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तो इधर लखन जब उपरकी मंजीलपे आया तब अपने रुमके पास आकर रुक गया.. तभी उनका दरवाजा बंध था.. तो उनको अेब बार रमा ओर नीलमके रुमकी ओर जानेकी इच्छा होगइ.. ओर वो आजु बाजु देखकर दबे पांव रमा नीलमके रुमकी ओर चल गया.. ओर खीडकी थोडीसी खुली थी.. तो उनमेसे अंदर जांकने लगा.. तो अंदरका नजारा देखतेही लखन आस्चर्यके साथ चोंक गया..
क्युकी अंदर रुममे हल्कीसी रोसनीमे लखनको साफ दीखाइ दे रहा था.. की नीलम ओर रमा पुरी तराह नंगी होकर सीक्स नाइन पोजीसनमे अेक दुसरेकी चुतको अपने मुहसे खरोद रही थी.. अेक पल तो लखनको लगा की वो अंदर चला जाये.. ओर दोनो मां बेटीको पटक पटकके चोदले.. लेकीन दुसरे ही पल उन्होने अपने आपको कंट्रोल कर लीया.. क्युकी उनको पता था.. की अब उनका लंड बडा होगया हे..
तो अभी रमा ओर नीलम उनको नही जेल पायेगी.. ओर चीलायेगी तो सब लागोेके जाग जानेका डर भी था.. अब तो वो दोनो भी उनके साथ सहर आ रही थी.. तो लखन उन दोनोको आरामसे नीपटना चाहता था.. तो वो थोडी देर वहा खडा रहेके अंदर देखता रहा.. तब कुछ ही देरमे रमा ओर नीलम जड गइ.. ओर खडी होकर दोनो अेक साथ बाथरुामकी ओर जाने लगी..
तभी अचानक रमाका ध्यान खीडकीकी ओर गया.. तो वहा लखनको देखकर रमा चोंकते रुक गइ.. तो नीलम भी रमाकी रुकनेकी वजहसे उनकी नजरका पीछा करने लगी.. तो उसने भी लखनको देख लीया तो वो सरमसे पानी पानी होगइ.. क्युकी मां बेटी दोनो ही बीलकुल नंगी थी.. तो नीलम जटसे सरमाते दोडकर बाथरुममे धुस गइ.. तो रमाको भी होंस आया.. ओर वो भी सरमाते जटसे बाथरुममे चली गइ..
तब लखनको वहासे खीसकनाही बेहतर लगा.. ओर वो अपने रुममे चला गया.. तो इधर मां बेटी दोनो ही गभराते अेक दुसरेकी ओर देखती रही.. क्युकी उनको समजमे ही नही आ रहा था की दोनो क्या करे.. तभी रमाने कुछ सोचते अपने आपको सम्हाला ओर वो नोर्मल होनेकी कोसीस करने लगी.. ओर सरमाकर नीलमकी ओर देखते मुस्कुराने लगी.. तो नीलम उनको आस्चर्यसे देखती रही.. तभी..
रमा : (सरमाते धीरेसे) नीलु.. लखनजीसे गभरानेकी जरुरत नही हे.. अच्छा हुआ उन्होने हमे देखलीया.. देखना अब वो सामनेसे आगे बढेगे.. अगर इस बारेमे तुमसे कोइ बात करे.. तो पीछेहट मत करना.. उनकी जो भी डिमान्ड हो.. हां केह देना.. फीर आगे देखा जायेगा..
नीलम : (सरमाते धीरेसे) मोम.. क्या केह रही हो..? उन्होने हमे अैसेही नंगा देखलीया हे.. ओर वो भी हम दोनोको साथमे.. वो इतने बुध्धु नही हे की हमारा रीलेशन ना समजे.. वो सीर्फ मेरे पास नही.. आपके पास भी डिमान्ड कर सकते हे.. तब आप क्या करोगी..?
रमा : (सर्मसार होते मुस्कुराते) नीलु.. इतना कुछ सोचनेकी जरुरत नही हे.. फीर भी वो मेरे पास कोइ डिमान्ड करेगे तो मे मना करदुगी.. फीर भी नही माने तो आगे देखा जायेगा.. की हमे क्या करना हे..
इधर लखन जैसेही रुमका दरवाजा बंध करपे पलटा तब अेक बार फीर चौक पडा.. क्युकी बेडपे रजीया ओर लता दोनो बाते करते उनका इन्तजार कर रही थी.. तो जैसेही लखन अंदर आया तो रजीया सरमाकर हसने लगी.. तो लता भी लखनकी ओर देखते हस रही थी.. जैसे दोनोने लखनको सरप्राइज दी हो.. लखन हसता हुआ वही खडा रहा.. तो लता बेडसे खडी होगइ.. ओर हसते हुअे उन्होने अपनी बाहे फैलाइ..
तो लखन दोडकर आगया ओर लताकी बाहोमे समा गया.. तब लताके कंधेपे सर रखते रजीयाकी ओर देखते हस रहाथा.. तब रजीया भी सर्मसार होते उनकी ओर देखते हस रहीथी.. तब लताने दोनो हाथसे लखनके चहेरेको अपनी हथेलीओमे थामलीया ओर हसते हुअे लखनकी आंखोमे देखती रही.. फीर आंखोके इसारोसे रजीयाकी ओर इसारा करते अपने दोनो नैन नचाने लगी.. तब लखनकी हसी नीकल गइ..
क्युकी अंदर रुममे हल्कीसी रोसनीमे लखनको साफ दीखाइ दे रहा था.. की नीलम ओर रमा पुरी तराह नंगी होकर सीक्स नाइन पोजीसनमे अेक दुसरेकी चुतको अपने मुहसे खरोद रही थी.. अेक पल तो लखनको लगा की वो अंदर चला जाये.. ओर दोनो मां बेटीको पटक पटकके चोदले.. लेकीन दुसरे ही पल उन्होने अपने आपको कंट्रोल कर लीया.. क्युकी उनको पता था.. की अब उनका लंड बडा होगया हे..
तो अभी रमा ओर नीलम उनको नही जेल पायेगी.. ओर चीलायेगी तो सब लागोेके जाग जानेका डर भी था.. अब तो वो दोनो भी उनके साथ सहर आ रही थी.. तो लखन उन दोनोको आरामसे नीपटना चाहता था.. तो वो थोडी देर वहा खडा रहेके अंदर देखता रहा.. तब कुछ ही देरमे रमा ओर नीलम जड गइ.. ओर खडी होकर दोनो अेक साथ बाथरुामकी ओर जाने लगी..
तभी अचानक रमाका ध्यान खीडकीकी ओर गया.. तो वहा लखनको देखकर रमा चोंकते रुक गइ.. तो नीलम भी रमाकी रुकनेकी वजहसे उनकी नजरका पीछा करने लगी.. तो उसने भी लखनको देख लीया तो वो सरमसे पानी पानी होगइ.. क्युकी मां बेटी दोनो ही बीलकुल नंगी थी.. तो नीलम जटसे सरमाते दोडकर बाथरुममे धुस गइ.. तो रमाको भी होंस आया.. ओर वो भी सरमाते जटसे बाथरुममे चली गइ..
तब लखनको वहासे खीसकनाही बेहतर लगा.. ओर वो अपने रुममे चला गया.. तो इधर मां बेटी दोनो ही गभराते अेक दुसरेकी ओर देखती रही.. क्युकी उनको समजमे ही नही आ रहा था की दोनो क्या करे.. तभी रमाने कुछ सोचते अपने आपको सम्हाला ओर वो नोर्मल होनेकी कोसीस करने लगी.. ओर सरमाकर नीलमकी ओर देखते मुस्कुराने लगी.. तो नीलम उनको आस्चर्यसे देखती रही.. तभी..
रमा : (सरमाते धीरेसे) नीलु.. लखनजीसे गभरानेकी जरुरत नही हे.. अच्छा हुआ उन्होने हमे देखलीया.. देखना अब वो सामनेसे आगे बढेगे.. अगर इस बारेमे तुमसे कोइ बात करे.. तो पीछेहट मत करना.. उनकी जो भी डिमान्ड हो.. हां केह देना.. फीर आगे देखा जायेगा..
नीलम : (सरमाते धीरेसे) मोम.. क्या केह रही हो..? उन्होने हमे अैसेही नंगा देखलीया हे.. ओर वो भी हम दोनोको साथमे.. वो इतने बुध्धु नही हे की हमारा रीलेशन ना समजे.. वो सीर्फ मेरे पास नही.. आपके पास भी डिमान्ड कर सकते हे.. तब आप क्या करोगी..?
रमा : (सर्मसार होते मुस्कुराते) नीलु.. इतना कुछ सोचनेकी जरुरत नही हे.. फीर भी वो मेरे पास कोइ डिमान्ड करेगे तो मे मना करदुगी.. फीर भी नही माने तो आगे देखा जायेगा.. की हमे क्या करना हे..
इधर लखन जैसेही रुमका दरवाजा बंध करपे पलटा तब अेक बार फीर चौक पडा.. क्युकी बेडपे रजीया ओर लता दोनो बाते करते उनका इन्तजार कर रही थी.. तो जैसेही लखन अंदर आया तो रजीया सरमाकर हसने लगी.. तो लता भी लखनकी ओर देखते हस रही थी.. जैसे दोनोने लखनको सरप्राइज दी हो.. लखन हसता हुआ वही खडा रहा.. तो लता बेडसे खडी होगइ.. ओर हसते हुअे उन्होने अपनी बाहे फैलाइ..
तो लखन दोडकर आगया ओर लताकी बाहोमे समा गया.. तब लताके कंधेपे सर रखते रजीयाकी ओर देखते हस रहाथा.. तब रजीया भी सर्मसार होते उनकी ओर देखते हस रहीथी.. तब लताने दोनो हाथसे लखनके चहेरेको अपनी हथेलीओमे थामलीया ओर हसते हुअे लखनकी आंखोमे देखती रही.. फीर आंखोके इसारोसे रजीयाकी ओर इसारा करते अपने दोनो नैन नचाने लगी.. तब लखनकी हसी नीकल गइ..









