रविवार के दिन सुगंधा के घर में उसके दोनों बच्चे मौजूद नहीं थे अंकित अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने चला गया था और तृप्ति ट्यूशन के लिए चली गई थी और ऐसे में उसकी पड़ोसन सुषमा जो की सुगंधा से काफी घुली मिली हुई थी वह भी रविवार का दिन होने की वजह से सुगंधा को अपने साथ अपने घर ले गई थी फिल्म देखने के लिए,,, कोई खास काम न होने की वजह से सुगंधा भी फिल्म देखने के लिए तैयार हो गई थी,,, और वह भी खुशी-खुशी अपना घर बंद करके पड़ोस वाली सुषमा के घर चल दी थी,,, सुगंधा जैसे ही उसके घर में प्रवेश की वैसे ही सुषमा ने दरवाजा बंद कर दी,,,,।
Sugandha is film ko dekh rHi thi
सुषमा के द्वारा अपने घर का दरवाजा बंद करने का कारण कोई और नहीं था बल्कि या उसे दूर का समय था जब किसी के घर टीवी जैसे उपकरण नहीं हुआ करते थे कुछ लोगों के ही घर हुआ करते थे ऐसे में मोहल्ले के सभी लोग किसी एक घर में इकट्ठा हो जाते थे और फिर मैं देखने का आनंद लूटते थे,,, और इसीलिए सुषमा घर का दरवाजा बंद कर दी थी ताकि कोई आ न सके और उसके घर में भी घर पर कोई नहीं था,,,,,, एक कुर्सी को खींचकर सुगंधा उसे पर बैठ चुकी थी उसके मन में उत्सुकता थी फिल्म देखने की क्योंकि टेलीविजन पर कोई खास अच्छी फिल्म आती नहीं थी बस धारावाहिक ही आती थी,,, ऐसे में उसने सुषमा से फरमाइश भी कर दी थी की मिथुन की कोई अच्छी सी पिक्चर लगाई क्योंकि सुगंध को मारधाड़ वाली फिल्में बहुत अच्छी लगती थी वैसे तो वह अपने जीवन में बहुत कम फिल्म देखी थी लेकिन उसका झुकाव मिथुन के फिल्मों पर कुछ ज्यादा ही था,,,,
यह उस दौर का समय था जब मोहल्ले के लोग आपस में पैसा इकट्ठा करके रंगीन टीवी किराए पर लेट थे और साथ में वीसीआर जिसमें की बड़ी सी कैसेट आती थी और फिर खुले में फिल्म का आनंद लिया जाता था लेकिन सुषमा सुखी संपन्न थी इसलिए उसके घर पर रंगीन टीवी भी थी और बड़ी सी कैसेट वाली मशीन भी थी,,, और उसके पास फिल्मों का अच्छा खासा कलेक्शन भी था,,,,।
Pani ki fuhaar me bhigti huyi heroine
क्या हुआ सुषमा बड़ी देर से कैसे ढूंढ रही हो लेकिन तुम्हें मिल नहीं रहा है,,,,
हां यार सोच रही हूं कोई अच्छी सी फिल्म लगाऊं,,,,
तो लगाओ ना कि सारा समय सिर्फ कैसेट ढूंढने में ही निकाल दोगी,,,,
रुक जा यार वही तो ढूंढ रही हूं,,,,
अरे कैसेट पर फिल्म का नाम भी तो लिखा होगा,,,,
अरे वही तो देख रही हुं लेकिन कुछ कैसेट पर कुछ लिखा भी नहीं है देखु तो सही कौन सी फिल्म है,,,,,
चलो जाने दो,,,, कोई भी लगा दो,,,
चलो कोई बात नहीं यही लगा देता हूं देखो तो सही कौन सी फिल्म है,,,,(घर में ही सारा सिस्टम होने की वजह से सुषमा भी कैसे लगाना जानती थी इसलिए वह ड्रोवर में से वही कैसेट निकाली जिसमें कुछ लिखा नहीं था,,,, और वह उसे लगा दी,,,, और एक कुर्सी सुगंधा के पास ले जाकर उसे पर बैठ गई दरवाजा बंद होने की वजह से कमरे में पूरी तरह से अंधेरा था दोनों उत्सुकता के साथ रंगीन टीवी की तरफ देख रहे थे,,, सुगंधा के पास ब्लैक एंड व्हाइट टीवी थी इसलिए रंगीन टीवी में देखने का आनंद वह भी लेना चाहती थी,,, दोनों की नजरे रंगीन टीवी की स्क्रीन पर टिकी हुई थी दोपहर का समय था बाहर शोर शराबा भी नहीं था और घर में कोई मौजूद भी नहीं था इसलिए दोनों निश्चिंत थे,,,।
Heroine hero ko mast karti huyi
थोड़ी ही देर में स्क्रीन में कुछ इंग्लिश में लिखा हुआ आया जिस पर सुगंधा ने ध्यान नहीं दी उसका ध्यान सिर्फ फिल्म देखने पर था वह देखना चाहती थी कि सुषमा ने कौन सी फिल्म लगाई है और तभी स्क्रीन पर चित्र उभरने लगा,,,, दोनों उत्सुक नजर से टीवी की तरफ देख रहे थे जिसमें पहले ही सीन में एक खूबसूरत लड़की जोकि अंग्रेज थी वह शर्ट और स्कर्ट पहनकर सीडीओ से नीचे उतर रही थी,,,,,, कुर्सी पर बैठी सुगंध और सुषमा दोनों बड़े गौर से टीवी के स्क्रीन पर देख रही थी और उसे अंग्रेजन को देखकर सुषमा बोली,,,।
अरे यार यह कौन सी पिक्चर है कुछ समझ में नहीं आ रही है इस तरह से तो पिक्चर की शुरुआत मैंने आज तक नहीं देखी,,,,
मुझे भी तो समझ में नहीं आ रहा है,,,,(टीवी की स्क्रीन पर देखते हुए सुगंधा बोली,,,)
Chudai karta hu hero
तभी वह खूबसूरत लड़की सीडीओ से उतर कर घर के गैराज की तरफ आगे पड़ी और जैसे-जैसे वह आगे बढ़ रही थी कैमरा उसके पीछे उसके गोल-गोल नितंबों पर टिका हुआ था और उसकी फ्रॉक में से उसकी मटकती हुई गांड बहुत खूबसूरत लग रही थी हालांकि उसकी गांड तो नजर नहीं आ रही थी लेकिन फ्रॉक में से एहसास जरूर हो रहा था,,,,,।
(हीरोइन की गांड पर कैमरा का फोकस देखकर सुगंधा और सुषमा दोनों को समझ में नहीं आ रहा था क्योंकि आज तक वह दोनों हिंदी पिक्चर में इस तरह से तो नहीं देखी थी कि कैमरा हीरोइन की गांड पर घूमता रहे,,,, तभी हैरानी जताते हुए सुषमा बोली,,,)
अरे यार यह फिल्म वालों को क्या हो गया है लड़कियों की गांड पर ही कैमरा घूमा रहे हैं आज तक तो मैं इस तरह से नहीं देखी,,,
मुझे भी तो समझ में नहीं आ रहा है सुषमा लगता है जमाना बदल गया है इसी तरह की फिल्म बनने लगी है,,,,(सुगंधा भी आश्चर्य जताते हुए बोली)
मुझे भी ऐसा ही लग रहा है चलो देखते हैं क्या होता है लेकिन अभी तक कोई हीरो दिखाई दे ही नहीं रहा है,,,।
हीरोइन दीख रही है तो हीरो भी आ ही जाएगा,,,।
(सुगंधा मुस्कुराते हुए बोली)
दोनों स्क्रीन पर ही देख रहे थे कैमरा तब तक उसे हीरोइन की गांड पर ही घूमता रहा उसके उभार को ही दिखाता रहा जब तक की वह गेराज में खड़ी एक बड़ी सी गाड़ी के करीब पहुंच नहीं गई दोनों को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर यह हो कह रहा है,,,, वह हीरोइन गाड़ी के चारों तरफ घूम कर गाड़ी का जायजा ले रही थी,,,, तभी वह पास में ही पड़ी है बाल्टी को उठा ले जिसमें साबुन का बहुत सारा जग था लेकिन उसे बाल्टी को नीचे झुक कर उठते समय कैमरा उसकी गांड के एकदम बेहद करीब चला गया जिसमें से गांड की दोनों फैन के एकदम साफ नजर आ रही थी उसकी पीले रंग की चड्डी नजर आ रही थी जिसे देखते ही सुषमा और सुगंधा दोनों के होश उड़ गए क्योंकि वह दोनों ने आज तक इस तरह की फिल्म नहीं देखी थी इस तरह की अश्लीलता नहीं देखी थी दोनों एकदम दंग रह गए थे और हैरानी जताते हुए सुगंधा बोली,,,)
बाप रे सुषमा यह कौन सी फिल्म लगा दी,,, मैंने आज तक फिल्म इतनी अश्लीलता नहीं देखी थी,,,
अरे यार मुझे भी तो समझ में नहीं आ रहा पहली बार तो मैं देख रही हूं पता नहीं कौन सी फिल्म है जो लड़कियों को इतना गंदा दिखाया जा रहा है,,,,,(वह दोनों टीवी की स्क्रीन पर देख कर अभी बातें ही कर रहे थे कि तभी वह अपने शर्ट के बटन खोलने लगी है देख कर तो दोनों आश्चर्यचकित हो गए और देखते ही देखते हो अपने सारे बटन को खोलकर शर्ट को अपने बदन से अलग करने लगी,,)
हाय दइया सुगंधा देख तो जरा कितनी बेशरम है,,,(सुषमा का यह कहना था कि वह हीरोइन ने अपना सर उतार कर एक तरफ रख दी और शर्ट उतारने ही उसकी ब्रा नज़र आने लगी चौकी बहुत छोटी सी थी और उसकी चूची कुछ ज्यादा ही बड़ी-बड़ी एकदम गोल और कठोर से जिसे देखकर सुगंध और सुषमा दोनों आश्चर्य चकित हो गए क्योंकि इतनी गोल-गोल चुचीया खरबूजा जैसा होने के बावजूद भी एकदम कड़क हो वह दोनों नहीं जानते थे क्योंकि उन दोनों खुद की चूचियां बड़ी-बड़ी थी लेकिन जिस तरह का जाकर उसे हीरोइन की चूची का था उसे देखकर दोनों आश्चर्यचकित हो गए थे,,,, तभी वह हीरोइन नल से लगे पाइप को पकड़ी गई और लाल चालू करके पानी की धार गाड़ी पर मारना शुरू कर दी वह दोनों को इतना तो समझ में आ गया था कि यह हीरोइन गाड़ी साफ करने जा रही है लेकिन इस तरह से यह तो उन दोनों को अंदाजा भी नहीं था तो सुगंधा बोली,,,)
यह कौन सी पिक्चर लगा दी सुषमा दूसरी कोई लगा,,,,
अरे रुक यार थोड़ा देखने तो दे आखिर है क्या यह सब अभी तक वह कोई शब्द भी नहीं बोली है ना कोई गाना है और कोई दिख भी नहीं रहा है,,,,
(सुषमा के कहने से सुगंधा भी स्क्रीन की तरफ देखने लगी वह हीरोइन गाड़ी पर पानी मारते हुए वह पाइप को अपनी चूचियों की तरफ कर दी और पानी की धार को अपनी चूची पर मरने लगी और पानी की धार उसकी दोनों चूचियों के बीच में गिर रही थी जिससे उसकी ब्रा भी पूरी तरह से पानी से भीगती चली जा रही थी,,,,)
बाप रे इतनी बेशर्म हीरोइन मैंने आज तक नहीं देखी,,,(सुगंधा फटी आंखों से आश्चर्य जताते हुए बोली,,, सुषमा कुछ बोल नहीं रही थी बस देखे जा रही थी तभी वह झाग से भरी बाल्टी को उठाई और गाड़ी पर गिराने लगी,,, और थोड़ी ही देर में वह स्पंज लेकर गाड़ी को साफ करने लगी,,, दोनों को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि वह दोनों क्या देख रही है,,,, फिल्मों में आज तक दोनों ने इस तरह के दृश्य को अच्छी नहीं थी अभी तक फिल्म में कोई और दूसरा नजर नहीं आया था केवल वह लड़की ही थी जो अपनी कामुक अदाओं से गाड़ी धो रही थी,,,, तभी पेड़ के पीछे छिपे एक शख्स को स्क्रीन पर दिखाए जाने लगा वह चोरी चोरी उसे लड़की को ही देख रहा था उसके कामुक अदाओं को देख रहा था उसके अंगों को देख रहा था कैमरा बार-बार कभी-उसकी चूचियों पर तो कभी उसके कामुकता भरे चेहरे पर तो कभी उसके गोल-गोल गांड पर घूमा रहा था,,,, उस लड़की की कामुक अदाओं को देखकर वह प्रसन्न हो रहा था,,,)
अरे यार सुषमा मैं आज तक किसी भी फिल्म में इस हीरो को अच्छी नहीं कौन है यह हीरो,,
अरे तू हीरो की बात कर रही है मैं तो हीरोइन को भी नहीं देखी हूं लगता है नए-नए आए हैं,,,,
धत् कोई और फिल्म लगा नहीं तो आज का रविवार ऐसा ही चला जाएगा,,,,
अरे रुक तो सही 5 मिनट और देख ले पता तो चले फिल्म की कहानी क्या है,,,, कैसेट पड़ी है तो जरूर कुछ ना कुछ तो होगा ही,,,,।
(दोनों फिल्म को लेकर आपस में बात भी कर रहे थे और हैरान भी थे उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था बार-बार उसे लड़की की अदा और उसे लड़के की प्रसन्नता उसकी खुशी दिखा रहे थे इससे ज्यादा कुछ और नहीं था की तभी उसे लड़की की गोल-गोल गांड देखकर हीरो की हरकत दिखाई गई तो वह दोनों के पसीने छूटने लगे उन दोनों ने आज तक इस तरह के दृश्य देखे नहीं थे दोनों हैरानी से एक दूसरे की तरफ देखने लगे क्योंकि,,, हीरोइन की गांड देखकर हीरो पेट के ऊपर से ही अपने लंड को मसल रहा था जो कि पेंट में तंबू बनाया हुआ था,,,। यह दृश्य देखते ही सुषमा बोल पड़ी,,,)
Is tarah k drishya ko dekhkar sugandha or sushma dono ki halat kharab ho gayi
हाय दइया यह क्या है यह कौन सी फिल्म लगा दी मैंने,,,, ऐसा गंदा हीरो और हीरोइन तो मैं आज तक नहीं देखी,,,
छी छी,,, बड़ी गंदी पिक्चर बनने लगी है कोई और फिल्म लगा, किसी को अगर पता चल गया तो गजब हो जाएगा,,,,,,(सुगंधा भी उस फिल्म को देखकर बोली,,,)
तू सच कह रही है सुगंधा लेकिन देखने तो दे हो सकता है जिसे हम हीरो समझ रहे हैं वह गुंडा हो और हीरोइन पर जबरदस्ती करने की कोशिश करें और फिर फिल्म का हीरो दिखाई दे,,,,
हां हो सकता है रुक देखते हैं,,,,(इतना कहने के साथ वह फिर टीवी की स्क्रीन पर देखने लगी लेकिन उसके तन-बदन में अजीब सी हलचल होने लगी थी खास करके उसकी दोनों टांगों के बीच थरथराहट हो रही थी बरसों बाद उसने अपने बदन में उत्तेजना महसूस की थी उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था एक तरफ वह फिल्म को रोक देना चाहती थी और वहीं दूसरी तरफ उसका मन उस फिल्म को आगे देखने के लिए ललाईत हो रहा था,,,, कुछ देर तक वह हीरो पेड़ के पीछे छिपकर,,, उसे हीरोइन की खूबसूरती देखकर उसकी गांड देखकर उसकी चूचियों को देख कर अपने लंड को पेंट के ऊपर से मसल रहा था,, और वह हीरोइन पानी की पाइप में से निकल रहे पानी से अपने पूरे बदन को भिगो ली थी उसकी पीले रंग की ब्रा में से उसकी तनी हुई निप्पल एकदम साफ दिख रही थी,,, जिसे देख कर दोनों के खुद के बदन में सिहरन सी दौड़ने लगी थी,,,
Car ki b9nate par chudai karta hua hero
कमरे के अंदर पूरी तरह से अंधेरा था केवल टीवी की रोशनी ही नजर आ रही थी दोनों का ध्यान पूरी तरह से टीवी के स्क्रीन पर हो गया था,,,,,,, दोनों इस इंतजार में थी कि आगे क्या होने वाला है उन्हें लग रहा था कि पेड़ के पीछे छुपा हुआ गुंडा अगर कुछ करेगा तो जरूर हीरो आ जाएगा और फिर असली फिल्म देखने को मिलेगी लेकिन उनके सोचने के विपरीत उनकी आंखों के सामने टीवी की स्क्रीन पर फिल्म की हीरोइन अपनी स्कर्ट को अपनी कमर तक उठा दी और यह देखकर दोनों के होश उड़ गए,,,, दोनों का ध्यान और नजर टीवी की स्क्रीन पर थी टीवी के स्क्रीन का दृश्य बेहद मादकता से भरता चला जा रहा था उन दोनों को तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि वह दोनों टीवी पर इतनी अश्लील फिल्म देख रहे हैं,,, क्योंकि आज तक दोनों ने फिल्म में इतनी अश्लील हीरोइन और इतने अश्लील हीरो को नहीं देखी थी,,,,
दोनों का दिल जोरो से धड़कने लगा था दोनों को समझ में नहीं आ रहा था कि आगे क्या होने वाला है वह हीरोइन पूरी तरह से बेशर्म बनते हुए अपनी स्कर्ट को कमर तक उठा दी थी जिससे उसकी पीले रंग की पेटी भी साफ नजर आ रही थी और पेटी जैसी थी कि आगे सिर्फ पतला सा छोटा सा कपड़ा था जिससे उसकी बुर ढकी हुई थी,,, इस तरह की पेटी तो दोनों कभी सपने में भी नहीं देखी थी और ना ही पहनने की सोची थी इसलिए तो सुषमा बोल पड़ी,,,।
हाय दइया कितनी बेशरम हीरोइन है कैसी पैंटी पहनी है,,, मैंने तो आज तक ऐसी पेंटिं देखी भी नहीं है पहनने का तो बात ही दूर है,,,
सच कह रही है सुषमा में भी हैरान हूं इसकी पेंटिं देखकर,, जिस तरह की पहनी है उसे तो सिर्फ उसकी,,,वो ही ढकी हुई है बाकी सब कुछ तो वैसे का वैसा ही है,,,,
हां और अगर ऐसे कपड़े कोई हीरोइन पहनेगी तो गुंडे तो जबरदस्ती करेंगे ही,,,,,,,(सुषमा का इतना कहना था कि वह हीरोइन धीरे से अपनी नाजुक उंगलियों का सहारा लेकर छोटे से कपड़े को उंगली से खींचकर अपनी फूली हुई बुर की दूसरी और कर दी और उसकी चिकनी बर एकदम साफ नजर आने लगी जिसे देखकर दोनों की आंखें फटी की फटी रह गई वह दोनों एकदम से आश्चर्यचकित होकर एक दूसरे को देखने लगे उन दोनों का मुंह खुला का खुला था और वह दोनों कुछ बोल पाते इससे पहले ही वह उसी जगह पर बैठ गई और पेशाब करना शुरू कर दी उसे हीरोइन को पेशाब करता हुआ देखकर वह भी टीवी की स्क्रीन पर दोनों को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था दोनों अब विश्वसनीय तरीके से एक दूसरे को देख रहे थे तो कभी टीवी की स्क्रीन को देख रहे थे और वह हीरोइन बड़े आराम से पेशाब कर रही थी और पेड़ के पीछे छुपा हुआ हीरो अपनी उत्तेजना पर काबू नहीं कर पाया और उसे हीरोइन को पेशाब करता हुआ देख कर पेट में से अपने लंड को निकाल कर हिलाना सिर्फ कर दिया,,,,.
एक तरफ उसे हीरोइन की अश्लील हरकत के साथ-साथ उसे पेशाब करता हुआ देखकर दोनों आश्चर्य चकित तो हो ही चले थे ऊपर से उन दोनों का दिमाग एकदम बेकाबू हो गया जब उन दोनों ने पेड़ के पीछे छुपे हीरो के लंड को देखी उसकी साइज को देखी उसकी मोटाई और लंबाई को देखी तो दोनों के होश उड़ गए,,,, दोनों को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था सुगंधा तो एकदम से मदहोश हो गई बरसों गुजर गए थे उसे लंड के दर्शन किए सुषमा तो फिर भी पति होने के नाते लंड के दर्शन कर लेती थी,,, सुगंधा अपनी भावनाओं पर काबू नहीं कर पाई और उसके मुंह से निकल गया,,,।
बाप रे इतना बड़ा मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा है,,,
वही तो मैं भी देख रही हूं सुगंधा इतना बड़ा और मोटा लंड अगर हम लोगों की बुर में जाए तो बुर तो फट जाए,,,।
(टीवी पर चल रही फिल्म का असर था जो सुषमा खुले शब्दों में बयां कर रही थी,,,, सुषमा की बात सुनकर सुगंधा भी उत्तेजनात्मक स्थिति में बोली)
तू बिल्कुल सच कह रही है मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा है कि किसी का इतना मोटा और लंबा होता है यह कौन सी फिल्म लगा दी सुषमा तूने,,,,
अरे जो भी लगा दी अब देख ही लेते हैं मुझे तो रहा नहीं जा रहा है मैं देखना चाहती हूं आगे क्या होता है,,,
मैं भी यही सोच रही हूं लेकिन अगर किसी को पता चल गया तो कि हम दोनों इस तरह की फिल्म देख रहे थे,,,।
इस तरह की फिल्म क्या यह है ही गंदी पिक्चर मैंने तो आज तक देखी नहीं थी बस सुनी थी लेकिन मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरे ड्रोवर में भी ऐसी कैसेट पड़ी है,,, मुझे तो समझ में नहीं आ रहा है कि यह कैसेट यहां आई कैसे,,,,
पूरा देख कर तो यही लग रहा है यह कोई हिंदी फिल्म नहीं है कुछ और ही है,,(सुगंधा स्क्रीन की तरफ देखते हुए बोली,,)
हां वह तो देखने से ही पता चल रहा है ,,,, अपने देश के हीरो तो बिल्कुल भी नहीं लग रहे हैं यह दोनों विदेशी लग रहे हैं,,,,।
(स्क्रीन का दृश्य अपने पूरे उफान पर था वह हीरोइन पेशाब करने के बाद इस स्थिति में अपनी हथेली से अपनी बुर को रगड़ रही थी यह देखकर सुषमा और सुगंधा दोनों की बुर में पानी भर गया,,, सुषमा तो फिर भी रात को अपने पति से छुड़ा कर अपनी गर्मी शांत कर लेती लेकिन सुगंधा की तड़प शांत करने वाला कोई नहीं था उसके बदन में उत्तेजना की लहर उठने लगी थी उसकी बुर पानी पानी हो चुकी थी बरसों बाद उसकी बुर में इतना पानी इकट्ठा हुआ था,,,, इस गरमा गरम दृश्य को देखकर सुषमा बोली,,,)
हाय दइया देख रही है सुगंधा यह तो तड़प रही है और यहां मुझे तो अपनी बुर छूने में शर्म आती है,,,,
सच कह रही है सुषमा,,,,,,, यह हीरोइन कितनी बेशरम है इस तरह की हरकत पर तो कोई भी उस पर चढ़ बैठेगा,,,
देख लेना पेड़ के पीछे छुपा हुआ हीरो पहले से ही तैयार है देख सही इसका कितना बड़ा होते जा रहा है काश इनका भी इतना बड़ा होता तो मजा आ जाता,,,।
फट जाती सुष्मा देख नहीं रही कितना मोटा और लंबा है,,,,
हां थोड़ा-थोड़ा डर तो मुझे भी लग रहा है,,,,, अब पता नहीं क्या होने वाला है,,,,।
दोनों को इतना तो पता चली गया था कि जो कैसेट को सुषमा ने लगाई थी वह गंदी पिक्चर की थी जिसके बारे में वह दोनों ने सिर्फ सुनी भर थी,,, और वैसे भी सुषमा ने कोई जानबूझकर इस तरह की फिल्म नहीं लगाई थी वह तो अनजाने में उसे लग गई थी,,,,,, और इस तरह की फिल्म उसने देखी कभी नहीं थी लेकिन आज अपनी आंखों से देख रही थी,,,,,,।
दोनों के पसीने छूट रहे थे उसे दृश्य को देखकर आखिर छोड़ने भी क्यों नहीं जिंदगी में पहली बार दोनों गंदी फिल्म देख रहे थे और वह भी ऐसा ऐसा दृश्य इसके बारे में उन दोनों ने कभी सोचा ही नहीं थी सबसे पहले तो होगा हीरोइन के कपड़ों को देख कर हैरान हो गई थी उसकी पेंटिं उसकी बना देकर और उसके बाद हीरो की हरकत जो की बेहद अश्लीलता भरी थी,,, और उसके बाद पूरी बेशर्मी दिखाते हुए हीरोइन जिस तरह से पेशाब कर रही थी और उसे देखकर हीरो भी पूरी तरह से बेशर्म बन चुका था जो अपने लंड को बाहर निकाल कर हिला रहा था,,,,, तभी दोनों की नजर हीरो पर गई जो की एक हाथ में लंड पड़े आगे बढ़ रहा था और दूसरी तरफ हीरोइन बेखबर अपनी बुर को मसल रही थी,,,,, और देखते ही देखते वह हीरो हीरोइन के बेहद करीब उसके सामने पहुंच गया कोई हीरोइन जैसे ही उसे अपने ठीक सामने देखी वह एकदम से हैरान हो गई एकदम से चौंक गई,,,, मानो के जैसे उधर पर किसी के आने की आशंका ही नहीं थी,,,, दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे लेकिन अंग्रेजी में बात कर रहे थे जो कि दोनों के समझ के बाहर थी लेकिन दोनों की मुस्कुराहट देखकर इतना तो समझ ही गए थे कि दोनों एक दूसरे के परिचित थे,,,,,, वह हीरोइन बार-बार उससे बात करते हुए उसके लंड की तरफ देख रही थी जो कि वह हीरो अभी भी हिला रहा था यह देखकर सुगंधा बोली,,,
बाप रे अब तो शर्म करना चाहिए,,,, हीरो ठीक उसके सामने आ गया है लेकिन देखो कितनी बेशर्मी दिखाते हुए अभी भी उसकी हथेली उसकी बुर पर है और वह अभी भी उसके लंड को देख रही है,,,,
(यह उसे क् अश्लील फिल्म की गर्माहट थी जो की सुगंधा के भी तन बदन में पूरा असर दिखा रही थी इसी के चलते वह खुले शब्दों में बुर और लंड जैसे शब्द का प्रयोग कर रही थी,,, जो कि आज तक ऐसा नहीं हुआ था,,,,,,,, दोनों की सांस बड़ी तेज गति से चल रही थी,,, दोनों इस बात से निश्चिंत थे कि शाम तक कोई आने वाला नहीं था और धीरे-धीरे उन दोनों को भी इस फिल्म में आनंद आने लगा था,,,, तभी दोनों को तेज झटका लगा जब उस हीरोइन ने अपना हाथ आगे बढ़कर हीरो के लंड को पकड़ ली और उसे पकड़ने के बाद उसे पकड़ने की खुशी उसके चेहरे पर एकदम साफ झलक रही थी मानो कि जैसे उसका पसंदीदा खिलौना मिल गया हो,,,, दोनों की बातचीत वैसे तो दोनों को समझ में नहीं आ रही थी सुगंधा को सिर्फ इतना ही समझ में आया,,, हीरोइन के मुंह से वह शब्द निकले थे आई लाइक इट,,,,, इसका मतलब तो सुगंधा अच्छी तरह से समझ रही थी कि उसे हीरोइन को इस तरह के लंड ही पसंद थे,,,, और अगले ही पल उसे हीरोइन ने बेझिझक उसके लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दी यह देखकर सुगंध और सुषमा एकदम हैरान हो गए उनकी आंखें फटी की फटी रह गई उन दोनों के होश उड़ाने लगे दोनों टांगों के बीच थरथराहट होने लगी खास करके सुगंधा की तो हालात और ज्यादा खराब होने लगी थी उसे अपनी बर से पानी निकलता हुआ महसूस हो रहा था वह पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी उसके गोरे-गोरे गाल एकदम टमाटर की तरह लाल हो चुके थे अगर कमरे में अंधेरा ना होता तो यह साफ दिखाई देता कि उसके गाल किस कदर लाल हो गए हैं,,,,।
उन दोनों को अपनी आंखों पर बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा था और दोनों के मुंह में से एक भी शब्द नहीं निकल रहे थे दोनों आंखें फाड़े टीवी की स्क्रीन को ही देख रहे थे और वह हीरोइन पागलों की तरह उसे पूरा गले तक लेकर अजीब अजीब सी आवाज निकालते हुए उसे कस रही थी और वह हीरो उसके बाल पकड़कर अपनी कमर हिला रहा था,,,, और वह हीरोइन साथ में अपनी बुर भी मसल रही थी,,, सुगंधा एकदम हैरान थी सुषमा के घर वह आई थी मिथुन की कोई अच्छी फिल्म देखने के लिए लेकिन वह मुखमैथुन देखने लगी थी,,,,,और अभी विश्वसनीय तौर पर मिथुन की फिल्म से ज्यादा मजा सुगंध को भी इस फिल्म के मुखमैथुन में आ रहा था,,,,।
और आता भी कैसे नहीं बरसों गुजर गए थे पति का देहांत हुए जैसे तैसे करके अपने जीवन की गाड़ी को वह आगे बढ़ा रही थी अपने अरमानों का गला घोट कर वह आगे बढ़ रही थी बरसों से उसने इस तरह के दृश्य को अच्छी नहीं थी संभोग को महसूस नहीं की थी इसीलिए तो आज टीवी की स्क्रीन पर इस तरह के दृश्य देखकर उसके अरमान फिर से जाग गए थे वह मदहोश हो गई थी उत्तेजित हो गई थी जिसका सीधा असर उसकी बुर पर दिखाई दे रहा था जो की बुरी तरह से पानी छोड़ रही थी,,,,।
थोड़ी देर तक दोनों हीरो हीरोइन इसी तरह से मचा लेते रहे और फिर वह हीरो हीरोइन के कंधों को पड़कर उसे गाड़ी के बन के करीब लेकर और उसे झुका दिया और उसकी गोरी गोरी गांड को दोनों हाथों में लेकर मसलना शुरू कर दिया हीरोइन भी मदहोश होकर अपनी दोनों टांगों को खोल दी और फिर वह हीरो पागलों की तरह अपने घुटनों के बल बैठकर उसकी बुर पर अपने प्यासे होठों को रखकर उसे चाटना शुरू कर दिया,,,, इस दृश्य को देखकर दोनों पानी पानी हो गए आखिर होते भी कैसे नहीं क्योंकि दोनों का सेक्स जीवन लगभग एक जैसा ही था दोनों अपने-अपने समय पर कुछ ज्यादा आसनों का प्रयोग ना करते हुए सीमित आसनो में ही चुदवाती आ रही थी,,, बिस्तर पर या तो दोनों लेट कर अपनी दोनों टांगें खोल देती थी या कभी-कभी घोड़ी बन जाती थी बस इसी दो तरीके से आनंद लेती थी अब तो सुषमा के जीवन में कभी कबार इस तरह के सुख लेने का पाल ए भी जाता था लेकिन सुगंधा के जीवन से तो मानो इस तरह के सुख का पन्ना ही फट गया था,,,, इस गरमा गरम दृश्य को देखकर सुषमा बोली,,,।
बाप रे सुगंधा इस तरह से भी मजा लिया जाता है मुझे तो यकीन नहीं हो रहा था मुझे तो हीरो की हालत को देखकर ऐसा ही लग रहा था कि अब यह उसकी चुदाई करेगा लेकिन यह तो हीरोइन को और ज्यादा मस्त कर रहा है,,, मेरे पति ने तो आज तक मेरी बुर को कभी होठों से नहीं लगाया,,,,।
मैं भी कभी अपना वैवाहिक जीवन में इस तरह का सुख नहीं ली हुं,,,, और अब तो इस बारे में कभी सोच भी नहीं सकती लेकिन तेरा सही है तू तो ट्राई कर सकती है अपने पति को समझ सकती है,,,,
ना बाबा ना वह भले ही बुर में लंड डाल देंगे लेकिन उसे होठ से कभी नहीं लगाएंगे,,,,।
तब तो हम लोगों से अच्छे यह विदेशी ही है जो एक दूसरे को इतना सुख तो देते हैं,,,,
(सुगंधा का इतना कहना था कि हीरो हीरोइन की गरमा गरम सिसकारी की आवाज पूरे कमरे में गुंजने लगी इसलिए सुगंधा तुरंत बोली,,,)
जल्दी से आवाज कम कर दे सुषमा अगर किसी ने सुन लिया तो गजब हो जाएगा,,,,।
(सुषमा भी बड़ी तेज थी वह तुरंत उठकर खड़ी हुई और टीवी की आवाज कम कर दी इतनी सीमित आवाज रखी की सिर्फ दोनों को ही सुनाई दे रही थी,,, देखते ही देखते हुए हीरो अपनी जगह पर खड़ा हुआ और अपने लंड को एक हाथ में पकड़ कर उसके गुलाबी छेद में टिका दिया यह देखकर सुगंधा बोली,,,)
बाप रे मुझे चाहिए यकीन नहीं हो रहा है कि इसकी बुर में घुस जाएगा मुझे तो लग रहा है कि पतली सी लड़की की कही बुर ना फट जाए,,,,
मुझे भी घबराहट हो रही है सुगंधा,,,।
(दोनों अभी इसी तरह की बातें ही कर रही थी कि वह हीरो अपने लंड को धीरे-धीरे करके उसकी बुर की गहराई में डाल दिया और उसे चोदना शुरू कर दिया जिसका असर उसे हीरोइन पर दर्द भरा नहीं बल्कि मस्ती भरा था वह गरमा गरम शिसकारी लेकर खुद अपनी गांड को पीछे की तरफ ठेल रही थी,,, यह देखकर सुगंध बोली,,,)
बाप रे देख तो सही सुषमा इस पतली सी लड़की की देख कितनी आराम से इतना मोटा तगड़ा लंड अपनी बुर में ले रही है
हां सुगंधा मेरी तो देख कर ही फटी जा रही है इतना मोटा तगड़ा लंड बुर में जाएगा कैसे और यह दोनों तो आराम से मजे ले रहे हैं,,,
दोनों की गजब नाक चुदाई देखकर दोनों दंग रह गए थे इतनी देर में तो दोनों के पति झड़ जाते थे सुषमा का तो पता नहीं लेकिन सुगंधा जानती थी कि उसके पति कितनी देर तक टीकते थे 10 12 धक्के में तो ढेर हो जाते थे,,, इसलिए उसे हीरो की कम शक्ति उसकी मर्दाना ताकत को देखकर वह दोनों पूरी तरह से आश्चर्यचकित हो गए थे इतनी देर से उसे हीरो का लंड खड़ा था जिसे कुछ देर तक उस हीरोइन ने अपने मुंह में लेकर चूसी भी थी लेकिन अभी तक उसका पानी निकलने का नाम नहीं ले रहा था,,,,
कुछ देर तक कर की बोनट पर झुका कर चोदने के बाद वह उसे हीरोइन को अपनी गोद में उठा लिया और उसे घर में लेकर जाने लगा वह आदमी बड़े आराम से उसे हीरोइन को अपनी गोद में उठाकर कमरे में जा रहा था और कमरे में पहुंचते ही सोफा सेट पर उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू कर दिया वह उसे हीरोइन को कमरे के हर जगह पर छोड़ रहा था कभी उठाकर कभी लेट कर कभी अपने ऊपर लेकर सब तरह से मजा ले रहा था लेकिन अभी तक उसका पानी नहीं निकला था इसलिए तो वह दोनों एकदम हैरान हो गए थे,,,,। सुगंधा तो बड़ी मुश्किल से अपने आप पर काबू रखी हुई थी वरना उसकी बर पानी पर पानी फेंक रही थी लेकिन सुषमा रह-रहकर अपनी हथेली को अपनी दोनों टांगों के बीच अपनी बुर पर रखकर दबा दे रही थी उसे अपनी उत्तेजना बर्दाश्त नहीं हो रही थी,,,,,,,
थोड़ी ही देर में हीरोइन के मुंह से गरमा गरम शिसकारी की आवाज बड़ी तेजी से निकलने लगी वह पागल होने लगी और हीरो भी जोर-जोर से धक्का लगाने लगा,,,, दोनों झड़ने वाले थे और दोनों के आश्चर्य के बीच उसे हीरो ने हीरोइन की बुर में से अपने लंड को बाहर निकाला और जोर-जोर से मुट्ठी आता हुआ,,, हीरोइन के मुंह के सामने ले आया और हीरोइन भी बड़ी उत्सुकता के साथ अपने मुंह को खोल दी मानव की जैसे उसके लंड से निकलने वाली पिचकारी को अपने मुंह में लेना चाहती हो,,, और ऐसा ही हुआ उसे हीरो के लंड से निकलने वाली पिचकारी सीधे हीरोइन के मुंह में जाने लगी और वह बिना हीचकीचाए उसके लंड से निकले पानी की तेज धार को गले के नीचे गटकने लगी,,,,।
थोड़ी ही देर में फिल्म समाप्त हो गई लेकिन दोनों पसीने पसीने हो गए थे दोनों की हालत खराब हो गई थी सुगंधा अपनी जगह से उठ खड़ी हुई,,, और वह बोली,,,।
बाप रे सुषमा बंद कर दे मुझे देखा नहीं जाएगा यह तूने मुझे क्या दिखा दी मैं तो कभी सोच भी नहीं सकती थी ईस तरह की फिल्म भी बनती है,,, मैं तो पूरी पसीने पसीने हो गई,,,
तू तो सुगंधा पसीना पसीना हो गई लेकिन मेरी बुर पानी पानी हो गई है,,, मिथुन की फिल्म देखने के चक्कर में चुदाई वाली फिल्म देख लिए,,,,
चल जाने दे तू जल्दी से बंद कर दिया और कैसे जहां थी वहीं रख दे वरना किसी को पता चल गया कि हम दोनों मिलकर इस तरह की फिल्म देख रहे थे तो बदनामी हो जाएगी,,,,।
(सुगंधा की बात मानते हुए सुषमा भी जल्दी से टीवी बंद कर दी और कैसे निकाल कर उसे अपनी जगह पर रख दी और सुगंधा दरवाजा खोलकर अपने घर की तरफ जल्दी लेकिन आज जो कुछ भी उसने देखी थी उसके दिलों दिमाग पर वह छवि पूरी तरह से अंकित हो चुकी थी उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें बरसों बाद वह चुदाई देखी थी एक मोटी तगड़े लंड को देखी थी और न जाने क्यों उसे ऐसा महसूस हो रहा था कि उसकी बुर के लिए भी काश कोई लंड बना होता तो मजा आ जाता,,, उसे अपनी बुर में खुजली महसूस हो रही थी,,,,,।)