Hindi XXX Story मेरा अमर प्यार - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Hindi XXX Story मेरा अमर प्यार

hotaks444

New member
Joined
Nov 15, 2016
Messages
54,521
मेरा अमर प्यार--1


मेरा नाम करुणा है. मैं एक वेल एजुकेटेड आंड रिप्यूटेड ओर बहोत ही अमीर

फॅमिली से हूँ. एज 22 साल. मेरा रंग दूध की तरह सॉफ ऑर गोरा है. फिगर -

34सी''-29''-34'' लोकेशन मैं नहीं बताउन्गि. आइ आम ऑल्सो वेल एजुकेटेड

गर्ल . आइ नो इंग्लीश वेरी वेल आंड फ्लूयेंट्ली . मैं हिन्दी सिर्फ़ इस

लिए यूज़ कर रही हूँ ताकि पढ़ने वाले सभी पढ़ सके ऑर समझ सके.

मेरी फॅमिली बहोत रिच ऑर रिप्यूटेड फॅमिली है. मेरी फॅमिली मे मेरे मोम ,

मेरे डॅड आंड मेरे बड़े भैया हैं. मैं घर मे सबसे छ्होटी हूँ. हमारे घर

मे नौकर-चाकर गाड़ियाँ ओर सभी सुविधाएँ हैं ऑर किसी भी चीज़ की कोई कमी

नहीं है.

सबसे छ्होटी होने के कारण मैं घर मे सबकी लाडली हूँ. कोई मुझे कोई भी

तकलीफ़ नहीं होने देता.

मेरे आगे पिछे नौकरों की लाइन लगी रहती है..

मेरे मोम डॅड अक्सर बिजनेस की सिलसिले मे ज़्यादातर घर से बाहर ही रहते

है. कभी बिजनेस पार्टीस मे तो कभी कहीं...

कभी लंडन जा रहे हैं तो कभी कहीं जा रहे है....मैं मोम डॅड के साथ कम ओर

भैया के साथ ज़्यादा रही हूँ.

जब मैं 11 साल की थी तब मुझे पहली बार पीरियड्स शुरू हुए. उस वक़्त मुझे

इसके बारे मे कुच्छ नहीं पता था मोम डॅड आउट ऑफ स्टेशन थे . जब मुझे

ब्लीडिंग शुरू हुई उस वक़्त मुझे याद है मैं वाइट स्कर्ट आंड टॉप पहना

था. जब मैने स्कर्ट पे ब्लड देखा ऑर वो भी ज़्यादा तो मैं रोने लगी. तब

भैया ही मुझे हॉस्पिटल ले कर गये तब लेडी डॉक्टर ने बताया कि ये नॉर्मल

है ओर अब हर महीने मुझे ऐसे ही होगा.

मेरी ऑर भैया की एज मे नियर अबौट 9 साल का अंतर हैं.

मैं ऑर दीपक(मेरे भैया) घर मे अक्सर अकेले रहते हैं. सभी नौकर घर के बाहर

सेरवेंट हाउस मे रहते हैं. जिसमे दो ड्राइवर एक तो मोम डॅड की गाड़ी के

लिए ऑर एक मेरे लिए.एक खाना बनाने के लिए सविता..जिन्हे हम काकी बोलते

है. ऑर उनकी बेटी ओर दामाद रहते हैं.

मेरे बचपन मे मुझे मेरे भैया बहोत खिलाया है. वो मुझे हमेशा या गुड़िया

या कारून बेबी बुलाते थे.

अब मैं तुम्हे बताने जा रही हूँ कि कैसे दीपक भैया करूँ बेबी ( गुड़िया )

कैसे उनकी वाइफ बन गयी.

बात उस समय की है जब मेरी बी.स्क 2न्ड एअर मे पढ़ती थी. घर मे मोम डॅड भी

थे. घर मे हम सबके रूम्स अलग-2 हैं.

एक रात को मैं जब पानी पीने के लिए किचन मे जा रही थी तो मुझे मोम डॅड के

रूम मे कुच्छ आवाज़े सुनाई दी.. मैं पानी पी कर किचन से निकली तो फिर

मुझे वो आवाज़ सुनाई दी. आवाज़ें सुन कर उनके रूम की तरफ बढ़ी तो मोम की

आवाज़े ओर तेज़ हो गयी. मेरे मन मे ये जानने की ज़िगयासा बढ़ती गयी कि

मोम इस तरह से क्यों कर रही है..

मैं मोम डॅड के रूम के दरवाजे पर खड़ी थी ओर मोम की सेक्सी सिसकारियाँ

सुन रही थी. जब मैने की होल से रूम मे झाँका तो देख कर मेरा गला सूख गया

ओर आँखें फटी की फटी रह गयी. लाइट जली हुई थी. मेरे मोम डॅड बिल्कुल नंगे

थे मोम बेड पे लेटी हुई थी ऑर डॅड मेरी मोम के पैर फैला कर उनकी चूत को

ज़ोर ज़ोर से अपनी जीभ से चाट रहे थे . मेरी मम्मी मज़े से अपने अपने

कूल्हे ऑर चूत उच्छल कर ज़ोर ज़ोर से सिसकारिया ले रही थी.

मैं तुरंत वहाँ से खड़ी हो गयी. मुझे फिर से प्यास लग आई तो मैं फिर

कीचीन मे गयी ओर आधी बॉटल पानी पी गयी. ऑर अपने कमरे मे जाने लगी. फिर

अचानक मेरे दिमाग़ मे ख्याल आया कि मैं देखूँगी कि मोम डॅड कर क्या रहे

हैं ऑर वापस उनके रूम के गेट पे गयी ऑर की होल से देखने लगी. डॅड मम्मी

को बुरी तरह से मसल ऑर भींच रहे थे दबा रहे थे ममी पागलों की तरह मचल रही

थी. थोड़ी देर मे डॅडी ममी के उप्पर से हटे ऑर बेड पे लेट गये फिर ममी

उठी ऑर डॅडी का लंड हाथ मे पकड़ कर हिलाने लगी मैने देखा कि लंड हिलाते

हिलाते बढ़ने लगा तन कर के लग-भाग 11 इंच का हो गया ममी ने लंड को किस

किया ओर मुँह मे लेकर चूसने लगी जैसे कोई लोल्य्पोप चूस रही. ये सब बड़ी

उत्सुकता से एक नज़र देखे जा रही थी. फिर डॅडी ने ममी को बेड पा नीचे

लिटाया ओर ममी के पैरो को चौड़ा कर अपने 11 इंच लंबे ऑर मोटे लंड को ममी

की चूत के मुँह पर रखा ऑर ज़ोर से धक्का मारा एक बार तो ममी के मुँह से

ज़ोर की चीख निकली हाईईईईईईईईईईईई.......माआआआ माआआआअर गइईईईई......ओर

ममी की साँस अटक गयी.. मैं मोम की चीख सुन कर एक बार तो डर गयी कि ये

क्या हुआ...

फिर डेडी थोड़ा रुके ऑर मम्मी को किस करने लगे ओर उनकी चुचियाँ दबाने

लगे..मम्मी का दर्द कुछ कम हुआ तो वो बोली करो ना रुक क्यों गये मुझे ओर

मत तड़पाव..

तब डॅडी ने एक ऑर जोरदार धक्का मारा ओर अपना पूरा का पूरा लंड ममी की चूत

मे डाल दिया उईईईई माआआ... आआहह रूको... मम्मी फिर चीखी.....

डॅडी रुके ओर मम्मी को सहलाने लगे किस करने लगे मम्मी की एक चूची को मुँह

मे ले के कर चूसने लगे जैसे मम्मी का दूध पी रहे हो ओर दूसरी चूची को हाथ

से दबाने लगे ....
 
5 मिनूट बाद जब मम्मी का दर्द कुच्छ कम हुआ तब पापा ने ममी की चुदाई शुरू

की वो लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगे. इसमे शायद मम्मी को बहोत

मज़ा आरहा था ऑर वो बहुत ही कामुक आवाज़े अपने मुँह से निकाल रही थी...

ये सब देख कर मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरा हाथ मेरी पॅंटी के अंदर

चला गया...ओर मेरी उंगलियाँ मेरी छ्होटी सी कुँवारी चूत के साथ खेलने

लगी.

पापा ममी को जोरो से चोदे रहे थे मुम्मी अपने मुँह से तरह तरह की कामुक

आवाज़ें निकाल रही थी ऑर मैं बाहर खड़ी आपनी चूत को हाथ से रगड़ रही

थी....

मुझसे वहाँ पर ज़यादा देर ना रुका गया ओर मैं अपने बेड रूम मे आकर अपने

बेड लेट गयी. मैने अपनी स्कर्ट पॅंटी निकाल अपनी चूत रगड़े जा रही थी.

थोड़ी देर मे ही मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरी चूत ने बहोत सारा पानी छ्चोड़

दिया. ऑर मेरा सारा शरीर अकड़ गया. उस वक़्त मुझे इतना मीठा मज़ा आया जो

कभी नही आया था.

मेरा सारा बदन पसीने मे भीग गया था. थोड़े देर बाद मुझे कब नींद आ गयी

मुझे पता नहीं चला. सुभह मुझे उठने मे देर हो गयी तो दीपक भैया सीधे मेरे

कमरे मे आए ओर बोलने लगे गुड़िया चल जल्दी उठ जा ओर मेरे उपर से चादर

खींच दी.रात मास्टब्रेट करने के बाद मैं ऐसे ही सो गयी थी मैने ना तो

पॅंटी पहनी ओर ना ही स्कर्ट. मैं नीचे से बिल्कुल नंगी भैया के सामने

पड़ी थी. दीपक भैया बस देखते ही रह गये. मेरी छोटी सी कुँवारी गुल्लाबी

चूत ऑर उस पर छ्होटे-2 गोल्डन प्यूबिक हेर्स. तभी मेरी नींद खुल गयी ओर

मैने चादर वापस खेंच कर अपने उपर ली.

भैया मेरे रूम से निकल गये. मैने जल्दी से उठ कर अपनी पॅंटी ओर स्कर्ट

पहनी ओर शरमाते हुए नज़रें नीचे करके बाथरूम मे फ्रेश होने के लिए गयी जब

मैं फ्रेश होकर ब्रेकफास्ट टेबल पर पहुँची तो वहाँ पर ममी डॅडी ऑर दीपक

भैया पहले ही बैठे थे ओर ब्रेक फास्ट कर रहे थे. मुझे देख भैया बोले

गुड़िया क्या हुआ आज इतनी देर से तेरी तबीयत तो ठीक है.

कुच्छ नहीं भैया बस थोड़ा सर दुख रहा है ऑर थोड़ा सा फीवर है.. ( क्यों

कि मेरे बदन मे कुच्छ ज़यादा ही गर्मी है जो बुखार के रूप मे बाहर निकलती

है. ऑर रात वाली बात के बाद ऐसा होना स्वाभाविक था.)

इधर आओ मेरे गाल पर हाथ लगाते हुए मोम गुड़िया को तो तेज़ बुखार है ऑर ये

थोड़ा सा बोल रही है..

ममी बोली गुड़िया बेटा कितनी बार कहा है अपना ख़याल रखा करो. पर बेटा आप

तो मानती ही नहीं हो. दीपक बेटा आप डॉक्टर को बुलाओ ऑर अपनी बहन को

दवाइयाँ दिलवाओ. डॅडी ओर मैं तो आज बाहर जा रहे हैं ऑर बेटा हमारा जाना

ज़रूरी भी है...एक हफ्ते मे हम वापस आजाएँगे.

मोम डॅडी नाश्ता ख़तम कर चुके थे. ऑर उठते हुए बोले कारून बेबी गुड़िया

टेक केर बेटा.. तभी डेडी ने ड्राइवर को गाड़ी निकालने के लिए बोला..

फिर कुच्छ ही देर मे ममी डॅडी एरपोर्ट चले गये ऑर दीपक भैया ऑर मैं टेबल

पर बैठे नाश्ता करने लगे ...

मैं भैया से आँख नहीं मिला पा रही थी. ओर जल्दी नाश्ता करके अपने रूम मे चली गयी.

थोड़ी देर बाद भैया मेरे रूम मे आ कर बोले गुड़िया तयार हो जाओ तुम्हे

डॉक्टर के पास चलना है... पर मुझे कुच्छ सुनाई नहीं दिया... मेरे दिमाग़

मे तो बस रात वाले सीन चल रहे थे तभी दीपक भैया ने मुझे हिल्लाया तो उठी

..गुड़िया तुम्हे क्या हुआ...

कुच्छ नहीं भैया..

दीपक भैया उस समय बहोत बड़ी कंपनी मे सी.ए.ओ की पोस्ट पर थे पर उन्होने

शादी नहीं की थी ऑर नही उनकी कोई गर्ल फ्रेंड थी.... एक थी पर वो भैया से

रुपये पैसे के लिए जुड़ी थी उसका संबंध किसी ऑर के साथ भी था ऑर ये बात

भैया जान चुके थे इसलिए दीपक भैया ने उस को छ्चोड़ दिया था ओर इसीलिए

उन्होने शादी नहीं की थी ओर फिर कोई गिल्फ्रेंड नहीं बनाई... दीपक भैया

6.3 फीट लंबे स्ट्रॉंग मॅन है. ओर मेरे दिमाग़ मे उनको लेकर ही ख़याल आने

लगे कि भैया मेरे साथ सेक्स कर रहे हैं .

मैने भैया से हिम्मत कर के पुच्छ लिया कि उन्होने सुबह वाली बात मोम दाद

को तो नहीं बताई तो वो बोले पागल है क्या ये बात बताने की होती हैं..

फिर मैं समझ गयी कि हां भैया के मन मे भी कुच्छ है... फिर बोले पर

गुड़िया तू मुझे ये बता कि रात तू ऐसे क्यों सोई थी ऑर तू तो कभी भी ऐसे

नही सोती मैं तुझे रोज जगाता हूँ.

मैने उन्हे सब सच बता दिया. वो भैया मैं रात को मेरी नींद खुल गयी थी तो

मैं पानी पीने के लिए किचन मे जा रही थी. तो तभी मैने मोम डॅड के कमरे से

कुच्छ आवाज़ सुनी तो मैने उनके कमरे मे झाँका तब मैने जो देखा..

तभी भैया बोले गुड़िया मैं समझ गया कि ये बुखार कैसे उतरेगा

बॅड मॅनर्स ऐसे किसी के कमरे मे नहीं झाँकते.

सॉरी भैया

ओके
 
फिर मैं बोली भैया मैं नहाने जा रही हूँ. फिर डॉक्टर के पास चलेंगे.

मैने जो कुच्छ देखा ये जानने के बाद भैया के भी अरमान जाग उठे..

मैं अपने रूम मे जाकर बाथरूम मे नहाने चली गयी. वो भी थोड़ी देर मे मेरे

रूम मे आगाये . मेरे बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़े सुन कर

दरवाजे के की होल से अंदर देखने लगे. मुझे नंगा देख कर वो भी मेरे बारे

मे सोचने लगे मेरा गोरा रंग गोल गहरी नाभि ऑर सेब के बराबर मेरी

चुचिया..बस ये सब देख कर उनका मन मचल उठा...ऑर उनका लंड खड़ा होने लगा.

मैने जब शवर बंद किया तो वो समझ गये कि मैं अब बाहर आउन्गि ऑर वो वहाँ से

हट गये..ओर बाहर चले गये...

मैने बाहर आकर अपनी ड्रेस निकाली जीन्स ऑर टॉप पहन ली . तयार हो कर बाहर आगयी.

मेरा टॉप थोडा शॉर्ट था इसलिए इधर उधर होते हुए मेरी गोल गहरी नाभि दिख जाती.

भैया से बोली चलें भैया...

दीपक भैया की नज़र बार बार मेरे पेट पे आकर रुक जाती ऑर मेरी नाभि के

दर्शन करना चाहती... मैं ये बात समझ गयी थी.

भैया गाड़ी आप चलाओगे या ड्राइवर से गाड़ी निकालने को बोलूं..

नहीं गुड़िया गाड़ी मैं ही चलाउँगा .

भैया ऑर घर से बाहर निकले . भैया गाड़ी ले कर आ गये हम दोनो फ्रंट सीट पर

बैठ गये..ऑर डॉक्टर के पास चल पड़े. गाड़ी मे भी दीपक भैया की नज़र बार

बार मेरे पेट पर आती. मैंने उनकी तड़प को समझते हुए अपनी सीट को लंबा

करके बेड बना दिया हाथ उपर कर लिए ऑर आँखें बंद करके लेट गयी हाथ उपर

करने के कारण मेरा टॉप काफ़ी उपर चला गया ऑर आधे से ज़यादा मेरा पेट नंगा

हो गया. अब मेरी नाभि खुल कर दीपक भैया के सामने आगयी. मेरे भैया के तो

जैसे होश ही उड़ गये ओर उन पर क़यामत टूट पड़ी. पूरे रास्ते उनकी नज़र

मेरे पेट ओर मेरी नाभि से नहीं हटी...ऑर मैं भी यही तो चाहती थी.

हॉस्पिटल आया मुझे दवाई दिलवाई ऑर फिर गाड़ी मे . मैं गाड़ी मे वैसे ही

लेट गयी ऑर भैया के उप्पर क़यामत गिराती हुई वापस घर आ गयी.

घर आते हम 12 बज गये थे . ऑर लंच करते करते हम को 1 बज गया. फिर भैया ने

मुझे दवा खाने के लिए बोला . दवा लेने के बाद मुझे नींद आने लगी. ऑर मैं

सो गयी.

सभी नौकर काम कर के अपने कमरो मे जा चुके थे. अब दीपक भैया ऑर मैं घर मे

अकेले ही थे. मैं अपने रूम मे सो रही थी.. ऑर भैया अपने रूम मे मुझे पाने

के लिए तड़प रहे थे. जब उनका खुद पर कंट्रोल नहीं रहा तो बेअर की बॉटल पी

कर मेरे रूम मे आ गये. उन्हे बेअर का नशा हो चुका था.

मैं बेड पे सो रही थी. मेरा पूरा टॉप उपर था ऑर मेरी जीन्स मेरे प्यूबिक

एरिया से नीचे आ गयी थी.. भैया कुच्छ तो नशे मे थे ओर मुझे इस हालत मे

देख कर उनका नाश दुगना हो गया था..ऑर वो मुझे चोदने का पूरा मन बना चुके

थे. वो बेड पे मेरे पास बैठ गये ऑर धीरे से मेरे पेट पर हाथ फेरने लगे ओर

मेरी नाभि छेड़ने लगे. किसी मर्द ने मुझे पहली बार इस तरह से छेड़ा था

थोड़ी देर बाद ही मेरी आँख खुल गयी उपर भैया को देख कर मैं सोने का नाटक

करने लगी ऑर आँखें बंद रखी.

दीपक भैया मुझे छेड़े जा रहे थे, उनके हाथ धीरे-2 मेरी चूचियों पर गये .

उनका ऐसे प्यार से मेरा बदन सहलाने ऑर उनकी इस छुअन से उठी सिरहन मुझसे

बर्दास्त नहीं हो रही थी पर फिर भी मैं खुद को रोके पड़ी रही धीरे -2 वो

मेरी चूत वाली जगह पर पहुँचे. फिर वापस मेरी चुचि पर उनके हाथ आ गये.

क्रमशः..........
 
मेरा अमर प्यार--2

गतान्क से आगे.........

नशे-2 मे उन्होने मेरी एक चूची के निपल को ज़ोर से भींच दिया ऑर मुझसे

सहन नहीं हुआ ऑर चिहुक कर बैठ गयी.

दीपक भैया हड़बड़ा गये ओर खड़े हो गये. मैने उनकी तरफ देखा तो वो उठ कर

जाने लगे पर मैं ऐसा नहीं चाहती थी. मैने तुरंत भैया को आवाज़ लगाई

भैया जब वो पलते तो फॉरन उनकी चौड़ी छाती मे अपना सर छुपा कर उनसे चिपक गयी..

मुझे प्यार नहीं करोगे भैया. मैं कल रात से तड़प रही हूँ..

दीपक भैया ने अपने सीने से लगा लिया ओर मेरे बालों मे हाथ फेरने लगे.

क्या गुड़िया तुम सच मे चाहती हो कि मैं तुम्हे इस तरह से प्यार करूँ.

हैं भैया

भैया मुझसे हाइट मे काफ़ी बड़े है ऑर बहोत स्ट्रॉंग बॉडी वाले ऑर हंड्सम

स्पोर्ट्स मॅन है.

मैं तो उनके सामने बिल्कुल बच्ची लगती थी. ऑर थी भी बच्ची ही. भैया बोले

गुड़िया एक बार सोच लो..

मैं बेड पे खड़ी भैया के सीने से लगी उनकी पीठ पर हाथ फेर रही थी.

सोच लिया भैया.

भैया बोले तो ठीक है मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं आज से तू ही मेरी गर्लफ्रेंड...

मैं खुशी से बोली वोव्व..

वो बोले तेरा कॉलेज मे कोई बाय्फ्रेंड है.

मैने बोला नही..

तो भैया बोले अब मत बनाना

अब मैं तेरा बाय्फ्रेंड हूँ..ओर मैं भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाउन्गा....

मैने हां कर दी...

भैया ने मुझे अलग होने के लिए बोला ऑर बाहर गये. एक ऑर बेअर की बॉटल लेकर अंदर आए.

मैं बोली भैया आपने तो पहले ही पी रखी है..आपके मुँह से स्मेल आ रही है...

भैया थोड़ी-2 पिएँगे...

क्या मैं भी...

हां गुड़िया तू भी.. फिर बहोत मज़ा आएगा

भैया ने दो गिलास बेअर डाली ऑर एक गिलास मुझे दे दिया...ऑर बोले गुड़िया

कुछ नहीं होगा

ओर गिलास टकरा कर बोली चेअर्स..

मैं गिलास से एक सीप ली तो उल्टी आने को हुई... मैने कहा भैया कड़वी है...

भैया बोले आँख बंद करके ओर साँस रोक कर एक घूँट मे पी जाओ ऑर फिर देखना

मज़े बेअर के ऑर हमारे प्यार के...

मैने साँस रोकी ओर एक घूँट मे ही गिलास खाली कर दिया

तभी भैया ने मेरा एक हाथ पकड़ कर खिचा ओर मुझे अपनी गोद मे गिरा बिठा

लिया. मैं आँखे झुका कर शरमाते हुए भैया की गोद मे बैठ गयी. भैया ने बेअर

का गिलास एक तरफ रख दिया ऑर मुझे माथे पर किस किया. उनके हाथ मेरे बदन पर

इधर-उधर घूम रहे थे. भैया का मेरा बदन सहलाने के कारण मेर पूरे बदन मे एक

मीठी-2 सिहरन हो रही थी.

पहली बार किसी मर्द से प्यार से पैदा हुई शरम ओर कुच्छ बेअर के नशे के

कारण मेरे आँखे बंद थी भैया मुझे किस पे किस किए जा रहे थे..भैया के होंठ

मेरे होठों पर थे..मेरे लिप्स ओर भैया के लिप्स आपस मे बुरी तरह लॉक हो

चुके थे. मुझे साँस लेने मे परेशानी हुई तब भैया ने मेरे लिप्स को

छ्चोड़ा. मेरे गालों किस करते -2 अचानक अपने दाँत गढ़ा दिए... मेरे मुँह

एक ज़ोर की आवाज़ निकली ....

ऊऔउछ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह..

दर्द होता है भैया...

गुड़िया तुम बहोत सेक्सी हो कसम से सुबह जब मैने तुम्हे नहाते हुए देखा

तो मेरी जान ही निकल गयी. कसम से

क्या भैया आपने मुझे नहाते हुए देखा..

मेरे पेट पर हाथ फिरा कर मेरी नाभि मे अपनी उंगली डालकर भैया बोले हां

गुड़िया ऑर तभी से मैं तो तुम्हारी नाभि का दीवाना हो गया हूँ..

भैया के हाथ मेरे पेट पर पीठ पर बल्कि मेरे सारे बदन पर घूम रहे थे ओर

धीरे -2 मैं मेरे होश खो रही थी.

फिर भैया ने मेरा टॉप उपर खींचते हुए मेरे बदन से अलग कर दिया.

मैने अभी ब्रा पेहननि शुरू नहीं की तो मेरा उपर वाला हिस्सा नंगा हो

गया.. ऑर भैया ने अपनी शर्ट ऑर बनियान भी निकाल दी...ऑर अपने सीने से लगा

लिया.
 
जब मेरी नंगी छाती ऑर मेरी सेब जितनी बड़ी चुचि ऑर निपल्स उनके नंगे बदन

से चिपके तो मेरे पूरे बदन मे करंट सा लगा.

गुड़िया तेरे अंदर बहोत गर्मी है. तेरा पूरा बदन तो जल रहा है...

मैं बोली भैया फीवर हैं ..

नहीं गुड़िया ये प्यार की गर्मी है. देख थोड़ी ही देर मैं तेरी गर्मी

निकाल दूँगा. देख लेना शाम तक तुझे बुखार रह भी जाए तो..

बातें करते-2 वो मुझे छेड़े जा रहे थे. भैया ने मुझे गोद मे उठाया ऑर बेड

पर लिटा दिया..ऑर मेरे उपर आकर मुझे किस करने लगे. मेरे माथे पर ,गाल

पर,मेरे गले पर मेरी छाती पे . फिर मेरी एक चुचि को मुँह मे लेकर चूसने

लगे. मेरे पूरे बदन मे सिहरन दौड़ पड़ी...

ऊओह भैया गुदगुदी हो रही है... ऊऊओह...म

मैं बोलती रही सिसकारियाँ लेती रही पर भैया नहीं माने ओर मुँह चूस्ते

रहे. थोड़ी देर मे मेरी चूची छ्चोड़ कर बोले कि गुड़िया तेरा बदन है ही

शीशे जैसा अगर तुम पानी भी पियो तो वो भी अंदर जाता हुआ दिख जाए.

ये सच भी है मेरा रंग इतना सॉफ है कि मेरे बदन मे नीले रंग की

नसें(वाइन्स) आराम से दिख जाती हैं.

वो बोले मेरा मन करता है तुझे खा ही जाउ...

मैं अपने होश खो चुकी थी...भैया ने मेरी पॅंट का बटन खोला जीप खोली ऑर

उसे उतारने लगे. मैने अपने कूल्हे उपर कर के उनकी हेल्प कर दी.भैया ने

मेरी पॅंट उतार कर एक तरफ रख दी..फिर मेरी पॅंटी के उपर से ही मेरी चूत

पर हाथ फेरने लगे. मेरी पनटी गीली हो चुकी थी क्यों कि मेरी चूत से पानी

निकलना शुरू हा गया था.

फिर भैया ने मेरी पॅंटी भी निकाल दी. अब मैं भैया के सामने बेड पूरी तरह

से नंग लेटी हुई थी. मेरे हाथ मेरे मुँह पर थे क्यों कि मुझे शरम भी आ

रही थी.

भैया ने मेरे हाथ मेरे चेहरे से हटाए ओर गुड़िया शरमाओ मत प्ल्स मैं नही

कर नहीं पाउन्गा ऑर मेरे होंठो पर एक किस देकर. ओके लो मैं भी अपने कपड़े

उतार देता हूँ ऑर अपनी पॅंट उतारने लगे. उसके बाद अपना अंडर वेर भी उतार

दिया. अब भैया भी पूरी तरह से नंगे हो गये. लो देखो मेरी तरफ मैं भी

तुम्हारी तराहा ही हो गया.

जब मैने भैया को देखा तो बस देखती ही रह गयी उनकी दोनो टाँगो के बीच

झूलते हुए उनके लंड को देखती ही रह गयी.

ऊहह माइ गॉड भैया ये तो बहोत बड़ा है.... फिर मैने मेरी छ्होटी सी कच्ची

चूत को देखा..

7'' इंच का लंबा ओर लग्बॅग हॅग 2'' इंच मोटा नाग जो अभी जागा भी नहीं था

भैया के पैरों के बीच झूल रहा था..

भैया बोले डरो मत गुड़िया कुछ नहीं होगा. तुम्हे बहोत मज़ा आएगा.

भैया ने अपने गिलास मे बेअर डालने लगे फिर अचानक गिलास रख कर बॉटल ले कर

बेड पर मेरे पास आ गये.

मैने कहा भैया गिलास क्यों रख दिया. वो बोले गुड़िया गिलास मे तो रोज पीता हूँ.

बैठते हुए मैने कहा तो आज..

तुम देखती जाओ बस ऑर मुझे वापस लिटा दिया ओर मेरी नाभि मे थोड़ी-2 बेअर

डाल कर चूसने लगे ..

जैसे ही भैया के होंठ मेरी नाभि को छ्छूते मेरी बदन से बिजली का करंट

निकलता. ईईईईईीीइससस्स....आआहहह्ा.......ऊऊओह मैं मदहोश हो रही थी.

फिर भैया ने बेअर मेरे बदन पर खाली कर दी ऑर अपनी जीब से मुझे चाटने लगे.

मैं सिसकारिया ले रही थी. आआअहह उवूअवियियैयीयियी माआ.... मुझे उपर से

नीचे तक चाटने के बाद मेरे पैरों को चौड़ा करने लगे...मैं समझ गयी थी कि

अब भैया क्या करने वाले है.. कुच्छ ही पल मे मुझे भैया की गरम साँसे मेरी

चूत पर महसूस हुई...

जैसे ही भैया ने मेरी चूत के गुलाबी होंठ खोल कर मेरी छोटी सी चूत के

छोटे से क्लिटी पर रखी मैं ज़ोर से उच्छल पड़ी....उूउउइईई भैयाआआआअ

गुदगुदी होती हाईईईईईईईई रुकूऊव ना..

रूको गुड़िया अभी मज़ा आएगा....ओर मेरी जाँघो को कस कर पकड़ लिया ऑर मेरी

चूत ऑर क्लिटी को चाटने लगे...

आआआअहह ऊऊऊऊओह ईईईईईईीीइसस्स्स्स्स्स्सस्स अहहााआ एम्म्म

मुंम्मय्ययययययी उूउउइईईईईईईई आआआअझहमम्म्ममम

ऊऊऊहह म्माआआआ माआआआअम्म्म्मममममम

मैं पूरी तरह से होश खो चुकी थी मद होस्श हो चुकी थी... पूरा कमरा मेरी

सिसकारियों से गूँज रहा था.. अपने हाथो से भैया का सर पकड़ रखा था. ऑर

ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी.. उउउउईईईइ माआअ

आआहह..............ऊऊऊओह.......

ईईईईईईईईईईईईईईईईईीीइसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स..........म्‍म्म्ममममममममाआ.........आआआआआअहह.

15 मिनिट बाद ही मेरा बदन अकड़ने लगा.....आआहह ऊऊओह भैयाआआअ मुझीई कुचह

हो रेआहाआ हाईईईईईईईई ...आआआआआआआआअहह ओर मैं सातवें आसमान पर पहुँच रही

थी...मेरी चूत पर भैया का मुँह ऑर मेरे कूल्हे भैया के मुँह पर उछल रहे

थे. भैया का सर अपने हाथों से चूत पर ज़ोर से दबा रही थी...ऊऊओह

माआआआअहह.........अहहाआआआअ............उउउहह ऑर मेरे बदन मे 6-7 झटके से

लगे. ये वो समय था जब झाड़ रही थी मेरी चूत अपना रस निकाल रही थी. फिर

मैं निढाल हो कर बेड पर पड़ गयी. मेरी चूत ने कितना सारा पानी छ्चोड़ा ये

भैया का मुँह देख कर पता चलता था..

भैया ने मुँह से ही एक बार मुझे झाड़ दिया था.
 
मेरा तो काम हो चुका था पर भैया के नाग राज तो अभी जागे थे ओर फूँकार मार

रहे थे. मैं देख कर डर गयी 7'' इंच लंबा ऑर 2'' इंच मोटा नाग बढ़ कर

लग-भाग 10'' इंच लंबा ऑर 3'' इंच मोटा हो गया.वो मेरे पैरों के बीच मे से

उठे ऑर मेरे मुँह मे मूह डाल कर किस करने लगे मेरी जीभ को अपने मूह मे

लेकर चूसने लगे. एक हाथ से मेरी चूचियों को सहला रहे थे ओर दूसरे हाथ से

मेरी चूत को छेड़ रहे थे . मैं कुच्छ ही मिनटों मे फिर से तयार हो गयी.

वो मुझसे बोले मेरी गुड़िया मेरा लंड चूसो ना प्लस्सस. जब भैया ने

रिक्वेस्ट की तो मैने हां भर दी. मैं उठी ओर चूसने के लिए जैसे लंड हाथ

मे पकड़ा तो मुझे लगा जैसे जलती हुई मोटी रोड हाथ मे ले ली हो. वो बहोत

गरम था मैने मुँह खोल चूसना चाहा तो वो मेरे मुँह मे ही बड़ी मुश्किल से

गया ऑर वो भी सिर्फ़ उपर वाला पार्ट. मैं भैया का लंड चूस रही थी ओर वो

मेरी चूत मे क्लिटी से उनकी उंगलियाँ खेल रही थी. लंड इतना मोटा था की

मुझे चूसने मे भी परेशानी हुई. ऑर मेरा मुँह दुखने लगा..

लंड चूसने के कारण भैया तड़प उठे ओर मेरी चूत चोदने के लिए पागल हो गये.

उन्होने तुरंत अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला ओर मुझे बेड पे लिटा

दिया. मेरी कमर के नीचे एक तकिया रखा ऑर मेरे उपर आ गये. लंड के सूपदे को

मेरी चूत पर रगड़ने लगे. उनके लंड की रगड़ लगने से मेरी चूत भी लंड लेने

के लिए तड़प उठी. भैया ने लंड मेरी चूत पर रखा ऑर मेरे कान मे बोले देख

गुड़िया थोड़ा दर्द होगा तू सहन कर लेना फिर मज़ा ही मज़ा है.

मैने कहा भैया धीरे से आराम से करना.

हां-2 गुड़िया मैं जानता हूँ तू कच्ची कली है. ये बोल कर भैया ने एक

धक्का मारा पर उनका लंबा ऑर मोटा लंड फिसल कर बाहर चला गया. ओह्ह्ह्ह्ह्ह

3-4 बार भैया ने कोशिश की पर उनका लंबा मोटा लंड फिसल जाता

मेरी छ्होटी सी चूत मे उनका मूसल सा लंड नहीं घुस सका...

भैया ने मेरी ड्रेसिंग टेबल खोली ऑर उसमे से तेल की बॉटल निकाली ओर ढेर

सारा तेल अपने लंड पर लगाया ऑर मेरी चूत पर तेल लगाया. फिर भैया मेरे उपर

आ गये ऑर मेरी चूत का मुँह खोल कर चूत के मुँह पर लंड रखा ऑर एक ज़ोर दार

धक्का पूरी दम से लगाया...

आआआआअहह ऊऊऊऊऊहह हाआआआऐययईईईईईईईईईईईईईईईईई माआआआआआआआआआआअ मार गइईईई भैया

बाहर अनिकालो

मर आगेई भैयाआआआ

प्लस्सस्स्स्सस्स... भीया निकालो इससे बहोत दर्द हो रहा है.....

भैया रुक गये मेरे होठों पर होठ रख लिए ऑर किस करने लगे.. भैया के लंड का

सूपड़ा मेरी चूत मे फँस गया था. कुच्छ देर रुकने के बाद जब मैं शांत हुई

तो भैया ने फिर पूरा दम लगा कर दूसरा धक्का मारा.

घ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउप्प्प्प्प मेरी आँखे फॅट

कर बाहर निकल आई ओर मेरी ज़ोर की चीख भैया के मुँह मे दब गये......

उूहू औहा आहह उ

भाओट दर्द हो रहा है भैयाः

आ......आह...आ बस गुड़िया हो गया हो गायाअ.....

क्रमशः..........
 
मेरा अमर प्यार--3

गतान्क से आगे.........

ऑर मुझे सहला ते रहे चूची चूसने लगे ओर 5 7 मिनिट यो ही पड़े रहे..

इस बार उनका लंड मेरी चूत की झिल्ली फाड़ चुका था 4 इंच तक चूत मे समा

गया. मेरी चूत से बहोत सारा खून निकाला क्यों की मेरी सील टूट गयी थी.फिर

मेरा दर्द कम हुआ ऑर मैं फिर शांत हो गयी..

गुड़िया तुम ठीक हो क्या..

हां मैने कहा. मैने सोचा कि बस अब लंड अंदर चला गया पर मुझे नही पता था

कि मेरा रियल टेस्ट इस धक्के मे होने वाला है.

भैया ने घटनो पर आ कर इस बार इतनी ज़ोर से धक्का मारा कि बाहर बचा सारा

5-6'' एक ही बार किसी गरम लोहे के सरिए की तराहा मेरी चूत को चीरता हुआ

मेरी बच्चे दानी की अंदर वाली दीवार से टकरा गया...

आआआआआहह माआआर गइईईई भैय्ाआआआआआ चकोदो मुझे ... उउउउउउउईईईईई मम्मी मैं मर गाईए

ओर मेरी आँखों मे बेहोशी छाने लगी.....मुझे रूम मे सब धुध्ला दिख रहा था...

मेरी आँखों से आँसू निकल आए ओर मैं रोने लगी...बिन पानी की मच्चली की तरह

तड़प रही थी.

बस गुड़िया बस... हो गया बस.. अब नहीं.....

उउउइ मुम्म्म्य पेट मे चुभ रहा है भैया....

.

बस गुड़िया बस.....बस......बस

मैं आधी बेहोश सी पड़ी थी.....

आर यू ओके गुड़िया...

भैया डर गये कि मुझे कुच्छ हो तो नहीं गया..पर मुझे कुच्छ नहीं हुआ था बस

मेरी बच्चे दानी मे उनका लंड चुभ रहा था ऑर थोड़े दर्द के कारण ही मेरी

जान निकली हुई थी.

गुड़ीयाअ.......गुड़ीयाआ......बाबययी बोलो ना.. क्या हुआ.....

भैया दर्द हो रहा है....ऑर पेट मे चुभ रहा हाीइ..... आआअहह उईईई

थॅंक गॉड बोली तो सही..

मेरी गाडिया बेबी थोड़ी देर मे ठीक हो जाएगा....ओके डरो मत फिर मेरे

होठों चूसने लगे ऑर प्यार से मेरे बदन पर हाथ फेरने लगे. कभी कही तो कभी

कहीं पर सहलाते रहे...

मेरी चूची मुँह मे ली ओर निपल चूसने लगे ....

ऊऊष्ह.. आअहह 10 मिनिट तक वो मेरी चूचियाँ चूस्ते रहे मेरा निपल चूसने के

कारण सुर्ख लाल हो गया था....फिर उस चूची को छ्चोड़ कर दूसरी चूची मुँह

मे ले ली ऑर चूसने लगे...निपल चूस्ते -2 एक दम लाल ऑर कड़क हो कर खड़े हो

गये ....

इतने मेरा दर्द तो ख़तम हो गया पर पेट मे चुभना बंद नही हुआ.चूची चूसने

के कारण मुझे मेरा दर्द ख़तम हो गया बल्कि मुझे थोड़ा मज़्ज़ा भी आने लगा

ओर मेरी भैया से चोदने की रिक्वेस्ट सिसकारियों मे बदल गयी ओर मेरे

कूल्हे अपने आप थोड़े-2 हिलने लगे...

ऊओ.....आअहह.....हा

ईईईईईईईईईईईईईई....उम्म्म्मंंननणणन्

भैया समझ गये कि मेरा दर्द ख़तम हो गया ओर वो अपनी बारी खेलने के लिए

तयार हो गये. उन्होने धीरे-2 धक्के लगाने शुरू किए ...आ

आहह...उईईइ..माआ

ईईीीइसस्स्स्स्स्स्स्स्सय्ाआ.....उुउऊहह....आहह.....ऊीीईईईईईई....भ्ाइईईयायययययया.

मुझे मज़्ज़ा आने लगा......

भैया ने मुझे चोदना शुरू किया ऑर धीरे-2 अपनी रफ़्तार बढ़ा रहे थी.. कमरे

मे मेरी आवाज़ें गूँज रही.थी.

आहह......ऊऊहह......उईईईईईईईईई.....माआआआ.........हाइईईईईई.....राआाम्म्म.........ऊऊहहूऊओ.....मुझे

इतना मज़ा आ रहा था कि मैं बस बोले जा रही थी कारूव.....भैयाआ चोदो मुझे

........ऑर ज़ोर से चोदो आहह भैयाअ आअहह मुझीई अपनी पत्नी बनाअ लूऊओ

आआहह माअरो चूत ऑर ज़ोर से.......उईईइइमाआ.....

भैया बस मुझे चोदे जा रहे थे.....

घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........

फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......

घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...

घूच्छ.......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......

आअहह......आऐईयइ......ऊऊहह.....उईईई....माआअ....ईीइससस्स.......हहााआआ..उईईईईई........मुमििीईईईईईईयाअहह......आऐईयइ......ऊऊहह.....उईईई....माआअ....

ईीइससस्स.......हहााआआ..उईईईईई........मुमििीईईईईईई

10 मिनिट मे ही मेरा बदन अकड़ने लगा ओर मैने मेरे दोनो हाथ भैया की पीठ

मे डाल कर पूरा ज़ोर लगा कर कस कर पकड़ लिया कस कर उनसे चिपक गयी.

मैं झाड़ रही थी मुझे बिल्कुल भी होश नहीं था कि मैं कहाँ पर हूँ ऑर मेरे

दाँत भैया के कंधे पर गढ़ गये..भैया के मुँह से हल्की सी चीख निकली पर

मुझे तो बिल्कुल भी होश नहीं था... बस आसमान मे झूल रही थी..

भैया धक्के पर धक्के मार रहे थे....

फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......

घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...

घूच्छ.......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......

भैया की मंज़िल अभी डोर थी....
 
घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...

घूच्छ.......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......

लगातार धक्को के कारण थोड़ी ही देर मे फिर से तयार हो गयी....ऑर ज़ोर

-ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी... मेरी आवाज़ें सुन भैया के धक्कों के

स्पीड बढ़ती जा रही थी.. जैस कोई मशीन मुझे चोद रही हो.

अहह भैया चोदो मुझे ऑर ज़ोर से चोदो.......उईईईइमाआआअ कारू...

घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........घुकचह...घूच्छ.......घूच........

फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......फुच......

आअहह......आऐईयइ......ऊऊहह.....उईईई....माआअ....ईीइससस्स.......हहााआआ..उईईईईई........मुमििीईईईईईईयाअहह......आऐईयइ......ऊऊहह.....उईईई....माआअ....

10 मिनिट के धक्कों के बाद फिर मैं सातवें आसमान पर पहुँच गइई.........

आआआहह भाईईईईईय्याअ मुझे कुछ हो रहाआ अहायईईईईईईईई......ऊऊऊहह......भैया

भी भी मंज़िल पे पहुँच रहे थे..वो बोले

ऊओह गगूउद्दिया रुक्कू मैईईईईई भीईिइ एयेए रहा हूऊऊऊं....आहह...आअहूऊऊहह.

ऑर 3-4 धक्के मार कर लंड को मेरी चूत मे जड़ तक घुसा कर मुझसे चिपक गये

हम दोनो ने एक दूसरे को कस जकड़ा हुआ था अपनी चरम सीमा पर थे. भैया ने

अपना सारा वीर्य स्पर्म मेरी बच्चे दानी मे भर दिया. मुझे उनके वीर्य की

10-15 पिचकारिया मेरी बच्चे दानी मे सॉफ महसूस हुई. ए.सी. रूम मे भी हम

दोनो के बदन पूरी तरह से पसीने मे भीगे हुए थे .ऑर फिर मैं निढाल हो कर

बेड पर पड़ी रही भैया मेरी छाती पर बेसूध हो कर लंड मेरी चूत मे ही डाले

पड़े थे.

भैया का लंड मेरी चूत मे 15 मिनिट तक रहा . मेरी बच्चे दानी ने भैया का

सारा वीर्य अंदर ही सोख लिया. 15 मिनूट बाद हम अलग हुए. थोड़ा सा ही

वीर्य मेरी चूत से वापस बाहर आया ऑर वो भी मेरे खून से मिल का लाल हो गया

था बाकी सारा वीर्य मेरी कोख ने अपने अंदर ही सोख लिया.

जब भैया ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला तब वो मेरी चूत से निकले

खून से पूरी तरह लाल था ओर मेरी बेड की बेड शीट भी खून से लाल हो गयी...

जब मैने भैया के लंड पे खून देखा तो बोली भैया आपके इसमे से तो खून निकल

रहा है.. जब भैया ने मुझे बताया कि वो उनका खून नहीं मेरा खून था. ऑर

मैने जब बेड शीट देखी तो बुरी तरह से डर गयी ओर रोने लगी. क्यों कि बेड

शीट पे बहोत ज़यादा खून था. तब भैया ने मुझे प्यार से अपने सीने से लगाया

ओर बोले गुड़िया रो मत डरने की कोई बात नहीं है.. तुम्हे कुच्छ नहीं हुआ

है. कुँवारी लड़की की चूत मे एक झिल्ली होती है. जब लड़की पहली बार सेक्स

करती है तो उस झिल्ली के फटने के कारण ये ब्लड आता है.. ऑर अब जब तुम

दुबारा चुदोगि तो तुम्हे इतनी तकलीफ़ नहीं होगी जितनी आज हुई

है.......भैया प्यार से मेरे बालों मे हाथ फेर रहे थे मैं बेड पे बैठी

थी..

उसके बाद वो बेड से उतर कर मेरे बाथरूम मे गये ऑर अपना लंड सॉफ करके आए..

गुड़िया चलो आप भी फ्रेश हो जाओ 4.30 बज गये रूम कोई आए उससे पहले मैं ये

बेड शीट हटा दू. जब मैं बाथरूम मे जाने के लिए उठी तो मुझसे चला ही नहीं

गया मैं वापस बेड पे बैठ गयी. मैं अब मेरा कुँवारा पन खो चुकी थी..

आहह भैयाआअ दऱ्द हो रहा है मुझसे चला नहीं जा रहा. तब भैया ने मुझे अपनी

गोद मे उठाया ऑर बाथरूम मे लेकर गये ऑर खुद अपने हाथों से मेरी चूत को

सॉफ किया. मुझे कमरे मे खड़ा किया ऑर बेडशीट हटाने लगे..मैं बड़ी मुश्किल

से खड़ी हो पा रही थी..बेडशीट बदल कर भैया ने कपड़े पहने ऑर मुझे भी

कपड़े पहनाए. जब वो मुझे कपड़े पहना रहे तो उन्होने पुछा, गुड़िया तू

ब्रा नहीं पहनती..

नहीं भैया..

चलो आज मैं तुम्हारे लिए ब्रा ले के आउन्गा . ब्रा से तुम्हारी छाती ओर

भी सेक्सी लगेगी..

मैं बेड पे जा कर लेट गयी. फिर भैया किचन से एक गिलास गरम दूध ले के आए

ऑर मुझे अपने हाथों से पिलाया ओर कहा गुड़िया तुम रेस्ट करो जब तक मे

चादर बाहर फेंक के आता हूँ ऑर मैं बेड पर लेट गयी ओर भीया चादर थले मे

डाल कर गाड़ी ले कर बाहर चले गये..

उसके बाद कब मुझे नींद ने अपने आगोश मे ले लिया मुझे पता ही नहीं चला. ऑर

मैं गहरी नींद मे सो गयी.. ऑर भैया से ही शादी के सपने देखने लगी.

समाप्त
 
Back
Top