Incest Deewanapan... - Page 3 - SexBaba
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Incest Deewanapan...

अपडेट-13

जब हम बस अड्डे से बहार ए तोह ममी जी इक टैक्सी को रोक कर ड्राइवर से कुछ बात

कर रही thi.meri ममी का नाम मंटा tha.unki आगे कोई 40 साल की hogi.vo भी गाओं

की रहे वाली औरत thi.par मेरे मां जी का शहर मैं फर्नीचर का काम बहुत

ाचा चल रहा था तोह वो सभी शहर मैं hi रहे लगे थे.

कुछ देर बाद hi ममी ने समान उस टैक्सी मैं रखा और हम घर की और चल

pde.main अग्गे की सीट पर बैठा था , ममी और कोमल पीछे बैठी हुई thi.sare रस्ते

हम ने ज्यादा बात नै की.

पर मेने इक बार पीछे देखा तोह कोमल मुझे देख मुस्करा रही thi.main भी

कोमल की तरफ देख मुस्करा पड़ा.

ऐसी त्र हम सभी घर ा gye.main जिअसे hi टैक्सी से उतरा मैं तोह मां जी का घर

देख हरिजन हो gya.kitna बड़ा घर tha.kisi बंगले की त्र.

घर के बहार इक छोटा सा गार्डन भी बना हुआ जिसकी हरी हरी कोमल घास मेरे दिल

को भ गई थी.

मुझे इस त्र हरिजन देख कोमल मेरे पास आयी और boli--"bhyia अप्प खा खो गए , चलो अंदर"

कोमल मुसकरतै हुई अंदर की और चल padi.meri नज़र तोह कोमल की मस्त गदराई

गांड पर thi.jo उसकी उस अजीब सी dress(skirt) मैं भर की तरफ निकली हुई thi.uski

मटकती गांड देख मेरा लुंड खड़ा हो गया.

मुझे रमा की यद् ा गई काश वो मेरे साथ होती तोह उसे यही पेल देता.

मेने इक गहरी सास ली और घर की अंदर चल pda.mami भी टैक्सी वाले को पैसे दे

हमारे पीछे ा रही थी.

मैं घर के अंदर आया तोह मेरा मोह खुला रह gya.ikdam सफेद घर था अंदर

c.uski सुंदरता देख मेरा दिल खुश हो gya.main तोह कबि अपने झोपड़े के बिना कही

गया hi नै था , अज्ज इतने बड़े घर मैं आकर मुझे कुछ अजीब सा महसूस हो रहा

था.

घर की देवरे बहुत hi जायदा खूबसूरत thi.uski फ्रेश इक डैम साफ और पत्थर जिअसि

thi.or हॉल के बेच मैं तीन सोफे पड़े थे और उनके अग्गे इक कच का टेबल पड़ा था.

मेने देखा उस सोफे पर इक बहुत hi ज्यादा खूबसूरत लड़की बैठी thi.main इक बार तोह

उसे देखता hi रह गया.

उसने भी कोमल जैसे कपडे पहने the.or उसकी जंगे कोमल से थोड़ी मोती thi.uske

पिंडलियन भी इक डैम गोरी चिंकी thi.ik भी बाल उसकी पूरी टैंगो पर नै tha.par मैं

यह सोच रहा था के आखिर यह लड़की है कोण.

mami:-"are तुम क्या यही खड़े रहोगे , ायो बेथ jao"mami ने सोफे पर बेथ ते

हुए कहा.

मैं भी सर झुकाये ममी के साथ बेथ gya.muze अपनी ममी के बदन से इक

मनमोहक खुशबु ा रही थी.

पर मैं अभी भी उस लड़की को देखे जा रहा था.

वो लड़की इस त्र मुझे घूरता देख थोड़ा शर्मा रही thi.uske सूंदर गाल इक डैम

टमाटर जैसे लाल हो गए the.main तोह उसे इस त्र घर रहा था , जिअसे वो इस ग्रह की

नै बल्कि किसी और hi दुनिआ से आयी हो.

अचानक कोमल रसोई घर से अति हुई दिखी उसके हाथ मैं इक पालते थी जिसमे ठन्डे

के चार गिलास थे.

उसने मेरे सामने झुक कर प्लेट निचे की तेन की मैं गिलास उठा saku.main जयस्व hi

गिलास उठाने लगा मेरी नज़र कोमल के मोठे दूध की दरार पर gai.ik पतली सी लाइन

उसके दोनों चुचु के बेच मैं जा रही मुझे दिख रही थी.

उसके गर्दन तोह दूध जैसे गोरी थी , मुझे इस त्र अपने दूध घूरता देख कोमल

थोड़ा शर्मा गई.

वो मुसकरतै हुई boli---"bhyia अप्प काफी हॉट हो , जल्दी से ठंडा पे केर ठन्डे हो

jao"etna बोल वो मुस्करा पड़ी.

मेने कंपते हाथो से इक ग्लास उठा liya.or कोमल ने बरी बरी से सबको ठंडा पीला

दिया.

फेर वो मेरे सामने आकर बेथ gai.main फेर से उसी लड़की को घर रहा था.

मुझे उस लड़की को घूरता देख कोमल के गुलाबी होंठो पर मुस्कान ा गई और वो

बोली.

komal-"bhyia इस का नाम शूरति hai.yh ममी जी की बड़ी लड़की है.

मैं शूरति को देख रहा था.

शूरति की आगे कोई 21 साल की होगी , वो ममी जी की बड़ी लड़की थी.

कोमल ने मुझे और भी बहुत कुछ बताया के शूरति से छोटी इक और लड़की ा जिसका नाम

रिमी hai.vo शूरति से दो साल छोटी hai.or वो अभी स्कूल गई है.

मैंने ममी के परिवार के बारे मैं जान कर काफी खुश hua.par मेरा दिल तोह

शूरति पर ा गया tha.vo भी मेरी और देख देख मुस्करा रही थी , जैसे उसे पता हो के

मुझे क्या लेना है उससे.

ऐसे hi बाटे करते rehe.mami तोह कब की उठ कर अपने कमरे मैं जा चुकी thi.or

फेर कोमल भी मेरे समान अपने कमरे मैं रखने चली gai.ab मैं और शूरति hi

सफर पर बैठे हुए......
 
अपडेट-14

जब कोमल अंदर गई तोह मैं शूरति से बात करने की कोससिह करने lga.par मैं

थोड़ा ज़िज़ेक रहा था , के कैसे मैं शूरति से बात karo.akhir इसका हल भी शूरति

ने hi निकल लिए.

shurti:-"bhyia अप्प कैसे ho"shurti ने इक नज़र मेरी पोरे सरीर पर मरते हुए

कहा.

ravi:-"main ाचा हूँ."

shurti:-"app तोह बहुत सूंदर हो , आपकी बॉडी तोह किसी पहलवान जैसी he."usne

मुस्कराते हुए कहा.

ravi:-"or तुम किसी हैरान से काम नै हो"

शूरति मेरी बात सुन ुचि ुचि हसने lgi.shurti हस्ती हुई मेरे साथ आकर बेथ

gai.uski मोती जंगे मेरी जंगो से रगड़ खाने लगी.

shurti:-"bhyia उसे हैरान नै हीरोइन कहते hai.app भी "इतना बोल शूरति फॉर से

हसने lgi.usne अपना सर मेरे कंडे पर टिका लिया.

फेर वो कड़ी होइ और बोली.

shurti:-"bhyia अप्प बहुत भोले हो , उम्म्म"

इतना बोल शूरति ने इक प्यारा सा चुमन मेरी गाल पर दिया और अपने रूम की और चल

पड़ी.

मैं शूरति की मोती गांड को देख रहा tha.kya गदराया हुआ जिस्म था शूरति ka.vo

भी शयद जानबुज कर अपने चीटेड मटका मटका कर चल रही thi.ika इक उसने सदिओं

के पास जाकर मेरी और पलट कर dekha.meri नज़ारे अपनी गांड पर पड़ती देख वो

थोड़ा मुस्कराई और व्ही से boli-----"bhyia अप्प बहुत नॉटी ho"etna बोल वो हस्ती

हुई तेज़ी से ऊपर की और सदिओं पर चढ़ने लगी.

उसकी मोती गांड की थिरकन देख मेरा लुंड धोती फाड़ने को त्यार हो gya.uske मोठे

तरबूज जैसे चितदो की आपसी रगड़ देख मैं तोह उसकी गांड का देवना हो gya.ab तोह

मेने सोच लिया था के शूरति की गांड मरे बिना मैं यह से नै जाओगे.

मैं खा जाता , मैं व्ही बैठा reha.koi आधे घंटे बाद कोमल मेरे पास आयी और

मेरा हाथ पकड़ मुझे अपने रूम मैं ले gyi.main भी किसी बचे की त्र कोमल का

हाथ पकडे ा गया था.

कोमल ने मुझे बीएड पर बिठा dia.kya मखमली बीएड था , इक सकूं सा मिल गया

muze.main तोह बीएड पर बेथ यही सोच रहा था के इस मखमली गद्दे पर किसी

लड़की की बुर मरने मैं कितना मज़ा आएगा.

कोमल मेरे साथ सात कर बेथ gai.usne मेरा हाथ अपने हाथ मैं ले लिया.

komal:-"bhyia माँ किअसि है , मुझे माँ की बहुत यद् अति hai"komal ने सिसकते हुए

अपना सर मेरे कंडे पर रख लिया.

ravi:-"komal चुप हो जा , माँ बिलकुल ठीक , और फेर तू मेरे साथ hi घर जा रही है

na"ravi अपनी छोटी बहिन कोमल के बाल सहलाता हुआ बोलता है.

komal:-"bhyia अप्प बहुत अचे ho"komal , रवि से डोर हो उसकी आँखों मैं देखती

हुई बोलती है.

ravi:-"acha तोह क्या मेरी गुडिअ बुरी है"

रवि हस्ता हुआ कोमल को कहता है.

komal:-"are भइआ मैं तोह भूल hi गई , आपको भूक लगी hogi"komal मुसकरतै हुई

अपने सर पर हाथ मरती हुई बोलती है.

इतने मैं शूरति भी हमारे पास आकर बेथ गई.

komal:-"shurti तुम भइआ के पास बैठो मैं खाना लेकर अति हु.

इतना बोल कोमल कमरे से बहार चली gai.shurti भी चुप बैठी थी और मैं भी.

shurti:-"bhyia कल मैं आपको पूरा शहर घूमने लेकर jaogi"shurti ने हस्ते

हुए कहा.

मुझे उसकी बात सुनकर काफी ख़ुशी hui.main भी यही चाहता tha.main शहर के

लोगो , उनके कामो के बारे मैं जानना चाहता था.

मैं तोह जिअसे सपनो मैं hi खो गया tha.shurti ने चुटकी बजा कर मुझे होश दिला

दिए.

shurti:-"bhyia अप्प खा खो जाते हो बार बार.

ravi:-"vo कही नै , तुम घर मैं क्या करती हो".

shurti:-"bhyia मैं पढ़ रही हु , मैं कॉलेज मैं पढ़ती हूँ , कोमल के साथ."

मैं कुछ नै bola.kuch देर हम दोनों मैं शांति शै rehi.or फेर इस छुपी को

शूरति ने hi तोडा.

shurti:-"bhyia आपकी कोई गर्लफ्रेंड है , उफ़ मैं भी न क्या बोलती हूँ , मेरा मतलब

अप्प किसी लड़की से प्यार करते हो या nai"shurti इतनी बात मेरे चेहरे की और देखने

लगी , जिअसे मेरे चेहरे को पद रही ho.lekin उसे कुछ नै मिला मेरे चेहरे से.

ravi:-"nai मैं किसी से प्यार नै करता , अभी कुंवारा hu"main झूठ बोल दिए , सीमा

की बात मैं यह नै करना चाहता था और रमा मेरी बहिन थी , उसके बारे मैं तोह

मैं कुछ बता भी नै सकता था.

शूरति मेरी बात सुन खुश हो gai.uske गुलाबी होंठो पर आयी मुस्कान मुझे यह

बता रही थी के वो काफी खुश है , मेरे कुंवारा होने से.

shurti:-"bhyia कल मैं आपको अपने साथ सिनेमा लेकर चलोगी , कोई अछि स फिल्म

dekhne".etna बोल व् हसने और साथ मैं शर्माने भी lgi.jaise उसके दिमाग मैं

कुछ चल रहा हो.

इतने मैं कोमल खाना लेकर ा gai.usne खाना बीएड पर रख दिया और मुझे बोली.

komal:-"are भइआ अभी तक अप्प ने हाथ मोह भी नै धोया , जल्दी जाओ बाथरूम

main"komal ने मुझे हाथ से बाथरूम दिखते हुए कहा.

मैं बाथरूम के अंदर ा gya.bahut hi खूबसूरत बाथरूम tha.samne दीवार पर

इक शेष लगा हुआ tha.main अपने अप्प को शीशे मैं देख मुस्करा दिए.

मैं हाथ मोह धो कर बहार आया और कोमल के साथ बीएड पर खाना खाने

lga.mene अपना कुरता निकल दिया tha.meri बॉडी देख दोनों लड़कियाँ तोह जैसे गम

सी हो गई thi.dono इक तक मुझे देखि जा रही thi.abhi मैं इक बनिओं मैं था.

मैं अपनी hi धुन मैं खाना खता रहा और कोमल , शूरति मुझे देखती रही

....ऐसे hi वो पल बेट gye.achank हमारे गेट पर किए की आवाज़ आयी और हम गेट की

तरफ देखने लगे...........
 
अपडेट-15

हम सब ने गेट की और dekha.vha इक स्कूल की ड्रेस मैं इक लड़की कड़ी thi.uski

हाइट कोई 5'"7' hogi.uska गोल चेहरा बहुत खूबसूरत tha.meri तोह ाख्ने hi उस

पर थम gai.gajab की खूबसूरत थी वो ladki.shyad यह लड़की रिमी hogi.jiske बारे

मैं कोमल ने मुझे बतया tha.shurti की छोटी बहिन.

उसने मुझे देखा और अपनी बड़ी बहिन शूरति की और स्वल्य नज़रो से देखने लगी के

आखिर मैं कोण हूँ.

shurti:-are रिमी दर क्यों रही हो , मेरे पास ायो , यह कोमल के भाई हैं.

रिमी सर झुके अपनी बहिन शूरति के पास ा gai.fer रिमी ने मेरी तरफ dekha.uska चेहरा बहुत खूबसूरत था , उसके चेहरे पर इक चंचलता दिखाई पद रही

thi.uske होंठ इक डैम लाल थे , और अखन थोड़ी ब्राउन thi.main तोह रिमी को इक तक

देखे जा रहा था.

रिमी इस त्र मुझे घूरता देख थोड़ा शर्माने लगी थी.

वो अपनी बहिन के कण मैं कुज बोली और फेर कमरे से बहार चली गई.

खाना खाने के बाद मैं कुछ देर लेट gya.safar के कारन कुछ थकावट स हो गई

थी , जिस कारन मुझे जल्दी hi नंद ा गई.

करीब शाम के 5 बजे मुझे कोमल ने uthya.uske चेहरे पर इक खूबसूरत मुस्कान

थी , कुछ देर तोह मैं उसकी मुस्कान मैं hi खो gya.vo मेरी तरफ हस्ते हुए देख

बोली.

komal:-"bhyia अप्प क्या अब मुझे घूरते hi रहोगे या फेर ुहटोगे bhi"komal ने

घूरते शब्द पर जोर दाल कर कहा.

मैं एकदम से उठ gya.komal ने मेटा हाथ पकड़ा और मुझे घर के गर्दन की तरफ

ले gai.main किसी मशीन की त्र उसके पीछे चल रहा tha.komal मेरा साथ गर्दन

मैं आकर बेथ gai.sham के सुहाने मासूम मैं अपनी मस्त सरीर वाली बहिन के

साथ बैठा हुआ था.

कोमल ने मेरा हाथ अभी भी पकड़ा हुआ था.

komal:-"bhyia घर के बारे मैं कुछ और बातो न , माँ , रेखा दीदी , और और मेरी

प्यारी रमा didi".komal अपना सर मेरे कंडे पर रखती हुई बोली.

ravi:-"vo सभी ठीक हैं , तुम अपनी सेहत के बारे मैं बातो , यह कोई परिशानी तोह

नै है तुम.

komal:-are भइआ , ममी मुझे अपनी बेटी की त्र hi मानती है.

ravi:-hain ममी का दिल बहुत बड़ा है.

komal:-bhyia आपसे एक बात पूछ लो.

ravi:-hain क्यों नै , मैं तेरा बड़ा भाई हु.

komal:-bhyia आपकी कोई गर्लफ्रेंड है.

यह बात कह कोमल मुस्कराने लगी thi.main उसके होंठो पर यह मुस्कराहट देख प्

रहा tha.kitni मासूम और साफ दिल की थी komal.uske सरीर से ा रही भीनी भीनी सी

खुशबु मेरे दिल को छू रही thi.dil कर रहा था , के अग्गे बदु और इस कच्ची काली

जैसी पारी को अपनी बहो मैं भर चुम ले.

komal:-bhyia मैं कुछ पूछ रही हु , के क्या आप किसी से प्यार करते हैं.

ravi:-nai तोह , मैं किसी से प्यार नै करता.

komal:-kya अप्प मुज़से भी प्यार नै करते.

ravi:-are कोमल तू तोह मेरी जान hai.tere लये तोह मैं अपनी जान भी दे सकता हु.

komal:-nai भइआ , जान तोह मैं आपके लिए दे सकती huu.apne कितनी म्हणत से

मुझे पढ़ाया लिखाया .मैं तोह आपकी कर्ज़दार हु.

यह बात सही thi.komal रहती जरूर थी अपनी ममी के पास , पर उसकी साडी पड़े का

खर्च रवि hi भरता tha.vo दिन रत म्हणत कर अपनी बहिन को पड़ा रहा था , तेन

की वो कोई बड़ी नौकरी पर लग सके.

ravi:-ja मैं तुज़से बात नै करता , क्या तू मेरे प्यार को कारज बता रही hai.kya मेरा

तुज पर कोई हक़ नै.

komal:-(rote हुए) भइआ मुझे माफ़ कार्डो ,

मुज़से गलती हो गई , अब ऐसी बात नै करुँगी.

मैं कोमल की आँखों मैं अस्सो कैसे देख सकता था , वो मेरी प्यारी गुडिअ थी.

मने उसका चेहरा अपने सामने किया , उसकी गोर गाल उसके ासों से बेग़ चुके

the.mane उसकी आँखों को चुम lya.komal ने अपनी अखन बंद कर ले thi.fer मेने

उसकी गलो को चुम लिया.

कोमल शर्मा gai.uske गाल शर्म से लाल हो gye.usne अपनी अखन खोल मेरी और

देखा.

komal:-bhyia अप्प यह क्या कर रहे ो.

ravi:-kya मैं तुम चुम नै सकता.

कोमल मेरी बात सुन शर्मा gai.usne मेरे सीने से अपना सर लगा liya.vo बस

मुस्कराई जा रही थी.

komal:-bhyia अप्प मुझे चुम सकते ho.muze काफी ाचा लगा.

मैं कोमल की बात सुन खुश हो gya.main कोमल को दिल से प्यार करने लगा tha.pta

नै क्यों उसका निरशल सा चेहरा , उसकी मासूम अखने , उसके बदन की मनमोहक

खुशबु मेरे दिल को प्यार से भ गई थी.

मैं कोमल के मुलाम से बालो को सेहला रहा था.

ravi:-komal , हमे घर चलना चाहिए.

कोमल ने मेरी तरफ बड़े प्यार से देखा , मुज़से रहा नै गया , मने इक बार फेर उसके

गलो को चुम लिया.

कोमा शर्माती हुई कड़ी हुई.

komal:-bhyia अप्प बहुत नॉटी हो.

इतना बोल कोमल घर के अंदर बाघ gai.main उसे जाते हुए देखता reha.main तोह

यही सोच रहा था के अब यह नॉटी कोण है.

मैं सर कुजटा हुआ घर की तरफ चल pda.jaise hi मैं अंदर गया मने देखा

ममी जी सोफे पर एकल बैठे the.main उनके पास जा केर बेथ गया.

mami:-beta रवि , तुम्हारी माँ कैसी है.

ravi:-ji ममी वो ठीक है.

mami:-huu , मेरी बात सुनो , तुम जानते हो के तुम यह क्यों ए हो.

ravi:-ji ममी जी.

mami:-dekho रवि तेरे मां ठीक नै rehte.vo अपनी दवाई लेने दूसरे जगा गए है.

ravi:-ji .

mami:-toh तुम कल से मेरे साथ उनके ऑफिस चलना hoga.main तुम वह का काम

समझा दूंगी.

ravi:-ji ममी जी.

mami:-thik है , अब तुम कोमल के रूम मैं जा सकते हो.

मैं वह से उठा और कोमल के रूम की तरफ जाने lga.jaise hi मैं अंदर जाने लगा

कोई मुज़से जोर से टकरा gya.ham दोनों के सर आपस मैं भीड़ गए.

वो कोई और नै बल्कि रिमी थी.

rimi:-bhyia सॉरी , मुज़से गलती हो गई.

रिमी अपने माथे पर हाथ मल्टी हुई बोली.

मैं तोह इतने करीब से उसे देख उसकी खूबसूरती मैं hi खो gya.meri नज़र उसके

मस्त उबारो , यानि उसके मोठे दूध पर thi.doodh इतने मोठे नै थे जितने के

शूरति के the.par रिमी की आगे के अनुसार ठीक थे.

उसकी कच्ची अम्बियों की गोलाई देख मैं पागल हो गया.

रिमी फेर से मुझे इस त्र घूरता देख थोड़ा शर्मा gai.vo मेरे पास से सर झुकाये

चली gai.kuch कदम अग्गे बाद उसने मेरी और पलट कर देखा ,.मेरी नज़र भी उसकी

मस्त गांड पर thi.ham दोनों की नज़रे आपस मैं मिली , और फिर हम दोनों मुस्करा

पड़े.....

 
अपडेट-16

रिमी और मैं इक दूसरे को देख मुस्करा रहे the.hamari जुबान चाहे कुछ न कहे

, पर हमारी अखन सब कुछ बयान कर रही thi.meri नज़रे बड़े प्यार से रिमी के हर

मदमस्त अनछुए अंगु पर जा रही thi.vo मेरी नज़रो को भाप मुस्करा और शर्मा

रही thi.fer वो वह से चली gai.main भी कोमल के रूम के अंदर चला गया.

अंदर जाते मने देखा कोमल बीएड पर उलटी लेती हुई thi.uski मस्त गदराई गांड ऊपर

को उठी हुई thi.chited की मोटाई देख मेरा लुंड खड़ा हो gya.dil किया अभी जा केर

कोमल के मस्त चितदो को मसल मसल कर मज़ा lo.kya गांड थी , एकदम छोड़ी और

फल्ली हुई.

मेरा लुंड महाराज तोह धोती मैं तम्बू बांये हुए the.jaise मुझे चीला चीला

कर कह रहा हो के यह गांड मुझे चाहये.

मेरा दिल भी कोमल की गांड पर ा गया था , पर वो मेरी गुडिअ थी , और मैं उसके

साथ ऐसा कुछ नै करना चाहता tha.main तोह अपनी गुडिअ से बहुत प्यार करता था.

मैं कोमल के पास जा केर बेथ gya.komal मुझे देखते hi उठ कर बेथ gai.usne

बीएड पर चौकड़ी मर li.uske मोती गोरी जंगे और भी मोती हो गई.

मुझे उसकी उस ड्रेस (स्कर्ट) मैं से उसकी लाल पेंटी नज़र ऐनी lgi.vo मेरी और देख

मुस्करा रही थी.

komal:-bhyia कल अप्प कही जा तोह नै रहे.

ravi:-ha मुझे ममी के साथ जाना है.

komal:-ese कपड़ो मैं , नै नै हम अज्ज hi नए कपडे लेट है.

ravi:-kyu ें कपड़ो मैं क्या बुराई hai.ikdam नए हैं.

komal:-bhyia अप्प भी न एकदम भोले हो , यह अलग कपडे पहनते है.

ravi:-par मुझे तोह यही कपडे अचे लगते है.

komal:-app बस मेरे साथ जा रहे ो , मतलब जा रहे ो.

ravi:-thik है , मेरी माँ , कब जाना है हमे.

komal:-bhyia बस अभी चलते है.

ravi:-chalo फेर.

komal:-app बैठो मैं अभी आयी.

कोमल वह से उठ कर बहार चली gai.main सोचने लगा अब यह लड़कियां पता नै मेरे

साथ क्या क्या करने वाली है.

फेर मैं पुराणी यादों मैं खो gya.main भी गाओं के स्कूल मैं कबि पड़ता

tha.mene अपने गाओं के स्कूल मैं 10तह क्लास तक पड़े की थी.

क्या दिन थे वो , पर पिता जी की मौत के बाद सब बदल गया , पर मेने अपने अप्प से

वादा किया के कोमल को बहुत अग्गे तक पढ़ाओ गए.

हमरे गाओं मैं लड़कियाँ सिर्फ 8तह क्लास तक hi पद सकती है , बाद में अगर

पड़ना हो तोह उनको शहर मैं एना पड़ता hai.par हमारी किस्मत अछि थी के

ममी जी ने कोमल को अपने पास रख लिया.

हमरे गाओं मैं हिंदी ज्यादा पड़े जाती है , इस लईए मुझे इंग्लिश का जरा भी ज्ञान

नै है.

कुछ कुछ हिंदी मुझे भी लिखनी और पड़नी अति है.

मैं सोच hi रहा था के कोमल और शूरति दोनों मेरे पास आकर रुक गई.

surti:-chalo भइआ हम बाजार चलते है , आपके नए कपडे लेने.

komal:-ajj तोह हम दोनों आपको हीरो जैसा बना देंगे.

और फेर वो दोनों हसने lgi.main भी थोड़ा थोड़ा मुस्करा रहा था.

फेर हम तीनो घर से बहार निकल बाजार की तरफ चल diye.shurti ने इक ऑटो लिया और

हम कुछ hi देर मैं बाजार पहुँच गए.

मैं तोह बाजार देख हरिजन हो gya.hamare छोटे शहर मैं यह सब कुछ नै

tha.vha तोह ठीक थक दुकाने थी , पर यह की दुकाने तोह बहुत बड़ी बड़ी और

खूबसूरत thi.main तोह चका चंद हुआ बहार की और देखे जा रहा था , कोमल

मुझे खुश देख बहुत खुश हुई जा रही थी.

फेर हम तीनो इक कपड़ो के दुकान मैं gye.vha काफी काम लोग the.shurti ने hi यह

दुकान मेरे लिए चुनी थी तेन की मैं ज्यादा लोगो मैं परेशान न हो जाओ.

मेने देखा इक लम्बे लकड़ी के केबिन के पीछे इक सूंदर सी लड़की कड़ी thi.usne इक

वाइट ड्रेस पहनी thi.vo मेरी और देख मुस्करा पड़ी.

शूरति उसके पास गई और मेरी और ेशरा कर उससे बात करने lgi.main काफी देर खड़ा

रहा , फेर शूरति ने मुझे आवाज़ lagai.main शूरति के पास चला gya.komal पहले से

hi शूरति के साथ थी.

shurti:-bhyia यह लड़की आपको कपडे दिखाए गई.

komal:-hain , मेरे भाई को इक डैम हीरो बना दो.

कोमल की बात सुन वो सलेसगिरल है पड़ी.

उस लड़की ने मुझे अपने पास बुला कर मेरा नाप लेने lgi.pehle मेरे पेट के निचे का

नाप liya.or फेर मेरी चोदे सीने का नाप liya.mere सीने का नाप देख वो थोड़ी

खुस सी हो gai.usne इक बार मेरी छाती पर हाथ फेरा.

उसने मुझे कुज जीन पेंट्स दी और इक कमरे के बारे मैं बता दिया , जिसे वो कोई

चेंजिंग रूम कह रही thi.main उस रूम मैं घुस gya.ander गया तोह देखा के

यह तोह चारो और sheshe(mirror) hi लगे हुए हैं.

फेर मने अपनी धोती उतर दी , और कोमल ने जो मुझे इक kacha(undervear)diya था वो

मेने पेहेन liya.vo कच्चा काफी टाइट tha.mere लुंड का उबार उसमे साफ दिख रहा

था.

फेर मेने वो पेण्ट देखि , पर पहले मेने कबि ऐसा कुछ पहना नै था , इस लिए

कुछ समाज मैं नै ा रहा tha.hamare गाओं मैं तोह सभी धोती कुरता hi पहनते

थे.

मेने थोड़ा सा दरवाजा खोला और कोमल को आवाज़ di.komal मेरे पास उस कमरे मैं

ा गई.

अंदर एते जिअसे hi उसकी नज़र मेरे कच्चे मैं किड बड़े से लुंड पर gai.vo

शॉकेड हुई मेरे लुंड को देखने लगी.

मेरे लुंड का उबार साफ दिख रहा tha.komal थोड़ा शर्माने lagi.usne मेरी और

देखा और बोली.

komal:-kya हुआ भइआ.

ravi:-komal ऐसे कैसे पहनते है.

komal:-bhyia यह तोह बहुत आसान है.

फेर कोमल ने वो पेण्ट पकड़ li.or उसने मुझे अपनी इक तंग पेण्ट मैं डालने को

keha.mane वीसा hi किया जिअसे कोमल ने मुझे कहा था.

कोमल ने वो पेण्ट मुझे पहना di.fer ऐसी त्र शिल्ट भी पहना di.vo मुझे बड़े गौर से

देखने lgi.mera पूरा सरीर बहुत ाचा लग रहा tha.komal तोह मेरे चोदे सीने

और मेरे मोती बहो को गौर से देख रही थी.

मेने कोमल का हाथ पकड़ अपने पास खींचा , और इक चुमन उसकी गाल पर दे

diya.komal ने शर्मा कर अपनी नज़ारे निचे कर lyi.muze उसका यहु मंद मंद

मुसकरना काफी ाचा लग रहा था.

फेर कोमल ने मेरी और बड़ी नशीली आँखों से देखा और मेरे गाल को चुम लिया.

कोमल रूम से बहार चली gai.main भी वह से बहार ा गया.

शूरति और वो लड़की मुझे देख मुस्करा रही thi.shurti ने मुझे कहा के मैं काफी

ाचा लग रहा huu.fer ऐसे hi कुछ कपडे और लिए और फेर इक होटल मैं हमने खुश

खा लिया और रत 8 बजे हम तीनो घर ा gye.ghar आकर खाना खाया और फेर सोने के लिए

चलाए गए........
 
अपडेट-17

मैं अज्ज अकेला hi सो रहा tha.vo ममी ने कोमल को शूरति के पास सोने के लिए कह

दिया tha.muze भी यही सही लगा.

ऐसे hi अज्ज की रत मैं सो gya.par मुझे माँ की बहुत यद् ा रही thi.kash यह रमा

होती तोह उसके साथ प्यार भरे पालो को महसूस karta.vo भी तोह मुज़से कितना प्यार

करती है.

ऐसे hi सोचते हुए मेरी अखन लग gai.subah हुई तोह कोमल ने मुझे उठा dia.ajj भी

वो काफी खूबसूरत लग रही thi.vo मेरे पास hi इक गिलास मैं चाय ले कर कड़ी

thi.jaise hi उसने चाय का गिलास बीएड के केबिन पर रखा मेने कोमल का हाथ पकड़

उसे अपने पास बैठा लिया.

मैं बीएड के साथ अपनी पीठ लगाई बैठा tha.komal इक डैम से मेरे साथ सात कर बेथ

गई.

उसने इक बार मेरी आँखों मैं देखा और फेर शर्माने lgi.komal मंद मंद

मुस्करा रही thi.uska ऐसे मुस्कराना मेरे दिल मैं इक अलग hi अग्ग लगा रहा

tha.mane कोमल का सर पकड़ उसकी गाल को चुम liya.vo शर्माती हुई मेरे सीने

मैं अपना सर रख बेथ gai.na तेन कोमल कुछ बोल प् रही थी और न hi मैं कुछ.

ravi:-komal कुछ तोह बोल , क्या तुझे ाचा लगा.

कोमल कुछ नै बोली और मेरे चोदे सीने को कास कर पकड़ लिया.

मुझे कोमल की ठोस और बड़े दूध मेरे सीने मैं दबते महसूस hue.muze

एहसास हुआ के कोमल के दूध काफी बड़े और एकदम ठोस hain.uske दूध के मोठे

निप्लो की चुंबन मेरे लुंड को जगा रही थी.

मैं कोमल की पथ को सेहला रहा tha.muze एहसास हुआ के कोमल की सांसे काफी तेज़

चल रही हैं.

मने कोमल का चेहरा ऊपर किया और उसकी आँखों मैं देखने lga.ik शर्म , इक दर

, इक ख़ुशी , इक अपनापन , इक विश्वास , इक प्यार , वो सब था कोमल की आँखों मैं , जो

इक प्यार करने वाले को chahye.komal भी मेरी आँखों मैं देख रही thi.main अपने

होंठ कोमल के नाज़ुक गुलाबी रास से भरे होंठो की तरफ लेजाने लगा.

शयद कोमल को भी यह एहसास हो गया था के मैं क्या करने वाला हु , उसने अपनी

ाख्ने बंद कर लई.

कोमल की सांसे अब और तेज़ हो गई थी , और उसके नाज़ुक से होंठ अब कपकपा रहे

the.komal के होंठो का यु कपङा मुझे ाचा लग रहा था.

अब हमारे होंठो के बेच कुछ hi इंच का फैसला था के तभी इक आवाज़ मेरे कानो

मैं आयी.

मेने उसी वख्त कोमल को शोद diya.komal एकदम से कड़ी हो gai.mene गेट की

तरफ देखा तोह शूरति कमरे के अंदर ा रही थी.

shurti:-bhyia , आपको माँ बुला रही hai.jaldi से त्यार होकर निचे ा जाओ.

komal:-hain भइआ , अब आपको इक कंजाब इंसान बनना है.

ravi:-thik ा मैं अभी आया.

शूरति और कोमल रूम से बहार जाने lgi.komal ने गेट पर पहुँच कर पलट कर

मुझे देखा , उसके होंठो पर इक बड़ी सी मुस्कान thi.komal ने अपने गुलाबी होंठो

पर अपनी लाल जीब की नोक को फेर diya.meri तोह सांसे hi रुक gai.uske गुलाबी होंठ अब

चमक रहे थे.

मुझे इस त्र हरिजन होता देख कोमल हसने lgi.fer वो निचे चली गई.

मेने चाय ख़तम की और बाथरूम मैं घुस गया नहाने के liye.nanga होते hi

मेने देखा मेरा लुंड तोह फटने को त्यार है , अभी मैं लेट नै होना चाहता था ,

इस लिए मैं जल्दी से नहा कर और नए कपडे पहन कर घर के हॉल मैं ा गया.

मेरी नज़र ममी पर gai.mami ने अज्ज ग्रीन साडी पहनी thi.mene आपको ममी का

फिगर तोह बताया hi nai.mami का साइज कोई 36-34-38 hoga.mami की गांड बहुत बड़ी

thi.lagta था जैसे मां जी रोज़ ममी को घोड़ी बना कर उनकी गांड hi मरते

the.main भी ममी की गांड का दीवाना था.

मेरे एते hi ममी बोली.

mami:-chale रवि.

मेरे मोह से बड़ी मुश्किल से जी hi निकल पाया.

ममी उठ कर चलने लगी , मैं भी ममी के पीछे चल दया.

मैं और ममी उनकी कार मैं बेथ gye.par मैं हरिजन था के उसदिन मुझे लेने के

लिए वो टैक्सी मैं क्यों आयी और कल शाम को शूरति और कोमल भी ऑटो से hi बाजार

gye.agar उनके पास कार थी तोह फेर कल जो हुआ वो सब क्या tha.mene यह बात ममी से

न पूछना hi ठीक समझा.

कोई 1 घंटा ड्राइव करने के बाद ड्राइवर ने कार इक बड़ी सी दुकान के अग्गे रोक di.main

तोह इतनी बड़ी दुकान देख हरिजन रह गया......

क्या दुकान थी , इक कच का बड़ा सा शेष लगा हुआ था और उसके पीछे लकड़ी का बहुत

सारा समान पड़ा हुआ tha.shyad मां जी लकड़ी का काम करते honge.main ममी के

पीछे पीछे दुकान के अंदर ा गया.

दुकान के अंदर एते मने देखा के बहुत सरे लोग लकड़ी का समान खरीद रहे

the.dukan अंदर बहुत ज्यादा लम्बी और छोड़ी thi.koi 10-12 लोग वह काम कर रहे

the.har त्र का फर्नीचर का समान यह से मिल जाता tha.esi लिए काफी भीड़ थी दुकान

main.mami मुझे दुकान के इक तरफ बने छोटे से कमरे मैं ले gai.vha इक बड़ा सा मज़े

था , जिसकी सामने की तरफ इक शानदार कुर्सी थी और जिस तरफ हम खड़े थे वह तीन

कुर्सियाँ पड़ी थी.

ममी जाकर सामने वाली कुर्सी पर बेथ gai.muze ममी ने अपने सामने वाली कुर्सी

पर बैठने के लिए बोलै.

मैं भी थोड़ा डरता हुआ बेथ gya.mane सोचा यह से तोह खेत मैं काम करना

ज्यादा ाचा hai.ab मैं यही सोच रहा था के पता नै ममी मुज़से क्या बोलेगी...........

 
अपडेट-18

मैं ममी की और बड़ा हरिजन हुआ देखे जा रहा tha.mene सोचा पता नै ममी

मुझे क्या कहेगी , और कैसा काम देंगी.

मैं चुप चाप बैठा था , मुझे अपनी सांसो की आवाज़ भी सुनाई दे रही thi.main

तोह हिल भी नै रहा था.

मेने देखा के ममी ने इक फाइल उठाई और उसके पाने पलटने lgi.main ममी के हाथो

की हरकतों को इक तक देखे जा रहा था.

mami:-ravi मैं तुम कुछ बताना चाहती हु.

ravi:-ji ममी.

mami:-ravi मैं तुम यह कहना चाहती हु के अब से तुम इस दुकान का सारा काम

देखोगे.

ravi:-par ममी , मुझे तोह कुछ अत hi नै.

mami:-muze पता hai.esi लिए तोह तुम इक सेक्रेटरी भी मिल रहा है , जो सारा काम

तुम समझा देगा.

ravi:-vo किया होता है.

mami:-matlab तुम इक p.a मिल रहा है , जो तुम्हारे सरे काम देख लेगा.

ravi:-toh ठीक है ममी.

mami:-ab तुम्हारी tankah(salary) की बात भी कर ले.

ravi:-par ममी मुझे आपकी कोई बात भी समाज नै ा रही , पहले दुकान संभालो फेर

यह टङ्कः देना.

mami:-ravi मैं तुम सुरु से साडी बात समझती hu.dekho तुम्हारे मां इक डैम

ठीक hai.vo दूसरे शहर मैं हमारे इक karkhana(factory) लगा रहे है.

ravi:-oh तोह यह बात है.

mami:-agge सुनो , तुम्हारे मां ने मुज़से कहा के रवि को बुला lao.taik की तुम यह

दुकान अचे से देख sako.ham तुम पर पूरा विश्वास कर सकते हैं ,.क्यों तुम

हमारा अपना खून ho.hamne तुम्हारी छोटी बहिन कोमल को सम्बल hai.es लिए

तुम हमें देखा नै डोज.

ravi:-hain ममी यह तोह आपका हम पर बहुत बड़ा एहसान है.

mami:-apna चेहरा थोड़ा अग्गे करना.

मेने टेबल के ऊपर से थोड़ा झुक कर अपना चेहरा अग्गे kiya.ik थपड मेरी गाल

पर पद gya.main बड़ी सी ाख्ने किये ममी की और देख रहा था.

mami:-tum यही सोच रहे ो के मने तुम्हे थपड क्यों मारा.

ravi:-ji ममी.

mami:-tumne कोमल को मुज़से परया करना chaha.mene उसे अपनी तीसरी बेटी समझा

है.

ravi:-muze माफ़ कार्डो ममी.

mami:-thik ा , तुम यह मेरी जगा बेथ jao.mene सबको तुम्हारे बारे मैं बता दिए

hai.main तुम्हारी p.a को अंदर बेझ देती हु.

मेने सर झुकाये है कह diya.mami उठ कर जब बहार गई , तोह मने चिकन की साँस

ली.

मैं अपनी जगा से उठ कर ममी वाली कुर्सी पर बेथ गया.

मैं जैसे hi कुर्सी पर बैठा , तोह कुर्सी पीछे की तरफ चली gai.mene कुर्सी के निचे

झुक कर देखा तोह उसके छोटे छोटे टियर लगे हुए थे.

मने मन मैं सोचा के यह तोह चलने वाली कुर्सी hai.jab मैं ज़ुका हुआ कुर्सी को

देख रहा था तभी इक लड़की रूम मैं अंदर ayi.muz को इस त्र कुर्सी पर ज़ुका

देख वो थोड़ा हरिजन हो गई.

वो थोड़ा अग्गे हुई तोह उसने देखा मैं तोह कुर्सी को hi देख कर हरिजन हुए जा

रहा है , यह सब देख उस लड़की की हस्सी शट गई.

मने अपना चेहरा ऊपर कर उस लड़की को देखा , मैं तोह उस लड़की की खूबसूरती

मैं खो hi gya.usne गुलाबी सूट पहना tha.sir पर इक चुनरी ली थी जो हलके गुलाबी

रंग की थी.

उसके होंठ इक डैम गुलाबी थे और चेहरा तोह इतना खूबसूरत था के मैं उस लड़की

की और hi देखता रह गया.

वो लड़की मेरे सामने वाली कुर्सी पर बेथ gai.us लड़की के ऐसे मुस्कराने से मेरे दिल

मैं कुछ कुछ हो रहा था.

ladki:-sir मेरा नाम सीमा खान है , और मैं आपकी सेक्रेटरी हु.

ravi:-apko मेरी ममी ने बेह्जा है.

मेने मुसकरते हुए keha.vo मेरी इस नादानी पर मुस्करा पड़ी.

saima:-ji है , हमे आपकी ममी जान ने बेह्जा है.

ravi:-thik ा , पर मुझे यह कुछ अत nai.kya अप्प मुझे कुछ सीखा डौगी.

saima:-hain , यही काम करने तोह मैं आयी hu.apko मैं क्या से क्या बना डोंगी

,.आपको भी समाज मैं नै आएगा.

ravi:-kya क्या बनोगे मुझे.

मेरी इस बात से वो मेरी आँखों मैं देख मुस्करा padi.main भी उसकी तरफ देख

हस्स diya.fer उसने मुझे साडी दुकान दिखाई , और बाकि काम करने वालो से भी मिलवा

diya.ese hi हम बाटे करते rahe.meri सीमा से अछि दोस्ती हो गई थी.

ऐसी त्र दुकान मैं मेरा पहला दिन निकल gya.ab मैं घर की और चल दिया....

 
अपडेट-19

मैं ममी की बेझि हुई कार मैं घर की तरफ जा रहा tha.ajj मेरी किस्मत ने मुझे

रस्ते से उठा कर कार मैं बैठा दिया tha.main सोच रहा था , जब यह बात माँ को

पता चलिगी तोह वो कितनी कुश hogi.meri रमा कितनी खुश हो gi.uska मेरे बिना क्या

हल hoga.vo तोह मुज़से इक मिंट भी डोर नै रह सकती , रमा को यद् कर मेरी आँखों

मैं ांसो ा gye.mene अपनी ाख्ने साफ की और फेर कार के शीशे से बहार की और

देखने लगा.

अभी कार बाजार मैं से गुज़र रही thi.tabi मेरी नज़र इक दुकान पर gai.mene सोचा

यह यह पर क्या कर रही hai.mene ड्राइवर को कार इक तरफ रोकने की लिए कहा.

कार से उतर मैं उस दुकान पर ा gya.vo लड़की कोई और नै सीमा thi.sarpanch की

लड़की seema.mene देखा इक लड़का भी उसके साथ tha.main दुकान के बहार खड़ा

तभी सीमा की नज़र मुझ पर पड़ी.

हम दोनों की ाख्ने आपस मैं इक हो gai.seema को वो लड़का कुछ दिखा रहा

tha.mera दिल अज्ज सच मैं टूट gya.mera बचपन का प्यार किसी और का हो गया.

मैं वह से मुद कर कार की तरफ ा gya.seema शयद मुझे देखने की लिए दुकान के

गेट के पास आकर रुक gai.main बिना पीछे देखे कार मैं बेथ gya.meri अखन

नाम थी.

सीमा मुझे जाता हुए देखती रही , पर फेर वो दुकान के अंदर चली गई.

अज्ज दिल के अरमान चकना चूर हो गए the.jab प्यार मैं हर मिलती है , तोह उसका

दर्द की तुलना किसी भी दर्द से नै की जा sakti.kyu की यह दर्द दिल मैं होता hai.eska

कोई इलाज नै हो sakta.ajj व्ही दर्द मुझे हो रहा था.

ऐसे त्र गम मैं डूबा मैं घर ा gya.main ऊपर से हसने का दिखावा कर रहा

था , शूरति और ममी मुज़से जो भी सवाल करती , मैं उसका मुस्करा कर जवाब दे

deta.par दिल कर दर्द मेरे इक चाहने वाले को पता चल गया tha.vo थी मेरी

komal.use पता चल गया के मैं दुखी हु.

ऐसी त्र खाना खाने के बाद सब सोने चले gye.main भी अपने कमरे मैं आकर लेट gya.tabi मेरे कमरे का गेट खुला और कोमल अंदर ा gai.usne इक टाइट टॉप और इक

टाइट लोर पहनी thi.uski हर इक गदराये अंग की बनावट उस रत के सूट मैं दिख रही

thi.ik बार तोह कोमल के हुसैन को देख मैं अपना दर्द भूल गया.

कोमल मेरे साथ आकर लेट gai.main इक तक उसकी तरफ देख रहा tha.komal मेरे

चेहरे को देखती हुई मेरे सीने पर अपना सर रख ,मुझे कास कर पकड़ लेट गई.

komal:-bhyia अप्प अज्ज कुछ परेशान दिखे मुझे.

ravi:-nai तोह , मैं खुश हो.

komal:-bhyia आपको मेरी kasam.main आपको यह उदास नै देख सकती.

ravi:-komal इसमें कसम देने की क्या बात है.

फेर मेने कोमल को सीमा के बारे मैं सब बता diya.jiase जिअसे कोमल सुनती गई ,

उसकी अखन नाम होती gai.apni बात ख़तम कर मेने इक लम्बी साँस ली.

komal:-bhyian मुझे आपसे यह उमेद नै थी.

ravi:-kya मतलब.

komal:-app सीमा को इतना प्यार करते हो , और अपने उसे बतया तक नै.

ravi:-par वो मुज़से नफरत करती है.

komal:-ho सकता है उसकी कोई मज़बूरी हो.

ravi:-main नै मन sakta.use मुज़से नफरत है.

komal:-bhyia अप्प भी बुद्दू ho.dekho वो बचपन से अप्प के साथ पद रही thi.app

इक दूसरे को प्यार भी करते o.fer वो शहर ा gai.use अपनी जगा का एहसास हुआ के वो

आमिर है और अप्प garib.agar अप्प उसके करीब गए तोह उसके पापा आपको मर भी सकते

hai.toh क्या पता वो दर गई ho.or आपसे नफरत करने का नाटक कर रही हो.

मैं कुछ नै बोलै , मैं तोह कोमल को देख हरिजन हुए जा रहा tha.vo मुज़से

छोटी थी पर अज्ज उसने मुझे जिंदगी का सच बता दिया hai.main कोमल के चेहरे को

देख रहा था.

मेने कोमल का चेहरा पकड़ इक प्यारा सा चुमन उसके माथे पर कर दिया.

कोमल ने अपनी अखन बंद कर ली.

ravi:-komal तुमने मुझे मेरे प्यार का एहसास दिला diya.tum बहुत प्यारी हो.

komal:-bhyia अप्प भी न.

कोमल हस्ते हुए मेरे सीने मैं सिमित gai.main कोमल की पथ सेहला रहा tha.ab

पता नै क्यों मेरे दिल मैं सीमा के लिए प्यार और बाद गया tha.par उसे मिलु

kaha.main तोह उसके बारे मैं कुछ भी नै जनता tha.ke वो खा रहती है.

ravi:-komal क्या तुम पता है के सीमा खा रहती है.

komal:-nai भइआ ,.पर पता कर lungi.apke लिए तोह कुछ भी कर सकती हु.

मेने कोमल का चेहरा ऊपर किया और उसकी आँखों मैं देखने lga.mene अपने

होंठो से उसकी सूंदर सी गाल को चुम लिया.

कोमल शर्मा कर उठी और कमरे की खिड़की के पास कड़ी हो gai.main उठा और

कोमल के पास उसके पीछे जा केर खड़ा हो gya.muze कोमल के चितदो की दरार साफ

दिख रही थी.

उफ़ कोमल के छोड़ी गांड और उसके दरार देख मेरा लुंड खड़ा हो gya.main अपने

अप्प को रोक hi स्का , और मैं कोमल के पीछे सात कर खड़ा हो gya.mera लुंड पेण्ट

मैं से खड़ा हो केर कोमल की मस्त गांड पर चुबने लगा.

कोमल ने इक बार चेहरा ऊपर कर मेरी और देखा और शर्मा कर अपनी नज़ारे निचे

कर li.mane कोमल को कास कर पकड़ liya.mere लुंड पूरा कोमल की मस्त सॉफ्ट सी

गांड मैं डाब gya.mere लुंड की चुंबन से कोमल ने अपनी अखन बंद कर ली और

पलट कर मेरे सीने से चिपक gai.mera भी बुरा हल tha.ajj दो दिन हो गए थे

छूट मरे hue.muze लगा छूट का इंतज़ाम तोह जल्दी hi करना होगा.

पर कोमल के साथ मैं ऐसा नै करना चाहता था.

मेने कोमल का चेहरा अपने सामने किया और उसके होंठो को देखने lga.kya

खूबसूरत होंठ थे कोमल के .इक डैम गुलाब के फुल की पंख़ुडयों jiase.gulabi रास

से भरे होंठ.

मैं और नै रुक पाया और कोमल का चेहरा अपने हाथो मैं पकड़ उसके होंठो के

और बढ़ने lga.komal ने अपनी अखन बंद कर्ली , उसकी सांसे तेज़ चलने lgi.shyad यह

उसका पहला चुमन था.

कोमल के होंठ कप रहे the.mene अपने होंठ कोमल के नाज़ुक से होंठो पर जोड़

diye.uff क्या एहसास था वो.

मैं कोमल के होंठो का रास पीने lga.komal अभी मेरा साथ नै दे रही thi.mene

कोमल के होंठो को पूरा कास कर निचोड़ने lga.komal के होंठ इतने मुलाम थे के

मेरा दिल कर रहा था के साडी रत बस अपनी कोमल के होंठो का रास hi पता राहु.

मेने अपनी जीब बहार निकली और कोमल के होंठो को चाटने lga.kamal ने अपने

होंठ आपस मैं जोड़े हुए the.main जीब से कोमल के गुलाबी होंठो को चाट रहा

tha.komal की सांसे अब और भी तेज़ हो गई thi.mene फिर से कोमल के होंठो से अपने

होंठ जोड़ diye.ab मेने खींच कर कोमल को अपने साथ लगा लिया उसकी मोठे दूध

मेरे सीने मैं डाब गए.

अब कोमल भी मेरा साथ देने lgi.mene अपनी जीब कोमल के मोह मैं दाल di.komal

मेरी जीब को चूसने लगी , वो तोह मुज़से भी ज्यादा मदहोश हो मेरी जीब चूस रही

थी.

पर हम भूल गए थे के गेट बंद नै hai.koi हमे देख सकता है , या फेर देख

भी रहा हो.

मेने होंठ चूसते हुए , अपने हाथ कोमल की गांड पर रख diye.etni सॉफ्ट और

नरम गांड , मैं कोमल के नरम चितदो को कास कास कर मसलने lga.apne

नरम चितदो पर मेरे ठोस हाथो का स्पर्श प् कोमल और मदहोश हो गई , अब कोमल कबि मेरे ऊपर के होंठ को चुस्ती तो कबि निचे वाले को.

कोमल की मदहोशी बढ़ती जा रही thi.vo अपने दातो से मेरे होंठो को काटने lgi.ik

मीठा मीठा दर्द मेरे होंठो से होने लगा था.

मने कोमल के चितदा को मसलते हुए अपनी इक ऊँगली गांड के छेद पर दबा दी.

komal:-ahhhh बबहहहहययययययआआ.

इक लम्बी सिसकी कोमल के मोह से निकल gai.tabi मुझे गेट पर किसी की आहत hui.mene

कोमल को अपने से अलग kiya.komal बिना मेरी तरफ देखे रूम से बहार चली गई.

मैं अपने अप्प को कोस रहा था के आखिर मुझे किया हो जाता है , मैं क्यों अपनी hi

बहिन की तरफ खींचता चला जाता हूँ.

यही सोचते हुए मेरी अखन लग गई......

 
अपडेट-20

ागग्लि सुबह मेरी आँख खुली तोह मेने देखा अज्ज कोमल मुझे उठाने नै आयी

thi.main सोच रहा था यह कोमल को क्या hua.kahi वो मुज़से रोहट तोह नै gai.main

तेज़ी से खड़ा हुआ और कोमल के रूम की तरफ bhaga.vha जा केर मेने देखा के

कोमल अपने बीएड पर लेती सिसक रही thi.main कोमल के पास चला gya.main भी

कोमल के पास बीएड पर बेथ gya.komal की अखन रो रो कर लाल हो गयी थी.

ravi:-komal , मुझे माफ़ कार्डो.

कोमल इक डैम से बेथ gai.komal ने अपनी आँखों से आंसू साफ किये और मेरे चेहरे की

और देखा.

ravi:-komal मैं तेरा गुनेहगार हु , मुझे माफ़ करदे.

komal:-bhyia आप क्यों माफ़ी मांग रहे ho.galti मेरी थी.

ravi:-nai गलती मेरी थी , मेनू तुझे छुआ भी kaise.tu तोह नादाँ थी लेकिन मैं तोह

तुज़से बड़ा था.

komal:-bhyia अप्प की भी गलती थी और मेरी bhi.ham दोनों की गलती थी.

ravi:-nai गलती मेरी thi.kya मैं हवस मैं इतना गिर गया के मैं अपनी बहनो के

बारे मैं hi गलत सोचने लगा.

komal:-kya मतलब भइआ , अपने किसी और के साथ भी गलत किया है.

ravi:-hain मेने रमा के साथ वो सब किया , जो मुझे नै करना छाया था.

इक थपड मेरी गाल पर pda.ajj मेरी छोटी बहिन ने मुझे मारा tha.shyad मेने

गलती hi ऐसी की थी के कोमल का मेरे ऊपर हाथ उठ gya.komal रोने lgi.uska ऐसे

रोना मुज़से श नै जा रहा था पर मैं कर भी कुछ नै सकता था.

मेने कोमल को हाथ लगाया तोह उसने मेरा हाथ जातक दिया.

komal:-app मुझे चुने का हक़ खो बैठे ho.muze आपसे नफरत हो गई है.

ravi:-nai कोमल ऐसा मत कर , मैं तेरे बिना जिन्दा नै रह सकता.

komal:-toh मर जाओ , अप्प के लिए मेरे दिल मैं जो प्यार था वो भी ख़तम हो गया ,

अज्ज के बाद मैं आपकी शकल भी नै देखूँगी.

मेरा दिल टूट gya.main वह से खड़ा हुआ और अपने कमरे मैं ा gya.ab मुझे समाज

मैं नै ा रहा था के मैं क्या करू.

मैं त्यार होकर ममी के साथ दुकान पर चला gya.ajj मेरी अखन नाम thi.mene

अपने अप्प से इक वादा किया के जब तक मैं कोमल का प्यार नै प् लेता तब तक मैं

चैन से नै बैठोगे.

कोमल को खोना मेरे लिए मेरी जिंदगी का खात्मा tha.meri मौत तोह हो चुकी थी

, अब बस मुझे कोमल को पाना tha.eske लिए चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े मैं

kruga.par कोमल को मैं पाकर hi रहुगा.

कुछ देर बाद मैं और ममी दुकान पर ा gye.mami ने मुझे अंदर जाने को

kaha.or फेर ममी दूसरी दुकान पर चली gai.main दुकान के अंदर गया तोह सीमा

मेरा hi इंतज़ार कर रही thi.mene इक बार भी किसी की और नै देखा ,.सीधा अपने रूम

मैं चला गया.

मैं कुर्सी पर बेथ रोने lga.tbi मेरा गेट खोल कोई अंदर ा gya.vo सीमा थी.

सीमा मेरे पास ा gai.muze रोटा हुआ देख उसने इक कुर्सी उठाई और मेरे पास बेथ

गई.

सीमा ने पहले मुझे रोने diya.jab मेरा रोना कुछ काम हुआ तोह सीमा ने मेरा

हाथ पकड़ लिया.

saima:-ravi क्या बात है , मुझे बता दो ,.क्या मैं तेरी दोस्त नै.

मैं कुछ नै बोलै , बस रोटा रहा , मेरी आँखों मैं असनु बह रहे थे.

saima:-(rote हुए) क्या तू मुझे अपना दोस्त नै मंटा.

ravi:-(rote हुए) मुझे अपने साथ ले चलो , अपने घर , तुम तोह अकेली रहती हो.

saima:-hain चलो तुम मेरे साथ , बस यह रोना बंद karo.main तुम रोटा हुआ नै

देख सकती.

ravi:-kaise चुप हो जाओ , अज्ज सब खो दिया mane.jiske लिए काम करता था , जिसके लिए

सपने देखता था , अज्ज व्ही मुज़से डोर हो gai.ab मैं किसके लिए जेना चहु.

saima:-jindgi मैं कबि हर नै मानते , मने भी अपना सब कुछ खो diya.main

भी बहुत roi.pta नै कितने दिन रोटी rehi.par अपनी माँ के लिए मने जीना सिख

liya.vhi तुम करो.

सीमा की बाटे मेरे दिल को छू gai.muze तोह अभी रेखा दीदी की शादी करनी

hai.rema से भी माफ़ी मांगनी hai.komal को मानना hai.seema का प्यार पाना

hai.etni जल्दी जिंदगी से किऐसे हर jao.nai मैं नै हर manuga.main कोमल का प्यार

पाकर hi rahoga.ik दिन कोमल मुज़से खुद कहेगी के मुझे अपनी बहो मैं लेलो

भाई.

मने इक बार अखन बंद की और फेर थोड़ा मुस्करता हुआ जिंदगी से लड़ने के लिए त्यार हो गया....

 
फ्रेंड्स जब तक यहाँ उपदटेस पोस्ट कर रहा हु.. तब तक अप्प लोगो के लिए इक छोटी सी नयी इन्सेस्ट लव स्टोरी स्टार्ट करुगा... कुछ नाम सोच रहा हु..

कल रत को आपके सामने पेश करुगा ..फर्स्ट अपडेट रत 8 बजे... होप के वोह छोटी सी लव स्टोरी (30 य 40 ) उपदटेस की आपको पसंद आएगी.. खैर इक बात अभी क्लियर कर दू.. उसमे इन्सेस्ट सेक्स नै होगा.. बस इक लव स्टोरी होगी.. bro-sis की.. अप्प अपना साथ बनाये रखना..
 
अपडेट-21

मैं यही सोच रहा था के सीमा न मुझे ख्यालो से बहार निकला.

saima:-are तुम खा खो gye.jo मेने खा वो सुना तुमने.

ravi:-hain , मेने सब सुन लिया , और मैं समाज भी गया.

saima:-achi बात है के तुम समाज गए.

ravi:-acha तोह यह बातो केउ काम कैसा चल रहा है.

saima:-bahut hi ाचा , अज्ज तुमने मेरे घर जाने की बात की , क्या तुम चल रहे ो.

ravi:-nai तब मैं दुखी था , अब मैं घर hi जाओगे.

saima:-oh ठीक hai.kuch खाना चाहते ho.yah कुछ गरम , ठंडा लाओ.

ravi:-garam तोह तुम भी हो , अगर ठंडा मिल जाये तोह ाचा होगा.

सीमा मेरी बात सुन मुस्करा padi.usne मेरा हाथ पकड़ा और फेर कुछ कहने hi लगी

थी के उठ कर चली गई.

मैं सोचने लगा के सीमा काफी अछि लड़की hai.mere दिल कर दर्द काम कर diya.ab से

हर दर्द इसके साथ मैं बातो गए.

पर छूट का क्या करो , अज्ज कितने दिन हो gye.ab तोह और नै रहा jata.kya करो.

चलो जब तक छूट नै मिलती हाथ से काम चला लेता हु.

मेने अपना लुंड बहार निकला और हाथ मैं पकड़ सेहला diya.kitne दिनों बाद लुंड

हाथ मैं पकड़ा था , मैं तोह मज़े के सागर मैं दुब गया.

मैं धीरे धीरे लुंड को हाथ से अग्गे पीछे करने lga.lund की अग्ग के सामने

मुझे कुछ नै दिखा यह तक के रूम का गेट भी लॉक नै किया.

मैं अखने बंद किये लुंड हिला रहा था के तभी गेट खुला और कोई अंदर आया , जब

गेट खुलने की आवाज़ से मेरी अखने खुली तोह सामने देख मेरी तोह साँस hi रुक

गई.

मेरे सामने मेरी ममी कड़ी thi.unki नज़र मेरे हाथ मैं पकड़े हुए लुंड

पर thi.mera तोह गला hi सुख gya.ab क्या कहु ममी ko.kuch समाज मैं नै ा

रहा था.

मने अपना हाथ लुंड से हटा liya.mera लम्बा और मोटा लुंड अब इक डैम ममी की

आँखों के सामने tha.main क्या करू कुछ समाज मैं नै ा रहा था.

मैं अपना थूक गले से अंदर करती हुई मेरे लुंड को निहार रही thi.fir वो बिना कुछ

बोले बहार चली गई.

मुझे तोह कुछ समाज मैं नै aya.mene जल्दी से लुंड पेण्ट के अंदर डाला और गेट

की तरफ बड़ा , तब तक सीमा गेट खोल अंदर की तरफ ा gai.uske हाथ मैं इक प्लेट थी

जिसमे दो ठन्डे के गिलास the.main बिना कुछ कहे वापिस आकर बेथ गया.

सीमा मेरे पास आकर बेथ गई.

saima:-yh लो ठंडा pio.fir कही गरम न हो जाये.

ravi:-tumare हाथ लगते तोह ठंडा भी गरम हो गया.

सीमा मेरी बात सुन शर्मा gai.usne अपना गिलास उठाते हुए मेरी तरफ देखा और फिर

मुस्करा कर ठंडा पीने लगी.

मेने भी सोचा के ममी को बाद मैं देख lunga.abhi तोह सीमा को पटाने के

बारे मैं सोचता hu.kya पता सीमा भी मन जाये.

ravi:-saima इक बात पुछु तुमसे.

saima:-hain क्यों नै.

ravi:-tum किसी से प्यार करती हो.

सीमा ने मेरी तरफ हेरियनि से देखा , और फिर बोली.

saima:-tume क्या लगता है , क्या मेरी जिंदगी मैं कोई लड़का होगा.

ravi:-hain , मुझे लगता है , क्यों की इतनी गहराई से इंसान तभी सोचता है , जब उसे प्यार

हो.

saima:-fir तोह तुम गलत ho.meri जिंदगी मैं कोई नै.

ravi:-yh किऐसे हो सकता hai.abhi तक तुम किसी से प्यार नै हुआ.

saima:-(kaise कहु तुमसे प्यार हो गया) नै यही सच है.

ravi:-acha , तुम इक मिंट बेतहु मैं बाथरूम जाकर अत हु.

जिअसे hi बहार गया तोह इक लड़की कुछ समान देख रही thi.uski स्कर्ट उसकी जांगू के

ऊपर thi.uski गोरी टंगे देख मेरा लुंड खड़ा हो gya.uski मोती जंगे , उसकी गांड

देख मेरा दिल उसको बुलाने का किया.

पर मैं रुक gya.main बाथरूम मैं चला gya.kuch देर बाद मैं वापस आया और

अपने रूम मैं ा gya.saima टेबल पर सर टिकाये कुछ सोच रही थी.

मैं अपनी जगा बेथ गया.

saima:-are तुम ा गए.

सीमा मुसकरतै हुई बोली.

ravi:-tum घर कब जाती ho.mera मतलब कैसे , किसके साथ.

saima:-vo मैं अकेली , अपनी स्कॉटी पर जाती हु.

ravi:-aj शाम को कही खाने पर चले.

saima:-(khush होते हुए) ठीक hai.ham जरूर जायेगे.

सीमा की ख़ुशी देख मैं भी खुश हो gya.fer सीमा काम करने के लिए बहार चली gai.main सोचने लगा के अगर गाओं मैं होता तोह अब तक गीता , रश्मि की

चुदाई कर रहा hota.ab क्या करू , यह तोह कोई छूट मिल hi नै rehi.saima को hi

पकड़ लू , यह कुछ दिन सबर karu.meri हवस मुझ पर भरी हो रही hai.mera

लुंड अब बेथ नै reha.kya karu.agar जल्दी छूट न मिली तोह मैं पागल हो जाओगे.

फेर मने कुछ काम किया और दिन ऐसे hi निकल gya.sham हुई तोह मैं सीमा को

खाने पर ले gya.matlab के सीमा मुझे खाने पर ले गई.....
 
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