सब कुछ नाटक के तहत चल रहा था राहुल और अंकित सब कुछ जानते थे नूपुर बिल्कुल अनजान थी वह तो एकदम से घबरा गई थी क्योंकि उसे उम्मीद नहीं थी कि इस समय राहुल घर पर आ जाएगा। और वह कभी सोची नहीं थी कि उसका बेटा उसे इस हालत में किसी अजनबी के साथ दिखेगा अजनबी क्या उसके ही दोस्त के साथ दिखेगा यह देखकर उसके दिल पर क्या गुजर रही होगी यह सोचकर नूपुर एकदम से घबरा गई थी उसे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें,,, राहुल को यह सब देखकर गुस्सा होने का नाटक करना था वह अपनी मां के चेहरे पर डर के भाव को अच्छी तरह से देख रहा था और उसे यह सब देखकर मजा भी आ रहा था लेकिन मन में यही सोच रहा था कि यह उसकी वही मन है जिसने उसे वादा की थी किस तरह की हरकत में किसी और के साथ कभी सपने में भी करने की नहीं सोच सकती लेकिन आज उसकी आंखों के सामने सब कुछ साफ वह अपने वादे से मुकर गई थी अपनी जवानी की प्यास बुझाने के लिए उसके ही दोस्त का सहारा ले रही थी शायद इसलिए कि उसका लंड कुछ ज्यादा ही लंबा और मोटा था जिसे राहुल अपनी आंखों से देख चुका था और उसे भी इस बात का एहसास था कि उसकी मां को उससे भी ज्यादा सुख वह दे रहा था फिर भी नाटक करते हुए राहुल जोर से चिल्लाया।
यह सब क्या हो रहा है,,,,?
(इतना के करवा कभी अपनी मां की तरफ देखा है तो कभी अंकित की तरफ दोनों शर्मसार होकर अपनी नजरों को नीचे झुकाए हुए थे किसी को कुछ भी कहने की हिम्मत नहीं हो रही थी और वैसे भी अंकित को ऐसा ही जताना था कि जैसे वह पकड़ा गया हो और पकड़े जाने पर ऐसी हालत में एक मर्द की क्या दशा होती है बस वही उसे यहां पर दर्शाना था,,,,, नूपुर के तो चेहरे का रंग ही उड़ गया था वह चादर में अपना मुंह छुपा ली थी। यह सब देख कर राहुल फिर से जोर से बोला,,,,)
यह क्या हो रहा है मम्मी मेरी पीठ पीछे तुम यह सब करती हो मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है,,, मुझे तो ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं कोई सपना देख रहा हूं क्योंकि हकीकत की तो मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि तुम इस तरह से गिर जाओगी,,,,,। और टू अंकित तू तो मेरा सबसे अच्छा दोस्त था ना तूने दोस्त की पीठ पीछे ही यह कांड कर डाला मैं तो तुझे अपना भाई जैसा समझता था मैं कभी सोच भी नहीं सकता था कि तू इस तरह की हरकत करेगा मेरे ही घर में घुसकर अपने ही दोस्त की मां के साथ इस तरह का व्यवहार करेगा। और मम्मी तुम यह तुमने क्या कर डाला,,,, अगर यह सब पापा को पता चलेगा तो क्या होगा कुछ सोची हो अगर यह सब बातें बाहर पहुंच गई तो समझ में क्या इज्जत रह जाएगी इस बारे में कभी सोची हो।
नहीं ऐसा कभी नहीं होगा यह सब बातें बाहर नहीं जाएंगे मुझ पर भरोसा कर राहुल,,,।
हरामजादे तू तो चुप ही रहे,,,,, तुझे शर्म नहीं आई अपनी मां जैसी औरत के साथ इस तरह का व्यवहार करते हुए,,,,, अरे यही सब करना था तो अपनी मां के साथ कर लिया होता,, वह तो अकेली थी ना उनको तो यह सबकी ज्यादा जरूरत थी,,,,,।
यह क्या कह रहा है राहुल को तू बात को समझने की कोशिश कर इस तरह से चिल्ला मत कोई सुन लेगा तो गजब होजाएगा,,,।
गजब क्या हो जाएगा गजब तो हो गया है,,,,। मैं जिसे सीधी-सादी औरत समझता था वह खुलकर यहां मजा ले रही है मेरे घर से बाहर जाती ही वैसा हो रहा है इसका मतलब यह सब पहले भी हो चुका था है ना मम्मी,,,,,,।
(इतना सुनकर नूपुर अपना मुंह चादर में छुपा कर रोने लगी उसके सिसकने की आवाज कमरे में गूंज रही थी,,,,, वह इस बात से रो रही थी कि वह कभी सोची नहीं थी कि वह अपने बेटे को छोड़कर किसी दूसरे मर्द के साथ अपनी जवानी की प्यास बुझाएगी,,,, वह इस बात से रो रही थी कि उसके बेटे को सब कुछ पता चल गया था कि उसकी मां अपनी प्यास बुझाने के लिए किसी भी मर्द का सहारा ले सकती है। जबकि राहुल नाटक कर रहा था और इस बात का उसे बिल्कुल भी पता नहीं था क्योंकि वह नहीं जानती थी कि अंकित अपनी आंखों से दोनों की काम लीला को देख चुका है,,, अगर इस बात का उसे पता होता तो यह सब की नौबत ही नहीं आती। नूपुर रोए जा रही थी यह देखकर अंकित राहुल को समझाने की कोशिश करता हुआ बोला,,,)
इसमें आंटी की कोई गलती नहीं है राहुल तो समझने की कोशिश कर।
हां इसमें तुम दोनों की कोई गलती नहीं है इसमें तो सारी गलती मेरी ही है यही कहना चाहता है ना तो तुम दोनों मेरे पीठ पीछे रंगरलिया मना रहे हो,,, और सारी गलती मेरी है हां मेरी ही गलती है कि मैं तुम दोनों को यह सब करने का मौका दे दिया मुझे घर से बाहर जाना ही नहीं चाहिए था तुझे मैं अपने घर पर ले आया यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी तुझे घर पर लाना ही नहीं चाहिए था तुझे मैं घर पर लाया अपनी मां से मिलाया यही मुझसे गलती हो गई और यही मेरी गलती भी है,,,,।
सब गलती तेरी ही है राहुल,,,, (अंकित इस तरह से बिस्तर पर से उठकर खड़ा हो गया एकदम नंगा वह अपने बदन को छुपाने की बिल्कुल भी कोशिश नहीं कर रहा था उसका लंड अभी भी अकड़ में था जिस पर बार-बार राहुल की नजर चली जा रही थी और वह अंकित के लड को देखकर मन ही मन जल भी रहा था,,, अंकित की बात सुनकर राहुल बोला)
मेरी गलती पागल हो गया है क्या तू,,,?
हां तेरी ही गलती दिमाग को शांत कर ले तब मैं तुझे बताता हूं कि तेरी गलती कहां पर है,,,,
यह सब तु क्या बकवास कर रहा है,,,,।
मैं बकवास नहीं कर रहा हूं राहुल बिल्कुल सच कह रहा हूं,,,, (ऐसा कहते हुए अनूपपुर की तरफ देख ले रहा था नूपुर जो अभी भी चादर से अपना मुंह ढके हुए थी और रो रही थी,,,,, वह धीरे से राहुल को आंख मारता हुआ बोला,,,)
तो पूरी तरह से जवान हो चुका है हो चुका है कि नहीं सच-सच बताना,,,,।
हां हो चुका हूं तो,,,,,।
मेरी पूरी बात तो सुन अब तुझे इतना तो समझ में आता ही होगा कि मर्द और औरत के बीच किस तरह का रिश्ता होता है,,,,।
चलिए अभी मैं जानता हूं लेकिन इस तरह की बात करके क्या फायदा,,,।
अरे बेवकूफ यही तो मैं बताना चाहता हूं,,,, तेरी मम्मी कितनी खूबसूरत है इस बात से तू अनजान नहीं है और तू यह भी जानता होगा कि,,, तेरी मां को देखकर ना जाने कितने लड़कों का लंड खड़ा हो जाता होगा,,,,।
(अंकित जानबूझकर यह सब बातें कर रहा था और नूपुर चादर में मुंह छुपाए अंकित की बात को सुनकर हैरान थी कि यह क्या बकवास कर रहा है राहुल के साथ और उसकी बात सुनकर राहुल भी बोला)
यह क्या बकवास है अंकित तू इस तरह से कैसे मुझसे बात कर सकता है,,,।
मैं तुझे बताता हूं मैं सिर्फ तुमसे पूछ रहा हूं यह एकदम सहज है सच-सच बताना ऐसा होता है कि नहीं।
हां होता ही होगा मुझे क्या मालूम,,,।
और मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अपनी मां को देख कर तेरा भी लंड खड़ा हो जाता होगा कभी कबार हां या ना में जवाब देना ज्यादा कुछ मत बोलना,,,।
हां,,,,,, (राहुल अपनी मां की तरफ देखा हुआ बोला जो की चादर में मुंह छुपाए हुए अभी भी बैठी हुई थी और रो रही थी,,, राहुल का जवाब सुनकर अंकित उसे आंख मारते हुए बोला)
बस यही तो मैं कहना चाहता था तेरी मां अभी भी पूरी तरह से जवान है और तू अपने पापा को देख क्या तुझे लगता है कि तेरे पापा तेरी मम्मी की प्यास को बुझा सकते होंगे उनकी जरूरत को पूरी कर सकते होंगे,,,।
(इतना सुनकर एकदम से बोल पड़ी)
यह तु क्या कह रहा है अंकित,,,!
तुम चुप रहो आंटी तुम कुछ मत बोलो मैं सबको समझा देता हूं तुम्हें कुछ बोलने की जरूरत नहीं है।
लेकिन अंकित यह तो क्या बकवास कर रहा है,,,, मैं भला यह सब कैसे बोल सकता हूं।
तुझे बोलना पड़ेगा राहुल क्योंकि तू अब बड़ा हो चुका है जवान हो चुका है बिल्कुल मेरी तरह एक औरत के मन को तू समझता होगा अगर नहीं समझता होगा तो तो सबसे बड़ा बेवकूफ है,,,, इस उम्र में औरतों की ख्वाहिश कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है और मैं अच्छी तरह से जानता हूं कि आंटी अंकल से बिल्कुल भी खुश नहीं रहती और अंकल कभी कोशिश भी नहीं करते होंगे कि आंटी को खुश कर सके आखिरकार उम्र का तकाजा ही ऐसा है क्यों आंटी जी अंकल के साथ कभी हम बिस्तर होती हो,,(यह सुनकर नूपुर को समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या बोल कभी अपने बेटे की तरफ तो कभी अंकित की तरफ देख रही थी यह देखकर अंकित बोला) घबराओ मत आंटी बस सच बताओ हां या ना में जवाब दो,,,।
नहीं,,,(कितना का कर हुआ फिर से अपनी नजर को नीचे झुका ली यह देखकर राहुल अंकित की तरफ देखने लगा पर अंकित मुस्कुराता हुआ बोला,,,)
देख लिया सुन लिया अपनी मम्मी का जवाब अरे पागल इस उम्र में औरत को मर्द की ज्यादा जरूरत होती है और इस उम्र में तेरे पिताजी तेरी मम्मी के साथ कुछ नहीं कर सकते हैं ऐसे में औरत भला क्या करेगी,,,,।
तेरे कहने का मतलब है कि अगर आदमी खुश ना कर सके तो औरत किसी को भी घर मत बुलाकर मजा ले सकती है,,, (यह बात राहुल गुस्से में बोल रहा था और उसकी बात सुनकर अंकित बोला)
अरे बेवकूफ तू जरा सा ध्यान दिया होता तो ऐसी नौबत ही ना आती,,,,।
क्या मतलब,,,,?
मेरा मतलब साफ है अब तुझे बुरा लगेगा अच्छा यह मैं नहीं कह सकता लेकिन बात एकदम खरी है,,,।
क्या,,,?
अगर तू अपनी मां का ध्यान दिया होता उसकी जरूरत को पूरा करता है तो शायद मेरी जगह इस समय तू बिस्तर पर होता,,,,।
(इतना सुनकर राहुल एकदम हैरान होने का नाटक करने लगा और यही हाल नूपुर का भी था दोनों मां बेटे एक दूसरे को देख रहे थे दोनों नाटक कर रहे थे राहुल अपनी तरफ से नाटक कर रहा था और नूपुर अपनी तरफ से नाटक कर रही थी इस बात को अंकित अच्छी तरह से जानता था एक दूसरे को देखने के बाद नूपुर बोली)
यह तु क्या कह रहा है अंकित,,,? (यही बात राहुल ने भी बोला)
तू पागल हो गया क्या भला एक बेटा अपनी मां के साथ,,,,,
क्यों नहीं इस उम्र में हम लड़कों को क्या चाहिए,,,, बुर,,,,,, और इस समय तेरे घर में तेरी जरूरत कौन पूरा कर सकता है,,,,,, तेरी मां,,,,,, तुझे बुर चाहिए और तेरी मां को लंड चाहिए दोनों एक दूसरे की जरूरत पूरी कर सकते हैं,,,,।
(मां बेटे दोनों एक दूसरे को देखकर हैरान थे दोनों एक दूसरे को आश्चर्य से देख रहे थे तभी राहुल बोला)
तू सच में पागल हो गया है क्या तू भी अपने घर में ऐसा ही करता है क्या,,,?
देख राहुल अगर सच में तेरी मां की तरह प्यासी अगर मेरी मां होती तो मैं भी यही करता लेकिन मेरी किस्मत खराब है कि मेरी मां इस तरह की हरकत नहीं करती।(अंकित की बात सुनकर राहुल जानबूझकर नाटक करते हुए बोला)
नहीं नहीं मुझसे ऐसा नहीं होगा,,,,।
चल रहने दे अपने आप को झूठा दिलासा मत दे मैं जानता हूं कि इस समय अपनी मां को नंगी देखकर तेरा भी मन उसे चोदने को कर रहा है,,,,।
नहीं यह झूठ है,,,, मैं भला ऐसा कैसे सोच सकता हूं,,,।
(राहुल की बात सुनकर अंकित मुस्कुरा था उसकी तरफ आगे बढ़ा नूपुर दोनों को देख रही थी और तभी अंकित अपना हाथ आगे बढ़कर पेट के ऊपर से ही राहुल के लंड को पकड़ लिया जो कि इस समय खड़ा था और पेट में तंबू बनाया हुआ था अंकित की हरकत पर राहुल बोला,,,)
यह क्या कर रहा है तू,,,,,।
मैं बता रहा हूं कि तेरा मन इस समय क्या कर रहा है,,,, (एकदम से उसके पेंट के तंबू को अंगूठे और उंगली से पड़कर उसे तंबू को हिलाते हुए नूपुर की तरफ देखा और बोला,,,) देख रही हो आंटी तुम्हारे बेटे को तुम्हें नंगी देखकर इसका भी लंड खड़ा हो गया है तो बताओ तुम क्या कह सकती हो,,,,,।
(नूपुर बड़े ध्यान से राहुल के पेट में बने तंबू को देख रही थी और अंकित को देख रही थी वैसे तो वह अपने बेटे से रोज चुदवाती थी लेकिन अंकित के सामने वह अनजान बनने की कोशिश कर रही थी क्योंकि उसे ऐसा ही लग रहा था कि अंकित को यह सब नहीं मालूम है लेकिन वह कुछ बोल नहीं पा रही थी अंकित फिर से अपना पासा फेंकते हुए बोला,,,)
अच्छा राहुल तू मेरा अच्छा दोस्त है लेकिन जो कुछ भी तूने इस समय कमरे में देखा है क्या तू अपने पापा को बता देगा,,,,,।
जरूर बता दूंगा मैं पापा से कुछ भी नहीं छुपाऊंगा कि तुम्हारे पीठ पीछे मम्मी यह सब करती है,,,।
नहीं नहीं बेटा ऐसा बिल्कुल भी मत करना,,,,,।
नहीं मैं तो बता दूंगा मम्मी क्योंकि तुम अच्छी मम्मी नहीं हो,,,,,,
(राम की बात सुनकर अंकित उसे समझाने की कोशिश करता हुआ बोला,,,)
यह क्या कर रहा है राहुल अभी-अभी तो तूने बोला कि तू बड़ा हो गया जवान हो गया है और तू इतनी नादानी वाली बात कर रहा है यह सब जो तूने देखा अपने पापा को बता देगा तो फिर क्या तेरी मां इस घर में रह पाएगी कभी खुशी से रह पाएगी,,,।
चाहे जो भी हो लेकिन मैं बता दूंगा,,,,,,।
अच्छा एक बात बता तेरा तो खड़ा हो गया अपनी मां को नंगी देखकर अगर तुझे मौका मिल जाए अपनी मां के ऊपर चढ़ने का उसे चोदने का तो क्या फिर भी बता देगा,,,,,।
(अंकित की बात सुनकर राहुल कुछ देर तक सोचने लगा वह कभी अपनी मां की तरफ तो कभी अंकित की तरफ देख रहा था,,,,, यह देखकर अंकित बोला)
ज्यादा सोच विचार मत कर ऐसा मौका बार-बार नहीं आता सच बता क्या तू अपनी मां को चोदना चाहेगा,,, (अंकित राहुल को आंख मारते हुए बोला और वह भी ज्यादा देर ना लगाते हुए बोला)
क्या मम्मी ऐसा करने देगी,,,,।(अपनी मां की तरफ देखते हुए राहुल बोला)
बिल्कुल करने देगी तो अगर अपने पापा को यह सब नहीं बताया तो तेरी मम्मी भी तेरे लिए अपनी टांगें खोल देगी,,,, और तू ही सोच तेरा भी जुगाड़ हो जाएगा और तेरी मां का भी जुगाड़ हो जाएगा तुम दोनों जब चाहे तब एक दूसरे की प्यास बुझा सकते हो और इस बात का किसी को कानों कान खबर तक नहीं पड़ेगी चार दिवारी के अंदर तुम दोनों पति-पत्नी की तरह रहोगे तेरे पापा को भी नहीं पता चलेगा,,,,,।
(इतना सुनकर राहुल के चेहरे पर प्रसन्नता के भाव नजर आने लगे और वह अपनी मां की तरफ देखने का वैसे तो दोनों के बीच पहले से ही सब कुछ चल रहा था लेकिन इस समय दोनों अपनी अपनी तरफ से अनजान बनने का नाटक कर रहे थे और नूपुर हैरान थी,,,, इसलिए अंकित नूपुर की तरफ आगे बढ़ा और बोला,,,)
क्या सोच रही हो आंटी देख नहीं रही हो तुम्हें नंगी देखकर तुम्हारे बेटे का लंड खड़ा हो गया है क्योंकि साथ ही सारा है कि अगर मौका मिले तो यह तुम्हारी चुदाई कर सकता है और अगर ऐसा हो गया तो घर में ही तुम्हारे लिए जुगाड़ बन जाएगा,,,,,।
(इस पल नूपुर के लिए हां कहना कोई ज्यादा बड़ी बात नहीं थी वलेकिन वह इस तरह से अंकित के सामने खुलकर हां कहने में हिचकीचा रही थी। वह कभी अपने बेटे को तो कभी अंकित को देख रही थी यह देखकर अंकित फिर से बोला,,,)
देखो आंटी जो काम तो मेरे साथ कर रही हो वहीं काम तुम अपने बेटे के साथ भी कर सकतीहो,,, बस टांगे खोलकर लंड ही तो अंदर बाहर करवाना है।(अंकित की बात सुनकर नूपुर के बदन में अजीब सी लहर उठ रही थी वह आश्चर्य से अपने बेटे की तरफ देख रही थी राहुल की अपनी मां की तरफ देख रहा था यह देखकर अंकित अपनी जगह से उठकर खड़ा हो गया और बोला)
तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो आंटी हम जैसे लड़कों को सिर्फ बुर चाहिए और इस समय तुम्हारे बेटे के लिए तुम्हारी बुर से अच्छी बुर हो ही नहीं सकती,,,,(इतना कहने के साथ ही अंकित राहुल की तरफ आगे बढ़ने लगा और वह पूरी तरह से बेशर्मी दिखाते हुए अपने हाथों से ही राहुल के पेंट को खोलने लगा अंकित की हरकत देखकर राहुल के तन्मय में अजीत की हलचल होने लगी देखते ही देखते अंकित उसके पेट को उसके घुटने तक खींच दिया वाकई में उसका लंड खड़ा हो गया था,,,,,, और अंकित अपने हाथ से उसके लंड को पकड़ कर ऊपर नीचे करके हिलाते हुए बोला,,,) आंटी तुम्हारे बेटे का लंड तैयार हो चुका है तुम्हारी बुर में घुसने के लिए,,,,(यह सुनकर नूपुर शर्म के मारे अपनी नजरों को नीचे झुका ली और अंकित इस तरह से घुटनों के बल फिर से बिस्तर पर चढ़ गया और राहुल की मां की तरफ आगे बढ़ने लगा देखते ही देखते वह एकदम से राहुल की मां को अपनी बाहों में भरकर बिस्तर पर लेट गया और उसके ऊपर चढ़कर उसके होठों का रसपान करने लगा अपने बेटे के सामने नूपुर को शर्म महसूस हो रही थी लेकिन अंकित की हरकत उसके बदन में बेशर्मी का रस घोल रहा था वह मस्त हो रही थी,,,, अंकित उसके लाल लाल होठों का रसपान करते हुए उसकी चूची को दबा रहा था और फिर उसके एक तरफ लुढ़क गया और उसकी चूची को हाथ में पकड़ कर दबाते हुए राहुल को इशारा करके अपने पास आने के लिए बोला,,,,, नूपुर शर्म के मारे अपनी आंखों को बंद कर ली थी अपनी मां की बंद आंखों को देखकर राहुल भी जल्दी-जल्दी अपने कपड़े उतार कर नंगा हो गया और अपनी मां के बगल में आकर लेट गया वह धीरे से अपनी मां की चूची पर हाथ रख तो उसकी मां अपनी आंखों को खोलकर उसे देखने लगी और फिर से अपनी आंखों को बंद कर ले यह इशारा था कि वह अंकित के सामने अब कुछ भी कर सकता है,,,, अंकित राहुल को दिखाते हुए उसकी मां की चूची को मुंह में लेकर पीना शुरू कर दिया फिर से देखकर राहुल भी दूसरी चूची को अपने मुंह में लेकर पीना शुरू कर दिया यह देखकर अंकित बोला,,,,)
यह हुई ना बात अब तो अपनी मां को रात दिन खुश करते रहना,,,(ऐसा कहते हुए फिर से उसकी मां की चूची को मुंह में लेकर पीना शुरू कर दिया और अपना एक हाथ नीचे की तरफ ले जाकर उसकी मोटी मोटी जांघों को पकड़कर सहलाने लगा,,,, राहुल बहुत खुश नजर आ रहा था क्योंकि वह आज अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी मां की चुदाई करने जा रहा था एक नया सुख एक नया अनुभव को महसूस करने जा रहा था और इस अनुभव को महसूस करने के लिए तीनों एकदम ललाईत थे,,,,, कुछ देर राहुल की मां की चूची को पीने के बाद अंकित धीरे-धीरे फिर से उसकी दोनों टांगों के बीच पहुंच गया और उसकी बुर को चाटना शुरू कर दिया,,,,, और राहुल अपनी मां के सिरहाने घुटनों के बल बैठकर अपने लंड को पकड़ कर हिला रहा था यह देखकर नूपुर अपने आप से ही अपना हाथ आगे बढ़कर अपने बेटे के लंड को पकड़ ली और उसे हिलने लगी,,,, अंकित जानता था कि यह सब उन दोनों के लिए नया बिल्कुल भी नहीं था वह दोनों पक्के खिलाड़ी थे,,, देखते ही देखते नूपुर धीरे से अपना सर उठा कर अपने बेटे के लंड को मुंह में भर ली और उसे चूसना शुरू कर दी वैसे तो अपने बेटे को रोज ही इस तरह का सुख प्रदान करते थे लेकिन आज वह अपने बेटे को कुछ ज्यादा ही खुश कर देना चाहती थी क्योंकि आज वह उसकी उम्मीदों पर खड़ी नहीं उतरी थी क्योंकि वह कभी सोचा नहीं थी कि उसका बेटा उसे ही हालत में दिखेगा इसलिए वह अपनी नजरों में थोड़ा शर्मिंदगी का एहसास कर रही थी इसलिए अपने बेटे को की जान से मजा दे रही थी,,,,
राहुल मस्त होने लगा था अपनी आंखों को बंद करके अपनी कमर पर हाथ रखकर वह इस एहसास में पूरी तरह से डूब चुका था,,,, अंकित यह सब देखकर और भी ज्यादा उत्तेजित होकर उसकी बुर को चाट रहा था पागलों की तरह उसे पर अपनी जीभ को घुमा रहा था अपनी उंगली डालकर अंदर बाहर कर रहा था,,,, नूपुर को दोनों तरफ से आनंद ही आनंद प्राप्त हो रहा था लेकिन इस समय उसे अच्छी तरह से एहसास हो रहा था कि ज्यादा मजा अंकित ही दे रहा था उसकी हरकतें पूरी तरह से उसे काम विभोर कर दे रही थी,,,, वह मस्त हो चुकी थी और रह कर अपनी कमर को ऊपर की तरफ उछाल दे रही थी जिसे अंकित अपनी दोनों हाथों से पकड़ कर उसे काबू में किए हुए था रहे रह कर वह अपनी नाक के आगे वाले भाग को भी उसकी बुर में डालकर रगड़ रहा था जिससे नूपुर का मजा दुगना हो जा रहा था,,,,,, अंकित एक साथ अपनी दो उंगलियों को उसकी बुर में डालकर बड़ी तेजी से अंदर बाहर कर रहा था वह जानता था कि इस तरह से नूपुर झड़ जाएगी और ऐसा ही हो रहा था उसके बदन की अकड़ बढ़ने लगी थी वह अपने बेटे के लंड को पूरा अपने मुंह में लेकर चूस रही थी और अंकित की उंगलियों का मजा लूट रही थी,,, फिर देखते ही देखते हो एकदम से अपनी कमर ऊपर की तरफ उठा दी और उसकी बुर से मदन रस की पिचकारी फूट पड़ी जो की सीधा अंकित के मुंह में गिर रही थी अंकित पूरी तरह से मस्त होकर नूपुर के मदन रस को चाट रहा था पी रहा था गले के अंदर उतर रहा था और फिर धीरे-धीरे बस शांत होने लगी लेकिन इस दौरान भी वह अपने बेटे के लंड को मुंह में भरी हुईथी,,, यह सब देख कर अंकित वह भी घुटनों के पास नूपुर के सिरहाने पहुंच गया और अपने लंड को हाथ में पकड़ कर उसके चेहरे पर रगड़ने लगा उसके गरम सुपाड़े से उसके गोरे-गोरे गाल की मालिश करने लगा। यह एहसास नूपुर को मदहोश कर रहा था अपने बेटे के लंड को मुंह में लेकर चूसने में इतना मजा नहीं आ रहा था जितना कि अंकित की हरकत से आ रहा था,,,,
वह पागल हो रही थी मस्त हो रही थी,,,, मदहोशी के सागर में डुबकी लगा रही थी अंकित अपनी कला बजिया से नूपुर की मां को पूरी तरह से अपने काबू में करने की कोशिश कर रहा था भले हुआ इस समय दो मर्दों के साथ थी लेकिन वह इस कोशिश में पूरी तरह से लगा हुआ था कि उसकी मां को उसकी तरफ से ही ज्यादा मजा आए और ऐसा हो भी रहा था अंकित अपने लंड को छोर से पकड़कर हथौड़े की तरह अपने सुपाड़े को उसके गाल पर पटक रहा था उसके चेहरे पर रगड़ रहा था,,,, हालांकि इससे नूपुर को हल्की चोट तो महसूस हो रही थी लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था,,, यह सब देखकर राहुल के भी तन बदन में अजीब सी हलचल हो रही थी वह अंकित की हरकत को देख रहा था उसके मोटे-मोटे लंड को देख रहा था और महसूस कर रहा था कि उसकी मां एकदम से गदगद हो जा रही थी जब जब उसके लंड का सुपाड़ा उसके गाल से रगड़ खाता था। अंकित अपने लंड के सुपाडे को उसके लाल-लाल होठों से रगड़ने लगा तो नूपुर अंकित की तरफ देखने लगी और धीरे से अपने बेटे के लंड को अपने मुंह में से बाहर निकाल दी और अंकित के लंड को अपने मुंह में भर ली ,,,,, और से चूसना शुरू कर दी अंकित पागल हुआ जा रहा था उसके बेटे के सामने इस तरह की हरकत करते हुए उसे और भी ज्यादा उत्तेजना का एहसास हो रहा था और वह एक हाथ से उसकी बड़ी-बड़ी चूची को दबा रहा था यही हरकत राहुल भी कर रहा था और अंकित की तरफ देख रहा था दोनों की आंखों में वासना का तूफान नजर आ रहा था दोनों एकदम मस्त हो चुके थे,,,,, कुछ देर तक लंड चुस्वाने के बाद,,,, अंकित धीरे से अपने लंड को अपने मुंह में से बाहर निकाला और फिर पीठ के बल लेट गया,,,, और नूपुर से बोला)
अब ऊपर आ जाओ मेरी जान,,,,(इतना सुनकर नूपुर उठकर बैठने लगी और उसके ऊपर आने लगी तो वह फिर से बोला,,,) ऐसे नहीं गांड मेरी ऊपर रखो,,,,(इतना सुनकर वह समझ गई कि उसे क्या करना है वह तुरंत अपनी गांड को अंकित के मुंह के ऊपर रख दी और उनकी दोनों हाथों से उसकी बड़ी-बड़ी गांड को पकड़ कर पहले जोर-जोर से चपत लगाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते उसकी बेटे की आंखों के सामने ही उसकी मां की गांड को लाल कर दिया,,,,, और फिर उसकी बुर को चाटना शुरू कर दिया राहुल यह सब अपनी आंखों से देख रहा था वह भी मत हुआ जा रहा था वह अपनी मां की गांड को धीरे-धीरे सहला रहा था और बार-बार उसकी कमर पर उसकी पीठ पर चुंबन कर ले रहा था और नूपुर अंकित के लंड को फिर से मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दी थी,,, धीरे से राहुल फिर से नीचे की तरफ गया और घुटनों के बल बैठकर अपने लंड को अपनी मां के चेहरे पर रगड़ना शुरू कर दिया अपने बेटे को खुश करने के लिए वह धीरे से अंकित के लंड को बाहर निकाल और अपने बेटे के लंड को चूसने लगी और बारी-बारी से यह मजा वह दोनों को दे रही थी,,,,, लेकिन राहुल की हालत खराब हो रही थी वह अपने आप को ज्यादा देर तक रोक नहीं पाया और उसके लंड से पिचकारी निकल गई,,,,,, वह झड़ने लगा अपनी मां के मुंह के अंदर ही,,,,, उसका पानी निकल चुका था लेकिन अंकित अभी भी बरकरार था काफी देर से वह इसी स्थिति में था और यह देखकर राहुल भी हैरान था,,,,, झड़ जाने के बाद वह गहरी सांस लेता हुआ एक किनारे पर बैठ गया और दोनों की काम लीला को अपनी आंखों से देखने लगा यह देखकर अंकित जानबूझकर बोला,,,)
क्या राहुल इतनी जल्दी झड़ गया तुझे पता है ना तेरी मम्मी को जमकर चुदाई की जरूरत है ऐसे ही रहा तो फिर कैसे काम चलेगा मुझे ही बार-बार आना पड़ेगा,,,,(यह सुनकर राहुल शर्मिंदा हो गया और नूपुर शर्म के मारे अपनी आंखों को बंद कर ली वह फिर से अंकित के लंड को चूसना शुरू कर दी थी,,,,, अंकित नूपुर की गांड पर जोर से चपत लगाता हुआ बोला,,,)
बस मेरी रानी अब उठ जाओ अब तुम्हारी चुदाई का समय आ चुका है राहुल का तो खड़ा होने में समय लगेगा,,,, तब तक नहीं तुम्हारी चुदाई करुं,,,,।(अंकित की बात सुनकर राहुल की मां धीरे से उसके ऊपर से उठकर बैठ गई वह शर्म के मारे कुछ बोल नहीं पा रही थी जैसा अंकित कह रहा था वैसा ही कर रही थी देखते ही देखते वह अपने घुटनों को अंकित के कमर के इर्द-गिर्द रखकर धीरे से एक हाथ नीचे की तरफ ले गई और अंकित के लंड को पकड़कर उसे अपने गुलाबी छेद से सटा दी और अपनी भारी भरकम गांड का वजन उसके लंड पर धीरे-धीरे बढ़ने लगा जिसकी वजह से उसका मोटा तगड़ा लंड उसकी बुर की गहराई में सरकना शुरू कर दिया था,,, और देखते ही देखते नूपुर अंकित के लंड पर पूरी तरह से बैठ गई और उसका मोटा तगड़ा लंड उसकी बुर की गहराई में खो गया,,,, यह देखकर राहुल हैरान हो गया,,,, क्योंकि राहुल के लंड से अंकित का लंड 2 इंच ज्यादा लंबा था और मोटा भी था लेकिन उसकी मां बड़े आराम से उसे अपने अंदर ले ली थी। देखते ही देखते वह धीरे से अपनी गांड को ऊपर उठाती और फिर नीचे गिरा देती ऐसा करते हुए अपनी मां को देखकर उत्तेजित होने लगा था और अंकित उसकी दोनों चूचियों को पकड़ कर उसका जोश बढ़ाते हुए बोला,,,)
बस मेरी रानी ऐसे ही बहुत मजा आ रहा है तुम्हारी बड़ी-बड़ी गांड देखकर ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है,,,, अब देखना तुम्हारा बेटा भी रोज तुम्हारी चुदाई करेगा,,,,, क्यों राहुल अब चोदेगा ना अपनी मां को रोज,,,,(इतना सुनकर राहुल शर्म के मारे अपनी नज़रें नीचे झुका लिया यह देखकर अंकित बोला) ऐसे शर्माएगा तो कैसे काम चलेगा तुझे मालूम होना चाहिए कि तेरी मां मत चुदवाती है उसे रोज सुबह शाम लंड चाहिए अब यह जिम्मेदारी तेरे पर है,,,,,,आहहहहहह आहहहहह देख राहुल कितना मजा आ रहा है तेरी मां कितनी रंडी की तरह अपनी गांड पटक रही है। आहहहह आहहहहह आहहहहह ऐसे ही मेरी रानी।
(इस तरह के शब्दों को सुनकर और अपनी मां के लिए इस तरह की बात अंकित के मुंह से सुनकर राहुल के तन-बाद में अजीब सी हलचल हो रही थी वह उत्तेजित हो रहा था फिर से उसका लंड खड़ा हो रहा था वैसे तो कोई और समय होता है तो इस तरह की बातें किसी और के मुंह से अपनी मां के लिए सुनकर वह उसे मारने के लिए तैयार हो जाता लेकिन इस समय महोली कुछ ऐसा था कि राहुल के तन बदन में उत्तेजना का तूफान उठ रहा था उसे मजा आ रहा था खास करके अपनी मां के लिए अंकित के मुंह से इस तरह की बातें सुनकर तो उसकी उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ती जा रही थी। और वह फिर से बिस्तर पर खड़ा हो गया था और अपनी मां के सामने आकर कमर पर हाथ रखकर वह अपनी मां को देख रहा था उसकी मां समझ गई कि उसके बेटे को क्या चाहिए इसलिए वह धीरे से अपने मुंह को आगे बढ़ाकर अपने बेटे के लंड को मुंह में ले ली और चूसना शुरू कर दी,,,,, अंकित उसकी मां की दोनों चूचियों को पकड़ कर दशहरे आम की तरह दबाता हुआ नीचे से भी अपनी कमर को ऊपर की तरफ उछाल दे रहा था जिससे हर बार अंकित का लंड उसके बच्चेदानी से टकरा जा रहा था और वह एकदम से मस्त हो जा रही थी,,,,,, बिस्तर पर घमासान मचा हुआ था नूपुर अपने बेटे और बेटे के दोस्त के साथ मिलकर अपनी जवानी की प्यास बुझाने में लगी हुई थी,,,, राहुल की मां को खुश करने में अंकित बिल्कुल भी कसर बाकी नहीं रख रहा था,,,, एक बार झड़ जाने के बाद उसका लंड दोबारा झड़ने के लिए तैयारी नहीं था वह जोर-जोर से धक्के लगा रहा था झटका लगा रहा था और राहुल की मां भी जोर-जोर से अपनी गांड पटक रही थी फिर भी उसका लंड खड़ा का खड़ा था लेकिन राहुल का लंड फिर से खड़ा हो चुका था,,,,, यह देखकर अंकित राहुल की मां से बोला,,,)
रुक जाओ मेरी रानी अब तुम्हारे बेटे की बारी है मैं भी तो देखो एक बेटा अपनी मां को चोदता है तो कैसा दिखाई देता है,,,,,(अंकित के मुंह से ऐसा सुनकर नूपुर अपने मन में ही बोल रही थी कि ऐसा क्यों कर रहा है मुझे तेरे साथ ज्यादा मजा आता है मेरे मजा को किरकिरा मत कर लेकिन ऐसा हुआ खुलकर नहीं बोल सकती थी इसलिए धीरे से अपनी गांड को ऊपर की तरफ उठा ले जिससे अंकित का लंड उसकी बुर से बाहर निकल गया,,,,, अपनी बारी का नाम सुनकर राहुल के चेहरे पर प्रसन्नता के भाव नजर आ रहे थे,,,,, और वह खुशी के मारे अपनी मां के लाल-लाल होठों को चूसना शुरू कर दिया था और यही मौका देखकर अंकित अपनी जगह से उठकर खड़ा हो गया था और अपने लंड को उसी समय नूपुर के होठों पर रगड़ना शुरू कर दिया था जिससे उसके लंड का सुपाड़ा राहुल के भी होठों से रगड़ खा रहा था उसकी गर्मी राहुल को और ज्यादा मदहोश कर रही थी और फिर अचानक ही राहुल अपने प्यासे होठों को खोल दिया पर मौका देखकर अंकित अपने लंड के सुपाड़े को राहुल के मुंह में डाल दिया,,,, यह देखकर नूपुर एकदम से हैरान हो गई और उसकी हैरानी तब बढ़ गई जब उसका बेटा बड़े आराम से अंकित के लंड को चूसना शुरू कर दिया क्योंकि राहुल का भी आकर्षक अंकित के लंड की तरफ कुछ ज्यादा ही बढ़ चुका था वह उसे पकड़ना चाहता था दबाना चाहता था उसे मुंह में लेकर चूसना चाहता था ऐसा वह पहले कभी नहीं किया था और नहीं कभी ऐसा उसका करने का मन करता था लेकिन अंकित के लंड को देखकर उसके मन में अजीब सी अभिलाषा जाग गई थी और अपनी वही अभिलाषा को इस समय राहुल पूरी कर रहा था,,,, अंकित के साथ भी ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था लेकिन इस समय उसे मजा आ रहा था राहुल जिस तरह से उसके लंड को चूस रहा था वह पूरी तरह से गदगद हुआ जा रहा था और फिर और ज्यादा मजा को बढ़ाने के लिए वह राहुल के मुंह में से लंड को बाहर निकाल कर सीधा नूपुर के मुंह में डाल दे रहा था नूपुर भी उसके लंड का स्वागत करते हुए अपने लाल-लाल होठों को खोल दे रही थी ऐसा वह बारी से कर रहा था मां बेटे दोनों मजे लेकर उसके लंड को चुस रहे थे। कुछ देर इसी तरह से मजा लेने के बाद अंकित ही नूपुर को लेट जाने के लिए बोला और नूपुर की पीठ के बल लेट गई अपनी दोनों टांगें खोलकर,,,,,, यह देखकर राहुल घुटनों के बल बैठकर अपनी मां की बुर को चाटना शुरू कर दिया और अंकित के मन में न जाने क्या सुझी,,,, वह सीधा राहुल के पीछे पहुंच गया और उसकी गांड को दोनों हाथों से थाम लिया,,,, और ढेर सारा थुक अपने लंड पर चुपडने लगा,,,,, और उसकी गांड के छेद पर भी ठोक उंगली से लगने लगा जब वह थूक लगा रहा था तो राहुल को मजा आ रहा था उसके बदन में अजीब सी सरसराहट हो रही थी,,,,,।
इस बारे में नूपुर को कुछ मालूम ही नहीं था वह अपनी आंखों को बंद करके मजा ले रही थी। लेकिन राहुल को अंदेशा हो गया था कि अंकित क्या करना चाहता है लेकिन वह न जाने क्यों उसे रोक नहीं पा रहा था क्योंकि उसके बदन में मदहोशी छा चुकी थी मस्ती की लहर उठ रही थी,,,,, और अगले ही पल अंकित अपने मोटे सुपाड़े को उसकी गांड के छेद पर सटा दिया,,,,, राहुल एकदम से मचल उठा अंकित उसकी कमर पड़कर अपनी कमर को आगे की तरफ ठेलने लगा थुक की चिकनाहट पाकर अंकित के लंड का सुपाड़ा धीरे-धीरे अंदर की तरफ सरकने लगा,,,,, ऐसा राहुल ने पहले कभी करवाया नहीं था इसलिए उसे दर्द हो रहा था उसके चेहरे के भाव बदल रहे थे लेकिन इस बीच लगातार वह अपनी मां की बुर की चटाई कर रहा था,,,,, अंकित अच्छी तरह से जानता था कितने जल्दी उसका सुपाड़ा उसकी गांड के छेद में घुसने वाला नहीं है इसलिए वह धीरे-धीरे बार-बार अपने थूक से उसे और ज्यादा चिकना बना रहा था। और अंकित की हरकत से राहुल का बदन थरथरा रहा था,,,, देखते ही देखते अंकित की मेहनत रंग ला रही थी और उसका मोटा सुपाड़ा काफी मशक्कत के बाद राहुल की गांड में प्रवेश कर चुका था,,,,, और फिर अंकित का हौसला बढ़ने लगा वह राहुल की कमर पड़कर एक बार फिर से जोर से धक्का मारा और उसका आधा लंड उसकी गांड के अंदर प्रवेश कर गया लेकिन राहुल दर्द से ठीक पड़ा उसकी चीखने की आवाज सुनकर नूपुर अपनी आंखों को खोलकर देखने लगी तो राहुल के चेहरे का अभाव पूरी तरह से बदल चुका था वह अपनी नजर पीछे की तरफ घूम कर देखी तो हैरान रह गई उसकी गांड के पीछे अंकित उसकी कमर पकड़ कर खड़ा था उसे समझने देने लगी कि अंकित यह क्या कर रहा है और वह एकदम से बोल पड़ी।
यह क्या कर रहा है अंकित,,,,,?
क्या करूं मेरी रानी तुम्हारे बेटे की गांड भी तुम्हारी जैसी खूबसूरत है मुझसे रहा नहीं गया,,,,,।
(अंकित का जवाब सुनकर वह राहुल की तरफ देखने लगी राहुल गहरी गहरी सांस ले रहा था उसका मुंह खुला हुआ था और अंकित देख देख आधा बचा लंड की उसकी गांड में ठेल दिया एक बार फिर से राहुल चेक पड़ा उसकी चीज की आवाज सुनकर नूपुर अंकित से बोली,,,)
इसकी गांड मत फाड़ देना,,,,, तू तो सच में बहुत हारामी है मेरे बेटे की गांड मारने लगा मेरे सामने,,,,।
इसके बाद तुम्हारी बारी है मेरी जान,,,,, ।
(इतना सुनकर नूपुर एकदम से सहम गई क्योंकि आज तक उसने कभी गांड नहीं मरवाई थी और अपने बेटे की हालत देखकर उसका हौसला पस्त हो चुका था लेकिन थोड़ी देर में उसके बेटे के चेहरे का हाव-भाव बदलने लगा उसके चेहरे पर दर्द की जगह आनंद की रेखाएं साफ दिखाई देने लगी उसके चेहरे पर मस्ती की आभा नजर आने लगी,, अंकित उसकी कमर पकड़ कर उसकी गांड मार रहा था अब आराम से उसका लंड पर बाहर हो रहा था और यह सब देखकर नूपुर अपने घुटनों के बल बैठ गई और अपनी बुर को अपने बेटे के मुंह से सटा दी और उसका बेटा उसकी बुर को चाटना शुरू कर दिया और अंकित से गांड मारने का मजा लूटने लगा,,,, राहुल की गांड मारने का इरादा अंकित का बिल्कुल भी नहीं था लेकिन वह जानबूझकर ऐसा कर रहा था वह राहुल को उसकी मां की आंखों के सामने जरूर करना चाहता था ताकि भविष्य में वह कभी उसकी मां के बारे में कुछ बोल ना सके,,,,, लेकिन राहुल की गांड में लंड डालकर उसे भी बहुत मजा आ रहा था क्योंकि यह उसका पहला मौका था जब वह किसी लड़के की गांड में लंड डाला था,,,,, देखते ही देखते नूपुर भी घोड़ी बन गई और उसका बेटा राहुल पीछे से अपनी मां की बुर में लंड डालने लगा क्योंकि गांड में लंड डालने की औकात उसमें बिल्कुल भी नहीं थी क्योंकि वह अपने लंड की क्षमता को अच्छी तरह से जानता था और वह अपनी मां को छोड़ रहा था और पीछे अंकित उसकी गांड मार रहा था।
लेकिन इस बार भी राहुल ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया और झड़ने लगा और अंकित अभी भी बरकरार था,,,,,, अंकित का काम हो चुका था वह राहुल को उसकी मां के सामने ही जलील कर चुका था उसकी गांड मार कर इसलिए उसकी गांड में से धीरे से लंड को बाहर निकाला और उसे उसकी मां के ऊपर से हटा दिया और खुद पीछे जगह बना लिया नूपुर को लग रहा था कि अंकित उसकी गांड में लंड डाल देगा लेकिन इस बार उसने उसके गुलाबी छेद में ही डालकर उसकी प्यास को बुझाने की पूरी कोशिश करने लगा और धक्के पर धक्का लगाने लगा राहुल की मन एकदम मस्त हो चुकी थी उसे बहुत मजा आ रहा था अंकित से चुदवाने में उसके मुंह से गरमा गरम शिसकारी की आवाज गुंज रही थी,,,, और इस बार राहुल की मां के साथ-साथ अंकित का भी गरम लावा निकलने लगा और राहुल की मां की बुर को पूरी तरह से भर दिया,,,,, और उसके ऊपर पसर गया तीनों बिस्तर पर लेटे हुए थे। नूपुर के ऊपर अंकित लेटा हुआ था और राहुल एक तरफ लेटा हुआ था तीनों मत हो चुके थे राहुल को अपनी गांड के छेद में दर्द महसूस हो रहा था लेकिन जो मजा उसे मिला था वह कभी सोचा भी नहीं था,,,,, राहुल को खुश करने के लिए अंकित लेटे हुए ही अपना हाथ आगे बढ़ाया और राहुल के लंड को पकड़ कर हिलाते हुए बोला,,,)
क्यों मेरे राजा मजा आया ना,,,,,।
(इतना सुनकर वह मुस्कुराने लगा नूपुर को बड़ी जोर की पेशाब लगी हुई थी,,,,, वह धीरे से उठकर बैठ गई और चादर अपने बदन पर लपेट कर जाने ही वाले थे कि अंकित अपना हाथ आगे बढ़कर उसके बदन से चादर को खींच लिया और उसे नंगी कर दिया और बोला,,,,)
अब हम दोनों के सामने तुम्हें यह सब पहनने की जरूरत नहीं है,,,,, (इतना सुनकर नूपुर शर्मा गई और कमरे से बाहर निकल गई अंकित जानता था कि वह कहां गई है इसलिए वह राहुल से बोला)
तू भी चलेगा,,,,।
कहां,,,?
बाथरूम तेरी मां मुतने गई है,,,,, । चल बाथरूम में उसकी चुदाई करते हैं,,,,,।
(इतना सुनकर वह उठकर खड़ा हो गया अंकित भी बिस्तर से नीचे उतर गया और दोनों बाथरूम की तरफ जाने लगे बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ था अंदर राहुल देखा तो सच में उसकी मां बैठकर पेशाब कर रही थी,,,,, वह दोनों भी अंदर घुस गए और दोनों भी पेशाब करने लगे तीनों एक साथ पेशाब कर रहे थे,,,, और जैसे ही नूपुर के साथ करके उठकर खड़ी हुई अंकित तुरंत उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया उसे बाहों में भरकर फिर से उसके होठों का रस पीने लगा फिर से उसकी गांड पर अपने हाथ घुमा कर उसे मदहोश करने लगा उसे उत्तेजित करने लगा देखते ही देखते हो फिर से उत्तेजित होने लगी और इस बार अंकित पहले की तरह उसे अपनी गोद में उठा लिया और उसकी बुर में लंड डालकर चोदना शुरू कर दिया यह देखकर राहुल एकदम हैरान हो गया था क्योंकि वह बड़े आराम से उसकी मां को गोद में लेकर उसकी चुदाई कर रहा था पीछे की जगह खाली थी यह देखकर अंकित राहुल को बोला,,,,)
पीछे से तू भी डाल,,,,,,
(इतना सुनकर वह अपनी मां के पीछे पहुंच गया और अपनी मां की गांड के छेद में लंड डालने की कोशिश करने लगा,,,,, अपनी मां का भूरे रंग का छेद देखकर वह पूरी तरह से मदहोश हो चुका था और लंड का सुपड़ा उसे पर रगड़ रहा उसमें डालने की कोशिश कर रहा है और अंकित था कि जोर-जोर से गोद में उठाई हुई उसकी मां को चोद रहा था उसकी मां पूरी मस्ती के साथ मजा ले रही थी। लेकिन राहुल के लिए मंजिल तक पहुंचना बड़ा मुश्किल था वह अपने लंड के सुपारी को अपनी मां की गांड के छेद पर ही रगड़ रहा था और ऐसा करते हो इतना ज्यादा मदहोश हो गया था कि वह फिर से झड़ गया,,,,, लेकिन अंकित पूरा जोर लगाकर चुदाई कर रहा था अंकित की गोद में भी राहुल की मां पूरी तरह से मशाल जा रही थी अपनी भारी भरकम गांड को वह अपनी तरफ से भी कोशिश करके ऊपर उठा रही थी लेकिन ऐसा वह कर नहीं पा रही थी जो कुछ भी कर रहा था उनकी कोई कर रहा था जब राहुल चढ़ गया तो वह गोद में उठाए हुए ही बाथरूम की दीवार से उसकी मां को सत दिया और फिर से अपनी कमर को जोर-जोर से हिलाना शुरू कर दिया और तब तक हिला था जब तक कि वह एक बार फिर से राहुल की मां का पानी नहीं निकाल दिया,,,,,,।
मां बेटे दोनों एकदम से थक चुके थे,,,,, नूपुर की हालत को देखकर अंकित अपने कपड़े पहनने लगा था,,,,,, आज जो मजा तीनों को मिला था इस बारे में तीनों ने कभी कल्पना भी नहीं किया था अंकित अपना काम करके जा चुका था।