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जरीना : (मुस्कुराते) पहेली बात.. अब ये हमारा साहील नही हे.. मतलब.. हमारा बेटा.. अब वो हमारा भतीजा हे.. बडे भाइसाहबने उसे बाकायदा गोद लीया हे.. ओर दुसरा.. वो अब इतना छोटा भी नही हे.. अब वो बडा ओर जवान हो चुका हे.. उसने सलमा भाभीको प्रेगनेन्ट तक करदीया हे.. वो इतना समजदार हेकी घरकी सब जीम्वेवारीया उठा रहा हे..
फीरोज : (थोडा चीडतेम् अरे पता हे मुजे.. मेरा मतलब.. वो बच्चेकी जीम्वेवारी कैसे उठा पायेगा..? उनके तो अभी मोज मस्ती करनेके दीन हे.. हम कीसी अच्छी लडकीसे सादी करवायेगेनां उनकी.. तुजे सलमा भाभीको समजाना चाहीये..
जरीना : (मुस्कुराते) समजाया तब जाके मानी.. लेकीन वो भी अेक सर्तके साथ.. हमे उनकी सर्तको माननी पडेगी.. तभी वो आपसे नीकाह करेगी..
फीरोज : (उत्सुक्तासे) सर्त..? कौनसी सर्त..? अरी बताना.. क्या सर्त हे उनकी..?
जरीना : (सामने देखते) क्या आप उनकी सर्त मानोगे..? क्युकी उसने सर्त ही अैसी रखी हे..
फीरोज : (थोडा चीडते) अरे बता तो सही.. अैसे ही कैसे डीसाइड करलु..? बता..
जरीना : (आंखोमे देखते धीरेसे) वो कहेती हेकी हमारी सबुकी सादी साहीलसे करवादी जाये.. तब ही वो नीकाहके लीये राजी हे..
फीरोज : (चोंकते) अरे.. ये क्या बकवास हे.. अैसा कैसे हो सकता हे..? कही वो पागलतो नही होगइ..? क्या वो जानती नहीकी सबु ओर साहील दोनो सगे भाइ बहेन हे..
जरीना : (नजरे चुराते जुठ बोलते) मेने कहा उसे.. तो कहेती हे साहीलको मेने बाकायदा गोद लीया हे ओर साहील अब आपका बेटा नही हे वो मेरा हे.. ओर सबहु उनके चाचाकी लडकी हे..
फीरोज : (सामने देखते) जरीना.. मे मानता हु अब हम दोनो उनके चाचा चाची हे.. लेकीन फीर भी खुन तो हमारा ही हे.. सबुतो उनकी बहेन हेनां..?
जरीना : (थोडा गुस्सा होते) अब आपको गांवके नीयमोसे कोइ अेतराज नही..? अपनी वीधवा भाभीसे नीकाह करनेको तैयार होगये.. हमारे कादीर सायराको माफ करदीया.. ओर गांवमे भी सबलोग अपनी सगी बहेनसे सादीया कर रहे हे.. बल्की साहीलके सभी दोस्तोने भी उनकी सगी बहेनोसे सादीया करली हे.. तो फीर आपको साहील ओर सबुकी सादीमे क्या दीकत हे..?
फीरोज : (कुछ सोचते) यार बात तो तेरी सही हे.. लेकीन..
जरीना : (सामने देखते) लेकीन बेकीन कुछ नही.. अगर आपको भाभीकी सर्त मंजुर हेतो बतादो.. वो आपसे नीकाह करलेगी.. वरना भुल जाओ अपनी भाभीको.. हमारा साहील ही उनसे नीकाह करके सम्हाल लेगा..
फीरोज : (हाथसे बाजी फीसलते) अरे नही नही.. ठीक हे.. लेकीन तु अेक बार सबुसे भी पुछले.. अगर वो राजी हेतो मुजे कोइ अेतराज नही.. कहे देना भाभीको.. अब तो वो मुजसे नीकाह करेगीनां..?
जरीना : (सामने देखते) सब मर्द अेक जैसे ही होते हे.. नइ चुत मीली नही की लार टपकाने लगे.. ठीक हे मे भाभीको बता दुगी..
फीरोज : (खुस होते जोरोसे गाल चुमते) ओह.. डार्लींग आइ लव यु..
जरीना : (हसते) ठीक हे ठीक हे.. ये सब प्यार अपनी भाभीके लीये हे.. नाकी बीवीके लीये..
फीरोज : (मुस्कुराते) यार तु नाराज मत हो.. अच्छी नही लगती.. मे कल ही काजी साहबसे बात करलेता हु.. हें..हें..हें..
जरीना : (सामने देखते धीरेसे) फीरोज.. अेक बार सबुसे बात तो कर लेनेदो.. फीर भाभीका जवाब आयेगा..
फीरोज : (मुस्कुराते) यार वो मान जायेगी.. हम दोनो उनको समजायेगे.. वो हमारी बात नही टालेगी.. मुजे हमारी सबुपे पुरा यकीन हे..
जरीना : (सामने देखते) ठीक हे.. अब उपरसे नीचे उतरो.. कबसे मेरे उपर पडे हो.. देखो चदर भी बीगड गइ..
फीरोन : (मुस्कुराते) बेगम.. चलना अेक बार ओर करते हे.. तु खडा करदे..
जरीना : (गुस्सा करते) जाओ जाओ.. सरम भी नही आती.. अब अपना प्यार अपनी भाभीके लीये बचाकर रखो.. कही अपनी सुहागरातमे ही ठुस ना होजाओ.. मे बाथरुम जाके आती हु..
फीरोज : (मुस्कुराते) नही.. उस दीन गोली खाउगानां.. पुरी रात ठोकुगा उनको.. हें..हें..हें..
जरीना : (बाथरुमकी ओर जाते मनमे गालीया देते) मादरजात.. कीतना कमीना हे.. अपनी भाभीको चोदनेके लीये कैसा मरा जारहा हे.. बीवीको तो ठीकसे चोद नही पाता.. ओर अब भाभीको चोदेगा.. सब मर्द कमीने अैक जैसे ही हे.. जब पता चलेगानां उनकी बीवी अपने बेटेसे चुदवा रही हे तब पता चलेगा.. अब तो साहीलको पटाकर ही रहुगी.. कीतना दमदार हथीयार हे उनका.. मुजे सलमा दीदीकी बात मानलेनी चाहीये.. साहील हम दोनोको खुस रख सकता हे.. अगर मे मेरे बडे बेटेसे चुदवा सकती हु तो छोटेसे क्यु नही..?
फीरोज : (थोडा चीडतेम् अरे पता हे मुजे.. मेरा मतलब.. वो बच्चेकी जीम्वेवारी कैसे उठा पायेगा..? उनके तो अभी मोज मस्ती करनेके दीन हे.. हम कीसी अच्छी लडकीसे सादी करवायेगेनां उनकी.. तुजे सलमा भाभीको समजाना चाहीये..
जरीना : (मुस्कुराते) समजाया तब जाके मानी.. लेकीन वो भी अेक सर्तके साथ.. हमे उनकी सर्तको माननी पडेगी.. तभी वो आपसे नीकाह करेगी..
फीरोज : (उत्सुक्तासे) सर्त..? कौनसी सर्त..? अरी बताना.. क्या सर्त हे उनकी..?
जरीना : (सामने देखते) क्या आप उनकी सर्त मानोगे..? क्युकी उसने सर्त ही अैसी रखी हे..
फीरोज : (थोडा चीडते) अरे बता तो सही.. अैसे ही कैसे डीसाइड करलु..? बता..
जरीना : (आंखोमे देखते धीरेसे) वो कहेती हेकी हमारी सबुकी सादी साहीलसे करवादी जाये.. तब ही वो नीकाहके लीये राजी हे..
फीरोज : (चोंकते) अरे.. ये क्या बकवास हे.. अैसा कैसे हो सकता हे..? कही वो पागलतो नही होगइ..? क्या वो जानती नहीकी सबु ओर साहील दोनो सगे भाइ बहेन हे..
जरीना : (नजरे चुराते जुठ बोलते) मेने कहा उसे.. तो कहेती हे साहीलको मेने बाकायदा गोद लीया हे ओर साहील अब आपका बेटा नही हे वो मेरा हे.. ओर सबहु उनके चाचाकी लडकी हे..
फीरोज : (सामने देखते) जरीना.. मे मानता हु अब हम दोनो उनके चाचा चाची हे.. लेकीन फीर भी खुन तो हमारा ही हे.. सबुतो उनकी बहेन हेनां..?
जरीना : (थोडा गुस्सा होते) अब आपको गांवके नीयमोसे कोइ अेतराज नही..? अपनी वीधवा भाभीसे नीकाह करनेको तैयार होगये.. हमारे कादीर सायराको माफ करदीया.. ओर गांवमे भी सबलोग अपनी सगी बहेनसे सादीया कर रहे हे.. बल्की साहीलके सभी दोस्तोने भी उनकी सगी बहेनोसे सादीया करली हे.. तो फीर आपको साहील ओर सबुकी सादीमे क्या दीकत हे..?
फीरोज : (कुछ सोचते) यार बात तो तेरी सही हे.. लेकीन..
जरीना : (सामने देखते) लेकीन बेकीन कुछ नही.. अगर आपको भाभीकी सर्त मंजुर हेतो बतादो.. वो आपसे नीकाह करलेगी.. वरना भुल जाओ अपनी भाभीको.. हमारा साहील ही उनसे नीकाह करके सम्हाल लेगा..
फीरोज : (हाथसे बाजी फीसलते) अरे नही नही.. ठीक हे.. लेकीन तु अेक बार सबुसे भी पुछले.. अगर वो राजी हेतो मुजे कोइ अेतराज नही.. कहे देना भाभीको.. अब तो वो मुजसे नीकाह करेगीनां..?
जरीना : (सामने देखते) सब मर्द अेक जैसे ही होते हे.. नइ चुत मीली नही की लार टपकाने लगे.. ठीक हे मे भाभीको बता दुगी..
फीरोज : (खुस होते जोरोसे गाल चुमते) ओह.. डार्लींग आइ लव यु..
जरीना : (हसते) ठीक हे ठीक हे.. ये सब प्यार अपनी भाभीके लीये हे.. नाकी बीवीके लीये..
फीरोज : (मुस्कुराते) यार तु नाराज मत हो.. अच्छी नही लगती.. मे कल ही काजी साहबसे बात करलेता हु.. हें..हें..हें..
जरीना : (सामने देखते धीरेसे) फीरोज.. अेक बार सबुसे बात तो कर लेनेदो.. फीर भाभीका जवाब आयेगा..
फीरोज : (मुस्कुराते) यार वो मान जायेगी.. हम दोनो उनको समजायेगे.. वो हमारी बात नही टालेगी.. मुजे हमारी सबुपे पुरा यकीन हे..
जरीना : (सामने देखते) ठीक हे.. अब उपरसे नीचे उतरो.. कबसे मेरे उपर पडे हो.. देखो चदर भी बीगड गइ..
फीरोन : (मुस्कुराते) बेगम.. चलना अेक बार ओर करते हे.. तु खडा करदे..
जरीना : (गुस्सा करते) जाओ जाओ.. सरम भी नही आती.. अब अपना प्यार अपनी भाभीके लीये बचाकर रखो.. कही अपनी सुहागरातमे ही ठुस ना होजाओ.. मे बाथरुम जाके आती हु..
फीरोज : (मुस्कुराते) नही.. उस दीन गोली खाउगानां.. पुरी रात ठोकुगा उनको.. हें..हें..हें..
जरीना : (बाथरुमकी ओर जाते मनमे गालीया देते) मादरजात.. कीतना कमीना हे.. अपनी भाभीको चोदनेके लीये कैसा मरा जारहा हे.. बीवीको तो ठीकसे चोद नही पाता.. ओर अब भाभीको चोदेगा.. सब मर्द कमीने अैक जैसे ही हे.. जब पता चलेगानां उनकी बीवी अपने बेटेसे चुदवा रही हे तब पता चलेगा.. अब तो साहीलको पटाकर ही रहुगी.. कीतना दमदार हथीयार हे उनका.. मुजे सलमा दीदीकी बात मानलेनी चाहीये.. साहील हम दोनोको खुस रख सकता हे.. अगर मे मेरे बडे बेटेसे चुदवा सकती हु तो छोटेसे क्यु नही..?








