Incest Journey With My Teacher Or Aunty - Page 7 - SexBaba
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Incest Journey With My Teacher Or Aunty

अपडेट 45

लव ऑफ़ अनु फॉर अर्जुन एंड लेसन ऑफ़ काजल फॉर अर्जुन


अर्जुन और काजल दोनों घर जा रहे थे, अर्जुन थोड़ा साद सा दिख रहा था.

काजल: क्या बात है अर्जुन हम टूर्नामेंट जीत गए हैं फिर भी तुम्हारे फेस पर ये उदासी कैसी???

अर्जुन: चची मैंने ये ख़ुशी सभी के साथ शेयर की लेकिन मैं अपनी अनु को कैसे भूल गया जो मुझे अपना सब कुछ मानती है.






काजल: यही तोह तुम्हारी खासियत है अर्जुन, तुम जीत गए हो फिर भी तुम अनु को न बता पाने के कारन दुखी हो.

ऐसे hi हमेशा अपने चाहने वालों की केयर करना, I'm प्राउड ऑफ़ यू माय किंग, कॉल हेर राइट नाउ.

अर्जुन ने अनु को कॉल लगा दिया.


[Anu picks up the phone]

अनु: Hello अर्जुन.

अर्जुन: Hello अनु.

अनु: बोलो मेरे सवियर ने किसलिए कॉल किया है????

अर्जुन: मुझे माफ़ कर दो अनु.

मैं तुम्हे अपनी टूर्नामेंट के बारे में नहीं बता पाया, मैं अपनी अनु को hi भूल गया.






अनु: मुझे सब पता है माय सवियर, राशि ने मुझे सब कुछ बता दिया है, इसलिए कोंग्रटुलतिओन्स फॉर योर विन और रही बात मुझे भूलने की तोह मैं जानती हूँ की जब मुझे तुम्हारी जरुरत होगी मेरा सवियर अर्जुन मेरे पास होगा, सो don't बे पैनिक.

अर्जुन: यस अनु जब भी तुम्हे मेरी जरुरत पड़ेगी मैं तुम्हारे साथ रहूँगा. I'll ऑलवेज स्टैंड फॉर यू, अनु.

अनु: टॉक तो यू लेटर bye.




[Call Hangs up]


काजल: Okay! अर्जुन माय किंग क्या तुम अपने 2 गिफ्ट्स के लिए रेडी हो???

अर्जुन: यस.

काजल: तुम्हारा 2 नई गिफ्ट है.

ा) माधुरी एंड

बी) श्रेया.

अर्जुन: माय क्वीन! क्या ये सब करना जरुरी है??? आप सब मेरे लिए एनफ हो प्यार करने के लिए.

काजल: यस जरुरी है.

अर्जुन: व्हाई???

काजल: तुम्हे खाने में सबसे ज्यादा क्या पसंद है?

अर्जुन: ये कैसा क्वेश्चन है, आप इसका आंसर जानती तोह हैं, फिर ये क्वेश्चन क्यों पूछ रही हैं???

काजल: जस्ट गिव में थे आंसर.

अर्जुन: ऑलराइट! छोले भठूरे.

काजल: क्या तुम्हे डेली छोले भठूरे खाने के लिए दिया जायेगा तोह खाओगे????

अर्जुन: नौपे.

Kajal(Smiles): थें लिसेन माय अंसवेरस करेफुल्ली.

1.यदि तुम मुझसे डेली प्यार करोगे तोह न मुझे मज़ा आएगा और न hi तुम्हे.

2. किसी की हेल्प करना तुम्हारी फितरत है और इस टाइम दोनों को hi तुम्हारी जरुरत है.

3.तुम्हे भी मज़ा आएगा, नई टास्ते मिलेगा और उन् दोनों को भी जो चाहिए वो मिल जायेगा.

अर्जुन: तब तोह आप सभी को भी नई टास्ते चाहिए???

काजल: No! क्वींस सिर्फ किंग की होती है, उसे और कोई दूसरा नहीं प् सकता है और तुम हम सबके किंग हो, समझ गए???

अर्जुन: यस माय क्वीन! मुझे मेरे सभी क़ुएस्तिओन्स का अंसवेरस मिल गया है.

अब अर्जुन के फेस पर स्माइल आ गयी.

मुझे ये भी समझ आ गया है की, यदि मैं किसी की हेल्प के लिए किसी के साथ फिजिकल रिलेशनशिप बना लेता हूँ तोह आप मुझसे नाराज़ नहीं होंगी, ऍम ी राइट??

काजल: यूप! यू अरे राइट, अब घर जा कर सीधा माधुरी आंटी की घर चले जाना, श्रेया और माधुरी दोनों रेडी है तुम्हारे साथ आगे बढ़ने के लिए.

अर्जुन: लेकिन श्रेया भाभी के हस्बैंड????

काजल: श्रेया की बात हो चूका है उसके हस्बैंड से, उन्हें कोई प्रॉब्लम नहीं है, आखिर प्रॉब्लम हो भी कैसे सकता है जब बात अपनी वाइफ की रेस्पेक्ट की हो.

काजल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा.

सायद तुम्हे नहीं पता अर्जुन जब एक औरत माँ नहीं बन पति है तोह ये समाज सिर्फ औरत को हिन् नज़र से देखता है, फिर चाहे दोष पुरुष में hi क्यों न हो???

हमारा समाज आज भी पुरुष प्रधान है लेकिन कोई बात नहीं, आज की जनरेशन काफी समझदार हो गयी है वे इन बातों को अच्छी तरह से समझते हैं.

इसलिए तोह श्रेया के हस्बैंड मान गए हैं, क्योंकि उसे अपनी वाइफ की रेस्पेक्ट की चिंता है न की इन झूठे समाज के बनाये हुए नियमों की.

अर्जुन: Okay! मैं सब कुछ समझ गया हूँ.


[Home Arrives]

अर्जुन कपडा चेंज करके मदुरई आंटी के घर चला गया और गेट को नॉक किया.

***


That's आईटी फॉर थिस episode, ी होप यू गाइस विल एन्जॉय सम गुड टाइम हेरे, स्टे तुनेड.
 
अपडेट 46

माधुरी आंटी

मैंने माधुरी आंटी का गेट नॉक किया, गेट श्रेया भाभी ने खोला.

श्रेया: आओ अर्जुन, अंदर आ जाओ.

मैं अंदर चला गया तोह श्रेया ये बोल कर बहार चली गयी की मैं तुम्हारे घर जा रही हूँ.

श्रेया भाभी मेरे घर चली गयी.

अब घर पर सिर्फ मैं और माधुरी आंटी hi थे.

माधुरी आंटी एक सेक्सी सी ड्रेस पहन कर आयी और मेरे पास आ कर बैठ गयी.






माधुरी आंटी की बूब्स का कुछ part दिख रहा था, ब्लाउज स्लीवलेस थी जिसके कारन पूरी आर्म्स दिख रही थी मैं तोह माधुरी आंटी की सेक्सी लुक को hi घर रहा था.

माधुरी: ऐसे क्या देख रहे हो अर्जुन????

अर्जुन: देख रहा हूँ मेरी आंटी कितनी हॉट है.

माधुरी: तोह तुम्हे क्या पता चला???

अर्जुन: यही की आप एक आफत हो आफत, पूरी हॉट एक सेक्स बम हो.

माधुरी: तुम्हे hi आज जला कर रख करुँगी मैं.

अर्जुन: ऐसा क्या???

माधुरी: हाँ.

अर्जुन: फिर दिखाओ अपनी ऐडा, अपनी कारीगरी, आप क्या करती हो मैं भी देखता हूँ??

माधुरी आंटी धीरे धीरे मुझे किश करने लगी, मैं भी रिस्पांस देने लगा, हम दोनों एक दूसरे को किश करने लगे.










हम दोनों hi एक दूसरे की होंठ का रास पिने लगे, हम दोनों hi मस्ती में खो गए, इस मस्ती में हम इतना खो गए की हमे पता hi नहीं चला और हमने एक दूसरे का होंठ काट लिया तोह हमने किश तोड़ दिया.

माधुरी: बिलकुल जंगली हो, तुमने मेरी लिप्स काट लिया.

[Madhuri aunty ne thoda narajagi dikhate huye kaha.]

अर्जुन: आपने भी तोह मेरी लिप्स काट लिया है आंटी.

माधुरी: चलो कोई बात नहीं, कभी कभी ऐसा हो जाता है.

कुछ देर बाद मैं आंटी की बूब्स कपडे के ऊपर से hi जोर जोर से मसलने लगा,

माधुरी आंटी मजे से मदहोश होने लगी.






मैंने आगे फिर से ब्रा को थोड़ा सा खोल कर आंटी की बूब्स को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा.





और चूस चूस पूरा दूध चूसै का मजा ले लिया.

माधुरी आंटी मजे से सिसकी लेने लगी.

अर्जुन: और आगे करना है या हो गया है??

माधुरी: आगे और भी करना है.

[Madhuri aunty ne bade hi kamuk andaaz mein kaha.]

अर्जुन: आप बर्दाश्त नहीं कर पाओगी मुझे.

माधुरी: अच्छा ऐसा क्या! माधुरी आंटी ने मेरा लुंड पेण्ट के बहार निकाल लिया.






माधुरी: हाय इतना बड़ा किसी का भी होता है क्या, ये तोह आज मेरी रातों की नींद उदा देगा अर्जुन बीटा?????

अर्जुन: क्यों अंकल का इतना बड़ा नहीं था क्या आंटी???

माधुरी: इसका आधा hi था तुम्हारे अंकल का, ये तोह पूरा 10" क लग रहा है, साथ hi साथ मोटा भी कितना लग रहा है मेरे हाथ में भी ठीक से नहीं आ रहा है.

अर्जुन: अब बोलो लेना है की नहीं, बाद में मत बोलना की पैन हो रहा है, मैं नहीं ले पाऊँगी, इसलिए अच्छे से सोच लीजिये आंटी.






माधुरी: हाय इतना बड़ा लुंड के लिए तोह मैं कितना भी दर्द सह लुंगी, बस तुम मुझे आज खुश कर दो, फिर मैं तुम्हे जन्नत की मज़ा दूंगी, तुम भी क्या याद करोगे की तुम्हारी माधुरी आंटी कितना दिलदार है.









मैं माधुरी आंटी का मुँह छोड़ने लगा.

हाय क्या मज़ा आ रहा था माधुरी आंटी का मुँह छोड़ कर, कुछ hi देर में आंटी का मुँह दर्द करने लगा, इसलिए मैंने लुंड आंटी की मुँह से बहार निकाल लिया.

माधुरी: हाय मेरा बचा कितना मज़ा दिया तुमने मेरी मुँह को छोड़ कर, आज पहली बार किसी ने मेरे मुँह में लुंड डाला है.

मैंने आंटी की ब्रा और पंतय निकाल दिया, अब माधुरी आंटी मेरे सामने पूरी तरह से नंगी हो गयी.










आंटी मेरा लुंड चूसने लगी और मैं माधुरी आंटी की छूट चूसने लगा.

हम दोनों ने एक दूसरे को अच्छी तरह से पूरा गिला कर दिया और अब लास्ट गेम का टाइम आ गया.

अर्जुन: आंटी अंदर दाल दूँ क्या???

माधुरी: क्या????

अर्जुन: मेरा लुंड आपकी टाइट छूट में.

माधुरी: दाल दो.






मैंने अपने लुंड और आंटी की छूट को थूक से गिला कर दिया.

मैंने एक जोरदार शॉट मारा, लुंड 3" तक अंदर चला गया, माधुरी आंटी की आईज से इतने में hi आंसू आ गया.

माधुरी: थोड़ी देर ऐसे hi रुक जाओ अर्जुन बहुत जलन हो रही है अंदर मेरी छूट में.

अर्जुन: निकल लून क्या आंटी??

मदुरई: नहीं रे ये तोह हम लेडीज की ऐडा होती है मर्द को खुश करने की, वर्ण जो छूट से बच्चा निकल सकती है क्या वो लुंड का दर्द नहीं सह सकती है??

[Madhuri aunty ne dard sahte huye kaha.]

मैं माधुरी आंटी को किश करने लगा.

थोड़ी देर बाद आंटी का दर्द काम हो गया.






मैंने एक जोरदार प्रहार किया जिससे लुंड आधा से ज्यादा माधुरी आंटी की छूट के अंदर चला गया जिससे उसकी आँख से आंसू आने लगा.

यह यह उउउउ ुम्ह ोोू आआ उउउउउ ओह माँ....

यह अर्जुन बीटा, प्लीज मुझे छोड़ दो मैं नहीं ले सकती हूँ तुम्हारा लुंड अपनी छूट में.

यह ुम्ह उउउ ककक उउउ कक्कक्स यह यह ुम्ह उउउ ककक आए...

अर्जुन: क्या हुआ आंटी?? अभी आप कुछ देर पहले बोल रही थी ये हम औरतो की ऐडा होती है मर्द को खुश करने के लिए.

माधुरी: हाँ पर मुझे क्या पता था की तुममे इतनी ताकत है की तुम मेरी जान निकल डोज.

कुछ देर के बाद आंटी का दर्द थोड़ा सा काम हो गया.






मैंने आखिरी शॉट मारा, लुंड पूरा छूट के अंदर तक चला गया.

एक बार फिर से आंटी रोने लगी और मैं धीरे धीरे अपना धक्का मारने लगा.






लेकिन कहते हैं लुंड कितना भी बड़ा और मोटा क्यों न हो, छूट उसे अपने लायक बना hi लेती है और यहाँ भी यही हुआ.

छूट ने लुंड के लिए अपनी जगह बना hi लिया, अब धीरे धीरे माधुरी आंटी को भी मजा आने लगा.

माधुरी: हाँ, अब ठीक लग रहा है ऐसे hi करते रहो.






छूट ने अब मेरे लुंड के लिए अपनी जगह बना लिया.

मैं आंटी को धीरे धीरे छोड़ने लगा.






लुंड पूरा कैसा कैसा अंदर जा रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे आंटी आज तक चूड़ी hi नहीं हो, क्योंकि आंटी बहुत वर्षो से प्यासी थी, किसी के साथ आंटी का फिजिकल सम्बन्ध नहीं बना था.

यह यह अअअअअ कक्कक्स ुम्ह ुम्ह उउउउउ अर्जुन बहुत मज़ा आ रहा मेरा बच्चा, हाँ ऐसे hi धीरे धीरे धक्के मरते रहो अपनी माधुरी आंटी की छूट में.

उउउउउ अअअअअ ुम्ह हाँ हाँ, ऐसे hi करते रहो अर्जुन बीटा.

अर्जुन: कैसा लग रहा है आपको आंटी???

माधुरी: बहुत अच्छा मेरा बच्चा.

यह यह हहहहह यययय उउउ ुम्ह ुम्ह आए मेरी छूट से पानी निकलने वाली है.

आंटी ने पानी छोड़ दिया.

पानी निकलने के कारन अब पहच पहच पहच की आवाज़ आने लगी .






पहच पहच की साउंड हम दोनों को मज़ा देने लगी.

माधुरी: उउउ आए ुम ुम्ह ोोू उफ्फफ्फ्फ़ हाय क्या स्टैमिना है तेरी आआआ माँ.






मैंने पोजीशन बदल लिया और आंटी को पीछे से बिस्तर पर साइड में ला कर छोड़ने लगा.

इस पोजीशन में एक बार फिर से माधुरी आंटी को दर्द होने लगा, क्योंकि लुंड फिर से पूरा टाइट जाने लगा जिससे माधुरी आंटी की सिसकी तेज़ होने लगी.

आह यह ुम्ह आए हहह उउउउउ उम्मम्मम यह यह ुऊम आआ ओह गॉड बहुत दर्द हो रहा है थोड़ा धीरे करो, यू अरे स्ट्रोकिंग वैरी हार्ड अर्जुन.

आह उउउउ हाय क्या स्टैमिना है तेरी और कितनी देर करेगा, मैं 3 बार आलरेडी झाड़ गयी हूँ.










मैंने फिर से पोजीशन चेंज कर लिया और तेज़ और तेज़ छोड़ने लगा जिससे माधुरी आंटी मॉनिंग करने लगी.

आह ुऊम उउउउउ ओह यह यह अअअअअ कक्कक्क्स धीरे धीरे करो बहुत दर्द हो रहा है यह उउउउउ ोोोू ुम ुम्ह आआआ कक्कक्स उउउउउ इतना मज़ा आज से पहले कभी नहीं आया था.

मैं फिर से आने वाली हूँ.

आआआ हहहह उउउउउ कक्कक्कक्स ुम्ह यह यह ओह ोू कक्कक्क्स...

ऐसे hi करते रहो, मैं गयी.

माधुरी आंटी एक बार फिर से झाड़ गयी, साथ में मैंने भी अपना अमृत गधा रास आंटी की छूट में निकाल दिया.






अर्जुन: कैसा लगा आंटी???

माधुरी : इससे पहले चुदाई में इतना मज़ा कभी नहीं आया था रे.

तुम अपना पूरा लुंड मेरी बच्चेदानी तक ठोकर मार रहे थे, मज़ा आ गया, पूरी बॉडी का कचूमर बना दिया तुमने.

लगता है अब मैं एक दो दिन बीएड पर hi रहूंगी इतना दर्द करने लगा है.

ऐसी hi दर्द तोह सभी औरते चाहती हैं, आज से मैं तेरी हो गयी रे, अब तुम जब चाहो मुझे छोड़ सकते हो.

मैं आंटी के माथे पर किश कर लिया.

अर्जुन: आंटी मैं घर जा रहा हूँ, कुछ hi देर में श्रेया भाभी को भेज देता हूँ.






माधुरी: हाँ उसे जल्दी hi भेज देना, मुझे उसकी शख्त जरुरत है.

अर्जुन: Okay!


मैं बहार चला गया.

***

That's आल फॉर थिस episode, ी होप यू गाइस विल एन्जॉय सम गुड टाइम हेरे, स्टे तुनेड.
 
नोट :

1. अब जल्दी hi टाइम आने वाला है जब एक दिन में एक hi अपडेट मिलेगी क्योंकि अब के सरे एपिसोड्स में वर्ड्स काउंट बहुत जयादा है.

2. कॉलेज के लेक्चर में पढाई को दिखाया जायेगा थोड़ा थोड़ा इसलिए माय फ्रेंड्स थोड़ा एडजस्ट करना जिसे स्टोरी में पढाई पसंद न aaye....lekin कोई बात नहीं उससे रीडर्स को स्टोरी समझने में कोई भी प्रॉब्लम नहीं होगी.

3. ये स्टोरी इंजीनियरिंग की है बूत इसमें लेक्चर को 12तह क्लास में जो है वही आगे भी इंजीनियरिंग के सिलेबस में भी है तो मैं सिर्फ सिलेबस को 12तह तक hi लिमिट कर रहा हूँ ताकि उन्हें भी अपनी यादे ताज़ा करने का आनंद मिल सके.
 
अपडेट 47

रोमांस विथ क्वीन


मैं माधुरी आंटी के घर से वापस अपने घर आ गया.

श्रेया: क्या बात है देवर जी बहुत लेट कर दिया आपने, कोई इतना भी लेट करता है भला बस 10 से 15 मिनट्स की तोह बात होती है जबकि आप पुरे 1 ऑवर एंड 30 मिनट्स के बाद आये हैं???

मैंने श्रेया भाभी को इसका कोई जवाब नहीं दिया.

अर्जुन: भाभी आपको माधुरी आंटी ने जल्दी से घर बुलाया है.

श्रेया : Okay! मैं जा रही हूँ.

श्रेया भाभी अपने घर चली गयी.


[[Madhuri Home]]





श्रेया: क्या बात है माँ आप मुझे इतनी जल्दी में क्यों बुला रही हैं???

माधुरी: अब तुम्हे कैसे बताऊँ श्रेया की मैंने तुम्हे क्यों जल्दी से बुलाया है, देख तोह जरा ालमिरह के अंदर मैंने पेनकिलर और फीवर की टेबलेट राखी है दोनों मुझे निकल के दे दो.

और हाँ आज मैं होटल नहीं जा पाऊँगी तोह मुझे सोने दो, नींद से मुझे जगाना मत okay.






श्रेया ने माधुरी को दोनों मेडिसिन की गोली दे दी और खुद घर के काम में लग गयी.

[[Kajal Home]]

जैसे hi ध्रुव ने मुझे देखा आ कर मेरी गौड़ में चढ़ गया.

ध्रुव: आप कहा थे भैया, मुझे आपके साथ खेलना है????

[Dhruv ne shikayat karte huye sawal puchh liya.]

अर्जुन: Okay मेरे छोटे भाई, बोलो क्या खेलना है तुम्हे मेरे साथ???

ध्रुव: फुटबॉल.

अर्जुन: Okay चलो फिर खेलते हैं.

मैं और ध्रुव बहार आ गए खेलने के लिए.

हम दोनों को देख कर रश्मिका मौसी भी आ गयी खेलने के लिए, हम तीनो फुटबॉल खेलने लगे.

ध्रुव बहुत hi ज्यादा खुश हो गया.

हम दोनों hi बॉल को ध्रुव को पास कर रहे थे.

जब ध्रुव खेल कर थकने लगा तोह हमने खेलना बंद कर दिया और घर के अंदर आ गए.

इवनिंग हो चुकी थी, मैं अपने रूम के अंदर चला गया कुछ देर सोने के लिए.


जब सो कर उठा तोह डिनर रेडी हो चूका था.

हम सबने एक साथ डिनर कर लिया.

जब सोने की बारी आयी तोह ध्रुव ज़िद्द करने लगा मेरे साथ सोने के लिए.

मैं भी मान गया पर काजल चची का फेस थोड़ा साद दिखने लगा.

मैं, ध्रुव और काजल चची मेरे रूम में सोने चले गए, कुछ hi देर में ध्रुव सो गया.

अर्जुन: ये आपके फेस पर उदासी कैसी है चची???

काजल: क्योंकि, मैंने मैं बना लिया था तुम्हारे साथ थोड़ा रोमांस करने के लिए.

[Kajal ne thoda udaas bhav se kaha.]

अर्जुन: अच्छा तोह ये बात है, okay ध्रुव सो गया है, बोलो क्या करना है मेरी क्वीन को???

काजल: पहले ये बताओ कैसा लगा तुम्हे मेरा गिफ्ट?

अर्जुन: बहुत प्यारा और लाजवाब था आपका गिफ्ट.

काजल: मैंने कहा था न तुम गिफ्ट को कभी भी भूल नहीं पाओगे.

अर्जुन: हाँ आपने सही कहा था इतनी मजेदार गिफ्ट को कोई कैसे भूल सकता है.

अर्जुन: अच्छा बोलो क्या करना है मेरी क्वीन को??? आगे सोना है या फिर थोड़ी मस्ती करना है???

काजल: ज्यादा कुछ नहीं बस थोड़ा सा मेरे साथ रोमांस कर लो.






अर्जुन: अस यू विश माय लवली क्वीन.

धीरे धीरे मैं और काजल चची एक लम्बी फ्रेंच किश में दुब गए.

जब हमारा किसिंग टूटा उसके थोड़े देर बाद hi मैं चची की बूब्स कपडे के ऊपर से hi दबाने लगा और कभी कभी होंठ को भी साथ साथ चूमने लगा.

काजल चची मस्ती की समंदर में गोते लगाने लगी और धीरे धीरे अपनी मुँह से मॉनिंग की आवाज़ निकलने लगी.

मुझे भी अपनी क्वीन के साथ इस पल का बहुत आनंद आने लगा.


[Kuchh Minutes Baad]





हम दोनों बीएड से निचे आ गए और मैंने काजल चची की साडी निकल दिया, साथ hi साथ ब्लाउज भी निकाल दिया और पीछे से चची की पीठ को चूमने लगा.

काजल चची एक बार फिर से मस्त होने लगी.






मैंने चची को ध्रुव के बगल में लिटा दिया और ब्लाउज के ऊपर से hi चची की बूब्स से दूध पिने लगा, काजल चची मॉनिंग करने लगी.

आह हाँ, ऐसे hi मेरी बूब्स को दबाओ अर्जुन, बहुत अच्छा लग रहा है.

अर्जुन: जोर से या फिर धीरे से???

काजल: धीरे धीरे ताकि एक एक पल का मज़ा मिलता रहे.

अर्जुन: मज़ा आ रहा है चची???

काजल: बहुत ज्यादा मजा आ रहा है माय किंग.


20 मिनट्स रोमांस के बाद चची ने अपनी छूट से अपना पानी निकाल दिया.

काजल: मजा आ गया बेबी, इस रोमांस का भी अपना एक अलग hi मजा है.

अर्जुन: बिलकुल.

काजल: Okay! अब मेरी बारी है.

काजल चची ने मुझे ऊपर से पूरा नंगा कर दिया और मेरी पीठ, पेट, गर्दन, गाल, नाभि मेरी हर बॉडी पार्ट्स के साथ खेलने लगी.

आज मुझे पहली बार ऐसा मजा मिल रहा था.

मैं बहुत hi ज्यादा एक्ससिटेड होने लगा.

काजल चची का जब मैं भर गया तोह मेरी पंत और अंडरवियर निकाल दिया और मुझे ब्लोजॉब देने लगी.

क्योंकि मैं पहले से hi एक्ससिटेड था, इसलिए मेरा 20 मिनट्स में hi माल निकल गया जिसे चची बड़े hi प्यार से पि गयी.






मैंने काजल चची को अपने साथ अपनी बाँहों में सुला लिया.





***

That's आल फॉर नाउ, ी होप यू गाइस विल एन्जॉय सम गुड टाइम हेरे, स्टे तुनेड.
 
अपडेट 48

थे अनाउंसमेंट


सुबह मैं और काजल चची घर से निकल गए कॉलेज के लिए.

[Inside The Car]

काजल: क्या बात है माय किंग कुछ परेशां नज़र आ रहा है???

अर्जुन: हाँ वो श्रेया भाभी के साथ मैं कैसे आगे बढ़ पाउँगा????

काजल: क्यों, क्या प्रॉब्लम है श्रेया के साथ???

अर्जुन: क्योंकि हम दोनों एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते नहीं हैं.






काजक: कोई बात नहीं सब टाइम पर छोड़ दो, कुछ न कुछ हो hi जायेगा.

अर्जुन: Okay माय क्वीन.

हम दोनों कॉलेज पहुँच गए.

काजल चची अपने केबिन में चली गयी जबकि मैं कैंटीन चला गया.


[At The College Canteen]

आज कैंटीन में राशि, रोहन और कृति पहले से hi बैठे थे, हम सबने एक दूसरे को विश किया.





राशि: मान्य मान्य कोंग्रटुलतिओन्स अर्जुन, तुमने फाइनल में बहुत hi अच्छा खेला है.

अर्जुन: थैंक्स राशि, बूत मेरे से ज्यादा अच्छा तोह रोहन ने खेला है.

रोहन: थैंक्स अर्जुन लेकिन मैं जनता हूँ की ये पूरा सच नहीं है, क्योंकि कोच सर ने तुम्हे फाइनल के लिए hi बचा कर रखा था.

राशि: क्या मतलब की फाइनल के लिए बचा कर रखा था???

रोहन: यही की हमारे सर चाहते थे की अर्जुन का गेम किसी को नहीं पता चले की वो कैसा खेलता है.

कृति: क्या सच में मेरा भाई इतना अच्छा खेलता है???

रोहन: हाँ कृति दीदी, आपका भाई अर्जुन बहुत hi ज्यादा अच्छा खेलता है.

और तोह और इसे सर टीम का कप्तान बनाना चाहते थे, लेकिन इसने अमित को कप्तान के लिए सुग्गेस्ट किया.

ये कहने लगा अभी तोह मैं कॉलेज में पुरे 4 इयर्स के लिए हूँ, इसलिए अमित को कप्तान बनने का मौका मिलना चाहिए.

कृति: मुझे तुम पर गर्व है भाई, तुम हमेशा ऐसे hi सभी के साथ प्यार से रहना और सभी की हेल्प करना.

अर्जुन: जो मेरी बहन कहे मैं वैसा hi करूँगा, दीदी अब कल से आप डेली सुबह उठ कर रनिंग और एक्सरसाइज करना.

कृति: क्यों भाई कोई खास वजह???






अर्जुन: क्योंकि मैं चाहता हूँ की तुम सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग लो.

कृति: Okay! मैं समझ गयी हूँ भाई, पर मैं सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग कहाँ पर लुंगी????

राशि: अर्जुन के होते हुए आपको कहीं और जाने की क्या जरुरत है???

अर्जुन खुद hi फाइटिंग में एक्सपर्ट है, ये मुझे और मेरी सहेली अमिका को जल्दी hi फाइटिंग की ट्रेनिंग देने वाला है.

कृति: क्या तुम सच में मुझे फाइटिंग सीखा सकते हो भाई???

अर्जुन: हाँ! मेरी बहन क्यों किसी पर देपेंद रहे, वो खुद hi अपनी रक्षा कर सकती है.

कृति: मेरा प्यारा भाई.

[Krithi ne mujhe apne gale se laga liya.]






राशि: ोये छोड़ उसे, जब देखो तब तब उससे छिपकली की तरह लिपट जाती है.

कृति: क्यों, तुम्हे क्यों जलन हो रही है??? ये मेरा भाई है, मैं जब चहु तब उसे गले लगाउंगी तुम्हे क्या प्रॉब्लम है????

राशि: मुझे क्या प्रॉब्लम होगी???

प्रॉब्लम तोह तुम्हारी दीदी अनुपमा को होगी, यदि उसने ऐसे तुम्हे इसके साथ गले लगते हुए देख लिया तोह.

कृति: वो मैं हैंडल कर लुंगी अपनी दीदी को.

राशि: जैसी तुम्हारी मर्जी मुझे क्या????

अर्जुन: Okay! क्लास में नहीं चलना है क्या???

रोहन: नहीं भाई.

अर्जुन: क्यों???

राशि: क्योंकि आज क्लास नहीं होगी.

अर्जुन: क्यों, क्लास नहीं होगी??

कृति: क्योंकि आज रम्य मम ने कॉलेज की क्लास बंद कर दिया है.

अर्जुन: किसलिए???

रोहन: क्योंकि मेरे भाई हम 12 इयर्स बाद क्रिकेट

टूर्नामेंट जीते हैं न तोह रम्य मम ने सभी को स्टेज पर बुलाया है, वो सभी से कुछ बोलना चाहती हैं.

अर्जुन: Okay! कब चलना है स्टेज पर????

राशि: अभी इसी वक्त चलो.

हम सभी स्टेज पर पहुँच गए, साथ hi साथ सभी स्टूडेंट्स भी आ चुके थे.

कुछ देर के बाद रम्य मम भी आ गयी.

रम्य: Hello डिअर स्टूडेंट्स हम सभी प्लेयर्स को सम्मान देना चाहते हैं जिस जिसने भी टूर्नामेंट में पार्टिसिपेट किया था.

सभी प्लेयर्स को रम्य मम ने मैडल पहनाया.

Okay डिअर स्टूडेंट्स अब मैं उन् 3 स्टूडेंट्स को रिवॉर्ड देना चाहती हूँ जिन तीन ने टूर्नामेंट में सबसे बेस्ट परफॉरमेंस दिया है.

सबसे पहला नंबर आता है अमित का जो 6तह सेमेस्टर का स्टूडेंट है.

अमित स्टेज पर चला गया.






ये अमित के लिए 5 लक्ष का चेक है कॉलेज की तरफ से, साथ hi साथ बाकि बचे हुए 2 इयर्स के लिए कोई फी नहीं लिया जायेगा अमित से.

अब दूसरे और तीसरे नंबर पर रोहन और अर्जुन का नंबर आता है.

दोनों hi 1सत सेमेस्टर के स्टूडेंट्स हैं, इसलिए दोनों से 4 इयर्स की फी नहीं ली जाएगी, इसके अलावा बाकि प्लेयर्स की भी 50 परसेंट फी नहीं ली जाएगी.

थैंक यू एंड that's आल.

लास्ट पॉइंट सभी स्टूडेंट्स कोई न कोई गेम अच्छे से सिख सकते हैं, क्योंकि अब ऐसे hi कम्पटीशन होते रहेंगे कॉलेज में.

***

फंक्शन के बाद अमित मेरे पास आया.

अमित: बीआरओ! मुझे तुमसे एक सीरियस बात करनी है, अपना नंबर दे दो मुझे.

अर्जुन: ऐसी क्या सीरियस बात है भाई???

अमित : अरे अरे डरने की कोई बात नहीं है, कोई सीरियस इशू नहीं है.

मैंने अमित को अपना सेल फ़ोन नंबर दे दिया.

अमित: Okay! मैं तुम्हे बाद में कॉल करूँगा.

अर्जुन: Okay.

कृति: तोह अब क्या प्लान है???

राशि: क्यों, न हम कहीं घूमने चले???

रोहन: गुड आईडिया.

अर्जुन: Okay! कहाँ चलना है????

कृति: मुझे तोह किसी पार्क में चलना है.

सभी पार्क जाने के लिए रेडी हो गए.

मैंने काजल चची और कृति मम को मैसेज कर बता दिया की मैं बहार जा रहा हूँ घूमने के लिए.

कुछ hi देर बाद कृति का मैसेज आया.


Kriti's मैसेज: माँ ने तुम्हे और तुम्हारी फॅमिली को आज घर पर डिनर के लिए इन्विते किया है.

अर्जुन ने कृति मम को एक टेक्स्ट कर दिया.

"Okay! हम सब आ जायेंगे."

अर्जुन: हम पार्क जायेंगे कैसे???

रोहन: राशि मेरी बाइक पर चलेगी और तुम दोनों राशि की स्कूटी से.

अर्जुन: Okay! क्या आप तैयार हो दीदी??

कृति: यस भाई, पर थोड़ी सी चेंज है.

***


That's आईटी फॉर थिस अपडेट, ी होप यू गाइस विल एन्जॉय सम गुड टाइम हेरे, स्टे तुनेड.
 
अपडेट 49 इस किंग सून.

आप इस अपडेट में बैकग्राउंड स्टोरी की एक झलक को देख पाएंगे.

# वैरी इमोशनल episode.....

# पैन ऑफ़ अर्जुन एंड कृति.

#11 डेज एंड 49 उपदटेस.

# मोरे इंटरेस्टिंग एंड थ्रिलिंग उपदटेस अरे ों थे वे.
 
अपडेट 49

थे पैन ऑफ़ कृति एंड अर्जुन


कृति: रोहन तुम और राशि स्कूटी से चले जाओ मैं और अर्जुन बाइक से जायेंगे प्लीज.

रोहन: Okay! कोई बात नहीं, हम दोनों स्कूटी से चले जायेंगे, आपको प्लीज कहने की कोई जरुरत नहीं है, आप अर्जुन की बहन हो मतलब मेरी भी बहन हो, okay.

कृति: Okay!

रोहन और राशि दोनों स्कूटी से निकल गए.

कृति: भाई बाइक धीरे धीरे चलना.

अर्जुन: क्यों दीदी क्या बात है, क्या आप ज्यादा स्पीड से डर्टी हैं या फिर अपने भाई पर भरोसा नहीं है???

कृति: दोनों में से कोई भी बात नहीं है भाई, जितनी देर हो सके मैं अपने भाई की बाँहों में होना चाहती हूँ अपनी पहली बाइक राइडिंग पर.

मैंने बाइक स्टार्ट की और कृति दीदी मेरे पीछे मुझे कास कर पकड़ कर बैठ गयी.





कृति: आज मैं बहुत खुश हूँ भाई, आज पहली बार मुझे अपने भाई के साथ बाइक राइडिंग का मजा मिल रहा है और साथ में टाइम स्पेंड करने का मौका भी मिल रहा है.

अर्जुन: मेरा हाल भी कुछ ऐसा hi है दीदी, आज मुझे भी 19 इयर्स के बाद ये मौका पहली बार मिल रहा है.

हम दोनों आराम से बातें करते हुए रोहन और राशि के यहाँ पहुँच गए जो पहले से hi पार्क पहुँच गए थे.

रोहन: इतनी देर कैसे लगा दी भाई तुमने आने में???

कृति: क्योंकि मुझे अपने भाई के साथ एक एक पल का मजा लेना था बाइक राइडिंग का, इसलिए हम धीरे धीरे आ रहे थे आराम से बातें करते हुए.

रोहन: Okay! It's ऑलराइट.






राशि: Okay तोह बताओ कैसे घूमना है एक साथ या फिर अलग अलग???

कृति: तुम दोनों साथ में और हम दोनों साथ में घूमेंगे.

राशि: Okay!

राशि और रोहन दूसरी साइड चले गए घूमने के लिए.

और हम दोनों यहीं पास के hi एक बेंच पर बैठ गए.





कृति दीदी मेरी गौड़ में अपना सर रख कर लेत गयी.

कृति: भाई कितना सुकून लग रहा है आपकी गौड़ में लेटना, ऐसा लग रहा है जैसे मैं 20 इयर्स से इसी पल का इंतज़ार कर रही थी.

अर्जुन: मुझे भी ऐसा hi लग रहा है दीदी, मैं भी इस प्यार को पाने के लिए बहुत तड़पा हूँ.

कृति: पता है भाई घर पर मैं हमेशा अपनी माँ से पूछती थी की माँ क्या मेरी कोई भी मौसी, ममी या बुआ नहीं है जिसकी कोई संतान एक लड़का हो और मैं उसे अपना भाई कह सकूँ और उसकी हाथ पर राखी बांध सकूँ तोह माँ की आँखों में सदा hi मैंने निराशा पाया भाई.

माँ हमेशा कह देती थी की मैं अपनी माँ बाप की एक लौटी संतान हूँ पर वही बात डैड से मैंने पूछा तोह वे कभी भी कुछ नहीं बताते.

माँ से भी डैड की फॅमिली के बारे में पूछा तोह माँ ने कुछ भी नहीं बताया.

अर्जुन: मुझे भी तोह आज तक किसी ने भी राखी नहीं बंधी है दीदी, आप तोह फिर भी लकी हो कृति दीदी की आपको काम से काम अपनी माँ की फॅमिली के बारे में पता है लेकिन मुझे अपनी माँ की फॅमिली के बारे में कुछ भी नहीं पता है.

मुझे नहीं पता की मेरी माँ की कोई भी बहन या भाई है या नहीं, माँ से मुझे कभी भी पूछने की हिम्मत hi नहीं हुयी.

लेकिन कोई बात नहीं माँ की बहन न सही, चची की बहन तोह है और देखो रश्मिका के रूप में मुझे एक इतनी प्यारी मौसी मिल गयी है.

और मेरी अपनी माँ की माँ न सही काजल चची की माँ दिव्या के रूप में नानी मिल गयी और तोह और नदिया नानी जो रश्मिका मौसी की सास है मुझसे कितना प्यार करती हैं, मेरी फवौरीते नानी है नदिया नानी.






कृति: भाई मुझे डर लग रहा है कहीं हम अलग न हो जाये, मुझे तुमसे कोई दूर न कर दे मुझे इसी बात की हमेशा चिंता रहती है भाई.

अर्जुन: किस बात का डर दीदी, हम कभी अलग नहीं होंगे??

कृति: अपनी अनु दीदी का डर है, पता नहीं वो क्या कर दे तुम्हारे साथ, वो पहले भी तुम्हे पसंद नहीं करती थी और मेरा तुम्हे अपना भाई बनाना दीदी को बिलकुल भी पसंद नहीं आया है, वो मर्दों को बिलकुल भी पसंद नहीं करती सिर्फ डैड को छोड़ कर.

अर्जुन: कोई बात नहीं दीदी, मुझे उसकी किसी भी बात का बुरा नहीं लगेगा क्योंकि वो मेरी दीदी की भी दीदी है इसलिए मेरी भी दीदी है, चाहे वो माने या नहीं माने, हम एक दिन अपने प्यार से उन्हें जरूर मन लेंगे.

कृति: तुम इतने अच्छे क्यों हो भाई?? मेरी इस चिंता को तुमने पल भर में दूर कर दिया अपनी बातों से.

कृति ने मुझे अपने साइन से लगा लिया.





इन् दोनों को यहाँ बातें करते हुए 2 हॉर्स हो चुके थे.

ये यहाँ आये थे मस्ती करने के लिए, लेकिन अपनी hi पास्ट की दुःख के सागर में दुब गए थे.

दोनों hi भाई बहन न जाने कितनी hi देर तक एक दूसरे की बाँहों में समाये हुए रहे.

अर्जुन ने hi कृति की बाँहों से निकल कर कहा.

अब हमे घर चलना होगा दीदी.

कृति: क्यों भाई??? कितना अच्छा लग रहा है तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करना.

कृति: मैं कॉलेज से hi ये सोच कर आयी थी की तुम्हारे साथ आज पूरा दिन टाइम स्पेंड करुँगी.

अर्जुन: वो हम फिर किसी दिन आ जायेंगे टाइम स्पेंड करने के लिए लेकिन अभी हमे जाना होगा, क्योंकि कृति मम की माँ ने मेरी पूरी फॅमिली को डिनर पर इन्विते किया है और मेरी फॅमिली में आप भी शामिल हो इसलिए आप भी मेरे साथ चल रही हो.

कृति: भाई लेकिन इसके लिए मुझे माँ या फिर डैड से परमिशन लेनी होगी, साथ hi साथ कॉलेज हॉस्टल से भी परमिशन लेनी होगी.

अर्जुन: Okay! आप अपने घर से परमिशन लीजिये, मैं आपके हॉस्टल से परमिशन ले लेता हूँ.

कृति: Okay!

कृति ने अपनी माँ को फ़ोन कर बता दिया की आज वो काजल मम के घर पर रहेंगी.

और मैंने काजल चची से कृति के लिए परमिशन ले लिया.

कृति: अब क्या करना है भाई???

अर्जुन: पहले हमे मॉल जाना है, आपके लिए एक नई ड्रेस लेना है, उसके बाद हम घर चलेंगे.

कृति: Okay!

रोहन और राशि को बता दो की हम दोनों घर जा रहे हैं, उन्हें हम दोनों का यहाँ पर वेट नहीं करना है, जब उन् दोनों का घूमना हो जायेगा तोह वे दोनों घर चले जायेंगे.

मैंने रोहन और राशि को कॉल करके बता दिया की हम घर जा रहे हैं उसकी बाइक को साथ ले कर.

मैं और कृति दीदी मॉल चले गए, वहां मैंने कृति दीदी को एक नई ड्रेस दिलाया.

मैं और कृति दीदी घर पहुँच गए.

काजल चची पहले hi घर पहुंच गयी थी क्योंकि मैंने चची को पहले hi बता दिया था की मैं कृति दीदी के साथ आऊंगा पार्क से घूम कर.

ध्रुव ने जैसे hi कृति दीदी को मेरे साथ देखा तोह वह बोल पड़ा.

"भैया ये दीदी आपके साथ कौन है????"

अर्जुन: छोटे भाई तुमने पहले hi इसे दीदी बोल दिया है, ये हम दोनों की छोटी दीदी है.

ध्रुव: और बड़ी दीदी कौन है भैया????

अर्जुन: वो भी जल्दी hi तुमसे मिलेगी मेरे भाई.

ध्रुव: याहू! मुझे 2, 2 दीदी मिल गयी है.

ध्रुव ने जोर से कृति की और दौड़ लगा दिया.


कृति दीदी ने ध्रुव को अपनी गौड़ में उठा लिया.

काजल चची ने रश्मिका मौसी, नदिया नानी और श्रेया तीनो को कृति के बारे में बताया.

तीनो ने एक hi बात कही.

"कितनी ब्यूटीफुल बच्ची है, बिलकुल किसी पारी के जैसी सुन्दर है."

कृति: मुझे ब्यूटीफुल तोह होना hi था, आखिर मैं अपने भाई की बहन जो हूँ.






रश्मिका: तुमने बिलकुल सही कहा कृति. अर्जुन की दीदी भला कैसे ब्यूटीफुल, केयरिंग और इंटेलीजेंट नहीं होगी.

[[Some Minutes Later]]

हम सब रेडी हो कर कृति मम के घर की और निकल गए.

श्रेया भी हमारे साथ hi थी, माधुरी आंटी अपने होटल चली गयी थी.

कुछ देर की ड्राइविंग के बाद हम कृति मम के घर के बहार थे.

***

That's आल फॉर थिस episode, एन्जॉय थे अपडेट एंड स्टे तुनेड.
 
अपडेट 50

डिनर ात कृति होम

रिकैप: पिछले अपडेट में हमने पढ़ा था की अर्जुन और कृति पार्क गए थे जहाँ दोनों काफी इमोशनल हो गए थे पहली बार दोनों एक दूसरे के फॅमिली के बारे में बात कर रहे थे एक तरफ जहाँ कृति को अपने पिता के फॅमिली के बारे में कोई जानकारी नहीं थी वहीँ अर्जुन को अपनी माँ के फॅमिली के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

नाउ नेक्स्ट>>>


[Arjun family at Kriti Home]

हम कृति मम के घर के बहार खड़े थे.

रश्मिका मौसी ने दूर बेल्ल बजायी, कुछ देर के बाद कृति मम की भाभी शिवांगी ने दरवाजा खोला, हम सभी अंदर आ गए.

घर पर सरिया मम भी थी, शायद उन्हें कृति मम ने बुला लिया होगा, अंदर चार चार ब्यूटीफुल लेडीज थी जो किसी को घायल कर दे अपनी एक झलक से, सुंदरता की मूर्ति थी चारो की चारो.

1. कृति मम: मेरा लव एंड टीचर, इसके बारे में कोई डिटेल्स नहीं, क्योंकि ये स्टोरी में एक लीडिंग करैक्टर है, इसके लिए इसके बारे में समय के साथ पता चलता रहेगा.






2. शिवांगी: कृति मम की भाभी, इसकी सुंदरता के क्या hi कहने, बड़ी hi हसीं और ब्यूटीफुल लेडी है, एक, एक बॉडी पार्ट्स की शेप कमाल की है, ये जितनी ब्यूटीफुल और हॉट है उतनी hi सभी से प्यार करने वाली है और सबको हमेशा रेस्पेक्ट देने वाली है, यानि की ये बिलकुल hi एक आदर्श इंडियन महिला है.

इनके हस्बैंड ज्यादातर बहार hi रहते हैं और साल में सिर्फ कुछ hi दिनों के लिए आते हैं.






3. सितारा: कृति मम की माँ. आगे हो गयी है फिर भी ये अभी भी कमाल की और काफी हसीं दिखती है.

हस्बैंड की डेथ हो चुकी है बहुत पहले देय तो ब्लड कैंसर.

नोट: ब्लड कैंसर, It's ा सीरियस डिजीज.

सिम्पटम्स: वेट लोस्स, माउथ अलसर एंड वीकनेस ेट्स.

कॉज: उनकंट्रोलड ग्रोथ ऑफ़ वाइट ब्लड सेल्स इन आवर बॉडी एंड एंलार्जेद लिम्फस नोड्स.

ओनली 70 परसेंट चान्सेस ऑफ़ पेशेंट्स सर्वाइवल.

आफ्टर क्योर ओनली 15 परसेंट लाइव 5 इयर्स और मोरे. इतर पेशेंट्स 5 इयर्स से पहले hi दुनिया छोड़ कर चले जाते हैं.

ये अपडेट मेरे उस फ्रेंड को डेडिकेटेड है जिसकी डेथ ब्लड कैंसर के कारन हो गयी है.






4. सरिया: मेरी कॉलेज की फिजिक्स टीचर, सुंदरता की डेफिनिशन है ये और कृति मम की बेस्ट फ्रेंड भी है.





काजल चची ने श्रेया भाभी का सबसे इंट्रोडक्शन कराया, क्योंकि इन्हे कोई नहीं जनता था चारो में से.

ये है श्रेया हमारी पड़ोसन, हमारी फॅमिली मेंबर्स की तरह है, इसलिए हम इन्हे भी साथ ले आये हैं.

शिवांगी: जी आपने बहुत hi अच्छा किया, हमे इनसे मिल कर ख़ुशी हुयी, बहुत प्यारी लेडी है ये.

काजल: और बाकि सब को तोह आप सब जानते hi हैं, ये है कृति.

सरिया बिच में hi बोल पड़ी रुकिए.

इनका इंट्रोडक्शन मैं दे देती हूँ.

ये है कृति हमारे कॉलेज में hi पढ़ती है, हमारे कॉलेज की सबसे ब्यूटीफुल और इंटेलीजेंट गर्ल.

काजल: जी नहीं ये पूरा इंट्रोडक्शन नहीं है, ये है मेरे बेटे अर्जुन और ध्रुव की छोटी दीदी कृति.

सरिया: क्या कृति अर्जुन की बहन है, ये कब हुआ????

काजल: जब अर्जुन का अनुपमा से लड़ाई हुआ था, उसके 2 डेज बाद hi इसने अर्जुन को अपना भाई बना लिया और अर्जुन ने इसे अपनी बहन.

एक को एक भाई मिल गया जबकि दूसरे को एक बहन, जिनके लिए ये दोनों हमेशा से तरस रहे थे बचपन से.






शिवांगी: जी बहुत अच्छा किया अर्जुन ने. ऐसे hi हमेशा सबसे प्यार करते रहना जमाई जी.

बेचारा अर्जुन तोह जमाई जी वर्ड सुन कर शर्माने लगा.

सितारा: देखो तोह कैसे शर्मा रहा है????

अर्जुन: नहीं आंटी ऐसी कोई भी बात नहीं है.

सितारा: अब आगे से मुझे कभी आंटी कहा न तोह तुम्हे मैं अपनी बेटी नहीं दूंगी और सुना है तुम कृति बेटी को भी मम बोलते हो.






कृति: बिलकुल सही बोलता है मेरा भाई, मैं भी इनको मम hi कहूँगी जब तक मैं कॉलेज में हूँ.

कृति: काम से काम तुम तोह मेरा साथ दो कृति.

ये मुझे मम बुलाता है और अब तुम भी मुझे मम hi कहोगी.

कृति: जी बिलकुल.

शिवांगी: लगता है दोनों भाई बहन एक hi थाली के छत्ते बट्टे हैं.






सरिया: दो नहीं तीन.

शिवांगी: तीन कौन???

सरिया: तीसरी ये कृति और कौन???

ये तीनो बिलकुल एक जैसे हैं.






रश्मिका: ये तोह होना hi था, क्योंकि जैसी बहन वैसा भाई और वैसे hi भाई की लवर, हाहाहा.

नदिया नानी: सही कहा तुमने बिलकुल रश्मिका बेटी, सभी एक जैसे hi हैं, तभी तोह ये तीनो एक साथ हैं.

कृति: ध्रुव! तुम मुझे क्या कहोगे???

ध्रुव: मम.

कृति: मम क्यों???

ध्रुव: क्योंकि मेरे भैया आपको मम बुलाते हैं तोह मैं भी मम hi कहूंगा न.

शिवांगी: लो एक और आ गया अपने भाई का चमचा.

काजल: और नहीं तोह क्या??

मेरा अर्जुन है hi इतना प्यारा की सभी उसकी बात मानते हैं और मेरा ध्रुव ने तोह अपने बड़े भाई की छाया बनने के लिए hi जनम लिया है. ये सदा अपने बड़े भाई की बात मैंने वाला है.

रश्मिका: आपने बिलकुल सही कहा दीदी, ये ध्रुव पिद्दी तोह सबसे ज्यादा अपने बड़े भाई की hi बात मंटा है.

ध्रुव: हाँ, क्योंकि मेरे भैया सबसे बेस्ट हैं, मेरे भैया जैसा कोई नहीं है.

"और ये कैसी है???"

शिवांगी ने अपनी फिंगर कृति की तरफ करते हुए कहा.

ध्रुव: मुझे क्या पता ये मम कैसी हैं?? मैं इसे ठीक से जानता भी नहीं हूँ.






कृति: मैं तुम्हारी भाभी हूँ.

ध्रुव: ये कब हुआ?? आप तोह मम हो न, जैसे आप भैया की मम हो, तोह आप मेरे भी मम hi हुयी न???

कृति: नहीं ध्रुव मैं तुम्हारे भैया के लिए मम हूँ, लेकिन मैं तुम्हारे लिए तुम्हारी भाभी हूँ.

ध्रुव: ये कैसा लॉजिक है???

कृति दीदी भैया की दीदी है तोह मेरी भी दीदी है, तोह फिर जब आप भैया की मम तोह मेरी भी मम हुयी न.

कृति ने काजल चची की तरफ आस भरी नजरों से देखा.

काजल: नहीं ध्रुव! आज से तुम इसे भाभी hi बोलोगे.

ध्रुव: Okay मुम्मा!

ध्रुव ने अर्जुन की तरफ देखा अर्जुन ने भी इशारे से हाँ कह दिया.

ध्रुव: Okay! आज से आप मेरी भाभी हुयी, मैं आपको अब भाभी कहूंगा.

कृति: चलो कोई तोह मेरे साइड हुआ तीनो भाई बहन में.

ध्रुव: लेकिन इसके लिए आपको मेरी बात माननी पड़ेगी.

कृति: कैसी बात ध्रुव???

ध्रुव: आपको भी मेरा दोस्त बन कर मेरे साथ खेलना होगा.

कृति: Okay और कोई शर्त???

ध्रुव: मुझे आइसक्रीम बहुत पसंद है मुझे खिलानी पड़ेगी जैसे भैया खिलते हैं.

कृति: मुझे मंजूर है.

सितारा: Okay! अब बहुत हो गयी बातें, अब सभी पहले खाना खा लेते हैं, फिर आराम से बातें करेंगे.

डिनर पहले से hi रेडी हो गया था.

शिवांगी: Okay! आप सब बैठ जाइये.

मैं और सरिया भोजन ले कर आते हैं.

सभी डाइनिंग टेबल पर बैठ गए खाना खाने के लिए जबकि सरिया सुर शिवांगी दोनों भोजन लेन के लिए चले गए.

भोजन में बहुत साडी डिशेस थी जैसे की फिश मटन, पनीर, राइस, रोटी और मेरी फवौरीते डिश छोले भठूरे भी.

भोजन बहुत स्वादिष्ट बना था.

अर्जुन एंड कृति: वाओ! क्या टेस्टी भोजन बना है, लगता है जैसे बनाने वाला का हाथ चुम लू इतना डिलीशियस है.






नदिया: ये देखो, दोनों भाई बहन एक साथ और एक hi बात बोले, लगता है इन् दोनों की जोड़ी खूब जमेगी.

कृति: भोजन मेरी भाभी और सरिया मम ने बनाया है, अब बोलो चुम पाओगी अपनी सरिया मम का हाथ.

कृति बेचारी कुछ बोल hi न सकीय और न hi बेचारा अर्जुन कुछ बोल पाया, खैर सबने भोजन समाप्त किया.

सितारा: काजल जी आप मेरे साथ थोड़ी देर के लिए मेरे रूम में चलिए, मुझे आपसे कुछ बातें करनी है.

काजल: जी जरूर, चलिए.

दोनों उठ कर सितारा के कमरे में चली गयी.


[[Sithara Room]]

काजल: जी बोलिये, क्या बात है जो आपको मुझसे अकेले में करनी है???

सितारा: जी मैं ये पूछना चाहती हूँ की क्या आपने अर्जुन की मम्मी पापा से इस रिश्ते के बारे में बात कर लिया है????

काजल: जी नहीं किया है अभी तक बात, कोई दिक्कत है क्या??

सितारा: जी कोई भी दिक्कत नहीं है, फिर भी यदि आप एक बार उनसे बात कर लेते तोह अच्छा रहता, क्योंकि आखिर उनका hi फैसला अंतिम होगा न दोनों के रिश्ते के बारे में.

काजल: आपने मुझे हर्ट किया है ये कह कर संधान जी.

अर्जुन के बारे में मैं जो भी फैसला लून उसे कोई नहीं बदल सकता और मैं hi क्यों मेरी छोटी जुड़वाँ बहन रश्मिका भी अर्जुन के बारे में जो फैसला ले उसे भी कोई नहीं बदल सकता है.

हम तीनो ने hi अर्जुन को अपनी प्यार से बड़ा किया है और हम तीनो hi अर्जुन से बराबर प्यार करते हैं.

और अर्जुन हम तीनो से hi बराबर प्यार करता है, आप ये समझ लीजिये की हम तीनो hi अर्जुन की माँ हैं.






सितारा: जी मुझे माफ़ कर दीजिये मुझे आप सब के प्रेम के बारे में पता नहीं था.

काजल: जी कोई बात नहीं आपसे अनजाने में भूल हुयी है, इसलिए मैं आपको माफ़ करती हूँ.

फिर भी मैं आपके सामने hi रवीना दीदी से इस रिश्ते के बारे में बात कर लेती हूँ.

काजल ने रवीना को कॉल लगा दिया.


[On Phone Call]

रवीना: हाँ बोलो काजल किसलिए कॉल किया???

काजल: जी दीदी अर्जुन को एक लड़की से प्यार हो गया है और उस लड़की को भी अर्जुन से इसलिए मैंने उन् दोनों का रिश्ता पक्का कर दिया है.

रवीना: ये तोह बहुत ख़ुशी की बात है, तुमने फैसला कर लिया है तोह उसे कोई भी नहीं बदल सकता है, तोह बताओ कौन है हमारी बहु रानी??






काजल: जी वो उसकी टीचर है.

रवीना: वह! मेरे बेटे को प्यार हुआ भी तोह अपनी hi टीचर से, खैर बताओ शादी कब है, हमे कब आना है वहां पर???

काजल: जी अभी शादी तोह अर्जुन के कॉलेज ख़तम होने के बाद hi होगी, अभी सिर्फ रिश्ता hi पक्का किया है मैंने.

रवीना: बहुत अच्छा और कुछ बताना है क्या???

काजल: जी वो लड़की की माँ मेरे सामने hi है, आप इनसे बात कर लीजिये.

रवीना: ठीक है उन्हें फ़ोन दे दो.


[Sithara on call]

सितारा: जी नमस्ते संधान जी.

रवीना: जी नमस्ते, कहिये क्या बात करना है आपको और हाँ जो भी बात हो आप काजल से कर लीजिये या रश्मिका से?

हम तीनो hi अर्जुन की माँ हैं और अर्जुन हम तीनो से hi बराबर प्यार करता है.

सितारा: जी समझ गयी बहुत प्यारा फॅमिली है आपका.

और आपका अर्जुन भी बहुत लकी है जिसे आप तीनो अर्जुन की माँ के रूप में मिली हो.

रवीना: जी लकी तोह आप भी हैं, आप भी तोह अर्जुन की सासु माँ हैं.

आप चाहे तोह आप भी उसे अपना बीटा बना लीजिये उसका प्यार काम नहीं होता है बल्कि और बढ़ता जाता है, हमे कोई ऐतराज़ नहीं होगा.

सितारा: जी अभी कुछ देर पहले hi मैंने अर्जुन से यही कहा था की अब मुझे माँ कह कर बुलाना.

रवीना: जी बहुत अच्छा किया आपने और कोई बात???

सितारा: जी कोई बात नहीं मैं फ़ोन रखती हूँ.

रवीना: जरूर.


[Call Disconnected]

सितारा: जी काजल जी, आप मुझे अर्जुन की फॅमिली के बारे में बताइये.

काजल: जरूर! मेरे हस्बैंड एक आईपीएस अफसर हैं, मेरे पिता जी की डेथ हो गयी हैं, माँ दूसरी सिटी में रहती है अपने केयर टेकर काम बहन जैसी दोस्त के साथ.

रश्मिका के हस्बैंड ने अभी कुछ दिन पहले hi अर्जुन के पापा की पोलिटिकल पार्टी ज्वाइन कर लिया है.

अर्जुन के डैड इस स्टेट के चीफ मिनिस्टर हैं.

सितारा: इसका मतलब क्या अर्जुन महेंद्र अग्रवाल का बीटा है???

काजल: जी आपने बिलकुल सही समझा है.

सितारा: विश्वास नहीं होता है जिसके डैड स्टेट के चीफ मिनिस्टर हैं वो इतना सिंपल और नेक है, थोड़ा सा भी घमंड नहीं है अर्जुन में.

काजल: वैसे अर्जुन के बारे में बहुत साडी बातें हैं बताने के लिए, लेकिन मैं हाल फ़िलहाल की एक इंसिडेंट आपको बताती हूँ.

कुछ दिन पहले hi कॉलेज में अर्जुन आपकी बेटी को देख रहा था जिसके कारन गलती से उसने एक लड़की के ऊपर कॉफ़ी गिरा दिया उस लड़की ने अर्जुन को बहुत hi बुरा भला कहा और एक थप्पड़ भी गाल पर जड़ दिया और अर्जुन को ये कह कर धमकी दी की मेरा बाप मला है मैं तुम्हे इस कॉलेज से निकल व दूंगी.

ये बात डीन तक पहुँच गयी, मुझे और कृति को उस लड़की को समझाना पड़ा.

फिर भी वो लड़की अपनी ज़िद्द पर अदि रही लेकिन उस लड़की की छोटी बहन उस लड़की को वहां से लेकर चली गयी और जानती हो वो दोनों लड़की कौन है.

सितारा: जी कौन हैं????

काजल: एक कृति और दूसरी उसकी बहन.

सितारा: क्या???

काजल: जी! अर्जुन के इसी अच्छे के कारन कृति ने अर्जुन को अपना भाई बना लिया है.

क्योंकि जिसके डैड स्टेट के कम हो, जिसकी चची कॉलेज की टीचर हो और कृति उसका प्यार हो फिर भी उसने किसी के बारे में कुछ नहीं बताया और चुप चाप उस लड़की की हर बात को सुनता रहा.

सितारा: जी अब मैं सब कुछ समझ गयी हूँ, जिसके पास ऐसा करैक्टर हो ऐसी सहन शीलता हो भला उस लड़के से मेरी बेटी को प्यार कैसे नहीं होता????

काजल: और कोई बात जननी है आपको????

सितारा: जी नहीं.

काजल: जी अब हमे जाने की परमिशन दीजिये तोह फिर.


सितारा: जी परमिशन है चलिए.

***

सभी ने एक दूसरे से विदा लिया और घर के लिए निकल गए, कुछ hi देर बाद सभी अपने घर के बहार थे.

***

काजल: श्रेया कैसी लगी तुम्हे अर्जुन की नयी फॅमिली??






श्रेया: जी बहुत अच्छी लगी, सभी बहुत अच्छे हैं, लेकिन मुझे तोह कृति की भाभी शिवांगी सबसे अच्छी लगी.

काजल: वो तोह होना hi था, क्योंकि तुम दोनों का अर्जुन के साथ एक जैसा hi रिश्ता है.

अर्जुन और तुम्हारा देवर भाभी का जबकि अर्जुन और शिवांगी का जीजा और सलहज का, ये दोनों रिश्ते एक जैसे hi तोह होते हैं.

रश्मिका: और तुम्हे कैसी लगी कृति अपने भाई की नयी फॅमिली???

कृति: जी बहुत अच्छी, सभी बहुत अच्छे हैं और कृति मम मेरी सबसे फवौरीते टीचर है.

रश्मिका: क्यों?? मेरी दीदी काजल अच्छा नहीं पद्धति हैं क्या???

कृति: जी ऐसा बिलकुल भी नहीं है, एक्चुअली उनका सब्जेक्ट कंप्यूटर है और मेरा फवौरीते सब्जेक्ट कंप्यूटर है.

काजल: कोई बात नहीं, मेरी कृति अपनी काजल मम को सबसे ज्यादा पसंद करे या कृति को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.

नदिया: Okay! रात बहुत हो चुकी है, ान सभी सोने चलो, बातें बाद में भी फिर कभी हो जाएगी

***

कृति को काजल चची अपने रूम में ले गयी सोने के लिए.

श्रेया को रश्मिका मौसी अपनी साथ ले गयी और नदिया नानी अपने रूम में चली गयी.

अर्जुन और ध्रुव दोनों भाई एक रूम में सो गए.






***

[College Hostel]

अनुपमा आज बहुत परेशां थी, क्योंकि उसे कृति के बारे में कुछ भी पता नहीं था, कृति का फ़ोन भी स्विच ऑफ आ रहा था.

उसे सिर्फ इतना पता चला था की कृति अर्जुन के साथ उसके घर गयी है.

अनुपमा पहले से hi गुस्सा थी अर्जुन पर.

अब उसका गुस्सा और भी बढ़ गया था अर्जुन पर, क्योंकि अर्जुन ने कृति को न सिर्फ अपनी बहन बना लिया था बल्कि अब वो उसे अपने घर भी ले जाने लगा है.

जब रात में उसकी सोने की बारी आयी तोह उसे नींद hi नहीं आ रही थी, क्योंकि उसे हमेशा अपनी बहन के साथ hi सोने की आदत थी.

अनुपमा, अर्जुन को अपने मैं में गली दे रही थी

कुत्ते ने आज मेरी hi बहन को मुझसे दूर कर दिया.

एक नंबर का कमीना है, साला जाहिल और गवर, आने दो कृति को उसे भी मैंने सबक नहीं सिखाया तोह मेरा नाम भी अनुपमा नहीं.


***

That's आल फॉर थिस episode माय डेरा फ्रेंड्स, स्टे तुनेड विथ थिस ब्यूटीफुल जर्नी, वर्ड्स काउंट 2.4क.
 
अपडेट 51

श्रेया एंड अर्जुन


रिकैप: इन थे प्रीवियस अपडेट हमने पढ़ा था अर्जुन और अर्जुन की पूरी फॅमिली कृति के घर गयी थी जहाँ कृति की माँ सितारा और अर्जुन की माँ रवीना ने एक दूसरे से बात किया था जिसमे ये फिक्स हुआ था की अर्जुन और कृति की शादी अर्जुन के कॉलेज एन्ड होने के बाद होगी.

नाउ नेक्स्ट>>>


अर्जुन सुबह 5 बजे उठ कर रनिंग और वर्कआउट करने के लिए चला गया.

ये उसका डेली रूटीन था, पिछले 8 इयर्स से शायद hi किसी किसी दिन वो वर्कआउट नहीं कर पति था.

वहीँ जब काजल की आईज खुली तोह कृति अभी भी सो रही थी.






कृति बिलकुल hi किसी पारी के जैसे लग रही थी.

काजल मैं में सोच रही थी कितनी प्यारी है मेरी बेटी.

खैर कुछ देर बाद काजल ने कृति को नींद से जगा दिया.

कृति: गुड मॉर्निंग मम.

काजल : गुड मॉर्निंग मेरी स्वीटी! Okay, अब जा कर फ्रेश हो जाओ.

तुम्हे अभी हॉस्टल भी जाना होगा जल्दी, क्योंकि तुम्हे क्लासेज भी अटेंड करनी है.

कृति फ्रेश हो कर 20 मिनट्स में hi रेडी हो गयी, अर्जुन उसे कॉलेज छोड़ कर वापस घर लौट आया.


[College Hostel]

जैसे hi कृति रूम के अंदर आयी अनुपमा उस पर बरस पड़ी.





अनुपमा: अब तुम उस कुत्ते हरामी के लिए मुझे यहाँ रात में अकेली छोड़ कर चली गयी तुम.

तुम जानती नहीं हो की मुझे तुम्हारे साथ सोने की आदत है, तुम्हारे बिना मुझे नींद नहीं आती है, और तोह और तुमने अपना फ़ोन भी स्विच ऑफ कर रखा था.

मुझे एक बार भी तुमने बताना जरुरी नहीं समझा वह क्या बात है.






कृति: दीदी मैंने आपको नहीं बताया ये गलत किया, पर आप उसे गली दे कर अपने hi भाई को गली दे रही हो और ये आप सही नहीं कर रही हो.

अनुपमा: वो हरामखोर कुत्ता मेरा भाई नहीं हो सकता है.

साला हरामी की औलाद पता नहीं तुम पर उसने क्या जादू कर दिया है जो तुम उसके खिलाफ कुछ भी नहीं सुन्ना चाहती हो.

कृति: दीदी आप उससे पसंद नहीं करती कोई बात नहीं है पर आप उसे मेरे hi सामने गली मत दीजिये.

मैंने उसे दिल से अपना भाई बनाया है दीदी, जानती हो जब मैं उसके गले लगती हूँ तोह मुझे ऐसा लगता है जैसे की वो मेरा अपना सागा भाई है.

उसके बाँहों से निकलने का मैं hi नहीं करता दीदी.

ऐसा अपना पैन फील होता है मुझे, प्लीज कभी भी मेरे सामने मेरे भाई को गली मत देना, प्लीज इतनी छोटी सी बात अपनी इस बहन की मान लो और मैं आपसे कुछ भी नहीं चाहती हूँ.

अनुपमा: क्यों न गली दूँ उस कुत्ते की औलाद को जिसने मेरी hi बहन को मेरे hi खिलाफ कर दिया है, आज उस कुत्ते के लिए तुम मुझसे उलझ रही हो.

कृति: मैं आपसे उलझ नहीं रही हूँ दीदी, मैं तोह सिर्फ आपको उसके नेचर के बारे में आपको बताना चाहती हूँ जिससे सब इतना ज्यादा प्यार करते हैं.

अनुपमा: नेचर हँ माय फुट.

साला हरामी ने मेरी hi बहन को आज मुझसे छीन लिया ऐसा लगता है.


अनुपमा रूम से रट हुए बहार निकल गयी.





वहीँ कृति भी रूम में hi फुट फुट कर रोने लगी.





आखिर कैसे न कृति की आँखों से आंसू निकलता उसने अर्जुन को दिल से जो अपना भाई मान लिया था.

[Back to Kajal Home]

ध्रुव स्कूल जा चूका था.

काजल और अर्जुन दोनों ब्रेकफास्ट करके कार से कॉलेज के लिए निकल गए.






अर्जुन ने अपनी क्वीन की लिप्स को थोड़ा सा चूस लिया कार से उतरने से पहले.

काजल: तुम बिलकुल hi बेशरम हो गए हो माय किंग, तुमने मेरी लिपस्टिक ख़राब कर दिया, अब फिर से लगाना पड़ेगा.

________


[Kajal Home]

अर्जुन और काजल के जाने के बाद श्रेया घर पर आ गयी रश्मिका से कुछ बात करने के लिए.

[Rashmika and Shreya]

श्रेया: रश्मिका दीदी आपको पहली बार कैसा फील हो रहा था अर्जुन के साथ इंटरकोर्स करके????





रश्मिका: ये इंटरकोर्स क्या बोल रही है, सीधा सीधा बोल न चुदाई कर के???

श्रेया: जी वही.

रश्मिका: सीधा बोल तभी मैं पूरी बात बताउंगी.






श्रेया: जी आपको अर्जुन के साथ कैसा लगा था पहली बार चुद करके???

रश्मिका: मेरी तोह जान hi निकाल दिया था उसने अपने 10" लम्बे और 4" मोठे लुंड से छोड़ कर, आँख से आंसू निकल रहा था, पूरी बॉडी दर्द कर रहा था.

अगले दिन बिस्टेर पर से उठ भी नहीं पायी थी इतना दर्द हुआ था.

लेकिन सच कहूं तोह मुझे इतना मज़ा अपनी सुहागरात में भी नहीं आया था जितना मजा अर्जुन ने दिया है.

पूरी छूट के पर खचे उदा दिया थे उसने इतना बुरी तरीके से छोड़ा था उसने.

सभी महिला का मैं होता की कोई उसे ऐसे hi बुरी तरह से चोदे की पूरी बॉडी की नस नस को ढीला कर दे.

श्रेया: हाय राम इतना बड़ा है अर्जुन देवर जी का, मेरे पति का तोह सिर्फ 4.5" का है और 1.5" मोटा है.

मतलब की उसके लुंड की लम्बाई मेरे पति से डबल से भी 1" ज्यादा है साथ hi साथ मोटाई भी डबल से 1" ज्यादा है.

रश्मिका: फिर सोच लो आज तेरी क्या हालत होने वाली है जब उसका दानवी लुंड तुम्हारी छूट में जायेगा???

श्रेया: हाँ उसके लुंड के बारे में hi सोच कर डर लग रहा है, पता नहीं अर्जुन मेरी छूट की क्या हालत करने वाला है???

रश्मिका: अरे चुड़ते टाइम दर्द तोह होगा, पर मजा भी बहुत आएगा यकीं करो, तुम एक बार अर्जुन के साथ चुद लेने के बाद बार बार उसका लुंड अपनी छूट में लेना चाहोगी.

अर्जुन, रोहन की बाइक घर से ले जाना भूल गया था, इसलिए दोनों दोस्त राशि की स्कूटी से घर आये तोह इन् दोनों ने hi रश्मिका और श्रेया की बात सुन लिया.

दोनों दोस्त स्कूटी और बाइक से वापस कॉलेज के लिए चले गए.


[AT COLLEGE CAMPUS]

अर्जुन उदास था, क्योंकि रोहन को रश्मिका, श्रेया और अर्जुन का सच पता चल गया था.

रोहन: चिल बीआरओ! मैं किसी को तुम्हारा सीक्रेट नहीं बताने वाला हूँ, मुझे अपनी माँ की कसम है और तुम्हारी दोस्ती की भी कसम है.

रोहन की बात सुन कर अर्जुन के फेस पर स्माइल आ गयी.

रोहन: हाँ ऐसे hi खुस रहा कर दोस्त और अपनी लाइफ के मज़े लो.

अर्जुन: ऐसा कुछ नहीं है दोस्त.

अर्जुन ने रोहन को रश्मिका और श्रेया दोनों की प्रॉब्लम बता दिया.

रोहन: कोई बात नहीं.

तुम्हे उन् दोनों की हेल्प करने के लिए ये सब करना पद रहा है, लेकिन भाई क्या सच में तुम्हारा लुंड उतना बड़ा है जितना मैंने सुना है??

अर्जुन: अब मैं क्या तुम्हे खोल कर दिखाऊ क्या अपना लुंड???

रोहन: नहीं बीआरओ! मैं तोह बस ऐसे hi जस्ट अपनी क्यूरोसिटी के लिए पूछ रहा था.

नहीं दिखने की जरुरत नहीं है और मैं देख कर भी क्या करूँगा भाई???

अर्जुन: Okay रोहन, ये मेरे सीक्रेट्स तुम्हारे पास सेफ होना चाहिए.

रोहन: बिलकुल दोस्त, मुझे तुम्हारी फ्रेंडशिप से हाथ नहीं धोना है.

मुझे मेरा फ्रेंड चाहिए बस जो सभी की हेल्प के लिए कुछ भी कर जाता है.

1)) तुमने मार्किट में उस औरत की रक्षा किया.

2)) तुमने अनु भाभी की हेल्प की जब तुम बहुत छोटे थे, फिर भी बिना अपनी जान की परवाह किये hi भीड़ गए दोनों गुंडे से.

3)) तुमने कृति से पहले दोस्ती की और अब उसे अपनी बहन भी बना लिया है ये जानते हुए भी की वो उसी अनुपमा की बहन है जिसने तुम्हारी सभी के सामने इतनी इंसल्ट किया, ये तुम्हारी सहन शीलता को शो करती है.

4)) और रश्मिका और श्रेया की भी उनकी प्रॉब्लम के कारन hi तुम ये सब कर रहे हो.

ऐसा सिर्फ मेरा दोस्त अर्जुन hi कर सकता है.

कॉलेज की छूती के बाद काजल और अर्जुन दोनों वापस घर लौट आये.

सभी ने मिल कर लंच किया.

रश्मिका: अर्जुन तुम श्रेया भाभी के घर चले जाओ, वो तुम्हारा इंतज़ार कर रही है.

अर्जुन: जैसा आप कहे मौसी.

अर्जुन घर से निकल कर अपनी श्रेया भाभी के घर चला गया.

घर का दरवाजा खुला hi था, माधुरी आंटी होटल में थी.

अर्जुन घर के अंदर चला गया और अंदर से दरवाज़ा लगा लिया.

अर्जुन जब श्रेया के रूम में पहुंचा तोह उसकी खूबसूरती को देखता hi रह गया.






श्रेया पूरी तरह से दुल्हन की तरह सज धज कर अर्जुन का hi वेट कर रही थी.





इससे पहले hi श्रेया ने अपनी छूट की बाल क्लीन कर लिया था.

छूट पूरी तरह से चमका लिया था जिसे वो आज पहली बार अपनी साजन अर्जुन को गिफ्ट के रूप में देने वाली थी.

अर्जुन अभी भी श्रेया की खूबसूरती को एक तक निहार रहा था, उसका ध्यान तब टुटा जब श्रेया ने उसे पुकारा.

ऐसे क्या देख रहे हो अर्जुन देवर जी???

अर्जुन: देख रहा हूँ मेरी श्रेया कितनी खूबसूरत लग रही है इस दुल्हन की ड्रेस में.

माथे पर पिंक चुन्नी, गले में गोल्ड का जेवर, हाथों में रेड बँगलेस, नोज में बाली और कान में इयररिंग्स.

श्रेया बिलकुल किसी नयी नवेली दुल्हन की तरह सजी हुयी थी जैसे आज hi ये उसका पहली बार हो, वैसे ये कुछ हद तक सही भी था.

श्रेया भाभी का आज मेरे साथ ये पहली बार hi था.

श्रेया: अब इस खूबसूरती के तुम मालिक बन गए हो देवर जी, तुम्हारे लिए hi तोह मैं इतना सज धज कर दुल्हन की तरह तैयार हुयी हूँ.

लूट लो आज मेरी इस खूबसूरती को और बना लो मुझे अपना हमेशा हमेशा के लिए.

अर्जुन: जरूर भाभी, ऐसी खूबसूरती को भला मन भी कौन कर सकता है??? जब दुल्हन खुद hi उसके लिए तैयार हो.

लेकिन भाभी आप तोह दुल्हन की तरह सज गयी हैं, लेकिन मैं तोह आपके लिए दूल्हा बना hi नहीं हूँ.

श्रेया: जो तुम मुझे अपने बच्चे की माँ बनाओगे न वही मेरे लिए सबसे बड़ी ख़ुशी होगी.


[Kuchh Der Baad]

दोनों एक दूसरे की लिप्स पे बिलकुल hi धीरे धीरे किश करने लगे, दोनों hi किश करने में कोई जल्दबाज़ी नहीं कर रहे थे.





कुछ देर के बाद मैं और श्रेया भाभी एक दूसरे की जीभ से कुश्ती खेलने लगे.





हम दोनों एक दूसरे की जीभ को चूसने लगे, ये हम दोनों को hi जन्नत का मजा देने लगा.

हमने एक दूसरे का रास पि लिया, जब हम दोनों का मैं भर गया तोह हम दोनों अलग हो गए.

कुछ देर के बाद मैंने श्रेया भाभी की साडी निकाल दिया और बूब्स को मसलने अरे दबाने लगा ब्रा के ऊपर से hi.








श्रेया भाभी को जहाँ थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा था वहीँ पर मुझे मजा आने लगा मजा तोह श्रेया भाभी को भी आने लगा.

श्रेया: आह देवर जी बहुत अच्छे से प्यार कर रहे हो, मुझे ऐसा प्यार आज पहली बार मिल रहा है, नहीं तोह मेरे हस्बैंड को फोरप्ले और रोमांस का कोई ज्ञान hi नहीं है.

अर्जुन: कोई बात नहीं भाभी, अब मैं इन् बूब्स को खूब मसल मसल कर आपको मजा दूंगा, आपको मजे की सैर पर ले चलूँगा.

श्रेया: आह धीरे देवर जी ज्यादा जोर से नहीं, हाँ ऐसे hi आराम आराम से दबाओ.

मैंने श्रेया भाभी की बूब्स को बहार निकाल दिया और दबाने और चूसने लगा.

श्रेया भाभी की दोनों पिंक निप्पल्स मुझे बहुत आनंद देने लगा चूसने में.










श्रेया भाभी : आह यह उउउउ सीसीसी यह देवर जी ऐसे hi चूसते रहो अपनी भाभी की दूध.

यह ओह माँ ऐसा मज़ा आज तक नहीं दिया था मेरे पति ने देवर जी, क्या खूब काम कला का ज्ञान पाया है तुमने.

अर्जुन: कोई बात नहीं भाभी, आपके लिए मैं हूँ न, अब मैं आपको असली मज़ा दूंगा.

श्रेया: अब तोह मुझे आपसे hi उम्मीद है देवर जी, अब बस भी करो देखो तोह पूरा लाल लाल कर दिया तुमने दबा दबा कर, इतना मसला है की रेड स्पॉट बन गया है.

मैंने श्रेया भाभी को नंगा कर दिया.

यह! श्रेया भाभी ने अपनी पिंक कलर की छूट को बहुत hi अच्छे से सजाया था, ऐसा लगने लगा जैसे ये hi स्वर्ग का दूर है.

कुछ देर बाद मैं भाभी की पेट और नाभि को चूमने लगा.






श्रेया : आह तुम तोह मुझे अलग अलग मजा दे रहे हो देवर जी, उउउउउ कक्कक्क्स यह यह यह अब बस भी करो गुड़ गुड़ी होने लगी है.

मैंने श्रेया भाभी की ब्रा और पंतय को निकाल कर पहले hi नंगा कर दिया था.






मैं अपनी नुकीली जीभ से श्रेया भाभी की छूट की क्लाइटोरिस को चूसने लगा जिससे भाभी बहुत hi ज्यादा एक्ससिटेड हो गयी और मेरे माथा को पकड़ कर अपनी छूट में दबाने लगी.

भाभी का जल्दी hi एक्ससिटेमेंट के कारन लावा निकल गया और मैं सारा लावा पि गया.

श्रेया: देवर जी तुमने मेरी खजाने का मज़ा कर लिया, अब मुझे भी अपनी खजाने का मज़ा करा दो.

यह! श्रेया भाभी ने मेरा लुंड पंत से बहार निकाल लिया.






जैसे hi लुंड बहार आया, लुंड देख कर श्रेया भाभी शॉकिंग एक्सप्रेशन देने लगी जैसे कोई लुंड नहीं बल्कि कोई दानव देख लिया हो.





श्रेया अपनी मुँह फाड़े मेरे लुंड को आश्चर्य भाव से घूरने लगी.

श्रेया: वैसे तोह मुझे रश्मिका ने बताया था की तुम्हारा लुंड 10" का है, मगर बिलीव नहीं हुआ था, अब जब सामने से देख रही हूँ तोह भरोसा हो गया है.

कुछ देर मेरे लुंड को प्यार से निहारने के बाद श्रेया भाभी मेरे लुंड को चूस कर गिला करने लगी.

श्रेया भाभी मेरे लुंड को पूरा अपने गले तक ले जा रही थी, जितना ले प् रही थी.










कुछ देर के बाद जब मेरा लुंड अच्छे से गिला हो गया तोह मैं बोलै.

अर्जुन: भाभी अब असली ख़ुशी के लिए रेडी हो जाओ, मैं आपको स्वर्ग की सैर पर ले चलूँगा.

श्रेया: जी देवर जी मैं बिलकुल hi रेडी हूँ.

मैंने अपने लुंड और भाभी की छूट पर अच्छे से थूक लगाया और लुंड को सेट कर एक जोर का धक्का मारा.






लुंड 2" तक hi अंदर जा पाया, श्रेया भाभी के चेहरे का रंग बदल गया, उसके फेस पर पीड़ा के भाव साफ़ साफ़ दिखने लगा.

अर्जुन: ये क्या भाभी?? आप तोह भैया से इतनी बार चूड़ी होंगी फिर भी मेरा लुंड सिर्फ 2" hi अंदर जा पाया है और आपकी फेस का रंग hi उड़ गया है जैसे आप आज पहली बार चुद रही हैं.

श्रेया: जी आप ऐसा hi समझ लीजिये देवर जी, क्योंकि मेरे हस्बैंड का लुंड 4.5" लम्बा है जबकि तुम्हारा 10" का है.

और मोटाई 1.5" का है वहीँ तुम्हारे लुंड की मोटाई पुरे 4" की है, यानि डबल से भी 1" ज्यादा है तुम्हारा लुंड.

मुझे दर्द तोह होगा hi, मेरी दर्द को आप भूल जाइये, आप छोड़िये मुझे जितना भी दर्द हो कोई बात नहीं, मैं इस दर्द को सहने के लिए रेडी हूँ.

मैंने दूसरा शॉट मारा, लुंड 5" तक अंदर चला गया.






श्रेया: आह देवर जी धीरे, तुमने मेरी इस नन्ही सी जान की जान निकाल दिया.

श्रेया भाभी की आईज से तप तप आंसू की बून्द गिरने लगी.

अर्जुन: ज्यादा दर्द हो रहा है क्या भाभी?? आप कहे तोह निकाल लून अपना लुंड बहार.

श्रेया: नहीं अर्जुन देवर जी बिलकुल भी मत निकालना अपना लुंड मेरी छूट से, ये दर्द थोड़ी देर में काम हो जायेगा.

मैं अपने 5" लुंड से श्रेया भाभी को छोड़ने लगा.

छूट ने पानी छोड़ दिया और मेरा लुंड अब 5" तक आराम आराम से जा रहा था.

मौका देख कर मैंने एक बहुत hi पावरफुल स्ट्रोक मारा, लुंड पूरा 10" तक अंदर चला गया.

श्रेया भाभी दर्द से बेहोश हो गयी.

मैंने श्रेया भाभी के ऊपर पानी मरा तोह वो होश में आ गयी.

अर्जुन: आप ठीक तोह हो भाबी??

श्रेया: हाँ मैं ठीक हूँ, तुम अब आराम आराम से धीरे धीरे करो.










मैं श्रेया भाभी को मिशनरी पोजीशन में धीरे धीरे छोड़ने लगा.

आह यह यह उउउ यह यह ुम ुम यह आए कक्कक्कक्स उफ़ आह उउउउ हाँ ऐसे hi धीरे धीरे करो, बहुत मजा आ रहा है.

यह यह.. इतना मजा पहले कभी नहीं आया था, अअअअअ उउउउउउ कक्कक्स ओह हाँ अब थोड़ा और जोर जोर से करो देवर जी.






अब मैं पोजीशन बदल कर अपना पूरा लुंड जड़ तक पेल कर छोड़ने लगा.

मेरा लुंड पूरा श्रेया की छूट की आखिरी छोर तक जा रहा था जो मुझे एक अद्भुत ख़ुशी दे रही थी, श्रेया मॉनिंग करने लगी.

आह यह ुम उफ़ उउउउ ससससस अअअअअअअ उउउउउम कक्कक्कक्स बहुत मजा दे रहे हो देवर जी, तुम्हारा लुंड ठीक मेरी बच्चेदानी तक जा रहा है.

यह यह ुम्ह ूम ओह... माँ कितना मजा आ रहा है... ोोू उउउउ कक्कक्क्स अअअअअ उउउउउ कक्कक्कक्स ुम्ह यह यह उउउउ आआआआ ुम्ह यह यह.






मैं फिर से श्रेया की एक टांग को उठा कर तेज़ और तेज़ स्ट्रोक लगाने लगा.

श्रेया भाभी मस्ती से चिल्लाने लगी.

आह उउउ कक्कक्क्स बहुत मजा आ रहा है अर्जुन, यू अरे फूकिंग में सो हार्ड एंड सो डीप.

बहुत hi गहराई तक तुम्हारा लुंड जा रहा है देवर जी, पूरी तरह से मेरी छूट की आखिरी हिस्से तक जा रहा है.






हाँ और अंदर तक पेलो, यह यह यह उउउउ इतना दर्द के साथ इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया.

उउउउ कक्ककक्कक्स ऐसा लग रहा है की जैसे आज पहली बार चुदाई का मजा मिल रहा है.

कितना बड़ा और मोटा लुंड है तुम्हारा, बिलकुल मेरी छूट की दीवारों को रगड़ रहा है, पूरा लुंड फस फस कर और कैसा कैसा जा रहा है.






छूट से निकली पानी के कारन फच फच फच की साउंड आने लगी, मैं श्रेया भाभी को तेज़ और तेज़ छोड़ने लगा, ऐसा लगने लगा मनो ये मेरे जोश को बढ़ा रही हो.

श्रेया: आह उउउउ लूट लो आज अपनी श्रेया भाभी का मजा मेरे अर्जुन देवर जी.






मैंने फिर से श्रेया भाभी को बीएड से उतार कर खुद चेयर पर बैठ कर श्रेया भाभी को अपने लुंड पर बैठा लिया.

श्रेया जोर जोर से मेरे लुंड पर उछलने लगी इससे पहले मैंने इस पोजीशन में कभी किसी की चुदाई नहीं किया था, हम दोनों hi जन्नत का मजा ले रहे थे.

श्रेया अभी तक तीन बार अपना पानी छोड़ चुकी थी, फिर भी हार मैंने को रेडी नहीं थी, पूरी तरह से थक गयी थी फिर भी मेरा साथ दे रही थी.

हम दोनों 55 मिनट्स से चुदाई का मजा ले रहे थे और अब मेरा भी झड़ने का टाइम आ गया था.










इसलिए मैं श्रेया भाभी को बीएड पर लिटा कर पीछे से छोड़ने लगा.

श्रेया: आह यह जणू देवर जी, ी ऍम किंग. मैं झड़ने वाली हूँ, अब तुम भी अपना माल मेरी छूट में निकाल दो.

5 मिनट्स इस पोजीशन में श्रेया को छोड़ने के बाद मैंने अपना लावा श्रेया भाभी की गर्व में hi छोड़ दिया.






श्रेया: कैसा लगा अर्जुन देवर जी अपनी श्रेया भाभी की छूट को छोड़ कर??

अर्जुन: जी बहुत मजा आया और आपको कैसा लगा???

श्रेया: यह! आज मुझे असली चुदाई का मजा मिला है, बॉडी की एक एक नस को तुमने निचोड़ कर रख दिया है.

जिंदगी में आज पहली बार किसी ने मुझे इतनी बुरी तरीके से छोड़ा है, मैं तोह अब तुमसे चूड़े बिना रह hi नहीं पाऊँगी मेरे प्यारे देवर जी.

अर्जुन: कोई बात नहीं श्रेया भाभी, मैं ऐसे hi आपको जन्नत का मजा देता रहूँगा, सो don't वोर्री.

श्रेया: देवर जी तुम्हारा लुंड मेरी छूट में बिलकुल टाइट टाइट जा रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे मैं आज पहली बार चुद रही हूँ.

अर्जुन: Okay भाभी हम फिर बाद में इस टॉपिक पर बात करेंगे, अभी मुझे जाना होगा.

ध्रुव मुझे ढूंढ रहा होगा और जहाँ तक मुझे पता है आपको भी आराम की जरुरत होगी.

श्रेया: Okay! जाओ और दूर को लगते जाना, अब मैं रात से पहले उठ भी नहीं पाऊँगी.

अर्जुन अपने घर के लिए निकल गया.

***

That's आल फॉर थिस episode माय डिअर फ्रेंड्स, टोटल वर्ड्स काउंट
3.3क.
 
अपडेट 52

डेप्थ ऑफ़ लव ऑफ़ अनु फॉर अर्जुन


रिकैप: इन थे प्रीवियस अपडेट हमने पढ़ा था की रोहन को अर्जुन के कुछ सीक्रेट्स अफेयर्स पता चल गया था जिसे रोहन ने खुद तक सिमित रखने का प्रॉमिस अर्जुन से कर चूका था.

नाउ नेक्स्ट >>>


मैं श्रेया भाभी के घर से अपने घर आ गया.

मुझे देखते hi ध्रुव बोल पड़ा.

भैया आप कहाँ थे??? मैं कब से आपको ढूंढ रहा हूँ, मुझे आपके साथ आइसक्रीम खाने के लिए जाना है.

अर्जुन: जरूर छोटे भाई, दोनों हम आइसक्रीम खाने जरूर चलेंगे, लेकिन हम दोनों अकेले अकेले नहीं, आज हम सब एक साथ जायेंगे.

ध्रुव: सच भैया???

अर्जुन: बिलकुल छोटे भाई.

मैं रश्मिका मौसी के पास चला गया, वहां पर काजल चची और नदिया नानी भी बैठी थी.

अर्जुन: मौसी आज हम सब एक साथ आइसक्रीम खाने के लिए चलेंगे, ध्रुव ज़िद्द कर रहा है आइसक्रीम खाने के लिए.

नदिया: बिलकुल चलेंगे, मेरे दोनों बच्चे जो चाहते हैं वैसा hi होगा.

रश्मिका: हाँ अर्जुन चलो हम सब रेडी हो जाते हैं.

हम कुछ देर में जायेंगे आइसक्रीम खाने के लिए.

कुछ देर के बाद हम सभी रेडी हो कर कार से निकल गए एक अच्छी सी होटल के लिए.

15 मिनट्स के बाद हम सभी एक होटल के बहार थे.

हम सभी आइसक्रीम का मजा ले रहे थे की मेरा फ़ोन बीप हुआ.

मैंने फ़ोन देखा तोह अमित का टेक्स्ट मैसेज था.


((टेक्स्ट मैसेज))

[[Whenever you are free call me.]]


मैंने okay लिख कर सेंड कर दिया.

काजल: ध्रुव और कुछ लेना है क्या तुम्हे???

ध्रुव: No मुम्मा.

काजल: किसी को और कुछ आर्डर करना है तोह कर लो.

किसी ने कोई आंसर नहीं दिया.

काजल चची ने बिल पाय कर दिया, हम सब घर के लिए निकल गए.

घर आ कर मैंने अमित को कॉल लगा दिया, अमित ने कॉल रिसीव कर लिया.


[On Phone call]

अमित: Hello.

अर्जुन: Hello! बोलो सीनियर किसलिए कॉल करने के लिए बोलै था आपने???

अमित: वो बरोथेर मैं तुम्हे एक लड़की से मिलाना चाहता हूँ.

अर्जुन: कौन है वो लड़की और किसलिए मिलाना चाहते हो???

अमित: वो हम मिल कर बात कर लेंगे, बोलो क्या कल मिल सकते हो मुझसे???

अर्जुन: Okay! कब और कहाँ पर मिलना है???

अमित: मैं तुम्हे प्लेस और टाइम मैसेज कर दूंगा.

अर्जुन: वेट! कल मैं 4 पं तक बिजी रहूँगा, इसलिए 4 पं के बाद hi प्लान बनाना.

अमित: Okay!


[Call Disconnected]

मैंने अनु को कॉल लगा दिया, कितने hi दिन हो गए थे उससे मिले हुए मुझे.

अनु ने कॉल रिसीव कर लिया.

अनु : Hello माय सवियर कैसे हो???

अर्जुन: Hello अनु, मैं बिलकुल ठीक हूँ, तुम कैसी हो????

अनु: मैं भी अच्छी हूँ, बोलो कैसे याद किया तुमने मुझे???

अर्जुन: कल हम दोनों घूमने के लिए जा रहे हैं.

अनु: ककन जायेंगे???

अर्जुन: पार्क चलेंगे.

अनु: Okay! और कौन जायेगा हमारे साथ घूमने के लिए???

अर्जुन: सिर्फ तुम और मैं hi जायेंगे, तीसरा और कोई नहीं जायेगा.

अनु: Okay माय सवियर जैसा तुम कहो, मैं बहुत hi एक्ससिटेड हूँ तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करने के लिए.

अर्जुन: Okay! कल 10 ऍम को रेडी रहना, मैं तुम्हे घर से पिक कर लूंगा.

अनु: Okay.

अर्जुन: Bye अनु.

अनु: Bye माय सवियर.


[Call Disconnected]

काजल चची और रश्मिका मौसी डिनर रेडी कर रही थी, नदिया नानी ध्रुव का होमवर्क करा रही थी.

मैं भी किचन में चला गया.

काजल: कहो माय किंग तुम्हारे फेस पर ये कैसी परेशानी है???

अर्जुन: वो कल मैंने अनु के साथ घूमने का प्लान बना लिया है आप लोगो से बिना पूछे hi.

रश्मिका: इसमें इतनी तेनसेद होने की क्या जरुरत है माय कुटी???

अर्जुन: वो मुझे लगा कहीं आप दोनों नाराज़ न हो जाओ की हम कल संडे को एक साथ नहीं रह पाएंगे.

काजल: तुम तोह हमेशा हम दोनों के साथ hi रहते हो माय किंग.

थोड़ा प्यार अपनी अनु को भी दे दो जो तुम पर खुद से ज्यादा भरोसा करती है.






अर्जुन: यस माय क्वीन, मैंने भी यही सोचा है, इसलिए मैंने कल का प्लान उसके साथ बना लिया है घूमने के लिए.





रश्मिका: बहुत अच्छे.

अर्जुन कल अपनी अनु को अच्छे से एन्जॉय करना, ताकि उसे ये लगे की चाहे कुछ भी हो जाये तुम हमेशा उसका लाइफ भर साथ डोज, साथ hi साथ उसे हमेशा प्रोटेक्ट करोगे.

काजल: Okay! कल कितने बजे का प्लान बनाया है तुमने???

अर्जुन: मॉर्निंग 10 ऍम को उसके घर पहुँच जाना है.

बोथ: Okay! क्या और कुछ कहना है तुम्हे???

अर्जुन: नहीं.

मैं किचन से निकल कर ध्रुव के पास चला गया जहाँ नदिया नानी ध्रुव का होमवर्क में हेल्प कर रही थी.

नदिया: आओ बैठो अर्जुन, तुम तोह मेरे पास काम hi रहते हो.

अर्जुन: ऐसा मत कहो नानी माँ.

आप जानती हैं न की आप मेरी सबसे प्यारी नानी माँ हो.

मैं दोनों नानी में से सबसे ज्यादा आपके पास रहा हूँ और आपसे hi ज्यादा प्यार करता हूँ.

नदिया: हाँ जानती हूँ मेरे बच्चे, तुम hi मेरा सबसे प्यारा पोता हो.

वर्ण मैं तोह आज तक एक पोता या पोती का प्यार पाने के लिए तड़प hi रही हूँ.

अर्जुन: आपकी विश जल्दी hi पूरी हो जाएगी नानी माँ.

नदिया: हाँ मुझे भी ऐसा hi लगता है जिस तरह से तुम बीएड पर टिकते हो साथ hi साथ एन्जॉयमेंट देते हो.

अर्जुन: नानी हम इस बारे में बाद में कभी बात करेंगे, अभी यहाँ पर ध्रुव भी है.

नदिया: अरे हाँ मैं भी कितनी पागल हूँ जो किस बात को लेकर यहाँ बैठ गयी ये भी नहीं देखा की मैं कहाँ पर हूँ.

अर्जुन: कोई बात नहीं नानी हो जाता है गलती कभी कभी आखिर हम इंसान hi हैं जो अक्सर अनजाने में गलती कर जाते हैं.

लेकिन जो अपनी गलती को एक्सेप्ट कर उसमे सुधर करता है वही एक अच्छा इंसान बन पता है.

नदिया: बिलकुल ठीक कहा तुमने मेरे बचे, कितनी सही बात कही है तुमने, बिलकुल एक फिलोसोफर की तरह बात कर रहे हो आज तुम.

***

कुछ देर बाद भोजन रेडी हो गया, खाना खा कर हम सभी सोने के लिए चले गए.

मेरे रूम में मैं, काजल चची और ध्रुव सो रहे थे.


रश्मिका मौसी और नदिया नानी दोनों आज एक hi रूम में सो गए थे.

[Madhuri Home]

रात के 9 पं पे माधुरी आंटी होटल रूम से घर वापस आयी तोह देखि श्रेया अपने रूम में बीएड पर सोई थी.





माधुरी: श्रेया उठो बीटा, क्या हुआ है तुम्हे, आज तुम इतनी जल्दी कैसे सो गयी???

श्रेया: ये सब आपके कारन hi हुआ है, अर्जुन ने मेरी ऐसी हालत कर दिया है की मुझसे बीएड से उठा नहीं जा रहा है.

माधुरी: क्यों, ऐसा क्या कर दिया है अर्जुन ने???

श्रेया: आप जान कर भी अनजान क्यों बन रही हैं माँ जी??

माधुरी: तोह अच्छा ये बात है, उसने तुम्हे अपना प्यार दे hi दिया आखिर कर.

श्रेया: हाँ और ये उसके प्यार का की नतीजा है की मैं बीएड पर hi पिछले 5 हॉर्स से पड़ी हूँ इस हालत में.

माधुरी: सच कहा तुमने उस अर्जुन ने हम दोनों सास और बहु की अच्छे से लिया है, उसने हम दोनों की hi हालत ख़राब कर दिया है.

श्रेया: सच कहा आपने माँ जी, उस जालिम ने मुझ पर थोड़ा सा भी रहम नहीं किया था, उसने लगातार मुझे एक घंटे तक पेला.

माधुरी: हाय ये बात याद मत दिला मुझको, उसने मुझे भी तोह पुरे 1 घंटे तक रगड़ रगड़ कर छोड़ा था.

Okay! अब तुम आराम करो, मैं तुम्हारे लिए दर्द की टेबलेट और थोड़ा सा खाना लती हूँ.

श्रेया ने थोड़ा सा भोजन कर लिया, एक पेनकिलर की और एक फीवर की मेडिसिन ले लिया, उसके बाद दोनों सास और बहु एक hi बीएड पर सो गए.


[[Back To Kajal Home]]

सुबह मैं उठ कर अपना डेली का वर्कआउट कर के रेडी हो गया, 9 ऍम को मैंने ब्रेकफास्ट कर लिया.

काजल: लगता है मेरा किंग आज बहुत hi ज्यादा एक्ससिटेड है अपनी अनु बेबी से मिलने के लिए???

अर्जुन: यस माय क्वीन, क्योंकि आज मैं पहली बार अपनी अनु के साथ कही अकेला जा रहा हूँ.

रश्मिका: बेस्ट ऑफ़ लक अपनी अनु बेबी को अच्छे से एन्जॉय करना.

अर्जुन: बिलकुल मौसी ऐसा hi होगा, मैं निकल रहा हूँ.

बोथ: Okay जाओ.

मैं अपनी काजल चची की कार से अनु की घर के लिए निकल गया.


[After 20 Minutes Later]

मैं अनु के घर के बहार खड़ा था, मैंने अनु को कॉल किया तोह कुछ hi देर में अनु एक सेक्सी ड्रेस पहन कर आ गयी.

मैं अनु को घर घर कर देखने लगा, मैं तोह अपना होश hi खो बैठा अनु की सुंदरता को देख कर, हाय मेरी अनु कितनी ब्यूटीफुल लग रही थी.






अनु: ऐसे क्यों देख रहे हो मुझे जैसे आज पहली बार देख रहे हो????

अर्जुन: पहली बार नहीं आज मैं अपनी अनु को चौथी बार देख रहा हूँ.

अनु: क्या बात है तुम्हे तोह सब कुछ याद है???

Anu(Smiles): अब चले, तुम बाद में मुझे देख लेना, तुम्हारे लिए hi तोह मैं इतना सज धज कर तैयार हुयी हूँ.

अर्जुन : Okay! Let's जो.






हम दोनों कार से मस्ती करते हुए निकल गए.

35 मिनट्स की ड्राइव के बाद हम दोनों एक पार्क के पास पहुँच गए, हम दोनों कार में hi किश करने लगे तभी एक लड़की ने कार को नॉक किया.






लड़की ने जैसे hi हम दोनों को देखा वह गुस्से में बोल पड़ी.

"अरे यू किसिंग हेरे???"

हम दोनों ने खुद को संभाला और कार से निचे उतर गए.

गर्ल: ोये लैला मजनू यहाँ थोड़ी hi दुरी पर एक पार्क है वहां चले जेक रोमांस करो.

अनु: Okay!

हम दोनों एक पेड़ के पास जाकर बैठ गए और बातें करने लगे.






अनु: कितना अच्छा लगता है माय सवियर जब मैं तुम्हारे साथ होती हूँ, मैं एक अजीब सी ख़ुशी फील करती हूँ.

अर्जुन: मुझे भी तुम्हारे साथ एक स्पेशल फीलिंग आता है माय अनु डार्लिंग.

अनु: काश माय सवियर मैं हमेशा के लिए तुम्हारी हो जाती. मेरी जिस्म और मेरी सोल पर सिर्फ तुम्हारा hi राज होता, मुझे तुम्हारे अलावा कोई और नहीं छू सकता.

अर्जुन: ऐसा क्यों कह रही हो अनु??? जानती हो न की एक न एक दिन तुम्हारा हस्बैंड लौट कर वापस आएगा, तब उसके साथ तुम्हे तुम्हारी विश के बिना उसके साथ फिजिकल होना hi पड़ेगा और जैसा की मैंने तुमसे पहले भी कहा था की मैं सिर्फ तुम्हारा अकेला नहीं हो सकता हूँ.

अनु: हाँ जानती हूँ, लेकिन चाहे जो भी हो, तुम जैसे भी हो, मैं सिर्फ तुम्हारा होना चाहती हूँ माय सवियर.

मेरी सोल पर सिर्फ तुम राज करते हो, मैं अपनी इस जिस्म को और किसी को नहीं देना चाहती हूँ.

अर्जुन: अक्सर जो हम चाहते हैं वो कहाँ पूरी होती है अनु???

अनु: इसी बात का तोह मुझे दुःख है, जिस पति से मुझे प्यार hi नहीं है, जो मुझसे ठीक से बात तक नहीं करता है एक दिन मुझे उसका होना पड़ेगा.

खैर मुझे ख़ुशी है की जो मेरे दिल पर राज़ करता है मैंने उसे अपनी सबसे प्यारी अनमोल गिफ्ट दिया है.

अर्जुन: मुझसे इतना प्यार नहीं करो अनु, मैं तुम्हारे इस प्यार के शायद लायक नहीं हूँ.

अनु: तुम मेरे प्यार के काबिल बिलकुल हो माय सवियर, वर्ण जब मैंने तुम्हे अपनी विर्जिनिटी देने का फैसला किया था तुम तभी हाँ कह देते, लेकिन तुमने बहुत hi सोच समझ कर डिसिशन ले कर मुझे हाँ कहा.

क्या मैं जान सकती हूँ माय सवियर तुमने वो डिसिशन कैसे लिया था???

अर्जुन: ऑलराइट!

मैंने अपनी काजल चची को इस बारे में बताया था तोह चची ने मुझसे कहा की कोई लड़की उसे hi अपना विर्जिनिटी देती है जिस पर वो सबसे ज्यादा बिलीव करती है, इसलिए तुम्हे उसके साथ आगे बढ़ना चाहिए, इसलिए मैं रेडी हो गया.

अनु: ये तुमने बिलकुल भी अच्छा नहीं किया अर्जुन.

तुमने मुझे अपनी चची के सामने बदनाम कर दिया मेरी सच्चाई बता कर.

अनु की फेस पर अभी अर्जुन के लिए गुस्सा साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था.

अर्जुन: अनु मेरी बात सुनो तोह, तुम बेवजह गुस्सा हो रही हो.

अनु: मुझे कुछ नहीं सुन्ना है, चलो अब वापस मुझे घर छोड़ दो.

आज के बाद हम कभी भी नहीं मिलेंगे, तुम ये समझ लेना की तुमने अपनी अनु को खो दिया है.






अनु फुट फुट कर रोने लगी.

अनु: मैं इतनी फूल कैसे बन गयी जो मैंने तुम्हे अपना सबसे कीमती गिफ्ट दे दिया??

अनु कार की तरफ बढ़ने लगी.

अर्जुन: रुक जाओ अनु, तुम्हे मेरी कसम है.

अगर तुम्हे कभी मुझसे थोड़ा सा भी प्यार हुआ है तोह तुम्हे उस प्यार की कसम है रुक जाओ.

तुमने ये सोच भी कैसे लिया अनु की मैं तुम्हे किसी के भी सामने बदनाम कर सकता हूँ???

तुम्हारा अर्जुन मर जायेगा, लेकिन कभी अपनी अनु को न hi बदनाम होने देगा और न hi मेरे जिन्दा रहते हुए कोई भी तुम्हारे साथ कुछ गलत कर पायेगा.

मेरी बात सुन कर अनु के कदम रुक गए और मेरी तरफ मुद गयी.

अर्जुन: तुम जानना चाहती हो न अनु की मैंने ये बात अपनी काजल चची को क्यों बताया है तोह सुनो??

अनु! काजल चची मेरा पहला प्यार है, मेरे हार्ट की क्वीन है वो.

तुमसे पहले वो मेरी लाइफ में आयी है, उसी ने मुझे तुम्हारे साथ आगे बढ़ने की परमिशन दिया और इतना hi नहीं, मेरा और भी बहुत साडी लेडीज के साथ रिलेशनशिप है.

मेरा सभी रिलेशनशिप मेरी काजल चची के परमिशन से hi हुआ है.

और सुनो अनु, मैं तुम्हे उस रात बचा पाया था तोह अपनी काजल चची की hi वजह से.

अनु: वो कैसे अर्जुन????

अर्जुन: क्योंकि मुझे फाइटिंग काजल चची और उसकी जुड़वाँ बहन रश्मिका मौसी ने hi तोह सिखाया है.

वो दोनों hi मेरी माँ के बराबर हैं.

उन् दोनों का डिसिशन मेरे लिए जो भी हो उसे कोई भी नहीं बदल सकता है, मेरी अपनी माँ रवीना और मेरे डैड महेंद्र अग्रवाल भी नहीं.

और सुनो अनु, उन् दोनों के hi साथ उनकी मज़बूरी और प्यार के hi कारन मुझे उन् दोनों के साथ फिजिकल रिलेशनशिप बनाना पड़ा, क्योंकि मैं उन् दोनों के लिए कुछ भी कर सकता हूँ.

अनु: क्या तुम सच कह रहे हो माय सवियर????

अर्जुन: हाँ! पहले उन् दोनों के साथ ये सब हुआ है, फिर तुम्हारे साथ हुआ है.

मैंने अनु को साडी बात बता दिया, कृति मम का लव भी.

अनु: काजल, कृति और रश्मिका ये तीनो कितनी महँ हैं अर्जुन जिसे तुमसे कोई भी शिकायत नहीं है.

और एक मैं बेवकूफ हूँ जो एक छोटी सी बात पर मैं तुमसे हमेशा हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ने जा रही थी.

मुझे माफ़ कर दो सवियर, मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी है.

अर्जुन: नहीं अनु तुम इतनी प्यारी हो की तुमसे भूल कर भी भूल नहीं हो सकती है.

ये तुम्हारा प्यार hi तोह है मेरे लिए अनु जो तुम सिर्फ मेरा बन कर रहना चाहती हो हमेशा हमेशा के लिए.






अनु मेरे गले से लग कर रोने लगी और लगातार कहे जा रही थी मुझे माफ़ कर दो माय सवियर, अपनी अनु को माफ़ कर दो बस एक बार माफ़ कर दो, अब मैं कभी भी अपने सवियर पर डाउट नहीं करुँगी.

अर्जुन: बिलकुल शांत जो जाओ अनु.

मैं तुमसे कभी भी नाराज़ हो hi नहीं सकता हूँ.

पता नहीं क्यों मैं जब भी तुम्हारे साथ होता हूँ मुझे एक अलग hi फीलिंग आती है.

मैंने अनु की लिप्स पर एक छोटा सा किश कर लिया जिससे अनु की फेस पर एक स्माइल आ गयी.






अर्जुन: अब खुश हो माय अनु बेबी???

अनु: हाँ माय सवियर, अब मुझे तुमसे कोई शिकायत नहीं है.

अर्जुन: तोह अब घर चलें???

अनु: नहीं, मुझे तुम्हारे साथ थोड़ा और टाइम बिताना है.

अर्जुन: नहीं अनु अब घर चलो, हम फिर से कभी आएंगे.

हमे यहाँ आये हुए बहुत टाइम हो गया है.

अनु: Okay चलते हैं.

मैं और अनु कार के अंदर आकर फिर से लिप्स किश करने लगे.






हम एक दूसरे की लिप्स की रास पूरा चूसने लगे जब हमारा मैं भर गया तोह हम दोनों ने किश तोड़ दिया.

हम दोनों घर के लिए निकल गए.

मैंने अनु को उसके घर पर ड्राप कर दिया और अपने घर के लिए निकल गया.


***

That's थे एन्ड ऑफ़ थिस episode माय डिअर फ्रेंड्स, तोताल वर्ड्स काउंट 2.5क.
 
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