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- Dec 5, 2013
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सूर्य .......माँ आपको कुछ बताना था
शालिनी जी ......बाद में पहले जा कर फ्रेश हो जाओ खाना लग गया है फिर तुम्हे एयरपोर्ट जाना है
सूर्य ....क्या हुआ माँ एयरपोर्ट क्यों
शालिनी जी .....क्युकी तुम्हारी दोनों बहने आवर बुआ सा आ रहे है अभी उनका कॉल आया था दिल्ली से वो फ्लाइट पकड़ चुके है
सूर्य .......ठीक है माँ मैं चला जाऊंगा
किरण सपना .....हम भी जायेंगे
शालिनी जी ......ठीक है अब तो छोड़ो इसको
सूर्य वह से अपने रूम में फ्रेश होने चल दिया ..........
अब आगे ........
परीलोक .......जिनिशा आवर j.king के साथ हे जीनत आवर प्रेतराज भी परीलोक पहुंचे
जिनिशा गुरुदेव आवर रानी पारी को परनाम कर अपनी सखी पारिजात से मिलती है
गुरुदेव .....तो आपको खबर मिल गई
j.king गुरुदेव हमें जैसे हे खबर मिली हम यहाँ आ गए कहा है वो
gurudev......wo जा चुके है आपसे आने से कुछ समय पहले हे
जिनिशा गुरुदेव की बात सुन पारिजात को देखती तो पारिजात उसे है में जबाब देती है जिसने देख जिनिशा का चेहरा उतर जाता है
पारिजात ......गुरुदेव आपकी इजाजत हो तो मैं अपनी बहनो को ले के जा सकती हूँ
गुरुदेव ......है पुत्री तुम लोग जाओ
पारिजात जिनिशा जीनत रिद्धि चारो वह से निकल पारिजात के कक्ष में आ जाती है
जिनिशा ......ये क्या बात हुई सखी मैंने तुम्हे कहा था न की उन्हें जाने मत देना
पारिजात ......तुम चिंतित न हो वो जल्द हे हमारी सभी बहनो के साथ परीलोक आने वाले है तब मिल लेना
जिनिशा ......तुम बहुत बुरी हो सखी खुद तो उनसे मिल लिया आवर जब मेरी बारी आई तो ..
रिद्धि पारी .....तुम क्यों चिंता करती हो रात में जा कर मिल आना
jinat......aap लोग किसकी बात कर रहे है
रिद्धि ......ये दोनों अपने प्रेमी की बात कर रही है
पारिजात ......सखी रिद्धि तुम तो पीछे कुछ समय से उनके हे साथ हो न हमें उनके बारे में बताओ न
रिद्धि .....क्या जानना है रात भर दोनों साथ रहे फिर भी मुझसे हे पूछ रही हो
जिनिशा .....बताओ न मुझे जानना है उनके पृवत के बारे में उनकी बहनो के बारे में
रिद्धि सूर्य के पुरे परिवार का विवरण देती है साथ हे अपनी सकती से सूर्य के परिवार से बिताये हुए पल भी सभी को दिखती है
जिसे सुन आवर देख कर जिनिशा पारिजात आवर आदिक जानने को उत्सुक हो जाती है
जिनिशा .....मतलब स्वीटी आवर सपना दीदी इस जनम में बहने है राधा भी इनके साथ कोमल किसका रूप है
रिद्धि ......हाहाहाहा खुद पता करो किसका रूप है
पारिजात ......कोमल कोई आवर नहीं नागलोक राजकुमारी कोमलांगी है जिनिशा
जिनिशा ......क्या पैर वो वह
पारिजात .......जिनिशा वो भी उनसे जुड़ चुकी है ये मत भूलो आवर फिर जो कुछ भी उस समय हुआ था उसमे उसकी क्या गलती थी जब सूर्य के पास इतनी सकती होने के बाद भी वो उन लोगो के सडयंत्र से बच नहीं पाए फिर कोमल तो खुद मोहिनी के वश में थी आवर मोहिनी उस शीतन चांडाल के
जिनिशा .......क्षमा चाहती हूँ सखी मैं ये भूल गई थी की वो भी सरताज की पत्नी है अब
रिद्धि ......तुम लोगो को पता है एक तरह से कोमल इस जनम में सूर्य की पहली पत्नी है
जिनिशा ......क्या सरताज ने विवाह कर लिया
पारिजात ......पैर उन्होंने तो इस बारे में मुझे कुछ बताया हे नहीं
रिद्धि मंदिर में जो कुछ भी सूर्य आवर कोमल के बिच हुआ वो सब तीनो को बिताती है
जीनत जो चुप चाप इन तीनो की बात सुन रही थी उसने हिमत कर कुछ पूछा
जीनत ......आप दोनों को बुरा नहीं लग रहा जिस से आप प्रेम करती है वो विवाहित है आवर उनके जीवन में आवर भी प्रेमिकाए है
पारिजात आवर जिनिशा जीनत की बात सुन मुस्कुराने लगती है
जीनत ......हमने कुछ गलत कह दिया क्या
रिद्धि ......मेरे ख्याल से ये सवाल राजकुमारी आपके लिया है
पारिजात ......आपको पता है जीनत जब पहले बार मैं उनसे तब मिली थी जब जिनिशा आवर उनकी सगाई में मैं जिनलोक गई थी
जब मैंने पहली बार उन्हें वह देखा तो मुझे उन्हें देखते हे एक सुकून भरा अहसास उनके पार्टी एक अलग सा खिचाव मह्सुश हुआ
फिर मुझे जब उनके विवाह के बारे पता चला उसके बाद कुछ आवर बाते पता चली मुझे भी बुरा लगा था
पैर जब मैं उनसे मिलने लगी वो पहले इंसान या ये कहु वो पहले ऐसे मर्द थे जिनसे मैं नफरत नहीं कर पाई बल्कि उन्हें अपना सबकुछ मान अपने प्रेम का इजहार किया वर्ण मैं तो मर्दजात से हे नफरत करती थी किन्तु उनके साथ रहते रहते ये नफ़रत भी ख़तम हो गई
जिनिशा ......ये मेरा आवर स्वीटी का हे प्लान था आप दोनों को नजदीक लेन का ताकि आप एक दूसरे के प्रेम को समाज एक दूसरे के नजदीक आये
पारिजात .......सखी आपसे एक बात पूछना चाहते है उम्मीद है आप सच कहेंगी
रिद्धि .......क्या पूछना है राजकुमारी जी को हेहेहे
पारिजात ......राजकुमारी ोुरो के लिया हूँ मैं आपके लिया आपकी बहन हूँ
रिद्धि .....ठीक तो फिर पूछो क्या पूछना मेरी बहन को
पारिजात .......आपको सूर्य कैसा लगता है मेरा मतलब है आप उनके साथ एक साल से ऊपर उनके साथ रही है आप उन्हें अच्छे से जानती होंगी
रिद्धि .....मैं समाज रही हूँ तुम क्या कहना चाहती हो सूर्य अच्छा इंसान है सबका ख्याल रखता तो मुझे भी अच्छा लगेगा हे पैर जो तुम पूछ रही हो उसके बारे में मैं नहीं जानती
जिनिशा ........हहहहए सखी पारिजात पहले का तो पता नहीं पैर अब रिद्धि जी ने उनके साथ समय बिताया तो ये उनसे बच नहीं सकती है हेहेहे
जीनत ......क्या मतलब बच नहीं सकती है
पारिजात ........बिलकुल उचित कहा तुमने सखी मैंने देखा है उन्हें जब वो महाकाल मंदिर से निकले थे तब आवर जो पहले थे उसमे जमीं आसमान का अंतर आ चूका है उनका आकर्षण उनका तेज बहुत बढ़ चूका है अब उनके सम्मोहन से रिद्धि का बच्नको मुश्किल है
रिद्धि ......ऐसा कुछ नहीं है
जिनिशा .......ऐसा आपको लगता है पैर आपको ये पता नहीं की उनके पास वो सकती है जिस से कोई भी स्त्री बच नहीं सकती है फिर चाहे आप हो या फिर मेरी प्यारी मासूम सखी जीनत हो
रिद्धि ......जिनिशा आप कहना क्या चाहती है
जिनिशा ......फिर साफ़ साफ़ सुनिए उनके पास जिनलोक की आकर्षण कुंजी है जिस से कोई भी उनपे मोहित हो जाता है वो तो अच्छा है उन्होंने उस सकती का उपयोग नहीं किया है यहाँ पे वर्ण परियो की क्या हालत होती
रिद्धि .....पैर वो तो जिनलोक में होने चाइये थे
जिनिशा ......उन्हें मैंने हे सौंपी थी
जीनत .......क्या वाकई आप जो कह रही है वह सच है
रिद्धि .......अगर आकर्षण कुंजी सूर्य के पास है तो ये सच है उस से कोई स्त्री नहीं बच सकती पैर मुझे लगता है उसे उस सकती का इस्तेमाल करने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्युकी परतविलोक पे बहुत सी पत्नियां उसके पास पहले से हे है हेहेहे
ऐसे हे इनकी बात काफी समय तक चलती रही जिसने सुन जीनत भी सूर्य से मिलने के लिया उत्सुक होने लगी
जैसलमेर एयरपोर्ट ......
दोपहर को सूर्य किरण सपना राधा को अपने साथ ले एयरपोर्ट पंहुचा मेनका बुआ पायल प्रीती को लेने के लिया
सूर्य कुछ समय पाहिले हे पहुंच गया था फ्लाइट से
किरण .....दी कही पायल आवर प्रीती तो मनीषा आवर मोनिका दी नहीं है
सपना .....मुझे भी यही लगता है
सूर्य ने उनके साथ भी तो सम्बन्ध बनाये थे
किरण ......अच्छा हो दोनों वही हो तो
सपना .....अच्छा तो है पैर किस के लिया हेहेहे
किरण .......हेहेहे सूर्य के लिया आवर किसके लिया लोगो को एक लड़की नहीं मिलती आवर इनकी किस्मत देखो बिना मांगे हे एक पे एक फ्री मिल रही है
सूर्य .....तुम दोनों वह क्या कर रही हो चलो फ्लाइट लेंड हो चुकी है
सूर्य की आवाज सुन सपना आवर किरण तेजी से उनके पीछे चल दी
कुछ देर के इन्तजार के बाद सूर्य की नजर बुआ आवर पायल प्रीती पे पड़ती है
सूर्य .....वो देखो वो रही बुआ
सामने से आती हुई बुआ की आवर इसरा करके
उनके पीछे से पायल आवर प्रीती भी निकलती है
राधा ....वो रही पायल आवर प्रीती
सूर्य आगे भध बुआ के पेअर छूटा है
सूर्य ..........परनाम बुआ कैसे है आप आने में कोई परेशानी तो नहीं हुई
मेनका ......बीटा कोई परेशानी नहीं हुई
सूर्य पायल आवर प्रीती को देख अपने बहे फैला देता है पायल प्रीती अपन ट्रॉली छोड़ सूर्य के दोनों तरफ से काश लेती है
( सूर्य .....( डेरी से ...दीदी यहाँ कुछ मत बोलना घर पे बात करेंगे यहाँ नहीं )
सूर्य ......कैसे है मेरी दोनों दी
पायल ........हम ठीक है सूर्य तुम्हारी बहुत याद आ रही थी
बुआ .....अब अच्छे से मिल को अपने भाई से पूरी फ्लाइट में कान खा गई दोनों
सूर्य ......कोई बात नहीं बुआ ऐसा होता है कभी कभी
सूर्य कुछ देर बाद दोनों को अलग करता है
सूर्य .....चलो दी ग्रह चलते है सब आपका वेट कर रहे है
सूर्य समल ले बहार की तरह देता है
बुआ .........किरण सपना बेटी तुम दोनों भी आई हो
किरण ......है बुआ सा हम भी घर आये हुए थे तो आपको लेने आ गए सूर्य के साथ
पीछे से राधा मेनका बुआ की आँखे बंद कर देती है हाथो से
राधा .....पहचाना तो आवर कोण आया है दीदी
मेनका बुआ .......हेहेहे राधा की बची तू दिन पार्टी दिन शैतानी करने से बाज़ नहीं आती न
राधा हाथ हटा पीछे हे मेनका के गले लग दोनों गलो पे किश कर देती है
राधा ......कैसे है दीदी आप
मेनका बुआ .....अच्छी हूँ तुम सुना काफी बड़ी हो गई हो एक साल में हे लगता है पापा को लड़का ढूंढ़ने के लिया कहना पड़ेगा
राधा ......कह दीजिये पापा को फिर जो जबाब मिलेगा उसके लिया भी त्यार रहना हेहेहे
बाते करते करते सभी कार के पास आ पहुंचे
सूर्य अब तक सामान रख चूका था कार में
सूर्य आप में से 2 जान को पीछे बैठना होगा सामान के साथ
राधा .....कोई बात नहीं मैं आवर सपना पीछे बेथ जाते है
सूर्य ड्राइविंग सीट पे जा बैठा उसकी बगल में फ़ौरन पायल ने कब्ज़ा कर लिया
पायल के साथ प्रीती ने भी आगे हे मोर्चा संभाला
बुआ आवर किरण आराम से बिच के सीट पे बेथ बाते करते हुए निकल लिया सूर्यगढ़ के लिया
पायल पुरे रस्ते सूर्य के साथ मस्ती मजाक करती हुई आयी जब तक ये लोग हवेली नहीं पहुंच गए सबने चाय नास्ता करने के बाद रेस्ट कर्जा हे बेहतर समजा गर्मी में इतना लम्बा सफर जो किया था इनलोगो ने
पायल प्रीती सूर्य को साथ ले उसके हे रूम जा पहुंची ........
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........
सूर्य .......माँ आपको कुछ बताना था
शालिनी जी ......बाद में पहले जा कर फ्रेश हो जाओ खाना लग गया है फिर तुम्हे एयरपोर्ट जाना है
सूर्य ....क्या हुआ माँ एयरपोर्ट क्यों
शालिनी जी .....क्युकी तुम्हारी दोनों बहने आवर बुआ सा आ रहे है अभी उनका कॉल आया था दिल्ली से वो फ्लाइट पकड़ चुके है
सूर्य .......ठीक है माँ मैं चला जाऊंगा
किरण सपना .....हम भी जायेंगे
शालिनी जी ......ठीक है अब तो छोड़ो इसको
सूर्य वह से अपने रूम में फ्रेश होने चल दिया ..........
अब आगे ........
परीलोक .......जिनिशा आवर j.king के साथ हे जीनत आवर प्रेतराज भी परीलोक पहुंचे
जिनिशा गुरुदेव आवर रानी पारी को परनाम कर अपनी सखी पारिजात से मिलती है
गुरुदेव .....तो आपको खबर मिल गई
j.king गुरुदेव हमें जैसे हे खबर मिली हम यहाँ आ गए कहा है वो
gurudev......wo जा चुके है आपसे आने से कुछ समय पहले हे
जिनिशा गुरुदेव की बात सुन पारिजात को देखती तो पारिजात उसे है में जबाब देती है जिसने देख जिनिशा का चेहरा उतर जाता है
पारिजात ......गुरुदेव आपकी इजाजत हो तो मैं अपनी बहनो को ले के जा सकती हूँ
गुरुदेव ......है पुत्री तुम लोग जाओ
पारिजात जिनिशा जीनत रिद्धि चारो वह से निकल पारिजात के कक्ष में आ जाती है
जिनिशा ......ये क्या बात हुई सखी मैंने तुम्हे कहा था न की उन्हें जाने मत देना
पारिजात ......तुम चिंतित न हो वो जल्द हे हमारी सभी बहनो के साथ परीलोक आने वाले है तब मिल लेना
जिनिशा ......तुम बहुत बुरी हो सखी खुद तो उनसे मिल लिया आवर जब मेरी बारी आई तो ..
रिद्धि पारी .....तुम क्यों चिंता करती हो रात में जा कर मिल आना
jinat......aap लोग किसकी बात कर रहे है
रिद्धि ......ये दोनों अपने प्रेमी की बात कर रही है
पारिजात ......सखी रिद्धि तुम तो पीछे कुछ समय से उनके हे साथ हो न हमें उनके बारे में बताओ न
रिद्धि .....क्या जानना है रात भर दोनों साथ रहे फिर भी मुझसे हे पूछ रही हो
जिनिशा .....बताओ न मुझे जानना है उनके पृवत के बारे में उनकी बहनो के बारे में
रिद्धि सूर्य के पुरे परिवार का विवरण देती है साथ हे अपनी सकती से सूर्य के परिवार से बिताये हुए पल भी सभी को दिखती है
जिसे सुन आवर देख कर जिनिशा पारिजात आवर आदिक जानने को उत्सुक हो जाती है
जिनिशा .....मतलब स्वीटी आवर सपना दीदी इस जनम में बहने है राधा भी इनके साथ कोमल किसका रूप है
रिद्धि ......हाहाहाहा खुद पता करो किसका रूप है
पारिजात ......कोमल कोई आवर नहीं नागलोक राजकुमारी कोमलांगी है जिनिशा
जिनिशा ......क्या पैर वो वह
पारिजात .......जिनिशा वो भी उनसे जुड़ चुकी है ये मत भूलो आवर फिर जो कुछ भी उस समय हुआ था उसमे उसकी क्या गलती थी जब सूर्य के पास इतनी सकती होने के बाद भी वो उन लोगो के सडयंत्र से बच नहीं पाए फिर कोमल तो खुद मोहिनी के वश में थी आवर मोहिनी उस शीतन चांडाल के
जिनिशा .......क्षमा चाहती हूँ सखी मैं ये भूल गई थी की वो भी सरताज की पत्नी है अब
रिद्धि ......तुम लोगो को पता है एक तरह से कोमल इस जनम में सूर्य की पहली पत्नी है
जिनिशा ......क्या सरताज ने विवाह कर लिया
पारिजात ......पैर उन्होंने तो इस बारे में मुझे कुछ बताया हे नहीं
रिद्धि मंदिर में जो कुछ भी सूर्य आवर कोमल के बिच हुआ वो सब तीनो को बिताती है
जीनत जो चुप चाप इन तीनो की बात सुन रही थी उसने हिमत कर कुछ पूछा
जीनत ......आप दोनों को बुरा नहीं लग रहा जिस से आप प्रेम करती है वो विवाहित है आवर उनके जीवन में आवर भी प्रेमिकाए है
पारिजात आवर जिनिशा जीनत की बात सुन मुस्कुराने लगती है
जीनत ......हमने कुछ गलत कह दिया क्या
रिद्धि ......मेरे ख्याल से ये सवाल राजकुमारी आपके लिया है
पारिजात ......आपको पता है जीनत जब पहले बार मैं उनसे तब मिली थी जब जिनिशा आवर उनकी सगाई में मैं जिनलोक गई थी
जब मैंने पहली बार उन्हें वह देखा तो मुझे उन्हें देखते हे एक सुकून भरा अहसास उनके पार्टी एक अलग सा खिचाव मह्सुश हुआ
फिर मुझे जब उनके विवाह के बारे पता चला उसके बाद कुछ आवर बाते पता चली मुझे भी बुरा लगा था
पैर जब मैं उनसे मिलने लगी वो पहले इंसान या ये कहु वो पहले ऐसे मर्द थे जिनसे मैं नफरत नहीं कर पाई बल्कि उन्हें अपना सबकुछ मान अपने प्रेम का इजहार किया वर्ण मैं तो मर्दजात से हे नफरत करती थी किन्तु उनके साथ रहते रहते ये नफ़रत भी ख़तम हो गई
जिनिशा ......ये मेरा आवर स्वीटी का हे प्लान था आप दोनों को नजदीक लेन का ताकि आप एक दूसरे के प्रेम को समाज एक दूसरे के नजदीक आये
पारिजात .......सखी आपसे एक बात पूछना चाहते है उम्मीद है आप सच कहेंगी
रिद्धि .......क्या पूछना है राजकुमारी जी को हेहेहे
पारिजात ......राजकुमारी ोुरो के लिया हूँ मैं आपके लिया आपकी बहन हूँ
रिद्धि .....ठीक तो फिर पूछो क्या पूछना मेरी बहन को
पारिजात .......आपको सूर्य कैसा लगता है मेरा मतलब है आप उनके साथ एक साल से ऊपर उनके साथ रही है आप उन्हें अच्छे से जानती होंगी
रिद्धि .....मैं समाज रही हूँ तुम क्या कहना चाहती हो सूर्य अच्छा इंसान है सबका ख्याल रखता तो मुझे भी अच्छा लगेगा हे पैर जो तुम पूछ रही हो उसके बारे में मैं नहीं जानती
जिनिशा ........हहहहए सखी पारिजात पहले का तो पता नहीं पैर अब रिद्धि जी ने उनके साथ समय बिताया तो ये उनसे बच नहीं सकती है हेहेहे
जीनत ......क्या मतलब बच नहीं सकती है
पारिजात ........बिलकुल उचित कहा तुमने सखी मैंने देखा है उन्हें जब वो महाकाल मंदिर से निकले थे तब आवर जो पहले थे उसमे जमीं आसमान का अंतर आ चूका है उनका आकर्षण उनका तेज बहुत बढ़ चूका है अब उनके सम्मोहन से रिद्धि का बच्नको मुश्किल है
रिद्धि ......ऐसा कुछ नहीं है
जिनिशा .......ऐसा आपको लगता है पैर आपको ये पता नहीं की उनके पास वो सकती है जिस से कोई भी स्त्री बच नहीं सकती है फिर चाहे आप हो या फिर मेरी प्यारी मासूम सखी जीनत हो
रिद्धि ......जिनिशा आप कहना क्या चाहती है
जिनिशा ......फिर साफ़ साफ़ सुनिए उनके पास जिनलोक की आकर्षण कुंजी है जिस से कोई भी उनपे मोहित हो जाता है वो तो अच्छा है उन्होंने उस सकती का उपयोग नहीं किया है यहाँ पे वर्ण परियो की क्या हालत होती
रिद्धि .....पैर वो तो जिनलोक में होने चाइये थे
जिनिशा ......उन्हें मैंने हे सौंपी थी
जीनत .......क्या वाकई आप जो कह रही है वह सच है
रिद्धि .......अगर आकर्षण कुंजी सूर्य के पास है तो ये सच है उस से कोई स्त्री नहीं बच सकती पैर मुझे लगता है उसे उस सकती का इस्तेमाल करने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्युकी परतविलोक पे बहुत सी पत्नियां उसके पास पहले से हे है हेहेहे
ऐसे हे इनकी बात काफी समय तक चलती रही जिसने सुन जीनत भी सूर्य से मिलने के लिया उत्सुक होने लगी
जैसलमेर एयरपोर्ट ......
दोपहर को सूर्य किरण सपना राधा को अपने साथ ले एयरपोर्ट पंहुचा मेनका बुआ पायल प्रीती को लेने के लिया
सूर्य कुछ समय पाहिले हे पहुंच गया था फ्लाइट से
किरण .....दी कही पायल आवर प्रीती तो मनीषा आवर मोनिका दी नहीं है
सपना .....मुझे भी यही लगता है
सूर्य ने उनके साथ भी तो सम्बन्ध बनाये थे
किरण ......अच्छा हो दोनों वही हो तो
सपना .....अच्छा तो है पैर किस के लिया हेहेहे
किरण .......हेहेहे सूर्य के लिया आवर किसके लिया लोगो को एक लड़की नहीं मिलती आवर इनकी किस्मत देखो बिना मांगे हे एक पे एक फ्री मिल रही है
सूर्य .....तुम दोनों वह क्या कर रही हो चलो फ्लाइट लेंड हो चुकी है
सूर्य की आवाज सुन सपना आवर किरण तेजी से उनके पीछे चल दी
कुछ देर के इन्तजार के बाद सूर्य की नजर बुआ आवर पायल प्रीती पे पड़ती है
सूर्य .....वो देखो वो रही बुआ
सामने से आती हुई बुआ की आवर इसरा करके
उनके पीछे से पायल आवर प्रीती भी निकलती है
राधा ....वो रही पायल आवर प्रीती
सूर्य आगे भध बुआ के पेअर छूटा है
सूर्य ..........परनाम बुआ कैसे है आप आने में कोई परेशानी तो नहीं हुई
मेनका ......बीटा कोई परेशानी नहीं हुई
सूर्य पायल आवर प्रीती को देख अपने बहे फैला देता है पायल प्रीती अपन ट्रॉली छोड़ सूर्य के दोनों तरफ से काश लेती है
( सूर्य .....( डेरी से ...दीदी यहाँ कुछ मत बोलना घर पे बात करेंगे यहाँ नहीं )
सूर्य ......कैसे है मेरी दोनों दी
पायल ........हम ठीक है सूर्य तुम्हारी बहुत याद आ रही थी
बुआ .....अब अच्छे से मिल को अपने भाई से पूरी फ्लाइट में कान खा गई दोनों
सूर्य ......कोई बात नहीं बुआ ऐसा होता है कभी कभी
सूर्य कुछ देर बाद दोनों को अलग करता है
सूर्य .....चलो दी ग्रह चलते है सब आपका वेट कर रहे है
सूर्य समल ले बहार की तरह देता है
बुआ .........किरण सपना बेटी तुम दोनों भी आई हो
किरण ......है बुआ सा हम भी घर आये हुए थे तो आपको लेने आ गए सूर्य के साथ
पीछे से राधा मेनका बुआ की आँखे बंद कर देती है हाथो से
राधा .....पहचाना तो आवर कोण आया है दीदी
मेनका बुआ .......हेहेहे राधा की बची तू दिन पार्टी दिन शैतानी करने से बाज़ नहीं आती न
राधा हाथ हटा पीछे हे मेनका के गले लग दोनों गलो पे किश कर देती है
राधा ......कैसे है दीदी आप
मेनका बुआ .....अच्छी हूँ तुम सुना काफी बड़ी हो गई हो एक साल में हे लगता है पापा को लड़का ढूंढ़ने के लिया कहना पड़ेगा
राधा ......कह दीजिये पापा को फिर जो जबाब मिलेगा उसके लिया भी त्यार रहना हेहेहे
बाते करते करते सभी कार के पास आ पहुंचे
सूर्य अब तक सामान रख चूका था कार में
सूर्य आप में से 2 जान को पीछे बैठना होगा सामान के साथ
राधा .....कोई बात नहीं मैं आवर सपना पीछे बेथ जाते है
सूर्य ड्राइविंग सीट पे जा बैठा उसकी बगल में फ़ौरन पायल ने कब्ज़ा कर लिया
पायल के साथ प्रीती ने भी आगे हे मोर्चा संभाला
बुआ आवर किरण आराम से बिच के सीट पे बेथ बाते करते हुए निकल लिया सूर्यगढ़ के लिया
पायल पुरे रस्ते सूर्य के साथ मस्ती मजाक करती हुई आयी जब तक ये लोग हवेली नहीं पहुंच गए सबने चाय नास्ता करने के बाद रेस्ट कर्जा हे बेहतर समजा गर्मी में इतना लम्बा सफर जो किया था इनलोगो ने
पायल प्रीती सूर्य को साथ ले उसके हे रूम जा पहुंची ........
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........




