Incest Kahani Chudai ki sabki - Page 19 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Kahani Chudai ki sabki

बात ये नहीं की सब बीमार है बस जब हमने लिखना चालू किया था तब सब फ्री थे लिखे लोखड़ौन ले टाइम या उसके बाद पैर अब हमारी भी कुछ जिम्मेदारी है जिसके वजह से बिजी रहते है या जब लिखने बैठते है तब मंद वर्क नहीं करता है थके होने के कारन सू लिख नहीं पते है वर्ण कोण राइटर अपनी स्टोरी इन्कम्प्लीट छोड़ेगा और वो भी मेरे जैसा जिसकी स्टोरी पैर इतने छे व्यू हो कमेंट हो रिएक्शन इतने अचे मिलते है यार प्यार मिलता है रीडर्स की तरफ से
 
अपडेट 136

जैसा की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा निकिता मम दे बात करते हुए वडा किया उनकी फॅमिली को ढूंढ़ना का और सासु माँ से खुल के नॉटी रोमांस किया और उनसे बाइक की के ले कर ऊपर निकिता के फ्लैट पैर सा गया .

अब आगे

~

~

~

~

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

जब मई फ्लैट का दूर ओपन कर के अंदर आया तब निकिता मम अपने रूम से बहार आई और जैसा मैंने कहा था मॉडर्न कपडे पहने के लिए उन्होंने वैसा hi पहना था .

निकिता



निकिता - कैसी लग रही हु बताओ आप .

मई - तमन्ना भतिअ दे भी जयदा हॉट और खूबसूरत वो भी तुम्हारे सामने फ़ैल है .

निकिता - थैंक यू पतिदेव , अब्ब चले क्यों की मुझे भूक लगी है बहोत .

मई - हां मेरी जान चलो मैंने उसका हाथ पकड़ा और बहार आकर फ्लैट लॉक कर दिया फिर हम बिल्डिंग के निचे आये और बाइक से निकल गए डिनर के लिए .

निकिता बिलकुल मुझसे चिपक कर बैठी थी और सोने बूब्स को मेरे बैक पैर दबा रही थी .

मई - निक्कू मेरे पीठ पैर कुछ चूब रहा है जान .

निकिता - ाचा जी बताओ क्या चूब रहा है मेरे जानू को.

मई - मेरी निक्कू के निप्पल चूब त्शे है अगर मूड मैं हो तो सही साइड मैं प्रोग्राम चालू करे .

निक्कू ने मेरे पीठ पैर मुक्का मारा और बोली .

निकिता - गंदे कही के अब क्या दुनिया को दिखाओगे अपनी पत्नी का जिस्म .

मई - नहीं बाबू कही कोने मैं जेक तेरी छूट मरूंगा फिर डिनर का किये चलेंगे .

निकिता - ाचा जी मूड आपका है और बोल मुझे रहे है चुप चाप चलो किसी अचे से होटल मैं समझे पतिदेव .

पुरे रस्ते निकिता अपने चुके मेरे पीठ मैं दबाते हुए मुझे परेशां कर रही थी .

होटल पहुंच कर हम अंदर गए जहा मैंने वेटर को बुलाया और बोलै हमे प्राइवेट टेबल चाहिए तो उसने मुस्कुराते हुए हमे सेकंड फ्लोर पैर ले गया जहा केबिन बने थे .

हर केबिन लॉक था उस वेटर ने हमे एक केबिन का दूर ओपन कर के दिया हम अंदर जा कर बैठ गए दोनों एक साथ .

वेटर - सर टेबल पैर मेनू है एंड मई यही बहार खड़ा हु आपको जो पसंद आये आप बता दो मई ले आऊंगा आपका आर्डर , फिर उसने दूर क्लोज कर दिया .

मई - तो मेरी निक्कू डार्लिंग ी बताओ क्या खाओगी .

निकिता - मेरा फवौरीते आपको पता है न वो आर्डर कर दो ज़रा मई भी टी देखु मेरे पतिदेव को अपनी पत्नी की फवौरीते फ़ूड याद है की नहीं .

मई मुस्कुराते हुए वेटर को बुलाया और बोलै .

मई - सुनो 1 बटर चिकन विथ रुमाली रोटी एंड 2 हाफ प्लाट मोटों बिरयानी एंड 1 फुल प्लाट कलेजी कीमा .

वेटर - ok सर बस 20 मं आपका आर्डर आपके टेबल पैर होगा एंड और कुछ आर्डर देना हो तो मई बहार hi हु .

फिर उसने दूर क्लोज कर दिया .

निकिता ने मुझे देखते हुए मेरे होंठो को चुम लिया प्यार से .

मई - बस बस मेरी जान सारा प्यार यही कर लोगो क्या .

निकिता - हां मेरा बस चले तो यही आपका लुंड निकल क्र उसको छूट मैं ले कर बैठ जाउंगी .

मई - ाचा तो आजा बैठ जा वैसे भी मई मूड मैं हु .

निकिता - देखो मुझे चलेंगे मत करो सच मैं बैठ जाउंगी मई .

मई - अरे दम है तो आओ फिर देखना क्या करता हु तेरी छूट का .

निकिता ने आओ देखा न ताओ सीधे मेरे ऊपर छड्ड गई और मुझे किश करने लगी.

उसको किसी बात का डर नहीं था वो बस मेरे होंठो को चूसे जा रही थी , मैंने भी उसकी दोनों टैंगो को पकड़ कर फैला दिया अचे से जिससे उसकी ड्रेस सूजी कमर तक आ गई और उसकी पंतय साइड मैं कर के उसकी छूट को मशलने लगा .



हम दोनों एक दूसरे के साथ जुंग लड़ रहे थे की कोण पहले हार मानेगा .

निकिता सोनी झिव मेरे मुँह मैं दाल के घुमा रही थी और मेरे थूक को पी रही थी समय उसी ताश मई भी बार बार दुखी झिव को अपने मुँह मैं पकड़ के चूस रहा था और हम दोनों का सलीवा एक दूसरे के मुँह से होते हुए नैक तक आ रहा था दूसरी तरफ मई उसकी गांड को ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था इतना की वो दर्द और मजे से कढ़ाह जा रही थी......

आखिर कार थक कर निकिता पीछे हैट गई और मुझे प्यार से देखने लगी .

निकिता - उफ्फफ्फ्फ़ कितने बे दर्द हो आप इतनी ज़ोर से कही दबाते है अपनी पत्नी की गांड बताओ .

मई - ाचा बीटा सॉरी अब से प्यार से दबाऊंगा , फिर से उसको खुद से चिपकते हुए बोलै .

निकिता - चोरो अब मुझे इतनी भी बेसरम नहीं हु की ऐसे रेस्टुरेंट मैं खुले गुलु गुलु करू , सासु माँ को पता चला तो बहोत मारेंगी मुझे आपका क्या आप तो बच जाओगे .

उसने मेरे होंठो पैर प्यार से किश किया और अपनी जगह पैर बैठ गई .

मैंने उसने सर पकड़ा और साइन पैर रख दिया , निकिता ने भी कोई विरोध नहीं किया.

मई - निक्कू मेरी जान क्या अब्ब तुझे वो तेरा नल्ला क्ष हस्बैंड परेशां तो नहीं करता है न मेरा बचा .

निकिता - नहीं उसको तो मैंने बोल दिया था अगर मुझे परेशां किया तो मई प्रिंसिपल मम को बोल दूंगी और वो यहाँ के कम की वाइफ है जिसके बाद उसकी गांड फात है और वो चला गया हीहीही.

मई - वह मेरी बीबी ने धमकी देना सिख लिया .

निकिता - सब आपकी कृपा है मेरे हुब्बी , ये वेटर कब लाएगा खाना मुझे भूक लगी है .

मई - बस आता hi होगा जानू , मेरे इतना कहते हो वेटर ने दूर नॉक किया तो मैंने उसको अंदर आने को बोलै.

उसने हमारा आर्डर जिसको मैंने और निक्कू ने एन्जॉय कर के खता फिर जाते जाते वेटर को टिप भी दिया और बाइक से घर की तरफ निकल गए .

रस्ते मैं हमने आइसक्रीम भी खाया और फ्लैट पैर आ गए .

अंदर जाने के बाद मई रूम मैं चला गया और बीएड लेट गया वही निकिता कपडे चेंज करने लगी अपने .

कंटिन्यू

नेक्स्ट अपडेट मैं मजे दार सेक्स होगा एंड ये स्टोरी कंटिन्यू रहेगी नेक्स्ट अपडेट देने मैं थोड़ा टाइम लगेगा जयदा नहीं 1 हफ्ता क्यों की मई बिहार से हु और यहाँ फेस्टिवल होता है सू उसी मैं बिजी रहूँगा
 
अपडेट 137 ा

जैसा की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मई और निकिता होटल गए वह डिनर किया और थोड़ी बहोत मस्ती की फिर रस्ते मैं आइसक्रीम कहते हुए घर आ गए जहा मई बीएड रूम मैं चला गया वही निकिता अपनी ड्रेस चेंज करने लगी .

अब आगे

~

~

~

~

~

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

ड्रेस चेंज करने के बाद निकिता मेरे पास आके बीएड पैर मुझसे चिपक कर लेट गई .

उसने एक सेक्सी सी निघ्त्य पहनी थी जिसमें वो बहोत सेक्सी लग रही थी .



उस निघ्त्य मैं निकिता का जिस्म एक दम निखार कर बहार आ रहा था उसके बूब्स उसकी गांड उसके चउरवे वो डीप क्लीवेज जिसको देख कर किसी का लुंड खड़ा हो जाये .

जैसे मेरा हो गया था और निकिता देख कर मुस्कुरा रही थी .

मई - देख रही हो निक्कू डार्लिंग कैसे तुम्हे देख कर तुम्हारा छोटा पति खड़ा हो गया .

निकिता - हम्म देख रही हु सोने छोटे पति को बहोत सैतान हो गया है ये इसको बोल दो आज इसकी खैर नहीं क्यों की इसकी छोटी पत्नी आज इसको पूरा चूस लेगी और सारा गन्ने का राश निकल लेगी इसमें से.

मई - बोल रहा है की जूस का तो पता नहीं पैर गधा खीर ज़रूर खिला देगा आज अपनी छोटी पत्नी को .

निकिता के गालो को सहलाते हुए मैंने उसको अपने ऊपर ले लिया और होंठो से होंठो को मिला कर चूसने लगा .



हम दोनों के होंठ एक साथ खुल रहे थे और एक दूसरे के होंठो को चूस रहे थे दोनों आपस मैं लड़ रहे थे .

निकिता के मुँह का सारा सलीवा मेरे मुँह मैं आ रहा था जिसके मई पी जा रहा था .

वही निक्किता भी काम नहीं थी वो मेरे झिव को चूसने लगती .

हम दोनों एक दूसरे की आँखों मैं प्यार से देखते हुए किश कर रहे थे दोनों .

निकिता - रोहित आह्ह्ह्हह मेरी जिस्म की गर्मी मुझे बर्बाद कर रही है आह्हः प्लीज कुछ करो न बहोत दर्द हो रहा है मेरी चूचियों मैं .

मैंने उसकी तड़प देखते हुए उसके दोनों बूब्स को दबाना चालू किया .



निकिता - अह्ह्ह्हह मम्मी कितना मजा आए गहा है उफ्फ्फ्फ़ ये दर्द आह्ह्हह्ह्ह्ह कितना ाचा है हुब्बी आपके हाथो से दिया दर्द मैं जो मजा हाइइइइ और ज़ोर दबाओ नान्नन्नन्न उम्मम्मम्म ...........

निकिता का बॉडी बहोत गरम हो गया था ऐसा लग रहा था उसको भुकार हो गया पैर पैर इसके पीछे रीज़न है सेक्स अब उसकी बॉडी बहोत तगड़ी सेक्स खोज रही थी जिसके चलते वो गरम हो गई थी बहोतट ज्या .

मैंने निकिता की निघ्त्य एक झटके मैं निकल दी जिससे वो सिर्फ ब्रा पंतय मैं आ गई उसके बड़े चुके और फूली छूट को एक दम गीली हो चुकी थी अब मेरे सामने थी .

निकिता के पेट को चुनने लगा और उसके बूब्स को दबाने लगा जिससे वो और तड़प उठी .



उसने मुझे अपनी तरफ खींचा और मेरे सरे कपडे उतरने लगी .

निकिता - आह्हः हुब्बी मुझे नंगा कर कर आप खुद कपड़ो मैं हो ये बेमानी है .......

मेरे कपड़ो को उतरने के बाद उसने मुझे किश करना चालू किया और मेरे अंडरवियर मैं हाथ दाल कर मेरे लुंड को सहलाने लगी वही मई भी उसको किश करने लगा .



मई - निक्कू आज तेरी गांड और छूट दोनों फाड़ दूंगा मई छोड़ छोड़ कर तेरी जिस्म की सारी गर्मी निकल दूंगा आज मई......

निकिता - आह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम दलुपपपपप दलुपपपपप ुन्नम ग्लूपप्प्प सलुपपपप हुब्बी इस जिस्म की गर्मी एक दिन मैं नहीं निकलेगी आह्ह्ह्हह साइड दबाओ आह्हः मेरी चूचिया मम्मीयिययियी......

फिर मैंने निकिता को झुकाया और अपना अंडरवियर निकल दिया जिससे मेरा लुंड उछाल कर उसके सामने आ गया .

मेरे बड़े से लुंड को निकिता ने पकड़ा और सहलाना चालू किया .

निकिता - कितना बड़ा लगता है हर बार ये उफ्फ्फ पता नहीं कैसे मेरी छूट मैं चला गया था ये सैतान बदमाश कही का .

मेरे लुंड को सहलाते हुए उसने अपने मुँह को खोला और मेरे लुंड को चूसना चालू किया .



निकिता बड़े मजे से लुंड को चूस रही थी .

कभी वो मेरे गोते चुस्ती तो कभी पुरे लुंड को अपने मुँह मैं लेने की कोसिस करती तो कभी लुंड के टोपे के चारो तरफ झिव घूमती .

मई - आह्ह्ह्ह ऐसे चूस मेरी जान ऐसे तू भुकी शेरनी है निक्कू मेरी डार्लिंग.

निकिता - उम्म्म गलप्प्प गलप्प्प सलुपपपप बहोत मस्त लुंड है आपका एक बार जिस लड़की ने देख लिया या छू लिया वो आपकी रंडी बन जाएगी हुब्बी सच बता रही हु उम्म्म सलुपपपपप ......

मई - आह्ह्ह्हह साली फिर तो पूरा कॉलेज किसी दिन मेरे लुंड के निचे होगा ......

निकिता - उम्मम्मम ग्लूपप्प्प गलप्प्प ताऊ अप्पकी तो मजीएए है नाआ सलुपपप ग्लूपप्प्प आपपपप जिस भी उम्म्म लड़की पैर हाथ रखो मई उसको आपके निचे ला दूंगी हुब्बी सलुपपप



मई - आह्ह्ह्ह मेरी जान निक्कू क्या टूउउउ उम्म्म्म इतना प्यार करती है मुझ्सीईए आह्ह्ह्हह साललीई कुटिया आह्हः .

निकिता - सलुपपपपप हां हुब्बी अपनी ये ीी कुटिया बीबी आपसे बहोतट प्यार करती है .

मैंने निकिता को उठाया और बीएड पैर लेता दिया और उसकी ब्रा पंतय फाड़ डीई .

निकिता - अह्ह्ह्हह हुब्बी आइडे मेरी छूट भी फाड़ दो अपने लुंड से उफ्फफ्फ्फ़ बिलकुल शेर हो शेर आपपप .

मई झुका और निकिता के पेट को चूमते हुए उसकी चूचियों को दबाने लगा और उसके पुरे जिस्म को चुनने लगा .

निकिता सिसकारियां लेते हुए बीएड पैर बिछे चादर को खींचने लगी .

उसको ऐसे तड़पता देख मैंने निकिता के बूब्स को अपने मुँह मैं ले लिया .



जिससे उसने ज़ोर से आह्ह्ह्हह भरिई और झड़ने लगी......

निकिता - आह्ह्ह्हह हुब्बीययय अपने तो मुझे बिना चोदे hi झाड़ा दिया उफ्फ्फ्फ़ पता नहीं छोड़ कर क्या क्या करोगे मेरी तो जान निकल डोज आपपप .

निकिता मेरे बालो को सहलाती हुई अपनी दोनों बूब्स को मुझसे चुसवा रही थीई.....

मई - उम्म्म्म निक्कू अभी तो पूरी रात बाकि आह्हः जानेमन उम्म्म सलुपपप निकिता के निप्पल को चूसने लगा जिससे उसको और मजा आ रहा था उसकी निप्पल एकदम टाइट हो चुकी थी जैसे बेरीज होते है ब्लैक या रेड वाले वैसे ही........

एक निप्पल को मशलता तो एक को बड़े प्यार से तो कभी बेहरहमी दे चुस्त .

निकिता - अह्ह्ह्हह हुब्बी ज़ोर ज़ोर से चुसो आह्ह्ह्ह कटु मेरी निप्पल को बहोत दर्द करता है आह्ह्ह्हह साली रंडिया को काट के सबक सीखा तो और बता दो उम्म्म्म की इनका मालिक कोण हीी अह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फ़ मम्मी आअह्ह्ह .

निकिता दर्द को एन्जॉय कर रही थी सेक्स के वक़्त क्यों की उनके अंदर सेक्स की भूक बहोत जयदा थी और डिजायर बहोत थे मई बे उसको अलग अलग तरीके के सेक्स पसंद थे .......

कंटिन्यू

आगे की स्टोरी नेक्स्ट part मैं जो रात को आएगा आज hi ........
 
अपडेट 137 बी

जैसा की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था निकिता के साथ मई फुल रोमांस कर रहा था और उसको गरम कर रहा था

अब आगे

~

~

~

~

~

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

निकिता के बूब्स को चूसने के बाद मैंने उसकी नाभि मैं खूब दाल के चाटने लगा.

जिससे वो तड़प उठी और मेरे बालो को ज़ोर से खींच लिया .

मई - आह्हः साली रंडी क्या कर रही है.....

निकिता - आह्ह्ह्ह कितना मजा आ रहा है जान मेरे पतिदेव अपनी रंडी बीबी को ऐसे प्यार करो आह्ह्ह्हह .

मैंने निकिता के बूब्स पैर ज़ोर से थप्पड़ मार दिया .

निकिता - आह्हः ऐसे और ज़ोर से मारो उफ्फ्फ्फ़ रोहित आह्ह्ह्ह मेरे मालिक उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इस्सस मममममम ...

नाभि को चूसने के बस मैंने निकिता के पैरो को फैला दिया मैंने देखा निकिता ने अपनी झाटो से डिज़ाइन बनाया था .



जिसे देख कर मेरे लुंड और टाइट हो गया और उछलने लगा .

निकिता - कैसा लगा सरप्राइज हुब्बी मैंने आपके लिए बनाया है .

मई निकिता के टैंगो के बिच सा गया और उसने जो दिल अपनी झाटो से बनाया था उसपर किश करने लगा और चाटने लगा .



निकिता - आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मुम्मा कितना मजा आ रहा है उफ्फ्फ्फ़ हुब्बी मेरी छूट आह्ह्ह्हह चटूओ ह्म्म्मम्म मममममम ओह्ह्ह्हह्हह ऐसे बस्स्स मेरे पतिदेव अपनी निक्कू रंडी डार्लिंग की छूट चाट चाट कर पानी निकल दो .

मई - उम्म्म्म सलुपपपप सलुपपप निक्कू मेरी रंडी उम्म्म साली तू अपने स्टूडेंट की रंडी बन गई साली कुटिया और छूट भी चटवा रही है उम्म्म्म सलुपपपप सलुपपप ......

निकिता - आह्ह्ह्हह्ह जब्बबंनन स्टूडेंट इतना हैंडसम होऊ और उसका लुंड इतना तगड़ा हो तो रंडी बनने मैं कैसी सरमममम आह्ह्ह्ह छस्तो सोनी निक्कू वाइफ रंडी की छुटत आह्ह्ह्ह और ज़ोर से आह्हः मायी आह्ह्ह्हह कुछः हूँ रहा है आह्ह्ह्ह .

मुझे पता था निकिता रेसिस्ट नहीं कर पायेगी और कुछ hi देर मैं झाड़ जाएगी क्यों की बहोत दिनों से वो वेट कर रही थीई ....

मैंने उसकी दोनों टंगे हवा मैं उठा ली और उसकी छूट पूरी तरीके से मुँह मैं भर लिया और चूसने लगा उसकी छूट की चमड़ी को दातो दे चबाने लगा....



निकिता - आह्ह्ह्हह काटूओ आह्हः खास जाओ हुब्बी ससससस आपकी रंडी बहोत तड़पती है आह्ह्ह्ह मिटा दो मेरी छूट की तदपपपपप ...

मई - उम्म्म सलुपपप हां कुटिया आज तेरी छूट को खा जाऊंगा साली उसकी छूट को चूसते हुए मैंने एक ऊँगली निकिता की गांड दाल दी जो की पहले से गीली हूँ चुकी थी छूट के राश की वजह से ....

निकिता तड़प उठी क्यों की पहली चुदाई के बाद से अभी तक उसकी गांड ुनचुइ थी जिसमें मैंने डायरेक्ट ऊँगली घुसा दी थी.....

कुछ hi ढेर मैं निकिता छटपटाने लगी और मेरे सर को अपनी छूट मैं दबाने लगी उसने अपनी गांड को हवा मैं उठा लिया और मेरे सर को अपनी छूट मैं दबा दिया और फिर झटके के साथ मेरे मुँह झड़ने लगीई .....



निकिता की छूट से गरम गरम गधा राश निकल के मेरे मुँह मैं आने लगा ....

जिसको मैंने एक बून्द बी वास्ते नहीं किया और सारा पीए गया ...

झड़ने के बाद निकिता एक दम संत हूँ गई और बीएड पैर बेजान से पद गई , मैंने अपने फेस को साफ़ किया किसपर निकिता का पानी लगा था फिर उसके पास लेट गया उसको बहो मैं लेके .

उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा के उठी और फिर से मेरे लुंड को मुँह मैं लेके चूसने लगी ...

मई - आह्हः साली क्या कर रही है आराम तो कर ले ....

निकिता - हुब्बी आज आराम हराम है आज की रात मजा हुस्न का आँखों से नहीं सोने लुंड से लीजिये आप समझे मेरे हुब्बी .

मैंने उसकी पकड़ा और बीएड पैर गिरा दिया और अपना लुंड उसकी छूट पैर रगड़ने लगा .



निकिता की छूट की पंखुड़ियों को चीरते हुए अपना लुंड आगे पीछे कर रहा था और घिष रहा था .....



निकिता तड़प भरी आँखों से मुझे देख रही थी और इशारा कर रही थी की मई अपना लुंड उसकी छूट मैं पेल दू ....

मैंने उसके गाल पैर थप्पड़ मारा...



मई - बोल क्या चाहिए तुझे मेरी कुटिया....... हां बोल साली निक्कू ....

निकिता - हुब्बी अपनी रंडी बीबी की छूट मैं अपना बड़ा सा मुशल पेल दो और फाड़ दो मेरी छूट और बना दो छूट का भोसड़ा अह्हह्ह्ह्ह इतना मत तड़पाओ अपनी बीबी को .....

मैंने जयदा इंतज़ार करवाना सही नहीं समझा और उसकी आँखों मैं देखते हुए अपना लुंड उसकी गरम गीली छूट मैं डालने लगा......

निकिता भी आँखों मैं इस वक़्त बस हवस थी वो बस रंडी की तरह छोड़ना चाहती थी जैसे जैसे मई अपना लुंड उसकी छूट मैं दाल रहा था वो अपनी कमर को उठा कर मेरे लुंड अपने अंदर ली रही थी .....



निकिता - कितना गरम है आपका लुंड ुसस्स सच मैं ऐसा लुंड मैं पोर्न मैं भी नहीं देखा है इतना बड़ा मोटा और गरम रोड जैसा लुंड आह्ह्हह्ह्ह्ह बस पूरा अंदर दाल दोऊ मेरे राजा अपनी रंडी को आअज छोड़ कर बेहाल कर दोऊ.....

धीरे धीरे मैं अपना पूरा लुंड निकिता की छूट के आंत तक दाल दिया जिससे मेरा लुंड उसकी बच्चेदानी से जा टकराया जिसके साथ निकिता की आंखे बंद हो गई और वो मेरा पूरा लुंड फील कर पा रही थी......

मई - उफ्फ्फ्फ़ साली निक्कू तेरी छूट ने मेरे पुरे लुंड को अपना भीतर ली कर जकड रखा है आह्ह्ह्ह साली क्या जिस्म है तेरा..

निकिता ने अपनी आंखे खोली और मेरे होंठो को चूसने लगी ...



और अपनी कमर उचार कर मेरे लुंड से छोड़ने लगी....

जैसे जैसे वो कमर उठती वैसे वैसे मई भी अपनी कमर हिला कर लुंड को नादेर बहार करने लगा .....

धीरे धीरे मैं अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और अपना लुंड निकिता की छूट मैं पेलने लगा .

जिससे रूम मैं ठप्प ठप्प ठप्प ठप्प की आवाज़े होने लगी और उसी के साथ hi निकिता की सिसकारियां पुरे रूम मैं गूंजने लगी ...

निकिता - आह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फ़ हां छोड़ो मुझे अपनी रंडी की छोड़ो अपनी बीबी को छोड़ो मेरे हुब्बी मेरे पति जीई अह्ह्ह्हह अपनी रंडी बीबी को ऐसे छोड़ो आह्हः कब से वेट कर रही थी आपका उफ्फफ्फ्फ़ मेरे मालिककककक .....

उसकी बातों को सुनते हुए मई निकिता को छोड़ रहा था उसकी जिस्म के साथ खेल रहा था कभी किश करता तो कभी उसके बूब्स को दबाता ..

जिससे वो और छुडासी हूँ जाती जिसको देख कर मैंने उसकी टंगे फैलाई और फिर उसके बूब्स को ज़ोर से दबाते हुए छोड़ने लगा हम दोनों रदम से चुदाई कर रहे थे जिससे दोनों की जंघे एक दूसरे से टकराती और रूम मैं फट्ट्ट्ट थप्प्प्प ठप्पों की आवाज होती ...

निकिता का चाहता बता रहा था की उसको कितना मजा आ रहा था ...



कभी निकिता की टंगे फैला के छोड़ना तो कभी उसकी टंगे उठा के छोड़ता जिसे उसकी छूट पूरी खुल रही थी और मेरा लुंड उसकी छूट के अंदर तक जा रही थी .

निकिता - आह्ह्ह्हह्ह रोहित अपनी रंडी टीचर को और ज़ोर से छोड़ो आह्ह्ह्हह छोड़ो मेरी छुडासी छूट को फाड़ डालो...

मैंने उसको पकड़ा और अपने ऊपर ले लिया , वही निकिता ने भी अपनी टंगे फैला कर सेट हो गई और मेरे लुंड पैर उछलने लगी ...



गांड उठा उठा के मेरे लुंड पैर अपनी छूट मारती और पुरे लुंड अपनी बच्चादानी तक लेती .

उसी के साथ वो ज़ोर ज़ोर से दर्द और मजे के कारन चिखह भी रही थी ...

मई - ाहः मेरी रंडी ऐसे चिल्ला और बता दे पुरे बिल्डिंग को की आज तेरी चुदाई हो रही है बोल दे तू अपनी स्टूडेंट की रंडी बीबी है और चुद चुद कर छूट का भोसड़ा बनवा रही है .

निकिता - हा मई सबको बता दूंगी आह्ह्ह्हह्ह फ़क में उफ्फफ्फ्फ़ फ़क में लिखे योर डर्टी व्होरे माय मास्टर आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह फ़क माय नास्तय पुसी ...

मई - साली रंडी हिंदी मैं बोल कुटिया तब मजा आएगा मेरी रंडी लिए साली अपनी रंडी छूट मैं मेरा लुंड .

हमारी चुदाई की आवाज़ निचे तक जा रही थी जहा तीनि माँ बेटी सुन्न कर सोनी छूट मशाल रही थी .....

दिया जो सिमु के साथ सू रही थी वो बोली .....

दिया - दीदी देखो न जीजू मैं कितना दम है आपको छोड़ने के बाद भी निकिता दीदी को कैसे बेरहमी से छोड़ रहे है और देखो न निकिता दी भी कितनी बेसर्मी से चिल्ला चिल्ला के छुड़वा रही है ....

सिमु - यही तो खाश बात है रोहित मैं चुदाई के वक़्त पूरा जानवर बन जाता है और छोड़ छोड़ के छूट की हालत ख़राब कर देता है .....

दिया - पैर जीजू प्यार भी बहोत करते है सबसे ....

वही सासु माँ अपनी छूट मैं पूरा खीरा अंदर बहार अंदर बहार कर रही थी .

सासु माँ - अह्ह्ह्हह दामाद जी अपने मेरी छूट की आग भाड़ा दी है अपनी सासु माँ को भी अपने बड़े लुंड का मजा दू मेरे प्यारे दामाद जी ...

जहा ये तीनो आवाजे सुन्न के मजे ली रहे थे वही मैंने ऊपर निकिता को घोड़ी बना दिया था .

उस बिच निकिता 2 बार झाड़ चुकी थे बीएड पूरा गिला हूँ चूका था उसकी छूट की पानी सी ...

निकिता की खुली हुई गीली छूट मैं मैंने अपना लुंड दाल दिया और छोड़ने लगा ...



निकिता - हआ रोहित ऐसे कुटिया घोड़ी बना के छोड़ो अपनी निक्कू डार्लिंग को आह्हः प्रेग्नेंट कर दोऊ मुझे अपने बचे की माँ बना दो मुझे वो सुख चाहिए मेरे पति देव आह्ह्हह्ह्ह्ह उम्म्म्म उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ फेडो मेरी छूट.

मई - हआ साली सच मैं तेरी ये गांड कितनी बड़ी है तो कुटिया बनने के hi लायक है मेरी रंडी बीबी मेरी बेचू आह्ह्ह्ह कितना मजा आ रहा है तुझे छोड़ने मैं .........

निकिता मेरे हर धक्के के साथ होनी गांड पीछे कर के मेरा लुंड छूट मैं ली रही थी और मई उसकी गांड की छेद पैर थूक कर उसको गिला कर रहा था ....

निकिता - आह्ह्ह्ह मेरे राजा आह्ह्ह्हह रोहित आह्हः मेरी गांड मैं खुजली हूँ रही है रोहित आह्ह्ह्ह प्लीज मिटा दो मेरी गांड की खुजली को आह्हः उफ्फफ्फ्फ़ .....

मैंने उसकी गांड पैर थप्पड़ मारा और छोड़ने लगा उसकी छूट ...



मेरे हर धक्के के साथ मेरा लुंड उसकी छूट को चीरते हुए अंदर जा रही थी और मेरे लुंड की चमड़ी निकिता की छूट की दीवारों को घिसते हुए उसको मजा दी रही थी जिसके कारन उसकी छूट और गीली हूँ रही थी और मेरे लुंड को भी गिला कर रही थी ....

निकिता -- आह्ह्ह्हह रोहित प्लीज मेरी गांड फाड़ दो दाल दो अपना लुंड तुम्हारे बिना मई जी नहीं सकती आह्ह्ह्ह डालो न प्लीज मेरे राजा .

निकिता तो तड़पता देख और मजा आ रहा था उसकी गांड की छेद को मई बार बार चेर रहा था कभी थूक देता तो कभी उसमें ऊँगली दाल के बहार खींच लेता...

निकिता की गांड की छेद बंद खुल रही थी बार बार वो बस लुंड के लिए तड़प रही थी ....

रूम का महल बहोत गरम हूँ चूका था पुरे रूम मैं बस चुदाई की महक थी ...

मैंने अपना लुंड निकला जो एक दम गिला हूँ चूका था जो ाअब बिलकुल तैयार था निकिता की गांड मैं जाने के लिए ...

जैसे hi मैंने अपना लुंड का टोपा निकिता की गांड की छेद पैर रखा वो अपने आप की खुल गई और मेरा टोपा अंदर घुस गया .....

मई - उफ्फ्फ पक्की रंडी लग रही है निक्कू तू देख कैसे तेरी छेद खुद मेरे लुंड निगल रही है ...

निकिता - हां हु मई रंडी हु मई चिनार हु मई गस्ती पैर बस्स्स आपकी रंडी हु मई रोहित आपकी रंडी बीबी हु मई आपकी कुटिया बीबी हु मई और मेरी तीनो छेद बस आपके लिए खुलेगी .....

उसकी बात सुनके मैंने के झटके मैं hi अपना पूरा लुंड उसकी गांड मैं पेल दिया .....

निकिता - aahhhhhhhhhhhh मम्मी फैट गई मेरी गांड ओह्ह्ह्हह्ह सासु मॉस देखो आपके घोड़े बेटे ने आपकी घोड़ी बहु की गांड फाड़ डीई मममममम उफ्फफ्फ्फ़ कितना दर्द होऊ रहा है रोहितत्त मम्मी जी आह्ह्ह्हह ......

निकिता की आवाज को इग्नोर करते हुए मई लगातार उसकी गांड छोड़ रहा था और आगे झुक कर उसके बूब्स को मशाल रहा था .....

पिछले 1.5 जानते से मई उसकी छूट और गांड की धजिया उदा रहा था .

अब निकिता की गांड की छेद से फट फट नई आवाजे आ रही थी ....

मैंने गांड पैर फिर से ज़ोर से थप्पड़ मारा और बोलै .....

मई - निक्कू साली चुड़ते हुए पाद रही है साली रंडी ली मेरा लुंड बहोत शोक था न गांड मरवाने का तो चुद ुजफ्फफ्फ्फ़ कितनी टाइट गांड हैई ....

मैंने उसको बीएड से उतरा और बालकनी मैं ली जेक झुका दिया और गांड मैं लुंड पेल दिया ....

निकिता ने अपने मुँह पैर हाथ रख दिया पैर फिर से उसकी चिखह निकल गई .

पैर साली रुकी नहीं हम दोनों बेशर्मो की तरह वही पैर चुदाई करने लगे .



रात के 2 बज रहे थे पैर हम दोनों लगे पड़े थे हम किसी की फ़िक्र रही थी .

निकिता मजे के साथ छुड़वा रही थी अब मई भी आउट और कण्ट्रोल था और ज़ोर ज़ोर से उसकी गांड मार रहा था .



निकिता - आह्हः रोहित उफ्फ्फ्फ़ छोड़ो फाड़ो मेरी गांड रंडी हु मई आह्हः कुटिया हु मई आपकी छोड़ो अपनी बीबी को उफ्फ्फ्फ़.

मैंने निकिता को पलटा और अपनी तरफ घुमा लिया और उसकी होंठो को चूमने लगा .

मई - उम् सलुपपप बाबू मेरी जान मेरी निक्कू तू बहोत मस्त माल है डार्लिंग उफ्फ्फ्फ़ सच मैं तू एक नंबर की रंडी बीबी है मेरी .....

मैंने उसको गोद मैं उठा लिया और अपना लुंड उसकी छूट मैं दाल दिया और उसके पैरो को अपनी कमर मैं लपेट को छोड़ने लगा .

उसको छोड़ते हुए मई बीएड पैर ली आया फिर से जो एक दम गीली हो चुकी थी ....

निकिता ने मुझे अपनी बाँहों मैं ली लिया और अपनी टंगे फैला के छुड़वाने लगी ....



हम दोनों पसीने मैं पुरे तरीके से भीग चुके थे ..

पैर रुक नहीं रहे थे इस बार हम दोनों बहोत नजदीक थे झड़ने के और दोनों एक दूसरे को किश करते हुए गालिया दी रहे थे .

मई - निक्कू मेरी रंडी मेरी डार्लिंग मेरी जणू मई आ रहा हु जान तेरी बच्चेदानी मैं अपना सारा माल दाल दूंगा .

निकिता - हा दाल दो अपनी रंडी की छूट मैं आअह्ह्ह्ह बना दू मुझे मा कर दो मुझे प्रेग्नेंट उफ्फ्फ्फ़ ..

निकिता झटके कहते हुए झड़ने लगी और उसके साथ मई भी उसकी गर्मी दे अपना वीर्य उसकी छूट मैं डालते हुए झड़ने लगा हम दोनों का जिस्म झटके खा रहा था .



निकिता - आह्ह्ह्ह रोहित ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मम्मी उफ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गरम माल है उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह ..

निकिता की छूट भर गई थी हम दोनों के माल से और बहार आए रही थी ...



मई - निक्कू तेरी छूट बहुत गरम हूँ गई है ऐसा लग रहा है मेरा लुंड पिघल जायेगा मेरी जान आह्ह्ह्ह....

निकिता - मममममम मेरी छूट तो भर गई है जान देखो माँ आपका और मेरा माल बहार आ रहा है .

मई - नहीं आने दूंगा जा इस माल से तू प्रेग्नेंट होगी मेरी जानू मेरी प्यारी बीबी ..

झड़ने के बाद भी मैंने उसको अपनी बहो मैं लेके धीरे धीरे छोड़ रहा था .



ताकि जयदा से जयदा वीर्य उसकी छूट के नादेर जाये . उसकी सोनी दोनों टंगे मेरी कमर से लपेट राखी थी ......

कंटिन्यू
 
अपडेट 138

जैसा की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था निकिता की चुदाई मैंने कैसे की थी और लास्ट मैं उसकी छूट मैं अपना माल दाल दिया था

अब आगे

~

~

~

~

~

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

मई अभी भी निकिता के ऊपर था और हम दोनों एक दूसरे के जिस्म को सेहला रहे थे .

फिर मैंने अपना सर उठाया और निकिता की आँखों मैं देखा वो भी मुझे देख रही थी प्यार से और हम दोनों ने के दूसरे को किश करना चालू किया ...

किश करते करते मैंने उसको पकड़ के पलट दिया और खुद बीएड लेट गया और उसको अपने ऊपर लेता लिया ...

किश करने के बाद मैंने मैंने टाइम देखा तो 4 बज रहे थे सुबह के ....

निकिता ने भी देखा और मुस्कुरा कर मुझे गले लगा लिया .

मई - हमे सोना चाहिए सुबह बहोत काम है ...

निकिता भी मान गई और हम वैसे hi सू गए उसके बाद पता नहीं चला हम कब तक सोते रहे मेरी नींद तब खूकि जब मेरा फ़ोन बजा ...

मैंने देखा तो माँ का कॉल था तो मैंने जल्दी से उठा लिया .

मई - गुड मॉर्निंग मम्मी ...

माँ - गुड मॉर्निंग के बचे टाइम देखा है ये गुड आफ्टरनून का वक़्त है बाबू ..

मैंने टाइम देखा तो ऑलमोस्ट 12 बजने वाले थे और मुझे गाओ भी जाना था ममी नानी और मसि को लेन ...

क्यों की कल बहोत बड़ा दिन होने वाला था जहा मई बहोत कुछ अन्नोउंस करने वाला था अपनी फॅमिली के सामने...

इसीलिए मई जल्दी उठा निकिता को भी उठा दिया और वह बाथ ले कर नए कपडे पहने निचे गया तो वह सासु माँ और दिया से मिलने के बाद अपने घर की तरफ निकल गया .

सिमु तो बुआ के पास पार्लर गई थी जहा शानवी , पिंकी भी थी ...

घर पंहुचा तो माँ ने बहोत डाटा पैर मैंने उनकी कान मैं बोल दिया आपकी बहु के साथ पूरी रात चुदाई की है ...

जिससे सुन्न कर मम्मी ने गाल पैर प्यार से थप्पड़ मारा और बोली सबको अचे से प्यार दिया कर वर्ण बहोत मरूंगी तुझे अगर किसी को भी दुःख पहुंचाया तो ....

तभी रूही आई और मेरे मुझसे लिपट गई...

रूही - डैडी आप कहा थे सुबह से बताओ ब्रेकफास्ट करने भी नहीं आये...

मई - मेरा प्यारा बचा काम से गया था सॉरी न .

रूही - कोई बात नहीं चलो अभी आप लंच करो हमारे साथ फिर कही जाना...

अपनी प्यारी लाड़ली रूही के साथ और बाकियो के साथ लंच किया और सोनी कार ली कर निकल गया गाओ की तरफ और ये बात सिर्फ मम्मी को पता थी ....

फुल रफ़्तार के साथ मई गाओ जा रहा था क्यों की इस बार सोचा लिया था ममी को अपने लुंड के निचे ला के रहूँगा .

2 जानते मैं hi मई गाओ पहुंच गया और हॉर्न बजाय तो ममी ने दरवाजा खोला बड़ा वाला मैंने कार अंदर घुसा दिया और निचे उतर कर ममी के पेअर छुआ और ममी ने मुझे गले लगा लिया .

मई - कैसी है मेरी सपना डार्लिंग....

ममी - बदमाश कही का ममी से डायरेक्ट सपना डार्लिंग.....

मई - हां मेरी डार्लिंग ितं ऑटो हक़ है मुझे मेरी ममी पैर क्यों गाओ मैं तो सब अपनी ममी से मजाक करते है क्या मई नहीं कर सकता बोलो ममी .

ममी - बिलकुल कर सकते हो बाबू चल अब चोर मुझे कोई देख लेगा तो क्या सोचेगा ...

मई ममी की गांड को सहलाते हुए बोलै...

मई - यही सोचेगा की एक जवान खूबसूरत औरत एक लड़के के बहो मैं आके प्यार कर रही है......

ममी - बहुत सैतान है मेरा बंझा चल चोर और अंदर चल ....

मैंने ममी को चोर दिया और घर के अंदर चल दिया जहा सबसे पहले मेरी नानी दिखी उसके बगल मैं मौसी भी थी जिनका पेट निकला था वो दोनों मुझे देख कर खुश हो गई .....

मैंने नानी के पेअर छुए और गले लगा लिया .

मई - कैसी है मेरी हॉट नानी....

नानी - बाबू तेरी ये हॉट नानी तेरे बिना बिलकुल अछि नहीं है ...

मई - सॉरी मेरी हॉट नानी मुझे लगा है मई आपसे मिलने नहीं आता तो आप दुखी होती हो ...

नानी - कोई बात नहीं मेरा प्यारा बाबू मुझे पता है तू कितना बिजी है रहता है मई तो बस तुझे देख कर hi खुश हो जाती हु...

मैंने नानी के गाल पैर किश कर दिया ..

फिर मौसी को गले लगा कर उनके कान मैं बोलै ...

मई - कैसी है मेरी रेणुका और मेरे होने वाले बचो की मम्मी .

रेणुका मौसी - मई ठीक हु और आपका बचा भी ठीक है जी ....

तभी ममी बोली .

ममी - क्या बात हो रही है मसि बांझे मैं ...

मई - बस बोल रहा था की ममी की जैसे जैसे बढ़ती जा रही है वो और भी जयदा खूबसूरत और सेक्सी होती जा ताहि है ..

मेरी बात सुनके वो शर्मा गई और किचन मैं भाग गई .

नानी - क्यों परेशां कर रहा हु मेरी बहु को.....

मई - कहा परेशां कर रहा हु मई बस ऐसे अपनी हॉट सेक्सी ममी के साथ मजाक कर रहा था देखो अब वो शर्मा के भाग गई तो मई क्या करू ...

रेणुका मौसी - ाचा चलो फ्रेश हो जाओ तब तेरी ममी तेरे खाने के लिए बना रही है...

उनकी बात सुनके मई उनके साथ रूम मैं आ गया.....

रूम मैंने आते hi मैंने रेणुका मौसी को किश करने लगा और बीएड पैर लेता दिया किश करते हुए .....



रेणुका मौसी - उम्म्म्म उम्म्म क्या कररर उम्म्म रही होऊ उम्म्म्म सलुपपपप कोइई देखहहह लेगा उम्म्म सलुपपपपपप ...

उनकी बातों को अनदेखा करते हुए मई उनके मुँह मैं अंदर झिव दाल के किश करने लगा .....

मई - उम्म्म सलुपपप रेणुका अगर कोई देख लेगा भी तो मुझे लुंड फर्क नहीं पड़ता मई उम्म्म सलुपपपप अपनी बीबी कोऊ किस्स्स कर रहा हु अपने होने वाले बचो की माँ को किश कर रहा हु .....

रेणुका मौसी - उम्म्म्म सलुपपपप अगर आपपप मेरे सठह होऊ मेरे होने वाले बचो के पापा टूओ मुझे भी किसी बाटत का दररर नहीं है जी उम्म्म सलुपपप वो अपनी बड़ी बड़ी चूचिया मेरे साइन मैं दबाते हुए किश कर रही थी ...

मई - उम्म्म्म रेणुका तो बहोत मस्त माल हो गई है रे तेरे जिस्म भर्र गया है प्रेग्नेंट होने के बाद ये बूब्स तेरी ये कमर उम्म्म्म ..... किश करने के बाद मई उनकी आँखों मैं देखते हुए बोलै .

रेणुका - सब आपका किया धरा है अपने एक hi चुदाई मैं इस जिस्म का ये हाल कर दिया है पता नहीं रोज काटोगे तो क्या होगा मेरा ....

मई - कुछ नहीं होगा मेरी रेणुका मौसी बस आप एक दम फुल gadhrai(busty) हुई माल बन जाओगी .

तभी किसी की आने की आहात हुई तो हम अलग हो गए और मई बाथरूम चला गया वही रूम मैं जस्ट उसके बाद नानी को एंट्री हुई , मुझे नहीं पता था की नानी को पता है रेणुका मौसी के पेट मैं जो बचा है वो मेरा है ..

पैर उनको पता था और वो एक्सेप्ट कर चुकी थी और जा उनको मेरे और माँ के रिलेशन के बारे मैं पता था क्यों की सरे कांड यही से सुरु हुए थे और ख़तम मेरी और माँ के सधी के साथ हुआ था....

..

नानी - रेणुका बेटी जा जल्दी से तैयार हो जा रूबी का फ़ोन आया था उसने हम सबको बुलाया है .....

रेणुका मौसी - अगर हम सब चले जायेंगे तो यहाँ को देखेगा सब कुछ....

नानी - तेरा भाई और तेरे बाबू जी तो है न वो देख लेंगे और ताहि बात खाने लाइन की तो वो संभल लेंगे तू तैयार हो जा हम अभी निकलना होगा रोहित जब खाना पीना खा ले ....

रेणुका मौसी लग गई तयारी करने मैं और कुछ देर बाद मई बाथरूम से बहार आया मौसी ने मुझसे पूछा तो मैंने भी कन्फर्म कर दिया उसके बाद सब तैयार हुए और हमने खाया पिया फिर नाना जी से मिला और मां से मिला और उसके बाद नानी मौसी और ममी को ले कर घर की तरफ निकल गया....

रात होने तक हम घर पहुंच गए डिम्पी बहोत खुश थी मौसी को देख कर वही आरती और स्वाति भी बहोत खुश थी ...

नानी भी माँ से मिली और अपनी ( पोती नटनी( ग्रैंडचिल्ड्रेन ) से मिली ...

उसके बाद सबने डिनर किया फिर मई कार लेके निकल गया केक लेने क्यों की रूही का बर्थडे था और रात को उसको सरप्राइज देना था....

संगीता ने पूछा भी कहा जा रहे हो तो मैंने बोल दिया केक लेने और मम्मी से भी बोलै ....

उसी बहाने मैंने कुछ आर्डर किया था रूही को गिफ्ट देने के लिए जो एक खाश आदमी के घर से लेना था जो और कोई नहीं .

किरण के पापा थे ( विजय गोयल जिनका बहुत सारा बिज़नेस है लिखे ज्वेल्लेरी वगेरा और भी बहोत )

उनके घर से पहले वो गिफ्ट लिया फिर केक लिया और घर की तरफ निकल गया....

घर पहुंच कर सब सामान रख दिया और वेट करने लगा .....

वही मेरी बहने भी एक्ससिटेड थी रूही को विश करने के लिए .

वैसे रूही तो माँ के पास सू रही थी जहा , रूही खुद फिर माँ और फिर संगीता थी ....

कंटिन्यू
 
.....

थैंक यू गाइस फॉर थे लवली कमैंट्स एंड नई अपडेट दे दिया जिसके साथ फइन्नल्ली 150 अपडेट कम्पलीट हो गए अबकड हटा दे तो वर्ण 138 अपडेट हो हुआ है पैर जो है यहाँ तक स्टोरी लिख पाया मई जिसको देख कर मई भी हैरान हु सुरु मई बस पढ़ने आया था स्टोरी इस साइट पैर ... पैर एक्सपीरियंस लेने के बाद एंड स्टोरी पढ़ने के बाद इतना मेरा भी मान किया लिखने जिसके बाद पता चला राइटर पैर कितना प्रेशर होता है स्टोरी के उपदटेस लिखने का एंड पोस्ट करने के एंड उसी बिच पर्सनल लाइफ भी होती है पैर फिर हम स्टोरी लिखते है ...

एंड थैंक यू गाइस इस स्टोरी पैर 58 लाख व्यू हो गए है ...
 
अपडेट 139

मेगा अपडेट

आशा चची की चुदाई

जैसा की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मई गाओ गया वह से ममी मौसी और नानी को ले कर आया घर पैर जहा वो तीनो सबसे मिली फिर रात को मई रूही के लिए गिफ्ट और केक लेने चला गया..

अब आगे

~

~

~

~

~

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

एक दम 12 बजे मैंने दूर नॉक किया तो मम्मी ने दूर ओपन किया जहा रूही संगीता और मम्मी थी ..

रूही सू चुकी थी पैर संगीता और मम्मी जगी हुई थी ...

फिर मैंने कैंडल जलाया और हम सब बीएड के साइड मैं खड़े हो गए ...

और मम्मी ने रूही को जगाया जब वो उठी तो हम सबको देख कर एक पल के लिए हैरान हो गई पैर जब उसको बात समझ मैं आया तो खुसी के मरे वो माँ से गले लग गई ...

फिर उसकी नजर मेरे पैर पड़ी तो मेर हाथो मैं केक था ...

मई आगे बढ़ा और उसके सर पैर किश करके के बोलै .

मई - हैप्पी बर्थडे मेरा बचा ..

रूही - थैंक्यू पापा , ये कहते हुए उसकी आँखों मैं अंशु था और उसने धीरे से बोलै था जो सिर्फ मैंने और माँ ने सुना था ...

मई - चलो चुप हो गई और केक कट करो देखो सब इंतज़ार कर रहे है....

संगीता ने उसको चुप करवाया और बर्थडे विश भी किया ..

फिर हमने टेबल पैर केक को रखा और जब केक कट करने की बरी आई तब रूही ने मुझे बुलाया .

एक तरफ संगीता और माँ थी दूसरी तरफ मई था बिच मैं रूही .

हमने मिलके केक कटाई किया और फिर रूही ने सबसे पहले मुझे केक खिलाया फिर माँ और संगीता उसके बाद सबने रूही के गालो पैर केक लगा दिया .....

रूही - माँ देखो न सबने मेरे गाल को गन्दा कर दिया ...

माँ - कोई बात नहीं मई अभी सबको बगाती हु रूम से,,,,,, चलो सब अब अपने अपने रूम मैं जाओ ...

सब हस्ते हुए अपने अपने रूम मैं चले गए पैर मई वही रुका .

रूही - डैडी अब बताओ मेरा गिफ्ट कहा है चलो लाओ जल्दी से दो ....

संगीता - हे बदमाश डैडी तुम्हे इतना कुछ देते है अब क्या चाहिए ..

माँ - तू चुप कर संगीता दोनों बाप बेटी के बिच मैं मत बोल ...

संगीता - ठीक है दीदी नहीं बोलती कुछ अब आप भी इसको सर पैर चढ़ाओ ..

मई - ारी चुप करो तुम सब .

मैंने अपने पॉकेट मैं से नई गोल्ड चेन निकली और रूही के गले मैं पहना दिया .

मई - याद है मेरा बचा मैंने तुमसे प्रॉमिस किया था की आपके बर्थडे पैर दूंगा चैन जैसे मुझे मेरी माँ ने दिया था . ..

रूही - हां डैडी मुझे याद है अपने मुझे बोलै था ,,, थैंक यू सोऊ मच यू अरे बेस्ट डैड इन थे वोउल्ड आपसे ाचा और कोई नहीं है .....

मई - लव यू तू मेरा बचा .. उसके गाल पैर किश करके बोलै ...

माँ - बाबू अब तू भी सोने जा कल बहोत काम होगा तुझे मेरी बेटी की बर्थडे की तयारी भी करनी है न तुझे चल भाग यहाँ से .

रूही मम्मी के साथ सोने चल गई बीएड पैर वही मैंने संगीता के गाल पैर किया कर के भाग गया जो देख कर रूही हशने लगी ..

संगीता - देखा दीदी अपने कितने बदमाश है ये ....

माँ - तू भी तो काम नहीं है चल आजा सोने सुबह बहोत काम है ...

मई जब ऊपर जा रहा था तब मुझे बड़ी चची के रूम से सिसकने की आवाज आई .

मुझे ओड लगा तो मैंने दूर नॉक किया .

मई - चची दूर खोलो ज़रा मुझे आज आपके साथ सोना है ....

चची ने कुछ देर बाद दूर खोला और मुझे अंदर आने दिया ..

चची ने बहोत सेक्सी सी निघ्त्य पहन राखी थी साटन की पिंक कलर की जिसमें उनका जिस्म पूरा उभर के आ रहा था .




पैर जैसे मैंने उनका फेस देखा तो मुझे समझ मैं आ गया रूम से चची के रोने की आवाज आ रही थी ..

मई आगे भाड़ा और बिना कुछ बोले चची को अपनी बहो मैं ले लिया ..

चची भी बिना कुछ बोले अपने सर को मेरे छाती पैर रख दिया ....

चची - ाचा किया बीटा तू आ गया वर्ण ये इतनी लम्बी रात कैसे कटती ...

मई - मेरी भोली प्यारी चची माँ आप मेरी दूसरी माँ हो आपका हक़ है मुझपर आपका जब मान करे मुझे बुला लिया करो ...

चची - वो बाबू मई बस हमारे बारे मैं सोच रही थी क्या यी सही रहेगा जो हम करते है....

मई - चचो इधर देखो मेरी आँखों मैं और बताओ आपको मेरी आँखों मैं खुद के लिए प्यार दीखता है की नहीं ...

चची - बाबू ये बात मैं बिना तेरी आँखों मैं देखे hi बता सकती हु की तू मुझसे बहोत प्यार करता है और मेरे लिए कुछ भी कर सकता है .

मई - तो बताओ आपको ख़ुशी मिलती है जो हम करते है मेरी आशा चची ...

चची - बाबू हम जो भी करते है उससे मुझे बहोत ख़ुशी मिलती है पैर दर लगता है कही किसी को पता चल गया तो मई कैसे मुँह दिखाउंगी बताओ क्या तू चाहता है की तेरी आशा चची अपना सर झुका के चले ....

मई - ोू मेरी प्यारी भोली चची इस घर मैं ऐसा कोई नहीं हो आपके बारे मैं गलत बोल सकता है या सोच सकता है अगर वो हमे सेक्स करते हुए भी देख ले न तो बिना हमसे बात किये वो कुछ भी गलत नहीं बोल सकते या सोच सकते है समझी इस घर मैं सब हमसे बहोत प्यार करते है और हमारी ख़ुशी के लिए वो कुछ भी कर सकते है ....

चची ने जब सुना ककी मई सेक्स की बात कर रहा हु तब उनका चेहरा लाल हो गया और वो शर्मा गई ....

मई - उफ्फ्फ देखो तो मेरी भोली भली चुकी सेक्स के नाम पैर कैसे शर्मा ताहि है जैसे हम अभी hi सुहागरात मानाने वाले है ...

चची - धत्त बदमाश कही का कुछ भी बोलता है जा मई तुमसे बात नहीं करती बाबू ...

ये बोलके चची बीएड पैर जेक लेट गई तकिये मैं मुँह छुपा के ...

मई पीछे से उनको मैं ले लेट गया ....

मई - ाचा तो मैंने क्या गलत बोलै बताओ क्या हम सब सुहागरात नहीं मन सकते ...

चची - मुझे नहीं पता जो करना करो.... चची की तरफ से ग्रीन सिग्नल मिल चूका था ...

इसीलिए मैंने उनकी निघ्त्य की डोरी खोल दी जिससे चची सामने से सिर्फ ब्रा पंतय मैं आ गई और उन्होंने वाइट पिंक कलर की पंतय और पिंक कलर की ब्रा पहनी थी...




मई - चची आप सच मैं इस घर मैं सबसे हॉट हो चाहे वो ज्योति चची हो बुआ हो मम्मी हो ममी हो मसि हो या कोई भी हो उन सब मैं से आओ सबसे गोरी और सबसे सेक्सी हो और आपका जिस्म भी भरा हुआ है ....

मेरे मुँह से ऐसी तारीफ सुन्न के चची ने मेरे साइन पैर मुक्का मारा, मेरी तरफ मुब कर और मेरी आँखों मैं देखते हुए बोली ...

चची - बीटा एक बात पुछु तो सब सच सच बताएगा अपनी इस भोली चची को क्यों की तुझे पता है मुझे दुनिया दरी का जयदा ज्ञान नहीं है मई गाओं मैं पाली बड़ी हु गरीब से हु तुझे तो पता है न बाबू और तू जो बोलेगा तेरी ये भोली चची मान लेगी बस सब सच बोलना मई सब कुछ जानना चाहती हु जो भी घर मैं चल रहा है तेरे और बाकि सब के बिच बोलना मेरा बचा बताएगा न मुझे .....

मैंने चची के दोनों गालो को पककड़ा और उनके होंठो को चूमते हुए बोलै...

मई - बिलकुल मेरी सबसे प्यारी चची आपको सब कुछ बताऊंगा और मुझे पता है अआप सब कुछ जानने के बाद भी मुझसे उतना hi प्यार करोगी जितना सब करती हो ...




चची - हां बाबू तेरी ये उम्मम्मम भोली चची तुझसे सबसे जयदा प्यार करती है और करती रहेगी चाहे कुछ भी हो जाये ....

फिर धीरे धीरे मैं वो सब कुछ बता दिया जो घर मैं हो रहा था दादी को छोड़ना के बारे मैं चची को पता था क्यों की जब लास्ट टाइम चची के साथ रोमांस कर रहा था तब उनको बताया था पैर बाकि सबके बारे मैं उनको नहीं पता था जो मई धीरे धीरे बता रहा था लिखे बुआ और प्रिय के बारे मैं फिर ज्योति चची को प्रेग्नेंट करना या उनको बीबी बनाना हो या फिर संगीता और रूही फिर शानवी और भूमि फिर सिमु दिया और सासु माँ उसके बाद माँ के साथ सधी मौसी को प्रेग्नेंट करना हो आरती को छोड़ना हो रिया जिया के साथ रोमांस और उनका लेस्बियन वाला प्यार अनाम के बारे मैं या फिर सोनू की मम्मी को छोड़ने के बारे मैं जो जो बात थी वो सब मैंने अपनी बड़ी चची को बता दिया .....

मेरी बात सुनके चची शॉक हो कर मुझे देख रही थी ....

मई - आशा मेरी जान अब समझी की मई कितना बड़ा खिलाडी हु .....

चची ने जब अपना नाम सुना तो वो शर्मा गई और बोली ....

चची - बाबू मुझे नहीं पता था की तुम इतना का ख्याल रखते हो पैर मुझे ाचा लगा तुम्हारे मुँह से सच सुनके और मई बहोत खुश हु की मेरा बीटा इतना ाचा है और मुझे कोई प्रॉब्लम भी नहीं मेरे बचे बस उस लिस्ट मैं एक और नाम जोड़ ले ...

मई - ाचा जी और वो कोण है मेरी हॉट भोली भली सेक्सी चची ...

चची - बदमाश अपनी आशा डार्लिंग को भूल गया बता उस दिन तो बड़ा बोल रहा था चची मई आपसे बहोत प्यार करता हु बस एक मौका दो चाचा से भी जयदा प्यार करूँगा अब क्या हुआ बता ....

मई - करूँगा न मई आपसे प्यार जैसे मैंने बोलै था मेरी आशा मेरी जान मेरी प्यारी भोली चची मा आपको चाचा की कमी महसूस नहीं होने दूंगा डार्लिंग...

चची के चेहरे को चूमते हुए मैंने उनकी निघ्त्य उतर दी और उनकी आँखों मैं देखते हुए मैंने चची के गाल पैर काट लिया दातो दे जिससे चची के मुँह से जोर की सिसकी निकल गई ...

चची - आह्ह्ह्हह बीटा इस दर्द मैं जो मजा है वो किसी और चीज मैं नहीं है बचे ऐसे दर्द दे आज तू मुझे बाबू....

चची - आह्ह्ह्ह बाबू तू बहोत बुरा है मुझे नंगा करते जा रहा है और खुद कपडे पहना है चल मई उतर देती हु .... इतना कहने के बाद आशा चची ने मेरी t-shirt और लोअर उतर दी अब सिर्फ अंडरवियर मैं था मई और चची ब्रा पंतय मैं ...

आज हम दोनों को एक होने से कोई रोकने वाला नहीं था ...

चची - बाबू प्यार करने से पहले तू मेरे लिए एक काम करेगा बोल न अपनी चची ...

मई - बोलो न चची आपके लिए तो मई अपनी जान तक दे सकता हु .....

चची - बाबू ऐसे मत बोल तेरी जान हम लोगो के लिए बहोत कीमती है अगर हमे मौका मिले तो हम सब हमारी उम्र भी तुझे दे दे ....

मई - उफ्फ्फ मेरी प्यारी चची बताओ क्या करू आपके लिए ...

चची बीएड से उत्तत कर ड्रेसिंग टेबल के पास गई और वह से एक डिब्बी उठा कर ली आई ...

मई समझ गया चची क्या करना चाहती है इसीलिए मैंने भी ुसस्स डब्बे को चची के हाथो से ले लिया ...

मैंने उस डब्बे को खोला तो उसमें सिंदूर थी जैसे की मैंने सोचा था ...

चची थोड़ा परेशां दिख रही थी मई बे उनको लग रहा था की मई मन कर दूंगा पैर मैंने उल्टा किया और एक चुटकी से जयदा सिंदूर उठा कर मैंने पूरी मांग भर दी और उनकी नाक पैर भी ढेर सारा सिंदूर गिर गया ....

चची की आंखे बंद हो गई और उनकी आँखों से अंशु टपक पड़े ...

आगे भाड़ा कर मैंने उनको अपने गले से लगा लिया ...

मई - चुप हो जाओ आशा सब क्यों रू रही हो अब तो मई तुम्हारा पति हु न जान...

चची - थैंक्स बाबू मेरी मांग भर के फिर से मुझे सुहागन बनाने के लिए एक विधवा की मांग भर के तूने उसका दिल जीत लिया ....

चची ने अपना सर उठाया और मुझे किश करने लगी ...

इस बार वो बहोत पैशनेट हो कर मुझे चुम रही थी मेरे मुँह मैं अपनी झिव घुमा घुमा कर किश कर रही थी ,,, मई भी कहा पीछे हटने वाला था मैंने उनको गोद मैं उठाया और उनकी गांड को दबाते हुए अपनी झिव चची के मुँह मैं दाल के खेलने लगा....




चची - उम्मम्मम आह्ह्ह्हह उम्म्म सलुपपपप सलुपपपप उम्म्म्म आह्ह्ह्ह बाबू मेरे बेतु अपनी चची को प्यार कर उम्म्म्म मेरा बचा अपनी पत्नी अपनी आशा को सलुपपप ऐसे hi प्यार कर..

हम दोनों बहोत ढेर तक किश करते रहे फिर मैंने उनको पेट पैर लेता दिया और उनकी पीठ को चूमने लगा और अपने दोनों हाथ आगे ले जेक ब्रा के ऊपर से hi बूब्स को दबाने लगा ...




चची के बूब्स को दबाते हुए मैंने उनकी ब्रा को फाड़ दिया ...

चची - आह्ह्ह्ह बाबू तूने तो मेरी नई ब्रा फाड़ दी आह्ह्ह्ह कितनी ज़ोर से दबा रहा है मेरे बचे ...

मई - उम्म्म्म आशा मेरी जान तुझे नई ब्रा ोा तू दिला दूंगा और हर बार जब तू पहन के आएगी तब फाड़ दूंगा...

चची - बदमाश अह्ह्ह्हह्हह ऐसा करता है कोई बहला उफ्फ्फफ्फ्फ़ भाभी देखो न कैसे आपका बीटा आपकी देवरानी को मशाल रहा है आह्ह्ह्ह ...

मैंने चची को पलटा और उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को देखने लगा ...

मई - चची सच मैं इस घर मैं सबसे बड़ी चुकी आपकी hi है ...

चची - बाबू मेरे मुम्मे इसीलिए बड़े है क्यों की तेरी दोनों बहने एक साथ मेरे मुम्मे से दूध पीती थी और दोनों सैतान हमेशा भूकी hi रहती थी .....

चची की बात सुनके लुंड मेरा सलामी देने लगा ....

मैंने चची की चूचियों को दबाते हुए उनको मुँह मैं ली लिया और चूसने लगा उनकी एक चुकी hi मेरे हाथो मैं नहीं आ रही थी इसीलिए मैं बरी बरी चूस रहा था ...




चची भी मेरे सर को पकड़ कर अपने मुम्मो मैं दबा रही थी ..

मई - चची मुझे भी दूदू पीना है इसमें से उम्मम्मम ग्लूपपपपप सलुपपपप उम्म्म्म ..... मेरे थूक से चची की चूचिया गीली हो गई थी ...

चची - आह्ह्ह्हह बाबू अब इसमें दूदू नहीं आता है मेरे बचे वर्ण ज़रूर पीला देती मेरे बचे ...

मई - ठीक है चची फिर तो मई आपको प्रेग्नेंट कर के इसमें से दूदू पियूँगा उम्मम्मम सलुपपपपपप सलुपपपपप उम्मम्मम ग्लूपपपपप मैंने उनकी निप्पल को काटे हुए चबाने लगा...

चची तड़प जा ताहि थी दर्द और मजे से क्यों की किश तरह से मई उनकी चुकी को चूस रहा था .....

पैर वो फिर से मेरे सर को सेहला रही थी और बार बार आपकी चुकी मैं दबा रही थी ....

मान भर चची की चुकी चूसने के बाद मैंने खुद और चची को पुरे तरीके से नंगा कर दिया ...

चची अब शर्मा रही थी और मेरे सामने बिलकुल ऐसे नंगी लेती थी .




उनकी दोनों टंगे हवा मैं थी जिसे कारन उनके बूब्स और भी बड़े लग रहे थे ....

मई - उफ्फ्फ चची आप किसी अमेरिकन पोर्नस्टार से भी जयदा गोरी और गढरै माल है बिलकुल देसी इंडियन पोर्नस्टार हो आप आशा चची ....

ऐसी तारीफ सुन्न कर चची की छूट गीली हो गई ....

चची - बाबू बहोत वक़्त हो गया प्लीज धीरे करना बहोत दर्द होगा ..

मई - कुछ नहीं होगा चची प्यार से करूँगा पैर उससे पहले क्या आप अपने बेटे का लुंड नहीं चुसोगी ...

चची - बीटा मैंने पहले कभी नहीं चूसा तेरे चाचा बस टंगे उठा के दाल देते थे और फिर सू जाते थे ...

मई - कोई बात नहीं आओ आज अपने बेटे का लुंड चुसो मेरी जान मेरी भोली आशा चची ...

चची उठा कर बैठ गई और मेरा लुंड एक दम उनके सामने खड़ा था ...




मई - कैसा है चची मेरा ...

चची - पिछली बार जब देखा था उससे भी बड़ा लग रहा है बीटा ये हार बात बड़ा क्यों हो जाता है ...

चची ने अपने दोनों हाथो मैं मेरा लुंड पकड़ा और सहलाने उनकी नाजुक हाथो मैं मेरा लुंड किसे लोहे के रोड की तरह काग रहा था ...

चची ने मेरे लुंड को सहलाते हुए लोपे को मुँह मैं लेके चूसने लगी ..




ऐसा नहीं लग रहा था की चची ने कभी लुंड न चूसा हो बल्कि वो किसी प्रोफेशनल की तरह लुंड चूस रही थी..

मई - आह्हः साली आशा तू तो बोल रही थी तुएं लुंड नहीं चूसा है उफ्फ्फ कुटिया चूस अपने भतीजे का लुंड आह्हः उफ्फफ्फ्फ़ क्या झिव है तेरी ऐसे मेरे लोपे पैर घुमा घुमा के चूस ....

चची की आंखे हवस से लाल हो गई थी वो मजे ले कर मेरा लुंड चूस रही थी ...

मैंने उनका सर पकड़ा और मुँह को छोड़ने लगा ...

चची तड़प उठी और उनकी आंखे बहार आने लगी थी ...

कुछ ढेर तक मैंने चची के मुँह को छोड़ा और फिर चोर दिया ...

चची ने मुँह से लुंड निकला और लम्बी लम्बी साँसे लेने लगी ....

चची की आँखों मैं अंशु और मुँह से laar(Saliva) गिर रहा था ..

उन्होंने ने मुझे देखा और फिर से मेरे लुंड को मुँह मैं लेके चूसने लगी ...




मई - आह्हः मा देखो कैसे आपकी सरीफ देवरानी मेरे लुंड को चूस रही है किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह अह्ह्ह ...

चची - उम्म्म्म सलुपपप उम् गलप्प्प हां उम्म्म हुऊ मैई उम्म्म्म सलुपपप अपने भतीजे की प्रोफेशनल रनडीईई उम्मम्मम्म आज ये तेरी भोली चची रंडी बन के दिखाएगी ....

मई - हां तो पूरा अंदर लेके चूस न साली आशा मेरी रंडी चची आह्हः हां ऐसे मुँह मैं ली अंदर टककक कुटिया अशाआआआ .......

चची ने भी पूरी कोसिस करते हुए मेरे लुंड को गले तक किया पैर फिर भी आधा लुंड hi गया ...




अब रूम मैं बस्स्स पछ पछ और गवाँकक गवाँकक की आवाजे आ रही थी क्यों की मेरे लुंड पैर थूक लगने के कारन और चची के ऐसे लुंड चूसने के कारन वो आवाजे हूँ रही थी ..

चची अब पूरा मजे मैं मेरे लुंड को चूस रही थी जैसे ये कोई लॉलीपॉप हो और वो बचे के हाथ मैं लग गया हो....

कुछ देर बाद चची के मुँह लाल हो गया था और उनकी आंखे बता रही थी की वो कितनी गरम हो गई है

आशा चची एक दम चुड़क्कड़ छुडास से भरी रंडी लग रही थी एक तो इतनी खूबसूरत और गोरी ऊपर से उनका पूरा मुँह थूक से भरा हुआ और उनकी चूचिया भी थूक से भरी पड़ी थी ...

चची - बीटा अब नहीं बर्दाश्त होता अगर तूने मुझे अभी नहीं छोड़ा तो मई कुत्ते से छुड़वा लुंगी इतनी गरम हो गई हु ....

मैंने चची को बेट पैर लेता कर उनकी टैंगो के बिच आ गया जहा चची की छूट से राश की नदिया बह रही थी ....

मैंने चची की छूट को अंघूठे से मशला और अपनी 2 उंगलिया उनकी छूट मैं दाल दिया ..




मेरी ऊँगली झट से चची की छूट मैं चली गई ....

चची - आह्ह्ह्ह बचे ऊँगली नहीं लुंड दाल लुंड मेरी चुड़क्कड़ छूट मैं उफ्फफ्फ्फ़ अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता रोहित......

मई चची की छूट मैं ज़ोर ज़ोर से ऊँगली करने लगा ताकि उनकी छूट और गीली हो जाये ...

तभी चची ने कुछ ऐसा किया जो मई सोच नहीं सकता था ,,,, उन्होंने मेरे सर को कपडा और अपनी छूट पैर दबा दिया ..




मैंने भी मुँह खोला और चची की छूट को मुँह मैं भर के चूसने लगा .

चची - aahhhhhhhhhh भाभी आह्ह्ह्हह देखो आपका बीटा क्या कर रहा है उम्मम्मम चाट मेरे बचे आह्ह्ह्ह ऐसे चूस , चूस अपनी आशा चची की छूट पैर जा सारा राश अपनी चची की छूट का ...


चची अपनी गांड उठा उठा कर चूस चुसवा रही थी जिसमें मुझे उनका राश पीने मैं मजा आ रहा था ..



मई झिव से पूरी छूट को चाट रहा था और उनकी छूट छोड़ रहा था ...

वही चची अपनी उंगलिया मेरे बालो मैं घुमा रही थी .....

कुछ ढेर बाद जब चची से बर्दाश्त नहीं हुआ तब चची ने मेरे बालो को ज़ोर से पकड़ा और अपनी छूट मैं दबाने लगी ....

चची - आह्ह्ह्ह आह्हः ओह्ह्ह्हह उम्मम्मम ऐसे मादरचोद सेल पीए जा अपनी रंडी चची की छूट का राश....

आज चची की मुँह से पहली बार गली सुन्न रहा था वही चची गालिया देते हुए मेरे मुँह मैं झाड़ रही थी ...

चची - अह्ह्ह्हह पीए बीटा पीए अपनी चची का रशहह ,,, चची गांड उठा उठा कर सोनी छूट मेरे मुँह मैं दबा रही थी ....

मैंने एक बून्द वास्ते नहीं होने दिया और सारा राश पीए गया ...

अब मेरा लुंड फटने को हूँ रहा था इसीलिए मई चची की टंगे फैला के बिच मैं बैठ गया .....

मैंने देखा चची की छूट फड़क ताहि थी उनकी गुलाबी छूट को देख मेरा मान दोल रहा था ...




अपने लुंड को पकड़ा के मई चची की छूट पैर मारा जिससे ऊँगली फूली हुई छूट फैट से पानी छलका ...



चची - आह्ह्ह्ह बीटा क्यों तड़पा रहा है मेरे बचे दाल देना अपनी चची की छूट मैं अपना मुशल ....

पैर मैंने उनकी बात नहीं सुनी और बार बार वैसे hi किया उनकी छूट पैर लुंड से थप्पड़ मार रहा था और चची की छूट से पानी चालक कर निकल रही थी .

चची - मादरचोद दाल न कुत्ते क्यों तड़पा रहा है अपनी चची को हां आह्ह्ह्हह्ह hhhhhhhhhh मम्मीयियय..

जैसे चची ने गली दिया मैंने अपना लुंड चची टोपा चची की छूट मैं दाल दिया ...




जैसे मेरा आलू जैसा टोपा चची की छूट मैं गया चची की आंखे बड़ी हो गई ऐसा लग रहा था जैसे उनकी छूट मैं सच मैं बड़ा सा ालो दाल दिया हो पैर चची को बहोत गरम लग रहा था टोपा जिससे उनकी छूट और पानी चोर रही थी ....

मई चची की तरफ झुकता चला गया और शामे वैसे भी मेरा लुंड चची की छूट को चीरते हुआ उनकी बच्चेदानी के टकरा गया जिससे चची ज़ोर से चिल्लाई पैर मैंने उनका मुँह बंद कर दिया ..

चची के मुँह मैं झिव दाल दिया और अंदर घूमने लगा जिससे चचे को भी मजा आने लगा और वो दर्द को भूल कर अपनी गांड हलके हलके उठा के छोड़ने लगी , उनका हाथ मेरी पीठ पैर घूम रहा था और उनकी दोनों चूचिया मेरे साइन से दबी हुई थी ...

जब मैंने अपना सर उठाया तब चची मेरी आँखों मैं देखते हुए मोअन करने लगी उनकी मुँह से बस सिसकारियां निकल रही थी पुरे रूम मैं बस चची की hi आवाजे गूंज रही थी....




धक्के मरते हुए मैंने चची के मुँह मैं थूक दिया जिससे चची ने भी पी लिया ....

मई - आह्ह्ह्ह चची तू सच मैं बाज़ारू चुड़ैल रंडी की तरह चुद रही है मुझे नहीं पता था मेरी भोली भली दिखने वाली चची के अंदर इतनी गर्मी होगी आह्हः कितनी गरम छूट है आपकी चची आपकी ......

चची - आह्ह्ह्हह बाबू तेरा लुँड्ड़फ भी तो कीटनाआ बड़ा हीी मेरी बच्चेदानी तक जा रहा है तेरा लुंड का टोपा ऐसा लग रहा है जैसे बच्चेदानी को फाड़ कर पेट मैं गश जायेगा तेरा लुंड मेरा बची आअह्ह्ह्हह बहोत मजा आ रहा है छुड़वाने मैं बाबू ....

मैंने चची की टंगे उठाई जिससे उनकी कमर मैं हवा मैं उठ गई फिर वैसे hi मई चची को पेलने लगा जिससे मेरा लुंड और अंदर तक जा रहा है और चची अब पुरे तरीके से मेरे लुंड को अपनी छूट मैं दबा के राखी थी और फील कर रही थी ...




मई फील कर रहा था था की चची की छूट टाइट होते जा रही है वो मेरे लुंड को दबा रही थी अपने छूट के अंदर जिसके कारन बार बार मेरे लुंड की चमड़ी पीछे हैट रही थी और उनकी छूट की दीवारों से टकरा रही थी ....

ऐसे गरम चुदाई के साथ हम दोनों एक दूसरे मैं खोये हुए थे और हम इतना गरम हो गए थे की एक दूसरे को चूर्ण नहीं चाहते थे ..

मई आशा चची की जिस्म की खुसबू से पागल हो गया था हम दोनों पसीने से गीले हो गए थे और एक दूसरे मैं घुसने की कोसिस कर रहे थे .....

चची - आह्ह्ह्हह बाबू छोड़ मुझे छोड़ फाड़ दे मेरी छूट बना दे मुझे रंडी आह्ह्ह्ह हा ऐसे छोड़ अपनी चची को अपनी भोली चची को तुएं चुड़क्कड़ रंडी बना दिया है बीटा आह्ह्ह्ह मई रंडी हु मई कुटिया हु मई चैनल हु सोने बेटे की आह्ह्ह्ह भाभी आपकी देवरानी आपकी बहु बन गई है मई आपके बेटे की रंडी बन गई है .....

मई - हआ चची मेरी रंडी चची ली मेरा लुंड अपने बच्चेदानी मैं लिए साली आज तुझे आपके बचो की माँ बना दूंगा आह्ह्ह्ह चची मई आपकी खोख भरना चाहता हूउउउउउ चची ी लव यू सू मच चची ी लव......

चची बस सिसकारियां ली रही थी उनकी मांग मैं जो सिंदूर मैंने भरी थी वो मेरे चेहरे पैर भी लग रही थी और चची के खूबसूरत चाहते पैर वो सिंदूर और भी अछि लग रही थी .




चची - आह्ह्ह्ह बीटा अब मेरी छूट मैं पानी नहीं बची है तू मुझे 1 जानते से इसीलिए पोजीशन मैं छोड़ रहा है आह्ह्ह्हह्ह बस्स्स कर अब दाल दे अपना भिज मेरी खोख मैं मेरे बचे ....

मई - हआ चची बस्स्स झड़ने वाला है आपका बीटा आअह्ह्ह चची आपकी गरम खोख मैं मई अपना माल भरने वाला हु चची संभल लेना एक बून्द माल वैसे नहीं होने देना ....

रूम मैं ठप्प ठप्प ठप्प दकको के साथ जो. महक फैली थी उसके कारन रूम का महल पूरा चुदाई वाला था....

हम दोनों बिना किसी की फ़िक्र किया बस सक दूसरे मैं समां रहे थे ....

एक स्वीट ऐसा आया जैसे मेरे जिस्म का सारा खून निकल कर मेरे लुंड मैं जाने लगा और मई अकड़ने लगा शामे हालत चची की थी उनका जिस्म चटपटा रहा था ....




तभी मेरा लुंड से गरम लावा फुट पड़ा जो की सीधे चची के बच्चेदानी मैं जा गिरा ...

चची मेरे bhij(virya स्पेर्म्स) आपकी बच्चेदानी मैं फील कर पा रही थी जिसके गर्मी को वो भी बर्दाश्त नहीं कर पाई और हार मान गई तड़पते हुए झड़ने लगी इस बार उनके चेहरे पैर सुकून था जिसको चची ने आज तक फील नहीं किया था ...

मैंने चची की बच्चेदानी मैं इतना माल भर दिया था की अब उनकी छूट से माल रिष के बहार बह रहा था और साथ मैं चची का पानी भी ....




मेरा वीर्य और चची का रहा बह कर उनकी गांड की छेद पैर से होक बीएड पैर गिर रहा था ....

हम दोनों एक दूसरे से लिपटे पड़े थे और एक दूसरे के जीस्प सेहला रहे थे ....

चची - मेरा बचा ी लव यू सोऊ मच बाबू ....

मई - ी लव यू ताऊ मेरी आशा चची ी लव यू सू मच आज से मई आपको कोई भी कमी महसूस नहीं होने दूंगा....

चची - हां मेरे बचे मुझे पता है तू मुझसे कितना प्यार करता है मुझे पता है तू मुझे चची के साथ साथ एक पत्नी की ताज रखेगा और मुझे सरे सुख देगा ....

मैंने टाइम देखा तो सुबह के 3 बज रहे थे ....

इसीलिए मैंने चची को किश किया और उनके जिस्म को सहलाते हुए वैसे सू गया उनकी बहो मैं........


कंटिन्यू
 
Back
Top