Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती - Page 106 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती

सायरा : (कातीलाना मुस्कुराते) कमीने.. अब तेरे भैया नही हे.. बहेन मानकर नही बता सकता.. भाभीको तो सब बता सकता हेनां..? बहेनसे सादी कर सकता हे.. उसे प्यार कर सकता हे.. ओर उनसे कुछ बता नही सकता.. अरे बताना.. हम देवर भाभी भी हेनां..? तो अ‍ेक देवरके नाते बता..

साहील : (सरमाकर मुस्कुराते) भाभी.. वो.. जडी बुटीकी वजहसे हम सबका पेनीस भी बडा हो गया हे.. ओर जबतक हम बीना नीचे उतरे दो बार सेक्स नही करलेते तबतक हमे चेइन नही मीलता..?

सायरा : (आस्चर्यसे मुहपे हाथ रखते) हाइ दया..? क्या सचमे..? आइ कान्ट बीलीव.. तुम्हारे भैया तो.. (सरमाकर) जाने दो.. नही बता सकती..

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. देवर कहेकर मेरे मुहसे सब उगलवा लीया.. तो अब आप कीस लीये सरमा रही हो..? बताओनां.. आइ प्रोमीस.. ये बात सीर्फ हम दोनोके बीच रहेगी..

सायरा : (सर्मसार होते धीरेसे) साहील.. तुमतो मुजे भी बेसर्म करदोगे.. ठीक हे बताती हु.. लेकीन ये बात सीर्फ हम दोनोके बीच ही रहेनी चाहीये.. सुन.. तेरे बडे भैयातो अ‍ेक ही बारमे ढेर होजाते हे.. ओर ज्यादातर मुजसे पहेले ही.. तुम समज गयेनां..? गांवकी ओर बाते बताओनां.. मुजे सुनना हे..

साहीलको लगाकी अब धीरे धीरे मछली जालमे फस रही हे.. तो उसने गांवकी बाते कहेना सुरु कर दीया.. ओर अ‍ैसी बाते जो सुनकर सायरा उतेजीत हो जाये.. साहील अ‍ेक अ‍ेक कीस्सा खुलकर बताने लगा.. गांवके रीस्तेके बारेमे बाते करते कुछ अ‍ैसे सब्दोका इस्तमाल करता जो सायराको उतेजीत करनेके लीये काफी थे..

तो सायरा भी गौरसे साहीलकी बाते सुनते उतेजीत होने लगी.. उनकी चुतसे पानी बहेने लगा.. ओर वो सवाल पुछते बार बार साहीलकी जांगोपे हाथ रख देती.. तो साहील भी मौका नही छोडता.. वो भी अपनी जांगोपे सायराका हाथ थाम लेता.. ओर बात सारीरीक सबंधोपे आगइ..

साहील : (मुस्कुराते) दीदी.. मुना ओर श्रीधरने तो सादीसे पहेले ही उनकी बहेनको प्रेगनेन्ट कर दीया था.. ओर श्रीधरने बादमे अपनी बहेनको भगाकर सादी करली..

सायरा : (सरमाते मुस्कुराते) साहील कीतना अजीब हेनां.. हमे क्या पता थाकी गांवमे अ‍ैसा कुछ हो रहा हे.. सब कीतने लकी हेकी उनको अपनी बहेन आसानीसे मील गइ.. ओर हमे कीतनी तकलीफे जेलनी पडी.. ओर ये क्या लाया हे तु..?

साहील : (मुस्कुराते गजरा ओर चोकलेट देते) आपके लीये.. आपकी फेवरीट चोकलेट.. केटबरी.. ओर आपके लीये ये गजरा..

सायरा : (आंखोमे चमक लाते खुस होते) वाव.. केटबरी..? तुजे आज भी याद हे..? ओर ये गजरा..? मेरे लीये..? लगता हे तुजे लडकीया पटानेका काफी अ‍ेक्सपीरीन्स हे.. हें..हें..हें.. पता हे गजरा कौन लाता हे..?

साहील : (सरमाकर मुस्कुराते) हां.. सब पता हे.. लेकीन सोचा मेरी इस खुबसुरत भाभीके बालोमे खुब जचेया.. तो लेलीया..

सायरा : (हसते) आजकल भाभीका बडा खयाल रखते हो.. तेरे भाइने तो कभी नही लीया..

साहील : (मुस्कुाते हाथ थामते) आप मेरी स्पेसीयल ओर चहीती भाभी हो.. तो इतना खयाल तो रखना ही पडता हे.. क्या आपको बुरा लगा..?

सायरा : (खुस होते मुस्कुराते) अरे तेरा भी कभी बुरा लगता हे क्या..? अब तो मेरे प्यारे देवर भी होगये हो.. लो.. अपने हाथोसे ही लगादो..





साहील : (मुस्कुराते गजरा लगाते) भाभी.. आप वाकइ बहुत खुबसुरत हो.. कादीर भाइ बहुत नसीब वाले हे.. जो उसे आप जैसी बहेन मील गइ..

सायरा : (कातीलाना मुस्कुराते) बहेन तो मे तेरी भी हु.. क्या तुम खुसनसीब नही हो..?

साहील : (सरमाकर मुस्कुराते) हु.. लेकीन कादीरभाइ जीतना नही..

सायरा : (सरमाते धीरेसे) साहील.. मेरी सबु बहुत नसीब वाली हे.. जो तुज जैसा प्यार करने वाला लडका मीला.. तुम सबुसे सादी करना डीजर्व करते हो..

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. आपकी ओर भाइकी कहानी सुनाओनां.. दोनोने सुरुआत कहासे की.. दोनोके बीच कब प्यार हो गया..?

सायरा : (सरमाकर मुस्कुराते) जब मेने जवानीके दहेलीजपे कदम रखा.. तब मे आठवी क्लासमे पढती थी.. भाइको रोज कसरत करते देखती.. ओर उनकी ओर आकर्सीत होने लगी.. वो भी मेरी नजरको पहेचान गये.. फीर मेरे महेंगे सौक पुरे करने लगे.. ओर अ‍ेक गर्लफ्रेन्डकी तराह मुजे धुमाने लेजाने लगे.. फीरतो मेभी बीना डर उनके साथ हर जगह घुमने लगी..
 
साहील : (मुस्कुराते) हर जगह मतलब कहा..?

सायरा : (मुस्कुराते) कभी गार्डन.. तो कभी मेरी स्कुल बंक करवाके सीनेमा होल.. फीर मोलमे या बाजारमे सोपींग करवाते.. कही कीसी बडे मोलमे.. तो कभी कीसी होटेलमे खाना खीलाने.. बस.. अ‍ेक दीन महेंगी गीफ्ट दीलवाइ.. ओर उसी दीन हम दोनो सीनेमा होलमे गये.. वहा भाइने अपने प्यारका इजहार कीया.. ओर हमारा पहेला कीस..





साहील : (जोरोसे हसते) बस..? सीर्फ कीस.. हें..हें..हें..

सायरा : (सर्मसार होते हसते साहीलको जांगपे मुका मारते) साहील.. अ‍ेक मारुगी.. मुजे बतानेमे सरम आ रही हे..

साहील : (हसते) अच्छा.. साज गया.. तो भाइने गीफ्ट दीलवाते आपको फसा लीया.. हें..हें..हें..

सायरा : (सर्मसार होते हसते धीरेसे) सीर्फ भाइने नही फसाया.. मेभी तो फसना चाहती थी.. हें..हें..हें.. फीर तो हम अक्सर सीनेमा होल ओर पार्कमे जाने लगे.. ओर खुलकर प्यार करते..





साहील : (मुस्कुराते) ओर आप मीले कब..? मतलब.. आपका पहेला सेक्स..

सायरा : (हाथोमे चहेरा छुपाते हसते) यार.. मत पुछ अ‍ैसा.. मुजे सरम आ रही हे.. अ‍ैसा भी कोइ पुछता हे क्या..? हम भाइ बहेन हे..

साहील : (मुस्कुराते धीरेसे) मत भुलो अब भाइके आने तक हम देवर भाभी हे.. भाइके साथ इतना कुछ करलीया.. तब तो सरम नही आइ..? ओर इस देवरको बतानेमे सरम आ रही हे.. मेतो नही सरमाया.. बताओनां..

सायरा : (कातील नजरोसे मुस्कुराते) तु बहुत जीदी हे.. ठीक हे सुन.. जब अबु अम्मी वहा गांव आये थे.. बडे अबुकी खबर पुछने.. तब सबु भी वही थी.. घरमे सीर्फ मे ओर भाइ ही थे.. उसी दीन भाइने मेरा कौमार्य भंग कीया.. मतलब.. हम दोनोके बीच सबकुछ हो गया.. हमारा पहेला सेक्स..





ओर दुसरे दीन हम दोनोने सबसे छुपकर नीकाह भी करलीया.. बस.. तबसे हर रात.. अम्मी अबुके सोजानेके बाद.. कभी मेरे कमरेमे तो कभी घरकी छतपे.. तीन साल हम बीना डर सबकुछ करते रहे.. ओर अ‍ेक मीया बीवीका रीस्ता नीभाते रहे.. जीस रात हम दोनो सेक्स करते पकडे गये उसी दीन हमे घर छोडना पडा..

साहील : (मुस्कुराते) दोनोने काफी हींमतका काम कीया..

सायरा : (सरमाते धीरेसे) क्या तुमने कभी कीसीसे सेक्स कीया हे..? बतानां..

साहील : (जुठ बोलते मुस्कुराते) हां.. कइ बार..

सायरा : (कातीलाना मुस्कुराते) कइ बार..? कीसके साथ..?

साहील : (मुस्कुराते) पहेले खेतोमे थी अ‍ेक मजदुरन लडकी.. मेने उनको कइ बार चो.. मतलब.. सेक्स कीया हे.. उनकी सादी होगइ.. फीर गांवकी ही अ‍ेक बडी उमरकी ओरत.. तो वीधवा हे..

सायरा : (सर्मसार होते हसते) बडा बेसर्म हो.. कोइ अ‍ैसे खुला बोलता हे..?

साहील : (मुस्कुराते) हां तो इसमे क्या गलत हे..? लेकीन भाइ हे बहुत नसीबवाले.. उनको आप जैसी परी जो मील गइ.. भाभी.. आप वाकइ बहुत खुबसुरत हो.. कास मे भाइसे पहेले पैदा होता..

सायरा : (जांगपे अ‍ेक मुका मारते सर्मसार होते मुह घुमाते मुस्कुराते) कमीने क्या मतलब हे तेरा..?

साहील : (हसते) मतलब कुछ नही.. तो आज भाइकी जगह मे होता.. ओर मे आपसे सादी करलेता ओर आप मेरी बीवी होती.. हें..हें..हें..

सायरा : (सरमाते जोरोसे बोलते अ‍ेक मुका मारते) सा..ही..ल.. अ‍ेक मारुगी.. सबु भी कम नही हे.. वोतो तुजे मील गइ.. मजे करो दोनो.. हें..हें..हें.. दोनो मीले की नही..?

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. मेरी कीस्मत भाइ जैसी कहा.. जो हम मीले.. अबतो जोभी होगा हमारी सादीके बाद..

सायरा : (मुस्कुराते) वेरी बेड.. वो मुजसे भी नाराज हे.. वरना मे उनको समजाती.. ओर तुम दोनोका मीलन करवाती.. चलो अब बहुत बाते होगइ.. तो थोडा पेकींग करले..? रोज थोडा थोडा करेगे तो हो जायेगी.. वैसे भी सामान हे ही कीतना..

फीर दोनो हसी मजाक करते सामान पेक करने लगे.. साहीलसे गांवकी ओर नीजी बाते करते सायराकी चुतमे हचलच बढ गइ थी.. दोनो खुलकर अ‍ेक दुसरेकी मस्तीया करने लगे.. कभी सायरा साहीलको मुका मारती तो साहील भी सायराको कुलेपे थपकी मार देता..

जीसे सायरा बहुत ही सरमाकर हसने लगती.. फीर सायरा खाना बनाने चली गइ.. ओर साहील नहाने चला गया.. दोनोने साथ बैठकर खाना खाया ओर कुछ देर आराम कीया.. आराम क्या.. दोनो अ‍ेक ही बेडपे आमने सामने मुह लेकर लेटे बाते करते रहे.. फीर सामको साहीलने सहेर घुमनेकी बात कीतो दोनो घुमने चले गये.. ओर अ‍ेक मोलमे घुस गये....

कन्टीन्यु
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - २८०

जीसे सायरा बहुत ही सरमाकर हसने लगती.. फीर सायरा खाना बनाने चली गइ.. ओर साहील नहाने चला गया.. दोनोने साथ बैठकर खाना खाया ओर कुछ देर आराम कीया.. आराम क्या.. दोनो अ‍ेक ही बेडपे आमने सामने मुह लेकर लेटे बाते करते रहे.. फीर सामको साहीलने सहेर घुमनेकी बात कीतो दोनो घुमने चले गये.. ओर अ‍ेक मोलमे घुस गये.... अब आगे

सायरा : (मुस्कुराते) साहील.. हम यहा क्यु आये हे..? तुजे कुछ लेना हे क्या..?

साहील : (मुस्कुराते) अरे चलो तो सही.. देखते हे कुछ.. अगर पसंद आगया तो ले लेगे..

फीर सायराके मना करनेके बावजुद साहीलने सायराको अ‍ेक महेंगा लहेंगा सुट दीलवाया.. फीर दोनो अ‍ेक सीनेमा घरमे चले गये.. तो सायरा ओर साहील बार बार अ‍ेक दुसरेके हाथको छु रहे थे.. ओर आखीर साहीलने सायराका हाथ थाम लीया.. तो सायरा बहुत सरमाइ..





लेकीन उसने अपना हाथ हटानेकी कोसीस नही की.. क्युकी वो चाहती थीकी पहेल साहील करे.. अ‍ेक रोमांटीक सीन आया तो साहीलने जोरोसे हाथकी उंगलीया फसाके कसली.. ओर दोनो अ‍ेक दुसरेकी ओर देखकर मुस्कुराये.. सायरा बहुत ही सर्मसार होने लगी..

सायरा : (सरमाते कानमे फुसफुसाते) देवरजी.. आपकी भाभी हु.. गर्ल फ्रेन्ड नही..

साहील : (मुस्कुराते धीरेसे) तो कुछ देरमे लीये बनजाओनां गर्लफ्रेन्ड.. क्या फर्क पडता हे.. छोटी बहेन ना सही.. उनकी बडी बहेन तो हे.. वो उनका फर्ज नीभायेगी..

सायरा : (कातीलाना मुस्कुराते धीरेसे) मे क्यु नीभाउ..? अगर रोमांन्स करना हेतो चले जाओ बंगलोर.. वो भी बुध्धु हे.. इतना हेन्डसम सोणा लडकाको छोडकर चली गइ.. अगर मे होती तो कभी नही जाती.. तुजे पकडकर रखती..

साहील : (दुसरे हाथसे हाथ थामते) तो फीर आप ही पकडलोनां.. इसीलीये तो आया हु..

सायरा : (सर्मसार होते मुस्कुराते) तुम बहुत ही कमीने हो.. लडकीको पटाना अच्छा आता हे.. वैसे गर्लफ्रेन्डसे ज्यादा भाभी भी बुरी नही हे..

कहेते सायराने साहीलकी ओर कामुक मुस्कान देखते उनका हाथ कसके पकड लीया.. ओर साहीलकी ओर मुस्कुराती रही.. तो साहील भी कातील मुस्कानसे सायराकी ओर देखता रहा.. ओर धीरे धीरे दोनोके चहेरे नजदीक आते गये.. सायराको पता ही नही चला साहीलने कब उनके होठोको चुम लीया..





पहेले तो सायरा मदहोसीमे उनका साथ देने लगी.. उनकी चुत गीली होने लगी.. बुब्स कठोर हो गये.. मनही मन खुस होने लगीकी चलो साहील आगे बढ रहा हे.. फीर अचानक याद आयाकी ये उनका भाइ हे.. ओर सायराको अ‍ेक जटका लगा.. वो जटसे दुर होगइ..ओर सरमाते फील्म देखने लगी..

सायरा कोइ जल्दबाजी करना नही चाहती थी.. फीर दोनो अ‍ेक रेस्टोरेमे खाना खाने चले गये.. वहा भी साहील गांवके कीस्सेके बारेमे बाते करते सायराको गरम करता रहा.. दोनो धीरे धीरे आगे बढ रहे थे.. साहीलने अब पुरी तराह सायराकी कामाग्नीको भडका दीया था..

खाना खाते भी साहील नीचेसे सायराके पैरोको छुआ.. पैर महेसुस होते ही सायराके तनसे अ‍ेक बीजलीसी लहेर दोड गइ.. वो सरको दुसरी ओर करते सरमाकर मुस्कुराने लगी.. लेकीन अपने पैर नही हटाये.. साहीलने उसे सायराकी मुक सहमती मान लीया.. फीर दोनो घरकी ओर चल पडे तो देर रात होचुकी थी..

ओर सायरा बाइकपे साहीलसे अ‍ैसे चीपकके बैठी थी मानो उनकी बीवी हो.. उसने अ‍ेक हाथ साहीलके कंधेपे तो दुसरा हाथ आगे साहीलके जांगोपे रख दीया.. साहीलका हथीयार तनके सख्त होने लगा.. सायरा भी जान बुजके अपने बुब्स साहीलके पीठमे रगडती रही.. ओर दोनो घर आगये.. तब सायरा बहुत ही सरमा रही थी..

आते ही दोनोने बारी बारी चेन्ज करलीया.. सीनेमा होल ओर रेस्टोरेकी हरकतकी वजहसे दोनोमेसे कोइ कुछ नही बोल रहे थे.. बस.. अ‍ेक दुसरेसे नजरे चुरा रहे थे.. आखीर सोनेकी बारी आइ.. तो साहील अपने कमरेकी ओर जाने लगा तो सायराने हींमत करके कहा..

सायरा : (सरमाते धीरेसे) साहील.. मे सादीके बाद अ‍ेकेले कभी नही रही.. तो अकेले सोनेमे डर लगता हे.. क्या तुम मेरे साथ अंदर सो सकते हो..?

साहील : (आस्चर्यसे देखते धीरेसे) भाभी.. क्या मे गदा वहा लेलु..?

सायरा : (सरमाते धीरेसे) लेलो.. वरना बेड बहुत बडा हे.. तु दुसरे कोनेमे सोजाना..

साहील : (सामने देखते धीरेसे) आर यु स्योर..?

सायरा : (सरमाते मुस्कुराते धीरेसे) कुछ उल्टा सीधा मत सोचो.. मुजे पता हे तुम कंट्रोल करलोगे..

साहील : (मुस्कुराते) ठीक हे भाभी.. मे पनीकी बोतल लेकर आता हु..

सायरा : (मुस्कुराते) तुम अंदर जाओ.. मे दरवाजा लाइटे बंध करके पानीकी बोतल लेकर आती हु..

कहेते सायरा बहार चली गइ.. उसने बहारका दरवाजा ओर अंदर होलका दरवाजा अच्छेसे बंध करके चेक करलीया.. जैसे कोइ अपराध करने जा रही हो.. फीर लाइट बंध करके कीचनमे चली गइ.. ओर र्फीजसे पानीकी बोतल लेकर रुमकी ओर जाने लगी..

उनके दीलकी धडकन तेज होने लगी.. उनकी चुतकी दोनो नाजुक पंखुडीया फडफडाने लगी.. क्युकी वो खुद चाहती थीकी इस मामलेमे खुद साहील आगे बढे.. वो इस दीनका पहेलेसे ही इन्तजार कर रही थी ओर इनकी योजना बना चुकी थी..

सायद इस बारेमे साहील भी अच्छेसे जान चुका था.. इसीलीये वो धीरे धीरे आगे बढ रहा था.. सायराने देखा तो साहील दुसरी ओर मुह करके मोबाइल देख रहा था.. सायरा भारी धडकनसे धीरेसे बेडपे आ गइ.. ओर साहीलकी ओर पीठ करते लेट गइ.. उनकी सांसे तेज चल रही थी..
 
जीसे साहील साफ सुन रहा था.. कुछ देर कुछ नही हुआ.. सायराकी आंखोसे नींद गायब थी.. वो सोनेका नाटक करते अ‍ैसे ही लेटी रही.. ओर सीनेमा ओर रेस्टोराकी घटनाको याद करने लगी.. कैसे साहीलने उनके होठोको चुम लीये थे.. सब याद आते ही उनकी चुत फडफडाने लगी..

साहील : (करवट लेते) भाभी.. सो गइ क्या..?

सायरा : (साहीलकी ओर मुह करते) नही.. जाग रही हु.. नींद नही आ रही..

साहील : (मुस्कुराते) भाइके बीना नींद नही आ रही क्या..? हें..हें..हें..

सायरा : (सरमाते धीरेसे) चुप कर बदमास.. अकेले सोनेकी आदत नही हेनां..

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. पता हे..? मुजे भी अम्माके बीना नींद नही आती.. आदत जो हो गइ हे.. मे समज सकता हु आपकी तकलीफ..

सायरा : (मुस्कुराते देखते) क्या..? तु आज भी बडी अम्माके साथ सोता हे..? इतना बडा हो गया.. सरम नही आती..?

साहील : (मुस्कुराते) इसमे सरम काहेकी..? बचपनसे उनके साथ ही सोता आ रहा हु.. तो आदत जो होगइ हे.. ओर उसे भी मेरे बगैर नींद नही आती.. पता नही वो आज सोइ होगी की नही..

सायरा : (मुस्कुराते) अब तो अबु अम्मी भी वहा हेनां.. तो कोइ दीकत नही होगी.. अम्मी उनके साथ ही सोइ होगी.. अब सोजा तु.. तुजे गांवमे जल्दी सोनेकी आदत होगी..

फीर साहील ओर सायरा सोने लगे.. आधे बंटे तक सायरा करवटे बदलती रही.. ओर बार बार साहीलकी ओर टेडी नजरोसे देख लेती.. तो अब साहील नींदकी आगोसमे चला गया था.. सायद सोनेका नाटक कर रहा था.. तो सायराको भी नींद आने लगी.. तभी उनके पैरपे साहीलका पैर आगया..





तो सायराने जटसे साहीलकी ओर मुह करते देखा तो साहील नींदमे था.. सायराने धीरेसे अपने पैरसे साहीलका पैर हटालीया.. ओर फीरसे दुसरी ओर मुह करते सोनेका नाटक करने लगी.. सायराको नींद आही रही थी तभी साहीलने फीरसे उनके पैरोपे अपना पैर डाल दीया..

सायराके दीलकी धडकन तेज होने लगी.. ओर तभी उनकी कमरपे साहीलने हाथ रख दीया.. तो सायराके तनसे अ‍ेक बीजलीकी तराह सुरसुराहट हुइ.. उसने फीरसे साहीलकी ओर धीरेसे मुह करते देखलीया तो साहील अब भी नींदमे होनेका नाटक कर रहा था..

सायराने मुस्कुराते साहीलके हाथको अ‍ैसे ही रहेने दीया.. ओर मुह दुसरी ओर करते सोनेका नाटक करने लगी.. जैसे वो सचमे नीद कर रही हो.. तभी उसे महेसुस हुआकी साहील उनके पैरको पैरसे सहेला रहा हे.. ओर उनके बुब्सको धीरे धीरे दबा रहा हे.. सायराने जटसे आंख खोलदी..





लेकीन हीली नही.. वो देखना चाहती थी की साहील कीस हद तक आगे बढना चाहता हे.. सायराके बुब्स साहीलका हाथ लगते ही कठोर हो चुके थे.. उसने नजरे जुकाते अपने बुब्सकी ओर देखा.. तो वाकइ साहील सायराके बुब्सको हल्के हाथोसे दबा रहा था..

तभी साहील सायराके ब्लाउसके हुक खोलने लगा.. तो सायराके तनसे अ‍ेक कंपनकी लहेर दोड गइ.. उनकी सांसे असामान्य होने लगी.. तबतक साहीलने उनके ब्लाउसके हुक खोल चुका था.. ओर सायराके दोनो बुब्स आजाद हो चुके थे.. साहीलने धीरेसे बुब्सपे हाथ रख दीया..

फीर धीरेसे दबाते बारी बारी दोनो बुब्सको सहेलाने लगा.. साहील सबकुछ अ‍ैसा ही कर रहा था जीसे सायराने सोचा था.. तभी साहीलने बुब्ससे हाथ हटालीये.. ओर हाथ नीचेकी ओर लेजाते सरमाते उनकी जागोको सहेलाने लगा.. सायराके तनसे बीजलीकी करंट दोडने लगी.. उनकी सांसे तेज चलने लगी..

वो साहीलको रोकना चाहती थी.. लेकीन दीन भरकी कामाग्नीकी वजहसे कुछ नही बोली पाइ.. ओर चुपचाप अ‍ेन्जोय करने लगी.. उसने जोरोसे अपनी आंख भीचली.. ओर हल्कीसी कामुक्तासे मुस्कुराते उनके मुहसे हल्कीसी सीसकीया नीकलने लगी.. उनकी चुत गीली होने लगी..





आंखोके डोर वासनाकी वजहसे लाल होने लगे.. आज पहेली बार था.. जो कादीरके अलावा उनका छोटा भाइ उसे छेड रहा था.. वैसे भी वो पहेलेसे ही साहीलके उभारको देखते मन बना चुकी थी.. तभी साहीलने सायराकी चुतपे हाथ रख दीया.. तो सायराको जटका लगा..

साहीलने तुरंत अपने हाथ हटालीये.. देखा तो उनका हाथ गीला होगया था.. तो साहील समज गयाकी सायरा दीदी भी नींदका नाटक करते मजे ले रही हे.. साहील सबकुछ समज गया.. ओर अ‍ेक पैर सायराके उपर डालते उनके बुब्सको जोरोसे अपनी मुठछमे थाम लीया.. ओर सायराको अपनी ओर करलीया..





साहील : (धीरेसे कानमे फुसफुसाते) भाभी.. मुजे पता हे आप जाग रही थी..

सायरा : (भारी सांसोसे धीरेसे सरमाते) साहील.. ये गलत हे.. मे हमारे बडे भाइकी अमानत हु.. अगर उसे पता चल गया तो मे बरबाद हो जाउगी..

साहील : (भारी सांसोसे बुब्सको मसलते) भाभी.. अगर हम उसे पता ही ना चलनेदे तो..? आज मुजे मत रोको.. मुजे पता हे आप भी वही चाहती हो.. क्युकी आजकल भाइ आपको संतुस्ट नही करते..

सायरा : (सरमके बारे धीरेसे फुसफुसाते साहीलके हाथपे हाथ रखते) तुजे कैसे पता..?

साहील : (कानमे फुसफुसाते) कल रात पानी पीने आया तब कमरेसे आप दोनोकी आवाजे आ रही थी.. भाइ आपको चोद रहे थे.. ओर मेने आप दोनोकी बाते सुनली..

सायरा : (वासनासे सामने देखते) तो फीर दीन भर क्यु तडपाया मुजे.? बुध्धु कहीके.. तुजे कीतनी हीन्ट दी..? तुमने मेरे साथ इतनी छेडछाड की.. क्या मेने तुजे अ‍ेक बार भी रोका..? मेतो सुबह ही तुमसे चुदनेके लीये रेडी थी.. अब देख क्या रहा हे.. चडजा अपनी भाभीके उपर.. आज जी भरके चोदले अपनी बहेनको..
 
कहेते सायराने साहीलकी कमरमे हाथ डालकर उसे अपने उपर खीच लीया.. ओर साहीलके होठोसे होंठ मीला दीये.. फीर दोनो अ‍ेक दुसरेके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगे.. पता ही नही चला कब दोनोके तनसे अ‍ेक अ‍ेक करके सब कपडे हटते गये.. ओर अ‍ेक कोनेपे पडे अपनी कीस्मतपे रो रहे थे..





सायरा : (सरमाते धीरेसे) भाइ.. आरामसे.. तेरा बहुत बडा हे.. बडे भाइसे दोगुनां..

साहील : (माथे चडते) भाभी.. थोडा दर्द होगा.. तो जेल लेनां..

सायरा : (जोरोसे बाहोमे भीचते) अरे आजा मेरे राजा.. दर्दकी परवाह मत कर.. मे जेल लुगी.. पहेले अ‍ेक बार मुजे ठंडी करदे.. तेरी भाभीको चुदाइकी आदत होगइ हे.. मुजे हर रात चाहीये.. आज बडा भाइ नही.. तो छोटा ही सही.. चोदले मुजे..

साहील : (कानकी बुट चुमते) तो फीर जब बडे भैया नही होते तो आप क्या करती हे..?

सायरा : (सीसकीया लेते) अ‍ैसा कभी नही हुआ.. उनका अ‍ेक दोस्त हे.. इस फ्लेटका मालीक.. मुजपे लाइन मार रहा हे.. अ‍ेक बार तो मेरा भी मन डगमगाया.. लेकीन मेने उसे कभी भाव नही दीया.. अगर भैयाको पता चलेगा तो वो उसे ओर मुजे मार डालेगे.. इसीलीये मे आगे नही बढी..

साहील : (बुब्सको चुमते) अच्छा कीया आपने.. जब आपके पास ये देवर हेतो दुसरोकी क्या जरुरत हे..? आजसे बडे भैयाके साथ साथ आप मेरी भी हो..

सायरा : (होंठ चुमते) तु बस अ‍ेक बार तेरी भाभीको अच्छेसे ठंडी करदे.. फीर मे डीसाइड करुगी.. अगर मुजे संतुस्ट करदीया.. तो समजले आजसे ये भाभी हमेसाके लीये तेरी.. फीर हम दोनो बहेनको चोदते रहेना.. बस.. अ‍ेक ही ध्यान रखना.. इस बारेमे हम दोनोके अलावा कभी कीसीको पता ना चले.. घुसादे अपना..

साहील : (होंठ चुमते) भाभी.. भाभीको तो मे बादमे चोदलुगा.. पहेले मे मेरी बहेनको चोदुगा.. क्युकी मेरी पहेली पसंद मेरी बहेनको चोदनेकी हे..

सायरा : (मुस्कुराते गालको काटते) कीतना कमीना हे तु.. पता नही दोनो भाइकी क्या क्या फेन्टासी हे.. हमारी सादीके बाद भी कादीर भी मुजे बहेन बहेन कहेकर चोदता हे.. तेरा बस चले तो तु अम्मीको भी चोद लेगा.. दोनो भाइ कीतना चुदकड हो..

साहील : (मुस्कुराते) ओर आप भी कम नही हो.. मेतो पहेली बार आपसे मीला तब ही आपकी नजरको पहेचान लीया था..

सायरा : (होंठ चुमते) हां यार.. मुजे भी चुदवानेका बहुत सौक हे.. बस.. अब बाते बादमे.. अ‍ेक बार तु अपनी बहेनको ठंडी करदे.. इस चुतमे बहुत आग लगी हे.. इसे अपने पानीसे सांत करदे..





कहा तो साहील ओर जोसमे आ गया.. सायराने साहीलका लंड पकडलीया ओर अपनी चुतपे घीसने लगी.. फीर धीरेसे चुतकी सुराखमे फसा लीया.. साहीलने सायराके दोनो हाथ पंजेमे फसाकर मजबुतीसे पकडलीये.. ओर लीपलोक करलीया.. सायराकी आंख बडी होगइ..

तभी साहीलने अ‍ेक जटका मारा.. तो आधा लंड सायराकी चुतको चीरते अंदर घुस गया.. सायराको जोरोसे चीख नीकल गइ.. ओर साहीलके मुहमे दब गइ.. सायरा छटपटाने लगी.. वो कुछ करपाती इनसे पहेले साहीलने अ‍ेक ओर जटका मारा.. पुरा लंड सायराकी चुतमे घुसा दीया..





तो सायरा फीरसे चीख उठी.. उनकी आंखसे आंसु बहेने लगे.. ओर अपने दोनो पैर बेडपे पटकते साहीलसे लीपलोक छुडानेकी कोसीस करते अपना मुह इधर उधर करने लगी.. साहील रुक गया ओर सायराके होठोको चुमने लगा.. तब सायरा थोडी सांत होगइ.. उनकी चुतसे थोडा खुन नीकल गया..

कुछ देरके बाद सायरा अपनी कमर हीलाने लगी तो साहील उसे कमर हीलाते चोदने लगा.. बंध कमरेमे चुदाइका वो दौर चला जैसे कोइ तुफान आया हो.. साहील बडी ही सावधानीसे सायराके दोनो पैर अपने कंधेपे रख लीये.. ओर हाथके बल उचा होते सायराको जोरोसे चोदमे लगा.. कमरेमे थप..थप..थप..की आवाज गुंजने लगी..





सायरा जब भी जडनेकी कगारपे आती साहीलको जोरोसे अपने तनसे चीपकाते बाहोमे भीच लेती.. ओर लीपलोक करते होठोको चुमते अपनी कमरको जटके देने लगती.. फीर जोस ठंडा होजाता तो साहील उनके दोनो बुब्सको.. होठोको ओर गलेको चुमते सायराको फीरसे उतेजीत करदेता.. साहीलका यही अंदाज सायराको पागल करनेके लीये काफी था..





आज साहीलने अपनी जडीबुटीका कमाल सायराको दीखा दीया.. अबतक वो तीन बार जड चुकी थी.. जो उनकी जींदगीमे पहेली बार था.. ओर साहील अब भी बीना रुके बीना थके उसे चदे ही जा रहा था.. आखीर साहील सायराके उपर जुक गया.. तो सायराने कसके अपनी बाहोमे भीच लीया..

तभी सायराको अपनी बच्चेदानीपे गरमाहट महेसुस हुइ.. ओर उनका तन उतेजनामे कांपने लगा.. ओर अपनी चुतसे अ‍ेक तेज फवारा नीकालते साहीलके लंडको भीगोने लगी.. दोनो साथमे जड चुके थे.. ओर साहील सायराके सीनेपे ढेर होगया.. दोनो पसीनेसे तरबोर थे.. ओर अपनी अपनी सांसोको दुरस्त करने लगे..





सायरा : (हांफते) फु..फु.. आ..ह.. भा..इ.. तुमने.. तो.. मु..जे.. अ‍ेक.. ही.. बारमे.. थका.. दी..या.. मुजे.. पुरी.. नीचोडली.. मेरी.. अ‍ैसी.. चुदाइ.. कभी.. नही.. हुइ.. फु.. फु.. फु.. फु..

साहील : (होंठ चुमते) दीदी.. अभीतो सुरुआत हे.. अ‍ेक ही राउन्ड हुआ हे.. दुसरेके लीये तैयार होजाओ..

सायरा : (सरमाते मुस्कुराते) ओह.. क्या तेरी सचमे अ‍ैसी आदत हे..? यहा तो अ‍ेक ही बारमे ढेर करदी मुजे.. अब दुसरा नही होगा..

साहील : (मुस्कुराते) क्यु नही होगा..? अभी तो सुरुआत हे.. सीर्फ दीदीको चोदा हे.. अभी भाभीको चोदना बाकी हे.. पुरी रात पडी हे.. समजो आज हमारी सुहागरात हे.. तो सुबह तक..

सायरा : (मनते करते) नही साहील.. प्लीज.. सीर्फ अ‍ेक बार ओर करलो.. चोदलो अपनी भाभीको फीर सोनाभी तो हे.. हमारे पास तीन तीन दीन ओर राते पडी हे.. अपनी बहेन ओर भाभीको चोदते रहेना.. कल दीनमे कर लेना.. प्लीज.. देखो अभी भी अंदर सख्त महेसुस हो रहा हे.. क्या ये जडनेके बाद सीकुड नही जाता..?

साहील : (मुस्कुराते) नही दीदी.. ये अ‍ैसे ही खडा रहेता हे.. हमेसा तैयार.. हें..हें..हें..
 
सायरा : (हसते) साहील.. सोचा नही थाकी पहेले ही दीन बात इतनी आगे बढ जायेगी.. ओर तुम मुजे चोदलोगे.. सोचा था धीरे धीरे सुरुआत करुगी.. लेकीन तुम तो मुजसे भी फास्ट नीकले..

साहील : (मुस्कुराते) मे जब पीछली बार आया तब ही आपके इरादे समज गया था.. तो क्यु वक्त जाहीर करना.. चलो फीरसे करते हे..

सायरा : (मुस्कुराते) यार तुमने तो अ‍ेक ही बारमे मेरी फाडके रखदी.. पता नही तेरी वो मजदुरन ओर वो ओरत कैसे तुजे जेलती होगी.. हमारी सबु बहुत नसीब वाली हे..

साहील : (मुस्कुराते) तो क्या आप नसीब वाली नही हो..?





सायरा : (सरमाते धीरेसे होंठ चुमते) सा..य..द.. पहेले नही थी.. आजसे होगइ हु.. आजसे सायरा तेरी.. वो भी हमेसाके लीये.. तुजे जब भी मुजे चोदनेका मन होतो आजाना.. हम कुछ जुगाड कर लेगे.. आज तुमने मेरा दील जीत लीया.. अब तुमसे चुदवानेका कोइ अफसोस नही हे..





कुछ देरके बाद साहीलने वापस चोदना सुरु कीया.. इस बार भी साहीलने सायराको तीन तीन बार जडा दीया ओर सायराकी हालत पतली करदी.. चोद चोदके उनका अ‍ेक अ‍ेक अंग ढीला कर दीया.. फीर दोनोने साथमे सावर लीया.. आज साहीलने सायराकी चाल ही बदलदी.. साहीलने उसे अ‍ेक पेइन कीलर खीलादी.. ओर दोनो अ‍ेक दुरेसे चीपकके सोगये..

दुसरे दीन सायरा जल्दी जाग गइ.. साहील अभी भी नंगा सो रहाथा.. तो वो साहीलके सरको चुमते बेडसे उतर गइ ओर साहीलके उपर चदर डालदी.. फीर नहाकर कंपलीट होगइ ओर कीचनमे चाइ नास्तेकी तैयारीया करने लगी.. तभी उनका फोन बजने लगा.. देखा तो कादीरका फोन था..

सायरा : (थोडा गभराते फोन उठाते धीरेसे) हां भाइ.. पहोंच गये..?

कादीर : (मुस्कुराते) हां डार्लींग.. अभी अभी होटेलमे चेक इन कीया हे.. बस आते ही फ्रेस होकर रेडी होगया.. तो सोचा तुजे फोन करलु.. क्या कर रही हो..?

सायरा : (मुस्कुराते) बस.. चाइ नास्ता बना रही हु.. कल ज्यादातर पेकींग करली हमने..

कादीर : (मुस्कुराते) अच्छा..? तब तो बढीया हे.. कहा गया साहील..?

सायरा : (रुमकी ओर देखते) बेचारा थक गया था.. तो अभी तक सोया पडा हे.. कुछ काम था..? तो जगाती हु..

कादीर : (मुस्कुराते) अरे नही नही.. बस अ‍ैसे ही पुछ रहा था.. सुन.. कल ट्रेनसे ही मीटींग फीक्स करली थी.. अभी जा रहा हु.. अगर सबकुछ तैय होगया तो समजले.. हम दोनोकी मोज ही मोज हे.. तो हम फेमीली प्लानींग कर सकते हे..

सायरा : (मुस्कुराते) अरे वाह.. तब तो खुदाका लाख लाख सुक्र हे.. भाइ.. कुछ भी हो.. आप काम तैय करलो.. मेने भी तैय करलीया हे.. आइ वोन्ट बेबी.. हमारा बच्चा..

कादीर : (मजाक करते) डार्लींग.. तो फीर वो मुजे क्या कहेगा..? पापा या मामा.. हें..हें..हें..

सायरा : (सरमाते धीरेसे मुस्कुराते) पापा क्यु कहेगा..? आपने कभी मुजे अपनी बीवी माना हे..? जब भी मुजे चोदते हो तो दीदी दीदी कहेकर ही उपर चड जाते हो ओर अपनी बहेनको चोदलेते हो.. तो मामा ही कहेगानां.. हें.. हें.. हें..

कादीर : (मुस्कुराते) चलो तो फीर ठीक हे.. मे नीकलता हु.. रातमे फोन करुगा.. बाथरुम या फीर हमारे रुममे चली जाना.. हम फोन सेक्स करेगे.. पहेलेकी तराह..

सायरा : (सरमाते हसते) आप अभी तक नही भुले..? ठीक हे.. आप पहेले मुजे मीसकोल करदेनां.. ताकी मे बहाना बनाकर अंदर चली जाउ.. बु..च.. बुच.. बुच..

कादीर : (फोन चुमते) बु..च.. बाय..

सायरा : (फोन काटते मनमे) भाइ.. आपको क्या बताउ..? हमारे छोटे भाइने बहेन ओर भाभी मानके आपकी बीवीको जमकर चोद लीया हे.. अभी भी तन दर्द कर रहा हे.. अब तो कइ दीनोसे गोलीया भी नही खा रही.. ओर आपको भी बीना कोन्डम चुदवाती हु.. फीर भी कुछ नही हो रहा..

लगता हे अब तो सचमे आप मामा बनोगे.. साहील कीतना दमदार चदता हे.. अ‍ेक ही रातमे थकादी.. ओर कीतना जडता हे.. मेरी पुरी मुनीयाको भर देता हे.. अभी भी दो दीन ओर रात हे.. ओर टाइम भी सही चल रहा हे.. तो लगता हे वो पका मुजे प्रेगनेन्ट करके ही जायेगा..

सोचते जैस ही फोन रखा साहील नंगा ही कीचनमे आगया.. तो सायरा उसे देखकर सरमा गइ.. ओर हसने लगी.. उसे राहतकी सांसली.. क्युकी कादीरसे फोनपे बात हो रही थी.. अगर साहीलने उनके साथ कोइ सरारत की होती तो सायराको पकडे जानेका डर था..

तभी साहील नंगाही आकर सायराको पीछेसे बाहोमे भर लेता हे.. ओर दोनो हाथोसे उनके बुब्सको मसलते गलेको चुमने लगता हे.. साहीलका लंड सायराको पीछे चुभता महेसुस हुआ.. तो सायरा आंख बंध करते मदहोस होने लगी.. ओर पीछे सर जुकाते साहीलके कंधेपे रख दीया..

सायरा : (मदहोसीमे मुस्कुराते) भाइ.. मत छेडो.. कुछ हो रहा हे.. इतना प्यारकीया अभी भी जी नही भरा..?

साहील : (बुब्स मसलते अ‍ेक हाथसे चुतको सहेलाते) भाभी.. तुम बहुत कडक माल हो.. अ‍ैसी भाभी ओर बहेनको चोदनेसे जी भरता हे क्या..?

कहा तो सायरा सरमाकर मुस्कुराने लगी.. साहीलकी अ‍ेक अ‍ेक हरकत सायराको पागल करने लगी.. उनकी चुत फीरसे फडफडाने लगी.. जैसे साहीलके सापको नीगलना चाहती हो.. फीर अचानक पलट गइ ओर साहीलको जोरोसे बाहोमे भीच लीया.. ओर सायराने जोरोसे साहीलके होठोको चुम लीया..
 
सायरा : (मुस्कुराते) भाइ.. अच्छा हुआ तुम थोडी देरके बाद आये.. बडे भैयासे फोनपे बात हो रही थी..

साहील : (गलेको चुमते) क्या केह रहे थे..?

सायरा : (मुस्मुराते) कुछ खास नही.. वोही कामकी बाते.. ओर हमारी फेमीली प्लानींग..

साहील : (मुस्कुराते) क्या सचमे बच्चा चाहती हो..? अभी अभी तो सादी हुइ हे.. कुछ दीन मजे करो.. दो तीन सालके बाद करलेनां..

सायरा : (होंट चुमते) क्या दो तीन सालके बाद करलेना..? अरे बाबा वो पीछले चार सालसे तो हम मजे करते आये हे.. मेरे पीरीयडके तीन चार दीन छोडके अ‍ेक दीन भी मुजे नही छोडा.. हमने इतनी चुदाइ की हे.. अबतो मुजे भी आदत हो चुकी हे.. अच्छा हुआ तुम आगये.. अब छोडोनां..

साहील : (मुस्कुराते) दीदी.. हम सभी दोस्तोकी अ‍ेक आदत हे.. सुबह गुड मोर्नींग वीस करनेकी..





सायरा : (सामने देखते हसते) क्या..? न..ही.. नो.. नो.. अरे छोडो.. हें.. हें.. हें.. सा..ही..ल.. नो.. नो.. आइ..

कहेते सायरा साहीलसे छुटनेकी नाकाम कोसीस करने लगी.. लेकीन तबतक साहीलने सायराको वही प्लेटफोर्मपे बीठा दीया.. सलवार उची करते पायजामा नीचे खीच लीया.. फीर उनके दोनो पैरके बीच आगया तो सायरा जोरोसे हसते साहीलसे छुटनेकी कोसीस करती रही.. तभी कीचनमे सायराकी हल्कीसी चीख सुनाइ दी..





सायरा : (धीरेसे चीखते) आइ.. अम्मा.. घुसा दीयारे.. धीरे.. नही.. सीस... आह.. आह.. आह..

क्युकी सायरा कुछ कर पाती इनसे पहेले ही साहीलने अपना लंड सायराकी चुतमे घुसा दीया था.. ओर सायराकी कमरको पकडते उसे खडे खडे चोदने लगा.. तो कुछ ही देरमे सायरा भी मदहोस होने लगी.. ओर साहीलके होठोको चुमते साहीलका साथ देने लगी.. साहील उनके उरोजोको मसलता चोदे ही जा रहा था..





ओर आखीर सायराको दो बार जडाके उनकी चुतको अपने पानीसे भर दीया.. ओर जटसे लंड खीच लीया.. तो सायरा सरमाकर साहीलकी ओर कातील नजरोसे देखते हसने लगी.. ओर साइडसे कपडा उठाकर अपनी चुत साफ करने लगी.. तो साहील भी हसने लगा..

सायरा : (कातील नजरोसे मुस्कुराते) तुम बहुत गंदे हो.. सुबह सुबह ही मुजे गंदी करदी..

साहील : (मुस्कुराते) तो फीर चलो दोनो साथमे नहाते हे..

सायरा : (जोरोसे) जो वेय... नही.. कोइ जरुरत नही हे.. मे बादमे नहा लुगी.. तुम कीतना पानी नीकालते हो.. लगता हे इस बार मे पका पेटसे हो जाउगी.. तेरे भाइसे तो कुछ हो नही रहा..

साहील : (मुस्कुराते) क्यु..? तुम तो आइपील खाती होनां..? ओर भाइ भी कोन्डम युस करते हे.. तो बच्चा कहासे पैदा होगा..?

सायरा : (मुस्कुराते) हां.. लेकीन भाइको नही पता मेने पीछले तीन महीनेसे आइपील लेना बंध करदीया हे.. ओर अब उसे भी कोन्डम नही लगाने देती.. ताकी मे प्रेगनेन्ट होजाउ.. लेकीन अब लगता हे अ‍ेक तुम्ही मेरी उमीद हो.. कास मे तुमसे प्रेगनेन्ट हो जाउ..

साहील : (मुस्कुराते) तो फीर तुम दोनो अपना टेस्ट क्यु नही करवा लेते..?

सायरा : (जटसे) अरे ना बाबा ना.. अगर टेस्ट करवालीया.. ओर पता चलाकी कमी कादीरमे हे.. ओर हमारा बच्चा ठहेर गया तो मे उसे क्या जवाब दुगी.. उल्टा उनको हम दोनोपे सक होजायेगा.. इसीलीये जैसा चल रहा हे चलने दो.. कमसे कम उसे येतो केह सकुगी की बच्चा हमारा हे..

साहील : (मुस्कुराते) आप बहुत दुरकी सोचती हो.. ठीक हे.. हमारे पास तीन दीन ओर तीन रात हे.. हम कोसीस जारी रखेगे.. लेकीन मेरे जानेके बाद आप भाइसे चुदवा लेना ताकी उनको कोइ सक ना हो..

सायरा : (हसते) वो तो अ‍ैसे ही मेरे पीछे पागल हे.. पहेली बार तीन दीन मुजसे दुर रहा हे.. तो आकर मुजे थोडीना छोडेगे..? आते ही मुजे चोद लेगा.. ओर वैसे भी हम हर रात सेक्स करते हे.. तो कोइ दीकत नही होगी..

साहील : (हसते) तो फीर हमारा बच्चा उसे क्या कहेगा..?

सायरा : (जोरोसे हसते) साहील.. जब तुम आये उनसे पहेले उनसे यही बाते हो रही थी.. केह रहेथे हमारा बच्चा मुजे क्या कहेगा.. पापा.. की मामा..

साहील : (जोरोसे हसते) तो फीर आपने क्या कहा..?

सायरा : (हसते) क्या कहेती..? केह दीयाकी आप हर रात मुजे दीदी दीदी कहेते उपर चड जाते हो तो मामा ही कहेलाउगी.. हें..हें..हें.. ओर वैसे भी पंद्नह दीनके बाद मेरा पीरीयड मीस हो गया तो समजो वो सचमे मामा ही बन जायेगे.. ओर तुम पापा.. हें..हें..हें.. इतनी महेनत जो की हे..

साहील : (बाहोमे भीचते) अरे डार्लींग.. अभी हमने कहा इतनी महेनत कीहे.. येतो ट्रेलर था.. पुरी पीक्चर तो अभी बाकी हे.. अभी तो तीन दीन ओर तीन रात हे हमारे पास.. मे खुब महेनत करुगा.. देखना बच्चा तो हमारा ही होगा..

सायरा : (सरमाते कानमे फुसफुसाते) ओर मेभी तुम्हारा बच्चा चाहती हु.. तुम्हारा हथीयार कीतना दमदार ओर बडा हे.. तो हमारा बच्चेका भी अ‍ैसा ही होगा.. बडा.. ओर दमदार..

साहील : (मुस्कुराते) हां.. ताकी जवान होते ही आपको काम आ सके.. हें..हें..हें..

सायरा : (जटसे अलग होते साहीलके सीनेमे अ‍ेक मुका मारते) छी.. पागल होगये हो क्या..? अपनी मांसे ही..? तुम कीतने कमीने हो..

साहील : (मुस्कुराते) तो इसमे गलत भी क्या हे..? मेरे दोस्त श्रीधर ओर मुनाकी कहानी नही सुनी आपने..? ओर कुछ राज अ‍ैसे हे जो ना जानो ती ही बहेतर हे..

सायरा : (आस्चर्यसे देखते धीरेसे) कौनसा राज..? बताओ मुजे.. मे कीसीसे नही कहुगी..

साहील : (मुस्कुराते) वो फीर कभी बताउगा.. मे चला नहाने.. फीर जल्दीसे पेकींग करते हे.. ताकी दो पहोरको हम दोनो आराम कर सके.. तब हम बात करेगे..

सायरा : (कातील नजरोसे मुस्कुराते) हां मुजे पता हे तुम्हारा आराम.. आराम करने दोगे तबना..? सुबह सुबह ही मुजे चोद लीया.. जनाब बहुत ही रोमेन्टीक हे.. अबतब मेरी चार बार कुटाइ कर चुके हो.. चलो.. जाओ.. मे हम दोनोके लीये चाइ नास्ता नीकालती हु..

फीर साहील नहाकर कंपलीट होगया.. ओर दोनो चाइ नास्ता करने बैठ गये.. सायराने फटफट घरका काम नीपटा लीया.. तबतक साहील छोटी छोटी पेकींग करता रहा.. साहीलने फोन करके दो पहोरका खाना बहारसे मंगवा लीया.. दोनो अ‍ेक दुसरेकी मस्तीया ओर छेडखानी करते पेकींग करने लगे..

दोनोके पास सामान ही बहुत कम था.. तो सब पेकींग होगइ.. फीर खाना आ गया तो दोनोने खाना खालीया.. ओर खानेके बाद सायराने कीचनका काम नीपटा लीया.. फीर फ्लेटका मेइन गेइट अच्छेसे लोक करलीया ओर दोनो कादीर वाले कमरेमे चले गये.. सायराने रुमका दरवाजा भी बंध करलीया क्युकी उसे पता था.. की अब साहील उसे छोडने वाला नही हे.. ओर वो खुद भीतो वोही चाहती थी....

कन्टीन्यु
 
my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
Back
Top