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- Dec 5, 2013
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देव ...जैसा आप कहे गुरुदेव
अब घर चले गुरुदेव
गुरुदेव ...है चलो सूर्यौदय हो चूका है
देव ...जी गुरुदेव आज तो मेरी युद्ध ाब्याश का समय बे निकल चूका है
गुरुदेव ..उचित खा अब कुछ समय योध ायश की जगह ध्यान में ज्यादा समय लगो आवर अपने परिवार को समय दो
कुछ समय बाद दोनों राणा मेंशन में थे .......
अब आगे ........
देव ने जा करके सबको परनाम किया आवर अपनी बहनो के बारे में पूछा
मोहिनी देवी .....आ गया मेरा राजा बीटा
कहते हुए गले लगा लिया
मुझे माँ के गले लगते हे उनके कोमल बदन की कोमलता आवर सीने में ठोस ठोस सा बेहद मज़ेदार सा अहसाँस हुवा
है माँ आ गया काम था तो थोड़ा समय लग गया आने में
mom....koi बात नै मेरा राजा बीटा जा जाकर के अपनी राजकुमारियों को उठा दे रात में बे पूछ रहे थी तुम्हारे लिया
ok माँ आवर एक गाल पे लम्बी से किसी करके भाग निकला मई तो
पता नै आज ये सब क्या हो रहा है
सोचते जब मई रूम पहुंचा तो सब सो रहे थी
सबकी सब निघ्त्य में थी आवर उन्हें ऐसे सोता देख मेरे लिंग में हलचल होने लगे
सब की सब एक बाद कर एक हॉट एंड सेक्सी लग रहे थी मेरी पंत में मेरा लैंड अब तक पूरा खड़ा हो चूका था
मई कोमल दी के पास गया वो सबसे हॉट एंड क्यूट लग रहे थे
कोमल दी की क्यूट से सकल देखते हुए कब मेरे होंठ उनके गाल पे जा लगे पता हे नै चला
उनकी मख़मली सॉफ्ट खुशबूदार गाल को प्यार से चूमा आवर गाला लगा लिया
कोमल दी कोई प्यारा सा सपना देख रहे थी सायद
कोमल दी नींद में हे
कोमल ...प्रिंस मेरी जान ुम्मम्हा आप आ गए अपनी जान की बहो में
कोमल दी ने मेरे होंटो पे किश कर दिया आवर मुझे कास कर फिर से सो गयी
कोमल दी उठो सुबह हो गई है कॉलेज नै जाना क्या आपको
कोमल दी मेरी आवाज सुन कर जग गई साथ में चंचल आवर दिव्या दी बे जग गई
कमल ....प्रिंस आप कब आये आवर आप मेरे साथ में कब लेट गए
खड़े होती हुए रूठे का नाटक करते हुए
क्यों दी मेरा आपके पास सोना पसंद नै आया क्या
आगे से आपके पास नै आऊंगा मई
कोमल ...प्रिंस हमें माफ कार्डो हमें नै पता था आपको बुरा लगेगा आवर हमारा आपका दिल दुखने का कोई इरादा नै था
कोमल दी ने अपने कण पड़के बहुत हे क्यूट लग रहे थी मुझे उनको देख कर दिल में कुछ अलग हे खुसी से हुए
किन्तु उनकी आँखे जो अबे रो देंगी ऐसे हो गई थी
मैंने फ़ौरन कोमल दी को अपनी बहो में भर लिया
एससससस दी रोटी नै हम आपसे मरण नै है
हम तो बस आपको सत्ता रहे थे इतने सालो बाद तो हमारी जान से मुलाकात हुए है
komal...subkte हुए आप हमसे कबे दूर न हो न प्रिंस हम नै जी सकते आपके बिना हम मररररर...
चुप बिलकुल चुप ऐसे नै बोलते दी आपको पता है न हम आपसे कितना प्यार करते है
कोमल ....चलो पहले कान पकड़ो आपने हमारे प्रिंस की प्रिंसेस को सुबह सुबह रुलाया है
मई ok बाबा हम अपनी प्रिंसेस को कण पकड़ कर सॉरी बोलते है
divya....ham बे यही है प्रिंस हमें बे थोड़ा प्यार मिलेगा क्या आपका
क्यों नै साडी प्रिंसेस को उनके प्रिंस की तरफ से ढेर सारा प्यार मिलेगा बस एक एक कर के आते रो
दिव्या ...पहले हम आते है हम बड़े है न आपसे
निधि ....है क्यों नै बड़ी प्रिंसेस आपका तो सबसे पहले no. अतः है क्यों छोटी प्रिंसेस हे हेहेहे
खुसी ....हम क्या बोले दी है कहि की राजकुमारी थोड़ी न
जो आपके प्रिंस हमें प्यार करे
शीतल ....हमारे प्रिंस बहुत दिलदार है आपको खली हाथ कबे नै जाने देंगे फिर आप तो उनकी सबसे प्यारी प्रिंसेस की जान हो
क्यों कोमल दी ठीक खा न मई
निधि ...क्या बात है आजकल प्रिंसेस शीतल बे बोलने लगे है पहले तो कबे इनके मुँह से फूल बरसते नै देखे हमने
ok ok सब आवो एक साथ हे आवर आप बे आ जायेगा खुसी
प्रिंसेस के ग्रुप में आपका स्वागत है मिस खुसी राठौर
कोमल ...प्रिंस आप गुड़िया को बे प्रिंसेस बुलाया करो हमें अच्छा लगता है आपके मुँह से इनके लिया प्रिंसेस
दिव्या .....कोमळळ
ok ok आज से हम आपको प्रिंसेस बुलाया करेगंगे अबे सब हमें मॉर्निंग किसी करेंगे ताकि हमारी सुबह बहुत खूबसूरत हो
सब एक एक कर के गले केल्टी है आवर गाल पे किसी करती है
दिव्या दी कोमल आवर खुसी को देखते हुए एक बार आवर गले लगती है आवर मेरे होंटो पे एक छोटी से किसी कर के बाथरूम के लिया निकल जाती है
निधि खुसी को देखते हुए तुम्हे क्या हुवा तुम ऐसे आँखे फाडे क्यों देख रहे हो
खुसी ...दी वो अबे अबे पायल दी ने देव मेरा मतलब प्रिंस के लिप्स पे किश किया है न वो तो प्रिंस की बहन है न
कोमल ....तो क्या हुवा गुड़िया हम में से कोई बे कबे बे प्रिंस को लिप्स पे किश कर सकता है
यहाँ तक की
बुवा सा माँ बड़ी माँ छोटी माँ माँ सा बे कबे कबे लिप्स पे किश करते है प्रिंस को
खुसी ....क्याआ बड़ी मम्मी आवर रानी माँ बे
चंचल ....डार्लिंग इतना तो चलता है
वैसे बे वो प्रिंस रुद्रदेव सिंह राणा जी है
उदयपुर के राजसिंहासन के अगले राजा
खुसी ...हम्म्म सायद आप ठीक कहती हो दी
मई गर्ल्स के टॉपिक आँख बच्चा कर निकल लिया चुपके से इस बिच
कोमल ....ये प्रिंस खा गए मुझे बे किसी करनी थी
शीतल ...दी टाइम देखो माँ आज फिर गुस्सा करेंगी
हम आज फिर डेरी से उठे है
मई चल दिया अपने रूम में फ्रेश हो कर निकला तो माँ ने आवाज दी नास्ते के लिया
mom....dev चलो नास्ता करो मैंने तुम्हारे लिया तुम्हारे फेवरिट खीर बनाइये है
ी लव यू माँ आपके हाथो से बानी खीर आज बरसो बाद खाऊंगा
गुरुमा .....क्या मई गठिया खीर बनती थी क्या तुम्हारे लिया
माँ आप ऐसा क्यों सोचती हो पिछले पांच ालो से आपके हाथो बानी खीर हे तो खाई है
आज बरसो बाद फिर से माँ के हाथो से खीर खाने के कुछ ज्यादा हे खुस हो गया
गुरुमा ....हम जानते है बीटा
आप सब लोग एक काम करो आज मई नै खाने वाला खुद से आप सब हे मुझे अपने हाथो से अपनी अपनी पसंद का खाना खिलाओगी
नै तो आज मई एक निवाला बे नै खाने वाला हु पहले बता देता हु
माँ ....माँ सा आप हे सुरु करो अपने लादले को खाना खिलाना
आवर वीर तुम यहाँ आवो देव के साथ बैठो आज तुम बे सबके हाथो से खायेगा मेरा बीटा
वीर ...ok माँ जैसा आप कहे
सब बर्वे बर्वे से मुझे आवर वीर को खोलती गयी मुझे तो कुछ खाद फरक नै पड़ा बिचारे वीर को बिच में हे बहना पड़ा
विजयप्रताप ....लगता है आज वीर को जयादा महंत करनी पड़ेगी अपने पापा के साथ में तक जा कर कुछ रहत मिलेगी पेट को
दिलावर सिंह ...नै लंगर जी
रानी maa...dilawar विनय तुमसे छोटा है न
दिलावर सिंह ....माफ करना माँ सा
विजय बात ऐसे है इस हालत में तो उस से बिस्तर से न उठा जायेगा आज तो समझी चुटी हो गई उसकी मेरे हाथो से दिलाई होते होते बच गया
सब तहके लगा कर हांसे लगे
नंदिता ....अच्छा जी आपको बड़ा घमंड है अपनी ताकत पे
ज़रा कबे मेरे बड़े बेटे से दो दो हाथ करना पता चल जायेगा इस सिंह में किन्तु जान है
रेणुका ....है ये सच खा जीजा आपने वीर पे तो बहुत हाथ आजमाना लिया भाई सा आपने अब जरा देव को तकर दे कर दिखाओ
दिलावर सिंह देव की आवर देखते हुए
दिलावर singh....mujhe अपनी हड्डी नै तुड़वानी है देव से
मुझे नै करना दो दो हाथ मई आवर वीर हे ठीक है
निधि ....क्या हुवा पापा प्रिंस से मुकाबला करने में दर लग रहा है क्या आपको आप तो उदयरपुर के no. 1 पहलवान है न
नंदिता ....बेटी वो जमाना बेटे हुए बरसो बीत गए
रानी माँ ...दिलावर बीटा एक मुकाबला तो बनता हे है
दिलावर सिंह ....माँ सा ये बात आप बोल रहे है जबकि आप सब कुछ जानती है
खुसी ....ऐसा क्या जानती है दादी माँ आप जिस कारन बड़े चाचा जी दर रहे है
रानी माँ ...कुछ नै बेटी आवर तू चिंता न कर जिसका तुम्हे दर है वो देव उसे नै करेगा
दिलावर सिंह ....माँ सा फिर बे ये मुझपे भरी पड़ेगा
पर एक मुकाबला तो बनता है कुस्ती का
देव बीटा फिर संडे को हो जाये कुस्ती के दांव पेच .............
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कीप सपोर्ट माय स्टोरी
गुड नाईट एवरीवन
देव ...जैसा आप कहे गुरुदेव
अब घर चले गुरुदेव
गुरुदेव ...है चलो सूर्यौदय हो चूका है
देव ...जी गुरुदेव आज तो मेरी युद्ध ाब्याश का समय बे निकल चूका है
गुरुदेव ..उचित खा अब कुछ समय योध ायश की जगह ध्यान में ज्यादा समय लगो आवर अपने परिवार को समय दो
कुछ समय बाद दोनों राणा मेंशन में थे .......
अब आगे ........
देव ने जा करके सबको परनाम किया आवर अपनी बहनो के बारे में पूछा
मोहिनी देवी .....आ गया मेरा राजा बीटा
कहते हुए गले लगा लिया
मुझे माँ के गले लगते हे उनके कोमल बदन की कोमलता आवर सीने में ठोस ठोस सा बेहद मज़ेदार सा अहसाँस हुवा
है माँ आ गया काम था तो थोड़ा समय लग गया आने में
mom....koi बात नै मेरा राजा बीटा जा जाकर के अपनी राजकुमारियों को उठा दे रात में बे पूछ रहे थी तुम्हारे लिया
ok माँ आवर एक गाल पे लम्बी से किसी करके भाग निकला मई तो
पता नै आज ये सब क्या हो रहा है
सोचते जब मई रूम पहुंचा तो सब सो रहे थी
सबकी सब निघ्त्य में थी आवर उन्हें ऐसे सोता देख मेरे लिंग में हलचल होने लगे
सब की सब एक बाद कर एक हॉट एंड सेक्सी लग रहे थी मेरी पंत में मेरा लैंड अब तक पूरा खड़ा हो चूका था
मई कोमल दी के पास गया वो सबसे हॉट एंड क्यूट लग रहे थे
कोमल दी की क्यूट से सकल देखते हुए कब मेरे होंठ उनके गाल पे जा लगे पता हे नै चला
उनकी मख़मली सॉफ्ट खुशबूदार गाल को प्यार से चूमा आवर गाला लगा लिया
कोमल दी कोई प्यारा सा सपना देख रहे थी सायद
कोमल दी नींद में हे
कोमल ...प्रिंस मेरी जान ुम्मम्हा आप आ गए अपनी जान की बहो में
कोमल दी ने मेरे होंटो पे किश कर दिया आवर मुझे कास कर फिर से सो गयी
कोमल दी उठो सुबह हो गई है कॉलेज नै जाना क्या आपको
कोमल दी मेरी आवाज सुन कर जग गई साथ में चंचल आवर दिव्या दी बे जग गई
कमल ....प्रिंस आप कब आये आवर आप मेरे साथ में कब लेट गए
खड़े होती हुए रूठे का नाटक करते हुए
क्यों दी मेरा आपके पास सोना पसंद नै आया क्या
आगे से आपके पास नै आऊंगा मई
कोमल ...प्रिंस हमें माफ कार्डो हमें नै पता था आपको बुरा लगेगा आवर हमारा आपका दिल दुखने का कोई इरादा नै था
कोमल दी ने अपने कण पड़के बहुत हे क्यूट लग रहे थी मुझे उनको देख कर दिल में कुछ अलग हे खुसी से हुए
किन्तु उनकी आँखे जो अबे रो देंगी ऐसे हो गई थी
मैंने फ़ौरन कोमल दी को अपनी बहो में भर लिया
एससससस दी रोटी नै हम आपसे मरण नै है
हम तो बस आपको सत्ता रहे थे इतने सालो बाद तो हमारी जान से मुलाकात हुए है
komal...subkte हुए आप हमसे कबे दूर न हो न प्रिंस हम नै जी सकते आपके बिना हम मररररर...
चुप बिलकुल चुप ऐसे नै बोलते दी आपको पता है न हम आपसे कितना प्यार करते है
कोमल ....चलो पहले कान पकड़ो आपने हमारे प्रिंस की प्रिंसेस को सुबह सुबह रुलाया है
मई ok बाबा हम अपनी प्रिंसेस को कण पकड़ कर सॉरी बोलते है
divya....ham बे यही है प्रिंस हमें बे थोड़ा प्यार मिलेगा क्या आपका
क्यों नै साडी प्रिंसेस को उनके प्रिंस की तरफ से ढेर सारा प्यार मिलेगा बस एक एक कर के आते रो
दिव्या ...पहले हम आते है हम बड़े है न आपसे
निधि ....है क्यों नै बड़ी प्रिंसेस आपका तो सबसे पहले no. अतः है क्यों छोटी प्रिंसेस हे हेहेहे
खुसी ....हम क्या बोले दी है कहि की राजकुमारी थोड़ी न
जो आपके प्रिंस हमें प्यार करे
शीतल ....हमारे प्रिंस बहुत दिलदार है आपको खली हाथ कबे नै जाने देंगे फिर आप तो उनकी सबसे प्यारी प्रिंसेस की जान हो
क्यों कोमल दी ठीक खा न मई
निधि ...क्या बात है आजकल प्रिंसेस शीतल बे बोलने लगे है पहले तो कबे इनके मुँह से फूल बरसते नै देखे हमने
ok ok सब आवो एक साथ हे आवर आप बे आ जायेगा खुसी
प्रिंसेस के ग्रुप में आपका स्वागत है मिस खुसी राठौर
कोमल ...प्रिंस आप गुड़िया को बे प्रिंसेस बुलाया करो हमें अच्छा लगता है आपके मुँह से इनके लिया प्रिंसेस
दिव्या .....कोमळळ
ok ok आज से हम आपको प्रिंसेस बुलाया करेगंगे अबे सब हमें मॉर्निंग किसी करेंगे ताकि हमारी सुबह बहुत खूबसूरत हो
सब एक एक कर के गले केल्टी है आवर गाल पे किसी करती है
दिव्या दी कोमल आवर खुसी को देखते हुए एक बार आवर गले लगती है आवर मेरे होंटो पे एक छोटी से किसी कर के बाथरूम के लिया निकल जाती है
निधि खुसी को देखते हुए तुम्हे क्या हुवा तुम ऐसे आँखे फाडे क्यों देख रहे हो
खुसी ...दी वो अबे अबे पायल दी ने देव मेरा मतलब प्रिंस के लिप्स पे किश किया है न वो तो प्रिंस की बहन है न
कोमल ....तो क्या हुवा गुड़िया हम में से कोई बे कबे बे प्रिंस को लिप्स पे किश कर सकता है
यहाँ तक की
बुवा सा माँ बड़ी माँ छोटी माँ माँ सा बे कबे कबे लिप्स पे किश करते है प्रिंस को
खुसी ....क्याआ बड़ी मम्मी आवर रानी माँ बे
चंचल ....डार्लिंग इतना तो चलता है
वैसे बे वो प्रिंस रुद्रदेव सिंह राणा जी है
उदयपुर के राजसिंहासन के अगले राजा
खुसी ...हम्म्म सायद आप ठीक कहती हो दी
मई गर्ल्स के टॉपिक आँख बच्चा कर निकल लिया चुपके से इस बिच
कोमल ....ये प्रिंस खा गए मुझे बे किसी करनी थी
शीतल ...दी टाइम देखो माँ आज फिर गुस्सा करेंगी
हम आज फिर डेरी से उठे है
मई चल दिया अपने रूम में फ्रेश हो कर निकला तो माँ ने आवाज दी नास्ते के लिया
mom....dev चलो नास्ता करो मैंने तुम्हारे लिया तुम्हारे फेवरिट खीर बनाइये है
ी लव यू माँ आपके हाथो से बानी खीर आज बरसो बाद खाऊंगा
गुरुमा .....क्या मई गठिया खीर बनती थी क्या तुम्हारे लिया
माँ आप ऐसा क्यों सोचती हो पिछले पांच ालो से आपके हाथो बानी खीर हे तो खाई है
आज बरसो बाद फिर से माँ के हाथो से खीर खाने के कुछ ज्यादा हे खुस हो गया
गुरुमा ....हम जानते है बीटा
आप सब लोग एक काम करो आज मई नै खाने वाला खुद से आप सब हे मुझे अपने हाथो से अपनी अपनी पसंद का खाना खिलाओगी
नै तो आज मई एक निवाला बे नै खाने वाला हु पहले बता देता हु
माँ ....माँ सा आप हे सुरु करो अपने लादले को खाना खिलाना
आवर वीर तुम यहाँ आवो देव के साथ बैठो आज तुम बे सबके हाथो से खायेगा मेरा बीटा
वीर ...ok माँ जैसा आप कहे
सब बर्वे बर्वे से मुझे आवर वीर को खोलती गयी मुझे तो कुछ खाद फरक नै पड़ा बिचारे वीर को बिच में हे बहना पड़ा
विजयप्रताप ....लगता है आज वीर को जयादा महंत करनी पड़ेगी अपने पापा के साथ में तक जा कर कुछ रहत मिलेगी पेट को
दिलावर सिंह ...नै लंगर जी
रानी maa...dilawar विनय तुमसे छोटा है न
दिलावर सिंह ....माफ करना माँ सा
विजय बात ऐसे है इस हालत में तो उस से बिस्तर से न उठा जायेगा आज तो समझी चुटी हो गई उसकी मेरे हाथो से दिलाई होते होते बच गया
सब तहके लगा कर हांसे लगे
नंदिता ....अच्छा जी आपको बड़ा घमंड है अपनी ताकत पे
ज़रा कबे मेरे बड़े बेटे से दो दो हाथ करना पता चल जायेगा इस सिंह में किन्तु जान है
रेणुका ....है ये सच खा जीजा आपने वीर पे तो बहुत हाथ आजमाना लिया भाई सा आपने अब जरा देव को तकर दे कर दिखाओ
दिलावर सिंह देव की आवर देखते हुए
दिलावर singh....mujhe अपनी हड्डी नै तुड़वानी है देव से
मुझे नै करना दो दो हाथ मई आवर वीर हे ठीक है
निधि ....क्या हुवा पापा प्रिंस से मुकाबला करने में दर लग रहा है क्या आपको आप तो उदयरपुर के no. 1 पहलवान है न
नंदिता ....बेटी वो जमाना बेटे हुए बरसो बीत गए
रानी माँ ...दिलावर बीटा एक मुकाबला तो बनता हे है
दिलावर सिंह ....माँ सा ये बात आप बोल रहे है जबकि आप सब कुछ जानती है
खुसी ....ऐसा क्या जानती है दादी माँ आप जिस कारन बड़े चाचा जी दर रहे है
रानी माँ ...कुछ नै बेटी आवर तू चिंता न कर जिसका तुम्हे दर है वो देव उसे नै करेगा
दिलावर सिंह ....माँ सा फिर बे ये मुझपे भरी पड़ेगा
पर एक मुकाबला तो बनता है कुस्ती का
देव बीटा फिर संडे को हो जाये कुस्ती के दांव पेच .............
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