Hindi Desi Sex - Saim (Love,Thrill,Romance) - Page 3 - SexBaba
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Hindi Desi Sex - Saim (Love,Thrill,Romance)

अपडेट NO.24


मैं गुड़िया को गारी में लय क निकल गया स्कूल की तरफ करीब 10 मं में हम स्कूल पोहंच गए मैं गारी सी उतरा और दरवाज़ा खोला गुड़िया का बैग पिच्य वाली सीट सी उठाया और गुड़िया को दी दिया..

शिखा:- मेरा बेस्ट दिन ही आज स्कूल में..

मैं:- ाचा वह क्यू भला.?

शिखा:- आज आप मुझी स्कूल चोरनी ए हो इस लिए मैं कब सी इस दिन का वेट क्र रही थी..

मैं:- अब मैं अपनी गुड़िया को रोज़ चोरनी ाओं गए जितना बी वेट किया उसकी लिए सॉरी.

उतनी मैं स्कूल की बेल्ल बज जाती ही..

शिखा:- O.k भैया मैं अंदर जा रही हूँ..

मैं:- O.k आपको लेनी बी ाओं गए मैं O.k

शिखा:- Bye भैया..

वह हाथ हिल्ला क अंदर चली गई उसकी चहरे पी जो ख़ुशी थी वह मेरी लिए जान को सकूं मिललंय का सबब थी..

मैं गारी में घर आ gya..Ander गया तो अंजलि और तनीषा रेडी बैठी थी..

मैं:- गए नए आप.?

तनीषा:- आपका hi वेट क्र रही थय..

मैं:- जी बोलो..

Anjili:-Aspy मिल क इ तो जाना था..

मैं:- ओह्ह्ह..

मैनी दोनों को हुग किया और हल्का आ गाल पी किश किया दोनों चली गई.. मैनी 3 गाड़ियां उनकी साथ भेजी थी..

मैं माँ को आवाज़ लगानी लगा..

मैं:- माँ

कमरे सी ाएहा बाहिर ी..

आयेशा:- मस्सी तो मार्किट गई हैं शोपिंग क लिए..

मैनी आयेशा का हाथ पाकर क सोफे पी लिटा दिया..

मैं:- इसका मतलब हम अकेले हैं घर मैं..

आयेशा:- हम्म लेकिन आपकी िरदय ठीक नहीं लग रही मुझी...

मैं:- बिलकुल बी नए ठीक आज तो..

मैं तनीषा क ऊपर आ गया मेरी होंठ उसकी होंठों क बोहत करीब थय हम एक दोस्सरी की सांसें बी महसूस क्र सकती थय.. आयेशा की सांसें बोहत तेज़्ज़ चल रही थी..

मैं स्लो स्लो उसकी करीब जा रहा था उसनी अपनी ांकें बंद क्र ली..

मुझी पता था उसकी पहली किश ही उसको शर्म आ रही hogi..usky होंठ कैंप रही थय जैसी कह रही हूँ इनका रस आ चूस लो निचोड़ लो आज इन्हें..

मैं अपनी होंठ उसकी कम्पटी होंठों पी रख दिए..

अह्ह्ह्ह. क्या नरम और मुलायम होंठ थय मुझी ऐसा लग रहा था शहद को मुँह लगा लिया हो..

एक बात थी अगर मैं अपनी बीवियों मैं सी किसी को बी किश करता एक अलग इ सकूं मिलता था मैं दुनिया की सुदबुद भूल जाता था बीएस उस पाल को महसूस करता हूँ लेकिन जब मैनी A'bua को किश किया था तो ऐसा नहीं लगा बीएस वह एक साधा किश थी..

लेकिन जब बी मैं इन में सी किसी को किश करता हूँ एक जैसा एहसास होता ही..

खैर मैनी उसकी होंठ को चोस्णा शुरू क्र दिया.. पेहली तो आयेशा मेरा साथ नहीं दी रही थी बाद में वह बी मेरा पूरा साथ देंय लगी..

मैनी उसकी होंठों पी जुबां रख दी वह बी समझ गई उसनी अपना मुँह खोल दिया मैं अपनी जुबां उसकी मोहः में दाल दी वह छोस्य लगी फिर उसनी अपनी जुबां मेरी मुँह मैं दाल दी मैं बी उसको बोहत ाच्य सी चूसा

करीब 10 मं बाद उसकी सांसें उखारने लगी मैनी किश तोर दी मैं आयेशा क ऊपर सी उठ gya..usny बी आंखें खोली धीरे धीरे वह उठ क झट सी भागण्य लगी मैनी उसका हाथ पाकर लिया उसको अपनी तरफ खेंचा वह बिना किसी विरोद क बेथ गई और शर्म सी नज़रें झुकी होइ थी..

मैं उसका मुँह ऊपर kiya..woh अभी बी शर्मा रही थी..

मैं:- आयेशा!

आयेशा:- हम्म..

मैं:- अगर बुरा लगा I'm सो सॉरी..

आयेशा न्य अपनी आँखें ऊपर क्र ली और मेरी आंखों में देखनी लगी और मेरी गली लग गई...

आयेशा:- मुझी क्यू बुरा लगी गए बीएस थोड़ी शर्म आ रही थी I'm सॉरी

मैं बी उसको कस क पाकर लिया और सर पी किश किया..

"अहंम अहंम" हम इस आवाज़ सी अलग होय.. यह आवाज़ माँ की थी जो हाथ में सब्ज़ियां लिए दरवाज़ी पी खरी थी..

आयेशा ऊपर अपनी कमरे में भाग गई मैं बी नज़रें नीची क्र क खरा होगया..

मैं:- Wo....Woh माँ मैं...

माँ:- ाचा ाचा बीएस कमरे मैं चल जाता यहाँ खुली में..

माँ हांसे क किचन में चली गई..

मैं बी अपनी कमरे में भाग गया मैनी अपने कपड़ो में सी एक सदी सी पेंट शर्ट निकली और पेहेन ली और नीची आ गया

माँ:- यह किसी कापरी पहनी हैं टुन्नी.?

मैं:- माँ मैं सिंपल तारीकी की लाइफ बी जी क देखना चाहता हूँ इस लिए कॉलेज मैं सिंपल रहूं गए..

माँ:- बीटा यह देश ऐसा नहीं ही यहाँ गरीब की कोई इज़्ज़त नहीं ही..

मैं:- माँ प्लीज No ारगुमनेट प्लीज..

माँ:- O.k O.k जैसी तुझी ाचा लगी..

मैं:- थैंक ु माँ... रत्न किधर ही.?

माँ:- बाहिर होगी अपनी बाबा क पास..

मैं:- O.k माँ मैं जा रहा हूँ..

मैं बाहिर आया तो रत्न बाहिर त्यार खरी थी..

मैं:- Hi..

रत्न:- Hi..Chale.?

मैं:- हाँ लेकिन जाये गए किसी.?

रत्न:- मतलब.?

मैं:- वह मैं कॉलेज मैं सिंपल लाइफ जीना चाहता हूँ इस लिए कह रहा हूँ हम बाइक पी या बस पी चले अगर कोई ऐतराज़ न हो तो आपको.?

रत्न:- मुझी क्यू ऐतराज़ होगा आप मालिक हैं जैसी आप कही गए वैसा इ होगा..

मैं:- अरे नहीं आप मेरी दोस्त हैं और मुझी सैम इ बुलाये गई मालिक नहीं..

रत्न:- O.k तो फिर हम बाबा की बाइक लय क चलती हैं..

Main:-Han यह सही रही गए..

हम काका क कमरे में आ गए..

मैं:- नमस्ते बाबा..

काका:- नमस्ते बीटा यहाँ किसी तुम लोग तो कॉलेज जन्य वाली थय.?

मैं:- जी काका क्या आपकी बाइक मिल सकती ही.?

काका:- क्यू नहीं बीटा.. रत्न दराज़ में सी चाबी लय लो..

रत्न न्य चाबी ली हम बाइक लय क निकल गए कॉलेज की तरफ रत्न मुझी रास्ता बताती रही..

हम 20 मं बाद कॉलेज पोहंच गए...

कॉलेज काफी ाचा था हम अंदर गए मेरी और रत्न की फिलेद अलग अलग थी इस लिए वह दुस्सरि साइड चली गई और मुझी मेरी फिलेद की तरफ जन्य का रास्ता बता दिया..

मैनी फॉर्म लिया और भरनी क लिए पेन नहीं था.. मैनी इधर उधर देखा एक लरकी क पास पेन था वह बी फॉर्म भर रहा था.. मैं उसकी पैसा गया..

मैं:- Hi..

लड़का:- Hi.. क्या मैं आपको जनता हूँ.?

मैं:- नहीं वह बात ऐसी ही क मेरी पास पेन नहीं ही क्या मैं आपका पेन लय सकता हूँ.?

लड़का:- हाँ Zaror..yeh लो..

मैं फॉर्म भरनी लगा..

लड़का:- क्या तुम बी इसी फिलेद मैं हो.?

मैं:- हाँ और तुम.?

लड़का:- हाँ मैं बी इसी मैं हूँ.. फिर तो हम दोस्त बन सकती हैं.?

मैं:- हाँ ज़रूर "मैं सैम ठाकुर"

मैनी अपना हाथ यज्ञ बढ़ाया..

लड़का:- क्या सैम ठाकुर क्या तुम S♡K ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज क मालिक हो.?

मैं:- अरे नहीं मैं वह नहीं हूँ हमारा नाम मिलता ही एक जैसा ही.

मैनी इस टाइम क्लीन शेव और आंखों पी चश्मा लगा होवा था ताकि कोई पहचान न लय..

लड़का:- हाँ हमनी बी उसकी फोटोज देखि हैं उसकी बी ांकें नीली हैं और दरी बी है..

मैं:- तुमनी बरी गुर सी देखा ही उसको सब ठीक तो है न..

लड़का:- अरे नहीं वह बीएस वैसी इ Btw"i'm रोहन "

मैं:- नीस तो मीट यू रोहन.. चलो फॉर्म भर्ती हैं..

रोहन:- हाँ चलो..

हम लाइन में लग गए.. करीब 15 मं बाद एक गारी रुकी कॉलेज क अंडे सब हैरान थय क यह कोण ही जो कॉलेज क अंदर इ गारी लय आया..

अंदर सी एक लड़की निकली पोररी स्टाइल मैं ाख़ून पी चश्मा हाथ मैं मोबाइल और ाच्य खासा ऐटिटूड...

वह सीधा फॉर्म जमा करवानी यज्ञ जन्य लगी..

मुझी यह देख क बोहत गुस्सा आया क सब लाइन में लगी हैं और यह कोण ही जो सीधा फॉर्म जमा करवा रही ही.?

मैं:- Hello! मैडम हम पागल हैं जो लाइन मैं लगी हैं.?

उसनी और सब न्य मेरी तरफ देखा..

रोहन न्य मेरी कंधी पी हाथ रख दिया..

रोहन:- भाई तो जनता नहीं क्या इसको.?

मैं:- जो बी ही लाइन में लग क फॉर्म सबमिट क्रय..

मैं चल क उसकी पास गया..

लड़की:- हु थे हेलल अरे यू.? यू क्नोव हु ी ऍम.?

मैं:- मैं जो बी हूँ सब फॉर्म लाइन मैं सबमिट क्र रही हैं आप बी लाइन मैं लगो..

लड़की:- तुम नए हो इस शहर मैं तुम्ही पता ही मैं कोण हूँ.?

मैं:- ना..

लड़की:- मेरी पापा होम मिनिस्टर हैं एंड I'm ा सोशल मीडिया स्टार इशिका रओ. एक स्टोरी इंस्टा पी दलों न यहाँ रहना मुश्किल हो जाये गए तुम्हारा..

मैं:- वह मैं नहो जनता हमनी फॉर्म लाइन में खरा होकय जमा किया तुम्ही बी करना होगा..

इशिका:- तुम समझती क्या हो अपनी आप को अभी प्रिंसिपल को बुलाती हूँ वह खुद आ क मेरा फॉर्म लय क जाये गए..

उसनी एक फ़ोन किया 5 मं में इ एक 60 क करीब साल का आदमी वहां आज्ञा..

प्रिंसिपल:- जी मैडम कहिये क्या प्रॉब्लम ही..

इशिका:- यह लड़का मुझी कह रहा था लाइन में लग क फॉर्म जमा करो इसको इसकी औकात देखनी थी..

प्रिंसिपल:- मैडम आप फॉर्म मुझु दीजिये और जाइये..

िष्कीका क मुँह पी विजय मुस्कान आ gai..lekin वह ज़्यादा देर तक नहीं रही...

Main:-Ek मं सर..

मैं सब क पास गया और उनका फॉर्म इकठा किये.. और प्रिंसिपल क पास आया..

मैं:- यह लीजिये सब क फॉर्म

प्रिंसिपल:- तो ही कोण बे तुझी जितनी चर्बी वहारी ही न अभी निकलता हूँ..

मैं:- वह क्या ही न सर अगर इस लड़की का फॉर्म आप लय क गए तो सब क लय क जन्य पारी gy..warna.?

प्रिंसिपल:- वर्ण क्या.?

मैं:- इन सब फॉर्म्स को आग लगा दूँ गए जो अंदर पारी हैं उनको बी फुर इसको अकेले पढ़ाती रहिये गए..

प्रिंसिपल:- तेरी इतनी हिम्मत गार्ड्स इसको बाहिर फेक दो और फॉर्म्स वापिस करो सब क..

गार्ड्स मेरी तरफ भारी मैनी फॉर्म रोहन क हाथों में पकराए उसनी कम्पटी हाथों सी फॉर्म पकड़ी..

एक गॉर्ड मुझी डंडा मरण्य आया मारण्य सी पेहली इ वह हवा में और क पैर सी जा क लगा और बेहोश होगया.. हुव यौन क जब वह मारण्य आया मैं एक लत उसकी छाती पी मरी..

यह देख क बाकि गॉर्डस पेहली एक कदम पिच्य हत्य लेकिन फिर मुझी अकेला समझ क मारण्य आ गए

लेकिन कोई बी 2 मं सी ज़्यादा नहीं टिका

एक गॉर्ड क पेट मई मुक्का मारा वह झुक गया फिर उसको मैनी अपनी बज़्ज़ो पी उठा लिया और बाकि दो गॉर्डस की तरफ फेंका वह उनकी ऊपर गिरा तन्नो में दूबरा उतनी क हिम्मत नहीं होइ मैं रोहन सी फॉर्म पकड़ी और एक लरकी सी लिटिर और जला दिया..

प्रिंसिपल:- नहीं सॉरी बीटा सॉरी मैं सब क फॉर्म लय जाता हूँ लेकिन ऐसा मत करना..

मैं:- यह बात आराम सी समजह जाती तो ठीक था..

मैनी फॉर्म प्रिंसिपल को दिए लड़की तरफ देखा वह गुस्से मैं पेअर पिट क चली गई.. बाकि सब बी जन्य लगी क्यू क फॉर्म्स तो प्रिंसिपल लय गया था रोहन मेरी पास आया..

रोहन:- अरे वह तोङने तो उसी हिल्ला क रख दिया लेकिन भाई वह कोई आम लड़की नहीं ही अपनी बेइज़्ज़ती का बदला ज़रूर लय गई..

मैं:- वह बाद में देखी गए..

रोहन:- O.k भाई अब मैं चलता हूँ तेरा नंबर तो दी 15 दिन बाद कॉलेज स्टार्ट होगा तब मिल्ली गए..

मैनी उसको अपना नंबर दिया और उसका नंबर बी लिया..

मैं बाहिर आया तो रत्न मेरा वेट क्र रही थी..

मैं:- सॉरी ज़्यादा लेट तो नहीं करवाया..

रतना:- अरे नहीं मैं बी अभी ी हूँ..

हम बाइक पी घर की तरफ चले गए..



तो बे कंटिन्यू..

नोट:- सॉरी भाई तबियत तोहरी ठीक नहीं ही इस लिए लेट और व्होट अपडेट आया ही मई बी आज लेट नाईट ेक्नॉर अपडेट आ जाये
 
अपडेट NO.25


हम लोग कॉलेज सी निकल गए घर की तरफ.. रस्ते में.

मैं:- यहाँ सब सी अछि जगह किधर ही घूमनी क लिए.?

रत्न:- बोहत हैं..

मैं:- शाम को तुम बी हमारी साथ चलना..

रत्न:- मैं क्या करों गई आ क.?

मैं:- जो हम कार्य गए और गाइड बी करना हम नए है न इधर माँ बी साथ नए जाये गई..

रत्न:- O.k बाबा सी पॉच क बताओं गई..

मैं:- जैसी तुम्हारी मर्ज़ी..

हम घर पोहंच गए..

मैं:- माँ माँ..

माँ और आयेशा किचन सी बाहिर ी..

माँ:- आज्ञा होगया एडमिशन.?

मैं:- जी होगया..

आयेशा पानी का गिलास लय क ी..

मैं:- अरे माँ इंस्पेक्टर सी इतना काम करवा रही हैं कहीं अंदर न क्र दी..

आयेशा:- काम नहीं करवाओ गए तो अंदर करों गई.. यह मेरा घर ही और िसमय काम करनी सी क्या नखरा.?

माँ:- और नहीं तो क्या इनको इ तो संभालना ही लेकिन जब तेरी माँ ही बेफिक्र रहो..

मैं:- अरे बाबा माफ़ करो मैं बीएस ऐसी कह रहा था.... मैं नाहा क आया माँ..

मैं अपनी कमरे में चला गया और बाथरूम में जा क नहंय लगा..

नाहा क बाहिर आया तो मेरी कापरी बीएड पी पारी थय शायद आयेशा न्य निकल दिए थय..

मैं कापरी चेंज किये और बालकनी में जा क बेथ गया और हैंडफ्री लगा क गण्य सुननी लगा मुझी पुरानी गांय बोहत पसंद थय मैं अक्सर मोहम्मद रफ़ी क गण्य सुनता रहता था अभी मैं मस्त ांकें बंद क्र क गांय सुन रहा था क मेरी कान मैं सी हैंडफ्री उतर गई..

यह आयेशा थी..

आयेशा:- क्या हुवा ऐसी क्यू बैठी हैं.?

मैनी उसको खिंच क अपनी गॉड में बिठा लिया और उसकी गर्दन की दोनों साइड बाज़ो दाल लिए वह मेरी सैन्य सी ठीक लगा क बेथ गई..

मैनी एक हैंडफ्री उसकी कान में बी लगा दी..

हम दोनों गण्य में मगन थय मुझी ऐसा लग रहा था मुझी बीएस यह इ चाहिए और कुछ nahi..q क जब बी मैं अपनी बीवियों में सी किसी क बी साथ होता तो कुछ कमी मह्सूस नहीं होती थी..

मैं गण्य को फुल एन्जॉय क्र रहा था हलकी हलकी हवा चलनी लगी मौसम बी बोहत ख़ूबसूरत बन गया

मेरा मान चाय पिनय का करनी लगा क्यू क अमेरिका में कभी घर जैसी चाय नहीं पि लेकिन जब माँ क हाथों की चाय पिता हूँ तो लगता ही चाय को इंटरनेशनल गोल्ड मैडल दी दूँ..

मैं:- कॉफ़ी पीणो गई या चाय.?

आयेशा:- आपको जो पीना ही बता दी जिए मैं बना क लती हूँ..

मैं:- नहीं आप बताओ कॉफ़ी या चाय.?

आयेशा:- कॉफ़ी..

मैं:- O.k बैठो मैं बना क लता हूँ..

आयेशा:- मैं बना लती हूँ...

मैं:- मेरी जान आप बैठो मैं अभी आया..

मैं नीची किचन की तरफ गया वहां माँ नहीं थीं मैनी कॉफ़ी बनानी क लिए राखी और बाहिर माँ को देल्हनी लगा उनकी कमरे की तरफ गया तो वह बीएड पी लेती थी..

मैं उनकी करीब गया वह सू रही थी शायद बुक पार्टी होइ सू गई थी मैं उनकी ऊपर सी बूल हटाई उनको थोड़ा सीधा क्र क बिस्तर पी लिटा दिया और उनकी ऊपर चादर दाल दी और लाइट बंद क्र दी और उनकी गाल पी किश किया..

मैं:- मेरी ज़िन्दगी मैं चाही कितनी प्यार करनी वाली आ जाये लेकिन आपकी प्यार का मुकाबला नहीं क्र सकता मैं आपसी वडा करता हूँ दुनिया की हर ख़ुशी दूँ गए चाही उसकी लिए मुझी कुछ बी करना पारी..

मैं यह कह क बाहिर आ गया बाहिर रत्न बेथ क बुक पर रही थी..

मैं उसकी पास चला गया..

मैं:- रत्न क्या मेरी एक मदद करो गई.?

रत्न:- जी बोलिये..

मैं:- वह एक कप चाय बना दो गई मुझी कॉफ़ी बनानी अति ही लेकिन चाय नहीं..

रतना:- अरे ज़रोरो अभी बना क लती हूँ..

वह किचन में चली गई थोड़ी इ देर में चाय और कॉफ़ी दोनों ट्रे में रख क लय ै..

मैं:- थैंक ु सू मच.

रत्न:- कोई बात नहीं अब दोस्ती की है तो निभानी तो पारी गई..

मैं:- जी ज़रूर..

मैं ट्रे लय क आयेशा क पास agya..Usko कॉफ़ी दी..

आयेशा:- खुद बनाई.?

मैं:- हाँ..

हम फिर वैसी इ बेथ गए एक हैंडफ्री उसकी कान में तजि एक मेरी कान में..

मैनी हैंडफ्री उतर दी उसनी एक सिप लगया कॉफ़ी का..

ाएहसा:- Ummmm...Amazing..

मैं:- अरे ऐसी बी बात नहीं ही..

आयेशा:- अरे आप जानती माहि हैं इतनी अछि कॉफ़ी पहली बार पि है mainy..bohat सी बारी बारी होटल्स में सी बी ऐसी कॉफ़ी नहीं मिलती..

मैं:- ऐसा क्या...

आयेशा:- किधर सी सीखी.? लगता तो ऐसी ही रोज़ प्रैक्टिस कृत्य हो जो आज इतनी परफेक्ट कॉफ़ी बना लाती हैं..

मैं:- हाँ 2 साल सी मुसलसल बना रहा हूँ रोज़ अब तो आंख बंद क्र क बी बना सकतहुँ..

Ayesha:-To आप चाय क्यू बना क लाये अपनी बी कॉफ़ी लय आती..

मैं:- मैं कॉफ़ी नहीं पिता..

आयेशा:- क्या.? तो फिर किस क लिए बनती हो रोज़.?

मैं:- तनीषा क लिए मेरी हाथ की कॉफ़ी पिए बगैर उसकी सुबह इ नहीं होती..

आयेशा:- क्या आप रोज़ तनीषा को कॉफ़ी देती हैं वह सुबह.?

मैं:- हम्म..

आयेशा:- उप्पेर वाला सब को आप जैसा प्यार करनी वाला पति सब को दी..

मैं:- न जी में तो एक इ हूँ वह बी आप का..

आयेशा:- वह तो ही वे अरे सू लकी...

मैं:- ाचा वह चोरो यह बताओ कल ड्यूटी ज्वाइन करनी क लिए रेडी....

आयेशा:- पता नहीं क्यू मेरा डिल नहीं क्र रहा अब डिल करता ही बीएस घर रह क आपकी सेवा करों बीएस..

मैं:- बिलकुल नहीं यह आपका पैशन ही और मुझी कोई प्रॉब्लम नहीं ही बीएस हमारी लिए थोड़ा टाइम निकल लेना इंस्पेक्टर साहिबा..

आयेशा:- आपकी लिए अपनी जान निकल क रख दूँ टाइम तो नोहत दूर की बात ही..

मैं:- ी लव यू!

आयेशा:- ी लव यू तू!

फिर हलकी हलकी बारिश शुरू जो गई और गुड़िया की चुटी का टाइम बी होगया..

मैं गारी लय क गुड़िया क स्कूल चला गया.. बारिश की वजह सी गारी अंदर स्कूल क ग्राउंड तक लय क जन्य की इजाज़त थी मैं बी गारी अंदर लय गया..

गुड़िया अंदर कुछ लडकियोँ क साथ खरी थी मैं गारी खरी क्र क बाहिर आया..

मैनी गुड़िया की तरफ हाथ हिलाया उसनी बी मुझी देखा और भाग क मेरी पास आगे और मेरी गली लग गई..

मैं:- केसा था दिन मेरी गुड़िया का.?

शिखा:- सब सी ाचा... आपको किसी सी मिलवाती हूँ..

उसनी जिन क पास वह खरी थी उनको इशारा किया वह बी आ गई वह 4 लड़कियां थी गुड़िया की hi उम्र की..

वह चारो मेरी पास गई..

शिखा:- यह हैं मेरी भैया... और भैया यह हैं मेरी फ्रेंड्स

मैं:- Hello लिटिल एंगेल्स

सब:- ही..

मैं:- आपको लेनी नहीं आया कोई बारिश बी तेज़्ज़ होजाइ शायद...

फ1:- बीएस अन्य इ वाली होंगी..

फ2:- आप पेहली क्यू नहीं आती थय चोरनी शिखा को.?

मैं:- मैं यहाँ था इ नहीं लेकिन अब रोज़ ए गए..

शिखा:- O.k bye काल मिल्ली गए..

Main:-Bye ..

सब:- Bye...

मैं गुड़िया को गारी में बैठाया और स्टार्ट क्र क बाहिर आया इ था गुड़िया न्य गारी साइड में रोकनी को कहा..

Main:-Kyaa हुवा गुड़िया.?

शिखा:- भैया वह देखो हमारी टीचर बारिश में भीग रही हैं क्या हम उनको लिफ्ट दी सकती हैं.?

मैं:- क्यू नहीं ज़रूर ऐसी इ सब का ख्याल रखा करो O.k...

शिखा:- जी भैया..

मैनी उनकी करीब गारी रोकी वह ऑटो को देख रही थी लेकिन बारिश की वजह सी खोज नहीं मिल रहा था..

गुड़िया न्य दरवाज़ा खोला और अंदर सी क्यू क बाहिर बारिश बोहत तेज़्ज़ हो रही थी..

Shikha:-Namste मम

मम:- नमस्ते शिखा..

शिखा:- मम ए हम आपको आपकी घर tk.chor दी गए..

मम:- नहीं बीटा आप जाओ मैं चली जाओं गई..

शिखा:- मम बारिश बोहत तेज़्ज़ हो रही ही हम चोर देती हैं मैं और भैया इ हैं बीएस..

इतनी में बिजली कार्की मम दर गई और जल्दी सी गारी का पिच्य वाला दरवाज़ा खोल क बेथ गई..

शिखा न्य बी दरवाज़ा बंद क्र दिया..

मैनी गारी चला दी...

मैं:- आपका घर किधर ही.?

मैनी उसकी तरफ देखा वह पोररी भीग चुकी थी 35 40 साल की होगी करीब दिखनी बी अछि थी भरा हुवा बदन..

शिखा:- भैया अपनी कॉलोनी में इ रहती हैं मम..

मैं:- O.k

मम:- क्या तुम शिखा क कज़न बरोथेर हो.?

मैं:- नहीं यह मेरी सगी छोटी बेहेन ही..

मम:- पेहली तो कभी नहीं देखा.?

मैं:- वह मैं कुछ दिन पेहली इ अमेरिका सी लोटा हूँ..

मम:- कितनी देर क लिए गए होगी फिर बी मैं कितनी बार शिखा क घर गई हूँ लेकिन इसकी माँ न्य कोई ज़िक़र नहीं किया..

मैं:- जी मैं 15 साल बाद वापिस आया हूँ..

मम:- O.k अब क्या क्र रही हो?

Main:-College मैं एडमिशन लिया ही 15 दिन बाद कॉलेज ही..

मम:- सही..

इतनी मैं हम मम क घर तक पोहंच गए जो क गुड़िया न्य रास्ता बताया था..

मम:- थैंक ु सू मच अगर तुम न आती मैं तो पता नहीं किसी घर अति..

मैं:- ऐसी कोई बात नहीं किसी बी चीज़ की ज़रूरत हो आप मुझी बता दीजिये ga..Main रोज़ गुड़िया को चोरनी ाओं गए आपको बी पिक क्र लूँ का गए िफ़ ु wan't..

मम:- यह तो तुम्हारा बोहत बारे एहसान होगा..

मैं:- ऐसी कोई बात नहीं मैं कल 8 बजी आ जाओं गए..

फिर मैं गारी घर को लय गया..

गुड़िया और मैं अंदर आ गए... माँ उठ गई थीं..

मैं:- अरे आप आराम क्र रही थी na.?uth क्यू गई.?

माँ:- हाँ नींद खुल गई to.uth गई तो बता खाना खाये गए क नहीं और तो खाइये गई.?

मैं:- हाँ अभी बीएस तनीषा और अंजलि आ जाये फिर कहती हैं...

माँ:- ओह्ह हूँ बीवी क बिना खाना नहीं हज़म होगा.?

मैं:- नहीं उनको मैनी फ़ोन किया था वह बी आ रही थी काम ख़तम होगया था इस लिए..

इतनी मैं गारी ी दोनों अंदर आ गई..

माँ:- आगे मेरी बच्चियां.?

तनीषा:- जी माँ आ गई..

अंजलि:- आज तो ठाक गई..

माँ:- फ्रेश हो जाओ मैं खाना लगाती हूँ..

माँ किचन मैं चली गई...

मैं:- मेरी जान ठाक गई.?

अंजलि:- और नहीं तो क्या इतना काम पेंडिंग था सारा ख़तम क्र क ए हैं आज..

मैं:- अरे वह एक इ दिन मैं..

तनीषा:- Ji...Aur इंटरव्यूज लेनी हैं कल आप लय गए या मैं लय लोन.?

मैं:- तुम इ लय लेना..

Anjili:-Main फ्रेश हो क ी..

मैं तनीषा क साथ अपनी कमरे मैं आज्ञा..

मैं:- आज तो मौका बी ही दस्तूर बी ही..

मैनी उसको अपनी तरफ खींच लिया..

तनीषा:- आपकी इरादे नीक नहीं लगती आज..

Main:-Bilkul नहीं आज मौसम बी रोमांटिक ही...

तनीषा:- लेकिन रात तक वेट करना पारी गए..

मैं:- अब नहीं होता...

मैनी अपनी होंठ उसकी होंठों पी रख दिए दोनों किश को एन्जॉय क्र इ रही थय क एक आवाज़ ी जो क माँ की थी..

माँ:- खाना त्यार ही ाजाओ...

तनीषा किश टूर क मेरे गली लग गई..

तनीषा:- आज मुझी पूरी तर्हां अपनी बना लो..

मैनी उसकी सर पी किश किया और बोलै..

मैं:- आज रात को हमारी सुहागरात होगी.. प्रॉमिस..

तनीषा:- मैं कब सी वेट क्र रही हूँ इस पाल का...

मैं:- अब और नहीं...

तनीषा:- माँ बुल्ला रही हैं मैं फ्रेश होकय ी..

तनीषा बाथरूम में चली गई..

मेरा फ़ोन बजनी लगा देखा तो M'bua का फ़ोन tha..phone पिक किया..

मैं:- Hello

M'bua:- Hello केसा ही भूल तो नहीं गया अपनी बुआ को.?

मैं:- अरे नहीं बुआ ऐसी बात नहीं ही अभी कल इ तो ए हैं घर..

A'bua:- वह सब चोर मैनी अपनी पति को साब बता दिया ही वह त्यार बी ही 2 दिन बाद जन्य क लिए रेडी बी ही क्या तो फ्री होगा.?

मैं:- हाँ बुआ अभी इ फ्री हूँ बीएस फिर तो कॉलेज शुरू होजाये गए आप रेडी राहू हम 2 दिन बाद चले गए..

फिर इधर उधर की बात क्र क फ़ोन बंद क्र दिया.

तनीषा बी बाथरूम सी बाहिर आ गई हम दोनों नीची चले गए सब न्य मिल क खाना khaya..phir लाउन्ज में बेथ गए..

मैं:- बारिश तो बंद जो गई शोपिंग पी चलना ही.?

अंजलि:- जी जाना ही मैं तो कापरी इ नहीं ले..

मैं:- O.k मेरी जान तो सब रेडी होकय आ जाओ चले शोपिंग पी मूवी बी देखी गए..

सब:- एहहहहह..

सब त्यार होनी चले गए मैं रत्न को बी रेडी होनी का कह दिया

थोड़ी देर मैं हम शोपिंग क लिए मॉल चले गए हम मॉल क अंदर गए तो सब लेडीज सेक्शन की तरफ चली गई मैनी रत्न को बी शोपिंग करवानी को तनीषा को कहा सब शोपिंग करनी में मस्रोफ थी मैं घूम फिर रहा था मेरा ध्यान एक ब्राइडल सूट पी गया ...

मुझी पहली नज़र में इ भ गया वह मैं उसको खरीद लिया..

मैं शॉप सी बाहिर आया तो मेरी तकर एक लड़की सी होई..

मैं:- I'm सॉरी वह गलती सी..

मैनी देखा तो हैरान रह गया यह वही लड़की थी जो दीदी सी बदतमीज़ी क्र रही थी..

लड़की:- अरे कोई बात नहीं मैं बी देख क नहीं चल रही thi....Are आप आप तो वही हैं न मॉल वाली.?

मैं:- जी वैसी वप आज इतनी शांत किसी हैं.,?

लड़की:- बीएस उस दिन कबत पता चला किसी क बी साथ बदतमीज़ी नहीं करनी चाहिए कोण क्या किस को पता ही..

मैं:- कॉफ़ी.?

लड़की:- सूरे..

हम कॉफ़ी शॉप में आ गए..

मैं:- I'm सैम..

लड़की:- I'm अबीरा..

मैं:- नीस नाम..

अबीरा:- Thanks...Wesy अकेले ए हैं.?

मैं:- नहीं वह शोपिंग क्र रही हैं..

अबीरा:- वह शॉप वाली.?

मैं:- Ji.wesy आप क्या क्र रही हैं आज कल.?

अबीरा कुछ नहीं बीएस शादी की चारियाँ अपनी..

मैं:- That's ग्रेट कोंग्रटुलतिओं..

अबीरा:- थैंक ु आपको आना बी पारी गए..

मैं:- सूरे वैसी कब ही.?

अबीरा:- नेक्स्ट मंथ ही अपना ब्राइडल ड्रेस देखनी ी थी...

मैं:- नाउ वे अरे फ्रेंड्स एक छोटा सा तोहफा दूँ प्लीज मन मत करना..

अबीरा:- अरे आप प्यार सी दी गए तो क्यू मन करूँ गई भला.?

मैं:- सो योर ब्राइडल ड्रेस इस फ्रॉम माय साइड..

अबीरा:- अरे नहीं कुछ और दी दीजिये...

मैं:- मैनी पेहली कहा तजा मन मत करना एंड यू प्रॉमिस.. चलो देखती हैं..

मैं अबीरा क साथ शॉप पी चला गया उसको लेहंगा पसंद करनी को खा हम एक शॉप सी गुज़र रही थय सामन्य एक लेहंगा लटका हुवा था..

अबीरा:- वाओ यह कितना सुन्दर है न.

मैं:- हाँ चलो पोछती हैं...

हम अंदर आ गए

अबीरा:- भैया क्या वह सामन्य वाला लेहंगा त्यार ही.?

S.k:- नहीं मैडम 15 दिन में उसकी देलेवेय मिल जाये गई लेकिन..

अबीरा:- लेकिन क्या.?

S.k:- यह बोहत महंगा ही...

अबीरा:- कितनी का ही.?

S.k:- 15 लाख का..

अबीरा:- क्या इतना महंगा... हम कोई और देख लय गए. चलो..

मैं:- अपनी दोस्त की ख़ुशी क लिए पैसी क्या चीज़ तुम्ही पसंद करनी को कहा था न क पैसी देंय को..

अबीरा:- लेकिन वह..

मैं:- भैया यह लीजिये कार्ड पेमेंट कीजिये आप

उसनी कार्ड लिया पेमेंट क्र ली अबीरा न्य एड्रेस लिल्हवा दिया.. हम फिर कफ्डी शॉप मैं आ गए..

अबीरा:- वैसी क्यू अपनी इतना महंगा लेहंगा लिया.? आप मुझी आज दूसरी बार मिल रही हैं और ऊपर सी मैं आपकी इंसल्ट बी की थी.?

मैं:- नहीं पता क्यू बीएस मुझी लगा तुम्हारा मान साफ़ होगया और मेरी तरफ सी दोस्ती ोा पहला तोहफा समझ लो या ेओ बेहेन को भाई की तरफ सी तोहफा समझ लो..

अबीरा की ांकें भार ी वह उठ क मेरी गाली लग गई..

अबीरा:- पता ही मुझी हमेशा सी एक भाई चाहिए था जिस क साथ मैं खेल सकती घुमनी जा सकती उसको अपनी ज़रूरत बता सकती लेकिन हम 2 बहने इ थी जो आपस मैं एक दोस्सरी को दिलासा देती थी आज मिझी तुम्हे रूप मैं भाई मिल gya..Kya मैं भाई बुला सकती हूँ आपको.?

मैं:- हाँ क्यू नहीं ज़रूर अब किसी बी चीज़ की ज़रूरत हो तो मुझी बताना

Abira:-Theek ही भाई...

मैं:- शादी अपनी मर्ज़ी सी या पापा की.?

अबीरा:- नहीं पापा की मर्ज़ी सी लेकिन मैं बी पसंद करती हूँ उसको..

मैं:- क्या करता ही वह.?

अबीरा:- कुछ नहीं अमेरिका में S♡k कंपनी मैं वेल सेटेल्ड जॉब ही..

मैं:- नाम क्या ही उसका.?

अबीरा:- अभिशेख !

मैं चौंक गया उसका नाम सुन क

मैं:- तुम्हारी पापा किसी जानती हैं उसको.?

अबीरा:- पापा अमेरिका गई थय तो उसी मिल्ली फिर वह इधर आया वह अपनी एक दोस्त की हमेशा बात करता ही वह कहता ही उसका बीएस वही ही अभी कह रह था वह बी इंडिया आया हुवा ही इंडिया आ क उसको शादी खबर सुनाये गए...

मैं:- तुम्हारी पास उसकी कोई फोटो ही.?

अबीरा न्य फोटो दिखाई मैं चौंक गया क्यू क यह मेरा सब सी करीबी दोस्त था जो क मुझी स्कूल क टाइम मिला था वह आइस क्रीम ट्रक चलता था रोज़ छुट्टी क बाद उस सी मिलता था उसका अपना कोई बी नहीं था वह मुझी सब कुछ मंटा था फिर कंपनी खोलनी क बाद मैं उसको ुसमय काम दी दिया उसका कहानी मैं ज़िकर इस लिए नहीं किया क्यू क उसकी साथ बोहत सी राज़ जाए हैं जो अभी खोलनी बाकि हैं..

मैनी अपना फ़ोन निकला और नंबर दिल किया और स्पीकर ों क्र क टेबल पी रख दिया...2 रिंग में इ फ़ोन पिचकूप होगया..

अभिषेक:- Hello भाई केसा ही बारी दिनों बाद याद किया..

अबीरा आवाज़ सुन क हैरान होगी वह बोलनी लगी मैनी उसका हाथ पाकर लिया..

मैं:- एक डैम बरिया हूँ वह बात ऐसी ही क कल मेरी शादी ही यहाँ...

अभी:- क्या.? और to.mujhy अब बता रहा ही सालयी तुझी चोरो गए नहीं मैं आज इ इंडिया क लिए निकल रहा हूँ तुझी आ क बातों गए..

मैं:- ाचा जी उल्टा चोर कोतवाल को दन्ताय.?

Abhi:-Matlab.?

मैं:- I'm सॉरी..... बसड्क शादी तेरी हुए मुझी बोल रहा ही.?

अभी:- भाई वह मैं तुझु इंडिया आ क बतानी वाला tha..Aur आज सी पेहली कभी सोरी नहीं बोलै गली देती होय आज क्यू भाई देख नाराज़ मत हो मैं कल इ आ रहा हूँ प्लीज नाराज़ नहीं..

मैं:- न भाई अब गलती सजा तो तुझी मिल्ली गई..

अभी:- भाई को सजा दी गए.? बोल..

मैं:- न पेहली वडा क्र फिर बताओं गए..

अभी:- भाई यह जान बी तेरी ही तो मांग क तो देख..

मैं:- ज़्यादा इमोशनल न हो बीएस मैं यह छठा हूँ तो कोटना प्यार मुझसे करता ही उतना इ मेरी बेहेन सी कार्य..

अभी:- मतलब.? बेहेन सी झतु तुझी गलत खबर मिली ही मेरी सपनो की रानी तो H.M की बेटी ही..

मैं:- अबे मैं अपनी बेहेन अबीरा की hi बात क्र रहा हूँ...

अभी:- मतलब अवनीश अंकल h.m लेकिन ुम्हो न्य तो अपना नाम कुछ और बताया था ...

मैं:- सॉरी अबे झतु बात तो पूरी सुन...

अभी:- तेरा सोरी खरक रहा ही मुझी पेहली तो...

अबीरा:- लेट मी एक्सप्लेन...

अभी:- एज आवाज़ तो अबीरा की ही अबीरा इस तहत ु.?

अबीरा:- जी मैं इ हूँ आप बात तो सुन लय पेहली भाई आपको कंफ्यूज क्र रहा ही...

अभी:- बोलो...

फिर उसनी साडी बात बता दी..

अभी:- भाई कितना क्रय गए.? मुझ जैसी अनत क लिए..

मैं:- तो मेरी सामन्य होता न एक खेंच क लगता किसनी कहा अनत ही तू मेरा भाई ही अगर तो नहीं मंटा तो ठीक ही..

मेरी आवाज़ रोनी वाली होगी..

अभी:- नहीं सैम आईएम सॉरी प्लीज रो न अबीरा प्लीज मेरी भाई को रोनी मत देना भाई मुझी माफ़ करदी प्लीज..

मैं:- यज्ञ सी ऐसी कार्य गए.?

अभी:- बिलकुल नहीं..

अबीरा न्य मेरी आंखें साफ़ की और बोली..

अबीरा:- अगर मेरी भाई क आंखों मैं यज्ञ सी आपकी वजह सी आंसूं ए मैं नहीं चोरो गई..

अभी:- बिलकुल नहीं सॉरी भाई मैं कल तक ाजाओं गए..

मैं:- चल तुझी to.mill क बताओं गए

अभी:- O.k bye अबीरा..

अबीरा:- बई..

फ़ोन सुत्त होगया..

फिर कॉफ़ी शॉप में सब आ गेन...

अंजलि देखती इ पहचान गई..

अबीरा:- आईएम सॉरी उस दिन क लिए मैं वाकई बोहत शर्मिंदा हूँ

अंजलि:- अरे कोई बात नहीं पुराणी बातून को निकल क क्या मिल्ली गए..

मैं:- वैसी ही हमारी अबीरा भाभी..

सब:- भाभी.?

अबीरा शर्मा गई..

मैं:- तनीषा अभी की होनी वाली पत्नी हैं यह..

तनीषा:- क्या मेरी सुबह बात होइ उस सी लेकिन उसनी तो नहीं बताया..

मैं:- यहाँ आ क सरप्राइज देना चाहता था इसी लिए..

फिर इधर उधर की बातें क्र हम घर आ गए...

तो बे कंटिन्यू

नोट:- भाई लिखे और रिव्यु ज़रूर दिया करो आपका रिव्यु हम्र्य लिए सब कुछ होता ही एक राइटर बीएस रिव्यु देख इ खुश होता ही अपनी कीमती राइ का इज़हार ज़रूर किया क्रय
 
अपडेट NO.26


हम गारी में बेथ क घर की और निकल गए करीब 20 मं में इ घर पोहंच गए माँ बाहिर हॉल में इ बैठी थी मागज़ीने पढ़ रही रहीं..

माँ:- आ गए बचो..

मैं:- जी माँ..

माँ:- बैठो मैं पानी लती हूँ..

तनीषा:- मैं लय क अति हूँ..

तनीषा बैग्स अंजलि को पकड़ा क किचन में सी पानी लय ी..

सब पानी पि रही थय और माँ को शोपिंग दिखा रही थी..

Main(adi से):- भाई एक काम क्रय गए..

अदि:- जी भाई आप हुकम करो..

मैं:- मेरा कमरा सजाना ही सुहागरात क लिए..

अदि:- ोईव होईए...

मैं:- क्या अपनी बीवी क साथ मन रहा हूँ..

अदि:- नए बीएस वैसी इ काम होजाये गए...

मैं:- थैंक ु भाई..

मैं तनीषा को इशारा क्र क कमरे में बुलाया वह बी आ गई..

तनीषा:- जी बुलाया..

मैं:- अपनी जान को अब बुला बी नहीं सकती. क्या.?

तनीषा:- अरे नहीं मैं बीएस वैसी इ पोछ रही रही थी..

मैं:- वह सब चोरो यह लो..

तनीषा:- यह क्या ही.?

मैनी तनीषा को अपनी तरफ खेंचा और बहून में भर लिया..

मैं:- अपनी सुहाग रात क लिउए त्यार नहीं होना क्या.? उसी क लिए आपका ड्रेस..

तनीषा बुरी तर्हां शर्मा गई.. और मेरी सीने में मुँह छुपा लिया..

मैं:- प्लीज ऐसा मत करो वर्ण मैं रात सी पेहली इ..

तनीषा मेरी सिन्नाय पी हल्का सा मूका मारा

तनीषा:- धत्त!

मैं:- अब जल्दी सी त्यार हो जाओ..

तनीषा बैग लय क कमरे सी बाहिर भाग गई..

मैं हल्का सा मुस्कुरा दिया..

तनीषा बैग लय क बाहिर भाग क ी यो उसकी सांसें फूली होइ थी सब बाहिर इ बैठी थी..

माँ:- क्या हुवा बीटा इतनी ज़ोर ज़ोर सी सांसें क्यू लय रही ही.?

अंजलि:- सब ठीक यो ही न.?

लेकिन तनीषा कुछ नहीं बोली बीएस नज़रें नीची क्र क खरी थी और अपना दुपटा मोरी जा रही थी..

माँ:- और इस बैग में क्या ही.?

आयेशा न्य बैग उसकी हाथों सी लय लिया और खोला अंदर सी दुल्हन का जोटा निकला..

आयेशा:- यह किसका ही.?

तनीषा और बुरी तर्हां शर्मा गई और माँ क गली लग गई..

माँ सब समझ गई..

माँ:- मैं समझ गई..

आयेशा:- क्या समझ गई आप.?

माँ:- यह क आज सुहागरात ही मेफी बेटी की...

अंजलि:- ोई होईए.. इसी लिए शर्मा रही थी...

आयेशा:- क्या बात ही आज too...full..

माँ:- तुम दोनों चुप करो क्यू टांग क्र रही हो मेरी बची को..

माँ न्य तनीषा का चेहरा ऊपर kiyaa..Aur माथे पी किश किया..

माँ:- चाँद सी दुल्हन बनाओ गई अपनी बची को...

अंजलि:- चलो त्यार कृत्य हैं इसको टाइम काम hy..pehly क्यू नहीं बताया..

Tanisha(sharmate होय):- मुझी बी नहीं पता था...

माँ:- चलो अभी बोहत टाइम ही..

इधर मैं लैपटॉप चला रहा था क मेरी नज़र क सामन्य सी एक न्यूज़ गुज़री..

न्यूज़:- एक इंटरनेशनल मेडिसिन कंपनी न्य इंडियन गोवत. सी डील सिग्न करनी का फैसला किया ही अगर यह डील होगी तो आर्गेनिक मेडिसिन्स यहाँ ए गई यह डील सिग्न करनी उस कंपनी की 70% शेयर होल्डर सिग्न करनी आ रही hy..Agr यह डील होगी तो जो मेडिसिन 2000 की ही 500 में मिल्ली गई..

मैं न्यूज़ पर क खुश हुवा क चलो अछि बात ही देर सी इ सही कोई ाचा कदम तो उठाया गोवत. न्य...

मैनी लैपटॉप बंद किया और बालकनी में आ क बेथ गया और फ़ोन निकल क हीना को किया..3 4 रिंग्स में इ उठा लिया..

हीना:- Hello सर..

मैं:- Hello... एयरपोर्ट पहंच गए.,

हीना:- Ji...sir बीएस 10 मं पेहली इ ए हैं 2 घंटी बाद फिल्घ्त ही..

मैं:- O.k पोहंच क फ़ोन करना..

फ़ोन कट क्र मैनी रूचि दीदी को फ़ोन लगाया..2 रिंग में इ उठा लिया..

रूचि:- Hello..aa गई याद हमारी.?

मैं:- भुला इ कब हूँ अभी कल तो घर आया हूँ आप बी अभी कुछ समय पेहली पोहंची हो.?

रूचि:- मज़ाक क्र रही थी.. तेरी बिना घर अधूरा सा ही...

मैं:- दीदी प्लीज आप रोना मत अब आपको पता ही न क मैं आपकी आंख में आंसूं नहीं देख सकता..

रूचि:- हम्म बीएस 1साप की बात ही फिर मैं बी तेरी पास इ आ जाओं गई..

Main:-Hmm..Aur हाँ दीदी कुछ लोगो की फोटोज आपको सेंड की हैं वह कल तक वहां आ जाये गए उनकी रहंय का ध्यान रखना और घर पी एक कूरियर ए गए वह उनको दी देना..

रूचि:- कोण हैं वह.?

मैं:- कुछ ख़ास दोस्त हैं और हाँ प्लीज ऑफिस की ज़्यादा टेंशन मत लेना.

रूचि:- अभी ऑफिस जा कंपता चले गए..

मैं:- O.k T.c Bye..

रूचि:- Bye अपना ख्याल रखना..

फ़ोन कट...

मेरी दिमाग में अभी बी वह न्यूज़ चल रही थी..

मैं फिर लैपटॉप लय क बालकनी में बेथ गया और इस डील क बारी में और परण्य लगा

मैनी एक बात नोटिस की थी अगर यह डील होगी तो यहाँ की फार्मा इंडस्ट्रीज तो बंद करनी की नौबत आ जाये gi..Yeh बात मुझी थोड़ी खारकी

16 Oct....Deal सिग्न होनी का दिन...



खैर मैनी साडी सोच को साइड क्र क लैपटॉप बंद किया और अपनी जान को फ़ोन किया यानि कोमल को..1 रिंग में उठा लिया फ़ोन..

मैं:- Hello मेरी जान किसी हो.?

कोमल:- आपकी बिना किसी होंगी.?

मैं:- क्या हो रहा ही.?

कोमल:- कुछ नहीं बीएस अवनि और दीदी क साथ घूमनी जन्य लगी थी..

मैं:- O.k एन्जॉय करना..

कोमल:- नहीं जाओं गई नाराज़ तो न हो..

मैं:- मेरी जान सी नाराज़ किसी होसकता हूँ मैं तो कह रहा था अगर लेट होगी तो अन्य बी लेट होगा इस लिए टाइम पी जाओ और टाइम पी औ.

कोमल:- पका न..

मैं:- बिलकुल मेरी जान..

कोमल:- ी लव यू!!

मैं:- ी लव यू तू!!!

फ़ोन कट...

मैं अदि को बोलै

मैं:- भाई कब रेडी होगा रूम.?

अदि:- अभी होगया...

वही दोस्सरी और..

एक टेबल पी काफी लोग बैठी थय.. ऐसा लग रहा था कोई बोहत ज़रूरी मीटिंग चल रही ही लेकिन सब सी बरी और सेण्टर वाली चेयर खली थी..

थोड़ी देर मैं एक दरवाज़ा खुला और एक आदमी पैन कोर्ट पेहेन क अंदर आया पोरी स्टाइल में आ क चेयर पी बेथ गया...

आदमी:- सो फाइनली डील होनी वाली अब हमारा देश यज्ञ बारी गए गरीब लोगों को बी मेडिसिन मिल्ली गई I'm सो Happy..Clapss...

सब शांत बैठी rahy..Ek आदमी बोलै..

आदमी2:- यह क्या बोल रही हैं सर हम बर्बाद हो जाये गए...

आदमी:- मुझी पता ही हामी कुछ करना ही वर्ण अब तक जो दो no. मेडिसिन बेच बेच काम्य ही न सब चला जाये गए...

आदमी2:- हम क्या क्रय सर....

आदमी:- उसको मरना होगा सिग्न करनी सी पेहली...

आदमी1:- अगर उसको मर बी दिया तो कोई और आ जाये गए सिग्न करनी..

आदमी:- हाहाहा नहीं ए गए..16 ॉट इंडिया की बर्बादी है दिन हाहाहाहा

सब बी हसने लगी और देखती देखती सारा हॉल खली होगया...

तो बे कंटिन्यू...

नोट:- आज रात सुहागरात होगी✌
 
अपडेट NO.27


करीब 8 बाजी माँ मेरी कमरे में ी मैं अभी बी लैपटॉप चला रहा था कुछ ज़रूरी डाक्यूमेंट्स पढ़ रहा था.

माँ कमरे में ी तो कमरे को देख क...

माँ:- वहहहह.. क्या सजाया ही...

मैं:- अरे माँ ए... ाचा लगा.?

माँ:- बोहत ाचा ही काश मेरा कमरा बी ऐसा सजा hota..(yeh बात आराम सी कही थी माँ न्य)

मैं:- जी.?

माँ:- कुछ Nahi...Woh चोर यह बता तो त्यार क्यू नहीं हुवा अभी तक.?

मैं:- मैं क्या त्यार हूँ.?

माँ:- शेरवानी पेहेन लय..

मैं:- वह तो लाया नहीं.?

माँ:- मुझी पता था इसी लिए ले हूँ यह लय..

मैं बैग लय क बाथरूम में जन्य लगा..

माँ:- तू नीची मेरी वाली कमरे में जा क चेंज क्र लय..

मैं:- वह क्यू.?

माँ:- जा न कहा ना..

मैं नीची माँ क कमरे में चला गया पापा अभी नहीं ए थय.. खैर मैनी शेरवानी पहनी और परफूम वगैरा लगया और बाल वगेरा सेट क्र रहा था क कमरे में एक आवाज़ ी..

अंजलि:- क्या बात ही बरी तयारी हो रही ही.?

मैं अंजलि का हाथ पाकर क खींच लिया..

मैं:- तयारी तो करनी पारी गई न मेरी जान..

अंजलि:- जंब तो अभी सी बेसब्री होये पारी हैं..

मैं:- अब इतनी खूसूरत और जवान लड़की पास हो तो बेसब्र तो इंसान होजाये गए न..

अंजलि:- आज तो तनीषा क लिए बेसब्री होइए जंब अभी वह ऊपर वेट क्र रही ही..

मैं:- कहो तो आपको बी साथ लय चले.?

अंजलि:- ना जी आज तो तनीषा क पास इ जाइये...

मैं:- O.k मेरी जान...

मैनी उसकी मथ्य पी किश किया उसनी बी गाल पी किश किया हम दोनों कमरे सी बही रर गए..

अंजलि:- जा मेरी शेर कर मैदान Fateh..(hheehee)

मैं ऊपर चला गया दरवाज़ा बंद था मेरी रूम का मैं हल्का सा चेक किया तो खोल गया...

मैं दरवाज़ी क अंदर गया और अंदर सी दरवाज़ी को लॉक लगा दिया..

मेरी कानो में हलकों सी चोरियों की आवाज़ ी मेरा डिल ज़ोर सी धरकनी लगा मैं पेहली बी तनीषा क पास सो चूका था उसको किश क्र चूका था. लेकिन आज कुछ अजीब सा नशा हो रहा था मैनी प्लाट क देखा तो लाल सूट में स्वर्ग की अप्सरा बैठी थी हाथों पैरों में मेहँदी हाथों में चोरियां दैन्य हाथ में गण अपनी दोनों हाथों सी घुटनो को पकड़ी घोंगट में बैठी थी मेरी जान..

मैं हल्की हल्की कदमो क साथ उसकी और बार रहा था हर कदम क साथ मेरी डिल की धरकन तीज हो रही थी ऐसा लग रहा था क मेरा डिल अभी बाहिर आ जाये गए पूरी कमरे में मेरी धरकन और उसकी सांसूं की आवाज़ गूँज रही थी..

मैं जा क बीएड क पास बेथ गया मुझी समझ नहीं आ रहा था में क्या करूं.? मैं अपनी हाथों की आंगलियां मोरनी लगा लेकिन मैनी थोड़ी हिम्मत क्र क धरकती डिल क साथ उसकी हाथ पी हाथ रखा..

मैं:- तनीषा मैं वह.. मुझी समझ नहीं आ रहा क्या बोलों मुझी यह बी पता नहीं मैं यह क्यू बोल रहा हूँ मुझी पता ही मैं अभी बकवास क्र रहा हूँ लेकिन और कुछ बोलै नहीं जा रहा प्लीज अगर कुछ गलत बोलै इधर उधर सेटल क्र lo..(ek सांस में सारा कुछ बोल दिया.)

यह कह क मैं ज़ोर सी सांसें लेनी लगा जैसी कोई मज़दूरी क्र क बैठा हूँ..

तनीषा न्य मेरी हाथ पी अपना हाथ रख diya..Mujhy लगा जैसी मेरी बेजान जिस्म में हरकत आ गई हो मुझी उसकी चुनी सी इ सकूं मिल गया उसनी मेरा हाथ ऐसी पकड़ा था क बोल रही हो आपकी जैसा हाल मेरा बी ही..

मैनी उसका हाथ पाकर क चुम्मा और दोनों हाथ यज्ञ बढ़ा क घोंगट ऊपर करनी लगा..

मेरी नज़रों सी पेहली उसकी होंठ गुज़री दुनिया की साडी छुपी थी उन में ऐसा लग रहा था प्यासी को कुवा मिल गया हो उसकी होंठ गुलाब की पंखोरी की तर्हां लाल और मेरा डिल चेर क रख रही थय..

थोड़ा और ऊपर किया तो उसकी गाल जो की शर्म और लाज सी लाल सुराख़ हो गए थय उसकी गालों पी उसकी शर्माहट सी हल्की डिंपल मेरी जान निकालनी क लिए काफी थय उसकी डिंपल क बदली दुनिया चोरनी को कहा जाये उस टाइम तो में दोस्सरी बार नहीं सोचो गए उसकी मुस्कराहट में डिंपल मेरा डिल छु लेती हैं लेकिन आज लाज में मेरी जान निकल रहे थय..

थोड़ी और ऊपर किया तो झील सी बी गहरी उसकी आंखें जो की लाज और शर्म सी झुकी होइ थी मेरी डिल को गई सच कहा ही किसी न्य

तीनो सदी वर्गी नहीं चरनी

ऐसी यार दी आंख को पीती आ..



दुनिया क सारी नाशय उसकी आंखों क नाशय क सामन्य फीकी थय..

मैं उसका घुंगट उसकी सर पी लगा दिया उसकी मांग मैं मेरी नाम सा सिन्दूर इस बात की निशानी था क वह मेरी साथ इस नहीं बल्कि अगली सारी जन्मो तक बांध चुकी ही..

मैनी उसका चेहरा ऊपर किया उसनी एक बार नज़रें उठा क मेरी आंखों में देखा मेरा तो डिल पागल होगया मेरी मुँह सी खुद निकल गया

काश हर रात इक Hi मंज़र हो

चाँद, परबत, ये झील में और तुम


तनीषा न्य एक बार फिर नज़रें थाई..

मैनी अपनी जीब मैं हाथ दाल क एक डिब्बा निकला और खोल क तनीषा की तरफ क्र diya..Usmy सी अंगूठी निकल क मैं तनीषा की उंगली में पहना दी..

तनीषा:- आज अगर एक चीज़ मानगो तो दें गए.?

मैं:- आप हुकम कीजिये चाँद कदमो में ला क रख दूँ गए..

तनीषा:- मुझी आपसी इ वडा चाहिए..

मैं:- वडा किया..

तनीषा:- सुन तो लीजिये..

मैं:- अपनी बोलै हमनी मन..

तनीषा:- मुझी एक वडा करो ज़िन्दगी क किसी बी मूर पी सिचुएशन जैसी मर्ज़ी हम पी भरोसा रखी गए और अपनी साडी पत्नियों सी एक जैसा प्यार क्रय गए न किसी सी काम न किसी सी ज़्यादा..

मैं:- तनीषा आपको पता ही आप वह जिसनी मुझी तब पति मन जब आपको पता बी नहीं था आपकी साथ मैं क्या करूं गए केसा सलूक करूँ गए होसकता ही मैं आपकी साथ बुरा सलूक करता.. लेकिन जो इज़्ज़त मैनी आपकी नज़रूँ में अपनी देखि थी न उस दिन उसी दिन खुदा सी वडा क्र लिया था क जिस दिन मैं आपको न समजह सकूं वह दिन मेरी ज़िन्दगी का आखरी दिन होगा...

तनीषा न्य मेरी मुँह पी हाथ रख diya..Aur नाह में सर हिल्ला दिया मैनी हाथ हटा क उसको यज्ञ होकय गली लगा लिया वह मुझ में सिमटी चली गई..

मैं:- और रही बात सब की तूह अगर तुम साब में कोई बी मेरी साथ hi तो ऐसी लगता ही जैसी साडी दुनिया मेरी साथ hy...Bs मुझी तुम साब का ऐतमाद चाहिए मुझपी ैस्तमाद हमेशा रखना..

तनीषा:- अपनी जान सी ज़्यादा भरोसा ही आपकी ऊपर...

मैं:- वैसी बोहत ख़ूबसूरत लग रही हो.. जी करता ही क....

तनीषा:- धात सब आपकी क लिए इ तो ही..

मैनी उसका मुँह ऊपर किया और हम एक दोस्सरी की आंखों में देखनी lagy..Dekhty देखती कब दोनों क होंठ आपस में मिल गए पता बी नहीं चला...

मैं तनीषा क होंठों को चूसनी लगा अमृत सी ज़्यादा मीठी उसकी होंठ ऊपर सी लिपस्टिक एक अजीब सा मज़ा दी रही थी मैं कभी उसका ऊपर वाला तो कभी नीची वाला होंठ चूसरहा था

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उसकी ज़नाबान मेरी होंठों को छु रही थी मैं अपना मुँह खोल क उसकी जुबां को मुँह में लय क चोस्स्नय लगा फिर उसकी मुँह में जुबां दाल दी करि 10 मं की किश क बाद हम अलग होये वह सहरमा क मेरी गाल लग गई

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करीब 5 मं बाद उसको थोड़ा अलग किया फिर किश करनी लग मैं किश करती होवय उसका दुपट्टा ुप्तार दिया ैहस्टा ैहस्टा अपना हाथ उसकी आधी नागि पीठ पी लय गया मैनी उसकी बोलूसे की डोरी को पाकर उसनी दोनों हाथ मेरी कमर में दाल लिए और ज़ोर सी किश करनी लगी..

मैनी डोरी पाकर क खिंच दी ब्लाउज बीएस उसकी कंधीय तक रह गया...

मैं हल्का हल्का हाथ उसकी मुलायम और दूध जैसी पीठि पी सहलाता हुवा ऊपर लय ायऔर बोलूसे पाकर क खेंचनी लगा लेकिन उसनी मुझी गली लगया हुवा था वह दिकत आ रही thi..Mainy उसकी अँखुब में डेल्ह क इजाज़त मांगी..

उसकी पाकर फ़ौरन दिल्ली होगी मैनी उसकी बज़्ज़ो सी ब्लाउज निकल दिया हम अभी बी किश क्र रही थय..

मैं किश कृत्य होवय इ अपना हाथ उसकी ब्रा क हुक तक लय आया और उसको बी उतर दिया..

लेकिन मेरी नज़र अभी सिर्फ उसकी अंहकूँ में थी उसनी मुझी कस क फिर गली लगा लिया..

मैनी होंठो सी किश तोर क हल्का सा गाल को लीक करता हुवा उसकी गार्डन पी किश करनी लगा

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तनीषा क मुँह सी मधुर सी आवाज़ें निकालनी लगी जो क मुझी और उत्तेजित क्र रही थी..

वह मेरी बलून की सेहलानी लगी..

मैनी वहां सी लीक करता करता उसकी बूब्स तक आ गया

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह क्या बूब्स थय मस्त मुलायम ढोढ की तर्हां सफ़ीद ऊपर सी पिंक निप्पल मेरी मुँह में पानी आ गया मैनी उसकी एक बूब को मुँह में लय लिया और दूसरी को हाथ सी सेहलानी लगा

तनीषा:- अह्ह्ह्हह स्सा एहहहह कैसा मज़ा ही ऐसी इ हाँ अह्ह्ह्हह सैम्मम अह्ह्ह सससस और चोसो...

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वह ऐसी इ आवाज़ें निकलती रही 10 मं की खूब चूसै क बाद मैनी उसको बीएड पी लिटा दिया और उसकी पेट पी अपनी नाक फेरनी लगा और उसकी नैवेल में अपनी जुबां दाल दी

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उसकी बाद मैनी उसका पेटीकोट उत्तर दिया वह अब बीएस मेरी सामन्य पेंटी में थी जो क लाल रंग की थी मैं उसकी टाँगूं क बिच बेथ गया और पेंटी क ऊपर सी इ नाक लगा क सूंगनी लगा आ क्या खुस्भू थी उसकी प्रेकम की..

मैनी उसकी पंतय पकरि वेब बी थोड़ा ऊपर होगी...

अह्ह्ह्हह क्या छूट थी हलकी सी पहली होइ

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देखती इ मेरी मुँह में पानी आ गया.. मैं उसको मुँह में लीय लिया तनीषा कराह उठी...

तनीषा:- अह्ह्ह्हह ससस नहीं वह गन्दी ही... अह्ह्ह हैं ऐसी इ अह्ह्ह्ह मैं मर जाओं gi...ahhhhhb..

मैनी अपनी जुबां उसकी छूट मैं दाल दी और अंदर बाहिर करनी लगा वह मज़े से सिसकारी लेती रही और अपना मुँह इधर उधर करती रही..

5 मं में इ मेरी मुँह में जहर gai..Aur बेजान सी बिस्तर पी लेती रही..

मैनी खरा हुवा अपनी सारी कापरी निकल चूका था अभी तक मैं तनीषा क ऊपर आ गया और फिर सी किश करनी लगा मैं अपनी हाथों सी उसकी बूब्स और छूट को मसलने लगा वह फिर सी गरम होगी..

मैं अपना लुंड उसकी कमसिन छूट पी सीट किया..

मैं:- तनीषा क्या मैं यज्ञ बढ़ूँ.?

तनीषा:- हम्म्म्म

मैं:- थोड़ा दर्द होगा..

तनीषा:- मैं त्यार हूँ..

मैनी अपना लुंड यज्ञ किया लेकिन फिसल गया..

मैं साइड टेबल सी क्रीम उठाई और अपनी लुंड और तनीषा की छूट पी लगा दी..

मैनी इस बार थोड़ा ज़ोर लगा क अपना टोपा को अंदर क्र दिया...

तनीषा की चीख निकल गई...

मैं उसको किश करनी लगा मैनी लुंड पी थोड़ा दबाव बढ़ाया लुंड अंदर जा रहा था एक जगह अटक गया मैं समझ गया यह उसकी सील ही..

मैनी तनीषा की आंखों में देखती होवय एक ज़ोर दर झटका मारा मेरा लुंड 5 इंच तक सील तोरता हुवा अंदर चला गया..

तनीषा की ज़ोर दर चीख निकल गई... मेरी मुँह उसकी मुँह में होनी क बावजूद चीख बाहिर निकल Gai..Uski आंखों सी पानी बी अन्य लगा..

तनीषा:- प्लीज निकल लीजिये बोहत दर्द जो रहा ही अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.....

मैं:- जितना दर्द होना था होगया...

मैं जनता था अगर अब मैनी बाहिर निकल लिया फिर वह कभू लुंड नहीं लय पाई...

मैं उसकी नोब्स को दबनी लगा उसको किश करनी लगा 10 मं बाद कुछ नार्मल होइ तो मान्य अपनी कमर हिलनी शुरू की उसको अभी बी दर्द हो रहा था उसकी दर्द की चीख अब सिसकारी में बदल गई मैं हल्का हल्का अंदर बाहिर करनी लगा वह 10 मं क बाद वह फिर जहर गई मैनी एक आखरी ढाका मारा और पूरा लुंड अंदर दाल दिया...

इस बार बी उसकी चेल्ह निकली लेकिन पेहली सी थोड़ी काम थी

मैं उसको नार्मल करनी लगा और थोड़ा अंदर बाहिर करनी लगा उसकी गीली छूट में लुंड रअग्रण्य सी मुझी अलग इ मज़ा आ रहा था वह बी अब एन्जॉय क्र रही थी..

तनीषा:- आह्हः और तेज़्ज़ आह्हः ससस हाँ और तेज़्ज़ मैं अन्य वाली हूँ अह्ह्ह्ब्ब्ब्ब...

करीब 30 मं क बाद हम दोनों एक साथ जहर गए..

जेस्सी इ मेरा विरया उसकी अंदर गिरा हम निढाल हो गई.. तभी....

तभी कमरे में एक तीज रौशनी फेल गई मैं और तनीषा होश मैं आ गए मैनी उठ क बेथ गया रौशनी तनीषा क सीने सी निकल रही थी 5 मं बाद थोड़ी रौशनी हलकी होइ तनीषा क बूब्स क बिच में सी एक टुकड़ा ुरता हुवा बाहिर आया जो क हवा में था इस वकत..

मुझी तनीषा की फ़िक्र होनी लगी उस वकत मेरा ध्यान बीएस इस चीज़ पर था तनीषा को कुछ न हो 2 मं चमलनी क बाद उसकी रौशनी बंद होगी..

मैनी तनीषा को गली लगा लिया...

मैं:- तुम ठीक हो तुम्ही कुछ होवा तो नहीं आईएम सॉरी मेरी वजह सी..

तनीषा न्य मुझी अलग किया और मेरी आंखों में दकनी लगी उसकी आंखों सी आंसूं निकल ए मेरी हार्डिया कम्प गई...

मैं:- तनीषा मुझी माफ़ करदो मेरी वजह सी तुम्ही दर्द हुवा.. में वजह सी तुम्हारी आंख में आंसूं ए मुझी नहीं चाहिए यह लॉकेट आपको तकलीफ दी क मिला नहीं....

मैं हाथ जोर लिए तनीषा क सामन्य...

तनीषा न्य झात सी हाथ को पाकर लिया.. और कस क गली लगा लिया...

तनीषा:- नहीं मुझु ज़रा बी तकलीफ नहीं होइ मुझ तो कुछ नहीं महसूस हुवा..

मैं:- तो फिर रू क्यू रही हो.?

तनीषा:- अगर किसी को बी अपनी ताकत बढ़ानी की चीज़ मिलती ही लोग सब सी पेहली उसको देखती हैं लेकिन आपको उस टोकरी सी ज़्यादा मेरी फ़िक्र थी. बीएस आपका प्यार देख क डिल की गहराई सी ख़ुशी मिली और यह मेरी ख़ुशी क आंसूं थय..

मैं:- कोई बी ताकत या चीज़ मेरी लिए टुमस्य बढ़ क नहीं ही...

तनीषा:- ी लव यू मोरे थान एव्री थिंग

मैं:- ी लव यू तू!!

तनीषा:- अब इसको बी देख लो..

मैं अलग हुवा पेहली मेरा ध्यान नीची खून पी गया जो तनीषा की छूट सी अभी बी निकल रहा था..

मैनी जल्दी सी उसको पेहली गॉड में उठाया और बाथरूम में लय आया आ क मैनी पानी को गरम करनी क गीज़र ों किया ुसमय टाइम लग रहा था मैं आए जला क अपनी हाथों मैं बर्तन को पकड़ लिया ज़रूरत क हिसाब सी गरम की लिया..

नैपकिन सी पेहली उसकी छूट खून को साफ़ किया उसकी चोइट पूरी सूज गई थी मैनी नरम टॉवल को गिल्ला क्र उसकी छूट को साफ़ करनी लगा वह बीएस मुझी इ देख रही थी

मैं:- ऐसी न देख पगली प्यार hi जाये गए..

तनीषा:- वह तो होगया...

मैं:- तुम गरम पानी क तब में बैठो मैं आया..

मैं उसकी बिठा क बाहिर आया लॉकेट अभी बी हवा में था लेकिन मुझी अभी तनीषा की ज़्यादा फ़िक्र थी..

मैनी बेडशीट चेंज की कमरे का हल दरुस्त किया अपनी शलवार पेहेन ली और बाथरूम में आ क तनीषा की बाहिर निकला और पूरा जिस्म साफ़ किया टॉवल सी और उसकी निघ्त्य पहना क गॉड में इ उठा बीएड पी लिटा दिया और मथ्य पी किश किया..

तनीषा:- इसको बी देख लो कब सी हवा में लटका हुवा ही..

मैं:- अदि...

तभी अदि सामन्य आ गया..

अदि:- जी भाई..

मैं:- भाई इसको क्या ऐसी रखना ही क्या करना ही इसको यह बताओ..

अदि:- इसको गली में लटकाना ही...

मैं:- हम्म अभी लो..

मैं लॉकेट की तरफ हाथ बराह्या वह मेरी हाथ में आसानी सी आज्ञा..

मैं:- किसी पहनो.?

तनीषा:- मैं दूरी देती हूँ..

अदि:- यह किसी आम दूरी मैं नहीं ए गए..

मैं:- तो फिर किसी पहनो.?

अदि:- भाई अगर आपकी गली में नहीं होगा तो यह कभी बी नहीं जोर पाए गए..

मैं:- तो भाई दूरी बी नहीं लेनी दी रहा तो फिर किसी पहनो.?

अदि:- इस लॉकेट की अपनी दूरी ही..

मैं:- लाऊ उसकी साथ पेहेन लेता हूँ..

अदि:- भाई वह डोरी मेरी पास नहीं ही...

Main(mazak में):- क्या वह सेक्स क्र क मिल्ली गई.?

अदि:- हाँ....

मैं और तनीषा शॉकेड होगी..

मैं:- यर यह क्या सन ही लॉकेट मिल्ली का सेक्स क्र क उसकी दूरी बी सेक्स क्र k...?(herangi सी)

मैं:- अब वह कोनसी बीवी क साथ मिल्ली गए.?

अदि:- वह बीवी नहीं होगी आपकी जिस क पास इसकी दूरी ही..

तनीषा:- तो फिर कोण.?

अदि:-********

*शॉकेड*

तो बे कंटिन्यू
 
अपडेट NO.28


मैं:- कोण ही अदि वह.?

अदि:- आपकी माँ....

Main&Tanishaa:- क्याआ.?

अदि:- यह इ सच ही...

मैं:- बकवास बंद करो अदि और जाओ यहाँ सी...

अदि बिना कुछ बोली चला गया...

अदि बी जाती इ मैं बीएड क किनारी धरम सी गिर गया इस वक़त मुझी खुद सी कोफ़्त आ रही थी डिल धरकना बंद करनी की कगार पी था मेरा डिल क्र रहा था खुद को मार लोन

मेरी हालत देख क तनीषा घबरा गई और भाग क मेरी पास आगे और मेरी चेहेरी को हिल्ला क होश में लानी लगी उसकी आंखों में बी आंसूं थय..

तनीषा:- आप हिम्मत करिये होश में ैयी सैम..

मैं:- नहीं मैं इस वजूद को खतम क्र दूँ गए यह नहीं करों गए..

तनीषा:- प्लीज होश में आइये...

मैं:- मुझी माफ़ करना मैं एक ज़लील इंसान हूँ तनीषा मुझी भूल जाओ मैं तुम्हारी काबिल नहीं हूँ तुम्हारी इ क्या मैं किसी क काबिल नहीं हूँ..

तनीषा:- नहीं ऐसी बातें क्यू क्र रही हैं प्लीज होश में आइये...

तभी वक़त रुक गया तनीषा जहाँ थी वहीँ बैठी रही कमरे में एक रौशनी फेल गई..

मैं उसकक इ तरफ देखनी लगा उस रौशनी में सी एक शख्स की परछाई नज़र अन्य lagi..Aur आवाज़ ी..

आवाज़:- उठो बचा..

मैं बिना कोई बात पोची खरा होगया..

आवाज़:- मैं तुम्हारे मान की बात जनता हूँ तुम्हारा वजूद दुनिया क लिए कितना अनमोल ही अगर दुनिया वळून को पता चल जाये तो तुम्ही अपनी पालकून पी बिठा क रखें..

मैं:- मैं किसी शक्ति की लालच में अपनों क साथ इ नहीं......

आवाज़:- आज तुम्ही एक हक़ीक़त दिखता हूँ चलो मेरी साथ..

नेक्स्ट मॉर्निंग टाइम 6:30


मेरी आंख खुली मुझी रात वाला सारा सन याद था मैनी एक नज़र तनीषा पी डाली वह सू रही थी दुनिया भर की मासूमियत थी मैनी उसकी गाल पी किश किया और बाथरूम में जा फ्रेश होगया..

नीची किचन में गया वहां माँ थी..

माँ:- गुड मॉर्निंग बीटा बरी जल्दी उठ गया.?

मैं:- गुड मॉर्निंग मैं तो इतनी बजी इ उठता हूँ..

माँ:- अरे रात को सब ठीक था न.?

मैं शर्म सी लाल होगया..

माँ हसने लगी..

माँ:- बता Na..(hehehe)

मैं:- क्या माँ आप बी न..

माँ:- मेरा बीटा तो शर्मा गया तनीषा ठीक तो ही न.?

मैं:- Hmmm(sharmate होये...)

मैं कॉफ़ी बनानी laga..ek कप माँ की दिया मैनी ुसंक्य गाल पी किश kiya..Unho न्य बी रेतुर्न में किश दिया...

मैं कॉफ़ी लय क कमरे में मुझी पता था तनीषा उठती इ सवलून की लारी लगा दी गई पर में रेडी था..

मैनी उसकी होंठों पी हल्का सा किश किया वह उठ गई मुझी देखती इ शायद उसको रात की बात याद आ गई वह झट सी मेरी गली लग गई..

कॉफ़ी गिरती गिरती बची..

तनीषा:- प्लीज मुझी मात चोर क जाना सब ठीक हो जाये गए प्लीज

मैं कॉफ़ी टेबल पी राखी और उसको कस क गली लगा लिया...

मैं:- नहीं मैं कही नहीं जा रहा मैं हमेशा आपकी साथ हूँ..

तनीषा:- रात को क्यू ऐसी बहकी बहकी बातें क्र रही थय.?

मैं:- चोरो साब कॉफ़ी पीओ..

तनीषा:- मुझी ऐसी इ रहना ही..

मैं उसको थोड़ा सा उठाया और बीएड पी बेथ गया वह मेरी गॉड में बेथ गई..

मैं:- लो कॉफ़ी पियो मैं कहीं नहीं जा रहा..

तनीषा मेरी सीने सी ठीक लगा क बेथ गई और कॉफ़ी पीने लगी..

मैं:- आप तबियत ठीक ही.?

तनीषा:- हम्म हल्का सा दर्द ही..

मैं:- किधर.?

तनीषा न्य अपना कन्धा मारा..

तनीषा:- Dhat..Apko पता नहीं जैसी..

मैं:- ज़्यादा दर्द हुवा.?

तनीषा:- बिलकुल नहीं यह दर्द तो हर लड़की चाहती ही उसी मिल्ली..

मैं हल्का हल्का उसकी गाल सेहलती हुवी बात क्र रहा था उसकी कॉफ़ी खतम होनी क बाद उसको बाथरूम में चोर क मैं तनीषा क कापरी निकली और बीएड पी रख दिए वह टॉवल में बाहिर ी..

उसकी बलून सी गिरता हुवा पानी टपक टपक गोरा बदन मैं तो देखता रह गया..

तनीषा:- क्या देख रही हैं..

मैं:- चाँद को नाहा क आज पहली बार निकलता देखा..

तनीषा शर्मा गई.. और कापरी उठा क चेंजिंग रूम में चली गई चेंज क्र क बाहिर ी और ड्रेसिंग पी बेथ क त्यार होनी लगी जैसी आज ससुराल में पहला दिन हो उसनी आज साडी पहनी थी हल्का सा मेकअप लिपस्टिक और कांति चरियाँ..

मैं:- क्यू घ्याल क्र रही हो आज.?

तनीषा बीएस हल्का सा मुस्कुरा दी मैं उसको पाकर क नीची लानी लगा उसको चलनी में दिकत आ रही थी..

हम नीची ए तो टेबल पी पापा क इलावा साब थय क्यू क वोह आज जल्दी निकल गए थय..

शिखा:- क्या हुवा तनीषा दीदी ऐसी क्यू चल रही हैं.?

गुड़िया की इस बात पी सब हनी लगी मैं और तनीषा बुरी तर्हां शर्मा गए...

तनीषा:- कुछ नहीं गुड़िया वह हलकी सी मोच आ गई ही..

अंजलि:- किसी ी.?

तनीषा न्य अंजलि को आंख दिखाई..

माँ:- चलो नाश्ता ठंडा हो रहा ही..

सब न्य नाश्ता किया मैं गुड़िया को को स्कूल चोरनी चला गया..

वहां सी घर आया तो सामन्य आयेशा पुलिस वर्दी में खरी थी..

मैं:- रेडी.?

आयेशा:- यह बूत..

मैं:- Don't वोर्री सब ठीक होगा आल थे बेस्ट.

आयेशा मेरी गली लग गई..

मैं:- जाओ गई या चोर क ाओं.?

आयेशा:- जीप आ गई ही बाहिर..

मैं:- O.k T.c...

आयेशा को जीप तक चोरनी मैं बाहिर आया...

मैं वापिस अंदर गया..

मैं:- आप ऑफिस नहीं जाये गई.?

अंजलि:- तनीषा नै जा रही तो में बी नहीं जा रही..

मैं:- O.k आप रेस्ट करो... माँ मैं ज़रा अत हूँ..

मैं गारी ली और घर सी बाहिर आया और टाइम देखा तो कुछ देर में अभी की फ्लाइट लैंड होनी वाली thi..mainy अबीरा को फ़ोन किया 2 रिंग में इ फ़ोन पिक क्र लिया..

अबीरा:- गुड मॉर्निंग भाई...

मैं:- गुड मॉर्निंग.. ाचा वह अभी को लेनी चलना ही.?

अबीरा:- हाँ सब घर वाले जा रही हैं..

मैं:- सब क्यू जा रही हैं.?

अबीरा:- वह सीधा घर लय क ए गए और पंडित बी बुलाया ही डेट निकालनी क लिए..

मैं:- अपनी पापा क सी कहो क शाम में अभी फॅमिली क साथ आपकी घर ए गए..

अबीरा:- फॅमिली.?

मैं:- मेरा भाई ही मेरी फॅमिली उसकी फॅमिली..

अबीरा:- कह दूँ गई लेकिन एयर पोर्ट तो जाये गए इ क्यू क साब रेडी हैं..

मैं:- चलो मिल क आ जाये गए..

अबीरा:- चलो अभी बताती हूँ..

मैं:- O.k माय स्वीट सिस्टर

अबीरा:- Bye माय स्वीट भैया..

अबीरा न्य फ़ोन रखा और बाहिर साब बैठी थय उनकी पास चली गई..

H.m फॅमिली इंट्रो..

मणि laal(H.m)

Lata(Abira's मदर)

अबीरा..

Ishika(Abira's यंगर सिस्टर)

Amira(Abira's डिवोर्सी बुआ)

बैक तो स्टोरी..

अबीरा बाहिर अति ही...

H.m:- बीटा सब रेडी हैं चलो..

अबीरा:- पापा वह अभी हमारी साथ घर नहीं ए गए...

A'maa:- क्यू क्या हुवा.? तेरी कब बात होइ.?

अबीरा:- मेरी ुणस्य नहीं बात होइ..

Ab'bua(Yeh अबीरा की बुआ ही):- तो किसनी कहा नहीं ए गए.?

अबीरा:- मैनी कहा अभी नहीं शाम को भाई और फॅमिली क साथ ए गए..

इशिका:- दीदी कोण ही यह आपका भाई जब सी ी हो उसी क नाम क कसीडी पर रही हो..

अबीरा:- अभी मिलवा दूँ गई सब सी एयर पोर्ट पी..

H.M:- मिलना तो पारी गए जिस न्य हमारी बेटी को एक बार में इ इतना इम्प्रेस क्र दिया..

A'maa:- बीटा कोई ऐसा वैसा लड़का तो नहीं तो दूर रहना उस सी तुझी कब सी समझा रही हूँ लेकिन तो सुनती नहीं ही..

अबीरा:- आज आप खुद मिल लेना..

H.M:- चलो मिल क देख लय गए..

वह सब निकल गए एयरपोर्ट..

H.M क बारी में बता दूँ यह एक माइक डिल इंसान ही इसकी बेटियां इसकी जान हैं इनकी घर मैं जमाई को बोहत इज़्ज़त मिलती ही इसी लिए वह खुद अभी को लेनी जा रही हैं..

इधर मैं बी एयरपोर्ट क लिए निकल गया था करीब 45 मं की ड्राइव क बाद मैं एयरपोर्ट पोहंच गया और पार्किंग मैं गारी लगा क बाहिर निकला इ था क साइरेन बजती हुवी 5 गाड़ियां पास सी गुज़री सब उसी तरफ देखनी लगी मैं अनदेखा क्र क अर्रिवाल पी गया फिल्घ्त लैंड होनी में 15 मं थय मैं ऐसी इ टहलनी निकल गया इधर उधर वही एक औरत बैठी थी वह बोहत परेशां लग रही थी उसकी अस पास समान रखा हुवा था मैं उसकी पास गया..

मैं:- क्या हुवा आंटी आप कुछ परेशां हैं.?

आंटी:- कुछ नहीं बीटा आप जाओ..

मैं:- आंटी आप बताइये क्या हुवा हो सकता ही मैं आपकी कोई मदद क्र सकूं

आंटी:- मुझी आज अर्जेंट मालिया जाना पर गया लेकिन अभी कह रही हैं कोई टिकट नहीं ही..

मैं:- कोई ख़ास वजह.?

आंटी:- मेरी बेटी हॉस्पिटल में ही उसका आज ऑपरेशन ही..

मैं:- किस चीज़ का.?

आंटी:- वह प्रेग्नेंट ही आज उसका ऑपरेशन ही अचानक केस खराब होगया..

मैं:- मैं तरय करता hun..Ap यहीं बैठिये..

मैं वहां सी डायरेक्ट इन्क्वायरी ऑफिस गया वहां एक लड़की बैठी थी..

लड़की:- हाउ मई ी हेल्प ु सर.?

मैं:- मालिया की टिकट चाहिए.

लड़की:- सॉरी सर वह अभी अवेलेबल नहीं ही..

मैं:- अन्य इशू.?

लड़की:- ी don't क्नोव बूत ी थिंक थे मैनेजर konw's

मैं:- ी wan't मीट कॉल हिम एंड से सैम ठाकुर वांट्स तो मीट..

लड़की मेरा नाम सुन क खरी होगी..

लड़की:- सर क्या आप सैम ठाकुर हैं.?

मैनी जेब सी अपना कार्ड निकला और दिखाया

मैं:- मेरी पास टाइम नहीं ही..

लड़की:- आप बैठिये मैं अभी बुला क लती हूँ.

वह भाग क बाहिर चली गई. 5 मं बाद एक आदमी आया..

आदमी:- वे सॉरी सर.. आपको अगर जाना ही तो प्लेन करवा देता हूँ आपका मैं..

मैं:- नहीं बुसस एक टिकट नेक्स्ट फिल्घ्त की..

आदमी:- जी सर अभी इशू करवाता हूँ..

उसनी मुझु टिकट निकल क दी.. मैं लय उस आंटी क पास आज्ञा..

मैं:- यह लीजिये आपकी टिकट...

आंटी खुश होगी और मेरी गली लग गई...

आंटी:- थैंक ु बीटा..

मैं:- अरे थैंक ु वाली कोई बात नहीं..

आंटी:- लो बीटा पैसी..

मैं:- अरे आप जाइये बीएस अपना प्यार और दुआओं में याद रखना..

आंटी:- मैं तुम्हारा शुक्रिया किसी ऐडा kron..Apna नाम और नंबर दी दो वापिस आ क्र ज़रूर मिलूं गई..

मैनी उनको नंबर दी दिया वह ख़ुशी ख़ुशी चली गई..

इधर अभी की फिल्घ्त लैंड हो चुकी थी वह बाहिर अत हुवा दिखाई दी रहा था

इशिका:- वह देखो जीजू..

सब उधर देखनी लगी लेकिन उसकी नज़रें किसी और को ढून्ढ रही thi..lekin वह उसनी नहीं नज़र आया वह H.M की फॅमिली तरफ आ गया..

आती इ पेहली बरूण क पेअर छुवये..

H.m:- खुश रहो बीटा..

अभी:- Hi इशिका..

इशिका:- ही जीजू..

अभी:- ही अबीरा..

अबीरा:- ही..

अभी:- क्या वह नहीं आया अभी तक गुस्सा ही.?

अबीरा:- पता नहीं कह तो रही थय ाओं गए..

इशिका;- माँ मैं वाशरूम मैं होकय ी..

A'maa:- जल्दी आना घर बी जाना ही..

इशिका चली गई..

इधर मैं वहां आ क अभी को देखनी लगा वहां इ तरफ गुरर्ड्स नज़र ए मुझ समझती देर नहीं लगी यह H.m की सिक्योरिटी ही..

मैं उस तरफ बढ़ा..

मैं दूर सी इ देखा अभी का मुँह लटका हुवा ही मैं समझ गया मेरी वजह सी..

मैं धैर्य सी उसकी पास गया उसकी नज़र मुझपी पारी उसकी साडी उदासी डोर होगी वह लग भाग चिल्लाया..

अभी:- सैम

सब उसकी नज़रूँ का पीछा करनी लगी वहां एक लरकी को आती देख उसी तरफ देखनी लगी..

मैं चलता हुवा साइड मैं एक लकड़ी की स्टिक पारी थी उठा ली और अभी की तरफ भगा वह सामान रख साइड मैं भागण्य लगा..

मैं:- रुक कम्मन्य किधर भाग रहा ही..

अभी:- भाई सॉरी बोलै न तो पेहली इ फ़ेंक फिर रुकता हूँ

वह घूम क फिर H.m की फॅमिली पास आज्ञा..

मैं:- तुझी कोई नहीं बचा सकता..

अभी:- देख लय तेरी लिए एक अछि खबर लाया था..

मैं:- क्या.?

अभी:- यह इ क मुझी तनीषा का फ़ोन आया उसनी सब बताया.

मैं:- क्या बताया.?

इधर सब हमारी बातें सुन रही थय..

A'maa:- देखो कि हमारी जमाई को मारण्य लगा ही आप कुछ करती क्यू नहीं..

H.m:- अब उसका दोस्त ही मैं क्या करूं.?

इधर..

अभी:- सब मतलब सब..

मैं:- भाई अभी मैं बी बतानी वाला था..

अब अभी मेरी तरफ बढ़ रहा था मैं पिच्य हैट रहा था..

अचानक मेरी सामन्य अबीरा आ गई..

अबीरा:- मेरी भाई को कुछ मत कहना..

मैं:- अहा अब बता मेरी बेहेन आ गई..

अभी:- मैं तो मज़ाक क्र रहा था..

हम दोनों हसने लगी और मेरी गली लग गया अभी..

मैं:- कुछ दिनों में बोहत मिस किया भाई..

अभी:- मैनी बी..

अबीरा:- अहम्म्म्म

हम अलग होये..

अबीरा मेरी गली सब क सामन्य लग gai.chota सा हुग क्र क अलग होगी..

अबीरा:- पापा यह हैं सैम भाई..

मैनी उनको पेअर चोए..

H.m:- खुश रहो बीटा..

मैनी उसकी माँ क पेअर चोए उसनी मुँह तेरा क्र क इ जवाब दिया लेकिन बुआ न्य सही जवाब दिया..

मैं:- अंकल शाम को आती हैं हम आपसी मिललंय फॅमिली क साथ..

H.M:- जैसी ाचा लगी..

हम दोनों सब को bye बोल क निकल गए..

इधर इशिका वापिस आ गई..

A'maa:- इतनी देर किधर लगा दी थी.?

इशिका:- मेरी फंस मिल गए thy..jiju किधर गए.?

अबीरा:- भाई क साथ चली गए..

इशिका:- आपके भाई सी तो मिल्लू इ नहीं..

अबीरा:- शाम को घी ए गए मिल लेना खूब...

फिर वह बी निकल गए..

आज क लिए इतना इ..
 
अपडेट NO.29


हम करीब 30 मं की ड्राइव क बाद घर पोहंच गए घर पी बी सब अभी सी मिल क बोहत खुश होये..

मैं:- हाँ तो भाई रेस्ट क्र लय शाम को अपने ससुराल बी जाना ही टोने..

अभी:- हम्म्म

मैं अभी को कमरे तक चोर क आया वह फ्रेश होकय क सू गया...

मैं कमरे में आया तनीषा बीएड पी बेथ क मागज़ीने पढ़ रही थी. मैं उसकी पास बेथ गया और उसका हाथ पाकर क चोमा

मैं:- अब किसी तबियत ही..

तनीषा न्य मागज़ीने साइड रख दिया और मेरे हाथ पी अपना हाथ रख दिया..

तनीषा:- बिलकुल ठीक हूँ..

मैं:- मैं एक बात बताना चाहता हूँ..

तनीषा;- हम्म्म बोलिये..

मैं:- वह पता नहीं यह बताना ठीक होगा क नहीं बूत मैं तुम सी कोई बात नहीं छुपा सकता..

तनीषा:- आप बोलिये कुछ बी बात हो आप बिंदास बता सकती हैं..

मैं:- वह बात ऐसी ही क..

फिर M'Bua वाली साडी बात बता दी..

तनीषा कुछ देर मेरे मुँह को देखती रही फिर मेरा हाथ चूम क गली लग गई..

तनीषा:- मुझी कोई बी प्रॉब्लम नहीं ही आप क जनम मेरी अकेली क लिए नहीं होवा मैं आपको बांध क नहीं रखो गई और न hi रखना चाहती हूँ मुझी आपकी प्यार और आप पी पूरा भरोसा ही..

मैं:- प्लीज तनीषा अपनी सैम को माफ़ क्र देना मुझी यह तो नहीं पता मैं तुम सी कितना प्यार करता हूँ हाँ यह ज़रूर पता ही अगर मेरी जान क बदली आप किसी को बी ख़ुशी मिल्ली गई तो मैं ख़ुशी ख़ुशी मार जाओं गए..

तनीषा न्य झट सी मेरी मुँह पी हाथ रख दिया..

तनीषा:- आपको खो क मैं कभी खुश नहीं रह सकती मैं क्या हम मैं सी कोई बी नहीं खुश होगा..

मैं:- चलो अब इन आंखों में आंसूं नहीं अन्य चाहिए O.K..

तनीषा:- हम्म्म..

वह ख़ामोशी सी गली लगी होइ सू गई मैं उसको सही क्र क सुल्ला दिया और बालकनी मैं आ क बेथ गया और फ़ोन निकल क कोमल को फ़ोन लगया 1 रिंग मैं इ उठा लिया..

कोमल:- Hello...

मैं:- किसी हो.?

कोमल:- बिलकुल फिट...

मैं:- कल शोपिंग एंड घूमना केसा रहा ?

कोमल:- बोहत बरिया फोटोज भेजी तो ही आपको चेक नहीं की.?

मैं:- हम्म्म वह तो देखि थी बोहत ख़ूबसूरत लग रही थी..

कोमल:- ाचा जी मैं आपको ख़ूबसूरत किधर ही लगी.?

मैं:- हर जगह सी कोई शाक..

कोमल:- न... कॉलेज की तयारी बी शुरू क्र दी ही मैनी तो..

मैं:- ाचा अभी तो 10 दिन हैं..

कोमल:- 10 दिन तो बोहत काम हैं...

मैं:- अरे वह क्यू.?

कोमल:- अरे अब देखो कपड़े एक दिन.. बुक्स खरीदने में ढून्ढ क खरीदना पार्टी hain..Aur आपकी बेहेन हर चीज़ को 10 बार चेक क्र क लेती ही..

मैं:- हहै अब ननद ही आपकी कोच तो ख्याल रखना पारी है न..

कोमल:- जी आपकी बेहेनी क सर आंखों पी..

मैं:- आपको पालकून पी बिठाये गए..

कोमल:- अब आपकी तो इतनी बीवियां हैं किस किस को बैठाये गए पालकून पी?

मैं:- सब को अब एक पालक थोड़ी ही meri..(haha)

Komal(Haste होय):- जी बिलकुल हम सब क नखरे उठानी पारी गए..

मैं:- शौक सी उठाये गए...

कोमल:- बिलकुल..

मैं:- O.k मुझु ज़रा ऑफिस जाना ही आज तनीषा नहीं गई न इस लिए..

कोमल:- दीदी क्यू नहीं गई.? वह ठीक तो हैं न.?

मैं:- हाँ ठीक हैं पर पेहली ठीक नहीं थी पर अब वह कह रही ठीक हूँ लेकिन मुझी नहीं लगता वह ठीक पर वह..

कोमल:- क्या बोल रही हो साफ़ साफ़ बताइये दीदी को क्या हुवा.?

मैं:- Wo...Woh...Mujhy शर्म आ रही आ ही.?

कोमल:- ऐसी कोनसी बात ही जो शर्मा रही हैं हमारे सैयां..

मैं:- वह कल रात हमरी सुहाग रात थी...

कोमल:- Kyaaaaa.?Are वह यह तो बोहत ख़ुशी की बात ही मतलब दीदी कक टांग खींचनी पारी गई..

मैं:- ाचा जी जब अपनी बरी ए गई फिर क्या करो गई.?

कोमल:- धत आप भी na..(Halka श शर्माती होइ)

मैं:- और नहीं तो क्या..

कोमल:- तब की तब देखे गए अभी तो उनकी बरी ही अभी किधर हैं वह.?

मैं:- अभी सोइ ही..

कोमल:- O.k बाद में बात क्र लोन गए O.k लव यू

मैं:- लव यू तू!..

फ़ोन कट होगया..

मैं उठ क नीची आ गया नीचग माँ बी बेथ क मागज़ीने पढ़ रही थीं मुझी अभी बी थोड़ी माँ सी बात करनी में हिचक हो रही थी लेकिन मैं उनको शो नहीं करवाना छह रहा था..

मैं:- माँ वह मैं ज़रा ऑफिस होकय अत हूँ फिर शाम को चले गए H.m क घर..

माँ:- O.k ध्यान सी जाना..

मैं माँ क गाल को चूम क बाहिर गारी में बेथ क ऑफिस निकल गया..

इधर दूसरी साइड..

एक आदमी बेथ क अपनी हिलने वाली कुर्सी पी मोबाइल हाथों में लिए कुछ सोच रहा था..

कुछ देर मैं वह फ़ोन उठा क किसी को मिलता ही..

थोड़ी देर बाद .

आदमी:- कंटेनर पोहंच गए.?

*****

आदमी:- बोहत ाच्य लेकिन उसको पूरी ध्यान सी शिफ्ट करना सुना ही कोई नै इंस्पेक्टर ी ही..

******

आदमी:- उसकी फ़िक्र तो मत क्र वह मैं देख चूका hun..Kal मीटिंग मैं मुलाकात होगी..

वह फ़ोन कट क्र क कुटिल मुस्कान क साथ बाथरूम की तरफ बार जाता ही..

इधर दूसरी साइड..

H.m हाउस..

A'maa:- भाई मुझी तो वह लड़का ाचा नहीं लगा देखा किसी हमारी दमाद जी को मारण्य लगा था..

Ab'bua:- नहीं भाभी वह ाच्य दोस्त हैं इसी लिए ऐसी क्र रही थय..

इशिका:- कोण था वह मुझी बताओ जो जीजू को मार रहा था अभी सबक सिखाती हूँ usy..ek पोस्ट...

अभी वह कुछ बोलती उस सी पेहली अबीरा बोल पारी..

अबीरा:- खबरदार किसी न्य जो मेरी भाई क बारी में कुछ बोलै तो..

इशिका:- ऐसा क्या ही दो कूदि क इंसान में जो आप मुझसे ऐसी बात क्र रही हैं..

अबीरा:- खबरदार अगर टुण्य एक लफ्ज़ बी और बोलै तो..

A'maa:- सही तो कह रही ही इशिका ऐसी लोगो को ाच्य सी जानती हूँ जहाँ कोई आमिर आदमी देखा नहीं उसी सी दोस्ती दाल क्र बेथ जाती हैं..

तभी अबीरा कुछ बोलती एक गॉर्ड एक पैकेट लय क अंदर आया..

गॉर्ड:- मैडम यह कूरियर वाला दी क गया ही...

A'maa न्य उसको पकड़ा तो ऊपर लिखा था..

फॉर माय प्रिंसेस माय स्वीट सिस्टर..

A'maa:- यह किसनी भेजा होगा.?

अबीरा न्य पैकेट क ऊपर लिखा पारा तो ख़ुशी सी झूम गई और पैकेट को पाकर लिया..

अबीरा:- यह मेरा ही भाई न्य भेजा ही...

इशिका:- होगा कोई सस्ता अमेज़न सी लिया हुवा सस्ता गिफ्ट चीप फेल्लोव्स..

अबीरा:- बकवास बंद kr.....Bua ज़रा मेरी मदद करना खोलनी में..

जब पैकेट खोला और अंदर सी वही ब्राइडल ड्रेस निकला...

इशिका:- यह कितना सुन्दर Hy...Wow...

अबीरा:- अब बोलना क्या बकवास क्र रही थी...

इशिका:- हाँ ठीक ही होगा किसी डेसिंगेर का कॉपी..

अबीरा न्य डिब्बा उठाया और बिलिंग पेमेंट निकली क्यू क वह डिलीवरी क साथ इ अति ही और और मज़े पी पटक दी..

इशिका न्य बिल उठा क देखा तो चुप होगी..

Ab'bua:- अबीरा यह तो बोहत सुंडार ही..

अबीरा:- हाँ बुआ लेकिन यह तो 15 दिन बाद मिलने वाला था बूत भाई न्य उनको कह क जल्दी मंगवा लिया..

A'maa का बी मुँह देखनी लाइक था..

अबीरा:- माँ पैसा हर चीज़ नहीं होती सिर्फ एक बार भाई केहनी पी उसनी बिना किसी भी बिना किसी मतलब क यह मेरी एक ईशारी पी खरीद क दिया कदर इंसान की होनी चाहिए अगर उस सी न मिलती तो शायद में बी इंसानो को पेसो क बल्बोती पर जज करती इनफैक्ट करती बी थी लेकिन उस सी मिल क पता चला इंसान क्या होता फीलिंग्स क्या होती हैं और मैं अपनी भाई क खिलाफ अब एक लफ्ज़ नहीं सुन सकती..

वह यह सब कह क अपनी कमरे में चली गई और लेहंगा बी लय गई..

इधर मैं..

मैं ऑफिस का काम क्र निकल ऑफिस सी निकालनी लगा था क आयेशा का फ़ोन आ गया..

मैं:- आज पुलिस को हमारी याद किसी आ गई..

ाएहसा:- पुलिस को नहीं आपकी बीवी को मैं घर आ गई हूँ सब आपका इंतज़ार क्र रही हैं कब तक ए गए..

मैं:- बीएस 30 मं तक सब रेडी रहो..

मैं फ़ोन कट क्र क ऑफिस पी निकला इ था क मेरी नज़र सामन्य गई तो मैं घबरा गया......

तो बे कंटिन्यू..

नोट:- थैंक ु सू मच फॉर 1 लाख व्यूज इन वैरी शार्ट टाइम बीएस ऐसी इ सपोर्ट कृत्य रहना :thankyou::beer2:
 
अपडेट NO.30


हुवा यौन क जब मैं ऑफिस सी निकल क रोड की तरफ आया तो एक मोटरसिक्ले पी आदमी एक औरत का पर्स खेंच क भाग गया लेकिन जाती हुवी उसको दिखा दी गया उसका सर खाम्बी पी टकरा गया वह हिरति उस सी पेहली मैं फुल स्पीड मैं भाग क उसको पाकर लिया उसकी सर में सी खून निकालनी लगा मैं उस औरत को जल्दी सी हरी मैं लय क आज्ञा लोग बी इकठी हो गए थय..

मैं 10 मं में hi हॉस्पिटल पोहंच गया औरत को ेमरहस्य वार्ड में लय जाया गया मैं बाहिर hi बैठा था इतनी में फ़ोन बजा मेरा फ़ोन बजा देखा तो अभी का था..

मैं:- Hello..

अभी:- भाई किधर रह ह्या सब रेडी हैं..

मैं:- तुम लोग पोहंचो मैं थोड़ी देर में अत हूँ एक औरत का एक्सीडेंट होगया था उसको हॉस्पिटल लय क आया हूँ..

अभी:- तुझी तो कुछ नहीं हुवा.?

मैं:- अरे नहीं उसकी बी सर पी चोट लगी ही बीएस तुम लोग निकलो मैं अत हूँ...

अभी:- O.k जल्दी आना..

मैं:- हम्म्म

फ़ोन कट होगया..

डॉक्टर करीब 1 घंटी बाद बाहिर आया..

मैं:- डॉक्टर किसी हैं अब वह..

डॉक्:- अब बिलकुल ठीक हैं चाही तो घर लय जा सकती हैं..

मैं:- O.k मैं ुणस्य मिल लेता हूँ..

इधर अभी और सब H.m क घर पोहंच गए थय उनका स्वागत पुरजोश तारीकी सी किया गया.. बरी मेहमान नवाज़ी सी उनको घर क अंदर लय जा क बिठाया गया..

H.m:- कोई मुश्किल तो नहीं होइ..

पापा:- अरे H.m का घर ढूंढ़ना बी मुश्किल होसकता ही क्या..

H.m:- जी बिलकुल आपकी लिए तो बिलकुल बी नहीं शहर क जन्य मान्य बिज़नेस मन हैं..

पापा:- जी बीएस ऊपर वाली की दुआ ही..

H.m:- अगर बीटा पेहली बता देती तो और अछि जा पहचान हो जाती..

अभी:- जी अंकल बीएस..

पापा:- अब हो जाये गई भाई हमारे बेटे की जुबां पी पूरा भरोसा ही हामी..

H.m:- वैसी अभी तुम्हारा दोस्त नहीं आया.?

अभी:- जी वह बीएस आ इ रहा ही..

माँ:- हमारी बेटी किधर ही.?

A'maa:- जी अभी बुलाती हूँ.. अबीरा..

अबीरा हाथ में ट्रे लय क सर पी दुपटा नज़रें झुकी होइ इशिका क साथ ी..

अबीरा:- नमस्ते..

A'maa:- यह ही हमारी बरी बेटी अबीरा और छोटी बेटी इशिका..

शिखा:- मैं जानती हूँ इनको आप वही हैं न जो इंटरनेट स्टार हैं.?

इशिका:- जी हाँ लाखों फंस हैं मेरी..

शिखा:- मैं बी फॉलो करती हूँ..

इशिका:- हम्म्म..

इशिका की तेवर और ऊपर चले गए..

माँ:- बोहत प्यारी बहु ढूंढी ही हमारी लिए..

माँ न्य अबीरा को पास बिठा liya..Abira न्य एक बार सब को देखा और बोली..

अबीरा:- भाई नहीं ए.?

माँ:- कोण.?

तनीषा:- नहीं वह अभी आ रही hain..maa सैम की बात क्र रही है..

माँ:- ओह्ह तुम उसको जानती हो.?

अंजलि:- जानती हैं हम बी मिल चुकी हैं अबीरा सी पेहली..

माँ:- सब मिल लिए हामी चोर क..

A'maa:- वह जो एयरपोर्ट पी आया था इनका बीटा ही.?

अबीरा:- हाँ माँ..

A'maa:- लगता नही..

माँ:- मतलब.?

A'maa:- कुछ नहीं आप लीजिये न कुछ..

H.m:- पंडित जी को बुला लिया hy..Lijiye वह बी आ गए..

पंडित आ क बेथ गए और कुंडली देखनी लगी....

पंडित:- अगली महीने बोहत शुभ मोहरत ही..

H.m:- कोनसी तारीख.?

पंडित:- 16 ॉट...



H.m:- ुसमय तो बीएस 20 दिन बाकि हौं इतनी जल्दी कोई और महारत नहीं ही.?

पंडित:- नहीं जजमान उसकी बाद का महूरत 6 महीने बाद का ही..

पापा:- आप फ़िक्र मत कीजिये सब हो जाये गए..

H.m:- ठीक ही आप केहेती हैं तो तारीख पाकी कृत्य हैं..

सब:- मुबारक हो....

अबीरा:- भाई के अन्य का वेट क्र लेती है न फिर डेट फिक्स क्रय गए..

इशिका:- अब उसको कोई इंट्रेस्ट नहीं ही शादी में तो हम कोई इंतज़ार क्रय..

अबीरा:- एक बार फ़ोन क्र क पॉय लेती हूँ..

अबीरा फ़ोन मिलती ही..

इशिका:- स्पीकर ों करो पता चल जाये गए कितना इंट्रेस्ट ही उसको...

इधर मैं..

मैं कमरे में गया वह औरत बीएड पी लेती होइ फ्ही सर पी चोट का निशान साफ़ था..

मुझी देख क उठ क बेथ गई..

औरत:- बोहत बोहत शुक्रिया मुझी बचानी क लिए क्या मेरा पर्स मिला.?

मैं:- नहीं लेकिन आप अभी लेती रहिये..

औरत:- मैं ठीक हूँ अब मैं जा सकती हूँ.?

मैं:- जी जी ज़रूर बताइये किधर जाना ही मैं आपको चोर दूँ गए..

औरत:- नहीं मैं चली जाओं गई..

मैं:- मैं आपको अकेले ऐसी नहीं जाने दी सकता..

औरत:- नहीं मैं उस काबिल नहीं हूँ आप मुझी चोर सकी जहाँ सी मैं ी हूँ..

मैं:- अब बीएस रेडी हो jaiye..Nurse इनकी डिस्चार्ज पेपर्स रेडी करवाइये..

औरत:- लेकिन..

तभी मेरा फ़ोन बजा..

मैं:- आप चेंज क रेडी रहिये मैं कॉल सुन क अत हूँ...

मैं बाहिर आ गया और अबीरा का कॉल रेसवे किया..

मैं:- Hello i'm सो सॉरी अबीरा मैं नहीं आ सका क्या सब चले गए.?

अबीरा:- नहीं भाई सब यही हैं आप आ जाइये अभी..

मैं:- अबीरा मैं अभी बी हॉस्पिटल हूँ अगर जल्दी फ्री होगया तो ज़रूर ाओं गए..

अबीरा:- अब वह आंटी किसी हैं.?

मैं:- हाँ अब ठीक हैं वैसी क्या हो रहा ही उधर..

अबीरा:- हाँ वह सब न्य डेट डिक्स क्र दी ही 16 ॉट कोई प्रॉब्लम तो नहीं..

मैं:- अरे नहीं मुझी क्या प्रॉब्लम होगी..

अबीरा:- लेकिन पापा कह रही हैं इतनी त्यारियां किसी इतनी जल्दी..

मैं:- उसकी टेंशन तुम मत लो पूरी शहर को सजा दूँ गए.. वैसी अपना पापु क्या कहता ही.?

अबीरा:- कोण पापु.?

अभी बिच में इ बोल पारा..

अभी:- सैम मैं तुझी मर डालूं गए हाँ.? तुझी कितनी बार कहा ही यह मत बोलै क्र..

मैं:- ओह्ह तो स्पीकर ों ही सॉरी पापु ी मैं अभी मुझी नहीं पता tha(hahaha)..o.k Bye T.c अबीरा..

फ़ोन कट क्र दिया..

सब यह सुन क हसने लगी..

Ab'bua:- काफी अछि दोस्ती लगती ही..

अभी:- जी आंटी वह मेरी लिए सब कुछ ही मेरा दोस्त मेरा भाई हर चीज़ आज जो बी हूँ उसी की वजह सी हूँ...

A'maa:- हहह शादी क बात सी वह ज़्यादा खुश लग नहीं रहा था..

अभी:- आंटी मुझी सी ज़्यादा वह खुश ही बीएस अभी थोड़ा टेंशन में था मुझी पता ही..

पापा:- ठीक ही H.m साहिब हम चलते हैं..

H.m:- बोहत ख़ुशी होइ आपसी मिल क और रिश्ता जोर क जल्दी इ साडी त्यारियां शुरू कृत्य हैं..

पापा:- जी बेहतर..

सब को अलविदा कह क निकल गए घर की तरफ..

इधर मैं आंटी को पाकर क बिठा क गारी तक लय आया..

मैं:- तो बोलिये किधर जाना ही.?

आंटी:- शहर क बाहिर हमरा घर ही इस पति पी..

मैं पता पारा और निकल Gya..karib 1:30 घंटी की ड्राइव क बाद हम शहर क बाहिर आ गए..

एक घर क सामन्य गारी रोकी..

मैं गारी सी उतर क दूसरी साइड सी आंटी क पास आया उनको बाहिर अन्य को कहा लेकिन वह उतर नहीं रही थीं.. उनकी आंखों में आंसू थय..

मैनी उनका हाथ पाकर लिया..

मैं:- आंटी आप रू क्यू रही हैं.?

आंटी बीएस रोये जा रही थी मैनी उनको हौसला दिया और पाकर क सहारा दी क घर तक लय आया चाबी तो पर्स में रह गई होगी..

मैनी इधर उधर देखा तो गम्लय क नीची सी चाबी मिल गई मैं दरवाज़ा खोल क अंदर लय क जा क सोफे पी बिठाया और किचन को ढून्ढ क पानी का गिलास लय क आया

आंटी को पानी पिलाया और शांत किया और उनकी पास घुटनो क बल बेथ क..

मैं:- आंटी आप रो क्यू रही हैं जब चोट लगी तभी आप तब बी नहीं रोइ थी लेकिन अभी क्यू रू रही हैं.?

आंटी:- जिस्म पी चोट लगी तो सेहेन हो जाती ही डिल पी लगी चोट नहीं सेहेन होती..

मैं:- आप प्लीज मुझी बताइये क्या हुवा.?

करीब 2 महीने पेहली..



आंटी:- मेरे पति एक स्केंटिस्ट थय उन्हों न्य बोहत सी चीज़ों की खोज की वह बोहत ाच्य और नीक डिल थय पूरा शहर उनकी इज़्ज़त करता था हम दोनों की कोई औलाद नहीं थी.. फिर बी हम एक दोस्सरी का सहारा बनी रही हमरी शादी को 10 साल होगये थय..

लेकिन एक दिन मेरी पति क पास कुछ लोग ए ुँहू न्य उनको एक ऐसा बम बने को कहा जो एक इ वक़त मैं एक साथ कई जगह पी फटी..

उन्होंने मन क्र दिया तो ुँहू न्य धमकी दी लेकिन यह टॉस सी मास्स न होये एक दिन ुँहू न्य मुझपी जान लेवा हमला किया ुँहू न्य मेरी गर्दन पी चाको रख क मेरी पति सी बम बनवा लिया उसकी बाद मुझी हॉस्पिटल लय गए जब हम घर वापिस ए हमारी घर क बाहिर लोग एहतजाज करनी लगी पता नहीं सब को किसी पता चली क मेरे पति न्य बम बनाये हैं हम जल्दी सी हमनी यहाँ एक घर लिया और यही रहंय लगी लेकिन 20 दिन पहेली मेरे पति घर सी लिबरटोरी गए लेकिन घर वापिस नहीं ए शाम को पुलिस उनकी लाश लय ी..

आंटी और ज़ोर सी रोने लग गई और मेरे गली लग गई मैनी बी नहीं रोका और उनकी सर को सहेलानी लगा..

मेरी बी आंखें नाम हो गई..

मैं:- आप फ़िक्र मत कीजिये सब को सजा मिल्ली गई उनकी किये की..

आंटी:- आज पुलिस सेशन में बी मेरी साथ बोहत गलत बर्ताव किया गया..

मैं उनको चुप करवानी लगा वह ऐसी इ रोटी रोटी सो गई क्यू क उनको चोट पेहली सी इ लगी थी..

वह इस सूनसान जगह पी बिलकुल अकेली मैनी आज रात न जन्य क फैसला किया..

मैनी तनीषा को फ़ोन किया..

तनीषा:- Hello किधर रह गए हैं आप.?

मैं:- जान वह आज घर नहीं आ पाऊँ गए सब को बता देना..

तनीषा:- सब ठीक तो है न.?

मैं:- हाँ घर आ क बातों गए..

तनीषा:- O.k t.c

मैं:- ाचा सुनो ाएहसा ही क्या पास.?

तनीषा:- हाँ यह लो..

ाएहसा:- Hello आप घर क्यू नहीं ए आज मेरा पहला दिन था और घर आ क एक बार बी नहीं मिल्ली..

मैं:- I'm सो सॉरी मेरी जान सुबह जल्दी इ आ जाओं गए..

आयेशा:- कोई बात नहीं..

मैं:- ाचा मुझी सुबह ज़ायरी बात करनी ही मुझसे मिल क इ जाना स्टेशन..

आयेशा:- जैसा आप कही..

मैं:- Bye..love यू..

ाएहसा:- लव यू तू!

फ़ोन सुत्त..

आंटी मुझी कस क गली लगी होइ थी मुझी बोहत तकलीफ हो रही थी देख क किसी वह इतनी दिन अकेली रही होंगी..

उनको देखता हुवा मैं बी सू गया..

इंसान हमेशा को सोचता ही अगर वह हो जाये तो यह यूनिवर्स एक पाल में ख़तम हो जाये..

तो बे कंटिन्यू..
 
अपडेट NO.31


सुबह मेरी आंख खुली तो आंटी अभी बी सू रही थी शायद काफी दिनों बाद सुकून की नींद सोइ हों गई..

खैर कुछ देर उनको देखता रहा वह बी 10 मं में उठ गई और खुद को किसी क गली लगी देख घबरा गई पेहली तो फ़ौरन अलग होइ..

मैं:- I'm सो सॉरी आंटी आप सू गई थी मेरा मान नहीं चाहा आपको जगण्य का i'm सो सॉरी..

वह पेहली मुझी घूरती रहीं और फिर मेरे गली लग गई और रोने लगी..

मैं:- आंटी क्या हुवा मैं आप सी वडा करता हूँ सब को सजा मिल्ली गई जो बी इस में शामिल थय..

Aunty(Rote होय):- मैं नहीं जानती तुम कोण हो कहाँ सी ए पर मुझी प्लीज अकेले मत chorna..Main ठाक गई हूँ मुझी ज़रूरत ही किसी की तुम्हारी गली लगती इ दुनिया भर की फ़िक्र भूल गई thi..please..

मैनी बी अपना एक हाथ उनकी कमर पी रख क सेहलानी लगा..

मैं:- आप फ्रेश जो जाइये.. पहले..

मैं उनको थोड़ा समझा क बाथरूम भेज दिया और दोस्सरी में खुद जा क फ्रेश हो आया

मैनी उनकी लिए ब्रेकफास्ट बनाया वह नाहा क बाहिर ी मैनी उनको ब्रेकफास्ट करवाया और उनको सोफे पी बिठा दिया और मेडिसिन दी..

मैं:- आप कुछ देर आराम कीजिये मैं थोड़ी देर में अत हूँ..

आंटी:- तुम बी मुझी अकेले चोर क चले जाओ गए.?

मैं:- नहीं मैं बीएस अभी आया..

मेरी दिमाग में एक आईडिया आया जिस सी आंटी को थोड़ा फ्रेश बी फील होगा और थोड़ा बेटर बी..

मैं:- आंटी आपको अगर बुरा न लगी तो एक बात पोचो.?

आंटी:- तुम जो बी कहो क मान लोन गई बुरा क्यू लगी गए वैसी नाम क्या ही तुम्हारा.?

मैं:- Saim..apka.?

आंटी:- अक्षरा..

मैं:- क्या आप मेरे साथ स्विज़रलैंड चले गई मैं वही जा रहा हूँ आज शाम को िफ़ ु don't मंद..

आंटी:- हाँ लेकिन केस.?

मैं:- आप उसकी फ़िक्र मत कीजिए मेरी बात हो गई ही आप बीएस अपना पासपोर्ट मुझी दीजिये..

आंटी जा क कमरे सी पासपोर्ट लय ी..

मैं उनको पैकिंग का कह क गारी लय क घर की तरफ निकल गया और रस्ते में आंटी क पासपोर्ट पी वीसा लगवानी क लिए दिया और शाम को एयरपोर्ट पी इ पासपोर्ट मिल जाये गए..

मैं घर पोहंचा तो हॉल में कोई नहीं था किचन सी आवाज़ आ रही थी मैं उधर इ चला गया..

अंदर तनीषा काम क्र रही thi..main उसको पिच्य सी गली लगा लिया..

मैं:- गुड मॉर्निंग मेरी जान i'm सॉरी आज कॉफ़ी नहीं दी सका..

तनीषा न्य मेरे गाल पी किश किया..

तनीषा:- मुझी पता था आप बिजी हैं कोई बात नहीं..

मैं:- बाकि सब किधर हैं.?

तनीषा:- माँ सब्ज़ी लेनी गई हैं आयेशा और अंजलि रेडी होने पापा शिखा को स्कूल चोर क ऑफिस..

मैं:- और मेरी जान क्यू नहीं रेडी होइ.?

तनीषा:- बीएस अभी रेडी होने इ लगी थी..

तभी एक आवाज़ i"Ahmm अहंमम"

मैं जल्दी सी अलग होगया और पिच्य देखा तो माँ थी..

माँ:- आज्ञा कहाँ था रात भर.?

मैं:- वह मैनी बताया था न्य वह आंटी को चोरनी गया था तो रात काफी होगी थी तो वही रुक गया...

माँ:- चल फ्रेश हो जा..

मैं किचन सी भाग गया कमरे की तरफ और कात्य इ अभी का ख्याल आया तो उसी क कमरे की तरफ चल पारा..

जंब अभी बी सो रही thy..Ek लात उसकी पिछवाड़े पी मारी वह बीएड सी गिर गया..

अभी:- कमीने सोने बी नहीं देता.?

मैं:- भाई साब सुबह जो गई ही उठिये और याद हो तो आपको अबीरा को कॉलेज ड्राप करा था.?

अभी:- ओह सहित...

वह जल्दी सी बाथरूम की तरफ भाग गया..

मैं वहां सी सीधा आयेशा क कमरे की तरफ चल गया..

वह शिष्य क सामन्य खरी हो क अपनी वर्दी की शर्ट क बटन बंद क्र रही थी मैं उसकी करीब गया और उसको पिच्य सी हुग क्र क उसकी शर्ट क बटन को पाकर लिया हाथ क साथ..

मैं:- गुड मॉर्निंग मेरी जान..

आयेशा:- गुड मॉर्निंग आप कब ए..

मैं:- बीएस अभी आया हूँ आप बताइये केसा रहा कल का दिन..

आयेशा:- बोहत बरिया था खूब काम करवाया साब सी..

मैं:- अरे वह हमारी जान तो बोहत स्ट्रिक्ट हैं.?

आयेशा:- अपनी जान क लिए तो रोइ सी बी नरम बूत उधर क हालत बोहत बिगरी हैं..

मैनी बटन को सलौली सलौली बंद क्र रहा था वह शिष्य सी मेरी ाँकूँ में देख रही थी..

मैनी उसकी सीधा किया और बीएड पी बिठा दिया और नीची जम्में पी खुद उसकी सामन्य बेथ गया..

आयेशा:- यह आप क्या क्र रही हैं.? मुझी गुनहगार मत कीजिये ऊपर बैठिये..

मैं:- Shiii..Meri बात गुर सी सुनिए..

फिर मैनी आंटी वाली साडी बात बता दी...

मैं:- आपको इस मामले की तेह तक पोहचना ही..

आयेशा:- आप फ़िक्र मत कीजिये किसी को नहीं चोरो गई..

मैं:- बिलकुल नहीं..

आयेशा:- मतलब.?

मैं:- तुम सब का पता लगो गई पर खुद को मामले सी दूर रख क किसी को पता न चले तुम इसकी छान भीं क्र रही हो..

आयेशा:- बूत व्हाई.?

मैं:- अगर आंटी की बात सच ही तो इतना बारे मामला ही कोई न खोज डिपार्टमेंट में सी बी कोई न कोई ज़रूर मिला होगा उनकी साथ यह काम बोहत होश्यारी सी करना होगा और मैं नहीं चाहता क आपकी ऊपर कोई बी आंच ए..

आयेशा:- अब पुलिस की नौकरी ही किसी बी वकत मेरी जान...

अभी वह कुछ बोलती मैनी उसकी मुँह पी हाथ रख दिया..

मैं:- खबरदार अगर तुम्ही कुछ हुवा पूरी शहर को जला क रख क्र दूँ गए..

मैनी आयेशा को गली लगा लिया..

आयेशा:- I'm सॉरी यज्ञ सी कभी नहीं कहूं गई..

मैनी उसकी अलग किया और फुरण अपनी होंठ उसकी होंठो पी रख दिए वह बी मेरा साथ देंय lagi..choti सी किश की और अलग होगया..

मैं:- ी लव यू...

आयेशा:- ी लव योय तू!

मैं:- आज शाम को स्विज़रलैंड जा रहा हूँ...

आयेशा:- बताया तो था बुसिनेस की ट्रिप ही..

मैं:- नहीं..

फिर उसको बी साडी बात बता दी M'bua की..

आयेशा:- मुझी आप पी पूरा भरोसा ही आपकी प्यार पी भरोसा फिर चाहे आप किसी क बी साथ... लेकिन मेरी लिए प्यार पी मुझी पूरा यकीक ही..

मैं:- मैं बोहत खुशकिस्मत हूँ जो आप साब जैसी बीवियां मिली जो मुझपी भरोसा करती हैं बीएस यह कभी मत करना क अपने भरोसे को टूटने मत देना...

आयेशा:- कभी Nahi..Chalo बोहत इमोशनल क्र लिया अब हुग दो पता नहीं कितनी दिन उधर रूको गए.?

मैं:- ॉव..

मैनी उसको गली लगा लिया और उसको बाहिर जीप तक चोरनी गया और अंदर आ क अंजलि क पास गया वह रेडी होकय बैठी थी बाहिर लाउन्ज में..

मैं:- क्या हो रहा ही.?

अंजलि:- अरे आप आ गए..

वह मेरे गली लग गई और मेरी गॉड में इ बेथ गई..

मैं:- मैडम अगर कुछ होगया न फिर मत कहना क..

अंजलि:- क्या होगा.? अपने पति की गॉड में बैठी हूँ..

मैं:- ाचा मेरी जान एक ज़रूरी बात करनी ही..

अंजलि:- हम्म..

मैनी अंजलि को बी साडी बात बता दी वह बी मान गई...

फिर अभी निकल गया और मैं अपने रूम में आ गया..

मैं:- जणू..

तनीषा:- जी...

मैं:- क्या शोपिंग पी चले गई मेरी साथ.?

तनीषा:- बिलकुल चलिए...

मैं:- आप ऑफिस जाइये मैं 12 बाजी पिक करनी गए O.k

तनीषा:- O.k

फिर होंठो पी हल्का सा किश क्र क वह चली गई मैं बी कापरी चेंज क्र क नाहा क नीची आ गया अब घर में बीएस मैं और माँ hi thy..Main नीची आया वह मागज़ीने पढ़ रही थी..

मैं:- ही माँ क्या आप बीएस मागज़ीने परहत्य रेहटी हो.?

माँ:- आप हामी कोई आपकी तर्हां प्यार थोड़ी न करता ही जो उसी क साथ टाइम स्पेंड क्रय इसी लिए यह मागज़ीने इ ही..

मैं:- ऐसा क्यू बोल रही हैं.? हम साब आपसी बोहत प्यार कृत्य हैं..

माँ:- मुझी पता hy..lekin तेरी तरह हर कोई रोमांटिक तो नहीं होता.?

मैं:- मैं कहाँ.?

माँ:- हैए क्या रोमांटिक सिचुएशन होती ही जब पति पत्नी क लिए सुबह को कॉफ़ी बनाये उसको टांग क्रय चेर चार क्रय..

मैं:- वह तो बीएस वैसी hi..

माँ:- हमरी इतनी किस्मत कहाँ.?

मैं:- अरे ऐसा क्यू पापा ही न और महरानी हैं आप राजा सी इतना तो एक्सपेक्ट क्र hi सकती हैं..

माँ:- महरानी तो हूँ लेकिन राजा की अगर वह माने तो..

मैं:- अरे पापा कितना प्यार कृत्य हैं आपसी..

माँ:- मैनी राजा कहा ही..

मैं एक डैम शॉकेड होगया जब मैनी माँ की बात का अर्थ सोचा तो हैरान रह गया..

मैं:- अभी वह छोड़िये यह बताइये पैकिंग क्या करूं समझ नहीं आ रहा.?

माँ:- अभी तक नहीं होइ.?

मैं:- नहीं..

माँ:- मैं क्र देती हूँ..

माँ पैकिंग करनी चली गई..

मैं बाहिर लॉन में आ क बेथ गया और कोमल को फ़ोन किया..2 3 रिंग में hi फ़ोन पिक होगया..

कोमल:- Hello..

मैं:- किसी ही मेरी जान.?

कोमल:- एक डैम bariya..Ap बताइये..

मैं:- एक डैम बरिया हम बी... ाचा एक बात बतानी थी..

कोमल:- जी बोलिये....

उसको बी साडी बात बता di..Woh बी समझ गई फिर इधर उधर की बातें क्र क फ़ोन बंद क्र दिया..

मैं थोड़ी देर अपने कमरे में जा क सू गया..

करीब 2 घंटी बाद आंख खुली तो फ्रेश होकय बुआ को पिक करनी अन्य का फ़ोन किया और माँ को बता क शोपिंग क लिए चला गया..

ऑफिस जा क तनीषा को पिक किया और फिर निकल गए मॉल वहां करीब 2 घंटी की शोपिंग क बाद शिखा की स्कूल सी लय आया आयेशा और अंजलि बी आ गई पापा को फ़ोन क्र क जाने का बता दिया और सब सी मिल क निकल गया आंटी क घर की तरफ.

वह गया तो वह बाहिर मेरा इंतज़ार क्र रही thi..main गारी सी उतरा तो भाग क मेरी पास आ गई और गली लग गई..

आंटी:- कितनी देर सी इंतज़ार क्र रही हूँ मुझी लगा तुम बी नहीं औ गए..

मैं:- आपसी वडा जर क गया था अब चलिए..

आंटी:- हम्म्म..

फिर हम गारी पी बेथ क निकल गए बुआ क घर की तरफ

अब देखती हैं यह सफर कहानी में क्या न्य मूर लय क अत ही..

नोट:- सॉरी फॉर लेट अपडेट कल 2 और अपडेट ए गए..
 
अपडेट 32


हम करीब 2 घंटी की ड्राइव क बाद बुआ क घर पोहंची गारी की आवाज़ सुन क बुआ बाहिर आ गई..

मैं उतर क उनकी पाऊँ कौए और गली मिला..

मैं:- किसी हैं बुआ..

M'bua:- एक डैम फिट अब तो आज्ञा और बी अछि हो जाओं गई.

मैनी आंटी को गारी सी बाहिर बुलाया..

मैं:- बुआ यह हैं अक्षरा जी यर्ह बी हमारी साथ जाये गई..

M'bua:- पहेली कभी नहीं मिली इन सी..

मैं:- वह सब आपको बाद में बताओं गए पहले मूसा को बुलाइये देर हो रही ही..

बुआ हम दोनों को अंदर लय गई..

अंदर बुआ की सास और नन्द बैठी थी ुणस्य हल चल पोछा तो सेरियोँ सी एक आदमी नीची आया लम्बे बॉल मुँह पी एक बी बॉल नहीं शकल सी इ वैसा लगता था..

बुआ:- यह हैं तेरे फूफा जी..

मैनी ुणस्य हाथ मिलाया लडकियोँ जैसी मुलायम हाथ थय उनकी..

मैं:- चले समान गारी में रख दें..

म:- हाँ चलो..

उनकी बोलनी में बी कोई मर्दानगी नहीं लग रही थी..

हम लोग सब सी विदा लय क गारी में बेथ गए आंटी यज्ञ बेथ gai..Bua मुझी साइड में लय गई..

M'bua:- तो इसको क्यू साथ लाया ही अगर इसको पता चल गया तो.?

मैं:- उसकी आप फ़िक्र मत कीजिये सब मुझपी चोर दी जिए..

बुआ बी मान गई और हम निकल गए एयरपोर्ट की तरफ वहां पोहंच क सब क पासपोर्ट लिए और टिकट ली क्यू क मैं प्राइवेट प्लेन नहीं लय क जा रहा था हम लोग लोकल ट्रेवल जर रही थय लेकिन बिज़नेस क्लास में..

काहिर हम प्लेन में बेथ गए.. कुछ घंटों क सफर क बाद हम पोहंच गए स्विज़रलैंड थे लैंड ऑफ़ ब्यूटी एंड कूल..

बुआ:- वाओ यह तो फिल्म्स सी बी ज़्यादा ख़ूबसूरत ही..

म:- हाँ काफी ाचा ही..

हम टैक्सी लय क होटल चले गए रूम्स पहेली सी बुक थय एक मैं बुआ और फोफा एक में मैं और एक में अक्षरा आंटी..

मैं अपने रूम में जा क नहाया और बीएड पी लेट गया.. तभी मेरे कमा नॉक हुवा.. मैनी खोला तो सामन्य आंटी थी..

मैं:- अरे आंटी आप क्या हुवा कुछ चाहिए क्या.?

आंटी:- क्या मैं अंदर आ जाओं.?

मैं:- हाँ क्यू नहीं.. आइये..

मैं साइड होगया वह अंदर आ गई और खरी हो गई अपनी साडी का पालू सी खेलनी लगी..

मैं:- आंटी सब ठीक तो ही न.?

आंटी:- Wo...Woh मैं पहली दफा कहीं बाहिर ी हूँ ऐसी होटल में बी मुझी कमरे में दर लग रहा ही और...

मैं:- और क्या.?

आंटी:- मैं नहंय गई थी तो कुछ समझ नहीं आ रहा था यह किसी काम करता ही...

मैं:- आप इधर नाहा ली जिए मैं आपको पानी भर देता हूँ टब में और मैं नीची लॉबी में जा रहा हूँ आप आराम सी नाहा लेना..

मैं सब समझा क नीची आज्ञा लॉबी में वैसी तो मेरा मूड सोने था बूत अब मैं सब को कॉल क्र क बता दिया था क मैं पोहंच गया हूँ..

मैं वहां सी होटल क बाहिर वाली साइड आज्ञा वहां क बर्फीले पहर और ठंड काफी ख़ूबसूरत थी वहां एक कपल एक दोस्सरी को गली लगा क बैठी थय मैं उनको देख रहा था मैनी तनीषा को कॉल किया..

तनीषा:- Hello..

मैं:- ी मिस यू..

तनीषा:- सब ठीक तो ही न अभी तो गए होये 1 दिन बी नहीं हुवा जंब को याद आ रही ही..

मैं:- अपनी जान सी इतनी देर कहाँ दूर रह सकता हूँ..

तनीषा:- मैं बी कहाँ रह सक्तु हूँ..

मैं:- यहाँ का मूसम ब्रा हस्सें ही आपके साथ की ज़रूरत ही यहाँ..

तनीषा:- तो लय क क्यू नहीं गए और वैसी बी आपकी पास तो हैं न बुआ..

मैं:- मुझी दुनिया घोमनी तुम्हारी साथ तुम्हारी प्यार की ज़रूरत ही..

तनीषा:- मैं वो नहीं कह रही थी..

मैं:- एक बात बोलों..

तनीषा:- हम्म.

मैं:- मैं सब सी एक जैसा प्यार करता हूँ कभी बी किसी में फरक किसी को काम ज़्यादा नहीं.. लेकिन..

तनीषा:- लेकिन क्या.?

मैं:- मेरी एक खुवाहिश ही में दुनिया होम्मो सिर्फ तुम और मैं और कोई नहीं पूरी दुनिया सी बेखबर तुम्हारी प्यार क sath..Sirf तुम्हारा साथ..

तनीषा:- हम ज़रूर जॉब गए.. ी प्रॉमिस..

मैं:- ी लव YOU..I CAN'T लाइव विथाउट यू..

तनीषा:- ी लव यू TOO!..Uhammmmm

मैनी फ़ोन कट क्र दिया..

आज पहली दफा एहसास हो रहा था क तनीषा मेरी लिउए क्या एहमियत रखती ही आज पूरी 2 साल में पहली दफा उस सी यह कहा था मिस ुओ क्यू क जब सी वह मिली थी कभी अलग नहीं होइ..

हालाँकि जिनके साथ 15 साल रहा दीदी मस्सी अंकल उनको बी मिस नहीं करता जितना तनीषा को कर रहा था वैसी पेहली बी मैं रात को नहीं होता उसके साथ बूत यह उम्मीद होती ही सुबह मिलों गए और अब मुझु पता ही कुछ दिन नहीं मिल पाऊँ गए..

यह नहीं था क बाकियोँ में और तनीषा क प्यार में कोई फरक था बूत उसका मेरी हर छोटी बरी चीज़ का ख्याल रखना हर गलती पी डांटना उसका लोविंग केयरिंग नेचर पता नहीं क्यू लेकिन बाकियोँ में नहीं दिखाई देता था इसी लिए जब किसी मुसीबत यह फ़िक्र में होता हूँ सब सी पहला ख्य तनीषा का अत ही..

खैर यौन इ सोचती होय और खूबसूरती को निहारती होय 1 घंटा गुज़र गया मैं कमरे की तरफ गया नॉक किया तो कोई 10 सेक् में इ खुल गया शायद मेरा hi इंतज़ार क्र रही थी आंटी..

मैं अंदर गया उन्हों न्य दरवाज़ा बंद क्र दिया..

मैं:- कोई दिकत तो नहीं होइ.?

आंटी:- नहीं..

मैं:- भूक लगी ही.?

आंटी:- हम्म्म

मैं:- तो आप बोलिये मुझी..

मैनी आर्डर क्र दिया और 10 मं बाद खाना आज्ञा दोनी न्य ख्य और मैं बोलै..

मैं:- अब आप आराम क्र लीजिये शाम को घूमने चले गए..

आंटी:- क्या मैं इधर इ सू सकती हूँ अकेले दर लगता ही..

मैं:- हाँ ज़रूर आप सू जाइये..

मैनी आंटी को लिटा दिया हीटर ों क्र दिया वह सू गई मैं बुआ क कमरे की तरफ बढ़ा..

और नॉक kiya..Phpha न्य दरवाज़ा खोला..

M'P:- अरे सैम औ अंदर..

मैं अंदर गया तो बुआ नागहत्य में बीएड पी बैठी थी..

मैं:- सब ठीक ही न कोई परेशानी.?

M'bua:- बिलकुल नहीं..

M'P:- हाँ सब एक डैम बरिया ही वैसी मैं तुम्हारा शुक्रिया ऐडा करना चाहता हूँ..

मैं:- किस लिए.?

M'P:- तुमने मेरी मजबूरी को समझा और अपनी बुआ की मदद की..

मैं इस बात पी कुछ नहीं बोलै बीएस बुआ की तरफ देख क हल्का सा मुस्कुरा दिया..

बुआ उठ क मेरी पास ी और मेरी गली में अपनी बाहें डाक दी..

M'bua:- अब और मत तारपा..

मैं:- अभी नहीं रात को और आप रात की आंटी क कमरे में चले जाना जब मैं कहां यहाँ वापिस आ जाना..

बुआ:- तो वह किधर जाये गई?

मैं:- मेरे कमरे में..

बुआ:- क्या वह बी.?

मैं:- नहीं बुआ बात ऐसी ही क..

फिर साडी बात बता दी मैनी..

बुआ:- आईएम सो प्राउड ऑफ़ यू..

बुआ न्य मेरे होंठों को हल्का सा चूम लिया..

मैं:- आपके पति यही हैं..

बुआ:- इस नामरद सी किसी शर्म.

मैं:- प्लीज इतना बी बेशरम मत बनाइये..

बुआ:- O.k बाबा..

मैं उसी विदा लय क कमरे मेंवापिस आज्ञा और सोफे पी लेट क सू गया..

इधर दोस्सरी तरफ..

वही उसी जगह जहाँ पेहली सब एकता थय

आदमी:- तो मॉल आज इंडिया पोहंच गया ही..

आदमी2:- जी भाई हमने उसको अपने अड्डे पी पोहंचा दिया ही..

आदमी:- और उसको अलग शहरों मरीन पोहचन्य क लिए इंतज़ाम किया.?

आदमी3:- जी सर बात हो गई ही लेकिन भाई एक प्रॉब्लम आ गई ही .

आदमी:- क्या हुवा.?

आदमी3:- कोई नै इंस्पेक्टर ी ही..

आदमी:- तो उस से बात क्र न मान्य तो ख़तम क्र दो उसी और भाई को अपने काम में कोई दिकत नहीं चाहिए..

आदमी2:- जी सर हम कल इ जाइये गए...

आदमी:- और उस डील का क्या बना.?

आदमी1:- उसके बी इंतज़ाम होगया ही यह डील कभी पूरी नहीं होगी. .

आदमी:- मतलब तबाही Paki(Hahahahahaha)

फिर देखती देखती कमरा खली..

नोट:- भाई एक अपडेट रात को ए गए
 
अपडेट NO.33


करीब शाम क 5 बाजी मेरी आंख खुली मैं काफी ठाक क उठा था तो आंखें माल रहा था मैनी नज़र डोरे तो बीएड क किनारी आंटी बैठी थी पेहली तो मुझी लग वैसी hi बैठी हैं लेकिन जब गौर सी देखा तो वह रू रही थी मैं जल्दी सी उठ क उनकी पास गया और उनके गुथनो क पास बेथ गया..

मैं:- अरे आप रू क्यू रही हैं.? किसी न्य कुछ कहा.?

आंटी न्य नाह में सर हिल्ला दिया...

मैं:- तो रू क्यू रही हैं.?

Aunty(sisakte होय):- मैं बोहत टांग किया न तुम्हे मेरी वजह सी तुम सोफे पी सोये मैं अपने कमरे में चली जाती हूँ..

मैं:- अरे आपसे किसने कहा आप मुझी टांग क्र रही आपको मुझपी भरोसा ही तो आप यहाँ ी वर्ण कोई थोड़ी किसी क बी कमरे में अत ही और रही बात सोफे पी सोने की तो अगर मैं बीएड पी सत्ता मुझी लगा आपको बुरा लगी गए..

आंटी:- नहीं अगर तुम नहु सो गए बीएड पी इ तो बुरा लगी गए..

आंटी न्य मेरा हाथ पाकर क बीएड पी बिठा लिया और अपना सर मेरी कंधे पी रख दिया और खुद को हल्का करने लगी..

कुछ देर में उन्हों न्य अपना मुँह उठाया और मेरी आंखों में देखने लगी वह उन में जैसी खो hi गई वैसी यह बात मुझी समझ नहीं अति थी क मेरी आंखों में ऐसा क्या ही जो बी देखता ही खू सा जाता ही..

वैसी मैं बी उनकी आंखों में देखने लगा उनकी आंखों में मेरी लिए बेपनाह प्यार और भरोसा दिख रहा था मुझी अचनाक मेरी होंठ गिल्ले महसूस होय फिर पता चला क आंटी होंठ हैं...

कुछ 5 सेकंड की किश क बाद वह अलग हो गई और खरी हो गई बीएड सी..

आंटी:- I'm सॉरी..

और रोने लगी..

मैं खरा हुवा और उनके कंधे सी पाकर क सीधा किया...

वह जल्दी सी गली लग और कस क पाकर लिया..

Aunty(Rote होय):- प्लीज मुझी संभल लो मैं टूट गई हूँ मुझी शराय की ज़रूरत ही मैं बीएस थोड़ा सा प्यार चाहती हूँ बीएस थोड़ा सा..

मैने बी उनको गली सी कस क लगा लिया ही और सर सेहलानी लगा मुझी पता था क उनको किसी की सख्त ज़रूरत ही और मुहझि बी उनको प्यार देने में कोई दिकत नहीं थी..

मैं:- अब आप रीना बंद कीजिये मैं हमेशा आपके साथ हूँ जितना चाहिए प्यार दूँ कभी कोई तकलीफ नहीं दूँ गए प्रॉमिस...

आंटी न्य और कस क पाकर लिए 10 मं यूँ hi खरी रही फिर अलग हुवा..

मैं:- आंटी आप त्यार हो जाइये...

आंटी:- आप मुझी नाम सी बुलाइये ाचा लगी गए मुझी..

मैं:- जी अक्षरा जी..

आंटी मुस्कुरा बाथरूम चली गई..

मैं बी आंटी वाले रूम में जा क फ्रेश हुवा और कापरी चेंज kiye..Phir बुआ क रूम में गया..

बुआ अभी नाहा क निकली थी और टॉवल में खरी थी..

क़यामत ध रही थी बरी बरी चूचियों को आधा टॉवल सी ढाका हुवा था नंगी झांगय बिना बलून क अह्ह्ह क्या नज़ारा दी रही थी.

बुआ शर्मा गई.

बुआ:- ऐसी क्या देख रही हो...

मैं:- देख रहा हूँ क मलिका हुसैन मेरी सामने ऐसे खरी हैं मेरी तो जान निकल रही ही..

बुआ:- जो बी ही तुम्हारी लिए ही....

मैं हल्का सा चल क करीब गया मेरा लुंड पेण्ट में अपनी अरूज पी खरा खरा हो चूका था...

में चल क उनके बिलकुल करीब पोहंच गया मैने एक हाथ सी उनके चेहेरी पी जो बाल ए थय उनको पिच्य किया और गळून पी किश किया M'P अभी कमरे में नहीं थय..

एक हाथ टॉवल पी रख बुआ न्य फ़ौरन अपना हाथ मेरी हाथ पी रख दिया मैनी उनकी आंखों में देखा और उनके होंठ अपने होंठों में लय लिए क्या नरम होंठ थय कभी ऊपर वाला तो कभी नीची वाला होंठ चूसने लगा वह बी मेरा साथ देने लगी .

मैनी अपने एक हाथ सी टॉवल खोल दिया मैनु अभी तक बूब्स नहीं देखी thy..Lekin अपना एक हाथ उनके बूब्स पी रख दिया अहह क्या सख्त बूब्स सी उनके मैं उसको दबनी में लग गया और बुआ वाइल्ड किश करनी लगी..

मैनी उनका निप्पल पकड़ा और खेंचा अहह क्या मज़ा आया बोहाय टाइट था बुआ न्य 10 मं बाद अलग होइ और मेरी चेहेरी पी किश करना शुरू क्र दिया बुआ न्य मुझी बीएड पी धिका दी दिया मेरी नज़र बुआ क नगय जिस्म पी गई.. क्या जिस्म था बुआ का चर्बी कही बी नहीं बारी बारी बूब्स कमल की नैवेल और निचा व् शेप छूट क्या मस्त नज़ारा था..

वह मेरी ऊपर छलांग लगा क चार गई और मुझी चेहेरी को चूमना और चेतना शुरू क्र दिया बुआ न्य मेरी शर्ट क बटन खोल diye..Aur मेरी सेनाय पी किश करना और छटा शुरू क्र दिया वह ऐहीस्ता आहिस्ता नीचे जाने लगी बुआ न्य मेरी बेल्ट खोली और नीचे सी बटन खोल क ज़िप खोल दी और पेण्ट को पाकर क नीची क्र दिया मैं बी थोड़ा ऊपर होगया..

मेरा पहला एक्सपीरियंस था जब चार्ज किसी लेडी क पास था मुझी बी ाचा लग रहा था यह सब देख क...

अब मैं बीएस अंडरवियर में था और मेरा 10 इंच का लैंड साफ़ नज़र आ रहा था..

बुआ:- कितना बारे ही तेरा मैं तो तुझी छोटा समझती थी..

बुआ न्य मेरी पेट की लीक कृत्य कृत्य अपने दन्त मेरी अंडरवियर पी लगा क खेच लिया..

जब लुंड बुआ क सामने आया गोकरा चिटा लाल सुपर पूरे तान में खरा मेरा 10 इंच का लुंड बुआ क सामन्य था बुआ एक बार आंखें फर क देखती रही फिर अपना हाथ यज्ञ बढ़ा क उसको पकड़ा..

बुआ:- सैम यह क्या ही.?

मैं:- आपको नहीं पता.?

बुआ:- पता ही लेकिन इतना बारे तो डिलडो बी नहीं होता..

मैं:- अपने डिलडो फ़क किया.?

बुआ:- हाँ उसी सी तो सहारा लिया..

बुआ न्य अपना हाथ आगे पीछे करने लगी बुआ अपना मुँह लुंड क करीब लय ी उनके मुँह की सांसें लुंड पी मेहुस क्र क लुंड और तान में आज्ञा जान तो मेरी जब निकली जब बुआ न्य अपनी जीभ निकल लुंड को नीची सी ऊपर तक छठा और टोपे को अपने होंठो में भर लिया...

मैं:- अह्ह्ह्हह बुआ....

मेरा पहली दफा था जब किसी न्य लुंड मुँह में गया क्या गरम सांसें थी बुआ की वह हल्का हल्का मुँह को ऊपर नीचे करने लगी उनके गिल्ले बाल मेरी पेट पी गिर रही थय में एक अलग इ दुनिया में था अभी बुआ न्य करीब लुंड 5 मं चूसा मुझु लगा अगर और चौकसे तो में बुआ क मुँह को फर क रख दूँ गए इसी लिए मैनी बुआ को अलग की और उठ क उनको किश किया हल्का सा और बुआ को नीची लिटा क ऊपर आज्ञा में मैनी बुआ क बूब्स की पकड़ा और इकठा किया और मुँह लगा क हिलाया और फिर एक बूब को मुँह में भर लिया और निप्पल चूसने लगा क्या कर्ज निप्पल थय बुआ क मान क्र रहा था चोइसते जौंन..

बुआ:- अह्ह्ह सैम चोसो हाँ आज पहली दफा कोई चूस रहा ही खा जाओ इनको Ahhhhhhh...sssssAhhhh..

10 मं बूब्स को छूने क बाद मैं पेट पी आ क चाटने लगा एयर नैवेल को चूसा और फिर नीचे ख़ज़ानी की तरफ आ गया बुआ छूट बोहत ख़ूबसूरत थी छोटी सी गुलाबी राग की बोहत काम खुली होइ

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मैनी अपना मुँह बुआ को छूट पी रख दिया..

बुआ:- अह्ह्ह्ह सयंम मेरे सैयां यह केसा जड़ो ही जो पहली दफा मुझी महसूस हो रहा ही अह्ह्ह चूसा प्लीज और हाँ अह्ह्ह्हह सससस हहहहह

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बुआ न्य मेरा मुँह अपनी छूट पी दबा दिया और सिसकिया लेने लगी..

करीब 10 मं में बुआ न्य मेरा मोह और दबा लिया और उनका जिस्म ाकर्ण्य लगा और वह मेरी मुँह में जहर गई और बीएड पी बेसुध होकय लेट गई..

मैं बुआ क ऊपर आया और उनके चेहरे पी किश किया.

मैं:- क्या हुवा मेरी जान...

बुआ:- मैं बता नहीं सकती अपनी हालत लाइफ में इतना मज़ा कभी नहीं आया..

मैं:- आपका पति कब सी हमारा खेल देख रहा ही..

जी हाँ M'P दरवाज़ा खोल क अंदर आया आराम सी और बाथटरूम का दरवाज़े में खरा होकय देखनी लगा उसी लगा उसी हम न्य नहीं देखा लेकिन आपका भाई कोई आम इंसान तो हग नहीं मुझी पता था वह देख रहा ही मैनी कहा चलो कोई नहीं देखनी दो वैसी बी फ्लो बना हुवा था..

बुआ:- देखने दी गांडू...

मैं:- आपका पति ही..

बुआ:- सच इ तो बोल रही हूँ गांडू इ तो ही.. अपने दोस्तों क साथ मिल क गांड मरवाता ही..

मैं:- क्या सच.?

बुआ:- हम्म .. अब उसको देखने दी मुझी इंतज़ार नहीं हो रहा अब लुंड दाल दी मेरी छूट में..

मैं:- लय पाओ गई.?

बुआ:- डिलडो जितना था वहां तक तो ही लेकिन तू आराम सी करना..

मैं:- O.k मेरी जान..

मैनी अपने लुंड पी साइड टेबल सी क्रीम उठा क लगाई और बुआ की छूट पी बी थोड़ी लगा दी और अपना लुंड सेट क्र हल्का सा पॉश किया अभी लुंड का टोपा इ अंदर गया था बुआ की हलकी सी चीख निकल गई..

मैं:- क्या हुवा ाभो टोपा hi अंदर गया ही..

बुआ:- बोहत मोटा ही तेरा आराम सी daal..Ahhh.sss

मैनी थोड़ा सा और अंदर किया बुआ की थोड़ी सी और चीख निकल गई मुझी पता था ऐसे काम नहीं बने गए मैनी एक ढाका मारा 5 इंच तक अंदर चला गया बुआ की ज़बरदस्त चीख निकल गई..

बुआ:- Ahhhhhhhhhh सयंम निकल बोहत दर्द हो रहा ही....

मैनी बुआ को किश करना शुरू किया और और बूब्स को दबाने लगा थोड़ी देर बाद एक और स्ट्रोक लगाया पूरा लुंड अंदर चला गया बुआ की बचे दानी क दरवाज़े पी लगा...

बुआ:- अह्ह्ह्हह्हह मार गई मायआ सैम्मम Nikal...ly...ahhhh सससससस अह्ह्ह्हह

मैं:- बीएस होगया अब जितना दर्द होना था होगया

मैने 10 मं लगा क उनकी नार्मल किया और हल्का हल्का ढाका मरना शुरू किया ढके 5 मं बाद बोहत तीज होगये बुआ उछाल उछाल क लुंड अंदर लय रही थी बुआ की छूट बोहत गरम थो लुंड बुआ को छूट की दीवारों पी रैगर रहा था...

बुआ:- अह्ह्ह ज़ोर सी और ज़ोर छोड़ मुझी बोहत टर्पी हूँ इस दिन क लिए हाँ छोड़ ज़ोर सी बना दी अपने बचे की माँ अह्हह्ह्ह्ह सससससस अह्ह्ह..

मैं बी जोश में आज्ञा और बुआ की छूट का भोसड़ा बने में लग गया.

30 मं को धुवां दर चुदाई क वाद मैं बुआ की छूट में इ जहर गया. और मैं बुआ क ऊपर इ गिर गया मुझी दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ ी मैं समझ गया M'P चला गया..

आज क लिए बीएस इतना Hi.

नोट:- भाई प्लीज रिव्यु ज़रूर दिया क्रय अपना इस सी मोटिवेशन मिलती ही जब इतनी म्हणत क्र क लिखने क बाद रेविएवस नहीं मिलते तो डेमोटिवशं होने लगती ही

कीप सपोर्टिंग

कीप लोविंग
 
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