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घरपे सीर्फ दो नोकरानी ओर उनकी मम्मी ही थी.. पुजा अपनी मम्मीको हाय हेलो बोलकर सीधे उपरकी मंजीलपे अपने रुमपे चली गइ.. उनको नही पताथा की उनकी मम्मी उनको पीछेसे देख रही हे.. क्युकी बाकी दिनोकी तराह आज पुजाकी चाल बदली बदली नजर आ रही थी..
ओर उनकी मम्मीकी तजुरबेकार आंखे पुजाकी चाल देखकर सबकुछ समज जाती हे.. ओर उनका सक ओर मजबुत होगया.. क्युकी दो दिनसे दोनो भाइ बहेन घरसे गायब थे.. हालाकी दोनो घरपे कहेकर नीकले थे.. लेकीन अलग अलग बहाना बनाकर.. फीर तीन घंटेके बाद धृव भी घरपे आ गया.. ओर चुपचाप अपने रुममे चला गया.. जो पुजाके रुमके पास ही था..
धृवकी मम्मी : (मनमे) हे भगवान.. ये मेरे घरमे ये सब क्या हो रहा हे..? कही भाइ बहेनके बीच अैसा होता हे..? गलती हमारी ही हे.. जो हमने उनपे ध्यान नही दीया.. लेकीन अब क्या करु..? उनके पापाके पास तो मेरे लीये भी समय नही हे..
सारा दिन रात ना जाने कहा कहा घुमते रहेते हे.. अब पोलीटीसीयन हे.. उचे पदपे हे.. तो मे उनको कुछ केह भीतो नही सकती.. कीतने हप्ते होगये.. प्यार तो छोडो.. हमने ठीकसे आपसमे बात भी नही की.. यहा ये भाइ बहेन आपसमे ही सुरु होगये हे..
ओर अेक इनके पापा हे.. उनको येभी नही पताकी उनके बच्चे ओर बीवी क्या कर रहे हे.. बीवी उनके बगैर रात कैसे काटती हे.. आज तीन महीने होगये उसने मुजे छुआ तक नही.. वरना सुरुमे तो वो मुजसे कीतना प्यार करते थे.. अब तो ठीकसे चोदते भी नही..
बस.. अेक बार दोनोको मे रंगे हाथ कपडलु.. फीर मे कुछ जुगाड कर लुगी.. अगर भाइ बहेन आपसमे ये सब कर सकते हेतो मे क्यु नही..? मुजे तो सीर्फ अपने तनकी प्यास बुजानी हे.. लगता हे अब जल्दसे जल्द पुजाकी सादी करवानी पडेगी..
वरना कुछ उच नीच होगइ तो हम कीसीको मुह दिखाने लायक नही रहेगे.. अब उनको पुछु भीतो कैसे..? इनसे तो अच्छा हे पुजाकी सादी करवादु.. फीर लडका चाहे जोभी हो.. सीर्फ हमारे बरोबरीका होना चाहीये.. बाकी धृवको तो मे कभी भी अपने बसमे कर सकती हु.. कमीना वैसे भी बहुत ठरकी हे..
धृवकी मम्मी यही सब सोचते अपनी प्यास बुजानेका रास्ता ढुंढने लगती हे.. अब तो हर रात दोनो भाइ बहेन अेक पती पत्नीकी तराह सोने लगे थे.. हमेसाकी तराह देर रात पुजा धृवके रुममे चली जाती थी.. ओर उनसे चुदवाकर सुबह चार बजे अपने रुममे आकर सोजाती थी..
ओर ये सब रुटीन होगया.. पुजा अपनी सेफ्टीका पुरा खयाल रखती थी.. वो हर रात अपनी चुदाइके बाद आइपील लेना नही भुलती थी.. अेक दिन दोनोको मौका मील गया.. जब उनके पापा १२ दिनके लीये विदेस घुमने गये.. इस बार अपनी मम्मीको भी साथ लेगये थे..
तो इसी मौकेका फायदा उठाकर दोनो भाइ बहेन अपना हनीमुन मनाने गौवा चले गये.. वहा दोनोने अेक हप्ते तक खुब अेन्जोय कीया.. दोनो दिन रात अपनी प्यास बुजानेमे लीप्त रहेते.. इस अेक हप्ते दोनोने खुब चुदाइ की.. फीर उनके मम्मी पापाके आनेसे पहेले दोनो वापस आगये..
अैसे ही दो साल बीत गये.. इन दो सालमे धृवकी मम्मीको दोनो भाइ बहेनके बीच चुदाइ करते देखनेका कइ बार मौका मीला.. तब वो अपनी चुतको सहेलाते उंगलीसे अपने आपको संतुस्ट करती.. उसने छुपकेसे दोनोकी दो तीन बार अपने मोबाइलमे विडीयो भी बनाली थी..
ताकी वो धृवको आसानीसे अपने साथ रीलेशन रखनेके लीये फसा सके.. वो इस बारेमे धृवसे बात भी करना चाहती थी.. लेकीन अभी पुजाके रहेते उन्होने धृवसे बात करना उचीत नही समजा.. इस दो सालमे धृवकी मम्मीको उनके पापाने सीर्फ पांच बार चोदा था..
ओर वोभी अपने तनकी जरुरतको पुरी करने.. ये भी नही देखतेकी उनकी बीवी संतुस्ट हुइ हेकी नही.. उनकी मम्मीको हमेसाकी तराह अपनी उंगली.. या फीर खीरेसे काम चलाना पडता.. तो दुसरी ओर उनकी मम्मीके कहेनेपे उनके पापा ओर मम्मी दोनो पुजाके लीये कोइ अच्छा रीस्ता ढुंढने लगे थे..
तब जाके उनकी मम्मीको अेक लडका ध्यानमे आया.. उनकी कजीनका लडका था.. जो सादीके बाद वीधुर होगया था.. हांलाकी उनकी उमर पुजासे काफी बडी लगती थी.. लेकीन पुजा ओर धृवके रीस्तोको लेकर उनकी मम्मीने थोडा समजोता करलीया था..
क्युकी उन लडकेकी अभी तक कोइ संतान नही थी.. ओर वो बहुत बडा थोक बंध मालका व्यापारी था.. ओर उसने पुजाको बताये बगैर अपने पतीसे बात करके वहा बात चलाइ.. लेकीन फीर भी पुजासे बात तो करनी ही पडेगी.. लेकीन पुजाकी मम्मी उनसे बात करे तबतक बहुत देर हो चुकी थी..
अेक सुबह उनका पतीभी तीन दिनसे पार्टीके कामसे बहार था.. ओर धृव भी सुबह आठ बजे अपने बीजनेसके सीलसीलेमे घरसे नीकल गया था.. अभी तक पुजा नीचे नही आइ थी.. तो उनकी मम्मी उनको देखने चली गइ.. ताकी उनकी सादीकी बात करले.. ओर वो पुजाके रुममे चली गइ..
देखातो पुजा वहा नही थी.. तभी उसे बाथरुमसे कीसीके उबके करनेकी आवाज आइ.. ओर बाथरुमका दरवाजा खुला था.. तो उनकी मम्मी बाथरुममे चली गइ.. तो देखा पुजा उल्टीया कर रही थी.. थोडी देर तो उनकी मम्मी पुजाको दरवाजेसे ही देरती रही..
फीर जाकर उनकी मम्मी उनकी पीठ सहेलाने लगी.. तो पुजा कीसीका हाथ अपनी पीठपे महेसुस करते चोंक गइ.. ओर थोडा डरते पीछे देखने लगी.. तो उनकी मम्मी थी.. फीर पुजाने अपना मुह साफ करलीया.. ओर दोनो बहार आकर बेडपे बैठ गइ..
ओर उनकी मम्मीकी तजुरबेकार आंखे पुजाकी चाल देखकर सबकुछ समज जाती हे.. ओर उनका सक ओर मजबुत होगया.. क्युकी दो दिनसे दोनो भाइ बहेन घरसे गायब थे.. हालाकी दोनो घरपे कहेकर नीकले थे.. लेकीन अलग अलग बहाना बनाकर.. फीर तीन घंटेके बाद धृव भी घरपे आ गया.. ओर चुपचाप अपने रुममे चला गया.. जो पुजाके रुमके पास ही था..
धृवकी मम्मी : (मनमे) हे भगवान.. ये मेरे घरमे ये सब क्या हो रहा हे..? कही भाइ बहेनके बीच अैसा होता हे..? गलती हमारी ही हे.. जो हमने उनपे ध्यान नही दीया.. लेकीन अब क्या करु..? उनके पापाके पास तो मेरे लीये भी समय नही हे..
सारा दिन रात ना जाने कहा कहा घुमते रहेते हे.. अब पोलीटीसीयन हे.. उचे पदपे हे.. तो मे उनको कुछ केह भीतो नही सकती.. कीतने हप्ते होगये.. प्यार तो छोडो.. हमने ठीकसे आपसमे बात भी नही की.. यहा ये भाइ बहेन आपसमे ही सुरु होगये हे..
ओर अेक इनके पापा हे.. उनको येभी नही पताकी उनके बच्चे ओर बीवी क्या कर रहे हे.. बीवी उनके बगैर रात कैसे काटती हे.. आज तीन महीने होगये उसने मुजे छुआ तक नही.. वरना सुरुमे तो वो मुजसे कीतना प्यार करते थे.. अब तो ठीकसे चोदते भी नही..
बस.. अेक बार दोनोको मे रंगे हाथ कपडलु.. फीर मे कुछ जुगाड कर लुगी.. अगर भाइ बहेन आपसमे ये सब कर सकते हेतो मे क्यु नही..? मुजे तो सीर्फ अपने तनकी प्यास बुजानी हे.. लगता हे अब जल्दसे जल्द पुजाकी सादी करवानी पडेगी..
वरना कुछ उच नीच होगइ तो हम कीसीको मुह दिखाने लायक नही रहेगे.. अब उनको पुछु भीतो कैसे..? इनसे तो अच्छा हे पुजाकी सादी करवादु.. फीर लडका चाहे जोभी हो.. सीर्फ हमारे बरोबरीका होना चाहीये.. बाकी धृवको तो मे कभी भी अपने बसमे कर सकती हु.. कमीना वैसे भी बहुत ठरकी हे..
धृवकी मम्मी यही सब सोचते अपनी प्यास बुजानेका रास्ता ढुंढने लगती हे.. अब तो हर रात दोनो भाइ बहेन अेक पती पत्नीकी तराह सोने लगे थे.. हमेसाकी तराह देर रात पुजा धृवके रुममे चली जाती थी.. ओर उनसे चुदवाकर सुबह चार बजे अपने रुममे आकर सोजाती थी..
ओर ये सब रुटीन होगया.. पुजा अपनी सेफ्टीका पुरा खयाल रखती थी.. वो हर रात अपनी चुदाइके बाद आइपील लेना नही भुलती थी.. अेक दिन दोनोको मौका मील गया.. जब उनके पापा १२ दिनके लीये विदेस घुमने गये.. इस बार अपनी मम्मीको भी साथ लेगये थे..
तो इसी मौकेका फायदा उठाकर दोनो भाइ बहेन अपना हनीमुन मनाने गौवा चले गये.. वहा दोनोने अेक हप्ते तक खुब अेन्जोय कीया.. दोनो दिन रात अपनी प्यास बुजानेमे लीप्त रहेते.. इस अेक हप्ते दोनोने खुब चुदाइ की.. फीर उनके मम्मी पापाके आनेसे पहेले दोनो वापस आगये..
अैसे ही दो साल बीत गये.. इन दो सालमे धृवकी मम्मीको दोनो भाइ बहेनके बीच चुदाइ करते देखनेका कइ बार मौका मीला.. तब वो अपनी चुतको सहेलाते उंगलीसे अपने आपको संतुस्ट करती.. उसने छुपकेसे दोनोकी दो तीन बार अपने मोबाइलमे विडीयो भी बनाली थी..
ताकी वो धृवको आसानीसे अपने साथ रीलेशन रखनेके लीये फसा सके.. वो इस बारेमे धृवसे बात भी करना चाहती थी.. लेकीन अभी पुजाके रहेते उन्होने धृवसे बात करना उचीत नही समजा.. इस दो सालमे धृवकी मम्मीको उनके पापाने सीर्फ पांच बार चोदा था..
ओर वोभी अपने तनकी जरुरतको पुरी करने.. ये भी नही देखतेकी उनकी बीवी संतुस्ट हुइ हेकी नही.. उनकी मम्मीको हमेसाकी तराह अपनी उंगली.. या फीर खीरेसे काम चलाना पडता.. तो दुसरी ओर उनकी मम्मीके कहेनेपे उनके पापा ओर मम्मी दोनो पुजाके लीये कोइ अच्छा रीस्ता ढुंढने लगे थे..
तब जाके उनकी मम्मीको अेक लडका ध्यानमे आया.. उनकी कजीनका लडका था.. जो सादीके बाद वीधुर होगया था.. हांलाकी उनकी उमर पुजासे काफी बडी लगती थी.. लेकीन पुजा ओर धृवके रीस्तोको लेकर उनकी मम्मीने थोडा समजोता करलीया था..
क्युकी उन लडकेकी अभी तक कोइ संतान नही थी.. ओर वो बहुत बडा थोक बंध मालका व्यापारी था.. ओर उसने पुजाको बताये बगैर अपने पतीसे बात करके वहा बात चलाइ.. लेकीन फीर भी पुजासे बात तो करनी ही पडेगी.. लेकीन पुजाकी मम्मी उनसे बात करे तबतक बहुत देर हो चुकी थी..
अेक सुबह उनका पतीभी तीन दिनसे पार्टीके कामसे बहार था.. ओर धृव भी सुबह आठ बजे अपने बीजनेसके सीलसीलेमे घरसे नीकल गया था.. अभी तक पुजा नीचे नही आइ थी.. तो उनकी मम्मी उनको देखने चली गइ.. ताकी उनकी सादीकी बात करले.. ओर वो पुजाके रुममे चली गइ..
देखातो पुजा वहा नही थी.. तभी उसे बाथरुमसे कीसीके उबके करनेकी आवाज आइ.. ओर बाथरुमका दरवाजा खुला था.. तो उनकी मम्मी बाथरुममे चली गइ.. तो देखा पुजा उल्टीया कर रही थी.. थोडी देर तो उनकी मम्मी पुजाको दरवाजेसे ही देरती रही..
फीर जाकर उनकी मम्मी उनकी पीठ सहेलाने लगी.. तो पुजा कीसीका हाथ अपनी पीठपे महेसुस करते चोंक गइ.. ओर थोडा डरते पीछे देखने लगी.. तो उनकी मम्मी थी.. फीर पुजाने अपना मुह साफ करलीया.. ओर दोनो बहार आकर बेडपे बैठ गइ..





