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डीप एंड डार्क फंतासी ऑफ़ निवेत्ता
रिकैप: इन प्रीवियस part, मैं और अनु दोनों पार्क से घूम कर लौट आये थे और मैंने अनु को उसके घर ड्राप कर अपने घर के निकल गया था.
नाउ नेक्स्ट>>>
जब मैं घर पहुंचा तोह टाइम 2:47 पं हो रहा था, हमने बहार कुछ भी नहीं खाया था इसलिए मुझे भूख लग गयी थी जोरो की.
अर्जुन: नानी खाना दे दो, मुझे बहुत तेज़ भूख लग गयी है.
नानी ने मुझे खाना निकाल कर दिया और मेरे hi पास आ कर बैठ गयी.
अर्जुन: नानी काजल चची, ध्रुव और रश्मिका मौसी कहाँ हैं, दिखाई नहीं दे रहे हैं????
नदिया: तीनो ऊपर वाले रूम में सो रहे हैं.
अर्जुन: अच्छा ठीक है, मेरा खाना हो गया है, मैं भी अपने रूम में जा रहा हूँ सोने कुछ देर के लिए okay.
नदिया: रुको अर्जुन, मैं भी आ रही हूँ तुम्हारे साथ तुम्हारे रूम में, तुम्हारे साथ सोने के लिए.
कुछ देर में हम दोनों मेरे रूम में आ गए सोने के लिए.

मैंने नानी को अपनी बाँहों में भर लिया और छोटे छोटे किस्सेस नानी को देने लगा.

नदिया नानी: क्या बात है अर्जुन आज बड़ा प्यार आ रहा है अपनी नानी पर???
अर्जुन: प्यार तोह आएगा hi न, आखिर आप मेरी फवौरीते नानी जो हो और मुझसे इतना प्यार जो करती हो.
नदिया: अच्छा तोह ये बात है, मुझे मस्का लगा रहे हो प्यार पाने के लिए.
अर्जुन: लगाना hi पड़ेगा नानी माँ, आप कमाल की माल हो, कसम से आपको छोड़ कर बहुत मजा आया था, मेरा पूरा लुंड टाइट जा रहा था आपकी छूट में.
नदिया: वो तोह होना hi था, आखिर तुम्हारा लुंड तुम्हारे नाना जी से 2 गुना मोटा और लम्बा जो है.
मैं कितने hi सैलून से चूड़ी भी नहीं थी तोह मेरी छूट किसी को भी टाइट hi लगनी थी.
तुम्हे तोह लग्न hi था, क्योंकि तुम्हारा लुंड जो कन्टिन्यूसली चुद रही होती है उसके लिए भी टाइट hi लगता है तुम्हे छोड़ कर.
जैसे एक्साम्प्ले मेरी बहु रश्मिका को hi ले लो, क्या तुम्हे रश्मिका की छूट टाइट नहीं लगता है क्या???
अर्जुन: लगा नानी, बहुत hi टाइट लगा.
मौसी की छूट में भी लुंड पूरा फस फस कर जा रहा था.
कसम से नानी आप दोनों hi लाजवाब हो कोई किसी से काम नहीं है, अच्छा आपको कैसा लगा था मुझसे चुद कर???
नदिया: बिलकुल ऐसा की मैं बता नहीं सकती इतना मजा दिया था तुमने.
जिंदगी में पहली बार ऐसा मजा मिला जो तुम्हारे नाना जी से कभी भी नहीं मिला था, एक दम तुम मेरी जान ले रहे थे अपनी दानव जैसे लुंड से.
क्या बताऊँ अर्जुन बीटा जीवन में पहली बार इतना आनद मिला था तुमसे चुद कर जो बयां करना भी मुश्किल है उसे सिर्फ में अपने दिल की गहराई में फील कर सकती हूँ.
अर्जुन: इसका मतलब हुआ की आप मेरी चुदाई से खुश हो??
नदिया: बिलकुल! बहुत खुश हूँ रे जो भी तुमसे छुड़ेगी हमेशा खुश hi रहेगी.
साथ hi साथ तुमसे बार बार छोड़ना चाहेगी, चाहे हो वो कोई चूड़ी हुयी औरत hi क्यों न हो.
तुम हम जैसी चूड़ी हुयी औरतो की जान निकल देते हो तोह फिर जब तुम किसी की वर्जिन छूट मरोगे तोह पता नहीं उसका क्या हाल करोगे, उस बेचारी का पता नहीं क्या हाल होगा.
अर्जुन: तोह फिर से मुझे अपनी रास भरी और टाइट छूट कब मरने डौगी मेरी प्यारी नानी????
नदिया: जब मेरे अर्जुन का मन होगा, बोलो कब मरोगे मेरी छूट को?? तुम्हारा लुंड लेने के लिए तोह मेरी छूट हमेशा तैयार hi रहेगी.
जब मैं करे, जितना मैं करे, आकर मार लिया करो कभी भी मेरी छूट को, आखिर तुम hi तोह अब मेरी पिंक छूट के राजा हो मेरी साजन मेरे अर्जुन.
अर्जुन: जल्द hi आपकी विश पूरी करूँगा नानी और आपकी पिंक छूट को एक बार फिर से आनद की सैर पर ले चलूँगा.

नदिया: मुझे उस पल का इंतज़ार रहेगा अर्जुन बीटा जब तुम अपना ये बड़ा सा मुसल मेरी टाइट और पिंक छूट में सैर करवाओगे.
अर्जुन: Okay! अब सो जाते हैं.
हम दोनों सो गए.
मेरी आईज मेरे फ़ोन की रिंग से खुली, मैंने देखा तोह अमित का कॉल था.
अर्जुन: Hello सीनियर.
अमित: Hello अर्जुन मैसेज टेक्स्ट कर दिया है लोकेशन और टाइम चेक कर लेना.
[Call Disconnected]
मैंने मैसेज चेक किया तोह सीसीडी का लोकेशन था जो हमारे कॉलेज कैंपस के hi पास था.
[CCD : Coffee Cafe Day]
[Time: 6 pm]
मैंने okay लिख कर अमित को मैसेज सेंड कर दिया.
अभी टाइम 5:20 पं हो रहा था मतलब की मेरे पास अभी 40 मिनट्स था.
मैं जल्दी से तैयार हो गया और नदिया नानी से बोल कर निकल गया.
मैं सही टाइम पर सीसीडी पहुँच गया, कुछ hi देर बाद अमित भी आ गया, उसके साथ एक बहुत hi हॉट एंड ब्यूटीफुल लड़की थी, हम एक प्राइवेट केबिन में आ कर बैठ गए.


अमित: अर्जुन इससे मिलो ये है मेरी क्लासमेट और मेरी गर्लफ्रेंड निवेत्ता.
[New Character: Nivetha]

6तह सेमेस्टर स्टूडेंट, टोपर ऑफ़ हेर बैच एंड थे मोस्ट ब्यूटीफुल गर्ल ऑफ़ हेर क्लास एंड गर्लफ्रेंड ऑफ़ अमित.
अर्जुन: Hello.
निवेत्ता: Hello!
हमने एक दूसरे से हैंड शेक किया.
अर्जुन : हाँ, बोलिये सीनियर मुझे किस लिए बुलाया है और आपको मुझसे कैसी सीरियस बात करनी है???
अमित: अर्जुन तुम मुझे आज से अपना बड़ा भाई समझो और मुझे भैया कह कर बुलाओ, या फिर मुझे मेरे नाम से ऐसे सीनियर सुन्ना अच्छा नहीं लगता है.
अर्जुन: Okay! आज से आप मेरे बड़े भाई हुए, अब बताइये क्या बात है, बिलकुल डरने की जरुरत नहीं है जो मैं में है वो दिल खोल कर बोल दीजिये.
अमित: ठीक है अर्जुन तुम मेरी बात को ध्यान से सुनो, मैं और निवेत्ता पिछले 3 इयर्स से एक दूसरे से प्यार करते हैं, हम एक दूसरे से शादी करना चाहते हैं.
अर्जुन: ये तोह अच्छी बात है भैया फिर इसमें परेशां होने की क्या जरुरत है???
अमित: परेशानी की hi बात है अर्जुन, अब मैं तुम्हे कैसे बताऊ मुझे हिम्मत नहीं हो रही है बताने की तुम्हे????
अर्जुन: अगर नहीं बताओगे तोह मुझे कैसे समझ आएगा की क्या प्रॉब्लम है????
जो भी बात है, मुझे आप क्लेअर्ल्य बता सकते हैं, यदि कोई प्राइवेसी वाली बात होगी तोह आप निश्चिंत रहिये आप दोनों का सीक्रेट मेरे पास सेफ रहने वाला है.
अमित: Okay!
तोह सुनो तुम्हारी भाभी की एक बहुत hi बड़ी डीप एंड डार्क फंतासी है.
नोट : ये फंतासी मेरी इमेजिनेशन की है और ऐसे कई सरे फंतासी लोगो की होती है, यदि आपको ऐसे किसी भी फंतासी के बारे में पता न हो तोह माय डिअर फ्रेंड्स आप यही समझना की स्टोरी को इंटरेस्टिंग बनाने के लिए सिर्फ एन्जॉयमेंट के लिए किया गया है.
ी होप आप मेरी बातों को समझोगे और मैं में कोई गलत विचार नहीं लाओगे.
थैंक्स.
अर्जुन: Okay! आगे बताइये मैं सुन रहा हूँ.
अमित: Okay! मैंने 3 इयर्स में कितनी hi बार तुम्हारी भाभी से कहा की हम फिजिकल हो जाते हैं फिर भी तुम्हारी भाभी इसके लिए एग्री नहीं होती है.
अर्जुन: इंडियन लड़किया ऐसी hi होती है भैया, ज्यादातर शादी के बाद hi सब कुछ करने देती हैं, इसमें तोह मुझे कोई प्रॉब्लम नज़र नहीं आती है.
अमित: नहीं भाई प्रॉब्लम उससे भी बड़ी है जितना तुमने सोचा भी नहीं होगा.
अर्जुन: Okay! बताइये मैं सुन रहा हूँ.
अमित: वो एक्चुअली तुम्हारी भाभी की एक डीप फंतासी है की वो अपने बॉयफ्रेंड या पति से पहले किसी दूसरे के साथ एक बार रिलेशनशिप बनाये और यही उसकी डार्क फंतासी भी है.
अर्जुन: ये आप क्या कह रहे हैं भैया, आपके होते हुए भाभी ऐसा सोच भी कैसे सकती है किसी दूसरे के बारे में???
अमित: पहले मुझे भी ऐसा hi लगता था, भाई लेकिन अब नहीं लगता है.
अर्जुन: क्यों????
अमित: क्योंकि मेरी निवेत्ता बहुत अच्छी है, सिर्फ यही एक उसकी डीप फंतासी है जो किसी को भी बुरा लग सकता है.
पर अब मुझे कोई दिक्कत नहीं है.
अर्जुन: क्यों???
अमित: क्योंकि जो 3 इयर्स से मुझे ताल सकती है वो अपनी सोच की बहुत रिच है, जिसने बॉयफ्रेंड के होते हुए भी 3 साल से अभी तक वर्जिन है, मुझे हाथ तक नहीं लगाने दिया है इसने आज तक.
अर्जुन: Okay! आगे बताइये मैं सुन रहा हूँ आपकी बात.
अमित: ये फंतासी होने के बावजूद भी इसने किसी से भी रिलेशनशिप नहीं बनाया है आज तक.
अर्जुन: ये तोह अच्छी बात है फिर क्या प्रॉब्लम है????
अमित: प्रॉब्लम ये है की ये रिलेशनशिप बनाना चाहती तोह है, पर न इसे आज तक कोई सही बाँदा मिला और न hi मुझे जिस पर हम दोनों ट्रस्ट कर सकते हैं.
अर्जुन : Okay! आगे बताइये मैं सुन रहा हूँ.
अमित: मैंने तुम्हे चुना है इस काम के लिए.
अर्जुन: ये आप क्या कह रहे हो भैया आप जानते भी हो???
और आपने ये सोच भी कैसे लिया की मैं मान जाऊंगा इस काम को करने के लिए???
अमित: सोचा तोह मैंने ये भी नहीं था की तुम मुझे अपनी जगह पर टीम का कप्तान बना डोज और टीम के लिए तुमने खुद को डार्क में रखा अपनी क्वालिटी को हाईड कर के.
जिसके कारन मैं क्रिकेट टूर्नामेंट में अच्छा कर सका और मुझे मैं ऑफ़ थे सीरीज चुना गया, यदि तुम पहले hi खेलते तोह तुम इसके असली हक़दार होते.
अर्जुन: वो तोह मैंने इसलिए किया था की आपने बहुत अच्छा परफॉरमेंस दिया था सिलेक्शन प्रोसेस में और मुझे आप पर पूरा भरोसा था की आप टीम को संभल लोगे, हमे मैच में जरूर जीत दिला डोज.
अमित: हाँ पर तुमसे अच्छा नहीं था मैं.
अर्जुन: उससे इस बात का क्या कनेक्शन है????
अमित: कनेक्शन है छोटे भाई और ये है की तुम सबके बारे में अच्छा सोचते हो, इसलिए मैंने तुम्हे चुना है क्योंकि जब तक इसकी ये फंतासी पूरी नहीं हो जाती ये मुझसे शादी भी नहीं करना चाहती है, मेरे दुःख को फील करो छोटे भाई.
अर्जुन: भैया आप कैसे देख पाओगे भाभी को किसी और की बाँहों में, कभी सोचा है आपने इस बात को???
अमित: मैंने इस बारे में बहुत बार सोचा है छोटे भाई, अब मुझे ये समझ आ गया है की यदि प्यार सच्चा हो तोह सिर्फ जिस्म hi मायने नहीं रखती है छोटे भाई.
अर्जुन: पर मैंने तोह सुना है की दो सच्चे प्रेमी एक दूसरे को hi अपने जिस्म देते हैं.
अमित: ये सच है छोटे भाई इसे कभी झूठ लाया नहीं जा सकता है, लेकिन मेरी केस में अलग है छोटे भाई, यहाँ एक सच्चा प्रेमी अपनी प्रेमिका के लिए कुछ भी करने के लिए रेडी है.
अर्जुन: पर क्या यही बात भाभी के केस में है???
निवेत्ता जो अभी तक इन् दोनों का बात सुन रही थी शांति से चुप बैठ कर अब बोल पड़ी.

मैं भी अमित से सच्चा प्यार करती हूँ अर्जुन, इसलिए मैंने अमित को अपनी डीप फंतासी के बारे में बता दिया है, वर्ण मैं अपनी फंतासी को कभी भी पूरा कर लेती और अमित को पता भी नहीं चलता कभी भी इसके बारे में.
अर्जुन: Okay! मैं आप दोनों की बात को समझ गया पर मैं hi क्यों??? कोई दूसरा बाँदा जैसे आपका कोई पुराण दोस्त या फिर आपका क्लास फ्रेंड भी तोह हो सकता है.
अमित: क्योंकि तुम अपने से पहले दुसरो के बारे में सोचते हो अर्जुन.
मैंने अपनी नजरों के सामने से ये फील किया है, क्योंकि वो मेरे साथ hi हुआ है.
और जहाँ तक मेरे पुराने दोस्त की बात है तोह मुझे किसी पर भरोसा hi नहीं हो पाया है.
अर्जुन: Okay! मैं समझ गया और एक लास्ट क्वेश्चन है.
यदि मैं बदल गया तोह, या फिर ऐसा भी हो सकता है की भाभी को मेरी लत लग जाये तोह आप क्या करोगे????
अमित: मैं जनता हूँ की तुम कभी नहीं बदलने वाले हो, क्योंकि पूरा कॉलेज तुम्हारे और अनुपमा की झगडे के बारे में जान गया है, उसने तुम्हे इतना कुछ कहा फिर भी तुमने उसे एक तुक पलट कर जवाब नहीं दिया.
इससे पता चलता है की कितना पेशेंस है तुममे अपनी बेइज्जती बर्दास्त करने की.
और जो अपनी बेइज्जती बर्दाश्त कर ले उसमे कोई भी नेगेटिव आने का क्वेश्चन hi नहीं उठता है मेरे भाई.
अर्जुन: Okay! मैं समझ गया हूँ भैया आपके भरोसे का कारन.
अमित: तोह क्या तुम तैयार हो इसके लिए????
अर्जुन: मैं अपना जवाब आपको घर जा कर मैसेज टेक्स्ट कर दूंगा, अभी मैं इस बारे में कोई डिसिशन इतनी जल्दी नहीं ले सकता हूँ.
अमित: Okay! मुझे तुम्हारे जवाब का इंतज़ार रहेगा छोटे भाई और कोई बात नहीं तुम बिलकुल शांति से सोच लो इस बारे में.
और हाँ एक बात मैं तुम्हे बता देना चाहता हूँ, यदि तुम्हारा डिसिशन न हुआ तोह भी हम दोनों को बिलकुल भी बुरा नहीं लगेगा क्योंकि ये तुम्हारी लाइफ का चॉइस है.
निवेत्ता: और हाँ अर्जुन तुम्हारा जवाब न हुआ तोह तुमसे एक रिक्वेस्ट है की मेरी इस डीप फंतासी को सीक्रेट रखोगे अपने पास, कभी भी ये बात किसी के भी सामने डिस्क्लोसे नहीं करोगे.
अर्जुन: Okay! यदि मेरा आंसर न हुआ तोह मैं आपकी इस फंतासी को कभी भी दूसरे के साथ शेयर नहीं करूँगा, आप मुझ पर इतना भरोसा कर सकती हैं.
निवेत्ता: मुझे तुमसे यही आशा है अर्जुन.
हम तीनो ने इसके बाद कॉफ़ी एन्जॉय किया.


अर्जुन: Okay! Bye भैया, bye भाभी, अब मुझे जाने की परमिशन दीजिये.
बोथ: Okay! Bye अब तुम जा सकते हो.
मैं अपने घर के लिए निकल गया.
[[Some Minutes Later]]
कुछ hi देर में मैं घर पहुँच गया.
काजल चची, ध्रुव और रश्मिका मौसी भी मुझे निचे hi मिल गए.
काजल: कहाँ थे अर्जुन बहुत देर लगा दिया तुमने आने में???
अर्जुन: वो चची मैं सीसीडी गया था, अमित ने मुझे बुलाया था कुछ काम से.
काजल: अमित को तुमसे क्या काम पद गया वो तोह तुमसे बहुत ज्यादा सीनियर स्टूडेंट है???
अर्जुन: सब बताऊंगा चची थोड़ा सबर कर लीजिये.
काजल: Okay! मैं किचन में डिनर रेडी करने जा रही हूँ, चलो रश्मिका.
दोनों बहन किचन चली गयी डिनर रेडी करने के लिए.
काजल चची और रश्मिका दोनों डिनर रेडी कर रहे थे.
मैं भी किचन में चला गया और काजल चची को अपनी बाँहों में ले लिया.

काजल: क्या बात है माय किंग, क्या कहना चाहते हो मुझसे अमित के बारे में????
अर्जुन: चची अमित की एक गर्लफ्रेंड है निवेत्ता, अमित चाहता है की मैं निवेत्ता के साथ पहली चुदाई करूँ.
काजल: क्या निवेत्ता?? वो तोह क्लास में कितना शांत रहती है?? अपने क्लास में सबसे ब्यूटीफुल लड़की है और क्लास की टोपर भी है तोह फिर ऐसा कैसे???
अर्जुन: हाँ और उसी निवेत्ता की एक डीप फंतासी है की वो अपने बॉयफ्रेंड या हस्बैंड से पहले एक बार किसी और से चुद ले.
काजल: क्या किसी की ऐसी भी कोई फंतासी होती है क्या मैंने तोह आज तक कभी भी ऐसी कोई फंतासी नहीं सुना है????

रश्मिका: होती है दीदी सभी की अपनी कुछ न कुछ डीप
फंतासी जरूर होती है जैसे की मेरी एक फंतासी थी एक बार होटल में छोड़ना.

काजल: Okay! मैं समझ गयी तोह तुमने क्या डिसिशन लिया है माय किंग???
अर्जुन: मैंने अमित को बोल दिया है की मैं अपना आंसर बाद में मैसेज करके बता दूंगा, मैं अभी जल्द बाज़ी में कोई डिसिशन नहीं ले सकता हूँ.
काजल: तोह तुम क्या करना चाहते हो अर्जुन????
अर्जुन: मैं तोह आपसे जानने आया था की मुझे क्या करना चाहिए और निवेत्ता कैसी लड़की है???
काजल: Okay! मेरे अकॉर्डिंग तुम्हे निवेत्ता के साथ आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि वो एक बहुत hi प्यारी लड़की है साथ hi बहुत hi मासूम और क्लास की टोपर भी है, ऐसी प्यारी लड़की का दिल नहीं तोडा करते हैं.
अर्जुन: Okay! मैं मैसेज टेक्स्ट कर देता हूँ अमित को.
मैंने अमित को टेक्स्ट कर दिया.
"भैया, ी ऍम रेडी तो हेल्प यू."
उधर से जवाब भी आ गया.
((Amit's टेक्स्ट))
थैंक यू छोटे भाई की तुम हम दोनों की हेल्प के लिए मान गए.
***
डिनर के बाद मैं और काजल चची मेरे रूम में थे.
मैंने काजल चची को अपनी बाँहों में भर लिया, हम दोनों एक दूसरे को किश करने लगे.

हम दोनों एक दूसरे की लिप्स को लव बाईट देने लगे.
आज ये पहला मौका था जब मैं किसी को लव बाईट दे रहा था.
लव बाईट भी हम दोनों को पूरी किसिंग का मजा दे रहा था, हम दोनों hi हेवन की सैर करने लगे.
10 मिनट्स के बाद हमने किश तोड़ दिया और एक दूसरे को बाँहों में भर कर सो गए.

***
That's आल फॉर थिस episode, वे विल मीट सून इन नेक्स्ट अपडेट टिल थें एन्जॉय थिस अपडेट, ी होप यू वोउल्ड लव आईटी, वर्ड्स काउंट 2.5क.
डीप एंड डार्क फंतासी ऑफ़ निवेत्ता
रिकैप: इन प्रीवियस part, मैं और अनु दोनों पार्क से घूम कर लौट आये थे और मैंने अनु को उसके घर ड्राप कर अपने घर के निकल गया था.
नाउ नेक्स्ट>>>
जब मैं घर पहुंचा तोह टाइम 2:47 पं हो रहा था, हमने बहार कुछ भी नहीं खाया था इसलिए मुझे भूख लग गयी थी जोरो की.
अर्जुन: नानी खाना दे दो, मुझे बहुत तेज़ भूख लग गयी है.
नानी ने मुझे खाना निकाल कर दिया और मेरे hi पास आ कर बैठ गयी.
अर्जुन: नानी काजल चची, ध्रुव और रश्मिका मौसी कहाँ हैं, दिखाई नहीं दे रहे हैं????
नदिया: तीनो ऊपर वाले रूम में सो रहे हैं.
अर्जुन: अच्छा ठीक है, मेरा खाना हो गया है, मैं भी अपने रूम में जा रहा हूँ सोने कुछ देर के लिए okay.
नदिया: रुको अर्जुन, मैं भी आ रही हूँ तुम्हारे साथ तुम्हारे रूम में, तुम्हारे साथ सोने के लिए.
कुछ देर में हम दोनों मेरे रूम में आ गए सोने के लिए.

मैंने नानी को अपनी बाँहों में भर लिया और छोटे छोटे किस्सेस नानी को देने लगा.

नदिया नानी: क्या बात है अर्जुन आज बड़ा प्यार आ रहा है अपनी नानी पर???
अर्जुन: प्यार तोह आएगा hi न, आखिर आप मेरी फवौरीते नानी जो हो और मुझसे इतना प्यार जो करती हो.
नदिया: अच्छा तोह ये बात है, मुझे मस्का लगा रहे हो प्यार पाने के लिए.
अर्जुन: लगाना hi पड़ेगा नानी माँ, आप कमाल की माल हो, कसम से आपको छोड़ कर बहुत मजा आया था, मेरा पूरा लुंड टाइट जा रहा था आपकी छूट में.
नदिया: वो तोह होना hi था, आखिर तुम्हारा लुंड तुम्हारे नाना जी से 2 गुना मोटा और लम्बा जो है.
मैं कितने hi सैलून से चूड़ी भी नहीं थी तोह मेरी छूट किसी को भी टाइट hi लगनी थी.
तुम्हे तोह लग्न hi था, क्योंकि तुम्हारा लुंड जो कन्टिन्यूसली चुद रही होती है उसके लिए भी टाइट hi लगता है तुम्हे छोड़ कर.
जैसे एक्साम्प्ले मेरी बहु रश्मिका को hi ले लो, क्या तुम्हे रश्मिका की छूट टाइट नहीं लगता है क्या???
अर्जुन: लगा नानी, बहुत hi टाइट लगा.
मौसी की छूट में भी लुंड पूरा फस फस कर जा रहा था.
कसम से नानी आप दोनों hi लाजवाब हो कोई किसी से काम नहीं है, अच्छा आपको कैसा लगा था मुझसे चुद कर???
नदिया: बिलकुल ऐसा की मैं बता नहीं सकती इतना मजा दिया था तुमने.
जिंदगी में पहली बार ऐसा मजा मिला जो तुम्हारे नाना जी से कभी भी नहीं मिला था, एक दम तुम मेरी जान ले रहे थे अपनी दानव जैसे लुंड से.
क्या बताऊँ अर्जुन बीटा जीवन में पहली बार इतना आनद मिला था तुमसे चुद कर जो बयां करना भी मुश्किल है उसे सिर्फ में अपने दिल की गहराई में फील कर सकती हूँ.
अर्जुन: इसका मतलब हुआ की आप मेरी चुदाई से खुश हो??
नदिया: बिलकुल! बहुत खुश हूँ रे जो भी तुमसे छुड़ेगी हमेशा खुश hi रहेगी.
साथ hi साथ तुमसे बार बार छोड़ना चाहेगी, चाहे हो वो कोई चूड़ी हुयी औरत hi क्यों न हो.
तुम हम जैसी चूड़ी हुयी औरतो की जान निकल देते हो तोह फिर जब तुम किसी की वर्जिन छूट मरोगे तोह पता नहीं उसका क्या हाल करोगे, उस बेचारी का पता नहीं क्या हाल होगा.
अर्जुन: तोह फिर से मुझे अपनी रास भरी और टाइट छूट कब मरने डौगी मेरी प्यारी नानी????
नदिया: जब मेरे अर्जुन का मन होगा, बोलो कब मरोगे मेरी छूट को?? तुम्हारा लुंड लेने के लिए तोह मेरी छूट हमेशा तैयार hi रहेगी.
जब मैं करे, जितना मैं करे, आकर मार लिया करो कभी भी मेरी छूट को, आखिर तुम hi तोह अब मेरी पिंक छूट के राजा हो मेरी साजन मेरे अर्जुन.
अर्जुन: जल्द hi आपकी विश पूरी करूँगा नानी और आपकी पिंक छूट को एक बार फिर से आनद की सैर पर ले चलूँगा.

नदिया: मुझे उस पल का इंतज़ार रहेगा अर्जुन बीटा जब तुम अपना ये बड़ा सा मुसल मेरी टाइट और पिंक छूट में सैर करवाओगे.
अर्जुन: Okay! अब सो जाते हैं.
हम दोनों सो गए.
मेरी आईज मेरे फ़ोन की रिंग से खुली, मैंने देखा तोह अमित का कॉल था.
अर्जुन: Hello सीनियर.
अमित: Hello अर्जुन मैसेज टेक्स्ट कर दिया है लोकेशन और टाइम चेक कर लेना.
[Call Disconnected]
मैंने मैसेज चेक किया तोह सीसीडी का लोकेशन था जो हमारे कॉलेज कैंपस के hi पास था.
[CCD : Coffee Cafe Day]
[Time: 6 pm]
मैंने okay लिख कर अमित को मैसेज सेंड कर दिया.
अभी टाइम 5:20 पं हो रहा था मतलब की मेरे पास अभी 40 मिनट्स था.
मैं जल्दी से तैयार हो गया और नदिया नानी से बोल कर निकल गया.
मैं सही टाइम पर सीसीडी पहुँच गया, कुछ hi देर बाद अमित भी आ गया, उसके साथ एक बहुत hi हॉट एंड ब्यूटीफुल लड़की थी, हम एक प्राइवेट केबिन में आ कर बैठ गए.


अमित: अर्जुन इससे मिलो ये है मेरी क्लासमेट और मेरी गर्लफ्रेंड निवेत्ता.
[New Character: Nivetha]

6तह सेमेस्टर स्टूडेंट, टोपर ऑफ़ हेर बैच एंड थे मोस्ट ब्यूटीफुल गर्ल ऑफ़ हेर क्लास एंड गर्लफ्रेंड ऑफ़ अमित.
अर्जुन: Hello.
निवेत्ता: Hello!
हमने एक दूसरे से हैंड शेक किया.
अर्जुन : हाँ, बोलिये सीनियर मुझे किस लिए बुलाया है और आपको मुझसे कैसी सीरियस बात करनी है???
अमित: अर्जुन तुम मुझे आज से अपना बड़ा भाई समझो और मुझे भैया कह कर बुलाओ, या फिर मुझे मेरे नाम से ऐसे सीनियर सुन्ना अच्छा नहीं लगता है.
अर्जुन: Okay! आज से आप मेरे बड़े भाई हुए, अब बताइये क्या बात है, बिलकुल डरने की जरुरत नहीं है जो मैं में है वो दिल खोल कर बोल दीजिये.
अमित: ठीक है अर्जुन तुम मेरी बात को ध्यान से सुनो, मैं और निवेत्ता पिछले 3 इयर्स से एक दूसरे से प्यार करते हैं, हम एक दूसरे से शादी करना चाहते हैं.
अर्जुन: ये तोह अच्छी बात है भैया फिर इसमें परेशां होने की क्या जरुरत है???
अमित: परेशानी की hi बात है अर्जुन, अब मैं तुम्हे कैसे बताऊ मुझे हिम्मत नहीं हो रही है बताने की तुम्हे????
अर्जुन: अगर नहीं बताओगे तोह मुझे कैसे समझ आएगा की क्या प्रॉब्लम है????
जो भी बात है, मुझे आप क्लेअर्ल्य बता सकते हैं, यदि कोई प्राइवेसी वाली बात होगी तोह आप निश्चिंत रहिये आप दोनों का सीक्रेट मेरे पास सेफ रहने वाला है.
अमित: Okay!
तोह सुनो तुम्हारी भाभी की एक बहुत hi बड़ी डीप एंड डार्क फंतासी है.
नोट : ये फंतासी मेरी इमेजिनेशन की है और ऐसे कई सरे फंतासी लोगो की होती है, यदि आपको ऐसे किसी भी फंतासी के बारे में पता न हो तोह माय डिअर फ्रेंड्स आप यही समझना की स्टोरी को इंटरेस्टिंग बनाने के लिए सिर्फ एन्जॉयमेंट के लिए किया गया है.
ी होप आप मेरी बातों को समझोगे और मैं में कोई गलत विचार नहीं लाओगे.
थैंक्स.
अर्जुन: Okay! आगे बताइये मैं सुन रहा हूँ.
अमित: Okay! मैंने 3 इयर्स में कितनी hi बार तुम्हारी भाभी से कहा की हम फिजिकल हो जाते हैं फिर भी तुम्हारी भाभी इसके लिए एग्री नहीं होती है.
अर्जुन: इंडियन लड़किया ऐसी hi होती है भैया, ज्यादातर शादी के बाद hi सब कुछ करने देती हैं, इसमें तोह मुझे कोई प्रॉब्लम नज़र नहीं आती है.
अमित: नहीं भाई प्रॉब्लम उससे भी बड़ी है जितना तुमने सोचा भी नहीं होगा.
अर्जुन: Okay! बताइये मैं सुन रहा हूँ.
अमित: वो एक्चुअली तुम्हारी भाभी की एक डीप फंतासी है की वो अपने बॉयफ्रेंड या पति से पहले किसी दूसरे के साथ एक बार रिलेशनशिप बनाये और यही उसकी डार्क फंतासी भी है.
अर्जुन: ये आप क्या कह रहे हैं भैया, आपके होते हुए भाभी ऐसा सोच भी कैसे सकती है किसी दूसरे के बारे में???
अमित: पहले मुझे भी ऐसा hi लगता था, भाई लेकिन अब नहीं लगता है.
अर्जुन: क्यों????
अमित: क्योंकि मेरी निवेत्ता बहुत अच्छी है, सिर्फ यही एक उसकी डीप फंतासी है जो किसी को भी बुरा लग सकता है.
पर अब मुझे कोई दिक्कत नहीं है.
अर्जुन: क्यों???
अमित: क्योंकि जो 3 इयर्स से मुझे ताल सकती है वो अपनी सोच की बहुत रिच है, जिसने बॉयफ्रेंड के होते हुए भी 3 साल से अभी तक वर्जिन है, मुझे हाथ तक नहीं लगाने दिया है इसने आज तक.
अर्जुन: Okay! आगे बताइये मैं सुन रहा हूँ आपकी बात.
अमित: ये फंतासी होने के बावजूद भी इसने किसी से भी रिलेशनशिप नहीं बनाया है आज तक.
अर्जुन: ये तोह अच्छी बात है फिर क्या प्रॉब्लम है????
अमित: प्रॉब्लम ये है की ये रिलेशनशिप बनाना चाहती तोह है, पर न इसे आज तक कोई सही बाँदा मिला और न hi मुझे जिस पर हम दोनों ट्रस्ट कर सकते हैं.
अर्जुन : Okay! आगे बताइये मैं सुन रहा हूँ.
अमित: मैंने तुम्हे चुना है इस काम के लिए.
अर्जुन: ये आप क्या कह रहे हो भैया आप जानते भी हो???
और आपने ये सोच भी कैसे लिया की मैं मान जाऊंगा इस काम को करने के लिए???
अमित: सोचा तोह मैंने ये भी नहीं था की तुम मुझे अपनी जगह पर टीम का कप्तान बना डोज और टीम के लिए तुमने खुद को डार्क में रखा अपनी क्वालिटी को हाईड कर के.
जिसके कारन मैं क्रिकेट टूर्नामेंट में अच्छा कर सका और मुझे मैं ऑफ़ थे सीरीज चुना गया, यदि तुम पहले hi खेलते तोह तुम इसके असली हक़दार होते.
अर्जुन: वो तोह मैंने इसलिए किया था की आपने बहुत अच्छा परफॉरमेंस दिया था सिलेक्शन प्रोसेस में और मुझे आप पर पूरा भरोसा था की आप टीम को संभल लोगे, हमे मैच में जरूर जीत दिला डोज.
अमित: हाँ पर तुमसे अच्छा नहीं था मैं.
अर्जुन: उससे इस बात का क्या कनेक्शन है????
अमित: कनेक्शन है छोटे भाई और ये है की तुम सबके बारे में अच्छा सोचते हो, इसलिए मैंने तुम्हे चुना है क्योंकि जब तक इसकी ये फंतासी पूरी नहीं हो जाती ये मुझसे शादी भी नहीं करना चाहती है, मेरे दुःख को फील करो छोटे भाई.
अर्जुन: भैया आप कैसे देख पाओगे भाभी को किसी और की बाँहों में, कभी सोचा है आपने इस बात को???
अमित: मैंने इस बारे में बहुत बार सोचा है छोटे भाई, अब मुझे ये समझ आ गया है की यदि प्यार सच्चा हो तोह सिर्फ जिस्म hi मायने नहीं रखती है छोटे भाई.
अर्जुन: पर मैंने तोह सुना है की दो सच्चे प्रेमी एक दूसरे को hi अपने जिस्म देते हैं.
अमित: ये सच है छोटे भाई इसे कभी झूठ लाया नहीं जा सकता है, लेकिन मेरी केस में अलग है छोटे भाई, यहाँ एक सच्चा प्रेमी अपनी प्रेमिका के लिए कुछ भी करने के लिए रेडी है.
अर्जुन: पर क्या यही बात भाभी के केस में है???
निवेत्ता जो अभी तक इन् दोनों का बात सुन रही थी शांति से चुप बैठ कर अब बोल पड़ी.

मैं भी अमित से सच्चा प्यार करती हूँ अर्जुन, इसलिए मैंने अमित को अपनी डीप फंतासी के बारे में बता दिया है, वर्ण मैं अपनी फंतासी को कभी भी पूरा कर लेती और अमित को पता भी नहीं चलता कभी भी इसके बारे में.
अर्जुन: Okay! मैं आप दोनों की बात को समझ गया पर मैं hi क्यों??? कोई दूसरा बाँदा जैसे आपका कोई पुराण दोस्त या फिर आपका क्लास फ्रेंड भी तोह हो सकता है.
अमित: क्योंकि तुम अपने से पहले दुसरो के बारे में सोचते हो अर्जुन.
मैंने अपनी नजरों के सामने से ये फील किया है, क्योंकि वो मेरे साथ hi हुआ है.
और जहाँ तक मेरे पुराने दोस्त की बात है तोह मुझे किसी पर भरोसा hi नहीं हो पाया है.
अर्जुन: Okay! मैं समझ गया और एक लास्ट क्वेश्चन है.
यदि मैं बदल गया तोह, या फिर ऐसा भी हो सकता है की भाभी को मेरी लत लग जाये तोह आप क्या करोगे????
अमित: मैं जनता हूँ की तुम कभी नहीं बदलने वाले हो, क्योंकि पूरा कॉलेज तुम्हारे और अनुपमा की झगडे के बारे में जान गया है, उसने तुम्हे इतना कुछ कहा फिर भी तुमने उसे एक तुक पलट कर जवाब नहीं दिया.
इससे पता चलता है की कितना पेशेंस है तुममे अपनी बेइज्जती बर्दास्त करने की.
और जो अपनी बेइज्जती बर्दाश्त कर ले उसमे कोई भी नेगेटिव आने का क्वेश्चन hi नहीं उठता है मेरे भाई.
अर्जुन: Okay! मैं समझ गया हूँ भैया आपके भरोसे का कारन.
अमित: तोह क्या तुम तैयार हो इसके लिए????
अर्जुन: मैं अपना जवाब आपको घर जा कर मैसेज टेक्स्ट कर दूंगा, अभी मैं इस बारे में कोई डिसिशन इतनी जल्दी नहीं ले सकता हूँ.
अमित: Okay! मुझे तुम्हारे जवाब का इंतज़ार रहेगा छोटे भाई और कोई बात नहीं तुम बिलकुल शांति से सोच लो इस बारे में.
और हाँ एक बात मैं तुम्हे बता देना चाहता हूँ, यदि तुम्हारा डिसिशन न हुआ तोह भी हम दोनों को बिलकुल भी बुरा नहीं लगेगा क्योंकि ये तुम्हारी लाइफ का चॉइस है.
निवेत्ता: और हाँ अर्जुन तुम्हारा जवाब न हुआ तोह तुमसे एक रिक्वेस्ट है की मेरी इस डीप फंतासी को सीक्रेट रखोगे अपने पास, कभी भी ये बात किसी के भी सामने डिस्क्लोसे नहीं करोगे.
अर्जुन: Okay! यदि मेरा आंसर न हुआ तोह मैं आपकी इस फंतासी को कभी भी दूसरे के साथ शेयर नहीं करूँगा, आप मुझ पर इतना भरोसा कर सकती हैं.
निवेत्ता: मुझे तुमसे यही आशा है अर्जुन.
हम तीनो ने इसके बाद कॉफ़ी एन्जॉय किया.


अर्जुन: Okay! Bye भैया, bye भाभी, अब मुझे जाने की परमिशन दीजिये.
बोथ: Okay! Bye अब तुम जा सकते हो.
मैं अपने घर के लिए निकल गया.
[[Some Minutes Later]]
कुछ hi देर में मैं घर पहुँच गया.
काजल चची, ध्रुव और रश्मिका मौसी भी मुझे निचे hi मिल गए.
काजल: कहाँ थे अर्जुन बहुत देर लगा दिया तुमने आने में???
अर्जुन: वो चची मैं सीसीडी गया था, अमित ने मुझे बुलाया था कुछ काम से.
काजल: अमित को तुमसे क्या काम पद गया वो तोह तुमसे बहुत ज्यादा सीनियर स्टूडेंट है???
अर्जुन: सब बताऊंगा चची थोड़ा सबर कर लीजिये.
काजल: Okay! मैं किचन में डिनर रेडी करने जा रही हूँ, चलो रश्मिका.
दोनों बहन किचन चली गयी डिनर रेडी करने के लिए.
काजल चची और रश्मिका दोनों डिनर रेडी कर रहे थे.
मैं भी किचन में चला गया और काजल चची को अपनी बाँहों में ले लिया.

काजल: क्या बात है माय किंग, क्या कहना चाहते हो मुझसे अमित के बारे में????
अर्जुन: चची अमित की एक गर्लफ्रेंड है निवेत्ता, अमित चाहता है की मैं निवेत्ता के साथ पहली चुदाई करूँ.
काजल: क्या निवेत्ता?? वो तोह क्लास में कितना शांत रहती है?? अपने क्लास में सबसे ब्यूटीफुल लड़की है और क्लास की टोपर भी है तोह फिर ऐसा कैसे???
अर्जुन: हाँ और उसी निवेत्ता की एक डीप फंतासी है की वो अपने बॉयफ्रेंड या हस्बैंड से पहले एक बार किसी और से चुद ले.
काजल: क्या किसी की ऐसी भी कोई फंतासी होती है क्या मैंने तोह आज तक कभी भी ऐसी कोई फंतासी नहीं सुना है????

रश्मिका: होती है दीदी सभी की अपनी कुछ न कुछ डीप
फंतासी जरूर होती है जैसे की मेरी एक फंतासी थी एक बार होटल में छोड़ना.

काजल: Okay! मैं समझ गयी तोह तुमने क्या डिसिशन लिया है माय किंग???
अर्जुन: मैंने अमित को बोल दिया है की मैं अपना आंसर बाद में मैसेज करके बता दूंगा, मैं अभी जल्द बाज़ी में कोई डिसिशन नहीं ले सकता हूँ.
काजल: तोह तुम क्या करना चाहते हो अर्जुन????
अर्जुन: मैं तोह आपसे जानने आया था की मुझे क्या करना चाहिए और निवेत्ता कैसी लड़की है???
काजल: Okay! मेरे अकॉर्डिंग तुम्हे निवेत्ता के साथ आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि वो एक बहुत hi प्यारी लड़की है साथ hi बहुत hi मासूम और क्लास की टोपर भी है, ऐसी प्यारी लड़की का दिल नहीं तोडा करते हैं.
अर्जुन: Okay! मैं मैसेज टेक्स्ट कर देता हूँ अमित को.
मैंने अमित को टेक्स्ट कर दिया.
"भैया, ी ऍम रेडी तो हेल्प यू."
उधर से जवाब भी आ गया.
((Amit's टेक्स्ट))
थैंक यू छोटे भाई की तुम हम दोनों की हेल्प के लिए मान गए.
***
डिनर के बाद मैं और काजल चची मेरे रूम में थे.
मैंने काजल चची को अपनी बाँहों में भर लिया, हम दोनों एक दूसरे को किश करने लगे.

हम दोनों एक दूसरे की लिप्स को लव बाईट देने लगे.
आज ये पहला मौका था जब मैं किसी को लव बाईट दे रहा था.
लव बाईट भी हम दोनों को पूरी किसिंग का मजा दे रहा था, हम दोनों hi हेवन की सैर करने लगे.
10 मिनट्स के बाद हमने किश तोड़ दिया और एक दूसरे को बाँहों में भर कर सो गए.

***
That's आल फॉर थिस episode, वे विल मीट सून इन नेक्स्ट अपडेट टिल थें एन्जॉय थिस अपडेट, ी होप यू वोउल्ड लव आईटी, वर्ड्स काउंट 2.5क.




























































































































