

में.,-- में कितना लकी हूँ सोभा, जो तेरे बोबे को जवान होकर भी पि रहा हूँ .

मम्मी,-- बीटा लकी तो में हूँ जो तुम मेरे बेटे के साथ पति की कमी भी पूरी कर रहा h.jitna मज़ा मुझे मेरे पति के साथ नहीं उतना तुम दे रहे हो . लव ु मेरे साजन जी .

में.,-- लव ु बीबी जी .

तभी पीछे से दीदी की आवाज आयी ,-- ोये लैला मजनू, चली पहले नास्ता कर लो फिर आराम से प्यार कर लेना .

में.,-- चुप साली रंडी, मुझे मेरी सोभा से प्यार करने दे .

दीदी,-- सेल मादरचोद, तुझे में मन कर रही हूँ क्या . पहले नास्ता कर ले.

में.,-- चुप साली , रुझे हम दोनों हस्बैंड वाइफ का प्यार देखकर खुजली हो रही ह.

दीदी मेरी गांड पर सपाट मारकर,-- सेल मादरचोद, मुझे पता नहीं क्या तू कोनसा प्यार कर रहा ह .

में.,-- कोनसा प्यार कर रहा हूँ सोभा तुझे में.

मम्मी,-- स्वामी ,आप मुझे पति की तरह प्यार कर रहे ह.

में.,-- सुन ली न मेरी बीबी की बात.

दीदी,-- सेल तूने पता नहीं कितनी लड़कियों और औरतों को बीबी बनाया ह और तू सोभा को रंडी समझकर प्यार कर रहा ह .

में.,-- रुक साली तुझे भी फिर रंडी की तरह प्यार करता हूँ.

में उठने लगा तो दीदी भाग गयी तो मेने मम्मी को एक बार फिर से चूमा और खड़ा होकर बरमूडा पहनकर बाहर आया.

तो बे कॉन्टिनोएड
 
में बाहर आया तो दीदी बाहर नहीं दिखी तो में किचन में आया और दीदी को पीछे से उनके बूब्स को पकड़ कर भींच लिया तो दीदी जोर से चिल्लाई

में.,-- अब बोल रंडी साली.

दीदी,-- aa....kutte क्या कर रहा ह. छोड़ मेरे बूब्स.

में.,-- कुछ नहीं साली रंडी तेरे बोबे भींच रहा हूँ.

दीदी ,--आ..... छोड़ मेरे बोबे .

में.,-- साली रंडी, परसो तेरे बोबे चार चार लोग पकडे थे और चरों मसल मसल कर लाल कर दिए थे. आज में तुझे रंडी समझकर पकडे हुए हूँ.

दीदी,-- छोड़ में तेरी बहन हूँ.

में बूब्स छोड़कर दीदी के पास खड़ा हो गया और बोलै ,-- अभी तो तू मुझे बोल रही थी की में मम्मी को रंडी समझकर छोड़ रहा हूँ तो तू फिर बहन कैसे हुयी .

दीदी,-- में तो मज़े लेने के लिए बोल रही थी मम्मी के .

में.,-- तो मेने भी तेरे बोबे मज़े लेने के लिए hi पकडे थे.

दीदी,-- भाई , तुझे तो पता ह की में रंडी से काम नहीं हूँ.

में.,-- वो तो साली तू पूरी ह. पर मम्मी को भी रंडी वाला प्यार hi चाहिए.

दीदी,-- मुझे पता ह . मुझे भी कर लेना और तेरी मर्जी हो वैसे करना बस कुछ दिन रुक जा.

में.,-- पर मुझे क्या पता तू किसके लिए बोल रही थी . में तो यही समझा की में मम्मी के साथ जबरदस्ती कर रहा हूँ .

दीदी,-- तू किसी के साथ जबरदस्ती तो क्या किसी के कहने पर भी नहीं कर सकता .

में.,-- चाहे वो सेक्सी माल hi क्यों ना हो तेरे जैसी.

दीदी,-- हम्म्म, तुझे समीर ने मुझे ऑफर किया था छोड़ने के लिए. पर तूने उसे मना कर दिया था और इस से बड़ा प्रूफ मुझे नहीं चाहिए.

में.,-- अगर में तुम्हे छोड़ने के लिए हाँ बोल देता तो तुम छुड़वा लेती.

दीदी,-- छुड़वा लेती लेकिन वो मेरी नजर में फिर ब्लैकमेल से ज्यादा कुछ नहीं होता और मेरी नजर में तेरी वो इमेज नहीं रहती जो अभी ह.

में थोड़ा भावुक होकर,-- दीदी में तुम्हे और मम्मी दोनों को खुश देखना चाहता हूँ और मेने ना तू तुमसे कभी जबरदस्ती की और ना हो मम्मी को मैंने अपनी मर्जी से छोड़ा ह . मम्मी खुद मेरे पास आयी थी और मुझे एक बार भी इंकार कर देती तो में छोड़ना तो क्या उन्हें हाथ भी नहीं लगता .

मेने झूठमूठ के अपनी आँखे रोने जैसी बनायीं तो दीदी ने मेरे चेहरे को पकड़ा और मेरे होंठों को कुछ देर तक चूमकर बोली

दीदी, -- अब तू मुझे भी रुलाएगा क्या पगले, एक तू hi तो ह जो मुझसे पहले मम्मी को अच्छी तरह से समझ पाया ह और तेरे शिवाय हम दोनों का ह hi कोण . सच तो ये ह की मम्मी तेरे पास जब दिल्ली रहने आयी उसके बाद hi अपनी जिंदगी जी पायी थी.

में.,-- दीदी मेने कभी भी मम्मी के साथ जबरदस्ती नहीं की . बस उन्हें ओपन करने के लिए जलील जरूर किया था.

दीदी,-- वो जरुरी था रोहित . तभी उसके अंदर की मम्मी मर गयी और सोभा रंडी उनके मन में बेथ गयी.

में.,-- तुम्हे पता ह मेने मम्मी के साथ क्या क्या किया था.

दीदी,-- मुझे मम्मी ने सब कुछ बता दिया था और मम्मी ये भी बोली की रोहित मुझे जलील नहीं करता तो में अपनी जिंदगी का मज़ा नहीं ले पति कभी.

में.,-- सॉरी दीदी, वो मेरी मज़बूरी थी .

दीदी,-- पगले सॉरी मत बोल, मम्मी ने उस पल को बहुत एन्जॉय किया था और में तो तेरी अहसानमंद हूँ की तू मम्मी को डैड वाला प्यार भी दे रहा ह .

में.,-- दीदी में मम्मी और तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम दोनों से में अपने प्यार की निशानी चाहता हूँ जो अगर तुम नहीं चाहो तो कोई बात नहीं.

दीदी,-- चुप सेल , हम दोनों भी तुझे काम प्यार नहीं करते और दोनों तुम्हे अपने प्यार की निशानी पैदा करने का अवसर नहीं दिया तो फिर तुझे प्यार करने का हम कैसे प्रूफ करेंगे.

में.,-- दीदी तुम मेरी तरफ से अब भी फ्री हो .

सोनाक्षी दीदी,-- तू अब पीटने का काम कर रहा ह रोहित .

में.,-- सॉरी दीदी .

दीदी ने मेरा चेहरा पकड़ा और मेरे होंठो को चूमने लगी तो हाथ से मेरा लुंड पकड़ कर बोली,-- ले ये पकड़.

दीदी ने अपना बाबा मेरे हाथ में दे दिया और बोली,-- रोहित में भी तुझसे छोड़ने को बेकरार हूँ .बस मेरा एक एडवेंचर पूरा हो जाने दे .

में.,-- दीदी जब आप की इच्छा हो मुझे बता देना .

दीदी,-- हाँ भाई . अभी तो तू मम्मी को प्यार कर .

में.,-- कोनसा रंडी वाला .

दीदी मुस्करा कर,-- तेरा किसी भी रूप में हमें प्यार कबूल ह भाई और आगे से ऐसे भावुक होने की जरुरत नहीं ह क्योंकि अब तू सिर्फ मेरा भाई hi नहीं ह .

में.,-- तो भाई के आलावा और क्या हूँ.

दीदी मेरी आँखों में देखकर,-- तू मेरा दोस्त ह , लवर ह जो मेरे बदन से छेड़ छड़ कर सकता ह , मेरी मम्मी का प्रेमी ह और मेरा बाप भी ह जो मेरी मम्मी से सम्भोग करता ह .

में.,-- सोना में तेरे मुंह से एक बार पापा सुन न चाहता हूँ.

दीदी मुस्करा कर,-- पापा , मेरे अच्छे पापा.

में.,-- थैंक्स बेटी , में तुझे बेटी , भाई , लवर और दोस्त हर रूप में प्यार करूँगा .

दीदी मुस्करा कर,-- थैंक्स पापा .

तभी मम्मी पीछे से बोली,-- रोहित तुझे पैदा करके मेने जीवन का सबसे अच्छा काम किया ह बेटे

में चौंक कर,-- मम्मी आप .

मम्मी,-- में तुम दोनों की साडी बाते सुन ली बीटा , मुझे तू मम्मी मत बोलै कर जब हम तीनो हो .

में.,-- तो क्या बोलू फिर .

मम्मी,-- मुझे तुझसे अब बेटे वाला प्यार नहीं चाहिए बल्कि दोस्त , प्रेमी या फिर हस्बैंड वाला प्यार चाहिए बीटा .

दीदी,-- सोभा अब तू शुरू मत हो साली , हम तीनो को हर तरह के रिश्ते में खुश रहना ह और बाहर चल में नास्ता लेकर आ रही हूँ.

में.,-- दीदी ऐसे कोई बात करता ह क्या मम्मी से .

दीदी,-- ोये जोरू के Gulam,madarchod. ये बेलन देख रहा ह ना , दोनों मिया बीबी की इस से गांड मरने लगी तो सारा इसक का भूत उतर जायेगा .

दीदी ने बेलन उठाया तो हम दोनों खिलखिलाकर बाहर आकर बेथ गए .

मम्मी मेरे से चिपक कर बैठी थी तो मेने उनके होंठ चूमकर बोलै,-- लव ु सोभा .

मम्मी,-- लव ु रोहित .मुझे तेरे साथ रहकर अब किसी चीज की कमी नहीं ह.

में.,-- तुझे में ज्यादा से ज्यादा खुश रखने की कोशिश करूँगा सोभा.

मम्मी मेरे होंठ चूमने लगी तभी दीदी नास्ता लेकर आ गयी और बोली.

Didi,--sali सोभा तू कितनी बड़ी छुडासी ह जो मेरे भाई को चूसने में लगी रहती ह .

मम्मी लज्जा कर मुझसे अलग हुयी तो हमने भरपेट नास्ता किया और सिगरेट पिने लगे . में मम्मी को फिर से चूमने को हुआ तभी दुर्बल बजी तो दीदी उठकर गेट खोलने चली गयी .उसने गेट खोल कर देखा तो डॉक्टर निर्मला आ गयी थी .मेने घडी देखि तो साढ़े दस बजने वाले थे.

दीदी उन्हें नमस्ते करके अंदर लेकर आयी तो मेने भी दोनों को दिखने के लिए नमस्ते किया और चुपके से निर्मला को आँख मरी. दीदी उनके लिया पानी लेने किचन में चली गयी तो निर्मला बोली.

निर्मला,-- कैसी ह सोभा .

मम्मी मुस्करा कर,-- जी अच्छी हूँ.

निर्मला,-- कुछ आया रिपोर्ट में .

मम्मी,-- नहीं .

निर्मला,-- रोहित तुझे छोड़ता तो अच्छे से ह ना .

मम्मी,-- जी डॉक्टर, रोहित जी मुझे दो तीन बार झड़वाकर hi झड़ते ह.

निर्मला,-- तू कोशिश किया कर की रोहित के साथ hi झड़े .

Mummy,--par ये मुझे तीन बार झाड़ा देते ह डॉक्टर.

निर्मला,-- इसका स्टैमिना अच्छा ह इसलिए लेकिन ध्यान रखा कर जब ये झड़ने लगे उस समय तू भी झड़े.

मम्मी,-- जी डॉक्टर.

तभी दीदी पानी लेकर आ गयी तो निर्मला ने कहा ,-- चलो जल्दी करो मुझे क्लिनिक जाना ह .बताओ क्या करना ह .

निर्मला पूरी प्रोफेशनल तरीके से बात कर रही थी तो मेने दीदी और मम्मी को बैठे रहने का इशारा किया और निर्मला को रूम में आने को कहा तो निर्मला मेरे साथ रूम में आ गयी तो मेने गेट बंद करके उसकी छूट को साड़ी से मुठी में पकड़कर कहा.

में.,-- साली रंडी कितना भाव खा रही ह .

निर्मला मुस्करा कर मेरे लुंड को पकड़ ली और बोली,-- वो तो में तेरी माँ बहन को दिखा रही थी यार, तेरी तो में रंडी हूँ.

में.,-- चल साड़ी ऊपर कर मुझे तेरी छूट को चूमना ह .

निर्मला ने अपनी साड़ी ऊपर की तो मुझे उसकी पेंटी लेस्स छूट दिखी जिसे मेने बैठकर चूमा तो वो सिसक कर बोली,-- aa...rohit मत गरम करो .

में उसकी बात को अनसुनी करके अपनी जीभ उसकी छूट में दाल दी और प्रीकम चाट कर छोड़ दिया और बोलै,-- छोड़ना ह

निर्मला,-- मुझे पहले बताना चाहिए था ना . में क्लिनिक पर आधे घंटे को बोल कर आयी हूँ .

में.,-- कोई बात नहीं , मेरे पास ह रंडी छोड़ने को .

निर्मला मुस्करा कर,-- तुम अपनी मम्मी को भी रंडी हो बोलते हो .

में.,-- तो और क्या ह जो औरत अपने पति के मरने के कुछ दिन बाद hi मेरे आलावा कई लोडे खा ले वो रंडी hi होती ह .

निर्मला,-- तूने मुझे गरम कर दिया .

में.,-- तभी तो मज़ा आएगा .

निर्मला,-- कैसे .

में.,-- तुझे आज सोनाक्षी को भी गुदगुदी वाले इंजेक्शन लगाने ह .

निर्मला मुस्करा कर,-- ठीक ह .

में.,-- दोनों से आज पूरी अश्लील बातें करना और सोभा को पूरी हीट में ले आना .तेरे जाते hi साली पर चढ़ूंगा.

निर्मला,-- तो दिखा दूँ अपना रंडी पाना.

में.,-- फुल .

निर्मला,-- चल तू भी क्या याद रखेगा की मेडिकल स्टूडेंट कितने ओपन होते ह .

में.,-- सोभा का तो तुझे पता ह सोना को खुद बोलने देना उसे क्या क्या लगवाना ह .

निर्मला, -- तू चल तो सही साली को कैसे ओपन करती हूँ.

तो बे कॉन्टिनोएड
 
मेने गेट खोला और मम्मी को भीतर आने को कहा तो मम्मी के साथ दीदी भी अंदर आ गयी तो निर्मला बोली,-- इसका कोई काम नहीं ह .

में.,-- डॉक्टर ये मेरी वाइफ की छोटी बहन ह ये hi सोभा को दवा वगैरह टाइम पर देती ह.

निर्मला,-- सोभा तुम अपनी जवान बहन को हर समय साथ रखती हो कही रोहित इसके साथ लग गया तो.

मम्मी,-- में इस मामले में पूरी ओपन माइंडेड हूँ और में hi नहीं मेरा पूरा परिवार hi ऐसा ह और रोहित इसके साथ मेरे सामने hi कर लेता ह .

निर्मला,-- क्या कर लेता ह.

मम्मी,-- वही जो मेरे साथ करता ह .

निर्मला,-- तो तुम्हे आपत्ति नहीं ह .

मम्मी,-- जवान मर्द को रोकने से रुक थोड़े hi जायेगा और फिर मुझे संतुस्ट करने के बाद कुछ भी करे मुझे क्या फर्क पड़ता ह.

निर्मला,-- तुम्हे वो पर्ची दी थी वो कहाँ ह .

दीदी ने पर्ची लेकर दी तो निर्मला पढ़ कर बोली ,-- तुम्हारे निप्पल, बोबे , गांड और छूट सब में कोई प्रॉब्लम नहीं ह और रोहित का स्पर्म भी ठीक था .तुम्हे ये दवा लेने से छोड़ने की इच्छा होती ह ना .

मम्मी,-- जी ,

निर्मला,-- कैसे .

मम्मी,-- जी , में समझी नहीं.

निर्मला,-- दवा के लेने के बाद बोबो में खुजली होती होगी , निप्पल तीते हो जाते होंगे और मन करता होगा इन्हे को कोई काट ले और छूट में मीठी मीठी खुजली होती होगी जिस से तुमने छूट में कुछ डालने की इच्छा होती होगी.

मम्मी,-- हम्म.

निर्मला,-- झड़ती कितनी देर में हो .

मम्मी शर्मा कर ,-- जी आठ दस मिनट में .

निर्मला,-- टाइम नहीं पूछ रही . तुम रोहित से पहले झड़ती हो या बाद में .

मम्मी, -- जी ये मुझे तीन बार झाड़ा देते ह तब ये झड़ते ह .

निर्मला,-- मेने तुम्हे छूट का पानी गधा होने की दवा दी थी उस से फायदा नहीं हुआ तो अब दूसरी दवा देनी पड़ेगी.

में.,-- डॉक्टर दवा की बजाय इंजेक्शन लगाइये जल्दी असर करेगा .

निर्मला,-- तुम डॉक्टर मत बनो मुझे hi रहने दो . सोभा तुम्हारे अंदर गर्मी की कमी ह और मुझे तुम्हारे सब सेक्स ऑर्गन्स में इंजेक्शन लगाने पड़ेंगे तभी रिजल्ट आएगा बस वो टेबलेट लेती रहना बच्चेदानी का मुंह खुलने वाली.

मम्मी,-- जी .

निर्मला,-- तुम छुड़वाते समय पूरी हीट में आती हो या नहीं .

मम्मी,-- कैसे ,डॉक्टर.

निर्मला,-- रोहित तुम सोभा को छोड़ने से पहले या तो पोर्न मूवी दिखा दिया करो या फिर इसकी बहन सोनाक्षी के साथ अश्लील छेड़छाड़ किया करो . इस से ये पूरी गरमा कर छुडवायेगी तो तुम्हे छोड़ने में मज़ा भी आएगा और इसके माँ बन ने का चांस ज्यादा बढ़ेगा.

में.,-- जी पोर्न तो में दिखा दूंगा पर अश्लील हरकत कैसे .

डॉक्टर निर्मला,-- तुम सोनाक्षी के होंठ चूमा करो इसके बोबे मसला करो सोभा के सामने और अगर तुमने छूट चाटने का शोक हो तो सोनाक्षी , तुम अपने जीजू को अपनी छूट दीदी के सामने चटवाने से सोभा पूरी मस्त में आ जाएगी.

दीदी ने निर्मला की बात सुनी तो लझने का नाटक किया और चुपके से अपनी छूट मसली जिसे देखकर निर्मला भी मुस्कराई.

निर्मला,-- सोभा , चल नंगी होकर लेट जाओ बिस्टेर पर.

मम्मी नंगी होकर बिस्टेर पर लेट गयी तो निर्मला ने पहले मम्मी की चुकी में इंजेक्शन लगाया जिसे दीदी गौर से देखि फिर मम्मी की निप्पल में इंजेक्शन लगाया तो मम्मी सिसकी और एक इंजेक्शन मम्मी की छूट में क्लीट पर लगा कर मम्मी को घोड़ी बन ने को बोली .

निर्मला,-- रोहित तुम सोभा की गांड मरते हो की नहीं .

में.,-- जी डॉक्टर .

निर्मला,-- जब गांड मारो तो उस से पहले इसकी गांड को चेतना और गांड मार कर जब झड़ने लगो तो वीर्य इसकी छूट में डालना फिर देखना ये गाभिन हो जाएगी क्योंकि तब तक इसकी भी छूट झड़ने लगेगी.

में.,-- जी डॉक्टर,

मम्मी घोड़ी बन गयी तो उसने मम्मी की गांड की रिंग में इंजेक्शन लगाया और कूल्हे में इंजेक्शन लगाया और फिर बोली ,-- हो गया सोभा , अब तुम रोहित के लुंड पर कूदो और इसके लुंड की एक भी बून्द वेस्ट मत करना सब छूट में डलवाना.

मम्मी बेथ कर ,-- जी .

निर्मला अपना बेग समेटकर,-- हो गया रोहित , तुम इसे दिन रात छोड़ो ये बहुत जल्द प्रेग्नेंट हो जाएगी .

तभी दीदी बोली,-- डॉक्टर मुझे आपसे कुछ पूछना ह .

निर्मला,-- बोलो .

दीदी ,-- सोभा दीदी आप बाहर जाओ .

मम्मी बहार चली गयी तो दीदी गेट बंद करके आयी और बोली,-- डॉक्टर मुझे भी वो इंजेक्शन लगाने ह .

निर्मला मुस्करा कर,-- कोनसे .

दीदी,-- वही जो अभी आपने लगाए ह दीदी को .

निर्मला,-- पर तुम अभी कुंवारी हो और वो इंजेक्शन लगने के बाद तुम्हे परेशानी होगी .

दीदी,-- मुझे सब इंजेक्शन नहीं लगवाने डॉक्टर.

निर्मला मुस्करा कर,-- फिर .

मुझे सिर्फ बूब्स और छूट में खुजली वाला इंजेक्शन लगवाना ह .

निर्मला,-- फॉर इन्हे मैलेगा कोण.

दीदी मुस्करा कर,-- रोहित जी ह ना.

निर्मला, --, क्या?? ये तो तुम्हारी दीदी के पति ह .

में.,-- डॉक्टर असल बात ये ह की सोभा से ज्यादा में सोनाक्षी को छोड़ता हूँ और मुझे सोभा में इतना इंट्रेस्ट नहीं ह वो तो उसका पति नहीं ह इसलिए मुफ्त में मिली हुयी ह मेरी असली सेटिंग तो सोनाक्षी ह जो सोभा को भी मेरे साथ लिवइन में रखे हुए ह .

निर्मला,-- पर फिर उसका बच्चा .

में.,-- वो उसे चाहिए ताकि आगे उसके काम आये वार्ना किसके सहारे जियेगी और बच्चा होते hi वो चली जाएगी . मेरी असली बीबी तो सोनाक्षी hi रहेगी .

निर्मला, -- बाप रे घोर कलयुग आ गया ह .लोग क्या क्या कर रहे h.tum अपनी गर्लफ्रेंड की दीदी को hi प्रेग्नेंट करने में लगे हो. खैर मुझे क्या.

में.,-- डॉक्टर ऐसी बोल्ड लड़की मुझे छोड़ने को मिली ह तो मुझे क्या दिक्कत ह सोभा भी पूरी मस्त औरत ह .

निर्मला,-- तो तुम्हे सिर्फ वही इंजेक्शन लगवाना ह .

में.,-- आप hi बताइये ठीक रहेगा की नहीं.

निर्मला,-- जब लगवाना ह तो छूट में लिक्विडिटी वाला भी लगवा लो फिर.

में.,-- उस से ज्यादा परेशानी तो नहीं होगी .

निर्मला मुस्करा कर, -- वैसे कुछ नहीं ह बस दिन में एक बार छुड़वाना पड़ेगा या फिर छूट में कुछ घुसना पड़ेगा .

दीदी,-- डॉक्टर वो शूटिंग के समय बूब्स में मीठी मीठी खुजली होती ह वैसे होगी ना.

निर्मला,-- हम्म .

दीदी,-- तो लगा दीजिये.

निर्मला बैग खोलकर एक सिरिंज में दवा भरी और दीदी को बोली ,- अपनी बनियान निकल दो सोनाक्षी .

दीदी ने बनियान निकली और टॉपलेस हो गयी तो निर्मला ने दीदी की चुकी को पकड़ा और मुझसे बोली

निर्मला, -- रोहित इधर आकर सोनाक्षी की चुकी को पकड़ो मुझे इसकी इस नस में इंजेक्शन लगाना ह .

मेने दीदी की मुलायम चुकी को पकड़ा तो निर्मला ने दीदी की चुकी की एक नस में इंजेक्शन लगा दिया और मुझे उस जगह को मसलने को कहा तो में दीदी की चुकी को मसलने लगा तो दीदी सिसकने लगी. निर्मला दूसरी दवा सिरिंज में भरने लगी और मुड़कर बोली.

निर्मला,-- अब छोड़ दो इसकी चुकी . मेरे जाने के बाद आराम से मसलकर पि लेना .

निर्मला की बात सुनकर दीदी ने अपनी चुकी छुड़वा ली और बनियान पहन ली तो निर्मला ने दीदी को स्कर्ट खोलने को कहा तो दीदी ने स्कर्ट खोल दिया तो निर्मला बोली.

बिस्टेर पर लेट जाओ और अपने पेअर जितने चोदे कर सकती हो उतने फैला लो .

दीदी मुस्करा कर पलंग पर सो गयी और अपने पेअर फैला ली तो उनकी छूट के होंठ थोड़े से खुल गए और निर्मला उनकी छूट के पास बैठकर उनकी छूट को एक हाथ से छोड़ा करके देखने लगी .फिर मुझे बोली

निर्मला,-- रोहित तुम उधर आओ

में.,-- जी डॉक्टर.

निर्मला,-- तुम इसकी छूट की फांक को छोड़ा करो मुझे इसकी क्लीट के अंदर वाले हिस्से में इंजेक्शन लगाना ह तो में दीदी की और देखकर आँख मारा और दीदी की छूट को पूरा छोड़ा कर दिया .

में.,-- पर डॉक्टर आपने सोभा की छूट में तो बिना छोड़ा किये इंजेक्शन लगा दिया.

निर्मला,-- उसकी छूट नहीं भोसड़ा हो चुकी जिसे छोड़ा करने की जरुरत नहीं पड़ी.

मेने दीदी की छूट की फांक को छोड़ा किया तो दीदी की छूट पूरी भीगी हुयी दिखी जिसे देखकर निर्मला बोली

निर्मला,--,-- इसकी छूट पूरी छुडास ह रोहित .

में.,-- कैसे डॉक्टर.

निर्मला मुस्करा कर,-- देखो छूट से पानी रिसकर फेल रहा ह .

में दीदी की छूट को देखने लगा तो निर्मला ने जल्दी से दीदी की क्लीट के अंदर इंजेक्शन लगा दिया और बोली.

निर्मला,-- लो अब आराम से दिन में दोनों बहनो को छोड़ना . दोनों खूब मस्त होकर छुडवायेगी.

में दीदी की छूट पर किश किया तो दीदी सिसक पड़ी और उठने लगी तो निर्मला बोली.

निर्मला,-- मस्त छूट ह सोभा की .

में.,-- बहुत छुडासी ह ये डॉक्टर.

निर्मला मुस्करा कर,-- वो तो दिख hi रही ह .तुम अभी लुंड डालोगे तो छोड़ने लगेगी.

दीदी ने निर्मला की बात सुनी तो जल्दी से स्कर्ट पहन लिया तो निर्मला बोली,-- मेरी फीस .

में.,-- सोनाक्षी बाहर जाओ में डॉक्टर को फीस दे कर आता हूँ.

सोनाक्षी दीदी अपनी छूट को खुजाते हुए बहार चली गयी तो मेने निर्मला की साड़ी को पेटीकोट सहित ऊपर किया और अपना मुंह उसकी छूट से लगा दिया

निर्मला सिसकने लगी और एक मिनट भी नहीं हुआ की मुझे अपना छूट रास पिने को छोड़ दी तो में पूरा रास पीकर बोलै.

में.,-- मिल गयी फीस डॉक्टर.

निर्मला,-- तुमने मुझे आधी फीस दी ह बाकि की फिर वसूल करुँगी .

में.,-- कब आऊं फिर तुम्हे फीस देने .

निर्मला,-- जब तुम्हारी मर्जी हो मुझे फ़ोन कर लेना.

निर्मला ने फिर अपना बैग पैक किया और मेरे होठों पर मीठा अस चुम्बन करके निकल गयी तो में बाहर आया और सिगरेट पिने लगा .

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
इन्तजार करता हूँ , ओपन होने तक
 
Back
Top