अपडेट. 62
सिंह रुद्रदेव को पकड़ कर हिलता है
सिंह .....प्रिंस आपको महारानी के सरीर आवर आत्मा को एक करना होगा
तभी महारानी अपनी चेतना में लौट पायेगी ........
अब आगे .........
इंस्पेक्टर विजय उन 8 लोगो को ले कर दिल्ली के एक खास बिल्डिंग के बेसमेंट में गुस्स गया
कुछ हे देर में अंदर से कुछ स्ट्रेचर ले कर कुछ लोग आये आवर उन सबकी आँखों पे कपडा बांस कर अंदर ले गए
विजय ........सर आपने इनकी रिपोर्ट देखि मैंने आज तक के अपने करियर में ऐसे रिपोर्ट नहीं देखि
फॉरेंसिक डॉक्टर .......विजय मैंने भी अपनी लाइफ में पहली बार किसी इंसान के ब्लड रिपोर्ट ऐसे देखि
मुझे खुद समाज नहीं आ रहा इनपे कोई एक्सपेरिमेंट किया है या इनके ब्लड सेल्ल के साथ कुछ आवर
विजय .....सर कोई तो रास्ता होगा वैसे उन तीन बच्चियों की रिपोर्ट में भी कुछ नया सामने आया है क्या
f.docter ....अभी तो नार्मल हे लग रहा सब कुछ
फिर भी एक बार मैं खुद उनकी जाँच करता हूँ
f.docter वह से उनकी जाँच करने के लिया निकल गया
कुछ 2 जानते बाद जब लौटा तो वो काफी परेशान था
f.docter ......एक बुरी खबर है आवर एक अच्छी
विजय ... .क्या मतलब सर मैं कुछ समजा नहीं
f.docter .....इन 8 बच्चो में से 3 जिनकी नार्मल रिपोर्ट है वो ठीक है बस उनको किसी चीज़ ने इतना डरा दिया है की वो अभी भी आदमी की हालत में है
आवर जिन 5 की रिपोर्ट है वो बहुत हे चुका देने वाली है
vijay.....aisa क्या है कुछ आवर भी पता चला है क्या सर
f.docter ....यस बहुत हे शॉकिंग है जो भी पता चला है
उनके इंसानी सेल्स मर रहे है आवर उनका ब्लड देखो जरा
( एक सीसी जो की ब्लड टेस्ट के लिया उसे होती है )
विजय .....ये कैसे हो सकता है सर इनका ब्लड तो बिलकुल उसे आयल की तरह ब्लैक हो चूका है
ऐसा ब्लड तो कैंसर पेसेंट का भी नहीं होता जो मर चुके होते है
f.docter ......वो पांचो एक तरह से मर हे चुके है
मनो जैसे मूवीज वैम्पायरे किसी इंसान को काट लेता है तब या तो मर जाता है या वैम्पायरे बन जाता है ऐसा हे इन 5 के साथ हो रहा है
vijay....kahi इनको भी किसी वैम्पायरे ने तो नहीं कटा है
f.docter .....स्किन्स इस बात को नकारता है बूत मैं इस बात से अगेरी करता हूँ उनके गर्दन पे जो नीसाण है इनकी बॉडी अभी जैसे रियेक्ट कर रहे है
मुझे लगता है या तो ये मर जायेंगे या फिर ऐसा कुछ बन जायेगे जो इंसानो के लिया तो कभी भी अच्छा नहीं होगा
विजय ......तो फिर क्या किया जाये इनके साथ
f.docter .....डोंट वोर्री मैंने ऊपर कॉल कर दिया है कुछ हे देर में इनको बहुत कड़ी सुरक्षा के बिच पंहुचा दिया जायेगा आवर इनपे 24 हर नज़र राखी जाएगी
फ़िलहाल मैं इतना हे कर सकता हूँ मैंने कुछ सीनियर फॉरेंसिक डॉक्टर को इनकी रिपोर्ट सेंड की है देखते है उनका क्या जबाब आता है
अभी ये लोग बात कर हे रहे थे की
लगभग 30 प्लस कमांडो हतियारो से लेस्स लेब में आ गुस्स
f.docter .....कोण है आप लोग आवर यहाँ क्या कर रहे हो
कमांडो लीडर ........हमें ऊपर से आर्डर है उन 8 पेसेंट को यहाँ से कड़ी सुरक्षा में किसी आवर गुप्त स्थान पे सिफत करने का ये रहा उनका सिफ्टिंग आर्डर
डॉक्टर आवर विजय ऑर्डर्स को मानते हुए उनको ले जाने की इजाजत देता है
डॉक्टर .....अगर आप लोगो को एतराज़ न हो आवर आपके आर्डर में कोई प्रोब्लेम्स हो तो क्या मैं आपके साथ चल सकता हूँ इनके मॉनिटर करने के लिया
कमांडो लेकर किसी को कॉल करता है
कुछ देर बात करने के बाद
c.leader .....आप इनसे जुडी तमाम रिपोर्ट को अपने साथ ले लीजिये
आवर अपने घर पे कॉल कर दीजिये की आप कुछ वक़्त आउट ऑफ कंट्री है
डॉक्टर वैसे हे करता है विजय वह से निकल चूका
c.leader ......आवर किस किस को इसके बारे में जानकारी है
डॉक्टर ...इंस्पेक्टर विजय को जो इनको यहाँ ले कर आया था
सबको ले कर निकल गए
राणा मेंशन.......
इस वक़्त सुबह के 11 बजे थे पुरुषो को छोड़ कर सभी घर के माहिल्या वही मौजूद थी लड़किया कॉलेज के लिया निकल गई थे
सब अपने अपनी चर्चा में लगे हुए थे की तभी वह अपने देव आ पहुंच
सभी देव को देख कर चौंक गए
मोहिनी उठ कर जल्दी से देव को अपने सीने लगा कर पुरे चेहरे पे अपना प्यार लुटाने लगे
महीने ....मेरा देव कब आया बीटा आवर आपने जाने से पहले किसी को बताता भी नहीं
समय .....भाबी सा हम भी यहाँ हमें भी मिलने दो हमारे प्रिंस से
देव .....सब बड़े के पांव छू कर आशीर्वाद लेता है आवर सबके गले लगता है
देव .....माफ कीजिये माँ आपको बोल के जाना चाइये था किन्तु जरूरी काम था तो जाना पड़ा
माँ सा .....कोई बात नहीं अगर जरूरी नहीं होता तो रुद्रप्रताप तुम्हे भेजता नहीं बेटे
बस फिर कबि जाना हो तो आज्ञा ले कर जाना चाइये आप हे तो हम सब के जीने की सभा है
देव ......सॉरी माँ सा पहली आवर आखरी गलती हुए हमसे अब हम आप सबको छोड़ कर कही नहीं जायेंगे अगर कबि जाना भी हुआ तो आपसे जरूर इजाजत ले कर जायेंगे
माँ सा .....ठीक है मेरा प्यार बीटा अब जाओ आवर पहले नास्ता करो फिर कोई बात होगी
dev......nasta तभी होगा जब हमारी स्वीट से माँ सा अपने हाथो से हमें नास्ता कराये तब हे कुछ हो सकता है
समय ....प्रिंस आप विराजी मैं अभी आपके लिए खुद नास्ता बना कर लती हूँ
रेणुका ......मैं भी चलती हूँ गुड़िया आपके साथ
नंदिता ......तो कहा कहा गम आये कुंवर सा
देव .....क्या बड़ी मम्मी आप को क्या लगता है मैं कही गुमने गया था
सोनिया .....तो फिर आपको गम कर भी आना चाइये न प्रिंस
देव ......बुआ सा अगर आप साथ चलो गुमने तो अभी चलते है
नंदिता .....क्यों अकेले गुड़िया को हे ले कर जाओगे गुमने हम क्या इतने बूढी हो गई है
देव नंदिता को गले लगा कर गाल पे प्यार से किस करके
देव .....आप कहो तो अभी आपको बाघा कर ले जाये बड़े चाचा तो वैसे भी बूढ़े हो गए है
दिलावर सिंह जो कुछ देर पहले हे किसी काम से आया था वो देव के बात सुन कर
दिलावर सिंह .......मेरे बेटे के लिया मेरे तरफ से पूरी आज़ादी है नंदिता
देव ....चाचा जी आप कब आये
देव दिलावर सिंह के गले लग कर मिलता है
दिलावर सिंह .....हाहाहा जब मेरा बीटा अपने बड़ी मम्मी को बागा कर ले जाने की बात कर रहा था
देव .....हम तो बड़ी मम्मी से मजाक कर रहे थे
दिलावर ....हम भी तो वही कर रहे है वैसे भी अब हम बूढ़े हो रहे है इस उम्र में कोई दूसरी सदी भी नहीं करेंगे मुझसे
इस लिया बग्ने वाला प्लेन कैंसिल है यही रहो अपनी बड़ी मम्मी के साथ हाहाहा
कुछ देर में दिलावर वापिस निकल गया
नंदिता देव का कान पकड़ते हुए नंदिता .....तो अब कुंदर जी हमें बजाने की तयारी में है (एक बार प्यार से बोल दे अपनी जान भी हाजिर है )
देव ......तो क्या हुआ आप हो हे इतने खूबसूरत सोच रहा हूँ आपको अपनी गफ बना हे लेता हु
चाचा जी की आवर से तो परमिशन मिल हे चुकी है
माँ सा .......मेरी तरफ से भी ok है बीटा
देव .....लो मम्मी एक आवर सपोर्ट मिल गया
मोहिनी ......सपोर्ट तो हम सब कर देंगी पैर अपनी दिव्या दी से कोण परमिशन लेगा
देव ........नै मैं ऐसे हे ठीक हूँ माँ उनको पता चला तो वो कही बड़ी मम्मी पे हे खर्चा पानी ले कर न चढ़ जाये
देव ....वैसे बड़ी मम्मी सीक्रेट गफ का ऑप्शन अभी भी वालिद है
समय ......पहले नास्ता करो गरमा गरम गफ गफ बाद में खेलेगा है सब
सबने मिल कर देव को बड़े प्यार से मस्ती मज़ाक करते हुए खाना खिलाया
( मोहिनी की आवर देखता है तो उसकी आँखे नाम सी हो जाती है )
मोहिनी देव को अपने सीने से लगा लेती है
माँ .....क्या हुआ मेरी जान आपकी आँखे नाम क्यों है
खाना तीखा है क्या देव
देव अपने आँखे साफ करके
देव ....नहीं माँ ये तो ख़ुशी के आंसू है मैंने आप सबके प्यार को आप सबको बहुत मिस. किया था वह
( कास मैं हमेशा आपके साथ रह पता माँ )
सौपानलोक.........
rudradev..........simha तुम उचित कह रहे हो बिना समय बर्बाद किये हमें अपना कार्य पूर्ण कर महारानी की देह ( सरीर) आवर आत्मा को एक करना होगा
सिंह .......किन्तु मैं इसमें आपकी कोई सहायता करने में असमर्थ हूँ प्रिंस मुझे इस विधि का ज्ञान नहीं है महारानी के सरीर पुर उनकी आत्मा का मिलान कैसे करवाना है
रुद्रदेव ........ये तुम क्या कह रहे हो तो फिर कोण हमारी सहायता करेगा मुझे भी इस विषय में कोई ज्ञान नहीं है
अभी रुद्रसे आवर सिंह बात कर रहे थे की तभी उनके कणो में एक बहुत मदुर स्वर सुनाई दिया
सिंह ....महारानी
रुद्रदेव .....अब ये कोण है जिसकी आवाज इतनी मधुर है
सिंह ......प्रिंस ये महारानी सौपानिका की आवाज है
रुद्रदेव .......हारनी सौपानिका को रुद्रदेव सींग राणा का परनाम स्वीकार हो
महारानी .......प्रिंस रुद्रदेव को भी महारानी सौपानिका का परनाम स्वीकार हो
रुद्रदेव ......महारानी जी क्या आप को इस विधि का ज्ञान है
महारानी .......हम जानते है आप कैसे हमारी सरीर में हमें लौटा सकते है
रुद्रदेव .....महारानी फिर कर्प्या कर हमें वो विधि के बारे में बताये
महारानी .......हम आपको वो विधि बता देंगे किन्तु कार्य सम्पन होने के पश्चात आप इस विधि से सम्पूर्ण ज्ञान का त्याग करने के लिया वचन बढ़ होना होगा
( हमें समां कीजिये सम्पूर्ण भारमंद के लिए यही उचित है की ये किर्या किसी के पास न हो )
रुद्रदेव .......हम वचन उठाते है महारानी सौपानिका
..हम प्रिंस रुद्रदेव सिंह राणा महारानी सौपानिका को वचन देते है की इनके सरीर आवर आत्मा को एक करने के पश्चात इस विधि से जुड़ा सम्पूर्ण ज्ञान स्वाट हे हमारा त्याग कर दे
महारानी .......हम आपके वचन से संतुस्ट हुए रुद्रदेव
कुछ देर दोनों की बातचीत चलती है फिर एक स्वेत रौशनी रुद्रदेव के मस्तिष्क में समां जाती है
महारानी ....अब आपको ज्ञात है की आपको क्या आवर कैसे करना है
रुद्रदेव .....जी महारानी जी
रुद्रदेव महारानी के सर के आवर मुख करके ड़याँ में बेथ जाता है
कुछ गान्तो की म्हणत के बाद रुद्रदेव जैसे जैसे अपनी कुण्डलिन जाग्रित करने लगता है उसका सरीर से निकलती ऊर्जा मनो किसी नए बर्मनद में रुद्रदेव के ले आये हो अपनी 7 कुण्डलिनी सकती को जाग्रित करता है
सिंह .... अद्भुत अतुलनीय दृश्य है मेरे मालिक का
कुछ देर पश्चात रुद्रदेव अपनी ऊर्जा को महारानी की आत्मा पे केंद्रित करता है
जिसके चलते महारानी की आत्मा से जुडी कुण्डलिनी सक्रिय जागृत होने लगती है
महारानी की आत्मा डेरी डेरी अपने सरीर के आसपास गुमने लगती है देखते हे देखते आत्मा सरीर में समाहित हो जाती है
कुछ देर बाद सब पहले जैसे यथावत होने लगता है
इस वक़्त सवपन की सुंदरता देखने योग्य थी इतने खूबसूरत की सब्दो से इस खूबसूरत का अवलोकन करना गलत होगा
जैसे जैसे महारानी के सरीर में हलचल होती है
वैसे वैसे वह का माहौल बदल रहा था
कुछ देर बाद जब महारनी ने आँखों खोली
रुद्रदेव ........क्या खूबसूरती है अपने नाम के अनुरूप सौपानिका सौपानलोक की राजकुमारी जिसके प्रेम को पाने के लिया हर कोई सपने देखता होगा
कुछ देर बाद सिंह के हिलने से रुद्रदेव की तन्द्रा बंग हुए
सामने महारानी हवा में कड़ी मुस्कुरा रहे थे रुद्रदेव को देख कर
सिंह अपनी गर्दन जुक्खा कर
सिंह ......महारानी सौपानिका का फिर से सौपानलोक में स्वागत है सिंह का परनाम स्वीकार करे महारानी
सौपानिका ......उठो सिंह हमने तुम्हे पहले भी सौदान किया था की तुम कभी भी हमारे सामने नहीं झुखना तुम कोई सेवक नहीं हो हमारे लिया
सिंह .....हमें समां करे रानी माँ इतने लम्बे अंतराल ने हमें आपसे दूर रखा हम आपके आदेश को भुला बैठे
महारानी .....कोई बात नहीं सिंह तुम हमेशा हमारे लिया पुत्र सामान हो
सिंह ....जी रानी माँ
सौपनीका मुस्करा कर रुद्रदेव को देखती है जो बस एक तक उसको हे देख रहा था
सौपानिका ......आप किस सोच में डुभे हुए है प्रिंस यही कहते है न आपको आपके लोक में
रुद्रदेव ....है है यही नहीं कुछ नहीं महारानी जी
महारानी .......हेहेहे आप सच में नहीं बदले आज भी वैसे हे है
रुद्रदेव .....जी क्या कहा आपने
महारानी .....जी कुछ नहीं चलिए आप हमारे साथ महल में चलिए वही आगे की चर्चा होगी
रुद्रदेव ......जी जरूर महारानी जी
महारानी .....हमें ख़ुशी होगी अगर आप हमें सौपानिका कह कर पुकारे तो
( या फिर वही जो हम आपके मुख से पहले सुनते थे ....सपना)
रुद्रदेव ......हम आपके आदेश को कैसे ताल सकते है सपना जी मतलब सौपानिका जी ( ये मुझे क्या हो रहा मैं इनकी आवर इतना क्यों ाकरसिहत हो रहा हूँ)
कुछ देर बाद सब महल के सामने थे
सबने आसान गठन किया महारानी ने रुद्रदेव को अपना सिंघषण पे बैठने को कहा
रुद्रदेव के बार बार मन करने के बावजूद जब वो नहीं मणि थो मजबूरन रुद्रदेव को उस दिव्या सिंघषण पे विरजा पड़ा
जैस हे रुद्रदेव उस सिंघषण पे बैठा
उसका रूप परिवार आईटी होने लगा
महारानी आवर सिंह रुद्रदेव के इस रूप को देख गुठनी पे आ गए
रुद्रदेव ......सपना आप भूल रहे है ये लोक आपका है हमारे सामने झुक कर अपने पढ़ की गरिमा का अपमान कर रहे है आप
सौपानिका रट हुए
सौपानिका ..... स्वामी हमें समां कर दीजिये
( इस वक़्त रुद्रदेव नहीं रूद्र बात करेगा )/
rudra.....ham जानते है सपना अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया होता तो सायद आप सम्पूर्ण सृस्टि का विनाश कर देती जिसकी रक्षा आप ने बहुत बार की थे हमसे हमारे क्रोध से
उसी क्रोध ने हमें आपसे इतने वर्षों दूर रखा
सौपिका दौड़ कर रूद्र के गली लग गयी
रूद्र .....शांत हो जाये वैसे भी आप हमेशा हमारे साथ थी आवर आज भी है
सौपनीका ......आपका तातपर्य क्या है स्वामी
रुद्रदेव ......हाहाहा आपको क्या लगता है देवी हमारा सरीर नस्ट हुआ था आत्मा नहीं
क्या हमें ज्ञात नहीं होगा की आपकी आत्मा का एक अंश परतविलोक पे जनम ले चूका था वर्षो पहले हमारे जनम के कुछ वर्ष बाद
सौपनीका ......तो फि हम क्या करते हम नहीं रोक पाए खुद को
अभी ये सब बात कर रहे थे सौपनीका अभी भी रूद्र के गौड़ में बैठी थी
तभी रूद्र .रुद्रदेव में बदलने लगा
सौपनीका सिंघषण से उतरती उस से पहले हे रुद्रदेव पूरी तरह से बदल चूका था
रुद्रदेव .......सौपनीका आप यहाँ हमारी गौड़ में
सौपनीका ......आपके सिंघषण पे वीराने से अभी अभी आपको सौपानलोक की सकती प्राप्त हुए है सायद उस कारन आप मूर्छित हो गए था
(हमें माफ करे स्वामी अभी आपके सामने होते हुए भी स्वीकार नहीं कर सकते है न hi सत्य से अवगत करवा सकते है )
रुद्रदेव .....सायद आप सत्य कह रहे है सौपानिका जी
अभी रुद्रदेव बात कर हे रहा था की उसको कुछ अनिष्ट होने की असंका होने लगे
रुद्रदेव .....हमें हमारे लोक लौटना होगा सौपानिका जी
सौपनीका .....हम जानते है आपकी चिंता का कारन हम आपको नहीं रोकेंगे
आप जब चाहो यहाँ सर सरीर आ सकते है अपनी इच्छा अनुसार अब आप इस सौपानलोक के सम्राट है हम आपसे प्रेम करते है उचित समय आने पे हम आपसे विवाह करेंगे
रुद्रदेव को पता नहीं क्या हुआ सिंघषण से उठ कर सौपानिका को अपने सीने से लगा लिया
सौपनीका को मनो इतने वर्षों से इसे पल का इंतज़ार जा
सिंह कुछ देर इनको देखता देखता रहा जब दोनों हे अलग नहीं हुए तो
सिंह ....घुर्रर्र गुर्दे करते हुए घूरने लगा
दोनों जल्दी से अलग हुए दोनों हे शर्मा रहे थे जैसे किसी नए विवाहित जोड़े की तरह
रुद्रदेव .....अब हमें आज्ञा दे सौपानिका जी
sawpnika......ham हर रात्रि आपका इन्तजार करेंगे
रद्रदेव सिंह से आवर सौपानिका से विदा ले कर उसने गुफा में आ पंहुचा
सामने का दृश्य देख रुद्रदेव के बहुत पीड़ा हुए ........
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........
रात के लिया काफी चाहता हूँ पूरा अपडेट नहीं लिख पाया था जिसके चलते सुबह सुबह पूरा करके पोस्ट कर रहा हूँ ......थैंक्स फॉर एवरीवन