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रमा : (सरमाकर हसते) नीलु.. मे मेरे पहेले पतीके होनेके बावजुद भी तेरे इस पापाको प्यार करने लगी थी.. जो रीस्तोमे मेरा भांजा था.. मेरा पहेला पती जब होस्पीटलमे था.. उसी अेक्सीडन्टमे उनका हथीयार बेकार होगया था.. तब वो मेरे लीये भी बेकार होगये थे.. अेक दिन मेरी सास रातको होस्पीटलमे रुकी हुइ थी.. ओर मे तेरे इस पापाके साथ घरपे आराम करने चली गइ.. उस रत तेरे पापाने हमारे घरके मंदिरके सामने मेरी मांग भरदी.. ओर मुजे मंगलसुत्र पहेनाया.. ओर हमने गांधर्व विवाह करलीया.. बस.. उसी रात हमारी सुहागरात हुइ.. फीर तो तेरे इस पापाको ही मेने अपना पती मानलीया था..
नीलम : (मुस्कुराते) मोम.. तो फीर मेरा जन्म कैसे हुआ..?
रमा : (सरमाते धीरेसे) नीलु.. वो मेरा पहेला पती तब भी बहुत सराबी था.. वो मुजे सारीरीक सुख देनेमे सक्षम नही था.. इसीलीये तो मे तेरे पापाको प्यार कर बैठी.. ओर हम दोनोके बीच सबकुछ होगया.. फीर तो मे भी तेरे पापाके बीना नही रेह पाती.. तो हम दोनो अक्सर मीलने लगे.. ओर तुम मेरे पेटमे ठहेर गइ.. तेरे असली पापा यही हे.. जो आज तेरे पीता हे.. हम दोनोने मीलकर खुब मजे कीये हे..
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते) मोम.. तो क्या वो.. वो.. अब कैसे कहु..? मोम.. क्या पापा अब आपको रातमे ठीकसे प्यार नही करते..? आइ मीन.. आपके साथ ठीकसे सेक्स नही करते..?
रमा : (सरमाकर धीरेसे) नही नीलु.. अब कोइ खास नही.. वो अब कमजोर हो गये हे.. ओर सेक्स करते हे तो भी जल्द बाजीमे.. जानवरोकी तराह.. ओर मे प्यासी रेह जाती हु.. अब मे इस दुखको कीसीको केह भी तो नही सकती.. ओर अेक तेरी दादी हे.. उसे अभी भी अेक पोता चाहीये.. तो मै उनको कैसे कहु.. की आपका बेटा मुजे ठीकसे संतुस्ट भी नही कर पाता.. तो में कहासे बच्चा नीकालु..?
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते) मोम.. आपसे अेक बात कहु..? आप बुरा तो नही मानोगी..?
रमा : (मुस्कुराते होंठोको चुमकर) नीलु.. अब तेरी कीसी भी बातका बुरा नही लगता.. मे तुजे सचमे अपनी सहेली मानती हु.. इसीलीये तो मेरी पुरी कहानी तुजे बतादी.. पुछ.. क्या पुछना चाहती हे..?
नीलम : (मुस्कुराते) मोम.. मेने भी कइ बार आपको ओर पापाको सेक्स करते देखा हे.. आप सही केह रही हे.. पापा बीलकुल जानवरकी तराह आपके साथ सेक्स करते हे..
रमा : (सर्मसार होते मुस्कुराते) कमीनी कहीकी.. हें..हें..हें.. लेकीन तुमने हम दोनोको सेक्स करते कब देखा..?
नीलम : (धीरेसे हसते) मोम.. जबसे मे होस्टेलसे आइ हु.. तबसे लगभग हर रात आप दोनोको सेक्स करते देखती हु.. लता दीदीके रुममे वो दोनो रुमके बीच जो दरवाजा हेनां..? उनमे अेक छेद हे.. तो मे वहीसे देखती थी.. लगता हे.. लता दीदी भी पापा ओर छोटी मम्मीका लाइव सो देखती होगी.. हें..हें..हें..
रमा : (सरमाते धीरेसे) तेरी लता दीदी भी कुछ कम नही हे.. वो भी अपनी सादीसे पहले तेरे लखन जीजुसे कइ बार सेक्स कर चुकी हे.. ओर तेरे पापा भी कुछ कम नही हे.. मुजे तो लगता हे.. लगता हे क्या.. मुजे तो अब यकीन हे.. उनका भी बहारकी कीसी ओरतोके साथ भी रीलेशन होगा.. वो हमेसा मुजे प्यासी रख देते हे..
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते धीरेसे) मोम.. तो फीर आप क्या करती हे..?
रमा : (सर्मसार होते धीरेसे) क्या..? क्या करती..? जो तुम कुआरी लडकीया बाथरुममे जाकर करती हो.. हें..हें..हें..
नीलम : (सरमाकर हसते) मोम.. हम तो अैसा कुछ भी नही करती.. हें..हें..हें..
रमा : (हसते) चल जुठी कहीकी.. क्या मुजे नही पता तुम लडकीया क्या करती हो.. हंम..? जवान हो.. तो अैसे ही थोडीना रहोगी.. कुछ तो करती होगी.. तुमतो पढी लीखी हो.. क्या कहेते हे उनको..? बता..
नीलम : (सरमाकर हसते) मा..स्ट..र..
रमा : (हसते) हां वोही.. मे भी अंदर जाकर वोही करते अपने आपको सांत करती हु.. अब तुही बता मे इस उमरमे बच्चा कैसे पैदा कर सकती हु.. ओर उपरसे तेरे पापा ठीकसे करते भीतो नही..
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते) मोम.. इसमे क्या प्र्रोबलेम हे..? आप अभी भी खुबसुरत हो.. जवान हो.. तो दादीकी इच्छा भी पुरी करदोनां.. मुजे भी अेक भाइ मील जायेगा.. हें..हें..हें..
रमा : (सर्मसार होते मुका मारते) कमीनी.. क्या बोल रही हे.. तुतो पीछे ही पड गइ.. चल अब चलना नही हे..? हम इसके बारेमे रातमे बात करेगे.. चल.. अभी नीचे चलते हे.. सब नीचे हे.. अगर हम दोनो अकेली यहा होगी तो कीसीको सक होजायेगा..
नीलम : (सरमाकर हसते) मोम.. आइ लव यु.. आपके साथ बाते करते आज बहुत मजा आया.. चलो..
कहेते दोनो फ्रेस होकर नीचे आगइ.. तबतक नीचेकी ओर सबकुछ नीपट चुका था.. फीर साम होते ही सब लोग खानेके लीये बैठ गइ.. कल सबको जाना था.. तो खाना खाते सबलोग उनकी ही चर्चा करते रहे.. तब मंजु लता बार बार रमा ओर नीलमकी तराह देख रही थी.. क्युकी नीलम ओर रमा खाना खाते अेक दुसरेके कानमे हस हसके बाते कर रही थी.. जैसे वो कोइ मां बेटी नही.. दोनो कोइ पकी सहेलीया हो..
तो भावना ओर सृती भी धीरेसे हस हसके लखनके बारेमे बाते कर रही थी.. लेकीन आज पुनमका मुड कुछ ठीक नही था.. वो बार बार नजरे चुराते लखनकी ओर देख रही थी.. क्युकी लखन उनके सामने देखे तो वो दया भावसे इसारोसे लखनसे माफी मांगना चाहती थी.. लेकीन येतो लखन था.. जो सर नीचे करते चुपचाप खाना खाये जारहा था.. वो ना पुनमकी ओर देखता था ओर ना सृतीकी ओर..
नीलम : (मुस्कुराते) मोम.. तो फीर मेरा जन्म कैसे हुआ..?
रमा : (सरमाते धीरेसे) नीलु.. वो मेरा पहेला पती तब भी बहुत सराबी था.. वो मुजे सारीरीक सुख देनेमे सक्षम नही था.. इसीलीये तो मे तेरे पापाको प्यार कर बैठी.. ओर हम दोनोके बीच सबकुछ होगया.. फीर तो मे भी तेरे पापाके बीना नही रेह पाती.. तो हम दोनो अक्सर मीलने लगे.. ओर तुम मेरे पेटमे ठहेर गइ.. तेरे असली पापा यही हे.. जो आज तेरे पीता हे.. हम दोनोने मीलकर खुब मजे कीये हे..
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते) मोम.. तो क्या वो.. वो.. अब कैसे कहु..? मोम.. क्या पापा अब आपको रातमे ठीकसे प्यार नही करते..? आइ मीन.. आपके साथ ठीकसे सेक्स नही करते..?
रमा : (सरमाकर धीरेसे) नही नीलु.. अब कोइ खास नही.. वो अब कमजोर हो गये हे.. ओर सेक्स करते हे तो भी जल्द बाजीमे.. जानवरोकी तराह.. ओर मे प्यासी रेह जाती हु.. अब मे इस दुखको कीसीको केह भी तो नही सकती.. ओर अेक तेरी दादी हे.. उसे अभी भी अेक पोता चाहीये.. तो मै उनको कैसे कहु.. की आपका बेटा मुजे ठीकसे संतुस्ट भी नही कर पाता.. तो में कहासे बच्चा नीकालु..?
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते) मोम.. आपसे अेक बात कहु..? आप बुरा तो नही मानोगी..?
रमा : (मुस्कुराते होंठोको चुमकर) नीलु.. अब तेरी कीसी भी बातका बुरा नही लगता.. मे तुजे सचमे अपनी सहेली मानती हु.. इसीलीये तो मेरी पुरी कहानी तुजे बतादी.. पुछ.. क्या पुछना चाहती हे..?
नीलम : (मुस्कुराते) मोम.. मेने भी कइ बार आपको ओर पापाको सेक्स करते देखा हे.. आप सही केह रही हे.. पापा बीलकुल जानवरकी तराह आपके साथ सेक्स करते हे..
रमा : (सर्मसार होते मुस्कुराते) कमीनी कहीकी.. हें..हें..हें.. लेकीन तुमने हम दोनोको सेक्स करते कब देखा..?
नीलम : (धीरेसे हसते) मोम.. जबसे मे होस्टेलसे आइ हु.. तबसे लगभग हर रात आप दोनोको सेक्स करते देखती हु.. लता दीदीके रुममे वो दोनो रुमके बीच जो दरवाजा हेनां..? उनमे अेक छेद हे.. तो मे वहीसे देखती थी.. लगता हे.. लता दीदी भी पापा ओर छोटी मम्मीका लाइव सो देखती होगी.. हें..हें..हें..
रमा : (सरमाते धीरेसे) तेरी लता दीदी भी कुछ कम नही हे.. वो भी अपनी सादीसे पहले तेरे लखन जीजुसे कइ बार सेक्स कर चुकी हे.. ओर तेरे पापा भी कुछ कम नही हे.. मुजे तो लगता हे.. लगता हे क्या.. मुजे तो अब यकीन हे.. उनका भी बहारकी कीसी ओरतोके साथ भी रीलेशन होगा.. वो हमेसा मुजे प्यासी रख देते हे..
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते धीरेसे) मोम.. तो फीर आप क्या करती हे..?
रमा : (सर्मसार होते धीरेसे) क्या..? क्या करती..? जो तुम कुआरी लडकीया बाथरुममे जाकर करती हो.. हें..हें..हें..
नीलम : (सरमाकर हसते) मोम.. हम तो अैसा कुछ भी नही करती.. हें..हें..हें..
रमा : (हसते) चल जुठी कहीकी.. क्या मुजे नही पता तुम लडकीया क्या करती हो.. हंम..? जवान हो.. तो अैसे ही थोडीना रहोगी.. कुछ तो करती होगी.. तुमतो पढी लीखी हो.. क्या कहेते हे उनको..? बता..
नीलम : (सरमाकर हसते) मा..स्ट..र..
रमा : (हसते) हां वोही.. मे भी अंदर जाकर वोही करते अपने आपको सांत करती हु.. अब तुही बता मे इस उमरमे बच्चा कैसे पैदा कर सकती हु.. ओर उपरसे तेरे पापा ठीकसे करते भीतो नही..
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते) मोम.. इसमे क्या प्र्रोबलेम हे..? आप अभी भी खुबसुरत हो.. जवान हो.. तो दादीकी इच्छा भी पुरी करदोनां.. मुजे भी अेक भाइ मील जायेगा.. हें..हें..हें..
रमा : (सर्मसार होते मुका मारते) कमीनी.. क्या बोल रही हे.. तुतो पीछे ही पड गइ.. चल अब चलना नही हे..? हम इसके बारेमे रातमे बात करेगे.. चल.. अभी नीचे चलते हे.. सब नीचे हे.. अगर हम दोनो अकेली यहा होगी तो कीसीको सक होजायेगा..
नीलम : (सरमाकर हसते) मोम.. आइ लव यु.. आपके साथ बाते करते आज बहुत मजा आया.. चलो..
कहेते दोनो फ्रेस होकर नीचे आगइ.. तबतक नीचेकी ओर सबकुछ नीपट चुका था.. फीर साम होते ही सब लोग खानेके लीये बैठ गइ.. कल सबको जाना था.. तो खाना खाते सबलोग उनकी ही चर्चा करते रहे.. तब मंजु लता बार बार रमा ओर नीलमकी तराह देख रही थी.. क्युकी नीलम ओर रमा खाना खाते अेक दुसरेके कानमे हस हसके बाते कर रही थी.. जैसे वो कोइ मां बेटी नही.. दोनो कोइ पकी सहेलीया हो..
तो भावना ओर सृती भी धीरेसे हस हसके लखनके बारेमे बाते कर रही थी.. लेकीन आज पुनमका मुड कुछ ठीक नही था.. वो बार बार नजरे चुराते लखनकी ओर देख रही थी.. क्युकी लखन उनके सामने देखे तो वो दया भावसे इसारोसे लखनसे माफी मांगना चाहती थी.. लेकीन येतो लखन था.. जो सर नीचे करते चुपचाप खाना खाये जारहा था.. वो ना पुनमकी ओर देखता था ओर ना सृतीकी ओर..



